1
00:00:03,760 --> 00:00:08,480
उसी हिसाब से बना रखी है। पेज नंबर पांच पे देखो सबसे नीचे लिखा होगा

2
00:00:08,480 --> 00:00:13,680
पॉइंट8 और ब्रैकेट में होगा पष्ठ 74

3
00:00:13,680 --> 00:00:17,840
हां और नीचे जाइए और नीचे जाइए हां हां

4
00:00:17,840 --> 00:00:22,800
प्रश्न 74 जी बहुत सारे संत नेता आएंगे और जाएंगे

5
00:00:22,800 --> 00:00:26,800
हां हां हां हां हां है ना जी ये आप पढ़ के

6
00:00:26,800 --> 00:00:30,800
सुनाए हम पढ़ के सुनाए आप आप मैं पढ़ देता

7
00:00:30,800 --> 00:00:35,280
हूं फिर आप थोड़ा एक्सप्लेन कर दीजिएगा बहुत सारे संत नेता आएंगे

8
00:00:35,280 --> 00:00:40,320
और जाएंगे सर्व परमात्मा के द्रोही

9
00:00:40,320 --> 00:00:44,560
अभिमानी होंगे। मुझे नास्त दमस को यानी

10
00:00:44,560 --> 00:00:48,720
नास्तमस की भविष्यवाणी बताई जा रही है। आंतरिक साक्षात्कार उस

11
00:00:48,720 --> 00:00:52,800
सायरन का हुआ है। बताइए आप बताइए क्या कहना

12
00:00:52,800 --> 00:00:57,040
है इसका? हां जी। तो इसमें देखिए आपने

13
00:00:57,040 --> 00:01:01,200
जो ये पढ़ा ये देखो दो लाइनें और एक हुआ ये अलग शब्द

14
00:01:01,200 --> 00:01:07,200
लिखा हुआ है। फिर इसके नीचे लिखा हिंदू हिंदुस्तान का हिंदू संत

15
00:01:07,360 --> 00:01:11,680
इसके इसके नीचे जो है ना ये नीचे लिखा

16
00:01:11,680 --> 00:01:16,240
हिंदुस्तान का हिंदू संत आगामी अंधकारी भक्ति ज्ञान के अभाव से

17
00:01:16,240 --> 00:01:18,800
अंधेकारी स्वार्थ बश भाई भाई को

18
00:01:18,800 --> 00:01:23,200
मार रहा है। ये हम इसलिए आपको बताना चाहते हैं।

19
00:01:23,200 --> 00:01:27,280
हां हां हेलो आवाज आ रही है? स्वार्थ हां स्वार्थ बस भाई

20
00:01:27,280 --> 00:01:31,440
भाई को मार रहा है। हां ये हम इसलिए बताना चाहते हैं कि इसको ये ध्यान

21
00:01:31,440 --> 00:01:35,440
रखना कि ये जो इसमें नास्ते तमस की भविष्यवाणी लिखा है।

22
00:01:35,440 --> 00:01:39,840
तो ये देखो दो लाइनें ऊपर है। बहुत सारे नंद संत नेता आएंगे जाएंगे

23
00:01:39,840 --> 00:01:43,920
और नीचे वाली लाइन अलग है। ठीक है ना? अब इसी को हम

24
00:01:43,920 --> 00:01:47,920
आगे दिखाना चाहेंगे। किस तरह इन्होंने ये इसमें भी फर्जी भविष्यवाणी

25
00:01:47,920 --> 00:01:51,920
लिखी होगी और ज्ञान का पुस्तक 2014 2014 जो पहले

26
00:01:51,920 --> 00:01:55,920
वाली थी उसमें यही भविष्यवाणी लिखी है। इसके बाद जो तीसरी

27
00:01:55,920 --> 00:02:00,160
ज्ञान का पुस्तक है 2014 के बाद वाली उसमें इन्होंने मिलावट

28
00:02:00,160 --> 00:02:04,160
कर दिया। उसमें जब संत रामपाल जी महाराज का देशद्रोह का केस लग

29
00:02:04,160 --> 00:02:08,400
गया तो उसमें देशद्रोह का मिलावट कर दिया। इसके बाद वही

30
00:02:08,400 --> 00:02:12,480
भविष्यवाणी है नास की। इसके बाद इन्होंने क्या किया जब हम उस

31
00:02:12,480 --> 00:02:16,720
पर हम लोगों ने फिर प्रचार प्रसार शुरू कर दिया कि इन्होंने ऐसा गलत कर दिया तो

32
00:02:16,720 --> 00:02:20,720
अवतार नामक पुस्तक है उसके पेज नंबर 44 में इन्होंने

33
00:02:20,720 --> 00:02:24,800
और उसमें बड़ा तरक्की कर दी उसमें वो छह लोग

34
00:02:24,800 --> 00:02:28,960
मारे जाएंगे छह लोगों हत्यागी वो भी जोड़ दिया तो ये हम आपको दिखाना

35
00:02:28,960 --> 00:02:33,040
चाहते हैं कि जो संत रामपाल जी मां के शिष्य वो आंखें खोले किस तरह फर्जी

36
00:02:33,040 --> 00:02:33,840
पुस्तकों में इस

37
00:02:33,840 --> 00:02:38,000
तरह मिलावट करके हमें आपको भड़काया गया चाहे ना दिवस की वाणी

38
00:02:38,000 --> 00:02:42,720
हो या अन्य धर्म गुरु उनके खिलाफ

39
00:02:42,720 --> 00:02:47,200
मतलब कि नास्तमस की एक एक मिनट नास्तेदमस की भविष्यवाणी

40
00:02:47,200 --> 00:02:51,440
के नाम पर यह झूठ कैसे परोसा जा रहा है और झूठ

41
00:02:51,440 --> 00:02:55,600
बोल बोल के अपने ही द्वारा पूर्व में कही हुई बात का खंडन भी किया जा रहा है

42
00:02:55,600 --> 00:02:59,600
उसमें मिलावट भी की जा रही है जैसी जैसी घटनाएं होती जा रही है वैसी वैसी

43
00:02:59,600 --> 00:03:04,240
मिलावट की जा रही है तो आपने जो यह बताया है कि यह भविष्यवाणी

44
00:03:04,240 --> 00:03:08,320
समय के साथ-साथ बदल रही है बार-बार तो इसका अर्थ

45
00:03:08,320 --> 00:03:12,400
तो यह है कि जो जो बातें तत्व ज्ञानी

46
00:03:12,400 --> 00:03:16,480
के नाम से भगवान के नाम से प्रचारित की जा रही है भगवान की वाणी वो

47
00:03:16,480 --> 00:03:20,560
बार-बार बदल रही है। यही तो हुआ जिसको ये जिसको ये

48
00:03:20,560 --> 00:03:24,800
भगवान कहते हैं भगवान की वाणी कहते हैं वो भगवान की वाणी वाणी समय

49
00:03:24,800 --> 00:03:28,800
के साथ साथ बदलती रहती है। जैसा समय चल रहा है वैसी वाणी हो जाती है। बहुत

50
00:03:28,800 --> 00:03:33,120
सारे संत नेता आएंगे और जाएंगे। सर्व परमात्मा के द्रोही

51
00:03:33,120 --> 00:03:37,200
तथा अभिमानी होंगे। मुझे नास्त दम को आंतरिक

52
00:03:37,200 --> 00:03:41,360
साक्षात्कार उस सायरन का हुआ है। हिंदुस्तान का हिंदू संत

53
00:03:41,360 --> 00:03:45,680
आगामी अंधकारी भक्ति ज्ञान के अभाव से अंदे मतलब प्रलयंकारी

54
00:03:45,680 --> 00:03:49,120
स्वार्थवश भाई भाई को मार रहा है। बेटा बाप से विमुख

55
00:03:49,120 --> 00:03:53,200
है। हिंदू का शत्रु है। बस बस यही तक रखिए आप।

56
00:03:53,200 --> 00:03:57,200
यही तक ही है। यह मैं बताना चाहता हूं कि जो भक्ति सौदागर का संदेश

57
00:03:57,200 --> 00:04:01,440
पुस्तक में आपने भविष्यवाणी पढ़ी थी और इसमें पढ़ा है। इसमें दोनों अलग-अलग है। सेम

58
00:04:01,440 --> 00:04:05,680
मतलब जैसा उसमें लिखा वैसा इसमें लिखा है। ठीक है? अलग

59
00:04:05,680 --> 00:04:09,680
नहीं है। मतलब किताब अलग-अलग है। संदेश एक ही है। हां हां

60
00:04:09,680 --> 00:04:13,840
किताब अलग-अलग है। वही मैं कहना चाह रहा हूं। किताब अलग-अलग है। संदेश एक

