1
00:00:02,080 --> 00:00:06,720
सभी को जय श्री राम और आशा

2
00:00:06,720 --> 00:00:07,600
करते हैं आप सभी

3
00:00:07,600 --> 00:00:12,000
कुशल पूर्वक होंगे। आज काफी दिनों बाद मैं लाइव उपस्थित

4
00:00:12,000 --> 00:00:17,600
हो पाया हूं। बीच में कुछ धरातलीय

5
00:00:17,600 --> 00:00:22,800
चीजें थी जिनके कारण लाइव नहीं आ रहे थे और

6
00:00:22,800 --> 00:00:26,800
अभी रिसेंटली जो है दिल्ली का भी ट्रिप देखा

7
00:00:26,800 --> 00:00:31,520
होगा आपने हमारा। वहां की काफी चीजें लेकर के आए हैं। वहां पर

8
00:00:31,520 --> 00:00:35,520
इस के एक स्वयं को ब्रह्मचारी बताते

9
00:00:35,520 --> 00:00:39,520
हैं। उनके साथ हमारा एक वार्तालाप

10
00:00:39,520 --> 00:00:44,000
का वीडियो आपने देखा होगा और वहां पर एक

11
00:00:44,000 --> 00:00:48,080
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से भी एक कुछ चल

12
00:00:48,080 --> 00:00:52,080
रहा है वेदों के नाम पर, गीता के नाम पर वो भी आपने

13
00:00:52,080 --> 00:00:56,160
देखा होगा। और सनातन शंकर जी के साथ

14
00:00:56,160 --> 00:00:58,880
हमारी एक

15
00:00:58,880 --> 00:01:04,640
वार्ता भी आपके आपने देखी होगी। सनातन शंकर जी के चैनल पर है वो।

16
00:01:04,640 --> 00:01:08,640
अच्छा इस बीच एक ऑडियो क्लिप भी आपने सुनी होगी जिसमें व्यक्ति पहले

17
00:01:08,640 --> 00:01:11,920
कह रहा है कि हमारे

18
00:01:11,920 --> 00:01:15,040
वीडियो को आप हटा दीजिए।

19
00:01:15,040 --> 00:01:19,760
और जबकि उसी ने हमें आमंत्रित किया था वहां पर

20
00:01:19,760 --> 00:01:24,080
इस वार्तालाप के लिए उसको हटाने के लिए बोल रहा था और

21
00:01:24,080 --> 00:01:28,240
हमने अपनी सैद्धांतिक विषय रखे कि भाई अगर ऐसी कोई बात

22
00:01:28,240 --> 00:01:32,320
है कि कोई आपसे मना कर रहा है कि वो हटा लो तो आपने यदि आपकी दृष्टि में आपने

23
00:01:32,320 --> 00:01:37,040
सत्य बोला है तो फिर आप क्यों हटाओगे उसे सत्य की रक्षा करी

24
00:01:37,040 --> 00:01:41,360
तो उसने बता दिया कि मैं गीता को क्रॉस कर सकता हूं मैं

25
00:01:41,360 --> 00:01:45,520
भगवान श्री कृष्ण के विरुद्ध भी जा सकता हूं पर मैं

26
00:01:45,520 --> 00:01:51,440
अपने पिता जो कि सत्य के विरुद्ध हैं उनके विरुद्ध नहीं जा सकता हूं।

27
00:01:51,440 --> 00:01:55,520
तो ये कैसी कृष्ण भक्ति है भगवान ने कहा है जो मेरी

28
00:01:55,520 --> 00:01:59,680
श्रुति स्मृति मम आज्ञा जो मेरी आज्ञा

29
00:01:59,680 --> 00:02:04,080
को फॉलो करता है और फिर भक्ति करता है वो भक्ति भक्ति होती है।

30
00:02:04,080 --> 00:02:09,440
उनकी आज्ञा को तिलांजलि देकर के

31
00:02:09,440 --> 00:02:13,840
और सोच समझकर विरोध करके

32
00:02:13,840 --> 00:02:18,240
और अपनी क्या कहते हैं? सुविधा अनुसार

33
00:02:18,240 --> 00:02:22,880
भक्ति करना भक्ति नहीं कहलाती है। ये सब शास्त्रों के वचन है। खैर

34
00:02:22,880 --> 00:02:26,880
अब उसमें एक नया ट्विस्ट आ गया है। उस व्यक्ति ने लास्ट में

35
00:02:26,880 --> 00:02:30,960
ये कहा था ना इस के व्यक्ति ने लास्ट में ये कहा था कि अब मैं आपका

36
00:02:30,960 --> 00:02:35,200
दुष्प्रचार करूंगा। और केंद्रीय मंत्रालय से

37
00:02:35,200 --> 00:02:39,360
ठीक करूंगा। तो अभी वह क्या कर रहा है? रामपाल के द्वारा जो हमारे विरुद्ध

38
00:02:39,360 --> 00:02:44,240
जो षड्यंत्र पूर्वक जो मुकदमे लगाने का प्रयास किया गया है।

39
00:02:44,240 --> 00:02:48,320
हालांकि पांच छ सात प्रयास तो विफल हो गए। उसमें निर्दोष घोषित करते

40
00:02:48,320 --> 00:02:52,560
हुए थाने स्तर पर और कोर्ट के स्तर पर हमें जो है निर्दोष

41
00:02:52,560 --> 00:02:56,640
घोषित किया गया। तो अब जो एक अभी विचाराधीन है

42
00:02:56,640 --> 00:03:01,040
उनप भी जो हमारे ऊपर नोटिससेस आ रहे हैं ना तरह-तरह के मानहानि

43
00:03:01,040 --> 00:03:05,680
का दावा रामपाल की ओर से मुख्यता एक भागवतानंद की ओर से भी आया था।

44
00:03:05,680 --> 00:03:09,760
कथा तो रामपाल की ओर से ही आ रहे हैं। तो जो नोटिससेस आ रहे हैं उनका

45
00:03:09,760 --> 00:03:13,840
एक नोटिस वाली सीरीज भी चलाएंगे। एक एक नोटिस का बैठ के अच्छे से तसल्ली से जवाब

46
00:03:13,840 --> 00:03:16,960
दिया जाएगा। खैर

47
00:03:16,960 --> 00:03:21,040
तो ये

48
00:03:21,040 --> 00:03:24,480
रामपाल के द्वारा जो हमारे विरोध में फैलाई जा रही चीजें

49
00:03:24,480 --> 00:03:28,720
हैं। जैसे भागवतानंद बाबू जी ने उनका प्रयोग किया था। हमारे विरुद्ध

50
00:03:28,720 --> 00:03:32,720
दुष्प्रचार करने के लिए यह भी कर रहा है जो व्यक्ति जिसने मुझे धमकाया था कि अब मैं जो

51
00:03:32,720 --> 00:03:37,120
है दुष्प्रचार करूंगा तो मैं बदनाम कर दूंगा क्योंकि तुमने

52
00:03:37,120 --> 00:03:41,200
मेरे साथ मेरी इच्छा से जो वीडियो शूट किया था उस वीडियो

53
00:03:41,200 --> 00:03:46,880
को हटाने के लिए मैं कह रहा हूं और तुम हटा नहीं रहे हो

54
00:03:46,880 --> 00:03:50,880
तो ये सारी चीजें हैं। तो मैंने उसको कहा कि भाई

55
00:03:50,880 --> 00:03:54,880
यह जो तुम भेज रहे हो ना रामपाल ने रामपाल के लोगों की ओर से मेरे ऊपर यह कराया

56
00:03:54,880 --> 00:03:58,880
जा रहा है वह कराया जा रहा है यह तो तुमने एक जानकारी मुझे भेजी है

57
00:03:58,880 --> 00:04:02,880
मैं तुम्हें और सारी जानकारियां भेज देता हूं तुमको

58
00:04:02,880 --> 00:04:06,960
अच्छा लगेगा और तुम उनसे मिल जाओ जाकर के भगवान कृष्ण को बोलते

59
00:04:06,960 --> 00:04:11,120
हैं ना उल्टा सीधा तो तुम्हारी और भक्ति पता चलेगी उनसे मिल लो

60
00:04:11,120 --> 00:04:15,200
जाकर के ये सब मैंने उसको लिखा फिर मैंने लास्ट में लिखा

61
00:04:15,200 --> 00:04:19,440
शंकर के सैनिकों से लड़ने के लिए थोड़ा और बल

62
00:04:19,440 --> 00:04:23,600
और बुद्धि चाहिए अभी तुमको। अभी तुम थोड़ा पीछे

63
00:04:23,600 --> 00:04:28,080
हो जो हरकतें कर रहे हो उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है।

64
00:04:28,080 --> 00:04:32,080
फिर बोल रहा है मैंने तो अभी लीगल एक्शन लिया नहीं है। लीगल एक्शन उसके

65
00:04:32,080 --> 00:04:36,960
पास है लेने की या मुझे जो ये कह रहा है मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा।

66
00:04:36,960 --> 00:04:39,840
लीगल एक्शन लेने का जो

67
00:04:39,840 --> 00:04:43,840
स्पेस बन रहा है वो तो मेरे पास बन रहा है। उसने मुझे धमकी दी है मैं तुम्हें बदनाम कर

68
00:04:43,840 --> 00:04:48,000
दूंगा। खैर ये तो रही कुछ जानकारियां।

69
00:04:48,000 --> 00:04:52,720
यहां एक जानकारी और जो आपने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाला जो हमारा वीडियो देखा होगा

70
00:04:52,720 --> 00:04:56,800
उस वीडियो में उस व्यक्ति ने यह कहा था जो वहां का प्रतिनिधि था

71
00:04:56,800 --> 00:05:01,200
वहां से हमें मिला था उसने हमें यह कहा था कि

72
00:05:01,200 --> 00:05:05,920
आपको हम क्लासेस ज्वाइन कराएंगे और वहां की रिकॉर्डिंग भी हम करने देंगे।

73
00:05:05,920 --> 00:05:09,920
पर जब हमने संपर्क किया तो वहां

74
00:05:09,920 --> 00:05:13,920
से मना कर दिया गया है कि आपको हम अभी क्लासेस ज्वाइन नहीं कराएंगे। एक महीने तक तो हमारे पास टाइम

75
00:05:13,920 --> 00:05:18,400
ही नहीं है। यह कहा गया अभी कोई निश्चित डेट नहीं दी गई है।

76
00:05:18,400 --> 00:05:22,400
बहुत जल्द हम जो है एक लिखित में वहां लेटर भेज करके उनका लिखित

77
00:05:22,400 --> 00:05:26,640
में जवाब मंगवा लेंगे। हम अन्यथा

78
00:05:26,640 --> 00:05:30,640
जो है आगे चीजें की जाएगी। वो आपके समक्ष

79
00:05:30,640 --> 00:05:34,880
प्रस्तुत। फिलहाल ये है कि जो उसने कहा था कि आप जो ज्वाइन कर लेना वहां आपको सारे सवालों

80
00:05:34,880 --> 00:05:39,760
के जवाब मिल जाएंगे। फला फला फला वो वहां से मना हो गया है।

81
00:05:39,760 --> 00:05:44,160
कहां शंकर के सैनिकों को क्लास ज्वाइन करने देंगे? वो भी विद कैमरा विद रिकॉर्डिंग।

82
00:05:44,160 --> 00:05:49,760
हम पूरा तंत्र नष्ट भ्रष्ट नहीं हो जाएगा तो खत्म हो जाएगा।

83
00:05:49,760 --> 00:05:54,080
तो ये है। अच्छा एक शुभ सूचना और है कि

84
00:05:54,080 --> 00:05:54,880
प्रयागराज

85
00:05:54,880 --> 00:05:59,200
में माघ मेले में 15 और 16 को संभवत

86
00:05:59,200 --> 00:06:03,200
जो नित्य कर्म प्रशिक्षण शिविर स्थगित हो गया था वो होने जा

87
00:06:03,200 --> 00:06:07,440
रहा है प्रयागराज में। उसकी भी डिटेल्स आपको एक दो दिन में हमारे

88
00:06:07,440 --> 00:06:11,920
मुख्य चैनल पर और सर्वशक्तिमान पर दोनों पर ही आपको मिल जाएंगी।

89
00:06:11,920 --> 00:06:17,200
तो आप उसमें जो है एनरोल करा लें अपने स्वयं को तो

90
00:06:17,200 --> 00:06:22,000
यह बात है और इसके साथ ही साथ फरवरी में

91
00:06:22,000 --> 00:06:26,000
यज्ञ पवीत कार्यक्रम तो है ही है उसका आयोजन है तो जो उपनीत होने के इच्छुक

92
00:06:26,000 --> 00:06:31,520
हैं वो उपनीत होने के लिए आए और धर्म रक्षक बने

93
00:06:31,520 --> 00:06:35,600
और कंठी माला धारण के लिए आए।

94
00:06:35,600 --> 00:06:41,600
तो ये कुछ जानकारियां थी आपको देनी थी। अब आज का विषय ले लेते हैं जो हमारे

95
00:06:48,640 --> 00:06:52,800
विशेष घुले जी जय श्री राम जी जी जी जय श्री

96
00:06:52,800 --> 00:06:57,200
राम शिवश भाई

97
00:06:57,200 --> 00:07:01,360
तो थोड़ा सा अपना परिचय बता दीजिए आप जी जी

98
00:07:01,360 --> 00:07:06,000
मेरा नाम विशेष गुगल है मेरा आवाज आ रहा है क्लियर हां बिल्कुल क्लियर आ रहा है

99
00:07:06,000 --> 00:07:10,080
जी जी जी मेरा नाम विशेष है मैं पुणे में रहता हूं मैं

100
00:07:10,080 --> 00:07:14,960
दो साल से इस से जुड़ा हूं। तो मुझे एज अ फुल टाइम ब्रह्मचारी ज्वाइन करना था।

101
00:07:14,960 --> 00:07:20,000
तो दो सालों में मैंने ऐसीऐसी चीजें देखी। कौन से जुड़े हैं आप?

102
00:07:20,000 --> 00:07:24,160
मैं अभी अभी भी मैं जुड़ा हुआ हूं तो मैं डायरेक्टली ऐसा बता

103
00:07:24,160 --> 00:07:28,560
नहीं सकता। सो मैं पुणे में एक था बानेर का हरे कृष्णा

104
00:07:28,560 --> 00:07:33,040
वो ऋित्विक वाला था। नहीं आप

105
00:07:33,040 --> 00:07:37,040
अपने कहां से जुड़े हुए हैं ये बता क्यों नहीं सकते? उसमें क्या

106
00:07:37,040 --> 00:07:41,120
समस्या है? अभी मैं कनेक्टेड हूं ना उस

107
00:07:41,120 --> 00:07:45,360
टेंपल से। सो सीनियर डिवोटी है वहां के जो ब्रह्मचारी है सीनियर। सो वो

108
00:07:45,360 --> 00:07:49,360
उनका कॉल आ सकता है शायद मेरे को। सो प्राइवेसी मेंटेन करने के लिए

109
00:07:49,360 --> 00:07:53,600
तो मैं बता नहीं सकता। यहां का एक पुणे में था बानेर में तो ऋत्विक

110
00:07:53,600 --> 00:07:58,160
वाला था। तो ऋत्विक में मैंने बहुत सारा पॉलिटिक्स वगैरह देखा। तो गुरु परंपरा

111
00:07:58,160 --> 00:08:02,160
गुरु परंपरा जो है इसका उसको बहुत वो क्रिटिसाइज करते थे कि

112
00:08:02,160 --> 00:08:03,760
ये ऐसे है वैसे है

113
00:08:03,760 --> 00:08:08,960
तो एक दूसरे पर ही वो नाम लगाते रहते हैं ऋत्विक वाले गुरु परंपरा

114
00:08:08,960 --> 00:08:11,760
थे या नहीं है

115
00:08:11,760 --> 00:08:15,840
अभी मैं हूं भी और नहीं भी हूं मैं ऋत्विक में पहले था वो

116
00:08:15,840 --> 00:08:19,920
छोड़ दिया अभी मैंने गुरु परंपरा ज्वाइन किया तो उसमें भी बहुत कुछ

117
00:08:19,920 --> 00:08:24,000
मैंने देखा सो वो भी मैं छोड़ने के मार्ग पर हूं अभी तो

118
00:08:24,000 --> 00:08:28,240
उसी के बारे में मैं बताना चाहता डिस्कशन हो रहा है। यह वैचारिक मतभेद का डिस्कशन

119
00:08:28,240 --> 00:08:32,400
नहीं है। आप इस का पक्ष रखने नहीं आए। जी

120
00:08:32,400 --> 00:08:36,640
नहीं करने तो आए हो। वो वो बताने वाला हूं मैं अभी। इस का पक्ष

121
00:08:36,640 --> 00:08:40,720
रखने आए हैं आप। नहीं नहीं नहीं इस के खिलाफ

122
00:08:40,720 --> 00:08:44,800
करने आए कि नहीं? जी करने आए हो। उनके जो डार्क साइड है

123
00:08:44,800 --> 00:08:48,800
वो बताने आया हूं मैं। तो समझ तो वही मैं कह रहा हूं ना। आप उनकी

124
00:08:48,800 --> 00:08:52,800
डार्क साइड को बताने आए हैं। डिफेंड करने नहीं आया इस को। नहीं नहीं डिफेंड करने नहीं आया

125
00:08:52,800 --> 00:08:56,880
हूं उनको मैं। उनको डिफेंड करने नहीं आया हूं। तो ठीक है भाई जनता जनार्दन

126
00:08:56,880 --> 00:09:01,600
को पता लग गया होगा कि डिफेंड करने नहीं आए हैं। मतलब

127
00:09:01,600 --> 00:09:07,280
टक्कर नहीं देखने को मिलेगी।

128
00:09:07,280 --> 00:09:11,680
खैर ये तो थोड़ा सा विनोद हो गया। जी

129
00:09:11,680 --> 00:09:16,000
तो डिफेंड आप मतलब एक तरीके से इस की कुछ ऐसी सच्चाइयां

130
00:09:16,000 --> 00:09:20,080
बताने आए हैं जिनसे आपको लगता है कि जनसामान्य

131
00:09:20,080 --> 00:09:24,800
को अवगत होना चाहिए। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल

132
00:09:24,800 --> 00:09:29,040
बताएं। सो मैं पहले ऋित्विक में था तो

133
00:09:29,040 --> 00:09:33,040
ऋत्विक में जब था मैं तभी बहुत पॉलिटिक्स चलता था टेंपल में कि इनसे

134
00:09:33,040 --> 00:09:37,040
मत रहो यह मत करो मायावादी है लोगों से ज्यादा बाहर मिलो मत वगैरह।

135
00:09:37,040 --> 00:09:41,120
तो मैंने उनको बोला था कि मुझे फुल टाइम याद जॉइन होना है फ्यूचर में। तो वो

136
00:09:41,120 --> 00:09:45,200
बोलते थे अच्छा तुम्हारा फिक्स है फुल टाइम फ्यूचर में जॉइन होना है। मैंने बोला हां मुझे जॉइ होना

137
00:09:45,200 --> 00:09:49,280
है। तो वो मेरे को बोले फ्यूचर में अगर तुम्हारा कंफर्म है जॉइन होना है तो

138
00:09:49,280 --> 00:09:53,440
तुम मतलब फैमिली में ज्यादा ध्यान मत दो। तुम टेंपल में ज्यादा रहा करो। तुम

139
00:09:53,440 --> 00:09:57,600
यहां पे रहो, घर पे क्यों जाते हो? यह वगैरह तो मेरे घर के कुछ हालात ठीक नहीं।

140
00:09:57,600 --> 00:10:01,680
तो वह बोलते थे नहीं नहीं वह भगवान मैनेज कर लेंगे। तुम घर का मत देखो। घर का

141
00:10:01,680 --> 00:10:05,920
सब भगवान मैनेज कर लेंगे। तुम टेंपल में रहो। तो कुछ अच्छी

142
00:10:05,920 --> 00:10:10,240
चीजें मुझे नहीं लगी। तो वो बोलते थे तुम्हारे पास प्रॉपर्टी कितनी है।

143
00:10:10,240 --> 00:10:14,240
तो मैंने उनको बता दिया कि मेरे पास इतनाइतना कुछ है। तो वो बोले तुम्हारे

144
00:10:14,240 --> 00:10:18,240
भाई का हिस्सा अलग कर लो। तुम्हारा हिस्सा अलग कर लो। और फ्यूचर में जब तुम जॉइ होगे

145
00:10:18,240 --> 00:10:22,320
या फिर तुम्हारी इच्छा है तो तुम अपनी प्रॉपर्टी बेच के वो पैसे टेंपल में

146
00:10:22,320 --> 00:10:26,400
दे सकते हो। तो वो इनडायरेक्टली बोल रहे थे कि तुम्हारे के जो प्रॉपर्टी है वो टेंपल में

147
00:10:26,400 --> 00:10:31,760
दे दो। ऐसा बोल रहे थे।

148
00:10:31,760 --> 00:10:36,000
हम जी जी तो वो

149
00:10:36,000 --> 00:10:40,160
विधिवत यह कार्य तो सभी इस तरह की संस्थाएं करती हैं।

150
00:10:40,160 --> 00:10:44,720
जैसे ब्रह्मा कुमारी हो गई। ब्रह्मा कुमारी से

151
00:10:44,720 --> 00:10:48,800
स्फोटिक ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वगैरह हो

152
00:10:48,800 --> 00:10:52,880
गया इन सब का कार्य यही होता है। रामपाल जी जी

153
00:10:52,880 --> 00:10:56,960
वो भी इस तरीके से काम करता है। जी जी जी तो

154
00:10:56,960 --> 00:11:01,120
उनका मोस्टली जो फोकस था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि तुम्हारे पास इतनी

155
00:11:01,120 --> 00:11:05,200
जमीन वगैरह है तो वो सब बेच के तुम यहां पे पैसे दे दो। तुम यहां पे रखो।

156
00:11:05,200 --> 00:11:09,200
घर क्यों जाते हो? क्या है फैमिली के पास? मैंने बोला कि फैमिली को कैसे

157
00:11:09,200 --> 00:11:13,600
अभी डायरेक्टली छोड़ सकते हो? कुछ सेटल वगैरह नहीं किया। तो वो बोले भगवान देख लेंगे पिछले

158
00:11:13,600 --> 00:11:17,680
अगर इतना फैमिली से अटैचमेंट है तो पिछले जन्म के फैमिली को क्यों छोड़ा अभी छोड़ दो कोई

159
00:11:17,680 --> 00:11:21,920
प्रॉब्लम नहीं है आ जाओ रहने को ऐसा वैसा सब बोल रहे थे

160
00:11:21,920 --> 00:11:26,480
अच्छा जी जी जी तो आपको फिर मतलब एक्सजेक्टली

161
00:11:26,480 --> 00:11:30,560
ऐसी कौन सी चीजें हुई जब आपको ये लगा कि आपको ऋत्विक से क्विट करना

162
00:11:30,560 --> 00:11:34,640
है अभी तो ऋत्विक की बात चल रही है ना जी जी ऋतिक की बात चल रही है

163
00:11:34,640 --> 00:11:37,520
हम ऋत्विक का अभी इतना बड़ा नहीं है जैसे

164
00:11:37,520 --> 00:11:41,600
यह इस्कॉन जो है और जो हरे कृष्णा मंदिर जो यह अलग-अलग सो

165
00:11:41,600 --> 00:11:45,600
ऋत्विक वालों का अभी अलग है और ये जो इसको श्रील प्रभुपाद ने जो बनाया था वो

