1
00:00:02,960 --> 00:00:07,600
सभी को जय श्री राम और आशा

2
00:00:07,600 --> 00:00:08,400
करते हैं आप सभी

3
00:00:08,400 --> 00:00:12,400
कुशल पूर्वक होंगे। आज काफी दिनों बाद मैं लाइव

4
00:00:12,400 --> 00:00:18,400
उपस्थित हो पाया हूं। बीच में कुछ धरातलीय

5
00:00:18,400 --> 00:00:23,680
चीजें थी जिनके कारण लाइव नहीं आ रहे थे और

6
00:00:23,680 --> 00:00:27,840
अभी रिसेंटली जो है दिल्ली का भी ट्रिप देखा होगा

7
00:00:27,840 --> 00:00:32,320
आपने हमारा। वहां की काफी चीजें लेकर के आए हैं। वहां पर

8
00:00:32,320 --> 00:00:36,320
इस के स्वयं को ब्रह्मचारी बताते

9
00:00:36,320 --> 00:00:40,400
हैं। उनके साथ हमारा एक वार्तालाप

10
00:00:40,400 --> 00:00:44,800
का वीडियो आपने देखा होगा और वहां पर एक

11
00:00:44,800 --> 00:00:48,880
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से भी एक कुछ चल

12
00:00:48,880 --> 00:00:52,960
रहा है। वेदों के नाम पर, गीता के नाम पर वो भी आपने

13
00:00:52,960 --> 00:00:56,960
देखा होगा। और सनातन शंकर जी के साथ

14
00:00:56,960 --> 00:00:59,680
हमारी एक

15
00:00:59,680 --> 00:01:05,440
वार्ता भी आपके आपने देखी होगी। सनातन शंकर जी के चैनल पर है वो।

16
00:01:05,440 --> 00:01:09,440
अच्छा इस बीच एक ऑडियो क्लिप भी आपने सुनी होगी जिसमें व्यक्ति पहले

17
00:01:09,440 --> 00:01:12,800
कह रहा है कि हमारे

18
00:01:12,800 --> 00:01:16,800
वीडियो को आप हटा दीजिए। और जबकि उसी ने

19
00:01:16,800 --> 00:01:20,560
हमें आमंत्रित किया था वहां पर

20
00:01:20,560 --> 00:01:24,880
इस वार्तालाप के लिए उसको हटाने के लिए बोल रहा था और

21
00:01:24,880 --> 00:01:28,880
हमने अपनी सैद्धांतिक विषय रखे कि भाई अगर ऐसी कोई

22
00:01:28,880 --> 00:01:32,960
बात है कि कोई आपसे मना कर रहा है कि वो हटा लो तो आपने यदि आपकी दृष्टि में

23
00:01:32,960 --> 00:01:37,920
आपने सत्य बोला है तो फिर आप क्यों हटाओगे उसे सत्य की रक्षा करी

24
00:01:37,920 --> 00:01:42,240
तो उसने बता दिया कि मैं गीता को क्रॉस कर सकता हूं मैं

25
00:01:42,240 --> 00:01:46,320
भगवान श्री कृष्ण के विरुद्ध भी जा सकता हूं पर मैं

26
00:01:46,320 --> 00:01:52,320
अपने पिता जो कि सत्य के विरुद्ध हैं उनके विरुद्ध नहीं जा सकता हूं।

27
00:01:52,320 --> 00:01:56,320
तो ये कैसी कृष्ण भक्ति है? भगवान ने कहा है जो मेरी

28
00:01:56,320 --> 00:02:00,480
श्रुति स्मृति मम मम आज्ञा जो मेरी आज्ञा

29
00:02:00,480 --> 00:02:04,960
को फॉलो करता है और फिर भक्ति करता है वो भक्ति भक्ति होती है।

30
00:02:04,960 --> 00:02:10,640
उनकी आज्ञा को तिलांजलि देकर के

31
00:02:10,640 --> 00:02:14,640
सोच समझकर विरोध करके

32
00:02:14,640 --> 00:02:19,040
और अपनी क्या कहते हैं? सुविधा अनुसार

33
00:02:19,040 --> 00:02:23,760
भक्ति करना भक्ति नहीं कहलाती है। ये सब शास्त्रों के वचन है। खैर

34
00:02:23,760 --> 00:02:27,840
अब उसमें एक नया ट्विस्ट आ गया है। उस व्यक्ति ने लास्ट में ये

35
00:02:27,840 --> 00:02:31,840
कहा था ना इस के व्यक्ति ने लास्ट में यह कहा था कि अब मैं आपका

36
00:02:31,840 --> 00:02:36,080
दुष्प्रचार करूंगा। और केंद्रीय मंत्रालय से

37
00:02:36,080 --> 00:02:40,240
ठीक करूंगा। तो अभी वो क्या कर रहा है? रामपाल के द्वारा जो हमारे विरुद्ध

38
00:02:40,240 --> 00:02:45,040
जो षड्यंत्र पूर्वक जो मुकदमे लगाने का प्रयास किया गया है।

39
00:02:45,040 --> 00:02:49,120
हालांकि पांच छ सात प्रयास तो विफल हो गए। उसमें निर्दोष घोषित करते

40
00:02:49,120 --> 00:02:53,360
हुए थाने स्तर पर और कोर्ट के स्तर पर हमें जो है निर्दोष

41
00:02:53,360 --> 00:02:57,440
घोषित किया गया। तो अब जो एक अभी विचाराधीन है

42
00:02:57,440 --> 00:03:01,840
उनप भी जो हमारे ऊपर नोटिसेस आ रहे हैं ना तरह तरह के मानहानि

43
00:03:01,840 --> 00:03:06,560
का दावा रामपाल की ओर से मुख्यता एक भागवतानंद की ओर से भी आया था।

44
00:03:06,560 --> 00:03:10,640
कथा तो रामपाल की ओर से ही आ रहे हैं। तो जो नोटिस आ रहे हैं उनका

45
00:03:10,640 --> 00:03:14,720
एक नोटिस वाली सीरीज भी चलाएंगे। एक एक नोटिस का बैठ के अच्छे से तसल्ली से जवाब

46
00:03:14,720 --> 00:03:17,760
दिया जाएगा। खैर

47
00:03:17,760 --> 00:03:21,840
तो ये

48
00:03:21,840 --> 00:03:26,880
रामपाल के द्वारा जो हमारे विरोध में फैलाई जा रही चीजें हैं। जैसे

49
00:03:26,880 --> 00:03:30,880
भागवतानंद बाबू जी ने उनका प्रयोग किया था। हमारे विरुद्ध दुष्प्रचार करने के लिए यह भी

50
00:03:30,880 --> 00:03:34,880
कर रहा है जो व्यक्ति जिसने मुझे धमकाया था कि अब मैं जो है दुष्प्रचार करूंगा तो

51
00:03:34,880 --> 00:03:39,600
मैं बदनाम कर दूंगा क्योंकि तुमने मेरे साथ मेरी

52
00:03:39,600 --> 00:03:44,080
इच्छा से जो वीडियो शूट किया था उस वीडियो को हटाने के लिए मैं कह रहा हूं

53
00:03:44,080 --> 00:03:47,680
और तुम हटा नहीं रहे हो

54
00:03:47,680 --> 00:03:51,680
तो ये सारी चीजें हैं। तो मैंने उसको कहा कि भाई

55
00:03:51,680 --> 00:03:55,680
यह जो तुम भेज रहे हो ना रामपाल ने रामपाल के लोगों की ओर से मेरे ऊपर यह कराया

56
00:03:55,680 --> 00:03:59,760
जा रहा है वह कराया जा रहा है यह तो तुमने एक जानकारी मुझे भेजी है

57
00:03:59,760 --> 00:04:03,760
मैं तुम्हें और सारी जानकारियां भेज देता हूं तुमको

58
00:04:03,760 --> 00:04:07,840
अच्छा लगेगा और तुम उनसे मिल जाओ जाकर के भगवान कृष्ण को बोलते

59
00:04:07,840 --> 00:04:12,000
हैं ना उल्टा सीधा तो तुम्हारी और भक्ति पता चलेगी उनसे मिल लो

60
00:04:12,000 --> 00:04:16,000
जाकर के ये सब मैंने उनको लिखा फिर मैंने लास्ट में लिखा

61
00:04:16,000 --> 00:04:20,320
शंकर के सैनिकों से लड़ने के लिए थोड़ा और बल

62
00:04:20,320 --> 00:04:24,480
और बुद्धि चाहिए अभी तुमको। अभी तुम थोड़ा पीछे

63
00:04:24,480 --> 00:04:28,880
हो जो हरकतें कर रहे हो उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है।

64
00:04:28,880 --> 00:04:32,880
फिर बोल रहा है मैंने तो अभी लीगल एक्शन लिया नहीं। लीगल एक्शन उसके

65
00:04:32,880 --> 00:04:37,760
पास है लेने की या मुझे जो ये कह रहा है मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा।

66
00:04:37,760 --> 00:04:41,760
लीगल एक्शन लेने का जो स्पेस बन रहा है वो तो

67
00:04:41,760 --> 00:04:42,260
मेरे

68
00:04:41,920 --> 00:04:47,040
पास बन रहा है। उसने मुझे धमकी दी है मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा। खैर

69
00:04:47,040 --> 00:04:51,360
ये तो रही कुछ जानकारियां। यहां एक जानकारी और जो आपने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

70
00:04:51,360 --> 00:04:55,360
वाला जो हमारा वीडियो देखा होगा उस वीडियो में उस व्यक्ति ने यह कहा

71
00:04:55,360 --> 00:04:59,680
था जो वहां का प्रतिनिधि था वहां से हमें मिला था

72
00:04:59,680 --> 00:05:04,000
उसने हमें यह कहा था कि आपको हम क्लासेस ज्वाइन कराएंगे

73
00:05:04,000 --> 00:05:08,160
और वहां की रिकॉर्डिंग भी हम करने देंगे। पर

74
00:05:08,160 --> 00:05:12,160
जब हमने संपर्क किया तो उस वहां से मना कर दिया गया है कि आपको

75
00:05:12,160 --> 00:05:16,240
हम अभी क्लासेस ज्वाइन नहीं कराएंगे। एक महीने तक तो हमारे पास टाइम ही नहीं है। यह कहा गया। अभी कोई

76
00:05:16,240 --> 00:05:20,240
निश्चित डेट नहीं दी गई है। बहुत जल्द हम जो

77
00:05:20,240 --> 00:05:24,480
है एक लिखित में वहां लेटर भेज करके उनका लिखित में जवाब मंगवा

78
00:05:24,480 --> 00:05:28,880
लेंगे हम अन्यथा जो है आगे

79
00:05:28,880 --> 00:05:32,880
चीजें की जाएंगी वो आपके समक्ष प्रस्तुत फिलहाल ये है कि जो

80
00:05:32,880 --> 00:05:36,880
उसने कहा था कि आप जो ज्वाइन कर लेना वहां आपको सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे

81
00:05:36,880 --> 00:05:40,880
फला फला फला वो वहां से मना हो गया है कहां

82
00:05:40,880 --> 00:05:45,040
शंकर के सैनिकों को क्लास ज्वाइन करने देंगे वो भी विद कैमरा विद रिकॉर्डिंग

83
00:05:45,040 --> 00:05:50,560
हम्म पूरा तंत्र नष्ट भ्रष्ट नहीं हो जाएगा तो खत्म हो जाएगा।

84
00:05:50,560 --> 00:05:54,880
तो यह है। अच्छा एक शुभ सूचना और है कि

85
00:05:54,880 --> 00:05:56,960
प्रयागराज में माघ

86
00:05:56,960 --> 00:06:01,040
मेले में 15 और 16 को संभवत जो नित्य कर्म

87
00:06:01,040 --> 00:06:05,760
प्रशिक्षण शिविर स्थगित हो गया था वो होने जा रहा है प्रयागराज

88
00:06:05,760 --> 00:06:10,000
में। उसकी भी डिटेल्स आपको एक दो दिन में हमारे मुख्य चैनल पर और सर्वशक्तिमान

89
00:06:10,000 --> 00:06:14,640
पर दोनों पर ही आपको मिल जाएंगी। तो आप उसमें जो है

90
00:06:14,640 --> 00:06:19,040
एनरोल करा लें स्वयं को तो यह बात

91
00:06:19,040 --> 00:06:23,200
और इसके साथ ही साथ फरवरी में यज्ञ

92
00:06:23,200 --> 00:06:27,200
पवीत कार्यक्रम तो है ही है। उसका आयोजन है। तो जो उपनीत होने के इच्छुक हैं वो

93
00:06:27,200 --> 00:06:32,400
उपनीत होने के लिए आए और धर्म रक्षक बने

94
00:06:32,400 --> 00:06:36,400
और कंठी माला धारण के लिए आए।

95
00:06:36,400 --> 00:06:42,400
तो यह कुछ जानकारियां थी आपको देनी थी। अब आज का विषय ले लेते हैं जो हमारे

96
00:06:49,440 --> 00:06:53,440
विशेष घुले जी जय श्री राम जी जी जी जय

97
00:06:53,440 --> 00:06:58,000
श्री राम शिवश भाई

98
00:06:58,000 --> 00:07:02,240
तो थोड़ा सा अपना परिचय बता दीजिए आप जी जी

99
00:07:02,240 --> 00:07:06,880
मेरा नाम विशेष है। मेरा आवाज आ रहा है क्लियर? हां बिल्कुल क्लियर आ रहा है।

100
00:07:06,880 --> 00:07:10,880
जी जी मेरा नाम विशेष है। मैं पुणे में रहता हूं। तो मैं

101
00:07:10,880 --> 00:07:15,760
दो साल से इस से जुड़ा हूं। तो मुझे एज अ फुल टाइम ब्रह्मचारी ज्वाइन करना था।

102
00:07:15,760 --> 00:07:20,880
तो दो सालों में मैंने ऐसी-ऐसी चीजें देखी

103
00:07:20,880 --> 00:07:25,040
मैं अभी अभी भी मैं जुड़ा हुआ हूं तो मैं डायरेक्टली ऐसा बता

104
00:07:25,040 --> 00:07:29,440
नहीं सकता। सो मैं पुणे में एक था बानेर का हरे कृष्णा

105
00:07:29,440 --> 00:07:33,920
वो ऋित्विक वाला था। नहीं आप

106
00:07:33,920 --> 00:07:37,920
अपने कहां से जुड़े हुए हैं ये बता क्यों नहीं सकते? उसमें क्या

107
00:07:37,920 --> 00:07:41,920
समस्या है? अभी में मैं कनेक्टेड हूं ना उस

108
00:07:41,920 --> 00:07:45,920
टेंपल से। सो सीनियर डिवोटी है वहां के जो ब्रह्मचारी है सीनियर। सो

109
00:07:45,920 --> 00:07:50,000
वो उनका कॉल आ सकता है शायद मेरे को। सो प्राइवेसी मेंटेन करने के

110
00:07:50,000 --> 00:07:54,000
लिए तो मैं बता नहीं सकता। यहां का एक पुणे में था बाहर में तो

111
00:07:54,000 --> 00:07:58,080
ऋत्विक वाला था। तो ऋत्विक में मैंने बहुत सारा पॉलिटिक्स वगैरह देखा। तो

112
00:07:58,080 --> 00:08:02,400
गुरु परंपरा गुरु परंपरा जो है इस का उसको बहुत वो क्रिटिसाइज

113
00:08:02,400 --> 00:08:04,560
करते थे कि ये ऐसे है वैसे है।

114
00:08:04,560 --> 00:08:08,800
तो एक दूसरे पर ही वो नाम लगाते रहते थे। गुरु परंपरा

115
00:08:08,800 --> 00:08:12,560
प्रतिस्थानित है या नहीं है?

116
00:08:12,560 --> 00:08:16,640
अभी मैं हूं भी और नहीं भी हूं। मैं ऋत्विक में पहले था वो

117
00:08:16,640 --> 00:08:20,720
छोड़ दिया। अभी मैंने गुरु परंपरा ज्वाइन किया तो उसमें भी बहुत कुछ

118
00:08:20,720 --> 00:08:24,800
मैंने देखा। सो वो भी मैं छोड़ने के मार्ग पर हूं। अभी तो

119
00:08:24,800 --> 00:08:29,040
उसी के बारे में जो डिस्कशन हो रहा है ये वैचारिक मतभेद का डिस्कशन

120
00:08:29,040 --> 00:08:33,200
नहीं है। आप इस का पक्ष रखने नहीं आए। जी

121
00:08:33,200 --> 00:08:37,200
नहीं करने तो आए हो वो वो बताने वाला हूं मैं अभी। इस का

122
00:08:37,200 --> 00:08:41,520
पक्ष रखने आए हैं आप? नहीं नहीं इस के खिलाफ

123
00:08:41,520 --> 00:08:45,600
करने आए हैं कि नहीं? जी करने आए। उनके जो डार्क साइड है

124
00:08:45,600 --> 00:08:49,600
वो बताने आया हूं मैं। तो समझ तो वही मैं कह रहा हूं ना। आप उनकी

125
00:08:49,600 --> 00:08:53,680
डार्क साइड को बताने आए हैं। डिफेंड करने नहीं आया इस को। नहीं नहीं डिफेंड करने नहीं आया

126
00:08:53,680 --> 00:08:57,760
हूं उनको। मैं उनको डिफेंड करने आया हूं। तो ठीक है भाई। जनता जनार्दन

127
00:08:57,760 --> 00:09:02,480
को पता लग गया होगा कि डिफेंड करने नहीं आए हैं। मतलब

128
00:09:02,480 --> 00:09:08,080
टक्कर नहीं देखने को मिलेगी।

129
00:09:08,080 --> 00:09:12,560
खैर ये तो थोड़ा सा विनोद हो गया। जी

130
00:09:12,560 --> 00:09:16,880
तो डिफेंड आप मतलब एक तरीके से इस की कुछ ऐसी सच्चाइयां

131
00:09:16,880 --> 00:09:20,960
बताने आए हैं जिनसे आपको लगता है कि जनसामान्य

132
00:09:20,960 --> 00:09:25,680
को अवगत होना चाहिए। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल

133
00:09:25,680 --> 00:09:29,840
बताएं। सो मैं पहले ऋित्विक में था तो

134
00:09:29,840 --> 00:09:33,840
ऋित्विक में जब था मैं तभी बहुत पॉलिटिक्स चलता था टेंपल में कि इनसे

135
00:09:33,840 --> 00:09:37,920
मत रहो यह मत करो मायावादी है लोगों से ज्यादा बाहर मिलो मत वगैरह

136
00:09:37,920 --> 00:09:42,000
तो मैंने उनको बोला था कि मुझे फुल टाइम याद जॉइन होना है फ्यूचर में तो वो

137
00:09:42,000 --> 00:09:46,080
बोलते थे अच्छा तुम्हारा फिक्स है फुल टाइम फ्यूचर में जॉइन होना है मैंने बोला हां मुझे जॉइ होना

138
00:09:46,080 --> 00:09:50,080
है तो वह मेरे को बोले फ्यूचर में अगर तुम्हारा कंफर्म है जॉइन होना है तो

139
00:09:50,080 --> 00:09:54,240
तुम मतलब फैमिली में ज्यादा ध्यान मत दो तुम टेंपल में ज्यादा रहा करो तुम

140
00:09:54,240 --> 00:09:58,240
यहां पे रहो घर पे क्यों जाते हो यह वगैरह तो मेरे घर के कुछ हालत ठीक

141
00:09:58,240 --> 00:10:02,320
नहीं तो वो बोलते थे नहीं वो भगवान मैनेज कर लेंगे तुम घर का मत देखो घर

142
00:10:02,320 --> 00:10:06,800
का सब भगवान मैनेज कर लेंगे तुम टेंपल में रहो तो कुछ अच्छी

143
00:10:06,800 --> 00:10:11,040
चीजें मुझे नहीं लगी तो वो बोलते थे तुम्हारे पास प्रॉपर्टी कितनी है

144
00:10:11,040 --> 00:10:15,120
तो मैंने उनको बता दिया कि मेरे पास इतनाइतना कुछ है तो वो बोले तुम्हारे

145
00:10:15,120 --> 00:10:19,120
भाई का हिस्सा अलग कर लो तुम्हारा हिस्सा अलग कर लो फ्यूचर में जब तुम जॉइन होगे

146
00:10:19,120 --> 00:10:23,200
या फिर तुम्हारी इच्छा है तो तुम अपनी प्रॉपर्टी बेच के वो पैसे टेंपल में

147
00:10:23,200 --> 00:10:27,280
दे सकते हो तो वो इनडायरेक्टली बोल रहे थे कि तुम्हारे के जो प्रॉपर्टी है वो टेंपल में

148
00:10:27,280 --> 00:10:32,640
दे दो। ऐसा बोल रहे थे

149
00:10:32,640 --> 00:10:36,880
हम जी जी तो वो

150
00:10:36,880 --> 00:10:40,960
विधिवत यह कार्य तो सभी इस तरह की संस्थाएं करती हैं।

151
00:10:40,960 --> 00:10:45,520
जैसे ब्रह्मा कुमारी हो गई। ब्रह्मा कुमारी से

152
00:10:45,520 --> 00:10:49,520
स्फुटिक ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वगैरह इसन

153
00:10:49,520 --> 00:10:53,680
हो गया। इन सब का कार्य यही होता है। रामपाल जी जी जी

154
00:10:53,680 --> 00:10:57,760
वो भी इस तरीके से काम करता है। जी जी

155
00:10:57,760 --> 00:11:02,000
उनका मोस्टली जो फोकस था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि तुम्हारे पास इतनी

156
00:11:02,000 --> 00:11:06,000
जमीन वगैरह है तो वो सब बेच के तुम यहां पे पैसे दे दो। तुम यहां पे रखो।

157
00:11:06,000 --> 00:11:10,080
घर क्यों जाते हो? क्या है फैमिली के पास? मैंने बोला कि फैमिली को कैसे

158
00:11:10,080 --> 00:11:14,400
अभी डायरेक्टली छोड़ सकते हो? कोई सेटल वगैरह नहीं किया। तो वो बोले भगवान देख लेंगे। पिछले

159
00:11:14,400 --> 00:11:18,560
अगर इतना फैमिली से अटैचमेंट है तो पिछले जन्म के फैमिली को क्यों छोड़ा? अभी छोड़ दो। कोई

160
00:11:18,560 --> 00:11:22,720
प्रॉब्लम नहीं है। आ जाओ रहने को ऐसा वैसा सब बोल रहे थे।

161
00:11:22,720 --> 00:11:27,280
अच्छा जी जी जी तो आपको फिर एक्सजेक्टली

162
00:11:27,280 --> 00:11:31,280
ऐसी कौन सी चीजें हुई जब आपको ये लगा कि आपको ऋत्विक से क्विट

163
00:11:31,280 --> 00:11:35,440
करना है। अभी तो ऋत्विक की बात चल रही है ना। जी जी ऋत्विक की बात चल रही है।

164
00:11:35,440 --> 00:11:38,320
हम ऋत्विक का अभी इतना बड़ा नहीं है। जैसे

165
00:11:38,320 --> 00:11:42,480
ये इस जो है और जो हरे कृष्णा मंदिर जो है ये अलग-अलग है। सो

166
00:11:42,480 --> 00:11:46,480
ऋत्विक वालों का अभी अलग है और ये जो इस प्रभुपाद ने जो बनाया था वो

167
00:11:46,480 --> 00:11:50,480
अलग है। सो ऋत्विक वालों का अभी इतना बड़ा नहीं है। सो अभी

168
00:11:50,480 --> 00:11:54,560
फंड्स पैसे के मामले में ज्यादा ध्यान दे रहे। तो उनका ज्यादातर जो टारगेट

169
00:11:54,560 --> 00:11:58,720
था मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि पैसे कहां से लाए, कैसे लाए? उनका जो

170
00:11:58,720 --> 00:12:02,720
मेन जो फोकस था वो मेरे पैसों पे ही था। तो वह मेरे को एक बात अच्छी नहीं लगी

171
00:12:02,720 --> 00:12:06,800
और और वो जब भी मैं जाता था तो मैं अपने प्रॉब्लम्स बताता था कि यह हुआ

172
00:12:06,800 --> 00:12:10,800
वो हुआ प्रभु इनमें नहीं आ सका यह प्रॉब्लम था तो वो दाढ़ती थी अरे नहीं नहीं

173
00:12:10,800 --> 00:12:14,880
ऐसा कैसे चलेगा तुम तो करते भी नहीं हो अच्छे से साधना तुम ये नहीं होता तुमसे

174
00:12:14,880 --> 00:12:19,040
वो नहीं होता सो वो भी एक अच्छी बात नहीं लगी मेरे को और मैं जो

175
00:12:19,040 --> 00:12:23,040
कुछ क्वेश्चन पूछता था उनको नहीं नहीं तुम बहुत डीप क्वेश्चन पूछ रहे हो ये अच्छा

176
00:12:23,040 --> 00:12:27,040
नहीं रहता तुम वैष्णव अपराध कर रहे हो तुम्हारा साधना में डाउनफॉल हो जाएगा

177
00:12:27,040 --> 00:12:31,280
तुम ये अच्छी बात नहीं कर रहे हो ये तुमको अगर क्वेश्चन पूछना तो प्रभुपाद

178
00:12:31,280 --> 00:12:35,280
कृष्णा इसके बारे में पूछो। उसके अलावा बाहर का कुछ नहीं पूछना है। हमें बस इतना ही

179
00:12:35,280 --> 00:12:39,280
सीखना है। एक्स्ट्रा क्यों नॉलेज नहीं लाइक कृष्णा का ही बहुत है तो वही ले लो। बाहर का सीखने को

180
00:12:39,280 --> 00:12:45,040
कोई जरूरत नहीं है। सो वो मेरे को एक अच्छी बात नहीं लगी।

181
00:12:45,040 --> 00:12:49,920
और वो मैंने उनको पूछा था कि आप एज ए गुरु

182
00:12:49,920 --> 00:12:53,520
जी गुरु कौन था वहां पर आपका? एज ए गुरु शिक्षा

183
00:12:53,520 --> 00:12:57,920
गुरु कौन था? क्योंकि दीक्षा गुरु प्रभुपाद को ही बनाते हैं ना?

