1
00:00:02,520 --> 00:00:06,560
तो सभी को जय श्री राम और जय

2
00:00:06,560 --> 00:00:10,680
श्री राम। एक प्रासंगिक विषय चल रहा

3
00:00:10,680 --> 00:00:15,040
है। अ सच के आसपास वाला झूठ

4
00:00:15,040 --> 00:00:19,280
है जो प्रचारित किया जा रहा है। प्रचारित करने

5
00:00:19,280 --> 00:00:23,520
वाले कुछ अपने भी हैं। अ कुछ

6
00:00:23,520 --> 00:00:27,520
दिशाहीन लोग भी हैं और प्रचारित

7
00:00:27,520 --> 00:00:31,600
करने वाले ऐसे लोग भी हैं जिनको पूरी जानकारी नहीं दी गई

8
00:00:31,600 --> 00:00:35,600
जिसमें उनकी कोई गलती नहीं है। परंतु उनके माध्यम से भी ऐसा हो रहा

9
00:00:35,600 --> 00:00:39,600
है कि ऐसी चीजें फैल रही है, फैलाई जा रही हैं जो

10
00:00:39,600 --> 00:00:44,480
नहीं फैलनी चाहिए। तो आज हम उसी पर बात करेंगे

11
00:00:44,480 --> 00:00:48,600
और हमारे साथ विजय जी जुड़ने वाली हैं कुछ ही समय

12
00:00:48,600 --> 00:00:53,960
में। अ तब तक हम थोड़ा सा

13
00:00:53,960 --> 00:00:58,080
एक मामला है जिस पर मतलब जिस

14
00:00:58,080 --> 00:01:02,080
मामले पर हम लोग बात करने आए हैं उस पर थोड़ा सा प्रकाश डाल

15
00:01:02,080 --> 00:01:04,520
दें।

16
00:01:04,520 --> 00:01:09,680
तो आपने देखा होगा कुछ समय पूर्व

17
00:01:09,680 --> 00:01:13,880
एक विजय श्री नाम की जो मातृशक्ति थी वो हमारे चैनल पर आई थी

18
00:01:13,880 --> 00:01:17,080
लाइव

19
00:01:17,080 --> 00:01:21,120
और उनके साथ हमारी करीब एक

20
00:01:21,120 --> 00:01:25,120
डेढ़ घंटे की शायद चर्चा रही होगी जिसमें कि उन्होंने बताया था कि

21
00:01:25,120 --> 00:01:29,440
किस प्रकार जब वो धर्म को नहीं जानती

22
00:01:29,440 --> 00:01:33,520
थी शास्त्र को नहीं जानती थी प्रामाणिक आचार्य को नहीं जानती

23
00:01:33,520 --> 00:01:37,680
थी। यह सब चीजें जब उनके जीवन में थी एक तरीके से कह

24
00:01:37,680 --> 00:01:42,000
सकते हैं कि वो एक दिशाहीन बट हिंदू थी। दिशाहीन हिंदू

25
00:01:42,000 --> 00:01:48,000
सभी को जय श्री

26
00:01:48,680 --> 00:01:53,280
राम। हां तो मेरी आवाज कट रही है। शिवा जी।

27
00:01:53,280 --> 00:01:58,080
मेरी आवाज कट रही है। कोई बताएगा क्या?

28
00:01:58,080 --> 00:02:02,240
आपका नेटवर्क बीच-बीच में नहीं मेरे पास

29
00:02:02,240 --> 00:02:05,880
तो बहुत अच्छा फाइबर है

30
00:02:05,880 --> 00:02:09,920
जो जो आप ही के परामर्श के बाद मैंने लगवाया

31
00:02:09,920 --> 00:02:14,000
था खैर आ रही है आवाज अभी फ्लो

32
00:02:14,000 --> 00:02:18,080
में आ रही है निर्बाद रूप से आ रही है

33
00:02:18,080 --> 00:02:22,240
एक बार बता दीजिए आवाज क्लियर आ रही है ना ठीक है ठीक है ठीक है फिर मेरी मेरी

34
00:02:22,240 --> 00:02:26,640
नेटवर्क समस्या होगी जी जी जी तो आपने

35
00:02:26,640 --> 00:02:30,640
कुछ समय समय पूर्व देखा होगा कि हमारे चैनल पर एक मातृशक्ति है जो

36
00:02:30,640 --> 00:02:32,360
लाइव जुड़ी थी।

37
00:02:32,360 --> 00:02:36,480
अह जिनका नाम विजय श्री है। अब वर्तमान में और उनका पूर्व का

38
00:02:36,480 --> 00:02:40,640
नाम रिदमम कपूर था और

39
00:02:40,640 --> 00:02:45,640
लगभग मेरे ख्याल से डेढ़ से दो वर्ष पूर्व की बात है।

40
00:02:45,640 --> 00:02:48,600
जब

41
00:02:48,600 --> 00:02:53,040
अ मैं हमने इस की कुछ

42
00:02:53,040 --> 00:02:57,360
किताबें बेची जा रही थी। इस द्वारा जो मिस ट्रांसलेटेड

43
00:02:57,360 --> 00:03:01,440
भगवत गीता है। उसका प्रचार किया जा रहा था। तो हमने वहां जाकर के

44
00:03:01,440 --> 00:03:05,440
कुछ अपने प्रश्न किए थे वहां पर कि ऐसा ऐसा क्यों

45
00:03:05,440 --> 00:03:09,680
है आपकी भगवत गीता में? तो वो वीडियो जब हमने

46
00:03:09,680 --> 00:03:13,680
इंटरनेट पर डाला तो कई लोगों के पास पहुंचा। उस वीडियो को विजय

47
00:03:13,680 --> 00:03:18,880
जी जिनका नाम तब रिदमम कपूर था उन्होंने देखा और

48
00:03:18,880 --> 00:03:22,960
उस समय हमारे जो समर्थक थे वो उतने ज्यादा नहीं थे जब हमने वो

49
00:03:22,960 --> 00:03:27,360
वीडियो डाला था और विजय जी देखा जाए अगर Instagram

50
00:03:27,360 --> 00:03:31,600
के समर्थकों की गणना को अगर देखेंगे तो उस समय वो

51
00:03:31,600 --> 00:03:35,840
एक अच्छी स्थिति में थी और आमतौर

52
00:03:35,840 --> 00:03:39,920
पे हमने देखा हमने देखा है कि जब जो

53
00:03:39,920 --> 00:03:44,320
भौतिकवादी लोग हैं जिन जिनको जिनको लालच रहता है जिनके लिए अर्थ प्राथमिकता

54
00:03:44,320 --> 00:03:47,360
से होता है। उसके बाद दूसरी चीजें होती हैं। या

55
00:03:47,360 --> 00:03:51,560
फिर अब वो किसी माध्यम से अच्छे से पैसा बटोर रहे

56
00:03:51,560 --> 00:03:55,880
हैं। तो ऐसे लोग जो होते

57
00:03:55,880 --> 00:04:00,000
हैं वो कुछ विषयों में कट्टरता के

58
00:04:00,000 --> 00:04:04,400
साथ अपना पक्ष रखने से सदैव बचते हैं।

59
00:04:04,400 --> 00:04:08,560
जैसे मान लीजिए कोई अच्छा यूबर हो गया तो वह मनुवाद की उन

60
00:04:08,560 --> 00:04:12,720
बातों को जिन पर विवाद हो रहा है उन बातों को बहुत मतलब

61
00:04:12,720 --> 00:04:16,880
साफ सुथरे तरीके से वो खुद मानता हो भले ही अपने जीवन में

62
00:04:16,880 --> 00:04:20,880
परंतु उनको स्पष्ट रूप से वो कहता नहीं है आकर

63
00:04:20,880 --> 00:04:24,960
के और जितनी भी ये जैसे इस इत्यादि

64
00:04:24,960 --> 00:04:29,200
ब्रह्मा कुमारीज इत्यादि संस्थाएं हैं इनको भी आप देख लीजिए इनकी जो अपनी

65
00:04:29,200 --> 00:04:33,600
मान्यताएं हैं जिस समय प्रचार करने आते हैं तो उस समय

66
00:04:33,600 --> 00:04:38,240
आपको अंदर की जो मूल मान्यता है उसको ना बता करके मिलाजुला

67
00:04:38,240 --> 00:04:42,320
सा जवाब देते हैं जिससे कि कहीं उनकी जो वो जो कट्टरता है

68
00:04:42,320 --> 00:04:46,720
वो जो डिप्लोमेटिक तरीका है उनका उसके कारण

69
00:04:46,720 --> 00:04:51,360
जो आने वाला व्यक्ति है वो उनसे कहीं सतर्क ना हो जाए जिसको वो

70
00:04:51,360 --> 00:04:55,920
मेंटली पज़ेस करना चाहते हैं। तो

71
00:04:55,920 --> 00:05:00,000
आमतौर पर आज के जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर है खासतौर पर ऐसे जो मनुवादी

72
00:05:00,000 --> 00:05:03,360
नहीं है जिनके जीवन में प्रामाणिक आचार्य नहीं है

73
00:05:03,360 --> 00:05:07,440
यहां तक कि आप देखिए गौतम खट्टर को। गौतम खट्टर यूं तो

74
00:05:07,440 --> 00:05:11,440
आर्य समाज से जुड़ा हुआ व्यक्ति है। है ना? परंतु वह

75
00:05:11,440 --> 00:05:15,520
भी कई जगह पर जो है साफ सुथरा जवाब नहीं देता। जैसे

76
00:05:15,520 --> 00:05:19,520
कि एक जगह का मुझे याद है। काफी जगह ऐसा हुआ होगा। पर एक

77
00:05:19,520 --> 00:05:23,600
जगह का मुझे याद है कि उससे पूछा गया कि साईं की पूजा क्यों होती है?

78
00:05:23,600 --> 00:05:27,760
या साईं को भगवान क्यों माना जाता है? है ना? तो गौतम

79
00:05:27,760 --> 00:05:31,840
खट्टर ने वहां यह नहीं कहा कि मूर्ति पूजा गलत है। अधर्म है। साईं

80
00:05:31,840 --> 00:05:36,600
हो चाहे कोई भी हो। गौतम खट्टर

81
00:05:36,600 --> 00:05:40,720
ने वहां पर यह कहा कि हमारे शंकराचार्य तो

82
00:05:40,720 --> 00:05:44,800
नहीं मानते। शंकराचार्य का आलंबन लिया गौतम

83
00:05:44,800 --> 00:05:49,200
खट्टर ने। पॉइंट टू बी नोटेड। अब बात क्या है कि क्यों नहीं बोलते

84
00:05:49,200 --> 00:05:53,200
हैं क्लियर कट। ये लोग अपनी बात मूर्ति पूजा अधर्म है

85
00:05:53,200 --> 00:05:57,360
पाप है क्योंकि यह YouTube पे फॉलोअशिप में आगे बढ़

86
00:05:57,360 --> 00:06:01,440
चुके हैं तो अपनी कट्टरता नहीं दिखा सकते हालांकि शंकराचार्य का

87
00:06:01,440 --> 00:06:05,520
खंडन भी करते हैं ये मंच पे जाकर के जाकर के

88
00:06:05,520 --> 00:06:09,600
कहेंगे अरे शंकराचार्य क्या कर रहे हैं तब क्या कर रहे थे तब और

89
00:06:09,600 --> 00:06:13,680
उन्हीं शंकराचार्य का आलंबन लेकर के उस बात का जवाब दे रहे हैं जब पूछा

90
00:06:13,680 --> 00:06:18,000
गया कि साईं की पूजा क्यों करते हो तो बोल रहे हैं कि हमारे शंकराचार्य

91
00:06:18,000 --> 00:06:18,560
नहीं मानते

92
00:06:18,560 --> 00:06:22,960
मतलब शंकराचार्य इनके लिए प्रमाण है। ऐसा वहां पर

93
00:06:22,960 --> 00:06:27,800
दिखाते हुए और इन्होंने अपनी बात को रख

94
00:06:27,800 --> 00:06:32,440
दिया। तो आमतौर पर देखा जाता है

95
00:06:32,440 --> 00:06:36,720
कि जो इस तरह के दिशाहीन यूर्स

96
00:06:36,720 --> 00:06:41,200
हैं या दिशाहीन जो भौतिकवादी

97
00:06:41,200 --> 00:06:45,280
लोग हैं वो धार्मिक विषय में विशेष तौर पर वह अपनी कट्टरता

98
00:06:45,280 --> 00:06:49,520
दिखाने से बचते हैं। पर उस समय

99
00:06:49,520 --> 00:06:53,520
जो रिदमम जी है यानी कि आज की जो विजय श्री इन्होंने ऐसा नहीं किया और

100
00:06:53,520 --> 00:06:57,920
वहां पर पुरजोर हमको समर्थन प्रकट किया। तो इससे हमें भी ढांडस

101
00:06:57,920 --> 00:07:02,000
मिला कि भाई और भी लोग हैं हमारे अलावा जो

102
00:07:02,000 --> 00:07:06,080
कहीं ना कहीं धर्म के प्रति सोच रहे हैं। भले ही उनको पूर्णतया भी चीजें

103
00:07:06,080 --> 00:07:10,080
नहीं मालूम है। जिज्ञास जिज्ञासु है मगर जैसे हम

104
00:07:10,080 --> 00:07:14,240
जानने के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं वैसे ही कुछ लोग और भी हैं जो जानने के पथ पर आगे

105
00:07:14,240 --> 00:07:18,320
बढ़ रहे हैं। तो इन्होंने वहां से हमारा संपर्क हुआ विजय

106
00:07:18,320 --> 00:07:22,320
जी से और फिर उस संपर्क होने के कारण विचारों

107
00:07:22,320 --> 00:07:26,480
का आदान प्रदान होना जैसे उन्होंने उनका कहीं पर इंटरव्यू होने वाला था

108
00:07:26,480 --> 00:07:30,800
तो उन्होंने हमसे पूछा कि सच्चिदानंद की जैसे

109
00:07:30,800 --> 00:07:33,680
पूछा जाए अगर हमसे इंटरव्यू में कि धर्म क्या होता है तो हम

110
00:07:33,680 --> 00:07:37,840
क्या परिभाषा दें तो जो गुरुदेव के मुख से जो थोड़ा बहुत ज्ञान अर्जित

111
00:07:37,840 --> 00:07:42,240
हुआ था प्रभु श्री राम की कृपा से उसी को मैंने एज इट इज वहां उनको बता दिया

112
00:07:42,240 --> 00:07:46,400
जो मैं यहां पर मेरे ख्याल से हर दूसरे मेरे वीडियो में

113
00:07:46,400 --> 00:07:51,200
रटता हूं। है ना? धर्म की परिभाषा।

114
00:07:51,200 --> 00:07:55,280
तो इन्होंने अपने इंटरव्यू में जाकर के अच्छा तब तक उस इंटरव्यू से इनका वो जो

115
00:07:55,280 --> 00:07:59,280
इंटरव्यू हुआ था क्या नाम है? महागेथा नाम का कोई चैनल है वहां इनका

116
00:07:59,280 --> 00:08:03,360
इंटरव्यू हुआ था। तो इन्होंने उस इंटरव्यू में मेरे से तब तक ये

117
00:08:03,360 --> 00:08:07,520
जान चुकी थी। प्रामाणिक आचार परंपरा से होना चाहिए। उससे पहले परंपरा का शब्द इन्हें नहीं मालूम

118
00:08:07,520 --> 00:08:11,920
था कि आचार्य जो है परंपरा से होना चाहिए। तो संपर्क में आने के बाद इन्होंने परंपरा

119
00:08:11,920 --> 00:08:16,080
जब जाना और फिर वहां पर इनसे जब पूछा गया धर्म क्या है? सनातन धर्म

120
00:08:16,080 --> 00:08:20,400
क्या है? तो फिर इन्होंने वहां पर बताई उसकी डेफिनेशन कि सनातन

121
00:08:20,400 --> 00:08:24,480
धर्म क्या है? तो इस तरह से होता हुआ और फिर

122
00:08:24,480 --> 00:08:28,560
धीरे-धीरे जब ये और सिद्धांतों को जानने लगी तो इनके मन में

123
00:08:28,560 --> 00:08:32,960
गुरुदेव के प्रति निष्ठा आई। सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति निष्ठा

124
00:08:32,960 --> 00:08:36,960
आई। आदि शंकराचार्य के साथ इनका बचपन से एक

125
00:08:36,960 --> 00:08:40,960
कनेक्शन था। ये जानती नहीं थी कि वो उनकी उनकी महत्ता क्या

126
00:08:40,960 --> 00:08:45,120
है। पर इनके जीवन में भगवत पाद आदि शंकराचार्य जी सदैव थे

127
00:08:45,120 --> 00:08:48,800
किसी ना किसी रूप में। तो ऐसे करते हुए इनके

128
00:08:48,800 --> 00:08:52,960
मन में भावना उत्पन्न हो गई कि भाई मुझे जो है शंकराचार्य जी से दीक्षित

129
00:08:52,960 --> 00:08:56,960
होना है और जब यह

130
00:08:56,960 --> 00:09:01,840
शायद लेने वाली थी दीक्षा उससे कुछ समय पूर्व तक

131
00:09:01,840 --> 00:09:06,120
यह अपने हर वीडियो के अंत में प्रणव शांति

132
00:09:06,120 --> 00:09:10,240
प्रणव ये उच्चारण करती थी जो कि गुरुदेव बताते हैं कि

133
00:09:10,240 --> 00:09:15,040
महिलाओं के लिए उच्चारण प्रणव का नहीं होना चाहिए। आज

134
00:09:15,040 --> 00:09:19,200
ये तो मैं आज यही देख रहा था मैं तो मैंने गलती से

135
00:09:19,200 --> 00:09:23,440
मेरे पास हां मेरे पास सजेशन में आया था Facebook पर और मैंने

136
00:09:23,440 --> 00:09:27,440
देखा तो आज ही मुझे लगा था मैंने कहा अरे ये कैसे तो फिर बाद में पता

137
00:09:27,440 --> 00:09:31,600
लगा ये तो बहुत पुरानी वीडियो है हां तो इनकी एक

138
00:09:31,600 --> 00:09:36,840
पहचान थी अपने हर वीडियो के अंत में ये बोलती थी प्रणव शांति

139
00:09:36,840 --> 00:09:40,120
प्रणव

140
00:09:40,120 --> 00:09:44,640
तो मैंने इनको कभी नहीं कहा कि आप महिलाएं

141
00:09:44,640 --> 00:09:48,640
जो है प्रणव का उच्चारण नहीं करना चाहिए। मैंने शुरू से अंत तक इनको ऐसे कभी नहीं कहा

142
00:09:48,640 --> 00:09:52,720
क्योंकि गुरुदेव के जो वाक्य हैं वो मैं प्रयास करता हूं

143
00:09:52,720 --> 00:09:57,320
केवल सुनू नहीं उनको आत्मसात करूं। गुरुदेव कहते हैं अपनी बात को

144
00:09:57,320 --> 00:10:01,680
सदैव दर्शन विज्ञान व्यवहार के सामंजस्य के साथ रखो।

145
00:10:01,680 --> 00:10:05,760
एक दिन में किसी को देसी घी मत पिला डालो। पूरा ये दो तीन वाक्य

146
00:10:05,760 --> 00:10:09,840
थे। तो मैं कभी भी मैं इनको बाकी सब चीजें बताता था। मगर यह नहीं कहता

147
00:10:09,840 --> 00:10:13,920
था कि आप प्रणव का उच्चारण मत करो। कभी नहीं कहता था। किसी दिन इन्होंने

148
00:10:13,920 --> 00:10:18,000
गुरुदेव के सिद्धांतों को अपनी किसी सखी के

149
00:10:18,000 --> 00:10:22,000
साथ ताजा किया और वहां पर उसने इनको

150
00:10:22,000 --> 00:10:26,160
टोक दिया कि तुम भी तो प्रणव का उच्चारण कर रही हो अपने हर वीडियो के अंत में

151
00:10:26,160 --> 00:10:30,160
तो इनका फोन मेरे पास आता है कि भाई मैं जो कर रही हूं क्या वो भी गलत

152
00:10:30,160 --> 00:10:34,320
है? मैंने कहा बिल्कुल पर मैंने तो यह बोलती है तो आपने मुझे बताया

153
00:10:34,320 --> 00:10:38,400
क्यों नहीं? मैंने कहा मैं एक दिन में घी कैसे पिला दूं?

154
00:10:38,400 --> 00:10:42,480
अगर आप पूछती देखिए ब्रह्मा कुमारीज या इस

155
00:10:42,480 --> 00:10:46,640
की स्ट्रेटजी और हमारी स्ट्रेटजी में इतना फर्क है कि ब्रह्मा कुमारी

156
00:10:46,640 --> 00:10:50,640
जो स्कन से जो बातें विवादास्पद है उनप अगर सवाल

157
00:10:50,640 --> 00:10:55,520
किया जाएगा तो वो वहां झूठ भी बोल देंगे दोहरी बातें बोल देंगे

158
00:10:55,520 --> 00:10:59,680
और हमारी स्ट्रेटजी में ये है कि हम एक ही दिन में घी नहीं पिला रहे हैं। मगर

159
00:10:59,680 --> 00:11:03,680
यदि आपने पूछ लिया कि प्रणव का उच्चारण मैं करूं

160
00:11:03,680 --> 00:11:07,840
या ना करूं तो फिर हम सत्य ही बोलेंगे। हम धीरे-धीरे

161
00:11:07,840 --> 00:11:11,840
आपको देंगे सत्य को घी को देंगे। मगर यदि आपने पहले

162
00:11:11,840 --> 00:11:16,000
ही कहा कि हमें आज ही दे दो तो हम दे देंगे। फिर हम वहां झूठ नहीं बोल देंगे कि

163
00:11:16,000 --> 00:11:20,320
नहीं नहीं मत करो वो किया करो प्रणव का उच्चारण अच्छा है। गुड

164
00:11:20,320 --> 00:11:24,480
क्योंकि आप हमारे समर्थक हो क्योंकि आपके फॉलोअर्स ज्यादा है हमारे कम

165
00:11:24,480 --> 00:11:28,640
है। है ना? तो इस तरह से नहीं

166
00:11:28,640 --> 00:11:32,640
किया और तो इन्होंने कहा कि आपको हमें बताना चाहिए था और उसके

167
00:11:32,640 --> 00:11:36,800
बाद से इन्होंने अपनी वह जो पहचान थी एक स्लोगन था इनका

168
00:11:36,800 --> 00:11:41,040
भाई एक होता है ना कि व्यक्ति के कुछ चीजें होती है वो जैसे

169
00:11:41,040 --> 00:11:45,280
हमारा है रामो विग्रह धर्म है ना तो एक कुछ

170
00:11:45,280 --> 00:11:49,360
स्लोगन होते हैं जैसे ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है हमारा स्लोगन है

171
00:11:49,360 --> 00:11:53,840
तो अब इसने माना है स्लोगन है ठीक है वो शास्त्रोक्त

172
00:11:53,840 --> 00:11:59,280
है या एक और है मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में।

173
00:11:59,280 --> 00:12:03,400
मैं खुद को बोलना नहीं चाहता था। मैंने बोल दिया

174
00:12:03,400 --> 00:12:07,600
ना मैं उसको बोलना नहीं चाहता था। तो क्या

175
00:12:07,600 --> 00:12:10,600
है कि एक इनकी पहचान थी

176
00:12:10,600 --> 00:12:14,960
प्रणव प्रणव शांति प्रणव मगर इन्होंने

177
00:12:14,960 --> 00:12:19,040
उसको भी त्याग दिया। तो इससे कहीं ना कहीं देखिए इस जर्नी को मैं देख

178
00:12:19,040 --> 00:12:23,280
रहा हूं। मैं साक्षी हूं। तो मुझे पता चल रहा है कि व्यक्ति कैसे कैसे

179
00:12:23,280 --> 00:12:28,000
कैसे करके आगे बढ़ रहा है अपने धर्म के पथ पर।

180
00:12:28,000 --> 00:12:32,280
तो यह भी सीक्वेंस हुआ कि इन्होंने उसको त्याग दिया। उसके बाद

181
00:12:32,280 --> 00:12:36,720
इन्होंने जयपुर में जो गत वर्ष जो गुरुदेव का

182
00:12:36,720 --> 00:12:41,520
जन्मोत्सव मनाया गया था वहां जाकर के उनसे दीक्षा प्राप्त की गुरुदेव से

183
00:12:41,520 --> 00:12:45,600
और फिर इनको यदा कदा जो जहां समय मिल गया

184
00:12:45,600 --> 00:12:50,000
तो ये वहां उस शिविर में पहुंची गुरुदेव के एक दो बार और

185
00:12:50,000 --> 00:12:54,080
जो है गुरुदेव के सिद्धांतों को जाना गुरुदेव की सेवा करने का भी अवसर इनको

186
00:12:54,080 --> 00:12:58,560
प्राप्त हुआ जितना इनकी अधिकार की सीमा में है उतना

187
00:12:58,560 --> 00:13:02,880
तो ये तो इनकी वो जीवनी रही तो अब अब बात ये आ रही है कि इन अब उसके

188
00:13:02,880 --> 00:13:07,040
बाद क्या है कि क्योंकि इनका अच्छा खासा एक पेज बन चुका है। जब

189
00:13:07,040 --> 00:13:11,520
गुरुदेव से दीक्षा ली थी उससे पहले तक इनके लगभग 1 लाख के समथिंग फॉलोवर्स

190
00:13:11,520 --> 00:13:15,520
हो चुके थे। गुरुदेव से दीक्षा लेने से पहले तक।

191
00:13:15,520 --> 00:13:19,680
तो गुरुदेव से दीक्षा लेने के बाद यह आगे बढ़ रही है। मगर

192
00:13:19,680 --> 00:13:24,240
अब बात यह है कि जब इनको मनुवाद के सिद्धांतों का पता चला सर्वशक्तिमान

193
00:13:24,240 --> 00:13:25,680
ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष

194
00:13:25,680 --> 00:13:29,680
शाश्वत धर्म के बारे में पता चला तो ये अपने उस पेज का उपयोग

195
00:13:29,680 --> 00:13:33,760
यहां भी कर रही हैं कि हम अपने गुरु के वाक्यों का प्रचार प्रसार करें। अपने अधिकार

196
00:13:33,760 --> 00:13:38,280
की सीमा में लोगों को बताएं कि गायत्री मंत्र का

197
00:13:38,280 --> 00:13:42,400
उपयोग उसको नहीं करना चाहिए। महिलाओं को नहीं करना

198
00:13:42,400 --> 00:13:46,960
चाहिए। अब अब यह तो इनकी एक जर्नी रही कि भाई विजयश्री

199
00:13:46,960 --> 00:13:51,360
कौन है और वह कैसे गुरुदेव तक पहुंची और वह आज के समय में क्या कर रही हैं।

200
00:13:51,360 --> 00:13:55,520
हालांकि उनका जो मूल आजीविकोपार्जन का माध्यम है वो एक योग

201
00:13:55,520 --> 00:13:59,920
शिक्षिका है। कोई उनको आचार्य समझता है तो वो गलत है।

202
00:13:59,920 --> 00:14:03,920
तो वो एक योग शिक्षिका है और योग शारीरिक

203
00:14:03,920 --> 00:14:08,160
तौर पर वो योग सिखाती है। वो आध्यात्मिक वाला जो पार्ट है ऐसा

204
00:14:08,160 --> 00:14:12,160
नहीं है कि वो दार्शनिक स्तर पर योग सिखाती हो। शारीरिक स्तर

205
00:14:12,160 --> 00:14:16,480
पर वो योग सिखाती हैं। और इसका कारण यह है कि मूलभूत उनका आजीविक कोपार्जन

206
00:14:16,480 --> 00:14:21,120
का माध्यम वही है और यहां तक कि उन्होंने अपने पूरे जीवन संघर्ष किया

207
00:14:21,120 --> 00:14:25,120
इस विद्या को जानने के लिए। अब उनके पास कोई और रास्ता

208
00:14:25,120 --> 00:14:28,200
भी नहीं है।

209
00:14:28,200 --> 00:14:32,240
तो ये उनकी पूरी एक अगर समराइज किया जाए, पूछा

210
00:14:32,240 --> 00:14:36,480
जाए जैसा कि आज का हमारा पहला प्रश्न हो सकता है कि ये विजयश्री

211
00:14:36,480 --> 00:14:40,480
हैं कौन? तो ये हैं विजयश्री। अब मामला

212
00:14:40,480 --> 00:14:40,980
क्या

213
00:14:40,720 --> 00:14:44,880
है? मामला यह है कि विजय श्री के

214
00:14:44,880 --> 00:14:49,120
भूतकाल के समय को लेकर के, भूतकाल के चित्रों

215
00:14:49,120 --> 00:14:53,600
को लेकर के, भूतकाल में उनकी जीवन शैली को लेकर के उन पर कटाक्ष

216
00:14:53,600 --> 00:14:57,680
किया जा रहा है कि यह भाई क्यों जुड़ रही हैं,

217
00:14:57,680 --> 00:15:01,680
मठ में क्यों दिख रही हैं परिकरों के साथ? या यह क्यों कर रही हैं? या

218
00:15:01,680 --> 00:15:05,680
यह योग क्यों सिखा रही हैं? या यह व्यापार क्यों? तो इस तो ये

219
00:15:05,680 --> 00:15:10,000
सारे जो उठने वाले प्रश्न है इनके संबंध में आज का वो है

220
00:15:10,000 --> 00:15:14,160
और कुछ लोग ये समझ रहे हो अगर कि मलेच

221
00:15:14,160 --> 00:15:18,160
राज का खंडन है ये वीडियो क्योंकि इस वीडियो का शीर्षक जो

222
00:15:18,160 --> 00:15:22,240
है वो मलेच राज सच के आसपास वाला

223
00:15:22,240 --> 00:15:26,480
झूठ है ना तो कुछ लोग ये समझ

224
00:15:26,480 --> 00:15:30,640
रहे हैं कि हम जो है जो मलेचराज के बारे में बताया गया

225
00:15:30,640 --> 00:15:35,040
है भगवत आनंद जी के द्वारा तो हम उसका मलेच्छराज

226
00:15:35,040 --> 00:15:39,120
का खंडन कर रहे हैं उस अस्तित्व का। उस उस विषय में वीडियो नहीं है। हम तो यह

227
00:15:39,120 --> 00:15:43,520
बता रहे हैं अपने शीर्षक से कि मलेच्छ

228
00:15:43,520 --> 00:15:47,520
किस तरह से लोगों को दिशाहीन बना सकता है। किस तरह से एक

229
00:15:47,520 --> 00:15:51,520
मिथ्या जो है विप्लव करवा सकती

230
00:15:51,520 --> 00:15:56,000
है अच्छे खासे वातावरण में और किस-किस

231
00:15:56,000 --> 00:16:00,400
तरीके से मतलब वो जो प्रभाव होता है ना नकारात्मक शक्ति का प्रभाव

232
00:16:00,400 --> 00:16:04,560
उसका दतक के रूप में रूप में हमने मलेच्छराज का शब्द का उपयोग

233
00:16:04,560 --> 00:16:08,800
किया है। तो जो लोग ऐसा सोच रहे हैं कि मलेशराज का खंडन होने वाला है इस वीडियो

234
00:16:08,800 --> 00:16:12,800
में या ऐसा है तो वह लोग अभी के अभी इस वीडियो को छोड़कर जा

235
00:16:12,800 --> 00:16:17,040
सकते हैं क्योंकि वो यह मसाला उनको नहीं मिलने

236
00:16:17,040 --> 00:16:21,440
वाला है। ठीक है? हां मगर एक बात जरूर है इस

237
00:16:21,440 --> 00:16:26,600
लाइव के अंत में एक बहुत ही सनसनीखेज मामला आपको

238
00:16:26,600 --> 00:16:30,640
जरूर पता चलेगा और उसके लिए आप जुड़े रह सकते

239
00:16:30,640 --> 00:16:34,800
हैं। तो जितने भी प्रश्न है हमारे जो श्वेतांग जी हैं पंडित

240
00:16:34,800 --> 00:16:38,880
जी उन्होंने एकत्रित कर रखे हैं विजय श्री पर विजय श्री से

241
00:16:38,880 --> 00:16:42,960
संबंधित जितने भी प्रश्न है और वो हमसे

242
00:16:42,960 --> 00:16:47,120
पूछेंगे और फिर हम प्रयास करेंगे कि कुछ संतुष्टिजनक

243
00:16:47,120 --> 00:16:51,280
उसका उत्तर दे सके और इस सब में हमारा साथ

244
00:16:51,280 --> 00:16:55,520
देने के लिए विजय श्री भी यहां पर आ गई हैं।

245
00:16:55,520 --> 00:16:59,840
हम उनका स्वागत करते हैं अपने चैनल पर। जय श्री राम विजय

246
00:16:59,840 --> 00:17:03,040
जी नारायण

247
00:17:03,040 --> 00:17:07,360
तो थोड़ा सा मैं विजय सिंह जी से पूछ लूं कि अब इस धर्म

248
00:17:07,360 --> 00:17:11,040
युद्ध का एक अंश बन गए हैं जब आप

249
00:17:11,040 --> 00:17:15,040
निमित्त बन गए हैं तो कैसा लग रहा है आपको

250
00:17:15,040 --> 00:17:19,680
रोमांचक लग रहा है बहुत अच्छा लग रहा है और

251
00:17:19,680 --> 00:17:23,960
ये पूरे ये पूरे सफर के अंदर हमें अपने

252
00:17:23,960 --> 00:17:29,960
जितने आचार्य हैं मठ से जितने

253
00:17:31,760 --> 00:17:36,160
कोई तकनीकी समस्या होगी। अच्छा मैं एक एक वैसी जानकारी

254
00:17:36,160 --> 00:17:40,400
और दे रहा था ये युद्ध से रिलेटेड ये दिन में मेरी बात हुई थी इनसे विजय

255
00:17:40,400 --> 00:17:44,400
श्री जी से तो इन्होंने मुझसे पूछा

256
00:17:44,400 --> 00:17:48,480
ये सब क्या हो रहा है मेरे साथ? मैंने कहा

257
00:17:48,480 --> 00:17:52,480
ये धर्म का जो पुंज है दुनिया का

258
00:17:52,480 --> 00:17:56,480
उसका नाम है शंकराचार्य। जैसे शक्तिमान हम देखते थे

259
00:17:56,480 --> 00:18:01,040
ना तो उसमें शक्ति पुंज होता था ना शक्ति पुंज होता था

260
00:18:01,040 --> 00:18:05,760
तो वही अगर धर्म कहीं से स्फुटित हो रहा है इस दुनिया में आज भी

261
00:18:05,760 --> 00:18:09,760
तो उसका नाम है शंकराचार्य और आप जाकर के शंकराचार्य से पहले तो

262
00:18:09,760 --> 00:18:13,760
आपने पड़ी लकड़ी उठा ली कि जुड़ गई पहले तो आपने ये पड़ी लकड़ी

263
00:18:13,760 --> 00:18:18,000
उठा ली और उसके बाद दूसरी पड़ी लकड़ी ये उठा ली कि अब मनुवादी

264
00:18:18,000 --> 00:18:22,480
मनुवाद के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करने लगी

265
00:18:22,480 --> 00:18:26,160
तो ऐसे थोड़ी ना होगा कि बस बस वो वो आप

266
00:18:26,160 --> 00:18:30,320
जो है आओगे हंसते खेलते हुए हेलो टाटा बाय-ब हो जाएगा। है

267
00:18:30,320 --> 00:18:34,560
ना? तो अब जब आपने शंकराचार्य से जुड़े तब तक भी

268
00:18:34,560 --> 00:18:38,720
ठीक था। मगर अब तो आप शंकराचार्य के सैनिक बन रहे हो तो

269
00:18:38,720 --> 00:18:42,720
आपको हर तरह की स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। भाई दुनिया में लड़ाई किस बात

270
00:18:42,720 --> 00:18:47,120
की है? लड़ाई है धर्म और अधर्म की। दुनिया

271
00:18:47,120 --> 00:18:51,360
में लड़ाई धर्म और अधर्म की है। तो जब आप एक तरफ से धर्म की तरफ से खड़े

272
00:18:51,360 --> 00:18:55,800
हो रहे हो तो फिर आप पर प्रहार होगा

273
00:18:55,800 --> 00:19:00,000
ना विजय जी विजय जी आपको आवाज आ रही है कोई

274
00:19:00,000 --> 00:19:04,000
तकनीकी समस्या हो गई मैं इनको एक बार डिस्कनेक्ट कर देता हूं तो आप दोबारा जुड़

275
00:19:04,000 --> 00:19:10,000
जाइए विजय जी

276
00:19:11,640 --> 00:19:14,040
जी

277
00:19:14,040 --> 00:19:18,640
तो यह सारी बातें हैं जो एक

278
00:19:18,640 --> 00:19:23,080
जिसके निमित्त आज हमें चर्चा करनी पड़ रही है और हमने बहुत प्रयास

279
00:19:23,080 --> 00:19:27,520
किया कि इस स्थिति तक मामले को ना आने दिया जाए

280
00:19:27,520 --> 00:19:32,240
और उसको उसी स्तर पर शांत किया जाए।

281
00:19:32,240 --> 00:19:36,400
पर वो संभव नहीं हो सका और बात होते होते ऐसीऐसी

282
00:19:36,400 --> 00:19:42,400
जगह भी पहुंच गई कि अब भाई थोड़ा सा सामने आना ही पड़ेगा।

283
00:19:46,440 --> 00:19:50,640
जी एक बार आपके मन में जितने भी

284
00:19:50,640 --> 00:19:55,680
प्रश्न हैं जो भी लोग प्रश्न कर रहे हैं या बातें कर रहे हैं

285
00:19:55,680 --> 00:19:59,760
जिन किया है ऑलरेडी नहीं नहीं अभी प्रश्न मत पढ़िएगा अभी किसी

286
00:19:59,760 --> 00:20:03,760
का आप जिसके भी मन में जो भी प्रश्न है जिसके भी मन

287
00:20:03,760 --> 00:20:07,720
में जो भी प्रश्न है वो दिल थाम के बैठे

288
00:20:07,720 --> 00:20:11,840
पहले सभी प्रश्न सुने उनका उत्तर सुने और उसके

289
00:20:11,840 --> 00:20:16,000
बाद यदि किसी को कोई असंतुष्टि है तो वो हमें बता सकता है तब हम

290
00:20:16,000 --> 00:20:20,000
आप प्रश्न करिएगा क्योंकि क्योंकि आपको ऐसा नहीं लगना चाहिए। यदि कभी भी

291
00:20:20,000 --> 00:20:24,000
आप आज हमारे हो सकता है आप विरोधी बन रहे हो। मगर यदि कभी

292
00:20:24,000 --> 00:20:26,640
भी आप हमारे समर्थक रहे होंगे तो आपको ये बात

293
00:20:26,640 --> 00:20:31,080
मालूम होना चाहिए कि हम लोग वो बातें करते हैं जो अकाट्य

294
00:20:31,080 --> 00:20:35,600
हो। अकाट्य बातें करते हैं हम। ऐसी बातें नहीं करते कि वो

295
00:20:35,600 --> 00:20:40,000
सिलबिल वाली कि वो इस कौन की तरह कि वह जो है

296
00:20:40,000 --> 00:20:44,000
ईश्वर अल्लाह एक है मगर ईश्वर अल्लाह एक नहीं है। शिव और कृष्ण

297
00:20:44,000 --> 00:20:48,080
एक है मगर शिव और कृष्ण एक नहीं है। ऐसी बातें नहीं करते हम लोग अकाट बातें

298
00:20:48,080 --> 00:20:52,160
करते हैं। तो जरा धैर्य रखें तभी प्रश्नों को लिया जाएगा

299
00:20:52,160 --> 00:20:56,960
और जब कोई ऐसा प्रश्न आपको लगे जो नहीं लिया गया तो फिर आप आइएगा।

300
00:20:56,960 --> 00:21:01,040
तो हमने बताया ही है परामर्श तो दिया

301
00:21:01,040 --> 00:21:06,080
ही अनेकों बार कि मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में

302
00:21:06,080 --> 00:21:10,240
है ना जी विजय जी तो मैं पूछ रहा था

303
00:21:10,240 --> 00:21:14,240
कि जो आपका वो जो सफर है जो आपने यात्रा की उसके बाद

304
00:21:14,240 --> 00:21:18,640
आपने पूछा कि भाई ये क्या हो रहा है मेरे साथ तो मैंने आपको ये नहीं बताया

305
00:21:18,640 --> 00:21:23,040
मैंने आपको बता दिया पहले तो आपने पड़ी लकड़ी उठाई कि हम शंकराचार्य

306
00:21:23,040 --> 00:21:27,920
से दीक्षित होंगे ये अपने आप में ही एक बड़ी पड़ी लग रही है।

307
00:21:27,920 --> 00:21:32,400
जी और उसके बाद में आपने शंकराचार्य जी के सिद्धांतों

308
00:21:32,400 --> 00:21:36,480
का अपने अधिकार की सीमा में रहकर के प्रचार भी शुरू कर दिया। है

309
00:21:36,480 --> 00:21:40,560
ना? एकदम तो ये जाहिर सी बात है कि जब

310
00:21:40,560 --> 00:21:41,680
आप धर्म की रक्षा

311
00:21:41,680 --> 00:21:45,840
कर रहे हैं धर्म धर्म के लिए बोल रहे हैं तो ऐसा हो

312
00:21:45,840 --> 00:21:49,840
सकता है कि अधर्म और या फिर अधर्म के द्वारा

313
00:21:49,840 --> 00:21:54,000
या किसी मिसकंसेप्शन के द्वारा या दिशाहीनता के द्वारा कारण से

314
00:21:54,000 --> 00:21:58,000
आपके ऊपर कटाक्ष हो हम तो कैसा लग रहा है आपको

315
00:21:58,000 --> 00:22:02,000
इस स्थिति से वो थोड़ा सा बताएं। बहुत रोमांचक लग रहा

316
00:22:02,000 --> 00:22:06,080
है और कुछ रिसर्च वैल्यू मतलब

317
00:22:06,080 --> 00:22:10,320
रिसर्च जिन लोगों ने की है उनकी वैल्यू कम देखकर हंसी आ रही है। पर

318
00:22:10,320 --> 00:22:14,560
सबसे सुंदर चीज यह है कि अह विरोध

319
00:22:14,560 --> 00:22:18,720
के साथ-साथ जो लोग साथ खड़े हैं, उनके लिए सम्मान है। और

320
00:22:18,720 --> 00:22:23,120
जब हम यह सोचते हैं कि हम तो सामान्य सांसारिक व्यक्ति हैं

321
00:22:23,120 --> 00:22:27,120
और हमारे ऊपर इतने कटाक्ष किए जाते हैं तो जो

322
00:22:27,120 --> 00:22:31,200
संतगण हैं और जो गुरुदेव हैं, उनके

323
00:22:31,200 --> 00:22:35,280
ऊपर तो मतलब उनका तो जीवन के अंदर कुछ ऐसा भी नहीं है

324
00:22:35,280 --> 00:22:39,360
कि यह पूर्व है और यह अब है। उनकी शुद्धता पर भी

325
00:22:39,360 --> 00:22:43,440
जब इतने कटाक्ष किए जाते हैं तो हम उस पीड़ा को थोड़ा महसूस

326
00:22:43,440 --> 00:22:47,440
कर पाए। तो जी आप बिल्कुल सही कह रही

327
00:22:47,440 --> 00:22:51,520
हैं। जब भी मेरी स्थिति कभी वैसे होती

328
00:22:51,520 --> 00:22:55,520
है प्रभु राम की कृपा है कि बहुत कम समय ऐसा आया। मगर जब भी ऐसा

329
00:22:55,520 --> 00:22:56,880
कुछ होता है तो मैं वो

330
00:22:56,880 --> 00:23:01,040
समय याद करता हूं कि आज हम इतने जरा से बहिष्कार

331
00:23:01,040 --> 00:23:05,120
से विरोध से प्रतिकार से इतना जब घबरा रहे हैं। इतना हमें तकलीफ

332
00:23:05,120 --> 00:23:09,200
हो रही है कि ये क्या हो रहा है हमारे साथ? तो सोचिए जिसका विरोध

333
00:23:09,200 --> 00:23:13,760
पूरी दुनिया कर रही है पूरी दुनिया

334
00:23:13,760 --> 00:23:18,080
विरोध वो चाहती है शंकर का सिद्धांत खत्म हो जाए नष्ट हो जाए

335
00:23:18,080 --> 00:23:22,080
और हम अपनी पशुता को पोषित करने वाले सिद्धांतों को धर्म के रूप में ज्ञापित कर

336
00:23:22,080 --> 00:23:26,400
दो जी तो जिसका पूरी दुनिया विरोध कर रही है वो कैसे

337
00:23:26,400 --> 00:23:30,400
स्थिर रहते हो कि बस वहीं से प्रेरणा मिल जाती है वहीं से लगता है कि

338
00:23:30,400 --> 00:23:36,160
राम हमारे साथ है जी एकदम हम मान

339
00:23:36,160 --> 00:23:40,560
ठीक है तो श्वेतांग जी परिचय

340
00:23:40,560 --> 00:23:44,720
तो विजय श्री जी का हो ही चुका है मेरे ख्याल से। हां हो ही चुका

341
00:23:44,720 --> 00:23:48,720
है। जी आप उसके बाद मेरे पास कुछ प्रश्न है। हां मेरे

342
00:23:48,720 --> 00:23:52,800
पास कुछ प्रश्न है उसके जो मैं

343
00:23:52,800 --> 00:23:56,800
दूंगा मैं कोशिश करूंगा कि अपनी शब्दों को पूरा मर्यादित रखूं इन प्रश्नों

344
00:23:56,800 --> 00:24:00,880
के हिसाब से जैसे प्रश्न पूछे गए हैं। फिर भी तो विजय जी से एक

345
00:24:00,880 --> 00:24:05,120
प्रश्न करना चाहूंगा मैं क्षमा चाहूंगा कि Instagram

346
00:24:05,120 --> 00:24:09,440
आईडी अथवा सोशल मीडिया के हैंडल्स से पर्याप्त मात्रा में ऐसी

347
00:24:09,440 --> 00:24:12,160
बहुत सारी आपत्तिजनक सामग्रियां

348
00:24:12,160 --> 00:24:16,320
मिली है जिसमें एक तो जैसे कि बहुत ही फेमस अभी

349
00:24:16,320 --> 00:24:20,320
हुआ है और रिसेंटली काफी लोगों ने इस पर कमेंट भी किया कि एक श्वाने के साथ

350
00:24:20,320 --> 00:24:24,480
मतलब कि मुख से मुख लगाकर उसको प्रेम कर रही हैं। है ना? तो ऐसी

351
00:24:24,480 --> 00:24:28,480
सामग्री जिसकी कोई भी धर्म से प्यार करने वाला व्यक्ति जो है वो

352
00:24:28,480 --> 00:24:32,720
निंदा ही करेगा। तो ऐसा दुचरित्र व्यक्ति शंकर

353
00:24:32,720 --> 00:24:37,280
मठ में क्या कर रहा है? ऐसा प्रश्न आया है। इसका

354
00:24:37,280 --> 00:24:41,360
विजय जी मैं ऐसा करता हूं प्रश्नों के उत्तर में थोड़ा सा मैं अपना पहले

355
00:24:41,360 --> 00:24:45,600
दृष्टिकोण बताता जाता हूं और उसके बाद फिर आप अपना दृष्टिकोण रख दीजिएगा।

356
00:24:45,600 --> 00:24:49,600
जी जी जी तो देखिए सबसे पहली

357
00:24:49,600 --> 00:24:54,080
बात तो यह है कि विजय श्री की जो भी आपत्तिजनक

358
00:24:54,080 --> 00:24:58,240
सामग्री इंटरनेट पर मौजूद है वो गुरुदेव

359
00:24:58,240 --> 00:25:02,400
की शरण में आने से पूर्व की है उसके आधार

360
00:25:02,400 --> 00:25:06,720
पर आज हम उन्हें ये नहीं कह सकते कि तुम तो शंकर की शिष्या हो शंकराचार्य की शिष्या

361
00:25:06,720 --> 00:25:11,400
हो तुम्हारे ऐसे दृश्य ऐसे चित्र कैसे मौजूद है ठीक

362
00:25:11,400 --> 00:25:15,600
है इसके साथ ही साथ एक जो शब्द आखिर में आया है कि वो वो मठ

363
00:25:15,600 --> 00:25:19,920
में क्या कर रही हैं? विजय जी आप इस समय कहां पर हैं?

364
00:25:19,920 --> 00:25:24,160
मठ में है क्या? मठ में नहीं है आप? नहीं।

365
00:25:24,160 --> 00:25:27,280
तो ये कैसा झूठ है? यह मठ में है।

366
00:25:27,280 --> 00:25:31,760
यह गुरुदेव के गुरुदेव से दीक्षित गुरुदेव

367
00:25:31,760 --> 00:25:36,080
का गुरुदेव से जिन्होंने अपनी भक्ति करने के लिए मंत्र लिया है

368
00:25:36,080 --> 00:25:40,160
वो एक सामान्य मातृशक्ति है जो समय-समय पर गुरुदेव

369
00:25:40,160 --> 00:25:44,240
के दर्शन के लिए वहां जाती रहती है। मगर यह वर्ड यूज़ करना कि मठ में

370
00:25:44,240 --> 00:25:48,560
क्या कर रही है? तो यह तो अपने आप में ही एक मिथ्या का प्रचार प्रसार करना है। इसका

371
00:25:48,560 --> 00:25:52,960
प्रमाण देना चाहिए कि मठ मठ में रहने का मतलब है कि गुरुदेव का शिविर जहांजहां

372
00:25:52,960 --> 00:25:56,960
लग रहा है ये उस शिविर के साथसाथ ट्रेवल करती चली जा रही हैं। यही तो

373
00:25:56,960 --> 00:26:01,800
है मठ में रहने का मतलब तो मठ में ये नहीं रह रही है।

374
00:26:01,800 --> 00:26:05,840
और दूसरी एक बात मैं ये कहूंगा

375
00:26:05,840 --> 00:26:09,840
कि यदि कोई भी व्यक्ति देखिए आज

376
00:26:09,840 --> 00:26:13,840
का जो वातावरण है जैसे इसको कहते हैं वो गुरुदेव बताते हैं संक्रमण

377
00:26:13,840 --> 00:26:17,920
काल है ना? संक्रमण काल जब चल रहा है, परिवर्तन का

378
00:26:17,920 --> 00:26:22,640
काल जब चल रहा है और वातावरण ही समूचा अदूषित हो चुका है।

379
00:26:22,640 --> 00:26:27,120
ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग जो वास्तविक

380
00:26:27,120 --> 00:26:31,680
सिद्धांतों से जुड़ना जुड़ना चाहते हैं, जुड़ने का प्रयास करते हैं

381
00:26:31,680 --> 00:26:35,760
तो वो उनके जीवन में कई सारी ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी होती

382
00:26:35,760 --> 00:26:40,160
है जो अशास्त्रीय शास्त्रों के विरुद्ध है जो धर्माचरण नहीं कहा जा सकता है

383
00:26:40,160 --> 00:26:42,560
और वहीं से वो जाकर के

384
00:26:42,560 --> 00:26:47,800
शंकर के पास जाएंगे। तो प्रश्न मेरा यह है

385
00:26:47,800 --> 00:26:51,920
कि प्रश्न मेरा यह है कि क्या शंकराचार्य

386
00:26:51,920 --> 00:26:56,080
के पास सुधरे सुधराए लोगों को ही जाना है? क्या शंकराचार्य

387
00:26:56,080 --> 00:27:00,160
जी के प्रवचन सुनने उनके दर्शन करने उसी व्यक्ति को जाना

388
00:27:00,160 --> 00:27:04,240
है जो ज्ञानी हो चुका हो जिसको शास्त्र की मर्यादा का बोध हो चुका हो

389
00:27:04,240 --> 00:27:08,640
जिसको सब कुछ मालूम हो क्या वही जाएगा या वो जाएगा जो अनभिज्ञ

390
00:27:08,640 --> 00:27:13,280
हो जिसको जानना हो कौन जाएगा

391
00:27:13,280 --> 00:27:17,600
जी विजय जी इस प्रश्न के लिए

392
00:27:17,600 --> 00:27:21,760
दृष्टिकोण जो इन्होंने दिया है हम भी उसी दृष्टिकोण से किसी को भी उसी

393
00:27:21,760 --> 00:27:25,840
दृष्टिकोण को लेकर चलना चाहिए जब आप सबसे पहले

394
00:27:25,840 --> 00:27:29,840
तो जब आप किसी की प्रोफाइल खोल रहे हैं आप नीचे ही जा

395
00:27:29,840 --> 00:27:34,320
रहे हैं। है ना? आप पीछे जा रहे हैं उसके जीवन में कि शुरू से शुरू करते हैं

396
00:27:34,320 --> 00:27:38,320
तो जब आपने शुरू से शुरू किया है आपको कोई वीडियो

397
00:27:38,320 --> 00:27:42,320
या फोटो जो आपको आपत्तिजनक लग रही है आपको वो मिल

398
00:27:42,320 --> 00:27:46,320
रही है पर फिर जब आप ऊपर वापस आ रहे हैं या वहां से

399
00:27:46,320 --> 00:27:50,400
जब फोटो से आगे बढ़ रहे हैं तो आपको उन विषयों पर

400
00:27:50,400 --> 00:27:54,800
भी बात करनी चाहिए और जहां तक बात है एक

401
00:27:54,800 --> 00:27:57,600
स्ान की तो हम पहले

402
00:27:57,600 --> 00:28:01,760
ही वो वहां पर दिख रहा है हमने ही वो वीडियो को वहां

403
00:28:01,760 --> 00:28:06,240
पर डाला है। वह मेरा पूर्व जीवन का है। पर जब हमें

404
00:28:06,240 --> 00:28:10,480
पूरी तरह से क्लियर हुआ है कि ये क्यों ठीक नहीं

405
00:28:10,480 --> 00:28:14,720
है जो शास्त्रों की साइंस है और उस पर हमने काफी रिसर्च

406
00:28:14,720 --> 00:28:19,440
भी की थी। है ना? हमें पशुओं से बहुत लगाव है। ठीक है?

407
00:28:19,440 --> 00:28:23,520
तो उस हिसाब से उस समय हम वैसे थे।

408
00:28:23,520 --> 00:28:27,680
पर तब भी हम ऐसे नहीं थे कि पशु को

409
00:28:27,680 --> 00:28:31,840
पूजा स्थान पर बिठाएं। पशु के साथ

410
00:28:31,840 --> 00:28:35,920
मतलब पूजा करने लगे जो कि बहुत लोग प्रमोट करते हैं और उसको बहुत अच्छा

411
00:28:35,920 --> 00:28:40,000
भी माना जाता है। तो अगर हम यह बात भी क्लियर कर

412
00:28:40,000 --> 00:28:44,320
देना चाहेंगे लोगों से। यदि आप हमें कभी किसी स्वान

413
00:28:44,320 --> 00:28:48,400
के साथ सोचिए मानिए कुछ खाना खिलाते हुए भी देख लिए हैं तो

414
00:28:48,400 --> 00:28:52,640
आप यह मत समझिए कि हम उन्हीं वस्त्रों के अंदर अब घर जाकर लेटेंगे

415
00:28:52,640 --> 00:28:56,640
सोएंगे खाना खाएंगे सारा विधि निषेध उसी उन्हीं वस्त्रों में

416
00:28:56,640 --> 00:29:01,600
करेंगे शुद्धता और अशुद्धता का ख्याल हमें उतना था

417
00:29:01,600 --> 00:29:05,840
जहां तक वो एक वीडियो की बात है हम मान रहे हैं कि आप

418
00:29:05,840 --> 00:29:09,920
लोगों के दिल को बहुत बुरा लग सकता है और मस्तिष्क को लगेगा

419
00:29:09,920 --> 00:29:12,720
कि अरे यह तो एकदम उसके विरुद्ध

420
00:29:12,720 --> 00:29:16,880
है। पर आई थिंक उसका आंसर हम ऑलरेडी दे चुके हैं कि हर एक व्यक्ति

421
00:29:16,880 --> 00:29:20,960
का एक जीवन होता है। उसके कुछ कर्म होते हैं, प्रारब्ध होते

422
00:29:20,960 --> 00:29:25,040
हैं, कुछ समझ होती है और जब वो आगे बढ़ता है

423
00:29:25,040 --> 00:29:29,280
तो ये सब चीजें हट जाती हैं। है ना? मैं अगर हमेक्ट

424
00:29:29,280 --> 00:29:33,280
होते हैं तो आपके पास सामग्री नहीं होती ना। मैं इसमें

425
00:29:33,280 --> 00:29:37,360
ये कहना चाहूंगा कि देखिए ऐसा

426
00:29:37,360 --> 00:29:41,600
नहीं है कि हम में हम अगर ये कह रहे हैं कि ऐसा

427
00:29:41,600 --> 00:29:45,680
ऐसा करना गलत है और ऐसा ऐसा करना सही है तो ऐसा

428
00:29:45,680 --> 00:29:50,080
नहीं है कि हमसे गलतियां नहीं होंगी या हमसे गलतियां नहीं हुई है।

429
00:29:50,080 --> 00:29:54,240
मगर हम में और गलत में अंतर क्या है? यह बात मैं कई बार बता चुका

430
00:29:54,240 --> 00:29:59,200
हूं। हम में और गलत में अंतर यह है प्रमाण्य बुद्धि क्या है?

