1
00:00:06,240 --> 00:00:10,480
सबसे पहले हम एक यह बात कर ले कि अभी आपने हमारी जो लास्ट लाइव

2
00:00:10,480 --> 00:00:14,480
देखी थी उसमें एक सज्जन आए थे जो ये बोल

3
00:00:14,480 --> 00:00:19,280
रहे थे कि जो कबीर है उनको भी दुख होता है

4
00:00:19,280 --> 00:00:23,440
और मुक्त होने के बाद भी तो क्या वो सही

5
00:00:23,440 --> 00:00:27,440
बोल रहे थे? जी मैंने लाइव को तो खैर नहीं देखा।

6
00:00:27,440 --> 00:00:31,520
मैं सिर्फ ये जानना चाहता हूं। आपसे जी जी

7
00:00:31,520 --> 00:00:35,920
अभी अभी बात करेंगे मैं एक थोड़ा सा प्रीफिक्स दे रहा हूं जी कि

8
00:00:35,920 --> 00:00:40,000
अगर कोई व्यक्ति ये बोल रहा है कि कबीर जी को दुख होता है तो क्या ये सही

9
00:00:40,000 --> 00:00:44,000
है अकॉर्डिंग टू रामपाल जी सर एक मिनट

10
00:00:44,000 --> 00:00:48,080
आप भाई साहब ने क्या कहा उसे छोड़िएगा ये है आपने

11
00:00:48,080 --> 00:00:52,160
किस भाई साहब से डिबेट किया मैंने तो आप भाई साहब को आप एक

12
00:00:52,160 --> 00:00:56,240
तरफ रख लीजिए मैं आपसे पूछ रहा हूं कबीर जी को दुख होता है क्या मैं आपसे

13
00:00:56,240 --> 00:01:00,400
पूछ रहा हूं भाई साहब को छोड़ दीजिए जैसे हमने ने कहा कि

14
00:01:00,400 --> 00:01:04,560
कबीर दास भगवान नहीं है क्योंकि वो सर्वशक्तिमान नहीं है।

15
00:01:04,560 --> 00:01:08,560
अब इससे आपको आपत्ति है क्या? बिल्कुल है।

16
00:01:08,560 --> 00:01:12,720
हां तो क्या कबीर दास सर्वशक्तिमान है? जी

17
00:01:12,720 --> 00:01:16,720
बिल्कुल है। सर्वशक्तिमान है। सर्वाधार है। सबके आधार हैं। वही सबके

18
00:01:16,720 --> 00:01:20,800
रक्षक वही सबके जनक है। जो पवित्र अध्याय

19
00:01:20,800 --> 00:01:21,440
पांच मंत्र

20
00:01:21,440 --> 00:01:25,440
32 में स्पष्ट है। देखिए देखिए जितना पूछा है प्लीज उतनी

21
00:01:25,440 --> 00:01:29,520
ही बात करें। एक्स्ट्रा बात ना करें। मैंने आपसे

22
00:01:29,520 --> 00:01:33,520
पूछा क्या वो सर्वशक्तिमान है तो आप उसमें हां करिए। मैं जब आपसे प्रमाण मांगू

23
00:01:33,520 --> 00:01:38,000
तो आप प्रमाण दीजिएगा। मैंने अभी आपसे प्रमाण मांगा क्या? देखो

24
00:01:38,000 --> 00:01:42,320
सर्वप्रथम तो यह है जो कर रहे हैं। देखिए

25
00:01:42,320 --> 00:01:46,320
देखिए विषयंतर करेंगे तो हमारी डिबेट आगे नहीं बढ़ पाएगी।

26
00:01:46,320 --> 00:01:50,320
यह सबसे पहला रूल है। मैंने आपसे मैंने आपसे प्रमाण नहीं

27
00:01:50,320 --> 00:01:54,400
मांगा है तो आप प्लीज प्रमाण नहीं देंगे। जब मैं आपको कहूंगा कि नहीं मुझे इस

28
00:01:54,400 --> 00:01:58,480
चीज का प्रमाण चाहिए तो आप प्रमाण दीजिए। जी मैंने आपसे सिर्फ इतना पूछा

29
00:01:58,480 --> 00:02:02,560
है क्या आप जिस आईडियोलॉजी को मानते हो जिस संत के

30
00:02:02,560 --> 00:02:05,280
आधार

31
00:02:05,280 --> 00:02:09,280
साइकोलॉजी नहीं है साइकोलॉजी नहीं कह सकते इसे मैंने साइकोलॉजी नहीं

32
00:02:09,280 --> 00:02:14,400
कहा है मैंने आईडियोलॉजी कहा है आपको सुनाई नहीं दिया

33
00:02:14,400 --> 00:02:18,640
ठीक है नहीं सुनाई तो आईडियोलॉजी के अनुसार

34
00:02:18,640 --> 00:02:23,440
आपके अनुसार क्या कबीर दास जी सर्वशक्तिमान

35
00:02:23,440 --> 00:02:27,600
है मेरे मेरे अनुसार नहीं वेदों

36
00:02:27,600 --> 00:02:31,760
के अनुसार कबीर दास जी कबीर साहिब जी काशी वाले सर्वशक्तिमान वही पूर्ण

37
00:02:31,760 --> 00:02:35,760
परमात्मा है। ठीक है क्या वो किसी भी नियम के

38
00:02:35,760 --> 00:02:41,760
नीचे आते हैं या नहीं आते हैं? परमात्मा

39
00:02:42,000 --> 00:02:46,160
वचन बंद जो उसका विधान है विधान के अनुसार

40
00:02:46,160 --> 00:02:50,640
परमात्मा काम करता करता है जिस तरीके से

41
00:02:50,640 --> 00:02:54,800
यानी सीधे बोलो ना कि हां नियम के नीचे आते क्यों इतना लंबा बोल

42
00:02:54,800 --> 00:02:59,440
रहे हैं आप सीधे बोलिए नियम के नीचे है परमात्मा नियम के नीचे नहीं आते

43
00:02:59,440 --> 00:03:03,600
वो अपने द्वारा सारे कार्यों को करते हैं परमात्मा

44
00:03:03,600 --> 00:03:07,600
कहते हैं ये सारे काम हमारे किए हमसे मिले वो निश्चय परमात्मा त्मा ही

