1
00:00:02,080 --> 00:00:06,160
तो जय श्री राम सभी लोगों को। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक

2
00:00:06,160 --> 00:00:10,240
होंगे और आज का विषय

3
00:00:10,240 --> 00:00:14,400
आप जानते ही हैं। थंबनेल में हमने बताया है रामपाल गैंग

4
00:00:14,400 --> 00:00:20,160
की एक बहुत बड़ी पराजय हुई है। अ

5
00:00:20,160 --> 00:00:24,160
उस बारे में आज हम बात करने वाले हैं। वैसे इस बीच ऐसा

6
00:00:24,160 --> 00:00:28,240
बहुत सारा ऐसी बहुत सारी सामग्री हमें प्राप्त हुई थी रामपाल की ओर

7
00:00:28,240 --> 00:00:32,400
से जिसको लेकर के अपने आप में एक एक अध्याय बनाया जा

8
00:00:32,400 --> 00:00:36,480
सकता है। पर केवल

9
00:00:36,480 --> 00:00:40,560
अगर कंटेंट की बात की जाए कि कभी-कभी कुछ लोग इस ओर ले जाते हैं

10
00:00:40,560 --> 00:00:44,960
बात को कि भाई ये जो है कंटेंट क्रिएट

11
00:00:44,960 --> 00:00:49,120
करना चाहते हैं इस वजह से तो इस बीच ऐसी बहुत सी सामग्री हमें रामपाल की

12
00:00:49,120 --> 00:00:53,280
ओर से प्राप्त हुई जो अगर हमारा कंटेंट को ढूंढने की

13
00:00:53,280 --> 00:00:57,440
अगर मातृ दृष्टि हो तो बहुत सारा कंटेंट रामपाल पे ही अभी

14
00:00:57,440 --> 00:01:00,160
आ चुका होता

15
00:01:00,160 --> 00:01:04,400
पर अब जाकर के कानून से संबंधित कुछ ऐसी

16
00:01:04,400 --> 00:01:08,400
चीजें हमें प्राप्त हुई हैं कोर्ट से संबंधित जो आप लोगों

17
00:01:08,400 --> 00:01:12,720
के साथ जो जानकारी साझा करना बहुत आवश्यक

18
00:01:12,720 --> 00:01:16,720
लगा तो इसलिए आज हम प्रस्तुत हुए हैं। यद्यपि रामपाल से जो युद्ध चल

19
00:01:16,720 --> 00:01:17,760
रहा है कोर्ट

20
00:01:17,760 --> 00:01:21,840
से लेकर धरातल से लेकर

21
00:01:21,840 --> 00:01:26,320
पुलिस थाना और इवन जो मैन

22
00:01:26,320 --> 00:01:30,560
टू मैन एक होता है ना टकराव वो सब चीजों को लेकर के चल रहा है। तो जो लोग जुड़े

23
00:01:30,560 --> 00:01:35,120
हुए हैं अपडेटेड हैं उनको पूरा ज्ञात होगा।

24
00:01:35,120 --> 00:01:39,200
अब रामपाल के खिलाफ एक जजमेंट आया है। यह जजमेंट मेरे हाथ में

25
00:01:39,200 --> 00:01:43,280
है इस समय अ न्यायालय अपर

26
00:01:43,280 --> 00:01:48,240
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 14 लखनऊ

27
00:01:48,240 --> 00:01:52,560
है ना और

28
00:01:52,560 --> 00:01:56,640
यह जो आदेश आया है नीरज

29
00:01:56,640 --> 00:02:00,880
कुमार बरनवाल जी के द्वारा आदेश दिया गया है और

30
00:02:00,880 --> 00:02:04,880
किस तरह से इसमें मूकी खाई है रामपाल गैंग ने वह अभी

31
00:02:04,880 --> 00:02:08,960
आपको पता चलेगा और किस विषय में है तो सबसे पहले

32
00:02:08,960 --> 00:02:12,480
मैं बता दूं विषय क्या है?

33
00:02:12,480 --> 00:02:16,480
जब रामपाल से धरातल पर रामपाल की गैंग से

34
00:02:16,480 --> 00:02:20,480
रामपाल तो तब जेल में था तो रामपाल की गैंग के साथ जब

35
00:02:20,480 --> 00:02:24,560
धरातल पर आमनासामना प्रारंभ हुआ तो इन

36
00:02:24,560 --> 00:02:28,560
लोगों ने सबसे पहले प्रयास किया कि भाई जो हमने इनके बुक स्टॉल पर जाकर

37
00:02:28,560 --> 00:02:32,640
के विरोध प्रदर्शन किया था जिसके कारण मेला प्रशासन ने इनकी बुक्स

38
00:02:32,640 --> 00:02:36,800
को वहां से हटवा दिया गया था। मेला प्रशासन के द्वारा बुक्स

39
00:02:36,800 --> 00:02:40,880
को वहां से हटवा दिया गया और फिर जो आगे के दृश्य थे उसी क्रम में

40
00:02:40,880 --> 00:02:44,880
आपने देखे कि किस तरह से लोगों ने चौराहे

41
00:02:44,880 --> 00:02:49,200
पर एकत्रित होकर के सार्वजनिक रूप से डंके की चोट

42
00:02:49,200 --> 00:02:53,440
पर रामपाल का बहिष्कार किया। रामपाल का तिरस्कार किया।

43
00:02:53,440 --> 00:02:58,480
उसकी किताबों का तिरस्कार किया और जो हश हुआ वो सब आपने देखा।

44
00:02:58,480 --> 00:03:02,160
इन चीजों से आहत हो के

45
00:03:02,160 --> 00:03:06,560
जो रामपाल गैंग है यहां का लखनऊ का स्थानीय गैंग

46
00:03:06,560 --> 00:03:07,680
जाहिर सी बात है कि

47
00:03:07,680 --> 00:03:11,840
इस गैंग को ऊपर से ऑर्डर्स मिल रहे होंगे तभी वो इस तरह के कदम उठा

48
00:03:11,840 --> 00:03:15,920
रहा है या फिर यह भी हो सकता है कि क्या है कि रामपाल गैंग

49
00:03:15,920 --> 00:03:20,320
में वो सांभर डियर वाले लोग ज्यादा हैं। सांभर डियर पता है ना आपको

50
00:03:20,320 --> 00:03:24,640
वो शेर का जो सबसे आसान शिकार बांधवगढ़

51
00:03:24,640 --> 00:03:28,640
के जंगलों में मिलता है। कई जगह मिलता है। मगर मैंने वहां पर

52
00:03:28,640 --> 00:03:32,720
जाना था कि भाई सांभर डियर जो है शेर के लिए एक आसान शिकार होता है।

53
00:03:32,720 --> 00:03:36,720
क्योंकि वह भागते-भागते पीछे देखता है। जैसे कि वो इंजमामुल हक

54
00:03:36,720 --> 00:03:40,800
देखता था क्रिकेटर जो रन

55
00:03:40,800 --> 00:03:44,960
आउट सबसे ज्यादा बार हुआ है। उसका रिकॉर्ड्स में नाम है सबसे ज्यादा बार वो रन

56
00:03:44,960 --> 00:03:47,520
आउट हुआ है।

57
00:03:47,520 --> 00:03:51,840
तो इनकी गैंग में साबर डियर ज्यादा है। रामपाल की गैंग में। रामपाल

58
00:03:51,840 --> 00:03:56,000
का बैंड बजाने के लिए कोई बाहर से आने वाले किसी की आवश्यकता नहीं है। उस गैंग

59
00:03:56,000 --> 00:04:00,320
में ही इतने साम डियर हैं जो रामपाल की बैंड बजाने के लिए पर्याप्त

60
00:04:00,320 --> 00:04:03,010
रहते हैं।

61
00:04:03,010 --> 00:04:07,040
[गला साफ़ करने की आवाज़] तो दो बातें हो सकती हैं। या

62
00:04:07,040 --> 00:04:11,280
तो रामपाल की गैंग के जो लीडर्स हैं वही इतने बड़े बेवकूफ

63
00:04:11,280 --> 00:04:13,440
हैं

64
00:04:13,440 --> 00:04:17,600
कि भाई जाओ जाकर के यह जो हुई है किसी तरीके

65
00:04:17,600 --> 00:04:22,720
से कानूनी पचड़ों में लपेटने का प्रयास करो सामने वाले को

66
00:04:22,720 --> 00:04:26,800
और या फिर इनका इनकी गैंग का जो व्यक्ति है

67
00:04:26,800 --> 00:04:29,280
वो

68
00:04:29,280 --> 00:04:34,880
खुद ही सामर डियर जैसी हरकत करने वाला है जो थाने पहुंच गया। खैर

69
00:04:34,880 --> 00:04:38,960
कुल मिलाकर के ये लोग हमारे विरुद्ध थाने में गए और इन्होंने एक वहां पर

70
00:04:38,960 --> 00:04:43,120
तहरीर दी एप्लीकेशन। अच्छा कुछ लोग जो बहुत

71
00:04:43,120 --> 00:04:47,680
ज्यादा थाना कोर्ट कचहरी से परिचित नहीं है वह

72
00:04:47,680 --> 00:04:52,400
सोचते हैं कि आईजीआरएस कराना या फिर एप्लीकेशन

73
00:04:52,400 --> 00:04:56,400
सबमिट कर देना थाने में एप्लीकेशन दे देना वही एफआईआर होती

74
00:04:56,400 --> 00:05:00,400
है। जबकि ऐसा नहीं है। जो लोग परिचित होंगे उनके लिए तो आम बात

75
00:05:00,400 --> 00:05:04,480
है कि कि सबसे पहले थाने में दी जाती है एक एप्लीकेशन कि हमारे साथ

76
00:05:04,480 --> 00:05:08,640
ये घटना हुई है। फिर एक प्रारंभिक स्तर पर एक

77
00:05:08,640 --> 00:05:12,880
जो पुलिस विभाग होता है वह अपनी एक जांच करता है। उस

78
00:05:12,880 --> 00:05:17,040
जांच के बाद यदि उसको ठीक लगता है तो वो

79
00:05:17,040 --> 00:05:21,200
एक गंभीरता देखते हुए मामले की उसको एफआईआर के रूप में दर्ज

80
00:05:21,200 --> 00:05:25,280
करता है। और जब एफआईआर के रूप में दर्ज होती है बात तो

81
00:05:25,280 --> 00:05:29,440
वो फिर पुलिस विभाग के अनुसार वो व्यक्ति जिसके खिलाफ एफआईआर

82
00:05:29,440 --> 00:05:33,440
हुई है। लगभग लगभग वो व्यक्ति एक्यूज़्ड

83
00:05:33,440 --> 00:05:38,320
होता है। आरोपी होता है और उसको ही केंद्र में रख के वो कार्य

84
00:05:38,320 --> 00:05:42,560
उसको ही केंद्र में रख के वो जांच करती है। हालांकि ऐसा

85
00:05:42,560 --> 00:05:46,560
भी होता है कि जो एफआईआर है वो भी अपने आप में एक जांच करने की

86
00:05:46,560 --> 00:05:50,640
शुरुआत है। पर ऑफिशियली एप्लीकेशन एक व्यक्ति की शिकायत मात्र

87
00:05:50,640 --> 00:05:54,800
है और एफआईआर उस एप्लीकेशन को अब स्वीकार

88
00:05:54,800 --> 00:05:58,800
कर लिया गया कि हां हम आपकी जांच कर रहे हैं। ज्यादातर एफआईआर दर्ज

89
00:05:58,800 --> 00:06:02,800
तब होती है जब एप्लीकेशन में कुछ दम दिखाई देती है कि हां भाई यह जो

90
00:06:02,800 --> 00:06:06,800
अह बातें कह रहे हैं और मामला है जो गंभीर है और जो

91
00:06:06,800 --> 00:06:10,800
बातें कही जा रही हैं वो सत्य लगभग सत्य के आसपास

92
00:06:10,800 --> 00:06:15,680
तो एफआईआर दर्ज होती है ज्यादातर पुलिस क्योंकि यह नहीं चाहती है कि

93
00:06:15,680 --> 00:06:19,840
और पुलिस का एक दृष्टिकोण और होता है कि वो एफआईआर तब

94
00:06:19,840 --> 00:06:23,840
ज्यादातर तब दर्ज करते जब उनको यह लगता है कि इस केस को हम सॉल्व

95
00:06:23,840 --> 00:06:28,000
कर सकते हैं। यह भी बात होती है क्योंकि पुलिस अपना रिकॉर्ड मेंटेन पुलिस

96
00:06:28,000 --> 00:06:32,000
विभाग नहीं कर खराब नहीं करना चाहता है कि भाई हम ऐसी एफआईआर दर्ज करें

97
00:06:32,000 --> 00:06:36,560
जिसमें हम कुछ रिजल्ट नहीं दे पाए क्योंकि साल में शायद एक बार कुछ

98
00:06:36,560 --> 00:06:40,960
इनका होता है जब चेक किया जाता है कितने केस जो है वो अनसॉल्वड रहे

99
00:06:40,960 --> 00:06:46,240
अनसुलझे रहे। खैर [गला साफ़ करने की आवाज़]

100
00:06:46,240 --> 00:06:50,400
अब आते हैं कि वो जो हमने विरोध प्रदर्शन किया था मेले

101
00:06:50,400 --> 00:06:54,480
में जाकर के इनकी किताबों का और जो कुछ आगे हुआ उससे आहत हो

102
00:06:54,480 --> 00:06:58,560
के और कहीं ना कहीं वो सांभर डियर वाली हरकत कर बैठे हमारे विरोध

103
00:06:58,560 --> 00:07:03,440
में कुछ झूठे आरोप लेते हुए कुछ वो

104
00:07:03,440 --> 00:07:07,520
एससी एसटी की झूठी कहानियां बना करके रामपाल के लोगों

105
00:07:07,520 --> 00:07:11,520
के द्वारा जब भी कभी किसी पर कार्रवाही की गई है ये लोग जो

106
00:07:11,520 --> 00:07:15,600
बताते हैं कि उस पर कारवाई हो गई, कारवाई हो गई। उस कारवाही में कभी

107
00:07:15,600 --> 00:07:19,680
भी यह बात सामने नहीं आती कि किसी ने रामपाल के माने

108
00:07:19,680 --> 00:07:23,840
रामपाल को कालनेमी कहा, किसी ने रामपाल के ज्ञान को झूठा

109
00:07:23,840 --> 00:07:28,000
कहा। यह सब बातें कभी नहीं आती है शिकायत में। अगर ऑफिशियली किसी

110
00:07:28,000 --> 00:07:32,240
के विरोध में कोई शिकायत पंजीकृत की गई होगी तो उसमें आता

111
00:07:32,240 --> 00:07:37,600
है इस व्यक्ति ने जातिचक शब्द कहे हैं।

112
00:07:37,600 --> 00:07:41,840
यह आता है सबसे ज्यादा। आप कोई भी उठा के देखिए कि रामपाल

113
00:07:41,840 --> 00:07:45,920
के गैंग ने किसी पर कारवाही की हो तो जातिचक शब्दों का सहारा

114
00:07:45,920 --> 00:07:50,000
लिया जाता है सामने वाले को दबाने में कि भाई इसने हमको जातिचक शब्द कहे हैं।

115
00:07:50,000 --> 00:07:54,400
अब वो फिर देखती है स्थानीय पुलिस जो है कि जिस पर आरोप लग रहा है वो

116
00:07:54,400 --> 00:07:58,720
व्यक्ति ऐसा है कि नहीं या फिर यह बातें कितनी

117
00:07:58,720 --> 00:08:02,000
तथ्यात्मक है। तो खैर यह हमारे

118
00:08:02,000 --> 00:08:06,320
विरोध में उस कारवाई से हमारी से आहत हो के कुछ

119
00:08:06,320 --> 00:08:10,400
झूठे लाग लपेट करके यह लोग थाने पहुंच गए कि इन्होंने आए

120
00:08:10,400 --> 00:08:14,720
और हमारे यहां यह अभद्रता की यह गाली दी वो गाली दी और जातिचक

121
00:08:14,720 --> 00:08:19,040
शब्द जरूर जिससे कि वो धारा लग जाए वो एससी एसटी वाला एक्ट लग जाए।

122
00:08:19,040 --> 00:08:22,400
खैर

123
00:08:22,400 --> 00:08:26,960
पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और पुलिस विभाग

124
00:08:26,960 --> 00:08:31,040
कई मामलों में कई प्रकरणों में जांच अपनी करता रहता है तो

125
00:08:31,040 --> 00:08:35,040
कई बार मतलब ऐसा होता है कि पुलिस आसपास के

126
00:08:35,040 --> 00:08:39,040
जो स्थानीय लोग होते हैं उनका चरित्र जानती है कि कौन कैसा व्यक्ति

127
00:08:39,040 --> 00:08:43,040
है किस धारा में फिर भी पुलिस ने अपनी जांच की उसने पाया ये

128
00:08:43,040 --> 00:08:47,440
गलत है जो सूचना दी जा रही है वो गलत है उसमें

129
00:08:47,440 --> 00:08:51,680
हमारे जो साथी थे जो हिंदुत्ववादी साथी थे जो हमारे साथ

130
00:08:51,680 --> 00:08:55,760
थे उन लोगों ने और पुलिस ने हमसे एक बात कही कि भाई जो

