1
00:00:03,200 --> 00:00:07,200
सभी को जय श्री राम और आप सभी

2
00:00:07,200 --> 00:00:11,640
जानते हैं एक विवाद चल रहा है इस

3
00:00:11,640 --> 00:00:15,760
समय और जिसमें कि आरोप प्रत्यारोप चल रहा है इधर

4
00:00:15,760 --> 00:00:19,840
से उधर से सभी तरह की चीजें चल रही है तो अभी-अभी

5
00:00:19,840 --> 00:00:23,840
रिसेंटली भागवतानंद ने एक वीडियो डाला है

6
00:00:23,840 --> 00:00:28,160
जिसमें कि बहुत सारा व्यर्थ का प्रलाप करते हुए

7
00:00:28,160 --> 00:00:32,880
कुछ ऐसी बातें की है जो विषय से संबंधित है इसलिए हम

8
00:00:32,880 --> 00:00:37,480
ये वीडियो बना रहे हैं। अच्छा विषय से संबंधित में याद

9
00:00:37,480 --> 00:00:42,280
आया इसने अपने एक वीडियो में कहा था कि

10
00:00:42,280 --> 00:00:47,120
भाई जो व्यक्ति ने अगर किसी पर कोई आरोप लगाया है

11
00:00:47,120 --> 00:00:51,120
तो उस आरोप या उसके मत का खंडन किया है तो मत का

12
00:00:51,120 --> 00:00:55,200
खंडन करते समय सामने वाला व्यक्ति अपने मत मत

13
00:00:55,200 --> 00:00:59,320
की रक्षा ना करे बल्कि सामने वाले व्यक्ति के मत पर प्रहार कर

14
00:00:59,320 --> 00:01:03,600
दे तो इसमें उसने अमुक अमुक कुछ शास्त्रों के वचन

15
00:01:03,600 --> 00:01:08,720
बोलते हुए बताया था फलाना दोष होता है। और

16
00:01:08,720 --> 00:01:12,960
इस पूरे विवाद में इस पूरी कहानी में प्रारंभ

17
00:01:12,960 --> 00:01:17,040
से ले आज वर्तमान तक जो

18
00:01:17,040 --> 00:01:18,320
भागवतानंद है वह यही

19
00:01:18,320 --> 00:01:22,400
करता हुआ दिखाई दे रहा है। कि यदि उससे कोई

20
00:01:22,400 --> 00:01:27,040
बात पूछी गई है तो

21
00:01:27,040 --> 00:01:31,200
उस बात का जवाब ना देते हुए उस पर उस पर कोई

22
00:01:31,200 --> 00:01:35,360
उसकी किसी उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए किसी तथ्य पर प्रहार करते

23
00:01:35,360 --> 00:01:39,360
हुए यदि कोई बात कही गई तो उस बात का जवाब देते

24
00:01:39,360 --> 00:01:43,600
हुए वो उसने अनग बहुत सारे प्रलाप किए जिसके कारण इतनी सारी

25
00:01:43,600 --> 00:01:47,600
लाइव डिस्कशंस हो गए। जैसे कि फॉर एग्जांपल

26
00:01:47,600 --> 00:01:51,760
मैं कहूं कि आप हमें ठोस प्रमाण दे दो पूरी मठ के परिकों के संबंध

27
00:01:51,760 --> 00:01:55,920
में। उसने स्क्रीन रिकॉर्डिंग दिखाई। ठोस प्रमाण देते

28
00:01:55,920 --> 00:02:00,000
समय उसने यह बात भी रखी कि ये आज हम स्क्रीन

29
00:02:00,000 --> 00:02:04,880
रिकॉर्डिंग डाल रहे हैं। मगर यदि तुम चुप नहीं रहे तो बहुत सारे हमारे पास ऐसे

30
00:02:04,880 --> 00:02:09,360
साक्ष्य हैं जो अभी भी सुरक्षित हैं। बहुत सारे लोग हैं।

31
00:02:09,360 --> 00:02:13,520
तो ना तो वो लोग आज तक हैं। प्राप्त हुए ना ही वो बाकी की रिक

32
00:02:13,520 --> 00:02:18,000
चीजें प्राप्त हुई। हां। मगर उनके बल पर प्रस्तुत की हुई एक

33
00:02:18,000 --> 00:02:22,400
स्क्रीन रिकॉर्डिंग के आधार पर बहुत कुछ अपने ख्याली पुलाव

34
00:02:22,400 --> 00:02:26,400
पकाने का प्रयास किया गया। यह बात जरूर है।

35
00:02:26,400 --> 00:02:30,480
तो आज तक भी वो ठोस प्रमाण लेकर आने में

36
00:02:30,480 --> 00:02:33,440
समर्थ सिद्ध नहीं हो पाए। जो अपने आप

37
00:02:33,440 --> 00:02:38,240
को निग्रहचार्य कहने का कहलवाने का प्रयास कर रहे हैं। सारी दुनिया

38
00:02:38,240 --> 00:02:42,560
उनको निग्रहाचार्य एक परंपरा प्राप्त आचार्य के रूप में स्वीकार करें।

39
00:02:42,560 --> 00:02:48,560
लुप्त संप्रदाय के गुप्त आचार्य के रूप में।

40
00:02:48,920 --> 00:02:53,440
खैर तो आज उन्होंने एक वीडियो डाला है। उसमें

41
00:02:53,440 --> 00:02:57,520
जल्दी से डिस्कस कर लें। बहुत लंबी लाइव नहीं करेंगे। पहली बात

42
00:02:57,520 --> 00:03:01,600
उसने भगवतानंद ने अपने वीडियो में कहा कि

43
00:03:01,600 --> 00:03:05,760
पूरी शंकराचार्य जी अलपनिषद को क्योंकि चौखंबा ने छापा है इसलिए

44
00:03:05,760 --> 00:03:10,080
प्रमाणिक मानने को कहते हैं। तो मैं कहूंगा भगवतानंद

45
00:03:10,080 --> 00:03:14,080
आप झूठ कहते हैं। यही होता है सच के आसपास वाला झूठ।

46
00:03:14,080 --> 00:03:18,160
अलपनिषद पे बात की। अलोपनिषद का खंडन पूरी

47
00:03:18,160 --> 00:03:22,400
तरीके से पूरी शंकराचार्य जी ने नहीं किया। मगर अलपनिषद

48
00:03:22,400 --> 00:03:26,400
को उन्होंने प्रामाणिक भी नहीं माना। ये है झूठ। पूरी

49
00:03:26,400 --> 00:03:30,400
शंकराचार्य जी ने जब भी अलपनिषद पर बात की है तो यही बात की है कि

50
00:03:30,400 --> 00:03:35,040
मैं अलपनिषद का ना ही समर्थन करता हूं ना ही उसे प्रमाणिक मांगने

51
00:03:35,040 --> 00:03:39,360
मानने के पक्ष में हूं ना ही उसका मैं खंडन करता हूं। उसके पीछे

52
00:03:39,360 --> 00:03:43,440
अन्य कई जो धर्म की स्थापना के लिए आवश्यक कारण है

53
00:03:43,440 --> 00:03:47,520
वह उनके अपने हैं। मगर जब

54
00:03:47,520 --> 00:03:48,640
उन्होंने यह बात कही

55
00:03:48,640 --> 00:03:53,520
तो उन्होंने सिर्फ यह बताया कि यदि आप अल्लाह शब्द के

56
00:03:53,520 --> 00:03:58,080
कारण उसको मान रहे हैं कि अलपनिषद जो है वो

57
00:03:58,080 --> 00:04:02,160
प्रामाणिक नहीं है। तो उन्होंने बताया कि अल्लाह शब्द का अमुक अमुक अर्थ होता है जो

58
00:04:02,160 --> 00:04:06,480
देवी मां से जुड़ता है। शक्ति से जुड़ता है। अंबा से जुड़ जाता है।

59
00:04:06,480 --> 00:04:10,720
मगर उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा स्पष्ट रूप से कि अलोपनिषद अलोपनिषद

60
00:04:10,720 --> 00:04:14,720
को हम प्रमाणिक मानते हैं। इसमें ऐसा भी देखा जा सकता है इस

61
00:04:14,720 --> 00:04:18,800
बात के अर्थ के अर्थ में अगर जाए तो इस तथ्य को भी ले सकते

62
00:04:18,800 --> 00:04:23,120
हैं कि अलोपनिषद का जो भाग जैसे कि

63
00:04:23,120 --> 00:04:27,200
इस व्यक्ति ने अपने वीडियो में अगर आगे पढ़ के बताया। हालांकि अलोपनिषद

64
00:04:27,200 --> 00:04:31,440
पे हम एक वीडियो बना चुके हैं जो हमारे मेन चैनल पर डला हुआ है। उसमें गुरुदेव

65
00:04:31,440 --> 00:04:35,440
से हमारा प्रश्न है। तो आप जाकर देख सकते हैं कि गुरुदेव ने क्या उत्तर दिया। वहां

66
00:04:35,440 --> 00:04:39,760
पर उन्होंने यह नहीं कहा कि चौखंबा से छपा हुआ है तो उसको प्रमाणिक मान लेना चाहिए।

67
00:04:39,760 --> 00:04:43,760
तो यह होता है इसका वाकल कि सच के आसपास वाला

68
00:04:43,760 --> 00:04:48,080
झूठ कि पूरी शंकराचार्य जी ने क्या कहा है उससे बचते हुए उनकी वास्तविकता

69
00:04:48,080 --> 00:04:52,080
ना बताते हुए और जो है और ये सच के आसपास वाला झूठ

70
00:04:52,080 --> 00:04:56,320
हम शुरुआत से ले रहे हैं और आज भी वही हो रहा है। अभी

71
00:04:56,320 --> 00:05:00,320
हम बात करेंगे आगे अन्य कई तथ्यों में यह सच के आसपास वाला झूठ तो पूरी

72
00:05:00,320 --> 00:05:03,840
शंकराचार्य जी ने अलपनिषद का खंडन नहीं किया मगर उन्होंने समर्थन

73
00:05:03,840 --> 00:05:08,240
भी नहीं किया तो क्योंकि खंडन नहीं किया इसलिए इसने समर्थन मानते हुए पूरी शंकराचार्य

74
00:05:08,240 --> 00:05:12,560
जी के ऊपर यह आक्षेप लगाने का प्रयास किया है कि वो जो विचारधारा

75
00:05:12,560 --> 00:05:16,960
है या मत पंथ संप्रदाय जो भी है उसका

76
00:05:16,960 --> 00:05:21,200
महिमागान करना चाहते हैं। उसके पक्षधर हैं। ऐसा कुछ प्रकट

77
00:05:21,200 --> 00:05:25,280
करने का प्रयास किया। तो पहली बात तो यह हो गई कि उन्होंने यह नहीं

78
00:05:25,280 --> 00:05:29,520
कहा है कि अलपनिषद को प्रमाणिक मान लेना चाहिए। मगर इसका अर्थ हमें केवल इतना

79
00:05:29,520 --> 00:05:33,520
लेना चाहिए कि जब तक कोई बात वेद विरोधी सिद्ध नहीं हो रही है

80
00:05:33,520 --> 00:05:37,920
तो उस पर हम प्रक्षिप्त होने का जो आरोप है

81
00:05:37,920 --> 00:05:42,000
हमें नहीं करने का प्रयास करना चाहिए। कि हम ऐसा आरोप ना लगाएं जो

82
00:05:42,000 --> 00:05:46,000
वेद विरुद्ध साबित नहीं हो रहा है। उस पर प्रक्षिप्त होने का आरोप लगाने

83
00:05:46,000 --> 00:05:50,080
से बचना चाहिए। दूसरी बात यह है कि अगर उसमें

84
00:05:50,080 --> 00:05:54,080
कहीं पर ऐसा है जो वेदों से मिलता जुलता अंश है और कहीं

85
00:05:54,080 --> 00:05:58,160
पर ऐसा है कि आगे जाकर के और भी ऐसी चीजें हुई है जो हम बिल्कुल भी कदाचित स्वीकार नहीं

86
00:05:58,160 --> 00:06:01,240
कर सकते कि ये

87
00:06:01,240 --> 00:06:05,360
सनातन धर्म द्वारा दी गई शिक्षा है। तो हम ये

88
00:06:05,360 --> 00:06:09,520
मान सकते हैं कि अल्पपनिषद था मगर उसमें कालांतर में

89
00:06:09,520 --> 00:06:13,520
इन चीजों को डाल दिया गया। 100 की

90
00:06:13,520 --> 00:06:18,080
सीधी एक बात कि पुर शंकराचार्य जी ने कभी भी प्रॉपर तरीके से अलपनिषद

91
00:06:18,080 --> 00:06:18,960
का समर्थन किया ही

92
00:06:18,960 --> 00:06:23,040
नहीं। उन्होंने केवल इस बारे में इतना कहा कि अल्पपनिषद को ना ही मैं

93
00:06:23,040 --> 00:06:27,440
खंडन करता हूं और ना ही मैं समर्थन करता हूं। हां, यदि अल्लाह शब्द से

94
00:06:27,440 --> 00:06:31,440
अल्लाह शब्द के कारण आप उसका विरोध कर रहे हैं तो अल्लाह शब्द का यह अर्थ हो

95
00:06:31,440 --> 00:06:35,520
सकता है। और जब तक हमें जब तक किस कोई ग्रंथ है

96
00:06:35,520 --> 00:06:39,680
जो कि वेद विरोधी सिद्ध ना हो तब तक हमें उसका विरोध

97
00:06:39,680 --> 00:06:43,760
इस प्रकार से नहीं करना चाहिए कि वह प्रक्षिप्त है। और

98
00:06:43,760 --> 00:06:47,840
इसके भी अपने कारण है। ठीक है? वह जब किसी

99
00:06:47,840 --> 00:06:52,000
दिन विस्तृत बात होगी तो उसमें बात की

100
00:06:52,000 --> 00:06:56,160
जाएगी। तो इनका एक झूठ यहां पर पकड़ा गया सच के आसपास वाला झूठ।

101
00:06:56,160 --> 00:07:00,400
अब आगे चलते हैं। बात ऐसी है कि अगर वह मुस्लिम

102
00:07:00,400 --> 00:07:04,640
धर्म के पक्षधर हैं। सीधीसीधी बात है कि वह मुस्लिम धर्म के पक्षधर

103
00:07:04,640 --> 00:07:09,440
हैं। क्योंकि वो मुसलमान से मिल रहे हैं या

104
00:07:09,440 --> 00:07:14,160
मुसलमान का मेले में आना स्वीकार कर रहे हैं या फिर

105
00:07:14,160 --> 00:07:18,200
जो है मुसलमान के हक के बारे में बात कर रहे

106
00:07:18,200 --> 00:07:22,240
हैं। तो सबसे पहली बात तो यह है कि मुस्लिम धर्म के पक्षधर

107
00:07:22,240 --> 00:07:26,240
के चरणों में तुम क्या कर रहे हो? तुम क्यों वहां नाक

108
00:07:26,240 --> 00:07:32,240
रगड़ रहे हो? तुम वहां पर क्यों अपनी सेवाएं दे रहे हो?