45
00:03:07,600 --> 00:03:11,760
सब कुछ करते हैं। वो किसी के बंधक नहीं है। यानी कि वो

46
00:03:11,760 --> 00:03:16,160
अपने बनाए हुए नियमों के बंधन में भी नहीं है। परमात्मा

47
00:03:16,160 --> 00:03:20,240
ने जो नियम बनाए हैं वो किस लिए बनाए हैं? सर्वप्रथम हमें

48
00:03:20,240 --> 00:03:24,720
उसको जानना ही पड़ेगा। सीधी सीधी बात नहीं करेंगे। हम करेंगे

49
00:03:24,720 --> 00:03:28,800
सब कुछ जानेंगे। पहले एक एक टॉपिक सही करते चले ना। अभी

50
00:03:28,800 --> 00:03:33,440
मैं आपसे पूछ रहा हूं कि वो किसी नियम के नीचे है या नहीं।

51
00:03:33,440 --> 00:03:37,680
जो परमात्मा ने नियम बनाए हैं वो किस लिए बनाए हैं? विधान जो संविधान

52
00:03:37,680 --> 00:03:42,160
लिखा ये मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं है। मैं पूछूंगा आपसे

53
00:03:42,160 --> 00:03:46,320
मैं उसको भी पूछूंगा। मैं सुनूंगा आपकी बात। प्रश्न मेरा यह है

54
00:03:46,320 --> 00:03:50,400
क्या वो किसी भी नियम के नीचे है या नहीं है? उत्तर

55
00:03:50,400 --> 00:03:54,400
मेरा यह है कि परमात्मा ने जो नियम बनाए हैं वह उसे मिटा भी

56
00:03:54,400 --> 00:03:57,200
सकता है और बना भी सकता है। सीधा सा उत्तर मेरा

57
00:03:57,200 --> 00:04:01,360
यही है। वो नियम के अंदर है। अपने इसका मतलब वो किसी भी नियम के नीचे

58
00:04:01,360 --> 00:04:05,520
नहीं है। जी बिल्कुल परमात्मा किसी भी नियम में

59
00:04:05,520 --> 00:04:09,840
बंधित नहीं होता। परमात्मा किसी भी नियम के नीचे नहीं है। जी

60
00:04:09,840 --> 00:04:14,080
अब बंधक है। परमात्मा बंधक नहीं है। परमात्मा नियम के नीचे है। वो नियम

61
00:04:14,080 --> 00:04:18,720
कौन सा है? जो उसने स्वयं निर्धारित कर रखा है वो तो

62
00:04:18,720 --> 00:04:23,200
दोहरी बात क्यों बोल रहे हैं? अपने बनाए हुए नियम के नीचे ये बोलिए ना

63
00:04:23,200 --> 00:04:27,360
अपने भाई आप कहलवाना क्या चाहते हैं? परमात्मा अपने द्वारा बनाए

64
00:04:27,360 --> 00:04:31,520
नियम के कुछ नहीं चाह रहा हूं। मैं आपका जो दृष्टिकोण है साफ सुथरे

65
00:04:31,520 --> 00:04:35,760
तरीके से सामने चाहता हूं। वो नियम के नीचे है या नहीं है?

66
00:04:35,760 --> 00:04:39,920
सर जी गाड़ी मैंने बनाई है। मैं उसके नीचे क्यों रहूंगा? मैं उसके

67
00:04:39,920 --> 00:04:44,240
तो नहीं रहेंगे तो बोलिए कि नहीं है। नहीं है तो बोलिए। परमात्मा

68
00:04:44,240 --> 00:04:48,400
नियम के नीचे नहीं है। आपने खुद ही तर्क दे दिया कि

69
00:04:48,400 --> 00:04:52,400
परमात्मा भी क्योंकि गाड़ी जिसने बनाई है वो उसके नीचे क्यों रहेगा?

70
00:04:52,400 --> 00:04:56,720
तो अगर नियम परमात्मा ने बनाए हैं तो वो उसके नीचे क्यों रहेगा?

71
00:04:56,720 --> 00:05:00,960
परमात्मा के नियम का परिचय अलग है सर। परमात्मा ने जो नियम

72
00:05:00,960 --> 00:05:05,440
बनाए हैं उस पर उसकी सत्ता है। ये नहीं कह सकते वो उसके नीचे है। परमा

73
00:05:05,440 --> 00:05:09,520
यानी वो उन्हें तोड़ सकता है कि नहीं? मैं ये पूछ रहा हूं। वो उन्हें तोड़ सकता है

74
00:05:09,520 --> 00:05:12,640
कि नहीं? बिल्कुल तोड़ सकता है।

75
00:05:12,640 --> 00:05:17,280
तो अब मुझे ये बताइए क्या वो अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं?

76
00:05:17,280 --> 00:05:21,280
बिल्कुल नहीं कर सकते। क्यों? आपने कहा

77
00:05:21,280 --> 00:05:25,440
कर सारे नियम तोड़ सकते हैं। हां तोड़ सकते हैं। लेकिन शरीर

78
00:05:25,440 --> 00:05:29,680
को नष्ट क्यों करेंगे परमात्मा? सुनिए। क्यों करेंगे? एक

79
00:05:29,680 --> 00:05:34,000
अलग। देखिए ऐसे नहीं हो पाएगा। ऐसे नहीं हो पाएगा।

80
00:05:34,000 --> 00:05:38,160
क्यों मत बताइए। हमको यह बताइए कि जब आपने कहा

81
00:05:38,160 --> 00:05:42,240
कि वह सभी नियमों को तोड़ सकते हैं। किसी नियम के नीचे नहीं है तो इस नियम

82
00:05:42,240 --> 00:05:46,720
के नीचे क्यों है? ये बताइए। मैं बता सकता हूं आपको।

83
00:05:46,720 --> 00:05:51,920
ये कोई नियम नहीं है। ये कोई नियम नहीं है कि परमात्मा

84
00:05:51,920 --> 00:05:56,080
आप परमात्मा को ही नष्ट करने की बात कर रहे हैं। ये मैं परमात्मा को नष्ट

85
00:05:56,080 --> 00:06:00,080
करने की बात नहीं कर रहा हूं। ध्यान से सुनिए। मैंने कहा वो अपना

86
00:06:00,080 --> 00:06:04,400
शरीर नष्ट कर सकते हैं कि नहीं? मैंने नहीं कहा परमात्मा परमात्मा

87
00:06:04,400 --> 00:06:09,120
नष्ट हो सकता है कि नहीं? ध्यान से सुनिए वो अपना शरीर नष्ट कर सकते हैं कि नहीं?

