1
00:00:00,000 --> 00:00:04,160
जिन लोगों को नहीं पता है उन लोगों को मैं बता दूं

2
00:00:04,160 --> 00:00:08,160
कि इनकी बेटी पिछले लगभग एक

3
00:00:08,160 --> 00:00:12,320
दो वर्ष से या उससे कम या थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकता है ढाई

4
00:00:12,320 --> 00:00:16,560
साल से वो अमोल कोकने का जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

5
00:00:16,560 --> 00:00:21,440
है वहां पर है। इनसे दूर हो चुकी है। इस बीच इन्होंने

6
00:00:21,440 --> 00:00:25,760
हर प्रकार से जो भी इनके सामर्थ्य की सीमा में आता है वह सारी

7
00:00:25,760 --> 00:00:30,000
वह सारे प्रयास कर लिए हैं उसको वापस लाने के और

8
00:00:30,000 --> 00:00:34,800
इनकी बेटी एक अकेली नहीं है। इस तरह की कई अन्य बिटियाएं हैं

9
00:00:34,800 --> 00:00:40,800
जो वहां पर है बेटियां है वहां पर है जो

10
00:00:40,960 --> 00:00:45,280
बहुत और कई बार ऐसे हुआ है मैंने देखा बताती थी कि उनके क्लासेस

11
00:00:45,280 --> 00:00:49,360
में जो पार्टिसिपेट कर रहे हैं वो और किसी को किसी की डेथ हो गई है तो

12
00:00:49,360 --> 00:00:53,440
मैंने पूछा कि मतलब इन लोगों का तो कहना है कि जो इनके ज्ञान में चलते हैं

13
00:00:53,440 --> 00:00:57,520
वो उनकी डेथ नहीं होगी। वो सीधा सतयुग में जाएंगे। वीरेंद्र देव दीक्षित

14
00:00:57,520 --> 00:01:01,600
का यह कहना था कि सतयुग में जाएंगे। इसी शरीर के साथ सबको ले जाएंगे

15
00:01:01,600 --> 00:01:05,760
जो ज्ञान इनके ज्ञान में चलेंगे। तो अगर किसी की डेथ हो गई तो फिर उसका तर्क

16
00:01:05,760 --> 00:01:09,760
ये लोग ऐसे देते थे कि उनके अंदर भक्ति के संस्कार रह गए हैं। इसलिए

17
00:01:09,760 --> 00:01:13,840
वो ज्ञान के संस्कार पूरे नहीं अपना पाए। भक्ति के संस्कार छोड़

18
00:01:13,840 --> 00:01:18,160
नहीं पाए। इसलिए उनको शरीर छोड़ना पड़ा। फिर वो तुरंत ही पैदा होंगे। फिर नए शरीर

19
00:01:18,160 --> 00:01:22,800
के साथ वो सिर्फ ज्ञान में चलेंगे तब जाके वो सतयुग में जा पाएंगे।

20
00:01:22,800 --> 00:01:26,960
यह उनका तर्क हुआ करता था। मतलब कोई मर जाए तो उसके लिए वो ये तर्क देते

21
00:01:26,960 --> 00:01:31,200
हैं। बाकी जितने लोग इनका ज्ञान फॉलो कर रहे हैं ये सब मरेंगे नहीं। यही बात रहती

22
00:01:31,200 --> 00:01:35,280
है। और जितना ज्यादा ये प्रचार करेंगे इनका ज्ञान है क्या?

23
00:01:35,280 --> 00:01:39,280
इनका ज्ञान है क्या? वो है यही चीज भगवान धरती

24
00:01:39,280 --> 00:01:43,440
पर आ गए हैं। अभी वीरेंद्र देव दीक्षित की आत्मा मतलब शरीर

25
00:01:43,440 --> 00:01:48,000
में भगवान का मतलब कुछ ऑब्जेक्ट मतलब कुछ मतलब कुछ ऑब्जेक्टिव जानकारियां

26
00:01:48,000 --> 00:01:52,240
इनका ज्ञान है। कि ये ये भगवान इस शरीर

27
00:01:52,240 --> 00:01:56,560
में आया है। इसकी उंगली पकड़ के चलोगे तो यहां जाओगे वहां जाओगे।

28
00:01:56,560 --> 00:02:00,560
जो ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं यह यह ज्ञान है। यह ऑब्जेक्टिव जो

29
00:02:00,560 --> 00:02:04,800
दिखा रहे हैं इस नाम के व्यक्ति के अंदर आते हैं। यह वो ये

30
00:02:04,800 --> 00:02:09,520
तो मतलब इसका उससे तो कोई मतलब है ही नहीं कि सतोमा सद्गम तमसोमा ज्योतिर्गम

31
00:02:09,520 --> 00:02:13,520
मतम गम या फिर अथातो धर्म जिज्ञासा

32
00:02:13,520 --> 00:02:17,520
अथातो ब्रह्म जिज्ञासा इन सब से कोई मतलब नहीं है। सिर्फ नाम बता रहे जैसे

33
00:02:17,520 --> 00:02:21,520
रामपाल नाम में सारी झूठी बातें लिखी हुई है। असली सच्चाई

34
00:02:21,520 --> 00:02:25,520
आत्मा की सच्चाई सिर्फ इनका ज्ञान देता है। और बाकी

35
00:02:25,520 --> 00:02:29,760
में कुछ है कि वो ज्ञान ये है कि उसमें नाम पता चलता है कि कौन से

36
00:02:29,760 --> 00:02:33,760
किस नाम के शरीर में ये होगा। ये ज्ञान है। उनका कहना

37
00:02:33,760 --> 00:02:38,160
है कि भगवत गीता में भी लिखा हुआ है कि किस कहां पर भगवान का मतलब अवतरण

38
00:02:38,160 --> 00:02:42,880
होगा कौन सी जगह पर। तो भगवत गीता के आधार से ही

39
00:02:42,880 --> 00:02:47,040
नॉर्थ में जहां मतलब कंपिल गांव में एक साधारण शरीर में आएगा

40
00:02:47,040 --> 00:02:51,200
करके ये साफ लिखा गया है उनके ये भगवत गीता में। ये उनका

41
00:02:51,200 --> 00:02:55,520
कहना है ये उन्होंने अपना मिस इंटरप्रिटेशन कर दिया है।

42
00:02:55,520 --> 00:02:59,680
जी फिर बेटी को तो वीरेंद्र ये अमोल

43
00:02:59,680 --> 00:03:03,680
कोकने जो है वकील है और उसके अलावा यह भी बताया गया है कि

44
00:03:03,680 --> 00:03:07,840
उस वो अष्ट देवों में से एक हैं। और मुझे इस बात की बिल्कुल

45
00:03:07,840 --> 00:03:11,600
जानकारी नहीं थी क्योंकि उनका कहना था कि मम्मी जब ये सारी बातें

46
00:03:11,600 --> 00:03:15,760
फॉलो नहीं करती है तो ये सारी ये बातें नहीं समझ पाएगी जब तक वो ज्ञान