109
00:07:32,400 --> 00:07:34,160
भाई इनका कहना है

110
00:07:34,160 --> 00:07:38,480
कि जो पूरी पीठ के परिकर हैं उसमें सचिव महोदय जो हैं वो इन

111
00:07:38,480 --> 00:07:42,720
चीजों में लिप्त हैं। तुम क्या कर रहे थे वहां? इनका यह भी कहना है कि पूरी

112
00:07:42,720 --> 00:07:47,040
पीठ के परिकर क्या करते हैं? वहां जाकर के दो-तीन दिन रह के आप देख लीजिए।

113
00:07:47,040 --> 00:07:52,480
ठीक है? तो ये नहीं रहे क्या वहां पर?

114
00:07:52,480 --> 00:07:56,640
यह वहां पर पीठ में नहीं रहे। पीठ में रहे थे तो यह कुछ नहीं जान पाए,

115
00:07:56,640 --> 00:08:01,360
देख पाए। मुस्लिम पंथ

116
00:08:01,360 --> 00:08:05,600
मुस्लिम मत धर्म शब्द गलती से निकल गया।

117
00:08:05,600 --> 00:08:09,760
अगर इनके अनुसार ये जो मुस्लिम इनके अनुसार

118
00:08:09,760 --> 00:08:14,680
पूरी शंकराचार्य जी मुस्लिम पंथ के मुस्लिम विचारधारा के समर्थक

119
00:08:14,680 --> 00:08:19,120
हैं। तो ये क्या कर रहे थे वहां? यह

120
00:08:19,120 --> 00:08:24,400
चरणों में बैठ बैठ के मुस्लिम ज्ञान अर्जन करने गए थे क्या?

121
00:08:24,400 --> 00:08:28,520
अच्छा अब दूसरी बात

122
00:08:28,520 --> 00:08:32,520
कि

123
00:08:32,520 --> 00:08:36,640
ये अगर गुरुदेव मुस्लिम विचारधारा के

124
00:08:36,640 --> 00:08:40,720
मुस्लिम आईडियोलॉजी के पक्षधर हैं तो इन सब बातों का एक ही बार

125
00:08:40,720 --> 00:08:44,960
में खंडन हो जाता है। एक ही बार में जब वो यह कह देते हैं

126
00:08:44,960 --> 00:08:49,640
कि कुरान की सीमा का ईश्वर साक्षात अवतार नहीं ले सकता बाधित

127
00:08:49,640 --> 00:08:54,080
है। और उस समय वह अन्य भी बहुत से विचारधाराओं के द्वारा

128
00:08:54,080 --> 00:08:58,800
प्रतिपादित होने वाले ईश्वर की बात करते हैं। घटिया तक कहते हैं।

129
00:08:58,800 --> 00:09:02,880
उनका वीडियो है। तो जब यह बात आ

130
00:09:02,880 --> 00:09:06,880
जाती है तो तो हमें ऐसी बात निकालनी होगी ना जिसमें इस बात का भी मान

131
00:09:06,880 --> 00:09:11,040
रह जाए। हम मगर इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।

132
00:09:11,040 --> 00:09:15,440
वो उनको जो है आज जो है तुम्हें उनके उनके साथ बैठने का प्रशय

133
00:09:15,440 --> 00:09:19,600
प्राप्त नहीं हुआ। यही चाहते हैं। भाई सब जगह

134
00:09:19,600 --> 00:09:23,600
आपको जो है ऐसा प्रशय मिल गया कि साथ में आपकी गद्दी लग गई।

135
00:09:23,600 --> 00:09:27,600
मगर पूरी शंकराचार्य जी के चरण चरणों से आगे आप

136
00:09:27,600 --> 00:09:31,840
ऊपर नहीं जा पाए तो इसलिए उस गद्दी की आप जो है जरूर अवश्य ही खंडन

137
00:09:31,840 --> 00:09:35,840
करेंगे। और सेलेक्टिव जो पॉलिटिक्स है इस पर हम बात आगे बात

138
00:09:35,840 --> 00:09:39,920
करेंगे। सेलेक्टिव सेलेक्टिव पॉलिटिक्स पर अभी मैं एक

139
00:09:39,920 --> 00:09:43,800
बात कर रहा हूं। कह रहा हूं

140
00:09:43,800 --> 00:09:47,600
कि अब इनका कहना है क्योंकि पुरी शंकराचार्य जी

141
00:09:47,600 --> 00:09:51,600
ने अलोपनिषद को कहा। अलोपनिषद के बारे में तो हमने बता ही दिया कि उन्होंने ना समर्थन किया है

142
00:09:51,600 --> 00:09:55,920
ना खंडन किया है। खंडन ना करने का अपना एक कारण है जो हम अपने अलग वीडियो

143
00:09:55,920 --> 00:10:00,000
में बना बता भी चुके हैं और आगे आने वाले वीडियो में बताएंगे भी और दूसरी बात हम

144
00:10:00,000 --> 00:10:04,080
इस बात का ये अर्थ भी ले सकते हैं कि अगर उसमें बहुत सारी ऐसी बिल्कुल प्रत्यक्ष रूप

145
00:10:04,080 --> 00:10:08,080
से मिल जाने वाली सामग्री है जो बिल्कुल भी सनातनी सिद्ध नहीं हो सकती तो हम ये क्यों

146
00:10:08,080 --> 00:10:12,240
कहे कि वो अलोपनिषद ही अप्रामाणिक है। हम ये क्यों ना कहे कि अलोपनिषद में

147
00:10:12,240 --> 00:10:16,320
अमुक अमुक सामग्री जो है प्रक्षिप्त डाल दी गई है।

148
00:10:16,320 --> 00:10:20,720
पहली बात। दूसरी बात यह है कि क्या रस

149
00:10:20,720 --> 00:10:24,720
अगर पूरी शंकराचार्य जी कुंभ के मेले में

150
00:10:24,720 --> 00:10:28,720
मुस्लिमों का आना अलऊ करने की बात कहते हैं तो क्या

151
00:10:28,720 --> 00:10:33,120
वहां पर वो यह नहीं कहते कि रसखान जैसे जो मुस्लिम है वो वंचित ना रह जाए।

152
00:10:33,120 --> 00:10:37,360
अच्छा एक बात बताइए क्या आप नहीं चाहते हैं कि पूरा विश्व जो है सनातन

153
00:10:37,360 --> 00:10:42,480
के अनुगत हो जाए तो कैसे होगा वो अनुगत? जब उसे आने नहीं दोगे?

154
00:10:42,480 --> 00:10:46,480
वह कैसा हॉस्पिटल जिसके बाहर आप यह लिख दो कि यहां पर मरीज

155
00:10:46,480 --> 00:10:49,480
का आना अलाउ नहीं

156
00:10:49,480 --> 00:10:53,520
है। दूसरी बात तीसरी बात क्या है कि पूरी

157
00:10:53,520 --> 00:10:57,600
शंकराचार्य जी जो है मुस्लिम से मिलते हैं।

158
00:10:57,600 --> 00:11:01,600
मुस्लिम से मिलते हैं तो वो हो गए मुस्लिमों के पक्षधर। वह इसलिए

159
00:11:01,600 --> 00:11:02,720
मुस्लिम से नहीं मिल सकते

160
00:11:02,720 --> 00:11:07,680
हैं कि मुस्लिम को हिंदू बनाना है। हिंदू आईडियोलॉजी के अनुगत करना है।

161
00:11:07,680 --> 00:11:11,680
इसका अर्थ है कि पूरी शंकराचार्य जी की सभा

162
00:11:11,680 --> 00:11:15,840
में एक जगह जो एक मुस्लिम युवती ने आकर के प्रश्न किया था बालिका

163
00:11:15,840 --> 00:11:20,000
ने आकर के प्रश्न किया था कि अमुक अमुक ये सब कैसे होता है? तो पूरी शंकराचार्य जी

164
00:11:20,000 --> 00:11:24,240
को कहना चाहिए था तुम मेरी सभा से बाहर चले जाओ। और अगर वहां पर आकर के मुस्लिम ने प्रश्न

165
00:11:24,240 --> 00:11:29,600
कर लिया तो पूरी शंकराचार्य जी हो गए मुस्लिम समर्थक।

166
00:11:29,600 --> 00:11:33,600
तीसरी बात चौथी बात क्या है कि वह मुस्लिमों के हक की

167
00:11:33,600 --> 00:11:37,840
बात करते हैं। तो क्या कहें? जब कोई ऐसा बिल

168
00:11:37,840 --> 00:11:42,640
पास होता हो रहा है जो हिंदुओं के समर्थन में है तो

169
00:11:42,640 --> 00:11:46,000
लोगों को यह आधार दें।

170
00:11:46,000 --> 00:11:50,840
लोगों को यह आधार दें कि इसका विरोध क्यों क्यों होना

171
00:11:50,840 --> 00:11:54,880
चाहिए? बल्कि यह आधार दें कि इसका विरोध क्यों नहीं होना

172
00:11:54,880 --> 00:11:57,600
चाहिए।

173
00:11:57,600 --> 00:12:01,760
यही है मूर्खता की पराकाष्ठा। जिस डाल पर बैठे हो उसी

174
00:12:01,760 --> 00:12:05,760
को काटो। ऐसे ही होगी

175
00:12:05,760 --> 00:12:10,680
हिंदू धर्म की स्थापना। आप बताओ

176
00:12:10,680 --> 00:12:14,840
कि मुस्लिम ये हिंदुओं के पक्ष में

177
00:12:14,840 --> 00:12:18,880
या मुस्लिमों के विरोध में यदि कोई बिल पास होता हुआ दिख

178
00:12:18,880 --> 00:12:22,960
रहा है तो उसको ऐसा कहकर ज्यादा उसका समर्थन होगा। उसकी

179
00:12:22,960 --> 00:12:27,040
रक्षा होगी कि वो वो बिल हिंदुओं के पक्ष में नहीं बल्कि मुस्लिमों

180
00:12:27,040 --> 00:12:32,000
के पक्ष में है।

181
00:12:32,000 --> 00:12:36,080
जो है मुस्लिमों के पक्ष में नहीं हिंदुओं

182
00:12:36,080 --> 00:12:40,320
के पक्ष में क्या कह के रक्षा होगी उस बिल की कि वो हिंदुओं

183
00:12:40,320 --> 00:12:44,400
के पक्ष में नहीं मुस्लिम के पक्ष में है या मुस्लिम के पक्ष में नहीं हिंदुओं के पक्ष

184
00:12:44,400 --> 00:12:49,640
में है इनमें से कौन सी बात से उसकी रक्षा की संभावना अधिक है सोच के

185
00:12:49,640 --> 00:12:53,840
देखो अब बात आ जाती है कि ये तो हमने जो उनके

186
00:12:53,840 --> 00:12:57,920
ऊपर इसने जो कटाक्ष किए वो दे दिए अब ये भाई साहब का जरा आप

187
00:12:57,920 --> 00:13:01,440
चित्र दिखाइए

188
00:13:01,440 --> 00:13:05,520
यह भाई साहब ऐसे जगह से जुड़े रहते

189
00:13:05,520 --> 00:13:10,320
हैं जहां पर मुस्लिम कुल में उत्पन्न

190
00:13:10,320 --> 00:13:14,560
व्यक्ति को वहां का जो है पीठाधीश्वर

191
00:13:14,560 --> 00:13:18,560
माना जाता है और यही नहीं उसकी प्रशंसा में

192
00:13:18,560 --> 00:13:22,640
बुक लिखते हैं जिसको जो इनके नाम से छपती है और वह

193
00:13:22,640 --> 00:13:26,800
बुक जो है बांटी जाती है तो अब यह क्या कर रहे हैं यह यहां पर मान लिया

194
00:13:26,800 --> 00:13:31,200
जाए कि ये मुस्लिमों के समर्थक हालांकि यह देखिए

195
00:13:31,200 --> 00:13:37,200
यह बुक देखिए किसके द्वारा लिखित है यह

196
00:13:39,960 --> 00:13:43,720
बुक बड़ा करिए

197
00:13:43,720 --> 00:13:47,760
इसको। नहीं नहीं वो हिस्सा बड़ा करिए जो बुक किसके द्वारा लिखे थे वो

198
00:13:47,760 --> 00:13:53,760
दिखाइए।

199
00:13:56,960 --> 00:14:01,360
बड़ा नहीं हो सकता वह हिस्सा जिसमें आप बुक दिखा रहे हैं। बुक किसके द्वारा लिखी हुई है।

200
00:14:01,360 --> 00:14:06,000
खैर इन्हीं के द्वारा लिखी हुई बुक है। ये आपको इस पर मिल जाएगी आरव

201
00:14:06,000 --> 00:14:10,280
पे तो आर्काइव पे। तो

202
00:14:10,280 --> 00:14:14,720
ये ये देखिए बाबा डॉक्टर वीरनाथ

203
00:14:14,720 --> 00:14:19,360
अघोरी का भौतिक शरीर तो एक मुसलमान के यहां उत्पन्न हुआ।

204
00:14:19,360 --> 00:14:23,600
अब यह जिस परंपरा की बुक है यह परंपरा के

205
00:14:23,600 --> 00:14:27,760
मतलब उस परंपरा के गुरु हैं। और उस

206
00:14:27,760 --> 00:14:31,840
परंपरा की महिमा मंडन की बुक लिखने

207
00:14:31,840 --> 00:14:34,680
वाला कौन है?