88
00:06:09,120 --> 00:06:13,440
आपने मेरा प्रश्न है आपने कहा क्या पूर्ण परमात्मा कबीर

89
00:06:13,440 --> 00:06:17,600
साहिब जी अपना शरीर नष्ट कर सकते हैं? मैंने बहुत अच्छे से सुन लिया। मैं आपके बात प्रश्न

90
00:06:17,600 --> 00:06:21,680
का उत्तर दे रहा हूं। प्रथम तो सुनिए कि परमात्मा

91
00:06:21,680 --> 00:06:26,320
को सभी वेदों में पवित्र गीता जी में

92
00:06:26,320 --> 00:06:28,000
मैं आपको प्रमाण पूछूंगा।

93
00:06:28,000 --> 00:06:33,840
अभी बहुत लंबा सेशन है। एक चैप्टर खत्म हो जाए। मेरी बात

94
00:06:33,840 --> 00:06:38,080
मुझे आप प्रमाण मत दीजिए। मुझे आप प्रमाण मत दीजिए। प्रमाण बोलेंगे

95
00:06:38,080 --> 00:06:42,400
मैं आपको काउंटर करूंगा। मैंने आपसे प्रमाण नहीं पूछा है। मैं पूछूंगा

96
00:06:42,400 --> 00:06:46,400
उसप भी आएंगे। हम प्रमाण पे भी आएंगे। पर अभी बात चल रही है

97
00:06:46,400 --> 00:06:50,720
कि जब एक तरफ आप कह रहे हैं वो किसी नियम के नीचे नहीं है तो फिर ये बताइए

98
00:06:50,720 --> 00:06:54,720
कि वो इस नियम के नीचे कैसे है? और अगर इस नियम के नीचे है तो फिर आप

99
00:06:54,720 --> 00:06:58,880
ये क्यों कह रहे हैं कि वो किसी नियम के नीचे नहीं है। दोनों में से एक बात करिए।

100
00:06:58,880 --> 00:07:02,880
परमात्मा की सब पर सत्ता रहती है। पहले सुन ले बहुत अच्छे से मैं आपको कोई

101
00:07:02,880 --> 00:07:07,680
प्रमाण अभी खोल के नहीं दिखा रहा हूं। जब आप प्रमाण मांगेंगे जब दिखाऊंगा

102
00:07:07,680 --> 00:07:11,760
कंट्रोल कंट्रोल करिए अपने ऊपर जो आपको सिखाया गया है ना जिस

103
00:07:11,760 --> 00:07:15,840
चीज की ट्रेनिंग की गई है उसको थोड़ा साध के रखिए हम पूछेंगे आएंगे उसप सर

104
00:07:15,840 --> 00:07:20,160
सुनिए एक मिनट क्या सिखाया गया है सिखाया नहीं पूरा विश्व देख रहा है हमें सिखाया

105
00:07:20,160 --> 00:07:24,320
जाएगा मैं सुनो आपने कहा परमात्मा अपने शरीर को नष्ट

106
00:07:24,320 --> 00:07:28,640
कर सकता है या नहीं इस चीज को इस चीज को मैं बार-बार

107
00:07:28,640 --> 00:07:32,800
100 बार कह देता हूं। मैंने सुन ली। अब उसका उत्तर सुनिए आप। बोलिए।

108
00:07:32,800 --> 00:07:36,880
परमात्मा को मैं प्रमाण नहीं दूंगा। केवल सुन लेना मेरी बात को। जैसे आप हम सुन

109
00:07:36,880 --> 00:07:41,760
रहे है ना सुन लो। वेद और गीता का नाम मत लेना अभी। बोलिए

110
00:07:41,760 --> 00:07:43,040
नहीं है। मतलब मैं

111
00:07:43,040 --> 00:07:47,200
कहीं की सैर कर रहा हूं तो मैं मैप का नाम नहीं लूंगा। लूंगा पहले। अरे मैं भाई

112
00:07:47,200 --> 00:07:51,280
अभी हम सिर्फ तर्क की बात कर रहे हैं। प्रमाण पे भी आएंगे। अभी मैं

113
00:07:51,280 --> 00:07:55,680
सिर्फ आपकी विचारधारा जानना चाह रहा हूं कि आपको कि आपके अनुसार परमात्मा

114
00:07:55,680 --> 00:07:59,680
क्या है। मुझे उसके लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। मैं आपकी

115
00:07:59,680 --> 00:08:04,720
थिंकिंग जानना चाह रहा हूं। पहले हां मैं वही बता रहा हूं। सुनिए पहले

116
00:08:04,720 --> 00:08:09,040
परमात्मा अविनाशी है। गीता वेद की बात नहीं कर रहा हूं। सुनिए। परमात्मा

117
00:08:09,040 --> 00:08:13,280
अविनाशी है। ईश्वर अंश जीव अविनाशी। परमात्मा

118
00:08:13,280 --> 00:08:17,280
अविनाशी है। और अविनाशी वस्तु का कभी नाश नहीं हो सकता। सर्व

119
00:08:17,280 --> 00:08:21,280
सर्वप्रथम परमात्मा अपने शरीर को ही नष्ट कर देगा।

120
00:08:21,280 --> 00:08:25,440
ये छोटी सी बात है। परमात्मा अपने शरीर को ही नष्ट कर देगा। भला

121
00:08:25,440 --> 00:08:29,520
बचेगा क्या? इसलिए उसे मान लिया मान

122
00:08:29,520 --> 00:08:33,680
लिया क्योंकि परमात्मा अगर नष्ट कर देगा अपने शरीर को तो कुछ

123
00:08:33,680 --> 00:08:37,840
बचेगा नहीं। इसलिए वो अपने शरीर को नष्ट नहीं कर सकता। मेरा

124
00:08:37,840 --> 00:08:41,840
ये तो मानना पड़ेगा ना। मैं मैं परमात्मा नियम

125
00:08:41,840 --> 00:08:46,960
के नीचे तो मानना पड़ेगा ना भाई साहब। किसके नीचे?