184
00:12:57,920 --> 00:13:02,080
जी जी हां ऋतुका प्रपाद को बना दिक्कत है कि

185
00:13:02,080 --> 00:13:06,240
भाई शिक्षा गुरु और दीक्षा गुरु जो है हम

186
00:13:06,240 --> 00:13:10,240
उसका वर्णन शास्त्रों में किस प्रकार से दिया गया इस बारे में अभी तक मेरी जानकारी

187
00:13:10,240 --> 00:13:14,480
में कुछ नहीं है ये जानने का विषय है क्योंकि गुरु का मतलब होता है अंधकार

188
00:13:14,480 --> 00:13:18,960
मिटाने वाला अद्वैतका उपनिषद तो ये उसको

189
00:13:18,960 --> 00:13:22,960
और गुरु का जो परम स्तर बताया गया वो वही है जो आपको

190
00:13:22,960 --> 00:13:27,040
जो है ब्रह्म का ज्ञान दे तत्व का ज्ञान दे

191
00:13:27,040 --> 00:13:31,040
भागवत में भी कहा गया है तो यह लोग शिक्षा गुरु दीक्षा गुरु

192
00:13:31,040 --> 00:13:35,040
के नाम पर जो है खिलवाड़ सा कर देते हैं चालू हालांकि ऐसा

193
00:13:35,040 --> 00:13:39,920
नहीं है जो गौडिया संप्रदाय के जो पूर्वाचार्य हैं उन्होंने

194
00:13:39,920 --> 00:13:44,240
इस विधान का उपयोग करके अच्छी चीजें करने का प्रयास किया मगर ये लोग दुरुपयोग

195
00:13:44,240 --> 00:13:48,320
करते हैं। अब जैसे प्रभुपाद के प्रभुपाद जब किसी के गुरु नहीं

196
00:13:48,320 --> 00:13:54,320
बन सकते तो तुम ये ऋत्विक खोल के बैठे क्यों

197
00:13:54,400 --> 00:13:58,400
प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव बनके तुम मिल

198
00:13:58,400 --> 00:14:02,480
रहे हो फिर भी कह रहे हो कि हम जो है उनके रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। इसमें क्या अंतर है

199
00:14:02,480 --> 00:14:06,400
ऋतिक में? इस

200
00:14:06,400 --> 00:14:10,400
स्वीकार करता है कि हम प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव है।

201
00:14:10,400 --> 00:14:14,400
हम और ऋत्विक कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव नहीं। हम तुम्हें सीधे प्रभुपाद

202
00:14:14,400 --> 00:14:18,480
से ही मिलवा रहे हैं। मगर प्रभुपाद से कहां मिलवा रहे हो?

203
00:14:18,480 --> 00:14:22,480
रिप्रेजेंटेटिव स्वयं बने हुए। बस तुम मुंह से मना कर रहे हो।

204
00:14:22,480 --> 00:14:26,640
ऋत्विक की ये प्रॉब्लम है। है ना? जी जी हां बिल्कुल स्वयं उनके

205
00:14:26,640 --> 00:14:30,720
प्रभुपाद के रिप्रेजेंटेटिव बनके मिल रहे हो कि प्रभुपाद जी ने ये बताया

206
00:14:30,720 --> 00:14:34,720
वो बताया तुम फिर तुम कौन होते हो प्रभुपाद जी का बताने वाले तो

207
00:14:34,720 --> 00:14:38,880
वहां तुम्हें कहने को पड़ेगा हम उनके प्रामाणिक शिष्य हैं ये कहना

208
00:14:38,880 --> 00:14:43,360
पड़ेगा तो तुम बन गए उनके रिप्रेजेंटेटिव अब जब तुम रिप्रेजेंटेटिव

209
00:14:43,360 --> 00:14:47,440
बन गए तो तुमने कहा नहीं रिप्रेजेंटेटिव हम नहीं है आपको डायरेक्ट प्रभुपाद से ही बात

210
00:14:47,440 --> 00:14:51,520
हो रही तो यहां इनके तर्क खत्म हो जाता है और

211
00:14:51,520 --> 00:14:56,000
कौन इस मामले में सही है क्योंकि वो ये नहीं कहता कि हम उनके प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव

212
00:14:56,000 --> 00:15:00,240
है। वो ये कहता है कि भैया नहीं वो ये नहीं कहता हम प्रपाद

213
00:15:00,240 --> 00:15:04,480
जी के रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। वो ये कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव है। प्रभुपाद

214
00:15:04,480 --> 00:15:08,480
जी के रिप्रेजेंटेटिव हम है। अब वो बात अलग है कि ये जीबीसी की

215
00:15:08,480 --> 00:15:10,240
व्यवस्था ये सब शास्त्रानुकूल

216
00:15:10,240 --> 00:15:14,240
है कि नहीं? एक गृहस्थ के ऊपर एक सन्यासी के

217
00:15:14,240 --> 00:15:18,560
ऊपर एक गृहस्थ कैसे कंट्रोल कर रहा है? इस का सिस्टम

218
00:15:18,560 --> 00:15:22,800
क्या है? इस को में जो गुरु बन है जो भी है उसको

219
00:15:22,800 --> 00:15:26,960
कंट्रोल कौन कर रहा है जीबीसी जीबीसी और जीबीसी में गृहस्थ भी

220
00:15:26,960 --> 00:15:31,200
है ब्रह्मचारी भी या सन्यासी और इधर सन्यासी

221
00:15:31,200 --> 00:15:35,280
है सन्यासी की पोस्ट जिसने धारण कर रखी है

222
00:15:35,280 --> 00:15:39,520
उसको गृहस्थ जिस टीम में है वो टीम कैसे कर सकती है या तो उसमें गृहस्थ

223
00:15:39,520 --> 00:15:43,680
ना हो केवल सन्यासी हो हम और अंतिम

224
00:15:43,680 --> 00:15:47,760
निर्णायक स्कॉन का कौन है कोई नहीं वोटिंग प्रक्रिया है

225
00:15:47,760 --> 00:15:51,840
जी वोटिंग प्रक्रिया हो गई ना कोई जी भगवान का कोई आचार्य

226
00:15:51,840 --> 00:15:56,880
नहीं है ना आचार्य पद पर बैठा हुआ जी फलाने आचार्य इस समय है

227
00:15:56,880 --> 00:16:01,040
जी जी हां हां हां तो जब वोटिंग प्रक्रिया हो गई

228
00:16:01,040 --> 00:16:05,200
तो ये कहां से सनातन संविधान से मैच करती है सभी

229
00:16:05,200 --> 00:16:09,280
विषयों में गुरु शिष्य परंपरा में जो गुरु की गद्दी होती है उस पर

230
00:16:09,280 --> 00:16:13,280
अगला शिष्य बैठ जाता है फिर वो निर्णय करता है क्या होगा क्या नहीं

231
00:16:13,280 --> 00:16:18,320
होगा खैर फिर आप बताइए एक्सजेक्टली कौन सी चीजें हुई जब आपने

232
00:16:18,320 --> 00:16:22,480
अह यह निर्णय लिया बिलकुल कोई एक उदाहरण बताइए जो

233
00:16:22,480 --> 00:16:25,360
जैसे जो आपने बताया ना कि अभी मैं जब डीप सवाल

234
00:16:25,360 --> 00:16:29,520
पूछता था तो मना कर देते थे। जी जी जी हां हां हां हां तो

235
00:16:29,520 --> 00:16:34,160
मैंने उनको एक बार पूछा था कि आप लोग ज्यादा कृष्णा कृष्णा करते हो तो एक

236
00:16:34,160 --> 00:16:38,400
शिव रात्रि थी तो उनका लेक्चर रहता था वहां पे तो

237
00:16:38,400 --> 00:16:42,480
वहां पे भी वो महादेव को बोलते थे कि ये बहुत बड़े वैष्णव है ये कृष्णा

238
00:16:42,480 --> 00:16:46,720
के सबसे बड़े भक्त है ये बहुत बड़े भक्त है तो वो मुझे एक पॉइंट

239
00:16:46,720 --> 00:16:51,120
अच्छी नहीं लगी कि ये महादेव को भी कृष्णा का भक्त ही बना रहे महादेव

240
00:16:51,120 --> 00:16:55,200
को मतलब थोड़ा सा कम दिखा दे कृष्णा से थोड़ा तो वो मेरे को पॉइंट अच्छी

241
00:16:55,200 --> 00:16:59,200
नहीं लगी और बाकी देवताओं के मामले में भी वो बोलते हैं नहीं कृष्णा

242
00:16:59,200 --> 00:17:03,360
ही सुप्रीम है। बाकी के उनके सर्वेंट है। उनकी पूजा करके कुछ फायदा

243
00:17:03,360 --> 00:17:07,840
नहीं। अगर करनी है तो कृष्णा की ही करो। उनका कुछ बाकियों का मतलब मटेरियलिस्टिक

244
00:17:07,840 --> 00:17:11,920
चीजें अगर चाहिए तुमको तो उसके लिए पूजा करते हैं। अगर तुमको मोक्ष चाहिए, भगवत

245
00:17:11,920 --> 00:17:16,080
प्राप्ति चाहिए तो तुम कृष्णा की भक्ति करो। तो बाकी लोग का मतलब इतना यह

246
00:17:16,080 --> 00:17:20,160
मत करो। बोलते थे। वो एक मुझे अच्छी बात नहीं लगी कि वह डिसरिस्पेक्ट करते

247
00:17:20,160 --> 00:17:24,240
हैं। मतलब बाकी देवताओं का भी। अच्छा एक बात बताइए अभी

248
00:17:24,240 --> 00:17:28,320
मैं स्पॉन मंदिर में गया था दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश

249
00:17:28,320 --> 00:17:34,080
शायद नाम है उसका तो वहां पर मुझे उसने कहा कि

250
00:17:34,080 --> 00:17:38,320
पांच मतलब ईश्वर के कई रूप है उनमें से एक कृष्ण को हम

251
00:17:38,320 --> 00:17:40,480
वो करते हैं

252
00:17:40,480 --> 00:17:44,480
ना मतलब आप चाहो तो शिव की भक्ति कर सकते हो आप

253
00:17:44,480 --> 00:17:48,720
चाहो तो कृष्ण की भक्ति कर सकते हो और आप

254
00:17:48,720 --> 00:17:52,720
चाहो तो मतलब जो शास्त्रों द्वारा

255
00:17:52,720 --> 00:17:56,720
वर्णित जितने भी रूप है जो अलग-अलग पुराणों में जो रूप दिए गए

256
00:17:56,720 --> 00:18:01,280
भगवान के उन सब की भक्ति आप करके मोक्ष को प्राप्त कर सकते हो। यह बताया इस

257
00:18:01,280 --> 00:18:05,600
के एक स्वयं को तथा मतलब स्वयं को घोषित

258
00:18:05,600 --> 00:18:09,680
घोषित ब्रह्मचारी ने हमारे अनुसार तो उनके आचरण ही ब्रह्म के लिए

259
00:18:09,680 --> 00:18:13,760
नहीं है। अवैदिक है वर्णाश्रम विरोधी है। फिर वो

260
00:18:13,760 --> 00:18:17,760
उसमें भी ब्रह्मचारी में भी फिर एक अंकुश लग जाता है कि उनका ब्रह्मचर्य सिद्ध हो रहा है

261
00:18:17,760 --> 00:18:22,000
कि नहीं हो रहा है। और बाद में आपने एक रिकॉर्डिंग सुनी होगी। उसमें

262
00:18:22,000 --> 00:18:26,000
भी व्यक्ति कैसे आसानी से शास्त्रों के विरुद्ध जाने की बात को स्वीकार कर

263
00:18:26,000 --> 00:18:30,400
रहा है। दुनिया को गीता पढ़ाने जाता है। वो वो भी ब्रह्मचारी

264
00:18:30,400 --> 00:18:35,040
था। जो रिकॉर्डिंग में था जिस व्यक्ति की हमने आवाज सुनी है वो भी ब्रह्मचारी था।

265
00:18:35,040 --> 00:18:39,040
तो वो गीता पढ़ाता है लोगों को बैठ के मंच पर

266
00:18:39,040 --> 00:18:43,280
मंचन करता है और सिद्धांत बताता है। क्या गीता में पूरी गीता

267
00:18:43,280 --> 00:18:47,280
में यही तो सिखाया गया जब अर्जुन के हाथ कांप रहे थे अपने सगे संबंधियों को

268
00:18:47,280 --> 00:18:51,360
सामने देख के। अर्जुन के हाथ कांप रहे थे। तब

269
00:18:51,360 --> 00:18:56,480
भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता ज्ञान दिया था।

270
00:18:56,480 --> 00:19:00,480
जिससे उसके सगे संबंधियों के विरुद्ध खड़े होने के के

271
00:19:00,480 --> 00:19:04,480
समय हाथ ना कांपे। और ये व्यक्ति क्या कह रहा है? सबको गीता पढ़ा रहा

272
00:19:04,480 --> 00:19:08,560
है। मगर ये कह रहा है मैं उसको नहीं मान सकता। मेरे तो हाथ

273
00:19:08,560 --> 00:19:12,560
कांपेंगे। मैं नहीं मान। वो भी बहुत छोटी सी बात में है। ये नहीं क्या है?

274
00:19:12,560 --> 00:19:16,640
वध करना है। जो सामने खड़ा है हमारा स संबंधी उसका

275
00:19:16,640 --> 00:19:20,800
वध नहीं करना है। उसकी एक आज्ञा का निषेध करना है। जहां पर वो

276
00:19:20,800 --> 00:19:24,800
सत्य बोलने के विरुद्ध जा रहा है। तो ये तो इनका

277
00:19:24,800 --> 00:19:28,800
ब्रह्मचर्य है। हम जी तो इसलिए मैं

278
00:19:28,800 --> 00:19:32,960
नहीं कहता। तो उसने कहा था कि भाई जो इनका

279
00:19:32,960 --> 00:19:37,040
इस का सिद्धांत है वो यही है कि आप जो है किसी की भी भक्ति कर सकते हैं। मतलब

280
00:19:37,040 --> 00:19:41,040
ये सबको इक्वल मानते हैं। राम कृष्ण शिव इन

281
00:19:41,040 --> 00:19:45,040
सबको ही इक्वल मानते हैं। हालांकि कुंभ के मेले में भी एक व्यक्ति मिला था

282
00:19:45,040 --> 00:19:49,200
जो बोला था राम कृष्ण नहीं वो तो बोला कि राम नरसिंह वराह

283
00:19:49,200 --> 00:19:53,360
ये सब जो है भगवान श्री कृष्ण से कम पावरफुल है। वो

284
00:19:53,360 --> 00:19:57,760
बोला जी और वो भी पता नहीं कितने 35 साल से भक्त था इस

285
00:19:57,760 --> 00:20:01,920
का वो ये बोला मगर ये जो व्यक्ति है

286
00:20:01,920 --> 00:20:06,400
इस का सो कॉल्ड ब्रह्मचारी ईस्ट ऑफ कैलाश का

287
00:20:06,400 --> 00:20:10,960
ये बोला कि भाई जो है

288
00:20:10,960 --> 00:20:15,040
जो है ये सब इक्वल है रामकृष्ण वराही नहीं शिवजी भी इक्वल

289
00:20:15,040 --> 00:20:19,200
है तो अब इनका कहना ये है कि ये जो है

290
00:20:19,200 --> 00:20:23,200
हम लोग अपनी परंपरा के अनुसार बोलते हैं मगर मानते हैं यह सब

291
00:20:23,200 --> 00:20:27,280
इक्वल है। अब जाहिर सी बात है यदि वह इस बात को

292
00:20:27,280 --> 00:20:32,000
इस की बात बता रहा है, प्रभुपाद की बात बता रहा है तो केवल

293
00:20:32,000 --> 00:20:36,240
यह बात केवल उसको नहीं बताई जाएगी बल्कि इस से जुड़ने वाले सभी व्यक्तियों को बताई

294
00:20:36,240 --> 00:20:40,240
जाएगी। जी जी जी बिल्कुल तो क्या आपको कभी यह बात बताई

295
00:20:40,240 --> 00:20:44,320
गई कि कृष्ण और शिव बराबर हैं? नहीं नहीं नहीं बिल्कुल नहीं

296
00:20:44,320 --> 00:20:47,520
कभी भी नहीं।

297
00:20:47,520 --> 00:20:51,520
मेरे को बाहर के बुक्स पढ़ने को भी अलाउड नहीं था। वो बोलते थे प्रभुपाद की जो

298
00:20:51,520 --> 00:20:55,520
बुक्स है वही पढ़ा करो बाकी के एक्स्ट्रा जो बुक्स है वो मत पढ़ा करो उसमें कुछ है

299
00:20:55,520 --> 00:20:59,520
नहीं मतलब हमको सब प्रभुपाद ने दिया है सो वही प्रेफर करना है एक्स्ट्रा कुछ बाकी

300
00:20:59,520 --> 00:21:04,720
का पढ़ना वगैरह नहीं सो अलाउड भी नहीं करते थे सुनने को भी नहीं देते थे

301
00:21:04,720 --> 00:21:10,080
रोकी जी पंडित जी वेलकम बैक

302
00:21:10,080 --> 00:21:15,040
जय श्री राम आपको बड़ा मिस किया

303
00:21:15,040 --> 00:21:19,520
हां आपको बड़ा मिस करते हैं यहां पर सभी लोग हम

304
00:21:19,520 --> 00:21:23,520
तरह-तरह की आप तो यूं ही अपनी जरा जरा सी अपीरेंस से

305
00:21:23,520 --> 00:21:27,600
इतने छाए हुए हो। हां [हंसी] कृपा

306
00:21:27,600 --> 00:21:31,280
है महादेव की।

307
00:21:31,280 --> 00:21:35,600
तो फिर जब मतलब यही एक नहीं अभी ऐसा

308
00:21:35,600 --> 00:21:39,680
नहीं आया ना। आपने कहा कि मैं जब डीप क्वेश्चन करता था तो वो कहते थे कि सवाल मत

309
00:21:39,680 --> 00:21:43,760
करो तुम्हारी भक्ति खराब हो जाएगी। वो डीप क्वेश्चन का एक आप कोई उदाहरण दे

310
00:21:43,760 --> 00:21:47,760
दीजिए। सो मैंने पूछा था

311
00:21:47,760 --> 00:21:51,760
कि जब टेंपल में जब आते हैं तो सिर्फ कृष्ण और राधा की

312
00:21:51,760 --> 00:21:55,760
मूर्ति ही रहती है। सो बाकी मंदिर में कैसे रहते हैं? बाजू में गणेश जी रहते हैं,

313
00:21:55,760 --> 00:21:59,760
हनुमान जी रहते हैं। तो यहां पे टेंपल में बस कृष्णा ही है। कभी-कभी

314
00:21:59,760 --> 00:22:03,760
चैतन्य महाप्रभु ही रहते हैं। तो बाकी के देवता क्यों नहीं रहते? तो बोलते हैं नहीं यह

315
00:22:03,760 --> 00:22:07,760
सुप्रीम है। ज्यादा इसमें डीप में जाने का नहीं है। तुमको तुम अभी बिगिनर हो। तुम्हें

316
00:22:07,760 --> 00:22:11,920
इस चीज में ध्यान नहीं देना है। अभी सो अभी तुम अभी बिगिनर हो। अगर तुम ज्यादा

317
00:22:11,920 --> 00:22:15,920
इसमें डीप क्वेश्चन करोगे तो शायद तुम कंफ्यूज हो जाओगे।

318
00:22:15,920 --> 00:22:20,160
तुम पाथ से भटक सकते हो। तो अभी ये सब मत पूछो। तुम जब आगे

319
00:22:20,160 --> 00:22:24,400
जाओगे थोड़ा एक्सपीरियंस लोगे तभी तुमको समझ में आएगा। अभी ये सब पूछने की जरूरत

320
00:22:24,400 --> 00:22:28,480
नहीं है वगैरह। सो ऐसा बोलते थे। तो आपने ये सब सवाल

321
00:22:28,480 --> 00:22:32,480
नहीं किया कि ये कहां लिखा है? कौन सी स्टेज में क्या

322
00:22:32,480 --> 00:22:36,640
प्रश्न करना चाहिए? हां। नहीं तभी नहीं किया था। तभी किया नहीं था ऐसा

323
00:22:36,640 --> 00:22:40,880
सवाल उनको। अच्छा आपने वहां पर दीक्षा ले ली थी या

324
00:22:40,880 --> 00:22:44,960
नहीं? नहीं नहीं नहीं नहीं दीक्षा अभी तक कहीं

325
00:22:44,960 --> 00:22:46,480
से नहीं ली है। नहीं

326
00:22:46,480 --> 00:22:50,480
कहीं से नहीं ली। तो फिर वो एक्सपीरियंस थोड़ा सा शेयर करेंगे

327
00:22:50,480 --> 00:22:54,560
कि एग्जजेक्टली क्या हुआ था उस दिन जब आपने विरुद्ध

328
00:22:54,560 --> 00:22:59,600
जाने का ठान लिया था। उस दिन प्रैक्टिकली आपने क्या-क्या किया था?

