1
00:00:03,320 --> 00:00:09,320
सभी को जय श्री

2
00:00:09,680 --> 00:00:15,240
राम आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

3
00:00:15,240 --> 00:00:19,320
और जी लड दज्जाल जी आ

4
00:00:19,320 --> 00:00:25,320
मिनट लेट हो गए हैं क्षमा करें उसके

5
00:00:26,160 --> 00:00:30,240
लिए आज की चर्चा कल को ही कंटिन्यू करने

6
00:00:30,240 --> 00:00:35,760
वाले हैं कुछ लोग आए थे कल जो वो

7
00:00:35,760 --> 00:00:40,040
अ उनकी बात वो रख नहीं पाए थे

8
00:00:40,040 --> 00:00:44,160
तो आज वही लोग आने वाले हैं और इससे पहले मैं

9
00:00:44,160 --> 00:00:48,760
आपको एक बात बता दूं क्योंकि एक फाइल

10
00:00:48,760 --> 00:00:52,840
हमने खोल दी है जिसमें कि हम

11
00:00:52,840 --> 00:00:56,960
उसकी बिल्कुल गहराई तक जाने वाले हैं वो फाइल खोली है आर्य समाज

12
00:00:56,960 --> 00:01:02,560
में होने वाले विवाह तो

13
00:01:02,560 --> 00:01:06,840
इस विषय में पहली कड़ी जो है वह प्रॉपर तरीके

14
00:01:06,840 --> 00:01:10,880
से व कल आने वाली है आर्य समाज में होने वाले जो विवाह

15
00:01:10,880 --> 00:01:15,000
है किसके होने चाहिए किसके नहीं होने चाहिए जाहिर सी बात है जो आर्य

16
00:01:15,000 --> 00:01:19,120
समाजी है उसका ही विवाह आर समाज में होना चाहिए जो आर समाजी नहीं है उसका

17
00:01:19,120 --> 00:01:23,560
विवाह आ समाज में नहीं होना चाहिए मगर जो आर

18
00:01:23,560 --> 00:01:27,720
समाजी नहीं भी है व भी वहां जाकर के पैसे देकर के विवाह कर लेता

19
00:01:27,720 --> 00:01:31,760
है और इसमें जो न्यायाधीश

20
00:01:31,760 --> 00:01:36,920
विभिन्न जो न्यायालय है उन्होंने इस पर रोष जगाया

21
00:01:36,920 --> 00:01:40,960
है तो यह वीडियो कल आने वाला है 12 बजे 11

22
00:01:40,960 --> 00:01:45,360
बजे सॉरी तो आप लोग इसको देखें

23
00:01:45,360 --> 00:01:49,680
इस विषय का पहला वीडियो है अच्छे से चर्चा हुई

24
00:01:49,680 --> 00:01:53,240
है

25
00:01:53,240 --> 00:01:59,240
और आदित्य जी को ले ले हम सबसे पहले स्टेज पर

26
00:02:00,120 --> 00:02:04,200
जी कल आप आए थे और आपसे बात नहीं हो पाई थी आपकी बात रख

27
00:02:04,200 --> 00:02:08,520
नहीं पाए थे आप हां सबसे पहले

28
00:02:08,520 --> 00:02:13,120
हरे कृष्णा तो हां

29
00:02:13,120 --> 00:02:17,400
तो सबसे पहले हम हमें शुरू शुरू यहीं से करना है कि

30
00:02:17,400 --> 00:02:21,600
इसकन ये क्लेम क्यों करता है कि ईश्वर अल्लाह एक है

31
00:02:21,600 --> 00:02:26,360
जी बताइए ओके फर्स्ट बात

32
00:02:26,360 --> 00:02:30,600
इसकन कभी ऐसा क्लेम नहीं करता है वो प्रीचिंग के समय ऐसा यूज

33
00:02:30,600 --> 00:02:34,600
किया गया था कुछ कुछ जगह सिलेक्टेड प्लेसेस में क्लेम

34
00:02:34,600 --> 00:02:39,080
करने में और प्रीचिंग की जगह पर यूज करने में क्या अंतर

35
00:02:39,080 --> 00:02:43,280
है देखिए जब हम लोग प्रीचिंग यूज करते हैं तो हम लोग

36
00:02:43,280 --> 00:02:47,640
एक्ली एक फैक्ल स्टेटमेंट नहीं देते कुछ भी

37
00:02:47,640 --> 00:02:51,640
बोलते नहीं सच से थोड़ा मिलता जुलता चीज बोलते

38
00:02:51,640 --> 00:02:55,760
मतलब सच के आसपास सच के आसपास वाला झूठ बोल देते नहीं

39
00:02:55,760 --> 00:02:59,880
नहीं झूठ झूठ नहीं है पूरा सच नहीं है पर सच है

40
00:02:59,880 --> 00:03:04,480
ये आप मानते हैं ना कुछ ची हो सकता है जो किसी दुनिया में कुछ भी ऐसा नहीं है

41
00:03:04,480 --> 00:03:08,400
जो पूरा सच हो जो भी हम बोल रहे हैं पूरा सच नहीं है मान लीजिए

42
00:03:08,400 --> 00:03:13,120
आप अगर कह रहे आपका वा आपकी वाली जो व्याख्या है कि वो अधूरा है

43
00:03:13,120 --> 00:03:17,280
पूरा नहीं है तो जैसे जैसे की एक सज्जन

44
00:03:17,280 --> 00:03:21,440
आए थे मेरे पास नागपुर के ब्रह्मचारी थे वो वो बोले

45
00:03:21,440 --> 00:03:25,800
कि जो कुरान का ज्ञान है वो विरोधी

46
00:03:25,800 --> 00:03:29,800
ज्ञान नहीं है वो अधूरा ज्ञान है

47
00:03:29,800 --> 00:03:33,880
कुरान का जो ज्ञान है वह विरोधी नहीं है वह अधूरा है

48
00:03:33,880 --> 00:03:38,080
इस बारे में आप क्या कहते हैं इस बारे में देखिए कुरान

49
00:03:38,080 --> 00:03:42,320
के बारे में मैंने खुद कुरान कभी पढ़ा नहीं है तो मैं

50
00:03:42,320 --> 00:03:46,720
त पर तब भी मैं कुछ उस पर कह देना चाहता हूं जैसे कुछ

51
00:03:46,720 --> 00:03:50,960
बेसिक चीज है जिसम शायद हिंदू मुसलमान दोनों एग्री करते हैं जैसे

52
00:03:50,960 --> 00:03:55,200
एक भगवान है जो सब कुछ बनाया और सब कुछ कंट्रोल कर रहा है जो सर्व शक्तिशाली है जिसके

53
00:03:55,200 --> 00:03:59,240
नियम से सब कुछ चलता है उसका पूजा कर देखिए मैं आपको एक चीज बता

54
00:03:59,240 --> 00:04:03,360
दूं जब भी आप कुछ एक्सप्लेन करें तो उससे पहले जो

55
00:04:03,360 --> 00:04:07,440
एक्सप्लेन करने जा रहे हैं वो एक हेडलाइन हमें दे दे

56
00:04:07,440 --> 00:04:11,640
जिससे हमें पता रहे कि क्या जो आप एक्सप्लेन करना चाह रहे हैं

57
00:04:11,640 --> 00:04:15,760
क्या हम हमारा सवाल उसी विषय में है मालूम पड़ा हमने आधे घंटे आपको

58
00:04:15,760 --> 00:04:20,000
सुना 15 मिनट आपको सुना 10 मिनट आपको सुना उसके बाद हमें पता चला कि आपने

59
00:04:20,000 --> 00:04:23,480
उस चीज का आंसर ही नहीं दिया जो हमने पूछा था तो आप पहले एक हेडलाइन

60
00:04:23,480 --> 00:04:27,480
दे दिया लोगों को येय लगता है कि मैं बीच में इंटरप्ट करता हूं व मैं इसीलिए इंटरप्ट

61
00:04:27,480 --> 00:04:31,760
करता हूं हेडलाइन देने से बचते हुए एक्सप्लेनेशन में जाते हैं भाई

62
00:04:31,760 --> 00:04:36,200
हो सकता है कि आपके हेडलाइन दे देने से ही मैं समझ जाऊ उस बात को एक्सप्लेनेशन

63
00:04:36,200 --> 00:04:40,320
की जरूरत ही ना पड़े और जरूरत पड़े तो आप बताइए आप पहले हेडलाइन

64
00:04:40,320 --> 00:04:44,480
दे दीजिए कि आप यह क्या मानते हैं कुरान के विषय में कि वह अधूरी है

65
00:04:44,480 --> 00:04:48,640
या विरोधी है उसमें कुछ बात सपोर्टिंग

66
00:04:48,640 --> 00:04:52,640
है कुछ बात विरोधी है जो धर्म के हिसाब से धर्म के मायने में

67
00:04:52,640 --> 00:04:56,760
सही नहीं बैठेगी पर कुछ चीजें है जो धर्म के हिसाब से सही

68
00:04:56,760 --> 00:05:00,880
है और इसलिए आप फिर से मैं पूछ रहा हूं कि वो

69
00:05:00,880 --> 00:05:05,240
अधूरी है विरोधी है या मिक्स है विरोधी और अधूरी

70
00:05:05,240 --> 00:05:09,280
मिक्स है मिक्स है उसम कुछ कुछ सही बातें है और कुछ कुछ गलत बात लिखी ई

71
00:05:09,280 --> 00:05:13,320
है तो अब मुझे बताइए विरोधी की परिभाषा क्या है

72
00:05:13,320 --> 00:05:17,320
विरोधी जैसे एक एपल हम बताते हैं जैसे वो

73
00:05:17,320 --> 00:05:22,120
लोग पशु हिंसा को सपोर्ट करते हैं ये तो ऑफकोर्स नहीं

74
00:05:22,120 --> 00:05:26,120
कह रहा मैं आपसे लक्षण नहीं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं कि

75
00:05:26,120 --> 00:05:30,280
आप किसी को भी विरोधी कब कहते हैं किन स्थितियों में कहते

76
00:05:30,280 --> 00:05:34,320
हैं जो अधर्म सिखा रहा है जो धर्म के खिलाफ है जो जो

77
00:05:34,320 --> 00:05:38,720
अधर्म सिखाता है विरोध आप तो कह रहे हो कि उसने भी अधर्म सिखाया

78
00:05:38,720 --> 00:05:43,000
है कुरान में हां हां

79
00:05:43,000 --> 00:05:47,040
अधर्म सिखाया है ना तो विरोधी आप विरोधी आप किस आधार

80
00:05:47,040 --> 00:05:51,120
पर कहते हो आप कह रहे हो जो अधर्म सिखा तो उसने अधर्म सिखाया है तो फिर उसे विरोधी क्यों

81
00:05:51,120 --> 00:05:55,200
नहीं कह रहे हो क्योंकि क्या पूरा का

82
00:05:55,200 --> 00:05:59,440
पूरा ग्रंथ में क्या गलत ठीक आईस आईस वाले हमारे विरोधी

83
00:05:59,440 --> 00:06:03,640
है क्या आईएस आईएस तो एक टेररिस्ट ग्रुप

84
00:06:03,640 --> 00:06:08,160
है तो हा शायद वो लोग के विरोधी तो है उनकी कुछ बातें हमसे मैच नहीं करती

85
00:06:08,160 --> 00:06:12,440
क्या हमको तो नहीं लगता वो लोग तो नहीं मानते पानी नहीं पिलाते

86
00:06:12,440 --> 00:06:14,960
पानी नहीं

87
00:06:14,960 --> 00:06:18,960
पीते वो पानी पीते हैं तो वो उनका वैचारिक मत नहीं है

88
00:06:18,960 --> 00:06:23,000
वो ऐसा नहीं हो सकता कि इस दिन पानी पीना बंद कर दे क्या उनके यहां उनको कभी प्यासा

89
00:06:23,000 --> 00:06:27,040
मिल गया होगा तो आप ये कह सकते हैं कि उन्होंने कभी उसको पानी नहीं पिलाया

90
00:06:27,040 --> 00:06:31,120
होगा जैसे लोग हो सकता है नहीं पिलाए उनके यहां के

91
00:06:31,120 --> 00:06:35,200
लोग उनके यहां के लोग अपने लोगों को पानी नहीं

92
00:06:35,200 --> 00:06:39,400
पिलाते अपने लोगों को अगर वक्त बुरा हो तो हो सकता है ना पिला

93
00:06:39,400 --> 00:06:44,640
क्या वो अपनी मा को क्या वो अपनी माता को माता की दृष्टि से भी नहीं देखते

94
00:06:44,640 --> 00:06:49,000
होंगे जो अधर्मी है वो कुछ भी कर सकता है उसम उसका गारंटी

95
00:06:49,000 --> 00:06:53,680
हम तो नहीं ले सकते ना कि आ आईस वाले क्या करते होंगे

96
00:06:53,680 --> 00:06:54,180
तो

97
00:06:53,840 --> 00:06:59,840
आईस आईस वाले पूरे दिन में कुछ भी ऐसा नहीं करते जो हमसे मेल खाएगा

98
00:07:01,200 --> 00:07:05,280
आप 100% कह सकते हैं 100% नहीं कह सकते पर 95

99
00:07:05,280 --> 00:07:09,360
पर तो शोर है वो लोग धर्म का कोई पालन नहीं करते ना पूर्ण पालन नहीं कह रहा हूं

100
00:07:09,360 --> 00:07:13,360
मैं कह रहा हूं थोड़ा बहुत कोई गलती

101
00:07:13,360 --> 00:07:17,440
से 5 पर कोई गलती से 5 पर धर्म पालन करे उसको धर्म तो फिर

102
00:07:17,440 --> 00:07:21,920
वो विरोधी नहीं हुआ ना वो विरोधी कहां हुआ फिर मिक्स हो गया जो 95

103
00:07:21,920 --> 00:07:26,000
प्र अधर्म फैला रहा है वो ये तो आप अपने अंदाजे से ही बता रहे हैं ये आंकड़ा जो

104
00:07:26,000 --> 00:07:30,720
बता रहे 95 पा का ये भी आप अंदाजे से ही बता रहे हैं हा हा हां हां

105
00:07:30,720 --> 00:07:34,800
मगर उसमें अगर 5 पर भी आ गया तो वो विरोधी नहीं हुआ पूर्ण रूप

106
00:07:34,800 --> 00:07:38,800
से क्योंकि आपका विरोधी होने का मतलब यही है कि वो पूर्ण रूप से

107
00:07:38,800 --> 00:07:42,840
होना चाहिए विरोधी अब अब मेरी परिभाषा

108
00:07:42,840 --> 00:07:47,360
सुनिए विरोधी होने की अगर किसी ने आपको सीधे-सीधे

109
00:07:47,360 --> 00:07:51,560
गोली तान दी कि तू मैं तुझे जीने नहीं दूंगा

110
00:07:51,560 --> 00:07:55,720
भले ही मैं किसी को पानी पिला के आता हूं ठीक है

111
00:07:55,720 --> 00:08:00,040
भले ही दुर्योधन ने भी अपने जीवन में कुछ अच्छे कार्य कर दिए हो

112
00:08:00,040 --> 00:08:04,080
मगर जब कौरवों का वो लेने के लिए खड़ा हो गया तो व विरोधी था

113
00:08:04,080 --> 00:08:08,520
वह अधर्म प था वो अधर्मी था मिक्स नहीं था वो ठीक है

114
00:08:08,520 --> 00:08:09,020
अच्छा

115
00:08:08,960 --> 00:08:13,760
भले ही रावण अपने यहां की प्रजा को चैन से जीने देता

116
00:08:13,760 --> 00:08:17,800
हो है ना सोने की लंका बना कर के मगर उसने

117
00:08:17,800 --> 00:08:21,800
यदि धर्म का इतना सा भी खंडन कर दिया उसके पीछे पड़ गया कि मैं

118
00:08:21,800 --> 00:08:26,600
खंडन करूंगा ही करूंगा विष्णु के अवतार का खंडन करूंगा ही करूंगा तो व विरोधी हो गया

119
00:08:26,600 --> 00:08:30,680
इसी प्रकार से कुरान जो है यह कह देती है कि मेरे अलावा

120
00:08:30,680 --> 00:08:34,880
सभी किताबें गलत है उनमें मिलावट हो गई है उन

121
00:08:34,880 --> 00:08:38,880
पर विश्वास नहीं किया जा सकता मैं आई हूं सबको वेरीफाई

122
00:08:38,880 --> 00:08:43,080
मेरे से करो तो यहां पर व सब विरोधी वो सबका विरोध हो गया

123
00:08:43,080 --> 00:08:47,240
अब रही बात जो मैच खाता है अब रही बात

124
00:08:47,240 --> 00:08:52,080
जो मैच खाता है जो हम लोग उसको वो देते हैं क्या कहते हैं उसको कंपल

125
00:08:52,080 --> 00:08:56,120
सेशन वो जो मैच खाता है अगर दुनिया में कहीं पर

126
00:08:56,120 --> 00:09:00,360
भी बल्ब जल रहा है तो लोग भले ही मुंह से कहते रहे

127
00:09:00,360 --> 00:09:04,480
हम नहीं मानते कि हमें ब थॉमस अल्वा एडिसन ने दिया है मगर उसको जो

128
00:09:04,480 --> 00:09:08,480
बल्ब आया है वो थॉमस अल्वा एडिसन से ही आया है तो इसका मतलब जितने

129
00:09:08,480 --> 00:09:12,720
अंश में वो कुरान में जो ज्ञान मैच खा रहा मैच नहीं खा रहा वो कॉपी

130
00:09:12,720 --> 00:09:17,160
है वो कॉपी है तो कॉपी है हा

131
00:09:17,160 --> 00:09:21,160
जितने अंश में जितने अंश में कुरान में कोई ऐसी

132
00:09:21,160 --> 00:09:24,000
बात दिख रही है जो मानवता युक्त है वो कॉपी

133
00:09:24,000 --> 00:09:28,400
है हमारे वैदिक धर्म से मगर विरोधी है मगर अंततोगत्वा वो

134
00:09:28,400 --> 00:09:32,600
हमारा विरोधी है उसने हमारे इस चीज का खंडन कर दिया कि परंपरा

135
00:09:32,600 --> 00:09:36,680
प्राप्त होने वाले जो शास्त्र है उनको उसने कह दिया कि नहीं सब में मिलावट हो गई किसी को

136
00:09:36,680 --> 00:09:40,720
मत मानो मैं हूं मुझे मानो और मेरे से सबको वेरीफाई

137
00:09:40,720 --> 00:09:44,960
करो जिसकी जितनी बात मुझसे मैच खाएगी उतनी बात उसकी मानो अरे

138
00:09:44,960 --> 00:09:49,120
भैया जब किसी की बात को तुम फॉलो करने

139
00:09:49,120 --> 00:09:53,400
और ना करने के लिए जब तुमको ही पढ़ना पड़ेगा तो फिर उस किताब का अस्तित्व कहां

140
00:09:53,400 --> 00:09:57,560
रहा अपने आप में अच्छा

141
00:09:57,560 --> 00:10:01,600
तो अब इसस क्वेश्चन ये है मेरा कि अब हम

142
00:10:01,600 --> 00:10:05,600
लोग असम करते हैं कि कुरान ऑफकोर्स आप अभी खुद एग्री किए हो कि कुछ

143
00:10:05,600 --> 00:10:09,800
कुछ धर्म की बातें कॉपी किए है हमारे शास्त्रों से तो

144
00:10:09,800 --> 00:10:13,880
सिर्फ क्योंकि वो कॉपी हुआ है कुरान के अंदर क्या उन कॉपी सेक्शन

145
00:10:13,880 --> 00:10:17,960
को हम लोग धर्म नहीं मानेंगे क्योंकि वो कुरान का हिस्सा है हम क्यों जाए कुरान के

146
00:10:17,960 --> 00:10:22,200
पास जब हमारे पास हमारा वेद हमारा गीता है हम कुरान के पास जाए क्यों मानने

147
00:10:22,200 --> 00:10:26,360
के लिए कि हम उसे धर्म मानते हैं हा हाही

148
00:10:26,360 --> 00:10:31,120
बात हम क्यों उसको रेस्पेक्ट देने जाए भाई क्यों उसको जाए

149
00:10:31,120 --> 00:10:35,360
दूसरी बात ये है दूसरी बात ये है बात हो रही है कि कुरान

150
00:10:35,360 --> 00:10:39,120
हमारी विरोधी है कि नहीं ये सब्जेक्ट थोड़ा चेंज हो जाएगा पहले आपको

151
00:10:39,120 --> 00:10:43,240
क्लियर करना होगा कि कुरान हमारी विरोधी है इसलिए विरोधी है क्योंकि उसने

152
00:10:43,240 --> 00:10:47,320
वो रूम नहीं छोड़ा मैच करने वाला रूम उसने नहीं छोड़ा उसने कह

153
00:10:47,320 --> 00:10:51,440
दिया कि मेरे अलावा सभी जितने भी ग्रंथ है वह सब

154
00:10:51,440 --> 00:10:55,680
मिलावट हो गई है मैंने बहुत से नबी भेजे थे उन सब में मिलावट हो गई है

155
00:10:55,680 --> 00:10:59,880
अब मैं आई हूं सबकी तस्दीक करने सबकी वो करने

156
00:10:59,880 --> 00:11:03,880
वेरिफिकेशन सत्यापन करने तो यहां पर अब वेद का वेरिफिकेशन

157
00:11:03,880 --> 00:11:07,960
वो करेगी कुरान के आधार पर वेद का वेरिफिकेशन होगा कुरान

158
00:11:07,960 --> 00:11:12,560
के अनुसार तो इस लाइन से उसने सब कट कर दिया दूसरी बात

159
00:11:12,560 --> 00:11:17,440
उसने सीधे-सीधे जो हमारे यहां की जो वैदिक चीजें हैं उनको मना कर

160
00:11:17,440 --> 00:11:21,480
दिया ठीक है और यह भी कह दिया कि अब इसके बाद और कोई नहीं