126
00:08:46,960 --> 00:08:51,120
एक नियम के नीचे मानना पड़ेगा कि वो अपने को नष्ट नहीं कर सकता। उसका एन

127
00:08:51,120 --> 00:08:55,120
के प्रकार आप कुछ भी लॉजिक दे दो। इस नियम के नीचे तो है

128
00:08:55,120 --> 00:08:58,080
ना ये नियम नहीं है सर। कहां पर आप

129
00:08:58,080 --> 00:09:02,080
सो रहे हैं? आप अपने शरीर को नष्ट कर सकते हो। अपनी आत्मा को नष्ट कर सकते हो क्या? मैं आपसे प्रश्न

130
00:09:02,080 --> 00:09:07,360
करता हूं। बताइए। इस पे आगे आऊंगा मेरे भाई। कर सकते हो।

131
00:09:07,360 --> 00:09:11,600
बिल्कुल मेरा शरीर नष्ट हो सकता है। और आपने जो अभी तर्क

132
00:09:11,600 --> 00:09:16,240
दिया अभी मैं आपका तर्क ले लेता हूं। आपने कहा कि जी

133
00:09:16,240 --> 00:09:20,480
सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए आपने

134
00:09:20,480 --> 00:09:24,640
कहा जीव अविनाशी है परमात्मा भी अविनाशी है जीव

135
00:09:24,640 --> 00:09:28,720
अविनाशी है कि नहीं जी बिल्कुल अविनाशी अविनाशी है कि नहीं

136
00:09:28,720 --> 00:09:32,720
मैं मैं प्लीज देखिए कट टू कट बात करिए मैं पूछ

137
00:09:32,720 --> 00:09:36,800
रहा हूं जीव अविनाशी है कि नहीं बिल्कुल है

138
00:09:36,800 --> 00:09:41,040
उसका शरीर नष्ट होता है कि नहीं किसका जीव

139
00:09:41,040 --> 00:09:45,600
का भाई आत्मा अविनाशी है ये शरीर तो नशना

140
00:09:45,600 --> 00:09:49,600
है जीव कौन है जो मैं आवाज मेरी सुन रहे

141
00:09:49,600 --> 00:09:53,680
हो ना ये जीव की आवाज है आत्मा की आवाज है ये शरीर दिख रहा है ना

142
00:09:53,680 --> 00:09:57,680
तो आत्मा आत्मा जब कोई शरीर धारण कर रही है तो शरीर धार शरीर

143
00:09:57,680 --> 00:10:01,760
नष्ट हो रहा है ना आत्मा का तो भाई बिल्कुल बिल्कुल होगा वो

144
00:10:01,760 --> 00:10:05,760
तो तो फिर इसका मतलब अविनाशी का शरीर भी नष्ट

145
00:10:05,760 --> 00:10:09,920
हो सकता है मिनट सुनिए अब थोड़ा शांति बना

146
00:10:09,920 --> 00:10:13,440
के रखिए सर एक मिनट मैं बताता हूं आपको आप

147
00:10:13,440 --> 00:10:17,680
ये कहना चाहते हो इधर सर देखिए सर आप कहना चाहते हो कि

148
00:10:17,680 --> 00:10:22,080
जिस प्रकार आत्मा शरीर धारण कर रही है ऐसे परमात्मा शरीर धारण नहीं करता

149
00:10:22,080 --> 00:10:27,120
परमात्मा सह अब आ गया दूसरा नंबर नियम

150
00:10:27,120 --> 00:10:31,200
नंबर टू पहले क्लियर होने दो पहले क्लियर होने दो

151
00:10:31,200 --> 00:10:35,280
ऐसे नहीं काम चलेगा चल रहे है बोलिए क्लियर करिए क्लियर

152
00:10:35,280 --> 00:10:39,600
करिए जिस प्रकार आत्मा शरीर को धारण करती

153
00:10:39,600 --> 00:10:43,680
है जैसे इस शरीर पर मैंने ये वस्त्र धारण

154
00:10:43,680 --> 00:10:47,920
कर लिया हम ठीक है। शरीर पर वस्त्र धारण किया। वस्त्र

155
00:10:47,920 --> 00:10:52,080
का नाश हो गया। शरीर ज का त्यों है और वस्त्र खरीद लिया। ये

156
00:10:52,080 --> 00:10:56,640
हो गया सिस्टम आत्मा और शरीर का। परमात्मा तेज पुंज

157
00:10:56,640 --> 00:11:00,640
और नूरी शरीर है। परमात्मा का तेज पुंज

158
00:11:00,640 --> 00:11:04,640
और नूरी शरीर है। ठीक है? नाम परमात्मा

159
00:11:04,640 --> 00:11:08,880
के शरीर में ना जो परमात्मा का शरीर है वो नूर का बना हुआ है।

160
00:11:08,880 --> 00:11:12,960
स्नो वाइट बर्फ जैसा। यानी परमात्मा का पा शरीर नहीं

161
00:11:12,960 --> 00:11:16,960
हमारे तुम्हारे जैसा परमात्मा टट्टी करने नहीं जाता पेशाब करने नहीं जाता

162
00:11:16,960 --> 00:11:21,200
परमात्मा का नूरी शरीर है वो जन्म ऋतु में नहीं आता

163
00:11:21,200 --> 00:11:26,160
और वो साकार है जी तो

164
00:11:26,160 --> 00:11:28,480
हम बात ये कर रहे हैं हम बात ये

165
00:11:28,480 --> 00:11:34,480
कर रहे हैं कि हम बात ये कर रहे हैं कि जब आत्मा

166
00:11:34,640 --> 00:11:38,640
अविनाशी होते हुए शरीर धारण कर सकती है तो कबीर

167
00:11:38,640 --> 00:11:42,800
शरीर धारण क्यों नहीं कर सकते हैं। आत्मा अविनाशी

168
00:11:42,800 --> 00:11:47,600
होते हुए गर्भ से जन्म ले सकती है तो कबीर क्यों नहीं ले सकते हैं?

