1
00:00:00,880 --> 00:00:04,960
तो सभी को जय श्री राम। आशा करता हूं आप सभी कुशल पूर्वक

2
00:00:04,960 --> 00:00:08,880
होंगे और

3
00:00:08,880 --> 00:00:12,960
आज पहली बार मैं जो डी इस एलआर कैमरा है उसके

4
00:00:12,960 --> 00:00:16,960
द्वारा लाइव आया हूं। यह जो सिस्टम है

5
00:00:16,960 --> 00:00:21,040
यह काफी दिनों से हमें प्राप्त हो गया था। पहले ये था कि

6
00:00:21,040 --> 00:00:25,120
मेरे पास जो मोबाइल था वो एंड्राइड मोबाइल था

7
00:00:25,120 --> 00:00:29,520
जिसके थ्रू मैं लाइव आता था बहुत पहले। फिर एक वृतांत

8
00:00:29,520 --> 00:00:33,920
हुआ था जब कहीं पर उस वीडियो

9
00:00:33,920 --> 00:00:38,000
से फोन से जब हम शूट कर रहे थे तो

10
00:00:38,000 --> 00:00:42,000
वहां पर वो फोन गर्म हो गया था। इस कारण से बहुत आवश्यक

11
00:00:42,000 --> 00:00:46,080
जगह पर वहां की रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई थी। तो इसके बाद किसी तरीके से

12
00:00:46,080 --> 00:00:51,760
हमें सहयोग मिला और एक फोन हमें प्राप्त हुआ

13
00:00:51,760 --> 00:00:55,840
S24 अल्ट्रा और फिर जब उससे हमने कहीं

14
00:00:55,840 --> 00:01:00,160
पर भी रिकॉर्डिंग शुरू की लगभग दो ढाई साल हो चुके हैं S24 अल्ट्रा

15
00:01:00,160 --> 00:01:04,480
से तो कहीं बाहर होते तो सब जगह कैमरा लेकर के नहीं पहुंच पाते हैं तो वो मोबाइल

16
00:01:04,480 --> 00:01:08,640
काम आता है। कहीं पर उसने अभी तक धोखा नहीं दिया है। अब क्या

17
00:01:08,640 --> 00:01:12,880
होता है कि जब हम फोन से लाइव होते थे तो

18
00:01:12,880 --> 00:01:16,160
लाइव में बहुत ज्यादा लोड पड़ता है। कैमरा लगातार चलता

19
00:01:16,160 --> 00:01:20,320
हो तो यह हुआ कि भाई कैमरे

20
00:01:20,320 --> 00:01:24,880
के द्वारा लाइव होना चाहिए। अब कैमरे के द्वारा लाइव होना है

21
00:01:24,880 --> 00:01:29,760
तो उसमें लैपटॉप भी चाहिए। तो ये ये सब संसाधन नहीं थे हमारे पास।

22
00:01:29,760 --> 00:01:34,000
तो कहीं से उसकी भी व्यवस्था की गई और

23
00:01:34,000 --> 00:01:38,160
सहयोग भी प्राप्त हुआ। तो लगभग एक साल पहले

24
00:01:38,160 --> 00:01:42,320
यह व्यवस्था हो चुकी थी। मगर अब अगला टास्क था कि वह

25
00:01:42,320 --> 00:01:46,320
तकनीकी के कैसे लाइव आए और क्या सिस्टम होता है। उसमें

26
00:01:46,320 --> 00:01:50,320
भी कई बार हमने कोशिश की तो यह हुआ कि भाई ब्लर हो रही

27
00:01:50,320 --> 00:01:54,560
है। ब्लर हो रहा है चेहरा या मिररिंग हो रही है या फिर बहुत

28
00:01:54,560 --> 00:01:58,880
सारी चीजों के बाद आज जो है आपके सामने जो है कैमरे

29
00:01:58,880 --> 00:02:02,880
के माध्यम से मैं लाइव प्रस्तुत हुआ हूं और आज

30
00:02:02,880 --> 00:02:06,880
बहुत ही विशेष विषय भी है जिसके लिए

31
00:02:06,880 --> 00:02:10,800
आज हम बात करने वाले हैं एक

32
00:02:10,800 --> 00:02:13,520
अ

33
00:02:13,520 --> 00:02:17,920
हमारे भाई हैं राम महाजन जी। ये

34
00:02:17,920 --> 00:02:22,080
कश्मीर से हैं और मैंने इनका दर्द सुना

35
00:02:22,080 --> 00:02:26,160
है। यह किस प्रकार से प्रताड़ित हैं, पीड़ित हैं। इनके ऊपर

36
00:02:26,160 --> 00:02:30,160
क्या इनके लाइफ एक्सपीरियंस रहे? तो यह कुछ आकर के अपना दृष्टिकोण,

37
00:02:30,160 --> 00:02:34,240
अपना पर्सपेक्टिव भी आज हमारे बीच में यहां प्रस्तुत करने वाले हैं। मैं उनके

38
00:02:34,240 --> 00:02:40,240
ऊपर ले लेता हूं।

39
00:02:47,600 --> 00:02:51,600
जय श्री राम जय श्री राम शिव जी इसकी

40
00:02:51,600 --> 00:02:55,760
जी मैं और आपके चैनल को देखने वाले दर्शकों को जय सभी को जय श्री राम बोलता

41
00:02:55,760 --> 00:02:58,080
हूं

42
00:02:58,080 --> 00:03:02,560
एक मिनट

43
00:03:02,560 --> 00:03:06,720
एक मिनट महाजन जी मैं कर रहा हूं मैं कर रहा हूं

44
00:03:06,720 --> 00:03:12,720
एक मिनट

45
00:03:16,640 --> 00:03:22,640
नहीं हो रहा

46
00:03:27,840 --> 00:03:30,960
कैमरा ऑफ करके तुमको

47
00:03:30,960 --> 00:03:36,960
हां करो जरा कैमरा ऑफ कर दिया है हां

48
00:03:48,080 --> 00:03:52,480
इसका ऐसा होता है ना हेडफोन डायरेक्ट सुन लूं मैं ये है ना वॉल्यूम

49
00:03:52,480 --> 00:03:58,400
प्लस माइनस कर

50
00:03:58,400 --> 00:04:04,400
दिया

51
00:04:08,160 --> 00:04:12,080
हो रही है।

52
00:04:12,080 --> 00:04:16,160
वॉल्यूम यहां से कर लीजिए ना। ये स्पीकर है ना स्पीकर यहां क्लिक करने के बाद कम

53
00:04:16,160 --> 00:04:22,160
कर लीजिए। ठीक। हां। ठीक ठीक। ठीक। ठीक है।

54
00:04:23,440 --> 00:04:26,160
तो

55
00:04:26,160 --> 00:04:30,160
तकनीकी चीजें हैं जिसके कारण विलंब हो रहा है। तो

56
00:04:30,160 --> 00:04:34,320
जी राम महाजन जी आपका स्वागत है। और

57
00:04:34,320 --> 00:04:38,320
थोड़ा सा मैं चाहूंगा थोड़ा सा अपना परिचय देते हुए और

58
00:04:38,320 --> 00:04:42,400
किस प्रकार से आपकी जो लाइफ स्ट्रगल है और अभी वर्तमान

59
00:04:42,400 --> 00:04:46,400
में क्या स्थिति है पहले यह थोड़ा सा लोगों को बता दें और फिर जो एक

60
00:04:46,400 --> 00:04:50,560
दूसरा भाग भी है आज की चर्चा का कि आपको

61
00:04:50,560 --> 00:04:54,560
यह भी इन चीजों पे प्रकाश डालना है कि किस तरीके से एक तो यह है कि आपकी

62
00:04:54,560 --> 00:04:59,360
पर्सनल लाइफ कैसे प्रभावित हो रही है। फिर जो एक मामला है कि ब्रह्माकुमारी

63
00:04:59,360 --> 00:05:03,760
ऐसा क्या-क्या कर रहा है जो कि लोगों को मालूम होना चाहिए जो कि सनातन

64
00:05:03,760 --> 00:05:07,840
धर्म के किस प्रकार से अगेंस्ट जा रहा है। सनातन धर्म को क्षति पहुंचाने

65
00:05:07,840 --> 00:05:12,160
वाली चीजें हैं। तो ये सारी चीजें हमारी भारतीय जो विवाह व्यवस्था

66
00:05:12,160 --> 00:05:16,320
है, गृहस्थ संसार है उस पर किस तरीके से प्रहार किया जा रहा है। तो सबसे पहले

67
00:05:16,320 --> 00:05:20,400
शुरू करते हैं आपका परिचय और आपकी अपनी लाइफ स्टोरी क्या है? वो थोड़ा सा

68
00:05:20,400 --> 00:05:24,480
दर्शकों को बता दें। जी तो मेरा

69
00:05:24,480 --> 00:05:28,960
नाम राम महाजन मैं अपने जम्मू शहर का रहने वाला हूं

70
00:05:28,960 --> 00:05:33,200
तो जो ये ब्रह्मा कुमारी का ज्ञान जो गली-गली में जाकर

71
00:05:33,200 --> 00:05:37,440
दिया जा रहा है ये तो एक एक इस्लामिक एजेंडे की तरह

72
00:05:37,440 --> 00:05:38,720
है कि हिंदुओं

73
00:05:38,720 --> 00:05:42,800
को जो सबसे उत्तम परिवार व्यवस्था है उसको तोड़ना

74
00:05:42,800 --> 00:05:46,480
कैसे है तो

75
00:05:46,480 --> 00:05:50,560
मैं भी इस ज्ञान में चला तो एक इनकी एक सिस्टर है बी

76
00:05:50,560 --> 00:05:55,680
के शिवानी मैं और मेरी धर्मपत्नी तो वो

77
00:05:55,680 --> 00:05:59,760
एक मिनट एक मिनट मुझे दीजिए मैं एक चीज पूछना चाहता हूं।

78
00:05:59,760 --> 00:06:04,480
अ जब राम महाजन जी बात कर रहे हैं उस समय आपको

79
00:06:04,480 --> 00:06:08,720
कोई ग्लिच या कोई परेशानी सुनने वालों को श्रोताओं को

80
00:06:08,720 --> 00:06:12,800
क्या अनुभव हो रही है? कमेंट करके बताएं। राम महाजन जी बोल

81
00:06:12,800 --> 00:06:16,960
रहे हैं। मैं आपको स्थिति से अवगत करा देता हूं कि मैं लैपटॉप में इस चर्चा

82
00:06:16,960 --> 00:06:20,960
को सुन भी रहा हूं और कैमरे से चर्चा आपको प्रस्तुत भी हो रही

83
00:06:20,960 --> 00:06:24,960
है। तो क्या ऐसा तो नहीं हो रहा कि राम महाजन जी की आवाज

84
00:06:24,960 --> 00:06:29,280
आपको डायरेक्ट भी सुनाई दे रही हो और फिर मेरे माइक के थ्रू भी आपको आ रही हो

85
00:06:29,280 --> 00:06:33,280
तो आप कृपा करके कमेंट के माध्यम से मुझे बता दें कि

86
00:06:33,280 --> 00:06:37,440
राम महाजन जी के बोलते समय आपके सुनने में कोई परेशानी

87
00:06:37,440 --> 00:06:41,760
तो नहीं हो रही सुनने वालों को?

88
00:06:41,760 --> 00:06:45,920
आप बाहर जाके सुन के थोड़ा अटक रहा है पर काफी है।

89
00:06:45,920 --> 00:06:49,920
साफ आवाज है। मैं आवाज की बात कर रहा हूं। साफ आवाज

90
00:06:49,920 --> 00:06:54,800
नहीं आ रही। किसकी आवाज साफ नहीं आ रही?

91
00:06:54,800 --> 00:07:00,800
अनामिका जी कह रहे हैं नहीं आ रही। एवरीथिंग इज ऑल राइट।

92
00:07:00,800 --> 00:07:06,800
नहीं हो रही। परेशानी नहीं हो रही। तो फिर कुछ लोग कह रहे हैं कि हो रही है। ऐसा क्यों है?

93
00:07:06,880 --> 00:07:10,960
एवरीथिंग इज ओके। ठीक है। ओके। जी

94
00:07:10,960 --> 00:07:14,240
महाजन जी बताएं

95
00:07:14,240 --> 00:07:18,240
और शिवा जी इनकी बी के शिवानी है एक सिस्टर एक वो

96
00:07:18,240 --> 00:07:22,240
बड़ी मीठी मीठी बातें करती है तो मेरी धर्मपत्नी एक चैनल आता

97
00:07:22,240 --> 00:07:27,200
था अपना नाम याद नहीं आ रहा तो वो उसके कार्यक्रम

98
00:07:27,200 --> 00:07:31,200
देखती रहती थी तो वो पीस ऑफ़ माइंड पीस ऑफ़ माइंड

99
00:07:31,200 --> 00:07:35,360
एक और चैनल था तो पीस ऑफ़ माइंड तो इनका अपना चैनल है ना

100
00:07:35,360 --> 00:07:39,520
एक और चैनल पे शिवानी आती थी तो जो मेरी धर्मपत्नी है

101
00:07:39,520 --> 00:07:43,520
वो वो उससे काफी प्रभावित थी। तो बी के शिवानी हमारे

102
00:07:43,520 --> 00:07:47,840
जम्मू सिटी में आती है तो उसका प्रोग्राम देखकर हम जाते हैं तो

103
00:07:47,840 --> 00:07:52,000
उस प्रोग्राम में काफी भीड़ होती है। उस वो मीठी मीठी बातें

104
00:07:52,000 --> 00:07:56,000
करती है प्रोग्राम में फिर बाद में वो बोलती है कि आप से डे का कोर्स

105
00:07:56,000 --> 00:07:56,800
कीजिए सेंटर

106
00:07:56,800 --> 00:08:00,800
में जाइए। उसको जैसे होता है ना किसी को रिक्रूट करना होता है तो

107
00:08:00,800 --> 00:08:05,680
ये होती रिक्रूटमेंट। तो हम सेंटर में गए ज्ञान लिया।

108
00:08:05,680 --> 00:08:09,680
ज्ञान में हमको बताया गया कि आप आत्मा

109
00:08:09,680 --> 00:08:14,560
हो आप शरीर नहीं हो आप परमपिता परमात्मा की संतान हो

110
00:08:14,560 --> 00:08:18,880
जो ये दुनिया है ये 5000 वर्ष में नष्ट हो जाती है

111
00:08:18,880 --> 00:08:22,960
और जैसे कि चार युग है तो हर युग 1250

112
00:08:22,960 --> 00:08:27,360
वर्ष का होता है और इस अब कलयुग के अंतिम

113
00:08:27,360 --> 00:08:31,360
में संगम युग में इनके जो दाता बनाया हुआ लेखराज

114
00:08:31,360 --> 00:08:37,360
के तन में परमात्मा आके ज्ञान दे रहे हैं।

115
00:08:38,560 --> 00:08:43,360
शिवा जी सबसे बड़ी बात इनके ज्ञान में यह है कि जो

116
00:08:43,360 --> 00:08:47,360
ये ज्ञान इनका ये बड़े ही लेवल के दिया जाता है।

117
00:08:47,360 --> 00:08:51,680
अगर किसी को ये पहले बोल दे ये सड़कों पे आके जैसे कि ये ज्ञान दिलाते

118
00:08:51,680 --> 00:08:55,920
हैं कि परमात्मा इसके तन में आते हैं। ये कभी नहीं बोलेंगे। ये आहिस्ता

119
00:08:55,920 --> 00:09:00,000
आहिस्ता आहिस्ता आपको जाके यह ज्ञान देंगे कि परमात्मा इसके काम में आता

120
00:09:00,000 --> 00:09:04,560
है। क्योंकि यह जो बात है यह बहुत बड़ी बात है।

121
00:09:04,560 --> 00:09:08,640
आपका कहना ये है कि ये शुरुआत में लोगों को ये नहीं बताते कि परमात्मा किसी के शरीर

122
00:09:08,640 --> 00:09:12,880
में आकर के बोल रहा है। हां जी ये डायरेक्टली नहीं बताते हैं। ये

123
00:09:12,880 --> 00:09:18,080
अच्छा ये इनका हिडन एजेंडा है ये। फिर क्या करते हैं ये?

