1
00:00:01,920 --> 00:00:07,920
तो सभी को जय श्री

2
00:00:09,840 --> 00:00:15,000
राम आशा करते हैं सभी कुशल पूर्वक

3
00:00:15,000 --> 00:00:19,080
होंगे चालू करते हैं इनका जो अंतिम छवा

4
00:00:19,080 --> 00:00:23,200
जो लाइव स्ट्रीम है वह आचार राम शंकर शुक्ल जी वाले

5
00:00:23,200 --> 00:00:27,760
लाइव स्ट्रीम का जवाब हम दे चुके हैं कल सबसे पहले वही दिया था

6
00:00:27,760 --> 00:00:32,480
और जो कुछ इसने उसम विलाप किया था व्यक्ति

7
00:00:32,480 --> 00:00:38,480
ने हमने उसका यित उत्तर देने दिया था

8
00:00:45,040 --> 00:00:49,240
और उसके बाद फिर इसके जो पीछे के जो तीन

9
00:00:49,240 --> 00:00:54,080
चार पांच इसके जवाब दिए गए रात में और अभी लास्ट है

10
00:00:54,080 --> 00:00:58,200
इसके बाद हम यह जो लाइव को ये जो हम जो कह

11
00:00:58,200 --> 00:01:02,200
रहे हैं छोटी-छोटी बात उसको उसका जो प्रतिकार वो करता है बैठ कर के यह

12
00:01:02,200 --> 00:01:06,560
सब जवाब देना बंद करेंगे अगर कोई नया विषय खोलता है तो उसका जरूर प्रतिकार

13
00:01:06,560 --> 00:01:10,600
करेंगे अलग से वीडियो बना इसमें भी आवश्यक नहीं है कि इसके वक्तव्य को

14
00:01:10,600 --> 00:01:14,640
इसी तरीके से सुने सुन सुन कर दे आवश्यक पॉइंट छाट

15
00:01:14,640 --> 00:01:19,840
करके सीधे वीडियो बना सकते हैं हो सकता है तो

16
00:01:19,840 --> 00:01:25,840
अ बिना विलम करते हुए उसका वीडियो शुरू करते हैं

17
00:01:39,680 --> 00:01:45,680
सबसे पहले

18
00:01:58,840 --> 00:02:03,000
नेने कर और वहा पला करने

19
00:02:03,000 --> 00:02:07,880
उसके बाद अच्छा एक बात ये

20
00:02:07,880 --> 00:02:11,920
मंद बुद्धि है कि क्या अल्प क्या है सुनता नहीं

21
00:02:11,920 --> 00:02:16,080
है जब हमने कहा पहले मले चरा

22
00:02:16,080 --> 00:02:20,120
जो शीर्षक उसमें डाला है पहले तो य चेक

23
00:02:20,120 --> 00:02:26,080
कर यह चेक करिए क्या हमने टाइटल में भी डाला है क्या मले

24
00:02:26,080 --> 00:02:30,440
राज यह जरा चेक कर लीजिएगा हमने टाइटल में डाला है क्या मले

25
00:02:30,440 --> 00:02:34,560
राज शब्द ठीक है तो पहली बात तो य

26
00:02:34,560 --> 00:02:38,640
इसका ये कहना है कि भाई मलेच्छ राज जो है तुमने डाला ही इसीलिए क्योंकि तुम जो है

27
00:02:38,640 --> 00:02:42,880
हमने हम जब यह कह रहे हैं कि हमने खंड तुम्हारे खना वीडियो नहीं बनाया था

28
00:02:42,880 --> 00:02:46,880
तुम्हारे द्वारा जो मिथ्या फैलाई गई थी पूरे चार घंटे की लाइव में थोड़ा

29
00:02:46,880 --> 00:02:51,120
सा अंश जो अलग से तुमने फैलाई थी मिथ्या

30
00:02:51,120 --> 00:02:54,840
जो पहले से चल रहा था उसका जवाब हमने दिया उसके

31
00:02:54,840 --> 00:02:58,880
बाद जो तुमने अलग से कुछ विशेष बातें कही थी उनको लेकर के

32
00:02:58,880 --> 00:03:03,200
हमने उसमें खा मलेरा शब्द का उपयोग करने का मतलब यही था

33
00:03:03,200 --> 00:03:07,960
एक हम मले राज से दिखाना चाह रहे थे मले राज की जो नकारात्मकता

34
00:03:07,960 --> 00:03:12,160
व यहां पर भी दिख रही है जो ऐसा हो रहा है सही आदमी को गलत गलत आदमी को सही माना

35
00:03:12,160 --> 00:03:16,440
जा रहा है और दूसरा यह भी था कि जो लोग

36
00:03:16,440 --> 00:03:20,440
तुम्हारे वीडियो के द्वारा भ्रमित हो रहे हैं वह कम से कम भ्रमित

37
00:03:20,440 --> 00:03:24,560
ना हो उनको सच्चाई पता चल जाए तो हमारा मकसद

38
00:03:24,560 --> 00:03:28,760
यह नहीं था कि हम लोगों को य बताए कि निग्रह चार्य या स्वयं

39
00:03:28,760 --> 00:03:32,760
को निग्रह संप्रदाय का आचार्य कहने वाला

40
00:03:32,760 --> 00:03:37,200
भगवता अंद भागवता अंद जो है उसको

41
00:03:37,200 --> 00:03:41,320
हमने उत्तर दिया या कोई हम रार कोई वर दिखाना

42
00:03:41,320 --> 00:03:45,880
चाहते थे ऐसा कुछ नहीं था इसीलिए हमने तुम्हारी शक्ल को भी छुपाया

43
00:03:45,880 --> 00:03:50,720
इसीलिए तुम्हारा नाम भी नहीं बताया कि कोई यह कह पाए

44
00:03:50,720 --> 00:03:54,960
जो है तुम्हारे विषय में बनाया है सिर्फ वही जान पाए जो जान

45
00:03:54,960 --> 00:04:00,960
गया है तुम्हारी बेवकूफी के कारण ठीक है

46
00:04:01,440 --> 00:04:05,440
हां तो अब पहली बात आती है कि हमारे टाइटल में भी मलेच्छ राज शब्द

47
00:04:05,440 --> 00:04:09,760
नहीं लिखा है इसका मतलब टाइटल में नहीं लिखा इसका मतलब क्या है टाइटल में मलेच्छ

48
00:04:09,760 --> 00:04:14,240
राज शब्द नहीं लिखा है तो वो वाली जो बात है ना वो ट्रेंडिंग टॉपिक है मलेच्छ

49
00:04:14,240 --> 00:04:18,560
राज वो जो है कीवर्ड है वो मामला तो खत्म हो गया अब

50
00:04:18,560 --> 00:04:22,560
केवल वो पोस्टर में रह गया क्योंकि अगर हम टाइटल में भी लिखते मले चराज तब

51
00:04:22,560 --> 00:04:26,560
तो बात ये आती यहां भाई वो क्लिक बेट है तुम्हारा बहुत ट्रेंडिंग कर रहा है पहली

52
00:04:26,560 --> 00:04:30,680
बात तोय तुम्हारा ट्रेंडिंग वो कर भी रहा है कि नहीं कर रहा है इस पर भी हमने ध्यान नहीं दिया हमें

53
00:04:30,680 --> 00:04:34,680
तो लोगों को केवल ये बताना था कि मले चराज से जुड़ी हुई चीजें

54
00:04:34,680 --> 00:04:39,000
भी यहां पर आपको देखने को मिलेंगी नकारात्मकता और फिर दूसरा पक्ष

55
00:04:39,000 --> 00:04:43,000
ये भी था कि तुम्हारी मिथ्या का जो मिथ्या प्रचार हुआ है उससे लोग ग्रसित

56
00:04:43,000 --> 00:04:47,000
ना हो अब बात ये आती है कि तुम एक

57
00:04:47,000 --> 00:04:51,720
तरफ यह प्रूफ करने की कोशिश करते हो कि तुमने चार घंटे का लाइव मेरे खंड आर्थ क्यों बनाया

58
00:04:51,720 --> 00:04:55,800
फिर दूसरी तरफ तुम खुद ही ये कहते हो कि हमने क्लिक बेट के लिए

59
00:04:55,800 --> 00:05:00,360
बनाया कि जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग उसको देखे आकर्षित हो

60
00:05:00,360 --> 00:05:04,400
तो तुम्हें इससे क्या दिक्कत हो रही है पहले तो तुम य तय कर लो कि तुमको

61
00:05:04,400 --> 00:05:09,120
जवाब देने के लिए वह चार घंटे का लाइव वीडियो बनाया था या फिर

62
00:05:09,120 --> 00:05:13,320
उसमें मले चराज का जो शब्द है वह इसलिए यूज हुआ है कि वहां

63
00:05:13,320 --> 00:05:16,640
पर व्यूज ज्यादा है क्लिक बेट लोग देखे

64
00:05:16,640 --> 00:05:20,920
तुम्हारे खंड आर्थ नहीं वह यूज हुआ है मले चराज वो लोगों को आकर्षित

65
00:05:20,920 --> 00:05:25,280
करने के लिए यूज हुआ है तो तुम खुद ही इसमें दोगलापन तुम्हारा दिख रहा है

66
00:05:25,280 --> 00:05:29,360
एक तरफ तुम खुद ये प्रूव करने की कोशिश कर रहे हो कि मलेच्छ राज का शब्द हमने

67
00:05:29,360 --> 00:05:33,480
तुम खंडन आर्थ यूज किया था और दूसरी तरफ तुम खुद कह रहे हो कि भाई

68
00:05:33,480 --> 00:05:37,720
मले राज का शब्द हमने जो है वो क्लिक बेट के लिए और वो

69
00:05:37,720 --> 00:05:41,960
आकर्षित करने के लिए रीच व्यू य सब बढ़ाने के लिए यूज किया था ये दोगलापन

70
00:05:41,960 --> 00:05:46,240
हो गया तुम्हारा कभी कुछ कह रहे हो कभी कुछ कह रहे हो दूसरी बात यह है कि अगर हमने क्लिक

71
00:05:46,240 --> 00:05:52,240
बेट जैसे की य पर कह रहा

72
00:05:56,160 --> 00:06:00,640
है अब देखो ये खुद ही कह रहा है मले राजने सिर्फ

73
00:06:00,640 --> 00:06:04,840
इसलिए लगाया था कि लोग उससे

74
00:06:04,840 --> 00:06:08,840
आकर्षित हो क्लिक करें ठीक हैय खुद ही मान रहा है इस बात को उसके

75
00:06:08,840 --> 00:06:12,920
बाद कह रहा है कि और फिर अंदर जा कर के लोगों को पता चले अरे मले राज तो

76
00:06:12,920 --> 00:06:17,000
केवल ऐसे ही था बहाना उसमें कुछ है ही नहीं मलेरा से रिड देखिए

77
00:06:17,000 --> 00:06:22,280
खुद ही कुछ कह रहा

78
00:06:22,280 --> 00:06:26,600
है आकर्षित करने का बहाना य मान रहा है ठीक है तो इसको

79
00:06:26,600 --> 00:06:30,960
क्या दिक्कत हो रही है अगर मले चराज शब्द से कोई को आकर्षित कर ले रहा है

80
00:06:30,960 --> 00:06:35,080
तो अगर इस चीज को मान भी लिया जाए तो इस व्यक्ति

81
00:06:35,080 --> 00:06:39,200
को इससे क्या दिक्कत हो रही इसको तो दिक्कत तब होनी चाहिए ना जब इसको इसका खंडन दिखाई दे

82
00:06:39,200 --> 00:06:43,840
मगर यहां पर खुद मान रहा है कि मले चराज शब्द से रिलेटेड चीज नहीं थी उसम

83
00:06:43,840 --> 00:06:47,880
तो अगर क्लिक बेट के लिए मान रहा है लोगों को आकर्षित करने के लिए

84
00:06:47,880 --> 00:06:52,120
मान रहा है तो फिर इसको क्या प्रॉब्लम थी यहां

85
00:06:52,120 --> 00:06:56,160
तक कि ना टाइटल में है ना डिस्क्रिप्शन में मलेरा शब्द

86
00:06:56,160 --> 00:07:00,240
तो कीवर्ड जो टाइप करते हैं ना हम यहां देख सकते

87
00:07:00,240 --> 00:07:06,240
हैं आप हमारा टाइटल और डिस्क्रिप्शन थोड़ा बड़ा कर

88
00:07:09,280 --> 00:07:13,400
दीजिए तो अगर मले चराज शब्द का हमें

89
00:07:13,400 --> 00:07:17,440
लेना होता क्लिक बेट तो हम इसमें सब में डालते ना हैशटैग

90
00:07:17,440 --> 00:07:21,680
डालते मेंशन करते कहीं कुछ करते यह सब तो हमने नहीं किया

91
00:07:21,680 --> 00:07:25,720
मगर फिर भी अगर इसको ऐसा लग रहा है कि मले

92
00:07:25,720 --> 00:07:29,760
शराज शब्द का यूज जो है आकर्ष आकर्षित करने के लिए हुआ

93
00:07:29,760 --> 00:07:33,760
था तुम्हारे खंड आर्थ नहीं हुआ था तुमने खुद मान लिया यहां पर तो तुम्हें इससे

94
00:07:33,760 --> 00:07:37,840
दिक्कत क्या होनी चाहिए भाई तुम्हारे अनुसार तुम्हारा तो कुछ पूरा हुआ

95
00:07:37,840 --> 00:07:41,920
नहीं इसमें मले चराज शब्द का प्रचार ही हो गया एक तरीके से और

96
00:07:41,920 --> 00:07:46,120
अगर लोग मले चराज शब्द को यूज कर रहे हैं और तो उसका तो प्रचार

97
00:07:46,120 --> 00:07:50,400
ही हो गया ना तुम्हारी बातें ज्यादा ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास पहुंच रही है

98
00:07:50,400 --> 00:07:55,040
तो यह भी इसका एक मतलब प्रलाप है निराधार दोगले

99
00:07:55,040 --> 00:07:59,560
पन की पराकाष्ठा जय श्री राम

100
00:07:59,560 --> 00:08:03,600
तरीके से वही पुरा जिन ब वही बात उठ करने

101
00:08:03,600 --> 00:08:07,960
के लिए देना के लिए नागा रहा है पूरी

102
00:08:07,960 --> 00:08:12,000
पीठ के लोगों पर चर्चा ना हो जी हमने कब कहा चर्चा ना

103
00:08:12,000 --> 00:08:16,840
हो तो चर्चा के लिए तैयार है तुम आ कब रहे हो बता ही नहीं रहे

104
00:08:16,840 --> 00:08:21,120
और अगर कोई विषय मुख्य है और उसके साथ में तुमने

105
00:08:21,120 --> 00:08:25,200
चार और विषय बोले हैं तो जब हम बात करें तो केवल जो तुमने

106
00:08:25,200 --> 00:08:30,000
तुम्हारे हिसाब से चार जो एक मुख्य विषय उसी पर बात करें बाकी के चार मुख्य विषय

107
00:08:30,000 --> 00:08:34,200
चार और विषय जो तुम्हारे अनुसार मुख्य नहीं है उनको छोड़ दे

108
00:08:34,200 --> 00:08:38,480
यह कहां का सिद्धांत है कहां का सिद्धांत

109
00:08:38,480 --> 00:08:42,880
है भाई यह मनमुल संप्रदाय

110
00:08:42,880 --> 00:08:48,280
के गुप्त आचार्य का सिद्धांत है है ना

111
00:08:48,280 --> 00:08:51,840
ने

112
00:08:51,840 --> 00:08:57,840
लिए अभी एक ऑडियो में बात कर रहे हैं

113
00:09:09,600 --> 00:09:13,720
आपको बहुत बताने

114
00:09:13,720 --> 00:09:19,720
जाहा आपको

115
00:09:27,800 --> 00:09:31,840
बहुत आना क है भाई पुरी

116
00:09:31,840 --> 00:09:36,040
में आना जाना कब हुआ इस बारे में कब बात करेगा तू यह व्यक्ति बारबार

117
00:09:36,040 --> 00:09:40,040
कहता है कि पुरी के शंकराचार्य जी ने कहा कि एक महिला पुरी

118
00:09:40,040 --> 00:09:44,080
मठ में आती है और जबक विजय श्री केवल एक बार आज तक गई है

119
00:09:44,080 --> 00:09:48,160
तो यहीं से पता लग जाता है कि गुरुदेव उसके बारे में बात नहीं कर रहे यह

120
00:09:48,160 --> 00:09:52,560
कब इस बारे में बात कब करेगा और दूसरी बात है पुरी के शंकराचार्य जी से

121
00:09:52,560 --> 00:09:56,720
उन्होंने पूछा है अगर वो शिष्य है उसके बाद भी मठ

122
00:09:56,720 --> 00:10:01,000
में है तो कैसे हैं ज पुरी के शंकराचा जी उसको देखेंगे तो बारबार कहेंगे

123
00:10:01,000 --> 00:10:03,400
ना ये क्यों है यहां

124
00:10:03,400 --> 00:10:07,520
पर हां वो वहां पर है उनके

125
00:10:07,520 --> 00:10:11,560
उनकी आंखों के सामने वो है तो कैसे हैं तो उनसे

126
00:10:11,560 --> 00:10:15,640
उन्होंने पूछा है परमिशन ली है अब दूसरी बात ये भी आती है

127
00:10:15,640 --> 00:10:20,200
कि क्या कहते ये गुरुदेव

128
00:10:20,200 --> 00:10:24,240
क्या कह रहे क्या नहीं कह रहे हैं यह कोई बाहर का व्यक्ति बताएगा क्या तुम तो

129
00:10:24,240 --> 00:10:28,320
अपने पिताजी वाले वीडियो में बता रहे थे जो श्रोता नहीं है जो वक्ता नहीं है जो आयोजक नहीं है

130
00:10:28,320 --> 00:10:32,360
जो कुछ नहीं है तुम ये प्रकट कर रहे थे कि वो कहां वो कहां से किसी प्रकार

131
00:10:32,360 --> 00:10:36,440
की वकालत कर लेगा मगर यहां पर तो तुम वकालत कर रहे हो तुमको कुछ पता नहीं

132
00:10:36,440 --> 00:10:40,640
है तुमने अपनी वीडियो में खुद कहा वोह वहां क्यों है मैं नहीं जानता

133
00:10:40,640 --> 00:10:44,840
वो लड़की कौन है मैं नहीं जानता यह भी तुमने कहा वहां पर फिर तुम यहां बातें छोक

134
00:10:44,840 --> 00:10:49,040
रहे हो इसको कहते इसको कहते दाल

135
00:10:49,040 --> 00:10:53,120
भात में मुसर चंद पुरी शंकराचार्य जी अपने शिष्यों से क्या कह

136
00:10:53,120 --> 00:10:57,160
रहे हैं ना पूरी शंकराचार्य जी को पता है ना उनके शिष्यों

137
00:10:57,160 --> 00:11:01,680
को पता है इनको पता है क्योंकि लुप्त संप्रदाय के गुप्ता चार्य शुक्रवार

138
00:11:01,680 --> 00:11:07,680
वाले प्रत्येक शुक्रवार

139
00:11:09,920 --> 00:11:14,120
वालेया के समर्थन में

140
00:11:14,120 --> 00:11:18,160
विजया के समर्थन में विषयात कर रहे भाई विजया का विषय तो

141
00:11:18,160 --> 00:11:22,280
तुम ही लेकर आए थे ना विजया का विषय तुमने खोदा था ना लिप

142
00:11:22,280 --> 00:11:26,440
टू लिप किस कर रही है व मंच पर बैठ रही है यह है वो है सब किसने बोला

143
00:11:26,440 --> 00:11:30,600
था तुमने बोला था ना अब तुमने बोला तो हम बोले ना

144
00:11:30,600 --> 00:11:34,600
उस पर बात ही ना करें मतलब मातृ शक्ति के साथ किसी के साथ

145
00:11:34,600 --> 00:11:38,840
तुम दुराचार कर दो कुछ कर दो तो हम कुछ ना बोले उस शांत रहे क्योंकि तुम

146
00:11:38,840 --> 00:11:42,920
भगवान हो इस धरती के तुमसे बड़ा कोई है नहीं इस

147
00:11:42,920 --> 00:11:47,080
दुनिया में तुम स्वयंभू हो रावण को भी ऐसा ही अहंकार

148
00:11:47,080 --> 00:11:52,440
हो गया था पिटा था श्री राम के हाथ

149
00:11:52,440 --> 00:11:57,240
कभ कर तुम्हे कैसे पता नहीं पूछा

150
00:11:57,240 --> 00:12:02,120
भाई जिस समय वो वहां पर थी वही पूछी रही थी

151
00:12:02,120 --> 00:12:06,280
तुम जाकर के तुम्हें अगर कोई क्लेम करना है तुम जाकर के सिद्ध करो ना कि हां ये लड़की

152
00:12:06,280 --> 00:12:11,920
के लिए खंडन हो रहा है अरे खुद नहीं जा सकते किसी और को भेज

153
00:12:11,920 --> 00:12:16,040
दो तुम जाकर के ये उनका वक्तव्य लेक आओ

154
00:12:16,040 --> 00:12:20,080
ना वो जो खंडन कर रहे हैं उसी के बारे में तुम कैसे

155
00:12:20,080 --> 00:12:24,280
कह रहे हो कि नहीं पूछा संकेता अथक

156
00:12:24,280 --> 00:12:25,000
वाले

157
00:12:25,000 --> 00:12:29,200
बातों को तुम प्रमाण के रूप में यूज कर रहे हो वही संकेता अथक वाली बात है जब

158
00:12:29,200 --> 00:12:33,560
तुम्हारे ऊपर यूज की जाती है तो तुम उसमें प्रमाण मांगते हो कौन सी दिनांक

159
00:12:33,560 --> 00:12:38,680
को गया किससे मिला डॉक्टर का पर्चा बताओ डॉक्टर का नाम बताओ

160
00:12:38,680 --> 00:12:43,160
क्यों यहां पर भी तो संकेत है फिर हम भी तो पूछ रहे हैं

161
00:12:43,160 --> 00:12:47,320
हम भी तो उसमें प्रमाण मांग रहे हैं और गुरुदेव

162
00:12:47,320 --> 00:12:52,200
की अन्य शिष्या एं भी हैं जो योग सिखाती हैं अब

163
00:12:52,200 --> 00:12:57,040
वो उनका पालन पोषण ही ऐसे हुआ है

164
00:12:57,040 --> 00:13:01,120
कि वो उसी से उनकी आजीविका चल रही है और वह

165
00:13:01,120 --> 00:13:07,120
इतना भी गया गुजरा काम नहीं है जिसको छोड़ना ही आवश्यक

