1
00:00:00,080 --> 00:00:04,240
मैंने कहा मैं समर्पित होना चाहती हूं और जो मैं चाहती हूं वो

2
00:00:04,240 --> 00:00:08,560
वहां पे दे दीजिए आप फटाफट बैठ के फोटो फोटो खींच के मेरा आईडी

3
00:00:08,560 --> 00:00:12,880
बना दिया समर्पण भी करा दिया और वो पैसा वैसा

4
00:00:12,880 --> 00:00:16,960
ले वो सब शिवलिंग को फेरे दिलाना यार पे रहूंगी

5
00:00:16,960 --> 00:00:21,200
और ज्यादा कनेक्शन माउंट आबू से नहीं रखूंगी शुक्र कीजिए आप कि वो

6
00:00:21,200 --> 00:00:25,280
एक सबूत [संगीत] है मेरे पास धूम धूम मात्र

7
00:00:25,280 --> 00:00:29,600
लेकिन पता नहीं मुझे क्या हो गया कि भाई क्या अंदर

8
00:00:29,600 --> 00:00:33,680
जाग गया मेरे चार घर थे जहां पे ये मौतें

9
00:00:33,680 --> 00:00:37,680
हुई थी जिसमें मेरा भी घर था सभी एजेंसीज आ जाएंगी हम गोली

10
00:00:37,680 --> 00:00:41,840
चलाने वालों के लिए गोली के आदेश ले आएंगे बहुत बुरा हुआ

11
00:00:41,840 --> 00:00:45,840
है मैं नहीं [संगीत] चाहती आपकी बच्ची के साथ कुछ गड़बड़ हो और मेरे लिए और

12
00:00:45,840 --> 00:00:51,840
उनके लिए कुछ गलत भी बोलने लगे हैं लोग [संगीत]

13
00:00:52,400 --> 00:00:56,720
[घंटी की आवाज़] तो अब थोड़ा सा वापस आ जाते हैं वहां पे जहां पे

14
00:00:56,720 --> 00:01:00,880
जो बहनें थी वो चली गई सेंटर्स पे हमने ने सेंटर्स के बारे में भी थोड़ा बहुत जान

15
00:01:00,880 --> 00:01:04,960
लिया और आप आई हैं वापस माउंट माउंट आबू में और सीधे मैनेजमेंट

16
00:01:04,960 --> 00:01:08,960
कमेटी में है ना तो फिर यहां से आपकी यात्रा क्या रही

17
00:01:08,960 --> 00:01:13,040
क्योंकि आपने अभी बताया ना कि आप बीच में सेंटर भी चलाया आपने तो

18
00:01:13,040 --> 00:01:15,200
यहां से आपकी यात्रा क्या थी वो ट्रेनिंग

19
00:01:15,200 --> 00:01:19,280
ट्रेनिंग लेकर के आप वापस जब आई है माउंट आबू मैनेजमेंट वाले

20
00:01:19,280 --> 00:01:23,280
में तब आपको गाड़ी मिल गई एक रूम मिल गया और अच्छे से आपका

21
00:01:23,280 --> 00:01:27,520
सब हो गया फिर मैं चीजें सुनने लगी मुझे बुरा लगने लगा मैंने इनके

22
00:01:27,520 --> 00:01:31,840
पास एक बार बैठ के रिक्वेस्ट की कि मुझे सेंटर दे दो प्लीज। इन्होंने

23
00:01:31,840 --> 00:01:36,000
मुझे सेंटर देने में बहुत दिन लगाए। मेरा मैनेजमेंट

24
00:01:36,000 --> 00:01:40,000
मैनेजमेंट कमेट में आपका रोल यही था कि जो बाहर से चीजें आ रही है

25
00:01:40,000 --> 00:01:44,640
उनको शॉर्ट आउट करना। ये बाहर से खुद खुद राजस्थान

26
00:01:44,640 --> 00:01:49,360
जोन के अंदर बाहर के ऑफिसरों को जैसे फॉरेस्ट ऑफिसर

27
00:01:49,360 --> 00:01:54,000
जैसे पुलिस वाले जैसे बहुत लोगों में इनका प्वा है वहां

28
00:01:54,000 --> 00:01:58,000
उन लोगों को डील करना। बेसिकली मेरा यह काम था

29
00:01:58,000 --> 00:02:02,480
एस अ पीआरओ तो मैंने मना कर दिया था कि मैं पीआर नहीं कर सकती आपका

30
00:02:02,480 --> 00:02:06,960
पीआर का मतलब होता है कि सिर्फ आपकी प्रशंसा तो मैं वो सिर्फ प्रशंसा

31
00:02:06,960 --> 00:02:11,120
नहीं कर सकती अगर सच बताना है तो मैं सच बताऊंगी ना कि एक्चुअली हो क्या रहा

32
00:02:11,120 --> 00:02:15,120
है यही था तो

33
00:02:15,120 --> 00:02:19,520
फिर आपको सेंटर सेंटर लेने का मन इसीलिए हुआ कि पीआर

34
00:02:19,520 --> 00:02:24,000
से आप नहीं संतुष्ट नहीं हां परेशान थी मैं

35
00:02:24,000 --> 00:02:28,240
कि मैं पीआर नहीं कर सकती तो फिर कैसे आप बता रही है उसमें भी आईडी

36
00:02:28,240 --> 00:02:30,320
नहीं बना रहे थे आपकी ऐसा कुछ था

37
00:02:30,320 --> 00:02:34,960
फिर वो सेंटर लेने की बात है तो भाई इन्होंने तो

38
00:02:34,960 --> 00:02:39,360
2012 10 से किस्सा शुरू हुआ कि मेरा आईडी तो बना लिए

39
00:02:39,360 --> 00:02:43,360
सेंटर पे जाना है तो तो उन्होंने बनाएंगे इसको ये देना

40
00:02:43,360 --> 00:02:47,360
है इसको वो देना है तो दिया मैंने जो भी देना था

41
00:02:47,360 --> 00:02:52,320
मेरी मदर को फोन किया एक दिन और हां

42
00:02:52,320 --> 00:02:56,560
आईडी लेना है तो यहां से कुछ देना होगा। अरे घस

43
00:02:56,560 --> 00:03:00,560
देनी है वहां पर भी घस चलती थी। हां तो मेरे पास कुछ था नहीं देने के लिए।

44
00:03:00,560 --> 00:03:04,640
मैं तो अभी तक तो आप ही के पास रह रही हूं। तो मेरे पास पर्सनली तो कुछ था नहीं देने के

45
00:03:04,640 --> 00:03:08,720
लिए। मैंने तो जो दिया था शुरू में मेरी नानी ने मुझे कुछ गोल्ड

46
00:03:08,720 --> 00:03:12,960
दिया था तो वो गोल्ड निकाल के दे दिया। इन्होंने कहा कानो में नहीं पहनना यहां नहीं पहनना।

47
00:03:12,960 --> 00:03:16,960
ब्रेसलेट पहनती थी वो नहीं पहनना। तो वो एक दिन सब निकलवा लिया था। तो वही

48
00:03:16,960 --> 00:03:21,200
था मेरे पास एज अ कन्या एज अ कुमारी कन्या क्या पहनती है।

49
00:03:21,200 --> 00:03:25,520
हमारे यहां बचपन में ही कान छेदने के

50
00:03:25,520 --> 00:03:29,840
लड़कों का भी और लड़कियों का भी होता है ना सनातन में तो वो डायमंड

51
00:03:29,840 --> 00:03:34,240
के थे वो दे दिए थे नाक में मेरे एक उस समय सानिया

52
00:03:34,240 --> 00:03:38,320
मिर्जा टेनिस स्टार आई थी तो वो एक नथ पहनने

53
00:03:38,320 --> 00:03:42,400
का स्टाइल उन्होंने चलाया था वो मेरे फादर ने मुझे दी थी वो मैंने

54
00:03:42,400 --> 00:03:45,440
दे दिया था गले में एक छोटा सा चैन था वो दे

55
00:03:45,440 --> 00:03:49,520
दिया था तो मेरे पास जो था मैंने दिया था एक टाइटन की

56
00:03:49,520 --> 00:03:53,600
घड़ी थी मेरे पास इन्होंने बोला ये गोल्ड प्लेनेट

57
00:03:53,600 --> 00:03:57,920
है और गोल प्लेनेट घड़ी नहीं पहन सकती एक समर्पित बहन

58
00:03:57,920 --> 00:04:02,160
तो वो भी मैंने दे दिया था मेरे हाथ में एक रिंग थी छोटी सी मेरी मदर

59
00:04:02,160 --> 00:04:06,400
ने डाली थी वो भी मैंने दे दी थी तो मेरे पास कुछ ऐसा खास नहीं था मैं क्या दूं समर्पित

60
00:04:06,400 --> 00:04:10,720
के लिए तो मैंने मेरी मदर को कॉल किया एक मिनट

61
00:04:10,720 --> 00:04:14,880
यहां पे एक थोड़ी सी जिज्ञासा हो रही है आप बहुत रोचक तरीके से आप बता

62
00:04:14,880 --> 00:04:18,960
भी रही है जब आप जब आप उनसे कह

63
00:04:18,960 --> 00:04:23,120
रही है कि मुझे आप सेंटर दे दीजिए तो सेंटर देना पहली बात तो

64
00:04:23,120 --> 00:04:27,200
यह है क्या ऐसा है कि सेंटर मिल जाना कंपैरेटिवली टू

65
00:04:27,200 --> 00:04:31,200
एक मैनेजमेंट में अच्छा पद मिलना इससे थोड़ा सा श्रेष्ठ है

66
00:04:31,200 --> 00:04:35,440
सेंटर मिल जाना एक ये तो एक बात दूसरी बात यदि

67
00:04:35,440 --> 00:04:39,600
दूसरी बात यदि वहां पर आपको क्या कहते हैं घूस देनी

68
00:04:39,600 --> 00:04:43,760
पड़ रही है किसी को है ना तो किसको दे रही हैं घूस क्योंकि आप तो स्वयं ही अपना जीवन

69
00:04:43,760 --> 00:04:47,840
समर्पित करने के लिए वहां पर आई तो यहां पे एक ये बनता है ना लॉजिक आप

70
00:04:47,840 --> 00:04:52,000
मांग किससे रहे हो और किस लिए मांग रहे हो कि मैं तो ये दो

71
00:04:52,000 --> 00:04:56,240
ये ये दो चीजें एक तो वो अगर ऊंचा है तो क्यों ऊंचा है सेंटर मिलना

72
00:04:56,240 --> 00:05:00,560
और एक ये जो यहां पे यहां पे आपको

73
00:05:00,560 --> 00:05:04,560
एक तार्किक सोच आई होगी आपके मन में कि मैं किसको दे रही हूं अगर आपने

74
00:05:04,560 --> 00:05:08,560
दिया भीगे तब भी जी बिल्कुल आई थी तो

75
00:05:08,560 --> 00:05:12,640
शुरू में मैंने जब ये गोल्ड दिया जिसका जिक्र मैंने किया तो उसमें तो उनका तर्क

76
00:05:12,640 --> 00:05:16,960
ये था कि जब भगवान शिव पर समर्पित

77
00:05:16,960 --> 00:05:20,960
हुई थी गिरिराज की बेटी

78
00:05:20,960 --> 00:05:25,040
पार्वती उमा मां तब उन्होंने फूलों के गहने पहने

79
00:05:25,040 --> 00:05:29,120
थे। ये सब नहीं चाहिए तुम्हें। तुम्हारे यहां ये सब क्या करोगी तुम गोल्ड का?

80
00:05:29,120 --> 00:05:33,680
तो हम भी सुनते थे हमारे यहां लोकगीत होते हैं कि

81
00:05:33,680 --> 00:05:37,840
भाई गौरा घूम रही पर्वत पर शिव को पति बनाने

82
00:05:37,840 --> 00:05:42,160
के लिए और नहीं चाहिए मुझे कानों के जिनके

83
00:05:42,160 --> 00:05:46,640
कान सजाने के लिए। नहीं चाहिए मुझे गले की माला गला सजाने

84
00:05:46,640 --> 00:05:50,720
के लिए। मुझे तो दे दो हर की माला जाप कराने के लिए। ये गीत

85
00:05:50,720 --> 00:05:54,960
मैंने सुने भी थे तो छाप थी इधर कि ठीक है छोड़ दूंगी तो क्या हो जाएगा वो मैंने

86
00:05:54,960 --> 00:05:59,200
छोड़ दिया था पहली बात दूसरी बात मैं अब क्वेश्चन

87
00:05:59,200 --> 00:06:03,280
कर रही हूं हां मैं किसे दे रही हूं जबकि मैं तो समर्पित हुई इतनी तो सेवाएं दे चुकी हूं

88
00:06:03,280 --> 00:06:07,520
और अब तो मेरे पास कुछ नहीं है तो इन्होंने बोला

89
00:06:07,520 --> 00:06:11,520
कि घर वाले जब तक समर्पित नहीं करते तब तक आप समर्पित नहीं

90
00:06:11,520 --> 00:06:15,680
होते हो तो ये फॉर्म जो है इस पर साइन करा के

91
00:06:15,680 --> 00:06:20,160
लाइए अपने मम्मी पापा का और जो वो दे सकते हैं वो देंगे आपको

92
00:06:20,160 --> 00:06:24,320
तो मुझे दो तीन महीने के लिए घर भेज दिया गया। खुद ही भेज दिया इन्होंने

93
00:06:24,320 --> 00:06:28,400
सब खुद ही घर भेज दिया कि घर जाओ अभी आप

94
00:06:28,400 --> 00:06:32,560
यहां नहीं आप घर जाओ। तो मैं घर आई इस समय

95
00:06:32,560 --> 00:06:36,800
कोई इस समय कोई झगड़े का कोई झगड़ा नहीं था। नहीं 2010

96
00:06:36,800 --> 00:06:40,880
की बात है ये। इस समय कोई झगड़ा नहीं था। मैं घर आई। उम्र मेरी

97
00:06:40,880 --> 00:06:44,960
छोटी थी। घर में बहुत हल्ला मच गया कि घर वापस आ गई है और

98
00:06:44,960 --> 00:06:48,960
शादीवादी करो। ये वो करो। तो मेरे पर प्रेशर बहुत था घर से कि अगर

99
00:06:48,960 --> 00:06:52,960
मैं कुछ ज्यादा दिन रही तो ये मेरी शादी कर देंगे। तो मेरे

100
00:06:52,960 --> 00:06:57,200
फादर को मैंने बताई बात मेरे फादर

101
00:06:57,200 --> 00:07:01,280
मुझसे बहुत ओपन थे। बहुत मतलब वो फ्रेंड की

102
00:07:01,280 --> 00:07:05,280
तरह थे। बहुत अच्छे शिक्षक भी थे मेरे लिए। तो उन्होंने बड़े

103
00:07:05,280 --> 00:07:09,280
भाई ने बड़ा भाई पूछने लगा कि कुछ है तो बताओ

104
00:07:09,280 --> 00:07:13,440
कैसे क्या करना है। तुम्हारी इच्छा से करेंगे। क्योंकि मैंने उन्हें ये कह दिया था अगर तुमने

105
00:07:13,440 --> 00:07:17,920
शादी की तो वो सुसाइड कर लेंगे। तो वो थोड़ा घबरा गए थे घर वाले

106
00:07:17,920 --> 00:07:22,080
है ना घबराने के बाद उन्होंने कहा तुम क्या चाहती हो वो बताओ तो मैंने

107
00:07:22,080 --> 00:07:26,080
कहा मैं समर्पित होना चाहती हूं और जो मैं चाहती हूं वो

108
00:07:26,080 --> 00:07:30,160
वहां पे दे दीजिए आप कुछ दे देंगे तो वो मुझे जल्दी

109
00:07:30,160 --> 00:07:30,720
समर्पित कर

110
00:07:30,720 --> 00:07:35,120
देंगे तो कुछ क्या घर वालों ने पूछा कुछ क्या

111
00:07:35,120 --> 00:07:39,200
लोग आपस में भी मीटिंग करते थे मुझे नहीं बताते थे बट मेरी मदर दुखी

112
00:07:39,200 --> 00:07:43,440
थी बहुत तो उनको बहुत प्रेशर था मेरे फादर मेरे ताऊजी

113
00:07:43,440 --> 00:07:47,440
मेरा फैमिली आज भी बहुत जॉइ पॉइंट है। ताऊजी, चाचा जी सब इकट्ठे रहते

114
00:07:47,440 --> 00:07:52,400
हैं। उनके बच्चे हम ताऊ जी के बच्चों से भी डरते हैं।

115
00:07:52,400 --> 00:07:56,400
हमारे ऊपर मेरे मैं अपने घर में बड़ी हूं। लेकिन ताऊ जी के बच्चे मेरे

116
00:07:56,400 --> 00:08:00,720
ऊपर बड़े हैं। तो मेरा बड़ा भाई फिर मेरे चाचा के बच्चे

117
00:08:00,720 --> 00:08:04,960
मेरे मामा के भी बच्चे आते जाते हैं। सब इकट्ठे हैं आप लोग। तो

118
00:08:04,960 --> 00:08:09,280
अभी मुझे इस फैमिली को समझाना बहुत मुश्किल हो रहा था कि देगा कौन?