124
00:09:18,080 --> 00:09:22,240
अब ये शिवा जी ये बहुत बड़ी बात है कि परमपिता परमात्मा

125
00:09:22,240 --> 00:09:27,120
किसी के तन में आ गए तो

126
00:09:27,120 --> 00:09:31,120
अब अगर परमपिता परमात्मा इनके ज्ञान के अनुसार किसी के

127
00:09:31,120 --> 00:09:35,120
तन में आते हैं तो वो सर्वशक्तिमान कैसे भगवान लगा रहा वो तो किसी

128
00:09:35,120 --> 00:09:40,720
पे निर्भर हो गया वो कैसे भगवान हो गया जाके

129
00:09:40,720 --> 00:09:46,480
जो इको हो रही है आवाज इनकी इको हो रही है क्या

130
00:09:46,480 --> 00:09:50,960
कोई कह रहा है कि इनकी वॉइस इको हो रही है कैसे

131
00:09:50,960 --> 00:09:53,920
करें

132
00:09:53,920 --> 00:09:58,160
ठीक बोलिए आप बोलिए बताइए बताइए अब इनके

133
00:09:58,160 --> 00:10:02,640
ज्ञान के अनुसार जब हम संसार में देखते हैं जो दुनिया परमात्मा

134
00:10:02,640 --> 00:10:06,800
ने बनाई हुई है जो चीज भगवान ने बनाई हुई है सारी

135
00:10:06,800 --> 00:10:11,200
परफेक्ट है जैसे कि हमारी इंसान की मानव का शरीर

136
00:10:11,200 --> 00:10:15,200
भगवान ने बनाया हुआ है तो कोई ये नहीं बोल सकता कि इसमें ये कमी

137
00:10:15,200 --> 00:10:19,440
रह गई है जैसे कि हमारी दो आंखें लगी हुई है भगवान ने दी हुई है हम

138
00:10:19,440 --> 00:10:24,000
ये नहीं बोल सकते कि एक आंख हमारी पीछे भी होती हम पीछे देख लेते

139
00:10:24,000 --> 00:10:28,080
तो जब हमारी पूछ होती जब खाना खाते तो मक्खियां होती उससे कोई

140
00:10:28,080 --> 00:10:32,080
ऐसा तो है नहीं है हम इसी मुंह से हम लिक्विड भी

141
00:10:32,080 --> 00:10:36,080
ले रहे हैं और सॉलिड भी ले रहे हैं मगर जब निकाल रहे हैं सॉलिड ना निकाल रहे हैं

142
00:10:36,080 --> 00:10:40,320
और लिक्विड ना भी निकाल रहे है यानी कि परमात्मा ने जो हमारी बॉडी बनाई है बिल्कुल

143
00:10:40,320 --> 00:10:42,560
परफेक्ट बनाई हुई है इसके

144
00:10:42,560 --> 00:10:46,560
अलावा जब आप संसार में देखते हैं भगवान ने ये दुनिया पूरी

145
00:10:46,560 --> 00:10:50,640
रंगीन बनाई हुई है अगर ऐसा होता कि एक ही कलर होता

146
00:10:50,640 --> 00:10:54,640
दुनिया में उसी कलर में हम खा गए हैं उसी कलर में आप पी रहे हैं। उसी

147
00:10:54,640 --> 00:10:59,200
गल को देख रहे हैं तो इंसान कितना गोर हो जाता है। तो परमात्मा ने कितनी परफेक्टली

148
00:10:59,200 --> 00:11:03,200
ये कलरफुल दुनिया बनाई हुई है। उसकी भगवान की बनाई दुनिया में कोई भी

149
00:11:03,200 --> 00:11:07,760
कमी नहीं है। बिल्कुल परफेक्ट है। अब दुनिया

150
00:11:07,760 --> 00:11:12,400
में कितने मनुष्य आत्माएं हैं और सबके चेहरे अलग-अलग है। ये फिर

151
00:11:12,400 --> 00:11:16,640
आइडेंटिटी होगी। इसके बाद दुनिया में जितने

152
00:11:16,640 --> 00:11:20,720
भी लोग हैं सबकी आवाज किसी से नहीं मिलती है। यह भी परमात्मा

153
00:11:20,720 --> 00:11:24,880
की यह परफेक्ट कंपटीशन है आइडेंटिटी के लिए।

154
00:11:24,880 --> 00:11:29,040
अब हम बीके ज्ञान में चलते हैं।

155
00:11:29,040 --> 00:11:33,040
जब कोई भी बी के ज्ञान में जाता है तो उसको यह बताया जाता है

156
00:11:33,040 --> 00:11:37,200
कि अब आप भाई बहन बन गए हो। ये

157
00:11:37,200 --> 00:11:41,280
कितनी मैं मैं थोड़ा सा एक एक बात आपको कहूंगा

158
00:11:41,280 --> 00:11:45,600
ईश्वर तत्व के विषय में आप मतलब ध्यान

159
00:11:45,600 --> 00:11:49,600
मतलब वो वो डिपार्टमेंट हमारा है। हम लोग उस पर चर्चा करेंगे कि ईश्वर

160
00:11:49,600 --> 00:11:54,000
के बारे में वो क्या कहते हैं मोक्ष के बारे में यह जो आपके साथ हुआ है ना जो आपका पर्सनल

161
00:11:54,000 --> 00:11:57,680
एक्सपीरियंस है ईश्वर क्या कर सकता है वो तो अपना एक अलग से एक

162
00:11:57,680 --> 00:12:01,920
हम लोग सेगमेंट है उस पर बात करेंगे तो यहां से शुरू करिए ये

163
00:12:01,920 --> 00:12:05,920
भाई बहन बताने वाला और फिर इसके द्वारा ये घर टूटने वाला ये

164
00:12:05,920 --> 00:12:09,920
कांसेप्ट क्या है और फिर आपके यहां पर ये एक्सजेक्टली कैसे शुरू हुआ वो

165
00:12:09,920 --> 00:12:14,720
बताइए क्या उसका है एक्सक्टली मैं शांति बताऊं

166
00:12:14,720 --> 00:12:19,840
जी जी शिवा जी आप मैं शादी में कैसे गया हूं

167
00:12:19,840 --> 00:12:25,600
कि मैं अपनी फैमिली कैसे उस ज्ञान में गए कैसे

168
00:12:25,600 --> 00:12:29,840
मैं और मेरी धर्मपत्नी इस ज्ञान में कैसे चले हां आप

169
00:12:29,840 --> 00:12:33,920
एक तो आपने बताया कि ऐसे ऐसे पहुंचे आप इनके ज्ञान में

170
00:12:33,920 --> 00:12:39,520
है ना हां जी और एक ये वाली बात है कि

171
00:12:39,520 --> 00:12:43,600
मतलब जैसे शुरुआत हुई तो शुरुआत में तो इन्होंने नहीं बताया कि कोई परमात्मा आता

172
00:12:43,600 --> 00:12:47,680
है है ना तब फिर धीरे फिर धीरे-धीरे

173
00:12:47,680 --> 00:12:51,840
परमात्मा तन में आता है। यह बताया गया। फिर उसके बाद वह

174
00:12:51,840 --> 00:12:56,000
वहां वहां पर आ जाइए कि भाई कौन-कौन से ऐसे बदलाव थे जो आपको

175
00:12:56,000 --> 00:13:00,240
अनैक्षिक लग रहे थे, बुरे लग रहे थे। और फिर अचानक से एक दिन यह आपके सामने आया

176
00:13:00,240 --> 00:13:04,400
कि हम तो भाई बहन है और जो है फिर उसके आगे आपका जो गृहस्थ संसार है वो

177
00:13:04,400 --> 00:13:08,960
टूटने लगा, नष्ट होने लगा। वो ऐसे करके बता दीजिए। वो कौन से लक्षण

178
00:13:08,960 --> 00:13:12,720
थे जो आपको असहनीय हो रहे थे और फिर वो कौन सा दिन

179
00:13:12,720 --> 00:13:16,720
था? उस दिन क्या हुआ जहां से यह बिल्कुल आपके यहां पर डिस्प्यूट हो गया कि नहीं

180
00:13:16,720 --> 00:13:21,200
हम पति पत्नी नहीं है भाई बहन है और फिर उसी के अनुसार जो है आचरण इत्यादि

181
00:13:21,200 --> 00:13:26,160
आगे निर्वाह होने लगा। जी

182
00:13:26,160 --> 00:13:30,640
इनका जो सिस्टम है ना वो जो फीमेल्स

183
00:13:30,640 --> 00:13:34,880
होते हैं ना उनके दिमागों को ज्यादा चाटते हैं ये अच्छा ज्यादा

184
00:13:34,880 --> 00:13:38,880
ये चाटते हैं फीमेल्स के दिमाग को और जो सेंटर की दीदी होती

185
00:13:38,880 --> 00:13:43,040
है ना बड़ी वो वो जो जो नए होते हैं ना बस्ती जिनकी होती है

186
00:13:43,040 --> 00:13:47,120
उनको लेडीज को बड़े प्यार से बड़ी जैसे होता है ना कि

187
00:13:47,120 --> 00:13:51,200
कोई बड़ी दीदी को ऐसी दुनिया में कोई किसी को बुलाता नहीं है और वो दीदी

188
00:13:51,200 --> 00:13:56,240
जब इतना प्यार करती है बड़ा प्यार से रखती है उनको क्योंकि

189
00:13:56,240 --> 00:14:00,560
आगे चलके इन लोगों को इनके गुलाम बनना होता है ना तो उसकी

190
00:14:00,560 --> 00:14:04,240
ट्रेनिंग इनको दी जा रही होती है

191
00:14:04,240 --> 00:14:08,400
तो उनको आहिस्ता आहिस्ता ये दिमाग में डाल दिया गया

192
00:14:08,400 --> 00:14:12,480
क्योंकि ये काम विकास होता है काम सबसे बड़ा

193
00:14:12,480 --> 00:14:16,960
विकार होता है केवल हिंदुओं के लिए तो और आपके जो पति है

194
00:14:16,960 --> 00:14:21,120
अब जो पत्नी है वो जो देखती है ये तो मेरे से गलत सबक

195
00:14:21,120 --> 00:14:26,720
बनाए हुए तो एक तो उनके साथ

196
00:14:26,720 --> 00:14:28,880
ये अपने में

197
00:14:28,880 --> 00:14:33,120
ये ऐसी बात हो जाती है एक पत्नी बोलती है कि

198
00:14:33,120 --> 00:14:37,120
ये तो मेरे से गलत संबंध बनाए हुए है तो वो उसको अपना पति की

199
00:14:37,120 --> 00:14:41,200
जगह एक जैसे क्रिमिनल मान लो आप ऐसा फील होता

200
00:14:41,200 --> 00:14:45,600
है उसको फिर उसे पत्नी और पत्नी के बीच में एक वैचारिक

201
00:14:45,600 --> 00:14:49,600
मतभेद आ जाता है एक जो पति पत्नी के दांपत्य जीवन

202
00:14:49,600 --> 00:14:53,680
होता है वो तो अलग बात होगी अब मेरा भगवान अलग हो गया। इनका भगवान

203
00:14:53,680 --> 00:14:57,760
अलग हो गया। जो भी अब पति अपनी

204
00:14:57,760 --> 00:15:01,920
पत्नी के खिलाफ चलेगा तो वो समझ लो उनके संबंध खत्म हो चुके हैं।

205
00:15:01,920 --> 00:15:05,920
वो दुनिया को दिखाने के लिए जी रहे हैं। उनके अपने संबंध खत्म

206
00:15:05,920 --> 00:15:10,080
हो चुके हैं। और शिवा जी इसके अलावा मैं आपको और चीज बता

207
00:15:10,080 --> 00:15:14,080
दूं। अब जो इनके बच्चे हैं सपोज

208
00:15:14,080 --> 00:15:18,480
को सपोज मैं चलता हूं ज्ञान में। मेरी वाइफ नहीं चलती है।

209
00:15:18,480 --> 00:15:22,480
मेरे बेटे ने मेरे से क्वेश्चन पूछ लिया। ये कौन सा भगवान है आपका?

210
00:15:22,480 --> 00:15:26,640
जो सिर्फ हिंदुओं को ज्ञान दे रहा है। मुस्लिम को ज्ञान नहीं दे रहा। तो वो जो बच्चा मेरा

211
00:15:26,640 --> 00:15:30,640
है ना वो मेरा दुश्मन हो जाएगा। जो भी समाज में मेरे को

212
00:15:30,640 --> 00:15:34,800
इस ज्ञान के खिलाफ बोलेगा वो मेरा सबसे बड़ा दुश्मन हो जाएगा। इसी

213
00:15:34,800 --> 00:15:39,440
तरह फैमिली टूटती जाती है। टूटते जाती है फैमिली जाती है जाके। एक

214
00:15:39,440 --> 00:15:43,600
मेरा किस्सा नहीं है ये। यह बहुत ज्यादा टूट रही है। इनके ज्ञान से बहुत ज्यादा टूट

215
00:15:43,600 --> 00:15:44,320
रही है।

216
00:15:44,320 --> 00:15:48,800
अब शिव जी मैं थोड़ा आगे चलूंगा इनको। अब जो इनका

217
00:15:48,800 --> 00:15:52,960
फाउंडर है लाता लेखराज। ठीक है? जो

218
00:15:52,960 --> 00:15:57,200
पीके ज्ञान में आएगा वो प्योर रहेगा। लड़की

219
00:15:57,200 --> 00:16:01,200
आएगी तो वो भगवान से शादी करेगी, लड़का आएगा तो पूरी

220
00:16:01,200 --> 00:16:05,200
उम्र को रहेगा। अब जो छह बच्चे खुद पैदा कर रहा है।

221
00:16:05,200 --> 00:16:09,520
इनका फाउंडर है लेखराज। वो छह बच्चे पैदा कर कर

222
00:16:09,520 --> 00:16:13,680
और उसके बाद जो उनके ज्ञान में जो आएगा उसको अविवाहित कराना

223
00:16:13,680 --> 00:16:19,680
है।

224
00:16:27,920 --> 00:16:32,000
हेलो जी आप आप बोले हां जी अब शिवा

225
00:16:32,000 --> 00:16:36,240
जी अब जो मैंने मैं अपने इनके

226
00:16:36,240 --> 00:16:40,880
ज्ञान में माउंट आबू गया तो फिर मैंने इनके जो

227
00:16:40,880 --> 00:16:44,880
बड़े-बड़े टीचर्स है जैसे बी के उषा

228
00:16:44,880 --> 00:16:48,880
बी के सूरज और भी बहुत टीचर है इनके वो उनकी

229
00:16:48,880 --> 00:16:53,520
वीडियो सुनता रहता था तो इनकी बातें बड़ी अटपटी

230
00:16:53,520 --> 00:16:57,920
है और सनातन के विरुद्ध बातें हैं इनकी

231
00:16:57,920 --> 00:17:02,320
अब जो जिसकी मैं बात कर रहा हूं वो वीडियो नंबर एक है

232
00:17:02,320 --> 00:17:07,120
जिसमें बी के उषा ये बता रही है इस्लाम धर्म में चलते हैं

233
00:17:07,120 --> 00:17:11,200
तो सबसे बड़ी मेरी ऑब्जेक्शन है जैसे कि परमात्मा

234
00:17:11,200 --> 00:17:15,200
के किसी काम में सुई की नोक जितना भी झूठ नहीं होना चाहिए

235
00:17:15,200 --> 00:17:19,360
शिवा जी क्या आप ये बात मानते हैं कि भगवान के किसी काम

236
00:17:19,360 --> 00:17:23,920
में सुई की नोक जितना भी झूठ होना चाहिए

237
00:17:23,920 --> 00:17:29,920
बिल्कुल नहीं होना चाहिए और इसके लिए भगवत गीता में कहा गया है कि जो

238
00:17:30,560 --> 00:17:34,640
ईश्वर संबंधी ज्ञान विज्ञान है वह हमें किसी श्रोत

239
00:17:34,640 --> 00:17:38,960
निष्ठ ब्राह्मण से सुनना चाहिए और तत्वदर्शी

240
00:17:38,960 --> 00:17:43,040
जिसे माना गया है और तत्वदर्शी की फिर आगे पहचान बताई गई

241
00:17:43,040 --> 00:17:47,200
है तो जिसकी जिसने अपनी इंद्रियों

242
00:17:47,200 --> 00:17:51,520
पर विजय प्राप्त कर ली हो है ना जो

243
00:17:51,520 --> 00:17:56,160
सुख और दुख के द्वंदों से बाहर निकल चुका हो

244
00:17:56,160 --> 00:18:00,560
जिसको उसको झूठ बोलने की कोई आवश्यकता ना हो। तो यह सारे

245
00:18:00,560 --> 00:18:06,560
लक्षण हैं। जो आपका आचार्य होगा

246
00:18:07,200 --> 00:18:11,840
जो आपका आचार्य होगा उसके लक्षण ये है। हां जी। तो

247
00:18:11,840 --> 00:18:15,840
मैंने तो शिव जी कोई शास्त्र नहीं पढ़ी है। मगर मैंने इस

248
00:18:15,840 --> 00:18:20,000
ज्ञान को सिर्फ इसी तराजू से तोड़ा कि परमात्मा के ज्ञान

249
00:18:20,000 --> 00:18:24,160
में सुई की न जितना भी झूठ नहीं होना चाहिए। और उसी दौरान

250
00:18:24,160 --> 00:18:28,720
मेरे को बी के उषा का वीडियो मिल गया एक जिसमें वो परमात्मा

251
00:18:28,720 --> 00:18:32,880
का परिचय बता रही है। उस परिचय में ये परिचय देते

252
00:18:32,880 --> 00:18:37,440
देते ये बता रही अब हम इस्लाम धर्म में चलते हैं। जिसमें

253
00:18:37,440 --> 00:18:41,600
जो उनके पैगंबर है मोहम्मद साहब ये बता रही है। उन्होंने

254
00:18:41,600 --> 00:18:45,760
कहा कि ईश्वर अल्लाह एक है। ठीक है।

255
00:18:45,760 --> 00:18:49,840
मोहम्मद साहब ने कोई नहीं कहा कि ईश्वर अल्लाह एक है। इस्लाम का कलमा है

256
00:18:49,840 --> 00:18:54,480
कि अल्लाह के सिवा कोई भी इबादत के लायक नहीं है। इसी

257
00:18:54,480 --> 00:18:58,640
इसी चीज को हर एक मुसलमान जी रहा है कि पूरे दुनिया में केवल

258
00:18:58,640 --> 00:19:02,640
इस्लाम का राज होना चाहिए। अब आपके सामने जो दुनिया में हो रहा

259
00:19:02,640 --> 00:19:06,800
है ये पूरे उस बात के प्रमाण है। और ये हमको बी के उषा बता रही

260
00:19:06,800 --> 00:19:11,040
है कि मोहम्मद साहब ने बोला कि ईश्वर अल्लाह एक है। ये पहला झूठ इनका

261
00:19:11,040 --> 00:19:15,280
हो गया। अब दूसरा झूठ इनका बोल रहे हैं जी इस्लाम धर्म है। आप

262
00:19:15,280 --> 00:19:19,440
मेरे को प्रूफ करके बताओ इस्लाम धर्म कैसे है? अगर आप इस्लाम को धर्म

263
00:19:19,440 --> 00:19:23,040
बोलते हो तो सनातन को क्या बोलोगे फिर आप?

