1
00:00:02,880 --> 00:00:08,240
सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे।

2
00:00:08,240 --> 00:00:10,640
और

3
00:00:10,640 --> 00:00:15,200
आज वो विशेष दिन है जब हम सेवन

4
00:00:15,200 --> 00:00:19,440
डेज कोर्स स्टार्ट करने जा रहे हैं हमारी बीके

5
00:00:19,440 --> 00:00:23,200
नीलमा जी के साथ।

6
00:00:23,200 --> 00:00:27,280
आपने देखा होगा कि हमने बहुत सारे बीके वालों

7
00:00:27,280 --> 00:00:31,040
के साथ

8
00:00:31,040 --> 00:00:35,280
बातचीत की है, वार्ताएं की है बहुत सारी। उसमें एक बात बड़ी

9
00:00:35,280 --> 00:00:39,280
बार-बार आकर के अटक जाती है कि भाई आप से डेज का कोर्स

10
00:00:39,280 --> 00:00:43,520
करिए नहीं तो आप कुछ समझ नहीं पाएंगे। आप से डेज का कोर्स करिए नहीं तो आप कुछ समझ नहीं पाएंगे।

11
00:00:43,520 --> 00:00:47,600
हालांकि प्रश्न ये उठता है कि जो प्रश्न आपसे पूछा जा रहा है यदि आपने से डेज

12
00:00:47,600 --> 00:00:51,680
का कोर्स किया है तो आप उस प्रश्न का उत्तर दे दो।

13
00:00:51,680 --> 00:00:55,840
और अगर कोई भी व्यक्ति कोई किसी भी प्रकार का दावा करने

14
00:00:55,840 --> 00:00:59,840
वाला अगर प्रत्येक दावा करने वाले व्यक्ति

15
00:00:59,840 --> 00:01:03,840
से उसका से डेज का कोर्स लेने की ही बात स्वीकार की जाए

16
00:01:03,840 --> 00:01:07,920
तो दुनिया में सब लोग कोई भी झूठी बात कहेंगे वो कहेंगे मेरा 15 दिन का पहले कोर्स लो या

17
00:01:07,920 --> 00:01:12,000
50 दिन का ये सब अलग-अलग चीजें हैं। फिलहाल

18
00:01:12,000 --> 00:01:17,680
से डेज के कोर्स को लेकर के जो यह प्राथमिक

19
00:01:17,680 --> 00:01:19,920
अह

20
00:01:19,920 --> 00:01:24,080
इनके यहां जाते टाइम जो प्राथमिक रूप से जो ब्रेन वाश होता है जो व्यक्ति वहां नया

21
00:01:24,080 --> 00:01:28,160
होता है और जो बातें उसको वहां से डेज तक उसको हिप्नोटाइज करके

22
00:01:28,160 --> 00:01:32,240
और जो उसको गुट्टी पिलाई जाती है तो वह कौन सी बातें होती है और

23
00:01:32,240 --> 00:01:36,800
कौन-कौन से प्रश्न है जो वहां पर उठ सकते हैं

24
00:01:36,800 --> 00:01:40,960
और किन-किन बातों पर बीके के पास उत्तर नहीं यह सब

25
00:01:40,960 --> 00:01:45,200
चीजें आपको इस यहां पर जो यह से डेज का कोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है

26
00:01:45,200 --> 00:01:50,320
बीके का ओरिजिनल तो वह सब बातें आपको यहां मिलेंग

27
00:01:50,320 --> 00:01:54,640
कि आप जब गए थे जो बीके के पुराने जुड़े हुए लोग हैं

28
00:01:54,640 --> 00:01:58,960
वो जब गए थे तो क्या आपने इस एंगल

29
00:01:58,960 --> 00:02:03,360
से प्रश्न सोचे थे जब आपको यह सब बताया गया था आपने पूछा था यह सब

30
00:02:03,360 --> 00:02:07,520
तो इस प्रकार से से डेज का कोर्स चलेगा उसी दिन

31
00:02:07,520 --> 00:02:11,600
आपके वो अगर आपने सेम डे नहीं पूछा पूछे थे तो जब आपसे क्वेश्चन करने को

32
00:02:11,600 --> 00:02:15,680
कहा गया था तब पूछे थे क्या क्वेश्चन करने को कहा गया था आपसे तो ये

33
00:02:15,680 --> 00:02:19,920
बीके में फंसे हुए लोगों के लिए बीके से प्रभावित लोगों के लिए भी बहुत इंपॉर्टेंट

34
00:02:19,920 --> 00:02:24,080
है ये सीरीज और जो बीके में अभी नहीं फंसे हैं या आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

35
00:02:24,080 --> 00:02:28,400
में नहीं फंसे हैं या बीके से उपजने वाले और अन्य

36
00:02:28,400 --> 00:02:32,880
जो मशरूम टाइप के पौधे हैं जो कुकुर

37
00:02:32,880 --> 00:02:35,760
मुत्ते टाइप के जितनी भी चीजें हैं

38
00:02:35,760 --> 00:02:39,760
तो अगर उसमें नहीं फंसे हैं तो आप सतर्क हो जाए अपने बच्चों बच्चों

39
00:02:39,760 --> 00:02:43,760
को सतर्क कर सके उसके लिए यह सीरीज है। ठीक है? तो सबसे पहले

40
00:02:43,760 --> 00:02:48,640
हम अपनी बी के नीलिमा जी को ऊपर ले लेते हैं।

41
00:02:48,640 --> 00:02:53,600
स्टेज पर ले लेते हैं और फिर आज वो हमें

42
00:02:53,600 --> 00:02:56,320
कोर्स कराएंगी।

43
00:02:56,320 --> 00:03:00,400
जय श्री राम। नीलिमा जी। ओम शांति। आपकी

44
00:03:00,400 --> 00:03:04,160
आवाज शांति। जी जी।

45
00:03:04,160 --> 00:03:08,240
अब आई आवाज? हां कुछ गड़बड़ हो रहा

46
00:03:08,240 --> 00:03:13,600
है। आप बोल पहले रही हो और फिर बाद में आवाज आ रही है।

47
00:03:13,600 --> 00:03:17,600
अच्छा दोबारा बोलिए। हां अब ठीक है। अब ठीक है। अब ठीक

48
00:03:17,600 --> 00:03:21,920
है। हां जी।

49
00:03:21,920 --> 00:03:26,000
ओम शांति। जी जय श्री राम।

50
00:03:26,000 --> 00:03:30,240
तो मैं आपका स्टूडेंट हूं आज।

51
00:03:30,240 --> 00:03:34,240
जी। और आप मुझे से डेज का कोर्स कराने वाली हैं। आप

52
00:03:34,240 --> 00:03:38,240
जो से डेज का कोर्स दिखाने के लिए अगर आपको कुछ चित्र दिखाने

53
00:03:38,240 --> 00:03:42,320
की आवश्यकता पड़ी तो आपने पीडीएफ जो मुझे भेजी है वो मैंने ऑपरेटर

54
00:03:42,320 --> 00:03:46,480
को दे दी है। आप जो कहेंग जो भी पेज नंबर आप बताएंगी वो वो यहां डिस्प्ले

55
00:03:46,480 --> 00:03:52,480
कर देंगे। ठीक है? और

56
00:03:53,680 --> 00:03:59,360
और जो है

57
00:03:59,360 --> 00:04:03,520
एक बात मैं कहना चाहता हूं। कई लोग ऐसे हैं जो यह समझते

58
00:04:03,520 --> 00:04:07,600
हैं कि यह जो वीरेंद्र देव दीक्षित है या और भी फलानी मंडली

59
00:04:07,600 --> 00:04:11,600
इत्यादि है वो जो है बीके से अलग

60
00:04:11,600 --> 00:04:16,000
है। उसका बीके से कोई मतलब नहीं है। अमोल कोकने का कोई मतलब नहीं है।

61
00:04:16,000 --> 00:04:20,240
जब मैं ऐसा कहता हूं कि बीके और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर मैं कोई बात कहता

62
00:04:20,240 --> 00:04:25,440
हूं उनको जोड़ते हुए तो ऐसे कई लोग आकर कमेंट करते हैं। उनको मैं ये बताना चाहता हूं

63
00:04:25,440 --> 00:04:30,000
कि भाई यह तय कैसे होगा यदि बीके वाला जब

64
00:04:30,000 --> 00:04:34,080
वीरेंद्र देव दीक्षित है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाला यह कह रहा है कि हम जो है बीके

65
00:04:34,080 --> 00:04:38,320
से ही सीख कर आए हैं सब कुछ मगर बीके के वर्तमान

66
00:04:38,320 --> 00:04:42,400
के लोग बदल गए हैं और हम वो चीज बता रहे हैं जो बीके में वास्तविकता

67
00:04:42,400 --> 00:04:46,480
में लेखराज जी ने बताई थी यही तो कहानी है तो आप कहोगे नहीं नहीं

68
00:04:46,480 --> 00:04:50,640
बीके वाले तय करेंगे कि उनकी चीजें कौन बता रहा है कौन नहीं बता रहा है तो क्या

69
00:04:50,640 --> 00:04:54,800
आपने तय की थी जब जब आप सनातन के नाम से प्रचार करने लगे

70
00:04:54,800 --> 00:04:58,800
थे। आपने सनातनियों से पूछा था कि आप आप

71
00:04:58,800 --> 00:05:03,040
भी तो वही आरोप लगाते हो ना कि हम सनातनी है। हम सनातन की वास्तविक

72
00:05:03,040 --> 00:05:07,360
शिक्षा दे रहे हैं और सनातन की जो सनातन के नाम पर जो आज धर्माचार्य

73
00:05:07,360 --> 00:05:08,720
जो शिक्षा दे रहे हैं वो सब गलत

74
00:05:08,720 --> 00:05:12,720
बता रहे हैं। जो काम आज वीरेंद्र देव दीक्षित और उससे जुड़ी हुई

75
00:05:12,720 --> 00:05:16,880
संस्थाएं आपका नाम लेकर कर रही हैं। वही कार्य आपने सनातन

76
00:05:16,880 --> 00:05:21,440
का नाम लेकर के किया था किसी समय। तो यह वह है कर्माज

77
00:05:21,440 --> 00:05:25,440
आर बैक है ना तो इसलिए जिस दिन आप अपने आप

78
00:05:25,440 --> 00:05:29,520
को सनातनी का चोला ओढ़ के प्रचार करना बंद कर दोगे उस दिन मैं आपको

79
00:05:29,520 --> 00:05:33,680
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय से जोड़ना बंद कर दूंगा वरना ये फालतू की बातें करना

80
00:05:33,680 --> 00:05:37,760
बंद करो और अगर करनी है तो सामने आकर जी बी

81
00:05:37,760 --> 00:05:41,840
के नीलमा जी मैं आज आपका स्टूडेंट हूं और आप

82
00:05:41,840 --> 00:05:46,000
मुझे वो सेवन डेज का कोर्स करा दीजिए क्योंकि यह बड़ा एक मेरे ऊपर

83
00:05:46,000 --> 00:05:50,160
सर पर दर्द जैसा आ जाता है। मैं किसी से सवाल कर रहा होता हूं तो वो

84
00:05:50,160 --> 00:05:55,280
कहते हैं कि आपने से डेज का कोर्स नहीं किया इसलिए आपको समझ में नहीं और आप ना

85
00:05:55,280 --> 00:05:59,760
ड्यूरिंग द ये टीचिंग से डेज का कोर्स आप

86
00:05:59,760 --> 00:06:03,920
एक जैसे पूरा जो समर्थक होती है ना ब्रह्मा

87
00:06:03,920 --> 00:06:08,000
कुमारी की उस रूप में आप रहिएगा हर पैतरा जो अपनाया जा सकता

88
00:06:08,000 --> 00:06:12,080
है मेरे प्रश्नों से बचने का वो अपनाइएगा प्रश्न को घुमाने का भी

89
00:06:12,080 --> 00:06:16,560
अगर पैतरा हो सकता है कि उत्तर नहीं है और आप घुमाना चाहे तो वह भी आप करिएगा

90
00:06:16,560 --> 00:06:20,640
आज आप पूरा बीके की समर्थक बनके ही चलिएगा। पहले

91
00:06:20,640 --> 00:06:23,760
तो आप मुझे एक वो सेशन देंगे फर्स्ट डे वाला उसके बाद

92
00:06:23,760 --> 00:06:29,040
मैं क्वेश्चन करूंगा। तब के लिए बोल रहा हूं। जी ठीक है। स्टार्टिंग जय श्री राम।

93
00:06:29,040 --> 00:06:34,800
ओम शांति।

94
00:06:34,800 --> 00:06:39,040
जो से डेज कोर्स है पहले तो वो देखिए

95
00:06:39,040 --> 00:06:43,760
आप भगवान में श्रद्धा रखते हैं परमात्मा को मानते हैं

96
00:06:43,760 --> 00:06:47,760
ईश्वर को जिस भी रूप में मानते हैं आप उसको सबको

97
00:06:47,760 --> 00:06:51,920
एक तरफ रख के अपनी बुद्धि को मन बुद्धि

98
00:06:51,920 --> 00:06:55,280
को एकदम खाली करके

99
00:06:55,280 --> 00:07:00,240
एकदम से वो प्याला ऐसा करके कि इसमें

100
00:07:00,240 --> 00:07:04,400
समाहित हो सके तो अपने जो भी ज्ञान है आप उनको एक साइड

101
00:07:04,400 --> 00:07:08,560
रख दीजिए आज है ना तो

102
00:07:08,560 --> 00:07:13,280
जो हम सुना रहे हैं पहले आप उसको समझिएगा सुनिएगा

103
00:07:13,280 --> 00:07:18,080
क्योंकि विश्व भर में बहुत सारे ज्ञान है

104
00:07:18,080 --> 00:07:22,640
बहुत सारी मान्यताएं हैं बहुत सारी बातें हैं

105
00:07:22,640 --> 00:07:26,640
और बहुत सारी चीजें हमने इधर उधर से सुनी होती है कि

106
00:07:26,640 --> 00:07:31,120
परमात्मा ऐसा है परमात्मा यह है परमात्मा वो है

107
00:07:31,120 --> 00:07:35,360
हम ऐसे हैं लेकिन हमने परमात्मा को जानने की बात तो की

108
00:07:35,360 --> 00:07:39,040
है पर कभी खुद को जानने की बात नहीं की।

109
00:07:39,040 --> 00:07:43,520
जैसा कि आपने मुझे बोला कि मैं एस एन टीचर ज्ञान चुनाऊं।

110
00:07:43,520 --> 00:07:47,760
ऐसा आप भी एस एन स्टूडेंट मेरा ज्ञान चुनेगा।

111
00:07:47,760 --> 00:07:51,840
तो प्रॉपर जब से डेज कोर्स करने कोई आता

112
00:07:51,840 --> 00:07:55,920
है तो ऐसे ही नहीं आता है। से डेज कोर्स करने के

113
00:07:55,920 --> 00:07:59,920
पहले भी वो जिज्ञासु होता है। तब वो

114
00:07:59,920 --> 00:08:04,000
सेंटर तक पहुंचता है। जिज्ञासा कैसे पैदा होती है?

115
00:08:04,000 --> 00:08:08,240
जिज्ञासा ऐसे पैदा होती है। मान लीजिए आपने कहीं हमारा कोई कोर्स

116
00:08:08,240 --> 00:08:12,480
सुना है। कभी आपने हमारी कोई बात कहीं

117
00:08:12,480 --> 00:08:16,640
सुनी है। कोई चैनल पर कहीं देखा है। अब प्रभावित

118
00:08:16,640 --> 00:08:21,120
कैसे हुए? आप ब्रह्मा कुमारी से प्रभावित हुए

119
00:08:21,120 --> 00:08:26,080
और प्रभाव में आके आपने कहीं से सेंटर का एड्रेस लिया

120
00:08:26,080 --> 00:08:30,160
और आप सेंटर पर पहुंचे। ऐसे ना आप कहीं ना कहीं

121
00:08:30,160 --> 00:08:34,560
से तो इनफ्लुएंस होकर यहां तक आए ना कि कोर्स करना है चाहे

122
00:08:34,560 --> 00:08:38,800
रीजन कुछ भी है आपका तो जो भी रीजन

123
00:08:38,800 --> 00:08:42,880
है अभी आप बिल्कुल कोरा कागज होके सारे ज्ञान को एक

124
00:08:42,880 --> 00:08:47,200
तरफ रख के अपनी प्राप्तियों को एक तरफ रख के ये ज्ञान सुनिएगा

125
00:08:47,200 --> 00:08:51,280
परमात्मा को पाने की बात तो बहुत दूर की होती है। पहले तो

126
00:08:51,280 --> 00:08:54,240
व्यक्ति को खुद का पता नहीं होता है।

127
00:08:54,240 --> 00:08:59,040
तो पहले हम खुदा को समझे फिर खुदाई को समझे।

128
00:08:59,040 --> 00:09:03,120
पहले खुदा को जानना जरूरी है। फिर खुदाई तक जाइए आप।

129
00:09:03,120 --> 00:09:07,440
खुद खुद को नहीं जानते तो खुदाई को क्या समझेंगे? है ना?

130
00:09:07,440 --> 00:09:11,680
तो सबसे पहला जो चैप्टर है हमारा वो हम आपको

131
00:09:11,680 --> 00:09:15,760
स्वयं का ज्ञान देते हैं। पहले स्वयं का ज्ञान हो

132
00:09:15,760 --> 00:09:20,560
जिसमें आत्मा का ज्ञान बोलते हैं। आत्मा का परिचय।

133
00:09:20,560 --> 00:09:24,640
आत्मा का लक्ष्य क्या है? आत्मा जीवन में चाहती

134
00:09:24,640 --> 00:09:29,040
क्या है? आपके यहां आने का उद्देश्य क्या है? आपके जीवन

135
00:09:29,040 --> 00:09:33,040
का वो रहस्य जो परमात्मा ही बता सकते हैं।

136
00:09:33,040 --> 00:09:37,200
कोई और नहीं बता सकते। वो तो तब जानेंगे ना जब आप खुद को

137
00:09:37,200 --> 00:09:41,360
समझेंगे। तो हमारे यहां से डेज

138
00:09:41,360 --> 00:09:45,520
कोर्स की एक पूरी बुक है। प्रॉपर बुक तो मेरे पास सेंटर

139
00:09:45,520 --> 00:09:49,600
वाली है लेकिन मैंने आपको दिया है। ये मेरे सेंटर

140
00:09:49,600 --> 00:09:53,840
की ही बुक है। बकायदा मेरा नाम लिखा है। ये इतनी

141
00:09:53,840 --> 00:09:57,920
बड़ी बुक हमें मिलती है वहां से। तो

142
00:09:57,920 --> 00:10:02,400
ये लिखा है। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ये आपको शाइन में पता चल रहा होगा।

143
00:10:02,400 --> 00:10:06,720
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वर विश्वविद्यालय कोर्स

144
00:10:06,720 --> 00:10:09,360
की बुक है। इतना बड़ा यह चैप्टर होता

145
00:10:09,360 --> 00:10:13,440
है। तो सबसे पहले

146
00:10:13,440 --> 00:10:18,400
वैसे तो मुझे नहीं पता ऑनलाइन आपके पास है क्या? ये

147
00:10:18,400 --> 00:10:22,400
चार धाम बोले गए हैं। जहां पर आप आए

148
00:10:22,400 --> 00:10:26,880
हो। यह चार धाम समान है।

149
00:10:26,880 --> 00:10:31,120
चार धाम वो नहीं है जो चार धाम आप यात्रा करते हैं। चार धाम

150
00:10:31,120 --> 00:10:35,120
यह है। देखिए हिंदू चार धाम की यात्रा करता है। क्या

151
00:10:35,120 --> 00:10:39,360
ये प्राप्ति कर लेगा उस यात्रा से? हिंदू को तो यह समझना चाहिए।

152
00:10:39,360 --> 00:10:43,760
किसी भी धर्म को यह समझना चाहिए कि प्रॉपर चार धाम तो यह है।

153
00:10:43,760 --> 00:10:47,760
जैसे ओम शांति भवन पांडव भवन में हमारा

154
00:10:47,760 --> 00:10:52,240
एक कैंपस है। फिर है डायमंड हॉल।

155
00:10:52,240 --> 00:10:57,760
हमारे शांति वन में हमारा एक कैंपस है जिसमें भगवान की प्रवेशता होती है।

156
00:10:57,760 --> 00:11:02,160
फिर है ज्ञान सरोवर। ज्ञान सरोवर

157
00:11:02,160 --> 00:11:06,480
के अंदर हम लोग विंग्स के प्रोग्राम करते हैं। तपस्या

158
00:11:06,480 --> 00:11:10,480
धाम इसमें बाबा ब्रह्मा जब चले

159
00:11:10,480 --> 00:11:14,480
गए तो 1994 में नीचे जो सबसे पहली बिल्डिंग बनी वो ये

160
00:11:14,480 --> 00:11:18,560
है। तो यह हम चार धाम के रूप में पूजते हैं।

161
00:11:18,560 --> 00:11:22,720
यही लास्ट में आपको असाइलम के रूप में काम

162
00:11:22,720 --> 00:11:24,560
आएगा। जब इस दुनिया

163
00:11:24,560 --> 00:11:28,800
का महाविनाश होगा। तो महाविनाश के समय सब

164
00:11:28,800 --> 00:11:33,120
यहां पर असलम की तरह से आएंगे। यह चार धाम की यात्रा