119
00:08:09,280 --> 00:08:13,360
प्रश्न ये था कि वहां पे अगर समर्पित होना है तो मेरे लिए कौन क्या देगा?

120
00:08:13,360 --> 00:08:17,360
तो मेरी नानी आई नानी कभी कभी कुछ देती है ना तो नानी

121
00:08:17,360 --> 00:08:21,840
आई तो नानी मुझे बोली एक दिन ऐसे ही

122
00:08:21,840 --> 00:08:25,840
वाइट साड़ी में आपने क्वेश्चन रोचक किए हैं। मैं रोचक तरीके से बताने भी

123
00:08:25,840 --> 00:08:29,920
हूं आपके क्वेश्चन रोचक है। तो [हंसी] मेरी नानी आई और मुझे

124
00:08:29,920 --> 00:08:34,080
वाइट साड़ी में देख के रोने लगी। जोर-जोर से रोई वो तो वो रो

125
00:08:34,080 --> 00:08:38,080
रही है। मैं कह रही नानी रो क्यों रही हो आप? तो बोली ऐसी जैसे

126
00:08:38,080 --> 00:08:42,240
गांव की औरतें होती है ना तो वो वैसे वो रोगी

127
00:08:42,240 --> 00:08:46,000
कह रही हाय किसी का लड़का मार दिया तूने तो ये कर दिया मैंने

128
00:08:46,000 --> 00:08:50,000
कहा मैंने कहा मैंने किसका लड़का मार दिया अरे तुमने क्या कर दिया तुमने पूरा

129
00:08:50,000 --> 00:08:54,160
परिवार बर्बाद कर दिया कोई तो मैंने कहा कौन सा पूरा परिवार तुमको पता है

130
00:08:54,160 --> 00:08:58,320
सनातन धर्म में चार विधियां होती है ऐसे होती है वैसे होती है उसके बाद भी आश्रम

131
00:08:58,320 --> 00:09:02,560
में जा सकती हो आश्रम तो खुद भी अपना सकते हो मैंने कहा आप रो क्यों रही हो बोली

132
00:09:02,560 --> 00:09:06,560
मैं इसलिए रो रही हूं कि वो मामा भात देते हैं भारत माने

133
00:09:06,560 --> 00:09:10,560
मायरा आपको पता होगा तो मायरा के मायरा

134
00:09:10,560 --> 00:09:14,880
के लिए ना मामा नानी कुछ ना कुछ रखते हैं हमारे लिए

135
00:09:14,880 --> 00:09:19,440
मतलब मैं अभी अपने आप को भाग्यवान मानती हूं कि उस दिन नानी आ गई तो

136
00:09:19,440 --> 00:09:23,520
वो बोलने लगी मैं तो तेरे मायरे के लिए कुछ लेके आई थी मतलब

137
00:09:23,520 --> 00:09:27,760
उसने सबको कुछ ना कुछ दिया था अभी मैं बाकी थी मतलब

138
00:09:27,760 --> 00:09:31,840
इस फैमिली में स्टार्टिंग का बच्चा अभी ताऊजी के बच्चों की शादी हो चुकी है

139
00:09:31,840 --> 00:09:36,080
मेरी होने वाली है उसको ऐसा लगा तो वो चुपके से कुछ लाके मम्मी को देना चाहती

140
00:09:36,080 --> 00:09:40,080
थी। मम्मी ने बोला वापस ले जाओ। कोई जरूरत नहीं

141
00:09:40,080 --> 00:09:44,240
है। देखो इसने क्या हाल कर रखा है। इसको क्या देना है। जाके मंदिर

142
00:09:44,240 --> 00:09:49,440
में चढ़ा दो। तो मैंने कहा नानी मुझे दे दो।

143
00:09:49,440 --> 00:09:53,520
वो जो लाइट बोल रही है मैंने वो खींच ली। मैंने कहा नानी मुझे दे दो। मुझे चाहिए। तो

144
00:09:53,520 --> 00:09:57,760
नानी बोली क्यों चाहिए तुमको? तुमको तो शादी नहीं करनी है। मैंने कहा नानी आप ये सोच के

145
00:09:57,760 --> 00:10:01,360
तो आपने मेरा मायरा दे दिया। तो बाहर दे दिया। तो बोली

146
00:10:01,360 --> 00:10:05,440
उसमें दो सोने के कंगन थे बड़े। और पायल थी जो

147
00:10:05,440 --> 00:10:09,760
छोटी-छोटी लड़कियों के लिए लाते हैं। कुछ ज्यादा खास नहीं था। उस समय एक लाख

148
00:10:09,760 --> 00:10:13,840
थे। तो बोली अच्छा ठीक है तू रख ले लेकिन तू शादी करा ले। मैंने

149
00:10:13,840 --> 00:10:18,000
उसको पूरा पक्का करा कि हां मैं शादी कराऊंगी। तो चार पांच

150
00:10:18,000 --> 00:10:22,080
दिन वो सफेद साड़ी भी नहीं पहनी। तो उसको मैंने बोला मैं शादी कराऊंगी। जब नानी

151
00:10:22,080 --> 00:10:26,240
चली तो मैंने बहुत जिद करी कि मुझे माउंट आबू जाना है। इन्होंने

152
00:10:26,240 --> 00:10:31,600
मुझे जाने नहीं दिया घर वालों ने। मैंने चुपके से उस समय

153
00:10:31,600 --> 00:10:35,760
कुल ₹00800 में एक टिकट होती थी माउंट

154
00:10:35,760 --> 00:10:39,840
आबू की तो वो ₹700 में किसी से मैंने टिकट कराई क्योंकि

155
00:10:39,840 --> 00:10:44,080
मैं ब्रह्मा कुमारी थी मैं सब कुछ सीख के आ चुकी थी कैसे जाना है कैसे

156
00:10:44,080 --> 00:10:48,080
नहीं जाना है मेरे को आज सब पता था तो मैंने वो टिकट कराई और

157
00:10:48,080 --> 00:10:52,080
मैं माउंट आबू आ गई मेरी नानी की वो पोटरी लगी उसमें कुल

158
00:10:52,080 --> 00:10:56,400
मिला के वो उस समय मतलब होगा 10-12 लाख का कंगन

159
00:10:56,400 --> 00:11:00,400
होगा उसमें तो वो सब बैठे जाके निर्

160
00:11:00,400 --> 00:11:04,400
भाई को बोला कि भाई जी मैं समर्पित होना चाहती हूं। अब मेरी आप आईडी

161
00:11:04,400 --> 00:11:08,400
बनवा दो। बोले मुन्नी बहन से बात करो। अब ये मुन्नी बहन

162
00:11:08,400 --> 00:11:12,400
क्या थरी है? मुन्नी बहन को देना होता है। वो उसको लक्ष्मी कहते हैं ये

163
00:11:12,400 --> 00:11:16,480
ब्रह्मा कुमारीज वाले कि उसको ये देना है आपको जो लाई

164
00:11:16,480 --> 00:11:20,720
हो आप। उसने देखा भी नहीं। बस उसने कहा मुन्नी बहन को ये देना है।

165
00:11:20,720 --> 00:11:24,720
तो उनसे मेरी मीटिंग फिक्स कराई गई। मुझे वहां भेजा गया। मैंने वो सब

166
00:11:24,720 --> 00:11:29,040
जो भी हैंकी था रुमाल था वो सब खोल के दिखाया पैसा दिखाया

167
00:11:29,040 --> 00:11:33,040
दिखाया तो इन्होंने मुझे मतलब जो आईडी बनाने में इन्होंने

168
00:11:33,040 --> 00:11:37,840
सात से आठ साल लगा दिए और या आज भी सबका नहीं बनाते

169
00:11:37,840 --> 00:11:41,920
इन्होंने वो आईडी रातों रात बना दी अगले दिन वो फटाफट बैठ के

170
00:11:41,920 --> 00:11:45,920
फोटो फोटो खींच के मेरा आईडी बना दिया समर्पण भी

171
00:11:45,920 --> 00:11:50,080
करा दिया और वो पैसा वैसा लेके वो सब शिवलिंग को फेरे

172
00:11:50,080 --> 00:11:54,160
दिलाना ये करना वो करना वो मेरा नहीं हुआ तो मैंने मैंने कहा अब तुमने जब

173
00:11:54,160 --> 00:11:58,160
आईडी बना दी तो मुझे क्या जरूरत है वो शिवलिंग को फेरे ये सब मैं

174
00:11:58,160 --> 00:12:02,480
नहीं लूंगी तो आईडी लिया मैंने और मैंने कहा मुझे सेंटर का सर्टिफिकेट

175
00:12:02,480 --> 00:12:06,560
दीजिए आप सेंटर का सर्टिफिकेट दीजिए मैं शांति से आऊंगी जाऊंगी

176
00:12:06,560 --> 00:12:10,720
कुछ लोगों को ज्ञान सुनाऊंगी मैंने ये सोचा था सनातन का जो ज्ञान मेरे पास

177
00:12:10,720 --> 00:12:14,880
है उसको मिक्स करके मैं कुछ लोगों को ज्ञान सुनाऊंगी और वहां मेरे हिसाब से और

178
00:12:14,880 --> 00:12:18,880
जरूरी नहीं है कि मैं माउंट आबू आऊं ऐसा सोच के मैं आ गई थी। तो

179
00:12:18,880 --> 00:12:22,880
इन लोगों ने मुझे मतलब मुजफ्फरनगर का एक सेंटर कहीं

180
00:12:22,880 --> 00:12:27,120
का जहां को मैं जानती भी नहीं थी और बिल्कुल

181
00:12:27,120 --> 00:12:31,120
जंगल बिल्कुल वहां की बहने कहने लगी यहां नहीं आएगी यहां

182
00:12:31,120 --> 00:12:31,620
हम क्यों

183
00:12:31,520 --> 00:12:35,520
क्योंकि मेरे से ऑलरेडी बहने चिड़ी हुई थी सभी बहने बहुत खार खाई

184
00:12:35,520 --> 00:12:39,760
हुई थी वो क्यों वो आप भी समझते होंगे क्योंकि मैं जब वहां

185
00:12:39,760 --> 00:12:44,080
थी तो उन्हीं के फैसले किया करती थी ना तो वो बहुत

186
00:12:44,080 --> 00:12:48,080
मतलब मेरे से आज भी बहनों की बनती नहीं है उनहीं के

187
00:12:48,080 --> 00:12:52,240
खिलाफ तो आंदोलन था मेरा कि तुम लोग गलत यहां से आगे बढ़ने से पहले

188
00:12:52,240 --> 00:12:57,360
एक क्वेश्चन आ रहा है कि जैसे आप

189
00:12:57,360 --> 00:13:01,520
सेंटर आपको लेना है तो आपको एक तरीके से घुस देंगे ना जी

190
00:13:01,520 --> 00:13:05,760
घस और और वहां पर भगवान का ऐसा कोई चरित्र है नहीं

191
00:13:05,760 --> 00:13:10,000
जो ऐसा हो जिसके प्रति हमारे मन में आकर्षण हो

192
00:13:10,000 --> 00:13:14,240
है ना भगवान [गला साफ़ करने की आवाज़] के वहां पर जो मुख्य भगवान का रूप बताया गया है वो निराकार

193
00:13:14,240 --> 00:13:19,200
है और जो लेखराज है वो ऐसे हैं जैसे से बस उन्होंने

194
00:13:19,200 --> 00:13:23,520
उनके शरीर में आकर के कहा है ना इस तरह से लेकर तो फिर

195
00:13:23,520 --> 00:13:27,520
आपका जो वो था ना एक आत्मिक संबंध एक

196
00:13:27,520 --> 00:13:31,600
होता है ना कि हम इसके लिए कर रहे हैं ब्रह्मा कुमारी

197
00:13:31,600 --> 00:13:35,840
हां वो भावना किसके लिए थी जैसे कि

198
00:13:35,840 --> 00:13:39,840
जैसे कि आर्य समाज वालों से हम बात करें तो आर्य समाज वाले कहेंगे

199
00:13:39,840 --> 00:13:44,320
हमारी जो उनकी मुख्य भावना है वो दयानंद जी के लिए है क्योंकि उनके यहां परमात्मा निराकार

200
00:13:44,320 --> 00:13:46,560
है तो निराकार के लिए उतनी भावना नहीं

201
00:13:46,560 --> 00:13:51,200
है मगर दयानंद के लिए उनकी वो है। भावना है। अगर

202
00:13:51,200 --> 00:13:55,440
अगर इस्लाम वालों से बात करेंगे तो उनकी भावना मोहम्मद के

203
00:13:55,440 --> 00:13:59,600
लिए है। है मोमेंट क्योंकि उनके यहां भी ईश्वर

204
00:13:59,600 --> 00:14:03,840
का कोई स्वरूप है नहीं तो डायरेक्ट ईश्वर के लिए कोई भावना नहीं है। तो जो उनका

205
00:14:03,840 --> 00:14:08,000
प्रतिनिधि बन के यहां पर है उससे ही सारा अटैचमेंट होता है।

206
00:14:08,000 --> 00:14:12,160
तो ऐसे में आपकी भावना जो है वहां पर क्योंकि अब जो

207
00:14:12,160 --> 00:14:16,240
मैं जो यहां दिख रहे हैं वो भी घूस ले रहे हैं। आप उनको

208
00:14:16,240 --> 00:14:20,240
घस देकर तो फिर आप वहां पर जुड़ी किससे हो? कहने का मतलब ये है और

209
00:14:20,240 --> 00:14:24,320
परमात्मा निराकार है। जी मैं आपको बताती हूं।

210
00:14:24,320 --> 00:14:28,320
यही एक ऐसी चीज है जो आपके चैनल पर होनी चाहिए। आप लोग

211
00:14:28,320 --> 00:14:32,320
बहुत अच्छा काम कर रहे हैं कि कम से कम इस चीज को दूसरों तक पहुंचाने

212
00:14:32,320 --> 00:14:36,400
का काम करेंगे। जिस उम्मीद में मैं आपके यहां इंटरव्यू देने आई। अभी

213
00:14:36,400 --> 00:14:40,480
आपने जो क्वेश्चन किया है ये मेन पॉइंट है डमाकोलाइज का जो सच