264
00:19:23,040 --> 00:19:27,120
जी शिवा जी वीडियो चला। मैं अभी अभी अभी चलाता

265
00:19:27,120 --> 00:19:30,320
हूं। बस जो है मैं

266
00:19:30,320 --> 00:19:35,520
इसमें अपना अपना पक्ष आपको बता दूं। इसमें बात ऐसी है कि

267
00:19:35,520 --> 00:19:39,600
अरे कुछ लोग कह रहे हैं कि इको हो रही है। कुछ लोग कह रहे हैं इको नहीं हो रही है।

268
00:19:39,600 --> 00:19:43,680
क्या चक्कर है भाई? आप लोग परेशान कर रहे हो। अब तो ठीक है। अब

269
00:19:43,680 --> 00:19:48,960
मैं जो भी है ऐसे ही आप लोग सुनो आज। ठीक है। अच्छा

270
00:19:48,960 --> 00:19:53,120
क्या है? जैसे यह वाली बात जो है कि यह बोलते हैं कि इस्लाम धर्म

271
00:19:53,120 --> 00:19:57,200
है और यह वाली बात बोलते हैं कि ईश्वर अल्लाह एक है। तो जो इस

272
00:19:57,200 --> 00:20:01,280
चैनल के रेगुलर फॉलोअर्स हैं जो पूरी शंकराचार्य जी में

273
00:20:01,280 --> 00:20:05,920
आस्था रखते हैं और जिन्होंने हमारी बहुत सारी चर्चाएं बहुत सारे इनेटिव

274
00:20:05,920 --> 00:20:10,000
वीडियोस देखे हैं वो अच्छी तरह से जानते हैं कि कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाले

275
00:20:10,000 --> 00:20:14,160
ईश्वर और हमारे सनातन शास्त्रों के द्वारा प्रतिपादित ईश्वर जो है उसमें

276
00:20:14,160 --> 00:20:18,160
कितना अंतर है और क्या-क्या अंतर है। हमारा ईश्वर वह है जो अनंत

277
00:20:18,160 --> 00:20:22,800
है, अबाध्य है। सर्वशक्तिमान है। उसके आगे

278
00:20:22,800 --> 00:20:26,800
एक बात नहीं कही जा सकती कि संसार में ऐसा कोई कार्य है जो वह

279
00:20:26,800 --> 00:20:30,880
नहीं कर सकता। और वहीं पर कुरान का ईश्वर खुद ये घोषणा कर रहा है

280
00:20:30,880 --> 00:20:35,440
कि मैं अवतार नहीं ले सकता। मेरे मेरी कोई संतान नहीं हो सकती।

281
00:20:35,440 --> 00:20:38,800
बहुत सारी चीजें वो कह रहा है।

282
00:20:38,800 --> 00:20:42,800
तो यह तो हो गया ईश्वर का अंतर जो ईश्वर अल्लाह एक है वाली बात करते हैं ये लोग।

283
00:20:42,800 --> 00:20:48,400
दूसरी बात अभी कल ही हमारी एक चर्चा हुई है। इनके यहां का एक सेंटर है।

284
00:20:48,400 --> 00:20:52,560
ब्रह्मा कुमारी का सेंटर है। वहां पर हम लोग गए और जब

285
00:20:52,560 --> 00:20:56,640
यह वाली बात आई कि भाई आप जो है यह क्यों मानते हो कि

286
00:20:56,640 --> 00:21:00,640
ईश्वर अवतार नहीं ले सकता और मूर्ति पूजा को क्यों नहीं मानते हो? तो

287
00:21:00,640 --> 00:21:04,640
इन्होंने एक बात कही कि भाई क्योंकि बुद्ध बौद्धों को

288
00:21:04,640 --> 00:21:08,720
मान बौद्ध वाले लोग और जो है इस्लाम

289
00:21:08,720 --> 00:21:13,440
वाले लोग और क्या कहते हैं ये

290
00:21:13,440 --> 00:21:17,600
इस्लाम वाले बौद्ध और क्रिश्चियन

291
00:21:17,600 --> 00:21:21,760
ये सभी लोग जितने भी हैं इन सबके यहां पर एक मतलब

292
00:21:21,760 --> 00:21:25,920
एक सस्टेन तरीके से ईश्वर के अवतार को नहीं माना गया है। मूर्ति पूजा

293
00:21:25,920 --> 00:21:30,000
को नहीं माना गया है। बल्कि वहां पर एक लाइट को माना गया। केवल एक निराकार

294
00:21:30,000 --> 00:21:34,400
चीज को माना गया है। निराकार पॉइंट ऑफ व्यू से माना गया। ठीक है? तो इसलिए

295
00:21:34,400 --> 00:21:38,560
क्योंकि सभी धर्म ये कह रहे हैं इसलिए हम इनकी ये बात लेते हैं और जो सभी

296
00:21:38,560 --> 00:21:42,720
धर्मों में जो बात नहीं है वो हम नहीं लेते। अब सबसे पहली बात तो ये है कि सभी धर्मों

297
00:21:42,720 --> 00:21:47,520
में क्या 5000 साल वाली व्यवस्था है। तो ये कहां से ले ली इन्होंने?

298
00:21:47,520 --> 00:21:51,680
है ना? 5000 साल वाली व्यवस्था कहां से ले ली? यह प्रश्न आ गया।

299
00:21:51,680 --> 00:21:53,840
दूसरी बात ये आ गया। फिर मैंने यही पूछा

300
00:21:53,840 --> 00:21:58,000
इनसे कि जैसे आपने कहा कि सभी धर्मों में यह वाली चीजें हैं।

301
00:21:58,000 --> 00:22:02,080
तो आपके हिसाब से धर्म क्या है? पहले आप यह सुनिश्चित कीजिए

302
00:22:02,080 --> 00:22:06,160
जिससे कि हम उस पैरामीटर के आधार पर यह देख सके कि जिसको आप

303
00:22:06,160 --> 00:22:10,160
धर्म के नाम पर बताते हुए और हमारे समक्ष ये पक्ष अपना मजबूत कर रहे हैं

304
00:22:10,160 --> 00:22:14,320
कि क्योंकि सभी धर्मों ने माना है। इसलिए हम ये बात मान रहे हैं। तो धर्म क्या है? जिससे

305
00:22:14,320 --> 00:22:18,560
कि हम उसको धर्म में काउंट करें कि ना करें यह तो जांच कर लें। अच्छा अगर

306
00:22:18,560 --> 00:22:22,640
ब्रह्मा कुमारी का पर्सपेक्टिव देख ले तो ब्रह्मा कुमारी के पर्सपेक्टिव से मोक्ष

307
00:22:22,640 --> 00:22:27,200
है ही नहीं। अनंत अबाध्य सच्चिदानंद सुख है ही नहीं।

308
00:22:27,200 --> 00:22:31,520
ठीक है? उनके हिसाब से तो व्यक्ति यहां से प्रमोट होगा। अगर

309
00:22:31,520 --> 00:22:35,520
व्यक्ति को प्रमोट करने वाली प्रक्रिया ही धर्म है तो ना

310
00:22:35,520 --> 00:22:40,480
तो इस्लाम धर्म है और ना ही बाइबल धर्म है ना ही

311
00:22:40,480 --> 00:22:44,560
बुद्ध बुद्ध के द्वारा ख्यापित जो वो है। अभी मैं वो बात नहीं कर रहा

312
00:22:44,560 --> 00:22:48,640
कि सनातन व्यवस्था क्या है? सनातन के अनुसार तो मोक्ष है। केवल

313
00:22:48,640 --> 00:22:52,640
मोक्ष परम स्वतंत्र मोक्ष। तो अभी मैं वो वाली बात नहीं कर रहा। अभी

314
00:22:52,640 --> 00:22:56,720
अगर ब्रह्मा कुमारी की ही मान्यता को मान लिया जाए कि दुनिया में

315
00:22:56,720 --> 00:23:00,800
कोई मोक्ष नहीं है। देवत्व को प्राप्त करना ही मोक्ष है। 5000 साल

316
00:23:00,800 --> 00:23:04,800
वाला जो सर्कुलर राउंड चलता है तो केवल उसको अगर मान लिया जाए

317
00:23:04,800 --> 00:23:08,880
तो वो बात भी ना तो मुस्लिम मानते हैं ना तो

318
00:23:08,880 --> 00:23:13,040
इस्लाम में है ना क्रिश्चियनिटी में ना बुद्ध में है। तो फिर यह वाली बात

319
00:23:13,040 --> 00:23:17,920
कहां से आ गई? तो इसका मतलब आपकी ही मान्यता के अनुसार

320
00:23:17,920 --> 00:23:21,920
इस्लाम और क्रिश्चियनिटी धर्म नहीं है। तो फिर उनको धर्म

321
00:23:21,920 --> 00:23:26,160
कहकर आप हमारे ऊपर क्यों थोप रहे हो कि उनकी मान्यता के अनुसार हम ये माने

322
00:23:26,160 --> 00:23:30,240
कि जो है क्योंकि उन्होंने निराकार को माना

323
00:23:30,240 --> 00:23:34,480
तो आप भी निराकार को मान लो। अच्छा बुद्ध की बात भी मैंने की है। कल कल जो चर्चा बहुत रोचक

324
00:23:34,480 --> 00:23:38,640
चर्चा है। आप लोगों को देखनी चाहिए। कल हमारे सर्वशक्तिमान धर्म नाम के जो

325
00:23:38,640 --> 00:23:42,880
इसी चैनल पर आएगी और सुबह 10:00 बजे वो चालू हो जाएगी। है ना? एक

326
00:23:42,880 --> 00:23:46,960
डेढ़ घंटे काफी अच्छी चर्चा हुई है। अब उसमें एक बात आ गई कि बुद्ध को भी इन्होंने

327
00:23:46,960 --> 00:23:51,600
समेट लिया अपने में। बौद्ध दर्शन जो है उसमें तो परमेश्वर है ही नहीं।

328
00:23:51,600 --> 00:23:55,680
उसको भी इन्होंने समेट लिया। अच्छा उन्होंने परमेश्वर नहीं। लाइट है। लाइट भी नहीं है

329
00:23:55,680 --> 00:23:59,680
भाई। वहां तो शून्य है। वहां कोई है ही नहीं। तृतीय पक्ष

330
00:23:59,680 --> 00:24:03,840
प्रकृति और वो अजीव है। वहां तृतीय पक्ष कोई है ही नहीं। परमेश्वर

331
00:24:03,840 --> 00:24:07,920
नाम की सत्ता है ही नहीं। बस यहां पर तप करोगे। कर्म अच्छे करोगे तो मुक्त हो

332
00:24:07,920 --> 00:24:11,920
जाओगे। है ना? मगर कोई शाश्वत ईश्वर है ही

333
00:24:11,920 --> 00:24:16,000
नहीं। जो कभी फंसता नहीं है। वह नहीं है। वो ईश्वर है ही नहीं वहां। तो

334
00:24:16,000 --> 00:24:19,440
क्या हुआ?

335
00:24:19,440 --> 00:24:23,600
तो इसका मतलब क्या हुआ? यह बुद्ध को भी अपने अंदर तो एक तरीके से जैसे

336
00:24:23,600 --> 00:24:27,760
व्यापार नहीं होता व्यापार कि जो भी आ जाएगा हमको उसको वापस नहीं लौटने

337
00:24:27,760 --> 00:24:32,240
देना है। कुछ उस तरह की सिचुएशन दिखती है कि अ

338
00:24:32,240 --> 00:24:36,720
क्या कहते हैं? हां इसका थोड़ा सा आप दिखा दीजिए। यहां पर स्क्रीन पर एक

339
00:24:36,720 --> 00:24:40,880
बहुत अच्छी चर्चा हुई है। वह कल आप लोगों को देखने को मिलेगी। यह कल आने वाली है चर्चा

340
00:24:40,880 --> 00:24:44,880
सर्वशक्तिमान धर्म पर। तो इन्होंने यह भी एक्सेप्ट कर लिया कि ब्रह्मा

341
00:24:44,880 --> 00:24:48,960
कुमारीज की मान्यताओं को फॉलो करने वालों को मोक्ष नहीं

342
00:24:48,960 --> 00:24:53,120
मिलता है। मतलब जो मोक्ष है ना सर्व सच्चिदानंद स्वरूप जो मोक्ष

343
00:24:53,120 --> 00:24:57,280
है वो नहीं मिलेगा। केवल आप प्रमोट होंगे। यहां से देवत्व को

344
00:24:57,280 --> 00:25:01,360
और वो प्रमोट होने के लिए आप अपनी चीजों को त्याग करिए, मेहनत करिए। इनके

345
00:25:01,360 --> 00:25:05,600
बताए हुए रास्ते पर चलिए। वो भी कितना सच्चा है वो एक बात अलग है। वो भी कितना

346
00:25:05,600 --> 00:25:09,840
सच्चा रास्ता है वो एक बात अलग है। मगर कुल मिलाकर के क्या है कहने

347
00:25:09,840 --> 00:25:14,080
का तात्पर्य कि ना तो इन ना तो ईश्वर

348
00:25:14,080 --> 00:25:18,240
एक हुआ सनातन और इस्लाम का या बाइबल

349
00:25:18,240 --> 00:25:22,240
का और ना ही जो है अगर ब्रह्मा कुमारी के

350
00:25:22,240 --> 00:25:26,720
मोक्ष को भी मोक्ष अगर मान लोगे देवत्व को प्राप्त करना ही मान लोगे और वो जो 5000

351
00:25:26,720 --> 00:25:31,200
साल वाली जो राउंडिंग है इनकी जो वो है

352
00:25:31,200 --> 00:25:34,560
राउंड नंबर तो उसको भी अगर आप मान लोगे तो वो चीजें

353
00:25:34,560 --> 00:25:38,640
भी इनमें से गायब है कहीं नहीं मिलती तो फिर वो ये चीजें अपनी खुद से ख्यापित करके

354
00:25:38,640 --> 00:25:42,880
ये लोग बैठते हैं। तो इनकी

355
00:25:42,880 --> 00:25:46,880
अपनी मान्यताएं भी वहां से सिद्ध नहीं होती। फिर भी ये वो मान्यताएं

356
00:25:46,880 --> 00:25:51,680
इस्लाम और बाइबल की मान्यताएं हम हिंदुओं पर थोपना चाहते हैं। इवन नास्तिक

357
00:25:51,680 --> 00:25:55,920
जो दर्शन है बुद्ध दर्शन इनका इनके आधार

358
00:25:55,920 --> 00:26:00,000
इनको भी हमारे सामने प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं और ये चाहते

359
00:26:00,000 --> 00:26:04,080
हैं कि हम इसे मान ले। ठीक है? तो यह

360
00:26:04,080 --> 00:26:08,720
मान्यता है आप आप वो वीडियो कह रहे थे चलाने के लिए वो मैं चलवा देता हूं। है ना?

