1
00:00:01,600 --> 00:00:06,080
जय श्री राम सभी को आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

2
00:00:06,080 --> 00:00:10,560
वो मेरी ओर कर दो उसका फ्लैप

3
00:00:10,560 --> 00:00:14,560
और [नाक से की जाने वाली आवाज़] जैसा कि आपने टाइटल देख लिया

4
00:00:14,560 --> 00:00:20,400
है सो कॉल्ड तत्वदर्शी बाबा

5
00:00:20,400 --> 00:00:25,680
रामपाल और उसके 15 करोड़ शिष्य

6
00:00:25,680 --> 00:00:31,440
वर्सेस एक मनुवादी शिवंश जिसका प्रत्यक्ष

7
00:00:31,440 --> 00:00:35,520
पूरा वृतांत अभी आप देखने वाले हैं लाइव डिबेट। उससे पहले

8
00:00:35,520 --> 00:00:39,760
मैं कुछ चीजें बता दूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] कुछ लातों के भूत

9
00:00:39,760 --> 00:00:44,640
बातों से जो नहीं मान रहे थे वो लातों से मान गए हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] युवराज

10
00:00:44,640 --> 00:00:48,640
और सचिन नहीं युवराज और एक और है कोई। उसका नाम नहीं पता है

11
00:00:48,640 --> 00:00:52,720
मुझे। है कुछ वैसा ही लगता है जैसे

12
00:00:52,720 --> 00:00:56,800
धातु की कमी है शरीर में। है ना? चुसा हुआ था

13
00:00:56,800 --> 00:01:00,880
टाइप सा तो वो आज

14
00:01:00,880 --> 00:01:04,880
उनका एक वीडियो मैंने देखा जिसमें दोनों लोग अब ये बता रहे हैं कि हमारे भगवानों

15
00:01:04,880 --> 00:01:09,120
के बारे में ब्रह्म वैवर्त पुराण जैसी बुक्स है उनमें मिलावट कर दी पब्लिशर्स

16
00:01:09,120 --> 00:01:13,120
ने आप इनके खिलाफ ये करें वो वो करें मतलब अब वो इस पे आ गए हैं कि

17
00:01:13,120 --> 00:01:17,040
जो हमारे देवी देवताओं पर जो चारित्रिक इन्होंने

18
00:01:17,040 --> 00:01:21,280
पूर्व में जो आक्षेप वाले वीडियोस बनाए थे वो सब इन्होंने गलती से बना दिए

19
00:01:21,280 --> 00:01:25,520
थे वास्तविकता में ये मिलावट जो है इन पब्लिकेशन ने की है। अब इस पर आ गए

20
00:01:25,520 --> 00:01:29,760
यानी कि अब यह जो रामपाली रामपाल और आर्य समाज में जो अंतर

21
00:01:29,760 --> 00:01:33,920
था मुख्य वो [नाक से की जाने वाली आवाज़] अंतर क्या था कि आर्य समाज यह नहीं कहता कि चरित्र

22
00:01:33,920 --> 00:01:38,080
में ही दोष है बल्कि जहां चारित्रिक दोष सुनाई दे रहा है दिखाई

23
00:01:38,080 --> 00:01:42,160
दे रहा है प्रतीति हो रही है उस अंश को मिलावट कह देता है यह अंतर है।

24
00:01:42,160 --> 00:01:46,160
मैंने पहले भी बताया था। वह कभी भी यह स्वीकार नहीं करता कि हमारे राम कृष्ण

25
00:01:46,160 --> 00:01:50,240
आदि के चरित्र में दोष है। उसको जहां पर अर्थ समझ में नहीं आ

26
00:01:50,240 --> 00:01:54,240
रहा है, नहीं गति हो पा रही है, वहां पर वो उसको प्रक्षिप्त कह देता है, आगे बढ़

27
00:01:54,240 --> 00:01:58,320
जाता है। ठीक है? और रामपाली क्या करते हैं?

28
00:01:58,320 --> 00:02:02,480
रामपाली कहते हैं कि ये हमारे सद ग्रंथ है। और सद ग्रंथ

29
00:02:02,480 --> 00:02:06,640
है और सद ग्रंथों के अनुसार इनके चरित्र में दोष है। राम और कृष्ण

30
00:02:06,640 --> 00:02:10,880
के चरित्र में दोष है। यह लोग यह कर रहे थे। अब

31
00:02:10,880 --> 00:02:14,880
आज यह क्या कह रहे हैं कि यह प्रक्षिप्त हैं। उसी पर आ गए आर समाजी भाषा पर। तो

32
00:02:14,880 --> 00:02:19,600
अब कुल मिलाकर के अब रामपाली का रामपाली

33
00:02:19,600 --> 00:02:23,600
रामपालियों का शोधन प्रारंभ हो गया है। अब वो धीरे से

34
00:02:23,600 --> 00:02:27,600
उन्होंने उन्नति की है। अब वो रामपाली से जो है प्रोग्रेस करके अब वो

35
00:02:27,600 --> 00:02:31,840
आर्य समाजी हो गए हैं। फिलहाल जो वो ये कह रहे हैं कि मिलावट

36
00:02:31,840 --> 00:02:32,400
है।

37
00:02:32,400 --> 00:02:36,480
है ना? धर्म ग्रंथों में मिलावट है। भाई जिस धर्म

38
00:02:36,480 --> 00:02:40,560
ग्रंथ की तुम बात कर रहे हो उसी धर्म ग्रंथ में ही सबसे पहले तो इस बात को

39
00:02:40,560 --> 00:02:44,880
समझो कि पद्म पुराण में एक श्लोक आया है। ये जितने हमारे 18 पुराण

40
00:02:44,880 --> 00:02:50,400
है षष्ठी के प्रारंभ में केवल एक पुराण था आदम पुराण।

41
00:02:50,400 --> 00:02:54,400
तो वो जो ष्टि के आदि में जो आद

42
00:02:54,400 --> 00:02:58,720
मतलब उद्गम स्थल पर जो पुराण था उसी के 18 भाग है जैसे वेद

43
00:02:58,720 --> 00:03:03,280
भी पहले केवल प्रणवाक्षर के रूप में थे। जिसको तुम छमम छमम

44
00:03:03,280 --> 00:03:07,360
सूक्ष्म अपना वाणी घुसेते हो ना अपनी मन की वो जो

45
00:03:07,360 --> 00:03:11,680
सूक्ष्म वेद कहा गया है वह प्रणव को कहा गया है प्रणवाक्षर है सूक्ष्म वेद

46
00:03:11,680 --> 00:03:15,680
मतलब वेदों का सूक्ष्मतम रूप वो प्रणवाक्षर है

47
00:03:15,680 --> 00:03:19,760
तो जैसे वेद पहले एक थे और द्वापर में व्यास

48
00:03:19,760 --> 00:03:23,920
जी आकर के जो है उसके चार भाग करते हैं वैसे ही

49
00:03:23,920 --> 00:03:28,000
जो पुराण है वो भी 18 थे और वो पुराण है

50
00:03:28,000 --> 00:03:32,480
वो भी पहले एक थे फिर 18 भाग करते हैं व्यास जी आकर के द्वापर में

51
00:03:32,480 --> 00:03:36,480
यह पद्म पुराण में मिल जाएगा तुम्हें। इतना सब ढूंढा करो यह भी

52
00:03:36,480 --> 00:03:40,480
ढूंढ लो मिल जाएगा। फिलहाल मैं मोटा मोटा

53
00:03:40,480 --> 00:03:44,480
बता देता हूं। तो यानी कि ये सारे पुराण एक है। एक

54
00:03:44,480 --> 00:03:47,440
ही पुराण के अलग-अलग चैप्टर्स हैं। किसी में

55
00:03:47,440 --> 00:03:51,440
शिव के रूप में सृष्टि की व्याख्या की गई है। सृष्टि के निर्माण की बात हुई

56
00:03:51,440 --> 00:03:55,440
है। कल्प भेद से कल्प भेद सृष्टि एक बार नहीं बनी। कई बार बनी है। जैसे

57
00:03:55,440 --> 00:03:59,600
तुम्हारे यहां भी मानना है। तुम यह मान के चल रहे हो कि काल बार-बार जन्म लेता

58
00:03:59,600 --> 00:04:03,600
है, बार-बार मरता है। वो बात अलग है कि फिर उससे बात बहुत सारी चीजें हो जाती है कि

59
00:04:03,600 --> 00:04:08,560
हर बार वो वही करता है। हर बार वैसे ही सृष्टि बनती है। हर बार उस

60
00:04:08,560 --> 00:04:12,640
जो आत्माएं हैं उसके चक्कर में फंस जाती हैं। वो सब चीजें तो अलग है। और

61
00:04:12,640 --> 00:04:16,800
जब जब काल मरता है तो क्या बिना भक्ति किए भी कुछ आत्माओं को मुक्ति मिल

62
00:04:16,800 --> 00:04:20,800
जाती है। यह सब चीजें हैं। शेष बाकी है। और अगर नहीं मिलती तो

63
00:04:20,800 --> 00:04:24,800
इसका मतलब आत्माएं किसी और के बंधन में पहले से वो बंधन क्या है?

64
00:04:24,800 --> 00:04:28,800
ये सब चीजें बाकी रह जाती है। मगर फिलहाल अभी मोटा-मोटा ले लेते हैं कि काल

65
00:04:28,800 --> 00:04:33,040
बार-बार सृष्टि बनती है। तो सृष्टि बनती है बार-बार। तो हर बार जो सृष्टि

66
00:04:33,040 --> 00:04:37,200
बनने की जो वो है कल्प वेद से हमारे यहां कभी

67
00:04:37,200 --> 00:04:41,520
परम तत्व ने शिव रूप को धारण करके सृष्टि का विस्तार किया है तो कभी विष्णु

68
00:04:41,520 --> 00:04:45,600
रूप से। इस तरीके से परम तत्व के बारे में बताने वाला जो शास्त्र है

69
00:04:45,600 --> 00:04:49,680
पुराण उसके 18 चैप्टर्स हैं। यह ठीक है? इतना समझ में आ

70
00:04:49,680 --> 00:04:53,840
गया? अब इसके बाद क्या है कि यह

71
00:04:53,840 --> 00:04:56,400
जो

72
00:04:56,400 --> 00:05:00,560
इस तरह के जो शब्द आते हैं कौन से शब्द जैसे

73
00:05:00,560 --> 00:05:02,800
कि जिनका ये जिनका

74
00:05:02,800 --> 00:05:06,960
ये जो नीच लोग हैं यह गलत मतलब निकालने का प्रयास करते हैं।

75
00:05:06,960 --> 00:05:11,360
चारित्रिक दोष ढूंढने का प्रयास करते हैं हमारे देवी देवताओं में। जैसे लिंग,

76
00:05:11,360 --> 00:05:15,440
भग यानी योनि इत्यादि। तो यह जो शब्द आते

77
00:05:15,440 --> 00:05:19,440
इनके शब्द देवताओं के लिए या भगवत स्वरूपों के लिए किस अर्थ में लेने

78
00:05:19,440 --> 00:05:23,440
हैं इस बारे में भी शिव पुराण में दिया गया है। श्लोक में शिव पुराण में

79
00:05:23,440 --> 00:05:27,520
अन्य कई पुराणों में तो अब जब

80
00:05:27,520 --> 00:05:32,000
किसी मनुष्य के लिंग की बात होगी तो वो एक अलग बात है। और जब

81
00:05:32,000 --> 00:05:36,160
हिरण्य गर्भा का आ गया ईश्वर को हिरण्य गर्भा तो हिरण्य गर्भा

82
00:05:36,160 --> 00:05:40,480
का मतलब क्या यह हो गया कि वह कोई गर्भवती महिला की तरह देखे उसको हिरण्य

83
00:05:40,480 --> 00:05:46,160
गर्भा का मतलब जो सबका सबको अपने गर्भ में धारण करता है ईश्वर

84
00:05:46,160 --> 00:05:51,440
है ना प्रकृति को भी हिरण्य गर्भा कहा गया है तो

85
00:05:51,440 --> 00:05:55,520
जब सबको अपने गर्भ में धारण करने का मतलब है कि यह पूरा संसार पृथ्वी

86
00:05:55,520 --> 00:06:00,400
इत्यादि उसने अपने गर्भ में धारण कर रखा है। जिस रूप में वो गर्भ है

87
00:06:00,400 --> 00:06:04,720
बीज जीव रूपी बीज जड़ पदार्थ

88
00:06:04,720 --> 00:06:09,200
यह हो गई प्रकृति पंच तत्व इनसे

89
00:06:09,200 --> 00:06:13,280
बनी इनको कहा गया योनि भग तो प्रकृति की योनि

90
00:06:13,280 --> 00:06:17,680
हो गई ये पंच तत्व अब बीज यानी जीवात्मा प्राण

91
00:06:17,680 --> 00:06:18,180
शक्ति

92
00:06:18,080 --> 00:06:22,160
ये सब ये सब क्या हो गए तेज वीर्य ये ईश्वर

93
00:06:22,160 --> 00:06:26,960
ने प्रकृति की प्रकृति के उसमें डाले गर्भ में

94
00:06:26,960 --> 00:06:31,040
तो जब हम देवताओं के लिए, ब्रह्म के लिए, ईश्वर के लिए सब

95
00:06:31,040 --> 00:06:35,520
शब्दों का यूज करेंगे तो उनका कॉन्टेक्स्ट उस तरह से होगा

96
00:06:35,520 --> 00:06:39,520
कि प्रकृति की जांगे, वृक्ष हैं और पर्वत वो है। इस तरह से

97
00:06:39,520 --> 00:06:43,680
ऐसे नहीं कि वो मूत्र इंद्री की तरह तुम देखने लगो। है

98
00:06:43,680 --> 00:06:49,200
ना? जो तुम करते हो सेक्स लिख दिया ब्रैकेट में।

99
00:06:49,200 --> 00:06:53,280
ठीक है? तो ये सब बातें तो अलग रही। अब क्या है

100
00:06:53,280 --> 00:06:57,440
कि ऐसा ना हो कि कोई व्यक्ति इनका गलत अर्थ समझ ले। तो इसलिए

101
00:06:57,440 --> 00:07:02,080
शास्त्रों में ही यह सारे पुराण एक है 18 महापुराण

102
00:07:02,080 --> 00:07:06,400
एक पुराण के 18 चैप्टर्स तो उन 18 चैप्टर्स

103
00:07:06,400 --> 00:07:10,640
में से एक चैप्टर आता है स्कंद पुराण वाला स्कंद पुराणोक्त गुरु गीता में लिखा

104
00:07:10,640 --> 00:07:14,640
हुआ है कि मनुष्य चाहे चारों वेद पढ़ ले सारे पुराण पढ़ ले उपनिषद पढ़ ले

105
00:07:14,640 --> 00:07:18,720
जप तप व्रत दान पुण्य यज्ञ ये सब बेकार है परंपरा

106
00:07:18,720 --> 00:07:22,880
प्राप्तिक आचार्य गुरु के बिना यदि आप इनका अध्ययन

107
00:07:22,880 --> 00:07:27,120
कर रहे हैं तो क्योंकि यह भी लिखा है क्योंकि यह सब आपको भटका भ्रमित

108
00:07:27,120 --> 00:07:31,200
हो सकते हैं क्योंकि आप अपने से पढ़ेंगे। इंद्रियों के द्वारा उसका निर्णय करना चाहेंगे जो

109
00:07:31,200 --> 00:07:34,080
आपकी जानकारी है सीमित

110
00:07:34,080 --> 00:07:38,080
जिस भाव को ध्यान में रखते हुए वह लिखे गए हैं उसको ना जानते

111
00:07:38,080 --> 00:07:42,560
हुए आप अपने मन से उसका निर्णय करना चाहेंगे तो क्या होगा आप अनर्गल अर्थ निकालेंगे

112
00:07:42,560 --> 00:07:46,560
वो अर्थ तुम निकालते हो तो यानी कि जिन शास्त्रों के जिन शास्त्रों

113
00:07:46,560 --> 00:07:50,560
में तुम मिलावट का दोष लगा रहे हो या फिर जिन शास्त्रों के आधार पर हमारे देवी

114
00:07:50,560 --> 00:07:54,800
देवताओं पर हमारे आराध्य पर चारित्रिक दोष लगाने का प्रयास कर रहे हो

115
00:07:54,800 --> 00:07:58,960
उनकी अवमानना कर रहे हो वो शास्त्र स्वयं यह कह रहे हैं कि हमें पढ़िए

116
00:07:58,960 --> 00:08:03,120
आप इस फलाने व्यक्ति से और तब उसका अर्थ करिए क्योंकि आप सीधे

117
00:08:03,120 --> 00:08:07,520
पढ़ेंगे तो आप जो है भटक जाएंगे भटक सकते हैं। तो

118
00:08:07,520 --> 00:08:11,520
जब पढ़ रहे हो उसको और उसके अनुसार कोई चीज स्थापित कर रहे हो कोई

119
00:08:11,520 --> 00:08:15,840
तथ्य स्थापित कर रहे हो तो पूरा पढ़ो और पूरा तथ्य स्थापित करो।

120
00:08:15,840 --> 00:08:20,080
यह तो रही ये बात। बाकी यह है कि इनके अब सुर बदलने लगे हैं। अब चारित्रिक

121
00:08:20,080 --> 00:08:24,080
खंडन से इस पर आ गए कि मिलावट है। मतलब राम और कृष्ण में बुराई नहीं है।

122
00:08:24,080 --> 00:08:28,080
वो किताबों में बुराई है। यह अब आर्य समाजी भाषा बोलने लगे। अभी

123
00:08:28,080 --> 00:08:32,160
थोड़े दिन में और पूर्ण सनातन सनातनी बनने की ओर भी इनकी यात्रा

124
00:08:32,160 --> 00:08:36,640
चालू रहेगी क्योंकि वह बात है ना कि आह्वान

125
00:08:36,640 --> 00:08:42,080
की मार की बात ही है निराली गूंगा भी गाय कब वाली

126
00:08:42,080 --> 00:08:46,240
झूठे की हद तक और चोर के घर तक चलते रहो तुम डाल डाल

127
00:08:46,240 --> 00:08:49,120
हम पातपात तो यह तो रही यह वाली

128
00:08:49,120 --> 00:08:53,200
बात अब जो है जो लाइव डिबेट आप देख रहे

129
00:08:53,200 --> 00:08:59,200
हैं उस पर हम बात कर लेते हैं [गला साफ़ करने की आवाज़]

130
00:09:00,400 --> 00:09:04,480
इनके कॉल सेंटर में आज कॉल लगाएंगे और

131
00:09:04,480 --> 00:09:08,900
कुछ आज वहां पर भी बात करेंगे जो यह नंबर देते हैं ना।

132
00:09:08,900 --> 00:09:13,040
[नाक से की जाने वाली आवाज़] एक्चुअली बात ऐसी है कि जो नंबर ये प्रोवाइड करते हैं वह

133
00:09:13,040 --> 00:09:17,040
एक ट्रैप भी हो सकता है। तो लाइव चर्चा में

134
00:09:17,040 --> 00:09:21,040
इनके द्वारा बताए गए नंबर पर हम सीधे कॉल कर दे और वह व्यक्ति वो ना हुआ इनसे