47
00:03:15,760 --> 00:03:19,760
में नहीं आएगी तो ये बातें मां को नहीं बताना है। तो पहली बार जब अमूल

48
00:03:19,760 --> 00:03:24,400
कोकने से बात हुई थी मेरी बेटी की तो मेरी बेटी ऐसे किसी से बात नहीं करती थी जनरली

49
00:03:24,400 --> 00:03:28,480
तो उसने क्या किया दूसरे फोन में रिकॉर्ड किया कि वो अपने आप देखना चाहती थी कि

50
00:03:28,480 --> 00:03:32,720
मतलब उसने बात की है सही तरीके से बात की है नहीं की है करके तो उसकी

51
00:03:32,720 --> 00:03:36,720
रिकॉर्डिंग मुझे मिली तो उसे समझ में आया कि वो पहले ही कॉल में जब

52
00:03:36,720 --> 00:03:40,800
मां के बारे में पूछ रहा है उससे तो पूछ रहा है कि

53
00:03:40,800 --> 00:03:45,040
मां तुमको हमेशा डांटती रहती है क्या क्योंकि उस तब तक मैं थोड़ा सा समझ चुकी

54
00:03:45,040 --> 00:03:49,120
थी कि यह कट रही है धीरे-धीरे मुझसे जब अमोल कोकनी से

55
00:03:49,120 --> 00:03:53,200
बात करना या उसके टच में आना चालू हुआ इसका। फिर एक बार मैंने उसका लैपटॉप

56
00:03:53,200 --> 00:03:57,200
ले लिया था। मतलब मैंने कहा तू यह सब काम करते बैठेगी तो मैं करने नहीं

57
00:03:57,200 --> 00:04:01,360
दूंगी। बाकी पढ़ाई करेगी टाइम से सोएगी तो करने दूंगी। और इनको

58
00:04:01,360 --> 00:04:05,520
एक चीज और सिखाई जाती है कि मां-बाप जो है वो बंधन

59
00:04:05,520 --> 00:04:09,520
है। तो वो एक एक कोड वर्ड जैसे उनको अगर बोलना है

60
00:04:09,520 --> 00:04:13,600
कि मम्मी पास में है तो उसको ये ये बोलती थी कि मैं बंधन में हूं।

61
00:04:13,600 --> 00:04:17,680
बोलते बोलते बोलते इसको यह फील होने लग गया कि मेरी मां अगर मेरे साथ

62
00:04:17,680 --> 00:04:21,840
है तो मैं बंधन में हूं। मुझे काम नहीं करने दे रही है। और इस काम

63
00:04:21,840 --> 00:04:26,080
से ही मैं सतयुग में जाऊंगी या फिर आगे

64
00:04:26,080 --> 00:04:26,720
की तरक्की

65
00:04:26,720 --> 00:04:30,720
होगी जो भी है। तो फिर इसको तो समझाया गया था कि उसको

66
00:04:30,720 --> 00:04:34,720
ये बातें रटा दी थी कि आप अगर अपनी मां के साथ हो तो बंधन में हूं।

67
00:04:34,720 --> 00:04:38,800
जी जी और फिर वो धीरे-धीरे वो सोचते-सचते बोलते बोलते फील

68
00:04:38,800 --> 00:04:42,880
भी करने लग गई कि मैं बंधन में हूं। जैसे ही मैं दिख जाती थी उसका मतलब

69
00:04:42,880 --> 00:04:46,880
तो चेहरा ही बदल जाता था कि अब मुझे काम नहीं करने देगी मेरी मां। पहले

70
00:04:46,880 --> 00:04:50,960
तो मैं स्कूल से आती थी या फिर इधर कहीं से भी बाहर तरह से ये

71
00:04:50,960 --> 00:04:56,960
ये ठीक उस तरह से दृश्य दिखाई दे रहा है जैसे वो

72
00:04:56,960 --> 00:05:01,120
केरला स्टोरीज की एक सच्चाई है ना कि वो जाकर के अपने पिता के

73
00:05:01,120 --> 00:05:05,200
मुंह पे थूकती है। वो भावनाएं आ जाती है उसके अंदर। ये इस

74
00:05:05,200 --> 00:05:09,600
समय वैसी भावनाएं उसके अंदर डाल दी गई आपकी बिटिया के। बिल्कुल मैंने केरला स्टोरी

75
00:05:09,600 --> 00:05:13,600
मतलब मेरी बेटी घर से जाने के बाद ही मैंने वो मूवी देखी तो कई सारे

76
00:05:13,600 --> 00:05:18,320
किस्से ऐसे मुझे दिख रहे थे कि ये हुआ है मेरे

77
00:05:18,320 --> 00:05:22,320
और लोग ये सोचते हैं कि ये जो है इस्लामिक संस्थाएं नहीं है। ये तो हिंदू धर्म

78
00:05:22,320 --> 00:05:26,480
की बात कर रही है। जबकि वही कार्य हो रहा है। केवल किताबों का नाम

79
00:05:26,480 --> 00:05:32,480
बदल गया है। आपकी किताबों के नाम के आधार पर वही कार्य हो रहा है। जी

80
00:05:35,120 --> 00:05:41,120
बोले।

81
00:05:41,120 --> 00:05:45,120
कभी भी मैं बाहर जाती थी तो निकलने से पहले ही पूछती थी कि कितनी देर में

82
00:05:45,120 --> 00:05:49,280
आओगे और मतलब 10-15 मिनट तो 10 मिनट लग जाएगी

83
00:05:49,280 --> 00:05:53,440
क्या इतने से काम में आपको ऐसे वैसे पूछती थी लेकिन जब इन लोगों से

84
00:05:53,440 --> 00:05:57,520
जुड़ी तो उसको लगता था कि मां जितनी देर बाहर रहे उतना अच्छा है और

85
00:05:57,520 --> 00:06:01,600
जैसे अगर मैं दो-ती घंटे भी लग जाते थे घर आती थी तो उसको मतलब उधर तुरंत

86
00:06:01,600 --> 00:06:06,000
समझ में आता था कि वो उधर फोन पे लगी है या उनका काम कर रही है तो उधर तुरंत

87
00:06:06,000 --> 00:06:10,000
समझ में आता था कि किसी को बोल रही कि मम्मी आ गई है घर पे इस तरीके से हिंट देते

88
00:06:10,000 --> 00:06:14,160
रहती है और कई बार मैंने देखा है कि मैं आ रही हूं तो उसको कुछ परवाह

89
00:06:14,160 --> 00:06:18,240
ही नहीं है वो अपने कमरे में है लगी है कोई फर्क नहीं पड़ रहा है उसको फिर

90
00:06:18,240 --> 00:06:22,240
मुझे ही बोलना पड़ता था कि बेटी मैं आ गई हूं घर थोड़ी थोड़ी देर मेरे साथ बिता ले

91
00:06:22,240 --> 00:06:26,400
तो फिर हां आ रही हूं करके जबरदस्ती आके मेरे साथ बैठती थी।