131
00:08:55,760 --> 00:09:00,160
विरोध प्रदर्शन हुआ है उसमें एक चीज आ सकती है और मामले को बहुत आसानी

132
00:09:00,160 --> 00:09:04,320
से क्लोज किया जा सकता है कि भाई जो विरोध प्रदर्शन हुआ

133
00:09:04,320 --> 00:09:08,400
है वो आपको पुलिस के द्वारा वहां पर जाकर के विरोध

134
00:09:08,400 --> 00:09:12,480
करना चाहिए था डायरेक्ट नहीं मतलब अगर आपको अगर वह भी

135
00:09:12,480 --> 00:09:16,560
करना है प्रदर्शन भी करना है तो आपको एक लिखित में

136
00:09:16,560 --> 00:09:17,440
अनुमति

137
00:09:17,440 --> 00:09:21,680
ले लेनी चाहिए कम से कम सूचना देनी चाहिए थी तो वह सब नहीं हुआ। तो इस

138
00:09:21,680 --> 00:09:25,840
संबंध में यह जो अभाव था यद्यपि हम तो पहले पुलिस के पास ही जाना

139
00:09:25,840 --> 00:09:30,320
चाह रहे थे। जो हमारे साथी थे जो उग्र स्वभाव

140
00:09:30,320 --> 00:09:34,800
के थे उन लोगों ने कहा कि नहीं नहीं हम तो सीधे जाके ताबड़तोड़

141
00:09:34,800 --> 00:09:39,120
विरोध प्रदर्शन ही करेंगे। तो हमारा तो यही था पहले पुलिस को ले चलो

142
00:09:39,120 --> 00:09:43,360
और वहीं से आप जो है अरेस्ट करोगे हाथों। आपको

143
00:09:43,360 --> 00:09:47,520
मालूम है एक समय था जब लखनऊ में स्टॉल लगी है। जत्था

144
00:09:47,520 --> 00:09:51,760
का जत्था किताबें रखी हुई है रामपाल की खुलेआम मेले

145
00:09:51,760 --> 00:09:56,560
में लोगों को बरगलाया जा रहा है। और आज

146
00:09:56,560 --> 00:10:00,560
चोरी छुपे कहीं पर बिक रही हो तो बिक रही हो। वो जो डंके की

147
00:10:00,560 --> 00:10:05,440
चोट पर आश्रम का नाम लिखा रहता था ना स्टॉल पे खत्म कर दिया मैंने।

148
00:10:05,440 --> 00:10:09,520
सतलोक आश्रम खत्म कर दी। आंखों के सामने की बात

149
00:10:09,520 --> 00:10:13,920
है। आप देखिए 2023 का वीडियो देखिए। फिर 2000

150
00:10:13,920 --> 00:10:19,520
24 का वीडियो देखिए, 2025 का देखिए

151
00:10:19,520 --> 00:10:23,520
और अब देखिए 2026 में क्या होता है वही हस्तशिल्प उद्योग मेला फिर

152
00:10:23,520 --> 00:10:27,920
लगेगा। खैर [गला साफ़ करने की आवाज़] तो

153
00:10:27,920 --> 00:10:32,800
यह बात सामने आई कि भाई इस बिहाफ पे आप एक खेद प्रकट कर दीजिए

154
00:10:32,800 --> 00:10:36,880
कि आपने जो मामला बिना पुलिस के किया जो कार्यवाही

155
00:10:36,880 --> 00:10:41,040
उस बात का आपको खेद है और आगे से इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।

156
00:10:41,040 --> 00:10:45,440
तो वैसे हमारा यह भी मन नहीं था लिखने का क्योंकि हम तो अपनी जगह पे

157
00:10:45,440 --> 00:10:50,480
सत्य थे। तो हमने अपने जो

158
00:10:50,480 --> 00:10:54,640
साथी थे और जो पुलिस वाले थे कुछ सम्मानित गण और भी थे

159
00:10:54,640 --> 00:10:58,640
उन लोगों के कहने पर ऐसा कहने पर कि इतने भर से

160
00:10:58,640 --> 00:11:02,720
ये मामला जो है रफादफा हो जाएगा। तो हमने खेद प्रकट किया कि

161
00:11:02,720 --> 00:11:06,880
भाई हम जो पुलिस के बिना चले गए थे विरोध करने उस बात का हमें खेद है और

162
00:11:06,880 --> 00:11:10,880
आगे से इस कथ की पुनरावृति नहीं होगी। उसमें हमने यह नहीं लिखा कि हम रामपाल का

163
00:11:10,880 --> 00:11:14,960
विरोध नहीं करेंगे। तो यह वह पर्ची

164
00:11:14,960 --> 00:11:19,920
है जो हमने जो खेद प्रकट किया है कि रामपाल के उस पर जाकर के जो हमने

165
00:11:19,920 --> 00:11:24,000
किया था उस बात का मुझे खेद है। माफी भी नहीं मांगी। खेद है

166
00:11:24,000 --> 00:11:28,080
और इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। पुनरावृत्ति मतलब अब पुलिस के बिना नहीं जाएंगे।

167
00:11:28,080 --> 00:11:32,240
बैंड तो तुम्हारा बजाते रहेंगे पर पुलिस के बिना नहीं जाएंगे और बजाया

168
00:11:32,240 --> 00:11:36,960
भी। पुलिस के साथ जाकर के बजाया है। आप लोग

169
00:11:36,960 --> 00:11:41,040
जो लोग अपडेटेड है उनको पता होगा पुलिस के साथ में खड़े होकर के

170
00:11:41,040 --> 00:11:45,040
डंके की चोट पर और खड़े होकर के

171
00:11:45,040 --> 00:11:47,920
और बैंड बजाया है और आगे भी बजाएंगे।

172
00:11:47,920 --> 00:11:51,920
तो खैर अब जो मूल विषय है उसकी ओर थोड़ा सा

173
00:11:51,920 --> 00:11:56,160
आता हूं। जब यह सब हुआ और हमने पर्ची दे दी। उसके बाद इन लोगों को लगा होगा

174
00:11:56,160 --> 00:12:00,160
शायद कि अब शिवश नारायण द्विवेदी कुछ नहीं करेगा। तो

175
00:12:00,160 --> 00:12:04,400
यह मेरे ही निवास क्षेत्र में बहुत नजदीक में आकर के

176
00:12:04,400 --> 00:12:08,480
इनकी कोई महिला जो है और इस गैंग की

177
00:12:08,480 --> 00:12:12,480
महिला और मतलब आसपास के लोगों को ही बल्कि

178
00:12:12,480 --> 00:12:16,640
ऐसे लोगों को जो हिंदुत्ववादी दल से बजरंग दल से ऐसे

179
00:12:16,640 --> 00:12:20,640
लोग जो हिंदू जो मतलब बहुत ज्यादा

180
00:12:20,640 --> 00:12:24,720
विश्वास रखते हैं अपने धर्म में और कहीं ना कहीं यदि

181
00:12:24,720 --> 00:12:29,120
कोई व्यक्ति आज के टाइम में बिल्कुल

182
00:12:29,120 --> 00:12:33,200
बिल्कुल शुरुआती स्तर पर जब वो जुड़ता है इस प्रकार के किसी संगठन से

183
00:12:33,200 --> 00:12:37,360
जिसमें कि धर्म की रक्षा की बात हो रही है तो उसमें उसकी जो पहली भावना होती है

184
00:12:37,360 --> 00:12:41,440
वो यही होती है कि उसको धर्म की रक्षा

185
00:12:41,440 --> 00:12:45,760
करनी है। तो ऐसे लोगों को जिनके अंदर कहीं ना कहीं कुछ मालूम

186
00:12:45,760 --> 00:12:49,840
है धर्म के बारे में नहीं मालूम है वो बातें सब अलग हैं। परंतु यह भावना है

187
00:12:49,840 --> 00:12:53,920
कि भाई हमारे हनुमान जी को कोई बुरा ना कहे। हमारे राम को कोई बुरा ना

188
00:12:53,920 --> 00:12:58,080
कहे। इतनी जो भावना रखते हैं और मैं

189
00:12:58,080 --> 00:13:02,080
अपने धर्म के लिए कुछ योगदान करना चाहता हूं। तो ऐसी भावना

190
00:13:02,080 --> 00:13:03,040
रखने वालों को वो

191
00:13:03,040 --> 00:13:07,040
महिला जो है उसको पता नहीं था कि किस प्रकार के लोग हैं। तो ऐसी

192
00:13:07,040 --> 00:13:11,200
भावना रखने वाले वालों को वो महिला जो है राशन अपना लेने आई

193
00:13:11,200 --> 00:13:15,680
थी और रामपाल का ज्ञान चिपका रही थी और हमको जब सूचना मिली

194
00:13:15,680 --> 00:13:19,840
तो हमने कहा कि भाई हम तो विरोध करेंगे। हमने जाकर विरोध

195
00:13:19,840 --> 00:13:23,920
किया और जब विरोध किया तो मुझे लगता है वह प्लान

196
00:13:23,920 --> 00:13:27,920
था पूरा पहले से ही कि अगर मैं यहां पर ऐसा करूंगी तो शिवश नारायण द्विवेदी

197
00:13:27,920 --> 00:13:32,080
आकर के करेंगे यदि उस दिन वो अभी सबक

198
00:13:32,080 --> 00:13:36,320
नहीं मिला उनको तो अब सबक मिल जाएगा हम जो है फंसाने का प्रयास करेंगे और वही

199
00:13:36,320 --> 00:13:40,160
किया उस महिला ने

200
00:13:40,160 --> 00:13:44,160
हमने जाकर के पूछा ये किताबें कहां छपती है इसमें क्या-क्या तुमने लिखा है और तुम

201
00:13:44,160 --> 00:13:48,240
इसको बांट रही हो तुम इसका प्रचार कर रही हो तो वो जो भी

202
00:13:48,240 --> 00:13:53,170
हुआ वो आप लोगों ने देखा होगा और हमारे चैनल पर पढ़ा भी है काफी कुछ। खैर

203
00:13:53,170 --> 00:13:57,200
[खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] जब यह सब हो रहा था वहां पर पूरा

204
00:13:57,200 --> 00:14:01,200
मोहल्ला एकत्रित हो चुका था। उसमें कई मातृशक्तियां भी थी, पुरुष

205
00:14:01,200 --> 00:14:05,200
भी थे। सब उसके साक्षी हैं। सबके सामने उस महिला

206
00:14:05,200 --> 00:14:09,520
ने हमको धमकी दी कि आप पुलिस को अगर बुलाएंगे

207
00:14:09,520 --> 00:14:14,160
तो मैं भी कह दूंगी कि आपने मुझसे छेड़खानी की है।

208
00:14:14,160 --> 00:14:18,080
सीधे-सीधे उस महिला ने वहां पर सबके बीच में कहा वीडियो में

209
00:14:18,080 --> 00:14:21,040
भी रिकॉर्ड है।

210
00:14:21,040 --> 00:14:25,040
खैर, यह सब होने के बाद पुलिस वहां पर आ नहीं पाई। उससे पहले ही यह हो

211
00:14:25,040 --> 00:14:29,040
गया कि वो अपने घर चली गई क्योंकि उसके हाथ में किताब थी नहीं तो हमने भी कुछ नहीं

212
00:14:29,040 --> 00:14:33,440
कहा। वह खुद कह रही थी कि हम प्रचार करते हैं। प्रचार करते हैं तो फिर हम कानूनी

213
00:14:33,440 --> 00:14:37,440
कारवाई करेंगे। फिर वह बोली कि हम नहीं बांट रहे हैं। पहले बोली

214
00:14:37,440 --> 00:14:41,440
थी कि हम बांट रहे हैं। क्या कर लोगे? और फिर जब मामला गरम हो गया तो फिर बोल रही है

215
00:14:41,440 --> 00:14:46,240
कि नहीं बांट रहे हैं। तो नहीं बांट रहे तो कोई बात नहीं घर जाओ अपने। खैर

216
00:14:46,240 --> 00:14:50,240
अब इसके बाद उस महिला ने और वो

217
00:14:50,240 --> 00:14:54,480
कोई सामर डियर जो यहां का रहा होगा लखनऊ का इन लोगों ने मिलकर

218
00:14:54,480 --> 00:14:59,040
के सोचा कि अब जो है छेड़खानी के मुकदमे में फंसाया जाए।

219
00:14:59,040 --> 00:15:03,200
शिवश नारायण द्विवेदी को और उसके साथ देने वाले लोगों यहां से कहानी

220
00:15:03,200 --> 00:15:07,200
शुरू होती है इस निर्णय यह जो आज आया है आज जो

221
00:15:07,200 --> 00:15:11,200
निर्णय आया है इसमें रामपाल के उस

222
00:15:11,200 --> 00:15:15,760
गैंग की पराजय हुई है जो हमको छेड़खानी

223
00:15:15,760 --> 00:15:20,160
के मुकदमे में फंसाने का प्रयास कर रहा था पिछले दो साल से

224
00:15:20,160 --> 00:15:25,600
दो साल से लगभग शायद

225
00:15:25,600 --> 00:15:29,840
2024 का अंत वो जो दिसंबर वाला समय हैं। उसी के आसपास की वो घटना

226
00:15:29,840 --> 00:15:33,920
है। खैर

227
00:15:33,920 --> 00:15:38,080
अब क्या होता है कि वह महिला तहरीर देती है थाने में तो

228
00:15:38,080 --> 00:15:43,210
वो क्या शिकायत करती है? पहले मैं वो बता देता हूं। क्या शिकायत करती है।

229
00:15:43,210 --> 00:15:49,210
[खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़]

230
00:16:12,560 --> 00:16:18,560
अच्छा इस ये जो मैं आपके समक्ष पढ़ने जा रहा हूं।

231
00:16:22,640 --> 00:16:27,200
हम यह जो मैं आपके समक्ष इस समय पढ़ने जा रहा हूं, यह वो एप्लीकेशन

232
00:16:27,200 --> 00:16:31,520
है जो एप्लीकेशन कोर्ट में दी गई है। पहले एप्लीकेशन आईजीआरएस

233
00:16:31,520 --> 00:16:36,080
में दी गई। आईजीआरएस जो लोग उत्तर प्रदेश के नहीं है उनको मैं बता दूं आईजीआरएस

234
00:16:36,080 --> 00:16:40,080
एक गवर्नमेंट का पोर्टल है कि अगर आपको किसी के विरोध में अगर ऑनलाइन

235
00:16:40,080 --> 00:16:44,160
शिकायत करनी है। मुझे लगता है हर स्टेट में होगा किसी ना किसी नाम से। तो

236
00:16:44,160 --> 00:16:48,160
यहां पर जो है यूपी गवर्नमेंट का आईजीआरएस वाला है और अगर आपको

237
00:16:48,160 --> 00:16:52,400
किसी के विरुद्ध शिकायत करनी है मुकदमा पंजीकृत कराना

238
00:16:52,400 --> 00:16:56,800
है तो आप ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं सीधे

239
00:16:56,800 --> 00:17:00,960
वो पुलिस स्टेशन में जाएगा संबंधित और फिर वहां से पुलिस आपको संपर्क करेगी

240
00:17:00,960 --> 00:17:05,120
कि आपने आपकी क्या शिकायत है तो आईजीआरएस सबसे पहले हमारे

241
00:17:05,120 --> 00:17:09,600
विरुद्ध की गई कि भाई इन्होंने छेड़खानी का प्रयास किया और

242
00:17:09,600 --> 00:17:13,680
अ उल्टा सीधा उसमें छेड़खानी मतलब मतलब हमें

243
00:17:13,680 --> 00:17:18,400
उल्टा सीधा कहा और ऐसे ये वो नीच ये सब जातिवादी वाले शब्द कहे।

244
00:17:18,400 --> 00:17:23,760
तो यह शिकायत कर दी गई। अब फिर पुलिस ने

245
00:17:23,760 --> 00:17:27,920
फिर उस पर संज्ञान लिया और फिर बातें हमने वीडियो दिखाया पुलिस को तो पुलिस ने

246
00:17:27,920 --> 00:17:31,920
निष्पक्ष जांच करते हुए और एक

247
00:17:31,920 --> 00:17:36,320
दो जो गवाह हैं वो भी लिए गए मोहल्ले

248
00:17:36,320 --> 00:17:37,760
से ही जहां पर ये

249
00:17:37,760 --> 00:17:42,000
बात हुई थी जहां का यह दृश्य है तो पुलिस ने इस निष्पक्ष जांच

250
00:17:42,000 --> 00:17:46,080
करते हुए देखा और हमारे

251
00:17:46,080 --> 00:17:50,160
मतलब हमारे से भी जानकारी ली और अंतत गतवा पुलिस ने एक

252
00:17:50,160 --> 00:17:54,320
निष्पक्ष रिपोर्ट लगाई कि भाई यह जो शिकायत की गई है यह इन्होंने

253
00:17:54,320 --> 00:17:58,400
इस इस तरीके से पेशबंदी की शिकायत है। पेशबंदी का मतलब

254
00:17:58,400 --> 00:18:02,480
होता है कि किसी ने आपके ऊपर कोई मुकदमा कर

255
00:18:02,480 --> 00:18:06,480
रखा है या कोई आपके विरोध में कानूनी कारवाई कर रहा है। इसलिए

256
00:18:06,480 --> 00:18:10,640
आप कोई एक दूसरा मुकदमा उसके ऊपर लगाने का प्रयास कर रहे हो जिससे