214
00:14:40,480 --> 00:14:45,040
में पूछना चाहिए था। बहुत रिलेवेंट क्वेश्चन किया आपने। इन्होंने

215
00:14:45,040 --> 00:14:49,120
एक थरी बनाई है कि अपने आप ही मनगढ़ थरी है वो

216
00:14:49,120 --> 00:14:53,120
बाद में पता चली मुझे कि गुलजार दादी के तन के अंदर

217
00:14:53,120 --> 00:14:57,200
शिव प्रवेश करते हैं और शिव प्रवेश

218
00:14:57,200 --> 00:15:01,200
करके शिव की वाणी बोलते हैं वो तब गुलजार दादी को अपना होश

219
00:15:01,200 --> 00:15:02,320
नहीं रहता

220
00:15:02,320 --> 00:15:06,400
उसके अंदर अवतरण होता है ये एक अंधविश्वास है

221
00:15:06,400 --> 00:15:10,720
और ये ये देखते देखते देखते देखते जैसे

222
00:15:10,720 --> 00:15:14,960
ओशो रजनीस को मानने वाले लोग जाते मिस्टर विनोद खन्ना

223
00:15:14,960 --> 00:15:19,040
जैसे लोग भी वहां जुड़े। ठीक है? और कहीं-क

224
00:15:19,040 --> 00:15:23,120
लोग आज भी जुड़े हैं। जिनकी जहां आस्था है वो वहां जुड़ता है।

225
00:15:23,120 --> 00:15:27,680
मेरी आस्था सिर्फ शिव में थी और कहीं ना कहीं मैं ये मानती थी कि

226
00:15:27,680 --> 00:15:31,840
मैं इनके लिए नहीं उनप तो मेरे को हमेशा डाउट रहा कि ये शिव ऐसे

227
00:15:31,840 --> 00:15:36,240
नहीं आ सकते। शिव का अवतरण ऐसे नहीं हो सकता क्योंकि

228
00:15:36,240 --> 00:15:40,320
मैंने हलाहल के बारे में भी पढ़ा था। मुझे हलाहल

229
00:15:40,320 --> 00:15:44,640
के बारे में भी पढ़ना मतलब मैंने आप सोचो कि काल नेमी

230
00:15:44,640 --> 00:15:48,640
हलाल यह सब तो हमने पढ़ा था। हमें हमारे नाना जी ने सब

231
00:15:48,640 --> 00:15:52,800
बताया था कि कलयुग में काल नेमी होगा और कैसे कैसे

232
00:15:52,800 --> 00:15:56,800
शिव ने वो हलाल पिया था। जिस शिव

233
00:15:56,800 --> 00:16:00,960
को कोई धारण करने की बात भी नहीं कर सकता वो शिव आ कैसे सकते

234
00:16:00,960 --> 00:16:05,120
है? तो मुझे भरोसा नहीं होता था। पर फिर भी मैंने एक चीज

235
00:16:05,120 --> 00:16:09,200
समझ ली कि मैं बहुत बचपन में आई। मेरा एक वीक पॉइंट ये हो गया था कि

236
00:16:09,200 --> 00:16:13,280
जिस समय मैं बचपन में आई उस समय उस बात को सच माना था।

237
00:16:13,280 --> 00:16:17,280
क्योंकि मेरे को इतना ज्ञान नहीं था। मैं बच्ची थी तो बच्चे को जो बता देंगे

238
00:16:17,280 --> 00:16:17,780
आप

239
00:16:17,440 --> 00:16:21,520
सोचो उसको बताओ आप ये चाकू है। ये लॉलीपॉप है, ये ब्रेड है,

240
00:16:21,520 --> 00:16:25,520
ये दूध है। तो बच्चा वही मानता है ना ए बी सीखने की उम्र में

241
00:16:25,520 --> 00:16:29,680
आई थी मैं। उन दिनों मानते मानते जो भावना बनी और जहां मैं फस

242
00:16:29,680 --> 00:16:33,760
गई ट्रैप में। अब मैं ये मानने लगी जब मुझे होश आ गया

243
00:16:33,760 --> 00:16:38,000
जो भावना मेरी बनी रही कि चलिए यहां नहीं है शिव।

244
00:16:38,000 --> 00:16:42,080
है ना? मान लीजिए यहां ढोंग होगा। लेकिन मैं तो शिव के नाम पर

245
00:16:42,080 --> 00:16:46,160
आई। मैंने तो भगवान शिव को अपना

246
00:16:46,160 --> 00:16:50,320
जीवन दे दिया। मैंने तो यह सोच के भगवान शिव को अपने को समर्पित कर दिया

247
00:16:50,320 --> 00:16:54,480
कि मैं अच्छा काम करूंगी। जरूरी नहीं है मेरा माउंट आबू जाना। तो मैंने

248
00:16:54,480 --> 00:16:58,640
माउंट आबू से इसीलिए विमुखता दिखाई। बहुत जल्दी माउंट आबू से आ गई कि मैं

249
00:16:58,640 --> 00:17:02,720
यहां अपना सनातन वैदिक ज्ञान सुनाऊंगी और सेंटर पर रहूंगी

250
00:17:02,720 --> 00:17:07,200
और ज्यादा कनेक्शन माउंट आबू से नहीं रखूंगी। अच्छा

251
00:17:07,200 --> 00:17:11,280
तो एक तरीके से मतलब आईडियोलॉजिकली आप ब्रह्मा कुमारी से टूट

252
00:17:11,280 --> 00:17:15,360
चुकी थी पहले ही टूट चुकी थी पहले आईडियोलॉजिकली आपको ब्रह्मा

253
00:17:15,360 --> 00:17:19,360
कुमारी समझ में नहीं आया था जी बिल्कुल मैम हां ये

254
00:17:19,360 --> 00:17:23,360
बहुत ये मतलब एक बहुत जरूरी बात है क्योंकि आइडियोलॉजिकली आप पहले

255
00:17:23,360 --> 00:17:27,520
ही वो फिर आपका मोटिव पहले तो फिर आपका

256
00:17:27,520 --> 00:17:31,600
मोटिव मोटिव ये रह गया कि आप अपना एक सेंटर चलाएंगे जहां पे आपको सारी

257
00:17:31,600 --> 00:17:32,480
सुविधाएं मिल जाए

258
00:17:32,480 --> 00:17:36,560
आपके जीवन के लिए पर्याप्त और उसमें आप जो सनातन धर्म

259
00:17:36,560 --> 00:17:40,560
का प्रचार प्रसार करें ईश्वर की बात करें और उसमें ऐसा भी कुछ खास नहीं

260
00:17:40,560 --> 00:17:44,640
था कि आपको ब्रह्मा कुमारी का ही एज इट इज ज्ञान देना था उस सेंटर

261
00:17:44,640 --> 00:17:48,880
से नहीं ऐसा एक्चुअली ब्रह्मा कुमारी का

262
00:17:48,880 --> 00:17:53,040
बोर्ड लगाने के बाद तो आपको बंधना पड़ता था कि

263
00:17:53,040 --> 00:17:57,360
आपको वही सुनाना है। मैं तो यह चाहती थी कि मैं भगवा पहनू

264
00:17:57,360 --> 00:18:01,520
सबको वैदिक ज्ञान की बात बताऊं। बताऊं इनको

265
00:18:01,520 --> 00:18:05,760
कि अग्नि अग्नि पूजा क्यों जरूरी है? किस लिए हम अग्नि कौन

266
00:18:05,760 --> 00:18:09,760
मानते हैं? किस लिए हम यह वस्त्र पहनते हैं? और मेरा फेवरेट

267
00:18:09,760 --> 00:18:13,840
कलर था सैफरन कलर। ठीक है? और मैं ये कर

268
00:18:13,840 --> 00:18:17,840
नहीं पाई। प्रॉब्लम ये थी कि अगर ब्रह्मा कुमारी का बोर्ड बाहर लगाना

269
00:18:17,840 --> 00:18:21,920
है तो ब्रह्मा कुमारी की साड़ी पहननी है। और ब्रह्मा कुमारी की साड़ी पहननी

270
00:18:21,920 --> 00:18:26,000
है तो जितने जो लोग ज्ञान सुनने आ रहे हैं। एक्चुअली वो भी ब्रह्मा कुमारियों को जानते हैं

271
00:18:26,000 --> 00:18:30,480
तब आ रहे हैं। अगर मैं स्टेज पर बैठ के कुछ सनातनी सुनाऊ तो मुझे कथावाचक

272
00:18:30,480 --> 00:18:34,960
बोल दिया गया। मुझसे बहने फ्रंट हो गई। मुझसे बहने टूट गई।

273
00:18:34,960 --> 00:18:39,440
बहनों ने मुझे यह कहा कि तुम तो कथा सुनाती हो। तुम तो सनातन

274
00:18:39,440 --> 00:18:43,680
की रटी बातें बताती हो। तुम तो अंधविश्वास फैलाती हो। तुम

275
00:18:43,680 --> 00:18:47,600
ये चार पांच दिए क्यों जलाती हो? मैं रोज एक

276
00:18:47,600 --> 00:18:51,680
मैं घर में अभी भी मेरे मुंबई में बहुत

277
00:18:51,680 --> 00:18:55,760
जगह नहीं होती मुंबई में। फिर भी हम बालकनी पे क्या मैं पौधे रखती हूं। मैं

278
00:18:55,760 --> 00:18:59,840
आपको पौधे बता दूं। वृक्षों की पूजा हमारे यहां होती तो मैं करती थी।

279
00:18:59,840 --> 00:19:03,920
मैं सूर्य को जल देती हूं सुबह तो मैं तब भी देती थी। वह तो मैंने मेरे घर

280
00:19:03,920 --> 00:19:08,000
में सीखा था। ब्राह्मण हूं मैं तो सूर्य को जल देना इनको पसंद नहीं

281
00:19:08,000 --> 00:19:12,240
था। मेरे से मेरे मैं सेंटेंस चार थी तो मेरे साथ रहने वाली छोटी बहने मुझे

282
00:19:12,240 --> 00:19:16,320
उल्टा बोलती थी। दीदी आप मुझे हमें क्या सिखा रही है? सूर्य

283
00:19:16,320 --> 00:19:20,480
को जल देने का क्या मतलब है? मैं आंगन में तुलसी लगा रही हूं। बड़ा घर

284
00:19:20,480 --> 00:19:24,800
लेती थी। मैं कुछ ऐसा कर लेती थी जो रेंट पे लिया गया जो

285
00:19:24,800 --> 00:19:28,880
थोड़ा बड़ा हो और फैसिलिटी ज्यादा ना हो। तो किसी

286
00:19:28,880 --> 00:19:32,880
का टूटा फूटा मैंने एक बंगलो लिया था गाजियाबाद में

287
00:19:32,880 --> 00:19:36,880
कि मैं इसको ठीक कर लूंगी तो मैंने दो तीन चार टोली मिट्टी

288
00:19:36,880 --> 00:19:40,880
गिराई उस पे और काफी अच्छा गार्डन बनाया गार्डन के बीचोंबीच मैंने

289
00:19:40,880 --> 00:19:44,880
तुलसी लगाई देखिए आप तो वो तुलसी का पूरा एक घर बनाते

290
00:19:44,880 --> 00:19:48,960
हैं ना हम लोग वो बनाया तो उस पर परिक्रमा देना बहने कहने

291
00:19:48,960 --> 00:19:53,280
लगी ये क्या है मैंने कहा तुम लोग एक्सरसाइज भी करो गार्डन बन जाएगा एक हॉल

292
00:19:53,280 --> 00:19:57,840
एक कमरा तो बहनों को यह पसंद नहीं था यह क्या लिया आपने एक हॉल एक कमरा

293
00:19:57,840 --> 00:20:02,160
आपको अलग कमरा नहीं चाहिए। तो तब मुझे पता चला पहली बार कि सेंटर

294
00:20:02,160 --> 00:20:02,660
इंचार्ज का

295
00:20:02,640 --> 00:20:06,640
कमरा अलग होता है। तो मैंने कहा दो हॉल थे वहां पे दो

296
00:20:06,640 --> 00:20:10,800
हल थे। एक गार्डन था तो मुझे कुछ ज्यादा नींद नहीं थी। तो मैंने

297
00:20:10,800 --> 00:20:14,880
कहा हॉल है तीन बहने हैं हम दो दो कन्याएं थी मेरे साथ जो

298
00:20:14,880 --> 00:20:18,960
उनकी भेजी हुई थी। तो हम तीनों सो सकते हैं ना। एक हॉल में तीनों

299
00:20:18,960 --> 00:20:23,120
सो सकते हैं। उसमें क्या प्रॉब्लम है? और मैं तो हॉस्टल की तरह समझती

300
00:20:23,120 --> 00:20:27,360
थी। जैसे हॉस्टल में पढ़ते हैं या जैसे कन्याकुमार रहते हैं घर में। तो

301
00:20:27,360 --> 00:20:31,520
मैंने तीन बेड लगवाए के तीनों यहां सोएंगे। नहीं दीदी आपका तो अलग कमरा

302
00:20:31,520 --> 00:20:35,520
होना चाहिए। आपका तो अलग ट्रीटमेंट होना चाहिए। मतलब वीआईपी होनी चाहिए। बहनों के

303
00:20:35,520 --> 00:20:39,520
कमरे में कोई जाता नहीं है। मेरी ना कोई आज तक अलमारी की

304
00:20:39,520 --> 00:20:43,600
चाबी ना पहले थी ना आज है। मैंने कोई अलमारियां नहीं जुटाई है।

305
00:20:43,600 --> 00:20:47,840
मेरे पास कोई ऐसा पर्सनल सामान नहीं है जिसे कोई देख नहीं सकता। मेरे फोन

306
00:20:47,840 --> 00:20:51,920
में आज भी बॉलीवुड से होते हुए भी इंडस्ट्री से होते हुए भी

307
00:20:51,920 --> 00:20:56,080
आज भी मेरे घर में कोई भी या मेरे फोन

308
00:20:56,080 --> 00:21:00,320
में कोई पासवर्ड नहीं है। जरूरत नहीं

309
00:21:00,320 --> 00:21:04,640
है मुझे। मतलब मेरा कुछ ऐसा है नहीं। तो बहनें कहती

310
00:21:04,640 --> 00:21:09,120
थी कि ये अजीब दुनिया है आपकी। और फिर

311
00:21:09,120 --> 00:21:13,760
बेल पत्री का पौधा एक है। मैं शिव जी के लिए दिया वहां जलाऊंगी।

312
00:21:13,760 --> 00:21:17,760
शिवलिंग रखे हैं। वहां बाहर उनको मैं अभिषेक करूंगी।

313
00:21:17,760 --> 00:21:21,760
अलग-अलग अभिषेक कहने का मतलब यही था कि आप आप जो सेंटर

314
00:21:21,760 --> 00:21:25,920
में जाने वाली थी घस देकर के वो आप अपने तरीके से उस सेंटर

315
00:21:25,920 --> 00:21:31,040
को चलाने वाली थी। चलाने वाली थी तो नहीं चला पाई। मैं इन्होंने

316
00:21:31,040 --> 00:21:35,040
फिर इन्होंने आपको जब सेंटर दिया तो इनको तब तक आपकी आईडियोलॉजी नहीं पता थी

317
00:21:35,040 --> 00:21:39,120
कि थोड़ा थोड़ा हमारी चल गई ना। दो बहने मेरे साथ छोड़ी थी ना

318
00:21:39,120 --> 00:21:43,200
उन्होंने उनसे पता चल गई। अच्छा तो वो बहनों को लेकर के आपको

319
00:21:43,200 --> 00:21:47,440
फिर भी इन्होंने मतलब एक तरीके से ना चाहते हुए भी आपको घस के कारण इन्होंने