166
00:11:45,600 --> 00:11:49,680
अलग है। सो ऋत्विक वालों का अभी इतना बड़ा नहीं है। सो अभी

167
00:11:49,680 --> 00:11:53,680
फंड्स पैसे के मामले में ज्यादा ध्यान दे तो उनका ज्यादातर जो टारगेट

168
00:11:53,680 --> 00:11:57,840
था मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि पैसे कहां से लाए कैसे लाए? उनका जो

169
00:11:57,840 --> 00:12:01,920
मेन जो फोकस था वो मेरे पैसों पे ही था। तो वो मेरे को एक बात अच्छी नहीं लगी

170
00:12:01,920 --> 00:12:05,920
और और वो जब भी मैं जाता था तो मैं अपने प्रॉब्लम्स बताता था कि ये हुआ

171
00:12:05,920 --> 00:12:09,920
वो हुआ। प्रभु इनमें ये नहीं आ सका। ये प्रॉब्लम था। तो वो दाढ़ती थी अरे नहीं नहीं

172
00:12:09,920 --> 00:12:14,000
ऐसा कैसा चलेगा तुम तो करते भी नहीं हो अच्छे से साधना तुम ये नहीं होता तुमसे

173
00:12:14,000 --> 00:12:18,240
वो नहीं होता सो वो भी एक अच्छी बात नहीं लगी मेरे को और मैं जो

174
00:12:18,240 --> 00:12:22,320
कुछ क्वेश्चन पूछता था उनको नहीं नहीं तुम बहुत डीप क्वेश्चन पूछ रहे हो ये अच्छा नहीं

175
00:12:22,320 --> 00:12:26,400
रहता तुम वैष्णव अपराध कर रहे हो तुम्हारा साधना में डाउनफॉल हो जाएगा तुम

176
00:12:26,400 --> 00:12:30,480
ये अच्छी बात नहीं कर रहे हो ये तुमको अगर क्वेश्चन पूछना है तो प्रभुपाद

177
00:12:30,480 --> 00:12:34,480
कृष्णा इसके बारे में पूछो उसके अलावा बाहर का कुछ नहीं पूछना है हमें बस इतना ही

178
00:12:34,480 --> 00:12:38,480
सीखना है एक्सट्रैक्टिव नॉलेज नहीं लाइक कृष्णा का ही बहुत है तो वही ले लो बाहर का सीखने को

179
00:12:38,480 --> 00:12:44,160
कोई जरूरत नहीं है। सो वो मेरे को एक अच्छी बात नहीं लगी।

180
00:12:44,160 --> 00:12:49,040
और वो मैंने उनको पूछा था कि आप बताइए एज ए गुरु

181
00:12:49,040 --> 00:12:52,640
जी गुरु कौन था वहां पर आपका? एज ए गुरु शिक्षा

182
00:12:52,640 --> 00:12:57,120
गुरु कौन था? क्योंकि दीक्षा गुरु प्रपाद को ही बनाते हैं ना।

183
00:12:57,120 --> 00:13:01,200
जी जी हां ऋतु का प्रभुपाद को ही बनाते। ये दिक्कत है कि

184
00:13:01,200 --> 00:13:05,360
भाई शिक्षा गुरु और दीक्षा गुरु जो है हम

185
00:13:05,360 --> 00:13:09,360
उसका वर्णन शास्त्रों में किस प्रकार से दिया गया इस बारे में अभी तक मेरी जानकारी

186
00:13:09,360 --> 00:13:13,600
में कुछ नहीं है ये जानने का विषय है क्योंकि गुरु का मतलब होता है अंधकार

187
00:13:13,600 --> 00:13:18,160
मिटाने वाला अद्वैत का उपनिषद तो ये उसको

188
00:13:18,160 --> 00:13:22,160
और गुरु का जो परम स्तर बताया गया वो वही है जो आपको

189
00:13:22,160 --> 00:13:26,160
जो है ब्रह्म का ज्ञान दे तत्व का ज्ञान दे

190
00:13:26,160 --> 00:13:30,240
भागवत में भी कहा गया है तो तो ये लोग शिक्षा गुरु दीक्षा गुरु

191
00:13:30,240 --> 00:13:34,400
के नाम पे जो है खिलवाड़ सा कर देते हैं चालू। हालांकि ऐसा नहीं

192
00:13:34,400 --> 00:13:39,040
है जो गडिया संप्रदाय के जो पूर्वाचार्य हैं उन्होंने

193
00:13:39,040 --> 00:13:43,440
इस विधान का उपयोग करके अच्छी चीजें करने का प्रयास किया मगर ये लोग दुरुपयोग

194
00:13:43,440 --> 00:13:47,440
करते हैं। अब जैसे प्रभुपाद के प्रभुपाद जब किसी के गुरु नहीं

195
00:13:47,440 --> 00:13:53,440
बन सकते तो तुम ये ऋत्विक खोल के बैठे क्यों?

196
00:13:53,600 --> 00:13:57,680
प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव बनके तुम मिल रहे

197
00:13:57,680 --> 00:14:01,680
हो। वो फिर भी कह रहे हो कि हम जो है उनके रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। इसमें क्या अंतर है

198
00:14:01,680 --> 00:14:05,600
ऋतिक में? इस

199
00:14:05,600 --> 00:14:10,160
स्वीकार करता है कि हम प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव है। हम

200
00:14:10,160 --> 00:14:14,160
और ऋत्विक कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। हम तुम्हें सीधे प्रभुपाद से ही मिलवा

201
00:14:14,160 --> 00:14:18,560
रहे हैं। मगर प्रपाद से कहां मिलवा रहे हो? रिप्रेजेंटेटिव

202
00:14:18,560 --> 00:14:22,720
स्वयं बने हुए। बस तुम मुंह से मना कर रहे हो। ऋत्विक की ये प्रॉब्लम

203
00:14:22,720 --> 00:14:27,360
है। है ना? जी हां बिल्कुल स्वयं उनके प्रभुपाद के रिप्रेजेंटेटिव

204
00:14:27,360 --> 00:14:31,520
बनके मिल रहे हो कि प्रभुपाद जी ने यह बताया वो बताया तुम फिर तुम

205
00:14:31,520 --> 00:14:35,680
कौन होते हो प्रभुपाद जी का फिर बताने वाले तो वहां तुम्हें कहने को पड़ेगा हम उनके प्रामाणिक

206
00:14:35,680 --> 00:14:39,760
शिष्य हैं ये कहना पड़ेगा तो तुम बन गए उनके

207
00:14:39,760 --> 00:14:44,160
रिप्रेजेंटेटिव अब जब तुम रिप्रेजेंटेटिव बन गए तो तुमने कहा नहीं रिप्रेजेंटेटिव

208
00:14:44,160 --> 00:14:48,240
हम नहीं है आपको डायरेक्ट प्रभुपाद से ही बात हो रही है तो यहां इनके

209
00:14:48,240 --> 00:14:52,400
तर्क खत्म हो जाता है और कौन इस मामले में सही है क्योंकि

210
00:14:52,400 --> 00:14:56,480
वो ये नहीं कहता कि हम उनके प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव है। वो ये

211
00:14:56,480 --> 00:15:00,560
कहता है कि भैया नहीं वो ये नहीं कहता हम प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव नहीं

212
00:15:00,560 --> 00:15:04,720
है। वो ये कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव है। प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव

213
00:15:04,720 --> 00:15:09,440
हम है। अब वो बात अलग है कि ये जीबीसी की व्यवस्था ये सब शास्त्रानुकूल

214
00:15:09,440 --> 00:15:13,520
है कि नहीं? एक गृहस्थ के ऊपर एक सन्यासी के ऊपर

215
00:15:13,520 --> 00:15:17,680
एक गृहस्थ कैसे कंट्रोल कर रहा है? इस का सिस्टम

216
00:15:17,680 --> 00:15:21,920
क्या है? इस में जो गुरु बन रहा है जो भी है उसको

217
00:15:21,920 --> 00:15:25,920
कंट्रोल कौन कर रहा है? जीबीसी जीबीसी और जीबीसी में गृहस्थ

218
00:15:25,920 --> 00:15:30,320
भी है ब्रह्मचारी भी है सन्यासी और इधर सन्यासी

219
00:15:30,320 --> 00:15:34,480
है सन्यासी की पोस्ट जिसने धारण कर रखी है

220
00:15:34,480 --> 00:15:38,640
उसको गृहस्थ जिस टीम में है वो टीम कैसे कर सकती है या तो उसमें गृहस्थ

221
00:15:38,640 --> 00:15:42,800
ना हो केवल सन्यासी हो हम और अंतिम

222
00:15:42,800 --> 00:15:46,960
निर्णायक इस स्पॉन का कौन है कोई नहीं वोटिंग प्रक्रिया है

223
00:15:46,960 --> 00:15:51,040
जी वोटिंग प्रक्रिया हो गई ना कोई जी जी स्पॉन का कोई आचार्य

224
00:15:51,040 --> 00:15:56,080
नहीं है ना आचार्य पद पर बैठा हुआ जी जी फलाने आचार्य इस समय है

225
00:15:56,080 --> 00:16:00,240
जी जी हां हां हां तो जब वोटिंग प्रक्रिया हो गई

226
00:16:00,240 --> 00:16:04,320
तो ये कहां से सनातन संविधान से मैच करती है सभी

227
00:16:04,320 --> 00:16:08,400
विषयों में गुरु शिष्य परंपरा में जो गुरु की गद्दी होती है उस पर

228
00:16:08,400 --> 00:16:12,480
अगला शिष्य बैठ जाता है फिर वो निर्णय करता है क्या होगा क्या नहीं

229
00:16:12,480 --> 00:16:17,760
होगा खैर फिर आप बताइए एक्सजेक्टली कौन सी चीजें हुई जब आपने

230
00:16:17,760 --> 00:16:21,840
ये निर्णय लिया बिल्कुल कोई एक उदाहरण बताइए जो जिस जैसे

231
00:16:21,840 --> 00:16:24,480
जैसे आपने बताया ना कि अभी मैं जब डीप सवाल

232
00:16:24,480 --> 00:16:28,640
पूछता था तो मना कर देते थे। जी जी जी हां हां हां हां तो

233
00:16:28,640 --> 00:16:33,280
मैंने उनको एक बार पूछा था कि आप लोग ज्यादा कृष्णा कृष्णा करते हो तो एक

234
00:16:33,280 --> 00:16:37,600
शिव रात्रि थी तो उनका लेक्चरर रहता था वहां पे तो

235
00:16:37,600 --> 00:16:41,680
वहां पे भी वो महादेव को बोलते थे कि ये बहुत बड़े वैष्णव है ये कृष्णा

236
00:16:41,680 --> 00:16:45,920
के सबसे बड़े भक्त हैं। ये बहुत बड़े भक्त हैं। तो वो मुझे एक पॉइंट

237
00:16:45,920 --> 00:16:50,320
अच्छी नहीं लगी कि ये महादेव को भी कृष्णा का भक्ति बना रहे हैं। महादेव

238
00:16:50,320 --> 00:16:54,400
को मतलब थोड़ा सा कम दिखाते हैं कृष्णा से थोड़ा तो वो मेरे को पॉइंट अच्छी

239
00:16:54,400 --> 00:16:58,400
नहीं लगी और बाकी देवताओं के मामले में भी वो बोलते हैं नहीं कृष्णा

240
00:16:58,400 --> 00:17:02,560
ही सुप्रीम है बाकी के उनके सर्वेंट है उनकी पूजा करके कुछ फायदा

241
00:17:02,560 --> 00:17:06,960
नहीं अगर करनी है तो कृष्णा की ही करो उनका कुछ बाकियों का मतलब मटेरियलिस्टिक

242
00:17:06,960 --> 00:17:11,120
चीजें अगर चाहिए तुमको तो उसके लिए पूजा करते हैं अगर तुमको मोक्ष चाहिए भगवत

243
00:17:11,120 --> 00:17:15,280
प्राप्ति चाहिए तो तुम कृष्णा की भक्ति करो तो बाकी लोग का मतलब इतना ये

244
00:17:15,280 --> 00:17:19,440
मत करो बोलते थे वो एक मुझे अच्छी बात नहीं लगी कि वो डिसिस्पेक्ट करते

245
00:17:19,440 --> 00:17:23,600
है मतलब बाकी देवताओं का भी। अच्छा एक बात बताइए अभी मैं

246
00:17:23,600 --> 00:17:27,760
इस मंदिर में गया था दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश शायद

247
00:17:27,760 --> 00:17:33,200
नाम है उसका। तो वहां पर मुझे उसने कहा कि

248
00:17:33,200 --> 00:17:37,440
पांच मतलब ईश्वर के कई रूप है। उनमें से एक कृष्ण को हम

249
00:17:37,440 --> 00:17:39,600
वो करते हैं। है

250
00:17:39,600 --> 00:17:43,600
ना? मतलब आप चाहो तो शिव की भक्ति कर सकते हो। आप

251
00:17:43,600 --> 00:17:47,600
चाहो तो कृष्ण की भक्ति कर सकते हो। और

252
00:17:47,600 --> 00:17:51,600
आप चाहो तो मतलब जो शास्त्रों

253
00:17:51,600 --> 00:17:55,600
द्वारा वर्णित जितने भी रूप है जो अलग-अलग पुराणों में जो रूप दिए

254
00:17:55,600 --> 00:17:59,840
गए भगवान के उन सब की भक्ति आप करके मोक्ष को प्राप्त कर सकते हो। यह बताया

255
00:17:59,840 --> 00:18:04,080
इस के एक स्वयं को तथा मतलब स्वयं

256
00:18:04,080 --> 00:18:08,160
को घोषित घोषित ब्रह्मचारी ने हमारे अनुसार तो उनके आचरण

257
00:18:08,160 --> 00:18:12,480
ब्रह्म के लिए नहीं है अवैदिक है वर्णाश्रम विरोधी है

258
00:18:12,480 --> 00:18:16,640
फिर वो उसमें भी ब्रह्मचारी में भी फिर एक अंकुश लग जाता है कि उनका ब्रह्मचर्य सिद्ध

259
00:18:16,640 --> 00:18:20,800
हो रहा है कि नहीं हो रहा और बाद में आपने एक रिकॉर्डिंग सुनी होगी

260
00:18:20,800 --> 00:18:24,960
उसमें भी व्यक्ति कैसे आसानी से शास्त्रों के विरुद्ध जाने की बात को स्वीकार

261
00:18:24,960 --> 00:18:28,960
कर रहा है दुनिया को गीता पढ़ाने जाता वो वो भी

262
00:18:28,960 --> 00:18:33,360
ब्रह्मचारी था जो रिकॉर्डिंग में था जिस व्यक्ति की हमने आवाज सुनी है वो भी ब्रह्मचारी

263
00:18:33,360 --> 00:18:37,520
था तो वो गीता पढ़ाता है लोगों को बैठ

264
00:18:37,520 --> 00:18:41,680
के मंच में मंचन करता है और सिद्धांत बताता है क्या गीता

265
00:18:41,680 --> 00:18:45,840
में पूरी गीता में यही तो सिखाया गया जब अर्जुन के हाथ कांप रहे थे अपने सगे

266
00:18:45,840 --> 00:18:50,080
संबंधियों को सामने देख के अर्जुन के हाथ कांप

267
00:18:50,080 --> 00:18:55,600
रहे थे तब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता ज्ञान दिया था

268
00:18:55,600 --> 00:18:59,600
जिससे उसके सगे संबंधियों के विरुद्ध विरुद्ध खड़े होने के के

269
00:18:59,600 --> 00:19:03,680
समय हाथ ना कांपे। और यह व्यक्ति क्या कह रहा है? सबको गीता पढ़ा रहा

270
00:19:03,680 --> 00:19:07,680
है। मगर यह कह रहा है मैं उसको नहीं मान सकता। मेरे तो हाथ

271
00:19:07,680 --> 00:19:11,760
कांपेंगे। मैं नहीं वो भी बहुत छोटी सी बात में है। ये नहीं क्या है?

272
00:19:11,760 --> 00:19:15,760
वध करना है। जो सामने खड़ा है हमारा स संबंधी उसका

273
00:19:15,760 --> 00:19:20,000
वध नहीं करना है। उसकी एक आज्ञा का निषेध करना है। जहां पर वो

274
00:19:20,000 --> 00:19:24,640
सत्य बोलने के विरुद्ध जा रहा है। तो ये तो इनका ब्रह्मचर्य

275
00:19:24,640 --> 00:19:28,720
है। हम जी जी तो इसलिए मैं नहीं कहता। तो

276
00:19:28,720 --> 00:19:32,800
उसने कहा था कि भाई जो इनका इस का

277
00:19:32,800 --> 00:19:37,040
सिद्धांत है वो यही है कि आप जो है किसी की भी भक्ति कर सकते हैं। मतलब ये सबको इक्वल

278
00:19:37,040 --> 00:19:41,040
मानते हैं। राम कृष्ण शिव इन सबको ही इक्वल

279
00:19:41,040 --> 00:19:45,120
मानते हैं। हालांकि कुंभ के मेले में भी एक व्यक्ति मिला था जो बोला था राम

280
00:19:45,120 --> 00:19:49,280
कृष्ण नहीं वो तो बोला कि राम नरसिंह वराह ये सब जो

281
00:19:49,280 --> 00:19:53,680
है भगवान श्री कृष्ण से कम पावरफुल है। वो बोला जी

282
00:19:53,680 --> 00:19:57,680
और वो भी पता नहीं कितने 35 साल से भक्त था इस का वो ये

283
00:19:57,680 --> 00:20:01,680
बोला मगर ये जो व्यक्ति है इस का

284
00:20:01,680 --> 00:20:05,840
सो कॉल्ड ब्रह्मचारी ईस्ट ऑफ कैलाश का ये

285
00:20:05,840 --> 00:20:10,080
बोला कि भाई जो है

286
00:20:10,080 --> 00:20:14,160
जो है ये सब इक्वल है राम कृष्ण वराही नहीं शिवजी भी इक्वल

287
00:20:14,160 --> 00:20:18,320
है तो अब इनका कहना ये है कि ये जो है

288
00:20:18,320 --> 00:20:22,400
हम लोग अपनी परंपरा के अनुसार बोलते हैं मगर मानते हैं यह सब

289
00:20:22,400 --> 00:20:26,400
इक्वल है। अब जाहिर सी बात है यदि वह इस बात को

290
00:20:26,400 --> 00:20:31,120
इस की बात बता रहा है, प्रभुपाद की बात बता रहा है तो केवल

291
00:20:31,120 --> 00:20:35,120
यह बात केवल उसको नहीं बताई जाएगी बल्कि इस से जुड़ने वाले सभी व्यक्तियों को

292
00:20:35,120 --> 00:20:39,360
बताई जाएगी। जी जी जी बिल्कुल तो क्या आपको कभी यह बात बताई

293
00:20:39,360 --> 00:20:43,520
गई कि कृष्ण और शिव बराबर हैं? नहीं नहीं बिल्कुल नहीं

294
00:20:43,520 --> 00:20:46,640
कभी भी नहीं।

295
00:20:46,640 --> 00:20:50,640
मेरे को बाहर के बुक्स पढ़ने को भी अलाउड नहीं था। तो वो बोलते थे प्रभुपाद की जो

296
00:20:50,640 --> 00:20:54,640
बुक्स है वही पढ़ा करो। बाकी के एक्स्ट्रा जो बुक्स है वो मत पढ़ा करो। उसमें कुछ है

297
00:20:54,640 --> 00:20:58,640
नहीं। मतलब हमको सब प्रभुपाद ने दिया है। सो वही प्रेफर करना है। एक्स्ट्रा कुछ बाकी

298
00:20:58,640 --> 00:21:03,840
का पढ़ना वगैरह नहीं। सो अलाउड भी नहीं करते थे। सुनने को भी नहीं देते थे।

299
00:21:03,840 --> 00:21:09,200
रोकी जी पंडित जी। वेलकम बैक।

300
00:21:09,200 --> 00:21:14,160
जय श्री राम। आपको बड़ा मिस किया।

301
00:21:14,160 --> 00:21:18,640
हां। आपको बड़ा मिस करते हैं यहां पर सभी लोग। हम

302
00:21:18,640 --> 00:21:22,640
तरह-तरह की आप तो यू ही अपनी जरा जरा सी अपीरेंस से

303
00:21:22,640 --> 00:21:26,720
इतने छाए हुए हो। हां [हंसी] कृपा

304
00:21:26,720 --> 00:21:30,400
है महादेव की।

305
00:21:30,400 --> 00:21:34,720
तो फिर जब मतलब यही एक नहीं अभी ऐसा

306
00:21:34,720 --> 00:21:38,720
नहीं आया ना। आपने कहा कि मैं जब डीप क्वेश्चन करता था तो वो कहते थे कि सवाल

307
00:21:38,720 --> 00:21:42,720
मत करो तुम्हारी भक्ति खराब हो जाएगी। वो क्वेश्चन का एक आप कोई उदाहरण

308
00:21:42,720 --> 00:21:45,040
दे दीजिए।

309
00:21:45,040 --> 00:21:49,120
सो मैंने पूछा था कि जब टेंपल में जब आते हैं

310
00:21:49,120 --> 00:21:53,200
तो सिर्फ कृष्ण और राधा की मूर्ति ही रहती है। सो बाकी मंदिर में

311
00:21:53,200 --> 00:21:57,200
कैसे रहते हैं? बाजू में गणेश जी रहते हैं। हनुमान जी रहते हैं। तो यहां पे टेंपल में

312
00:21:57,200 --> 00:22:01,280
बस कृष्णा ही है कि कभी-कभी चैतन्य महाप्रभु ही रहते हैं। तो बाकी के देवता

313
00:22:01,280 --> 00:22:05,360
क्यों नहीं रहते? तो बोलते हैं नहीं नहीं ये सुप्रीम है। ज्यादा इसमें डीप में जाने का नहीं है।

314
00:22:05,360 --> 00:22:09,440
तुमको तुम अभी बिगिनर हो। तुम्हें इस चीज में ध्यान नहीं देना है अभी। सो अभी

315
00:22:09,440 --> 00:22:13,600
तुम अभी बिगिनर हो। अगर तुम ज्यादा इसमें डीप क्वेश्चन करोगे तो शायद

316
00:22:13,600 --> 00:22:17,600
तुम कंफ्यूज हो जाओगे। तुम पाथ से भटक सकते हो। तो अभी ये

317
00:22:17,600 --> 00:22:21,680
सब मत पूछो। तुम जब आगे जाओगे थोड़ा एक्सपीरियंस लोगे तभी तुमको

318
00:22:21,680 --> 00:22:25,840
समझ में आएगा। अभी ये सब पूछने की जरूरत नहीं है वगैरह। सो ऐसा बोलते

319
00:22:25,840 --> 00:22:30,400
थे। तो आपने ये सब सवाल नहीं किया कि ये कहां लिखा है?

320
00:22:30,400 --> 00:22:34,480
कौन सी स्टेज में क्या प्रश्न करना चाहिए? हां। नहीं तभी नहीं किया

321
00:22:34,480 --> 00:22:38,480
था। तभी किया नहीं था ऐसा सवाल उनको। अच्छा आपने वहां पर

322
00:22:38,480 --> 00:22:43,040
दीक्षा ले ली थी या नहीं? नहीं नहीं नहीं नहीं

323
00:22:43,040 --> 00:22:45,600
दीक्षा अभी तक कहीं से नहीं ली है। नहीं

324
00:22:45,600 --> 00:22:49,680
कहीं से नहीं ली। तो फिर वो एक्सपीरियंस थोड़ा सा शेयर करेंगे

325
00:22:49,680 --> 00:22:53,680
कि एग्जजेक्टली क्या हुआ था उस दिन जब आपने विरुद्ध

326
00:22:53,680 --> 00:22:58,720
जाने का ठान लिया था। उस दिन प्रैक्टिकली आपने क्या-क्या किया था?