169
00:11:47,600 --> 00:11:51,600
बहुत ही सुंदर प्रश्न किया। बहुत ही सुंदर जिस पर मैं

170
00:11:51,600 --> 00:11:55,920
आपको पूछना चाहूंगा। सर ये बताइए मैं तो ज्ञानी

171
00:11:55,920 --> 00:12:00,160
नहीं हूं ना। मैंने तो रामपाल जी से नाम की रखी है संत रामपाल जी से।

172
00:12:00,160 --> 00:12:04,160
मैं आपसे पूछना ये चाहूंगा कि आत्मा की उत्पत्ति कहां से

173
00:12:04,160 --> 00:12:08,640
हुई? आप बताइए। मेरा प्रश्न है इसका जवाब नहीं आप कोई

174
00:12:08,640 --> 00:12:12,880
विद्वान हो बिल्कुल कोई उत्पत्ति नहीं है जीव ब्रह्म

175
00:12:12,880 --> 00:12:17,040
आत्मा ये सब अनित्य है एक मिनट एडवांस मजा आ गया डिबेट

176
00:12:17,040 --> 00:12:21,360
का सच में आपकी उत्पत्ति कहां से हुई आपकी

177
00:12:21,360 --> 00:12:25,520
उत्पत्ति कहां से हुई आपकी माता के गर्भ से हुई

178
00:12:25,520 --> 00:12:29,680
माता के गर्भ से आत्मा अन हो गई आत्मा को भी किसी ने उत्पन्न

179
00:12:29,680 --> 00:12:33,920
किया होगा नहीं किया बिल्कुल सफेद

180
00:12:33,920 --> 00:12:38,080
झूठ तो ठीक है आपका कहने का

181
00:12:38,080 --> 00:12:42,160
मतलब है डटिए दिन आपकी इस डिबेट

182
00:12:42,160 --> 00:12:43,680
को बहुत ही डिबेट रोमांचिक

183
00:12:43,680 --> 00:12:47,840
हो गई है डट जाइए एक मिनट आप ऐसा है

184
00:12:47,840 --> 00:12:51,840
आपकी सुनने केवल नहीं आए अब मैं बोल रहा हूं आप चुप हो जाइए चुप होंगे

185
00:12:51,840 --> 00:12:56,000
कि नहीं चुप होंगे कि नहीं आप चुप होंगे कि नहीं अभी

186
00:12:56,000 --> 00:13:00,000
चुप होंगे कि नहीं आप अभी अभी मुझे बोलने देंगे

187
00:13:00,000 --> 00:13:04,160
कि नहीं भाई साहब मैं इसको लाइव सेशन

188
00:13:04,160 --> 00:13:08,240
को बंद बंद करूंगा। आप मुझे बोलने देंगे?

189
00:13:08,240 --> 00:13:12,240
बोलने देंगे। बोलने देंगे। मैं ये पूछ रहा

190
00:13:12,240 --> 00:13:16,080
हूं की उत्पत्ति बताइए मुझे।

191
00:13:16,080 --> 00:13:21,280
ध्यान ठीक है। अब सुनिए अब सुनिए। अब सुनिए। अब सुनिए।

192
00:13:21,280 --> 00:13:25,360
जी। हमारी बात ये हो रही है। क्या कबीर के ऊपर

193
00:13:25,360 --> 00:13:29,440
कोई भी नियम लागू होता है या नहीं? बस ये बताओ होता है कि नहीं?

194
00:13:29,440 --> 00:13:33,600
वो कंफर्म हो गई। वो मैंने कह दिया। नहीं हुई खत्म। नहीं हुई खत्म। अभी दो

195
00:13:33,600 --> 00:13:37,840
नियम आ गए। अभी दो नियम आ गए। पहला नियम है कि वो अपने शरीर का नाश

196
00:13:37,840 --> 00:13:42,240
नहीं कर सकता। दूसरा नियम है कि वो शरीर धारण नहीं कर सकता।

197
00:13:42,240 --> 00:13:46,320
आत्मा की तरह गर्भ से नहीं आ सकता वो। जैसे आत्मा जन्म ले रही है गर्भ से।

198
00:13:46,320 --> 00:13:50,400
मुझे देखिए देखिए अगर आप लड़ाई करने आए हैं जिस तरह से

199
00:13:50,400 --> 00:13:54,480
आप आवेश में आकर के बात कर रहे हैं। लड़ाई करने आए हैं तो मैं इसको

200
00:13:54,480 --> 00:13:58,720
चर्चा को तुरंत बंद करूंगा आराम से। ठीक है? जी सर आप मुझे

201
00:13:58,720 --> 00:14:02,800
बताइए कबीर के ऊपर अब दो नियम आ गए हैं। पहला नियम है

202
00:14:02,800 --> 00:14:07,040
कि कबीर जो है अपना शरीर नष्ट नहीं कर सकते और दूसरा

203
00:14:07,040 --> 00:14:11,200
नियम है कि कबीर जो है आत्मा की तरह शरीर धारण नहीं कर सकते।

204
00:14:11,200 --> 00:14:15,600
तो एक चीज आपने बोली एक मिनट एक मिनट एक मिनट

205
00:14:15,600 --> 00:14:19,680
उसका शरीर जो कबीर है वो अविनाशी है उसका वो नहीं होता।

206
00:14:19,680 --> 00:14:23,840
तो मैं आपको बता दूं देह के नाश से आत्मा का नाश नहीं

207
00:14:23,840 --> 00:14:27,920
होता और देह के भेद से आत्मा में भेद नहीं होता। इसका अर्थ

208
00:14:27,920 --> 00:14:32,080
यह है कि मैं जब यह पूछ रहा हूं कि क्या कबीर शरीर

209
00:14:32,080 --> 00:14:36,080
धारण कर सकते हैं कि नहीं तो यह बताइए जब जीव आत्मा धारण कर

210
00:14:36,080 --> 00:14:40,080
सकती है शरीर तो कबीर क्यों नहीं कर सकते और क्यों की तो

211
00:14:40,080 --> 00:14:44,080
बाद की बात है क्योंकि तो बाद की बात है आप तो पहले ये स्वीकार करिए

212
00:14:44,080 --> 00:14:48,160
कि हां इन नियमों के नीचे कबीर भी है वो शरीर धारण

213
00:14:48,160 --> 00:14:52,400
नहीं कर सकता वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता

214
00:14:52,400 --> 00:14:56,480
नहीं है परमात्मा अपनी देह का नाश नहीं कर सकता वो मां

215
00:14:56,480 --> 00:15:00,640
के गर्भ से नहीं आता। वो स्वयं प्रकट होता है। तीनों अब आपने