92
00:06:26,400 --> 00:06:30,480
फिर ऐसे करते-करते धीरे-धीरे उनको मतलब मुझे

93
00:06:30,480 --> 00:06:34,640
समझ में आ रहा था कि कुछ तो गलत हो रहा है। लेकिन अब अब हम मां बेटी हैं और मेरी

94
00:06:34,640 --> 00:06:38,800
इकलौती बेटी है तो मुझे इतना ज्यादा एक्सपीरियंस भी नहीं है कि बच्चे बड़े होते समय

95
00:06:38,800 --> 00:06:42,880
कितना मां मतलब पेरेंट्स से जुड़े रहते हैं या कटते हैं। कटती तो मुझे दिख

96
00:06:42,880 --> 00:06:46,880
रही है। लेकिन जब मैंने अपने फ्रेंड से बात की कि मेरी बेटी मुझसे कट रही

97
00:06:46,880 --> 00:06:50,240
है। मुझे समझ में नहीं आ रहा क्या कारण है। कहीं मैं डांटना करना भी

98
00:06:50,240 --> 00:06:54,480
नहीं करती हूं। तो कारण ही समझ में मुझे इस पर तो बिल्कुल शक ही नहीं हुआ क्योंकि कोई

99
00:06:54,480 --> 00:06:58,560
लड़कों से बात नहीं करती थी तो मैं एकदम निश्चिंत थी कि मेरी बेटी कहीं मतलब गलत जगह तो नहीं

100
00:06:58,560 --> 00:07:02,560
फंस रही है लेकिन ये ज्ञान जो इसका चल रहा है इस पर मैं शक

101
00:07:02,560 --> 00:07:06,800
भी नहीं कर सकती थी क्योंकि ये भगवत गीता के श्लोकों की बात करती है वही रटती

102
00:07:06,800 --> 00:07:10,800
है टाइम वेस्ट ये करती है नहीं तो कहां शक करूं समझ में

103
00:07:10,800 --> 00:07:14,800
ही नहीं आ रहा था फिर कहीं ना कहीं मुझे समझ में आ रहा था कि पूरा टाइम

104
00:07:14,800 --> 00:07:18,960
ये इसी में लगा रही तो यही कारण हो सकता है मुझसे कटने का और जब मैंने

105
00:07:18,960 --> 00:07:23,120
इससे बोलना चालू किया कि ये सब जो कर रही है तू गलत हो रहा है। भगवान मां बेटी

106
00:07:23,120 --> 00:07:27,200
को अलग नहीं करते हैं। तू घर में मेरे साथ रहते हुए भी मेरे साथ नहीं है। मैं बहुत

107
00:07:27,200 --> 00:07:31,280
अकेलापन फील कर रही हूं। तो ये सब बंद करना

108
00:07:31,280 --> 00:07:35,360
पड़ेगा तेरे को। मैं ऐसे नहीं तेरे को कंटिन्यू करने दूंगी तो कोई भगवान मां बेटी

109
00:07:35,360 --> 00:07:40,080
के बीच में नहीं आ सकते हैं। यहां तक आयु क्या थी आपकी बिटिया की?

110
00:07:40,080 --> 00:07:44,480
लगभग 16 साल। धीरे-धीरे वो उसकी

111
00:07:44,480 --> 00:07:49,280
बातों में आने लगी और उसी कॉल में उसने कहा कि आपको ना

112
00:07:49,280 --> 00:07:53,520
डॉक्टर इंजीनियर की पढ़ाई नहीं करना है। आप आध्यात्मिकता के रास्ते पर जाओगे

113
00:07:53,520 --> 00:07:57,760
तो सबसे हट के कुछ करोगे और हमारे पास अब ज्यादा टाइम नहीं बचा है। तो

114
00:07:57,760 --> 00:08:01,840
पहले कॉल से जो उसने पढ़ाई को लेके एक डिरेज करना

115
00:08:01,840 --> 00:08:05,360
चालू किया तो तब से उसकी पढ़ाई भी छूटने लगी। पहले पढ़ाई में अच्छी थी

116
00:08:05,360 --> 00:08:09,680
मेरी बेटी। तो इनका काम करते-करते कि

117
00:08:09,680 --> 00:08:13,920
यह YouTube के वीडियो सेवा उसको सेवा का नाम देते थे कि आप जितनी ज्यादा सेवा करोगे

118
00:08:13,920 --> 00:08:17,920
आपको ऊंचे पद का मेवा मिलेगा। उसके चैट में भी सब हर जगह यही लिखा

119
00:08:17,920 --> 00:08:21,920
है कि जितनी सेवा करोगे उतना ऊंचे पद का मेवा मिलेगा। तो हर दिन

120
00:08:21,920 --> 00:08:26,000
की इसको सेवा की रिपोर्ट देनी पड़ती थी कि आज क्या किया? तो आज इतने वीडियोस अपलोड किए,

121
00:08:26,000 --> 00:08:30,080
आज इतने वीडियोस की एडिटिंग की, आज ये किया, वो किया। चारप चीजें वो लिख के

122
00:08:30,080 --> 00:08:34,080
भेजती थी हर दिन की। और अगर किसी दिन उसने कुछ रिपोर्ट नहीं भेजा तो

123
00:08:34,080 --> 00:08:38,800
उस उस तरफ से अभी तक यह काम क्यों नहीं किया? मतलब ऐसे हक से वो डांटता था कि

124
00:08:38,800 --> 00:08:42,800
जैसे इसको नौकरी पर रखा है और वो ये काम कर रही है और वो डरती भी

125
00:08:42,800 --> 00:08:46,800
थी कि हर दिन काम नहीं किया तो नहीं भाई जी अभी भेजती हूं। अभी 9:00 बजे

126
00:08:46,800 --> 00:08:50,800
तक भेजती हूं। भाई जी ऐसा हुआ था भाई जी। मतलब अपना एक्सप्लेनेशन देती थी। फिर

127
00:08:50,800 --> 00:08:54,880
काम हो गया टाइम से तो वो तारीफ करता था कि बहुत अच्छा काम कर रही हो और काम नहीं

128
00:08:54,880 --> 00:08:59,280
होता था तो डांटता था। फिर यह पूछती थी भाई जी आप नाराज हैं क्या मुझसे?