361
00:26:08,720 --> 00:26:12,000
हां जी। हां जी।

362
00:26:12,000 --> 00:26:16,320
ऑपरेटर जी आप वो वीडियो जरा चला दीजिए जो

363
00:26:16,320 --> 00:26:20,320
भाई साहब कह रहे हैं। डी के उषा का एक नंबर का वीडियो। एक

364
00:26:20,320 --> 00:26:26,320
नंबर वाला वीडियो चला दीजिए।

365
00:26:26,880 --> 00:26:27,380
हुई

366
00:26:27,280 --> 00:26:31,520
भारत वालों की बात। भारत से बाहर चलते हैं। इस्लाम धर्म

367
00:26:31,520 --> 00:26:36,000
में जहां मूर्ति पूजा नहीं है। मक्का

368
00:26:36,000 --> 00:26:40,560
में काबा का पवित्र पत्थर है। जिसको कहते हैं

369
00:26:40,560 --> 00:26:45,440
काबा का पवित्र पत्थर संग अस्वद।

370
00:26:45,440 --> 00:26:49,520
ये पवित्र पत्थर के पीछे कहानी है। कहानी ये है कि

371
00:26:49,520 --> 00:26:53,600
पहले थोड़ा सा आगे थोड़ा आगे बढ़ा दीजिए। इतना ज्यादा मैं सुन नहीं पाऊंगा। ये सब बातें

372
00:26:53,600 --> 00:26:58,480
थोड़ा सा मेरे लिए। पैगंबर साहब आए। तब उन्होंने कहा अल्लाह एक है।

373
00:26:58,480 --> 00:27:02,880
अल्लाह एक है। काफी मतभेद हुआ। मोहम्मद पैगंबर

374
00:27:02,880 --> 00:27:06,880
साहब को मदीना भेज दिया गया कि वहां जाकर ये प्रचार कीजिए। वहां

375
00:27:06,880 --> 00:27:11,120
प्रचार करते रहा। अल्लाह एक है। अल्लाह है। धीरे-धीरे लोग उस विचारधारा से जुड़ते

376
00:27:11,120 --> 00:27:15,280
गए। जब काफी मात्रा में लोग इकट्ठे हो गए। पुनः मक्का आए।

377
00:27:15,280 --> 00:27:19,360
अल्लाह एक है। काफी मतभेद लड़ाई झगड़ा हुआ। उस

378
00:27:19,360 --> 00:27:23,600
समय कहा जाता है एक आकाशवाणी हुई कि आप लड़ाई झगड़ा मत करो। मुझे इसी

379
00:27:23,600 --> 00:27:28,320
स्वरूप में याद करो। और ऊपर से यह पवित्र पत्थर गिरा था

380
00:27:28,320 --> 00:27:32,720
और उसकी स्थापना की गई और तब से लेकर के यह मान्यता

381
00:27:32,720 --> 00:27:36,640
है कि जीवन में एक बार ये पवित्र

382
00:27:36,640 --> 00:27:39,600
हम जी

383
00:27:39,600 --> 00:27:43,840
हेलो जी जी बोलिए बोलिए

384
00:27:43,840 --> 00:27:48,400
आपने जो अभी डी के उषा का पूरा वीडियो सुना है अभी

385
00:27:48,400 --> 00:27:54,080
मैं आपकी इसके ऊपर पत्री के क्या बोला रिएक्शन चाहूंगा आपका

386
00:27:54,080 --> 00:27:58,160
क्या बोल रहे हैं देखो आपने बी के उषा का वीडियो सुना

387
00:27:58,160 --> 00:28:02,160
है अभी आपने एक बार एक शब्द सुना पूरा सर आपका

388
00:28:02,160 --> 00:28:06,240
रिएक्शन उसके ऊपर टिप्पणी देखी अपनी मैं अपनी

389
00:28:06,240 --> 00:28:10,560
टिप्पणी कई बार दे चुका हूं मैंने तो अभी-अभी कहा ना कि ये जिस तरीके से इस्लाम

390
00:28:10,560 --> 00:28:15,040
को ग्लोरिफाई कर रहे हैं और सनातन के साथ मिक्स करने की कोशिश कर रहे हैं।

391
00:28:15,040 --> 00:28:19,280
हम लोग जो कार्य कर रहे हैं ना हम लोगों का कार्य यह है कि

392
00:28:19,280 --> 00:28:23,360
सनातन के जो वास्तविक सिद्धांत है वह लोगों को पता चल जाए जिससे

393
00:28:23,360 --> 00:28:27,360
कि उन सिद्धांतों के कारण हम लोग अपने अस्तित्व और आदर्श

394
00:28:27,360 --> 00:28:31,520
की रक्षा कर सके। अब लोग कहते हैं कि आप जो है बीके के बारे में बोलते हो,

395
00:28:31,520 --> 00:28:35,520
इस के बारे में बोलते हो, आर्य समाज के बारे में बोलते हो। हम इसलिए बोलते हैं

396
00:28:35,520 --> 00:28:39,520
कि अगर सनातन के वास्तविक और मजबूत सिद्धांत लोगों

397
00:28:39,520 --> 00:28:43,760
को ज्ञात नहीं होंगे तो हम लोग बिखरे रहेंगे। अब जैसे ये

398
00:28:43,760 --> 00:28:47,920
सनातन के साथ इस्लाम को मिला रही है। इनको लगता है इन्होंने कुछ नहीं किया।

399
00:28:47,920 --> 00:28:52,640
मैं कहूंगा यह बहुत बड़ा ऑफेंस है। ये बहुत बड़ा

400
00:28:52,640 --> 00:28:56,640
ये बहुत बड़ा अपराध है। और अभी कुछ दिन पहले एक बाबा जी

401
00:28:56,640 --> 00:29:00,240
आए थे मेरे चैनल पर। उन्होंने मुझसे कहा था

402
00:29:00,240 --> 00:29:04,240
कि ये अरे भाई इतना ज्यादा क्यों किसी

403
00:29:04,240 --> 00:29:08,720
के बारे में बात बताना और वो लोग कोई मार मारकाट

404
00:29:08,720 --> 00:29:12,880
थोड़ी ना कर रहे हैं। मैंने कहा भाई वो मारकाट नहीं कर रहे हैं। वो

405
00:29:12,880 --> 00:29:17,440
लोगों की वैचारिक हत्या कर रहे हैं। वैचारिक हत्या का एक मैं आपको

406
00:29:17,440 --> 00:29:21,520
क्या कहते हैं? एक एग्जांपल बताता हूं मैं अभी। जैसे कि हमारे यहां

407
00:29:21,520 --> 00:29:25,600
पर हम लोग बहुत लड़ते मरते हैं। हमारे कई हिंदुत्ववादी

408
00:29:25,600 --> 00:29:30,400
ऐसे लोग हैं जो लव जिहाद से लड़ रहे हैं या

409
00:29:30,400 --> 00:29:34,400
कई सारे दल बने हुए हैं जो लव जिहाद का विरोध कर रहे हैं और बहुत युद्ध

410
00:29:34,400 --> 00:29:38,800
स्तर पर लगे हुए अपने जान माल के लिए जान माल को हाथ में लेकर के लड़ रहे हैं।

411
00:29:38,800 --> 00:29:42,800
इस इस क्रम में उन्हें कई बार जेल की सलाखों का मूवी देखना पड़

412
00:29:42,800 --> 00:29:46,800
जाता है। कहीं पर मारपीट हो जाती है। कहीं भागदौड़ अपनी जिंदगी को

413
00:29:46,800 --> 00:29:51,200
दांव पर लगा करके अपने जो अपनी मातृशक्तियां है। सनातन

414
00:29:51,200 --> 00:29:55,360
धर्म की जो सनातन धर्म का जो स्त्री धन है उसको बचाने

415
00:29:55,360 --> 00:29:59,520
के लिए प्रयासरत हैं। लगातार ठीक है मगर इस

416
00:29:59,520 --> 00:30:03,600
एक स्टेटमेंट ने इस्लाम को सनातन के साथ मिलाने वाले स्टेटमेंट

417
00:30:03,600 --> 00:30:07,680
ने कितना बड़ा अपराध किया कितनी बड़ी वैचारिक हत्या की है वो मैं आपको

418
00:30:07,680 --> 00:30:11,840
बताता हूं हमारे यहां कहा गया है कि रघुकुल रीत सदा चली

419
00:30:11,840 --> 00:30:15,360
आई प्राण जाई पर वचन ना जाई है ना

420
00:30:15,360 --> 00:30:19,520
और अगर यह तो कहा गया रामचरितमानस में

421
00:30:19,520 --> 00:30:23,680
और अगर वाल्मीकि रामायण के आधार पर देख ले तो इसका जो संदर्भ

422
00:30:23,680 --> 00:30:28,080
आएगा वह आएगा रामो दुरनाभि भाषेते जब माता

423
00:30:28,080 --> 00:30:32,160
कैकई के पास श्री रामचंद्र जी पहुंचते हैं जिस समय कैकई

424
00:30:32,160 --> 00:30:36,240
ने कैकई माता ने अपना वर मांगा था कि राम को आप 14

425
00:30:36,240 --> 00:30:40,720
साल के लिए वनवास भेज दो और दशरथ जी वहां रो रहे थे तो वहां श्री रामचंद्र

426
00:30:40,720 --> 00:30:44,800
पहुंचते हैं और वह कहते हैं कि पिताजी क्यों रो रहे हैं? मुझे बताइए। तो वह

427
00:30:44,800 --> 00:30:48,960
कहती हैं कि पिताजी ने मुझे एक वरदान वो वर दिया था वचन दिया

428
00:30:48,960 --> 00:30:53,120
था और आज मैंने वह वचन इनसे मांग लिया है तो

429
00:30:53,120 --> 00:30:57,440
उसकी पूर्ति ना कर पाने की स्थिति में अपनी जो

430
00:30:57,440 --> 00:31:01,520
क्या कहते हैं उसको जो वो हेल्पलेस हो रहे हैं इस समय है ना

431
00:31:01,520 --> 00:31:05,520
असहाय असहाय होने के कारण वो उसको इस तरह से रो करके

432
00:31:05,520 --> 00:31:09,680
दुख प्रकट कर रहे हैं तो श्री रामचंद्र जी ने कहा आप मुझे बताइए मैं आपके

433
00:31:09,680 --> 00:31:13,680
मैं आपका वो वचन पूरा करूंगा पिताजी का आप मुझे बताइए तो उन्होंने कहा रहने

434
00:31:13,680 --> 00:31:17,760
दो राम तुमसे नहीं होगा। वो दो तीन बार बोला राम जी ने कि भाई मुझे

435
00:31:17,760 --> 00:31:21,760
बताइए माता जी मुझे बताइए मैं करूंगा पिताजी ने कौन सा वचन दिया था आपको?

436
00:31:21,760 --> 00:31:26,080
तो वो कहती तब रामचंद्र जी कहते हैं स्ट्रांग शब्दों

437
00:31:26,080 --> 00:31:30,640
में मैं रघुकुल का वंशज हूं। रघुकुल वाला हूं मैं।

438
00:31:30,640 --> 00:31:34,880
रामो दुरनाभि भाषेते। राम दो प्रकार की बातें नहीं करता। इसका

439
00:31:34,880 --> 00:31:39,120
अर्थ बहुत बड़ा है, विशाल है। इसका अर्थ है जिसको हमने बहन

440
00:31:39,120 --> 00:31:43,200
कह दिया वह हमारी बहन है। जिसको हमने मां कह दिया वो हमारी मां

441
00:31:43,200 --> 00:31:47,200
है। जिसको हमने बेटा कह दिया वो हमारा बेटा है।

442
00:31:47,200 --> 00:31:51,440
हो सकता है कि हम उसके साथ पूरा का पूरा यथासामर्थ्य

443
00:31:51,440 --> 00:31:55,680
जो व्यवहार है वो ना कर पाए। मगर हमारी जो उसकी

444
00:31:55,680 --> 00:31:59,760
हम अवेलना भी कभी नहीं करेंगे। जैसे होता है ना कि जैसे हमने किसी बेटे को

445
00:31:59,760 --> 00:32:03,840
गोद ले लिया या फिर किसी के प्रति बेटे की दृष्टि रख ली या फिर किसी

446
00:32:03,840 --> 00:32:07,920
कन्या के प्रति बहन की या मातृत्व की या बेटी की दृष्टि

447
00:32:07,920 --> 00:32:12,000
रख ली। हो सकता है हम उसका कन्यादान ना करा पाए। हमारे पास धन नहीं है। हम अपनी

448
00:32:12,000 --> 00:32:16,000
बेटी का जो हमारी सगी बेटी है उसका ही कन्यादान हम करा पाए और हमारे

449
00:32:16,000 --> 00:32:20,000
पास इतना सामर्थ्य ना हो कि हम उसकी शादी में वह जो धन इत्यादि

450
00:32:20,000 --> 00:32:24,480
है वह खर्च ना कर पाए। तो यह होती है विधि। हो सकता है हम विधि का आलंबन

451
00:32:24,480 --> 00:32:28,560
ना ले पाए। मगर जो निषेध है उसका

452
00:32:28,560 --> 00:32:32,640
उल्लंघन तो हम नहीं करेंगे ना कि बहन के साथ यह वाला व्यवहार नहीं

453
00:32:32,640 --> 00:32:36,720
करना है और अगर हमने किसी को बहन कहा है तो हम इस बहन के

454
00:32:36,720 --> 00:32:40,720
रिश्ते में जो मर्यादा बताई गई है निषेध यह नहीं करना है उसका

455
00:32:40,720 --> 00:32:44,800
उल्लंघन नहीं करेंगे एक सिद्धांत है विधि निषेध

456
00:32:44,800 --> 00:32:45,680
में कि विधि का

457
00:32:45,680 --> 00:32:49,680
आलंबन हो ना हो आपके पास सामर्थ नहीं है विधि का आलंबन नहीं ले पा रहे कोई

458
00:32:49,680 --> 00:32:53,680
बात नहीं चल जाएगा निषेध का उल्लंघन नहीं होना चाहिए जो मना किया

459
00:32:53,680 --> 00:32:57,920
गया उसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए क्यों क्योंकि निष निषेध के उल्लंघन के लिए प्रयास

460
00:32:57,920 --> 00:33:02,000
चाहिए होता है। अगर प्रया निषेध का जब आप उल्लंघन

461
00:33:02,000 --> 00:33:06,080
कर रहे हैं तो आप प्रयास पूर्वक वो अपराध कर रहे हैं। विधि का आलंबन ना लेने

462
00:33:06,080 --> 00:33:10,080
में प्रयास नहीं चाहिए। आपने कुछ नहीं किया। विधि का विधि का आलंबन नहीं ले पाए कोई बात

463
00:33:10,080 --> 00:33:14,240
नहीं। मगर निषेध का उल्लंघन का मतलब है आपने प्रयास पूर्वक धर्म

464
00:33:14,240 --> 00:33:18,480
विरुद्ध जाने का प्रयास किया है। जानबूझकर तो निषेध का उल्लंघन

465
00:33:18,480 --> 00:33:22,480
नहीं होना चाहिए। तो अब हमारे यहां बता दिया

466
00:33:22,480 --> 00:33:26,640
गया कि रघुली सदा चली आई। प्राण जाए पर वचन ना जाए। बहन का मतलब बहन,

467
00:33:26,640 --> 00:33:30,800
माता का मतलब माता और पुत्र का मतलब पुत्र, पिता का मतलब पिता।

468
00:33:30,800 --> 00:33:34,880
अगर हमने किसी से कह दिया तो हम भले ही उसके जो जितने कर्तव्य

469
00:33:34,880 --> 00:33:39,040
बताए गए हैं उस अमुक अमुक संबंध के लिए वो सारे कर्तव्यों का हम निर्वाह

470
00:33:39,040 --> 00:33:43,040
ना कर पाए कोई बात नहीं। मगर उस उस अमुक अमुक संबंध

471
00:33:43,040 --> 00:33:47,520
में जो निषेध बताया गया है कि यह काम तुम्हें नहीं करना है। तो उस निषेध

472
00:33:47,520 --> 00:33:51,600
का हम उल्लंघन कभी नहीं करेंगे। मगर वहां क्या बताया गया है कुरान

473
00:33:51,600 --> 00:33:55,760
में कि आपने किसी को मुख से कह भी दिया कि

474
00:33:55,760 --> 00:33:59,920
तुम हमारी माता हो, तुम हमारी बहन हो, तुम हमारे बेटे हो।

475
00:33:59,920 --> 00:34:00,880
है ना? फिर

476
00:34:00,880 --> 00:34:04,960
भी उसके उलट जाकर के आप व्यवहार वहां पर कुरान के अनुसार

477
00:34:04,960 --> 00:34:09,920
करने की वहां पर अलऊ किया गया है। तो अब क्या होगा? जब एक

478
00:34:09,920 --> 00:34:14,080
सामान्य बालिका है हमारे यहां की किशोरी है युवा

479
00:34:14,080 --> 00:34:18,080
है और उसको हम जब इस तरह के स्टेटमेंट आते हैं कि जो

480
00:34:18,080 --> 00:34:22,160
है ईश्वर अल्लाह एक है और इस्लाम में भी सनातन है इस्लाम और सनातन

481
00:34:22,160 --> 00:34:26,640
एक है। जब इस तरह के स्टेटमेंट आते हैं तो यह किस तरह से कितना बड़ा अपराध

482
00:34:26,640 --> 00:34:31,040
है वो मैं आपको बता रहा हूं कि एक सामान्य जो लड़की

483
00:34:31,040 --> 00:34:35,280
होती है जो जो बी के उषा को धर्म को जानने वाली के रूप में देखती

484
00:34:35,280 --> 00:34:40,400
है जो बी के उषा को एक स्पिरिचुअल लीडर के रूप में देखती है सनातन

485
00:34:40,400 --> 00:34:44,560
का मर्म बताने वाली के रूप में देखती है तो वो

486
00:34:44,560 --> 00:34:48,880
जब यह सुनती है कि ईश्वर अल्लाह एक है कुरान और सनात वो कुरान और गीता

487
00:34:48,880 --> 00:34:53,040
एक है और जो है सनातन और इस्लाम एक है तो उसके मन में एक पर्सेक्टिव

488
00:34:53,040 --> 00:34:57,280
तैयार होता है कि हमारे यहां पर कुलरी सदा चलियाई सिखाया

489
00:34:57,280 --> 00:35:01,280
गया हमारे भाई को है ना रामो विग्रहवान धर्म हमारे यहां

490
00:35:01,280 --> 00:35:05,920
पर धर्म है कि जो बात बोल दी सो बोल दी उसके उससे हम उलट नहीं जाएंगे

491
00:35:05,920 --> 00:35:10,080
और वो इसी पर्सेक्टिव से इसी ऑब्जरर्वेशन से

492
00:35:10,080 --> 00:35:14,240
इसी दृष्टि से वो इस्लाम को मानने वालों को भी देखने

493
00:35:14,240 --> 00:35:16,080
लगती है कि अगर

494
00:35:16,080 --> 00:35:20,160
अगर इस्लाम और हिंदूइज़्म एक है इस्लाम और सनातन एक है तो

495
00:35:20,160 --> 00:35:24,320
इसका मतलब इनके यहां पर भी वही यही वाला मामला होगा कि रघुकुल री सदा चली आई प्राण

496
00:35:24,320 --> 00:35:28,720
जाई पर वचन ना जाई ऐसे में वहां वाला व्यक्ति यदि द्वेष वश

497
00:35:28,720 --> 00:35:32,720
अगर वहां वाला व्यक्ति द्वेषवश हमारे यहां की कन्या को ये कह

498
00:35:32,720 --> 00:35:36,880
देगा कि तुम हमारी बहन हो मैं तो तुम्हें बहन मानता हूं जबकि वहां पर कहा गया अगर तुमने

499
00:35:36,880 --> 00:35:40,880
किसी को बहन कह दी जरूरी नहीं है उसके साथ बहन का निर्वाह ही करो वो वहां

500
00:35:40,880 --> 00:35:44,880
वो अपना धर्म निभा रहा है वो अपने धर्म पर उसको जो बताया गया है उसके यहां

501
00:35:44,880 --> 00:35:48,960
के नियमों पर वो उसके आगे वो नियम है हमारी लड़की समझती है

502
00:35:48,960 --> 00:35:53,200
पलटेगा नहीं हमारी बिटिया समझती यह अपनी जुबान से नहीं पलटेगा क्योंकि

503
00:35:53,200 --> 00:35:57,360
इस्लाम और सनातन एक है। ईश्वर अल्लाह एक है। कुरान और गीता एक

504
00:35:57,360 --> 00:36:01,360
है। तो क्या होता है इसका नतीजा? एक दिन वो बिटिया जो है

505
00:36:01,360 --> 00:36:05,760
हमें 35 टुकड़ों में प्राप्त होती है। तो इस 35 टुकड़े

506
00:36:05,760 --> 00:36:10,640
का मूल में वास्तविक जिम्मेदार कौन हुआ?