216
00:15:00,640 --> 00:15:04,720
दो बात कही वो मां के गर्भ से नहीं आ सकता और वो

217
00:15:04,720 --> 00:15:08,720
अपनी देह का नाश नहीं कर सकता। दो बातें आपने कह दी। आपने

218
00:15:08,720 --> 00:15:12,720
शुरू में कहा आपने शुरू में ये कहा आपने शुरू

219
00:15:12,720 --> 00:15:13,840
में ये कहा वो सब कुछ

220
00:15:13,840 --> 00:15:18,000
कर सकता है। जी परमात्मा कबीर साहिब जी अपनी देह का नाश

221
00:15:18,000 --> 00:15:22,080
नहीं करते। अरे भाई आपने अभी अभी कहा कि

222
00:15:22,080 --> 00:15:26,240
वो नहीं कर सकते। अभी आपने शुरू में कहा था कर सकते

223
00:15:26,240 --> 00:15:30,320
हैं। मैंने यह नहीं कहा कि नहीं कर सकते। मैंने यह कहा है

224
00:15:30,320 --> 00:15:34,720
वह अपनी देह का नाश नहीं करते। कबीर साहिब जी देखिए करते

225
00:15:34,720 --> 00:15:38,880
हैं कि नहीं वो बाद की बात है। अभी मुझे उनकी कैपेबिलिटी बताइए। देह का नाश

226
00:15:38,880 --> 00:15:43,600
कर सकते हैं या नहीं? ये बताइए। भाई नहीं करते।

227
00:15:43,600 --> 00:15:47,600
नहीं करते। फिर वही नहीं करते। मैं पूछ रहा हूं। नहीं कर सकते क्या?

228
00:15:47,600 --> 00:15:51,760
सकते। भगवान नष्ट ही नहीं होता। भगवान नष्ट

229
00:15:51,760 --> 00:15:56,000
होता ही नहीं। ठीक है? तो इसका मतलब कबीर पर यह नियम लागू

230
00:15:56,000 --> 00:16:00,480
है कि वह अपने देह का नाश नहीं कर सकते। वह गर्भ से नहीं आ सकते। जब सच्चाई

231
00:16:00,480 --> 00:16:05,120
है तो भाग क्यों रहे हो? ठीक है। इसको मानो ना कि हां ये दो नियम लागू है।

232
00:16:05,120 --> 00:16:09,120
भाग तो आप रहे हो। परमात्मा पर नियम लागू कहां से हुआ? ये बताइए।

233
00:16:09,120 --> 00:16:13,200
आप ही तो कह रहे हो गर्व से नहीं आ सकता। बिल्कुल नहीं आ सकता।

234
00:16:13,200 --> 00:16:17,280
ये क्या है? अच्छा ये क्या है जो आप मुझे बता रहे हो। ये क्या है? व्हाट इज दिस?

235
00:16:17,280 --> 00:16:21,440
एक मिनट। हां। जी बता रहा हूं। गीता जी अब मैं प्रमाण

236
00:16:21,440 --> 00:16:25,440
दूंगा आपको। ठीक है। फिर फिर प्रमाण मुझे आप

237
00:16:25,440 --> 00:16:28,880
पहले ये बताइए कि नियम है कि नहीं जो आप बोल रहे हो? क्या है

238
00:16:28,880 --> 00:16:32,880
ये? खेल है तमाशा है क्या है ये? परमात्मा गर्व

239
00:16:32,880 --> 00:16:36,960
से नहीं आ सकता। इसको मैं क्या समझू? तमाशा तो आपने बना रखा

240
00:16:36,960 --> 00:16:40,960
है। ये ढोला तो भाई साहब देखिए व्यर्थ की चर्चा अगर करेंगे तो

241
00:16:40,960 --> 00:16:44,960
मैं इस लाइव को बंद करूंगा। आप मुझे बताइए

242
00:16:44,960 --> 00:16:49,200
आप मुझे प्लीज ये बताइए। भाई साहब मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं आपसे।

243
00:16:49,200 --> 00:16:53,200
आप मुझे बताइए मैं मैं भी हाथ जोड़ के आप मुझे

244
00:16:53,200 --> 00:16:57,280
बताइए जो आपने लाइन कही है आपने जो लाइन कही है कि

245
00:16:57,280 --> 00:17:01,280
परमात्मा गर्भ से नहीं आ सकता परमात्मा जो है अपनी देह का

246
00:17:01,280 --> 00:17:05,520
नाश नहीं कर सकता ये क्या है क्या ये तो शांति

247
00:17:05,520 --> 00:17:09,920
से आप सुन नहीं रहे हैं तो फिर मैं कैसे बता पाऊंगा मैं कहीं बात करता हूं तो

248
00:17:09,920 --> 00:17:14,720
जाइए ऐसे नहीं ऐसे बताइए मैं आपके स्तर पे बोलिए बोलिए ये

249
00:17:14,720 --> 00:17:19,360
कबीर साहिब जी पूर्ण परमात्मा अपने

250
00:17:19,360 --> 00:17:23,360
स्वयं मां के गर्भ से नहीं

251
00:17:23,360 --> 00:17:27,440
आ सकते। सुनो क्योंकि जो हां बता

252
00:17:27,440 --> 00:17:31,440
रहा हूं जो ये जन्म और बता रहे हैं एक मिनट सुनो तो

253
00:17:31,440 --> 00:17:35,440
अब आप कहेंगे फिर आवेश में आके बात करे आवेश में नहीं आते बोलिए बोलिए

254
00:17:35,440 --> 00:17:39,520
बोलिए कबीर साहब जी जो मां के गर्भ से जन्म लेता

255
00:17:39,520 --> 00:17:43,680
है उसका शरीर 100% छूटता है। ये

256
00:17:43,680 --> 00:17:44,180
भगवान

257
00:17:44,080 --> 00:17:48,320
का विधान है कि जो मां के गर्भ से आएगा और

258
00:17:48,320 --> 00:17:52,560
जन्म लेगा उसका शरीर नाशवान होगा। आत्मा जीवनाशी होगी।

259
00:17:52,560 --> 00:17:56,560
समझो कबीर साहिब जी पर यह नियम लागू आप कैसे कर

260
00:17:56,560 --> 00:18:00,880
सकते हैं? कैसे आप जबरदस्ती कबीर साहिब जी को घुमा के कब से बुला सकते हैं?