135
00:09:21,040 --> 00:09:25,200
जुड़ा हुआ सतलोक आश्रम वाला ना हुआ। तो बेकार में किसी व्यक्ति

136
00:09:25,200 --> 00:09:29,280
का यहां पर नंबर वगैरह यह सब प्रदर्शित होना और यह सब चीजें

137
00:09:29,280 --> 00:09:33,360
उचित नहीं है। यह इनका एक षड्यंत्र हो सकता है। अरे भैया जब ज्ञान चर्चा

138
00:09:33,360 --> 00:09:38,080
के लिए तुमने कुछ नंबर बना रखे हैं तो उनको सार्वजनिक करो ना छापो बुक्स में

139
00:09:38,080 --> 00:09:42,160
और उनको उस सेक्शन को भी ऐड कर दो वही है

140
00:09:42,160 --> 00:09:46,480
ना। इस कारण से इनके द्वारा जो नंबर

141
00:09:46,480 --> 00:09:50,640
दिया जाता है लाइव उसमें उसका तुरंत मिलाया नहीं जाता

142
00:09:50,640 --> 00:09:54,720
है। चलिए खैर अब इनको हम कॉल करते हैं और आज हमने कुछ

143
00:09:54,720 --> 00:09:59,040
सोचा है कि इनके द्वारा दिया गया नंबर अगर मिलाएंगे तो कैसे मिलाएंगे।

144
00:09:59,040 --> 00:10:04,080
ठीक है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हम [गला साफ़ करने की आवाज़]

145
00:10:04,080 --> 00:10:04,580
कहां

146
00:10:04,400 --> 00:10:09,520
गया भैया इनका नंबर? हम

147
00:10:09,520 --> 00:10:13,600
पहली बात तो कोई दिलेर व्यक्ति मिले सबसे पहले तो नाम सुनके फोन काट के भाग

148
00:10:13,600 --> 00:10:18,400
ना जाए। यह वाली बात है। [हंसी]

149
00:10:18,400 --> 00:10:22,640
सबसे पहले तो ऐसा भी होना चाहिए ना। थोड़ा थांबा थांबा।

150
00:10:22,640 --> 00:10:27,280
थोड़ा धनस बांधे [नाक से की जाने वाली आवाज़]

151
00:10:27,280 --> 00:10:33,280
8280

152
00:10:33,600 --> 00:10:37,980
फाइव

153
00:10:37,980 --> 00:10:43,980
[गहरी सांस लेने की आवाज़]

154
00:10:44,800 --> 00:10:49,040
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत

155
00:10:49,040 --> 00:10:53,360
रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता

156
00:10:53,360 --> 00:10:57,600
करने के लिए दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा

157
00:10:57,600 --> 00:11:03,600
की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल जी

158
00:11:04,560 --> 00:11:08,800
कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

159
00:11:08,800 --> 00:11:14,800
है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे।

160
00:11:31,030 --> 00:11:37,030
[संगीत]

161
00:11:38,000 --> 00:11:43,200
हेलो हां जी जय श्री राम

162
00:11:43,200 --> 00:11:47,200
जी यह किताबें भिजवाते हैं ना आप रामपाल

163
00:11:47,200 --> 00:11:51,200
जी की? किताबें बताइए।

164
00:11:51,200 --> 00:11:55,200
हां, मैं यह पूछ रहा था यह रामपाल जी ने एक लाइव डिबेट का एक

165
00:11:55,200 --> 00:11:59,280
चैलेंज जैसा किया है और उसमें जो है यह उन्होंने

166
00:11:59,280 --> 00:12:03,360
कहा है कि आप अपने चैनल खोल के मेरा विरोध कर देना

167
00:12:03,360 --> 00:12:07,520
और जनता फैसला करेगी और जो जीतेगा उसको 50 लाख इत्यादि जो भी उन्होंने

168
00:12:07,520 --> 00:12:11,920
कहा तो यह मतलब यह डिबेट कैसे

169
00:12:11,920 --> 00:12:16,160
हुआ? यह तो भाई अपने अपने चैनल पर बैठकर के अपना पक्ष रखना है तो डिबेट क्या

170
00:12:16,160 --> 00:12:20,720
सीधे आमने सामने की डिबेट नहीं होगी और यदि नहीं होगी

171
00:12:20,720 --> 00:12:24,800
अपना चैनल आपको या तो अपना कोई चैनल बुक कीजिए हम

172
00:12:24,800 --> 00:12:29,600
या फिर अपना कोई बात तो फिर उसको

173
00:12:29,600 --> 00:12:34,560
फिर उसको डिबेट कैसे कहा जाएगा

174
00:12:34,560 --> 00:12:39,040
हमारे जो गुरु जी है वो अपनी बात रखते हैं आप अपने चैनल के माध्यम से अपनी बात रखो

175
00:12:39,040 --> 00:12:43,120
नहीं तो देखिए आपके गुरु जी जो अपनी बात रख रहे हैं वो वो पहली बार तो रख नहीं रहे। वो

176
00:12:43,120 --> 00:12:47,440
तो पहले भी रख चुके हैं और उसके विरोध में भी अपनी-अपनी बातें कई लोगों ने अपने-अपने

177
00:12:47,440 --> 00:12:51,680
चैनल से रखी है। तो फिर इसमें नया क्या है? फिर इसको डिबेट

178
00:12:51,680 --> 00:12:55,680
क्यों कह रहे हो? अगर इसको डिबेट कह रहे हो तो पहले ये माना जाए कि अभी तक डिबेट चल रही

179
00:12:55,680 --> 00:13:01,200
है लगातार।

180
00:13:01,200 --> 00:13:06,560
हेलो

181
00:13:06,560 --> 00:13:08,630
हो गया गए

182
00:13:08,630 --> 00:13:13,040
[नाक से की जाने वाली आवाज़] भैया। एक विकेट डाउन हो गया है। शास्त्रवाद जी

183
00:13:13,040 --> 00:13:17,520
आप जरा Google पर वह देख लीजिएगा।

184
00:13:17,520 --> 00:13:21,680
इनकी वेबसाइट पर और भी कुछ सीरीज है। सेवन वाली सीरीज भी है इनकी।

185
00:13:21,680 --> 00:13:25,760
मुझे और नंबर चाहिए होंगे। एक विकेट डाउन हो गया भाई। चलो

186
00:13:25,760 --> 00:13:31,760
दूसरा इस सीरीज में अगला नंबर मिलाते हैं।

187
00:13:34,480 --> 00:13:38,160
8280 [नाक से की जाने वाली आवाज़]

188
00:13:38,160 --> 00:13:42,720
54

189
00:13:42,720 --> 00:13:46,960
अरे रामपाल वालों कहां चले गए सब के सब

190
00:13:46,960 --> 00:13:51,840
यही जियाले आए थे मनुवादियों से शास्त्रार्थ करने

191
00:13:51,840 --> 00:13:55,920
क्या हुआ बचपन में मां का दूध नहीं पिया क्या जो फोन

192
00:13:55,920 --> 00:14:00,080
काट काट करके भाग रहे हो हैं ये

193
00:14:00,080 --> 00:14:04,720
दिन आ गए तुम्हारे अरे अपने तत्व ज्ञानी से थोड़ा तत्व लेके आओ

194
00:14:04,720 --> 00:14:09,200
थोड़ी खीर पी लो जो तुम्हारी तैयारी हो वो कर लो क्या हुआ

195
00:14:09,200 --> 00:14:13,520
कौन फोन उठाओ ना। फोन काट के क्यों भाग रहे हो?

196
00:14:13,520 --> 00:14:19,520
हां।

197
00:14:20,020 --> 00:14:26,020
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

198
00:14:27,920 --> 00:14:32,000
ये इनके 15 करोड़ शिष्य। क्या रामपाल वाले जो

199
00:14:32,000 --> 00:14:38,000
15 करोड़ शिष्य हैं उसमें किसी मां ने किसी पुरुष को जन्म नहीं दिया क्या?

200
00:14:38,080 --> 00:14:42,640
सब नपुंसक पैदा किए हैं क्या प्रार्थना करने

201
00:14:42,640 --> 00:14:47,040
पहली बात तो 15 करोड़ शिष्य वाली बात ही बहुत बड़ा एक घपला है

202
00:14:47,040 --> 00:14:51,200
मगर ये जो चैलेंज किया करते हैं कि भैया शंकराचार्य

203
00:14:51,200 --> 00:14:55,520
और सब पाखंडी है सब अधर्मी है हमारे देवी देवताओं को गाली देते हैं

204
00:14:55,520 --> 00:14:59,680
कृपया क्या हो गया अब कोई मनुवादी आ रहा है तुमसे बात

205
00:14:59,680 --> 00:15:03,760
करने के लिए तो भाग क्यों रहे हो भाई शंका समाधान के लिए कृपया

206
00:15:03,760 --> 00:15:09,040
चार दबाएं संत रामपाल जी महाराज जी से

207
00:15:09,040 --> 00:15:13,200
अबकी बार पांच दबाएंगे। लाइव पर बने रह। आपका कॉल हमारे लिए

208
00:15:13,200 --> 00:15:17,200
महत्वपूर्ण है। अभी हमारे प्रतिनिधि आपसे बात

209
00:15:17,200 --> 00:15:23,200
करेंगे।

210
00:15:26,640 --> 00:15:32,080
निकल गई सारी एकड़ी।

211
00:15:32,080 --> 00:15:38,080
[संगीत]

212
00:15:44,720 --> 00:15:48,720
ये है 15 करोड़ शिष्यों की सेना धिक्कार

213
00:15:48,720 --> 00:15:54,720
है हां जी जय श्री राम

214
00:15:55,360 --> 00:15:59,520
जय श्री राम ले लो एक

215
00:15:59,520 --> 00:16:02,640
मनुवादी शिवश

216
00:16:02,640 --> 00:16:07,040
रामपाल और उसके 15 करोड़ शिष्य

217
00:16:07,040 --> 00:16:12,240
एक मनुवादी शिवश देख लो देख लो अपने बाबा को

218
00:16:12,240 --> 00:16:18,240
अरे भैया सवाल का जवाब लेकर के आओ ना

219
00:16:19,760 --> 00:16:23,840
82 कोई तो आए कोई तो होगा जिसमें

220
00:16:23,840 --> 00:16:29,840
पुरुषत्व होगा कोई तो टिकेगा

221
00:16:31,280 --> 00:16:35,520
सब रिकॉर्ड बना रहे हैं। जल्दी भागेगा कौन?

222
00:16:35,520 --> 00:16:39,680
अबकी बार हम लोग पांच नंबर डायल करेंगे। उसमें बोलती है वो जो कंप्यूटर

223
00:16:39,680 --> 00:16:43,680
है वो आवाज आती है कि भाई किसी भी प्रकार की शंका समाधान

224
00:16:43,680 --> 00:16:46,400
के लिए जो है

225
00:16:46,400 --> 00:16:51,920
आप पांच दबाइए। अब पांच दबाएंगे। [नाक से की जाने वाली आवाज़] A2

226
00:16:51,920 --> 00:16:55,920
बहुत कॉल सेंटर खोले बैठे हो। व्यापारियों का अड्डा बना के

227
00:16:55,920 --> 00:17:00,320
बैठे हो। धार्मिक धर्म का व्यापार कर रहे हो ना। बहुत कॉल सेंटर

228
00:17:00,320 --> 00:17:04,560
बनाए हो हैं। सतलोक आश्रम बरवाला में आपका

229
00:17:04,560 --> 00:17:08,360
स्वागत है। कर स्वागत मेरा

230
00:17:08,360 --> 00:17:12,800
[हंसी] मेरा स्वागत करो। मनुवादी का स्वागत

231
00:17:12,800 --> 00:17:16,800
कहां चले गए?

232
00:17:16,800 --> 00:17:22,800
यही जियाले आए थे मनुवादियों से टक्कर लेने। यही आ थू

233
00:17:23,200 --> 00:17:27,280
गब्बर का डायलॉग है ना? यही जिया ले

234
00:17:27,280 --> 00:17:33,280
आए थे मनुवादियों से टक्कर लेने यही

235
00:17:35,870 --> 00:17:40,560
[नाक से की जाने वाली आवाज़] 8 ट्रिपल टू वही वाली बात है कि

236
00:17:40,560 --> 00:17:45,120
सतलोक आश्रमों में जब कोई सतलोक आश्रम में रामपालियों

237
00:17:45,120 --> 00:17:49,120
के यहां जब कोई बच्चा सोता नहीं होगा तो मां

238
00:17:49,120 --> 00:17:53,280
कहती होगी बेटे सो जा सो जा वरना शिवश आ

239
00:17:53,280 --> 00:17:58,800
जाएगा मनुवादी आ जाएगा का ये हाल है इनके यहां का।

240
00:17:58,800 --> 00:18:02,960
[नाक से की जाने वाली आवाज़] चलो भाई और आगे देखते हैं।

241
00:18:02,960 --> 00:18:08,960
8280

242
00:18:13,600 --> 00:18:19,600
हम्म।

243
00:18:21,360 --> 00:18:25,520
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत

244
00:18:25,520 --> 00:18:29,920
रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता

245
00:18:29,920 --> 00:18:34,160
करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा

246
00:18:34,160 --> 00:18:38,560
की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल जी महाराज

247
00:18:38,560 --> 00:18:43,600
द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के लिए कृपया तीन दबाएं।

248
00:18:43,600 --> 00:18:47,840
संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से संबंधित किसी भी प्रकार की

249
00:18:47,840 --> 00:18:52,000
शंका समाधान के लिए कृपया चार दबाएं। संत रामपाल जी

250
00:18:52,000 --> 00:18:56,080
महाराज जी से संबंधित किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के

251
00:18:56,080 --> 00:19:01,040
लिए हमारी प्रतिनिधि से बात करने के लिए नौ दबाएं।

252
00:19:01,040 --> 00:19:01,680
किसी

253
00:19:01,680 --> 00:19:03,840
[हंसी]

254
00:19:03,840 --> 00:19:07,920
पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

255
00:19:07,920 --> 00:19:13,920
जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे।

256
00:19:20,400 --> 00:19:21,120
जी

257
00:19:21,120 --> 00:19:26,000
हां जी जय श्री राम हां जी बोलिए जी ये

258
00:19:26,000 --> 00:19:30,240
एक रामपाल जी का एक वो है शास्त्रार्थ का चैलेंज तीन और

259
00:19:30,240 --> 00:19:35,280
चार तारीख को तो उसमें जुड़ेंगे कैसे हम जी

260
00:19:35,280 --> 00:19:39,600
उन्होंने चैलेंज दिया है ना उनके ज्ञान का कोई विरोध करके दिखाए

261
00:19:39,600 --> 00:19:43,840
शास्त्रों के आधार पर तो उसमें हम उसमें उसमें जुड़ेंगे कैसे? पहले आप पहले

262
00:19:43,840 --> 00:19:47,840
आप तीन या चार तारीख को सत्संग देखो। ठीक है। मतलब

263
00:19:47,840 --> 00:19:52,000
उसके बाद गुरुजी ने बोले आप जो भी उसमें से कोई गलत

264
00:19:52,000 --> 00:19:56,080
करके दिखा देगा। जी जी फिर गुरुजी आगे प्रोसेस बताएंगे। ठीक है। अच्छा

265
00:19:56,080 --> 00:20:00,160
अच्छा। तो मतलब ये है कि वो

266
00:20:00,160 --> 00:20:04,560
मतलब इसमें आमनासामना नहीं होगा। भाग गए।

267
00:20:04,560 --> 00:20:09,520
भागे भागे। दिल की धड़कन तेज हो जाती है क्या भाई?

268
00:20:09,520 --> 00:20:13,760
कैसे तत्व ज्ञानी है ये हैं

269
00:20:13,760 --> 00:20:15,200
कैसी सेना खड़ी की

270
00:20:15,200 --> 00:20:18,720
भैया

271
00:20:18,720 --> 00:20:21,920
बताइए

272
00:20:21,920 --> 00:20:27,920
शास्त्रवाद जी

273
00:20:28,640 --> 00:20:32,320
क्या हो क्या रहा है भाई ये

274
00:20:32,320 --> 00:20:37,960
भाग सब डर रहे हैं भैया सब डर रहे हैं

275
00:20:37,960 --> 00:20:43,600
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] बताइए बोल रहा है कौन शेर से पंगा लेगा भाई

276
00:20:43,600 --> 00:20:47,680
खिलौना हो गए खिलौना क्या तुम्हारे मतलब तुमको शर्म नहीं आ

277
00:20:47,680 --> 00:20:51,840
रही है क्या तुम लोगों को कितने बड़े खिलौने हो गए हो तुम मेरे जैसों

278
00:20:51,840 --> 00:20:57,520
के लिए खेल रहे हैं तुम्हारे साथ

279
00:20:57,520 --> 00:21:02,160
लाइव बेेजज्जती है लाइव

280
00:21:02,160 --> 00:21:08,160
डंके की चोट पे क्या कर रहे हो तुम लोग

281
00:21:09,200 --> 00:21:13,280
शर्म नहीं आ रही आएगी भी कैसे

282
00:21:13,280 --> 00:21:17,280
जब शर्म तब नहीं आई जब अपने पूर्वजों को गाली दी जब शर्म

283
00:21:17,280 --> 00:21:21,600
तब नहीं आई जब ब्रह्मा विष्णु महेश को गाली दी जब शर्म तब नहीं आई

284
00:21:21,600 --> 00:21:25,680
जब राम और कृष्ण को गाली दी जब शर्म तब नहीं आई जब दुर्गा माता

285
00:21:25,680 --> 00:21:30,080
को गाली दी तो अब क्यों आएगी शर्म भैया बरसात के कीचड़ में गिर जाना

286
00:21:30,080 --> 00:21:34,080
किसी के दो थप्पड़ खा लेना इस तरह से बेइज्जत हो जाना

287
00:21:34,080 --> 00:21:38,240
ये तो सामान्य बात है राम पालियों के लिए सीखा है

288
00:21:38,240 --> 00:21:42,480
ना उन्होंने अपने जेल कट्टू से जिसको पकड़

289
00:21:42,480 --> 00:21:46,560
पकड़ के घसीट के पुलिस ले जाती है जेल फिर वो 12 साल बाद छूट

290
00:21:46,560 --> 00:21:52,480
के आता है ये सब अनुकरण करने योग्य चीजें हैं। है ना?