320
00:21:47,440 --> 00:21:51,440
वो सेंटर दे दिया मुजफ्फर नगर वाला मुजफ्फरनगर वाला

321
00:21:51,440 --> 00:21:55,440
फिर फिर फिर क्या हुआ वहां से आगे बताइए मुजफ्फरनगर वाला नहीं मतलब मैंने

322
00:21:55,440 --> 00:21:59,440
ही बनाया मैंने ही एक एक मकान ढूंढा मैंने वो दोनों

323
00:21:59,440 --> 00:22:03,440
बहनें रखी फिर क्या होता है वो दोनों बहनों को ये बुला लेते हैं वो

324
00:22:03,440 --> 00:22:07,440
दोनों बहने मेरी बुराइयां करती है कि ये तो पूजा पाठी है ये तो वो

325
00:22:07,440 --> 00:22:12,080
ज्ञान नहीं सुनाती तो ये लोग एक बात पकड़े हुए इनके यहां से ना एक

326
00:22:12,080 --> 00:22:16,320
संस्था टूटी हुई है। आपको पता होगा कौन वो फिक्स

327
00:22:16,320 --> 00:22:20,320
ड्रेस आध्यात्मिक आध्यात्मिक आध्यात्मिक विश्व

328
00:22:20,320 --> 00:22:24,400
दीक्षित वीरेंद्र देव दीक्षित जी तो वीरेंद्र देव दीक्षित को ये

329
00:22:24,400 --> 00:22:28,480
लोग शंकर पार्टी बोलते हैं। शंकर पार्टी शंकर पार्टी

330
00:22:28,480 --> 00:22:32,560
तो ये लोग क्या मुझे तब पहली बार पता चला तो जो पूजा पार्टी

331
00:22:32,560 --> 00:22:33,060
लोग हैं

332
00:22:32,800 --> 00:22:36,800
ये उनको भी शंकर पार्टी भक्ति वालों को बोल देते हैं। तो अचानक से मुझे फोन

333
00:22:36,800 --> 00:22:41,200
आता है माउंट आबू से निर् भाई का वही जिन्होंने सेंटर दिलाया था

334
00:22:41,200 --> 00:22:45,280
वो कहते हैं नीलिमा बहन आप जल्दी से यहां आ जाओ आपके लिए मीटिंग रखें जरूरी है

335
00:22:45,280 --> 00:22:49,520
बात करना आपसे तो मैं गई तो मेरे लिए बहुत सारे लोग बैठे थे जैसे मुझे

336
00:22:49,520 --> 00:22:53,760
ट्रिबनल बैठती है मुझे सजा दे देंगे उन्होंने कहा कि ये बहने

337
00:22:53,760 --> 00:22:57,840
बता रही है आप पूजा पाठी हो ये हो वो हो आप तुलसी

338
00:22:57,840 --> 00:23:02,160
पे दिया जलाती हो बेल पथरी पर दिया जलाती हो ये क्या करती हो भर के बाहर दिया जलाती हो

339
00:23:02,160 --> 00:23:06,240
ये सब नहीं चलता है ये 2000 12 की बात है।

340
00:23:06,240 --> 00:23:10,400
सेंटर का सर्टिफिकेट इन्होंने मुझे 2012 में दिया था। तो मैंने कहा

341
00:23:10,400 --> 00:23:14,560
दिया जलाना यह सब करना कोई गलत बात नहीं है। कहा आपने अगर बहुत

342
00:23:14,560 --> 00:23:18,640
जल्दी से बंद नहीं किया तो सेंटर बंद कर दीजिए। तो

343
00:23:18,640 --> 00:23:23,280
मैंने कहा नहीं सेंटर बंद नहीं करूंगी मैं। आप सोचो जिसके लिए मैंने जद्दोजहद

344
00:23:23,280 --> 00:23:27,360
की मेरा परिवार भी मैंने छोड़ दिया। तो इन्होंने एक बार भी नहीं सोचा

345
00:23:27,360 --> 00:23:31,680
कि मेरा क्या होगा? मैं कहां जाऊंगी? मैं क्या करूंगी? उन्होंने

346
00:23:31,680 --> 00:23:37,280
कहा सेंटर बंद कर दीजिए और सेंटर पर ताला लगा दीजिए और आप अपने घर जाइए।

347
00:23:37,280 --> 00:23:41,280
तो मैंने इनसे प्रॉमिस नहीं किया। मैं भी अभी तक थोड़ी

348
00:23:41,280 --> 00:23:45,440
हिम्मत वाली हो चुकी थी। मैं अकेली वहां से आ गई। मेरे साथ बहने

349
00:23:45,440 --> 00:23:47,920
नहीं आई। कोई भी बहने मेरे साथ आने के

350
00:23:47,920 --> 00:23:52,320
लिए रेडी नहीं थी। तो मैं अकेली वहां पे आई। तो इन्होंने

351
00:23:52,320 --> 00:23:56,400
एक एक मतलब सेमिनार रखा था वहीं पे। मेरे को आना था जिस दिन

352
00:23:56,400 --> 00:24:00,880
उस दिन एक कुमारी को दादी ने भेजा जिसका नाम नीलम बहन था। आगरा

353
00:24:00,880 --> 00:24:04,960
से तो वो लड़की किसी को कह रही होगी कि मुझे

354
00:24:04,960 --> 00:24:09,040
कोई ऐसी बहन चाहिए जो केयर करे। तो वो बहन थोड़ी सी

355
00:24:09,040 --> 00:24:13,520
सीधी साधी सी थी जिसको रखने के लिए शायद कोई तैयार नहीं था।

356
00:24:13,520 --> 00:24:17,600
तो दादी रतन मोहिनी ने मुझे बुलाया। दादियों से दादियों

357
00:24:17,600 --> 00:24:21,760
को मेरे से प्यार बहुत था। वो क्यों था वो तो अभी तक आपको पता चल चुका होगा।

358
00:24:21,760 --> 00:24:25,920
तो मेरी सारी बातें फैली जैसी तो दादी रतन मोहिनी को स्नेह बहुत

359
00:24:25,920 --> 00:24:30,320
था मेरे से क्योंकि मैं बचपन में उन लोगों के साथ रही तो बेटी जैसा देखते

360
00:24:30,320 --> 00:24:34,320
थे तो उन्होंने कहा दादी ने बुलाया आपको एक बहन आपको देंगे

361
00:24:34,320 --> 00:24:38,400
तो मैं गई तो दादी ने कहा इस कन्या का आपको ध्यान रखना है मां

362
00:24:38,400 --> 00:24:42,640
की तरह से पालना देनी है शुक्र कीजिए आप कि

363
00:24:42,640 --> 00:24:47,040
वो एक सबूत है मेरे पास जो आज मैं बोल रही हूं आपको

364
00:24:47,040 --> 00:24:51,920
वो उसकी पूर्णतः गवाह है वो आज तक जुड़ी हुई है मुझसे

365
00:24:51,920 --> 00:24:56,640
तो वो दादी ने मेरे साथ भेजा और मैं रो रही थी।

366
00:24:56,640 --> 00:25:00,800
मैं बहुत परेशान थी। व्हेन कोई भी

367
00:25:00,800 --> 00:25:03,280
आपको इग्नोर करता है, रिजेक्ट

368
00:25:03,280 --> 00:25:07,520
करता है। तो फॉर द टाइम आपको क्या लगता है कि मेरे में बहुत कमियां

369
00:25:07,520 --> 00:25:11,840
होंगी। शायद मैं बहुत खराब होऊंगा। शायद मैंने कुछ ज्यादा

370
00:25:11,840 --> 00:25:15,840
गलत कर दिया। तो मैं खुद से रिग्रेट हो रही थी कि मैंने क्या

371
00:25:15,840 --> 00:25:20,080
किया ऐसा? तो वो लड़की ने बोला दीदी मैं रहूंगी आपके

372
00:25:20,080 --> 00:25:24,160
साथ। वो बस उसकी टिकट करा के दादी ने मुझे भेजा और मैं यहां

373
00:25:24,160 --> 00:25:28,320
आ गई गाजियाबाद। तो जो दादी है जो

374
00:25:28,320 --> 00:25:32,720
दादी है रतन मोहिनी जी तो वो नहीं है।

375
00:25:32,720 --> 00:25:36,960
अब नहीं है। मतलब वो इनके वो जो बीके के काले

376
00:25:36,960 --> 00:25:41,360
कारनामे होते हैं जैसे लोगों को बहलाना फुसलाना वो उन सब में इन्वॉल्व

377
00:25:41,360 --> 00:25:45,520
नहीं थी क्या? मतलब वो भी तो वही ले उनको इंफॉर्मेशन थी। पता सब

378
00:25:45,520 --> 00:25:49,520
था। अच्छा वो चुप थी बस। पता सब था।

379
00:25:49,520 --> 00:25:54,320
थी उनकी दर्शक दर्शक थी

380
00:25:54,320 --> 00:25:58,720
तो एक तरीके से एक तरीके एक तरीके से कहना चाहिए कि जो आपके जो

381
00:25:58,720 --> 00:26:02,880
मेन जो वो हुआ है विरोध बीके वालों से

382
00:26:02,880 --> 00:26:07,120
उससे काफी पहले से थोड़ा सा एक मानसिक वैचारिक विरोध

383
00:26:07,120 --> 00:26:11,600
चालू हो गया था आपके हिंदुत्व की वजह से सनातन सनातन

384
00:26:11,600 --> 00:26:15,920
की वजह से सिर्फ हिंदू नहीं कहूंगी मैं कट्टर सनातनी ब्राह्मण

385
00:26:15,920 --> 00:26:18,160
कहूंगी

386
00:26:18,160 --> 00:26:18,660
उसकी

387
00:26:18,560 --> 00:26:22,640
वजह तो फिर फिर वो सेंटर फिर चला नहीं चला फिर वापस कैसे आ गई

388
00:26:22,640 --> 00:26:26,640
आप दोबारा से अगर कोई सनातनी

389
00:26:26,640 --> 00:26:30,720
है सोचे सोच के देखिए कि मैं हिंदुत्व का प्रचार करूंगा मैं तो आपको बहुत

390
00:26:30,720 --> 00:26:34,960
सलाम करती हूं प्रणाम करती हूं बेसिकली हम सब सनातनी थे

391
00:26:34,960 --> 00:26:38,960
ठीक है बेसिक में मैं मानती हूं ऐसा कि बेसिकली जब

392
00:26:38,960 --> 00:26:43,280
बच्चा पैदा होता है नहीं वो रियलिटी है वो रियलिटी किसी भी धर्म में

393
00:26:43,280 --> 00:26:47,600
तो उसको धर्म धारण करना पड़ता है चाहे आप सिख में सिखिज्म

394
00:26:47,600 --> 00:26:51,760
में जाओ तलवार धारण करना, पग धारण करना, कड़ा

395
00:26:51,760 --> 00:26:55,920
धारण करना पड़ता है ना। अगर आप ईसाइयत में जाओ

396
00:26:55,920 --> 00:27:00,080
तो वहां भी कुछ ना कुछ धारण करना पड़ता है। अगर आप इस्लाम में जाओ

397
00:27:00,080 --> 00:27:04,320
तो धारण करना पड़ता है। लेकिन जब एक हिंदू बच्चा

398
00:27:04,320 --> 00:27:08,720
पैदा होता है तो कुछ धारण नहीं करता है। क्योंकि वो ऑलरेडी

399
00:27:08,720 --> 00:27:12,880
जिसमें है वो ऑलरेडी आदमी सनातन वो है कि

400
00:27:12,880 --> 00:27:16,960
जो जो सबको जन्म देता है तो मैं तो वो हूं तो

401
00:27:16,960 --> 00:27:21,200
मैं क्यों किसी की विरोधी हूं ना मैं इस्लाम विरोधी हूं ना मैं ईसाइयत की विरोधी

402
00:27:21,200 --> 00:27:25,200
हूं ना मैं क्योंकि मुझे पता है हम सब बेसिकली सुना तो नहीं है

403
00:27:25,200 --> 00:27:29,360
वो सब हमारे भाई हम सब सत्य हम सब के पक्षधारी

404
00:27:29,360 --> 00:27:33,440
हां जी तो मुझे प्रॉब्लम ये हुआ कि

405
00:27:33,440 --> 00:27:33,940
मुझे

406
00:27:33,760 --> 00:27:37,760
अकेला कर दिया गया मुझे सब मतलब मतलब पूरी दुनिया

407
00:27:37,760 --> 00:27:42,000
भर के ब्रह्मा कुमार कुमारी एक हो गए और मुझे ऐसे कर दिया गया जैसे

408
00:27:42,000 --> 00:27:46,160
कोई विभीषण लंका में विभीषण का जो हाल हुआ होगा

409
00:27:46,160 --> 00:27:50,160
वो मेरा हुआ है तो फिर ये बहन मेरे साथ आ तो

410
00:27:50,160 --> 00:27:54,720
गई अब इन्होंने दूसरा अपना कुछ आजमाया कि

411
00:27:54,720 --> 00:27:58,800
इसको निकालने का क्या रास्ता निकाले क्योंकि इसको आईडी दे

412
00:27:58,800 --> 00:28:02,880
दी हमने इनको प्रॉब्लम क्या हुआ कि इसको निकाला कैसे

413
00:28:02,880 --> 00:28:07,040
जाए क्योंकि एक आईडी का पर्टिकुलर टाइम होता है कि वो वो लाइफ

414
00:28:07,040 --> 00:28:11,040
टाइम के लिए होती है और जो सर्टिफिकेट होता है वो एक साल में रिन्यू होता

415
00:28:11,040 --> 00:28:15,360
है तो अभी तो साल भर हुआ नहीं था तीन महीने हुए थे कुल

416
00:28:15,360 --> 00:28:19,600
तो वो सर्टिफिकेट तो रिन्यू करने से रोक सकते थे पर वो आईडी नहीं बदल

417
00:28:19,600 --> 00:28:23,760
सकते थे मेरी हम तो अचानक पता

418
00:28:23,760 --> 00:28:28,080
नहीं अंदर अंदर कुछ चल रहा था मेरे लिए कुछ तो भी अंदर चल रहा था कि

419
00:28:28,080 --> 00:28:32,720
भाई सबकी एक सलाह हो गई थी इस लड़की को निकालो तो

420
00:28:32,720 --> 00:28:37,200
अचानक से इनको मेरी फिर जरूरत पड़ती है भगवान की लीला देखिए आप

421
00:28:37,200 --> 00:28:41,200
तो ये लोग मुझे फोन करते हैं कि ये अबकी बार जेन्युइन जरूरत पड़ रही है

422
00:28:41,200 --> 00:28:45,520
इन्हें और इन्हें पता है कि मैं सेंटर चला रही हूं और अब इन्होंने मेरे

423
00:28:45,520 --> 00:28:48,800
स्टूडेंट्स जो आते थे उन लोगों को तोड़ना शुरू किया। उनके

424
00:28:48,800 --> 00:28:53,280
घरों में बहने भेजना शुरू की। एक एक शहर में तीन सेंटर

425
00:28:53,280 --> 00:28:57,520
होते हैं। एक मेरा एक दो और सेंटर जो उनके अंडर

426
00:28:57,520 --> 00:29:01,520
थे। उन सभी बहनों ने मेरे सभी अनुयायियों को तोड़ना शुरू कर दिया। सभी

427
00:29:01,520 --> 00:29:05,760
के घरों में जाके सभी से गलत फोन पर बात करके यह हमारे

428
00:29:05,760 --> 00:29:09,920
यहां की नहीं है। हम लोग इसे निकाल रहे हैं। यह हमारे एंटी है। यह

429
00:29:09,920 --> 00:29:13,920
संदिग्ध गतिविधि करती है। इसलिए हम पता नहीं क्या-क्या वर्ड उस समय