507
00:36:10,640 --> 00:36:15,360
वैचारिक हत्यारा जिसने वैचारिक हत्या की

508
00:36:15,360 --> 00:36:19,440
जिसने उस बिटिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया। उस बिटिया के

509
00:36:19,440 --> 00:36:23,520
मन में ये डाल दिया कि इस्लाम की फिलॉसफी इस्लाम के नियम सिद्धांत और

510
00:36:23,520 --> 00:36:27,520
हमारे सनातन की फिलॉसफी सनातन के नियम सिद्धांत एक है। तो मैं

511
00:36:27,520 --> 00:36:31,120
कहूंगा कि वो 35 टुकड़े व्यवहारिक रूप से जिसने किए वो तो

512
00:36:31,120 --> 00:36:35,280
है ही है गुनहगार मगर उसमें असली गुनहगार वो व्यक्ति है जो इस तरीके से

513
00:36:35,280 --> 00:36:39,600
विचारों की हत्या कर रहा है। गलत विचार प्रस्तुत कर रहा है। सनातन

514
00:36:39,600 --> 00:36:43,600
के नाम से राम के नाम से मोहम्मद के जो आईडियोलॉजीस

515
00:36:43,600 --> 00:36:47,760
है राम के नाम से जो मोहम्मद की शिक्षा का प्रचार प्रसार कर रहा है वो इसके

516
00:36:47,760 --> 00:36:51,680
मूल में है वैचारिक हत्या करने वाला जी

517
00:36:51,680 --> 00:36:55,920
शिवश जी अब मेरा एक प्रश्न है डीके उषा से

518
00:36:55,920 --> 00:37:00,240
आपके चैनल पे डीके ज्ञान के अनुसार इस्लाम

519
00:37:00,240 --> 00:37:05,840
को धर्म बताया जा रहा है और दुनिया में जो मुसलमान

520
00:37:05,840 --> 00:37:10,320
लोगों को जो मुस्लिम नागियों को मार रहे ठीक है।

521
00:37:10,320 --> 00:37:14,640
जैसे कि अभी बात कर रहे हैं कि बिटिया 35 टुकड़ों में मिलती है तो उसके

522
00:37:14,640 --> 00:37:18,640
लिए तो सारी धर्म एक ही है। तो इसी तरह बी के ज्ञान के

523
00:37:18,640 --> 00:37:22,880
अनुसार मुसलमान जो दुनिया में नॉन

524
00:37:22,880 --> 00:37:27,280
मुस्लिम के साथ कर रहे हैं वो सब उनका धार्मिक कार्य है। जिसमें

525
00:37:27,280 --> 00:37:31,760
वो हमारी बच्चियों और महिलाओं को बेला फुसलाकर

526
00:37:31,760 --> 00:37:36,080
उनका धर्म परिवर्तन कर रहे हैं और उनके साथ लव जिहाद कर रहे हैं।

527
00:37:36,080 --> 00:37:40,320
तो यह कोई पाप पाप होके बीके

528
00:37:40,320 --> 00:37:44,320
ज्ञान के साथ एक इस्लामिक धार्मिक कार्य है। ठीक कह रहा हूं

529
00:37:44,320 --> 00:37:48,400
मैं। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल वही तो मैं कह रहा हूं कि

530
00:37:48,400 --> 00:37:52,640
बीके के अनुसार जब बीके ऐसी आईडियोलॉजीस को और ऐसी

531
00:37:52,640 --> 00:37:56,800
नियमावली को ग्लोरिफाई करती है और उसको सनातन का ही नाम देती

532
00:37:56,800 --> 00:38:00,800
है। सनातन के साथ मिक्स करती है तब यह सारी प्रॉब्लम खत्म होती है। और

533
00:38:00,800 --> 00:38:04,800
मैंने कई बार अपनी वीडियोस में लोगों को यह बताया है कि सनातन

534
00:38:04,800 --> 00:38:06,800
का जो शत्रु

535
00:38:06,800 --> 00:38:11,280
है वास्तविक शत्रु वह सामने शस्त्र खड़ा हुआ कोई अजनबी

536
00:38:11,280 --> 00:38:15,280
नहीं है बल्कि पीछे शास्त्र खड़ा हुआ

537
00:38:15,280 --> 00:38:19,440
कोई अपना है सनातन का वास्तविक शत्रु को पहचानने की जरूरत

538
00:38:19,440 --> 00:38:23,840
है आप लोगों को कौन है कोई अपना है जी

539
00:38:23,840 --> 00:38:28,880
अभी मेरा आपसे प्रश्न है

540
00:38:28,880 --> 00:38:33,200
जितनी पवित्रता ये बी के ज्ञान में सिखाई जाती है

541
00:38:33,200 --> 00:38:37,680
और महिला सम्मान सिखाया जाता है तो जब इन

542
00:38:37,680 --> 00:38:41,680
टॉप के जो टीचर्स है वो एक महिला जो संसार में

543
00:38:41,680 --> 00:38:46,080
नहीं है उसके ऊपर गलत लांछन लगा रहे हैं तो

544
00:38:46,080 --> 00:38:52,080
ये कौन कितना बड़ा अपना ये पाप है ये मान आते हैं

545
00:38:52,560 --> 00:38:56,960
देखिए ये जो एलगेशंस होते हैं कि कहीं पे कोई अपराध हुआ जो

546
00:38:56,960 --> 00:39:01,040
इस तरह के एलगेशंस होते हैं उसमें हम लोग ज्यादा टिप्पणी नहीं करते हैं।

547
00:39:01,040 --> 00:39:05,040
का कारण यह है यह सब तब हम कर सकते हैं जब हमको प्रत्यक्ष

548
00:39:05,040 --> 00:39:09,120
प्रमाण हम प्रॉपर हमारी जानकारी वो सारे प्रमाण इत्यादि उपलब्ध हो तो

549
00:39:09,120 --> 00:39:13,120
किसी पे एलगेशन अगर लगा ब्रह्मा कुमारी में या किसी भी संस्था में

550
00:39:13,120 --> 00:39:17,200
एलगेशन इत्यादि लग रहा है तो हम क्योंकि वो चीजें अकाट रूप से

551
00:39:17,200 --> 00:39:21,200
हमें प्राप्त नहीं है ना ही हमने आंखों से देखी है एक

552
00:39:21,200 --> 00:39:25,280
मिनट ना ही हमने आंखों से देखा है और ना ही हमने उसका वीडियो इत्यादि

553
00:39:25,280 --> 00:39:29,920
के रूप में कोई हमारे को ऐसा प्रत्यक्ष प्रमाण मिला जिस पर हम बात कर सके तो

554
00:39:29,920 --> 00:39:34,080
अगर ऐसा ऐसा हो रहा है। यदि ऐसा हो रहा है जो आपने कहा कि कहीं पर लांछन

555
00:39:34,080 --> 00:39:39,200
लगाया जा रहा है किसी स्त्री पर तो मनुस्मृति में कहा गया है

556
00:39:39,200 --> 00:39:43,200
कि यदि आप किसी स्त्री पर दूषित होने का आरोप लगा रहे हैं और उस

557
00:39:43,200 --> 00:39:47,680
आरोप को आप सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं तो भी आप पापी हैं।

558
00:39:47,680 --> 00:39:51,840
उसने किया है कि नहीं किया डजंट मैटर। आप अगर सिद्ध नहीं कर पा रहे और आप आरोप

559
00:39:51,840 --> 00:39:56,400
लगा रहे हैं तो आप बहुत बड़े पापी हैं। तो

560
00:39:56,400 --> 00:40:00,720
शिवाशी सर बी के उषा का एक वीडियो है। जिसमें

561
00:40:00,720 --> 00:40:04,720
वो कौरवों की एक बहन है। उसका नाम है दुशाला

562
00:40:04,720 --> 00:40:07,840
और यह अपने वीडियो में उसका नाम दुशीरा

563
00:40:07,840 --> 00:40:12,480
बोल रही है। यानी के जिसका चरित्र जो

564
00:40:12,480 --> 00:40:16,640
चरित्रहीन हो मेरे को समझ नहीं आता। मैंने आज तक

565
00:40:16,640 --> 00:40:21,360
महाभारत में कहीं नहीं पढ़ा है कि कोरों की एक बहन थी जिसका चरित्र

566
00:40:21,360 --> 00:40:25,520
निम्न स्तर पर था। तो मैंने कहीं नहीं सुना और यह किस आधार के उसके

567
00:40:25,520 --> 00:40:30,080
ऊपर यह आरोप लगा रही है तो आपके जो ऑपरेटर है उनको बोलिए

568
00:40:30,080 --> 00:40:34,880
तीन नंबर का बी के उषा का सर वीडियो चलाए जरा

569
00:40:34,880 --> 00:40:40,880
तीन नंबर का बी के उषा का वीडियो चला दीजिए

570
00:40:40,880 --> 00:40:45,520
यार सर कितनी बड़ी बात है आप एक नारी होके इतने प्रतिष्ठित

571
00:40:45,520 --> 00:40:49,600
पद पर बहन चला अपनी बात मनवाने के लिए आप किसी के

572
00:40:49,600 --> 00:40:54,240
बारे में क्या बोल सकते हो आप दुशासन जैसे वीडियो

573
00:40:54,240 --> 00:40:56,480
है

574
00:40:56,480 --> 00:41:01,520
जो दुष्टता से शासन करने वाले हैं

575
00:41:01,520 --> 00:41:05,600
दुः दुल दुर्वोचन दुर्बुद्धि दुष्ट

576
00:41:05,600 --> 00:41:09,680
दुर्मुख हर एक इंद्रियां

577
00:41:09,680 --> 00:41:13,760
दुष्टता का भाव लिए हुए दुर्बुद्धि के शौकीन

578
00:41:13,760 --> 00:41:17,840
है दुर्मुख जो हमेशा बुरे शब्द बुरे वचन ऐसे पात्र देखने को

579
00:41:17,840 --> 00:41:22,240
मिलते हैं या नहीं मिलते जी बहुत है और

580
00:41:22,240 --> 00:41:26,240
लास्ट में एक बहन वह भी दुशिला शील यानी

581
00:41:26,240 --> 00:41:30,080
चरित्र दुशिला

582
00:41:30,080 --> 00:41:34,880
जिसका चरित्र ही दुष्टता वाला था।

583
00:41:34,880 --> 00:41:39,040
आज नारियों के चरित्र को अगर देखा जाए तो ठीक है बस इससे

584
00:41:39,040 --> 00:41:43,600
ज्यादा नहीं सुनना है। जी हो गया मैं देख रहा हूं।

585
00:41:43,600 --> 00:41:47,760
अगली बार हमारी बातचीत जो होगी ना किसी से तो यह जो चीजें सामग्री आप उपलब्ध

586
00:41:47,760 --> 00:41:51,840
करा रहे हैं तो यह वहां पर क्या कहते हैं प्रेजेंट होंगी। भाई ये

587
00:41:51,840 --> 00:41:57,360
आपके यहां से ये सब क्लेम जो किए जा रहे हैं इसका आधार बताएं। जी

588
00:41:57,360 --> 00:42:01,760
जी आपने अच्छा एक मैं कह रहा हूं कोई एक एक मिनट एक फाइटर

589
00:42:01,760 --> 00:42:06,080
कुमारी करके हैं। वो कह रही है कि वो वो भी बताना

590
00:42:06,080 --> 00:42:10,080
चाहती हैं अपना एक्सपीरियंस। उनके पास कई सारे प्रूफ्स वगैरह भी हैं।

591
00:42:10,080 --> 00:42:14,080
तो हम एक अलग से सेशन रखेंगे जिसमें कई सारे लोग आने वाले हैं।

592
00:42:14,080 --> 00:42:18,080
फाइटर कुमारी जी तो आप हमसे हमारा WhatsApp नंबर है वहां पर

593
00:42:18,080 --> 00:42:22,080
संपर्क कर लीजिए और हम आपको उस चर्चा से जोड़ लेंगे। आप

594
00:42:22,080 --> 00:42:26,480
आकर के अपनी चीजें रख सकते हैं बता सकते हैं। जी अब

595
00:42:26,480 --> 00:42:30,560
शिवा जी मैं आप जो बी के उषा ने बोला है आपने बोला ये

596
00:42:30,560 --> 00:42:34,560
पापी है किसी निराधार आप उसके ऊपर आरोप लगा

597
00:42:34,560 --> 00:42:38,640
रहे हो। आपके पास कोई बेस नहीं है कि उसको चरित्रहीन साबित करने के लिए

598
00:42:38,640 --> 00:42:43,200
आप फिर उसको चरित्रहीन बोल रहे हो कौन? यह ब्रह्मा कुमारी ने

599
00:42:43,200 --> 00:42:47,520
सुप्रीम टीचर इसका पोस्ट है और ये इतने बड़े पोस्ट पर

600
00:42:47,520 --> 00:42:51,840
बैठकर ये किसी महिला का जो चरित्र कैसे कर सकती है ये?

601
00:42:51,840 --> 00:42:57,040
आपकी टिप्पणी चाहिए मेरे को इसके ऊपर। नहीं आप

602
00:42:57,040 --> 00:43:01,040
इस तरह से मैंने बोला पहले ही बोला कि इस तरह से नहीं करना।

603
00:43:01,040 --> 00:43:05,280
पहली बात तो यह है ना कि हमारे सिद्धांतों के पूर्णतया विरुद्ध है और

604
00:43:05,280 --> 00:43:09,280
आपने जो यह वाली बात बताई है किस तरीके से घर टूट रहे हैं और मेरे पास

605
00:43:09,280 --> 00:43:12,560
आप तो एक एक यहां पे साक्षात यहां बैठे

606
00:43:12,560 --> 00:43:16,640
हुए मगर मैं इस बीच जब से मैं ब्रह्मा कुमारी के केस पर

607
00:43:16,640 --> 00:43:20,880
कार्य कर रहा हूं तो मुझे बहुत लोगों ने संपर्क किया और बहुत

608
00:43:20,880 --> 00:43:25,120
लोगों की ये मतलब दुख भरी कहानी है उनका घर कैसे

609
00:43:25,120 --> 00:43:29,120
टूट गया है और मैं कह रहा हूं ये रामपाल ये ब्रह्मा

610
00:43:29,120 --> 00:43:33,600
कुमारी और सब एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। बस काम करने का तरीका अलग-अलग

611
00:43:33,600 --> 00:43:37,840
हो सकता है। रूप अलग-अलग हो सकता है। रामपाल के लोग भी इसी तरीके से मुझे कॉल

612
00:43:37,840 --> 00:43:42,000
करते सताए हुए कि भाई हमारा ये हो गया। हमारे पिताजी वहां फंस गए। ये हो गया।

613
00:43:42,000 --> 00:43:46,000
अच्छा यहां पर क्या हो रहा है? विशेष रूप से स्त्री स्त्रियां जो है वो

614
00:43:46,000 --> 00:43:50,000
दिग्भ्रमित की जा रही है विशेष रूप से और वो इस तरीके से घर टूट रहे हैं।

615
00:43:50,000 --> 00:43:54,160
यहां एक ये जो होता है ना कि हर विलेन के पास एक अलग

616
00:43:54,160 --> 00:43:58,240
से एक सुपर पावर टाइप की होती है। उसके पास एक अलग सुपर पावर। तो

617
00:43:58,240 --> 00:44:02,400
यहां पे ये सुपर पावर है इनकी। ये इस तरीके से स्त्रियों को दिगभ्रमित कर रहे हैं।

618
00:44:02,400 --> 00:44:06,480
मूल जो फोकस है इनका वो सनातन धर्म को मानने

619
00:44:06,480 --> 00:44:10,480
वाली स्त्रियों पर है। जी सर

620
00:44:10,480 --> 00:44:14,800
स्त्रियों पर भी और बच्चियों पर भी जो बीके फॉलो

621
00:44:14,800 --> 00:44:19,120
बनता है ना और जब पति पत्नी इन बी के ज्ञान में चल रहे हैं

622
00:44:19,120 --> 00:44:23,360
तो जो उनके बच्च होती है ना पूरा फोर्स किया जाता है उनको

623
00:44:23,360 --> 00:44:27,520
बड़े प्यार से कि इनको भी बाबा के ज्ञान में लाना है। तो फिर वह

624
00:44:27,520 --> 00:44:28,020
बच्चियों

625
00:44:28,000 --> 00:44:32,000
को बाबा के ज्ञान में लाया जाता है और फिर बच्चियों को बताया जाता

626
00:44:32,000 --> 00:44:36,160
है कि आपको पवित्र जीवन जीना है। आपको विवाह नहीं करना है। आपको

627
00:44:36,160 --> 00:44:40,160
विवाह करना है भगवान से। भगवान से शादी कराते हैं

628
00:44:40,160 --> 00:44:44,560
और उसके एवज में उनसे दंग वसूलते हैं। ये इतना इतना इन्होंने

629
00:44:44,560 --> 00:44:48,720
नौटंकी बना रखी है लोगों को लूटने के लिए।

630
00:44:48,720 --> 00:44:52,720
लड़की छोटी बच्ची ब्याह नहीं करेगी। लड़का बयान नहीं करेगा। ठीक है?

