1
00:00:02,880 --> 00:00:06,800
सबसे पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह

2
00:00:06,800 --> 00:00:12,320
द्विवेदी जी की वजह से यह आंदोलन आज दिख रहा है।

3
00:00:12,320 --> 00:00:16,320
वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको अपने धर्म कर्म

4
00:00:16,320 --> 00:00:20,880
से कोई मतलब नहीं है। कोई पैसा पैदा करने से

5
00:00:20,880 --> 00:00:25,200
और अपने पद पैसे से मतलब है।

6
00:00:25,200 --> 00:00:29,440
द्विवेदी जी प्रखर हैं। और जब सबसे

7
00:00:29,440 --> 00:00:33,600
पहले मिले थे मुझसे तो मैंने इन सारी

8
00:00:33,600 --> 00:00:37,680
किताबों का अध्ययन किया था और अध्ययन करने में बड़ी पीड़ा हुई

9
00:00:37,680 --> 00:00:41,840
थी और पीड़ा इसलिए भी हुई कि आज हिंदू

10
00:00:41,840 --> 00:00:46,320
समाज में अकेले द्विवेदी जी क्यों आगे आए

11
00:00:46,320 --> 00:00:49,280
और लोग आगे क्यों नहीं आए?

12
00:00:49,280 --> 00:00:53,440
इतना बड़ा स्कैंडल चल रहा है। पूरे देश में इस तरह

13
00:00:53,440 --> 00:00:57,440
की भद्दी किताबें बेची जा रही हैं। प्रसारित की जा

14
00:00:57,440 --> 00:01:01,760
रही हैं। और जनमानस में हिंदू धर्म

15
00:01:01,760 --> 00:01:06,080
के खिलाफ हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक माहौल

16
00:01:06,080 --> 00:01:11,040
तैयार किया जा रहा है और लोग चुप बैठे हुए हैं।

17
00:01:11,040 --> 00:01:15,280
सबसे पहले तो शिवश जी आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद

18
00:01:15,280 --> 00:01:19,920
सनातन धर्म में जो नकालों के द्वारा

19
00:01:19,920 --> 00:01:24,000
नकली किताबें भेजी जा रही हैं और सबसे बड़ी बात

20
00:01:24,000 --> 00:01:28,560
है जो परेसी भारत में क्या होता है नकलीपन पर पायरेसी

21
00:01:28,560 --> 00:01:32,800
एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत यह पुस्तकें

22
00:01:32,800 --> 00:01:36,880
छापी गई कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके।

23
00:01:36,880 --> 00:01:40,960
सनातन धर्म में प्रदूषण किया जा सके और धोखे में

24
00:01:40,960 --> 00:01:44,960
रख के क्योंकि नाम लिया गीता का नाम लिया गंगा का

25
00:01:44,960 --> 00:01:49,200
नाम लिया कृष्ण का नाम चुराया कृष्ण का नाम चुराया

26
00:01:49,200 --> 00:01:53,200
श्री राम का नाम चुराया मां दुर्गा का नाम चुराया शंकराचार्यों

27
00:01:53,200 --> 00:01:57,200
का और नाम चुराया हमारे सनातन धर्म के वेदों पुराणों

28
00:01:57,200 --> 00:02:01,200
का और अंदर गंदगी भर दी अंदर अश्लील

29
00:02:01,200 --> 00:02:04,480
साहित्य भरा इन लोगों को और इसका जो

30
00:02:04,480 --> 00:02:08,960
मास्टरमाइंड है जेल में बैठकर करके ग्रामीण अंचल की सीधी

31
00:02:08,960 --> 00:02:13,360
साधी भोलीभाली जनता को अपने चंगुल में फंसा के

32
00:02:13,360 --> 00:02:17,680
यह व्यापार कर रहा है। यह धर्म को हमारे सनातन धर्म