166
00:13:07,520 --> 00:13:13,520
है चलो खैर आगे बढ़ते

167
00:13:17,320 --> 00:13:21,560
हैं से म अ तुम्ह मतलब है तात्विक

168
00:13:21,560 --> 00:13:26,000
चचना से तुम्ह मतलब है

169
00:13:26,000 --> 00:13:30,240
कि अद्वैत है अंतिम लक्ष्य द्वैत है तुम्हे इससे मतलब

170
00:13:30,240 --> 00:13:34,440
है मतलब है अगर तुम अद्वैत मानते हो तो तुम मधवा चार का खंडन करो

171
00:13:34,440 --> 00:13:38,880
रामानुजाचार्य जी का खंडन करो सुद्धा

172
00:13:38,880 --> 00:13:42,960
द्वैत वालों का खंडन करो नाम ले लेकर के क्योंकि स्वमत

173
00:13:42,960 --> 00:13:47,040
की पुष्टि में वह निंदा है ना अन्यों की तुम्हारे हिसाब से यह क्या

174
00:13:47,040 --> 00:13:51,280
है बड़वाने वाला काम ना कि हमसे समीक्षा करवाओ ग कि चार पीठ थी कि पांच पीठ

175
00:13:51,280 --> 00:13:55,560
थी वो 1200 साल पुराने थे कि ाज साल पुराने थे हमसे

176
00:13:55,560 --> 00:13:59,560
उसकी समीक्षा करवाओ जिससे कि मनता फैले इसीलिए

177
00:13:59,560 --> 00:14:03,800
तो करा रहे हो खुद समीक्षा क्यों नहीं कर रहे हो जहां विरोधाभास है

178
00:14:03,800 --> 00:14:09,800
व तुमने क्या तहकीकात कर

179
00:14:18,000 --> 00:14:24,000
ली

180
00:14:25,120 --> 00:14:29,640
ओ क्या क्या क्या क्या बोला हां

181
00:14:29,640 --> 00:14:33,840
धर्म और ब्रह्म को फर्क पड़ता है जब गलत व्यक्ति

182
00:14:33,840 --> 00:14:38,640
व्यासपीठ पर बैठेगा वो भी सार्वभौम गुरु के नाम से घूमेगा

183
00:14:38,640 --> 00:14:42,800
तो धर्म ब्रह्म को फर्क पड़ेगा उसके द्वारा की जाने वाली

184
00:14:42,800 --> 00:14:46,800
व्याख्या संतुष्टि जनक नहीं होगी सुनने वाला व्यक्ति जो होगा

185
00:14:46,800 --> 00:14:51,640
श्रोता जो होगा उसकी निष्ठा खिसक जाएगी वो विधर्मी बनेगा

186
00:14:51,640 --> 00:14:55,920
वो कम्युनिस्ट बनेगा सेकुलर बनेगा व्यास

187
00:14:55,920 --> 00:15:00,440
गद्दी पर शंकराचार्य की जगह शंकराचार्य की जगह अगर ये जो अदन

188
00:15:00,440 --> 00:15:06,040
है जिसको कुछ पता नहीं

189
00:15:06,040 --> 00:15:10,240
है तो वो जब शंकराचार्य के नाम से घूमेगा और व्यक्ति पूछने जाएगा

190
00:15:10,240 --> 00:15:14,400
भाई भगवान है ये कैसे सिद्ध करो तो वो कहेगा कि भाई यह तो सिद्ध नहीं कर सकते

191
00:15:14,400 --> 00:15:18,400
लड़ाई पुरानी चली आ रही बात खत्म धर्म ब्रह्म को

192
00:15:18,400 --> 00:15:22,680
फर्क पड़ गया ना धर्म की व्याख्या

193
00:15:22,680 --> 00:15:26,720
और ब्रह्म की व्याख्या जो उस व्यक्ति तक पहुंच चाहिए थी नहीं पहुंची

194
00:15:26,720 --> 00:15:32,400
फर्क पड़ गया ठीक है

195
00:15:32,400 --> 00:15:38,100
जाहा

196
00:15:38,100 --> 00:15:41,360
[हंसी]

197
00:15:41,360 --> 00:15:45,640
न सभी को जय श्री राम और नि

198
00:15:45,640 --> 00:15:49,720
पर कमेंट करना है ना इस बारे में हमने उसम भी डाल

199
00:15:49,720 --> 00:15:54,560
दिया है पहली बात तो उसकी बात सुन लीजिए क्या कहना

200
00:15:54,560 --> 00:16:00,560
सी इसने कहाय जो आवाज आ रही है ये

201
00:16:02,360 --> 00:16:06,320
बताओ क्याट

202
00:16:06,320 --> 00:16:12,320
करवाता चला उसकी पड़ बताओ एक बजे रात

203
00:16:13,440 --> 00:16:17,840
को जहा तक इसको लगता है आवाज विजया की हो गया ठप्पा लग गया

204
00:16:17,840 --> 00:16:22,280
अब ये जो है अपना जने हाथ में लेकर के और शपथ खाए

205
00:16:22,280 --> 00:16:26,560
यह आवाज विजिया की क्योंकि ये तो ऐसे ही निर्णय लेता है ना आध अधूरी चीजों

206
00:16:26,560 --> 00:16:30,680
पर ये ऐसे ही निर्णय लेता है ना कि ये जो है ये आवाज

207
00:16:30,680 --> 00:16:34,680
विजया की है बस इसको लग गया ब इसको लगना चाहिए

208
00:16:34,680 --> 00:16:39,360
ये भगवान है धरती का अ ये हाथ में जनू लेकर कसम खा ले इसका पता लग

209
00:16:39,360 --> 00:16:43,960
जाएगा आवाज विजया की नहीं है आवाज

210
00:16:43,960 --> 00:16:49,000
हमारी सहायता करने वाली एक मातृ शक्ति की हमारे घर की ही मातृ शक्ति

211
00:16:49,000 --> 00:16:53,120
और जिस समय हम लाइव हो रहे थे उस समय वो एक मैसेज

212
00:16:53,120 --> 00:16:56,800
पढ़ रही थी जिस मैसेज में इस तरह की शब्दावली

213
00:16:56,800 --> 00:17:00,840
थी और उसमें ध्यान से अगर आप देखेंगे तो

214
00:17:00,840 --> 00:17:05,160
वह अपना मैसेज पढ़ती जा रही है और हमने कहा मैंने उन्हें

215
00:17:05,160 --> 00:17:09,680
हमने उन्हें इशारा किया कि बस चुप हो जाओ लाइव चालू हो गया मत पढ़ो

216
00:17:09,680 --> 00:17:13,720
तो वहां पर जो वो है वो इसमें नहीं है कि

217
00:17:13,720 --> 00:17:17,840
जो आप पूछ रही हो उसके संबंध में बोल रहा हूं मैं चुप कराने

218
00:17:17,840 --> 00:17:22,480
के लिए बोल रहा हूं लाइफ चालू हो गया है तो उन्होने अच्छा अच्छा जा रहे जा र जा

219
00:17:22,480 --> 00:17:26,480
तो यह बात थी वहां पर और उसका बात का बतंगड़

220
00:17:26,480 --> 00:17:30,480
र उससे मतलब क्या है अगर तुम्हें लगता है स्ट्रेटजी बन रही है तो तुम

221
00:17:30,480 --> 00:17:34,720
क्या कर रहे हो वहां पर चार लोगों को खड़े करके हंसा रहे हो ये कर रहे हो वो कर रहे हो हंसी ट्टा कर रहे हो

222
00:17:34,720 --> 00:17:38,720
ये क्या है पीछे से बोल रहे लोग रिपीट कर रहे हैं

223
00:17:38,720 --> 00:17:43,000
टिंग कर रहे हैं ये सब क्या है ने चार पांच अ

224
00:17:43,000 --> 00:17:47,280
लड़को को खड़ा करके ये सब कर रहे हो ये भी तो स्ट्रेटजी है ये स्ट्रेटजी

225
00:17:47,280 --> 00:17:51,400
नहीं है क्या और हां स्ट्रेटजी से याद आया तुम्हारा कहना

226
00:17:51,400 --> 00:17:55,520
है कि मलेच्छ राज शब्द का उपयोग करना स्ट्रेटजी है पुरी मट का उपयोग करना गोवर्धन

227
00:17:55,520 --> 00:17:59,720
मट का उपयोग करना स्ट्रेटजी नहीं है हम

228
00:17:59,720 --> 00:18:04,040
यह स्ट्रेटजी नहीं है पूरी शंकराचार्य शब्द का उपयोग करना यह सब स्ट्रेटजी

229
00:18:04,040 --> 00:18:09,640
नहीं है यह सब क्लिक बेट नहीं

230
00:18:09,640 --> 00:18:13,800
है खाओ जने हाथ में लेकर खाओ सौगं गंगा

231
00:18:13,800 --> 00:18:19,800
की

232
00:18:20,920 --> 00:18:24,920
और अब अगर किसी ने यह बोल दिया कि पहली

233
00:18:24,920 --> 00:18:29,600
बात तो तुमने ही अपने पैरो पर लाड़ी मारी तुमने खुद ही अपने

234
00:18:29,600 --> 00:18:33,600
निग्मित कों ने तुम्ह तुम्हें दिया है अच्छा

235
00:18:33,600 --> 00:18:37,600
किया कोई दिक्कत नहीं है उसमें मगर अगर किसी ने ये

236
00:18:37,600 --> 00:18:41,760
बोल दिया कि किस पे कमेंट करना है

237
00:18:41,760 --> 00:18:45,840
निग्स से बस ये हो गया प्रीश हो गया और रात में जाग रहा है हो

238
00:18:45,840 --> 00:18:51,840
गया अरे भाई जाग रहा हूं तो तेरे सामने हूं ना क्या कर रहा हूं वो भी तो

239
00:18:51,880 --> 00:18:55,520
देख ये

240
00:18:55,520 --> 00:19:00,800
ये मैं इसकी इसको देख के फिल्में ही याद आती है मुझे

241
00:19:00,800 --> 00:19:06,760
यह इसकी जो हरकत है इसको देख के फिल्म याद आती है वो वो नहीं था

242
00:19:06,760 --> 00:19:10,920
वो कोई रेडी नाम की मूवी आई थी उसमें कोई बात होती थी तुम

243
00:19:10,920 --> 00:19:15,800
भगवान हो तुम यह हो तुम वो तुरंत काल्पनिक एक दुनिया सा बना देता था अभिनेता

244
00:19:15,800 --> 00:19:19,920
यह लो साहब तुम भगवान हो तुमने लिख दी स्टोरी लिख दी तो बस

245
00:19:19,920 --> 00:19:24,200
वही यह कर रहा है कोई भी ऑब्जेक्ट मिल गया कोई भी विषय

246
00:19:24,200 --> 00:19:28,880
विषय वस्तु कुछ मिल गई प्राप्त हो गई उसके इर्दगिर्द अपना ताना बाना बनला प्रीम

247
00:19:28,880 --> 00:19:33,000
भी आ गए साब निग पर कमेंट करना वाली बात प फ्री मशस भी आ गए रात

248
00:19:33,000 --> 00:19:37,240
में जो है विजया जी जाग रही है और ये भी जाग रहा है ये भी हो गया और जो है फ्री

249
00:19:37,240 --> 00:19:41,800
मेशन भी हो गया इसके खिलाफ बहुत बड़ी एक स्टडीज हो गई सब हो गया एक ही मिनट

250
00:19:41,800 --> 00:19:45,960
में और यह जो है इनके साथ जो है देवता रहते

251
00:19:45,960 --> 00:19:50,120
हैं तो ये वो

252
00:19:50,120 --> 00:19:54,360
है सारी स्ट्रेटजी हो गई इनकी ये वही

253
00:19:54,360 --> 00:19:58,840
है काल्पनिक संसार अपना बना कर के रखते हैं तुरंत एक फिल्म की कहानी

254
00:19:58,840 --> 00:20:02,920
अपना कर दी हां भगवता अंद आएगा तो

255
00:20:02,920 --> 00:20:06,960
ले लेंगे पर पहले अपनी बात पूरी कर ले और सुनिश्चित करके उसके

256
00:20:06,960 --> 00:20:11,080
साथ चर्चा होगी ऐसे नहीं आगे बगाए प्रॉपर बताया जाएगा लोगों को हां

257
00:20:11,080 --> 00:20:15,120
भई आज जो है भगवता अंद के साथ होने वाली है अगर

258
00:20:15,120 --> 00:20:19,360
वो आएगा तो उसमें साहस होगा तो हो सकता है वो ना ही आए

259
00:20:19,360 --> 00:20:23,440
यह रूप देख कर के जब से हम लोग आक्रमण

260
00:20:23,440 --> 00:20:27,480
में आए हैं पहले हम डिफेंसिव थे थोड़ा जब से हम लोग आक्रामक हुए हैं तब

261
00:20:27,480 --> 00:20:31,880
से वो ढीला पड़ गया है

262
00:20:31,880 --> 00:20:36,760
अब बस यही बाकी रह गया है आपके लिए क्या बाकी रह गया भाई

263
00:20:36,760 --> 00:20:41,040
अच्छा यह भी आ गए अपनी बातें छोक

264
00:20:41,040 --> 00:20:45,080
नहीं तुम लोग बीच में मत पढ़ो भाई य घर हमारे घर का मामला हम लोग

265
00:20:45,080 --> 00:20:49,280
निपटा लेंगे ठीक है तुम लोग आओगे खामा

266
00:20:49,280 --> 00:20:53,720
खामा पिट जाओगे चोट पड़ जा चोट लग जाएगी ये

267
00:20:53,720 --> 00:20:57,800
ले जा हो चाहि

268
00:20:57,800 --> 00:21:01,800
वो नहीं होता वो स्टार प्लस

269
00:21:01,800 --> 00:21:07,760
के धारा बायक होते हैं अरे इसने क्या कर दिया

270
00:21:07,760 --> 00:21:12,080
अरे य हर बात को हर बात पर व नहीं ध सबके चेहरे परिवार

271
00:21:12,080 --> 00:21:14,880
के सबके चेहरे

272
00:21:14,880 --> 00:21:19,280
दिखाए कोई जरा सी बात ई सिलेंडर खत्म हो गया

273
00:21:19,280 --> 00:21:24,120
सिलेंडर खम आरो खराब हो गया

274
00:21:24,120 --> 00:21:28,760
यह वही है कोई

275
00:21:28,760 --> 00:21:32,840
हो गई उसको ऐसे ये क्या हो गया अरे नल

276
00:21:32,840 --> 00:21:37,040
खुला छूट गया सबके चेहरे दिखाए

277
00:21:37,040 --> 00:21:41,200
जाएंगे हर बार 10 10 मिनट तक यह वही है

278
00:21:41,200 --> 00:21:45,240
कोई बात ना चीज उस पर जो है यह फीमस है ये है ये है यही लेक

279
00:21:45,240 --> 00:21:49,440
आया यह है वो है हल्का

280
00:21:49,440 --> 00:21:55,240
व्यक्ति निकला है चलो खैर कोई

281
00:21:55,240 --> 00:21:56,240
बात

282
00:21:56,240 --> 00:22:00,680
पहले लग रहा था पहले लग रहा था कि

283
00:22:00,680 --> 00:22:05,080
तुमसे विडंत हो रही है अब जब हो ही रही है तो पहले लगता था

284
00:22:05,080 --> 00:22:06,840
कि वो

285
00:22:06,840 --> 00:22:11,080
झुंड में वार करने वाला शेर नहीं ठग होता है और दुश्मन अगर कायदे

286
00:22:11,080 --> 00:22:12,360
का हो तभी उसे मारने का मजा

287
00:22:12,360 --> 00:22:16,480
अलग होता है अब मजा अलग नहीं है अब

288
00:22:16,480 --> 00:22:20,680
जो है बहुत गया गुजरा जो है चिला टाइप

289
00:22:20,680 --> 00:22:24,480
व्यक्ति आ गया तो

290
00:22:24,480 --> 00:22:29,280
खैर अच्छा ही हुआ और अच्छे से जान गए हम

291
00:22:29,280 --> 00:22:33,280
एक आडंबर था उसके पीछे का संकीर्ण विचारधारा का छोटू था

292
00:22:33,280 --> 00:22:39,280
एक वो पता लगा वो भी हो

293
00:22:40,920 --> 00:22:45,160
गया खुद ही अपने वो निग शब्द को इसने खुद ही प्रचारित

294
00:22:45,160 --> 00:22:51,160
कर दिया हमें कुछ करने की जरूरत ही नहीं

295
00:22:54,640 --> 00:22:59,400
पड़ी यह देखना पड़ेगा सनातनी जिस जी आप जो पूछ रहे हैं

296
00:22:59,400 --> 00:23:05,400
मैं समझ नहीं पा रहा हूं

297
00:23:06,160 --> 00:23:10,680
अरे अरे बेवकूफ विजयास है ही नहीं

298
00:23:10,680 --> 00:23:14,800
एक और मातृ शक्ति है किसी दिन अगर उनकी अनुमति हुई

299
00:23:14,800 --> 00:23:19,160
घर वालों की और उनकी स्वयं की तो हम उनकी आवाज सुना देंगे

300
00:23:19,160 --> 00:23:23,200
तुमको बेवकूफ मूर्ख अपने हिसाब से कुछ

301
00:23:23,200 --> 00:23:29,200
भी ताना वाना बन लो

302
00:23:31,240 --> 00:23:37,240
और तुम जो है कहां खड़े हो मसन

303
00:23:46,600 --> 00:23:50,680
प जा रहे जा रहे जा रहे हैं वो इस संबंध में कि हा

304
00:23:50,680 --> 00:23:55,600
जा रहे हैं अब नहीं बोलेंगे अ य से जा

305
00:23:55,600 --> 00:24:01,600
रहे डि

306
00:24:09,800 --> 00:24:15,800
य नहीं वो आवाज थी पर विजया की नहीं

307
00:24:16,040 --> 00:24:20,920
थी प्रेम इसलिए करके हटाया क्योंकि व अनावश्यक था

308
00:24:20,920 --> 00:24:24,960
विषय से अलग भटका व्यक्ति को इसलिए ट्रम करके हटा दिया कल रात को

309
00:24:24,960 --> 00:24:29,000
भी एक चीज हुई है कि जो है व चार्जिंग

310
00:24:29,000 --> 00:24:33,000
खत्म हो रही थी लैपटॉप में वही हमने जो है

311
00:24:33,000 --> 00:24:37,400
इसमें चार्जिंग लगाने के लिए लैपटॉप में जब इसको हिला डली हुई तो ये जो कोन

312
00:24:37,400 --> 00:24:41,400
जिस उसमें लगा हुआ है ट्राइपॉड में वो हिल गया घूम गया उसमें खामा

313
00:24:41,400 --> 00:24:45,680
खा उनका चित्र भी आ गया जो और थे यहां पर मातृ

314
00:24:45,680 --> 00:24:49,680
शक्ति थी जो सहायता दे रही थी तो उनका चित्र भी

315
00:24:49,680 --> 00:24:55,680
आ गया तो उसको हमने हटा दिया इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई

316
00:25:00,600 --> 00:25:04,760
और एक बात और सुन लो तुम्हारा नाम

317
00:25:04,760 --> 00:25:08,880
नहीं करना चाहते थे हमने क कवा के खत्म कर दिया था उसी दिन बता के जिसके माध्यम

318
00:25:08,880 --> 00:25:12,880
से तुम बता रहे थे तुम्हारे एक संगी साथी ने यह बताया तुम्हारे बारे में

319
00:25:12,880 --> 00:25:17,000
हमने वही बताया था कि उसने तुम्हारे बारे में य बताया उसके बाद

320
00:25:17,000 --> 00:25:21,000
यह जो हुआ मैसेज पढ़ने वाला जो भी है

321
00:25:21,000 --> 00:25:25,040
इस मैसेज यह जो दृश्य है यह दृश्य

322
00:25:25,040 --> 00:25:29,400
तुमने खुद फैलाया अच्छा हमारा हटाने का एक यह भी कारण

323
00:25:29,400 --> 00:25:33,600
था हम प्रचार नहीं करना चाहते थे इस तरीके

324
00:25:33,600 --> 00:25:37,960
से हमारे चैनल से तुम्हें निग्गी जा रहा है लोग तुम्हें निग्गी

325
00:25:37,960 --> 00:25:42,240
कर रहे हैं हमारे पास मैसेजेस आ रहे हैं भाई लोग तुम्हें निग

326
00:25:42,240 --> 00:25:46,600
निग कर रहे हैं अब इस समय मेरे पास चीजें नहीं है मगर

327
00:25:46,600 --> 00:25:51,040
कर रहे हैं लोग तुम्हें निकू निकू हमें भी सुनाई दे रही चीजें तो

328
00:25:51,040 --> 00:25:54,760
इसलिए भी हमने उसे हटाया

329
00:25:54,760 --> 00:25:58,840
था और तुम चाहते हो कि वो लगा दें

330
00:25:58,840 --> 00:26:04,080
तो हम उसको खुद एक सजा के अच्छा सा एक वो बनाएंगे क्लिप

331
00:26:04,080 --> 00:26:08,120
और उसको लगा देंगे तुम अपने जेनेव को हाथ में लेकर के कसम खा

332
00:26:08,120 --> 00:26:12,160
लो सौगंध खा लो तुम तो सौगंध में एक्सपर्ट हो ना बात-बात में रो रहे हो विधवा

333
00:26:12,160 --> 00:26:16,160
विलाप कहीं हाथ में सौगंध खाके कह रहे हो कि

334
00:26:16,160 --> 00:26:20,480
वो मैं जो है गुप्त रोग नहीं है मुझे शुक्रवार को कहीं नहीं जाता

335
00:26:20,480 --> 00:26:24,480
और फिर कहीं पर सौगं खाके सौगंध खाके रो रहे हो कि मैं हा हाथ में

336
00:26:24,480 --> 00:26:29,760
शालिग्राम लेकर बात कहूंगा कि आचार्य रामशंकर शकल जी ने मुझसे ये कहा

337
00:26:29,760 --> 00:26:33,800
ये रो तो तुम रहे हो विधवा विलाप तो तुम्हारा चल रहा है खैर तुम खा

338
00:26:33,800 --> 00:26:38,080
लो हम उसके को लगा देंगे उसमें क्या है बहरहाल वो

339
00:26:38,080 --> 00:26:42,440
आवाज विजया शी की है ही नहीं हमारे साथ में एक मातृ शक्ति थी जो उस