257
00:18:10,640 --> 00:18:15,040
कि वह आपके विरोध में जो कानूनी कारवाई कर रहा है उसमें वह दब जाए। इसको पेशबंदी

258
00:18:15,040 --> 00:18:19,600
कहा जाता है। कुछ ऐसा ही है बिल्कुल एग्जैक्ट में

259
00:18:19,600 --> 00:18:23,600
टर्म नहीं बता पाऊंगा। मगर कुछ ऐसा ही है कि आप पर किसी ने

260
00:18:23,600 --> 00:18:27,680
मुकदमा किया तो आपने भी उसके ऊपर कोई मुकदमा कर दिया जिससे कि वो

261
00:18:27,680 --> 00:18:31,760
ठंडा पड़े तो तो पुलिस ने बताया कि इनके

262
00:18:31,760 --> 00:18:35,840
बीच में धार्मिक मान्यताओं को लेकर के विवाद है और उस विवाद के

263
00:18:35,840 --> 00:18:40,000
चलते यह भी कार्यही कर रहे हैं। तो उसी में इनके ऊपर दबाव बनाने के निमित्त

264
00:18:40,000 --> 00:18:44,080
ये झूठा झूठी इन्होंने दी है और इस संबंध में हमने

265
00:18:44,080 --> 00:18:48,240
जांच की। अमुक अमुक जो वहां के स्थानीय निवासी हैं उनसे भी पता किया।

266
00:18:48,240 --> 00:18:52,240
तो पुलिस से मात खाने के बाद यह गैंग

267
00:18:52,240 --> 00:18:53,360
जाता है।

268
00:18:53,360 --> 00:18:57,600
अच्छा एक चीज़ और देखिए गैंग के काम करने का तरीका देखिए कि

269
00:18:57,600 --> 00:19:01,680
पहले इसने जो सबसे पहले जो आरोप

270
00:19:01,680 --> 00:19:06,160
लगाया इस महिला ने वो आरोप लगाया था हमारे ऊपर और

271
00:19:06,160 --> 00:19:10,720
हमारे साथ में एक दो लोग और थे जो अह हिंदुत्ववादी

272
00:19:10,720 --> 00:19:14,720
कार्यकर्ता थे उनके ऊपर और उनमें से एक तो

273
00:19:14,720 --> 00:19:18,960
ऐसा व्यक्ति था जिसको यह स्वयं भैया भैया बोल रही थी जिसको भैया

274
00:19:18,960 --> 00:19:22,960
भैया बोल रही है उसके ऊपर भी झूठा मुकदमा लिखवा रही

275
00:19:22,960 --> 00:19:28,320
और वह भी इस प्रकार का। यह है इन लोगों का स्तर।

276
00:19:28,320 --> 00:19:32,560
यह लोग कहते हैं कि हमारे रामपाल जी यह सिखा रहे हैं। रामपाल जी भगवान है। रामपाल

277
00:19:32,560 --> 00:19:36,720
जी ने लोगों का गुटखा सिखा गुटखा छुड़वा दिया या मांस खाना

278
00:19:36,720 --> 00:19:40,800
छुड़वा दिया। अच्छी बात है। नशा छुड़वा दिया। मगर मांस और नशा ना

279
00:19:40,800 --> 00:19:44,960
खाने का नशा ना करने का और मांस ना खाने का पर्यावसान तो इसमें है ना

280
00:19:44,960 --> 00:19:49,360
कि व्यक्ति सत्यवादी बने। सच के साथ लड़े।

281
00:19:49,360 --> 00:19:54,160
यह क्या तुम लोग हर बात बात में जो जहां देखो वहां जो है

282
00:19:54,160 --> 00:19:58,160
जो गली कूचे की चीजें नहीं होती कंजड़पन वाली बातें

283
00:19:58,160 --> 00:20:02,400
कि इसने मुझे जो है जातिवादी जाति सूचक शब्द कहे बस एक ही झंडा

284
00:20:02,400 --> 00:20:06,400
है कभी यह नहीं कहोगे कि इसने हमारे रामपाल की बातों को गलत कैसे

285
00:20:06,400 --> 00:20:08,640
कहा मैं चैलेंज देता हूं मानहानि

286
00:20:08,640 --> 00:20:12,720
का दावा करता हूं इसने मेरी चीजों को गलत कैसे कहा मैं आके

287
00:20:12,720 --> 00:20:17,840
इसको सिद्ध करूंगा वेदों से ना कभी ये शिकायत लेके नहीं जाओगे

288
00:20:17,840 --> 00:20:21,840
हमेशा यही शिकायत होगी तो भाई जाति सूचक शब्द कह दिए जाति सूचक उसमें भी जो

289
00:20:21,840 --> 00:20:26,080
आला दर्जे के लोग हैं वह इन्वॉल्व नहीं होंगे। यही सब तीन टप्पर बटोर

290
00:20:26,080 --> 00:20:30,160
लिए जाते हैं सड़क से। इसी प्रकार के तीन टप्पर

291
00:20:30,160 --> 00:20:34,240
बटोर करके उनको आगे कर दिया जाता है। यही स्ट्रेटजी है। सीधे-सीधे

292
00:20:34,240 --> 00:20:38,720
वो मेन आदमी तो इन्वॉल्व होगा ही नहीं। खैर

293
00:20:38,720 --> 00:20:42,720
तो पुलिस से मार खाने के बाद आईजीआरएस में

294
00:20:42,720 --> 00:20:46,720
फिर इन्होंने 1563 का प्रयास किया। अच्छा मैं एक बात

295
00:20:46,720 --> 00:20:50,960
बता दूं। मैंने कहा ना मेरे पास इतनी सामग्री आई है रामपाल के

296
00:20:50,960 --> 00:20:55,120
विरोध में कि मैं अगर इस जो

297
00:20:55,120 --> 00:20:59,280
लाइव में आज आपसे मैं बात कर रहा हूं इस प्रकार की बहुत सारी लाइव कर

298
00:20:59,280 --> 00:21:03,440
सकता था और अगर मुझे आवश्यकता लगी तो करूंगा भी परंतु मेरा

299
00:21:03,440 --> 00:21:07,600
फोकस इस बात पर नहीं है कि मुझे YouTube पर जो है बैठकर केवल आप आप लोगों के

300
00:21:07,600 --> 00:21:11,680
लिए कंटेंट प्रोवाइड कराना है। क्यों? मेरे ऊपर

301
00:21:11,680 --> 00:21:15,840
इन्होंने कश्मीर से नोटिस भेजा कि तुमने रामपाल को यह कह दिया है कि रामपाल

302
00:21:15,840 --> 00:21:20,160
के अड्डों में व्यभचार होता है। व्यभचार का अर्थ नहीं पता। फिर मैंने एक वीडियो में व्यभचार

303
00:21:20,160 --> 00:21:23,680
का अर्थ बताया था। मुझे बोर से इन लोगों ने व्यभचार शब्द का

304
00:21:23,680 --> 00:21:27,760
उपयोग करने कि रामपाल के अड्डे में व्यभचार होता है। ने कह दिया

305
00:21:27,760 --> 00:21:32,720
तो व्यभचार का अर्थ ये लोग हैं तो वही सावर डियर

306
00:21:32,720 --> 00:21:36,800
एक व्यक्ति होता है वो हेलमेट वाला मैंने बताया था मारियो जिसने खेला हो वीडियो गेम

307
00:21:36,800 --> 00:21:40,960
कभी तो मारियो में जब आप बहुत आगे

308
00:21:40,960 --> 00:21:45,040
की स्टेजेस पर पहुंच जाते थे तो फिर आपको जो

309
00:21:45,040 --> 00:21:49,200
सामान्य बाधाएं आती थी वह ना आ कर के थोड़ी खतरनाक

310
00:21:49,200 --> 00:21:53,280
बाधाएं आने लगती थी स्टेज बढ़ लेवल बढ़ता जाता है ना उसका तो एक समय

311
00:21:53,280 --> 00:21:57,360
ऐसा आता था वह जो एक खटमल के जैसा एक

312
00:21:57,360 --> 00:22:01,440
कीड़ा जो बड़ा हो जानवर होता था छोटा सा उसको हम लोग

313
00:22:01,440 --> 00:22:05,920
जब हम बच्चे थे तो हम लोग कहते थे उसे हेलमेट वो मरता नहीं था

314
00:22:05,920 --> 00:22:10,560
अगर उसकी आपने गर्दन पर मार दिया या तो उससे बच के निकलो

315
00:22:10,560 --> 00:22:15,520
और या फिर उसकी गर्दन पर मार दो तो वो कछुए जैसा होता था तो गर्दन

316
00:22:15,520 --> 00:22:19,520
उसकी अंदर घुस गई है अब वह अंधा हो गया है यह लोग कहते हैं

317
00:22:19,520 --> 00:22:23,600
ना अंधा गधा अंधा गधा कमेंट में बस इनको रटी रटाई चीजें

318
00:22:23,600 --> 00:22:27,920
इनकी एक लिस्ट होगी कमेंट्स की और वो कमेंट्स

319
00:22:27,920 --> 00:22:31,920
की एक लिस्ट में से इनको कॉपी पेस्ट करना होता है। उसके अलावा कुछ भी बात करोगे

320
00:22:31,920 --> 00:22:36,640
भाग जाएंगे। खैर तो वो जो जब उसकी

321
00:22:36,640 --> 00:22:38,800
यह टूट जाता है ना बुद्धि का

322
00:22:38,800 --> 00:22:43,040
निवास स्थान तो अंधा हो जाता है और वह दो खंभों के बीच में एक दूसरे

323
00:22:43,040 --> 00:22:47,280
से टकराता रहता है। तो मारियो जब उससे बच के निकल भी जाता था

324
00:22:47,280 --> 00:22:51,520
और कभी आप वापस भी आओगे ना उधर ही मारियो को लेकर के अपने खिलाड़ी

325
00:22:51,520 --> 00:22:55,520
को लेकर के तो वो जो हेलमेट है जो टकरा रहा था दो खंभों

326
00:22:55,520 --> 00:22:59,600
के बीच में वो टकराता ही मिलेगा मतलब वहां पर उसका यह प्रदर्शित किया

327
00:22:59,600 --> 00:23:03,600
गया है उस हेलमेट का कि वो अनंत काल तक

328
00:23:03,600 --> 00:23:07,680
टकराएगा इन दोनों खंभों के बीच में अनंत काल तक जब भी आप वहां जाओगे तब

329
00:23:07,680 --> 00:23:11,840
वो टकराता रहेगा समझ रहे हैं तो कुछ वैसा ही हाल इन

330
00:23:11,840 --> 00:23:14,480
लोगों का है

331
00:23:14,480 --> 00:23:19,120
मोटी ठस बुद्धि वाला तो

332
00:23:19,120 --> 00:23:23,520
अह इन लोगों ने पहले वहां प्रयास किया

333
00:23:23,520 --> 00:23:27,680
आईजीआरएस में जब मात खा गए पुलिस स्टेशन से उसके बाद ये

334
00:23:27,680 --> 00:23:31,760
लोग गए कोर्ट यहां से शुरू होती है यहां पर अब और निकट

335
00:23:31,760 --> 00:23:37,360
आ गए। अब जब ये लोग कोर्ट में गए तो इन्होंने क्या किया?

336
00:23:37,360 --> 00:23:41,440
कोर्ट में जाने के बाद इन्होंने जितने लोगों

337
00:23:41,440 --> 00:23:45,440
ने हमारे पक्ष में गवाही दी थी उनको भी मुकदमे

338
00:23:45,440 --> 00:23:49,840
में शामिल कर दिया। मतलब इनकी स्टेजेस कैसे बदलती है। आप देखिए

339
00:23:49,840 --> 00:23:55,040
काम करने का तरीका देखिए। पहले लगाते हैं मेरे साथ मेरे ऊपर।

340
00:23:55,040 --> 00:23:59,120
वो मामला खत्म होता है तो फिर लगाते हैं मेरे और मेरा साथ देने वालों

341
00:23:59,120 --> 00:24:03,440
के ऊपर। वो जो हिंदुत्ववादी लोग थे। फिर वह मामला खत्म होता है तो फिर लगाते

342
00:24:03,440 --> 00:24:07,760
हैं मेरे और मेरे साथ देने वालों के साथ-साथ

343
00:24:07,760 --> 00:24:12,160
उन सामान्य नागरिकों के ऊपर भी ब्लेम लगाते हैं

344
00:24:12,160 --> 00:24:16,400
जिन्होंने हमारे पक्ष में गवाही दी थी। यद्यपि वो गवाही निष्पक्ष

345
00:24:16,400 --> 00:24:20,960
थी। उन्होंने सत्य बोला था। हां। अच्छा।

346
00:24:20,960 --> 00:24:24,160
उसके बाद

347
00:24:24,160 --> 00:24:28,400
एक बार कोर्ट से भी इनको भगा दिया जाता है। जब एफआईआर

348
00:24:28,400 --> 00:24:32,560
के लिए ट्राई करते हैं। तो जब कोर्ट से इनको भगाया जाता है। यह

349
00:24:32,560 --> 00:24:36,800
सारी चीजें मेरे पास आई हैं। तो मैं

350
00:24:36,800 --> 00:24:40,800
जैसे मैंने बताया ना कश्मीर से मेरे पास नोटिस आ रहा है। बोर से साइबर सेल

351
00:24:40,800 --> 00:24:45,040
में मेरे खिलाफ वो हो रही है कि इन्होंने व्यभचार बोल दिया। इतने बड़े वाले हेलमेट

352
00:24:45,040 --> 00:24:49,280
हैं ये लोग कि इनको बस यह लगता है व्यभचार का अर्थ एक ही होता है

353
00:24:49,280 --> 00:24:54,000
जो रामपाल और बबीता जैसी कहानियां आपको सुनाई देती हैं

354
00:24:54,000 --> 00:24:58,160
जो यह वाली चीजें हैं बस इनको वही लगता है कि व्यभचार का अर्थ

355
00:24:58,160 --> 00:25:02,480
बस यही होता है इनको और कुछ हिंदी पता ही नहीं है

356
00:25:02,480 --> 00:25:06,800
और इनको शिवराम आपटे की डिक्शनरी का वही पेज

357
00:25:06,800 --> 00:25:10,160
और उस पेज की भी वही पंक्ति मालूम है जिसमें लिखा हुआ है

358
00:25:10,160 --> 00:25:14,480
कि ब्रज का अर्थ जाना होता है उसी पैराग्राफ

359
00:25:14,480 --> 00:25:18,640
में ब्रज के और भी अर्थ लिखे हैं। वह इनको नहीं पता है।

360
00:25:18,640 --> 00:25:22,960
वह इनको नहीं पता है। ना ही शिवराम आपटे की डिक्शनरी

361
00:25:22,960 --> 00:25:27,040
में और कुछ पता है। उसमें व्यभचार का अर्थ भी है। मगर नहीं हम

362
00:25:27,040 --> 00:25:31,040
तो सांभर डियर हैं। भागते भागते शेर

363
00:25:31,040 --> 00:25:35,360
जब शिकार करने आता है तो पीछे देखते हैं। वही हाल इनका है। शेर

364
00:25:35,360 --> 00:25:39,360
से सामना हुआ तो बेचारे पीछे देख रहे हैं। खुद ही उधर उधर जा रहे हैं।

365
00:25:39,360 --> 00:25:43,440
जिधर जाना खतरनाक है। और इनके यहां कोई ऐसा व्यक्ति है नहीं जो इनको ठीक से

366
00:25:43,440 --> 00:25:47,520
बता पाए। बेटा खामाखा तुम ज्यादा हां एक पवन दास

367
00:25:47,520 --> 00:25:51,680
नाम का आया था वो थोड़ा प्रबुद्ध व्यक्ति दिखा था जिसने कहा था बेटा तुम

368
00:25:51,680 --> 00:25:55,680
लोग जाकर के बहसबाजी मत करो उसको मालूम है कि उनके पास कुछ

369
00:25:55,680 --> 00:25:59,840
है नहीं पवन दास से करीब चार 40 45 मिनट बातचीत हुई

370
00:25:59,840 --> 00:26:03,920
थी ना आधे घंटे टूट गया खत्म हो गया कुछ बता नहीं पाए अंत में आया कि मैं

371
00:26:03,920 --> 00:26:08,560
तो ऊपर से कूदूंगा और जिसके भगवान में दम होगी वो तो फिर ये कहो

372
00:26:08,560 --> 00:26:12,640
कि मैं कूदूंगा ये प्रमाण है और कबीर भगवान है ये मत

373
00:26:12,640 --> 00:26:16,720
कहो वेदों में प्रमाण है। समझ रहे हैं? जब उससे बातें हुई थी तो वो अंत

374
00:26:16,720 --> 00:26:21,840
में इस पर आ गया था। और उसको पहले से ही मालूम था कि वो हमसे लड़ नहीं सकता है।

375
00:26:21,840 --> 00:26:25,680
सैद्धांतिक दृष्टि से रामपाल या रामपाल

376
00:26:25,680 --> 00:26:29,680
के गैंग का कोई भी माई का लाल ऐसा नहीं है जो

377
00:26:29,680 --> 00:26:33,920
हमसे हमारे सामने खड़ा हो सके। क्षण भर भी

378
00:26:33,920 --> 00:26:38,720
यह बात पवन दास को मालूम थी और वो सही सलाह इन लोगों को दे रहा था। मत टकराओ।