165
00:11:33,120 --> 00:11:37,520
है। यह समझ के आप कोर्स करिए। पहला चैप्टर

166
00:11:37,520 --> 00:11:41,680
तो फर्स्ट चैप्टर आप ऑनलाइन भी निकाल लीजिए। अगर आप ऑनलाइन निकालेंगे

167
00:11:41,680 --> 00:11:46,400
तो मुझे ज्यादा सुविधा होगी। मैं प्रॉपर बता सकूंगी।

168
00:11:46,400 --> 00:11:50,800
पहला चैप्टर के पहले चैप्टर के चित्र निकाल दीजिए। ऑपरेटर जी। पहला चैप्टर

169
00:11:50,800 --> 00:11:56,000
है मैं आत्मा हूं। थोड़ा नीचे करिए।

170
00:11:56,000 --> 00:12:00,640
हां तो ये ये आप देखिए आप आत्मा है। आपके

171
00:12:00,640 --> 00:12:04,720
आत्म ज्ञान को यहां हम जागृत करते हैं। प्रॉपर आप

172
00:12:04,720 --> 00:12:09,440
परमात्मा पिता के संतान है। तो इसमें आप देखेंगे

173
00:12:09,440 --> 00:12:13,760
आत्मा बिना आत्मा के शरीर

174
00:12:13,760 --> 00:12:18,400
जड़ है। एकदम से वो हड्डी मांस का पुतला है।

175
00:12:18,400 --> 00:12:22,560
और जब इसमें आत्मा आती है तो इसमें मन, बुद्धि, संस्कार

176
00:12:22,560 --> 00:12:26,640
यह तीन बिंदी देख रहे हैं। नीचे आत्मा से नीचे तीन बिंदी मन,

177
00:12:26,640 --> 00:12:30,720
बुद्धि और संस्कार तीनों से मिलकर आत्मा बनती है। जिसमें मन,

178
00:12:30,720 --> 00:12:35,120
बुद्धि और संस्कार काम करते हैं तो प्रॉपर आत्मा इसमें

179
00:12:35,120 --> 00:12:39,520
जीव आत्मा कहलाती है। जैसे ही आत्मा उसके अंदर प्रवेश करती है हड्डी

180
00:12:39,520 --> 00:12:40,020
मांस

181
00:12:39,760 --> 00:12:44,400
के पुतले के अंदर वो जीवात्मा कहलाती है। तो

182
00:12:44,400 --> 00:12:50,400
ऊपर करिए इसको थोड़ा आप चित्र को दिखाइए तो मैं स्पष्ट कर दूं आपको।

183
00:12:52,720 --> 00:12:57,440
हां तो यह जो व्यक्ति बीच में समझाइश दे रहा है आपको

184
00:12:57,440 --> 00:13:01,680
कि यहां पर उंगली है उसकी माथे में कि जीवात्मा

185
00:13:01,680 --> 00:13:05,680
मस्तक में यहां पर ललाट में विराजमान होती

186
00:13:05,680 --> 00:13:09,760
है। यहां मस्तक में विराजमान होती है और पूरे शरीर को चलाती

187
00:13:09,760 --> 00:13:14,160
है। अब कोई कोई बोलते हैं कि आत्मा तो यहां है।

188
00:13:14,160 --> 00:13:18,320
आत्मा तो कहीं और है। तो अगर हम यहां आत्मा

189
00:13:18,320 --> 00:13:22,640
को रखेंगे तो ऐसे तो

190
00:13:22,640 --> 00:13:26,720
ऊपर से कोई संतुलन ही नहीं बनेगा। तो संतुलन दिखाने के

191
00:13:26,720 --> 00:13:31,120
लिए नीचे आप देखिए कार का चित्र है। ऊपर करिए

192
00:13:31,120 --> 00:13:34,160
थोड़ा इसको।

193
00:13:34,160 --> 00:13:38,320
नीचे एक कार का चित्र है। है ना? ये जैसे गाड़ी में

194
00:13:38,320 --> 00:13:42,320
मोटर में सामने ड्राइवर बैठता है और

195
00:13:42,320 --> 00:13:46,320
कार को चलाता है तो ये आत्मा शरीर

196
00:13:46,320 --> 00:13:50,640
को ऐसे चलाती है और वो फ्रंट सीट पर बैठती है इसीलिए

197
00:13:50,640 --> 00:13:54,720
आत्मा की फ्रंट सीट है और वो शरीर

198
00:13:54,720 --> 00:13:59,120
रूपी कार को चला रही है। इसलिए आत्मा निराकार है। निराकार

199
00:13:59,120 --> 00:14:03,280
माना ये शरीर रूपी कार और उसमें ये आत्मा।

200
00:14:03,280 --> 00:14:07,520
तो जो आत्मा है वो कैसे काम करती है कि सारा

201
00:14:07,520 --> 00:14:11,760
जो मनुष्य का शरीर है वो इसके बिना कुछ नहीं है। जड़ है

202
00:14:11,760 --> 00:14:16,080
तो चेतन आत्मा है। तो जो भी आत्मा के साथ है

203
00:14:16,080 --> 00:14:20,240
जुड़ा हुआ कर्म वो आत्मा के साथ पूर्व जन्म का

204
00:14:20,240 --> 00:14:24,880
यहां हमको मिलता है और इस जन्म के अनुसार ही हम

205
00:14:24,880 --> 00:14:29,200
फिर आगे जो भी कर्म करते हैं उस अनुसार जन्म

206
00:14:29,200 --> 00:14:33,280
लेते हैं। तो परमात्मा पिता भी कुछ ऐसे ही

207
00:14:33,280 --> 00:14:37,440
है। निराकार आत्मा का पिता भी निराकार है। तो

208
00:14:37,440 --> 00:14:41,440
निराकार शिव की संतान हम निराकार आत्मा है।

209
00:14:41,440 --> 00:14:45,840
तो आत्मा के अंदर सारा कर्म का लेखा जोखा होता है। जैसे

210
00:14:45,840 --> 00:14:49,280
मोबाइल के अंदर चिप होती है। ऐसे ही

211
00:14:49,280 --> 00:14:53,360
इस शरीर के अंदर आत्मा के अंदर कर्म की सारी रिकॉर्डिंग होती

212
00:14:53,360 --> 00:14:57,680
है। जो भी हम कर्म करते हैं वो सारी रिकॉर्डिंग आत्मा

213
00:14:57,680 --> 00:15:01,840
अनुसार हम कार्य करते रहते हैं। शरीर से इसका

214
00:15:01,840 --> 00:15:06,000
कोई लेना देना नहीं है। जीवात्मा शरीर को

215
00:15:06,000 --> 00:15:10,000
यूज करती है। प्रयोग करती है। लेकिन कर्म सारा बंधन जो

216
00:15:10,000 --> 00:15:14,160
है वो आत्मा के साथ होता है। आत्मा के स्वरूप है।

217
00:15:14,160 --> 00:15:18,320
जैसे मन बुद्धि संस्कार संस्कार के थ्रू वो काम

218
00:15:18,320 --> 00:15:22,320
करता है। कोई भी व्यक्ति तो वो आत्मा

219
00:15:22,320 --> 00:15:26,560
कहलाती है। आत्मा का स्वधर्म क्या है? हम ओम शांति क्यों बोलते हैं? जैसे

220
00:15:26,560 --> 00:15:30,960
आपने जो भी बोला नमस्ते किया तो मैंने ओम शांति

221
00:15:30,960 --> 00:15:35,280
किया तो ओम शांति क्यों करते हैं? आत्मा का स्वधर्म शांति है।

222
00:15:35,280 --> 00:15:39,520
तो स्वधर्म शांति है तो हम शांति बोलते हैं कि भाई

223
00:15:39,520 --> 00:15:43,680
याद रहे उसका स्वधर्म कि मैं शांत स्वरूप आत्मा हूं।

224
00:15:43,680 --> 00:15:47,760
तो मेरे बहुत प्रकार के गुण है। जैसे शरीर के कई गुण होते

225
00:15:47,760 --> 00:15:52,080
हैं। शरीर के हाथ है, पैर है, मुख है। यह सब अंग

226
00:15:52,080 --> 00:15:56,080
है। आत्मा के भी अंग है जैसे मन बुद्धि संस्कार

227
00:15:56,080 --> 00:16:00,240
तो मन जिसमें वो चिंतन करता है विचार आता है

228
00:16:00,240 --> 00:16:04,240
बुद्धि जिससे वो निर्णय लेता है और संस्कार

229
00:16:04,240 --> 00:16:04,740
उसको

230
00:16:04,720 --> 00:16:09,040
रिपीट रिपीट करते करते जो संस्कार बनता है उस अनुसार

231
00:16:09,040 --> 00:16:13,040
आत्मा कार्य करती है तो जब हम आत्मा के

232
00:16:13,040 --> 00:16:17,520
कर्म की बात करते तो आत्मा का कर्म सबसे पहले शांति है। धर्म

233
00:16:17,520 --> 00:16:21,520
शांति है। सबसे पहले वो अपने धर्म को पहचाने कि आत्मा

234
00:16:21,520 --> 00:16:25,600
का धर्म शांत स्वरूप है। तो इसलिए हम ओम शांति

235
00:16:25,600 --> 00:16:30,000
बोलते हैं। जिससे कि मुझे मेरे आत्मा का धर्म मेरा स्वरूप

236
00:16:30,000 --> 00:16:34,160
याद रहे। तो यही है पहला चैप्टर। इस पहले चैप्टर

237
00:16:34,160 --> 00:16:38,640
में आपको एक ही बात समझनी है कि हमें पहले जड़ चेतन

238
00:16:38,640 --> 00:16:43,040
को समझना है। जड़ है शरीर चेतन है आत्मा और आत्मा

239
00:16:43,040 --> 00:16:47,120
के स्वरूप को शांति का दान देना जरूरी है।

240
00:16:47,120 --> 00:16:51,200
रोज रोज उसको शांति का दान दीजिए। रोज शांत स्वरूप आत्मा

241
00:16:51,200 --> 00:16:55,520
को समझिए। तो रोज हमें शांति याद रहे इसलिए हम ओम शांति

242
00:16:55,520 --> 00:17:01,040
कॉल करते हैं। ओम शांति ओम शांति है ना

243
00:17:01,040 --> 00:17:05,520
इसमें जो यह वाली बात है कि आत्मा जो

244
00:17:05,520 --> 00:17:09,520
है एकिस्ट करती है तो उसके संबंध में जो वो थ्योरी देती

245
00:17:09,520 --> 00:17:14,080
है ब्रह्मा कुमारी मैं हम हर काम को करते समय बोलते हैं मेरा

246
00:17:14,080 --> 00:17:18,320
मेरे हाथ तो मैं कहां है तो ये आत्मा

247
00:17:18,320 --> 00:17:20,320
को समझे कैसे हम

248
00:17:20,320 --> 00:17:24,320
क्या है आत्मा को देखिए आत्मा को समझने के लिए तो

249
00:17:24,320 --> 00:17:30,080
आपको यह मानना होगा ना कि आप आत्मा है

250
00:17:30,080 --> 00:17:34,480
मतलब और कुछ समझने का तरीका नहीं है। मतलब

251
00:17:34,480 --> 00:17:38,880
हम बस किसी ने धर्म को जानना होगा। किसी ने कहा आपने माना

252
00:17:38,880 --> 00:17:43,040
मतलब किसी ने क्या ब्रह्मा बाबा ने कहा परमात्मा शिव

253
00:17:43,040 --> 00:17:45,680
नेह

254
00:17:45,680 --> 00:17:50,000
ब्रह्मा बाबा यहां दादा लेखराज की बात करते हैं हम

255
00:17:50,000 --> 00:17:54,080
और वो बहुत महान हस्ती है जिनकी बात मैं कर

256
00:17:54,080 --> 00:17:59,360
रही हूं। लेकिन यह मैं आपको से डेज कोर्स के बाद बताऊंगी।

257
00:17:59,360 --> 00:18:03,440
तो मतलब आत्मा को हम इसलिए माने

258
00:18:03,440 --> 00:18:07,600
क्योंकि ब्रह्मा बाबा ने कहा है। ब्रह्मा बाबा को हम इसलिए माने क्योंकि आपने

259
00:18:07,600 --> 00:18:11,760
कहा है। नहीं क्योंकि शिव बाबा ने कहा है। परमात्मा शिव ने कहा

260
00:18:11,760 --> 00:18:16,880
है। तो शिव बाबा ने शिव बाबा कौन है?

261
00:18:16,880 --> 00:18:21,200
शिव बाबा मतलब परमात्मा ज्योति स्वरूप है। जैसे आत्मा चैतन्य स्वरूप

262
00:18:21,200 --> 00:18:25,520
ज्योति स्वरूप बताया मैंने ऐसे परमात्मा भी चैतन्य ज्योति स्वरूप

263
00:18:25,520 --> 00:18:29,520
है। नहीं यह तो ठीक है मगर मेरा

264
00:18:29,520 --> 00:18:35,040
मैं उस कैसे बिलीव कर लूं जो आप कह रही उस

265
00:18:35,040 --> 00:18:39,200
आपको बिलीव करना इसलिए होगा क्योंकि सबसे पहले आपको इस ज्ञान में बिलीव

266
00:18:39,200 --> 00:18:43,520
करना होगा जहां आप बैठे हैं आप उसको उसमें बिलीव करना होगा

267
00:18:43,520 --> 00:18:48,240
बस मान लू मतलब उसमें कोई क्वेश्चन नहीं है तर्क नहीं परमात्मा

268
00:18:48,240 --> 00:18:52,320
के ज्ञान को तो मानना ही होता है विश्वास करना कुछ कुछ

269
00:18:52,320 --> 00:18:56,320
मुझे ऐसे लॉजिक्स कुछ ऐसे लॉजिक वगरा दिए जाए जो कुछ अपनी जो

270
00:18:56,320 --> 00:19:00,400
बात युक्ति से पुष्ट हो पाए कि जैसे मान लीजिए यही लॉजिक है कि

271
00:19:00,400 --> 00:19:04,560
मुझे आपकी बात को मानना है तो क्यों मानना है आप में ऐसा क्या है जो जिसकी

272
00:19:04,560 --> 00:19:09,040
वजह से मैं वो बात मान या जो

273
00:19:09,040 --> 00:19:13,200
क्योंकि क्योंकि शिव बाबा ने कहा कि वो लेखराज जी ब्रह्मा है तो

274
00:19:13,200 --> 00:19:17,280
यह बात मुझे आप बता रही है। मैंने तो डायरेक्ट शिव बाबा जी के कनेक्शन में आया

275
00:19:17,280 --> 00:19:21,360
नहीं हूं। मैं तो डायरेक्ट आया नहीं हूं। तो आप भी और हम भी सब

276
00:19:21,360 --> 00:19:25,440
उनहीं के कनेक्शन में है। परमात्मा ही ये सृष्टि चला रहे हैं ना। तो फिर

277
00:19:25,440 --> 00:19:29,600
कनेक्शन में कैसे नहीं तो जानना पड़ेगा जानने

278
00:19:29,600 --> 00:19:33,600
के लिए हमारी बात पर भरोसा करना होगा नहीं

279
00:19:33,600 --> 00:19:39,600
परमात्मा है ये मैं कैसे मान लूं परमात्मा एक्सिस्ट करता है ये कैसे मान लू

280
00:19:39,920 --> 00:19:44,160
क्योंकि आत्मा के एक्सिस्टेंस के लिए परमात्मा है और परमात्मा के

281
00:19:44,160 --> 00:19:48,240
बारे में आप मुझे बता रही कि वो ऐसा है मगर वो है ये कैसे

282
00:19:48,240 --> 00:19:50,400
मानो

283
00:19:50,400 --> 00:19:50,900
देखो

284
00:19:50,800 --> 00:19:55,360
वो है तो उसके होने का प्रमाण तो ये है कि

285
00:19:55,360 --> 00:19:59,360
आत्मा का जो ज्ञान है परमात्मा ने जो हमें दिया है जो

286
00:19:59,360 --> 00:20:03,680
मैं हूं आप है इसके अंदर जो आत्मा बैठी हुई है वो उनहीं

287
00:20:03,680 --> 00:20:07,680
की बनाई हुई है उनहीं का अंश है हम तो

288
00:20:07,680 --> 00:20:11,840
परमात्मा को जानने के लिए आपको सात दिन का कोर्स तो पूरा करना पड़ेगा वो

289
00:20:11,840 --> 00:20:16,400
चैप्टर भी आएगा जब मैं परमात्मा के विषय में आपको बताऊंगी

290
00:20:16,400 --> 00:20:20,480
अच्छा ठीक है मैं आत्मा क्योंकि आत्मा की सिद्धि परमात्मा

291
00:20:20,480 --> 00:20:24,720
के कथन से हो रही है और परमात्मा की सिद्धि सात दिन के कोर्स के बाद आएगा तो इसलिए

292
00:20:24,720 --> 00:20:28,720
अभी आत्मा के एक्सिस्टेंस की बात हम छोड़ रहे हैं। मैं एक चीज पूछ रहा

293
00:20:28,720 --> 00:20:32,880
था। जैसे आपने कहा ना संतुलन हां जी। तो

294
00:20:32,880 --> 00:20:36,880
आपने उसमें कार का उदाहरण दिया था। है ना? तो

295
00:20:36,880 --> 00:20:40,880
कार में तो व्यक्ति या तो लेफ्ट बैठता है या राइट बैठता है।

296
00:20:40,880 --> 00:20:45,120
बीच में सेंटर में नहीं बैठता है। नहीं हमने फ्रंट

297
00:20:45,120 --> 00:20:49,280
सीट की बात नहीं। हमने लेफ्ट और राइट की बात नहीं की। फ्रंट सीट पे बैठ के मतलब

298
00:20:49,280 --> 00:20:53,760
ये यहां पे बैठ के हम परमात्मा

299
00:20:53,760 --> 00:20:57,920
फ्रंट तो फिर फ्रंट तो फिर वो हो गया ना वो इंजन के बिल्कुल

300
00:20:57,920 --> 00:21:02,080
आगे नंबर प्लेट जहां होती है वहां अगर फ्रंट की बात मतलब

301
00:21:02,080 --> 00:21:06,320
एक उदाहरण दिया है ये कि शरीर को जैसे जो जैसे

302
00:21:06,320 --> 00:21:10,320
जैसे जो चीज वर्टिकली बनी हुई है जो चीज वर्टिकली

303
00:21:10,320 --> 00:21:14,480
बनी हुई है अ जो चीज वर्टिकल बनी है

304
00:21:14,480 --> 00:21:18,560
तो उसमें उसका कंपैरिजन आप उस चीज से कर रही

305
00:21:18,560 --> 00:21:22,560
है जो चीज हॉरिजॉन्टल बनी हुई है आगे से पीछे की ओर हमारी

306
00:21:22,560 --> 00:21:26,960
बॉडी तो वर्टिकल है ना ज्यादा चौड़ी पीछे की ओर तो है नहीं तो

307
00:21:26,960 --> 00:21:31,120
कार में यह हम देख सकते हैं आगे क्या है पीछे क्या है मगर नहीं

308
00:21:31,120 --> 00:21:35,280
है ऐसा नहीं है मेरी बातों को आप अपने तरीके

309
00:21:35,280 --> 00:21:39,360
से समझेंगे तो फिर वो समझ में नहीं आने वाली तो जो मैं समझा रही

310
00:21:39,360 --> 00:21:43,360
हूं पहले आप उसको जानने की कोशिश करिए जो मैं समझा रही हूं

311
00:21:43,360 --> 00:21:47,920
उसको परमात्मा का ज्ञान समझ के सुनिए विश्वास से भरोसे

312
00:21:47,920 --> 00:21:52,000
मतलब ये वाली बात भी यही है कि आपने कहा है और आप उनकी

313
00:21:52,000 --> 00:21:56,240
तरफ से अपॉइंट है इसलिए मैं मान लूं कि यहां पर है बस आत्मा

314
00:21:56,240 --> 00:22:01,200
हां मतलब क्योंकि परमात्मा का ज्ञान है परमात्मा के विषय में हम बता रहे हैं इसलिए

315
00:22:01,200 --> 00:22:05,360
कार वाला उदाहरण तो कार वाला उदाहरण जरूरी नहीं है फिर तो भरोसा

316
00:22:05,360 --> 00:22:09,600
ही भरोसा चले मतलब कार के लॉजिक की आवश्यकता विश्वास तो सबसे पहले

317
00:22:09,600 --> 00:22:13,680
है भरोसा तो सबसे पहले ठीक है मगर मगर कार के लॉजिक की आवश्यकता

318
00:22:13,680 --> 00:22:17,600
नहीं मैं यह कह रहा हूं

319
00:22:17,600 --> 00:22:21,680
अच्छा इसमें आगे एक चीज है आपने कहा कि कर्म

320
00:22:21,680 --> 00:22:27,680
साथ में चलते हैं फिर उसका फल मिलता है। तो फल कौन देगा?