129
00:08:59,280 --> 00:09:03,280
आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हैं? फिर दो दिन तीन दिन बात नहीं करता था।

130
00:09:03,280 --> 00:09:07,440
फिर कोई काम देता था तो इसको लगता था कि मैं पूरा मतलब अच्छा काम

131
00:09:07,440 --> 00:09:11,520
करके दिखाऊंगी तो भाई जी बात करेंगे मुझसे।

132
00:09:11,520 --> 00:09:15,600
तो ऐसे करते-करते पूरा उसको कंट्रोल में ले लिया।

133
00:09:15,600 --> 00:09:19,600
रात भर वो सोती नहीं थी। मैं उसको बुलाते बुलाते थक जाती थी कि बेटा सो जा

134
00:09:19,600 --> 00:09:20,640
आजा सोते हैं।

135
00:09:20,640 --> 00:09:24,960
कितनी देर तक वेट कर रही हूं मैं तेरा। तो वो अभी आ रही हूं। अभ्यार करते हैं लैपटॉप

136
00:09:24,960 --> 00:09:29,200
खोल के वैसे ही मतलब कभी आधी रात को उठ के देखती थी तो वैसे वैसे कुड़ के पड़ी रहती

137
00:09:29,200 --> 00:09:33,280
थी चटाई पर लैपटॉप चालू ही रहता था तो मुझे इतना अजीब लगता था कि चल क्या

138
00:09:33,280 --> 00:09:37,440
रहा है समझ ही नहीं पा रही हूं कि ये कर क्या रही हैं और कुछ भी पूछती थी तो बोलती

139
00:09:37,440 --> 00:09:41,520
थी कि स्कूल का काम कर रही हूं या ऐसे आप देख लो मतलब दोनों तरफ

140
00:09:41,520 --> 00:09:45,520
टैब चालू रहते थे उसके एक तरफ स्कूल का काम और एक तरफ इनका काम तो

141
00:09:45,520 --> 00:09:49,520
कभी-कभी ये भी चीजें दिखाती थी कि देख लो आप मैं स्कूल का ही प्रोजेक्ट का काम कर

142
00:09:49,520 --> 00:09:53,520
रही हूं कुछ तो मैं समझ मैं शक करूं तो किस बात कशा

143
00:09:53,520 --> 00:09:57,680
करूं यह भी मुझे समझ नहीं पा रही थी। तो कभी आधी रात को उठ के देखती फिर तकिया

144
00:09:57,680 --> 00:10:02,160
रख के उसके सर के नीचे ओढ़ा के फिर मैं अपने काम में लगती।

145
00:10:02,160 --> 00:10:06,400
समझ ही नहीं पा रही थी। पहले कॉल से उसने जो इसका ब्रेन वाश करना चालू किया कि

146
00:10:06,400 --> 00:10:12,400
आपकी लाइफ में कोई भी परेशानी है तो आप मुझे बताओ। तो बेटी

147
00:10:12,640 --> 00:10:16,720
मान रही थी कि वो एक केयरटेकर है। वो उसका ध्यान रखेंगे या ध्यान

148
00:10:16,720 --> 00:10:20,720
तो मैं रख ही रही थी। लेकिन जैसे ही मेरे खिलाफ वो बोलने लग गए कि

149
00:10:20,720 --> 00:10:24,720
तुम्हारी मां ज्ञान में नहीं चलती है और उनको इतनी जानकारी नहीं है और वो

150
00:10:24,720 --> 00:10:28,880
समझना भी नहीं चाह रही है तो धीरे-धीरे वो ज्ञान के आधार पर इसको सपोर्ट करना

151
00:10:28,880 --> 00:10:32,880
चालू किए हैं और बोल रहे थे कि जो भी बात है मुझे बताना करके और जब भी

152
00:10:32,880 --> 00:10:35,840
मैं सामने आती थी तो बेटी उनको मैसेज कर देती थी कि मम्मी सामने

153
00:10:35,840 --> 00:10:40,160
है तो अभी बात नहीं कर सकती बंधन में हूं और जैसे

154
00:10:40,160 --> 00:10:44,160
ही धीरे-धीरे हर दिन उनकी बात होती थी। कोड वर्ड था

155
00:10:44,160 --> 00:10:48,320
बंधन में हूं। कोड वर्ड जी जी जैसे

156
00:10:48,320 --> 00:10:52,560
इस्लामिस्ट हैं कि हम काफिर में सिखाते हैं कि भाई इनके पास जब तुम रहोगे

157
00:10:52,560 --> 00:10:56,560
तो बंधन में रहोगे जी और जो रामपाल वाले

158
00:10:56,560 --> 00:11:00,560
हैं वो कहते हैं कि ये जगत के लोग हैं। संगत के लोग

159
00:11:00,560 --> 00:11:04,640
नहीं है जगत के लोग हैं। इनके यहां भी वही बोला जाता है भाई

160
00:11:04,640 --> 00:11:08,640
जी कि ये लौकिक मां-बाप हैं और यह सिर्फ इस जन्म के मां-बाप हैं

161
00:11:08,640 --> 00:11:13,040
और आपको पुरुषार्थ सारे जन्मों का करना है और यह अंतिम जन्म है आपका।

162
00:11:13,040 --> 00:11:17,520
इस जन्म में आपने अगर सही पुरुषार्थ कर लिया तो आप सतयुग में जाओगे वरना नहीं

163
00:11:17,520 --> 00:11:21,600
तो बेटी मुझसे बहुत ज्यादा जुड़ी हुई थी तो उसको यह बोला गया है कि

164
00:11:21,600 --> 00:11:25,680
वो समझाने की कोशिश करती थी कि मम्मी नहीं समझ रही है ऐसे उनको बोलती थी तो बोलते

165
00:11:25,680 --> 00:11:29,760
थे कि यह सब मोह माया फिर भी नहीं समझ रही थी बेटी का जुड़ाव तो था

166
00:11:29,760 --> 00:11:33,840
ही बचपन से मुझसे तो फिर मोह माया के नाम से भी नहीं समझ

167
00:11:33,840 --> 00:11:38,000
रही थी तो उन्होंने एक और चीज ट्राई की कि तुम अगर सतयुग में जाओगी तो तुम्हारी

168
00:11:38,000 --> 00:11:42,160
मां भी तुम्हारी वजह से सतयुग में जाएगी तो तुम पुरुषार्थ करो अपना अभी

169
00:11:42,160 --> 00:11:46,240
तो नहीं मान रही है तुम्हारी मां लेकिन तुम जब चली जाओगी मां को छोड़ के या इस

170
00:11:46,240 --> 00:11:50,240
ज्ञान में आ जाओगी तो तुम्हारी मां भी समझने की कोशिश करेगी कि तुम कहां गई

171
00:11:50,240 --> 00:11:51,280
हो फिर वैसे

172
00:11:51,280 --> 00:11:55,360
तुम्हारी मां भी इस ज्ञान में आएगी अभी तो नहीं समझ रही है उनको अभी जरूरत महसूस

173
00:11:55,360 --> 00:11:59,440
नहीं हो रही है और ज्यादा टाइम नहीं बचा है तो तुमको अपनी मां की का भी भला करना

174
00:11:59,440 --> 00:12:03,520
है तो तुमको यह करना पड़ेगा ऐसे धीरे-धीरे रेगुलर

175
00:12:03,520 --> 00:12:07,760
टच में रहे फिर साल भर पूरा बीत गया और जैसे ही वो 18 साल की होने वाली थी तैयार

176
00:12:07,760 --> 00:12:11,920
उसको कर दिया गया है कि तुम अब तुमको आना है और मैं

177
00:12:11,920 --> 00:12:15,920
परेशान होकर फिर कभी उसको समझाने की कोशिश करती तो बेटी वहां