431
00:29:59,200 --> 00:30:03,200
प्रमाण्य किस में है? जब हमको बताया गया कि यह

432
00:30:03,200 --> 00:30:07,280
चीज गलत है तो हमने बताने वाले को या बताई गई

433
00:30:07,280 --> 00:30:11,360
बात को गलत कहा या अपने उस कृत को गलत कहा है

434
00:30:11,360 --> 00:30:15,760
ना पहली बात दूसरी बात यह है मैं एक छोटा सा प्रश्न करना चाहूंगा दुनिया

435
00:30:15,760 --> 00:30:19,840
का आज की तारीख में ये तो चलिए इनके गुरुदेव से जुड़ने की पूर्व की

436
00:30:19,840 --> 00:30:24,080
बात है मैं तो आज भी कह रहा हूं हमारे जीवन में आज भी ऐसी बहुत सी

437
00:30:24,080 --> 00:30:28,200
चीजें हो रही होंगी गिन के

438
00:30:28,200 --> 00:30:32,480
101 101 अशास्त्रीय चीजें गिन के काउंट करके

439
00:30:32,480 --> 00:30:36,640
दुनिया का कोई भी व्यक्ति आ जाए सिवाय जो गुरुदेव और उनके परिकर

440
00:30:36,640 --> 00:30:40,960
इत्यादि उनको छोड़ के तो मैं उनके जीवन में 101

441
00:30:40,960 --> 00:30:45,080
चीजें निकाल दूंगा जो गलत होंगी जो अशास्त्रीय

442
00:30:45,080 --> 00:30:49,080
होंगी तो उनके अशास्त्रीय होने में

443
00:30:49,080 --> 00:30:53,280
और जो व्यक्ति अशास्त्रीय है क्या अंतर है

444
00:30:53,280 --> 00:30:57,440
यही अंतर है कि जब उनको यह बताया जाएगा देखो मनुस्मति में यहां ये लिखा है ये गलत

445
00:30:57,440 --> 00:31:02,760
है तो वो कहेगा हां ये मुझसे गलत हो रहा दिक्कत हो रही है। ठीक है?

446
00:31:02,760 --> 00:31:06,960
और जब दूसरे व्यक्ति को बताया जाएगा, विरोधी को बताया जाएगा, वो कहेगा

447
00:31:06,960 --> 00:31:11,200
नहीं ये शास्त्र में मिलावट है, प्रक्षिप्त है। ये गलत है। हमारी विशुद्ध

448
00:31:11,200 --> 00:31:15,480
मनुस्मृति है। हम उसको मानते हैं। तुम्हारी को नहीं मानते। वो ये

449
00:31:15,480 --> 00:31:19,680
करेगा। वो अपने को सही कहेगा। परंपरा प्राप्त शास्त्र को

450
00:31:19,680 --> 00:31:23,920
गलत कहेगा। जैसे कि वो आचार्य जी आए थे। तमाजी

451
00:31:23,920 --> 00:31:28,080
आर्य समाजी वो बोले ऋषि जो लिख गए यहां तक कि दयानंद जी भी जो लिख

452
00:31:28,080 --> 00:31:32,160
गए उसको भी हम देश काल परिस्थिति के अनुसार बदल देते हैं। तो ये क्या हुआ

453
00:31:32,160 --> 00:31:36,480
कि हमने अपने धर्म को नया ख्यापित कर लिया और पुराना जो परंपरा

454
00:31:36,480 --> 00:31:40,720
से प्राप्त था उसको हमने डिनाय कर दिया। हम वो हैं

455
00:31:40,720 --> 00:31:43,920
जो जब हमें पता चलेगा शास्त्र के प्रति प्रतिकूलता

456
00:31:43,920 --> 00:31:48,000
तो हम उसको मानेंगे स्वीकार करेंगे। आज के टाइम और जब

457
00:31:48,000 --> 00:31:52,000
हमें और वो वो है जिनको पता चलेगी उनकी प्रतिकूलता तो वो शास्त्र को

458
00:31:52,000 --> 00:31:56,560
दोष देंगे। खुद को दोष नहीं देंगे।

459
00:31:56,560 --> 00:32:00,720
जी शतांग जी दूसरी चीज मैं इसमें एक और ऐड करना चाहूंगा

460
00:32:00,720 --> 00:32:04,720
कि देखिए गलत है ना तब होता जब और कई लोगों ने इस

461
00:32:04,720 --> 00:32:08,720
पर प्रश्न भी किया है। मैं उसका इसका भी उत्तर हो जाएगा इसमें कि ये गलत तब कहा

462
00:32:08,720 --> 00:32:12,720
जा सकता था जब वो स्वयं को शंकर भट्ट का कोई अधिकृत वक्ता के

463
00:32:12,720 --> 00:32:16,800
रूप में प्रस्तुत करती और फिर विचार करती। ठीक है? तो

464
00:32:16,800 --> 00:32:20,880
तो समझ में आता है कि चलिए भाई ऐसा कर रही हैं तो और रिप्रेजेंट कर रही हैं मठ

465
00:32:20,880 --> 00:32:24,880
को। लेकिन ऐसा नहीं है। ऐसा तो नहीं कर रही हैं। ठीक है? नहीं। और

466
00:32:24,880 --> 00:32:28,880
रही बात दूसरी तो सबके अपनी-अपनी निजी जीवन होता है। अपना कार्य होता है।

467
00:32:28,880 --> 00:32:33,120
जैसे मैं भी एमएसी कंपनी में कार्य करता हूं। लेकिन जभी भी मैं अगर

468
00:32:33,120 --> 00:32:37,120
कभी भी अपना अगर मैं क्या बोलते हैं? अपने

469
00:32:37,120 --> 00:32:41,120
आप को संबोधित करूंगा तो बताऊंगा कि हां ठीक है। मैं मेरी माता का नाम या पिता

470
00:32:41,120 --> 00:32:45,520
का नाम ये है और इन इस आचार्य का इन गुरुदेव का अल्पज्ञ शिष्य हूं। ठीक है?

471
00:32:45,520 --> 00:32:49,520
तो तो ऐसे शिष्य बहुत सारे लाखों हुए हैं। ठीक है?

472
00:32:49,520 --> 00:32:53,680
मठ के ही बहुत सारे शिष्य होंगे। एक से एक बड़े बढ़कर

473
00:32:53,680 --> 00:32:58,080
प्रकांड शिष्य हैं। लेकिन कोई भी कोई अधिकृत अधिवक्ता

474
00:32:58,080 --> 00:32:58,960
बनकर या कोई

475
00:32:58,960 --> 00:33:02,960
स्पोक्सपर्सन बनकर मटके रूप में अपने आप को ख्यापित नहीं करता और अगर करता

476
00:33:02,960 --> 00:33:07,040
है तो वो भी गलत है। और जहां तक मैंने देखा है मतलब मुझिया

477
00:33:07,040 --> 00:33:11,280
जी मुझे नहीं लगा कि आपने कभी ऐसा किया है ना आपने अभी तक तो नहीं किया।

478
00:33:11,280 --> 00:33:15,440
ठीक है? और अगर किया होता तो बिल्कुल बोला जाता कि भाई ये गलत है। आपने ऐसा

479
00:33:15,440 --> 00:33:20,120
क्यों किया? ठीक है? तो ये है दूसरा

480
00:33:20,120 --> 00:33:24,480
कि एक बार ना थोड़ा रेफरेंस ले लेते हैं इसका। मतलब मूलत

481
00:33:24,480 --> 00:33:28,800
मतलब विवाद क्या है ऐसा? मतलब कि केवल यही प्रश्न

482
00:33:28,800 --> 00:33:32,800
इनके ऊपर आक्षेप लगे हैं कि केवल यही है या फिर मतलब इसका रूट क्या है?

483
00:33:32,800 --> 00:33:36,880
ये शुरू खड़ा कैसे हुआ? देखिए विवाद विवाद शुरू देखिए जो

484
00:33:36,880 --> 00:33:41,040
घटना घटित हो रही है वो मैं अभी बताता हूं क्योंकि मैं जो

485
00:33:41,040 --> 00:33:45,280
बाकी जो दृष्टांत है उस पर मैं बाद में बात करना चाहूंगा। मगर

486
00:33:45,280 --> 00:33:49,480
ये शुरू कहां से होता दिख रहा है वो मैं आपको बता देता

487
00:33:49,480 --> 00:33:53,480
हूं कि

488
00:33:53,480 --> 00:33:58,240
सर्वप्रथम मुझे ये कहा गया कि

489
00:33:58,240 --> 00:34:02,400
ये लड़की मठ में क्या कर रही है? इसको मठ में नहीं होना चाहिए। ये जो प्रथम

490
00:34:02,400 --> 00:34:06,400
आरोप थे इसके बाद तो आरोप बदलते गए हैं क्योंकि

491
00:34:06,400 --> 00:34:10,640
तर्क और प्रमाण जब पूछे जाते हैं ना सैद्धांतिक

492
00:34:10,640 --> 00:34:15,440
लोगों के द्वारा तो फिर सामने वाला घबराता है और वो विषयंतर करता है

493
00:34:15,440 --> 00:34:19,600
तो बात शुरू कहां से हुई कि ये जो है वो मठ

494
00:34:19,600 --> 00:34:24,240
में क्यों रह रही हैं या फिर वहां पर

495
00:34:24,240 --> 00:34:28,320
जो है खाना क्यों बांट रही हैं? कुछ इसमें से ऐसी चीजें जो

496
00:34:28,320 --> 00:34:32,320
वैसी भी है, निराधार भी है। तो यह मठ में क्यों रह रही है? यह

497
00:34:32,320 --> 00:34:36,400
बात निराधार और मंच साझा क्यों

498
00:34:36,400 --> 00:34:40,720
कर रही है? ये सब चीजें मतलब कुल मिला के ये आरोप था कि ये

499
00:34:40,720 --> 00:34:44,800
शंकराचार्य की ओर से एक फेस बनके क्यों दिख

500
00:34:44,800 --> 00:34:49,040
रही है? जबकि ऐसा नहीं है। ऐसा नहीं है।

501
00:34:49,040 --> 00:34:53,040
तो ये शुरुआत हुई। इसके बाद जब मठ

502
00:34:53,040 --> 00:34:57,200
में रहने वाली बात है तो उस पर

503
00:34:57,200 --> 00:35:01,280
उत्तर दिया गया मेरे द्वारा मैं आगे बता दूंगा परंतु इन

504
00:35:01,280 --> 00:35:05,760
पर फिर दबाव डाला गया इनकी जो पुरानी फोटोस

505
00:35:05,760 --> 00:35:11,080
है जिनको इन्होंने अपने किसी

506
00:35:11,080 --> 00:35:15,120
उद्देश्य ये क्या हुआ मेरी आवाज आ रही है

507
00:35:15,120 --> 00:35:19,200
ना हां आ रही है कुछ आपकी भी स्क्रीन ऑफ हुई

508
00:35:19,200 --> 00:35:23,520
थी क्या अभी भी नहीं नहीं अच्छा मेरी हुई थी मतलब

509
00:35:23,520 --> 00:35:27,520
हां आपका हुआ था तो इन पर दबाव डाला

510
00:35:27,520 --> 00:35:31,520
गया इनकी जो पुरानी फोटो हैं जो इन्होंने किसी अच्छे उद्देश्य के निमित्त अपने

511
00:35:31,520 --> 00:35:35,520
पास रख रखी है अपने प्रोफाइल आईडी से हटाई नहीं है

512
00:35:35,520 --> 00:35:39,600
क्योंकि ये अपना जीवन लोगों एक बात है मतलब आप नाम लेने

513
00:35:39,600 --> 00:35:43,760
से थोड़ा बचिएगा अगर संभव हां नाम

514
00:35:43,760 --> 00:35:49,200
अमुक अमुक अमुक अमुक अमुक लोगों का नाम लेने से बचिए जी जी जी

515
00:35:49,200 --> 00:35:53,520
जी यहां किसी व्यक्ति विशेष का खंडन नहीं है। यहां पर

516
00:35:53,520 --> 00:35:58,000
जो एक समस्या है उसका समाधान प्रस्तुत करने के निमित्त आयोजित

517
00:35:58,000 --> 00:36:02,000
ये वो है। तो इसका ध्यान रहे कि हम किसी का भी व्यक्तिगत अनादर ना

518
00:36:02,000 --> 00:36:06,080
करें और तो मैं समस्या बता रहा था कि शुरू कैसे होती

519
00:36:06,080 --> 00:36:10,080
है ये कहानी। तो इनके फिर क्या हुआ कि

520
00:36:10,080 --> 00:36:14,080
जब यह बात नहीं चली कि वो मठ में क्यों कर क्या रह रही है? क्यों

521
00:36:14,080 --> 00:36:19,520
रह रही है? मठ में क्यों रह रही है? इस संबंध में आगे मैं जवाब दूंगा। मगर

522
00:36:19,520 --> 00:36:23,520
तो यह तो मानसिक रूप से था। केवल बातें हुई थी कि मठ में क्यों रह रही है?

523
00:36:23,520 --> 00:36:26,520
तो हमने कुछ बता दिया तो व्यक्ति सामने

524
00:36:26,520 --> 00:36:30,560
वाला शांत हो गया या निष्क्रिय हो गया। उसने जो

525
00:36:30,560 --> 00:36:34,880
सक्रियता थी इस संबंध में बंद कर दी दिखाना। इसके बाद अचानक

526
00:36:34,880 --> 00:36:39,120
से कोई आता है और वह इनके जो भूत पूर्व काल के जो फोटो

527
00:36:39,120 --> 00:36:43,200
है वीडियोस है उनको अलग तरीके से थोड़ा एडिट एडिट करके मिर्च मसाला

528
00:36:43,200 --> 00:36:47,360
जैसे वो बीइंग द स्पिरिट सोल वाला करता है कहीं कीट कहीं करुणा भानुमती का

529
00:36:47,360 --> 00:36:51,840
कुबा जोड़ा तो उस तरीके से

530
00:36:51,840 --> 00:36:56,160
उस तरीके से एक व्यक्ति ने इनके वो फोटो फोटो निकाल करके

531
00:36:56,160 --> 00:37:00,320
और जो है दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया जैसे इनके

532
00:37:00,320 --> 00:37:04,480
फोटो वगैरह कर शुरू कर दिया गुरुदेव का कोई वीडियो

533
00:37:04,480 --> 00:37:08,640
है जिसमें वो कोई योगाचार्य है कई कई प्रकार के लोग आते हैं तो कोई

534
00:37:08,640 --> 00:37:12,640
योगाचार्य आईगी तो उसमें गुरुदेव उनके विरोध में कुछ बात कह रहे हैं कुछ वो भी

535
00:37:12,640 --> 00:37:16,880
अपना जो शास्त्रोक्त कथन है वो बता रहे हैं तो उसको इनसे

536
00:37:16,880 --> 00:37:20,880
जोड़ कर दिखाने लगे कि भाई ये जो गुरुदेव कह रहे हैं ये इनके लिए

537
00:37:20,880 --> 00:37:25,200
कह रहे हैं। है ना ये सब चीजें हैं। अच्छा

538
00:37:25,200 --> 00:37:29,800
इसमें इस समय फैक्ट की बात ये है भाई ऐसी बातें नहीं

539
00:37:29,800 --> 00:37:34,320
चलती जिस दिन सामना होगा उस दिन आप निरत्तर

540
00:37:34,320 --> 00:37:38,560
हो जाओगे। अकाट्य बात नहीं है। गुरुदेव

541
00:37:38,560 --> 00:37:41,680
ने इनका नाम लिया क्या? नहीं

542
00:37:41,680 --> 00:37:46,480
लिया। क्या उसके बाद ये गुरुदेव के पास गई दर्शन करने के? नहीं गई।

543
00:37:46,480 --> 00:37:51,080
गई क्या? उसके बाद गुरुदेव का इनको स्नेह मिला

544
00:37:51,080 --> 00:37:55,360
मिला। और ये भी सारे प्रमाण अकाट रूप से हम लोग

545
00:37:55,360 --> 00:37:59,680
दिखाएंगे। खैर दूसरी बात ये है कि अब

546
00:37:59,680 --> 00:38:03,760
ये सब चीजें क्या हुआ? एक आपको सामग्री मिल गई। जैसे अभी कुछ दिनों पूर्व क्या

547
00:38:03,760 --> 00:38:07,760
हुआ था? आर्य समाजियों ने मेरा मुंह बंद करने के लिए मेरी फोटो निकाल

548
00:38:07,760 --> 00:38:12,000
ली। अब होता क्या है? वो सच के आसपास वाला झूठ यहां आता है। सच

549
00:38:12,000 --> 00:38:16,440
के आसपास वाला झूठ क्या आता है कि हमने कोई ऐसी फोटो

550
00:38:16,440 --> 00:38:20,560
निकाली जो काफी प्रभावशाली है। वो नकारात्मक प्रभाव

551
00:38:20,560 --> 00:38:24,720
हो या सकारात्मक बात का है। मगर प्रभावशाली है जो इफेक्ट

552
00:38:24,720 --> 00:38:28,800
पैदा कर रही है। ऐसी फोटो निकाली। ठीक है? अब वो फोटो है।

553
00:38:28,800 --> 00:38:33,040
यह बात तो सत्य है। ठीक है। जैसे वो भव्य राधा कृष्ण

554
00:38:33,040 --> 00:38:37,040
दास आया था ना तो मैं कह रहा था कि वो जो

555
00:38:37,040 --> 00:38:41,280
आपको मां लग रही है उस उसको जो आप मां मान रहे हो वो अविद्या

556
00:38:41,280 --> 00:38:45,280
है। मां मानना या विद्या है मतलब वो मिथ्या है कि नहीं मां मानना

557
00:38:45,280 --> 00:38:50,160
है ना वो कह रहा था मां तो है ना मां तो है ना

558
00:38:50,160 --> 00:38:54,480
मां है मगर उसके साथ जो आप अपना वो मान रहे हो वो मिथ्या

559
00:38:54,480 --> 00:38:57,280
है व्यवहार में सत्य है मगर पारमार्थिक

560
00:38:57,280 --> 00:39:01,360
दृष्टिकोण से बहुत आध्यात्मिक दृष्टिकोण से वो मिथ्या है जो आप मान

561
00:39:01,360 --> 00:39:06,360
रहे हो है ना तो इसी तरीके से क्या होता है कि ऐसी

562
00:39:06,360 --> 00:39:10,400
फोटो कि जो प्रभावित करे सामने वाले को

563
00:39:10,400 --> 00:39:14,400
सोचने पर मज मजबूर कर दे, भड़क जाए उसका दिमाग। ऐसी फोटो

564
00:39:14,400 --> 00:39:18,400
दिखाई उसके साथ एक टिप्पणी लिख दी। अब बात यह है वो फोटो तो

565
00:39:18,400 --> 00:39:22,480
है ना। वो फोटो तो है ना मगर उसके साथ जो टिप्पणी लिखी

566
00:39:22,480 --> 00:39:26,720
हुई है वो गलत है। है ना? तो ये किया गया इनके

567
00:39:26,720 --> 00:39:30,960
पूर्व काल के फोटो को लेकर के उनको प्रचारित प्रसारित करना शुरू किया गया।

568
00:39:30,960 --> 00:39:34,960
तो अब जब ऐसा हो रहा था इनका इनको भी भाई कोई ये

569
00:39:34,960 --> 00:39:39,040
कोई अभ्यस्त तो है नहीं। शंकर के सैनिक के रूप में हम लोग पुराने

570
00:39:39,040 --> 00:39:43,040
चावल हो रहे हैं धीरे-धीरे हैं। तो अब

571
00:39:43,040 --> 00:39:47,720
ये तो है नहीं। तो क्या है कि

572
00:39:47,720 --> 00:39:51,920
इनको भाई हरेसमेंट किया जा रहा था। मानसिक टॉर्चर एक तरीके से चालू

573
00:39:51,920 --> 00:39:56,000
कर दिया गया। जबकि ये कर क्या रही है? ये उन्हीं बातों को जाकर के समाज में बोल रही

574
00:39:56,000 --> 00:40:00,160
है जो तुम बोलते हो। इनके माध्यम से उनहीं बातों का प्रचार प्रसार

575
00:40:00,160 --> 00:40:04,320
हो रहा है। दो करोड़ लोगों ने लगभग दो करोड़ लोगों ने

576
00:40:04,320 --> 00:40:08,480
वो मंत्र गुरुदेव जो बोलते हैं इनकी आईडी से देखा अचुताय

577
00:40:08,480 --> 00:40:12,320
नमः अनताय नमः गोविंदाय नमः जिसमें ये बता रही है जिसमें ये बता

578
00:40:12,320 --> 00:40:16,560
रही हैं कि जो वैदिक मंत्र इत्यादि है

579
00:40:16,560 --> 00:40:21,040
वो सभी के लिए सुलभ नहीं है। यह कह रही हैं।

580
00:40:21,040 --> 00:40:25,360
आप बताइए अपने गुरुदेव का जो वक्तव्य

581
00:40:25,360 --> 00:40:29,520
है उसका प्रचार किया। दो करोड़ लोगों ने उसको सुना। लोगों ने उसका आलंबन

582
00:40:29,520 --> 00:40:33,600
लिया। तो ये ये कर रही है। मगर कुछ ऐसे लोग मुझे लगता

583
00:40:33,600 --> 00:40:37,680
है कि ये करने वाला हो सकता है वो भी हो जो ये जो विरोधी तत्व उनके

584
00:40:37,680 --> 00:40:42,000
द्वारा हमारे बीच में डाला गया क्योंकि उसकी शक्ल नहीं है जिसने ऐसा चालू किया।

585
00:40:42,000 --> 00:40:46,400
है ना? उसकी उसका कोई फेस नहीं है जिसने ये सब चालू किया।

586
00:40:46,400 --> 00:40:50,560
तो उसने चालू कर दिया। तो यह सारा विवाद

587
00:40:50,560 --> 00:40:54,640
है और फिर चालू करके इन पर दबाव क्या डालता है? दबाव

588
00:40:54,640 --> 00:40:59,200
यह डालता है कि अगर आप अपनी वह सामग्री अपनी प्रोफाइल से बदल देंगी,

589
00:40:59,200 --> 00:41:03,200
हटा देंगी तो हम यह जो आपको टॉर्चर कर रहे हैं, मानसिक

590
00:41:03,200 --> 00:41:08,040
प्रताड़ना कर रहे हैं आपके साथ वो सब बंद कर देंगे। बताइए

591
00:41:08,040 --> 00:41:12,480
ब्लैकमेल सीधे-सीधे। अरे भाई अगर तुम्हें चिंता

592
00:41:12,480 --> 00:41:16,800
है, कोई आपको लग रहा है कि इन फोटो के माध्यम से बोला गया है क्या?

593
00:41:16,800 --> 00:41:20,880
हां। हां ऐसे बोला क्या धमकी सीधेसीधे सोचिए

594
00:41:20,880 --> 00:41:24,880
अब देखिए पहली बात तो ये अगर तुम्हें तुम्हारा कोई सार्थक उद्देश्य है जिसके

595
00:41:24,880 --> 00:41:27,600
कारण तुम ऐसा कर रहे हो तो

596
00:41:27,600 --> 00:41:31,680
तुम सही रास्ते से आओ बात करो मगर ना बात ना

597
00:41:31,680 --> 00:41:36,080
चीत तुमने पहले तो दुष्प्रचार करना प्रारंभ कर दिया एक मातृशक्ति

598
00:41:36,080 --> 00:41:40,080
की जो तुम्हें सामग्री मिल गई उसका तुमने खिलवाड़ करना शुरू कर दिया अपने हिसाब

599
00:41:40,080 --> 00:41:44,160
से और उसके बाद तुम दबाव डाल रहे हो अगर तुम हटा दोगी तो हम यह रोक

600
00:41:44,160 --> 00:41:48,240
देंगे भाई पहले आते अगर तुम हिमायती थे तुम्हें धर्म की चिंता

601
00:41:48,240 --> 00:41:52,320
थी, गुरु की चिंता थी और गुरुदेव से दीक्षित लोगों की चिंता

602
00:41:52,320 --> 00:41:56,400
थी। यह भी तो होना चाहिए। हम ही हम है तो क्या हम

603
00:41:56,400 --> 00:42:00,400
है? तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो? अरे

604
00:42:00,400 --> 00:42:05,480
तुम्हें उनका भी तो ख्याल रखना चाहिए जो गुरुदेव से दीक्षित है। गुरुदेव के प्रति समर्पित

605
00:42:05,480 --> 00:42:09,600
है। हो सकता है कि जो जिस दृष्टिकोण को तुम देख पा रहे

606
00:42:09,600 --> 00:42:13,840
हो। वो नहीं देख पा रहे हो उनको समझाओ। शास्त्र के वचन दो। गुरुदेव

607
00:42:13,840 --> 00:42:18,400
के वचन दो। समझाओ उन्हें जाकर के और तब अगर वह ना माने तो विरोध करो।

608
00:42:18,400 --> 00:42:22,560
तुमने तो विरोध पहले कर दिया और विरोध करने के बाद तुम जाकर

609
00:42:22,560 --> 00:42:26,720
धमका रहे हो। अब उनका जो कुछ उद्देश्य हो तो वो तुम्हें उद्देश्य

610
00:42:26,720 --> 00:42:30,800
बताएं या फिर अपना जो जो एक स्वाभिमान है उसकी रक्षा करें कि

611
00:42:30,800 --> 00:42:35,520
हम तुम्हारे कहने से तुम होते कौन हो? भाई गुरुदेव हमको कहेंगे तो हम

612
00:42:35,520 --> 00:42:39,680
अपने अकाउंट में आग लगा देंगे। तुम होते

613
00:42:39,680 --> 00:42:42,880
कौन हो? एक ऐसा व्यक्ति जिसका

614
00:42:42,880 --> 00:42:47,440
इतना मुंह काला है जो किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं है।

615
00:42:47,440 --> 00:42:51,440
उसके घर में क्या हो गया है। उसकी माताओं के साथ क्या हो गया। उसकी बहनों के साथ भगवान ना

616
00:42:51,440 --> 00:42:55,760
करे कुछ हो। नहीं। और एक ऐसा व्यक्ति जिसके

617
00:42:55,760 --> 00:42:59,840
साथ पता नहीं ऐसा क्या हुआ जो समाज में किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं रह गया है।

618
00:42:59,840 --> 00:43:03,920
वो आकर के कौन होता है हमको धमकाने वाला। वो भी हमारे पूज्य गुरुदेव

619
00:43:03,920 --> 00:43:08,680
के रेफरेंस से कि मैं इसलिए ऐसा कर रहा हूं क्योंकि गुरुदेव के मान सम्मान की मुझे चिंता

620
00:43:08,680 --> 00:43:13,040
है। अरे चिंता होती तो इसका दुष्प्रचार जो तुमने किया है

621
00:43:13,040 --> 00:43:17,120
वो करने से पहले तुम बात करते ना तुमने

622
00:43:17,120 --> 00:43:21,520
तो उसका कहना क्या है कि इसका लोग दुरुपयोग करेंगे।

623
00:43:21,520 --> 00:43:26,400
मतलब लोग दुरुपयोग करेंगे इसलिए मैं दुरुपयोग कर रहा हूं। वाह

624
00:43:26,400 --> 00:43:30,640
कितना बड़ा तर्क है। ये सबसे इंटरेस्टिंग बात है। कितना

625
00:43:30,640 --> 00:43:34,720
बड़ा तर्क है भाई। नारायणता की पराकाष्ठा

626
00:43:34,720 --> 00:43:38,720
है ये कि कोई और दुरुपयोग ना कर सके इसलिए मैं दुरुपयोग कर

627
00:43:38,720 --> 00:43:42,880
रहा हूं। मतलब है मतलब

628
00:43:42,880 --> 00:43:46,960
कोई कन्या अपने घर से बाहर ना निकले वरना उसका कोई दुरुपयोग

629
00:43:46,960 --> 00:43:51,640
हो सकता है। तो कोई और दुरुपयोग ना करे इसलिए मैं उसका दुरुपयोग

630
00:43:51,640 --> 00:43:55,760
करूंगा। है ना? एक बार ऐसे ही मैं बस थोड़ा सा लाइट कर देता हूं

631
00:43:55,760 --> 00:43:58,000
इसको आप। एक बार ऐसे ही मैं अभिषेक

632
00:43:58,000 --> 00:44:02,000
उपन्य हूं। एक वो हैं हमारे स्टैंड अप कॉमेडियन है। मैं उनका

633
00:44:02,000 --> 00:44:06,160
देख रहा था। तो बस यही बात मुझे याद आ गई। वो ऐसे ही किसी मतलब

634
00:44:06,160 --> 00:44:10,160
खूनी का वो दे रहे थे। तो कह रहे थे कि तुम गला लेके

635
00:44:10,160 --> 00:44:14,160
घूम क्यों रहे हो? अरे गला लेके घूमोगे तो वो काट ही देगा ना। तो तुम्हारी गलती है। तुम गला

636
00:44:14,160 --> 00:44:18,240
लेके घूम रहे हो। तो वैसे

637
00:44:18,240 --> 00:44:22,240
ही बात वैसे ही तर्क मुझे याद आ गया कि मतलब हम जिए ना सांस ना

638
00:44:22,240 --> 00:44:26,240
ले। सांस तुम ले लोगे तो तुम्हारी सांस बंद कर देंगे। वो वाली बात हो गई

639
00:44:26,240 --> 00:44:30,240
है। ठीक है। तो अब क्या है कि यह

640
00:44:30,240 --> 00:44:34,240
दबाव डाला गया। दबाव डालने के बाद फिर मैंने देखा कि इनका जो

641
00:44:34,240 --> 00:44:38,640
है हैरेसमेंट हो रहा है। तो मैंने इनका पक्ष दिखाने के लिए समाज को

642
00:44:38,640 --> 00:44:42,640
मैंने एक रील बनाई और मैंने वो जी। अब क्या

643
00:44:42,640 --> 00:44:46,720
हुआ कि जो लोग ऐसे थे जो उस व्यक्ति के साथी नहीं भी थे।

644
00:44:46,720 --> 00:44:51,120
परंतु कहीं ना कहीं उनके मन में भी इनके विरोध में अधूरी जानकारी

645
00:44:51,120 --> 00:44:55,200
के चलते थोड़ी बहुत द्वेष था या थोड़ी थोड़ा बहुत गुस्सा

646
00:44:55,200 --> 00:44:59,400
था, क्रोध था। अधूरी जानकारी के चलते मैं फिर कह रहा हूं उन लोगों

647
00:44:59,400 --> 00:45:03,520
को मेरे रील बना देने पर उस व्यक्ति के दुष्प्रचार के कारण

648
00:45:03,520 --> 00:45:07,600
फिर वो लोग भी मैदान में उतर आए। अब वो लोग भी सामने

649
00:45:07,600 --> 00:45:11,680
से आकर के जो है प्रतिकार करने लगे। वो व्यक्ति जिसने शुरू में मुझसे

650
00:45:11,680 --> 00:45:13,040
कहा था कि ये मठ में

651
00:45:13,040 --> 00:45:17,120
क्या कर रही है। मैंने उनको कुछ जवाब दिया था जो जवाब मैं अभी आगे बताने वाला हूं। वो व्यक्ति

652
00:45:17,120 --> 00:45:21,280
भी मैदान में उतर आया। भैया अब तो ठीक है अब तो हम भी हैं। तो इस तरीके

653
00:45:21,280 --> 00:45:25,360
से एक वो झुंड में वार

654
00:45:25,360 --> 00:45:29,520
होने लगा। मगर मैं यहां पर एक पंक्ति कसना चाहूंगा कि

655
00:45:29,520 --> 00:45:30,020
झुंड

656
00:45:29,840 --> 00:45:34,160
में वार करने वाला शेर नहीं ठग होता है। और दुश्मन अगर कायदे

657
00:45:34,160 --> 00:45:39,720
का हो तभी उसे मारने का मजा अलग होता है।

658
00:45:39,720 --> 00:45:43,840
हां। तो दुश्मन कायदे का नहीं होगा तो फिर क्या फायदा?

659
00:45:43,840 --> 00:45:47,840
ठीक है। तो यह सारा विवाद है।

660
00:45:47,840 --> 00:45:51,840
ऐसे करके विवाद बना और आगे क्या-क्या हुआ वो अभी

661
00:45:51,840 --> 00:45:55,920
आप प्रश्न करने ही वाले हो तो पता चल जाएगा। ये एक

662
00:45:55,920 --> 00:46:00,000
बात और जोड़ जोड़ देता हूं किकिकि आपने मठ की बात कही है यहां पर तो एक बार

663
00:46:00,000 --> 00:46:04,080
गुरुदेव से भी किसी ने पूछा था कि क्या कन्या या स्त्रियां या मातृशक्ति मठ

664
00:46:04,080 --> 00:46:08,080
में रह सकती हैं? तो उन्होंने बहुत ही अच्छा तर्क दिया था। उदाहरण दिया था। उन्होंने वाल्मीकि

665
00:46:08,080 --> 00:46:12,240
रामायण वाल्मीकि जी के आश्रम का उदाहरण दिया था। इसमें बताया था कि भगवती सीता भी

666
00:46:12,240 --> 00:46:16,320
उस समय तक वहां रही थी रह सकती तो वो भी काफी मतलब

667
00:46:16,320 --> 00:46:20,640
एक आप ये कह सकते हैं कि निरत्तर कर देने वाला वो तर्क था देखना चाहिए

668
00:46:20,640 --> 00:46:24,800
सब तो ऐसा नहीं है कि मतलब कि बिल्कुल निषेध है मठ

669
00:46:24,800 --> 00:46:28,880
में एंटर करना या जाना ही लेकिन आज आज जाया जा

670
00:46:28,880 --> 00:46:33,040
सकता है गुरु पूर्णिमा होगी तो क्या मतलब शिष्य गण

671
00:46:33,040 --> 00:46:37,120
जाएंगे नहीं गुरुदेव का दर्शन करने मठ में नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे वो बात वो

672
00:46:37,120 --> 00:46:41,120
भी आती है तो उस भाव से ये है लेकिन लेकिन बात

673
00:46:41,120 --> 00:46:45,120
एक्चुअली कई लोगों ने यहां पे भी प्रश्न किया है। शिवश जी आपकी आपको

674
00:46:45,120 --> 00:46:49,440
आवाज आ रही है? जी जी आ रही है। मुझे लगा होगा स्क्रीन फ्रीज

675
00:46:49,440 --> 00:46:53,520
हो गया है। ओके तो इसमें एक्चुअली ये भी

676
00:46:53,520 --> 00:46:54,840
पूछा कहा गया है कि जैसे

677
00:46:54,840 --> 00:46:59,080
कि आप योग सिखाती हैं। तो कई लोगों ने इस पे

678
00:46:59,080 --> 00:47:03,120
भी कमेंट किया है कि जैसे कि आपके जो वस्त्र हैं वो आपत्तिजनक

679
00:47:03,120 --> 00:47:07,120
होते हैं योग सिखाने के के समय और ऐसा कुछ तो

680
00:47:07,120 --> 00:47:11,840
उस पे भी अगर आप कुछ प्रकाश डाल दें तो एकदम यह बहुत ही महत्वपूर्ण

681
00:47:11,840 --> 00:47:15,840
प्रश्न है क्योंकि सबको हमारे सिर्फ मतलब पहले हम एक

682
00:47:15,840 --> 00:47:20,000
कुछ चीज बोलना चाहेंगे इस प्रश्न का उत्तर देने पहले पहले मैं मैं बता दूं पहले

683
00:47:20,000 --> 00:47:24,480
फिर आप बताइए पहले ठीक है मैं क्या है

684
00:47:24,480 --> 00:47:28,720
मैं क्या है थोड़ा टैंक फुल है मेरा

685
00:47:28,720 --> 00:47:33,680
हां भरे बैठे हैं ये हां मैं भरा बैठा हूं तो पहले मैं बता

686
00:47:33,680 --> 00:47:37,680
तो पहली बात तो आपत्तिजनक वस्त्रों में

687
00:47:37,680 --> 00:47:42,000
योग सिखाना यह आरोप है। तो आपत्तिजनक

688
00:47:42,000 --> 00:47:46,080
वस्त्र में योग सिखाते हुए कौन सा अभी वर्तमान

689
00:47:46,080 --> 00:47:50,240
का वीडियो है इनका? मैं तो देख रहा हूं कि इनके योग सिखाने

690
00:47:50,240 --> 00:47:54,640
वाले वीडियो ही नहीं आ रहे। आएंगे भी नहीं। है ना?

691
00:47:54,640 --> 00:47:58,640
है ना? दूसरी बात मैं कहूंगा कि आमतौर पर

692
00:47:58,640 --> 00:48:02,880
ऐसा फेमस है कि योग सिखाते टाइम सभी लोग प्रणव का उच्चारण करते हैं।

693
00:48:02,880 --> 00:48:06,960
जी। इनका वीडियो है जिसमें राम का उच्चारण करा

694
00:48:06,960 --> 00:48:10,000
रही हैं। क्यों?

695
00:48:10,000 --> 00:48:14,920
क्यों करा रही है? निष्ठा, बदलाव,

696
00:48:14,920 --> 00:48:19,120
परिवर्तन सालों से किए जाने वाले कार्य में परिवर्तन करने वाले

697
00:48:19,120 --> 00:48:23,200
के परिवर्तन करने के लिए गुर्दा चाहिए होता है। और वह

698
00:48:23,200 --> 00:48:28,000
गुर्दा आता है निष्ठा से। ऐसे ही नहीं आ जाता है।

699
00:48:28,000 --> 00:48:32,000
वो कहते हैं ना वो राजकुमार कहता है ना किसी

700
00:48:32,000 --> 00:48:36,240
में वो जब चाकू दिखाता है तो विलन वो

701
00:48:36,240 --> 00:48:40,320
कहता है जानी यह इसको चलाने

702
00:48:40,320 --> 00:48:44,400
के लिए ना गुर्दा चाहिए गुर्दा और वो गुर्दा एक

703
00:48:44,400 --> 00:48:48,640
मर्द अपनी माता के गर्भ से लेकर जन्म लेता है ये सब वो बताता है

704
00:48:48,640 --> 00:48:53,200
तो ये जो ऐसा जो परिवर्तन है जो आपकी पहचान है

705
00:48:53,200 --> 00:48:57,360
जो आपका नाम है जो आपका सिद्धांत है जीवन को जीने

706
00:48:57,360 --> 00:49:01,600
का वो आपने बदल डाला हम और ऐसे

707
00:49:01,600 --> 00:49:06,080
व्यक्ति पर उठा रहे हो नाम भी

708
00:49:06,080 --> 00:49:10,320
पर लोग उसको समझ नहीं पाते हैं उसकी गढ़ता को इनका

709
00:49:10,320 --> 00:49:14,480
नाम रिदमम कपूर था और जब इनका नाम मतलब

710
00:49:14,480 --> 00:49:18,480
जब इन्होंने गुरुदेव से दीक्षा ली है और दीक्षा के बाद कुछ

711
00:49:18,480 --> 00:49:22,640
समय बाद इनको गुरुदेव के द्वारा नाम प्राप्त हुआ विजय श्री

712
00:49:22,640 --> 00:49:25,440
ये नाम इन्होंने अपने मन से नहीं लिया इन्होंने

713
00:49:25,440 --> 00:49:29,520
गुरुदेव से स्नेह प्राप्त किया जलन होती है मुझे इतना स्नेह इनको प्राप्त

714
00:49:29,520 --> 00:49:33,760
हुआ है गुरुदेव से गुरुदेव से इन्होंने नाम पूछा कि मेरा

715
00:49:33,760 --> 00:49:37,920
नाम क्या होना चाहिए और तब गुरुदेव ने इनको दुलार में वो नाम दिया विजय

716
00:49:37,920 --> 00:49:41,920
श्री जी और वो नाम दिया गया था और जब

717
00:49:41,920 --> 00:49:45,920
वो नाम इनको मिला तो इनके फॉलोअर्स करीब मतलब एक

718
00:49:45,920 --> 00:49:50,080
लाख हो चुके हैं और अगर ये लालची है पैसों की लालची

719
00:49:50,080 --> 00:49:54,240
व्यापार करने वाली तो इनको क्या पड़ी है वो जो नाम गुरुदेव ने दिया उसको

720
00:49:54,240 --> 00:49:58,320
बदलने की जबकि ये फेमस हो रही है प्रीतम कपूर नाम से क्यों बदलेंग

721
00:49:58,320 --> 00:50:02,700
गुरुदेव ने तो कहा नहीं इसको बदल दो जाओ

722
00:50:02,700 --> 00:50:06,800
[संगीत] निष्ठा है ना तो यह निष्ठा

723
00:50:06,800 --> 00:50:10,880
है उनकी जो उन्होंने अपने नाम को बदल डाला जो उन्होंने रिदमम कपूर से

724
00:50:10,880 --> 00:50:15,040
विजयश्री किया और मैं क्यों इनकी गवाही दे रहा हूं आज मैं क्यों साक्षी बना

725
00:50:15,040 --> 00:50:19,040
क्योंकि इस पूरी यात्रा का मैं एक एक कण का साक्षी हूं मुझे पता चल रहा

726
00:50:19,040 --> 00:50:23,200
है क्या हो रहा है तो इसलिए आज मैं बैठा हुआ हूं ना मैंने

727
00:50:23,200 --> 00:50:27,440
देखा है जिन लोगों ने नहीं देखा है वो लोग निराधार होकर के

728
00:50:27,440 --> 00:50:32,720
बिना जाने बिना पूरी जानकारी लिए बातें कर रहे जी

729
00:50:32,720 --> 00:50:36,800
है ना तो सबसे पहली बात है

730
00:50:36,800 --> 00:50:40,640
कि योग आपत्तिजनक वस्त्रों में योग करते

731
00:50:40,640 --> 00:50:44,160
हुए इनके वर्तमान में कोई वीडियोस नहीं है। भूतकाल

732
00:50:44,160 --> 00:50:48,240
के पूर्व के वीडियोस है। तो यह लांछन लगाना कि ऐसा कर रही

733
00:50:48,240 --> 00:50:52,400
है। ये गलत है। और जब भूतकाल की बात आ गई तो हमने बता दिया कि व्यक्ति जब

734
00:50:52,400 --> 00:50:56,800
दिशाहीन है तो दिशाहीन ही तो दिशा पे आएगा। कोई व्यक्ति

735
00:50:56,800 --> 00:51:00,800
जो पशु रूप में उत्पन्न होता है धर्म ना पशु भी समाना कहां

736
00:51:00,800 --> 00:51:04,880
गया सिद्धांत भाई तो पशु के समान जो व्यक्ति

737
00:51:04,880 --> 00:51:09,280
है वही तो मनुष्य बनेगा जब उसके पास धर्म आएगा

738
00:51:09,280 --> 00:51:13,280
तो दिशाहीन जो है वही तो दिशा पे आएगा शंकर से दूर है

739
00:51:13,280 --> 00:51:17,440
वही तो शंकर के पास आएगा सार्वभौम सिद्धांतों

740
00:51:17,440 --> 00:51:21,760
को नहीं जानने वाला ही तो सार्वभौम सिद्धांतों को जानेगा

741
00:51:21,760 --> 00:51:22,260
और

742
00:51:22,000 --> 00:51:26,000
जब वो और जब वो जानेगा तो तुम कहोगे कि नहीं नहीं ये तो ये

743
00:51:26,000 --> 00:51:30,640
ऐसे कर रही थी। अब मैं एक बार मेरे एक

744
00:51:30,640 --> 00:51:34,640
मैं क्या है कि कभी-कभी टांग खींच लेता था अपने

745
00:51:34,640 --> 00:51:38,880
मित्रों की तो एक मैं छोटा सा वो बताऊं मेरा एक मित्र बोला मेरे

746
00:51:38,880 --> 00:51:42,960
से अचानक से अरे देखो यहां बारिश नहीं हो रही

747
00:51:42,960 --> 00:51:47,040
है। और यहां बारिश हो रही है। है ना?

748
00:51:47,040 --> 00:51:51,200
मतलब ऐसा होता है ना कई बार यहां बारिश होती है यहां नहीं हो रही है

749
00:51:51,200 --> 00:51:55,200
तो उसने मुझसे बोला मेरे मन में कुछ खोजनी वाला था

750
00:51:55,200 --> 00:51:59,720
मामला उस समय मेरा दिमाग अल्टर था मैं शायद वो रहा

751
00:51:59,720 --> 00:52:04,080
होगा थोड़ा सा गुस्से में रहा होगा तो मैंने क्या जवाब दिया उसको

752
00:52:04,080 --> 00:52:08,120
कि दुनिया में जब भी कहीं पर बारिश हो रही होती

753
00:52:08,120 --> 00:52:12,240
है उस समय दुनिया में कहीं ना कहीं ऐसी जगह जरूर होती

754
00:52:12,240 --> 00:52:16,480
है जहां पर बारिश नहीं होती है और

755
00:52:16,480 --> 00:52:20,560
दुनिया में कहीं ना कहीं ऐसी जगह भी होती है जहां पर वह दोनों जगह आपस में

756
00:52:20,560 --> 00:52:24,720
मिल रही होती हैं। तो अभी अभी तुमने उसी

757
00:52:24,720 --> 00:52:29,360
जगह के दर्शन किए हैं। बारिश हो रही है और बारिश नहीं हो रही है।

758
00:52:29,360 --> 00:52:33,520
अब भाई यहां पे बारिश हो रही है। यहां नहीं हो रही है। तो यहां नहीं हो रही है तो हम कटाक्ष

759
00:52:33,520 --> 00:52:37,000
कह रहे हैं। बारिश कैसे हो रही है? ये तो गलत बात है।

760
00:52:37,000 --> 00:52:41,200
भाई तो कोई दिशाहीन व्यक्ति दिशा में आ गया

761
00:52:41,200 --> 00:52:45,280
तो हम कटाक्ष कर रहे हैं। दिशा वाला है। दिशाहीन कैसे दिख रहा है? ये तो गलत बात

762
00:52:45,280 --> 00:52:49,280
है। है ना? तो एक तो यह बात है।

763
00:52:49,280 --> 00:52:53,440
दूसरी बात यह भी है कि यह बात यह भी बताएंगे

764
00:52:53,440 --> 00:52:57,680
कि गुरुदेव से इन्होंने किस तरह से अनुमति प्राप्त की। इन्होंने पूछा गुरुदेव से

765
00:52:57,680 --> 00:53:01,680
कि क्या मैं योग शिक्षिका के रूप में शारीरिक स्तर तक योग सिखा सकती

766
00:53:01,680 --> 00:53:05,760
हूं कि नहीं? और गुरुदेव ने इनको आज्ञा दी कि अपने आजीविक उपार्जन के निमित्त

767
00:53:05,760 --> 00:53:09,760
आप यह कार्य करिए। वैसे भी गुरुदेव ने कहा है कि संक्रमण काल

768
00:53:09,760 --> 00:53:13,760
है जिसका जैसे-जैसे बन पा रहा है वैसे वैसे करो और यथा सामर्थ्य धर्म का

769
00:53:13,760 --> 00:53:17,840
आलंबन लो। अभी हम और आप भी बैठे हैं श्वेता जी

770
00:53:17,840 --> 00:53:22,160
हम भी उस स्थिति उस स्थिति में नहीं है जो पूर्णतया शास्त्रोक्त

771
00:53:22,160 --> 00:53:26,880
कार्य कर रहे हो। नहीं है। और जो ये आरोप लगा रहा है

772
00:53:26,880 --> 00:53:31,120
वो मेरे सामने आ जाए। मैं उसके घर में उसके जीवन

773
00:53:31,120 --> 00:53:35,840
में निजी जीवन में 101 गलतियां गिन के निकाल दूंगा।

774
00:53:35,840 --> 00:53:40,080
कहां बचोगे? क्या जिस गाड़ी में ब्रेक

775
00:53:40,080 --> 00:53:44,400
शू का उपयोग होता है, चमड़े का उपयोग होता है, उस गाड़ी को चलाने से बचोगे?

776
00:53:44,400 --> 00:53:48,480
ट्रेन में बैठने से बचोगे? कहां तक बचोगे?

777
00:53:48,480 --> 00:53:52,200
सब्जियां खाने से बचोगे? कितनी बार मिट्टी का प्रयोग

778
00:53:52,200 --> 00:53:56,480
करोगे? करोगे कि नहीं करोगे? अरे वो तो बहुत दूर की बात है।

779
00:53:56,480 --> 00:54:01,280
वो तो बहुत दूर की बात है। अरे कुल्ला कितनी बार करोगे?