321
00:22:28,400 --> 00:22:32,400
कर्म अनुसार आत्मा को सदा उसके कर्म के

322
00:22:32,400 --> 00:22:36,800
फल मिलते हैं। नहीं फल कोई

323
00:22:36,800 --> 00:22:41,040
फल देने वाला जो सिस्टम है वो चेतन है या

324
00:22:41,040 --> 00:22:45,360
फिर वो जड़ जड़ है। फल कैसे मिल रहा है मुझे? कौन

325
00:22:45,360 --> 00:22:50,320
डिसाइड कर रहा है कि मुझे जैसे मैंने किसी को मारा है तो मुझे चोट मिलेगी

326
00:22:50,320 --> 00:22:54,560
या मुझे दर्द ये ये मेरी आत्मा अनुसार ही मुझे

327
00:22:54,560 --> 00:22:58,560
कर्म का फल मिलता है और हमें बताया जाता है मुरलियों के थ्रू

328
00:22:58,560 --> 00:23:02,960
परमात्मा शिव हमें बताते हैं कर्म की गुति अनुसार आत्मा

329
00:23:02,960 --> 00:23:07,760
को उसके कर्म का फल मिलता है

330
00:23:07,760 --> 00:23:11,760
नहीं फल मिलता है मगर दे कौन रहा है जैसे

331
00:23:11,760 --> 00:23:15,840
प्रकृति तो जड़ है वो तो डिसाइड कर नहीं सकती कि किसको क्या देना

332
00:23:15,840 --> 00:23:20,000
है कब देना है कैसे परमात्मा डिसाइड करते हैं भगवान शिव डिसाइड

333
00:23:20,000 --> 00:23:24,000
करते हैं अच्छा तो इसका मतलब ब्रह्मा कुमारी

334
00:23:24,000 --> 00:23:28,880
का ईश्वर भी कर्मों का फल आपकी आवाज नहीं आ रही।

335
00:23:28,880 --> 00:23:34,880
क्या हुआ?

336
00:23:36,480 --> 00:23:40,720
वो लोग मुझे देख के कुछ ना कुछ बोल रहे हैं। फिर वापस

337
00:23:40,720 --> 00:23:44,160
तो नहीं चली जाऊंगी।

338
00:23:44,160 --> 00:23:48,720
मैं ये कह रहा था कि कर्मों का फल

339
00:23:48,720 --> 00:23:52,720
डिसाइड कौन करता है? परमात्मा जी इसका

340
00:23:52,720 --> 00:23:56,720
मतलब मैं ये ले चलूं कि परमात्मा जो है अगर किसी ने कोई

341
00:23:56,720 --> 00:24:00,880
किसी को चोट पहुंचाई है तो परमात्मा उसको चोट पहुंचाएगा

342
00:24:00,880 --> 00:24:04,960
मतलब परमात्मा ये वाले कार्य भी करता है परमात्मा चोट नहीं पहुंचाते

343
00:24:04,960 --> 00:24:09,680
हैं आत्मा की कर्म की गति ही उसको चोट पहुंचाती है

344
00:24:09,680 --> 00:24:14,240
नहीं तो कर्म की गति जो है जो कर्म की गति दे

345
00:24:14,240 --> 00:24:18,480
उसने कर्म किया उसको मिलना है मगर कैसे मिलेगा कहां मिलेगा

346
00:24:18,480 --> 00:24:22,800
कब मिलेगा ये सब तो चेतन वाली बात है ना इंफॉर्मेशन आ गया तो इसको

347
00:24:22,800 --> 00:24:26,800
इसको करने के लिए कोई ना कोई चेतन तत्व चाहिए तो या

348
00:24:26,800 --> 00:24:30,800
तो हम ये माने आत्मा ही है आत्मा और परमात्मा ही

349
00:24:30,800 --> 00:24:35,200
चेतन है तो यानी परमात्मा देता है ना चोट

350
00:24:35,200 --> 00:24:39,920
जब किसी ने किसी का गला दबाया गला दबाने का कष्ट किसी को दिया

351
00:24:39,920 --> 00:24:43,920
उसको गला दबाने का देखिए परमात्मा अच्छे

352
00:24:43,920 --> 00:24:47,920
बुरे का कुछ नहीं देता है यह हमारे कर्म देते हैं

353
00:24:47,920 --> 00:24:51,600
परमात्मा से इसका कोई लेना देना नहीं। कर्म कर्म क्या कोई

354
00:24:51,600 --> 00:24:55,680
चेतन तत्व है क्या अलग से कर्म आत्मा कर रही है ना

355
00:24:55,680 --> 00:24:59,840
शरीर के द्वारा बताया तो है ना मैंने देखिए मैंने मतलब तो मैं अपने

356
00:24:59,840 --> 00:25:04,000
आप को मारता हूं क्या जैसे मैंने किसी को मारा तो फिर उसके बाद

357
00:25:04,000 --> 00:25:08,080
उसके बाद जैसे मैंने किसी को चोट पहुंचाई तो अब मेरे कर्म का फल

358
00:25:08,080 --> 00:25:12,160
यह है कि मुझे भी चोट पहुंचे ठीक है अब वो अब वो दरवाजे

359
00:25:12,160 --> 00:25:16,880
से टकराने से चोट पहुंचेगी या ईंट से लड़ के चोट पहुंचेगी

360
00:25:16,880 --> 00:25:21,040
या और किसी से पंखे के नीचे खड़े होने जैसे पंखा गिर जाएगा तो चोट

361
00:25:21,040 --> 00:25:25,120
पहुंचेगी। यह फैसला कौन करेगा? यह निर्णय कौन

362
00:25:25,120 --> 00:25:30,080
करेगा? आत्मा के आत्मा करेगी। मैं खुद स्वयं करूंगा।

363
00:25:30,080 --> 00:25:34,080
मैं खुद अपने आप को मारूंगा। मतलब एक तरीके से अपने आप को खुद

364
00:25:34,080 --> 00:25:38,160
ही कर रहा हूं। जो कुछ कर रहा हूं इसलिए मुझे सावधानी की जरूरत है कि मुझे क्या करना

365
00:25:38,160 --> 00:25:42,560
चाहिए। नहीं नहीं वो करना क्या चाहिए वो ठीक है। मगर जैसे मैंने

366
00:25:42,560 --> 00:25:46,720
किसी को मारा था। किसी को मारा था तो अब मुझे उसका

367
00:25:46,720 --> 00:25:50,800
दंड मिलना है तो दंड का फैसला कौन लेगा? मेरे

368
00:25:50,800 --> 00:25:54,960
कर्म आत्मा। अरे मैंने

369
00:25:54,960 --> 00:26:00,960
तो खुद ही गुनाह किया है। चोर खुद डिसाइड करेगा अपनी सजा।

370
00:26:00,960 --> 00:26:05,200
हां ऐसा ही होता है। परमात्मा तो कुछ नहीं देते।

371
00:26:05,200 --> 00:26:09,200
परमात्मा हमें दंडित नहीं करते हैं। हम ही खुद को दंडित करते हैं।

372
00:26:09,200 --> 00:26:13,200
मतलब मतलब हम यह मान के चले कि अच्छा इसमें एक प्रश्न और आ जाता

373
00:26:13,200 --> 00:26:19,120
है। फिर इसमें एक दिक्कत और आ जाती है कि

374
00:26:19,120 --> 00:26:23,120
जो आत्मा है वो जब किसी को चांटा मार

375
00:26:23,120 --> 00:26:27,520
रही है या किसी को कष्ट दे रही है। हम जब किसी को कष्ट दे रहे हैं हमें मालूम है।

376
00:26:27,520 --> 00:26:31,600
ठीक है? मगर जब हम अपने आप को चोट पहुंचा रहे

377
00:26:31,600 --> 00:26:35,920
हैं उसके फल स्वरूप तो वह तो मुझे मालूम ही नहीं पड़ रहा कि मैं पहुंचा रहा हूं।

378
00:26:35,920 --> 00:26:40,000
वो तो मैं किसी वो तो मुझे वो तो मुझे बाध्य होना पड़ रहा है

379
00:26:40,000 --> 00:26:44,080
लेने के लिए। उसमें मेरा चुनाव यही तो यही तो हम ये

380
00:26:44,080 --> 00:26:48,080
से डेज कोर्स के चैप्टर्स में आपको समझा रहे हैं। इसीलिए तो हम

381
00:26:48,080 --> 00:26:52,080
आपको कह रहे हैं आप खुद को जानो। खुद के कर्मों को जानो और नहीं

382
00:26:52,080 --> 00:26:56,160
कर्मों को कर्मों कर्मों का फल मिलना निश्चित है। वो ठीक है। मगर

383
00:26:56,160 --> 00:27:00,240
दे कौन रहा है? क्योंकि आप ये कह रही है ना कि परमात्मा तो देगा नहीं तो फिर कौन

384
00:27:00,240 --> 00:27:04,480
देगा? मिल रहा है वो स्वत ही मिल रहा है। अरे तो कोई

385
00:27:04,480 --> 00:27:09,120
कोई सिस्टम है कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम है। क्या है वो? सीपीयू

386
00:27:09,120 --> 00:27:13,280
कुछ तो होगा जो ये डिसाइड कर रहा है। आज ना से डेज

387
00:27:13,280 --> 00:27:16,080
कोर्स का आपका फर्स्ट चैप्टर है। पहला

388
00:27:16,080 --> 00:27:20,160
चैप्टर मैंने जो सुनाना था आपको सुना दिया। आपको

389
00:27:20,160 --> 00:27:24,160
इसमें से जो ठीक लगे आप उठा लीजिए। जो नहीं ठीक लगे आप

390
00:27:24,160 --> 00:27:28,320
उसको छोड़ दीजिए। आप इसमें आगे बढ़िए। अच्छा इसमें

391
00:27:28,320 --> 00:27:32,720
दो चीजें और है बस नीलमा जी बस दो एक

392
00:27:32,720 --> 00:27:37,360
है यह आपने कहा ना कि आत्मा का स्वधर्म शांति है

393
00:27:37,360 --> 00:27:41,520
है ना हां जी तो तो

394
00:27:41,520 --> 00:27:45,840
आत्मा यहां पे है क्यों अशांति में आई

395
00:27:45,840 --> 00:27:50,720
कहां से क्यों आ गई कर्म अनुसार आई है

396
00:27:50,720 --> 00:27:54,800
84 जो आप वो बताते हो हम 84 जन्म

397
00:27:54,800 --> 00:27:59,200
बताते हैं पांच 5000 वर्ष का चक्र पूरा करते हुए आई है। कर्म अनुसार

398
00:27:59,200 --> 00:28:04,880
जैसे उसको जो कर्म उस अनुसार वो आई है।

399
00:28:04,880 --> 00:28:08,880
नहीं तो इसमें ये दिक्कत आती है ना कि जैसे हमने कहा कि आत्मा का धर्म शांति

400
00:28:08,880 --> 00:28:13,200
है। तो आप ये कह रहे हैं कि 5000 साल के बाद

401
00:28:13,200 --> 00:28:17,360
एनी हाउ वो दोबारा से आने का यहां आने का कर्म करेगी

402
00:28:17,360 --> 00:28:21,360
ही करेगी। जी जी जी। मतलब ऐसा नहीं है कि हमेशा के

403
00:28:21,360 --> 00:28:25,360
लिए वहां रह जाए शांति में। वहां से वापस

404
00:28:25,360 --> 00:28:29,360
आने का काम करेगी करेगी। आना ही है। हां जी। इस

405
00:28:29,360 --> 00:28:31,200
पूरे चक्र की पुनवत्त

406
00:28:31,200 --> 00:28:35,360
होती है। यह भी मैं चैप्टर में आपको बताने वाली हूं। तो जब

407
00:28:35,360 --> 00:28:39,760
आएगी आएगी निश्चित है तो फिर इसका मतलब आत्मा का धर्म अशांति

408
00:28:39,760 --> 00:28:43,760
भी सिद्ध हो गया ना क्योंकि उसको आना ही है एक दिन यहां पे। यानी कि जैसे

409
00:28:43,760 --> 00:28:47,840
आज यहां पर जैसे आज अशांति में है तो वह शांति के

410
00:28:47,840 --> 00:28:52,000
लिए कर्म कर रही है। शांति में पहुंचने के लिए मगर अगर

411
00:28:52,000 --> 00:28:56,240
उसका वापस आना भी निश्चित है तो इसका मतलब शांति के लिए कर्म क्यों

412
00:28:56,240 --> 00:29:00,480
कर रही है? शांति तो उसका स्वधर्म ही है। कर्म क्यों करेगी शांति के लिए?

413
00:29:00,480 --> 00:29:04,640
शांति के स्वधर्म को याद करने की जरूरत है कि वो अपने स्वधर्म को याद रखे

414
00:29:04,640 --> 00:29:08,640
जो वो भूल जाती है कि मैं शांत स्वरूप आत्मा हूं। मैं जहां से आई

415
00:29:08,640 --> 00:29:12,640
हूं वो शांति धाम है। परमधाम शांति धाम। फिर वो

416
00:29:12,640 --> 00:29:17,120
यहां आकर भूल जाती है कर्म के चक्कर में आके कि मैं शांति

417
00:29:17,120 --> 00:29:21,120
प्रिय आत्मा हूं। तो इसीलिए तो हम ओम शांति कह के बात करते हैं कि

418
00:29:21,120 --> 00:29:26,000
जिससे याद रहे कि मेरा स्वधर्म क्या है? नहीं

419
00:29:26,000 --> 00:29:32,000
बताते हैं हम आपको। इसमें एक क्वेश्चन आ रहा है नीलमा जी

420
00:29:32,400 --> 00:29:36,400
कि जब वो शांति में पहुंच गई तो वो

421
00:29:36,400 --> 00:29:40,480
अपने कर्म काट के ही तो पहुंची है। जो उसके फल

422
00:29:40,480 --> 00:29:44,560
भोगने थे सब करके ही तो पहुंची है वहां वो कर्म काट के

423
00:29:44,560 --> 00:29:48,640
पहुंच गई। पहुंचने के बाद भी जो जिस के साथ उसका

424
00:29:48,640 --> 00:29:52,720
जो कोई भाई बंधु सखा जो भी मिले यहां पे जिनके साथ

425
00:29:52,720 --> 00:29:56,960
कर्म बने हैं उनके कर्म बंधन अनुसार जैसा किया होगा वैसा

426
00:29:56,960 --> 00:30:01,040
भोगने तो आना ही होगा ना शिव जी यानी

427
00:30:01,040 --> 00:30:05,840
कि कर्म कटते नहीं है पूरी तरीके से नहीं आ जाते

428
00:30:05,840 --> 00:30:09,840
की तरह आत्मा में फीड होते हैं और वो उस अनुसार ही जन्म लेती

429
00:30:09,840 --> 00:30:13,920
है उस अनुसार ही आती जाती रहती है तो यानी उसको भी मोक्ष मिल

430
00:30:13,920 --> 00:30:18,160
जाता है जो मोक्ष प्राप्त करने की पूरी तैयारी नहीं करता है। मोक्ष

431
00:30:18,160 --> 00:30:22,160
कभी नहीं मिलता आत्मा को। नहीं मोक्ष आप वो वाला

432
00:30:22,160 --> 00:30:26,400
पांच वो वाला जो 5000 साल वाली साइकिलिंग वाला मोक्ष

433
00:30:26,400 --> 00:30:30,560
उसको भी फल मिल जाता है। बस परमात्मा परमात्मा के पास जाके

434
00:30:30,560 --> 00:30:34,640
वो वापस आती है। अपनी शक्तियों से फिर से भर जो शक्तियां उसकी

435
00:30:34,640 --> 00:30:39,440
खो जाती है। जैसे आज ये कलयुग तक आई है।

436
00:30:39,440 --> 00:30:43,440
ये कलयुग तक आई है। है ना? तो कभी ऐसा हुआ है कि मेरी

437
00:30:43,440 --> 00:30:47,840
आत्मा को देवत्व की प्राप्ति हो गई थी। ऐसा ही हुआ होगा।

438
00:30:47,840 --> 00:30:52,080
हां परमात्मा बोलते हैं कि मेरे

439
00:30:52,080 --> 00:30:56,080
पास परमधाम में शांति में रहते हो। पर यहां से सबसे पहले

440
00:30:56,080 --> 00:31:00,320
सतयुग में जाती है आत्मा। सतयुग में जाकर वह देवी देवता धर्म

441
00:31:00,320 --> 00:31:04,320
धारण करती है। देवी देवताओं के रूप में आती है। फिर

442
00:31:04,320 --> 00:31:08,400
वह अपने धर्म को भूलती जाती है। फिर सतयुग से द्वापर, द्वापर से

443
00:31:08,400 --> 00:31:12,720
त्रेता, त्रेता से कलयुग, कलयुग से संगम युग। अब संगम

444
00:31:12,720 --> 00:31:17,040
युग में मैं और आप है जिसमें परमात्मा पिता का संगम होता है।

445
00:31:17,040 --> 00:31:21,040
बाबा ब्रह्मा के तन में आकर निराकार परमात्मा शिव ज्ञान सुनाते

446
00:31:21,040 --> 00:31:25,040
हैं जिसको हम ज्ञान मुरली कहते हैं। वही ज्ञान मुरली का ज्ञान मैं

447
00:31:25,040 --> 00:31:29,200
आपको सुना रही हूं कि उस मुरली में परमात्मा ऐसा बताते हैं। तो

448
00:31:29,200 --> 00:31:33,280
हम उसी फेथ पर चलते हैं। ठीक है। तो इसमें

449
00:31:33,280 --> 00:31:37,680
यह यह एक बात आ गई कि परम

450
00:31:37,680 --> 00:31:41,760
जब कोई आत्मा वहां पर है वो सतयुग में है।

451
00:31:41,760 --> 00:31:45,760
है ना वो सबसे गोल्डन एरा सतयुग जी तो

452
00:31:45,760 --> 00:31:49,840
वहां से जब वो द्वापर में आ रही है। सतयुग से द्वापर में आ

453
00:31:49,840 --> 00:31:54,000
रही है। थोड़े से उसके जीवन में कष्ट बढ़ रहे हैं। इसका मतलब सतयुग में उसने कुछ ऐसा

454
00:31:54,000 --> 00:31:58,400
किया जिसकी वजह से द्वापर में आया और द्वापर से कुछ ऐसा किया जिससे नहीं

455
00:31:58,400 --> 00:32:02,400
सतयुग से ऐसा किया द्वापर में आया। द्वापर से ऐसा किया त्रेता में आया। त्रेता से कुछ ऐसा

456
00:32:02,400 --> 00:32:02,960
किया कि वो

457
00:32:02,960 --> 00:32:06,960
कलयुग में आया। यानी कि वो गलत कर करके ही तो यहां तक पहुंचा

458
00:32:06,960 --> 00:32:11,520
है। जी तो गलत क्यों किया उसने?

459
00:32:11,520 --> 00:32:15,840
क्योंकि वो एरा वैसा है। जैसा आपने कहा गोल्डन एरा तो गोल्डन एरा

460
00:32:15,840 --> 00:32:20,080
में सभी देवी देवता हो जाएंगे। जरूरी नहीं है। कुछ

461
00:32:20,080 --> 00:32:24,400
एक आत्माएं आती है। वो 9 लाख आत्माएं होती है। वो नेक्स्ट चैप्टर

462
00:32:24,400 --> 00:32:28,560
में आपके पास आएगा। ये चैप्टर में बताऊंगी। उसमें आपको

463
00:32:28,560 --> 00:32:32,640
पेशेंस रखना पड़ेगा। फिर दूसरे में आप जब द्वापर में

464
00:32:32,640 --> 00:32:36,880
आते हैं तो द्वापर की प्रवृत्ति वैसी है तो वही आत्माएं जो सतयुगी

465
00:32:36,880 --> 00:32:41,040
थी वही फिर भक्ति करने लगती है तो भक्ति करने लगती है तो

466
00:32:41,040 --> 00:32:45,360
जड़ उथल सब कुछ पूजती है परमात्मा को भूल

467
00:32:45,360 --> 00:32:49,680
जाती है फिर वो द्वापर से जब कलयुग में आती है तो वो कलयुग

468
00:32:49,680 --> 00:32:53,920
में आते और ज्यादा काली हो जाती है तो वो

469
00:32:53,920 --> 00:32:58,000
प्रवृत्त वैसी है वहां की युग की प्रवृत्ति वैसी है तो

470
00:32:58,000 --> 00:33:02,160
आत्मा ऐसी हो जाती है मेरा मैं एक्चुअली कहना यह चाह रहा हूं कि

471
00:33:02,160 --> 00:33:06,800
जैसे मेरा स्वधर्म है शांति है ना यानी कि

472
00:33:06,800 --> 00:33:10,960
शांति में रहना ही मेरा स्वभाव है। ये हो गया ना

473
00:33:10,960 --> 00:33:14,960
स्वधर्म तो अगर ऐसा है तो फिर मुझे शांति में

474
00:33:14,960 --> 00:33:18,160
ही रहना चाहिए। जरूरी नहीं होना चाहिए कि मैं वहां से आऊं या ही।

475
00:33:18,160 --> 00:33:22,160
भूल जाती है ना? वो भूल जाती है ना खुद को आत्मा।

476
00:33:22,160 --> 00:33:26,880
तो भूलने का कारण भूलने का कारण क्या होता है?