379
00:26:38,720 --> 00:26:43,280
और कभी भी पवन दास जैसा कोई अगर इनके साथ होता तो इनको यह ना कहता

380
00:26:43,280 --> 00:26:47,920
कि शिवश नारायण द्विवेदी को तुम थाने का रास्ता कोर्ट का रास्ता मत दिखाओ

381
00:26:47,920 --> 00:26:52,320
मगर दिखा दिया सामर्थ डियर है ज्यादा नेता बनेंगे गरीबों

382
00:26:52,320 --> 00:26:56,320
का हक ले रहेंगे खैर मतलब

383
00:26:56,320 --> 00:27:00,320
खुद इतने बड़े वाले चोर हो कि नकली किताबें बेच रहे हो

384
00:27:00,320 --> 00:27:04,480
फर्जी संस्था खोल रखी है तमाम तरह की क्रिमिनल एक्टिविटीज

385
00:27:04,480 --> 00:27:08,800
में लिप्त हो और फिर भी तुम थाने खुद ही जा रहे हो बद के

386
00:27:08,800 --> 00:27:13,040
इससे बड़ा वाला सामर डियर और कौन होगा? इससे बड़ा वाला हेलमेट

387
00:27:13,040 --> 00:27:17,040
और कौन होगा? यह नमूने हैं। खुद ही जा रहे हैं

388
00:27:17,040 --> 00:27:22,160
कोर्ट कि मारो मारो मुझको मारो। [हंसी]

389
00:27:22,160 --> 00:27:25,760
अच्छा

390
00:27:25,760 --> 00:27:30,960
तो फिर खैर अ

391
00:27:30,960 --> 00:27:34,960
फिर क्या हुआ? ये जब कोर्ट गए तो इन्होंने एक स्टेप बढ़ा दिया। इन्होंने क्या किया कि अब

392
00:27:34,960 --> 00:27:39,520
की बार उन लोगों का भी नाम लिखवा दिया जिन्होंने हमारे पक्ष में निष्पक्ष

393
00:27:39,520 --> 00:27:44,800
सत्य का साथ दिया था और हमारे निष्पक्ष वहां पर जो है

394
00:27:44,800 --> 00:27:49,040
गवाही दे दी थी तो फिर देखते अच्छा

395
00:27:49,040 --> 00:27:53,680
फिर और तो और सांभर डियर की तो हद हो गई

396
00:27:53,680 --> 00:27:59,680
जब इसमें जांच करने वाले पुलिस वालों का भी नाम लिखवा दिया बताइए

397
00:28:00,320 --> 00:28:04,320
ठीक है तो कोर्ट में जब फाइनली पहली जो इन्होंने लास्ट

398
00:28:04,320 --> 00:28:08,320
एप्लीकेशन दी है पहले हम थे और हमारे साथ सबसे पहले तो

399
00:28:08,320 --> 00:28:12,560
आईजीआरएस जो वाली आई थी मेले वाली उसमें केवल मैं टारगेट था। दूसरी

400
00:28:12,560 --> 00:28:16,800
वाली जब महिला ने आरोप लगाया मुझको यह कहा वह कहा गलत कहा गलत

401
00:28:16,800 --> 00:28:21,280
यह सब किया और छेड़खानी का मुकदमा करने की बात कही तो

402
00:28:21,280 --> 00:28:25,840
इस बार मेरे साथ दो चार और हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं को लिया

403
00:28:25,840 --> 00:28:29,920
और तीसरी बार उन साक्षियों को ले लिया जिन्होंने

404
00:28:29,920 --> 00:28:34,160
निष्पक्ष गवाही दे दी और चौथी बार तो सोने पे सुहागा इन्होंने

405
00:28:34,160 --> 00:28:38,640
क्या किया कि हर उस पुलिस वाले का नाम लिखवा दिया

406
00:28:38,640 --> 00:28:43,680
जिस पुलिस वाले ने इसमें निष्पक्ष जांच की थी यह है सामर डियर।

407
00:28:43,680 --> 00:28:47,680
अब इसमें कितनी बड़ी बेवकूफी आप खुद ही सोचो। भाई आपने बिना

408
00:28:47,680 --> 00:28:51,920
किसी बात के डिपार्टमेंट को ही आरोपी बना दिया ना। तो इस प्रकार

409
00:28:51,920 --> 00:28:56,400
से तो आपने अपना केस कमजोर ही किया है ना।

410
00:28:56,400 --> 00:29:00,400
ये बेवकूफ लोग हैं। अगर मैं इनके यहां होता तो कभी इनको सलाह ना देता

411
00:29:00,400 --> 00:29:04,560
कि भैया तुम शिवांश नारायण द्विवेदी के खिलाफ अगर कुछ करने

412
00:29:04,560 --> 00:29:08,560
जा रहे हो तो जो है उसके साथसाथ इन लोगों को मत लो। कम

413
00:29:08,560 --> 00:29:12,880
से कम पुलिस डिपार्टमेंट को तो मत लो। अपने विरोध

414
00:29:12,880 --> 00:29:15,520
में खुद ही अपने विरोधियों को मजबूत बना

415
00:29:15,520 --> 00:29:19,920
रहे हो तुम। इस प्रकार से ऐसे बेवकूफ सामर्थ डिियर है। इसीलिए

416
00:29:19,920 --> 00:29:24,480
मैं इनको सामर डियर कहता हूं। यह खुद ही अपने को नाश करने के लिए पर्याप्त है।

417
00:29:24,480 --> 00:29:28,640
अमित दास और यह लोग है ना जो यह सब सामर्थ डियर की श्रेणी

418
00:29:28,640 --> 00:29:32,960
में आते हैं। इनकी बुद्धि का विकास वहीं तक है। खुद ही अपने लिए गड्ढा

419
00:29:32,960 --> 00:29:37,120
खोल रहे हैं। अरे भाई जब तुम्हारा टारगेट शिवश

420
00:29:37,120 --> 00:29:41,600
नारायण द्विवेदी है तो तुम पुलिस डिपार्टमेंट को भी साथ में ले रहे हो। हिंदुत्ववादी

421
00:29:41,600 --> 00:29:45,680
कार्यकर्ताओं को भी साथ में ले रहे हो। चलो एक दो को ले लो। मगर तुमने तो

422
00:29:45,680 --> 00:29:49,680
उन साक्षियों को भी नहीं छोड़ा जिन्होंने गवाही दी थी। फिर उसके बाद पुलिस

423
00:29:49,680 --> 00:29:54,000
वालों को नहीं छोड़ा। इससे बड़ा मूर्ख और कौन होगा जो

424
00:29:54,000 --> 00:29:58,000
अपने विरोध के पक्ष को इतना बड़ा बना देगा। उसमें

425
00:29:58,000 --> 00:30:02,160
सब इंस्पेक्टर भी हैं, चौकी इंचार्ज भी है, कांस्टेबल भी है। बताइए

426
00:30:02,160 --> 00:30:06,400
सबका नाम लिखा दिया और ये दो

427
00:30:06,400 --> 00:30:10,640
स्थितियां हो सकती हैं। या तो लखनऊ का जो सांभर डियर

428
00:30:10,640 --> 00:30:14,720
होगा वो चाटूकार होगा जिसने ये सलाह दी होगी ऐसा

429
00:30:14,720 --> 00:30:18,720
करो और वहां पर कह रहा होगा देखो हमने यह कर दिया। पूरे पुलिस डिपार्टमेंट का भी

430
00:30:18,720 --> 00:30:22,720
नाम लिखवा दिया है और या फिर इनके यहां जो शीर्ष पर

431
00:30:22,720 --> 00:30:26,800
बैठा हुआ व्यक्ति है वही होगा सावर डियर वो तो जाहिर सी

432
00:30:26,800 --> 00:30:31,360
बात है कितनी बुद्धि है आप लोगों ने देखा होगा कितनी तर्क शक्ति है देखा होगा

433
00:30:31,360 --> 00:30:35,520
तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] जो इन्होंने फाइनली जो एप्लीकेशन दी है ना

434
00:30:35,520 --> 00:30:39,520
जिसमें हमारे साथ-साथ हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ

435
00:30:39,520 --> 00:30:43,520
साक्षियों के साथ-साथ और पुलिस वालों का भी नाम है। यह

436
00:30:43,520 --> 00:30:47,920
वह एप्लीकेशन है जो मैं अभी आपको पढ़ के सुना रहा हूं।

437
00:30:47,920 --> 00:30:52,080
तो इसमें इस एप्लीकेशन को प्रस्तुत किया गया

438
00:30:52,080 --> 00:30:56,160
है इस निर्णय में जो हमारे पक्ष में आया है

439
00:30:56,160 --> 00:31:00,480
निर्णय क्या आया है कि ये लोग हमारे विरोध में एफआईआर कराना चाहते

440
00:31:00,480 --> 00:31:04,480
थे। एफआईआर नहीं हो रही है। मना कर दिया

441
00:31:04,480 --> 00:31:10,480
कोर्ट ने। तो इन्होंने जो है जो

442
00:31:11,680 --> 00:31:15,840
अपर जिला एवं सत्र न्याय न्यायालय है जो वहां

443
00:31:15,840 --> 00:31:19,840
पर अपील की कि भैया हमारा हमारी जो है एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हो रही है इनके विरोध में?

444
00:31:19,840 --> 00:31:24,320
तो इनको जो है फटकार लगाई गई है इस निर्णय में। फटकार पूरे रामपाल

445
00:31:24,320 --> 00:31:28,320
गैंग को। यह निर्णय है। तो यह

446
00:31:28,320 --> 00:31:32,560
एक बड़ी जीत है। बहुत दिनों से हमारे विरोध में इस तरह की कारवाई यह गैंग

447
00:31:32,560 --> 00:31:37,680
करना चाह रहा था और न्यायालय ने एक निष्पक्ष

448
00:31:37,680 --> 00:31:41,920
दृष्टिकोण रखते हुए एक न्यायपूर्ण आदेश दिया

449
00:31:41,920 --> 00:31:45,920
जिसमें कहा नहीं और उसमें उसने क्या-क्या

450
00:31:45,920 --> 00:31:50,160
चीजें मानी है, क्या-क्या चीजें इस निर्णय में दी गई है, वह सब मैं आपको सुनाऊंगा

451
00:31:50,160 --> 00:31:56,160
तो आपको बहुत अच्छा सुनने में लगेगा। तो [गला साफ़ करने की आवाज़]

452
00:31:57,760 --> 00:32:02,720
सबसे पहले इन्होंने क्या कहा है कोर्ट से वह मैं आपको बता देता हूं।

453
00:32:02,720 --> 00:32:06,800
तो पत्रावली के अवलोकन से मैं यह जो निर्णय

454
00:32:06,800 --> 00:32:11,120
है उसके बीच में से वो हिस्सा पढ़ रहा हूं जो आरोप लगाया

455
00:32:11,120 --> 00:32:15,120
गया है वो प्रस्तुत किया है। तो इन्होंने क्या एप्लीकेशन दी

456
00:32:15,120 --> 00:32:19,360
है? पत्रावली के अवलोकन से यह ज्ञात होता है कि निगरानी

457
00:32:19,360 --> 00:32:23,040
द्वारा मतलब निगरानी करता मतलब

458
00:32:23,040 --> 00:32:27,280
जो यह कह रहा है कि भाई जो है हम एफआईआर कराना चाहते हैं पर निचली

459
00:32:27,280 --> 00:32:31,680
अदालतों ने हमारे एफआईआर कराने के प्रार्थना पत्र को ठुकरा दिया है।

460
00:32:31,680 --> 00:32:35,680
तो उसने यह उसने

461
00:32:35,680 --> 00:32:39,760
यह कथन किया है कि प्रार्थनी उत्तर प्रदेश राज्य की बई जाति

462
00:32:39,760 --> 00:32:43,840
के व्यक्ति हैं। अच्छा सबसे पहली बात यहां यह अपने आप को बढ़ई जाति

463
00:32:43,840 --> 00:32:47,920
की कह रही है। जबकि ये लोग अपने किताब के फ्रंट पेज पर लिखते हैं कि हिंदू मुस्लिम सिख

464
00:32:47,920 --> 00:32:52,640
ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा और सब लोग दास हैं। तो ये बई

465
00:32:52,640 --> 00:32:56,800
जो जाति आती है ये आती है जहां पे वर्ण व्यवस्था

466
00:32:56,800 --> 00:33:00,880
है। जहां पे ये सिस्टम लागू होता है। तो फिर अपने

467
00:33:00,880 --> 00:33:05,120
आप को बई जाति क्यों कह रहे हो? तुम्हारे लिए तो धार्मिक अंतर

468
00:33:05,120 --> 00:33:09,760
नहीं है किसी से तो जातिगत अंतर कैसे आ गया? झूठे

469
00:33:09,760 --> 00:33:13,600
लोग हो ना तुम? झूठे लोग

470
00:33:13,600 --> 00:33:16,160
मांस छुड़वाओगे,

471
00:33:16,160 --> 00:33:20,240
शराब छुड़वाओगे, नशा छुड़वाओगे, खूब ढोल पीटोगे। हालांकि तुम्हारे यहां

472
00:33:20,240 --> 00:33:24,240
के लोग कबाड़ खाने बैठे हुए सब नशे पत्ती

473
00:33:24,240 --> 00:33:28,240
में ही दिखते हैं। बहुत सारी हमारी लाइव में आए हैं। शक्ल से ही दिख रहा

474
00:33:28,240 --> 00:33:32,240
है कितने बड़े नशेड़ी हैं। खैर

475
00:33:32,240 --> 00:33:35,440
अह

476
00:33:35,440 --> 00:33:39,600
यह सब करने का दावा तो करते हो कि हमने नशा छुड़वा दिया, मांसाहार छुड़वा

477
00:33:39,600 --> 00:33:43,680
दिया। पर कभी भी यह सब करने का

478
00:33:43,680 --> 00:33:47,840
दावा करोगे पर इन सब का पर्यावसान इसमें है कि

479
00:33:47,840 --> 00:33:51,840
व्यक्ति का चरित्र अच्छा हो जाए ना चरित्र तो झूठा है व्यभचार

480
00:33:51,840 --> 00:33:56,160
है चरित्र में तो व्यभचार का अर्थ केवल वही नहीं है वो रामपाल बबिता

481
00:33:56,160 --> 00:34:00,240
नाम से जो कहानियां फेमस है वो नहीं है केवल व्यभचार का अर्थ यह भी

482
00:34:00,240 --> 00:34:04,960
है कि ऐसा काम करना जो गलत है

483
00:34:04,960 --> 00:34:10,240
और झूठ बोलना गलत है जब तुम अपने आप को

484
00:34:10,240 --> 00:34:14,480
केवल दास मान रहे हो कबीर का या भक्त

485
00:34:14,480 --> 00:34:18,640
मान रहे हो कबीर का और तुमने कह दिया कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई

486
00:34:18,640 --> 00:34:23,200
धर्म नहीं कोई न्यारा तो बढ़ जाति न्यारी कहां से हो गई

487
00:34:23,200 --> 00:34:27,920
क्योंकि यहां पर वो लेना है ना एससी एसटी वाला हां

488
00:34:27,920 --> 00:34:32,000
ये तो चरित्र है तुम लोगों का व्यभचार से युक्त

489
00:34:32,000 --> 00:34:36,080
व्यभचार मतलब असत के समर्थन

490
00:34:36,080 --> 00:34:40,240
में जब आपका आचरण होता है तो वह व्यभचार कहा जाता है वह असत कुछ

491
00:34:40,240 --> 00:34:44,320
भी हो सकता है। ठीक है? तो झूठ का

492
00:34:44,320 --> 00:34:48,400
सहारा लेना भी वैभचार है। तो भैया

493
00:34:48,400 --> 00:34:52,400
बड़े जाति के व्यक्ति हैं। यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा अनुसूचित

494
00:34:52,400 --> 00:34:56,720
जातियों में अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए

495
00:34:56,720 --> 00:35:00,800
आरक्षण अधिनियम 1994 की अनुसूची के

496
00:35:00,800 --> 00:35:04,880
एक के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है और वर्तमान समय

497
00:35:04,880 --> 00:35:09,200
में उपरोक्त पते की वासी हैं। प्रार्थनी

498
00:35:09,200 --> 00:35:13,440
दिनांक 10125 को अपना

499
00:35:13,440 --> 00:35:17,440
राशन लेने अपने पति के साथ पकड़ी खेड़ा मासिक राशन लेने

500
00:35:17,440 --> 00:35:23,440
राशन की दुकान लाल बिहारी

501
00:35:23,440 --> 00:35:27,600
लाल बिहारी कौन है? वरुण प्रकाश उनका मोबाइल नंबर और

502
00:35:27,600 --> 00:35:31,600
यहां यहां पर गई थी दोपहर को। वहीं हमारे गुरु भाई छेदी

503
00:35:31,600 --> 00:35:36,240
लाल दास व गुरु बहन अनीता दासी

504
00:35:36,240 --> 00:35:40,400
जो कि हमसे मिलने हमारे घर पर ही आ रहे

505
00:35:40,400 --> 00:35:44,640
थे। जिन्हें मोबाइल पर बात होने पर राशन की दुकान पर ही बुला लिया था।