178
00:12:15,920 --> 00:12:19,920
बताती थी कि मां डांट रही है तो उनका उनको एक पॉइंट यह भी चाहिए था कि मां के

179
00:12:19,920 --> 00:12:23,920
खिलाफ कुछ सबूत उनको इकट्ठा करने थे कि मां डांटते रहती थी इसलिए बेटी घर छोड़ के

180
00:12:23,920 --> 00:12:28,160
गई तो बेटी को बोला गया था कि तुम रिकॉर्ड करो जो मां तुमको डांटती

181
00:12:28,160 --> 00:12:32,160
है। तो फोन तो हाथ में पकड़ के बैठी रहती थी और मुझे अंदाजा भी नहीं

182
00:12:32,160 --> 00:12:36,320
कि वो रिकॉर्ड कर रही है। तो जब भी मैं उसको समझाने की कोशिश करती थी या कभी डांट भी देती

183
00:12:36,320 --> 00:12:40,560
थी। तो सारी चीजें उसने रिकॉर्ड की। रिकॉर्ड करके सामने वालों को भेजा

184
00:12:40,560 --> 00:12:44,640
है। यह तो भेजा ही होगा जब उन्होंने कहा है। तो यह चीजें

185
00:12:44,640 --> 00:12:48,720
मुझे उसके फोन में रिकॉर्डिंग मिली। तो मुझे ख्याल आया कि ये तो मैंने उसको समझाने के लिए कहा था।

186
00:12:48,720 --> 00:12:52,800
ये रिकॉर्डिंग कहां से हो गई? कभी मैंने सोचा भी नहीं कि बेटी ऐसी बातें रिकॉर्ड कर

187
00:12:52,800 --> 00:12:57,040
सकती है। आपके घर में बैठी हुई आपकी ही बिटिया जिसको

188
00:12:57,040 --> 00:13:01,040
आपने अपने गर्भ से जन्म दिया था वो एक जासूस की

189
00:13:01,040 --> 00:13:05,440
तरीके से काम कर रही है। एक एजेंट की तरीके से काम कर रही है आपके विरोध में

190
00:13:05,440 --> 00:13:06,320
कि आपकी

191
00:13:06,320 --> 00:13:10,880
जो निजी क्षण होते हैं उनको रिकॉर्ड करके जिसमें

192
00:13:10,880 --> 00:13:14,880
आप अपनी बिटिया से बात कर रही हैं। ऐसे क्षणों को रिकॉर्ड करके और वह

193
00:13:14,880 --> 00:13:18,960
किसी पराए व्यक्ति को भेज रही हैं जिससे आपका कोई संबंध नहीं है। ना

194
00:13:18,960 --> 00:13:23,360
ही वह किसी तरीके से अधिकारी है शास्त्रों में ना ही वह किसी तरीके से अधिकारी

195
00:13:23,360 --> 00:13:27,440
है शास्त्रों का अर्थ बताने में वह किसी भी तरीके से प्रमाणिक व्यक्ति नहीं

196
00:13:27,440 --> 00:13:31,520
है। उस व्यक्ति को एक घर के बाहर

197
00:13:31,520 --> 00:13:35,520
के पर्सन को आपके घर का जो बच्चा है वह भेज रहा है आपकी

198
00:13:35,520 --> 00:13:39,600
निजी जानकारियां रिकॉर्ड करके भेज रहा है। इतना

199
00:13:39,600 --> 00:13:43,600
ब्रेन वाश एक बात मैं पूछूंगा कि

200
00:13:43,600 --> 00:13:47,760
जब आपने पहली बार यह डिक्लेअ किया था कि तुमको यह सब बंद करना होगा

201
00:13:47,760 --> 00:13:52,000
तो फिर उस दिन फिर उसका रिप्लाई क्या आया था? नहीं मां

202
00:13:52,000 --> 00:13:56,080
आप सही बोल रहे हो। मुझे पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए। एग्जाम भी पास आ रही है तो मैं

203
00:13:56,080 --> 00:14:00,480
ये सब बंद कर दूंगी। सारे ग्रुप से एग्जिट हो जाऊंगी करके। फिर उन्होंने सबको इन

204
00:14:00,480 --> 00:14:04,480
दे दी। जी कि इंफॉर्मेशन दे दी कि

205
00:14:04,480 --> 00:14:08,720
अब कुछ दिन तक मैं कांटेक्ट में नहीं रह पाऊंगी। एग्जाम पास में आ रही हो और

206
00:14:08,720 --> 00:14:12,720
मम्मी सब बंद करवा देगी करके और फिर सारे ग्रुप से एग्जिट हो गई

207
00:14:12,720 --> 00:14:17,760
तो मुझे मैं भी निश्चिंत हो गई कि अभी यह कुछ नहीं कर रही लेकिन

208
00:14:17,760 --> 00:14:21,520
सारा काम वो कर ही रही थी कैसे मतलब सारी इन लोगों के नाम

209
00:14:21,520 --> 00:14:25,520
उसने सारे टीचर्स के फ्रेंड्स के नाम से सेव कर रखा था जैसे अमोल कोकने का

210
00:14:25,520 --> 00:14:29,680
नाम कर रखा था ए के सर करके जैसे उसके कॉलेज के ही टीचर

211
00:14:29,680 --> 00:14:33,680
हैं और सबके चट्स लॉक करके रखा था तो कभी भी

212
00:14:33,680 --> 00:14:37,840
मुझे कुछ शक होता था कि तू कर क्या रही है पर फोन तो दिखा अपना तो फोन हाथ में लेती थी तो

213
00:14:37,840 --> 00:14:41,920
आराम से दे देती थी। देख लो क्या है इसमें? मैं किसी से बात कर रही हूं। क्या आप जानते हो

214
00:14:41,920 --> 00:14:46,080
मैं किसी लड़कों से बात नहीं करती हूं? तो आपको किस बात की चिंता हो रही हो? तो फिर मैं फोन

215
00:14:46,080 --> 00:14:50,240
देखती थी तो उसमें मुझे कुछ दिखता नहीं था और इतना भरोसा था बेटी पर कि कुछ गलत काम

216
00:14:50,240 --> 00:14:54,320
करेगी नहीं। अपने संस्कारों पर भरोसा था। लेकिन मैं ये नहीं

217
00:14:54,320 --> 00:14:58,400
समझ पाई कि ये भोलीभाली सीधी साधी इसको कुछ भी बोल दिया जाए भगवान के नाम

218
00:14:58,400 --> 00:15:02,560
पर तो ये मान लेगी करके। इस बात का मुझे अंदाजा भी नहीं था। तो

219
00:15:02,560 --> 00:15:06,560
सारे ध्यान रखनी चाहिए। एक बात यहां ध्यान देने वाली बात

220
00:15:06,560 --> 00:15:11,760
है कि हम अपने बच्चे को अधर्मी होने से बचा सकते हैं।

221
00:15:11,760 --> 00:15:15,840
परंतु जब अधर्म को ही धर्म के नाम पर परोसा जाएगा तो बच्चे को