631
00:44:52,720 --> 00:44:56,800
पति पत्नी भाई। लूटने वाली बात है। लूटने वाली बात

632
00:44:56,800 --> 00:45:00,880
है जो लोगों को लूटने के लिए यह केवल इसी रूप में नहीं है

633
00:45:00,880 --> 00:45:04,960
कि धन लूटा जाता है। इसको लोग ध्यान रखें। लूटने का मतलब

634
00:45:04,960 --> 00:45:09,040
खुशियां लूट जाने से है। मूल क्या है कि खुशियां लूट जाने

635
00:45:09,040 --> 00:45:13,040
केवल यही नहीं कि धन लूट गया। वो जरूरी नहीं है कि लूटने का अर्थ एक ही हो।

636
00:45:13,040 --> 00:45:17,200
किसी की खुशियां लुट गई। किसी का परिवार लुट गया। किसी का

637
00:45:17,200 --> 00:45:21,280
जो जीवन था सुखी जीवन उसका सुख लुट गया। तो मूल में

638
00:45:21,280 --> 00:45:25,600
देखिए कि मूल में क्या जा रहा है। किसी की खुशियां जा रही है। किसी का घर संसार

639
00:45:25,600 --> 00:45:30,800
जो है दुखी हो रहा है। तो लूटने का अर्थ वो लेना चाहिए। जी

640
00:45:30,800 --> 00:45:34,800
सर मोटा-मोटा डीके ज्ञान में जो एक फैमिली में कुछ लोग चलते

641
00:45:34,800 --> 00:45:39,440
हैं कुछ नहीं चलते हैं। तो जो उनके रिलेशन होते हैं ना उनको घसीट रहे होते हैं वो।

642
00:45:39,440 --> 00:45:43,120
वो जी पा रहे हैं। मतलब रिलेशन को घसीट रहे हैं जबरदस्ती से

643
00:45:43,120 --> 00:45:47,200
वो कि लोगों को लोग क्या देखेंगे क्या हमारे बारे में सोचेंगे बाद

644
00:45:47,200 --> 00:45:51,280
पता चल गया तो। अब मैं बी के उषा का एक वीडियो और

645
00:45:51,280 --> 00:45:55,360
बताता हूं। बी के उषा का दो नंबर का वीडियो है जिसमें वो

646
00:45:55,360 --> 00:45:59,600
जिहाद को अच्छाई और बुराई की लड़ाई

647
00:45:59,600 --> 00:46:03,680
बता रही है। सर ये वीडियो चला प्लीज चलाइए

648
00:46:03,680 --> 00:46:09,680
दूसरे नंबर का तीसरा तीसरा नंबर दूसरे नंबर का

649
00:46:15,760 --> 00:46:19,760
है। तभी गीता को मानवता का शास्त्र कहा गया है।

650
00:46:19,760 --> 00:46:23,760
और गीता से ही बाकी के जो धर्म ग्रंथ है वो शायद गीता से ही बने हैं।

651
00:46:23,760 --> 00:46:27,840
गीता को कहा ही गया है मां। गीता माता कहते हैं। मां माना

652
00:46:27,840 --> 00:46:32,080
जो सर्व धर्म की सर्व धर्म शास्त्रों की भी मां है। कि सभी

653
00:46:32,080 --> 00:46:36,320
धर्मों के अंदर जो भी शिक्षाएं दी गई है कहीं ना कहीं वो गीता

654
00:46:36,320 --> 00:46:40,560
से ही उठाई गई है। उसी से इंस्पायर्ड है। इंस्पायर्ड है। जैसे क्रिश्चियन धर्म

655
00:46:40,560 --> 00:46:44,640
में जो बातें कही गई है आपको मेजरिटी वो बातें

656
00:46:44,640 --> 00:46:48,720
गीता में मिलेगी। द होली वॉर कहा गया है। महाभारत को जिसको

657
00:46:48,720 --> 00:46:52,800
महाभारत कहा गया और गीता ज्ञान दिया गया उसको होली वॉर कहा गया है

658
00:46:52,800 --> 00:46:56,800
बाइबल के अंदर। और यह होली वॉर किसके बीच में है? तो कहा शैतान और

659
00:46:56,800 --> 00:46:58,240
फरिश्तों के बीच में है।

660
00:46:58,240 --> 00:47:02,320
पांडव और कौरवों को कहा। इसी को ही इब्राहिम ने इस्लाम

661
00:47:02,320 --> 00:47:06,400
धर्म के अंदर कहा गया जिहाद युद्ध है।

662
00:47:06,400 --> 00:47:11,040
और युद्ध किसके बीच में है? तो अच्छाई और बुराई के बीच में है। उसी गीता से

663
00:47:11,040 --> 00:47:15,040
प्रेरित होकर के जो शिक्षाएं ली गई जैसे गीता के अंदर

664
00:47:15,040 --> 00:47:19,520
काम महाशत्रु है। इसलिए ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करो

665
00:47:19,520 --> 00:47:23,920
अपरिग्रह अस्थ ये सारे जो वैल्यूस है वो आपको जैन फिलोसोफी

666
00:47:23,920 --> 00:47:28,080
में मिलेंगे। जैन फिलोसोफी में वही बात कही गई है। तो गीता से ही उठाई हुई है।

667
00:47:28,080 --> 00:47:32,160
उसके बाद पूरी गीता के अंदर समय प्रति समय कर्म योग की बात आती है।

668
00:47:32,160 --> 00:47:38,160
कर्म योगी कैसे बनना है? यही प्रेरणा अर्जुन को दी कि कर्म

669
00:47:38,480 --> 00:47:42,720
शिवा जी जिहाद वाली बात अभी नहीं आई क्या

670
00:47:42,720 --> 00:47:46,880
आप वो बोलती थे बात बोल दिया है अच्छा आपने

671
00:47:46,880 --> 00:47:50,880
शायद ध्यान सुना नहीं है शिवा जी जी ये

672
00:47:50,880 --> 00:47:54,880
देखो फिर झूठ बोल रही है ये जिहाद के ऊपर इसको सुनने के बाद मैं

673
00:47:54,880 --> 00:47:59,040
पहले थोड़ा सा अपनी एक चीज बता दूं सबसे पहले तो एक ये बात क्लियर

674
00:47:59,040 --> 00:48:03,360
हो रही है कि जो बाबा जी आए थे जो ये कह रहे थे कि वो इस्लाम

675
00:48:03,360 --> 00:48:07,760
को धर्म कहां कहती है वो बाबा जी खुद कह रहे थे कि इस्लाम धर्म नहीं है। क्रिश्चियनिटी

676
00:48:07,760 --> 00:48:12,240
धर्म नहीं है। ठीक है? वो बाबा जी खुद कह रहे थे। मगर यह लोग

677
00:48:12,240 --> 00:48:16,240
और वो लोग वो पक्ष किसका ले रहे हैं? ब्रह्मा कुमारी का। और ब्रह्मा कुमारी वाले

678
00:48:16,240 --> 00:48:20,480
इस्लाम और क्रिश्चियनिटी को धर्म कह रहे हैं। पहली बात। दूसरी

679
00:48:20,480 --> 00:48:24,640
बात यह है कि इनको किसने ऑथोराइज

680
00:48:24,640 --> 00:48:28,640
किया है कि भैया तुम जाकर के बुद्ध से ये ले

681
00:48:28,640 --> 00:48:32,720
लो और जैन से ये ले लो, मुसलमान से ये ले लो और

682
00:48:32,720 --> 00:48:38,480
जो है क्रिश्चियन से ये ले लो। और एक जो है खिचड़ी बना दो।

683
00:48:38,480 --> 00:48:42,560
भाई अगर यह हमको कह रही है भाई देखो सब में जो भी बात है वह कहीं

684
00:48:42,560 --> 00:48:46,640
ना कहीं इससे ली गई है। तो किसी भी चीज से हम कोई चीज लेंगे तो उसको

685
00:48:46,640 --> 00:48:50,880
पूरा लेंगे ना। अगर वो हमारे लिए प्रमाण है। अगर आप एज ए प्रमाण

686
00:48:50,880 --> 00:48:54,000
उसको यूज़ कर रहे हो तो पूरा लेंगे। यह कौन सा ऑब्जेक्टिव

687
00:48:54,000 --> 00:48:58,320
है कि वहां से हमने ये चीज ली है कि भाई उसमें देखो गीता

688
00:48:58,320 --> 00:49:02,400
की फलानी चीज उससे मैच करती है और गीता की फलानी चीज जो है इस्लाम

689
00:49:02,400 --> 00:49:06,480
से मैच करती है और गीता की फलानी चीज जैन से मैच करती है। बुद्ध से मैच करती

690
00:49:06,480 --> 00:49:11,040
है। इसलिए गीता और वो सब एक हो गए। भाई सुनो

691
00:49:11,040 --> 00:49:15,200
जो जो व्यक्ति ये बात बोल रहा है उसके लिए बोल रहा हूं। फिलहाल

692
00:49:15,200 --> 00:49:19,280
कुत्ते कुत्ता भी दांतों से खाना चबाकर खाता है और मनुष्य भी

693
00:49:19,280 --> 00:49:23,360
खाता है। केवल इतनी बात पर किसी भी मनुष्य को जो ये बात बोल रहा है तुम भी

694
00:49:23,360 --> 00:49:27,360
खाते हो जो ये बात बोलने वाले इस तरह के लोग हैं वो दांतों से चबा

695
00:49:27,360 --> 00:49:31,680
के भोजन करते हैं और कुत्ता भी करता है तो क्या उसको कुत्ता कहना चाहिए

696
00:49:31,680 --> 00:49:35,840
उसको कुत्ता कहना स्वीकार करेंगे ये लोग बिल्कुल

697
00:49:35,840 --> 00:49:40,080
नहीं करेंगे तो जरा सोच समझ के बोला करो थोड़ी बहुत सिमिलरिटीज

698
00:49:40,080 --> 00:49:44,160
तो आईएसआईएस के जो आतंकवादी हैं उनमें और एक बहुत

699
00:49:44,160 --> 00:49:48,400
धर्म कर्म करने वाला व्यक्ति है ना उनमें भी मिल जाएगी एक दो सिमिलरिटीज तो इसका

700
00:49:48,400 --> 00:49:52,960
मतलब क्या हुआ आईएस आईएस वाला वो जो धर्म कर्म पर चलने वाला व्यक्ति वो एक है

701
00:49:52,960 --> 00:49:57,600
हम ये इनकी ये इनका फंडा है

702
00:49:57,600 --> 00:50:01,600
बी के ज्ञान है ये जी अब जी

703
00:50:01,600 --> 00:50:06,560
अब इसके बाद मैं आपके ऑपरेटर्स के बोलूंगा के बीके

704
00:50:06,560 --> 00:50:09,600
चार नंबर का बीके उषा का वीडियो प्रसाद जी ये सर

705
00:50:09,600 --> 00:50:14,080
गाना है इनके वास चलता है जिसने स्वयं

706
00:50:14,080 --> 00:50:18,160
गाना रहने दीजिए आप रेफरेंस बता दीजिए गाना मत चलवाइए और

707
00:50:18,160 --> 00:50:23,840
थोड़ा सा 15 20 सेकंड का अच्छा ठीक है चला दीजिए जी

708
00:50:23,840 --> 00:50:27,280
चार नंबर का हाजिर

709
00:50:27,280 --> 00:50:31,600
कुछ लोग ये कह रहे हैं एक मिनट कुछ लोग ये कह रहे हैं कि पति पत्नी

710
00:50:31,600 --> 00:50:35,600
भाई बहन कैसे हो सकते हैं तो आपके सामने प्रत्यक्ष प्रमाण है इस बात

711
00:50:35,600 --> 00:50:39,600
का इनके यहां पर ये नियम लागू हो गया है इनकी पत्नी जो है इनके

712
00:50:39,600 --> 00:50:43,840
साथ भाई बहन का व्यवहार कर रही है शिवम आपके सामने बैठे

713
00:50:43,840 --> 00:50:48,080
हुए हैं। जी जो आपके जो आपके दर्शक बोल रहे हैं ना

714
00:50:48,080 --> 00:50:52,080
इनको मैं अभी एक मेरे हमारे मित्र है वो फौज से रिटायर होकर

715
00:50:52,080 --> 00:50:56,160
आए हैं वो फौज से रिटायर होकर आए तो उसकी पत्नी ने घर

716
00:50:56,160 --> 00:51:00,400
तोड़ दिया वो जो उसके जो अपना सिटी वाला घर है उसमें रहती

717
00:51:00,400 --> 00:51:04,560
है और ये अपने माता के साथ पिता के साथ गांव में रहते हैं फौजी भाई देखो

718
00:51:04,560 --> 00:51:08,720
ये क्या काम कर रहे हैं ये जी अभी तो शिवा

719
00:51:08,720 --> 00:51:12,880
जी सर एक स्ट्रीम रखिए जिसमें जिनके घर तोड़े है वो सभी लोग आपके

720
00:51:12,880 --> 00:51:18,720
यहां मैं मैं रख रखूंगा मैं बुलाऊंगा उनको मैं बुलाऊंगा जी

721
00:51:18,720 --> 00:51:23,600
शिवाजी कहा चला दीजिए हां गाना चला दीजिए स्वयं का

722
00:51:23,600 --> 00:51:27,680
मन जीता है उसने जगत

723
00:51:27,680 --> 00:51:32,000
को जीता है जिसने

724
00:51:32,000 --> 00:51:36,400
स्वयं का मन जीता है उसने

725
00:51:36,400 --> 00:51:40,720
जगत को जीता है कुरान

726
00:51:40,720 --> 00:51:44,960
का कहता ज्ञान यही गाती

727
00:51:44,960 --> 00:51:49,280
यही तो गीता है। का कहता

728
00:51:49,280 --> 00:51:53,680
गीता है। पुराण का कहता

729
00:51:53,680 --> 00:51:58,480
ज्ञान यही गाती यही तो गीता

730
00:51:58,480 --> 00:52:03,280
है।

731
00:52:03,280 --> 00:52:07,840
जी आपने सुना कुरान का कहता ज्ञान यही गाती यही तो गीता है।

732
00:52:07,840 --> 00:52:11,920
हां वही कासेप्ट चल रहा है। ईश्वर अल्लाह एक है। कुरान और गीता एक है। इस्लाम

733
00:52:11,920 --> 00:52:16,080
और सनातन एक है। जो आपका गला काटने आ रहे हैं ना

734
00:52:16,080 --> 00:52:20,400
यह बता रहे हैं आपके मित्र है ये ये भाई है आपके ये

735
00:52:20,400 --> 00:52:24,560
जो हमारी बेटियां उठाने आ रहे हैं ना ये उनको बच्चे को बता रहे हैं कि ये आपके

736
00:52:24,560 --> 00:52:29,280
भाई तरह ये भी अच्छे लोग हैं ये ये हमारे

737
00:52:29,280 --> 00:52:33,280
मैं फिलहाल ये क्लेम नहीं कर रहा हूं कि जो हमारा ये करने आ रहे हैं वो करने आ रहे

738
00:52:33,280 --> 00:52:37,280
हैं उस पर ना जा के हम यह कह रहे हैं कि उनके यहां आगे सिद्धांत क्या कह रहे

739
00:52:37,280 --> 00:52:41,440
हैं इस्लाम क्या है इस्लाम वो है जो

740
00:52:41,440 --> 00:52:45,440
कुरान कहे कुरान में जो चीजें लिखी हुई है वो गीता

741
00:52:45,440 --> 00:52:49,520
के विरुद्ध है। फिर आप कुरान को गीता के साथ मिक्स क्यों कर रहे हैं?