291
00:21:52,480 --> 00:21:55,910
इसीलिए

292
00:21:55,910 --> 00:21:59,760
[गहरी सांस लेने की आवाज़]

293
00:21:59,760 --> 00:22:04,000
केवल कॉल सेंटर का ही नंबर मुझे दीजिए। अभी पहले जो नाम

294
00:22:04,000 --> 00:22:08,160
दान इनके ऑफिशियल ऐसे नहीं कि किसी को हमने व्यक्तिगत फोन मिलाया जिससे बाद में

295
00:22:08,160 --> 00:22:12,320
वह तो हमारा आदमी है ही नहीं। कॉल सेंटर का नंबर आपने वो वेबसाइट से निकाला क्या? एक

296
00:22:12,320 --> 00:22:16,560
सेवन वाली सीरीज है एक दूसरी।

297
00:22:16,560 --> 00:22:21,280
निकाल रहा हूं भैया। सेवन वाली हां सेवन वाली सीरीज निकालिए

298
00:22:21,280 --> 00:22:26,320
नंबर्स की।

299
00:22:26,320 --> 00:22:30,560
लगता है खीर खा रहे होंगे जाकर के। थोड़ी खीर दो बाबा।

300
00:22:30,560 --> 00:22:34,720
आज हंटिंग पर निकला हुआ है शिवश। अब तो वैसा

301
00:22:34,720 --> 00:22:38,800
हाल हो गया जैसे वह किंग वगैरह नहीं होते

302
00:22:38,800 --> 00:22:42,800
थे कि भैया उस समय जब वो निकले दौरे पे तो सब अपना अंदर छुप जाओ।

303
00:22:42,800 --> 00:22:47,680
हुकूमत हुकूमत धर्मेंद्र की ऐसी फिल्में नहीं आती थी जिसमें वो टेरर होता था।

304
00:22:47,680 --> 00:22:51,840
तो जब वह निकलते थे सायरन बजाते हुए एक तानाशाह होता

305
00:22:51,840 --> 00:22:55,920
था उस टापू का आइलैंड का और जब वह निकलते

306
00:22:55,920 --> 00:23:00,000
थे सायरन बजाते हुए सब लोग अपने अपने घर के अंदर अपना बैठ जाते

307
00:23:00,000 --> 00:23:05,280
थे दहशत फैलाते हुए निकलते थे वैसे ही दहशत हो गई है

308
00:23:05,280 --> 00:23:11,280
तहलका

309
00:23:22,400 --> 00:23:28,400
अ

310
00:23:43,920 --> 00:23:48,000
एक सज्जन हमें फोन कर रहे हैं और वह कोई प्रमाण दिखाना चाहते हैं। अभी

311
00:23:48,000 --> 00:23:52,240
क्या है कि प्रमाण जो आप जो प्रमाण ला रहे हैं वो किसी एक अलग

312
00:23:52,240 --> 00:23:56,400
से लाइव होगी उसमें हम रखेंगे। आप मुझे भेजेंगे मैं उसको संभाल के रखूंगा

313
00:23:56,400 --> 00:24:00,560
और प्रॉपर एक सुनियोजित तरीके से उसको रखेंगे। अभी जो लाइव चल

314
00:24:00,560 --> 00:24:04,640
रही है वो है इनसे जो इनका जो सेंटर है जिसमें जो इनके 15

315
00:24:04,640 --> 00:24:08,720
करोड़ शिष्यों का प्रतिनिधित्व करता है वो भी ऑफिशियली ऐसे

316
00:24:08,720 --> 00:24:12,960
नहीं कि कोई चपड़ू अपने मन से बन गया और हमने उसको मेहनत करके पटक दिया

317
00:24:12,960 --> 00:24:16,960
उसके बाद पता चला यह तो है ही नहीं ये तो हमारा ऑफिशियल आदमी है

318
00:24:16,960 --> 00:24:20,960
ही नहीं वो नहीं सीधे सीधे घर

319
00:24:20,960 --> 00:24:26,960
में बैठे हुए व्यक्ति के पास है ना

320
00:24:27,040 --> 00:24:33,040
हां तो सीरीज का अगला नंबर मिलाते हैं।2

321
00:24:36,640 --> 00:24:42,640
शास्त्र जी आपको मिला दूसरी सीरीज मिली आपको सेवन वाली

322
00:24:42,880 --> 00:24:47,040
जी वो 70 से चालू हो रही है नंबर सब कुछ

323
00:24:47,040 --> 00:24:53,040
है एक मिनट अभी मांगता हूं बस एक बार और ट्राई कर लूं

324
00:24:57,520 --> 00:25:01,680
देखिए इसमें प्रश्न क्या है

325
00:25:01,680 --> 00:25:05,680
कि क्या अपने अपने चैनल पर अपने पक्ष

326
00:25:05,680 --> 00:25:10,160
को बता देना डिबेट है या शास्त्रार्थ है?

327
00:25:10,160 --> 00:25:14,480
अगर है तो जो लोग अभी भी कर रहे हैं खंडन उसमें

328
00:25:14,480 --> 00:25:19,120
रामपाल जीत रहा है हार रहा है वो वो डिबेट चल रही है कि नहीं चल रही।

329
00:25:19,120 --> 00:25:23,360
दूसरी बात कुछ शास्त्रीय पक्ष है तुरंत व्यक्ति सामने वाला फिर बताए भैया इसमें रामपाल

330
00:25:23,360 --> 00:25:28,880
कैसे सही है तुरंत बताएगा तीसरी बात यह है कि अगर

331
00:25:28,880 --> 00:25:32,880
शास्त्रार्थ तब होता है या डिबेट तब होती है जब

332
00:25:32,880 --> 00:25:37,040
जैसे कि एक बात आती है कि भाई उन्होंने वो चल रहा है चल रहा है मगर एक जो उन्होंने कहा

333
00:25:37,040 --> 00:25:41,280
है तो इसलिए तीन चार के बाद जब ऐसा होगा तो उसको डिबेट माना जाएगा उसमें

334
00:25:41,280 --> 00:25:47,280
भी एक बहुत बड़ा फॉल्ट है। वह फॉल्ट क्या है कि

335
00:25:47,520 --> 00:25:51,600
कई अलग-अलग मान्यताओं को मानने वाले लोग बैठे हुए हैं और वह अपना

336
00:25:51,600 --> 00:25:56,160
अपना पक्ष बताएंगे और जो पक्ष रामपाल से मैच नहीं खाएगा तो

337
00:25:56,160 --> 00:26:00,480
उसमें से उस स्थिति में कितने शास्त्रार्थ माने जाएंगे

338
00:26:00,480 --> 00:26:04,640
उनका आपस में भी माना जाएगा। कितने शास्त्रार्थ माने जाएंगे फिर उस

339
00:26:04,640 --> 00:26:08,640
स्थिति में? जैसे मान लीजिए आर्य समाज वाला भी वीडियो

340
00:26:08,640 --> 00:26:12,880
बना रहा है। हम भी बना रहे हैं। ठीक है? तो हमारी भी आपस

341
00:26:12,880 --> 00:26:17,360
में कहीं ना कहीं कोई ना कोई बात आपस में अंतर है तो किसके किसके बीच में शास्त्रार्थ

342
00:26:17,360 --> 00:26:21,760
माना जाएगा और रामपाल का कौन-कौन सा शास्त्रार्थ माना जाएगा कि किस-किस

343
00:26:21,760 --> 00:26:25,840
के साथ उसका शास्त्रार्थ हुआ भाई हजारों लोग हजार लोगों ने मान

344
00:26:25,840 --> 00:26:29,840
लो वीडियो बना दी तो हजार शास्त्रार्थ किए माना जाएगा इसका पैरामीटर क्या

345
00:26:29,840 --> 00:26:33,840
है किसी चीज को शास्त्रार्थ मानने का और दूसरी बात कि अगर घोषणा

346
00:26:33,840 --> 00:26:38,000
करने के बाद अपने अपने पक्ष को अपने अपने चैनल पर बैठकर रखना

347
00:26:38,000 --> 00:26:42,160
ही शास्त्रार्थ है। घोषणा करने घोषणा किए बिना नहीं

348
00:26:42,160 --> 00:26:46,480
इसके बिना नहीं है तो फिर अब सवाल ये आएगा कि जब तुमने

349
00:26:46,480 --> 00:26:50,720
अन्य आचार्यों का नाम लेकर के शंकराचार्य वर्सेस

350
00:26:50,720 --> 00:26:54,960
रामपाल जी जगतुगुरु तत्वदर्शी ये वो अनिरुद्धाचार्य व

351
00:26:54,960 --> 00:26:58,960
ये जब तुमने डिबेट जैसा माहौल बनाया तो तुमने पूछा था अनिरुद्धाचार्य

352
00:26:58,960 --> 00:27:02,560
से उनसे पूछा था कि तुमने घोषणा की

353
00:27:02,560 --> 00:27:06,560
है कि नहीं मैं डिबेट के रूप में इसको लूं कि नहीं भाई उन्होंने भी तो अपना पक्ष ही रखा

354
00:27:06,560 --> 00:27:11,840
था तो तुमने उनका पक्ष उठा करके अपना जवाब दे दिया उसको शास्त्रार्थ नाम दे दिया

355
00:27:11,840 --> 00:27:16,720
तो यदि अपना अपना पक्ष शास्त्रार्थ

356
00:27:16,720 --> 00:27:21,040
नहीं है तो फिर ये शास्त्रार्थ मत कहो इसे और घोषणा

357
00:27:21,040 --> 00:27:25,200
करने के बाद अपना अपना पक्ष रखना शास्त्रार्थ है तो फिर तुम उनको डिबेट क्यों कहते हो

358
00:27:25,200 --> 00:27:29,280
उनको शास्त्रार्थ क्यों कहते हो ये सारी बातें हैं ना

359
00:27:29,280 --> 00:27:33,440
यह ठस बुद्धियों की समझ में नहीं आता है चलिए अगला सीरीज

360
00:27:33,440 --> 00:27:36,800
का अगला नंबर मिलाते हैं

361
00:27:36,800 --> 00:27:41,750
चौथा नंबर है सीरीज

362
00:27:41,750 --> 00:27:47,040
[खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़]

363
00:27:47,040 --> 00:27:51,200
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत

364
00:27:51,200 --> 00:27:55,520
रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता

365
00:27:55,520 --> 00:27:58,800
करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज

366
00:27:58,800 --> 00:28:03,040
के नाम दीक्षा की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत

367
00:28:03,040 --> 00:28:07,120
रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के

368
00:28:07,120 --> 00:28:11,200
लिए कृपया तीन दबाएं। संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान

369
00:28:11,200 --> 00:28:15,520
से संबंधित किसी भी प्रकार की शंका समाधान के लिए कृपया

370
00:28:15,520 --> 00:28:19,520
चार दबाएं। किसी भी प्रकार महाराज जी से कोई लिमिट नहीं

371
00:28:19,520 --> 00:28:23,680
है। अन्य जानकारी के लिए भक्त केवल भक्त होगा

372
00:28:23,680 --> 00:28:27,760
वही करेगा। नौ दबाएं चार दबा दिया

373
00:28:27,760 --> 00:28:32,000
है। किसी भी प्रकार कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे

374
00:28:32,000 --> 00:28:36,240
लिए महत्वपूर्ण है। [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात

375
00:28:36,240 --> 00:28:42,240
करेंगे।

376
00:28:55,120 --> 00:28:59,360
बेचारे परेशान होंगे हमें। हमें इस सेवा से हटा दो और कोई सेवा लगा दो

377
00:28:59,360 --> 00:29:05,360
हमारी।

378
00:29:09,920 --> 00:29:13,920
हां जी जय श्री राम।

379
00:29:13,920 --> 00:29:18,960
जी भाई साहब अरे तो शुरू होते ही खत्म हो गए भैया

380
00:29:18,960 --> 00:29:22,960
क्या कर रहे हो यार किसी ने मां का दूध पिया ही नहीं है

381
00:29:22,960 --> 00:29:26,080
सब ने खीर ही खाई है लग रहा है इसीलिए कहते हैं

382
00:29:26,080 --> 00:29:30,160
मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में देख रहे हो क्या

383
00:29:30,160 --> 00:29:34,320
हाल है जब निकलता है हंटिंग पे शिवश

384
00:29:34,320 --> 00:29:37,440
नारायण द्विवेदी मनुवादी

385
00:29:37,440 --> 00:29:41,600
इसीलिए 15 करोड़ शिष्य वो क्या वो क्या डायलॉग

386
00:29:41,600 --> 00:29:45,600
था गदर में कि अरे मैंने उसको

387
00:29:45,600 --> 00:29:49,680
जट को संभालने के लिए 200 सूरमा खड़े किए थे। फिर वह कहता

388
00:29:49,680 --> 00:29:53,680
है बाद में जब गदर हो जाता है वहां पे कि तुम्हारे 200 सुरमाओं को उस

389
00:29:53,680 --> 00:29:59,360
जट ने बना दिया। याद है वो डायलॉग

390
00:29:59,360 --> 00:30:03,520
डायलॉग सुन वही हो रहा है भैया। इनके 15 करोड़

391
00:30:03,520 --> 00:30:09,520
सुरमाओं को एक मनुवादी ने। [हंसी]

392
00:30:10,640 --> 00:30:14,800
हां भाई। चलो अब वो दूसरी सीरीज बताइए शायद वो लोग प्रिपेयर ना

393
00:30:14,800 --> 00:30:18,960
हो। यहां मैंने मैंने डाला है प्राइवेट

394
00:30:18,960 --> 00:30:23,040
चैट पे। अच्छा प्राइवेट चैट

395
00:30:23,040 --> 00:30:27,280
पर डाला है। कहां मिलेगी प्राइवेट चैट? आप

396
00:30:27,280 --> 00:30:32,710
बोल दीजिए ना लास्ट का। अच्छा लास्ट का नंबर तो तब भी देखना ही पड़ेगा।

397
00:30:32,710 --> 00:30:37,520
[नाक से की जाने वाली आवाज़] वो आप वेबसाइट से दिखा देते। वेबसाइट पर अवेलेबल है ना वह

398
00:30:37,520 --> 00:30:43,520
पेज दिखा सकते हैं वेबसाइट से।

399
00:30:46,400 --> 00:30:50,560
एक लगाकर देखा है। मैंने लगा के देखा है अभी ये सतलोक

400
00:30:50,560 --> 00:30:54,960
का ही है। उसी व का हां ठीक है। आप मुझे WhatsApp कर दीजिए। वो

401
00:30:54,960 --> 00:31:00,960
कर सकते हैं। जी जी अभी कर दे रहे हैं। हां।

402
00:31:07,430 --> 00:31:13,430
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

403
00:31:25,520 --> 00:31:31,520
कर दिया भैया।

404
00:31:32,320 --> 00:31:37,360
[नाक से की जाने वाली आवाज़] बहुत हाल खराब है 15 करोड़ शिष्यों का।

405
00:31:37,360 --> 00:31:40,560
हैं।

406
00:31:40,560 --> 00:31:46,560
बहुत अधिक है भैया। बहुत खौफ है आपका। [हंसी]

407
00:31:48,800 --> 00:31:53,280
जब शेर आ जाता है ना तो सब ऐसे ही भागते हैं। कहा

408
00:31:53,280 --> 00:31:59,280
[नाक से की जाने वाली आवाज़] था शेर का बच्चा एक ही अच्छा। समझ में नहीं आया।

409
00:32:10,960 --> 00:32:15,040
15 करोड़ में एक व्यक्ति नहीं है जो सामना करने के लिए

410
00:32:15,040 --> 00:32:21,040
हो एक भी एक भी नहीं

411
00:32:21,040 --> 00:32:25,040
एक में भी सामर्थ्य नहीं है भैया आपसे बात कर ले लगता [नाक से की जाने वाली आवाज़] है

412
00:32:25,040 --> 00:32:29,120
बचपन में मां का दूध नहीं पिया

413
00:32:29,120 --> 00:32:33,120
देखिए कॉल सेंटर में बात करना जरूरी क्यों है? इस बात

414
00:32:33,120 --> 00:32:37,600
को समझिए। एक प्राइवेसी नामक वो है

415
00:32:37,600 --> 00:32:41,680
कानून। ठीक है? कि आप किसी की व्यक्तिगत प्राइवेसी को भंग नहीं कर

416
00:32:41,680 --> 00:32:45,920
सकते। तो हम इन्होंने जैसे कोई नंबर बताया और उस पर हम फोन

417
00:32:45,920 --> 00:32:50,240
लगा दे और वो पता नहीं वो व्यक्ति वो हो या ना हो किसी को और को हमसे इंटैक्ट

418
00:32:50,240 --> 00:32:54,240
करा रहे। वो तो एक अलग बात है। मगर यहां कॉल सेंटर से बात करने का फायदा

419
00:32:54,240 --> 00:32:58,240
यह है कि कॉल सेंटर सबसे पहले तो एक सार्वजनिक है। वो व्यक्तिगत नहीं है। किसी की प्राइवेसी वहां

420
00:32:58,240 --> 00:33:02,320
भंग नहीं हो रही। दूसरी बात यह है कि कॉल सेंटर यह क्लेम ले रहा है कि

421
00:33:02,320 --> 00:33:06,640
वो यह जो किताबें है ना इनसे जुड़ा हुआ है। तो इस

422
00:33:06,640 --> 00:33:10,720
संबंध में वो आदमी कुछ कर ही नहीं सकता जो कॉल सेंटर से जुड़ा हुआ है क्योंकि वो

423
00:33:10,720 --> 00:33:14,800
कॉल सेंटर इस बारे में है कि रामपाल की किताबें और रामपाल की किताबें

424
00:33:14,800 --> 00:33:18,960
अवैध है। इललीगल है। पुलिस उसे ढूंढ रही है। तो वो इस क्लेम को लेते

425
00:33:18,960 --> 00:33:22,960
हुए कुछ भी चीजें नहीं कर सकता। इसलिए कॉल सेंटर पर कॉल

426
00:33:22,960 --> 00:33:27,200
किया था और सबसे बड़ी बात है यह किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं हो रही है। एक सार्वजनिक

427
00:33:27,200 --> 00:33:31,440
नंबर की बात हो रही है। उसमें किसी व्यक्ति की प्राइवेसी की कोई बात ही नहीं है।

428
00:33:31,440 --> 00:33:35,760
ठीक है? तो इसलिए कॉल सेंटर पर बताए गए नंबर किसी अन्य व्यक्तिगत

429
00:33:35,760 --> 00:33:36,260
नंबर

430
00:33:36,080 --> 00:33:40,160
पर लाइव में कॉल मिलाना हम उचित नहीं समझते।

431
00:33:40,160 --> 00:33:44,160
पर आज हमने थोड़ी समाधान किया था कि अगर ये कुछ बताएंगे कोई

432
00:33:44,160 --> 00:33:48,160
नंबर तो उस पर फिर जो है पहले कैमरा ऑफ करके

433
00:33:48,160 --> 00:33:52,160
पहले उसको समझ लेंगे कि वो व्यक्ति है कि नहीं। सतलोक आश्रम से जुड़ा

434
00:33:52,160 --> 00:33:56,160
हुआ, किताबों से जुड़ा हुआ और फिर जो है हम उसके साथ अपनी

435
00:33:56,160 --> 00:34:00,160
चर्चा को लाइव करेंगे। यह सोचा था। पर अभी तो ये नंबर भी बताने

436
00:34:00,160 --> 00:34:03,620
से भाग रहे हैं।

437
00:34:03,620 --> 00:34:07,920
[नाक से की जाने वाली आवाज़] अब सीधे यही पूछूंगा अबकी बार अगर उठा लिया डरे नहीं। भागना नहीं, भागना नहीं।

438
00:34:07,920 --> 00:34:12,720
तू नंबर बता भाई। क्यों?