340
00:26:42,440 --> 00:26:47,160
समय यह टेक्निकल चीजें वो जानती थी वो साथ वो कर रही थी

341
00:26:47,160 --> 00:26:51,800
और वही वो मैसेज पढ़ रही थी अपने ध्यान में मग्न थी किसी को

342
00:26:51,800 --> 00:26:55,840
मैसेज पढ़ते पढ़ते पढ़ते पढ़ते इधर हमने लाइव शुरू किया वो पढ़

343
00:26:55,840 --> 00:26:59,920
रही थी तो हमने ह कहा ह कहा तो वो अच्छा अच्छा जा रहे जा

344
00:26:59,920 --> 00:27:04,080
ये चीज हुई तो उसको इतना तूल दे दिया गया दबाक दबा उसके चक्कर में खुद

345
00:27:04,080 --> 00:27:08,240
का ही नाश कर लिया आज जितने लोग हमारी वजह से तुम्हारा नाम निग नहीं जानते उतने

346
00:27:08,240 --> 00:27:10,080
लोग तुम्हारी वजह से तुम्हारा नाम निग

347
00:27:10,080 --> 00:27:14,280
जानते समझे र अच्छा ही हुआ ईश्वर अच्छा करवाते हैं

348
00:27:14,280 --> 00:27:18,880
और करो और कसम खा लो विजया सी

349
00:27:18,880 --> 00:27:23,240
तुम तो विथ भाषण नहीं करते हो ना जो भी सोचते हो राम दो प्रकार की बातें नहीं करता

350
00:27:23,240 --> 00:27:27,360
रामोर ना भी वास और तुम धर्माचार्य हो

351
00:27:27,360 --> 00:27:31,520
धर्माचार्य तो बिल्कुल नहीं करेगा क्योंकि धर्माचार्य ही तो सिखाते

352
00:27:31,520 --> 00:27:35,960
हैं राम के पथ पर चलना वैसे मैंने देखा है तुम्हारे जीवन

353
00:27:35,960 --> 00:27:40,920
में श्री राम की वो चीजें मिलती नहीं है सच्चाई हैय

354
00:27:40,920 --> 00:27:44,920
वो आदर्श स्थापित नहीं हो पाया तुम्हारे अंदर

355
00:27:44,920 --> 00:27:49,080
सकुनी टाइप के दिखते हो कुटिल टाइप के श्री

356
00:27:49,080 --> 00:27:53,320
राम दूर श्री राम से बहुत दूर हो होना चाहिए था आदर्श

357
00:27:53,320 --> 00:27:57,320
रूप में उनको आपके आसपास आप फिर से सुन उसने क्या कहा

358
00:27:57,320 --> 00:28:01,440
है सभी को ज राम और हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाए

359
00:28:01,440 --> 00:28:06,200
सभी को कमेंट करना

360
00:28:06,200 --> 00:28:10,520
अब देखिए अब ये लोग इस पर उतर गए य निर्मल चैतन्य पु जी कोय धम

361
00:28:10,520 --> 00:28:14,560
धम दे रहे क्यों दे रहे निर्मल चैतन्य पुरी को हम धमकियां दे

362
00:28:14,560 --> 00:28:19,480
रहे एक और नई कहानी नाम उने

363
00:28:19,480 --> 00:28:24,760
लिखता है अ किसी और कोही जोड़

364
00:28:24,760 --> 00:28:25,760
दिया

365
00:28:25,760 --> 00:28:31,760
खा

366
00:28:36,320 --> 00:28:41,240
शिकता क्या है अबता करते नहीं

367
00:28:41,240 --> 00:28:47,240
करने के

368
00:28:48,920 --> 00:28:52,920
बाद हमसे क से जुड़ गए ऐसे जोड़ो तो पता

369
00:28:52,920 --> 00:28:57,160
नहीं कितनी कहानिया बन सकती है फिर वही कहानी कहानी कहानी कहानी

370
00:28:57,160 --> 00:29:03,160
निग के पास और कुछ है ही

371
00:29:07,040 --> 00:29:11,400
नहीं निगूदा के अलावा कुछ है ही नहीं

372
00:29:11,400 --> 00:29:15,480
इनका वो है हो जाएगा तो हम हीने कराया है

373
00:29:15,480 --> 00:29:20,200
इनका लैपटॉप बंद हो जाएगा तो हम हीने कराया है कल को इनके अगर नल बंद हो जाएगा

374
00:29:20,200 --> 00:29:24,520
तो तो हमने ही कराया स्ट्रेटजी है बिजली चली जाएगी तो हमने कराया

375
00:29:24,520 --> 00:29:28,560
है कल को इनके एसिडिटी होने लगेगी तो हमने कराई है

376
00:29:28,560 --> 00:29:32,920
यह कहानी लिखेंगे फिर हर चीज में वो एक आचार्य है उन्होंने

377
00:29:32,920 --> 00:29:36,920
लिखा था मेरे पीछे जो आकृतियां बनी हुई है वो

378
00:29:36,920 --> 00:29:41,120
मेरा बेटा है जो कॉमिक्स पढ़ता है तो उसने करैक्टर डेवलप किया

379
00:29:41,120 --> 00:29:45,400
है और उन्होंने बड़ा हास्यास्पद तरीके से लिखा था

380
00:29:45,400 --> 00:29:49,400
कि इसके कैरेक्टर में यह पावर्स है ये सुपर पावर्स है वो सुपर पावर्स

381
00:29:49,400 --> 00:29:53,520
है ऐसा लगता है इस इसके कैरेक्टर्स को देख कर के

382
00:29:53,520 --> 00:29:57,600
मले राज से भी ज्यादा शक्तिशाली है थोड़ी सी क्रिएटिविटी और हो

383
00:29:57,600 --> 00:30:01,760
जाए कहानी वाली तो एक अच्छा लु

384
00:30:01,760 --> 00:30:05,760
लुप्त संप्रदाय का गुप्त आचार्य बन सकता है ऐसे एक आचार्य श आचार्य है

385
00:30:05,760 --> 00:30:10,000
जो उन्होंने पोस्ट डाली है कोई वसी याद आती है वो कहानी

386
00:30:10,000 --> 00:30:14,120
बनाना आ जाए तो कल को जो है अब इनकी

387
00:30:14,120 --> 00:30:18,160
भाषा क्या ही यूज करें हम य तो अगने मूत पर आ जाते हैं हम

388
00:30:18,160 --> 00:30:22,160
अभी बोल दे कल को तुम्हारा अगना तने में कोई दिक्कत आ जाए तुम कह देना कि

389
00:30:22,160 --> 00:30:26,200
शिवांस ने स्ट्रेटजी है मर ऐसे

390
00:30:26,200 --> 00:30:30,240
शब्द हम यूज करते नहीं है पर बोलना चाहिए

391
00:30:30,240 --> 00:30:34,640
ऐसा हमको ना ऐसे लोगों के लिए जो इन सब चीजों को

392
00:30:34,640 --> 00:30:38,960
सामान्य मानते

393
00:30:38,960 --> 00:30:43,000
हैं कमेंट करना कोई वति कार्यक्रम करवा रहा उसको ध दे र

394
00:30:43,000 --> 00:30:47,160
उसको गालि दे र उसको प्र और उसके बाद इन लोगों ने क्या किया है कोई व्यक्ति कार्यक्रम

395
00:30:47,160 --> 00:30:51,680
करवा रहा है उसको धम दे र उसको गालिया दे र उसको प्र

396
00:30:51,680 --> 00:30:57,680
करने दि मन गा

397
00:30:58,320 --> 00:31:01,130
आपको

398
00:31:01,130 --> 00:31:07,130
[हंसी]

399
00:31:07,240 --> 00:31:11,720
पता बता को नहीं

400
00:31:11,720 --> 00:31:15,720
श बोता भैया वो लोग भी तो धमकी दे सकते

401
00:31:15,720 --> 00:31:19,720
तुम्हारे कार्यक्रम कराने वालों को या वो लोग भी तो उन्ह बता सकते हैं कि भैया य गाली बाज

402
00:31:19,720 --> 00:31:23,840
है गाली बाज व्यक्ति को कहां तुम महिला

403
00:31:23,840 --> 00:31:27,920
बच्चों के बीच में बुला ले रहे हो इसकी कथा के बाहर तो लिखा होना चाहिए ना

404
00:31:27,920 --> 00:31:33,920
ओनली फॉर

405
00:31:34,320 --> 00:31:38,400
एडल्ट ओनली तुम्हारी जो कथा है ना उसमें बाहर लिखा होगा ओनली फॉर

406
00:31:38,400 --> 00:31:42,960
एडल्ट केवल एडल्ट लोग आए क्योंकि ये भाई साहब जो है गालियों को सामान्य

407
00:31:42,960 --> 00:31:47,120
मानते हैं अगनि मूत को सामान्य मानते हैं तो

408
00:31:47,120 --> 00:31:53,040
सारी बातें वहां करेंगे अच्छे से खुल के बिना किसी संकोच

409
00:31:53,040 --> 00:31:57,240
के और जिस रूप में वो बुरे माने जाएंगे उसी रूप में करेंगे

410
00:31:57,240 --> 00:32:02,000
भाई ऐसा होता है कभी कभी मात शक्तियों के वो जो मासिक धर्म उनकी बातें होने लगती है

411
00:32:02,000 --> 00:32:06,080
मगर वहां पर भी गुप्तांग का नाम यह नाम वो नाम बहुत ज्यादा खुल

412
00:32:06,080 --> 00:32:10,240
के नहीं लिया जाता खुल के लिया भी जाता है तो उसका परवन भी उसमें

413
00:32:10,240 --> 00:32:14,840
हो जाता है सभ्यता क्योंकि वो विषय ऐसा होता है शिक्षा

414
00:32:14,840 --> 00:32:18,960
देने वाला मगर जब उसी का उपयोग आप निंदा में करो या किसी को

415
00:32:18,960 --> 00:32:23,000
टोंट कसने में करो तो वही उसका जो उपयोग है वो निम्न की

416
00:32:23,000 --> 00:32:27,000
द क्या कहते हैं वो नीचता

417
00:32:27,000 --> 00:32:31,160
की ओर जाएगा निश्ता की पराकाष्ठा है भाई साहब मैं गाली

418
00:32:31,160 --> 00:32:35,880
दूंगा कहते हैं गाली दूंगा कहते तो सुन लो भाई

419
00:32:35,880 --> 00:32:39,960
तुम्हारे गाली बाजी गाली बाजी को सुन करके भी तो कोई मना कर सकता है अरे कहां

420
00:32:39,960 --> 00:32:44,040
किस गाली बाज को बुला रहे हो तुमय संत थोड़ी गाली बाज है भाई

421
00:32:44,040 --> 00:32:50,040
गाली गाली देना इसके लिए सामान्य है पता नहीं कहां से सीखा

422
00:32:56,840 --> 00:33:01,040
है कोई तुम्हारी कथा को बंद करा रहा है वैसे

423
00:33:01,040 --> 00:33:05,080
मेरे आसपास होगी तो मैं तो उसे बताऊंगा भाई ये गाली बाज व्यक्ति है इसका कहना है उसको तुम्हारे

424
00:33:05,080 --> 00:33:09,360
वीडियो दिखाऊंगा अगर आसपास होगी तो रे तुमसे परिचित कराऊंगा ना

425
00:33:09,360 --> 00:33:13,360
मगर यह काम हमने किया यह कैसे सिद्ध करोगे अच्छा तुम जनेय

426
00:33:13,360 --> 00:33:17,360
पकड़ के शपथ खाओ यह हमने ही मना करवाया है

427
00:33:17,360 --> 00:33:22,200
शपथ खाओ खाओ शपथ

428
00:33:22,200 --> 00:33:25,880
बकवास स्टोरी

429
00:33:25,880 --> 00:33:31,880
टेलर आप सब

430
00:33:32,160 --> 00:33:38,160
अच्छा इस तुमने बकवास भर रखी है तो हमारा काम थोड़ा कम

431
00:33:39,680 --> 00:33:43,840
है अरे तुम देखो यार और

432
00:33:43,840 --> 00:33:46,400
भी

433
00:33:46,400 --> 00:33:52,400
काम जल्दी कर पनवेल जाना है

434
00:33:58,040 --> 00:34:02,600
करेगा इसका दुनिया में जो भी विरोध करेगा उन सबका ठेका हमने ही ले रखा है

435
00:34:02,600 --> 00:34:06,800
ये इनकी कल को अगर वही चीज बंद हो जाएंगी जो अभी पहले

436
00:34:06,800 --> 00:34:11,480
मैंने बोला था उसका जिम्मेदार भी हमें ठहराए फी मशन की चाल है फीम

437
00:34:11,480 --> 00:34:17,480
शिवांश नारायण दवे जुड़ा हुआ इसलिए मेरा य बंद करा दिया इसने

438
00:34:33,680 --> 00:34:37,960
बढ़िया टाइम पास सुना

439
00:34:37,960 --> 00:34:43,960
अप कर उसको लेकर इतने सारे

440
00:34:44,640 --> 00:34:48,760
आ द ख और प्रसार लेख में

441
00:34:48,760 --> 00:34:53,000
बा पुरी शंकराचार्य जी के शियो द्वारा लिखित और प्रसारित

442
00:34:53,000 --> 00:34:57,000
कौन से शिष्य नाम लो जैसे तुमसे जब पूछा

443
00:34:57,000 --> 00:35:01,120
गया तुमसे कहा गया किई तुम्हारा इलाज चल रहा है जब

444
00:35:01,120 --> 00:35:05,200
इन मामलो में उंगली उठाई तो तुमने बताया कब गया कौन सा डॉक्टर तो तुम

445
00:35:05,200 --> 00:35:10,160
नाम लो ना कौन से शिष्य सामने लाओ सौगंध खिलवा

446
00:35:10,160 --> 00:35:14,160
क् तुम तो सौगंध से ही मानते हो ऐसे ही किसी की बात नहीं

447
00:35:14,160 --> 00:35:20,160
मानते कौन से शिष्य हवा

448
00:35:20,680 --> 00:35:24,840
हवाई तो संधित आ बता कौन

449
00:35:24,840 --> 00:35:30,280
से आचार्य सामने लाओ

450
00:35:30,280 --> 00:35:34,360
प पीठ के शोधना अथ पीठ का शोधन तुम करना

451
00:35:34,360 --> 00:35:38,400
चाहते हो पीठ का शोधन करते करते तुम शंकराचार्य जी को अ

452
00:35:38,400 --> 00:35:42,640
शस्त्री कहते हो कि मैं जो है उनका जो है शास्त्र के अलावा कहीं उनका

453
00:35:42,640 --> 00:35:46,760
कोई ऐसा नहीं है कि उनकी काट करता हूं ये छत्र का और साढ़े तीन वर्ष हिंदू

454
00:35:46,760 --> 00:35:50,960
राष्ट्र की बात का शास्त्र से क्या मतलब है

455
00:35:50,960 --> 00:35:55,040
उनको मधुमक्खियों के उनके पास सेना है इसका शास्त्र से क्या मतलब

456
00:35:55,040 --> 00:35:59,040
है किस शास्त्र के किस पक्ष के आधार पर तुम इन बातों का प्रतिकार कर

457
00:35:59,040 --> 00:36:02,200
रहे

458
00:36:02,200 --> 00:36:06,440
हो मजाक बना रहे हो उपास उड़ा रहे हो

459
00:36:06,440 --> 00:36:12,440
अपनी बातें जब पूछो तो वोह क्या था

460
00:36:26,560 --> 00:36:32,560
निवेशिकों

461
00:36:47,400 --> 00:36:51,600
सामाजिक अरे भाई बचपन में माता जी ने

462
00:36:51,600 --> 00:36:56,320
निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो आक प्रत्यक्ष वार्ता करो ना

463
00:36:56,320 --> 00:37:01,080
क्या चेहरा नहीं दिखा सकते क्या कुछ गलत हो गया था क्या तुम्हारे साथ वास्तविक

464
00:37:01,080 --> 00:37:07,080
में समलैंगिकता इत्यादि वाली चीज हो गई थी क्या

465
00:37:12,560 --> 00:37:16,880
कुछ शंकराचार्य जी ने ऐसा कहा है तब

466
00:37:16,880 --> 00:37:22,880
वह कहते हैं आचार गंभीरता से बोलना चाहिए

467
00:37:38,080 --> 00:37:42,560
सामना कर लो ना के भाई कोई भी सपोर्टर है इस समय

468
00:37:42,560 --> 00:37:46,760
इन्होंने अपना नाम जो ख्या पित कर दिया निग इनका कोई सपोर्टर

469
00:37:46,760 --> 00:37:51,320
है तो आ जाए करे बात आ कर के

470
00:37:51,320 --> 00:37:55,520
बड़े हुए शका किसी जन्म के को देर उनको

471
00:37:55,520 --> 00:38:01,520
पड़ा रा

472
00:38:09,040 --> 00:38:13,360
नियत क्या क्या पता चल रहा तेरी नियत क्या है औकात क्या है

473
00:38:13,360 --> 00:38:19,360
पता चल रहा

474
00:38:23,960 --> 00:38:27,960
है क्यों नहीं चर्चा होगी भाई य कौन बात है अगर

475
00:38:27,960 --> 00:38:32,640
कोई बिना टिकट घूम रहा है तो तुम्हारा बिना टिकट घूमना सही सिद्ध हो गया

476
00:38:32,640 --> 00:38:36,760
या अगर हम उस तक पहुंच नहीं पाए उ उस पर बात हमने नहीं की तो हम गलत

477
00:38:36,760 --> 00:38:40,800
हो गए या तुम नहीं जानते हो कि हमने उस पर बात नहीं की तो तो

478
00:38:40,800 --> 00:38:44,880
भी हम गलत हो गए यह कौन सी बात है भाई वही

479
00:38:44,880 --> 00:38:49,040
वाली बात जब राम मंदिर का विषय आया तो लोगों को पता चला इस दुनिया

480
00:38:49,040 --> 00:38:53,560
में कोई शंकराचार्य की गद्दी भी होती है आज के भौतिकवादी लोग

481
00:38:53,560 --> 00:38:58,720
तो जो मीडिया के द्वारा फैला दिया गया था शंकराचार्य ने कुछ नहीं किया यह नहीं है

482
00:38:58,720 --> 00:39:02,720
कहने लगे शंकराचार्य ने आज तक किया क्या है अरे भैया तुमने जापान

483
00:39:02,720 --> 00:39:07,560
नहीं देखा तो इसका मतलब यह नहीं है कि इस दुनिया में जापान नहीं है

484
00:39:07,560 --> 00:39:11,880
शंकराचार्य जो करते हैं व तुम्हारी पुस्त बीत

485
00:39:11,880 --> 00:39:15,960
जाएंगी यह कौन सी बात है कि इस पर बात नहीं हुई तो तुम गलत हम गलत

486
00:39:15,960 --> 00:39:20,800
हो गए इस पर बात नहीं कर पाए तुमने कुछ खोज के ले आए और भी 5 हज बातें

487
00:39:20,800 --> 00:39:24,080
हैं अच्छा कुछ लोग कह रहे हैं कि इसने क्योंकि आकर

488
00:39:24,080 --> 00:39:28,200
के अपनी सफाई पेश कर दी इसलिए सही है और जिन्होंने जिन लोगों पर ने आरोप लगाया उन्होंने

489
00:39:28,200 --> 00:39:32,680
सफाई पेश नहीं की वो लो गलत है भाई आरोप लगाने वाले

490
00:39:32,680 --> 00:39:37,080
1000 लोग और हैं इसको छोड़ कर के शंकराचार्य के ऊपर

491
00:39:37,080 --> 00:39:41,240
उन सबकी नाम ले लेकर के वो सफाई पेश करे ना आ करर के तो पूरा

492
00:39:41,240 --> 00:39:45,560
साल उसी में बीत जाएगा सफाई पेश करने में ही

493
00:39:45,560 --> 00:39:49,560
तो ये कहां का सिद्धांत है कि जो आ कर के कह देगा जिस पर कोई आरोप लगा जो

494
00:39:49,560 --> 00:39:53,560
आ कर के कह देगा नहीं मैंने नहीं किया वो सही है और जो आया ही नहीं जो अपने

495
00:39:53,560 --> 00:39:58,680
कामों में व्यस्त है वो नहीं आ पाया तो वो गलत है ये कहां का सिद्धांत

496
00:39:58,680 --> 00:40:02,760
अरे भाई किसी को गलत सही मानने के लिए बस इतना है कि वह आकर के बोल रहा है कि नहीं कि

497
00:40:02,760 --> 00:40:07,600
मैं गलत नहीं हूं बस यह तो तुम जैसे लोगों के सिद्धांत

498
00:40:07,600 --> 00:40:13,360
है मुझे य उम्मीद नहीं

499
00:40:13,360 --> 00:40:17,600
थी जो सनातन आर्य वैदिक परम परंपरावादी हिंदू हैं

500
00:40:17,600 --> 00:40:23,600
स्वयं को कहते हैं उनसे उम्मीद नहीं थी

501
00:40:29,080 --> 00:40:33,720
विजया केपर विजया ने खाना खा नहीं वि क्यों

502
00:40:33,720 --> 00:40:37,880
भाई विजया का तू नाम लेगा तो जवाब मिलेगा ना तुझे किसी घर की स्त्री के बारे

503
00:40:37,880 --> 00:40:41,920
में बोलेगा तो जवाब मिलेगा ना तुझे इसमें तुझे भय क्यों हो रहा है तुझे भय

504
00:40:41,920 --> 00:40:46,320
इसीलिए हो रहा है तू फस गया है प्रॉब्लम यही है

505
00:40:46,320 --> 00:40:50,360
और मैं अंत तक छोडूंगा नहीं य व्यक्ति फस

506
00:40:50,360 --> 00:40:55,280
गया है विजया का नाम लेकर विजया के बारे में झूठ बोल कर के आधे अधूरे

507
00:40:55,280 --> 00:40:59,520
आधार पर बयान दे कर के और जितना बोलेगा उतना और फसे इसीलिए

508
00:40:59,520 --> 00:41:03,560
विजया से भाग रहा है विजया पर बात क्यों कर रहा है इस पर बात क्यों नहीं कर रहा उस

509
00:41:03,560 --> 00:41:08,040
पर बात क्यों नहीं कर रहा सब चीजों बात कर रहे जो जो तू बोल रहा है उस बोल रहे है

510
00:41:08,040 --> 00:41:12,040
तुझे किसने कहा कि हम सिर्फ विजया पर बात कर रहे हैं तू ऐसा लोगों को दिखा रहा है कि