742
00:52:49,520 --> 00:52:53,760
यह बातें बाद की है कि वो व्यवहारिक रूप से क्या करने आ रहे हैं? क्या नहीं करने आ रहे हैं।

743
00:52:53,760 --> 00:52:58,160
वहां पे कुछ अच्छे लोग भी हैं। अभी एक कमेंट मैंने देखा उसमें वो कह रहे हैं कि अच्छे मुसलमान

744
00:52:58,160 --> 00:53:02,320
होते हैं। वो जो है अच्छाई फैलाने को जिहाद कहते हैं। भाई अच्छे

745
00:53:02,320 --> 00:53:06,560
मुसलमान अब तुम्हारे हिसाब से अच्छाई क्या है? और उनके

746
00:53:06,560 --> 00:53:10,560
हिसाब से अच्छाई क्या है? इसको भी तो समझना पड़ेगा। उनके हिसाब से

747
00:53:10,560 --> 00:53:14,560
अच्छाई वो है जो कुरान कहती है। आपके हिसाब से अच्छाई वो है जो गीता कहती है।

748
00:53:14,560 --> 00:53:18,400
अब अच्छाई क्या है इन दोनों में से वह बाद की बात है।

749
00:53:18,400 --> 00:53:22,640
मगर इन दोनों में अलगाव है। आपकी अच्छाई अलग है और उनकी अच्छाई

750
00:53:22,640 --> 00:53:26,640
अलग है। आपका धर्म अलग है और उनका धर्म अलग है। धर्म का मतलब ही

751
00:53:26,640 --> 00:53:31,760
है कर्तव्य और अकर्तव्य की नियमावली। डूस एंड डोंट्स।

752
00:53:31,760 --> 00:53:35,840
तो यह कहना बंद करो कि वो वो अच्छे मुसलमान।

753
00:53:35,840 --> 00:53:39,920
भाई आपका पर्सपेक्टिव पहले फिक्स करो ना कि अच्छाई क्या है जो आप

754
00:53:39,920 --> 00:53:44,400
आपके यहां अगर मान ले जो देवी देवा देवता का जो

755
00:53:44,400 --> 00:53:48,720
रूप प्राप्त करवाए वो नियमावली धर्म है जो अगले युग में सतयुग

756
00:53:48,720 --> 00:53:52,960
में देवी देवता बन के जाएंगे ब्रह्मा कुमारीज वाले उस

757
00:53:52,960 --> 00:53:56,960
देवत्व को प्राप्त करने के लिए जो बताया जा रहा है ये करो ये मत करो ये करो ये

758
00:53:56,960 --> 00:54:01,040
मत करो ये धर्म है आपके हिसाब से बात कर रहा हूं फिलहाल मैं ब्रह्मा कुमारी

759
00:54:01,040 --> 00:54:05,200
वालों के हिसाब से तो जब ये धर्म है तो जो देवी देवता नहीं बना रहा है वो धर्म

760
00:54:05,200 --> 00:54:09,280
कैसे कैसे जब आप

761
00:54:09,280 --> 00:54:13,360
आप देवता बनाने वाली नियमावली को धर्म बता रहे हो तो देवता ना बनाने वाली

762
00:54:13,360 --> 00:54:17,680
नियमावली धर्म नहीं है वहां पर आप ही के अनुसार नहीं है या तो आप ये छोड़ दोगे

763
00:54:17,680 --> 00:54:22,240
देवता बनना है धर्म के द्वारा धर्म किसी को भी कह देते हैं

764
00:54:22,240 --> 00:54:26,240
तो कोई होगा तो सबसे बड़ी तो यह बात जो है

765
00:54:26,240 --> 00:54:30,240
जो कि भाई अच्छे मुसलमान बात यहां अच्छे हैं कि नहीं वो अच्छे

766
00:54:30,240 --> 00:54:33,520
किस पे किसके पर्सेक्टिव से अच्छे हैं अगर वो कुरान

767
00:54:33,520 --> 00:54:37,680
को नहीं मान रहे हैं आपकी चीजों चीजों को मान रहे हैं तो वो मुसलमान ही नहीं है। और अगर

768
00:54:37,680 --> 00:54:41,840
वो मुसलमान और अगर वो इस्लाम को मान रहे हैं, कुरान को मान रहे हैं तो फिर

769
00:54:41,840 --> 00:54:45,920
वो आपकी अच्छाई की उस रडार में नहीं आएंगे। जिस रडार में

770
00:54:45,920 --> 00:54:49,920
आप हो जो आपका पैरामीटर है किसी चीज को अच्छा है बुरा मानने

771
00:54:49,920 --> 00:54:53,920
का। और आप यह कह दो कि हम किसी की बुराई नहीं कर सकते। तो फिर कर क्यों रहे हो? यहां पर

772
00:54:53,920 --> 00:54:57,920
किसी को अच्छा या बुरे के तराजू पर क्यों तोल रहे हो? और बोलना है तो फिर

773
00:54:57,920 --> 00:55:02,640
सच बोलो। ठीक है जी।

774
00:55:02,640 --> 00:55:06,880
अब विश्वासी इनके ज्ञान में

775
00:55:06,880 --> 00:55:11,120
एक लेडी है उसको ये मम्मा बोलते हैं। ये मेरे

776
00:55:11,120 --> 00:55:15,920
को नहीं मालूम था। ये उसको वैष्णो देवी बोलते हैं। ये

777
00:55:15,920 --> 00:55:19,920
जो वैष्णो देवी अच्छा

778
00:55:19,920 --> 00:55:24,000
कोई वैष्णो देवी बोल रहा है कोई ये सर छह नंबर का सर

779
00:55:24,000 --> 00:55:28,240
लगाइए अपना मैंने ऑपरेटर बोली है छह नंबर वाला लगाइए आप अभी उसमें

780
00:55:28,240 --> 00:55:32,240
वीडियो में बता जो सेंटर वाला है ऑपरेटर जी

781
00:55:32,240 --> 00:55:38,240
छह नंबर वाला लगा दीजिए

782
00:55:57,920 --> 00:56:00,720
ऑपरेटर जी

783
00:56:00,720 --> 00:56:04,880
अभी ऑपरेटर जी शायद कोई टेक्निकल चीजें आ रही हैं। आप आगे आगे

784
00:56:04,880 --> 00:56:09,360
अपनी बात कहिए फिर लगाते हैं। शिवश जी

785
00:56:09,360 --> 00:56:13,360
यह हमारे सेंटर का जो भाई है जिसको आपने संपर्क

786
00:56:13,360 --> 00:56:17,360
किया था चैनल पर आने के लिए तो जिन्होंने मना कर दिया

787
00:56:17,360 --> 00:56:22,400
आप भी आएंगे ये एक वीडियो में बता रहे हैं कि जो

788
00:56:22,400 --> 00:56:26,800
क्या नाम है रविंद्र भाई रविंद्र

789
00:56:26,800 --> 00:56:31,200
अच्छा रविंद्र जी से बात हुई थी कश्मीर के वहां के सेंटर के संचालक

790
00:56:31,200 --> 00:56:35,600
है जो जम्मू के सब जम्मू के जम्मू जम्मू हां जम्मू

791
00:56:35,600 --> 00:56:39,600
शिवास जी ये अपना वीडियो शूट करवाते

792
00:56:39,600 --> 00:56:43,680
हैं। उसमें ये बता रहे हैं ये जो मम्मा है तो

793
00:56:43,680 --> 00:56:47,760
वो वैष्णव वैष्णव देवी का साक्षात रूप है।

794
00:56:47,760 --> 00:56:51,760
अब किसी सनातनी हां जी। हां जी। अब किसी सनातनी जो

795
00:56:51,760 --> 00:56:56,000
वैष्णव देवी ने की उसकी कितनी आस्था है। जो नंगे पैर लेके जम्मू से कट

796
00:56:56,000 --> 00:57:00,000
रहा जा रहा है। ठीक है। कोई लेट के जा रहा है। कोई कैसे जा रहा है।

797
00:57:00,000 --> 00:57:04,400
जब वो वो बंदा ये देखेगा ये किसको देवी बोल रहा है। तो क्या हमारे सनातन

798
00:57:04,400 --> 00:57:08,480
हिंदू की जो भाव में आदत नहीं होती है ये

799
00:57:08,480 --> 00:57:12,960
ये आदमी कैसे पहुंच सकता है ये ये ब्लास्ट फेमिनी है ये

800
00:57:12,960 --> 00:57:17,520
बिल्कुल बिल्कुल ये ब्लास्ट फेमिनी है और जब आप

801
00:57:17,520 --> 00:57:22,480
चलाएंगे ना उसमें एक कहां चल रहा है इनका ये इन लेडीज को

802
00:57:22,480 --> 00:57:27,200
सरस्वती लक्ष्मी क्या बोला जा रहा है

803
00:57:27,200 --> 00:57:31,280
ऐसा है हमारे धर्म का मजा हमारे धर्म का देवी देवताओं का

804
00:57:31,280 --> 00:57:35,360
मजाक बना रखा है उन्होंने अपने जो मर्जी के साथ देवता को ये बोलते इस

805
00:57:35,360 --> 00:57:41,120
देवी को ये बोलते हैं ये अब शिवा जी

806
00:57:41,120 --> 00:57:45,120
ये महाभारत और रामायण को नकारते हैं। इनके

807
00:57:45,120 --> 00:57:49,200
सेंटरों पर जो लेडी आती है उनको समझाया जाता है कि जो

808
00:57:49,200 --> 00:57:53,360
रामायण है यह किससे कहानियां है तो मेरे मुंह पर

809
00:57:53,360 --> 00:57:57,840
एक लेडीज ने बोला है कि सेंटर की दीदी बोल रही थी कि

810
00:57:57,840 --> 00:58:01,840
ये रामायण किससे कहानियां है ये कभी हुई नहीं ये

811
00:58:01,840 --> 00:58:06,080
तो मेरे जो कोई खास है कोई वो कभी बोलता मेरे को रामायण कभी हुई

812
00:58:06,080 --> 00:58:10,160
थी कोई बोलता है कभी नहीं हुई थी और तो मेरे को समझ नहीं आता यह बी

813
00:58:10,160 --> 00:58:14,160
के उषा राम मंदिर के न्योते पे गई थी यह उधर क्या लेने गई

814
00:58:14,160 --> 00:58:18,160
जी अगर आपकी आस्था नहीं है राम राम में आपकी आस्था नहीं

815
00:58:18,160 --> 00:58:22,480
है कृष्ण में आप क्या लेने गए थे रुद्र मंदिर में यहां आप जो

816
00:58:22,480 --> 00:58:26,560
ये बात तो आप रहने ये बात तो मत करिए मैं बताऊं आपको एक बात

817
00:58:26,560 --> 00:58:28,320
वहां पे जो व्यापारिक बुद्धि

818
00:58:28,320 --> 00:58:32,480
वाला व्यक्ति है वो सबसे आगे जाएगा वहां जैसे कि वहां ऐसे बहुत

819
00:58:32,480 --> 00:58:36,800
से लोग थे जो वहां तो बौद्धों को भी बुला लिया गया बौद्ध भी आ रहे हैं

820
00:58:36,800 --> 00:58:40,880
है ना और वहां ये भी पहुंच रही है वहां आर्य समाझी जो मूर्ति पूजक

821
00:58:40,880 --> 00:58:44,880
नहीं है वो भी पहुंच रहे हैं तो ये क्यों नहीं बहती गंगा में सब हाथ धोते हैं ना भाई

822
00:58:44,880 --> 00:58:48,880
हम जब परोस के दे रहे हैं अपनी चीजों को कि भैया जो जिन लोग जो लोग मूर्ति के

823
00:58:48,880 --> 00:58:52,960
भंजक रहे हैं जो लोग मूर्ति के शत्रु रहे हैं अरे

824
00:58:52,960 --> 00:58:57,200
राम जी के अस्तित्व को मानना और ना मानना तो दूर की बात हो गई

825
00:58:57,200 --> 00:59:01,280
प्राण प्रतिष्ठा मूर्ति पूजा ये

826
00:59:01,280 --> 00:59:05,360
मानते हैं ब्रह्मा कुमारी वाले नहीं मानते हैं ये नहीं मानते

827
00:59:05,360 --> 00:59:09,440
तो क्यों गए थे वहां वही तो मेरा मेरा तो वही प्रश्न

828
00:59:09,440 --> 00:59:13,840
है इसलिए गए थे कि वहां जाकर के हमारा प्रचार होगा।

829
00:59:13,840 --> 00:59:18,000
हम जाएंगे तो लाखों करोड़ों लोग हमें देखेंगे और फिर

830
00:59:18,000 --> 00:59:22,240
वो जब लाखों करोड़ों लोग में से जो हमसे प्रभावित होंगे वो हमारे पास आएंगे।

831
00:59:22,240 --> 00:59:26,320
फिर हम एक दिन वहां पे जिन्होंने हमें राम मंदिर में देखा होगा खुश हुए होंगे वाह हमारे

832
00:59:26,320 --> 00:59:30,320
राम को मानती है और वो जब हमारे पास आएंगे धीरे-धीरे उनका वो

833
00:59:30,320 --> 00:59:34,320
जो पहले फर्श बनता था ना

834
00:59:34,320 --> 00:59:38,800
तो कलेजी कहते थे। अब आपके यहां क्या कहते हैं मुझे नहीं पता। जैसे वो

835
00:59:38,800 --> 00:59:42,960
नहीं आती है। टूटन आती है जो मार्बल की टूटन होती है। उसको क्या कहते हैं?

836
00:59:42,960 --> 00:59:43,460
पानी

837
00:59:43,360 --> 00:59:47,520
के कलेजी हां हां जी तो पहले घरों में फर्श

838
00:59:47,520 --> 00:59:51,600
बनते थे कलेजी के है ना टूटे हुए मार्बल के पत्थरों के वो फर्श

839
00:59:51,600 --> 00:59:55,600
बनते थे तो जब वो बिछा दिए जाते थे सीमेंट के

840
00:59:55,600 --> 00:59:59,600
साथ तो सीमेंट के साथ बिछाने के बाद एक मशीन

841
00:59:59,600 --> 01:00:03,680
आती थी और जिसमें गुटके लगे हुए थे नीचे वो गोल गोल गोल गोल

842
01:00:03,680 --> 01:00:07,760
जल्दी-जल्दी घूमती थी वो जो है चिकनापन कर देती थी वो जो गुटके हैं अलग-अलग

843
01:00:07,760 --> 01:00:12,320
अब वो फर्श बन जाता था बिल्कुल बराबर का एकदम समतल ऐसा हो जाता था

844
01:00:12,320 --> 01:00:16,400
तो इसी प्रकार से जैसे वो अच्छा कई बार वो गुटखा भी आता

845
01:00:16,400 --> 01:00:20,560
था मार्केट में कि आप आप अगर मशीन की व्यवस्था नहीं हो पा रही या कुछ कोने

846
01:00:20,560 --> 01:00:24,640
की जगह जहां मशीन नहीं जा पा रही वहां हाथ से घिस सकते हो आप हाथ से भी घिस सकते हो

847
01:00:24,640 --> 01:00:28,720
तो गुटखा भी आता था तो ये लोग क्या करते हैं जब इस तरह से किसी ने कोई राम मंदिर में

848
01:00:28,720 --> 01:00:32,720
इनको देखा किसी ने अरे वाह ये तो बहुत हमारे राम

849
01:00:32,720 --> 01:00:37,040
को मानती बहुत परम पूज्य हमारे लिए और फिर वो वहां पहुंचते हैं कि हमने

850
01:00:37,040 --> 01:00:41,120
आपको वहां देखा था प्रभावित हो गए थे हम आपसे हम आपको सुनने आए हैं फिर अपना वो

851
01:00:41,120 --> 01:00:45,280
गुटखा निकाल ती है मशीन निकालती है और फिर लोगों के माइंड को घिसना शुरू करती

852
01:00:45,280 --> 01:00:49,440
हैं। उसी पत्थर से जिस पत्थर से फर्श को घिसा जाता है ना

853
01:00:49,440 --> 01:00:53,600
उसी पत्थर से फिर घिसना शुरू किया जाता है व्यक्ति के विचारों को व्यक्ति

854
01:00:53,600 --> 01:00:59,600
के माइंड को और फिर उसमें डाल दिया जाता है कि जिस

855
01:00:59,760 --> 01:01:03,600
मूर्ति गलत है।

856
01:01:03,600 --> 01:01:07,840
जी शिवा जी अब मैं एक बहुत आपको प्रमुख

857
01:01:07,840 --> 01:01:11,840
पॉइंट के ऊपर आता हूं। आपके चैनल पर वो

858
01:01:11,840 --> 01:01:16,480
कमल किशोर जी जो अपने आप को संत कहते हैं उन्होंने

859
01:01:16,480 --> 01:01:20,480
वो चर्चा में यह बात कर रहे थे कि जैसे कि सूरज है

860
01:01:20,480 --> 01:01:24,480
सूरज जी है तो वो अपनी जो गर्मी देते हैं अपनी

861
01:01:24,480 --> 01:01:28,480
रोशनी देते हैं तो वो कभी किसी को नहीं देखते कि वो मुसलमान को मिल रही है

862
01:01:28,480 --> 01:01:32,640
या हिंदू को सिख को किसे मिल रही है तो उनका कहने का मतलब है

863
01:01:32,640 --> 01:01:37,040
परमात्मा के जो भी नियम है दुनिया में वो सार्वभौमिक है वो सबके

864
01:01:37,040 --> 01:01:41,040
लिए है ठीक है इसी तरह ब्रह्मा कुमारी ज्ञान

865
01:01:41,040 --> 01:01:45,280
के अटक रहा है। राम महाजन जी का वीडियो अटक रहा है या मुझे को ऐसा लग रहा है अटकते

866
01:01:45,280 --> 01:01:51,280
हुए?

867
01:01:52,800 --> 01:01:58,800
कोई बताएगा राम महाजन जी का वीडियो अटक रहा है क्या?

868
01:02:04,800 --> 01:02:10,640
अटक रहा है। आपका फोन गर्म तो नहीं हो गया?

