1
00:00:00,320 --> 00:00:04,400
छोटा सा वीडियो है। इस व्यक्ति के दोगलेपन की पराकाष्ठा

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00:00:04,400 --> 00:00:08,400
देखिए। यह व्यक्ति जब इस पर एफआईआर

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00:00:08,400 --> 00:00:12,560
हुई थी और इसे बयान दर्ज कराना था तो यह उन्नाव आया था।

4
00:00:12,560 --> 00:00:16,560
उन्नाव में इसका कोई प्रोग्राम रहा होगा। पर उस समय इसने कोई

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00:00:16,560 --> 00:00:20,560
उस प्रोग्राम के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई घोषणा नहीं की थी कि मैं यहां आ रहा

6
00:00:20,560 --> 00:00:24,640
हूं, वहां आ रहा हूं। और आकर के चुपचाप बयान देकर के चला भी गया।

7
00:00:24,640 --> 00:00:28,720
हमको बाद में जो इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर है उससे पता लगा कि हां

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00:00:28,720 --> 00:00:32,800
भाई वह अपने बयान देकर के चला गया है उन्नाव से और इसके

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00:00:32,800 --> 00:00:37,520
समर्थक यह कहते हैं कि बहुत बड़ा भाई ललकारता है हम

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00:00:37,520 --> 00:00:41,520
डंके की चोट पर अब डंके की चोट से एक बात याद आई

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00:00:41,520 --> 00:00:45,840
लखनऊ पहुंचने से पहले तक इसने कितनी बार घोषणा

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00:00:45,840 --> 00:00:50,480
की थी कि मैं अमुक तारीख को यहां पर पहुंच रहा हूं नहीं की थी

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00:00:50,480 --> 00:00:54,560
अब इनकी स्पष्टता की पराकाष्ठा देखिए आप कि

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00:00:54,560 --> 00:00:58,640
व्यक्ति जब इस व्यक्ति से कोई मेरा मित्र बनकर यद्यपि वह

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00:00:58,640 --> 00:01:02,720
मेरा मित्र नहीं है। हो सका तो इस बारे में भी एक स्पष्टीकरण वाला वीडियो बनाऊंगा।

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00:01:02,720 --> 00:01:06,880
मगर कोई व्यक्ति जब इससे पूछ रहा है कि क्या आप 14 तारीख

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00:01:06,880 --> 00:01:10,880
को अयोध्या आने वाले हैं तब ये व्यक्ति उसको स्पष्ट ये नहीं बता

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00:01:10,880 --> 00:01:14,960
रहा है कि नहीं 14 तारीख को अयोध्या नहीं 13 से 15 तक

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00:01:14,960 --> 00:01:15,760
तो मैं लखनऊ

20
00:01:15,760 --> 00:01:20,160
आऊंगा। वहां क्या बोल रहा है? योजना है ऐसी। मतलब अयोध्या

21
00:01:20,160 --> 00:01:24,480
जाना भी स्पष्ट नहीं बोल पा रहा है। इतना भय है इसको मेरे नाम का।

22
00:01:24,480 --> 00:01:28,720
और फिर इसके समर्थक कहते फिर रहे हैं कि भैया तुमको

23
00:01:28,720 --> 00:01:32,960
घोषणा कर दी है। वो आए हैं तुमको जाना चाहिए। अरे आए हैं तो क्या मैं मुंह उठा

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00:01:32,960 --> 00:01:37,280
के चला जाऊं? वहां पर क्या होगा? कैसे होगा? मुझे

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00:01:37,280 --> 00:01:41,360
कितना कितने बजे समय दिया जाएगा? वो कोई मेरे लिए प्रणम प्रणम्य

26
00:01:41,360 --> 00:01:45,360
व्यक्ति है क्या? जो मैं वहां चला जाऊं।

27
00:01:45,360 --> 00:01:49,440
वो मुझे समय देगा कि नहीं देगा? ऐसी कोई स्पष्ट घोषणा उसने की? उसने

28
00:01:49,440 --> 00:01:53,760
तो स्पष्ट घोषणाएं यह की है कि मैं

29
00:01:53,760 --> 00:01:57,840
क्यों करूं चर्चा? जब हमने उसको कहा था दोद बार लाइव में आने के लिए तब तो वो

30
00:01:57,840 --> 00:02:02,080
आया नहीं। उसने यह घोषणाएं की है। मैं क्यों करूं चर्चा?