327
00:22:58,720 --> 00:23:02,720
सो वो टेंपल में एक बार मैं गया था तो वहां पे सेलिब्रेशन चल

328
00:23:02,720 --> 00:23:06,800
रहा था। तो वहां पे मैंने एक सीनियर ब्रह्मचारी को पूछा कि ये किस चीज का सेलिब्रेशन हो रहा है? तो वो

329
00:23:06,800 --> 00:23:10,960
बोले कि हम केस जीत गए। मैंने पूछा कौन सी केस क्या केस थी? वो तो वो बोले

330
00:23:10,960 --> 00:23:14,960
मुंबई और बोर का जो केस चालू था ना ऋत्विक और नॉन ऋत्विक के बीच में

331
00:23:14,960 --> 00:23:19,520
तो उन्होंने बताया था कि जी जी इस

332
00:23:19,520 --> 00:23:23,600
जी हां तो बोले कि ऋत्विक जीत गए हैं। इस हार गया है वगैरह वगैरह।

333
00:23:23,600 --> 00:23:27,920
तो मैंने बोला इनमें क्या डिफरेंस है? तो उन्होंने बताया था कि इस में ऐसे-ऐसे

334
00:23:27,920 --> 00:23:32,080
गुरु है। वो फेक गुरु है। अच्छे नहीं है वगैरह। सो ऋत्विक में ऐसा-सा

335
00:23:32,080 --> 00:23:36,160
रहता है। तो मैंने एक इस के भी एक सीनियर ब्रह्मचारी थे।

336
00:23:36,160 --> 00:23:40,160
उनको पूछा था कि ऐसा है ऋत्विक में मैं जुड़ा हूं तो ऐसा चलता है। तो

337
00:23:40,160 --> 00:23:44,160
बोले हम फोटो से दीक्षा ले नहीं सकते। ऐसा कहीं पे भी शास्त्र में लिखा नहीं कि हम फोटो

338
00:23:44,160 --> 00:23:48,240
से डायरेक्टली माला टच करके दीक्षा ले ली। सो मेरे को ऋत्विक अच्छा

339
00:23:48,240 --> 00:23:52,240
नहीं लगा और मोस्टली जो उनका जो टारगेट था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था जो कि मेरे को

340
00:23:52,240 --> 00:23:56,480
बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। सो इसी कारण से मैंने ऋत्विक छोड़ दिया और यहां पे इस

341
00:23:56,480 --> 00:24:00,480
से जॉइन हुआ। तो इस में ज्वाइन होने के बाद भी मैंने बहुत सारी चीजें देखी कि यहां

342
00:24:00,480 --> 00:24:00,980
के

343
00:24:00,640 --> 00:24:05,360
जो के थोड़ा सा स्लो चलिए थोड़ा सा स्लो चलिए हमारे पास समय है

344
00:24:05,360 --> 00:24:09,520
तो जी आपने वो क्या किया था कि आपने आप जिससे आपको

345
00:24:09,520 --> 00:24:13,840
लगा कि अब मैं इससे हट गया जैसे होता है ना ग्रुप से निकल जाना

346
00:24:13,840 --> 00:24:18,960
या फिर किसी को ब्लॉक कर देना वो क्या था वो दिल पे पत्थर रख के मैंने

347
00:24:18,960 --> 00:24:23,040
कर लिया मेकअप वो क्या हुआ

348
00:24:23,040 --> 00:24:27,200
जी मैंने टेंपल जाना ही बंद कर दिया था उसके बाद जब मेरे को पता चला कि शास्त्रों

349
00:24:27,200 --> 00:24:31,280
में टेंपल जाना आपने बंद कर दिया। मगर कोई एक दिन ऐसा हुआ होगा

350
00:24:31,280 --> 00:24:35,360
ना कि आपको वहां के किसी व्यक्ति का फोन आया हो। आपने उसको इग्नोर किया हो

351
00:24:35,360 --> 00:24:39,440
या फिर आपने उसको ब्लॉक किया हो जो आपके पीछे पड़ा हो कि आओ आओ ऐसा कुछ

352
00:24:39,440 --> 00:24:43,440
वो मैं पूछ रहा हूं। जी जी अभी भी आते हैं। मेरे को फस आते हैं मैसेज आते

353
00:24:43,440 --> 00:24:47,440
हैं कि क्यों नहीं आते? क्या हुआ? क्या प्रॉब्लम है? तो मैं मतलब कुछ रिप्लाई कहने का मतलब ये है

354
00:24:47,440 --> 00:24:51,520
कि कोई एक दिन ऐसा रहा होगा जिस दिन आपके पास वहां से कॉल आ रहे होंगे।

355
00:24:51,520 --> 00:24:55,840
आपने उनको इग्नोर किया होगा। जी जी जी बिल्कुल हां

356
00:24:55,840 --> 00:25:00,080
फिर ये इस में कैसे एंटर किए

357
00:25:00,080 --> 00:25:04,400
सो इस में भी मेरे एक ब्रह्मचारी पहचान के थे तो उनको उन्होंने

358
00:25:04,400 --> 00:25:08,640
मेरा कंफ्यूजन दूर किया तो वो बोले फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते फिजिकल गुरु

359
00:25:08,640 --> 00:25:12,960
चाहिए होता है तो मैंने ऋित्विक छोड़ दिया फिर यहां पे चला गया इस में तो इस

360
00:25:12,960 --> 00:25:15,680
में भी मेरे को कुछ अच्छी चीजें नहीं लगी वहां के

361
00:25:15,680 --> 00:25:19,840
जो मोस्टली जो गुरु है सो फेक गुरु है किसी के ऊपर मर्डर का

362
00:25:19,840 --> 00:25:23,920
केस है किसी के ऊपर रेपिस्ट मतलब इल्जाम लगा हुआ है। जी जी हबीबी भाई मैं

363
00:25:23,920 --> 00:25:28,560
आपको सेंड कर सकता हूं डॉक्यूमेंट मेरे पास है अभी भी वो प्रूफ के साथ

364
00:25:28,560 --> 00:25:32,560
जी जी बिल्कुल मैं सेंड कर सकता हूं आपको मेरे पास प्रूफ है तो

365
00:25:32,560 --> 00:25:36,560
उस लिखिए वो जो मर्डर केस है वो थोड़ा सा ओपन कर सकते

366
00:25:36,560 --> 00:25:40,720
हैं आप बिना नाम लिए क्या है जी जी जी

367
00:25:40,720 --> 00:25:45,520
बिल्कुल सो वहां पे कुछ टेंपल में

368
00:25:45,520 --> 00:25:49,520
सॉरी क्या मेरा आवाज आ रहा है ना जी जी आ रही

369
00:25:49,520 --> 00:25:53,680
है ठीक है बोलिए बोलिए जी

370
00:25:53,680 --> 00:25:57,760
मैं सो वहां पे एक महाराज है तो जब वो

371
00:25:57,760 --> 00:26:02,000
स्टार्टिंग में जब प्रभुपाद मतलब चले गए तो उसके बाद सबको खुर्ची चाहिए

372
00:26:02,000 --> 00:26:06,000
थी कि मैं गुरु बनूंगा यह वो तो उसकी वजह से तो वहां पे एक

373
00:26:06,000 --> 00:26:10,080
आदमी था तो वह बोल रहा था कि प्रभुपाद ही सब कुछ वो लड़की के साथ कुछ तो

374
00:26:10,080 --> 00:26:14,320
गलत हुआ था तो वह लड़की का साथ दे रहा था वहां पे ब्रह्मचारी वो तो वह

375
00:26:14,320 --> 00:26:18,320
ज्यादा ही लड़की का साथ दे रहा था तो यहां के जो दो सीनियर

376
00:26:18,320 --> 00:26:22,480
डिवोटी थे तो उन्होंने कुछ तो प्लान किया था उसको मारने का उसको मारा था शायद

377
00:26:22,480 --> 00:26:26,640
इसका मर्डर किया था उसका ऐसा केस है उन पर ऐसा

378
00:26:26,640 --> 00:26:30,720
केस है जी केस वो प्रूफ भी हुआ है ये आरोप लगा

379
00:26:30,720 --> 00:26:34,960
है ये आरोप लगा जी आरोप लगा है जी जी और वो लड़की थी ना उसने भी एग्री

380
00:26:34,960 --> 00:26:39,200
किया है कि मेरे साथ गलत हुआ था तभी मतलब कि कहने

381
00:26:39,200 --> 00:26:43,600
का मतलब ये आरोप ये लगा है स्पोन के किसी व्यक्ति के ऊपर कि

382
00:26:43,600 --> 00:26:48,240
किसी लड़की ने किसी लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ किसी मातृशक्ति

383
00:26:48,240 --> 00:26:52,400
के साथ और फिर उस मातृ शक्ति का कोई वहीं का व्यक्ति

384
00:26:52,400 --> 00:26:56,400
साथ देने लगा तो उस व्यक्ति की हत्या हो गई जिसने साथ दिया।

385
00:26:56,400 --> 00:27:01,200
जी जी जी बिल्कुल बिलकुल बिल्कुल जी बिल्कुल तो और एक

386
00:27:01,200 --> 00:27:05,360
तो ठीक है मगर ये यदि केस है केस का मतलब होता है द

387
00:27:05,360 --> 00:27:10,240
केस इज अंडर ट्रायल इस पर हमने एक कविता भी लिखी है कभी

388
00:27:10,240 --> 00:27:14,320
भविष्य में कभी मौका मिला तो सुनाएंगे उसका नाम है

389
00:27:14,320 --> 00:27:18,480
रमाकांत है नाम मेरा प्रकरण विचाराधीन है उस

390
00:27:18,480 --> 00:27:22,880
पर हमने कटाक्ष किया है जो न्याय व्यवस्था है उस पर तो

391
00:27:22,880 --> 00:27:27,440
जब केस अंडर ट्रायल है ना तो हम लोगों को हम लोग निर्णायक नहीं बनना चाहिए।

392
00:27:27,440 --> 00:27:31,680
वो उसके अधीन है कि भाई क्या सबूत है क्या नहीं है। है ना?

393
00:27:31,680 --> 00:27:36,000
तो मगर आरोप है और काफी ठोस सबूत देखने

394
00:27:36,000 --> 00:27:40,000
में लग रहे हैं जो प्रस्तुत किए गए हैं आरोप लगाने वालों की

395
00:27:40,000 --> 00:27:44,000
ओर से। ये हम कह सकते हैं। जी जी जी तो लड़की

396
00:27:44,000 --> 00:27:45,920
का भी प्रूफ था तो उन्होंने एग्री

397
00:27:45,920 --> 00:27:49,920
किया था कि मेरे साथ हुआ है गलत। तो मेरी कुछ डिवोटी ने कुछ मदद नहीं की थी

398
00:27:49,920 --> 00:27:54,000
सीनियर डिवोटीज ने तो वैसे ही न्यूज़ दबा दी और एक महाराज

399
00:27:54,000 --> 00:27:58,080
थे। उन्होंने 11 साल की लड़की के साथ कुछ गलत किया था। उसको

400
00:27:58,080 --> 00:28:02,400
कुछ टच वगैरह किया था तो वो भी न्यूज़ दबा दी थी। ठीक

401
00:28:02,400 --> 00:28:06,560
है। मगर इसमें यही बात आती है ना कि आपको कैसे पता

402
00:28:06,560 --> 00:28:10,880
कि जो आरोप लगा रहा है वो सत्य है? वो दिक्कतें

403
00:28:10,880 --> 00:28:15,040
होती है। वो YouTube पे भी आए तो वो लड़की है वो

404
00:28:15,040 --> 00:28:19,200
जांच का विषय हो जाता है। वो एक मात्र शक्ति बोल रही है मेरे साथ ऐसा हुआ।

405
00:28:19,200 --> 00:28:23,440
हम हम पर वो सच बोल रही है कि नहीं क्योंकि आज

406
00:28:23,440 --> 00:28:28,480
आजकल फ्रॉड केस भी हो रहे हैं। जी जी है ना

407
00:28:28,480 --> 00:28:33,280
झूठे केस भी लगाए जाते हैं तो इसलिए हम लोग निर्णायक नहीं बन सकते

408
00:28:33,280 --> 00:28:37,440
और इस बात के आधार पर यदि आपने बिल्कुल

409
00:28:37,440 --> 00:28:41,680
प्रत्यक्ष प्रमाण के साथ नहीं देख लिया है ना

410
00:28:41,680 --> 00:28:45,920
केवल आपने लोगों से सुना है तो इस बात के आधार पर तो आपको किसी के विरुद्ध

411
00:28:45,920 --> 00:28:50,000
नहीं जाना चाहिए जी जी जी बराबर ठीक

412
00:28:50,000 --> 00:28:54,080
है ना आपने सुना है अच्छा वो जो लड़की है मान के

413
00:28:54,080 --> 00:28:59,920
चलिए सीधी बात है क्या वो आपके लिए शब्द प्रमाण है?

414
00:28:59,920 --> 00:29:01,040
शब्द प्रमाण मतलब

415
00:29:01,040 --> 00:29:05,040
कि वो जो बोल देगी वो सत्य है। होता है

416
00:29:05,040 --> 00:29:09,840
हमारे जीवन में। जैसे जो गुरु होता है वो हमारे जीवन में शब्द प्रमाण होता है।

417
00:29:09,840 --> 00:29:14,400
उसके उसके कहे हुए के बाहर नहीं जा सकते। उसका

418
00:29:14,400 --> 00:29:18,720
जो उसके द्वारा दी गई शिक्षा है उसका खंडन नहीं कर सकते। है ना?

419
00:29:18,720 --> 00:29:23,280
जी जी करेंगे तो हमारा गुरु सिद्ध नहीं होगा।

420
00:29:23,280 --> 00:29:27,360
तो वो जो मातृशक्ति है उन्होंने आरोप लगाए और काफी ठोस दिखने

421
00:29:27,360 --> 00:29:31,440
वाले सबूत वगैरह पेश किए गए हैं और यह मान

422
00:29:31,440 --> 00:29:35,840
सकते हैं कि जिस पर यह आरोप लगा है उसके विरुद्ध काफी ठोस सामग्री

423
00:29:35,840 --> 00:29:40,000
है। मगर फिर भी या तो आपने उन प्रत्यक्ष प्रमाणों

424
00:29:40,000 --> 00:29:44,080
को स्वयं देख लिया हो। आपने देख लिया है। कोई वीडियो

425
00:29:44,080 --> 00:29:48,160
है क्या है? केवल आरोप है। नहीं नहीं लेडीज का एक

426
00:29:48,160 --> 00:29:52,160
वीडियो भी है और डॉक्यूमेंट्री भी लेडी का वीडियो यह कहते हुए है

427
00:29:52,160 --> 00:29:56,160
ना कि मेरे साथ गलत हुआ है। जी जी जी वो प्रूफ थोड़ी ना

428
00:29:56,160 --> 00:30:00,320
है वो तो आरोप लगा रही है उसमें। जी जी गलत आपने कैसे

429
00:30:00,320 --> 00:30:04,480
जाना कि वो गलत हुआ ही है जो लेडीज ने आरोप लगाया। भाई हम इस

430
00:30:04,480 --> 00:30:08,480
के कुछ निम्न स्तर के ऐसे लोग हैं कि किसी

431
00:30:08,480 --> 00:30:12,560
ने भी अगर कुछ गलत बोल दिया हमारे बारे में शंकर परंपरा

432
00:30:12,560 --> 00:30:16,320
के बारे में या किसी के बारे में तो वो उसको उड़ाने लगते हैं बिना

433
00:30:16,320 --> 00:30:20,960
तार्किकता से सोचे समझे बिना मगर हम उनके जैसे नहीं है ना

434
00:30:20,960 --> 00:30:25,680
जी हमें तो धर्म के पथ पर चलना है ना हमें तो

435
00:30:25,680 --> 00:30:30,160
हमें तो युद्ध के दौरान भी विरोधी के घर की मातृशक्तियों

436
00:30:30,160 --> 00:30:36,160
की भी रक्षा करनी है वो वो भी ठेका हमारा ही है।

437
00:30:36,320 --> 00:30:41,280
तो इसलिए अ

438
00:30:41,280 --> 00:30:45,600
ये क्या कहते हैं अगर किसी मातृशक्ति ने कोई वीडियो बना दिया है तो वो पर्याप्त

439
00:30:45,600 --> 00:30:49,680
नहीं है। है ना? कि भाई जिस पर आरोप लगाया गया वो

440
00:30:49,680 --> 00:30:53,840
सिद्ध हो गया। तो आप को क्या ऐसा मिला जिसकी

441
00:30:53,840 --> 00:30:58,000
वजह से आप या केवल यह कारण नहीं था और भी कुछ कारण थे

442
00:30:58,000 --> 00:31:01,840
इस से भी अलग होने के

443
00:31:01,840 --> 00:31:05,920
नहीं मैं अभी गुरु इस से तो जुड़ा हुआ हूं तो ऋित्विक मैंने

444
00:31:05,920 --> 00:31:10,160
छोड़ा है तो इस का मैंने ये जो गुरु परंपरा के ऊपर थोड़ा स्टडी

445
00:31:10,160 --> 00:31:14,480
किया तो मैंने देखा कि वो गुरु परंपरा जो है वो ऑथेंटिक नहीं है वो

446
00:31:14,480 --> 00:31:18,640
कुछ मिसमैच हुआ है कुछ तो गड़बड़ है उसमें जो जैसे भक्ति

447
00:31:18,640 --> 00:31:22,640
सिद्धांत सरस्वती ठाकुर महाराज जी श्रील प्रभुपाद के महाराज तो उन्होंने

448
00:31:22,640 --> 00:31:26,800
उन्होंने भी फोटो से दीक्षा ली थी गौर किशोर बाबा बाबा

449
00:31:26,800 --> 00:31:30,800
दास से जो भक्ति सरस्वती ठाकुर सुनिए वो स्वयं फोटो से

450
00:31:30,800 --> 00:31:31,360
दीक्षा

451
00:31:31,360 --> 00:31:35,520
ले रहे हैं तो उसमें प्रॉब्लम नहीं है मगर जब ऋत्विक वाले ले रहे हैं तो उसमें

452
00:31:35,520 --> 00:31:39,680
प्रॉब्लम है जी जी जी वही वही वो भी जी वो मेरे को गुरु

453
00:31:39,680 --> 00:31:43,680
परंपरा में अजीब लगा मतलब ऋत्विक वाले भी हां

454
00:31:43,680 --> 00:31:47,680
दीक्षा लेना फोटो से दीक्षा लेना भी तो गलत ही है

455
00:31:47,680 --> 00:31:51,680
हां शिव शिवश जी आपकी और निर्भय आर्य

456
00:31:51,680 --> 00:31:57,520
की डिबेट संभता 26 या 27 को हो सकती है।

457
00:31:57,520 --> 00:32:01,920
हम सो मैं गुरु परंपरा में हूं अभी तो मैं प्रेमानंद

458
00:32:01,920 --> 00:32:06,080
महाराज के कभी कबभार वीडियो देखता हूं तो मैं नोट्स बनाता हूं कुछ वीडियोस के। सो

459
00:32:06,080 --> 00:32:10,320
मैं सीनियर डिवोटीज को भेजता हूं। तो वो बोल रहे थे तुमको इनके वीडियोस किसने

460
00:32:10,320 --> 00:32:14,560
देखने को बोला? दूसरे लोगों के वीडियोस मत देखो। प्रभुपाद ने हमको बहुत कुछ दिए।

461
00:32:14,560 --> 00:32:18,560
तो वही सुनो। यह बाकी लोगों का मत सुनो वगैरह। सो ट्राई टू अवॉयड

462
00:32:18,560 --> 00:32:22,560
देम। हम ऐसा बोल रहे थे मेरे को उनका देखो मत सिर्फ प्रभुपाद का सुनो उनका ही बुक

463
00:32:22,560 --> 00:32:26,720
पढ़ो एक्स्ट्रा बाकी कुछ करो मत सो ये एक पॉइंट मेरे को अच्छी नहीं लगी ऐसा

464
00:32:26,720 --> 00:32:29,520
शास्त्र में

465
00:32:29,520 --> 00:32:33,680
बोलिए बोलिए बोलिए जी जी जी सो मेरे को एक वो पॉइंट अच्छा नहीं

466
00:32:33,680 --> 00:32:37,760
लगा कि मतलब बाकी लोगों का सुनने नहीं दे रहे। सो वो भी एक अच्छा नहीं

467
00:32:37,760 --> 00:32:43,280
लगा मेरे को। ऐसा मतलब शास्त्र में लिखा नहीं है ना कि हमारे

468
00:32:43,280 --> 00:32:46,400
यहां आगे एक प्रामाणिक ब्रह्मचारी वहां गए दंडवत हो गए थे कुछ

469
00:32:46,400 --> 00:32:50,880
दिन पहले प्रेमानंद जी के सामने जी जी

470
00:32:50,880 --> 00:32:55,200
लीला प्रभु जी के बाद ज्ञान सुन रहे थे प्रेमानंद जी का

471
00:32:55,200 --> 00:32:59,360
जीत पहले तो कहा था बाबा के पास मत जाओ उसके बाद बाबा

472
00:32:59,360 --> 00:33:03,600
के पास स्वयं चले गए थे जी जी मेरे को अभी भी बोलते मत सुनो

473
00:33:03,600 --> 00:33:07,680
करके मत सुनो बोलते प्रेमानंद महाराज जी को अभी अलग-अलग है

474
00:33:07,680 --> 00:33:13,680
सबका यह है डार्क रियलिटी ऑफ

475
00:33:15,440 --> 00:33:19,440
जो है ना मोस्टली यूथ को ज्यादा टारगेट करते हैं। यूथ पर ज्यादा फोकस

476
00:33:19,440 --> 00:33:23,680
देते हैं। मैं प्रीचिंग को भी जाता था ना तो बोलते थे नहीं ये बूढ़े लोग हैं जो एज

477
00:33:23,680 --> 00:33:28,080
ए जेड लोग हैं ज्यादा तो उनके पास मत जाओ। जो यूथ है उनके पास जाओ। वो समझते

478
00:33:28,080 --> 00:33:32,240
हैं। तुम भी और वो सेम एज के हो तो वो तुमको ज्यादा समझ पाएंगे।

479
00:33:32,240 --> 00:33:36,240
रिलेट कर पाओगे तुम एक दोनों से। तो उनके पास जाओ। उनको प्रीचिंग वर्कर दो।

480
00:33:36,240 --> 00:33:39,760
बुक वगैरह दो। बोलते थे।

481
00:33:39,760 --> 00:33:44,000
तो फिर फिर भी को वह कौन सा फिर से वही बात कि

482
00:33:44,000 --> 00:33:48,160
बिल्कुल एकजेक्टली आपको स्पॉन में भी नहीं रहना है। ऐसा क्या हुआ

483
00:33:48,160 --> 00:33:50,320
था?