61
00:04:13,840 --> 00:04:18,160
ही एक ही जैसा संदेश लिखा है। दोनों में जो डिस्टेंस है ना

62
00:04:18,160 --> 00:04:22,240
एक ही जैसा लिखा है। डिस्टेंस दोनों बराबर है। ठीक है? अब

63
00:04:22,240 --> 00:04:26,240
इसके बाद जो तीसरी ज्ञान पुस्तक 2014 के पहले 14 के बाद

64
00:04:26,240 --> 00:04:30,720
वाली इसके बाद ऑपरेटर साहब दिखा

65
00:04:30,720 --> 00:04:33,440
जी

66
00:04:33,440 --> 00:04:37,680
अब ये 2014 के बाद वाली नई ज्ञान गंगा आ गई

67
00:04:37,680 --> 00:04:42,080
यानी एक तरीके से दो दो नंबर की ज्ञान गंगा है दूसरे नंबर की ना

68
00:04:42,080 --> 00:04:44,720
हां हां

69
00:04:44,720 --> 00:04:48,880
ठीक इसमें कौन सा है पेज नंबर वही पेज नंबर

70
00:04:48,880 --> 00:04:52,880
149 149 ये आ गया। जी अब देखते

71
00:04:52,880 --> 00:04:56,960
हैं भविष्यवाणी क्या है। बहुत सारे संत नेता आएंगे। बहुत

72
00:04:56,960 --> 00:05:01,440
सारे संत नेता आएंगे और जाएंगे। सर्व परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी

73
00:05:01,440 --> 00:05:05,600
होंगे। मुझे नास्तेदमस को आंतरिक साक्षात्कार उस सायरन का हुआ

74
00:05:05,600 --> 00:05:09,840
है। नास्त्रे दमस ने कहा है कि यह नई लाइन है। नास्तमस

75
00:05:09,840 --> 00:05:14,640
ने कहा है कि नास्तेदमस ने कहा है कि

76
00:05:14,640 --> 00:05:18,640
नास्तेदमस ने कहा है कि उस महान हिंदू धार्मिक नेता को

77
00:05:18,640 --> 00:05:22,640
ना पहचान कर उस पर राष्ट्रद्रोह का भी आरोप लगाया

78
00:05:22,640 --> 00:05:26,800
जाएगा। मुझे नास्त्रे दमस को दुख है कि

79
00:05:26,800 --> 00:05:31,440
वह बहुत महान धार्मिक नेता सायरन

80
00:05:31,440 --> 00:05:34,480
उपेक्षा का पात्र

81
00:05:34,480 --> 00:05:37,600
पात्र बनाया जाएगा।

82
00:05:37,600 --> 00:05:41,680
परंतु हिंदुस्तान बस बस बस जी

83
00:05:41,680 --> 00:05:45,680
हिंदुस्तान वाला वही मैटर है। अब देखिए इन्होंने समय

84
00:05:45,680 --> 00:05:48,560
के अनुसार कैसे बदलाव किया जब जब हम इनका विरोध शुरू

85
00:05:48,560 --> 00:05:52,560
किया। बहुत विरोध किया था हम लोगों ने। [हंसी] हटा दीजिए,

86
00:05:52,560 --> 00:05:56,080
बड़ा कर दीजिए।

87
00:05:56,080 --> 00:06:00,080
बहुत तगड़ा विरोध किया था। अच्छा यही एक मिनट एक मिनट

88
00:06:00,080 --> 00:06:04,400
यही बात उसमें भी लिखी है जो अवतार वाली पुस्तक है उसमें भी यही बदलाव है। उसमें

89
00:06:04,400 --> 00:06:08,560
और बढ़ा के लिखा है। तभी तो मैं सीरियल बाय सीरियल आपको दिखा रहा हूं। भले ही चाहे हमें

90
00:06:08,560 --> 00:06:12,560
ये दो बार ये प्रोग्राम चलाना पड़े। है ना? बिल्कुल बिल्कुल आप चलाइए

91
00:06:12,560 --> 00:06:16,640
चलाइए बताइए। जी हां चाहे आज और दोबारा फिर हमें करना पड़े लेकिन

92
00:06:16,640 --> 00:06:20,880
एक एक चीज पूरी दुनिया को दिखाना है कम से कम संत रामपाल जी महाराज

93
00:06:20,880 --> 00:06:25,200
के नाम के अंधे से देखे तो ये है ना जी जी जी

94
00:06:25,200 --> 00:06:30,380
यही है क्या पेज नंबर 44 हां

95
00:06:30,380 --> 00:06:34,400
[हंसी] एक अरे इसमें तो इसमें तो और बढ़ गई परमात्मा की वाणी

96
00:06:34,400 --> 00:06:38,720
और बदल गई इसमें तो हां नीचे आइए आठ पृष्ठ 74

97
00:06:38,720 --> 00:06:43,120
पढ़िए आप हां बहुत सारे अब देखो ना दम की भविष्यवाणी

98
00:06:43,120 --> 00:06:47,200
फिर बदल गई। परमात्मा ने लिखी है किताबें समझ लो। बहुत सारे

99
00:06:47,200 --> 00:06:51,440
संत नेता आएंगे और जाएंगे। सर्व परमात्मा के द्रोही

100
00:06:51,440 --> 00:06:55,600
तथा अभिमानी होंगे। मुझे नास्तमस को आंतरिक साक्षात्कार

101
00:06:55,600 --> 00:06:59,760
उस सायरन का हुआ है। अब देखो यहां से बदलाव। नास्तमस ने कहा है कि

102
00:06:59,760 --> 00:07:03,760
उस महान हिंदू धार्मिक नेता को ना पहचान कर उस पर राष्ट्रद्रोह

103
00:07:03,760 --> 00:07:07,760
का आरोप भी लगाया जाएगा। उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे।

104
00:07:07,760 --> 00:07:11,840
परंतु एक शत्रु के अनुवाद अहंकार को समाप्त कर देगा।

105
00:07:11,840 --> 00:07:16,240
मुझे नास्तमस को दुख है कि वह महान धार्मिक नेता उपेक्षा

106
00:07:16,240 --> 00:07:20,480
का पात्र बनाया जाएगा। यहां छह लोगों के मरने की कहानी और जोड़ दी गई।

107
00:07:20,480 --> 00:07:24,480
पहले देशद्रोह था और अब यहां छह लोगों के मरने का और

108
00:07:24,480 --> 00:07:28,720
आ गया। ये देखिए इसको कहते हैं प्रमाण। इन

109
00:07:28,720 --> 00:07:33,280
पर बात कर तू जो भी बात करने आना चाहता है। जी भैया।

110
00:07:33,280 --> 00:07:37,440
जी। इसीलिए हम कहते हैं कि पूरे भारत में पूरे

111
00:07:37,440 --> 00:07:41,520
विश्व में जितने मूर्ख है बेईमान ठग

112
00:07:41,520 --> 00:07:45,520
चोर अंधे गूंगे बहरे लिंगड़े लूले सब यही आ

113
00:07:45,520 --> 00:07:49,840
गए 99% देखिए कैसे परमात्मा की वाणी ढोल ढपोल

114
00:07:49,840 --> 00:07:54,080
हो रही है पल पल में है ना पेज नंबर पांच पे आइए इसमें

115
00:07:54,080 --> 00:07:58,080
इसमें देखिए पेज नंबर पांच पे आप आइए बीच में देखिए उपरोक्त लिखा

116
00:07:58,080 --> 00:08:02,400
हुआ है उसके नीचे ना दम जी ने कहा पढ़ के सुनाऊंगी

117
00:08:02,400 --> 00:08:06,400
आप सुनाएंगे मैं सुनाता हूं। मैं सुनाता हूं। मुझे आनंद आ रहा है। नास्ते

118
00:08:06,400 --> 00:08:10,720
नमस्त जी ने कहा है कि मैं बड़े दुख के साथ कह रहा हूं कि प्रारंभ

119
00:08:10,720 --> 00:08:14,960
में सारन को ठीक से ना समझकर उस पर राजद्रोह का केस लगा

120
00:08:14,960 --> 00:08:18,000
देंगे। [हंसी]

121
00:08:18,000 --> 00:08:18,960
उससे नफरत

122
00:08:18,960 --> 00:08:23,280
करेंगे। फिर जानने के पश्चात उससे बेहद प्रेम

123
00:08:23,280 --> 00:08:27,280
करेंगे। उसके सद्गुणों का बोलबाला होगा। सर्व विदित

