1
00:00:01,960 --> 00:00:06,160
[घंटी की आवाज़] मेरा नाम दिनेश दास है और मैं काफी

2
00:00:06,160 --> 00:00:10,320
समय से संत रामपाल जी महाराज जी का भक्त

3
00:00:10,320 --> 00:00:14,800
हूं अनुयाई हूं। क्या रामपाल

4
00:00:14,800 --> 00:00:18,960
के द्वारा प्रतिपादित प्रचारित होने वाला जो

5
00:00:18,960 --> 00:00:23,840
ईश्वर है जिसको आप कबीर नाम से जानते हैं। क्या वो सर्वशक्तिमान

6
00:00:23,840 --> 00:00:28,160
है? अनंत है अध्य है। ठीक है। जी।

7
00:00:28,160 --> 00:00:32,560
तो क्या क्या वो अवतार ले सकता है?

8
00:00:32,560 --> 00:00:36,800
कुछ भी कर सकते हैं। वो कुछ भी अवतार ही नहीं कुछ भी।

9
00:00:36,800 --> 00:00:40,800
उनकी डिक्शनरी में असंभव कुछ भी नहीं है। वो अवतार भी

10
00:00:40,800 --> 00:00:44,880
ले सकते हैं। वो सह शरीर भी आते हैं और वेदों में इसका

11
00:00:44,880 --> 00:00:50,320
प्रमाण भी है। जी आगे बताइए। क्या जो

12
00:00:50,320 --> 00:00:55,440
कबीर है वह अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं?

13
00:00:55,440 --> 00:01:00,000
अपनी देह का नाश कर सकते हैं। नहीं वो शरीर

14
00:01:00,000 --> 00:01:04,640
कबीर जी का शरीर अविनाशी है। बाकी जितने भी शरीर है

15
00:01:04,640 --> 00:01:09,280
शरीर पृथ्वी पर फिर से मैं फिर से मैं फिर से एक बात बता दूं।

16
00:01:09,280 --> 00:01:13,280
हमने पूछा क्या रामपाल के द्वारा प्रतिपादित होने

17
00:01:13,280 --> 00:01:18,080
वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान अनंत अबाध्य है।

18
00:01:18,080 --> 00:01:22,080
क्या रामपाल जी के द्वारा प्रचारित प्रचारित होने वाले ईश्वर

19
00:01:22,080 --> 00:01:27,600
पर किसी भी प्रकार का नियम लागू होता है क्या?

20
00:01:27,600 --> 00:01:32,000
देखो नियम की बात आपकी

21
00:01:32,000 --> 00:01:36,080
बात को क्लियर कर दूं। आपने जो सवाल किया है मैं उसको क्लियर कर देता हूं।

22
00:01:36,080 --> 00:01:40,080
आप ये कह रहे हैं कि भगवान पर कोई नियम लागू होता है या नहीं। आप ये कह रहे हैं

23
00:01:40,080 --> 00:01:44,080
कि आपने पहला प्रश्न किया कि वह भगवान सब कुछ करने में

24
00:01:44,080 --> 00:01:48,080
समर्थ है। मैंने कहा कि उसकी डिक्शनरी में असंभव कुछ नहीं है। वो कुछ भी कर

25
00:01:48,080 --> 00:01:52,320
सकता है। लेकिन वहां पर भगवान पर

26
00:01:52,320 --> 00:01:56,640
भगवान के कुछ खुद असूल होते हैं कि वो गलत नहीं करता। कर

27
00:01:56,640 --> 00:02:01,520
सब कुछ सकता है लेकिन भगवान गलत नहीं करता।

28
00:02:01,520 --> 00:02:05,840
यानी कि वो अपनी देह का है ना यानी कि यानी

29
00:02:05,840 --> 00:02:09,920
कि वो अपनी देह का नाश कर सकता है। मगर मगर [गला साफ़ करने की आवाज़] वो करता नहीं है। कर

30
00:02:09,920 --> 00:02:13,920
सकता है। कुछ नहीं सकता है। असंभव कुछ नहीं। मैं तो वही वो

31
00:02:13,920 --> 00:02:18,160
यानी कि जो दो जो देह हमें दिखाई दे रही है कबीर की

32
00:02:18,160 --> 00:02:22,160
वो असली नहीं है क्योंकि वो भी नष्ट हो सकती है।

33
00:02:22,160 --> 00:02:26,560
नहीं नहीं ये तो नहीं बोला मैंने। मैंने कहा अपने ही स्वरूप को वो हल्का