31
00:02:02,080 --> 00:02:06,800
विद्या भास्कर जी महाराज ने भी यही बताया कि वह चर्चा करने में रुचि नहीं रखता है।

32
00:02:06,800 --> 00:02:10,960
उसके बाद उसने किसी अज्ञात व्यक्ति से बात करते समय

33
00:02:10,960 --> 00:02:15,120
जिसको वो यह स्पष्ट नहीं बता पा रहा है कि मैं अमुक अमुक तारीख को अयोध्या

34
00:02:15,120 --> 00:02:19,280
नहीं मैं तो लखनऊ पहुंच रहा हूं। जिसको वो यह स्पष्ट

35
00:02:19,280 --> 00:02:23,520
नहीं बता पा रहा है उससे वो यह कह रहा है कि यदि शिवश को चर्चा करने की इच्छा

36
00:02:23,520 --> 00:02:27,760
हो तो वो मेरे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आ जाए। अरे

37
00:02:27,760 --> 00:02:30,800
क्यों आ जाए भाई? अगर

38
00:02:30,800 --> 00:02:35,040
तुमको समय देना है तुम्हारे तुम्हारी माताजी ने निष्ठा पूर्वक दूध

39
00:02:35,040 --> 00:02:39,200
पिलाया है तो तुम घोषणा करो कि अमुक दिनांक को मैं

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00:02:39,200 --> 00:02:43,200
लखनऊ में अमुक स्थल पर रहूंगा यदि इस समय के बीच

41
00:02:43,200 --> 00:02:47,520
यदि शिवांश को आवश्यक शिवश को चर्चा

42
00:02:47,520 --> 00:02:51,520
करना है तो वहां आ सकता है चर्चा करने के निमित्त जैसे इसने

43
00:02:51,520 --> 00:02:55,840
तब घोषणा की थी पहले चर्चा करने के निमित्त

44
00:02:55,840 --> 00:03:00,000
मार्च में यदि शिवांश को कोई आपत्ति ना हो तो अपने अपने चैनल

45
00:03:00,000 --> 00:03:04,160
पर लाइव कर सकता है और इस शर्त के साथ कि वह बाद में वीडियो

46
00:03:04,160 --> 00:03:08,640
को डिलीट नहीं करेगा। यह घोषणा की थी ना टाइम भी बताया था,

47
00:03:08,640 --> 00:03:12,800
स्थल भी बताया था। यह होती है और विधि भी बताई

48
00:03:12,800 --> 00:03:16,800
थी। अभी क्या हो रहा है कि भाई अचानक से पता चलता है 13 तारीख को

49
00:03:16,800 --> 00:03:20,880
लखनऊ पहुंच गए। जबकि दो चार दिन पहले व्यक्ति पूछ रहा है कि क्या आप 14

50
00:03:20,880 --> 00:03:25,360
तारीख को अयोध्या आने वाले हैं? तो वहां व्यक्ति कह रहा है योजना है ऐसी।

51
00:03:25,360 --> 00:03:29,360
हां। यह है स्पष्टता इनकी और इनके लोग क्या कह रहे हैं

52
00:03:29,360 --> 00:03:33,840
हमारे हमारे महाराज जी ने तो स्पष्ट बता दिया यह स्पष्ट बताया है

53
00:03:33,840 --> 00:03:38,400
तुम्हारे महाराज जी की कैसे लुपलुप हो रही है अंदर से दिल की धड़कनें

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00:03:38,400 --> 00:03:42,400
वो दिख रहा है ना जब व्यक्ति पूछ रहा है कि क्या आप 14 तारीख को

55
00:03:42,400 --> 00:03:45,840
अयोध्या आ रहे है तो व्यक्ति कह रहा है योजना है ऐसी उसको मालूम