484
00:33:50,320 --> 00:33:54,880
अभी तो छोड़ दिया मैंने। सो जी सो गुरु पर

485
00:33:54,880 --> 00:33:59,040
वो प्रेमा मतलब हेलो आपकी आवाज कट रही है। मेरे

486
00:33:59,040 --> 00:34:01,680
नेटवर्क डाउन है क्या? आवाज

487
00:34:01,680 --> 00:34:06,240
आ रही है उनकी। मैं बीच में एक बात बोल देता हूं। समस्या अपना

488
00:34:06,240 --> 00:34:10,480
क्या नाम है उनका? जो बाबे वाले हैं भाई साहब हमारे क्या

489
00:34:10,480 --> 00:34:14,880
नाम है उनका? अमोग लीला प्रभु अमोग लीला जी

490
00:34:14,880 --> 00:34:19,120
साथ समस्या है ना कि उन्होंने जो एक तुलसीदास बालकांड

491
00:34:19,120 --> 00:34:23,200
की एक चौपाई है ना हरि अनंत हरि कथा अनंता कहा ही

492
00:34:23,200 --> 00:34:28,160
सुनह बहु विधि सब संता ठीक है वो अभी उनको समझ में नहीं आई

493
00:34:28,160 --> 00:34:32,160
जब आ जाएगी ना तो फिर वो प्रेमानंद जी के लिए नहीं बोलेंगे या किसी भी आचार्य के लिए नहीं

494
00:34:32,160 --> 00:34:35,520
बोलेंगे

495
00:34:35,520 --> 00:34:39,760
जी आप कंटिन्यू करिए ऐसा था अमोग

496
00:34:39,760 --> 00:34:44,240
लीला ने

497
00:34:44,240 --> 00:34:48,240
यह बयान तो दे दिया था। बाबा के पास जाने की जरूरत नहीं। मगर वो फिर जब उसका

498
00:34:48,240 --> 00:34:52,240
विरोध हुआ उस बयान का तो फिर उन्होंने अपनी वो

499
00:34:52,240 --> 00:34:57,200
डूबती नैया को बचाने के लिए दंडवत भी हो गए। पहुंच गए वहां। हां

500
00:34:57,200 --> 00:35:02,240
जी जी। और जब वो दंडवत हो गए

501
00:35:02,240 --> 00:35:06,240
तो वहां ये दिखाने देखो हम तो कितना सद्भाव रखते हैं। अब

502
00:35:06,240 --> 00:35:10,320
वो बात अलग है कि अंदर से वो रात को नींदें उड़ी हुई

503
00:35:10,320 --> 00:35:14,320
है रात की। जी नींद से

504
00:35:14,320 --> 00:35:19,360
उठ उठ के जो है नींद नहीं आ रही है कि क्या हो रहा है।

505
00:35:19,360 --> 00:35:23,360
खैर तो अभी आपकी स्थिति ये है कि आप जो है

506
00:35:23,360 --> 00:35:27,760
आपका मन जो है इस से भी हट चुका है और रिपोर्ट

507
00:35:27,760 --> 00:35:31,920
से तो आप स्पॉन में आए हैं। स्पॉन से हट चुका है और आप जो है अब प्रेमानंद

508
00:35:31,920 --> 00:35:36,080
जी की ओर जी जी अग्रसर है

509
00:35:36,080 --> 00:35:40,080
बहुत अच्छी बात है उनको सुनिए और उनके दिशा निर्देशों में

510
00:35:40,080 --> 00:35:44,400
अवश्य ही आपका कल्याण हो जाएगा। बहुत अच्छे संत हैं वो जी

511
00:35:44,400 --> 00:35:48,400
और सुनिए उनको प्रामाणिक भी है वो

512
00:35:48,400 --> 00:35:53,280
जी जी जी

513
00:35:53,280 --> 00:35:57,360
तो और कोई अपना अनुभव जो आप हमें शेयर करना चाहे ये बताइए

514
00:35:57,360 --> 00:36:01,360
नेट की प्रॉब्लम मेरे मेरी जो आपके एंड

515
00:36:01,360 --> 00:36:07,360
से आवाज आ रही है

516
00:36:11,040 --> 00:36:15,120
मतलब मतलब मेरे स्क्रीन में दिक्कत हो रही होगी। इसका मतलब आपको

517
00:36:15,120 --> 00:36:19,280
मेरा कट कट सुनाई दे रहा। आपकी आवाज बिल्कुल साफ आ रही है। बिल्कुल साफ आ रही है। कोई दिक्कत

518
00:36:19,280 --> 00:36:23,280
नहीं है। आपको हमें तो साफ आ रही है। कहीं नहीं

519
00:36:23,280 --> 00:36:27,280
आ रही है। आपको लग रहा है शायद ऐसा अच्छा मेरे स्क्रीन पे

520
00:36:27,280 --> 00:36:33,280
आप लोगों के चित्र जो है ना रुक रुक के ऐसेसे करके इस तरह से दिखाई दे।

521
00:36:33,920 --> 00:36:38,880
लैग हो गया होगा। ठीक है। तो और कोई एक्सपीरियंस

522
00:36:38,880 --> 00:36:43,360
आप शेयर करना चाहेंगे? सो ये गुरु परंपरा

523
00:36:43,360 --> 00:36:48,080
जो है जो फेक है मोस्टली मैंने देखो ऑथेंटिक नहीं है मैंने

524
00:36:48,080 --> 00:36:52,080
एक मिनट एक मिनट मैं एक बार ना लीव करके दोबारा आता हूं शायद ठीक हो

525
00:36:52,080 --> 00:36:57,920
जाए मामला

526
00:36:57,920 --> 00:37:02,000
जी ऐसा है कि अमोल लीला जी ने अपना सिद्धांत जो है वो

527
00:37:02,000 --> 00:37:07,040
कई बार बदल दिया है। ठीक है। जी जी जी

528
00:37:07,040 --> 00:37:11,280
रामायण की जो लाइन है ना रामो दनाभिते उसका

529
00:37:11,280 --> 00:37:15,600
तो बिल्कुल खंडन कर चुके हैं वो अपने अपने कर्मों से ठीक है तो सिद्धांत

530
00:37:15,600 --> 00:37:20,080
तो बदलते रहते हैं वो बहुत बहुत पलटते हैं वो

531
00:37:20,080 --> 00:37:24,160
कि जो बैकग्राउंड जो है ना उनका या जो बेस है ना वो स्ट्रांग नहीं है

532
00:37:24,160 --> 00:37:28,160
ठीक है धर्म का धर्म के बल से जो स्ट्रांग होता है ना जब होता तो वो

533
00:37:28,160 --> 00:37:32,240
अपने सिद्धांत पे टिके रहते हम हम जी ये समस्या है

534
00:37:32,240 --> 00:37:36,240
उनके साथ ठीक ठीक है तो वो दो प्रकार की बात नहीं करते वो कई प्रकार

535
00:37:36,240 --> 00:37:40,240
की बात करते हैं [हंसी] जी नेक्स्ट लेवल

536
00:37:40,240 --> 00:37:44,800
है वो ठीक है जी हां बताइए आप क्या कह रहे थे विशेष जी

537
00:37:44,800 --> 00:37:48,960
ये जो गौर किशोर दास बाबा जी है भक्ति सिद्धांत सुरस ठाकुर इनके

538
00:37:48,960 --> 00:37:53,040
गुरु महाराज तो वो मैंने ऐसा सुना था कि वो अद्वैत परिवार से है तो यह

539
00:37:53,040 --> 00:37:57,120
बोल रहे कि नहीं वो अद्वैत परिवार से नहीं वो मधवाचार्य से है सो यहां पे भी मेरे

540
00:37:57,120 --> 00:38:01,200
को एक गड़बड़ लगी कुछ तो कुछ ना कुछ तो मतलब प्रॉब्लम है और ये भक्ति

541
00:38:01,200 --> 00:38:03,760
सिद्धांत

542
00:38:03,760 --> 00:38:08,080
कैसे पता लगा कि वो उस अद्वैत परंपरा से हैं। पहली बात अद्वैत परंपरा

543
00:38:08,080 --> 00:38:12,480
से क्या मतलब है? आपका अर्थ क्या है? कि शंकर परंपरा से दीक्षित थे वो?

544
00:38:12,480 --> 00:38:16,480
जी जी हां उसका प्रमाण है आपके पास

545
00:38:16,480 --> 00:38:20,720
ऐसे कुछ है। कैसे पता लगा? आपने कैसे मान लिया कि वो शंकर परंपरा से दीक्षित

546
00:38:20,720 --> 00:38:24,880
हैं। मैंने एक कोरा पे एक लड़की से सुना था।

547
00:38:24,880 --> 00:38:29,200
पढ़ा था वहां पे एक। सो

548
00:38:29,200 --> 00:38:33,200
प्रमाण नहीं है वैसे कोई कुछ भी कहता है प्रमाण तो वहां पर बहुत

549
00:38:33,200 --> 00:38:37,440
अनर्गल बातें होती रहती है ठीक है आप अपनी बात कर लीजिए पहले

550
00:38:37,440 --> 00:38:41,440
करिए करिए जी तो वो बोल रहे थे कि वह अद्वैत

551
00:38:41,440 --> 00:38:45,520
परिवार से कोई बोल रहा था कि मधवाचार्य यहां से तो द्वैत से

552
00:38:45,520 --> 00:38:49,520
मतलब तो वहां पे मेरे को एक डाउट लगा और दूसरी बात वो बोलते कि

553
00:38:49,520 --> 00:38:53,680
फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते क्योंकि शास्त्र में अलाउड नहीं है। फिर

554
00:38:53,680 --> 00:38:57,680
बाद में बोलते कि हम ले सकते हैं क्योंकि यह प्रभुपाद ने बोला था तो

555
00:38:57,680 --> 00:39:02,160
यहां पर भी मेरे को गड़बड़ लगी। कभी बोलते हैं ले सकते हैं। कभी बोलते हैं नहीं ले सकते। तो एग्जैक्ट

556
00:39:02,160 --> 00:39:05,280
ऐसा थोड़ी रहता है ना

557
00:39:05,280 --> 00:39:09,920
तो उसका एक आंसर मैं दे देता हूं। जी गुरु ग्रंथ और गोविंद।

558
00:39:09,920 --> 00:39:15,200
ठीक है? इन तीनों का सामंजस्य होना चाहिए किसी भी धर्म के ज्ञान में।

559
00:39:15,200 --> 00:39:19,280
ठीक है? हम अगर यहां एक बार धर्म सम्राट

560
00:39:19,280 --> 00:39:23,280
स्वामी श्री करपात्री जी महाभाग ने बात कही थी कि अगर मैं भी शास्त्र के विरुद्ध

561
00:39:23,280 --> 00:39:27,280
बात कह दूं तो मेरा भी खंडन कर दो मतलब मेरे भी बात

562
00:39:27,280 --> 00:39:31,440
मत मानो मतलब इतना ज्यादा वो कर्म थे शास्त्र के प्रति

563
00:39:31,440 --> 00:39:35,840
तो जब शास्त्र और वही है भगवत गीता 16 24 तस्मात

564
00:39:35,840 --> 00:39:40,160
शास्त्रम प्रमाणम है ना तो तेरे लिए कर्म कर्म में एकमात्र शास्त्र प्रमाण

565
00:39:40,160 --> 00:39:44,320
है तो अगर इस भाव को प्रभुपाद जी मानते तो वो मुझे नहीं लगता

566
00:39:44,320 --> 00:39:48,880
कि वो कभी ऐसे बोलते कि नहीं नहीं अगर मैंने कह दिया है तो फोटो से तुम दीक्षा आदि ले लो

567
00:39:48,880 --> 00:39:54,160
ऐसा नहीं हो सकता। ठीक है।

568
00:39:54,160 --> 00:39:59,040
इसमें मैं यहां पर एक रोकना चाहूं। हमें प्रभुपाद जी को सीधेसीधे

569
00:39:59,040 --> 00:40:03,120
किसी भी दोष नहीं देना चाहिए। क्योंकि प्रभुपाद जी ने

570
00:40:03,120 --> 00:40:07,200
एकजेक्टली क्या कहा है क्या नहीं कहा है इस बात को लेकर की भी असमंजस की स्थितियां

571
00:40:07,200 --> 00:40:11,200
है। क्योंकि जो भी लोग उनकी ओर से क्लेम्स कर रहे हैं वो सारे झूठे सिद्ध हो रहे

572
00:40:11,200 --> 00:40:15,520
हैं। तो उनकी किसी बात पर विश्वास कैसे किया जाए? और एक बहुत बड़ा

573
00:40:15,520 --> 00:40:19,760
बड़ा उदाहरण मैं आपको बता दूं। इनकी भगवत गीता के देखिए

574
00:40:19,760 --> 00:40:24,320
वो जो सनातन शब्द है ना वैसे कई सारे शब्द तो बदल ही रहा है इस

575
00:40:24,320 --> 00:40:28,320
मगर इनकी भगवत गीता के 2.62 में इन्होंने लिखा है कि

576
00:40:28,320 --> 00:40:32,480
शिवजी जो है इंद्रियों के अधीन है। और क्यों क्यों अधीन

577
00:40:32,480 --> 00:40:36,880
है? क्योंकि वो पार्वती माता से विवाह के लिए सहमत हो गए थे।

578
00:40:36,880 --> 00:40:40,960
मगर इनके श्रीमद् भागवत भाष्य में प्रभुपाद

579
00:40:40,960 --> 00:40:45,360
जी का जो नाम से छप रहा है उसमें लिखा है कि शिव जी को पार्वती

580
00:40:45,360 --> 00:40:51,200
माता के साथ देखकर उन्हें इंद्रियों के अधीन समझने वाले मूर्ख है

581
00:40:51,200 --> 00:40:55,440
तो प्रभुपाद जी ने क्या माना क्या नहीं माना

582
00:40:55,440 --> 00:41:00,000
इस कौन ये कर रहा है ये हमें बात अधिक करनी चाहिए क्योंकि अब

583
00:41:00,000 --> 00:41:04,080
उनकी क्या चीजें क्या नहीं है हम उसमें कुछ कह ही नहीं सकते क्योंकि जो लोग उनको प्रस्तुत

584
00:41:04,080 --> 00:41:08,080
कर रहे हैं यहां पर है ना कुछ अब देखिए ना जैसे अभी मैं क्या

585
00:41:08,080 --> 00:41:09,200
कहते हैं स्कॉन में गया

586
00:41:09,200 --> 00:41:13,440
तो एक अपने आप को ब्रह्मचारी कहने वाले ने कह दिया ना कि नहीं भैया

587
00:41:13,440 --> 00:41:17,680
शिवजी भी मुक्ति दाता है क्या ऑफिशियली ऑफिशियली

588
00:41:17,680 --> 00:41:21,760
इस ये स्वीकार करता है कहीं से प्रभुपाद जी

589
00:41:21,760 --> 00:41:25,840
की कोई बुक है जो इस ने प्रस्तुत की हो जिसमें लिखा हो कि शिवजी भी मुक्ति

590
00:41:25,840 --> 00:41:31,840
देंगे ये तो एक नई चीज पता चल रही है नहीं

591
00:41:31,920 --> 00:41:35,920
ये बात है तो बताइए कंटिन्यू करिए पंडित जी

592
00:41:35,920 --> 00:41:40,160
तो जी सर नहीं नहीं बस मैं वही कह रहा था कि

593
00:41:40,160 --> 00:41:44,160
मैं मैं एक्चुअली इसी पे ही आ रहा था। मैं ये कह रहा था कि जैसे कि क्या है कि प्रभुपाद जी

594
00:41:44,160 --> 00:41:48,160
ने मान लीजिए कोई बात कह दी है ना और अब वो तो हमारे

595
00:41:48,160 --> 00:41:52,160
पास साथ है नहीं तो उसका प्रमाण जो होगा या तो उनकी परंपरा

596
00:41:52,160 --> 00:41:56,320
का आचार्य अगर मान लो दे भी रहा है तो वो भी शास्त्र सम्मत होना चाहिए

597
00:41:56,320 --> 00:42:00,320
क्योंकि तत्व मान लीजिए आदि गुरु

598
00:42:00,320 --> 00:42:04,400
हां भाई गुरु गोविंद गुरु गोविंद और ग्रंथ मान लीजिए

599
00:42:04,400 --> 00:42:08,400
आदि गुरु शंकराचार्य महाभाग ने अगर कोई मान लो बात कह दी और वो शास्त्र

600
00:42:08,400 --> 00:42:12,400
सम्मत है ठीक है उससे तरह तर अगर कोई भी आज

601
00:42:12,400 --> 00:42:16,480
का आचार्य अगर कोई उल्टी बात कह देता है तो हमें फिर तो मैच

602
00:42:16,480 --> 00:42:20,560
नहीं कर रहा है ना मतलब वो गुरु की बात ग्रंथ से मैच नहीं कर रही

603
00:42:20,560 --> 00:42:24,240
है तो इसीलिए इसीलिए कृपात्र स्वामी महाभाग ने कहा था कि

604
00:42:24,240 --> 00:42:28,320
गुरु ग्रंथ और गोविंद इन तीनों के सामंजस्य का जो ज्ञान है बहुत बड़ा फार्मूला

605
00:42:28,320 --> 00:42:32,320
है ये बहुत तगड़ा फार्मूला है मतलब इससे मतलब कोई

606
00:42:32,320 --> 00:42:36,640
आपको सही ज्ञान ही मिलेगा अंतत का ठीक है तो उसको वही उसका सामंजस्य

607
00:42:36,640 --> 00:42:40,720
का ज्ञान जो है वही सर वही सही धर्म का ज्ञान है ठीक है वही

608
00:42:40,720 --> 00:42:45,360
धर्म है जो शिक्षा हमें मिलती है। तो यह चीज कह रहा था मैं।

609
00:42:45,360 --> 00:42:49,440
मैंने जब ऋत्विक वालों से पूछा था कि हम फोटो से दीक्षा ले सकते हैं तो वह बोले

610
00:42:49,440 --> 00:42:53,520
नहीं प्रपाद की वाणी हमारे लिए सबसे इंपॉर्टेंट है तो मतलब

611
00:42:53,520 --> 00:42:57,600
आचार्य के पास इतनी शक्ति होती है कि वो शास्त्र को भी बदल सकते हैं।

612
00:42:57,600 --> 00:43:01,680
प्रभुपाद की वाणी का एक बात अच्छा ये बोलते हैं शास्त्रों को भी बदल

613
00:43:01,680 --> 00:43:06,320
सकते हैं। वाह जी आचार्य में इतनी पावर होती है।

614
00:43:06,320 --> 00:43:10,320
नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं है। अच्छा एक बात और है कि जब

615
00:43:10,320 --> 00:43:14,400
जो है आप एक बात बताओ कि जब फोटो से

616
00:43:14,400 --> 00:43:18,400
दीक्षा ली जा सकती है तो फिर प्रभुपाद से ही क्यों ले भगवान श्री कृष्ण

617
00:43:18,400 --> 00:43:22,160
से क्यों ना ले ले डायरेक्ट

618
00:43:22,160 --> 00:43:26,640
फिर क्या जरूरत है सही बात है फिर क्या जरूरत है प्रपाद जी से दीक्षा लेने की

619
00:43:26,640 --> 00:43:30,800
उनसे ले ले नारद जी से ले ले व्यास जी से ले ले मधवाचार्य जी से

620
00:43:30,800 --> 00:43:35,200
डायरेक्ट ले ले एक बात और एक बार

621
00:43:35,200 --> 00:43:39,600
एक बार किसी व्यक्ति ने यह प्रश्न किया था मतलब क्योंकि

622
00:43:39,600 --> 00:43:44,080
भाव की कोई बात कॉन्टक्स्ट था भाव से हम कुछ भी कर सकते हैं आदि आदि तो

623
00:43:44,080 --> 00:43:48,080
उन्होंने यह हमारे जो ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी हैं उनसे किया था। बहुत

624
00:43:48,080 --> 00:43:52,160
अच्छा उत्तर दिया था उन्होंने। उनसे किया था कि राम बड़े हैं या

625
00:43:52,160 --> 00:43:56,160
क्या मतलब राम ही तो सबसे बड़े हैं। उनसे बड़ा क्या है? राम मंदिर के ऊपर कोई बात

626
00:43:56,160 --> 00:44:01,760
चल रही थी। तो उन्होंने एक बहुत अच्छी बात कही थी। उन्होंने कहा था राम से बड़ा है धर्मशास्त्र।

627
00:44:01,760 --> 00:44:06,480
से राम भी चलते हैं। ठीक है? और जिसका अगर धर्मशास्त्र

628
00:44:06,480 --> 00:44:10,640
के विरुद्ध अगर स्वयं ब्रह्म भी आके अगर आ जाए तो हम उनको भी नकार देंगे। जैसे गौतम

629
00:44:10,640 --> 00:44:14,640
बुद्ध भगवान तो भगवान के रूप में हम उनको अवतार मान लेते हैं

630
00:44:14,640 --> 00:44:18,720
ना। अगर वो भी वेद विरुद्ध बात कर दें तो उनका भी तिरस्कार कर दिया गया। कर दिया

631
00:44:18,720 --> 00:44:23,040
गया ना। कोई सनातन धर्म में पूजा करता है उसकी? नहीं। इसलिए राम

632
00:44:23,040 --> 00:44:27,440
से बड़ा क्या है? धर्मशास्त्र। ठीक है? जो भगवान ही है जो स्वयं साक्षात

633
00:44:27,440 --> 00:44:31,520
भगवान ही है वो धर्मशास्त्र। वेद साक्षात ब्रह्म ही भगवान ही है।

634
00:44:31,520 --> 00:44:35,600
ठीक है? कोई अंतर नहीं है उसमें। तो वो है वो अंतर है तो यह बताइए कि जब

635
00:44:35,600 --> 00:44:39,680
भगवान राम भी मर्यादा में रहकर धर्मशास्त्र के साथ कार्य

636
00:44:39,680 --> 00:44:43,760
कर करते हैं तब उनको पूजा जाता है और बुद्ध के रूप में वो आकर मान

637
00:44:43,760 --> 00:44:48,000
लीजिए धर्मशास्त्र के विरुद्ध कार्य करते हैं तो उनको नकारा जाता है तो फिर हमारे आचार्य

638
00:44:48,000 --> 00:44:52,240
तो उसके बीच में ही कहीं होंगे ना ठीक है जी जी जी तो

639
00:44:52,240 --> 00:44:55,920
ये ये है उसका तर्क

640
00:44:55,920 --> 00:44:59,920
तो वहां पे गुरु हां जी बताइए बताइए बताइए जी

641
00:44:59,920 --> 00:45:04,320
वहां पे एक गुरु का फॉल डाउन हुआ था तो वह न्यूज़ मैंने देखी थी तो मैंने

642
00:45:04,320 --> 00:45:08,560
ब्रह्मचारी को एक पूछा था कि गुरु का डाउनफॉल हुआ है तो यह कैसे चलेगा?

643
00:45:08,560 --> 00:45:12,560
तो तो मेरे को बोले थे कि देखो महादेव का भी तो डाउनफॉल हुआ था।

644
00:45:12,560 --> 00:45:16,800
वह भी तो अपने मेडिटेशन से साधना से डिस्ट्रैक्ट हुए थे।

645
00:45:16,800 --> 00:45:20,880
वो मतलब मोहिनी से भ्रमित हुए थे। तो यह तो फिर भी इंसान है। हो

646
00:45:20,880 --> 00:45:25,120
सकती है गलती। कोई बात नहीं। जाने दो वगैरह तो ये भी मेरे को एक अच्छी

647
00:45:25,120 --> 00:45:30,080
बात नहीं लगा कि मतलब इंसान का कंपैरिजन महादेव से क्यों कर रहे हैं ये लोग?