511
00:41:12,040 --> 00:41:17,720
हम सिर्फ विजया पर बात कर रहे क्योंकि तू से भाग रहा

512
00:41:17,720 --> 00:41:21,400
है की

513
00:41:21,400 --> 00:41:24,880
बा आज

514
00:41:24,880 --> 00:41:29,960
र राम शंकर शुक्ल जी का सामने

515
00:41:29,960 --> 00:41:35,960
आ किया था उसको

516
00:41:42,120 --> 00:41:46,120
देख जी उस दिन कमेंट किस पो में आयुष पा

517
00:41:46,120 --> 00:41:52,120
पोस्ट में आने लि स्वामी जी

518
00:41:52,520 --> 00:41:57,360
का करने के सा कर

519
00:41:57,360 --> 00:42:01,480
टा है और समझ नहीं पा रहे प्रशांत मिश्र जी ने अपना

520
00:42:01,480 --> 00:42:05,560
इनका जो खंडन है जो प्रशांत मिश्र जी की बात के आधार पर ये बोलते थे कि भाई

521
00:42:05,560 --> 00:42:09,720
ऐसा ऐसा है जिस जिसका जिन जिन का इसने नाम लिया है ना जैसे

522
00:42:09,720 --> 00:42:13,760
बोलता है हमारे से आचार्यों ने कहा हमारे से फलाने ने कहा डिम के ने कहा

523
00:42:13,760 --> 00:42:17,800
जिसमें नाम नहीं बोलता तो उसमें तो कोई बात है ही नहीं जिसका इसने नाम लिया है उन सबने

524
00:42:17,800 --> 00:42:21,800
आकर के इसका खंडन कर दिया है प्रशांत मिश्र जी ने फेसुक के माध्यम से

525
00:42:21,800 --> 00:42:25,800
किया है आचार्य रामशंकर शुकल जी ने वीडियो में बोला है हमारे तो ये

526
00:42:25,800 --> 00:42:30,000
इसकी क्रेडिबिलिटी है क्या क्रेडिबिलिटी होगी इस व्यक्ति

527
00:42:30,000 --> 00:42:34,040
की आप मेरा वो पांचवा जो रात को पाच घंटे

528
00:42:34,040 --> 00:42:38,880
का जो लाइव है उसमें देखिएगा इसकी बातों को पकड़ पकड़ के कैसे तोड़ा है

529
00:42:38,880 --> 00:42:43,000
चैट जीपीटी का वो खोल करके परिणाम की कॉल

530
00:42:43,000 --> 00:42:47,040
शब्द का उपयोग डिसीजन में नहीं हो सकता यह दिखा रहा है हमने वही ऑनलाइन

531
00:42:47,040 --> 00:42:51,440
उसी समय सर्च कर करके दिखाया कि चैट चैट जीपीटी के द्वारा ही

532
00:42:51,440 --> 00:42:55,600
ग के द्वारा ही कि कॉल शब्द का उपयोग डिसीजन में हो रहा

533
00:42:55,600 --> 00:43:00,160
है कि उसको रन आउट देना उसको आउट देना एंपायर का कॉल था

534
00:43:00,160 --> 00:43:04,320
फाइनल कॉल था डिसीजन देना एंपायर का फाइनल कॉल

535
00:43:04,320 --> 00:43:08,200
क्योंकि यह प्रूव कर रहा था कॉल का मतलब सर्फ बुलाना ही है

536
00:43:08,200 --> 00:43:12,240
इसने वहां पर बहुत ठोक ठोक के कहा था कई बार अपने वीडियोस में कि शिवांश ने कभी हमारा

537
00:43:12,240 --> 00:43:16,280
समर्थन नहीं दिया चलती लाइव में इसकी आईडी

538
00:43:16,280 --> 00:43:20,320
सर्च की गई इसकी आईडी पर गए और 18 फरवरी को इसने जो

539
00:43:20,320 --> 00:43:24,360
पोस्ट डाली थी अपने एफबी अकाउंट पर उस वहां पर हमारा आज भी लाइक डला हुआ है

540
00:43:24,360 --> 00:43:28,160
18 फरवरी को

541
00:43:28,160 --> 00:43:32,760
कितने झूठ इसमें उसमें पकड़े गए हैं समय मिले तो व देखिएगा

542
00:43:32,760 --> 00:43:36,960
जो आक्रामकता के बाद तीसरी

543
00:43:36,960 --> 00:43:41,040
लाइव की हमने आक्रामकता से चालू करेंगे अगर जब जब हम जब

544
00:43:41,040 --> 00:43:45,080
हम डिफेंस से हट कर के आक्रमण पर आए तो वहां से वह तीसरी

545
00:43:45,080 --> 00:43:49,160
लाइव और अगर अगर इस पर देखेंगे कि भगवता अंद पर

546
00:43:49,160 --> 00:43:53,760
जो हमारी लाइव आ रही है तो उसम पहली दूसरी तीसरी चौथी लाइव नहीं

547
00:43:53,760 --> 00:43:59,760
वहां से व छवी लाइव

548
00:44:02,910 --> 00:44:08,910
[संगीत]

549
00:44:16,800 --> 00:44:21,080
किया नहीं जो जो व्यक्ति आपके विरोध में बोल दे

550
00:44:21,080 --> 00:44:25,160
वो सब लोग झूठे है व लोग अमक अमुक है उनको उपाधि दे उनका पास

551
00:44:25,160 --> 00:44:29,240
कर दोगे उनको बोलोगे और जो व्यक्ति तुम्हारे अनुग हो जाए

552
00:44:29,240 --> 00:44:33,360
तो तुम्हारी वाणी बोलने लगे तो वह सब लोग अच्छे बहुत बढ़िया है प्रमाणिक है

553
00:44:33,360 --> 00:44:39,360
सब कुछ यह

554
00:44:41,160 --> 00:44:45,360
सिद्धांत प्रशांत मिश्र जी की पोस्ट के प्रशांत मिश्र जी ने पोस्ट

555
00:44:45,360 --> 00:44:49,520
के माध्यम से इनका यथोचित उत्तर दे दिया है इवन हमसे

556
00:44:49,520 --> 00:44:54,000
भी कॉल पर बहुत लंबी चौड़ी वार्ता हुई है कई चीजें बताई प्रशांत मिश्री जी ने

557
00:44:54,000 --> 00:44:58,400
और अपने भाव भी प्रकट किए उनके

558
00:44:58,400 --> 00:45:02,440
उनके वक्तव्य का आधार बनाते हुए य बोलता था कि भाई प्रशांत मिश्र जी ने

559
00:45:02,440 --> 00:45:08,440
मुझे मट के बारे में बताया यह किया व किया

560
00:45:52,840 --> 00:45:57,400
आ क्या करता

561
00:45:57,400 --> 00:46:01,400
क दिया जाता है होता

562
00:46:01,400 --> 00:46:04,560
होता दूसरे वाले को नहीं होता

563
00:46:04,560 --> 00:46:10,560
उसके ये सब विषय बात

564
00:46:13,240 --> 00:46:17,840
करने ये कह रहा है चेहरे प एक्सप्रेशन है केवी शुभम

565
00:46:17,840 --> 00:46:21,880
लाइव आओ माता जी का निष्ठा पूर्वक दूध पिया है कि

566
00:46:21,880 --> 00:46:26,080
नहीं मैं फिर कह रहा हूं माता जी का जिसने निष्ठा पूर्वक

567
00:46:26,080 --> 00:46:31,800
दूध पिया है वो आए सामने भगवता अंद के पक्षधर हो जो

568
00:46:31,800 --> 00:46:35,880
आए कमेंट वरियर हो क्या केवल हां वैसे वो यही बना सकता है

569
00:46:35,880 --> 00:46:40,400
उसके अंदर इससे ज्यादा तथा नहीं है कि वीरों को वो खड़ा कर सके धरातल

570
00:46:40,400 --> 00:46:44,400
पर वो खुद कहता है कि भाई मैं तो जहां जाता हूं बस वो जो मेरे अनुरूप जो

571
00:46:44,400 --> 00:46:48,760
जगह मिल जाती है वहां वीडियो वीडियो के माध्यम से बोल देता हूं

572
00:46:48,760 --> 00:46:52,920
मैं कहीं जा छोड़ी ना सकता हूं किसी के पास ये उसने अपने पिछले लाइव

573
00:46:52,920 --> 00:46:57,680
में ऐसा भाव प्रकट किया था शंकराचार्य जी के पास उसका उत्तर

574
00:46:57,680 --> 00:47:02,360
धरातल पर वीरों को खड़ा नहीं कर सकता है रना एक वीर दिखा दो मुझे

575
00:47:02,360 --> 00:47:06,560
वीर दिखा दो उसकी तरफ से बोलने वाला कहां है आओ भाई केवी सुभम

576
00:47:06,560 --> 00:47:12,560
आ जाओ कर लो आमना

577
00:47:13,950 --> 00:47:18,560
[हंसी]

578
00:47:18,560 --> 00:47:22,040
सामना बा

579
00:47:22,040 --> 00:47:28,040
ं अप

580
00:47:36,120 --> 00:47:40,360
हा तो तु तो उनका विरोध कर रहे हो ना उनकी बातों का खंडन

581
00:47:40,360 --> 00:47:44,520
कर रहे हो ना और वह भी उस उस विषय

582
00:47:44,520 --> 00:47:48,520
में जिस विषय में कहीं शास्त्र का कोई खंडन नहीं हो रहा है उस विषय में भी उनका विरोध कर

583
00:47:48,520 --> 00:47:54,520
रहे हो

584
00:48:03,240 --> 00:48:09,240
ब है

585
00:48:12,520 --> 00:48:17,680
भाभी ह

586
00:48:17,680 --> 00:48:23,680
दिया से क्या सुनाता

587
00:48:28,240 --> 00:48:32,320
सब बात कर चुके हैं ये जितनी सामग्री

588
00:48:32,320 --> 00:48:36,480
दिखाता है या तो अपमा होती है और यदि किसी का नाम ले लेता

589
00:48:36,480 --> 00:48:40,680
है जितनी सामग्री दिखाता है वो लावारिस सामग्री

590
00:48:40,680 --> 00:48:44,800
के होती है कहता है कि मुझसे आचार्यों ने कहा मुझसे इसने

591
00:48:44,800 --> 00:48:48,800
कहा मगर वो होती लावारिस और लावारिस सामग्री

592
00:48:48,800 --> 00:48:53,000
का एक नमूना हमने दिया और आने वाले दिनों में शायद और भी दे लावा सामग्री

593
00:48:53,000 --> 00:48:57,160
के नमूने हम देते रहेंगे अगर ये देता रहेगा तो तो

594
00:48:57,160 --> 00:49:01,520
जितनी भी सामग्री दिखाता है ज्यादातर लावारिस होती और जब ये उसम किसी

595
00:49:01,520 --> 00:49:05,720
से जोड़ देता है उसे आचार राम शंकर शुक प्रशांत मिश्र जी वही लोग इनका

596
00:49:05,720 --> 00:49:11,720
तपाक से खंडन कर देते हैं बंद कर देते

597
00:49:17,200 --> 00:49:21,280
हैं बनाया तो क्या हु मुझे ये मैसेज भेजा

598
00:49:21,280 --> 00:49:27,280
गया क को

599
00:49:37,800 --> 00:49:42,120
के भोजन में मिलावट भाई वो पदार्थ का नाम तो बता दे कि वो कौन सा पदार्थ

600
00:49:42,120 --> 00:49:46,960
था और वह पदार्थ मुझे खिला दे तुम बना लो पदार्थ

601
00:49:46,960 --> 00:49:50,960
पदार्थ मुझे खिलाओ और एक प्रतियोगिता रखो तुम अपना

602
00:49:50,960 --> 00:49:55,560
वो फ्लेक्सिबल करके दंड लेकर आओ थोड़ा फ्लेक्सिबल लाना ठोस मत लाना

603
00:49:55,560 --> 00:50:00,040
और एक प्रतियोगिता र क कि तुम एक ऐसा वशीकरण वाला पदार्थ बनाओगे

604
00:50:00,040 --> 00:50:04,120
जिसको मैं खाऊंगा और खाने के बाद मैं तुम्हारा व वश में हो जाऊंगा तुम्हारे

605
00:50:04,120 --> 00:50:08,200
अनुसार हो जाना चाहिए क्योंकि तुम में तो कहीं कम से कम जो पूरी मट के परिकर

606
00:50:08,200 --> 00:50:12,320
है उससे ज्यादा ही सिद्धि है तुम्हारे पास तो तो तुम ऐसा

607
00:50:12,320 --> 00:50:16,800
मुझे लगता है तुम और तगड़ा बना सकते हो जब ब बुरी पीठ के परकर ऐसा वशीकरण

608
00:50:16,800 --> 00:50:20,880
वाला पदार्थ बना सकते भोज्य पदार्थ जो कि वह किसी

609
00:50:20,880 --> 00:50:25,080
वो पूरी जो शंकराचार्य जी उनको खिलाए और वो जो है उनके अनुग

610
00:50:25,080 --> 00:50:29,200
हो जाए तो पदार्थ तो तुम बना ही सकते हो तुम उनसे ज्यादा पावरफुल

611
00:50:29,200 --> 00:50:33,080
हो मैं जो पूरी शंकराचार्य कुछ भी नहीं नगन

612
00:50:33,080 --> 00:50:37,200
तो तुम ऐसा पदार्थ तो बना ही सकते हो कि शिवांश नारायण द्वेदी तुम्हारे अनुग हो जाए

613
00:50:37,200 --> 00:50:41,440
तो तुम एक रखो ये मामला कि तुम वो पदार्थ बना के लाओ चूना मिलाओ

614
00:50:41,440 --> 00:50:46,920
क्या मिलाओ उसको पदार्थ को भोज्य पदार्थ बना केर लाओ और जो है मुझे खिलाओ

615
00:50:46,920 --> 00:50:51,200
अब उसमें यह है कि अगर मैं अनुग हो जाता हूं तो तुम्हारे

616
00:50:51,200 --> 00:50:55,320
पास तुम्हारा वो लचीला दंड होगा उससे जो तुम पीटना चाहो पीट

617
00:50:55,320 --> 00:50:59,920
लेना और अगर में अनुग नहीं हुआ तो वो जो तुम्हारा सांप

618
00:50:59,920 --> 00:51:03,960
सांप जैसा है बिच्छू जैसा है उसको लेकर तुम्हारे चपा

619
00:51:03,960 --> 00:51:09,960
चप चपा चप तो मैं ये बताऊंगा देख मैं तेरे

620
00:51:10,960 --> 00:51:15,120
अनगतला पदार्थ तुम्हारे पास है कि नहीं सिद्धि है कि नहीं अगर नहीं है तो तुम

621
00:51:15,120 --> 00:51:19,320
उनसे गए भीते हो जो पूरी पीठ के परकर है जिनका आचरण

622
00:51:19,320 --> 00:51:23,400
तुम्हारे अनुसार गलत है ये है वो है तुम उनसे क बीते हो क्योंकि उन्होंने

623
00:51:23,400 --> 00:51:27,600
तो किसी महान विभूति को अपने अनुग कर रखा है रे अनुसार

624
00:51:27,600 --> 00:51:32,040
और तुम मेरे जैसे साधारण व्यक्ति को नहीं कर पा रहे तो

625
00:51:32,040 --> 00:51:36,120
मगर जो अपना वो लाओ सांप वाला और जो भी तुम लेकर चलते

626
00:51:36,120 --> 00:51:40,840
हो क्या है तो उसको लाना तो वैसे लाना क्या कहते

627
00:51:40,840 --> 00:51:44,840
हैं थोड़ा लचीले उसम लाना ठोस मत लाना क्योंकि

628
00:51:44,840 --> 00:51:49,000
खाल खाल में चोट लगनी चाहिए हड्डी नहीं टूटनी चाहिए है ना नहीं

629
00:51:49,000 --> 00:51:53,200
मालूम पड़ा वैसे ही तुम मास मज्जा है नहीं ज्यादा सीधे

630
00:51:53,200 --> 00:51:57,440
हड्डी में चोट पहुंच गई खाखा हड्डी बड्डी टूट गई तो वो नहीं तो ऐसा लाना

631
00:51:57,440 --> 00:52:01,600
जो है खाल खाल हमारी हड्डी हड्डी तुम्हारी ठीक

632
00:52:01,600 --> 00:52:05,600
है तो वो कर लो कहां है वो पदार्थ वो पदार्थ का नाम क्यों नहीं

633
00:52:05,600 --> 00:52:09,600
बता रहे भोज पदार्थ में क्या दिया जा रहा है जो तुम्हे य बता

634
00:52:09,600 --> 00:52:13,600
रहा है कि भोजन में मिलावट हो रही वो ये भी तो बताएगा कि क्या मिलाया जा रहा

635
00:52:13,600 --> 00:52:19,600
है ये सब बातें कौन

636
00:52:20,200 --> 00:52:24,600
बताएगा बचपना है बो बच्

637
00:52:24,600 --> 00:52:30,600
माता

638
00:52:47,920 --> 00:52:53,920
सा हमारा विषय है नहीं

639
00:52:55,070 --> 00:53:00,680
[हंसी]

640
00:53:00,680 --> 00:53:04,840
कीचड़ वाली होली की बातें हम कई बार बता चुके पिछले वीडियोस में आप देख सकते हैं बारबार

641
00:53:04,840 --> 00:53:10,840
उसी प्रकरण पर बात नहीं कर

642
00:53:12,400 --> 00:53:16,600
सकते वही सब चल रहा है स्टार प्लस थक थक अरे

643
00:53:16,600 --> 00:53:22,080
नल बंद हो गया थक थक सिलेंडर खत्म हो गया थपा थपा

644
00:53:22,080 --> 00:53:28,080
थ आपने आज इने

645
00:53:28,320 --> 00:53:32,320
क्यों तुमने नहीं बताया फ्री मशस वाला किसी को तुमने नहीं बताया लिप टू

646
00:53:32,320 --> 00:53:37,160
लिप किस लेने वाला किसी को तुमने नहीं बताया प्लांटेड किसी को

647
00:53:37,160 --> 00:53:41,280
तुमने नहीं बताया फी मशस का मुझको तुमने नहीं बताई उल्टी

648
00:53:41,280 --> 00:53:45,480
सीधी चीजें भाई तुम तो मन में जो आता है वो करने लगते हो

649
00:53:45,480 --> 00:53:49,640
अग तु तुमने अपने लिए निग शब्द सुन लिया उसी से थपा थपा थक हो गया

650
00:53:49,640 --> 00:53:53,840
स्टार प्लस का नया धारा बाहिक बना दिया तुमने तो तुम्हारे बारे में अगर

651
00:53:53,840 --> 00:53:59,840
कोई बात बता रहा है तो फिर उसमें ये क्यों कह रहे हो हमय बना बना

652
00:54:13,520 --> 00:54:18,000
दियारे टाइम स्ट नोट करो भैया एक

653
00:54:18,000 --> 00:54:24,000
परेशान

654
00:54:28,160 --> 00:54:32,360
तुम किसी को कुछ भी सिद्ध कर दो वो कोई दिक्कत नहीं सामना

655
00:54:32,360 --> 00:54:36,440
वा सामने वाला जब तुम्हारी भाषा में तुमसे बात करे

656
00:54:36,440 --> 00:54:40,600
तो तुम मेरी मेरी तपस्या क्या वो स्पष्ट नहीं है यह

657
00:54:40,600 --> 00:54:45,200
है वह है विधवा विलाप करने लग

658
00:54:45,200 --> 00:54:49,720
जाओ

659
00:54:49,720 --> 00:54:53,800
चलो नहीं पता है नहीं पता है और पता है तो यह

660
00:54:53,800 --> 00:54:58,000
पता है कि तुम गाली बाज मां बहन की गाली करने तुम य अकल नहीं है इतनी

661
00:54:58,000 --> 00:55:02,240
बुद्धि नहीं है कि कहां किस किस प्रकार के व्यक्ति से किस तरह

662
00:55:02,240 --> 00:55:06,360
के शब्दों में बात की जाए बल्कि तुम्हें यह भी नहीं पता है किस तरह के शब्दों से बात की जाती

663
00:55:06,360 --> 00:55:12,360
है किस प्रकार के व्यक्ति से वो तो छोड़

664
00:55:15,600 --> 00:55:19,880
दो अ अय उनके प्रति रोष प्रकट कर रहे हैं जो इनके कभी सहयोगी

665
00:55:19,880 --> 00:55:23,960
हुआ करते थे इनके अनुसार इन्होंने जब उनके बहाव से कुछ बोल दिया तो उन्होंने

666
00:55:23,960 --> 00:55:28,120
जब इनका खंडन चालू कर दिया तो यहां पर गुस्सा

667
00:55:28,120 --> 00:55:32,120
प्रकट कर रहे उनके लिए इसमें हम कहीं नहीं है पिछले आधे घंटे से

668
00:55:32,120 --> 00:55:38,120
हमारा कोई विषय नहीं है

669
00:56:10,440 --> 00:56:14,920
और शबद का अच्छा चापलूसी की है

670
00:56:14,920 --> 00:56:19,320
चापलूसी किसी व्यक्ति के दबाब के कारण उसके अनुसार बोलना चापलूसी

671
00:56:19,320 --> 00:56:23,320
होती है मेरे ख्याल से तो इसने यह शब्द जो है चापलूसी वाला

672
00:56:23,320 --> 00:56:27,320
अपने पिताजी के लिए वैसे वो हमारे लिए प्रणम में है मगर जब इसने

673
00:56:27,320 --> 00:56:31,680
कहा था कि पिताजी पर दबाव पड़ा वो वीडियो अभी कल दिखाया था हमने

674
00:56:31,680 --> 00:56:36,560
तो इसने कहा कि हमारे पिताजी पर दबाव पड़ा इस वजह से पिताजी को

675
00:56:36,560 --> 00:56:41,000
यह महिला कथा वाचन का महिला का वयास गद्दी पर बैठने का समर्थन

676
00:56:41,000 --> 00:56:45,240
करना पड़ा तो वहां पर इसने चापलूसी का वर्ड क्यों नहीं यूज किया

677
00:56:45,240 --> 00:56:49,400
क्योंकि वह पिता है और उनकी वैल्यू है और आचार्य

678
00:56:49,400 --> 00:56:53,560
राम शंकर शुक्ल जी की कोई वैल्यू नहीं है है ना इसलिए यहां

679
00:56:53,560 --> 00:56:58,160
चापलूसी का वर्ड यूज करेगा यहां य धार्मिक कैरी म कैरी मिना बनेगा

