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00:00:02:07 जय श्री राम सभी को। आशा करता हूं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे। और अभी-अभी हमारी कुछ देर पूर्व लाइव हुई है आहान जो मेन चैनल है हमारा उस पर और रामपाल की लोगों की धज्जियां उड़ाई गई है तो जिसने ना देखी हो वो अवश्य देख ले और आज हमारे साथ जो नीलमा जी है वो जुड़ी हुई है और आज का विषय आपने समझ लिया होगा कि जो अभी तक नीलमा जी ने यहां पर निर्गत किया है उसको लेकर के जो आपत्तियां आ रही है लोगों की तो आज उनका समाधान प्रस्तुत किया जाएगा। प्रयास किया जाएगा। मैं नीलमा जी को ले लेता हूं।
00:00:49:08 जी जय श्री राम। नीलमा जय श्री राम सबको। जी जी मेरी आवाज आ रही है आपको? क्लियर? हां जी आ रही है। जी बताइए। नीलमा जी आपके जो वीडियोस हमारे चैनल पर निर्गत किए गए हैं तो उनमें लेकर के कुछ आपत्तियां हैं जो आ रही हैं और मुझे आपकी तरफ से भी ये चीज पता चली थी और मुझे वैसे भी मैं खुद भी ऑब्जर्व कर रहा हूं कि कई सारे लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। तो मुझे लगा कि एक लाइव सेशन इस पर रख लें कि जो लोग काउंटर क्वेश्चन पूछ रहे हैं शायद बीके वाले मुझे याद भी कर रहे हैं इस समय मुझे हिचकियां आ रही है तो जो लोग काउंटर क्वेश्चंस कर रहे हैं वो उनके काउंटर क्वेश्चंस उनको रिप्लाई देना चाहिए तो मैं देखता हूं मेरे पास कौन-कौन से हैं। आपने आपने शायद WhatsApp पर शेयर किए है क्या मुझे कुछ नहीं मैंने नहीं किए क्योंकि मैं अब मैं आपके सामने ये कहती हुई अच्छी नहीं लगती कि मैं बिजी थी क्योंकि आपसे ज्यादा बिजी कोई नहीं है आज आपने जो रामपाल
00:02:04:21 के लिए किया है उसको देख के मेरे को मन में इतनी खुशी है कि जो काम ब्रह्मा कुमारीज कर रहा है एक्चुअली वही काम वो लोग कर रहे हैं तो वो सेम चीज है तो मुझे बहुत पता है कि आप आप कितने बिजी है बट मैं थी बिजी जी इसलिए मैं नहीं दे पाई आपको। सॉरी। चलिए कोई बात नहीं। अ मैं कुछ कोशिश करता हूं कि मैं यहां पर रख पाऊं। मुझे याद है जो बोली हुई है लोगों ने ना। मैं बोल सकती हूं मतलब मुझे ध्यान है। मेरे पास एक अभी आ रहा है सामने। अच्छा। इसमें रंजन रंजन रंजू जी करके कोई है। यह कह रहे हैं कि मैम ऑलमाइटी शिव बाबा 90 इयर्स से इस पतित सृष्टि को स्वर्ग बनाने के लिए जो पुरुषार्थ कर रहे हैं आप उसमें बाधा मत बनिए। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत हो रहा है तो आप कंसर्न अथॉरिटीज से बात कीजिए और फिर भूल जाइए। फिर उनकी रिस्पांसिबिलिटी हो जाती है। किसी एक व्यक्ति ने अगर कुछ गलत किया तो आप सारे ब्रह्मा कुमारी ऑर्गेनाइजेशन
00:03:19:25 को बदनाम नहीं कर सकते। यह महापाप है और परमात्मा के कार्य में हस्तक्षेप है। ओके। तो इसमें इस पूरे क्वेश्चन को हम तीन भाग में बांट लेते हैं। जैसा कि इन्होंने क्वेश्चन किया उसको एक्चुअली ये क्या करते हैं कि पूरा एक डिटेलिंग चीज बोल के ये सब चीजें अपनी उसमें बोल देना चाहते हैं। बट ऐसा कभी नहीं होता है कि हम कोई भी चीज बोले वो पैराग्राफ्स होते हैं बोलने के ना। इसीलिए शब्द होते हैं। इसीलिए वाक्य होते हैं, महावाक्य होते हैं। शायद हिंदी का लिटरेचर का विद्यार्थी हिंदी लिटरेचर का विद्यार्थी इसको भलीभांति जानते हैं। जैसे मैं तो मैं हिंदी साहित्य से आती हूं तो मुझे ये चीज पता है कि हिंदी में सबसे पहले सिखाया जाता है तू किसके लिए प्रयोग किया जाता है। तुम किसके लिए प्रयोग किया जाता है? और आप किसके लिए प्रयोग किया जाता है। मान्यवर कहां लगता है और श्रीमती कहां लगता है? ये अलग-अलग भाषाओं की अपनीपनी बात है। लेकिन हिंदी की एक इतनी स्वच्छता पूर्ण एक चीज है कि अगर आप बात कहना चाहते हैं तो उसे पैराग्राफ में कब कहा जाएगा और एक लाइन में कैसे कहा जाएगा उसको ब्रह्मा कुमारी नहीं जानता। तो जो डिटेल इन्होंने बोली है
00:04:34:28 बहुत लंबे चीज में उसमें तीन चीजें बोली है इन्होंने। तो मैं इसको तीन चीजों में कन्वर्ट कर दूंगी तीन भाग में। जैसे पहली बात बोली है इन्होंने ऑलमाइटी अथॉरिटी। तो व्हाट इज द मीनिंग ऑफ ऑलमाइटी अथॉरिटी? दैट इज नॉट ऑलमाइटी अथॉरिटी बिहाफ ऑफ ब्रह्मा कुमारी। सो इसका मैंने इंग्लिश में आपको आंसर दे दिया। दिस इज नॉट परफेक्ट ऑलमाइटी अथॉरिटी बिहाफ ऑफ़ ब्रह्मा कुमारीज। लाइक शिव निराकार, ज्योति बिंदु पॉइंट ऑफ लाइट। दिस इज नॉट ऑलमाइटी अथॉरिटी। ऑलमाइटी अथॉरिटी इस बींग इस बीइंग इस संसार का सब कुछ करने वाला और अगर वो ऑलमाइटी अथॉरिटी है तो दिस इज नॉट अलाउड इस परकाया प्रवेश तो जो ऑलमाइटी अथॉरिटी लिख रहे हैं आप या तो आप हिंदी के जानने वाले हैं या आप इंग्लिश के जानने वाले हैं। तो पहले तो ये तय कर लीजिए कि मुरली में जो आपकी मुरली आती है। मैंने तीन भाग में इसे कन्वर्ट किया। एक मैं ऑलमाइटी अथॉरिटी का आंसर दूंगी। दूसरा जो आपने बोला कि पहले उसे बड़ों से या फिर कंसर्न पर्सन से डिस्कस कर ले। है ना? मेरी आवाज आ रही है ना सबको?
00:05:51:20 मेरे को सुन पाए शिवा जी आप हेलो शिवशी मुझे सुन पा रहे हैं आप? हेलो एक मिनट एक मिनट मेरी आवाज आ रही है आपको? हां जी आ रही है। आपको मेरी आवाज क्लियर आ रही है? अभी बोलिए आप कुछ। जी अब आ रही है क्लियर। वो हां वो हुआ क्या था? दो डिवाइस इस्तेमाल नहीं की इसीलिए नहीं आवाज आपकी बहुत क्लियर आ रही है जी आप बोल तो तीन भाग में हम इसे कन्वर्ट करते हैं। एक व्हाट इज द ऑलमाइटी अथॉरिटी एंड व्हाट इज द योर कंसर्न पर्सन एंड लास्ट में आपने बोला पूरा ब्रह्मा कुमारी बदनाम ना करें। ठीक है? सो मैं पहले पहले पैराग्राफ का आंसर देती हूं आपका कि पहले पहले वाले में मेरा भी है सर्वशक्तिमान वाला विषय। लेकिन आज मैं बोलूंगी शिवा जी आप बोलिए टाइम लेना आप बोलिए आप बोलिए मतलब थोड़ा सा आपके बातें बहुत सागर है मैं बूंद
00:07:07:01 हूं इसलिए मुझे दिखने दीजिए प्लीज सागर में दिखाई नहीं देगी तो मैं बोल रही हूं कि क्योंकि जब आप बोलते हैं तो मुझे लगता है मुझे आपको सुनना चाहिए क्योंकि मुझे कुछ ग्रहण करना है लेकिन यहां पे प्रॉब्लम क्या है कि मेरे ज्ञान की तुलना करी जा रही है इसलिए मैं बोलना चाहती हूं आपको तो क्या समझते हो उस पे भी मैं आऊंगी। मेरे पास एक ऐसा भी कमेंट है जो जिसका मुझे आंसर देना है आपके विषय में जो मैं समझती हूं। तो तीन चीजें हैं कि ब्रह्मा कुमारी इस ऑलमाइटी अथॉरिटी जिसे मानता है एक्चुअली वो ऑलमाइटी अथॉरिटी नहीं है। मैं ये एक लाइन में पूरा कर देती हूं। खत्म बात। मैं इस पर कुछ डिस्कस भी नहीं करना चाहती। यही क्वेश्चन मार्क है कि जो आपके ऑलमाइटी अथॉरिटी है एक्चुअली वो ऑलमाइटी अथॉरिटी नहीं है। इसीलिए हमें ये करना पड़ रहा है जो आप और हम बैठे हैं। ओके दूसरी चीज कंसर्न पर्सन को बता दो। तो वो कंसर्न पर्सन आपके वो चौथा कमेटी मेंबर है या वो कंसर्न पर्सन मेरे ब्रह्मा विष्णु शंकर है या वो कंसर्न पर्सन मेरी आत्मा है तो व्हाट इज योर कंसर्न पर्सन? दैट इज माय क्वेश्चन। सो मुझे पहले वो समझाओ आप। तीसरी
00:08:22:09 बात आपने बोला कि ब्रह्मा कुमारी को पूरे को बदनाम मत करो। मैं पूरी ब्रह्मा कुमारी खड़ी हूं। मैं बदनाम नहीं कर रही हूं। मैं पूरी ब्रह्मा कुमारी हूं। मैं अधूरी ब्रह्मा कुमारी नहीं हूं। मैं ब्रह्मा कुमारीज की बहुत ही बिलीव पोस्ट पर से आई हुई टीचर ब्रह्मा कुमारी हूं। दैट इज नॉट जुड़ी हुई ब्रह्मा कुमारी। दैट इज नॉट कॉल ऑफ एक स्टूडेंट पर्सन। दैट इज नॉट कॉल ऑफ सुना सुनाया कोई गृहस्ती वाला पर्सन। मैं अभी तक सिर्फ ब्रह्मा कुमारीज को इसलिए ये शरीर पे से उसकी साड़ी उतारी है क्योंकि मुझे उससे इरिटेशन होती है। अब मुझे क्योंकि ज्ञान आ गया है। कुछ लोगों ने इन्हीं जैसे लोगों ने कहा कि 22 साल क्या कर रही थी जब इतना ज्ञान पहले ही पता चल गया था। 22 साल मैं कर नहीं रही थी। क्या होता है? विकास होता है ना बच्चे का। तो बचपन में जो सिखाया जाता है उसके बाद विकसित होता है माइंड। तो मुझे जो आपने बचपन में सिखाया ब्रह्मा कुमारीज। ब्रह्मा कुमारी को बोल रही हूं मैं सुन लो ब्रह्मा कुमारीज जो बचपन में सिखाया उसके बाद मेरे माइंड का विकास हुआ। तो माइंड का विकास हुआ तो ज्ञान का विस्तार हुआ। ज्ञान का विस्तार
00:09:37:15 हुआ तो ज्ञान की चर्चा हुई। मेरे दिमाग में ज्ञान की चर्चा हुई तो ज्ञान की तुलना हुई। तुलना हुई तो तुलनात्मक अध्ययन में जो मैंने पाया उसमें 22 साल इसलिए लगते हैं इसलिए टोटल ब्रह्मा कुमारी बदनाम होता है। मैं आपको बताती हूं क्यों होता है? पूरे ब्रह्मा कुमारी पे क्यों आती है वो बात? क्योंकि मेरे पूरे जीवन पे आ गई। मेरा पूरा जीवन पूरे ब्रह्मा कुमारी से कहीं अमूल्य है। तो मैं ये जानना चाहती हूं कि अगर शुरू में ये मुझे चेहरा ये दिखा देते तो मेरा पूरा जीवन बर्बाद नहीं होता था। आज तो मैं इसको मतलब इनके हिसाब से बर्बाद बाहर की दुनिया के हिसाब से मैं बर्बाद नहीं हूं। बाहर की दुनिया के हिसाब से मैं बहुत सक्सेसफुल फिल्म डायरेक्टर हूं। खुलेआम बोल रही हूं। बहुत अच्छी फिल्मों के लिए काम कर रही हूं। बहुत अच्छी राइटर हूं। ऑथर हूं। सब कुछ है। लेकिन तुम्हारे हिसाब से तो वैशाली है ये दुनिया। तुम्हारे हिसाब से तो ये दुनिया बहुत ही गंदी है। तुम्हारे हिसाब से तो दुनिया के सारे आदमी गंदे हैं। चाहे वो सन्यासी हो, चाहे वो साधु हो, चाहे वो संत हो, चाहे वो कोई भी हो। इस दुनिया में जो ब्रह्मा कुमार नहीं है, जो कुमारी नहीं है वो बर्बाद आदमी है तुम्हारे हिसाब से। तो तुम तो पूरी दुनिया को खराब कर रहे हो। हम तो पूरी दुनिया को नहीं बोल, पूरी ब्रह्मा कुमारी को नहीं बोल रहे।