506
00:35:44,640 --> 00:35:48,720
राशन की दुकान के बगल में बिस्किट चिप्स वगैरह

507
00:35:48,720 --> 00:35:53,200
की गुमटी जिसके मालिक श्री शिव कुमार मिश्रा जी हैं

508
00:35:53,200 --> 00:35:57,520
जो कि प्रार्थनी के पूर्व से जानने वाले हैं। से

509
00:35:57,520 --> 00:36:01,680
ऐसे ही बात करने गई और धर्म धार्मिक पुस्तकों पर चर्चा

510
00:36:01,680 --> 00:36:07,120
होने लगी। देखो जब हमने इनके विरोध में

511
00:36:07,120 --> 00:36:11,200
इनका जो यहां पर अड्डा है ना सरोजनी नगर में

512
00:36:11,200 --> 00:36:15,840
है लखनऊ में जब हमने इनके विरोध में एप्लीकेशन

513
00:36:15,840 --> 00:36:19,840
दी थी थाने में सरोजनी नगर में तो इन लोगों ने

514
00:36:19,840 --> 00:36:24,640
कहा था हम हम जो है किताबेंताबे जानते ही नहीं है

515
00:36:24,640 --> 00:36:28,800
और वहां पर इन लोगों ने यह कहा कि क्योंकि हमारी एक बहन

516
00:36:28,800 --> 00:36:33,440
है जो इन पर मुकदमा करना चाहती है इसलिए यह पेशबंदी

517
00:36:33,440 --> 00:36:37,520
में हम पर मुकदमा कर रहे हैं लगा रहे हैं क्योंकि मेले में इन्होंने

518
00:36:37,520 --> 00:36:38,720
हमारे स्टॉल पर हमला

519
00:36:38,720 --> 00:36:42,720
किया था इसलिए ये हम पर जो है मुकदमा लगा रहे हैं। समझ

520
00:36:42,720 --> 00:36:46,880
रहे हैं? ये वो अपने बयान दे रहे हैं। और वो स्टॉल किसका था? किताबों का।

521
00:36:46,880 --> 00:36:51,280
जबकि किताबों से इनका कोई संबंध नहीं है। ये है सामर डियर।

522
00:36:51,280 --> 00:36:55,280
ये है मूर्खता की पराकाष्ठा। खुद ही अपने बयानों में स्वीकार कर

523
00:36:55,280 --> 00:36:59,600
रहे हैं। हमारा बुक स्टॉल, हमारी गुरु बहन, वह गुरु बहन जो

524
00:36:59,600 --> 00:37:03,600
यहां पर मान रही है कि हम धर्म धर्म और धार्मिक चर्चा करते हैं। धार्मिक किताबों

525
00:37:03,600 --> 00:37:07,680
की चर्चा करते हैं। उनका प्रचार प्रसार करते हैं। और फिर एक जगह अपने आप को अलग कर।

526
00:37:07,680 --> 00:37:11,760
तुम खुद ही लिखित में बयान दे रहे हो। भैया थोड़ा समय

527
00:37:11,760 --> 00:37:15,840
का अभाव है। बहुत सारे मोर्चे हैं। वरना अगर सिंगल पॉइंट एजेंडा

528
00:37:15,840 --> 00:37:20,160
अगर केवल एक यही हो जाए ना रामपाल

529
00:37:20,160 --> 00:37:24,640
तो बहुत देर नहीं लगेगी। परकच्चे उड़ने में बस थोड़ा

530
00:37:24,640 --> 00:37:28,720
क्या है ना दायित्व बहुत सारे हैं और कुछ

531
00:37:28,720 --> 00:37:31,440
तुम्हारा

532
00:37:31,440 --> 00:37:35,440
होगा कि भैया थोड़ा थोड़ा और वो कहते हैं ना और

533
00:37:35,440 --> 00:37:39,520
प्यास बढ़ाई जाए जो जेलधाम की प्यास है उसको और बढ़ाया जाए लिमका

534
00:37:39,520 --> 00:37:43,600
का ऐड ऐड देखा है लिमका का थोड़ी और प्यास बढ़ाओ तो

535
00:37:43,600 --> 00:37:48,240
वो जो होता है कि

536
00:37:48,240 --> 00:37:51,840
जितना ज्यादा प्यास होगी

537
00:37:51,840 --> 00:37:56,560
तुम्हारी जेलधाम की जेलधाम ही तो जाना है तुमको अंत में तो खैर

538
00:37:56,560 --> 00:38:01,040
थोड़ी उस प्यास को बढ़ाया जाए तो प्यास तो ऐसे ही बढ़ेगी जब बाहर और ज्यादा

539
00:38:01,040 --> 00:38:05,040
दिन बिता लोगे थोड़े से और खैर तो

540
00:38:05,040 --> 00:38:08,600
इसने बोला कि भाई

541
00:38:08,600 --> 00:38:12,800
[खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] देखो धार्मिक पुस्तकों पर चर्चा होने

542
00:38:12,800 --> 00:38:16,800
लगी। अंकल जी ने बताया कि हमने भी गुरु कर रखे हैं और अपने

543
00:38:16,800 --> 00:38:21,040
गुरु जी से संबंधित पुस्तकें दिखाई।

544
00:38:21,040 --> 00:38:25,120
जो कि सदगुरु देव तत्वदर्शी संत रामपाल जी

545
00:38:25,120 --> 00:38:29,360
महाराज जो कि मूल हिंदू सनातनी कबीर पंथिक संत हैं।

546
00:38:29,360 --> 00:38:33,440
अब बताइए पहले तो कह रहे हैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई कोई धर्म नहीं है न्यारा फिर कह रहे हैं

547
00:38:33,440 --> 00:38:37,600
मूल हिंदू सनातनी अरे पढ़ लो थोड़ा सा सनातन किसको

548
00:38:37,600 --> 00:38:41,600
कहते हैं अनपढ़ गवार यह भी मैं तुम्हें नहीं कह रहा हूं

549
00:38:41,600 --> 00:38:46,000
तुम्हारी भगवत तुम्हारी जो भगवत गीता पर तुमने जो वो किया ना कचरा

550
00:38:46,000 --> 00:38:46,720
भगवत गीता

551
00:38:46,720 --> 00:38:51,040
के नाम पर गरिमा गीता की किताब उसमें तुम्हें कहा गया अनपढ़ और गवार

552
00:38:51,040 --> 00:38:55,280
उसके आधार पर कह रहा हूं मैं नहीं कह रहा हूं तुम्हारे बाबा जी ने कहा है कि उसको

553
00:38:55,280 --> 00:38:59,280
मानने वाले जो अनुयाई हैं उसके बाबा जी के वो अनपढ़ और गवार गवार

554
00:38:59,280 --> 00:39:03,440
है तो अनपढ़ और गवार लोग हो थोड़ा सा पढ़ाई कर लो सनातन

555
00:39:03,440 --> 00:39:07,520
क्या है जान लो जो किसी भी देश काल परिस्थिति में ना बदले

556
00:39:07,520 --> 00:39:11,520
उसका नाम सनातन है और तुम कह रहे हो हम मूल सनातनी है यानी

557
00:39:11,520 --> 00:39:15,520
कि बदलता नहीं है और जिसके साथ तुम उसको एक कर रहे हो तो बदल

558
00:39:15,520 --> 00:39:19,840
रहा है तुम खुद बदल रहे हो पता नहीं क्या-क्या बदलते

559
00:39:19,840 --> 00:39:23,920
हो कभी भविता बदल जाती है कभी धाम बदल जाते हैं कभी नाम

560
00:39:23,920 --> 00:39:28,000
बदल जाते हैं कभी ट्रस्ट बदल जाती है कभी गुरु

561
00:39:28,000 --> 00:39:33,750
बदल जाता है। कभी भाग जाते हो ताला बंद करके।

562
00:39:33,750 --> 00:39:37,840
[गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए फिर क्या कहती है आगे प्रार्थना

563
00:39:37,840 --> 00:39:42,320
में प्रार्थनी कि

564
00:39:42,320 --> 00:39:47,360
इनके व्यक्ति ने

565
00:39:47,360 --> 00:39:51,760
जो शिव कुमार मिश्रा जी हैं उनको इन्होंने अपनी धार्मिक पुस्तकें दिखाई।

566
00:39:51,760 --> 00:39:55,920
कौन सी धार्मिक पुस्तकें? रामपाल की धार्मिक पुस्तकें। वही कचरा

567
00:39:55,920 --> 00:40:00,560
पट्टी हम कौन-कौन सी दिखाई

568
00:40:00,560 --> 00:40:04,400
हम

569
00:40:04,400 --> 00:40:08,560
प्रार्थनी जो कि सदगुरु देव तत्वदर्शी संत

570
00:40:08,560 --> 00:40:13,040
रामपाल जी महाराज जेलधाम निवासी

571
00:40:13,040 --> 00:40:17,360
इसमें नहीं लिखा है जेलधाम निवासी जो कि मूल हिंदू सनातनी

572
00:40:17,360 --> 00:40:21,760
कबीर पंथिक संत है की दीक्षित शिष्या है एवं निष्ठावान

573
00:40:21,760 --> 00:40:26,080
अनुयाई है और संत जी के प्रवचनों के संकलन ज्ञान गंगा रचित

574
00:40:26,080 --> 00:40:29,360
जीने की राह

575
00:40:29,360 --> 00:40:33,360
इत्यादि धार्मिक पुस्तकों धार्मिक ग्रंथों पर श्रद्धा

576
00:40:33,360 --> 00:40:37,440
विश्वास एवं अपने धर्म शास्त्र के रूप में पवित्रतम मानती है

577
00:40:37,440 --> 00:40:41,840
और अपने सदगुरुदेव जी के को भगवान स्वरूप मानती है ने

578
00:40:41,840 --> 00:40:46,160
अपने गुरुदेव ज्ञान आधार पर कुछ ज्ञान चर्चा की और मौखिक

579
00:40:46,160 --> 00:40:50,160
रूप से न्योता दिया कि हर महीने के प्रथम संडे को हमारे गुरु जी

580
00:40:50,160 --> 00:40:55,040
का सत्संग होता है। आप वहां आइएगा। इसी समय ना जाने कहां से

581
00:40:55,040 --> 00:40:59,040
रामू द्विवेदी आ गए और मुझे व मेरी आस्था की

582
00:40:59,040 --> 00:41:03,120
धार्मिक पुस्तकों के बारे में अपमानजनक प्रलाप करने लगे

583
00:41:03,120 --> 00:41:07,920
और फोन करके अपने अन्य साथियों सहित अमुक अमुक को भी बुला लिया।

584
00:41:07,920 --> 00:41:12,080
इसमें एक दो नाम और हैं। और फिर आगे आता है

585
00:41:12,080 --> 00:41:15,600
शेर का बच्चा एक ही अच्छा।

586
00:41:15,600 --> 00:41:19,760
शिवश नारायण द्विवेदी को भी बुलवा लिया। यह

587
00:41:19,760 --> 00:41:23,760
सब लोग कार, स्कूटी वगैरह से आ गए और मुझे खुले चौराहे

588
00:41:23,760 --> 00:41:28,000
पर घेर कर मेरी अस्मिता को भंग करने का प्रयास किया।

589
00:41:28,000 --> 00:41:32,080
यह देखो उस वीडियो में साफ दिख रहा है कि सचिन भैया कहां

590
00:41:32,080 --> 00:41:36,240
खड़े हैं और यह उनको सचिन भैया कह रही है और इस यहां पर लिखा

591
00:41:36,240 --> 00:41:41,120
है कि सचिन कुमार सिंह ने अन्य लोगों के साथ मिलकर

592
00:41:41,120 --> 00:41:45,760
मेरी अस्मिता को भंग करने का प्रयास किया।

593
00:41:45,760 --> 00:41:50,000
है नीचता की पराकाष्ठा। एक तरफ भाई कह रही हो एक तरफ

594
00:41:50,000 --> 00:41:55,440
उस पर जो है ऐसे कृत होते हैं

595
00:41:55,440 --> 00:41:59,440
सच्चे भगवान के भक्त के हां इन

596
00:41:59,440 --> 00:42:05,440
कृत्यों को कहते हैं नीचता खैर

597
00:42:07,360 --> 00:42:11,600
तो

598
00:42:11,600 --> 00:42:15,760
अच्छा फिर आगे क्या झूठा आरोप अच्छा वहां पर जाति शब्द

599
00:42:15,760 --> 00:42:19,920
का कोई उपयोग ही नहीं पर इसमें इन्होंने जाति सूचक भी आरोप

600
00:42:19,920 --> 00:42:24,160
लगा दिया। क्या लगाया? मेरी अस्मिता को भंग करने का प्रयास किया।

601
00:42:24,160 --> 00:42:29,440
और प्रार्थनी के पति भगत जिन्होंने आते ही हमें

602
00:42:29,440 --> 00:42:33,920
प्रार्थनी छेदी लाल गौतम जी व भगतमती

603
00:42:33,920 --> 00:42:37,920
अनीता दासी नीच सालों को जूते से मारेंगे। इन्हें

604
00:42:37,920 --> 00:42:42,000
यहां से भगाएंगे। यह सब अपने मन से इन्होंने मनगढ़ंत डाल लिया है

605
00:42:42,000 --> 00:42:46,000
क्योंकि हम कभी भी उस बात के आधार पर लड़ते ही नहीं

606
00:42:46,000 --> 00:42:50,080
है जिस पर हमारा पक्ष कच्चा हो। हमारे पास सनातन सिद्धांत है भाई।

607
00:42:50,080 --> 00:42:54,240
सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म हमें

608
00:42:54,240 --> 00:42:58,480
ये सब जरूरत नहीं है। सब करने की यह जो पोस्टरबाजी

609
00:42:58,480 --> 00:43:00,880
है रामपाल के लोग बनाया करते हैं डेली। क्या हम

610
00:43:00,880 --> 00:43:05,120
लोग बना नहीं सकते? टाइम नहीं है भाई। तुम पे दिन भर यही टाइम है। पोस्टर बनाओ

611
00:43:05,120 --> 00:43:09,440
नए-नए तरीके के रोज। जिस दिन हिंदू अपनी पर आ गए इतने पोस्टर

612
00:43:09,440 --> 00:43:14,000
बनेंगे और लगेंगे जगह जगह मुंह छुपाने की जगह नहीं मिलेगी

613
00:43:14,000 --> 00:43:18,240
समझे जब तुम्हारे लोगों के पास समय है सिंगल पॉइंट

614
00:43:18,240 --> 00:43:22,560
एजेंडा है कि अपने तथाकथित नकली गुरु को काल

615
00:43:22,560 --> 00:43:26,880
नेमी को असली गुरु के रूप में ख्यापित करवाना है। तो झूठ

616
00:43:26,880 --> 00:43:30,880
को इतनी बार बोलो, इतनी बार बोलो कि ऐसा लगने लगे कि यही सत्य

617
00:43:30,880 --> 00:43:34,960
है। लोग सच को ढूंढना ही बंद कर दें।

618
00:43:34,960 --> 00:43:39,040
उसी को एक्सेप्ट कर ले सच के रूप में। तो देखिए

619
00:43:39,040 --> 00:43:44,640
इनका कृत कितना नीचता की पराकाष्ठा को पार कर रहा है।

620
00:43:44,640 --> 00:43:48,800
जिसको यह खुद भाई बोल रहे हैं जो मातृशक्ति किसी को

621
00:43:48,800 --> 00:43:52,880
भाई बोल रही है और उसी को बाद में कह रही है मेरी अस्मिता भंग करने का

622
00:43:52,880 --> 00:43:56,880
प्रयास किया। और जबकि वीडियो आप देखेंगे तो यह

623
00:43:56,880 --> 00:44:00,880
खुद आकर के ज्यादा निकट आकर के जब बात करने लगी तो मैं

624
00:44:00,880 --> 00:44:04,880
कह रहा हूं कि दूर से बात करो। दूर से जो व्यक्ति कह रहा है दूर से बात करो

625
00:44:04,880 --> 00:44:09,040
उसके लिए कह रही है कि मेरी अस्मिता को भंग करने का प्रयास किया इन लोगों ने मिलकर

626
00:44:09,040 --> 00:44:13,280
के। खैर हमारे

627
00:44:13,280 --> 00:44:16,720
पास गुरु जी की कोई भी धार्मिक पुस्तक नहीं थी।

628
00:44:16,720 --> 00:44:20,800
और उस वीडियो में सबसे पहले कह रहे हैं कि हां हम प्रचार करते हैं। हम प्रचार कर रहे

629
00:44:20,800 --> 00:44:24,960
थे। इन्होंने गुरुजी संबंधित धार्मिक पुस्तकों के बारे में अपमानजनक

630
00:44:24,960 --> 00:44:29,200
अपमानजनक शब्दों का संबोधन किया। वो तो करते हैं करते रहेंगे। क्योंकि

631
00:44:29,200 --> 00:44:34,000
उसमें बहुत सारा कचरा लिखा है तुमने। हमारी दुर्गा माता का अपमान किया है तुमने

632
00:44:34,000 --> 00:44:38,080
उन किताबों में हनुमान जी की पूछ की तुलना

633
00:44:38,080 --> 00:44:42,240
घरे के गुप्तांग से कर रहे हो दुर्गा माता के मन दुर्गा

634
00:44:42,240 --> 00:44:46,320
माता में जो है तुम वो भावनाएं डाल रहे हो जो तुम्हारे रामपाल और बबिता