680
00:56:58,160 --> 00:57:02,720
और वहां पर ऐसा बन जाए भीग बिल्ली मेरे पिताजी की बात हो रही है

681
00:57:02,720 --> 00:57:07,680
मैं तो ऐसे रहूंगा बिल्कुल मुझसे मुझसे सीधा कोई है नहीं

682
00:57:07,680 --> 00:57:11,880
मुझसे सीधा कोई है नहीं मैं बहुआ हूं बहुआ और जब

683
00:57:11,880 --> 00:57:16,680
किसी और के बारे में बात हो रही होगी तो चापलूसी देखि

684
00:57:16,680 --> 00:57:20,720
आप अगर यह चापलूसी तो वो क्या था व बोलो

685
00:57:20,720 --> 00:57:24,720
चापलूसी ये होता है दोगलापन एक जैसा व्यवहार नहीं

686
00:57:24,720 --> 00:57:25,720
तुम्हारा

687
00:57:25,720 --> 00:57:30,920
अपने के साथ अलग व्यवहार दूसरे पिता के साथ अलग

688
00:57:30,920 --> 00:57:36,920
व्यवहार आओ कभी उसे मिलेंगे

689
00:57:39,240 --> 00:57:43,400
हम पिताजी के सामने बच्चे हो सकते हैं मूर्ख नहीं पिताजी के

690
00:57:43,400 --> 00:57:47,640
सामने बच्चे हो सकते हैं मूर्ख नहीं तो बोल चापलूस सुनको जिन्होंने

691
00:57:47,640 --> 00:57:51,800
किसी दवाब में आकर बयान दे दिया मान तो लिया तूने

692
00:57:51,800 --> 00:57:56,480
उने मान लिया ना कि वो किसी उन्होंने किसी के

693
00:57:56,480 --> 00:58:00,480
आ करके व बयान दे दिया था चापलूस क्यों नहीं

694
00:58:00,480 --> 00:58:06,480
बोल

695
00:58:08,810 --> 00:58:14,810
[हंसी]

696
00:58:19,960 --> 00:58:24,040
रहा अभी तुम्हारा र दिख तो रहा है अपने

697
00:58:24,040 --> 00:58:28,360
पिता के लिए बहुत ही स्वस्थ तरीके

698
00:58:28,360 --> 00:58:32,440
से बात करोगे और जो आचार्य राम शंकर शुक्ल

699
00:58:32,440 --> 00:58:38,440
जी उन उनके लिए चापलूसी

700
00:58:41,200 --> 00:58:45,880
कहोगे अभी कल ही का वीडियो देख लो कल परसों का

701
00:58:45,880 --> 00:58:50,360
कि आचार्य रामशंकर शुक्ल जी का जब वीडियो आ गया था जैसे

702
00:58:50,360 --> 00:58:54,560
इसने अपने पिता के बारे में अभद्र बात नहीं बोली गलत

703
00:58:54,560 --> 00:58:58,600
तरीके से नहीं बोला है ना वहां भी बोलता विश्वास घात

704
00:58:58,600 --> 00:59:03,240
का जो मूर्तिमान रूप है वो आज देख लिया क्यों नहीं बोला अपने पिता के लिए

705
00:59:03,240 --> 00:59:07,560
क्योंकि वो पिता है हम यह देख के बात करते भाई कौन अपना है कौन पराया

706
00:59:07,560 --> 00:59:13,320
है हमारा जो न्याय है वो एक जैसा नहीं होता

707
00:59:13,320 --> 00:59:17,640
है कितना कितनी सारी बात की थी आचार्य रामशंकर शुक्ल

708
00:59:17,640 --> 00:59:21,760
जी के लिए पूरा लाइफ बना दिया था उनके उसके विरोध में अगर तुम्हें लगता

709
00:59:21,760 --> 00:59:26,400
भी है कि उन्होंने जो है विश्वास घात किया है तो तुम्हारा तुम्हारे साथ विश्वास

710
00:59:26,400 --> 00:59:30,520
तुम्हारे पिता जीने पिता ने भी किया था ना वहां पर अलग भाषा वहां

711
00:59:30,520 --> 00:59:34,640
पर अलग व्यवहार और आचार्य राम शंकर शुक्ल जी के प्रति अमानना य

712
00:59:34,640 --> 00:59:38,720
क्यों वही बगी बल्ली बन के बात करते क्योंकि वूज

713
00:59:38,720 --> 00:59:44,720
कम आएंगे

714
00:59:45,120 --> 00:59:50,000
ना अपनी पुरानी फेसबुक आईडी बंद कर दी क्यों

715
00:59:50,000 --> 00:59:54,600
कक उसमें और कमेंट थे गालियों की बौछार वाले

716
00:59:54,600 --> 01:00:00,600
हद से हद तक

717
01:00:03,000 --> 01:00:07,440
अरे क्या किया परंपरा को बचाने के लिए क्या नहीं किया

718
01:00:07,440 --> 01:00:11,760
भाई जितना सामर्थ है वोह तो कर ही रहे हैं तुमने क्या किया है सिवाय

719
01:00:11,760 --> 01:00:16,000
बकैती करने के बंद कमरे में बैठ कर के लाल बत्ती जला के मिस्टर इंडिया

720
01:00:16,000 --> 01:00:21,360
वाली मिस्टर इंडिया की लाल बत्ती पता है ना सबको

721
01:00:21,360 --> 01:00:25,360
वो लाल बत्ती में ही दिखाई देता था मिस्टर

722
01:00:25,360 --> 01:00:29,600
इंडिया का जो गैजेट था गैजेट में गैजेट से आदमी जो इनविजिबल

723
01:00:29,600 --> 01:00:34,280
होता था लाल बत्ती जलाने पर लाल लाल रोशनी में वो दिखने लगता था

724
01:00:34,280 --> 01:00:38,400
कुछ उसी तरीके की लाल रोशनी ये अपने कमरे में रखते हैं और

725
01:00:38,400 --> 01:00:42,440
अकेले में बैठ कर के लोगों को ऐसी बातें बोलते हैं जो सर्जक रूप

726
01:00:42,440 --> 01:00:46,600
से बोल भी नहीं सकते कहीं जाके दोहरा चरित्र

727
01:00:46,600 --> 01:00:51,000
तुमने और क्या किया है हम तो धरा तर पर उतरे हैं लड़े तक है लोगों से

728
01:00:51,000 --> 01:00:55,080
हाता पाई तक की नौबत आ गई वाणी से

729
01:00:55,080 --> 01:00:59,080
भी बोला है हाथ पैरों से भी बोला है तुमने क्या किया है

730
01:00:59,080 --> 01:01:04,680
खाली वो अपना कभी सांप कभी बिच्छू लेकर टला करते

731
01:01:04,680 --> 01:01:08,840
हो और खुद ही कहते हो मैं तो जो मेरे अनुसार

732
01:01:08,840 --> 01:01:13,480
मिल जाएगा वहा मैं उससे बात कर लूंगा और मैं ज्यादा किसी के पास नहीं जाऊंगा

733
01:01:13,480 --> 01:01:17,600
यही पीछे अंधेरा कर उरा के बैठ जाओ भूतों वाली फिल्म बना

734
01:01:17,600 --> 01:01:23,120
लो राम से ब्रदर्स आज के जमाने

735
01:01:23,120 --> 01:01:27,140
की को

736
01:01:27,140 --> 01:01:32,910
[संगीत]

737
01:01:32,910 --> 01:01:38,910
[हंसी]

738
01:01:39,760 --> 01:01:45,760
को

739
01:01:54,840 --> 01:01:59,440
बा हमारे परमार परमा आदरणीय

740
01:01:59,440 --> 01:02:03,120
कच मराज श्री

741
01:02:03,120 --> 01:02:07,440
के पूछ कुछ लोग

742
01:02:07,440 --> 01:02:13,440
पता चला होगा बाबू

743
01:02:31,480 --> 01:02:35,600
आचार्य श्री ने इनकी बातों को क्या कहा पता है एट

744
01:02:35,600 --> 01:02:39,600
द एंड चचरी पराका वही तबा

745
01:02:39,600 --> 01:02:43,760
तबा तबा वही बात मिल तबा तबा

746
01:02:43,760 --> 01:02:47,880
गैस खत्म हो गई तबा तबा त अरे बाहर जो है व

747
01:02:47,880 --> 01:02:52,040
कपड़े नहीं सूखे तबा तक धूप निकल आई तबा त वही कर रहे

748
01:02:52,040 --> 01:02:57,240
हैं और कुछ नहीं कर रहे

749
01:02:57,240 --> 01:02:59,960
राई का

750
01:02:59,960 --> 01:03:04,120
पहाड़ कोई बात ना बस प्रस्तुतिकरण कर दो

751
01:03:04,120 --> 01:03:10,120
व बड़ी बात लगने लगे

752
01:03:26,120 --> 01:03:30,160
क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा तुम्ह पता क्या है ये सब तो धीरे धीरे हम बात

753
01:03:30,160 --> 01:03:34,280
करेंगे अभी तो र तुम्हारी बातें सुन ले जो तुमने हमारे विषय में

754
01:03:34,280 --> 01:03:38,280
कही अभी तो तुम्हारा पूरा आधा वीडियो हो

755
01:03:38,280 --> 01:03:42,280
गया अपनी बात को केवल वजन दे रहे हैं केवल वजन देने के लिए धर

756
01:03:42,280 --> 01:03:46,600
उधर की तमाम सारी बातें करेंगे क्योंकि अपनी अपनी वो ई है ना

757
01:03:46,600 --> 01:03:50,760
किरकिरी वो सब चीजें बाहर आई है

758
01:03:50,760 --> 01:03:54,760
सामग्री तो अब अपनी वो कैसे बचाए दुपति नैया

759
01:03:54,760 --> 01:03:58,920
को तो दूसरी दूसरी चीज ला के नैया का छेद जो हो गया है उसको ेंट

760
01:03:58,920 --> 01:04:04,920
पेंट करने की कोशिश

761
01:04:15,320 --> 01:04:19,640
करेंगे अच्छा इनके पुरी के शंकराचार्य जी की चापलूसी

762
01:04:19,640 --> 01:04:23,640
के

763
01:04:23,640 --> 01:04:27,960
कारण पुरी के शंकराचार्य जी की चापलूसी कारण अब

764
01:04:27,960 --> 01:04:32,000
ये चापलूसी वर्ड वहां क्यों नहीं आ रहा है हमारे पिताजी ने जो है भय

765
01:04:32,000 --> 01:04:36,000
के कारण ऐसे कर दिया बड़े अच्छे अच्छे शब्दों में आप जो है अपने पिताजी के लिए बात कर रहे

766
01:04:36,000 --> 01:04:40,000
हैं और फिर यहां पर जो है आप पुरी के शंकराचार्य जी के चाप अरे

767
01:04:40,000 --> 01:04:44,080
वहां भी बोलो ना जति मठ की चापलूसी के कारण हमारे पिताजी ने ऐसा किया वहां क्यों नहीं बोल

768
01:04:44,080 --> 01:04:47,800
रहे दोगलापन

769
01:04:47,800 --> 01:04:52,360
पकड़ना आप लोग इसकी बातें पकड़ो इसकी सच्चाई सामने आएगी लापन

770
01:04:52,360 --> 01:04:56,520
देखो अपने पिता के लिए इनकी सूरत देखो और यहां आज राम शंकर शुक्ल

771
01:04:56,520 --> 01:05:00,600
जी के लिए इनकी सूरत देखो जो कृपा जी के कृपा पात्र शिष्य उनके लिए इनकी

772
01:05:00,600 --> 01:05:04,880
सूरत देखो इनका एटीट्यूड देखो बात करने का अगर इनके

773
01:05:04,880 --> 01:05:09,040
अनुसार उन्होंने कोई चीज किसी दवाब में आकर गलत कह

774
01:05:09,040 --> 01:05:13,640
भी दी तो एक किस तरह से बात कर रहे हैं इनके लिए आचार्य श्री के लिए

775
01:05:13,640 --> 01:05:18,160
और अपने पिता के लिए कैसे बात कर रहे बहुत ध्यान रखने वाली बात है देखो

776
01:05:18,160 --> 01:05:22,160
इस इसका वास्तविक चेहरा देखो यह कहां से आचार्य है

777
01:05:22,160 --> 01:05:27,360
भाई गाली बाज ये दोगला ये झूठा ये

778
01:05:27,360 --> 01:05:33,320
और जो सामग्री मिल रही है उसके अनुसार तो क्या ही

779
01:05:33,320 --> 01:05:35,960
कहने

780
01:05:35,960 --> 01:05:41,960
श लेकिन आप सम

781
01:05:55,760 --> 01:06:00,400
बात

782
01:06:00,400 --> 01:06:04,520
होकी जब

783
01:06:04,520 --> 01:06:08,640
बात कृतज्ञता से याद आया मतलब धर्म और अधर्म का

784
01:06:08,640 --> 01:06:12,640
वैसे उस वाली बात मेरी कोई समीक्षा नहीं है किसकी गवाही हुई थी

785
01:06:12,640 --> 01:06:16,720
वो समीक्षा नहीं कर रहा हूं मगर कृतज्ञता से यह निर्णय होता है कि

786
01:06:16,720 --> 01:06:21,600
हमें क्या करना है क्या नहीं करना है अगर किसी के प्रति हम कृतज्ञ है तो हम सच ना बोले

787
01:06:21,600 --> 01:06:25,760
है ना तो फिर तुम कैसे बोल रहे हो तुम्हारी तुम्हारी कृतज्ञता नहीं है तुम

788
01:06:25,760 --> 01:06:29,880
मठ में जो शरण मिल दी गई तुम्हें गुरुदेव ने जाकर के शिक्षा दी ये सब इसके

789
01:06:29,880 --> 01:06:34,000
लिए तुम्हें उनके प्रति कृतज्ञ नहीं होना चाहिए था तो कैसे तुम उनके फिर विरोध करते

790
01:06:34,000 --> 01:06:38,120
हो कई जगह पर तुम तो वहां जाकर के सिद्धांत पूछ कर के आते

791
01:06:38,120 --> 01:06:42,560
हो ना शंकराचार्य से फिर कैसे तुम शंकराचार्य का विरोध करते हो चारों शंकराचार्य

792
01:06:42,560 --> 01:06:47,480
का कर देते हो री कृतज्ञता कहां है अद्वैत सिद्धांत कहां से मिला तुम्हें

793
01:06:47,480 --> 01:06:48,520
मिल गया है कि नहीं मिल

794
01:06:48,520 --> 01:06:52,720
गया आया आ गया सीख गए कि नहीं सीख गए अद्वैत सिद्धांत

795
01:06:52,720 --> 01:06:56,760
मिल गया परंपरा से कहां से मिला है सीख गए

796
01:06:56,760 --> 01:06:59,760
हो कि नहीं सीख गए

797
01:06:59,760 --> 01:07:03,960
दैत तो तुम्हारी कृतज्ञता कहां है क्योंकि तुम्हारी जो अपनी लुप्त परंपरा

798
01:07:03,960 --> 01:07:07,720
उससे तो तुम्हें मिला नहीं है

799
01:07:07,720 --> 01:07:12,000
सिद्धांत पहले तो यही तय हो जाए कि अव्यक्ता दत है अद्वैत

800
01:07:12,000 --> 01:07:16,360
है है ना सब बातें है

801
01:07:16,360 --> 01:07:22,360
कभी आओ ना जी हवेली पे

802
01:07:25,760 --> 01:07:31,760
चलो हो गया विषय हो

803
01:07:33,600 --> 01:07:38,080
गया अब यथार्थवाद पर आ गए खुद कहोगे तो यथार्थवाद

804
01:07:38,080 --> 01:07:42,840
दूसरा ग तो उसको याद दिलाओ

805
01:07:42,840 --> 01:07:47,080
कृतज्ञता डरते इसलिए नहीं हो क्योंकि तुमने अपना जो जीवन

806
01:07:47,080 --> 01:07:52,080
है व आचार्य वाला नहीं जी रहे हो तुम अपना जीवन जी रो खुफिया गुप्तचर

807
01:07:52,080 --> 01:07:56,120
वाला तुमने अपने आप को सार्वजनिक नहीं कर रखा है तुम रहते हो

808
01:07:56,120 --> 01:08:00,120
तुम्हारा कहां पर मट है जो भी है तुम्हारी दिनचर्या क्या है चाल वो

809
01:08:00,120 --> 01:08:04,160
यह सब व जिनकी तुम समीक्षा कर रहे हो उनके दिन भर चीज आती रहती है

810
01:08:04,160 --> 01:08:09,120
अब वो यहां से निकल चुके वो वहां पहुंच रहे यह हो रहा है वो हो रहा है सब चीज उनकी अपडेट

811
01:08:09,120 --> 01:08:13,120
अपडेट होती रहती है उनकी तुम समीक्षा कर रहे हो इसलिए तुम

812
01:08:13,120 --> 01:08:17,240
नहीं डरते हो और तुम डरने भी लगोगे और समीक्षा का पात्र

813
01:08:17,240 --> 01:08:21,840
भी बनने लगोगे अपनी चीज सार्वजनिक करो बनो

814
01:08:21,840 --> 01:08:25,960
आचार्य वास्तविकता में ये कैसा आचार्य भाई जो गाली दे रहा

815
01:08:25,960 --> 01:08:30,240
है झूठ बोल रहा है यही सिखाओ ग तुम तुम्हारे अनुसार

816
01:08:30,240 --> 01:08:34,240
तो तुमने कहा गाली देना गाली दूंगा मैं दूंगा तो तुम्हारे जो शिष्य बनेंगे और

817
01:08:34,240 --> 01:08:38,560
तुम्हारे शिष्य ही हो गए पूरे में सब तु को फॉलो करने वाले तो तुम क्या

818
01:08:38,560 --> 01:08:41,560
दोगे गाली बाज राष्ट्र

819
01:08:41,560 --> 01:08:45,760
हा गालियों की सेना गालियों से मारोगे तुम दुश्मन को शत्रु को

820
01:08:45,760 --> 01:08:49,840
ना क्योंकि शस्त्र इत्यादि के बारे में तो तुम्हें पता नहीं है उससे कोई मतलब

821
01:08:49,840 --> 01:08:54,440
नहीं है उसके नाम पर तुम्हारा वो है

822
01:08:54,440 --> 01:08:58,440
सांप प बच्चे

823
01:08:58,440 --> 01:09:04,440
साल बता सा सा 4 साल

824
01:09:06,320 --> 01:09:10,400
साल अब आए भैया एक 25 4 पने कहा

825
01:09:10,400 --> 01:09:15,240
बड़ा अच्छा लगा कि हमारी ओर आ गए बड़ी देर हो गई आते आते

826
01:09:15,240 --> 01:09:19,240
देर की मेहरबा आते आ स इसकी हो गई और य

827
01:09:19,240 --> 01:09:24,360
अपने करया सुनो पुरा लोक बताहा आप धन से

828
01:09:24,360 --> 01:09:29,600
सुनि

829
01:09:29,600 --> 01:09:33,840
उप स सपने में साम लक्षण की भविष्यवाणी ये सब कग

830
01:09:33,840 --> 01:09:37,840
में कहीं भी हो कहीं भी हो इसलिए केवल सपना मात्र से बन जाने से साम

831
01:09:37,840 --> 01:09:41,840
लक्ष मात्र से किसी बात का विश्वास कर नहीं होना चाहिए की

832
01:09:41,840 --> 01:09:46,200
बात है व हम अने इसको

833
01:09:46,200 --> 01:09:51,760
लाइफ में शंकराचार्य जी दरा

834
01:09:51,760 --> 01:09:55,880
उ किया गया क्यों झूठ कह भाई

835
01:09:55,880 --> 01:10:00,000
तुम्हारा वो सपने की दीक्षा वेरीफाई भी तो होगी ना कहीं से वही तो हम

836
01:10:00,000 --> 01:10:04,080
भी कह रहे हैं वेरीफाई भी तो होंगी ना आपकी जो गुरु परंपरा बता

837
01:10:04,080 --> 01:10:08,120
रहे हो वेरीफाई होगी आपकी वो जो विद्या है

838
01:10:08,120 --> 01:10:12,320
कहां से आ रही है कहां तक मुंडकोपनिषद में ऋषियों ने अपनी परंपरा

839
01:10:12,320 --> 01:10:16,440
बताई है एक से लेकर चार तक तुम्हारी

840
01:10:16,440 --> 01:10:21,000
परंपरा क्या है तुम क्यों नहीं बता पा रहे हो क्यों झिझक रहे हो परंपरा

841
01:10:21,000 --> 01:10:24,320
बताने की बात आती है तो कहते

842
01:10:24,320 --> 01:10:28,360
निवेशिकों डम डम डिगा डिगा अरे तो अब क्यों अभी क्यों ढोल बजा

843
01:10:28,360 --> 01:10:34,360
रहे हो मैं यह हूं मैं फलाना हूं मैं फलाना हूं बताओ तो अपनी

844
01:10:34,400 --> 01:10:38,440
परंपरा अरे तुम्हें अपनी परंपरा पता

845
01:10:38,440 --> 01:10:42,440
है कि नहीं आज की डेट में तुम प्रमाण ढूंढने जा रहे हो शास्त्रों में तुम लिखोगे ना तो

846
01:10:42,440 --> 01:10:45,040
प्रमाण ढूंढ रहे हो इसका मतलब शास्त्रों में तो

847
01:10:45,040 --> 01:10:49,040
तुम्हें पता तो होगा ना कि ये ये नाम है मेरी परंपरा में कि पहले तुम

848
01:10:49,040 --> 01:10:53,080
उन नामों को खोजो फिर वो नाम बोलोगे ऐसा है क्या पहले नाम बता तो

849
01:10:53,080 --> 01:10:57,120
दो डिक्लेयर तो कर दो जब उन नामों को तुम ना ला पाओ तो

850
01:10:57,120 --> 01:11:01,120
हम तुम्हारी बैंड बजाए यही अपने आप में

851
01:11:01,120 --> 01:11:05,600
एक बहुत बड़ा वो है कि मैं लिख रहा हूं मैं शास्त्रों का वो दूंगा प्रमाण तो शास्त्रों

852
01:11:05,600 --> 01:11:10,040
में कहां कहा पर तुम्हारे अनुकूल नाम है वो निकालो तुम अपनी परंपरा

853
01:11:10,040 --> 01:11:14,400
व्यवस्थित रूप से बताओ तो कैसे आए शास्त्र तुम तक शास्त्र