00:10:52:19 मैं पूछती हूं मेरे जीवन को बर्बाद करने का जिम्मेवार कौन है? निर् भाई बड़ी दादी प्रकाश मणि गुलजार दादी जो मेरी जोन इंचार्ज थी मोहिनी बहन शायद आप नाम नहीं जानते होंगे नाम सारे मैं वीडियो में इसलिए ले रही हूं क्योंकि ये वीडियो जब तक जीता रहेगा जब तक लोग देखते रहेंगे इसलिए नाम ले रही हूं शायद शिव जी ये नाम नहीं जानते पर मेरा नाम ब्रह्मा कुमारी इस संस्था के लिए ही ले रही हूं मुन्नी बहन दादी रतन मोहिनी इन सबके साथ मेरे फोटोस है इन सबके साथ मेरे कार्य है इन सब ने मुझे पालना दी है तो मैं ये जानना चाहती हूं। कोई एक आदमी ने ये नहीं सोचा
00:11:33:03 कोई टेक्निकल एरर आ गया है। जी आवाज आ रही है मेरी? आ रही है आ रही है। आ रही आवाज? एक सेकंड। एक कॉल आ रही है। इसको मना कर देता हूं। आ रही है आवाज? जी आवाज आ रही है। तो क्या मैं फोन पे कनेक्ट हूं एक्चुअली आपसे इसलिए वो सिस्टम पे मना किया। तो क्या हो गया कि मेरा पूरा जीवन आपने बर्बाद कर दिया। आपने मेरा बचपन में नहीं सोचा कि पूरा जीवन खराब होगा। आपने मेरी जवानी में नहीं सोचा पूरा जीवन खराब होगा। आपने मेरा अब जो चल रहा है अब कोई बहुत यंग नहीं समझती मैं अपने आपको 30 के बाद बहुत यंग नहीं रहते लोग तो यह भी कोई जीवन बर्बाद की उसमें ही है कि भाई अगर हमने शादी नहीं की तो बर्बाद ही है सनातन के से अगर कोई शादीशुदा नहीं है तो वो जीवन बर्बाद ही है ध्यान रखना आप तो ये क्या कह रहे हैं ये कह रहे हैं कि मुझे हंसी आती है किसी ने
00:12:48:04 तो इतना भद्दा कमेंट किया है शिवान जी इतना के मुझे अपने पति का नाम पूछना है ब्रह्मा कुमारियों से ब्रह्मा कुमार से भाई जिसको मेरा पति पता हो जिसको मेरा कोई बॉयफ्रेंड पता हो जिसको मेरा अफेयर पता हो वो आदमी को लेके आओ वो कौन है जिससे मेरा अफेयर है उसका नाम बताओ उसका पता बताओ वो किधर छिपा बैठा है मैं सिर्फ अनमैरिड नहीं हूं मैं बाल ब्रह्मचारी हूं और सुनो मैं खुला चैलेंज करती हूं ब्रह्मा कुमार कुमारियों को कि तुम तो पवित्रता सिखाए और हमने सीख ली। ठीक है? तुमने जो सिखाया हमने सीख लिया। पल्ले गांठ बांध ली कि हां पवित्र रहेंगे। जिस पथ के पदगामी बने हैं उस पथ को छोड़ेंगे नहीं और आज भी नहीं छोड़ रहे हैं। ठीक है? अगर भगवान मिलता हो पवित्र रहने से तो मैं पवित्र रहना पसंद करूंगी। मैं मुझे इसका कोई पश्चाताप भी नहीं है कि ब्रह्मा कुमारी ने मुझे पवित्रता सिखाई। पवित्रता की इंटरेस्ट मेरे में शुरू से था। ऐसी कोई गलत बात ब्रह्मा कुमारी ने नहीं सिखाई यहां मैं ब्रह्मा कुमारी इसको गलत नहीं बता रही अपने लिए खास और वो पवित्रता मैं अब तक फॉलो कर रही हूं और चैलेंज करती हूं ब्रह्मा कुमार कुमारियों को डीएनए टेस्ट कराइए
00:14:03:22 नीलिमा को ले जाओ और उन सब ब्रह्मा कुमार कुमारी को ले आओ जो बाल ब्रह्मचारी रहने का कोरा ढोंग करते हैं मुंह से बोल के कि हम ब्रह्मचारी है और मैं कहती हूं कि मैं चैलेंज करती हूं कि मैं ऐसे के ऐसे आज तक सिर्फ अनमैरिड नहीं ब्रह्मचारी हूं और आप क्या कहते हैं कि जिससे इसका प्रभाव ना पड़ जाए। हाय कोई वीडियो ना चल जाए। हाय लोग इसको पसंद ना कर ले। पसंद तो मुझे लोग करते हैं। तुम नहीं करते थे क्या? सब लोग करते थे। इतना क्रेज है आप लोगों में मेरा आज भी। मैं तो जहां आज हूं वहां पर भी लोग पसंद करते हैं। देखो मैं बताऊं जो लोग गुणी होते हैं ना जो लोग बहुत ही बुद्धिमान होते हैं उनको शरीर से नहीं पसंद करते लोग इधर से करते हैं। तुम लोग इतने अच्छे-अच्छे हो दिखने में लेकिन खोपड़ी में कुछ है नहीं। तो लोग कहां से पसंद करेंगे? इंटरव्यू पे देखा मैंने आते हैं आप लोग। आपसे पूछता कोई कुछ और है। आप बताते कुछ और हैं। आपसे कहा कुछ और जाता है। आप बोलते कुछ और है। तो आप प्रेजेंटेबल नहीं है। आपको ज्ञान नहीं है। आपको मूर्खता हर जगह एक ही दिखानी है। तीन शब्द रटे हुए हैं आपने। मीठा बाबा, प्यारा बाबा, अच्छा बाबा बस। इसके अलावा बता दो ब्रह्मा कुमारी
00:15:18:28 के पास क्या है? जो मैं ब्रह्मा कुमारी को बदनाम करूं। एक्चुअली ब्रह्मा कुमारी के पास ऐसी कोई नाम चीज है ही नहीं जिसको बदनाम किया जाए। बदनाम करने वाले के लिए कुछ होना तो चाहिए। आपके पास क्या है? व्हाट इज योर वो बोलती हूं मैं आईडियोलॉजी। व्हाट इज योर आईडियोलॉजी? ब्रह्मा कुमारीज की वो कौन सी आईडियोलॉजी है जिस पे मैं और शिवांग जी बात करके आपको बदनाम कर रहे हैं। है ही नहीं आपके पास कुछ। आपको पता है अगर मेरे को पितृदष लगता है। मैं मैं ब्राह्मण कन्या हूं। मैंने विवाह नहीं किया। मैं अपने घर की पहली बच्ची हूं। मुझे पता है मेरे घर पे ये मेरे पितृ पक्ष के लिए ठीक नहीं है। ठीक है। मैं मैंने अपने पिता का ऋण नहीं चुकाया। तो पता है मैं कहां गई थी? त्रंबकेश्वर कि जिसने वो जनरेशन रची है वो ब्रह्मा वहां पे है। ब्रह्मा विष्णु शंकर तीनों उधर है और तीनों को उधर जाकर के मैं मेरी मां मेरा कालस दोष का वो करा के आई वहां पे। समझे? क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं। तो मुझे तो यह ज्ञान है कि उन्हें बदनाम करके नहीं अपने आप को सवार के अपने लिए उपाय ढूंढ के अपने आप को बचाना। आपको बदनाम करके मुझे कुछ नहीं मिलना। मेरा धेय ब्रह्मा कुमारीज को बदनाम करना
00:16:34:07 नहीं है। मैं अपने अनुभव सुना रही हूं। सिर्फ अपने अनुभव बता रही हूं। ब्रह्मा कुमारी से मुझे कोई लेना देना नहीं है। यह मेरा आपका डिटेलिंग आंसर है। बिल्कुल बिल्कुलस बहुत बढ़िया विवेचना की और और इनका पहला वाला जो आपका पार्ट था सर्वशक्तिमान और जो ये ऑलमाइटी कह रहे हैं तो भाई जैसा कि नीलमा जी ने बताया ही है। आवाज नहीं आ रहा है मुझे। मेरी आवाज नहीं आ रही आपको? आपका आवाज नहीं आ रहा है। अच्छा ऐसा कैसे हो रहा है? मुझे मैं बोल रहा हूं तो यहां तो वो आ रहा है कि मेरी आवाज आ रही है। कोई कमेंट करके बता दे मेरी आवाज आ रही है कि नहीं।
00:17:19:10 ऑपरेटर जी आप बता दीजिए आवाज आ रही है कि नहीं। नहीं आवाज नहीं आ रही है। अच्छा माइक तो कनेक्ट है मेरा। आ रही है। आ रही है। कौन बोल रहा है आ रही? मुझे नहीं आ रही है। मतलब पब्लिक को आ रही है। पब्लिक को आ रही है। तो आप कुछ चेक करिए आप कुछ स्पीकर वगैरह ऑन है कि नहीं है आपका। आप एक बार ना रिमूव होके दोबारा आ जाइए। आप ठीक हो जाएगा। ठीक है?
00:18:04:26 WhatsApp चेक करिए। WhatsApp WhatsApp WhatsApp हां तो तब तक हम लोग सर्वशक्तिमान पर बात कर लेते हैं। दोबारा वो जब तक कनेक्ट हो रही है। तो भाई आपने जो कहा है कि ब्रह्मा कुमारी का जो ऑलमाइटी ईश्वर है तो वह तो है नहीं ऑलमाइटी क्योंकि
00:18:49:03 बहुत से मतलब ज्यादातर कार्य ऐसे जो वो नहीं कर सकता वो केवल और केवल आके लोगों को ज्ञान दे सकता है और वो ज्ञान भी ज्ञान नहीं है। वो ज्ञान वस्तुनिष्ठता है। नाम रूप जगह के नाम किसको क्या कहा जाए ये सब है। यानी कि ब्रह्मा कुमारी को फॉलो करना है। ब्रह्मा कुमारी से कुछ भी अपने आत्म तत्व को जानना है। परमात्मा तत्व को जानना है तो आपको वहां से नाम रूप इत्यादि मिलेगा। उसकी व्याख्या नहीं मिलेगी। तात्विक विवेचना नहीं मिलेगी। दर्शन नहीं मिलेगा। ब्रह्मा कुमारी में आपको तो ये तो रही दर्शन की बात। मगर आप आपको अगर कहे कि अगर आप उसे ऑलमाइटी कह रहे हैं तो अब आ रही है आपको मेरी आवाज? हां जी अब आई है मुझे आपकी आवाज। हां तो तो वही मैं ऑलमाइटी की बात बता रहा था। आपका जो ईश्वर है वो बाधित ईश्वर है। एक तैतनिषद दो एक में कहा गया है ईश्वर के लिए सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म। तो ब्रह्म जो है वह सत स्वरूप है, ज्ञान स्वरूप है, अनंत स्वरूप है। तो आपका जो ईश्वर है ना वो हां जो इनका ब्रह्मा कुमारियों का ईश्वर है वो हर जगह बाधित है।
00:20:04:07 ना तो वो सत स्वरूप है क्योंकि वो ट्रांसफर होता है ना ही वो ज्ञान स्वरूप है क्योंकि उसका ज्ञान भी उसकी लिमिटेड ज्ञान है उसको। बहुत सी जगह पर पता चलेगा और ना ही वो अनंत स्वरूप है क्योंकि वो एक जगह है दूसरी जगह नहीं है। ठीक है? अब वो दूसरी जगह ना होकर के भी बहुत सी चीजें जो और भी ज्यादा क्वेश्चन उठते हैं उस पर नहीं जाएंगे। फिलहाल आपका ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है जो कि नीलमा जी ने बताया और यदि आपको लगता है कि ब्रह्मा कुमारी की आईडियोलॉजी के अनुसार जो ईश्वर की बात बातें कही गई है वो सर्वशक्तिमान है तो आपका वेलकम है। आप यहां आइए सामने से चर्चा करिए। हमारा नंबर है 7408301869 ठीक है। जी नीलमा जी अब हम दूसरा प्रश्न ले लेते हैं। हां जी ले लीजिए।
00:20:53:25 एक प्रश्न आया था ब्रह्मा कुमारी बहुत अच्छा चल रहा है। यह मूर्ख सस्ता सस्ता फेम के लिए यह सब वीडियो बनाते हैं। बेटा सत्य की नाव तो हिलती डुलती है बट डूबती नहीं। बेटा थोड़ा मनुस्मृति के वीडियो बनाओ तो देखें। ये वैसे मैं उनका दे मगर आपकी भाषा में उनको अच्छा जवाब मिलता है। एक मिनट एक मिनट आपका म्यूट हो गया है। जी
00:21:26:26 आपने म्यूट कर रखा है शायद अपने यहां। आपने म्यूट कर रखा है आपने। आपकी आवाज नहीं आ रही है। म्यूट है। जी। मैंने म्यूट किया हुआ है। एक चीज मंगा रही हूं मैं। फेम के लिए मंगा रही हूं एक चीज कि मुझे फेम की कितनी जरूरत है बताएंगे। ब्रह्मा कुमारी मैं जिस नगरी में हूं ना जहां भगवान ने बिठाया है लाके। तुम्हें पता है कितना फेम है यहां पे। ये फेम की नगरी है। मुंबई के अंदर फेम ही फेम है। पहले फेम मिलता है तब आपका नाम जानते हैं लोग। पहले नाम बना के जैसे ब्रह्मा कुमारी ने एक नाम बनाया उस पर लिख दिया यूनिवर्सिटी बिना यूजीसी के सर्टिफिकेट के तो आप यूनिवर्सिटी हो केस हो जाना चाहिए आपके ऊपर सबसे पहला केस तो ब्रह्मा कुमारी पे ये होना चाहिए कि वो किस लिए आप यूनिवर्सिटी हो यूजीसी में आप कहीं है नीलिमा ने वो डॉक्यूमेंटेशन निकाला है तुम्हारे घरों में से जिस पे कोई किसी ने सवाल नहीं करा नीलिमा इसलिए गले की फांस है ब्रह्मा कुमारी