869
01:02:10,640 --> 01:02:14,480
कोई खास घर नहीं हुआ है।

870
01:02:14,480 --> 01:02:18,800
अच्छा शिवा जी इंटरनेट वगैरह हां

871
01:02:18,800 --> 01:02:22,800
जी इंटरनेट वगैरह चेक कर लीजिए शायद इंटरनेट की कोई प्रॉब्लम आ रही

872
01:02:22,800 --> 01:02:27,200
हो। मेरे फोन में जी

873
01:02:27,200 --> 01:02:31,520
आपका जो पिक्चर है वो हां जी पिक्चर

874
01:02:31,520 --> 01:02:34,800
आपका रुक रुक के आ रहा है

875
01:02:34,800 --> 01:02:38,800
शिवा जी आवाज पूरी आ रही है आवाज आ रही है हां आवाज

876
01:02:38,800 --> 01:02:43,040
आ रही है ठीक है बोलिए रखें अभी पता क्या है सर हमारी बारिश

877
01:02:43,040 --> 01:02:46,400
हो रही है मौसम खराब है आज

878
01:02:46,400 --> 01:02:50,400
अच्छा शिवाज जी अब मैं सबसे प्रमुख पॉइंट के ऊपर बात

879
01:02:50,400 --> 01:02:54,640
करूंगा जी इसमें मेरे को इनके ज्ञान से बाहर

880
01:02:54,640 --> 01:02:58,800
निकाला। जो यह ज्ञान दिया जा रहा है वो

881
01:02:58,800 --> 01:03:02,960
सिर्फ हिंदुओं को दिया जा रहा है। अगर परमात्मा आए हैं तो वो

882
01:03:02,960 --> 01:03:07,040
उनका ज्ञान सबको मिलना चाहिए। जो ये मुसलमान है

883
01:03:07,040 --> 01:03:07,840
ये कभी ये

884
01:03:07,840 --> 01:03:12,480
भी हमारी तरह सनातनी ही थे। मगर सिर्फ सनातनियों

885
01:03:12,480 --> 01:03:16,640
को ये ज्ञान हिंदुओं को ज्ञान दिया जा रहा है। चुन चुन के। हमको बताया

886
01:03:16,640 --> 01:03:20,800
जा रहा है काम, क्रोध, मोह, लोभ, और

887
01:03:20,800 --> 01:03:24,880
काम, क्रोध, मोह, लोभ और अहंकार के विकार के

888
01:03:24,880 --> 01:03:29,680
हिंदुओं को इसमें नहीं रहना है। इसके विपरीत

889
01:03:29,680 --> 01:03:33,680
जो काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार का दुनिया में तांडव

890
01:03:33,680 --> 01:03:37,840
मचाए हुए हैं। कौन? मुस्लिम उनको इस ज्ञान से वंचित

891
01:03:37,840 --> 01:03:42,320
रखा जा रहा है। और जो वो कार्य कर रहे हैं उसको

892
01:03:42,320 --> 01:03:46,160
बात आप जो है सैद्धांतिक

893
01:03:46,160 --> 01:03:50,160
विरोध करिए। है ना? किसी ने क्या किया है, क्या नहीं

894
01:03:50,160 --> 01:03:54,320
किया है, वह वह प्रूफ करने के लिए हम यहां चर्चा नहीं कर रहे। मतलब

895
01:03:54,320 --> 01:03:58,480
कि उसने किसी की किसी ना किसी की हत्या की है। नहीं मेरा

896
01:03:58,480 --> 01:04:02,800
कहने का वो मतलब नहीं है। शिवा जी देखिए सर बात ऐसी

897
01:04:02,800 --> 01:04:06,880
है अगर हम चर्चा करेंगे ना तो सर हम इन बिंदुओं

898
01:04:06,880 --> 01:04:10,880
को कैसे छोड़ सकते हैं? देखो ना नहीं आप आप अपनी बात आप अपनी बात

899
01:04:10,880 --> 01:04:15,040
रखिए। मैं बस एक बात कह रहा हूं कि किसी पर डायरेक्ट हमें आरोप आरोप जैसा

900
01:04:15,040 --> 01:04:19,360
नहीं हमें किसी मेरे को किसी पे आरोप नहीं लगाने हैं मगर सर यह

901
01:04:19,360 --> 01:04:22,960
जो जो कर रहे हैं ये उनको जस्टिफाई कर रहे हैं ये ये बोल रहे

902
01:04:22,960 --> 01:04:26,960
हैं कि वो जो कर रहे हैं वो धार्मिक कार्य है मैं कोई गलत नहीं कर

903
01:04:26,960 --> 01:04:31,360
रहा हूं जो वो कर रहे हैं मैं वही बता रहा हूं वेद रामायण

904
01:04:31,360 --> 01:04:35,520
में लिखा हुआ जो सिद्धांत है वो धर्म है तो उसके विरुद्ध

905
01:04:35,520 --> 01:04:39,760
जाने वाली जो भी आइडियोलॉजी है जो भी विचारधारा है वो अधर्म कहलाएगी

906
01:04:39,760 --> 01:04:43,760
उस उस दृष्टि से वो अपराध ही मानना पड़ेगा। अधर्म ही मानना पड़ेगा जो भी

907
01:04:43,760 --> 01:04:47,760
उसके विरुद्ध कोई आचरण किया जा रहा है। और सर जो वो

908
01:04:47,760 --> 01:04:52,960
जो आचरण कर रहे हैं ये उनको धर्म बता रहे हैं। ठीक है।

909
01:04:52,960 --> 01:04:57,200
अब शिवा जी धर्म बता रहे हैं। जी अब शिवा जी अब आपको

910
01:04:57,200 --> 01:05:01,200
एक मैं सबसे बड़ी बात बताता हूं। हिंदू लोग

911
01:05:01,200 --> 01:05:05,280
हैं वो इनका कार्यक्रम देख रहे हैं। तो उनके

912
01:05:05,280 --> 01:05:09,360
सामने हिंदुओं की बेजती की जा रही है देवी देवताओं की और कोई हिंदू है

913
01:05:09,360 --> 01:05:13,360
इसके बारे में कोई ऑब्जेक्शन नहीं लगाता है क्योंकि उनका दिमाग चाट

914
01:05:13,360 --> 01:05:17,440
दिया जाता है। ये स्थिति हो चुकी है। अब मैं

915
01:05:17,440 --> 01:05:21,840
लास्ट में आपको एक देता हूं एक वीडियो जो मेरा सबसे

916
01:05:21,840 --> 01:05:26,000
आपत्तिजनाक इनके ऊपर काम है। ये रामायण तो महाभारत को

917
01:05:26,000 --> 01:05:30,160
तो बहुत नकारते हैं। इनके दिल्ली के चाणक्य पहले

918
01:05:30,160 --> 01:05:34,320
से एक संजीव भाई है वो बता रहा है कि भगवान

919
01:05:34,320 --> 01:05:38,960
ने आके इनको बोला है कि रामायण और महाभारत

920
01:05:38,960 --> 01:05:43,120
एक सड़ा हुआ भूसा है। ये इतना सड़ा हुआ भूसा है इसको

921
01:05:43,120 --> 01:05:47,360
जानवर भी नहीं खा सकते इसलिए इसको जला देना चाहिए। सर

922
01:05:47,360 --> 01:05:51,520
यह वीडियो है पांच नंबर का। अपने ऑपरेटर से बोलिए कि कृपया

923
01:05:51,520 --> 01:05:55,680
यह वीडियो चलाइए। ऑपरेटर जी जरा चलाइए। इतना

924
01:05:55,680 --> 01:05:59,680
इतना बुरा बोला है किसी ने और फिर भी अपने आप को सनातनी

925
01:05:59,680 --> 01:06:05,520
कह रहे हैं।

926
01:06:05,520 --> 01:06:09,840
अवेलेबल नहीं है क्या?

927
01:06:09,840 --> 01:06:14,880
मैंने भेज रखा है। आप अपनी बात बोले मैं जरा उनसे संपर्क बना रहा हूं।

928
01:06:14,880 --> 01:06:19,280
ठीक है। तो वो से कोई भी उखाड़ लिया उसका क्रिश्चियन

929
01:06:19,280 --> 01:06:24,640
ने। और कवच किसका दिया हुआ था? इंद

930
01:06:24,640 --> 01:06:28,640
इंद्र किसका सूर्य का था सूर्य का था ना ठीक है

931
01:06:28,640 --> 01:06:33,680
तो वो कुछ भी उखाड़ दिया उसी का दिया

932
01:06:33,680 --> 01:06:37,840
तो सारी द्रोणाचार्य जो गुरु है कईयों

933
01:06:37,840 --> 01:06:41,840
ने गुरु की ये कई पढ़ाई सीखी सब सीखी

934
01:06:41,840 --> 01:06:46,240
भगवान ने आके कहा जो कुछ सुना है सब

935
01:06:46,240 --> 01:06:50,320
बेकार है एक मुरली में बोला था एक तो

936
01:06:50,320 --> 01:06:54,080
भूसा होता है जिसको भैंस और गाय खा लेती है। एक

937
01:06:54,080 --> 01:06:58,240
ये भूसा है जिसको केवल और केवल जलाया जा सकता है। मतलब सोचो

938
01:06:58,240 --> 01:07:02,240
अगर हम किसी को बताएं तो लोग लड़ने को आ जाए। जगदीश भाई साहब बताते थे कि मैंने

939
01:07:02,240 --> 01:07:07,600
रामायण महाभारत इतने शास्त्र पढ़े और बाबा ने बोला ये जो तूने पढ़ा है ना

940
01:07:07,600 --> 01:07:12,160
ये सब भूसा है। जगदीश भाई बोले मेरी आंखें ऐसे।

941
01:07:12,160 --> 01:07:16,160
कह रहा है एक तो भूसा वो होता है जो गाय भैंस को डाल दे। वो खा तो लेती है। ये

942
01:07:16,160 --> 01:07:20,160
वो भी नहीं है। मतलब ये भूसे से भी

943
01:07:20,160 --> 01:07:24,240
सड़ी हुई इतनी बड़ी ताकत चाहिए उधर आने के लिए। बस बस हो गया। बस

944
01:07:24,240 --> 01:07:30,000
बस करो बस करो। ये जितने भी सनातनी हैं

945
01:07:30,000 --> 01:07:34,000
जितने भी सनातनी हैं वो देख

946
01:07:34,000 --> 01:07:38,320
ले ब्रह्मा कुमारी का दृष्टिकोण

947
01:07:38,320 --> 01:07:42,400
क्या है आपके सनातन शास्त्रों के लिए? जिन शास्त्रों से हमें

948
01:07:42,400 --> 01:07:46,640
राम प्राप्त होते हैं, सीता प्राप्त होती है, कृष्ण प्राप्त होते हैं।

949
01:07:46,640 --> 01:07:50,880
जिन शास्त्रों से हमें मर्यादा प्राप्त होती है, धर्म प्राप्त होता है,

950
01:07:50,880 --> 01:07:54,960
वह शास्त्र ब्रह्मा कुमारी वालों के लिए जलाकर फेंक देने वाले

951
01:07:54,960 --> 01:07:59,040
कूड़ा है। कूड़े ऐसा ऐसा भूसा जिसको जानवर

952
01:07:59,040 --> 01:08:03,440
नहीं खा सकते। भूसे को तो जानवर खा के अपना पेट भर लेते हैं। पर

953
01:08:03,440 --> 01:08:07,440
यह ऐसा भूसा है जिसको जानवर खा भी नहीं सकते। मतलब ये उससे भी क्या

954
01:08:07,440 --> 01:08:09,520
बीता है। और आप देखिए बिल्कुल

955
01:08:09,520 --> 01:08:13,600
लगभग ऐसी मिलती जुलती इसमें उतनी अश्लीलता नहीं है। प्रहार उससे

956
01:08:13,600 --> 01:08:17,840
बड़ा है। यह ध्यान रखिए। कभी-कभी कोई ऐसा व्यक्ति होता है जो गाली

957
01:08:17,840 --> 01:08:22,400
देकर के अपने आप को छोटा करता है। मगर कभी-कभी कोई ऐसा व्यक्ति होता है बिना गाली दिए

958
01:08:22,400 --> 01:08:26,560
उससे बड़ा प्रहार करता है। रामपाल ने अपनी बुक में लिखा था

959
01:08:26,560 --> 01:08:30,880
कि क्या तुम शिवलिंग की पूजा करते हो? से तो खागड़ का लिंग यानी

960
01:08:30,880 --> 01:08:35,040
कि जो सांड होता है उसका जो गुप्तांग है वह

961
01:08:35,040 --> 01:08:39,520
ज्यादा अच्छा होता है क्योंकि उसकी वजह से जो है गर्भ

962
01:08:39,520 --> 01:08:43,840
गर्भाधान होता है। उसने यह कमेंट किया था यहां भी वही सिचुएशन

963
01:08:43,840 --> 01:08:47,920
है कि भूसा है पर वो भी किस क्वालिटी का

964
01:08:47,920 --> 01:08:52,480
कि जिसको खाके कोई पेट नहीं भर सकता है। आप समझिए

965
01:08:52,480 --> 01:08:56,560
यह ब्रह्मा कुमारी सिखा रहे हैं हमारे हिंदू भाई बहनों को और फिर

966
01:08:56,560 --> 01:09:00,800
ये बोलते हैं ये कौन ये क्या नाम है इनका? कौन है? कमल

967
01:09:00,800 --> 01:09:04,880
किशोर ये बहरूपिए फिर इनको बहरूपिया ना

968
01:09:04,880 --> 01:09:07,920
कहूं तो क्या कहूं?

969
01:09:07,920 --> 01:09:12,160
फिर आकर के आप हमसे बोलते हो कि भैया वो जो है धर्म बता रहे हैं। वो अच्छी बातें

970
01:09:12,160 --> 01:09:16,320
बता रहे हैं। यह अच्छी बातें बता रहे हैं। जिन शास्त्रों को आपने शिव

971
01:09:16,320 --> 01:09:20,880
पार्वती से डायरेक्ट प्राप्त किया है। कम से कम वो शास्त्र आपके लिए सम्माननीय

972
01:09:20,880 --> 01:09:24,560
तो है। वेद सम्माननीय तो है। कमल किशोर जी आपसे बात कर रहा हूं। फिलहाल

973
01:09:24,560 --> 01:09:28,880
में आप आपने वह प्राप्त कहां से किए हो? उनकी प्रमाणिकता

974
01:09:28,880 --> 01:09:32,960
क्या है? आपकी प्रमाणिकता क्या है? वह सब गई बातें भाड़ में। मगर

975
01:09:32,960 --> 01:09:38,000
कम से कम आपने उनका सम्मान होने की बात को तो स्वीकार किया आपके मन में।

976
01:09:38,000 --> 01:09:42,320
और यह उनहीं शास्त्रों को आग लगाने की बात कर रहे हैं कि उससे तो किसी जानवर

977
01:09:42,320 --> 01:09:46,320
का पेट भी नहीं भरता है। और ऐसे लोगों का आप पक्ष

978
01:09:46,320 --> 01:09:50,480
लेने के लिए हमारे पास आकर के कह रहे हैं कि वो धर्म बता रही है लोगों ब्रह्मा कुमारीज

979
01:09:50,480 --> 01:09:54,560
वाली। शर्म आनी चाहिए आप जैसे सनातन

980
01:09:54,560 --> 01:09:59,760
का चोला ओढ़ के सनातन विरुद्ध विचारधाराओं का पोषण करने वालों को।

981
01:09:59,760 --> 01:10:03,760
जी राम महाजन जी शिवास जी अभी आपने बात

982
01:10:03,760 --> 01:10:08,000
छेड़ी है तो एक प्रश्न मैं अभी पूछूंगा बस ये संत

983
01:10:08,000 --> 01:10:12,240
जो कमल किशोर जी है इन्होंने आपके चैनल पे ये क्लेम

984
01:10:12,240 --> 01:10:16,320
किया उनके लिए संत शब्द फिलहाल तो मुझे उचित नहीं लग रहा है ऐसा कुछ

985
01:10:16,320 --> 01:10:21,040
उन्होंने नहीं प्रस्तुत किया अपनी ओर से जो उनको संत कहा जा सके

986
01:10:21,040 --> 01:10:25,040
चलो ठीक है। चलो कमल किशोर जी ने आपके चैनल पे

987
01:10:25,040 --> 01:10:29,040
बोला आके कि इनको परमात्मा भोलेनाथ ने मां पार्वती

988
01:10:29,040 --> 01:10:33,120
ने दीक्षित किया है। ये बहुत बड़ा क्लेम है। जितना

989
01:10:33,120 --> 01:10:37,200
क्लेम उसने किया ना लेखराज ने कि मेरे अंदर परमात्मा आ गए हैं। ये

990
01:10:37,200 --> 01:10:39,600
स्वयं घोषित है ये खुदा की अपने आपको

991
01:10:39,600 --> 01:10:43,680
ये सेल्फ डिक्लेअर कर रहे हैं कि मेरे अंदर मेरे को भगवान

992
01:10:43,680 --> 01:10:47,840
भोलेनाथ मां पार्वती ने दीक्षित किया है। तो उधर की जो टेकराज

993
01:10:47,840 --> 01:10:52,080
है उसके अंदर परमात्मा आ रहे हैं। यह दोनों का स्वयं का क्लेम है ये। अब

994
01:10:52,080 --> 01:10:57,520
मेरा इनसे प्रश्न आएगा कमल किशोर जी से। आपको

995
01:10:57,520 --> 01:11:01,520
भोलेनाथ मां पार्वती ने दीक्षित किया तो आपको ये नहीं पता चला

996
01:11:01,520 --> 01:11:06,400
ब्रह्मा कुमारी के अंदर क्या चल रहा है। हैं शिवा जी।

997
01:11:06,400 --> 01:11:12,400
आपकी आवाज गड़बड़ हो रही है। अटक रही है आपकी।

998
01:11:12,560 --> 01:11:16,560
ठीक है। आपकी चर्चा को फिर दोबारा कंटिन्यू करेंगे। अभी राम महाजन

999
01:11:16,560 --> 01:11:20,720
जी के यहां कोई टेक्निकल ग्लिच आ रहा है जिसकी वजह से आवाज नहीं आ रही है

1000
01:11:20,720 --> 01:11:25,120
और यह व्यक्ति जो है इसको उत्तर जरूर दिया जाएगा

1001
01:11:25,120 --> 01:11:29,280
अच्छे से जिसने ये बात कही है कि भूसा है इसको उत्तर जरूर

1002
01:11:29,280 --> 01:11:33,360
दिया जाएगा जय श्री राम शिवा जी ठीक

1003
01:11:33,360 --> 01:11:39,360
है जय श्री राम सभी को जय श्री राम

1004
01:11:44,160 --> 01:11:48,640
ठीक है सभी को जय श्री राम इस चर्चा को हम कंटिन्यू करेंगे। फिर किसी दिन

1005
01:11:48,640 --> 01:11:51,200
अभी तकनीकी

1006
01:11:51,200 --> 01:11:55,360
त्रुटियों के कारण अभी फिलहाल इसको हम स्थगित कर रहे हैं। जय

1007
01:11:55,360 --> 01:11:59,360
श्री राम सभी को।