439
00:34:12,720 --> 00:34:18,720
जी भैया बिल्कुल।

440
00:34:23,270 --> 00:34:25,440
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

441
00:34:25,440 --> 00:34:29,360
अरे इसको बंद करो। हेलो

442
00:34:29,360 --> 00:34:35,360
आश्रम बरवाला में आपका

443
00:34:50,960 --> 00:34:56,960
बंद करो बंद

444
00:34:57,600 --> 00:35:01,920
संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश

445
00:35:01,920 --> 00:35:06,160
पता करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से नाम

446
00:35:06,160 --> 00:35:10,400
दीक्षा की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल

447
00:35:10,400 --> 00:35:14,800
जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के लिए कृपया

448
00:35:14,800 --> 00:35:18,800
तीन दबाएं। संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से संबंधित

449
00:35:18,800 --> 00:35:23,440
किसी भी प्रकार की शंका समाधान के लिए कृपया चार दबाएं।

450
00:35:23,440 --> 00:35:29,280
संत रामपाल जी महाराज जी से संबंधित किसी भी प्रकार

451
00:35:29,280 --> 00:35:33,680
कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

452
00:35:33,680 --> 00:35:39,680
है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे।

453
00:35:51,040 --> 00:35:57,040
[संगीत]

454
00:35:59,120 --> 00:36:05,120
ये दूसरी वाली सीरीज पे कॉल किया है वो सेवन वाली पे।

455
00:36:07,840 --> 00:36:12,720
अरे अरे यार अब तो ये ये देख रहे हो क्या हो रहा है ये

456
00:36:12,720 --> 00:36:17,840
आवाज सुने बिना भी क्या वैसे ही भनक हो रही है क्या [हंसी]

457
00:36:17,840 --> 00:36:22,960
लाइव देख रहे होंगे भैया

458
00:36:22,960 --> 00:36:27,200
इसको कहते हैं शटर बंद कराना कॉल सेंटर

459
00:36:27,200 --> 00:36:31,440
का शटर बंद हो रहा है ना जैसे ही तुम्हारे नाम दान सेंटर्स का आश्रमों

460
00:36:31,440 --> 00:36:35,600
का शटर बंद होगा नहीं तो अपनी किताबों को खुद

461
00:36:35,600 --> 00:36:39,760
ही बैन कर दो। अपनी सारी सामग्री सोशल मीडिया पर जितना सनातन

462
00:36:39,760 --> 00:36:43,760
धर्म के विरोध में फैलाई है सब समेट लो और खूब कबीर

463
00:36:43,760 --> 00:36:47,760
की भक्ति करो बिना ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश का नाम लिए बिना वेद

464
00:36:47,760 --> 00:36:53,760
का नाम लिए। खूब करो कबीर की भक्ति। समझे?

465
00:36:53,920 --> 00:36:58,080
ऐसे ही भाग रहे हैं यार। अब तो आवाज भी नहीं सुन रहे। क्या बात है?

466
00:36:58,080 --> 00:37:02,080
क्या हो गया 15 करोड़ शिष्यों को? बचपन

467
00:37:02,080 --> 00:37:06,320
में मां का दूध नहीं पिया क्या? हां कहां

468
00:37:06,320 --> 00:37:10,720
चले गए सब के सब रामपाल और उसके 15 करोड़ शिष्य से सतलोक

469
00:37:10,720 --> 00:37:14,320
आश्रम का बरवाला का कॉल सेंटर खोल के

470
00:37:14,320 --> 00:37:18,800
कहां चले गए किसी ने अपनी मां का दूध नहीं पिया क्या

471
00:37:18,800 --> 00:37:22,880
चैलेंज कर रहे हो तुम शंकराचार्यों को हमारे देवी देवताओं का अपमान कर

472
00:37:22,880 --> 00:37:26,880
रहे हो हमारे धर्म ग्रंथों का आचार्यों का अपमान कर रहे हो आज

473
00:37:26,880 --> 00:37:31,920
एक मनुवादी सामने आ गया तो भाग रहे हो

474
00:37:31,920 --> 00:37:35,920
अरे शंका समाधान का डिपार्ट मेंट खोला है ना तुमने बहुत बड़े

475
00:37:35,920 --> 00:37:41,440
ज्ञानी ततज्ञानी हो ना ततज्ञानी उठाओ फोन

476
00:37:41,440 --> 00:37:47,440
करो मनुवादी से बात

477
00:37:48,960 --> 00:37:53,680
आज एक सैनिक खड़ा है एक सैनिक सोचो ऐसे

478
00:37:53,680 --> 00:37:58,000
मनुवादी ऐसे शंकराचार्य के अगर थोड़े बहुत भी और सैनिक

479
00:37:58,000 --> 00:38:02,000
खड़े हो गए ना ये पूरे जितने अधर्मी घूम रहे हैं ना यह पूरे

480
00:38:02,000 --> 00:38:06,080
जितने अधर्मी घूम रहे सब अपने आप या तो लाइन पे आ जाएंगे या

481
00:38:06,080 --> 00:38:12,080
क्षुमंतर हो जाएंगे।

482
00:38:12,080 --> 00:38:17,110
ऐसे ही ऐसे ही

483
00:38:17,110 --> 00:38:20,400
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

484
00:38:20,400 --> 00:38:26,400
70 27008

485
00:38:32,000 --> 00:38:36,400
यह छठवा कॉल कर रहा हूं सतलोक आश्रम

486
00:38:36,400 --> 00:38:42,400
में कॉल सेंटर में

487
00:38:49,210 --> 00:38:52,640
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

488
00:38:52,640 --> 00:38:56,720
पहाड़ी जी क्या कह रहे हैं शांत शिवश भाई

489
00:38:56,720 --> 00:39:01,120
शांत हो सकता है कि वो अभी खीर के पतीले में पतीले धोने में व्यस्त

490
00:39:01,120 --> 00:39:05,120
हो [हंसी]

491
00:39:05,120 --> 00:39:10,240
हम

492
00:39:10,240 --> 00:39:15,410
तो हम मिलाते हैं कॉल

493
00:39:15,410 --> 00:39:21,410
[नाक से की जाने वाली आवाज़] 702700800

494
00:39:26,000 --> 00:39:30,160
तो भैया [गहरी सांस लेने की आवाज़] चलो भैया इनके किताबों के कॉल सेंटर पर कॉल

495
00:39:30,160 --> 00:39:36,160
मिलाएं।

496
00:39:42,080 --> 00:39:46,320
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत

497
00:39:46,320 --> 00:39:50,640
रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता

498
00:39:50,640 --> 00:39:54,880
करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा

499
00:39:54,880 --> 00:39:58,880
की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल जी

500
00:39:58,880 --> 00:40:03,040
महाराज द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के लिए कृपया

501
00:40:03,040 --> 00:40:07,040
तीन दबाएं। संत रामपाल जी महाराज की ज्ञान से संबंधित

502
00:40:07,040 --> 00:40:11,680
किसी भी प्रकार की शंका समाधान के लिए कृपया चार दबाएं।

503
00:40:11,680 --> 00:40:17,040
संत रामपाल जी महाराज तीसरी नंबर

504
00:40:17,040 --> 00:40:21,360
कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

505
00:40:21,360 --> 00:40:23,680
है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि

506
00:40:23,680 --> 00:40:28,320
आपसे बात करेंगे।

507
00:40:28,320 --> 00:40:34,320
छठवें नंबर का कॉल है। नोट करते जाना।

508
00:40:35,840 --> 00:40:40,880
15 करोड़ 15 करोड़ों के नेता।

509
00:40:40,880 --> 00:40:45,440
हां जी। जय श्री राम।

510
00:40:45,440 --> 00:40:49,520
जय श्री राम। लो यह

511
00:40:49,520 --> 00:40:54,720
है 15 करोड़ शिष्यों का हाल। देख रहे हो?

512
00:40:54,720 --> 00:40:59,120
देख रहे हो संत रामपाल जी महाराज

513
00:40:59,120 --> 00:41:05,120
के ज्ञान के संबंध में किसी भी प्रकार के प्रश्न के लिए चार दबाएं।

514
00:41:06,080 --> 00:41:10,690
चार दबाएं। अब मैं चार दबा रहा हूं तो उनको लग रहा है मैं उनका गला दबा रहा हूं।

515
00:41:10,690 --> 00:41:16,480
[हंसी]

516
00:41:16,480 --> 00:41:20,720
आपने उनको भैया काम करने नहीं दिया। भाई आपने उनको आपने उनको

517
00:41:20,720 --> 00:41:25,200
कॉल सेंटर से भगा दिया। अब वो सुभाष द्विवेदी

518
00:41:25,200 --> 00:41:29,200
यहां चार दबा रहा है। तुमको लग रहा है तुम्हारा गला दबा रहा हूं।

519
00:41:29,200 --> 00:41:33,200
ये जो ये एक मनुवादी वाली लाइव जो रखी है मैंने

520
00:41:33,200 --> 00:41:37,360
कब रखी है आज मैं सुबह प्रातः काल में व्यायाम नहीं कर पाया

521
00:41:37,360 --> 00:41:41,360
था। तो यह हुआ कि भाई व्यायाम का वो ना बिगड़े तो

522
00:41:41,360 --> 00:41:45,840
दिन में कर लेते। तो अभी दिन मैं जब व्यायाम कर रहा था तो मुझे लगा कि व्यायाम

523
00:41:45,840 --> 00:41:50,240
करने के बाद थोड़ी देर थोड़ा [नाक से की जाने वाली आवाज़] थोड़ा सा आराम

524
00:41:50,240 --> 00:41:54,560
लेना होता है क्योंकि बहुत हैवी अगर इंटेंस वर्कआउट

525
00:41:54,560 --> 00:41:58,640
अगर करते हैं तो फिर थोड़ा सा तो मैंने कहा उस 15 मिनट में क्या करेंगे

526
00:41:58,640 --> 00:42:02,640
15 20 मिनट आधे घंटे कुछ कार्य करें अध्ययन करें तो

527
00:42:02,640 --> 00:42:06,640
मैंने कहा कि आज जो है इनके 15 करोड़ शिष्यों की वो देख लेते हैं एक

528
00:42:06,640 --> 00:42:10,800
बार है ना तो डेडलिफ्ट की थी आज बहुत

529
00:42:10,800 --> 00:42:15,120
हैवी 190 किलो की रैप्स निकाली थी।

530
00:42:15,120 --> 00:42:19,200
तो भाई थोड़ा बैठने के लिए आया तो मैंने कहा चलो इसको चालू कर लेते हैं। यह

531
00:42:19,200 --> 00:42:23,200
इनका यह इनका स्तर है

532
00:42:23,200 --> 00:42:27,360
शंकराचार्य के शिष्यों के लिए ये मनुवादियों के लिए परंपरा

533
00:42:27,360 --> 00:42:31,520
प्राप्त आचार्यों के शिष्यों के लिए ये हो तुम। जो

534
00:42:31,520 --> 00:42:35,760
हम ऐसे बैठे-बठाए और तुमको तुम्हारे इस तरह से तुम्हें धूल

535
00:42:35,760 --> 00:42:39,920
चटाते। शर्म आनी चाहिए तुम लोगों को। सोच के तो देखो तुम्हारे हाल

536
00:42:39,920 --> 00:42:44,000
क्या हो गए हैं। तुम्हारे पास जवाब नहीं है। तुम्हारे बाबा बस दावे करते जा रहे।

537
00:42:44,000 --> 00:42:44,500
तुम्हारे

538
00:42:44,240 --> 00:42:48,480
बाबा की ओर से जवाब देने के लिए तुम्हारे पास कुछ नहीं है। हां कॉल

539
00:42:48,480 --> 00:42:52,640
सेंटर खोल के बैठे हो तुम। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और जिसको भी किसी हम

540
00:42:52,640 --> 00:42:57,040
हम देखो हम देखो मैं दावा कर रहा हूं किसी को भी अगर

541
00:42:57,040 --> 00:43:01,040
आना हो आ जाए सामने से चर्चा कर ले मेरे से। अगर रामपाल की ओर

542
00:43:01,040 --> 00:43:05,280
रामपाल अगर मेरे को किसी और चैनल पर बुलाना है तो रामपाल से घोषणा करवा

543
00:43:05,280 --> 00:43:09,280
ले। दूसरे चैनल पर आ जाऊंगा। नहीं तो मेरे चैनल पर

544
00:43:09,280 --> 00:43:14,160
आ जाए बीच के चैनल बीच के उसमें आ जाए

545
00:43:14,160 --> 00:43:18,160
है ना हमारा तो खुल खुला है दरवाजा

546
00:43:18,160 --> 00:43:22,960
जब तुमको जहां पिटना हो वहीं आके पीटेंगे कोई दिक्कत नहीं है

547
00:43:22,960 --> 00:43:27,280
जहां मार खानी हो वही मार खा लेना शास्त्रों से ज्ञान से

548
00:43:27,280 --> 00:43:31,280
हाथ पैर वाली की आवश्यकता नहीं है वो तो तुम तय वो तुम्हारा व्यवहार तय करेगा कि हाथ

549
00:43:31,280 --> 00:43:35,760
पैर की आवश्यकता पड़ेगी कि नहीं पड़ेगी वो तुम्हारा व्यवहार

550
00:43:35,760 --> 00:43:39,840
तय करेगा [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक बार जीरो दबा के

551
00:43:39,840 --> 00:43:45,270
देखें डायरेक्ट रमलू को

552
00:43:45,270 --> 00:43:48,550
[हंसी]

553
00:43:48,550 --> 00:43:51,040
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

554
00:43:51,040 --> 00:43:55,120
हां हमारे पास कई सारे न्यूट्रल चैनल है।

555
00:43:55,120 --> 00:43:59,200
किसी न्यूट्रल चैनल पर आ जाओ। पंडित जी का भी न्यूट्रल चैनल

556
00:43:59,200 --> 00:44:04,320
है।

557
00:44:04,320 --> 00:44:08,880
पंडित जी को लिंक भेज दें क्या? [नाक से की जाने वाली आवाज़] वो सर्वशक्तिमान

558
00:44:08,880 --> 00:44:14,880
वाले में लिंक डाल दीजिए आप शास्त्रवाद जी

559
00:44:16,640 --> 00:44:20,640
चलिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक कॉल और मिलाते हैं सातवा फिर छोड़ते हैं

560
00:44:20,640 --> 00:44:24,800
नहीं कोई 15 करोड़ शिष्यों में से जो एक मनुवादी शिवश नारायण द्विवेदी

561
00:44:24,800 --> 00:44:29,440
से बात कर सके देख रहे हो ये है तुम्हारी तुम्हारा

562
00:44:29,440 --> 00:44:34,160
तत्व ज्ञान

563
00:44:34,160 --> 00:44:38,320
अरे इनके जो सार्वजनिक नंबर है ना कॉल सेंटर वाले

564
00:44:38,320 --> 00:44:42,800
हम उसी पर कॉल कर रहे हैं। अब वहां से अगर कोई और कोई

565
00:44:42,800 --> 00:44:46,880
नंबर दिया जाएगा कॉल सेंटर से आधिकारिक रूप से तब हम किसी और को कॉल

566
00:44:46,880 --> 00:44:50,960
करेंगे और यदि उसने कहा कि भाई मैं वो हूं ही नहीं

567
00:44:50,960 --> 00:44:55,360
तो बात ही खत्म। कॉल सेंटर का समझ में आ जाएगा। झूठ बोल रहा है।

568
00:44:55,360 --> 00:44:59,360
[नाक से की जाने वाली आवाज़] सीधी सी बात है। किसी भी प्रकार की शंका

569
00:44:59,360 --> 00:45:03,360
या समाधान के लिए भी बात है तो यहां और तुम्हारे पास ज्ञान चर्चा के लिए अलग से

570
00:45:03,360 --> 00:45:07,520
जब नंबर है तो उन नंबर्स को यहां ऐड करो ना। यहां [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐड

571
00:45:07,520 --> 00:45:12,390
करो उसे।

572
00:45:12,390 --> 00:45:18,390
[गला साफ़ करने की आवाज़] मिलाते हैं। 70 2700800

573
00:45:24,800 --> 00:45:30,800
यह सातवां कॉल जाएगा। अब [नाक से की जाने वाली आवाज़]

574
00:45:37,920 --> 00:45:42,880
गलत लग गया क्या? सीधे बैल गई इस बार।

575
00:45:42,880 --> 00:45:46,880
826 के बाद 827 यह 827 वाला सीरीज में है

576
00:45:46,880 --> 00:45:52,880
क्या नंबर?

577
00:45:53,600 --> 00:45:59,600
जी जी भैया

578
00:46:05,440 --> 00:46:11,440
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

579
00:46:15,120 --> 00:46:19,440
हां जी जय श्री राम हेलो जय

580
00:46:19,440 --> 00:46:22,160
श्री राम

581
00:46:22,160 --> 00:46:25,280
जय श्री राम

582
00:46:25,280 --> 00:46:30,880
हेलो

583
00:46:30,880 --> 00:46:34,160
जय श्री राम

584
00:46:34,160 --> 00:46:38,320
अरे अरे बंदी छोड़ की जय तो बोलो भाई बंदी

585
00:46:38,320 --> 00:46:42,400
छ बंदी छोड़ की जय बोलने में शर्म आ रही है क्या बंदी बंदी में हो

586
00:46:42,400 --> 00:46:45,040
क्या

587
00:46:45,040 --> 00:46:49,200
हां हां

588
00:46:49,200 --> 00:46:53,200
हां ये कह रहा था मैं ये पुस्तकें मंगवाने के

589
00:46:53,200 --> 00:46:57,360
लिए यही नंबर है ना आपका सतलोक आश्रम से

590
00:46:57,360 --> 00:47:01,360
हां ठीक है ठीक है रामपाल की पुस्तकें है ना हां जी हां

591
00:47:01,360 --> 00:47:06,160
जी तो ये शंका समाधान के लिए मैंने कॉल लगाया आया था आपको

592
00:47:06,160 --> 00:47:12,160
शंका समाधान के लिए एक नंबर लिखो आप हां जी नंबर बोलो

593
00:47:12,480 --> 00:47:17,490
बोलो नंबर

594
00:47:17,490 --> 00:47:22,880
[गला साफ़ करने की आवाज़]

595
00:47:22,880 --> 00:47:27,920
एक मिनट आपकी आवाज आपकी आवाज और कोई भी सुन रहा है हां बोलिए 79

596
00:47:27,920 --> 00:47:32,960
88 070

597
00:47:32,960 --> 00:47:35,120
314

598
00:47:35,120 --> 00:47:39,200
अच्छा ये सतलोक आश्रम उनको बोलना कि सतलोक आश्रम से

599
00:47:39,200 --> 00:47:43,440
ज्ञान चर्चा के लिए नंबर दिया है। अच्छा से बात करेंगे। पूछता हूं पूछता

600
00:47:43,440 --> 00:47:49,440
हूं। ठीक है।

601
00:47:53,040 --> 00:47:59,040
798070

602
00:48:02,030 --> 00:48:08,030
[गला साफ़ करने की आवाज़]

603
00:48:48,400 --> 00:48:52,400
आप जिस व्यक्ति को कॉल कर रहे हैं, वह उत्तर नहीं दे

604
00:48:52,400 --> 00:48:56,400
रहे हैं। कृपया कुछ समय पश्चात प्रयास करें।

605
00:48:56,400 --> 00:49:00,640
द पर्सन योर कॉलिंग इज नॉट आंसरिंग प्लीज ट्राई लेटर।

606
00:49:00,640 --> 00:49:04,640
अच्छा इन्होंने उस दिन भी कई सारे नंबर नोट कराए थे ना। एक

607
00:49:04,640 --> 00:49:08,480
दो तीन मुझे याद आ गया। हां चलो

608
00:49:08,480 --> 00:49:12,560
तीन नंबर नोट कराए थे। इस पे एक-एक करके कॉल कर लेते हैं। एक दिन

609
00:49:12,560 --> 00:49:18,560
और कराए थे नंबर नोट।

610
00:49:28,880 --> 00:49:34,880
क्या था?