00:22:42:02 के गले की फांस इसलिए है मैंने पूछा ईश्वरीय विश्वविद्यालय कैसे यूजीसी में है आप कहीं लेकिन आप ईश्वरीय विश्वविद्यालय लिखते हैं तो आप पर मुकदमा होना चाहिए पर देखो मैंने नहीं किया ये मुकदमा सोचो कि मैंने छोड़ा हुआ है अभी अभी बहुत चीजें छोड़ी हुई है फुर्सत ही नहीं दी तुमने फेम फेम देखो इधर देखो फेम ये ना बॉम्बे फिल्म फ्रेम बहुत बड़ी मैगजीन है। जिन्होंने धुरंधर बनाई है उनकी वाइफ है यामी गौतम जो मैगजीन के फ्रंट पेज पे है। देखते रहना समझे? उसके बाद ये हेडलाइन जैसा मैगजीन में आता है। कौन-कौन इसके अंदर है? जी। मैगजीन में ये एक फ्रेम है। बड़ा सुंदर बहुत सुंदर फ्रेम है। मैंने इसके लिए मेहनत करी है। फ्रेम मुझे ब्रह्मा कुमार इसको गाली देके नहीं मिलेगा जो मैंने अभी तक दी नहीं है। लेकिन सुनो तुम गाली खाने का काम कर रहे हो। ये देखो इसमें कौन-कौन है? इधर से लेके इतने बड़े नेम है। मैं नाम नहीं लेना चाहती। सब देख लो आप। उसी में कहीं नीलिमा है। और किन के बाजू में है ये देखो आप। कौन लोग हैं ये? यह
00:23:57:18 कौन लोग हैं? किन के साथ हूं? मैं देख लो। इसको ध्यान से देख लो। बड़े ध्यान से एक एक फ्रेम देखो तुम। ये देखो ये ये नीलिमा है जो तुम्हारी वीडियो पे भी आती है। यहां पे मेरा ये 12 नंबर दिया हुआ है उन्होंने। मैं बुक भी इसलिए दिखा रही हूं। डिजिटल इसलिए नहीं आपके सामने दिया। सबको उन्होंने एक एक पेज दिया। आमिर खान साहब को दिया औरों को दिया। यामी गौतम को दिया। कुछ फैशन डिज़र्स को दिया। लेकिन उन्होंने मुझे इसमें तीन पेज दिए। ये देखो फर्स्ट मेरा इंटरव्यू सेकंड जो फिल्म पे मैं काम कर रही हूं। थर्ड जो फिल्म मेरी नॉमिनेशन हुई है फिल्म फेस्टिवल में और ये मैं क्या लिखती हूं ये पढ़ लो। एक बार ये रिपीट कर देंगे आप तो ज्यादा अच्छा रहेगा। इनका सेक्शन बड़ा कर दीजिए इनका जो हां सेक्शन भेज देती हूं। जी फिल्म मेकिंग इज नॉट जस्ट प्रोफेशन इट्स लाइफ लोंग जर्नी ऑफ लर्निंग ग्रोथ एंड सेल्फ डिस्कवरी एव्री फिल्म आई क्रिएट इज अ रिफ्लेक्शन ऑफ माय पैशन फॉर स्टोरी टेलिंग एंड माय कमिटमेंट टू लिविंग ए लास्टिंग इंपैक्ट
00:25:12:21 थोड़ा राइट की ओर करेंग आप बुक को राइट लेफ्ट करिए लेफ्ट एक मिनट एक मिनट रुक जाइए हां लास्टिंग इंपैक्ट ऑन हार्ट्स एंड माइंड्स ऑफ व्यूअर्स। जी तो शायद मुझे लगता है ब्रह्मा कुमार कुमारियों का तो नहीं पता मुझे पर जो नॉलेजेबल लोग हैं उन्हें समझ आ गया होगा मैंने क्या कहा। यहां पे भी मैं क्रांतिकारी हूं। यहां पे भी मैं बॉलीवुड के साथ मिली हुई नहीं हूं। जो यहां पर कमी नजर आती है वो भी बोलती हूं। इसका मीनिंग ये है। हिंदी मीनिंग बता देती हूं मैं। वैसे बता देंगे कि फिल्म मेकिंग एक प्रोफेशन नहीं है। इसको प्रोफेशनली नहीं ले आप। इसको सोसाइटी के लिए अपनी जिम्मेवारी समझ के ले कि हम सोसाइटी को क्या दे रहे हैं और उनके बीच में रहकर कर रही हूं ये काम। कुछ ऐसे भी असामाजिक तत्व हैं ब्रह्मा कुमार कुमारियों में जो मुझे आज इस इंटरव्यू के बाद यह कमेंट करते हैं। कि नहीं कुछ फिल्में नहीं बना रही कुछ नहीं कर रही वो कुछ नहीं मुझे आपको प्रूफ नहीं करना मुझे क्या करना है आपके हिसाब से तो मुझे सुसाइड कर लेना चाहिए
00:26:27:22 आपके हिसाब से तो मुझे मर जाना चाहिए आपके हिसाब से तो मेरी जिंदगी खत्म हो जानी चाहिए क्योंकि मैंने ब्रह्मा कुमार इसके खिलाफ आवाज उठाई है आपके हिसाब से ब्रह्मा कुमार इसके खिलाफ बोलने वाला व्यक्ति जीने लायक नहीं है तो आप हर चीज पे क्वेश्चन करने वाले हो तो मुझे कोई फर्क पड़ता नहीं है ऐसा ऐसा कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरा नेम फेम होगा आपसे। आपको कुछ बोल के मेरे को कुछ नहीं मिलना। मेरा टाइम वेस्ट होता है। सच बता रही हूं मैं। मैं ये केवल इसलिए आती हूं कि लोगों को पता चले। तुम जो नीलिमा की कहानी अंदर बनाए हुए हो ना वो कहानी कट हो टूटे। मैंने तुमसे सारे लगाए हुए इल्जामों को कोर्ट में पूछा हुआ है। मैं तो 12 साल से मुकदमा लड़ रही हूं तुम्हारे साथ। मैं तो आज तक नहीं आई प्रेस में। आबू रोड के प्रेस वाले लोग मेरे घर तक आए कि मैडम आप आते क्यों नहीं हो? मैं तो 13 साल टीवी पर नहीं आई वरना आ सकती थी। बता सकती थी शुरू में जिस समय पहला मुकदमा आप पर किया था ना उसी समय मैं बता सकती थी कि व्हाट इज द ब्रह्मा कुमारी? तो मुझे आपके इस संस्था को बदनाम करके कुछ मिलना नहीं है। बल्कि मेरी जद्दोजहद हो रही है। बल्कि मुझे खतरा है जान का ब्रह्मा कुमारी
00:27:43:01 से बल्कि मुझे प्रॉब्लम है। बल्कि मेरे तो घरवाले मना करते हैं कि आप छोड़ दो इनको। लेकिन क्यों छोड़ दूं? सामाजिक हित में मैं यह कर रही हूं। मैं आपको इस तरह माफ नहीं करूंगी। आज मेरा जीवन खराब किया है। कल किसी और का करेंगे। किसी की मां रो रही है, किसी का पति रो रहा है, किसी की बहन रो रही है, किसी का भाई रो रहा है। सिर्फ आपके इस गलत ज्ञान से। मैं इसलिए आ रही हूं। मुझे नेम फेम मिल गया है। ऑलरेडी भगवान नेम फेम दिया हुआ है। ओके। यस हो गया मेरे। जी जी। एक अगला क्वेश्चन आया है सामने कि वो कह रहा है आपका नाम लेकर के वक्ता आई एम शॉक्ड। इतने साल मधुबन रहकर के दादियों की पालना लेकर भी ज्ञान नहीं समझा आपने संग का भी रंग नहीं लगा मधुबन में किया क्या आपने सिर्फ प्रदर्शन कितनी अभागी हो आप बट आपका पार्ट ही यह है सो कोई बात नहीं आप जहां भी हो बाबा आपको खुश रखे ओम प्रणव शांति ये तो वही आप सोच रहे सेम बात हो गई कितनी सुंदर बात बेचारे ने इसने सोची है जो भी है ये मैं थैंक्सफुल हूं
00:28:58:02 इसका एक लाइन के लिए बहुत थैंक यू कि संघ का रंग भी आपको नहीं लगा तो सोचो आपने मुझे वो डिग्निटी तो दे दी कि मुझे कोई संग का रंग फिल्म में भी नहीं लग सकता मुझे बॉलीवुड में भी संग का रंग नहीं लगेगा ये तो पक्का कर लो आप समझे अगर आपका रंग नहीं लगा तो किसका रंग लगेगा देखो अंदरूनी ज्ञान जो है ना उसकी जागृति जरूरी है तुम लोगों ने सबका अंदरूनी ने ज्ञान जड़ बना दिया है और तुम कहते हो जो हम बोलते हैं वो सच है उसको मानो लेकिन मुझे इसलिए संग का रंग नहीं लगा मैं इसलिए दीदी दादियों के साथ भी रह के चेंज नहीं हुई क्योंकि अंतरात्मा मेरी मैं यहां बोल सकती हूं वैसे मैं मनुवादी थी मैं शास्त्रों को मानती थी मैं वेदों को मानती थी मैं उपनिषदों को मानती थी मैं उनको पढ़ती थी और मैंने दसों स्मृतियां याद की सारी चीजें मुझे पता है। इसलिए वो धीरे-धीरे जैसे मेरे घर वाले मुझे ज्ञान देते थे, आप भी देते थे। तो मेरे घर वालों का दिया हुआ ज्ञान मेरे नाना जी, मेरे घर में जो मेरे मामा, मेरे दादा, मेरी ताई जी, ताऊ जी सब जो मुझे सिखाते
00:30:13:18 थे क्योंकि वो लोग चाहते थे कि किसी भी तरह मैं वापस आऊं। और आप लोग चाहते थे मैं किसी भी तरह वहां रहूं। तो मैंने पहले भी वीडियोस में बताई है बहुत पोलाइटली बताना चाहती हूं कि मैंने दोनों ज्ञान का तुलनात्मक अध्ययन किया। भाई जी जो ये कह रहे हैं तो वो तुलनात्मक अध्ययन में ब्रह्मा कुमारी का ज्ञान जीरो निकला इसलिए मेरे पर प्रभाव नहीं पड़ा। थैंक यू। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। ये जो आपने जिस प्रश्न का जवाब दिया ये आईडी है मीठी बच्ची के नाम से। मीठी बच्ची। सब मीठे बच्चे मीठी बच्ची है। जी यहां पे कैसे दिखा? अच्छा। आप एक बार उस प्रश्न का जवाब दे दीजिए जो मेरे को लेकर के भी कुछ मेरे ख्याल से चारित्रिक कुछ बताया जा रहा है। मुझे जो सबसे बुरा लगा थोड़ा मुझे रोश हुआ था उसप मैंने वो रोश आपको भी बोला कि मुझे रोश है इस चीज का कि मैं ऐसे नहीं आऊंगी। देखिए शिवांग जी के बारे में लोग बोल रहे हैं यहां पे। मैं सुन रही हूं कि कई कमेंट्स हैं। आप पढ़ना। आप सब भी जो वीडियोस देख रहे हैं वो पढ़ना उन कमेंट्स को। कमेंट्स को पढ़ के मुझे बताना कैसा लग रहा है आपको। एक इंसान होने नाते सारी बात छोड़ दो। एक जात का कोई भी व्यक्ति होता है तो जात को भी मानता है। एक कौवा मर जाए ना तो कौवे इकट्ठे हो जाते हैं। एक कुत्ता मर जाए ना कुत्ता
00:31:28:21 इकट्ठे हो जाते हैं। हाथी को चोट लग जाए ना तो हाथी झुंड बनाकर उसका उपाय करते हैं कि कैसे इसका उपाय करें। ऐसे लोगों में भी संवेदनाएं हैं। तो अगर आप में थोड़ी बहुत ब्रह्मा कुमार कुमारियों में थोड़ी बहुत भी संवेदनाएं बची हैं तो यह सोच लो कि शिवा जी कम से कम इंसान तो है। मनुष्य हैं। आप भी मनुष्य हो। वो भी मनुष्य हैं। तो मनुष्य को मनुष्य के साथ इतनी संवेदना रखनी चाहिए कि उसको हर्ट ना हो। ये मेरा मानना है। कि मेरी तरफ से हर्ट ना हो। तो जो हर्टिंग पॉइंट है वह मैं देख रही हूं कि आप वाइट कपड़े क्यों पहन लेते हैं? आप भगवे कपड़े क्यों पहन लेते हैं? आप चश्मे क्यों लगा लेते हैं? आपका सनातन का ज्ञान आप दोनों मिलके चला लो। ये दोनों आप दोनों जो प्रोपगेंडा चला रहे हो आप अपने किसी टारगेट को लेकर चला रहे हो या कहीं-कहीं शिव जी से मेरा नाम जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह सारी संवेदनशीलता को खंडित करने वाली बातें हैं। मैं बहुत ही अच्छे से आंसर दे रही हूं इस चीज का। ना गुस्से में दे रही हूं आपको ना ही मैं कोई ऐसे मूड में दे रही हूं कि आपको बुरा लगे।