161
00:11:21,480 --> 00:11:25,800
आएगा जो कुछ नया दे दे वो भी कह दिया उसने

162
00:11:25,800 --> 00:11:29,920
तो यहां से उसने वो जो आप रूम बना रहे हो ना कुरान के लिए वो खत्म कर दिया

163
00:11:29,920 --> 00:11:34,200
उसने जी बताइए हां ठीक है हां उसने बताया

164
00:11:34,200 --> 00:11:38,400
कि हां सिर्फ एक अल्लाह है एक नबी है उन्हीं का धर्म है उन्हीं की किताब है बाकी

165
00:11:38,400 --> 00:11:42,760
सब गलत है ठीक है ये तो धर्म विरोधी है साफसाफ पर

166
00:11:42,760 --> 00:11:46,760
अब उन्हीं में से ऐसा लिखा हुआ है कि एक है जो सर्व शक्तिशाली है

167
00:11:46,760 --> 00:11:50,760
एक क पहले हम लोग ये तय कर रहे हैं कि कुरान विरोधी है कि

168
00:11:50,760 --> 00:11:54,320
नहीं हम इस पे आएंगे कि वो कह रही है कि एक सर्व शक्तिशाली है

169
00:11:54,320 --> 00:11:58,320
मैंने विरोधी है कि नहीं विरोधी है ना तो पहले इसको

170
00:11:58,320 --> 00:12:02,440
क्लियर करिए आप पाकिस्तान भारत का विरोधी है मगर इसका

171
00:12:02,440 --> 00:12:06,640
मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान में कुछ चीजें ऐसी नहीं होती होंगी जो भारत से मैच

172
00:12:06,640 --> 00:12:11,040
खाती होंगी ठीक है पाकिस्तान

173
00:12:11,040 --> 00:12:16,280
भारत का विरोधी है क्योंकि जो मूलभूत चीजों पर वार है पाकिस्तान

174
00:12:16,280 --> 00:12:20,680
का ऐसे ही जो मूल सिद्धांतों पर वार है ईश्वर

175
00:12:20,680 --> 00:12:24,960
सर्वशक्तिमान है ईश्वर वादित है हमारा ईश्वर

176
00:12:24,960 --> 00:12:29,600
नित्य है सर्वव्यापक है ठीक है स

177
00:12:29,600 --> 00:12:34,000
अत ब्रम है और उनका ईश्वर बाधित है बहुत सी चीज नहीं कर सकता

178
00:12:34,000 --> 00:12:38,000
है हा य ये जितनी भी आप बातें

179
00:12:38,000 --> 00:12:42,320
कर रहे हैं य ये तब है जब हम भगवान को स्वीकार करें

180
00:12:42,320 --> 00:12:46,320
और फिर उनके गुणों की चर्चा करने लगे वो सर नियामक है सब कुछ जानता है हर

181
00:12:46,320 --> 00:12:50,480
जगह है ये तो बहुत बात की बात है कंपशन भीका

182
00:12:50,480 --> 00:12:54,560
मतलब की कुरान को धर्म नहीं कहा जा सकता

183
00:12:54,560 --> 00:12:59,360
और अगर कहा जा सकता है तो नास्तिक को भी धार्मिक कहना पड़ जाएगा

184
00:12:59,360 --> 00:13:03,480
भी कुछ ऐसी चीजें कर देता है जो हमसे मैच खाती है तो हमें कहना पड़ेगा वो

185
00:13:03,480 --> 00:13:07,600
भी धार्मिक है नहीं नहींन कम

186
00:13:07,600 --> 00:13:09,360
से कम कुरान कम से कम खुदा

187
00:13:09,360 --> 00:13:13,400
एक ऑल पावरफुल एक्जिस्टेंस को मानता है जो अरे ये आपकी डेफिनेशन

188
00:13:13,400 --> 00:13:18,200
है विरोधी की डेफिनेशन ये है कि वो पूर्णतया विरोधी हो आपके हिसाब से

189
00:13:18,200 --> 00:13:22,200
और मिक्स की डेफिनेशन यह है कि अगर उसमें जरा सा भी कुछ ऐसा

190
00:13:22,200 --> 00:13:26,200
है जो हमसे मेल खा रहा है तो फिर उसको हम विरोधी नहीं कहेंगे उसको हम जो

191
00:13:26,200 --> 00:13:30,240
है मिक्स कहेंगे विरोधी भी है और धर्म धर्मी भी

192
00:13:30,240 --> 00:13:34,520
है धार्मिक भी है और अधर्मी भी है तो ऐसे कई नास्तिक आपको मिल जाएंगे

193
00:13:34,520 --> 00:13:39,240
भारतवर्ष में जो भगवान का वो अस्तित्व नहीं मानते परंतु

194
00:13:39,240 --> 00:13:43,240
वह अपनी माता को माता कहते हैं बहन को बहन कहते हैं

195
00:13:43,240 --> 00:13:49,080
वह मंदिर नहीं जाते तो क्या आप उन्हें धार्मिक कहोगे

196
00:13:49,080 --> 00:13:53,360
नहीं या नास्ति नास्तिक कहेंगे

197
00:13:53,360 --> 00:13:57,480
जो जो भगवान का अस्तित्व स्वीकार नहीं कर रहा है वो चाहे जितना भी धर्म का काम

198
00:13:57,480 --> 00:14:01,640
करे वो नास्तिक ही है वो भगवान को ऐसे ही जो वेद को नहीं मान

199
00:14:01,640 --> 00:14:06,040
रहा है वो चाहे जितना भी किसी भी अंश में आस्तिक दिख जाए

200
00:14:06,040 --> 00:14:10,080
धार्मिक दिख जाए व वो नास्तिक ही कहलाएगा जो वेद का खंडन कर

201
00:14:10,080 --> 00:14:14,200
रहा है वो नास्तिक ही कहलाएगा अच्छा वेद कोई

202
00:14:14,200 --> 00:14:18,440
किताब है या वेद पूरे ब्रह्मांड का सत्य है

203
00:14:18,440 --> 00:14:23,320
वेद ग्रंथ भी है और वेद पूरे ब्रह्मांड का सत्य भी है

204
00:14:23,320 --> 00:14:24,880
सत्य भी है तो

205
00:14:24,880 --> 00:14:29,080
जो सत्य है वो किसी भी किताब में सेम होगा अब वो कोई गलत कोई प्रॉप

206
00:14:29,080 --> 00:14:33,160
रड मटेरियल भी लिख रहा है वो भी सच से ही झूठ निकाल रहा है क्योंकि तो इसका

207
00:14:33,160 --> 00:14:37,280
हम कर क्या इस स्टेटमेंट का हम क्या करें हा इस स्टेटमेंट से

208
00:14:37,280 --> 00:14:41,440
ये प्रूफ हुआ कि कुरान में भी कुछ कुछ चीज जो कॉपी है अरे

209
00:14:41,440 --> 00:14:45,760
तो मैंने अभी आपसे कहा तो है कि नास्तिक भी कुछ कुछ चीज कॉपी कर रहा है उसको नास्तिक

210
00:14:45,760 --> 00:14:50,640
क्यों कह रहे हो उसको नास्तिक मत कहो उसको धार्मिक कहो

211
00:14:50,640 --> 00:14:54,760
नास्तिक क्या कॉपी कर रहा है किस नास्तिक ग्रंथ में आप अपनी माता को माता की दृष्टि

212
00:14:54,760 --> 00:14:59,240
से देख रहा है ना वो धर्म मान रहा है भगवान का अस्तित्व

213
00:14:59,240 --> 00:15:03,400
नहीं मान रहा है व कानून भगवान का मान र मगर धर्म को मानने के रूप

214
00:15:03,400 --> 00:15:07,640
में तो भगवान का अस्तित्व मान रहा है ना भाई माता

215
00:15:07,640 --> 00:15:11,680
को माता की दृष्टि से देखने का कारण क्या है अच्छा

216
00:15:11,680 --> 00:15:16,440
नहीं नहीं मेरा सवाल य है जो माता को माता की दृष्टि से देखता

217
00:15:16,440 --> 00:15:20,560
हो आपको क्लियर कर द आपको क्लियर कर द वेद से हमको प्राप्त होता

218
00:15:20,560 --> 00:15:25,080
है धर्म वेद से हमको क्या प्राप्त होता है

219
00:15:25,080 --> 00:15:29,320
धर्म धर्म और भी सारे सब

220
00:15:29,320 --> 00:15:33,920
ज्ञान और भी सारी की सारी चीज सिर्फ धर्म ही नहीं धर्म तो बसते कि अभी हम लोग क्या करना है

221
00:15:33,920 --> 00:15:38,520
धर्म हमको क्या करना है क्या नहीं करना है यह प्राप्त होता है ना

222
00:15:38,520 --> 00:15:40,080
तो इतने अंश में वो वैदिक

223
00:15:40,080 --> 00:15:44,120
हो गया ना धार्मिक हो गया ना अगर वो क्या करना

224
00:15:44,120 --> 00:15:48,120
है क्या नहीं करना है एक भी चीज को मान रहा है तो

225
00:15:48,120 --> 00:15:52,240
तो इसका मतलब क्या हुआ कि हम उसको नास्तिक नहीं कह सकते इसका मतलब दुनिया में किसी

226
00:15:52,240 --> 00:15:56,880
को भी कुछ कही नहीं सकते सब मिक्स

227
00:15:56,880 --> 00:16:00,960
है हम क्यू हम के बीच में क्या

228
00:16:00,960 --> 00:16:05,040
आप ये मानते है कि जो भगवान का अस्तित्व नहीं न जो भगवान

229
00:16:05,040 --> 00:16:09,720
का अस्व नकता है वो धर्म पालन करता है ऐसा हो सकता है क्या

230
00:16:09,720 --> 00:16:13,960
जो भगवान का अस्व नहीं मैं वही तो बता रहा हूं जो भगवान का अस्तित्व

231
00:16:13,960 --> 00:16:18,080
नहीं मानता है वह भी जाने अनजाने में ऐसी चीजें कर रहा है

232
00:16:18,080 --> 00:16:21,120
जो भगवान से जुड़ी हुई

233
00:16:21,120 --> 00:16:25,480
है जैसे की कोई व्यक्ति य नहीं मानता कि मैं थॉमस

234
00:16:25,480 --> 00:16:29,840
अलवा एडिसन ने मुझे बल दिया मैंने दुकान से ले ले आया हूं

235
00:16:29,840 --> 00:16:34,240
मगर अगर तुम बल जला रहे हो तो तुम्हारे पास बल आया थॉमस अल्वा एडिसन से

236
00:16:34,240 --> 00:16:38,280
इसी प्रकार से अगर तुम माता को माता मान रहे हो तो भले ही तुम कहते रहो कि

237
00:16:38,280 --> 00:16:42,280
मैं भगवान को नहीं मानता मगर वह माता को माता मानने का जो नियम आया

238
00:16:42,280 --> 00:16:46,360
है व आया भगवान से मगर क्योंकि तुम

239
00:16:46,360 --> 00:16:50,440
एट दी एंड जो मूलभूत बात है उसको खंडित करते हो इसलिए हम

240
00:16:50,440 --> 00:16:54,640
तुम्हें नास्तिक कहते हैं ठीक है और इसी तरीके से एट

241
00:16:54,640 --> 00:16:55,140
द एंड

242
00:16:55,080 --> 00:16:59,240
जो मूलभूत बात है वेद का विरोध वो यह कुरान कर

243
00:16:59,240 --> 00:17:03,240
इसलिए हम उसको जो है नहीं मानते कि वह एक धार्मिक है हमारे दृष्टिकोण

244
00:17:03,240 --> 00:17:07,560
से उनके अपने दृष्टिकोण से जो भी हो ठीक है

245
00:17:07,560 --> 00:17:11,760
इस बात प एग्रीमेंट है कि चलिए मतलब वेद से ही

246
00:17:11,760 --> 00:17:15,920
धर्म की व्याख्या है और सही में कुरान का अल्टीमेट कंक्लूजन

247
00:17:15,920 --> 00:17:19,920
जो है वो वेद विरोधी है हा इसलिए

248
00:17:19,920 --> 00:17:24,000
हम य नहीं कह सकते वो मिक्स है हम यही कहेंगे वो धर्म नहीं

249
00:17:24,000 --> 00:17:28,040
है कुरान में नहीं नहीं उसका कंक्लूजन ध धर्म विरोधी

250
00:17:28,040 --> 00:17:32,400
है ऐसा नहीं उस हि ऐसे नहीं है जो धर्म के साथ वही बात नास्ति को

251
00:17:32,400 --> 00:17:36,560
क रहे हो आप नास्तिक को कह दो उसका कंक्लूजन धर्म विरोधी है मगर वो धर्म

252
00:17:36,560 --> 00:17:40,840
विरोधी नहीं इस हिसाब से दुनिया

253
00:17:40,840 --> 00:17:45,080
में इस हिसाब से हम एब्सलूट संज्ञा किसी को भी नहीं दे सकते

254
00:17:45,080 --> 00:17:49,680
ना कुत्ता भी आपके जैसा है कुछ मामलो में

255
00:17:49,680 --> 00:17:54,240
हा हा एकदम और अलग नहीं है कुछ मामलो में उसका कंक्लूजन वो

256
00:17:54,240 --> 00:17:58,520
उसका जो कंक्लूजन है वो अलग है मगर पूरा का पूरा व आपसे अलग नहीं यही तो कहोगे

257
00:17:58,520 --> 00:18:03,120
तो दुनिया में कोई भी चीज भाई दुनिया में कोई भी चीज पूर्णतया अलग नहीं है

258
00:18:03,120 --> 00:18:07,520
कंक्लूजन के आधार पर संज्ञा दी जाएगी ना

259
00:18:07,520 --> 00:18:10,240
अ ठीक है ठीक है इस इस

260
00:18:10,240 --> 00:18:14,400
हम एग्री करते हैं कि कंक्लूजन के हिसाब से कलू के आधार

261
00:18:14,400 --> 00:18:18,480
पर क्या निकला कि कुरान वेद विरोधी है

262
00:18:18,480 --> 00:18:22,800
और और और हां उसके अंदर कुछ भी लिखा हुआ मैटर नहीं करता क्योंकि फाइनल कंक्लूजन यह

263
00:18:22,800 --> 00:18:26,960
है कि वो वेद विरोधी है भ उसके अंदर कुछ भी लिखा हो 5 पर

264
00:18:26,960 --> 00:18:31,240
10 लिखा हां दुनिया में कहीं पर भी सुनिए

265
00:18:31,240 --> 00:18:35,360
दुनिया में कहीं पर भी ऐसा कुछ है ही नहीं जो वेद में ना

266
00:18:35,360 --> 00:18:39,480
हो सही बात है सही बात है कुछ है ही नहीं ऐसा तो हम क्यों

267
00:18:39,480 --> 00:18:44,600
जाए लेने के हमें तुमसे ये चीज लेनी है वो लेने आते हैं चेन ऑफ ट्रेडीशन

268
00:18:44,600 --> 00:18:48,760
सुनिए चैन ऑफ ट्रेशन का नाम वो लेते हैं जबकि उनकी

269
00:18:48,760 --> 00:18:52,920
जो किताब है वह खुद परंपरा का विरोध करती है वह कहती है

270
00:18:52,920 --> 00:18:56,920
कि मुझसे पहले भी कई किताबें आ चुकी है मगर उन सब में मिलावट हो गई इसलिए वो

271
00:18:56,920 --> 00:19:01,000
मानने योग्य नहीं है तो उन सब की तस्दीक करने के लिए मैं

272
00:19:01,000 --> 00:19:05,000
आई हूं तो यानी कि वो ये नहीं मानती कि परंपरा से ज्ञान को सुरक्षित

273
00:19:05,000 --> 00:19:09,200
रखा जा सकता है ये कौन कह रहा है खुद कुरान कह रही है अगर उसके

274
00:19:09,200 --> 00:19:13,200
अनुसार परंपरा से ज्ञान को सुरक्षित रखा जा सकता होता तो

275
00:19:13,200 --> 00:19:17,280
वो यह ना कहती कि मेरे से पहले भी बहुत सी किताबें आई है मगर अब वो सब गलत हो गई

276
00:19:17,280 --> 00:19:21,520
और मैं सही हूं वो खुद परंपरा का खंडन करने के लिए आई है मगर

277
00:19:21,520 --> 00:19:25,240
आज की डेट में आज की डेट में अगर आप

278
00:19:25,240 --> 00:19:29,360
कुरान के लिए कोई क्लेम करोगे तो वो खुद कहेंगे नहीं तुम्हारी बात नहीं मा मानी जाएगी हमारी

279
00:19:29,360 --> 00:19:33,440
बात मानी जाएगी क्यों क्योंकि हम मोहम्मद से लाइनेज में है

280
00:19:33,440 --> 00:19:37,480
हम चेन ऑफ नरेशन से जुड़े हुए हैं तो कुरान की व्याख्या करने का

281
00:19:37,480 --> 00:19:41,640
जो अधिकार है और सही बात है तार्किक भी है कुरान

282
00:19:41,640 --> 00:19:45,920
की व्याख्या करने का अल्टीमेट जो अधिकार है वह उसको प्राप्त है जो मोहम्मद

283
00:19:45,920 --> 00:19:50,000
से लाइनेज में जुड़ा हुआ हो मोहम्मद साहब से लाइनेज

284
00:19:50,000 --> 00:19:54,080
में जो नहीं जुड़ेगा उसको कुरान की व्याख्या एट द एंड उसका

285
00:19:54,080 --> 00:19:58,160
अधिकार नहीं है अगर कोई व्यक्ति करता है कुरान की व्याख्या

286
00:19:58,160 --> 00:20:02,280
जो लाइनेज वालों के विरोध में है तो वो मान्य नहीं हो सकती ना जैसे

287
00:20:02,280 --> 00:20:06,360
कि कोई व्यक्ति वेदों की व्याख्या करता है जो लाइनेज वाले जो

288
00:20:06,360 --> 00:20:10,800
वैदिक लोग हैं उनके विरोध में है तो वो मान्य नहीं है जैसे हमारे यहां सभी संप्रदाय हैं

289
00:20:10,800 --> 00:20:14,840
मगर आर्य समाज आकर के वेदों की व्याख्या करता है तो हम मानते हैं क्या

290
00:20:14,840 --> 00:20:20,000
नहीं मानते क्योंकि वो लाइनेज में नहीं है तो

291
00:20:20,000 --> 00:20:24,120
तो यह जो सिद्धांत है परंपरा का यह परंपरा का सिद्धांत उसने खुद

292
00:20:24,120 --> 00:20:28,360
तोड़ा फिर भी वो परंपरा को फॉलो कर रहा है परंपरा के सिद्धांत को तो ये सिद्धांत

293
00:20:28,360 --> 00:20:32,600
कहां आ यह सिद्धांत हमारे यहां से आया ना एवं परंपरा प्राप्ति

294
00:20:32,600 --> 00:20:36,760
मम मुंडकोपनिषद ंद उपनिषद य हमारे

295
00:20:36,760 --> 00:20:40,480
य से आया तो तो य माने कि व लोग धर्म

296
00:20:40,480 --> 00:20:45,000
कॉपी कर रहे क भले उ अरे मेरे भाई

297
00:20:45,000 --> 00:20:49,080
कुछ अंशों में दुनिया का हर व्यक्ति धर्म का पालन कर करता हुआ

298
00:20:49,080 --> 00:20:53,240
मिल जाएगा मैं बोल तो रहा हूं तो उस कुछ अंशों के हिसाब से उसे

299
00:20:53,240 --> 00:20:57,240
धार्मिक नहीं कहेंगे कंक्लूजन के हिसाब से कहेंगे

300
00:20:57,240 --> 00:21:01,360
आप बारबार मेरे से निकली हुई कोई बात को इस तरह से प्रस्तुत करने

301
00:21:01,360 --> 00:21:05,600
का प्रयास ना करें कि मैंने कुरान को प्रेज कर दिया चलिए य तो माना कि कुरान

302
00:21:05,600 --> 00:21:09,680
कॉपी की गई है यही से कॉपी है ये प्रयास मत करिए

303
00:21:09,680 --> 00:21:13,880
मेरे शब्दों को अपने अनुसार प्रस्तुत करने का प्रयास मत करिए

304
00:21:13,880 --> 00:21:19,880
ठीक है मैं घोर विरोधी हूं घोर

305
00:21:20,440 --> 00:21:24,880
विरोधी ही समर्थ नहीं इस बात

306
00:21:24,880 --> 00:21:29,000
इस बात प कलूड करते है कि हा भले ही उन लोगों ने कपी सिंस

307
00:21:29,000 --> 00:21:33,480
उनका कंक्लूजन अलग है इसलिए वो धर्म विरोधी किताब है हम लोग उसको नहीं मानते

308
00:21:33,480 --> 00:21:37,720
ठीक है अब अब नेक्स्ट पार्ट प

309
00:21:37,720 --> 00:21:41,880
जितने भी लोग अब इस इसपे बात करिए कि

310
00:21:41,880 --> 00:21:45,880
कुरान वो अल्लाह को और कृष्ण को

311
00:21:45,880 --> 00:21:50,160
एक क्यों कहता है स्पन हां तो अब मेरा नेक्स्ट

312
00:21:50,160 --> 00:21:54,800
क्वेश्चन ये है कि ऐसा कब कहा गया और किस कंटेक्सकंपैट है

313
00:21:54,800 --> 00:22:00,480
ऐसे डायरेक्टली बोल देना कि कृष्ण अल्ला सेम है ऐसे आपका

314
00:22:00,480 --> 00:22:04,800
आपका परिचय किस चीज का परिचय आपका नाम

315
00:22:04,800 --> 00:22:08,960
आपको स्कोन का ज्ञान कहां से मिला वो अच्छा मेरा

316
00:22:08,960 --> 00:22:13,160
नाम आदित्य निहाल कुमार सिंह है मैं इकन का ज्ञान

317
00:22:13,160 --> 00:22:17,400
जितना भी है प्रभुपाद की किताबों से पढ़ा हूं और इसन