477
00:33:26,880 --> 00:33:31,760
भूलने का कारण तो सृष्टि में जैसे चल रहा है परमात्मा वैसे

478
00:33:31,760 --> 00:33:36,400
यानी कि यानी कि प्रवृत्ति मान सकते हैं इसको भूलने की प्रवृत्ति

479
00:33:36,400 --> 00:33:40,880
इसका मतलब कि शांति से अशांति में आना उसकी प्रवृत्ति है।

480
00:33:40,880 --> 00:33:44,880
प्रवृत्ति हो गई ना आत्मा भूल जाती है। हां तो भूली तो

481
00:33:44,880 --> 00:33:50,000
इसका मतलब उसका ये भी उसका स्वभाव हो गया भूलना। हां जी।

482
00:33:50,000 --> 00:33:54,560
है ना? तो जब जब हम शांत अशांति से शांति को

483
00:33:54,560 --> 00:33:58,720
मतलब जो जैसे हम अशांति को स्वधर्म कह रहे हैं तो वो भूल

484
00:33:58,720 --> 00:34:04,560
करके अशांति में आने की यात्रा करना भी उसका स्वधर्म हो गया ना।

485
00:34:04,560 --> 00:34:08,560
हां ऐसा कह सकते हैं। यानी कि आत्मा का धर्म

486
00:34:08,560 --> 00:34:12,880
अशांति भी है। स्वधर्म नहीं धर्म

487
00:34:12,880 --> 00:34:16,880
अशांति नहीं है। धर्म शांति है पर वो अशांति

488
00:34:16,880 --> 00:34:21,120
में आती है। कर्म तो वो अगर उसकी वो प्रवृत्ति

489
00:34:21,120 --> 00:34:25,120
है उसका स्वभाव है कि उसको आना ही है। उसकी उसको आना ही है तो उसका धर्म तो यह

490
00:34:25,120 --> 00:34:31,120
भी हो गया। शांति अगर निश्चित तौर पर है

491
00:34:31,440 --> 00:34:35,440
नहीं धर्म आत्मा का शांति ही है और

492
00:34:35,440 --> 00:34:39,520
कर्म अनुसार वो अपने शांति और अशांति

493
00:34:39,520 --> 00:34:44,160
में आती है मतलब यहां से जब जा रहा है सतलोक में

494
00:34:44,160 --> 00:34:48,800
जीव या आत्मा यहां से जब सतलोक में जा रही है तो हम तो ये कह के ले जा रहे हैं परमधाम

495
00:34:48,800 --> 00:34:52,800
परमधाम में परमधाम सत्यलोक परमधाम तो

496
00:34:52,800 --> 00:34:57,040
यहां से जब आत्मा जा रही है वहां तो हम तो ये कह के लिए जा रहे हैं। यह आत्मा का धर्म है इसलिए

497
00:34:57,040 --> 00:35:01,040
जा रहा है। मगर वहां से जब यहां आ रहा है तो हम यह नहीं कह रहे यह भी आत्मा का धर्म

498
00:35:01,040 --> 00:35:05,120
है इसलिए यहां आ रहा है। यानी कि भैया

499
00:35:05,120 --> 00:35:09,200
मैंने आपको फर्स्ट चैप्टर करा दिया। अब मैं सेकंड चैप्टर आपको

500
00:35:09,200 --> 00:35:13,280
फिर कराऊंगी क्योंकि देखो अभी जन्माष्टमी का

501
00:35:13,280 --> 00:35:17,680
त्यौहार भी है तो थोड़ा सा। आप उसका ख्याल रखें।

502
00:35:17,680 --> 00:35:23,680
मैं कल आपको ये चैप्टर कराऊंगी।

503
00:35:23,840 --> 00:35:27,920
अच्छा एक चीज और है लास्ट लास्ट संस्कार वाला आज का जो

504
00:35:27,920 --> 00:35:32,000
आपने बोला है वो रह गया थोड़ा संस्कार पूछ लो संस्कार के बारे में हां

505
00:35:32,000 --> 00:35:34,720
बोलिए

506
00:35:34,720 --> 00:35:38,720
ये आपने कहा कि

507
00:35:38,720 --> 00:35:42,800
वो जो कर्म करता है वो फिर संस्कार बन जाते हैं। यह नहीं समझ में आया ये क्या

508
00:35:42,800 --> 00:35:46,800
है? संस्कार बन जाते हैं मतलब रिपीटेड आप

509
00:35:46,800 --> 00:35:51,920
एक चीज को रिपीट करते हैं वो आदत बन जाती है। आदत माने संस्कार

510
00:35:51,920 --> 00:35:57,040
आदत जो आदत होती है हमारी वो संस्कार आदत अच्छा

511
00:35:57,040 --> 00:36:03,040
आदत हमारी आदत हमारा संस्कार है। हां जी

512
00:36:04,480 --> 00:36:08,640
तो हम लोग फिर और उसके आदि उसके और आदि हो जाते हैं।

513
00:36:08,640 --> 00:36:12,800
जी जी जी यानी कोई चीज हमने अगर

514
00:36:12,800 --> 00:36:16,640
कोई

515
00:36:16,640 --> 00:36:20,800
ठीक है ठीक है आज के लिए फर्स्ट डे का कोर्स इतना ही काफी है

516
00:36:20,800 --> 00:36:24,960
और मुझे लगता है कि सेवन डेज का कोर्स कंप्लीट हो जाने के बाद शायद ये सारे

517
00:36:24,960 --> 00:36:28,960
सवालों के जवाब और अच्छे से मिलेंगे जैसे आप आज आपने थोड़ी सी जल्दी

518
00:36:28,960 --> 00:36:33,200
दिखाई ठीक है ना जी जी

519
00:36:33,200 --> 00:36:38,080
तो अभी क्या करें अब अब अपने वास्तविक रूप में आए नीलिमा

520
00:36:38,080 --> 00:36:43,920
थोड़ा सा एक मिनट वास्तविक रूप में बात करके जाइए।

521
00:36:43,920 --> 00:36:46,640
अरे

522
00:36:46,640 --> 00:36:50,880
नीलीमा जी चली गई। हमने आज के कोर्स में देखा कि इन्होंने जो जो

523
00:36:50,880 --> 00:36:54,880
दावे किए हैं कुल मिलाकर के मैंने छह सात दावे नोट डाउन कर

524
00:36:54,880 --> 00:36:58,960
पाया था। एक इन्होंने आत्मा सीधे थोप दिया है मेरे ऊपर। इन्होंने उसको

525
00:36:58,960 --> 00:37:03,440
तार्किक रूप से सिद्ध नहीं किया कि आत्मा कैसे है। अगर सनातन

526
00:37:03,440 --> 00:37:07,600
सिद्धांत देखें तो देह के नाश से आत्मा का नाश नहीं होता। और

527
00:37:07,600 --> 00:37:13,120
देह के भेद से आत्मा का भेद नहीं होता। यह सनातन सिद्धांत है। तो

528
00:37:13,120 --> 00:37:17,120
इसमें तर्क है कि हमने कई बार अपने शरीर को नष्ट होता हुआ देख लिया। फिर

529
00:37:17,120 --> 00:37:21,280
भी हम अपने आप को जीवित क्यों मान रहे हैं? है ना? और

530
00:37:21,280 --> 00:37:25,280
जैसे कई बार हम सोचते हैं कि कुछ लोग ये कहते हैं ना कि नहीं नहीं मैं

531
00:37:25,280 --> 00:37:29,600
तो मरना चाहता हूं तो मैं वो नहीं चाहता, जीना नहीं चाहता। तो सच्चिदानंद

532
00:37:29,600 --> 00:37:33,760
वाले कासेप्ट का खंडन करने का प्रयास करते तो उसमें भी वह

533
00:37:33,760 --> 00:37:37,840
जो ढूंढ रहा है ना मर के खुशी ढूंढ रहा है। तो

534
00:37:37,840 --> 00:37:41,920
इसका अर्थ क्या हुआ कि व्यक्ति अपने शरीर

535
00:37:41,920 --> 00:37:46,000
के नाश के बाव भी अपना अस्तित्व स्वीकार कर रहा है। तो

536
00:37:46,000 --> 00:37:50,080
जिस रूप में वो अपना अस्तित्व स्वीकार कर रहा है वही उसकी आत्मा है। ठीक है?

537
00:37:50,080 --> 00:37:54,160
तो ऐसे करके लॉजिकली आत्मा को सिद्ध किया जा सकता है बहुत अच्छे तरीके

538
00:37:54,160 --> 00:37:58,240
से और ये उन्होंने जवाब नहीं दिया। दूसरी बात

539
00:37:58,240 --> 00:38:01,760
संस्कार को लेकर के तो क्लियर किया ही नहीं। लास्ट में बात

540
00:38:01,760 --> 00:38:05,920
हुई संतुलन बनाने वाली एक बात की गई कि संतुलन यहां भकुटी

541
00:38:05,920 --> 00:38:10,000
के पास होता है। जबकि कम से कम

542
00:38:10,000 --> 00:38:14,480
इस शरीर अब ये थोड़ी आप बहुत दार्शनिक

543
00:38:14,480 --> 00:38:18,640
लेवल की बात हो जाएगी। इस शरीर में जो आत्मा है वो उसको सर्वव्यापी

544
00:38:18,640 --> 00:38:23,600
होना पड़ेगा कि नहीं होना पड़ेगा वो वाली बात। है ना?

545
00:38:23,600 --> 00:38:27,680
तो एक ये चीज हो गई। फिर भी चलो अगर इसको

546
00:38:27,680 --> 00:38:31,840
हम इसी से मान ले कि प्रमाण से मान ले तो प्रमाण किसी को क्यों माने? हमारे पास

547
00:38:31,840 --> 00:38:35,840
अपना सनातन सिद्धांत और परंपरा प्राप्त आचार्यों को प्रमाण

548
00:38:35,840 --> 00:38:40,000
मानने का तार्किक कारण है हमारे पास। मगर किसी को हम यहां पर

549
00:38:40,000 --> 00:38:44,000
यू ही बस कोई आता है और कहता है कि तुम आत्मा हो और आत्मा भकुटी के बीच

550
00:38:44,000 --> 00:38:48,000
में रहती है तो उसको हम सीधे तौर पर प्रमाण क्यों मान ले? इस बारे में

551
00:38:48,000 --> 00:38:52,160
भी कोई भी लॉजिकल आंसर नहीं मिला। अच्छा कार

552
00:38:52,160 --> 00:38:56,320
का उदाहरण सिद्ध हुआ नहीं। ना लॉजिक मिला ना कोई

553
00:38:56,320 --> 00:39:00,320
ऐसा कुछ खास प्रमाण मिला। दूसरी बात फिर

554
00:39:00,320 --> 00:39:04,480
सबसे जरूरी जो आज की बात थी जो आज बहुत मुद्दे की बात थी

555
00:39:04,480 --> 00:39:08,800
कि कर्म का फल देगा कौन? अच्छा ये है ये

556
00:39:08,800 --> 00:39:13,440
है नीलिमा जी वो वो बी के नीलमा

557
00:39:13,440 --> 00:39:17,040
जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। तो

558
00:39:17,040 --> 00:39:21,040
सबसे जो आज की जो सबसे इंपॉर्टेंट बात मुझे समझ में आई कि

559
00:39:21,040 --> 00:39:25,040
ये जो कर्म का फल देने वाली जो बात है ना कर्म का

560
00:39:25,040 --> 00:39:29,920
फल कौन दे रहा है क्योंकि जब आप ईश्वर को बाधित करते हैं ना कि वो सिर्फ

561
00:39:29,920 --> 00:39:34,480
यही यही वाले कर्म करता है वो जिनको लोगों

562
00:39:34,480 --> 00:39:38,560
व्यवहारिक दृष्टि से अच्छा कहा जाता है। कहते है ना कई ऐसे

563
00:39:38,560 --> 00:39:42,720
सेक्ट है कई ऐसी संस्थाएं हैं जो ऐसा कहती नहीं ईश्वर तो सिर्फ

564
00:39:42,720 --> 00:39:46,880
पॉजिटिव चीजें ही करता हुआ दिखाई देता है। वो जो प्रलयंकारी रूप है ना ईश्वर

565
00:39:46,880 --> 00:39:51,840
का हां लय करने वाला उसको स्वीकार नहीं करता

566
00:39:51,840 --> 00:39:56,000
बिल्कुल तो तो वो कहता है कि अपने आप होता है तो इसमें बहुत बड़ा एक फैक्ट

567
00:39:56,000 --> 00:40:00,000
आता है कि प्रकृति तो अपने से निर्णय ले नहीं सकती प्रकृति तो अपने से

568
00:40:00,000 --> 00:40:04,080
निर्णय ले नहीं सकती ये सब करने का तो फिर ये निर्णय ले कौन रहा है आत्मा

569
00:40:04,080 --> 00:40:08,160
स्वयं से स्वयं को ले रही है तो आत्मा को जैसे जब उसने अपराध किया था तो बोध

570
00:40:08,160 --> 00:40:12,320
हुआ था तो दंड देने का बोध क्यों नहीं हो रहा तो आत्मा कर नहीं रही है परमात्मा कर नहीं

571
00:40:12,320 --> 00:40:16,320
रहा है तो हमें एक और एकिस्टेंस मानना पड़ेगा। एक और अस्तित्व मानना

572
00:40:16,320 --> 00:40:20,320
पड़ेगा। एक एक कोई तत्व है जो यह डिसाइड करता है

573
00:40:20,320 --> 00:40:24,560
कि इसने अपराध किया है तो उसको कब कहां कैसे किस रूप में उसका

574
00:40:24,560 --> 00:40:28,800
पनिशमेंट मिलना है। और इस इस बात पर ब्रह्मा कुमारी

575
00:40:28,800 --> 00:40:32,480
सदैव शांत रहेगी। मुझे ऐसा लगता है सदैव शांत रहेगी।

576
00:40:32,480 --> 00:40:36,480
और यह भी एक बहुत बड़ा फैक्टर है स्वधर्म शांति वाला

577
00:40:36,480 --> 00:40:40,560
जो स्वधर्म शांति यह भी बहुत बड़ा फैक्टर है। क्योंकि अगर

578
00:40:40,560 --> 00:40:44,640
यहां से वहां जाना स्वधर्म के कारण है तो वहां से नीचे आना भी

579
00:40:44,640 --> 00:40:48,880
स्वधर्म के कारण ही होना चाहिए। जी जी है ना? तो फिर मानना

580
00:40:48,880 --> 00:40:53,120
पड़ेगा कि पाप करना भी स्वधर्म है आत्मा। यह मानना पड़ेगा क्योंकि

581
00:40:53,120 --> 00:40:57,360
अगर वो भूल रही है भूल रही है प्रवृत्ति हो गई। प्रवृत्ति ही उसका स्वभाव

582
00:40:57,360 --> 00:41:01,440
है। अगर स्वभाव है तो वो स्वधर्म है। वही हो गया। राइट?

583
00:41:01,440 --> 00:41:05,520
तो पाप करना भी हमको मारना पड़ेगा। ये सब

584
00:41:05,520 --> 00:41:09,760
मैंने आज जाना। लेकिन उनको कौन समझाए? उनको उनको आप

585
00:41:09,760 --> 00:41:14,000
नहीं समझा पाएंगे। यहां तो मैं कुछ बोल भी सकती हूं जिस समय

586
00:41:14,000 --> 00:41:18,000
मैं वाइट साड़ी में हूं। आपको सुना रही हूं। आप ऐसे क्वेश्चन कर

587
00:41:18,000 --> 00:41:22,000
रहे हैं तो मुझे मुझे पता है अंदर से कितनी प्रॉब्लम होती है कि मैं क्या जवाब

588
00:41:22,000 --> 00:41:26,240
दूं। इधर मुझे जवाब आता है। मुझे मालूम है मैं आप ही के जैसी

589
00:41:26,240 --> 00:41:30,480
हूं। तो मुझे वो प्रॉब्लम होती है। सोचो जब मैंने सुना होगा

590
00:41:30,480 --> 00:41:34,560
तो मुझे कितना ये लगा होगा कि मैं क्या करूं? अब ये क्या

591
00:41:34,560 --> 00:41:38,560
हो गया? अब हम कहां फस गए? जो आपने तीर्थों वाली बात सुनी

592
00:41:38,560 --> 00:41:42,560
जो हमारे चार तीर्थों को उन्होंने खराब किया

593
00:41:42,560 --> 00:41:46,960
है उस पर तो मैं अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा था जब आपने चार धाम

594
00:41:46,960 --> 00:41:47,760
मैं खुद मैं

595
00:41:47,760 --> 00:41:52,000
खुद परेशान थी कि ये क्या बोल रहे हैं आप [हंसी] हिंदू धर्म

596
00:41:52,000 --> 00:41:56,480
में सनातनी कोई भी सनातनी तीर्थ क्यों करता है

597
00:41:56,480 --> 00:42:00,560
इनको कोई बताए जाके लेकिन इनको समझ में नहीं आ रहा

598
00:42:00,560 --> 00:42:04,960
है मैं मैंने ब्रह्मा कुमारी होते हुए द्वादश

599
00:42:04,960 --> 00:42:08,960
ज्योतिर्लिंग किए लेकिन अगर मैं द्वादश ज्योतिर्लिंग भी कहूं

600
00:42:08,960 --> 00:42:14,480
तो उन्हें 12 ज्योतिर्लिंग बोलना आता है। द्वादश का मतलब भी नहीं पता।

601
00:42:14,480 --> 00:42:18,560
हम जैसे बोलते हैं द्वादश ज्योतिर्लिंगम तो वो उनको समझ में नहीं

602
00:42:18,560 --> 00:42:22,960
आता। ये क्या बोल रहे हैं? अभी अभी मेरी किसी से वार्तालाप

603
00:42:22,960 --> 00:42:27,360
हो रही थी। अभी स्वरा भास्कर का एक बयान

604
00:42:27,360 --> 00:42:31,520
चल रहा है। इतना गंदा बयान है कि हमारी माताओं को आप

605
00:42:31,520 --> 00:42:35,600
गालियां दे लो। आप कुछ भी कर लो। आपको जो मन करता आप

606
00:42:35,600 --> 00:42:39,600
कर लो। हम नहीं बोल सकते। क्यों नहीं बोल सकते भाई?

607
00:42:39,600 --> 00:42:43,840
क्या विकल्प था उनके पास? क्या कर सकती थी वो? क्या आज

608
00:42:43,840 --> 00:42:47,840
की तरीके से उसके हरम में चले जाते या कुछ सेक्स

609
00:42:47,840 --> 00:42:52,160
वर्कर बन जाती या वो लाशों के साथ वो रेप करते। तो

610
00:42:52,160 --> 00:42:56,160
वहां पे स्वरा भास्कर एस अ लॉयर समझ पा रही है कि

611
00:42:56,160 --> 00:43:00,160
ना अदालतें थी ना कुछ और था। सिर्फ परिस्थिति थी और

612
00:43:00,160 --> 00:43:03,200
उस परिस्थिति में हमारी माताओं ने सोचा कि सिर्फ

613
00:43:03,200 --> 00:43:07,520
यह करना ही जायज है क्योंकि जब राजा पग

614
00:43:07,520 --> 00:43:11,600
बांध के जाते थे तो वो हमारा भगवा कलर

615
00:43:11,600 --> 00:43:15,680
का होता था कि पता नहीं संदेश जैसे आने बंद होते थे तो उनको पता

616
00:43:15,680 --> 00:43:19,680
चल जाता था कि रणभूमि में क्या हो रहा है। ठीक है? अगर मैं

617
00:43:19,680 --> 00:43:23,920
सिर्फ हिंदू मुसलमानों की भी बात करूं ना आपसे तो क्यों रानी

618
00:43:23,920 --> 00:43:28,240
करुणावती की बात नहीं होती। रानी करुणावती ने भी तो राखी भेजी थी हुमायूं

619
00:43:28,240 --> 00:43:32,240
को वो सारी बातें हैं। कहीं ना कहीं

620
00:43:32,240 --> 00:43:36,480
स्वर्ण की बात जो हो रही है वो स्वर्ण मुसलमानों में भी स्वर्ण है। हिंदुओं

621
00:43:36,480 --> 00:43:40,480
में भी स्वर्ण है और निचली जातियों में भी स्वर्ण

622
00:43:40,480 --> 00:43:44,560
है। यह मत समझिए आपके स्वर्ण केवल एक हिंदू को बांट के एक तरफ कर दो

623
00:43:44,560 --> 00:43:48,560
कि ये तो इतने परसेंट है ये हो जाएगा। यही सेम ब्रह्मा कुमारी

624
00:43:48,560 --> 00:43:52,880
की बात है। मैं इससे इसलिए यह बात सुना रही हूं कि एक माहौल बनाया हुआ है।

625
00:43:52,880 --> 00:43:56,960
एक ना क्रिएटिव माहौल है जो आपने क्वेश्चन किए वो वो माहौल से

626
00:43:56,960 --> 00:44:01,280
निकले हुए प्रश्न है जिनका उत्तर उनके पास नहीं है। ब्रह्मा कुमारियों

627
00:44:01,280 --> 00:44:05,760
के पास उनका उत्तर नहीं है। दूसरी टिप्पणी सुन रही हूं मैं। आज तो मैं सोशल एक्टिविस्ट

628
00:44:05,760 --> 00:44:10,080
हूं। ऐसा तो नहीं है कि मैं केवल ब्रह्मा कुमारी हूं। आज मैं फिल्म डायरेक्टर

629
00:44:10,080 --> 00:44:14,160
हूं, राइटर हूं, ऑथर हूं। बहुत बड़ी-बड़ी चीजें कर

630
00:44:14,160 --> 00:44:18,640
रही हूं। जिनको पच नहीं रहा है। जो ब्रह्मा कुमारियां मेरे साथ

631
00:44:18,640 --> 00:44:22,640
थी जो बिल्कुल डल थी सॉरी बहुत हाई थी और मैं

632
00:44:22,640 --> 00:44:26,640
डल थी वो बहुत हाईएस्ट उस समय पढ़ाई करी हुई थी कोई इंजीनियर थी कोई कुछ

633
00:44:26,640 --> 00:44:30,720
था आज वो देख रही है कि ये नीलिमा जो कल

634
00:44:30,720 --> 00:44:34,880
तक हमारे सामने कुछ नहीं कर पाती थी ये मुंबई में है ये