00:32:43:25 संवेदनहीनता की पराकाष्ठा कर रखी है आपने ये सोच के कि जो दो लोग हैं मैं और शिवशी जो आपस में एक दूसरे को अच्छे से जानते भी नहीं है। वो सिर्फ धर्म के कारण हम हम लोग मिले हैं कि मेरे को किसी धार्मिक संस्था से हर्ट हुआ था। मेरा जीवन खराब हुआ था और मैं सनातन की मानने वाली थी तो उनको किसी से पता चला वो मुझे ले आए लेकिन उसने उसको उस व्यक्ति को यह कह देना कि आप किस परंपरा से आते हो आपको वेदों का ज्ञान नहीं है। आपको शास्त्रों का ज्ञान नहीं है। आप कुछ भी बोल रहे हो। आप जानते क्या हो? देखिए मैं एक ही बात कहूंगी। जिनके वो शिष्य हैं। आप पहले उनके विषय में जानिए। जैसे ब्रह्मा कुमार कुमारी जो बोल रहे हैं वह भी तो अपनी संस्था के विषय में बोल रहे हैं ना कि भाई हमारी संस्था को जानिए। तो मैं यह कहती हूं आप शिवान जी को छोड़ दीजिए। शिवान जी जिनके मानने वाले हैं आप उस संस्थान को उस व्यक्ति को जानिए कि इनके आचार्य कौन है। तो जो आचार्य हैं आचार्यों से आचरण का पता चलता है। जो हमारे आचार्य होते हैं ना वो हमारा आचरण होता है। है ना? जैसा कि आपने बोला ब्रह्मा कुमार कुमारी में रह के आप वैसा क्यों नहीं बनी? इसका मतलब आपने मेरे आचार्यों से मुझे जोड़ा।
00:33:58:28 तो हर व्यक्ति एक आचार्य के आश्रय है, आश्रित है। तो शिवान जी जिस परंपरा से आते हैं, शिव जी जिन आचार्यों के संरक्षण में है, शिवा जी जिन आचार्यों की परिपाटी पे चल रहे हैं। आप उस पथ के पथगामी व्यक्ति को जो अपना जीवन सारा सनातन पर समर्पित करने के लिए गुरुकुल जाता है। शायद आपको नहीं पता कि गुरुकुल का जीवन कहीं कठिन है। ब्रह्मा कुमारी वालों से। गुरुकुल में एक बच्चा जब एडमिशन लेता है तो वह मां-बाप से दूर होता है। जबकि उसकी तो शादी होनी होती है। ऐसा नहीं है कि वो सन्यास ले ऐसा जरूरी नहीं है वहां पे। जिनको सन्यास लेना है ले सकते हैं। पर जो शादी में जाना चाहते हैं जा सकते हैं। बट वो फिर भी वैदिक धर्म की शिक्षा लेने के लिए गुरुकुल जाता है। एक कपड़ा पहनता है। वो कपड़ा खुद अपने हाथ से धोता है। सुबह उठता है। अपने काम खुद करता है। मां-बाप से दूर होता है। और वेदों का अध्ययन करता है। सभी ने राजाओं ने, महापुरुषों ने, सबने युद्धों में अपने किले बचाए। किसी ने कुछ बचाया, किसी ने कुछ बचाया, धन बचाए, वैभव बचाए। लेकिन ब्राह्मणों ने जिन ब्राह्मणों की बात कर रही हूं मैं शिवान जी
00:35:14:02 को लेके इन्होंने वेद बचाए और अपने गले में कंठस्थ किया उनको। क्यों किया? किताबों में नहीं छोड़ा। कंठ में कंठस्थ किया जिससे कि अगर नालंदा की तरह से इतनी हजारों में किताबें जला दी गई और आगे भी कोई अक्रांता इन्हें जला दे। तो यह हमारे कंठ और हमारी आत्मा में से ना जले। उस पर मेहनत करते हैं। वह है शिव जी। मैं ये परिचय शिवा जी के बिना बात करे दे रही हूं। मुझे टाइम नहीं मिला इनसे बात करने का। लेकिन मैं इतनी जानकारी ब्राह्मण होते हुए रखती हूं कि वह जिस परंपरा से आते हैं उसकी परंपरा की ये ये परिपाटी है और वो कंठस्थ करने का एक पूरा का पूरा आवरण है कि कैसे मंत्रों को बोलना है और कैसे उसे लेना है। यहां से यहां तक जब बोलते हैं ना उच्चारते हैं तो शरीर के भाव भी उनके ऐसे होते हैं। ऊपर से मंत्र को कंठ में लेना। तो कभी गुरुकुल के बच्चों की वीडियोस देखिए आप। आजकल तो सोशल मीडिया का जमाना है। टेस्ट कीजिए जरा कौन है वो व्यक्ति जिसको आप कह रहे हो उसका कोई किसी से लेना देना नहीं है। उसके पास बहुत सारे लोग इंटरव्यू देने आते हैं। वो बहुत सारे लोगों से मिलते हैं और बहुत सारे लोगों के
00:36:29:03 साथ बातें करते हैं और वो मिलते हैं और भूल जाते हैं। ऐसे हैं ये शिवन जी जिनका नाम भी मैं नहीं जानती थी। आपकी वीडियो में ही पूछा था। इसलिए प्लीज प्लीज मैं आपकी हाथ जोड़ के विनती करती हूं। सब कुछ कीजिए। पर किसी के चरित्र पे दाग मत लगाइए। चरित्र का दाग सीता पर लगा था। पूरी अयोध्या को भोगना पड़ा था। चरित्र का दाग द्रोपदी पर लगा था। सारी हस्तिनापुर को भोगना पड़ा था। यह कोई वही युग की बात नहीं है। हर युग में होगा। हर युग में भगवान इसी तरह से उसको दंडित करता है। इसलिए प्लीज मत कीजिए। प्लीज मत कीजिए ये काम। तो बस इतना ही मेरा कहना था। जी जी जी आपने तो सब कुछ कह ही दिया है। अब उसमें मेरे कुछ जोड़ना उचित नहीं लगता। मैं मेरे से कोई त्रुटि हो गई हो तो आप मुझे नहीं नहीं नहीं आपने बहुत सुंदर आपने बात को रखा है। देखिए ऐसा है कि मैं जिन तंत्रों से अभी तक जूझ रहा हूं चाहे रामपाल हो या ब्रह्मा कुमारी हो मुझे सबका कोर पता है कि वो किस डायरेक्शन में जाते हैं। अच्छा उनसे जूझते जूझते मुझे यह भी पता चल गया कि अगर मैं ब्रह्मा कुमारी से बात कर रहा हूं तो मुझे उनको किस तरीके से एक्सपोज करना है। उनका
00:37:44:04 झूठ कैसे समाज के समक्ष लाना है। तो उसमें से एक बात हमें समझ में आई है कि यह लोगों की एक एक स्ट्रेटजी होती है कि जब यह एक पॉइंट पर आकर के क्लेरिटी के साथ फंस जाते हैं तो इनके पास यह बचता है कि कुछ ऐसी बातें करिए प्रज्वलनशील जिससे कि विवाद हो जाए। हां। हां और जो बात क्लियर हो सकती है ना कि यह बात क्लियर करके जाओ यहां से हार मान के जाओ तो आपकी बात गलत है बोल के जाओ तो वो क्लेरिटी आने की बजाय अब जैसे सामने वाले ने अभी कुछ देर पहले लाइव हुई थी तो मैंने लाइव में ही जो सतलोक आश्रम का कॉल सेंटर है उसमें फोन लगा लिया था तो उसमें यही हुआ 510 मिनट बातें हुई उसके बाद जब वो फंस गया तो वो उल्टा सीधा बोलने लगा तो थोड़ा बहुत मैंने भी उल्टा सीधा बोला मगर मैं ज्यादा नहीं बोल सकता। मेरी एक मर्यादा है। उसके बाहर मैं नहीं जा सकता। तो उसके बाद मुझे फोन काटना पड़ा। तो इनकी स्ट्रेटजी ये होती है कि जब आप लास्ट टाइम आ जाए, पीक टाइम आ जाए तो आप ऐसी चीजें बोलिए कि सामने वाले को सेंटीमेंट्स हर्ट हो। उसकी आस्था को ठेस पहुंचे। जैसे अभी आपने संवेदनशीलता तो
00:38:59:10 जब उस पर बात करते हैं तो सामने वाला भड़केगा। भड़केगा तो वह जो दृश्य अभी चर्चा का चल रहा था जिसमें क्लेरिटी आने वाली थी वह चर्चा का दृश्य ना रह के वह रह जाएगा विवाद और विवाद के बाद क्या होता है सब लोग अपनेप घर सही विवाद हो गया तो ये स्ट्रेटजी होती है इनकी कि विवाद बना दीजिए और जो है इससे हम अपने जो एक निष्कर्ष निकल सकता है उसको लेकर के बच से बाहर आ जाएंगे एक स्ट्रेटजी इनकी और होती है एक स्ट्रेटजी और होती है यह क्या करते हैं कि जिस वीडियो में मैंने यह देखा जिस वीडियो में यह क्लेरिटी के साथ निरुत्तर हो रहे हैं। जैसे पटना वाला जो वीडियो है उसमें वो जो दीदी है उठ के उठ के चली गई थी लास्ट में आपने देखा के नहीं नहीं मैं जवाब नहीं दूंगी यदा यदाई धर्मस्य वाला पॉइंट था वो तो उसमें उसमें वहां पे अब तक मुझे लग रहा है कि 200 कमेंट तो आए होंगे ये कहते हुए वाह वाह दीदी ने बहुत सुंदर जवाब दिया अरे भाई अच्छा हां उठ के जाना सुंदर जवाब है। तो यह क्या करते हैं? जहां जिस पॉइंट पर इनकी हार हुई है, जिस पॉइंट पे असफल सिद्ध हुए हैं, जहां पे एक्सपोज हुए हैं, उसी की ही ऐसे डेकोरेशन
00:40:14:14 करते हैं। उसी को ऐसे चौआ बनाते हैं कि उसी में वाहवाही होने लगे। वाह वाह वाह। इतना वाहवाही करेंगे कि व्यक्ति भूल जाएगा। भाई यह तो बिल्कुल कोरा झूठ है। यह स्ट्रेटजी है इनकी। जी। मेरे बारे में तो अभी तक आपके बड़ों ने नहीं बोला कि मैं गलत हूं। पहले अपने बड़ों से पूछ के तो आओ। 14 कमेटी मेंबर ने आज तक मेरे चरित्र पर उंगली नहीं उठाई क्योंकि उनको पता है कि ऐसा तो नहीं बोल सकते कम से कम। वो सबको बोलते हैं कैसी भी हो जिद्दी हो को कुछ भी कर रही हो लेकिन वो चरित्र से खराब नहीं है लेकिन जो उनके फॉलोअ हैं जो कमेंट कर रहे हैं वो उनसे पूछ भी नहीं रहे कि हम क्या लिख रहे हैं मैं मैंने बताया ना इतनी हद क्रॉस कर दी कि मेरी शादी हो गई ऐसा लग गया अरे भाई मेरी बात सुनो मैं कहां मर जाऊं जाके मैं क्या करूं मैं सुसाइड कर लूं तुम क्या बोलना चाहते हो ऐसा नहीं है और मुझे तो ना हंसी आई उस पे पढ़ के मैं इतनी हंसी हूं। शायद मैं कभी नहीं हंसी। मैं एक स्टेज पर प्रोग्राम कर रही थी और मैं वहां बैठ गई और मैं खूब हंसी। फोन मेरे हाथ में था। तो जैसे वो आता है ना मैंने डाला हुआ है कि नोटिफिकेशन आए तो नोटिफिकेशन आया। मैं इतनी हंसी मैं वहां बैठ गई तो मुझे पूछ रहे थे लोग के मिलवा जी इतने खुश
00:41:29:20 हो रहे हो। मैंने कहा तुम्हें नहीं पता मैं क्यों खुश हो गई। किसी ने तो कहा मेरी शादी हो गई। वाह ये क्या कहां से आया? मतलब तुम कुछ भी बोल रहे हो। कुछ भी कहीं भी अरे शादी हो गई दूसरी बात दूसरी बात किसी के साथ आपको अवैध रूप से जोड़ के प्रस्तुत करना वो और गंभीर हो गया कर लो जोड़ लो सुनो मुझे शिव जी मुझे इस बात से फर्क ही नहीं पड़ता मैं सच बताऊं अगर मुझे कोई क्रोध आता है ना तो वो इनके ज्ञान की डिबेट पे आता है चरित्र की बात पे मुझे इन पे क्रोध भी नहीं आता बताऊं क्यों क्योंकि मेरे को उससे फर्क कुछ पड़ता नहीं है मैं जैसी जीवन जी रही हूं वो मेरी सोसाइटी जानती है मेरे मां-बाप जानते जानते हैं। मेरे घर परिवार जानते हैं और जहां मैं जीवन में हूं वो सब जानते हैं कि मैं कौन हूं। समझे? इसलिए मुझे जरूरत नहीं है मेरे को प्रूफ करने की। इसलिए तुम्हें जो बोलना है बोलो लेकिन कम से कम मैं बहुत ही आराम से आंसर दे रही हूं। कम से कम उनको छोड़ दो। जो लोग सनातन का प्रचार प्रसार करने निकले। इनका ऐ इनका उचित ना ब्रह्मा कुमारी को बदनाम करना है। ना किसी रामपाल को बदनाम करना है। ना रामपाल के प्रति कोई इनको दुष्प्रभाव है क्या कुछ कुछ मन में द्वेष है क्या आपके शिव जी नहीं नहीं ऐसा कुछ मन में उसके द्वारा तो