56
00:03:45,840 --> 00:03:49,920
है कि उसको 13 से 15 के बीच में लखनऊ रहना है मगर वो बोल नहीं पा रहा उसका बोल नहीं

57
00:03:49,920 --> 00:03:54,000
फूट रहा है और कहते हो सामर्थ है अरे निष्ठा पूर्वक माताजी

58
00:03:54,000 --> 00:03:58,240
ने दूध पिलाया है तो खोख बोल ना मुंह खोल कि इतने

59
00:03:58,240 --> 00:04:02,480
से इतने बजे तक आ मैं तुझसे चर्चा करूंगा तेरी बातों

60
00:04:02,480 --> 00:04:08,400
का जवाब दूंगा और तुझसे भी प्रश्न करूंगा बोल

61
00:04:08,400 --> 00:04:11,680
ये देखिए इसकी स्पष्टता

62
00:04:11,680 --> 00:04:15,920
हुकैमा आप 14 14 तारीख अयोध्या आ रहे हैं क्या

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00:04:15,920 --> 00:04:20,480
योजना है ऐसी अच्छा

64
00:04:20,480 --> 00:04:25,840
आप 14 14 तारीख अयोध्या आ रहे हैं क्या योजना है ऐसी

65
00:04:25,840 --> 00:04:28,400
अच्छा

66
00:04:28,400 --> 00:04:33,680
आप 14 14 तारीख अयोध्या आ रहे हैं क्या योजना है ऐसी

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00:04:33,680 --> 00:04:37,680
अच्छा और हां एक बात और

68
00:04:37,680 --> 00:04:41,760
ये ये भी निरोरा पीटता है कि जब इसने हमसे चर्चा का प्रस्ताव रखा था

69
00:04:41,760 --> 00:04:45,920
तब हमने मना कर दिया था सरासर

70
00:04:45,920 --> 00:04:50,160
झूठ है यह बात मैं अपना वीडियो दिखाऊंगा उस समय का

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00:04:50,160 --> 00:04:54,480
क्या कहा था मैंने मैंने कहा था इस विषय में सार्वजनिक

72
00:04:54,480 --> 00:04:58,800
चर्चा उचित नहीं है। व्यक्तिगत चर्चा अपेक्षित

73
00:04:58,800 --> 00:05:01,440
है। जो हमने अपने पोस्ट में कहा

74
00:05:01,440 --> 00:05:02,800
कि भाई जो

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00:05:02,800 --> 00:05:07,360
इस विषय पर चर्चा जो है व्यक्तिगत रूप से अपेक्षित है। नीतिपूर्ण

76
00:05:07,360 --> 00:05:11,600
है और इस तरह से ठीक नहीं है कि हम लोग किसी मंच पर आकर

77
00:05:11,600 --> 00:05:14,400
के तो वो हमें ठीक नहीं लगा।

78
00:05:14,400 --> 00:05:18,480
जब मैं व्यक्तिगत चर्चा के लिए मैंने बोला तो इसने कहा कि नहीं नहीं मुझे

79
00:05:18,480 --> 00:05:22,720
तो सार्वजनिक करना है क्योंकि मुझे कंटेंट बनाना है। मुझे समस्याओं का शोधन

80
00:05:22,720 --> 00:05:26,800
नहीं करना है। जो समस्या इसके हिसाब से हैं अस्तित्व में उनका शोधन

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00:05:26,800 --> 00:05:30,880
नहीं करना है। इसको तमाशा बनाना है। और वहां खड़े

82
00:05:30,880 --> 00:05:35,600
होकर के शिवश नारायण द्विवेदी ये प्रश्न कर रहा है। वो प्रश्न कर रहा है।

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00:05:35,600 --> 00:05:39,600
हल्के फुल्के प्रश्नों का जवाब दे दे रहा है। खुद ही मियां मिट्ठू बन जा रहा है।

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00:05:39,600 --> 00:05:42,800
स्वयंभू बन जा रहा है।

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00:05:42,800 --> 00:05:46,800
तो देखो तुम्हारे महाराज जी की स्पष्टता कितने

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00:05:46,800 --> 00:05:50,800
स्पष्ट है तुम्हारे महाराज