222
00:15:15,840 --> 00:15:20,080
तो यही लगेगा ना कि मैं धर्म कर रहा हूं। जबकि वो होगा अधर्म। ये

223
00:15:20,080 --> 00:15:24,160
सोचने मां-बाप सोचते माता-पिता सोचते रहते हैं कि मैं अधर्म से दूर

224
00:15:24,160 --> 00:15:28,320
रखे हूं अपने संतान को। जबकि संतान को

225
00:15:28,320 --> 00:15:32,640
संतान को अधर्म नहीं करना है। मगर जब उसके सामने अधर्म धर्म के रूप में प्रस्तुत

226
00:15:32,640 --> 00:15:36,560
कर दिया जाएगा तब तो वह उसमें फंस सकता है। यदि उसको सही

227
00:15:36,560 --> 00:15:40,880
मार्गदर्शन सही दिशा नहीं मिली होगी। जी उसको

228
00:15:40,880 --> 00:15:45,280
यही बोला जाता है कि भगवान के नाम पर तुम अगर झूठ भी बोलोगी तो वो पाप नहीं होगा।

229
00:15:45,280 --> 00:15:49,280
वो युक्ति उसको युक्ति का नाम देते थे। तो अगर वो मुझसे झूठ भी बोलती थी

230
00:15:49,280 --> 00:15:53,440
तो युक्ति से युक्ति से पुरुषार्थ करना। उसको बोलते थे कि

231
00:15:53,440 --> 00:15:57,520
उसके बहुत सारे जी चैट में भी मिला है कि वो क्लासेस

232
00:15:57,520 --> 00:16:01,600
सुन रही है और उनको फिर क्लासेस सुनने के बाद जो जो ज्ञान के पॉइंट्स

233
00:16:01,600 --> 00:16:05,600
उन्होंने सुनाए हैं तो सबको पॉइंट सुनाना पड़ता है कि क्या-क्या पॉइंट्स आपने लिखे हैं या

234
00:16:05,600 --> 00:16:09,680
फिर ग्रहण किए हैं। तो वो पॉइंट नहीं सुना पाती थी।

235
00:16:09,680 --> 00:16:13,760
तो उसके चैट में था कि तुम पॉइंट क्यों नहीं सुना रही हो? करके पूछा जाता था। तो बोलती थी कि

236
00:16:13,760 --> 00:16:18,000
मां सो रही है। वो आधी रात की बात होती थी। जैसे सुबह 3:00 बजे 3:30

237
00:16:18,000 --> 00:16:22,080
बजे उस समय। तो बोलती थी कि मैं ईयरफोन लगाकर सुन रही हूं। मां सो

238
00:16:22,080 --> 00:16:26,240
रही है इसलिए मैं पॉइंट सुना नहीं सकती। मैं बाद में लिख के भेज दूंगी पॉइंट। तो फिर उसकी

239
00:16:26,240 --> 00:16:30,320
तारीफ की जाती थी कि देखो कितना युक्ति से तुम पुरुषार्थ कर रही हो। बहुत अच्छी बात है

240
00:16:30,320 --> 00:16:34,640
करके तारीफ होती थी। तो ऐसे करते-करते धीरे-धीरे

241
00:16:34,640 --> 00:16:38,800
सब कुछ मतलब उनके कंट्रोल में आने लग गया और बेटी पूरी तरह तैयार हो गई घर

242
00:16:38,800 --> 00:16:43,280
छोड़ के जाने के लिए। अब वो उनसे पूछने लग गई कि कब मुझे आना है।

243
00:16:43,280 --> 00:16:47,360
तो उससे मेरी बेटी पूछ रही थी कि कब मुझे आना है बताओ। तो उसका कहना था

244
00:16:47,360 --> 00:16:51,360
कि एडल्ट होने के बाद तुम नवंबर में एडल्ट होने वाली

245
00:16:51,360 --> 00:16:51,920
हो।

246
00:16:51,920 --> 00:16:57,200
दो महीने पहले वह पूछ रही थी तो उसने कहा कि एडल्ट होने के बाद यहां आना और

247
00:16:57,200 --> 00:17:01,440
जानकारी उसकी चैट से मिली है। जी जी सारी

248
00:17:01,440 --> 00:17:05,600
चैट्स के स्क्रीनशॉट मैंने रखी है। तो उसने भी

249
00:17:05,600 --> 00:17:09,840
उसका उसने कॉलेज ज्वाइन कर लिया था 12th के बाद। 12th

250
00:17:09,840 --> 00:17:14,160
के पहले भी वो पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं दे रही थी।

251
00:17:14,160 --> 00:17:18,400
मतलब लास्ट का एक महीना अगर मैं उसके पीछे नहीं लगती और इन सब चीजों

252
00:17:18,400 --> 00:17:22,480
को से दूर नहीं रखती उसको तो 12th में फेल हो जाती। एग्जाम्स में

253
00:17:22,480 --> 00:17:26,560
भी उसने कभी भी झूठ नहीं बोलती थी वो। मैं मतलब इतना अच्छे से

254
00:17:26,560 --> 00:17:30,560
उसको समझा के रखी थी कि झूठ बोलना भी पाप है। तो एग्जाम में उसने कॉपी तक

255
00:17:30,560 --> 00:17:34,640
किया क्योंकि वो पहले दिन तक इन्हीं का काम कर रही थी। अगले दिन सुबह उसकी एग्जाम थी।

256
00:17:34,640 --> 00:17:38,640
प्रैक्टिकल एग्जाम में वो पकड़ी गई। तो टीचर ने बताया कि इसने कॉपी किया

257
00:17:38,640 --> 00:17:42,640
एग्जाम में करके। तो मुझे बहुत अजीब लग रहा था कि ये कर

258
00:17:42,640 --> 00:17:46,720
क्या रही है आखिर। फिर उससे पूछा तो फिर रोने लग गई कि मुझे समझ में नहीं आ रहा था क्या

259
00:17:46,720 --> 00:17:50,800
करूं। बहुत परेशान हो गई थी मैं ऐसे वैसे करके। फिर चैट में समझ में आया

260
00:17:50,800 --> 00:17:54,800
कि वो उस दिन पहले दिन आधी रात तक इन्हीं लोगों का काम कर रही थी इनकी वाहवाही

261
00:17:54,800 --> 00:17:59,120
लेने के लिए या फिर इनका इनको नाराज ना करने के लिए।

262
00:17:59,120 --> 00:18:03,840
हम तो कॉलेज में ज्वाइन किया उसने और

263
00:18:03,840 --> 00:18:06,960
अब वो चाह रही है कि वो मुझसे दूर रहे और कॉलेज

264
00:18:06,960 --> 00:18:11,120
उसका 30 कि.मी. दूर था तो मैं भी परेशान थी कि सुबह 7:00 बजे निकलती थी कि शाम

265
00:18:11,120 --> 00:18:15,280
को फिर 7:00 बजे घर पहुंचती फिर कॉलेज का काम भी ज्यादा हो रहा था तो मैंने कहा