329
00:22:59,600 --> 00:23:03,600
सो वो टेंपल में एक बार मैं गया था तो वहां पे सेलिब्रेशन चल रहा

330
00:23:03,600 --> 00:23:07,680
था। था तो वहां पे मैंने एक सीनियर ब्रह्मचारी को पूछा कि ये किस चीज का सेलिब्रेशन हो रहा है? तो वो

331
00:23:07,680 --> 00:23:11,840
बोले कि हम केस जीत गए। मैंने पूछा कौन सी केस क्या केस थी? वो तो वो बोले

332
00:23:11,840 --> 00:23:15,840
मुंबई और बोर का जो केस चालू था ना ऋत्विक और नॉन ऋत्विक के बीच में

333
00:23:15,840 --> 00:23:20,320
तो उन्होंने बताया था कि जी जी इस

334
00:23:20,320 --> 00:23:24,400
जी हां तो बोले कि ऋत्विक जीत गए है। इस हार गए है वगैरह वगैरह।

335
00:23:24,400 --> 00:23:28,720
तो मैंने बोला इनमें क्या डिफरेंस है? तो उन्होंने बताया था कि इस में ऐसेसे

336
00:23:28,720 --> 00:23:32,960
गुरुज है। वो फेक गुरुज है। अच्छे नहीं है वगैरह। सो ऋत्विक में ऐसा-ऐसा

337
00:23:32,960 --> 00:23:36,960
रहता है। तो मैंने एक इस के भी एक सीनियर ब्रह्मचारी थे।

338
00:23:36,960 --> 00:23:41,040
उनको पूछा था कि ऐसा है ऋत्विक में मैं जुड़ा हूं तो ऐसा चलता है। तो

339
00:23:41,040 --> 00:23:45,040
बोले हम फोटो से दीक्षा ले नहीं सकते। ऐसा कहीं पे भी शास्त्र में लिखा नहीं कि हम फोटो

340
00:23:45,040 --> 00:23:49,040
से डायरेक्टली माला टच करके दीक्षा ले ली। सो मेरे को ऋत्विक अच्छा

341
00:23:49,040 --> 00:23:53,040
नहीं लगा और मोस्टली जो उनका जो टारगेट था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था जो कि मेरे को

342
00:23:53,040 --> 00:23:57,040
बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। सो इसी कारण से मैंने ऋत्विक छोड़ दिया और यहां पे

343
00:23:57,040 --> 00:24:01,200
इस से जॉइन हुआ। तो इस में ज्वाइन होने के बाद भी मैंने बहुत सारी चीजें देखी कि

344
00:24:01,200 --> 00:24:01,920
यहां के जो

345
00:24:01,920 --> 00:24:06,240
के थोड़ा सा स्लो चलिए थोड़ा सा स्लो चलिए हमारे पास समय है

346
00:24:06,240 --> 00:24:10,400
तो जी आपने वो क्या किया था कि आपने आप जिससे आपको

347
00:24:10,400 --> 00:24:14,640
लगा कि अब मैं इससे हट गया जैसे होता है ना ग्रुप से निकल जाना

348
00:24:14,640 --> 00:24:19,760
या फिर किसी को ब्लॉक कर देना वो क्या था वो दिल पे पत्थर रख के मैंने

349
00:24:19,760 --> 00:24:23,920
कर लिया मेकअप वो क्या हुआ

350
00:24:23,920 --> 00:24:28,080
जी मैंने टेंपल जाना ही बंद कर दिया था उसके बाद जब मेरे को पता चला कि शास्त्रों

351
00:24:28,080 --> 00:24:32,080
में टेंपल जाना आपने बंद कर दिया। मगर कोई एक दिन ऐसा हुआ होगा

352
00:24:32,080 --> 00:24:36,160
ना कि आपको वहां के किसी व्यक्ति का फोन आया हो। आपने उसको इग्नोर किया हो

353
00:24:36,160 --> 00:24:40,240
या फिर आपने उसको ब्लॉक किया हो जो आपके पीछे पड़ा हो कि आओ आओ ऐसा कुछ

354
00:24:40,240 --> 00:24:44,240
वो मैं पूछ रहा हूं। जी जी अभी भी आते हैं। मेरे को फोनस आते हैं मैसेज आते

355
00:24:44,240 --> 00:24:48,240
हैं कि क्यों नहीं आते क्या हुआ? क्या प्रॉब्लम है? तो मैं मतलब कुछ रिप्लाई कहने का मतलब ये है

356
00:24:48,240 --> 00:24:52,320
कि कोई एक दिन ऐसा रहा होगा जिस दिन आपके पास वहां से कॉल आ रहे होंगे।

357
00:24:52,320 --> 00:24:56,720
आपने उनको इग्नोर किया होगा। जी जी जी बिल्कुल हां

358
00:24:56,720 --> 00:25:00,960
फिर ये इस में कैसे एंटर किए

359
00:25:00,960 --> 00:25:05,280
सो इस में भी मेरे एक ब्रह्मचारी पहचान के थे तो उनको उन्होंने

360
00:25:05,280 --> 00:25:09,520
मेरा कंफ्यूजन दूर किया तो वो बोले फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते फिजिकल गुरु

361
00:25:09,520 --> 00:25:13,840
चाहिए होता है तो मैंने ऋित्विक छोड़ दिया फिर यहां पे चला गया इसॉन में तो इस

362
00:25:13,840 --> 00:25:17,040
में भी मेरे को कुछ अच्छी चीजें नहीं लगी वहां के जो मोस्टली

363
00:25:17,040 --> 00:25:21,120
जो गुरु है सो फेक गुरु है किसी के ऊपर मर्डर का केस

364
00:25:21,120 --> 00:25:25,440
है किसी के ऊपर रेपिस्ट मतलब इल्जाम लगा हुआ है। जी जी अभी भी मैं आपको सेंड

365
00:25:25,440 --> 00:25:29,440
कर सकता हूं डॉक्यूमेंट मेरे पास है अभी भी वो प्रूफ के साथ

366
00:25:29,440 --> 00:25:35,040
जी जी बिल्कुल मैं सेंड कर सकता हूं आपको। मेरे पास प्रूफ है।

367
00:25:35,040 --> 00:25:39,600
वो जो मर्डर केस है वो थोड़ा सा ओपन कर सकते हैं आप बिना नाम लिए।

368
00:25:39,600 --> 00:25:43,760
क्या है? जी जी जी बिल्कुल। सो वहां पे कुछ

369
00:25:43,760 --> 00:25:46,320
टेंपल में

370
00:25:46,320 --> 00:25:50,320
सॉरी क्या बात मेरा आवाज आ रहा है ना? जी जी आ

371
00:25:50,320 --> 00:25:54,560
रही है ठीक है बोलिए बोलिए जी

372
00:25:54,560 --> 00:25:58,640
मैं सो वहां पर एक महाराज है तो जब वो

373
00:25:58,640 --> 00:26:02,800
स्टार्टिंग में जब प्रभुपाद मतलब चले गए तो उसके बाद सबको खुर्ची चाहिए

374
00:26:02,800 --> 00:26:06,800
थी कि मैं गुरु बनूंगा ये वो तो उसकी वजह से तो वहां पे एक

375
00:26:06,800 --> 00:26:10,960
आदमी था तो वो बोल रहा था कि प्रभुपाद ही सब कुछ वो लड़की के साथ कुछ तो

376
00:26:10,960 --> 00:26:15,200
गलत हुआ था तो वो लड़की का साथ दे रहा था वहां पे ब्रह्मचारी वो तो वो

377
00:26:15,200 --> 00:26:19,200
ज्यादा ही लड़की का साथ दे रहा था तो यहां के जो दो सीनियर

378
00:26:19,200 --> 00:26:23,360
डिवोटी थे तो उन्होंने कुछ तो प्लान किया था उसको मारने का उसको मारा था शायद

379
00:26:23,360 --> 00:26:27,520
इसका मर्डर किया था उसका ऐसा केस है उन पर ऐसा

380
00:26:27,520 --> 00:26:31,600
केस है जी केस प्रूफ भी हुआ है ये आरोप लगा

381
00:26:31,600 --> 00:26:32,100
है

382
00:26:32,080 --> 00:26:36,160
ये आरोप जी आरोप लगा है जी जी और वो लड़की थी ना उसने भी एग्री किया है

383
00:26:36,160 --> 00:26:40,240
कि मेरे साथ गलत हुआ था तभी मतलब कि कहने का

384
00:26:40,240 --> 00:26:44,480
मतलब ये आरोप ये लगा है स्कॉन के किसी व्यक्ति के ऊपर कि

385
00:26:44,480 --> 00:26:48,800
किसी लड़की ने किसी लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ किसी माता

386
00:26:48,800 --> 00:26:52,800
शक्ति के साथ और फिर उस मातृ शक्ति का कोई वही

387
00:26:52,800 --> 00:26:56,800
का व्यक्ति साथ देने लगा तो उस व्यक्ति की हत्या हो गई जिसने

388
00:26:56,800 --> 00:27:00,960
साथ दिया। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल जी बिल्कुल तो और

389
00:27:00,960 --> 00:27:04,960
एक है तो ठीक है मगर ये यदि केस है

390
00:27:04,960 --> 00:27:09,120
केस का मतलब होता है द केस इज अंडर ट्रायल इस पर हमने

391
00:27:09,120 --> 00:27:13,120
एक कविता भी लिखी है कभी भविष्य में कभी मौका

392
00:27:13,120 --> 00:27:17,200
मिला तो सुनाएंगे उसका नाम है रमाकांत है नाम मेरा प्रकरण

393
00:27:17,200 --> 00:27:21,440
विचाराधीन है उस पर हमने कटाक्ष किया है जो न्याय व्यवस्था

394
00:27:21,440 --> 00:27:25,520
है उस पर तो जब केस अंडर ट्रायल है ना तो

395
00:27:25,520 --> 00:27:29,680
हम लोगों को हम लोग निर्णायक नहीं बनना चाहिए। वो उसके अधीन है कि

396
00:27:29,680 --> 00:27:34,160
भाई क्या सबूत है क्या नहीं है। है ना? तो मगर

397
00:27:34,160 --> 00:27:38,400
आरोप है और काफी ठोस सबूत देखने में लग रहे हैं जो प्रस्तुत

398
00:27:38,400 --> 00:27:42,720
किए गए हैं। आरोप लगाने वालों की ओर से। ये हम कह सकते हैं। जी जी

399
00:27:42,720 --> 00:27:46,720
जी जी जी तो लड़की का भी प्रूफ था तो उन्होंने एग्री

400
00:27:46,720 --> 00:27:47,280
किया था कि

401
00:27:47,280 --> 00:27:51,680
मेरे साथ हुआ है गलत। तो मेरी कुछ डिवोटी ने कुछ मदद नहीं की थी सीनियर डिवोटीज

402
00:27:51,680 --> 00:27:55,920
ने तो वैसे ही न्यूज़ दबा दी थी। और एक महाराज थे। उन्होंने 11

403
00:27:55,920 --> 00:28:00,080
लड़की 11 साल की लड़की के साथ कुछ गलत किया था। उसको कुछ टच वगैरह किया था।

404
00:28:00,080 --> 00:28:04,480
तो वो भी न्यूज़ दबा दी थी थी। ठीक है। मगर इसमें

405
00:28:04,480 --> 00:28:08,640
ये बात आती है ना कि आपको कैसे पता कि जो आरोप लगा रहा है वो

406
00:28:08,640 --> 00:28:13,280
सत्य है। वो दिक्कत होती है।

407
00:28:13,280 --> 00:28:17,360
वो YouTube पे भी आए तो उसको वो लड़की है। वो जांच का विषय हो जाता है। वो

408
00:28:17,360 --> 00:28:21,440
एक मातृशक्ति बोल रही है मेरे साथ ऐसा हुआ। हम हम पर

409
00:28:21,440 --> 00:28:25,440
वो सच बोल रही है कि नहीं क्योंकि आज आजकल फ्रॉड केस

410
00:28:25,440 --> 00:28:29,680
भी हो रहे हैं। जी जी है ना झूठे

411
00:28:29,680 --> 00:28:34,080
केस भी लगाए जाते हैं तो इसलिए हम लोग निर्णायक नहीं बन सकते

412
00:28:34,080 --> 00:28:38,240
और इस बात के आधार पर यदि आपने बिल्कुल

413
00:28:38,240 --> 00:28:42,560
प्रत्यक्ष प्रमाण के साथ नहीं देख लिया है ना

414
00:28:42,560 --> 00:28:46,800
केवल आपने लोगों से सुना है तो इस बात के आधार पर तो आपको किसी के विरुद्ध

415
00:28:46,800 --> 00:28:50,800
नहीं जाना चाहिए जी जी जी बराबर ठीक

416
00:28:50,800 --> 00:28:54,800
है ना आपने किसी से सुना है अच्छा वो जो लड़की है मान

417
00:28:54,800 --> 00:29:00,720
के चलिए सीधी बात क्या वो आपके लिए शब्द प्रमाण है?

418
00:29:00,720 --> 00:29:02,320
शब्द प्रमाण मतलब कि वो

419
00:29:02,320 --> 00:29:06,400
जो बोल देगी वो सत्य है। होता है हमारे जीवन

420
00:29:06,400 --> 00:29:10,720
में। जैसे जो गुरु होता है वो हमारे जीवन में शब्द प्रमाण होता है।

421
00:29:10,720 --> 00:29:15,200
उसके उसके कहे हुए के बाहर नहीं जा सकते। उसका

422
00:29:15,200 --> 00:29:19,200
जो उसके द्वारा दी गई शिक्षा है उसका खंडन नहीं कर सकते। है

423
00:29:19,200 --> 00:29:24,080
ना? जी जी करेंगे तो हमारा गुरु सिद्ध नहीं होगा।

424
00:29:24,080 --> 00:29:28,160
तो वो जो मातृशक्ति है उन्होंने आरोप लगाए और काफी ठोस दिखने

425
00:29:28,160 --> 00:29:32,240
वाले सबूत वगैरह पेश किए गए हैं और ये मान

426
00:29:32,240 --> 00:29:36,720
सकते हैं कि जिस पर ये आरोप लगा है उसके विरुद्ध काफी ठोस सामग्री

427
00:29:36,720 --> 00:29:40,880
है। मगर फिर भी या तो आपने उन प्रत्यक्ष प्रमाणों

428
00:29:40,880 --> 00:29:44,880
को स्वयं देख लिया हो। आपने देख लिया है। कोई वीडियो

429
00:29:44,880 --> 00:29:48,960
है क्या है? केवल आरोप है। नहीं नहीं लेडीज का एक

430
00:29:48,960 --> 00:29:52,960
वीडियो भी है और डॉक्यूमेंट्री भी लेडी का वीडियो यह कहते हुए है

431
00:29:52,960 --> 00:29:57,040
ना कि मेरे साथ गलत हुआ है। जी जी जी वो प्रूफ थोड़ी ना

432
00:29:57,040 --> 00:30:01,200
है वो तो आरोप लगा रही है उसमें। जी जी गलत आपने कैसे

433
00:30:01,200 --> 00:30:05,280
जाना कि वो गलत हुआ ही है जो लेडीज ने आरोप लगाया। भाई हम इस

434
00:30:05,280 --> 00:30:09,280
के कुछ निम्न स्तर के ऐसे लोग हैं कि किसी

435
00:30:09,280 --> 00:30:13,440
ने भी अगर कुछ गलत बोल दिया हमारे बारे में शंकर परंपरा

436
00:30:13,440 --> 00:30:17,920
के बारे में या किसी के बारे में तो वो उसको उड़ाने लगते हैं बिना तार्किकता

437
00:30:17,920 --> 00:30:22,080
से सोचे समझे बिना मगर हम उनके जैसे नहीं है ना जी जी

438
00:30:22,080 --> 00:30:26,560
हमें तो धर्म के पथ पर चलना है ना हमें तो

439
00:30:26,560 --> 00:30:31,040
हमें तो युद्ध के दौरान भी विरोधी के घर की मातृशक्तियों

440
00:30:31,040 --> 00:30:35,990
की भी रक्षा करनी है वो वही ठेका हमारा ही है।

441
00:30:35,990 --> 00:30:40,320
[हंसी] तो इसलिए

442
00:30:40,320 --> 00:30:44,400
अ ये क्या कहते हैं अगर किसी मातृशक्ति

443
00:30:44,400 --> 00:30:48,800
ने कोई वीडियो बना दिया है तो वो पर्याप्त नहीं है। है ना?

444
00:30:48,800 --> 00:30:53,280
कि भाई जिस पर आरोप लगाया गया वो सिद्ध हो गया। तो आप

445
00:30:53,280 --> 00:30:57,280
को क्या ऐसा मिला जिसकी वजह से आप या केवल ये कारण नहीं

446
00:30:57,280 --> 00:31:02,640
था और भी कुछ कारण थे इस से भी अलग होने के?

447
00:31:02,640 --> 00:31:06,720
नहीं मैं अभी गुरु इस से तो जुड़ा हुआ हूं तो ऋत्विक मैंने

448
00:31:06,720 --> 00:31:10,720
छोड़ा है तो इस का मैंने यह जो गुरु परंपरा के ऊपर थोड़ा

449
00:31:10,720 --> 00:31:15,280
स्टडी किया तो मैंने देखा कि वो गुरु परंपरा जो है वो ऑथेंटिक नहीं है वो

450
00:31:15,280 --> 00:31:19,520
कुछ मिसमैच हुआ है कुछ तो गड़बड़ है उसमें जो जैसे भक्ति

451
00:31:19,520 --> 00:31:23,520
सिद्धांत सरस्वती ठाकुर महाराज श्रील प्रभुपाद के महाराज तो उन्होंने

452
00:31:23,520 --> 00:31:27,680
उन्होंने भी फोटो से दीक्षा ली थी गौर किशोर बाबा बाबा

453
00:31:27,680 --> 00:31:31,680
दास है जो भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर वो स्वयं फोटो से

454
00:31:31,680 --> 00:31:33,120
दीक्षा ले रहे हैं तो

455
00:31:33,120 --> 00:31:37,520
उसमें प्रॉब्लम नहीं है। मगर जब ऋत्विक वाले ले रहे हैं तो उसमें प्रॉब्लम है।

456
00:31:37,520 --> 00:31:41,600
जी जी जी वही वही वो भी जी वो मेरे को गुरु परंपरा में अजीब

457
00:31:41,600 --> 00:31:45,600
लगा मतलब ऋत्विक वाले भी लेना

458
00:31:45,600 --> 00:31:50,080
फोटो से लेना भी तो गलत ही है। हां

459
00:31:50,080 --> 00:31:54,080
शिवांश जी आपकी और निर्भय आर्य की डिबेट संभता

460
00:31:54,080 --> 00:31:58,400
26 या 27 को हो सकती है।

461
00:31:58,400 --> 00:32:02,720
हम सो मैं गुरु परंपरा में हूं अभी तो मैं प्रेमानंद

462
00:32:02,720 --> 00:32:06,880
महाराज के कभी कबार वीडियो देखता हूं तो मैं नोट्स बनाता हूं कुछ वीडियोस के सो

463
00:32:06,880 --> 00:32:11,120
मैं सीनियर डिवोटीज को भेजता हूं तो वो बोल रहे थे तुमको इनके वीडियोस किसने

464
00:32:11,120 --> 00:32:15,520
देखने को बोला दूसरे लोगों के वीडियोस मत देखो प्रभुपाद ने हमको बहुत कुछ दिया

465
00:32:15,520 --> 00:32:19,520
वही सुनो ये बाकी लोगों का मत सुनो वगैरह सो ट्राई टू अवॉयड

466
00:32:19,520 --> 00:32:23,680
देम ऐसा बोल रहे थे मेरे को उनका देखो मत सिर्फ प्रभुपाद का सुनो उनका ही बुक पढ़ो

467
00:32:23,680 --> 00:32:29,680
एक्स्ट्रा बाकी कुछ करो मत सो ये एक पॉइंट मेरे को अच्छी नहीं लगी ऐसा शास्त्र

468
00:32:30,320 --> 00:32:34,320
बोलिए बोलिए बोलिए जी जी जी सो मेरे को एक वो पॉइंट अच्छा

469
00:32:34,320 --> 00:32:38,480
नहीं लगा कि मतलब बाकी लोगों का सुनने नहीं दे रहे सो वो भी एक अच्छा

470
00:32:38,480 --> 00:32:43,280
नहीं लगा मेरे को ऐसा मतलब शास्त्र में लिखा नहीं है ना कि हम

471
00:32:43,280 --> 00:32:47,280
अभी हमारे यहां के एक प्रामाणिक ब्रह्मचारी वहां गए थे दंडवत हो गए थे कुछ

472
00:32:47,280 --> 00:32:51,920
दिन पहले प्रेमानंद जी के सामने जी जी

473
00:32:51,920 --> 00:32:56,080
प्रवच जी के बाहर ज्ञान सुन रहे थे प्रेमानंद जी का

474
00:32:56,080 --> 00:33:00,160
करते हुए अद्वैत पहले तो कहा था बाबा के पास मत जाओ उसके बाद बाबा

475
00:33:00,160 --> 00:33:04,400
के पास स्वयं चले गए थे। जी मेरे को अभी भी बोलते हैं मत सुनो

476
00:33:04,400 --> 00:33:08,400
करके मत सुनो बोलते हैं प्रेमानंद महाराज जी को अभी अलग-अलग

477
00:33:08,400 --> 00:33:13,360
है सबका ये है डार्क रियलिटी ऑफ

478
00:33:13,360 --> 00:33:16,320
तथाकथितो

479
00:33:16,320 --> 00:33:20,320
जो है ना मोस्टली यूथ को ज्यादा टारगेट करते हैं। यूथ पर ज्यादा फोकस

480
00:33:20,320 --> 00:33:24,480
देते हैं। मैं प्रीचिंग को भी जाता था ना तो बोलते थे नहीं ये बूढ़े लोग हैं जो एज

481
00:33:24,480 --> 00:33:28,480
एजेड लोग हैं ज्यादा तो उनके पास मत जाओ जो यू है उनके पास जाओ वो

482
00:33:28,480 --> 00:33:32,720
समझते हैं तुम भी और वो सेम एज के हो तो वो तुमको ज्यादा समझ

483
00:33:32,720 --> 00:33:36,800
पाएंगे रिलेट कर पाओगे तुम एक दोनों से तो उनके पास जाओ उनको प्रीचिंग गुबार

484
00:33:36,800 --> 00:33:40,640
कर दो बुक वगैरह दो बोलते थे

485
00:33:40,640 --> 00:33:44,800
तो फिर फिर भी को वो कौन सा फिर से वही बात कि

486
00:33:44,800 --> 00:33:48,800
बिल्कुल एग्जजेक्टली आपको स्पॉन में भी नहीं रहना है ऐसा क्या

487
00:33:48,800 --> 00:33:53,040
हुआ था अभी तो छोड़ दिया मैंने।

488
00:33:53,040 --> 00:33:57,440
सो जी सो गुरु पर मतलब

489
00:33:57,440 --> 00:34:02,080
हेलो आपकी आवाज कट रही है। मेरे नेटवर्क डाउन है क्या?