00:42:45:15 सन है जी जो वैचारिक वो जहर उगलते हैं वैचारिक मतभेद वो भी नहीं है मैं आपको बताऊं ये सिर्फ अपने धर्म की रक्षा कर रहे हैं मेरे धर्म की रक्षा करने के लिए मुझे क्या बोलना है ये उन्हें पता है मैं आपको बताती हूं कैसे मैं इसका सटीक उदाहरण देती हूं ऐसे शायद आपको समझ में आ जाएगा अगर मैं अहिल्याबाई होलकर के विषय में पूछू ना किसी से जैसा कि मैं महाराष्ट्र में रह रही हूं तो शायद ही किसी को पता हो जैसे शंकराचार्य जी थे ना ऐसे महारानी अहिल्याबाई होलकर थे अगर छोटे बच्चे से ले पूरे करिकुलम को अभी तक पूछा जाए कि क्या आपको अहिल्याबाई होलकर के विषय में पता है तो बच्चे बोलेंगे नहीं पता लेकिन अगर यहां से बहुत दूर मैं कहीं किसी और भारत के किसी क्षेत्र में लखनऊ में पूछूं, झारखंड में पूछू, रांची में पूछू, कहीं भी पूछूं वहां पर मुझे बता देंगे कि मदर टेरेसा कौन है? ये क्यों हुआ? ये क्यों हुआ? ये इसलिए हुआ कि जो श्री जी कर रहे हैं आज सोशल मीडिया इतना एक्टिव है तब ऐसा नहीं था। तब वो बहुत मुश्किल था काम। अगर ये प्रचार प्रसार हुआ होता कि अहिल्याबाई होलकर कौन
00:44:00:21 है? उसने कितनी धर्मशालाएं बनवाई? उसने कितने शिव मंदिर बनाए? उसने शिव मंदिरों के कितने जीर्णोद्धार कराए? क्यों उसकी मूर्ति ऐसे शिवलिंग ले दिखाई जाती है? ये पढ़ाया गया होता तो मदर टेरेसा को नहीं जानते होते लोग। मदर टेरेसा कलकत्ते से बाहर गई नहीं। तो भी लोग जानते उसकी सब कार्यस्थल कलकत्ते में थी। वो कभी नहीं गई। और अहिल्या माई होलकर ने पूरे के पूरे भारत में घूम के सेवा की। नहीं पढ़ाया गया। कौन है हमारे शंकराचार्य जी नहीं पढ़ाया गया घूम घूम के सनातन का प्रचार किया नहीं पढ़ाया गया चारों पीठ में क्या होता है नहीं पढ़ाया जाता अगर ये पढ़ाया जाए तो हम किसी मदर टेरेसा को याद नहीं करेंगे हम किसी किसी और धर्म में नहीं जाएंगे शिव जी एक्चुअली वो कर रहे हैं क्योंकि अब सोशल मीडिया का जमाना है दौर बदल गया है अब आराम से इसमें बैठ के ये काम किया जा सकता है तो इसलिए वो जो जितने भी पंथ है, जितने भी कल्ट है, जितने भी सनातन को काटने का प्रयास कर रहे हैं, उनको यह वहां ब्रेक कर रहे हैं। सनातन की बातें कह के आपसे कोई दुश्मनी नहीं है। ये मैं आपको गारंटी देती हूं। ना ही
00:45:15:22 रामपाल से है ना ही ब्रह्मा कुमारी से है। उनको अपने धर्म से प्रेम है। दो बातें होती है। देखिए सनातन वाले के ना आप विरोधी नहीं हो सकते। या तो आप पक्षधर होंगे या फिर विपक्षी होंगे। बीच में नहीं रह सकते। जिस सनातन को मानते हैं ना या तो पूरी तरह मानेंगे आप या नहीं तो पूरी तरह नहीं मानेंगे आप। सनातन वो है। ये जो बीच का चल रहा है ना कल्ट का कि भाई हम तो बीच में मान लेंगे। अपने बीच में घुसा देंगे। अपने धर्मों को बीच में घुसा देंगे। अपने पंथों को बीच में घुसा देंगे। अपनी किसी बात को बीच में घुसा। सनातन के बीच में नहीं घुसा सकते। आप कुछ भी जो मैंने सनातन का स्टडी किया है। या तो आप पक्ष में होंगे या आप विपक्ष में होंगे। आपको एक निर्णय लेना पड़ेगा। सनातन के लिए आपको एक निर्णय लेना पड़ेगा। तो वो निर्णय नहीं ले रहे आप। इसलिए शिवान जी जैसे लोग उस निर्णय पे लाना चाहते हैं आपको कि या तो आप सनातनी है या तो आप सनातनी नहीं है। समझे? बीच में नहीं रह सकते आप। समझ लेना अच्छे से कि हम ब्रह्मा को मानते तो हैं पर इस रूप में हम कृष्ण को मानते तो हैं पर इस रूप में हम शिव को मानते तो हैं पर इस रूप में हम लक्ष्मी को पूजते तो है पर इस रूप में ऐसा नहीं कर सकते आप सनातन
00:46:31:03 कहता है या तो आप पक्षधर है या आप विपक्षी है आप है कौन वो क्लियर करिए आप एक्चुअली ये लड़ाई है मैं तो सिर्फ इतना ही कहूंगी सुन जी नहीं नहीं बिल्कुल बिल्कुल सही कहा आपने क्लेरिटी आ जाए कि भाई यह सनातन तो सनातन के नाम से कौन है? उतना ही लड़ाई है हमारी और कुछ नहीं है। इसको आप लड़ाई ले लो। इसको आप ज्ञान की चर्चा ले लो। इसको आप सनातन का प्रचार ले लो। इसको आप चाहे कुछ भी ले लो। बिल्कुल बिल्कुल। एक्चुअली क्या है जब मैं जब गुरुदेव के उसमें आया सानिध्य में तो मुझे एक चीज पता चल गई कि जो सनातन के ऊपर आक्रमण होता है आक्रांताओं के द्वारा विधर्मियों के द्वारा नास्तिकों के द्वारा कम्युनिज्म के द्वारा यह जो आक्रमण होता है और हम उसका सही से प्रतिकार क्यों नहीं कर पाते तो इसका कारण मुझे समझ में आया बहु नेतृत्ववाद हमारे यहां लीडरशिप लीडरशिप बहुत सारी हो गई तो ये बहु नेत नेतृत्ववाद है कि रामपाल है, बीके है, उधर आर्य समाज है, स्कॉन है। यह बहु नेतृत्ववाद है। तो हमको कोर चीजों को सामने लाना पड़ेगा जिनका विरोध कोई कर ही नहीं सकता। उन चीजों को सामने लाना पड़ेगा जिससे कि बहुत
00:47:46:04 सारे लीडर्स जो बन गए हैं। आधे उधर ले गए, आधे उधर ले गए, आधे उधर ले गए। बचा कोई नहीं सनातन की रक्षा के लिए। सही। जैसे आप एक एग्जांपल दे रहा हूं मैं आपको। एक कुछ समय पहले जो स्वामी प्रसाद मौर्य नाम के व्यक्ति ने रामचरितमानस को जलाया था। आई नो आई नो उसको मुझे पता है वो बात। हां तो रामचरितमानस को बचाने वो नहीं पहुंचेगा जो रामचरितमानस को मानता ही नहीं होगा। बिलीव नहीं है जिसको बिलीव नहीं है कि हमारी अब क्या है कि कोई व्यक्ति सनातनी तो है पर वो खुद को सनातनी तो कह रहा है पर वो ब्रह्मा कुमारी से है तो वो राम रामचरितमानस की रक्षा करने नहीं जाएगा कोई व्यक्ति कोई व्यक्ति खुद को सनातनी कह रहा है पर वो यदि रामपाली है तो रामचरितमानस की रक्षा करने नहीं जाएगा कोई व्यक्ति कोई व्यक्ति स्वयं को सनातनी कह रहा है पर वो यदि आर्य समाज से है तो वो निष्ठा पूर्वक वहां नहीं पहुंचेगा उसको बचाने और ना ही और ना ही इस वाला पहुंचेगा तो दिक्कत यहां पे है मुझको अपने भाई यहां चाहिए ग्राउंड पे मुझको जो अपने हिंदू भाई वो आएंगे रीजन बताया
00:49:01:06 वो रीजन बिल्कुल परफेक्ट है वो नहीं आएंगे तो उसी के लिए ही बस ये प्रयास है कि मेरे जो मैंने बोला ना वो बीच में है वो ना पक्षी है ना पक्षी है जी वो जो मेरे भाई हां मेरे भाई मेरे भाई को ही मुझसे अलग कर दिया गया ना। बस ये दुख की बात है। जैसे मैं अगर आपकी बहन हूं तो मुझे अलग तोड़ दिया। हां तो वो तोड़ दो। मतलब इनको तोड़ दो। और मेरे से क्वेश्चन कर रहे हैं कि नीलिमा पे प्रभाव क्यों नहीं पड़ा? भाई ये सनातन का प्रभाव है कि आपका प्रभाव नहीं पड़ा। हां ये आपकी कमी है। ये आपकी कमी है। आप ओवरकट नहीं कर पाए। हां जी। अच्छा एक अगला प्रश्न आ रहा है। अब बनेगा बी के बनेगा शिवश सावधान। जी जी जी ये मैंने पढ़ा। आप आपको ये आंसर देने के लिए ही मैं आज वो सेवन डेज कोर्स वाले उसमें नहीं आई। यही था। यही कारण था कि ये जो बीके बनेगा आपको मैं आपको बताऊं। बहुत ही पोलाइटली इसका आंसर दे रही हूं। मुझे पता है बहुत बहुत ऐसा लग रहा है कि मैं किन लोगों का आंसर दे रही हूं। किन को समझा रही हूं? ये ऐसा लगता है जैसे भैंस के आगे बीन
00:50:16:16 बजाना। ठीक है? मैं मैं आंसर दे भी दूंगी। अगर मैं आपको कुछ बता भी दूंगी तो कौन सा आप इन वाले आंसर से मानने वाले हो। आप फिर से क्वेश्चन करेंगे आप फिर एक ब्लेम करेंगे। आप फिर एक कमेंट करेंगे। लेकिन फिर भी बता देती हूं। ये जो आपने बोला कि शिवश बनेगा बीके। आप सोचो कि जो बच्चा आपके यहां पढ़ रहा था बचपन से मैं वो भी क्या नहीं बन पाई? तो आप मुझे बताओ शिवा जी तो उसमें नहाए हुए हैं। मैं तो सिर्फ टच में थी। मैं सनातन के सिर्फ टच में थी। तो मुझे आप पूर्ण बी नहीं बना पाए। इसका एक ही लाइन का आंसर है। तो जो सनातन में नहा रहा है, दिन रात सनातन स्नान कर रहा है, वो उसको आप सोच भी सकते हो के कोई नीलिमा आएगी या कोई कोई भी आएगी जो भी आपकी टैलेंटेड ब्रह्मा कुमारी हो जो भी आप नाम लेते हो जिनके भी ये संरक्षण में आएंगे ये पलट जाएंगे बीके बन जाएंगे। व्हाट इज द जोक?
00:51:20:16 यू आर अ फू यू आर अननॉलेजेबल तुम्हें तुम्हें पता ही नहीं है तुम क्या बोल रहे हो एक्चुअली तुम्हें सिर्फ उनको बचाना है और कुछ भी बोलना है कुछ भी बन जाएंगे मैं आ रही हूं वाइट साड़ी पहन के आपके सामने इसलिए मैं आ रही हूं इसलिए सफेद कपड़े पहन के ज्ञान सुनाने के लिए क्योंकि एक्चुअली मैं मम्मा कुमारी हूं फिर भी देखो कैसी हूं एक्चुअली मैं आपका ज्ञान जानती हूं फिर भी देखो कैसी कैसी हूं? मैं इसलिए कोर्स कराने आ रही हूं। एक्चुअली मैं आपकी टीचर हूं। फिर भी देखो मैं उनको नहीं मानती। देखो मैं आपकी सारी नॉलेज जानती हूं। फिर भी मैं आपको नहीं मानती। देखो मुझे आपके ज्ञान का क्या नहीं पता। मेडिटेशन से ले सब कुछ फिर भी मैं आपको नहीं मानती। ये बताने मैं आ रही हूं। ना कि किसी शिव जी को ज्ञान देने आ रही हूं। मैं किसी को ज्ञान देने नहीं आ रही हूं। मैं घोषणा करती हूं कि जो मैं ब्रह्मा कुमारीज के रूप में सेवन डेज कोर्स करा रही हूं। एक्चुअली वो ब्रह्मा कुमारीज का झूठ फरेब है जो वो इस तरह बताते हैं। मैं डेमो दे रही हूं। मैं कोई ज्ञान से ना प्रभावित हूं ना किसी को करना चाहती हूं। मैं उस सेवन डेज कोर्स का डेमो दे रही हूं
00:52:35:25 कि इतनी पागलपनती है। बच्चों जैसा ज्ञान है। छोटे बच्चे नहीं खेलते। टीचर टीचर खेलते हैं अपन बचपन में। वो स्कूल से आती थी तो हम टीचर टीचर खेलते थे मम्मी की साड़ी पहन के तो मम्मी स्टूडेंट बनती थी हम टीचर ऐसा ज्ञान है आपका मैं इसलिए शिव जी जब क्वेश्चन करते हैं तो चुप बैठ जाती हूं ब्रह्मा कुमारी बनके मैं कैसे नहीं चुप बैठती इतना थोड़ी बोलती हूं पर मुझे हंसी आती है जब मैं ज्ञान देती हूं ना इनको ज्ञान दे रही हूं किनको दे रही हूं एक देखो ऐसे समझो बहुत सारी नदियां जाके सागर में मिलती ठीक है। हम तो वह नदियां भी नहीं बन पाए आपके पास कि कम से कम एक ज्ञान सरिता तो बन जाते जो सागर में मिल जाते जाके मुक्ति जीवन मुक्ति का रास्ता मिल जाते आपके पास ना मोक्ष है ना आपके पास मुक्ति है पता है ब्रह्मा कुमारी मुझे कि आपके पास मोक्ष है कहेंगे नहीं आपके पास मुक्ति है बोलेंगे नहीं तो कैसे होता है अब आप आप वापस आते हो कितनी गंदी लाइन है आपकी कि जो अंधा है वो अंधा बनेगा जो लंगड़ा है वो लंगड़ा बनेगा जो बेकार है वो बेकार बनेगा जो अच्छा है वो अच्छा बनेगा। जो जैसा है वो वैसा बनेगा। तो फिर व्हाट इज द कर्म थ्योरी?