318
00:22:17,400 --> 00:22:21,600
के द्वारा दिए गए जितने भीय में वीडियोस है उनको प्रभुपाद की किताबों से पढ़

319
00:22:21,600 --> 00:22:25,960
के कं करता हूं मतलब डायरेक्ट आपके पास कोई ऑथराइज

320
00:22:25,960 --> 00:22:30,000
बंदा नहीं है जो प्रभुपाद की चीजों को ा कर सके तुम जो समझ

321
00:22:30,000 --> 00:22:34,040
रहे हो वो सही है या गलत है प्रभुपाद ने बुक में सब कुछ

322
00:22:34,040 --> 00:22:35,840
समझा दिया है

323
00:22:35,840 --> 00:22:40,000
सारे के सारे मतलब एक्सप्लेनेशन इ कंप्लीट

324
00:22:40,000 --> 00:22:44,200
कुछ और जरूरत नहीं है उसम जरूरत नहीं है बुक इट

325
00:22:44,200 --> 00:22:48,680
क्या लगता रामानुजर शंकराचार्य जी कमतर थे थोड़े प्रभुपाद

326
00:22:48,680 --> 00:22:52,880
जी से तो इनम आवश्यकता क्यों पड़ी उनके बाद उनके

327
00:22:52,880 --> 00:22:57,080
शिष्य से जाकर समझना उनके ज्ञान को हा क्योंकि

328
00:22:57,080 --> 00:23:01,240
क्योंकि वही तो एकली हम ऐसा नहीं बोल रहे कि मतलब प्रभुपाद

329
00:23:01,240 --> 00:23:05,280
के बा कि की जरूरत नहीं है इसलिए स्न भी और बहुत सारे गुरु भी जरूरत का

330
00:23:05,280 --> 00:23:09,320
उद्देश्य क्या है वो आप ही बोलिए अभी आप ही मेरा आंसर देंगे बोलिए

331
00:23:09,320 --> 00:23:13,320
हा तो जो मेरा अंडरस्टैंडिंग है की काल और

332
00:23:13,320 --> 00:23:17,360
समय के हिसाब से जो एक जो ट्रुथ है जो सनातन

333
00:23:17,360 --> 00:23:21,400
सत्य है उसको कैसे फॉलो करना है वह कम से कम

334
00:23:21,400 --> 00:23:25,440
हो सकता है कभी क्लियर ना हो इसलिए गुरु की जरूरत है

335
00:23:25,440 --> 00:23:29,640
जो इस करंट कंटेस्ट में जो मेरा पर्सनल प्रॉब्लम्स है

336
00:23:29,640 --> 00:23:33,840
मेरे आध्यात्मिक जर्मन जर्नी को लेकर उसम मेरा हेल्प करे उसम

337
00:23:33,840 --> 00:23:38,000
मुझे गाइड करें इसलिए हर हर बार न आपको बहुत सरल व्याख्या

338
00:23:38,000 --> 00:23:42,200
में बता दे रहा हूं कि

339
00:23:42,200 --> 00:23:46,440
बहुत सिंपल है हर दूसरे दिन एक ही शब्द

340
00:23:46,440 --> 00:23:50,560
का एक नया अर्थ निकल रहा है ठीक है

341
00:23:50,560 --> 00:23:51,200
हर दूसरे

342
00:23:51,200 --> 00:23:55,200
दिन एक ही शब्द का नया अर्थ निकल रहा है इसका मतलब क्या

343
00:23:55,200 --> 00:23:59,960
है कि भाषा में क्या आ रही है विकृति

344
00:23:59,960 --> 00:24:03,960
हम लोग आज वेद वेद को जब पढ़ते हैं मान लो ए इट अनुवाद पढ़ते हमको

345
00:24:03,960 --> 00:24:07,960
लगता है कैसे लिखा है इन्होंने क्या सीधे सीधे नहीं लिख सकते थे बात को उन्होंने

346
00:24:07,960 --> 00:24:12,160
सीधे ही सीधे लिखा था हमारी भाषा बदलते बदलते इतनी विकृति

347
00:24:12,160 --> 00:24:16,160
आ गई कि आज वो जो सीधे सीधे लिखा हुआ था आज हमको समझ में नहीं आ रहाय कैसे लिखा

348
00:24:16,160 --> 00:24:20,280
है और जितने भी ऐसे आप टेक्स्ट देखिएगा वो

349
00:24:20,280 --> 00:24:24,440
सीधे सधे नहीं लगेंगे आप जितने पुराने होंगे उतना ही टेढ़े मेढे

350
00:24:24,440 --> 00:24:28,960
लग तो भाषा में विकृति आती जाती है

351
00:24:28,960 --> 00:24:33,240
तो उस आई हुई विकृति को उस समय धारा में जिसने गुरु से भी वह ज्ञान

352
00:24:33,240 --> 00:24:37,240
सुना हो वह वेरीफाइड करते हैं कि अगर आपको

353
00:24:37,240 --> 00:24:41,440
चार मतलब निकल रहे हैं मास का अर्थ गुदा भी है मास का अर्थ पशु से मिलने

354
00:24:41,440 --> 00:24:45,520
वाला मास भी है मास का अर्थ फल का गुदा भी है मास का

355
00:24:45,520 --> 00:24:49,560
अर्थ जानवर का गुदा भी है तो यहां पर मास का अर्थ कौन सा

356
00:24:49,560 --> 00:24:54,160
वाला लेना है यह वही बताया यह वही बताएगा जिसने डायरेक्टली

357
00:24:54,160 --> 00:24:58,600
उस गुरु से बात को सुना हो तो ऐसे ही प्रभुपाद

358
00:24:58,600 --> 00:25:02,720
जी की जो लिखा लेखनी है उसके जब दो अर्थ

359
00:25:02,720 --> 00:25:06,480
निकल रहे होंगे कोई ऐसा शब्द यूज किया होगा उन्होंने जिसके

360
00:25:06,480 --> 00:25:10,760
दो अर्थ निकल रहे हैं तो उनमें से वो अर्थ माना जाएगा जो उनके

361
00:25:10,760 --> 00:25:15,240
ऑथेंटिक शिष्य जो होंगे वह स्वीकार करेंगे और

362
00:25:15,240 --> 00:25:19,440
वो नहीं माना जाएगा जो अल्लर बिल्लर तरीके से इधर उधर यट

363
00:25:19,440 --> 00:25:23,640
पर बैठ कर के देख ले रहे हैं या पढ़ ले रहे हैं वो नहीं माना जाएगा जो ऑथेंटिक

364
00:25:23,640 --> 00:25:28,320
उनके द्वारा जो चयन किए गए उनके उत्तराधिकारी है उनके द्वारा नियुक्त है

365
00:25:28,320 --> 00:25:32,640
डायरेक्ट उनकी लाइनेज में है वो माना जाएगा प्रभुपाद जी ने ये कहा

366
00:25:32,640 --> 00:25:35,600
ठीक है ट

367
00:25:35,600 --> 00:25:39,600
राट अब ये सब मैंने व्याख्या क्यों पूछी और क्यों

368
00:25:39,600 --> 00:25:43,680
बताई आपने पहला क्वेश्चन किया कि प्रभुपाद ने कहां

369
00:25:43,680 --> 00:25:48,000
कहा किस कटेक्स में कहा ठीक है तो उन्होंने

370
00:25:48,000 --> 00:25:52,080
बुक में भी लिखा है मैंने कल भी दिखाया था स्न की

371
00:25:52,080 --> 00:25:56,240
बुक में लिखा हैन की बुक में लिखा है

372
00:25:56,240 --> 00:25:59,560
और लखनऊ

373
00:25:59,560 --> 00:26:03,720
प्रेसिडेंट मंदिर के प्रेसिडेंट ने बोला है

374
00:26:03,720 --> 00:26:07,760
यहोवा कृष्ण और अल्लाह एक है

375
00:26:07,760 --> 00:26:12,680
और भी बहुत तमाम सारी जगह मिल जाएगा मगर

376
00:26:12,680 --> 00:26:16,800
फिलहाल फिलहाल मैंने आपको दो चीज बता दी कृष्णा नाम की बुक

377
00:26:16,800 --> 00:26:20,880
है उसमें शुरू में ही आपको मिल जाएगा कि कृष्ण अल्ला जवा एक है

378
00:26:20,880 --> 00:26:21,760
नहीं नहीं कृष्णा

379
00:26:21,760 --> 00:26:25,960
बक सब नहीं कृष्णा बुक में नहीं लिखा हुआ है प्रभुपाद ने तो

380
00:26:25,960 --> 00:26:30,080
नहीं बोला ऐसा कु प्रभ क्लेम कर रहा इसकन ऐसा क्यों

381
00:26:30,080 --> 00:26:34,400
बोलता है इसकन ऐसा नहीं बोलता इसन

382
00:26:34,400 --> 00:26:38,560
मैं बोल रहा बक में लिखा हुआ है कौन से बुक में इसीलिए

383
00:26:38,560 --> 00:26:42,760
दिक्कत है देखिए इसीलिए दिक्कत है अब आप यहां पर एक डिफेंड करने आए

384
00:26:42,760 --> 00:26:46,800
हो प्रभुपाद जी को आप उनकी ऑथेंटिक लाइनेज

385
00:26:46,800 --> 00:26:51,000
से जुड़े हुए हो नहीं क्योंकि आपने उनके किसी ऑथेंटिक शि से शिक्षा

386
00:26:51,000 --> 00:26:55,000
दीक्षा प्राप्त की नहीं उसके बाद फिर

387
00:26:55,000 --> 00:26:59,040
क्या है कि आपने कहा कि प्रभुपाद जी ने सब लिख दिया है अब आप मुझसे पूछ

388
00:26:59,040 --> 00:27:03,400
रहे हैं कब कहा किस कांटेक्ट में कहा यानी कि आपको मालूम है कि उन्होंने

389
00:27:03,400 --> 00:27:08,000
कब कहा है और आपको उनका सही कांटेक्ट मालूम है राइट

390
00:27:08,000 --> 00:27:12,120
राइट है ना मगर जब जब मगर आप मुझसे फ फिर पूछ

391
00:27:12,120 --> 00:27:16,280
रहे हो कि उन्होंने कहां लिखा है और जब मैं कह रहा हूं कि लिखा है तो आप बोल

392
00:27:16,280 --> 00:27:20,400
रहे नहीं लिखा है आप जब ये क्लेम कर रहे हो कि उन्होंने अपनी बुक

393
00:27:20,400 --> 00:27:24,640
में सब कुछ लिख दिया है जरूरत ही नहीं है आपने अभी क्लेम किया

394
00:27:24,640 --> 00:27:29,080
इसका मतलब है कि आपने उनकी सारी बुक देख ली ना यस

395
00:27:29,080 --> 00:27:33,640
फय ब कैसे ब जो मैं आपको दिखाने वाला हूं हा वही तो

396
00:27:33,640 --> 00:27:36,760
कहना चाह रहे ना प्रभुने देख लिए

397
00:27:36,760 --> 00:27:40,920
कि नहीं देख लिए हा कृष्णा मैंने देखा है तो उसम आपको

398
00:27:40,920 --> 00:27:45,560
नहीं मिला कृष्णला जवा एक है नहीं पका

399
00:27:45,560 --> 00:27:50,200
पक्का चलिए दिखा देता हूं कल आपने र जवाइन किया था क्या

400
00:27:50,200 --> 00:27:52,910
हा

401
00:27:52,910 --> 00:27:58,910
[संगीत]

402
00:28:33,480 --> 00:28:38,520
यह देखिए ये कृष्णा बुक है

403
00:28:38,520 --> 00:28:42,640
ये देखिए भूमिका ऊपर ऊपर लिखी है भूमिका यह देखिए

404
00:28:42,640 --> 00:28:47,200
क्या लिखा है मेरे पास बुक इंग्लिश में है पढ पढ़

405
00:28:47,200 --> 00:28:52,080
पढ किस पेज में है ये तो बता ये देखिए

406
00:28:52,080 --> 00:28:56,160
आप देख लीजिए

407
00:28:56,160 --> 00:29:00,520
ना प्रभ जी आप शायद एक गलती कर रहे है यह जो लिखा हुआ हैय प्रभुपाद

408
00:29:00,520 --> 00:29:04,760
ने नहीं लिखा है मैंने कब क्लेम किया कि प्रभुपाद ने नहीं लिखा है यह जॉर्ज

409
00:29:04,760 --> 00:29:08,960
हैरिसन ने लिखा हुआ है अपने मैसेज नहीं पहले पहले आप ये बताइए

410
00:29:08,960 --> 00:29:13,120
मैंने कब कहा कि प्रभुपाद ने लिखा है ये आप ऐसे कृष्णा का बुक दिखा

411
00:29:13,120 --> 00:29:17,320
रहे हो बोल रहे हो कि प्रभुपाद ने बोला कि कृष्णा कष्णा बुक में लिखा है ना या किसी

412
00:29:17,320 --> 00:29:21,320
और बुक में लिखा है कृष्णा बुक में जॉर्ज रिसन का मैसेज

413
00:29:21,320 --> 00:29:25,400
है प्रीफेस में अरे मेरे भाई जर्ज हेसन का मैसेज अगर गलत

414
00:29:25,400 --> 00:29:29,520
है तो यहां क्यों छपा है

415
00:29:29,520 --> 00:29:33,800
जॉर्ज हैरिसन का मैसेज ऐसे प्रीफेस छपा है वो बुक में नहीं छपा बुक में

416
00:29:33,800 --> 00:29:37,800
अरे मेरे भाई हम अपनी बुक में वही बात छापें ना जो सही हो कि वो भी

417
00:29:37,800 --> 00:29:42,040
छाप देंगे जो सही नहीं है किसी ने कुछ उल्टा सीधा बोल दिया हमारे बारे में वो छाप दोगे

418
00:29:42,040 --> 00:29:46,920
अभी मैं बोल दू प्रभुपाद जी गलत है कौन गलत है छाप दोगे उसको

419
00:29:46,920 --> 00:29:51,200
नहीं नहीं नहीं उसको उसको एकदम निशा पहला पहला बात जॉर्ज

420
00:29:51,200 --> 00:29:55,440
हैरिसन अगेन को परंपरा प्राप्त आचार्य ऐसा

421
00:29:55,440 --> 00:29:59,800
नहीं है आप मुझे बताइए स्न की बुक में क्या कर रहा है

422
00:29:59,800 --> 00:30:04,440
इकन के बुक में ये दिखाया गया है कि जॉर्ज हैरिसन ऐसे

423
00:30:04,440 --> 00:30:08,720
मतलब पर्सनालिटी जो पूरे वर्ल्ड में फेमस है

424
00:30:08,720 --> 00:30:13,240
उनको तक प्रभुपाद ने कैसे कृष्ण भक्त बनाया जो

425
00:30:13,240 --> 00:30:17,240
लोग जर्ज एन स्कन के अनुसार सच बोल रहे हैं

426
00:30:17,240 --> 00:30:21,280
या झूठ बोल रहे हैं पहले आपको

427
00:30:21,280 --> 00:30:25,360
ये समझना हो कि जॉर्ज हैरिसन भारत के नहीं है

428
00:30:25,360 --> 00:30:29,120
तो उनके पास जो कंपशन है भगवान

429
00:30:29,120 --> 00:30:33,240
जर्ज रिसन का यहां पर एक वक्तव्य लिखा हुआ

430
00:30:33,240 --> 00:30:37,440
है तो स्कन के अनुसार जॉर्ज एरिसन सच्चे व्यक्ति

431
00:30:37,440 --> 00:30:41,760
है या झूठे व्यक्ति है इसकन के

432
00:30:41,760 --> 00:30:44,600
इसकन के ज्ञान के सिष्य है जॉर्ज हैरिसन

433
00:30:44,600 --> 00:30:48,760
और उन्होंने यह पत्र लिखा एप्पल कंपनी सेकन के ज्ञान

434
00:30:48,760 --> 00:30:53,240
के शि है ना यानी कि उनके परंपरा हो गए

435
00:30:53,240 --> 00:30:57,480
ना वही ही इ नॉट ऑथराइज टू लेक्चर

436
00:30:57,480 --> 00:31:01,960
मतलब अरे मेरे भाई यानी कि वो झूठ बोल सकता है

437
00:31:01,960 --> 00:31:05,960
ना हा हां तो फिर जब वो झूठ बोल

438
00:31:05,960 --> 00:31:09,960
सकता है तो उसकी यह कहानी क्यों सुनी जा रही है कि वह कैसे सही हुआ

439
00:31:09,960 --> 00:31:14,000
वो भी तो झूठी हो सकती है

440
00:31:14,000 --> 00:31:18,160
ये बुक भागवत के बारे में है जो

441
00:31:18,160 --> 00:31:22,200
फिर मेरे भाई मैं पूछ रहा हूं कि जो झूठा व्यक्ति है जिस पर

442
00:31:22,200 --> 00:31:26,240
हमको विश्वास नहीं है उसकी कहानी य क्यों दिखाई जा रही है दुनिया

443
00:31:26,240 --> 00:31:30,360
को कि जॉर्ज एडिसन का जीवन कैसे बदला उसको कैसे भक्त बनाया

444
00:31:30,360 --> 00:31:34,560
प्रभुपाद जी ने वही तो वो वही

445
00:31:34,560 --> 00:31:38,760
तो पूरा पॉइंट है दिखाने का कि मतलब ऐसा आदमी

446
00:31:38,760 --> 00:31:42,920
जिस वो जो बोल रहा है जो व्यक्ति बोल रहा है वो तो झूठ

447
00:31:42,920 --> 00:31:47,200
बोल रहा है ना उसकी बात तो झूठ हो सकती है ना तो झूठे स

448
00:31:47,200 --> 00:31:51,280
पर नहीं है झूठ हो सकता है झूठे क्यों बोल रहे हो यानी कि यहां जो इसने बोला झूठ

449
00:31:51,280 --> 00:31:55,560
नहीं है सच है वो अपने पर्सपेक्टिव

450
00:31:55,560 --> 00:31:59,560
से बोला भा बात झूठ बोल रहा है कि नहीं बोल रहा है

451
00:31:59,560 --> 00:32:02,120
भाई

452
00:32:02,120 --> 00:32:06,400
साहब वो झूठ बोल रहा है या नहीं बोल रहा है अब पूरा पेज पढ़ना

453
00:32:06,400 --> 00:32:10,400
पड़ेगा कि उसने क्या क्या बोला तब पढ़ लीजिए पढ़ लीजिए आप लोग कह रहे थे कि आपने पहले ही

454
00:32:10,400 --> 00:32:14,520
पढ़ लिया है और दूसरी बात केवल यही नहीं है हम

455
00:32:14,520 --> 00:32:18,760
आपको वो प्रेसिडेंट वाला वीडियो दिखा दीजिए इनको

456
00:32:18,760 --> 00:32:22,800
यस यस और ऑफकोर्स बहुत सारे इंटरव्यूज में भी जब प्रभुपाद

457
00:32:22,800 --> 00:32:27,000
विदेश में थे बहुत सारे रिपोर्टर्स ने पूछा कि आप जीसस क्राइस्ट को कैसे देखते

458
00:32:27,000 --> 00:32:31,560
हैं आप अल्लाह को कैसे देखते हैं स्ट्रेट क्वेश्चन उनके फेस पर मतलब

459
00:32:31,560 --> 00:32:36,040
क्योंकि भा उस समय भी लोग का इंटेंशन था कि कैसे करके इन्ह फसाए

460
00:32:36,040 --> 00:32:40,080
होता है ना कि मतलब ये लोग कैसे डिस स्पेक्ट कर दे जीसस या अल्ला

461
00:32:40,080 --> 00:32:44,160
का फिर हम लोग इन्ह टारगेट करें और उस कंटेस्ट में प्रभुपाद ने

462
00:32:44,160 --> 00:32:48,400
ये सोच हा यार जो भी इमेज तुम लोग के मन में है एक ल पावरफुल क्रिएशन

463
00:32:48,400 --> 00:32:52,400
का वो कृष्णा ही है प्रभुपाद ने कभी नहीं बो

464
00:32:52,400 --> 00:32:56,520
मेरे भाई अभी हम लोग बात य कर रहे है कि

465
00:32:56,520 --> 00:33:00,800
उन्होंने बात स्वीकार की कि नहीं स्वीकार की है कि अल्लाह कृष्ण

466
00:33:00,800 --> 00:33:05,000
जवा एक है ठीक है क्योंकि क्योंकि सब कृष्ण

467
00:33:05,000 --> 00:33:09,240
है क्यों नहीं तो फिर आपने इतनी देर मुझसे क्यों लड़े इतनी

468
00:33:09,240 --> 00:33:13,400
देर आप मुझसे क्यों बड़े कि उन्होंने बात कही नहीं है

469
00:33:13,400 --> 00:33:17,120
कोई बुक में नहीं उनके किसी भी क्या मतलब है अगर आपको

470
00:33:17,120 --> 00:33:21,120
य पता है मेरे भाई उन्होने स्वीकार किया है अल्ला कृष्ण एक

471
00:33:21,120 --> 00:33:25,320
है तो आप मुझे केवल य गलत साबित करने आब आपको मालूम है उन्होंने स्वीकार

472
00:33:25,320 --> 00:33:29,440
किया है उन्होने स्वीकार वही तो समझने की कोशिश कीजिए

473
00:33:29,440 --> 00:33:34,040
एक ऐसे सिचुएशन में जिसमें आप विदेशी कंट्री में है आपको रिपोर्टर

474
00:33:34,040 --> 00:33:38,120
यार कितना घुमावदार आप लोग बातें करते हो एक बात बोलो मेरे

475
00:33:38,120 --> 00:33:42,360
भाई उन्होंने दबाब के कारण कहा

476
00:33:42,360 --> 00:33:46,880
उन्होंने दबाब के कारण भी कहा तो सही कहा

477
00:33:46,880 --> 00:33:51,040
के कारण भी कहा तो सही कहा मतलब कृष्ण और अल्लाह एक है

478
00:33:51,040 --> 00:33:55,680
अल्लाह जिनको लोग मान रहे वो कृष्ण ही है ये वो कहना चाहता है