490
00:34:02,080 --> 00:34:06,400
आवाज आ रही है उनकी। मैं बीच में एक बात बोल देता हूं। समस्या

491
00:34:06,400 --> 00:34:11,040
अपना क्या नाम है उनका? जो बाबे वाले हैं भाई साहब हमारे

492
00:34:11,040 --> 00:34:15,360
क्या नाम है उनका? अमोग लीला प्रभु। अमोग लीला जी

493
00:34:15,360 --> 00:34:19,440
उनके साथ समस्या है ना कि उन्होंने जो वो एक तुलसीदास

494
00:34:19,440 --> 00:34:23,520
बालकांड की एक चौपाई है ना हरि अनंत हरि कथा अनंता

495
00:34:23,520 --> 00:34:27,600
कहा ही सुनह बहु विधि सब संता ठीक है वो अभी उनको समझ

496
00:34:27,600 --> 00:34:31,600
में नहीं आई है जब आ जाएगी ना तो फिर वो प्रेमानंद जी के लिए नहीं बोलेंगे

497
00:34:31,600 --> 00:34:35,600
या किसी भी आचार्य के लिए नहीं बोलेंगे

498
00:34:35,600 --> 00:34:39,920
हम जी आप कंटिन्यू करिए ऐसा था

499
00:34:39,920 --> 00:34:43,200
अमोग लीला ने

500
00:34:43,200 --> 00:34:47,360
अ ये बयान तो दे दिया था बाबा के पास जाने

501
00:34:47,360 --> 00:34:51,600
की जरूरत नहीं मगर वो फिर जब उसका उसका विरोध हुआ उस बयान का

502
00:34:51,600 --> 00:34:55,680
तो फिर उन्होंने अपनी वो डूबती नैया को बचाने के लिए दंडवत भी हो गए पहुंच

503
00:34:55,680 --> 00:35:00,000
गए वहां हां जी जी

504
00:35:00,000 --> 00:35:04,080
और जब वो दंडवत हो गए तो वहां ये दिखाने

505
00:35:04,080 --> 00:35:08,080
देखो हम तो कितना सद्भाव रखते हैं अब वो बात अलग है कि

506
00:35:08,080 --> 00:35:12,080
अंदर से वो रात को नींदें उड़ी हुई है रात

507
00:35:12,080 --> 00:35:17,280
की सपने से नींद से उठ उठ के जो है

508
00:35:17,280 --> 00:35:21,760
नींद नहीं आ रही है कि क्या हो रहा है? खैर

509
00:35:21,760 --> 00:35:25,760
तो अभी आपकी स्थिति यह है कि आप जो है आपका मन जो है इस से

510
00:35:25,760 --> 00:35:29,840
भी हट चुका है और रिपोर्ट से तो आप स्कॉन में आए हैं।

511
00:35:29,840 --> 00:35:34,800
स्कॉन से हट चुका है और आप जो है अब प्रेमानंद जी की ओर

512
00:35:34,800 --> 00:35:39,600
जी जी अग्रसर है बहुत अच्छी बात है। उनको सुनिए और

513
00:35:39,600 --> 00:35:43,680
उनके दिशा निर्देशों में अवश्य आपका कल्याण हो जाएगा। बहुत अच्छे संत

514
00:35:43,680 --> 00:35:46,960
है वो जी और

515
00:35:46,960 --> 00:35:52,960
सुनिए उनको प्रामाणिक भी है वो जी जी जी

516
00:35:54,080 --> 00:35:58,240
तो और कोई अपना अनुभव जो आप हमें शेयर करना चाहे ये बताइए

517
00:35:58,240 --> 00:36:02,240
नेट की प्रॉब्लम मेरे मेरी जो आपके एंड

518
00:36:02,240 --> 00:36:08,240
से आवाज आ रही है

519
00:36:11,920 --> 00:36:16,000
मतलब मतलब मेरे स्क्रीन में दिक्कत हो रही होगी। इसका मतलब आपको

520
00:36:16,000 --> 00:36:20,240
मेरा कट कट सुनाई दे रहा। आपकी आवाज बिल्कुल साफ आ रही है। बिल्कुल साफ आ रही है। कोई दिक्कत

521
00:36:20,240 --> 00:36:24,240
नहीं है। आपको हमें तो साफ आ रही है। कहीं नहीं

522
00:36:24,240 --> 00:36:28,240
आ रही है। आपको लग रहा है शायद ऐसा? अच्छा मेरे स्क्रीन पे

523
00:36:28,240 --> 00:36:34,240
आप लोगों के चित्र जो है ना रुक रुक के ऐसेसे करके इस तरह से दिखाई दे।

524
00:36:34,880 --> 00:36:39,760
लैग हो गया होगा। ठीक है। तो और कोई एक्सपीरियंस

525
00:36:39,760 --> 00:36:43,760
आप शेयर करना चाहेंगे? सो गुरु

526
00:36:43,760 --> 00:36:47,920
परंपरा जो है जो फेक है मोस्टली मैंने देखो ऑथेंटिक नहीं है

527
00:36:47,920 --> 00:36:51,920
मैंने एक मिनट एक मिनट मैं एक बार ना लीव करके दोबारा आता हूं

528
00:36:51,920 --> 00:36:57,920
शायद ठीक हो जाए

529
00:36:58,880 --> 00:37:02,880
जी ऐसा है कि अमोल लीला जी ने अपना सिद्धांत जो है वो

530
00:37:02,880 --> 00:37:08,400
कई बार बदल दिया है। ठीक है। जी जी जी

531
00:37:08,400 --> 00:37:12,400
की जो लाइन है ना रामो दनाभिभाषते उसका तो

532
00:37:12,400 --> 00:37:16,480
बिल्कुल खंडन कर चुके हैं वो अपने अपने कर्मों से ठीक है तो सिद्धांत तो

533
00:37:16,480 --> 00:37:20,880
बदलते रहते हैं वो बहुत बहुत पलटते हैं वो

534
00:37:20,880 --> 00:37:24,880
कि जो बैकग्राउंड जो है ना उनका या जो बेस है ना वो स्ट्रांग नहीं है

535
00:37:24,880 --> 00:37:28,960
ठीक है धर्म का धर्म के बल से जो स्ट्रांग होता है ना जब होता तब वो

536
00:37:28,960 --> 00:37:32,960
अपने सिद्धांत पे टिके रहते हम हम जी ये समस्या है

537
00:37:32,960 --> 00:37:37,120
उनके साथ ठीक है तो वो दो प्रकार की बात नहीं करते वो कई प्रकार

538
00:37:37,120 --> 00:37:41,120
की बात करते हैं [हंसी] वो नेक्स्ट लेवल

539
00:37:41,120 --> 00:37:45,680
है वो ठीक है जी हां बताइए आप क्या थे विशेष जी

540
00:37:45,680 --> 00:37:49,840
ये जो गौर किशोर दास बाबा जी है भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर इनके

541
00:37:49,840 --> 00:37:50,340
गुरु

542
00:37:50,000 --> 00:37:54,000
महाराज तो वो मैंने ऐसा सुना था कि वो अद्वैत परिवार से है तो ये बोल

543
00:37:54,000 --> 00:37:58,000
रहे कि नहीं वो अद्वैत परिवार से नहीं वो मधवाचार्य से ही है। सो यहां पे भी मेरे को

544
00:37:58,000 --> 00:38:02,000
एक गड़बड़ लगी कुछ तो कुछ ना कुछ तो मतलब प्रॉब्लम है और ये भक्ति

545
00:38:02,000 --> 00:38:06,000
प्रमाण है क्या सॉरी कैसे पता लगा कि वो उस

546
00:38:06,000 --> 00:38:10,080
अद्वैत परंपरा से हैं पहली बात अद्वैत परंपरा से क्या मतलब है आपका

547
00:38:10,080 --> 00:38:14,080
अर्थ क्या है कि शंकर परंपरा से दीक्षित थे वो जी जी जी

548
00:38:14,080 --> 00:38:18,080
हां उसका प्रमाण है आपके पास ऐसा कुछ है कैसे

549
00:38:18,080 --> 00:38:22,480
पता लगा आपने कैसे मान लिया कि वो शंकर परंपरा से दीक्षित हैं

550
00:38:22,480 --> 00:38:28,400
मैंने एक कोरा पे एक लड़के से सुना था पड़ा था वहां पे

551
00:38:28,400 --> 00:38:32,400
सो प्रमाण नहीं है वैसे कोई कुछ भी कहता

552
00:38:32,400 --> 00:38:36,560
है प्रमाण तो नहीं है वहां पे बहुत अनर्गल बातें होती रहती है ठीक है आप

553
00:38:36,560 --> 00:38:40,640
अपनी बात कर लीजिए पहले करिए करिए जी तो

554
00:38:40,640 --> 00:38:44,640
वो बोल रहे थे कि वह अद्वैत परिवार से कोई बोल रहा था कि मधवाचार्य

555
00:38:44,640 --> 00:38:48,640
यहां से तो द्वैत से मतलब तो वहां पे मेरे को एक डाउट लगा और

556
00:38:48,640 --> 00:38:52,880
दूसरी बात वो बोलते कि फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते क्योंकि

557
00:38:52,880 --> 00:38:57,280
शास्त्र में अलाउड नहीं है फिर बाद में बोलते कि हम ले सकते हैं क्योंकि क्योंकि ये प्रभुपाद

558
00:38:57,280 --> 00:39:01,280
ने बोला था तो यहां पे भी मेरे को गड़बड़ लगी। कभी बोलते हैं ले सकते हैं कभी बोलते

559
00:39:01,280 --> 00:39:06,160
हैं नहीं ले सकते। तो एग्जैक्ट ऐसा थोड़ी रहता है ना।

560
00:39:06,160 --> 00:39:10,720
तो उसका एक आंसर मैं दे देता हूं। जी गुरु ग्रंथ हर गोविंद।

561
00:39:10,720 --> 00:39:15,920
ठीक है? इन तीनों का सामंजस्य होना चाहिए किसी भी धर्म के ज्ञान में।

562
00:39:15,920 --> 00:39:20,080
ठीक है। अगर यहां एक बार धर्म सम्राट

563
00:39:20,080 --> 00:39:24,160
स्वामी श्री करपात्री जी महाभाग ने बात कही थी कि अगर मैं भी शास्त्र के विरुद्ध

564
00:39:24,160 --> 00:39:28,160
बात कह दूं तो मेरा भी खंडन कर दो मतलब मेरे भी बात

565
00:39:28,160 --> 00:39:32,240
मत मानो मतलब इतना ज्यादा वो कर्मण थे शास्त्र के प्रति

566
00:39:32,240 --> 00:39:36,640
तो जब शास्त्र और वही है भगवत गीता 16 24 तस्मात

567
00:39:36,640 --> 00:39:40,640
शास्त्रम प्रमाणम है ना तो तेरे लिए कर्म कर्म में एकमात्र शास्त्र

568
00:39:40,640 --> 00:39:44,800
प्रमाण है तो अगर इस भाव को प्रभुपाद जी मानते तो वो मुझे

569
00:39:44,800 --> 00:39:48,800
नहीं लगता कि वो कभी ऐसे बोलते कि नहीं नहीं अगर मैंने कह दिया है तो फोटो से तुम दीक्षा आदि

570
00:39:48,800 --> 00:39:54,800
ले लो। ऐसा नहीं हो सकता। ठीक है? अप्रपाल जी नहीं है।

571
00:39:55,040 --> 00:39:59,840
इसमें मैं यहां पर एक रोकना चाहूं। हमें प्रभुपाद जी को सीधेसीधे

572
00:39:59,840 --> 00:40:03,920
किसी भी दोष नहीं देना चाहिए। क्योंकि प्रभुपाद जी ने

573
00:40:03,920 --> 00:40:08,000
एकजेक्टली क्या कहा है? क्या नहीं कहा इस बात को लेकर की भी असमंजस की स्थितियां

574
00:40:08,000 --> 00:40:12,000
है। क्योंकि जो भी लोग उनकी ओर से क्लेम्स कर रहे हैं वो सारे झूठे सिद्ध हो

575
00:40:12,000 --> 00:40:16,080
रहे हैं। तो उनकी किसी बात पर विश्वास कैसे किया जाए? और एक बहुत

576
00:40:16,080 --> 00:40:20,320
बड़ा बड़ा उदाहरण मैं आपको बता दूं। इनकी भगवत गीता के

577
00:40:20,320 --> 00:40:21,600
देखिए वो जो सनातन

578
00:40:21,600 --> 00:40:25,760
शब्द है ना वैसे कई सारे शब्द तो बदल ही रहा है इस मगर इनकी

579
00:40:25,760 --> 00:40:29,760
भगवत गीता के 2.62 में इन्होंने लिखा है कि शिव जी जो

580
00:40:29,760 --> 00:40:33,840
है इंद्रियों के अधीन है। और क्यों क्यों अधीन है? क्योंकि वो

581
00:40:33,840 --> 00:40:39,040
पार्वती माता से विवाह के लिए सहमत हो गए थे। मगर

582
00:40:39,040 --> 00:40:43,040
इनके श्रीमद् भागवत भाष्य में प्रभुपाद जी का जो नाम से छप रहा

583
00:40:43,040 --> 00:40:47,120
है उसमें लिखा है कि शिव जी को पार्वती माता के साथ

584
00:40:47,120 --> 00:40:52,160
देखकर उन्हें इंद्रियों के अधीन समझने वाले मूर्ख है।

585
00:40:52,160 --> 00:40:56,240
तो प्रभुपाद जी ने क्या माना क्या नहीं माना

586
00:40:56,240 --> 00:41:00,880
इस कौन यह कर रहा है यह हमें बात अधिक करनी चाहिए क्योंकि अब

587
00:41:00,880 --> 00:41:04,960
उनकी क्या चीजें है क्या नहीं है हम उसमें कुछ कह ही नहीं सकते क्योंकि जो लोग उनको प्रस्तुत

588
00:41:04,960 --> 00:41:09,040
कर रहे हैं यहां पर है ना कुछ अब देखिए ना जैसे अभी मैं क्या

589
00:41:09,040 --> 00:41:13,600
कहते हैं इस में गया तो एक अपने आप को ब्रह्मचारी कहने वाले ने कह दिया ना

590
00:41:13,600 --> 00:41:17,920
कि नहीं भैया शिवजी भी मुक्ति दाता है क्या ऑफिशियली

591
00:41:17,920 --> 00:41:22,480
ऑफिशियली इस स्वीकार करता है कहीं से प्रभुपाद

592
00:41:22,480 --> 00:41:26,720
जी की कोई बुक है जो इस ने प्रस्तुत की हो जिसमें लिखा हो कि शिव जी भी मुक्ति

593
00:41:26,720 --> 00:41:30,880
देंगे। ये तो एक नई चीज पता चल रही है। नहीं

594
00:41:30,880 --> 00:41:34,960
जी जी हम ये बात है। तो बताइए कंटिन्यू

595
00:41:34,960 --> 00:41:36,800
करिए। पंडित जी

596
00:41:36,800 --> 00:41:40,960
तो जी नहीं नहीं बस मैं वही कह रहा था कि

597
00:41:40,960 --> 00:41:45,040
मैं मैं एक्चुअली इसी पे ही आ रहा था। मैं ये कह रहा था कि जैसे कि क्या है कि प्रभुपाद जी

598
00:41:45,040 --> 00:41:49,120
ने मान लीजिए कोई बात कह दी है ना और अब वो तो हमारे

599
00:41:49,120 --> 00:41:53,120
पास साथ है नहीं तो उसका प्रमाण जो होगा या तो उनकी परंपरा

600
00:41:53,120 --> 00:41:57,280
का आचार्य अगर मान लो दे भी रहा है तो वो भी शास्त्र सम्मत होना चाहिए

601
00:41:57,280 --> 00:42:01,280
क्योंकि तत्व मान लीजिए कि आदि गुरु

602
00:42:01,280 --> 00:42:05,360
हां भाई गुरु गोविंद गुरु गोविंद और ग्रंथ मान लीजिए

603
00:42:05,360 --> 00:42:09,360
आदि गुरु शंकराचार्य महाभाग ने अगर कोई मान लो बात कह दी और वो शास्त्र

604
00:42:09,360 --> 00:42:13,440
सम्मत है ठीक है उससे तरह तर अगर कोई भी आज का

605
00:42:13,440 --> 00:42:17,600
आचार्य अगर कोई उल्टी बात कह देता है तो हमें फिर तो मैच नहीं

606
00:42:17,600 --> 00:42:21,760
कर रहे हैं ना। मतलब वो गुरु की बात ग्रंथ से मैच नहीं कर रही है।

607
00:42:21,760 --> 00:42:25,760
तो इसीलिए इसीलिए कृपात्र स्वामी महाभाग ने कहा था कि गुरु ग्रंथ और

608
00:42:25,760 --> 00:42:29,920
गोविंद इन तीनों के सामंजस्य का जो ज्ञान है बहुत बड़ा फार्मूला है ये। बहुत तगड़ा

609
00:42:29,920 --> 00:42:33,920
फार्मूला है। मतलब इससे मतलब कोई आपको सही ज्ञान

610
00:42:33,920 --> 00:42:38,000
ही मिलेगा। अंतत का। ठीक है? तो उसको वही उसका सामंजस्य का ज्ञान जो

611
00:42:38,000 --> 00:42:42,000
है वही सर वही सही धर्म का ज्ञान है। ठीक है? वही धर्म

612
00:42:42,000 --> 00:42:46,240
है जो शिक्षा हमें मिलती है। तो यह चीज कह रहा था मैं।

613
00:42:46,240 --> 00:42:50,320
मैंने जब ऋत्विक वालों से पूछा था कि हम फोटो से दीक्षा ले सकते हैं तो वो बोले

614
00:42:50,320 --> 00:42:52,000
नहीं प्रभुपाद की वाणी हमारे

615
00:42:52,000 --> 00:42:56,000
लिए सबसे इंपॉर्टेंट है। तो मतलब आचार्य के पास इतनी शक्ति होती है

616
00:42:56,000 --> 00:43:00,000
कि वो शास्त्र को भी बदल सकते हैं। तो प्रभुपाद की वाणी का

617
00:43:00,000 --> 00:43:04,240
अच्छा एक बात अच्छा ये बोलते हैं शास्त्रों को भी बदल सकते हैं। वाह जी जी

618
00:43:04,240 --> 00:43:08,240
आचार्य में इतनी पावर होती है। नहीं नहीं नहीं

619
00:43:08,240 --> 00:43:12,400
ऐसा नहीं है। अच्छा एक बात और है। कि जब जो है आप

620
00:43:12,400 --> 00:43:16,480
एक बात बताओ कि जब फोटो से दीक्षा ली जा सकती है

621
00:43:16,480 --> 00:43:20,800
तो फिर प्रभुपाद से ही क्यों ले भगवान श्री कृष्ण से क्यों ना ले ले

622
00:43:20,800 --> 00:43:24,800
डायरेक्ट ले फिर क्या जरूरत है सही बात है

623
00:43:24,800 --> 00:43:28,800
फिर क्या जरूरत है प्रपाद जी से दीक्षा लेने की उनसे ले ले नारद जी

624
00:43:28,800 --> 00:43:34,160
से ले ले व्यास जी से ले ले मधवाचार्य जी से डायरेक्ट ले ले

625
00:43:34,160 --> 00:43:38,240
एक बात और एक बार एक बार किसी व्यक्ति ने

626
00:43:38,240 --> 00:43:42,240
यह प्रश्न किया था मतलब क्योंकि कि भाव की कोई बात कॉन्टेक्स्ट था। भाव से

627
00:43:42,240 --> 00:43:46,560
हम कुछ भी कर सकते हैं आदि-आधी। तो उन्होंने यह हमारे जो ज्योतिष

628
00:43:46,560 --> 00:43:50,880
पीठ वाले महाराज जी हैं उनसे किया था। बहुत अच्छा उत्तर दिया था उन्होंने।

629
00:43:50,880 --> 00:43:54,880
उनसे किया था कि राम बड़े हैं या क्या मतलब राम ही तो सबसे बड़े हैं। उनसे

630
00:43:54,880 --> 00:43:59,040
बड़ा क्या है? राम मंदिर के ऊपर कोई बात चल रही थी। तो उन्होंने एक बहुत अच्छी बात कही थी।

631
00:43:59,040 --> 00:44:03,040
उन्होंने कहा था राम से बड़ा है। धर्मशास्त्र से राम

632
00:44:03,040 --> 00:44:07,360
भी चलते हैं। ठीक है? और जिसका अगर धर्म शास्त्र

633
00:44:07,360 --> 00:44:11,440
के विरुद्ध अगर स्वयं ब्रह्म भी आकर अगर आ जाए तो हम उनको भी नकार देंगे। जैसे गौतम

634
00:44:11,440 --> 00:44:15,520
बुद्ध भगवान भगवान के रूप में हम उनको अवतार मान लेते हैं

635
00:44:15,520 --> 00:44:19,520
ना। अगर वो भी वेद विरुद्ध बात कर दें तो उनका भी तिरस्कार कर दिया गया। कर दिया

636
00:44:19,520 --> 00:44:23,520
गया ना? कोई सनातन धर्मी पूजा करता है उसकी? नहीं। इसलिए

637
00:44:23,520 --> 00:44:27,760
राम से बड़ा क्या है? धर्मशास्त्र। ठीक है? जो भगवान ही है जो स्वयं

638
00:44:27,760 --> 00:44:31,760
साक्षात भगवान ही है वो धर्मशास्त्र। वेद साक्षात ब्रह्म ही भगवान

639
00:44:31,760 --> 00:44:35,760
ही है। ठीक है? कोई अंतर नहीं है उसमें। तो वो है वो अंतर है। तो यह

640
00:44:35,760 --> 00:44:39,840
बताइए कि जब भगवान राम भी मर्यादा में रहकर धर्मशास्त्र

641
00:44:39,840 --> 00:44:43,920
के साथ कार्य कर करते हैं तब उनको पूजा जाता है और बुद्ध के रूप में

642
00:44:43,920 --> 00:44:48,000
वो आकर मान लीजिए धर्मशास्त्र के विरुद्ध कार्य करते हैं तो उनको नकारा जाता है तो फिर

643
00:44:48,000 --> 00:44:52,480
हमारे आचार्य तो उसके बीच में ही कहीं होंगे ना। ठीक है? जी जी जी

644
00:44:52,480 --> 00:44:56,960
तो ये ये है उसका तर्क। तो

645
00:44:56,960 --> 00:45:00,960
वहां पे गुरु हां जी बताइए बताइए। जी वहां

646
00:45:00,960 --> 00:45:05,120
पे एक गुरु का फॉल डाउन हुआ था तो वह न्यूज़ मैंने देखी थी तो मैंने

647
00:45:05,120 --> 00:45:09,440
ब्रह्मचारी को एक पूछा था कि गुरु का डाउनफॉल हुआ है तो यह कैसे चलेगा

648
00:45:09,440 --> 00:45:13,440
तो मेरे को बोले थे कि देखो महादेव का भी तो डाउनफॉल हुआ था

649
00:45:13,440 --> 00:45:17,680
वो भी तो अपने मेडिटेशन से साधना से डिस्ट्रैक्ट हुए थे

650
00:45:17,680 --> 00:45:21,680
वो मतलब मोहिनी से भ्रमित हुए थे तो यह तो फिर भी इंसान हो