124
00:08:27,280 --> 00:08:31,840
है कि जुलाई 2006 से वर्तमान सन 2016

125
00:08:31,840 --> 00:08:36,000
तक संत रामपाल दास की उपेक्षा रामपाल दास

126
00:08:36,000 --> 00:08:40,080
जी उपेक्षा के पात्र बने हैं। झूठी अफवाहों के शिकार

127
00:08:40,080 --> 00:08:44,400
हुए हैं। जनता नफरत करती है। परंतु जो बुद्धिजीवी

128
00:08:44,400 --> 00:08:48,480
उनके अद्वितीय आध्यात्म ज्ञान को ठीक सुन समझ लेता

129
00:08:48,480 --> 00:08:52,480
है। वन सायरन रामपाल दास जी पर कुर्बान हो

130
00:08:52,480 --> 00:08:56,640
जाता है। हरियाणवी भाषा में कहे तो कट कर

131
00:08:56,640 --> 00:09:00,960
मर जाता है। यानी उनके लिए शीश देने में भी हिचक नहीं करता।

132
00:09:00,960 --> 00:09:04,960
अच्छा ये बात शायद इसलिए कही जा रही है कि अब जो है लड़ने मरने को

133
00:09:04,960 --> 00:09:09,200
तैयार हो जाए व्यक्ति इसलिए जोड़ दी गई नास्ते धमस

134
00:09:09,200 --> 00:09:13,440
की भविष्यवाणी में बार-बार बदलाव हो रहा है वो भी परमात्मा की वाणी में वाह

135
00:09:13,440 --> 00:09:17,520
क्या बात है ठोको ताली उसके परिणाम स्वरूप संत रामपाल जी

136
00:09:17,520 --> 00:09:21,840
के अनुयाई दिनोंदिन बढ़ रहे हैं

137
00:09:21,840 --> 00:09:25,840
दिनांक 1811 2014 को रामपाल दास जी

138
00:09:25,840 --> 00:09:29,920
पर बरवाला थाना जिला हिसार प्रांत हरियाणा में राष्ट्रदोह का

139
00:09:29,920 --> 00:09:34,080
झूठा मुकदमा 428 ब 2014 बनाया गया

140
00:09:34,080 --> 00:09:38,080
है। नास्त्र दमस ने लिखा है कि पांच नदियों के प्रख्यात

141
00:09:38,080 --> 00:09:42,160
प्रांत में एक महान धार्मिक नेता का उदय

142
00:09:42,160 --> 00:09:46,160
होगा। अब यहां फिर आ गया महान धार्मिक नेता वाली बात। वह एक शत्रु के

143
00:09:46,160 --> 00:09:50,160
उन्माद से अहंकार को समाप्त करे। अरे भैया कितनी बड़ी हो गई

144
00:09:50,160 --> 00:09:54,750
भविष्यवाणी। अब उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे।

145
00:09:54,750 --> 00:09:59,280
[हंसी] अरे दादा ये ऊपर लिखे देशद्रोह के मुकदमे

146
00:09:59,280 --> 00:10:03,360
की घटना का वर्णन है जिसमें पुलिस ने संत रामपाल दास जी के

147
00:10:03,360 --> 00:10:07,520
छह अनुयायियों एक 11 वर्ष का लड़का तथा अच्छा 11

148
00:10:07,520 --> 00:10:11,840
वर्ष से मुझे याद आया एक और 11 वर्ष के लड़के के साथ कुकर्म हो गया है

149
00:10:11,840 --> 00:10:16,080
आश्रम में ये 11 वर्ष का लड़का नहीं ये डेढ़ वर्ष का लड़का है

150
00:10:16,080 --> 00:10:20,800
अच्छा यहां 11 लिख दिया हां हां हां

151
00:10:20,800 --> 00:10:24,880
ये भी परमात्मा की वाणी में एक और झूठ 11 वर्ष का लड़का लड़का लिख दिया डेढ़

152
00:10:24,880 --> 00:10:29,040
वर्ष के लड़के को तथा पांच महिलाओं को

153
00:10:29,040 --> 00:10:33,840
लाठियों से पीटपीट कर मार डाला। कुछ पुलिस के द्वारा

154
00:10:33,840 --> 00:10:38,160
के हिसाब छोड़े पुलिस बेहिसब छोड़े

155
00:10:38,160 --> 00:10:42,320
गए। आंसू गैस के गोलों से दम घुटकर मारे गए और हत्या

156
00:10:42,320 --> 00:10:46,720
के दो मुकदमे एफआईआर नंबर 429 तथा

157
00:10:46,720 --> 00:10:49,440
430 दिनांक 19 नवंबर 2014

158
00:10:49,440 --> 00:10:54,000
को बेकसूर संत रामपाल दास तथा उनके

159
00:10:54,000 --> 00:10:58,640
अनुयायियों पर बना दिए। इतना ही पढ़ना है और पढ़ो।

160
00:10:58,640 --> 00:11:02,640
बस बस ज्यादा फायदा नहीं है तो बहुत कुछ है। अब इसमें

161
00:11:02,640 --> 00:11:07,120
एक बात कहना चाह रहा हूं। परमेश्वर की एक बहुत बड़ी दया है जो इन्होंने

162
00:11:07,120 --> 00:11:11,600
कम से कम ये बात लिखी कि पुलिस वालों ने लाठियों

163
00:11:11,600 --> 00:11:16,240
से पीट कर मार डाला पांच लोगों को। ये बहुत बड़ी दया है एक बच्चे को।

164
00:11:16,240 --> 00:11:20,320
क्योंकि एफआईआर नंबर 429 30 में

165
00:11:20,320 --> 00:11:24,320
11 लाठियां बरामद की करवाई। संत रामपाल जी महाराज

166
00:11:24,320 --> 00:11:28,960
के बड़े लड़के वीरेंद्र रामक ढाका राज कपूर राजेंद्र

167
00:11:28,960 --> 00:11:33,040
और बलजीत की बेटी बबीता यानी 28 लोगों ने 11

168
00:11:33,040 --> 00:11:37,120
लाठियां बरामद करवाई। जिन लाठियों से पांच महिला एक बच्चे

169
00:11:37,120 --> 00:11:41,120
को मारा गया। जिसके जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट है

170
00:11:41,120 --> 00:11:45,360
मेडिकल है उसमें सर में हड्डियां टूटी पाई गई। सीने की हड्डियां

171
00:11:45,360 --> 00:11:49,360
टूटी पाई गई और ये पैरों की हड्डियां टूटी पाई गई

172
00:11:49,360 --> 00:11:53,760
और ये पसलियां ये सीने की ये टूटी पाई गई इनसे हत्या हुई

173
00:11:53,760 --> 00:11:57,920
और उसकी तो ये ये जो पुलिस वालों पे लग दिया

174
00:11:57,920 --> 00:12:02,640
ये बड़ा अच्छा किया जो इनका पोल खोलने के लिए इसमें आ गई इसीलिए

175
00:12:02,640 --> 00:12:04,800
ये आज तक एक भी जजमेंट

176
00:12:04,800 --> 00:12:09,200
की फाइल पूरी भारत में पूरी दुनिया किसी को नहीं दिया

177
00:12:09,200 --> 00:12:13,280
जिसमें बताते इतने केसों में बरी हो गए इतने केस अरे जिस केस में बरी हो गए

178
00:12:13,280 --> 00:12:17,520
एफआईआर नंबर 426 427 443 आप

179
00:12:17,520 --> 00:12:21,520
इनहीं की फाइल पूरी दुनिया को दे दो तम जाने नहीं दे सकते

180
00:12:21,520 --> 00:12:25,760
तो ये सारा विवरण एफआईआर नंबर 429 43 में है

181
00:12:25,760 --> 00:12:29,920
ये सारा सब कुछ आपको जजमेंट ऐसे ही एक एक चीज क्लिटी आपको

182
00:12:29,920 --> 00:12:34,720
बता दूंगा टाइम जरूर लगता है आगे वाले आगे वाले आगे वाले उसमें

183
00:12:34,720 --> 00:12:38,800
मगर मैं एक चीज यहां पर पूछना मैं एक चीज यहां क्लियर करना चाहूंगा मतलब

184
00:12:38,800 --> 00:12:42,800
डेढ़ साल के बच्चे को उन्होंने लाठियों से मारा आश्रम वालों

185
00:12:42,800 --> 00:12:46,800
ने लाठियों से डेढ़ साल के बच्चे को

186
00:12:46,800 --> 00:12:50,800
अरे ये कहते हैं ना दया बिना दरवेश कसाई

187
00:12:50,800 --> 00:12:54,960
ये राक्षस है कसाई कसाई जिनको बोलते हैं राक्षस

188
00:12:54,960 --> 00:12:59,520
इनके अंदर कोई दया धर्म नहीं है आप ये सोचिए जब पांच महिला