479
00:33:55,680 --> 00:33:59,920
ये बात बारबार बोला करो ल बन तो अच्छा अच्छे से बनती है री

480
00:33:59,920 --> 00:34:03,920
ये बात बोला करो बारबार तो अल्लाह

481
00:34:03,920 --> 00:34:07,920
जो है वो कृष्ण ही है अब मुझे ये बता दीजिए कि

482
00:34:07,920 --> 00:34:12,040
अल्लाह के विषय में आप क्यों

483
00:34:12,040 --> 00:34:16,160
कह रहे हैं कि अल्लाह कृष्ण ही है जितने भी

484
00:34:16,160 --> 00:34:20,440
लोग मुस्लिम धर्म को मानते हैं वो लोग उस स शक्तिशाली

485
00:34:20,440 --> 00:34:24,440
शक्ति को अल्लाह कहते हैं जो सच में कृष्ण ही

486
00:34:24,440 --> 00:34:28,680
है होता है ना उसको अल्लाह के नाम से बुला रहे उन लोग की बेवकूफी है पर है वो कृष्ण

487
00:34:28,680 --> 00:34:32,520
ही और प्रभुपाद ने वही वो बोला उसमें कुछ गलत नहीं है

488
00:34:32,520 --> 00:34:37,080
मतलब जो लोग भी क्या कहते हैं

489
00:34:37,080 --> 00:34:41,240
क्योंकि वह सर्वशक्तिमान कह रहे हैं उसे तो इसलिए जिसको वो कह

490
00:34:41,240 --> 00:34:45,440
रहे है जो नाम वो ले रहे है वो कृष्ण है जिनके उनके मन

491
00:34:45,440 --> 00:34:49,560
में जो पिक्चर है कि हां यार होता है ना कोई है जो पूरा दुनिया बनाया जो सब कुछ

492
00:34:49,560 --> 00:34:53,640
कंट्रोल करता है उसका नाम उनको नहीं पता उनका नाम उनको लगता है कि उनका नाम अल्लाह

493
00:34:53,640 --> 00:34:57,760
है फिर प्रभुपाद जी आते हैं और उनको ज्ञान देते हैं कि देखो भाई जिनको तुमला

494
00:34:57,760 --> 00:35:01,920
बोल रहे अला नहीं कृष्णा है तो ए

495
00:35:01,920 --> 00:35:06,000
ट्स वा मतलब इसलिए उन्होने बुक में लिखा और उन्होंने कभी

496
00:35:06,000 --> 00:35:10,400
यह नहीं बोला है कि कृष्णा अल्ला है उन्होंने बोला है कि अल्लाह कृष्णा है

497
00:35:10,400 --> 00:35:14,400
ऐसे डायरेक्ट इक्वल टू लिखना मैं अभी आपको एक वीडियो दिखा दीजिए इनको

498
00:35:14,400 --> 00:35:19,240
पहले उनके जो ऑथराइज लोग है वो क्या कहते हैं

499
00:35:19,240 --> 00:35:23,440
ऑथराइज लोग है वो क्या कहते हैं इनको वीडियो दिखा दीजिए में यह बोला

500
00:35:23,440 --> 00:35:27,680
गया शास्त्र के विभिन्न गहराइयां इनम

501
00:35:27,680 --> 00:35:31,840
छ शॉर्ट बना रखा है हमने शॉर्ट वाला दिखाइए एक छोटा शॉर्ट बहुत पहले के शॉर्ट

502
00:35:31,840 --> 00:35:36,600
है वो दिखा दीजिए इ इन्हीं भाई साहब का शॉर्ट है वो

503
00:35:36,600 --> 00:35:40,600
दिखाइए उसमें डिंग डली होगी कृष्ण अल्लाह और जवा एक है मगर शिव और

504
00:35:40,600 --> 00:35:45,240
अल्लाह एक नहीं है तो सुनिए आपने कहा

505
00:35:45,240 --> 00:35:48,000
कि लोग जो ऐसा सोचते

506
00:35:48,000 --> 00:35:52,120
हैं कि सब कुछ बनाने वाला जो है वो अल्लाह है तो

507
00:35:52,120 --> 00:35:56,640
वो अल्लाह नहीं है वो कृष्ण है यस यस एक्ली

508
00:35:56,640 --> 00:36:02,640
ठीक है ठीक मिनट हो ग एक मिनट हो मैं

509
00:36:29,560 --> 00:36:33,560
हा सुं बोलिए अब आपने कहा कि क्योंकि वो लोग

510
00:36:33,560 --> 00:36:37,560
ऐसा मानते हैं कि किसी ने दुनिया बनाई है इसलिए अगर वह

511
00:36:37,560 --> 00:36:41,720
दुनिया बनाने वाले को अल्लाह कह रहे हैं तो वह अल्लाह

512
00:36:41,720 --> 00:36:45,760
नहीं है वोह कृष्ण है यस पहली बात तो ये

513
00:36:45,760 --> 00:36:51,760
आ जाती है कि वो अल्लाह नहीं है वो कृष्ण है यह लाइन कहां पर मिलेगी हमें पढ़ने

514
00:36:52,520 --> 00:36:56,720
को वो लाइन तो जब व लिखा हुआ है कि अल्लाह कृष्ण है उसका मतलब

515
00:36:56,720 --> 00:37:00,840
साफ है वो अल्लाह नहीं है कृष्ण वो लोग पागल

516
00:37:00,840 --> 00:37:05,080
है जो ऐसा बोल रहे हैं उसको अल्लाह बोल रहे हैं ये लाइन कहां मिलेगी अब

517
00:37:05,080 --> 00:37:09,360
देखिए ये लाइन हम कहां खोज के ले कि ये नहीं है वो है वही तो ऐसी बात

518
00:37:09,360 --> 00:37:13,440
आपने आपने प्रभुपाद जी को समझ लिया है ना तो आपने वो चीज पढ़ी होगी ना

519
00:37:13,440 --> 00:37:17,600
कहीं जहां उन्होंने एक्सप्लेन किया होगा वो कहां से पढ़ा हां

520
00:37:17,600 --> 00:37:21,760
कहां से पढ़ा उनकी बुक से ही पढ़ा उनकी बुक से प

521
00:37:21,760 --> 00:37:25,800
एक्सप्लेन कौन सी बु कौन सी बु मुझे याद नहीं है

522
00:37:25,800 --> 00:37:29,960
एक्जेक्टली मुझे उस नहीं नहीं उ उसम

523
00:37:29,960 --> 00:37:34,000
वो एक्सप्लेन करते हैं कि जो बाकी सब धर्मों में भी जैसे

524
00:37:34,000 --> 00:37:38,120
क्राइस्ट बोल रहे है तो कृष्णा वर्ड से विकृत होके आया

525
00:37:38,120 --> 00:37:42,200
है बो मैं आपको एपल दे रहा हूं

526
00:37:42,200 --> 00:37:46,200
मैं एक अपनी किताब लिखता हूं मैं अभी अपनी एक किताब

527
00:37:46,200 --> 00:37:50,760
लिखता हूं उसमें मैं लिखता हूं कि जिसने

528
00:37:50,760 --> 00:37:55,520
ईश्वर जिसने दुनिया बनाई है हम लोग मैं एक ऐसे

529
00:37:55,520 --> 00:37:59,680
एंटिटी को मानता हूं जिसने दुनिया नाई है और जो है

530
00:37:59,680 --> 00:38:03,680
वो अवतार नहीं ले सकती कुछ चीज विरोध कर दिया

531
00:38:03,680 --> 00:38:07,600
और कुछ चीज वो जो ईश्वर के संबंध में होती है वो कुछ चीजें लिख दी

532
00:38:07,600 --> 00:38:13,040
ठीक है और मैंने लिखा कि उस एंटिटी का नाम कबूतर

533
00:38:13,040 --> 00:38:17,200
है ठीक है तो आप क्या ये कहने लगेंगे कि कृष्ण

534
00:38:17,200 --> 00:38:21,320
और कबूतर एक है हां अच्छा अब इस पर हम आते

535
00:38:21,320 --> 00:38:25,400
हैं अब किसी की बुद्धि इतनी सीमित है कि उसको लगता है कि

536
00:38:25,400 --> 00:38:29,400
हा यार ऐसा कुछ एक्सिस्ट करता उसका नाम कबूतर तो हम आके उसको बोलेंगे या देखो

537
00:38:29,400 --> 00:38:33,680
जितना तुम सोच रहे हो वो तो सही है बस एक चीज चेंज कर लो कि तुम कबूतर कबूतर

538
00:38:33,680 --> 00:38:37,720
जिसको बोल रहे हो ना वो कृष्णा है अब एक बार जब तुम कृष्णा को मानोगे तो हम बे कृष्णा

539
00:38:37,720 --> 00:38:41,120
कौन है इसको देखिए पहले ये उनके थरा ऑथराइज लोग

540
00:38:41,120 --> 00:38:45,480
है यानी शिव को आप ये भी नहीं बोल सकते कि पूर्ण भौतिक है ये जीवात्मा है

541
00:38:45,480 --> 00:38:49,640
और ना उनको ये बोल सकते हैं कि ये पूर्ण ब्रह्म परब्रह्म परमात्मा है

542
00:38:49,640 --> 00:38:53,760
भगवान का स्थान कोई नहीं ले सकता और वह भगवान एक हैं उनको अल्लाह

543
00:38:53,760 --> 00:38:57,920
भी बोलते हैं उनको गॉड भी बोलते हैं उनको जेहोवा भी बोलते हैं उसमें

544
00:38:57,920 --> 00:39:02,120
कोई भेद नहीं कोई अल्लाह अलग नहीं है कृष्ण अलग नहीं है गॉड अलग

545
00:39:02,120 --> 00:39:02,620
नहीं है

546
00:39:02,400 --> 00:39:06,920
एक ही इसी तरीके ठीक है बस हटा

547
00:39:06,920 --> 00:39:10,960
दीजिए तो ये उनके अधिकृत लोग हैं जो बोल रहे हैं ठीक

548
00:39:10,960 --> 00:39:14,960
है उनके द्वारा जो ऑथराइज लोग है अब बात आती

549
00:39:14,960 --> 00:39:17,520
है

550
00:39:17,520 --> 00:39:21,760
कि मैंने अगर कोई बुक लिख दी और उसमें ये लिख

551
00:39:21,760 --> 00:39:26,200
दिया कि जो है वही

552
00:39:26,200 --> 00:39:28,680
बो

553
00:39:28,680 --> 00:39:32,920
उसने दुनिया बनाई है और उस दुनिया बनाने वाले का नाम कबूतर

554
00:39:32,920 --> 00:39:37,000
है तो आप यह कहेंगे कि नहीं कहेंगे कि कृष्ण

555
00:39:37,000 --> 00:39:40,160
ही कबूतर

556
00:39:40,160 --> 00:39:44,480
है जिसको तुम कबूतर समझ रहे हो वो कृष्ण है

557
00:39:44,480 --> 00:39:48,480
अरे भाई ये लाइन लिखी है ना ये बोल रहे है ना कृष्ण कृष्ण

558
00:39:48,480 --> 00:39:52,480
अल्लाह एक है इनम कोई भेद नहीं है तो आप ये लाइन बोलेंगे कि नहीं कबूतर

559
00:39:52,480 --> 00:39:56,480
और कृष्ण में कोई भेद नहीं है

560
00:39:56,480 --> 00:40:00,560
कबूतर क कोई भेद नहीं अल्लाह कृष्ण कोई भेद नहीं है ये कहा

561
00:40:00,560 --> 00:40:04,800
अभी मैंने आपको लाइन सुनाई कृष्ण अल्लाह और जवा में कोई भेद

562
00:40:04,800 --> 00:40:09,040
नहीं है तो आप यह बोलेंगे कि कबूतर कृष्ण और फलाने में कोई भेद

563
00:40:09,040 --> 00:40:12,360
नहीं है आप ये

564
00:40:12,360 --> 00:40:16,400
बोलेंगे हमको लगता है आप कांटेक्ट नहीं समझ पाए जो उन्होंने कहना चाह रहा था मैं

565
00:40:16,400 --> 00:40:20,760
समझ रहा हूं मैं सब समझ रहा हूं एक गुथ खोलता जाऊंगा मैं सब समझ रहा हूं

566
00:40:20,760 --> 00:40:25,240
आप मुझे बस ये बताइए कि अगर किसी बच्चे ने चा साल के बच्चे ने

567
00:40:25,240 --> 00:40:29,600
कोई किताब लिख दी जिसमें कुछ बातें आप से मैच खा रही है तो उस किताब

568
00:40:29,600 --> 00:40:33,600
के द्वारा जो एक एंटिटी बताई जा रही है उस एंटिटी को आप कृष्ण के बराबर खड़ा

569
00:40:33,600 --> 00:40:39,320
कर देंगे या यह बताएंगे किय बच्चे की कपोल कल्पना है इस पर विश्वास मत

570
00:40:39,320 --> 00:40:44,120
करो हम यह बताएंगे कि ये जो कपोल कल्पना है इसम

571
00:40:44,120 --> 00:40:48,120
फाइनल कंक्लूजन में तुम पहुचे वो गलत है वो कृष्ण है पर

572
00:40:48,120 --> 00:40:52,240
कहां लिखा है भाई वो लोग बोल रहे कृष्ण अल्ला एक है आप बोल रहे हो कि नहीं वो

573
00:40:52,240 --> 00:40:56,400
गलत है व गलत वाली लाइन कहां लिखी है अरे वही तो उन्होने

574
00:40:56,400 --> 00:41:00,600
बोला कि कृष्ण अल्लाह एक है ये नहीं बोला उन्होंने बोला मैं पूछ रहा हूं

575
00:41:00,600 --> 00:41:04,680
कि ये लाइन कहां लिखी है कि तुम्हारी कंक्लूजन गलत है

576
00:41:04,680 --> 00:41:09,640
प्रभुपाद जी ने कहां लिखा है देखिए

577
00:41:09,640 --> 00:41:14,000
श्रीवास जी बात ये है कि प्रभुपाद ये कृष्ण भक्ति फैलाने

578
00:41:14,000 --> 00:41:18,120
के लिए करने वाले थे वो देखिए दो बातें मत किया करिए

579
00:41:18,120 --> 00:41:22,280
या तो उन्होंने बोला तो बोला तो ठीक बोला इसपे लड़ या फिर उन्होंने

580
00:41:22,280 --> 00:41:26,320
गलत बोला तो क्यों बोला इस पर लड़ दो बातें मत किया करिए

581
00:41:26,320 --> 00:41:27,360
नहीं नहीं

582
00:41:27,360 --> 00:41:31,480
आप उसको डिफेंड कर रहे हैं कि उन्होंने जो बोला वो ठीक है फिर जब वो बात फसने लगती

583
00:41:31,480 --> 00:41:35,680
है तो ये ले आते है भक्ति फैलाने के लिए अब इस पर आ जाओ कि भक्ति फैलाने

584
00:41:35,680 --> 00:41:39,760
के लिए बोलना ठीक था कि नहीं ठीक था इस पर बात करनी है नहीं नहीं सबसे पहले हम

585
00:41:39,760 --> 00:41:43,880
पीछे वाले प सही था कि नहीं था करेक्ट

586
00:41:43,880 --> 00:41:47,920
लाइन थी कि नहीं थी जो आपकी मिस अंडरस्टैंडिंग है

587
00:41:47,920 --> 00:41:52,720
कि देखिए मैं पूछ रहा हूं करेक्ट लाइन थी कि नहीं थी इस पर बात करनी है

588
00:41:52,720 --> 00:41:56,840
या फिर इस पर बात करनी है कि वो इनकरेक्ट लाइन को बोलना ठीक था

589
00:41:56,840 --> 00:42:00,920
कि नहीं ठीक था किस पर बात करनी है क्योंकि जब आप

590
00:42:00,920 --> 00:42:04,920
जितनी अभी दो तीन बार आपने कर लिया कि उनको विदेशों में करना था यह क्या

591
00:42:04,920 --> 00:42:09,240
हो गया कि वहां पर ऐसा बोला तो सही बोला क्योंकि वहां की आवश्यकता

592
00:42:09,240 --> 00:42:13,280
थी आप या तो डिफेंड कर लीजिए कि उन्होंने इनकरेक्ट

593
00:42:13,280 --> 00:42:17,280
नहीं उन्होंने करेक्ट बोला दोबारा सुन लीजिए आप या तो डिफेंड कर लीजिए कि

594
00:42:17,280 --> 00:42:21,480
उन्होंने करेक्ट इनकरेक्ट नहीं बोला उन्होंने करेक्ट बोला या फिर यह डिफेंड

595
00:42:21,480 --> 00:42:25,640
कर लीजिए कि जो उन्होंने इनकरेक्ट बोला वो अगर इन परिस्थितियों में बोला

596
00:42:25,640 --> 00:42:30,120
तो सही किया उन्होंने तो कौन सी वाली बात पर आपको डिफेंड करना

597
00:42:30,120 --> 00:42:34,280
है उन्होने इनकरेक्ट नहीं बोला उन्होंने यही बोला कि जिसको

598
00:42:34,280 --> 00:42:38,400
भी तुम उन्होंने इक्ट नहीं बोला तो आप ये लाइन मत लाइगा भक्ति फैलाने के लिए

599
00:42:38,400 --> 00:42:42,400
विदेशों में वो प्रचार करने के लिए य लाइन मत बोलिएगा क्योंकि उन्होंने जो वही बोला

600
00:42:42,400 --> 00:42:46,440
जो सत्य है नहीं नहीं फिर क्योंकि क्योंकि आप फिर उसको चेंज

601
00:42:46,440 --> 00:42:50,520
कर रहे हो ना आप फिर बोल रहे हो कि तो चेंज कर रहे तो आप उसको चेंज मत होने दो ना

602
00:42:50,520 --> 00:42:55,080
य आप उनको डिफेंड करो ना आप क्यों आए हो

603
00:42:55,080 --> 00:42:59,240
मैं अगर गलत मतलब निकाल रहा हूं तो आप मतलब को सही करो ना

604
00:42:59,240 --> 00:43:03,280
कि उसका उसकी धारा ही बदल दोगे जितनी बार बात फसेगी उतनी बार बोल

605
00:43:03,280 --> 00:43:07,320
दोगे कि अरे भैया विदेशों में इसलिए आवश्यकता य ये बात हम लोग नहीं कर रहे

606
00:43:07,320 --> 00:43:11,360
हैं कि उन्होंने अगर अर्थ गलत बताया तो वो अर्थ

607
00:43:11,360 --> 00:43:15,440
गलत बताना सही था या गलत था ये नहीं पूछ रहे अभी बात चल रही है

608
00:43:15,440 --> 00:43:19,520
कि अर्थ गलत है या सही है तो गलत है या सही

609
00:43:19,520 --> 00:43:23,680
है प बात करनी है या फिर इस पर बात करनी है कि अगर गलत अर्थ बता रहे हो तो सही

610
00:43:23,680 --> 00:43:28,160
सही कर रहे हो कि गलत कर रहे हो बताइए ओके सही

611
00:43:28,160 --> 00:43:32,160
उन्होंने सही बोला उस परे डिस्कस करना तो अभी मैं आपसे पूछ

612
00:43:32,160 --> 00:43:36,160
रहा हूं कि अगर कोई कोई चार साल का

613
00:43:36,160 --> 00:43:40,480
पाच साल का बच्चा कुछ लिख दे के एक है एक जो है

614
00:43:40,480 --> 00:43:44,680
तात्या टोपे लोटिया पठान उसने दुनिया बनाई है यह

615
00:43:44,680 --> 00:43:48,720
किया है वो किया है और वो जो है यहां पर बाजार लगाता है लड़कियों का

616
00:43:48,720 --> 00:43:52,760
यह करता है वो करता है तो क्या हम उसको यह

617
00:43:52,760 --> 00:43:57,520
बताने की बजाय कि नहीं भैया ये तुम्हारी जो चीजें है ये सब गलत है

618
00:43:57,520 --> 00:44:01,880
और जो वास्तविकता है दुनिया बनाने वाला यह है वो वेदों के द्वारा प्रतिपादित

619
00:44:01,880 --> 00:44:05,960
होता है यह सब बताने की बजाय हम ये कहने लगेंगे तात्या टोपे और जो

620
00:44:05,960 --> 00:44:11,200
ये है भगवान श्री कृष्ण एक है

621
00:44:11,200 --> 00:44:16,160
बोलिए पहला बात जो भी

622
00:44:16,160 --> 00:44:20,160
कि उस बच्चे का गलत थ्योरी है वो तो एक्सटेंड नहीं किया जा रहा

623
00:44:20,160 --> 00:44:24,160
है बस कहा मैंने आपसे भाई साब देखिए मैंने आपको शुरू

624
00:44:24,160 --> 00:44:28,600
में ही बताया था आप पहले जो एक्सप्लेन करने जा रहे हैं हां उसका मुझे हेडलाइन

625
00:44:28,600 --> 00:44:32,680
दे दीजिए जिससे मुझे पता रहे आप एक्सप्लेन क्या करने वाले हैं हां रे

626
00:44:32,680 --> 00:44:36,720
ठीक है तो हेडलाइन पहले बताइए मैंने पूछा कि एक चार

627
00:44:36,720 --> 00:44:40,920
साल के बच्चे ने एक किताब लिखी उसमें लिखा दुनिया

628
00:44:40,920 --> 00:44:45,000
बनाने वाले का नाम गोपीचंद है वो दुनिया बनाने वाला चूहे

629
00:44:45,000 --> 00:44:49,080
पकड़ता है पंछी उड़ाता है और वो तोता ड़ मैना

630
00:44:49,080 --> 00:44:53,240
ड़ खेलता है ये सब उसके और भी फीचर्स है मगर दुनिया उसी ने बनाई है ठीक

631
00:44:53,240 --> 00:44:57,440
है अब ये बताइए आप इसको क्या बताएंगे कि ये जो दुनिया