635
00:44:34,880 --> 00:44:39,280
फिल्म डायरेक्टर है ये सब कुछ कर रही है आपको नहीं पता कितने सारे ग्रुप्स

636
00:44:39,280 --> 00:44:43,600
चल रहे हैं मेरे खिलाफ उस ग्रुप में आता है कि देखो

637
00:44:43,600 --> 00:44:47,840
ये कहती है ये पिक्चर बनाती है। देखो ये कहती

638
00:44:47,840 --> 00:44:52,320
है ये वहां रहती है। ये देखो इसकी तो ना प्रवृत्ति में ही मॉडलिंग

639
00:44:52,320 --> 00:44:56,800
थी। ये तो कभी ब्रह्मा कुमारी बन ही नहीं सकती थी। अरे जब मैं ब्रह्मा कुमारी

640
00:44:56,800 --> 00:45:00,960
थी तो ब्रह्मा कुमारी होते हुए भी मैं तुम्हारे यहां अवल

641
00:45:00,960 --> 00:45:05,200
दर्जे की ब्रह्मा कुमारी थी। ऐसी वैसी नहीं थी। मैं तुम्हारे यहां ऐसी

642
00:45:05,200 --> 00:45:09,200
वैसी ब्रह्मा कुमारी नहीं बनी थी। मैंने निर् भाई को एक ही बात बोली

643
00:45:09,200 --> 00:45:13,200
श्री राम जी जिनकी पालना मैंने ली है वो दादी रतन मोहिनी है नील

644
00:45:13,200 --> 00:45:17,760
भाई है और करुणाकारा सेठी है जो अभी बैठे हैं सेक्रेटरी जनरल

645
00:45:17,760 --> 00:45:21,840
जिसको भी डाउट हो वो जाकर मेरे बारे में पूछ सकता है मैं इनको एक ही बात

646
00:45:21,840 --> 00:45:26,560
बोलती थी मुझे आपका ऊपरी ज्ञान नहीं सुनना

647
00:45:26,560 --> 00:45:30,560
मुझे आपका गहराई का ज्ञान सुनना है मुझे प्रॉपर ब्रह्मा कुमारी

648
00:45:30,560 --> 00:45:33,760
बनना है मुझे वो बताइए जिससे सटीक ब्रह्मा

649
00:45:33,760 --> 00:45:38,000
कुमारी बना जा सके समझे ना उन्होंने क्या किया मुझे

650
00:45:38,000 --> 00:45:42,160
ट्रेनिंग करने के बोला ट्रेनिंग एक माउंट आबू में होती

651
00:45:42,160 --> 00:45:46,160
है कन्याओं की जो ट्रेनिंग करने कन्या माउंट आबू में जाती है

652
00:45:46,160 --> 00:45:50,480
वो तीन महीने की होती है तीन महीने में वो हमें बोलना पढ़ना

653
00:45:50,480 --> 00:45:55,120
कहना से डेज कोर्स कैसे करना है वो सिखाते हैं

654
00:45:55,120 --> 00:45:59,440
लेकिन उस तीन महीने में मैं संतुष्ट नहीं हुई मैंने बोला तीन महीने

655
00:45:59,440 --> 00:46:03,520
में कैसे कोई ब्रह्मा कुमारी इसको जान सकता है इतना बड़ा सागर है ज्ञान

656
00:46:03,520 --> 00:46:07,760
का परमात्मा तो आप कहते हो शिव तो ज्ञान का सागर है तो ज्ञान

657
00:46:07,760 --> 00:46:12,240
का सागर अगर उसको जानने के लिए मुझे कुछ तो बताइए आगे क्या करना है

658
00:46:12,240 --> 00:46:16,240
तो उन्होंने मुझे सबसे सख्त ट्रेनिंग होती है इनके यहां जो बहुत

659
00:46:16,240 --> 00:46:20,480
ही प्रताड़नाएं होती है वहां प्रताड़नाएं बताऊंगी तो आपको लगेगा

660
00:46:20,480 --> 00:46:24,560
नीलिमा जी कैसे कर लिया आपने मैं तो आई थी ऐसे घर से कि

661
00:46:24,560 --> 00:46:28,640
घर में अगर मुझे जिस दिन खाना बनाने के लिए बोल दिया गया

662
00:46:28,640 --> 00:46:32,960
तो घर वालों को खाना नहीं मिला सब बाहर खा के आ जाते

663
00:46:32,960 --> 00:46:36,960
थे बनने से पहले ही तो वो बोलते थे आज वो नीलिमा को दिया था

664
00:46:36,960 --> 00:46:40,960
ना तो वो हमें पता था आज भी रोटी नहीं मिलेगी। ठीक है? ऐसी

665
00:46:40,960 --> 00:46:45,280
मैं थी। बड़े होने तक भी मैंने घर में कोई काम नहीं किया था। ना

666
00:46:45,280 --> 00:46:48,880
ही कभी घर वालों ने कोई फोर्स किया। ऐसा लगता

667
00:46:48,880 --> 00:46:53,120
था कि ठीक है कर लेंगी। फादर ये कहते

668
00:46:53,120 --> 00:46:57,120
थे बड़ी हो जाएंगी बेटियां कर लेंगी। हम दो बहने हैं। कोई बात नहीं

669
00:46:57,120 --> 00:47:01,280
सीख जाएंगी। सीखने क्या गए? हम तो ब्रह्माकुमारी में चले गए। ऐसा

670
00:47:01,280 --> 00:47:05,280
सीख लिया कि पूछो मत। वहां जहां नरिया ट्रेनिंग हो

671
00:47:05,280 --> 00:47:09,360
रही है। आज जो मुझे कहते हैं यह ब्रह्मा कुमारी कैसे यह

672
00:47:09,360 --> 00:47:13,440
तो मॉडलिंग करने वाली फिल्म वाली है। फिल्म वाली बनना मेरी

673
00:47:13,440 --> 00:47:17,680
मजबूरी है। फिल्म वाली मैं मजबूरी में बनी। फिल्म वाली

674
00:47:17,680 --> 00:47:21,840
पर मैं कोई एक्टर नहीं हूं। फिल्म वाली कोई मैं धेय प्रदर्शन करने वाली फिल्म

675
00:47:21,840 --> 00:47:25,920
वाली नहीं हूं। मैं बिजनेसमैन हूं।

676
00:47:25,920 --> 00:47:30,560
आई एम ए बिजनेस वूमन। स्टिल नाउ आई एम बिजनेस वूमन।

677
00:47:30,560 --> 00:47:35,040
मैं फिल्म का बिजनेस कैसे होता है वह देख रही हूं।

678
00:47:35,040 --> 00:47:39,280
फिल्में कमर्शियल कैसे बनती है मैं वह देख रही हूं। फिल्मों में राइटिंग

679
00:47:39,280 --> 00:47:43,280
कैसी होनी चाहिए? मैं उसके लिए अवेयरनेस कर रही हूं। यहां पे भी यहां पर भी

680
00:47:43,280 --> 00:47:47,520
मैं शांत नहीं हूं। शांति की प्रवृत्ति आपकी होगी। मेरी

681
00:47:47,520 --> 00:47:51,680
तो नहीं है। मेरी तो क्रांतिकारी प्रवृत्ति है। ध्यान रखिएगा। इतने में आप मुझे पहचान

682
00:47:51,680 --> 00:47:55,760
चुके होंगे। ब्रह्मा कुमारी मुझे पहचान चुका होगा

683
00:47:55,760 --> 00:48:00,000
कि नीलिमा जिस भी क्षेत्र में जाएगी उधर की कमियां जरूर उठाएगी।

684
00:48:00,000 --> 00:48:04,080
ऐसा कोई ब्रह्मा कुमारी से मुझे शत्रुता नहीं है कि मैं उसकी

685
00:48:04,080 --> 00:48:08,160
कोई बात ले अपने को कुछ करना चाहती हूं। ब्रह्मा कुमारी से मुझे मिलेगा

686
00:48:08,160 --> 00:48:12,240
भी क्या? मैं आपको बताऊं आपने वीरेंद्र देव दीक्षित की बात की

687
00:48:12,240 --> 00:48:16,240
थी। मेरे को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। वकील साहब जो

688
00:48:16,240 --> 00:48:20,320
अयोध्या केस लड़े मैं एक बात बता एक बात

689
00:48:20,320 --> 00:48:24,400
एक बात बोल दूं। अभी वो स्वरा भास्कर का जो स्टेटमेंट आया था उसके

690
00:48:24,400 --> 00:48:28,400
संबंध में एक बात आ रही थी मन में अभी कुछ मेरे

691
00:48:28,400 --> 00:48:32,720
ख्याल से कुछ कुछ वर्ष पूर्व दोती साल पहले कुछ

692
00:48:32,720 --> 00:48:37,040
राजस्थान के वहां से जुड़े हुए लोग जो पद्मावती

693
00:48:37,040 --> 00:48:41,200
पद्मावती थी जो वहां से जुड़े हुए लोग वो

694
00:48:41,200 --> 00:48:45,520
एक पेंटिंग ले गए थे शंकराचार्य जी के पास पूरी के शंकराचार्य

695
00:48:45,520 --> 00:48:49,600
जी तो जैसे कुछ हिंदू लोग भी उसको

696
00:48:49,600 --> 00:48:54,000
उसका खंडन कर रहे हैं कि कि नहीं नहीं वो वो वो हमारे

697
00:48:54,000 --> 00:48:58,240
लिए आदरणीय नहीं है। कुछ उसमें प्रमाण उल्टे सीधे प्रस्तुत कर रहे हैं।

698
00:48:58,240 --> 00:49:02,560
जी तो गुरुदेव के पास जब वो पेंटिंग गई थी सीधे तो उन्होंने

699
00:49:02,560 --> 00:49:06,800
उनको भगवती स्वरूपा मानते हुए सबसे पहले उस पेंटिंग को सर से लगाया था।

700
00:49:06,800 --> 00:49:11,200
जौहर वाली पेंटिंग थी वो और फिर अपने

701
00:49:11,200 --> 00:49:15,520
जो उनका आसन होता है उस पे मतलब अपने आसन पे ही उसको

702
00:49:15,520 --> 00:49:19,120
आसन पे विराजित किया। इतना उसका सम्मान किया था और ये

703
00:49:19,120 --> 00:49:23,200
मैं वही बोल रही हूं मैं बोल रही हूं शिव जी

704
00:49:23,200 --> 00:49:27,280
दीक्षित ना तो इनको हिस्ट्री से कोई मतलब है

705
00:49:27,280 --> 00:49:31,600
नहीं वीरेंद्र दीक्षित पे ही आऊंगी मैं ब्रह्मा कुमारी को

706
00:49:31,600 --> 00:49:36,080
आप आप क्वेश्चन कर रहे थे बहुत अच्छे ब्रह्मा कुमारीज को

707
00:49:36,080 --> 00:49:40,080
भारत की हिस्ट्री जग्राफिकल पैरामीटर से कोई लेना

708
00:49:40,080 --> 00:49:44,560
देना नहीं है पहले आप सुन लो मैं सार बता रही हूं आपको

709
00:49:44,560 --> 00:49:48,800
उन्हें कोई लेना देना है जग्राफिकली हम क्या है? हम पिटिकली

710
00:49:48,800 --> 00:49:52,800
क्या है? हम हिस्टोरिकली क्या है? हम स्पिरिचुअली

711
00:49:52,800 --> 00:49:56,560
क्या है? डिड नथिंग

712
00:49:56,560 --> 00:50:00,720
नन बिजनेस ऑफ़ ब्रह्मा कुमारी। ओके? सो आई एम

713
00:50:00,720 --> 00:50:04,800
वेरी प्राउड कि मैं निकल पाई। मैं

714
00:50:04,800 --> 00:50:09,040
धर्म को अपने धर्म को प्राउड करती हूं कि मैं निकल पाई।

715
00:50:09,040 --> 00:50:13,040
तो वीरेंद्र देव दीक्षित की बात होती है कि वीरेंद्र देव दीक्षित हमारा

716
00:50:13,040 --> 00:50:17,120
नहीं है। क्यों नहीं है? क्यों नहीं है? ब्रह्मा कुमारी का वीरेंद्र देव

717
00:50:17,120 --> 00:50:21,200
दीक्षित वीरेंद्र देव दीक्षित की हिस्ट्री चेक करिए आप पर ब्रह्मा

718
00:50:21,200 --> 00:50:25,600
कुमारी का हिस्ट्री से कोई लेना देना नहीं करता ना वो तो कुछ करता है

719
00:50:25,600 --> 00:50:29,600
कांड होता है लोग भूल जाते हैं उसको कोई मतलब नहीं है

720
00:50:29,600 --> 00:50:34,400
कि मेरे यहां से निकला हुआ कोई व्यक्ति क्या काले कारनामे कर रहा है

721
00:50:34,400 --> 00:50:38,480
मेरी बात मैं तो सामने हूं आपके यहां से आपने

722
00:50:38,480 --> 00:50:43,920
मुझे नहीं निकाला है मैंने आपके प्रति विद्रोह किया और छोड़ा

723
00:50:43,920 --> 00:50:48,400
मुझे निकालने वाला कोई व्यक्ति वहां नहीं है। कोई व्यक्ति

724
00:50:48,400 --> 00:50:52,720
एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसने यह कहा हो मैंने नीलिमा को निकाला।

725
00:50:52,720 --> 00:50:57,120
देखिए जिस टाइम मैंने इनके लिए विद्रोह किया मैंने वीरेंद्र

726
00:50:57,120 --> 00:51:01,120
देव दीक्षित जैसे मामले अब बहन जैसे मामले ना

727
00:51:01,120 --> 00:51:05,120
जाने कितने मामले जब मैंने उठाए तब मेरे प्रति विद्रोह

728
00:51:05,120 --> 00:51:09,440
अंदर छिड़ा कि किसी तरह से इसको हटाया जाए रास्ते

729
00:51:09,440 --> 00:51:14,240
से। अगर यह हटी नहीं तो ये अपने जैसे पैदा कर देगी। समझे

730
00:51:14,240 --> 00:51:18,400
कि जैसी यह है ना इसके आसपास की मंडली वैसी पैदा हो जाएगी। अच्छा

731
00:51:18,400 --> 00:51:22,560
वहां का माहौल क्या है? वहां का माहौल है ब्रह्मा कुमारी किसी से बात नहीं

732
00:51:22,560 --> 00:51:26,640
करेगी। समझे आप? जितनी उसकी सीमाएं

733
00:51:26,640 --> 00:51:30,800
है वो उतनी आएगी। चुप रहेगी। ओम शांति ओम शांति। बस इससे ज्यादा

734
00:51:30,800 --> 00:51:35,200
कोई लेना देना नहीं है। ये हमें ट्रेनिंग में सिखाया जाता है। मैं उल्टा

735
00:51:35,200 --> 00:51:39,280
कर रही थी। अगर मैं आ रही थी और मुझे कोई हलचल नजर आ रही

736
00:51:39,280 --> 00:51:43,600
थी। मान लीजिए मैंने ट्रेनिंग करके आई। उन्होंने तो पूरा ट्रेनिंग कराया मुझे कितना

737
00:51:43,600 --> 00:51:47,680
बोलना है क्या बोलना है सटीक बोलना है कम बोलना है कम

738
00:51:47,680 --> 00:51:49,520
बोलो धीरे बोलो मीठा बोलो ये

739
00:51:49,520 --> 00:51:53,840
उनका मंत्र है ठीक है अब इसमें तो कोई क्रांति होती नहीं है

740
00:51:53,840 --> 00:51:57,920
तो मैं चुप रहूं तो चुप ही रहती थी जितने दिन चुप

741
00:51:57,920 --> 00:52:02,160
रही उतने दिन शांति से चला मामला लेकिन जब बहुत ही सर से पानी

742
00:52:02,160 --> 00:52:06,880
उतर गया और मुझे लगने लगा कि सरकारी तौर पर भी ये गला

743
00:52:06,880 --> 00:52:10,880
अंदर रेप के केसेस कर रही है लड़कियां जिन

744
00:52:10,880 --> 00:52:15,040
लड़कियों को इन्होंने आज उपाधि दे रखी है। उनहीं लड़कियों ने इनके खिलाफ मुकदमे

745
00:52:15,040 --> 00:52:19,200
दर्ज कर रखे हैं। मैं फिर दावे से करती हूं आपको। उसमें मैं नहीं आती

746
00:52:19,200 --> 00:52:23,360
हूं जिसमें लोग मुझे तोल रहे हैं ना कि नीलिमा के साथ कुछ

747
00:52:23,360 --> 00:52:27,360
कमेंट आते हैं। नीलिमा के साथ जरूर कुछ गलत हुआ होगा और बहुत गंदे

748
00:52:27,360 --> 00:52:31,360
अल्फाजों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा नहीं है। नीलिमा के

749
00:52:31,360 --> 00:52:35,520
साथ जो गलत हुआ नीलिमा कोर्ट में लड़ रही है। आप उसका पता करिए

750
00:52:35,520 --> 00:52:40,400
नीलिमा के साथ क्या गलत हुआ। पर जिन लोगों ने जिन लड़कियों ने

751
00:52:40,400 --> 00:52:45,360
इनके खिलाफ मृत्युंजय के खिलाफ या और लोगों के खिलाफ

752
00:52:45,360 --> 00:52:49,360
रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वह तो आरटीआई डाल के कोई भी

753
00:52:49,360 --> 00:52:53,520
व्यक्ति ले सकता है ना। मैं तो खुलेआम बोल रही हूं। मैं तो आबू रोड

754
00:52:53,520 --> 00:52:57,680
थाना बता रही हूं आपको। आबू रोड थाने से आरटीआई

755
00:52:57,680 --> 00:53:01,680
डालिए। कोर्ट से डालिए और आप कॉपियां निकलवाइए।

756
00:53:01,680 --> 00:53:04,720
अनगिनत एफआईआर रेप की

757
00:53:04,720 --> 00:53:09,200
उस संस्था में दर्ज नहीं होनी चाहिए थी। जिस संस्था

758
00:53:09,200 --> 00:53:13,360
के अंदर मंत्र ही उनका ओम शांति है। कितना डिफरेंट

759
00:53:13,360 --> 00:53:17,440
है शिव जी और ये कितनी गंभीर बात है जिसको हम लाइटली

760
00:53:17,440 --> 00:53:21,440
नहीं ले सकते। हंसी में नहीं उड़ा सकते। हम

761
00:53:21,440 --> 00:53:25,440
ये नहीं कह सकते नहीं संस्था की कोई जिम्मेदारी

762
00:53:25,440 --> 00:53:29,840
लायबिलिटी बनती है भाई। मैं आज एक फिल्म डायरेक्टर

763
00:53:29,840 --> 00:53:33,920
हूं। मुझे किसी ने इंटरव्यू किया। बॉम्बे फिल्म फ्रेम ने मुझे इंटरव्यू

764
00:53:33,920 --> 00:53:38,000
किया मेरा अच्छा परफॉर्मेंस के ऊपर। तो उन्होंने बोला कि आप

765
00:53:38,000 --> 00:53:42,160
मैडम इंटरव्यू नहीं देते। आप कुछ हमें बताते नहीं

766
00:53:42,160 --> 00:53:46,320
अगली फिल्म क्या आ रही है क्या नहीं हो रहा है। तो उन्होंने जो मेरा इंटरव्यू लिया

767
00:53:46,320 --> 00:53:50,560
था पूरे ब्लॉग में लिखा हुआ है। पूरा मेरे को एक

768
00:53:50,560 --> 00:53:55,280
एक सारा बंच भेजा है। इतनी बड़ी मेरी मैगजीन निकली थी

769
00:53:55,280 --> 00:53:59,680
जो भी मैं प्रोजेक्ट कर रही हूं। उसके अंदर पूरा लिखा हुआ है साफसाफ

770
00:53:59,680 --> 00:54:03,760
कि फिल्म इंडस्ट्री की जिम्मेदारी बनती है, जवाबदेही

771
00:54:03,760 --> 00:54:07,840
बनती है कि सामाजिक कुरीतियों के प्रति आवाज

772
00:54:07,840 --> 00:54:12,160
उठाने का उसका हक है। बोलने का अधिकार है। लेकिन अगर

773
00:54:12,160 --> 00:54:16,160
समाज को बॉलीवुड मैं खुल के बोलती हूं। मैं जहां हूं वहां भी बोल

774
00:54:16,160 --> 00:54:20,000
रही हूं। सुन लो। और मुझे बहुत बड़े-बड़े लोग सुनते हैं। ये मत सोचिए

775
00:54:20,000 --> 00:54:24,080
आप कि केवल आप सुनते हैं। मुझे आज अगर बॉम्बे में बैठी हूं तो

776
00:54:24,080 --> 00:54:28,080
लोग बहुत सुनते हैं मुझे। तो मैं उनकी जवाबदेही तय करती हूं कि

777
00:54:28,080 --> 00:54:32,400
आपकी जवाबदेही बनती है कि आप जब कोई कंटेंट लाते हैं, कोई भी कंटेंट

778
00:54:32,400 --> 00:54:37,040
आप लाते हैं, आपको उसके इर्दगिर्द का माहौल देखना चाहिए।

779
00:54:37,040 --> 00:54:41,520
आपको यह समझना चाहिए कि इनके प्रति हमारी क्या जवाबदेही है।

780
00:54:41,520 --> 00:54:45,680
आप एनिमल फिल्म बनाते हैं। आप बीफ

781
00:54:45,680 --> 00:54:49,760
खाते हैं। ठीक है? मैं भी आज उन्हीं के साथ काम करूंगी। ये मत

782
00:54:49,760 --> 00:54:53,840
सोचिए कि काम नहीं करूंगी। मुझे उन्हीं के साथ काम करना है। फिर भी बोल रही हूं। देखो नीलिमा की

783
00:54:53,840 --> 00:54:58,080
हिम्मत। देखिए ब्रह्मा कुमारी इस वेरी हिम्मत। मैं जिन

784
00:54:58,080 --> 00:55:02,080
लोगों ने बीफ खाया, जिन लोगों ने नंगा नाच किया, उन लोगों ने राम

785
00:55:02,080 --> 00:55:06,320
की भूमिका निभाई कैसे? मैं उसके प्रति इंटरव्यू दिया है।

786
00:55:06,320 --> 00:55:10,640
खुले आप दूसरी चीज क्या किसी भी फिल्म

787
00:55:10,640 --> 00:55:14,640
मेकर की ये जिम्मेदारी नहीं है। आप आज दादा साहेब फालके

788
00:55:14,640 --> 00:55:19,200
की बात करते हो। मैं क्यों केवल ब्रह्मा कुमारी के लिए बोलूंगी?