266
00:18:15,280 --> 00:18:19,360
हॉस्टल में रह लेगी क्या? पहले तो हॉस्टल में रहने से बिल्कुल उसको पतन नहीं था

267
00:18:19,360 --> 00:18:23,600
क्योंकि वो मार्च को छोड़ के नहीं रहना चाह रही थी। लेकिन इस बार जब मैंने कहा कि हॉस्टल

268
00:18:23,600 --> 00:18:27,600
में रह लेगी क्या तू? तो तुरंत उसने हां कर दी क्योंकि अब उसको मां से दूर रहना

269
00:18:27,600 --> 00:18:31,600
है क्योंकि मां की रोक-टोक चल रही है यहां पर और वहां पर रहेगी तो कोई रोक-टोक करने

270
00:18:31,600 --> 00:18:35,920
वाला नहीं होगा। तो तुरंत उसने हां भर ली और मैंने भी सोचा कि आना जाना परेश

271
00:18:35,920 --> 00:18:40,160
बहुत उसको प्रॉब्लम हो रही है तो हफ्ते में एक बार आया जाया करेगी।

272
00:18:40,160 --> 00:18:44,320
और यहां तक यहां तक यहां तक आप यह समझ चुकी

273
00:18:44,320 --> 00:18:48,400
थी कि मतलब आपके मन में यह आ गया था कि इसने वो छोड़ दिया

274
00:18:48,400 --> 00:18:52,480
आध्यात्मिक विषय क्योंकि आप डिक्लेअ कर चुकी हो ना जी जी

275
00:18:52,480 --> 00:18:56,480
तो इसने कहा था कर रही थी वो काम हां ग्रुप्स भी छोड़ दिया

276
00:18:56,480 --> 00:19:00,560
कर रही थी मगर आप वो कर रही थी मगर आपको ये लग रहा आपको ये लग

277
00:19:00,560 --> 00:19:04,640
रहा था कि अब ये हट चुकी है जी बहुत दिनों तक

278
00:19:04,640 --> 00:19:08,720
बिल्कुल किसी से कांटेक्ट नहीं कुछ नहीं अब मैं भी थोड़ा सा रिलैक्स हो गई कि

279
00:19:08,720 --> 00:19:12,720
ध्यान पूरा पढ़ाई में लगा रही है या कॉलेज का काम कर रही है। आधेआधी रात

280
00:19:12,720 --> 00:19:16,960
तक बैठ के प्रोजेक्ट वर्क कर रही है। तो मैं भी निश्चिंत हो गई थी। फ्रेंड्स के साथ घुलना मिलना

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00:19:16,960 --> 00:19:21,040
सब कुछ कर रही है। तो ठीक था। लेकिन कॉलेज से जब वो मैं मतलब

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00:19:21,040 --> 00:19:22,080
वीकेंड पर जब आती

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00:19:22,080 --> 00:19:26,320
थी घर पे तो मैं वेट कर रही थी। पहले हफ्ते जब हफ्ता

284
00:19:26,320 --> 00:19:30,480
भर पहली बार मुझसे दूर रही है तो मैं वेट कर रही थी कि अब आएगी कॉलेज से तो

285
00:19:30,480 --> 00:19:34,560
मिलेगी घर के। तो जैसे आपने कहा ना केरला स्टोरी में वो लड़की जैसे

286
00:19:34,560 --> 00:19:38,640
अपने पिता पर थूकती है वो घर के अंदर हिजाब

287
00:19:38,640 --> 00:19:42,640
पहन के जब घुसती है वही वाला सीन मतलब एकदम देखते ही मैं दें रह गई तो ये

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00:19:42,640 --> 00:19:46,640
सीन तो मेरे साथ हुआ है बेटी जैसे ही घर में घुसी कभी भी मैं घर से

289
00:19:46,640 --> 00:19:50,720
बाहर निकलती हूं या वो निकलती है तो गले मिलके कि मतलब जल्दी

290
00:19:50,720 --> 00:19:54,720
आना ऐसे वैसे ध्यान रखना अपना ये चीजें हर दिन की हुआ करती थी

291
00:19:54,720 --> 00:20:00,720
और उस दिन हफ्ते भर के बाद वह जब घर के अंदर घुसी

292
00:20:06,880 --> 00:20:11,040
सीधा घर के अंदर चली गई। देखा तक नहीं उसने मेरी तरफ।

293
00:20:11,040 --> 00:20:15,200
मैं रुक के मैंने पूछा उससे कि लाडो इतने दिन बाद तो आई

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00:20:15,200 --> 00:20:19,440
है।

295
00:20:19,440 --> 00:20:23,600
गले तो लग गए तो फिर आके ऐसा लगती है जैसे अब जबरदस्ती गले

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00:20:23,600 --> 00:20:27,760
लगना पड़ेगा। के तो वही जो

297
00:20:27,760 --> 00:20:31,760
केरला स्टोरी वाला सीन था वही समझ में आ रहा था कि कुछ बहुत ज्यादा गड़बड़ हो रहा

298
00:20:31,760 --> 00:20:36,640
है। मैंने सोचा कि उससे बात करूंगी आराम से। फिर

299
00:20:36,640 --> 00:20:41,040
उसके थोड़े दिन बाद की ही बात है जो वो घर छोड़ के चली गई। मैं उसको

300
00:20:41,040 --> 00:20:45,360
बड़े प्यार से रखने की कोशिश कर रही थी कि उसको डांटो ना बढ़ती उम्र है।

301
00:20:45,360 --> 00:20:49,520
शायद वो फ्रेंड से घुलमिल रही है इसलिए मुझसे दूर हो रही है। मैं बात करने की

302
00:20:49,520 --> 00:20:53,520
कोशिश करती और वो नहीं मां ऐसा कुछ नहीं है। आपको ही ऐसा लग रहा

303
00:20:53,520 --> 00:20:57,520
है। आपको दिख रहा है ना कितना काम है कॉलेज का आए हुए ऐसे करके। लेकिन साफ

304
00:20:57,520 --> 00:21:01,520
समझ में आ रहा था कि कट रही थी वो। और 17

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00:21:01,520 --> 00:21:07,120
नवंबर 2023 को वह 18 साल की हुई और

306
00:21:07,120 --> 00:21:11,280
18 तारीख को ही उसकी घर छोड़ने की बात थी। उन लोगों की तैयारी थी कि

307
00:21:11,280 --> 00:21:15,360
अगले दिन भी मां कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। वो 18 साल की अगर हो

308
00:21:15,360 --> 00:21:19,360
गई तो तो फिर 18 तारीख को वो जा

309
00:21:19,360 --> 00:21:21,920
नहीं पाई क्योंकि मैं अपने पेरेंट्स के पास गई हुई थी। दिवाली का

310
00:21:21,920 --> 00:21:25,920
टाइम था और हम सारी बहनें सब मिलने वाले थे। तो उस समय तो

311
00:21:25,920 --> 00:21:30,000
वो जा नहीं पाई। तो उसने बता दिया कि मैं अभी नहीं आ पाऊंगी। बर्थ सर्टिफिकेट