632
00:44:57,440 --> 00:45:01,440
बताने वाला जो गोपी चंद जासूस है वो और कृष्ण एक है यह बताएंगे

633
00:45:01,440 --> 00:45:05,800
आप हा तो सबसे पहले उसको यह बताए की

634
00:45:05,800 --> 00:45:09,960
जिस भी सुपर पावरफुल यह सब तुम समझ

635
00:45:09,960 --> 00:45:12,560
रहे हो वो कृष्णा है पर यह सब जो तुम बता

636
00:45:12,560 --> 00:45:16,920
रहे हो वो नहीं बताए हम बताएंगे तुमको गलत बात मत कर

637
00:45:16,920 --> 00:45:21,120
प है य है अल्लाह ही कृष्ण है तो क्या उसको

638
00:45:21,120 --> 00:45:25,680
कहेंगे कि गोपी चंद जासूस ही कृष्ण है

639
00:45:25,680 --> 00:45:29,720
कृष्ण है आप अगर किसी बच्चा का बुद्धि ये

640
00:45:29,720 --> 00:45:33,760
है जो तिया टोपे या गोपीचंद को ही भगवान मानता है तो

641
00:45:33,760 --> 00:45:37,960
उसको तो यही बोलेंगे कि जो तुम यानी कि यानी कि आप परिस्थिति

642
00:45:37,960 --> 00:45:42,240
से विवश हो कर के उसको ये बता रहे हैं नहीं नहीं उसके

643
00:45:42,240 --> 00:45:46,560
उसके बुद्धि के स्वरूप बता रहे है उसके बुद्धि क् उसकी बुद्धि यानी की परिस्थिति

644
00:45:46,560 --> 00:45:51,280
मेरे भाई थोड़ा बहुत सनातन को भी जान लो सनातन क्या है समझ लो पहले

645
00:45:51,280 --> 00:45:55,720
जो किसी भी देश काल परिस्थिति से प्रभावित नहीं होता वो सनातन है

646
00:45:55,720 --> 00:45:59,760
आप ये कह रहे हो सत्य की बुद्धि जो समझ सकती कंडीशन अप्लाई हो रही

647
00:45:59,760 --> 00:46:04,040
है यानी कि ये सनातन सत्य नहीं बता रहे हो आप

648
00:46:04,040 --> 00:46:08,360
सनातन सत्य तो है कृष्ण कृष्ण सना

649
00:46:08,360 --> 00:46:12,960
कृष्ण ही गोपीचंद जासूस है गोपीचंद

650
00:46:12,960 --> 00:46:17,280
जासूसी कृष्ण है कृष्ण ही गोपीचंद जासूस नहीं आप दोनों को सेम मत कीजिए

651
00:46:17,280 --> 00:46:21,440
तो आप आप गोपी चंद जासूस कृष्ण है ये कहेंगे

652
00:46:21,440 --> 00:46:26,960
क्या उसको हां क्योंकि कृष्ण शाश्वत

653
00:46:26,960 --> 00:46:27,640
सत्य है कृष्ण

654
00:46:27,640 --> 00:46:32,400
शाश्वत सनातन सत्य है तो गोपी चंद जासूस कृष्ण है आप यह बताएंगे उसको

655
00:46:32,400 --> 00:46:37,200
ताकि उसको समझ में आए कि कृष्ण ही सनातन सत्य है अरे मेरे भाई

656
00:46:37,200 --> 00:46:41,360
आप पहले तय कर लो आप किसी वजह से उसको बता रहे हो ऐसा या

657
00:46:41,360 --> 00:46:45,400
फिर यही सत्य है आप पहले तय कर लो अच्छा क्या

658
00:46:45,400 --> 00:46:49,400
क्या यह सत्य नहीं है कोई अगर अपना मन में कुछ मनगण बनाए

659
00:46:49,400 --> 00:46:53,480
हुए हैं उसको हम बोले कि यार जो तुम मनन बना वो

660
00:46:53,480 --> 00:46:58,480
नहीं है व्यवहार जहां धर्म का विषय है वहा नहीं है व

661
00:46:58,480 --> 00:47:03,080
वह सत्य नहीं है उसका गोपी चंद जासूस

662
00:47:03,080 --> 00:47:07,680
उसका गोपी चंद जासूस एक कल्पना है उसकी कोरी

663
00:47:07,680 --> 00:47:11,760
वेद विरोधी हा हा हा वो तो

664
00:47:11,760 --> 00:47:15,920
है उसकी उसकी जो भी पर उसकी कल्पना में यह तो आया ना कि हा यार कोई है ल पावरफुल

665
00:47:15,920 --> 00:47:19,960
अरे भाई नाम की बात कर रहा हूं आप य उसको बोलोगे कि नहीं

666
00:47:19,960 --> 00:47:25,120
बोलेगे कृष्ण ही गोपी चंद जासूस

667
00:47:25,120 --> 00:47:30,040
है गोपी चंद कृष्ण है

668
00:47:30,040 --> 00:47:34,200
उल्टा कहने लगे गोपीचंद जासूसी कृष्ण हैरी

669
00:47:34,200 --> 00:47:38,320
अभी तय बोल रहा था तो तुम इसको उल् कर रहे थे अब मैंने तुम्हारी बात बोल

670
00:47:38,320 --> 00:47:42,640
द तो उसको उल् कर रहे हो सरीली

671
00:47:42,640 --> 00:47:46,840
इतना बैक एंड फथ क हो गया आई थ

672
00:47:46,840 --> 00:47:50,960
आपको मेरा पॉइंट पता चल गया हम क्या कहना चाह रहे थे नहीं पता नहीं चला अभी

673
00:47:50,960 --> 00:47:55,240
अभी पता करेंगे पता करेंगे बच्चे को क्या क गोपी

674
00:47:55,240 --> 00:47:59,680
चंद जासूसी कृष्ण ये कहेंगे क्या कृष्ण

675
00:47:59,680 --> 00:48:03,720
ही गोपीचंद जासूस है कृष्ण ही गोपीचंद जासूस है कहेंगे क्या

676
00:48:03,720 --> 00:48:07,720
हां और और वो जासूसी नहीं करता वो वो वृंदावन में रहता

677
00:48:07,720 --> 00:48:11,760
है वो माखन चुड़ता है वो मस्ती करता है अभी एक एक करके चलते हैं

678
00:48:11,760 --> 00:48:16,000
एक एक करके चलते हैं भाई इतना आगे भागने की जरूरत नहीं है अच्छा उस बच्चे

679
00:48:16,000 --> 00:48:20,120
ने अगर कुत्ता नाम रख दिया तो फिर क्या कहोगे गोपी

680
00:48:20,120 --> 00:48:25,040
वो कृष्ण ही कुत्ता है ऐसा कहोगे नहीं नहीं नहीं कुत्ता ही कृष्ण हैता

681
00:48:25,040 --> 00:48:28,440
ही क

682
00:48:28,440 --> 00:48:32,920
अरे हम तो ये कहना चाह रहे भगवान तो सब में है वारा अवतार होके भी भगवान

683
00:48:32,920 --> 00:48:37,360
मैं आपसे भाई साहब जो पूछ रहा हूं उसका उसका जवाब दीजिए हां भाई

684
00:48:37,360 --> 00:48:41,440
भगवान सम में है मगर भगवान के अगर वेदों के बाहर के रूप है तो वो हमारे

685
00:48:41,440 --> 00:48:45,560
लिए ग्राह नहीं है आप कृष्ण से उनकी तुलना नहीं कर सकते

686
00:48:45,560 --> 00:48:49,600
एकदम एक हां पर पर अगर कोई पर अगर कोई मन में ये

687
00:48:49,600 --> 00:48:54,080
मान रहा है कि कोई सर्व शक्तिशाली और उसका नाम कुत्ता है तो वो बेवकूफ ही है ना

688
00:48:54,080 --> 00:48:58,160
कोई मानता उस नाम कुता बताओगे या ये कहोगे कि

689
00:48:58,160 --> 00:49:02,840
कृष्ण ही वो है नहीं उसको बोले कि अरे मतलब

690
00:49:02,840 --> 00:49:06,920
उसको सामने बेवकूफ नहीं कह सकते तो उनको बोलेंगे या जिसको तुम कुत्ता मान रहे हो ना वो कुत्ता नहीं

691
00:49:06,920 --> 00:49:11,000
है होता है ना वो बहुत ऊपर का बात कहां लिखा है उन्होने जिसको तुम अल्लाह

692
00:49:11,000 --> 00:49:15,120
मान रहे हो व अल्लाह नहीं है कहां लिखा प्रभुपाद जी ने

693
00:49:15,120 --> 00:49:19,160
उन्होंने शर्ट में समझदार लोगों ने लिख दिया कि अल्लाह अल्लाह ही

694
00:49:19,160 --> 00:49:23,440
कृष्णा है कृष्णा को तो फिर इतना बोलो ना कि शॉर्ट में क्या बोलोगे

695
00:49:23,440 --> 00:49:29,440
वो शर्ट में उन्होंने जो लिखा है उसके हिसाब से य कुत्ते के बराबर बोलो क्या

696
00:49:29,840 --> 00:49:33,840
बोलोगे कि देखो जो भी

697
00:49:33,840 --> 00:49:38,160
तुम्हारे मन में अरे भाई उनकी जो लाइन सीधी सधी शर्ट

698
00:49:38,160 --> 00:49:42,200
में लिखी आप शर्ट में क्यों नहीं बोल रहे हो बोलो तो शर्ट में

699
00:49:42,200 --> 00:49:46,200
तो मैंने बताया ही क्या बताया बोलो उस लाइन को बोलो अगर किसी ने

700
00:49:46,200 --> 00:49:51,160
अपनी उसम कुत्ता लिख दिया तो क्या कहोगे तुम लाइन वो शॉर्ट में बोलो

701
00:49:51,160 --> 00:49:53,920
कि जिसको तुम

702
00:49:53,920 --> 00:49:57,960
कुत्ता ये लिखा है क्या लाइन में वो शर्ड की लाइन में

703
00:49:57,960 --> 00:50:02,560
क्या लिखा है वो लाइन बोलो अभी अब वही तो हम कहना चाहते

704
00:50:02,560 --> 00:50:07,360
कुत्ता एक गाली है क्या अल्लाह एक गाली है नहीं

705
00:50:07,360 --> 00:50:12,000
नहीं कुत्ता कुत्ता जो शब्द है वो वेद के बाहर का शब्द है

706
00:50:12,000 --> 00:50:16,040
वेद ने भगवान के स्वरूप को कुत्ता नहीं कहा है

707
00:50:16,040 --> 00:50:20,080
वही तो ठीक मैटर वो फिर किसने क्या कहा

708
00:50:20,080 --> 00:50:24,080
हो अब कोई बेवकूफ सबसे शक्तिशाली को कुत्ता बोलना चाह र

709
00:50:24,080 --> 00:50:27,000
तो उसम क्या

710
00:50:27,000 --> 00:50:31,600
कोई बेवकूफ कुछ और नाम देना चाह रहा है तो उस बेवकूफ को उसकी बेवकूफी बताओ ना

711
00:50:31,600 --> 00:50:36,000
या ये कहोगे तुम जो कह रहे हो व कृष्ण एकही है

712
00:50:36,000 --> 00:50:40,000
तो अल्लाह तो मतलब है ही स शक्तिशाली और कौन है सर्व

713
00:50:40,000 --> 00:50:44,080
शक्तिशाली कृष्ण और कौन ही है फ अब अजीब बात प

714
00:50:44,080 --> 00:50:44,840
आ गए अभी

715
00:50:44,840 --> 00:50:49,440
जो बात हो रही

716
00:50:49,440 --> 00:50:53,440
थी अभी जो बात हो रही थी वो यह हो रही थी कि उन्होंने एक पंक्ति

717
00:50:53,440 --> 00:50:57,440
बोली शॉर्ट में कि क्राइस्ट

718
00:50:57,440 --> 00:51:02,320
और कृष्ण एक ही है तो मैंने आपको उदाहरण दिया

719
00:51:02,320 --> 00:51:06,480
कि भाई किसी बच्चे ने अपनी बचपन में एक बुक लिख दी मान

720
00:51:06,480 --> 00:51:10,600
लो और उसमें लिख दिया कि सर्वशक्तिमान है सर्वशक्तिमान है और यह लिख

721
00:51:10,600 --> 00:51:14,720
दिया कि उसने दुनिया बनाई है और उसने कुछ विरोधी चीज भी लिख दी जो आपसे

722
00:51:14,720 --> 00:51:19,560
मैच नहीं खा रही है और उसने लिख दिया कि इसका नाम जो है टमाटर है

723
00:51:19,560 --> 00:51:23,680
तो आप उसको यह बताओगे कि तुमने कुछ तुमने जो है ये जो किताब

724
00:51:23,680 --> 00:51:28,320
लिखी है इसमें बहुत सारी गलतिया है य ठीक किताब नहीं है या यह बताओगे

725
00:51:28,320 --> 00:51:31,240
कि टमाटर ही कृष्ण

726
00:51:31,240 --> 00:51:35,520
है उससे पहली बार मिलेंगे तो बोलेंगे भाई उसको तुम टमाटर बोल रहे हो कृष्ण

727
00:51:35,520 --> 00:51:39,560
उसके बाद बताएंगे कि कृष्ण कौन है वो मतलब पहली बार में वो लाइन क्या

728
00:51:39,560 --> 00:51:43,960
होगी अगर वो कुत्ता लिखेगा तो क्या लाइन होगी वो पहली बार

729
00:51:43,960 --> 00:51:48,040
में जिसे तुम कुत्ता मान रहे हो वो कृष्ण है ये लिखा है

730
00:51:48,040 --> 00:51:52,240
क्या प्रभुपाद जी ने प्रभुपाद जी ने भाही तो जो आपने

731
00:51:52,240 --> 00:51:56,280
बताया वो तो जॉर्ज एडिसन ने लिखा है और जो भी इंटरव्यू में उन्होंने कहने अ भाई अभी

732
00:51:56,280 --> 00:51:59,920
आप कह रहे थे हा प्रभुपाद जी ने कई इंटरव्यू में विदेशों में य

733
00:51:59,920 --> 00:52:05,920
सब बातें कही

734
00:52:07,120 --> 00:52:13,120
है ला मुझे नहीं याद है पर उनके कहने का तात्पर्य यही

735
00:52:13,600 --> 00:52:17,760
था बोके थट लीडर बोल रहे

736
00:52:17,760 --> 00:52:21,760
हैं वो तो बोल रहे कि कृष्ण अल्लाह और जवा

737
00:52:21,760 --> 00:52:25,920
एक है वो तो बोल रहे ना अब इनकी

738
00:52:25,920 --> 00:52:30,560
लाइन को चलो अभी सुना भी दिया मैंने आपको दोहरा

739
00:52:30,560 --> 00:52:35,120
अब वही इससे हम नहीं कह सकते सॉरी मतलब उस

740
00:52:35,120 --> 00:52:39,360
सुनि अब आगे की बात सुनिए

741
00:52:39,360 --> 00:52:44,320
कि आपने कहा कि क्योंकि वो उसको सर्वशक्तिमान कहते हैं

742
00:52:44,320 --> 00:52:48,720
तो इसलिए सर्वशक्तिमान होने के कारण हम यह कह देते हैं

743
00:52:48,720 --> 00:52:53,280
कि कृष्ण और अल्लाह एक है मगर वो उसको सिर्फ

744
00:52:53,280 --> 00:52:57,680
मगर वो उसको सिर्फ सर्वशक्तिमान नहीं कहते हैं ठीक है

745
00:52:57,680 --> 00:53:02,160
अभी हमने पहले जो शुरुआत में जो बातें की थी उसमें हमने यह सिद्ध किया था

746
00:53:02,160 --> 00:53:06,240
कि कुछ बातों के मिल जाने से हम यह क यह नहीं कह देंगे कि वोह दोनों

747
00:53:06,240 --> 00:53:10,320
सेम है कंक्लूजन देखा जाएगा कि कंक्लूजन क्या

748
00:53:10,320 --> 00:53:14,320
निकल रहा है उसके आधार पर यह कहा जाएगा कि वो यह है कि नहीं

749
00:53:14,320 --> 00:53:15,000
है

750
00:53:15,000 --> 00:53:19,360
यह आपने भी स्वीकार किया ठीक है तो सर्वशक्तिमान उन्होंने

751
00:53:19,360 --> 00:53:23,400
उनको कहा तो सेम है अब वह यह कह रहा है

752
00:53:23,400 --> 00:53:27,360
कि मैं सब कुछ नहीं कर सकता

753
00:53:27,360 --> 00:53:31,680
वो यह भी कह रहे वो यह भी कह रहे हैं कि मैं अवतार नहीं ले सकता मेरी कोई मूर्ति

754
00:53:31,680 --> 00:53:35,680
नहीं हो सकती वो यह भी कह रहे हैं कि अगर तुमने किसी को

755
00:53:35,680 --> 00:53:40,040
मुंह से माता बहन माता और बहन कह दिया है मगर जरूरी नहीं कि तुम उस रिश्ते

756
00:53:40,040 --> 00:53:44,040
का पालन करो तो क्या हम

757
00:53:44,040 --> 00:53:48,160
इनको सेम बताएंगे जबकि कंक्लूजन य

758
00:53:48,160 --> 00:53:52,360
निकल रहा है कि सनातन के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर बताता

759
00:53:52,360 --> 00:53:56,720
है कि रामो दुर नाभी भाष

760
00:53:56,720 --> 00:54:00,800
रामो दुर ना भी भाष ठीक है मतलब राम

761
00:54:00,800 --> 00:54:05,200
दो प्रकार की बातें नहीं करता रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण

762
00:54:05,200 --> 00:54:09,680
जाई पर वचन ना जाई मगर वहां सिखाया जा रहा है कुरान में 33 च में

763
00:54:09,680 --> 00:54:14,520
कि अगर तुमने किसी को माता और बहन बोल दिया है

764
00:54:14,520 --> 00:54:18,800
तो माता और बहन बोल दिया अगर तुमने किसी को फिर भी तुम उसके साथ विवाह

765
00:54:18,800 --> 00:54:22,800
इत्यादि कर सकते हो ठीक है यह हो गया धर्म का

766
00:54:22,800 --> 00:54:28,120
अंतर और अब ब्रह्म का अंतर सुन लो हम हमा यहां

767
00:54:28,120 --> 00:54:30,120
पर भगवान की तो बात

768
00:54:30,120 --> 00:54:34,360
दूर है भगवान की बात दूर है

769
00:54:34,360 --> 00:54:39,120
काठ की लकड़ी से सुखदेव जी का जन्म हो जाता है

770
00:54:39,120 --> 00:54:42,760
काठ की लकड़ी से और वहां पर कहा जा रहा है

771
00:54:42,760 --> 00:54:47,240
6 150 में कि मेरी कोई संतान कैसे हो सकती है

772
00:54:47,240 --> 00:54:50,480
जबकि मेरी कोई पत्नी ही नहीं

773
00:54:50,480 --> 00:54:54,640
है और अंततोगत्वा उनके यहां

774
00:54:54,640 --> 00:54:58,760
पर मूर्ति पूजा नहीं है जो सिद्ध करती है कि उनका ईश्वर अवतरित नहीं

775
00:54:58,760 --> 00:55:02,960
होता उनके अनुसार ठीक है तो अब

776
00:55:02,960 --> 00:55:06,960
जो अल्लाह है वो बाधित है कंक्लूजन ये

777
00:55:06,960 --> 00:55:11,920
निकला और जो श्री कृष्ण है वो बाधित नहीं

778
00:55:11,920 --> 00:55:16,080
है वो सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म है वो

779
00:55:16,080 --> 00:55:20,080
असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय मृत मतम गम इनका

780
00:55:20,080 --> 00:55:24,320
जो सब्जेक्ट है वो है वो पूर्ण है

781
00:55:24,320 --> 00:55:28,560
उनमें अभाव नहीं है नित्य है और आप उनका

782
00:55:28,560 --> 00:55:33,240
कंपेयर किससे कर रहे हो जो बाधित है अब बात ये आती है

783
00:55:33,240 --> 00:55:37,880
कि वो लोग जो उसको बाधित कह दे रहे हैं अल्लाह को वो गलत है

784
00:55:37,880 --> 00:55:42,800
और जो वो अल्लाह कह रहे हैं वो भी गलत है तो बचा

785
00:55:42,800 --> 00:55:47,200
क्या अच्छा पहला बात जब

786
00:55:47,200 --> 00:55:51,520
ये स्टेटमेंट कहा जाता है वो बहुत ही जनरल ऑडियंस को कहा जाता है जो

787
00:55:51,520 --> 00:55:55,520
भगवान के बारे में क अरे मेरे भाई आप दो चीजें लेके

788
00:55:55,520 --> 00:55:59,760
मत चलो या तो यह डिपेंड करो कि उन्होंने सही कहाका सत्य

789
00:55:59,760 --> 00:56:04,120
कहा और या फिर यह डिपेंड करो कि अगर इन्होंने यह कहा तो इस परिस्थिति

790
00:56:04,120 --> 00:56:05,800
में कहा इस कारण से कहा

791
00:56:05,800 --> 00:56:09,840
ऐसा कहने की आवश्यकता थी दोनों में से किस बात पर डिपेंड कर रहे हो वो

792
00:56:09,840 --> 00:56:12,240
बताओ

793
00:56:12,240 --> 00:56:16,640
मुझे ओके एक्चुअली आपने टॉपिक एक्चुअली आपने टॉपिक

794
00:56:16,640 --> 00:56:21,160
को अलग लेया आप अब ये बो

795
00:56:21,160 --> 00:56:25,400
सुनिए टॉपिक टॉपिक का मैच करा देता हूं आपको मैंने कहा

796
00:56:25,400 --> 00:56:29,920
आपने कहा था क्योंकि वो सर्वशक्तिमान कहते अल्लाह को तो सर्वशक्तिमान ईश्वर

797
00:56:29,920 --> 00:56:34,200
ही है क्योंकि नहीं सर्वशक्तिमान भी नहीं आपने कहा था क्योंकि वो दुनिया