780
00:54:01,280 --> 00:54:05,360
ये बताओ। अरे ये तो आर्य समाजियों के लिए है। ये तो आर्य

781
00:54:05,360 --> 00:54:10,200
समाजियों के लिए तो

782
00:54:10,200 --> 00:54:14,320
तो मैं ये जो प्रश्न उठा रहे हैं कि वो योग क्यों सिखा रही

783
00:54:14,320 --> 00:54:18,400
है? आपत्ति आपत्तिजनक तो वस्त्र है नहीं। फिलहाल वो योग वाले वीडियोस भी नहीं

784
00:54:18,400 --> 00:54:22,400
डाल रही हैं और अंतत गतवा यह जो अनुमति है इनको गुरुदेव से

785
00:54:22,400 --> 00:54:26,880
प्राप्त है और मैं ये कहूंगा कि भाई जितने गुरुदेव

786
00:54:26,880 --> 00:54:30,880
आपके हैं जितना धर्म आपका है जितना शंकर मठ आपका है अगर

787
00:54:30,880 --> 00:54:34,880
आप शंकर मठ के हो मुझे नहीं पता कौन लोग है ठीक

788
00:54:34,880 --> 00:54:38,880
है मुंह छिपा के बात करने वाले ज्यादातर लोग हैं

789
00:54:38,880 --> 00:54:43,040
मगर यदि आप शंकर मठ के हो तो जाओ जाकर के हमारे पिता से

790
00:54:43,040 --> 00:54:47,280
हमारे दादा से हमारे गुरु से कहवा दो ना वो सब कुछ उसी

791
00:54:47,280 --> 00:54:51,520
दिन चेंज हो जाएगा। कुछ मालूम ना तालूम चले

792
00:54:51,520 --> 00:54:52,240
बस दूर ही

793
00:54:52,240 --> 00:54:56,320
दूर से सांप और बिच्छू शेरों को काटा नहीं करते।

794
00:54:56,320 --> 00:54:57,440
दूर ही दूर से रेंग

795
00:54:57,440 --> 00:55:01,440
कर निकल जाते हैं। ये वो वाली बात उतरिए ना भाई धरातल

796
00:55:01,440 --> 00:55:05,440
पे कुछ बदलाव लाने के लिए। हमने तो लाए ना। अपने शहर

797
00:55:05,440 --> 00:55:09,440
को रामपाल के आतंक से मुक्त कर दिया है। करवा दो

798
00:55:09,440 --> 00:55:12,400
अपने शहर को जाओ।

799
00:55:12,400 --> 00:55:16,720
कोई माई का लाल नहीं है जो अभी किताबें बेचने निकल आए लखनऊ में। इतना तो किया।

800
00:55:16,720 --> 00:55:19,320
तुमने क्या

801
00:55:19,320 --> 00:55:23,520
किया? तुम्हारी मां को गाली दी जा रही है। ऐसी किताबें तुम्हारे भी शहरों

802
00:55:23,520 --> 00:55:27,520
में बिक रही है। तुम रुकवा दो जाके जाओ। हमने रुकवाया। आग

803
00:55:27,520 --> 00:55:31,280
लगाई थी चौराहे पर।

804
00:55:31,280 --> 00:55:36,320
बात करते हैं।

805
00:55:36,320 --> 00:55:41,200
ठीक है। जी विजय जी आप कुछ बता रहे हैं। हम

806
00:55:41,200 --> 00:55:45,360
हम यह बता रहे थे सबसे पहले तो इस प्रश्न के उत्तर

807
00:55:45,360 --> 00:55:49,360
के अंदर आने से पहले हमें कुछ दिनों तक

808
00:55:49,360 --> 00:55:53,440
मतलब आज से भी पूर्व तक हमें आज से पूर्व तक यह लगता

809
00:55:53,440 --> 00:55:57,440
था कि हम एक सामान्य कन्या है जो गुरुदेव

810
00:55:57,440 --> 00:56:01,520
से दीक्षित हैं और जितना हम

811
00:56:01,520 --> 00:56:05,520
मेरा अपना काम करेंगे जितना उसको बढ़ाएंगे और जितना मेरा

812
00:56:05,520 --> 00:56:10,000
ऑडियंस साइज लेट्स से यू नो ऑडियंस साइज जितना इनक्रीस होगा

813
00:56:10,000 --> 00:56:14,240
उतने ही लोगों को हम जो सही शास्त्रीय

814
00:56:14,240 --> 00:56:18,320
बातें हैं वो बता पाएंगे। बट ये बहुत कॉमन मतलब यू

815
00:56:18,320 --> 00:56:22,720
नो लाइक ड्रीम ऑफ अ कॉमन हिंदू गर्ल कि हम ज्यादा से ज्यादा

816
00:56:22,720 --> 00:56:26,880
लोगों को जो सही बात है वो बता पाए। पर

817
00:56:26,880 --> 00:56:30,880
हमें नहीं पता था कि लोग हम हमें इतने ऊंचे

818
00:56:30,880 --> 00:56:35,040
पद पर ऑलरेडी बिठा चुके हैं जहां पे हम खुद

819
00:56:35,040 --> 00:56:39,120
को भी आज तक नहीं बिठाए और उन्हें हमारे जीवन में इतनी

820
00:56:39,120 --> 00:56:43,120
रुचि है और वो हमसे परफेक्शन की डिमांड मतलब

821
00:56:43,120 --> 00:56:46,640
जब हम शायद पैदा होंगे उसी क्षण से ही कर रहे हैं

822
00:56:46,640 --> 00:56:50,720
जो कि एक्चुअली प्रैक्टिकल नहीं है क्योंकि एक तो हम

823
00:56:50,720 --> 00:56:54,800
कलयुग काल में हैं। है ना? और अगर हम उतने ही परफेक्ट

824
00:56:54,800 --> 00:56:59,320
होते तो आज शायद हम इस वीडियो में भी नहीं होते।

825
00:56:59,320 --> 00:57:03,520
और अब हम उत्तर पे आ जाते हैं। पर हां उतनी

826
00:57:03,520 --> 00:57:07,600
मतलब इतने लोगों की नजरें हम पे हैं। यह जानकर

827
00:57:07,600 --> 00:57:11,920
हमें काफी रोमांचक महसूस हुआ है। यह तो हम जरूर बोलेंगे

828
00:57:11,920 --> 00:57:15,920
और लोगों के पास इतना समय है हमारे ऊपर रील बनाने

829
00:57:15,920 --> 00:57:20,080
का और बिना मतलब रिसर्च करिए तो ऐसी रिसर्च करिए

830
00:57:20,080 --> 00:57:24,240
कि मजा आ जाए सामने वाले को। ऐसे मत करिए कि व्यक्ति आपकी

831
00:57:24,240 --> 00:57:28,240
चीजें देखकर और पढ़कर हंसता रहे। बस समस्या यह थी

832
00:57:28,240 --> 00:57:32,480
कि समय बहुत लग रहा था हमारा ना इन सब चीजों से मतलब पढ़ने का

833
00:57:32,480 --> 00:57:37,360
देखने का। अब आपके उत्तर पर आते हैं कि सबसे पहली बात है

834
00:57:37,360 --> 00:57:41,360
हम योगा के अंदर कोई आज के नहीं आए हैं। हम

835
00:57:41,360 --> 00:57:45,680
बहुत पहले के आए हैं। इसलिए वस्त्रभूषा भी हमारी अलग

836
00:57:45,680 --> 00:57:49,840
है। जब हमें समझ आया है और उसके बाद हमारे जीवन में

837
00:57:49,840 --> 00:57:53,920
बहुत एक्सीडेंट्स भी हुए हैं। ठीक है? मतलब बेड रिडन एक्सीडेंट।

838
00:57:53,920 --> 00:57:58,160
उसके बाद हमारे शरीर को ही दोबारा एक योग अभ्यास

839
00:57:58,160 --> 00:58:01,920
और एक योगा टीचर योगा शिक्षक के उसके अंदर आने में समय

840
00:58:01,920 --> 00:58:06,000
लग गया है। और वो भी एक बहुत बड़ा रीजन है जिसके कारण आप मेरी योगा की कोई वीडियो

841
00:58:06,000 --> 00:58:10,240
नहीं देख पाते हैं। पर हां वीडियो ये एक्सीडेंट

842
00:58:10,240 --> 00:58:14,480
से पहले ही गुरुदेव से जुड़ने से थोड़ा टाइम पहले ही

843
00:58:14,480 --> 00:58:18,560
हमारी एज अ योगा टीचर भी वेशभूषा बदल चुकी

844
00:58:18,560 --> 00:58:22,560
थी। हम धोती डालते थे। तो ये सारी

845
00:58:22,560 --> 00:58:26,960
जो चीजें हैं इसे व्यक्ति को समझना चाहिए और हम एक टेक्निकल

846
00:58:26,960 --> 00:58:31,280
आसन प्राणायाम के टीचर हैं जिसके अंदर

847
00:58:31,280 --> 00:58:36,160
हम ऑफ कोर्स योगा फिलॉसफी की बातें करते हैं। बट मेनली हम

848
00:58:36,160 --> 00:58:40,240
किसी जैसे शरीर में जो डिजीज होती हैं। है ना? आपको यह तकलीफ है

849
00:58:40,240 --> 00:58:44,320
योगा कर लो। आपकी इंजरी हो गई तो आप कैसे करेंगे? हम इन

850
00:58:44,320 --> 00:58:48,480
सब चीजों के ऊपर ज्यादा ध्यान देते हैं। ना तो हम कोई आचार्य हैं,

851
00:58:48,480 --> 00:58:52,640
ना हमने कभी खुद को योगाचार्य या कोई भी आचार्य बोला है,

852
00:58:52,640 --> 00:58:56,960
ना हम कोई संत हैं। और जितने लोगों को लगता है हमारे

853
00:58:56,960 --> 00:59:01,040
Instagram पर आकर भी कभी भी वो बोलते हैं कि साध्वी हैं संत हैं। तो हम उसी

854
00:59:01,040 --> 00:59:05,200
समय बोलते हैं ना तो हम है कोई साध्वी ना हम संत हैं। हम एक

855
00:59:05,200 --> 00:59:09,280
बहुत ही कॉमन पर्सन की तरह अपना जीवन बिताते हैं।

856
00:59:09,280 --> 00:59:13,280
हम सांसारिक हैं। जैसे आप लोग सांसारिक हैं वैसे हम लोग

857
00:59:13,280 --> 00:59:17,120
सा हम खुद सांसारिक हैं। और जो भी शंकर मठ

858
00:59:17,120 --> 00:59:21,720
से जुड़े हैं उन्हें इस चीज का ज्ञान होना चाहिए कि

859
00:59:21,720 --> 00:59:25,920
स्त्रियां सांसारिक जीवन ही जीती हैं। है

860
00:59:25,920 --> 00:59:29,920
ना? तो ये बात है। और अगर उसके बाद

861
00:59:29,920 --> 00:59:34,240
अगर किसी को मतलब आप रिसर्च अच्छे से कीजिए। है ना? केस सॉलिड

862
00:59:34,240 --> 00:59:38,560
बनाया करिए। केस आपका अच्छा नहीं है। और

863
00:59:38,560 --> 00:59:42,960
इसका उत्तर यही है। अगर आप अब हमें बहुत सारे मैसेजेस

864
00:59:42,960 --> 00:59:46,960
भी आने लग गए हैं कुछ दिनों से। है ना? हम जानते हैं जब हम योग

865
00:59:46,960 --> 00:59:50,960
का कोई प्रमोशन नहीं कर रहे हैं और धड़ धड़ धड़ धड़ धड़ धड़ मैसेज

866
00:59:50,960 --> 00:59:55,280
आ रहे हैं तो हम समझते हैं इन सब बातों को। तो

867
00:59:55,280 --> 00:59:59,440
हम तो यह बोलेंगे कि देखिए ना तो हम

868
00:59:59,440 --> 01:00:03,520
यह बोल रहे हैं कि अरे आप आइए गुरुदेव

869
01:00:03,520 --> 01:00:07,600
की योगा की क्लास है। ऐसे तो नहीं है। हमने ऐसा एकदम कभी भी नहीं

870
01:00:07,600 --> 01:00:11,600
कहा है। ना तो यह ऐसा बोला जा रहा है। गोवर्धन मठ का योगा

871
01:00:11,600 --> 01:00:15,840
प्रोग्राम चल रहा है। जिस दिन गोवर्धन मठ की तरफ से

872
01:00:15,840 --> 01:00:19,840
कोई योग का कार्यक्रम होगा उस दिन किसी के

873
01:00:19,840 --> 01:00:24,000
को किसी से पैसा नहीं लिया जाएगा। इतनी बात सबको

874
01:00:24,000 --> 01:00:28,480
कॉमन जनरल कॉमन सेंस होनी चाहिए। तो हमारा उत्तर भी

875
01:00:28,480 --> 01:00:32,160
यह प्रश्न हमारी सूची में है और इसको शायद अभी आगे लेंगे।

876
01:00:32,160 --> 01:00:36,160
इस पर विस्तार से बात करेंगे और कुछ प्रश्न मुझे

877
01:00:36,160 --> 01:00:40,240
लगता है श्वेता जी आपने जो मुझे बताए थे उसमें से कुछ पीछे रह गए हैं।

878
01:00:40,240 --> 01:00:46,240
ये आपत्तिजनक वस्त्रों से पीछे कुछ प्रश्न रह गए हैं।

879
01:00:46,920 --> 01:00:52,920
नहीं मतलब एक आपने बताया था ना कि

880
01:00:54,160 --> 01:00:58,400
कि ये इन्होंने विदेश गमन क्यों किया?

881
01:00:58,400 --> 01:01:03,360
नहीं नहीं हां ये है ये अभी अगला प्रश्न पूछने ही वाला हूं मैं। जी

882
01:01:03,360 --> 01:01:07,520
तो वैसे बाकी कुछ लोगों को अभी भी समझ

883
01:01:07,520 --> 01:01:11,520
में नहीं आ रहा है। कोई लिख रहा है कि शास्त्रों में तो ऐसा नहीं कहा गया है कि

884
01:01:11,520 --> 01:01:15,680
स्त्रियां योग कर सकती है। तो अभी इसका उत्तर थोड़ी देर पहले दे चुके हैं। आप पीछे जाइए

885
01:01:15,680 --> 01:01:19,920
दोबारा देखिए। नहीं तो फिर अपना थोड़ा सा क्षमता बढ़ाइए

886
01:01:19,920 --> 01:01:24,560
सुनने की। ठीक है? भूल जाते हैं रवि जी। ठीक है।

887
01:01:24,560 --> 01:01:28,800
तो हां इस पे ये प्रश्न बहुत इंपॉर्टेंट है और मतलब बिल्कुल इस

888
01:01:28,800 --> 01:01:32,960
पे भी प्रश्न किया गया है कि विजयश्री ने विदेश गमन क्यों किया? जो आपने पूछा

889
01:01:32,960 --> 01:01:37,280
यही मैं प्रश्न पूछने वाला था। पहली बात है।

890
01:01:37,280 --> 01:01:41,920
पहली बात तो यह है कि कर्पात्री

891
01:01:41,920 --> 01:01:45,920
जी महाराज ने स्वयं यह कहा था कि जो लोग पतित हैं

892
01:01:45,920 --> 01:01:47,440
जिन लोगों का जनन इत्यादि

893
01:01:47,440 --> 01:01:51,440
से जो नहीं है वह अपने धर्म

894
01:01:51,440 --> 01:01:56,000
के लिए विदेश गमन कर सकते हैं। पहली बात। दूसरी बात

895
01:01:56,000 --> 01:02:00,000
कि यह विदेश गमन भी गुरुदेव के संपर्क में आने से पहले की बात

896
01:02:00,000 --> 01:02:04,160
है। फिर वही बात आ जाएगी। पूर्व की बात है। कोई

897
01:02:04,160 --> 01:02:08,160
इन्होंने जाकर के ये थोड़ी ना कहा कि वो क्या कहते हैं? हम जो है

898
01:02:08,160 --> 01:02:12,320
गुरुदेव के उसमें आने के बाद विदेश गमन किया हो। तो वहां तो हम कह ही चुके

899
01:02:12,320 --> 01:02:16,560
हैं ना कि कोई दिशाहीन व्यक्ति ही तो दिशावान बनेगा।

900
01:02:16,560 --> 01:02:20,560
दिशावान ही दिशावान बनेगा। दूसरी बात

901
01:02:20,560 --> 01:02:24,880
यह है कि क्या इन्होंने अपने विदेश गमन

902
01:02:24,880 --> 01:02:30,720
को दिखाया। देखो देखो विदेश गमन करना धर्म है।

903
01:02:30,720 --> 01:02:34,800
इस पर हम कुछ इंफॉर्मेशन देंगे बाद में पर पहले हां क्या विदेश

904
01:02:34,800 --> 01:02:38,880
गमन करना धर्म है? विदेश गमन सबको करना चाहिए। ब्राह्मण,

905
01:02:38,880 --> 01:02:42,960
क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र सभी को करना चाहिए। आर्य समाजी बनिए। शंकर को छोड़िए,

906
01:02:42,960 --> 01:02:47,360
शंकराचार्य को छोड़िए। क्या ये सब इन्होंने किया? भाई भाई

907
01:02:47,360 --> 01:02:51,440
बार-बार हम लोग बात कर चुके हैं। भूतपूर्व की बात है। अब इसमें एक बात

908
01:02:51,440 --> 01:02:55,920
आती है कि क्या इन्होंने प्रायश्चित किया?

909
01:02:55,920 --> 01:03:01,000
प्रायश्चित नहीं किया तो क्यों नहीं किया? पहली बात तो यह है

910
01:03:01,000 --> 01:03:05,120
कि सब सर्वप्रथम तो इनको प्रायश्चित का बोध होना चाहिए

911
01:03:05,120 --> 01:03:09,280
कि इनको प्रायश्चित करना है तो क्या करना है? करना है कि नहीं करना है

912
01:03:09,280 --> 01:03:13,520
और ऐसा नहीं है कि आज की डेट में भी

913
01:03:13,520 --> 01:03:17,680
इनको अगर यह बताया जाए कि आप जिस स्थिति में है उस स्थिति में आपको

914
01:03:17,680 --> 01:03:21,920
ये प्रायश्चित करना चाहिए। इन्होंने मुझको फोन कर करके

915
01:03:21,920 --> 01:03:26,240
फोन कर करके परेशान किया है कि इस स्थिति के लिए क्या कोई प्रायश्चित

916
01:03:26,240 --> 01:03:30,400
करना पड़ेगा? क्या करना पड़ेगा? तो मैं कौन सा करना पड़ेगा? ये

917
01:03:30,400 --> 01:03:34,480
सब बातें इन्होंने मुझे परेशान किया। तो अगर विदेश गमन की बात भी आती है और किसी

918
01:03:34,480 --> 01:03:38,720
को उससे आपत्ति है कि इन्होंने गुरुदेव के उसमें आने

919
01:03:38,720 --> 01:03:42,720
से पहले विदेश गमन क्यों किया था? तो पहली बात तो पूर्व की

920
01:03:42,720 --> 01:03:46,080
बात है। उसको लेकर के आज तो आप ये आरोप नहीं आप शंकराचार्य

921
01:03:46,080 --> 01:03:50,240
के शिष्य हो के विदेश गमन कैसे कर लिए? पहली बात तो दूसरी बात ये

922
01:03:50,240 --> 01:03:54,480
अगर आपको कोई आपत्ति है आप आकर के बता दीजिए कि आपकी स्थिति के लिए प्रायश्चित

923
01:03:54,480 --> 01:03:58,560
है और यदि ये कहे नहीं मैं प्रायश्चित नहीं करूंगी। भाग

924
01:03:58,560 --> 01:04:02,640
जाओ यहां से। तो यह मानना पड़ेगा ना कि दोषी है।

925
01:04:02,640 --> 01:04:06,880
भाई जो एक अबोध बालक है

926
01:04:06,880 --> 01:04:11,040
वो जब कहीं पर शिक्षा प्राप्त करने पहुंच रहा है तो धीरे-धीरे

927
01:04:11,040 --> 01:04:15,040
करेगा ना। अब प्रायश्चित क्यों नहीं किया? इसके लिए वो दंड का

928
01:04:15,040 --> 01:04:19,040
भोगी हो गया और आए हुए उसको दो दिन हुए। आए हुए उसको चार दिन

929
01:04:19,040 --> 01:04:23,040
हुए। मगर उसने आने से पहले जो गलतियां की है उसके लिए उसने प्रायश्चित

930
01:04:23,040 --> 01:04:27,120
क्यों नहीं किया? इसके लिए दोषी ठहराना कहां तक सही है?

931
01:04:27,120 --> 01:04:31,200
और मैं फिर वही लाइन यह आज की पंच लाइन रहेगी।

932
01:04:31,200 --> 01:04:35,600
101 गलतियां लिख के 101

933
01:04:35,600 --> 01:04:39,760
गलतियां गिनवा दूंगा। वो बाकी भी और भी होंगी पर मैं 101 निकाल दूंगा।

934
01:04:39,760 --> 01:04:43,920
मेरा नाम शिवश नारायण द्विवेदी है। पूरी के शंकराचार्य जी का अल्पक

935
01:04:43,920 --> 01:04:47,920
शिष्य और राम का साधारण भक्त। ध्यान

936
01:04:47,920 --> 01:04:52,080
रखना जितने भी दंभी है वो सुन ले। 101 गलती

937
01:04:52,080 --> 01:04:56,080
तुम सबके जीवन में निकाल दूंगा और फिर पूछूंगा कि बता तूने

938
01:04:56,080 --> 01:05:00,240
प्रायश्चित किया कि नहीं? तो आज के इस संक्रमण

939
01:05:00,240 --> 01:05:01,520
काल में

940
01:05:01,520 --> 01:05:05,600
हम में और गलत लोगों में

941
01:05:05,600 --> 01:05:09,840
केवल यही अंतर है कि हम अपने

942
01:05:09,840 --> 01:05:13,840
गलत को गलत कहेंगे। हम अपने गलत को धर्म के रूप में

943
01:05:13,840 --> 01:05:18,160
ख्यापित नहीं करेंगे। और दूसरा जो अधर्मी है वह अपने

944
01:05:18,160 --> 01:05:23,280
गलत को भी धर्म के रूप में ख्यापित करेगा। वह अपने गलत को भी सही कहेगा।

945
01:05:23,280 --> 01:05:27,440
वरना ऐसा नहीं है कि हमें आलंबन नहीं लेना पड़ेगा। कई जगह ऐसी

946
01:05:27,440 --> 01:05:31,760
चीजें होंगी जहां हमें आलंबन लेना पड़ेगा।

947
01:05:31,760 --> 01:05:36,160
ठीक है। जी विजय जी। इसके

948
01:05:36,160 --> 01:05:40,480
लिए हम सबसे पहले ये बोलेंगे कि जब हम विदेश गए थे

949
01:05:40,480 --> 01:05:44,560
तब हम 19 साल के भी नहीं थे। ठीक है? और हम एक

950
01:05:44,560 --> 01:05:48,560
स्टूडेंट एक्सचेंज की तरह गए थे। वे मेरी पढ़ाई का हिस्सा था।

951
01:05:48,560 --> 01:05:52,560
तो हम उस तरह से गए थे। अब हम आपको बताते हैं उसका फायदा क्या हुआ। हम

952
01:05:52,560 --> 01:05:56,800
एक बार नहीं दो बार जा चुके हैं और स्टूडेंट उसके साथ ही गए

953
01:05:56,800 --> 01:06:00,960
थे। अब इसका फायदा यह हुआ कि जब हम वहां पे पहली बार गए

954
01:06:00,960 --> 01:06:04,960
हमें कुछ भी अच्छा नहीं लगा। पर हम उनकी संस्कृति को बहुत

955
01:06:04,960 --> 01:06:09,040
पास से देख पाए। जो इतनी पास से आप लोग भी नहीं जानते

956
01:06:09,040 --> 01:06:13,200
हैं मतलब जिस जो नहीं गया है क्योंकि आप कुछ कुछ चीजों

957
01:06:13,200 --> 01:06:16,720
को बस अच्छा इनमें यह नहीं है यह नहीं है ये नहीं है यह अलग बात है

958
01:06:16,720 --> 01:06:20,720
बट किसी चीज को सामने से देखना और उसको बहुत पास से समझ

959
01:06:20,720 --> 01:06:24,800
जाना कि अरे मतलब जब मैंने शास्त्र का मत श

960
01:06:24,800 --> 01:06:28,960
भी मेरे पास नहीं था उस समय हमें इतना ज्ञात हो गया था

961
01:06:28,960 --> 01:06:33,120
मेरा भारत महान उसके बाद दूसरी बार भी जब

962
01:06:33,120 --> 01:06:37,200
हमें वहां पर जाने को मिला तो उस समय हम और उन चीजों को

963
01:06:37,200 --> 01:06:41,200
बहुत सारे अलग-अलग जीवन के सेक्टर्स में उसको समझ पाए। अब

964
01:06:41,200 --> 01:06:45,200
हमारे पास ऑप्शन था वहां पर रहने का बस जाने का

965
01:06:45,200 --> 01:06:49,280
बहुत इजीली बट हमने उसको नहीं लिया। हम वापस

966
01:06:49,280 --> 01:06:53,280
आए उसके बाद हमें बहुत बार बोला गया कि आप बाहर

967
01:06:53,280 --> 01:06:57,280
जाइए। क्यों? क्योंकि पैसे भी ज्यादा मिलेंगे। हम काम में भी

968
01:06:57,280 --> 01:07:01,280
काफी अच्छे हम जो भी काम करते हैं हम उसमें अच्छे ही थे। तो

969
01:07:01,280 --> 01:07:05,280
आप जाइए। पर हमने अपने परिवार में और सबसे

970
01:07:05,280 --> 01:07:09,600
आज तक हमें पूछा जाता है कि अरे आप तो बाहर बहुत अच्छा कर लेते तो हम सबको

971
01:07:09,600 --> 01:07:13,680
आज तक यही बोलते हैं कि बाहर कुछ भी अच्छा

972
01:07:13,680 --> 01:07:17,840
नहीं है और क्योंकि हमने वहां जितना भी समय बिताया

973
01:07:17,840 --> 01:07:22,240
अब यह बात ध्यान से सुनिए सब लोग। आज हमारे सामने

974
01:07:22,240 --> 01:07:26,400
ऐसे बहुत से मेरे परिवार के लोग जो मेरे परिवार के नहीं है वह सब

975
01:07:26,400 --> 01:07:30,480
लोग आकर जब हमसे मिलते हैं तो हम उन्हें यह जो हमारे अनुभव

976
01:07:30,480 --> 01:07:32,160
वहां पर रहे हैं उनसे

977
01:07:32,160 --> 01:07:36,400
अवगत करवाते हैं कि हम होकर आ चुके हैं वहां

978
01:07:36,400 --> 01:07:40,400
पे कुछ भी अच्छा नहीं है। अब हम हर चीज को अभी एक्सप्लेन

979
01:07:40,400 --> 01:07:44,400
नहीं करेंगे और इससे जो लोग वहां पर जाने

980
01:07:44,400 --> 01:07:48,480
के सपने देखते हैं या उन्हें लगता है कि अरे भारत कुछ भी नहीं है जो सब है

981
01:07:48,480 --> 01:07:52,480
बाहर है उनको प्रेरणा मिलती है। क्यों? क्योंकि वो यह

982
01:07:52,480 --> 01:07:57,200
समझते हैं कि हम सिर्फ बोलने के लिए नहीं बोल रहे हैं। हम प्रैक्टिकली

983
01:07:57,200 --> 01:08:01,440
होकर आए हैं। हम समझ रहे हैं। हम जान रहे हैं। ठीक है?

984
01:08:01,440 --> 01:08:05,600
और इसके इसका एक और फायदा है। यह हम एक घटना बता देते

985
01:08:05,600 --> 01:08:09,760
हैं आपको कि बाहर का एक व्यक्ति था जो किसी बच्चे को कन्विंस

986
01:08:09,760 --> 01:08:14,000
कर रहा था कि बाहर जाकर पढ़ लें। पर हम जब वहां पर बैठे और हमने

987
01:08:14,000 --> 01:08:18,400
उस व्यक्ति के बातों को काट दिया उसके बच्चे के माता-पिता

988
01:08:18,400 --> 01:08:22,480
के सामने कि कोई जरूरत नहीं है। अपने घर पे रहिए। तब तो

989
01:08:22,480 --> 01:08:26,800
हमारे पास गुरु की कोई शरण है। हमें तो इसमें कुछ पता ही नहीं था। हम तो मतलब पढ़ो,

990
01:08:26,800 --> 01:08:31,280
लिखो, काम करो। यह जीवन था मेरा। तो ये बात है

991
01:08:31,280 --> 01:08:35,440
और इसके अंदर आपको एक और चीज बताएंगे। जब हमारा अकाउंट ग्रो कर रहा था

992
01:08:35,440 --> 01:08:39,440
आई थिंक 60 हजार कुछ लोग हमारे साथ जुड़े थे तो विदेश में

993
01:08:39,440 --> 01:08:43,440
पढ़ने के लिए जो कंपनीज़ होती हैं अब क्या होता

994
01:08:43,440 --> 01:08:47,520
है कि हमें कंपनीज़ अगर बोलती हैं कि आप हमारी एडवर्टाइजमेंट

995
01:08:47,520 --> 01:08:51,840
कर लो, हम आपको पैसे देंगे। ठीक है? तब हमें ₹ाई लाख

996
01:08:51,840 --> 01:08:56,080
ऑफर किए गए थे कि हम वीडियो बनाएं जिसमें हम यह बोले

997
01:08:56,080 --> 01:09:00,240
कि विदेश जाइए और विदेश जाकर यूरोप का और जर्मनी का

998
01:09:00,240 --> 01:09:04,560
कि यहां जाकर पढ़ाई कीजिए। हमने उस व्यक्ति को एक

999
01:09:04,560 --> 01:09:08,560
बात कही जिस दिन आप बाहर के लोगों को

1000
01:09:08,560 --> 01:09:12,800
भारत में लाके पढ़ाने की बात करेंगे उस दिन हमें कांटेक्ट

1001
01:09:12,800 --> 01:09:16,960
कर लीजिएगा। तो हम यह बोल रहे हम हम

1002
01:09:16,960 --> 01:09:20,960
किसी से एक्सपेक्ट नहीं कर रहे हैं कि कोई हमें पर्सनली इतना डीपली जानता

1003
01:09:20,960 --> 01:09:25,040
हो या समझता हो। पर क्योंकि आप हमें नहीं जानते नहीं

1004
01:09:25,040 --> 01:09:29,040
समझते तो आप क्यों कोई एक फोटो को देख के

1005
01:09:29,040 --> 01:09:33,120
यह ऐसा साबित कर रहे हैं कि आपको सब पता है। है

1006
01:09:33,120 --> 01:09:37,280
ना? तो यह मेरा उत्तर है। इसमें इसमें मैं एक बात और जोडूंगा

1007
01:09:37,280 --> 01:09:41,520
कि विवाह के संबंधित भी प्रश्न इनका किया जाता है कि अभी जो है इनकी आयु

1008
01:09:41,520 --> 01:09:47,520
इतनी हो गई है। मैं हां काफी लोगों ने प्रश्न पूछा है। चैट में ही देख रहा

1009
01:09:47,880 --> 01:09:52,000
था आई गेट इट। हमें पता है आपको बहुत लोगों को इस

1010
01:09:52,000 --> 01:09:56,960
चीज का इंटरेस्ट है। हम पहले शिव जी को बोलने देंगे। फिर इस भी आपको बताएंगे।

1011
01:09:56,960 --> 01:10:01,200
तो विवाह के संबंध में पहली बात तो ये है कि निर्लज हो

1012
01:10:01,200 --> 01:10:02,800
तुम्हें शर्म नहीं आती।

1013
01:10:02,800 --> 01:10:06,800
मैं थोड़ा सा प्रश्न पूछ देता हूं कि मतलब विजय श्री की इतनी आयु हो जाने

1014
01:10:06,800 --> 01:10:11,120
के बाद भी अभी तक विवाहित अविवाहित क्यों है ये ऐसे प्रश्न पूछे मतलब कि

1015
01:10:11,120 --> 01:10:15,360
आ रहा है तो पहली बात तो ये है कि ये प्रश्न

1016
01:10:15,360 --> 01:10:19,680
पूछने वाले वो लोग हैं ये प्रश्न

1017
01:10:19,680 --> 01:10:23,840
भी देखेंगे ये प्रश्न पूछने वाले वो निर्लज है

1018
01:10:23,840 --> 01:10:28,400
जिनको मार नहीं पड़ी है बहुत दिनों से सही बता रहा हूं

1019
01:10:28,400 --> 01:10:32,400
मैं जब ये जो बीहड़ का माना जाता है ना जो

1020
01:10:32,400 --> 01:10:36,480
एरिया है चंबल के आसपास वाला मैं उधर काफी रहा हूं तो वहां

1021
01:10:36,480 --> 01:10:40,720
एक कहावत चलती है कि थोड़ी सी कोई बात हो जाती है तो गुर्जर गुर्जरों का वहां

1022
01:10:40,720 --> 01:10:44,720
काफी बाहुल्य गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र है तो वहां गुरुजनों

1023
01:10:44,720 --> 01:10:48,880
का वो रहता है कि कोई बात हो गई तो चाचा ताऊ

1024
01:10:48,880 --> 01:10:52,880
लठ्ठ लाऊ तुरंत और लोग ये गिनते

1025
01:10:52,880 --> 01:10:57,120
हैं कि एक घर में कितने लठ हैं ये गिना जाता है वहां लठ लठ

1026
01:10:57,120 --> 01:11:01,280
मतलब एक घर में कितने पुरुष हैं जितने पुरुष

1027
01:11:01,280 --> 01:11:05,680
तो उतने लठ तो ये गिना जाता है वहां पे तो

1028
01:11:05,680 --> 01:11:09,920
ये ये जो विवाह का प्रश्न करने वाले लोग हैं ना इनको

1029
01:11:09,920 --> 01:11:14,880
लठ नहीं पड़े हैं बहुत दिनों से ये भी हो गए घर में बैठे-बैठे

1030
01:11:14,880 --> 01:11:18,080
और इसीलिए इनके पास इनकी उंगलियों में वो भगवान ने सामर्थ

1031
01:11:18,080 --> 01:11:22,160
दे दिया तो थोड़ा चला ले और कुछ कुरदुर कोई कुछ कर रहा हो तो उसमें जो है जाकर

1032
01:11:22,160 --> 01:11:26,160
के खुरपैच कर ले छोटे भाई का मुझे किस्सा याद आता है

1033
01:11:26,160 --> 01:11:30,240
छोटे भाई का उसने एक दिन क्या किया बहुत छोटे हम लोग

1034
01:11:30,240 --> 01:11:34,320
हम लोग बहुत छोटे थे तो हमारा जो जिस

1035
01:11:34,320 --> 01:11:38,400
जो मेन जो जो कक्ष था उसके

1036
01:11:38,400 --> 01:11:43,200
दो गेट थे वो इतना छद्री उपद्री था

1037
01:11:43,200 --> 01:11:47,200
बचपन में छोटा भाई उसने क्या किया दोनों तरफ से

1038
01:11:47,200 --> 01:11:51,280
कुंडी लगा दी हमारे गेट की और जो भवन था

1039
01:11:51,280 --> 01:11:55,400
वो उस समय बन बनने के उसमें था मतलब बन रहा था धीरे-धीरे थोड़े-थोड़े दिनों

1040
01:11:55,400 --> 01:12:00,000
में तो उसने पहले हम लोगों को बंद कर दिया मैं माता-पिता

1041
01:12:00,000 --> 01:12:04,000
दोनों तीनों लोग अंदर और वो छदरी उपद्री बाहर। फिर उसके

1042
01:12:04,000 --> 01:12:08,120
बाद पता है उसने क्या किया? एक झाड़ू की सीक

1043
01:12:08,120 --> 01:12:12,720
ली और झाड़ू की सीक लेकर के मधुमक्खी

1044
01:12:12,720 --> 01:12:16,960
का एक वो था। मधुमक्खी नहीं वो पीली वाली होती है ना बर्र।

1045
01:12:16,960 --> 01:12:21,040
हां हां बर्रा बर्रा बोलते हैं उसको। बर्रा बोलते बरैया ततैया बोलते

1046
01:12:21,040 --> 01:12:25,280
हैं हां उधर ततया भी बोलते हैं कहीं बरैया भी बोलते हैं उसमें वो

1047
01:12:25,280 --> 01:12:29,760
चीख लेकर के और जो है ततैया के उसमें

1048
01:12:29,760 --> 01:12:33,200
और ऐसेसे करने लगा थोड़ी देर में ततैया

1049
01:12:33,200 --> 01:12:37,200
थोड़ी देर में ततैया बनाती हुई बाहर निकली तीन चार

1050
01:12:37,200 --> 01:12:41,200
और वो जब निकली तो वो भागे और ततैया को तो टारगेट लॉक्ड

1051
01:12:41,200 --> 01:12:45,440
था उसने काटना शुरू किया वो रो रहा है हम और रो रहा है तो हम लोग चिल्ला

1052
01:12:45,440 --> 01:12:49,920
रहे हैं कि अरे क्या हो गया तो कुंडा बंद अच्छे से उसको

1053
01:12:49,920 --> 01:12:54,000
बरैया ने काटा। बरैया थोड़ी उससे भी ज्यादा जहरीली होती

1054
01:12:54,000 --> 01:12:58,240
है। मधुमक्खी से ज्यादा अच्छे से काटा इनको।

1055
01:12:58,240 --> 01:13:02,400
तो वो उन्होंने क्यों किया था कि खाली बैठे क्या करें?

1056
01:13:02,400 --> 01:13:06,640
करना है कुछ काम। वो कहते हैं ना भगवत गीता में भगवान ने कहा है ना

1057
01:13:06,640 --> 01:13:10,680
कि मनुष्य एक क्षण के लिए भी कोई कार्य किए बिना नहीं रह

1058
01:13:10,680 --> 01:13:14,880
सकता। इसलिए तू सदैव शास्त्र सम्मत

1059
01:13:14,880 --> 01:13:19,280
कर्मों को करने में प्रयत्नशील हो जा। बिल्कुल तो इसीलिए

1060
01:13:19,280 --> 01:13:24,160
कहा जाता है खाली दिमाग शैतान का घर उसी से कहावत बनी है ना यह

1061
01:13:24,160 --> 01:13:28,240
तो क्या है कि उसके पास कोई कामधाम नहीं था तो झाड़ू सी ले के उसको पोचा

1062
01:13:28,240 --> 01:13:32,240
करना था उसको मालूम था कि बड़े भाई हैं वो मुझे रोकेंगे माता-पिता मुझे रोकेंगे

1063
01:13:32,240 --> 01:13:36,480
और मुझे उसमें खोचड़ करनी है तो उसने टाइम का सदुपयोग

1064
01:13:36,480 --> 01:13:40,480
किया उसके हिसाब से और उसने अच्छे अच्छे से अपने आप को कटवाया बरैया

1065
01:13:40,480 --> 01:13:44,480
से तो ये जो लोग हैं ये वही निर्लज लोग निर्लज लोग हैं जो ये कह

1066
01:13:44,480 --> 01:13:48,240
रहे हैं कि आपका विवाह नहीं हुआ है सबसे पहली बात तो यह है

1067
01:13:48,240 --> 01:13:52,720
कि क्या इनके घर खानदान में कुल में इन सबका

1068
01:13:52,720 --> 01:13:56,960
शास्त्रोक्त विधि के अनुसार वही वाली बात गलतियां

1069
01:13:56,960 --> 01:14:02,360
इस वीडियो का नाम होगा मैं बता किसी का नहीं होगा हो चुका है

1070
01:14:02,360 --> 01:14:06,720
अच्छा दूसरी बात ये है कि भाई किसी के जीवन में

1071
01:14:06,720 --> 01:14:11,200
हां क्या उतार-चढ़ाव हो क्या संघर्ष हो क्या उसकी स्थितियां

1072
01:14:11,200 --> 01:14:15,600
हो जो आए तो मुंह उठा कर के पूछने कि आपका विवाह क्यों नहीं हुआ एक एक

1073
01:14:15,600 --> 01:14:19,680
कारण तो मैं भी अभी आपको बताऊंगा मगर आपका यह अधिकार कहां से

1074
01:14:19,680 --> 01:14:24,760
बनता है कि आप किसी से पूछो आपका विवाह नहीं हुआ। आप जो गलत कर रहे

1075
01:14:24,760 --> 01:14:28,880
हो हां पता नहीं उसके जीवन में कौन सी ऐसी दिक्कतें रही

1076
01:14:28,880 --> 01:14:32,560
हो। आर्थिक दिक्कत होती है।

1077
01:14:32,560 --> 01:14:36,640
दायित्व होते हैं। मां-बाप को छोड़ के कोई नहीं जा सकता। इकलौता है।

1078
01:14:36,640 --> 01:14:40,640
हां। तो आप कौन से हिसाब से बिना जाने ताने ये कर रहे

1079
01:14:40,640 --> 01:14:45,440
हो? क्यों कर रहे हैं पता है? क्योंकि इन्होंने बीड़ा उठाया

1080
01:14:45,440 --> 01:14:49,440
कि मैं बताऊंगी स्त्रियों को कि तुम्हें गायत्री मंत्र नहीं जपना चाहिए। यही

1081
01:14:49,440 --> 01:14:53,520
इनकी गलती है ना। इन्होंने बीड़ा उठाया कि मैं बताऊंगी लोगों को

1082
01:14:53,520 --> 01:14:58,400
तुम्हें प्रणाम नहीं राम नाम का उच्चारण करते हुए तुम्हें योग करना चाहिए।

1083
01:14:58,400 --> 01:15:02,880
क्योंकि इन्होंने बीड़ा उठाया। ये मंच पे आई। इन्होंने कायरता नहीं दिखाई।

1084
01:15:02,880 --> 01:15:03,380
जो

1085
01:15:03,360 --> 01:15:07,520
लोग यह सब प्रश्न कर रहे हैं ज्यादातर वह लोग हैं जो जिनका मुंह काला है जो

1086
01:15:07,520 --> 01:15:11,840
मुंह नहीं दिखा पा रहे हैं। वह व्यक्ति भी मुंह काला वाला है जिसने इनके फोटो का मिसयज

1087
01:15:11,840 --> 01:15:16,160
किया था। वो व्यक्ति भी मुंह काला वाला है। मगर

1088
01:15:16,160 --> 01:15:21,120
एक मात्र शक्ति होते हुए ये अपनी बात को रखने के लिए सामने आई।

1089
01:15:21,120 --> 01:15:25,360
ये भी कोई फेक आईडी बना सकती थी कि चलो हम भी थोड़ा बहुत प्रचार कर देंगे गुरु के वाक्यों

1090
01:15:25,360 --> 01:15:29,360
का। क्यों अपनी उसी आईडी पे मनुवाद के सिद्धांतों का बोलना शुरू

1091
01:15:29,360 --> 01:15:33,360
किया कि दुनिया इनकी दुश्मन हो जाए। आप एक बात बताइए मनुवाद

1092
01:15:33,360 --> 01:15:37,760
के सिद्धांतों का विरोध करने पर दुनिया आपका आज की दुनिया आपको फॉलो करेगी

1093
01:15:37,760 --> 01:15:43,760
या मनुवाद के सिद्धांतों का समर्थन करने पर दुनिया आपको फॉलो करेगी?

1094
01:15:44,040 --> 01:15:48,080
सोचिए आज आप मनुवाद का खंडन करने लग जाओ। आपका मीटर देखो

1095
01:15:48,080 --> 01:15:52,080
कैसे भागेगा। अभी एक व्यक्ति ने बताया था यू कैन

1096
01:15:52,080 --> 01:15:56,560
चट महामृत्युंजय मंत्र एनीवेयर एनी टाइम।

1097
01:15:56,560 --> 01:16:00,720
है ना? इन्होंने क्योंकि महामृत्युंजय मंत्र के लिए बोला कि वो सब लोग नहीं जप सकते

1098
01:16:00,720 --> 01:16:05,280
तो उसने इनके खंडन में बनाया वीडियो यू कैन चट एनी टाइम एनीवेयर

1099
01:16:05,280 --> 01:16:09,520
हम उसको देखो उसके फॉलोवर्स देख लिया मैंने

1100
01:16:09,520 --> 01:16:14,080
थोड़े समय पहले उसके फॉलोवरर्स डेढ़ लाख देखे थे आज की टाइम में ढाई लाख

1101
01:16:14,080 --> 01:16:18,400
1 लाख फॉलोवर्स केवल इस मंत्र का खंडन इन इनकी बात का खंडन

1102
01:16:18,400 --> 01:16:22,560
करने के बाद है 1 लाख फॉलोवर्स उसके बढ़ गए और वो यही कर रहा है

1103
01:16:22,560 --> 01:16:26,800
अब दूस अब दूसरे वीडियो में बता रहा है आई मीन

1104
01:16:26,800 --> 01:16:30,800
और अमीन और वो जो प्रणव है ये

1105
01:16:30,800 --> 01:16:35,280
सब एक है। ये सब बताओ ये सेुलर

1106
01:16:35,280 --> 01:16:38,520
बातें

1107
01:16:38,520 --> 01:16:43,200
करो। इसीलिए तो मैंने कहा था ऐसे लोगों ऐसे लोगों को देख के

1108
01:16:43,200 --> 01:16:47,200
श्री राम श्री राम मैंने इसीलिए कहा था ऐसे लोगों को देख के मुझे थाने

1109
01:16:47,200 --> 01:16:52,080
के उस पट्टे की याद आती है। मेरी माताजी कोर्ट में थी।

1110
01:16:52,080 --> 01:16:56,880
तो मेरा जो है बचपन जो बीता है वो

1111
01:16:56,880 --> 01:17:00,880
स्कूल की छुट्टी हो गई तो चाबी लेने जा रहा हूं। मेरी

1112
01:17:00,880 --> 01:17:05,040
माता जी वहां पर पिए हैं। वो अपना कुछ कार्य कर रही हैं। तो मैं वहां

1113
01:17:05,040 --> 01:17:10,600
जा रहा हूं और उनसे घर की चाबी ले रहा हूं। है ना?

1114
01:17:10,600 --> 01:17:14,640
तो वहां पर जो न्यायाधीश है वो वही बैठे

1115
01:17:14,640 --> 01:17:18,800
हैं तो मुझे चॉकलेट दे रहे हैं। तो मेरा जो जीवन है वो यह जो आज का जो

1116
01:17:18,800 --> 01:17:23,000
ये न्याय व्यवस्था है इसमें मतलब बहुत पास से मैंने देखा

1117
01:17:23,000 --> 01:17:27,040
है माता जी के कहने पर वो जो थाने की जो पुलिस की चीफ है

1118
01:17:27,040 --> 01:17:31,680
वो आ जाती थी। कहीं पर कोई मदद चाहिए, कुछ करना है तो क्योंकि

1119
01:17:31,680 --> 01:17:35,680
होता है ना कि एक न्यायाधीश के अंडर में एक

1120
01:17:35,680 --> 01:17:39,760
थाना आता है। ऐसा कुछ होता है। तो क्योंकि माता जी एक

1121
01:17:39,760 --> 01:17:43,760
कोर्ट में है, पीए हैं तो उनके कहने पर ऐसा होता था कि थाने की तरफ से व्यवस्था

1122
01:17:43,760 --> 01:17:47,760
होती थी। कोई भी कार्यर होता था। तो मैंने इन सब गतिविधियों को बहुत

1123
01:17:47,760 --> 01:17:52,160
पास से देखा है। तो मैंने क्या देखा

1124
01:17:52,160 --> 01:17:53,680
कि वहां पर थाने

1125
01:17:53,680 --> 01:17:57,760
में चोरों की उचकों की पिटाई करने के लिए एक पट्टा

1126
01:17:57,760 --> 01:18:02,000
रखा रहता था। बैठ के डिजाइन का होता था। हत्ता होता था लकड़ी

1127
01:18:02,000 --> 01:18:06,080
का और उसमें नीचे पट्टा रहता था। उसमें जो ट्रक के पीछे जो शायरियां लिखी

1128
01:18:06,080 --> 01:18:10,160
होती है उस तरह की शायरियां लिखी होती थी। किसी पे लिखा

1129
01:18:10,160 --> 01:18:14,880
होता था आन मिलो सजना। किसी पे लिखा होता था फिर कब मिलोगे?

1130
01:18:14,880 --> 01:18:18,880
किसी पे इस तरह की चीजें उस पर लिखी होती थी। किसी किसी पे ये भी

1131
01:18:18,880 --> 01:18:23,560
लिखा होता था समाज

1132
01:18:23,560 --> 01:18:27,760
सुधारक समाज सुधारक तो उसको देख के वो जो ये बता

1133
01:18:27,760 --> 01:18:31,760
रहा है ना यू कैन चट एनीवेयर वो इंग्लिश

1134
01:18:31,760 --> 01:18:35,840
के साथ उसको देख के उसी पत्ते लिया। तो

1135
01:18:35,840 --> 01:18:39,920
मैं यह कह रहा था कि मनुवाद के सिद्धांतों का विरोध करने पर आपका

1136
01:18:39,920 --> 01:18:44,160
आपका वो जो जो कहेंगे

1137
01:18:44,160 --> 01:18:48,400
अर्थ कमाने का जो मीटर है वो तेज भागता है या मनुवाद के सिद्धांतों का समर्थन

1138
01:18:48,400 --> 01:18:52,880
करने पर। आज आप देख लीजिए गुरुदेव

1139
01:18:52,880 --> 01:18:57,040
जो निर्भीकता के साथ सबसे मतलब बिल्कुल पुष्ट तरीके से धर्म

1140
01:18:57,040 --> 01:19:02,960
को रखते हैं। आज आप देख लीजिए उनका चैनल पर कितने फॉलोअर्स हैं।

1141
01:19:02,960 --> 01:19:06,960
कभी-कभी तो मैं भी सोचता हूं कि जैसे मतलब ये लोग लिखते

1142
01:19:06,960 --> 01:19:08,880
हैं और मेरे पास जवाब तो होता है

1143
01:19:08,880 --> 01:19:12,960
लेकिन मैं तो आलसी हूं। मैं इतना टाइप करता नहीं हूं। मैं देख लेता हूं कि हां ठीक है। तो मुझे याद

1144
01:19:12,960 --> 01:19:17,040
आते हैं तथाकथित आचार्य प्रशांत जैसे वो अपने

1145
01:19:17,040 --> 01:19:21,120
आईआईटी और आईएम का जो क्रेडेंशियल दे दे के बताते हैं मैं कि मैं भी अपना क्रेडेंशियल वही देता

1146
01:19:21,120 --> 01:19:25,600
हूं और फिर गुरुदेव की बातों का मैं भी करता हूं प्रचार। आप ये देख लो

1147
01:19:25,600 --> 01:19:29,600
जितने लोगों का बड़ा-बड़ा पेज है वो सब कहीं ना कहीं मनुवाद

1148
01:19:29,600 --> 01:19:33,600
का खंडन कर रहे हैं। हां ये तो है देखा वो सब कहीं ना कहीं

1149
01:19:33,600 --> 01:19:37,840
ये विधि निषेध को ताक में रखने की बात करते हैं। वही लोग सक्सेस

1150
01:19:37,840 --> 01:19:42,400
है। चाहे वो आचार्य प्रशांत हो चाहे वो रामपाल हो

1151
01:19:42,400 --> 01:19:46,400
चाहे वो आर्य समाज हो। यह सभी लोग कहीं ना कहीं जो विधि

1152
01:19:46,400 --> 01:19:50,480
निषेध है परंपरा प्राप्त उसका खंडन करते हैं और बड़े-बड़े इनके

1153
01:19:50,480 --> 01:19:55,040
पेज हैं। आप खंडन करने लग जाओ मान्यताओं का

1154
01:19:55,040 --> 01:19:59,360
इन सबका आप खंडन करने लग जाओ। देखो आपका मीटर कैसे भागेगा।

1155
01:19:59,360 --> 01:20:03,360
तो कहने का अर्थ यही है कि पहली बात तो

1156
01:20:03,360 --> 01:20:07,440
विवाह के संबंध में आपका ये अधिकार ही नहीं है कि विवाह

1157
01:20:07,440 --> 01:20:11,520
क्यों हुआ? गुरुदेव को नहीं मालूम है क्या? वहां उनके पास जाती

1158
01:20:11,520 --> 01:20:15,520
हैं। गुरुदेव का स्नेह प्राप्त होता है।

1159
01:20:15,520 --> 01:20:19,600
वहां पर ऐसा नहीं है कि अधिकार की सीमा में रहकर के गुरुदेव के सेवा कार्य भी

1160
01:20:19,600 --> 01:20:23,920
करती हैं। जैसे कि मान लीजिए लाइन लग रही है। गुरुदेव के दर्शन कर जो चरण पादुका

1161
01:20:23,920 --> 01:20:28,080
होती है उसको सब छूने जाते हैं। तो उस समय लाइन में आने के लिए एक

1162
01:20:28,080 --> 01:20:33,240
व्यवस्था करनी होती है। ऐसी इस प्रकार की व्यवस्थाओं में वहां पर खड़ी होती है।

1163
01:20:33,240 --> 01:20:37,360
तो क्या गुरुदेव को नहीं दिख रहा है कि इनका विवाह नहीं है। और जब गुरुदेव

1164
01:20:37,360 --> 01:20:42,000
को दिख रहा है तो तुम कौन होते हो ये कहने वाले कि तुम्हारा विवाह क्यों नहीं हुआ?

1165
01:20:42,000 --> 01:20:46,080
ये दंभ है। ये दंभीपन है। अपने जीवन

1166
01:20:46,080 --> 01:20:50,560
में टटोल कर देखोगे तो 101 गलतियां फिर बता रहा हूं। 101

1167
01:20:50,560 --> 01:20:54,560
गलतियां मैं गिनवा दूंगा लिख के। ठीक है? तो तुम

1168
01:20:54,560 --> 01:20:58,880
ये पूछ रहे हो। अब एक एक कारण मैं भी बता देता हूं। बाकी और ये बताएंगी।

1169
01:20:58,880 --> 01:21:03,040
एक कारण मैं बता देता हूं। मेरे संपर्क में जब ये आई थी और धीरेधी

1170
01:21:03,040 --> 01:21:07,040
जब ये गुरुदेव के प्रति निष्ठावान होने लगी। उसके

1171
01:21:07,040 --> 01:21:11,280
बाद बीच में इनके माता-पिता के द्वारा अब

1172
01:21:11,280 --> 01:21:15,280
भाई जिसका जैसा जीवन है उसके मिलने जुलने वाले लोग भी

1173
01:21:15,280 --> 01:21:18,960
तो उसी तरह के वातावरण से आएंगे।

1174
01:21:18,960 --> 01:21:23,200
तो जिसका अगर जिसके जीवन जिसका जीवन विदेश से कनेक्टेड है

1175
01:21:23,200 --> 01:21:28,160
तो उनके मिलने जुलने वाले लोग भी तो विदेशों से आएंगे।

1176
01:21:28,160 --> 01:21:32,480
हां। तो इनके माता-पिता ने किसी अच्छे समृद्ध लड़के

1177
01:21:32,480 --> 01:21:36,640
का इनको वो दिया। इन्होंने कोई निर्णय

1178
01:21:36,640 --> 01:21:39,600
नहीं लिया। मुझसे सुझाव मांगा। एक

1179
01:21:39,600 --> 01:21:43,600
उसके मार्गदर्शक के रूप में इन्होंने सुझाव मांगा कि क्या करना चाहिए? तो मैंने

1180
01:21:43,600 --> 01:21:48,520
तो यही कहा कि भाई अपने घर का दिया हम किसी और देश में क्यों

1181
01:21:48,520 --> 01:21:52,560
जलाएं? समृद्ध व्यक्ति था। ये चाहती तो उससे विवाह

1182
01:21:52,560 --> 01:21:56,640
करके आराम से सेटल हो जाती। अमेरिका अमेरिका में वहां

1183
01:21:56,640 --> 01:22:01,400
से धीरे-धीरे मनवाद के सिद्धांतों का खंडन करती।

1184
01:22:01,400 --> 01:22:05,680
हां। मगर नहीं किया ना। नहीं चुना इन्होंने वह समृद्ध

1185
01:22:05,680 --> 01:22:09,840
वो सफलता वाला जो इनका पार्ट था जीवन का हो सकता था वो इन्होंने नहीं

1186
01:22:09,840 --> 01:22:13,840
चुना त्यागा उस चीज को और अब आपके

1187
01:22:13,840 --> 01:22:18,840
जो सगे संबंधी है वो सब विदेशों से कनेक्टेड है ठीक

1188
01:22:18,840 --> 01:22:23,360
है आपके जो सगे संबंधी हैं वो सब विदेशों से कनेक्टेड

1189
01:22:23,360 --> 01:22:27,440
है तो सबसे पहले तो ये फिल्टर एक लग जाना ये भी एक

1190
01:22:27,440 --> 01:22:31,520
कारण है अच्छा मेरे मेरे संपर्क में भी ऐसे कुछ

1191
01:22:31,520 --> 01:22:35,600
लोग थे जिनसे इनका का विवाह हो सकता था। मगर इनके मन में भी ये

1192
01:22:35,600 --> 01:22:39,760
चीज रम गई कि नहीं मैं विदेश नहीं जाऊंगी। अब

1193
01:22:39,760 --> 01:22:43,840
अब तो मैं यहीं रहूंगी। तो एक ये फिल्टर लगना लग

1194
01:22:43,840 --> 01:22:48,000
जाना भी तो एक कारण है कि विवाह क्यों नहीं हो रहा है?

1195
01:22:48,000 --> 01:22:52,560
जी विजय जी आई थिंक जो अभी

1196
01:22:52,560 --> 01:22:54,640
लास्ट पार्ट बोला गया है क्योंकि सबको

1197
01:22:54,640 --> 01:22:58,880
यहां पे थोड़ा मसाला चाहिए। मतलब एक बात जानिए

1198
01:22:58,880 --> 01:23:02,960
यह बिग बॉस का शो नहीं है। यह मेरा जीवन की बातें

1199
01:23:02,960 --> 01:23:07,840
आप कर रहे हैं। आपकी आपके घर पे कोई बहन होगी

1200
01:23:07,840 --> 01:23:12,080
उसको कोई भी एरा गगरा जिसको कोई जानता नहीं है

1201
01:23:12,080 --> 01:23:16,080
फेक अकाउंट बना के रियल अकाउंट से जिसको कोई संपर्क नहीं है वो

1202
01:23:16,080 --> 01:23:20,080
उनको बोले आपकी शादी क्यों नहीं हुई है? अजीब नहीं लगेगा

1203
01:23:20,080 --> 01:23:24,160
आपको। शायद आपको नहीं अजीब लगे। पर आई थिंक उन्होंने आपको उत्तर

1204
01:23:24,160 --> 01:23:28,320
दे ही दिया है कि ये प्रश्न बहुत ही निजी है

1205
01:23:28,320 --> 01:23:32,480
और जिन लोगों को इंटरेस्ट है उन्हें शायद अपना नाम

1206
01:23:32,480 --> 01:23:36,880
जप पे ज्यादा ध्यान देना चाहिए बल्कि कि विजय श्री की शादी

1207
01:23:36,880 --> 01:23:40,880
क्यों नहीं हुई है उनका विवाह क्यों नहीं हुआ अभी तक तो इसका उत्तर

1208
01:23:40,880 --> 01:23:45,960
हम बस यहीं पर देके समाप्त करेंगे

1209
01:23:45,960 --> 01:23:50,080
नारायण तो क्योंकि आपने मठ का भी नाम लिया है

1210
01:23:50,080 --> 01:23:54,320
कई बार तो एक प्रश्न ये उठता है कि कई लोगों ने पूछा है कि यह जैसे आप मठ

1211
01:23:54,320 --> 01:23:58,320
के कुछ कार्यों में हाथ क्यों बटाती हैं? मतलब किसने आपको अधिकार दिया

1212
01:23:58,320 --> 01:24:02,320
है? आप होती कौन है? जैसे खानावाना बंटवाने में

1213
01:24:02,320 --> 01:24:07,120
मदद करवाना या फिर आपके परिों से सुन नहीं पाए

1214
01:24:07,120 --> 01:24:11,120
जैसे भोजन वोजन आदि बांटने में मदद हेल्प करवाना या जैसे लाइन

1215
01:24:11,120 --> 01:24:15,200
वाइन जैसे बताया मैं मैं बता रहा हूं ना ये प्रश्न आया है प्रश्न

1216
01:24:15,200 --> 01:24:19,280
आया है जैसे और आप क्या बोलते हैं किस

1217
01:24:19,280 --> 01:24:23,280
अधिकार से आप मठ के परिकरों के साथ वार्तालाप करती हैं बातचीत करती

1218
01:24:23,280 --> 01:24:27,920
हैं ऐसा कुछ ये सब पता लगा है हां

1219
01:24:27,920 --> 01:24:32,560
मौत मैं पहले बोली पहली बात तो ये है

1220
01:24:32,560 --> 01:24:36,720
कि पूर्व पक्ष को ले मैं चलता हूं सदैव। पहली बात

1221
01:24:36,720 --> 01:24:40,720
तो ये है कि मैंने अभी-अभी बताया कि कोई बालक है जो

1222
01:24:40,720 --> 01:24:44,720
शिक्षा प्राप्त करने अगर कहीं पहुंचेगा तो उसको कई चीजें

1223
01:24:44,720 --> 01:24:48,800
नहीं मालूम होंगी। है ना? मैं तो यहां तक कह रहा हूं कि कोई

1224
01:24:48,800 --> 01:24:53,720
बालक है वह स्टच जाने के बाद वापस आने के बाद हाथ धोए

1225
01:24:53,720 --> 01:24:57,840
बिना हाथों को स्वच्छ किए बिना और वो जलपान

1226
01:24:57,840 --> 01:25:01,120
करने के लिए जा रहा होगा तो उसके माता-पिता कहेंगे

1227
01:25:01,120 --> 01:25:05,680
कि अबे रुक पहले हाथ धो जाकर के कहेंगे ना

1228
01:25:05,680 --> 01:25:09,760
और यदि वो बालक कह दे कि नहीं मैं हाथ नहीं धोऊंगा मैं

1229
01:25:09,760 --> 01:25:14,320
ऐसे ही जलपान करूंगा तो वो गलत होगा ना

1230
01:25:14,320 --> 01:25:18,320
या फिर माता-पिता के कह देने के बाद यदि उसने हाथ धो लिए तो वो गलत माना

1231
01:25:18,320 --> 01:25:22,320
जाएगा। नहीं माना जाएगा। पहली बात सबसे बड़ी बात है।

1232
01:25:22,320 --> 01:25:26,480
सबसे बड़ा रहस्य यह है कि ऐसा कुछ

1233
01:25:26,480 --> 01:25:30,960
हुआ ही नहीं है। अगर हुआ है तो प्रमाण

1234
01:25:30,960 --> 01:25:35,040
लाओ। प्रमाण की बातें हम आगे करेंगे कि प्रमाण क्यों नहीं है उसके

1235
01:25:35,040 --> 01:25:39,360
उसके बारे में बात है सेगमेंट है मगर आपको प्रमाण

1236
01:25:39,360 --> 01:25:44,520
दिखाना चाहिए कि विजय श्री खाना बांट रही है पहली

1237
01:25:44,520 --> 01:25:49,360
बात दूसरा ये है कि अगर खाना बांटा भी

1238
01:25:49,360 --> 01:25:53,600
तो भाई यह जो दोष है ये आप आपका

1239
01:25:53,600 --> 01:25:58,160
दोष जो जाता है वो जाता है वहां के प्रशासन पर

1240
01:25:58,160 --> 01:26:02,320
और मैं तो कहूंगा आपका जो है वो नहीं है अपने गुरु पर

1241
01:26:02,320 --> 01:26:06,320
कि गुरुदेव ऐसा होने दे रहे हैं वहां पर गुरुदेव बैठे हैं और विजय श्री

1242
01:26:06,320 --> 01:26:10,320
कैसे गलत गलत सलत बातें कर रही है। है ना?