648
00:45:30,080 --> 00:45:36,080
तो तथाकथित आचार्य प्रशांत वाली गंध आ रही है मुझे। [हंसी]

649
00:45:39,200 --> 00:45:43,440
खैर अच्छा लगा आपने अपने चीजें बताई और हमें

650
00:45:43,440 --> 00:45:47,760
यह लगा था कि आप जो है इस के पक्ष से बातें रखने आ रहे हैं क्योंकि

651
00:45:47,760 --> 00:45:52,080
अभी बहुत गर्मी अभी बहुत वातावरण में गरमा गर्मी हो गई है

652
00:45:52,080 --> 00:45:56,160
एक तो इस दिल्ली का एक ब्रह्मचारी के साथ का इंटरव्यू आ गया है और

653
00:45:56,160 --> 00:46:00,160
फिर एक इस के ही एक ब्रह्मचारी के साथ की जो है वार्ता

654
00:46:00,160 --> 00:46:04,160
जो है हमने रखी है दी है

655
00:46:04,160 --> 00:46:08,240
तो थोड़े से उससे उधर से धमकियां आ रही है। है वो

656
00:46:08,240 --> 00:46:12,320
है तो हमें लगा कि शायद कोई आया

657
00:46:12,320 --> 00:46:16,320
होगा। आ रही है क्या आपको? अभी भी अभी भी आ

658
00:46:16,320 --> 00:46:21,120
रही है। मतलब आजकल में भी आई है। आजकल में भी धमकियां आ रही है।

659
00:46:21,120 --> 00:46:25,120
हां अभी आज जो है वो रामपाल की चीजों को प्रस्तुत कर रहे हैं। ये दिखा रहे हैं

660
00:46:25,120 --> 00:46:29,200
कि देखो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा है। जब वो मुकदमा अभी

661
00:46:29,200 --> 00:46:33,280
कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया है। हुआ क्या था? जो वही वो नीतू दासी ने नहीं

662
00:46:33,280 --> 00:46:37,840
हम पर छेड़खानी का आरोप लगाने की धमकी दी थी ऑन कैमरा

663
00:46:37,840 --> 00:46:42,080
तो वो वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सेफ है तो उसने पहले

664
00:46:42,080 --> 00:46:46,080
तो थाने में शिकायत की थी तो थाने में उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग देख के कह

665
00:46:46,080 --> 00:46:50,240
दिया भाई झूठा है ये उसके बाद वो फिर कोर्ट में गए उसके विरुद्ध के

666
00:46:50,240 --> 00:46:54,400
हमारी शिकायत नहीं लिख रही पुलिस तो कोर्ट ने भी मामले को जांचा तो उसने

667
00:46:54,400 --> 00:46:58,480
कोर्ट ने भी आदेश दे दिया भाई ये झूठा मामला है ना

668
00:46:58,480 --> 00:47:02,880
उसके बाद हम वो उस कोर्ट के आदेश के अगेंस्ट अब वो सेशन में गई

669
00:47:02,880 --> 00:47:06,880
है कि भैया देखो पुलिस भी हमारी नहीं सुन रही और कोर्ट भी नहीं सुन रही

670
00:47:06,880 --> 00:47:10,960
तो आप हमें दो तो सेशन ने हमको एक वो भिजवाया है कि आप इसमें

671
00:47:10,960 --> 00:47:15,280
आकर अपना पक्ष रखें अभी सुनवाई से पहले की स्थिति है।

672
00:47:15,280 --> 00:47:19,440
अगर नहीं रखेंगे तो इसको ओपन किया जाएगा केस को। है

673
00:47:19,440 --> 00:47:23,600
ना? तो अभी 7 तारीख को हमें जाकर के वहां अपनी चीजें बतानी है कि भैया ऐसे

674
00:47:23,600 --> 00:47:27,600
ऐसे एक रैकेट चल रहा है जिसका हम पर्दाफाश कर रहे हैं

675
00:47:27,600 --> 00:47:31,600
जिसके विरुद्ध हम हाई कोर्ट में लड़ रहे हैं उस रैकेट के द्वारा हम पर दबाव बनाने

676
00:47:31,600 --> 00:47:35,680
हेतु ये सब किया जा रहा है सिंपल और जो महिला हम पर आरोप लगा रही है ये देखिए ऑन

677
00:47:35,680 --> 00:47:39,680
कैमरा बोल रही है कि मैं भी उन पर झूठा छेड़खानी का केस लगा

678
00:47:39,680 --> 00:47:44,160
दूंगी तो आपने डाला वो व्यक्ति जो है

679
00:47:44,160 --> 00:47:48,320
हां ये सब चल रहा है और कल आपको बता

680
00:47:48,320 --> 00:47:52,320
दें आज एक बुद्धिज्म को मानने वाले व्यक्ति का फोन आया हमारे

681
00:47:52,320 --> 00:47:56,400
पास मुझे प्रसन्न अभी

682
00:47:56,400 --> 00:48:00,480
फोन आया क्या था उसने हमारा फॉर्म भरा था वो वाला आइडियोलॉजिकल

683
00:48:00,480 --> 00:48:04,480
डिस्कशन वाला तो हमने उसको कॉल किया था तो

684
00:48:04,480 --> 00:48:10,240
उससे बातें हुई बुद्धिज्म ऑफ हिंदूइज़्म ऑन हो गया उसमें

685
00:48:10,240 --> 00:48:14,320
व्यक्ति चला गया व्यक्ति चला गया तो हां

686
00:48:14,320 --> 00:48:18,320
कॉल पे ही मतलब जब तक ये वो अपने आप को आस्तिक कह रहा था तो बस इसी बात पे

687
00:48:18,320 --> 00:48:22,640
अटक गई भाई पहले अपनी पहचान क्लियर करो तब तो हम तुम्हें वहां

688
00:48:22,640 --> 00:48:26,960
ले। अच्छा व्यक्ति पहचान ही क्लियर नहीं करता है। अभी सुबह मैंने एक इस

689
00:48:26,960 --> 00:48:30,960
के फॉलोअर का फॉर्म भरा था तो हमने उससे संपर्क किया कि

690
00:48:30,960 --> 00:48:35,040
भाई तुमने इसमें वो नहीं लिखा है। उसने लिखा हमने जहां ये प्रश्न

691
00:48:35,040 --> 00:48:40,160
पूछा है फॉर्म में कि आप किस जो है

692
00:48:40,160 --> 00:48:44,400
विचारधारा का पक्ष प्रस्तुत करने आ रहे हैं? तो क्या कह रहा है? सनातन।

693
00:48:44,400 --> 00:48:48,560
आपके गुरु का नाम क्या है? कृष्ण भगवान। वो अपनी

694
00:48:48,560 --> 00:48:52,560
आइडेंटिटी को हां वो रिवील नहीं कर पा रहा

695
00:48:52,560 --> 00:48:56,560
है कि मैं जो है फलाने स्कॉन मंदिर से

696
00:48:56,560 --> 00:49:00,720
जुड़ा हुआ हूं इनसे मैं शिक्षा लेता हूं ये सब नहीं ऐसी बातें

697
00:49:00,720 --> 00:49:05,280
कर रहा तो हमने फोन किया कि भाई ठीक है तुम्हें भगवत गीता कहां से मिली

698
00:49:05,280 --> 00:49:09,280
कृष्ण से मैंने कहा कृष्ण भगवान ने स्वयं दी है कौन सी पब्लिकेशन की

699
00:49:09,280 --> 00:49:13,440
पढ़ रहे हो तो मैंने कहा आपको कौन से वो बोल रहा है आपको किसकी सुननी है तो

700
00:49:13,440 --> 00:49:18,010
वो वही वाली बात कर रहा है तानाशाही नहीं चलेगी किसकी के किसी की

701
00:49:18,010 --> 00:49:22,480
[हंसी]

702
00:49:22,480 --> 00:49:27,120
खैर आज एक बुद्ध बुद्ध को मानने वाले का से बात हुई

703
00:49:27,120 --> 00:49:31,600
और करीब मेरे ख्याल से 22 मिनट की बात है। उसमें आप देखिएगा कैसे अकाट्य

704
00:49:31,600 --> 00:49:35,600
सिद्धांतों से सनातन पर होने वाले प्रत्येक प्रहार

705
00:49:35,600 --> 00:49:39,840
को तोड़ा जा सकता है और समाजियों से

706
00:49:39,840 --> 00:49:44,240
इस वालों से और जितने भी स्वयं को कहते हैं कि हम हिंदुत्व

707
00:49:44,240 --> 00:49:48,240
के रक्षक है वह ध्यान दें इस ओर जब नास्तिकों से

708
00:49:48,240 --> 00:49:52,720
विधर्मियों से वो होगा ना मुकाबला

709
00:49:52,720 --> 00:49:56,960
तब यह सिद्धांत आपके काम आएंगे। तो इन सिद्धांतों को सपोर्ट

710
00:49:56,960 --> 00:50:01,440
करें विरोध ना करें इन सिद्धांतों का रक्षा करें इन सिद्धांतों

711
00:50:01,440 --> 00:50:06,400
और हम लोग उसका भी एक लाने वाले हैं। वो जो जावेद अख्तर और

712
00:50:06,400 --> 00:50:11,040
मुफ्ती के बीच में जो हुआ है ना अरे उसमें भी

713
00:50:11,040 --> 00:50:15,120
लाने वाले हैं। मैं तो कह रहा हूं कि आप क्या मैं ही चला जाता ना तो वहां मेरे पास

714
00:50:15,120 --> 00:50:19,280
बहुत मेरे पास बहुत मैसेजेस आए कि भैया इसप आप जो है डिटेल्ड

715
00:50:19,280 --> 00:50:24,080
वीडियो बनाइए। पहली बात तो यह है

716
00:50:24,080 --> 00:50:28,400
मैं एक बात बता दूं अभी के लिए एक बात बता दूं कि

717
00:50:28,400 --> 00:50:32,560
जो उसमें ईश्वर को सिद्ध किया मुफ्ती

718
00:50:32,560 --> 00:50:37,200
ने जावेद अख्तर के विरोध में है ना

719
00:50:37,200 --> 00:50:37,760
हालांकि

720
00:50:37,760 --> 00:50:41,760
वो जो चर्चा मुझे बायस्ड लग रही है बायस चर्चा है जैसे ऐसा

721
00:50:41,760 --> 00:50:46,000
लग रहा है जैसे लल्लन टॉप का उद्देश्य था इस्लाम को ग्लोरिफाई

722
00:50:46,000 --> 00:50:50,240
करने का क्यों क्योंकि एक व्यक्ति व्यक्ति

723
00:50:50,240 --> 00:50:54,720
को विषय का एक तरफ का एक पक्ष से बुलाया गया विषय का मर्मज्ञ

724
00:50:54,720 --> 00:50:58,880
जो मुफ्ती जो है वह उस पर ही काम कर रहा है उसकी अध्ययन दिन और रात

725
00:50:58,880 --> 00:51:03,200
उसका वही है मगर जावेद अख्तर नास्तिकता का

726
00:51:03,200 --> 00:51:07,360
नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है जावेद अख्तर जी मुस्लिम वो

727
00:51:07,360 --> 00:51:11,360
जो मुफ्ती आए थे वो अपने उसके इस्लाम

728
00:51:11,360 --> 00:51:15,360
के और नास्तिकों को क्या जवाब दिया जाता है इस्लाम के

729
00:51:15,360 --> 00:51:19,440
द्वारा इस बात के मर्मज्ञ हैं। उनका जीवन शैली

730
00:51:19,440 --> 00:51:24,000
वही है। जावेद अख्तर नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है। जावेद अख्तर

731
00:51:24,000 --> 00:51:28,000
गीत लिखने के मर्मज्ञ हैं। साहित्य ये

732
00:51:28,000 --> 00:51:32,240
काव्य रचनाएं करने के मर्मज्ञ हैं। अभी किसी अर्पित द्विवेदी

733
00:51:32,240 --> 00:51:37,120
जैसे को बुला लिया जाता धुआ हो जाता इनका मुफ्ती जी का।

734
00:51:37,120 --> 00:51:41,280
है ना? तो वो चर्चा बायस थी। बराबर के लोग नहीं एक तरफ मर्मज्ञ

735
00:51:41,280 --> 00:51:45,440
था अपने क्षेत्र का और दूसरी ओर वो उसका जिस क्षेत्र

736
00:51:45,440 --> 00:51:49,520
में वो मर्मज्ञ था वो क्षेत्र वहां पर उस क्षेत्र को लेकर के मुकाबला नहीं था।

737
00:51:49,520 --> 00:51:53,200
है ना? तो इसको कहते हैं कि पक्षपाती वो थी।

738
00:51:53,200 --> 00:51:57,280
मगर एक मैं मोटी मोटी बात बता दूं। अरे मैं एक

739
00:51:57,280 --> 00:52:01,360
बात कहता हूं तो सौरभ जी से बात करें क्या? आपको बुलाए क्या एक बार एक बार मुफ्ती जी के

740
00:52:01,360 --> 00:52:06,350
साथ? अरे मनुवादियों को बुला लिया तो फिर क्या बात है?

741
00:52:06,350 --> 00:52:10,800
[हंसी] हालांकि मनुवाद विरोधी चैनल है वो ललिन टॉप। क्या

742
00:52:10,800 --> 00:52:15,120
है? बोलिए बोलिए। वो मैं कह रहा था कि

743
00:52:15,120 --> 00:52:19,200
मुफ्ती जी की जो एक बात मैंने अभी तक सुनी अभी पूरा वीडियो मैंने नहीं देखा। मेरे

744
00:52:19,200 --> 00:52:23,440
पास मैसेजेस आ रहे हैं भैया इसका जो है आप वो दीजिए। तो

745
00:52:23,440 --> 00:52:27,440
उसने जो सिद्ध किया है मुफ्ती ने कि इस बात को लेकर सिद्ध

746
00:52:27,440 --> 00:52:31,440
किया है कि भाई आपको अगर जो मोरल्टी है

747
00:52:31,440 --> 00:52:35,680
वो भगवान से ही मिलती है। ईश्वर से ही मिलती है। इसलिए

748
00:52:35,680 --> 00:52:40,000
हमें आवश्यकता है ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करने की। ठीक है?

749
00:52:40,000 --> 00:52:44,080
तो इसका मतलब क्या है कि उसका कहना यह है कि

750
00:52:44,080 --> 00:52:48,080
हम अपने से मोरल होना चाहते हैं। इसलिए हम ईश्वर को ला रहे हैं।

751
00:52:48,080 --> 00:52:52,720
गलत। मोरल्टी एक बाय प्रोडक्ट है।

752
00:52:52,720 --> 00:52:56,880
मोरल्टी एक बाय प्रोडक्ट है जो ईश्वर को मानने के कारण आपको

753
00:52:56,880 --> 00:53:01,200
स्वतः प्राप्त होता है। ठीक है? मगर ईश्वर का अस्तित्व

754
00:53:01,200 --> 00:53:04,800
मोरलिटी से सिद्ध नहीं होता है।

755
00:53:04,800 --> 00:53:08,400
अब मान लो कोई व्यक्ति मोरल होना ही ना चाहे तो उसके सामने

756
00:53:08,400 --> 00:53:12,800
तुम कैसे सिद्ध करोगे ईश्वर को? बताइए। निठारी

757
00:53:12,800 --> 00:53:16,960
हत्याकांड बच्चों को खा रहे हैं मोरल्टी गई भाड़

758
00:53:16,960 --> 00:53:21,040
के चूल्हे में आदमखोर नग्नता को

759
00:53:21,040 --> 00:53:25,200
नग्नता के परिपोषक लोग इनके ये मोरल होना ही नहीं चाहते।

760
00:53:25,200 --> 00:53:29,360
उनके सामने आप कैसे ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध करोगे? वहां पे सनातन

761
00:53:29,360 --> 00:53:33,440
विधान आएगा। सनातन के विरोध में कोई भी दर्शन ऐसा है ही नहीं जो ईश्वर के अस्तित्व

762
00:53:33,440 --> 00:53:37,760
को सिद्ध कर सके। धर्म को सिद्ध कर सके। उन नियमों को

763
00:53:37,760 --> 00:53:41,920
आवश्यक सिद्ध कर सके जिन नियमों के कारण माता बहन पत्नी में अंतर

764
00:53:41,920 --> 00:53:46,320
किया जाता है। ठीक है? तो मोरलिटी

765
00:53:46,320 --> 00:53:50,480
ईश्वर के अस्तित्व को प्राप्त और उसे प्राप्त ईश्वर

766
00:53:50,480 --> 00:53:54,720
के अस्तित्व को सिद्ध और उसे प्राप्त करने के बाद

767
00:53:54,720 --> 00:53:58,720
बाय प्रोडक्ट में मिलने वाले के रूप में मोरल्टी है ना

768
00:53:58,720 --> 00:54:02,800
कि मोरल्टी से ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध होता है।

769
00:54:02,800 --> 00:54:06,960
हां ये हम कह सकते हैं कि भाई तुम अगर मान रहे हो मोरल्टी को तुम अगर माता

770
00:54:06,960 --> 00:54:10,960
और बहन और पत्नी में अंतर कर रहे हो तो इससे सिद्ध होता है कि तुम ईश्वर

771
00:54:10,960 --> 00:54:15,040
को मान रहे हो। यह सिद्ध होता है। तुम ईश्वर का विरोध नहीं

772
00:54:15,040 --> 00:54:19,280
कर रहे हो क्योंकि तुम मोरल्टी को मान रहे हो। ठीक है? मगर जीरो

773
00:54:19,280 --> 00:54:23,440
पॉइंट से जहां से वो व्यक्ति मोरल्टी को भी ना मानने वाला है।

774
00:54:23,440 --> 00:54:27,760
नहीं मान रहा माता बहनों, पत्नी अंतर क्या करूं? मैं ओशो हूं

775
00:54:27,760 --> 00:54:31,840
हां या मैं फला हूं। तो जो मोरल्टी को

776
00:54:31,840 --> 00:54:35,920
मानने को मना कर देगा वहां आपका ये दांव कैसे चलेगा? क्या? अरे

777
00:54:35,920 --> 00:54:40,000
भाई आपने कहा कि अगर हमें मोरल्टी लानी है तो

778
00:54:40,000 --> 00:54:44,080
उसके लिए आवश्यक है। तो मोरल्टी लानी क्यों है? इसका

779
00:54:44,080 --> 00:54:48,320
जवाब तो दो भैया। क्यों लानी है?

780
00:54:48,320 --> 00:54:52,480
क्यों अच्छाई और बुराई देखनी है? इसके बारे इसके बारे में अभी बताइए।

781
00:54:52,480 --> 00:54:58,320
वो वो आप अवश्य वीडियो बनाइएगा तब उसमें बताइएगा। ये पूरा का पूरा वो ज्यादा सही है।

782
00:54:58,320 --> 00:55:02,320
नहीं तो अभी ये आ जाएगा। कह रहा हूं कि अब अभी अगर बातें ये सारी बता देंगे

783
00:55:02,320 --> 00:55:06,560
ना तो यह तो इस वीडियो का हिस्सा होना चाहिए जो आप डाल ले आएंगे। [हंसी]

784
00:55:06,560 --> 00:55:10,640
हां मैं उसमें एक डिटेल वीडियो बनाऊंगा। उसने क्या-क्या बोला है।

785
00:55:10,640 --> 00:55:15,040
कहां पर जावेद अख्तर जी जो है कमजोर रहे। कहां पर मुफ्ती जी जो है कमजोर

786
00:55:15,040 --> 00:55:19,520
रहे और फिर उस पर जो है एक डिटेल वीडियो हम लोग बनाएंगे।

787
00:55:19,520 --> 00:55:23,520
और मैं तो इनके मुफ्ती से बात कर चुका हूं ना। इनके पास और कुछ

788
00:55:23,520 --> 00:55:27,840
है ही नहीं। यही है बस कि भाई अगर एक व्यक्ति

789
00:55:27,840 --> 00:55:31,920
आया था मैं बता रहा हूं मेरे सामने की बात है मैं उस समय क में था ऐसा ही एक

790
00:55:31,920 --> 00:55:35,920
सेशन चल रहा था इनका मुफ्ती लोगों का और मैं पीछे था और वो

791
00:55:35,920 --> 00:55:38,480
लोग बोले एक नास्तिक आया बोले कि क्या आप

792
00:55:38,480 --> 00:55:42,800
अपनी बहन के साथ जो है संबंध बना सकते हैं उसने बोला नास्तिक

793
00:55:42,800 --> 00:55:46,880
ने बना सकता हूं अब बताओ उसने बोल दिया बना सकता हूं खत्म

794
00:55:46,880 --> 00:55:49,680
हो गए ढेर हो गए

795
00:55:49,680 --> 00:55:53,760
वो तो जावेद अख्तर जी थे जो नहीं बोल पाए होंगे भाई नहीं नहीं

796
00:55:53,760 --> 00:55:57,840
तो जिस दिन आपको ऐसा कोई मिल जाएगा जो मोरल्टी को स्वीकार ही ना उसको जरूरत ही नहीं

797
00:55:57,840 --> 00:56:01,920
मोरल्टी की तो फिर है

798
00:56:01,920 --> 00:56:06,320
ना फिर आप उसको कैसे सिद्ध करो आप मोरल्टी को

799
00:56:06,320 --> 00:56:10,320
मोरल्टी की जो बात कह रहे हो कि यदि इंसान को मोरल बनाना

800
00:56:10,320 --> 00:56:14,320
है तो ईश्वर की हमें आवश्यकता पड़ेगी है ना मगर

801
00:56:14,320 --> 00:56:18,480
मोरल बनाना क्यों है वो आधार तो दो क्यों बनाना

802
00:56:18,480 --> 00:56:23,360
है मोरल होने के लिए इंसान ईश्वर को नहीं मानता

803
00:56:23,360 --> 00:56:27,920
ईश्वर को मानता है इसलिए मोरल होता है। इस बात को समझना होगा।

804
00:56:27,920 --> 00:56:32,080
ईश्वर को मानता है इसलिए वो मोरल है। मोरल होने के लिए ईश्वर

805
00:56:32,080 --> 00:56:36,480
को नहीं मानता है। ईश्वर को मानता है उसे प्राप्त करना इसलिए वो मोरल

806
00:56:36,480 --> 00:56:40,880
होता है। तो मोरल्टी इस ए बाय प्रोडक्ट। बाय द वे इस पर हम एक विस्तृत

807
00:56:40,880 --> 00:56:44,960
विश्लेषण करेंगे और प्रस्तुत करेंगे। तार्किक

808
00:56:44,960 --> 00:56:49,360
व्याख्या। ठीक है? चलिए समय दिया।

809
00:56:49,360 --> 00:56:53,360
विशेष गुले जी ने अपनी आपबीती सुनाई है इस और ऋत्विक के

810
00:56:53,360 --> 00:56:53,860
दोनों

811
00:56:53,680 --> 00:56:57,840
के साथ उनका कैसा एक्सपीरियंस रहा और पंडितगी फ्लोकी जी का वैसा

812
00:56:57,840 --> 00:57:02,480
ही कैमियो जो सदैव रहता था सभी ने देखा

813
00:57:02,480 --> 00:57:06,400
ठीक है

814
00:57:06,400 --> 00:57:10,480
हमारे जो ऑपरेटर महोदय है वो चाहते हैं कि यदि कोई आना