635
00:44:46,320 --> 00:44:50,400
में आती है और शायद तुम में भी आती है वो भावनाएं तुम हमारी दुर्गा मां के लिए

636
00:44:50,400 --> 00:44:54,880
बोल रहे हो है ना जिस तरह की

637
00:44:54,880 --> 00:44:58,880
बिल्कुल जैसा आरोप तुम लगा रहे हो ये सब भावनाएं

638
00:44:58,880 --> 00:45:02,960
कहां पर हैं एग्ज़िस्ट कहां पर करती सब भावनाएं तुम में, तुम्हारे गुरु

639
00:45:02,960 --> 00:45:07,680
में और भविता में इत्यादि लोगों में एकिस्ट करती है सब भावनाएं।

640
00:45:07,680 --> 00:45:12,560
उसको तुम हमारी दुर्गा माता के लिए बोल रहे हो ऐसी भावनाओं को।

641
00:45:12,560 --> 00:45:17,040
तो यह सब चीजें तुम उसमें कर रहे हो ना तो उसके लिए ही उसके लिए अपमानजनक

642
00:45:17,040 --> 00:45:20,480
शब्द बोले जाएंगे।

643
00:45:20,480 --> 00:45:25,440
अरे भाई अपने कबीर की पूजा करो। किसने रोका है? कबीर

644
00:45:25,440 --> 00:45:29,760
की पूजा करो। मंदिर बनवाओ, कबीर के मूर्तियां बनवाओ। कबीर

645
00:45:29,760 --> 00:45:33,760
की क्या दिक्कत है? जरूरी है क्या कि हिंदू धर्म का अपमान करके ही

646
00:45:33,760 --> 00:45:38,000
वह काम होगा। जरूरी यह है कि यह विदेशी

647
00:45:38,000 --> 00:45:42,080
एजेंडा है। विदेशी ताकतें फंडिंग करती हैं कि

648
00:45:42,080 --> 00:45:46,080
करो ऐसा जिससे कि हिंदू धर्म का जो मौलिक

649
00:45:46,080 --> 00:45:50,160
स्वरूप है वो धीरे-धीरे नष्ट होता चला जाए। यह सब तो तुम लोगों के भेजे में

650
00:45:50,160 --> 00:45:54,160
आने वाली बातें हैं। नहीं। तुम लोग हेलमेट स्तर के व्यक्ति हो। कहां इतनी

651
00:45:54,160 --> 00:45:58,880
इंटेलेक्चुअल लेवल की बातें मैं कर रहा हूं तुम लोगों से।

652
00:45:58,880 --> 00:46:02,960
यह देखिए यहां आपको वो दृश्य दिख जाएंगे।

653
00:46:02,960 --> 00:46:07,120
आप किताब बांट रहे हमारा ये जुर्म है किताब बांटना लिखा है दुर्गा माता

654
00:46:07,120 --> 00:46:11,200
पढ़िए किताब पढ़िए सीधी बात करो

655
00:46:11,200 --> 00:46:15,280
एक मिनट पॉज करो किताब ये देखिए खुद शुरू

656
00:46:15,280 --> 00:46:19,360
में स्वीकार कर रही है कि किताब बांट रहे हैं। हां हम बांट रहे हैं। किताब बांटना जुर्म

657
00:46:19,360 --> 00:46:23,360
है। ये सब बातें कर रही है खुद ही। ठीक है? और बाद में यहां क्या लिख रही है

658
00:46:23,360 --> 00:46:27,360
कि हमने किताब नहीं बांटी। हालांकि वीडियो में भी बोलेगी हमने नहीं बांटी। तो नहीं

659
00:46:27,360 --> 00:46:31,760
बांटी तो झगड़ा हुआ क्यों था? क्योंकि तुमने कहा था कि बांटी है। बांटी

660
00:46:31,760 --> 00:46:37,760
है कहोगे तो झगड़ा होगा। खैर दिखाइए शुरू से

661
00:46:37,760 --> 00:46:41,040
दूर से

662
00:46:41,040 --> 00:46:45,520
दूर से करो। आपने

663
00:46:45,520 --> 00:46:49,600
यह आपने देखा खुद निकट आ रही है और मैं कह रहा हूं दूर

664
00:46:49,600 --> 00:46:54,560
से बात करो क्योंकि भैया हम लोग संध्या वंदन करने वाले लोग हैं

665
00:46:54,560 --> 00:46:59,760
और बहुत सारी शुद्धि अशुद्धि

666
00:46:59,760 --> 00:47:04,240
इत्यादि विषयों का ध्यान रखना पड़ता है। तो मैं तो खुद ही

667
00:47:04,240 --> 00:47:08,480
दूर कर रहा हूं कि भैया दूर से बात करिए आप। खुद निकट आ रही हैं

668
00:47:08,480 --> 00:47:12,960
और यहां लिख रही हैं कि मेरी अस्मिता भंग करने का प्रयास किया।

669
00:47:12,960 --> 00:47:16,720
ऐसे कृत्यों को कहते हैं पराकाष्ठा

670
00:47:16,720 --> 00:47:22,080
झूठ की पराकाष्ठा

671
00:47:22,080 --> 00:47:25,440
[गला साफ़ करने की आवाज़] खैर

672
00:47:25,440 --> 00:47:30,080
कह दूंगी कि आप कह दूंगी कि आप

673
00:47:30,080 --> 00:47:33,440
कह दूंगी कि

674
00:47:33,440 --> 00:47:37,600
मैं भी कह दूंगी कि आपने छेड़खानी करी है और कह दिया मेरी

675
00:47:37,600 --> 00:47:43,600
अस्मिता को भंग करने का प्रयास किया। खैर

676
00:47:43,920 --> 00:47:47,920
फिर क्या होता है आगे? फिर यह लिखती हैं कि हमको यह सब

677
00:47:47,920 --> 00:47:52,160
कहा गया। धार्मिक पुस्तकों का अपमान किया गया। हम भयभीत किसी तरह जान बचाकर भागे।

678
00:47:52,160 --> 00:47:56,240
यह भयभीत है। देख रहे हो ना? बुलाइए पुलिस को। मैं भी कह

679
00:47:56,240 --> 00:48:01,280
दूंगी कि छेड़खानी की है। और यहां क्या लिख रही है? भाई

680
00:48:01,280 --> 00:48:05,520
जिस व्यक्ति के पास प्रार्थना पत्र ले जा रहे हो उसको यही तो बात है साम

681
00:48:05,520 --> 00:48:09,600
डियर की इन लोगों को। अच्छा शायद इन लोगों को यह नहीं मालूम होगा कि हमारे पास

682
00:48:09,600 --> 00:48:13,600
वीडियो में क्या-क्या कंटेंट है। शायद। खैर जो भी है

683
00:48:13,600 --> 00:48:17,600
वैसे हमने तो तुरंत डाल दिया था वो पब्लिक कर दिया था बहुत ज्यादा

684
00:48:17,600 --> 00:48:21,760
देर नहीं लगी थी तो यह लोग लिख क्या रहे हैं

685
00:48:21,760 --> 00:48:26,000
कि हम भयभीत होकर किसी तरह जान बचाकर भागे और यहां क्या हो रहा है बुलाइए

686
00:48:26,000 --> 00:48:31,280
पुलिस को मैं भी कह दूंगी कि इन्होंने छेड़खानी की है देख लो

687
00:48:31,280 --> 00:48:35,280
और सचिन भैया सचिन भैया और फिर आरोप लगा रहे हैं कि सचिन भैया

688
00:48:35,280 --> 00:48:41,280
बनने का प्रयास कर रहे हैं कुछ और

689
00:48:41,440 --> 00:48:45,520
तो आसानी से मैं यहां पर एक

690
00:48:45,520 --> 00:48:49,520
दृष्टांत अपने जीवन का छोटा सा आपको सुनाना चाहूंगा। बहुत

691
00:48:49,520 --> 00:48:53,600
अच्छा लगेगा। आप लोग ध्यान से सुनिएगा। एक बार किसी व्यक्ति

692
00:48:53,600 --> 00:48:58,160
से मुझे कुछ सामान था जो

693
00:48:58,160 --> 00:49:04,160
जिस जगह वह सामान था वहां से 15 कि.मी. दूर पहुंचवाना था।

694
00:49:04,160 --> 00:49:08,320
तो वह जो शॉपकीपर था दुकानदार उसके

695
00:49:08,320 --> 00:49:12,640
यहां का जो एक कर्मचारी था वह उस सामान को वहां से स्थानांतरित

696
00:49:12,640 --> 00:49:16,800
करने के लिए नियुक्त हुआ था। अब वो किस धर्म

697
00:49:16,800 --> 00:49:20,800
को मान मतलब धर्म क्या धर्म तो केवल सनातनी है। किस ईश्वर के

698
00:49:20,800 --> 00:49:24,880
संबंध में किस विचारधारा से प्रभावित था यह मैं नहीं कहूंगा और

699
00:49:24,880 --> 00:49:28,880
यह भी मैं नहीं बताऊंगा कि वह किस वर्ग से आता था। बस वह वहां का

700
00:49:28,880 --> 00:49:34,880
कर्मचारी था। यानी यह मान लीजिए श्रमिक वर्ग था। और

701
00:49:35,040 --> 00:49:39,120
अब वह व्यक्ति सुबह मुझे जहां पहुंचाना था

702
00:49:39,120 --> 00:49:43,200
वहां बहुत आवश्यक था कि वो समय से पहुंच जाए। दोपहर के 12:00 बजे

703
00:49:43,200 --> 00:49:47,280
पहुंच जाए और 15 किलोमीटर का रास्ता मैक्सिमम बहुत ज्यादा अधिक से अधिक

704
00:49:47,280 --> 00:49:51,360
अगर लगेगा तो 1 घंटा अगर बहुत ज्यादा ट्रैफिक

705
00:49:51,360 --> 00:49:56,000
रहा तो तो वो जो व्यक्ति था

706
00:49:56,000 --> 00:49:56,500
इनका

707
00:49:56,480 --> 00:50:00,640
स्तर जो होता है इन इस प्रकार के लोगों का जो झूठ बोलते

708
00:50:00,640 --> 00:50:04,640
हैं जो असत्य भाषण करते हैं। तो इनका व्यक्तित्व कैसा होता है वो आज

709
00:50:04,640 --> 00:50:08,800
मैं आपको बताने जा रहा हूं। तो यह सुबह 10:00 बजे वहां

710
00:50:08,800 --> 00:50:13,040
से निकला और मुझसे बोला कि हां मैं निकल चुका हूं।

711
00:50:13,040 --> 00:50:17,040
अब यह इस व्यक्ति को 12:00 बज चुके हैं। मैं फोन कर रहा हूं तो पहले तो फोन नहीं उठा रहा

712
00:50:17,040 --> 00:50:21,040
है। उसके बाद 1:00 बज गया फिर मैं फोन कर

713
00:50:21,040 --> 00:50:25,040
रहा हूं तो फोन नहीं उठा रहा है। 2:00 बज गए और

714
00:50:25,040 --> 00:50:29,040
फिर मैंने फोन किया भाई तुम निकले कि नहीं निकले? निकल चुका हूं। बहुत ज्यादा जाम

715
00:50:29,040 --> 00:50:33,360
है। तो मुझे लगा कि ठीक है चल भाई देर

716
00:50:33,360 --> 00:50:37,440
से निकला होगा। का फोन नहीं उठाया मगर अब पहुंच फिर 4:00 बज गए 4:00 बजे

717
00:50:37,440 --> 00:50:41,840
भी बोल रहा है कि निकल चुका हूं बहुत ज्यादा जाम है। 15 किलोमीटर का रास्ता था केवल

718
00:50:41,840 --> 00:50:45,840
और सुबह 10:00 बजे का व्यक्ति निकला हुआ है। 4:00 बजे

719
00:50:45,840 --> 00:50:50,160
मैंने उससे कहा कि भाई तू अपनी लोकेशन भेज तू है कहां पे?

720
00:50:50,160 --> 00:50:54,480
बोला कि मेरा मुझे मेरे पास जो है मुझे फोन चलाना नहीं आता है। लोकेशन

721
00:50:54,480 --> 00:50:58,800
भेजना नहीं आता है। समझ रहे हैं? 6:00 बज गया।

722
00:50:58,800 --> 00:51:03,200
वो व्यक्ति रात के 9:00 बजे वहां पहुंचा। 15 किलोमीटर

723
00:51:03,200 --> 00:51:07,200
एक ही शहर के अंदर रात के 9:00 बजे और सुबह

724
00:51:07,200 --> 00:51:11,200
10:00 बजे मुझसे बोल रहा है मैं निकल चुका हूं तो मैं समझ

725
00:51:11,200 --> 00:51:11,700
गया कि

726
00:51:11,680 --> 00:51:16,640
निकला है अभी 7:00 बजे निकला होगा 8:00 बजे और अब पहुंचा है

727
00:51:16,640 --> 00:51:20,720
तो लास्ट में मुझे उसको भुगतान भी करना था तो मैं

728
00:51:20,720 --> 00:51:24,800
जब उससे मिला और

729
00:51:24,800 --> 00:51:30,080
युवा था वो लड़का तो मैंने उससे एक बात कही कि भाई

730
00:51:30,080 --> 00:51:34,400
यह बताओ कि तुम्हारे जीवन का लक्ष्य क्या है? उद्देश्य क्या है? भाई कोई भी भौतिकवादी

731
00:51:34,400 --> 00:51:38,640
भी अगर व्यक्ति है बहुत ज्यादा धार्मिक नहीं है। आध्यात्मिक उसको बिल्कुल नॉलेज नहीं है।

732
00:51:38,640 --> 00:51:42,880
मगर उसके अपने कुछ कुछ लक्ष्य होते हैं जीवन में

733
00:51:42,880 --> 00:51:47,040
और कुछ नहीं तो यह तो होता ही है कि मुझे बहुत पैसे वाला बनना है। इतना तो है ही

734
00:51:47,040 --> 00:51:51,600
समृद्ध बनना है। तो

735
00:51:51,600 --> 00:51:56,880
जो समृद्धि होती है ना उसके भी गर्भ में होता है सम्मान।

736
00:51:56,880 --> 00:52:00,960
बहुत बड़ी-बड़ी चीजें, बढ़िया मकान। अगर दैहिक रूप से देखें तो उस

737
00:52:00,960 --> 00:52:04,960
बड़े मकान की जरूरत नहीं है। उस पेंट की जरूरत नहीं है। उस

738
00:52:04,960 --> 00:52:09,200
कार की जरूरत नहीं है। सामान्य कार से भी काम चल

739
00:52:09,200 --> 00:52:14,800
सकता है। मगर जो बहुत ज्यादा

740
00:52:14,800 --> 00:52:18,800
धन एकत्रित करना है तो उसके गर्भ में भी होता है कि मुझे सब लोग सम्मान

741
00:52:18,800 --> 00:52:22,960
दें। तो मैंने उससे पूछा कि तुम

742
00:52:22,960 --> 00:52:28,240
अच्छा मैंने उससे यह भी पूछा दहिक के संबंध में कि यह बताओ

743
00:52:28,240 --> 00:52:32,480
कि अगर तुमसे कहा जाए कि हम तुम्हें

744
00:52:32,480 --> 00:52:36,880
इतना सारा धन देंगे उसके लिए तुम्हें सारा जीवन

745
00:52:36,880 --> 00:52:41,120
यह वाला एक शारीरिक कष्ट है कि तुम्हें जो सोने के लिए जो वह मिलेगी

746
00:52:41,120 --> 00:52:45,200
जगह बहुत कम मिलेगी। मगर उसके बदले में तुमको इतना

747
00:52:45,200 --> 00:52:49,520
सारा धन मिल जाएगा। मतलब जिस जो सहज नहीं होगी

748
00:52:49,520 --> 00:52:53,760
तो वह बोला कि हां मैं अगर इतना धन मिलेगा तो मैं सारे जीवन वह कष्ट सह

749
00:52:53,760 --> 00:52:57,760
लूंगा यानी देह से ऊपर भी सम्मान हो गया

750
00:52:57,760 --> 00:53:01,840
कि जब इतना पैसा मिलेगा तो यहां गाड़ी होंगी वहां कुल मिलाकर के

751
00:53:01,840 --> 00:53:06,080
लोग मुझे सम्मान की दृष्टि से देखें यह धेय होता है बहुत ज्यादा

752
00:53:06,080 --> 00:53:10,160
धन एकत्रित करने भौतिक सुख की लालसा भी

753
00:53:10,160 --> 00:53:14,320
कम हो जाती है जब सम्मान व्यक्ति को चाहिए होता है तो मैंने कहा इसका

754
00:53:14,320 --> 00:53:18,560
अर्थ है कि तुम यह चाहते हो कि दुनिया दुनिया तुम्हारा सम्मान करे। पूरा

755
00:53:18,560 --> 00:53:23,200
संसार तुम्हारा सम्मान करे। बोला हां यह तो है।

756
00:53:23,200 --> 00:53:27,200
भाई कार क्यों लेना चाहते हैं? महंगी से महंगी कार क्यों लेना चाहते हैं? छोटी सी कार

757
00:53:27,200 --> 00:53:29,840
में भी काम चल जाएगा। अगर मौसम ज्यादा

758
00:53:29,840 --> 00:53:33,840
खराब नहीं है तो दो पहिया वाहन से भी काम चल जाएगा। मगर बड़ी-बड़ी कारें

759
00:53:33,840 --> 00:53:38,240
क्यों लेनी है? सोना क्यों पहनना है?