1243
01:26:10,320 --> 01:26:14,560
दूसरी पहली बात तो ऐसा हुआ ही नहीं। और दूसरी बात ये आदि आपकी शिकायत

1244
01:26:14,560 --> 01:26:16,320
होनी भी चाहिए तो इनसे ना हो के

1245
01:26:16,320 --> 01:26:20,400
कि आपने ऐसा क्यों किया? आपको शिकायत होनी चाहिए कि आपने

1246
01:26:20,400 --> 01:26:24,560
उसको ऐसा क्यों नहीं बताया? है ना?

1247
01:26:24,560 --> 01:26:29,280
और यदि बताने के बाद विजय श्री ऐसा नहीं करती

1248
01:26:29,280 --> 01:26:33,520
तो उस पर दोष करने की बारी आती। तो पहली बात तो यह हो गई। दूसरी बात ऐसा

1249
01:26:33,520 --> 01:26:37,520
कुछ नहीं है। इनके द्वारा ऐसा कोई खाना बांटने वाला प्रोग्राम नहीं

1250
01:26:37,520 --> 01:26:41,520
हुआ है। अब जो दूसरी बात है सच

1251
01:26:41,520 --> 01:26:45,600
के आसपास वाला झूठ ये क्या है? मलेच्छराज

1252
01:26:45,600 --> 01:26:49,600
अगर कोई राक्षस है दुनिया का तो उसकी नकारात्मक शक्ति

1253
01:26:49,600 --> 01:26:54,080
का प्रभाव है। वो काम कैसे करता है? वो आपको भड़कीले

1254
01:26:54,080 --> 01:26:58,120
भड़कीले सच बताएगा। ऐसे सच

1255
01:26:58,120 --> 01:27:02,120
बताएगा जिनसे आप प्रभावित हो

1256
01:27:02,120 --> 01:27:06,560
जाओगे। जिनसे आप आपकी जो सोचने समझने

1257
01:27:06,560 --> 01:27:10,880
की जो विवेक शक्ति है वो जो है आपकी

1258
01:27:10,880 --> 01:27:15,640
नष्ट हो जाएगी और उसके बाद आपको ऐसे तथ्य बताए

1259
01:27:15,640 --> 01:27:20,320
जाएंगे। आपको उसके बाद ऐसे तथ्य बताए जाएंगे

1260
01:27:20,320 --> 01:27:24,400
जो कि सच नहीं होंगे। मतलब उन्होंने क्या किया वही मैंने शुरू

1261
01:27:24,400 --> 01:27:28,400
में बताया था पहले आपको फोटो दिखा दी अब फोटो के साथ एक टिप्पणी

1262
01:27:28,400 --> 01:27:31,520
लिख दी अब फोटो तो है ना और वो

1263
01:27:31,520 --> 01:27:35,760
फोटो ऐसी है जो भड़का रही है आपको वो फोटो ऐसी है जो आपको प्रभावित

1264
01:27:35,760 --> 01:27:39,760
कर रही है उसकी वजह से आपने अपने विवेक का उपयोग करना बंद

1265
01:27:39,760 --> 01:27:44,080
कर दिया और फिर आपने जो बगल की पंक्ति पढ़ी उसको

1266
01:27:44,080 --> 01:27:48,160
उसके तथ की तर्क शक्ति के साथ जांच करना

1267
01:27:48,160 --> 01:27:52,800
आप भूल गए वही हो रहा है यहां पर वही हो रहा एक्सक्टली

1268
01:27:52,800 --> 01:27:56,200
क्या हो रहा है

1269
01:27:56,200 --> 01:28:00,880
कि क्या हो रहा है कि

1270
01:28:00,880 --> 01:28:05,040
खाना बांटना तो झूठ है मगर परिककरों के साथ बात

1271
01:28:05,040 --> 01:28:09,040
करती हुई ये है। ठीक है? अब

1272
01:28:09,040 --> 01:28:13,120
पर अब क्योंकि पीछे से इतना प्रीफिक्स दे दिया गया है कि जब अब परिकरों के साथ

1273
01:28:13,120 --> 01:28:17,120
बात करने वाली फोटो आएगी तो उसके साथ जो टिप्पणी होगी कि

1274
01:28:17,120 --> 01:28:21,200
इनका परिकरों के साथ कैसा वो है व्यवहार ये क्या हो रहा है? तो आपको

1275
01:28:21,200 --> 01:28:25,520
आप यह सोचना भूल ही जाओगे कि उसमें परिकरों के साथ क्या कोई आपत्तिजनक

1276
01:28:25,520 --> 01:28:29,920
दृश्य है। यह सोचना भूल ही जाओगे कि क्या परिकरों

1277
01:28:29,920 --> 01:28:34,000
के साथ बात करते हुए जो फोटो दिखाई गई है उसके साथ में यह फोटो दिखाई गई

1278
01:28:34,000 --> 01:28:38,640
कि नहीं इन्होंने खाना बांटा कि नहीं बांटा। तो खाना बांटने वाली बात तो ऑटोमेटिकली

1279
01:28:38,640 --> 01:28:43,040
सत्य हो गई क्योंकि बगल में परिककरों से बात करने वाला चित्र दिखाया गया।

1280
01:28:43,040 --> 01:28:46,640
अब लोग ये सोचना भूल गए कि खाना बांटते हुए चित्र

1281
01:28:46,640 --> 01:28:50,800
नहीं दिखाया गया। लोग यह सोचना भूल गए इतना गंभीर मामला बना देने पर कि

1282
01:28:50,800 --> 01:28:54,960
परिककरों से बात करना क्या अपराध है? अरे भैया गुरुदेव से

1283
01:28:54,960 --> 01:28:59,200
गुरुदेव के प्रवचन सुनने जाएंगे गुरुदेव के दर्शन करने जाएंगे

1284
01:28:59,200 --> 01:29:04,880
तो परिककरों से बात करने की बजाय क्या पाकिस्तान की सेना से बात करेंगे?

1285
01:29:04,880 --> 01:29:09,200
बिल्कुल वही तुम्हें भी सोच समझ में नहीं आ रहा कि क्या विवेक तर्क

1286
01:29:09,200 --> 01:29:13,520
शक्ति क्या बिल्कुल गायब हो गई है? अरे मैं

1287
01:29:13,520 --> 01:29:19,520
गया हूं जितनी बार दर्शन करने मैंने तो बात की है। मैंने तो डांट खाई है।

1288
01:29:19,840 --> 01:29:23,840
अरे भाई अगर स्टेशन सुनिए स्टेशन पर गुरुदेव जा रहे

1289
01:29:23,840 --> 01:29:28,160
हैं। ठीक है। अब गुरुदेव जा रहे हैं। सब लोग उनको बिठा रहे हैं।

1290
01:29:28,160 --> 01:29:32,480
अब कोई सामान है जो छूट गया। और

1291
01:29:32,480 --> 01:29:36,720
ये गुरुदेव के दर्शन कर रही है। वहीं खड़ी है। परिकर ने इनको देखा।

1292
01:29:36,720 --> 01:29:40,800
अरे सुनो परिकर ने ढूंढा मदद किससे मिलेगी? परिकर ने इनको देखा।

1293
01:29:40,800 --> 01:29:44,800
परिकर ने इनसे कहा ये सामान जल्दी लाना है। ये लाते टाइम किसी ने

1294
01:29:44,800 --> 01:29:50,800
फोटो खींचा। हां अब हो गया

1295
01:29:51,520 --> 01:29:55,600
नहीं तो इसमें मुझे समझ में आया कि समस्या क्या है अगर बात कर बात की

1296
01:29:55,600 --> 01:29:59,680
है तो क्यों नहीं बात कर सकते भाई सनातन सिद्धांत है

1297
01:29:59,680 --> 01:30:03,760
क्या बात ना करने का हम

1298
01:30:03,760 --> 01:30:07,720
इस पर कुछ बोलना चाहेंगे इस पर

1299
01:30:07,720 --> 01:30:11,840
कि पहली बात कि पहली बात झूठी है क्योंकि

1300
01:30:11,840 --> 01:30:15,920
और इसके अंदर हम आप सब लोग जो देख रहे हैं उन्हें बहुत प्रेम से

1301
01:30:15,920 --> 01:30:20,240
यह बताना चाहेंगे जब आप मठ में जाते हैं तो आप सब

1302
01:30:20,240 --> 01:30:24,560
लोग जो मठ में जाते हैं आपको पता है कि मठ में कितना अनुशासन

1303
01:30:24,560 --> 01:30:28,720
और कितनी स्ट्रिक्टनेस है कि कौन कहां क्या कर सकता

1304
01:30:28,720 --> 01:30:32,880
है और कौन कहां क्या नहीं कर सकता है। मुझे ऐसा लगता है कि जो

1305
01:30:32,880 --> 01:30:37,240
व्यक्ति एक बात मठ के बारे में समझ जाएगा कि मठ में

1306
01:30:37,240 --> 01:30:41,840
अनुशासन सबको बहुत प्रिय है तो वो वहां पर

1307
01:30:41,840 --> 01:30:45,920
अब वहां पर लंबा समय बिता सकता है। नहीं तो वो एक-दो

1308
01:30:45,920 --> 01:30:50,560
दिन में ही भाग जाएगा। पर अब बात ये है

1309
01:30:50,560 --> 01:30:55,880
कि जब हमें पता है कि मठ में अनुशासन अनुशासन

1310
01:30:55,880 --> 01:31:00,160
और पूजन कि आप अपनी संध्या पूजन कीजिए आराधना

1311
01:31:00,160 --> 01:31:04,800
कीजिए। दो चीजें मठ में सबको बहुत प्रिय हैं। जो देख रहे हैं वह भी समझ जाइए।

1312
01:31:04,800 --> 01:31:06,640
अगर आपकी आराधना नहीं हो रही

1313
01:31:06,640 --> 01:31:10,800
है टाइम से तब भी आपको बहुत डांट पड़ेगी और

1314
01:31:10,800 --> 01:31:14,960
यदि आप अनुशासन की कोई भी सीमा को लांघ रहे हैं फिर चाहे आप

1315
01:31:14,960 --> 01:31:19,120
कोई भी हो। ठीक है? तो तब भी आपको वहां

1316
01:31:19,120 --> 01:31:23,200
आप वहां पर अपना कोई स्थान नहीं बना पाएंगे। आपको सीधा हाथ जोड़ के बोला

1317
01:31:23,200 --> 01:31:27,280
जाएगा कि वो रहा मेन गेट। अब दोबारा मत आइएगा। हमें आपकी आवश्यकता नहीं

1318
01:31:27,280 --> 01:31:31,360
है और शायद यही बात हमें मठ की मतलब यह सबसे

1319
01:31:31,360 --> 01:31:35,360
पहली जो चीज थी यह गुण है कि हमें फर्क नहीं

1320
01:31:35,360 --> 01:31:39,600
पड़ता आप प्राइम मिनिस्टर हैं। आप कौन से मिनिस्टर हैं? कौन

1321
01:31:39,600 --> 01:31:43,760
से खेत की मूली है? अगर आप हमारे यहां के अनुशासन

1322
01:31:43,760 --> 01:31:48,080
को समझ पाते हैं, आपका वेलकम है, नहीं समझ पाते हैं तो चले जाइए क्योंकि

1323
01:31:48,080 --> 01:31:52,240
हमारा दाल पानी आपके ऊपर निर्भर नहीं है और इस

1324
01:31:52,240 --> 01:31:56,720
तरह की सोच और व्यक्तित्व रखने वाले लोग हमें केवल गोवर्धन

1325
01:31:56,720 --> 01:32:00,920
मठ में ही मिले हैं। तो जब हम यह बात बोल देते हैं

1326
01:32:00,920 --> 01:32:05,120
तो जो यह भोजन की बात है तो यह नहीं आती है। सबको

1327
01:32:05,120 --> 01:32:09,120
पता होना चाहिए कि भोजनालय के जो सीमा है और जो

1328
01:32:09,120 --> 01:32:13,120
रूल्स हैं वो ब्राह्मण वर्ण के लोगों के साथ हैं और जो

1329
01:32:13,120 --> 01:32:17,280
अधिकृत है सिर्फ वही करते हैं। हम तो वहां पे अगर कभी किसी को दिखेंगे

1330
01:32:17,280 --> 01:32:21,520
भी तो सिर्फ इसलिए दिखेंगे कि हमें पत्तल दे दीजिए। उससे ज्यादा किसी

1331
01:32:21,520 --> 01:32:22,080
को

1332
01:32:22,080 --> 01:32:26,080
हम और किसी तरह से नहीं दिख सकते हैं। तो ये पहली बात हुई।

1333
01:32:26,080 --> 01:32:30,320
दूसरी बात ये है कि दूसरा क्या इनका पॉइंट था कि हम बात क्यों

1334
01:32:30,320 --> 01:32:34,480
कर रहे थे? अगर हम परिकर से बात नहीं करेंगे तो क्या

1335
01:32:34,480 --> 01:32:38,880
करेंगे? परिकर का और क्या काम है? दूसरी बात

1336
01:32:38,880 --> 01:32:43,040
उनसे सब बात करते हैं। आप समझ रहे हैं उनसे पुरुष करते

1337
01:32:43,040 --> 01:32:47,200
हैं। सब मतलब अरे मैं कह रहा हूं मैं कह रहा हूं

1338
01:32:47,200 --> 01:32:51,200
कि अगर हम लोग ये पोस्टर बनाते हैं कि

1339
01:32:51,200 --> 01:32:55,280
भाई यहां पर गुरुदेव का शिविर लगने वाला है। आपको यहां आना है

1340
01:32:55,280 --> 01:32:59,600
और किसी को अगर आने में कोई दिक्कत हो रही है, कोई जानकारी लेनी है तो उस पर एक नंबर लिखा

1341
01:32:59,600 --> 01:33:03,760
होता है। वो नंबर किसका होता है? और उस पर फोन पे फोन

1342
01:33:03,760 --> 01:33:07,840
लगा के क्या करें? चुप हो जाए। फोन लगा लिया उसके बाद बैठे हैं। हम इस

1343
01:33:07,840 --> 01:33:11,840
बात में एक चीज से बात नहीं कर सकते। हां तो हम इस

1344
01:33:11,840 --> 01:33:16,160
बात में यह चीज डाल देंगे कि देखिए जो लोग

1345
01:33:16,160 --> 01:33:20,160
मजा लेना चाहते हैं या जो लोग इसको एज एन एंटरटेनमेंट यू

1346
01:33:20,160 --> 01:33:24,240
नो देखिए एट द एंड ऑफ द डे उनका हमसे ज्यादा समय इसके अंदर जा रहा है।

1347
01:33:24,240 --> 01:33:28,320
क्योंकि हम एडिट करने नहीं बैठे हैं। हम डालने नहीं बैठे हैं। हम

1348
01:33:28,320 --> 01:33:32,560
यह सब करने के लिए नहीं बैठे हैं। दूसरी चीज हम गुरुदेव

1349
01:33:32,560 --> 01:33:36,560
के एक वीडियो देखे थे। आई थिंक एक डेढ़ महीना पहले और उस वीडियो के

1350
01:33:36,560 --> 01:33:37,360
अंदर गुरुदेव

1351
01:33:37,360 --> 01:33:41,760
बोल रहे हैं कि गुरुदेव के द्वारा सब नियुक्त

1352
01:33:41,760 --> 01:33:45,920
हैं। गुरुदेव की इच्छा नहीं होगी। वो व्यक्ति वहां अंदर

1353
01:33:45,920 --> 01:33:49,920
ही नहीं आ पाएगा। वो गेट के अंदर नहीं आ सकता है। मेरी इतनी निष्ठा

1354
01:33:49,920 --> 01:33:53,920
गुरुदेव के साथ है। आप लोगों की नहीं है। इसीलिए शायद आप इस तरह से

1355
01:33:53,920 --> 01:33:58,160
सोच रहे हैं। दूसरी बात यह है कि वहां पे गुरुदेव

1356
01:33:58,160 --> 01:34:02,320
यह बोलते हैं कि अपने गुरु के आसपास

1357
01:34:02,320 --> 01:34:06,480
के परिकरों से यदि कोई अच्छा स्वभाव नहीं रखता

1358
01:34:06,480 --> 01:34:10,880
है, उनकी निंदा करता है तो वह गुरु द्रोही कहलाता है।

1359
01:34:10,880 --> 01:34:14,880
अब आपने सब्जेक्ट तो यहां पे आपने हमें बना दिया। पर जिस

1360
01:34:14,880 --> 01:34:19,200
भी परिकर के साथ आपने हमें जोड़ा है, आप शायद भूल

1361
01:34:19,200 --> 01:34:23,840
रहे हैं कि यह कितना गलत है और मठ से

1362
01:34:23,840 --> 01:34:28,320
आप जैसे कुतर्क करने वाले लोगों को ही

1363
01:34:28,320 --> 01:34:32,480
संभल कर रहना चाहिए क्योंकि

1364
01:34:32,480 --> 01:34:36,480
हां एक मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। एक कोई विरोधी है, एक

1365
01:34:36,480 --> 01:34:40,560
कोई विरोधी है मठ का। उसने जो है

1366
01:34:40,560 --> 01:34:44,640
बड़ा आपत्तिजनक शब्द बोला और वो अपने आप को मटका हितैषी भी

1367
01:34:44,640 --> 01:34:48,800
बोलता है। तो मान लीजिए कि उसने एक शब्द बोला मठ

1368
01:34:48,800 --> 01:34:52,880
के किसी परिकर के बारे में या मठ से जुड़े हुए किसी

1369
01:34:52,880 --> 01:34:57,480
व्यक्ति के बारे में। मान लीजिए किसी ने एक शब्द बोला

1370
01:34:57,480 --> 01:35:03,000
कि वह जो है मूर्ख है या वह जो

1371
01:35:03,000 --> 01:35:08,160
है कोई अधर्मी है। अधर्मी अधर्मी शब्द बोला।

1372
01:35:08,160 --> 01:35:12,160
अब अगर वो पूरा वाक्य बोलेगा जो ये दावा कर रहा है कि मैं

1373
01:35:12,160 --> 01:35:16,320
गुरु का हितैषी हूं तो उसका पूरा वाक्य क्या होगा? कि

1374
01:35:16,320 --> 01:35:20,320
जगतगुरु शंकराचार्य अपनी सेवा अधर्मियों

1375
01:35:20,320 --> 01:35:24,560
से करवाते हैं। बोलेगा ना सही बात तो पर वो नहीं बोल पाएगा। अगर वो सत्य

1376
01:35:24,560 --> 01:35:28,880
को सत्य बोलने वाला है तो ये लाइन बोल कि जगतगुरु

1377
01:35:28,880 --> 01:35:33,520
शंकराचार्य अगर तू उनको गुरु मानता है तो बोल कि जगतगुरु शंकराचार्य

1378
01:35:33,520 --> 01:35:37,560
अपनी सेवा अधर्मियों से कराते हैं नीच से कराते

1379
01:35:37,560 --> 01:35:43,320
हैं हीन व्यक्ति से कराते हैं बोल ये है

1380
01:35:43,320 --> 01:35:47,440
दोगलापन सत्य बोलना नहीं बोल पाएगा

1381
01:35:47,440 --> 01:35:47,940
और

1382
01:35:47,680 --> 01:35:51,680
बोलेगा तो तेरा जो वास्तविकता है तेरी बाहर आ जाएगी

1383
01:35:51,680 --> 01:35:55,760
जो ऐसा बोल रहा है कि फलाना प्रकार ऐसा है, फलाना प्रकार ऐसा

1384
01:35:55,760 --> 01:35:58,680
है। खैर

1385
01:35:58,680 --> 01:36:02,800
हम इस बात को थोड़ा खत्म मतलब ये

1386
01:36:02,800 --> 01:36:06,880
हमारा लास्ट होगा इस प्रश्न को लेके कि जिनको लगता

1387
01:36:06,880 --> 01:36:11,600
है ना कि मठ के अंदर चार दिन भी निकालना बहुत आसान है।

1388
01:36:11,600 --> 01:36:15,680
और वह अनुशासन, आराधना, संध्यान पूजा उस सब को

1389
01:36:15,680 --> 01:36:19,760
छोड़ के भी वहां पे चार दिन अगर आप अच्छे से निकाल पाए वो

1390
01:36:19,760 --> 01:36:23,920
बहुत आसान है तो वो बहुत आसान नहीं है। पर हम आपको एक और बात

1391
01:36:23,920 --> 01:36:28,000
बताते हैं। हम भी मठ में आने से पहले

1392
01:36:28,000 --> 01:36:32,160
हम भी एक जनरल लाइफ से आते हैं। जहां पे हमें मठ मंदिरों के बारे

1393
01:36:32,160 --> 01:36:36,320
में बहुत तरह की बातें सुनने को मिल ही जाती हैं। ठीक है?

1394
01:36:36,320 --> 01:36:40,880
हम तब भी आए और आज तक हमें

1395
01:36:40,880 --> 01:36:45,120
वहां पर एक पुत्री के समान एक पोती

1396
01:36:45,120 --> 01:36:49,680
के समान एक बहन के समान छोटी और बड़ी दोनों

1397
01:36:49,680 --> 01:36:53,680
उस तरह से इतना स्नेह मिला है कि मतलब

1398
01:36:53,680 --> 01:36:57,920
हमें लगता है कि जो हमारे मन में कभी-कभी आता नहीं है कि

1399
01:36:57,920 --> 01:37:01,920
शायद मेरे को यहां मेरे घर के इस रिश्ते से मुझे प्यार की कमी रह

1400
01:37:01,920 --> 01:37:02,800
गई। तो

1401
01:37:02,800 --> 01:37:07,360
हम वहां पर अपने आप को बहुत पूर्ण महसूस किए। तो

1402
01:37:07,360 --> 01:37:11,680
बात यही है कि हम मेरे अगर हमसे पूछा जाए कि

1403
01:37:11,680 --> 01:37:15,760
मठ में मर्यादा क्या है मठ की? मठ की मर्यादा यह

1404
01:37:15,760 --> 01:37:20,480
है कि आप अपनी आराधन आराधना पूजा कीजिए और मठ के अनुशासन

1405
01:37:20,480 --> 01:37:24,560
को मानकर चलिए तो सब बढ़िया है। अगर

1406
01:37:24,560 --> 01:37:28,560
आप कहीं का आप आप अपने घर में भी जो आपका अनुशासन नहीं है कोई बाहर

1407
01:37:28,560 --> 01:37:33,120
का आएगा और वो अनुशासन नहीं मानेगा आप उसको भी नहीं रहने देंगे।

1408
01:37:33,120 --> 01:37:37,200
तो अना अना या जब आपका अधिकार नहीं है

1409
01:37:37,200 --> 01:37:41,200
जब आपका कोई समय नहीं है किसी से मिलने का क्योंकि जिसका जो समय रहता है

1410
01:37:41,200 --> 01:37:45,440
सब कुछ समय के हिसाब से होता है। अगर आप उन सब चीजों की रिस्पेक्ट करते

1411
01:37:45,440 --> 01:37:49,760
हुए आगे बढ़ेंगे तो सामने वाले व्यक्ति भी आपको निष्ठावान

1412
01:37:49,760 --> 01:37:53,840
श्रद्धावान समझेंगे। बस हम यही बोलेंगे इस बात पर।

1413
01:37:53,840 --> 01:37:58,000
इस मामले में मैं एक चीज और बता दूं कि जिस व्यक्ति ने

1414
01:37:58,000 --> 01:38:02,240
सबसे इस विवाद के शुरू होने से भी पूर्व में मुझसे इनके

1415
01:38:02,240 --> 01:38:06,400
मठ में होने पर आपत्ति जताई थी तो भाई मैं खुद कोई

1416
01:38:06,400 --> 01:38:10,400
भी निर्णय लेता नहीं हूं। गुरु गोविंद ग्रंथ के आलंबन से ही मैं

1417
01:38:10,400 --> 01:38:14,640
कोई अपना बात कहने का प्रयास करता हूं और

1418
01:38:14,640 --> 01:38:18,080
यदि मेरे पास नहीं है तो मैं वहां पर कहता हूं कि मुझे नहीं है भाई

1419
01:38:18,080 --> 01:38:22,160
मुझे नहीं मालूम है तो जब ये आपत्ति जताई गई तो

1420
01:38:22,160 --> 01:38:26,720
इस विषय में शास्त्रोक्त बात क्या होनी चाहिए वो मुझे नहीं पता थी

1421
01:38:26,720 --> 01:38:30,720
ये सत्य है मुझे उस समय नहीं पता थी जब मुझे बताया गया मेरे को

1422
01:38:30,720 --> 01:38:34,600
भी ऐसा ही ज्ञात था

1423
01:38:34,600 --> 01:38:38,800
कि जो आश्रम इत्यादि है इत्यादि है।

1424
01:38:38,800 --> 01:38:42,800
उसमें स्त्रियों का निषेध है। ठीक है?

1425
01:38:42,800 --> 01:38:47,360
यह शास्त्रोक्त मर्यादा के रूप में मैं ऐसा जानता था।

1426
01:38:47,360 --> 01:38:51,360
फिर ये बात पहुंची गुरुदेव तक। ये प्रश्न पहुंचा गुरुदेव तक।

1427
01:38:51,360 --> 01:38:55,440
ऐसा नहीं है। कट्टी गोलियां नहीं खेलते ना हम।

1428
01:38:55,440 --> 01:38:59,640
गुरुदेव तक यह बात पहुंची कि क्या

1429
01:38:59,640 --> 01:39:04,000
स्त्री मठ में आश्रम में रह

1430
01:39:04,000 --> 01:39:08,160
सकती है? पहली बात तो ये है कि रह नहीं रही है। इसको दोबारा ध्यान दें।

1431
01:39:08,160 --> 01:39:12,240
ये रह नहीं रही है। ये वहां पर विशेष आयोजनों में पहुंच पहुंची

1432
01:39:12,240 --> 01:39:16,480
है। हम भी गए थे वैसे ये भी गई थी। जैसे मैं अपने सह परिवार गया था।

1433
01:39:16,480 --> 01:39:20,640
ये अपनी जो अन्य जो इनके वो थी सखी थी इनकी वो इनके

1434
01:39:20,640 --> 01:39:24,640
साथ गई थी। कुंभ में जैसे शिविर लगा था। तो पहली बात तो ये

1435
01:39:24,640 --> 01:39:28,800
मठ में रहती नहीं है। मगर अगर यह मठ में मठ के किसी आयोजन

1436
01:39:28,800 --> 01:39:32,880
में सम्मिलित हुई भी है। उस परिपेक्ष में भी हमने जब पूछा गुरुदेव

1437
01:39:32,880 --> 01:39:33,380
से तो

1438
01:39:33,200 --> 01:39:37,440
गुरुदेव ने क्या कहा था? उन्होंने सीधे कहा कि

1439
01:39:37,440 --> 01:39:41,760
माता सीता अपने बिना पति भाई

1440
01:39:41,760 --> 01:39:47,200
पिता इत्यादि के वहां पर रही थी वाल्मीकि जी के आश्रम में।

1441
01:39:47,200 --> 01:39:51,200
तो उनका सिद्धांत उन्होंने बताया कि यदि व्यभचारी

1442
01:39:51,200 --> 01:39:55,200
नहीं है तो वह मठ में रह सकता है। ऐसा

1443
01:39:55,200 --> 01:39:59,920
नहीं है। ये कोई सनातन सिद्धांत नहीं है कि नहीं रह सकता।

1444
01:39:59,920 --> 01:40:04,240
तो मगर उस स्थिति को आने ही ना दिया जाए। इस वजह से एक

1445
01:40:04,240 --> 01:40:08,720
सतही स्तर पर एक व्यवस्था बना दी जाती है कि नहीं नहीं रहना चाहिए। मगर

1446
01:40:08,720 --> 01:40:12,800
सनातन सिद्धांत नहीं है। नहीं तो सीता माता ना रहती वाल्मीकि जी के आश्रम में।

1447
01:40:12,800 --> 01:40:16,880
अब बताओ क्या करें? गुरुदेव का खंडन करें, गुरुदेव

1448
01:40:16,880 --> 01:40:21,040
का विरोध करें और जो लोग आपत्ति जता रहे हैं, वह

1449
01:40:21,040 --> 01:40:25,040
समझ ले अपनी उनकी स्थिति क्या है? सही बात है।

1450
01:40:25,040 --> 01:40:29,360
उनकी स्थिति क्या है? अगर तुम उनको गुरु कह रहे हो तो तुम गुरु गुरु विरोधी

1451
01:40:29,360 --> 01:40:33,520
हो और मेरे जानने में मेरे जानकारी में

1452
01:40:33,520 --> 01:40:37,600
आप लोग गुरु वो आपके गुरु है ही नहीं। आप कोई मुंह

1453
01:40:37,600 --> 01:40:41,920
छुपा करके दुष्प्रचार करने वाले यहां पर आने वाले विरोधी

1454
01:40:41,920 --> 01:40:44,160
हो।

1455
01:40:44,160 --> 01:40:48,200
ठीक है।

1456
01:40:48,200 --> 01:40:53,960
अब दूसरी बात यह है कि

1457
01:40:53,960 --> 01:40:58,160
अ एक पक्ष इसका और भी है। एट द एंड

1458
01:40:58,160 --> 01:41:02,320
अगर तुमको कोई दिक्कत हो रही है तो भाई गुरु केवल तुम्हारे थोड़ी

1459
01:41:02,320 --> 01:41:06,320
ना है। गुरु इनके भी तो हैं। तो जाओ ना

1460
01:41:06,320 --> 01:41:10,320
पहले जाकर के गुरुदेव से पूछो। क्या ऐसा करना चाहिए कि नहीं? फिर

1461
01:41:10,320 --> 01:41:14,480
इनको बताओ ऐसा नहीं करना चाहिए। उसके बाद यदि यह नहीं

1462
01:41:14,480 --> 01:41:18,800
करती है तो विरोध करो। मैं भी साथ दूंगा। एकदम।

1463
01:41:18,800 --> 01:41:23,120
हां। ये क्या तरीका है कि तुमने गुरु का पक्ष तो सुना नहीं जाना नहीं।

1464
01:41:23,120 --> 01:41:28,400
और गुरुदेव के नाम पर लगे अपने लट्ठे। चाचा ताऊ लठ्ठ लाऊ।

1465
01:41:28,400 --> 01:41:32,480
तो ये तर्कहीनता है, प्रमाणहीनता है और

1466
01:41:32,480 --> 01:41:37,200
मैं कहूंगा कि वो जो गुरुदेव की वाणी इन्होंने सुनी तो है

1467
01:41:37,200 --> 01:41:43,200
मगर उसको आत्मसात धारण नहीं किया ऐसे लोगों ने। जी

1468
01:41:45,280 --> 01:41:49,800
तो इसके साथ ही एक प्रश्न उठता है आपके ऊपर विजयश्री

1469
01:41:49,800 --> 01:41:54,160
जी कि आप गुरुदेव का नाम का प्रयोग करती हैं अपने अपने निजी

1470
01:41:54,160 --> 01:41:57,200
व्यापार के लिए।

1471
01:41:57,200 --> 01:42:01,600
कुछ कहना चाहेंग आप जी क्यों करती हैं? अवश्य अवश्य अवश्य

1472
01:42:01,600 --> 01:42:05,600
मैं मैं कहूंगा पहले मैं फिर विजय जी जी आप तो बोलने

1473
01:42:05,600 --> 01:42:10,080
ही नहीं देते नहीं उन्हें दृष्टिकोण रख लेने दीजिए

1474
01:42:10,080 --> 01:42:14,080
फिर हम भी क्योंकि अंत तक अंत तक वैसे भी हमारे साथ वो सब लोग

1475
01:42:14,080 --> 01:42:18,160
रहने ही वाले हैं जो सोच रहे हैं कि कुछ कुछ ऐसा

1476
01:42:18,160 --> 01:42:22,720
बोला जाए तो चलने दीजिए कोई बात नहीं

1477
01:42:22,720 --> 01:42:25,680
जुड़ा है उसे पूरा सुनना चाहिए गुरुदेव

1478
01:42:25,680 --> 01:42:29,760
के नाम का व्यापार इन्होंने क्या किया इन्होंने अपनी कौन सी

1479
01:42:29,760 --> 01:42:33,920
प्रचार सामग्री में यह कहा कि आपको शंकराचार्य की शिक्षा जो है वो कराने

1480
01:42:33,920 --> 01:42:38,240
वाली है योग। इन्होंने अपने कौन सी प्रचार सामग्री में

1481
01:42:38,240 --> 01:42:41,280
शंकराचार्य का फोटो लगा दिया। है

1482
01:42:41,280 --> 01:42:45,280
ना? प्रचार सामग्री में कहां दिखा दिया? इन्होंने

1483
01:42:45,280 --> 01:42:49,280
अभी सुनिए सुनिए। अरे बस एक बात बोलूंगा। इसमें इसको जोड़

1484
01:42:49,280 --> 01:42:53,360
देता हूं। करते हैं ऐसा। मेरे यहीं सोसाइटी के नीचे जहां मैं वहां रहता

1485
01:42:53,360 --> 01:42:57,680
हूं मैं जहां पर वहां पर वो बांटते हैं वो भगवत गीता।

1486
01:42:57,680 --> 01:43:01,920
ये है ये है ये आईआईटी से इन्होंने एमटेक किया है। ये लीजिए भगवत गीता हरे कृष्णा

1487
01:43:01,920 --> 01:43:06,000
भगवत गीता ये तो पूरा वो पूरा प्रचार करते हैं अपने गुरु का

1488
01:43:06,000 --> 01:43:10,080
मतलब वो अपने उसके फाउंडेशन का नाम लेकर तो लोग तो करते ही

1489
01:43:10,080 --> 01:43:14,080
हैं। तो इसमें गलत क्या है? नहीं पहली बात

1490
01:43:14,080 --> 01:43:15,840
तो ये है कि क्या ये अपने

1491
01:43:15,840 --> 01:43:19,920
आप को शंकराचार्य की शिष्या के रूप में

1492
01:43:19,920 --> 01:43:24,000
बताते हुए अपनी चीजों को जो भी ये कर रही है

1493
01:43:24,000 --> 01:43:28,240
धनोपार्जन का प्रयास करती है क्या पहली बात तो इसका

1494
01:43:28,240 --> 01:43:32,800
कोई प्रमाण दिखाए ये अंत में मैं लूंगा ये सब बातें प्रमाण

1495
01:43:32,800 --> 01:43:36,880
इसका कोई प्रमाण दिखा है मुझे कि क्या इन्होंने ऐसा किया है जिससे झड़कता

1496
01:43:36,880 --> 01:43:41,040
है गुरुदेव के नाम का उपयोग कर रही है है ना दूसरी बात ये

1497
01:43:41,040 --> 01:43:45,840
है कि क्या गुरुदेव के संपर्क में आने से पहले

1498
01:43:45,840 --> 01:43:49,920
इनका जो आजीविकोपार्जन था वह बंद था? वो चल

1499
01:43:49,920 --> 01:43:53,920
नहीं रहा था। योगा क्लासेस नहीं हो रही थी। मैं तो यह

1500
01:43:53,920 --> 01:43:58,000
कहूंगा कि इन्होंने अगर उस दृष्टिकोण से देखा जाए भौतिक

1501
01:43:58,000 --> 01:44:04,000
वादिता के दृष्टिकोण से तो इन्होंने तो अपने बसे बसाए घर में आग लगाई है।

1502
01:44:04,320 --> 01:44:09,120
मनुवाद के सिद्धांतों को अपने प्लेटफार्म पर लाके।

1503
01:44:09,120 --> 01:44:13,360
कौन से लोग हैं जो शंकराचार्य का नाम सुनकर के मन जो मनुवाद का विरोध वो

1504
01:44:13,360 --> 01:44:17,440
आज जो मनुवाद से जुड़े नहीं मनुवाद को जानते नहीं है सनातन को जानते नहीं है कौन

1505
01:44:17,440 --> 01:44:23,200
से लोग हैं जो शंकराचार्य का नाम सुनकर के प्रभावित होंगे

1506
01:44:23,200 --> 01:44:27,360
बल्कि बुरा मानेंगे हाउ डेयर यू भगवान कभी

1507
01:44:27,360 --> 01:44:31,440
भेद कर सकता है क्या पुरुष और स्त्री में तुमने कहा कैसे गायत्री मंत्र नहीं जप

1508
01:44:31,440 --> 01:44:35,600
सकती मैं तो जपूंगी और बुरा माना बुरा माना इनके

1509
01:44:35,600 --> 01:44:39,680
जाकर के कमेंट्स देखिए कितना विरोध हुआ इनको तब इनको पता चला कि विरोध होता क्या है? क्योंकि

1510
01:44:39,680 --> 01:44:44,560
उससे पहले तक मनुवादी नहीं थी तो प्यार ही प्यार मिलता था जनता का।

1511
01:44:44,560 --> 01:44:49,600
हां बहुत अच्छे सुपर। वाओ ये सब होता था।

1512
01:44:49,600 --> 01:44:54,200
स्त्री स्त्रियों का जन्म हो रहा है तो लोग पहुंच जाते हैं वहां पे। वाओ कांग्रेट्स

1513
01:44:54,200 --> 01:44:58,280
कांग्रेचुलेशंस। ये सब होता है ना। तो यही सब होता

1514
01:44:58,280 --> 01:45:02,320
था। अब जब इन्होंने मनुवाद की चीजें बताई थोड़ी

1515
01:45:02,320 --> 01:45:06,400
सी तो इनका विरोध हुआ। तो इन्होंने तो अपने बसे बसाए घर में

1516
01:45:06,400 --> 01:45:10,480
आग लगाई। कहां से गुरुदेव का नाम लेकर के इनका प्रचार हो गया?

1517
01:45:10,480 --> 01:45:14,560
बढ़ गया इनका मामला। और कौन से इन्होंने पोस्टर में जो है लिख दिया

1518
01:45:14,560 --> 01:45:18,560
कि शंकराचार्य जी जो है वो हैं। शंकराचार्य जी के हम शिष्य और हम तुम्हें योग

1519
01:45:18,560 --> 01:45:21,360
सिखाने वाले हैं।

1520
01:45:21,360 --> 01:45:25,680
अरे मैं अपनी बात बता दूं श्वेतांग जी कि

1521
01:45:25,680 --> 01:45:29,760
मैं जब गुरुदेव को जाना था थोड़ा बहुत। कभी जान पाऊं भविष्य में

1522
01:45:29,760 --> 01:45:34,160
पूरा तो बात अलग है मगर जो थोड़ा बहुत मैं जाना था ना गुरुदेव को मैं पागल

1523
01:45:34,160 --> 01:45:38,360
हो गया था गुरुदेव को जानने के बाद

1524
01:45:38,360 --> 01:45:43,360
शंकर शंकर भगवान स्वयं बैठे हैं

1525
01:45:43,360 --> 01:45:47,440
मैं पागल हो गया था और मैं लोगों को जाकर के बताता था

1526
01:45:47,440 --> 01:45:51,920
कि स्वयं शंकराचार्य शंकर भगवान की गद्दी है वो

1527
01:45:51,920 --> 01:45:56,080
और लोग मुझे पागल समझते थे चाहे हवा आने दे क्या लेके आया

1528
01:45:56,080 --> 01:46:00,080
है ये ये जो आहान के सिद्धांत है ना मूल जो मूलभूत

1529
01:46:00,080 --> 01:46:04,560
पांच सिद्धांत है जिस पर आहान खड़ा हुआ है वो सारे सिद्धांत

1530
01:46:04,560 --> 01:46:08,560
जब क्रमबद्धता से एक जो एक बुक के

1531
01:46:08,560 --> 01:46:12,720
रूप में बना तो मैं उस बुक को पढ़ाने के लिए अपने मित्रों के पास

1532
01:46:12,720 --> 01:46:16,800
जाता था अपने जो आसपास जो मुझे प्रबुद्ध लोग लगते

1533
01:46:16,800 --> 01:46:21,520
थे उनके पास जाता था कि देखो देखो देखो शंकराचार्य कौन है जान लो

1534
01:46:21,520 --> 01:46:25,520
धर्म को बचा लो ऐसे करता था जाकर के पागलों की तरह और वो लोग मुझे

1535
01:46:25,520 --> 01:46:30,120
अनसुना करते थे मेरे मेरे नाते रिश्तेदार सगे

1536
01:46:30,120 --> 01:46:34,240
संबंधी सब लोगों को मैं पीडीएफ भेजता था कि

1537
01:46:34,240 --> 01:46:36,720
ये पढ़ो शंकराचार्य को जानो

1538
01:46:36,720 --> 01:46:41,120
कौन है शंकराचार्य बच जाओगे जानता

1539
01:46:41,120 --> 01:46:45,840
नहीं है तू अभी शंकराचार्य को मगर वो लोग मुझे पागल समझते थे भाई

1540
01:46:45,840 --> 01:46:49,920
अगर ऐसा ही होता तो वो सब लोग आज मेरे साथ खड़े हो जाते आज मैं ये

1541
01:46:49,920 --> 01:46:54,160
लोग जो आरोप लगा रहे हैं इनहीं से पूछना चाह रहा हूं कितनों की कितनों की सेना तुमने खड़ी कर ली

1542
01:46:54,160 --> 01:47:00,160
शंकराचार्य का नाम ले ले के कितने कितने लोग आते हैं शंकराचार्य का नाम सुन के तुम्हारे

1543
01:47:01,240 --> 01:47:05,560
साथ? तो कैसा बेवकूफी भरा प्रश्न है। अब दूसरी

1544
01:47:05,560 --> 01:47:09,680
बात कि इन्होंने जिस व्यापार से जोड़कर वो बता

1545
01:47:09,680 --> 01:47:12,000
रहे हैं कि इन्होंने व्यापार किया। पहली

1546
01:47:12,000 --> 01:47:17,520
बात तो गुरुदेव कर्म लिया नहीं। मगर इन्होंने किया क्या था कुंभ में?

1547
01:47:17,520 --> 01:47:21,520
जो इनकी डेढ़ लाख की फॉलोइंग वाला पेज है उससे प्रभावित

1548
01:47:21,520 --> 01:47:25,760
होकर किसी व्यापारी ने इनसे संपर्क किया

1549
01:47:25,760 --> 01:47:29,760
कि हम लोग वहां पर शिविर अपने लगा रहे हैं जिनको हम जिनका हम

1550
01:47:29,760 --> 01:47:33,840
किराया लेंगे अच्छा अच्छा और वो उन शिविरों का

1551
01:47:33,840 --> 01:47:37,840
आप अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपने सोशल

1552
01:47:37,840 --> 01:47:42,480
मीडिया हैंडल से प्रचार प्रसार करिए।

1553
01:47:42,480 --> 01:47:46,480
ठीक है? और उस प्रचार प्रसार को करने का

1554
01:47:46,480 --> 01:47:50,480
इन्हें एक प्रॉपर उस कंपनी की ओर से उस व्यापारिक

1555
01:47:50,480 --> 01:47:55,040
संगठन की ओर से एक मूल्य मिलने वाला था। ठीक है?

1556
01:47:55,040 --> 01:47:59,280
तो इन्होंने भाई इनका आज भी पार्जन का माध्यम भी है ना वो

1557
01:47:59,280 --> 01:48:03,440
तो इन्होंने उस कंपनी कंपनी से इन्होंने वो किया कि इन्होंने

1558
01:48:03,440 --> 01:48:07,520
उसका अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से प्रचारित किया। मगर ऐसा

1559
01:48:07,520 --> 01:48:11,680
नहीं है कि कहीं लिखा हो कि शंकराचार्य के शिविर में आपको जगह मिलेगी। ठीक है?

1560
01:48:11,680 --> 01:48:15,680
जी। मगर इन्होंने किस तरीके से अपने उस

1561
01:48:15,680 --> 01:48:19,760
आर्थिक उद्देश्य में भी अपनी गुरु निष्ठा दिखाई वो मैं आपको

1562
01:48:19,760 --> 01:48:24,000
बता रहा हूं। जो चार लोग जो चार लोग विदेश

1563
01:48:24,000 --> 01:48:25,840
इत्यादि से आए थे जो

1564
01:48:25,840 --> 01:48:29,840
धन के दृष्टि से देखे तो समृद्ध उनको कहा जाएगा। ऐसे लोग

1565
01:48:29,840 --> 01:48:33,840
जिन्होंने 5000 दिए कुंभ में रुकने के वो 500

1566
01:48:33,840 --> 01:48:38,080
इनके पास नहीं आते थे। 500 में से एक अंश था जो इनका था वो

1567
01:48:38,080 --> 01:48:42,080
इनके पास आता था। पहली बात कि सब कुछ खर्च होने के

1568
01:48:42,080 --> 01:48:46,160
बाद जो इनके पास उस प्रचार से आया हुआ धन

1569
01:48:46,160 --> 01:48:50,320
था वो इन्होंने मठ में दान कर दिया। जी

1570
01:48:50,320 --> 01:48:54,480
ठीक है। और दूसरी बात यह है कि वो जो चार

1571
01:48:54,480 --> 01:48:58,800
लोग इनके पोर्ट इनके माध्यम से उन शिविरों में रुकने आए थे खर्चा दे

1572
01:48:58,800 --> 01:48:59,360
के

1573
01:48:59,360 --> 01:49:03,920
उनमें से एक व्यक्ति आज की डेट में गुरुदेव का शिष्य है।

1574
01:49:03,920 --> 01:49:07,200
तो ये गलत किया इन्होंने।

1575
01:49:07,200 --> 01:49:11,440
उन लोगों को जब इन्होंने जब ये जो कंपनी है जो पैकेज बताती है कि आपको कुंभ

1576
01:49:11,440 --> 01:49:15,480
में क्या-क्या मिलेगा। आपने कभी देखा हो आप अगर किसी टूरिस्ट प्लेस पर गए

1577
01:49:15,480 --> 01:49:19,840
हो तो आपने देखा होगा कि वहां के जो टैक्सी ड्राइवर होते हैं

1578
01:49:19,840 --> 01:49:23,920
वो उन चीजों को भी अपने पैकेज में लिख देते हैं जिन चीजों का कोई वैल्यू नहीं

1579
01:49:23,920 --> 01:49:29,640
होती है। नैनीताल जाओ, शिमला जाओ ऐसी जगह पे अगर जाओगे

1580
01:49:29,640 --> 01:49:34,080
तो उन चीजों को भी लिख दिया कि फलाना

1581
01:49:34,080 --> 01:49:38,480
मंदिर आपको दिखाया जाएगा। कहा आपको हिमालय दर्शन मैं एक बार नैनीताल जब गया था

1582
01:49:38,480 --> 01:49:42,560
तो मुझे कहा गया कि हिमालय दर्शन आपको कराया जाएगा तो उसमें जो टूरिस्ट

1583
01:49:42,560 --> 01:49:47,280
जो टैक्सी वाले होते हैं वो अपना जो कार्ड बना के रखते हैं उसमें एक

1584
01:49:47,280 --> 01:49:51,600
कई सारे पॉइंट थे एक ही चीज थी नैनीताल में घूमने वाली जो मुख्य

1585
01:49:51,600 --> 01:49:55,760
थी एक दो चीज और उसके अलावा उन्होंने 101 चीजें उसमें

1586
01:49:55,760 --> 01:49:59,920
लिख रखी थी उसमें से एक था हिमालय दर्शन तो मैंने कहा बहुत बढ़िया

1587
01:49:59,920 --> 01:50:04,640
हिमालय दर्शन हो जाएंगे आज तो बहुत अच्छा पैकेज है तो मैंने ले लिया

1588
01:50:04,640 --> 01:50:09,280
और लेने के बाद जब मैं उसके साथ चल रहा था तो उसने रास्ते में एक कहीं

1589
01:50:09,280 --> 01:50:13,440
सन्नाटा था। वहां गाड़ी खड़ी की कि आपका एक स्पॉट आ गया टूरिस्ट

1590
01:50:13,440 --> 01:50:17,440
स्पॉट। मैंने कहा कौन सा स्पॉट है? हिमालय दर्शन। मैंने कहा कैसे? रोड

1591
01:50:17,440 --> 01:50:22,520
के रोड से वो देखो हिमालय दिख रहे हैं। वो जो है

1592
01:50:22,520 --> 01:50:23,520
धुंधले

1593
01:50:23,520 --> 01:50:27,680
तो क्या करते हैं? लोगों को आकर्षित करने के लिए

1594
01:50:27,680 --> 01:50:31,760
जो टूरिस्ट कंपनीज होती हैं टूरिस्ट वाली वो

1595
01:50:31,760 --> 01:50:35,840
अपने पैकेज को ऐसा बनाती है कि तुम्हें केवल एक चीज नहीं मिल रही। बहुत सारी चीजें

1596
01:50:35,840 --> 01:50:39,840
मिल रही है। ऐसा बनाएंगी उसमें बहुत सारी चीजें लिखेंग तो

1597
01:50:39,840 --> 01:50:44,000
उनमें से एक चीज लिखी हुई थी कि आपको कुंभ में घूमने के लिए

1598
01:50:44,000 --> 01:50:48,000
प्रॉपर एक गाइड मिलेगा। बताने वाला मिलेगा,

1599
01:50:48,000 --> 01:50:52,240
मार्गदर्शक मिलेगा। अब

1600
01:50:52,240 --> 01:50:56,320
इनके माध्यम से वो लोग वहां गए मगर वो जो वो वाला जो पॉइंट है ना गाइड

1601
01:50:56,320 --> 01:51:00,760
वाला उसमें भी इन्होंने ये किया कि कुंभ की

1602
01:51:00,760 --> 01:51:05,200
इंपॉर्टेंट जो उनको क्लेम किया गया था कि आपको कुंभ की इंपॉर्टेंट

1603
01:51:05,200 --> 01:51:09,200
चीजें दिखाई जाएंगी तो ये दिखा सकती थी योगी का

1604
01:51:09,200 --> 01:51:13,440
मठ दिखा सकती थी योगी जी का मठ है या ये दिखा सकती

1605
01:51:13,440 --> 01:51:17,680
थी और भी कुंभ में ऐसी चीज है चेत राम पराठे वाले को दिखा सकती

1606
01:51:17,680 --> 01:51:21,760
थी चेत राम का आलू कुलचा खाओ भाई ये दिखा सकती

1607
01:51:21,760 --> 01:51:26,000
थी वहां पर शिवालय पार्क बना हुआ है वो दिखा सकती थी। मगर

1608
01:51:26,000 --> 01:51:30,400
इन्होंने उनको क्या दिखाया? इनको जब इंपॉर्टेंट

1609
01:51:30,400 --> 01:51:34,480
चीजें उनको दिखाने की बारी आई तो इन्होंने उनको शंकराचार्य का शिविर दिखाया।

1610
01:51:34,480 --> 01:51:38,480
वो शंकराचार्य जहां पर आपको भौतिक दृष्टि से कुछ

1611
01:51:38,480 --> 01:51:38,980
नहीं

1612
01:51:38,800 --> 01:51:43,040
मगर आध्यात्मिक दृष्टि से संपूर्ण खजाना मिलता है।

1613
01:51:43,040 --> 01:51:47,360
इन्होंने वो द्वार दिखाया जहां से तू मुक्त हो सकता है। जो तू 84

1614
01:51:47,360 --> 01:51:51,520
लाख योनियों में फंसा हुआ आज यहां पहुंचा है। इन्होंने उनको वो द्वार दिखाया।

1615
01:51:51,520 --> 01:51:55,600
तो वो द्वार दिखाना गलत था। वो व्यापार था। उन चारों में से

1616
01:51:55,600 --> 01:51:59,840
एक ने तो वहां पर गुरुदेव से दीक्षा ली। वो आज की डेट में गुरुदेव का शिष्य

1617
01:51:59,840 --> 01:52:05,120
है। गुरुदेव के अनुसार मंत्र का जाप कर रहा है। अपने अधिकार की सीमा में।

1618
01:52:05,120 --> 01:52:09,200
तो वो गलत था। नहीं करना

1619
01:52:09,200 --> 01:52:13,760
चाहिए। अगर कोई व्यक्ति हमसे हमारे आजीविकोपार्जन

1620
01:52:13,760 --> 01:52:18,160
के माध्यम से जुड़ा है तो उसको नहीं बताना चाहिए कि जा भाई जान

1621
01:52:18,160 --> 01:52:23,120
ले शंकराचार्य है अभी भी नहीं बताना चाहिए।

1622
01:52:23,120 --> 01:52:28,040
जी जी विजय जी आपको कुछ कहना है इसलिए

1623
01:52:28,040 --> 01:52:32,240
देंगे कि जब हम सबसे पहले तो उनका

1624
01:52:32,240 --> 01:52:36,320
जो हमारा शिविर का लोकेशन था वो था अरेल मतलब कंप्लीटली डिफरेंट

1625
01:52:36,320 --> 01:52:40,480
साइड। सो इसीलिए मैं बोल रही थी कि जिन लोगों ने रिसर्च किया है वो

1626
01:52:40,480 --> 01:52:44,560
थोड़ा और समय बिताते क्योंकि चैनल पर आकर बोल

1627
01:52:44,560 --> 01:52:48,560
देना और उसके बाद मतलब मजाक आपका ही बन रहा है क्योंकि आपकी रिसर्च

1628
01:52:48,560 --> 01:52:52,640
पूरी नहीं थी। तो इसीलिए हम काफी हंसे भी बहुत कुछ देखकर। अब

1629
01:52:52,640 --> 01:52:54,200
बात यह है

1630
01:52:54,200 --> 01:52:58,240
कि मेरे पास इसका मतलब प्रूफ भी है अगर कोई बोले

1631
01:52:58,240 --> 01:53:02,320
प्रमाण दिखाइए कि सारा जो कुंभ का पैकेज था वो हमारा

1632
01:53:02,320 --> 01:53:06,480
इट्स ये मेरा जो सेक्टर है काम का ये आता है रिट्रीट्स में हम पहले

1633
01:53:06,480 --> 01:53:10,480
भी करते थे अभी भी किया है आगे जाके भी करते ही रहेंगे

1634
01:53:10,480 --> 01:53:14,480
अब क्योंकि ये महा में था और कुंभ के अंदर उस समय

1635
01:53:14,480 --> 01:53:19,120
आप लोगों को पता ही है कि तीन चीजें बहुत फेमस थी संगम नागासाधु

1636
01:53:19,120 --> 01:53:23,120
और किन्नर अखाड़ा सही बात है तो पर

1637
01:53:23,120 --> 01:53:27,520
जो एक्चुअल एसेंस है कुंभ का उसके बारे में कोई वो नहीं था

1638
01:53:27,520 --> 01:53:31,760
और हम आज इस पब्लिक प्लेटफार्म पे घोषित कर देते हैं