854
01:11:14,400 --> 01:11:20,400
ज्ञान कैसे आया

855
01:11:31,120 --> 01:11:35,280
उस दवारा उस बात बताओ यह पुरी के शंकराचार्य जी

856
01:11:35,280 --> 01:11:39,280
के वक्तव्य को प्रमाण के रूप में उत कर रहा है मगर इसका खुद कहना है पुरी के शंकराचार्य

857
01:11:39,280 --> 01:11:43,280
जी कई जगहो पर गलत वक्तव्य दे देते हैं

858
01:11:43,280 --> 01:11:47,360
तो इसका मतलब इसके लिए उनका शब्द प्रमाण नहीं है तो वह शब्द प्रमाण क्या है

859
01:11:47,360 --> 01:11:51,400
इसके लिए क्या है वह शब्द प्रमाण भाई

860
01:11:51,400 --> 01:11:55,560
अगर य शास्त्र को किसी शास्त्र को प्रमाणिक मानेगा तो क्यों मानेगा उसका

861
01:11:55,560 --> 01:11:59,640
कोई शब्द प्रमाण होगा ना इसके पिताजी भी किसी के दबाब में आकर के झूठ बोल

862
01:11:59,640 --> 01:12:04,160
सकते हैं इसने स्वयं कहा तो वो कोई कोई एक वो होगा ना पॉइंट

863
01:12:04,160 --> 01:12:08,800
किसके कही हुई बात को प्रमाण मानते हुए शास्त्र स्वीकार करेगा

864
01:12:08,800 --> 01:12:12,960
भाई शास्त्र गुरु गोविंद और ग्रंथ ठीक है मगर कौन सा ग्रंथ

865
01:12:12,960 --> 01:12:16,960
ये कौन बता रहा है यही ग्रंथ प्रमाणिक है ये माहा काल

866
01:12:16,960 --> 01:12:21,120
मा जो ये माक्स इत्यादि उनके भी ग्रंथों को प्रमाणिक

867
01:12:21,120 --> 01:12:25,400
मानेगा सोचने वाली बात है ये सब इसने इतने डीप में गया नहीं है

868
01:12:25,400 --> 01:12:30,240
अब जाएगा उसको कोई मिला नहीं

869
01:12:30,240 --> 01:12:36,240
जो इस तरीके से बात करता

870
01:12:48,080 --> 01:12:52,360
है अधिकृत आचार्य से अधिकृत

871
01:12:52,360 --> 01:12:58,360
आचार्य से

872
01:13:09,840 --> 01:13:14,040
यही तुम गड़बड़ करते हो तुम्हारी जो परंपरा है उसमें झोल

873
01:13:14,040 --> 01:13:18,360
है जब तुम अपनी झोल को बताने लगते हो तो तुम गड़बड़ करते हो व

874
01:13:18,360 --> 01:13:22,480
दिखता है तुम्हारे चेहरे पर सा अब इसके जो फॉलोअर्स

875
01:13:22,480 --> 01:13:26,640
है वो यहां पर चुप हो जाएंगे जब अपनी परंपरा के बारे

876
01:13:26,640 --> 01:13:30,640
में बात करते तो इनके चेहरे देख चेहरे से ही पता चल जाता है हमने यह किया हमने वो

877
01:13:30,640 --> 01:13:34,800
किया अरे भाई इन सब में तुम ही तो प्रमाण हो वो सब बताओ ना कौन था किसके

878
01:13:34,800 --> 01:13:39,080
पास गए थे तब हम उनकी प्रमाणिकता देखें कि वो अपने आप को निग्रह संप्रदाय

879
01:13:39,080 --> 01:13:43,240
का कह रहे थे कि नहीं कह रहे थे निग्रह संप्रदाय के हो ना तो वो निग्रह

880
01:13:43,240 --> 01:13:49,240
संप्रदाय के होंगे भाष्य लिखे होंगे उन्होंने

881
01:13:58,200 --> 01:14:04,200
वो प्रवेशिका लाओ कब लाओगे वो डेट

882
01:14:05,360 --> 01:14:09,360
बताओ अरे तुम तुम यार अपने मन से सब कुछ करके फिर अपने आप को

883
01:14:09,360 --> 01:14:13,520
स्वयं मया स्वयं के मुंह से मिया मिट्ठू बन जाते हो क्या तुमने

884
01:14:13,520 --> 01:14:17,680
खंडन कर दिया तुम्हारे को स्वप्न आया

885
01:14:17,680 --> 01:14:22,360
तुमने किस आचार से उसे वेरीफाई कराया वो आचार्य की प्रामाणिकता क्या

886
01:14:22,360 --> 01:14:26,720
है यह सब बातें करो ना क्लियर नाम

887
01:14:26,720 --> 01:14:31,360
लेने में क्या दिक्कत है कौन सी परंपरा से थे वो आचार्य

888
01:14:31,360 --> 01:14:35,440
और जाहिर सी बात है अगर वो तुम्हारे स्वप्न के जो स्वप्न

889
01:14:35,440 --> 01:14:40,600
का जो मंत्र है उसको प्रमाणिक सिद्ध कर रहे हैं तो वोह आचार्य उस परंपरा के प्रमाणिक

890
01:14:40,600 --> 01:14:44,600
होंगे उन्होंने अपनी चीजों में उस संप्रदाय को

891
01:14:44,600 --> 01:14:48,640
प्रमाणिक माना होगा वो सब सामग्री उपलब्ध कराओ इनकी

892
01:14:48,640 --> 01:14:52,960
संप इनका जो परंपरा वाला है वही सबसे बड़ा झोल है

893
01:14:52,960 --> 01:14:56,960
ये लिख के ले लो अभी बता दे रहा हूं इनकी परंपरा पर ही

894
01:14:56,960 --> 01:15:01,600
इनका सबसे बड़ा झोल है सब सोच रहे हैं ना प्रमाणिक आचार्य

895
01:15:01,600 --> 01:15:05,720
यह अगर शंकराचार्य परंपरा के अनुग नहीं होंगे किसी भी प्रामाणिक

896
01:15:05,720 --> 01:15:10,000
आचार्य के अनुग मतलब उनके शब्द को प्रमाण मानने वाले

897
01:15:10,000 --> 01:15:14,080
अनुग अगर नहीं होंगे यह

898
01:15:14,080 --> 01:15:18,320
तो इनकी अपनी स्वयं की परंपरा डामाडोल है इनको जाना

899
01:15:18,320 --> 01:15:22,400
पड़ेगा अपनी प्रमाणिकता के लिए शंकर परंपरा में

900
01:15:22,400 --> 01:15:28,400
देखो क्या बताते हैं भाई क्या

901
01:15:44,780 --> 01:15:50,780
[हंसी]

902
01:15:52,560 --> 01:15:56,640
करते समा वाले उन की बात कर रहा है

903
01:15:56,640 --> 01:16:01,000
तो काग भुषी जो रामायण है व अप्र

904
01:16:01,000 --> 01:16:05,000
माणिक नहीं कहिए उनकी पहली बात जो व्याख्या तुम ले रहे हो

905
01:16:05,000 --> 01:16:09,000
जिस अर्थ में ले वो अप्राम है तो वो तुम परंपरा प्राप्त आचार्य से

906
01:16:09,000 --> 01:16:13,000
उनका सिद्ध करवाओ ग ना पूर्व पूर्वा चार्य के भाष्य को दिखाओगे उन्होंने

907
01:16:13,000 --> 01:16:17,760
क्या माना है वहा उस पर यह सब चीज दिखानी पड़ेंगी खैर

908
01:16:17,760 --> 01:16:22,160
शबरी वाले मामले में हम तब बात करेंगे जब तुम अपना

909
01:16:22,160 --> 01:16:26,280
वो निर्गत करोगे एक पीडीएफ बना करके अपनी बुक इत्यादि

910
01:16:26,280 --> 01:16:32,280
उपलब्ध कराओ ठीक है तब उस पर बात की

911
01:16:42,880 --> 01:16:47,120
जाएगी कासुंडी रामायण को उन्होंने प्रमाणिक माना

912
01:16:47,120 --> 01:16:51,240
मगर उनके उन वाक्य को प्रमाणिक नहीं माना जाएगा ना य य

913
01:16:51,240 --> 01:16:55,280
कपा जी महाराज भी यही कहते उन वाक्य को प्रमाणिक नहीं माना जा

914
01:16:55,280 --> 01:16:59,440
सकता काक बु सुंडी रामायण के जिन वाक्यों का मिलान

915
01:16:59,440 --> 01:17:03,800
सामंजस्य वाल्मीकि रामायण से नहीं हो रहा है यह भी उन्होंने कहा कपाती

916
01:17:03,800 --> 01:17:08,040
जी महाराज ने अभी य कपाती जी महाराज के आधार पर यह सिद्ध कर रहा है कि

917
01:17:08,040 --> 01:17:12,080
गंगाधर जी के विरोध में कि भैया जो कासुंडी रामायण है व

918
01:17:12,080 --> 01:17:16,120
अप्र माणिक नहीं है यह किसके आधार पर सिद्ध कर रहा है कपाती जी के

919
01:17:16,120 --> 01:17:20,160
आधार पर कपाती जी ने यह भी कहा है कि जो भी जितने भी रामायण है उनके

920
01:17:20,160 --> 01:17:24,320
जो तथ्य है अगर वो कहीं पर सिद्धांत का विरोध कर रहे हैं सिद्धांत

921
01:17:24,320 --> 01:17:28,480
का विरोध मतलब ऐसा अंतर तो आ सकता है कि यहां पर पुष्पक विमान से गए

922
01:17:28,480 --> 01:17:33,120
वहां किसी और विमान से गए वो कोई दिक्कत नहीं है वस्तुनिष्ट अंतर आ सकता है घटनाक्रमों

923
01:17:33,120 --> 01:17:37,120
में ठीक है मगर सिद्धांत का अंतर कैसे कि राम जो है

924
01:17:37,120 --> 01:17:41,120
सत्य प्रतिज्ञ है तो अब दूसरी रामायण में उन्हें असत्य

925
01:17:41,120 --> 01:17:45,120
वादी दिखा दिया गया तो यह सिद्धांत का खंडन हो रहा है राम की जो वो है

926
01:17:45,120 --> 01:17:49,320
मर्यादा पुरुषोत्तम वाली छवि उसका खंडन हो रहा है तो स्वामी कपाती जी महाराज

927
01:17:49,320 --> 01:17:53,640
ने ये भी लिखा है कि जितनी भी रामायण है वो यदि कहीं पर सिद्धांति

928
01:17:53,640 --> 01:17:57,640
विरोध करती पाई जाए तो वहां पर उन वचनों को नहीं स्वीकारा जाएगा या

929
01:17:57,640 --> 01:17:58,140
फिर

930
01:17:57,880 --> 01:18:02,440
उन ऐसे अगर कहीं पर वचन आते भी हैं तो उन वचनों को

931
01:18:02,440 --> 01:18:06,720
ऐसा अर्थ लिया जाएगा जो उससे सामंजस्य बैठ जाए उन वचनों

932
01:18:06,720 --> 01:18:10,840
का ऐसा अर्थ लेना पड़ेगा तो ये नहीं यह बात य नहीं बताएगा आपको

933
01:18:10,840 --> 01:18:15,040
यह बात मैं बताऊंगा आगे जब य पीडीएफ डाल लेगा यह व्यक्ति तो फिर हम अच्छे

934
01:18:15,040 --> 01:18:19,320
से बताएंगे इस पर बात करेंगे तो कुल मिलाकर के बात क्या है कि कासुंडी रामायण

935
01:18:19,320 --> 01:18:24,240
के आधार पर य जो है य सिद्ध करते हैं कि वो जो है भीलनी थी सबरी

936
01:18:24,240 --> 01:18:28,480
अब यदि उसको मान ले तो व राम जी का शायद झूठे बेर खाने वाला झूठा

937
01:18:28,480 --> 01:18:32,800
आहार प्राप्त करने वाला प्रकरण शायद उसी में संभवत अभी मैं क्लियर

938
01:18:32,800 --> 01:18:37,000
नहीं ह यह सब जो सुनी हुई बात उस पर चल रहा हूं तो अब इसमें क्या

939
01:18:37,000 --> 01:18:41,040
है कि वहां पर गंगाधर जी का कहना यह है जो आचार्य से

940
01:18:41,040 --> 01:18:45,280
है जिनके जिनका य खंडन करने के लिए कपाती जी का उदाहरण

941
01:18:45,280 --> 01:18:49,560
दे रहा है ये वहां नहीं जाएगा वहा ये जानता है कि वहा इसको मार पड़ जाएगी

942
01:18:49,560 --> 01:18:54,960
वाणी के द्वारा तो ये यहां दे रहा है सनमार्ग वालों का उत्तर

943
01:18:54,960 --> 01:18:59,080
क्या है कि उनका कहना यह है कि

944
01:18:59,080 --> 01:19:03,320
अगर राम रामो विग्रहवां धर्म है और

945
01:19:03,320 --> 01:19:08,200
श्री रामचंद्र के लिए भक्ष और अक्ष का निर्णय लिया गया है

946
01:19:08,200 --> 01:19:12,320
तो श्री रामचंद्र जी झूठे बेर नहीं खाएंगे अगर

947
01:19:12,320 --> 01:19:13,120
वहां पर व कृष्ण

948
01:19:13,120 --> 01:19:17,240
भगवान होते तो खा भी सकते थे एक बार क्योंकि वो लीला पुरुषोत्तम

949
01:19:17,240 --> 01:19:21,240
है मगर मर्यादा पुरुषोत्तम व पर झूठे बर नहीं खाएगा अक्ष

950
01:19:21,240 --> 01:19:25,480
पदार्थ को ग्रहण नहीं करेगा तो अगर अब उनकी

951
01:19:25,480 --> 01:19:29,800
जो मर्यादा पुरुषोत्तम वाली छवि वहां पर बिगड़ रही है तो उसका या तो ऐसा अर्थ

952
01:19:29,800 --> 01:19:33,800
लो कि वो भीलनी नहीं थी या जो भी है कुछ और अर्थ

953
01:19:33,800 --> 01:19:37,800
लेना पड़ेगा और या तो उसका ऐसा

954
01:19:37,800 --> 01:19:41,880
अर्थ लो या फिर उस श्लोक को ही नहीं मानना आ स्वीकार करना पड़ेगा

955
01:19:41,880 --> 01:19:46,080
क्योंकि वो यहां पर जो श्री राम की जो सत्य प्रतिज्ञ वाली मर्यादा पुरुषोत्तम

956
01:19:46,080 --> 01:19:50,080
वाली जो छवि है उसको हिट हो रही है वो बात तो

957
01:19:50,080 --> 01:19:54,080
अब यह का अब बात ये है कासुंडी रामायण तो बता रहे कत्री जी

958
01:19:54,080 --> 01:19:58,360
ने उपयोग मगर यह बातें नहीं बता रहे कि किसी भी रामायण

959
01:19:58,360 --> 01:20:03,000
के उतने ही अंश को उतने ही अंश तक उसको माना जा सकता है प्रमाणिक

960
01:20:03,000 --> 01:20:07,040
प्रमाण के रूप में जब तक व वाल्मीकि रामायण का विरोध नहीं कर रही सैद्धांतिक

961
01:20:07,040 --> 01:20:11,120
तो यह इसकी चालाकी है और वो चालाकी उन्होंने पकड़ ली है

962
01:20:11,120 --> 01:20:17,120
सनमार्ग वालों ने तो ये वहां जवाब नहीं देगा यहां पर जवाब देंगे

963
01:20:29,880 --> 01:20:33,720
महा

964
01:20:33,720 --> 01:20:39,720
स जी महान

965
01:20:51,200 --> 01:20:55,160
करने जाने

966
01:20:55,160 --> 01:20:59,640
पाती जी ने पतित दज को और जो जने

967
01:20:59,640 --> 01:21:03,800
नहीं धारण किए उनको विदेश गमन की आज्ञा भी दी पता

968
01:21:03,800 --> 01:21:09,800
करो नॉलेज [हंसी]

969
01:21:16,520 --> 01:21:20,960
ब और चिंता व्यक्त करते हो धीरे से पूरी शंकराचार्य

970
01:21:20,960 --> 01:21:25,160
जी को भी गलत सिद्ध करते हो जो जिसम शास्त्र का कोई मतलब

971
01:21:25,160 --> 01:21:29,320
नहीं है जिसमें तुम्हें केवल उनको जो है गलत सिद्ध करना है जिससे कि तुम

972
01:21:29,320 --> 01:21:33,320
सारे संप्रदायों को खत्म करके अपना एक संप्रदाय निग्रह नाम का संप्रदाय लो

973
01:21:33,320 --> 01:21:39,320
और उस पर शासन करो एक नया कल्ट

974
01:21:43,200 --> 01:21:47,400
बनाओ संस्था के साथ हाथ मिलाना जनी लेक हाथ में सिद्ध करो

975
01:21:47,400 --> 01:21:51,480
चलो कसम खाओ संस्था के साथ हाथ मिला लिया अगर

976
01:21:51,480 --> 01:21:55,720
किसी संस्था से जुड़े हुए किसी व्यक्ति के साथ हमने कोई कार्य दिया

977
01:21:55,720 --> 01:21:59,840
तो हमने उस संस्था से ही हाथ मिला लिया यह कहां का सिद्धांत और

978
01:21:59,840 --> 01:22:04,240
अगर ऐसा है तो विदेश गमन वाले से तो विदेश गमन वाले से तो तुमने भी हाथ मिलाया

979
01:22:04,240 --> 01:22:08,320
उसका क्या करोगे ऐसा है तो महिला का व्यास गद्दी

980
01:22:08,320 --> 01:22:12,520
में बैठने वाले का समर्थन करने वाले का तुमने भी हाथ पिलाया सपोर्ट

981
01:22:12,520 --> 01:22:16,560
किया उसका क्या करोगे अगर तुम कहोगे कि

982
01:22:16,560 --> 01:22:21,200
नहीं उन्होंने अपनी बात मान ली थी कि हमने दबाव में आगे किया तो मेरे साथ भी तो वो लोग गए थे ना

983
01:22:21,200 --> 01:22:25,320
जो वही नारा लगा रहे थे जो मैं लगा रहा था उतने अंश में तो वो राज विरोधी अच्छा जो

984
01:22:25,320 --> 01:22:29,440
व्यक्ति आरएसएस से जुड़ा हुआ है वो व्यक्ति मेरे साथ काम

985
01:22:29,440 --> 01:22:31,560
करता हुआ दिख रहा है जो

986
01:22:31,560 --> 01:22:37,560
मेरी जो चीजें हैं उसमें उसके अनुरूप

987
01:22:38,080 --> 01:22:42,440
तो ये तो यह क्यों कहा जाए कि आरएसएस

988
01:22:42,440 --> 01:22:46,480
के व्यक्ति को मैंने अपने वो यह क्यों कहा जाए मैं आरएसएस से हाथ मिला बैठा ये

989
01:22:46,480 --> 01:22:50,520
क्यों ना कहा जाए आरएसएस का व्यक्ति शंकराचार्य के व्यक्ति से हाथ मिला बैठ ये

990
01:22:50,520 --> 01:22:55,200
क्यों नहीं कहा जाएगा फसो ग जिस दिन मिल गए उस दिन फसो

991
01:22:55,200 --> 01:22:59,440
सही बता रहा तुमने मेरी उदारता को कायरता

992
01:22:59,440 --> 01:23:05,320
समझ लिया था ना

993
01:23:05,320 --> 01:23:09,440
खर राघवाचार्य जी अभी योगी जी से मिले थे

994
01:23:09,440 --> 01:23:13,800
राघवाचार्य जी योगी से योगी जी से मिले थे अनेकों से मिलते हैं बस वो हो

995
01:23:13,800 --> 01:23:17,960
गए बीजेपी के सपोर्टर हो गए और तुम उनसे मिलते हो तुम भी हो

996
01:23:17,960 --> 01:23:22,160
गए बीजेपी के सपोर्टर हो गए ना तुम वही बीजेपी

997
01:23:22,160 --> 01:23:27,680
जिसका तुम बुराई करते हो बैठ कर के

998
01:23:27,680 --> 01:23:31,960
ऐसे नहीं होता है ना छोटू ऐसे नहीं होता

999
01:23:31,960 --> 01:23:36,040
है बहुत छोटे स्तर के तुम्हारी बातें हैं बस

1000
01:23:36,040 --> 01:23:40,160
वो तो भूतिया माहौल बनाना तुमने अच्छा तुम्हारे पास टाइम भी ऐसा नहीं हम भूतिया

1001
01:23:40,160 --> 01:23:44,880
माहौल नहीं बना सक तुमसे गजब की पिक्चर बनाएंगे जिस दिन बनाएंगे सही बता रहे

1002
01:23:44,880 --> 01:23:49,000
थोड़ा समय कम है धरातल पर भी कार्य करते ना इसलिए तुम्हारी तरह

1003
01:23:49,000 --> 01:23:55,000
केवल हकते नहीं ते बैठ कर के अंधा कु कमरे में

1004
01:23:58,320 --> 01:24:02,520
तो क्या है कि जिस दिन फिल्म इत्यादि बनाएंगे तो तुमसे

1005
01:24:02,520 --> 01:24:06,640
बहुत गजब की होगी तुम्हारी जो बिल्कुल निम्न कैटेगरी व सी ग्रेड होती है

1006
01:24:06,640 --> 01:24:10,640
चंपाकली व कल तुमने कल तुम्हारा एक डाला ही था

1007
01:24:10,640 --> 01:24:14,800
गंगा की सौगं है ना जमुना भाई य सी ग्रेड वाली

1008
01:24:14,800 --> 01:24:18,920
है तुम्हारी फिल्म हम जब बनाएंगे तो बिल्कुल फर्स्ट क्लास

1009
01:24:18,920 --> 01:24:23,080
एक गाना बनाया था नमः शिवम नमः शिवम जाके देखो उसकी क्वालिटी क्या है और तुम

1010
01:24:23,080 --> 01:24:26,360
अपनी क्वालिटी देखो

1011
01:24:26,360 --> 01:24:32,360
वो कोई कह रहा था कि लाल टेन हाथ में लेकर के जा रहा है रात

1012
01:24:32,640 --> 01:24:36,720
में ऐसा जा रहा है लोटा लेके खेत

1013
01:24:36,720 --> 01:24:41,280
में जा रहा

1014
01:24:41,280 --> 01:24:45,280
है यह जो फिल्म फिल्म तुम फिल्म बाजी जो कर रहे हो ना

1015
01:24:45,280 --> 01:24:49,560
ये सब करके छोड़ चुके हैं ठीक है लाइब्रेरी

1016
01:24:49,560 --> 01:24:55,560
में ये वाली किताबें भी पढ़ी थी हमने

1017
01:24:57,280 --> 01:25:01,360
कर जब हमें रामपाल के बारे में पता लगा उसका स्टॉल लगा है