798
00:56:34,200 --> 00:56:38,320
को बनाने वाला कहते हैं अल्लाह को तो इसलिए अल्लाह जो है कृष्ण ही है

799
00:56:38,320 --> 00:56:42,320
फिर मैंने आपको आपका एक सिद्धांत याद दिलाया था जो आपने स्वीकार किया कि केवल

800
00:56:42,320 --> 00:56:47,120
कुछ बातों के मैच कर जाने से नहीं जो कंक्लूजन होगा

801
00:56:47,120 --> 00:56:51,200
जो कंक्लूजन होगा उसके आधार पर ये देखा जाएगा कि इसको और

802
00:56:51,200 --> 00:56:55,360
इसको हम सेम कह सकते हैं कि नहीं जो कंक्लूजन होगा उसके आधार

803
00:56:55,360 --> 00:56:59,560
पर तो मुस्लिम धर्म का मुस्लिम धर्म नहीं धर्मा भास है

804
00:56:59,560 --> 00:57:03,760
तो मुस्लिम इस्लाम का जो कंक्लूजन निकल रहा है वो यह है

805
00:57:03,760 --> 00:57:07,840
कि ईश्वर बाधित है वह पूर्ण ईश्वर

806
00:57:07,840 --> 00:57:12,360
नहीं है ठीक है और

807
00:57:12,360 --> 00:57:16,560
उसके द्वारा बताया जाने वाला धर्म भी वेद

808
00:57:16,560 --> 00:57:20,560
विरुद्ध है ठीक है वेद

809
00:57:20,560 --> 00:57:21,060
विरुद्ध

810
00:57:21,000 --> 00:57:25,240
ईश्वर वेद विरुद्ध धर्म धर्म ब्रह्म दोनों वेद विरुद्ध और साथ

811
00:57:25,240 --> 00:57:29,480
ही साथ एक और लाइन आ जाती पूरी बिल्कुल वेदों का विरोध करके रख दिया गया

812
00:57:29,480 --> 00:57:33,600
मेरे से पहले बहुत किताब मैंने भेजी थी मगर सबसे प सबसे आखिरी किताब में ही हूं

813
00:57:33,600 --> 00:57:38,200
मैं सत्यापन करूंगी तो कहने का अर्थ यहां पर यह है

814
00:57:38,200 --> 00:57:42,600
कि फाइनल कंक्लूजन यह है कि अल्लाह अलग है

815
00:57:42,600 --> 00:57:46,680
क्योंकि वह सब कुछ नहीं कर सकता है वह सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म

816
00:57:46,680 --> 00:57:51,280
नहीं है और भगवान श्री कृष्ण सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म है

817
00:57:51,280 --> 00:57:55,400
वो सब कुछ कर सकते हैं यहीं से दोनों में बड़ा एक डिफरेंस आ गया तो

818
00:57:55,400 --> 00:57:59,400
हम य नहीं कभी भी कि कृष्ण और अल्लाह एक है बल्कि हम यह

819
00:57:59,400 --> 00:58:03,560
कहेंगे कि भाई तुम्हारे को गलत फहमी हुई है तुम समझ नहीं पा रहे

820
00:58:03,560 --> 00:58:07,600
हो यह जो किताब है अगर यह किताब का तुम जो अर्थ बता रहे हो वो है तो यह

821
00:58:07,600 --> 00:58:11,720
बिल्कुल भी ईश्वर के विषय में बताने वाली किताब नहीं

822
00:58:11,720 --> 00:58:15,800
है ठीक है तो आपका सवाल क्या

823
00:58:15,800 --> 00:58:20,040
है इसके ऊपर या फिर हम बताए आगे क्या सवाल यही

824
00:58:20,040 --> 00:58:24,360
है जब कंक्लूजन य निकल रहा है कि कृष्ण अल्ला एक नहीं है तो आप क्यों कह रहे कृष्ण

825
00:58:24,360 --> 00:58:28,640
अल्ला एक है हा तो

826
00:58:28,640 --> 00:58:32,640
पहला बात कृष्ण और अल्लाह एक है यह किसी

827
00:58:32,640 --> 00:58:36,120
भी मतलब तरीके से मतलब

828
00:58:36,120 --> 00:58:40,680
एक एक क्या बता है

829
00:58:40,680 --> 00:58:44,800
फैक्ल दृष्टी से तो सही है पर उसके बाद जो कंक्लूजन

830
00:58:44,800 --> 00:58:49,040
फाइनल प्रभुपाद का य नहीं है कि नहीं कल से बाइबल पढ़ने लग या परस कुरान पढ़ने लगय

831
00:58:49,040 --> 00:58:53,080
फर नया ट फिर ट आ रहा है बाइबल पढ़ने

832
00:58:53,080 --> 00:58:57,200
लगो बाइबल पढ़ने लगो इस हम अलग बात कर उनका उनका

833
00:58:57,200 --> 00:59:01,200
ये कहना है कि नहीं बाइबल पढ़ने लगो

834
00:59:01,200 --> 00:59:05,280
अभी टॉपिक ये चल रहा है कि उन्होंने कृष्ण और अल्लाह को एक क्यों कहा यह

835
00:59:05,280 --> 00:59:11,280
कहना सही है या गलत है अभी टॉपिक ये चल रहा

836
00:59:11,520 --> 00:59:15,520
है अब देखिए जिस फिलोसोफी एब्सलूट

837
00:59:15,520 --> 00:59:20,080
ट्रुथ लेवल में आप डिस्कस कर रहे हो यह स्टेटमेंट गलत हो जाता है

838
00:59:20,080 --> 00:59:24,120
कि अल्लाह और कृष्ण एक है पर एक स्टार्टिंग लेवल प

839
00:59:24,120 --> 00:59:28,320
जब धर्म का इंट्रोडक्शन लोग के पास नहीं है तो दोनों सेम है और दोनों

840
00:59:28,320 --> 00:59:32,360
ही सही है अच्छा पहले तो ये बताइए सिद्धांत

841
00:59:32,360 --> 00:59:36,440
कहां पे लिखा है कि स्टार्टिंग लेवल पर दोनों सेम है इस तरह से

842
00:59:36,440 --> 00:59:40,640
कहा जाना उचित अच्छा अच्छा हां जब आप बच्चे थे

843
00:59:40,640 --> 00:59:44,720
आप जब शायद इतना आपको ज्ञान नहीं हुआ होगा आप पहली बार

844
00:59:44,720 --> 00:59:49,080
अपने मां-बाप को देखे होंगे किसी के सामने हाथ जोड़ते हुए प्रणाम करते हुए आपको

845
00:59:49,080 --> 00:59:53,080
इतना फिर सच्चितानंद ब्रह्म स्वरूप ये वो कुछ नहीं पता था पर आपको

846
00:59:53,080 --> 00:59:57,440
पता था कि कोई है जो शक्तिशाली है जिसके सामने मुको पूजा करना भजन करना

847
00:59:57,440 --> 01:00:02,520
है उस समय क्या आपको यह सार तत्व ज्ञान दिया जाएगा जब पा

848
01:00:02,520 --> 01:00:06,520
साल दिया फिर सुनो

849
01:00:06,520 --> 01:00:10,680
समझ गया आपकी बात छोटे में समझ जाता हूं मेरे भाई मैं जरा सी बात

850
01:00:10,680 --> 01:00:14,840
से समझ जाता हूं क्या कहना चाह रहे हो तो मैं ये कहूंगा कि वो सनातन सत्य

851
01:00:14,840 --> 01:00:18,960
नहीं था ना जो छोटे में ज्ञान दिया गया था मुझे वही

852
01:00:18,960 --> 01:00:22,240
वही अब

853
01:00:22,240 --> 01:00:26,240
मेरा इसका मतलब आपको मानना पड़ेगा प्रभुपाद जी ने जो

854
01:00:26,240 --> 01:00:30,480
ये सब कहा है उनको वो सनातन सत्य नहीं कहा है सनातन धर्म का ज्ञान नहीं

855
01:00:30,480 --> 01:00:34,880
है आप तो क्या आपके मां बाप ने

856
01:00:34,880 --> 01:00:39,080
बचपन में अरे मेरे भाई वो देना गलत है या नहीं गलत है वो एक अलग

857
01:00:39,080 --> 01:00:43,200
बात है झूठ बोलना गलत है या सही है वो एक अलग बात

858
01:00:43,200 --> 01:00:47,320
है झूठ बोलना सही है या गलत है

859
01:00:47,320 --> 01:00:51,520
सुनो झूठ बोलना सही है या गलत है वो एक अलग

860
01:00:51,520 --> 01:00:56,080
चैप्टर है झूठ है कि नहीं एक अलग चैप्टर है

861
01:00:56,080 --> 01:01:00,280
ठीक है मेरा सेम मेरा सेम क्वे बचे को समझाने के लिए

862
01:01:00,280 --> 01:01:04,600
कुछ कुछ बता दिया गया है है तो वो झूठ

863
01:01:04,600 --> 01:01:08,640
ना मेरा क्वेश्चन य कि आपके जब मां बाप ने आपको शुरू में भगवान का

864
01:01:08,640 --> 01:01:12,960
स्वरूप बताया मतलब वो झूठ था नहीं मतलब जब तक आपको यह सच्चित

865
01:01:12,960 --> 01:01:17,680
आनंद स्वरूप नहीं पता था आपको जितना कुछ पता था सब झूठ था भगवान के बारे में नहीं

866
01:01:17,680 --> 01:01:22,160
मगर ये भी उन्होने नहीं कहा था उन्होने य भी नहीं कहा था ना

867
01:01:22,160 --> 01:01:26,240
उन्होंने यह भी नहीं कहा था कि यही अंत है कुरान कह रही

868
01:01:26,240 --> 01:01:30,360
है यही अंत है तो प्रभुपाद कुरान नहीं पढ़ाते ना प्रभुपाद

869
01:01:30,360 --> 01:01:34,480
गीता पढ़ाते अरे मेरे भाई वो यह तो कह

870
01:01:34,480 --> 01:01:37,360
रहे हैं ना कि कुरान का जो अंत है वो और कृष्णा एक

871
01:01:37,360 --> 01:01:42,040
है कुरान का अंत क्या है

872
01:01:42,040 --> 01:01:46,440
कुरान का अंत बहुत सारी चीज है जो उनके धर्म को प्रतिवाद

873
01:01:46,440 --> 01:01:50,520
और उनको बढ़ाने के लिए है और जो और जो भगवान के स्वरूप

874
01:01:50,520 --> 01:01:54,640
का कुरान का जो फाइनल कुरान का जो अंत है कुरान

875
01:01:54,640 --> 01:01:58,800
का जो सिद्धांत है सिद्धांत है ना

876
01:01:58,800 --> 01:02:03,520
जो अंत में आकर सिद्ध हुआ वह अल्लाह है कि

877
01:02:03,520 --> 01:02:08,040
नहीं अल्लाह और उसका बनाया हुआ कानून धर्म मजहब जो

878
01:02:08,040 --> 01:02:12,280
भी लोग बोलते का सिधांत

879
01:02:12,280 --> 01:02:17,240
है वह अल्लाह है कि नहीं हा

880
01:02:17,240 --> 01:02:22,200
तो वह कह रहे कि नहीं कृष्ण अल्ला एक है

881
01:02:22,200 --> 01:02:26,200
सिधांत के साथ कपन कर रहे हैं और दूसरी बात

882
01:02:26,200 --> 01:02:30,280
जो हमारे जो माता पिता होते हैं प्रभुपाद कभी भी प्रभुपाद कभी

883
01:02:30,280 --> 01:02:34,280
भी सिद्धांत में कंपेरिजन नहीं किया एक भी उनके परपो में आप नहीं दिखा

884
01:02:34,280 --> 01:02:38,440
सकते हो कि वो सिद्धांत में ऐसा बोले हो कि अल्लाह और मेरे

885
01:02:38,440 --> 01:02:42,520
भाई तो वही तो मेरा वही क्वेन है आपसे मेरा

886
01:02:42,520 --> 01:02:46,880
वही क्वेश्चन है आपने मुझसे एक बात कही कि जो माता

887
01:02:46,880 --> 01:02:50,880
पिता आपको बताते हैं वह सब क्या झूठ होता है नहीं मगर

888
01:02:50,880 --> 01:02:52,440
वो सनातन सत्य भी नहीं होता

889
01:02:52,440 --> 01:02:58,280
है तो क्या होता है फिर आप आप बताइए क्या होता है

890
01:02:58,280 --> 01:03:03,680
जान होती भौतिक जानकारिया होती है

891
01:03:03,680 --> 01:03:08,960
जानकारी जान को क से जोड़ दिया सन

892
01:03:08,960 --> 01:03:13,120
ब्र कक सारी भौतिक सच्चाई

893
01:03:13,120 --> 01:03:19,120
आती है

894
01:03:21,080 --> 01:03:26,480
आे बात बताइए अल्लाह कौन है

895
01:03:26,480 --> 01:03:30,800
कुछ लोग जो लोग कुछ समय पहले 1500 साल पहले

896
01:03:30,800 --> 01:03:35,040
सऊदी अरेबिया इन सब जगह रहते थे उनके पास एक पैगंबर ने कि मैं अभी

897
01:03:35,040 --> 01:03:39,440
ईश्वर जो सर्व शक्तिशाली है उसका पैगाम लेकर आया हूं वो लोग अपने को मुसलमान कहते

898
01:03:39,440 --> 01:03:43,600
और उस सर्व शक्तिशाली तत्व को अल्लाह कहते जिसका मतलब है सर्व शक्तिशाली

899
01:03:43,600 --> 01:03:47,600
और जिसको सर्व शक्तिशाली तो कृष्ण सता

900
01:03:47,600 --> 01:03:53,000
जो प्रभुपाद जी है वो अल्लाह को कहां से जानते हैं

901
01:03:53,000 --> 01:03:57,600
वो उन लोग प्रभुपाद जी सिर्फ कृष्ण को जानते प्र

902
01:03:57,600 --> 01:04:01,840
अल्लाह शब्द उन्होने अगर स्टेट अगर उन्होंने अपने स्टेटमेंट में अल्लाह शब्द

903
01:04:01,840 --> 01:04:05,880
का उपयोग किया तो वो अल्लाह शब्द उनके पास कहां से आया जो

904
01:04:05,880 --> 01:04:07,560
लोग मुस्लिम धर्म मानते हैं वो लोग इस

905
01:04:07,560 --> 01:04:11,920
अला वर्ड को लेकर आए और वो लोग बोलते हा या अल्लाह मतलब ल पावर

906
01:04:11,920 --> 01:04:16,280
ठीक है तो अल्लाह के फीचर्स क्या क्या है यह कौन बताएगा

907
01:04:16,280 --> 01:04:20,320
जो लोग अल्लाह शब्द को लेकर आए वो या जिन्होंने उससे जान लिया

908
01:04:20,320 --> 01:04:24,320
है कि दुनिया में कोई अल्लाह नाम का शब्द भी है वो

909
01:04:24,320 --> 01:04:28,800
फिर से क्वे पूछ अल्लाह के बारे में अल्लाह के फीचर्स

910
01:04:28,800 --> 01:04:32,840
क्या-क्या है यह कौन बताएगा जो अल्लाह का

911
01:04:32,840 --> 01:04:36,920
नाम आपके पास लेकर आए हैं वह बताएगा या जिसको आपने

912
01:04:36,920 --> 01:04:41,520
अल्लाह का नाम दिया है वह बताएगा अच्छा

913
01:04:41,520 --> 01:04:45,960
पहला बात अल्लाह का नाम देने वाले अल्लाह का होता

914
01:04:45,960 --> 01:04:50,000
जो भी ऑर्डर देने वाले जब वो लोग रेफर करते वो लोग एक भगवान को ही

915
01:04:50,000 --> 01:04:54,240
रेफर करते है ना एक एक भगवान ही हो सने सवाल क्या पूछा

916
01:04:54,240 --> 01:04:58,360
है कि भाई कौन कौन बताएगा कि अल्लाह वर्ड

917
01:04:58,360 --> 01:05:02,480
कहां से आया अल्ला तो वो बताइए आप ये आप दूसरी चीज क्यों बता रहे हैं

918
01:05:02,480 --> 01:05:06,480
कि अल्लाह वर्ड जो रेफर करते हैं उसमें यह होता है वन गॉड होता है आप

919
01:05:06,480 --> 01:05:10,880
मुझे बताइए अर्थ सही किसका माना जाएगा

920
01:05:10,880 --> 01:05:15,040
जो ये वर्ड लेके आया जोय वर्ड लेके आया वो

921
01:05:15,040 --> 01:05:19,240
कह रहे हैं कि अल्लाह जो है वो अवतार नहीं ले सकता उसकी

922
01:05:19,240 --> 01:05:22,640
मूर्ति पूजा नहीं हो सकती तो उन

923
01:05:22,640 --> 01:05:26,800
उनका नॉलेज गलत है डिफिशिएंट वो लेके आया तो भाई तो

924
01:05:26,800 --> 01:05:31,120
तो उनका नॉलेज गलत है तो अल्लाह भी तो उसी नॉलेज का एक वो

925
01:05:31,120 --> 01:05:35,240
है उत्पाद प्रोडक्ट हां ठीक

926
01:05:35,240 --> 01:05:39,360
ठीक है हा तो फिर उनकी नॉलेज अगर गलत है तो फिर उसको आप

927
01:05:39,360 --> 01:05:43,640
अपने साथ क्यों जोड़ रहे हो उस नॉलेज

928
01:05:43,640 --> 01:05:47,640
को अगर उनकी नॉलेज गलत है तो अल्लाह शब्द भी गलत हो

929
01:05:47,640 --> 01:05:51,840
सकता है ना इमेजिनरी हो सकता है कोई गलती हो सकती है फिर क्यों खड़ा

930
01:05:51,840 --> 01:05:56,600
कर रहे हो उसको कृष्ण के साथ

931
01:05:56,600 --> 01:06:00,680
हां जस्ट बिकॉज उनके जो टीचिंग्स है उसमें

932
01:06:00,680 --> 01:06:04,680
गलती है मिथ्या भास है बट वो जो एक चीज जिसको समझना

933
01:06:04,680 --> 01:06:09,040
वो लोग चाह रहे हैं अरे मैंने आपसे

934
01:06:09,040 --> 01:06:15,040
ये पूछा है कि अल्लाह की डेफिनेशन कौन

935
01:06:15,080 --> 01:06:19,760
बताएगा क्या डेफिनेशन बताने वाला हमेशा करेक्ट होगा अगर

936
01:06:19,760 --> 01:06:23,800
बताइए अल्लाह के विषय में डेफिनेशन उसी की मानी जा सकती है हम ये कह

937
01:06:23,800 --> 01:06:27,880
सकते हैं कि अल्लाह नाम की एंटिटी है ही नहीं मगर अल्लाह के विषय में अगर कोई

938
01:06:27,880 --> 01:06:31,960
डेफिनेशन माननी होगी कि अल्लाह ऐसे से ऐसे है तो हम उसी की

939
01:06:31,960 --> 01:06:36,040
मान सकते हैं जिससे अल्लाह शब्द आया हमारे पास अगर गीता

940
01:06:36,040 --> 01:06:40,040
के विषय में जाकिर नायक अपनी डेफिनेशन देने लगे तो आपके लिए वो

941
01:06:40,040 --> 01:06:44,360
तरीका सही है वही तो एटली क्योंकि

942
01:06:44,360 --> 01:06:48,720
भले ही वो उसको कर र पर उनका अंडरस्टैंडिंग गलत है उसके बारे में एकली

943
01:06:48,720 --> 01:06:53,480
तो उनका अंडरस्टैंडिंग गलत है तो उनका प्रॉब्लम है ना अंडरस्टैंडिंग

944
01:06:53,480 --> 01:06:57,680
गलत नहीं है अल्लाह के बारे में ऑथेंटिक जो क्लेम है वो किसका

945
01:06:57,680 --> 01:07:01,800
मान्य होगा जो लोग अल्लाह को मानते

946
01:07:01,800 --> 01:07:06,040
कुरान को मानते हैं जो अल्लाह लेके आए हैं अब वो कह रहे हैं कि अल्लाह जन्म

947
01:07:06,040 --> 01:07:10,360
नहीं ले सकता तो हम जब कह रहे हैं कि कृष्ण ही अल्लाह है

948
01:07:10,360 --> 01:07:11,720
तो क्या कृष्ण भी जन्म

949
01:07:11,720 --> 01:07:16,360
नहीं ले

950
01:07:16,360 --> 01:07:18,680
सकता

951
01:07:18,680 --> 01:07:22,960
अ देखिए बात तो आपकी सही है उसमें मैं

952
01:07:22,960 --> 01:07:27,800
नाई नहीं करूंगा कि जो

953
01:07:27,800 --> 01:07:32,480
वो कृष्ण नहीं है एकली वो वो नहीं है

954
01:07:32,480 --> 01:07:36,720
वो नहीं है और इसमें चोरी य है हम लोग इतनी देर से जोय

955
01:07:36,720 --> 01:07:40,920
जो यह कर रहे हैं ना इसमें चोरी य है सच्चाई य है कि उन्होंने झूठ

956
01:07:40,920 --> 01:07:44,960
बोला पब्लिक को अपने साथ मिलाने के लिए जो आप बोलोगे नहीं

957
01:07:44,960 --> 01:07:49,680
उने झूठ बोला अगर उन्होने ू बोला तो मा बापने भी झूठ बोला

958
01:07:49,680 --> 01:07:53,720
कन मा बाप को जितना मालूम था उतना उन्होंने बोला कई जगह पर

959
01:07:53,720 --> 01:07:57,840
झूठ भी बोला हमें बहुत सी नहीं मालूम थी कि प्रामाणिक आचार्य

960
01:07:57,840 --> 01:08:01,880
कौन होता है कौन नहीं होता है मा बाप ने झूठ भी बोला बिल्कुल सही पर

961
01:08:01,880 --> 01:08:05,880
आपको ये सब में आपको एक सत्य तो पता था ना भगवान जिसका पूजा