208
00:14:34,680 --> 00:14:39,040
आपके स्वयं के तथाकथित स्वभोषित

209
00:14:39,040 --> 00:14:43,520
आचार्य। ठीक है? तो अब हो गए

210
00:14:43,520 --> 00:14:49,120
हो गए ना? यह हो गए मुस्लिम समर्थक।

211
00:14:49,120 --> 00:14:54,000
जो प्रशंसा में बुक लिख रहा है वह समर्थक नहीं है।

212
00:14:54,000 --> 00:14:58,320
जो कहीं पर दिख गया मुसलमानों से के साथ में खड़ा हुआ या

213
00:14:58,320 --> 00:15:02,320
उसने कहीं पर ऐसा कोई वक्तव्य दे दिया जहां पर कोई हिंदुओं का

214
00:15:02,320 --> 00:15:06,720
विरोध नहीं है। मगर वो मुस्लिमों का समर्थक है। है ना? और उसके

215
00:15:06,720 --> 00:15:10,800
चरणों में जाकर के लौटते भी हैं। फिर लौटते हुए भी

216
00:15:10,800 --> 00:15:14,880
दिखाई देते हैं। उसी के चरणों में उनकी बातों को प्रमाण के रूप

217
00:15:14,880 --> 00:15:18,880
में अपने वक्तव्यों में उपयोग भी करते हैं कि देखो देखो यहां पर इन्होंने वो

218
00:15:18,880 --> 00:15:22,880
विश्व के 13 व्यापारियों की बात की है। यहां इन्होंने जो है न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की

219
00:15:22,880 --> 00:15:27,440
बात की है।राज की बात की है। उनको प्रमाण के रूप में लेते भी हैं। है ना?

220
00:15:27,440 --> 00:15:31,600
और 100 की सीधी एक बात है कि मुस्लिम विचारधारा

221
00:15:31,600 --> 00:15:35,920
से प्रतिपादित होने वाला जो सर्वोच्च गद्दी पर बैठी बैठा हुआ

222
00:15:35,920 --> 00:15:40,480
बैठा हुआ कोई एंटिटी है। है ना?

223
00:15:40,480 --> 00:15:45,960
सर्वोच्च गद्दी पे बैठा बैठी हुई एंटिटी क्या

224
00:15:45,960 --> 00:15:50,080
है? स्वागत है आपका पंडित जी। जय

225
00:15:50,080 --> 00:15:54,640
श्री राम। जय श्री राम। तो अब क्या है कि जो

226
00:15:54,640 --> 00:15:58,720
मुस्लिमों की जो जो भी कुछ फिलोसफी है उसमें सर्वोच्च गद्दी पर

227
00:15:58,720 --> 00:16:02,720
बैठी हुई एंटिटी कौन है? अल्लाह। और वो वहां पर

228
00:16:02,720 --> 00:16:04,440
सीधे-सीधे निरस्त करते हैं

229
00:16:04,440 --> 00:16:09,320
कि कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर

230
00:16:09,320 --> 00:16:13,440
वो साक्षात अवतार नहीं ले सकता। बाधित है। तो उसकी

231
00:16:13,440 --> 00:16:19,040
ईश्वरता ही भंग कर दी। कब कह दिया उन्होंने पूजने की बात?

232
00:16:19,040 --> 00:16:23,440
अब बात आती है कि यह भाई साहब जो विरोध कर रहे हैं उनको मुस्लिम समर्थक

233
00:16:23,440 --> 00:16:27,440
सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। यह क्या करते हैं? कालिया

234
00:16:27,440 --> 00:16:31,680
जिन्न की पूजा करवा रहे हैं। मतलब दूसरी विचारधारा की जो निम्नतम श्रेणी

235
00:16:31,680 --> 00:16:35,760
की चीजें हैं उनकी पूजा करवा रहे हैं। उनका महिमा गान

236
00:16:35,760 --> 00:16:40,320
कर रहे हैं। कि मैंने अमुक

237
00:16:40,320 --> 00:16:44,320
हां। तुल्य चीजें हां।

238
00:16:44,320 --> 00:16:48,320
उनकी चीजों का महिमागान कर रहे हैं कि मैंने अमुक अमुक लोगों को यह दिया

239
00:16:48,320 --> 00:16:52,320
था तो उनको जो है फायदा हो गया था और उसमें अपने डिफेंस

240
00:16:52,320 --> 00:16:56,480
में कह क्या रहे हैं कि भाई तुम मांगे थे मुझसे

241
00:16:56,480 --> 00:17:00,560
आकर के तो मैंने दिया तो कसूर मेरा कहां से हुआ अरे

242
00:17:00,560 --> 00:17:04,720
भाई पहली बात तो तुम आचार्य हो कल को वो आकर

243
00:17:04,720 --> 00:17:08,720
के तुमसे अश्लील चलचित्र मांगेगा कोई आकर के तो वो भी

244
00:17:08,720 --> 00:17:12,960
उसको दे देना तुम दोषी थोड़ी ना होगे उसको अश्लील चलचित्र

245
00:17:12,960 --> 00:17:16,960
देने दे देना जो जो गलत चीजें मांगे तुम तो बता ही रहे हो

246
00:17:16,960 --> 00:17:19,520
कि वो मांग रहे हैं तुमसे उल्टी सीधी चीजें

247
00:17:19,520 --> 00:17:23,960
तो दे देना तुम उसमें दोषी थोड़ी ना

248
00:17:23,960 --> 00:17:28,160
रहोगे अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से

249
00:17:28,160 --> 00:17:32,480
जो नशे की बातें भी है ना वो भी नशे

250
00:17:32,480 --> 00:17:36,720
की सामग्री भी बेचता है तो उसमें केवल खरीदने वाला ही नहीं जो बेच

251
00:17:36,720 --> 00:17:41,120
रहा है वह भी अपराधी होता है। अच्छा जो

252
00:17:41,120 --> 00:17:45,520
मनुस्मृति में उसमें रामायण में

253
00:17:45,520 --> 00:17:49,960
मांस बेचने वाले को अधि पूर्वक जो मांस बेचकर

254
00:17:49,960 --> 00:17:54,480
अपने घर का पालन पोषण करता है

255
00:17:54,480 --> 00:17:58,560
उसको जो है पापी क्यों कहा गया है भाई मांस तो खरीदने वाला पापी है

256
00:17:58,560 --> 00:18:02,720
ना जो खरीद के खा रहा है पर जो नाथ

257
00:18:02,720 --> 00:18:06,880
संप्रदाय की बात है हमने इसलिए नहीं दिखाया कि हम उनके प्रति अनास्थावान

258
00:18:06,880 --> 00:18:11,520
बनाना चाहते हैं लोगों को या उनका अपमान कर रहे हैं नाथ संप्रदाय का नहीं

259
00:18:11,520 --> 00:18:15,600
अगर इस तरीके तरीके से नकारा जाएगा तो यह नकारे अपने अस्तित्व को और

260
00:18:15,600 --> 00:18:20,000
कहे कि मैं मुस्लिम धर्म का पक्षधर हूं या फिर हमें मानना पड़ेगा कि ऐसे मुस्लिम

261
00:18:20,000 --> 00:18:24,800
पंथ का पक्षधर हूं या फिर हमें यह मानना पड़ेगा कि ऐसे मुस्लिम

262
00:18:24,800 --> 00:18:28,800
जो भले ही मुस्लिम कुल में उत्पन्न हुए मगर यदि उनमें सनातन के

263
00:18:28,800 --> 00:18:33,120
प्रति आस्था है तो उनको रोका नहीं जा सकता सनातन

264
00:18:33,120 --> 00:18:34,800
में आने से और नहीं रोकना

265
00:18:34,800 --> 00:18:39,200
चाहिए और यह बात कहने वाले पूरी शंकराचार्य जी गलत है और तुम

266
00:18:39,200 --> 00:18:44,760
एक जगह पर इस बात का खंडन करते हुए दूसरी जगह पर इस बात का समर्थन करने वाले सही

267
00:18:44,760 --> 00:18:49,480
हो। इसको कहते हैं

268
00:18:49,480 --> 00:18:53,680
दोगलापन। अब आगे चलते हैं। दूसरा

269
00:18:53,680 --> 00:18:58,320
एक चैप्टर आता है कि ये भाई

270
00:18:58,320 --> 00:19:02,480
सिंपैथी सीकर हैं। ये जब फंस

271
00:19:02,480 --> 00:19:06,880
रहे हैं कहीं पर किसी मामले में इनके पास जवाब नहीं है तो ये सिंपैथी

272
00:19:06,880 --> 00:19:11,120
बटोरते हैं। क्या-क्या कहते हैं देखिए। बिल्कुल। सिंपैथी

273
00:19:11,120 --> 00:19:15,120
बटोरने के लिए मेरा वीडियो डिलीट करवा दिया गया। है ना?

274
00:19:15,120 --> 00:19:19,120
और मेरा जो है मुझे जो है मेरी पत्नी के लिए ये गालियां ये

275
00:19:19,120 --> 00:19:23,120
मुझसे अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। मेरी माताजी के लिए ये टिप्पणियां की

276
00:19:23,120 --> 00:19:27,920
जा रही हैं। मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम

277
00:19:27,920 --> 00:19:32,080
और मेरे विरुद्ध ये किया गया। वो स्क्रीनशॉट बनाए गए। ऐसा किया गया। वैसा किया गया।

278
00:19:32,080 --> 00:19:36,160
फैब्रिकेटेड वो दिए गए। अरे भाई तुमने कौन सी ठोस चीजें दे दी

279
00:19:36,160 --> 00:19:41,200
थी? जब तुम दूसरों पर कीचड़ उछाल रहे थे।

280
00:19:41,200 --> 00:19:45,280
तो जब आज पहली बात तो यह है कि हम इस तरह का कोई समर्थन नहीं करते हैं।

281
00:19:45,280 --> 00:19:49,360
यह अपने वीडियो में कहता है जबकि मैंने मैंने आज तक जो

282
00:19:49,360 --> 00:19:49,860
है किसी

283
00:19:49,840 --> 00:19:54,000
को गाली नहीं दी है ना ही किसी को गाली देने के लिए कहा है। तो हमने

284
00:19:54,000 --> 00:19:58,160
कब कहा है भाई? हमने कब कहा है? यह बात

285
00:19:58,160 --> 00:20:02,720
कह क्यों रहे हो? तुम हमारे विरोध में वीडियो बनाते समय एक बात कह क्यों रहे हो?

286
00:20:02,720 --> 00:20:06,720
और अगर किसी पर्टिकुलर किसी पर्सन के लिए कह रहे हो तो फिर हमें वहां पर जोड़ क्यों रहे

287
00:20:06,720 --> 00:20:10,880
हो उनके साथ? हम खुद ऐसे लोगों का प्रतिकार करते हैं

288
00:20:10,880 --> 00:20:15,040
जो मां बहन की गाली दे वो भले ही तुम हो या कोई और हो हमारे

289
00:20:15,040 --> 00:20:19,200
गुरु ने नहीं सिखाया सब राम ने नहीं सिखाया सब अब तुम कहने लगना अब ये बातें छोड़

290
00:20:19,200 --> 00:20:23,520
के चले जाना राम के आगे देखो श्री क्यों नहीं लगाया

291
00:20:23,520 --> 00:20:27,520
प्रभु क्यों नहीं लगाया तुम इस पर जाना जो कह रहा हूं उसप

292
00:20:27,520 --> 00:20:31,600
ध्यान मत देना है ना तो क्या है

293
00:20:31,600 --> 00:20:35,680
बात कि राम ने हमको नहीं सिखाया है हां

294
00:20:35,680 --> 00:20:39,680
तुम जरूर तुम जरूर जरूर कहते हो कि भाई ऐसे के साथ ऐसा करना चाहिए।

295
00:20:39,680 --> 00:20:43,840
तो जैसे तुमने बिना किसी शास्त्रीय विधान के ये कह दिया था कि भैया

296
00:20:43,840 --> 00:20:47,840
मेरे साथ कोई गलत करेगा और मेरे पास चक्र नहीं है त्रिशूल नहीं है इसलिए जो है मैं

297
00:20:47,840 --> 00:20:52,080
गाली देने को वो मानता हूं तर्क संगत तो अब वही पलट करके

298
00:20:52,080 --> 00:20:56,080
आ रहा है तो तुम्हें बुरा नहीं लगना चाहिए। हमें बुरा लग रहा है तुम्हारे साथ अगर ऐसा हो रहा है

299
00:20:56,080 --> 00:21:00,080
तो। और दूसरी बात हमें भी गालियां दी जा रही है। तुम्हारे ही

300
00:21:00,080 --> 00:21:04,080
समर्थक गालियां दे रहे हैं। अरे मुझे तुम्हारे समर्थक क्या है?

301
00:21:04,080 --> 00:21:04,880
तुमने तक

302
00:21:04,880 --> 00:21:08,880
इतनी गलत गलत बातें की है। हमने तो रोना

303
00:21:08,880 --> 00:21:13,120
नहीं रोया। तुम जो विजय के साथ हमको

304
00:21:13,120 --> 00:21:17,160
जोड़ते हो विजय श्री के साथ उल्टा सीधा संबंध बताते

305
00:21:17,160 --> 00:21:23,160
हो। तब तुमने नहीं सोचा कि इसका क्या प्रभाव पड़ सकता

306
00:21:23,560 --> 00:21:27,840
है। तो ये व्यक्ति किस तरह से अटेंशन सी मेरा वीडियो हटवा

307
00:21:27,840 --> 00:21:32,320
दिया। अपना जनेऊ हाथ में लेकर के अब सौगंध खा के बोल

308
00:21:32,320 --> 00:21:36,320
कि वीडियो हटवाने में या तुझे गाली दिलवाने में शिवश द्विवेदी का

309
00:21:36,320 --> 00:21:40,400
भी निर्देशन है। ये बोल दे इतना कण है

310
00:21:40,400 --> 00:21:44,480
कि मैंने मेरी इच्छा से तुझे गाली दी गई है या तुम्हारी

311
00:21:44,480 --> 00:21:48,560
माता पत्नी इत्यादि के बारे में कुछ भी जो गलत बोला गया है वो उसमें मेरी इच्छा

312
00:21:48,560 --> 00:21:54,080
भी वो है।

313
00:21:54,080 --> 00:21:58,080
हम तो चाहते ही नहीं थे ना यह सब करना

314
00:21:58,080 --> 00:22:02,160
और इसीलिए यह व्यक्ति कहता है कि क्लिकबेट क्लिकबेट

315
00:22:02,160 --> 00:22:06,720
हां अरे भाई पहली बात तो यह है कि अगर कोई क्लिकबेट से अगर

316
00:22:06,720 --> 00:22:10,720
मान लिया जाए दुर्जनोषण नेहा से क्लिकबेट से कोई आदमी अपनी अर्निंग बढ़ा

317
00:22:10,720 --> 00:22:14,880
रहा है तो उससे तुझे दिक्कत हो गई क्या और दूसरी बात तूने

318
00:22:14,880 --> 00:22:19,200
ये नहीं सोचा कि हमने अपने सेकंड चैनल पे जिस पे व्यूज कम होते हैं उस पे क्यों