815
00:57:10,480 --> 00:57:16,480
चाहे तो आ सकता है

816
00:57:20,320 --> 00:57:24,320
दासानुदास भाई देखिए यहां आने से पहले आप यह तय कर

817
00:57:24,320 --> 00:57:30,320
ले कि दासानुदास जी जय जय जय श्री राम

818
00:57:32,000 --> 00:57:36,160
अच्छा हमारी सेटिंग ऑपरेटर महोदय अगर हमारी सेटिंग वैसी हो जाए ना जो कॉलम्स

819
00:57:36,160 --> 00:57:40,160
दिखाई देते हैं टोटे वाले और नाम भले

820
00:57:40,160 --> 00:57:45,600
ही आप हटा दे नाम की आवश्यकता नहीं है लगातार

821
00:57:45,600 --> 00:57:50,000
जी दास दास जी जय श्री राम भैया जय श्री राम भैया

822
00:57:50,000 --> 00:57:54,160
भैया मैं ये कहना चाह रहा था कि इसी प्रकार का जैसे विशेष जी ने बताया

823
00:57:54,160 --> 00:57:58,480
और निखिल भैया भी हमारे जो जुड़ते हैं हमारी कक्षाओं में तो उनके

824
00:57:58,480 --> 00:58:02,560
साथ भी कुछ इसी तरीके का वाक्या हुआ है और वो यही चाह रहे

825
00:58:02,560 --> 00:58:06,640
थे कि पांच मिनट अगर आप समय दे पाए तो क्या मैं उन्हें बुला

826
00:58:06,640 --> 00:58:11,200
सकता हूं? हां बुला लिया

827
00:58:11,200 --> 00:58:15,440
निखिल करके भी जुड़े हैं अभी अभी हां जी भैया

828
00:58:15,440 --> 00:58:20,080
मैंने उनको अभी लिंक भेजा है। ऐड टू स्टेज

829
00:58:20,080 --> 00:58:24,080
ये आ गए शतू राम जी तो अपना चेहरा नहीं दिखा रहे हैं। मुझे लगता

830
00:58:24,080 --> 00:58:29,200
है आज विरोधा जो विरोधी बातें हैं वह ना हो आज है ना

831
00:58:29,200 --> 00:58:35,120
लक्ष्य त्रिवेदी जी भी आए हैं

832
00:58:35,120 --> 00:58:39,040
मैं आ गया हूं

833
00:58:39,040 --> 00:58:43,120
हाँ जी निखिल भैया आप आ चुके है लक्ष्य भैया जी निखिल जी जय श्री राम जय

834
00:58:43,120 --> 00:58:47,280
श्री राम लक्ष्य त्रिवेदी जी सादर प्रणाम

835
00:58:47,280 --> 00:58:51,680
जय मां कामेश्वरी हर हर महादेव हर हर महादेव

836
00:58:51,680 --> 00:58:56,560
जी तार्किक और बहुत ही अत्यंत

837
00:58:56,560 --> 00:59:00,720
वेदत्व और वेद वाणी का जो प्रयोग हो रहा है इसी प्रकार होता रहे और

838
00:59:00,720 --> 00:59:04,720
समस्त जितने भी लोगों का जो है संशय इसी प्रकार

839
00:59:04,720 --> 00:59:08,720
दूर होता रहे यही भगवती से प्रार्थना है और जेष्ठ का आशीर्वाद सदैव

840
00:59:08,720 --> 00:59:11,440
मुझ पर बना रहे

841
00:59:11,440 --> 00:59:14,240
सदैव है सदैव

842
00:59:14,240 --> 00:59:18,160
जी निखिल जी बताएं

843
00:59:18,160 --> 00:59:23,520
पहले तो सीताराम शिवश भैया सीताराम

844
00:59:23,520 --> 00:59:26,400
रामानंद मध्यम अस्मदाचार्य परंतम वंदे

845
00:59:26,400 --> 00:59:31,040
गुरु परंपरा वंदे गुरु मेरा

846
00:59:31,040 --> 00:59:35,520
एक्सपीरियंस इस के साथ रहा है लगभग तीन साल का एक्सपीरियंस

847
00:59:35,520 --> 00:59:39,520
मेरे को रहा है और मेरा इस के साथ जुड़ने

848
00:59:39,520 --> 00:59:43,680
का लक्ष्य यही था कि मैं तो शुरू से हालांकि प्रमाणिक

849
00:59:43,680 --> 00:59:48,160
गुरु परंपरा रामानंद संप्रदाय से ही हूं लेकिन

850
00:59:48,160 --> 00:59:52,400
मेरा मेरा ये था कि मैं इस के अंदर जाके

851
00:59:52,400 --> 00:59:56,640
देखना चाहता था कि आखिर में क्या है? तो मैंने अभी

852
00:59:56,640 --> 01:00:00,720
से जो तीन साल पहले मैंने इस ज्वाइन किया मैं बलिया का

853
01:00:00,720 --> 01:00:04,960
रहने वाला हूं। आपसे भी बहुत प्रेम है। सभी नाम सत्रों

854
01:00:04,960 --> 01:00:09,040
में भी जुड़ते हैं। तो अभी तक ज्यादा लोगों को बताया नहीं

855
01:00:09,040 --> 01:00:13,600
है मैंने कि मैं इस में था लेकिन जैसे आयुष भैया आए तो इनको पता है।

856
01:00:13,600 --> 01:00:17,840
तो मैं जब पहली पहली बार इस

857
01:00:17,840 --> 01:00:22,000
बलिया में आया था तो उस समय का मैं बात बता रहा हूं। जब मैं

858
01:00:22,000 --> 01:00:26,000
इनके पास गया था तो पहले आप देखेंगे तो

859
01:00:26,000 --> 01:00:30,000
मैं ये बता रहा हूं कि जब एक नया आदमी जाता है

860
01:00:30,000 --> 01:00:35,120
इस में तो ये लोग उसको कैसे बरगलाते हैं। तो

861
01:00:35,120 --> 01:00:40,080
जब मैं पहली बार इस में गया तो बहुत अच्छा बात किए

862
01:00:40,080 --> 01:00:42,160
बुलाए बैठाए सब

863
01:00:42,160 --> 01:00:46,400
उसका में गए थे कहीं और गए थे नहीं बलिया

864
01:00:46,400 --> 01:00:50,480
के इस में अभी बस सेंटर है छोटा सा

865
01:00:50,480 --> 01:00:53,120
तो

866
01:00:53,120 --> 01:00:57,120
ये क्या करते हैं कि आप इनसे बस जाइए जुड़िए

867
01:00:57,120 --> 01:01:01,280
उसके बाद से क्या होगा कि आपकी इच्छा हो ना हो

868
01:01:01,280 --> 01:01:05,280
कुछ भी आपका कोई मेंटर बन जाएगा।

869
01:01:05,280 --> 01:01:09,280
कोई किसी के अंडर आप चले जाएंगे। आपकी इच्छा है नहीं है कोई बात नहीं।

870
01:01:09,280 --> 01:01:13,600
आपको कुछ दिन बाद बताने लगा मतलब कि लोग बताने

871
01:01:13,600 --> 01:01:18,080
लगेंगे कि आप इनके अंडर में है। आपको ये करना है।

872
01:01:18,080 --> 01:01:22,240
ऐसे ऐसे बताने लगेंगे। अब मेरे मेरे को ऐसे

873
01:01:22,240 --> 01:01:26,640
शुरू से शुरू में द्रोह भावना नहीं थी। मेरे को लगा था कि हां कृष्णा का प्रचार है।

874
01:01:26,640 --> 01:01:30,800
गडिया वैष्णव संप्रदाय का प्रचार है। मैं यहां पर एक बात

875
01:01:30,800 --> 01:01:34,800
कहूंगा। आप यहीं से अपनी बात कंटिन्यू करना। गौडिया वैष्णव का

876
01:01:34,800 --> 01:01:38,800
कृष्णा का प्रचार है। यहीं से ध्यान रखना कि आपको आपकी बात कहां से कंटिन्यू

877
01:01:38,800 --> 01:01:42,560
करनी है। मैं एक बात आपको बताऊं।

878
01:01:42,560 --> 01:01:47,920
हमारे कुछ सेशन कभी-कभी जेल में भी हुए हैं और

879
01:01:47,920 --> 01:01:52,080
जेल का भी एक वातावरण ऐसा ही होता है। जब कोई बंदी वहां जाता

880
01:01:52,080 --> 01:01:56,080
है ना तो वहां पर जो है नंबरदार

881
01:01:56,080 --> 01:02:00,640
होते हैं। बैरिक के राइटर होते हैं।

882
01:02:00,640 --> 01:02:04,720
नंबरदार होता है। वह जो है प्रशासन से जो है बॉन्डिंग बना

883
01:02:04,720 --> 01:02:09,040
के रखता है। जेल प्रशासन से जेलर से वहां के तंत्रियों

884
01:02:09,040 --> 01:02:13,120
से बॉन्डिंग उसकी होती है। और एक व्यवस्था बनाने के लिए

885
01:02:13,120 --> 01:02:17,680
जेल के अंदर अपराधियों में से ही जो सीनियर अपराधी हो जाते हैं

886
01:02:17,680 --> 01:02:21,920
लंबे समय के उनमें से ही चुनाव करके जो है और वहां

887
01:02:21,920 --> 01:02:25,920
के राइटर राइटर मतलब जो आया है वो एंट्री करने के

888
01:02:25,920 --> 01:02:30,000
लिए उसको कुछ क्षेत्र भेद हो सकता

889
01:02:30,000 --> 01:02:34,000
है कहीं पर तो वहां पर जेल में भी यही वातावरण होता है

890
01:02:34,000 --> 01:02:38,160
कि जैसे कोई अंदर आया उसको सेक्शनिंग कर दी गई कौन किसके में जाएगा

891
01:02:38,160 --> 01:02:42,400
उसका राइटर कौन है उसका नंबरदार कौन है है ना? तो

892
01:02:42,400 --> 01:02:46,480
आपकी इस बात से मुझे याद आया। वो उसी के अंडर में रहता है। उसकी जानकारी उसी से

893
01:02:46,480 --> 01:02:51,280
मांगी जाती है जिसके जिसके उसमें उसे भर्ती किया गया है। हां

894
01:02:51,280 --> 01:02:55,920
ऐसा ही है ना कुछ? जी जी सेम। तो

895
01:02:55,920 --> 01:02:57,840
मैं वहीं से

896
01:02:57,840 --> 01:03:02,000
कंटिन्यू करता हूं कि मेरे को लगा था कि कृष्णा का प्रचार है। गौडिया वैष्णव

897
01:03:02,000 --> 01:03:06,640
संप्रदाय का प्रचार है। कुछ समय बाद जब मैं अंदर

898
01:03:06,640 --> 01:03:10,720
प्रवेश किया। जब मेरे को ये लोग अपने शासन में लिए

899
01:03:10,720 --> 01:03:15,920
तो शासन में लेते ही अब ये क्या हुआ कि

900
01:03:15,920 --> 01:03:20,000
मेरी विचारधाराएं शुरू से क्योंकि प्रमाणिक गुरु शिष्य परंपरा रामानंद संप्रदाय

901
01:03:20,000 --> 01:03:24,080
से होने के कारण मेरे को शिव जी में भी परमात्मा बुद्धि थी परब्रह्म बुद्धि

902
01:03:24,080 --> 01:03:28,160
थी। तो वहां पे जब ये कहना शुरू किया इन्होंने कि

903
01:03:28,160 --> 01:03:32,160
कृष्ण तो मतलब कि शिव तो दास है ये है वो। मतलब कि

904
01:03:32,160 --> 01:03:36,240
ऐसी बहुत सारी बातें तब मेरे को पूरा एकदम समझ में आ गया था कि

905
01:03:36,240 --> 01:03:40,400
कुछ गड़बड़ है लेकिन मेरे को वो आधार नहीं मिल रहा था।

906
01:03:40,400 --> 01:03:44,400
मेरे को वो आधार नहीं मिला था कि जिस आधार पर मैं इनसे प्रश्न करूं। तो उसके बाद

907
01:03:44,400 --> 01:03:48,640
से ईश्वर की कृपा से पूरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य महाभाग

908
01:03:48,640 --> 01:03:53,280
की कृपा से आपका सानिध्य प्राप्त हुआ। आपको देखना

909
01:03:53,280 --> 01:03:57,280
जानना शुरू किया। उसके बाद से जो आधार था जो खोया हुआ आधार

910
01:03:57,280 --> 01:04:01,440
था वो मिल गया कि हां। तो यहां पर क्या हुआ कि धीरेधी मैंने

911
01:04:01,440 --> 01:04:05,680
क्या किया कि प्रश्न पूछना शुरू किया तो मैं

912
01:04:05,680 --> 01:04:10,000
प्रश्न पूछता था ये लोग नकार देते थे तो अब पूर्ण

913
01:04:10,000 --> 01:04:12,880
द्रोह जब मैं पूर्ण जो प्रतिकार मेरा था वो

914
01:04:12,880 --> 01:04:16,960
वृंदावन से शुरू हुआ इनका एक यूथ कैंप

915
01:04:16,960 --> 01:04:21,200
गया वृंदावन जिसमें मैं भी था मैं भी गया

916
01:04:21,200 --> 01:04:25,360
वहां पर प्रेमानंद महाराज जी वो तो पूरे

917
01:04:25,360 --> 01:04:29,440
अभी तो विश्व भर में उनकी उनकी ख्याति है हमारी भी बहुत

918
01:04:29,440 --> 01:04:34,320
इच्छा थी कि हम प्रेमानंद महाराज जी से मिले। हम उनके दर्शन करें।

919
01:04:34,320 --> 01:04:38,720
हमने कहा भी कि हम आए हैं तो प्रेमानंद महाराज जी के

920
01:04:38,720 --> 01:04:42,720
प्रेमानंद महाराज जी का दर्शन करने जाएंगे। तो जिनके अंडर में वो लोग

921
01:04:42,720 --> 01:04:46,880
हमको बताते थे। उन्होंने पहले मना किया कि नहीं

922
01:04:46,880 --> 01:04:51,040
आप ये कारण है। सुबह-सुबह ठंडी लग जाएगी। तुम्हारे मम्मी पापा

923
01:04:51,040 --> 01:04:55,120
मतलब कि ये सब कारण बताया उन्होंने। मैंने कहा कि ठीक है मैं अपना

924
01:04:55,120 --> 01:05:00,160
पूरा व्यवस्था लेकर जाऊंगा कि मेरे को कुछ ना हो। मैं सेफली जाऊं आऊं।

925
01:05:00,160 --> 01:05:04,560
बाद में वो एक कमरे में मेरे को ले गए और उन्होंने बैठाया

926
01:05:04,560 --> 01:05:08,800
कमरा लॉक किया। उसके बाद मेरे को समझाना शुरू किए कि मैंने उनकी कई सारी

927
01:05:08,800 --> 01:05:13,120
वीडियोस देखी हैं। वो मायावाद की फिलॉसफी पर बोलते

928
01:05:13,120 --> 01:05:17,200
हैं। वो दूसरे संप्रदाय के हैं। ये वो ऐसे

929
01:05:17,200 --> 01:05:21,200
मेरे को करके समझाना शुरू किया उन्होंने। अब यहां तक भी

930
01:05:21,200 --> 01:05:25,360
मैं नहीं रुका। मैं क्या किया कि सुबह जब सब सो रहे

931
01:05:25,360 --> 01:05:28,000
थे तो मैं 1:00 बजे एक

932
01:05:28,000 --> 01:05:32,160
बजे रात को मैं निकल गया। महाराज जी 2 बजे वहां से पास होते हैं इस

933
01:05:32,160 --> 01:05:36,320
टेंपल के चौराहे से तो मैं वहां पर गया। उसके आने

934
01:05:36,320 --> 01:05:40,400
के बाद अब पूरा मतलब कि जितने लोग गए

935
01:05:40,400 --> 01:05:44,400
थे इस के जो जुड़े हुए थे सबके नेत्रों

936
01:05:44,400 --> 01:05:48,480
में मतलब कि एक तरह की कहा ज्वाला एकदम ज्वाला

937
01:05:48,480 --> 01:05:52,560
दिख रही थी जैसे वो लोग भस्म ही कर देंगे आज मेरे को तो उसके बाद से

938
01:05:52,560 --> 01:05:56,560
वो बात खत्म हुआ तब तक क्या हुआ कि संध्या में इस

939
01:05:56,560 --> 01:06:00,560
टेंपल है वृंदावन में वहां संध्या आरती के बाद

940
01:06:00,560 --> 01:06:04,720
मैं जब बाहर निकला रोड पे तो जब हम प्रेम

941
01:06:04,720 --> 01:06:09,200
मंदिर के साइड जाते हैं तो वहां पे कुछ बुक डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे थे।

942
01:06:09,200 --> 01:06:13,280
बुक डिस्ट्रीब्यूशन नहीं मतलब कि बुक बेच रहे थे। तो वहां पे जो प्रेम मंदिर

943
01:06:13,280 --> 01:06:17,280
के जिस संप्रदाय से हैं वो लोग

944
01:06:17,280 --> 01:06:21,680
बुक बेच रहे थे। तो मैंने उनसे बुक खरीद ली।

945
01:06:21,680 --> 01:06:25,760
उसके बाद से मैं वो बुक मेरे मैं जानता था कि ये अगर बुक मैं इनको दिखाऊंगा तो ये

946
01:06:25,760 --> 01:06:30,160
लोग कुछ करेंगे। कुछ बोलेंगे। मैंने वो बुक छुपा के रखी थी।

947
01:06:30,160 --> 01:06:34,480
मैं लेकिन तभी भी किसी के माध्यम से इनको पता चल गया कि मैंने बुक ली।

948
01:06:34,480 --> 01:06:38,480
उसके बाद से मेरे को इतना मतलब कि उस उस समय

949
01:06:38,480 --> 01:06:42,640
कहा जाए मैं अपने घर परिवार से दूर था। मेरे माता पिता ने भरोसा

950
01:06:42,640 --> 01:06:43,140
करके मेरे

951
01:06:43,120 --> 01:06:47,120
को भेजा था कि अच्छे लोग हैं। मैंने भी विश्वास दिलाया था कि हां

952
01:06:47,120 --> 01:06:51,120
इस कौन के लोग लेकिन उस समय जो व्यवहार और जो टॉर्चर मैंने वृंदावन

953
01:06:51,120 --> 01:06:55,200
धाम में सहा है। अभी तक मतलब कि मैं बुला नहीं सकता हूं। और उस समय

954
01:06:55,200 --> 01:06:59,360
भी मेरी बुद्धि यही थी कि नहीं प्रभु जी हैं अच्छे हैं। उन्होंने

955
01:06:59,360 --> 01:07:04,320
क्या किया कि बुक लिया मेरे से बुक लेने के बाद से यमुना जी में

956
01:07:04,320 --> 01:07:06,480
सीता

957
01:07:06,480 --> 01:07:10,560
इस हद तक अब वहां इस वहां से आने के बाद

958
01:07:10,560 --> 01:07:14,720
अब मेरा प्रति एक तरीके से बल का प्रयोग किया गया

959
01:07:14,720 --> 01:07:18,800
आपके साथ बहु ये तो है

960
01:07:18,800 --> 01:07:23,200
छल से आपकी बुक ले ली और आपकी बिना इच्छा के उसको विसर्जन

961
01:07:23,200 --> 01:07:27,600
कर दिया उसका मैं बता रहा हूं आपको

962
01:07:27,600 --> 01:07:31,600
ये बुक ये बुक लेने के कारण ये प्रेमानंद महाराज

963
01:07:31,600 --> 01:07:35,600
जी से भेंट करने की इच्छा के कारण उस

964
01:07:35,600 --> 01:07:40,000
मतलब कि इस बलिया के जो यूथ कैंप के प्रेसिडेंट है

965
01:07:40,000 --> 01:07:44,080
इस बलिया के जो सोल्ड प्रेसिडेंट है क्योंकि अभी

966
01:07:44,080 --> 01:07:48,080
उन युवक हैं समझ रहे उनको उस लेवल

967
01:07:48,080 --> 01:07:52,160
का ज्ञान नहीं है लेकिन वो क्या है कि क्षत्रिय कुल से हैं कर्मणा मान

968
01:07:52,160 --> 01:07:56,160
के और कर्मकांड में भी उतर गए हैं। तो मैं

969
01:07:56,160 --> 01:07:59,200
बताऊं आपको तो

970
01:07:59,200 --> 01:08:03,280
इस ख्नस के कारण कि मैंने ये कहा मैंने ये कहा एक बार क्या

971
01:08:03,280 --> 01:08:07,440
हुआ कि ये गौशाला में थे। इस की गौशाला वृंदावन इस की गौशाला

972
01:08:07,440 --> 01:08:11,440
में थे। मैं क्या किया कि मैंने सुबह से खाना नहीं खाया था। गौशाला का

973
01:08:11,440 --> 01:08:15,440
खाना मेरे को उतना भाता नहीं था क्योंकि वहां अभी वही अभी वही टाइम चल

974
01:08:15,440 --> 01:08:19,520
रहा था वो जब आप जो है उनसे प्रेमानंद जी के दर्शन किए

975
01:08:19,520 --> 01:08:23,520
और आपने एक बुक ले ली प्रेम मंदिर वही टाइम चल रहा है। हां उससे

976
01:08:23,520 --> 01:08:27,520
एक दिन पहले ही मैंने पूछा था तो ऐसे गौशाला जो

977
01:08:27,520 --> 01:08:31,680
था तो गौशाला का खाना मेरे को अच्छा नहीं लगा था तो मैं कहा मैं जो मेरे

978
01:08:31,680 --> 01:08:36,080
थे मेंटर थे उनसे मैंने कहा कि मैं बाहर जाके खाऊंगा

979
01:08:36,080 --> 01:08:40,240
और खा के आ जाऊंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा उन्होंने कहा कि ठीक है जाओ जल्दी

980
01:08:40,240 --> 01:08:44,320
आ जाना लेकिन मैं जब गया खा के आने लगा तो

981
01:08:44,320 --> 01:08:48,480
तब तक मेरे को देर हो गई सब मेरे को खोजने लगे तो मैं इस मंदिर

982
01:08:48,480 --> 01:08:52,640
के सामने ही थे इस मंदिर के जस्ट पीछे वो लोग थे

983
01:08:52,640 --> 01:08:56,640
अब मेरे से पूछते पूछते अब मैं बता रहा हूं अपनी एग्जैक्ट लोकेशन कि

984
01:08:56,640 --> 01:09:00,720
आखिर में मैं हूं कहां लेकिन वो जो इस बलिया

985
01:09:00,720 --> 01:09:04,800
के वो हैं प्रेसिडेंट है उन उनको मेरे प्रति इतना

986
01:09:04,800 --> 01:09:09,120
क्रोध था कि जब मैं इस उन लोगों से मिला तो

987
01:09:09,120 --> 01:09:13,120
मिलने के बाद बातबात में ही उन्होंने मेरे पे

988
01:09:13,120 --> 01:09:14,400
बीट बैग से प्रहार

989
01:09:14,400 --> 01:09:18,880
किया पूरा इधर ये सिर देख रहे हैं आप इधर साइड इतना तेज

990
01:09:18,880 --> 01:09:23,120
माला लकड़ी की होती है और उनकी बड़ी-बड़ी बड़ी बीट्स वाली माला