789
00:55:19,200 --> 00:55:24,160
मैं तो समाज की उस हर कुरीति के बारे में बोलूंगी जिस भी फील्ड में जाऊंगी।

790
00:55:24,160 --> 00:55:28,320
दादा साहब फालके अवार्ड मिलता है हमें जब हम कभी कोई अच्छा काम करते हैं

791
00:55:28,320 --> 00:55:32,640
तो दादा साहब फाल्के की बात अगर आप करें तो मेरे आइडियल है वो

792
00:55:32,640 --> 00:55:35,040
ऐसे ही नहीं आ गई मैं ब्रह्मा कुमारी से

793
00:55:35,040 --> 00:55:39,200
यहां फिल्म इंडस्ट्री में अगर आप दादा साहेब फालके की पहली फिल्म

794
00:55:39,200 --> 00:55:44,720
सर्च करेंगे तो पता है कौन सी है राजा हरिश्चंद्र

795
00:55:44,720 --> 00:55:49,040
तो जो जो इंडस्ट्री के अंदर बहुत पैसे जिनको

796
00:55:49,040 --> 00:55:53,040
मिलने वाले थे विदेश जाने वाले थे लोग बाहर बुलाना चाहते थे फिर फिर

797
00:55:53,040 --> 00:55:57,760
भी उन्होंने देश के अंदर रह के यहां का सिनेमा दिखाना पसंद किया

798
00:55:57,760 --> 00:56:01,840
और शुरू के जितनी चीजें आप देखोगे वो सब श्री कृष्ण पे विष्णु

799
00:56:01,840 --> 00:56:06,160
जी पे या फिर हमारा सारा धार्मिक जो साहित्य

800
00:56:06,160 --> 00:56:10,160
था वो बनाया गया और बहुत अच्छे से पेश किया गया ऐसा वैसा नहीं

801
00:56:10,160 --> 00:56:14,720
ठीक है आज आइकॉन है वो क्यों नहीं बनाते आप

802
00:56:14,720 --> 00:56:18,880
क्यों नहीं बनाते आ रही है हनुमान जी पे फिल्म नीम करोली

803
00:56:18,880 --> 00:56:22,880
बाबा क्यों चल गई 400 करोड़ लगाई हुई फिल्म फिल्म

804
00:56:22,880 --> 00:56:26,960
चलने में डाउट है। 4000 करोड़ के बैनर के तले

805
00:56:26,960 --> 00:56:31,760
बनने वाली फिल्म पता है कितनी बड़ी बात होती है। और मात्र

806
00:56:31,760 --> 00:56:36,240
दो करोड़ में बनने वाली फिल्म भीम करौली बाबा के ऊपर

807
00:56:36,240 --> 00:56:40,400
चल रही है। मस्त चल रही है। इसका मतलब आपको अपने देश का माहौल

808
00:56:40,400 --> 00:56:44,400
समझने की जरूरत है। जिस जिम्मेदारी को पूरे के

809
00:56:44,400 --> 00:56:48,400
पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को उठाना अति आवश्यक है।

810
00:56:48,400 --> 00:56:50,160
ठीक है? मैंने कब बात नहीं

811
00:56:50,160 --> 00:56:54,160
उठाई। मैंने हर बार बात उठाई। मैंने तो दिलजीत दोजान पर

812
00:56:54,160 --> 00:56:58,560
बात उठाई कि पाकिस्तानी हीरोइन लेकर के कैसे आप गाना बना सकते हो। जबकि

813
00:56:58,560 --> 00:57:02,560
हमारे साथ वर्ल्ड वार चल रहा था। ठीक है? अब मैं इसमें ब्रह्मा

814
00:57:02,560 --> 00:57:06,640
कुमारी को जोड़ती हूं। ब्रह्मा कुमारी ये ले कतई ना चले कि नीलिमा

815
00:57:06,640 --> 00:57:10,640
का कोई पर्सनल स्वार्थ था। नीलिमा का तो स्वार्थ यहां भी नहीं है। नीलिमा

816
00:57:10,640 --> 00:57:14,960
का स्वार्थ आपके पास भी नहीं था। हां नीलमा का स्वार्थ एक है कि राष्ट्र

817
00:57:14,960 --> 00:57:18,960
में अगर हम जी रहे हैं जब तक यह घट में प्राण

818
00:57:18,960 --> 00:57:23,520
है तब तक राष्ट्र की सेवा करें। जहां धर्म के अंदर

819
00:57:23,520 --> 00:57:27,600
खराब चीजें होती है वहां हम उन्हें उठाएं। जहां कर्म के अंदर होती

820
00:57:27,600 --> 00:57:31,600
है यह मेरी कार्मिक भूमि है। मेरे कर्म में अगर यह सब कुछ होगा तो

821
00:57:31,600 --> 00:57:35,760
भी बोलूंगी। वो मेरे धर्म की बात थी जो मैंने धारण किया था।

822
00:57:35,760 --> 00:57:39,840
अगर मुझे बुरा लगा तो मैं बोल रही हूं। मैं आपको कह रही हूं कि भाई हां

823
00:57:39,840 --> 00:57:44,000
आपने गलत किया है। गलत का प्रमाण कोर्ट में भी है। गलत

824
00:57:44,000 --> 00:57:48,400
का प्रमाण आपके थाने में भी है। गलत का प्रमाण आपके कैंपस

825
00:57:48,400 --> 00:57:52,800
के अंदर है। आज इतनी गंभीर स्थिति है शिवश जी

826
00:57:52,800 --> 00:57:56,800
सुनिए। निर्भया केस जैसा केस हुआ है

827
00:57:56,800 --> 00:58:01,200
दिल्ली में फिर से। पता है ना आपको?

828
00:58:01,200 --> 00:58:05,200
किस-किस को पता है यह पता करो। निर्भया कांड जैसा

829
00:58:05,200 --> 00:58:09,200
केस फिर दिल्ली में हुआ है वापस। तो अगर

830
00:58:09,200 --> 00:58:13,280
फिर हुआ है तो मेरा कोर्ट से अदालतों से

831
00:58:13,280 --> 00:58:17,440
सबसे अपील है कि पहले तो यह जो बाबा बाबा जितने भी

832
00:58:17,440 --> 00:58:21,440
बाबा है बाबा इन द सेंस नॉट

833
00:58:21,440 --> 00:58:25,520
चैतन्य महाप्रभु और शंकराचार्य वो हमारे भगवान है

834
00:58:25,520 --> 00:58:29,600
वो नहीं जितने नामचीन बाबा बने हैं जिन्होंने

835
00:58:29,600 --> 00:58:33,840
कल्ट खोले हैं चाहे उसमें वीरेंद्र देव दीक्षित हो चाहे ब्रह्मा कुमारी

836
00:58:33,840 --> 00:58:37,840
हो चाहे निरंकारी हो जितने भी है ये जेल जाते

837
00:58:37,840 --> 00:58:42,400
हैं। आरोपी साबित होते हैं। जेल से फिर वो बाहर घूमते हैं।

838
00:58:42,400 --> 00:58:46,400
आप बाहर घुमाते हो उनको आराम से और आरोप ही नहीं है। वो सब

839
00:58:46,400 --> 00:58:49,600
बहुत गंभीर

840
00:58:49,600 --> 00:58:54,320
आरोप है। अगर देश का कानून लचलचा

841
00:58:54,320 --> 00:58:58,400
ना होता, हलचल वाला ना होता, लचपिचा ना होता

842
00:58:58,400 --> 00:59:02,720
तो डरते लोग रेप के बारे में सोचते। डरते स्वरा भास्कर जैसे लोग

843
00:59:02,720 --> 00:59:06,880
रेप के और हमारी भगवती मां के बारे में बात करते

844
00:59:06,880 --> 00:59:10,880
हुए जो रोज शौहर बदलती है वो जोहर के बारे में बात

845
00:59:10,880 --> 00:59:15,200
कर रही है हिंदू होके शौहर रख रही है आप

846
00:59:15,200 --> 00:59:19,600
वो जोहर के बारे में बात करती है उनको तो समझाना भी बहुत भारी बात है

847
00:59:19,600 --> 00:59:23,680
भैंस के आगे बैन बजाने जैसा है उनका उनका पाला किसी

848
00:59:23,680 --> 00:59:28,000
ठीक-ठाक मनुवादी से नहीं होता है इसलिए ये सब चीजें हैं।

849
00:59:28,000 --> 00:59:32,000
एक बात ब्रह्मा कुमारी अलग नहीं है शिव जी मैं ब्रह्मा कुमारी

850
00:59:32,000 --> 00:59:36,320
को आपके सामने खुले आम जोड़ रही हूं इन चीजों से ब्रह्मा कुमारीज

851
00:59:36,320 --> 00:59:40,560
कहता है ब्रह्मा कुमारीज हमें कहता है कि ब्राह्मण

852
00:59:40,560 --> 00:59:44,800
हम है तुम ब्राह्मण नहीं हो खुलेआम कहता है उसकी

853
00:59:44,800 --> 00:59:50,720
मुरलियों में लिखा है ब्राह्मण वो जो ब्रह्मा कुमारीज में है

854
00:59:50,720 --> 00:59:54,720
समझे तीर्थ वो जो ब्रह्मा कुमारीज में है

855
00:59:54,720 --> 00:59:58,880
मुरली वो जो ब्रह्मा कुमारीज में है भगवान ब्रह्मा कुमारी

856
00:59:58,880 --> 01:00:02,960
में है। हद हो गई भाई। मतलब हमारा तो सब कुछ खत्म हो गया।

857
01:00:02,960 --> 01:00:04,640
अब आपके पीछे जितनी किताबें

858
01:00:04,640 --> 01:00:09,200
लगी है ना सब जीरो है। सब कुछ ब्रह्मा कुमारी है।

859
01:00:09,200 --> 01:00:13,600
अब आप बताइए कैसे मानेंगे आप? अच्छा एक चीज मैं

860
01:00:13,600 --> 01:00:17,760
कहना चाहते थे आप? यह मैं कहना पूछना चाह रहा था कि

861
01:00:17,760 --> 01:00:22,160
क्या यह जो ब्रह्मा कुमारीज वगैरह में जो चीजें हैं जो आरोप

862
01:00:22,160 --> 01:00:26,320
होते हैं तो इसमें क्या हम यह माने कि कोई एक फॉलोअ

863
01:00:26,320 --> 01:00:30,480
है कोई एक वहां का ऐसा है जिससे इस प्रकार की गलती

864
01:00:30,480 --> 01:00:34,880
हुई या यह माने कि जो उसका कोर सिस्टम है वो दूषित

865
01:00:34,880 --> 01:00:38,960
हो चुका है और उस इस कारण से इस तरह की चीजें आ रही बाहर

866
01:00:38,960 --> 01:00:43,040
कोर सिस्टम दूषित हो चुका है। मैं उसी कोर सिस्टम में से निकल के आपके पास

867
01:00:43,040 --> 01:00:47,280
आ रही हूं। अच्छा कोर सिस्टम दूषित हो चुका

868
01:00:47,280 --> 01:00:51,440
है वहां इतनी बुरी हालत है शिवा जी कि

869
01:00:51,440 --> 01:00:55,760
मैं खुल के बोल रही हूं ये जिनको जो करना है कर ले मुकदमा

870
01:00:55,760 --> 01:01:00,000
कर दे जेल को जाने मुझे गोली मार दो जो तुम्हें करना है कर लो मैंने

871
01:01:00,000 --> 01:01:05,520
जीवन दे दिया भगवान को तुम कहते हो तुम्हारी सफेद साड़ी पहन के तुम

872
01:01:05,520 --> 01:01:10,000
नहीं सफेद साड़ी पहन के जीवन भगवान को नहीं दिया जाता

873
01:01:10,000 --> 01:01:14,080
ऐसे दिया जाता है जैसे हमने दिया हमने तुम्हारे यहां आने के बाद

874
01:01:14,080 --> 01:01:18,160
भी ब्रह्मचर्य अपना रखा है। सिर्फ सिर्फ अनमैरिड नहीं

875
01:01:18,160 --> 01:01:19,840
हूं मैं। ब्रह्मचारी नहीं

876
01:01:19,840 --> 01:01:24,000
हूं। करवाओ डीएनए टेस्ट। अच्छा एक एक मिनट सर एक

877
01:01:24,000 --> 01:01:28,160
मिनट जी सुनिए जिनको भी जिनको भी ये लगता

878
01:01:28,160 --> 01:01:32,640
है कि नीलिमा का ये नीलम नीलिमा का आप जो मर्जी कर लीजिए।

879
01:01:32,640 --> 01:01:36,800
आप रोज एक मुकदमा दायर कीजिए। मैं मुकदमे के लिए ही जीवित हूं।

880
01:01:36,800 --> 01:01:40,800
अब मैं अब तुम्हारे से लड़ने के लिए ही

881
01:01:40,800 --> 01:01:44,880
जीवित हूं। एक्चुअली मेरे जीवन का लक्ष्य कुछ और है ही नहीं। अब

882
01:01:44,880 --> 01:01:48,960
मैंने शादी नहीं कराई इसलिए नहीं कि शादी होती नहीं है। मुझे शादी करने

883
01:01:48,960 --> 01:01:52,960
की फुर्सत नहीं ले दे रहा ब्रह्मा कुमारीज। इतने ऐब कर रखे

884
01:01:52,960 --> 01:01:57,200
हैं ब्रह्मा कुमारी से कि मुझे शादी करने की फुर्सत नहीं है। और टेस्ट

885
01:01:57,200 --> 01:02:01,920
भी नहीं है मुझे शादी में। किस लिए? के भाई मुझे टाइम मिले तो मैं सोचूं।

886
01:02:01,920 --> 01:02:06,080
टाइम नहीं है क्योंकि रोज एक नया मुकदमा हो रहा है मेरे ऊपर।

887
01:02:06,080 --> 01:02:10,160
कोई जो कुछ बोलती हूं कंट्रोवर्सी हो जाती है। जो कुछ कहती हूं गलत मैं

888
01:02:10,160 --> 01:02:14,320
गलत बोल रही हूं। ब्रह्मा कुमारीज अच्छी तरह से एक बात जान

889
01:02:14,320 --> 01:02:18,320
ले। खुलेआम मैं इस प्लेटफार्म पे आपके आपके प्लेटफार्म के

890
01:02:18,320 --> 01:02:22,480
थ्रू बोल रही हूं। ब्रह्मा कुमारी अच्छी तरह जान ले। 13

891
01:02:22,480 --> 01:02:26,640
साल से मुकदमा लड़ रही हूं। 13 साल में मुकदमे की ऐ

892
01:02:26,640 --> 01:02:30,800
पूरी हो गई है। अब लास्ट में जज साहब को फैसला

893
01:02:30,800 --> 01:02:35,280
देना है। इस बात पे भी फैसला देना है कि मैं ब्रह्मा कुमारी हूं या नहीं।

894
01:02:35,280 --> 01:02:39,280
पहली बात मैंने यह पूछा है मैं ब्रह्मा कुमारी क्यों नहीं हूं

895
01:02:39,280 --> 01:02:43,360
मुझे पहले इसका आंसर दो आके कोई उत्तर नहीं आ रहा है

896
01:02:43,360 --> 01:02:47,440
शिव जी वहां से 13 वर्षों से मौके पर मौके दिए जा रहे

897
01:02:47,440 --> 01:02:51,600
हैं कुछ नहीं हो रहा है अब उसमें फैसला आएगा

898
01:02:51,600 --> 01:02:55,760
दूसरा मृत्युंजय प्रकाश नीलू जैसे लोग

899
01:02:55,760 --> 01:02:59,840
जिनके ऊपर रेप के चार्जेस हैं वो कोर कमेटी

900
01:02:59,840 --> 01:03:04,240
में कैसे बैठे हैं वो कैसे शीर्ष नेतृत्व कर रहे हैं

901
01:03:04,240 --> 01:03:08,320
उसका जवाब देना पड़ेगा। ब्रह्मा कुमारी को अब तीसरा

902
01:03:08,320 --> 01:03:12,480
मुकदमा कौन सा है? आपने फॉरेस्ट की जितनी भी जमीनें घेरी

903
01:03:12,480 --> 01:03:16,480
है वो क्यों घेरी है? आपको क्या आवश्यकता थी? आपका पैसा कहां से आ

904
01:03:16,480 --> 01:03:20,560
रहा है? और आप ये पैसा कैसे लगा रहे हो? और जमीनों की आपको अगर इतनी आवश्यकता

905
01:03:20,560 --> 01:03:24,640
है तो लोगों को विनाश की थ्योरी क्यों पढ़ा रहे हो? तो ये सब कुछ

906
01:03:24,640 --> 01:03:28,800
कोर्ट में है। चौथा मुकदमा इन्होंने मेरे पर दायर किया है गुड़गांव

907
01:03:28,800 --> 01:03:32,960
में। इस्लाम इस्लाम वाला। इस्लाम वाला। तो मुझे बता दो मुझे शादी करने

908
01:03:32,960 --> 01:03:37,040
की फुर्सत है कहां? और मैं समझती भी नहीं कि अब

909
01:03:37,040 --> 01:03:41,520
शादी वाली बात रही भी नहीं। तीसरी बात यह समझ ले जो भी कमेंट

910
01:03:41,520 --> 01:03:45,760
यहां करते हैं मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ब्रह्मा

911
01:03:45,760 --> 01:03:49,920
कुमारीज मेरे बारे में क्या कर देगा। जो तुमसे हो तुम वो कर लो।

912
01:03:49,920 --> 01:03:50,420
सिर्फ

913
01:03:50,320 --> 01:03:54,480
मुझे एक ही बात कहनी है कि वहां सफेद कपड़े पहनने वाले लोग

914
01:03:54,480 --> 01:03:58,640
जिस दिन भगवा कपड़े पहन लेंगे उस दिन मैं पीछा छोडूंगी ब्रह्मा कुमारी

915
01:03:58,640 --> 01:04:02,800
का। उसके पहले तो नहीं। उसके पहले नहीं। वैदिक

916
01:04:02,800 --> 01:04:07,040
विद्यालय खुलेगा। बहुत बड़ी व्यवस्था है। बहुत बड़ा कैंपस

917
01:04:07,040 --> 01:04:12,080
है। बहुत कुछ है। वहां वैदिक विद्यालय चलना चाहिए और

918
01:04:12,080 --> 01:04:16,320
महाचार्य शंकराचार्य जी के थ्रू चलना चाहिए। चैतन्य महाप्रभु को पढ़ाना

919
01:04:16,320 --> 01:04:18,560
चाहिए।

920
01:04:18,560 --> 01:04:23,040
बच्चों का जीवन बच जाएगा। ये मेरा लक्ष्य है। जी

921
01:04:23,040 --> 01:04:27,120
नहीं बहुत बढ़िया। आपने जो चीजें संक्षिप्त में बता दी है।

922
01:04:27,120 --> 01:04:31,280
बाकी आज के कोर्स के कोर्स जो हमने किया है वन फर्स्ट डे का

923
01:04:31,280 --> 01:04:35,520
उससे रिलेटेड यदि किसी का कोई क्वेश्चन हो तो वह कर दे कमेंट के माध्यम

924
01:04:35,520 --> 01:04:39,600
से और यदि चेहरा लेकर के यहां आना चाहता है आज के

925
01:04:39,600 --> 01:04:43,600
कंटेंट से रिलेटेड तो वह आ सकता है। आप ऑपरेटर

926
01:04:43,600 --> 01:04:49,600
जी यहां पर वह दे दीजिए लिंक दे दीजिए यहां पर आप।

927
01:04:59,520 --> 01:05:05,280
ये दे दिया गया है।

928
01:05:05,280 --> 01:05:09,440
अगर कोई ऊपर आकर के क्वेश्चन करना चाहता है

929
01:05:09,440 --> 01:05:13,440
यहां स्टेज पर आकर के तो वह कर सकता है बट विद आइडेंटिटी और

930
01:05:13,440 --> 01:05:17,600
अगर वह कमेंट सेक्शन में कोई अपना प्रश्न रखना चाहता है तो रख सकता

931
01:05:17,600 --> 01:05:22,400
है। हम लोग पांच मिनट तक वेट करेंगे वरना फिर

932
01:05:22,400 --> 01:05:26,480
आज के इसको मतलब आगे बढ़ाएंगे और नेक्स्ट हम या

933
01:05:26,480 --> 01:05:31,040
तो नेक्स्ट आने वाला जो मंडे है सोमवार उसको मिलेंगे

934
01:05:31,040 --> 01:05:35,200
डे सेकंड के लिए और या फिर थर्सडे या वेडनेसडे जो डिसाइड