651
00:45:21,680 --> 00:45:22,480
सकती है गलती

652
00:45:22,480 --> 00:45:26,560
कोई बात नहीं जाने दो वगैरह तो यह भी मेरे को एक अच्छी बात नहीं लगा

653
00:45:26,560 --> 00:45:30,960
कि मतलब इंसान का कंपैरिजन महादेव से क्यों कर रहे हैं यह

654
00:45:30,960 --> 00:45:36,960
तो तथाकथित आचार्य प्रशांत वाली गंध आ रही है मुझे। [हंसी]

655
00:45:40,080 --> 00:45:44,320
खैर अच्छा लगा आपने अपने चीजें बताई और हमें

656
00:45:44,320 --> 00:45:48,960
यह लगा था कि आप जो है इस के पक्ष से बातें रखने आ रहे हैं क्योंकि

657
00:45:48,960 --> 00:45:52,960
बहुत गर्मी अभी बहुत वातावरण में गरमा गर्मी हो गई है

658
00:45:52,960 --> 00:45:56,960
एक तो इस दिल्ली का एक ब्रह्मचारी के साथ का इंटरव्यू आ गया है और

659
00:45:56,960 --> 00:46:00,960
फिर एक इस के ही एक ब्रह्मचारी के साथ की जो है वार्ता

660
00:46:00,960 --> 00:46:05,040
जो है हमने रखी है दी है

661
00:46:05,040 --> 00:46:09,120
तो थोड़े से अगर उससे उधर से धमकियां आ रही है वो

662
00:46:09,120 --> 00:46:13,200
है तो हमें लगा कि शायद कोई आया

663
00:46:13,200 --> 00:46:17,200
होगा। आ रही है क्या आपको अभी भी अभी भी आ

664
00:46:17,200 --> 00:46:22,000
रही है मतलब आजकल में भी आई है। आजकल में भी धमकियां आ रही हैं।

665
00:46:22,000 --> 00:46:26,000
हां अभी आज जो है वो रामपाल की चीजों को प्रस्तुत कर रहे हैं। ये दिखा रहे हैं

666
00:46:26,000 --> 00:46:30,080
कि देखो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा है। जब वो मुकदमा अभी

667
00:46:30,080 --> 00:46:34,160
कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया है। हुआ क्या था? जो वही वो नीतू दासी ने नहीं

668
00:46:34,160 --> 00:46:38,640
हम पर छेड़खानी का आरोप लगाने की धमकी दी थी ऑन कैमरा

669
00:46:38,640 --> 00:46:42,640
तो वो वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सेफ है तो उसने

670
00:46:42,640 --> 00:46:46,640
पहले तो थाने में शिकायत की थी तो थाने में उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग देख

671
00:46:46,640 --> 00:46:50,720
के कह दिया भाई झूठा है ये उसके बाद वो फिर कोर्ट में गए उसके विरुद्ध

672
00:46:50,720 --> 00:46:54,800
के हमारी शिकायत नहीं लिख रही पुलिस तो कोर्ट ने भी मामले को जांचा

673
00:46:54,800 --> 00:46:59,360
तो उसने कोर्ट ने भी आदेश दे दिया भाई ये झूठा मामला है ना

674
00:46:59,360 --> 00:47:03,760
उसके बाद अब वो उस कोर्ट के आदेश के अगेंस्ट अब वो सेशन में गई

675
00:47:03,760 --> 00:47:07,760
है कि भैया देखो पुलिस भी हमारी नहीं सुन रही और कोर्ट भी नहीं सुन रही

676
00:47:07,760 --> 00:47:11,840
तो आप हमें दो तो सेशन ने हमको एक वो भिजवाया है कि आप इसमें

677
00:47:11,840 --> 00:47:16,160
आके अपना पक्ष रखें अभी सुनवाई से पहले की स्थिति है।

678
00:47:16,160 --> 00:47:20,320
अगर नहीं रखेंगे तो इसको ओपन किया जाएगा केस को। है

679
00:47:20,320 --> 00:47:24,480
ना? तो अभी 7 तारीख को हमें जाकर के वहां अपनी चीजें बतानी है कि भैया ऐसे

680
00:47:24,480 --> 00:47:28,480
ऐसे एक रैकेट चल रहा है जिसका हम पर्दाफाश कर रहे हैं

681
00:47:28,480 --> 00:47:32,720
जिसके विरुद्ध हम हाई कोर्ट में लड़ रहे हैं उस रैकेट के द्वारा हम पर दबाव बनाने हेतु

682
00:47:32,720 --> 00:47:36,960
ये सब किया जा रहा है सिंपल और जो महिला हम पर आरोप लगा रही है देखिए ऑन कैमरा

683
00:47:36,960 --> 00:47:42,000
बोल रही है कि मैं भी तुम पर झूठा छेड़खानी का केस लगा दूंगी

684
00:47:42,000 --> 00:47:46,080
तो आपने डाला वो व्यक्ति जो है हां ये

685
00:47:46,080 --> 00:47:50,560
सब चल रहा है और कल आपको बता दें आज एक

686
00:47:50,560 --> 00:47:54,000
बुद्धिज्म को मानने वाले व्यक्ति का फोन आया हमारे पास

687
00:47:54,000 --> 00:47:58,000
मुझे प्रसन्न अभी फोन आया क्या

688
00:47:58,000 --> 00:48:02,560
था उसने हमारा फॉर्म भरा था वो वाला आइडियोलॉजिकल डिस्कशन वाला

689
00:48:02,560 --> 00:48:06,880
तो हमने उसको कॉल किया था तो उससे बातें हुई बुद्धिज्म

690
00:48:06,880 --> 00:48:11,040
ऑफ हिंदूइज्म ऑन हो गया उसमें

691
00:48:11,040 --> 00:48:15,200
व्यक्ति चला गया व्यक्ति चला गया तो हां

692
00:48:15,200 --> 00:48:19,200
कॉल पे ही मतलब जब तक ये वो अपने आप को आस्तिक कह रहा था तो बस इसी बात पे

693
00:48:19,200 --> 00:48:23,520
अटक गई भाई पहले अपनी पहचान क्लियर करो तब तो हम तुम्हें वहां

694
00:48:23,520 --> 00:48:27,760
ले। अच्छा व्यक्ति पहचान ही क्लियर नहीं करता है। अभी सुबह मैंने एक इस

695
00:48:27,760 --> 00:48:31,840
के फॉलोअ का फॉर्म भरा था तो हमने उससे संपर्क किया कि

696
00:48:31,840 --> 00:48:35,920
भाई तुमने इसमें वो नहीं लिखा है। उसने लिखा हमने जहां ये प्रश्न

697
00:48:35,920 --> 00:48:40,960
पूछा है फॉर्म में कि आप किस जो है

698
00:48:40,960 --> 00:48:45,280
विचारधारा का पक्ष प्रस्तुत करने आ रहे हैं? तो क्या कह रहा है? सनातन।

699
00:48:45,280 --> 00:48:49,360
आपके गुरु का नाम क्या है? कृष्ण भगवान। वो अपनी

700
00:48:49,360 --> 00:48:53,360
आइडेंटिटी को हां वो रिवील नहीं कर पा रहा

701
00:48:53,360 --> 00:48:57,360
है कि मैं जो है फलाने इस मंदिर

702
00:48:57,360 --> 00:49:01,520
से जुड़ा हुआ हूं इनसे मैं शिक्षा लेता हूं ये सब नहीं ऐसी बातें

703
00:49:01,520 --> 00:49:06,160
कर रहा तो हमने फोन किया कि भाई ठीक है तुम्हें भगवत गीता कहां से मिली

704
00:49:06,160 --> 00:49:09,280
कृष्ण से मैंने कहा कृष्ण भगवान ने स्वयं दी है कौन

705
00:49:09,280 --> 00:49:13,360
सी पब्लिकेशन की पढ़ रहे हो तो मैंने कहा आपको कौन से वो बोल रहा है आपको किसकी सुननी

706
00:49:13,360 --> 00:49:17,360
है तो वो वही वाली बात कर रहा है तानाशाही नहीं चलेगी किसकी

707
00:49:17,360 --> 00:49:23,360
के किसी की [हंसी]

708
00:49:23,360 --> 00:49:28,000
खैर आज एक बुद्ध बुद्ध को मानने वाले का से बात हुई

709
00:49:28,000 --> 00:49:32,480
और करीब मेरे ख्याल से 22 मिनट की बात है। उसमें आप देखिएगा कैसे अकाट्य

710
00:49:32,480 --> 00:49:36,480
सिद्धांतों से सनातन पर होने वाले प्रत्येक प्रहार

711
00:49:36,480 --> 00:49:40,640
को तोड़ा जा सकता है और समाजियों से

712
00:49:40,640 --> 00:49:44,640
इस वालों से और जितने भी स्वयं को कहते हैं कि हम

713
00:49:44,640 --> 00:49:48,800
हिंदुत्व के रक्षक है वह ध्यान दें इस ओर जब नास्तिकों

714
00:49:48,800 --> 00:49:53,600
से विधर्मियों से वो होगा ना मुकाबला

715
00:49:53,600 --> 00:49:57,840
तब यह सिद्धांत आपके काम आएंगे। तो इन सिद्धांतों को सपोर्ट

716
00:49:57,840 --> 00:50:02,320
करें विरोध ना करें इन सिद्धांतों का रक्षा करें इन सिद्धांतों

717
00:50:02,320 --> 00:50:07,200
और हम लोग उसका भी एक लाने वाले हैं। वो जो जावेद अख्तर और

718
00:50:07,200 --> 00:50:11,920
मुफ्ती के बीच में जो हुआ है ना अरे भी

719
00:50:11,920 --> 00:50:16,000
लाने वाले हैं। मैं तो कह रहा हूं कि आप क्या मैं ही चला जाता ना तो वहां मेरे पास

720
00:50:16,000 --> 00:50:20,080
बहुत मेरे पास बहुत मैसेजेस आए कि भैया इस पे आप जो है डिटेल्ड

721
00:50:20,080 --> 00:50:24,960
वीडियो बनाइए। पहली बात तो यह है

722
00:50:24,960 --> 00:50:25,460
मैं

723
00:50:25,120 --> 00:50:29,200
एक बात बता दूं अभी के लिए एक बात बता दूं कि

724
00:50:29,200 --> 00:50:33,440
जो उसमें ईश्वर को सिद्ध किया मुफ्ती

725
00:50:33,440 --> 00:50:38,000
ने जावेद अख्तर के विरोध में है ना

726
00:50:38,000 --> 00:50:42,240
हालांकि वो जो चर्चा मुझे बायस्ड लग रही है बायस चर्चा है जैसे

727
00:50:42,240 --> 00:50:46,800
ऐसा लग रहा है जैसे लल्लन टॉप का उद्देश्य था इस्लाम को ग्लोरिफाई

728
00:50:46,800 --> 00:50:50,800
करने का क्यों क्योंकि एक व्यक्ति

729
00:50:50,800 --> 00:50:54,800
व्यक्ति को विषय का एक तरफ का एक पक्ष से बुलाया गया विषय

730
00:50:54,800 --> 00:50:59,040
का मर्मज्ञ है जो मुफ्ती जो है वह उस पर ही काम कर रहा है उसकी अध्ययन

731
00:50:59,040 --> 00:51:03,600
दिन और रात उसका वही है मगर जावेद अख्तर नास्तिकता

732
00:51:03,600 --> 00:51:07,920
का नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है जावेद अख्तर जी मुस्लिम

733
00:51:07,920 --> 00:51:12,160
वो जो मुफ्ती आए थे वो अपने उसके इस्लाम

734
00:51:12,160 --> 00:51:16,240
के और नास्तिकों को क्या जवाब दिया जाता है इस्लाम के

735
00:51:16,240 --> 00:51:20,240
द्वारा इस बात के मर्मज्ञ हैं। उनका जीवन शैली

736
00:51:20,240 --> 00:51:24,800
वही है। जावेद अख्तर नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है। जावेद अख्तर

737
00:51:24,800 --> 00:51:28,880
गीत लिखने के मर्मज्ञ हैं। साहित्य ये

738
00:51:28,880 --> 00:51:33,120
काव्य रचनाएं करने के मर्मज्ञ हैं। अभी किसी अर्पित द्विवेदी

739
00:51:33,120 --> 00:51:38,000
जैसे को बुला लिया जाता धुआ हो जाता इनका मुफ्ती जी का।

740
00:51:38,000 --> 00:51:40,480
है ना? तो वो चर्चा बाय थी। बराबर

741
00:51:40,480 --> 00:51:44,640
के लोग नहीं थे। एक तरफ मर्मज्ञ था अपने क्षेत्र का और दूसरी

742
00:51:44,640 --> 00:51:48,720
ओर वो उसका जिस क्षेत्र में वो मर्मज्ञ था वो क्षेत्र वहां पर उस क्षेत्र

743
00:51:48,720 --> 00:51:52,960
को लेकर के मुकाबला नहीं था। है ना? तो इसको कहते हैं कि पक्षपाती

744
00:51:52,960 --> 00:51:56,960
वो थी। मगर एक मैं मोटी मोटी बात बता दूं।

745
00:51:56,960 --> 00:52:01,040
अरे एक बात कहता हूं तो सौरभ जी से बात करें क्या? आपको बुलाए क्या एक बार एक

746
00:52:01,040 --> 00:52:05,040
बार मुफ्ती जी के साथ? अरे मनुवादियों को बुला लिया तो

747
00:52:05,040 --> 00:52:09,200
फिर क्या बात है? हालांकि मनुवाद विरोधी चैनल

748
00:52:09,200 --> 00:52:13,520
है वो लंडन टॉप। क्या बात है बोलिए

749
00:52:13,520 --> 00:52:17,600
बोलिए वो मैं कह रहा था कि मुफ्ती जी की जो एक बात

750
00:52:17,600 --> 00:52:21,680
मैंने अभी तक सुनी अभी पूरा वीडियो मैंने नहीं देखा मेरे पास मैसेजेस आ रहे हैं भैया इसका जो

751
00:52:21,680 --> 00:52:26,000
है आप वो दीजिए तो उसने जो सिद्ध किया है मुफ्ती

752
00:52:26,000 --> 00:52:30,320
ने कि इस बात को लेकर सिद्ध किया है कि भाई

753
00:52:30,320 --> 00:52:34,640
आपको अगर जो मोरल्टी है वो भगवान से ही मिलती है

754
00:52:34,640 --> 00:52:38,640
ईश्वर से ही मिलती है इसलिए हमें आवश्यकता है ईश्वर के अस्तित्व

755
00:52:38,640 --> 00:52:43,680
को स्वीकार करने की ठीक है? तो इसका मतलब क्या है कि

756
00:52:43,680 --> 00:52:47,920
उसका कहना ये है कि हम अपने से मोरल होना चाहते हैं। इसलिए

757
00:52:47,920 --> 00:52:51,920
हम ईश्वर को ला रहे हैं। गलत। मोरल्टी एक बाय

758
00:52:51,920 --> 00:52:55,680
प्रोडक्ट है। मोरल्टी एक बाय प्रोडक्ट है जो

759
00:52:55,680 --> 00:52:59,760
ईश्वर को मानने के कारण आपको स्वतः प्राप्त होता है।

760
00:52:59,760 --> 00:53:05,600
ठीक है? मगर ईश्वर का अस्तित्व मोरलिटी से सिद्ध नहीं होता है।

761
00:53:05,600 --> 00:53:09,760
अब मान लो कोई व्यक्ति मोरल होना ही ना चाहे तो उसके सामने तुम कैसे

762
00:53:09,760 --> 00:53:15,200
सिद्ध करोगे ईश्वर को? बताइए। निठारी हत्याकांड

763
00:53:15,200 --> 00:53:19,200
बच्चों को खा रहे हैं। मोरल्टी गई भाड़ के चूल्हे में

764
00:53:19,200 --> 00:53:23,360
आदमखोर नग्नता को नग्नता के परिपोषक

765
00:53:23,360 --> 00:53:27,360
लोग इनके ये मोरल होना ही नहीं चाहते। उनके सामने आप कैसे ईश्वर का

766
00:53:27,360 --> 00:53:31,440
अस्तित्व सिद्ध करोगे? वहां पर सनातन विधान आएगा। सनातन

767
00:53:31,440 --> 00:53:35,760
के विरोध में कोई भी दर्शन ऐसा है ही नहीं जो ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध कर सके। धर्म

768
00:53:35,760 --> 00:53:40,000
को सिद्ध कर सके। उन नियमों को आवश्यक सिद्ध कर सके

769
00:53:40,000 --> 00:53:44,080
जिन नियमों के कारण माता बहन पत्नी में अंतर किया जाता है।

770
00:53:44,080 --> 00:53:48,240
ठीक है? तो मोरलिटी ईश्वर के अस्तित्व

771
00:53:48,240 --> 00:53:52,640
को प्राप्त और उसे प्राप्त ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध

772
00:53:52,640 --> 00:53:57,200
और उसे प्राप्त करने के बाद बाय प्रोडक्ट में

773
00:53:57,200 --> 00:54:01,200
मिलने वाले के रूप में मोरल्टी है ना कि मोरल्टी से ईश्वर

774
00:54:01,200 --> 00:54:05,200
का अस्तित्व सिद्ध होता है। हां ये हम कह सकते हैं कि

775
00:54:05,200 --> 00:54:09,280
भाई तुम अगर मान रहे हो मोरल्टी को तुम अगर माता और बहन और पत्नी में अंतर कर

776
00:54:09,280 --> 00:54:10,720
रहे हो तो इससे सिद्ध होता

777
00:54:10,720 --> 00:54:15,040
है कि तुम ईश्वर को मान रहे हो। यह सिद्ध होता है। तुम

778
00:54:15,040 --> 00:54:19,680
ईश्वर का विरोध नहीं कर रहे हो क्योंकि तुम मोरल्टी को मान रहे हो। ठीक है? मगर

779
00:54:19,680 --> 00:54:23,920
जीरो पॉइंट से जहां से वो व्यक्ति मोरल्टी को भी ना मानने

780
00:54:23,920 --> 00:54:28,640
वाला है। नहीं मान रहा माता बहनों पत्नी अंतर क्या करूं? मैं ओशो हूं

781
00:54:28,640 --> 00:54:32,720
हां या मैं फला हूं। तो जो मोरल्टी को

782
00:54:32,720 --> 00:54:36,800
मानने को मना कर देगा वहां आपका ये दांव कैसे चलेगा? क्या? अरे

783
00:54:36,800 --> 00:54:40,800
भाई आपने कहा कि अगर हमें मोरल्टी लानी है तो

784
00:54:40,800 --> 00:54:44,960
उसके लिए आवश्यक है तो मोरल्टी लानी क्यों है? इसका

785
00:54:44,960 --> 00:54:49,200
जवाब तो दो भैया क्यों लानी है?

786
00:54:49,200 --> 00:54:53,360
क्यों अच्छाई और बुराई देखनी है? इसके बारेके बारे में अभी बताइए।

787
00:54:53,360 --> 00:54:59,200
वो वो आप अवश्य वीडियो बनाइएगा तब उसमें बताइएगा ये पूरा का पूरा। वो ज्यादा सही है।

788
00:54:59,200 --> 00:55:03,280
नहीं तो अभी ये आ जाएगा। कह रहा हूं कि अब अभी अगर बातें ये सारी बता देंगे ना

789
00:55:03,280 --> 00:55:07,440
तो यह तो इस वीडियो का हिस्सा होना चाहिए जो आप डाल ले आएंगे।

790
00:55:07,440 --> 00:55:11,520
हां मैं उसमें एक डिटेल वीडियो बनाऊंगा। उसने क्या-क्या बोला है।

791
00:55:11,520 --> 00:55:15,920
कहां पर जावेद अख्तर जी जो है कमजोर रहे। कहां पर मुफ्ती जी जो है कमजोर

792
00:55:15,920 --> 00:55:20,400
रहे और फिर उस पर जो है एक डिटेल वीडियो हम लोग बनाएंगे।

793
00:55:20,400 --> 00:55:24,480
और मैं तो इनके मुफ्ती से बात कर चुका हूं ना। इनके पास और कुछ है

794
00:55:24,480 --> 00:55:26,160
ही नहीं। यही है बस

795
00:55:26,160 --> 00:55:30,240
कि भाई अगर एक व्यक्ति आया था मैं बता रहा हूं मेरे सामने

796
00:55:30,240 --> 00:55:34,560
की बात है मैं उस समय क में था ऐसा ही एक सेशन चल रहा था इनका मुफ्ती

797
00:55:34,560 --> 00:55:38,640
लोगों का और मैं पीछे था और वो लोग बोले एक नास्तिक आया बोले कि

798
00:55:38,640 --> 00:55:42,640
क्या आप अपनी बहन के साथ जो है संबंध बना सकते हैं

799
00:55:42,640 --> 00:55:46,640
उसने बोला नास्तिक ने बना सकता हूं अब बताओ उसने बोल

800
00:55:46,640 --> 00:55:50,720
दिया बना सकता हूं खत्म हो गए ढेर हो गए वो

801
00:55:50,720 --> 00:55:54,720
तो जावेद अख्तर जी थे जो नहीं बोल पाए होंगे भाई नहीं तो

802
00:55:54,720 --> 00:55:58,720
जिस दिन आपको ऐसा कोई मिल जाएगा जो मोरल्टी को स्वीकार ही ना उसको जरूरत ही नहीं

803
00:55:58,720 --> 00:56:02,720
मोरल्टी की तो फिर है

804
00:56:02,720 --> 00:56:07,200
ना फिर आप उसको कैसे सिद्ध करो आप मोरल्टी को

805
00:56:07,200 --> 00:56:11,680
मोरल्टी की जो बात कह रहे हो कि यदि इंसान को मोरल बनाना है

806
00:56:11,680 --> 00:56:15,680
तो ईश्वर की हमें आवश्यकता पड़ेगी है ना मगर मोरल

807
00:56:15,680 --> 00:56:20,160
बनाना क्यों है वो आधार तो दो क्यों बनाना है

808
00:56:20,160 --> 00:56:24,240
मोरल होने के लिए इंसान ईश्वर को नहीं मानता

809
00:56:24,240 --> 00:56:28,800
ईश्वर को मानता है इसलिए मोरल होता है। इस बात को समझना होगा।

810
00:56:28,800 --> 00:56:32,960
ईश्वर को मानता है इसलिए वो मोरल है। मोरल होने के लिए ईश्वर

811
00:56:32,960 --> 00:56:37,360
को नहीं मानता है। ईश्वर को मानता है उसे प्राप्त करना इसलिए वो मोरल

812
00:56:37,360 --> 00:56:41,200
होता है। तो मोरल्टी इस ए बाय प्रोडक्ट। बाय द वे इस पर हम एक

813
00:56:41,200 --> 00:56:45,200
विस्तृत विश्लेषण करेंगे और प्रस्तुत करेंगे।

814
00:56:45,200 --> 00:56:49,200
तार्किक व्याख्या। ठीक है? चलिए समय

815
00:56:49,200 --> 00:56:53,280
दिया। विशेष गुले जी ने अपनी आपबीती सुनाई है इस

816
00:56:53,280 --> 00:56:57,760
और ऋत्विक के दोनों के साथ उनका कैसा एक्सपीरियंस रहा और पंडित फ्लो

817
00:56:57,760 --> 00:57:02,000
फ्लोकी जी का वैसा ही कैमियो जो सदैव रहता था सभी

818
00:57:02,000 --> 00:57:07,280
ने देखा ठीक है

819
00:57:07,280 --> 00:57:11,360
हमारे जो ऑपरेटर महोदय है वो चाहते हैं कि यदि कोई आना