962
01:08:05,880 --> 01:08:09,960
किए भगवान अपने आप में जो उससे क्या मतलब है बात य हो रही

963
01:08:09,960 --> 01:08:14,960
है कि अल्लाह और कृष्ण को एक क्यों कह रहे हो

964
01:08:14,960 --> 01:08:20,000
अगर दुनिया में थोड़ी सी भी दो चीजों में मैच होगा तो उसको क्या एक कह

965
01:08:20,000 --> 01:08:24,040
देंगे नहीं तो फिर जरा सा

966
01:08:24,040 --> 01:08:26,800
भी मैच हो गया लड़का लड़की एक समान जरा सा

967
01:08:26,800 --> 01:08:30,960
भी मैच हो गया कुत्ता बिल्ली एक समान जरा सा भी मैच हो गया मैं और आप

968
01:08:30,960 --> 01:08:35,200
एक समान जरा सा भी मैच हो गया हिंदुस्तान पाकिस्तान एक समान

969
01:08:35,200 --> 01:08:39,280
जरा सा भी मैच हो गया आईस आईएस वाले और हमारे यहां के जो आर्मी वाले हैं

970
01:08:39,280 --> 01:08:44,240
वो सब एक समान जरा सा तो मैच हो गया ना

971
01:08:44,240 --> 01:08:48,240
और दूसरी बात ये है ये अल्लाह कौन थे क्या थे इनकी

972
01:08:48,240 --> 01:08:52,400
वास्तविकता क्या थी यह सारा ज्ञान इनके

973
01:08:52,400 --> 01:08:56,400
पास कहां से आया है प्रभुपाद जी के

974
01:08:56,400 --> 01:09:01,640
पास तो प्रभुपाद जी अल्ला के बारे में नहीं बताने

975
01:09:01,640 --> 01:09:06,480
ब अवतार बताया आपकी वहा जाकर के वेबसाइट खोल के

976
01:09:06,480 --> 01:09:10,840
देखो क्या कौन वेबसाइट क्या बताया हैय

977
01:09:10,840 --> 01:09:15,360
सब बताया वजर ड कृष्ण के भेजे हुए दूत थे व

978
01:09:15,360 --> 01:09:19,800
वही तो लोग लोग बोले मतलब बोले नहीं इन्होने

979
01:09:19,800 --> 01:09:23,880
कहा कि वो कृष्ण के भेजे हुए दूत थे

980
01:09:23,880 --> 01:09:27,960
उन लोग के लिए कहा यानी कि झूठ बोला वो थे कि

981
01:09:27,960 --> 01:09:31,160
नहीं

982
01:09:31,160 --> 01:09:35,160
थे वो झूठ कैसे है पहले हमको ये जानना है

983
01:09:35,160 --> 01:09:39,600
अरे मैं पूछ रहा हूं वो भगवान के भेजे हुए दूत थे कि नहीं थे

984
01:09:39,600 --> 01:09:42,720
कृष्ण भगवान

985
01:09:42,720 --> 01:09:47,880
के नहीं नहीं थे तो उन्होंने कहा मेसेंजर ऑफ

986
01:09:47,880 --> 01:09:52,000
गॉड सन ऑफ सन ऑफ गॉड ऐसा

987
01:09:52,000 --> 01:09:56,040
ऐसा मोहम्मद ने कहा ऐसा क्राइस्ट ने कहा कि हम ने कहा है

988
01:09:56,040 --> 01:10:00,080
भाई मेरे अरे भाई क्योंकि वो लोग वैसा मांगते थे तो उनको बोल

989
01:10:00,080 --> 01:10:06,080
सर खा

990
01:10:09,720 --> 01:10:13,840
लिया क्योंकि वह ऐसा मानते तो बोलो ना कि हां वो झूठ बोल दिया

991
01:10:13,840 --> 01:10:19,840
उनका मन रखने के लिए

992
01:10:56,240 --> 01:11:01,160
कुछ नहीं है केवल वो खिचड़ी पकाने आते हैं

993
01:11:01,160 --> 01:11:05,320
अरे भाई मैं पूछ रहा हूं कि वह सन ऑफ गॉड थे कि नहीं

994
01:11:05,320 --> 01:11:09,560
कि उन लोगों के लिए कह दिया तो झूठी ही तो है क्लियर बात करनी

995
01:11:09,560 --> 01:11:15,560
नहीं है उलझी हुई बातें करनी है चार तरह की बातें करनी

996
01:11:19,600 --> 01:11:23,720
है आपको क्लियर बात करने में दिक्कत होती है क्या

997
01:11:23,720 --> 01:11:27,760
नहीं मुझे क्लियर बात करने दिक्कत हो

998
01:11:27,760 --> 01:11:32,160
पूछा है मैंने आपसे पूछा है कि वो सन ऑफ गड थे कि नहीं थे ये बात

999
01:11:32,160 --> 01:11:36,200
सच है कि झूठ है ऐसा उन्होंने क्लेम जीसस

1000
01:11:36,200 --> 01:11:40,480
क्रस्ट ने क्म किया व सन ऑफ गड थे पैगंबर मोहब्बत नेम किया प्रभुपाद

1001
01:11:40,480 --> 01:11:44,480
जी ने भी मेसेंजर ऑफ गड सन ऑफ गड कहा है और उनके अधिकृत शिष्य ने

1002
01:11:44,480 --> 01:11:47,160
भी कहा

1003
01:11:47,160 --> 01:11:52,360
है अब कोई अपने को बोल र क्या प्रूफ कर सकते कि वो है

1004
01:11:52,360 --> 01:11:56,760
नहीं नहीं थे मुझे

1005
01:11:56,760 --> 01:12:01,320
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं अच्छा रु मैं कह रहा हूं मैं सन ऑफ गड हूं

1006
01:12:01,320 --> 01:12:05,800
आप क्या बताओगे लोगों को मेरे बारे में वही तो आपकी जानकारी का हम वैलिडेशन

1007
01:12:05,800 --> 01:12:10,080
नहीं कर सकते ना तो हम कर सकते तो ये तो नहीं कहोगे

1008
01:12:10,080 --> 01:12:14,320
सन ऑफ गड है कि नहीं है नहीं नहीं अब अब

1009
01:12:14,320 --> 01:12:19,520
अब हा नहीं करोगे सी

1010
01:12:19,520 --> 01:12:23,560
बात ठीक है चलिए ये हम माने ठीक है किसी को

1011
01:12:23,560 --> 01:12:27,760
बोलने से तो हम नहीं कह सकते कि वो सन ऑफ गड है और से प्रभुपाद ने कहीं

1012
01:12:27,760 --> 01:12:31,880
कहा वो गलत कहा तो तोव गलत कहा वो भी मैं एग्री करने केलिए

1013
01:12:31,880 --> 01:12:36,040
तैयार हूं हा तो ऐसे चलो ना भाई ऐसे बात

1014
01:12:36,040 --> 01:12:40,520
किया करो ना क्लियर बात बोला करो ना कि हां ये बात गलत कही उन्होंने

1015
01:12:40,520 --> 01:12:46,360
कि सन ऑफ गॉड वो नहीं थे मैसेंजर ऑफ गॉड नहीं

1016
01:12:46,360 --> 01:12:50,520
थे ठीक है चलिए मान लि नहीं एहसान मत

1017
01:12:50,520 --> 01:12:54,560
करिए एहसान मत करिए ठीक है चलिए बाद में आप

1018
01:12:54,560 --> 01:12:58,600
भी कह देना उस की बात रखने के लिए मैंने भी कह दिया था जैसे प्रभुपाद जी ने उनकी बात रखने के लिए कह

1019
01:12:58,600 --> 01:13:02,920
दिया ही तो आप समझने की कोशिश कीजिए कहना पड़ता है कुछ

1020
01:13:02,920 --> 01:13:07,360
चीज यानी बोलो ना हा वो लाइन गलत थी मगर व परिस्थितियों

1021
01:13:07,360 --> 01:13:11,560
के कारण मैंने ऐसा बोला क्यों मेरी एनर्जी वेस्ट कराते हो भाई

1022
01:13:11,560 --> 01:13:15,600
अरे बोलो ना कि वह लाइन गलत थी मगर वहा परिस्थितियों के कारण ऐसा कहना

1023
01:13:15,600 --> 01:13:19,600
पड़ता है इसलिए कहा गया बोलो ये दूसरी

1024
01:13:19,600 --> 01:13:23,760
वाली लाइन गलत है पहली वाली लाइन तो सही है कौन सी कौन

1025
01:13:23,760 --> 01:13:27,920
सीला वो लोग अल्लाह समझ रहे है क्रा समझ रहे जो भी

1026
01:13:27,920 --> 01:13:32,040
समझ रहे वो कृष्ण है क वो तो अभी आपने माना कि

1027
01:13:32,040 --> 01:13:35,320
नहीं अल्ला कृष्ण नहीं है

1028
01:13:35,320 --> 01:13:39,320
जिनको ला समझ रहे वो कृष्ण है तवा तो नहीं है सही बात नहीं सम

1029
01:13:39,320 --> 01:13:43,640
रहे व अल्ला उसे समझ रहे तो जन्म नहीं ले सकता आपके

1030
01:13:43,640 --> 01:13:47,800
कृष्ण जन्म ले सकते हैं कि नहीं अगर लोग ऐसे समझ रहे

1031
01:13:47,800 --> 01:13:51,920
तो फिर कृष्ण की भक्ति क्यों कर रहे मतलब वो लोग अल्म क्यों

1032
01:13:51,920 --> 01:13:56,320
कर रहे मैंने तो नहीं कहा करने को आपने बात उठाई है ला है कृष्ण जोवा

1033
01:13:56,320 --> 01:14:01,520
है आप ही बात लाया हो मैं तो नहीं लाया

1034
01:14:01,520 --> 01:14:05,520
हूं ठीक है बात ये है मतलब

1035
01:14:05,520 --> 01:14:09,560
क्या ठीक है वही तो आप आप ये मानने के लिए तैयार ही नहीं हो तो हम क्या क्या

1036
01:14:09,560 --> 01:14:13,560
क्या क्या नहीं मानने को तैयार ह क भाई अगर मैं आपके पिता का

1037
01:14:13,560 --> 01:14:17,720
नाम वो जो आप बता रहे हैं वो ना मानने के लिए तैयार नहीं हगा तो आप ठीक है

1038
01:14:17,720 --> 01:14:21,720
कहोगे हम वही बोल र ना कल आप अपने पिता का नाम गलत लेने लगोगे और

1039
01:14:21,720 --> 01:14:26,400
हम सही पिता का नाम बता मैं आपसे पूछ रहा हूं आपके पिताजी का नाम क्या है बताइए

1040
01:14:26,400 --> 01:14:30,640
मेरे पिताजी का नाम संजय कुमार सिंह है बस मैं अगर आपको आपके

1041
01:14:30,640 --> 01:14:35,040
पिताजी का नाम बदल के बोलने लगूंगा मानने को तैयार नहीं होगा कि आपके पिताजी संजय

1042
01:14:35,040 --> 01:14:39,160
कुमार सिंह है तो आप ये कहोगे ठीक है

1043
01:14:39,160 --> 01:14:43,160
नहीं वही तो हम कहना चाह रहे हैं आखरी हां

1044
01:14:43,160 --> 01:14:47,240
वही तो वही तो ही तो कि अल्टीमेटली वो कृष्णा ही है तो भाई अब कोई

1045
01:14:47,240 --> 01:14:51,040
कोई मेरा बाप का नाम बोल दे कि नहीं तुम्हारे बाप का अरे मेरे भाई वो एक

1046
01:14:51,040 --> 01:14:55,200
सुनो पहले पहले मेरी बात सुनो अल्लाह कृष्ण है बात ये हो रही

1047
01:14:55,200 --> 01:14:59,320
अल्लाह कृष्ण है कि नहीं अल्लाह कृष्ण है कि नहीं

1048
01:14:59,320 --> 01:15:03,480
अल्लाह वह है जो मोहम्मद की लाइनेज में आने वाले लोग क्लेम

1049
01:15:03,480 --> 01:15:07,640
करते हैं अल्लाह वो है और अल्लाह वह है जो जन्म नहीं ले सकता

1050
01:15:07,640 --> 01:15:11,920
अब अगर हम अल्लाह की कोई और व्याख्या करते हैं कि नहीं अल्लाह

1051
01:15:11,920 --> 01:15:16,200
कृष्ण है यह लोग जानते नहीं है अल्लाह को पूरी तरीके से तो अल्लाह

1052
01:15:16,200 --> 01:15:20,280
के विषय में हमारी व्याख्या मान्य नहीं होगी उसी की व्याख्या

1053
01:15:20,280 --> 01:15:25,280
मान होगी जो उसकी लाइनेज में आया है अल्लाह शब्द को लेकर आप तक आया है

1054
01:15:25,280 --> 01:15:29,560
और दूसरी दूसरा प्रश्न यह भी बन जाएगा कि आपके पास अल्लाह का ज्ञान

1055
01:15:29,560 --> 01:15:33,720
कहां से आया है किस परंपरा से प्राप्त किया जैसे

1056
01:15:33,720 --> 01:15:37,920
आपको भगवत गीता मिली जैसे आपको भागवत मिला वैसे

1057
01:15:37,920 --> 01:15:42,000
अल्लाह नाम आपको कौन सी परंपरा से मिला

1058
01:15:42,000 --> 01:15:46,120
अल्लाह नाम को परंपरा से नहीं मिथ्या भाष्य है जब कृष्णा लगने लगता

1059
01:15:46,120 --> 01:15:52,120
है कोई विकृत रूप में तो उसको अल्लाह मानते है वो लोग ये कहां लि प्रभुपाद जी ने

1060
01:15:52,240 --> 01:15:56,400
मिस अप तरफ अरे मेरे भाई मुझे कोई

1061
01:15:56,400 --> 01:16:00,400
आपने कहा उन्होंने अपनी बुक में सब कुछ बताया है हां वही एकट तो

1062
01:16:00,400 --> 01:16:04,680
कौन सी बुक में अल्लाह को मिथ्या भास कहा है उन्होंने हर बुक में उन्होंने

1063
01:16:04,680 --> 01:16:06,040
बताया कृष्णा ही सच है और

1064
01:16:06,040 --> 01:16:10,440
जो सच नहीं मैं पूछ रहा हूं मिथ्या भास कहां का है

1065
01:16:10,440 --> 01:16:14,480
अच्छा कना ही सच है इसका इसका अर्थ ये होता है कि अल्लाह

1066
01:16:14,480 --> 01:16:18,480
मिथ्या भास है ये कहां लिखा है वही हर चीज

1067
01:16:18,480 --> 01:16:23,000
डायरेक्टली नहीं बताया जा सकता ये इनडायरेक्टली अंडरस्टूड है इनडायरेक्टली

1068
01:16:23,000 --> 01:16:27,160
अ ये कहां लिखा है हरची डायरेक्टली नहीं बताई जा सकती और यह चीज

1069
01:16:27,160 --> 01:16:31,840
ऐसे इनडायरेक्टली अंडरस्टूड है वो भी किताबों को पढ़ के ये कहा लिखा है चलिए

1070
01:16:31,840 --> 01:16:36,080
तेरे लिए कर्तव्य और अ कर्तव्य के विषय में एक मात्र शास्त्र प्रमाण

1071
01:16:36,080 --> 01:16:40,440
है हमें शास्त्र से सिद्धांतों को बताइए मन गंत

1072
01:16:40,440 --> 01:16:44,720
नहीं नहीं नहीं उनके लोग कह रहे अल्ला ज कृष्ण एक है

1073
01:16:44,720 --> 01:16:49,000
आप कह रहे हो नहीं उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा फिर थोड़ी देर बाद आप कह रहे हो कि नहीं उन्होंने इंटरव्यू

1074
01:16:49,000 --> 01:16:55,000
वगैरह में कहा य क्या है

1075
01:16:55,240 --> 01:16:59,280
हम बस ये जो आप मतलब आप यहां पर किसी तरीके से बिना

1076
01:16:59,280 --> 01:17:04,040
उनकी इस बात को स्वीकार किए हुए कि उन्हें अपने फॉलोअर्स बढ़ाने

1077
01:17:04,040 --> 01:17:08,080
थे इस बात और इसलिए उन्होंने झूठ बोला बिना

1078
01:17:08,080 --> 01:17:12,200
इस बात को स्वीकार किए हुए बिना बोले यही बताने

1079
01:17:12,200 --> 01:17:16,360
की कोशिश कर रहे हो एक घंटे से हा हा यही

1080
01:17:16,360 --> 01:17:20,400
बताने की कोशिश कर रहे हो कि मैं य मुंह से नहीं बोलूंगा मगर मेरे बिना बोले हुए

1081
01:17:20,400 --> 01:17:24,480
सामने वाला य समझ जाए उसको न्यायोचित समझ ले मगर ऐसा नहीं होगा ना

1082
01:17:24,480 --> 01:17:28,680
जब आप ये कहेंगे कि मुसलमानों को समझाने के लिए क्रिश्चन को समझाने के लिए

1083
01:17:28,680 --> 01:17:32,960
ऐसा किया गया तो हम यह कहेंगे कि शिव जीी को क्यों नहीं मिलाया गया कृष्ण

1084
01:17:32,960 --> 01:17:38,960
के साथ क्या वो तुम्हारे भाई नहीं

1085
01:17:39,400 --> 01:17:43,480
थे अब देखिए अगर मुसलमानों को अगर मुसलमानों को

1086
01:17:43,480 --> 01:17:47,920
क्रिश्चन को अपने में लय कराने के लिए तुम ऐसा कर रहे हो तो फिर

1087
01:17:47,920 --> 01:17:52,040
वही ज्ञान जो मुसलमानों के लिए गलत ज्ञान जो सही

1088
01:17:52,040 --> 01:17:58,040
नहीं है वो ज्ञान तुम हिंदुओं को क्यों दे रहे हो

1089
01:17:58,360 --> 01:18:02,680
क्या जन मतलब कृष्ण भगवान को मतलब सबसे

1090
01:18:02,680 --> 01:18:06,000
बड़ा भगवान बोल रहे है

1091
01:18:06,000 --> 01:18:10,200
अभी अभी आपको मैं अभी आपको मैं इस प्रपंच से होने

1092
01:18:10,200 --> 01:18:14,760
वाला जो ग्राउंड लेवल का नुकसान है वह बताता हूं सुनिए

1093
01:18:14,760 --> 01:18:18,920
हम आपको बस बात नहीं सुनिए सुनि

1094
01:18:18,920 --> 01:18:23,040
आपने क्या कहा ना क्या ज्ञान दे रहे जब हम कहते हैं कि अल्लाह और कृष्ण

1095
01:18:23,040 --> 01:18:28,000
एक है जब हम कहते हैं कि अल्लाह और कृष्ण एक है

1096
01:18:28,000 --> 01:18:32,000
तो हमारे घर की बिटिया यह समझती है कि अल्लाह

1097
01:18:32,000 --> 01:18:36,280
ही कृष्ण है कृष्ण ही अल्लाह है दोनों सेम है

1098
01:18:36,280 --> 01:18:40,560
ठीक है और फिर क्या होता है कि जब उसको कोई अल्लाह वाला बंदा मिलता

1099
01:18:40,560 --> 01:18:44,560
है तो वह उसको वैसा ही समझने लगती है जैसे हमारे यहां के पुरुष

1100
01:18:44,560 --> 01:18:49,000
है जैसी हमारे यहां की शिक्षा है वैसी इसके यहां की भी शिक्षा है

1101
01:18:49,000 --> 01:18:53,200
मगर हमारे यहां की शिक्षा क्या है रघुकुल रीत सदा चली

1102
01:18:53,200 --> 01:18:54,400
आई प्राण जाई पर वचन

1103
01:18:54,400 --> 01:18:58,440
ना जा और उनके य की शिक्षा क्या है कि तुमने किसी

1104
01:18:58,440 --> 01:19:03,160
को बहन या मां बोल भी दिया है तब भी तुम उस बात से पलट सकते हो

1105
01:19:03,160 --> 01:19:07,160
केवल इस बात की वजह से कृष्ण अल्ला सेम है इससे होने वाला नुकसान

1106
01:19:07,160 --> 01:19:11,240
सुनिए फिर वह सोचती है कि जैसे मेरे यहां सिखाया गया राम की

1107
01:19:11,240 --> 01:19:15,320
रामो दुर भी भाषित ऐसा ही य भी होगा जवान का पक्का

1108
01:19:15,320 --> 01:19:19,440
मगर वहां तो सिखाया गया है वहा तो धर्म में ही है तुम अपनी बात से जो पलट

1109
01:19:19,440 --> 01:19:23,560
रहे हो वो धर्म है उनका व तो सिखाया गया है फिर क्या होगा एक दिन हमारी

1110
01:19:23,560 --> 01:19:27,720
वो बिटिया के 35 टकड़े मिलते हैं तो कौन हुआ इस 35

1111
01:19:27,720 --> 01:19:31,880
टुकड़े का जिम्मेदार यह कहने वाला कि कृष्ण और अल्लाह एक है

1112
01:19:31,880 --> 01:19:36,040
यह कहने वाला ईश्वर अल्लाह तेरा नाम वो हुआ

1113
01:19:36,040 --> 01:19:40,360
इन 35 टुकड़ों का जिम्मेदार वही

1114
01:19:40,360 --> 01:19:44,360
जी मेरा वही कहने का मतलब है देखिए आप कहने आए थे आप कह चुके

1115
01:19:44,360 --> 01:19:48,400
आपने मान लिया कृ अल्ला एक नहीं है ये कहना गलत था आपने मान

1116
01:19:48,400 --> 01:19:52,480
लिया के हा वो जो क्या कहते य पंक्ति गलत है बाद में भी

1117
01:19:52,480 --> 01:19:56,680
आपने एक पंक्ति और गलत मानी है कुरान के विषय

1118
01:19:56,680 --> 01:20:00,760
में ठीक है जो आप डिफेंड करने आए थे वो आप डिफेंड कर नहीं