33
00:02:17,680 --> 00:02:21,840
को प्रदूषित कर संक्रमित करने का कार्य कर रहा है। यह इतनी

34
00:02:21,840 --> 00:02:26,080
बड़ी महामारी है जो कि पूर्व में प्लेग और हैजा

35
00:02:26,080 --> 00:02:30,720
चलता था। उससे भी बड़ी महामारी है। इसको लेकर के

36
00:02:30,720 --> 00:02:34,720
अपने गुरु जी माननीय हरिशंकर जैन के दिशा निर्देश

37
00:02:34,720 --> 00:02:39,200
में जो याचिका दायर हुई है उसको माननीय न्यायालय

38
00:02:39,200 --> 00:02:43,520
ने बड़ी गंभीरता से लिया क्योंकि पुस्तक के सारे प्रश्न जिन

39
00:02:43,520 --> 00:02:47,600
प्रश्नों में भगवान श्री राम को मां दुर्गा को भगवान

40
00:02:47,600 --> 00:02:51,840
विष्णु को भगवान श्री कृष्ण को मां सीता को

41
00:02:51,840 --> 00:02:56,080
हमारे महादेव जी को अश्लील शब्दों से को

42
00:02:56,080 --> 00:03:00,400
का प्रयोग किया गया था उन सब प्रश्नों को माननीय न्यायालय

43
00:03:00,400 --> 00:03:04,560
ने देखा और जब बहस चल रही थी तो मैंने स्वयं इस

44
00:03:04,560 --> 00:03:08,720
बात को महसूस किया कि माननीय न्यायालय

45
00:03:08,720 --> 00:03:12,800
न्यायमूर्तियों को न्यायालय में उस समय इन प्रश्नों को देखकर कितनी पीड़ा

46
00:03:12,800 --> 00:03:16,800
हुई। सारी बातें सुनी। राज्य सरकार को भी

47
00:03:16,800 --> 00:03:19,520
सुना और सेंट्रल गवर्नमेंट

48
00:03:19,520 --> 00:03:23,840
के भी जो अधिवक्ता आए थे उनको भी सुना। उनको पूरी तरीके से विधिवत

49
00:03:23,840 --> 00:03:28,640
सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यह नोटिस जारी

50
00:03:28,640 --> 00:03:32,960
किया और यह बताया कि बताएं राज्य सरकार ने इन पुस्तकों को

51
00:03:32,960 --> 00:03:37,120
सील करने का और सील करने की कार्यवाही अब तक क्या की है?

52
00:03:37,120 --> 00:03:41,280
तो मैं शिवश जी आपसे कहना चाहता हूं कि आप

53
00:03:41,280 --> 00:03:45,440
इसी मौका पाकर इसी के साथ

54
00:03:45,440 --> 00:03:50,160
एक टीम तैयार कीजिए पूरे देश में अधिवक्ताओं की

55
00:03:50,160 --> 00:03:54,880
जो कि समर्पण की भावना से हिंदुत्व की भावना से काम करें

56
00:03:54,880 --> 00:03:58,880
और उनको संकल्प होगा कि हम कभी

57
00:03:58,880 --> 00:04:03,040
कोई टिकट नहीं मांगेंगे किसी पद के पीछे नहीं जाएंगे और

58
00:04:03,040 --> 00:04:07,760
केवल हिंदू समाज की सेवा करेंगे हिंदू समाज के लिए काम करेंगे देंगे

59
00:04:07,760 --> 00:04:11,920
और यह बता दूं आपको आपका सारा आंदोलन जाया है।

60
00:04:11,920 --> 00:04:16,640
हम रोते रहेंगे। कोई हमारी नहीं सुनता। हमको कौन सुनेगा?