611
00:49:44,480 --> 00:49:49,760
नंबर वन

612
00:49:49,760 --> 00:49:53,840
भैया यह सतलोक आश्रम से ज्ञान चर्चा के लिए आपका नंबर दिया गया

613
00:49:53,840 --> 00:49:58,080
है। आप क्या सतलोक आश्रम से ही जुड़े हुए हैं। उसके प्रतिनिधि हैं।

614
00:49:58,080 --> 00:50:01,200
ज्ञान चर्चा के निमित्त

615
00:50:01,200 --> 00:50:06,240
हैं तो बताइएगा आप और

616
00:50:06,240 --> 00:50:10,960
किताबें जहां से बेची जाती है सतलोक आश्रम के कॉल सेंटर वहां से दिया गया नंबर।

617
00:50:10,960 --> 00:50:15,040
कॉल बैक करना अगर मेरा मैसेज मिल जाए तो और ज्ञान

618
00:50:15,040 --> 00:50:19,040
चर्चा का सामर्थ्य हो तो। मैं बोल रहा हूं मनुवादी शिवश

619
00:50:19,040 --> 00:50:23,360
नारायण द्विवेदी श्रीमद् जगतुगुरु शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर

620
00:50:23,360 --> 00:50:29,200
जी का एक अल्पज्ञ शिष्य और प्रभु श्री राम का एक साधारण भक्त

621
00:50:29,200 --> 00:50:32,160
ठीक है

622
00:50:32,160 --> 00:50:36,320
भाई बड़ा हाल खराब है कैसा तत्व ज्ञान है

623
00:50:36,320 --> 00:50:41,280
भाई [नाक से की जाने वाली आवाज़] मुझे लग रहा है सारा तत्व ज्ञान खीर में ही चला गया है

624
00:50:41,280 --> 00:50:45,920
और किसी रूप में इनको प्राप्त नहीं हुआ है छमा

625
00:50:45,920 --> 00:50:51,920
वेद बना दिया छम्मा छम्मा अरे छम्मा छम्मा

626
00:50:55,840 --> 00:51:00,200
छमम छमम वेद और आगे क्या है?

627
00:51:00,200 --> 00:51:04,320
[नाक से की जाने वाली आवाज़] एक नंबर और मिला लेते हैं। इनका नंबर लग नहीं रहा। फिर वापस कॉल बैक करेंगे इसी

628
00:51:04,320 --> 00:51:10,320
को जिसने फोन उठा के नंबर दिया था।

629
00:51:11,760 --> 00:51:17,520
98105250

630
00:51:17,520 --> 00:51:19,920
5250

631
00:51:19,920 --> 00:51:23,120
80

632
00:51:23,120 --> 00:51:29,120
525 0

633
00:51:33,360 --> 00:51:39,360
बेल तो जा रही है।

634
00:51:57,520 --> 00:51:58,080
जय श्री

635
00:51:58,080 --> 00:52:02,240
राम। हेलो श्री राम। जी

636
00:52:02,240 --> 00:52:06,800
ये सतलोक आश्रम कॉल सेंटर से बात कर रहे हैं। हां जी भैया।

637
00:52:06,800 --> 00:52:11,120
जहां से किताबें बेची जाती हैं रामपाल की।

638
00:52:11,120 --> 00:52:15,120
किताबें किताबों का सेंटर होता है। ये तो खाली आई सेंटर है।

639
00:52:15,120 --> 00:52:20,800
नहीं नहीं मतलब आप उससे जुड़े हुए हैं ना जो लोग किताबें बेचते हैं।

640
00:52:20,800 --> 00:52:25,200
किताबें बेचते नहीं है। किताबें तो जो है ना वो अलग डिपार्टमेंट है। डिपार्टमेंट

641
00:52:25,200 --> 00:52:29,520
अलग है। आप आप उनहीं के साथ में ही है ना जो किताबें भिजवाते

642
00:52:29,520 --> 00:52:33,600
हैं जो रामपाल जी की किताबें। जी सर। अच्छा अच्छा अच्छा तो हमें

643
00:52:33,600 --> 00:52:38,560
जो है ना आपका नंबर ज्ञान चर्चा के लिए दिया गया है वो कॉल सेंटर से।

644
00:52:38,560 --> 00:52:43,200
हां जी। हां जी। तो मैं पूछूं क्या आपसे? बताओ

645
00:52:43,200 --> 00:52:47,280
सर। ऐसा है रामपाल जी ने एक घोषणा की है कि भाई शास्त्रार्थ

646
00:52:47,280 --> 00:52:51,680
होगा तीन और चार तारीख को तो शास्त्रार्थ में जुड़ेंगे कैसे?

647
00:52:51,680 --> 00:52:55,840
जुड़ने के लिए नहीं है। आप इसको समझो क्या बोला उन्होंने? उन्होंने ये बोला है

648
00:52:55,840 --> 00:52:59,920
हां के जैसे दो पहले एग्जांपल दिया

649
00:52:59,920 --> 00:53:03,920
था एक दिन पहले कि जैसे दो वकील होते हैं वो मैं जानता हूं मैंने सुना है उनका मतलब

650
00:53:03,920 --> 00:53:07,920
इसका मतलब मैं मैं वो एग्जांपल मैं समझ गया कि दो वकील होते हैं

651
00:53:07,920 --> 00:53:12,560
जज के सामने बहस होती है तो वो अपना-अपना पक्ष रखते हैं निर्णय जज करता है

652
00:53:12,560 --> 00:53:13,520
तो इसमें

653
00:53:13,520 --> 00:53:17,680
इसमें बात ये आ रही है कि अ इसका

654
00:53:17,680 --> 00:53:21,680
मतलब एक बात क्लियर है सबसे पहले कि आमने सामने से चर्चा मतलब आमने

655
00:53:21,680 --> 00:53:25,680
सामने से डिबेट नहीं होगी ना तो ये तो

656
00:53:25,680 --> 00:53:29,680
ऐसे हो गया जैसे मान लो सुनो जैसे गुरुजी

657
00:53:29,680 --> 00:53:33,680
पूरा अपना मैं समझ गया कि हम अपना चैनल पे अपना वो विरोध करें जो

658
00:53:33,680 --> 00:53:38,240
करना है शास्त्रों के आधार पे ठीक है मैं समझ गया

659
00:53:38,240 --> 00:53:42,320
हां समझ गया वो पूरा सुना मैंने तो ये ये फिर डिबेट कहां रह

660
00:53:42,320 --> 00:53:46,320
गई ये तो ऐसे हो गया जैसे मान लो जैसे हिंदुस्तान और पाकिस्तान में युद्ध

661
00:53:46,320 --> 00:53:50,480
हो और हिंदुस्तान वालों से कहा जाए कि तुम अपने आप बम फोड़ो और पाकिस्तान वालों

662
00:53:50,480 --> 00:53:54,480
से कहा जाए तुम अपने आप बम फोड़ो और फिर किस किसके यहां ज्यादा ताकतवर बम थे

663
00:53:54,480 --> 00:53:58,480
इसका फैसला जनता कर लेगी। ये तो ऐसे हो गया। नहीं बम

664
00:53:58,480 --> 00:54:04,000
की बात नहीं है। शास्त्रों में प्रूफ होगा ना उसमें। नहीं नहीं आप समझे नहीं।

665
00:54:04,000 --> 00:54:08,000
मैं मैं मैं इसको मैं क्लियर करता हूं। जैसे इसमें बात ये आ रही

666
00:54:08,000 --> 00:54:12,080
है कि रामपाल जी कोई नई बात बदल अपनी पुरानी

667
00:54:12,080 --> 00:54:16,880
बातों को बदल के तो बताने वाले नहीं है। इस बार तीनों चार को कि बदलेंगे कोई बात।

668
00:54:16,880 --> 00:54:20,880
आप पहले सुनना ना ऐसा नहीं अंदाजा लगाया मैं अंदाजा

669
00:54:20,880 --> 00:54:25,600
नहीं अंदाजा नहीं भाई क्या आप ये मानते हो वो अपना ज्ञान बदल देते हैं

670
00:54:25,600 --> 00:54:28,720
बदलने वाली बात ही नहीं कह रहे हम बदलने वाली कहां से आ गई हम

671
00:54:28,720 --> 00:54:32,800
ये कह रहे हैं मैंने मैं ये कह रहा हूं एक चैप्टर दिया सुनो सुनो एक मिनट सुनो

672
00:54:32,800 --> 00:54:36,800
ठीक ठीक ठीक ठीक देखिए क्या होता है कि आप जब सत्संग करते हैं

673
00:54:36,800 --> 00:54:41,120
तो उसमें तीन चार टॉपिक होते हैं ठीक है एक ही टॉपिक दिया गया है के

674
00:54:41,120 --> 00:54:45,120
हमारे जो है ना षष्ठी रचना हां षष्ठी रचना का एक ही टॉपिक दिया

675
00:54:45,120 --> 00:54:49,120
गया है ठीक उसी रचना के ऊपर ही गुरु जी

676
00:54:49,120 --> 00:54:53,200
को बोलेंगे और शास्त्रों के मुताबिक बोलेंगे ठीक है फिर

677
00:54:53,200 --> 00:54:57,280
उसका विरोध करना है विरोध के लिए नहीं बोला भाई यदि आपको

678
00:54:57,280 --> 00:55:01,440
कोई कमी लगती है वही विरोध उसी उसी कमी को अगर लगती है तो वहां वो आप कमी

679
00:55:01,440 --> 00:55:05,520
बताओ अगर जीतने वाले को मैं 50 लाख दूंगा विरोध की बात नहीं

680
00:55:05,520 --> 00:55:09,600
होती विरोध तो अलग चीज होती है आपको उसमें ये लगता है कि भाई ये चीज

681
00:55:09,600 --> 00:55:13,760
हमें समझाओ नहीं लगती है ठीक है या ठीक है नहीं है बताइए

682
00:55:13,760 --> 00:55:18,160
तो वो एक डिस्कशन होता है सर ज्ञान का तो कभी नहीं होता।

683
00:55:18,160 --> 00:55:22,400
ज्ञान का तो मान लो आपने कह दिया मालूम नहीं आ अरे

684
00:55:22,400 --> 00:55:26,400
भाई यानी कि अगर आपको उसमें कोई अगर उसमें कोई बात

685
00:55:26,400 --> 00:55:32,000
ऐसी लग रही है जो गलत है तो आप अपने चैनल पे बताओ। यही है ना?

686
00:55:32,000 --> 00:55:36,480
अब अब इसमें मामला ये आता है कि रामपाल

687
00:55:36,480 --> 00:55:40,640
जी ने सृष्टि रचना पहले भी अपने कई वीडियोस में बताई है।

688
00:55:40,640 --> 00:55:44,000
किताबें तक लिखी हुई है। उसमें भी सृष्टि

689
00:55:44,000 --> 00:55:48,400
रचना है। तो उस संबंध में भी लोगों ने कई

690
00:55:48,400 --> 00:55:54,160
लोगों ने अपना अपना विरोध प्रकट किया अपने अपने चैनल से लगातार

691
00:55:54,160 --> 00:55:58,160
और अगर आप चाहो तो अभी सृष्टि रचना के संबंध में मैं अभी भी विरोध

692
00:55:58,160 --> 00:56:02,240
प्रकट कर सकता हूं ऑन कॉल ठीक है सुनिए

693
00:56:02,240 --> 00:56:06,240
सुनिए मेरी देखिए मैंने आपकी बात पूरी सुनिए मेरी बात पूरी हो जाने

694
00:56:06,240 --> 00:56:10,320
दीजिए तो क्या यह माना जाएगा कि अभी तक डिबेट या

695
00:56:10,320 --> 00:56:14,640
शास्त्रार्थ चल रहा था लगातार क्योंकि लोग तो पहले से ही उनकी बातों

696
00:56:14,640 --> 00:56:18,800
का उनकी उनकी की हुई बातों का खंडन कर रहे हैं। ठीक है? या

697
00:56:18,800 --> 00:56:22,800
फिर अभी मैं आप कहो तो अभी खंडन कर दूं तो क्या अभी शास्त्रार्थ मान लिया जाएगा कि

698
00:56:22,800 --> 00:56:27,040
शास्त्रार्थ हुआ रामपाल और शिवश के बीच में ये बात है। कंडीशन

699
00:56:27,040 --> 00:56:31,120
कंडीशन ये है कि हमें पहले गुरुजी को बोलने दीजिए। उसके

700
00:56:31,120 --> 00:56:35,280
बाद आप बोलेंगे यानी कि यानी एक

701
00:56:35,280 --> 00:56:39,520
हां हां आप जैसे गुरुजी अपना कंप्लीट कर लेंगे तब आपको

702
00:56:39,520 --> 00:56:43,680
टास्क देंगे। तो उसमें आप ये वाली जो बात आज बोलना चाह रहे हो

703
00:56:43,680 --> 00:56:48,080
बोल सकते हो। ठीक है। ठीक है। यानी कि यानी कि यानी कि

704
00:56:48,080 --> 00:56:52,320
कहीं से भी उठा लो। ये कहा था आपको ध्यान दिया होगा कि मैंने आज तक

705
00:56:52,320 --> 00:56:56,640
कभी भी कोई भी बात वो वो जो जो भी व्यक्ति

706
00:56:56,640 --> 00:56:59,200
जो भी व्यक्ति अपने आप को धर्माचार्य या धर्म

707
00:56:59,200 --> 00:57:03,280
का पक्षधर कहता है वैदिक कहता है वो यही कहता है। वो

708
00:57:03,280 --> 00:57:07,520
तो बाद की बात है कि उसकी बात शास्त्रों से मैच खा रही है कि नहीं। वो

709
00:57:07,520 --> 00:57:11,600
जो भी जो भी व्यक्ति अपने आप को सनातनी कहेगा वैदिक कहेगा और कोई बात

710
00:57:11,600 --> 00:57:15,840
बताएगा तो वो यही कहेगा कि भाई मैं तो शास्त्रों से बोल रहा हूं जो भी बात है।

711
00:57:15,840 --> 00:57:20,960
है ना? हां। अब अब आगे बात यह आती है कि इसका मतलब यह है कि

712
00:57:20,960 --> 00:57:25,040
क्योंकि उन्होंने तीनों चार तारीख की घोषणा की है इसलिए

713
00:57:25,040 --> 00:57:29,040
उस घोषणा के बाद यदि कोई उनका उत्तर देता

714
00:57:29,040 --> 00:57:33,280
है उनकी उनको कोई कमी लगती है किसी को और वो उनका उत्तर देता है उस घोषणा

715
00:57:33,280 --> 00:57:37,440
के बाद तो इसका मतलब यह माना जाएगा कि हां अब डिबेट हो रही है क्योंकि

716
00:57:37,440 --> 00:57:41,680
रामपाल जी ने घोषणा की है और अब उसके बाद व्यक्ति उत्तर दे रहा है।

717
00:57:41,680 --> 00:57:45,680
है ना? हां ठीक है। बिलकुल ठीक है। हां। तो अब यह बताइए कि आज

718
00:57:45,680 --> 00:57:50,160
से पहले आपके चैनल पर बहुत सारे डिबेट

719
00:57:50,160 --> 00:57:54,480
शंकराचार्य वर्सेस रामपाल अनिरुद्धाचार्य वर्सेस रामपाल

720
00:57:54,480 --> 00:57:58,480
ऐसे करके बहुत सारे डिबेट वाले वीडियो पड़े हुए हैं।

721
00:57:58,480 --> 00:58:02,720
जिसमें कि शंकराचार्य जी ने या अनिरुद्धाचार्य जी ने या अन्य कई

722
00:58:02,720 --> 00:58:06,880
अन्य अनेक धर्माचार्यों ने केवल अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कभी कोई घोषणा नहीं की

723
00:58:06,880 --> 00:58:11,360
थी कि मैं डिबेट कि मैं डिबेट के लिए बोल रहा हूं ये वाली बात।

724
00:58:11,360 --> 00:58:14,400
तो जब उन्होंने घोषणा नहीं की थी तो उनकी चीजों

725
00:58:14,400 --> 00:58:19,360
को लेकर के डिबेट के रूप में प्रस्तुत क्यों किया गया?