1639
01:53:31,760 --> 01:53:35,760
बता देते हैं ताकि आगे जाके कोई कंफ्यूज ना हो हम अपने काम

1640
01:53:35,760 --> 01:53:40,160
में जितना आगे बढ़ेंगे जितना हम लोगों को जोड़ पाएंगे

1641
01:53:40,160 --> 01:53:44,320
चाहे वो मेरे मित्र हो चाहे वो मेरे स्टूडेंट हो तो हम उन्हें

1642
01:53:44,320 --> 01:53:48,320
गुरुदेव के साथ जोड़ेंगे। क्यों? क्योंकि हम गुरु नहीं है ना ही हम आचार्य

1643
01:53:48,320 --> 01:53:52,480
हैं। ठीक है? हम एक टीचर हैं और एक

1644
01:53:52,480 --> 01:53:56,560
मेंटोर समझ लीजिए और हम हमेशा अपने आप को वैसे ही क्लेम किया है

1645
01:53:56,560 --> 01:54:00,800
और करेंगे भी तो पर लोगों को आवश्यकता है गुरु की

1646
01:54:00,800 --> 01:54:04,800
और हम उनको अपने अगर हमें लालच होता तो हम ही गुरु

1647
01:54:04,800 --> 01:54:09,040
बन जाते ना। लोगों को तो उल्टा और अच्छा रहता है कि हां आप ही बनिए पर

1648
01:54:09,040 --> 01:54:09,540
हम उन्हें

1649
01:54:09,440 --> 01:54:13,520
गुरुदेव के पास लेके आते हैं। अब एक और बहुत महत्वपूर्ण बात यहां पे यह

1650
01:54:13,520 --> 01:54:17,520
है क्योंकि शायद ऐसा प्रश्न किसी के मन में आ सकता है।

1651
01:54:17,520 --> 01:54:21,760
जब हमने उनको यह पैकेज दे दिया था सब ऑलरेडी ऑन बोर्ड थे। उसके

1652
01:54:21,760 --> 01:54:25,760
बहुत दिनों बाद जाकर हमने ग्रुप के अंदर जो हमारा ग्रुप

1653
01:54:25,760 --> 01:54:30,320
था उसमें मैसेज शेयर किया था जिसके अंदर यह लिखा गया था कि शंकराचार्य

1654
01:54:30,320 --> 01:54:34,320
पूरी मठ के शंकराचार्य से मिलने की। ठीक है? क्योंकि बाकी जगह वो

1655
01:54:34,320 --> 01:54:38,560
जहां घूमे हमें उससे इतना कुछ वो मतलब नहीं है। वहां पर यह लिखा गया था कि पूरी

1656
01:54:38,560 --> 01:54:42,680
मठ के शंकराचार्य के शिविर में आपको उनके दर्शन करने के लिए

1657
01:54:42,680 --> 01:54:47,360
मिलेंगे और जिनको भी उनसे दीक्षा चाहिए वह बता दीजिए।

1658
01:54:47,360 --> 01:54:51,520
यह जो पर्टिकुलर पार्ट है यह एज अ सेवा हम आपको

1659
01:54:51,520 --> 01:54:55,600
दे रहे हैं क्योंकि हम उनके शिष्य हैं। दिस वाज़ नॉट इंक्लूडेड इन द पैकेज।

1660
01:54:55,600 --> 01:54:59,600
किसी भी पैकेज के अंदर में हमारे पास पीडीएफ है। अगर किसी के

1661
01:54:59,600 --> 01:55:03,920
पास पीडीएफ हो तो उसके अंदर यह कुछ इंक्लूडेड नहीं था कि हम शंकराचार्य

1662
01:55:03,920 --> 01:55:07,920
के वो हैं उन्हें वहां लेके जाएंगे और उस हिसाब से यह

1663
01:55:07,920 --> 01:55:11,920
किया जा रहा है। और क्योंकि हम नहीं चाहते हैं क्योंकि ऐसा है भी

1664
01:55:11,920 --> 01:55:16,000
नहीं। है ना? दीक्षा के लिए किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। कोई भी

1665
01:55:16,000 --> 01:55:20,480
आकर गुरुदेव के दर्शन कर सकता है। तो ये चीज मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण

1666
01:55:20,480 --> 01:55:24,640
थी कि ये ऑलरेडी बता दी जाए क्योंकि क्योंकि अगर

1667
01:55:24,640 --> 01:55:28,720
इस पर कभी भी कोई बात होगी तो वो मठ की इमेज पे आती है और

1668
01:55:28,720 --> 01:55:32,720
हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी चीज आए। तो हम ऑलरेडी मतलब हम

1669
01:55:32,720 --> 01:55:36,720
भी कुछ चीजें सोच कर ही किए थे। तो ये वो बात थी। बाकी

1670
01:55:36,720 --> 01:55:40,720
वो कैसा गया? बहुत अच्छा गया। सब बहुत खुश थे। लोगों को पता ही नहीं था।

1671
01:55:40,720 --> 01:55:44,800
जैसे काफी लोगों को पता ही नहीं है शंकराचार्य कौन है नहीं है। जिस व्यक्ति की

1672
01:55:44,800 --> 01:55:48,960
दीक्षा हुई यदि अगर आप उससे बात कर लेते वह तो गदगद हो चुका था।

1673
01:55:48,960 --> 01:55:52,960
मतलब वो इतना वो था वो मतलब वो तो कह रहा है वो और

1674
01:55:52,960 --> 01:55:57,040
एक और बात बताते हैं आपको विदेश का बोल रहा है ना वो व्यक्ति साउथ इंडियन

1675
01:55:57,040 --> 01:56:01,120
है। विदेश में रहता है। है ना? पर वो व्यक्ति दीक्षा

1676
01:56:01,120 --> 01:56:05,440
के बाद यह बोल दिया है कि कुछ सालों में वो इंडिया वापस आएगा और अपनी

1677
01:56:05,440 --> 01:56:09,440
साधना उपासना में लगेगा। तो यह प्रभाव है। है

1678
01:56:09,440 --> 01:56:13,520
ना? ये अचीवमेंट्स हैं और और

1679
01:56:13,520 --> 01:56:18,640
ये उन लोगों को प्राप्त होते हैं जो घर से निकलते हैं।

1680
01:56:18,640 --> 01:56:23,120
मिल जाते हैं जी मिल जाते हैं

1681
01:56:23,120 --> 01:56:24,000
एक मिनट एक मिनट

1682
01:56:24,000 --> 01:56:28,240
मिल जाते हैं सारे रंग इसी मिट्टी के रंग में

1683
01:56:28,240 --> 01:56:33,200
और गिरते हैं वीर जियाले ही मैदान जंग में

1684
01:56:33,200 --> 01:56:37,520
तो ये अचीवमेंट्स हैं और ऐसे प्रयास करते समय

1685
01:56:37,520 --> 01:56:41,680
कुछ अगर मैं कह रहा हूं दुर्जन तोष न्याय से कोई अगर किसी से कोई गलती

1686
01:56:41,680 --> 01:56:46,240
हो भी गई तो उसका निवारण करना चाहिए कि

1687
01:56:46,240 --> 01:56:52,240
तुम्हारा दुरुपयोग दूसरे करेंगे इसलिए मैं दुरुपयोग कर रहा हूं। वाह सही बात है।

1688
01:56:54,360 --> 01:56:58,400
तो जो उनको एक दिया गया था ना

1689
01:56:58,400 --> 01:57:02,400
कि इंपॉर्टेंट चीजें आपको दिखाई जाएंगी। वो अलग दिखा

1690
01:57:02,400 --> 01:57:07,040
दी। फिर भी एक उनके सामने एक

1691
01:57:07,040 --> 01:57:11,800
भूमिका तैयार करके और एक सबसे इंपॉर्टेंट

1692
01:57:11,800 --> 01:57:16,000
चीज के रूप में गुरुदेव के मठ का रास्ता दिखाना गुरुदेव

1693
01:57:16,000 --> 01:57:20,720
से दीक्षा दिलवाना ये सब आपके लिए व्यापार है।

1694
01:57:20,720 --> 01:57:24,800
हां और ये बताना भी कि ये निशुल्क है ताकि वो व्यक्ति मतलब जिस तरह

1695
01:57:24,800 --> 01:57:28,880
से बाकी जगहों पे चल ही रहा था बड़े-बड़े गुरु उनके नाम पे चल

1696
01:57:28,880 --> 01:57:32,960
रहा था उस समय कि 15,000 दीजिए तो ही अंदर आ पाएंगे। आप समझ रहे हैं पर

1697
01:57:32,960 --> 01:57:36,960
हमारे यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं था। जी

1698
01:57:36,960 --> 01:57:40,960
श्वेता जी मैं विजय जी से पूछ रहा था

1699
01:57:40,960 --> 01:57:44,480
कि आपको गुरुदेव से मिलवाया किसने?

1700
01:57:44,480 --> 01:57:49,040
ये मुझसे पूछ रहे होंगे आप। नहीं नहीं मैं तो विजय जी से पूछ रहा हूं।

1701
01:57:49,040 --> 01:57:53,120
चलिए मैं पहले बताता हूं। यह सवाल यह प्रश्न असल में

1702
01:57:53,120 --> 01:57:57,120
मेरे लिए है कि मैंने विजय जी को गुरुदेव

1703
01:57:57,120 --> 01:58:01,760
से मिलवाया से मिलवाया है। तो अब मैं इससे प्रश्न करता हूं मैं

1704
01:58:01,760 --> 01:58:05,760
कि आपने ऐसे विवाद से हमें उत्तर देने दीजिए। हम

1705
01:58:05,760 --> 01:58:10,080
थोड़ी भूमिका बना देंगे तो उनकी भूमिका में और मतलब और अच्छा

1706
01:58:10,080 --> 01:58:14,160
लगेगा। हमें गुरुदेव से मिलवाने वाले वह वह व्यक्ति

1707
01:58:14,160 --> 01:58:18,480
हैं जिन्हें दो-तीन दिन पहले मेरे जीवन में सोचिए

1708
01:58:18,480 --> 01:58:22,560
दो-ती दिन पहले हम एकदम कंफ्यूज हो गए थे क्योंकि

1709
01:58:22,560 --> 01:58:26,640
हमें दिख रहा था हम कुछ समय पहले एस्कॉन होकर आए थे।

1710
01:58:26,640 --> 01:58:31,280
एस्कॉन के अंदर नित्यानंद जी के जन्मदिवस की

1711
01:58:31,280 --> 01:58:35,360
प्रोग्राम चल रहा था। मैं और मेरा मित्र गए थे कि मतलब चलो

1712
01:58:35,360 --> 01:58:39,360
कृष्ण मंदिर होकर आते हैं। मतलब वो मेरे भाई जैसा ही है। हम लोग

1713
01:58:39,360 --> 01:58:43,440
मंदिर के वो हैं। है ना? मंदिर वाले भाई बहन कि अगर कहीं जाएंगे

1714
01:58:43,440 --> 01:58:47,520
तो मंदिर चलते हैं। तो हम उस व्यक्ति के साथ गए

1715
01:58:47,520 --> 01:58:51,600
वहां पे और उनका प्रोग्राम चल रहा था कृष्ण जी का और नित्यानंद

1716
01:58:51,600 --> 01:58:55,760
जी का। फिर उसके बाद जो मतलब लेक्चर

1717
01:58:55,760 --> 01:58:59,760
बोलेंगे हम उसको। हम उसको सत्संग नहीं बोलेंगे क्योंकि वो एक लेक्चर था।

1718
01:58:59,760 --> 01:59:03,760
अब वो लेक्चर में वो व्यक्ति ने ये और वहां पर महिलाएं बैठी हैं।

1719
01:59:03,760 --> 01:59:04,260
ठीक है?

1720
01:59:04,080 --> 01:59:08,400
महिलाएं बैठी हैं और उनके सामने वो बोलता है कि दुर्गा मां जेलर है। दुर्गा

1721
01:59:08,400 --> 01:59:12,480
मां की पूजा जो करता है उसे मोक्ष नहीं मिलता है और दुर्गा मां की पूजा

1722
01:59:12,480 --> 01:59:16,560
नहीं करनी चाहिए क्योंकि मोक्ष तो हमें कृष्ण से मिलता है और कुछ दो

1723
01:59:16,560 --> 01:59:20,720
चार पांच उसने अपने संस्कृत में श्लोक बता दिए और सब उसे सुन

1724
01:59:20,720 --> 01:59:24,800
रहे हैं और मैं और मेरा जो मित्र था हम एक दूसरे को देख रहे हैं कि

1725
01:59:24,800 --> 01:59:28,960
ये क्या बोल दिया है। अब चलिए वो घटना हट गई। उसके कुछ

1726
01:59:28,960 --> 01:59:32,960
दिनों तक फिर उसके बाद वो नहीं होता है कि आपका फोन आपको जानता है कि क्या चल रहा है।

1727
01:59:32,960 --> 01:59:37,040
उसने सुन ली है आपकी बातें तो वही सब दिखता है। तो मैं और मेरा मित्र

1728
01:59:37,040 --> 01:59:41,120
परेशान है। गंगा जी पे बैठ के बात कर रहे हैं। ऐसे कैसे वो बोल सकता है? ये क्या बात हो

1729
01:59:41,120 --> 01:59:45,120
गई? ये सब बातें चल रही हैं। तो हम काफी परेशान थे कि

1730
01:59:45,120 --> 01:59:49,360
इसका करें क्या? फिर कुछ दिनों बाद हमें Instagram

1731
01:59:49,360 --> 01:59:53,520
पे दिखते हैं एक व्यक्ति जो एस्कॉन के व्यक्ति के साथ माइक लेकर सड़क

1732
01:59:53,520 --> 01:59:57,520
पर खड़े हैं और उस पूरे संवाद में उनसे पूछा जा रहा है।

1733
01:59:57,520 --> 02:00:01,520
हम बोल रहे हैं वाह कोई तो मतलब मेरे मेरे भावनाओं को आवाज

1734
02:00:01,520 --> 02:00:05,920
मिल रही है। हमें ऐसा लगा। फिर उसके बाद हमें ये था।

1735
02:00:05,920 --> 02:00:10,160
हमें उम्मीद ही नहीं थी कि यह व्यक्ति मतलब

1736
02:00:10,160 --> 02:00:14,240
जो ऑन ग्राउंड इतना काम कर रहा है वह हमारे मैसेज का रिप्लाई

1737
02:00:14,240 --> 02:00:18,240
भी करेगा या हमें सीरियसली भी लेगा और उस समय ऐसा नहीं है कि मेरा फॉलोविंग

1738
02:00:18,240 --> 02:00:19,520
नहीं था। था

1739
02:00:19,520 --> 02:00:23,840
बट मतलब मेरे मन में इतना सम्मान था इस व्यक्ति

1740
02:00:23,840 --> 02:00:27,840
को लेकर कि इन्हें किसी का भय ही नहीं है। है ना?

1741
02:00:27,840 --> 02:00:31,920
बोलने का भय होता है और ये डाल दिया और ये पहली बार हम देख रहे

1742
02:00:31,920 --> 02:00:35,920
थे इंटरनेट पे किसी ने स्क का मतलब इस तरह से जाके शुरू

1743
02:00:35,920 --> 02:00:40,240
किया और उस पूरे संवाद में हम मेरे मेरे हृदय

1744
02:00:40,240 --> 02:00:44,880
से सम्मान और उस समय बढ़ा जब वीडियो के एंड में

1745
02:00:44,880 --> 02:00:48,960
वे ये व्यक्ति बोलते हैं कि भाई को भाई से दूर

1746
02:00:48,960 --> 02:00:53,280
किया जा रहा है यह ना बोल के कि तुम गलत हो और हम ठीक हैं

1747
02:00:53,280 --> 02:00:57,760
और यह व्यक्ति थे शिवश द्विवेदी जी

1748
02:00:57,760 --> 02:01:01,760
और हम यह भी बता देंगे कि हम उनसे जब जुड़े

1749
02:01:01,760 --> 02:01:06,000
हैं एकदम से उन्होंने हमें यह नहीं बोला आप जाके दीक्षित हो जाइए या

1750
02:01:06,000 --> 02:01:10,440
ये लीजिए मठ में जाइए ऐसा कुछ नहीं था तो

1751
02:01:10,440 --> 02:01:14,560
हमें शिवश जी ने ही जोड़ा है और हम इस तरह से इनसे जुड़े

1752
02:01:14,560 --> 02:01:18,640
थे तो तब तो शिवाश जी आपसे प्रश्न उठता है फिर ये कि आपने

1753
02:01:18,640 --> 02:01:22,960
ऐसे विवादास्पद व्यक्ति को मठ से जोड़ा क्यों?

1754
02:01:22,960 --> 02:01:27,440
मैं तो ये कहूंगा कि कौन व्यक्ति है जो विवादास्पद नहीं है? अगर यह विवादास्पद

1755
02:01:27,440 --> 02:01:31,520
है तो वो मेरे सामने आ जाए। कौन व्यक्ति है जो विवादास्पद

1756
02:01:31,520 --> 02:01:34,920
नहीं है? पहली बात। दूसरी बात यह है

1757
02:01:34,920 --> 02:01:39,120
कि क्या मैं जो ये प्रश्न कर रहे हैं कि मठ से क्यों जोड़ा?

1758
02:01:39,120 --> 02:01:43,440
पहली बात तो मठ से जोड़ना किसे कहते हैं? और दीक्षा

1759
02:01:43,440 --> 02:01:47,520
लेना किसे कहते हैं? क्या इनमें अंतर है? नहीं है। अगर है तो क्या

1760
02:01:47,520 --> 02:01:51,520
है? और नहीं है तो फिर ये बात कैसे कही जा रही है? इन

1761
02:01:51,520 --> 02:01:55,680
सब बातों की मीमांसा होनी चाहिए। उसके बाद

1762
02:01:55,680 --> 02:01:59,680
मैं सीधी बात एक पूछूंगा क्या हम गुरुदेव

1763
02:01:59,680 --> 02:02:03,760
के प्रति लोगों के मन में निष्ठा भाव उत्पन्न करना बंद

1764
02:02:03,760 --> 02:02:08,160
कर दे तो फिर कौन सा प्रचार हमें करना है

1765
02:02:08,160 --> 02:02:12,320
कौन सा अभियान का प्रचार करना है कैसे प्रचार करना है वो

1766
02:02:12,320 --> 02:02:16,400
एक नियमावली बनाएं और उस पर गुरुदेव के हस्ताक्षर कराए

1767
02:02:16,400 --> 02:02:21,520
हमें दे दे या फिर गुरुदेव के मुखार बिंदु से हमें सुनवा दे हम वो करने लगेंगे

1768
02:02:21,520 --> 02:02:25,520
भाई गुरुदेव के प्रति लोगों में निष्ठा गुरुदेव के सिद्धांतों के प्रति सनातन

1769
02:02:25,520 --> 02:02:29,520
सार्वभौम सिद्धांतों के प्रति सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति परम स्वतंत्र

1770
02:02:29,520 --> 02:02:33,760
मोक्ष के प्रति शाश्वत धर्म के प्रति लोगों

1771
02:02:33,760 --> 02:02:37,920
में निष्ठा उत्पन्न करना कराना बंद कर दें।

1772
02:02:37,920 --> 02:02:42,080
लोगों को ये बोलना बंद क्योंकि कोई अच्छा मेरा क्या है? मैं इसमें

1773
02:02:42,080 --> 02:02:46,160
थोड़ा मुझे अपने आप कहना कि शंकराचार्य से दीक्षित हो

1774
02:02:46,160 --> 02:02:49,920
जाओ। यह कहने में मुझे दिक्कत होती है। मैं नहीं कहता कभी भी

1775
02:02:49,920 --> 02:02:54,000
मुझे भी मुझसे कोई भी कहता है मुझसे कोई भी पूछता है कि

1776
02:02:54,000 --> 02:02:58,000
कौन है असली गुरु कौन है? तो मैं ये नहीं कहता असली गुरु शंकराचार्य जी है।

1777
02:02:58,000 --> 02:03:02,320
मैं उसे सिद्धांत बताता हूं। आपने मुझे कभी नहीं बोला कि आप जाकर दीक्षित

1778
02:03:02,320 --> 02:03:06,320
हो जाइए। हां मैं उसे सिद्धांत बताता हूं। उस सिद्धांत के बाद वो

1779
02:03:06,320 --> 02:03:10,560
खुद अपने बुद्धि और विवेक से तय करें कि कौन गुरु हो सकता है।

1780
02:03:10,560 --> 02:03:14,960
तो यही बात इनके साथ थी। मैंने इनको कभी नहीं कहा था कि गुरुदेव से जाकर के दीक्षित

1781
02:03:14,960 --> 02:03:19,200
हो। पहली बात तो क्या नहीं कहना चाहिए मगर

1782
02:03:19,200 --> 02:03:23,360
मैं कह रहा हूं मैंने नहीं कहा था इनके मन में और अपने आप स्वतः

1783
02:03:23,360 --> 02:03:27,360
श्रद्धा उत्पन्न हुई और इनको ये लगा कि मुझे जगतगुरु शंकराचार्य जी

1784
02:03:27,360 --> 02:03:31,360
से दीक्षित होना चाहिए और मैं बता दूं इस समय जो भी

1785
02:03:31,360 --> 02:03:35,520
आहान से जुड़े हुए गुरुदेव से जुड़े हुए आहान

1786
02:03:35,520 --> 02:03:39,760
के निमित्त मात्र सहयोग से जुड़े हुए गुरुदेव को मानने वाले जितने

1787
02:03:39,760 --> 02:03:44,000
भी लोग हैं वो लोग ये जानते होंगे इस सत्य को कि मैंने कभी भी किसी से ये कहा हो

1788
02:03:44,000 --> 02:03:48,320
कि जाओ जाकर शंकराचार्य से तुम दीक्षित हो जाओ। ये मैंने कभी नहीं कहा

1789
02:03:48,320 --> 02:03:52,560
किसी से भी। अगर जब भी बात आती है तो अगर वो ऑप्शन भी मानता

1790
02:03:52,560 --> 02:03:56,880
है ना सामने वाला तो मैं सारी प्रामाणिक परंपराओं के जितने आचार्यों

1791
02:03:56,880 --> 02:04:01,040
के नाम मुझे मालूम है मैं उनके नाम लेता हूं कि श्री संप्रदाय से ले लो।

1792
02:04:01,040 --> 02:04:05,760
मधवाचार्य संप्रदाय से ले लो। अभी तो गड़िया वैष्णव संप्रदाय से भी

1793
02:04:05,760 --> 02:04:09,840
वो भी संप्रदाय प्रामाणिक क्या कहते हैं माना जा रहा है। तो उससे

1794
02:04:09,840 --> 02:04:13,840
ले लो। मैं सबको मैं सबकी बात करता हूं। मैं केवल यह नहीं कहता हूं कि

1795
02:04:13,840 --> 02:04:17,840
नहीं नहीं शंकर परंपरा से ही लो मगर मैं तीन चीजें बता देता हूं जहां से

1796
02:04:17,840 --> 02:04:22,000
भी आपको ये संतुष्टि मिल रही हो आपका संशय दूर हो रहा हो वहां से ले लो

1797
02:04:22,000 --> 02:04:26,080
और ये परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म और सर्वशक्तिमानी

1798
02:04:26,080 --> 02:04:30,320
ये तीन चीजें आपको जहां से मिल जाए वो ले लो सिंपल वेद

1799
02:04:30,320 --> 02:04:34,480
में प्रमाण्य बुद्धि होनी चाहिए वर्णाश्रम धर्म ही होना चाहिए और लक्षण

1800
02:04:34,480 --> 02:04:39,680
ले लो हम तो मैं ऐसे करता हूं पर फिर भी

1801
02:04:39,680 --> 02:04:43,760
पर पर फिर भी मैं ये कहूंगा कि क्या हमको गुरुदेव के

1802
02:04:43,760 --> 02:04:47,840
प्रति आस्था करना मठ के प्रति सनातन सिद्धांतों के प्रति

1803
02:04:47,840 --> 02:04:52,240
धर्म के प्रति भाई गुरुदेव का अर्थ क्या है शंकराचार्य

1804
02:04:52,240 --> 02:04:56,240
का अर्थ क्या है लोग ये कहते हो कि शंकराचार्य का अर्थ है

1805
02:04:56,240 --> 02:05:00,400
कि शंकर परंपरा के गुरु मगर शंकराचार्य

1806
02:05:00,400 --> 02:05:05,200
का अर्थ है धर्म शंकराचार्य का अर्थ है ईश्वर

1807
02:05:05,200 --> 02:05:10,160
जी तो क्या व्यक्ति को धर्म और ईश्वर से जोड़ना बंद कर दे

1808
02:05:10,160 --> 02:05:14,160
ये कैसा बेवकूफी भी भरा सवाल है। गुरुदेव स्वयं कहते हैं

1809
02:05:14,160 --> 02:05:18,240
कभी भी स्वयं से मत जोड़ो। सदैव धर्म से जोड़ो। ईश्वर से

1810
02:05:18,240 --> 02:05:20,800
जोड़ो। गुरुदेव भी वही कहते हैं

1811
02:05:20,800 --> 02:05:24,960
और मेरी गलती शायद यह है इन लोगों के अनुसार कि गुरुदेव

1812
02:05:24,960 --> 02:05:29,520
के वाक्यों को केवल सुना नहीं है। उनको तुरंत इम्प्लीफाई किया है।

1813
02:05:29,520 --> 02:05:34,080
दिक्कत ये है इन लोगों ने इम्प्लीफाई नहीं किया जो ये प्रश्न कर रहे हैं।

1814
02:05:34,080 --> 02:05:38,160
तो ये अपने आप में ही एक मूर्खता पूर्ण सवाल है कि तुमने व्यक्ति

1815
02:05:38,160 --> 02:05:42,400
को धर्म से धर्म से क्यों जोड़ा? ईश्वर से क्यों जोड़ा?

1816
02:05:42,400 --> 02:05:46,560
और शंकराचार्य से क्यों जोड़ा? भाई हम जोड़ेंगे और

1817
02:05:46,560 --> 02:05:50,840
तोड़ेंगे भी जो सवाल करेगा उसको। तो फिर यह बताइए

1818
02:05:50,840 --> 02:05:54,960
कि इस प्रकार के जो संशय उत्पन्न हो जाने मात्र से

1819
02:05:54,960 --> 02:05:59,360
या मात्र हो जाने मात्र के आधार पर जो विरोध करने वाले

1820
02:05:59,360 --> 02:06:03,440
वाले जो लोग हैं ठीक है जो उन्होंने इस संशय होने की स्थिति में जो

1821
02:06:03,440 --> 02:06:09,440
कार्य किया है वो ना करके क्या कर क्या करना चाहिए था आपके साथ

1822
02:06:11,880 --> 02:06:15,920
देखिए हमने इस बारे में पीछे से जब उत्तर देते आ

1823
02:06:15,920 --> 02:06:20,320
रहे हैं तो कई बार बता दिया है कि

1824
02:06:20,320 --> 02:06:24,320
अगर आपको संशय हो भी रहा है कि रिदमम कपूर मठ में रह रही हैं। ये

1825
02:06:24,320 --> 02:06:28,320
संशय है क्योंकि रिदमम कपूर मठ में नहीं रह रही है। ये वास्तविकता है। इसका

1826
02:06:28,320 --> 02:06:32,320
एक उदाहरण दे दूं आपको। किसी व्यक्ति ने आक्षेप जब ये लगाया कि वो मठ

1827
02:06:32,320 --> 02:06:36,400
में रह रही हैं। ये विजयश्री तो उसने खुद

1828
02:06:36,400 --> 02:06:40,400
बोला कि मैं इतना बड़ा गुंडा हूं कि मैं ऋषिकेश में ही तुम्हारा

1829
02:06:40,400 --> 02:06:44,400
इंतजाम करवा दूंगा। अगर तुम लड़का होती तो मैं शांत हूं। अभी वो धमकी दे रहा

1830
02:06:44,400 --> 02:06:48,400
है। वो व्यक्ति धमकी दे रहा है। भाई कुछ

1831
02:06:48,400 --> 02:06:52,400
कटाक्ष उसने किए, कुछ कटाक्ष इन्होंने किए। भाई कटाक्ष करोगे तो कटाक्ष सहने की

1832
02:06:52,400 --> 02:06:56,720
क्षमता रखो। तो तुम इस पे आ गए कि अगर तुम लड़का होती तो तुम्हारा ऋषिकेश में इंतजाम

1833
02:06:56,720 --> 02:07:00,720
करा देता। मैं लखनऊ में रह रहा हूं। मेरा इंतजाम करा दे भाई। मैं लड़का हूं।

1834
02:07:00,720 --> 02:07:05,200
करा दे मेरा इंतजाम। छाती ठोक के तैयार हूं। बोल

1835
02:07:05,200 --> 02:07:09,440
करा क्या? इंतजाम करा रहा है और

1836
02:07:09,440 --> 02:07:13,440
दिल्ली में करा दे आगरा में करा दे या कहां कराएगा वहां बता दे व

1837
02:07:13,440 --> 02:07:17,440
आ जाऊंगा एक और बात बताते हैं ये एक मिनट जी एक

1838
02:07:17,440 --> 02:07:21,600
मिनट एक मिनट मैं बता रहा हूं बैठे हैं तू भारतवर्ष में कहीं

1839
02:07:21,600 --> 02:07:25,600
भी बता दे मैं वहां खड़ा हो जाऊंगा पता कहां इंतजाम कराएगा मैं लड़का हूं ना मैं

1840
02:07:25,600 --> 02:07:26,960
तो पुरुष हूं करा दे

1841
02:07:26,960 --> 02:07:31,120
मेरा इंतजाम बहुत बड़ा गुंडा है तू तू अगर

1842
02:07:31,120 --> 02:07:35,200
कोई गुंडा है ना और तेरे पीछे तू जानता हो कि बहुत सारे लोग हैं

1843
02:07:35,200 --> 02:07:40,040
ये है वो है तो मेरे पीछे राम है

1844
02:07:40,040 --> 02:07:44,080
समझा तो वो इनको गुंडा ही बताने लगा अब बात क्या चल

1845
02:07:44,080 --> 02:07:48,080
रही है कि विजय जी मठ में रह रही है मगर वो गुंडा खुद कह रहा है कि

1846
02:07:48,080 --> 02:07:52,320
मैं तेरा इंतजाम ऋषिकेश में करा दूंगा मतलब वो ये जानता है कि ये ऋषिकेश

1847
02:07:52,320 --> 02:07:57,200
में रह रही है ये गुरुदेव के शिविर में नहीं रह रही है

1848
02:07:57,200 --> 02:08:01,280
मगर पता नहीं क्या वो एक वो है क्या

1849
02:08:01,280 --> 02:08:05,600
कहेंगे उसको तरंग तरंग

1850
02:08:05,600 --> 02:08:09,840
है एक कि सब लोग विरोध कर रहे हैं तो मुझे भी करना है।

1851
02:08:09,840 --> 02:08:13,840
मुझे जबरदस्ती का वो नेता बनना है लोगों का और जब कुछ करने

1852
02:08:13,840 --> 02:08:17,840
धरने की बारी आएगी तो मुंह छुपा लेंगे। है

1853
02:08:17,840 --> 02:08:22,240
ना? मुंह छुिपा लेंगे। बोला तो मैंने जाओ कराओ अपने शहर को।

1854
02:08:22,240 --> 02:08:26,320
रामपाल से मुक्त करा दो। मैंने तो

1855
02:08:26,320 --> 02:08:30,400
कराया है। बोल रहा हूं भगवत कृपा से। तुम करा दो।

1856
02:08:30,400 --> 02:08:34,480
क्यों नहीं करा पा रहे हो? सब लोग जहां जहां पर हैं जितने

1857
02:08:34,480 --> 02:08:38,560
भी दंभी हैं जो बोल रहे हैं सब लोग अपने अपने शहर में रामपाल से मुक्त कराओ

1858
02:08:38,560 --> 02:08:42,240
किताबें बिकना बंद करवाओ आग लगवाओ रामपाल के स्टॉल

1859
02:08:42,240 --> 02:08:44,680
में जाकर

1860
02:08:44,680 --> 02:08:49,120
के नहीं करा पाओगे उसके लिए गुर्दा चाहिए केवल

1861
02:08:49,120 --> 02:08:55,120
बातें छोंक लेने से इंटरनेट पर आकर के वो नहीं होती है

1862
02:08:55,160 --> 02:08:59,360
क्रांति समझे तो अब ये

1863
02:08:59,360 --> 02:09:03,520
जो लोग हैं इनको करना क्या चाहिए था अगर तुम्हारे हमारे मन में संशय उत्पन्न हो रहे हैं

1864
02:09:03,520 --> 02:09:07,520
कि वो खाना बांटती हैं या उनका जो है वो मठ में से

1865
02:09:07,520 --> 02:09:11,680
बात करती हैं या वो मठ में रहती हैं तो इन संशयों को

1866
02:09:11,680 --> 02:09:17,600
लेकर के जिगरा लाओ जिगरा जाओ गुरु के पास

1867
02:09:17,600 --> 02:09:21,840
ओ भगवतानंद जी ने एक जगह सही कहा है जाओ साहस

1868
02:09:21,840 --> 02:09:25,920
दिखाओ साहस का उपयोग करके अपने गुरु को सारी बातें बताओ जो जो तुम्हें

1869
02:09:25,920 --> 02:09:29,920
संशय है क्यों नहीं जा रहे हो मैं कह रहा हूं तुम

1870
02:09:29,920 --> 02:09:34,000
लोग इतनी बातें करते हो मेरे पास प्रमाण ले आओ। मैं लाउडस्कर लेके खड़ा

1871
02:09:34,000 --> 02:09:38,000
हो जाऊंगा मटके बाहर और बाहर से

1872
02:09:38,000 --> 02:09:43,200
अनाउंसमेंट करने लगूंगा। मार डाले कोई मुझे

1873
02:09:43,200 --> 02:09:47,360
मेरे पास लेके आओ प्रमाण। यही यही इसी पे एक प्रश्न

1874
02:09:47,360 --> 02:09:51,520
उठता है जो जैसे जिसे

1875
02:09:51,520 --> 02:09:55,520
मैं बोलता हूं करपात्र स्वामी गॉड मोड ये क्वेश्चन ही है क्योंकि जब

1876
02:09:55,520 --> 02:09:57,440
करपात्री जब किसी से साक्षात करते

1877
02:09:57,440 --> 02:10:01,440
थे ना तो वो पहले बात सुनते थे और फिर उसको बताते

1878
02:10:01,440 --> 02:10:05,520
थे तुमने ये पॉइंट मिस कर दिया ये पॉइंट मिस किया तुम ये भी बोल सकते थे ये भी बोल सकते थे और उसके बाद

1879
02:10:05,520 --> 02:10:09,680
बताते थे कि अब सुनो इसका जवाब तो यही मैं आपसे प्रश्न पूछ रहा हूं कि

1880
02:10:09,680 --> 02:10:13,680
आप आक्षेपकर्ताओं के आक्षेप में मुख्यतः

1881
02:10:13,680 --> 02:10:17,760
जो जो अभाव है वह किस तत्व का है मतलब कहां

1882
02:10:17,760 --> 02:10:23,400
वो पीछे रह क्या कमी रह गई

1883
02:10:23,400 --> 02:10:27,840
उनकी देखिए आक्षेपकर्ता जो हैं

1884
02:10:27,840 --> 02:10:31,960
अब मैं यहां पे बात करूंगा सबसे पहली बात है

1885
02:10:31,960 --> 02:10:36,720
कि इनकी सभी बातों में अस्पष्टता है।

1886
02:10:36,720 --> 02:10:41,360
जी अगर आक्षेपकर्ताओं से पूछा जाए कि तुम्हारी समस्या क्या है?

1887
02:10:41,360 --> 02:10:46,240
हम हम तो वो आपको एक पंक्ति नहीं बोल सकते स्पष्ट।

1888
02:10:46,240 --> 02:10:50,640
तुम्हारी समस्या यह है कि इनका जीवन ऐसा क्यों था?

1889
02:10:50,640 --> 02:10:54,640
तुम्हारी समस्या ये है। देखिए कितनी बार पलटी मारी है। इसी से

1890
02:10:54,640 --> 02:10:58,640
पता चल जाएगा। समस्या क्या शुरू होती है कि वो मठ

1891
02:10:58,640 --> 02:11:02,720
में क्यों है? मठ में तो है ही नहीं। फिर क्या आता है कि उनकी

1892
02:11:02,720 --> 02:11:06,960
ऐसी फोटो क्यों है? भैया फोटो तो पूर्व की है। फिर

1893
02:11:06,960 --> 02:11:10,960
आता है कि फोटो आईडी पे क्यों है? अरे भाई जब पूरे उनके उनकी बुक टप

1894
02:11:10,960 --> 02:11:12,560
चुकी है। उसके माध्यम

1895
02:11:12,560 --> 02:11:16,720
से वेबसाइट के माध्यम से उनकी फोटो प्रचारित है। कोई अभिनेत्री

1896
02:11:16,720 --> 02:11:20,880
इन पर दबाव डाला गया कि फोटो डिलीट कर दो। आपकी आईडी पे क्यों है? कोई

1897
02:11:20,880 --> 02:11:25,040
अभिनेत्री अगर गुरुदेव की शरण में आएगी तो क्या वो पहले

1898
02:11:25,040 --> 02:11:29,120
से आकर के अपनी सारी फिल्में जितनी उसने फिल्में बनाई होंगी क्या वो

1899
02:11:29,120 --> 02:11:35,080
सारी फिल्में पहले डिलीट कराएगी तब आएगी? क्या?

1900
02:11:35,080 --> 02:11:39,120
हम कोई पुरुष अगर गुरुदेव की शरण में आएगा तो यदि वो

1901
02:11:39,120 --> 02:11:43,200
अभिनेता होगा विराट कोहली होगा तो अपने सारे क्रिकेट

1902
02:11:43,200 --> 02:11:47,280
मैच मिटा देगा क्योंकि उसने उस गेंद से खेल खेला है जिस गेंद में गाय

1903
02:11:47,280 --> 02:11:51,440
का वो यूज़ होता है वो पहले अपने सारे

1904
02:11:51,440 --> 02:11:56,360
क्रिकेट मैच मिटवाएगा तभी आ सकता है अन्यथा आ ही नहीं

1905
02:11:56,360 --> 02:12:00,400
सकता तो ये तो बात ये इसका ना सर है ना पैर तो

1906
02:12:00,400 --> 02:12:04,960
इनके तथ्यों में इन्होंने जो आक्षेप लगाए हैं, आक्षेपकर्ताओं

1907
02:12:04,960 --> 02:12:09,040
ने जो आक्षेप लगाए हैं, इनके वक्तव्यों में, इनके आक्षेपों

1908
02:12:09,040 --> 02:12:13,560
में प्रमाण की तो कमी प्रमाण तो है ही नहीं। प्रमाण का तो अभाव

1909
02:12:13,560 --> 02:12:17,680
है। बाकी ना तर्क है, तर्क भी

1910
02:12:17,680 --> 02:12:22,120
नहीं है। अच्छा, है क्या? फिर प्रमाण के नाम पर पता है क्या

1911
02:12:22,120 --> 02:12:26,200
है? मैं 5 साल से जुड़ा हूं। मैं सब जानता

1912
02:12:26,200 --> 02:12:28,080
हूं। हां

1913
02:12:28,080 --> 02:12:32,320
तुमको नहीं पता है। मैं मैं जानता हूं आगे क्या होगा। ये प्रमाण है

1914
02:12:32,320 --> 02:12:36,320
भाई। इनके ऊपर युद्ध लड़े जाते हैं क्या? अभी का ही

1915
02:12:36,320 --> 02:12:40,880
नहीं पता उन्हें पर उन्हें बेवकूफ लोग हो क्या? बेवकूफ हो क्या? बिल्कुल

1916
02:12:40,880 --> 02:12:45,120
इनके ऊपर इनके ऊपर युद्ध लड़े। अरे मेरे पास लेके आओ

1917
02:12:45,120 --> 02:12:49,200
भाई प्रमाण। तुमने प्रमाण कुछ दिखाया नहीं। यहां की फोटो

1918
02:12:49,200 --> 02:12:53,320
जोड़ के कुछ एडिट कर दिया। वो दिखा दिया। यह प्रमाण नहीं

1919
02:12:53,320 --> 02:12:57,800
है। यह प्रमाण नहीं है। आप आपत्तिजनक दृश्य

1920
02:12:57,800 --> 02:13:02,280
दिखाइए कि मठ में इनका आपत्तिजनक दृश्य क्या

1921
02:13:02,280 --> 02:13:07,040
है? मठ में खाना बांटते हुए दृश्य दिखाइए।

1922
02:13:07,040 --> 02:13:11,680
गुरुदेव से दीक्षा लेने के बाद इनका उस तरह के वस्त्र पहनकर योगा

1923
02:13:11,680 --> 02:13:15,760
सिखाना दिखाइए। अगर इन

1924
02:13:15,760 --> 02:13:19,920
आपको लगता है कि इन्होंने व्यापार किया तो प्रमाण दिखाइए।

1925
02:13:19,920 --> 02:13:23,920
खोखली और छिचली बातें मत करिए। मुझे दिखाइए। मैं

1926
02:13:23,920 --> 02:13:27,920
करूंगा इनका प्रतिकार। पर प्रमाण तो है ही नहीं। जब उस बात में कोई

1927
02:13:27,920 --> 02:13:32,240
सच्चाई होगी, तथ्य होगी तब तो बात होगी। तो उस बात में कोई प्रमाण

1928
02:13:32,240 --> 02:13:35,000
नहीं

1929
02:13:35,000 --> 02:13:39,520
है। अच्छा अब मैं बताऊं ये सब बना कैसे? पूरा

1930
02:13:39,520 --> 02:13:44,360
सिनेरियो कैसे बना है। अभी कुछ समय पूर्व की बात

1931
02:13:44,360 --> 02:13:49,360
है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को ले लो।

1932
02:13:49,360 --> 02:13:53,360
ठीक है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा

1933
02:13:53,360 --> 02:13:57,520
में भी कोई तर्क प्रमाण नहीं था शंकराचार्यों के विरोध में।

1934
02:13:57,520 --> 02:14:01,680
मगर उन्होंने कहीं पर ये कह दिया तो उस बात को उससे जोड़ के दिखा दिया।

1935
02:14:01,680 --> 02:14:05,840
रील बना दी ऐसेसे करके वो हुआ। तो ये सारी बातें हैं। ना

1936
02:14:05,840 --> 02:14:09,920
तो इनके पास प्रमाण है ना ही इनके पास

1937
02:14:09,920 --> 02:14:14,000
वो तर्क है कि मजबूत तर्क ही हो जिन पर बात बन जाए। तर्क में क्या

1938
02:14:14,000 --> 02:14:18,000
आता है? बस मैं इनका अहंकार इनको

1939
02:14:18,000 --> 02:14:22,000
लगता है कि ऐसा होगा इसलिए ऐसा होगा मान लो और इनको

1940
02:14:22,000 --> 02:14:26,000
लगता है कि ऐसा हुआ है इसलिए ऐसा मान लो भाई हम

1941
02:14:26,000 --> 02:14:30,000
किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्ति के विषय में खासतौर पर शंकराचार्य

1942
02:14:30,000 --> 02:14:34,080
से जुड़े हुए व्यक्ति के विषय में कोई भी कदम उठाने से पहले हमको ठोस

1943
02:14:34,080 --> 02:14:38,720
प्रमाण चाहिए होगा ना भाई कि बातें ले ले हम तुम्हारी केवल

1944
02:14:38,720 --> 02:14:42,960
वो तो है नहीं बस बातें छुपवा लो

1945
02:14:42,960 --> 02:14:47,120
लाइव लाइव चालू चालू कर लो और दो चार 10 20 वो लोग हैं जो

1946
02:14:47,120 --> 02:14:50,000
जिन्हें तुम्हें लगता हो कि तुम उनके आचार्य बन गए हो नेता बन

1947
02:14:50,000 --> 02:14:54,560
गए हो उनको अपनी बातें सुना लो ये सब है और क्या है ठीक है

1948
02:14:54,560 --> 02:14:58,640
प्रमाण नहीं है से तो हां इसी को कंटिन्यू करते हुए एक

1949
02:14:58,640 --> 02:15:02,640
प्रश्न पूछ रहा हूं क्षमा करिएगा ऐसा बोलना पड़ रहा है मुझे तो

1950
02:15:02,640 --> 02:15:06,800
लेकिन ऐसे लोगों ने ऐसा प्रश्न पूछा कि ठीक है चलिए मान लिया कि विजय जी

1951
02:15:06,800 --> 02:15:10,800
के आपने आपने उनको बताया कि उनका पूर्व जो समय था उसमें

1952
02:15:10,800 --> 02:15:14,800
वो ऐसी थी अब वो बदल गई तो इसका मतलब तो अर्थ लोग ये कह

1953
02:15:14,800 --> 02:15:19,040
रहे हैं कि इसका अर्थ ये हुआ कि मठ के परिकर जो है वो वो उनमें दोष

1954
02:15:19,040 --> 02:15:21,160
है।

1955
02:15:21,160 --> 02:15:25,280
नहीं पहले वो सिद्ध तो करें कि ऐसा हुआ है तब तो

1956
02:15:25,280 --> 02:15:29,280
वो दोष सिद्ध होगा। वो सिद्ध तो करें पहले भाई कोई

1957
02:15:29,280 --> 02:15:33,440
ठोस प्रमाण क्यों नहीं लाते? अब देखो ऐसा

1958
02:15:33,440 --> 02:15:37,760
ऐसा है जैसे नहीं वो दोनों बात कह रहे हैं ना मतलब एक पहले तो विजय

1959
02:15:37,760 --> 02:15:41,840
विजय जी को बोला कि हां भाई गलत है गलत है गलत है गलत है फिर उसके बाद जब वो

1960
02:15:41,840 --> 02:15:46,080
उससे बात नहीं बनी तो अरे नहीं नहीं चलो ये तो चलो ठीक है जो हो गया सो हो गया इनकी

1961
02:15:46,080 --> 02:15:50,800
गलती क्या है चलो उनकी गलती में कर भी देते हैं गलती तो फिर

1962
02:15:50,800 --> 02:15:55,760
भामठ के परिक परिकरों की है उनकी ज्यादा गलती है

1963
02:15:55,760 --> 02:15:59,760
तो तो ये ये फिर ये प्रश्न वाला ये प्रश्न कई लोगों ने बैक टू

1964
02:15:59,760 --> 02:16:04,000
बैक पूछे हैं चार्ट गलती है कि वो जो लोग आते हैं उनसे

1965
02:16:04,000 --> 02:16:05,200
बात करते हैं और उनको

1966
02:16:05,200 --> 02:16:09,600
बताते हैं कि मठ का अनुशासन तो यह कहूंगा आप इसके

1967
02:16:09,600 --> 02:16:13,680
संबंध में गुरु वाक्य या सनातन सिद्धांत ही दे दो ना

1968
02:16:13,680 --> 02:16:17,920
बात खत्म हो जाएगी बात नहीं करना है परिककरों को हां हां

1969
02:16:17,920 --> 02:16:20,040
क्या

1970
02:16:20,040 --> 02:16:24,240
बात बिना बात किए मतलब आप जाने समझेंगे क्या मतलब मूर्ख

1971
02:16:24,240 --> 02:16:29,760
बन के बैठे थोड़ा इन मूर्खों वो तो इन मूर्खों से पूछो ना

1972
02:16:29,760 --> 02:16:33,840
अरे सबर समय नहीं मिलता। मैं मैं बताता हूं अपनी बात कि मैंने कितनी बार ऐसे प्रश्न

1973
02:16:33,840 --> 02:16:37,840
करता हूं मैं और मैंने डांट खाई है। मैंने एक बार श्री ब्रह्मचारी जी से

1974
02:16:37,840 --> 02:16:41,920
प्रश्न किया था। उन्होंने मुझे डांट दिया। तो इसका मतलब ये थोड़ी ना है कि वो गलत है या बुरे हैं। ऐसा तो नहीं

1975
02:16:41,920 --> 02:16:46,160
है। जिसका हर चीज का समय और अपना अनुशासन होता है ना। मैं उस अनुशासन

1976
02:16:46,160 --> 02:16:50,400
का लांघा तो मैंने डांट खा ही तो बिल्कुल ठीक है। उसमें ठीक है।

1977
02:16:50,400 --> 02:16:53,600
लेकिन लेकिन इसका

1978
02:16:53,600 --> 02:16:57,600
भाई मैं मैं तो सीधी बात कह रहा हूं कि अगर किसी को

1979
02:16:57,600 --> 02:17:01,680
लगता है कि ऐसा गलत हो रहा है वो प्रमाण लेकर के मुझसे

1980
02:17:01,680 --> 02:17:06,600
संपर्क करें। मेरा नंबर है 740 जी

1981
02:17:06,600 --> 02:17:10,640
830869 वो संपर्क करें मुझसे प्रमाण लेकर के Google मीट

1982
02:17:10,640 --> 02:17:14,720
इत्यादि पर मीटिंग करेंगे और देखते हैं डिसाइड करेंगे क्या करना है क्या नहीं

1983
02:17:14,720 --> 02:17:18,800
करना है होगी सो राम की और बाकी सब हनुमान की पर कोई

1984
02:17:18,800 --> 02:17:20,240
ऐसा नहीं माई का लाल आता

1985
02:17:20,240 --> 02:17:24,320
है जो प्रमाण लेके आए ठोस वो कहीं की ईंट कहीं का रोणा

1986
02:17:24,320 --> 02:17:28,400
भानुमती का कुरवा जोड़ा कुछ की कुछ जाता ये देखो ये

1987
02:17:28,400 --> 02:17:32,480
ये देखो स्क्रीनशॉट मैंने ले लिया ले लिया बहुत बड़ा क्या है उस स्क्रीनशॉट में दो

1988
02:17:32,480 --> 02:17:37,040
व्यक्ति उसमें दो लोगों के चेहरे दिख रहे हैं। क्या करूं उस प्रमाण का मैं?

1989
02:17:37,040 --> 02:17:41,120
ठीक है। हां मैं दो दो चीजें इसमें ऐड करूंगी। पहली

1990
02:17:41,120 --> 02:17:45,120
बात तो ये है कि परिकर

1991
02:17:45,120 --> 02:17:49,360
सबसे उनका काम ही सबसे बात करना है क्योंकि हिंदू राष्ट्र अभियान के साथ सबको

1992
02:17:49,360 --> 02:17:54,040
जोड़ना है। और यदि कोई खो जाए मठ में या कुछ कर ले

1993
02:17:54,040 --> 02:17:58,680
मतलब गायब थोड़ी खेल रहे हैं मठ में जाके सब। है ना?

1994
02:17:58,680 --> 02:18:02,720
तो परिकरों का काम ही वो करना है। इसमें परिकर गलत

1995
02:18:02,720 --> 02:18:06,880
कैसे हो गए? हम वही बोल रहे हैं। फिर से वो गुरु द्रोही वाला मेरे तो दिमाग हमारे दिमाग

1996
02:18:06,880 --> 02:18:10,880
में वही चलता रहता है। वो गुरुदेव का एक बार अरे मैं तो ये कह रहा

1997
02:18:10,880 --> 02:18:15,280
हूं मैं तो ये कह रहा हूं इनकी जो बातचीत हुई है मेरे सामने

1998
02:18:15,280 --> 02:18:19,280
इनकी बातचीत परिकर से मेरी बातचीत परिकर से गुरुदेव के सामने हुई है।

1999
02:18:19,280 --> 02:18:23,280
गुरुदेव देख रहे हैं। तो आप अगर गुरुदेव को वो कर

2000
02:18:23,280 --> 02:18:27,280
रहे हो। आप स्वयं को दावा कर रहे हम गुरुदेव के समर्थक हैं। तो आप तो यहां पर गुरुदेव

2001
02:18:27,280 --> 02:18:31,440
का ही खंडन कर रहे हो। वही वही वही और दूसरी बात यह है कि

2002
02:18:31,440 --> 02:18:35,520
आप अगर क्या कहते हैं अगर वो बात नहीं करेंगे तो कार्य

2003
02:18:35,520 --> 02:18:40,040
कैसे होंगे? योजना कैसे बनेगी या गुरुदेव ट्रेवल कैसे करेंगे?