430
00:29:13,920 --> 00:29:18,320
मुझे संदिग्ध शब्द का मतलब पूछना पड़ा था किसी से। ये संदिग्ध

431
00:29:18,320 --> 00:29:22,800
क्या होता है? किसी ने मुझे कहा था दीदी देखो आपके लिए क्या लिखा है। मैंने कहा क्या

432
00:29:22,800 --> 00:29:26,880
ये संदिग्ध बहुत बुरा होता है। मैंने कहा क्या होता है? तो फिर उन्होंने बताया

433
00:29:26,880 --> 00:29:30,960
कि मतलब जो कुछ गलत काम करती हूं तो वो सब वो

434
00:29:30,960 --> 00:29:35,200
सब मैंने बहुत सुना लेकिन कोई टूटा नहीं सब आते रहे क्लास चलती

435
00:29:35,200 --> 00:29:39,360
रही अचानक से इन्हें मेरी जरूरत पड़ी क्यों पता है आपको ये

436
00:29:39,360 --> 00:29:43,680
माइनिंग कर रहे थे ये पहाड़ दौड़ रहे थे ये इललीगल जमीनें

437
00:29:43,680 --> 00:29:48,400
जब्त कर रहे थे तो अचानक से एक कलेक्टर साहब आए

438
00:29:48,400 --> 00:29:52,480
और उन कलेक्टर साहब ने बोला कि मैं सब कुछ तोडूंगा जो

439
00:29:52,480 --> 00:29:57,120
भी आपने इललीगल लिया है अभी मेरे मेरे घर का थोड़ा पॉलिटिकल

440
00:29:57,120 --> 00:30:01,200
थोड़ा सा था जान पहचान और मैं ऑफिसर्स के यहां

441
00:30:01,200 --> 00:30:04,240
सेवा करने इनके यहां से राखी बांधने जाती थी। कुछ

442
00:30:04,240 --> 00:30:08,480
पहचान में लोग समझते हैं कि बहन हमें जानती है कोई बात नहीं। तो

443
00:30:08,480 --> 00:30:12,560
इन्होंने मुझे कहा नीलिमा बहन आप आओ यहां पे ऑफिसर से बात करो और ये

444
00:30:12,560 --> 00:30:16,800
तोड़ना नहीं चाहिए। फिर मैं आई मैंने सेवाएं

445
00:30:16,800 --> 00:30:20,880
करी लेकिन मैं क्या करूं मैं मजबूर मैं वही सनातनी मुझे तो

446
00:30:20,880 --> 00:30:25,440
भीष्म पिता बनने से बड़ा डर लगता था। आपको आपने

447
00:30:25,440 --> 00:30:29,520
आपने बताया था ना कि आपको उस टीम में डाल दिया गया था जो लॉयर वाली टीम

448
00:30:29,520 --> 00:30:33,680
होती है उसका हेड तो वो यही सब वो यही टाइम

449
00:30:33,680 --> 00:30:37,920
य से शुरू हुआ इन्होंने बोला लॉयर से मिल लीजिए लॉयर्स आपकी बात सुनेंगे

450
00:30:37,920 --> 00:30:41,920
आप लॉयर्स के साथ जाइए आप करना तो मुझे ये चाहिए था

451
00:30:41,920 --> 00:30:46,320
अगर मैं बहुत स्वार्थी थी कि यार इनको मेरी जरूरत है अब मैं इन्हें इंप्रेस

452
00:30:46,320 --> 00:30:50,400
कर सकती हूं लेकिन वही मेरी गंदी आदत है सच को सच और बुरे

453
00:30:50,400 --> 00:30:54,480
को बुरा कहने का पड़ गया था कि नहीं अगर मैं मुखदर्शक हुई

454
00:30:54,480 --> 00:30:58,720
तो मुझे भुगतना होगा। ऐसा मुझे धर्म का ज्ञान था वो धर्म

455
00:30:58,720 --> 00:31:02,800
कुछ करने नहीं देता था कि धर्म रक्षित रक्षित है। ये जो पढ़ा था ना

456
00:31:02,800 --> 00:31:07,120
ये बुद्धि में चलता था कि धर्म की रक्षा तुम करोगे तो धर्म तुम्हारी स्वतः

457
00:31:07,120 --> 00:31:11,120
रक्षा करेगा। कि माता नाना जी बताते थे कि माता

458
00:31:11,120 --> 00:31:15,200
कौशल्या ने राम को कुछ नहीं शिक्षा दी थी। भवन जाते हुए यही कहा था

459
00:31:15,200 --> 00:31:20,000
राम तुम धर्म की रक्षा करना। धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा। तो

460
00:31:20,000 --> 00:31:24,320
मैं गई कलेक्टर ने बहुत बुरा बात बताया नीलिमा जी ऐसा है वैसा

461
00:31:24,320 --> 00:31:28,320
है नहीं वो वो क्या सीन था वो क्या सीन था जब आपके साथ

462
00:31:28,320 --> 00:31:32,400
दो लोग आए थे तो उनको बाहर भेज दिया था किसी को वो जो मैंने आपको

463
00:31:32,400 --> 00:31:36,880
बताया था जी जी जी पहले ऐसा कुछ था एक बार

464
00:31:36,880 --> 00:31:40,880
ऐसा कुछ था जी जी वो ये हुआ था मैं डिटेल में इसलिए नहीं बताना

465
00:31:40,880 --> 00:31:44,880
चाह रही थी मैंने कहा कहीं कोई बहुत लंबा कन्वेशन ना हो जाए ये नहीं

466
00:31:44,880 --> 00:31:48,960
नहीं आप केवल उतना बता दीजिए कि आपके साथ जो लोग भेजें गए थे

467
00:31:48,960 --> 00:31:52,960
उनको लेकर के पहले से वो जो कलेक्टर था वो संदिग्ध था मतलब

468
00:31:52,960 --> 00:31:57,040
उसकी नजर में वो लोग थे जो आप संदिग्ध थे एक कलेक्टर आए

469
00:31:57,040 --> 00:32:01,360
थे मिस्टर श्रीराम मीणा मैं नाम भी ले सकती हूं क्योंकि उन्होंने कारवाई की थी

470
00:32:01,360 --> 00:32:06,160
तो यहां पे भरत नाम का एक भाई है

471
00:32:06,160 --> 00:32:10,160
जो बहुत गलत काम करता है और वो मैं किस लिए बोल रही हूं

472
00:32:10,160 --> 00:32:14,480
क्योंकि उसके बहुत सारे रिकॉर्ड्स हैं जो मैं दिखा उस पर आरोप

473
00:32:14,480 --> 00:32:18,560
उस पर आरोप है कई आरोप नहीं सिद्ध सिद्ध हो चुका

474
00:32:18,560 --> 00:32:22,640
है। अच्छा मतलब वीडियोस आई आरोप लगे लेकिन वो

475
00:32:22,640 --> 00:32:26,640
निकाला जा चुका। उसके बाद उसके ऊपर आक्षेप लगे।

476
00:32:26,640 --> 00:32:30,640
गलत चीजें हुई। बहुत कुछ आरोप भी है सिद्ध भी है। दोनों चीजें

477
00:32:30,640 --> 00:32:34,640
हैं उस कुछ आरोप डिसीजंस भी आ चुके

478
00:32:34,640 --> 00:32:35,280
हैं।

479
00:32:35,280 --> 00:32:39,360
तो वो भरत भाई एक लता बहन

480
00:32:39,360 --> 00:32:43,520
इनको मेरे साथ भेजा गया कि आप श्री राम मीणा से जाके मिलिए

481
00:32:43,520 --> 00:32:47,840
और कलेक्टर को बोलिए वो हमारे यहां कोई तोड़ाफोड़ी ना करें। तो लता

482
00:32:47,840 --> 00:32:52,160
बहन इनकी वकील है। नोटरी की एक वकील रखते हैं ये।

483
00:32:52,160 --> 00:32:56,240
लेकिन वो क्या करती है? उनकी कितनी रिससिबिलिटी है वो मैं नहीं जानना

484
00:32:56,240 --> 00:33:00,320
चाहती उसमें। वो मेरे साथ भेजी गई कि क्या करती है नीलिमा

485
00:33:00,320 --> 00:33:04,800
कितनी वफादार है जाके देखो। तो कलेक्टर ने भरत और

486
00:33:04,800 --> 00:33:08,960
लता बहन को बाहर निकाल दिया। उन्होंने बोला आप बाहर जाइए। उन्होंने वकील

487
00:33:08,960 --> 00:33:13,440
का पाट दिया। उन्होंने कहा बाहर जाइए आप। आपसे बात करने मैं नहीं बैठा हूं।

488
00:33:13,440 --> 00:33:17,440
वो तो क्योंकि किसी जान पहचान से मैं गई थी तो उन्होंने कहा नीलिमा बहन मैं आपको

489
00:33:17,440 --> 00:33:21,600
कुछ सच्चाई बताना चाहता हूं मैं इनके सामने बात नहीं करूंगा लेकिन क्योंकि

490
00:33:21,600 --> 00:33:25,760
मैं छोटी थी मेरी एज कम थी मेरा कद कम था मैं कोई इतनी

491
00:33:25,760 --> 00:33:30,000
बड़ी नहीं थी जितना बड़ा कलेक्टर समझ रहे थे मुझे तो मैंने कहा कलेक्टर साहब

492
00:33:30,000 --> 00:33:34,720
आप इनहीं के सामने बात करिए प्लीज मेरी रिक्वेस्ट है क्योंकि ये बड़ी बहन है

493
00:33:34,720 --> 00:33:38,800
तो वो बैठी और उसको बाहर निकाल दिया गया क्योंकि भरत उसके

494
00:33:38,800 --> 00:33:42,800
नजरों में आरोपी था तो भरत को बाहर निकाला गया और हमें

495
00:33:42,800 --> 00:33:47,040
में बताया गया कि आपने बहुत सारी इललीगल

496
00:33:47,040 --> 00:33:50,640
आदिवासियों की जमीन को घेरा हुआ है जिस पर आपका त्रिलोक

497
00:33:50,640 --> 00:33:55,360
भवन बिल्डिंग खड़ी हुई है जहां पर फॉरेस्ट की जमीन है

498
00:33:55,360 --> 00:33:59,840
हम आप उसे छोड़ दीजिए और फॉरेस्ट से भी हमारे पास शिकायत

499
00:33:59,840 --> 00:34:03,920
है कुछ रेवेन्यू की भी साथ झगड़ा है वो भी हमारे पास शिकायत

500
00:34:03,920 --> 00:34:08,000
है तो आप इसको खुद खाली कर देंगे तो हम कुछ भी नहीं कहेंगे

501
00:34:08,000 --> 00:34:12,000
हम आपको एक टाइम देंगे फॉरेस्ट ऑफिसर से मैं बात करा दूंगा उस

502
00:34:12,000 --> 00:34:16,000
टाइम पे अगर अगर खाली हुआ तो ठीक नहीं हुआ तो हम लोग एक

503
00:34:16,000 --> 00:34:20,080
एजेंसी बुलाएंगे। उस एजेंसी से आपकी पूरी बिल्डिंग को तोड़ेंगे

504
00:34:20,080 --> 00:34:24,160
क्योंकि हमको जमीन चाहिए। हमें आपकी बिल्डिंग से कोई लेना देना नहीं है। अगर

505
00:34:24,160 --> 00:34:28,400
आप बिल्डिंग में पहिए लगा सकते हो तो पहिए लगाइए और हटा लीजिए अपनी बिल्डिंग।

506
00:34:28,400 --> 00:34:32,480
हमें जमीन दे दीजिए। मेरे पास ऑलरेडी एक शिकायत आई

507
00:34:32,480 --> 00:34:36,560
है। उन्होंने ये बोला था। तो मैं जाती हूं

508
00:34:36,560 --> 00:34:40,640
जाके यही रिपोर्ट निर्भयर भाई को देती हूं। आपको ये इंडिकेशन

509
00:34:40,640 --> 00:34:44,720
भी दी। उन्होंने दिया था कि आपके साथ जो व्यक्ति आए हैं यह वो

510
00:34:44,720 --> 00:34:48,720
अपराधी है वो फॉरेस्ट के हां उन्होंने साफ कहा था

511
00:34:48,720 --> 00:34:52,720
इंडिकेशन नहीं दिया साफ कहा था वो अपराधी है मैंने बोला उनसे क्यों नहीं मिल रहे

512
00:34:52,720 --> 00:34:56,720
हैं भरत भाई को बाहर क्यों बिठाया उन्होंने कहा वो अपराधी है मैं अपराधी से

513
00:34:56,720 --> 00:35:00,720
बात नहीं करूंगा तो अब उनकी नजरों में वो

514
00:35:00,720 --> 00:35:04,960
अपराधी था लेकिन निर्भय भाई की नजरों में तो बहुत बड़े पद पे था

515
00:35:04,960 --> 00:35:05,760
वो तो वहां

516
00:35:05,760 --> 00:35:10,000
पे कंस्ट्रक्शन इंचार्ज था हम कंस्ट्रक्शन

517
00:35:10,000 --> 00:35:14,000
के लिए वो पैसा पैसा लेता था और वो इललीगल फोर्स की जमीनें घेरता

518
00:35:14,000 --> 00:35:18,080
था। वो पहाड़ियां तोड़ता था, माइनिंग करता था और वो पैसा जमा

519
00:35:18,080 --> 00:35:22,080
करता था अपने लिए और एक तरीके से कहा जाए जैसे

520
00:35:22,080 --> 00:35:26,080
कोई हरिया जैसे जो भू माफिया मतलब जो गुंडा नहीं होता है

521
00:35:26,080 --> 00:35:30,080
गुंडा टाइप से गुंडा टाइप भू माफिया था वो इस तरह के कार्य

522
00:35:30,080 --> 00:35:34,160
करने वाला इस तरह के कार्य वो बाद में डिसीजन आया मैं डिसीजन

523
00:35:34,160 --> 00:35:38,320
आपको भेज दूंगी हां जी निर्भर निर्वर जी

524
00:35:38,320 --> 00:35:42,320
को क्या हुआ फिर जी ने मुझे उस मीटिंग से आपने ये

525
00:35:42,320 --> 00:35:46,480
फैसला कर लिया कि कौन सही है कौन कौन गलत है? कौन सही है? कौन गलत और ये तो बाहर

526
00:35:46,480 --> 00:35:50,800
बहुत कुछ कर रहे हैं। अभी क्या होगा? तो मैंने फिर भी अपना जीवन बचाने

527
00:35:50,800 --> 00:35:54,800
के लिए कि मैं सेंटर मेरे से मेरे को सेंटर से निकाल दिया जाएगा। तो मैं

528
00:35:54,800 --> 00:35:59,440
इतनी अग्रेसिव नहीं थी। तो मैं अपने आप को समझाते हुए आ रही थी।

529
00:35:59,440 --> 00:36:03,600
चुप थी, शांत थी, गंभीर झटका था अंदर मुझे, कि शायद

530
00:36:03,600 --> 00:36:07,680
मैं बहुत गंभीर ट्रैप में हूं। मैं बहुत गलत जगह फंस

531
00:36:07,680 --> 00:36:11,920
गई हूं। मैंने फिर भी सोचा कि शायद एक प्रयास बताने

532
00:36:11,920 --> 00:36:16,240
का करूंगी अगर यह समझ गए तो मैंने निर् भाई को बोला

533
00:36:16,240 --> 00:36:20,320
कि भाई साहब मैं गई तो जरूर थी लेकिन भरत की स्थिति यह है भरत को अगर