34
00:02:26,560 --> 00:02:30,800
तेज पुंज का बना के आता है और वह अविनाशी

35
00:02:30,800 --> 00:02:33,200
परमात्मा है। उसका कोई

36
00:02:33,200 --> 00:02:37,840
भी नाश करने में समर्थ नहीं है। यही गीता जी में भी

37
00:02:37,840 --> 00:02:41,840
गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि उस परमात्मा का ईश्वर भी ईश्वर

38
00:02:41,840 --> 00:02:45,920
भी अपनी देह का नाश नहीं कर सकता। नहीं कर सकता। वो

39
00:02:45,920 --> 00:02:50,400
समर्थ नहीं है ना? ही नहीं जी। तो समर्थ नहीं है ना? सामर्थ्यता

40
00:02:50,400 --> 00:02:54,560
पे प्रश्न चिन्ह लग गया ना? नहीं तो अगर देह

41
00:02:54,560 --> 00:02:58,640
नष्ट मैंने यह कहा कि करते नहीं है कर कुछ कुछ नहीं सकता

42
00:02:58,640 --> 00:03:02,640
है वो यानी यानी कि कबीर भी अपनी

43
00:03:02,640 --> 00:03:07,760
अपने अपने आप को नष्ट कर सकते हैं अपनी देह का नाश खत्म कर सकते हैं

44
00:03:07,760 --> 00:03:12,000
करेंगे क्यों आप ये सवाल रखने मैं ये नहीं कह रहा वो क्यों करेंगे वो

45
00:03:12,000 --> 00:03:16,000
क्यों करेंगे बाद में जाएंगे कर सकते हैं कि नहीं इसको क्लियर करिए कुछ

46
00:03:16,000 --> 00:03:20,160
भी कर सकता है वो कुछ भी कर सकता है वो तो जिस समय जिस

47
00:03:20,160 --> 00:03:24,400
समय उनकी देह नष्ट हो जाएगी उस समय ईश्वर कौन होगा दुनिया

48
00:03:24,400 --> 00:03:28,480
का दे नष्ट होती नहीं है ना अविनाशी है परमा

49
00:03:28,480 --> 00:03:32,640
अरे तुम तो कह रहे हो ना वो कर सकते हैं नष्ट एक बात का भाई

50
00:03:32,640 --> 00:03:36,880
में और करने में अंतर होता है नहीं वो कुछ भी कर सकता है तो उसका मतलब वो

51
00:03:36,880 --> 00:03:40,960
जरूरी नहीं है कि वो देह नष्ट करेगा मैं कहां कह रहा हूं मैं कह रहा हूं अगर

52
00:03:40,960 --> 00:03:45,200
वो कर सकते हैं तो उस स्थिति में उनकी वो ईश्वर

53
00:03:45,200 --> 00:03:49,920
कौन रह जाएगा अगर उन्होंने अपनी देह को नाश कर लिया

54
00:03:49,920 --> 00:03:55,200
अगर उन्होंने अपनी देह का नाश कर लिया तो उस समय ईश्वर कौन होगा?

55
00:03:55,200 --> 00:03:59,440
स्थिति कब कैसी बननी है और स्थिति कैसे

56
00:03:59,440 --> 00:04:03,440
बनती है वह बनाने वाला ही खुद ईश्वर है। तो क्यों

57
00:04:03,440 --> 00:04:08,320
ऐसी स्थिति बनेगी यह चीज आप प्रश्न आपकी सोच है ना?

58
00:04:08,320 --> 00:04:12,320
मेरी सोच नहीं है। मैं तो सिंपल पूछ रहा हूं। यदि वो अपनी देह का नाश कर

59
00:04:12,320 --> 00:04:16,480
सकते हैं तो फिर वो किस रूप में विद्यमान रहेंगे? यानी

60
00:04:16,480 --> 00:04:18,640
कि

61
00:04:18,640 --> 00:04:22,800
यानी कि यह जो देह हमें दिख रही है या हम जिस देह को जानते हैं

62
00:04:22,800 --> 00:04:26,800
वो देह उनका वास्तविक स्वरूप नहीं है। या तो ये

63
00:04:26,800 --> 00:04:31,040
माने और अगर हमने वास्तविक स्वरूप माना है तो हमको ये फिर जानना पड़ेगा कि

64
00:04:31,040 --> 00:04:35,600
इसका नाश कर सकते हैं कि नहीं। हम

65
00:04:35,600 --> 00:04:41,600
अगर [गला साफ़ करने की आवाज़] नाश कर सकते हैं तो फिर वो किस रूप में विद्यमान होंगे? ये बताना पड़ेगा।