00:53:50:28 कर्म फिलोसफी क्या है? तो आप कहते हो ड्रामा अनुसार जो पहले हुआ वो अब हो रहा है। मतलब ये नीलिमा जो ब्रह्मा कुमारी बनी थी वो पहले भी बनी बनी है। पहले भी ये आफत आई थी। ब्रह्मा कुमारी की जान को और फिर आई है और शायद अगली बार फिर आएगी। आप तो ये कह रहे हो। पर मैं मेरा सनातन ये कहता है ऐसा कभी नहीं होता। आपको हर रोज हर सुबह भगवान जब आप सूर्य के निकलने से पहले उठते हो और जब प्रार्थनाएं करते हो तो हर बार आपको आपके भाग्य बदलने का चांस देता है। मौका देता है। आपके कर्मु आपकी सारी विधाएं बदलती है। लेकिन ब्रह्मा कुमारी कहता है नहीं ऐसा नहीं होता। ब्रह्मा कुमार कहता है 1250 वर्ष का एक युग होता है। ऐसे चार युग होते हैं और एक अपना ही मनगढ़ंत युग बना लिया है संगम युग। और उस संगम युग में ये जी रहे हैं। अब मुझे बताओ ये तो टीचर टीचर हो गया। जो आप ज्ञान सुना रहे हो वो टीचर टीचर ज्ञान है। उसके अलावा कुछ भी नहीं है। तो ये क्या ब्रह्मा कुमार बनेंगे भाई? ये तुमको बोल रहे हैं कि देखो तुम्हारी टीचर क्या कर रही है? ये मेरा आंसर। जी। अ एक क्वेश्चन देख रहा हूं मैं।
00:55:08:09 यह सिस्टर ब्रह्मा कुमारी नहीं है। ये सिस्टर ब्रह्मा कुमारी नहीं है। पूरा पढ़ो। बी की सिस्टर ने पॉलिश बी की सिस्टर नेल पॉलिश नहीं पहनती है। प्लीज सभी से रिक्वेस्ट है बदनाम करने बैठिए। ये तो ये तो इंटेलेक् इंटेलेक्चुअल पर्सन निकला। देखो मैं सब कुछ पहनती हूं। सुनो मेरी बात अब ध्यान से मैं बीके टीचर पहले भी थी सुन लो आप सोचो अच्छा मैं सोचती हूं आप इसका चिंतन करो मैं आपको एक पहेली देती हूं पहेली पहेली बुझाना सारे ब्रह्मा कुमार कुमारी ये पहेली बुझाना और इसके लिए अपने सेंटर इंचार्ज के पास जाना ओके मेरी वीडियो लेके जाना ये वीडियो शेयर करना सारे देखो तुमको कसम है 5 लाख ब्रह्मा कुमार कुमारी ये वीडियो शेयर करेंगे वादा करो ठीक ठीक है। सुनो अभी ब्रह्मा कुमारीज वाले जो ये कहते हैं ये नहीं पहनती वो नहीं पहनती ये नहीं करती वो तो मैंने आंसर दे दिया आपको पहले दिन आपने मेरे कान के निकलवाए थे ये निकलवाया था सोना गहना ये लेने का तुम्हारा विधि यही है एक बात
00:56:23:15 बता दूं सनातन में तो कुमारी जो होती है ना बच्ची छोटी बच्ची वो चूड़ियां पहनती है और वो सब बिना बिना शादी के सब कुछ पहनती है सनातन की कन्याएं आपने कभी कन्या पूजन नहीं देखा क्योंकि आपके यहां तो कुछ होता नहीं है। तो कन्या पूजन में पता है आपको क्या देते हैं? नवरात्रों में हम छोटे-छोटे ना वो जीमने जाते थे। जीमने कहते हैं ना शिवा जी जानते हो ना छोटे-छोटे थाली ले बच्चे जाते हैं तो मैं जाती थी 9 10 कन्याएं हम जीमने जाते थे। तो हमें चुन्नी उड़ाई जाती थी। हमें श्रृंगार दिया जाता था। तो हम भी निकाल निकाल के वो नेल पॉलिश लगाते थे। वो कहते थे माताएं कहती थी इनको पहन लो। ठीक है? तो वो पहनते थे। अब मेरे यहां पर एक डेथ हुई। सुनो किसकी? अभी मैं कोर्ट गई तो मुझे लिखवाना पड़ा कि मेरे फादर के सामने स्वर्गीय लिख दो। बहुत सेंसिटिव बात बोल रही हूं। अभी जब लिखवा रहे थे ना कोर्ट में अभी मैं गई थी 13 तारीख को। तो उन्होंने बोला कि पिता का नाम तो वो वकील साहब थोड़ा समझते थे मेरे वाले। तो वही वकील है बहुत पुराने हैं। तो उन्होंने बोला आप कॉपी कर लो। तो मुझे पता था वकील साहब इसलिए बोल रहे हैं कि मैं इमोशनल ना हो जाऊं। तो मैंने कहा नहीं नहीं कॉपी
00:57:38:16 मत करो वहां से आप पापा के नाम के आगे स्वर्गीय लिख दो। ठीक है क्योंकि नहीं रहे फादर अब तो वो स्वर्गीय लिखवाया तो थोड़ी मेरी आंखें नम हुई तो मुझे वकील साहब ने ऐसे बोला कोई बात नहीं। तो जो जिस वजह से मेरी मदर का श्रृंगार का बता रही हूं मैं। मेरी मदर जब मेरे फादर नहीं रहे तो जैसे चूड़ियां उतारते हैं सब उतारते हैं। हमारे यहां सब वो श्रृंगार चला जाता है। ठीक है? लेकिन एक विधि होती है सनातन में। आप पूछना किसी से जो विधवा होती है ना जो जिनके पति नहीं रहते। उनके ना पीहर घर से भाई आते हैं सामान लेके। ठीक है? पिता के मतलब उनके जवाई के जाने के बाद वो आते हैं लड़की को। श्रृंगार देने तो लेकिन ऐसा वैसा श्रृंगार नहीं आते। उसमें सोने के कंगन आते हैं। उसको पहनाए जाते हैं। सब पहनाया जाता है। भले वो बाद में उसे नहीं पहनती कि अब पिता सिर्फ उसमें बिछिए नहीं आते। कंगन आते हैं। चूड़ियां हमेशा आती है। सब श्रृंगार आते हैं। 16 श्रृंगार आते हैं। सिर्फ बिछिए को छोड़ के। और वो बकायदा उन्हें पहनाया जाता है। और क्या कहा जाता है कि बेटा अभी तुम्हारा पीहर जिंदा है। ससुराल में से ऐसा हो
00:58:53:22 गया अभी तुम्हारा पीहर जिंदा है। तो कुमारियां हमेशा श्रृंगार करती आई है। फिर वो उतार के रख देती है। भले वो वैसे नहीं मेरी मदर कुछ नहीं पहनती जब से मेरे फादर गए हैं ना बिगड़ी लगाती है ना कुछ नहीं करती मेरी मदर और सिंपल रहती लेकिन वो चीज आती है वो एक फॉर्मेलिटी होती है। यह विधान सनातन में सब जानते हैं। सभी परिवारों में यह पता है और कई बार अगर नहीं पहनती लड़कियां तो पितृ दोष लगता है उस घर को। यह भी बताया जाता है कर्ण छेदन हमारे यहां लड़कों का भी होता है और लड़कियों का भी होता है। कन्याओं का भी होता है और बालकों का भी होता है। तो कानों में तो इसलिए पहनते हैं। रही नेल पॉलिश की बात देखो उस दिन मैं आई थी ऑफिस से आई ऐसे ही और ऐसे शिवांग जी ने बोला कि कोर्स कराओ। तो केवल नेल पॉलिश नहीं थी। कंगन भी थे। तो मुझे एक बात बताओ भाई तुम मुझे जीने नहीं देना चाहते बिल्कुल भी। मैं जहां जाऊं विधवा बन के जाऊं वाइट साड़ी पहन के। अगर मैं फिल्म सॉरी फिर फिर फिर ये लोग अफवाह उड़ाएंगे कि नीलमा का नीलमा का विवाह तो हुआ था। उसका पति अब हां सुनो अब मैं जहां जा रही हूं वो उन्हें सबको पता है कि मैं ब्रह्मा कुमारी
01:00:08:24 से जुड़ी हुई हूं लेकिन उनके एंटी हूं। सबको पता है। फिल्म लाइन में भी सबको पता है। क्योंकि आपके यहां यहां भी घूमते हैं। ठीक है? अब वो बहने जो बॉम्बे में मुझे तब देखती थी जब मैं ब्रह्माकुमारी बन के आई थी। मैं बॉम्बे भी सेंटर पर रही हूं ना और वही बहने यहां पे है तो बेचारी वो बहने यहां मेरे से मुंह छिपाए हुए हैं। आपको जानकारी मैं बता दूं कि अब तो ये इसने घेर लिया ये यहां बैठी है। हम जहां जाते हैं ये बताती है। वो आते थे नए-नए स्टार को बताने सबको ले जाने। तो थोड़ा सा यहां प्रभाव ऐसा है कि मैं भी उस बीच में हूं। तो यह जो नेल पॉलिश और यह जो आप कमेंट करते हो ना सच बताऊं दुनियावी चीजों के लिए लीगल नहीं है। इललीगल चीज है। जो कमेंट में आपने लिखा है वो किसी लड़की पे इललीगल कमेंट है। इस पे आपके ऊपर केस हो सकता है कि मैं क्या पहनूंगी, मैं क्या नहीं पहनूंगी, मुझे क्या करना चाहिए, इसपे आप कमेंट नहीं कर सकते? नहीं तो मैं 500 करोड़ के जुर्माने का मुकदमा ठोकूंगी आपके ऊपर। आपके घर बाहर बिक जाएंगे। आप मुझे चुक्ति नहीं कर पाओगे। आप जो बोल रहे हो उसको आपको स्वीकार करना पड़ेगा अदालतों में। तो इसलिए जो कुछ बोल रहे हो वो सोच समझ के और कागजी
01:01:23:25 कारवाई पक्की करके बोलना। ये बता रही हूं मैं। हर लड़की को जीने का अधिकार है। कोई किसी लड़की को नहीं बता सकता कि वह क्या पहने और क्या ना पहने। और कोई किसी के लिए एक सल फ्रेम तैयार नहीं कर सकता कि इस फ्रेम में आपको जीना है। यू आर नॉट माय फैमिली। यू आर नॉट रिस्पांसिबल पर्सन कि मैं उसको जवाब दूं। मुझे क्या पहनना है और क्या नहीं पहनना है। देखिए मैंने अपने घर में और सनातन धर्म से एक बात सीखी है। अगर लुभाना है स्त्री को तो अपने घर के पुरुषों को लुभाए। अगर पहनना है तो अपने घर के पुरुषों से पूछ के पहने। अगर उसे जीना है तो अपने घर के पुरुषों से पूछ के जिए। अगर उसे सुंदर दिखना है अपने घर के पुरुषों के लिए दिखे। बाहर के लिए नीलिमा कुछ नहीं करती। ना पहले किया ना आज किया। मेरे घर में पुरुष है। वो है मेरे भाई। वो है मेरे मामा, वो है मेरे चाचा, वो है मेरे ताऊ। यह मेरे घर के पुरुष हैं जो मुझे बता सकते हैं कि मुझे क्या पहनना है और क्या नहीं। इसलिए आपकी आवश्यकता नहीं है। सॉरी संभल जाइए। थैंक यू। बहुत बढ़िया। एक आया है प्रश्न आपके ऊपर। नीलमा तेरे को ब्रेन हेमरेज हो गया क्या?