534
00:36:20,320 --> 00:36:21,040
आज ही निकाल

535
00:36:21,040 --> 00:36:25,120
दें आप या भरत से अलग हो जाए तो संस्था बच जाएगी

536
00:36:25,120 --> 00:36:29,280
संस्था की छवि बहुत खराब हो रही है वो तोड़ेंगे वो

537
00:36:29,280 --> 00:36:33,360
आएंगे उन्होंने ऐसा-सा बोला है और काम

538
00:36:33,360 --> 00:36:37,360
खराब हो जाएगा वो बहन भी कह रही थी कुछ नहीं होगा

539
00:36:37,360 --> 00:36:41,440
बोलने दो ऐसे तो बहुत ऑफिसर बोलते हैं क्या फर्क पड़ता है? हम

540
00:36:41,440 --> 00:36:46,640
मिलने गए थे। उसने नहीं किया। बात खत्म करो। भूल जाओ। ऐसे वकील हैं।

541
00:36:46,640 --> 00:36:50,880
मैं चुपके से उठकर चलने लगी वहां से कि अगर आपको नहीं समझना

542
00:36:50,880 --> 00:36:55,200
है तो ठीक है मैं टिकट कराती हूं। मैं अपने घर वापस जाती हूं। मतलब घर बना सेंटर

543
00:36:55,200 --> 00:36:59,200
पे। अभी निर्भर भाई मुझे रोकता है जोर

544
00:36:59,200 --> 00:37:02,800
से बोल के चलते हुए।

545
00:37:02,800 --> 00:37:06,880
नीलू बहन बोलता था मुझे तो बोलते हैं नीलू बहन थे तो वो मेरे

546
00:37:06,880 --> 00:37:10,880
बाप दादा जैसे उम्र के दादा जैसे उम्र के थे पर बहन भाई कहने

547
00:37:10,880 --> 00:37:15,520
का यहां एक रिवाज है तो बोले कि नीलू बहन

548
00:37:15,520 --> 00:37:19,600
इधर वापस मुड़ो आप तो मैं गई वापस मैंने तो

549
00:37:19,600 --> 00:37:23,840
बचपन से इन सबको देखा था तो डरती नहीं थी मैं इनसे लोग डरते थे मैं

550
00:37:23,840 --> 00:37:27,840
डरती नहीं थी तो वह सोचते थे मेरी आंखों में खौफ होना चाहिए उनके

551
00:37:27,840 --> 00:37:32,080
लिए तो मैंने कहा हां जी भाई साहब बताइए और उस समय

552
00:37:32,080 --> 00:37:36,080
डर निकल गया था। अब मेरा डर निकल गया था। जो कुछ अंदर था थोड़ा बहुत पैर

553
00:37:36,080 --> 00:37:40,560
था वो निकल गया था। इज्जत कहेंगे जिसको आप सॉरी फिर नहीं इज्जत कहेंगे

554
00:37:40,560 --> 00:37:44,800
कि जो इज्जत थी वो खत्म हो गई थी। जो मान सम्मान था वो अब मेरे मन में खत्म

555
00:37:44,800 --> 00:37:49,120
हो गया था। तो उन्होंने कहा नीलू बहन इधर आइए। मैंने कहा हां जी

556
00:37:49,120 --> 00:37:53,120
उसको शायद उसको कहते हैं लिहाज। वो खत्म हो

557
00:37:53,120 --> 00:37:57,920
गया। वो खत्म हो गया था। तो उन्होंने बोला कि

558
00:37:57,920 --> 00:38:02,000
आप क्या कह रही है आपको अंदाजा है? तो मैंने कहा हां

559
00:38:02,000 --> 00:38:06,160
मैं आपको बताया है बाहर क्या हो रहा है आप भरत भाई को निकाल दो

560
00:38:06,160 --> 00:38:10,160
यह कह रही हूं मैं बोले आपने अपनी औकात से ज्यादा बात की है बच्ची

561
00:38:10,160 --> 00:38:12,640
हो छोटे मुंह बड़ी बात बोल रही हो पता

562
00:38:12,640 --> 00:38:16,800
है क्या बोल रही हो कितना बड़ा भाई है वो वो क्या है वो जो चाहे

563
00:38:16,800 --> 00:38:20,800
वो कर सकता है आपके साथ और सुनो ध्यान से

564
00:38:20,800 --> 00:38:21,300
आपने

565
00:38:21,280 --> 00:38:25,280
अगर यह किया ना तो पूरे कैंपस में छोड़िए पूरे ज्ञान में

566
00:38:25,280 --> 00:38:29,360
सोसाइटी में दुनिया में कोई सफेद वस्त्रधारी आपको ओम शांति

567
00:38:29,360 --> 00:38:33,680
करना पसंद नहीं करेगा अगर हमने यहां से एक पत्र निकाल दिया

568
00:38:33,680 --> 00:38:38,320
आप कहां पे हैं? पता है कहां खड़ी है? हमारी दी जमीन पर खड़ी है आप

569
00:38:38,320 --> 00:38:42,880
तो मैं उस दिन पता नहीं मुझे क्या हो गया कि भाई क्या

570
00:38:42,880 --> 00:38:46,960
अंदर जाग गया मेरे कि चाहे तो हिंदू सनातनी कुछ वो

571
00:38:46,960 --> 00:38:50,960
कहो या फिर क्या जगह है मुझे नहीं पता। मैं वापस

572
00:38:50,960 --> 00:38:55,120
जो मुड़ी थी मैं तो गई। हां

573
00:38:55,120 --> 00:38:59,200
मतलब अपने को बचाने वाली बात खत्म हो गई थी। यह नहीं

574
00:38:59,200 --> 00:39:03,680
था अब मुझे कि मेरा क्या होगा? मुझे यह था जो होगा देखा जाएगा।

575
00:39:03,680 --> 00:39:07,760
हम तो मैंने बोला ऐसा झुक के मैंने कहा भाई साहब मेरी बात सुनिए ध्यान

576
00:39:07,760 --> 00:39:11,840
से कान लगाइए मेरी बात पे और ध्यान पूर्वक सुनिए

577
00:39:11,840 --> 00:39:15,920
कहीं पर भी एक वर्ड मिस मत कीजिएगा जो बात मैं बोल रही हूं शायद मेरी आपकी

578
00:39:15,920 --> 00:39:19,920
आखिरी मुलाकात है ये तो कहने लगे इतनी हिम्मत तुम्हारी मैंने कहा हां

579
00:39:19,920 --> 00:39:24,160
जी मेरी इतनी हिम्मत है हिम्मत अभी आपने मेरी देखी नहीं है ये हिम्मत

580
00:39:24,160 --> 00:39:28,240
आप ही ने दी है मुझे आप ही ने सिखाया है और आज जो आप सिखा

581
00:39:28,240 --> 00:39:32,320
रहे हैं वो बहुत बड़ी हिम्मत दे रहे हैं आप मुझे मैं अंदर से परेशान थी

582
00:39:32,320 --> 00:39:36,400
और वो परेशानी मेरी आज दूर हो गई। जो आपने कहा है ना

583
00:39:36,400 --> 00:39:40,720
मैं जो काम कर रही हूं मेरा नाम लेने वाला कोई ब्रह्मा कुमार कुमारी

584
00:39:40,720 --> 00:39:44,720
नहीं रहेगा। मैं आपको बताती हूं कि जो मैं

585
00:39:44,720 --> 00:39:48,960
काम कर रही हूं अगर मैं इसी पथ की पथगामी रही तो मेरा नाम आपके

586
00:39:48,960 --> 00:39:53,520
ब्रह्मा कुमारीज में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।

587
00:39:53,520 --> 00:39:57,920
और जो आप कर रहे हैं गलत लोगों का साथ दे रहे हैं। भीष्म पितामह की तरह

588
00:39:57,920 --> 00:40:02,000
धृतराष्ट्र की तरह शायद आपको यह नाम समझ में नहीं आएंगे क्योंकि आपको

589
00:40:02,000 --> 00:40:06,240
पता ही नहीं है मैं किन का नाम ले रही हूं। आपकी दुर्गति

590
00:40:06,240 --> 00:40:10,480
भीष्म पितामह से बुरी होगी। और जब आप शीर्ष सैया पे होंगे,

591
00:40:10,480 --> 00:40:14,640
शीश सैया पर लेटे होंगे, बाणों की सैया पर लेटे होंगे। उस समय अगर पानी

592
00:40:14,640 --> 00:40:18,640
मांगेंगे ना यही इसी कैंपस में। मैं तो कैंपस की बात नहीं करती

593
00:40:18,640 --> 00:40:22,960
अपने लिए। आपको कहती हूं इसी कैंपस में रहेंगे ना आप अपनी जमीन पर

594
00:40:22,960 --> 00:40:27,040
इसी कैंपस के लोग आपको पानी देने के लिए भी नहीं आएंगे। आपके आवाज

595
00:40:27,040 --> 00:40:31,120
लगाने पर भी नहीं आएंगे। जिस दिन मेरी बताई सच्चाई इन सबके सामने आएगी क्योंकि

596
00:40:31,120 --> 00:40:35,200
ये जितने भी वाइट कपड़ों में आपको दिख रहे हैं ये सब शिव की भावना

597
00:40:35,200 --> 00:40:39,360
से जुड़े हैं। और जैसे आज मैं टूटी हूं जिस दिन इन्हें पता चलेगा

598
00:40:39,360 --> 00:40:43,360
नीलिमा ठीक है। यह गलत है। तो वो सब आपको पहले

599
00:40:43,360 --> 00:40:47,440
पानी देना छोड़ेंगे। आपको खाना देना छोड़ेंगे। आपके आवाज पर बोलेंगे

600
00:40:47,440 --> 00:40:51,680
नहीं। और जा रही हूं मैं। आज के बाद मुझे किसी बारे में बुलाने

601
00:40:51,680 --> 00:40:56,080
की जरूरत नहीं है। ऐसा करके मैं वहां से आ गई थी। और

602
00:40:56,080 --> 00:41:00,160
आने के बाद इन्होंने जो मेरे पहचान

603
00:41:00,160 --> 00:41:04,160
में लोग थे जो मुझे जानते थे जो मेरा फेवर ले रहे थे

604
00:41:04,160 --> 00:41:08,160
बाद में जिनको बातें पता चली जो लोग इनसे जाके लड़े उन

605
00:41:08,160 --> 00:41:12,480
लोगों को मारना पीटना शुरू किया। अच्छा

606
00:41:12,480 --> 00:41:15,200
ये हुआ।

607
00:41:15,200 --> 00:41:20,240
तो फिर आपने फिर बाहर आकर के आप यहां ये

608
00:41:20,240 --> 00:41:24,320
नहीं है सेंटर पे नहीं फिर मैं वहां नहीं आई मुजफ्फरनगर नहीं आई मैंने गाजियाबाद

609
00:41:24,320 --> 00:41:28,640
में एक सेंटर देखा वही वही प्रक्रिया शुरू की एक सेंटर चालू

610
00:41:28,640 --> 00:41:32,880
किया वही सर्टिफिकेट ले गाजियाबाद आ गई दादी को फोन

611
00:41:32,880 --> 00:41:36,880
किया जिस दादी ने मुझे सपोर्ट किया था दादी मुजफ्फरनगर में तो इन्होंने बहुत

612
00:41:36,880 --> 00:41:40,880
गलत गलत फैला दिया है कुछ भी लोगों को बोल रहे हैं तो मैं

613
00:41:40,880 --> 00:41:45,840
कहां जाऊं मुझे कोई ऐसी जगह बताओ जहां आप मुझे सपोर्ट कर सको

614
00:41:45,840 --> 00:41:50,000
तो आप क्योंकि क्योंकि मेरा कोई ठिकाना नहीं था ना

615
00:41:50,000 --> 00:41:54,160
आप समझिए मैं कहां जाती या तो मर जाओ कहीं पे जाके कुछ खा

616
00:41:54,160 --> 00:41:58,560
लो या घर लौट जाओ घर लौट नहीं सकते कैसे लौटेंगे

617
00:41:58,560 --> 00:42:02,720
किस मुंह से घर लौटेंगे तो या फिर ये भी जिंदगी जियो

618
00:42:02,720 --> 00:42:06,880
तो आपने एक क्रांतिकारी की तरह इनके विरुद्ध इनकी इच्छा के विरुद्ध

619
00:42:06,880 --> 00:42:10,960
सेंटर इनके नाम से चलाना ये सोचा नहीं

620
00:42:10,960 --> 00:42:15,040
इनके नाम से नहीं इनके नाम से इतना इतना नहीं कर सकती थी मैं कि जिनके

621
00:42:15,040 --> 00:42:19,360
साथ मेरा कुछ नहीं बन रहा है मैं उनके नाम पर नहीं बैठूंगी ऐसा सोचा था मैंने

622
00:42:19,360 --> 00:42:23,440
तो मैंने दादी से बोला कि दादी आप मुझे डायरेक्ट कनेक्शन

623
00:42:23,440 --> 00:42:27,760
का एक सर्टिफिकेट दीजिए और आप मुझे इधर गाजियाबाद

624
00:42:27,760 --> 00:42:31,840
में रखिए तो कम से कम मुझे ये था दादियां जिंदा है दादियों को ये खुद जवाब

625
00:42:31,840 --> 00:42:35,840
देंगे ये लगा था मुझे ज्ञानी सुनाना

626
00:42:35,840 --> 00:42:39,840
था तो दादी ने बोला मैं तुझे बोल रही हूं ना मतलब क्योंकि वो मजबूर थी

627
00:42:39,840 --> 00:42:44,080
लिख के कुछ नहीं दे सकती थी दादी तुझे बोल बोल रही है ना वो थ्योरिटी

628
00:42:44,080 --> 00:42:48,080
से बात करती थी क्योंकि वो लेखराज के टाइम के लोग थे वो ये समझते

629
00:42:48,080 --> 00:42:52,240
थे अभी भी कि शायद हमारी चलती है लेकिन ब्रह्मा कुमारी की एक बहुत बुरी बात

630
00:42:52,240 --> 00:42:57,280
यह है कि चेहरा बहनों का है वहां चलता भाइयों का गह

631
00:42:57,280 --> 00:43:01,600
बहनें संस्था नहीं चला रही है ये बहनों की संस्था नहीं है

632
00:43:01,600 --> 00:43:05,760
इसीलिए बहनों के संस्था के ऊपर जो शीर्ष नेतृत्व

633
00:43:05,760 --> 00:43:10,720
में है वो बलात्कारी भी है जिनके ऊपर बलात्कार के केसेस है

634
00:43:10,720 --> 00:43:15,360
अच्छा उनको बहनों को संरक्षण दिया गया है।

635
00:43:15,360 --> 00:43:19,600
अच्छा ऐसे लोग हैं वहां पर शीर्ष नेतृत्व में

636
00:43:19,600 --> 00:43:21,920
मृत्युंजय के ऊपर मृत्युंजय भाई के

637
00:43:21,920 --> 00:43:25,920
ऊपर बलात्कार के तीन केसेस आरोपी है वो उसमें बेल

638
00:43:25,920 --> 00:43:28,320
पर है प्रकाश

639
00:43:28,320 --> 00:43:32,560
करके एक है वो बेल पे है उसके ऊपर मृत्युंजय के ऊपर प्रकाश के

640
00:43:32,560 --> 00:43:36,640
ऊपर नीलू बहन गुलजार दादी की ब्राहणी उनके ऊपर

641
00:43:36,640 --> 00:43:40,800
बलात्कार का आरोप है आरोपी वहां

642
00:43:40,800 --> 00:43:45,760
पे शीर्ष नेतृत्व कर रहे हैं। उनको यह लोग बचा रहे हैं।