66
00:04:41,600 --> 00:04:45,920
नाश कर सकते हैं। नाश करेंगे ही क्यों? प्रश्न तो यह है ना कि अरे

67
00:04:45,920 --> 00:04:50,000
भाई मैं मैं शराब नहीं पऊंगा क्योंकि मुझे

68
00:04:50,000 --> 00:04:54,880
पीनी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि मैं पी नहीं सकता। ठीक है

69
00:04:54,880 --> 00:04:59,600
तो मेरी सुन लीजिए मुझे शराब पीने की कोई आवश्यकता नहीं है।

70
00:04:59,600 --> 00:05:03,680
मगर इसका मतलब यह नहीं है कि उसका एक घूंट भी मैं पी नहीं सकता हूं।

71
00:05:03,680 --> 00:05:04,960
मेरे अंदर क्षमता है कि मैं

72
00:05:04,960 --> 00:05:09,040
उसे पी सकता हूं। अब ये बताइए कबीर में अपनी देह का नाश करने की क्षमता है

73
00:05:09,040 --> 00:05:11,600
कि नहीं?

74
00:05:11,600 --> 00:05:15,680
भगवान के गुणों में यह लिखा है कि वह परमात्मा कभी नष्ट नहीं होता। वो

75
00:05:15,680 --> 00:05:19,680
कुछ भी कर सकता है। तो फिर यह आप कैसे भी प्रश्न उठा के नहीं

76
00:05:19,680 --> 00:05:24,320
कर सकते ना उस भगवान पर। कैसे भी प्रश्न हम कुछ

77
00:05:24,320 --> 00:05:28,400
भगवान पे नियम भगवान पे ये नियम लगता है कि उस पर कैसे भी प्रश्न नहीं

78
00:05:28,400 --> 00:05:32,880
कर सकते। ये नियम लगता है भगवान। ये नियम नहीं लगता है। भगवान

79
00:05:32,880 --> 00:05:37,520
के गुण में जो लिखता है कि वह गलत नहीं करता। वह सही करता है और

80
00:05:37,520 --> 00:05:41,600
अविनाशी है वो सही गलत सही पर भी आ जाएंगे उसको नोट कर लीजिएगा

81
00:05:41,600 --> 00:05:46,160
देखो एक तो गलत सही पर आना है जो दर्शक देख रहे हैं थोड़ा सा नोट करिएगा

82
00:05:46,160 --> 00:05:51,200
एक तो गलत सही को लेंगे हम लोग और

83
00:05:51,200 --> 00:05:55,520
एक लेंगे कि आवश्यकता क्या है ठीक है

84
00:05:55,520 --> 00:05:59,600
ये दो चीजें जरा याद दिलाइएगा जब मैं पूछूं तो अब

85
00:05:59,600 --> 00:06:03,760
[गला साफ़ करने की आवाज़] मैं पूछ रहा हूं दोबारा कि मैं मेरे को आवश्यकता नहीं है

86
00:06:03,760 --> 00:06:07,840
मदिरापान करने की मगर इसका मतलब यह नहीं है मैं मदिरापान कर नहीं सकता।

87
00:06:07,840 --> 00:06:12,000
अब मुझे बताइए ईश्वर को अपनी देह का नाश करने की आवश्यकता नहीं है।

88
00:06:12,000 --> 00:06:16,480
मैं पूछ रहा हूं कर सकता है कि नहीं? कर सकता है। है लेकिन

89
00:06:16,480 --> 00:06:20,080
उस चीज की आवश्यकता उसे है ही नहीं। ठीक है। जब वो कर सकता

90
00:06:20,080 --> 00:06:24,320
है तो इसका मतलब है जब उसकी देह ना नष्ट हो जाएगी जिस समय

91
00:06:24,320 --> 00:06:28,400
उस समय वो मौजूद होगा किसी ना किसी रूप में

92
00:06:28,400 --> 00:06:32,400
या वो चला ही जाएगा। बिल्कुल। उस भगवान ने आगे की

93
00:06:32,400 --> 00:06:36,400
कहानी बताई ही नहीं है। कहीं पर प्रदर्शित की ही नहीं है कि उससे आगे क्या

94
00:06:36,400 --> 00:06:41,120
होगा। तो भगवान अपने संविधान में ही बताकर भेजेगा ना

95
00:06:41,120 --> 00:06:45,280
यानी तत्वदर्शी संत रामपाल को ये नहीं मालूम है। कुछ बातें तत्वदर्शी संत

96
00:06:45,280 --> 00:06:49,520
को भी नहीं मालूम है। क्या क्या कुछ बातें तत्वदर्शी

97
00:06:49,520 --> 00:06:53,520
संत को भी नहीं मालूम है ना। क्या नहीं? जो भगवान जिनको आप भगवान

98
00:06:53,520 --> 00:06:57,600
मानते हो। रामपाल को भगवान मानते हो कि नहीं?