01:02:40:02 तू तू लग रही है मैं बहुत बड़ा तीर मारी। बहुत बहादुर तेरी बहादुर सब निकल जाएगी। तू किसकी बुराई कर रही है? अ किसके इरीगेशन में लगी रही लग रही है? ये तू जान ले। तेरी आत्मा जानेगी और तेरे को इसका उत्तर और इसका सब कुछ मिलने वाला है। तू जो कितना विरोध कर रही है क्योंकि तेरे को जो वहां पर जो चाहिए था वह नहीं मिला क्योंकि तू मॉडलिंग की दुनिया की लड़की है। वहां पर तेरे लिए मॉडलिंग थोड़ी है। किया है। ओ हो हो सुनो अब मेरी बात मैं इसका क्या आंसर दुश्मन जी मुझे तो सुनो जो ब्रह्मा कुमारी जो ब्रह्मा कुमारी पूरी उम्र नहीं पाती है वो मुझे पहले साल मिल गया था वहां पे दादी मनोहर इंदिरा ने अपनी गोद दी थी और उसकी जगह ज्ञान सरोवर दादी कोटेज वहां मैं रही थी। दूसरी बात जो पोजीशन की बात आप करते हो। जैसे ही मैं 10थ में आई थी वैसे मुझे पोजीशन पर रख दिया गया था और ऐसी वैसी पोजीशन पे नहीं थी बहुत सख्त ब्रह्मा कुमारियों में से थी मैं तीसरी बात एडमिनिस्ट्रेशन की सेवाएं की है इसका प्रूफ है ब्रह्मा कुमारीज के अंदर जाकर पूछो और चौथी बात आपकी लास्ट में आपको बताऊं
01:03:55:10 जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल आप कर रहे हैं इस भाषा के व्यक्ति को मानसिक पीड़ित बोलते हैं तो मैं आपकी मानसिक पीढ़ी पीड़िता मतलब पीड़ित होने का जो मानसिक पीड़ित है आप लड़की हैं, लड़का है आप जो भी हैं। मानसिक पीड़ित होने के लिए मैं रिलायबल पर्सन नहीं हूं। एक मानसिक डॉक्टर के पास जाइए जिसको इंग्लिश में बोलते हैं न्यूरोलॉजिस्ट की जरूरत है आपको। प्लीज यू टेक अ न्यूरोलॉजिस्ट। एक न्यूरोलॉजिस्ट का अपॉइंटमेंट लीजिए। यहां समय बर्बाद मत कीजिए। आपको मानसिक बीमारी है।
01:04:33:15 ठीक है। नीलमा अरे और ये नीलमा इसके मन में बहुत जहर भर गया है। इसलिए वो बहुत ही बात जानबूझकर गलत गलतत बोल रही है। इसके आगे और है। फिर आगे कोई और आकर के इसको पूरा कर रहा है। कारण इनको संस्था की हेड बनकर सबको उंगलियों पर नचाना था और चोरी छिपे गलत काम करे उसके लिए कोई कुछ बोले नहीं। इसको मान सम्मान नहीं मिली। इस इसीलिए बदले की भावना बढ़ गया और यह फ्रेंकेस्टाइन यह मैं बोल रहा हूं कि नीलमा जी फ्रेंकेस्टाइन बन गई। सुनिए मेरी बात एक तो चोरी छिपे काम करने की नीलिमा को आदत नहीं है इसलिए वो शोरगुल मचा के सामने है। मैं तो बहुत शोर मचाने वाली लड़की हूं। शुरू से मेरी आवाज बड़ी बुलंद है। ऐसा कुछ भी नहीं है। चोरी छिपे तो मैं बात भी नहीं कर पाती हूं। ठीक है। कोई फोन आता है ना तो दूसरे लोग कहते हैं नीलिमा बहन धीरे बात करो। मैं जोर से बात करती हूं खुला बोलती हूं। ऐसा कोई चोरी वाली जीवन है नहीं। खुलम खुल्ला है। सबको पता है। दूसरी बात उंगलियों पे नचाने के मुझे कोई शौक नहीं था। आप लोग खुद ही मेरी उंगलियों पे नाच रहे थे। अब मैं बार-बार एक शब्द का प्रयोग करती हूं यहां पे। जाके करुणा कारा शेट्टी नाम लेती हूं
01:05:48:16 मैं। सेक्रेटरी जनरल करुणा करा शेट्टी जो मेरा पिता मेरा दादा सब था वहां पे उसको पूछो कि मुझे उंगलियों पर नचाने का शौक नहीं था उसको पूरे ब्रह्मा कुमारीज का जो टेंशन होता था वो मेरे हाथ में सौंपने का शौक था तो जब मैं निर्णय लेती थी तो जो अपराधी थे जो वहां पर गलत काम करना चाहते थे जो वहां मारपिटाई कर रहे थे जो वहां गंदा काम कर रहे थे उन लोगों को भय होता था कि इसकी उंगलियों पर नाचना पड़ेगा क्योंकि बड़ों ने इसको बहुत बढ़ावा दे रखा है। बड़े मुझे बढ़ावा क्यों देते थे? बड़ों को लगता था कि अगर इसने कोई स्टेप लिया ना तो हमारी तरफ कोई नहीं आएगा। तो मैं बड़ों से बचाती थी उनको। तो इसलिए डर तो आपके मन का है। बता आप मुझे मेरे को कुछ नहीं चाहिए था। उंगलियों पे वो नचा सकता है जो मैं कोर कमेटी में हो। आप मुझे बताओ मुझे क्या नहीं मिला वहां पे? ऐसी क्या बात थी? मुझसे तो उल्टा ये पूछते हैं ब्रह्मा कुमार कुमारी नीलिमा बहन आपने झगड़ा क्यों किया? आपको तो सब कुछ मिला। भाई गाड़ी मेरे पे थी बंगला मेरे पे था। सब कुछ मेरे पे था। मुझे क्या जरूरत थी? सिर्फ मैंने गुलामी नहीं की। आपकी तरह तलवे नहीं चाटे। रोज जाके
01:07:03:25 उनको फूलों का गुलदस्ता नहीं दिया। मेरी तो चार ही जगह थी। एक बाबा का कमरा, एक मेरा रूम, एक दादियों के पास जाके बैठना और एक बड़ों की कोई बात हो जाती थी। मीटिंग में जाना। इसके अलावा मेरी कोई जगह नहीं थी। मैं तो शांतिवन, ज्ञान सरोवर और पांडव भवन तीनों के डिपार्टमेंट हेड्स को भी नहीं जानती। शायद वो कभी मिले भी नहीं होंगे मुझसे। कम से कम 50 डिपार्टमेंट है। मैं 50 के 50 डिपार्टमेंट के भाइयों तक को नहीं जानती भाई। तुम क्या बोल रहे हो ये? इसलिए सोच समझ के बोलो प्लीज। मेरे ख्याल से पर्याप्त क्वेश्चंस ले लिए हम लोगों ने। है ना? अगर और कोई आपके मन में कोई और हो तो वो बताइए। हां मैं अंत में ये कहना चाहती हूं ये जो से डेज कोर्स है ये पूरा होगा। आप निश्चिंत रहिए लेकिन ये सेवन डेज कोर्स इसलिए नहीं कराया जा रहा है कि किसी को ब्रह्मा कुमार कुमारी बनाना है या ब्रह्मा कुमारी का प्रचार करना है। हम सेवन डेज कोर्स इसलिए कर रहे हैं कि शिवान जी अपने सनातन को लेकर के जो क्वेश्चन कर रहे हैं उन पे ध्यान दीजिए और ब्रह्मा कुमारी के आंसर पे ध्यान दीजिए। ब्रह्मा कुमारी घबराई हुई है, परेशान है। ब्रह्मा कुमारी कोई भी मेरे को छोड़ दीजिए आप कोई भी शिवा जी की और भी वीडियो देखिएगा आप जो जो मैं
01:08:19:01 कर रही हूं यहां पे जिसको आप बोल रहे हो नीलिमा नाटक कर रही है। जो नीलिमा आंसर दे रही है उससे भी भद्दे भद्दे आंसर देती है। ब्रह्मा कुमारियां चुप हो जाती है। तो जो और भी ब्रह्मा कुमारियां उनके यहां आई हुई है। वो भी वीडियोस देखिए। नीलिमा के भी वीडियोस देखिए। बल्कि मैं तो आपको ज्यादा डिफेंड कर रही हूं। मैं तो ब्रह्मा कुमारीज को ज्यादा डिफेंड कर रही हूं। शिवांग जी के सामने तो कोई ब्रह्मा कुमारी डिफेंड करती ही नहीं है। वो बेचारी चुप हो जाती है या उठकर चली जाती है। मैं तो आपका पल्ला ज्यादा बचा रही हूं एक सनातनी से लेकिन शिवांग जी मेरे पीछे पड़ जाते हैं बुरी तरीके से। नहीं बताओ बताओ। तो इसलिए मैं आपको कह रही हूं कि आपको इसलिए यह सुनाया जा रहा है। इसलिए मैं डिफेंड भी कर रही हूं कि ज्यादा से ज्यादा श्रीमान जी पे आप ध्यान दें कि वो क्या आंसर दे रहे हैं। वो सनातन में इस बात को कैसे रखते हैं या वेदों में पुराणों में उपनिषदों में या हमारे सनातन के किसी भी पुस्तक में उसको कैसे मेंशन किया गया है और ब्रह्मा कुमारियां ब्रह्मा कुमार उसे कैसे मनगढ़ंत करके बताते हैं। ब्रह्मा कुमारी मनगढ़ंत ज्ञान सुना रही है। तो यह मैं ज्ञान दे रही हूं और वह पूरा से डेज कोर्स आप अपने से डेज कोर्स से मैच करना तो आपको लगेगा कि नीलिमा क्या सुना रही है। एक शब्द भी गलत नहीं बोलूंगी मैं। मुझे लगता है कि ब्रह्मा कुमारी के लिए भी
01:09:34:14 ब्रह्मा कुमारी को मैं मतलब ब्रह्मा कुमारी से जुड़ने के लिए भी मैं अभी ऐसी बात बोल रहा हूं जिस जो एक फैक्ट है बहुत ब्रह्मा कुमारी से जुड़ने के लिए भी जितना लाभदायक जितना प्रशंसनीय यह जो सेवन डेज कोर्स है जो नीलिमा जी यहां पर जो बताएंगी क्योंकि उसमें काउंटर क्वेश्चंस और उसमें काफी हद तक उन क्वेश्चन से बचने का प्रयास। अब जहां पर सामग्री ही नहीं दी है, आपने हद गोला दिया ही नहीं है, बारूद दिया ही नहीं है, गोलियां दिया ही नहीं है, तो वहां पे आप कैसे कह सकते हो? तो कैसे कहोगे कि सामने वाले पर चला तो वहां पर जाकर और जबकि जो जो और ब्रह्मा कुमारियां हैं जिनसे मैं बात कर रहा हूं काफी सीनियर सीनियर हैं और मैं देख रहा हूं कि वो वो जो शुरुआती बचाव कार्य है जो वो कर सकती हैं। अगर मैं उनकी ओर से लड़ूं तो कर सकता हूं। मैं कई बार लोगों को कहता हूं कि भाई एक काम करता हूं जैसे आर्य समाजियों से बात होती है मेरी कि वो ईश्वर अवतार नहीं ले सकता। हम तो मैं कई बार बोलता हूं एक काम करते हैं एक चर्चा ऐसी रखते हैं भाई मैं मुसलमान बनके आपसे क्वेश्चन करूंगा ठीक बात आप अपने आर्य समाज को मुसलमान से बचा लो फिर आप मुसलमान बनके मुसलमान
01:10:49:22 बनके मुझसे चर्चा कर लो मैं बचा लूंगा तो ब्रह्मा कुमारियों की ओर से जो पक्ष लिया जा सकता है वो भी पक्ष नहीं ले पाते हैं ये शिवा जी मैं आपको यहां एक बात बताती हूं राम मंदिर बना आप ये जाके पूछ लेंगे मैं तो नाम बता रही हूं करुणा जी मैं सीधा नाम बताती हूं आपको करुणा जी खुले में बता रही हूं करुणा जी आपके सेक्रेटरी जनरल है अभी के अभी बैठे हैं ब्रह्मा कुमार इसके सर्वे शर्मा है मेरे को फोन करते हैं ये राम मंदिर बना तो चंपत राय जी ने आपको पता है सबको चिट्ठी लिखी थी ठीक है सबको चिट्ठी आई थी सबको निमंत्रण आया था राम मंदिर आने का तो वो फंक्शन में आने का निमंत्रण हमें तो यहां फिल्म्स की वजह से भी मिला था तो मेरा इनका कनेक्शन कुछ था नहीं छूट चुकी था सब कुछ खत्म था अब कौन सा मैं ब्रह्मा कुमारी हूं जो आप मेरे से सजेशन मांगोगे इन्होंने मुझे कॉल किया मुझे क्या कहते हैं करुणा जी नीलिमा बेटा कैसे हो हां ठीक हूं आप जा रहे हो फंक्शन में मैंने कहा हां जी जा रही हूं तो हमें तो निमंत्रण नहीं मिला तो मैंने कहा आप मेरे निमंत्रण पे आ जाइए आप मेरे पिता समान है आप आ जाइए मेरे साथ आ जाइए बोलते हां हां ठीक है आप
01:12:04:26 कर लो कर लो कैसे ऐसे कैसे करना है? फिर बाद में उनका दूसरा प्रोग्राम बना। उन्होंने दूसरी बहन को भेजा किसी और के थ्रू। मतलब एक खेमे को यह लगता है कि किसी कारण भी ये नीलिमा से नहीं जुड़ने चाहिए। तो एक खेमे ने पूरा एक वो बनाया कि किसी और के थ्रू चले जाएंगे। कोई और बहन चली जाएगी। मैं नाम नहीं ले रही यहां पे। लेकिन कोई और बहन कोई और भाई झुंड बनाकर किसी के घर गए और उन्होंने उस घर में से जाकर वहां पर उन्हें बिठा दिया। जाकर शाम को उन्होंने गंगा आरती सरयू की आरती करके वीडियो वगैरह डाल दी कि हम भी गए थे। अब बाद में करुणा जी मुझे बोलते हैं कि नहीं नहीं वो प्रोग्राम बन गया यह बहन जा रही है इन्हें जाने दो कोई बात नहीं आप हो या ठीक है अब देखिए क्या होता है अब इनके गले में घंटी लटक गई किस बात की आज तक इन्होंने दीपक नहीं जलाया समझना मेरी बात ज्ञान की बात बता रही हूं शिव जी आज तक इन्होंने कुछ नहीं किया था आज तक ये राम को झूठ बोलते थे आज तक ये सारा कुछ ये कहते थे सब प्रोपोगेंडा है सब कथा है सब कहानी है सब बनी बनी बनाई है मनगढ़ंत है। राम के तो अस्तित्व को ये सिर्फ त्रेता में खड़ा कर देते हैं। मानते नहीं है। ये कहते हैं सदंत कथा है। अब क्या हो गया कि उधर से गवर्नमेंट का प्रेशर लगा इनको। मतलब तुम्हारे यहां गवर्नमेंट के लोग आ रहे हैं ना वही
01:13:19:27 समझ रहे हैं आप मेरी बात? तो वही गवर्नमेंट का प्रेशर लगा इनको। तो मुझे क्या पूछते हैं? आप एक बात बताओ मैंने कहा क्या कि ब्राह्मण भी हो सब चीजें याद भी है रामायण पर आपने अध्ययन भी किया है मुझे पता है मैंने कहा क्योंकि वो मुझे अंदरूनी तौर पर जानते हैं शिवा जी कि मैं कैसे ज्ञान का तर्क रख सकती हूं जैसे आपने कहा ना मुसलमान बनता हूं मैं रखता हूं तो मैं भी इन्हें कहती थी कि अगर आप रखना चाहे तो रख सकते हैं ऐसा नहीं है कि नहीं रख सकते कुछ चीजें चेंज कर लो अपनी मैं ऐसा बोलती थी तो मुझे बोलते हैं कि मुझे बताओ कि कैसे सुना सुनाए ज्ञान। अब तो ये बड़ा भारी हो गया कि राम के विषय में अगर गलत बोला गया, अगर कुछ गलत बोला सेंटर की बहनों ने तो ये तो गवर्नमेंट बहुत गलत कदम उठा लेगी इनके खिलाफ। तो अब क्या किया जाए? तो मैंने उनको कुछ पॉइंट्स लिख के दिए। वो मैं स्क्रीनशॉट आपको भेजूंगी चैट का। मैंने कहा भाई साहब ये कह सकते हैं, यह कह सकते है, यह कह सकते हैं। मैंने उनको बताया। मैंने कहा आप राम के अस्तित्व को बिल्कुल मत नकारिए। यह करिए, यह सब बताया मैंने उनको कि हनुमान जी के अस्तित्व को भी आप खराब बताते हैं। जबकि शिवान जी आप सोचो कि हनुमान जी की जो पूछ है वो तो स्वयं पार्वती है। है ना? ये हम जानते हैं।