760
00:53:38,240 --> 00:53:42,320
काम तो चल जाएगा। जो दैहिक सुख चाहिए वह कम में चल जाएगा काम। मगर

761
00:53:42,320 --> 00:53:46,400
जो और ज्यादा आडंबर कर रहे हैं वह किस लिए कर रहे हैं?

762
00:53:46,400 --> 00:53:50,400
वह कह रहे हैं कर रहे हैं शान के लिए। शान

763
00:53:50,400 --> 00:53:55,360
के लिए व्यक्ति बहुत मेहनत कर रहा है कि भाई लोग मुझे सैल्यूट करें।

764
00:53:55,360 --> 00:54:00,080
मेरे सामने सर झुकाए वर्चस्व।

765
00:54:00,080 --> 00:54:04,080
तो इसका अर्थ यह है कि जो व्यक्ति था

766
00:54:04,080 --> 00:54:09,280
वो मैंने उससे कहा इसका मतलब यह है कि तुम चाहते हो कि दुनिया तुम्हारा सम्मान करे।

767
00:54:09,280 --> 00:54:13,440
वो कहा हां भाई यह बात तो आपने सही कही। तो फिर मैंने

768
00:54:13,440 --> 00:54:17,600
कहा क्या तुम स्वयं का सम्मान करते हो? बस यही उसकी

769
00:54:17,600 --> 00:54:23,520
आवाज अटक गई गले में। जिस जो व्यक्ति

770
00:54:23,520 --> 00:54:27,840
झूठ इस प्रकार से बोल रहा है जैसे गीली

771
00:54:27,840 --> 00:54:32,080
मिट्टी में हल चल रहा हो। इसका मतलब उसके लिए झूठ

772
00:54:32,080 --> 00:54:36,080
बोलना बहुत आम बात है। इसका मतलब क्या है? उसने स्वीकार कर

773
00:54:36,080 --> 00:54:40,640
रखा है कि मैं बहुत बड़ा नीच टाइप का झूठा टाइप का व्यक्ति हूं।

774
00:54:40,640 --> 00:54:45,040
कोई भी व्यक्ति जब कोई अपराध करने जाता है ना तो सबसे पहले वह अपने आप को अपराधी

775
00:54:45,040 --> 00:54:49,120
मानता है। उसके बाद वह अपराध करता है। घोषित करता है कि मैं अपराधी हूं। हां मैं पापी

776
00:54:49,120 --> 00:54:53,920
हूं। यह वाला पाप मैं करूंगा और स्वीकार करके फिर आगे चलता है।

777
00:54:53,920 --> 00:54:58,160
कोई भी व्यक्ति यानी कि हम दुनिया से तो चाहते हैं।

778
00:54:58,160 --> 00:55:02,480
संसार से तो चाहते हैं कि लोग हमारा सम्मान करें।

779
00:55:02,480 --> 00:55:06,560
पूरे संसार से सम्मान चाहते हैं। मगर खुद स्वयं

780
00:55:06,560 --> 00:55:10,560
अपना सम्मान नहीं करते। स्वयं अपने आप को झूठा मानते हैं।

781
00:55:10,560 --> 00:55:14,640
व्यभचारी मानते हैं। स्वयं अपने आप को नशेड़ी मानते

782
00:55:14,640 --> 00:55:18,960
हैं। जो लोग नशेबाज है उनके लिए और जो लोग बबिता वाले हैं वो लोग

783
00:55:18,960 --> 00:55:23,040
व्यभचारी मानते हैं स्वयं अपने आप को। स्वयं अपने आप को झूठा

784
00:55:23,040 --> 00:55:27,200
मानते हैं। जो लोग इस प्रकार के झूठे आरोप लगाने वाले हैं। तो

785
00:55:27,200 --> 00:55:33,200
मैंने उसको बताया कि अगर तुम पूरे संसार से अपने लिए

786
00:55:33,600 --> 00:55:37,840
सम्मान चाहते हो ना, इज्जत चाहते हो ना तो सबसे पहले स्वयं

787
00:55:37,840 --> 00:55:41,200
अपनी इज्जत करना शुरू करो।

788
00:55:41,200 --> 00:55:45,680
दो प्रकार के झूठे लोग होते हैं। एक होते हैं जो बहुत

789
00:55:45,680 --> 00:55:49,840
सरलता से झूठ बोलते हैं। फटाफट फटाफट धड़ल्ले से झूठ

790
00:55:49,840 --> 00:55:54,000
पर झूठ झूठ पर झूठ और कम से कम जो

791
00:55:54,000 --> 00:55:58,000
व्यक्ति अपना सम्मान करता है वो कभी भी सरलता से झूठ नहीं बोल पाएगा। उसको

792
00:55:58,000 --> 00:56:02,320
दिक्कत होती है झूठ बोलने में। झूठ बोलेगा। हालांकि वो भी अपराध

793
00:56:02,320 --> 00:56:06,480
है वो भी पाप है। मगर इनसे थोड़ा श्रेष्ठ होता है।

794
00:56:06,480 --> 00:56:10,800
इतनी सरलता से फिसलती हुई जीभ से झूठ नहीं बोलता है।

795
00:56:10,800 --> 00:56:15,360
तो ये जो लोग हैं ये जो इस प्रकार से आरोप लगा पा रहे हैं

796
00:56:15,360 --> 00:56:19,440
कि मेरी अस्मिता भंग करने का प्रयास किया। यहां पर ताल ठोक रहे हैं कि भैया

797
00:56:19,440 --> 00:56:23,680
बुलाओ पुलिस को और उसके बाद वहां कह रहे हैं कि भैया हम लोग जान बचा के भागे।

798
00:56:23,680 --> 00:56:27,760
तो क्या है? इन लोगों ने सबसे पहले खुद को माना ना कि मैं

799
00:56:27,760 --> 00:56:32,320
झूठी हूं। मैं पापन हूं। पापी हूं।

800
00:56:32,320 --> 00:56:37,040
नीच कृत करने वाली हूं। तभी तो झूठ बोला।

801
00:56:37,040 --> 00:56:41,040
कैमरे में बोल रहे हो। बुलाओ पुलिस को। खड़े हैं। मैं भी खड़ी हूं। मैं भी कह

802
00:56:41,040 --> 00:56:45,120
दूंगी कि छेड़खानी की है। और फिर उसके बाद क्या क्या हो रहा है?

803
00:56:45,120 --> 00:56:48,640
लिख रहे हैं तो उसमें लिख रहे हैं कि मेरी अस्मिता भंग करने का प्रयास किया। हम जान

804
00:56:48,640 --> 00:56:54,640
बचाकर भागे। खैर

805
00:56:55,120 --> 00:57:01,120
आगे क्या लगाया इसने?

806
00:57:02,240 --> 00:57:07,360
फिर आरोप लगाया

807
00:57:07,360 --> 00:57:11,760
किसी तरह जान बचाकर भाग गए।

808
00:57:11,760 --> 00:57:15,840
इन्होंने मेरा हमारा सार्वजनिक जाति सूचक

809
00:57:15,840 --> 00:57:20,640
नीच अनपढ़ चौराहे पर गालियां बेइज्जती की। अब देखिए

810
00:57:20,640 --> 00:57:24,720
वहां पर तो अनपढ़ शब्द का उपयोग किसी ने नहीं किया। मगर भाई तुम्हारे बाबा ने ही तुमको

811
00:57:24,720 --> 00:57:28,880
अनपढ़ कह रखा है और नीच हम तुम्हारे कृत्यों को कह

812
00:57:28,880 --> 00:57:33,600
रहे हैं जो तुम यह झूठवाद का सहारा लिया तुमने

813
00:57:33,600 --> 00:57:37,840
जाति के लिए नीच कहीं शब्द का उपयोग नहीं कहा किया वहां तो नीच शब्द का उपयोग

814
00:57:37,840 --> 00:57:41,840
किया ही नहीं जो आज भी कह रहे हैं वो तुम्हारे जाति के लिए

815
00:57:41,840 --> 00:57:46,640
नहीं तुम्हारे कृत्यों के लिए कुकत्यों के लिए जो तुम झूठ बोल रहे हो

816
00:57:46,640 --> 00:57:50,720
उसको नीच कहने का अधिकार जो है नीचता कहने का ऐसे कर्त को नीचता

817
00:57:50,720 --> 00:57:54,960
कहने का अधिकार हमें प्राप्त है धर्म से भी और फिलहाल आज जो लौकिक

818
00:57:54,960 --> 00:57:59,120
संविधान है उसके अनुसार भी नीच अनपढ़ चौराहे

819
00:57:59,120 --> 00:58:03,360
पर गालियां तमाम सारे झूठ लिख दिए। हमारी धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस अपमान

820
00:58:03,360 --> 00:58:04,880
किया।

821
00:58:04,880 --> 00:58:09,040
इस घटना के बाद प्रार्थनी द्वारा श्रीमान अब यहां से देखिए पुलिस का रोल शुरू

822
00:58:09,040 --> 00:58:13,200
होता है। इस घटना के बाद प्रार्थनी द्वारा श्रीमान पुलिस आयुक्त जनपद

823
00:58:13,200 --> 00:58:17,440
लखनऊ में एक प्रार्थना पत्र दिया गया। आईजीआरएस जो दी गई थी

824
00:58:17,440 --> 00:58:21,440
के रूप में दर्ज होकर जांच चौकी इंचार्ज थाना आशियाना लखनऊ श्री

825
00:58:21,440 --> 00:58:25,600
अश्विनी कुमार मिश्रा जी को प्राप्त हुई। पुलिस चौकी से हमारे गुरु

826
00:58:25,600 --> 00:58:30,720
भाई जी के फलाने फलाने मोबाइल नंबर पर प्रतिपक्षी संख्या

827
00:58:30,720 --> 00:58:34,960
चार का फोन आया। नीतू दासी को बयान हेतु चौकी पर भेज दें। अब ये इनकी

828
00:58:34,960 --> 00:58:38,960
इनके और उनके बीच की कहानी है। उसमें पुलिस ने अपना बयान दिया

829
00:58:38,960 --> 00:58:43,040
है कि हमने क्या कहा था। उसमें एसीपी की रिपोर्ट

830
00:58:43,040 --> 00:58:47,120
भी दर्ज हुई बहुत अच्छा उन्होंने निष्पक्ष एक जांच की थी।

831
00:58:47,120 --> 00:58:51,120
खैर यह भी उसके भी बाद का मामला है जो अब आपको मैं सुना रहा हूं। एसीपी

832
00:58:51,120 --> 00:58:55,280
की जांच लग के क्योंकि जब इन्होंने आईजीआरएस दी तो सबसे पहली जांच

833
00:58:55,280 --> 00:58:59,280
की चौकी इंचार्ज ने। फिर जब ये कोर्ट गए तो तब कोर्ट ने

834
00:58:59,280 --> 00:59:03,680
आदेश दिया कि एसीपी जांच करें। तो पहले निष्पक्ष जांच चौकी इंचार्ज

835
00:59:03,680 --> 00:59:07,840
ने की। फिर एसीपी ने की। तो एसीपी ने भी उसमें लिखा कि ये लोग दबाव बना

836
00:59:07,840 --> 00:59:12,320
रहे थे मेरे खिल मेरे ऊपर बार-बार फोन करके कि मैं जो है झूठा मुकदमा पंजीकृत

837
00:59:12,320 --> 00:59:18,000
कर लूं। उन्होंने लिखा है उसमें एसीपी ने।

838
00:59:18,000 --> 00:59:23,200
[गला साफ़ करने की आवाज़] खैर अब आगे चलते हैं। अ

839
00:59:23,200 --> 00:59:27,280
फिर क्या होता है?

840
00:59:27,280 --> 00:59:30,480
मैं

841
00:59:30,480 --> 00:59:34,480
बुलाया गया। अब ये कह रही है कि मैं एक महिला पीड़िता हूं। मेरे पास ना आकर मुझे

842
00:59:34,480 --> 00:59:38,640
सीधे चौकी पर बुलाया गया। मैं दिनांक 8.225 को चौकी

843
00:59:38,640 --> 00:59:42,800
पर बुलवाए जाने पर दोपहर में पहुंची तो चौकी पर केवल

844
00:59:42,800 --> 00:59:47,040
प्रतिपक्षी संख्या चार व पांच ही मौजूद थे। कोई महिला

845
00:59:47,040 --> 00:59:51,120
पुरुषकर्मी नहीं थी। प्रतिपक्षी संख्या पांच ने मेरे बयान लेना स्टार्ट किया और मेरे

846
00:59:51,120 --> 00:59:54,400
ही सामने

847
00:59:54,400 --> 00:59:58,400
मेरे ही सामने प्रतिपक्षियों जिन्होंने मेरे साथ उपरोक्त घटना को अंजाम दिया था।

848
00:59:58,400 --> 01:00:02,480
वह फोन कर बुलवाने लगे और आमनासामना कराने का दबाव बनाने

849
01:00:02,480 --> 01:00:06,480
लगे। उत्पीड़ित होकर मैंने अपने भगत भाई दिनेश दास को फोन लगाया। यह

850
01:00:06,480 --> 01:00:10,480
दिनेश दास भी एक बहुत इंपॉर्टेंट कैरेक्टर है

851
01:00:10,480 --> 01:00:14,560
इस कहानी का। इसने भी अलग से मेरे ऊपर कई प्रकार के प्रयास

852
01:00:14,560 --> 01:00:20,560
किए हैं यहां लखनऊ स्तर पर कि कोई मुकदमा पंजीकृत हो जाए।

853
01:00:20,640 --> 01:00:24,320
एक तो इसने फोन किया था मुझे।

854
01:00:24,320 --> 01:00:28,400
तो फोन पर मैंने इनकी अड्डे के बारे में कुछ चीजें कही थी। तो उस पर जो है

855
01:00:28,400 --> 01:00:33,040
कहा कि इन्होंने मेरे धार्मिक जगह को ऐसा कहा वैसा कहा। बोले

856
01:00:33,040 --> 01:00:37,280
कि आप हमारे वह सेंटर क्यों गए थे? तो भैया तुम्हारा सेंटर

857
01:00:37,280 --> 01:00:41,280
तो सबके लिए खुला है ना। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा। तो अगर

858
01:00:41,280 --> 01:00:45,760
कोई गया है तुम्हारे सेंटर पे तुम्हें क्या तकलीफ हो? तो मैंने बोल दिया था

859
01:00:45,760 --> 01:00:49,840
कि वो सेंटर है या क्या है? अमुक है। तो उसी पर वो बोल पुलिस

860
01:00:49,840 --> 01:00:54,160
वालों से कहने लगे इन्होंने हमारे सेंटर को ऐसा कहा भाई कहा नहीं था। पूछा था

861
01:00:54,160 --> 01:00:58,240
कि तुम्हारा सेंटर है या वैश्यालय है? तुम्हें क्या आपत्ति

862
01:00:58,240 --> 01:01:02,560
हो रही है? अगर कोई वहां जा रहा है हां वहां जाकर के कोई गुंडई करे कोई तोड़फोड़ करे

863
01:01:02,560 --> 01:01:06,640
ऐसा वैसा कुछ करे तो वहां सीसीटीवी फुटेज है तुम्हारे पास दिखा दो तोड़फोड़ किसने

864
01:01:06,640 --> 01:01:09,520
की है खैर

865
01:01:09,520 --> 01:01:13,520
तो इनको वो व्यक्ति क्या करता है सबको फोन मिलाया

866
01:01:13,520 --> 01:01:17,600
करता है कोशिश करता है फोन पर कुछ सामग्री प्राप्त हो जाए तो हमको मुकदमे में

867
01:01:17,600 --> 01:01:21,760
फंसा दें। जब हम लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दर्ज की तो उसमें

868
01:01:21,760 --> 01:01:26,640
शायद एक नाम था

869
01:01:26,640 --> 01:01:30,880
श्री राम करके उनका नाम है और रामानंद संप्रदाय

870
01:01:30,880 --> 01:01:35,040
से हैं। वो याचिका वाले उसमें है उनका नाम वो

871
01:01:35,040 --> 01:01:39,200
भी हमारी ओर हमारे उसमें हैं।

872
01:01:39,200 --> 01:01:43,200
याचिकाकर्ताओं की सूची में उनका भी नाम। तो इस व्यक्ति ने क्या

873
01:01:43,200 --> 01:01:47,360
किया? Facebook पर उसी नाम का व्यक्ति ढूंढने लगा। अब देखिए सामर डियर

874
01:01:47,360 --> 01:01:51,440
की हरकत देखिए सामर डिियर जैसी जो बुद्धि है क्यों कही

875
01:01:51,440 --> 01:01:55,520
जाती है तो यह जो व्यक्ति है ये Facebook

876
01:01:55,520 --> 01:01:59,600
पर सर्च करने लगा उस नाम को और इसको कोई उस नाम का

877
01:01:59,600 --> 01:02:03,680
व्यक्ति मिल भी गया और इसने उसको संपर्क भी कर लिया फोन

878
01:02:03,680 --> 01:02:07,920
भी हो गया और ये कहा कि भैया तुम्हारे नाम से तो वहां पर हाई कोर्ट में रामपाल