189
00:12:59,520 --> 00:13:03,840
एक बच्चे जिस कमरे के अंदर होंगे और जब ये बच्चे

190
00:13:03,840 --> 00:13:07,840
को मार रहे होंगे तो उन महिलाओं के दिल से दर्द पूछिए

191
00:13:07,840 --> 00:13:11,840
क्या हो रहा होगा महिलाएं कहती होगी भैया इस बच्चे को छोड़ दे भले मेरी जान ले

192
00:13:11,840 --> 00:13:15,840
लो ये इतने इतने राक्षस है आप सोच

193
00:13:15,840 --> 00:13:20,160
नहीं सकते इनके बारे में इनके बारे में आप सोच नहीं सकते जितना

194
00:13:20,160 --> 00:13:24,800
सोचो उतना ही कम है ये बलात्कारी हत्यारे गुंडे

195
00:13:24,800 --> 00:13:29,360
सारे कुकर्मा आश्रम होते हैं सारा सब कुछ फर्जी खुले

196
00:13:29,360 --> 00:13:33,600
जिन लोगों को नहीं मालूम है उनको मैं बता दूं ये जो महिला और बच्चे

197
00:13:33,600 --> 00:13:38,960
किस तरह से मारे गए थे

198
00:13:38,960 --> 00:13:43,040
जब रामपाल को पकड़ने के लिए पुलिस वहां पर

199
00:13:43,040 --> 00:13:47,120
एकत्रित होना शुरू हुई थी। तो जो वहां के गैंग वाले लोग हैं

200
00:13:47,120 --> 00:13:51,680
उन लोगों ने यह खबर फैला ली थी कि भाई जो है आपको अपने

201
00:13:51,680 --> 00:13:55,840
जो गुरु हैं उनकी रक्षा करनी है और उसके लिए पूरे जगह-जगह

202
00:13:55,840 --> 00:14:00,160
से खुद पैसे का इंतजाम करके बसें भरवा के या कोई लालच भय

203
00:14:00,160 --> 00:14:04,160
कुछ दिखा करके वहां पर मतलब बहुत सारे लोगों के

204
00:14:04,160 --> 00:14:08,320
एकत्रित मेरे ख्याल से लगभग लाख सवा लाख लोग थे वहां पर कितने

205
00:14:08,320 --> 00:14:12,640
लोग थे जी [हंसी] लाख सवा लोग लाख लोग थे तो

206
00:14:12,640 --> 00:14:16,800
कुछ लोग उनमें से काफी सारे सारे लोग ऐसे हो गए थे और कई दिनों तक वहां रहना

207
00:14:16,800 --> 00:14:20,960
था क्योंकि पुलिस तो खड़ी है भाई गिरफ्तार करने के लिए तो

208
00:14:20,960 --> 00:14:25,200
ऐसे में कुछ लोग ऐसे हो रहे थे नहीं नहीं हम घर जा रहे हैं क्योंकि

209
00:14:25,200 --> 00:14:29,600
जो ये लोग ढिंढोरा पीटते हैं ना 15 करोड़ 15 करोड़ वास्तविकता

210
00:14:29,600 --> 00:14:34,000
अगर देखा जाए तो जो पूर्ण निष्ठावान लोग हैं ना

211
00:14:34,000 --> 00:14:35,280
वो कुल मिलाकर के मुझे

212
00:14:35,280 --> 00:14:39,280
लगता है 500 भी निकल निकल आए तो बड़ी बात है जो निष्ठावान बिना किसी

213
00:14:39,280 --> 00:14:43,280
स्वार्थ के लगे हो बिना किसी स्वार्थ के तो वहां

214
00:14:43,280 --> 00:14:47,360
पर क्या होने लगा कि भाई हमें घर वापस जाना है, घर वापस जाना है। तो

215
00:14:47,360 --> 00:14:51,440
उनमें से कुछ पांच महिलाएं और उनकी उनमें से किसी की गोद में एक बच्चा

216
00:14:51,440 --> 00:14:55,520
रहा होगा डेढ़ साल का। उन पांच महिलाओं और एक बच्चे को

217
00:14:55,520 --> 00:14:59,680
यातनाएं दी गई कि बाहर नहीं जाने देंगे तुम्हें। तुम्हें यहां तैनात

218
00:14:59,680 --> 00:15:04,080
रहना होगा। तो उस यातना देने के दौरान उनकी हत्या हो गई। ये

219
00:15:04,080 --> 00:15:08,240
वो हत्या का प्रकरण है जिसमें 28 लोगों के नाम है जिसमें 27

220
00:15:08,240 --> 00:15:12,320
अलग है और एक रामपाल का नाम। जी। अब क्रम को आगे

221
00:15:12,320 --> 00:15:16,320
बढ़ाएं। जी। ये जैसा कि आपने

222
00:15:16,320 --> 00:15:20,320
बताया है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] इसकी रियलिटी आपको बता रहा हूं।

223
00:15:20,320 --> 00:15:24,560
रियलिटी यह थी कि जब देखा कि संत रामपाल जी महाराज किसी

224
00:15:24,560 --> 00:15:28,640
भी हालत में नहीं फंसे और प्रशासन ने किसी

225
00:15:28,640 --> 00:15:32,800
भी तरह कारवाई नहीं की क्योंकि प्रशासन के जो व्यक्ति थे वो अंदर

226
00:15:32,800 --> 00:15:36,880
थे आश्रम के अंदर उनका खुफिया विवाद पूरा अंदर था तो

227
00:15:36,880 --> 00:15:41,040
इन्होंने क्या किया अब संत रामपाल जी महाराज तो फसेंगे नहीं तो अब इन

228
00:15:41,040 --> 00:15:45,120
लोगों ने पांच मिला एक बच्चे को कमरे के अंदर बंद करके

229
00:15:45,120 --> 00:15:49,200
लाठियों से पीट के मारा है और कोर्ट में बाकायदे इन्होंने

230
00:15:49,200 --> 00:15:50,400
बयान दिए

231
00:15:50,400 --> 00:15:54,560
कि मैंने संत रामपाल जी महाराज कहने पर लाठियों से मारा

232
00:15:54,560 --> 00:15:58,560
है। लाठियों से पीट पीट के मारा है। और ये सारा सब

233
00:15:58,560 --> 00:16:02,640
कुछ आपको एफआईआर नंबर 429 400 में बताएंगे क्योंकि अगर हम इतना

234
00:16:02,640 --> 00:16:06,960
पूरा विस्तार से बताएंगे तो ये वीडियो बहुत लंबा हो जाएगा। बिल्कुल बिल्कुल

235
00:16:06,960 --> 00:16:11,760
मैं एक चीज यहां पर क्लियर कर दूं कि जो

236
00:16:11,760 --> 00:16:15,920
रामचंद्र यादव जी हैं इनके अनुसार रामपाल के नाम

237
00:16:15,920 --> 00:16:20,000
से होने वाले जितने भी आपराधिक मामले हैं वो रामपाल के ऊपर कोई ना कोई

238
00:16:20,000 --> 00:16:24,000
दबाव है विवशता है जिसमें रामपाल का प्रत्यक्ष प्रमाण है वो इन्वॉल्व

239
00:16:24,000 --> 00:16:28,400
है और जिनमें इनवॉल्व नहीं है वो तो षड्यंत्र पूर्वक रामपाल

240
00:16:28,400 --> 00:16:32,640
से चिपकाए गए इनके अनुसार यद्यपि हम इस बारे में पुख्ता मतलब कोई ऐसी

241
00:16:32,640 --> 00:16:36,720
सहमति नहीं रखते हैं हमारा यह है कि भाई जो सनातन धर्म का अपमान आ

242
00:16:36,720 --> 00:16:40,880
रहा है और हम यह देख रहे हैं कि रामपाल बोल रहे हैं इनवॉल्व हो रहे हैं। दबाव है कि

243
00:16:40,880 --> 00:16:45,040
नहीं है यह एक अलग जानने का विषय हो जाएगा। तो ये

244
00:16:45,040 --> 00:16:49,040
इनकी मान्यता एक ये है कि रामपाल जी पर कोई दबाव है इनके

245
00:16:49,040 --> 00:16:53,120
जिनके जिसके प्रति ये गुरु भाव रखते हैं और हम लेकर के चलते

246
00:16:53,120 --> 00:16:57,360
हैं कि भाई जो उसने बोला है जो हमें दिखाई दे रहा है उसके अनुसार हम लोग निर्णय