2004
02:18:40,040 --> 02:18:44,080
और दूसरी बात हम ये भी बताएंगे कि अगर किसी को लगता

2005
02:18:44,080 --> 02:18:48,400
है कि अगर दूर के ढोल आपने लग रहे हैं और लग रहा है कि हमें तो शायद कभी

2006
02:18:48,400 --> 02:18:52,640
डांट नहीं पड़ी। हम पब्लिकली बता देते हैं स्वामी जी और

2007
02:18:52,640 --> 02:18:56,960
सभी वहां पर जितने भी लोग हैं हम बहुत डांट खा चुके हैं। पर वो

2008
02:18:56,960 --> 02:19:01,360
आपको नहीं पता है। पर शायद अगर आपके मन में मलाल

2009
02:19:01,360 --> 02:19:05,520
रह रहा है कि हमसे तो मतलब हमारे पर तो फूल बरसते हैं। ऐसा कुछ

2010
02:19:05,520 --> 02:19:09,520
नहीं है। हम रोज डांट खाते हैं। और हम जब भी

2011
02:19:09,520 --> 02:19:13,760
वहां होते हैं डांट हमें पड़ती ही पड़ती है। पर हम

2012
02:19:13,760 --> 02:19:17,760
ये शायद हम अब अंतर ये समझ रहे हैं कि हम उसे प्रसाद समझ कर ले लेते

2013
02:19:17,760 --> 02:19:21,760
हैं। हमें ऐसा लगता है कि हमारे पुण्य ही बढ़ रहे हैं। पर आप यह

2014
02:19:21,760 --> 02:19:26,000
जो लोग बातें कर रहे हैं वह अलग है। और दूसरी बात जहां तक यह व्यक्ति विशेष

2015
02:19:26,000 --> 02:19:30,640
की बात हो रही है। हमारे पास अभी जो वीडियो आई थी हम बस यह बोलेंगे

2016
02:19:30,640 --> 02:19:34,640
एक व्यक्ति है जो एक वीडियो शुरू करता है। यह बोलकर हम

2017
02:19:34,640 --> 02:19:38,640
तो किसी की बहन बेटियों के ऊपर बात करते नहीं है। वीडियो के

2018
02:19:38,640 --> 02:19:42,960
बीच में वो किसी के कार्य को लेकर उसको चरित्रहीन

2019
02:19:42,960 --> 02:19:47,200
बोल देता है और वीडियो के अंत में बोलता है कि किसी के चरित्र

2020
02:19:47,200 --> 02:19:50,560
को उछालने का अधिकार हमें किसने दिया हमने

2021
02:19:50,560 --> 02:19:55,280
खुद को दिया तो आई थिंक अगर ऐसी बातें सुनकर

2022
02:19:55,280 --> 02:19:59,600
आप इस तरह के प्रभावित हो रहे हैं तो आपका

2023
02:19:59,600 --> 02:20:03,760
भजन कम है। ये पांच मिनट नहीं टिक सकते अगर मेरे

2024
02:20:03,760 --> 02:20:08,000
सामने विरोधाभासी बन के आ गए तो ये ऐसे

2025
02:20:08,000 --> 02:20:12,240
लोग अगर अपने बनके आएंगे तो थोड़ा गाड़ी खींच मिले। मैं कह रहा हूं भगवत

2026
02:20:12,240 --> 02:20:16,240
कृपा से पांच मिनट के अंदर इनका मुंह आबा डब्बा चब्बा होने लगेगा। देखी है

2027
02:20:16,240 --> 02:20:21,440
ना वो जॉनी लीवर वाली अब्बा डब्बा चब्बा

2028
02:20:21,440 --> 02:20:25,600
तो वो होने लगेगा। बात ये है कि आप लोग का मतलब स्तर क्या है कि

2029
02:20:25,600 --> 02:20:29,840
आपको कोई भी कुछ भी बात बता देगा। एक प्रैक्टिकल लॉजिकल सेंस

2030
02:20:29,840 --> 02:20:34,000
होता है किसी का कोई बात समझने का। ये तो जब हम शास्त्र के उसके अंदर

2031
02:20:34,000 --> 02:20:38,160
नहीं थे तब भी हमारे पास था। पर शायद वो कहते हैं ना कि किसी को लग रहा है हमें शास्त्र

2032
02:20:38,160 --> 02:20:42,160
की 10 बातें पता है। पर मतलब दिमाग से

2033
02:20:42,160 --> 02:20:46,320
काम करना और हर चीज को व्यवहार के अंदर डालना उसके अंदर

2034
02:20:46,320 --> 02:20:50,320
फर्क है। तो आपको यह समझना चाहिए कि जो व्यक्ति बिना

2035
02:20:50,320 --> 02:20:54,720
किसी ठोस प्रमाण के ठीक है? हम प्रैक्टिकल बात करने में विश्वास रखते हैं।

2036
02:20:54,720 --> 02:20:58,880
जो व्यक्ति कोई भी जो यह व्यक्ति हैं या बहुत सारे व्यक्ति हैं जो बिना

2037
02:20:58,880 --> 02:21:02,960
ठोस प्रमाण के किसी महिला के चित्र पे बात कर कर

2038
02:21:02,960 --> 02:21:05,680
के यह बोले कि हम तो करते ही नहीं है और सब कुछ

2039
02:21:05,680 --> 02:21:09,680
बोल दे। ऐसे व्यक्तियों को अगर हम सुन

2040
02:21:09,680 --> 02:21:13,680
रहे हैं और उनकी इन बातों से हम कंफ्यूज हो रहे हैं और साथ

2041
02:21:13,680 --> 02:21:17,920
दे रहे हैं तो हमें यह समझना चाहिए कि

2042
02:21:17,920 --> 02:21:22,080
देखिए कर्म बना रहे हैं आप और वह आपके पास तो आएगा ही तो आपके घर

2043
02:21:22,080 --> 02:21:26,240
में भी बहन बेटियां होंगी। वह घूमता ही है। हम एज अ महिला

2044
02:21:26,240 --> 02:21:30,320
अब हम आपको बता रहे हैं कि वह घूमता ही है। और दूसरी बात यह है अपना स्तर

2045
02:21:30,320 --> 02:21:34,560
बढ़ाइए। अपनी लॉजिकल रीजनिंग को बढ़ाइए कि हम किस तरह के व्यक्ति

2046
02:21:34,560 --> 02:21:38,640
की बात सुन रहे हैं। क्योंकि यह बोलना कि हम तो सभ्य भाषा में बात करते हैं

2047
02:21:38,640 --> 02:21:42,640
और फिर बोल देना मैं तो जैसी मर्जी भाषा में बोलूं मैं तो गंदा आदमी हूं।

2048
02:21:42,640 --> 02:21:46,880
तो जो व्यक्ति खुद ही स्वयं बोल रहा है वो गंदा आदमी है तो हमें ऐसे

2049
02:21:46,880 --> 02:21:51,760
व्यक्ति की बातें क्यों सुननी है? है ना? हम

2050
02:21:51,760 --> 02:21:56,560
नहीं आपको तो आपको तो आई थिंक कोई व्यक्ति मतलब शायद धमकी भी दे रहे हैं।

2051
02:21:56,560 --> 02:22:00,800
अरे हां जी वो अभी सब बातेंगी धमकी नहीं वाली।

2052
02:22:00,800 --> 02:22:05,040
नहीं नहीं ये एक चीज बताते हैं। एक और हम क्लियरली बता देते

2053
02:22:05,040 --> 02:22:09,120
हैं। यदि आप ये देखिए 24 आवर्स अल्टीमेट है। वीडियोस

2054
02:22:09,120 --> 02:22:13,120
एंड पिक्चर विल बी मेड। 24 आवर्स अल्टीमेटम तू अगर मिल गया ना तो वहीं

2055
02:22:13,120 --> 02:22:17,200
पर चपेट खाएगा मुझसे। ये वो है ये

2056
02:22:17,200 --> 02:22:20,880
वो है 24 आवर्स अल्टीमेटम वाले कौन है पता है

2057
02:22:20,880 --> 02:22:24,880
भूल भुलैया में वो छोटा पंडित आता है ना लास्ट में

2058
02:22:24,880 --> 02:22:28,960
उसके एक कंटाप मारता है वो उसकी बुद्धि बिल्कुल हरी हो जाती है

2059
02:22:28,960 --> 02:22:33,120
ये वो है 24 आवर्स अल्टीमेटम वाली कि

2060
02:22:33,120 --> 02:22:37,520
जो भी अल्टीमेटम दे रहा है या नहीं दे रहा है बात यहां पे सीधी

2061
02:22:37,520 --> 02:22:41,520
यही आ जा रही है बार-बार कि आप किसी को डरा के टारगेट

2062
02:22:41,520 --> 02:22:45,520
करके अटैक कर रहे हैं यदि आप मठ के हितषी

2063
02:22:45,520 --> 02:22:49,680
होते तो आप यह समझते कि मठ के साथ अगर कोई व्यक्ति जुड़ा

2064
02:22:49,680 --> 02:22:53,680
है और अगर आपको लग रहा है कि यह नहीं होना चाहिए। हमारे

2065
02:22:53,680 --> 02:22:58,160
पास यह फोटो है। हमारे पास यह वीडियो है। आप पहले उससे संपर्क करिए।

2066
02:22:58,160 --> 02:23:02,240
उसके सामने अपनी बात रखिए। यदि आपकी बात तर्क

2067
02:23:02,240 --> 02:23:07,200
पूर्ण और प्रामाणिक है और फिर भी वो नहीं मान रहा है तो वो

2068
02:23:07,200 --> 02:23:11,280
दोषी है। फिर उसके विरुद्ध आप कार्रवाई करिए। मगर आपने तो ना तर्क दिया

2069
02:23:11,280 --> 02:23:15,360
ना प्रमाण दिया। मैं मैं जानता हूं। हम पब्लिकली यह

2070
02:23:15,360 --> 02:23:19,520
भी बोल देते हैं अभी यदि आपको लग रहा है आप यह सब

2071
02:23:19,520 --> 02:23:23,600
कार्य करके बच जाएंगे तो आपको शायद लॉ

2072
02:23:23,600 --> 02:23:27,600
एंड ऑर्डर के बारे में सोचना चाहिए कि अभी तक भी

2073
02:23:27,600 --> 02:23:31,600
जितना कार्य हो चुका है उसका लॉ एंड ऑर्डर से

2074
02:23:31,600 --> 02:23:36,160
क्या लेना देना है हम अगर यह बात सोच कर छोड़ते

2075
02:23:36,160 --> 02:23:40,640
हैं कि मठ का नाम जोड़ जोड़कर थोड़े बेवकूफ

2076
02:23:40,640 --> 02:23:44,960
नालायक लोग हैं जो अपने स्वभाव विचार किसी

2077
02:23:44,960 --> 02:23:49,040
के ऊपर उनकी सीमा नहीं है या फिर बातचीत करने तक की भी उनके अंदर

2078
02:23:49,040 --> 02:23:53,040
संयम या विवेक नहीं है तो हम आप अगर

2079
02:23:53,040 --> 02:23:57,040
हमें इस तरह से अल्टीमेटम बोल के दे रहे हैं

2080
02:23:57,040 --> 02:24:01,680
तो हम भी आपको वही बोल रहे हैं कि आप एक तो पहली बात आप अपनी

2081
02:24:01,680 --> 02:24:05,680
पहचान क्लियर नहीं कर सकते हैं। ठीक है मतलब आप अरे भाई ये सब

2082
02:24:05,680 --> 02:24:09,680
क्या बातें कर रही हो माता जी ने बचपन में

2083
02:24:09,680 --> 02:24:13,920
निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है ना पहचान लेके सामने

2084
02:24:13,920 --> 02:24:18,240
आप छीन लिया है यही बोलने वाला था मैं अभी हां पहले लिया पहचान

2085
02:24:18,240 --> 02:24:22,320
लेकर तो सामने आइए उसके बाद आप हमारी पहचान के ऊपर कुछ बोलिए फिर बात करना

2086
02:24:22,320 --> 02:24:28,160
अल्टीमेटम वाली सोशल मीडिया वॉरियर

2087
02:24:28,160 --> 02:24:32,880
हां बताइए आप अगला प्रश्न मेरा प्रश्न आप जी

2088
02:24:32,880 --> 02:24:37,600
बोलिए बोलिए की बातें जो कर रहे हैं तो देखिए अल्टीमेटम

2089
02:24:37,600 --> 02:24:41,760
देने वाले को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि अल्टीमेटम का रिएक्शन

2090
02:24:41,760 --> 02:24:47,000
भी एक अल्टीमेटम ही होता है।

2091
02:24:47,000 --> 02:24:51,040
जी तो मतलब यह प्रश्न आपसे है शिवा जी कि मतलब

2092
02:24:51,040 --> 02:24:55,040
अब जैसा कि विजय जी ने बताया कि आपकी

2093
02:24:55,040 --> 02:24:59,200
वजह से वो जुड़ी हैं मठ से। तो विजय जी

2094
02:24:59,200 --> 02:25:03,280
को मठ से जोड़ने का कुछ कारण और भी था क्या? ऐसा भी लोगों

2095
02:25:03,280 --> 02:25:06,160
ने प्रश्न किया है।

2096
02:25:06,160 --> 02:25:10,760
अच्छा हां एक आरोप लगाया जा रहा है कि कोई मेरा क्या कहते

2097
02:25:10,760 --> 02:25:15,520
हैं मठ से जुड़ने का कोई कारण था अलग से

2098
02:25:15,520 --> 02:25:19,600
हम तो इसके जवाब में तो वही है कि भाई अगर आपको

2099
02:25:19,600 --> 02:25:23,680
लग रहा है कि कोई कारण था अलग से तो

2100
02:25:23,680 --> 02:25:27,840
आप उस कारण का प्रमाण प्रस्तुत करिए। पहली

2101
02:25:27,840 --> 02:25:32,080
बात तो देखिए कि विजय जी कौन है? क्या

2102
02:25:32,080 --> 02:25:36,160
है? कैसे उनकी क्या जर्नी रही है? इस बारे में मैं

2103
02:25:36,160 --> 02:25:40,480
एक साक्षी। ठीक है? अब आप मुझ में अपना

2104
02:25:40,480 --> 02:25:43,200
कोई संबंधी गुरु भाई इत्यादि नहीं देख पा

2105
02:25:43,200 --> 02:25:47,280
रहे हैं। मेरा शब्द आपके लिए प्रमाण नहीं है। तो मगर फिर

2106
02:25:47,280 --> 02:25:51,280
भी विरोध करने के लिए और इतना गंभीर विरोध करने के लिए

2107
02:25:51,280 --> 02:25:55,360
आपको प्रमाण तो लाना होगा ना। मेरी वाणी आपके लिए प्रमाण नहीं

2108
02:25:55,360 --> 02:25:59,440
है। आपका भाई आपके लिए प्रमाण नहीं है। फिर

2109
02:25:59,440 --> 02:26:04,080
भी उनका खंडन करने के लिए आपको प्रमाण लाना होगा ना।

2110
02:26:04,080 --> 02:26:08,480
तो आप जो आक्षेप लगा रहे हैं उसमें केवल क्या है? केवल

2111
02:26:08,480 --> 02:26:12,640
आपकी नीचता है। जो आप ये बोल रहे हैं मैं जानता हूं। मेरी बात

2112
02:26:12,640 --> 02:26:17,360
मान लो। मैं गुरुदेव से बड़ा हूं। मैं शंकराचार्य से बड़ा हूं।

2113
02:26:17,360 --> 02:26:21,440
है ना? जी तो ये सब बातें निरर्थक

2114
02:26:21,440 --> 02:26:25,440
होती है। ये सब बातें चलती नहीं है। जब हम युद्ध स्तर पर आते हैं ना ये सब बातें

2115
02:26:25,440 --> 02:26:29,840
नहीं चलती। अकाट्य सिद्धांत चलते हैं। अकाट्य अकाट्य

2116
02:26:29,840 --> 02:26:34,000
बात लाओ। अकाट्य जितनी बातें अभी तक हमने सुनी और देखी

2117
02:26:34,000 --> 02:26:38,000
और समझी वो सब अकाट्य नहीं थी। सब काट

2118
02:26:38,000 --> 02:26:42,080
डालूंगा। कट गई। कट गई। वो

2119
02:26:42,080 --> 02:26:46,400
सब अकाट नहीं। आप अकाट बात लाइए। हम आपके साथ है ना।

2120
02:26:46,400 --> 02:26:50,640
आप प्रमाण लाइए हम आपके साथ हैं। मगर

2121
02:26:50,640 --> 02:26:54,280
जब होगा तब तो लाओगे।

2122
02:26:54,280 --> 02:26:58,680
जी तो उसी भाव से एक प्रश्न उठता है कि

2123
02:26:58,680 --> 02:27:02,800
परंपरा के प्रति और शास्त्र के

2124
02:27:02,800 --> 02:27:06,880
प्रति निष्ठा रखने वाले एक महानुभाव द्वारा यह बोला गया है कि

2125
02:27:06,880 --> 02:27:11,520
विजय जी को एक प्रश्न पीछे है। एक एक

2126
02:27:11,520 --> 02:27:16,000
प्रश्न आपने मुझे बताया था कि

2127
02:27:16,000 --> 02:27:20,920
एक तो वह था कि इस घटना से मिलता जुलता कोई उदाहरण है

2128
02:27:20,920 --> 02:27:26,120
क्या? और जी एक प्रश्न था कि क्या कहते हैं

2129
02:27:26,120 --> 02:27:30,240
वो निराधार ये जो ये जो प्रलाप हो रहा है इसका आप

2130
02:27:30,240 --> 02:27:35,120
दे चुके हैं आप दे चुके हैं। अच्छा इसका दे चुका हूं। तो

2131
02:27:35,120 --> 02:27:39,280
ये जो बात है ना क्या कहते हैं इससे

2132
02:27:39,280 --> 02:27:44,960
मिलता जुलता एक उदाहरण उसकी मैं बात कर रहा था कि

2133
02:27:44,960 --> 02:27:48,960
अभी कुछ समय पूर्व की बात है। मैंने अभी थोड़ा सा जिक्र किया था इस विषय का। अभी

2134
02:27:48,960 --> 02:27:53,040
कुछ समय पूर्व की बात है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा

2135
02:27:53,040 --> 02:27:57,600
के समय गुरुदेव का खूब शंकराचार्यों

2136
02:27:57,600 --> 02:28:01,680
का खूब सारा विरोध हुआ था। हम सब ने देखा था।

2137
02:28:01,680 --> 02:28:06,080
जी। उस समय क्या था? यह जो हम कह रहे हैं ना सच के आसपास

2138
02:28:06,080 --> 02:28:10,240
वाला झूठ उसका एक ज्वलंत उदाहरण है। अब क्या है उस समय

2139
02:28:10,240 --> 02:28:13,840
जो शासन तंत्र के द्वारा पोषित जो

2140
02:28:13,840 --> 02:28:17,840
आईटी सेल थी या मीडिया तंत्र था उसने क्या

2141
02:28:17,840 --> 02:28:21,920
किया कि कहीं कोई वीडियो मिल गया उसमें इतनी बात उठा

2142
02:28:21,920 --> 02:28:26,560
ली कहीं कोई वीडियो मिल गया उससे इतनी बात जोड़ के बना दिया

2143
02:28:26,560 --> 02:28:30,560
हम है ना तो जिस समय ऐसा दुष्प्रचार

2144
02:28:30,560 --> 02:28:35,400
शंकराचार्य के विरोध में हो रहा

2145
02:28:35,400 --> 02:28:39,400
था उस समय जो लोग उस विरोध से प्रभावित हो रहे

2146
02:28:39,400 --> 02:28:43,600
थे। है ना? उस समय जो लोग उस विरोध

2147
02:28:43,600 --> 02:28:48,000
से प्रभावित हो रहे थे तो हम लोग उनको

2148
02:28:48,000 --> 02:28:52,400
दोष की दृष्टि से देखते थे कि तुमने जब तक पुख्ता सबूत

2149
02:28:52,400 --> 02:28:56,480
नहीं है जब तक तर्क और प्रमाण संतुष्टि जनक नहीं है

2150
02:28:56,480 --> 02:29:00,880
तो तुमने अपने स्व विवेक का त्याग क्यों कर दिया?

2151
02:29:00,880 --> 02:29:05,040
हम लोग दोष दृष्टि से देखते थे। जो लोग बिना जाने ताने शंकराचार्यों

2152
02:29:05,040 --> 02:29:09,200
ऊपर आक्षेप कर रहे थे। शंकराचार्य नेता किया क्या है? है ना? यह

2153
02:29:09,200 --> 02:29:13,360
सब जो कर रहे थे तो हम लोग ऐसे लोगों को कहते थे क्या तुमने अपनी बुद्धि

2154
02:29:13,360 --> 02:29:17,360
बेच खाई है क्या? तुमने जापान नहीं देखा तो क्या जापान इस

2155
02:29:17,360 --> 02:29:21,520
दुनिया में है? नहीं क्या? तो तर्क और प्रमाण

2156
02:29:21,520 --> 02:29:25,760
के अभाव में वो सच के आसपास वाला झूठ मैंने शुरू में बताया था ना

2157
02:29:25,760 --> 02:29:29,360
कि कोई एक आपको फोटो दिखाई जिस फोटो से आप प्रभावित

2158
02:29:29,360 --> 02:29:33,520
हो गए। उसके बाद आपने अपने विवेक का त्याग कर दिया। आपने यह सोचना

2159
02:29:33,520 --> 02:29:37,680
समझना बंद कर दिया कि इस फोटो से जोड़ के हमको जो चीज

2160
02:29:37,680 --> 02:29:41,680
बताई जा रही है वो जो चीज है वो सत्य नहीं है जो खबर

2161
02:29:41,680 --> 02:29:46,000
हमें दी जा रही है मगर वो फोटो इतनी भड़कीली है इतनी प्रभावशाली है जैसे

2162
02:29:46,000 --> 02:29:50,080
एक इनका जो दृश्य है कुत्ते के साथ वो खिलवाड़ जो इन्होंने

2163
02:29:50,080 --> 02:29:54,240
किया जो भूतकाल में ठीक है

2164
02:29:54,240 --> 02:29:58,480
वो जो स्ान के साथ जो ये खेल रही है उसमें

2165
02:29:58,480 --> 02:30:02,480
है ना जो एक होता है ना अपने पालतू पशु के साथ

2166
02:30:02,480 --> 02:30:06,800
व्यक्ति के मन में वात्सल्य भाव होता है। है ना? तो वो जो उसमें

2167
02:30:06,800 --> 02:30:10,920
जो इनका दृश्य है उसको जो है

2168
02:30:10,920 --> 02:30:15,360
अ ऐसे प्रचलित किया गया कि भैया वो स्वान

2169
02:30:15,360 --> 02:30:19,360
के साथ ऐसा कर रही वैसा कर रही मतलब कितना भी नीचे गिर

2170
02:30:19,360 --> 02:30:23,440
सकते हो तुम। हां तो ये अभी कमेंट्स आ रहे हैं।

2171
02:30:23,440 --> 02:30:27,760
उनकी बात कर रहा हूं मैं। तो ये तो खैर आपकी कोई मर्यादा

2172
02:30:27,760 --> 02:30:31,840
नहीं है। मर्यादा इसलिए नहीं क्योंकि आपकी शक्ल छुपी हुई है। आप शक्ल लेके आ जाओ।

2173
02:30:31,840 --> 02:30:36,000
फिर बोलो अभी देखो अभी देखो नानी

2174
02:30:36,000 --> 02:30:40,240
याद आ जाएगी आप लोगों को ठीक है जो लोग ऐसा कर रहे हैं खैर

2175
02:30:40,240 --> 02:30:44,240
दूसरी बात ये है कि हम लोग उनमें

2176
02:30:44,240 --> 02:30:45,200
दोष

2177
02:30:45,200 --> 02:30:49,680
देखते थे जो सच के आसपास वाले झूठ से प्रभावित

2178
02:30:49,680 --> 02:30:53,680
हो जाते थे और हर कोई शंकराचार्यों की निंदा करने

2179
02:30:53,680 --> 02:30:57,680
में लगा हुआ था उस समय हर कोई हम लोग उनमें

2180
02:30:57,680 --> 02:31:02,160
दोष देखते थे आज हम क्या कर रहे हैं आज हम भी वैसे ही

2181
02:31:02,160 --> 02:31:06,560
एडिट की हुई चीजों से कहीं कहीं का ई कहीं का रोड़ा

2182
02:31:06,560 --> 02:31:10,560
भानुमती का कुबा जोड़ा वाली जो सामग्री है उस चीज से

2183
02:31:10,560 --> 02:31:14,720
प्रभावित होकर के निर्णय ले ले रहे हैं। तो हम भी आज वही हुए

2184
02:31:14,720 --> 02:31:18,880
जिनको हम दोष की दृष्टि से देख रहे थे।

2185
02:31:18,880 --> 02:31:24,680
भाई अगर विद्या श्री मठ में कुछ गलत कर रही है तो उसका प्रमाण

2186
02:31:24,680 --> 02:31:28,960
लाइए। प्रमाण होना चाहिए। अगर

2187
02:31:28,960 --> 02:31:33,200
उन्होंने खाना बांटा तो उसका प्रमाण होना चाहिए। अगर उन्होंने व्यापार

2188
02:31:33,200 --> 02:31:37,360
किया तो उसका प्रमाण होना चाहिए। अगर उन्होंने आपत्तिजनक वस्त्र पहन

2189
02:31:37,360 --> 02:31:41,440
के योग सिखाया उसका Instagram पर वीडियो डाला गुरुदेव से संपर्क में आने

2190
02:31:41,440 --> 02:31:45,760
के बाद तो उसका प्रमाण होना चाहिए। अगर उनका जीवन

2191
02:31:45,760 --> 02:31:49,760
में कुछ भौतिक वादिता के कारण विवाह देर से हो रहा

2192
02:31:49,760 --> 02:31:53,760
है तो उसका प्रमाण होना चाहिए।

2193
02:31:53,760 --> 02:31:57,840
आकलन पर अंदेशों पर और अपने उस पर कि

2194
02:31:57,840 --> 02:32:01,960
हमें लगता है मैं यह हूं मैं वो हूं मैं हूं बट स्वाहा

2195
02:32:01,960 --> 02:32:07,960
हूं इन सब पे चीजें नहीं होती

2196
02:32:10,120 --> 02:32:14,160
है हम फट स्वाहा है भैया तो इन सब पे युद्ध

2197
02:32:14,160 --> 02:32:18,480
नहीं लड़े जाते हैं आप लेके आइए प्रमाण

2198
02:32:18,480 --> 02:32:22,560
और उस पर आपको करना चाहिए और आप अगर नहीं ले देख रहे हैं प्रमाण

2199
02:32:22,560 --> 02:32:26,880
आपके पास ठोस प्रमाण नहीं है और फिर भी आप ऐसे लोगों

2200
02:32:26,880 --> 02:32:31,200
ऐसी चीजें कर रहे हैं आरोप लग रहे हैं आक्षेप

2201
02:32:31,200 --> 02:32:35,360
लगा रहे हैं तो फिर आप भी वही हुए जो कुछ समय पूर्व

2202
02:32:35,360 --> 02:32:39,760
शंकराचार्यों का विरोध करने वाले लोग हुआ करते थे जो अधूरी जानकारी

2203
02:32:39,760 --> 02:32:43,840
पर मीडिया तंत्र के जाल में फंस गए थे वैसे ही आप लोग फंस रहे हैं

2204
02:32:43,840 --> 02:32:49,280
और हम तब भी लड़े थे अन्याय के विरुद्ध और आज भी लड़ेंगे

2205
02:32:49,280 --> 02:32:53,600
ठीक है क्या है कि मुझे हो सकता है

2206
02:32:53,600 --> 02:32:57,880
ये जो दंभी पार्टी है इनके जैसा शास्त्रों का

2207
02:32:57,880 --> 02:33:02,000
जो ये विधि विषयक इत्यादि जो वो है वो उतना नहीं

2208
02:33:02,000 --> 02:33:06,080
पता है इसलिए मैं बार-बार जो विधि निषेध इत्यादि के संबंध में गुरुदेव के पास जाता

2209
02:33:06,080 --> 02:33:08,960
हूं आचार्यों के पास जाता हूं जी तो

2210
02:33:08,960 --> 02:33:13,280
हो सकता है मुझे इतना ना हो मगर मैंने गुरुदेव के वाक्यों

2211
02:33:13,280 --> 02:33:18,040
को गुरु वाक्यों को जितना सुना है उतना धारण किया है

2212
02:33:18,040 --> 02:33:22,320
मैंने ग्रंथों के जितने वाक्यों को सुना है,

2213
02:33:22,320 --> 02:33:26,880
पढ़ा है, उतना उनको धारण किया है। मैंने राम के चरित्र को

2214
02:33:26,880 --> 02:33:31,360
जितना जाना है, उतना उसको धारण करने का प्रयास किया है।

2215
02:33:31,360 --> 02:33:35,440
मगर यह उन लोगों में से हैं जो गुरु

2216
02:33:35,440 --> 02:33:39,440
गोविंद और ग्रंथ के वाक्यों को सुनते, पढ़ते और

2217
02:33:39,440 --> 02:33:43,760
भजते तो हैं मगर उनको धारण नहीं करते हैं।

2218
02:33:43,760 --> 02:33:47,760
धारण नहीं किया आपने। आपने दर्शन, विज्ञान और व्यवहार में सामंजस्य

2219
02:33:47,760 --> 02:33:52,960
नहीं बिठाया। आपने वितंडवाद किया

2220
02:33:52,960 --> 02:33:57,040
है ना ट्राइंग टू अटैक एंड हरेस इसमें हम एक चीज ऐड करेंगे क्योंकि

2221
02:33:57,040 --> 02:34:01,120
हमें लगता है ये थोड़ा इंपॉर्टेंट है। अ

2222
02:34:01,120 --> 02:34:05,200
जिस व्यक्ति की वीडियो हमारे पास आई थी जो मतलब वो शुरू से वीडियो और एंड में ये

2223
02:34:05,200 --> 02:34:09,440
सब गोलमोल जिनकी बातें थी उन्होंने अपने वीडियो में एक चीज बोली

2224
02:34:09,440 --> 02:34:13,440
थी जिसको हम प्रकट करके बोलना चाहते हैं। उन्होंने यह बोला

2225
02:34:13,440 --> 02:34:17,840
था कि दो दिन में जो व्यक्ति वहां जाता है। ठीक है?

2226
02:34:17,840 --> 02:34:22,160
उसे पता चल जाता है कि वहां के विचार और हावभाव

2227
02:34:22,160 --> 02:34:24,160
सब कैसे हैं। सबसे पहले

2228
02:34:24,160 --> 02:34:28,320
ये जो वहां है जिस स्थान की बात हो रही है वो धर्म का

2229
02:34:28,320 --> 02:34:32,480
और भगवत प्राप्ति का एक केंद्र है। तो सबसे पहले तो आप

2230
02:34:32,480 --> 02:34:36,480
उसकी समीक्षा उस स्थान की समीक्षा करने वाले कौन है? क्योंकि हमें नहीं लगता

2231
02:34:36,480 --> 02:34:40,640
है कि कोई भी सांसारिक व्यक्ति कोई बड़े से बड़ा व्यक्ति भी

2232
02:34:40,640 --> 02:34:44,960
उस स्थान की समीक्षा करने योग्य हो। दूसरी बात यह है। सेकंड

2233
02:34:44,960 --> 02:34:49,120
चीज जो उस वीडियो में जोड़ी गई थी वह यह थी कि हम वहां पर रहे

2234
02:34:49,120 --> 02:34:53,200
और उसके बाद हम हमने समय बिताने के

2235
02:34:53,200 --> 02:34:57,200
बाद हमने किसी का विरोध नहीं किया। तो ये क्या मेरे हमारे

2236
02:34:57,200 --> 02:35:01,360
ऊपर एक प्रेशर डाला जा रहा है कि हमें किसी का विरोध करना है। हमने

2237
02:35:01,360 --> 02:35:05,520
किसी का विरोध क्यों नहीं किया? यह प्रश्न होना चाहिए था

2238
02:35:05,520 --> 02:35:09,840
और उसका उत्तर यह है हमने किसी का विरोध इसलिए नहीं किया क्योंकि विरोध

2239
02:35:09,840 --> 02:35:14,560
करने लायक हमें वहां पर कुछ दिखा ही नहीं। हमें वहां पर स्नेह,

2240
02:35:14,560 --> 02:35:18,720
प्रेम, धर्म और भगवत प्राप्ति किस तरह से की

2241
02:35:18,720 --> 02:35:23,440
जाए उसका आचरण, व्यवहार, विचार, व्याकरण

2242
02:35:23,440 --> 02:35:28,240
इस सबका अनुभव मिला है। और जब तक हमें

2243
02:35:28,240 --> 02:35:32,240
इस तरह का अनुभव नहीं हुआ है, आपको क्यों लगता

2244
02:35:32,240 --> 02:35:36,400
है? आप आपको क्यों लगता है कि जो आप बोल रहे हैं, वह अनुभव

2245
02:35:36,400 --> 02:35:39,200
हमें होना ही चाहिए था। मेरा अनुभव वैसा नहीं

2246
02:35:39,200 --> 02:35:43,200
है। हम तो इस तरह की बातें जब हम कर

2247
02:35:43,200 --> 02:35:47,360
रहे हैं एक पर्टिकुलर स्थान को लेकर तो हमें यह समझ आना

2248
02:35:47,360 --> 02:35:51,440
चाहिए कि बाकी सबको छोड़िए। हम खुद ही उस स्थान की

2249
02:35:51,440 --> 02:35:55,680
समीक्षा कर रहे हैं जो स्थान हमें ही भगवत प्राप्ति

2250
02:35:55,680 --> 02:35:59,680
करवा सके। यदि आप अभी बैठकर अगर उस स्थान के बारे में

2251
02:35:59,680 --> 02:36:03,760
ध्यान कर लें तो आपके पुण्य बढ़ जाएंगे। पर आप

2252
02:36:03,760 --> 02:36:08,000
बैठकर उस स्थान की समीक्षा करने में लगे हैं।

2253
02:36:08,000 --> 02:36:12,720
तो यह एक अपराध ही है।

2254
02:36:12,720 --> 02:36:17,560
मैं इसमें एक बात कह दूं कि

2255
02:36:17,560 --> 02:36:21,880
भैया रामायण का युद्ध भी एक नारी के लिए ही हुआ

2256
02:36:21,880 --> 02:36:24,360
था।

2257
02:36:24,360 --> 02:36:28,400
और महाभारत का युद्ध भी एक नारी के सम्मान के लिए ही लड़ा

2258
02:36:28,400 --> 02:36:32,640
गया था। और अगर यह युद्ध

2259
02:36:32,640 --> 02:36:37,160
मुझे एक गुरु गोविंद और ग्रंथ के प्रति

2260
02:36:37,160 --> 02:36:41,280
समर्पित शरणागत नारी के सम्मान के लिए लड़ना

2261
02:36:41,280 --> 02:36:45,520
पड़ेगा तो मैं सदैव उसके लिए तत्पर हूं। अगर

2262
02:36:45,520 --> 02:36:49,840
अपने लोगों से भी लड़ना पड़ेगा तो उसके लिए भी तत्पर हूं।

2263
02:36:49,840 --> 02:36:53,920
क्योंकि गुरुदेव ने यह सिखाया है। मैंने कहा ना गुरुदेव के वाक्यों को

2264
02:36:53,920 --> 02:36:54,420
सुनते

2265
02:36:54,400 --> 02:36:58,720
नहीं है केवल धारण करते हैं। गुरुदेव ने सिखाया था

2266
02:36:58,720 --> 02:37:02,720
कि भाई संबंधों का त्याग भले ही

2267
02:37:02,720 --> 02:37:07,280
करना पड़ जाए पर सिद्धांतों का त्याग कभी मत करना।

2268
02:37:07,280 --> 02:37:11,800
तो अगर कोई व्यक्ति इस प्रकार से किसी

2269
02:37:11,800 --> 02:37:15,920
निर्दोष मातृशक्ति के साथ दुर्व्यवहार

2270
02:37:15,920 --> 02:37:20,000
करेगा। उसके सम्मान पर जो है आक्रमण करेगा तो

2271
02:37:20,000 --> 02:37:24,320
मैं उसके लिए लडूंगा। अंतिम सांस तक लडूंगा

2272
02:37:24,320 --> 02:37:28,400
और यदि वो निर्दोष नहीं है तो उसको दोषी

2273
02:37:28,400 --> 02:37:32,400
सिद्ध करो और वरना अपना

2274
02:37:32,400 --> 02:37:36,560
ये जो मुंह है जिसको दिखा पाने के लायक नहीं हो उसको बंद

2275
02:37:36,560 --> 02:37:40,560
रखो। और अपना परिचय दे करिए ना। इसमें

2276
02:37:40,560 --> 02:37:44,800
छुप के क्यों मतलब जो बात है उसको स्पष्ट सामने रख दीजिए।

2277
02:37:44,800 --> 02:37:48,800
आप बताइए उल्टा आपका यश होगा अगर आपकी कोई बात सही

2278
02:37:48,800 --> 02:37:53,760
निकल आएगी और एक और बात हम बोल रहे हैं जो भी व्यक्ति

2279
02:37:53,760 --> 02:37:57,760
उसको इंग्लिश में क्या बोल रहे हैं मेरे दिमाग में वर्ड नहीं आ रहा है पर धमकी दे

2280
02:37:57,760 --> 02:38:01,840
रहे हैं है ना जो व्यक्ति धमकी दे रहे हैं हम एक बार फिर से दोबारा बोल

2281
02:38:01,840 --> 02:38:05,840
देंगे कृपया लॉ एंड ऑर्डर के बारे में सोच लीजिए अगर आप किसी

2282
02:38:05,840 --> 02:38:09,440
गलतफहमी में है कि आप फेक अकाउंट बना के कर लेंगे

2283
02:38:09,440 --> 02:38:13,440
तो आज आजकल आधुनिकता के साथ

2284
02:38:13,440 --> 02:38:17,520
यंत्रों के साथ आप फेक बनाइए, रियल बनाइए, कोई फर्क नहीं

2285
02:38:17,520 --> 02:38:21,840
पड़ रहा है। पर संयम और मर्यादा में रह के ही अपने

2286
02:38:21,840 --> 02:38:25,840
शब्दों का और अपनी एडिटिंग का इस्तेमाल करिए।

2287
02:38:25,840 --> 02:38:30,160
क्योंकि अगर आप इस तरह के अल्टी मतलब अभी भी

2288
02:38:30,160 --> 02:38:34,320
लोगों के मतलब दिमाग का स्तर देखिए। अगर आप अभी भी

2289
02:38:34,320 --> 02:38:38,320
इस तरह से बात और व्यवहार करना चाहते हैं तो

2290
02:38:38,320 --> 02:38:42,720
लॉ एंड ऑर्डर नाम की भी एक चीज है भारत में

2291
02:38:42,720 --> 02:38:47,760
जो चीजों को अच्छे से हैंडल कर लेती है। ठीक है?

2292
02:38:47,760 --> 02:38:52,080
तो आपको वार्ता करनी है। आपको नहीं समझ आ रहा तो आप वो करिए।

2293
02:38:52,080 --> 02:38:56,160
बट ये खेल मत खेलिए। हम हां। तो खेलिए है ना?

2294
02:38:56,160 --> 02:39:00,400
मतलब कोई ये वार्निंग तो है नहीं। ये साफसाफड कर रहे हैं। खेल है चला

2295
02:39:00,400 --> 02:39:04,840
है जो धमकी दे रहे हैं। चूर्ण चटनी बेचने वाले हां

2296
02:39:04,840 --> 02:39:08,960
मतलब तो विजय जी पे ही तन कसते हुए

2297
02:39:08,960 --> 02:39:14,240
एक प्रश्न है वो वो ये है कि

2298
02:39:14,240 --> 02:39:18,240
यूजली जिम ट्रेनर या योगा ट्रेनर महिलाएं जो है उनका चाल चलन

2299
02:39:18,240 --> 02:39:22,240
ठीक नहीं होता पता नहीं कौन कहां पे देख रहे हैं आप ये

2300
02:39:22,240 --> 02:39:24,720
सब मतलब ये क्या बात

2301
02:39:24,720 --> 02:39:28,960
है ये तो बैंक में काम चरित्र

2302
02:39:28,960 --> 02:39:33,120
अच्छा नहीं होता है नहीं मैं कह रहा हूं यही

2303
02:39:33,120 --> 02:39:37,120
मैं कह रहा हूं ये गुरुदेव के शिष्य होने के नाम पर कलंक है अगर वो शिष्य

2304
02:39:37,120 --> 02:39:41,280
है ये कलंक है ये नहीं देखिए

2305
02:39:41,280 --> 02:39:45,280
मैं कह रहा हूं कि ये बात सही है गलत है वो बाद में है मगर कहने का

2306
02:39:45,280 --> 02:39:49,360
आपका जो तरीका है आपने ना तो कोई प्रमाण दिया ना

2307
02:39:49,360 --> 02:39:53,600
कोई सनातन सिद्धांत रखा आपने बोल दिया कि

2308
02:39:53,600 --> 02:39:57,680
जिम और जिम ट्रेनर जो होते हैं उनके चाल चलन सब जानते हैं। ये क्या है भाई?

2309
02:39:57,680 --> 02:40:01,920
क्या करें इसका? यह तुम कौन हो जो सनातन सिद्धांत

2310
02:40:01,920 --> 02:40:06,360
समझा रहे हो? या तो तुम्हारा सिद्धांत सना तुम सनातन सिद्धांत समझाने वाले व्यक्ति

2311
02:40:06,360 --> 02:40:10,480
हो। देखिए व्यक्ति हर तरह के व्यक्ति हर जगह पे भी हैं।

2312
02:40:10,480 --> 02:40:14,480
ठीक है? घर पर बैठी महिलाएं भी व्यभचारी होती हैं जो कुछ भी नहीं करती

2313
02:40:14,480 --> 02:40:18,480
हैं। ठीक है? और हर तरह का पुरुष और

2314
02:40:18,480 --> 02:40:22,720
व्यक्ति हर तरह के मतलब हर तरह का व्यक्ति हर तरह पाया जाता

2315
02:40:22,720 --> 02:40:26,720
है। पर हम अगर एक चीज को दिमाग में बिठा लें तो

2316
02:40:26,720 --> 02:40:31,200
वो हमारे लिए ही नुकसानदायक है क्योंकि वो आपको किसी को अच्छे

2317
02:40:31,200 --> 02:40:35,280
नजरिए से देखने नहीं देगी। जब हम यह बोलते हैं कि किसी की निंदा करने

2318
02:40:35,280 --> 02:40:39,360
से हमारा वो घट जाता है तो आप ऐसा सोच

2319
02:40:39,360 --> 02:40:39,920
अगर किसी

2320
02:40:39,920 --> 02:40:43,920
की ऑक्यूपेशन के साथ जोड़ लेंगे तो वो कितनी गलत बात है। आपको अगर हम सच

2321
02:40:43,920 --> 02:40:48,000
बताएं कि सबसे पहली बात जो महिलाएं कार्य कर

2322
02:40:48,000 --> 02:40:52,160
रही हैं वो कितनी मेहनती होंगी। क्यों महिला को पड़ी है कार्य

2323
02:40:52,160 --> 02:40:56,240
करने की? ठीक है? अब वह उसमें मेहनत कर रहे हैं क्योंकि आप पुरुष

2324
02:40:56,240 --> 02:41:00,320
वर्ग के हैं तो आपको ज्यादा पता होना चाहिए कि पुरुष समाज के अंदर भी

2325
02:41:00,320 --> 02:41:04,480
अगर कोई महिला डटकर काम कर रही है तो वो कितनी स्ट्रांग होगी अंदर

2326
02:41:04,480 --> 02:41:08,880
से। ठीक है? तीसरी बात यह है कि जब आपको

2327
02:41:08,880 --> 02:41:13,040
कुछ आप हम आपको बताते हैं हम क्योंकि

2328
02:41:13,040 --> 02:41:17,120
उस सर्कल में है योगा ट्रेनर्स के। हमें नहीं पता है

2329
02:41:17,120 --> 02:41:21,440
कि आप बस बोलने के लिए ऐसी बातें क्यों बोल रहे हैं। पर अगर कोई

2330
02:41:21,440 --> 02:41:25,760
मतलब 40% भी अच्छा टीचर है।

2331
02:41:25,760 --> 02:41:29,760
वह आपसे 10 मिनट एक्स्ट्रा बात नहीं करेगा। चरित्र

2332
02:41:29,760 --> 02:41:34,000
की बात तो बहुत दूर की है। योगा ट्रेनर्स स्पेशली फीमेल्स

2333
02:41:34,000 --> 02:41:38,400
अपनी ऊर्जा लोगों के पर व्यर्थ नहीं करती हैं।

2334
02:41:38,400 --> 02:41:42,800
क्योंकि फीमेल योगा टीचर्स को साधना साधन

2335
02:41:42,800 --> 02:41:46,880
पढ़ना हमें पढ़ाई से फुर्सत नहीं मिलती है। और अगर आपको

2336
02:41:46,880 --> 02:41:52,880
यकीन नहीं हो रहा है तो आप बस एक मिनट दीजिए। बस एक मिनट।

2337
02:41:53,360 --> 02:41:57,520
हम आपको चार पुस्तकें दिखाते हैं और हमारी

2338
02:41:57,520 --> 02:42:02,000
पुस्तक की गैलरी बहुत बड़ी होती है। इतनी पढ़ाई करनी है।

2339
02:42:02,000 --> 02:42:06,160
हमें फुर्सत नहीं है फालतू के लोगों के

2340
02:42:06,160 --> 02:42:10,880
साथ अपना समय निकालने की और व्यर्थ करने की तो कृपया

2341
02:42:10,880 --> 02:42:14,880
आप एक समाज की बात कर रहे हैं अभी। पर आपको

2342
02:42:14,880 --> 02:42:19,040
उस समाज के बारे में कुछ पता ही नहीं है। तो इस तरह नहीं बोलना चाहिए। कोई भी बोल दे लड़के

2343
02:42:19,040 --> 02:42:23,200
तो ऐसे ही होते हैं। है ना? कोई बोल दे लड़के तो मतलब वैभविचारी

2344
02:42:23,200 --> 02:42:27,280
होते हैं। तो क्या सभी लड़के व्यभचारी होते हैं? नहीं। तो

2345
02:42:27,280 --> 02:42:31,440
कृपया प्रश्न ऐसे पूछिए जिससे टाइम वेस्ट मत हो।

2346
02:42:31,440 --> 02:42:35,440
हम जी तो जैसे कि आपने कई बार

2347
02:42:35,440 --> 02:42:39,760
प्रमाण की बात करी है और किसी ने मतलब और कोई

2348
02:42:39,760 --> 02:42:44,000
किसी नहीं बोलूंगा बल्कि एक परंपरा के प्रति

2349
02:42:44,000 --> 02:42:48,080
शास्त्र के प्रति निष्ठा रखने वाले एक महानुभाव के द्वारा विजय

2350
02:42:48,080 --> 02:42:52,080
जी को क्रिमेशन से जुड़ा बताया गया है। उनको और कई लोगों ने

2351
02:42:52,080 --> 02:42:55,200
कमेंट ये भी किया है।

2352
02:42:55,200 --> 02:42:59,200
मैं इसका इसका इसका दूसरा इसका दूसरा भाव भी बोल देता हूं। कई

2353
02:42:59,200 --> 02:43:03,440
लोगों ने इस पर कमेंट भी किया है कि जैसे यूआईएसएफ नाम की जो संस्था है

2354
02:43:03,440 --> 02:43:07,440
उससे जुड़े हुए हैं वो और इस पर भी काफी लोगों ने प्रश्न

2355
02:43:07,440 --> 02:43:08,800
किया है। मैं

2356
02:43:08,800 --> 02:43:13,120
मतलब काफी प्रश्न भी आ रहे हैं। मैं इसमें बताइए ना पहले फ्रीेशन

2357
02:43:13,120 --> 02:43:17,680
हम प्रश्न बता रहे हैं। बता

2358
02:43:17,680 --> 02:43:22,240
देखिए सबसे पहले तो इसमें क्या है

2359
02:43:22,240 --> 02:43:25,000
वही वाली बात

2360
02:43:25,000 --> 02:43:28,400
है कि

2361
02:43:28,400 --> 02:43:32,480
जिन जिन महानुभाव की आप बात कर रहे हैं मतलब मैं जान रहा हूं कि आप किन

2362
02:43:32,480 --> 02:43:36,800
के बारे में बोल रहे हैं। जिन्होंने कहा है कि विजय जी फ्री मिशन से जुड़ी हुई है।

2363
02:43:36,800 --> 02:43:40,960
हां हां तो मैं इसलिए बस मैं इसमें एक चीज जोड़ना चाहूंगा कि

2364
02:43:40,960 --> 02:43:45,280
ये मतलब तथाकथित मैं बोल रहा हूं। सो कॉल्ड परंपरा

2365
02:43:45,280 --> 02:43:49,280
के प्रति निष्ठा रखने वाला या शास्त्र के प्रति निष्ठा रखने

2366
02:43:49,280 --> 02:43:53,440
वाला व्यक्ति है। मेरे हिसाब से जी आप कंटिन्यू कर देखिए

2367
02:43:53,440 --> 02:43:57,240
मैं तो यह कहूंगा कि

2368
02:43:57,240 --> 02:44:01,360
अ ये प्री मेंशनंस के प्रति मतलब

2369
02:44:01,360 --> 02:44:05,360
साथ जो संबंध वाली बात है जो महानुभाव ने जिन्होंने कही है मैं

2370
02:44:05,360 --> 02:44:09,600
ये कहूंगा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। गलती इसलिए

2371
02:44:09,600 --> 02:44:13,760
नहीं है कि जो लोग अपने आप को पूरी का पूरी के शंकराचार्य

2372
02:44:13,760 --> 02:44:18,240
जी का हितैषी कह रहे हैं। जो लोग अपने आप को शंकराचार्य

2373
02:44:18,240 --> 02:44:22,320
का समर्थक कह रहे हैं। वही लोग जो है आप

2374
02:44:22,320 --> 02:44:23,920
मतलब आप किनकी बात कर रहे जो

2375
02:44:23,920 --> 02:44:28,240
तथाकथित वाले हैं उनके उनके बारे में नहीं बोल रहा हूं। मगर जिनको मैं जानता हूं

2376
02:44:28,240 --> 02:44:32,240
जिनको मैं जानता हूं उनकी बात मैं कर रहा हूं कि इस इस मामले में उनकी

2377
02:44:32,240 --> 02:44:36,240
गलती नहीं है। ये जो गलत तरीके से सामग्री बना के

2378
02:44:36,240 --> 02:44:40,880
WhatsApp इत्यादि पर चल रही है। प्रचारित की जा रही है। प्रसारित की जा रही है।

2379
02:44:40,880 --> 02:44:45,040
ये सब ये सब उनकी गलती है कि वही वाली बात है ना कि

2380
02:44:45,040 --> 02:44:49,040
आप ऐसा प्रस्तुत कर दो कहीं की ईंट और कहीं के रोड़े को कि

2381
02:44:49,040 --> 02:44:53,200
वह अलग ही एक शख्स के आसपास वाला झूठ भी सत्य जैसा दिखने लगे। पहली

2382
02:44:53,200 --> 02:44:57,680
बात हम तो ये जो अ

2383
02:44:57,680 --> 02:45:01,680
क्या है कि ये बात है जो प्रीमेशन

2384
02:45:01,680 --> 02:45:06,720
वाली बात है से जुड़ी हुई है या फिर

2385
02:45:06,720 --> 02:45:10,880
एक बात मैं मैं अभी एक एक संस्था है जो

2386
02:45:10,880 --> 02:45:14,880
पूरी दुनिया में मतलब सनातन को खत्म करके अपना राज्य करना चाहती

2387
02:45:14,880 --> 02:45:19,040
है। ऐसा मुझे कुछ समझ में आता है। है ना? मोटा-मोटा कह सकते हो। सिर्फ

2388
02:45:19,040 --> 02:45:23,120
ये है कि वन अर्थ वन रिलजन और वो रिलजन वो बनाएंगे अपना

2389
02:45:23,120 --> 02:45:27,280
अपना रिलजन वो अपना नियम कानून

2390
02:45:27,280 --> 02:45:31,440
बल्कि हां एक नया रिलजन बनाएंगे पंथ अपना बनाएंगे वन

2391
02:45:31,440 --> 02:45:36,240
अर्थ वन वर्ल्ड हां उससे आप जुड़ी हुई

2392
02:45:36,240 --> 02:45:39,680
हां तो ये उसकी एजेंट है ऐसा एक

2393
02:45:39,680 --> 02:45:43,680
स्लीपर सेल है पता है जिन्होंने ये जिन्होंने ये कहा

2394
02:45:43,680 --> 02:45:47,680
है जिन्होंने ये कहा है हमें पता नहीं है हां अब

2395
02:45:47,680 --> 02:45:51,840
पता नहीं है वो उस पर बात करेंगे। मगर जिन्होंने ये कहा है वो एक मतलब

2396
02:45:51,840 --> 02:45:56,560
शास्त्र निष्ठ के रूप में जाने जाने वाले व्यक्ति हैं। परंपरा निष्ठ परंपरावादी

2397
02:45:56,560 --> 02:46:00,560
के रूप में जाने जाने वाले व्यक्ति जिन्होंने ये कहा है। तो

2398
02:46:00,560 --> 02:46:04,640
मगर ये उनका जो कहने का आधार था तो उन्होंने उसमें भी बताया कि उनका जो

2399
02:46:04,640 --> 02:46:08,720
ये प्रेरणा हुई है वो वीडियो बनाने की वो प्रेरणा दो तीन लोगों से

2400
02:46:08,720 --> 02:46:12,960
सुन लिया। मैंने यह बात उन लोगों ने सुन ली है। हां वो मगर

2401
02:46:12,960 --> 02:46:17,280
जो मुख्य जिनकी मैं बात कर रहा हूं उनको यह वीडियो बनाने की जो प्रेरणा

2402
02:46:17,280 --> 02:46:21,920
भी हुई है वो किसके द्वारा हुई है कि हमारे जो ये तथाकथित

2403
02:46:21,920 --> 02:46:26,000
मठ के समर्थक है परंपरा के जो समर्थक है तथाकथित

2404
02:46:26,000 --> 02:46:30,000
उनके जो वक्तव्य है उनके जो लेख है उनके आधार पर उस

2405
02:46:30,000 --> 02:46:34,160
पर उन्होंने अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया है। अब वो उसमें कितने

2406
02:46:34,160 --> 02:46:38,160
उसको विश्वास करने वाली बात कह रहे हैं या नहीं है विश्वास करने वाली बात मगर

2407
02:46:38,160 --> 02:46:42,160
उसका आधार वही बताया है। पहली बात दूसरी बात

2408
02:46:42,160 --> 02:46:46,480
यह है कि जैसे अगर पूछा जाता है किसी से कि भाई मठ में परिकर

2409
02:46:46,480 --> 02:46:50,480
लोग गलत कर रहे हैं। ये भी एक प्रश्न आता है उन्हीं की ओर से कि मठ के जो

2410
02:46:50,480 --> 02:46:54,640
परिकर हैं उनका आचरण सही नहीं है। वो ऐसे ऐसे करते हैं। कई बार

2411
02:46:54,640 --> 02:46:55,140
बताया

2412
02:46:54,960 --> 02:46:59,360
जाता है कई लोगों इसका भी आधार क्या है? जो हमारे

2413
02:46:59,360 --> 02:47:03,760
जो जो हमारे जो तथाकथित समर्थक हैं हमारे नहीं गुरुदेव

2414
02:47:03,760 --> 02:47:07,760
के जो तथाकथित शिष्य हैं, तथाकथित समर्थक हैं या शंकर परंपरा

2415
02:47:07,760 --> 02:47:11,840
के तथाकथित समर्थक हैं यह तथाकथित वाले और हो

2416
02:47:11,840 --> 02:47:16,160
सकता है वो कुछ बहरूपी ही हो विरोधियों के द्वारा टाले गए

2417
02:47:16,160 --> 02:47:20,240
तो ये उनके द्वारा फैलाई जा रही मिथ्या होती है। कुछ अंश वही

2418
02:47:20,240 --> 02:47:24,320
वाली बात है कि हमने मिलता जुलता कुछ अंश कहीं पर आंशिक रूप से देख लिया

2419
02:47:24,320 --> 02:47:28,800
तो उससे अरे ये भी ऐसा ही कह रहा था। मुझे भी ऐसा ही लग रहा है। अच्छा इसका मतलब यह बात

2420
02:47:28,800 --> 02:47:31,840
सही है। ठीक है।

2421
02:47:31,840 --> 02:47:35,920
अब इसमें पहली बात तो यही आती है कि मठ के परिकर अगर

2422
02:47:35,920 --> 02:47:40,920
कोई दुराचरण कर रहे हैं तो क्या इसका कोई प्रमाण

2423
02:47:40,920 --> 02:47:41,920
है?

2424
02:47:41,920 --> 02:47:46,240
है तो मुझे दिखाओ। मैं लूंगा एक लाउड स्पीकर।

2425
02:47:46,240 --> 02:47:50,800
ये कोई प्रमाण नहीं है। है तो मुझे दिखाओ।

2426
02:47:50,800 --> 02:47:55,600
मैं लूंगा एक लाउडस्कर। मैं चलूंगा तुम्हारे साथ।

2427
02:47:55,600 --> 02:47:59,600
मगर नहीं दिखाते। नहीं है कोई प्रमाण। हम

2428
02:47:59,600 --> 02:48:04,080
बिना प्रमाण के गंभीर निर्णय नहीं ले सकते।

2429
02:48:04,080 --> 02:48:08,160
दूसरी बात दूसरी बात जैसे वो मूर्ख व्यक्ति

2430
02:48:08,160 --> 02:48:12,720
वो जो ये कह रहा था कि दो दिन में पता चल जाता है मठ में जाकर के भाई कुंभ में

2431
02:48:12,720 --> 02:48:17,040
वहां पर कितने कम से कम मेरे ख्याल से डेढ़ से 2000

2432
02:48:17,040 --> 02:48:21,200
लोग रहे होंगे। डेढ़ से 2000 लोग ज्यादा ही ज्यादा ही पूरे टाइमिंग

2433
02:48:21,200 --> 02:48:25,280
को अगर देखेंगे तो हर व्यक्ति का एक एवरेज अगर आएगा तो दो दिन तो

2434
02:48:25,280 --> 02:48:29,440
रहा उसको तो कुछ नहीं पता चला तो ये तुम्हारा सिद्धांत कट गया

2435
02:48:29,440 --> 02:48:33,440
ऐसी बातें मत बोलो ना हां इसके डिफेंस में मैं बोल देता हूं अभी मैं

2436
02:48:33,440 --> 02:48:37,520
बुरा बन जा रहा हूं थोड़ी देर के लिए अपना ये यूवाई

2437
02:48:37,520 --> 02:48:41,520
यूवाईसएफ का तो प्रमाण दे दिया ना नहीं मैं

2438
02:48:41,520 --> 02:48:46,080
बात करूंगा एक-एक करके एक-एक करके चल रहे हैं हमने दो दो टॉपिक खोल लिए ना

2439
02:48:46,080 --> 02:48:50,160
अभी हमने दो टॉपिक एक मिनट सॉरी टू एक मिनट विजय जी एक

2440
02:48:50,160 --> 02:48:54,240
विजय जी एक मिनट आएंगे आएंगे आएंगे हां आएंगे उसप आएंगे हम लोग एक एक

2441
02:48:54,240 --> 02:48:58,040
करके चल रहे हैं मैं छोडूंगा कुछ भी नहीं इसकी चिंता ना

2442
02:48:58,040 --> 02:49:02,240
करें वो फ्रेश मैन फ्री

2443
02:49:02,240 --> 02:49:06,440
तो फ्री मेंशन अलग है फ्री मेंशन अलग है

2444
02:49:06,440 --> 02:49:11,320
और जी मेरा निवेदन है आप लोगों से मुझे बोलने दें

2445
02:49:11,320 --> 02:49:15,760
प्लीज मेरा प्रवाह टूटता है तो उसमें भी दिक्कत होती है

2446
02:49:15,760 --> 02:49:20,160
जी ठीक हां आपने आपने ऐसे नहीं किया लेकिन एक मिनट

2447
02:49:20,160 --> 02:49:25,200
एक मिनट एक मिनट तब तक नहीं बोलने दे

2448
02:49:25,200 --> 02:49:29,200
बोलिए बोलिए तो पहली बात है कि मठ में अगर कुछ

2449
02:49:29,200 --> 02:49:33,600
ऐसा हो रहा है जो आपत्तिजनक है तो मुझे उसका प्रमाण

2450
02:49:33,600 --> 02:49:37,760
लाकर दीजिए मैं चलूंगा मैं वो मंगवा

2451
02:49:37,760 --> 02:49:42,320
लूंगा क्या कहते हैं ढोल वालों को और मैं ढोल पिटवाऊंगा वहां

2452
02:49:42,320 --> 02:49:46,400
मगर प्रमाण लाओ ना और कोई गुर्दा वाला नहीं मिलेगा मैं अकेला चला

2453
02:49:46,400 --> 02:49:51,240
जाऊंगा। मैं गया तो था अभी अक्षानंद के मठ में गया था

2454
02:49:51,240 --> 02:49:55,360
ना मैं गया था। किसी के अंदर साहस ना हो भगवान भगवत कृपा

2455
02:49:55,360 --> 02:49:59,680
से ये साहस मुझे प्राप्त हुआ है मेरी माता से। ठीक है?