1119
01:20:00,760 --> 01:20:05,320
पाए फिलहाल अभी तक अब आप बताइए अपनी बात

1120
01:20:05,320 --> 01:20:09,320
आप मतलब भा हमको एक्चुअली वही लगता है कि शायद आप इस एक

1121
01:20:09,320 --> 01:20:09,820
लाइन

1122
01:20:09,600 --> 01:20:13,600
को लेकर बहुत ओवर रिएक्ट कर रहे हो हमको नहीं लगता प्रभुपाद का बुक पढ़

1123
01:20:13,600 --> 01:20:17,600
के कोई लड़की लव जिहाद में फस गई होगी शायद ऐसा कुछ नहीं है ये

1124
01:20:17,600 --> 01:20:21,640
आपकी गलत फहमिया है और लगने से कुछ नहीं होता

1125
01:20:21,640 --> 01:20:25,680
है भाई साब हम लोग य पर बात कर रहे रे यह कर्तव्य और अ

1126
01:20:25,680 --> 01:20:29,680
कर्तव्य के विषय में शास्त्र प्रमाण है मैं जो जो

1127
01:20:29,680 --> 01:20:34,000
बात आपको बोलूंगा सब शास्त्रों से दूंगा एक एक बात

1128
01:20:34,000 --> 01:20:38,400
बात ये आती है कि अल्लाह और कृष्ण एक है कि नहीं है

1129
01:20:38,400 --> 01:20:42,560
तो आपने स्वीकार किया नहीं है यह लाइन गलत थी

1130
01:20:42,560 --> 01:20:46,640
यहीं पर आपका मामला खत्म हो गया जब आपने प्रभुपाद जी की लाइन को गलत बोल दिया

1131
01:20:46,640 --> 01:20:50,680
क्योंकि जिसको आप डिफेंड करने आए थे जिस विषय में उस विषय में आपने स्वीकार कर

1132
01:20:50,680 --> 01:20:54,800
लिया कि वो गलत है और फिर दूसरी बात यह हुई कि

1133
01:20:54,800 --> 01:20:59,000
परिस्थितियों में ऐसा बोलना सही होता है कि नहीं वो भी आपने स्वीकार कर लिया नहीं सही

1134
01:20:59,000 --> 01:21:03,280
नहीं होता है तो अब बचा क्या या तो पहले दोबारा क्लेम करिए

1135
01:21:03,280 --> 01:21:07,880
कि नहीं उनकी लाइन सही है अल्लाह और कृष्ण एक है

1136
01:21:07,880 --> 01:21:12,080
हा अब मेरा पास क कि वो एक लाइन के चक्कर में आप डिक्लेयर

1137
01:21:12,080 --> 01:21:16,160
कर दिए कि प्रभुपाद का फिलोस फी ये है वो ये प्रोपेट कर रहे है

1138
01:21:16,160 --> 01:21:20,280
और बकल बिल्कुल बिल्कुल ये इतनी नाजुक लाइने

1139
01:21:20,280 --> 01:21:24,720
है य इतनी नाजुक लाइने है जिसकी कोई सीमा नहीं है इस

1140
01:21:24,720 --> 01:21:28,760
खिलवाड़ नहीं कर सकते ब तो क्या तो क्या ये लाइने

1141
01:21:28,760 --> 01:21:33,200
पढ़ाई जाती है क्या किसी को क्यों नहीं पढ़ाई जा रही आपके मंदर में जा

1142
01:21:33,200 --> 01:21:37,960
सुनिए सुनिए आपके मंदिरो में जाकर देखिए

1143
01:21:37,960 --> 01:21:42,320
व साटा क्लोस की ड्रेस पहनाई जाती है श्री राम भगवान को फोटो है मेरे

1144
01:21:42,320 --> 01:21:46,600
पास क्यों पहनाई जा रही है आपके की किताबों

1145
01:21:46,600 --> 01:21:51,080
में आपके य की किताबों में बाइबल की व वो क्या कर रहे हैं

1146
01:21:51,080 --> 01:21:55,400
बाइबल के कोट कुरान के दिखाऊ

1147
01:21:55,400 --> 01:22:01,400
बुक आपको स्कन टेंपल से मिल रहे

1148
01:22:02,640 --> 01:22:06,680
है म करने नहीं आया हूं दिखाइए तो इस कन का फॉलो

1149
01:22:06,680 --> 01:22:10,720
करना छोड़ देंगे नहीं हम क्यों छोड़ र मजा क्यों ले र

1150
01:22:10,720 --> 01:22:15,440
य भाई मजा लेने आए हो क्या ज है क्या

1151
01:22:15,440 --> 01:22:19,840
ब चौपाटी आ दिखा दिखाओ इस

1152
01:22:19,840 --> 01:22:23,960
जिस चीज से कोई जिस चीज की इंपोर्टेंट वो बोली

1153
01:22:23,960 --> 01:22:28,080
है ना वही तो मेरा चारिक हा इतनी मोटी

1154
01:22:28,080 --> 01:22:32,800
बुक है इतनी मोटी बुक है उसम एक वर्ड एक

1155
01:22:32,800 --> 01:22:38,800
भाई साब बहुत हो गया ठीक

1156
01:22:40,160 --> 01:22:45,160
हैने आते हैं जय श्री राम जय श्री राम

1157
01:22:45,160 --> 01:22:49,240
बताइए ये ये पराकाष्ठा द भैया

1158
01:22:49,240 --> 01:22:53,440
कि कितना मतलब गिर चु गिर सकते ये लोग यह पराकाष्ठा

1159
01:22:53,440 --> 01:22:57,160
देखी आज

1160
01:22:57,160 --> 01:23:01,480
वो वो मैं जो दर्शक है उनसे कहना चाहूंगा भैया

1161
01:23:01,480 --> 01:23:05,520
हमारे पास थोड़ा संसाधनों की कमी है कुछ यात्राए भी करनी

1162
01:23:05,520 --> 01:23:09,720
है इसी विषय में तो आप लोग थोड़ा सा अर्थ

1163
01:23:09,720 --> 01:23:13,880
की सहायता अगर कर सकते हो तो करें और दूसरी

1164
01:23:13,880 --> 01:23:17,880
बात यह है कि जो हमारी य रील्स होती है मतलब जो

1165
01:23:17,880 --> 01:23:22,200
ये होती है कन्वर्सेशन इनमें से आप रील्स निकाल निकाल के हमको भी दे सकते हैं

1166
01:23:22,200 --> 01:23:26,360
और खुद भी बना सकते हैं आपको पूरी पूरी छूट है मगर आप अगर

1167
01:23:26,360 --> 01:23:30,640
ल् बना करके हमको भी देंगे तो हमें थोड़ी सी आपकी सहायता

1168
01:23:30,640 --> 01:23:35,360
मिलेगी और रमा में आपका भी जुड़ेगा जी विशाल

1169
01:23:35,360 --> 01:23:39,400
भ आपके आपका जोबर देख प्रभुपाद जी

1170
01:23:39,400 --> 01:23:43,720
को सही प्रभुपाद जी को नहीं कहूंगा मुझे पता ही नहीं प्रभुपाद जी ने क्या लिखा इसन

1171
01:23:43,720 --> 01:23:47,720
को सही सिद्ध करने के लिए यह तक बोलने लगा व्यक्ति कि हा

1172
01:23:47,720 --> 01:23:52,400
भाई कृष्ण और जानवर का नाम है वो एक है

1173
01:23:52,400 --> 01:23:55,320
इलिए तो बो मैंने पराकाष्ठा

1174
01:23:55,320 --> 01:24:00,680
ये पराकाष्ठा थी ये पराकाष्ठा

1175
01:24:00,680 --> 01:24:04,800
थी मतलब मैं देखते देखते सोच रहा था कि अब थम जाएगा

1176
01:24:04,800 --> 01:24:08,800
अब थोड़ा स्वीकार कर लेगा कि गलत प्रू हो चुका है तो भी लेकिन नहीं

1177
01:24:08,800 --> 01:24:11,200
हम तो

1178
01:24:11,200 --> 01:24:16,320
करेंगे पता है मैंने

1179
01:24:16,320 --> 01:24:20,360
क्यों ऐसा होता है कि कई बार मुझे ये क्लेम किए जाते हैं कि

1180
01:24:20,360 --> 01:24:25,400
भाई तू आप कुछ प्रबुद्ध लोगों से बात करो

1181
01:24:25,400 --> 01:24:29,480
ऐसे लोगों से बात क्यों करते हो दिक्कत ये है कि जिसको भी लेकर आएंगे वो ऐसे ही घुमाता

1182
01:24:29,480 --> 01:24:34,880
है खिचड़ी ऐसे ही पता रहता ऐसे ही खिचड़ी पता रहता

1183
01:24:34,880 --> 01:24:39,040
है अब मां बाप ने आपको बचपन में शिक्षा दी वो झूठ था

1184
01:24:39,040 --> 01:24:43,240
क्या अरे भाई वह सनातन धर्म का ज्ञान नहीं था

1185
01:24:43,240 --> 01:24:47,560
प्रॉपर अच्छा वो झूठ था क्या तो आज

1186
01:24:47,560 --> 01:24:51,880
के टाइम में अगर प्रामाणिक आचार्यों के अनुसार जो भगवान जो

1187
01:24:51,880 --> 01:24:56,040
मेरे माता पिता ने सही व्याख्या दी होगी वो तो अगर कोई उलट

1188
01:24:56,040 --> 01:25:00,040
व्याख्या दे दी होगी तो मानना पड़ेगा ना कि वो गलत थी

1189
01:25:00,040 --> 01:25:04,040
और फिर प्रभुपाद जी को क्लेम भी तो करना चाहिए कि हमने भैया वो फर्स्ट क्लास

1190
01:25:04,040 --> 01:25:08,040
वाला ज्ञान है व सबके लिए नहीं है फर्स्ट क्लास वाला ज्ञान कहां पर

1191
01:25:08,040 --> 01:25:13,600
कहा [प्रशंसा]

1192
01:25:13,600 --> 01:25:17,840
उन्होंने डिपेंड करना है डिपेंड कुछ भी हो जाए

1193
01:25:17,840 --> 01:25:22,160
उल्टे खड़े हो जाएंगे भैया आपने जो ये रील्स

1194
01:25:22,160 --> 01:25:26,600
वाली बात बोली कि मतलब आपका सहयोग किसी भी तरह से कर सकते हैं

1195
01:25:26,600 --> 01:25:30,600
मैंने आपको शायद आपको याद हो तो कई बार कॉल करके आपको बताया कि मुझे

1196
01:25:30,600 --> 01:25:34,800
यह ये मिला है तो आपने बताया कि मुझे भेज दो आपको भेज तो देता

1197
01:25:34,800 --> 01:25:38,960
हूं लेकिन भैया प्रॉब्लम य होता है कि आपने कोई वो फीचर ऑन रखा है ना ट में की

1198
01:25:38,960 --> 01:25:43,000
थोड़े टाइम के बाद वो डिलीट हो जाता है ठीक है आप बात करिएगा

1199
01:25:43,000 --> 01:25:47,080
इस विषय में बात करिएगा ठीक है तो आज की चर्चा मुझे लगता है आप लोगों

1200
01:25:47,080 --> 01:25:51,320
को ठीक लगी हो यथा सामर्थ मैंने प्रयास किया कुतर्क

1201
01:25:51,320 --> 01:25:55,920
के कुत को को ढेर करते हुए को बाहर लाने का

1202
01:25:55,920 --> 01:26:00,280
नहीं नहीं भैया ये तो सच्चाई क्या है वो सुन

1203
01:26:00,280 --> 01:26:04,640
लो सच्चाई क्या है वो सुनते जाओ

1204
01:26:04,640 --> 01:26:08,640
सच्चाई यह है कि यह इसका कारण कोई

1205
01:26:08,640 --> 01:26:12,680
भी हो मगर यह जो फिलोसोफी है जो किताबे हैन के द्वारा जो दी जा रही

1206
01:26:12,680 --> 01:26:16,800
है यह आपका ब्रा करण कर रही है पूरी तरीके से

1207
01:26:16,800 --> 01:26:21,200
मेरे पास ऐसी ऐसी बुक्स है जिसमें की मोहम्मद साहब की चीजें

1208
01:26:21,200 --> 01:26:25,200
बाइबल की चीज कोट की जा रही है छोटे बच्चों लिए किताब छापी

1209
01:26:25,200 --> 01:26:28,760
गई है उसम बाइबल की चीज कोट की जा रही है क्यों बाइबल

1210
01:26:28,760 --> 01:26:32,880
की शिक्षाए क्यों दे रहे हो भाई हमारे पास शिक्षा नहीं है क्या वेद में तो

1211
01:26:32,880 --> 01:26:37,160
इससे क्या होता है हमारी श्रद्धा बढ़ रही है हमारे बच्चों में किसके

1212
01:26:37,160 --> 01:26:41,720
प्रति उनके प्रति जो वैदिक नहीं है

1213
01:26:41,720 --> 01:26:46,520
अव अब क्या है कि ब्राहमम करण हो रहा है अब

1214
01:26:46,520 --> 01:26:50,520
जहां पर ये दिक्कत आती है कि ईश्वर अल्लाह

1215
01:26:50,520 --> 01:26:55,160
को जहां तक कोशिश करते हैं यह कल आने वाला वीडियो आप लोग देख

1216
01:26:55,160 --> 01:26:59,320
मेन चैनल जो आवान वाला है उस पर आएगा 11

1217
01:26:59,320 --> 01:27:03,480
बजे होगा तो देखिएगा तो अब एक पहले तो कोशिश

1218
01:27:03,480 --> 01:27:07,800
करते हैं पूरी पूरी कि हम कृष्ण अल्ला को एक सिद्ध कर ले जाए

1219
01:27:07,800 --> 01:27:11,840
जब फसने लगते हैं तो कहते हैं कि भैया वो इस वजह से बोला था कि बच्चों को

1220
01:27:11,840 --> 01:27:15,840
उतना ही ज्ञान सही होता है देने के लिए ठीक है यह

1221
01:27:15,840 --> 01:27:20,240
था वो था सनातन नहीं था यह था वो था य सब बोलने लगते

1222
01:27:20,240 --> 01:27:24,520
हैं फिर उसके बाद

1223
01:27:24,520 --> 01:27:28,600
यह है कि जब इसमें भी हो जाता है तो यह हो जाता

1224
01:27:28,600 --> 01:27:32,640
है कि वो मुस्लिम को क्रिश्चन को अपने में मिलाने के लिए

1225
01:27:32,640 --> 01:27:36,680
ऐसा किया गया वास्तविकता यह है कि जिस अगर आप

1226
01:27:36,680 --> 01:27:41,280
यह कह भी रहे हैं कि हमने मुस्लिम्स को

1227
01:27:41,280 --> 01:27:45,360
हिंदुइज्म में लाने के लिए या क्रिश्चियनिटी को हिंदु जम में लाने के लिए

1228
01:27:45,360 --> 01:27:49,480
एक ब्रिज बनाया है तो मेरे भाई जिस ब्रिज से

1229
01:27:49,480 --> 01:27:54,320
एक क्रिश्चियन क्रिश्चियनिटी से और मुस्लिम मुस्लिम इस्लाम से

1230
01:27:54,320 --> 01:27:58,360
हिंदू जम में आ सकता है सनातन में आ सकता है उसी वज

1231
01:27:58,360 --> 01:28:02,400
से कोई हिंदू भी क्रिश्चियनिटी में जा सकता है उसी

1232
01:28:02,400 --> 01:28:06,440
ृ से कोई हिंदू भी इस्लाम में जा सकता है

1233
01:28:06,440 --> 01:28:10,480
तो यह जो कहना है इनको कैसे भी मान लीजिए लालच वश दिया या

1234
01:28:10,480 --> 01:28:14,480
ब्राहमम करण बनाने कराने के लिए दिया है वो दोनों अलग अलग परिपेक्ष

1235
01:28:14,480 --> 01:28:19,120
है मगर वो स्टेटमेंट गलत है

1236
01:28:19,120 --> 01:28:23,400
वो फैक्ट नहीं है एक तो कृष्णला एक है अगर

1237
01:28:23,400 --> 01:28:28,320
फैक्ट लड़ने फैक्ट सिद्ध करने जाओगे तो गलत और फिर

1238
01:28:28,320 --> 01:28:32,440
जो फैक्ट फुल नहीं है और वो तुम बोल रहे हो तो वो भी

1239
01:28:32,440 --> 01:28:36,480
गलत क्योंकि शास्त्रों ने कहीं नहीं कहा है कि आप

1240
01:28:36,480 --> 01:28:39,760
धर्म धर्म को प्रचारित करने के लिए धर्म

1241
01:28:39,760 --> 01:28:42,600
का अर्थ ही बदल

1242
01:28:42,600 --> 01:28:47,560
दे अरे भाई जब आपने धर्म को प्रचारित करते हुए

1243
01:28:47,560 --> 01:28:51,800
धर्म का अर्थ बदल करके जब प्रचारित किया तो फिर प्रचारित

1244
01:28:51,800 --> 01:28:56,840
क्या हुआ धर्म या अधर्म क्या प्रचारित हुआ

1245
01:28:56,840 --> 01:29:02,840
अधर्म प्रचारित हुआ ना धर्म थोड़ी ना

1246
01:29:02,840 --> 01:29:07,680
हुआ केवल बातें घुमाने आए थे भाई साहब एक घंटे डेढ़ घंटे तक

1247
01:29:07,680 --> 01:29:12,400
बातें घुमाने आए थे और कुछ नहीं है जहां फसने लगो तो वहां

1248
01:29:12,400 --> 01:29:16,440
वहां उन्होंने ऐसा अच्छा सोचो टाइम वेस्ट देखिए व्यक्ति कह

1249
01:29:16,440 --> 01:29:20,560
रहा है प्रभुपाद ने ऐसा नहीं कहा उसके बाद मैं चीजें दिखा रहा हूं

1250
01:29:20,560 --> 01:29:24,800
निकाल रहा हूं यह कर रहा हूं वो कर रहा हूं उसके बाद कह रहा नहीं प्रभुपाद जी ने ऐसा कहा

1251
01:29:24,800 --> 01:29:28,800
अरे भाई जब तुम्हे मालूम है प्रभुपाद जी ने ऐसा कहा तो इस पर क्यों टाइम वेस्ट कर

1252
01:29:28,800 --> 01:29:34,400
रहे हो कि नहीं

1253
01:29:34,400 --> 01:29:38,720
कहा भैया ये जो चलिए

1254
01:29:38,720 --> 01:29:42,800
अब फिर बात हो ये

1255
01:29:42,800 --> 01:29:46,920
जो जी कह रहे राधेश्याम जी कह रहे हैं कि

1256
01:29:46,920 --> 01:29:51,520
श्रीधर स्वामी सुद्धा द्वैत थे ना कि अवती तो

1257
01:29:51,520 --> 01:29:56,480
पहले तो तुम स्वयं को सुद्धा दती बोल बो शुरू

1258
01:29:56,480 --> 01:30:00,520
करो पहले तो तुम स्वयं को सुद्ध बोलना शुरू मधवा चार से

1259
01:30:00,520 --> 01:30:04,560
बोलना बंद करो व सब मिटाओ अपनी किताबों से और दूसरी

1260
01:30:04,560 --> 01:30:08,640
बात यह है कि इस आधार पर श्रीधर स्वामी जो है झूठ

1261
01:30:08,640 --> 01:30:13,040
बोलने वाले सन्यासी सिद्ध होंगे भय अथवा लालच के कारण उन्होंने

1262
01:30:13,040 --> 01:30:17,360
झूठ बोला तो उनका सन्यास जो है भंग है

1263
01:30:17,360 --> 01:30:21,440
वहां पर तो वो हो गए आप्रामा तो

1264
01:30:21,440 --> 01:30:25,440
जब अप प्रामाणिक हो गए तो आप्रामा को प्रामाणिक मानने वाले चैतन्य महाप्रभु पर

1265
01:30:25,440 --> 01:30:29,600
उंगली उठ जाएगी तो जरा सोच समझ के बोला करो किसी दिन आओ

1266
01:30:29,600 --> 01:30:34,080
मिलो कभी आओ ना जी हवेली पे है

1267
01:30:34,080 --> 01:30:39,480
ना कभी आओ ना जी हवेली

1268
01:30:39,480 --> 01:30:43,520
भैया हेलो हां भैया

1269
01:30:43,520 --> 01:30:49,520
यह जो सिद्धांति खंडन होता है कहीं मतलब

1270
01:30:54,040 --> 01:30:58,160
परंपरा के सैद्धांतिक खंडन करते तो यह शास्त्रीय है कि अशा स्त्रीय

1271
01:30:58,160 --> 01:31:02,400
है देखिए जो धर्म

1272
01:31:02,400 --> 01:31:06,840
को लेकर जो बातें हैं धर्म उसमें सभी परंपरा

1273
01:31:06,840 --> 01:31:11,120
प्राप्त आचार्यों का मतक है और ब्रह्म

1274
01:31:11,120 --> 01:31:15,360
के स्वरूप को लेकर के जो प्राप्त व्य का विषय है उसको लेकर

1275
01:31:15,360 --> 01:31:19,440
के थोड़ा थोड़ा सा थोड़ा थोड़ा सा जो संप्रदाय है उनमें

1276
01:31:19,440 --> 01:31:24,000
अंतर है तो वहां पर ब्रह्म के स्वरूप को लेकर के अपनी अपनी बात करते हैं मगर

1277
01:31:24,000 --> 01:31:28,040
धर्म जो करना है व्ट टू डू उसमें सब एक है व्ट

1278
01:31:28,040 --> 01:31:32,240
टू डू तो हमको जो धर्म रक्षा के लिए निकलते हैं जो लोग

1279
01:31:32,240 --> 01:31:36,760
उनको दिक्कत आती है व्ट टू डू की बजाय कुछ और बताने लग जाए

1280
01:31:36,760 --> 01:31:41,400
लोग इसमें चलिए ठीक है सभी को जय श्री राम

1281
01:31:41,400 --> 01:31:45,400
जी भैया जय श्री राम
