1
00:00:03,920 --> 00:00:08,000
आप संत रामपाल जी जो महाराज हैं हम

2
00:00:08,000 --> 00:00:12,080
उनका जो विरोध कर रहे हैं किस विषय कर रहे हैं वो पहली बात तो

3
00:00:12,080 --> 00:00:16,400
महाराज आपके क्या आपको गलत लग रहा है पहली बात तो महाराज आपके

4
00:00:16,400 --> 00:00:20,400
महाराज मैं महाराज नहीं मैं उनके बारे में

5
00:00:20,400 --> 00:00:24,400
बात कर रहा हूं मैं उनका कोई शिष्य नहीं हम मैं आपसे बात

6
00:00:24,400 --> 00:00:28,560
कर रहा हूं विरोध यह है कि वो

7
00:00:28,560 --> 00:00:33,280
हमारे धर्म शास्त्रों का उल्टा सीधा मनगढ़ंत अर्थत करता है वह व्यक्ति

8
00:00:33,280 --> 00:00:37,520
और मनगढ़ंत अर्थत करके वो यह बताता है कि हम

9
00:00:37,520 --> 00:00:41,760
लोग जो हिंदू लोग जिनकी पूजा करते हैं उनकी पूजा नहीं करनी चाहिए

10
00:00:41,760 --> 00:00:45,840
वो भगवान नहीं है भगवान है कबीर भगवान है वो स्वयं

11
00:00:45,840 --> 00:00:50,240
रामपाल और भगवान है अल्लाह भगवान है वो

12
00:00:50,240 --> 00:00:54,480
बाइबल का क्राइस्ट पहली बात अच्छा अच्छा ठीक है दूसरी

13
00:00:54,480 --> 00:01:00,480
बात मैं अपने उनके सुन लो सुन लो पहले सुन लो दूसरी बात

14
00:01:01,600 --> 00:01:06,960
दुर्गा माता के लिए खूब सारी अश्लील बातें लिखी हुई है उसमें

15
00:01:06,960 --> 00:01:11,040
हनुमान जी के लिए शिव जी के लिए कृष्ण जी के लिए और

16
00:01:11,040 --> 00:01:15,280
ब्रह्मा जी के लिए विष्णु जी के लिए महेश जी के लिए हमारे जितने

17
00:01:15,280 --> 00:01:19,600
आचार्य गण हैं उनके लिए शंकराचार्य रामानुजाचार्य सबके

18
00:01:19,600 --> 00:01:23,840
लिए एक तरफ से यानी कि हिंदुओं की आस्था का

19
00:01:23,840 --> 00:01:27,840
जो विषय है हमारे धर्मशास्त्र हमारे सनातन

20
00:01:27,840 --> 00:01:33,600
देवी देवता भगवान और हमारे आचार्य

21
00:01:33,600 --> 00:01:38,720
ऐसा कोई तत्व नहीं है जिसकी उसने जिसका उसने अपमान नहीं किया है।

22
00:01:38,720 --> 00:01:42,720
ठीक अच्छा हां जी ये बात मैं उनके

23
00:01:42,720 --> 00:01:47,040
आश्रम में गया था हम तो उनके आश्रम में मैंने

24
00:01:47,040 --> 00:01:52,160
जो वेद शास्त्र थे जो भी अपने हिंदू धार्मिक ग्रंथ होते हैं हम

25
00:01:52,160 --> 00:01:56,560
वो सब उन्हीं के यहां रखे थे। ठीक है। तो यही तो तरीका है उसका बरगलाने

26
00:01:56,560 --> 00:02:00,880
का। यही तो तरीका है बर्गलाने का कि हम तो वही धर्मशास्त्र रखें

27
00:02:00,880 --> 00:02:04,960
मगर धर्म शास्त्रों का अर्थ तो अपना मनमाना बता रहे हैं। उसको