312
00:21:30,000 --> 00:21:34,080
वगैरह सब कुछ उसने लगभग मंगवा ही लिया था। फिर

313
00:21:34,080 --> 00:21:38,080
उसके चैट्स में जो लेडी उसको लेने आने वाली थी उसका भी मैसेज था कि मैं

314
00:21:38,080 --> 00:21:42,160
अभी आज दिल्ली जा रही हूं करके 18 तारीख की बात है। तो बाद में समझ में आया

315
00:21:42,160 --> 00:21:46,160
कि अगले दिन वो जाने वाली थी लेकिन उसका प्लान उस समय फ्लॉप

316
00:21:46,160 --> 00:21:50,560
हो गया था करके। फिर 14 तारीख को हम लोग कुछ 8 नवंबर

317
00:21:50,560 --> 00:21:54,560
कुछ निकले थे। अपने पेरेंट्स के घर गए थे। दिवाली थी 14 तारीख की

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00:21:54,560 --> 00:21:58,800
कुछ। तो उस समय हम लोग अपनी दीदी के घर गए थे जो इनके ज्ञान

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00:21:58,800 --> 00:22:03,120
में चलती हैं। उन्होंने इसको एक ड्राफ्ट दिया एक लेटर

320
00:22:03,120 --> 00:22:07,680
और एक सिम भी दिया था इसको कि इन लोगों के कांटेक्ट में रहे

321
00:22:07,680 --> 00:22:11,680
जिसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था मुझे। वो भी चैट में से ही पता चला बाद

322
00:22:11,680 --> 00:22:15,680
में कि यहां पर एक तुम्हारा एक लेटर पड़ा है और उसमें सिम पड़ी है तो तुम

323
00:22:15,680 --> 00:22:20,080
ले लेना करके। उस दिन के बाद की चैट हमको मिली नहीं कि सारा कांटेक्ट

324
00:22:20,080 --> 00:22:24,320
उसके बाद का उस नए सिम से हुआ था। तो फिर वो सिम यूज करने लगी

325
00:22:24,320 --> 00:22:28,560
और उस ड्राफ्ट में यह था कि उसको घर से निकलने के पहले सारे पुलिस

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00:22:28,560 --> 00:22:32,800
स्टेशन में क्या-क्या उसको लिख के देना। तो फिर

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00:22:32,800 --> 00:22:36,880
1 दिसंबर को फिर हम वहां से अपने पेरेंट्स के घर से आ गए। उसके

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00:22:36,880 --> 00:22:37,380
बाद

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00:22:37,040 --> 00:22:41,120
1 दिसंबर को इन लोगों का प्लान बना और उसके तीन दिन पहले उसने मुझसे कहा

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00:22:41,120 --> 00:22:45,120
कि कॉलेज की ट्रिप है। ट्रिप में जा रही हूं। मैं पोंडीचेरी जा रही हूं।

331
00:22:45,120 --> 00:22:49,120
तो तीन दिन लगेंगे उसमें। फिर उसने

332
00:22:49,120 --> 00:22:53,280
मुझसे पैसे लिए कुछ ₹4500 लिए। तो कैश मैंने देकर भेजा था

333
00:22:53,280 --> 00:22:57,280
और मैं परेशान थी कि कैश पास में रखेगी इतना हैंडल कर पाएगी नहीं कर पाएगी तो मैं उसको

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00:22:57,280 --> 00:23:01,440
बार-बार बोल रही थी कि तुम अपने किसी टीचर को दे देना अपने अकाउंट में रखना ऐसे वैसे

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00:23:01,440 --> 00:23:05,600
उसको समझा रही थी लेकिन सारे रास्ते जो घर से निकली

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00:23:05,600 --> 00:23:09,760
उस दिन 28 नवंबर को वो घर से निकली थी हॉस्टल के लिए एक तारीख को उसको

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00:23:09,760 --> 00:23:13,920
जाना था ट्रिप पर तो सामान लेके जितना उसको पहले

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00:23:13,920 --> 00:23:18,080
हॉस्टल में पहुंचाना था घर से जो लेके जाना था वो सारी सारा सामान धीरे-धीरे उसने

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00:23:18,080 --> 00:23:22,240
हॉस्टल में रख दिया और उस दिन जब सामान ले निकली तो उस समय में मैं नहा रही

340
00:23:22,240 --> 00:23:26,320
थी। वो जैसे जैसे निकलने से पहले गले लग के जाती है तो उस दिन वो

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00:23:26,320 --> 00:23:30,400
गले भी नहीं लग पाई थी। मेरे मैं नहा रही थी और उसने कहा कि जा रही हूं। मुझे लेट

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00:23:30,400 --> 00:23:34,480
हो रही है। कॉलेज की बस आने वाली है। तो फिर चली गई और फिर

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00:23:34,480 --> 00:23:40,480
वहां तक मेन रोड तक जाने के बाद उसको एहसास हुआ कि मां को।

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00:23:53,920 --> 00:23:56,320
हम

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00:23:56,320 --> 00:24:01,120
मां को छोड़ के जा रही हूं तो उसने मेन रोड पर सामान रखा अपना

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00:24:01,120 --> 00:24:05,360
फिर कॉल किया मुझे वापस घर आई वो घर आती

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00:24:05,360 --> 00:24:09,520
मतलब मां आप नीचे आओ एक बार करके मैंने कहा क्या हुआ तो बोली मैं कुछ भूल

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00:24:09,520 --> 00:24:13,680
गई हूं आप आओ नीचे तो मैंने कहा भेज रही हूं किसी के साथ मुझे

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00:24:13,680 --> 00:24:18,240
भी स्कूल जाना है लेट हो रही तो बोली नहीं आप आओ फिर नीचे गई तो उसने

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00:24:18,240 --> 00:24:22,800
गले लगाया मुझे और और कहां अपना ध्यान रखना

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00:24:22,800 --> 00:24:25,120
और

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00:24:25,120 --> 00:24:29,120
बस लव यू मां करके वो वापस निकल गई। मैं समझ ही नहीं पाई थी इतने

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00:24:29,120 --> 00:24:33,200
दिन बाद ऐसे मतलब इतना करते जा रही थी और आज फिर से वापस आके ये

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00:24:33,200 --> 00:24:37,280
कैसे गला गले लगा रही है। मैंने पूछा तो बोलती है आपकी शिकायत रहती ना आजकल

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00:24:37,280 --> 00:24:41,520
मैं आपसे बात नहीं करती हूं करके इसलिए मैं ट्रिप में जा रही हूं। दो-तीन दिन तक आऊंगी

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00:24:41,520 --> 00:24:45,840
नहीं ना इसलिए करके मैं आपको फिर से मिलने आई लेके

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00:24:45,840 --> 00:24:50,000
और मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह पूरी तरह

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00:24:50,000 --> 00:24:51,440
छोड़ के जाने की तैयारी में

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00:24:51,440 --> 00:24:53,760
है।

360
00:24:53,760 --> 00:24:59,760
फिर

361
00:25:14,380 --> 00:25:18,380
[संगीत]