820
00:57:11,360 --> 00:57:17,360
चाहे तो आ सकता है

821
00:57:21,200 --> 00:57:25,280
दासानुदास भाई देखिए यहां आने से पहले आप यह तय कर लें

822
00:57:25,280 --> 00:57:31,280
कि दासानुदास जी जय जय जय श्री राम

823
00:57:32,880 --> 00:57:37,040
अच्छा हमारी सेटिंग ऑपरेटर महोदय अगर हमारी सेटिंग वैसी हो जाए ना जो कॉलम्स

824
00:57:37,040 --> 00:57:41,040
दिखाई देते हैं टोटे वाले और नाम भले

825
00:57:41,040 --> 00:57:46,480
ही आप हटा दे नाम की आवश्यकता नहीं है लगातार

826
00:57:46,480 --> 00:57:50,880
जी दास दास जी जय श्री राम भैया जय श्री राम भैया

827
00:57:50,880 --> 00:57:55,040
भैया मैं ये कहना चाह रहा था कि इसी प्रकार का जैसे विशेष जी ने बताया

828
00:57:55,040 --> 00:57:59,360
और निखिल भैया भी हमारे जो जुड़ते हैं हमारी कक्षाओं में तो उनके

829
00:57:59,360 --> 00:58:03,440
साथ भी कुछ इसी तरीके का वाक्या हुआ है और वो यही चाह रहे

830
00:58:03,440 --> 00:58:07,520
थे कि पांच मिनट अगर आप समय दे पाए तो क्या मैं उन्हें बुला

831
00:58:07,520 --> 00:58:12,080
सकता हूं? हां बुला लिया

832
00:58:12,080 --> 00:58:16,320
निखिल करके भी जुड़े हैं अभी अभी हां जी भैया

833
00:58:16,320 --> 00:58:20,960
मैंने उनको अभी लिंक भेजा है। ऐड टू स्टेज

834
00:58:20,960 --> 00:58:24,960
ये आ गए सिद्धू राम जी तो अपना चेहरा नहीं दिखा रहे हैं। मुझे लगता

835
00:58:24,960 --> 00:58:30,000
है आज विरोधा जो विरोधी बातें हैं वो ना हो आज है ना

836
00:58:30,000 --> 00:58:35,920
लक्ष्य त्रिवेदी जी भी आए हैं।

837
00:58:35,920 --> 00:58:39,920
मैं आ गया हूं।

838
00:58:39,920 --> 00:58:44,000
हां जी निखिल भैया आप आ चुके हैं लक्ष्य भैया जी निखिल जी जय श्री राम जय

839
00:58:44,000 --> 00:58:48,160
श्री राम लक्ष्य त्रिवेदी जी सादर प्रणाम

840
00:58:48,160 --> 00:58:52,480
जय मां कामेश्वरी हर हर महादेव हर हर महादेव

841
00:58:52,480 --> 00:58:57,440
जी बहुत ही तार्किक और बहुत ही अत्यंत

842
00:58:57,440 --> 00:59:01,600
वेदत्व और वेद वाणी का जो प्रयोग हो रहा है इसी प्रकार होता रहे और

843
00:59:01,600 --> 00:59:05,600
समस्त जितने भी लोगों का जो है संशय इसी प्रकार

844
00:59:05,600 --> 00:59:09,920
दूर होता रहे यही भगवती से प्रार्थना और जेष्ठ का आशीर्वाद सदैव

845
00:59:09,920 --> 00:59:12,320
बना रहे।

846
00:59:12,320 --> 00:59:15,120
सदैव है सदैव।

847
00:59:15,120 --> 00:59:19,040
जी निखिल जी बताएं।

848
00:59:19,040 --> 00:59:24,400
पहले तो सीताराम शिवश भैया

849
00:59:24,400 --> 00:59:28,720
रामानंद मध्यम अस्मदाचार्य पर्यंत वंदे गुरु परंपरा

850
00:59:28,720 --> 00:59:32,720
वंदे गुरु मेरा एक्सपीरियंस

851
00:59:32,720 --> 00:59:36,800
इस के साथ रहा है लगभग तीन साल का एक्सपीरियंस मेरे को

852
00:59:36,800 --> 00:59:41,120
रहा है और मेरा इस के साथ जुड़ने का लक्ष्य

853
00:59:41,120 --> 00:59:45,440
यही था कि मैं तो शुरू से हालांकि प्रमाणिक गुरु परंपरा

854
00:59:45,440 --> 00:59:50,080
रामानंद संप्रदाय से ही हम लेकिन मेरा

855
00:59:50,080 --> 00:59:54,080
मेरा ये था कि मैं इस के अंदर जाकर देखना चाहता था कि

856
00:59:54,080 --> 00:59:58,160
आखिर में क्या है। तो मैंने अभी से जो तीन

857
00:59:58,160 --> 01:00:03,200
साल पहले मैंने इस ज्वाइन किया मैं बलिया का रहने वाला हूं।

858
01:00:03,200 --> 01:00:07,280
आपसे भी बहुत प्रेम है। सभी नाम सत्रों में भी जुड़ते हैं। तो

859
01:00:07,280 --> 01:00:11,280
अभी तक ज्यादा लोगों को बताया नहीं है मैंने कि मैं इस में था।

860
01:00:11,280 --> 01:00:16,320
लेकिन जैसे आयुष भैया आए तो इनको पता है। तो

861
01:00:16,320 --> 01:00:20,560
मैं जब पहली पहली बार इस बलिया में आया था

862
01:00:20,560 --> 01:00:24,560
तो उस समय का मैं बात बता रहा हूं। जब मैं इनके पास गया था

863
01:00:24,560 --> 01:00:29,360
तो पहले आप देखेंगे तो मैं ये बता रहा हूं कि जब एक

864
01:00:29,360 --> 01:00:33,840
नया आदमी जाता है इस में तो ये लोग उसको कैसे बरगलाते

865
01:00:33,840 --> 01:00:38,080
हैं। तो जब मैं पहली बार इस में गया

866
01:00:38,080 --> 01:00:39,600
तो बहुत अच्छा

867
01:00:39,600 --> 01:00:43,920
बात किए बुलाए बैठाए सब उसके बाद

868
01:00:43,920 --> 01:00:47,920
धीरेधी में गए थे कहीं और गए थे नहीं बलिया के इस

869
01:00:47,920 --> 01:00:53,920
में अभी बस सेंटर है छोटा सा तो

870
01:00:53,920 --> 01:00:58,000
ये क्या करते हैं कि आप इनसे बस जाइए जुड़िए

871
01:00:58,000 --> 01:01:02,160
उसके बाद से क्या होगा कि आपकी इच्छा हो ना हो

872
01:01:02,160 --> 01:01:06,160
कुछ भी आपका कोई मेंटर बन जाएगा।

873
01:01:06,160 --> 01:01:10,560
कोई किसी के अंडर आप चले जाएंगे। आपकी इच्छा है नहीं है कोई बात नहीं। आपको

874
01:01:10,560 --> 01:01:14,960
कुछ दिन बाद बताने लगा मतलब कि लोग बताने लगेंगे

875
01:01:14,960 --> 01:01:19,280
कि आप इनके अंडर में है। आपको ये करना है। ऐसे

876
01:01:19,280 --> 01:01:23,440
ऐसे बताने लगेंगे। अब मेरे मेरे को ऐसे शुरू

877
01:01:23,440 --> 01:01:27,520
से शुरू में द्रोह भावना नहीं थी। मेरे को लगा था कि हां कृष्णा का प्रचार है।

878
01:01:27,520 --> 01:01:31,680
गौडिया वैष्णव संप्रदाय का प्रचार है। मैं यहां पर एक बात

879
01:01:31,680 --> 01:01:35,680
कहूंगा। आप यहीं से अपनी बात कंटिन्यू करना। गौडिया वैष्णव का

880
01:01:35,680 --> 01:01:39,760
कृष्णा का प्रचार है। यहीं से ध्यान रखना कि आपको आपकी बात कहां से कंटिन्यू करनी

881
01:01:39,760 --> 01:01:43,440
है। मैं एक बात आपको बताऊं।

882
01:01:43,440 --> 01:01:48,800
हमारे कुछ सेशन कभी-कभी जेल में भी हुए हैं और

883
01:01:48,800 --> 01:01:52,960
जेल का भी एक वातावरण ऐसा ही होता है। जब कोई बंदी वहां जाता

884
01:01:52,960 --> 01:01:56,960
है ना तो वहां पर जो है नंबरदार

885
01:01:56,960 --> 01:02:01,520
होते हैं। बैरिक के राइटर होते हैं।

886
01:02:01,520 --> 01:02:05,600
नंबरदार होता है। वह जो है प्रशासन से जो है बॉन्डिंग बना

887
01:02:05,600 --> 01:02:09,920
के रखता है। जेल प्रशासन से जेलर से वहां के तंत्रियों

888
01:02:09,920 --> 01:02:14,000
से बॉन्डिंग उसकी होती है। और एक व्यवस्था बनाने के लिए

889
01:02:14,000 --> 01:02:18,480
जेल के अंदर अपराधियों में से ही जो सीनियर अपराधी हो जाते हैं

890
01:02:18,480 --> 01:02:22,800
लंबे समय के उनमें से ही चुनाव करके जो है और वहां

891
01:02:22,800 --> 01:02:26,800
के राइटर राइटर मतलब जो आया है वो एंट्री करने के

892
01:02:26,800 --> 01:02:30,800
लिए उसको कुछ क्षेत्रात भेद हो सकता

893
01:02:30,800 --> 01:02:34,800
है कहीं पर तो वहां पर जेल में भी यही वातावरण होता

894
01:02:34,800 --> 01:02:38,960
है कि जैसे कोई अंदर आया उसको सेक्शनिंग कर दी गई कौन किसके में जाएगा

895
01:02:38,960 --> 01:02:42,960
उसका राइटर कौन है उसका नंबरदार कौन है है ना?

896
01:02:42,960 --> 01:02:46,960
तो आपकी इस बात से मुझे याद आया। वो उसी के अंडर में रहता है। उसकी जानकारी

897
01:02:46,960 --> 01:02:51,120
उसी से मांगी जाती है जिसके जिसके उसमें उसे भर्ती किया गया है।

898
01:02:51,120 --> 01:02:56,000
हां ऐसा ही है ना कुछ? जी जी सेम।

899
01:02:56,000 --> 01:02:58,720
तो मैं वहीं से

900
01:02:58,720 --> 01:03:02,880
कंटिन्यू करता हूं कि मेरे को लगा था कि कृष्णा का प्रचार है। गौडिया वैष्णव

901
01:03:02,880 --> 01:03:07,440
संप्रदाय का प्रचार है। कुछ समय बाद जब मैं अंदर

902
01:03:07,440 --> 01:03:11,520
प्रवेश किया। जब मेरे को ये लोग अपने शासन में लिए

903
01:03:11,520 --> 01:03:16,720
तो शासन में लेते ही अब ये क्या हुआ कि

904
01:03:16,720 --> 01:03:20,880
मेरी विचारधाराएं शुरू से क्योंकि प्रमाणिक गुरु शिष्य परंपरा रामानंद संप्रदाय

905
01:03:20,880 --> 01:03:24,880
से होने के कारण मेरे को शिव जी में भी परमात्मा बुद्धि थी परब्रह्म बुद्धि

906
01:03:24,880 --> 01:03:28,960
थी। तो वहां पे जब ये कहना शुरू किया इन्होंने कि

907
01:03:28,960 --> 01:03:33,040
कृष्ण तो मतलब कि शिव तो दास है ये है वो। मतलब कि

908
01:03:33,040 --> 01:03:37,120
ऐसी बहुत सारी बातें तब मेरे को पूरा एकदम समझ में आ गया था कि

909
01:03:37,120 --> 01:03:41,280
कुछ गड़बड़ है लेकिन मेरे को वो आधार नहीं मिल रहा था।

910
01:03:41,280 --> 01:03:45,280
मेरे को वो आधार नहीं मिला था कि जिस आधार पर मैं इनसे प्रश्न करूं। तो उसके बाद

911
01:03:45,280 --> 01:03:49,440
से ईश्वर की कृपा से पूरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य महाभाग

912
01:03:49,440 --> 01:03:54,080
की कृपा से आपका सानिध्य प्राप्त हुआ। आपको देखना

913
01:03:54,080 --> 01:03:58,080
जानना शुरू किया। उसके बाद से जो आधार था जो खोया हुआ आधार

914
01:03:58,080 --> 01:04:02,080
था वो मिल गया कि हां। तो यहां पर क्या हुआ कि धीरेधीरे

915
01:04:02,080 --> 01:04:06,160
मैंने क्या किया कि प्रश्न पूछना शुरू किया तो

916
01:04:06,160 --> 01:04:10,320
मैं प्रश्न पूछता था ये लोग नकार देते थे तो अब

917
01:04:10,320 --> 01:04:14,320
पूर्ण द्रोह जब मैं पूर्ण जो प्रतिकार मेरा था वो वृंदावन

918
01:04:14,320 --> 01:04:19,280
से शुरू हुआ इनका एक यूथ कैंप गया वृंदावन

919
01:04:19,280 --> 01:04:23,680
जिसमें मैं भी था मैं भी गया वहां पर प्रेमानंद

920
01:04:23,680 --> 01:04:27,920
महाराज जी वो तो पूरे अभी तो विश्व भर में उनकी

921
01:04:27,920 --> 01:04:32,160
उनकी ख्याति है हमारी भी बहुत इच्छा थी कि हम प्रेमानंद महाराज

922
01:04:32,160 --> 01:04:36,240
जी से मिले। हम उनके दर्शन करें। हमने कहा भी

923
01:04:36,240 --> 01:04:40,480
कि हम आए हैं तो प्रेमानंद महाराज जी के प्रेमानंद महाराज

924
01:04:40,480 --> 01:04:44,480
जी का दर्शन करने जाएंगे। तो जिनके अंडर में वो लोग हमको बताते

925
01:04:44,480 --> 01:04:48,480
थे। उन्होंने पहले मना किया कि नहीं आप ये

926
01:04:48,480 --> 01:04:52,560
कारण है। सुबह-सुबह ठंडी लग जाएगी। तुम्हारे मम्मी पापा मतलब कि ये

927
01:04:52,560 --> 01:04:56,800
सब कारण बताया उन्होंने। मैंने कहा कि ठीक है मैं अपना पूरा व्यवस्था

928
01:04:56,800 --> 01:05:00,960
ले जाऊंगा कि मेरे को कुछ ना हो। मैं सेफली जाऊं आऊं।

929
01:05:00,960 --> 01:05:05,440
बाद में वो एक कमरे में मेरे को ले गए और उन्होंने बैठाया

930
01:05:05,440 --> 01:05:09,680
कमरा लॉक किया। उसके बाद मेरे को समझाना शुरू किए कि मैंने उनकी कई सारी

931
01:05:09,680 --> 01:05:14,000
वीडियोस देखी हैं। वो मायावाद की फिलॉसफी पर बोलते

932
01:05:14,000 --> 01:05:18,080
हैं। वो दूसरे संप्रदाय के हैं। ये वो ऐसे

933
01:05:18,080 --> 01:05:22,080
मेरे को करके समझाना शुरू किया उन्होंने। अब यहां तक भी

934
01:05:22,080 --> 01:05:26,240
मैं नहीं रुका। मैं क्या किया कि सुबह जब सब सो रहे

935
01:05:26,240 --> 01:05:29,440
थे तो मैं 1:00 बजे 1:00 बजे रात

936
01:05:29,440 --> 01:05:33,440
को मैं निकल गया। महाराज जी 2 बजे वहां से पास होते हैं इस टेंपल

937
01:05:33,440 --> 01:05:37,440
के चौराहे से तो मैं वहां पर गया। उसके आने के

938
01:05:37,440 --> 01:05:41,760
बाद अब पूरा मतलब कि जितने लोग गए थे इस

939
01:05:41,760 --> 01:05:45,760
के जो जुड़े हुए थे सबके नेत्रों में मतलब कि

940
01:05:45,760 --> 01:05:49,840
एक तरह की कहा ज्वाला एकदम ज्वाला दिख रही

941
01:05:49,840 --> 01:05:53,920
थी जिसे वो लोग भस्म ही कर देंगे आज मेरे को तो उसके बाद से वो बात

942
01:05:53,920 --> 01:05:58,000
खत्म हुआ तब तक क्या हुआ कि संध्या में इस टेंपल है

943
01:05:58,000 --> 01:06:02,240
वृंदावन में वहां संध्या आरती के बाद मैं जब बाहर

944
01:06:02,240 --> 01:06:06,480
निकला रोड पे तो जब हम प्रेम मंदिर के साइड

945
01:06:06,480 --> 01:06:10,960
जाते हैं तो वहां पे कुछ बुक डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे थे। बुक डिस्ट्रीब्यूशन

946
01:06:10,960 --> 01:06:15,120
नहीं मतलब कि बुक बेच रहे थे। तो वहां पे जो प्रेम मंदिर के जिस

947
01:06:15,120 --> 01:06:19,200
संप्रदाय से हैं वो लोग बुक बेच रहे थे।

948
01:06:19,200 --> 01:06:23,200
तो मैंने उनसे बुक खरीद ली। उसके बाद से

949
01:06:23,200 --> 01:06:27,440
मैं वो बुक मेरे मैं जानता था कि ये अगर बुक मैं इनको दिखाऊंगा तो यह लोग कुछ करेंगे।

950
01:06:27,440 --> 01:06:31,600
कुछ बोलेंगे। मैंने वो बुक छुपा के रखी थी। मैं

951
01:06:31,600 --> 01:06:35,760
लेकिन तभी भी किसी के माध्यम से इनको पता चल गया कि मैंने बुक ली। उसके

952
01:06:35,760 --> 01:06:39,840
बाद से मेरे को इतना मतलब कि उस उस समय कहा जाए

953
01:06:39,840 --> 01:06:43,920
मैं अपने घर परिवार से दूर था। मेरे माता पिता ने भरोसा करके मेरे

954
01:06:43,920 --> 01:06:44,480
को भेजा

955
01:06:44,480 --> 01:06:48,640
था कि अच्छे लोग हैं। मैंने भी विश्वास दिलाया था कि हां इस कौन के

956
01:06:48,640 --> 01:06:52,720
लोग लेकिन उस समय जो व्यवहार और जो टॉर्चर मैंने वृंदावन धाम में सहा

957
01:06:52,720 --> 01:06:56,800
है। अभी तक मतलब कि मैं बुला नहीं सकता हूं। और उस समय भी मेरी बुद्धि

958
01:06:56,800 --> 01:07:00,960
यही थी कि नहीं प्रभु जी हैं अच्छे हैं। उन्होंने क्या किया कि

959
01:07:00,960 --> 01:07:05,200
बुक लिया मेरे से बुक लेने के बाद से यमुना जी में

960
01:07:05,200 --> 01:07:07,360
सीता

961
01:07:07,360 --> 01:07:11,440
इस हद तक अब वहां इस वहां से आने के बाद

962
01:07:11,440 --> 01:07:15,600
अब मेरा प्रति एक तरीके से बल का प्रयोग किया गया

963
01:07:15,600 --> 01:07:19,680
आपके साथ बहु ये तो है

964
01:07:19,680 --> 01:07:24,080
छल से आपकी बुक ले ली और आपकी बिना इच्छा के उसको विसर्जन

965
01:07:24,080 --> 01:07:28,480
कर दिया उसका मैं बता रहा हूं आपको

966
01:07:28,480 --> 01:07:32,960
ये बुक ये बुक लेने के कारण ये प्रेमानंद महाराज जी

967
01:07:32,960 --> 01:07:37,280
से भेंट करने की इच्छा के कारण उस मतलब कि

968
01:07:37,280 --> 01:07:41,360
इस बलिया के जो यूथ कैंप के प्रेसिडेंट है इस

969
01:07:41,360 --> 01:07:45,520
बलिया के जो सोल्ड प्रेसिडेंट है क्योंकि अभी उन

970
01:07:45,520 --> 01:07:49,680
युवक हैं समझ रहे उनको उस लेवल का ज्ञान नहीं

971
01:07:49,680 --> 01:07:53,920
है लेकिन वो क्या है कि क्षत्रिय कुल से हैं करुणा मान के और

972
01:07:53,920 --> 01:07:58,400
कर्मकांड में भी उतर गए हैं। तो मैं बताऊं आपको

973
01:07:58,400 --> 01:08:00,080
तो

974
01:08:00,080 --> 01:08:04,160
इस ख्नस के कारण कि मैंने ये कहा मैंने ये कहा एक बार क्या

975
01:08:04,160 --> 01:08:08,240
हुआ कि ये गौशाला में थे। इस की गौशाला वृंदावन इस की गौशाला

976
01:08:08,240 --> 01:08:12,320
में थे। मैं क्या किया कि मैंने सुबह से खाना नहीं खाया था। गौशाला का

977
01:08:12,320 --> 01:08:16,320
खाना मेरे को उतना भाता नहीं था क्योंकि वहां अभी वही अभी वही टाइम चल

978
01:08:16,320 --> 01:08:20,320
रहा था। वो जब आप जो है उनसे प्रेमानंद जी के दर्शन किए

979
01:08:20,320 --> 01:08:24,400
और आपने एक बुक ले ली प्रेम मंदिर वही टाइम चल रहा है। उससे

980
01:08:24,400 --> 01:08:28,560
एक दिन पहले ही मैंने पूछा था। तो ऐसे गौशाला जो था

981
01:08:28,560 --> 01:08:33,040
तो गौशाला का खाना मेरे को अच्छा नहीं लगा था। तो मैं कहा मैं जो मेरे थे

982
01:08:33,040 --> 01:08:37,120
मेंटर थे उनसे मैंने कहा कि मैं बाहर जाके खाऊंगा और

983
01:08:37,120 --> 01:08:41,200
खा के आ जाऊंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि ठीक है जाओ जल्दी आ

984
01:08:41,200 --> 01:08:45,200
जाना। लेकिन मैं जब गया खा के आने लगा तो

985
01:08:45,200 --> 01:08:49,280
तब तक मेरे को देर हो गई। सब मेरे को खोजने लगे। तो मैं इस मंदिर

986
01:08:49,280 --> 01:08:53,440
के सामने ही था। इस मंदिर के जस्ट पीछे वो लोग थे।

987
01:08:53,440 --> 01:08:57,520
अब मेरे से पूछते पूछते अब मैं बता रहा हूं अपनी एग्जैक्ट लोकेशन कि

988
01:08:57,520 --> 01:09:01,600
आखिर में मैं हूं कहां लेकिन वो जो इस बलिया

989
01:09:01,600 --> 01:09:05,680
के वो है प्रेसिडेंट हैं उन उनको मेरे प्रति इतना

990
01:09:05,680 --> 01:09:09,920
क्रोध था कि जब मैं इस उन लोगों से मिला तो

991
01:09:09,920 --> 01:09:14,000
मिलने के बाद बातबात में ही उन्होंने मेरे पे

992
01:09:14,000 --> 01:09:15,280
बीट बैग से प्रहार

993
01:09:15,280 --> 01:09:19,760
किया पूरा इधर ये सिर देख रहे हैं आप इधर साइड इतना तेज

994
01:09:19,760 --> 01:09:24,000
माला लकड़ी की होती है और उनकी बड़ी-बड़ी बीट्स वाली माला

995
01:09:24,000 --> 01:09:28,560
थी। इतना तेज ऐसे घुमा के इधर पूरा

996
01:09:28,560 --> 01:09:32,720
अब वहां पे मतलब आपको एक तरीके से अकेला पाकर वहां पर

997
01:09:32,720 --> 01:09:37,360
और आपके साथ इस तरीके से दुर्व्यवहार हो रहा है। मारपीट हो रही है।

998
01:09:37,360 --> 01:09:41,360
अगर अगर आप उनको स्वतंत्रता प्रदान कर दें कि प्रभु जी

999
01:09:41,360 --> 01:09:45,360
आज से मैं आपके अंडर में हूं। हालांकि आप इस अगर ज्यादा दिन

1000
01:09:45,360 --> 01:09:49,440
तक जाने लगेंगे तो किसी ना किसी अंडर आपकी इच्छा हो ना हो आपको अंडर

1001
01:09:49,440 --> 01:09:53,440
में रख लिया जाएगा। लेकिन अगर आप इच्छा प्रकट कर दे कि नहीं

1002
01:09:53,440 --> 01:09:57,520
मैं आपके अंडर में हूं और आप 10 लोगों से वहां पर बता दे कि मैं उनके अंडर में हूं

1003
01:09:57,520 --> 01:10:01,520
तो आपको पूर्ण शासन में लेने का प्रयास करते हैं। और वहां पे

1004
01:10:01,520 --> 01:10:05,520
देखिए उनके शासन को स्वीकार नहीं किया तो मारपीट

1005
01:10:05,520 --> 01:10:09,520
होने लगी। आपकी इच्छा के विरुद्ध आपकी वो सामग्री को प्रभावित

1006
01:10:09,520 --> 01:10:13,520
कर दिया और जो है आपके ऊपर वार कर रहे हैं। मार भी रहे हैं। और भी कोई

1007
01:10:13,520 --> 01:10:17,600
दुर्व्यवहार आपको देखने को मिला इस बीच। अरे

1008
01:10:17,600 --> 01:10:21,920
इस वृंदावन में तो बहुत ज्यादा हुआ है। तो उसके बाद

1009
01:10:21,920 --> 01:10:26,480
थोड़ा सा बताएं। उसके बाद से क्या हुआ कि

1010
01:10:26,480 --> 01:10:30,320
हम मैं जब जाता हूं बाहर तो अच्छा यहां तक आपने

1011
01:10:30,320 --> 01:10:35,600
हमारा कोई वीडियो देख लिया था कि नहीं देखा था अभी तक?