319
00:22:19,200 --> 00:22:23,360
बनाई लाइव स्ट्रीम क्यों नहीं अपने मेन चैनल पे लाइव स्ट्रीम

320
00:22:23,360 --> 00:22:27,600
जिसमें आज 8000 व्यूज है उसमें उस पर 20,000 400 व्यूज होते। क्यों

321
00:22:27,600 --> 00:22:31,680
नहीं लगाई थी? इसलिए क्योंकि हम कम से कम लोगों को यह

322
00:22:31,680 --> 00:22:35,840
बताना चाहते थे कि हम तुम्हारे अमुक अमुक वक्तव्य का वहां पर प्रतिकार

323
00:22:35,840 --> 00:22:40,640
कर रहे हैं। किसी एक जगह

324
00:22:40,640 --> 00:22:45,120
बल्कि जो वितंडा करने वाले जो शंकर संप्रदाय

325
00:22:45,120 --> 00:22:49,120
स्वयं को शंकर संप्रदाय का कहने वाले जो लोग हैं उनके बारे में भी हम जो बोल रहे हैं

326
00:22:49,120 --> 00:22:55,120
वह कम से कम लोगों को सुनाई दिखाई दे। इसलिए हमने इस पर किया था।

327
00:22:55,920 --> 00:22:59,320
ठीक

328
00:22:59,320 --> 00:23:03,520
है? तो ये सिंपैथी गेम जो खेलते

329
00:23:03,520 --> 00:23:07,840
हो ना और देखिए आप एक मजे की बात बताऊं। जब ये सिंपैथी

330
00:23:07,840 --> 00:23:12,080
गेम खेलता है ये व्यक्ति उस समय इसका लहजा देखिएगा। उस समय

331
00:23:12,080 --> 00:23:16,320
तंज नहीं कसता। सीमा का अतिक्रमण हो रहा है। यह जो तंज

332
00:23:16,320 --> 00:23:20,480
कसता है सीमा नाम से सचिव जी के नाम से

333
00:23:20,480 --> 00:23:25,360
ऋषिकेश ब्रह्मचारी जी के नाम से वो एक वो एक ऐसी

334
00:23:25,360 --> 00:23:29,680
युवती है विजयश्री अरे भाई कोई आपके

335
00:23:29,680 --> 00:23:33,680
उसमें आ रहा आपके सिद्धांतों को फॉलो करने लगा। आपके सिद्धांतों के प्रति निष्ठा

336
00:23:33,680 --> 00:23:38,080
दिखाने लगा तो वो गलत है। वो नहीं आना चाहिए।

337
00:23:38,080 --> 00:23:43,760
तुम उसके पुराने जीवन को लेकर के उसकी टांग खींचोगे।

338
00:23:43,760 --> 00:23:47,920
और तुम ही खुद कहोगे कि अगर मैं विदेश किसी ने अगर

339
00:23:47,920 --> 00:23:52,240
विदेश यात्रा की है तो क्या कहते हैं यदि कोई अगर विदेश

340
00:23:52,240 --> 00:23:56,880
यात्रा करने वाला वापस आ जाएगा पश्चाताप प्रकट करेगा और अपने उस

341
00:23:56,880 --> 00:24:00,880
कृत का कृत की वकालत नहीं करेगा तो मैं उसे क्षमा कर दूंगा उसको जो है

342
00:24:00,880 --> 00:24:04,960
उसके अधिकार की सीमा में पूजा पूजा दे दूंगा कि तुम मोक्ष को कैसे प्राप्त कर सकते

343
00:24:04,960 --> 00:24:09,200
हो मगर वही काम यदि विजयश्री करेगी वो अपनी वकालत नहीं करेगी

344
00:24:09,200 --> 00:24:14,080
कुत्ते को स्पर्श करने की वो अपनी वकालत नहीं करेगी अमुक अमुक गलत

345
00:24:14,080 --> 00:24:18,160
जो अशास्त्रीय कार्य उसने किए उनके उनकी वकालत नहीं करेगी और

346
00:24:18,160 --> 00:24:22,320
वो गुरुदेव की शरणागत प्राप्त हुई मगर भैया गुरुदेव उसको जो है उसकी अधिकार

347
00:24:22,320 --> 00:24:28,320
की सीमा में भगवत भक्ति नहीं दे सकते हो केवल तुम दे सकते

348
00:24:28,920 --> 00:24:33,440
हो और और इसका वो देखो मैं प्रतिकार करते वो जो सिंपैथी

349
00:24:33,440 --> 00:24:37,520
गेम जो खेलता है उसमें क्या करता है ये कि ना तो

350
00:24:37,520 --> 00:24:41,520
तू तड़ाक की भाषा होगी ना ही उसमें जो है ये

351
00:24:41,520 --> 00:24:45,520
फतियां कसी जाएंगी क्योंकि उसमें पूर्ण रूप से अपने आप को वो दिखाना ना

352
00:24:45,520 --> 00:24:49,720
बेचारा लाचार इसके ऊपर सब मिलकर के प्रहार कर रहे

353
00:24:49,720 --> 00:24:54,160
हैं। अपना जनेऊ हाथ में लेकर के आइए

354
00:24:54,160 --> 00:24:58,560
आइए सौगंध आपका जनेऊ आपके लिए महत्वपूर्ण है। मुझे नहीं लगता कि महत्वपूर्ण

355
00:24:58,560 --> 00:25:02,640
है। पर जनता के समक्ष खाओ तो कि तुम्हें गाली दिलवाने में,

356
00:25:02,640 --> 00:25:06,720
तुम्हारा वीडियो हटवाने में और तुम्हारे नाम तुम्हारे नाम से अगर

357
00:25:06,720 --> 00:25:10,720
तुम ये जो स्क्रीनशॉट गलत बनाए गए हैं उसमें जो है मेरा मेरी

358
00:25:10,720 --> 00:25:16,720
इच्छा भी शामिल

359
00:25:17,480 --> 00:25:22,120
है।

360
00:25:22,120 --> 00:25:26,160
समझे? फिर कहते हैं कि उनका प्रतिकार क्यों नहीं किया? अरे भैया बहुत

361
00:25:26,160 --> 00:25:30,320
सी चीजें गलत हो रही दुनिया में। तुमने आज तुम्हारे बारे में वीडियो

362
00:25:30,320 --> 00:25:34,640
बना तो तुमने प्रतिकार किया। वह एक लड़के को परीक्षा में नहीं घुसने दिया गया जनेऊ के कारण।

363
00:25:34,640 --> 00:25:38,960
उसका प्रतिकार क्यों नहीं किया? अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण ब्राह्मण

364
00:25:38,960 --> 00:25:43,040
के लिए इतनी गलत बातें कही। उसका प्रतिकार क्यों नहीं किया? बांग्लादेश

365
00:25:43,040 --> 00:25:47,360
में हिंदू कट मर रहे हैं। उसका प्रतिकार क्यों नहीं किया? तुम्हारे

366
00:25:47,360 --> 00:25:51,520
पास कारण हो सकता है किसी बुराई का प्रतिकार ना करने

367
00:25:51,520 --> 00:25:55,520
में तुम अपनी असमर्थता बता सको। मगर दूसरे से तुम कहोगे

368
00:25:55,520 --> 00:25:59,840
कि तुमने प्रतिकार क्यों नहीं किया?

369
00:25:59,840 --> 00:26:05,840
नाम ले प्रतिकार करना ही आवश्यक होगा क्या हर

370
00:26:06,680 --> 00:26:10,040
बार आगे

371
00:26:10,040 --> 00:26:14,240
चलो अपने लिए क्या कहते हैं ये कि वो जो

372
00:26:14,240 --> 00:26:18,320
पर्ची थी वो कोरोना के टाइम पर लिया गया कोरोना का इलाज था वो

373
00:26:18,320 --> 00:26:22,640
सर्दी जुकाम का इलाज था उसको हमसे जोड़ दिया गया तुमने जो स्क्रीन रिकॉर्डिंग

374
00:26:22,640 --> 00:26:27,520
दिखाई थी उसके क्या दूसरे मायने नहीं निकल सकते

375
00:26:27,520 --> 00:26:31,760
तुमने जो चीजें अपने यहां पर प्रस्तुत की उसके दूसरे मायने नहीं निकल

376
00:26:31,760 --> 00:26:36,000
सकते। तुमने एक्सप्लेनेशन देने का

377
00:26:36,000 --> 00:26:40,440
रूम रखा था क्या वक्तव्य देते

378
00:26:40,440 --> 00:26:44,560
समय और फिर उस पर्ची के आधार पर तो ये कहा ही नहीं जा रहा है कि तुमने

379
00:26:44,560 --> 00:26:48,720
उसी पर्ची में जो इलाज बताया गया वो इलाज तुमने जो है लिया है उसी

380
00:26:48,720 --> 00:26:52,720
में अपना वो जो जो भी है जिस पर विवाद चल

381
00:26:52,720 --> 00:26:57,640
रहा है उस पर्ची के आधार पर तो ये नहीं सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा

382
00:26:57,640 --> 00:27:01,760
है पर तुमने जो स्क्रीन रिकॉर्डिंग दिखाई थी क्या उसके दूसरे मतलब

383
00:27:01,760 --> 00:27:06,320
निकल सकते कि नहीं तुमने

384
00:27:06,320 --> 00:27:10,720
क्या कहते हैं जब तुम खुद यह चाहते हो कि सामने वाला तुम्हारे

385
00:27:10,720 --> 00:27:14,800
पक्ष जाने बिना वीडियो ना बनाए कुछ ना बोले तो तुमने क्यों बनाया था

386
00:27:14,800 --> 00:27:15,300
वीडियो

387
00:27:15,280 --> 00:27:19,280
बिना पक्ष को जाने जो आज सब तुम कर रहे हो

388
00:27:19,280 --> 00:27:23,360
ना ये तुमसे करवाना ही था यही लक्ष्य था

389
00:27:23,360 --> 00:27:27,760
कि जो चीजें मैं बोलना चाहता हूं कि अगर रखो तो ठोस प्रमाण रखो

390
00:27:27,760 --> 00:27:32,320
वो आज तुम बोलो और आज तुम बोल रहे हो यही

391
00:27:32,320 --> 00:27:36,480
चाहता था ना मैं तुमने ठोस प्रमाण नहीं रखे थे ना अब तुम

392
00:27:36,480 --> 00:27:40,920
खुद बोलने पर आ गए ठोस प्रमाण रखो हालांकि हम तो ठोस प्रमाण के साथ ही बात

393
00:27:40,920 --> 00:27:45,840
करेंगे अब इनकी जरा सेलेक्टिव पॉलिटिक्स की बात करें

394
00:27:45,840 --> 00:27:49,920
इनके पिताजी अगर कहीं पर महिला कथा वाचक का समर्थन

395
00:27:49,920 --> 00:27:54,160
कर देते हैं तो उनके लिए बड़ी विनम्रता से बोलते हैं और वहां पर भी आरोप डाल देते हैं कि भैया

396
00:27:54,160 --> 00:27:58,160
किसी ने हमारे पिताजी को धमकाया

397
00:27:58,160 --> 00:28:02,160
तब उन्होंने ऐसा वक्तव्य दिया ज्योतिष स्पीड की ओर से हमारे पिताजी

398
00:28:02,160 --> 00:28:06,160
को धमकी दी गई या उनका भय था उनको हमारे पिताजी को कि हमारे बेटे

399
00:28:06,160 --> 00:28:10,400
को कुछ ना हो जाए इसलिए हमारे पिताजी ने ऐसा वक्तव्य

400
00:28:10,400 --> 00:28:14,400
दे दिया दूसरे किसी व्यक्ति का प्रतिकार करने से पहले तुमने जाकर के

401
00:28:14,400 --> 00:28:19,960
पूछा उसने किस देश काल पर स्थिति में क्यों दिया कोई वक्तव्य जिसका तुम प्रतिकार कर रहे

402
00:28:19,960 --> 00:28:24,320
हो तो फिर अपने पिताजी की बारी में यह क्यों चाहते हो विनम्रता

403
00:28:24,320 --> 00:28:28,480
और सुनो हमारे लिए आदरणीय

404
00:28:28,480 --> 00:28:31,400
है चारों पीठ

405
00:28:31,400 --> 00:28:35,520
मगर ज्योतिर्म के बारे में जब ये वक्तव्य देते हैं तो क्या कहते

406
00:28:35,520 --> 00:28:40,000
हैं? हालांकि मैं नहीं मानता कि एक एक व्यक्ति दो पीठों पर शंकराचार्य

407
00:28:40,000 --> 00:28:44,160
होना चाहिए। पर चलो है तो मान लिया। अरे कैसे मान लिया भाई? नहीं

408
00:28:44,160 --> 00:28:49,080
मानता मान लिया। अरे वहां प्रतिकार करो

409
00:28:49,080 --> 00:28:53,120
ना। जो मान्य हमारे आचार्य श्री है दीनदयाल

410
00:28:53,120 --> 00:28:57,120
त्रिपाठी जी उनकी बात आई। तो क्या बोलते हैं?