61
00:04:16,640 --> 00:04:20,880
हम तो सवर्ण हैं। हमारी तो सुनवाई नहीं है। हम पिटिकली दबा

62
00:04:20,880 --> 00:04:24,960
दिए गए। कोई नहीं दबा सकता। इसके लिए आपकी

63
00:04:24,960 --> 00:04:29,040
टीम चाहिए और टीम वर्क चाहिए। और टीम वर्क में

64
00:04:29,040 --> 00:04:33,440
सबसे पहली बात है पानी की लालसा छोड़ दीजिए।

65
00:04:33,440 --> 00:04:34,720
कोने की जनता रखिए।

66
00:04:34,720 --> 00:04:38,720
कोने की और हमको आपको वो टीम तैयार करना

67
00:04:38,720 --> 00:04:42,720
है जैसे शिव जी है मैं जब मेरे पास

68
00:04:42,720 --> 00:04:46,880
आए थे तो मैं कई दिन तक किताबें देखा

69
00:04:46,880 --> 00:04:51,520
बड़ा विग्र रहा कि इसमें क्या किया जाए आज जन भावना

70
00:04:51,520 --> 00:04:55,600
को जगाना होगा आपको बतलाना होगा कि

71
00:04:55,600 --> 00:04:59,920
जो लोग हिंदू समाज के खिलाफ बोल रहे हैं वो देश के गद्दार

72
00:04:59,920 --> 00:05:04,000
हैं ट्रेटर हैं और इस देश में

73
00:05:04,000 --> 00:05:08,480
अब हिंदू हिंदू समाज की अवमानना नहीं चलेगी।

74
00:05:08,480 --> 00:05:12,320
तो हमको आपको बैठकर

75
00:05:12,320 --> 00:05:16,560
कमरे में चुपचाप शांति से बैठकर फार्मूला निकालना

76
00:05:16,560 --> 00:05:20,560
पड़ेगा और वो दिशा पूरे समाज को देनी पड़ेगी।

77
00:05:20,560 --> 00:05:24,640
समाज तो बदलेगा। समाज बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हमेशा

78
00:05:24,640 --> 00:05:28,720
बदला बदलेगा और एक ही दो आदमी बदलते हैं। कोई झुंड नहीं

79
00:05:28,720 --> 00:05:30,400
बदलता है कभी।

80
00:05:30,400 --> 00:05:34,800
और शिवश जी जुड़ गए हैं। समझ लीजिए

81
00:05:34,800 --> 00:05:38,800
कि हमारे साथ एक हीरा जुड़ गया है। मैं इनको हीरे के रूप में

82
00:05:38,800 --> 00:05:42,960
देखता हूं। हमको जरूरत थी ऐसे आदमियों की। आज

83
00:05:42,960 --> 00:05:48,160
इनका क्या स्वार्थ है? किताब के लिए मेरे पास आए दिल्ली आए।

84
00:05:48,160 --> 00:05:52,320
ठीक है। थोड़ा मुझे मैं क्षमा चाहता हूं। थोड़ा मुझे माइंड मेकअप करने

85
00:05:52,320 --> 00:05:57,040
में समझने में थोड़ी देर लगी। चार-छ महीने लग गए।

86
00:05:57,040 --> 00:06:01,120
मैं क्योंकि मैं प्रयास कर रहा था किसी और लेवल पर। वो नाम

87
00:06:01,120 --> 00:06:05,200
नहीं लूंगा। मैं और लेवल प्रयास कर रहा था कि मामला हो जाए। मुझे

88
00:06:05,200 --> 00:06:09,440
आश्वासन भी दिया गया था पर बात पूरी नहीं हो पाई।

89
00:06:09,440 --> 00:06:14,000
मुझे उम्मीद थी कुछ उससे शायद काम हो जाए। तब मैंने

90
00:06:14,000 --> 00:06:18,080
डिसीजन लिया कि अब ये किया जाए। ये काम मुझे छ महीना करीब मैं लेट हो गया।

91
00:06:18,080 --> 00:06:21,840
मैं इसे क्षमा चाह रहा हूं।

92
00:06:21,840 --> 00:06:25,840
[संगीत]