28
00:02:04,960 --> 00:02:09,040
संस्कृत आती है रामपाल को? आप ये बताइए आप ये

29
00:02:09,040 --> 00:02:13,120
बताइए रामपाल को संस्कृत आती है। अब देखो जो उसने

30
00:02:13,120 --> 00:02:17,520
बोला है वो तो मैं सुन ही रहा हूं। मान के चलो। हां। मैं मैं ये कह रहा हूं रामपाल

31
00:02:17,520 --> 00:02:21,600
संस्कृत मुझे नहीं आती। तुम अरे मुझे भी तो उतनी संस्कृत नहीं आती

32
00:02:21,600 --> 00:02:25,600
जितनी मैं कह दूं कि हां ये कह रहा हूं मैं ये नहीं कह रहा हूं रामपाल से

33
00:02:25,600 --> 00:02:29,760
पूछा है कभी आपको संस्कृत आती है हां तो वो तो बताते

34
00:02:29,760 --> 00:02:34,320
हैं कि आती है नहीं आती है घ को धा पड़ता है

35
00:02:34,320 --> 00:02:38,640
मैं बता दे रहा हूं ना आप उसकी से आपको जानकारी है ना आप उसकी किताब पढ़िए

36
00:02:38,640 --> 00:02:43,280
उसी की किताब में लिखा है कि अग्न्या को उसने अनधन्या पढ़ा है

37
00:02:43,280 --> 00:02:47,360
वेदों में वो हरियाणवी भाषा ढूंढ रहा है वैदिक संस्कृत में वो

38
00:02:47,360 --> 00:02:51,600
हरियाणवी भाषा ढूंढ रहा कि अग्न्या नहीं धन्या लिखा है।

39
00:02:51,600 --> 00:02:55,760
घ को धा बना दिया। ठीक तो उसको

40
00:02:55,760 --> 00:02:59,760
संस्कृत नहीं आती है। उससे कह दो उस वो उससे अगर एक श्लोक बोल

41
00:02:59,760 --> 00:03:03,760
दो कि तू एक पूरा श्लोक पढ़ ले उसी में वो 10

42
00:03:03,760 --> 00:03:07,840
बार टूटेगा श्लोक को पढ़ते हुए तो उसको संस्कृत

43
00:03:07,840 --> 00:03:11,920
नहीं आती है। दूसरी बात यह है कि

44
00:03:11,920 --> 00:03:16,240
[गला साफ़ करने की आवाज़] वो कहता है कि मैं कबीर का शिष्य हूं। ठीक।

45
00:03:16,240 --> 00:03:20,640
कबीर ने कभी वेद पढ़ाए हैं क्या?

46
00:03:20,640 --> 00:03:24,640
कबीर ने तो कभी वेद नहीं पढ़ाए। तो फिर ये वेद इसके यहां क्या कर

47
00:03:24,640 --> 00:03:28,720
रहे हैं? भाई जब तुम कबीर की परंपरा से हो। कबीर ने जब वेद नहीं पढ़ा है।

48
00:03:28,720 --> 00:03:32,720
कबीर उसने कबीर उनका कबीर बीजक है। कबीर कबीर वाणी इत्यादि ये सब

49
00:03:32,720 --> 00:03:36,720
ग्रंथ है। और जो कबीर जी की जो गद्दी है वास्तविक वो तो

50
00:03:36,720 --> 00:03:40,720
बीजक को प्रमाणिक मानती है। हम वो तो वाणी

51
00:03:40,720 --> 00:03:44,880
को प्रमाणिक नहीं मानती। मगर चलो मान लेती तो उसमें वेद तो नहीं है ना। फिर भी तुम्हारे

52
00:03:44,880 --> 00:03:49,120
यहां क्या कर रहे हैं? तुम भगवान अपने आप को मनवाओ या कबीर को मनवाओ? अल्लाह