411
00:28:57,120 --> 00:29:01,680
अगर किसी को विवाद में नहीं पड़ना है वो दूर रहना चाहता है तो नहीं बोलता ठीक है

412
00:29:01,680 --> 00:29:05,680
तो तुम दूसरों के लिए क्यों नहीं सोचते हो कोई विवाद में नहीं पड़ना चाहता है इसलिए वो शांत

413
00:29:05,680 --> 00:29:10,080
शांत रह जाता है जहां वेद वेद वेद पाठ हो रहा होता है बालिकाओं

414
00:29:10,080 --> 00:29:14,160
के द्वारा अरे जो नहीं होना है तो नहीं होना

415
00:29:14,160 --> 00:29:19,120
है अगर नहीं होने वाली चीजों का प्रतिकार करना है तो करो ना

416
00:29:19,120 --> 00:29:25,120
फिर वहां क्यों चुप रह रहे हो सेलेक्टिव पॉलिटिक्स ना

417
00:29:26,640 --> 00:29:30,720
विदेश गमनकारी यदि इनके अनुगत

418
00:29:30,720 --> 00:29:34,720
आएगा पश्चाताप करेगा और बदलना चाहेगा अपने जीवन को तो उसके अधिकार की

419
00:29:34,720 --> 00:29:38,800
सीमा में उसको भगवत व्यक्ति का रास्ता बता करके ये जो है उसको जो

420
00:29:38,800 --> 00:29:42,880
है उसके पाप क्षमा करवा देंगे उसको प्रायश्चित इत्यादि करवा

421
00:29:42,880 --> 00:29:46,880
देंगे मगर कोई दूसरा व्यक्ति जिसने कुत्ते को स्पर्श किया हो

422
00:29:46,880 --> 00:29:51,040
यदि वो पूरी शंकराचार्य जी के सानिध्य में आकर के अपने जीवन को बदलना चाहेगा तो

423
00:29:51,040 --> 00:29:55,120
उसकी टांग खींचेंगे कि कुत्ते को लिप से लिप किस कर रही है ये

424
00:29:55,120 --> 00:29:58,240
लड़की।

425
00:29:58,240 --> 00:30:02,480
अरे तो एक बात बताइए इसे कहते हैं दोगलेपन और नीचता की पराकाष्ठा।

426
00:30:02,480 --> 00:30:06,640
उनके डिफेंस में बोल देता हूं मैं। जी शिवाश जी

427
00:30:06,640 --> 00:30:11,240
ये बताइए कि अगर वो ऐसी बातें नहीं करेंगे तो फिर YouTube पे लाइक्स और

428
00:30:11,240 --> 00:30:16,320
कमेंट्स्राइबर कैसे बढ़ेंगे? ये बताइए। कैरी

429
00:30:16,320 --> 00:30:21,120
धार्मिक कैरी मिनाटी बन रहे हैं ना वो। धार्मिक कैरी मिनाटी है वो।

430
00:30:21,120 --> 00:30:25,120
धर्म की दुनिया कैरी मिनाटी। ऐसे तो अपने लिए

431
00:30:25,120 --> 00:30:29,280
विदेश गमनकारी करियर खत्म हो जाएगा। हां अपने

432
00:30:29,280 --> 00:30:33,440
लिए विदेश गमनकारी के लिए कहेंगे कि अगर वो वकालत नहीं कर रहा है तो

433
00:30:33,440 --> 00:30:37,520
ठीक है हम उसके साथ खड़े हो सकते हैं। हां विदेश गमनकारी के साथ अगर हम खड़े हो गए

434
00:30:37,520 --> 00:30:41,600
उसका आतित स्वीकार कर लिया तो हमने उसके विदेश गमन को हमने सही नहीं ठहरा दिया। मगर

435
00:30:41,600 --> 00:30:42,100
पूरी

436
00:30:41,920 --> 00:30:46,240
शंकराचार्य जी अगर किसी कारण से उनका

437
00:30:46,240 --> 00:30:50,320
उनका व्यवहार स्वीकार कर ले बागेश्वर वालों का या करौली करौली वालों

438
00:30:50,320 --> 00:30:55,280
का तो वो उनके समर्थक हो गए। अगर रामपाल

439
00:30:55,280 --> 00:30:59,440
के जो कैंप है उससे भिड़ने के लिए अगर आरएसएस वालों का आरएसएस

440
00:30:59,440 --> 00:31:03,680
से जुड़े हुए लोगों का समर्थक ले लिया एक हिंदू होने के नाते शिवश नारायण द्विवेदी

441
00:31:03,680 --> 00:31:07,680
ने तो वो पूरा आरएसएस का समर्थन समर्थक हो गया। मतलब यह

442
00:31:07,680 --> 00:31:11,920
विदेश गमनकारी के साथ खड़े होते हुए भी विदेश गमनकारी विदेश गमन के समर्थक

443
00:31:11,920 --> 00:31:15,920
नहीं होंगे। मगर यदि कोई दूसरा कहीं किसी गलत एक्टिविटी करने

444
00:31:15,920 --> 00:31:20,000
वाले के साथ खड़ा हो गया। उसकी उस स्थिति में जब वह

445
00:31:20,000 --> 00:31:24,400
गलत एक्टिविटी नहीं कर रहा है। मगर वह दूसरा उसका पूर्णतया समर्थक हो जाएगा। यह है दोगलेपन

446
00:31:24,400 --> 00:31:28,480
और नीचता की पराकाष्ठा। क्योंकि आपने इसे कहते हैं सेलेक्टिव

447
00:31:28,480 --> 00:31:32,800
पॉलिटिक्स। कुत्ते की बात कर ही दी है जो शान की

448
00:31:32,800 --> 00:31:37,440
तो ये कहावत नहीं है वो बड़ी आजकल ट्रेंडिंग भी है कि मेरा कुत्ता कुत्ता

449
00:31:37,440 --> 00:31:41,840
तुम्हारा कुत्ता टॉमी तो बस वही वाली बात है इनकी। इसे

450
00:31:41,840 --> 00:31:46,320
कहते हैं सेलेक्टिव पॉलिटिक्स। अब ये बात करते हैं। अब ये बोलते हैं

451
00:31:46,320 --> 00:31:50,880
कि बाईपोलर की बाई पोलर की प्रमाणिकता है और निग्रह प्रवेशिका

452
00:31:50,880 --> 00:31:55,120
की प्रमाणिकता नहीं है। बाईपोलर की कोई प्रमाणिकता नहीं है। बाइपोलर

453
00:31:55,120 --> 00:31:57,040
में तुम अपने बारे में बता रहे हो और

454
00:31:57,040 --> 00:32:01,120
निग्र निग्रह प्रवेशिका में तुम अपने आप को आचार्य घोषित करना चाहते हो

455
00:32:01,120 --> 00:32:05,280
दुनिया का और निग्रह प्रवेशिका का मूल्यांकन

456
00:32:05,280 --> 00:32:09,360
करने के लिए हमारे पास दूसरे आधार हैं।

457
00:32:09,360 --> 00:32:13,840
जो हमारे लिए प्रामाणिक हैं। और पहली बात निग्रह प्रवेशिका

458
00:32:13,840 --> 00:32:17,840
लाओ तो सही तब तो देखें कब लाओगे

459
00:32:17,840 --> 00:32:21,920
पता नहीं कोई तो कह रहा है तीन साल तीन साल से बोल रहे हो निग्रह प्रवेश का

460
00:32:21,920 --> 00:32:25,400
निग्रह प्रवेश

461
00:32:25,400 --> 00:32:29,600
का और बाईपोलर में जो तुमने

462
00:32:29,600 --> 00:32:33,600
अपने बारे में लिखा है उससे रिफ्लेक्टेड चीजें जब हमको दिखाई दी तो हमने

463
00:32:33,600 --> 00:32:37,760
ये माना कि हां भाई अब निग्रह प्रवेशिका में जो चीजें तुम

464
00:32:37,760 --> 00:32:42,080
लिखोगे वो हमें रिफ्लेक्टेड दिखाई देना चाहिए ना तो हम देखेंगे वो

465
00:32:42,080 --> 00:32:47,880
पहली बात तो लाए नहीं हो तुम और कह रहा निग्रह भविष्य का मेरी प्रमाणिक नहीं

466
00:32:47,880 --> 00:32:51,920
है। श्रृंगार करता है। एक इसने आरोप लगाया

467
00:32:51,920 --> 00:32:55,920
डॉक्टर साहब पर जो डॉक्टर हेमंत पालीवाल जी हैं उन पर आरोप लगा

468
00:32:55,920 --> 00:33:00,400
रहा है ये व्यक्ति कि भैया जो व्यक्ति जो ये जो

469
00:33:00,400 --> 00:33:04,640
धार्मिक जो आभूषण होते हैं उनको जो धारण कर रहा है वो व्यक्ति इनके हिसाब

470
00:33:04,640 --> 00:33:10,120
से जो डॉक्टर साहब है इनके हिसाब से वो व्यक्ति जो है वो यौन रोग से पीड़ित

471
00:33:10,120 --> 00:33:12,160
है। तुमने यह कहा कि

472
00:33:12,160 --> 00:33:16,320
खड़े नहीं ये डॉक्टर बोल रहे हैं। ये ये जो हेमंत

473
00:33:16,320 --> 00:33:20,880
पालीवाल जी हैं जिनका आज वीडियो रिलीज हुआ है मेन चैनल पर

474
00:33:20,880 --> 00:33:24,960
तो उन्होंने ये कहा है कि भाई जो व्यक्ति इस पीड़ा से

475
00:33:24,960 --> 00:33:29,040
ग्रसित होता है तो वो ज्यादा अति श्रृंगार करता है। अति आभूषण

476
00:33:29,040 --> 00:33:33,200
इत्यादि कई बार कई बार तो इसका मतलब ये

477
00:33:33,200 --> 00:33:37,840
थोड़ी ना है कि जिसने भी श्रृंगार किया वो सब वही पीड़ा से पीड़ित हो गए।

478
00:33:37,840 --> 00:33:41,840
इसने जो है अपने मच्छराज वाली सीरीज में कहा है कि वो खड़े खड़े

479
00:33:41,840 --> 00:33:45,840
होकर खड़े होकर मूत रहे हैं। जो है वो मश मलेश राज का वो नहीं

480
00:33:45,840 --> 00:33:49,840
है क्या प्रभाव नहीं है क्या तो इसका

481
00:33:49,840 --> 00:33:53,920
मतलब दुनिया में जितने भी खड़े होकर के ये क्या कहते

482
00:33:53,920 --> 00:33:58,760
हैं लघु शंका करने वाले लोग हैं वो सब मलेचराज वाले हो

483
00:33:58,760 --> 00:34:02,800
गए और तो और शास्त्रों में लिखा है कि ब्राह्मण जो कलयुग

484
00:34:02,800 --> 00:34:06,960
में है वो ब्राह्मण पतित हो जाएंगे और जो स्त्रियां होंगी वैभचारणी हो जाएंगी

485
00:34:06,960 --> 00:34:11,120
तो हो गई सारी स्त्रियां व्यभचारणी क्योंकि कलयुग के लिए कहा था या

486
00:34:11,120 --> 00:34:15,360
कलयुग के सिम्टम्स है स्त्रियां ऐसी होने लगेंग मगर सभी स्त्रियां

487
00:34:15,360 --> 00:34:19,440
होंगी कांटे की नोक पे ऐसा नहीं कहा जा रहा है मगर इसको तो बातें बनानी है

488
00:34:19,440 --> 00:34:23,520
इसको सिंपैथी हासिल करनी है और इसको जो है बच के निकलना है सच्चाई से

489
00:34:23,520 --> 00:34:27,200
इस व्यक्ति को बच के निकलना है इसीलिए तो सामने नहीं आ रहा है भाई

490
00:34:27,200 --> 00:34:31,440
हमने हमें ये जो चीजें थी जहां तक बचानी थी लोगों को दिखाने से बचना

491
00:34:31,440 --> 00:34:35,520
था बचाई जब हमें समझ में आ गया कि ये व्यक्ति रुकने वाला है नहीं

492
00:34:35,520 --> 00:34:39,600
भाई इसको तो आ मुझे मार वाली बात करनी ही है तो हमने कह दिया कि आ

493
00:34:39,600 --> 00:34:43,840
जाओ भाई तो तब से व्यक्ति ये भागता फिर रहा है और इसके

494
00:34:43,840 --> 00:34:48,400
जो अमुक अमुक कारण है वो मैं अभी बताऊंगा आगे। फिर क्या है?

495
00:34:48,400 --> 00:34:52,560
अब देखिए इसकी एक जो सबसे जरूरी बात है बारीकी इसने जनेऊ

496
00:34:52,560 --> 00:34:56,640
हाथ में पकड़ के कसम वो सौगंध खाई थी। जनेऊ हाथ में पकड़

497
00:34:56,640 --> 00:35:00,800
के वो वचन कहे थे। इधर कामाख्या उधर ध्वजा। क्या बोला था?

498
00:35:00,800 --> 00:35:04,800
कि मैं कभी भी किसी यौन रोग के लिए जोधपुर इत्यादि या कहीं भी

499
00:35:04,800 --> 00:35:09,280
नहीं गया। जबकि यह व्यक्ति स्वयं पर्ची डाल के अपने पर स्वीकारता

500
00:35:09,280 --> 00:35:13,360
है कि ऑनलाइन भी इलाज प्राप्त किया जा सकता है और

501
00:35:13,360 --> 00:35:17,440
उसने किया भी है। इसका मतलब बिना जाए भी इलाज प्राप्त हो

502
00:35:17,440 --> 00:35:21,680
सकता है। तो इसको कसम तो इस ना जाने

503
00:35:21,680 --> 00:35:25,840
मतलब इलाज ना लेने को सिद्ध करने के लिए ना जाने के संबंध

504
00:35:25,840 --> 00:35:30,000
में जो सौगंध खाई जा रही है वो तो व्यर्थ है। क्योंकि यह खुद मानता

505
00:35:30,000 --> 00:35:34,480
है कि बिना जाए भी इलाज प्राप्त किया जा सकता है। तो क्यों खाई? भ्रमित

506
00:35:34,480 --> 00:35:38,480
करने के लिए। इसने उसमें जनेऊ पकड़ के यह नहीं बोला कि मुझे कोई यौन

507
00:35:38,480 --> 00:35:42,480
रोग नहीं है। यह ठोक के नहीं बोला। मैं कहीं नहीं गया

508
00:35:42,480 --> 00:35:46,560
यौन रोग के इलाज के लिए। ये बोला इसने ये है बारी

509
00:35:46,560 --> 00:35:50,640
की वाक छल। क्यों नहीं बोला इसने कि मुझे यौन

510
00:35:50,640 --> 00:35:54,800
रोग नहीं है। क्योंकि इसको अपने जनेऊ की चिंता थी शायद थोड़ी बहुत। बच गया था इसके

511
00:35:54,800 --> 00:35:58,880
अंदर कुछ धर्म।

512
00:35:58,880 --> 00:36:02,880
अरे आपने अगर हम उनके वक्तव्यों को देखेंगे तो वह हमेशा

513
00:36:02,880 --> 00:36:06,960
मतलब वर्ड्स को ट्विस्ट करते ही करते हैं या कोई बात कर रहे होंगे उसी में कुछ

514
00:36:06,960 --> 00:36:10,960
और बात ऐसे जोड़ देंगे कि लगेगा कि वो उसी से रिलेटेड है। ठीक

515
00:36:10,960 --> 00:36:15,040
है? और फिर वह फिर जनता समझने लगती है उसको कि हां

516
00:36:15,040 --> 00:36:20,720
ठीक है वह इसी के बारे में बात कर रहे होंगे। तो कई बार

517
00:36:20,720 --> 00:36:24,960
जैसे ये नहीं है कि मान लीजिए कि वो एक न्यूज़ चल रही है। क्या कमेंट हो रहा है?