726
00:58:19,360 --> 00:58:23,360
आपके यहां से ये बात सही है। वो एक ये क्या

727
00:58:23,360 --> 00:58:27,360
होता है? वो तो एक नॉर्मली आदमी आप बात कर रहे हो आपकी

728
00:58:27,360 --> 00:58:31,440
बात तो मैं देख के इसमें से कोई बात निकालूंगा। आप मेरी बात अरे भाई मैंने प्रश्न क्या पूछा

729
00:58:31,440 --> 00:58:35,680
है? आप समझ नहीं रहे। जब जब दोनों जब दोनों ओर एक मिनट

730
00:58:35,680 --> 00:58:39,840
एक मिनट एक मिनट समझ लो प्रश्न समझ लो। जब दोनों ओर से

731
00:58:39,840 --> 00:58:43,840
डिबेट की स्वीकृति की घोषणा के बिना यदि पक्ष रखा

732
00:58:43,840 --> 00:58:47,920
जा रहा है तो वह डिबेट नहीं मानी जाती ना। वो तो यह था कि भाई किसी

733
00:58:47,920 --> 00:58:52,080
की मर्जी हो तो कर लो आप तो नहीं नहीं मैंने क्या कहा आपने कहा क्योंकि

734
00:58:52,080 --> 00:58:56,160
रामपाल जी ने क्योंकि रामपाल क्योंकि रामपाल जी ने डिबेट की

735
00:58:56,160 --> 00:59:00,320
घोषणा की है तीन चार तारीख को तो यदि उसके बाद घोषणा पूर्वक

736
00:59:00,320 --> 00:59:04,880
यदि कोई उनकी बातों में कमी निकालता है तो उसको डिबेट माना जाएगा।

737
00:59:04,880 --> 00:59:09,040
है ना? तो फिर बात अब यह आती है कि इससे पहले जिन जिन

738
00:59:09,040 --> 00:59:13,280
के साथ रामपाल दास की जो डिबेट का सीन बनाया गया कि भैया

739
00:59:13,280 --> 00:59:17,680
शंकराचार्यों के साथ डिबेट और अनिरुद्धाचार्य के साथ डिबेट शंकराचार्य

740
00:59:17,680 --> 00:59:21,760
व रामपाल ये सारे वीडियोस आपके चैनल पर खूब पड़े हुए हैं। पहले

741
00:59:21,760 --> 00:59:26,080
डिबेट क्या थी? उनको बुलाया गया था। वो लोग आए नहीं थे। इसलिए

742
00:59:26,080 --> 00:59:29,760
डिबेट आए नहीं थे। तो तो जब उनकी घोषणा

743
00:59:29,760 --> 00:59:33,760
उनकी घोषणा तो नहीं हुई ना? तो उनका जवाब भी तो नहीं आया ना। वो तो हुई

744
00:59:33,760 --> 00:59:38,400
खत्म हो गई बात। क्या जवाब नहीं आया भाई वो नहीं आए तो इसका मतलब उन्हें नहीं आना है उसमें।

745
00:59:38,400 --> 00:59:42,640
नहीं नहीं जवाब भी तो नहीं आया ना। ठीक बोला ऐसा तो कुछ नहीं आया।

746
00:59:42,640 --> 00:59:46,800
अरे तो अरे तो मैं मैं चलिए तो अगर जवाब नहीं

747
00:59:46,800 --> 00:59:50,880
चलिए ठीक है जवाब जवाब नहीं आया है तो इसका मतलब जवाब ना आने की

748
00:59:50,880 --> 00:59:54,880
स्थिति में उसको डिबेट मान लिया जाएगा क्यों मान लिया जाएगा डिबेट तो मैं

749
00:59:54,880 --> 00:59:58,960
वही तो कह रहा हूं आपके चैनल पे डिबेट नाम से वो सब चीजें क्यों पड़ी हुई है फिर सर वो

750
00:59:58,960 --> 01:00:03,360
डिबेट वो तो एक बार 2000 के अंदर बताया था के भाई सबको

751
01:00:03,360 --> 01:00:07,520
लेटर्स दिए गए थे अरे भाई मैं समझ गया उन लेटर्स का आपके

752
01:00:07,520 --> 01:00:12,160
हिसाब से उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया शंकराचार्यों ने दिया और

753
01:00:12,160 --> 01:00:16,320
मैं एक मिनट एक मिनट एक मिनट केवल शंकराचार्यों की बात नहीं

754
01:00:16,320 --> 01:00:20,320
है। आपके चैनल पर अनेकानेक लोगों के साथ

755
01:00:20,320 --> 01:00:24,560
वर्सेस करके डिबेट का सीन लिखा हुआ है। केवल शंकराचार्यों

756
01:00:24,560 --> 01:00:29,200
की बात नहीं है। तो उन उनके लिए तो कोई लेटर भी नहीं निकला।

757
01:00:29,200 --> 01:00:33,280
वो वो तो क्या है भगत अपनाप डालते आपने ये यानी कि आपके

758
01:00:33,280 --> 01:00:37,360
यहां से जो यानी कि आपके यहां से सच्ची चीजें नहीं आती आपके चैनल

759
01:00:37,360 --> 01:00:41,520
से। नहीं नहीं आती है। ये नहीं कह रहा है। आप कह रहे हो भगत अपने

760
01:00:41,520 --> 01:00:44,800
मन से डाल देते हैं। इसका क्या मतलब माना जाए? कोई

761
01:00:44,800 --> 01:00:48,800
बात नहीं। मैंने भाई साहब आप समझिए बात को। जब

762
01:00:48,800 --> 01:00:53,040
जब घोष जब जब सुनिए तो जब जब

763
01:00:53,040 --> 01:00:57,280
घोषणा के बाद ही उसको आपकी बात हो रही है सर मेरी आपकी बात

764
01:00:57,280 --> 01:01:02,080
है। तब इसमें आप करके डाल दो। ये कोई लीगल थोड़ी है।

765
01:01:02,080 --> 01:01:06,240
क्या हम कोई डिबेट थोड़ी कर रहे? हम बात कर रहे हैं

766
01:01:06,240 --> 01:01:10,240
तो कोई भगत क्या करते हैं कि भाई हम देख मैं कई भगतों की बात नहीं

767
01:01:10,240 --> 01:01:15,600
कर रहा हूं मैं आपका ऑफिशियल चैनल का नाम क्या है ये बताइए ऑफिशियल चैनल

768
01:01:15,600 --> 01:01:19,680
सर ये वो आप सही कह रहे हैं वो तो आती है

769
01:01:19,680 --> 01:01:23,840
डिबेट आप मैंने कहा आपके जो आधिकारिक चैनल है उस पर डिबेट के

770
01:01:23,840 --> 01:01:27,920
रूप में बिना आचार्यों की घोषणा के एक डिबेट जैसा

771
01:01:27,920 --> 01:01:33,360
सीन बना के डाला गया है ना आपके यहां ऐसा है

772
01:01:33,360 --> 01:01:37,680
की उतारेगा कोई मतलब नहीं होता। इसका इसका मतलब आप कुछ भी करते रहे उसको

773
01:01:37,680 --> 01:01:41,680
सामने वाला स्वीकार करता रहे। का क्या मतलब निकाल रहे हो? अरे तो

774
01:01:41,680 --> 01:01:45,680
भाई आप आप या तो या तो या तो सुनिए

775
01:01:45,680 --> 01:01:50,160
या तो आप राम या तो आप रामपाल जी की या तो आप रामपाल

776
01:01:50,160 --> 01:01:54,240
जी के घोषणा के बिना घोषणा के बिना जो उन्होंने पहले

777
01:01:54,240 --> 01:01:58,400
से कह रखा है उसके ऊपर दिए गए हमारे द्वारा निर्गत किए गए उसका

778
01:01:58,400 --> 01:02:00,080
विरोध या उसका खंडन

779
01:02:00,080 --> 01:02:04,160
उस उसको एक एक मिनट भाई साहब उस या तो आप उसको भी डिबेट या

780
01:02:04,160 --> 01:02:08,240
तो आप उसको भी डिबेट बोलिए या फिर या फिर अपने चैनल को डिलीट

781
01:02:08,240 --> 01:02:12,480
करिए वो सब जो आपने लिखा कि शंकराचार्य के साथ डिबेट ये वो

782
01:02:12,480 --> 01:02:16,640
वन तो भैया मान लो आप डिबेट ही समझते हो तो कोई कमी

783
01:02:16,640 --> 01:02:20,960
निकाल पाया क्या आज तक ये बताओ खूब कमी निकाली अभी निकाल दूं बोलो

784
01:02:20,960 --> 01:02:24,960
अभी निकाल दूं अभी तुरंत आप आप उनके दीक्षित

785
01:02:24,960 --> 01:02:29,040
शिष्य हैं रामपाल के नहीं मेरी बात सुनिए मेरे

786
01:02:29,040 --> 01:02:33,200
से तो बहस करने की जरूरत है नहीं आप आप ज्ञान भैया आपसे ज्ञान चर्चा का नंबर

787
01:02:33,200 --> 01:02:37,280
मिला है ना सतलोक आश्रम का कॉल सेंटर से सिस्टम से छोड़ो ना मैंने

788
01:02:37,280 --> 01:02:41,280
क्या पूछ मैंने क्या पूछा है आपने अभी आपने अभी एक सवाल

789
01:02:41,280 --> 01:02:45,280
मैंने आपने अभी एक सवाल पूछा भैया क्या आज तक कोई कमी निकाल पाया

790
01:02:45,280 --> 01:02:49,440
क्या तो मैं कह रहा हूं मैं अभी तुरंत कमी दिखा रहा हूं आपको बोलो आप

791
01:02:49,440 --> 01:02:53,520
जब आपको अभी चांस मिलेगा ना अरे भाई अभी तक की बात आप करो

792
01:02:53,520 --> 01:02:57,760
ना मैं अभी तुरंत कमी दिखा रहा हूं वो तो आगे चांस मिलेगा सो मिलेगा आपने

793
01:02:57,760 --> 01:03:01,920
अभी दावा अभी-अभी एक दावा किया है भाई साहब रिकॉर्डिंग करके डाल दो ना रिकॉर्डिंग

794
01:03:01,920 --> 01:03:05,920
करके डालो सुन लेंगे हम डाल दो नहीं तो अभी आपसे

795
01:03:05,920 --> 01:03:10,960
बात हो रही है ना मैं पूछूंगा ना आपसे कि यह कमी है कि नहीं आप जी

796
01:03:10,960 --> 01:03:15,040
डालो तो सही अरे तो मैं अभी अभी बोल रहा हूं ना अभी बोल रहा हूं तुरंत ये

797
01:03:15,040 --> 01:03:15,680
बताइए

798
01:03:15,680 --> 01:03:20,400
ये बताइए रामपाल ये बताइए रामपाल

799
01:03:20,400 --> 01:03:24,400
हम सुनेंगे बताएंगे अरे तो मैं अभी बोल रहा हूं ना बता देना मुझे आंसर

800
01:03:24,400 --> 01:03:28,640
बता दो ये तो बात खत्म हो गई टेलीफोन की बात क्या रहती है कुछ नहीं रहती

801
01:03:28,640 --> 01:03:32,640
है तो कुछ अरे कुछ अरे तो भाई आपका नंबर मिला है ना

802
01:03:32,640 --> 01:03:36,800
मुझे तो आप आंसर दे दो ना है नंबर मिलने से आप उल्टी सीधी बात क्यों

803
01:03:36,800 --> 01:03:40,800
उल्टी सीधी आपको गाली दी है क्या मैंने आप उल्टी सीधी गाली दी है क्या

804
01:03:40,800 --> 01:03:43,840
आपको मैंने

805
01:03:43,840 --> 01:03:47,520
ये जो आप बात कर रहे हो मेरे से

806
01:03:47,520 --> 01:03:51,840
थोड़ी कर रहे हो आप तो बहस करो तो ये ये कौन तय कर रहा है शंका समाधान

807
01:03:51,840 --> 01:03:56,080
अलग है और वो अलग है तो बहस ना करूं तो क्या करूं तुम

808
01:03:56,080 --> 01:04:00,320
आप लोगों ने हमारे एक मिनट एक मिनट अब बहस ना करूं तो क्या बहस

809
01:04:00,320 --> 01:04:04,480
ना करूं तो क्या करूं आप लोगों ने हमारे देवी देवताओं के बारे में

810
01:04:04,480 --> 01:04:08,560
बलात्कार सेक्स ऐसी ऐसी बातें लिख रखी है किताबों में तो मैं

811
01:04:08,560 --> 01:04:12,800
ऐसे ऐसे व्यक्ति की क्या आरती उतारूंगा? मैं तो पूछूंगा ना प्रश्न।

812
01:04:12,800 --> 01:04:16,880
हां तो बोलो ना। तो प्रश्न तो जब मैं प्रश्न पूछ रहा हूं तो आप

813
01:04:16,880 --> 01:04:20,960
कह रहे हो नहीं आप रिकॉर्डिंग करके डाल दो हम देख लेंगे। हम देख लेंगे। अरे तो मैं

814
01:04:20,960 --> 01:04:24,960
अभी प्रश्न पूछ रहा हूं ना आपसे। अभी क्यों भाग रहे हो?

815
01:04:24,960 --> 01:04:29,680
अरे मैं भाई सिस्टम सुनिए सुनिए सुनिए।

816
01:04:29,680 --> 01:04:30,720
आप सतलोक आश्रम

817
01:04:30,720 --> 01:04:34,880
के व्यक्ति हैं। आप सतलोक आश्रम के व्यक्ति हैं। आप सतलोक

818
01:04:34,880 --> 01:04:39,280
आश्रम के व्यक्ति हैं। आप सतलोक आश्रम के व्यक्ति हैं। आप सतलोक

819
01:04:39,280 --> 01:04:43,440
आश्रम के व्यक्ति हैं। मेरी बात अरे भाई आप सतलोक आश्रम के व्यक्ति

820
01:04:43,440 --> 01:04:47,440
है कि नहीं ये तो बता दो। अरे व्यक्ति की बात मेरी बात तो सुनोगे आप?

821
01:04:47,440 --> 01:04:51,520
हां बोलो। आप ऐसे बात कर रहे थे आपका जो दिन करे अभी डालो बाद

822
01:04:51,520 --> 01:04:55,600
में डालो डालते रहो। अब सुनेंगे तो भाई सुनने के बाद सुनने के

823
01:04:55,600 --> 01:04:59,680
बाद आप निरुत्तर हुए। सुनने के बाद आपका मुंह में दही जमा कि

824
01:04:59,680 --> 01:05:03,920
नहीं जमा ये हमको कैसे पता लगेगा? जनता को कैसे पता लगेगा? सुनने

825
01:05:03,920 --> 01:05:08,160
के बाद आपके मुंह में उत्तर है कि नहीं उसका वो जनता को पता लगना चाहिए। इसलिए

826
01:05:08,160 --> 01:05:12,320
सामने सामने बात होनी चाहिए। मुंह में दही जमा कि नहीं जमा ये भी तो देखना

827
01:05:12,320 --> 01:05:15,040
है।

828
01:05:15,040 --> 01:05:19,120
भाई मुंह में दही जैसे मैं अभी एक क्वेश्चन पूछ रहा हूं सबसे पहले। ये बताइए आपकी रामपाल

829
01:05:19,120 --> 01:05:24,640
की किताबें छपती कहां है? बताइए। हेलो

830
01:05:24,640 --> 01:05:30,400
ये लो भाग गए काट के। ठीक है।

831
01:05:30,400 --> 01:05:36,400
भगोड़े 15 करोड़ से 15 करोड़ भगोड़े

832
01:05:38,640 --> 01:05:44,640
भाग गए।

833
01:05:46,560 --> 01:05:51,360
हां जी। हां भैया फ़ोन कट गया था कैसे? हां।

834
01:05:51,360 --> 01:05:54,320
सुनो। हां।

835
01:05:54,320 --> 01:05:58,400
नहीं आप मैं मैं क्या कह मैं यह कह मैं यह कह रहा हूं। आप

836
01:05:58,400 --> 01:06:02,560
आप देखिए देखिए मैं मैं

837
01:06:02,560 --> 01:06:06,560
सहजता से एक बात बोल रहा हूं। सुनिए सहजता से एक बात बोल रहा हूं।

838
01:06:06,560 --> 01:06:10,560
आपकी जो किताबें हैं आपकी किताबों में कुछ ऐसी चीज छपी जिस

839
01:06:10,560 --> 01:06:14,960
पर हमें आपत्ति। उसमें सुन लो सुन लो। उसमें उसमें कस्टमर

840
01:06:14,960 --> 01:06:19,040
केयर का नंबर दिया। कस्टमर केयर में बोला आपका नंबर हमारे

841
01:06:19,040 --> 01:06:23,280
लिए महत्वपूर्ण है। आपका स्वागत है। दो चीज है। आपका स्वागत है

842
01:06:23,280 --> 01:06:27,680
और आपका आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है। फिर तीसरी चीज शंका समाधान

843
01:06:27,680 --> 01:06:31,760
के लिए चार दबाएं। हमने चार दबा दिया क्योंकि हमें आपत्ति थी। शंका

844
01:06:31,760 --> 01:06:35,840
थी आपकी किताबों पर। ठीक है? तो हमने चार दबाया। चार में हमें कहा गया है

845
01:06:35,840 --> 01:06:39,840
कि भैया इस नंबर पर बात करो। ये सतलोक आश्रम में ज्ञान चर्चा का

846
01:06:39,840 --> 01:06:43,920
नंबर है। अब मैंने आपको कॉल मिलाया। तो आप मेरी बात का जवाब दे दो अब। मैं

847
01:06:43,920 --> 01:06:48,160
आपको दे रहा हूं भैया। कहां दे रहे हो? मैं मैं किताब से रिलेटेड अभी के अभी एक प्रश्न

848
01:06:48,160 --> 01:06:52,320
कर रहा हूं। सबसे पहले तो मुझे यह बता दो आपकी किताबें छपती कहां

849
01:06:52,320 --> 01:06:56,320
पर है? लखनऊ की पुलिस ढूंढ रही है। मेरी बात सुनिए। मेरी बात

850
01:06:56,320 --> 01:07:00,400
सुनिए। आपको पूछना है आप उसका जो जवाब देंगे वही है। आप वो

851
01:07:00,400 --> 01:07:04,880
काम करिए। आपको जितना डिबेट करना है आपके सामने खुला। यानी कि ज्ञान

852
01:07:04,880 --> 01:07:09,200
यानी कि शंका समाधान नहीं करेंगे आप? मैंने मैंने

853
01:07:09,200 --> 01:07:09,700
शंका

854
01:07:09,680 --> 01:07:13,840
समाधान करोगे कि नहीं करोगे? अरे मैं पूछ रहा हूं शंका समाधान करोगे

855
01:07:13,840 --> 01:07:18,560
कि नहीं करोगे? शंका समाधान क्या किया? क्या किया?

856
01:07:18,560 --> 01:07:22,720
आप उसकी वीडियो आपने तो यह कहा भैया तुम अपना रिकॉर्डिंग करके

857
01:07:22,720 --> 01:07:27,040
डाल देना। हम देख लेंगे इसमें क्या होगा? भाई भाई हमने आपको उत्तर दिया।

858
01:07:27,040 --> 01:07:31,040
हमने कोई प्रश्न पूछा तो आपके मुंह में दही जमा कि नहीं जमाने उत्तर हुए

859
01:07:31,040 --> 01:07:35,040
कि नहीं हुए? ये हमें कैसे पता चलेगा? ज्ञान है तो डाल दीजिए। डरते क्यों हो?

860
01:07:35,040 --> 01:07:39,280
अरे तो तुम क्यों डर रहे हो? आमने-सामने बात करने में? आप डालिए।

861
01:07:39,280 --> 01:07:43,440
मैं कह रहा हूं मैं डाल दूंगा। ठीक है, सुनो, सुनो, मेरी बात। मेरी बात सुन, मेरी बात सुनो।

862
01:07:43,440 --> 01:07:48,000
मेरी बात सुनो। यह बताओ। यह बताओ। इतना

863
01:07:48,000 --> 01:07:52,160
पानी है, दम है। मेरे दम है, मैं बोल तो रहा हूं अभी के अभी तुरंत। अरे, मेरे

864
01:07:52,160 --> 01:07:56,800
से जान क्यों भाग रहे हो? अरे भैया, क्योंकि आप शंका समाधान के लिए बैठे हो ना?

865
01:07:56,800 --> 01:08:00,960
मैं तो भैया वीडियो डालिए। शंका समाधान के लिए बैठे हो ना? आप ये शंका समाधान

866
01:08:00,960 --> 01:08:05,120
बता तो दिया समाधान। तो भैया ये आपका ये शंका समाधान थोड़ी ना है कि भैया वीडियो

867
01:08:05,120 --> 01:08:09,120
बना के डाल दो। मैं पूछ रहा हूं प्रश्न उत्तर दो। आपकी किताबें कहां छपती

868
01:08:09,120 --> 01:08:13,360
हैं? पहला प्रश्न। फालतू की बातें फालतू की बातें जो ये फालतू की बातों की शास्त्र में लिस्ट

869
01:08:13,360 --> 01:08:17,840
कहां है? शास्त्र में लिस्ट कहां है? ये फालतू की बात है। तेरे लिए कर्तव्य और अकर्तव्य

870
01:08:17,840 --> 01:08:21,840
के विषय में शास्त्र प्रमाण है। शास्त्र से प्रमाण दो। ये फालतू

871
01:08:21,840 --> 01:08:25,120
की बात होती है। वीडियो मैंने क्या पूछा?