261
00:18:00,880 --> 00:18:04,880
परमात्मा मैं नहीं बुला रहा हूं मेरे भाई। मेरा प्रश्न

262
00:18:04,880 --> 00:18:08,960
दूसरा है। मैंने प्रश्न ये पूछा है। मैंने प्रश्न ये पूछा

263
00:18:08,960 --> 00:18:12,960
है शिवम जी कि जो आप मुझे बता रहे हैं कि वो

264
00:18:12,960 --> 00:18:17,040
गर्भ से नहीं आ सकता। वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता।

265
00:18:17,040 --> 00:18:21,040
ये इसको मैं क्या समझूं? यह व्यंग है। ये

266
00:18:21,040 --> 00:18:25,280
एक मिनट यह व्यंग है। कहानी है, कथा है

267
00:18:25,280 --> 00:18:29,280
या कबीर के संबंध में ईश्वर के संबंध में कुछ नियम है? क्या है

268
00:18:29,280 --> 00:18:33,280
ये? सर एक मिनट शांतिपूर्वक सुनिए। आप बार-बार एक

269
00:18:33,280 --> 00:18:37,920
बात कह रहे हैं। मैं उसका उत्तर दे चुका हूं। फिर भी आपके समझ नहीं आ रहा। ये अलग बात है।

270
00:18:37,920 --> 00:18:42,160
आपसे आपसे मैंने पूछा देखिए आपसे मैंने ये पूछा

271
00:18:42,160 --> 00:18:46,160
है कि जो बात आपने मुझे कबीर के बारे में बताई है। ये क्या

272
00:18:46,160 --> 00:18:50,240
है? ये कथा है, प्रवचन है, कहानी है, कविता है या

273
00:18:50,240 --> 00:18:54,720
नियम है? क्या है ये जो आपने मुझे बताया? ये सच्चाई है।

274
00:18:54,720 --> 00:18:58,960
ये सच्चाई है। सच्चाई है। ये सच्चाई रूपी नियम

275
00:18:58,960 --> 00:18:59,460
नहीं

276
00:18:59,200 --> 00:19:03,440
है। ये सच्चाई रूपी नियम नहीं है। पहले आप अपना ये सच्चाई

277
00:19:03,440 --> 00:19:07,760
रूपी नियम नहीं है। आप आवेश में आके बात कर रहे है ना? पहले सुनिए।

278
00:19:07,760 --> 00:19:11,840
मैं देखिए देखिए मैं हम लोग बहुत सारी

279
00:19:11,840 --> 00:19:16,400
अच्छी चर्चा कर सकते हैं। आपको कुछ चीजें एक्सेप्ट करनी होंगी।

280
00:19:16,400 --> 00:19:20,480
मैं आपसे पूछ रहा हूं ये सच्चाई रूपी नियम नहीं है।

281
00:19:20,480 --> 00:19:24,480
क्या चीज जो आप बोल रहे हो? भाई साहब इसको नियम आप कैसे कह सकते हो?

282
00:19:24,480 --> 00:19:28,640
नियम क्या होता है? क्या है? तो ये ये किस प्रकार की सच्चाई है? ये

283
00:19:28,640 --> 00:19:32,960
चलिए बताइए। जैसे मेरा जैसे खेलता

284
00:19:32,960 --> 00:19:37,200
है उसमें नियम होता है। उसके बाहर जाएगा तो ये हो जाएगा। उसके बाहर जाएगा

285
00:19:37,200 --> 00:19:41,200
ये हो जाएगा अंदर रहेगा तो ऐसा खेल खेलने के योग्य है ये

286
00:19:41,200 --> 00:19:45,680
सच्चाई क्या होती है सच्चाई होती है तो अंदर के लिए नियम है ना

287
00:19:45,680 --> 00:19:48,160
एक

288
00:19:48,160 --> 00:19:52,320
सच्चाई का मैंने कहा सच्चाई है सच्चाई सत्य का कभी नाश नहीं

289
00:19:52,320 --> 00:19:57,440
होता ये सच्चाई होती है मेरे भाई आपने

290
00:19:57,440 --> 00:20:01,440
आप मेरी बात तो सुन नहीं रहे हैं आपका प्रश्न क्योंकि आप

291
00:20:01,440 --> 00:20:05,840
विषय से हटकर बात कर रहे हैं। मैंने बोला है ये जो सच्चाई

292
00:20:05,840 --> 00:20:11,760
है इस सच्चाई में हमें बताया क्या जा रहा है नियम है कथा है क्या है

293
00:20:11,760 --> 00:20:14,560
अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं दोबारा आप

294
00:20:14,560 --> 00:20:18,640
आप मुझे ये बताइए कि ये जो सच्चाई आप मुझे बता

295
00:20:18,640 --> 00:20:22,960
रहे हैं इसमें आप मुझे बता क्या रहे हैं किस प्रकार की सच्चाई है ये वो बताइए

296
00:20:22,960 --> 00:20:27,120
उसमें क्या है वो अगर ये केवल सच्चाई है इससे कोई लेना देना

297
00:20:27,120 --> 00:20:32,000
नहीं है तो क्या मैं ये प्रचार प्रसार कर सकता हूं हां कबीर भी गर्व से जन्म लेते हैं

298
00:20:32,000 --> 00:20:36,320
कर सकता हूं गलत है ना इसका मतलब इसका मतलब मुझे बाउंड

299
00:20:36,320 --> 00:20:40,320
इसका मतलब नियम है ना ये नियम है ना जो मुझे अगर

300
00:20:40,320 --> 00:20:45,360
मैं उसके विरुद्ध बात करूंगा तो वो गलत हो जाएगी बात नियम है ना ये

301
00:20:45,360 --> 00:20:49,360
सुनो इसे आप नियम आप नियम कह लो लेकिन मैं इसको नियम नहीं मानता आपके

302
00:20:49,360 --> 00:20:53,680
मुताबिक ये नियम है ठीक है ठीक है आपको तो आपके मुताबिक

303
00:20:53,680 --> 00:20:57,680
ये क्या है एक मिनट रुको मेरे मुताबिक क्या है

304
00:20:57,680 --> 00:21:01,920
वो मैं बहुत अच्छे से जानता हूं मेरे मुताबिक ये है कि एक सच है और बिल्कुल