518
00:36:24,960 --> 00:36:29,040
क्या कमेंट हो रहा है? शिवश तू तेरी माता और एक ये रिदमम।

519
00:36:29,040 --> 00:36:35,040
क्या कमेंट हो रहा है? जरा दिखाइए जरा। क्या कमेंट है

520
00:36:35,080 --> 00:36:39,200
ये? ये देखिए। अब यहां पर जो भी लिखा है मैं बोलूं

521
00:36:39,200 --> 00:36:43,440
यह मैं यह विलाप करूं यह जो है यह भगवत आनंद करा रहा है

522
00:36:43,440 --> 00:36:47,520
यह विलाप करूं मैं उन बातों पर बात नहीं करता हूं जो

523
00:36:47,520 --> 00:36:51,760
सत्यापन के अधीन हो शुरू से कह रहा हूं जब मैंने ठोस प्रमाण

524
00:36:51,760 --> 00:36:55,760
मांगे तो तुमने क्या चालू किया हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं बना अरे भाई तुम ही तो

525
00:36:55,760 --> 00:36:59,840
कहते हो ना कि अगर कोई किसी को कह रहा है कि तू अंधा है तो सामने

526
00:36:59,840 --> 00:37:03,920
वाला कह तू ही तो लंगड़ा है तो उससे उसका अंधा ना होना सिद्ध नहीं हुआ मैंने तुमसे

527
00:37:03,920 --> 00:37:08,000
ठोस प्रमाण मांगे थे आज तक कहां दिए तुमने ठोस प्रमाण तुम

528
00:37:08,000 --> 00:37:12,080
तो ये कहने लगे ठोस प्रमाण क्यों चाहिए? पूरी शंकराचार्य जी की बातें भी तो ठोस नहीं है।

529
00:37:12,080 --> 00:37:16,080
इसलिए मान लो हम जो कह रहे हैं वो सही है। किसी को दोषी मानने

530
00:37:16,080 --> 00:37:20,480
का ये तरीका होता है क्या? अब ये ये मैं ये मैं कहता फिरू

531
00:37:20,480 --> 00:37:25,320
जो भागवतानंद करवा रहा है

532
00:37:25,320 --> 00:37:29,920
ये। आगे क्या है? इसने बोला है कि मुझे झूठ बोलना होता

533
00:37:29,920 --> 00:37:34,200
तो उस पर्ची को मैं अपना क्यों बताता? किसने बोला

534
00:37:34,200 --> 00:37:38,320
है? मतलब वही वाली बात कि दल वो क्या कहते हैं

535
00:37:38,320 --> 00:37:43,000
कि अगर किसी ने कुछ

536
00:37:43,000 --> 00:37:47,120
ये मुझे झूठ बोलना होता तो मैं अपनी पर्ची पर्ची में अपना पहली

537
00:37:47,120 --> 00:37:51,120
बात तो यह है कि इस पर जो है दबाव डाला गया था। उस पर्ची के बारे में बातचीत की गई

538
00:37:51,120 --> 00:37:55,520
थी। तो इसने वो पर्ची आनन-फानन में जल्दी से प्रस्तुत

539
00:37:55,520 --> 00:37:59,600
कर दी। लोग हो सकता है कमेंट के माध्यम से पूछ रहे हो। किसी प्रकार से इस पर

540
00:37:59,600 --> 00:38:03,760
दबाव डाला जा रहा था। है ना? तो इसने जल्द जल्दी

541
00:38:03,760 --> 00:38:08,400
से पर्ची जो है वो कर दी। डाल जाता हूं मैं।

542
00:38:08,400 --> 00:38:12,560
डाल देता हूं पर्ची को। अब तुमने यदि पर्ची में अपनी पहचान वास्तविकता से बना

543
00:38:12,560 --> 00:38:16,680
ली तो बस। अब तुम जो बोलोगे बिल्कुल अक्षर सत्य हो

544
00:38:16,680 --> 00:38:21,680
गया। कहां का सिद्धांत है भाई ये?

545
00:38:21,680 --> 00:38:25,680
अब तुम जो बोलोगे वो बिल्कुल सत्य हो गया। और तुमने अपने वीडियो में

546
00:38:25,680 --> 00:38:29,680
कहा है। तुमने मुझे चैलेंज दिया है ना कि दिखाओ चैलेंज

547
00:38:29,680 --> 00:38:33,680
पे आऊंगा मैं। मैं चैलेंज देता हूं शिवश दिखाए। हालांकि वह मैं

548
00:38:33,680 --> 00:38:37,680
क्यों दिखाऊं भाई? जिनके पास जिनसे तुम

549
00:38:37,680 --> 00:38:40,640
चैलेंज की बात कर रहे हो ना वह तो उनका डिपार्टमेंट

550
00:38:40,640 --> 00:38:44,720
है। मगर तुम जो चैलेंज दे रहे हो मैं भी तो तुम्हें चैलेंज दे रहा हूं कि तुम दिखाओ कौन

551
00:38:44,720 --> 00:38:48,800
सी और सामग्री है जो सुरक्षित है। वो 50 लोग कौन से हैं जिनके

552
00:38:48,800 --> 00:38:54,680
आधार पर तुम कहते हो कि अब पूरी पीठ के परों में ये हो रहा

553
00:38:54,680 --> 00:38:58,840
है।

554
00:38:58,840 --> 00:39:02,960
हम्। तुमने अपने स्वयं को सेफ साइड रखने के

555
00:39:02,960 --> 00:39:06,960
लिए तुमने वह पर्ची डाली थी। तुमने स्वयं को सेफ साइड रखने

556
00:39:06,960 --> 00:39:11,040
के लिए बायपोलर की किताब लिखी थी कि देखो मैंने अपने बारे में पहले से ही बता दिया है। करते

557
00:39:11,040 --> 00:39:15,040
हैं ऐसे लोग झगड़ा हो रहा है। नीच

558
00:39:15,040 --> 00:39:19,440
लोगों का झगड़ा हो रहा है। कंजड़ लोगों का। ठीक है?

559
00:39:19,440 --> 00:39:23,760
और मारपीट होने की नौबत आ रही है। पुलिस आई तो चिल्लाने लगी।

560
00:39:23,760 --> 00:39:28,400
लेडी पहले से ही जैसे ही देखा अपना कर रही है हमला कर रही सब कर रही मगर पुलिस आई

561
00:39:28,400 --> 00:39:32,400
तो पहले ही चिल्लाने लगी देखो देखो यह लोग हमको मार रहे हैं देखो देखो ये क्या है

562
00:39:32,400 --> 00:39:37,640
सेफ साइड खेलना वही तुमने

563
00:39:37,640 --> 00:39:41,760
खेला पुरानी आईडी तुमने क्यों हटा दी अपनी Facebook आईडी अगर इतने

564
00:39:41,760 --> 00:39:45,760
ही दूध के धुले थे तुम तो बचपन से सुधरे हुए थे एक वीडियो में उसमें कह रहे हैं

565
00:39:45,760 --> 00:39:50,400
हम बचपन से सुधरे हुए हैं तुम तो आज सुधरे हो

566
00:39:50,400 --> 00:39:54,400
हां सुना मैंने यह फिर अपने वीडियो

567
00:39:54,400 --> 00:39:58,400
में कह रहा है कि वह जोधपुर जा सकता है। शिवशु नारायण द्विवेदी अपने पड़ोस में

568
00:39:58,400 --> 00:40:02,400
सूचीव्रत के पास क्यों नहीं जा सकता? तुम अपना तुम जो है सूचीव्रत

569
00:40:02,400 --> 00:40:06,560
से कहलवा दो कि सूचीव्रत जो है पूरी पीठ के बारे में बोलने के लिए ऑन

570
00:40:06,560 --> 00:40:11,040
कैमरा तैयार है। चले जाएंगे।

571
00:40:11,040 --> 00:40:15,480
तुम्हारे द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार तो सूचीव्रत कायर

572
00:40:15,480 --> 00:40:20,160
है और मेरी जानकारी में सुचिव मिश्र

573
00:40:20,160 --> 00:40:24,240
सुचिवत मिश्र के बारे में बताया जाता है कि भाई वो यहां लखनऊ में ही रहते हैं ज्यादा

574
00:40:24,240 --> 00:40:28,240
दूर उनका निवास नहीं है तो उनके नाम से ये बोल रहे

575
00:40:28,240 --> 00:40:32,280
हैं कि सुचीव्रत जो है पूरी पीठ के बारे में जो है बोल रहा है

576
00:40:32,280 --> 00:40:36,320
बुरा अरे भाई तुम बोलो कि वो ऑन कैमरा बोलने के लिए तैयार है तो जाऊं

577
00:40:36,320 --> 00:40:40,320
ना मैं उसके पास मेरी नजरों में तो वो व्यक्ति शांत है वो नहीं

578
00:40:40,320 --> 00:40:44,040
बोल रहा है कुछ

579
00:40:44,040 --> 00:40:48,160
भी विवाद से दीनदयाल मनी त्रिपाठी आचार्य श्री दूर

580
00:40:48,160 --> 00:40:52,240
रहना चाहते हैं तो ठीक है हम समझते हैं मगर विवाद से राजेंद्र दास जी अगर दूर रहना चाहते हैं

581
00:40:52,240 --> 00:40:57,680
तो वो ये नहीं समझेंगे बिल्कुल ये है दो

582
00:40:57,680 --> 00:41:01,680
तो बताओ ना उस डॉक्टर का नाम बताओ मैं भी जानना चाहता हूं कि जोधपुर इस जन्म में कब गया ये

583
00:41:01,680 --> 00:41:06,240
देखो मेरा ये देखो एक मिनट

584
00:41:06,240 --> 00:41:10,400
की देखिए इसी से पूरा पूरा पता चल जाएगा।

585
00:41:10,400 --> 00:41:14,560
इस व्यक्ति ने यह क्यों नहीं कहा था जनेऊ पकड़ के मुझे यौन रोग नहीं है। जब

586
00:41:14,560 --> 00:41:18,560
इसको मालूम है कि बिना जाए भी अमुक बिना

587
00:41:18,560 --> 00:41:23,280
जाए भी इस प्रकार की बीमारियों का इलाज लिया जा सकता है ऑनलाइन

588
00:41:23,280 --> 00:41:27,600
और इसने ये स्वीकार भी किया कि इसने ऑनलाइन इलाज लिया है। तो ये

589
00:41:27,600 --> 00:41:31,840
अपने यौन रोग को जो

590
00:41:31,840 --> 00:41:35,840
है नहीं है मुझे। ये सिद्ध करने के लिए ना जाने के विषय में

591
00:41:35,840 --> 00:41:40,080
सौगंध क्यों खा रहा है? क्योंकि इसने वाक चल किया था।

592
00:41:40,080 --> 00:41:44,480
देखिए और वो भगवान सूर्य आकाश में जो हम सापियों के पूर्वज

593
00:41:44,480 --> 00:41:48,800
हैं और साक्षी हैं शिवश मैं अपने कुलदेव

594
00:41:48,800 --> 00:41:52,800
के समान भगवान सूर्य जो सभी सुस कर्मों के साक्षी है यज्ञ पवित्र हाथ में

595
00:41:52,800 --> 00:41:56,800
रखकर यद्यपि इसकी आवश्यकता नहीं है इसका वाख्या में बैठकर शपथ पूर्वक कह रहा हूं

596
00:41:56,800 --> 00:41:59,440
कि मेरे अंदर कभी भी

597
00:41:59,440 --> 00:42:03,440
मेरी जानकारी में किसी प्रकार का ऐसा यौन रोग

598
00:42:03,440 --> 00:42:07,600
जो मैं जोधपुर में जाकर किसी डॉक्टर से या कहीं भी जोधपुर क्या पूरे भारत में कहीं भी

599
00:42:07,600 --> 00:42:11,680
एक ही वाक्य किसी भी डॉक्टर के पास जाकर मैंने कोई इलाज कराया हो अस है

600
00:42:11,680 --> 00:42:15,840
ये मैंने कभी नहीं कराया जोधपुर तो मैं आज तक गया नहीं कभी नहीं गया

601
00:42:15,840 --> 00:42:20,080
इतना खुलकर इससे अधिक मैं नहीं कह सकता हूं जोधपुर कभी नहीं गया

602
00:42:20,080 --> 00:42:24,800
अरे भाई जोधपुर बिना गए तुमने इलाज लिया था ना

603
00:42:24,800 --> 00:42:29,040
तो फिर यौन रोग ना होना सिद्ध करने के

604
00:42:29,040 --> 00:42:33,040
लिए जोधपुर ना जाने के संबंध में सौगंध खा के

605
00:42:33,040 --> 00:42:37,200
तुम क्या सिद्ध कर रहे हो जब बिना जाए इलाज प्राप्त होता है

606
00:42:37,200 --> 00:42:41,200
ये था वाकल इसका देखिए देखिए कैसे इसने ट्विस्ट किया।

607
00:42:41,200 --> 00:42:45,520
एक बात बताइए हो सकता है मैं नहीं मानता ये लोग इतने गिरे

608
00:42:45,520 --> 00:42:49,520
हुए हैं कि अब दोबारा से अपने यज्ञ पवित की चिंता ना करते हुए

609
00:42:49,520 --> 00:42:53,520
अब ये भी कह देंगे कि भाई वो जो है क्या कहते हैं यौन रोग नहीं है

610
00:42:53,520 --> 00:42:57,520
अब तो कहेंगे ही जब फंस गए तो इनके लिए फिर कुछ भी

611
00:42:57,520 --> 00:43:01,680
नीचता की वो नहीं है सीमा कुछ भी कह सकते हैं अरे सुनिए सुनिए जब

612
00:43:01,680 --> 00:43:05,680
आपने डॉक्टर साहब से पूछा था तो डायरेक्ट पूछा

613
00:43:05,680 --> 00:43:09,760
था आप क्योंकि आपने डायरेक्टली क्वेश्चन पूछ दिया था उनसे कि ऐसा है क्या तो उन्होंने

614
00:43:09,760 --> 00:43:13,840
इसका खंडन क्यों नहीं किया? मतलब मना क्यों नहीं किया? उन्होंने यह बात क्यों कही

615
00:43:13,840 --> 00:43:14,720
कि मतलब

616
00:43:14,720 --> 00:43:18,720
मैं अपने मतलब नहीं कर सकता। ये तो उनकी अपनी

617
00:43:18,720 --> 00:43:23,200
इच्छा है ना कि वो क्या उत्तर देते? हम तो उनको ये कह नहीं सकते क्या? हां।