1018
01:25:01,360 --> 01:25:05,560
मा मां को गाली देने वाली किताबें बेच रहा है तो हम लोग आनंद वाहिनी

1019
01:25:05,560 --> 01:25:09,640
को कॉल करते इसको कॉल करते उसको कॉल करते ये करते वो करते तो

1020
01:25:09,640 --> 01:25:13,840
मेरे भाई ऐसे काम नहीं होता है जब कोई बीमार पड़ता है ना घर में सबसे पहले

1021
01:25:13,840 --> 01:25:17,960
पड़ोसी आते हैं जो दूर बैठे हुए नाते रिश्तेदार

1022
01:25:17,960 --> 01:25:22,120
बाद में आते हैं ठीक है

1023
01:25:22,120 --> 01:25:26,200
उनको ये कह के मना कर दिया जाए कि तुम आरएसएस जुड़े हुए तुम बताओ तुम कर

1024
01:25:26,200 --> 01:25:30,680
देना तुम बताओ तो सही तुम हो कहां फिर देखते हैं तुम्हारा

1025
01:25:30,680 --> 01:25:34,760
मामला तुम बताओ तो कहां रहते हो क्या करते हो अभी कहां हो

1026
01:25:34,760 --> 01:25:38,760
यह सब तो अपडेट तो दो तुम फिर तुम्हारा देखो निकाल देंगे तुम किन किन

1027
01:25:38,760 --> 01:25:42,840
के साथ हाथ मिला रहे हो नाटक बाज एक नंबर

1028
01:25:42,840 --> 01:25:46,840
का नाटक बाज निकला तू सोचता था कि धर्म रक्षक

1029
01:25:46,840 --> 01:25:51,400
है बहुत बड़ी गलानी हो रही मुझे आज अपने आप

1030
01:25:51,400 --> 01:25:55,440
मेरे मन में तेरे प्रति सम्मान था े जान समझ

1031
01:25:55,440 --> 01:26:01,440
नहीं

1032
01:26:06,660 --> 01:26:10,760
[संगीत]

1033
01:26:10,760 --> 01:26:14,800
पाया करोगे भी नहीं उसम बहुत सारे झूठ पा घंटे के लाइव

1034
01:26:14,800 --> 01:26:18,960
इच्छा नहीं रखते चर्चा करने की करोगे भी नहीं उसम बहुत सारे झूठ

1035
01:26:18,960 --> 01:26:24,960
तुम्हारे

1036
01:26:28,880 --> 01:26:33,360
उसमें इतने झूठ तुम्हारे बिल्कुल स्पष्ट सामने आए कि पूछो नहीं

1037
01:26:33,360 --> 01:26:37,360
खैर यहां पर इसने जो है मना कर दिया अब जो है यह लाइव का उत्तर नहीं

1038
01:26:37,360 --> 01:26:43,360
देगा

1039
01:26:58,680 --> 01:27:03,520
पछ वाले

1040
01:27:03,520 --> 01:27:07,600
में पिछले तीन घंटे वाले में उसको औकात समझ में आ गई थी कि किस

1041
01:27:07,600 --> 01:27:11,840
तरह की बकवास कर रहा है मगर उसमें इसने एक कहा था अभ हम पा घंटे वाली लाइव का वो करेंगे

1042
01:27:11,840 --> 01:27:15,880
मगर दोगलापन यहां पर है कि अब नहीं करेगा

1043
01:27:15,880 --> 01:27:20,600
पहले कर रहा था अब नहीं करेगा ये दोगला

1044
01:27:20,600 --> 01:27:24,600
कोई बात नहीं होता प्लान में चज आडिया थोड़ा चज ले जा रहा

1045
01:27:24,600 --> 01:27:28,760
है वि हने के लिए बारबार पता चल गया इसको उसम इसकी चोरियां बहुत सारी पकड़ी

1046
01:27:28,760 --> 01:27:32,760
गई है तो पाच घंटे वाली लाइव को खोलेगा ही नहीं उसम कुछ नहीं

1047
01:27:32,760 --> 01:27:37,520
होता और बकुल ऐ बवास जैसे जोधपुर जाना जब आज ुर नहीं गया लेने

1048
01:27:37,520 --> 01:27:41,720
भाई मैंने उसमें बताया है कि तूने झूठ बोला है कि तेरा समर्थन नहीं किया मैंने उसमें

1049
01:27:41,720 --> 01:27:46,640
बताया कि कॉल शब्द का उपयोग और भी जगह हो सकता है जब कौन बताएगा

1050
01:27:46,640 --> 01:27:50,640
डाल डाल पात पात आज किसी काम से

1051
01:27:50,640 --> 01:27:54,640
बा उस गाली अगर सामने वाला गाली सुनने का काम

1052
01:27:54,640 --> 01:27:57,240
कर रहा

1053
01:27:57,240 --> 01:28:03,240
है हम उसको उसको गाली

1054
01:28:03,360 --> 01:28:07,400
देंगे सुने का काम कर रहा है गाली

1055
01:28:07,400 --> 01:28:11,600
सुनने का काम रावण ने नहीं किया था क्या रावण का काम गाली सुनने

1056
01:28:11,600 --> 01:28:15,920
वाला नहीं था कौन तय कर रहा है कि कौन सा कार्य गाली सुनने वाला है इसका आधार

1057
01:28:15,920 --> 01:28:20,800
क्या होगा यह कह रहा है कि जो गाली सुनने का काम करेगा हम उसे गाली देंगे

1058
01:28:20,800 --> 01:28:24,800
तो गाली सुनने का कार्य क्या रावण का नहीं था क्या तो राम ने

1059
01:28:24,800 --> 01:28:28,880
क्यों नहीं गाली दे दी यह सिद्धांत नहीं

1060
01:28:28,880 --> 01:28:33,640
है अगर ऐसा करोगे तो और ऐसे आचार्य बन बन कर बैठेंगे

1061
01:28:33,640 --> 01:28:37,680
लंपट गाली बाज तो क्या

1062
01:28:37,680 --> 01:28:43,320
रूप होगा सनातन धर्म को मानने वालों का गाली बाज

1063
01:28:43,320 --> 01:28:47,320
लंपट अब वो लोग तय भी कर लेंगे अपने हिसाब से इसने गाली देने वाला काम

1064
01:28:47,320 --> 01:28:51,640
किया तो हमने गाली दे दी इसने एक टमाटर कम दिया हमने गाली दे दी

1065
01:28:51,640 --> 01:28:55,960
भाई जब तुम कोई आधार ही नहीं ले रहे हो तेरे लिए कर्तव्य कर्तव्य के विषय में शास्त्र

1066
01:28:55,960 --> 01:29:00,040
प्रमाण है गाली देने वाला चलो अगर इस बात को मान भी लिया जाए कि गाली

1067
01:29:00,040 --> 01:29:04,280
देने वाला काम होगा तो गाली दी जाएगी तो इसके लिए भी गाली देने वाला

1068
01:29:04,280 --> 01:29:08,720
कार्य कौन सा माना जाएगा कौन सा नहीं इसके लिए भी हमें ठोस शास्त्र

1069
01:29:08,720 --> 01:29:13,280
चाहिए होंगे ना होने की स्थिति में वहां पर विपलव

1070
01:29:13,280 --> 01:29:19,280
होगा कोई बच्चा भी गाली देने लगेगा तुम्हारे सिद्धांत के

1071
01:29:20,560 --> 01:29:25,600
अनुसार उसको गाली देंगे

1072
01:29:25,600 --> 01:29:29,720
क्योंकि पसली तो पसली हो बाहर निकल के कुछ कर नहीं

1073
01:29:29,720 --> 01:29:35,720
पाओगे तो अपनी बातें छ

1074
01:29:46,720 --> 01:29:50,840
कोगे अरे भाई व कुछ भी कर रही थी पर तू कौन होता है तय करने

1075
01:29:50,840 --> 01:29:55,080
वाला कि व गाली के योग्य का था तुम अपनी विधिवत

1076
01:29:55,080 --> 01:29:59,120
कारवाही करो विरोध करो ना मैं तो कहता हूं गाली देने से

1077
01:29:59,120 --> 01:30:03,960
तो व्यक्ति अपना जो वो है ना वो गिराता है

1078
01:30:03,960 --> 01:30:08,080
व जो अपना जो छवि है वह गिराता है सामने वाले का अपना प्रभाव

1079
01:30:08,080 --> 01:30:12,280
कम करता है उसको मर्यादित शैली

1080
01:30:12,280 --> 01:30:16,640
में इतना बुरा सुनाया जा सकता है कि वह आत्महत्या करने की सोचने लगेने

1081
01:30:16,640 --> 01:30:20,840
वाला गाली देके तो जो व्यक्ति समझाना चाह रहा है जो

1082
01:30:20,840 --> 01:30:25,040
सामने वाले को नीचा दिखाना चाह रहा है गाली देके तो वो अपनी छवि कम कर लेता अपना

1083
01:30:25,040 --> 01:30:28,520
नंबर कम करता

1084
01:30:28,520 --> 01:30:33,040
है बता रहा है कि मैंने उसको गाली दी

1085
01:30:33,040 --> 01:30:39,040
थी ये फ्री सेक्स एक्

1086
01:30:39,760 --> 01:30:44,080
बियों के सामने ब अपनी बहू के साथ

1087
01:30:44,080 --> 01:30:49,240
अपनी बहू के साथ बलात्कार दुराचार करने वाला था

1088
01:30:49,240 --> 01:30:53,400
रावण ठीक है उसको भी गाली नहीं दी थी श्री

1089
01:30:53,400 --> 01:30:59,400
राम ने

1090
01:31:04,600 --> 01:31:09,880
जी जो कता मानता

1091
01:31:09,880 --> 01:31:14,400
उस नहीं नहीं तुम केवल अपने नाम के आगे जी लगाओगे

1092
01:31:14,400 --> 01:31:18,720
और कोई और किसी को और कोई ऐसा है ही नहीं जिसके सामने तुम जी लगा पाओ

1093
01:31:18,720 --> 01:31:22,760
तुम केवल अपने नाम के आगे जी लगाना और यह जो तुम्हारा नया कल्ट

1094
01:31:22,760 --> 01:31:27,520
बनाने का उद्देश्य है इसके लिए कार्य करना मगर उसमें एक बाधा है

1095
01:31:27,520 --> 01:31:31,880
उसमें एक बाधा है उस बाधा का नाम है

1096
01:31:31,880 --> 01:31:37,880
आहवान ठीक

1097
01:31:42,520 --> 01:31:47,200
है नहीं हम जो कर सकते थे वो किया था

1098
01:31:47,200 --> 01:31:51,360
हम जो कर सकते थे वो जरूर किया

1099
01:31:51,360 --> 01:31:55,440
था तुम्हारे अनुसार थोड़ी ना करेंगे कि तुम ही

1100
01:31:55,440 --> 01:31:58,080
जो चाहते हो वो

1101
01:31:58,080 --> 01:32:02,120
करो अब मैं तो कह दूं कि तुम यह कर रहे हो वो कर रहे हो तुम कोड क्यों नहीं

1102
01:32:02,120 --> 01:32:06,520
तुमने कह दिया ना कि कोर्ट क्यों जाए तो तुम जब तुम यह

1103
01:32:06,520 --> 01:32:10,720
तय कहां से कर रहे हो कि जो चीज हम जो कर रहे राम भद्राचार्य जी

1104
01:32:10,720 --> 01:32:14,920
ने जब वो कहा था कि चारों शंकराचार्य पाच मिनट नहीं टिक सकते विरोध

1105
01:32:14,920 --> 01:32:19,400
किया था भाई थोड़ी नॉलेज बढ़ाओ अपनी अधूरी नॉलेज है युक्ति है

1106
01:32:19,400 --> 01:32:23,920
नहीं जो प्रमाण भी बोलते हो आप प्रासंगिकता है उसमें

1107
01:32:23,920 --> 01:32:25,200
क्या होगा तुम्हारा

1108
01:32:25,200 --> 01:32:31,200
जब सामना होगा

1109
01:32:44,000 --> 01:32:48,160
तब नहीं उससे क्या मतलब है हम तो तुम्ह य बता रहे किसी ने तुम्हें

1110
01:32:48,160 --> 01:32:52,280
बुलाया तो तुम गए नहीं क्यों सनमार्ग वालों ने तुम्हें बुलाया तुम गए

1111
01:32:52,280 --> 01:32:58,280
नहीं क्यों

1112
01:33:01,400 --> 01:33:05,760
ये तो वही वही वाली बात है कि जिसको भगवान ने सामर्थ्य

1113
01:33:05,760 --> 01:33:10,120
नहीं दिया होता है उसको जुबान दी होती है तोव जुबान से अपना गाली गलोज

1114
01:33:10,120 --> 01:33:14,120
कर कुरा के अब सामर्थ्य यहां पर वाणी के द्वारा भी सामर्थ्य प्रकट

1115
01:33:14,120 --> 01:33:19,000
कर सकता है वो होता है तात्विक खंडन सैद्धांतिक खंडन

1116
01:33:19,000 --> 01:33:23,080
यह सब वो कर सकता है मगर क्या है जब वो सामर्थ

1117
01:33:23,080 --> 01:33:27,080
भी नहीं होता तो ये सब बातें करता है लुगाइयों वाली जो ये कर रहा है

1118
01:33:27,080 --> 01:33:33,080
करो

1119
01:33:39,920 --> 01:33:44,640
भैया किसने कहा तुमसे तू जने हाथ में लेकर के खा कसम

1120
01:33:44,640 --> 01:33:48,760
मैंने कहा त संस्कृत नहीं जानता खा

1121
01:33:48,760 --> 01:33:53,480
तिरुपति में हमने देखना है ना

1122
01:33:53,480 --> 01:33:55,880
की

1123
01:33:55,880 --> 01:34:00,000
हमने संस्कृत में कोई रचना नहीं की भाई हमारी कोई गति नहीं संस्कृत में जो

1124
01:34:00,000 --> 01:34:04,000
आचार्यों के मुख से सुन लेते थोड़ा बहुत जो ग्रंथों में पढ़ लेते उतना ही है हमने

1125
01:34:04,000 --> 01:34:09,760
कब कहा हमारी गति है

1126
01:34:09,760 --> 01:34:13,760
उसमें हां हम तेरी तरह यह जो

1127
01:34:13,760 --> 01:34:18,640
अपमान सूचक शब्द होते हैं ना वो नहीं करते तू तड़ाक नहीं करते

1128
01:34:18,640 --> 01:34:22,720
विरोध करते समय भी जो मर्यादा है ना

1129
01:34:22,720 --> 01:34:25,560
वो बना के रखते

1130
01:34:25,560 --> 01:34:29,760
भाई जब हमने यह कह दिया अपनी लाइव स्ट्रीम में कि हमने तुम्हारे न्यूजपेपर देखे

1131
01:34:29,760 --> 01:34:33,800
हैं या वेबसाइट हमने देखी तेरे बारे में जानते हैं तो फिर तू यह कैसे

1132
01:34:33,800 --> 01:34:38,080
एक्सपेक्ट कर सकता है कि हम यह कहेंगे पहली बात कि तुझे संस्कृत

1133
01:34:38,080 --> 01:34:42,560
नहीं आती सोचने वाली बात है

1134
01:34:42,560 --> 01:34:46,960
कुतर्क और कुछ नहीं कुतर्क अपने आप को विक्टिम बनाना

1135
01:34:46,960 --> 01:34:51,880
मेरे साथ यह हो रहा है मेरे साथ वो हो रहा है क्योंकि मैंने सबके खिलाफ बोला य क्या है विक्टिम बाजी

1136
01:34:51,880 --> 01:34:54,920
अरे भाई

1137
01:34:54,920 --> 01:34:55,420
ठीक

1138
01:34:55,120 --> 01:35:01,120
है त मिल किसी दिन तब पता

1139
01:35:04,320 --> 01:35:08,520
चलेगा 6 साल का बच्चा था तब तुम बहुत अलौकिक थे और

1140
01:35:08,520 --> 01:35:12,520
16 साल की उम्र में तुम जो है बाइपोलर नाम के रोग

1141
01:35:12,520 --> 01:35:16,640
से ग्रसित थे और जो है महिलाओं के प्रेम प्रसंगों में

1142
01:35:16,640 --> 01:35:22,640
परेशान थे है ना

1143
01:35:23,800 --> 01:35:29,800
तुम्हें ज्ञान कितना है वो पता चलेगा जिस दिन सामना होगा उस

1144
01:35:31,920 --> 01:35:36,400
दिन शंकराचार्य जी के सिद्धांत की प्रतिष्ठा ऐसे होगी कि

1145
01:35:36,400 --> 01:35:40,680
शंकराचार्य जी के गद्दी पर बैठने वाला जो उत्तराधिकारी है उसके

1146
01:35:40,680 --> 01:35:45,240
विषय में उपहास उड़ाना अप्रासंगिक तौर

1147
01:35:45,240 --> 01:35:49,240
पर भी उनके बारे में फतिया कसना नीचता वाले शब्द बोलना

1148
01:35:49,240 --> 01:35:53,880
गुप्तांगों का नाम लेकर लेते हुए उनसे जोड़ना है ना उनके कथनों

1149
01:35:53,880 --> 01:35:58,040
वचनों का अपने अनुसार अर्थ निकालते हुए उनका मजाक उड़ाना ऐसे

1150
01:35:58,040 --> 01:36:04,040
होगी ना आदि शंकराचार्य जी के सिद्धांत की

1151
01:36:09,560 --> 01:36:13,680
रक्षा मट का बैनर लगा कर के हमने बहुत से कार्य जो मुख्य मुख्य

1152
01:36:13,680 --> 01:36:17,680
जो अगर हमारे जुड़े हुए दिखाई देते तो हम नहीं करते यह देख

1153
01:36:17,680 --> 01:36:23,680
लो अभी स्क्रीन पर कौन सा बैनर लगा है मट मटका लगाया क्या

1154
01:36:28,000 --> 01:36:34,000
हा इस पर भी सनमार्ग वालों ने धोया था लाइव

1155
01:36:35,000 --> 01:36:39,200
में समय आने पर तुम क्या कर रहे हो तुम तुम सिद्धांत को लुप्त करने

1156
01:36:39,200 --> 01:36:43,200
पर अमादा हो भाई तुम पूरी परंपरा चारों चारों पीठों के लिए

1157
01:36:43,200 --> 01:36:47,880
तुम गलत बोलते हो चारों पीठ में से कोई भी तुम्हारे लिए प्रामाणिक नहीं है

1158
01:36:47,880 --> 01:36:51,920
तो जब वो उसका कोई उत्तराधिकारी प्रमाणिक नहीं है तो उसका जो सिद्धांत है

1159
01:36:51,920 --> 01:36:56,200
व सुरक्षित कहां से रहेगा तुम उसके श नहीं कल को जब लोगों

1160
01:36:56,200 --> 01:37:00,480
की अनास्ता चारों पीठ से हट जाएगी क्योंकि तुम्हारे तुमने चारों पीठों को

1161
01:37:00,480 --> 01:37:04,760
कहीं ना कहीं अ शस्त्री गलत वक्तव्य देने वाला मतलब कि जो उनका

1162
01:37:04,760 --> 01:37:09,000
शब्द प्रमाण है उनका गुरु वाक्य उसको जो प्रमाण बुद्धि होनी चाहिए उस पर तुमने

1163
01:37:09,000 --> 01:37:13,200
प्रहार कर दिया तो जब चारों पीठों में से कोई नहीं

1164
01:37:13,200 --> 01:37:18,120
है ऐसा जिसके शब्द को प्रमाण के रूप में माना जा सके तुम्हारे अनुसार

1165
01:37:18,120 --> 01:37:22,120
तो तुमने तो यह किया ना कि उनका उत्तराधिकारी है ही नहीं उन्होंने क्या कहा था क्या नहीं

1166
01:37:22,120 --> 01:37:26,160
कहा था इस बात का निर्णय नहीं हो सकता तो क्या हुआ आदि शंकराचार्य जी का

1167
01:37:26,160 --> 01:37:30,280
सिद्धांत तो तुम खत्म कर रहे हो अपने आप को बताते हो कि मैं उनके सिद्धांत की रक्षा कर रहा

1168
01:37:30,280 --> 01:37:35,320
हूं वाह रे वाह दोगले बाज

1169
01:37:35,320 --> 01:37:39,640
ड्रामेबाज एक नंबर का एक्टर है कैमरे के सामने बैठ के एक्टिंग

1170
01:37:39,640 --> 01:37:43,680
करता है विक्टिम बनता है पीड़ित बनता है फिर

1171
01:37:43,680 --> 01:37:47,840
कहीं कहीं पर कैरी मिना बनता है फिर कहीं कहीं पर हॉरर

1172
01:37:47,840 --> 01:37:52,000
स्टोरी टेलर बन जाता है एक नंबर का एक्टिंग बाज

1173
01:37:52,000 --> 01:37:56,040
मगर वो एक नंबर का एक नंबर कहां पर मिला वो चंपाकली वाली

1174
01:37:56,040 --> 01:38:00,200
फिल्में आती है ना जो सीग्रेड डाकू गंगू बाई

1175
01:38:00,200 --> 01:38:04,360
यह सब जो फिल्में आती थी सीग्रेट मिथुन मिथुन की बहुत आती थी शेरा चीता भगरा

1176
01:38:04,360 --> 01:38:08,800
ये सब उनमें ये एक नंबर वाली एक्टिंग है

1177
01:38:08,800 --> 01:38:13,760
जिस दिन हम फिल्में बनाने पर आएंगे धोती

1178
01:38:13,760 --> 01:38:19,760
वो हो जाएगी

1179
01:38:22,860 --> 01:38:28,860
[संगीत]

1180
01:38:32,120 --> 01:38:38,120
सी लोग और य

1181
01:38:40,520 --> 01:38:45,840
कोई करने

1182
01:38:45,840 --> 01:38:50,120
लिए ये यह आचार्य 2016

1183
01:38:50,120 --> 01:38:54,920
में स्वीकार कर रहे हैं य पर गजल लिख रहे हैं

1184
01:38:54,920 --> 01:38:59,320
लड़की को टैक कर रहे हैं उसमें लिखा है फीलिंग लव विथ

1185
01:38:59,320 --> 01:39:03,360
फलानी फलानी अच्छा इसका यही अर्थ क्यों लिया जाए कि तुमने