305
00:21:01,920 --> 00:21:05,920
वास्तव अरे भाई सुनिए सच तो ये भी है कि कबीर भगवान

306
00:21:05,920 --> 00:21:10,000
है। सच तो ये भी आपके अनुसार के कबीर भगवान है। सच तो ये भी है

307
00:21:10,000 --> 00:21:14,160
ना। मैं आपसे डिबेट आगे इसलिए कर पाऊंगा कि मैं पहले आपका

308
00:21:14,160 --> 00:21:18,320
ये मान लेता हूं। सुनो कि ये एक नियम है जो आप नियम चिल्ला

309
00:21:18,320 --> 00:21:22,400
रहे हैं ना तो नियम मान लेता हूं। एक मिनट सुनना। आपका प्रश्न ये था लाइव

310
00:21:22,400 --> 00:21:26,400
चल रहा है। सारे लोग देख रहे हैं कि क्या कबीर बाद में ये

311
00:21:26,400 --> 00:21:29,760
मत कहना आपने प्रश्न नहीं चल पाया। क्या कबीर मां के गर्व

312
00:21:29,760 --> 00:21:33,840
से जन्म ले सकते हैं? क्या कबीर अपने शरीर का कर

313
00:21:33,840 --> 00:21:37,840
सकते हैं? ठीक है। मेरा

314
00:21:37,840 --> 00:21:43,040
प्रति उत्तर ये है कबीर साहिब जी मां के गर्भ से नहीं आते

315
00:21:43,040 --> 00:21:47,040
और ना ही फिर आते उनमें बोलो नहीं आ

316
00:21:47,040 --> 00:21:51,520
सकते जिससे लोग ये सुने कि उनके अंदर कुछ है जो वो नहीं कर सकते।

317
00:21:51,520 --> 00:21:55,600
नहीं आ सकते क्योंकि मां के गर्भ से जो भी आता है

318
00:21:55,600 --> 00:21:59,760
वो गीता अध्याय 14 के श्लोक फिर मैं बंद करूंगा आपका मुंह

319
00:21:59,760 --> 00:22:04,000
बंद करूंगा मैं आपको हटा दूंगा प्रमाण अभी दिया तो मैं हटाऊंगा अभी प्रमाण

320
00:22:04,000 --> 00:22:08,640
मैं नहीं मांग रहा हूं अभी मैं हटाऊंगा आपको

321
00:22:08,640 --> 00:22:13,040
आऊंगा प्रमाण अभी मत दीजिए हम अभी प्रमाण

322
00:22:13,040 --> 00:22:17,040
अभी मत दीजिए मैं आऊंगा प्रमाण पे हम आएंगे देखिए

323
00:22:17,040 --> 00:22:21,040
आपको चर्चा करनी है कि नहीं करनी है मैंने पहले ही क्लियर कर दिया था मैं प्रमाण

324
00:22:21,040 --> 00:22:25,040
अभिमान था आपसे। मैं तो तैयार बैठा हूं विद्या के लिए। आप मेरी

325
00:22:25,040 --> 00:22:29,520
सुनिए तो पहले आप प्रमाण मत बताइए। अपनी बात रखिए।

326
00:22:29,520 --> 00:22:33,760
प्रमाण मत दीजिए। अभी इस बात में जिस मैं प्रमाण

327
00:22:33,760 --> 00:22:37,760
पे आऊंगा भाई साहब। अब एक बार और आपने कहा तो मैं हटाऊंगा। मैं प्रमाण पे

328
00:22:37,760 --> 00:22:42,160
बात करूंगा। अगला चैप्टर वही है। अगला चैप्टर वही है।

329
00:22:42,160 --> 00:22:45,920
मैं बात करूंगा प्रमाण। ये बताओ।

330
00:22:45,920 --> 00:22:50,160
आप अभी मुझे ये बताइए कि उनके ऊपर एक

331
00:22:50,160 --> 00:22:54,160
उसके ऊपर ये नियम है कि नहीं है? किसके ऊपर?

332
00:22:54,160 --> 00:22:58,160
आपने कहा ना अभी मान लेता हूं कि उसके ऊपर नियम है कि वो माता घर

333
00:22:58,160 --> 00:23:02,640
से नहीं आ सकता। एक मिनट रुक जाओ। आप ये बताइए शांतिपूक

334
00:23:02,640 --> 00:23:07,200
पूछ रहा हूं आवेश में नहीं। परमात्मा के ऊपर जो परमात्मा

335
00:23:07,200 --> 00:23:11,360
होता है ना समृत जिसे कबीर भगवान हम कहते हैं। कहते नहीं

336
00:23:11,360 --> 00:23:16,080
वो वास्तविक वेदों में भी प्रमाण है उसके। उस परमात्मा पर

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00:23:16,080 --> 00:23:20,400
धरती का कोई नियम काम नहीं करता और इन ब्रह्मांडों

338
00:23:20,400 --> 00:23:25,200
का परमात्मा निर्बंध है। किसी का बंधन नहीं

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00:23:25,200 --> 00:23:29,760
पर वो अपने अनुसार सारे कार्य करता है।

340
00:23:29,760 --> 00:23:34,160
परमात्मा पर किसी का भी शक्ति नियम बंधन

341
00:23:34,160 --> 00:23:39,440
काम नहीं करता। वह परमात्मा जो भी लीला करता है अपने अकॉर्डिंग

342
00:23:39,440 --> 00:23:43,840
टू अकॉर्डिंग स्थिति के अनुसार काम करता है भगवान। ठीक है

343
00:23:43,840 --> 00:23:48,080
जी। यानी कि अब इसका कंक्लूजन मैं यह लूं कि वो गर्भ

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00:23:48,080 --> 00:23:52,480
से जन्म नहीं ले सकता। नहीं लेता। नहीं

345
00:23:52,480 --> 00:23:56,560
ले सकता। ये आप ले सकते हो। लेकिन मेरे मेरा जो वास्तविक

346
00:23:56,560 --> 00:24:00,560
सच्चा नियम है मैं नियम कहता हूं। परमात्मा मां के गर्भ से जन्म

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00:24:00,560 --> 00:24:02,640
नहीं लेता।

348
00:24:02,640 --> 00:24:08,640
अच्छा ले सकता है। नहीं ले सकता। क्यों नहीं ले सकता? पूछो।

349
00:24:21,320 --> 00:24:25,320
[संगीत]