872
01:08:25,120 --> 01:08:29,360
आपने कहा ये फालतू की बात है। मैं वीडियो आपने कहा ना ये फालतू

873
01:08:29,360 --> 01:08:33,680
की बात है। अरे आप फालतू की बातों की लिस्ट बताओ मुझे कहां लिखी है।

874
01:08:33,680 --> 01:08:37,760
दम है तो अरे मेरे दम है। मैं वीडियो बना रहा हूं। उस समय जनता आपको सुन रही

875
01:08:37,760 --> 01:08:41,920
है। वीडियो बन रहा है। कोई बात नहीं। वीडियो बन रहा है। जनता आपको देख रही है। लाइव देख

876
01:08:41,920 --> 01:08:45,920
रही है। वो कोई बात नहीं है। यह कह रहा हूं मेरी बात सुनिए। कोई बात नहीं

877
01:08:45,920 --> 01:08:50,160
है। सिंह ये कह रहे हैं ये शंका समाधान आपने पूछा। हमने आपको

878
01:08:50,160 --> 01:08:54,160
कहां रास्ता बता रहे हो? आप तो ये कह रहे हो शंका समाधान थोड़ी ना किया। आपने

879
01:08:54,160 --> 01:08:58,400
कहा वीडियो बना के डाल दो। मैं आपसे प्रश्न पूछ रहा हूं। किताबें कहां छपती है आपकी?

880
01:08:58,400 --> 01:09:02,400
बताने के बावजूद भी आप नहीं मान रहे। अरे भैया मेरे मेरी मेरा शंका ये है

881
01:09:02,400 --> 01:09:06,640
किताबें कहां छपती है? ये तो बता दो। हेलो मेरी तरफ से यही समाधान

882
01:09:06,640 --> 01:09:10,800
है भैया कि आपने वीडियो बना मैंने क्या पूछा वीडियो बना के हमने खूब डाल दिए

883
01:09:10,800 --> 01:09:14,960
वीडियो बना के खूब डाल दिए यही समाधान है मेरा भैया मैंने वीडियो बना

884
01:09:14,960 --> 01:09:20,960
के खूब डाल दिए हेलो देखो भाग गए भाग गए

885
01:09:22,560 --> 01:09:26,560
ठीक है ये वो है जिनको अभी तक

886
01:09:26,560 --> 01:09:30,640
मालूम नहीं पड़ा होगा मेरे बारे में अब इनको मालूम पड़ेगा

887
01:09:30,640 --> 01:09:36,560
कि किससे बात हो गई झड़ के 440 वोल्ट का झटका लग गया

888
01:09:36,560 --> 01:09:40,640
तो शंका समाधान यह है कि आप अपना वीडियो बना के डाल दो। ये है

889
01:09:40,640 --> 01:09:44,800
शंका समाधान। हिंदुस्तान पाकिस्तान में युद्ध होगा

890
01:09:44,800 --> 01:09:48,960
तो पाकिस्तान वाले अपने आप बम फोड़े और हिंदुस्तान वाले अपने आप बम

891
01:09:48,960 --> 01:09:54,320
फोड़े और जिसके बम में ज्यादा ताकत होगी वो जनता फैसला कर लेगी।

892
01:09:54,320 --> 01:09:57,200
यह है

893
01:09:57,200 --> 01:10:03,200
देख लिया? इसको कहते हैं मार।

894
01:10:04,000 --> 01:10:08,240
दर्द भी परेशान हो जाए कि उठे तो कहां से उठे मैदान

895
01:10:08,240 --> 01:10:13,280
छोड़ के ऐसे भागते हैं लोग। ठीक है? तो आज की

896
01:10:13,280 --> 01:10:17,440
लाइव को यहीं पर समाप्त करते हैं। इनका जो ज्ञान चर्चा

897
01:10:17,440 --> 01:10:21,440
का नंबर दिया गया था वो कह रहा है कि वीडियो बना के डाल दो। उसको कहूं क्या जिसने

898
01:10:21,440 --> 01:10:25,600
नंबर दिया था इनका उसको कह देता हूं। एक बार थोड़ा आनंद उससे

899
01:10:25,600 --> 01:10:29,520
फिर से ले लेते हैं।

900
01:10:29,520 --> 01:10:34,620
जिसने नंबर दिया था।

901
01:10:34,620 --> 01:10:40,620
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

902
01:10:50,240 --> 01:10:54,240
अरे वो तो किसी भी चीज के लिए तैयार नहीं है भाई। हेलो

903
01:10:54,240 --> 01:10:58,320
जी हां जी जय श्री राम। हां जी बोलिए। अरे आपने जो

904
01:10:58,320 --> 01:11:02,480
नंबर दिया है दो नंबर तो काम नहीं कर रहे हैं। एक नंबर

905
01:11:02,480 --> 01:11:06,560
काम किया उन्होंने उठाया तो वह बोल रहा है बोल रहा है कोई व्यक्ति है उस पे

906
01:11:06,560 --> 01:11:10,560
जो ये बोल रहे हैं कि भाई आप तो वीडियो बना के डाल दो हम देख लेंगे।

907
01:11:10,560 --> 01:11:14,720
यह शंका समाधान थोड़ी ना है। तो यही बात तो संत रामपाल जी महाराज जी ने उस वीडियो

908
01:11:14,720 --> 01:11:18,800
में भी बोली। नहीं नहीं ये नहीं वो सब बातें हो

909
01:11:18,800 --> 01:11:22,960
के आगे इस बात पे आ गई। जब वो यह कहने लगे कि आज तक कोई कर पाया क्या

910
01:11:22,960 --> 01:11:27,040
उनका खंडन? तो मैंने कहा ठीक है मैं अभी के अभी आपको दिखा रहा हूं कि

911
01:11:27,040 --> 01:11:31,200
देखो मैंने खंडन कर दिया अपने चैनल पर वीडियो अपलोड

912
01:11:31,200 --> 01:11:35,440
कर दो अगर आप कुछ बात रखना चाहते हैं अरे भाई भाई देखो

913
01:11:35,440 --> 01:11:39,520
दो बातें एक है शास्त्रार्थ के विषय में कैसे होगा क्या होगा ये एक हो

914
01:11:39,520 --> 01:11:43,680
गया शंका समाधान दूसरा यह है कि आपकी किताबों में जो बातें लिखी

915
01:11:43,680 --> 01:11:47,760
हुई है उससे रिलेटेड शंका समाधान तो मैंने दोनों

916
01:11:47,760 --> 01:11:51,920
प्रकार के शंका समाधान पूछे पहला पहले वाले शंका

917
01:11:51,920 --> 01:11:56,320
समाधान से रिलेटेड ही दूसरा शंका शंका समाधान निकाला कैसे कि भाई शास्त्रार्थ

918
01:11:56,320 --> 01:12:00,320
का रूप क्या है? तो रूप होते होते वो आ गए कि भैया आज तक लोगों ने अगर किया है

919
01:12:00,320 --> 01:12:04,400
तो आज तक कोई खंडन कर पाया तो मैंने कहा खंडन किया है। वही शंका समाधान भी

920
01:12:04,400 --> 01:12:05,360
हो गया दूसरा

921
01:12:05,360 --> 01:12:09,440
क्या कि भाई आपकी किताबों में लिखा हुआ है कि 5% श्लोक

922
01:12:09,440 --> 01:12:13,920
जो है वो काल ने अपने मन से बोले हैं। गीता में टोटल लगभग

923
01:12:13,920 --> 01:12:18,000
700 श्लोक माने गए हैं। 700 श्लोक में से अगर 5%

924
01:12:18,000 --> 01:12:22,080
हम निकाले तो 35 श्लोक होते हैं। तो इस बात की लिस्ट कहां पर है? क्या

925
01:12:22,080 --> 01:12:26,160
है? कौन-कौन से श्लोक काल के अपने हैं? यह शंका का समाधान

926
01:12:26,160 --> 01:12:30,160
करिए। पहला यह बात तो गरिमा गीता की पुस्तक में

927
01:12:30,160 --> 01:12:35,360
लिखा हुआ है। पढ़ लो आप। कहां लिखा है? कौन से पेज पे मेरे सामने है? बताइए।

928
01:12:35,360 --> 01:12:39,920
कौन से पेज पे है? रखना है। सर फ़ रखना।

929
01:12:39,920 --> 01:12:42,000
होल्ड करना। अच्छा। हां। हां हां

930
01:12:42,000 --> 01:12:48,000
हां।

931
01:13:03,970 --> 01:13:09,970
[नाक से की जाने वाली आवाज़] अरे वापस आ जाना भाई।

932
01:13:11,920 --> 01:13:17,920
भाग गए।

933
01:13:19,690 --> 01:13:23,920
[गला साफ़ करने की आवाज़] जाने जा

934
01:13:23,920 --> 01:13:28,160
ढूंढता फिर रहा मैं

935
01:13:28,160 --> 01:13:32,960
तुझे रात दिन मैं यहां

936
01:13:32,960 --> 01:13:36,000
से वहां

937
01:13:36,000 --> 01:13:38,320
हैं

938
01:13:38,320 --> 01:13:44,320
15 करोड़ वाले बाबा जी

939
01:13:45,520 --> 01:13:49,840
द पर्सन यू आर स्पीकिंग वि हैस पुट योर कॉल ऑन होल्ड

940
01:13:49,840 --> 01:13:53,840
प्लीज स्टे ऑन द लाइन लगता नहीं से

941
01:13:53,840 --> 01:13:57,920
बात कर रहे हैं उसने आपकी कॉल को होल्ड पर रखा है

942
01:13:57,920 --> 01:14:02,400
कृपया लाइन पर बने रह पर्सन यू आर स्पीकिंग

943
01:14:02,400 --> 01:14:06,960
है पुट योर कॉल ऑन होल्ड अच्छा कुछ बेवकूफ ऐसे भी हैं

944
01:14:06,960 --> 01:14:11,040
आप जिस व्यक्ति से रामपालियों मैसेज हो जब मैं रामपाल पर

945
01:14:11,040 --> 01:14:15,120
कोई रील डालता हूं वीडियो डालता हूं तो नीचे आगे नियो की बात

946
01:14:15,120 --> 01:14:19,290
क्यों नहीं करता है वो मुझे यार समाज समझते हो उनको पता ही नहीं है

947
01:14:19,290 --> 01:14:23,440
[हंसी] लाइन आप जिस व्यक्ति से बात

948
01:14:23,440 --> 01:14:27,440
कर रहे हैं उसने आपकी कॉल को होल्ड पर रखा है हो गया

949
01:14:27,440 --> 01:14:32,640
इनका पर बने रहे पर्सन यू आर

950
01:14:32,640 --> 01:14:36,720
हेलो हां जी पेज नंबर 14 पे लिखा है पढ़ लो आप

951
01:14:36,720 --> 01:14:42,720
एक मिनट रुकिए एक मिनट एक मिनट पेज नंबर 14

952
01:14:44,960 --> 01:14:49,120
इसमें श्लोकों की संख्या थोड़ी ना दी है। पढ़ो

953
01:14:49,120 --> 01:14:53,680
उसको अह

954
01:14:53,680 --> 01:14:58,400
गीता अध्याय 13 श्लोक दो अध्याय सात

955
01:14:58,400 --> 01:15:03,280
श्लोक 18 एक दो

956
01:15:03,280 --> 01:15:07,520
अध्याय छ श्लोक 36 तीन अध्याय

957
01:15:07,520 --> 01:15:11,920
तीन श्लोक 31 चार अध्याय 18 श्लोक 70

958
01:15:11,920 --> 01:15:17,920
पांच

959
01:15:18,080 --> 01:15:22,480
आगे लिखा है 5% गीता ज्ञान दाता का अपना मत है।

960
01:15:22,480 --> 01:15:27,840
वेदों से मेल खाता अन्यथा व्यर्थ है। उदाहरण के लिए

961
01:15:27,840 --> 01:15:33,840
दो श्लोक 37 38 सात ठीक है।

962
01:15:33,840 --> 01:15:38,560
गीता अध्याय दो श्लोक 37 38 हो गया।

963
01:15:38,560 --> 01:15:44,560
38 हो गया।

964
01:15:46,320 --> 01:15:50,400
यह तो छ ही श्लोक हो रहे हैं। कुल मिलाकर के सात आठ श्लोक 35 होने चाहिए

965
01:15:50,400 --> 01:15:56,400
ना। हेलो

966
01:15:56,640 --> 01:16:01,040
हां जी ये तो सात आठ श्लोक हो रहे हैं टोटल।

967
01:16:01,040 --> 01:16:05,120
तो उसमें क्या शंका आपको? अरे भाई 35 होने चाहिए ना। 700 श्लोकों

968
01:16:05,120 --> 01:16:08,960
का 5% कितना हुआ?

969
01:16:08,960 --> 01:16:13,040
आप तो श्लोकों का पांच% आप क्या गणित के विद्वान हो तो फिर काहे

970
01:16:13,040 --> 01:16:17,680
के लिए लिख रहे हैं परसेंटेज यहां भाई साहब जब परसेंटेज निकालनी नहीं है

971
01:16:17,680 --> 01:16:21,920
नहीं गणित गणित गणित के विद्वान वाली बात यहां कहां से आ गई तो क्या क्या आंखें

972
01:16:21,920 --> 01:16:27,920
जो जो भूसा भर के मैं पढ़ा करूं क्या किसी चीज को सुना करूं

973
01:16:28,320 --> 01:16:32,400
हां एक लोकल लैंग्वेज होती है उसमें अंदाजन बताया जाता

974
01:16:32,400 --> 01:16:36,640
है कि यहां अंदाजा कुछ नहीं लिखा है अरे अंदाजा

975
01:16:36,640 --> 01:16:40,880
अंदांदाजा कुछ नहीं लिखा है। हर जगह एक ही बात लिखी है। 5% ज्ञान काल

976
01:16:40,880 --> 01:16:44,960
का अपना मत है। 95% ज्ञान सही है। अरे सुनोगे कि नहीं? एक

977
01:16:44,960 --> 01:16:48,960
बात बताओ जो अपना यानी कि ये जो तत्वदर्शी ने

978
01:16:48,960 --> 01:16:53,440
जो ये बात लिखी है एक मिनट। तत्वदर्शी ने जो ये बात लिखी है 5%

979
01:16:53,440 --> 01:16:58,960
ये उसका अंदाजा है। तत्वदर्शी का ये बिल्कुल कांटे की बात नहीं है।

980
01:16:58,960 --> 01:17:03,520
ये उसका अंदाजा है। हेलो। यह

981
01:17:03,520 --> 01:17:07,600
तत्वदर्शी ने जो बात लिखी है यह कि 5% ज्ञान है। यह उसका अंदाजा

982
01:17:07,600 --> 01:17:11,680
है। उस अंदाजे में भी इतना बड़ा अंतर है कि जो चीज एक%

983
01:17:11,680 --> 01:17:15,840
है सात आठ सात आठ श्लोक वो हो रहे हैं। उसको वो पांच कर रहा है। पांच

984
01:17:15,840 --> 01:17:19,920
गुना बढ़ा के लिख रहा है। क्योंकि उसके ही

985
01:17:19,920 --> 01:17:24,160
अनुसार केवल सात आठ श्लोक निकल रहे हैं यहां पर जो मैंने गिनती देखी अभी।

986
01:17:24,160 --> 01:17:28,320
अरे भैया उसकी काउंटिंग करने का क्या क्या मतलब है वो? अरे भैया जब

987
01:17:28,320 --> 01:17:32,400
गणित का भार लिख रहे हो 5% तो उसका क्या मतलब है? आप

988
01:17:32,400 --> 01:17:36,400
ऐसे लिखते हैं कि थोड़ा ज्ञान काल का अपना मत है। जब आप वहां काउंटिंग

989
01:17:36,400 --> 01:17:40,400
कर रहे हो तो काउंटिंग पकड़ेंगे ना। पूरे विश्व पूरी पृथ्वी पे

990
01:17:40,400 --> 01:17:45,120
कितना प्रतिशत पानी है? हमने तो दावा नहीं किया।

991
01:17:45,120 --> 01:17:49,200
हमने तो इस संबंध में कोई दावा नहीं किया। क्यों पूछ रहे हो हमसे? भाई जो दावा चल

992
01:17:49,200 --> 01:17:53,280
रहा है उसके बारे में बात करो ना। हम जब वो दावा करें तब आप हमको कॉल लगाओ

993
01:17:53,280 --> 01:17:57,280
जब हम कॉल सेंटर खोल दे दावा करने के बाद। बस तुम्हारी यही तो समस्या

994
01:17:57,280 --> 01:18:01,440
है। शिवास नारायण द्विवेदी जी। हां। ऑनलाइन आते हो और

995
01:18:01,440 --> 01:18:06,000
अरे बकबक बकबक तुम कर रहे हो जब तुम्हारे बाबा ने एक% को 5%

996
01:18:06,000 --> 01:18:10,240
लिख रखा है तो यहां तो तत्व ज्ञान बदल रहा है फेल हो रहा है

997
01:18:10,240 --> 01:18:14,240
में पानी कितना है अरे भाई मैं मैं दावा कर ही नहीं रहा ना कि मैं पानी बताने वाला

998
01:18:14,240 --> 01:18:18,400
हूं तुम्हारे बाबा दावा कर रहे हैं कि मैं गीता में ये बताने वाला हूं कि काल

999
01:18:18,400 --> 01:18:22,560
ने कितने प्रतिशत ज्ञान दिया है अपना तुम्हारे बाबा दावा कर रहे हैं

1000
01:18:22,560 --> 01:18:26,640
आपको तर्क कर रहे हो यहां पे आपको तर्क कर रहे हो आपका

1001
01:18:26,640 --> 01:18:30,640
आपकी गोटी फंस गई मुझे बस इतना बता कि हां तत्व ज्ञानी का यह

1002
01:18:30,640 --> 01:18:36,640
अंदाजा है कांटे की बात नहीं है बस इतना बोल दो क्लियर कर दो

1003
01:18:37,120 --> 01:18:41,280
ये कुतर्कों की लिस्ट कहां पे दी गई है एक मिनट एक मिनट ये कुतर्कों

1004
01:18:41,280 --> 01:18:45,600
की लिस्ट कहां पर है मैं मैं पूछ मैं पूछ लेता हूं

1005
01:18:45,600 --> 01:18:49,760
मैंने क्या पूछा आपसे मैंने क्या पूछा मैंने क्या पूछा

1006
01:18:49,760 --> 01:18:54,000
कुतर्कों की लिस्ट कहां पर हैलो मैंने क्या पूछा है कुतर्कों

1007
01:18:54,000 --> 01:18:58,000
की लिस्ट कहां पर है तेरे लिए कर्तव्य और अकर्तव्य के विषय में

1008
01:18:58,000 --> 01:19:02,320
सात शास्त्र प्रमाण है आपके रामपाल जी हर जगह 16 24 16 24 गाते रहते