247
00:16:57,360 --> 00:17:01,520
कर रहे हैं। तो हमारा निर्णय तो यही है कि रामपाल बोल रहे हैं कि भैया लड़की का रंग जो है ऐसा

248
00:17:01,520 --> 00:17:05,600
था वैसा था। टिप्पणियां कर रहे हैं। करता हुआ व्यक्ति सामने से दिख रहा है। तो

249
00:17:05,600 --> 00:17:10,000
हम उसके अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। तो यहां पर इनका कहना है कि रामपाल

250
00:17:10,000 --> 00:17:14,320
पर जो ये जो मुकदमे लगे जो हत्या

251
00:17:14,320 --> 00:17:18,560
के मुकदमे लगे वो ऐसे लगे कि फसाने के उद्देश्य से

252
00:17:18,560 --> 00:17:24,560
रामपाल के नाम से वहां पर हत्याएं हुई। है ना यादव जी जहां तक है

253
00:17:24,880 --> 00:17:29,760
नारायण द्विवेदी जी मैं आपकी इसी बात का कायल हूं।

254
00:17:29,760 --> 00:17:33,920
जी जो हमारे आपके संबंध इतने अच्छे हैं। इसी

255
00:17:33,920 --> 00:17:37,920
बात का मैं कायल हूं और हम इस बात पे अिग

256
00:17:37,920 --> 00:17:42,000
है जो मेरे पास सबूत है। मैं उनकी बात करता हूं।

257
00:17:42,000 --> 00:17:46,160
आप करते हैं जो संत रामपाल जी महाराज बोल रहे हैं। दो तरह की बातें

258
00:17:46,160 --> 00:17:50,400
हैं और आपका कहना बहुत लाजमी है। उस बात पे हम कोई टीका टिप्पणी

259
00:17:50,400 --> 00:17:54,480
नहीं करते। कि आप ऐसा क्यों बोल रहे हो? आज तक आपसे हमारी कभी कोई

260
00:17:54,480 --> 00:17:58,720
बात नहीं हुई। हम केवल एविडेंस की बात कर रहा हूं। संत रामपालजी महाराज

261
00:17:58,720 --> 00:18:02,800
गलत बोल रहे या सही बोल रहे हैं। हम इसीलिए कह रहे हैं कि जो हरियाणा

262
00:18:02,800 --> 00:18:07,120
के जितने निवासी हैं जो भी मेरी आवाज सुन रहे हो तो सबको

263
00:18:07,120 --> 00:18:11,200
ये एक नैतिक कर्तव्य उनका बनता है कि उनको सतलोक आश्रम

264
00:18:11,200 --> 00:18:15,360
धनाना से बाहर निकाला जाए। बाहर निकाला जाए।

265
00:18:15,360 --> 00:18:19,600
क्या क्या हरियाणा में एक ये जिनका कोई

266
00:18:19,600 --> 00:18:20,720
पूरी दुनिया में अस्तित्व

267
00:18:20,720 --> 00:18:24,880
नहीं है। ये क्या हरियाणा के लोग मिलकर के संत रामपाल जी महाराज

268
00:18:24,880 --> 00:18:28,880
को इनके यहां से बाहर ला के ना इस चीज को दूध का दूध पानी

269
00:18:28,880 --> 00:18:33,520
पा का पानी किया जा सकता है लेकिन इस

270
00:18:33,520 --> 00:18:37,840
हम करवाएंगे चिंता मत करिए गवाही के लिए रामपाल को यहां पर लाया आना

271
00:18:37,840 --> 00:18:42,240
ही होगा हाई कोर्ट में मुकदमा है और अभी बात चल रही है

272
00:18:42,240 --> 00:18:46,240
यहां की पुलिस में पुलिस वालों ने वो मांगा है कि हमें रामपाल के

273
00:18:46,240 --> 00:18:50,560
बयान लेने हैं यहां के पुलिस वालों ने इन्वेस्टिगेशन में अपने उच्चाधिकारियों

274
00:18:50,560 --> 00:18:54,640
से परमिशन मांगी है कि रामपाल के बयान लेने हैं। रामपाल रामपाल

275
00:18:54,640 --> 00:18:58,640
के बयान लेने के लिए हमें जाना है। मगर यह एक सोचने वाली तार्किक बात है

276
00:18:58,640 --> 00:19:02,720
कि भाई रामपाल की ओर से जितने भी दावे हो रहे हैं उसमें ये लोग ये क्यों

277
00:19:02,720 --> 00:19:07,680
नहीं सोचते रामपाल आगरा आकर के दावे क्यों नहीं करते? रामपाल की ओर से

278
00:19:07,680 --> 00:19:11,760
लखनऊ आकर के दावे दावे क्यों नहीं किए जाते? उत्तराखंड में जाकर

279
00:19:11,760 --> 00:19:15,760
के दावे क्यों नहीं किए जाते? जहां पर इनका एक वो सुरक्षा का एक घेरा बना हुआ

280
00:19:15,760 --> 00:19:20,240
वहीं से साझेदार दावे निर्गत क्यों होते हैं? सोचने वाली बात है। अगर थोड़ा भी बुद्धिजीवी

281
00:19:20,240 --> 00:19:24,640
है तो सोचे और बाकी रही बात जो इनकी जो प्रार्थना है यादव

282
00:19:24,640 --> 00:19:29,200
जी की वो जरूर पूरी होगी। यह मैं आपको बता रहा हूं। रामपाल

283
00:19:29,200 --> 00:19:33,840
को लखनऊ वाले मामलों में बयान देने होंगे। एक दिन दर्ज होगा बयान और

284
00:19:33,840 --> 00:19:35,920
हो सकता है कुछ भी उसमें निकल के आए

285
00:19:35,920 --> 00:19:40,160
चीजें। जी अब आप वो क्रम आगे बढ़ाइए पुस्तकों का क्योंकि बातें तो बहुत सारी

286
00:19:40,160 --> 00:19:44,240
है। अब इसमें एक बात रह गई थी इनहीं

287
00:19:44,240 --> 00:19:48,560
पुस्तकों में तो मैं ऑपरेटर महोदय जी से निवेदन करूंगा

288
00:19:48,560 --> 00:19:52,880
आप शुरू से पीडीएफ का ये जो भक्ति सौदागर संदेश है

289
00:19:52,880 --> 00:19:57,200
उसका पहला पेज छोड़ के ना दूसरा पेज दिखाइए।

290
00:19:57,200 --> 00:20:01,200
उसमें देखो ट्रस्ट का नाम लिखा हुआ है और प्रेस का नाम लिखा हुआ

291
00:20:01,200 --> 00:20:05,440
है। ये मैं दिखाना चाहता हूं। जी जी दूसरा

292
00:20:05,440 --> 00:20:09,680
पेज ये पहला है पहले दूसरा में देख लो भक्ति श्रद्धा

293
00:20:09,680 --> 00:20:13,680
का संदेश पुस्तक का वो दिखाइए आप ये

294
00:20:13,680 --> 00:20:18,480
ये प्रकाशक का नाम लिखा है सबसे ऊपर हां

295
00:20:18,480 --> 00:20:22,560
आप ही पढ़ दीजिए ये ऊपर जाइए पहले ऊपर

296
00:20:22,560 --> 00:20:27,840
पहले ऊपर जाइए

297
00:20:27,840 --> 00:20:31,920
ये प्रकाशक लिखा हुआ है बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति

298
00:20:31,920 --> 00:20:36,160
ट्रस्ट और इसमें कुछ तीन नौ पांच पांच संख्या लिखी है ब्रैकेट

299
00:20:36,160 --> 00:20:40,160
में गांव करौथा जिला रोहतक हरियाणा अब नीचे

300
00:20:40,160 --> 00:20:42,720
आ जाइए

301
00:20:42,720 --> 00:20:47,040
सतलोक नीचे लिखा हुआ है सतलोक आश्रम सतलोक आश्रम

302
00:20:47,040 --> 00:20:51,920
दौलतपुर रोड बरवाला जिला हिसार हरियाणा रोहतक जज्जर

303
00:20:51,920 --> 00:20:56,640
रोड करौता जिला रोहतक हरियाणा

304
00:20:56,640 --> 00:21:00,880
और फिर आगे वो सब मोबाइल नंबर वगैरह नीचे

305
00:21:00,880 --> 00:21:05,040
नीचे देखो मिले मिलेनियम मिलेनियम ऑफसेट वर्ष 796 बीज

306
00:21:05,040 --> 00:21:09,200
अहवादा ओल्ड फरीदाबाद है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] ये मतलब

307
00:21:09,200 --> 00:21:13,840
पता इसमें लिखा हुआ है मुद्रक का ठीक है हालांकि ये पुस्तक में