935
01:05:35,200 --> 01:05:39,440
होगा सोमवार बुधवार या बृहस्पतिवार में से किसी एक दिन अब

936
01:05:39,440 --> 01:05:43,760
जो सेकंड डे का कोर्स है वो हमें बी के

937
01:05:43,760 --> 01:05:46,880
नीलमा जी कराएंगी

938
01:05:46,880 --> 01:05:51,660
ब्राउन

939
01:05:51,660 --> 01:05:55,760
[गला साफ़ करने की आवाज़] अब आपके पास कमेंट में मेरे लिए वो भी आएंगे चीजें कि ये

940
01:05:55,760 --> 01:06:00,480
क्या ही कोर्स कराएगी ये तो कुछ भी बोलेगी तो

941
01:06:00,480 --> 01:06:04,960
आप करा दो जो कमेंट करेगा उसको कहूंगा आप करा दो आ जाओ

942
01:06:04,960 --> 01:06:08,960
और मैं कोशिश कर रही हूं कि मैं वैसे ही डिट्टो बोलू जो मैंने

943
01:06:08,960 --> 01:06:12,960
सीखा है और मैंने बहुत बहुत रटा रटाया सीखा हुआ है आप मैं

944
01:06:12,960 --> 01:06:17,440
तो ये कह रहा हूं ना मैं तो ये कह रहा हूं ना नीलिमा जी कि आपका आईक्यू

945
01:06:17,440 --> 01:06:21,600
जो जो है वो जो यूजली जो ब्रह्मा कुमारियां

946
01:06:21,600 --> 01:06:25,600
मिलती है मुझे उनसे बेहतर बहुत अच्छा आईक्यू है तो आप क्या करिए

947
01:06:25,600 --> 01:06:29,600
ना उसका यूज करिए शिवश को पछाड़ने के लिए वो मैं कह

948
01:06:29,600 --> 01:06:33,600
रहा हूं अगली बार करिए मतलब आप वो आईक्यू यूज

949
01:06:33,600 --> 01:06:37,760
किया अगर मैंने आपसे वो आईक्यू यूज किया

950
01:06:37,760 --> 01:06:41,920
तो उसमें क्या होगा कि मैं मैं वो

951
01:06:41,920 --> 01:06:46,080
क्या बोलते है उसको लाइन से हट के चली जाऊंगी

952
01:06:46,080 --> 01:06:50,160
नहीं ठीक ठीक सीमाएं है ना उसमें

953
01:06:50,160 --> 01:06:54,560
रहना पड़ेगा मुझे। मैं वही तो कह रहा हूं कि मैं वही कह रहा हूं। ब्रह्मा

954
01:06:54,560 --> 01:06:58,960
कुमारी को बचाया जा सकता है। उसके सिद्धांतों को तो उसकी सिद्धांतों

955
01:06:58,960 --> 01:07:02,960
की सीमा से बाहर निकल के ही बचाया जा सकता है। यानी कि हमारी ओर आ

956
01:07:02,960 --> 01:07:07,200
के ही की मुझे परमिशन नहीं है। फिर मैं ब्रह्मा कुमारी नहीं हूं।

957
01:07:07,200 --> 01:07:11,840
परमिशन नहीं है। मगर आप देखो ना राजरी गार्डन वाली जो थी उन्होंने मान लिया शांति

958
01:07:11,840 --> 01:07:16,160
जो आत्मा का धर्म नहीं गार्डन वाले ने वापस

959
01:07:16,160 --> 01:07:20,160
आपको कॉल भी किया है कि भाई हटा दो मेरी वीडियो तुमने मुझे फंसा

960
01:07:20,160 --> 01:07:24,320
दिया [हंसी] सुनो सुनो मेरी बात

961
01:07:24,320 --> 01:07:28,480
क्या होता है मैं आपको बताती हूं जिस समय आपने कर लिया

962
01:07:28,480 --> 01:07:32,480
आपने उनका इंटरव्यू ले लिया तो क्योंकि मेरे तो कांटेक्ट है देखो मैं

963
01:07:32,480 --> 01:07:37,120
तो प्रॉपर जो लोग मेरे साथ रहे हैं वहां पे जो

964
01:07:37,120 --> 01:07:41,280
एस एन ब्रह्मा कुमारी मुझे आज भी जानते हैं। तो उनसे मेरी बात हुई।

965
01:07:41,280 --> 01:07:45,280
उन्होंने कहा नीलिमा दीदी बताओ इनको पता ही नहीं है इनको क्यों

966
01:07:45,280 --> 01:07:49,360
क्या पड़ी थी इनको इंटरव्यू देने की? और जब उन्होंने इंटरव्यू दिया उनको अंदर

967
01:07:49,360 --> 01:07:53,520
से इतनी डांट पड़ी है शिवा जी कि तुमको क्या जरूरत थी इतना बोलने

968
01:07:53,520 --> 01:07:57,680
की? इतना क्यों बोल रही थी? तुमको क्यों परमिशन नहीं

969
01:07:57,680 --> 01:08:02,080
लेनी थी क्या? करुणा जी के यहां से उनको बहुत डांट पड़ी है।

970
01:08:02,080 --> 01:08:06,320
और मुझे करुणा जी के साथी बता रहे हैं। अच्छा

971
01:08:06,320 --> 01:08:10,400
वो कह रहे हैं कि इनको तो बेचैनी है। इन्होंने कहा तुम्हारे को क्या जरूरत थी?

972
01:08:10,400 --> 01:08:14,560
तुम क्यों बोल रही थी इतना फालतू बोलने की क्या? अच्छा इन्होंने अपने वाली

973
01:08:14,560 --> 01:08:18,560
को तो कह लिया। मुझे तो ये कहते हैं कि हम मुझे निकाल रखा है। मेरे

974
01:08:18,560 --> 01:08:22,400
पे तो सीधा मुकदमा करेंगे। मेरे को बोल तो नहीं सकते

975
01:08:22,400 --> 01:08:26,480
ना। मुझे तो सीधा बोलेंगे देखो ये इस फ्रेम से बाहर निकली। ये

976
01:08:26,480 --> 01:08:30,480
बात हमारी नहीं है। ये तो इसने बोली है। समझे आप? तो

977
01:08:30,480 --> 01:08:34,560
मैं उस फ्रेम में रहूंगी। मुझे मालूम है ब्रह्मा कुमारी का फेम क्या

978
01:08:34,560 --> 01:08:38,720
है? मतलब ब्रह्मा कुमारी इसकी ब्रह्मा कुमारी का फेम

979
01:08:38,720 --> 01:08:44,720
यही है कि जब एंड हो जाए तो शांति छोड़ दो

980
01:08:45,280 --> 01:08:49,520
मेरे पास वक्त नहीं है। ये एक बहुत ही हार्ड कोर

981
01:08:49,520 --> 01:08:53,760
जो है फॉलोअ है ब्रह्मा कुमारी के। बहुत हार्ड कोर और सदैव ये प्रश्न

982
01:08:53,760 --> 01:08:57,760
किया। ये सदैव प्रश्न करते रहते हैं और ये कह रहे हैं बहुत ही ज्ञानवर्धक

983
01:08:57,760 --> 01:09:01,760
मतलब इनके इनको अपना कोर्स का पहला दिन याद आ गया आज। यह कह रहे

984
01:09:01,760 --> 01:09:05,840
हैं ना बहुत ही ज्ञानवर्धक चर्चा अभी भी है ये।

985
01:09:05,840 --> 01:09:09,840
यह हमारे विरोधी हैं। मतलब जब ब्रह्मा कुमारी की बात आती है तो

986
01:09:09,840 --> 01:09:14,000
ये हमारे विरोधी हैं। वरना और सब चीजों में समर्थन करते हैं। मतलब जब हम

987
01:09:14,000 --> 01:09:18,000
आज आज क्या कर रहे हैं? आज समर्थन कर रहे हैं। आज

988
01:09:18,000 --> 01:09:22,080
आज ये ये कह रहे हैं कि आपने जो फर्स्ट डे का जो कोर्स कराया वो

989
01:09:22,080 --> 01:09:26,080
बहुत अच्छा है। ये उधर ध्यान नहीं देना चाहते कि जो मैंने

990
01:09:26,080 --> 01:09:30,080
क्वेश्चन किए और उनके आंसर नहीं मिले। थैंक यू सो मच [हंसी] ये

991
01:09:30,080 --> 01:09:34,160
उधर ये आपको मतलब आपको आपके लिए वो है ये

992
01:09:34,160 --> 01:09:37,680
मेरे लिए रेस्पेक्ट बढ़ जाएगी आपने ये क्या किया से

993
01:09:37,680 --> 01:09:42,560
डेज कोर्स करा के मेरे लिए रेस्पेक्ट ब्रह्मा कुमार इसकी नजरों में दोबारा आ जाएगी

994
01:09:42,560 --> 01:09:47,520
हां ठीक है तो फिर हम

995
01:09:47,520 --> 01:09:52,560
ये हां ये क्या दिखा रहे हैं

996
01:09:52,560 --> 01:09:57,680
अच्छा ये कमेंट्स आ रहे हैं जी जी पढ़िए

997
01:09:57,680 --> 01:10:01,680
पढ़ लीजिए। एक दो पढ़ लीजिए। ऑपरेटर जी

998
01:10:01,680 --> 01:10:06,160
क्या दिखाना चाह रहे हैं? क्योंकि आपको क्लियरली दिखेगा। प्लीज

999
01:10:06,160 --> 01:10:10,240
लेट हाउ कैन वी कनेक्ट टू अस? हां मैंने इनको

1000
01:10:10,240 --> 01:10:14,400
बोला है आज ही दिन में मैंने बोला था इनको कि आप जो

1001
01:10:14,400 --> 01:10:18,400
है इस वीडियो के अंत में दिए गए नंबर पर संपर्क करें। मैं बोल

1002
01:10:18,400 --> 01:10:22,560
देता हूं। और एक लोग और है जो जिन्होंने आज महाराष्ट्र से

1003
01:10:22,560 --> 01:10:27,040
फोन किया था मुझे। वो कह रहे थे कमेंट पढ़ लीजिए

1004
01:10:27,040 --> 01:10:31,040
आप एक दो कमेंट पढ़ लीजिए कमेंट कुछ ऐसा

1005
01:10:31,040 --> 01:10:35,280
आ नहीं रहा है यहां पर कोई खास कोई प्रश्न नहीं आ रहा है

1006
01:10:35,280 --> 01:10:39,360
तो ये बहन जी इतना बोल रही है उसे पता उससे

1007
01:10:39,360 --> 01:10:44,000
पता चलता है कि यह ब्रह्मा कुमारी नहीं हो सकती ओके

1008
01:10:44,000 --> 01:10:48,080
मतलब मैं चुप रहूं तो मैं ब्रह्मा कुमारी हूं बस यही तो यही तो

1009
01:10:48,080 --> 01:10:53,440
हम साबित कर रहे हैं जो आप बोल रहे हो वही तो हो आप एक्चुअली

1010
01:10:53,440 --> 01:10:57,600
मैंने आपको क्या कहा शिवा जी आपने मुझे अभी कहा नीलिमा जी आप उसको तोड़

1011
01:10:57,600 --> 01:11:01,600
के भी बताइए अभी उतना बोलने पे भी उन्होंने बोल दिया कि

1012
01:11:01,600 --> 01:11:06,640
ज्यादा बोल रही है या ब्रह्माकुमारी हो ही नहीं सकती [हंसी]

1013
01:11:06,640 --> 01:11:10,800
अच्छा मैं एक बात कहता हूं कि आप इतना बोल रहे हो इससे पता लगता है कि

1014
01:11:10,800 --> 01:11:16,160
आप मनुष्य नहीं हो फिर हो गया

1015
01:11:16,160 --> 01:11:20,160
ये बहन जी इतना बोल रही है देख लो मतलब दीदी

1016
01:11:20,160 --> 01:11:24,080
जी आप

1017
01:11:24,080 --> 01:11:28,160
एक ये वाले हैं इन्होंने एक ने कमेंट किया है कि ये मत जो

1018
01:11:28,160 --> 01:11:32,320
लिख रहे हैं ये पढ़िए आप। मुझे पता है गलत से गलत लिखते हैं। एक

1019
01:11:32,320 --> 01:11:36,320
भाई साहब है जो कह रहे थे कि आज आपको

1020
01:11:36,320 --> 01:11:41,360
सही स्टूडेंट मिल गया है। आप इसको जन्म जन्मांतर में भी समझा नहीं पाओगे।

1021
01:11:41,360 --> 01:11:45,440
सही स्टूडेंट मिल गया। आप क्या समझना चाहते हैं? आप क्वेश्चन

1022
01:11:45,440 --> 01:11:49,520
करिए। मैं आपको भी समझा दूंगी। [हंसी] मुझे बहुत

1023
01:11:49,520 --> 01:11:53,520
बड़े-बड़े स्टूडेंट मिले हैं। दीदी जी आप भाई

1024
01:11:53,520 --> 01:11:57,680
को कोर्स करा देना आत्मा का पथ पक्का करा दो बाबा बहुत

1025
01:11:57,680 --> 01:12:01,760
खुश होंगे आपको पता नहीं है किसके बारे में बात कर

1026
01:12:01,760 --> 01:12:06,000
रहे हैं आप जिन शिवान जी को आप देख रहे हैं सामने मैं बोलना नहीं चाहती

1027
01:12:06,000 --> 01:12:08,640
थी मेरे से रिश्ता जो

1028
01:12:08,640 --> 01:12:12,880
आप समझते हो आत्मा का आत्मा का सबसे रिश्ता है वही सबसे रिश्ता

1029
01:12:12,880 --> 01:12:17,280
होता है रिश्तो में कोई किसी से कुछ नहीं लगता लेकिन जिनको

1030
01:12:17,280 --> 01:12:21,360
आप बात कर रहे हो ना शिवान जी के बारे में पहले इनका पंथ पढ़िए

1031
01:12:21,360 --> 01:12:25,600
इनका धर्म पढ़िए। इनका सनातन का सिद्धांत पढ़िए

1032
01:12:25,600 --> 01:12:29,680
कि पंथ किसे कहते हैं? धर्म किसे कहते हैं? सिद्धांत किसे कहते हैं? तीनों

1033
01:12:29,680 --> 01:12:33,760
पता है इन्हें। और जिन्होंने वस्त्रों पर भी कमेंट किया था। मैंने देखा था कभी

1034
01:12:33,760 --> 01:12:38,400
आप सफेद पहनते हैं, कभी आप गुरुकुल की पराधी को पढ़िए।

1035
01:12:38,400 --> 01:12:42,560
पहले ऋषि कश्यप को पढ़िए और देखिए आपका

1036
01:12:42,560 --> 01:12:46,800
डीएनए क्या है सबका? सभी का डीएनए क्या है? वो पता करिए

1037
01:12:46,800 --> 01:12:51,040
आप। आप शिवा जी और मेरे की मेरी बात बाद में करिएगा।

1038
01:12:51,040 --> 01:12:55,120
यह जो मक्कड़ जाल बोलते हो ना ब्रह्मा कुमारी का मक्कड़ जाल ब्रह्मा कुमारी का मकड़ जाल

1039
01:12:55,120 --> 01:12:59,120
नहीं डीएनए का मक्कड़ जाल है। जो डीएनए मेरा है वही

1040
01:12:59,120 --> 01:13:03,360
शिवान जी का है वही आपका है। लेकिन आपको पहचान नहीं आ रहा है। गोत्र

1041
01:13:03,360 --> 01:13:07,520
व्यवस्था में डीएनए आपका भी है ऋषियों का। लेकिन आप मानने को

1042
01:13:07,520 --> 01:13:11,520
तैयार नहीं है। गलती आपकी है। आप जो ये आवाज उठा

1043
01:13:11,520 --> 01:13:15,760
रहे हैं। शिवान जी पे, मेरे पे या किसी पे भी। साधु सन्यासियों पर आवाज उठाना

1044
01:13:15,760 --> 01:13:20,240
ब्रह्मा कुमारी को बहुत इजी है। लेकिन ऋषि कश्यप से सप्त ऋषि हुए।

1045
01:13:20,240 --> 01:13:23,840
सप्त ऋषियों से कैसे फिर महषि हुए। महर्षि

1046
01:13:23,840 --> 01:13:27,840
से पहले फिर वो 49 ऋषि हुए। और इन ऋषियों

1047
01:13:27,840 --> 01:13:31,920
से कैसे ये ज्ञान अलग-अलग गोत्रों में बटा और हिंदू से

1048
01:13:31,920 --> 01:13:36,000
फिर कुछ और हुए। कुछ और से फिर कुछ और हुए। इसलिए मैं कई बार कहती हूं

1049
01:13:36,000 --> 01:13:40,080
कहते हुए शर्माती नहीं हूं। मैं अपनी उम्र को बहुत नहीं मानती। मैं कहती हूं कल

1050
01:13:40,080 --> 01:13:44,320
मर जाऊं। कल चली जाए ये शरीर छूट जाए मेरा। आप

1051
01:13:44,320 --> 01:13:48,960
सब लोग हिंदू हैं। सब लोग सनातनी

1052
01:13:48,960 --> 01:13:54,160
है। आप अपने डीएनए को पहचानिए। डीएनए को पहचान लीजिए।

1053
01:13:54,160 --> 01:13:58,640
यही तो शंकराचार्य यही तो गुरुदेव कहते हैं पूरी शंकराचार्य कि सबके

1054
01:13:58,640 --> 01:14:02,640
पूर्वज सनातन वैदिक आर्य हिंदू ही है। लेकिन ये कड़वी

1055
01:14:02,640 --> 01:14:06,800
सच्चाई समझते नहीं है। ये एक प्रश्न आ रहा है।

1056
01:14:06,800 --> 01:14:11,280
पुरुषत्तम को ले बैठे हैं। आप मुझे पुरुषत्तम पढ़ दीजिए।

1057
01:14:11,280 --> 01:14:17,200
श्रीमान जी पुरुष सूक्तम को ले बैठे हुए हैं इस टाइम सब

1058
01:14:17,200 --> 01:14:21,600
ब्रह्मा के मुख से यह हुआ उसके मुख से यह हो गया

1059
01:14:21,600 --> 01:14:25,680
फिर आप तो कहते हैं के ये हो गया वो हो गया अरे वो पुरुष सूक्तम

1060
01:14:25,680 --> 01:14:30,640
का एक एक आपने श्लोक पकड़ पकड़ा हुआ है

1061
01:14:30,640 --> 01:14:34,720
ब्रह्मास ये वो सब के मैं नहीं पढ़ती मैं नहीं

1062
01:14:34,720 --> 01:14:38,720
कहती के उू से उू के

1063
01:14:38,720 --> 01:14:43,120
अंदर वैश्य थे फिर जितने भी शूद्र

1064
01:14:43,120 --> 01:14:47,120
थे वो कटी भाग से नीचे थे। लेकिन आप मुझे बताइए अगर मैं और

1065
01:14:47,120 --> 01:14:51,280
आप मिलते हैं तो सर से सर थोड़ी टकराते हैं। मैं और आप मिलते हैं तो पैर

1066
01:14:51,280 --> 01:14:55,520
छूते हैं। अगर शूद्र पैर कटी भाग से नीचे थे भी।

1067
01:14:55,520 --> 01:14:59,520
मैं मानती हूं चलो कहा भी है। चलो उस उस श्लोक को आप मान भी लो।

1068
01:14:59,520 --> 01:15:03,680
तो पैर छू के माथे पर लगाते हैं। भाई क्या बात हो गई। पूरा स्ट्रक्चर आपके

1069
01:15:03,680 --> 01:15:07,680
ऊपर खड़ा हुआ है। ऐसी तो कोई बात नहीं है। लेकिन ब्रह्मा कुमारी ने सबसे

1070
01:15:07,680 --> 01:15:11,760
पहले तोड़ा है उस चीज को। सबसे पहले ब्रह्मा कुमारी ने तोड़ा है।

1071
01:15:11,760 --> 01:15:15,840
सब लोगों को मिक्स कर दिया। अपना कुछ चला दिया है। अब

1072
01:15:15,840 --> 01:15:19,920
ना वहां कोई स्वर्ण है। ना वहां कोई कोई और है। वो अपने

1073
01:15:19,920 --> 01:15:24,000
ही धर्म को भूल गए हैं। ये कहते हैं आत्मा के धर्म को याद दिलाते हैं। ये तो सारे

1074
01:15:24,000 --> 01:15:28,560
धर्मों को भुला देते हैं। ये तो केवल ये कहते हैं कि हमारा जो मनगढ़ंत

1075
01:15:28,560 --> 01:15:32,240
कहानी है उनको मानिए और चुप रहिए। ये जो अभी-अभी कहा है

1076
01:15:32,240 --> 01:15:36,480
इन्होंने कि जो इतनी बोल रही है ये ब्रह्मा कुमारी नहीं हो सकती। इसका मतलब

1077
01:15:36,480 --> 01:15:40,480
आपको वो स्त्री चाहिए जो चुप रहे और चुप रह के आपकी

1078
01:15:40,480 --> 01:15:44,800
उंगलियों पर नाचे। जिस सीता का वर्णन आप लोगों ने सुना है एक्चुअली

1079
01:15:44,800 --> 01:15:48,880
वो सीता का वर्णन सही नहीं सुना है। मैं सुनाती हूं