01:14:35:03 हम जानते हैं कि हनुमान जी स्वयं शिव है। कौन सा रुद्र अवतार है। कैसे हैं? ये तो हनुमान को हनुमान कहते हैं। ये कहते हैं हनुमान तो हनुमान है। कोई हनुमान नहीं है। ठीक है। राम के अस्तित्व को मिट्टी में मिला दिया इन्होंने। तो यह सब चीजें मुझसे सजेशन क्यों मांगते थे? क्योंकि मैं सेवन डेज कोर्स कराते हुए भी भक्ति की बातें लोगों को बताया करती थी। मैं सनातन से जोड़ के सेवन डेज कोर्स कराया करती थी। मेरे विद्यार्थी 350 विद्यार्थियों सुनिए। मेन प्रॉब्लम मेन प्रॉब्लम वही थी कि आपने सनातन को नहीं छोड़ा। आ जाने पर भी वो लड़ाई है। लेकिन लेकिन उनकी कोर इतनी तैयार होती थी मेरे विद्यार्थियों की जो 300 विद्यार्थी मुझसे जुड़े थे कि वो कभी किसी सेंटर पर जाना पसंद नहीं करते थे। क्या होता था मान लीजिए किसी शहर में मुझे सेंटर दे दिया। ये तो शहर बदलते रहते थे ना। दो बहने वहां ऑलरेडी है जो पुरानी है। मुझसे बुजुर्ग है। और मुझे नई-नई लड़की को वहां बिठा दिया इन्होंने। तो क्या होता था? दोनों सेंटर के भाई बहन मेरे पास आ जाते थे। तो आते थे तो उनके यहां तो क्लास में कोई नहीं जा रहा। तो यहां सिस्टम है कि वो फिर यहां चिट्ठी लिखती थी माउंट आबू में कि देखो ये जब से आई है ये लड़की
01:15:50:16 तब से हमारे सेंटर खाली हो गए। सब वहीं जाते हैं। ठीक है? तो इनके यहां एक नियम है कि टीचर ये बोले जिसके यहां भीड़ हो रही है वो टीचर बोले कि जो जहां का विद्यार्थी है वो वहां के टीचर से लिखवा के लाए। ठीक है? तो मेरे को बुलाया माउंट आबू में। उन्होंने कहा नीलिमा निर्दय भाई ने। नीलिमा यह क्या हो रहा है? मैंने कहा क्या हो रहा है? कि दोनों सेंटर के भाई बहन रुक नहीं रहे। वहां आ गए आपके पास। अब जो सुनने वाले हैं वो तो ब्रह्मा कुमारी देख रहे हैं ना। वो तो उनको तो पता नहीं ना तुमने सीमाएं बांट दी। तुम्हारे तो लेन देन बटे हुए हैं। उनको पता ही नहीं आने वालों को बेचारों को जिज्ञासुओं को। अब वो मुझे कहते हैं आप हर विद्यार्थी से ये बोलो जो सेंटर छोड़ के आएगा वो अपने टीचर से लिखवा के लाएगा। समझना शिवा जी ज्ञान तो मैंने संधली पर बैठ के मतलब स्टेज पर बैठ के बोल दिया क्लास में मैंने कहा देखो मेरी बात सुनो आप सब जो भी यहां आएगा अपनी टीचर से लिखवा के लाएगा वरना यहां नहीं आएगा अगले दिन यू बिलीव इट कि अगले दिन हर एक बच्चे ने हर एक सेंटर के भाई बहन ने जाके अपने टीचर को बोल दिया कि हमें चिट्ठी दे दो हमें वहां जाना है दीदी के पास तो वो वो भड़क रही है मेरे ऊपर वो यहां से लोकल से प्रॉब्लम कर रही है जहां सेंटर सेंटर चला रही हूं कि
01:17:05:20 बताओ ये तो चिट्ठियां ले जाने को तैयार है। जो लोग यहां सुनते थे एक्चुअली मेरे कुछ नियम थे कि ना आप राम को झूठ बता सकते हैं ना कृष्ण को झूठ ब्रह्मा कुमार कुमारी बताते हैं जैसे सेवन डेज कोर्स कर रहे थे ना ये उसी की एक माला है तो मैं थोड़ा सा बता देती हूं आपको अंत हम तभी कर लेंगे वीडियो का हम ऐसे अंत कर लेंगे समापन ऐसे कर लेंगे तो उसमें क्या होता था मैं कहती थी श्री कृष्ण को बताते हो आप कि श्री कृष्ण जैसा बनना है तो श्री कृष्ण को मानना भी पड़ेगा ना है ना कि श्री कृष्ण कब कब आए? श्री कृष्ण के कर्तव्य क्या है? श्री कृष्ण कैसे बन सकते हैं? श्री कृष्ण के गुण क्या है? तो वो सब मैं भागवत को ले सुनाती थी। मतलब अर्जुन को ले सुनाती थी। तो मैं वहां कृष्ण लीला सुनाने लगी। है ना? मतलब भागवतम समझ रहे हैं आप? गीता नहीं भागवतम। अब इनको यही नहीं पता। प्रॉब्लम इनको यह नहीं पता कि भागवतम क्या है और गीता क्या है। भागवतम में भगवान के सारे के सारे चमत्कार हैं। तो उन चमत्कारों को सुनाना बैन कर दिया। समझ रहे हैं आप मुझे? मुझे समझ रहे हैं श्रीमान जी शायद वो नहीं समझेंगे। भगवान कृष्ण चमत्कार करते हैं। ये सुनाने पे मैंने बैन कर दिया। वहां मेरा इनका वैचारिक मतभेद
01:18:21:03 होने लगा कि यह नहीं कहोगे आप ही वो चमत्कारी है। वो कुछ करता है वो भगवान है। आप ये कहोगे कि शिव भगवान चलो ये मान लिया शिव भगवान है। फिर मैं शिव पे सुनाने लगी। जब मैं शिव पे सुनाती तो मैं हनुमान जी पे सुनाती थी। समझ रहे हैं? जब मैं शिव पे सुनाती थी मैं गोपेश्वर भी सुनाती थी। समझ रहे हो आप? जब मैं शिव पे सुनाती थी तो मैं शंकर भी सुनाती थी। तो ये कहते थे तुम तो शंकर का ज्ञान दे रही हो। लेकिन जो इनके शंकर का चित्र बना है उसमें ना तो गले में नाग है ना शीश पर गंगा है। आज हनुमान अंश भी फिल्म बनी तो उसमें एक गीत है। पार्वती जिद पर आ गई जिसके शीश पे गंगा गले में नाग लेकर घूमते हैं। तो तुम तो जिस शंकर को अपने त्रिमूर्ति के चित्र में दिखाते हो आप उस चित्र को ध्यान से देखना। शिवान जी केवल ब्रह्मा नहीं बदला उन्होंने। उन्होंने शंकर बदल दिया। आप उस चित्र को ले सकते हो। उसमें शंकर भी बदल दिया। उसमें ना तो गले में नाक है उनके ना ही शीश में गंगा है ना कुछ। तीसरी बात जब गंगा के विषय में सुनाते थे तो मैं गंगा पतित पावनी है। गंगा क्या है? यह है मुरली में आता था। तो मैं फिर गंगा जी की महिमा करती थी। मैं इनको सब चीज बताती थी। मैं स्वर्ग से ले गोलोक तक की सारी बातें बताती थी। इनको इन सब बातों से प्रॉब्लम थी। तो
01:19:36:09 अब इनको लगता है करुणा जी को कि अगर नीलिमा यहां होती तो भक्ति से जोड़ के हम अपने ज्ञान को सुना सकते थे। अब ये बुरी तरह फंस गए। अब इनका पूरी तरह से सनातन से भिन्न ज्ञान है और यह धर्म कन्वर्शन में आ गए हैं। धन धर्म को कन्वर्ट कर रहे हैं। श्रीमान जी और कुछ नहीं कर रहे। ये है मेरा औचित्य कहने का मतलब कि अगर कर सके तो कर सकते हैं। पर ये जुड़ना नहीं चाहते। सनातन ही कहलवाना नहीं चाहते। ये तो सनातन के आगे आदि लगाते हैं। आदि सनातन आदि सनातन वही वही तो ऐसा था कि मैं एक अंत में यह कहना चाह रहा था कि भाई आप लोगों को जो सेवन डेज कोर्स जो जो दूसरी ब्रह्मा कुमारियों से मिल सकता है उससे ज्यादा डीप बातें उससे ज्यादा डीप बातें आपको ब्रह्मा कुमारी के बारे में भी इस सेवन डेज कोर्स में मिलेगी। क्यों मिलेगी? क्योंकि क्योंकि यहां पर काउंटर क्वेश्चंस हैं। यहां पर जिज्ञासाएं हैं, प्रश्न हैं और उन प्रश्नों का एक हद तक जहां तक इनके पास कुछ सामग्री है बीके से प्राप्त होने वाली वहां तक ये फुल ट्राई कर रही हैं। जबकि जो अन्य मैंने ब्रह्मा कुमारियां देखी है वो तुरंत
01:20:51:20 एग्जिट करती हैं। तुरंत क्विट करती है, भागती हैं। है ना? तो अगर ब्रह्मा कुमारी से जुड़ने के लिए भी देख रहे हो तब भी यहां पर आपको ज्यादा मिलेगा। हालांकि यह जो सेवन डेज कोर्स है वो इसलिए है जिससे कि ब्रह्मा कुमारी सनातन के नाम पे क्या फेविकॉल चिपका रहा है सनातनियों को हिंदुओं को वो जाने आप क्या बच्चों का गुड्ड गुड़ियों की कहानी जैसी वो खेल रहा है सनातनियों से हिंदुओं से तो वो आप समझे उस चीज को और उसको समझ करके आप देखें कि हमारे सनातन में कितनी गहरी बातें हैं। कितनी गहराई तक की बातें हैं। यह पके पका आम पर बात करते हैं। यह रामपाल भी ऐसी बात करता है कि परमेश्वर यह नहीं यह है। भाई परमेश्वर है। यह कैसे मान लूं? यहां से चालू करो। यहां से चालू करो। सब कुछ समझ में आ जाएगा। मगर ये लोग कहां से? यह पका पकाया आम है। परमेश्वर अब ये इस आम को छोड़। इस आम को पकड़। ये लोग ये बातें करते हैं। पके पकाए आम पे। अगर इनसे पूछ लो ईश्वर सिद्ध कैसे होता है? ईश्वर का अस्तित्व वगैरह। अरे ख़ नहीं ज़ीरो तो आप लोग इस कोर्स को देखें ज़रूर जिससे कि आप जागरूक हो समझ सके कि
01:22:06:26 ब्रह्मा कुमारी क्या कर रहा है वो कैसे ये सेवन डेज कोर्स के नाम पर वो क्या खेल रहा है और नीलमा जी का बहुत-बहुत आभार और एक बात और याद आ रही है मुझे नीलमा जी आपको दे मैं कहना चाह रहा था कि आपको सुनकर देखकर ऐसा लगता है केजीएफ का वो सीन याद आ जाता है मतलब ब्रह्मा कुमारी वाले कहते होंगे अपने यहां कि पता नहीं कौन सा दिन था वो जो हमने हमारे यहां यह आ गई हां और इसके लिए वो केजीएफ का मुझे डायलॉग याद आता है। उसमें शुरू में होता है वो डायलॉग उस दिन दो घटनाएं घटित हुई। एक तो एक तो केजीएफ मिल गया और दूसरा उसका रॉकी का जन्म हो गया। है ना? तो तो ऐसे ही ऐसे ही कि उस दिन दो घटनाएं घटित हुई। एक तो नीलमा की मां बीके पहुंच गई और साथ में नीलिमा भी पहुंच गई। ये दो घटनाएं उस दिन घटित हो गई। तो ये घटनाएं इनके लिए बड़ी पर ये हुआ था मेरे साथ जो आप बोल रहे हो ये हुआ है। मुझे निर्वेद भाई ने पूछा जिस दिन मैंने फॉरेस्ट का केस दर्ज किया उस टाइम तो मैं और भाई साहब बहुत लाइट थे। निर्दर भाई और मैं दिवंगत हो गए। अब वो तो मुझे कहते हैं हंस के बोलते हैं। करुणा जी भी वहीं थे। तो बोलते हैं हंस के बोले
01:23:22:00 ऐसे ही इसको पोर्स किसने कराया? तो तो मैंने आंसर पता है क्या दिया? मेरे मेरे से पहले करुणा जी ने दे दिया। किसको सतीश भाई ने कोर्स कराया? ओ सॉरी जगदीश भाई ने कोर्स कराया। अब वो जगदीश भाई कौन है? इनकी सारी किताबें लिखने वाला बंदा। उसने मुझे कोर्स कराया है। शिवा जी। जगदीश भाई ने मुझे कोर्स कराया था। मेरे बचपन में मुझे याद है अच्छे से। मैं फीवर में थी। वो आए हुए थे कहीं सेंटर पर। वहां मैं बैठी दिल्ली में शक्ति नगर और बैठ के आराम से उन्होंने मुझे कोर्स कराया कि मैं सेवन डेज कोर्स कराऊंगा। मैं खुद जगदीश भाई से कोर्स करके आई हूं। तो मैं कैसे आपके कोर्स में गड़बड़ कर सकती हूं? इनकी सारी बुकों को लिखने वाला वही बंदा है। जी। और अभी तो कुछ नहीं। ये अच्छे बच्चे पे भी कमेंट किया हुआ है आपने। याद है? अच्छे बच्चे पे भी लोगों ने लिखा हुआ है अच्छे बच्चे ये वो सुनो अभी तो मैंने सिर्फ अच्छे बच्चे बुक खोली है आपको एक बुक भेजी थी रात में याद है क्योंकि मैं चिंतन करती रहती हूं और आपको भेजती रहती हूं तो क्योंकि
01:24:37:06 दिन में मुझे वर्क होता है टाइम नहीं मिलता तो उसमें कार्टून एंड वो है कहानियां और कार्टून तो पूरे देवी देवताओं के कार्टून बनाए हुए हैं ब्रह्मा कुमारीज में तो उस पर भी मैं चर्चा करूंगी। वो मैंने आपको भेजा हुआ है। विष्णु जी को कार्टून बना दिया, हनुमान जी को कार्टून बना दिया। सबका कार्टून बना दिया। क्यों नहीं केस हो जावे आपके ऊपर? क्यों नहीं लीगल केस में जाना चाहिए आपके ऊपर? तो अभी तो क्या अभी तो क्यों आप अच्छे बच्चे पे बात कर रहे हो? अभी तो कार्टून और कहावतें देखो अपनी। अभी तो पोल अभी तो बहुत सारी पोल खुलनी बाकी है। सब लोग दिल थाम के रहें। ठीक है। सभी को समय देने के लिए आभार। सभी और नीमा जी आपका विशेष आभार जय श्री राम सभी को जय श्री राम
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ब्रह्माकुमारी वालों आरोप पर पूर्व बीके नीलिमा जी की प्रतिक्रिया | Hindu Alert
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