1012
01:10:35,600 --> 01:10:39,680
अभी मैं आपका देखना शुरू किया था मैंने। देखना

1013
01:10:39,680 --> 01:10:43,840
शुरू किया नया नया। तो यहां पर क्या हुआ था कि

1014
01:10:43,840 --> 01:10:47,920
मैं जब कहीं बाहर जाता हूं तो मेरे पास मेरे साथ तीन विग्रह जो है

1015
01:10:47,920 --> 01:10:51,920
मेरे सेवित विग्रह है वो मेरे साथ मैं हमेशा जाता हूं तो

1016
01:10:51,920 --> 01:10:55,920
ले जाता हूं तो उसमें एक लड्डू गोपाल जी का है और एक मां भगवती

1017
01:10:55,920 --> 01:11:00,000
का विग्रह है और एक देखेंगे तो श्री रामचंद्र जी सीता मैया

1018
01:11:00,000 --> 01:11:04,080
और हनुमान जी ऐसे राम दरबार है तो मैंने क्या किया था

1019
01:11:04,080 --> 01:11:08,320
कि जिस रूम में हम थे वहां पे मैंने वो विग्रह

1020
01:11:08,320 --> 01:11:12,400
बहुत अच्छे से संभाल के सजु की एकदम सेवा अपनी लगा के रखी थी और मैं

1021
01:11:12,400 --> 01:11:16,720
सुबह शाम सेवा करता था। अब क्या हुआ कि जब लास्ट दिन निकलने

1022
01:11:16,720 --> 01:11:20,800
का समय हुआ इस से मतलब कि वृंदावन से अब निकल

1023
01:11:20,800 --> 01:11:24,880
जाने वाला समय हुआ तो मैं क्या किया था कि एक लड़के के साथ चला गया था। वो

1024
01:11:24,880 --> 01:11:29,040
भी हमारे साथ ही आए थे वृंदावन यूथ कैंप इसमें तो

1025
01:11:29,040 --> 01:11:33,040
मैं उनके साथ चला गया था श्री बांके बिहारी जी के दर्शन करने। अब

1026
01:11:33,040 --> 01:11:37,200
वहां पर क्या हुआ कि रूम खाली करने को उन्होंने कह दिया। तो इन्होंने

1027
01:11:37,200 --> 01:11:41,840
क्या किया मेरे विग्रहों के साथ कि भागवत विग्रह है

1028
01:11:41,840 --> 01:11:45,440
पूरा मतलब कि आसन सहित उनको जिस

1029
01:11:45,440 --> 01:11:49,600
कपड़े पर मैंने बिछा के रखा था उसको ऐसे की गठरी बांधी मैं

1030
01:11:49,600 --> 01:11:53,760
कह रहा हूं कि प्रभु जी मैं आ रहा हूं आप समझिए वो मेरे सेवित

1031
01:11:53,760 --> 01:11:57,840
विग्रह है मैं आ रहा हूं उन्होंने क्रोध के कारण क्या किया कि

1032
01:11:57,840 --> 01:12:01,920
मेरी ऐसे गठरी बांधी चारों ओर से और ऐसे ही

1033
01:12:01,920 --> 01:12:06,400
पटक दिया मेरे बैग में और सारा बैग बाहर यह

1034
01:12:06,400 --> 01:12:11,760
मतलब कि और आक्रोश किसका है कि भगवती के विग्रह है

1035
01:12:11,760 --> 01:12:16,480
देखिए आप आक्रोश किसका है कि भगवती के विग्रह है

1036
01:12:16,480 --> 01:12:20,960
कोई मान मर्यादा नहीं ऐसा किया था

1037
01:12:20,960 --> 01:12:25,040
क्या नाम था उसका नाम मैं सार्वजनिक नहीं कर सकता क्योंकि

1038
01:12:25,040 --> 01:12:29,680
अभी मैं स्टूडेंट हूं तो यहां पे हमारे

1039
01:12:29,680 --> 01:12:33,840
बलिया के ना बलिया स्पॉन सेंटर के

1040
01:12:33,840 --> 01:12:38,080
तो मैं जैसे अभी अभी स्टूडेंट हूं तो यहां पे जो मेरे

1041
01:12:38,080 --> 01:12:42,240
स्कूल से भी उनका कनेक्शन तो अभी मैं स्कूल स्कूल

1042
01:12:42,240 --> 01:12:46,240
की भी घटना एक बताऊंगा अभी क्या हुआ था स्कूल में मेरे साथ

1043
01:12:46,240 --> 01:12:50,960
क्योंकि अब तो अब तो हालांकि भय खत्म हो गया है भगवत

1044
01:12:50,960 --> 01:12:55,120
गीता गुरुदेव महाराज ने और आपकी कृपा से अब भय खत्म

1045
01:12:55,120 --> 01:12:59,280
हो गया है क्योंकि पहले भय था कि आपके चैनल

1046
01:12:59,280 --> 01:13:00,480
पे मैं दो तीन बार आया

1047
01:13:00,480 --> 01:13:04,560
हूं लेकिन भय था बताने में क्यों भय था कि अरे फोन

1048
01:13:04,560 --> 01:13:08,720
आएगा उसके बाद इधर ले जाएंगे उधर ले जाएंगे लेकिन जब शास्त्र और गुरुदेव

1049
01:13:08,720 --> 01:13:13,040
महाराज की कृपा है तो भय खत्म हो गया इन दोनों की कृपा से भय खत्म हो गया

1050
01:13:13,040 --> 01:13:17,360
तो अब यहां तो ये हुआ ही उसके

1051
01:13:17,360 --> 01:13:21,360
बाद से क्या हुआ कि कुछ समय कुछ समय

1052
01:13:21,360 --> 01:13:25,360
के बाद अब जब हम लोग वृंदावन से वापस आ गए तब

1053
01:13:25,360 --> 01:13:29,520
मैंने प्रतिकार करना शुरू किया कि आखिर में ऐसा क्यों

1054
01:13:29,520 --> 01:13:34,800
हो रहा है उसके बाद से क्या हुआ एक बार कि जगन्नाथ

1055
01:13:34,800 --> 01:13:39,360
रथ यात्रा का उत्सव था। तो यह जो बलिया

1056
01:13:39,360 --> 01:13:43,360
के जो यूथ के प्रेसिडेंट है अभी तो हालांकि उनकी उम्र 20

1057
01:13:43,360 --> 01:13:48,640
साल भी नहीं 20 साल की ही होगी मेरे हिसाब से। तो

1058
01:13:48,640 --> 01:13:53,040
वो क्या कर रहे हैं कि वो कुल से क्षत्रिय हैं।

1059
01:13:53,040 --> 01:13:57,040
लेकिन उनको कर्मकांड का कुछ ज्ञान नहीं है। मैं एक तरह

1060
01:13:57,040 --> 01:14:01,520
से कहा जाए वो देख देख के सीखते हैं। संस्कृत

1061
01:14:01,520 --> 01:14:05,520
वो एक बार उन्होंने हम लोगों से कहा था। हम सभी यूथ बैठे हुए

1062
01:14:05,520 --> 01:14:10,080
थे। बैठ के बाद गए थे। तो उन्होंने कहा था कि

1063
01:14:10,080 --> 01:14:14,080
मतलब कि एक इंग्लिश में कहा था उन्होंने कि हिंदी इस चीफ लैंग्वेज।

1064
01:14:14,080 --> 01:14:15,840
मतलब कि हिंदी निचले

1065
01:14:15,840 --> 01:14:20,000
स्तर की है। ऐसे उन्होंने कहा था। और

1066
01:14:20,000 --> 01:14:24,400
अंग्रेजी जो है जिस माध्यम से वो पढ़े हैं उसको उन्होंने

1067
01:14:24,400 --> 01:14:28,400
उच्च बताया था। मैंने कहा कि अरे व्याकरण आदि

1068
01:14:28,400 --> 01:14:32,480
तो हिंदी में ही है। संस्कृत में ही है तो आप ऐसे क्यों कह रहे

1069
01:14:32,480 --> 01:14:36,560
हैं? तो उन्होंने कहा था कि नहीं नहीं देखो प्रभुपाद की बुक्स देखो।

1070
01:14:36,560 --> 01:14:40,640
सबसे ज्यादा बुक्स इंग्लिश में है। मैं कहा कि चल ठीक है। उसके बाद

1071
01:14:40,640 --> 01:14:44,720
से जब मैंने उनका मंत्र सुना, स्वस्ति वाचन आदि सुना तो मैं शुरू से मेरा था

1072
01:14:44,720 --> 01:14:48,960
कि मैं शुरू से बहुत ज्ञानी जो ब्राह्मण है कर्मकांडी ब्राह्मण

1073
01:14:48,960 --> 01:14:53,280
है उनका मैंने संघ बहुत ज्यादा किया है। तो उनका

1074
01:14:53,280 --> 01:14:57,440
संघ का प्रभाव ये है कि मेरे को स्वस्तिवाचन और ये जो इसकी

1075
01:14:57,440 --> 01:15:01,440
शैली है ये सब मेरे को पता है कि कैसे स्वस्तिवाचन होता है?

1076
01:15:01,440 --> 01:15:05,520
क्या होता है। मैंने जब उनका सुना, स्वस्तिवाचन सुना।

1077
01:15:05,520 --> 01:15:09,600
बाकी सब पूर्ण अशुद्ध आपको मैं आपको

1078
01:15:09,600 --> 01:15:13,600
मैं बताऊं स्वस्तिवाचन स्वस्तिवाचन उनको करने नहीं आता है।

1079
01:15:13,600 --> 01:15:17,680
हिंदी उनको पढ़ने नहीं आता है। जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने

1080
01:15:17,680 --> 01:15:21,680
नहीं आता है। आप गौर करिए जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने नहीं आता है वो बैठ

1081
01:15:21,680 --> 01:15:25,760
के लोगों को पढ़ा रहा है। अब यहां पे एक और बात

1082
01:15:25,760 --> 01:15:29,840
आती है कि इस में जो प्रसाद बनता है।

1083
01:15:29,840 --> 01:15:30,880
तो इस का जो

1084
01:15:30,880 --> 01:15:34,880
प्रसाद है उसमें चाउमीन मंचूरियन बना देंगे यह

1085
01:15:34,880 --> 01:15:39,040
बना देंगे। मैंने कहा कि ठीक है आप सात्विक तरीके से बना रहे प्रभु को लगा

1086
01:15:39,040 --> 01:15:43,280
रहे हैं। ठीक है। लेकिन मैंने एक बात उनसे पूछी थी कि आप ये जो

1087
01:15:43,280 --> 01:15:47,360
यूथ है इन सबको आप दे रहे हैं कि

1088
01:15:47,360 --> 01:15:51,440
तुम लोगों को आगे चलके ब्रह्मचारी बनना है। यह

1089
01:15:51,440 --> 01:15:55,440
जो तेल मसाला इतना हार्ड ये लोग खाएंगे ये जो शरीर

1090
01:15:55,440 --> 01:15:59,840
में गर्मी जाएगी इससे ब्रह्मचर्य कितने दिन तक टिकेगा? क्योंकि

1091
01:15:59,840 --> 01:16:04,160
वृंदावन वाले महाराज जी को अगर आप सुनेंगे तो जो

1092
01:16:04,160 --> 01:16:08,240
ब्रह्मचर्य का पालन लड़का कर रहा है उसके लिए बहुत इंपॉर्टेंट

1093
01:16:08,240 --> 01:16:12,320
है कि ये जो तेल मसाला आदि है इन सब का त्याग हो। अभी मैं

1094
01:16:12,320 --> 01:16:16,880
हालांकि मैं इसी का प्रचार करता हूं हमेशा कोई भी मिलता है नवयुवा

1095
01:16:16,880 --> 01:16:20,880
तो मैं उससे यही कहता हूं कि प्रथम तुम ये करो अपने भक्ति में

1096
01:16:20,880 --> 01:16:25,360
आगे बढ़ने के लिए कि तुम ब्रह्मचर्य का पालन करना शुरू करो। क्योंकि ब्रह्मचर्य

1097
01:16:25,360 --> 01:16:29,440
अमोग अस्त्र है तो मैंने उनसे पूछा तो

1098
01:16:29,440 --> 01:16:33,440
मैं एक बात कहना चाहूंगा मैं एक बात कहना चाहूंगा आज हमारे कुछ लोग जुड़

1099
01:16:33,440 --> 01:16:37,600
रहे हैं तो मैं ये कहूंगा कि भाई हमारे अब

1100
01:16:37,600 --> 01:16:41,840
लाइव सेशन बहुत सारे आपको मिलने वाले हैं लगातार तो आप लोग अगले

1101
01:16:41,840 --> 01:16:45,840
सेशन में आए क्योंकि अभी ऑलरेडी हमारे डेढ़ घंटे हो चुके हैं

1102
01:16:45,840 --> 01:16:46,340
बहुत

1103
01:16:46,160 --> 01:16:50,160
ज्यादा अब इनको सुनने के बाद हम लोग इसको जो है आज के सेशन को बंद

1104
01:16:50,160 --> 01:16:54,400
करेंगे तो इसलिए जो अब नए लोग और ना जुड़े और अभी जो लाइव सेशन

1105
01:16:54,400 --> 01:16:58,480
श्रंखला दोबारा से मतलब काफी सारे आपको लाइव सेशन मिलेंगे तो

1106
01:16:58,480 --> 01:17:02,880
थोड़ा सा अपडेटेड रहे चैनल को लेकर के और उसमें अपनी बात को रखें अगली बार

1107
01:17:02,880 --> 01:17:07,120
जी बताएं तो जब मैंने जब मैंने

1108
01:17:07,120 --> 01:17:11,120
ये विषय उनको पूछा कि इतना तेल मसाला आदि

1109
01:17:11,120 --> 01:17:15,120
खा के ब्रह्मचर्य कैसे कोई व्यक्ति रह सकता है तो उनका जवाब आप

1110
01:17:15,120 --> 01:17:19,200
सुन के हंस देंगे। उन्होंने कहा कि कठोरता से

1111
01:17:19,200 --> 01:17:23,360
ब्रह्मचर्य का पालन मायावादी करते हैं।

1112
01:17:23,360 --> 01:17:27,520
हम्मच का पालन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मतलब कठोरता

1113
01:17:27,520 --> 01:17:31,840
से धर्म का पालन हम करते हैं। शंकराचार्य के

1114
01:17:31,840 --> 01:17:35,920
मैं यही आपको बताना चाह रहा था। मैं आपको यही बताना चाह रहा था कि आप सुन के

1115
01:17:35,920 --> 01:17:40,320
हंस देंगे इस बात को। [हंसी]

1116
01:17:40,320 --> 01:17:44,320
कठोरता अच्छा एक बात ये आती है जब व्यक्ति शास्त्र

1117
01:17:44,320 --> 01:17:48,480
से बाहर जाता है ना तो उसमें वो फंस जाता है। किस पॉइंट

1118
01:17:48,480 --> 01:17:53,360
के बाद आप कठोरता मान रहे हो? वो पॉइंट क्या है?

1119
01:17:53,360 --> 01:17:57,360
चलो मान लिया कि कठोरता से नहीं करना है हमें। तो वो पॉइंट कहां से

1120
01:17:57,360 --> 01:18:01,760
निर्धारित हो रहा है? वहां मानना पड़ेगा हमारे मनमुखी पॉइंट है।

1121
01:18:01,760 --> 01:18:05,760
है ना? उनका उनका पॉइंट ये रहता है

1122
01:18:05,760 --> 01:18:10,000
कि अब मान जो बना रहे हैं तेल

1123
01:18:10,000 --> 01:18:14,240
मसाला बाकी सब जितना सब बना रहे हैं। वो आप खाना छोड़ दिए।

1124
01:18:14,240 --> 01:18:18,400
शुद्ध सात्विक भोजन कर रहे हैं जो आपके ब्रह्मचर्य की वृद्धि करने वाला है

1125
01:18:18,400 --> 01:18:22,400
तब आपको वो लोग मायावादी सिद्ध कर देंगे कि देखो ये कठोरता से पालन कर रहा

1126
01:18:22,400 --> 01:18:27,680
है अपना ब्रह्मचर्य बचा रहा है तो ये मायावादी है [हंसी] अब

1127
01:18:27,680 --> 01:18:31,840
आप खाते रहेंगे उनके साथ रहेंगे तो ठीक

1128
01:18:31,840 --> 01:18:36,080
है ऐसा भी मेरे साथ भी हो चुका है पिज़्ज़ा प्रसाद मैक्रोनी

1129
01:18:36,080 --> 01:18:40,080
प्रसाद [हंसी] अच्छा

1130
01:18:40,080 --> 01:18:44,080
बोल कर गए [हंसी] मैं अपनी स्कूल मैं अपनी स्कूल स्कूल

1131
01:18:44,080 --> 01:18:48,320
वाली घटना शेयर कर दूं। तो स्कूल में क्या हुआ था कि

1132
01:18:48,320 --> 01:18:53,040
यही सब जो तर्क वितर्क मेरा होना शुरू हुआ। एक बार

1133
01:18:53,040 --> 01:18:57,040
इनकी क्लास चल रही थी तो मैंने प्रश्न किया कि

1134
01:18:57,040 --> 01:19:01,120
प्रभु जी देवी भागवत में तो लिखा है कि भगवती ही

1135
01:19:01,120 --> 01:19:05,120
कृष्ण बनती हैं। तो इन्होंने कहा कि अरे

1136
01:19:05,120 --> 01:19:09,520
वो तामसिक ग्रंथ है। तो मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये तामसिक

1137
01:19:09,520 --> 01:19:13,760
ग्रंथ है तो इसका अर्थ इसमें झूठ लिखा है। मैंने

1138
01:19:13,760 --> 01:19:18,480
डायरेक्ट क्वेश्चन किया कि इसमें झूठ लिखा है। तो उन्होंने कहा कि नहीं

1139
01:19:18,480 --> 01:19:22,640
झूठ ये वाला पॉइंट हमने किया था आपने हरियर भेद वाले में।

1140
01:19:22,640 --> 01:19:27,360
आप ही का पॉइंट है ये आप कॉपी पे मैंने तो

1141
01:19:27,360 --> 01:19:31,440
मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये झूठ लिखा है मतलब कि

1142
01:19:31,440 --> 01:19:35,440
मैंने ये बोला कि प्रभु जी क्या ये झूठ लिखा है? तो

1143
01:19:35,440 --> 01:19:39,520
कह रहे कि नहीं ये झूठ नहीं लिखा है ये तामसिक ग्रंथ है। तो मैंने कहा कि प्रभु

1144
01:19:39,520 --> 01:19:43,600
जी तामसिक ग्रंथ का मतलब क्या है? तो कह रहे हैं कि वो जो जिस वर्ग

1145
01:19:43,600 --> 01:19:47,680
के लोग इसको पढ़ेंगे उनको अपलिफ्ट करने के लिए है। तो मैंने कहा

1146
01:19:47,680 --> 01:19:52,000
तब प्रभु जी उतने अंश में तो ये झूठ हुआ ना। मैंने

1147
01:19:52,000 --> 01:19:56,080
डायरेक्ट किया कि अगर तामसिक लोगों के लिए है तो ये झूठ हुआ।

1148
01:19:56,080 --> 01:20:00,560
हम लोग तो सात्विक है तो ये हमारा ही यदि सत्य है तो ये झूठ हुआ।

1149
01:20:00,560 --> 01:20:04,960
तो उन्होंने कहा कि नहीं झूठा नहीं है। तो मैंने कहा कि तब भगवती बनती है कृष्ण।

1150
01:20:04,960 --> 01:20:10,380
इतने में वो कह रहे हैं कि तुम चुपचाप होके बैठ जाओ। एक शब्द दबा के मत बोलना।

1151
01:20:10,380 --> 01:20:14,400
[हंसी] अरे भैया मुझे तो एक वक्त में ये बोला इसका मतलब

1152
01:20:14,400 --> 01:20:20,320
हमारा हरिहर भेद वाला वीडियो जो है सार्थक रहा

1153
01:20:20,320 --> 01:20:24,320
ये बोला जा चुका है इसके बाद फिर कृष्ण काली अवतार पे हम बोलने लगे पूछने लगे कि

1154
01:20:24,320 --> 01:20:28,320
बताइए उसका क्या मंतव्य हैव की लीला इत्यादि पे तो

1155
01:20:28,320 --> 01:20:32,480
ये बोला जा चुका है कि एक एक मिनट कि व्यास

1156
01:20:32,480 --> 01:20:36,560
मुनि को उस समय वो भाव ही नहीं था कि वो परमात्मा का व्याख्या

1157
01:20:36,560 --> 01:20:40,800
कर पाए और मामला में पूरा गिनाने लगे लगे कि ऐसे ऐसे

1158
01:20:40,800 --> 01:20:45,120
है पूरा देखुन काली और वो सब तो कह रहे ये सब तंत्र मंत्र हम नहीं जानते

1159
01:20:45,120 --> 01:20:47,520
हैं

1160
01:20:47,520 --> 01:20:51,840
व्यास मुनि का भाव ही नहीं था [हंसी] और

1161
01:20:51,840 --> 01:20:55,840
ये बताया किसने इनको वो जो है डायरेक्ट व्यास मुनि जी ने ही बताया