1186
01:39:03,360 --> 01:39:07,480
उसको केवल टैक किया

1187
01:39:07,480 --> 01:39:12,280
है इसने यहां स्वीकार कर लिया

1188
01:39:12,280 --> 01:39:18,280
फीलिंग लव

1189
01:39:18,640 --> 01:39:22,680
विथ यह भाई बचपन से ही सुधरे

1190
01:39:22,680 --> 01:39:26,840
हुए हैं यह इनको देवताओं के दर्शन मिलने लगे

1191
01:39:26,840 --> 01:39:31,440
थे सात आठ वर्ष की आयु से 2017 में इनको यंत्र मिला था

1192
01:39:31,440 --> 01:39:35,600
मगर 2017 से पहले हीय बाइपोलर के शिकार हो गए थे देवताओं

1193
01:39:35,600 --> 01:39:39,600
के होते हुए और इस बात के होते हुए कि जो आगे चलकर निगरा चार

1194
01:39:39,600 --> 01:39:45,000
बनने वाले देवीय योजना हैय और फिर इनको जो

1195
01:39:45,000 --> 01:39:49,280
है अनाधिकृत रूप से मतलब मतलब इनका विवाह

1196
01:39:49,280 --> 01:39:53,480
तो हुआ नहीं मगर ऐसी स्त्री के प्रति मोह भी आ रहा है

1197
01:39:53,480 --> 01:39:57,840
जो इनकी नहीं है जिन पर इनका अधिकार नहीं है और तो और यह फब

1198
01:39:57,840 --> 01:40:01,920
पर शायरी को वह कर रहे हैं एकत्रित कर रहे हैं क्यों भाई वह भी पढ़नी है

1199
01:40:01,920 --> 01:40:06,160
क्या कहीं पर तुम्हें वो जो देवता आते थे जो सपने में तुम्हारे

1200
01:40:06,160 --> 01:40:10,240
वो आते थे तुमको दिखाई देते थे उन्होंने यह भी कहा होगा कि आगे चलके तुम

1201
01:40:10,240 --> 01:40:14,360
भाष इत्यादि जो लिखोगे उसमें यह शायरी काम आएगी इसीलिए तुम्हें शायरी

1202
01:40:14,360 --> 01:40:18,760
संग्रहित करनी थी वाह क्या बात

1203
01:40:18,760 --> 01:40:23,760
बहुत बढ़िया चलो

1204
01:40:23,760 --> 01:40:28,480
शायरी कलेक्शन शायरी कलेक्शन कर रहे भाई और

1205
01:40:28,480 --> 01:40:33,360
उसको लिख रहे फीलिंग लव विद वैष्णवी यही नाम था

1206
01:40:33,360 --> 01:40:37,920
ना चलो इन्होंने व इनका व फोटो इन्होंने स्वीकार किया

1207
01:40:37,920 --> 01:40:42,760
यरी कले शायरी कलेक्शन के लिए व शायरी लिखी

1208
01:40:42,760 --> 01:40:48,200
थी मैं ह को गाली दूगा

1209
01:40:48,200 --> 01:40:52,280
देगा तेरे लिए कर्तव्य कर्तव्य की विषय में शास्त्र प्रमाण

1210
01:40:52,280 --> 01:40:56,800
है भाई मैं मत करो मैं तो मना किया है भगवान

1211
01:40:56,800 --> 01:41:00,800
जो अहंकार है ना इसको हटाना है भगवान ने क्या कहा है

1212
01:41:00,800 --> 01:41:05,040
वह बताओ तुमने क्या कहा है वह कोई नहीं सुनना चाहता

1213
01:41:05,040 --> 01:41:09,040
ाल बात में मुसर चंद मत बनो भगवान ने क्या कहा है वेद ने क्या कहा

1214
01:41:09,040 --> 01:41:15,040
है शास्त्र ने क्या कहा है वो बताओ अपनी मत

1215
01:41:18,720 --> 01:41:23,640
हाको अरे भाई तो क्या करें

1216
01:41:23,640 --> 01:41:27,640
से लड़ते लड़ते दुराचारी बन जाए माता सीता को एक वर्ष तक

1217
01:41:27,640 --> 01:41:31,800
रावण ने उसम रखा था कैद में तो मंदोदरी

1218
01:41:31,800 --> 01:41:36,480
को हरण कर लाए रामो विग्रह वान

1219
01:41:36,480 --> 01:41:40,680
धर्मा आर्य समाज विग्रह वान धर्मा नहीं है ूसो

1220
01:41:40,680 --> 01:41:45,000
ये बात अपने मन में आर्य समाज से सीखो के क्या करना

1221
01:41:45,000 --> 01:41:49,040
है

1222
01:41:49,040 --> 01:41:53,320
आजता कर हा हमारा ही भाई

1223
01:41:53,320 --> 01:41:59,320
ये भगतान छोटा भाई छोटू है

1224
01:42:05,800 --> 01:42:10,400
हमारा तो देते हो ना भाई मत दो ना

1225
01:42:10,400 --> 01:42:16,240
लड़ो अंतिम सांस तक लड़ो धर्म का आलंबन लेते हुए लड़के

1226
01:42:16,240 --> 01:42:20,280
लड़ो मर्यादा मत खो अपनी क्योंकि जैसे

1227
01:42:20,280 --> 01:42:24,360
ही हम शास्त्र के बाहर जा जाते हैं और उसको भी धर्म

1228
01:42:24,360 --> 01:42:28,480
का नाम देने लगते हैं तो फिर सबको छूट मिल जाती है कुछ भी करने की

1229
01:42:28,480 --> 01:42:32,880
मेरे साथ ऐसा हो रहा था इसलिए मैंने ऐसा किया मेरे साथ ऐसा हो रहा था इसलिए मैंने ऐसा किया

1230
01:42:32,880 --> 01:42:36,920
और अगर कर भी रहे हो तो फिर उसको धर्म का रूप मत दो कहो उतने अंश में

1231
01:42:36,920 --> 01:42:41,560
मैंने धर्म का आलंबन नहीं लिया है मैं गलत हूं वहां पर मत लेना मत करना आप

1232
01:42:41,560 --> 01:42:47,560
लोग

1233
01:42:47,840 --> 01:42:51,880
निग्रेस है अपना समझना जिस प्रकार लोग कहते हैं

1234
01:42:51,880 --> 01:42:55,880
कि इस कौन श्री कृष्ण और आर्य समाज वेद का ही तो प्रचार

1235
01:42:55,880 --> 01:43:00,160
बिल्कुल करेक्ट बात है बिल्कुल करेक्ट बात यह अपना

1236
01:43:00,160 --> 01:43:04,360
एक नया वो अप्र माणिक संप्रदाय खड़ा करने

1237
01:43:04,360 --> 01:43:08,480
पर तुला हुआ है जो कि मुश्किल है अब इसके लिए क्योंकि अब इसके रास्ते का बाधा रास्ते

1238
01:43:08,480 --> 01:43:12,800
में कांटा आ गया है बाधा उसका नाम है आहवान शिवांश

1239
01:43:12,800 --> 01:43:17,240
नारायण द्विवेदी प्रभु श्री राम का साधारण

1240
01:43:17,240 --> 01:43:21,480
भक्त और पुरी शंकराचार्य जी का

1241
01:43:21,480 --> 01:43:27,080
अल्पज्ञ शिष्य वो तुम्हारे रास्ते का बाधा है ओ

1242
01:43:27,080 --> 01:43:31,240
हो अब आगे बढ़ो ग मामले को बनाओगे तो

1243
01:43:31,240 --> 01:43:35,720
उसमें आगे हम भी बढ़ेंगे यह देख रहे हो उसकी

1244
01:43:35,720 --> 01:43:40,280
क्या बात कह रहा है कि भाई हमने जो है शायरी को कलेक्शन में करना था

1245
01:43:40,280 --> 01:43:44,280
यह बचपन से सुधरे हुए थे एक

1246
01:43:44,280 --> 01:43:49,400
जगह हम बचपन से ही सुधरे हुए हैं

1247
01:43:49,400 --> 01:43:55,280
सयरी कलेक्ट कर रहे हैं 2016 में

1248
01:43:55,280 --> 01:43:59,560
जो जिन पर अधिकार नहीं अपनी अधिकार की सीमा के बाहर मातृ शक्तियों

1249
01:43:59,560 --> 01:44:03,680
के लिए प्रेम प्रसंग में पढ रहे हैं बाइपोलर की बीमारी तो अलग बात है

1250
01:44:03,680 --> 01:44:09,680
हो जाना वह देवीय कृपा रही होगी

1251
01:44:13,080 --> 01:44:17,280
शायद विनम्रता नहीं अधर्म से विनम्रता

1252
01:44:17,280 --> 01:44:21,400
नहीं लड़ो अच्छा गाली से अर्थ क्या निकला तुम्हारा

1253
01:44:21,400 --> 01:44:26,160
बताओ जरा क्या निकला गाली निकला विनम्रता

1254
01:44:26,160 --> 01:44:30,200
और गाली में अंतर है मेरे भाई गाली ना देना और विनम्रता अंतर

1255
01:44:30,200 --> 01:44:34,240
है मर्यादा में रह कर के भी तुम सामने वाले को श्तो नाबूत कर

1256
01:44:34,240 --> 01:44:38,440
सकते हो अब हो सकता है तुम्हारे पास वो वाणी ना हो

1257
01:44:38,440 --> 01:44:42,560
हमारे पास तो है गुरु है ना हमारे पीछे गुरु गोविंद और

1258
01:44:42,560 --> 01:44:48,560
ग्रंथ रे पीछे क्या है समझ में नहीं आता

1259
01:44:48,720 --> 01:44:53,720
है अपने पा अ

1260
01:44:53,720 --> 01:44:57,800
शास्त्र से प्रमाण दो ना क्या कूटनीति इत्यादि सब क्या बकवास कर रहे

1261
01:44:57,800 --> 01:45:01,960
हो अपनी हर बात का प्रमाण शास्त्र से दो कि कौन से

1262
01:45:01,960 --> 01:45:06,280
हिस्से में किस कार्य को गाली देने योग्य समझा जाएगा

1263
01:45:06,280 --> 01:45:12,280
व प्रमाण दो क्या बकवास

1264
01:45:20,320 --> 01:45:24,760
है मुझे लगता है कि वो उदारवादी रहे आपके प्रति

1265
01:45:24,760 --> 01:45:29,320
मिलना कभी तो तुम्हें छका जाएंगे जैसे अभी देखा था ना

1266
01:45:29,320 --> 01:45:33,360
वो उनकी हालत देखी थी काशी में विद्वान बैठे थे जो

1267
01:45:33,360 --> 01:45:37,480
शास्त्री जी काशी के विद्वान गायत्री मंत्र जो है

1268
01:45:37,480 --> 01:45:41,600
वो कहीं कहीं बोल रहे गायत्री मंत्र अवैध मतलब गायत्री मंत्र की ओर

1269
01:45:41,600 --> 01:45:46,120
इशारा हो गया अवैध

1270
01:45:46,120 --> 01:45:50,200
है सिं आप लोग को ये तो पता

1271
01:45:50,200 --> 01:45:56,200
है कहा बोलना है लेकिन आप बोलते पता

1272
01:46:01,040 --> 01:46:07,040
सा अरे य सब हमें मत बताओ यार अपना अपना काम

1273
01:46:08,320 --> 01:46:12,920
करो करने लगना तब

1274
01:46:12,920 --> 01:46:17,080
बताना सब लोग सुनो सब लोग अपने उद्देश्य

1275
01:46:17,080 --> 01:46:21,320
को बहुत व्यवस्थित रूप सेही करने निकलते हैं है

1276
01:46:21,320 --> 01:46:25,680
ना सब लोग चाहते बत नीट एंड क्लीन सच्चिदानंद की आश

1277
01:46:25,680 --> 01:46:29,760
सबके अंदर याद है ना कपा जी का सिद्धांत

1278
01:46:29,760 --> 01:46:35,760
सब लोग यही चाहते मैं परफेक्ट करू जो भी

1279
01:46:37,720 --> 01:46:41,960
करूय देखो विक्टिम कार्ड तुम्हारे जैसे मूर्ख हमारी कथा को रुकवाने

1280
01:46:41,960 --> 01:46:47,960
का प्रयास कर रहे यह विक्टिम कार्ड

1281
01:46:53,040 --> 01:46:57,080
और संत कोई है नहीं यह संतों के सामने केवल झुकते हैं और संत

1282
01:46:57,080 --> 01:47:03,080
कोई है नहीं यह सबसे बड़ा हुआ

1283
01:47:03,840 --> 01:47:09,840
हैना लाल बत्ती जला के अकेले बंद कमरे में बैठ कर के अधर्म को झुकाते

1284
01:47:11,280 --> 01:47:15,360
हैं तो भैया यह सब हमने इनका सुन लिया प्रलाप विधवा

1285
01:47:15,360 --> 01:47:20,720
विलाप सब सुन लिया

1286
01:47:20,720 --> 01:47:25,200
तो प्रलाप सारा सुन तो अब बात यह आती है कि

1287
01:47:25,200 --> 01:47:30,160
अंत में सारी बातें होने के बाद हम फिर से कह रहे हैं चार चीजें

1288
01:47:30,160 --> 01:47:34,360
सबसे पहले भगवता अंद वह पदार्थ

1289
01:47:34,360 --> 01:47:38,400
बनाए जिसके कारण वशीकरण किया वश में किया जा सके किसी

1290
01:47:38,400 --> 01:47:42,640
को वो पदार्थ बना कर के हमें बताए कहां पर मिल सकते हम लोग एक सामंजस

1291
01:47:42,640 --> 01:47:47,160
बिठाए व मिलेंगे और वोह पदार्थ मुझे खिलाए जिससे मैं उसके अनुग हो जाऊ

1292
01:47:47,160 --> 01:47:51,880
जैसा कि आरोप उसने लगाया पूरी पीठ के परक पर

1293
01:47:51,880 --> 01:47:56,000
पहली बात दूसरी बात वो जो शास्त्रोक्त पक्ष है जो

1294
01:47:56,000 --> 01:48:00,000
उसको अपना सार्वजनिक करे सुलभ करे हो सकता है सार्वजनिक हो पर सुलभ नहीं

1295
01:48:00,000 --> 01:48:04,280
है बुद्ध के विषय में और

1296
01:48:04,280 --> 01:48:08,600
ये शबरी माता के विषय में दोनों के विषय में सार्वजनिक करो

1297
01:48:08,600 --> 01:48:12,600
अपना पक्ष कम्युनिटी पोस्ट पर डाल दो तो हमें मिल जाएगा पीडीएफ

1298
01:48:12,600 --> 01:48:17,080
बनाओ दोनों की या एक ही पीडीएफ में जैसा भी करना चाहो जिससे कि तुम्हारा

1299
01:48:17,080 --> 01:48:21,400
जब हमको सुलभ होगा तब तो हम कुछ उस पर बोलेंगे हमें पता ही नहीं है तुम उसम क्या

1300
01:48:21,400 --> 01:48:25,520
क्या चीज दे रहे हो और तीसरी बात

1301
01:48:25,520 --> 01:48:26,680
क्या है

1302
01:48:26,680 --> 01:48:30,800
अंतिम रूप से हां तीसरी बात यह है

1303
01:48:30,800 --> 01:48:34,800
कि जो तुमने मुख्य मुख्य जो वो चीज है

1304
01:48:34,800 --> 01:48:39,040
ना अपने अपने आप को बचाने के लिए तुमने क्या किया सौगंध खाई मैं ह वो विग्रह

1305
01:48:39,040 --> 01:48:43,080
लेल बहुत सी चीज है जिसमें तुमने सौगंध नहीं खाई है और मैंने अपने पिछले कुछ वीडियोस

1306
01:48:43,080 --> 01:48:47,080
में बता दिया देख लेना कि तुम्हें कहां कहा पर सौगंध खाने की आवश्यकता है उन

1307
01:48:47,080 --> 01:48:51,280
लोगों से सौगंध खिलवा की आवश्यकता है जो लोग तुमसे ये सब बातें बोल रहे हैं

1308
01:48:51,280 --> 01:48:55,320
ये तीसरी चीज और चौथी और अंतिम चीज ये सब लोग कान खोल के

1309
01:48:55,320 --> 01:48:57,880
सुन ले भगवता आनंद

1310
01:48:57,880 --> 01:49:02,160
यदि तुमने निष्ठा पूर्वक माता जी का दुख पान किया यदि आपकी माता

1311
01:49:02,160 --> 01:49:06,280
जी ने आपको निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो आके प्रत्यक्ष वार्ता

1312
01:49:06,280 --> 01:49:10,360
करो और सिद्ध करो कि विजया श्री फ्री मेशन

1313
01:49:10,360 --> 01:49:14,400
से है विजया श्री के बारे में जो तुमने आक्षेप

1314
01:49:14,400 --> 01:49:18,480
लगाए हैं वो सत्य है और फिर सिद्ध करो पीठ जो पूरी पीठ

1315
01:49:18,480 --> 01:49:22,480
के परिकर है उन पर जो आक्षेप तुमने लगाए हैं वो वो सब सत्य

1316
01:49:22,480 --> 01:49:27,240
है और फिर सिद्ध करो तुम्हारा वो निगरा चार्य वाला पद

1317
01:49:27,240 --> 01:49:29,960
परंपरा आओ मिलते

1318
01:49:29,960 --> 01:49:34,040
हैं ठीक है तो यह तीन चीजें मुख्य रूप से होंगी बाकी और भी चीजें

1319
01:49:34,040 --> 01:49:39,600
हो सकता है जब बात आगे बढ़ेंगी तो एक एक करके विषयों पर लेते जाएंगे

1320
01:49:39,600 --> 01:49:45,600
और उनके समर्थकों को

1321
01:49:49,160 --> 01:49:53,240
भी और जो यह पीडीएफ वाली बात है के विषय

1322
01:49:53,240 --> 01:49:57,240
में तो वहां पर थोड़ी बहुत जानकारी री वेबसाइट पर हमें प्राप्त हुई

1323
01:49:57,240 --> 01:50:01,240
थी मगर हम उस परे अगर काम करें तो

1324
01:50:01,240 --> 01:50:05,520
हो सकता है तुम्हारा कु जो लेख हो वो प्रॉपर वाला अलग हो तो इसलिए अपना प्रॉपर

1325
01:50:05,520 --> 01:50:09,640
जो चीजें है बुद्ध और इसकी सुलभ करवाओ तो यह

1326
01:50:09,640 --> 01:50:13,920
सब चीजें हमने बोल दी एट द एंड और इसके बाद जो तुम अगर लाइव करोगे

1327
01:50:13,920 --> 01:50:17,960
ये वाली वैसे तुमने मना कर दिया कि हम पाच घंटे वाली लाइव के बाद उसकी लाइव का

1328
01:50:17,960 --> 01:50:22,040
जवाब नहीं देंगे अगर नहीं देते हो तो कोई बात नहीं मगर अगर देते भी हो तो हम तुम्हारा जवाब अवश्य

1329
01:50:22,040 --> 01:50:26,520
नहीं देंगे हम जो है रामो दना भी भाष ते वो सीखा था

1330
01:50:26,520 --> 01:50:30,600
हा उन्हीं की कृपा राम को जान गए थे थोड़ा बहुत उन्हीं की कृपा से

1331
01:50:30,600 --> 01:50:35,000
ही गुरु मिले ग्रंथ मिले गोविंद की कृपा से ही मिले

1332
01:50:35,000 --> 01:50:39,080
तो वो थोड़ा सा उनका प्रभाव पड़ गया था थोड़ा सा सटक गया था दिमाग राम

1333
01:50:39,080 --> 01:50:43,200
नाम सेम दूसरी चीज आ गई तो क्या

1334
01:50:43,200 --> 01:50:46,200
है कि

1335
01:50:46,200 --> 01:50:50,480
हम नहीं करेंगे अगर तुमने दोबारा ऐसे ही लाइव चला चला करके और इस तरह से प्रश्न

1336
01:50:50,480 --> 01:50:54,520
हां कोई नया वि विषय कुरेद लाओगे और आवश्यक लगेगा तो उस पर अवश्य वीडियो

1337
01:50:54,520 --> 01:50:58,720
बना देंगे यह सब चीज हो गई और कुछ

1338
01:50:58,720 --> 01:51:02,800
ऐसी बातें हैं जैसे कुछ हमें वीडियोस देने है कि कहां कहा तुमने उ पास उड़ाया

1339
01:51:02,800 --> 01:51:06,800
या कहां कहा जैसे प्रेमानंद जी वाली बात है वो मुझे याद है तो इन

1340
01:51:06,800 --> 01:51:10,960
सब चीजों पर या फिर तुम्हारे बारे में जो सामग्रियां आ रही है तुम्हारे विरोध

1341
01:51:10,960 --> 01:51:15,400
में वो सब उन सामग्रियों के आधार पर तुम निर्णय ले लेते हो तो वो सब हो सकता है आती रहे

1342
01:51:15,400 --> 01:51:19,520
यह सब चीज और बाकी अगर भगवता नंद नहीं

1343
01:51:19,520 --> 01:51:23,520
आ रहे हैं तो अगर उनका कोई समर्थ है

1344
01:51:23,520 --> 01:51:27,720
वो आ सकता है और वो जो है अपने

1345
01:51:27,720 --> 01:51:31,920
गुरु की तरफ से खड़ा हो सकता है भाई कोई तो ऐसा जना होगा ना हमारे गुरु

1346
01:51:31,920 --> 01:51:36,360
ने तो बहुत सारे ज जन दिए तो हो रहे हैं तो

1347
01:51:36,360 --> 01:51:40,560
तुमने भी तो कोई एक आद ऐसा खड़ा किया होगा उसको भेजो या यहां पर कोई और समर्थक

1348
01:51:40,560 --> 01:51:44,600
हो उनका तो वो आ जाए फिलहाल तो यहां पर हमारा एंड

1349
01:51:44,600 --> 01:51:46,840
होता

1350
01:51:46,840 --> 01:51:51,160
है सभी को जय श्री राम और हां

1351
01:51:51,160 --> 01:51:55,320
अ गड़िया वैष्णव संप्रदाय के

1352
01:51:55,320 --> 01:51:59,360
जो रघुनाथ दास शास्त्री जी हैं उनके

1353
01:51:59,360 --> 01:52:01,200
साथ हमारी चर्चा हो गई है इसकन के

1354
01:52:01,200 --> 01:52:05,240
विषय में बहुत गंभीर चीजें गंभीर राज है उन्होंने खोले वो वीडियो जल्दी आने

1355
01:52:05,240 --> 01:52:09,240
वाला है उसको सभी लोग देखें जय श्री राम