618
00:43:23,200 --> 00:43:27,200
नहीं नहीं मैं ये कहना चाह रहा हूं कि अगर नहीं होता तो वो सीधा-सीधा मना

619
00:43:27,200 --> 00:43:32,360
कर देते। इस व्यक्ति ने तो इस व्यक्ति ने तो यह स्वीकार किया

620
00:43:32,360 --> 00:43:36,600
है। इस व्यक्ति ने यह स्वीकार किया है कि

621
00:43:36,600 --> 00:43:41,120
उन्होंने इसलिए नहीं किया कि वो यह जनवाना चाहते थे लोगों को

622
00:43:41,120 --> 00:43:45,120
कि है। उन्होंने सीधे मना इसलिए नहीं किया

623
00:43:45,120 --> 00:43:49,600
इसलिए वही कहना चाह रहा हूं। इस व्यक्ति ने अपने वीडियो बना के ये

624
00:43:49,600 --> 00:43:53,920
ये घोषित किया है कि डॉक्टर साहब ये मनवाना चाहते

625
00:43:53,920 --> 00:43:58,160
थे लोगों को जिससे कि लोग ये सोचे कि हां इनको वो यौन रोग

626
00:43:58,160 --> 00:44:02,160
है। ठीक है? तो ये बात है। अब

627
00:44:02,160 --> 00:44:08,160
ये एक चीज और कर रहे हैं। वो क्या कर रहे हैं कि अब ये धमकी दे रहे

628
00:44:10,120 --> 00:44:14,160
हैं। ये वो पर्ची है जो इन्होंने अपने उसमें लगाई

629
00:44:14,160 --> 00:44:18,480
थी। इसमें देखिए इन्होंने क्या लिखा है। पढ़वाइए

630
00:44:18,480 --> 00:44:22,560
जरा बड़ा करिए। वो लिख रहे हैं कह रहे हैं कि जो

631
00:44:22,560 --> 00:44:27,040
नरधाम हम पर डॉक्टर हेमंत पालीवाल से यौन चिकित्सा

632
00:44:27,040 --> 00:44:31,040
लेने का आरोप लगा रहे हैं। देखिए देखिए अब यहीं से हो गया। इन पर दबाव पड़ा

633
00:44:31,040 --> 00:44:35,200
था। इन्होंने अपने से वो पर्ची नहीं दिखाई थी। इन पर दबाव पड़ा

634
00:44:35,200 --> 00:44:39,480
था। डॉक्टर हेमंत पालीवाल का नाम लेकर के

635
00:44:39,480 --> 00:44:43,760
इनको किया जा रहा था। लोग टोक रहे थे क्योंकि कुछ लोग हैं जो इनको पुराने

636
00:44:43,760 --> 00:44:48,320
से जानते तो वो जानते थे इनका जो भी हो बैकग्राउंड

637
00:44:48,320 --> 00:44:52,400
ठीक है तो आगे आगे लिखते हैं कि उन्होंने कहा

638
00:44:52,400 --> 00:44:56,480
उन्होंने इस चिकित्सा की पर्ची या हेमंत पालीवाल का कोई

639
00:44:56,480 --> 00:45:00,480
सत्यापित वक्तव्य प्रस्तुत करना चाहिए जिससे यह सिद्ध हो ऐसा

640
00:45:00,480 --> 00:45:05,840
मत हां अब देखिए सत्यापित वक्तव्य ठीक है

641
00:45:05,840 --> 00:45:10,000
अब जो है अब सामने वाले पे ही कह रहे हैं कि अब तुम्हें चैलेंज दे रहा हूं दिखाओ सामग्री अब वक्तव्य

642
00:45:10,000 --> 00:45:14,000
सब अब वक्तव्य में प्रमाण नहीं होगा। यहां पे प्रमाणिक वक्तव्य मांग

643
00:45:14,000 --> 00:45:18,160
रहे हैं। हां बिल्कुल है ना? खैर अपनी बारी अपनी

644
00:45:18,160 --> 00:45:22,160
बारी में हर हर बात प्रमाण चाहिए। अब

645
00:45:22,160 --> 00:45:25,760
ये व्यक्ति क्या गेम खेल रहा है आगे कि

646
00:45:25,760 --> 00:45:29,920
वो जो है अब उनको धमकी दे रहा है। अब इसकी धमकी का सीधा-सीधा अर्थ क्या है?

647
00:45:29,920 --> 00:45:34,160
सभी जानते हैं। ये तांत्रिक क्रियाएं करने की धमकी दे रहा है कि अब मैं तंत्र

648
00:45:34,160 --> 00:45:38,160
का सहारा लूंगा तुमसे निपटने के लिए। अगर तुमने 2 दिन में मेरे मुताबिक जो है

649
00:45:38,160 --> 00:45:42,240
वक्तव्य नहीं दिया। है ना? क्योंकि कोर्ट कोर्ट का सहारा

650
00:45:42,240 --> 00:45:46,480
तो लेते नहीं है। कोर्ट का सहारा किस मुंह से लेंगे? क्योंकि अपने ही वक्तव्यों में बोल

651
00:45:46,480 --> 00:45:50,640
चुके हैं कई बार कि कोर्ट से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। वो बेकार है। ये है वो है। मैं कोर्ट

652
00:45:50,640 --> 00:45:55,120
को नहीं मानता। ये वो ये सब बोल चुके हैं। वो बात अलग है कि

653
00:45:55,120 --> 00:45:59,120
इस तरह की प्रक्रिया का आलंबन लेने के नाम पर ये पूरी

654
00:45:59,120 --> 00:46:03,280
शंकराचार्य जी का कई बार विरोध करते हैं कि तुम तुमने अमुक अमुक कार्य

655
00:46:03,280 --> 00:46:07,520
अपने कार्य में बाकी के तीन शंकराचार्यों से क्यों लिखवाया था अपने विषय

656
00:46:07,520 --> 00:46:11,760
में। और वहीं पर जब स्टेशन पर बैठकर के इनको घंटों भाषण देना

657
00:46:11,760 --> 00:46:15,840
होता है, लाइव रिकॉर्डिंग करनी होती है तो वहां के चपरासी स्तर

658
00:46:15,840 --> 00:46:20,480
के जो जो हवलदार इत्यादि जो होते हैं

659
00:46:20,480 --> 00:46:24,480
या इंस्पेक्टर स्तर के होते हैं जो लोग उनसे वहां बैठने

660
00:46:24,480 --> 00:46:28,480
की परमिशन लेते हैं ना अपने

661
00:46:28,480 --> 00:46:32,880
कार्य में जो शासन तंत्र इत्यादि है उसका आलंबन

662
00:46:32,880 --> 00:46:36,880
लेते हैं ना तो वहां ये इनको वहां ये

663
00:46:36,880 --> 00:46:40,800
इनको ध्यान नहीं आता। है कि हम किस किससे अनुमति ले रहे हैं। अरे क्यों अनुमति लेनी

664
00:46:40,800 --> 00:46:44,960
है? पुलिस, प्रशासन, कोर्ट, कचहरी किसी से अनुमति नहीं लेनी। कोई भी कार्यक्रम कहीं भी

665
00:46:44,960 --> 00:46:49,360
करने लगो देखो अभी क्या होगा।

666
00:46:49,360 --> 00:46:53,360
ठीक है? तो फिर आगे क्या है कि अब ये धमकी दे रहे हैं कि दो

667
00:46:53,360 --> 00:46:57,520
दिन के अंदर अगर तुमने वक्तव्य मेरे मुताबिक नहीं दिया तो मैं दूसरा रास्ता इ्तियार

668
00:46:57,520 --> 00:47:01,680
करूंगा। अब दूसरा रास्ता कोर्ट का कोर्ट तो बचता नहीं है क्योंकि कोर्ट के लायक मुंह तो इनका

669
00:47:01,680 --> 00:47:05,760
है नहीं। अब फिर भी अगर कोर्ट का रास्ता इ्तियार करें तो बात अलग

670
00:47:05,760 --> 00:47:09,920
है कि अपने ही बातों का खंडन करते हुए और दोगलेपन की पराकाष्ठा

671
00:47:09,920 --> 00:47:14,200
को सिद्ध करें। मगर दूसरा क्या है कि यह कर दूंगा तांत्रिक

672
00:47:14,200 --> 00:47:18,480
धमकी। अरे भाई तुम्हें इतना ही वो है तो व्यक्तिगत जाकर के मिल लो ना हेमंत

673
00:47:18,480 --> 00:47:22,640
जी से। जाओ जाकर के उनसे रिकॉर्ड करवा के तुम भी ले आओ। नहीं नहीं

674
00:47:22,640 --> 00:47:26,720
उन्होंने वो ऐसा नहीं बोलना चाहते थे या जो भी तुम बात करना चाहते हो। क्यों नहीं व्यक्तिगत

675
00:47:26,720 --> 00:47:30,400
रूप से बात कर रहे हो?

676
00:47:30,400 --> 00:47:34,400
तमाशा क्योंकि इनको करना है। बोलते हैं कि कालिया जिन के मंत्र देने

677
00:47:34,400 --> 00:47:38,400
में मैं दोषी नहीं हूं। क्यों दोषी नहीं हूं भाई? तुम तो आचार्य हो

678
00:47:38,400 --> 00:47:42,480
ना लुप्त संप्रदाय के गुप्ताचार्य या गुप्ता आचार्य को ये दोष नहीं

679
00:47:42,480 --> 00:47:47,440
लगता है। उसके पास कोई

680
00:47:47,440 --> 00:47:51,440
गलत चलचित्र मांगने आएगा तो दे दोगे। तो मांगे

681
00:47:51,440 --> 00:47:55,520
तो जा ही रहे हैं। तो मैं तो यह नहीं समझता हूं कि मतलब मैं तो अब यहां तक सोच

682
00:47:55,520 --> 00:47:59,840
चुका हूं यह लोग इतना गिर सकते हैं। यह व्यक्ति इतना गिर सकता है कि दे देगा।

683
00:47:59,840 --> 00:48:05,840
जो वो लोग मांगने की बातें कर रहा है। ये व्यक्ति के वो लोग मांग रहे हैं। ये दे देगा उनको।

684
00:48:06,080 --> 00:48:10,840
यह व्यक्ति ऐसा वीडियो दे सकता है उनको जो वो लोग मांग रहे

685
00:48:10,840 --> 00:48:15,160
हैं। बोल रहा है कि मेरी पत्नी का वीडियो मांग रहे

686
00:48:15,160 --> 00:48:19,200
हैं। सामने वाले हम सदैव इस तरह की बातों का

687
00:48:19,200 --> 00:48:23,200
खंडन करते रहे। इस तरह की बातों का प्रतिकार करते रहे। अरे भाई हमारे सामने आएंगी

688
00:48:23,200 --> 00:48:27,200
चीजें तो हम बिल्कुल करेंगे। अब ऐसा भी नहीं है कि एक किसी ने अगर कमेंट कर

689
00:48:27,200 --> 00:48:31,600
दिया तुम्हारे विरोध में हमारे विरोध में तो उस पर हम वीडियो बना दें। तुम बनाओगे

690
00:48:31,600 --> 00:48:35,760
तुमको क्योंकि मसाला चाहिए। तुमको शंकराचार्य

691
00:48:35,760 --> 00:48:40,160
के बगल की गद्दी चाहिए थी जो ना मिल सकी तो तुम बाहर निकल के भीषण विरोधी

692
00:48:40,160 --> 00:48:46,160
बन

693
00:48:46,520 --> 00:48:50,640
गए। अपना जीवन तो स्वयं तुमने छुपा के रखा है। आचार्य कहते फिरते

694
00:48:50,640 --> 00:48:55,280
हो खुद को। चैलेंज करते हो।

695
00:48:55,280 --> 00:48:59,280
मैं चैलेंज कर रहा हूं। तुमने अपने वीडियो में कहा है तुम्हारे पास और सामग्री सुरक्षित है।

696
00:48:59,280 --> 00:49:03,440
स्क्रीन रिकॉर्डिंग से कुछ सिद्ध नहीं हो रहा है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग जब तुम दिखाते

697
00:49:03,440 --> 00:49:07,520
हो तो उसका एक्सप्लेनेशन या उसमें और कौन-कौन सी चीजें हो

698
00:49:07,520 --> 00:49:12,080
सकती है ये तुम जानने की भावना नहीं रखते हो। मगर तुम्हारे समक्ष

699
00:49:12,080 --> 00:49:16,160
तुम्हारे प्रतिकार स्वरूप अगर कोई चीज रखी जाए। ये लो भाई तुम्हारे लिए भी ये कहा जा रहा है। तो

700
00:49:16,160 --> 00:49:20,240
उसकी एक्सप्लेनेशन तुम जरूर चाहते हो और एक्सप्लेनेशन ना होने के संबंध

701
00:49:20,240 --> 00:49:24,320
में कि एक्सप्लेनेशन का प्रयास भी नहीं किया गया। तुम्हारे पक्ष को जानने का प्रयास भी

702
00:49:24,320 --> 00:49:28,400
नहीं किया गया। उस संबंध में सामने वाले को दोषी ठहराते हो। तुमने सामने वाले का पक्ष

703
00:49:28,400 --> 00:49:32,400
जानने के लिए क्या प्रयास किया था? गए थे तुम उसके पास कि

704
00:49:32,400 --> 00:49:35,640
क्या अर्थ है इस स्क्रीन रिकॉर्डिंग

705
00:49:35,640 --> 00:49:39,760
का? मैं चैलेंज कर रहा हूं। लेके आओ। तुमने अपनी वीडियो में

706
00:49:39,760 --> 00:49:43,760
कहा है जिसमें तुमने स्क्रीन रिकॉर्डिंग दिखाई है उसी में कहा है कि हमारे पास और

707
00:49:43,760 --> 00:49:48,560
भी बहुत सी सामग्री सुरक्षित है। हमारे पास और भी चीजें सुरक्षित है।

708
00:49:48,560 --> 00:49:54,560
मैं चैलेंज कर रहा हूं। आप ले आइए।

709
00:50:01,760 --> 00:50:05,760
तुम वो लेके आओ ठोस प्रमाण जिनसे सिद्ध

710
00:50:05,760 --> 00:50:09,920
हो सके समलैंगिकता इत्यादि के जो तुमने पूरी पीठ

711
00:50:09,920 --> 00:50:14,000
के परिककरों पर आरोप लगाए थे और जो तुम चैलेंज कर रहे हो वो

712
00:50:14,000 --> 00:50:18,000
चैलेंज जिसके पास वो सामग्री होने की बात है उनसे आप बात करिए और