53
00:03:49,120 --> 00:03:53,120
को मनवाओ। तुम अपने ग्रंथ रखो और कहो कि इनका अर्थ है कि अल्लाह भगवान

54
00:03:53,120 --> 00:03:57,760
है, रामपाल भगवान है, कबीर भगवान है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। और

55
00:03:57,760 --> 00:04:01,760
अपने लेकिन उन्होंने जब जब भगवान

56
00:04:01,760 --> 00:04:07,040
भगवान कहा है मेरे पास वीडियो है। वो झूठ बोला है वो रिपोर्टर से।

57
00:04:07,040 --> 00:04:11,840
मेरे पास एक वीडियो है उसका पुराना भी है और नया भी है। बोला है भगवान।

58
00:04:11,840 --> 00:04:15,920
उसकी किताब में लिखा हुआ है कि कबीर का अवतार है। एक मिनट एक

59
00:04:15,920 --> 00:04:21,920
मिनट उसकी उसकी किताब में लिखा हुआ है कि मैं कबीर का अवतार हूं।

60
00:04:22,080 --> 00:04:26,640
ये तो लिखा हुआ है तो फिर ये तो लिखा

61
00:04:26,640 --> 00:04:30,720
हुआ तो और जैसे वो धार्मिक जो ग्रंथ रखे

62
00:04:30,720 --> 00:04:34,720
हुए हैं गीता श्रीमद् भागवत गीता बेवकूफ बनाने के लिए सब

63
00:04:34,720 --> 00:04:36,480
कुछ रखे हुए भी है

64
00:04:36,480 --> 00:04:41,040
और है तो जैसे उसमें जो सारांश

65
00:04:41,040 --> 00:04:45,520
निकलता है उसका अनुवाद निकलता है कुछ नहीं उसको आता है ढेले भर का

66
00:04:45,520 --> 00:04:49,840
पांच 10 मिनट नहीं टिक पाएगा हां अरे उसको नहीं आता

67
00:04:49,840 --> 00:04:53,840
लेकिन जो रखे हुए हैं ग्रंथ मैं उसकी बात कर रहा हूं। अरे भाई तो जब वो

68
00:04:53,840 --> 00:04:58,800
रखे है तो उसका अर्थ कहां से निकालेगा? जब वो आता नहीं है तो उसको कुछ

69
00:04:58,800 --> 00:05:03,120
जब आपके पास कोई चीज लिख रखी है तो वह उसका सार कहां से निकाल

70
00:05:03,120 --> 00:05:07,120
लोगे जब आता नहीं होगा तो हां बिल्कुल आपकी बात सही है

71
00:05:07,120 --> 00:05:11,280
हम पहले आप मेरी बात तो सुनिए एक मिनट हम मैं ये कह

72
00:05:11,280 --> 00:05:15,680
रहा हूं जैसे इनके पास जो वो ग्रंथ रखे हैं अपने हिंदू धर्म ग्रंथ हम

73
00:05:15,680 --> 00:05:19,680
जो रखे हुए हैं तो उसका जो हिंदू सारांश होता है वो तो जैसे इस

74
00:05:19,680 --> 00:05:23,680
पर अपन हिंदी पढ़ सकते हैं ना हम

75
00:05:23,680 --> 00:05:27,840
तो उसमें हिंदी में तो जो मतलब उसमें पढ़ता है

76
00:05:27,840 --> 00:05:31,840
जो संस्कृत में उसका हिंदी अनुवाद जो करता है तो वो तो मतलब हिंदी अनुवाद

77
00:05:31,840 --> 00:05:35,840
जो लिखा हुआ है वही पढ़ता है। मतलब ये क्या है? क्या ये क्या

78
00:05:35,840 --> 00:05:40,080
है? मतलब जैसे जो संस्कृत कहना क्या चाहते

79
00:05:40,080 --> 00:05:44,160
हो कि उसने उसने उसने जो है शास्त्र का अर्थ जो बताया