643
00:43:45,760 --> 00:43:47,120
हम

644
00:43:47,120 --> 00:43:51,760
खुद मैं उन सब केसेस में फिर तो फिर तो फिर आप

645
00:43:51,760 --> 00:43:55,840
जो दादी की परमिशन लेकर और फिर आपने जो

646
00:43:55,840 --> 00:43:59,920
है गाजियाबाद आ गए क्योंकि एक और लड़की का जीवन मेरे साथ जुड़ गया था ना मेरी

647
00:43:59,920 --> 00:44:04,000
मजबूरी समझिए मेरे साथ एक और लड़की थी आपको ब्रह्मा कुमारी के

648
00:44:04,000 --> 00:44:08,000
नाम की जरूरत इसीलिए थी क्योंकि ब्रह्मा कुमारी को जानते हैं लोग उसी

649
00:44:08,000 --> 00:44:12,240
के कारण लोग आपसे कनेक्ट मेरा जो पहचान बना हुआ है वाइट साड़ी में ब्रह्मा

650
00:44:12,240 --> 00:44:16,400
कुमारी की अब या तो मैं समाज में यह कहूं कि मुझे निकाल

651
00:44:16,400 --> 00:44:20,560
दिया गया या मैं समाज में अब यह कहूं कि शायद

652
00:44:20,560 --> 00:44:24,880
मैंने उन्हें छोड़ दिया तो छोड़ी हुई लड़की जैसा ट्रीटमेंट करेगा

653
00:44:24,880 --> 00:44:28,960
समाज हम हमेशा एक नारी को आंसर देना

654
00:44:28,960 --> 00:44:33,040
पड़ता है समाज को तो मैंने दादी जी

655
00:44:33,040 --> 00:44:37,120
जी हां जी सॉरी फिर फिर वहां से क्या आपकी लाइफ

656
00:44:37,120 --> 00:44:41,280
स्टार्ट हुई फिर दादी को बताया तो सही मैंने लेकिन मैंने मुझे फिर

657
00:44:41,280 --> 00:44:45,280
मेरी मां याद आई हम दादी को बता जरूर दिया पर

658
00:44:45,280 --> 00:44:49,360
मैंने मेरी मां को एक फोन किया तो मेरी मां फोन पर

659
00:44:49,360 --> 00:44:53,360
आई लेकिन रोक दिया गया उन्हें सब घर वाले

660
00:44:53,360 --> 00:44:57,360
जो जेंट्स थे घर के वो मुझसे बात करना नहीं चाहते थे

661
00:44:57,360 --> 00:45:01,360
और लेकिन मतलब वो जो आप टिकट वो जो

662
00:45:01,360 --> 00:45:02,160
आप टिकट कटा

663
00:45:02,160 --> 00:45:06,240
के आई थी घर वालों की मर्जी हां उससे नाराज थी वहां से वहां से क्लैश

664
00:45:06,240 --> 00:45:10,320
हो गया था आज तक कोई भी बिना पूछे घर से ऐसे लड़की गई

665
00:45:10,320 --> 00:45:14,640
नहीं थी जैसे मैं तो मैं पहली लड़की हूं जो घर से ऐसे निकली थी

666
00:45:14,640 --> 00:45:19,760
तो उन्होंने कसम खाया था ऐसे लड़की चली गई है वो वापस नहीं आएगी

667
00:45:19,760 --> 00:45:23,920
तो मम्मी ने मेरी फोन किया वापस मुझे और उन्होंने पूछा कि

668
00:45:23,920 --> 00:45:28,320
क्या बात है क्यों परेशान हो क्या हो गया है तो मैंने बोला

669
00:45:28,320 --> 00:45:33,040
कर दिया है इन्होंने मतलब मेरे साथ ऐसा कर दिया कि मैं

670
00:45:33,040 --> 00:45:36,160
अब शायराया चला सकूं

671
00:45:36,160 --> 00:45:40,160
तो उन्होंने बोला कि तो मैं ब्रह्माकुमारी

672
00:45:40,160 --> 00:45:44,240
की क्या जरूरत है सेंटर चलाने के पढ़ाई का क्या होगा? तुम्हें

673
00:45:44,240 --> 00:45:48,320
वापस लौटना है? मैंने कहा हां वापस तो लौटना पड़ेगा। तो

674
00:45:48,320 --> 00:45:52,400
उन्होंने कहा तुम्हारे फादर की शर्त है पढ़ो पढ़ाई को।

675
00:45:52,400 --> 00:45:56,560
पढ़ाई का क्या होगा? अगर तुम पढ़ पढ़ोगी मतलब जो मां बेटी

676
00:45:56,560 --> 00:46:00,720
की बात होती है वो उन्होंने की कि अगर तुम एजुकेशन एक्सेप्ट कर लो तो

677
00:46:00,720 --> 00:46:04,240
मैं तुम्हारे फादर को मनाऊंगी।

678
00:46:04,240 --> 00:46:08,400
अभी क्या होता है सोचो आप। मैं अभी यहां आपके चैनल पर बहुत इमोशनल

679
00:46:08,400 --> 00:46:12,480
नहीं होना चाहती। 2010 11 12 तक ये

680
00:46:12,480 --> 00:46:16,720
सब चला। 12 में मैं आई सेंटर पे मैंने एडमिशन लिया वापस

681
00:46:16,720 --> 00:46:17,360
11 में।

682
00:46:17,360 --> 00:46:21,600
11 में ले लिया था जब मेरा प्रॉब्लम था। 11 में ही मेरी मदर से बात हो गई थी। 12

683
00:46:21,600 --> 00:46:26,720
में मैं पढ़ रही थी। मतलब बीएससी फर्स्ट ईयर में थी।

684
00:46:26,720 --> 00:46:31,440
तो अब बहुत बड़ी त्रासदी हो जाती है मेरे साथ।

685
00:46:31,440 --> 00:46:35,680
और मेरा घर जाने का एक रास्ता भी खुल

686
00:46:35,680 --> 00:46:39,920
जाता है। और जो मेरे साथ बहन थी उसे भी घर भेजने का रास्ता

687
00:46:39,920 --> 00:46:44,400
खुल जाता है अचानक से। 2013 का केदारनाथ

688
00:46:44,400 --> 00:46:48,480
फ्लर्ट आता है। तो मेरे फादर बहुत बड़े

689
00:46:48,480 --> 00:46:52,480
शिवभक्त थे। मेरे उसमें काफी रिलेशन वाले लोग

690
00:46:52,480 --> 00:46:56,560
गए हुए थे। गाजियाबाद में वो चार

691
00:46:56,560 --> 00:47:00,800
घर थे जहां पर यह मौतें हुई थी जिसमें मेरा भी घर था।

692
00:47:00,800 --> 00:47:04,880
जो पत्थर आके रुक जाता है केदारनाथ के रास्ते में

693
00:47:04,880 --> 00:47:09,840
गेट पर वहां अंदर मेरे फादर थे हम

694
00:47:09,840 --> 00:47:13,840
तो वो हां तो वो हो गया मेरे फादर नहीं

695
00:47:13,840 --> 00:47:19,840
रहे

696
00:47:22,640 --> 00:47:26,720
कोई बात नहीं हम इस विषय को छोड़ देते हैं स्किप करते हैं हम

697
00:47:26,720 --> 00:47:30,720
कुछ और बात कर लेते हैं कोई बात नहीं फिर वो मुझे बुला बुला लिया गया

698
00:47:30,720 --> 00:47:34,960
घर पे। मेरे घर वालों ने मुझे बुला लिया। मैंने उस लड़की

699
00:47:34,960 --> 00:47:38,240
को उसके घर भेज दिया।

700
00:47:38,240 --> 00:47:42,400
अब मैं घर आ रही थी जा रही थी।

701
00:47:42,400 --> 00:47:46,480
लेकिन इन्होंने अचानक से कुछ गलत कर दिया

702
00:47:46,480 --> 00:47:50,480
जो इनको नहीं करना था। इनको ये सोचना था कि अभी उसके फादर नहीं है तो शायद वो

703
00:47:50,480 --> 00:47:53,280
खुद ही छोड़ देगी।

704
00:47:53,280 --> 00:47:57,280
लेकिन मैं सेंटर बंद करने तक तो वाइंड अप करने तक तो आना जाना

705
00:47:57,280 --> 00:48:01,440
करती ना सेंटर पे। मुझे वाइंड अप करना था पर

706
00:48:01,440 --> 00:48:07,440
इनको मुझे समय देना था। इन्होंने समय नहीं दिया।

707
00:48:07,440 --> 00:48:11,920
इन्होंने मेरे नाम से एक बहुत गलत लेटर निकाला

708
00:48:11,920 --> 00:48:16,000
और जहां मैं दुख में थी, परेशानी में थी, उसी

709
00:48:16,000 --> 00:48:20,080
समय पे एक बहुत गलत लेटर सर्कुलेट कर

710
00:48:20,080 --> 00:48:24,400
दिया गया। Facebook पर सभी सेंटर्स

711
00:48:24,400 --> 00:48:28,400
में क्योंकि यह समझते थे कि श्री राम मीणा जो

712
00:48:28,400 --> 00:48:32,640
है फॉरेस्ट के जो डिपार्टमेंट के लोग हैं मैं उनसे अटैच्ड हूं।

713
00:48:32,640 --> 00:48:36,800
मैं इनके खिलाफ हूं। तो ये लोग मुझे वहां से रोकना चाहते

714
00:48:36,800 --> 00:48:38,640
थे दबाव बना के

715
00:48:38,640 --> 00:48:42,800
कि यह हमारे से खुशामद करेगी। और ये फॉरेस्ट वाले

716
00:48:42,800 --> 00:48:46,960
लोग जिनकी ये मदद कर रही है क्योंकि फॉरेस्ट वाले लोग इनके पीछे

717
00:48:46,960 --> 00:48:52,160
थे। अपनी जमीन लेना चाहते थे। वो मेरे से पूछते थे ऑफिसर्स

718
00:48:52,160 --> 00:48:56,320
कि नीलिमा जी अगर कोई शिकायत कर दे। जैसे सलमान

719
00:48:56,320 --> 00:49:00,560
खान साहब का एक केस हुआ था। और मैं इसलिए बोल रही हूं क्योंकि वो मेरी इंडस्ट्री की

720
00:49:00,560 --> 00:49:04,800
लेजेंड एक्टर है। इसलिए सलमान खान बोल रही हूं।

721
00:49:04,800 --> 00:49:08,800
साहब कह के इसलिए नहीं बोल रही हूं। मेरा कोई दबाव है लेकिन मेरे से सीनियर है इसलिए बोल

722
00:49:08,800 --> 00:49:11,360
रही हूं।

723
00:49:11,360 --> 00:49:15,360
उनका एक केस चल रहा है। तो ब्नोई समाज ने आवाज उठाई तब जाके वो

724
00:49:15,360 --> 00:49:19,520
एक केस चला। और क्योंकि हिरन का मामला

725
00:49:19,520 --> 00:49:23,600
है। गंभीर मामला है। तो फॉरेस्ट वालों ने

726
00:49:23,600 --> 00:49:27,680
कहा इसी तरह से हमें कोई शिकायत करने वाला चाहिए। अगर कोई शिकायत करे

727
00:49:27,680 --> 00:49:32,560
तो हम ब्रह्मा कुमारी से काफी कड़ा मामला बना सकते हैं।

728
00:49:32,560 --> 00:49:36,800
तो क्या आप अचानक से ये भी सब अचानक हो रहा है। सब भगवान

729
00:49:36,800 --> 00:49:40,800
कर रहा है। मुझे नहीं पता ये सब क्या हो रहा है। अचानक से मेरा लेटर निकलता

730
00:49:40,800 --> 00:49:45,200
है। अचानक फॉरेस्ट वाले मुझसे बात करते हैं। उन्होंने कहा एक शिकायत

731
00:49:45,200 --> 00:49:49,200
अगर एक कंप्लेन आप कर देती हैं तो हम शायद कुछ कर लेंगे

732
00:49:49,200 --> 00:49:53,280
इनके लिए। एक एक शिकायत करता चाहिए हमको।

733
00:49:53,280 --> 00:49:53,920
हम

734
00:49:53,920 --> 00:49:57,920
सर मैंने फिर अपने बारे में कुछ नहीं सोचा क्योंकि ये लोग तो कर चुके थे जो

735
00:49:57,920 --> 00:50:01,920
करना था। ये तो पहले ही निकाल चुके थे मुझे। तो मैंने

736
00:50:01,920 --> 00:50:06,000
एक शिकायत की तो उन्होंने कहा हमें नहीं आप वो

737
00:50:06,000 --> 00:50:10,000
मेरी वो देखना चाहते थे कि मैं सच में ब्रह्मा कुमार के खिलाफ

738
00:50:10,000 --> 00:50:14,160
हूं या नाटक कर रही हूं। कई बार ऐसा होता है ना कि कोई विश्वास

739
00:50:14,160 --> 00:50:18,400
नहीं करते हैं ना ऑफिसर्स। तो उन्होंने बोला कि आप ये

740
00:50:18,400 --> 00:50:22,400
हमसे नहीं करिए शिकायत। आप लिखित में मुख्यमंत्री पोर्टल पर

741
00:50:22,400 --> 00:50:26,560
करिए। मुख्यमंत्री पोर्टल पर डालिए। वहीं पर हम आपको

742
00:50:26,560 --> 00:50:30,800
जवाब देंगे। वहीं पर हम कारवाई करेंगे। खुले में कारवाई होगी।

743
00:50:30,800 --> 00:50:35,360
उसमें ना आपको कुछ है ना हमें। तो मैंने कर दिया।

744
00:50:35,360 --> 00:50:39,680
मैंने एस अ ब्रह्मा कुमारी नहीं किया एस अ मतलब सिंपल

745
00:50:39,680 --> 00:50:43,760
पर्सन कि मैं यह चाहती हूं ये फला खस नंबर के बारे में

746
00:50:43,760 --> 00:50:48,080
जाना जाए और ब्रह्मा कुमारी में ये ये जमीनें

747
00:50:48,080 --> 00:50:52,480
गलत फॉरेस्ट के नंबर को दबाया गया है नंबर

748
00:50:52,480 --> 00:50:57,280
को और मैं चाहती हूं इसप एक सर्वे हो

749
00:50:57,280 --> 00:51:01,360
फिर मतलब आपने एक स्वतंत्र रूप से एक समष्टि का युद्ध अपने हाथ

750
00:51:01,360 --> 00:51:05,360
में ले लिया ले लिया मतलब ये पहली शिकायत थी शायद ब्रह्मा कुमारी

751
00:51:05,360 --> 00:51:07,520
के

752
00:51:07,520 --> 00:51:08,960
पहली शिकायत थी। हां जी

753
00:51:08,960 --> 00:51:13,520
वो थी कि वो जो है जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। है ना? हां।

754
00:51:13,520 --> 00:51:17,680
बस फिर तब से ले अभी तक इनका मेरा विवाह

755
00:51:17,680 --> 00:51:21,840
है। फिर इन्होंने वो चालू किया मतलब कारवाई हुई उस

756
00:51:21,840 --> 00:51:26,160
पर जो ऑफिसर्स थे जिन्होंने फिर इन्होंने पुलिस वाले मेरे घर भेजे

757
00:51:26,160 --> 00:51:30,240
मतलब सेंटर पर भेजे। इन्होंने कहा बोर्ड हटाइए ब्रह्मा कुमारीज

758
00:51:30,240 --> 00:51:34,400
का। मैंने कहा ब्रह्मा कुमारी के गाजियाबाद से लेकर दिल्ली

759
00:51:34,400 --> 00:51:40,080
तक 300 सेंटर हैं। पुलिस वालों से कहा

760
00:51:40,080 --> 00:51:44,160
ब्रह्मा कुमारीज के लोग आए ये बोर्ड हटाने के लिए। मैंने किसी आईपीएस