1009
01:19:02,320 --> 01:19:06,640
हैं तो कुतर्कों की लिस्ट कहां पर है अगर ऐसे कुतर्क की बात हो रही है

1010
01:19:06,640 --> 01:19:10,800
तो आविर्भाव और तिरोभाव आविर्भाव और तिरो भाव को तुमने जन्म मृत्यु

1011
01:19:10,800 --> 01:19:15,120
कर दिया वो कुतर्क नहीं है जो लोकल

1012
01:19:15,120 --> 01:19:19,200
तो लोकल भाषा में मैं भी तो लोकल भाषा में मैं भी तो बता रहा हूं भगवान कह रहे हैं कि

1013
01:19:19,200 --> 01:19:23,280
तेरे और मेरे बहुत से जन्म हो चुके है वो लीला में हो चुके हैं वहां तो तुम पीछे पड़ गए

1014
01:19:23,280 --> 01:19:27,360
नहीं नहीं उसके जन्म मृत्यु होती है वहां क्यों नहीं ध्यान ध्यान आया चलेगा

1015
01:19:27,360 --> 01:19:31,520
नहीं ना अरे मुझे ये बता दो कुतर्कों की लिस्ट बता दो कहां पर है बस मैं ये बता

1016
01:19:31,520 --> 01:19:35,600
बाबा ने लिखी है कोई लिस्ट कुतर्कों की कौन-कौन से कुतर्क होते हैं किस किस प्रकार

1017
01:19:35,600 --> 01:19:41,600
के वो बता दो चलो है

1018
01:19:41,680 --> 01:19:45,040
पर्सन यू आर स्पीकिंग

1019
01:19:45,040 --> 01:19:49,360
होल्ड प्लीज स्टे ऑन द लाइन आप जिस व्यक्ति

1020
01:19:49,360 --> 01:19:53,440
से बात कर रहे हैं उसने आपकी कॉल को होल्ड पर रखा

1021
01:19:53,440 --> 01:19:57,760
है कृपया लाइन बने रहे द पर्सन यू आर स्पीक

1022
01:19:57,760 --> 01:20:01,840
जब आपकी बात कटने लग जाए तो कह दो कुतर्क है। अभी तो बहुत

1023
01:20:01,840 --> 01:20:05,920
अदना सा प्रश्न आता है। ये जो अब ये यहां से क्या

1024
01:20:05,920 --> 01:20:10,160
सिद्ध हो रहा है? ये तत्व ज्ञान को तत्व ज्ञान है ही नहीं।

1025
01:20:10,160 --> 01:20:14,160
क्योंकि वो एक% को 5% बोल रहा है। इसका मतलब अंग्रेजी की

1026
01:20:14,160 --> 01:20:18,560
छोड़ो, संस्कृत की छोड़ो, हिंदी की छोड़ो। बाबा जी को गणित में भी बहुत अज्ञानता

1027
01:20:18,560 --> 01:20:22,640
है। इसीलिए भागे होंगे जूनियर इंजीनियर की नौकरी छोड़

1028
01:20:22,640 --> 01:20:28,640
के। कृपया लाइन पर बने रहे। पर्सन यू आर स्पीकिंग

1029
01:20:28,960 --> 01:20:33,040
होल्ड इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर

1030
01:20:33,040 --> 01:20:39,040
में से बात कर रहे हैं उसने आपकी कॉल को होल्ड पर

1031
01:20:40,640 --> 01:20:44,640
क्या कह रहा है कि हम लोगों ने भैया ऐसे ही वो भगत लोगों ने

1032
01:20:44,640 --> 01:20:49,840
बना दिया है ऐसे ही ऐसे ही हो जाते हैं धर्म के मामले में बातें ऐसे ही

1033
01:20:49,840 --> 01:20:54,080
तुम्हारे आधिकारिक चैनल से लाइव डिबेट लाइव डिबेट शंकराचार्य वर्सेस फला

1034
01:20:54,080 --> 01:20:59,200
ये वो सब लिख रहे हो। क्यों लिख रहे हो उसको शास्त्रार्थ?

1035
01:20:59,200 --> 01:21:02,480
हां

1036
01:21:02,480 --> 01:21:06,560
फस गए। फिर होते बोल रहे कि भैया आज

1037
01:21:06,560 --> 01:21:10,720
तक कोई कर पाया क्या? तो मैं बोल रहा हूं। मैं दिखा रहा हूं अभी करा हुआ है। नहीं नहीं ना नहीं ना अलग

1038
01:21:10,720 --> 01:21:16,720
से अलग से ना ना

1039
01:21:17,840 --> 01:21:22,160
हर और एक जगह तो लिखा होता है थोड़ा बहुत हर जगह 5%

1040
01:21:22,160 --> 01:21:26,560
5% 5% तो भैया 5% बोल रहे हो बार-बार 95

1041
01:21:26,560 --> 01:21:31,040
और पांच जब श्लोक गिने जा रहे तो छ सात श्लोक निकल रहे बस और रामपाल

1042
01:21:31,040 --> 01:21:35,120
के अनुसार गीता में अगर मैं निकालूंगा तो पता नहीं कितने श्लोक

1043
01:21:35,120 --> 01:21:40,160
कट रहे होंगे [नाक से की जाने वाली आवाज़]

1044
01:21:40,160 --> 01:21:44,320
ठीक है? और यहां पर भी उस रामपाल ने कोई यह नहीं लिखा

1045
01:21:44,320 --> 01:21:48,560
है कि यही श्लोक केवल है। वो इसने

1046
01:21:48,560 --> 01:21:52,640
सात आठ उदाहरण दिए हैं और उसके बाद छोड़ दिया है कि जहां मन आएगा फंसने

1047
01:21:52,640 --> 01:21:56,640
लगेंगे वहां कह देंगे काल है। रामपाल को यदि

1048
01:21:56,640 --> 01:22:01,360
मानना है किसी हिंदू को तो उसको सबसे पहले अपने धर्म ग्रंथों के प्रति अनास्थावान

1049
01:22:01,360 --> 01:22:05,520
होना पड़ेगा। कि नहीं नहीं हमारे धर्म ग्रंथ झूठे हैं। कहीं कहीं पर

1050
01:22:05,520 --> 01:22:10,000
मिलावट है काल की राक्षस की

1051
01:22:10,000 --> 01:22:14,080
फसाने वाली एंटिटी की। यानी कि किसी वैदिक को वैदिक

1052
01:22:14,080 --> 01:22:18,080
बनाने के नाम पर उसको पहले वेद विरोधी बना दो। वैदिक को

1053
01:22:18,080 --> 01:22:22,080
वैदिक बनाने के नाम पर उसको वेद विरोधी बना दो। पुराण विरोधी बना दो।

1054
01:22:22,080 --> 01:22:26,880
शास्त्र विरोधी बना दो। किसी हिंदू को

1055
01:22:26,880 --> 01:22:31,200
शास्त्र सम्मत बनाने के नाम पर उसको शास्त्र विरोधी बना दो। क्योंकि

1056
01:22:31,200 --> 01:22:33,120
रामपाल के अनुसार

1057
01:22:33,120 --> 01:22:37,120
वेद की कुछ बात माननी है, कुछ नहीं माननी, गीता की कुछ बात माननी है, कुछ नहीं माननी, पुराण की

1058
01:22:37,120 --> 01:22:41,360
कुछ बात माननी है, कुछ नहीं माननी है। यह मानना है कि इसमें जो है

1059
01:22:41,360 --> 01:22:45,600
किसी काल नामक एंटिटी ने मिलावट कर दी है। इसका

1060
01:22:45,600 --> 01:22:49,680
मतलब जो भी हिंदू यह सोच के जा रहा है कि मैं अपने शास्त्रों के आधार पर रामपाल की बात

1061
01:22:49,680 --> 01:22:53,760
कर रहा हूं। नहीं, तुम अपने शास्त्रों का विरोध करके रामपाल की बात को मान रहे हो।

1062
01:22:53,760 --> 01:22:58,720
बेवकूफों

1063
01:22:58,720 --> 01:23:01,600
भाग गए।

1064
01:23:01,600 --> 01:23:07,600
चलो दोबारा इनहीं से दूसरा प्रश्न पूछते हैं।

1065
01:23:08,540 --> 01:23:14,540
[खांसने की आवाज़]

1066
01:23:16,960 --> 01:23:21,120
एक व्यक्ति यहां पीछे पड़ा हुआ है। भैया हमने अपना नंबर दिया

1067
01:23:21,120 --> 01:23:26,400
हुआ है। आप लाइव आ सकते हैं। लाइव चर्चा कर सकते हैं। हां जी

1068
01:23:26,400 --> 01:23:30,640
आप मुझे ये बता दो कि रामपाल

1069
01:23:30,640 --> 01:23:33,280
जी के अनुसार

1070
01:23:33,280 --> 01:23:37,440
सनातन धर्म ग्रंथों में ब्रह्मा विष्णु महेश

1071
01:23:37,440 --> 01:23:41,920
भगवती और गणेश और इनके अवतार जो हैं इनको पूर्ण परमेश्वर

1072
01:23:41,920 --> 01:23:47,920
मानने का निषेध है ना हेलो

1073
01:23:50,080 --> 01:23:54,400
हो गया हो गए 15 करोड़ शिष्यों की निकल गई जिस व्यक्ति

1074
01:23:54,400 --> 01:23:58,720
से बात कर रहे हैं उसने आपकी कॉल को होल्ड पर

1075
01:23:58,720 --> 01:24:04,560
कृपया लाइन पर बने रहे

1076
01:24:04,560 --> 01:24:07,040
हो

1077
01:24:07,040 --> 01:24:11,200
सारी एकड़ी निकल गई जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं उसने आपकी

1078
01:24:11,200 --> 01:24:15,920
कॉल को होल्स पर रखा है कृपया लाइन पर बने रहे

1079
01:24:15,920 --> 01:24:18,240
पर्सन

1080
01:24:18,240 --> 01:24:22,550
पुश योर कॉल ऑन होल्स प्लीज स्टे ऑन द लाइन

1081
01:24:22,550 --> 01:24:26,720
[हंसी] जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं। उसने आपकी कॉल को

1082
01:24:26,720 --> 01:24:32,720
होल्ड पर रखा है। कृपया लाइन पर बने रह।

1083
01:24:33,280 --> 01:24:37,520
अच्छा एक एक बात और मुझे सुनाई दी थी कि इनके 15 करोड़ शिष्य

1084
01:24:37,520 --> 01:24:43,120
हैं। अगर 15 करोड़ भी एक एक रुपया देंगे अपने बाबा के लिए तो 15 करोड़ होते हैं।

1085
01:24:43,120 --> 01:24:47,120
तो चैलेंज 50 लाख का क्यों दिया है? इसने उसमें भी एक संकीर्णता

1086
01:24:47,120 --> 01:24:52,000
दिखी है। इसको 15 करोड़ का चैलेंज दे देना चाहिए था।

1087
01:24:52,000 --> 01:24:55,680
यह भी सोचने की बात है। खैर

1088
01:24:55,680 --> 01:24:59,840
तो जिसकी भी मां ने उसको निष्ठा पूर्वक

1089
01:24:59,840 --> 01:25:03,840
दूध पिलाया हो रामपाल और उसके 15 करोड़ शिष्यों में

1090
01:25:03,840 --> 01:25:07,920
से जिसकी भी मां ने उसको निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया हो वो हमारे नंबर

1091
01:25:07,920 --> 01:25:11,920
पर हमसे संपर्क कर सकता है। वीडियो के अंत में आपको नंबर दिया बोल भी देता हूं।

1092
01:25:11,920 --> 01:25:15,120
7408301869

1093
01:25:15,120 --> 01:25:19,680
WhatsApp करें। WhatsApp करें। कॉल ना करें। कॉल करके ना पकाए।

1094
01:25:19,680 --> 01:25:23,760
WhatsApp करें। उसमें एक फॉर्म आएगा आपके पास YouTube लाइव

1095
01:25:23,760 --> 01:25:27,760
स्ट्रीम डिस्कशन के लिए उसको फॉर्म को फिल कर दें जिससे हमें आपकी जानकारी मिल जाएगी। आप

1096
01:25:27,760 --> 01:25:31,840
चर्चा में इंटरेस्टेड हो। फिर आपको कॉल करके हम दिन तारीख वगैरह सुनिश्चित

1097
01:25:31,840 --> 01:25:36,640
करेंगे। आपके साथ हमारे चैनल पर लाइव चर्चा हो जाएगी।

1098
01:25:36,640 --> 01:25:40,800
अब अगर कोई व्यक्ति यह चाहता है कि भाई हम अपने चैनल पर ना करें बल्कि अपने

1099
01:25:40,800 --> 01:25:45,120
चैनल से बाहर निकले तो सबसे पहली बात यह सुन लो कि तुम्हारे अपराधियों के लिए तुम बदनाम

1100
01:25:45,120 --> 01:25:49,120
लोगों के यहां तो हम आएंगे नहीं चैनल पे। तुम्हारे यहां नहीं आएंगे। हां

1101
01:25:49,120 --> 01:25:53,200
हम बीच के चैनल पर आ सकते हैं किसी न्यूट्रल चैनल पर तो वो भी व्यवस्था हो

1102
01:25:53,200 --> 01:25:57,440
जाएगी मगर उस मेहनत को करने के लिए हमको यह आवश्यकता होगी

1103
01:25:57,440 --> 01:26:02,160
कि तुम रामपाल की ओर से कुछ मायने रखते हो

1104
01:26:02,160 --> 01:26:06,320
तो रामपाल अगर घोषणा कर देगा या जो तुम्हारे यहां के बड़े-बड़े चैनल है वो घोषणा कर देंगे

1105
01:26:06,320 --> 01:26:10,400
तुम्हारे नाम की उससे हमारा काम हो जाएगा तब हम जो है न्यूट्रल चैनल पर

1106
01:26:10,400 --> 01:26:14,400
तुम्हारे साथ चर्चा कर लेंगे तो हम यह नहीं कह रहे हमारे ही चैनल पर होगी अगर

1107
01:26:14,400 --> 01:26:18,560
तुम्हें लगता है हमें बाहर आना चाहिए तो अपनी योग्यता सिद्ध कर दो हम बाहर आ जाएंगे अपने चैनल

1108
01:26:18,560 --> 01:26:22,560
बीच के स्थान पर और यदि तुम्हारी कोई योग्यता नहीं है कूड़ा करकट

1109
01:26:22,560 --> 01:26:26,560
हो तुम तो भैया यहां आ जाओ अगर तुम्हारे है बाबा जी

1110
01:26:26,560 --> 01:26:30,480
के उसको सिद्ध करने का सामर्थ ठीक है और

1111
01:26:30,480 --> 01:26:36,320
बचपन में मां का दूध पिया हो तो ठीक है आज की चर्चा पर्याप्त है

1112
01:26:36,320 --> 01:26:41,200
अपनी बात कुछ भी कहीं पर भी लोकल लैंग्वेज असली लैंग्वेज

1113
01:26:41,200 --> 01:26:45,200
तब शर्म नहीं आई भगवान कह रहे हैं कि तेरे मेरे और

1114
01:26:45,200 --> 01:26:49,200
तेरे और मेरे लीला जगत में आने जाने के कई ये हो चुके

1115
01:26:49,200 --> 01:26:54,160
हैं। उसी को जन्म मरण कहा उन्होंने जन्म हो चुके हैं।

1116
01:26:54,160 --> 01:26:58,240
लीलात्मक जन्म को तुमने फिर वहां पकड़ लिया। नहीं नहीं नहीं यहां तो यहां तो

1117
01:26:58,240 --> 01:27:02,480
जन्म हो रहा है। यानी मरण भी हो रहा है। आविर्भाव और तिरो

1118
01:27:02,480 --> 01:27:06,560
भाव को तुमने नहीं पकड़ा। तब तुम्हें शर्म नहीं आई। चुल्लू और पानी में

1119
01:27:06,560 --> 01:27:10,560
डूब नहीं मरे। तुम धिक्कार है तुम जैसे दोगले लोगों

1120
01:27:10,560 --> 01:27:14,560
पर। जिस बात के कई अर्थ निकल रहे हैं। उस बात में

1121
01:27:14,560 --> 01:27:18,560
तुम अर्थ अपना पकड़ रहे हो। जिस बात का एक ही अर्थ निकल रहा है

1122
01:27:18,560 --> 01:27:22,640
5% उस बात में तुम कह रहे हो लोकल लैंग्वेज

1123
01:27:22,640 --> 01:27:25,920
में लिख दिया है

1124
01:27:25,920 --> 01:27:30,160
इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में

1125
01:27:30,160 --> 01:27:34,320
ठीक है जय श्री राम सभी को

1126
01:27:34,320 --> 01:27:38,080
हां जी शास्त्र जी बोलिए

1127
01:27:38,080 --> 01:27:42,480
भैया एक और कॉल कर लीजिए यही बोल रहे अरे

1128
01:27:42,480 --> 01:27:45,520
नहीं ठीक है अब काफी हो गया एक डेढ़ घंटा हो

1129
01:27:45,520 --> 01:27:50,000
काफी कॉल कर तो लिए अब तो वो काट रहे हैं ना यह आखरी वो 27

1130
01:27:50,000 --> 01:27:54,240
यह सीरीज में आखिरी वाला नंबर था ये एक और नंबर

1131
01:27:54,240 --> 01:27:58,400
है मुझे लगता है वो जो एक एक्स्ट्रा कॉल था उसको मिलाकर के कुल मिलाकर

1132
01:27:58,400 --> 01:28:02,400
के सात आठ कॉल हो गए हैं आठ कॉल और अंत में सब लोग

1133
01:28:02,400 --> 01:28:06,480
भाग रहे हैं कॉल काट के एक दो लोगों ने बात करने का प्रयास किया

1134
01:28:06,480 --> 01:28:10,640
जो नहीं परिचित थे उन्होंने प्रयास किया और इस व्यक्ति ने

1135
01:28:10,640 --> 01:28:13,920
पल्ला झाड़ा

1136
01:28:13,920 --> 01:28:18,000
अब उस लोकल भाषा इसका मतलब कि

1137
01:28:18,000 --> 01:28:22,000
शास्त्रों में कुछ ऐसे बातें लिखी हो सकती है

1138
01:28:22,000 --> 01:28:26,240
जिनके जो दिखाई देने वाले जो अर्थ है वो ना हो के दूसरे अर्थ हो सकते हैं

1139
01:28:26,240 --> 01:28:30,240
तब तुम्हें शर्म नहीं आई जब तुमने अपने बातों से पकड़ के

1140
01:28:30,240 --> 01:28:36,240
तोड़ मरोड़ के चीजें की हैं

1141
01:28:36,700 --> 01:28:41,440
[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] भैया कुछ लोग लिंक कुछ लोग लिंक मांग रहे हैं

1142
01:28:41,440 --> 01:28:46,560
नहीं अभी डेढ़ घंटे का हो गया फिर अब दोबारा करेंगे तब लेंगे।

1143
01:28:46,560 --> 01:28:50,560
ठीक है? चलिए जय श्री राम सभी को। जय श्री राम।