991
01:09:23,120 --> 01:09:27,680
थी। इतना तेज ऐसे घुमा के इधर पूरा

992
01:09:27,680 --> 01:09:31,840
अब वहां पे एक तरीके से अकेला पाकर वहां पर

993
01:09:31,840 --> 01:09:36,480
और आपके साथ इस तरीके से दुर्व्यवहार हो रहा है। मारपीट हो रही है।

994
01:09:36,480 --> 01:09:40,480
अगर अगर आप उनको स्वतंत्रता प्रदान कर दें कि प्रभु जी

995
01:09:40,480 --> 01:09:44,560
आज से मैं आपके अंडर में हूं। हालांकि आप इस अगर ज्यादा दिन

996
01:09:44,560 --> 01:09:48,560
तक जाने लगेंगे तो किसी ना किसी अंडर आपकी इच्छा हो ना हो आपको अंडर

997
01:09:48,560 --> 01:09:52,560
में रख लिया जाएगा। लेकिन अगर आप इच्छा प्रकट कर दे कि नहीं

998
01:09:52,560 --> 01:09:56,720
मैं आपके अंडर में हूं और आप 10 लोगों से वहां पर बता दे कि मैं उनके अंडर में हूं

999
01:09:56,720 --> 01:10:01,840
तो आपको पूर्ण शासन में लेने का प्रयास करते हैं। और वहां पे देखिए

1000
01:10:01,840 --> 01:10:05,920
जब आप उनके शासन को स्वीकार नहीं किया तो मारपीट होने लगी। आपकी इच्छा के

1001
01:10:05,920 --> 01:10:09,920
विरुद्ध आपकी वो सामग्री को प्रभावित कर दिया और जो है आपके

1002
01:10:09,920 --> 01:10:14,080
ऊपर वार कर रहे हैं। मार भी रहे हैं। और भी कोई दुर्व्यवहार आपको

1003
01:10:14,080 --> 01:10:18,080
देखने को मिला इस बीच। अरे इस वृंदावन में

1004
01:10:18,080 --> 01:10:22,960
तो बहुत ज्यादा हुआ है। तो उसके बाद थोड़ा सा बताएं।

1005
01:10:22,960 --> 01:10:27,040
उस उसके बाद से क्या हुआ कि हम मैं जब जाता हूं

1006
01:10:27,040 --> 01:10:29,440
बाहर तो मैं अच्छा यहां तक आपने

1007
01:10:29,440 --> 01:10:34,800
हमारा कोई वीडियो देख लिया था कि नहीं देखा था अभी तक? रिस्पांसिबल

1008
01:10:34,800 --> 01:10:38,800
अभी मैं आपका देखना शुरू किया था मैंने। देखना

1009
01:10:38,800 --> 01:10:42,960
शुरू किया नया नया। तो यहां पर क्या हुआ था कि

1010
01:10:42,960 --> 01:10:46,960
मैं जब कहीं बाहर जाता हूं तो मेरे पास मेरे साथ तीन विग्रह जो

1011
01:10:46,960 --> 01:10:51,040
है मेरे सेवित विग्रह है वो मेरे साथ मैं हमेशा जाता हूं तो

1012
01:10:51,040 --> 01:10:55,040
ले जाता हूं तो उसमें एक लड्डू गोपाल जी का है और एक मां भगवती

1013
01:10:55,040 --> 01:10:59,200
का विग्रह है और एक देखेंगे तो श्री रामचंद्र जी सीता मैया

1014
01:10:59,200 --> 01:11:03,200
और हनुमान जी ऐसे राम दरबार है तो मैंने क्या किया था

1015
01:11:03,200 --> 01:11:07,520
कि जिस रूम में हम थे वहां पे मैंने वो विग्रह

1016
01:11:07,520 --> 01:11:11,600
बहुत अच्छे से संभाल के सजू की एकदम सेवा अपनी लगा के रखी थी। मैं

1017
01:11:11,600 --> 01:11:15,840
सुबह शाम सेवा करता था। अब क्या हुआ कि जब लास्ट दिन निकलने

1018
01:11:15,840 --> 01:11:19,920
का समय हुआ इस से मतलब कि वृंदावन से अब निकल

1019
01:11:19,920 --> 01:11:24,000
जाने वाला समय हुआ तो मैं क्या किया था कि एक लड़के चला गया था। वो

1020
01:11:24,000 --> 01:11:28,160
भी हमारे साथ ही आए थे वृंदावन यूथ कैंप इसमें तो

1021
01:11:28,160 --> 01:11:32,160
मैं उनके साथ चला गया था श्री बांके बिहारी जी के दर्शन करने। अब

1022
01:11:32,160 --> 01:11:36,320
वहां पर क्या हुआ कि रूम खाली करने को उन्होंने कह दिया। तो इन्होंने

1023
01:11:36,320 --> 01:11:40,880
क्या किया मेरे विग्रहों के साथ कि भागवत विग्रह है

1024
01:11:40,880 --> 01:11:44,480
पूरा मतलब कि आ सहित उनको जिस

1025
01:11:44,480 --> 01:11:48,480
कपड़े पर मैंने बिछा के रखा था उसको ऐसे की गठरी बांधी

1026
01:11:48,480 --> 01:11:52,480
मैं कह रहा हूं कि प्रभु जी मैं आ रहा हूं आप समझिए वो मेरे

1027
01:11:52,480 --> 01:11:56,560
सेवित विग्रह मैं आ रहा हूं। उन्होंने क्रोध के कारण क्या किया

1028
01:11:56,560 --> 01:12:00,560
कि मेरी ऐसे गठरी बांधी चारों ओर से और ऐसे

1029
01:12:00,560 --> 01:12:04,880
ही पटक दिया मेरे बैग में और सारा बैग बाहर

1030
01:12:04,880 --> 01:12:08,880
यह मतलब कि और आक्रोश किसका है कि भगवती के

1031
01:12:08,880 --> 01:12:13,200
विग्रह है देखिए आप आक्रोश किसका

1032
01:12:13,200 --> 01:12:17,280
है कि भगवती के विग्रह है कोई मान

1033
01:12:17,280 --> 01:12:21,840
मर्यादा नहीं ऐसा किया था क्या नाम था उसका

1034
01:12:21,840 --> 01:12:26,080
नाम मैं सार्वजनिक नहीं कर सकता क्योंकि अभी मैं स्टूडेंट हूं

1035
01:12:26,080 --> 01:12:30,320
तो यहां पे हमारे बलिया के

1036
01:12:30,320 --> 01:12:34,400
ना बलिया स्पॉन सेंटर के तो मैं जैसे जैसे

1037
01:12:34,400 --> 01:12:39,680
अभी स्टूडेंट हूं तो यहां पे जो मेरे स्कूल से भी उनका कनेक्शन

1038
01:12:39,680 --> 01:12:43,760
तो अभी मैं स्कूल स्कूल की भी घटना एक बताऊंगा अभी क्या हुआ था स्कूल

1039
01:12:43,760 --> 01:12:47,840
में मेरे साथ क्योंकि अब तो अब तो हालांकि भय खत्म हो

1040
01:12:47,840 --> 01:12:52,000
गया है भगवत गीता गुरुदेव महाराज ने

1041
01:12:52,000 --> 01:12:56,240
और आपकी कृपा से अब भय खत्म हो गया है क्योंकि पहले

1042
01:12:56,240 --> 01:12:59,680
भय था कि आपके चैनल पर मैं दो तीन बार आया

1043
01:12:59,680 --> 01:13:03,680
हूं लेकिन भय था बताने में क्यों भय था कि अरे फोन

1044
01:13:03,680 --> 01:13:07,920
आएगा उसके बाद इधर ले जाएंगे उधर ले जाएंगे लेकिन जब शास्त्र और गुरुदेव

1045
01:13:07,920 --> 01:13:12,240
महाराज की कृपा है तो भय खत्म हो गया इन दोनों की कृपा से भय खत्म हो गया

1046
01:13:12,240 --> 01:13:16,560
तो अब यहां तो ये हुआ ही उसके

1047
01:13:16,560 --> 01:13:20,560
बाद से क्या हुआ कि कुछ समय कुछ समय

1048
01:13:20,560 --> 01:13:24,560
के बाद अब जब हम लोग वृंदावन से वापस आ गए तब

1049
01:13:24,560 --> 01:13:28,720
मैंने प्रतिकार करना शुरू किया कि आखिर में ऐसा क्यों

1050
01:13:28,720 --> 01:13:33,920
हो रहा है उसके बाद से क्या हुआ एक बार कि जगन्नाथ

1051
01:13:33,920 --> 01:13:38,560
रथ यात्रा का उत्सव था। तो यह जो बलिया

1052
01:13:38,560 --> 01:13:42,720
के जो यूथ के प्रेसिडेंट है अभी तो हालांकि उनकी उम्र 20 साल

1053
01:13:42,720 --> 01:13:47,840
भी नहीं 20 साल की ही होगी मेरे हिसाब से। तो

1054
01:13:47,840 --> 01:13:52,160
वो क्या कर रहे हैं कि वो कुल से क्षत्रिय हैं।

1055
01:13:52,160 --> 01:13:56,240
लेकिन उनको कर्मकांड का कुछ ज्ञान नहीं है। मैं एक तरह

1056
01:13:56,240 --> 01:14:00,640
से कहा जाए वो देख देख के सीखते हैं। संस्कृत

1057
01:14:00,640 --> 01:14:04,720
वो एक बार उन्होंने हम लोगों से कहा था। हम सभी यूथ बैठे हुए

1058
01:14:04,720 --> 01:14:09,200
थे। बैठ के बात कर रहे थे। तो उन्होंने कहा था कि

1059
01:14:09,200 --> 01:14:13,200
मतलब कि एक इंग्लिश में कहा था उन्होंने कि हिंदी इस चीफ लैंग्वेज।

1060
01:14:13,200 --> 01:14:14,960
मतलब कि हिंदी निचले

1061
01:14:14,960 --> 01:14:19,200
स्तर की है। ऐसे उन्होंने कहा था। और

1062
01:14:19,200 --> 01:14:23,520
अंग्रेजी जो है जिस माध्यम से वो पढ़े हैं उसको उन्होंने

1063
01:14:23,520 --> 01:14:27,520
उच्च बताया था। मैंने कहा कि अरे व्याकरण आदि

1064
01:14:27,520 --> 01:14:31,600
तो हिंदी में ही है। संस्कृत में ही है तो आप ऐसे क्यों कह रहे

1065
01:14:31,600 --> 01:14:35,680
हैं? तो उन्होंने कहा था कि नहीं नहीं देखो प्रभुपाद की बुक्स देखो।

1066
01:14:35,680 --> 01:14:39,840
सबसे ज्यादा बुक्स इंग्लिश में है। मैं कहा कि चल ठीक है। उसके बाद

1067
01:14:39,840 --> 01:14:43,840
से जब मैंने उनका मंत्र सुना, स्वस्ति वाचन आदि सुना तो मैं शुरू से मेरा था

1068
01:14:43,840 --> 01:14:48,080
कि मैं शुरू से बहुत ज्ञानी जो ब्राह्मण है, कर्मकांडी ब्राह्मण

1069
01:14:48,080 --> 01:14:52,400
है उनका मैंने संग बहुत ज्यादा किया है। तो उनका

1070
01:14:52,400 --> 01:14:56,560
संघ का प्रभाव यह है कि मेरे को स्वस्तिवाचन और ये जो इसकी

1071
01:14:56,560 --> 01:15:00,640
शैली है, ये सब मेरे को पता है। कि कैसे स्वस्तिवाचन होता है,

1072
01:15:00,640 --> 01:15:04,720
क्या होता है। मैंने जब उनका सुना, स्वस्तिवाचन सुना।

1073
01:15:04,720 --> 01:15:08,720
बाकी सब पूर्ण अशुद्ध आपको मैं आपको

1074
01:15:08,720 --> 01:15:12,720
मैं बताऊं स्वस्तिवाचन स्वस्तिवाचन उनको करने नहीं आता है।

1075
01:15:12,720 --> 01:15:16,800
हिंदी उनको पढ़ने नहीं आता है। जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने

1076
01:15:16,800 --> 01:15:20,800
नहीं आता है। आप गौर करिए जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने नहीं आता है वो बैठ

1077
01:15:20,800 --> 01:15:24,960
के लोगों को पढ़ा रहा है। अब यहां पे एक और बात

1078
01:15:24,960 --> 01:15:29,040
आती है कि इस में जो प्रसाद बनता है।

1079
01:15:29,040 --> 01:15:30,080
तो इस का जो

1080
01:15:30,080 --> 01:15:34,240
प्रसाद है उसमें चाउमीन मंचूरियन बना देंगे यह बना

1081
01:15:34,240 --> 01:15:38,240
देंगे। मैंने कहा कि ठीक है आप सात्विक तरीके से बना रहे प्रभु लगा रहे

1082
01:15:38,240 --> 01:15:42,400
हैं। ठीक है लेकिन मैंने एक बात उनसे पूछी थी कि आप ये जो

1083
01:15:42,400 --> 01:15:46,480
यूथ है इन सबको आप प्रेरणा दे रहे हैं कि

1084
01:15:46,480 --> 01:15:50,560
तुम लोगों को आगे चलके ब्रह्मचारी बनना है। यह

1085
01:15:50,560 --> 01:15:54,560
जो तेल मसाला इतना हार्ड ये लोग खाएंगे ये जो शरीर

1086
01:15:54,560 --> 01:15:59,120
में गर्मी जाएगी इससे ब्रह्मचर्य कितने दिन तक टिकेगा? क्योंकि

1087
01:15:59,120 --> 01:16:03,440
वृंदावन वाले महाराज जी को अगर आप सुनेंगे तो जो

1088
01:16:03,440 --> 01:16:07,440
ब्रह्मचर्य का पालन लड़का कर रहा है उसके लिए बहुत इंपॉर्टेंट

1089
01:16:07,440 --> 01:16:11,520
है कि ये जो तेल मसाला आदि है इन सब का त्याग हो। अभी मैं

1090
01:16:11,520 --> 01:16:16,160
हालांकि मैं इसी का प्रचार करता हूं हमेशा कोई भी मिलता है नवयुवा

1091
01:16:16,160 --> 01:16:20,160
तो मैं उससे यही कहता हूं कि प्रथम तुम ये करो अपने भक्ति में

1092
01:16:20,160 --> 01:16:24,480
आगे बढ़ने के लिए कि तुम ब्रह्मचर्य का पालन करना शुरू करो। क्योंकि ब्रह्मचर्य

1093
01:16:24,480 --> 01:16:28,560
अमोग अस्त्र है तो मैंने उनसे पूछा तो

1094
01:16:28,560 --> 01:16:32,560
मैं एक बात कहना चाहूंगा मैं एक बात कहना चाहूंगा आज हमारे कुछ लोग जुड़

1095
01:16:32,560 --> 01:16:36,720
रहे हैं तो मैं ये कहूंगा कि भाई हमारे अब

1096
01:16:36,720 --> 01:16:40,960
लाइव सेशंस बहुत सारे आपको मिलने वाले हैं लगातार तो आप लोग अगले

1097
01:16:40,960 --> 01:16:45,040
सेशंस में आए क्योंकि अभी ऑलरेडी हमारे डेढ़ घंटे हो चुके हैं

1098
01:16:45,040 --> 01:16:45,540
बहुत

1099
01:16:45,360 --> 01:16:49,760
ज्यादा अब इनको सुनने के बाद हम लोग इसको जो है आज के सेशन को बंद करेंगे

1100
01:16:49,760 --> 01:16:54,320
तो इसलिए जो अब नए लोग और ना जुड़े और अभी जो है लाइव सेशन श्रंखला

1101
01:16:54,320 --> 01:16:58,400
दोबारा से मतलब काफी सारे आपको लाइव सेशन खुलेंगे तो थोड़ा सा अपडेटेड

1102
01:16:58,400 --> 01:17:02,720
रहे चैनल को लेकर के और उसमें अपनी बात को रखें अगली बार जी

1103
01:17:02,720 --> 01:17:06,880
बताएं तो जब मैंने जब मैंने ये विषय

1104
01:17:06,880 --> 01:17:11,200
उनको पूछा कि इतना तेल मसाला आदि खा के ब्रह्मचर्य

1105
01:17:11,200 --> 01:17:15,520
कैसे कोई व्यक्ति रह सकता है तो उनका जवाब आप सुन के हंस

1106
01:17:15,520 --> 01:17:20,080
देंगे। उन्होंने कहा कि कठोरता से ब्रह्मचर्य का पालन मायावादी

1107
01:17:20,080 --> 01:17:24,080
करते हैं। [हंसी] हम ब्रह्मचर्य का पालन

1108
01:17:24,080 --> 01:17:28,160
करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मतलब कठोरता से धर्म का पालन हम करते

1109
01:17:28,160 --> 01:17:32,160
हैं। शंकराचार्य के [हंसी] मैं यही आपको बताना

1110
01:17:32,160 --> 01:17:36,450
चाह रहा था। मैं आपको यही बताना चाह रहा था कि आप सुन के हंस देंगे इस बात को।

1111
01:17:36,450 --> 01:17:39,440
[हंसी]

1112
01:17:39,440 --> 01:17:43,520
कठोरता से। अच्छा एक बात यह आती है जब व्यक्ति शास्त्र

1113
01:17:43,520 --> 01:17:47,680
से बाहर जाता है ना तो उसमें वो फस जाता है। किस पॉइंट

1114
01:17:47,680 --> 01:17:52,480
के बाद आप कठोरता मान रहे हो? वो पॉइंट क्या है?

1115
01:17:52,480 --> 01:17:56,480
चलो मान लिया कि कठोरता से नहीं करना है हमें तो वो पॉइंट कहां से

1116
01:17:56,480 --> 01:18:00,880
निर्धारित हो रहा है। वहां मानना पड़ेगा हमारे मनमुखी पॉइंट है।

1117
01:18:00,880 --> 01:18:04,880
है ना? उनका उनका पॉइंट ये रहता है

1118
01:18:04,880 --> 01:18:09,120
कि मान जो सब बना रहे हैं तेल

1119
01:18:09,120 --> 01:18:13,440
मसाला बाकी सब जितना सब बना रहे हैं वो आप खाना छोड़ दिए

1120
01:18:13,440 --> 01:18:17,520
शुद्ध सात्विक भोजन कर रहे हैं जो आपके ब्रह्मचर्य की वृद्धि करने वाला है

1121
01:18:17,520 --> 01:18:21,600
तब आपको वो लोग मायावादी सिद्ध कर देंगे कि देखो ये कठोरता से पालन कर रहा

1122
01:18:21,600 --> 01:18:26,800
है अपना ब्रह्मचर्य बचा रहा है तो ये मायावादी है अब

1123
01:18:26,800 --> 01:18:31,760
आप खाते रहेंगे उनके साथ रहेंगे तो ठीक

1124
01:18:31,760 --> 01:18:36,560
ऐसा भैया [हंसी] मेरे साथ भी हो चुका है। पिज़्ज़ा प्रसाद, मैक्रोनी प्रसाद।

1125
01:18:36,560 --> 01:18:39,280
अच्छा

1126
01:18:39,280 --> 01:18:43,440
बोल गए। [हंसी] मैं अपनी स्कूल मैं अपने स्कूल वाली

1127
01:18:43,440 --> 01:18:47,440
घटना शेयर कर दूं। तो स्कूल में क्या हुआ था कि

1128
01:18:47,440 --> 01:18:51,440
यही सब जो तर्क वितर्क मेरा होना शुरू हुआ। एक

1129
01:18:51,440 --> 01:18:55,760
बार इनकी क्लास चल रही थी तो मैंने प्रश्न किया

1130
01:18:55,760 --> 01:19:00,000
कि प्रभु जी देवी भागवत में तो लिखा है कि भगवती

1131
01:19:00,000 --> 01:19:04,080
ही कृष्ण बनती है तो इन्होंने कहा कि

1132
01:19:04,080 --> 01:19:08,160
अरे वो तामसिक ग्रंथ है तो मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये

1133
01:19:08,160 --> 01:19:12,560
तामसिक ग्रंथ है तो इसका अर्थ है कि इसमें झूठ लिखा है

1134
01:19:12,560 --> 01:19:17,600
मैंने डायरेक्ट क्वेश्चन किया कि इसमें झूठ लिखा है तो उन्होंने कहा कि नहीं

1135
01:19:17,600 --> 01:19:21,760
झूठ ये वाला पॉइंट हमने किया था अपने हरियर भेद वाले में

1136
01:19:21,760 --> 01:19:26,480
आप ही का पॉइंट है ये आप कॉपी पे तो

1137
01:19:26,480 --> 01:19:30,560
मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये झूठ लिखा है मतलब कि

1138
01:19:30,560 --> 01:19:34,560
मैंने ये बोला कि प्रभु जी क्या ये झूठ लिखा है तो

1139
01:19:34,560 --> 01:19:38,640
कह नहीं ये झूठ नहीं लिखा है ये तामसिक ग्रंथ है मैंने कहा कि प्रभु

1140
01:19:38,640 --> 01:19:42,800
जी तामसिक ग्रंथ का मतलब क्या है तो कह रहे कि जो जिस वर्ग

1141
01:19:42,800 --> 01:19:46,800
के लोग इसको पढ़ेंगे उनको अपलिफ्ट करने के लिए है तो मैंने कहा

1142
01:19:46,800 --> 01:19:51,120
तब प्रभु जी उतने अश में तो झूठ हुआ ना मैंने

1143
01:19:51,120 --> 01:19:55,200
डायरेक्ट किया कि अगर तामसिक लोगों के लिए है तो यह झूठ हुआ।

1144
01:19:55,200 --> 01:19:59,680
हम लोग तो सात्विक है तो हमारा ही यदि सत्य है तो यह झूठ हुआ।

1145
01:19:59,680 --> 01:20:04,160
तो उन्होंने कहा कि नहीं झूठा नहीं है तो मैंने कहा कि तब भगवती बनती है कृष्ण।

1146
01:20:04,160 --> 01:20:09,720
इतने में वो कह रहे हैं कि तुम चुपचाप होकर बैठ जाओ। एक शब्द दबा के मत बोलना।

1147
01:20:09,720 --> 01:20:13,840
[हंसी] अरे भैया मुझे तो एक वक्त में ये बोला इसका मतलब हमारा

1148
01:20:13,840 --> 01:20:19,360
हरिहर भेद वाला वीडियो जो है सार्थक रहा। अरे

1149
01:20:19,360 --> 01:20:23,440
ये बोला जा चुका है। इसके बाद फिर कृष्ण काली अवतार पे हम बोलने लगे। पूछने लगे कि

1150
01:20:23,440 --> 01:20:27,440
बताइए उसका क्या मंतव्य है वृंदावन की लीला इत्यादि पे? तो

1151
01:20:27,440 --> 01:20:31,520
ये बोला जा चुका है कि एक एक मिनट कि व्यास

1152
01:20:31,520 --> 01:20:35,600
मुनि को उस समय वो भाव ही नहीं था कि वो परमात्मा का व्याख्या

1153
01:20:35,600 --> 01:20:39,600
कर पाए। [हंसी] और फिर हम बांग्ला में पूरा गिनाने लगे कि ऐसे

1154
01:20:39,600 --> 01:20:43,600
ऐसे है पूरा देखुन काली और वो सब तो कह रहे ये सब तंत्र मंत्र हम

1155
01:20:43,600 --> 01:20:47,600
नहीं जानते हैं [हंसी] व्यास मुनि का

1156
01:20:47,600 --> 01:20:50,800
भाव ही नहीं था

1157
01:20:50,800 --> 01:20:54,960
और ये बताया किसने इनको वो जो है डायरेक्ट व्यास मुनि जी ने ही बताया