761
00:51:44,160 --> 00:51:48,320
पीसीएस का बोर्ड नहीं लगाया है। आप ये बोर्ड नहीं हटवा सकते

762
00:51:48,320 --> 00:51:52,640
क्योंकि मैं उनकी सब चीजें जानती थी ना। कानूनी प्रक्रिया भी जानती

763
00:51:52,640 --> 00:51:56,720
थी। तो मैंने कहा आप नहीं हटा सकते। ऑफिसर आप ब्रह्मा कुमार के

764
00:51:56,720 --> 00:52:01,200
लोगों को बोलिए वो मेरे बोर्ड हटाए या हटाने का आदेश दें।

765
00:52:01,200 --> 00:52:05,600
तो आप नहीं हटा सकते क्योंकि आईएस पीसीएस का बोर्ड नहीं है।

766
00:52:05,600 --> 00:52:09,680
तो वो जो वो जो शिकायत वो जो शिकायत आपने शिकायत मैंने की थी

767
00:52:09,680 --> 00:52:13,680
उसके कंडम में कर रहे थे। नहीं वो ठीक है। मगर वहां

768
00:52:13,680 --> 00:52:17,760
पे क्या कारवाई हुई जो आपने शिकायत की उसमें वहां पुलिस जा रही

769
00:52:17,760 --> 00:52:22,640
थी। फॉरेस्ट ऑफिसर जा रहे थे। वहां मतलब उन्होंने कारवाई उन्होंने

770
00:52:22,640 --> 00:52:24,240
कर दी थी। इन्ह उनको

771
00:52:24,240 --> 00:52:28,480
नोटिससेस गए। बाद में सर्वे हुआ। सर्वे में वो जमीन निकली। जमीन

772
00:52:28,480 --> 00:52:32,720
में वो ये बोलते थे लोगों को जो जो बीच में थे वो मुझे बताते

773
00:52:32,720 --> 00:52:36,960
थे कि क्या कर लेगी निकलवा देगी जमीन निकलवा

774
00:52:36,960 --> 00:52:41,440
दे 15000 लोगों पर गोली चलवा देंगे 15000 लोगों को इकट्ठा करेंगे 15000

775
00:52:41,440 --> 00:52:45,680
लोग गोली चलाएंगे फॉरेस्ट ऑफिसर्स ने इन्हें चैलेंज दिया है

776
00:52:45,680 --> 00:52:49,920
कि आप 15,000 इकट्ठे करिए आपको पता नहीं है फॉरेस्ट

777
00:52:49,920 --> 00:52:54,640
क्या है इंडिया का आर्मी सेक्टर से ले सभी एजेंसीज आ जाएंगी

778
00:52:54,640 --> 00:52:58,880
हम गोली चलाने वालों के लिए गोली के आदेश देश ले आएंगे।

779
00:52:58,880 --> 00:53:03,360
उन्होंने अपने तरीके से कब्जा आया। उन्होंने एक पर्टिकुलर जगह

780
00:53:03,360 --> 00:53:07,600
कब्जा ली। 80 कमरे जब्त कर दिए। सीज कर दिए।

781
00:53:07,600 --> 00:53:11,680
तो बहुत अच्छी कारवाई फॉरेस्ट ऑफिसर हेमंत शेखावत जी ने

782
00:53:11,680 --> 00:53:16,400
की। और मैं उन्हें सैल्यूट करती हूं कि वो भी एक यंग ऑफिसर

783
00:53:16,400 --> 00:53:20,560
एक नए-नए पदाधिकारी थे उस समय। डीएफओ थे।

784
00:53:20,560 --> 00:53:24,640
उप वन संरक्षण अधिकारी थे वहां पर और उन्होंने अपनी

785
00:53:24,640 --> 00:53:28,960
जान का जोखिम लेते हुए यह काम किया और मुझे

786
00:53:28,960 --> 00:53:33,120
यह कह दिया गया कि सेंटर से चली जाइए नहीं तो आपको

787
00:53:33,120 --> 00:53:37,440
मार दिया जाएगा। कुछ ना कुछ दोद चार-चार लोग मेरे यहां कुंडियां बजाते

788
00:53:37,440 --> 00:53:39,360
थे शाम को रात को सुबह

789
00:53:39,360 --> 00:53:43,600
ऐसे होता था। रोज का कुछ ना कुछ चीजें हमारे डराने के लिए कर रहे

790
00:53:43,600 --> 00:53:47,600
थे वो तो वो मैं नहीं डरी। बाद में मैंने ये विचार किया कि

791
00:53:47,600 --> 00:53:51,760
मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही है। एक्चुअली मुझे वहां से नोएडा जाना

792
00:53:51,760 --> 00:53:55,840
पड़ता था। मैंने नोएडा से फिल्म सिटी से मेरे

793
00:53:55,840 --> 00:53:59,840
फादर मेरे भाई ऑलरेडी फिल्म में थे। मुंबई रहते

794
00:53:59,840 --> 00:54:03,840
थे। तो उन्होंने कहा मुंबई नहीं आना चाहती। बीएससी आपने कर लिया तो बीएससी सिनेमा

795
00:54:03,840 --> 00:54:07,840
कंटिन्यू कर लो। तो फिर मैंने कहा कैसे? तो पहली बार

796
00:54:07,840 --> 00:54:11,840
कलर कपड़े पहने। कैब करना सीखा। कैब में बैठती थी।

797
00:54:11,840 --> 00:54:16,160
कॉलेज पे उतरती थी। कॉलेज से घर आती थी। तो

798
00:54:16,160 --> 00:54:20,400
जिन बच्चों के साथ पुनर्जन्म हुआ आपका हां

799
00:54:20,400 --> 00:54:24,800
तो वहां से वो सब बीएससी सिनेमा पूरा हुआ फिर मैं

800
00:54:24,800 --> 00:54:29,440
सोचती भी नहीं थी कि मेरे साथ वाले बच्चे मेरे से बहुत यंग है

801
00:54:29,440 --> 00:54:33,920
और शायद हो सकता है कि मैं उतना अचीव ना कर सकूं

802
00:54:33,920 --> 00:54:38,160
लेकिन सेलेक्ट हुआ मेरा प्रोजेक्ट और मुझे मुंबई भेजा

803
00:54:38,160 --> 00:54:42,160
गया मुझे बहुत अच्छे-अच्छे डायरेक्टर्स यहां लेके आए और यहां

804
00:54:42,160 --> 00:54:46,160
पर मैंने कुछ आध्यात्मिक और कुछ वैसी ऐसी फिल्मों में काम किया कि

805
00:54:46,160 --> 00:54:50,640
जो मैं लिख सकती थी अच्छे सब्जेक्ट्स पे जैसे कुछ कुरीतियां,

806
00:54:50,640 --> 00:54:54,400
कुछ सामाजिक मुद्दे और या फिर कुछ रामायण और महाभारत

807
00:54:54,400 --> 00:54:58,400
के पात्रों के ऊपर बहुत चीजें की और धीरे-धीरे यहां

808
00:54:58,400 --> 00:55:02,480
रिकॉर्ड बनने लगा। अब मुझे वो लड़की को घर भेजना था जो

809
00:55:02,480 --> 00:55:06,640
मेरे साथ थी। वो कहां सोचो समय मेरे साथ इतना

810
00:55:06,640 --> 00:55:11,280
बड़ा प्रॉब्लम हो गया कि जिस लड़की ने सारी सच्चाई देखी वो मुझे छोड़ के क्यों जाएगी?

811
00:55:11,280 --> 00:55:15,360
हम उसने तो उनकी भी देख ली ना मेरे बहाने कि वो वहां

812
00:55:15,360 --> 00:55:19,520
भी नहीं जाना चाहती। अब वो घर भी नहीं जा सकती। दादी रतन

813
00:55:19,520 --> 00:55:23,520
मोहिनी शरीर छोड़ चुकी थी जो सपोर्ट कर रही थी। तो उसने

814
00:55:23,520 --> 00:55:27,840
कहा अब मुझे ऐसा लगता था धर्म में ये सिखाया जाता है के

815
00:55:27,840 --> 00:55:32,000
शरणागति को नहीं छोड़ सकते आप। जो आपकी शरणागति है कैसे छोड़ देंगे उसे

816
00:55:32,000 --> 00:55:36,160
आप? यहां तक की बातें ये करने लगे कि इस लड़की

817
00:55:36,160 --> 00:55:40,240
का तो इससे कुछ चक्कर है शायद। पता नहीं क्या बोलना शुरू कर दिया

818
00:55:40,240 --> 00:55:44,480
कि इसे नहीं छोड़ती। हां [हंसी] तो मैंने सोचा

819
00:55:44,480 --> 00:55:49,050
अभी तो नीलिमा इसे छोड़ना बहुत जरूरी है। ये होना बाकी था ये

820
00:55:49,050 --> 00:55:53,520
[हंसी] और वो चक्कर क्या होता है मुझे नहीं पता। तो मैंने उसको बताया।

821
00:55:53,520 --> 00:55:57,600
मैंने कहा नीलम उनका नाम नीलम था। मैंने कहा नीलम तुम्हें पता है क्या हो

822
00:55:57,600 --> 00:56:01,680
रहा है। बोले क्या? मैंने कहा यहां तक बोल रहे हैं वो लोग। तो बोलती

823
00:56:01,680 --> 00:56:05,760
है कि दीदी वो पागल है। इतनी सारी

824
00:56:05,760 --> 00:56:09,680
चीजें तो हो चुकी है। तो उनको बोलने दो उससे क्या फर्क पड़ता है? मैंने

825
00:56:09,680 --> 00:56:13,840
कहा नहीं तुम्हें घर जाना पड़ेगा। तुम्हारे घर वालों से मैं बात कर लूं। अब

826
00:56:13,840 --> 00:56:17,920
मुझे कौन सा किस्सा याद आता है? मुझे धर्मराज का किस्सा याद

827
00:56:17,920 --> 00:56:22,000
आता है। युधिष्ठिर का। धर्मराज युधिष्ठिर जब मुक्ति के

828
00:56:22,000 --> 00:56:26,320
लिए जा रहे थे अपने शरणागति हुए एक स्ान

829
00:56:26,320 --> 00:56:30,560
को नहीं छोड़ पाए। तो आप सोचो कि मैं वो पढ़ रही हूं

830
00:56:30,560 --> 00:56:34,640
और धर्मराज कह रहे हैं आओ मुक्ति देता हूं। चलो इंद्र के सिंहासन पर

831
00:56:34,640 --> 00:56:38,720
तुम्हें स्वर्ग मिलेगा। उन्होंने कहा जो मेरा शरणागति है उसे कैसे छोड़

832
00:56:38,720 --> 00:56:42,720
दूं? तो धर्मराज खुद आते उनके पिता थे। उन्होंने

833
00:56:42,720 --> 00:56:46,880
कहा मैं अब परीक्षा ले रहा था। लेकिन तुम कैसे हो? युधिष्ठिर

834
00:56:46,880 --> 00:56:51,120
तुम्हारे पांच भाई वो तुम्हारे चार भाई और तुम्हारी पत्नी पीछे छूट

835
00:56:51,120 --> 00:56:55,120
गई। उनसे भी प्यारा स्वान हो रहा है तुमको। तो उन्होंने कहा उनको

836
00:56:55,120 --> 00:56:59,120
तो उनकी मुक्ति ले गई। इनके प्राण चले गए तो मैंने छोड़ दिया। लेकिन यह

837
00:56:59,120 --> 00:57:03,120
तो जिंदा है। यह तो जिंदा है जो मेरे साथ

838
00:57:03,120 --> 00:57:07,200
जाना चाहता है। अगर स्वर्ग में ये नहीं जा सकता तो

839
00:57:07,200 --> 00:57:11,280
मुझे स्वर्ग नहीं चाहिए। तो मेरा अब ये हो गया था नीलम के प्रति कि

840
00:57:11,280 --> 00:57:15,360
भाई शरणागति को छोड़ना तो पाप है। तो अब वो सिचुएशन

841
00:57:15,360 --> 00:57:20,320
जो आज मैं आपको समझा रही हूं इस बारे में तो मैंने कभी किसी से बात नहीं की।

842
00:57:20,320 --> 00:57:24,800
आप सोचिए मैं उसको कैसे भेजूं। वो लड़की जाने को तैयार नहीं।

843
00:57:24,800 --> 00:57:28,800
फिर क्या रहा जिससे कि वो गई? उसके घर वालों

844
00:57:28,800 --> 00:57:32,880
ने मैंने उसके घर वालों को फोन किया। मैंने उन्हें सब बताया।

845
00:57:32,880 --> 00:57:37,200
मैंने कहा देखिए मेरी बहुत दुर्गति हुई है। मेरे साथ बहुत बुरा हुआ है।

846
00:57:37,200 --> 00:57:41,280
मैं नहीं चाहती आपकी बच्ची के साथ कुछ गड़बड़ हो और मेरे लिए और इनके

847
00:57:41,280 --> 00:57:46,000
लिए कुछ गलत भी बोलने लगे हैं। लोग बहुत बुरा हो जाएगा। आप रखिए।

848
00:57:46,000 --> 00:57:50,320
जो कुछ मुझसे बन पाएगा मैं इनकी मदद करूंगी। आप इन्हें रखिए।

849
00:57:50,320 --> 00:57:53,680
अब यह उनके घर वालों को फोन करते हैं। सोचिए

850
00:57:53,680 --> 00:57:57,840
कि देखिए कितना बुरे टाइम पर छोड़ा है आपकी लड़की को। देखा

851
00:57:57,840 --> 00:58:02,720
कैसे फसाया हुआ था उसने और आपकी लड़की आपके यहां आ गई।

852
00:58:02,720 --> 00:58:06,880
तो मैंने भेजा उनको कुछ जिम्मेदार लोगों के साथ वो

853
00:58:06,880 --> 00:58:10,880
घर पहुंच गई। उन्होंने मुझे फोन किया और

854
00:58:10,880 --> 00:58:15,360
वो आज भी आपके साथ कनेक्टेड है। कनेक्टेड थी

855
00:58:15,360 --> 00:58:19,680
अब से मतलब कुछ तीन महीने पहले तक

856
00:58:19,680 --> 00:58:23,760
मेरी वीडियो आई इंटरव्यू आया यह जो वीडियो इंटरव्यू आया उससे उनके

857
00:58:23,760 --> 00:58:28,640
घर वालों ने उस बंदिश किया कि तुम बात नहीं करोगी उनसे अच्छा

858
00:58:28,640 --> 00:58:32,720
मतलब जैसे आज आप हमारे साथ जो वीडियो कर रहे हैं ऐसे वो देख लिया

859
00:58:32,720 --> 00:58:37,280
उन्होंने कि वो तो ब्रह्मा कुमारी है ही नहीं तुम कहां जा रही हो

860
00:58:37,280 --> 00:58:39,760
ये

861
00:58:39,760 --> 00:58:43,840
तो मतलब मेरे ख्याल से वो जो आपका रंगदे बसंती वालों के

862
00:58:43,840 --> 00:58:47,920
साथ जो वीडियो हुआ था उससे आपने तो ऐसे क्वेश्चन किए हैं जो रंगदे बसंती

863
00:58:47,920 --> 00:58:52,320
में मैं बोलना चाहती चीजें मैं बोल नहीं पा रही थी बल्कि आज जो क्वेश्चन हुए हैं

864
00:58:52,320 --> 00:58:56,320
वो उस इंटरव्यू से काफी बेहतर लग रहा है मुझे ये मेरे मतलब

865
00:58:56,320 --> 00:59:02,320
जो चीजें मैं बताना चाह रही थी वो मैं आज बता पाई हूं।

866
00:59:08,180 --> 00:59:12,180
[संगीत]