2456
02:49:59,680 --> 02:50:03,760
मैं जाऊंगा। आप मुझे प्रमाण लाकर दीजिए। तो प्रमाण के नाम

2457
02:50:03,760 --> 02:50:07,920
पर क्या होता है? जैसे मट के परिकरों की बात आती है। तो प्रमाण के नाम

2458
02:50:07,920 --> 02:50:12,240
पर क्या होता है कि 50 परिकरों ने ऐसा कहा। 100 परिकरों

2459
02:50:12,240 --> 02:50:14,160
ने ऐसा कहा?

2460
02:50:14,160 --> 02:50:18,240
क्या यह हमारे सनातन सिद्धांत है? उन परिकरों के नाम भी

2461
02:50:18,240 --> 02:50:22,480
नहीं है मतलब कि लिस्ट हो जाए। जी

2462
02:50:22,480 --> 02:50:26,560
और वो ये आकर के कहने लगे हैं 100 के 100 गुरुदेव के गुरुदेव से

2463
02:50:26,560 --> 02:50:30,640
दीक्षित ठीक है। और ये बताओ

2464
02:50:30,640 --> 02:50:34,720
क्या संख्या से निर्णय होता है? कौन सही है? कौन गलत?

2465
02:50:34,720 --> 02:50:38,960
फिर तो वो गलत थे प्रह्लाद जी। फिर तो वो गलत थे पांडव। तो संख्या

2466
02:50:38,960 --> 02:50:42,960
के ऊपर हम निर्णय नहीं ले सकते कि 100 परकरों ने ऐसा कह दिया तो

2467
02:50:42,960 --> 02:50:47,120
मान लिया जाए। पूरा विश्व भी कह देगा तो भी नहीं माना जा सकता।

2468
02:50:47,120 --> 02:50:51,280
हमें चाहिए ठोस प्रमाण। अथवा वो व्यक्ति जिनके

2469
02:50:51,280 --> 02:50:55,280
शब्द हमारे लिए प्रमाण हो। तो ऐसा कुछ

2470
02:50:55,280 --> 02:50:59,360
नहीं है। कोई प्रमाण नहीं है। 50 लोगों ने कहा, 100

2471
02:50:59,360 --> 02:51:03,440
लोगों ने कहा या पीडीएफ आई। यह पीडीएफ बनाने

2472
02:51:03,440 --> 02:51:07,680
से 100 लोगों के कह देने से जो है मैं

2473
02:51:07,680 --> 02:51:12,000
जो महानुभाव यह कह रहे हैं मैं उनकी भी बात को रखूंगा

2474
02:51:12,000 --> 02:51:16,000
कि जो महानुभाव ये कह रहे हैं कि 50 लोगों ने ऐसा कहा है तो

2475
02:51:16,000 --> 02:51:20,080
ये हमारे सनातन सिद्धांत नहीं होते हैं झूठ और सच का

2476
02:51:20,080 --> 02:51:22,720
फैसला करने के लिए

2477
02:51:22,720 --> 02:51:26,880
और वो 100 लोग कितने क्रेडिबल कितनी उनकी क्रेडिबिलिटी है कितनी नहीं है

2478
02:51:26,880 --> 02:51:27,760
ये भी सोचने वाली

2479
02:51:27,760 --> 02:51:32,320
बात है भाई आप 100 लोगों से कहलवा रहे हो ऐसा होता है मैं 500 लोगों से कहवाऊंगा।

2480
02:51:32,320 --> 02:51:36,560
ऐसा नहीं होता। फिर क्या होगा? ये ये कोई तरीका

2481
02:51:36,560 --> 02:51:40,560
नहीं है अपनी बात को रखने का। यह कोई प्रमाण नहीं है कि अच्छा

2482
02:51:40,560 --> 02:51:44,560
किसी ने पीडीएफ बना दी। किसी ने पीडीएफ ये पीडीएफ बाजी जो

2483
02:51:44,560 --> 02:51:48,800
कर रहे हैं ये इनका दोष है। उनका तो दोष ही नहीं है। जो ऐसी बात बोल रहे हैं।

2484
02:51:48,800 --> 02:51:52,880
वो तो खुद उन्होंने तो एक समीक्षा की है उस पीडीएफ की। उसके आधार

2485
02:51:52,880 --> 02:51:56,880
पर मगर जब प्रमाण की बात आती है कि

2486
02:51:56,880 --> 02:52:01,120
मठ में ऐसा हो रहा है वैसा हो रहा है। तो सब लोग गायब क्यों हो जाते हैं? यह

2487
02:52:01,120 --> 02:52:05,480
कार में जो व्यक्ति बोल रहा है कि मठ में दो दिन में पता चल जाएगा। क्यों नहीं दिखाता

2488
02:52:05,480 --> 02:52:09,600
प्रमाण? कब दिखाएगा प्रमाण? पहली बात तो तेरे

2489
02:52:09,600 --> 02:52:13,760
अंदर स्वयं गुर्दा नहीं है। ये ये जो महानुभाव है जिन्होंने

2490
02:52:13,760 --> 02:52:17,840
फ्री मेंशन से बताया है विजय जी को। इन्होंने खुद एक बहुत

2491
02:52:17,840 --> 02:52:22,000
अच्छी बात बोली है। इन्होंने कहा कि भाई तुम लोग क्यों नहीं जा रहे हो?

2492
02:52:22,000 --> 02:52:26,000
वहां जाकर के साहस का उपयोग करके क्यों नहीं बता रहे हो अपने गुरु को? मैं जा

2493
02:52:26,000 --> 02:52:30,560
सकता हूं। प्रमाण दो ना मुझे। तर्क

2494
02:52:30,560 --> 02:52:34,720
और प्रमाण के साथ मुझे दे दो। मैं जाऊंगा। कोई जाए या ना जाए।

2495
02:52:34,720 --> 02:52:38,800
मगर नहीं। यह लोग यह कहेंगे दो दिन में पता चल जाएगा

2496
02:52:38,800 --> 02:52:43,480
मठ में क्या होता है। ये हितैषी है मठ के। यह शंकराचार्य के हितषी

2497
02:52:43,480 --> 02:52:47,520
हैं। यह नीच है जो ऐसा बोल रहे

2498
02:52:47,520 --> 02:52:51,760
हैं और इसके कारण वो जो परंपरावादी हैं, जो

2499
02:52:51,760 --> 02:52:55,760
शास्त्रनिष्ठ है उनका भी वक्तव्य आता है। ऐसी बातों के

2500
02:52:55,760 --> 02:53:00,000
लोगों को दिखाई देता है कि वो समर्थन में है तो लोग उससे भी प्रभावित होते हैं क्योंकि

2501
02:53:00,000 --> 02:53:04,080
उनकी ख्याति अलग है। उनका वर्चस्व अलग है। प्रबुद्ध लोगों के बीच

2502
02:53:04,080 --> 02:53:06,320
में।

2503
02:53:06,320 --> 02:53:10,880
ठीक है? पहली बात। अब आता है

2504
02:53:10,880 --> 02:53:14,880
कि प्रीशंस से विजय जी क्यों

2505
02:53:14,880 --> 02:53:19,760
जुड़ी हुई है? और प्रीशंस की एक संस्था यूआईएसएफ

2506
02:53:19,760 --> 02:53:24,040
और उस संस्था के द्वारा नियुक्त ये जो है

2507
02:53:24,040 --> 02:53:28,720
स्टेट प्रेसिडेंट थी। ऐसी बात सामने आई है।

2508
02:53:28,720 --> 02:53:32,560
तो मैं कहूंगा कि आपको

2509
02:53:32,560 --> 02:53:37,120
क्या लगता है आप अभी ये बैठे हो यहां पे? आप किसी मल्टीीनेशनल

2510
02:53:37,120 --> 02:53:41,120
कंपनी में जॉब कर रहे हो क्या आप गारंटी के साथ

2511
02:53:41,120 --> 02:53:45,440
कह सकते हो कि उस मल्टीीनेशनल कंपनी का कोई भी संपर्क

2512
02:53:45,440 --> 02:53:50,160
पूरी मिशन से नहीं होगा

2513
02:53:50,160 --> 02:53:54,240
हो सकता है आपने इस बारे में जानकारी तो की नहीं है

2514
02:53:54,240 --> 02:53:58,800
तो अगर आप जिस कंपनी में जॉब कर रहे हो अपनी आजीविकोपार्जन

2515
02:53:58,800 --> 02:54:03,120
के लिए मल्टीीनेशनल कंपनी में अगर उसका कनेक्शन उस कंपनी

2516
02:54:03,120 --> 02:54:07,280
का कनेक्शन अगर फ्री में नाम की संस्था से हो गया। इसका

2517
02:54:07,280 --> 02:54:08,000
मतलब आप जो

2518
02:54:08,000 --> 02:54:12,240
है के एजेंट हैं। मैं बचपन में

2519
02:54:12,240 --> 02:54:16,480
मेरा बचपन मैं मैं पतित ब्राह्मण हूं मैं भाई बहुत अच्छा ब्राह्मण नहीं हूं। उत्तम कोटि

2520
02:54:16,480 --> 02:54:21,160
का मेरा जो बचपन बीता है मैं क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल में

2521
02:54:21,160 --> 02:54:25,760
पढ़ा। उस क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल में पढ़ते हुए

2522
02:54:25,760 --> 02:54:30,360
मुझे वहां का स्पोर्ट्स कोटे का चैंपियन या फलाना

2523
02:54:30,360 --> 02:54:34,400
रिप्रेजेंटेटिव या कुछ भी घोषित कर दिया गया। मेरे पास आज भी वो

2524
02:54:34,400 --> 02:54:38,560
सर्टिफिकेट रखे हुए हैं। वो जो क्रिश्चियन मिशनरी है

2525
02:54:38,560 --> 02:54:42,640
क्या हम गारंटी के साथ कह सकते हैं कि उसका प्रीमेशन से कोई वो नहीं

2526
02:54:42,640 --> 02:54:47,920
होगा संपर्क तो हमें हो गया प्रीशंस का हो गया मैं

2527
02:54:47,920 --> 02:54:51,960
ठीक है अब बात आती

2528
02:54:51,960 --> 02:54:54,360
है

2529
02:54:54,360 --> 02:54:57,880
कि ये क्या कहते

2530
02:54:57,880 --> 02:55:02,240
हैं हम लोग YouTube पर कार्य कर रहे हैं और जिनका

2531
02:55:02,240 --> 02:55:06,400
भी चैनल मोनेटाइज हो चुका है वो YouTube के पार्टनर

2532
02:55:06,400 --> 02:55:10,640
पार्टनर हैं। ठीक है? जो भी Google एडसेंस से पैसे

2533
02:55:10,640 --> 02:55:14,640
ले रहे हैं YouTube के वह प्रोग्राम के द्वारा वह सब Google के भी

2534
02:55:14,640 --> 02:55:18,640
पार्टनर है। ठीक है? तो हम क्योंकि ऑफिशियली

2535
02:55:18,640 --> 02:55:22,640
हम तो ऑफिशियली कनेक्टेड है तो जो भी कोई YouTube वो कर रहा है वो

2536
02:55:22,640 --> 02:55:26,880
YouTube का पार्टनर है। और क्योंकि वो YouTube का पार्टनर है

2537
02:55:26,880 --> 02:55:31,120
तो क्या आप गारंटी के साथ कह सकते हो कि YouTube का फ्री मेंशन से कोई संबंध

2538
02:55:31,120 --> 02:55:36,160
नहीं होगा? कह सकते हो?

2539
02:55:36,160 --> 02:55:40,720
तो इसका मतलब YouTube का जो जो व्यक्ति पार्टनर है

2540
02:55:40,720 --> 02:55:44,600
वह सब प्रीमेशंस के एजेंट हैं। क्या हम यह

2541
02:55:44,600 --> 02:55:48,720
माने क्या ये सही होगा? तो ऐसी

2542
02:55:48,720 --> 02:55:54,560
बात रखनी चाहिए जो अकाट हो।

2543
02:55:54,560 --> 02:55:57,400
ठीक है?

2544
02:55:57,400 --> 02:56:01,520
तो अगर इन यह किसी संस्था

2545
02:56:01,520 --> 02:56:03,760
में यूआईएसएफ में

2546
02:56:03,760 --> 02:56:07,840
अगर मेरे पास आज एक सामान्य व्यक्ति के पास अगर कोई जॉब

2547
02:56:07,840 --> 02:56:11,920
ऑफर आता है अगर कोई ऐसा ऐसी चीज आती है आप

2548
02:56:11,920 --> 02:56:16,000
हमारे साथ कार्य कर लो तो हम एक सतही स्तर पर उसकी जांच करते

2549
02:56:16,000 --> 02:56:20,400
हैं। पर हम यह नहीं जान पाते कि भैया उसका अंतरंग कितना ज्यादा अंतरंग

2550
02:56:20,400 --> 02:56:25,200
उसके संबंध कहां है। ठीक है? मेरे

2551
02:56:25,200 --> 02:56:29,600
जानने वाले कोई थे सपला कंपनी है दवाइयों की

2552
02:56:29,600 --> 02:56:33,600
उसके बहुत बड़े जनरल मैनेजर बन गए बहुत बड़े पोस्ट पर बन गए बहुत

2553
02:56:33,600 --> 02:56:39,600
दिनों के बाद उन्हें पता चला कि उस शिपला कंपनी का जो ओनर है वो तो मुस्लिम

2554
02:56:40,040 --> 02:56:44,240
है हां हिमालय हिमालय कंपनी की आप लोग दवाइयां

2555
02:56:44,240 --> 02:56:48,400
खरीदते हो खाते हो पीसते हो या कई लोग ऐसे होंगे जिनका मेडिकल स्टोर होगा और

2556
02:56:48,400 --> 02:56:52,880
उनके मेडिकल स्टोर पर वो हिमालय कंपनी की दवाइयां रखी होंगी

2557
02:56:52,880 --> 02:56:56,880
और हिमालय कंपनी मुस्लिम के द्वारा संचालित है। ऐसा बताया

2558
02:56:56,880 --> 02:56:59,840
जाता है कि वह अपने यहां पर हिंदुओं को नौकरी तक नहीं देता

2559
02:56:59,840 --> 02:57:04,080
हिमालय वाला। तो जो जो मेडिकल स्टोर वाले हैं वो सब फ्री मेंशन

2560
02:57:04,080 --> 02:57:08,560
के एजेंट हो गए। मैं कह रहा हूं

2561
02:57:08,560 --> 02:57:12,560
रामदेव जुड़े हुए हैं आर्य समाज से और आर्य समाज तो फ्री

2562
02:57:12,560 --> 02:57:17,360
मेंशन का घोषित हुआ है मलचराज सीरीज में

2563
02:57:17,360 --> 02:57:21,840
तो रामदेव अगर किसी के संपर्क में आएंगे तो वो संपर्क में आने वाला

2564
02:57:21,840 --> 02:57:26,000
वो जिसके भी संपर्क में आएंगे वो प्रीशंस का एजेंट घोषित हो गया

2565
02:57:26,000 --> 02:57:30,320
मैं कह रहा हूं कि अगर कोई कथा करने जाता है भगवत

2566
02:57:30,320 --> 02:57:34,560
कथा का कहीं पर जाकर के वो श्रोताओं को सुनाते

2567
02:57:34,560 --> 02:57:38,640
हैं जिसके द्वारा वो कथा आयोजित की गई है।

2568
02:57:38,640 --> 02:57:42,960
वह अगर कहीं पर जॉब करता है, वह कहीं पर अगर कार्य करता है गोपाल

2569
02:57:42,960 --> 02:57:47,040
के निमित्त तो क्या उसकी जांच की जा सकती है कि

2570
02:57:47,040 --> 02:57:51,360
नहीं कि वो फ्री मिशनंस से उसकी जो पीछे की गणना है निकलती जाए

2571
02:57:51,360 --> 02:57:55,360
वो क्या कनेक्टेड निकल सकता है कि नहीं तो ये

2572
02:57:55,360 --> 02:57:59,680
कोई अगर इस तरह से देखेंगे कि उसके पीछे वो कंपनी वो कंपनी

2573
02:57:59,680 --> 02:58:04,320
वो कंपनी अगर इस तरह से हम लोग देखेंगे तो हम सब लोग प्रीशंस

2574
02:58:04,320 --> 02:58:08,320
के एजेंट सिद्ध हो जाएंगे। तो ये आधार ठीक

2575
02:58:08,320 --> 02:58:12,560
है। ठीक नहीं है किसी को फ्री मेंशनंस का कहने का। अब विजय

2576
02:58:12,560 --> 02:58:15,520
जी इस पे आप अपनी बात बता दीजिए कि आप यूआईएसएफ

2577
02:58:15,520 --> 02:58:20,280
से कैसे जुड़ी थी वो क्या है बता दीजिए।

2578
02:58:20,280 --> 02:58:25,320
सनसनी पहली बात तो हमें यही नहीं पता कि फ्री नेशन क्या है?

2579
02:58:25,320 --> 02:58:29,600
सॉरी बट जो भी है कुछ अच्छा तो लग नहीं रहा है। दूसरी

2580
02:58:29,600 --> 02:58:33,840
बात हम आपको शॉर्ट हिस्ट्री देंगे। यूवाईसएफ से हमारा

2581
02:58:33,840 --> 02:58:37,840
जुड़ना क्या हुआ और क्या कार्य हुए। युवाएसएफ संस्था के

2582
02:58:37,840 --> 02:58:41,920
बारे में हम यह जानते हैं कि सुरेश हां सुरेश जी

2583
02:58:41,920 --> 02:58:46,240
और ज्योति उनकी जो धर्मपत्नी है उन्होंने एक योगा फेडरेशन

2584
02:58:46,240 --> 02:58:50,240
स्टार्ट किया था। उनका लक्ष्य था कि योग के लिए लोगों

2585
02:58:50,240 --> 02:58:54,400
को एक्टिव करेंगे। जैसे कि एक किसी भी स्पोर्ट्स फेडरेशन में होता है कि वह

2586
02:58:54,400 --> 02:58:59,120
लोगों के रजिस्ट्रेशन लेते हैं। फिर कंपटीशन करते हैं 1 2 3 की तरह उपहार

2587
02:58:59,120 --> 02:59:03,280
या प्राइिस दे देते हैं। तो यह संस्था का काम भी कुछ ऐसा

2588
02:59:03,280 --> 02:59:07,600
ही था। हमारा का हमारी बातचीत जब पहली बार सुरेश

2589
02:59:07,600 --> 02:59:11,600
जी से हुई थी तो वो यह हुई थी कि हम वो ऋषिकेश

2590
02:59:11,600 --> 02:59:15,600
में मिले। उन्होंने हमें बुलाया कि आप हमारे कार्यक्रम में आइए। ऋषिकेश

2591
02:59:15,600 --> 02:59:19,760
के ही एक आश्रम में उनका यह योग का कार्यक्रम चल रहा था। हम वहां

2592
02:59:19,760 --> 02:59:23,920
पर गए और उसके बाद जब हमारी उनसे बातचीत हुई तो हमने उनके साथ अपने

2593
02:59:23,920 --> 02:59:28,080
यह विचार प्रकट किए कि सुरेश जी और यह बात आप सबको

2594
02:59:28,080 --> 02:59:30,880
पता होनी चाहिए। आज योगा अलायंस

2595
02:59:30,880 --> 02:59:35,120
करके एक सर्टिफिकेशन होता है जो हर योगा स्कूल अपने बच्चों

2596
02:59:35,120 --> 02:59:39,440
को एक योगा टीचर ट्रेनिंग कंप्लीट होने के टाइम पर देता है

2597
02:59:39,440 --> 02:59:43,920
और उस सर्टिफिकेट पे योगा अलायंस की स्टैंप लगी होती है। अब योगा अलायंस

2598
02:59:43,920 --> 02:59:48,080
है क्या? योगा अलायंस एक कंपनी है जो अमेरिका में कुछ

2599
02:59:48,080 --> 02:59:52,480
लोगों ने बनाई है। हमें नहीं पता किसने बनाई है। बट कुछ लोगों ने फेडरेशन

2600
02:59:52,480 --> 02:59:56,560
बनाई। जब उन्होंने वो फेडरेशन कंपनी की तरह समझिए इसको। तो

2601
02:59:56,560 --> 03:00:00,640
जब उन्होंने वो कंपनी बना दी उन्होंने यूएस के हर एक स्टूडियो

2602
03:00:00,640 --> 03:00:04,880
जिम में जाके एक टाई अप किया कि अगर व्यक्ति

2603
03:00:04,880 --> 03:00:09,200
के पास योगा अलायंस की सर्टिफिकेशन नहीं है तो उसे जॉब

2604
03:00:09,200 --> 03:00:13,520
नहीं दी जाएगी और यह काम उन्होंने सक्सेसफुली मतलब

2605
03:00:13,520 --> 03:00:17,520
यह बिजनेस मॉडल सेट हो गया। अब जो योगा अलायंस के

2606
03:00:17,520 --> 03:00:22,080
अंदर में टीचर्स को लूटा कैसे जाता है आपको हम यह बताते हैं आज।

2607
03:00:22,080 --> 03:00:26,400
योगा अलायंस के अंदर जब आप जैसे समझिए अगर हम हैं

2608
03:00:26,400 --> 03:00:30,400
अगर हम योगा अलायंस के जो क्योंकि बाहर से भी लोग आते हैं सीखने के लिए

2609
03:00:30,400 --> 03:00:35,280
और कुछ लोगों को बाहर काम के लिए जाना होता है तो योगा अलायंस की सर्टिफिकेशन इंटरनेशनलली

2610
03:00:35,280 --> 03:00:39,280
बहुत जरूरी बन जाती है। आपके पास इंडियन सर्टिफिकेशन होगा उसकी कोई

2611
03:00:39,280 --> 03:00:43,440
वैल्यू नहीं है। योगा गवर्नमेंट का होगा तब भी वह नहीं मानेंगे।

2612
03:00:43,440 --> 03:00:46,080
मेरे कुछ जानकार लोगों के साथ ऐसा हो

2613
03:00:46,080 --> 03:00:50,080
भी चुका है। तो योगा अलायंस की सर्टिफिकेशन की अभी यह वैल्यू क्रिएट

2614
03:00:50,080 --> 03:00:54,240
हो गई। तो अब योगा अलायंस के ये नहीं है कि आपने एक

2615
03:00:54,240 --> 03:00:58,240
टीचर ट्रेनिंग कर ली सर्टिफिकेट में स्टैंप आ गया। सोचिए अगर हम हैं

2616
03:00:58,240 --> 03:01:02,400
हमें हर महीने योगा अलायंस को पैसे भरने पड़ेंगे ताकि

2617
03:01:02,400 --> 03:01:06,560
हमारी प्रोफाइल उस पर मेंटेन रह सके और जो स्कूल है

2618
03:01:06,560 --> 03:01:10,720
जो सर्टिफिकेट अपने बच्चों को देते हैं वो पर महीना 12

2619
03:01:10,720 --> 03:01:14,960
से ₹1,000 एक स्कूल की तरफ से एक सर्टिफिकेशन

2620
03:01:14,960 --> 03:01:19,360
के लिए जाता ही है। तो यह जो पूरा का पूरा व्यापार

2621
03:01:19,360 --> 03:01:23,800
बना है सबसे पहले तो भारत आकर वो योग सीखेंगे जो कि

2622
03:01:23,800 --> 03:01:28,160
हमारी आप समझ रहे हैं हमारे हमारे भारत का ज्ञान है

2623
03:01:28,160 --> 03:01:32,400
और सर्टिफिकेशन के पैसे और टीचर्स को लूटा लूटेगा कौन

2624
03:01:32,400 --> 03:01:36,960
अमेरिका की एक कंपनी तो यही यही जो हमारी बातचीत

2625
03:01:36,960 --> 03:01:41,280
थी कि टीचर्स एक्सप्लइट हो रही हैं और भारतीय लोगों और भारतीय

2626
03:01:41,280 --> 03:01:45,600
स्कूल के अंदर या हमारी कोई एक ऐसी पहचान

2627
03:01:45,600 --> 03:01:49,600
क्यों नहीं है जो इंटरनेशनलली जिसको वैल्यू मिले

2628
03:01:49,600 --> 03:01:53,760
और इस तरह से हम उनसे जुड़े थे यह बोलकर कि हम नहीं चाहते हैं कि

2629
03:01:53,760 --> 03:01:57,800
योगा अलायंस को हम प्रमोट करें। हम कभी करेंगे भी नहीं। और

2630
03:01:57,800 --> 03:02:01,360
उसके उसको छोड़कर हम क्या कर सकते

2631
03:02:01,360 --> 03:02:05,360
हैं कि हम प्रमाणिकता किसी और को दें। तब सुरेश जी ने हमें

2632
03:02:05,360 --> 03:02:09,840
बोला था कि हम भी इसी कार्य पर कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड

2633
03:02:09,840 --> 03:02:14,240
में एक पोजीशन खाली है। आप उस पर आ जाइए। एक योगा

2634
03:02:14,240 --> 03:02:19,040
का कंपटीशन होने वाला है। तो वैसे हमें उन्होंने यूवाईसएफ

2635
03:02:19,040 --> 03:02:23,120
का उत्तराखंड प्रेसिडेंट बना दिया। ठीक है? यहां तक सबको बात समझ

2636
03:02:23,120 --> 03:02:27,200
आ गई। अब प्रेसिडेंट बनने के बाद जब हमने पूछा कि हमारे दायित्व

2637
03:02:27,200 --> 03:02:31,440
क्या होंगे, कार्य क्या होंगे? उन्होंने हमें बोला हमें बता दिया जाएगा। तो उतनी

2638
03:02:31,440 --> 03:02:35,600
देर में वो पोस्ट शेयर हो गई। अब आपको समय भी पता रहेगा कि कब वो पोस्ट शेयर हुई

2639
03:02:35,600 --> 03:02:39,760
होगी। अब आपके पास अगर वो फोटो है तो अब हम आपको यह बोल

2640
03:02:39,760 --> 03:02:43,840
रहे हैं कि उस दिन के बाद हमारी कोई बात ही नहीं हुई। हम

2641
03:02:43,840 --> 03:02:47,920
कुछ कार्य ही नहीं किए ना उनकी तरफ से कोई चर्चा हुई ना हमारी तरफ से कोई

2642
03:02:47,920 --> 03:02:52,480
चर्चा हुई। आप समझ रहे हैं मतलब हम बीमार पड़ गए।

2643
03:02:52,480 --> 03:02:56,480
घर पर रहे काफी देर तो हमने वैसे कुछ काम किया नहीं।

2644
03:02:56,480 --> 03:03:00,800
तो इतनी सी कहानी है हमारी युवा एसएफ के साथ। तो कुल

2645
03:03:00,800 --> 03:03:04,800
मिला के इससे यह पता चलता है कि आपको अपॉइंट किया गया वहां और उसके बाद

2646
03:03:04,800 --> 03:03:08,800
आपका संपर्क टूटा जिसके बाद आपने आपका संपर्क ही नहीं हुआ

2647
03:03:08,800 --> 03:03:13,040
आज तक। ठीक है? और इसमें एक सबसे बड़ा फैक्टर

2648
03:03:13,040 --> 03:03:16,480
ये है इस समय इस समय सबसे बड़ा फैक्टर ये

2649
03:03:16,480 --> 03:03:17,280
है कि

2650
03:03:17,280 --> 03:03:21,360
हम किसी ना किसी प्रकार से सब आपस में कनेक्टेड

2651
03:03:21,360 --> 03:03:25,600
हैं। सब किसी ना किसी प्रकार से सबका संबंध

2652
03:03:25,600 --> 03:03:29,760
एक दूसरे से इस तरह के विरोधाभास से निकल आएगा।

2653
03:03:29,760 --> 03:03:33,920
ठीक है? तो ऐसे में किस तरह का प्रमाण

2654
03:03:33,920 --> 03:03:38,000
हमें आवश्यक होगा यह सिद्ध करने के लिए कि यह भाई फ्री मेंशन

2655
03:03:38,000 --> 03:03:42,000
के उसी एजेंडे के लिए कार्यरत है जो एजेंडा उसका मूलभूत

2656
03:03:42,000 --> 03:03:46,240
एजेंडा है प्रीमेशंस का तो हमें प्रमाण ऐसा चाहिए होगा

2657
03:03:46,240 --> 03:03:51,040
जिसमें कि ऐसा सिद्ध हो सके कि इनको प्रीशंस

2658
03:03:51,040 --> 03:03:55,040
के उसी कार्य के लिए उसी कार्य के लिए नियुक्त

2659
03:03:55,040 --> 03:03:59,200
किया गया था जो कार्य सनातन धर्म के विरोध में है। जो

2660
03:03:59,200 --> 03:04:03,280
कार्य अधर्म के पक्ष में है। वरना इस तरह से अगर पीछे

2661
03:04:03,280 --> 03:04:07,280
चलते चले जाएंगे तो शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिले

2662
03:04:07,280 --> 03:04:11,840
जिसका संपर्क किसी ना किसी विवादास्पद संस्था

2663
03:04:11,840 --> 03:04:14,160
व्यक्ति इत्यादि से ना निकले।

2664
03:04:14,160 --> 03:04:18,320
तो अगर निकलता है तो हमें ऐसा ऐसा प्रमाण

2665
03:04:18,320 --> 03:04:22,320
सिद्ध देना होगा जिससे कि यह सिद्ध हो सके

2666
03:04:22,320 --> 03:04:26,480
कि वो संस्था व्यक्ति विवादात्मद है जो वो जिस

2667
03:04:26,480 --> 03:04:30,720
व्यक्ति के ऊपर हम आरोप लगा रहे हैं आक्षेप लगा रहे हैं उस व्यक्ति का उपयोग

2668
03:04:30,720 --> 03:04:34,720
विनियोग उसी रूप में करते हैं जो रूप सनातन के

2669
03:04:34,720 --> 03:04:38,720
लिए घातक है। ठीक है? ऐसे तो हम लोगों

2670
03:04:38,720 --> 03:04:43,680
का अगर संबंध निकालेंगे तो कोई अछूता बचेगा ही नहीं। कोई भी

2671
03:04:43,680 --> 03:04:48,080
ऐसे संबंध निकालेंगे तो ठीक है आगे बढ़िए

2672
03:04:48,080 --> 03:04:53,040
अब इसको अब अंतिम पड़ाव पर आ गया है डिस्कशन काफी देर हो गई है ऑलमोस्ट

2673
03:04:53,040 --> 03:04:58,120
3 घंटे होने वाले हैं तो जी

2674
03:04:58,120 --> 03:05:02,160
अ कुछ स्टार्टिंग में आपने कुछ खुलासा की बात की थी

2675
03:05:02,160 --> 03:05:06,480
तो सबसे बड़ा खुलासा हां खुलासा की बात भी करेंगे और एक

2676
03:05:06,480 --> 03:05:10,960
चीज और एक चीज और बात करेंगे कि

2677
03:05:10,960 --> 03:05:15,280
पहले ये बात कर लूं कि जो आपने पूछा था ना कि किस चीज का अभाव

2678
03:05:15,280 --> 03:05:19,280
है जो आक्षेप करता है उन लोगों में उसमें एक चीज बच गई थी

2679
03:05:19,280 --> 03:05:23,360
कि उनके पास एक तो प्रमाण नहीं है। ठीक है? प्रमाण के नाम

2680
03:05:23,360 --> 03:05:27,600
पर उनकी बातें हैं कि मैं पांच साल से हूं। मैं ये जानता हूं, मैं करता हूं।

2681
03:05:27,600 --> 03:05:31,840
दूसरी बात तर्क भी नहीं है। तीसरी बात उन्होंने यह भी नहीं बताया

2682
03:05:31,840 --> 03:05:35,840
कि ऐसा क्या किया जाए जो ये सारी चीजें बंद हो

2683
03:05:35,840 --> 03:05:39,920
जाए। ऐसा क्या शास्त्रोक्त या गुरु के

2684
03:05:39,920 --> 03:05:43,920
वाक्य गुरु के वाक्य के समर्थन में ऐसी कौन सी विधि है जो यह

2685
03:05:43,920 --> 03:05:48,000
सब चीज सही हो जाए ये सब उन्होंने कुछ नहीं उनको केवल विरोध

2686
03:05:48,000 --> 03:05:52,160
करना था उनको समाधान से भी कोई मतलब नहीं है तो विरोध

2687
03:05:52,160 --> 03:05:56,240
करना है तो क्या हुआ है ये अंधी भेड़ों की एक चाल के अलावा और

2688
03:05:56,240 --> 03:06:00,400
कुछ नहीं है जिनको बस विरोध करना है हमसे पूछा जाए वो बंटी और बबली

2689
03:06:00,400 --> 03:06:04,960
का वो है ना एक दृश्य जिसमें वो लोग जाते हैं थोड़ी देर के लिए

2690
03:06:04,960 --> 03:06:09,280
उनको जब ताज महल को बेच होता है तो वो वहां पर

2691
03:06:09,280 --> 03:06:13,480
एक नकली उसको बिठाते हैं अपने

2692
03:06:13,480 --> 03:06:17,920
रिप्रेजेंटेटिव को और जो वाकई में ताजमहल का रिप्रेजेंटेटिव

2693
03:06:17,920 --> 03:06:21,920
था ऑथराइज पर्सन उसके घर पर एक भीड़ भेज देते हैं

2694
03:06:21,920 --> 03:06:26,080
कि तुम जाओ जाओ वहां जाकर के नारे लगाओ तो यह परेशान

2695
03:06:26,080 --> 03:06:30,480
होगी यहां से जाएगी जो वहां की रिप्रेजेंटेटिव ऑथराइज पर्सन ताजमल

2696
03:06:30,480 --> 03:06:34,480
की तो जितनी देर वो जाएगी उतनी देर मैं अपनी बबली को यहां बिठा

2697
03:06:34,480 --> 03:06:38,640
दूंगा ताजमल का सौदा कर लूंगा। तो अब क्या सीन है कि यहां तो

2698
03:06:38,640 --> 03:06:42,800
ताजमल का सौदा हो रहा है बंटी और बबली के द्वारा और वो जो भीड़

2699
03:06:42,800 --> 03:06:46,880
है जो वहां गई है नारे लगाने

2700
03:06:46,880 --> 03:06:50,880
जहां पे ये अधिकारी है जो ताजमहल की अथॉरिटी ये वहां पहुंचती है कि मेरे

2701
03:06:50,880 --> 03:06:54,880
घर पे नारे क्यों लग रहे हैं? तो अब जो भीड़ है उसके पास कोई कारण तो है नहीं नारे

2702
03:06:54,880 --> 03:06:58,880
लगाने का। कारण है क्या? तो यूं ही नारे लगाने हैं। तो यह

2703
03:06:58,880 --> 03:07:03,040
ऑथोराइज्ड पर्सन वहां पहुंचती है उसके घर के बाहर नारे लग रहे हैं। इंकलाब

2704
03:07:03,040 --> 03:07:07,200
जिंदाबाद। इंकलाब जिंदाबाद तानाशाही नहीं

2705
03:07:07,200 --> 03:07:11,440
चलेगी तो ये पहुंचती है ये बोलती है अरे भैया रुको रुको रुको क्या

2706
03:07:11,440 --> 03:07:15,520
दिक्कत है तो कहते हैं इंकलाब जिंदाबाद अरे अरे भैया शांत हो

2707
03:07:15,520 --> 03:07:19,680
जाओ अरे बताओ तो सही तुम्हारी मांगे क्या है तो कहते हैं तानाशाही

2708
03:07:19,680 --> 03:07:23,760
नहीं चलेगी अरे किसकी कौन कर रहा है तानाशाही

2709
03:07:23,760 --> 03:07:28,240
किसकी नहीं चलेगी तो वो कहता है किसी की भी नहीं चलेगी

2710
03:07:28,240 --> 03:07:28,740
किसी

2711
03:07:28,560 --> 03:07:32,800
की भी नहीं चलेगी समझ गए तो ये अंधे

2712
03:07:32,800 --> 03:07:36,880
भेड़ों की बात है कि भैया विजय श्री ने

2713
03:07:36,880 --> 03:07:40,960
ये किया विजय श्री ने ये किया विजय श्री ने वो किया पर प्रमाण है नहीं

2714
03:07:40,960 --> 03:07:44,960
प्रमाण के नाम पर अपने वक्तव्य है केवल और फिर एंड में यह भी नहीं है

2715
03:07:44,960 --> 03:07:49,120
कि ऐसा क्या हो जो ये इस मामले से आप संतुष्ट हो जाओ क्योंकि

2716
03:07:49,120 --> 03:07:53,840
आप कुछ भी कहोगे तो उसमें हमें वो चाहिए होगा कोई शास्त्रीय विधान कोई गुरु वाक्य

2717
03:07:53,840 --> 03:07:57,920
वो सब तो है नहीं आपकी मनमर्जी है तो इसलिए आप वही हो और कुछ नहीं

2718
03:07:57,920 --> 03:08:02,640
हो कि तानाशाही नहीं चलेगी किसकी किसी की भी

2719
03:08:02,640 --> 03:08:07,800
ठीक है हां अच्छा अब आपने जो अभी प्रश्न पूछा है वो सबसे बड़ा खुलासा

2720
03:08:07,800 --> 03:08:12,320
वाला उसमें मैं कहूंगा कि जिन महानुभाव ने

2721
03:08:12,320 --> 03:08:16,480
यह वीडियो प्रसारित किया है यह वक्तव्य दिया है कि ये जो फ्री

2722
03:08:16,480 --> 03:08:20,480
मिशन से जुड़ी हुई है विजय श्री और उसका आधार उन्होंने बताया

2723
03:08:20,480 --> 03:08:24,480
सबसे पहला आधार था प्रेरणा का आधार था कि उन्हें जो

2724
03:08:24,480 --> 03:08:28,640
है वो क्या कहते हैं एक

2725
03:08:28,640 --> 03:08:32,640
पीडीएफ प्राप्त हुआ है जो हमारे गुरु भाइयों का है कि नहीं है ये भी

2726
03:08:32,640 --> 03:08:36,800
एक सोच सोचने वाली बात है। है ना? वो भी जांच का विषय है। और दूसरी बात

2727
03:08:36,800 --> 03:08:40,960
कि ये प्रमाण नहीं होता है कि हमें 50 लोगों ने कह दिया। फिर भी इनको जो प्राप्त

2728
03:08:40,960 --> 03:08:44,320
हुआ है मैं कहूंगा कि आपको थोड़ी सी और

2729
03:08:44,320 --> 03:08:48,400
रिसर्च करनी चाहिए थी एक महिला के बारे में। इस तरह

2730
03:08:48,400 --> 03:08:52,480
का जो वक्तव्य है वंश वंश चला दूं

2731
03:08:52,480 --> 03:08:56,560
मैं? नहीं मैं मैं कहूंगा तब आप चलाइएगा। तो

2732
03:08:56,560 --> 03:09:00,800
सबसे पहली बात है कि प्रेरणा आपको मिली और धर्म का आपके अंदर रक्षा

2733
03:09:00,800 --> 03:09:05,120
का भाव है। सही बात है और ऐसा नहीं है कि हम लोगों से अभी तक कोई गलती नहीं हुई होगी।

2734
03:09:05,120 --> 03:09:09,200
हम लोगों से भी ऐसी कोई गलती हो सकती है कि हमने पूरी जानकारी नहीं है

2735
03:09:09,200 --> 03:09:13,360
और हमने ऐसा वक्तव्य दिया। परंतु मैं वही कहूंगा कि

2736
03:09:13,360 --> 03:09:17,520
ऐसा वक्तव्य हमें देने से बचना चाहिए। क्योंकि कई

2737
03:09:17,520 --> 03:09:22,000
लोग हमारे आपके हमारे नहीं आपके शब्दों को प्रमाण के रूप में देखते हैं।

2738
03:09:22,000 --> 03:09:26,000
तो आप कोई भी अगर बात कह रहे हैं तो उसको यथा यथोचित तरीके से जांच

2739
03:09:26,000 --> 03:09:30,080
परख के कहे। अब जैसे सबसे बड़ी बात है कि जो महानुभाव है

2740
03:09:30,080 --> 03:09:34,240
जिन्होंने वक्तव्य दिया है किशन से जुड़ी हुई हैं। अब पता नहीं उनके

2741
03:09:34,240 --> 03:09:38,240
अंदर की क्या स्थिति रही होगी कि उन्होंने जल्दबाजी में या पूरी जानकारी जैसा कि

2742
03:09:38,240 --> 03:09:42,480
विजय जी बार-बार कह रही हैं कि पूरी एक प्रॉपर रिसर्च करे बिना ही

2743
03:09:42,480 --> 03:09:46,560
उन्होंने वक्तव्य दे दिया कि वो फ्री मेशन से जुड़ी हुई है। दूसरी बात फ्री

2744
03:09:46,560 --> 03:09:50,640
मिशनंस से जुड़ी होना और फ्री मेशंस के लिए कार्य करना दोनों अलग-अलग बातें हैं।

2745
03:09:50,640 --> 03:09:54,800
जुड़े होना हम सब जुड़े हैं। मैं कह रहा हूं। अगर ऐसे

2746
03:09:54,800 --> 03:09:58,800
देखोगे तो हम सब जुड़े हैं फ्री मिशन से। श्वेता जी जुड़े हैं। रिदमम जी जुड़ी है।

2747
03:09:58,800 --> 03:09:59,760
मैं जुड़ा हूं।

2748
03:09:59,760 --> 03:10:03,920
यहां तक कि जो व्यक्ति यह कह रहा है कि फ्री मिशन से जुड़े वह भी जुड़े हैं।

2749
03:10:03,920 --> 03:10:07,920
तो जुड़े होना और उसके लिए कार्य करने में अंतर है। तो जब हम यह कह रहे हैं कि जुड़े होना

2750
03:10:07,920 --> 03:10:12,000
तो इसका कोई मतलब ये व्यर्थ की बात है। हमें यह बताना होगा कि ये उसके

2751
03:10:12,000 --> 03:10:16,160
लिए कार्य कर रही है कि नहीं जिसका अभाव है। दूसरी बात उन्होंने क्या किया

2752
03:10:16,160 --> 03:10:20,240
कि ये भी एक वो बताया कि ये जो है पूरी के

2753
03:10:20,240 --> 03:10:24,320
शंकराचार्य जी के साथ मंच साझा कर करके अपना व्यापार को पुष्ट

2754
03:10:24,320 --> 03:10:28,480
कर रहे हैं अपने व्यापार को। तो अब

2755
03:10:28,480 --> 03:10:32,720
और पूरी के शंकराचार्य के साथ मंच साझा कर करके तो मंच साझा

2756
03:10:32,720 --> 03:10:36,800
करने के लिए संबंध में उन्होंने प्रमाण भी दिखाया अपने वीडियो में प्रमाण

2757
03:10:36,800 --> 03:10:40,800
के रूप में कुछ दिखाया है पर पहली बात तो मैं मैं जो जानता

2758
03:10:40,800 --> 03:10:44,960
हूं वो बता दूं कि इन्होंने कभी भी वो मंच

2759
03:10:44,960 --> 03:10:49,360
साझा किया ही नहीं तो आप ये कैसे कह रहे हो कि वो पूरी के शंकराचार्य

2760
03:10:49,360 --> 03:10:53,840
जी के साथ मंच साझा करके और जो है अपने व्यापार को पुष्ट कर रही है।

2761
03:10:53,840 --> 03:10:58,000
दूसरी बात यह है कि आपने प्रमाण के रूप में यही सबसे

2762
03:10:58,000 --> 03:11:02,080
बड़ा खुलासा है। सबसे बड़ा खुलासा यही है।

2763
03:11:02,080 --> 03:11:06,240
प्रमाण के रूप में जो जो महानुभाव है उन्होंने जल्दी में कर दिया कि

2764
03:11:06,240 --> 03:11:10,240
क्या कर दिया? उन्होंने जो वीडियो प्रस्तुत किया है उसमें

2765
03:11:10,240 --> 03:11:15,000
जो स्त्री जो मातृशक्ति वहां पर बैठी दिख रही है पूरी के शंकराचार्य जी के मंच

2766
03:11:15,000 --> 03:11:19,480
पर वो विजय श्री है ही

2767
03:11:19,480 --> 03:11:25,480
नहीं। वो विजयश्री है ही नहीं।

2768
03:11:26,760 --> 03:11:30,960
तो यह अधूरी जानकारी पर जल्दी निर्णय लेते हुए

2769
03:11:30,960 --> 03:11:34,960
और शायद पता नहीं किस स्थिति में उन्हें ये कार्य करना पड़ा तो मैं तो यही कहूंगा आप दिखा

2770
03:11:34,960 --> 03:11:39,200
दीजिए एक बार को उनका वो वक्तव्य और

2771
03:11:39,200 --> 03:11:45,200
उनके द्वारा जो वीडियो दिखाया गया है

2772
03:11:45,840 --> 03:11:50,160
बताइएगा स्क्रीन शेयर

2773
03:11:50,160 --> 03:11:54,720
कर रहा हूं मैं जी आवाज आई है आपको?

2774
03:11:54,720 --> 03:11:59,760
आवाज नहीं आई। प्ले भी नहीं हुआ है।

2775
03:11:59,760 --> 03:12:05,760
आ रही है आवाज? अब ब्लर है। आवाज आ रही है?

2776
03:12:08,560 --> 03:12:14,560
आवाज नहीं आ रही है। ठीक है। रुकिए।

2777
03:12:16,880 --> 03:12:22,480
कोई समस्या?

2778
03:12:22,480 --> 03:12:26,480
आपकी आवाज भी नहीं आ रही थी अभी तो अब अब

2779
03:12:26,480 --> 03:12:30,200
आएगी आवाज

2780
03:12:30,200 --> 03:12:34,240
अच्छा अब जिस स्त्री की बात चल रही थी जिसका

2781
03:12:34,240 --> 03:12:38,240
नाम विजयाश्री बताया गया आ रही है जी आ रही है आ रही है

2782
03:12:38,240 --> 03:12:42,240
बताइए चलाइए हां तो बताइए ना अच्छा ठीक

2783
03:12:42,240 --> 03:12:43,000
है

2784
03:12:43,000 --> 03:12:47,040
अब जिस स्त्री की बात चल रही थी जिसका नाम विजयाश्री बताया गया

2785
03:12:47,040 --> 03:12:51,120
था मैं उस स्त्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं हां ये जरूर है कि शिव भगवान नारायण द्विवेदी

2786
03:12:51,120 --> 03:12:55,120
इत्यादि लोग जो आहान चैनल के हैं वो लोग निकटता से जानते हैं संवाद इत्यादि होता रहता है ये सब

2787
03:12:55,120 --> 03:12:59,120
बातें भी सार्वजनिक है और साथ ही साथ मैं इसी वीडियो में

2788
03:12:59,120 --> 03:13:03,440
एक वीडियो अटैच करूंगा आप लोगों के लिए जिसमें आप देखिएगा कैसे पूरी के शंकराचार्य

2789
03:13:03,440 --> 03:13:06,560
जी के मंच पर वो स्त्री बैठी हुई है और सम्मान के साथ बैठी

2790
03:13:06,560 --> 03:13:10,560
हुई है अब उस स्त्री को पता है कि नहीं कि वो क्या कर रही है ये

2791
03:13:10,560 --> 03:13:14,640
मैं नहीं जानता शंकराचार्य जी को पता है कि नहीं कि उस स्त्री के आगे पीछे

2792
03:13:14,640 --> 03:13:18,720
कौन सी शक्तियां कार्य कर रही है ये भी मैंने बना वो स्त्री की वो स्त्री

2793
03:13:18,720 --> 03:13:23,600
ये देखिए करिए पीछे करिए पीछे करिए पीछे

2794
03:13:23,600 --> 03:13:27,680
नहीं जानता शंकराचार्य जी को पता है कि नहीं कि उस स्त्री के आगे पीछे

2795
03:13:27,680 --> 03:13:32,200
कौन सी शक्तियां कार्य कर रही है ये भी मैं नहीं

2796
03:13:32,200 --> 03:13:33,680
जानता बस

2797
03:13:33,680 --> 03:13:39,200
बस क्या ये स्त्री आपको विजय श्री दिख रही है

2798
03:13:39,200 --> 03:13:43,360
कोई है जो आ के कोई है जो आ के ये कहेगा कि

2799
03:13:43,360 --> 03:13:44,480
ये जो स्त्री है ये

2800
03:13:44,480 --> 03:13:48,800
विजयश्री है। ठीक है? तो

2801
03:13:48,800 --> 03:13:53,120
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुदेव के प्रति निष्ठा

2802
03:13:53,120 --> 03:13:57,520
व्यक्त करने के लिए मंच पे नहीं मंच से नीचे

2803
03:13:57,520 --> 03:14:02,120
मंच से नीचे खड़े होकर के इन्होंने

2804
03:14:02,120 --> 03:14:07,040
कुछ शब्द अर्पित किए हैं गुरु चरणों में। बस एक बार

2805
03:14:07,040 --> 03:14:11,040
इसके अलावा बोलने पर वो भी गुरुदेव के कहने पर

2806
03:14:11,040 --> 03:14:17,040
मैं चला देता हूं। चलाइए।

2807
03:14:17,360 --> 03:14:21,840
से कपड़े क्यों? अब देखिए एक चीज और है। एक मिनट पॉज करिए।

2808
03:14:21,840 --> 03:14:25,840
यहां पर ये जो स्त्री है यह मतलब जो इसने जो

2809
03:14:25,840 --> 03:14:30,000
इतना पास में चली भी गई ना गुरुदेव के हम कभी नहीं इस पर

2810
03:14:30,000 --> 03:14:34,000
भी वहां पर रोका गया था उसको और वहां पर फिर दूर बिठा दिया गया था कि आप इधर बैठो

2811
03:14:34,000 --> 03:14:38,000
जाकर के। मतलब ये एक अनएक्सेक्टेड चीज थी जो इतना मतलब वो हो

2812
03:14:38,000 --> 03:14:42,160
गई पास में चली गई। और उसको फिर कहा गया इस वीडियो के बारे में भी हम कुछ

2813
03:14:42,160 --> 03:14:46,320
बताएंगे बाद में। बताएंगे आप बताइएगा। मगर सबसे पहली

2814
03:14:46,320 --> 03:14:52,320
बात यह है कि क्या यह विजय श्री है?