1080
01:15:48,880 --> 01:15:53,360
आपको एक बात छोटी सी। राजा दशरथ ने

1081
01:15:53,360 --> 01:15:57,600
जिस समय रसोई करती है ना बहू रसोई करती

1082
01:15:57,600 --> 01:16:01,840
है बहू पहली रसोई करती है तो सीता जी ने जब पहली रसोई करी ना और

1083
01:16:01,840 --> 01:16:06,240
खीर बनाई तो खीर बना के जब ले जाने लगी ना ससुर की तरफ

1084
01:16:06,240 --> 01:16:10,720
तो उसमें एक तिनका गिर गया और उस तिनके को

1085
01:16:10,720 --> 01:16:15,040
जब देखा उसने काली रूप में तो राजा दशरथ ने वो दर्शन करे सीता

1086
01:16:15,040 --> 01:16:19,280
के और इसलिए रावण को नहीं देखती थी सुन

1087
01:16:19,280 --> 01:16:23,440
लो ब्रह्मा कुमार कुमारियां जिनको तुमने कभी रामायण पढ़ी

1088
01:16:23,440 --> 01:16:27,520
नहीं होगी। फिर भी इसलिए छोटा-छोटा वर्तान तुम्हें सुना देती हूं। ये जो मेरे चुप रहने

1089
01:16:27,520 --> 01:16:31,520
के ऊपर बात कही है तुमने क्योंकि सीता जी का वर्णन गलत कर दिया गया है।

1090
01:16:31,520 --> 01:16:35,520
नारी को गलत आक्षेप में रख दिया गया है। नारी को गलत फ्रेमिंग कर

1091
01:16:35,520 --> 01:16:39,760
दिया गया है कि नारी ऐसी ही होती है। ऐसी नहीं होती है। जब नारी

1092
01:16:39,760 --> 01:16:43,760
पर पड़ती है तो काली जो है वो मंदिरों में नहीं रहती।

1093
01:16:43,760 --> 01:16:47,760
काली अक्सर उन नारियों में रहती है जिन्होंने

1094
01:16:47,760 --> 01:16:52,320
समाज की कुरीतियों के प्रति आवाज उठाई। चाहे वो झांसी की रानी लक्ष्मीबाई

1095
01:16:52,320 --> 01:16:57,360
हुई, चाहे कोई और हुआ, चाहे वो द्रोपदी हुई,

1096
01:16:57,360 --> 01:17:01,680
चाहे कोई भी हुआ है। जिन नारियों को आप

1097
01:17:01,680 --> 01:17:05,840
आक्रोशित देखते हो वही काली है। और जब दशरथ

1098
01:17:05,840 --> 01:17:10,000
ने बोला, दशरथ ने जब काली के दर्शन किए राजा दशरथ ने बोला

1099
01:17:10,000 --> 01:17:14,080
सीता जी को के मैं आपसे प्रार्थना करता हूं

1100
01:17:14,080 --> 01:17:18,400
हाथ जोड़ के कि बेटा किसी को इस तरह मत देखना।

1101
01:17:18,400 --> 01:17:22,480
इन निगाहों से किसी को ऐसा मत देखना क्योंकि जो तिनका गिरा था वह काली

1102
01:17:22,480 --> 01:17:26,560
ने अपनी आंखों से जला दिया था। तेरी इतनी हिम्मत तू मेरी बनाई

1103
01:17:26,560 --> 01:17:30,720
हुई उस खीर में गिर गया जो मुझे दशरथ को देनी है। और वो

1104
01:17:30,720 --> 01:17:34,960
तिनका जला के खाक कर दिया। वो थी काली। द्रोपदी

1105
01:17:34,960 --> 01:17:39,040
कौन थी? काली। तो जब भी कोई आपको बात आती है कि

1106
01:17:39,040 --> 01:17:43,040
नारी बोल रही है ध्यान रखना उसके अंदर चंडी और काली बोल रहे हैं वो माफ

1107
01:17:43,040 --> 01:17:47,360
नहीं करेगी। और मैं माफ नहीं करने वाली ब्रह्मा कुमारी इसको। यह

1108
01:17:47,360 --> 01:17:51,360
एक प्रश्न ले लीजिए। आपका ब्रह्मा कुमारी से इतना पंगा लिया, किसी

1109
01:17:51,360 --> 01:17:56,320
में इतना गुस्सा देखा या उसके फेस पर टेंशन देखा?

1110
01:17:56,320 --> 01:18:00,400
यह प्रश्न से सीख से आप टाइप करें दोबारा। आप

1111
01:18:00,400 --> 01:18:03,200
आप मैं आपने ब्रह्मा

1112
01:18:03,200 --> 01:18:07,280
कुमारी से इतना पंगा लिया तो उनके यहां पर आपने शायद यह कहना चाह

1113
01:18:07,280 --> 01:18:11,520
रहे हैं कि आपने उनके यहां पर किसी में इतना

1114
01:18:11,520 --> 01:18:15,600
गुस्सा देखा मतलब जो या तो दोबारा आपको बता

1115
01:18:15,600 --> 01:18:19,680
दूं ब्रह्मा कुमार कुमारियों सारे सुन लो ये

1116
01:18:19,680 --> 01:18:23,760
जो आपने चार पांच चीजें रटी हुई है ना कि जीवन जीने की कला

1117
01:18:23,760 --> 01:18:28,000
में गुस्सा ना करना शांत रहना चुप रहना

1118
01:18:28,000 --> 01:18:32,160
जड़ हो जाना रिएक्शन ना करना। मुर्दा जैसा रहो।

1119
01:18:32,160 --> 01:18:36,400
इसी तरीके से ब्रह्मा कुमारी जिहादी बनाते हैं।

1120
01:18:36,400 --> 01:18:40,480
और कैसे जिहादी बनाते हैं? चुप रहो, शांत रहो जो वो

1121
01:18:40,480 --> 01:18:44,560
कहते हैं सुनते रहो। जी हां जी करते रहो और जितना बोलने के

1122
01:18:44,560 --> 01:18:48,560
लिए बोला जाए उतना बोलो। ऐसा नहीं हो सकता। मगर मगर मगर मगर नीलमा जी

1123
01:18:48,560 --> 01:18:52,560
इसमें एक बार जो ये पूछ रहे हैं ना कि जो शांति का पथ दिखा रहे

1124
01:18:52,560 --> 01:18:56,720
हैं वो शांत रहते हैं या जब ये झगड़ा होता है तो वो आते हैं।

1125
01:18:56,720 --> 01:19:01,040
तो बिल्कुल आते हैं। बड़ी बहने छोटी बहनों को चप्पलों से मारती

1126
01:19:01,040 --> 01:19:05,040
है। मैं आपको बीच में इंटरप्ट करती हूं। शिवा जी मुझसे सुना नहीं जाता। ये

1127
01:19:05,040 --> 01:19:09,200
सब मैंने वीडियो भी देखे हैं उनके मैंने। मैंने वीडियो देखे हैं। कहां

1128
01:19:09,200 --> 01:19:13,280
शांत रहती है ब्रह्मा कुमारियां? ब्रह्मा कुमारियों के

1129
01:19:13,280 --> 01:19:17,760
फेयरिस्ट बता दूं मैं आपको नाम सहित लेकिन यहां नाम नहीं ले सकती हूं।

1130
01:19:17,760 --> 01:19:18,260
इतने

1131
01:19:18,240 --> 01:19:22,240
बड़े-बड़े सेंटर्स में सिस्टम सुनिए क्या है? बड़ी

1132
01:19:22,240 --> 01:19:26,480
बहने छोटी बहनों पर शारीरिक हमला करती हैं।

1133
01:19:26,480 --> 01:19:30,480
मानसिक प्रताड़नाएं देती हैं। वह कभी उन्हें घर नहीं

1134
01:19:30,480 --> 01:19:35,040
जाने देती। कभी उनके पैसे उन्हें खर्च नहीं करने देती।

1135
01:19:35,040 --> 01:19:39,440
ब्रह्मा कुमारियां अगर इतने कंट्रोल में है छोटी बहने तो सोचो

1136
01:19:39,440 --> 01:19:44,320
कि रोज का ट्रीटमेंट कैसा होता है उनका?

1137
01:19:44,320 --> 01:19:48,640
ऐसा कभी नहीं होता। आपने कभी देखा है? शिव जी

1138
01:19:48,640 --> 01:19:52,880
हर एक व्यक्ति को बुद्धि है। बुद्धि चलती है। कोई

1139
01:19:52,880 --> 01:19:57,040
चीज दो लोग खड़े होकर बात कर रहे हैं। तीसरे की बुद्धि चलती है। तो वहां

1140
01:19:57,040 --> 01:20:01,200
इतना बड़ा संगठन है। इतने बड़े लोग हैं। इतनी बड़ी भीड़

1141
01:20:01,200 --> 01:20:05,200
होती है। बाबा मिलन में तो जिस समय ये कहते हैं भगवान

1142
01:20:05,200 --> 01:20:09,200
आया उस समय तो 10 द हजार लोग आते हैं। तो जो छोटी बहने हैं वो बात

1143
01:20:09,200 --> 01:20:13,360
तो करती होंगी ना आपस में। है ना? तो वो जो ग्रुप वाइज

1144
01:20:13,360 --> 01:20:17,840
बात होती है ना वह बातें आप सुनेंगे ना आपके पैरों की जमीन निकल जाएगी

1145
01:20:17,840 --> 01:20:21,920
गुस्सा नहीं वो मारपिटाई करती है और वो मारपिटाई की वीडियो

1146
01:20:21,920 --> 01:20:25,920
के कारण ही मैं लड़ रही हूं कोर्ट में मुझे एक बात का जवाब दे दे हर

1147
01:20:25,920 --> 01:20:30,000
ब्रह्मा कुमार कुमारी मेरा

1148
01:20:30,000 --> 01:20:33,760
आप एक सर्च कर लीजिएगा बी के नीलिमा

1149
01:20:33,760 --> 01:20:38,640
करके जिस समय मुझे शायद ईमेल बनाना आया आया होगा

1150
01:20:38,640 --> 01:20:42,720
जिस समय वो झगड़ा हुआ ना मारपीट पिटाई का फटाफट

1151
01:20:42,720 --> 01:20:46,720
मैंने ईमेल बनाया फटाफट वो वीडियो डाला वो वीडियो उसी टाइम

1152
01:20:46,720 --> 01:20:50,800
का डला हुआ है जैसे ही बीके नीलिमा करोगे उसप एक ही वीडियो

1153
01:20:50,800 --> 01:20:55,440
है वो बाबू का वीडियो है जिसे मैंने वायरल किया था ठीक है

1154
01:20:55,440 --> 01:20:59,840
इतनी भयंकर पिटाई हुई है और सुनिए लेटेस्ट सुनिए

1155
01:20:59,840 --> 01:21:03,840
लेटेस्ट सुनिए कहते गुस्सा नहीं करते लेटेस्टली इनके

1156
01:21:03,840 --> 01:21:08,080
यहां एक केस हुआ है जिसमें इन्होंने पुलिस वाले पीटे हैं पुलिस वालों को पीटा

1157
01:21:08,080 --> 01:21:12,320
है जी क्या पुलिस पुलिस वालों को पीट दिया। पुलिस

1158
01:21:12,320 --> 01:21:16,960
वालों को पीटा है। पुलिस वाले इनके प्रति मुकदमा लड़ रहे हैं।

1159
01:21:16,960 --> 01:21:21,120
अच्छा ऐसा आक्षेप लगा है। मुकदमा चल रहा है इन पर। पुलिस वालों को पीटने लगाया

1160
01:21:21,120 --> 01:21:25,200
पीटा है। वीडियोस आई है। अच्छा अंदर

1161
01:21:25,200 --> 01:21:29,440
पुलिस वाले आए इनका मामला देखने। इन्होंने पुलिस वालों को पीट दिया।

1162
01:21:29,440 --> 01:21:33,520
और ये कहते हैं गुस्सा नहीं करते। मतलब हम किसी भी

1163
01:21:33,520 --> 01:21:38,160
चीज पे गुस्सा ना करें। मतलब कि एक तरीके से मेरे

1164
01:21:38,160 --> 01:21:43,280
को बात करने को गुस्सा और तुम पिटाई करो तो गुस्सा नहीं।

1165
01:21:43,280 --> 01:21:47,360
मतलब कि एक चीज एक चीज है मतलब कि एक

1166
01:21:47,360 --> 01:21:48,800
तरीके से अगर देखा जाए तो

1167
01:21:48,800 --> 01:21:52,800
एक पूरा वो नहीं तानाशाह का जो एक वो होता है ना कि उसके टापू

1168
01:21:52,800 --> 01:21:57,040
पे अगर कोई जाएगा तो वहां उसको उसी की हुकूमत झेलनी पड़ेगी।

1169
01:21:57,040 --> 01:22:01,520
बाहर से कोई ऑफिसर एक मिनट एक मिनट ऐसी फिल्में

1170
01:22:01,520 --> 01:22:06,720
ऐसी पहले फिल्में बनी है ना हुकूमत मैदान ऐलान जंग

1171
01:22:06,720 --> 01:22:10,960
ऐलान जंग और वो बनी थी धर्मेंद्र की ज्यादा होती थी

1172
01:22:10,960 --> 01:22:15,520
जिसमें वो एक टापू होता है डॉक्टर डैन डोंगरीला तहलका

1173
01:22:15,520 --> 01:22:19,920
जिसमें उसका अपना एक टापू होता है उसका कोई उसकी अपनीप

1174
01:22:19,920 --> 01:22:24,400
आर्मी ये मुझसे क्यों चिढ़ते हैं देखो ये मुझसे यू चिढ़ते हैं

1175
01:22:24,400 --> 01:22:28,480
हां उनकी अपनी आर्मी होती है। उनकी अपनी

1176
01:22:28,480 --> 01:22:32,480
आर्मी होती है। तो बाहर की आर्मी भी आती तो वो लड़ती है उससे।

1177
01:22:32,480 --> 01:22:38,480
चलिए ठीक है। आज का बहुत अच्छा रहा।

1178
01:22:38,720 --> 01:22:44,000
जी आप से डेज कोर्स का पहला दिन हमने चिते हैं।

1179
01:22:44,000 --> 01:22:48,000
जी जी जी ये चिढ़ने का कारण है। नीलिमा को

1180
01:22:48,000 --> 01:22:52,160
शांत कैसे किया जाए? नीलिमा के अंदर ये सब भरा हुआ है। रोज का मेरा

1181
01:22:52,160 --> 01:22:56,160
पाठ्यक्रम ये है। ब्रह्मा कुमारी नहीं है। और ये आज से नहीं है।

1182
01:22:56,160 --> 01:23:00,560
जी ये देख लीजिए आज से नहीं है मैं दिखा दूं आपको ऐसे ही नहीं है देखो आप

1183
01:23:00,560 --> 01:23:05,200
ये देखो आप बहुत सुंदर ऐसे चिढ़ रहे हैं

1184
01:23:05,200 --> 01:23:09,840
ऐसा है शांति रखने के लिए अगर मैं शांत

1185
01:23:09,840 --> 01:23:13,840
हूं तभी मैं तुमसे अलग हूं अगर मैं वहां होती थी

1186
01:23:13,840 --> 01:23:17,840
तो शायद ये जो पुलिस वालों पे हमला करना बाबू पे हमला करना

1187
01:23:17,840 --> 01:23:22,400
आप इसका हिस्ट्री जग्राफी चेक करिए जो भी इनको बोल रहे हैं कि गुस्सा नहीं करते

1188
01:23:22,400 --> 01:23:26,480
गुस्से में ही इन्होंने सब काम किए हैं चाहे वो फॉरेस्ट वालों पर

1189
01:23:26,480 --> 01:23:30,480
हमला किया। एक केस है जिसमें फॉरेस्ट वालों पर हमला करने का केस चल

1190
01:23:30,480 --> 01:23:34,560
रहा है। क्या इन्होंने बिना गुस्से के हमला कर दिया? एक केस है जो

1191
01:23:34,560 --> 01:23:38,880
पुलिस वालों पर हमला करने का चल रहा है। बिना गुस्से के हमला कर दिया।

1192
01:23:38,880 --> 01:23:42,880
बहनों ने अलग-अलग सेंटरों पर केस किए हुए हैं। बिना गुस्से के हमला कर

1193
01:23:42,880 --> 01:23:47,520
दिया। और आज इंटरनेट पे आप टाइप कर लीजिए। ब्रह्मा कुमारीज का पर्दाफाश

1194
01:23:47,520 --> 01:23:51,680
भी तो इतनी वीडियोस आ जाएंगी। ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ इतनी

1195
01:23:51,680 --> 01:23:53,920
वीडियो आ जाएंगी। क्यों बोल रहे हैं

1196
01:23:53,920 --> 01:23:58,000
नहीं खैर खैर देखिए देखिए पर्दाफाश वाली बात वीडियोस वाली

1197
01:23:58,000 --> 01:24:02,080
बात तो ये है ना कि किसी को किसी के खिलाफ अगर फॉल्स प्रोपेगेंडा

1198
01:24:02,080 --> 01:24:06,560
भी चलाना है तो भी वीडियो आ जाएगी मतलब मैं ये नहीं कह रहा कि वहां ऐसा नहीं हुआ होगा

1199
01:24:06,560 --> 01:24:10,640
ऐसे आरोप है बिल्कुल और आपके पास पर्याप्त सबूत भी मगर ये जो क्लेम है ना

1200
01:24:10,640 --> 01:24:14,800
कि आज बहुत सारी वीडियोस आ जाएगी तो आप देखो अभी आपने रामचरितमानस

1201
01:24:14,800 --> 01:24:18,880
दिखाई आपने अभी मनुस्मृति दिखाई आपने अभी

1202
01:24:18,880 --> 01:24:22,960
वाल्मीकि रामायण दिखाई इन सबका नाम भी आप डालोगे ना तो भी बहुत

1203
01:24:22,960 --> 01:24:27,040
सारे वीडियो आ जाएंगे इनके विरुद्ध तो वो तो एक अलग अलग बात है।

1204
01:24:27,040 --> 01:24:31,120
मैं इससे एक बात कहना चाहती हूं कि इन्होंने कंट्रोल किया हुआ था। मैं कुछ

1205
01:24:31,120 --> 01:24:35,360
और कह रही हूं शिव जी आज तक ब्रह्मा कुमारी के खिलाफ

1206
01:24:35,360 --> 01:24:40,720
चाइना की तरह कभी भी मीडिया पे कुछ नहीं आ सकता था।

1207
01:24:40,720 --> 01:24:44,800
अभी तक इन्होंने कंट्रोल किया हुआ था सब कुछ। अब हम जैसे

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01:24:44,800 --> 01:24:49,040
इनके यहां बगावत करके जब बाहर निकले तो वो बहुत सारी चीजें

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01:24:49,040 --> 01:24:53,200
बाहर निकली तो लोगों ने कहना शुरू किया। ऐसा नहीं है कि पहले

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01:24:53,200 --> 01:24:57,440
आता था। पहले तो लोग कहते थे 100 वर्ष जिस ब्रह्मा कुमारी ने देखा वो ब्रह्मा

1211
01:24:57,440 --> 01:25:01,600
कुमारी गलत नहीं हो सकता। लेकिन ये जितने भी कमेंट्स ये

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01:25:01,600 --> 01:25:05,680
कर रहे हैं इनको यह लग रहा है कि किसी तरह लड़की को चुप करो। भाई चुप

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01:25:05,680 --> 01:25:09,040
क्यों करना चाहते हो? आप जवाब दे दो ना मेरी बात का।

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01:25:09,040 --> 01:25:13,280
चुप क्यों करना है? तो अच्छा और भी कोई

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01:25:13,280 --> 01:25:17,280
लोग हैं जो पीड़ित हैं और क्योंकि आपका वीडियोस देख

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01:25:17,280 --> 01:25:21,360
के बहुत लोगों को रोशनी मिली है और वो आगे आना चाहते हैं। उनके साथ

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01:25:21,360 --> 01:25:25,520
काफी चीजें हुई है। अगर आप कुछ किसी तरीके से एसोसिएट करना चाहते हैं

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01:25:25,520 --> 01:25:29,760
चीजों में तो आप संपर्क कर सकते हैं। नीलिमा जी आज

1219
01:25:29,760 --> 01:25:33,760
मेरे पास एक फोन आया था। महाराष्ट्र से थे वो आपको बहन-बहन बोल रहे

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01:25:33,760 --> 01:25:37,920
थे। नीलिमा बहन से मुझे बात करनी है। मैं अभी उनका नंबर आपको शेयर कर दूंगा। आप देख

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01:25:37,920 --> 01:25:42,720
तो ही होंगे वो। डेफिनेटली हां हां तो देख लीजिएगा

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01:25:42,720 --> 01:25:46,800
ठीक है तो सभी को जय श्री राम कोर्स

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01:25:46,800 --> 01:25:50,880
का पहला दिन हो चुका है हम सोमवार बुधवार या बृहस्पतिवार को फिर

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01:25:50,880 --> 01:25:54,960
मिलेंगे समय देने के लिए सबका आभार और आपका जी आपका

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01:25:54,960 --> 01:25:58,960
बहुत-बहुत धन्यवाद आप इतनी बड़ी मुहिम छेड़ रहे हैं आपने इतना

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01:25:58,960 --> 01:26:03,040
बड़ा अपने सर पे कर्तव्य प्रायणता का ये लिया हुआ है

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01:26:03,040 --> 01:26:07,440
भार भगवान आपको इस कार्य में सफल करे शिवश

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01:26:07,440 --> 01:26:13,440
सबका आभार सबका आभार जय श्री राम सभी को

1229
01:26:36,830 --> 01:26:40,830
[संगीत]