713
00:50:18,000 --> 00:50:22,080
ये जो धमकी दिखा रहे हो ना तो अभी

714
00:50:22,080 --> 00:50:26,640
कुछ नहीं हुआ है तो धमकी तो

715
00:50:26,640 --> 00:50:30,720
जो सोच रहे हो कि धमकाने से सामने वाला भय खाएगा या अपने ही पैरों

716
00:50:30,720 --> 00:50:35,160
पर कुल्हाड़ी मारना है मारो कुल्हाड़ी और दंभ

717
00:50:35,160 --> 00:50:40,360
में काट लो जिस डाल पर बैठे हो उस डाल

718
00:50:40,360 --> 00:50:44,840
को आचार्य दीनदयाल मनी त्रिपाठी जी का प्रतिकार कैसे

719
00:50:44,840 --> 00:50:49,040
करेंगे पानी में रह के मगर से बैर नहीं करना है ना

720
00:50:49,040 --> 00:50:53,200
आचार्य श्री है भाई उनका लेवल तुम्हें हमसे ज्यादा

721
00:50:53,200 --> 00:50:57,360
तुम्हें पता है तो इसलिए वहां पर बच के निकल

722
00:50:57,360 --> 00:51:01,440
लोगे। अरे वह विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं तो ठीक है। हमारे

723
00:51:01,440 --> 00:51:05,440
लिए भी पूज्य हैं। मगर इस तरीके से आचार्यों का इस तरीके से अपने वक्तव्यों

724
00:51:05,440 --> 00:51:09,760
में उपयोग नहीं करते हैं। जैसे तुम करते हो सिंपैथी

725
00:51:09,760 --> 00:51:14,920
हासिल करने के

726
00:51:14,920 --> 00:51:18,960
लिए। मैंने कभी भी गाली देने वालों का समर्थन नहीं किया।

727
00:51:18,960 --> 00:51:23,600
मैंने कभी किसी को गाली देने के लिए नहीं कहा। मैंने कब कहा भाई? और यदि

728
00:51:23,600 --> 00:51:27,680
तुम मेरे बारे में बात नहीं कर रहे हो तो जोड़ क्यों रहे हो? क्योंकि तुम्हें मेरा मेरे

729
00:51:27,680 --> 00:51:31,840
से सुरक्षा प्राप्त कैसे होगी कि मुझे पहले गलत लोगों के साथ दिखा

730
00:51:31,840 --> 00:51:35,840
दो दुनिया को और फिर उन गलत लोगों का प्रतिकार करते हुए तुम

731
00:51:35,840 --> 00:51:40,200
मेरे से सुरक्षा प्राप्त कर लो। क्योंकि मैं ला रहा हूं तथ्यात्मक

732
00:51:40,200 --> 00:51:44,640
चीजें। मैं ला रहा हूं तार्किक चीजें। तो मुझसे

733
00:51:44,640 --> 00:51:48,640
मेरे द्वारा होने वाले इस प्रतिकार से तुम्हें सुरक्षा कैसे मिलेगी? मुझे पहले

734
00:51:48,640 --> 00:51:52,720
खड़ा करो उनके साथ जो तुम्हें गालियां दे रहे हैं। तुम्हारे घर परिवार को नष्ट कर देने

735
00:51:52,720 --> 00:51:57,320
की बातें कर रहे हैं। अमुक अमुक जो भी चीजें कर रहे हैं। पहले मुझे उनके साथ जोड़

736
00:51:57,320 --> 00:52:01,440
दो और फिर उनको बुरा भला कहते हुए तुम मुझे

737
00:52:01,440 --> 00:52:07,440
बुरा भला कहो। यही तो टेक्निक

738
00:52:08,360 --> 00:52:12,400
है। प्री मिशंस को सपोर्ट करते हैं खुलेआम। उसके

739
00:52:12,400 --> 00:52:16,400
Facebook फ्रेंड में वो मिल गया था वो व्यक्ति। अरे भाई जाके अपना

740
00:52:16,400 --> 00:52:21,280
चैनल देखो। उसमें तुम्हें लिखा होगा YouTube पार्टनर

741
00:52:21,280 --> 00:52:25,360
जाओ देखो जाकर के YouTube पार्टनर लिखा होगा तुम्हारी प्रोफाइल में

742
00:52:25,360 --> 00:52:29,360
खोल के देख लेना YouTube स्टूडियो YouTube पार्टनर का

743
00:52:29,360 --> 00:52:34,840
मतलब समझते हो YouTube के साझेदार YouTube

744
00:52:34,840 --> 00:52:39,360
अपने YouTube पर क्या-क्या चीजें नहीं दिखाई जाती है

745
00:52:39,360 --> 00:52:44,240
जो तुम बुरी से बुरी अश्लील से अश्लील चीजें तुम देखना चाहो वो देख सकते हो

746
00:52:44,240 --> 00:52:48,640
और YouTube और Google आपस में पार्टनर नहीं है क्या अब Google पे क्या

747
00:52:48,640 --> 00:52:52,720
बोलेंगे उनका काम बंद नहीं हो जाएगा अपना काम ही तो नहीं करना Facebook पे अगर कोई

748
00:52:52,720 --> 00:52:56,880
किसी का फ्रेंड है बस हो गया फ्री मिशनंस का वो और

749
00:52:56,880 --> 00:53:00,880
YouTube तुम पार्टनर हो तुम लोगों को अश्लील चित्र दिखवा रहे हो YouTube को पार्टनरशिप

750
00:53:00,880 --> 00:53:04,960
दे के ये देखो आर्य समाज के स्कूल में पढ़ता है

751
00:53:04,960 --> 00:53:09,120
व्यक्ति आर्य समाज फ्री मेंशन इनके पिताजी को फ्री मेंशन वाला क्यों ना कहा जाए

752
00:53:09,120 --> 00:53:13,440
जिन्होंने इनका दाखिला आर्य समाज के स्कूल में करवाया था और फिर

753
00:53:13,440 --> 00:53:17,520
हमारी जो प्राथमिक शिक्षा दीक्षा है दो है वर्षों तक वो डीएवी ग्रुप

754
00:53:17,520 --> 00:53:21,840
में हुए लेकिन डीएवी ग्रुप क्योंकि आर्य समाज है तो वहां सैद्धांतिक टकराहट होने लगी हमारी

755
00:53:21,840 --> 00:53:23,760
फिर पिताजी वहां से ले गए यदि बात

756
00:53:23,760 --> 00:53:27,920
करो और इनकी शुरुआती शिक्षा दीक्षा कहां हुई

757
00:53:27,920 --> 00:53:32,320
और इनके पिताजी ने डीएवी में क्यों इनको भर्ती कराया फ्री मेंशनंस के हैं वो तो

758
00:53:32,320 --> 00:53:38,320
इसी तरीके से हर व्यक्ति फ्री मेंशन का होता है

759
00:53:41,640 --> 00:53:45,680
ना इतने अनर्ग तत्वहीन

760
00:53:45,680 --> 00:53:49,680
अप्रामाणिक निराधार रूप से तुमने चीजें प्रस्तुत की थी तब

761
00:53:49,680 --> 00:53:53,720
नहीं सोचा था। आज जब तथ्यात्मक चीजें सामने आ रही

762
00:53:53,720 --> 00:53:58,280
तो विलाप चल रहा है। विधवा

763
00:53:58,280 --> 00:54:02,320
विलाप कोई इनसे कालिया जिन का मंत्र लेने आएगा तो

764
00:54:02,320 --> 00:54:06,360
ये उसको दे देंगे। मगर ये दोषी नहीं

765
00:54:06,360 --> 00:54:10,400
है। मेरे मुंह से ऐसी बातें नहीं निकलती नीचता भरी जो तुम्हारे मुंह

766
00:54:10,400 --> 00:54:16,000
से निकल जाती है। बहुत कुछ है कहने को।

767
00:54:16,000 --> 00:54:20,000
और सीधी बात तुमने कहा सामना क्यों

768
00:54:20,000 --> 00:54:24,000
नहीं करते भाई सामना करो ना सबसे पहले पूरी पीठ के परिककरों

769
00:54:24,000 --> 00:54:28,640
वाला मुद्दा लिया जाएगा दूसरे नंबर पर विजय श्री का लिया जाएगा

770
00:54:28,640 --> 00:54:33,600
तीसरे नंबर पर तुम्हारी बात पूछेंगे कि तुम्हें आचार्य क्यों माना जाए

771
00:54:33,600 --> 00:54:38,880
अब तुम अब तुम इस बात पे नहीं आओगे कि मेरे से आचार्य ना पूछे क्यों

772
00:54:38,880 --> 00:54:43,040
भाई तुम जब किसी पीठ से कुछ पूछ रहे हो कुछ अपना वक्तव्य दे रहे हो तो

773
00:54:43,040 --> 00:54:47,040
तुमसे वो उनका जवाब उन पर बात हो जाने के बाद तुमसे बात क्यों नहीं

774
00:54:47,040 --> 00:54:50,440
की

775
00:54:50,440 --> 00:54:54,560
जाए? हमारे पास पहले समय था अब समय नहीं है।

776
00:54:54,560 --> 00:54:58,640
लालटेन लेकर के लोगों को बेवकूफ बनाने वाले वो जो

777
00:54:58,640 --> 00:55:04,360
कॉमेडी सीरियल्स बनाने का समय

778
00:55:04,360 --> 00:55:08,560
है। किसी के बारे में कुछ भी बोल दो। वो जब प्रतिकार करे तो अरे

779
00:55:08,560 --> 00:55:12,800
हमारे पास समय नहीं पहले बोला था। हम और

780
00:55:12,800 --> 00:55:16,800
तुम पूछते हो कि शिवश नारायण द्विवेदी है कौन?

781
00:55:16,800 --> 00:55:20,880
शिवश नारायण द्विवेदी वो है जिससे तुमने खुद कहा था कि हमारे साथ चर्चा

782
00:55:20,880 --> 00:55:24,280
कर लो। क्यों कहा

783
00:55:24,280 --> 00:55:29,040
था? और तो और शिवश नारायण द्विवेदी है कौन? तो

784
00:55:29,040 --> 00:55:33,120
तुमने वो जो तुम अपने वीडियो में कहते हो उनको 50 लोगों ने कहा पूरी पीठ

785
00:55:33,120 --> 00:55:37,280
के ऊपर आरोप लगाते हुए। अरे भाई वो 50 लोग

786
00:55:37,280 --> 00:55:41,520
कौन हैं? उनकी प्रमाणिकता क्यों नहीं पूछी थी तुमने? होते

787
00:55:41,520 --> 00:55:45,960
कौन हो तुम? तुम आप पुरुष है। तुम्हारे वक्तव्य को प्रमाण क्यों माना

788
00:55:45,960 --> 00:55:50,080
जाए? मतलब तुम जब आरोप लगाओगे तब तो किसी भी अप्रामाणिक

789
00:55:50,080 --> 00:55:54,080
साधन का आलंबन ले लोगे। मगर जब उसका प्रतिकार करने कोई आएगा तो

790
00:55:54,080 --> 00:55:58,600
तुम ये उसमें रोड़ा अटकाओगे कि सामने वाला जो है वो होना

791
00:55:58,600 --> 00:56:03,520
चाहिए। वहां से नियुक्त किया गया अधिवक्ता।

792
00:56:03,520 --> 00:56:05,520
वो बात और है कि तंज कसने के लिए

793
00:56:05,520 --> 00:56:11,520
ही सही। तुमने अपने कई वीडियोस के टाइटल में मुझे एडवोकेट ही लिखा है।

794
00:56:14,480 --> 00:56:19,560
ठीक है? सामना करो सामना। भागो मत। सीधी

795
00:56:19,560 --> 00:56:23,680
बात। पूरी पीठ के परिकरों पर जो आक्षेप लगाया है उस पर बात

796
00:56:23,680 --> 00:56:27,680
करो। विजयश्री पर बात करो। फिर तुम्हारी परंपरा पर बात होगी। फिर इस पर भी

797
00:56:27,680 --> 00:56:31,760
बात करनी है तो कर लेना। यह जो चल रहा है

798
00:56:31,760 --> 00:56:35,840
जो आज तुम्हारा रिलीज हुआ है शुरू में ही कहा था मत

799
00:56:35,840 --> 00:56:39,920
करो मत करो अब जब हो रहा है तब तुम विधवा

800
00:56:39,920 --> 00:56:44,160
विलाप कर रहे हो चैनल पर आकर के और अभद्र से अभद्र नीचता से नीच

801
00:56:44,160 --> 00:56:48,240
नीच से नीच टिप्पणियां कर रहे हो करो उससे तुम्हारे

802
00:56:48,240 --> 00:56:54,240
तुम्हारा ही क्षीण

803
00:56:55,720 --> 00:56:59,840
होगा राजन दास जी के शिष्यों से भाग रहे हो सन्मार्ग वालों के

804
00:56:59,840 --> 00:57:04,000
से भाग रहे हो। सब जगह अपने बहाने बना रहे हो। हम

805
00:57:04,000 --> 00:57:08,400
हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना था कि भाई दो वर्णाश्रमी है और

806
00:57:08,400 --> 00:57:12,480
वेद पुराण मूर्ति पूजा इन सब पर आस्था रखने वाले हैं

807
00:57:12,480 --> 00:57:16,880
तो हम लोग भिड़ते हुए सार्वजनिक रूप से ना दिखाई दे। अगर कुछ चीजें हैं तो हम लोग व्यक्तिगत

808
00:57:16,880 --> 00:57:21,120
रूप से बात करके उन पर कार्य करें। मगर तब तो तुम्हें मसाला

809
00:57:21,120 --> 00:57:25,120
चाहिए था ना। आ हा हा मैं वो

810
00:57:25,120 --> 00:57:29,120
हूं मैं खा जाऊंगा। खाया होगा तुमने कई लोगों

811
00:57:29,120 --> 00:57:33,840
को मगर मैं शुरू से कहता आया हूं फिर कहूंगा खेल अच्छा खेला था तुमने

812
00:57:33,840 --> 00:57:38,320
आदमी गलत चुन लिया जय श्री राम सभी को

813
00:57:38,320 --> 00:57:42,320
और हां जो यहां पर आकर के उल्टे सीधे जो

814
00:57:42,320 --> 00:57:46,320
वक्तव्य देते हैं ना सामना करो माता जी ने

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00:57:46,320 --> 00:57:50,640
निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो प्रत्यक्ष वार्ता करो

816
00:57:50,640 --> 00:57:56,640
ठीक है

817
00:58:06,480 --> 00:58:10,480
जय श्री राम सभी को