2815
03:14:55,200 --> 03:15:01,200
नहीं है ये। चल आइए प्ले करिए।

2816
03:15:02,800 --> 03:15:07,040
ये देखिए ये कौन से एंगल से आपको यही दिख रही है। वही मातृ

2817
03:15:07,040 --> 03:15:08,800
शक्ति लग रही है जो ये बैठी

2818
03:15:08,800 --> 03:15:12,880
है। तो मैं कहूंगा कि मतलब पहली बात तो यह है कि 50

2819
03:15:12,880 --> 03:15:17,520
100 लोग अगर बोल देते हैं तो उन बातों को प्रमाण ना समझा जाए और

2820
03:15:17,520 --> 03:15:21,760
बहुत जल्दबाजी में ऐसी चीजें ना की जाए जिनसे कि

2821
03:15:21,760 --> 03:15:26,440
जिन महानुभावों के वक्तव्य शब्द प्रमाण माने जाते हो

2822
03:15:26,440 --> 03:15:30,800
उनके प्रति ऐसी चीजों से कहीं ना कहीं कुछ थोड़ा सा

2823
03:15:30,800 --> 03:15:34,880
आएगा मन में अनास्था उत्पन्न हो सकती है। तो इससे

2824
03:15:34,880 --> 03:15:39,000
बचे ऐसे वक्तव्य निर्गत करने से

2825
03:15:39,000 --> 03:15:43,200
पहले बचना चाहिए रुकिए यहां पे यहां पे रुकिए

2826
03:15:43,200 --> 03:15:47,280
यहां पे रुकिए ये जहां रुकी है ना वीडियो ये देख रहे हैं ये लाल सा

2827
03:15:47,280 --> 03:15:51,360
ये जहां पे आपका कर्सर है ये है हम पता है हम लाइन लगा रहे

2828
03:15:51,360 --> 03:15:54,080
हैं

2829
03:15:54,080 --> 03:15:58,400
अच्छा ये जो छोटा सा चेहरा दिख रहा है काले

2830
03:15:58,400 --> 03:16:02,560
काला काला हरा लाइट जिस पे है उसके सामने में एक चेहरा लाल श

2831
03:16:02,560 --> 03:16:06,800
और ये पीछे चोटी लंबे सीधे बाल हम ये हैं।

2832
03:16:06,800 --> 03:16:10,960
हम लाइन साध रहे थे और जब यह महिला आई है हम

2833
03:16:10,960 --> 03:16:15,360
जानते हैं इसका नाम प्रेम प्रेम बाईसा है। राजस्थान

2834
03:16:15,360 --> 03:16:19,360
से आप सर्च कर लीजिए। तो ये ये जो लाइन लाइन समेट

2835
03:16:19,360 --> 03:16:23,680
रहे हैं ना स्टेज के नीचे जो लोगों को बोल रहे हैं जय श्री राम नारायण आगे

2836
03:16:23,680 --> 03:16:28,760
बढ़िए आगे बढ़िए। ये हैं हम। अब

2837
03:16:28,760 --> 03:16:32,880
बताइए अब क्या हुआ? जो व्यक्ति वो वीडियो देखेगा उसके मन में क्या

2838
03:16:32,880 --> 03:16:36,880
आएगा? उसके मन में यह आएगा कि भाई वो जो है मंच पर

2839
03:16:36,880 --> 03:16:41,120
बैठी विजय श्री मंच पर बैठी जबकि वो नहीं बैठी। पहली बात।

2840
03:16:41,120 --> 03:16:45,200
दूसरी बात यह है इसमें एक आगे की चीज और है कि

2841
03:16:45,200 --> 03:16:49,360
उनके द्वारा यह बता दिया गया है कि भाई क्या है वह वक्तव्य क्या दिया गया है वहां

2842
03:16:49,360 --> 03:16:53,760
पिंड कमेंट करके बाद में वीडियो के बाद में शायद जो

2843
03:16:53,760 --> 03:16:57,760
जो ये जिन्होंने वीडियो बनाया है जिन्होंने वक्तव्य दिया

2844
03:16:57,760 --> 03:17:01,920
है उन्होंने वीडियो के बाद में यह लिख दिया है कि वीडियो

2845
03:17:01,920 --> 03:17:06,000
के अंत में जिस महिला को दिखाया गया है वो महिला यह

2846
03:17:06,000 --> 03:17:09,200
नहीं है विजय श्री यह वीडियो के अंत में वो वीडियो

2847
03:17:09,200 --> 03:17:13,200
के डिस्क्रिप्शन में या पिंड कमेंट में उन्होंने वहां लिख दिया है क्योंकि शायद वीडियो बनाने के बाद

2848
03:17:13,200 --> 03:17:17,280
उनको पता चल गया। मगर अब उन्होंने इस बात को पता

2849
03:17:17,280 --> 03:17:21,360
नहीं मैंने पढ़ा नहीं है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि नहीं कि ये गलती से हुआ

2850
03:17:21,360 --> 03:17:25,520
है। ठीक है? उन्होंने इस बात को स्वीकार

2851
03:17:25,520 --> 03:17:29,680
किया है कि नहीं कि ये गलती से हुआ है। मगर उन्होंने इतना कहा

2852
03:17:29,680 --> 03:17:33,680
है शायद मैंने उस कमेंट को नहीं पढ़ा कि

2853
03:17:33,680 --> 03:17:38,080
क्या कहते हैं ये? ये जो है अशास्त्रीयता दिखाने के लिए हमने वो वीडियो

2854
03:17:38,080 --> 03:17:42,320
वहां पर लगाया था। पहली बात तो यह है कि देखिए आपका पूरा वक्तव्य

2855
03:17:42,320 --> 03:17:46,400
क्या है कि विजय श्री की बात हो रही है और देखिए वो वो लड़की किस

2856
03:17:46,400 --> 03:17:50,560
तरह से पूरी के शंकराचार्य जी के मंच को साझा कर रही है। ये आपका वक्तव्य है हमने

2857
03:17:50,560 --> 03:17:54,720
सुना पहले भी सुना और उसके बाद आपने दिखाया तो अगर आपने यह

2858
03:17:54,720 --> 03:17:58,800
नहीं कहा है अपने कमेंट में कि वो वीडियो मतलब कंफ्यूजन के चक्कर में

2859
03:17:58,800 --> 03:18:04,680
लग गया तो यह ठीक बात नहीं है। यह ठीक नहीं है। और

2860
03:18:04,680 --> 03:18:09,120
यदि आपको अशास्त्रीयता तो वो एक अलग विषय है।

2861
03:18:09,120 --> 03:18:13,200
अशास्त्रीयता है गुरुदेव देख रहे हैं वहां पर और फिर अभी विजय जी

2862
03:18:13,200 --> 03:18:17,360
भी बताएंगी कि क्या हुआ है यहां पर वो पूरी बात बताएंगी तो ये तो एक

2863
03:18:17,360 --> 03:18:21,600
बात रही मगर दोनों ही तरीके से यह जो वीडियो है

2864
03:18:21,600 --> 03:18:24,240
इससे कम से कम हमें इतना पता चल गया कि विजय श्री

2865
03:18:24,240 --> 03:18:28,480
मंच को साझा नहीं कर रही है ठीक है अब आपने अपने वीडियो में एक वक्तव्य

2866
03:18:28,480 --> 03:18:33,200
दिया है कि मंच को साझा करके अपने व्यापार को पुष्ट कर रही है

2867
03:18:33,200 --> 03:18:37,200
तो वो वक्तव्य तो नहीं कटा ना व्यापार को पुष्ट करने

2868
03:18:37,200 --> 03:18:41,200
वाला यह जो लेडी है इन्होंने मंच को साझा

2869
03:18:41,200 --> 03:18:45,640
नहीं किया तो मंच को साझा करने वाला जो वक्तव्य है वह गलत

2870
03:18:45,640 --> 03:18:49,680
है। वो उन्होंने नहीं किया। मंच को साझा करके अपने

2871
03:18:49,680 --> 03:18:54,000
व्यापार को पुष्ट करना यह वक्तव्य भी गलत है।

2872
03:18:54,000 --> 03:18:58,320
तो मैं कहूंगा कि ऐसे वक्तव्य देने से बचे। ऐसे जो प्रलाप

2873
03:18:58,320 --> 03:19:02,320
करने वाले लोग हैं इनसे इनके इनसे प्रेरित ना

2874
03:19:02,320 --> 03:19:06,400
हो क्योंकि यह अपना चेहरा तक नहीं दिखाएंगे। जब सामना करने की बात होगी

2875
03:19:06,400 --> 03:19:10,480
तब तो ऐसे वक्तव्य निर्गत करने से बचे और

2876
03:19:10,480 --> 03:19:15,440
इससे अधिक मैं कुछ नहीं कहूंगा। आप भी एक सम्मानित व्यक्ति हैं और

2877
03:19:15,440 --> 03:19:19,440
लोग आप मतलब आप अच्छा कार्य कर रहे हैं धर्म के विषय में।

2878
03:19:19,440 --> 03:19:23,600
कई आपने अच्छी चीजें की है जिससे सभी प्रभावित है और

2879
03:19:23,600 --> 03:19:27,760
इसीलिए मैं इस इस विषय में चिंता व्यक्त कर रहा हूं कि ऐसा

2880
03:19:27,760 --> 03:19:31,920
वक्तव्य देने से बचें जो अकाट्य ना हो।

2881
03:19:31,920 --> 03:19:36,000
अकाट्य चीजें रखिए। हम तो सदैव साथ में हैं। सभी

2882
03:19:36,000 --> 03:19:39,840
परंपरावादी साथ में हैं। तो अकाट चीजें रखें

2883
03:19:39,840 --> 03:19:44,240
और जो अकाट नहीं है ऐसे वक्तव्यों को देने से बचें।

2884
03:19:44,240 --> 03:19:46,920
ठीक है

2885
03:19:46,920 --> 03:19:51,000
[संगीत]

2886
03:19:51,000 --> 03:19:56,720
जीता बोलेंगे। हां बोलिए बोलिए। हमें आप बताइए

2887
03:19:56,720 --> 03:20:02,000
वो हटा दीजिए।

2888
03:20:02,000 --> 03:20:06,160
हम एक बात बोलेंगे कि जिन्होंने भी यह वीडियो बनाया है बहुत क्लियरली सबसे पहले

2889
03:20:06,160 --> 03:20:10,480
बोला है कि उसकी वीडियो भी डाली जाएगी और वीडियो यह डाल दी गई है।

2890
03:20:10,480 --> 03:20:14,560
ठीक है? उसके बाद अगर कोई यह बोले सामने वाला व्यक्ति अरे पर हमने नीचे

2891
03:20:14,560 --> 03:20:18,560
लिख दिया था। हम यह बोलेंगे कि कितने व्यक्ति जाके नीचे पढ़ने

2892
03:20:18,560 --> 03:20:22,720
वाले हैं कि आपने क्या लिखा था या क्या नहीं लिखा था। दूसरी बात

2893
03:20:22,720 --> 03:20:26,720
वही हम बोल रहे हैं। बिना रिसर्च के आप किसी भी महिला

2894
03:20:26,720 --> 03:20:30,880
और पुरुष किसी के भी बारे में बात कर रहे हैं। किसी का कोई परिवार

2895
03:20:30,880 --> 03:20:34,960
है। कोई कहां से आ रहा है। आपको कितने लोग सुनते हैं। कितने लोग आपको

2896
03:20:34,960 --> 03:20:38,960
सुनकर उत्साहित होकर कर्म कर देते हैं।

2897
03:20:38,960 --> 03:20:42,960
कैसे-कैसे? तो अगर आपने गलत आपसे वीडियो बन

2898
03:20:42,960 --> 03:20:47,440
गई है तो आपका दायित्व बनता है कि आप उस वीडियो को उतारें। और

2899
03:20:47,440 --> 03:20:51,760
उसके अंदर क्योंकि रिसर्च है नहीं। बात सीधी है नहीं

2900
03:20:51,760 --> 03:20:55,040
तो उस चीज़ को हटाया जाए अगर तो जिस

2901
03:20:55,040 --> 03:20:59,120
तरह से आ जो जिन्होंने वीडियो बनाई है उन्हें सम्मान

2902
03:20:59,120 --> 03:21:03,520
सम्मान देके बात हो रही है कि वो एक महानुभाव है तो

2903
03:21:03,520 --> 03:21:07,680
अगर अह मेरे हिसाब से अगर एक

2904
03:21:07,680 --> 03:21:11,920
नॉर्मल व्यक्ति भी होगा और इस तरह की कोई घटना होगी तो आपके

2905
03:21:11,920 --> 03:21:16,080
लिख देने से नहीं होता है क्योंकि आपके बोलने के ऊपर

2906
03:21:16,080 --> 03:21:20,080
ज्यादा लोग जाते हैं। लोग रील के अंदर बैठकर पढ़ते नहीं है कि किसी

2907
03:21:20,080 --> 03:21:24,160
ने क्या उसके बाद अपनी माफी मांगी है या बोला यह मेरे से गलती से हुआ या

2908
03:21:24,160 --> 03:21:28,320
ये ऐसा नहीं है ऐसा है। आपने जो वीडियो बनाई है

2909
03:21:28,320 --> 03:21:32,480
उसके अंदर आपने जो बोला है और उसको अटैच करके दिखाया

2910
03:21:32,480 --> 03:21:36,560
है जो इतने उतावले लोग हैं जो कम से कम जिनके अंदर

2911
03:21:36,560 --> 03:21:40,560
यह धैर्य नहीं था कि किसी का पूर्व जीवन है या यह बात सत्य है

2912
03:21:40,560 --> 03:21:44,560
या नहीं। उनके अंदर यह भी धैर्य नहीं होगा कि

2913
03:21:44,560 --> 03:21:48,560
वो इस बात को नीचे जाकर पढ़ें और समझें।

2914
03:21:48,560 --> 03:21:52,640
है ना? और आश्चर्य की बात देखिए और यहां देखिए कितनी

2915
03:21:52,640 --> 03:21:56,800
बड़ी वो है कोइंसिडेंस कह लीजिए जब यह महिला

2916
03:21:56,800 --> 03:22:00,960
आई थी क्योंकि हम वहां पे कुंभ में लाइन की ड्यूटी करते थे। किसी को लगता है ना हमें

2917
03:22:00,960 --> 03:22:05,200
बहुत कार्य दिल से हैं। हम लाइन का काम करते हैं। आइए करिए और आपको पता चलेगा

2918
03:22:05,200 --> 03:22:09,200
कि लोग आपको कितना सम्मान देंगे। जब आप किसी को बोलेंगे कि

2919
03:22:09,200 --> 03:22:11,120
लाइन के पीछे बैठिए।

2920
03:22:11,120 --> 03:22:15,360
ठीक है? तो जब हम वहां थे तो यह महिला आई थी। हमें पता

2921
03:22:15,360 --> 03:22:19,600
था कि महिलाएं स्टेज पर नहीं जाती हैं। वो ब्रह्मचारी

2922
03:22:19,600 --> 03:22:23,760
महात्माओं का स्थान है। तो हमने उस महिला को बोला था

2923
03:22:23,760 --> 03:22:27,920
कि आप बगल में हम लोगों ने सोफा इसीलिए लगवाए थे कि सब जाके

2924
03:22:27,920 --> 03:22:32,080
वहां पर बैठे। और स्टेज पर कौन जाता है, नहीं जाता है, हमें नहीं पता

2925
03:22:32,080 --> 03:22:36,080
है। ये ये मेरा कार्य ही नहीं है। ठीक है? तो हमने उस महिला

2926
03:22:36,080 --> 03:22:40,400
को सोफे पर बिठाया था और उसके बाद हम बाहर गए

2927
03:22:40,400 --> 03:22:44,640
लोगों को देख रहे थे और जब आप यह वीडियो नहीं देख रहे हैं लाइन मैनेज करने की

2928
03:22:44,640 --> 03:22:48,640
लाइन मैनेज करने के लिए जब हम लोग खड़े हुए हैं इतनी देर में हम देख रहे हैं कि यह

2929
03:22:48,640 --> 03:22:53,200
महिला स्टेज पर चढ़ गई है आप समझ रहे हैं तो बहुत ही इंटरेस्टिंग

2930
03:22:53,200 --> 03:22:57,440
सिचुएशन थी जबकि हम इस महिला को बोले भी थे कि ऊपर मत जाइए

2931
03:22:57,440 --> 03:23:01,520
आप साइड पर बैठिए कोई ना कोई आपसे आके बात करेगा

2932
03:23:01,520 --> 03:23:05,520
क्योंकि इनके साथ जो इनके राजस्थान से थे यह लोग इनके

2933
03:23:05,520 --> 03:23:09,600
जो भाई थे वह बोल रहे थे गुरुदेव से मिलना है। गुरुदेव से मिलना

2934
03:23:09,600 --> 03:23:13,760
है बोलकर सब लोग आ जाते हैं। बट गुरुदेव एक समय है। ठीक है? और उनसे

2935
03:23:13,760 --> 03:23:17,920
कौन मिलेगा नहीं मिलेगा यह निर्णय हमारा नहीं है। उस चक्कर में भी

2936
03:23:17,920 --> 03:23:22,000
हम काफी बुरे बने। काफी लोगों के लिए जो हमें याद है। तो इस

2937
03:23:22,000 --> 03:23:26,080
महिला को यही बोला गया था। बट यह महिला कहां से चढ़ के आ गई? अब स्टेज

2938
03:23:26,080 --> 03:23:26,580
के

2939
03:23:26,240 --> 03:23:30,320
ऊपर। तमाशा होता क्या होता हमें कुछ नहीं पता है। इसीलिए इंटरेस्टिंग पार्ट

2940
03:23:30,320 --> 03:23:34,400
यह है कि इसकी मतलब बाय लक बोलिए बाय चांस बोलिए कि इस

2941
03:23:34,400 --> 03:23:38,640
पूरी वीडियो में एंड में जब वो ऐसे घुमाते हैं तो हम वहीं खड़े

2942
03:23:38,640 --> 03:23:42,720
हैं उनको लाइन में आगे बढ़ने के लिए। अच्छा वो

2943
03:23:42,720 --> 03:23:46,720
क्या सीन था जो उसने पैर छू पैरों की ओर चली गई थी जो गुरुदेव के वो

2944
03:23:46,720 --> 03:23:50,800
क्या वो महिला सबसे पहले तो देखिए जो शास्त्रीय

2945
03:23:50,800 --> 03:23:54,960
बातें हैं सन्यास की और वो सबको पता ही है। हम स्पष्ट

2946
03:23:54,960 --> 03:23:59,120
क्या ही बोलेंगे। है ना? हमसे तो ज्यादा शास्त्रीय लोग स्पर्श नहीं स्पर्श नहीं

2947
03:23:59,120 --> 03:24:03,200
होता है स्पर्श भी और कौन क्या बन सकता है या

2948
03:24:03,200 --> 03:24:07,280
क्या जीवन जो जीवन जिसका है या नहीं है तो ये महिला

2949
03:24:07,280 --> 03:24:11,360
आई अब वो एक होता है कि किसी को रोकना पर

2950
03:24:11,360 --> 03:24:15,680
एक नहीं होता है कि आपके सामने बस हो गया है और उसका माइक्रो सेकंड

2951
03:24:15,680 --> 03:24:19,680
भी आपको नहीं मिला है कि कोई जाके वहां पे कर दे कि मतलब एक क्षण हम देख रहे

2952
03:24:19,680 --> 03:24:24,080
हैं यह महिला आ गई है दूसरे क्षण वो पैरों के अंदर ऐसे जा रही है पर फिर उसे हटाया

2953
03:24:24,080 --> 03:24:28,160
गया है बाद में जिसकी की कोई वीडियो नहीं है क्योंकि कोई अपनी जैसे यह

2954
03:24:28,160 --> 03:24:32,320
महिला की जो वीडियो है वो अपने वही क्लिप्स डालेगी जहां पर वो

2955
03:24:32,320 --> 03:24:36,560
बहुत अच्छी लगेगी है ना कि हम आए ऐसा हुआ

2956
03:24:36,560 --> 03:24:41,360
पर कोई अपनी ऐसी वीडियो नहीं डालेगा जहां पर उसको बोला गया कि हट जाइए

2957
03:24:41,360 --> 03:24:45,440
आप समझ रहे हैं और यही बात है और कुछ बात

2958
03:24:45,440 --> 03:24:49,440
ही नहीं है पर हमें यह जरूर लगता है कि जो व्यक्ति इस तरह की बातें कर रहे

2959
03:24:49,440 --> 03:24:53,600
हैं या इतना बता के कि यह है ये है ये है जबकि

2960
03:24:53,600 --> 03:24:57,920
प्रमाण एक शब्द का नहीं है तो आप उसको

2961
03:24:57,920 --> 03:25:02,080
क्यों इरिस्पांसिबल होकर आप क्यों उसको पब्लिश

2962
03:25:02,080 --> 03:25:06,320
कर देंगे उस वीडियो को है ना अगर हम कोई सोचिए वीडियो

2963
03:25:06,320 --> 03:25:10,880
डाल दें जिसके अंदर हम कोई उल्टी बात बोल दें

2964
03:25:10,880 --> 03:25:14,880
और उसके बाद हमें ज्ञान हो जाए कि अरे ये तो हमने गलत बोल दिया हम

2965
03:25:14,880 --> 03:25:19,120
उस वीडियो को हटा देंगे है ना और दोबारा से बना दीजिए कोई बात नहीं

2966
03:25:19,120 --> 03:25:23,680
पीडीएफ भी आपके पास है सब कुछ आपके पास है आप दोबारा से वीडियो को बनाइए

2967
03:25:23,680 --> 03:25:27,760
पर यह हमें थोड़ा इरिस्पांसिबल लगा और हम मतलब

2968
03:25:27,760 --> 03:25:31,920
हर संत सारे संत समाज की हम

2969
03:25:31,920 --> 03:25:36,160
हम उनको प्रणाम करते हैं। हम एकदम साधारण सांसारिक व्यक्ति

2970
03:25:36,160 --> 03:25:40,400
हैं। हम किसी की समीक्षा नहीं कर सकते हैं।

2971
03:25:40,400 --> 03:25:45,040
और हम यह नहीं समझ मतलब हमें यह नहीं समझ आ रहा हम में इतनी

2972
03:25:45,040 --> 03:25:49,040
मतलब हम कब इतने बड़े हो गए कि किसी संत को हमारी समीक्षा

2973
03:25:49,040 --> 03:25:53,280
करनी पड़े और वह भी इस तरह से जिसने

2974
03:25:53,280 --> 03:25:56,400
आपकी समीक्षा की है उसके द्वारा आपकी समीक्षा होना

2975
03:25:56,400 --> 03:26:00,480
बड़ी बात है नहीं तो हम वो क्या बोलते हैं गुरुदेव क्या बोलते

2976
03:26:00,480 --> 03:26:04,680
हैं हम सच में बोल रहे हैं गुरुदेव बोलते हैं ना कि संतों के

2977
03:26:04,680 --> 03:26:08,880
द्वारा दी हुई कटु वाणी भी प्रसाद होती है लेने

2978
03:26:08,880 --> 03:26:13,760
वाले पर है तो तो हम उसे प्रसाद समझ कर ही लेंगे। है ना? शायद

2979
03:26:13,760 --> 03:26:18,000
मुझे ऐसा लगता है कि अगर वो ये नहीं करते तो शायद नहीं होते।

2980
03:26:18,000 --> 03:26:23,240
मैं इसमें एक प्रैक्टिकली एक चीज और बताऊंगा। जैसे इनका एक पार्ट है

2981
03:26:23,240 --> 03:26:27,360
कि जिसमें वो कह रहे हैं कि अभी हम वीडियो के अंत में

2982
03:26:27,360 --> 03:26:32,000
आपको वो वीडियो दिखाएंगे जिसमें वो मंच को साझा कर रही है और अपने

2983
03:26:32,000 --> 03:26:37,400
उसको पोषित कर रही है। वही स्त्री जिसकी बात हो रही है जिसका नाम है विजयश्री।

2984
03:26:37,400 --> 03:26:42,320
अब सबको पता है कि वीडियोस की बनती है रील।

2985
03:26:42,320 --> 03:26:46,320
वही है। ठीक है। तो क्या ये गारंटी है

2986
03:26:46,320 --> 03:26:50,480
कि जब आपका ये वाला उठाया जाएगा यहां से ये पार्ट ये दोनों चीजें

2987
03:26:50,480 --> 03:26:54,640
उठाई जाएंगी। पहली बात तो आपके सब वो जो विजय जी ने बात बोली

2988
03:26:54,640 --> 03:26:58,800
कि सभी लोग जाकर के उसका कमेंट पढ़ें। मुझे नहीं मैं मैं

2989
03:26:58,800 --> 03:27:02,880
अपनी बात कर रहा हूं। मैं सारे कमेंट नहीं पढ़ता। कोई संयोग बस संयोग

2990
03:27:02,880 --> 03:27:06,880
से कुछ दिख जाए तो दिख जाए। मैं नहीं पढ़ता अगर कोई वीडियो देखने जा रहा हूं तो

2991
03:27:06,880 --> 03:27:11,120
डिस्क्रिप्शन भी चेक नहीं करता। ठीक है? तो

2992
03:27:11,120 --> 03:27:11,760
क्या जरूरी

2993
03:27:11,760 --> 03:27:16,920
है जो आपसे प्रभावित होगा जो आपका क्या कहते हैं ये

2994
03:27:16,920 --> 03:27:21,200
अ क्या कहते हैं रील बनाता होगा वो आपके इस वक्तव्य

2995
03:27:21,200 --> 03:27:25,200
को लेकर के कि देखो देखो विजय श्री नाम की लड़की जो है और पूरी

2996
03:27:25,200 --> 03:27:29,360
शंकराचार्य जी के मंच को साझा करके अपने व्यापार को पुष्ट कर रही है।

2997
03:27:29,360 --> 03:27:33,440
तो ये दोनों चीजों को कनेक्ट करके वो रेल नहीं बनाएगा। तो यह

2998
03:27:33,440 --> 03:27:37,600
सब विचारणीय है। आगे निर्णय आप लें जो आपको लेना है।

2999
03:27:37,600 --> 03:27:41,840
हमने अपनी बातें बता दी हैं। और इसके बाद मैं अंत में

3000
03:27:41,840 --> 03:27:46,080
यही कहूंगा कि प्रमाण कोई भी नहीं है। किसी के पास यदि कोई प्रमाण

3001
03:27:46,080 --> 03:27:50,120
है तो शेर का बच्चा एक ही अच्छा है। वो एक कार्य

3002
03:27:50,120 --> 03:27:54,960
करें। मेरा नंबर है 7408301869।

3003
03:27:54,960 --> 03:27:58,960
ठीक है? वो मुझसे संपर्क करें। मेरे पास प्रमाण लेकर के

3004
03:27:58,960 --> 03:28:03,040
आए। अकाट्य जिनको काटा ना जा सके। पहली बात क्या है?

3005
03:28:03,040 --> 03:28:07,040
जब भी कोई व्यक्ति आपको दोषी लगे तो उसके बारे

3006
03:28:07,040 --> 03:28:11,200
सबसे पहले क्या करो? मेरा सिद्धांत है। मैं बता रहा हूं। मुझे जब भी किसी

3007
03:28:11,200 --> 03:28:15,360
में संशय होता है, दोष उत्पन्न होता है, किसी के प्रति दोष दृष्टि आती है तो

3008
03:28:15,360 --> 03:28:19,440
सबसे पहले मैं उसका स्वयं लॉयर बन जाता हूं। अधिवक्ता बन जाता

3009
03:28:19,440 --> 03:28:23,680
हूं। मुझे उसको बचाना है। मैं कोर्ट में खड़ा

3010
03:28:23,680 --> 03:28:27,920
हूं। मैं न्यायालय में खड़ा हूं। वो मेरा क्लाइंट है। अब मुझे बचाना

3011
03:28:27,920 --> 03:28:32,640
है। मैं कौन-कौन सी बात बोल सकता हूं उसको बचाने के लिए?

3012
03:28:32,640 --> 03:28:36,800
तो यदि मेरे पास उसको बचाने का जब

3013
03:28:36,800 --> 03:28:41,120
कोई रास्ता नहीं रह जाता। मैं इसको कहते हैं पूर्व पक्ष। अगर सरल

3014
03:28:41,120 --> 03:28:45,120
भाषा में पूर्व पक्ष कि आप सोचिए पूर्व पक्ष क्या-क्या हो सकता है जो बात आप कह रहे हो उसको

3015
03:28:45,120 --> 03:28:49,120
कैसे कैसे काटा जा सकता है। तो जब वो सारे तरीके से पूर्व

3016
03:28:49,120 --> 03:28:53,200
पक्ष हम सोच ले उसके बावजूद भी वो व्यक्ति दोषी दिखाई दे तो उसको दोषी मानना

3017
03:28:53,200 --> 03:28:57,600
चाहिए। यह दो दिन में पता लग जाता है मठ में क्या होता है

3018
03:28:57,600 --> 03:29:01,840
या जैसे एक वक्तव्य दिया गया कि वो अभी क्या कहते हैं

3019
03:29:01,840 --> 03:29:05,920
उसको जो है चार दिन पहले चार महीने पहले

3020
03:29:05,920 --> 03:29:10,160
तक जो ऐसी ड्रेस में घूम रही थी ये वक्तव्य दिया गया है जबकि

3021
03:29:10,160 --> 03:29:14,320
चार महीने पहले नहीं घूम रही थी तो ये आपकी बात कट रही है वो सालों पहले वो

3022
03:29:14,320 --> 03:29:18,720
ड्रेस पहनी थी वो चार महीने पहले की बात कर रहा है तो ये ये अकाट्य

3023
03:29:18,720 --> 03:29:23,960
बातें आप नहीं बोल रहे हो बोलो अकाट्य बोलना सीखो ये भी चीजें ठीक है

3024
03:29:23,960 --> 03:29:28,240
तो मैं क्या कह रहा था कि पहले आप तरह-तरह से पूर्व पक्ष

3025
03:29:28,240 --> 03:29:32,400
सोचिए क्या क्या हो सकता है? अगर आपको विद्या में दोष दृष्टि

3026
03:29:32,400 --> 03:29:36,400
दिख रही है। अगर आपको पूरी मठ में दोष दृष्टि दिख रही है। अगर आपको आवाहान

3027
03:29:36,400 --> 03:29:40,640
शिवश नारायण द्विवेदी में दोष दृष्टि आ रही है। कोई बात नहीं। पहला कार्य

3028
03:29:40,640 --> 03:29:44,800
है कि आप उसके अधिवक्ता बनके उसको बचाने का हर संभव प्रयास

3029
03:29:44,800 --> 03:29:48,800
सोचो मन में। मैं क्या-क्या तर्क दूंगा, क्या-क्या प्रमाण दूंगा। और जब

3030
03:29:48,800 --> 03:29:53,200
सारे मेहनत कर लेने के बाद भी आपके पास कोई रास्ता

3031
03:29:53,200 --> 03:29:57,360
ना बचे उसको बचाने का तब मानो कि हां यह दोषी है तो

3032
03:29:57,360 --> 03:30:01,360
अभी तक जो भी बातें आई है सामने वो सब अकाट नहीं है सब ऐसे ही मुंह की

3033
03:30:01,360 --> 03:30:05,360
बातें सब तुरंत खंडन हो सकता है उन बातों का वही की वही

3034
03:30:05,360 --> 03:30:09,440
तो ये जितने गुरुदेव का समर्थक बनते हैं कि हम उनकी सेना है

3035
03:30:09,440 --> 03:30:13,600
भले ही गुरुदेव ने स्वयं अपने मुख से इनमें जो प्रखर है

3036
03:30:13,600 --> 03:30:17,920
जो व्यक्ति ये बोल रहा है ना कार में बैठकर के जिसने लाइव किया है आपके विरुद्ध

3037
03:30:17,920 --> 03:30:22,600
वो व्यक्ति को गुरुदेव ने खुद घोषित किया है कि गुरुद्रोही है।

3038
03:30:22,600 --> 03:30:25,280
सोचिए उसने कुछ ऐसा कुकृत किया

3039
03:30:25,280 --> 03:30:29,280
था आज से दो वर्ष पूर्व कि उसको गुरुदेव ने मंच पर आकर सबके

3040
03:30:29,280 --> 03:30:33,440
सामने घोषित किया कि गुरु द्रोही है। और वो व्यक्ति

3041
03:30:33,440 --> 03:30:37,440
आज गुरुदेव का समर्थक इसीलिए तो गुरुदेव तक जा नहीं पा रहा। पता नहीं कितने

3042
03:30:37,440 --> 03:30:41,440
दिन हो गए होंगे। उसने गुरुदेव के दर्शन तक नहीं किए होंगे। मुझे नहीं था

3043
03:30:41,440 --> 03:30:45,840
कि उसने दर्शन भी किए हो गुरु के क्योंकि गुरुदेव ने उसको दोषी कहा। गुरुदेव

3044
03:30:45,840 --> 03:30:49,840
के द्वारा तू गुरु द्रोही दो घोषित है। पहचान ले

3045
03:30:49,840 --> 03:30:53,920
अपने आप को और उसके बावजूद वो गुरुदेव का हितैषी होते हुए गुरुदेव

3046
03:30:53,920 --> 03:30:57,920
ने उसको गुरुद्रोही कहा है। फिर वो गुरुदेव का हितैषी होते हुए जो है

3047
03:30:57,920 --> 03:31:01,920
उल्टे सीधे तर्क हीन प्रमाण रहित जो

3048
03:31:01,920 --> 03:31:05,920
है वक्तव्य निर्गत कर रहा है। जिसके कारण और भी

3049
03:31:05,920 --> 03:31:10,080
विप्लव हो रहा है। समाज में जैसे कि

3050
03:31:10,080 --> 03:31:14,320
एक विप्लव यही कि एक जो सशक्त व्यक्तित्व वाले

3051
03:31:14,320 --> 03:31:18,320
हैं वह भी उससे प्रेरित हो गए। उन्होंने आपने देखा था जल्दी

3052
03:31:18,320 --> 03:31:22,320
से वीडियो निर्गत कर दिया। प्रसारित कर दिया। अब उसमें ये चीज हो

3053
03:31:22,320 --> 03:31:26,800
गई त्रुटि हो गई। तो सबसे पहले आप

3054
03:31:26,800 --> 03:31:31,040
अंत में मेरी यही बात है। जिसके पास भी प्रमाण है इन सब बातों

3055
03:31:31,040 --> 03:31:35,400
को लेकर के वो प्रमाण ले आए। मेरा नंबर है

3056
03:31:35,400 --> 03:31:39,520
7408301869 अकाट प्रमाण लाना ऐसे मत लाना कि

3057
03:31:39,520 --> 03:31:40,560
वो देखो देखो बातें

3058
03:31:40,560 --> 03:31:44,880
करती हुई दिख रही है ना इसका मतलब कि उसका संबंध है ये नहीं है भाई बातें

3059
03:31:44,880 --> 03:31:49,240
करते हुए दिखने से किसी का आपत्तिजनक संबंध सिद्ध नहीं

3060
03:31:49,240 --> 03:31:53,440
होता अकाट्य प्रमाण आपके पास है आप लाइए आपका

3061
03:31:53,440 --> 03:31:57,520
स्वागत है और मैं उस दल की अगवाई करूंगा मैं अकेला

3062
03:31:57,520 --> 03:32:01,600
जाऊंगा अगर कोई नहीं जाएगा तो मैं जाऊंगा आप अकाट्य प्रमाण

3063
03:32:01,600 --> 03:32:05,600
लाओ मैं फिर कह कह रहा हूं वीडियो के अंत में

3064
03:32:05,600 --> 03:32:09,680
अकाट्य प्रमाण लाओ। ठीक है? तो सभी

3065
03:32:09,680 --> 03:32:13,080
को समय देने के लिए

3066
03:32:13,080 --> 03:32:17,120
धन्यवाद। और मैंने फिर बताया कि इस ये

3067
03:32:17,120 --> 03:32:21,120
जो युद्ध है इसमें हम अंत तक जाएंगे। वही लोग इस

3068
03:32:21,120 --> 03:32:25,360
युद्ध में कूदे जो अंत तक जाने का जज्बा रखते हो, गुर्दा रखते हो।

3069
03:32:25,360 --> 03:32:29,760
केवल सोशल मीडिया वरियर हैं। उंगलियों में सामर्थ है। केवल पराक्रम

3070
03:32:29,760 --> 03:32:33,760
नहीं है। उसका यह सब उन उन लोगों के लिए

3071
03:32:33,760 --> 03:32:37,840
बोल रहा हूं जो तथाकथित अपने आप को समर्थक बोलते हैं पूरी पीठ

3072
03:32:37,840 --> 03:32:42,120
का और यह सब कर रहे हैं कुकृत कर रहे हैं

3073
03:32:42,120 --> 03:32:46,160
तो पराक्रम नहीं है धरातल पर आने का ढंडस नहीं

3074
03:32:46,160 --> 03:32:51,040
है अपना चेहरा तक दिखाने का ढंडस नहीं है तो दूर रह ठीक है

3075
03:32:51,040 --> 03:32:55,200
और वही आए जो अंत तक जा सकते हो सभी ने जो

3076
03:32:55,200 --> 03:32:55,700
आप कुछ

3077
03:32:55,680 --> 03:32:59,840
कहना चाहती हो विजय जी तो बता दीजिए अन्यथा इसको हम लाइव

3078
03:32:59,840 --> 03:33:04,080
पूरा करेंगे सबसे पहले तो सबको ये लाइव

3079
03:33:04,080 --> 03:33:09,640
में जितनी देर जो भी बन रहा है उसके लिए अपना समय देने के लिए धन्यवाद

3080
03:33:09,640 --> 03:33:13,760
और इसके बाद भी अगर किस आप लोगों में से

3081
03:33:13,760 --> 03:33:18,080
जो भी हैं अगर सुन रहे हैं जिनको स्टंट्स करने हैं तो हम

3082
03:33:18,080 --> 03:33:23,520
क्लियर अगर आप हमें क्लियरली धमकी अल्टीमेटम और

3083
03:33:23,520 --> 03:33:27,520
थ्रेट थ्रेट वर्ड थ्रेट बोलेंगे इसको थ्रेट अगर

3084
03:33:27,520 --> 03:33:31,920
दे सकते हैं तो हम उस थ्रेट का उत्तर लीगली भी आपको भिजवा

3085
03:33:31,920 --> 03:33:36,080
सकते हैं। कृपया यह सारी बेवकूफियां मत करिए क्योंकि हमें

3086
03:33:36,080 --> 03:33:40,480
अपना समय व्यर्थ नहीं करना है। और जितनी जिसकी जो भी शंकाएं

3087
03:33:40,480 --> 03:33:44,800
थी हमें लगता है कि हमने सॉल्व कर दी हैं। हां जिन अ

3088
03:33:44,800 --> 03:33:48,880
जो भी यह बड़े व्यक्ति हैं जिन्होंने इस तरह के रिमार्क्स

3089
03:33:48,880 --> 03:33:53,680
दिए हैं उन्हें पुन विचार करना चाहिए क्योंकि

3090
03:33:53,680 --> 03:33:57,680
क्योंकि ऑब्वियसली जिन लोगों ने उन्हें यह सब भेजा है रिसर्च की कमी के

3091
03:33:57,680 --> 03:34:01,680
कारण भेजा है और उन्हें ही गलत सिद्ध करवा दिया है वीडियो पर

3092
03:34:01,680 --> 03:34:05,920
एक्चुअली में देखा जाए तो हमें यह सोच लेना चाहिए कि कौन हमें वीडियो

3093
03:34:05,920 --> 03:34:09,920
भेज रहा है किसकी हम बात सुन रहे हैं उसके बाद छोड़िए एक महिला के

3094
03:34:09,920 --> 03:34:10,720
बारे में आप

3095
03:34:10,720 --> 03:34:14,880
मतलब कुछ भी बोलते जा रहे हैं। उसके बाद बस नीचे में कुछ लिख

3096
03:34:14,880 --> 03:34:18,960
देंगे। हां, लिखने से क्या होता है? हम नहीं देखे उसे।

3097
03:34:18,960 --> 03:34:23,040
आप समझ रहे हैं थोड़ा जब हम व्यवहार की दृष्टि से और सारी

3098
03:34:23,040 --> 03:34:27,200
दृष्टि से बात कर रहे हैं, तो हमें यह बताइए कि शास्त्र क्या कहता है

3099
03:34:27,200 --> 03:34:31,200
कि जब आपके पास किसी महिला का सबूत नहीं है, प्रमाण नहीं है,

3100
03:34:31,200 --> 03:34:35,360
आप उसको पब्लिकली उसकी इज्जत की धज्जियां उड़ा देंगे? क्या

3101
03:34:35,360 --> 03:34:39,600
यह आपका शास्त्र बोल रहा है? और इनफैक्ट आप

3102
03:34:39,600 --> 03:34:43,680
जिस भी भ्रम से वो दूसरी वीडियो को अटैच भी किए हैं

3103
03:34:43,680 --> 03:34:47,840
और मतलब उस महिला का नाम लगा के जो भी आपने वो सिद्ध

3104
03:34:47,840 --> 03:34:52,000
करने की कोशिश की और एक पूरी चलो एनालिसिस काफी डीप था कि यह

3105
03:34:52,000 --> 03:34:56,240
कंपनी यहां यहां यहां पर कोई उसकी सॉलिड लॉजिकल

3106
03:34:56,240 --> 03:35:00,240
प्रैक्टिकल ऑन ग्राउंड रीजनिंग और उसको सिद्ध करने का प्रमाण

3107
03:35:00,240 --> 03:35:04,480
नहीं है तो क्या इस तरह से किसी महिला को टारगेट करना

3108
03:35:04,480 --> 03:35:08,560
ऑनलाइन जो आपके अ मतलब मतलब फॉलोअर्स हैं और किस

3109
03:35:08,560 --> 03:35:12,960
तरह के मतलब उनके अंदर कितनी मतलब वो

3110
03:35:12,960 --> 03:35:17,040
संयम है और वो क्या बात सुन के क्या एक्शन ले लेंगे

3111
03:35:17,040 --> 03:35:21,120
मैं चाहूंगा मैं मैं चाहूंगा कि इस इन वक्तव्यों

3112
03:35:21,120 --> 03:35:25,120
को जो यहां पर दिए जा रहे हैं तो सकारात्मक ले कहीं भी किसी

3113
03:35:25,120 --> 03:35:25,840
का कोई अपमान

3114
03:35:25,840 --> 03:35:29,920
नहीं किया जा रहा है और हम अपनों से अपनों से हमारा कोई

3115
03:35:29,920 --> 03:35:34,400
भी विरोध है भी नहीं प्रतिकार है भी नहीं बस इसको सकारात्मक दृष्टिकोण

3116
03:35:34,400 --> 03:35:38,480
से देखें एक एक में इस प्रश्न का उत्तर दे दूं। सौरभ

3117
03:35:38,480 --> 03:35:42,560
जी यह इस प्रश्न का उत्तर शुरुआत में दिया गया है। एक

3118
03:35:42,560 --> 03:35:46,720
शिक्षिका के रूप में जो शारीरिक आसन

3119
03:35:46,720 --> 03:35:51,040
होते हैं आध्यात्मिक लेवल पर नहीं शारीरिक

3120
03:35:51,040 --> 03:35:55,360
लेवल पर सिखाने की अनुमति विजय जी ने स्वयं जगदगुरु

3121
03:35:55,360 --> 03:35:59,520
शंकराचार्य भगवान से प्राप्त की है। क्योंकि उन्होंने अपने

3122
03:35:59,520 --> 03:36:03,920
पूरे जीवन क्योंकि एकमात्र उनका आज भी पार्जन का माध्यम

3123
03:36:03,920 --> 03:36:08,000
यही था। यही है। तो उनके पास और

3124
03:36:08,000 --> 03:36:12,240
अन्य कोई विकल्प नहीं है। ठीक है? और उन्होंने अपने पूरे

3125
03:36:12,240 --> 03:36:16,400
जीवन इसी विद्या को सीखने में संघर्ष किया

3126
03:36:16,400 --> 03:36:20,560
है। वो आध्यात्मिक लेवल पर योगाचार्य नहीं है। वो केवल

3127
03:36:20,560 --> 03:36:24,880
भौतिक लेवल पर योग सिखाने वाली एक तरीके से

3128
03:36:24,880 --> 03:36:29,120
व्यायाम प्रशिक्षिका मात्र है। ठीक है। जी।

3129
03:36:29,120 --> 03:36:33,440
और उसके लिए भी उसके लिए भी उन्होंने गुरुदेव से

3130
03:36:33,440 --> 03:36:37,520
अनुमति दी है क्योंकि यह संक्रमण काल है। हम बिल्कुल जीरो से अपने आप को

3131
03:36:37,520 --> 03:36:41,600
सही करके वापस नहीं आ सकते। अब इनके पास वो समय इनका पूरा परिवार इन

3132
03:36:41,600 --> 03:36:45,600
पर निर्भर करता है। इनके पास अब वो समय नहीं है कि पहले जाकर के

3133
03:36:45,600 --> 03:36:49,840
पढ़ाई करें दूसरी और फिर उस पढ़ाई के में जो है कुशलता प्राप्त

3134
03:36:49,840 --> 03:36:53,920
करें और फिर से दोबारा ये रिस्ट करें कि भैया अब जो है हम ये है

3135
03:36:53,920 --> 03:36:57,600
अब वो नहीं है। ठीक है? पहली बात तो ये। दूसरी बात अगर यह है

3136
03:36:57,600 --> 03:37:01,680
भी अशास्त्रीय तो भाई यह नहीं कह रही है कि यह

3137
03:37:01,680 --> 03:37:05,760
जो है कोई शास्त्रीय योगाचार्य है या ये कहीं से

3138
03:37:05,760 --> 03:37:09,920
किसी परंपरा प्राप्त उससे सर्टिफाइड है कि योग सिखा रही

3139
03:37:09,920 --> 03:37:14,240
है भाई ये जैसे कई ब्राह्मण ऐसे हैं जिनको दवाई नहीं बेचनी

3140
03:37:14,240 --> 03:37:18,560
चाहिए परचून की दुकान नहीं करनी चाहिए मगर वो कर रहे हैं विषम परिस्थितियों

3141
03:37:18,560 --> 03:37:20,480
में विपरीत परिस्थितियों में तो

3142
03:37:20,480 --> 03:37:24,480
यह एक मैटर अलग है एक शास्त्र का एक वचन है कि

3143
03:37:24,480 --> 03:37:29,240
यदि आप अज्ञानता वश

3144
03:37:29,240 --> 03:37:33,760
अथवा क्या कहते विवशतावश शास्त्र का पालन

3145
03:37:33,760 --> 03:37:37,840
करने में असमर्थ हैं। फिर भी यदि आपके

3146
03:37:37,840 --> 03:37:41,920
अंदर शास्त्र वचनों के प्रति मतलब आपको पता चल गया कि यहां शास्त्र के

3147
03:37:41,920 --> 03:37:45,920
प्रतिकूलता है। परंतु फिर भी शास्त्र वचनों के प्रति प्रमाण बुद्धि

3148
03:37:45,920 --> 03:37:50,080
यानी कि आपके अंदर यह भाव है कि इतने अंश में मैं शास्त्र के सम्मत कार्य

3149
03:37:50,080 --> 03:37:54,320
नहीं कर पा रहा हूं। भगवान से प्रार्थना है कि मेरे जीवन को ऐसा बनाएं कि मैं

3150
03:37:54,320 --> 03:37:58,400
उसमें पहुंच सकूं तो भी आप धर्मज्ञ कहलाओगे। यह शास्त्रों

3151
03:37:58,400 --> 03:38:02,400
का वचन है। ठीक है? तो गुरुदेव से अनुमति प्राप्त है।

3152
03:38:02,400 --> 03:38:06,960
ये अपने आप को योगाचार्य के रूप में नहीं बता रही है। ये एक व्यायाम प्रशिक्षिका

3153
03:38:06,960 --> 03:38:11,120
के रूप में योग सिखा रही है लोगों को। और तीसरा

3154
03:38:11,120 --> 03:38:15,200
कि ये अपने उतने अंश

3155
03:38:15,200 --> 03:38:19,440
को जितने अंशों में शास्त्रों का निर्वाह नहीं कर पा रहे। इसीलिए तो हम सामान्य लोग हैं।

3156
03:38:19,440 --> 03:38:23,440
इसीलिए तो हम लोग वो नहीं है जो शंकराचार्य हैं, जो आचार्य हैं।

3157
03:38:23,440 --> 03:38:27,680
इसीलिए तो हम वो नहीं है। क्योंकि हम पहली

3158
03:38:27,680 --> 03:38:31,760
बात तो हमें जीवन भाई बचपन से हमें वैसा पालन पोषण ही नहीं हुआ ना। तो

3159
03:38:31,760 --> 03:38:35,760
हम पीछे से जाकर खुद को करेक्ट करके वापस नहीं आ सकते। तो जो जैसी

3160
03:38:35,760 --> 03:38:39,760
स्थिति में है वहीं से जितना सामर्थ्य है जितना वातावरण है उसके

3161
03:38:39,760 --> 03:38:44,080
अनुसार ही वो धारण कर पाएगा और यथार रूप से धारण कर पा रहे। मगर

3162
03:38:44,080 --> 03:38:48,240
फिर भी एक बात ये आएगी कि जब भी पूछा जाएगा कि सही क्या है?

3163
03:38:48,240 --> 03:38:52,320
होना क्या चाहिए? तो हम सब लोग एक आवाज में वो बोलेंगे जो होना

3164
03:38:52,320 --> 03:38:56,400
चाहिए। जैसे कि एक पिता की आदत अगर लग चुकी है कि

3165
03:38:56,400 --> 03:39:00,480
उसको तंबाकू खाना है। उसकी आदत हो गई है। मैं इसको इस रूप में

3166
03:39:00,480 --> 03:39:04,560
ले रहा हूं। तो वो अपने बच्चे को कभी नहीं सिखाता कि नहीं तंबाकू

3167
03:39:04,560 --> 03:39:08,960
खाना चाहिए। वो अपने संतान को यही सिखाता है कि तंबाकू

3168
03:39:08,960 --> 03:39:13,440
खानी नहीं चाहिए। ठीक है? तो प्रमाण्य बुद्धि होनी चाहिए आपकी

3169
03:39:13,440 --> 03:39:17,600
और फिर यथा सामर्थ आपका जो आप धर्म का पालन

3170
03:39:17,600 --> 03:39:21,760
निर्वाह कर सके अपनी वातावरण के अनुसार गुरु आज्ञा के अनुसार गुरु वाक्य के अनुसार

3171
03:39:21,760 --> 03:39:25,920
तो वो आपको करना चाहिए बाकी इस संबंध में हमने शुरू में भी बात की

3172
03:39:25,920 --> 03:39:29,920
है शुरू से आप देखेंगे तो मिल जाएगा अंत में फिर वही कह रहा

3173
03:39:29,920 --> 03:39:33,920
हूं किसी के पास अगर कोई विजय श्री के विरोध में

3174
03:39:33,920 --> 03:39:38,080
मठ के विरोध में कोई अकाट प्रमाण है

3175
03:39:38,080 --> 03:39:42,080
तो वह लेकर के हमसे संपर्क करें और नहीं है तो इस तरह

3176
03:39:42,080 --> 03:39:46,400
का दुष्प्रचार ना करें। स्वयं को ऐसी चीजों से बचाए जहां

3177
03:39:46,400 --> 03:39:51,000
पर उसके वक्तव्यों की अवहेलना हो सकती है। ठीक है?

3178
03:39:51,000 --> 03:39:55,040
और अ जो गुरु

3179
03:39:55,040 --> 03:39:59,040
निष्ठ होने का दावा कर रहे हैं विशेष रूप से उनके लिए ये सब बातें हैं। ये वीडियो

3180
03:39:59,040 --> 03:40:03,120
है और कोई भी बात कहने से पहले उस पर अच्छी सी

3181
03:40:03,120 --> 03:40:08,000
रिसर्च अवश्य करें। जय श्री राम।

3182
03:40:08,000 --> 03:40:12,320
सभी को समय देने के लिए जय श्री राम। हम बस यह एक चीज उसमें

3183
03:40:12,320 --> 03:40:16,320
ऐड कर देंगे वो व्यक्ति के लिए जिसका प्रश्न था सबसे पहले तो

3184
03:40:16,320 --> 03:40:20,320
हम योगाचार्य नहीं हैं। हम गुरु नहीं हैं। हम

3185
03:40:20,320 --> 03:40:24,560
आज तक किसी को यह बोलने भी नहीं देते हैं। ठीक है?

3186
03:40:24,560 --> 03:40:28,560
मेरे स्टूडेंट्स भी बोलते हैं तो हम बोलते हैं नहीं हम आपके शिक्षक हैं।

3187
03:40:28,560 --> 03:40:32,960
हम ना तो आपके आचार्य हैं ना तो आपके गुरु हैं। गुरु गुरुदेव

3188
03:40:32,960 --> 03:40:37,120
हैं। और अगर हम इस तरह के भाव नहीं रखते तो आज शायद

3189
03:40:37,120 --> 03:40:41,440
जो मेरे स्टूडेंट्स हैं वो दीक्षित नहीं होते गुरुदेव

3190
03:40:41,440 --> 03:40:45,440
से। मेरे स्टूडेंट्स भी दीक्षित हैं गुरुदेव से। अब दूसरी बात यह

3191
03:40:45,440 --> 03:40:49,600
है एक योगा टीचर में एक फीमेल एनाटमी

3192
03:40:49,600 --> 03:40:53,600
और मेल एनाटॉमी में बहुत डिफरेंस है। और आपको एक और चीज

3193
03:40:53,600 --> 03:40:57,600
हम दिखा देते हैं कि जब हमने पढ़ा है इतने सालों

3194
03:40:57,600 --> 03:41:02,560
से हम पढ़ रहे हैं और जैसे-जैसे और समझ रहे हैं तो ऑब्वियसली

3195
03:41:02,560 --> 03:41:06,080
जब हम अपनी पंच वायु को देखते हैं अपने शरीर के

3196
03:41:06,080 --> 03:41:10,160
अंदर तो कुछ आसन कुछ चीजें एक हद तक एक फीमेल बॉडी

3197
03:41:10,160 --> 03:41:14,160
के लिए हैं और जो नहीं है वो हम नहीं करते हैं। नहीं तो शायद हम

3198
03:41:14,160 --> 03:41:18,400
इस समय एक महिला का स्वरूप में होते भी नहीं और हम आपको दिखा

3199
03:41:18,400 --> 03:41:22,400
देते हैं कि योग की पुस्तकों में आपको क्या सब भी पढ़ना

3200
03:41:22,400 --> 03:41:26,560
पड़ सकता है जिससे जब कोई पढ़ रहा होता है तो उसको

3201
03:41:26,560 --> 03:41:30,560
कहां से ज्ञान आएगा कि यह करना है और यह नहीं करना है और मानने की बात

3202
03:41:30,560 --> 03:41:35,200
है और हम तो मानने वाले व्यक्ति हैं। हम बस

3203
03:41:35,200 --> 03:41:38,760
यह

3204
03:41:38,760 --> 03:41:42,960
देखिए तो हम इस तरह का योग सिखाते हैं। इस तरह

3205
03:41:42,960 --> 03:41:47,040
का योग पढ़वाते हैं। अगर इसके बाद भी आपको कुछ कंफ्यूजन है तो

3206
03:41:47,040 --> 03:41:51,040
कृपया वीडियो को दोबारा देख लें और हम किसी की भी निंदा

3207
03:41:51,040 --> 03:41:55,360
में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं। स्पेशली जिन्होंने वीडियो डाला है मुझे आप

3208
03:41:55,360 --> 03:41:59,440
हम आपको प्रणाम करते हैं। आप हमसे बहुत ही मतलब

3209
03:41:59,440 --> 03:42:03,520
एक उत्कृष्ट है। एक वक्तव्य और एक

3210
03:42:03,520 --> 03:42:07,680
वक्तव्य और प्रचारित हो गया है कि आपने वो विजय जी ने कुत्ते के साथ ये

3211
03:42:07,680 --> 03:42:11,840
किया, किस किया। तो ऐसा भी नहीं बोलना चाहिए। यह गलत

3212
03:42:11,840 --> 03:42:15,840
बात है। जिसने भी बोली है लैंग्वेज सुनिए मुझे बोलने

3213
03:42:15,840 --> 03:42:20,080
दीजिए। ऐसा जिसने भी बोला है उसको नहीं बोलना चाहिए। संसार

3214
03:42:20,080 --> 03:42:25,040
का कोई ऐसा व्यक्ति हो जो उस दृश्य को

3215
03:42:25,040 --> 03:42:29,600
एक किस चुंबन के रूप में सिद्ध कर दे।

3216
03:42:29,600 --> 03:42:33,600
सो तो मैं नतमस्तक हो जाऊंगा। तो ऐसे बातें नहीं बनानी

3217
03:42:33,600 --> 03:42:38,080
चाहिए। अगर किसी ने यह वक्तव्य दिया मुझे नहीं पता किसने दिया है मगर वो

3218
03:42:38,080 --> 03:42:42,560
जो दृश्य है उसके आधार पर उसे वो किस नहीं कह सकता चुंबन

3219
03:42:42,560 --> 03:42:46,640
नहीं कह सकता ठीक है तो ऐसी बातें ना बोले

3220
03:42:46,640 --> 03:42:50,960
महिला के बारे में बचे ऐसी बातें बोलने से अकाट बातें बोले सर हम जो भी बोल

3221
03:42:50,960 --> 03:42:54,160
ये बोल दे कि वात्सल्य में वो इतनी मतलब

3222
03:42:54,160 --> 03:42:58,400
खो गई कि वो उनके ऊपर बच्चे की तरह बच्चे

3223
03:42:58,400 --> 03:43:02,560
की तरह उसने प्यार किया मगर ये गलत तरीका है उसने ये गलत

3224
03:43:02,560 --> 03:43:07,360
तरीका है उसने चुंबन किया उसने लिप टू लिप किस किया यह गलत तरीका है ये बिल्कुल भी

3225
03:43:07,360 --> 03:43:11,840
स्वीकार नहीं अच्छा नहीं है की बातें कृपया मत करिए क्योंकि जिनको बड़े

3226
03:43:11,840 --> 03:43:16,440
लड़ने होते हैं वो इस स्तर पे नहीं उसने उनको करना चाहिए ये कहना गलत था

3227
03:43:16,440 --> 03:43:21,040
हम मठ के अंदर रह के एक चीज सुने हैं कि

3228
03:43:21,040 --> 03:43:25,120
हम ये नहीं बोल रहे हैं कि गलत को गलत मत बोलिए पर

3229
03:43:25,120 --> 03:43:29,520
बात यही है ना कि यहां गलत है नहीं दूसरी बात ये है कि

3230
03:43:29,520 --> 03:43:33,920
और गलत को गलत बोलना भी कैसे है उसकी शैली भी कैसी होनी चाहिए चाहिए।

3231
03:43:33,920 --> 03:43:38,080
फिर अगर आप मातृ शक्ति का आप मान इस तरह करते जाएंगे और

3232
03:43:38,080 --> 03:43:42,080
बोलेंगे कि हमें सिद्धि मिलेगी तो आप भूल जाइए कि आप में से किसी

3233
03:43:42,080 --> 03:43:46,240
को भी कोई सिद्धि मिलने वाली है या आपकी कोई भी नाम जप का आपको

3234
03:43:46,240 --> 03:43:50,400
मिलने वाला है। अलग विषय है। ये अलग विषय है। हमारी बातें उनके

3235
03:43:50,400 --> 03:43:54,560
ही जैसी हो जाएंगी। तो भविष्यवक्ता क्यों बने? हम तो अका हम माफी

3236
03:43:54,560 --> 03:43:58,960
चाहते हैं। अगर हम अगर आपको हमारे किसी भी वक्तव्य से लगा कि हम आपको पर्सनली

3237
03:43:58,960 --> 03:44:03,360
अटैक कर रहे थे। हमें लगता नहीं कि हम उस योग्य हैं और

3238
03:44:03,360 --> 03:44:08,000
जिसको जो क्लेरिटी मिलनी थी वो अभी तक मिल ही चुकी होगी।

3239
03:44:08,000 --> 03:44:09,280
तो अपने समय देने

3240
03:44:09,280 --> 03:44:13,440
के लिए बहुत-बहुत सभी का धन्यवाद और धन्यवाद। जितने

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भी आक्षेप है, प्रश्न है उनका निराकरण और समाधान

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प्रस्तुत कर दिया गया है। आप इस वीडियो को शुरू से देखें। सभी को जय श्री राम।

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जय श्री राम। विजय