308
00:21:13,840 --> 00:21:18,000
ये पुस्तक मैं दूसरों के द्वारा मंगवाई थी काफी

309
00:21:18,000 --> 00:21:22,160
मतलब जजर पुस्तक है लेकिन मैं एक चीज बताना चाहता हूं कि

310
00:21:22,160 --> 00:21:26,640
इसमें ट्रस्ट का नाम लिखा था इसमें प्रिंटिंग

311
00:21:26,640 --> 00:21:30,640
ट्रस्ट का नाम लिखा था ठीक है अब इसी के बाद ज्ञान

312
00:21:30,640 --> 00:21:36,640
पुस्तक में आ जाइए दूसरी बात ज्ञान का पुस्तक दूसरे नंबर पर

313
00:21:43,920 --> 00:21:49,920
ज्ञान

314
00:21:54,240 --> 00:21:58,320
का पुस्तक में आ गए हां आ गए आ गए आ गए ना

315
00:21:58,320 --> 00:22:02,320
कौन सा पढ़ना है हां कौन सा पढ़ना है इसमें पहला पहला पेज

316
00:22:02,320 --> 00:22:06,800
के देखो वहां क्या लिखा है प्रसार समिति

317
00:22:06,800 --> 00:22:11,120
हां हां हां उसमें लिखा है ज्ञान गंगा प्रकाशक प्रचार प्रसार

318
00:22:11,120 --> 00:22:15,120
समिति सतलोक आश्रम बिहार टोहना रोड बरवाला जिला

319
00:22:15,120 --> 00:22:19,360
हिसार हरियाणा तो ये तो बदल गई पहले तो भक्ति मुक्ति

320
00:22:19,360 --> 00:22:23,760
त्रष्ट था और और देखिए ना

321
00:22:23,760 --> 00:22:27,920
एक मिनट ऊपर ऊपर ऊपर जाइए भक्ति सौदागर को

322
00:22:27,920 --> 00:22:32,160
संदेश पुस्तक का विकल्प [हंसी] उसके

323
00:22:32,160 --> 00:22:38,000
और ऊपर जाइए और ऊपर जाइए सबसे ऊपर

324
00:22:38,000 --> 00:22:42,800
ये ये सबसे ऊपर देखो जगतगुरु तत संत हां

325
00:22:42,800 --> 00:22:46,960
राम रामपाल जी महाराज के सत्संगों का संग्रह अनमोल पुस्तक ज्ञान

326
00:22:46,960 --> 00:22:51,040
गंगा ध्यान रखना संग्रह संग्रह

327
00:22:51,040 --> 00:22:55,200
अब आगे पढ़िए भक्ति सौदा करके यानी कि ये स्वयं लिख नहीं

328
00:22:55,200 --> 00:22:59,520
रहे हैं उनकी वाणी को कोई नोट कर रहा है ऐसे रामपाल

329
00:22:59,520 --> 00:23:03,840
आपके सामने है मैं संत रामपाल जी महाराज के नाम से 99

330
00:23:03,840 --> 00:23:09,680
अंध भक्तों को ये प्रमाण दिखाना चाहता हूं है ना [गला साफ़ करने की आवाज़]

331
00:23:09,680 --> 00:23:15,600
देखिए भक्ति सौदागर का संदेश विकल्प ज्ञान का लिखा

332
00:23:15,600 --> 00:23:19,760
और देखिए 2014 के पहले वाले सत्संगों

333
00:23:19,760 --> 00:23:23,760
में संत रामपाल जी महाराज ने भी कहा कि दास ने सत्संग किया

334
00:23:23,760 --> 00:23:28,080
और भक्तों ने बना दी ज्ञान गंगा और जब

335
00:23:28,080 --> 00:23:33,040
2026 में यानी कि 10426 को संत रामपाल जी महाराज

336
00:23:33,040 --> 00:23:37,200
हिसार जेल से बाहर आते हैं हाई कोर्ट की दया पर

337
00:23:37,200 --> 00:23:41,360
तब क्या कहते हैं कि मैंने ज्ञान पुस्तक जीने

338
00:23:41,360 --> 00:23:45,360
गिरा पुस्तक बनाई है। ये मेरी आत्मा है।

339
00:23:45,360 --> 00:23:47,680
हम

340
00:23:47,680 --> 00:23:52,000
ये मेरी आत्मा है। और जो पढ़ेगा पता नहीं कितनी पीढ़ियां

341
00:23:52,000 --> 00:23:56,160
पार हो जाएगा। तो ये संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों

342
00:23:56,160 --> 00:24:00,240
को निर्णय लेना चाहिए और सबसे बड़ी बात

343
00:24:00,240 --> 00:24:04,400
पूरी के शंकराचार्य जी के शिष्य एवं लखनऊ के रहने

344
00:24:04,400 --> 00:24:08,560
वाले श्री शिव नारायण द्विवेदी जी और उनकी टीम को धन्यवाद

345
00:24:08,560 --> 00:24:12,880
देना चाहिए जो आज पूरी दुनिया

346
00:24:12,880 --> 00:24:16,880
के सामने इन्होंने यह सबूत दिखाने का जो

347
00:24:16,880 --> 00:24:20,960
है हम लोगों को मौका दिया है जो संत रामपाल जी के स्वयं से जा

348
00:24:20,960 --> 00:24:26,960
सकते हैं और ये चीज आपने देख लिया ना सर

349
00:24:27,520 --> 00:24:31,600
हेलो जी देख लिया बोलिए आवाज आ

350
00:24:31,600 --> 00:24:36,480
रही है मेरी अब दूसरी ज्ञान का पुस्तक निकालिए उसके नीचे वाली

351
00:24:36,480 --> 00:24:40,240
जी

352
00:24:40,240 --> 00:24:44,560
अगली ज्ञान गंगा हां

353
00:24:44,560 --> 00:24:50,560
बदलाव

354
00:24:51,040 --> 00:24:55,360
इसमें कोई संस्था का नाम नहीं है कोई ट्रस्ट का नाम नहीं है कबीर परमेश्वर भक्ति

355
00:24:55,360 --> 00:24:59,360
ट्रस्ट बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट एक3 2012 तक इन्होंने

356
00:24:59,360 --> 00:25:04,320
बंदी छोड़ एक 12 के पहले तक बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट

357
00:25:04,320 --> 00:25:10,160
एक मिनट इसमें लिखा है ज्ञान गंगा प्रचार वही प्रचार प्रसार समिति

358
00:25:10,160 --> 00:25:14,720
नहीं वही से पढ़ो ऊपर से जगतगुरु वाला जगतगुरु

359
00:25:14,720 --> 00:25:19,200
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों का संग्रह अनमोल

360
00:25:19,200 --> 00:25:23,520
पुस्तक ज्ञान गंगा ये वही है कि इससे और आगे वाली अरे

361
00:25:23,520 --> 00:25:27,600
नीचे आ जाओ उसी वही वाली है देखो भक्ति सौदागर का संदेश

362
00:25:27,600 --> 00:25:32,060
विकल्प हटा दिया हां वो लाइन हटा दी भक्ति के भक्ति सौदागर

363
00:25:32,060 --> 00:25:36,160
[हंसी] को संदेश वो लाइन हटा दी ये परमात्मा की वाणी बार-बार बदल रही

364
00:25:36,160 --> 00:25:40,320
है भाई ये रामपाल गैंग से मैं पूछना चाहता हूं ऊपर लिखा

365
00:25:40,320 --> 00:25:43,200
अनमोल संग्रह नीचे बदल दिया

366
00:25:43,200 --> 00:25:46,800
हम

367
00:25:46,800 --> 00:25:50,880
और आगे क्या लिखा है हां जी और आगे क्या लिखा है जानते है ना कि गंगे अंडे

368
00:25:50,880 --> 00:25:55,040
सब आ गए और उसके नीचे जो खाली जगह थी उसमें और यहां देखो क्या उसने लिख

369
00:25:55,040 --> 00:25:59,120
दिया वो सत्संग प्रवचन ये होगा वो होगा है ना चलिए वो तो

370
00:25:59,120 --> 00:26:03,200
वो तो ठीक है वो एक अलग बात है जी बात वो अलग नहीं है बात ये

371
00:26:03,200 --> 00:26:07,280
है कि जो जगह खाली थी उसको भरने के लिए उन्होंने ये काम किया ये मेरा कहने

372
00:26:07,280 --> 00:26:11,440
मतलब है हां हां हां हां यहां आप ये समझिए ना कि उसमें क्या