80
00:05:44,160 --> 00:05:48,240
सही बताया है। ये कह रहे हो। अब जो बहुत ये

81
00:05:48,240 --> 00:05:52,160
है ना जो ग्रंथ उसने रखे हैं सुनो। सुनो

82
00:05:52,160 --> 00:05:56,400
नहीं इस वजह वजह नहीं। सीधी बात करना सीखो पहले थोड़ा जिसका

83
00:05:56,400 --> 00:06:00,480
पक्ष लेने आए हो उसका पक्ष लो खुल के ऐसे बात मत करो ढुलमुल

84
00:06:00,480 --> 00:06:04,480
डुलमुल सुनो जो हिंदी तुम

85
00:06:04,480 --> 00:06:08,800
कह रहे हो कि जो हिंदी अनुवादित ग्रंथ है उन्हें हिंदी पढ़ के तो वो सार बता सकता है ना

86
00:06:08,800 --> 00:06:12,800
तो अब सुन लो वो हिंदी पढ़ने में भी जहां पर उसकी चीज

87
00:06:12,800 --> 00:06:16,800
कट रही होती है वहां कह देता है यह मिलावट कर दी अनुवादक ने गलती कर दी है यहां मैं

88
00:06:16,800 --> 00:06:20,880
सत्य बता रहा हूं यह अनुवादक गलत है जिसके अनुवाद पे तुम्हें भरोसा नहीं है

89
00:06:20,880 --> 00:06:25,040
उसके अनुवाद का एक भी जगह भरोसा कैसे करोगे तुम फिर तो खुद सारे ग्रंथ

90
00:06:25,040 --> 00:06:29,120
रटो और ग्रंथ भी ग्रंथों में भी वह एक आध जगह कह देता

91
00:06:29,120 --> 00:06:33,280
है यह तो काल ने बोला है अपने मन से यह नहीं माना जाएगा यह तो वेद में ये मंत्र

92
00:06:33,280 --> 00:06:37,360
अपने मन से बोला जब वेद में एक जगह गलत हो सकता है तो सब जगह हो सकता है फिर उसको विश्वास

93
00:06:37,360 --> 00:06:41,440
कैसे तुम्हारा फिर क्यों प्रमाण बना रहे हो उसको मतलब कि

94
00:06:41,440 --> 00:06:45,520
जहां पे बात उसकी पहले सुन लो जहां पे बात उसकी कट रही होती

95
00:06:45,520 --> 00:06:49,520
है वहां वो उसको जिस भी चीज पर निर्भर है उसी चीज

96
00:06:49,520 --> 00:06:53,760
को काट देता है ये गलत है झूठ है ये भ्रम है ये गलती हो इससे अज्ञानी

97
00:06:53,760 --> 00:06:58,000
है हम लेकिन आपने अभी एक डिबेट

98
00:06:58,000 --> 00:07:02,080
और छिड़ी हुई है जो वायरल हम जो आर्य समाज लोगों

99
00:07:02,080 --> 00:07:07,520
की है तो उसमें आपको आर्य समाज आर्य समाज को मैं नहीं मानता

100
00:07:07,520 --> 00:07:08,020
आर्य

101
00:07:07,920 --> 00:07:11,920
समाज को मैं नहीं मानता आर्य समाज आर्य समाज को मैं

102
00:07:11,920 --> 00:07:16,240
नहीं मानता आर्य समाज की बहुत सारी चीजों में

103
00:07:16,240 --> 00:07:20,800
अंतर है वास्तविक सनातन धर्म और आर्य समाजी मान्यता में मगर

104
00:07:20,800 --> 00:07:24,960
आर्य समाजी रामपाल जैसा ऐसा लुच्चा नहीं है। आर्य समाजी

105
00:07:24,960 --> 00:07:29,600
विद्वान है। संस्कृतज्ञ है। व्याकरण आती है आर्य समाजी को।