1158
01:20:54,960 --> 01:20:59,520
इनको जी वही मैं कि

1159
01:20:59,520 --> 01:21:03,680
जो आधार है प्रश्न करने का जो तरीका है

1160
01:21:03,680 --> 01:21:07,760
ये मेरे को आपसे तो इसीलिए मैं पूर्णिमा पर

1161
01:21:07,760 --> 01:21:10,640
आपको फोन करके एक बार प्रणाम भी कर लेता हूं

1162
01:21:10,640 --> 01:21:14,720
कि भैया आशीर्वाद ऐसे ही। तो अब स्कूल

1163
01:21:14,720 --> 01:21:18,800
वाली जो घटना है इसमें ये है कि ये जो तर्क वितर्क मैंने करना

1164
01:21:18,800 --> 01:21:22,960
शुरू कर दिया। इनके साथ एक छोटी सी झगड़ा करना मतलब शुरू कर दिया

1165
01:21:22,960 --> 01:21:27,040
कि आप बताइए ऐसा क्यों है? ऐसा क्यों होता है? मैंने ये भी प्रश्न किया

1166
01:21:27,040 --> 01:21:31,440
था। वर्णाश्रम पर भी प्रश्न किया था कि मान लीजिए आप

1167
01:21:31,440 --> 01:21:35,520
कह रहे हैं कि कर्मों से ही होता है तो मेरे को जब ब्राह्मण

1168
01:21:35,520 --> 01:21:39,520
की आवश्यकता पड़ेगी और मैं जाऊंगा या क्षत्रिय की आवश्यकता पड़ेगी अपनी रक्षा के

1169
01:21:39,520 --> 01:21:43,600
लिए और मैं जाऊंगा उसके पास और उसने कह दिया कि अरे पांच मिनट पहले आप आते तो

1170
01:21:43,600 --> 01:21:48,630
मैं क्षत्रिय था आपकी रक्षा कर देता अब तो मैं ब्राह्मण

1171
01:21:48,630 --> 01:21:52,640
[हंसी] तो उन्होंने उन्होंने कहा कि तुम ज्यादा तुम ज्यादा इधर

1172
01:21:52,640 --> 01:21:56,640
उधर भटकने लगे हो अब तुमको तुमको संज्ञान

1173
01:21:56,640 --> 01:22:00,640
लेना पड़ेगा तुम पे ये करना पड़ेगा वो करना पड़ेगा पहले पूछा जाता

1174
01:22:00,640 --> 01:22:06,640
है प्रभु जी कितना माला कर रहे हैं आप [हंसी] सबसे पहले

1175
01:22:06,960 --> 01:22:11,120
तो क्या हुआ कि संज्ञान लेना पड़ेगा तो इन्होंने क्या किया

1176
01:22:11,120 --> 01:22:15,360
इन्होंने एक तरीका निकाला ये लोग मेरे स्कूल में गए और

1177
01:22:15,360 --> 01:22:19,520
स्कूल में जाके प्रिंसिपल से कंप्लेन कर दी मेरी कि ये जो

1178
01:22:19,520 --> 01:22:23,600
है हम लोग प्रभुपाद के मिशन को देखिए प्रिंसिपल तो है प्रिंसिपल को उतना ज्ञान

1179
01:22:23,600 --> 01:22:28,000
नहीं है कि क्या कर रहे हैं ये लोग प्रिंसिपल हमारी जो है वो रामानुज

1180
01:22:28,000 --> 01:22:32,160
संप्रदाय से है। अच्छा हमारे हमारे यहां स्कूल हमारे

1181
01:22:32,160 --> 01:22:36,320
यहां स्कूल में बहुत सुंदर मंदिर है। वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर

1182
01:22:36,320 --> 01:22:40,800
है। उनका उनका नाम है श्री विद्या प्रद वेंकटेश्वर भगवान।

1183
01:22:40,800 --> 01:22:44,960
तो मंदिर है। तो ये लोग इन लोगों के बारे में उनको पता

1184
01:22:44,960 --> 01:22:49,280
नहीं है। उनको लगता है कि कृष्ण का ही प्रचार कर रहे हैं। तो इन्होंने

1185
01:22:49,280 --> 01:22:53,360
जाकर कंप्लेंट कर दी कि हम लोग प्रभुपाद के मिशन को इधर प्रीच

1186
01:22:53,360 --> 01:22:57,840
करने आए हैं। और यह जो लड़का है यह हमको डिस्टर्ब

1187
01:22:57,840 --> 01:23:02,000
कर रहा है। तो उसके बाद से उस समय मेरे को कठोर दंड

1188
01:23:02,000 --> 01:23:06,880
मिला था कि मेरे को मतलब कि स्कूल में इतना

1189
01:23:06,880 --> 01:23:11,200
प्रतीकात्मक मेरे से प्रिंसिपल ने मेरे को ऑफिस में बुलाया।

1190
01:23:11,200 --> 01:23:16,080
उसके बाद मेरे को बोला कि तुम उन्होंने कहा कि तुम अधर्मी हो।

1191
01:23:16,080 --> 01:23:20,080
तुम ये हो वो हो। वृंदावन में मैं जब था तो एक और

1192
01:23:20,080 --> 01:23:22,240
बात याद आ गई। वृंदावन

1193
01:23:22,240 --> 01:23:26,240
में जब था तो मैंने एक बार क्या किया था कि इस में

1194
01:23:26,240 --> 01:23:30,400
कीर्तन होता है। सुबह सुबह कीर्तन होता है और प्रभुपाद के विग्रह को घुमाया जाता है पूरे

1195
01:23:30,400 --> 01:23:34,960
मंदिर में। तो मैंने क्या किया था कि बस उसमें डांस किया था।

1196
01:23:34,960 --> 01:23:39,040
उस डांस को लेकर के इस वृंदावन के जो YouTube चैनल है

1197
01:23:39,040 --> 01:23:43,280
उस पर मेरे डांस का वीडियो आ गया था। तो उस डांस को लेकर के मतलब

1198
01:23:43,280 --> 01:23:47,360
कीर्तन पर नाचना तो उस को लेकर के जो

1199
01:23:47,360 --> 01:23:51,760
ये थे इन्होंने मेरे को कहा था कि

1200
01:23:51,760 --> 01:23:55,760
देखो मतलब कि सबसे जितने वहां पर लोग थे सब बैठे थे सभा

1201
01:23:55,760 --> 01:23:59,920
में और मैं मैं था तो तब तक मैंने कुछ बोला था तो उस

1202
01:23:59,920 --> 01:24:04,640
पे इन्होंने बोल दिया कि अरे तुम तो व्यभचारी हो।

1203
01:24:04,640 --> 01:24:08,640
एक तरह से कैरेक्टरलेस मेरे को बोला था। क्यों बोला था? क्योंकि मैं

1204
01:24:08,640 --> 01:24:12,640
वो कह रहे हैं कि मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि तुम लड़कियों की तरह कीर्तन में

1205
01:24:12,640 --> 01:24:16,640
नाच रहे हो। मैं कहा उसके बाद से मेरा मन किया कि मैं पूछ

1206
01:24:16,640 --> 01:24:20,800
दूं तब श्री चैतन्य महाप्रभु के बारे में आपका क्या विचार है? क्योंकि

1207
01:24:20,800 --> 01:24:24,800
महाप्रभु का जो कीर्तन विश्व विख्यात था उस

1208
01:24:24,800 --> 01:24:29,760
समय पे अभी भी है। तो

1209
01:24:29,760 --> 01:24:33,840
प्रिंसिपल द्वारा मेरे को बुलाया गया। उसके बाद प्रिंसिपल द्वारा मेरे

1210
01:24:33,840 --> 01:24:37,440
को बहुत सारे कठोर पनिशमेंट दिए गए। पनिशमेंट देने के बाद जो

1211
01:24:37,440 --> 01:24:41,920
प्रिंसिपल मेरे को बहुत ज्यादा मानती थी कि आध्यात्मिक बच्चा है वो

1212
01:24:41,920 --> 01:24:46,160
एक पल में इन्होंने सारा धो डाला। मेरे को बुलाया गया।

1213
01:24:46,160 --> 01:24:50,240
प्रिंसिपल ने भी बहुत सारी बातें बोली कि तुम ढोंगी हो। तुम ढोंग करते हो।

1214
01:24:50,240 --> 01:24:54,320
ये लोग प्रचार करने आए हैं। तुम इनके तुम इनके मार्ग में ये

1215
01:24:54,320 --> 01:24:58,480
कर रहे हो वो कर रहे हो। उसके बाद से मेरे को तभी भी लगता था कि

1216
01:24:58,480 --> 01:25:02,640
नहीं यह प्रभु ये प्रभु जी है। उसके बाद

1217
01:25:02,640 --> 01:25:07,280
से उसके बाद से इस बलिया से मेरे को फोन आया।

1218
01:25:07,280 --> 01:25:11,360
मेरे को बुलाया गया। मैं इनके सेंटर पर पहुंच

1219
01:25:11,360 --> 01:25:15,440
पूरा राउंड टेबल कांफ्रेंस हुआ मेरे साथ। मैं

1220
01:25:15,440 --> 01:25:19,520
बैठा हूं एक जगह और ये लोग पूरा घेर के मेरे को चारों तरफ से

1221
01:25:19,520 --> 01:25:23,680
बैठे हैं। उसके बाद से मेरे से पूछ रहे हैं कि आखिर में तुम चाहते क्या

1222
01:25:23,680 --> 01:25:28,000
हो? तुम तुम क्या समझते हो कि तुम बहुत बड़े ज्ञाता

1223
01:25:28,000 --> 01:25:32,240
हो गए हो बताओ और पूरा मेरे पास ना कोई साधन है मतलब

1224
01:25:32,240 --> 01:25:36,880
कि एक तरह से कहा जाए कि आप सोचिए आप एक इमेजिन करिए

1225
01:25:36,880 --> 01:25:40,960
कि आप बैठे हैं और चारों तरफ से लोग जो है वो

1226
01:25:40,960 --> 01:25:46,960
आपको अग्रेसिवली मतलब कि आपको देख रहे हैं आपसे कुछ आपको आपका प्रतिकार

1227
01:25:47,360 --> 01:25:51,440
उसके बाद उसके बाद आपको अपने डिफेंस के

1228
01:25:51,440 --> 01:25:52,480
लिए आपके पास कुछ नहीं

1229
01:25:52,480 --> 01:25:54,960
है।

1230
01:25:54,960 --> 01:25:58,960
आपको मैं वो बता नहीं सकता है मेरा एक्सपीरियंस क्या था लेकिन यह मैं

1231
01:25:58,960 --> 01:26:03,120
बता सकता हूं कि मतलब कि अपने डिफेंस के लिए कुछ नहीं था। मैं अगर

1232
01:26:03,120 --> 01:26:07,280
उस समय वीडियो बनाया रहता तो आज बहुत सहाई होता। ये

1233
01:26:07,280 --> 01:26:11,520
जो है यहां पे हम उस वीडियो को शेयर कर सकते थे कि किस

1234
01:26:11,520 --> 01:26:16,560
तरीके से मतलब कि एक जो यूथ है वो फसा इस में

1235
01:26:16,560 --> 01:26:20,560
उस तरह का मुझे यही लग रहा है कि निखिल भैया ने अपना भाव बहुत

1236
01:26:20,560 --> 01:26:25,120
अच्छे तरीके से बताया। आपको भी थोड़ा जाना होगा

1237
01:26:25,120 --> 01:26:30,800
यहां तक ही नहीं रुकया बाकी भी बहुत सारी चीजें हैं इस

1238
01:26:30,800 --> 01:26:35,280
दे दीजिए या तो और किसी दिन डिटेल ले लेंगे एक थोड़ा सा हमें कंक्लूजन

1239
01:26:35,280 --> 01:26:39,280
दे दीजिए आप कि फिर वो कौन सा दिन था वो कौन क्या दृश्य

1240
01:26:39,280 --> 01:26:43,280
था जब आप बिल्कुल आपने अलग हो गए वो क्या हुआ और उसके

1241
01:26:43,280 --> 01:26:47,360
पीछे थोड़ा सा मतलब कौन-कौन से लोग या कौन-कौन सी

1242
01:26:47,360 --> 01:26:51,680
चीजें आपकी निमित्त बन गई हम

1243
01:26:51,680 --> 01:26:56,800
पॉइंट बता दीजिए जो ब्रेकिंग पॉइंट होगा आपका जहां पे आपने छोड़ दिया

1244
01:26:56,800 --> 01:27:00,880
वो मैं एक बात बता दूं कुछ लोग वेटिंग रूम में भी है

1245
01:27:00,880 --> 01:27:05,760
शास्त्रवाद जी भी है और एक लोग और है मैं बताऊं

1246
01:27:05,760 --> 01:27:07,600
कि हमारी अभी आज

1247
01:27:07,600 --> 01:27:12,240
या कल में कक्षा होने वाली है जो रुकी हुई थी पिछले हफ्ते नहीं हुई थी उसमें जुड़े

1248
01:27:12,240 --> 01:27:16,240
और दूसरी बात ये है कि अब यहां पर लाइव भी काफी सारे होने वाले

1249
01:27:16,240 --> 01:27:20,400
हैं लगातार तो उसमें जुड़े अभी ये लाइव ऑलरेडी हो चुका है तो निखिल

1250
01:27:20,400 --> 01:27:24,880
जी की बात को सुनकर के हम हम लोग विराम लेंगे आज और आप लोग अभी

1251
01:27:24,880 --> 01:27:28,960
मतलब ये इसको मतलब और लंबा ना खींचे

1252
01:27:28,960 --> 01:27:33,040
सेशन को तो आप अगली अगले सेशन में थोड़ा सा अपडेटेड रहे

1253
01:27:33,040 --> 01:27:37,040
अभी जल्दी जल्दी होने वाले हैं कई सारे लाइव सेशन जी

1254
01:27:37,040 --> 01:27:41,120
बताएं मैं पूरा अपनी जितनी मैंने बात

1255
01:27:41,120 --> 01:27:45,280
कही उसका कंक्लूजन यही दूंगा कि लास्ट समय का प्रतिकार लास्ट समय

1256
01:27:45,280 --> 01:27:49,360
का प्रतिकार थोड़ा बड़ा हो जाएगा लेकिन मैं ये कंक्लूजन दूंगा कि यहां पे

1257
01:27:49,360 --> 01:27:53,760
जितने यूथ सुन रहे हैं उनसे मेरी बस यही प्रार्थना है कि

1258
01:27:53,760 --> 01:27:58,000
इस से पहले तो बच के रहो लेकिन अगर तुम जुड़

1259
01:27:58,000 --> 01:28:02,000
रहे हो तो इसमें ये है कि अपने आप को

1260
01:28:02,000 --> 01:28:06,160
स्वतंत्र रखो। किसी के अंडर में जाने का प्रयास करोगे ये

1261
01:28:06,160 --> 01:28:10,160
लोग तुम तुमको हर प्रकार से डिस्टर्ब कर देंगे। तुमको मतलब कि एक

1262
01:28:10,160 --> 01:28:14,160
स्ट्रेस फैक्टर ये लोग आपके साथ दे देते हैं कि आप इस इनके

1263
01:28:14,160 --> 01:28:18,240
अंडर में है। आपको ये ये करना है। दैट्स

1264
01:28:18,240 --> 01:28:22,480
इट। यह आपको मतलब एक स्ट्रेस देते रहेंगे दिन भर कि

1265
01:28:22,480 --> 01:28:22,980
तुम

1266
01:28:22,800 --> 01:28:27,040
किसी और को नहीं सुन सकते, तुम यह नहीं कर सकते, तुम वो नहीं कर सकते।

1267
01:28:27,040 --> 01:28:31,040
ऐसे आपको करते रहेंगे। उसके बाद से ये है कि आपकी पढ़ाई इसमें मेनली

1268
01:28:31,040 --> 01:28:35,520
डिस्टर्ब होती है। क्योंकि ये लोग आपका दिमाग खींचेंगे। हमारे

1269
01:28:35,520 --> 01:28:39,600
यहां तो ये तक था कि आप दूसरे संप्रदाय का वीडियो

1270
01:28:39,600 --> 01:28:43,520
लगा दीजिए तो हमारे पास कॉल आ जाता था।

1271
01:28:43,520 --> 01:28:48,960
दूसरे संप्रदाय का वीडियो लगा दीजिए। गौडिया गौडिया

1272
01:28:48,960 --> 01:28:53,440
जो संगीत है एक चीज थोड़ा विषय में आ जाएगी

1273
01:28:53,440 --> 01:28:57,520
क्या आपको कभी कहा गया जैसे अभी हमें इस दिल्ली के एक तथाकथित

1274
01:28:57,520 --> 01:29:01,520
ब्रह्मचारी ने कहा कि भाई इस के अनुसार या प्रभुपाद जी के अनुसार जो

1275
01:29:01,520 --> 01:29:05,760
है शिव और कृष्ण को एक माना जाता है तो आपको कभी ये शिक्षा दी गई क्या इस

1276
01:29:05,760 --> 01:29:09,920
में मैंने मैंने उनको सुना

1277
01:29:09,920 --> 01:29:13,920
मेरे को लगा कि अरे ये कहां से आ गया नई बात है हम लोगों के लिए भी नई बात

1278
01:29:13,920 --> 01:29:19,440
है इस में आज तक ऐसा ही नहीं गया

1279
01:29:19,440 --> 01:29:23,860
चलिए इनको वही बता रहा था। मैं इनको वही बता रहा था।

1280
01:29:23,860 --> 01:29:28,080
[हंसी] वहां वहां बस इतने तक है कि वैष्णवा नाम यथा शंभू

1281
01:29:28,080 --> 01:29:32,480
वैष्णवा नाम यथा शंभू उसके आगे शिवजी दास हैं।

1282
01:29:32,480 --> 01:29:36,880
एक लास्ट समय का प्रतिकार यही हुआ था कि उन्होंने

1283
01:29:36,880 --> 01:29:40,880
भगवती काली के बारे में जो मेरी अभी इष्ट है उनके

1284
01:29:40,880 --> 01:29:44,960
बारे में बोला था। तो उसके बाद से पूरा एकदम

1285
01:29:44,960 --> 01:29:49,040
मैं अग्रेसिव हो गया था। उसके बाद से विरोध हुआ लड़ाई तक की

1286
01:29:49,040 --> 01:29:54,160
स्थिति आ गई थी। बस इतना मैं कहूंगा मैं कहूंगा इस

1287
01:29:54,160 --> 01:29:58,320
एक जैसे जो जानता है

1288
01:29:58,320 --> 01:30:02,480
अच्छा मार्ग जानता है परंपरा को जानता है वो अगर इस में

1289
01:30:02,480 --> 01:30:07,440
जाएगा तो वो बच उसके लिए बहुत डिस्टर्बिंग है इस

1290
01:30:07,440 --> 01:30:11,440
आप कह सकते विपरीत विपरीत परिस्थितियां उत्पन्नोंगी बहुत

1291
01:30:11,440 --> 01:30:15,440
ज्यादा एक लाइन में गुरुदेव से गुरुदेव से एक

1292
01:30:15,440 --> 01:30:19,440
चीज सीखा था जब गुरुदेव प्रभु दत्त ब्रह्मचारी जी का चैतन्य चरितावली के

1293
01:30:19,440 --> 01:30:23,520
बारे बता रहे थे तो मैं ला के मैंने पढ़ा। उसका अध्ययन करने के बाद गुरुदेव से

1294
01:30:23,520 --> 01:30:27,520
ही मैंने सुना कि उन्होंने एक लाइन बोली थी कि अंग्रेज जब भारत में आए थे तो उन्होंने

1295
01:30:27,520 --> 01:30:31,680
गुलामी की थी व्यवहारिक स्तर पे और ये लोग करने वाले हैं वैचारिक

1296
01:30:31,680 --> 01:30:34,640
स्तर पे और उसी तरीके से लोगों को अपंग बना रहे हैं।

1297
01:30:34,640 --> 01:30:40,000
तो काफी अच्छा लगा था मुझे ये। मेरे को एक बार एक

1298
01:30:40,000 --> 01:30:44,480
आए थे तो उन्होंने व्यवहारिक

1299
01:30:44,480 --> 01:30:48,880
हम पर शासन किया था। व्यवहारिक रूप से और हम

1300
01:30:48,880 --> 01:30:53,200
भारतीयों ने उनकी गुलामी की थी व्यवहारिक रूप से और अब ये जब

1301
01:30:53,200 --> 01:30:57,280
इस तरह से दार्शनिक बन के आ रहे हैं और जो है धार्मिक सत्ता के

1302
01:30:57,280 --> 01:31:01,280
रूप में आ रहे हैं तो अभी वैचारिक रूप से भी जो हमारा मन से हम

1303
01:31:01,280 --> 01:31:05,600
कुछ सोच सके तो वहां पर कब्जा करने की बारी है तो इसलिए आप सबके लिए सतर्कता

1304
01:31:05,600 --> 01:31:09,680
का सतर्कता की आवश्यकता है बाकी बहुत सारी चीजें हमने इस वीडियो के

1305
01:31:09,680 --> 01:31:13,680
शुरू में बता दी है और कई सारे प्रकल्प

1306
01:31:13,680 --> 01:31:17,920
चल रहे हैं तो आप लोग अगर चाहे तो हमें अपनी स्वच्छा से सामर्थ

1307
01:31:17,920 --> 01:31:22,000
अनुसार आर्थिक सहायता अवश्य प्रदान करें। बहुत

1308
01:31:22,000 --> 01:31:26,640
सारे अभियान है जिनको गति देनी है और आपका भी

1309
01:31:26,640 --> 01:31:30,640
बहुत-बहुत आभार आयुष जी भी पहुंचे यहां पर और निखिल जी आपका

1310
01:31:30,640 --> 01:31:34,640
भी आभार और जो भी वीडियो की शुरुआत में जिन्होंने अपना अनुभव

1311
01:31:34,640 --> 01:31:38,800
शेयर किया था उनका भी आभार। सभी समर्थकों का आभार। तो

1312
01:31:38,800 --> 01:31:43,440
फिर हम अगली लाइव में मिलेंगे। संभवत हमारी वो

1313
01:31:43,440 --> 01:31:47,600
ईश्वर साकार निराकार को लेकर के निर्भय के साथ होने वाली है। निर्भय

1314
01:31:47,600 --> 01:31:49,920
आ रहे हैं उनके साथ आर्य

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समाज वाला आर्य समाज वाला और कल एक बौद्ध वाला डिस्कशन

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आपको मिलेगा अकाट्य सिद्धांत देखिए कैसे हराता है

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तब तो बढ़िया है भैया तब बढ़िया है अभी थोड़ा ज्यादा कर रहे

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हैं हालांकि वो केवल वो कॉल रिकॉर्डिंग है वो आमने

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सामने होते तो और अच्छा रहता मगर ठीक है कॉल रिकॉर्डिंग प्रबुद्ध जनों के लिए पर्याप्त

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है वो ठीक है तो सभी को जय श्री राम जी

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एक निवेदन था जी जी कि

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जैसे वीडियो कुछ ना कुछ डालते रहिए क्योंकि आपका अगर

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वीडियो लंबे समय तक नहीं आता है तो इधर खलबली हो जाती है।

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[हंसी] चलिए ठीक है कोशिश करेंगे ध्यान देंगे चलिए

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जय श्री

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राम जय श्री राम