373
00:26:11,440 --> 00:26:15,840
किया यहां किया क्या किया जी जी बिल्कुल अब

374
00:26:15,840 --> 00:26:21,120
उसी के नीचे आ जाइए अवतार वाली पुस्तक में हां

375
00:26:21,120 --> 00:26:25,200
अवतार आपका कहने का मतलब है आपका कहने का मतलब

376
00:26:25,200 --> 00:26:29,360
है भक्ति के सौदागर से ले पहली ज्ञान गंगा से ले दूसरी ज्ञान गंगा

377
00:26:29,360 --> 00:26:33,360
और फिर अवतार नामक पुस्तक इसमें नास्ते नमस की भविष्यवाणी

378
00:26:33,360 --> 00:26:37,760
भी अपडेट हो रही है भैया परमात्मा की वाणी भी अपडेट होती है रामपाली

379
00:26:37,760 --> 00:26:42,080
गैंग में ठीक है ये ध्यान रखो पहले तो अपडेट होती है। दूसरी बात ये है

380
00:26:42,080 --> 00:26:46,080
बाप दूसरी बात यह है कि साथ ही साथ उसके

381
00:26:46,080 --> 00:26:50,080
प्रकाशक वगैरह भी बदलते रहते हैं। पहले प्रकाशक कोई और था। पहले

382
00:26:50,080 --> 00:26:54,080
वाणी किसी और की थी अब किसी और की है। मुझे लगता है कि सबसे बड़ा काल तो

383
00:26:54,080 --> 00:26:59,920
ये रामपाली गैंग स्वयं है जो काल मिलावट करता है।

384
00:26:59,920 --> 00:27:04,240
अब यही तो मेरा कहने का मतलब है ना। इसीलिए शायद

385
00:27:04,240 --> 00:27:08,240
आपकी मेरी जब पहली बार बातचीत हुई थी 2023 में लखनऊ

386
00:27:08,240 --> 00:27:12,320
महोत्सव में है ना याद होगा आपको

387
00:27:12,320 --> 00:27:16,480
शिव जी हम हेलो जी

388
00:27:16,480 --> 00:27:20,640
जी सुन रहा हूं आपको आवाज आ रही है हां पहली बार हमने आपको

389
00:27:20,640 --> 00:27:24,720
फोन लगाया था जब आपको पुस्तकों के बारे में वहां हमने देखा था और

390
00:27:24,720 --> 00:27:28,720
आपको काफी बातें बताई थी उस समय नया नया परिचय था तो आपको भी खैर

391
00:27:28,720 --> 00:27:32,880
इतनी जल्दी विश्वास भी करना नहीं था और लेकिन वो नंबर नंबर आपका मैंने

392
00:27:32,880 --> 00:27:36,880
फीड रखा। दूसरी साल जब आपने फिर लखनऊ

393
00:27:36,880 --> 00:27:41,040
महोत्सव में पुस्तकों को जलाया बुला दो जरा

394
00:27:41,040 --> 00:27:45,280
चार्ज

395
00:27:45,280 --> 00:27:49,440
बुलाया अरे बैटरी नहीं है तो वही तो कह रहे थे ना एक मिनट रुकना

396
00:27:49,440 --> 00:27:55,440
जरा जो बुलाया तो फिर जो है ना

397
00:27:58,400 --> 00:28:02,400
भैया यहां पर रामपाल गैंग वालों को देखना चाहिए आपकी कैसे बैंड

398
00:28:02,400 --> 00:28:06,400
बज रही कैसे आपकी जो तथाकथित परमात्मा की

399
00:28:06,400 --> 00:28:10,640
वाणी है उसके परकच्चे उड़ रहे हैं। अब इसके बाद क्या

400
00:28:10,640 --> 00:28:14,720
वो शास्त्रार्थ करेगा ना तो तुम्हारे लोग यह

401
00:28:14,720 --> 00:28:18,800
बता पाते हैं कि भाई कबीर प्रिंटर क्यों लिखा हुआ है यहां पर गलत फर्जी

402
00:28:18,800 --> 00:28:22,880
और कुछ लोग ये कहते हैं कि पहले यह था अब बदल गया है। तो भैया ये

403
00:28:22,880 --> 00:28:28,160
देख लो 2014 के आसपास का कबीर प्रिंटर लिखा हुआ है।

404
00:28:28,160 --> 00:28:32,640
ये देखिए मुद्रा कबीर प्रिंटर 17 सेक्टर थ्री बवाना इंडस्ट्रियल

405
00:28:32,640 --> 00:28:36,880
एरिया नई दिल्ली और यही श्री शिव नारायण द्विवेदी जी मैंने आपको

406
00:28:36,880 --> 00:28:40,880
बताया था और कि इन्होंने फर्जी पता लिख रखा है लेकिन मेरे

407
00:28:40,880 --> 00:28:45,280
पास सुविधा ऐसी नहीं कि हम जो है इसको जो है ना वहां जा सके

408
00:28:45,280 --> 00:28:49,360
और एक में जयपुर का पता लग रखा था और परमेश्वर की दया

409
00:28:49,360 --> 00:28:53,920
से आप आप द हजार रुपया खर्च करके गए

410
00:28:53,920 --> 00:28:58,160
हम जैसे नीचों को इस नरक से बचाने

411
00:28:58,160 --> 00:29:00,480
के लिए आपने वो त्याग

412
00:29:00,480 --> 00:29:04,640
किया और ये संत रामपाल जी महाराज के नाम के शिष्य आपको दुश्मन

413
00:29:04,640 --> 00:29:08,720
समझते हैं और आपने वो काम किया है जो

414
00:29:08,720 --> 00:29:13,040
आप हमको अपने साथ लेकर के आपने सारी चीजें जड़ से निकाल कर दिखाई

415
00:29:13,040 --> 00:29:17,120
है और ये कबीर पिंट एक्स्रा सेक्टर 32 इंडस्ट्री

416
00:29:17,120 --> 00:29:21,120
ने दिया ये पता किस पुस्तक में डालते हैं जिन पुस्तकों में इन्होंने

417
00:29:21,120 --> 00:29:25,200
निराधार गाली गलौज पूरा झूठ फरेब चार्ज बीसी किया

418
00:29:25,200 --> 00:29:29,440
है उसमें ये पता वहां का डालते हैं

419
00:29:29,440 --> 00:29:33,520
और कोई भी पकड़ा जाए तो वही फसेगा वही मरेगा वही कटेगा तभी हमने

420
00:29:33,520 --> 00:29:37,600
आपको जब दूसरी बार आपने पुस्तक जलवाई थी उस

421
00:29:37,600 --> 00:29:41,760
लखनऊ महोत्सव में तब हमने आपको कहा था कि आज के बाद

422
00:29:41,760 --> 00:29:45,760
शिवा द्विवेदी जी आप पुस्तकों को मत जलाना क्योंकि

423
00:29:45,760 --> 00:29:51,200
ये लोग चाहते यही है कि पुस्तकें जलाओ जिसमें इन मूर्खों को भड़काओ

424
00:29:51,200 --> 00:29:55,280
और आपने उस बात को समझा और ये सबके सामने आपने

425
00:29:55,280 --> 00:29:59,280
प्रमाण आप ही वीडियो बना डाला वहां से ना एक साल पहले आपने

426
00:29:59,280 --> 00:30:03,360
वीडियो बनाने डाला ये हमारे सबके कल्याण के लिए लेकिन

427
00:30:03,360 --> 00:30:07,360
वही हाल है कि जैसे गांव कहा जाता है ना कि कुत्ते को गुड़ दो तो उसको

428
00:30:07,360 --> 00:30:12,640
लगता है मुझे पत्थर मार रहा है ईटा मार रहे है [हंसी]

429
00:30:12,640 --> 00:30:15,600
ये चीज अब ये सात प्रकार की

430
00:30:15,600 --> 00:30:21,200
ज्ञान मेरे पास है

431
00:30:21,200 --> 00:30:25,200
सात प्रकार की सात प्रकार सात प्रकार

432
00:30:25,200 --> 00:30:29,520
की सात प्रकार की तो मेरे पास है आठवी प्रकार की गूगल

433
00:30:29,520 --> 00:30:34,640
वाली है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अच्छा [हंसी]

434
00:30:34,640 --> 00:30:38,800
मतलब हार्ड कॉपी आपके पास सात है। जी हां गूगल

435
00:30:38,800 --> 00:30:43,840
सहित आठ आठ प्रकार की गंगा पुस्तक है। जी जी

436
00:30:43,840 --> 00:30:48,080
उसी में है। जो गूगल पे जो ज्ञान गंगा है

437
00:30:48,080 --> 00:30:52,240
गूगल वाली ज्ञान गंगा ये 314 नंबर का पेज है। मतलब 314