1162
01:20:55,840 --> 01:21:00,400
इनको जी वही मैं कि

1163
01:21:00,400 --> 01:21:04,560
जो आधार है प्रश्न करने का जो तरीका है

1164
01:21:04,560 --> 01:21:08,560
ये मेरे को आपसे तो इसीलिए मैं पूर्णिमा

1165
01:21:08,560 --> 01:21:11,520
पे आपको फोन करके एक बार प्रणाम भी कर लेता हूं

1166
01:21:11,520 --> 01:21:15,680
कि भैया आशीर्वादगा ऐसे ही। तो अब स्कूल

1167
01:21:15,680 --> 01:21:19,680
वाली जो घटना है इसमें ये है कि ये जो तर्क वितर्क मैंने करना

1168
01:21:19,680 --> 01:21:23,840
शुरू कर दिया इनके साथ एक छोटी सी झगड़ा करना मतलब शुरू कर दिया

1169
01:21:23,840 --> 01:21:27,840
कि आप बताइए ऐसा क्यों है? ऐसा क्यों होता है? मैंने ये भी प्रश्न

1170
01:21:27,840 --> 01:21:32,320
किया था। वर्णाश्रम पर भी प्रश्न किया था कि मान लीजिए आप

1171
01:21:32,320 --> 01:21:36,400
कह रहे हैं कि कर्मों से ही होता है तो मेरे को जब ब्राह्मण

1172
01:21:36,400 --> 01:21:40,400
की आवश्यकता पड़ेगी और मैं जाऊंगा या क्षत्रिय की आवश्यकता पड़ेगी अपनी रक्षा के

1173
01:21:40,400 --> 01:21:44,480
लिए और मैं जाऊंगा उसके पास और उसने कह दिया कि अरे पांच मिनट पहले आप आते तो

1174
01:21:44,480 --> 01:21:49,680
मैं क्षत्रिय था आपकी रक्षा कर देता अब तो मैं ब्राह्मण

1175
01:21:49,680 --> 01:21:53,840
तो उन्होंने उन्होंने कहा कि तुम ज्यादा तुम ज्यादा इधर उधर

1176
01:21:53,840 --> 01:21:58,080
भटकने लगे हो अब तुमको तुमको संज्ञान लेना करना पड़ेगा

1177
01:21:58,080 --> 01:22:02,080
तुम पे ये करना पड़ेगा वो करना पड़ेगा पहले ये पूछा जाता है प्रभु जी

1178
01:22:02,080 --> 01:22:07,840
कितना माला कर रहे हैं आप [हंसी] सबसे पहले

1179
01:22:07,840 --> 01:22:12,000
तो क्या हुआ कि संज्ञान लेना पड़ेगा तो इन्होंने क्या किया

1180
01:22:12,000 --> 01:22:16,160
इन्होंने एक तरीका निकाला ये लोग मेरे स्कूल में गए और

1181
01:22:16,160 --> 01:22:20,160
स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से कंप्लेन कर दी मेरी कि ये

1182
01:22:20,160 --> 01:22:24,160
जो है हम लोग प्रभुपाद के मिशन को देखिए प्रिंसिपल तो है प्रिंसिपल को उतना

1183
01:22:24,160 --> 01:22:28,240
ज्ञान नहीं है कि क्या कर रहे हैं ये लोग प्रिंसिपल हमारी जो है वो

1184
01:22:28,240 --> 01:22:32,320
रामानुज संप्रदाय से है। अच्छा हमारे हमारे यहां

1185
01:22:32,320 --> 01:22:36,400
स्कूल हमारे यहां स्कूल में बहुत सुंदर मंदिर है। वेंकटेश्वर

1186
01:22:36,400 --> 01:22:40,800
स्वामी का मंदिर है। उनका उनका नाम है श्री विद्या प्रद वेंकटेश्वर

1187
01:22:40,800 --> 01:22:44,800
भगवान। तो मंदिर है। तो ये लोग इन लोगों

1188
01:22:44,800 --> 01:22:48,960
के बारे में उनको पता नहीं है। उनको लगता है कि कृष्ण का ही प्रचार

1189
01:22:48,960 --> 01:22:53,040
कर रहे हैं। तो इन्होंने जाकर कंप्लेंट कर दी कि हम लोग प्रभुपाद के

1190
01:22:53,040 --> 01:22:57,200
मिशन को इधर प्रीच करने आए हैं। और यह जो लड़का है यह

1191
01:22:57,200 --> 01:23:01,280
हमको डिस्टर्ब कर रहा है। तो उसके बाद से उस

1192
01:23:01,280 --> 01:23:04,880
समय मेरे को कठोर दंड मिला था कि मेरे को

1193
01:23:04,880 --> 01:23:08,960
मतलब कि स्कूल में इतना प्रतीकात्मक मेरे

1194
01:23:08,960 --> 01:23:12,960
से प्रिंसिपल ने मेरे को ऑफिस में बुलाया। उसके बाद मेरे को

1195
01:23:12,960 --> 01:23:16,960
बोला कि तुम उन्होंने कहा कि तुम अधर्मी हो।

1196
01:23:16,960 --> 01:23:20,960
तुम ये हो, वो हो। वृंदावन में मैं जब था तो एक और

1197
01:23:20,960 --> 01:23:25,040
बात याद आ गई। वृंदावन में जब था तो मैंने एक बार क्या किया

1198
01:23:25,040 --> 01:23:29,040
था कि इस में कीर्तन होता है सुबह सुबह कीर्तन होता है

1199
01:23:29,040 --> 01:23:33,120
और प्रभुपाद के विग्रह को घुमाया जाता है पूरे मंदिर में तो मैंने

1200
01:23:33,120 --> 01:23:37,280
क्या किया था कि बस उसमें डांस किया था उस डांस को लेकर

1201
01:23:37,280 --> 01:23:41,360
के इस वृंदावन के जो YouTube चैनल है उस पर मेरे डांस का वीडियो आ

1202
01:23:41,360 --> 01:23:45,840
गया था तो उस डांस को लेकर के मतलब कि कीर्तन पर नाचना

1203
01:23:45,840 --> 01:23:49,840
तो उसको लेकर के जो ये थे इन्होंने मेरे

1204
01:23:49,840 --> 01:23:54,400
को कहा था कि देखो मतलब कि सबसे

1205
01:23:54,400 --> 01:23:58,480
जितने वहां पर लोग थे सब बैठे थे सभा में और मैं मैं था

1206
01:23:58,480 --> 01:24:02,640
तो तब तक मैंने कुछ बोला था तो उस पर इन्होंने बोल दिया कि अरे तुम

1207
01:24:02,640 --> 01:24:06,720
तो व्यभचारी हो एक तरह से कैरेक्टर लेस

1208
01:24:06,720 --> 01:24:10,800
मेरे को बोला था क्यों बोला था क्योंकि मैं वो कह रहे हैं कि मैं

1209
01:24:10,800 --> 01:24:15,280
इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि तुम लड़कियों की तरह कीर्तन में नाच रहे हो

1210
01:24:15,280 --> 01:24:19,280
मैं उसके बाद से मेरा मन किया कि मैं पूछ दूं तब श्री चैतन्य महाप्रभु के

1211
01:24:19,280 --> 01:24:19,920
बारे में आपका क्या

1212
01:24:19,920 --> 01:24:24,320
विचार है क्योंकि महाप्रभु का जो कीर्तन मतलब

1213
01:24:24,320 --> 01:24:28,720
विश्व विख्यात था उस समय पर अभी भी है बिल्कुल

1214
01:24:28,720 --> 01:24:33,120
तो प्रिंसिपल द्वारा मेरे को बुलाया गया

1215
01:24:33,120 --> 01:24:37,360
उसके बाद प्रिंसिपल द्वारा मेरे को बहुत सारे कठोर पनिशमेंट दिए गए पनिशमेंट

1216
01:24:37,360 --> 01:24:41,520
देने के बाद जो प्रिंसिपल मेरे को बहुत ज्यादा मानती थी कि आध्यात्मिक बच्चा

1217
01:24:41,520 --> 01:24:45,920
है वो एक पल में इन्होंने सारा धो डाला

1218
01:24:45,920 --> 01:24:50,080
मेरे को बुलाया गया प्रिंसिपल ने भी बहुत सारी बातें बोली कि तुम ढोंगी हो तुम

1219
01:24:50,080 --> 01:24:54,160
ढोंग करते हो। ये लोग प्रचार करने आए हैं। तुम इनके तुम

1220
01:24:54,160 --> 01:24:58,160
इनके मार्ग में यह कर रहे हो वो कर रहे हो। उसके बाद से मेरे को

1221
01:24:58,160 --> 01:25:02,880
तभी भी लगता था कि नहीं ये प्रभु ये प्रभु जी है।

1222
01:25:02,880 --> 01:25:07,120
उसके बाद से उसके बाद से इस बलिया से मेरे को फोन

1223
01:25:07,120 --> 01:25:11,120
आया। मेरे को बुलाया गया। मैं इनके सेंटर पर

1224
01:25:11,120 --> 01:25:15,920
पहुंच पूरा राउंड टेबल कांफ्रेंस हुआ मेरे साथ।

1225
01:25:15,920 --> 01:25:19,920
मैं बैठा हूं एक जगह और ये लोग पूरा घेर के मेरे को चारों

1226
01:25:19,920 --> 01:25:24,240
तरफ से बैठे हैं। उसके बाद से मेरे से पूछ रहे हैं कि आखिर में तुम चाहते

1227
01:25:24,240 --> 01:25:28,400
क्या हो? तुम तुम क्या समझते हो? कि तुम बहुत बड़े

1228
01:25:28,400 --> 01:25:32,400
ज्ञाता हो गए हो। बताओ और पूरा मेरे पास ना कोई साधन

1229
01:25:32,400 --> 01:25:34,960
है। मतलब कि एक तरह से कहा जाए कि

1230
01:25:34,960 --> 01:25:39,120
आप सोचिए आप एक इमेजिन करिए कि आप बैठे

1231
01:25:39,120 --> 01:25:43,120
हैं और चारों तरफ से लोग जो है वो आपको एग्रेसिवली मतलब

1232
01:25:43,120 --> 01:25:48,160
कि आपको देख रहे हैं। आपसे कुछ आपको आपका प्रतिकार

1233
01:25:48,160 --> 01:25:52,320
उसके बाद उसके बाद आपको अपने डिफेंस के

1234
01:25:52,320 --> 01:25:56,480
लिए आपके पास कुछ नहीं है। हम आपको मैं

1235
01:25:56,480 --> 01:26:00,480
वो बता नहीं सकता है मेरा एक्सपीरियंस क्या था लेकिन यह मैं बता सकता हूं

1236
01:26:00,480 --> 01:26:04,640
कि मतलब कि अपने डिफेंस के लिए कुछ नहीं था। मैं अगर उस समय

1237
01:26:04,640 --> 01:26:08,960
वीडियो बनाया रहता तो आज बहुत सहाई होता। ये जो

1238
01:26:08,960 --> 01:26:13,600
है यहां पे हम उस वीडियो को शेयर कर सकते थे कि किस तरीके से

1239
01:26:13,600 --> 01:26:17,680
मतलब कि एक जो यूथ है वो फंसा इस में उस

1240
01:26:17,680 --> 01:26:21,680
तरह का मुझे यही यही लग रहा है कि निखिल भैया ने अपना भाव बहुत अच्छे

1241
01:26:21,680 --> 01:26:26,000
तरीके से बताया। आपको भी थोड़ा जाना होगा।

1242
01:26:26,000 --> 01:26:30,800
यहां तक ही नहीं रुका है। बाकी भी बहुत सारी चीजें हैं। इस

1243
01:26:30,800 --> 01:26:34,880
थोड़ा सा कंक्लूजन दे दीजिए या तो और किसी दिन डिटेल ले लेंगे। एक थोड़ा

1244
01:26:34,880 --> 01:26:38,960
सा हमें कंक्लूजन दे दीजिए आप कि फिर वो कौन सा दिन था

1245
01:26:38,960 --> 01:26:42,960
वो कौन क्या दृश्य था जब आप बिल्कुल आपने अलग हो गए। वो

1246
01:26:42,960 --> 01:26:47,280
क्या हुआ? और उसके पीछे थोड़ा सा मतलब कौन-कौन से

1247
01:26:47,280 --> 01:26:50,080
लोग या कौन-कौन सी चीजें आपके निमित्त बन गई।

1248
01:26:50,080 --> 01:26:52,560
हम

1249
01:26:52,560 --> 01:26:57,680
पॉइंट बता दीजिए जो ब्रेकिंग पॉइंट होगा आपका जहां पर आपने छोड़ दिया

1250
01:26:57,680 --> 01:27:01,760
वो मैं एक बात बता दूं कुछ लोग वेटिंग रूम में भी है

1251
01:27:01,760 --> 01:27:06,640
शास्त्रवाद जी भी है और एक लोग और है मैं बताऊं

1252
01:27:06,640 --> 01:27:10,640
कि हमारी अभी आज या कल में कक्षा होने वाली है जो रुकी

1253
01:27:10,640 --> 01:27:14,640
हुई थी पिछले हफ्ते नहीं हुई थी उसमें जुड़े और दूसरी बात

1254
01:27:14,640 --> 01:27:18,720
ये है कि अब यहां पर लाइव भी काफी सारे होने वाले हैं लगातार उसमें जुड़े

1255
01:27:18,720 --> 01:27:22,960
अभी ये लाइव ऑलरेडी हो चुका है। तो निखिल जी की बात को सुनकर के हम लोग विराम

1256
01:27:22,960 --> 01:27:27,440
लेंगे आज और आप लोग अभी मतलब ये

1257
01:27:27,440 --> 01:27:31,600
इसको मतलब और लंबा ना खींचे सेशन को तो आप अगली

1258
01:27:31,600 --> 01:27:35,760
अगले सेशन में थोड़ा सा अपडेटेड रहे। अभी जल्दी जल्दी होने वाले हैं कई

1259
01:27:35,760 --> 01:27:39,840
सारे लाइव सेशन। जी बताएं। मैं

1260
01:27:39,840 --> 01:27:44,080
पूरा अपनी जितनी मैंने बात कही उसका कंक्लूजन यही दूंगा कि

1261
01:27:44,080 --> 01:27:48,160
लास्ट समय का प्रतिकार लास्ट समय का प्रतिकार थोड़ा बड़ा हो जाएगा। लेकिन मैं

1262
01:27:48,160 --> 01:27:52,480
यह कंक्लूजन दूंगा कि यहां पर जितने यूथ सुन रहे हैं उनसे

1263
01:27:52,480 --> 01:27:56,560
मेरी बस यही प्रार्थना है कि इस से पहले तो बच

1264
01:27:56,560 --> 01:28:00,800
के रहो लेकिन अगर तुम जुड़ रहे हो तो इसमें

1265
01:28:00,800 --> 01:28:04,880
ये है कि अपने आप को स्वतंत्र रखो। किसी के

1266
01:28:04,880 --> 01:28:05,380
अंडर

1267
01:28:05,280 --> 01:28:09,840
में जाने का प्रयास करोगे ये लोग तुमको हर प्रकार से डिस्टर्ब कर देंगे।

1268
01:28:09,840 --> 01:28:13,920
तुमको मतलब कि एक स्ट्रेस फैक्टर ये लोग आपके साथ दे देते हैं

1269
01:28:13,920 --> 01:28:18,640
कि आप इस इनके अंडर में है। आपको ये ये करना है।

1270
01:28:18,640 --> 01:28:22,640
दैट्स इट। ये आपको मतलब एक स्ट्रेस देते रहेंगे दिन

1271
01:28:22,640 --> 01:28:26,640
भर कि तुम किसी और को नहीं सुन सकते। तुम ये नहीं कर सकते। तुम

1272
01:28:26,640 --> 01:28:30,800
वो नहीं कर सकते। ऐसे आपको करते रहेंगे। उसके बाद से ये है कि आपकी

1273
01:28:30,800 --> 01:28:35,840
पढ़ाई इसमें मेनली डिस्टर्ब होती है। क्योंकि ये लोग आपका दिमाग खींचेंगे।

1274
01:28:35,840 --> 01:28:39,920
हमारे यहां तो यह तक था कि आप दूसरे संप्रदाय

1275
01:28:39,920 --> 01:28:44,400
का वीडियो लगा दीजिए तो हमारे पास कॉल आ जाता था।

1276
01:28:44,400 --> 01:28:49,840
दूसरे संप्रदाय का वीडियो लगा दीजिए। गौडिया गौडिया

1277
01:28:49,840 --> 01:28:54,320
जो संगीत है जो एक चीज थोड़ा विषय विषय में आ जाएगी।

1278
01:28:54,320 --> 01:28:58,400
क्या आपको कभी कहा गया? जैसे अभी हमें इस दिल्ली के एक तथाकथित

1279
01:28:58,400 --> 01:29:02,480
ब्रह्मचारी ने कहा कि भाई इस के अनुसार या प्रभुपाद जी के अनुसार जो है

1280
01:29:02,480 --> 01:29:06,640
शिव और कृष्ण को एक माना जाता है। तो आपको कभी ये शिक्षा दी गई क्या इस

1281
01:29:06,640 --> 01:29:10,800
में? मैंने मैंने उनको सुना।

1282
01:29:10,800 --> 01:29:15,200
मेरे को लगा कि अरे ये कहां से आ गया? नई बात है। हम लोगों के लिए भी नई बात है।

1283
01:29:15,200 --> 01:29:20,320
इस में आज तक ऐसा ही नहीं गया।

1284
01:29:20,320 --> 01:29:25,520
चलिए मैं इनको वही बता रहा था। मैं इनको वही बता रहा था।

1285
01:29:25,520 --> 01:29:29,680
वहां वहां बस इतने तक है कि वैष्णवा नाम यथाशंभू वैष्णवा नाम

1286
01:29:29,680 --> 01:29:34,000
यथा शंभू उसके आगे शिव जी दास हैं और एक

1287
01:29:34,000 --> 01:29:38,400
लास्ट समय का प्रतिकार यही हुआ था कि उन्होंने भगवती

1288
01:29:38,400 --> 01:29:42,480
काली के बारे में जो मेरी अभी इष्ट है उनके बारे में

1289
01:29:42,480 --> 01:29:46,640
बोला था तो उसके बाद से पूरा एकदम मैं अग्रेसिव

1290
01:29:46,640 --> 01:29:50,640
हो गया था उसके बाद से विरोध हुआ लड़ाई तक की स्थिति आ गई

1291
01:29:50,640 --> 01:29:54,960
थी बस इतना मैं कहूंगा मैं कहूंगा कि इस

1292
01:29:54,960 --> 01:29:59,120
एक जैसे जो जानता है

1293
01:29:59,120 --> 01:30:03,280
अच्छा मार्ग जानता है परंपरा को जानता है वो अगर इस में

1294
01:30:03,280 --> 01:30:08,320
जाएगा तो वो बच उसके लिए बहुत डिस्टर्बिंग है इस

1295
01:30:08,320 --> 01:30:13,920
आप कह सकते विपरीत विपरीत परिस्थितियां उत्पन्नोंगी बहुत ज्यादा

1296
01:30:13,920 --> 01:30:17,920
एक लाइन में गुरुदेव से गुरुदेव से एक चीज सीखा था जब गुरुदेव

1297
01:30:17,920 --> 01:30:22,080
प्रभु दत्त ब्रह्मचारी जी का चैतन्य चरितावली के बारे में बता रहे थे तो मैं ला के मैंने

1298
01:30:22,080 --> 01:30:26,160
पढ़ा। उसका अध्ययन करने के बाद गुरुदेव से ही मैंने सुना कि उन्होंने एक लाइन

1299
01:30:26,160 --> 01:30:30,320
बोली थी कि अंग्रेज जब भारत में आए थे तो उन्होंने गुलामी की थी व्यवहारिक स्तर

1300
01:30:30,320 --> 01:30:34,320
पे और ये लोग करने वाले हैं वैचारिक स्तर पे और उसी तरीके से लोगों को

1301
01:30:34,320 --> 01:30:35,520
अपंग बना रहे हैं।

1302
01:30:35,520 --> 01:30:40,880
तो काफी अच्छा लगा था मुझे ये लाइन। मेरे को एक बार एक

1303
01:30:40,880 --> 01:30:45,360
आए थे तो उन्होंने व्यवहारिक

1304
01:30:45,360 --> 01:30:49,760
हम हम पर शासन किया था। व्यवहारिक रूप से और हम

1305
01:30:49,760 --> 01:30:54,080
भारतीयों ने उनकी गुलामी की थी व्यवहारिक रूप से और अब ये जब

1306
01:30:54,080 --> 01:30:58,080
इस तरह से दार्शनिक बन के आ रहे हैं और जो है धार्मिक सत्ता के

1307
01:30:58,080 --> 01:31:02,160
रूप में आ रहे हैं तो अभी वैचारिक रूप से भी जो हमारा मन से हम

1308
01:31:02,160 --> 01:31:06,480
कुछ सोच सके तो वहां पर कब्जा करने की बारी है तो इसलिए आप सबके लिए सतर्कता

1309
01:31:06,480 --> 01:31:10,480
का सतर्कता की आवश्यकता है बाकी बहुत सारी चीजें हमने इस वीडियो के

1310
01:31:10,480 --> 01:31:14,560
शुरू में बता दी है और कई सारे प्रकल्प

1311
01:31:14,560 --> 01:31:18,800
चल रहे हैं तो आप लोग अगर चाहे तो हमें अपनी स्वेच्छा से सामर्थ

1312
01:31:18,800 --> 01:31:22,800
अनुसार आर्थिक सहायता अवश्य प्रदान करें। बहुत

1313
01:31:22,800 --> 01:31:27,440
सारे अभियान है जिनको गति देनी है और आपका भी

1314
01:31:27,440 --> 01:31:31,520
बहुत-बहुत आभार आयुष जी भी पहुंचे यहां पर और निखिल जी आपका

1315
01:31:31,520 --> 01:31:35,520
भी आभार और जो भी वीडियो की शुरुआत में जिन्होंने अपना अनुभव

1316
01:31:35,520 --> 01:31:39,600
शेयर किया था उनका भी आभार। सभी समर्थकों का आभार तो

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फिर हम अगली लाइव में मिलेंगे। संभता हमारी वो

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ईश्वर साकार निराकार को लेकर के निर्भय के साथ होने वाली है। निर्भय

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आ रहे हैं उनके साथ। आर्य

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समाज आर्य समाज वाला और कल एक बौद्ध वाला डिस्कशन

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आपको मिलेगा। अकाट सिद्धांत देखिए कैसे हराता है परास्त

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तब बढ़िया है भैया तब बढ़िया है लोग भी अभी थोड़ा ज्यादा कर रहे

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हैं हालांकि वो केवल वो कॉल रिकॉर्डिंग है वो आमने सामने

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होते तो और अच्छा रहता मगर ठीक है कॉल रिकॉर्डिंग प्रबुद्ध जनों के लिए पर्याप्त है वो

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ठीक है तो सभी को जय श्री राम जी एक

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एक निवेदन था जी जी

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जैसे वीडियो कुछ ना कुछ डालते रहिए क्योंकि आपका

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अगर वीडियो लंबे समय तक नहीं आता है तो इधर खलबली हो जाती है।

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[हंसी] चलिए ठीक है। कोशिश करेंगे ध्यान देंगे।

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चलिए जय श्री

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राम जय श्री राम।