106
00:07:29,600 --> 00:07:33,760
उन्होंने अपनी मान्यताओं में जरूर बदलाव कर लिया है। पर वो

107
00:07:33,760 --> 00:07:38,160
कहीं श्रेष्ठ हैं रामपाल जैसे तुच्छे व्यक्तियों से गवार

108
00:07:38,160 --> 00:07:42,560
फूल से। अच्छा ये बताइए वो अपने दयानंद सरस्वती

109
00:07:42,560 --> 00:07:46,640
की जो पुस्तक है। मैंने क्या कहा आपको? मैं नहीं मानता।

110
00:07:46,640 --> 00:07:50,880
मैंने क्या कहा? मैंने क्या कहा? मैंने क्या कहा? मैंने क्या कहा है? हो गया तुम्हारा

111
00:07:50,880 --> 00:07:54,960
हो गया। शिव जी को करते तो मैंने

112
00:07:54,960 --> 00:07:59,040
तो मैंने मैंने वीडियो बनाया है उसके ऊपर सुनो जाकर के मैंने उस पर भी

113
00:07:59,040 --> 00:08:03,040
वीडियो बनाया आपने वीडियो में क्या बताया अगर क्या कहा है

114
00:08:03,040 --> 00:08:07,040
क्या कहा है एक मिनट अरे यार तुम यार मैंने मैंने क्या पूछा

115
00:08:07,040 --> 00:08:11,280
क्या कहा है उसने मैंने वीडियो में क्या कहा है नहीं सुनी

116
00:08:11,280 --> 00:08:15,600
अभी अभी अब तुमको अब ताव आ रहा है सब जगह से हार गए हो इसलिए ना अब तुम्हें

117
00:08:15,600 --> 00:08:19,680
ताव आ रहा है तुम सब जगह से कट गए हो इसलिए तुम्हें ताव आ रहा है सुनो

118
00:08:19,680 --> 00:08:22,960
मैंने मैंने मैंने शब्द

119
00:08:22,960 --> 00:08:27,040
पे आर्य समाजियों का विरोध कर रखा है। वीडियो बना रखा है। समझ

120
00:08:27,040 --> 00:08:31,040
गए? मैंने कितना विरोध कर रखा है बताइए? जितना विरोध मैं कर सकता हूं, उतना कर

121
00:08:31,040 --> 00:08:35,360
रखा है। यह तुम तय मत करो मुझे किसका कितना विरोध करना है।

122
00:08:35,360 --> 00:08:40,160
तुम्हार तो किसी और के गलत होने से तुम सही नहीं हो जाते।

123
00:08:40,160 --> 00:08:44,720
सुनिए। आप अपने आप को सही सिद्ध करिए। चलिए

124
00:08:44,720 --> 00:08:50,720
सामने आके बात करो। मां का दूध पिया तो सामने आके बात कर। चल।

125
00:08:55,120 --> 00:08:59,520
पहले अपने धार्मिक ग्रंथ पढ़ तुमने पढ़े हैं तुमने

126
00:08:59,520 --> 00:09:04,160
पढ़े हैं तुमने पढ़े हैं मैंने आश्रम

127
00:09:04,160 --> 00:09:08,560
नहीं पढ़े हैं ना तो मुंह बंद रख मैंने पढ़े हैं मैंने पढ़े हैं और

128
00:09:08,560 --> 00:09:12,560
आर्य समाज की आड़ में छुपना बंद करो आर्य समाज

129
00:09:12,560 --> 00:09:16,640
वेदों का वेदों का विरोध नहीं करता है कि वेद गलत है कोई ज्ञान नहीं है सुनो

130
00:09:16,640 --> 00:09:20,880
वेदों का तुम कच्चे लोग हो गवार कहीं के आता

131
00:09:20,880 --> 00:09:26,880
जाता

132
00:09:40,340 --> 00:09:44,340
[संगीत]