438
00:30:52,240 --> 00:30:56,320
प्रश्नों की है ये। अब आगे चलिए देखते है अगली कितनी है। एक बात और इसमें

439
00:30:56,320 --> 00:31:00,480
एक बात और मैं आपको बताना चाहूंगा है ना कि

440
00:31:00,480 --> 00:31:05,040
जैसे नास की जो भविष्यवाणी थी ना हां हां इसमें

441
00:31:05,040 --> 00:31:09,440
165 पेज पर है अच्छा अन्य पुस्तकों

442
00:31:09,440 --> 00:31:13,600
में 149 किसी मतलब जैसे जैसे पेज कम करते

443
00:31:13,600 --> 00:31:18,640
गए बढ़ाते गए यहां तक कि 268 पेज तक की ज्ञान का पुस्तक है

444
00:31:18,640 --> 00:31:23,200
उसमें अलग-अलग परिवर्तन पेज बदलते रहे लेकिन वही

445
00:31:23,200 --> 00:31:27,280
जो नाते भविष्यवाणी का जो उसमें चैप्टर में दिया

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00:31:27,280 --> 00:31:30,720
है वो एक ही रहा है। तो इसमें लोग क्या था

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00:31:30,720 --> 00:31:34,880
कि 149 पेज 149 पेज तो हमने रटा दिया और जब लोग

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00:31:34,880 --> 00:31:38,960
149 पेज वाली पेज में ज्ञानम खोलेंगे वो पेज है

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00:31:38,960 --> 00:31:43,120
268 वाली अब उसको मिलेगा ही नहीं मेरे

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00:31:43,120 --> 00:31:47,200
साथ भी ऐसा ही हुआ है। हाई कोर्ट में मैंने हाई कोर्ट में

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00:31:47,200 --> 00:31:51,200
मैंने प्रश्न प्रश्न दिखा दिए थे। अब उसके बाद जब बुक में देखा गया

452
00:31:51,200 --> 00:31:55,200
तो जज जज बोले के इसमें तो है ही नहीं। तो मैंने कहा भैया इसमें

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00:31:55,200 --> 00:32:00,720
हर संस्करण में दूसरा दूसरा है क्या की

454
00:32:00,720 --> 00:32:04,720
श्रीवादी जी इन्होंने इसी इसीलिए ऐसी

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00:32:04,720 --> 00:32:09,040
पुस्तक छापी है कि अगर आप किसी को पुस्तक देते हुए

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00:32:09,040 --> 00:32:13,120
आपने पुस्तक अपने हाथ में ले ली और आप थाने स्वयं पहुंच गए

457
00:32:13,120 --> 00:32:18,720
लेकर के तो फिर आप उसको साबित करो फिर कहते मेरी पुस्तक है ही नहीं

458
00:32:18,720 --> 00:32:22,800
जैसे कि पहली बार जब हमारी डिबेट हुई थी आपके साथ में तो ये कौन था जो कह

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00:32:22,800 --> 00:32:26,800
रहा था ये जीने की राह पुस्तक ये हमारी है ही नहीं जो जयपुर का पता लिखा हुआ

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00:32:26,800 --> 00:32:30,800
है। [हंसी] याद है ना?

461
00:32:30,800 --> 00:32:34,880
बिल्कुल बिल्कुल मेरे पास दो पुस्तकें हैं जयपुर के पते की

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00:32:34,880 --> 00:32:39,120
दो पुस्तक हैं यहां की तुम्हारे

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00:32:39,120 --> 00:32:43,360
भवाना इंटरेस्ट एरिया नई दिल्ली की और इसमें एक बहुत बड़ी बात आपको

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00:32:43,360 --> 00:32:45,920
बताना चाहूंगा कि ये हमारे

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00:32:45,920 --> 00:32:50,080
गुरुदेव के आशीर्वाद है जो ये सब कलेक्शन करके हम रखे

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00:32:50,080 --> 00:32:54,160
हुए हैं नहीं तो हमें तो छ महीने हुआ था बरवाला कांड हो गया था मुझे तो ए

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00:32:54,160 --> 00:32:58,240
बी सी डी कुछ पता ही नहीं था बताइए आज हम ये कैसे रखते हुए और

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00:32:58,240 --> 00:33:02,480
पूरे भारत में पूरे पूरे विश्व में जितने संत रामपाल जी महाराज के नाम के शिष्य

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00:33:02,480 --> 00:33:06,640
हैं जो अपने आप कहते 15 करोड़ है। एक भी पास कोई भी सबूत

470
00:33:06,640 --> 00:33:12,640
नहीं है। ये केवल आग के अंधे गांठ के पूरे हैं।

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00:33:13,520 --> 00:33:17,920
जी अब इसमें आगे चले। इसमें एक एक सवाल मैं यहां पर छोड़ना

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00:33:17,920 --> 00:33:22,080
चाहूंगा। जो लोग कहते हैं परमात्मा की वाणी है ज्ञान गंगा गीता

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00:33:22,080 --> 00:33:26,240
तेरा ज्ञान अमृत है ना। आप यह देखिए कि क्या इसी तरीके

474
00:33:26,240 --> 00:33:30,240
से भगवान की वाणी बदलती है। मैं अपने वीडियोस में तीन चीजों की

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00:33:30,240 --> 00:33:34,480
बात करता हूं। तीन चीजों की एक सर्वशक्तिमान ईश्वर

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00:33:34,480 --> 00:33:38,720
दूसरा परम स्वतंत्र मोक्ष और तीसरा शाश्वत धर्म। शाश्वत

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00:33:38,720 --> 00:33:42,800
धर्म क्यों कहता हूं मैं? कि जो अनादि काल से चला आ

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00:33:42,800 --> 00:33:46,800
रहा ज्ञान है वो एज इट इज रहे। बदलाव ना हो। मगर यहां क्या हो

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00:33:46,800 --> 00:33:50,880
रहा है कि सन 2014 से पहले की पुस्तक जो परमात्मा की वाणी के नाम

480
00:33:50,880 --> 00:33:54,880
से प्रचलित है वो 2014 के बाद बदल जा रही है। फिर भी आप कह रहे

481
00:33:54,880 --> 00:33:58,880
हैं कि परमात्मा की वाणी है। ये सनातन धर्म है। ये सनातन धर्म है

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00:33:58,880 --> 00:34:01,280
जो हर दिन बदल जाता है। बदलाव

483
00:34:01,280 --> 00:34:05,360
का मतलब समझते हो कि यदि परमात्मा ने कहा

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00:34:05,360 --> 00:34:09,440
कि भाई जैसे कुरान कुरान में क्या है?

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00:34:09,440 --> 00:34:13,760
कुरान क्या कहती है पता है? कुरान यह कहती है कि

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00:34:13,760 --> 00:34:17,840
भैया ज्यादा सवाल मत करो। पांच 101 102 में लिखा है। ज्यादा सवाल मत करो

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00:34:17,840 --> 00:34:21,840
वरना तुम्हारे लिए वो आयत भी खोल दी जाएंगी जिनके कारण पहले

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00:34:21,840 --> 00:34:25,920
के लोग बागी हो गए थे। मतलब कुछ आयत बदल दी गई। और यही दो

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00:34:25,920 --> 00:34:31,360
106 में कहते कहता भी है कुरान का ईश्वर कि भाई

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00:34:31,360 --> 00:34:35,360
जो अगर कोई आयत बदल दी जाती है तो उससे बेहतर

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00:34:35,360 --> 00:34:39,520
आयत लाई जाती है। यानी कि बदलाव होता है। बदलाव होने का अर्थ क्या है? आज पूरी दुनिया

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में वो लोग जिहाद के लिए कर रहे हैं। मूर्ति पूजा का विरोध कर रहे हैं। कल को

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ये बदल सकता है कि मूर्ति पूजा आज से करो। इसका

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00:34:47,520 --> 00:34:51,840
अर्थ क्या हुआ? अगर धर्म में बदलाव होगा तो हम लोग जिन चीजों के लिए जिन वैल्यूस

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के लिए आज लड़ मर रहे हैं वो कल को बदल सकती है। यानी कि पहले के लोगों

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का संघर्ष बेकार था। आज तक बेकार किया। इसलिए धर्म कभी

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बदलता नहीं है। धर्म की पहली चीज ये है। इसीलिए हमारा जो

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है शाश्वत है। सनातन धर्म जो कभी बदलाव नहीं होता। और यह देखिए

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आंखों देखा हाल परमात्मा की वाणी के नाम से प्रचलित

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किताब में बदलाव हो रहा था सन 2014 से पहले और बाद

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में अंतर आ रहा है। जी लाइए पीडीएफ का

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503
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[संगीत]