99
00:06:57,600 --> 00:07:01,920
गुरु भगवान का स्वरूप होता है। अच्छा भगवान का अवतार तो नहीं मानते।

100
00:07:01,920 --> 00:07:06,720
ऐसा भी सुनने में आया कि उसको भगवान ही मानने कबीर रामपाल के रूप में आ गए।

101
00:07:06,720 --> 00:07:10,880
गुरु गुरु भगवान का स्वरूप होता है वो तो ठीक है। वो

102
00:07:10,880 --> 00:07:15,120
ठीक है। मगर ऐसा तो नहीं कि वो रामपाल को कबीर ही मानते हो।

103
00:07:15,120 --> 00:07:19,360
कबीर का जी कबीर जी के रामपाल जी कबीर जी के अवतार

104
00:07:19,360 --> 00:07:23,920
ही है। रामपाल जी के अवतार

105
00:07:23,920 --> 00:07:28,000
यही सुनना था। यही सुनना था। अब मैं पूछ रहा हूं दोबारा कि जब वो

106
00:07:28,000 --> 00:07:32,000
कबीर के अवतार हैं तो उनको यह नहीं पता है कि जिस समय उनकी देह नष्ट हो जाए

107
00:07:32,000 --> 00:07:36,400
देह नष्ट होती है। यह तो पक्का है। नहीं देती

108
00:07:36,400 --> 00:07:40,400
नहीं होती है कि नहीं हो सकती है कि

109
00:07:40,400 --> 00:07:44,880
नहीं? हो सकती है। यह तो भगवान को पता होगा।

110
00:07:44,880 --> 00:07:49,200
लेकिन होती नहीं है। अच्छा मतलब मतलब संत रामपाल

111
00:07:49,200 --> 00:07:53,360
तत्वदर्शी है। उन्होंने आपको बताया उनकी देह नष्ट हो सकती है कि नहीं?

112
00:07:53,360 --> 00:07:56,240
किनकी?

113
00:07:56,240 --> 00:08:00,320
संत रामपाल ने आपको बताया कि उनकी देह नष्ट हो सकती है

114
00:08:00,320 --> 00:08:04,400
कि नहीं। आपने कहा तो भगवान को पता होगा। आपने कहा

115
00:08:04,400 --> 00:08:08,480
ये तो भगवान को पता होगा। यानी आपको नहीं पता है। नहीं

116
00:08:08,480 --> 00:08:13,120
पता है ना? क्या? तो नहीं पता है तो तत्वदर्शी जो है तत्वदर्शी

117
00:08:13,120 --> 00:08:17,280
और वो भी आप कह रहे हो कबीर के ही अवतार हैं। वो रामपाल उनको नहीं

118
00:08:17,280 --> 00:08:21,280
पता है यह बात। क्या? जो मैं

119
00:08:21,280 --> 00:08:25,440
पूछ रहा हूं देह नष्ट हो सकती है कि नहीं? अरे आपका

120
00:08:25,440 --> 00:08:29,600
सवाल ही गलत है। भगवान ने जिस चीज के मतलब भगवान

121
00:08:29,600 --> 00:08:33,600
ने यह कहा है अपने गुणों में यह लिखा है उसके कि भगवान जो

122
00:08:33,600 --> 00:08:37,680
पूछ रहा हूं वो बताइए जो मैं देखिए ऐसे क्या है ना चर्चा

123
00:08:37,680 --> 00:08:41,760
जो है आगे बढ़ती जाएगी मैं पूछ रहा हूं अभी आपने कहा कि ये

124
00:08:41,760 --> 00:08:45,920
तो भगवान को पता होगा तो रामपाल भगवान है ना भगवान

125
00:08:45,920 --> 00:08:49,920
के अवतार है ना हां कबीर जी के अवतार हैं वो हां तो

126
00:08:49,920 --> 00:08:51,600
उनको पता है कि नहीं उनकी देह नष्ट

127
00:08:51,600 --> 00:08:55,680
हो सकती है कि नहीं उनको सब कुछ पता है पता है तो आप

128
00:08:55,680 --> 00:09:01,680
पूछ के आइएगा अगली

129
00:09:16,760 --> 00:09:20,760
[संगीत]