879
01:02:07,920 --> 01:02:13,840
के विरोध में मुकदमा लगने जा रहा है। तुम ऐसा करो तुम अपना नाम वापस ले लो।

880
01:02:13,840 --> 01:02:18,000
ठीक है? अब वह व्यक्ति घबरा गया मेरे नाम से कौन मुकदमा कर रहा है मैं तो हूं नहीं

881
01:02:18,000 --> 01:02:22,960
किसी लिस्ट में जबकि उस नाम का दूसरा व्यक्ति भी हो सकता है मगर सामर

882
01:02:22,960 --> 01:02:24,640
डियर जैसी बुद्धि होगी तो कहां

883
01:02:24,640 --> 01:02:28,720
व्यक्ति सोच पाएगा वो व्यक्ति दूसरे दिन हमारी अधिवक्ता को फोन कर रहा है कि आप

884
01:02:28,720 --> 01:02:33,200
मेरे नाम से मुकदमा पंजीकृत करा रही है याचिका कर रही है तो उनको

885
01:02:33,200 --> 01:02:37,360
ठीक किया हमारी अधिवक्ता ने रंजना अग्निहोत्री जी

886
01:02:37,360 --> 01:02:41,440
ने उनको हड़काया कि तुम ही एक हो क्या इस नाम की

887
01:02:41,440 --> 01:02:45,920
दुनिया में खैर

888
01:02:45,920 --> 01:02:49,920
यह व्यक्ति है दिनेश दास। इसने अनेकानेक वह जो आईजीआरएस हुई

889
01:02:49,920 --> 01:02:54,000
थी पहली वाली उसमें भी यही था और जो नीतू दासी को जो मोहरा बनाकर

890
01:02:54,000 --> 01:02:58,560
के काम किया उसमें भी षड्यंत्र करता यही व्यक्ति है।

891
01:02:58,560 --> 01:03:02,880
इसके बाद इसने अपनी ओर से व्यक्तिगत रूप से हम पर जो है एक प्रयास

892
01:03:02,880 --> 01:03:07,120
किया मुकदमा दर्ज कराने का। कौन सा कि हमने इसके जो सेंटर है उसको वैश्यालय

893
01:03:07,120 --> 01:03:11,120
कह दिया और उससे भी मन नहीं भरा। तो एक एक मुकदमा

894
01:03:11,120 --> 01:03:15,200
और कराने का प्रयास किया है कि इन्होंने जो हमारी जो ऑडियो

895
01:03:15,200 --> 01:03:19,200
है उसको डाल दिया है चैनल पर और ये लोग एक

896
01:03:19,200 --> 01:03:23,280
आरोप और लगाते हैं कि आपके चैनल पर केवल इतने समय में 80 हजार

897
01:03:23,280 --> 01:03:27,440
वीडियोस है। इसका मतलब आप आपने कुछ फोर 400 बीसी

898
01:03:27,440 --> 01:03:31,440
की है। समझ रहे हैं? इनको इससे इसमें

899
01:03:31,440 --> 01:03:35,760
भी इंटरेस्ट है। इनके चैनल पर 80000 वो सर्वशक्तिमान धर्म चैनल है। उस पर फॉलोवर्स

900
01:03:35,760 --> 01:03:41,200
ज्यादा है। तो इनको उसमें भी तकलीफ है।

901
01:03:41,200 --> 01:03:46,800
तो उससे भी इन्हें दिक्कत है। उसको भी आधार बना रहे हैं। खैर

902
01:03:46,800 --> 01:03:50,880
कम टू द पॉइंट। अच्छा बीच में सामर डियर वाली

903
01:03:50,880 --> 01:03:54,880
और भी हरकतें इन्होंने की थी। हमारा जो आवाान कॉल ऑफ धर्मा

904
01:03:54,880 --> 01:03:59,200
नाम से जो Instagram पेज है उसको

905
01:03:59,200 --> 01:04:03,280
बैन कर दिया था Instagram में। वो भी केवल भारत में। कोई

906
01:04:03,280 --> 01:04:07,360
ऐसा सरकारी वो नहीं है कि उसको किया जाए। उसमें भी हम हमारे

907
01:04:07,360 --> 01:04:11,840
पास समय नहीं ना। लड़ाईयां इतनी सारी है, समय नहीं है।

908
01:04:11,840 --> 01:04:17,280
मोर्चा बदलता रहता है। एनर्जी तो उतनी यूज़ होती है ना।

909
01:04:17,280 --> 01:04:21,360
तो उसके लिए हम कुछ कर नहीं पाए। करते तो वो भी होता भी लगा हुआ लाइन अप

910
01:04:21,360 --> 01:04:25,600
हो रहा है। हो सकता है वो ओपन भी हो जाए। तो इन्होंने फिर एक हमें नोटिस

911
01:04:25,600 --> 01:04:29,680
भेजा था। उसमें हमसे कह रहे हैं कि आपकी संस्था तो बैन है। हमारी संस्था ही बैन हो

912
01:04:29,680 --> 01:04:33,920
गई। आन कॉल ऑफ धर्मा नाम की Instagram पेज

913
01:04:33,920 --> 01:04:37,280
को अगर Instagram एक प्राइवेट

914
01:04:37,280 --> 01:04:41,520
तंत्र ने बंद कर दिया वो भी केवल इंडिया में अनअवेलेबल

915
01:04:41,520 --> 01:04:45,760
कर दिया तो उससे भारत सरकार के साथ पंजीकृत

916
01:04:45,760 --> 01:04:49,920
एक संस्था वो बैन हो गई बंद हो गई और यह लिख रहे हैं यह

917
01:04:49,920 --> 01:04:54,160
है सामर डियर वाली हरकतें खैर आगे चलते

918
01:04:54,160 --> 01:04:56,320
हैं

919
01:04:56,320 --> 01:04:56,820
तो

920
01:04:56,560 --> 01:05:01,120
फिर क्या हो रहा है आगे कि फोन कर बुलवा आने लगे और आमनासामना

921
01:05:01,120 --> 01:05:05,440
कराने का दबाव बनाने लगे। उत्पीड़ित होकर मैंने

922
01:05:05,440 --> 01:05:09,440
भगत भाई दिनेश दास को फोन लगाया जिन्होंने प्रतिपक्षी संख्या पांच से बात की

923
01:05:09,440 --> 01:05:13,440
और कहा कि यह तो हद हो गई कि एक महिला उत्पीड़न के मामले में आप

924
01:05:13,440 --> 01:05:17,680
पीड़ित महिला का सामना प्रतिपक्षियों उत्पीड़क तत्वों से कराना चाहते हैं।

925
01:05:17,680 --> 01:05:21,680
क्या कोई दूसरी घटना घटित कराएंगे सर? मैं चौकी से घर बयान

926
01:05:21,680 --> 01:05:25,920
देकर वापस आ गई। इसी दिन यानी 8225 को

927
01:05:25,920 --> 01:05:30,000
अब ये क्या कर रहे हैं ना यह कहानी बना रहे हैं कि पुलिस वालों को कैसे अब इसमें

928
01:05:30,000 --> 01:05:34,080
लपेटा जाए यह अब कहानी बनाई जा रही है तो

929
01:05:34,080 --> 01:05:38,080
क्या हो रहा है मैं चौकी से घर बयान देकर वापस आ गई

930
01:05:38,080 --> 01:05:42,720
इसी दिन यानी दिनांक 8225 को चौकी इंचार्ज साहब ने एक मनगढ़ंत

931
01:05:42,720 --> 01:05:46,960
कूट रचित रिपोर्ट उपलब्ध कर अपलोड कर दी इस अपलोड रिपोर्ट

932
01:05:46,960 --> 01:05:50,960
को देखने से पता चलता है कि चौकी इंचार्ज साहब ने अपनी रिपोर्ट

933
01:05:50,960 --> 01:05:55,040
में प्रतिपक्षी संख्या 6 7 8 9 10 को स्वतंत्र गवाह बनाया

934
01:05:55,040 --> 01:05:59,520
है। इन तथाकथित स्वतंत्र गवाहों के ना तो पिता पति का नाम लिखा गया है

935
01:05:59,520 --> 01:06:03,520
ना ही इनका किसी का पता। जबकि आईजीआरएस रिपोर्ट के कॉलम नौ में इस

936
01:06:03,520 --> 01:06:07,600
प्रकार लिखा है स्वतंत्र साक्षी गण के बयान। जांच अधिकारी का यह

937
01:06:07,600 --> 01:06:11,680
कृत अभियुक्तों को लाभ देने और प्रार्थनी को स्वयं प्रताड़ित करने की श्रेणी में

938
01:06:11,680 --> 01:06:15,680
आता है। सारी रिपोर्ट कूट कूट रचित है। रिपोर्ट देखकर

939
01:06:15,680 --> 01:06:19,920
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रतिपक्षी संख्या चार व पांच अन्य

940
01:06:19,920 --> 01:06:23,920
अभियुक्तों के साथ प्रार्थना को प्रताड़ित करवाने और अधिक प्रताड़ित करने

941
01:06:23,920 --> 01:06:28,720
में सक्रिय रूप से शामिल है। प्रतिपक्षी संख्या सात

942
01:06:28,720 --> 01:06:33,040
से मेरे गुरु भाई दिनेश दास जी ने जब रात को बात की।

943
01:06:33,040 --> 01:06:37,040
अब यहां पर एक कररेक्टर और आता है। उसके बारे में बता दूं। इनका नाम है नीता

944
01:06:37,040 --> 01:06:41,040
मल्होत्रा। जिस जगह पर यह सब हुआ है

945
01:06:41,040 --> 01:06:45,200
उस जगह पर यह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

946
01:06:45,200 --> 01:06:49,360
नीता मल्होत्रा तो नीता मल्होत्रा वहां पर जब ये

947
01:06:49,360 --> 01:06:53,600
चीजें जब ये घटना घटित हुई थी उसके बाद जब पुलिस को बयान लेने थे कि भाई कुछ स्थानीय

948
01:06:53,600 --> 01:06:57,600
लोगों के बयान दे दो तो हमारे पास स्थानीय लोग पर्याप्त थे। ऐसे लोग जो इस

949
01:06:57,600 --> 01:07:01,600
वीडियो में दिख रहे हैं वो लोग वहां पर बयान देने के लिए हमारे पास उपलब्ध

950
01:07:01,600 --> 01:07:05,680
थे और दिए भी हैं। मगर साथ में नीता मल्होत्रा भी आ गई

951
01:07:05,680 --> 01:07:09,760
सामाजिक कार्यकर्ता तो उन्होंने भी बयान दिया। संभवत उन्होंने भी उस दृश्य

952
01:07:09,760 --> 01:07:13,920
को देखा होगा। तो खैर उन्होंने भी अपना बयान दिया नीता मल्होत्रा

953
01:07:13,920 --> 01:07:18,000
जी ने। तो इस व्यक्ति ने क्या किया था? जैसे अभी

954
01:07:18,000 --> 01:07:22,400
रंजना रंजना अग्निहोत्री जी को भी फोन कर चुका है ये हमारी अधिवक्ता को।

955
01:07:22,400 --> 01:07:26,640
हमें तो करा ही है। बार-बार फोन करता था तो हमने उस विषय में भी शिकायत

956
01:07:26,640 --> 01:07:27,140
की

957
01:07:26,960 --> 01:07:31,200
थी और मैंने अभी आपको बताया ना कि फोन पर तोड़ने की कोशिश

958
01:07:31,200 --> 01:07:35,600
करता है अपने विरोधियों को कॉल करेगा और कहीं ना कहीं कुछ ऐसा प्रयास

959
01:07:35,600 --> 01:07:39,680
इसको लगता है कि ये चार्ल्स सोबराज का बाप है। इसको ऐसा लगता है। इसको

960
01:07:39,680 --> 01:07:43,760
पता नहीं है कि जो

961
01:07:43,760 --> 01:07:47,760
है कोई नहीं है। मत पड़ो चक्कर में कोई है

962
01:07:47,760 --> 01:07:51,920
नहीं टक्कर में। तो इसको ऐसा लगता है कि चाल सुबराज का पिता

963
01:07:51,920 --> 01:07:56,160
है। तो इसलिए सबको फोन लगाता है और ऐसी चाले खेलने की कोशिश

964
01:07:56,160 --> 01:08:00,240
करता है। मगर जितनी बार हमसे टकराया उतनी बार बेचारे को मुक्की खानी

965
01:08:00,240 --> 01:08:04,400
पड़ी। तो इसने क्या किया? नीता मल्होत्रा जी

966
01:08:04,400 --> 01:08:08,400
को जिन्होंने स्वतंत्र गवाह की सूची में एक नाम है। उन्होंने अपना नाम

967
01:08:08,400 --> 01:08:12,400
लिखवाया था। उसको रात को फोन किया। उनकी फैमिली वालों को पता है। मतलब वो

968
01:08:12,400 --> 01:08:16,640
उनको इतना भय दे दिया। उन्होंने थाना कोर्ट कचहरी नहीं देखा होगा भाई अपने जीवन

969
01:08:16,640 --> 01:08:20,640
में। तो वो डर गई भय के कारण या कोई उन पर

970
01:08:20,640 --> 01:08:24,640
दबाव ऐसा बनाया गया तो वो अगले दिन कहने लगी कि भाई मैंने नहीं देखा था मेरा नाम गलत

971
01:08:24,640 --> 01:08:28,800
लिखा गया है और आप मेरा नाम वापस ले लीजिए तब तक पुलिस अपनी रिपोर्ट सबमिट

972
01:08:28,800 --> 01:08:32,800
कर चुकी थी तो इस एक बात को खुद ही तो उसको बनाया दबाव

973
01:08:32,800 --> 01:08:36,800
डाल के खुद ही ऐसा बुलवाया उस एक बात को लेकर के

974
01:08:36,800 --> 01:08:40,960
इसने बना लिया कि पुलिस ने झूठी कारवाई की है। खैर सबसे

975
01:08:40,960 --> 01:08:42,160
बड़ी बात है ना कि हमारे

976
01:08:42,160 --> 01:08:46,080
पास वीडियो है।

977
01:08:46,080 --> 01:08:50,160
अच्छा तो फिर क्या हुआ कि

978
01:08:50,160 --> 01:08:54,240
मेरा मोबाइल नंबर तो उन्होंने बताया कि दरोगा जी ने मेरा नाम मोबाइल

979
01:08:54,240 --> 01:08:58,240
नंबर किसी फलाने व्यक्ति के कहने पर डाला है। मैं स्वयं एक एनजीओ

980
01:08:58,240 --> 01:09:02,240
महिला संरक्षण के लिए चलाती हूं। यह सब इसने अपने मन से लिखा है।

981
01:09:02,240 --> 01:09:06,240
यह उन्होंने नहीं कहा। ये इसने अपने मन से लिखा है। उन्होंने पुलिस में यह जरूर कहा

982
01:09:06,240 --> 01:09:10,400
कि इस मामले में मुझे कुछ नहीं पता। मगर यह जो बात है कि चलाती हूं महिला उत्पीड़न

983
01:09:10,400 --> 01:09:14,480
के खिलाफ कैसे बयान दे सकती हूं। है ना? यह इसने अपने मन से लिख लिया

984
01:09:14,480 --> 01:09:18,480
उनके नाम से। उन्होंने एक प्रार्थना पत्र भी दिया जिसका मजमून इस प्रकार है। देखिए

985
01:09:18,480 --> 01:09:22,480
अब यह प्रार्थना पत्र दिखा रहा है। तो इसमें देखिएगा क्या नीता मल्होत्रा

986
01:09:22,480 --> 01:09:26,560
यह कह रही है कि भाई मैं महिला मैं उत्पीड़ित महिला के खिलाफ बयान कैसे दे

987
01:09:26,560 --> 01:09:30,560
सकती हूं? तो इसमें दिखा रहा है महोदय कल एक शिकायत में मेरा नाम

988
01:09:30,560 --> 01:09:34,560
फोन नंबर ये नीता मल्होत्रा दे दिया गया है जिसको हटा दिया जाए। मेरा

989
01:09:34,560 --> 01:09:38,880
ऐसे मामले से कोई लेना देना नहीं है। कृपया नाम फोन नंबर हटा दिया जाए। बस

990
01:09:38,880 --> 01:09:42,960
यह प्रार्थना की है। इसमें कहीं नहीं लिखा कि मैं ये कैसे कर सकती

991
01:09:42,960 --> 01:09:47,920
हूं। वो कैसे कर सकती हूं। ठीक है?

992
01:09:47,920 --> 01:09:52,000
यह [गला साफ़ करने की आवाज़] इन्होंने दिया था जिसमें कोई दो राय नहीं। तो अतः उपरोक्त

993
01:09:52,000 --> 01:09:56,000
विश्लेषण एवं प्रस्तुत तथ्यों परिस्थितियों के सापेक्ष आप जी से प्रार्थना

994
01:09:56,000 --> 01:10:00,400
है कि मुझ महिला प्रार्थनी का जो उत्पीड़न हुआ है के संबंध में थाना आशियाना

995
01:10:00,400 --> 01:10:04,400
लखनऊ पर बीएनएस 2023 की संगत धाराओं में इस तहरीर के आधार पर जो

996
01:10:04,400 --> 01:10:08,640
भी धाराएं बनती हैं के क्रम में थाना आशियाना पर अभियोग पंजीकृत

997
01:10:08,640 --> 01:10:12,720
करें। थाना आशियाना पर भी अभियोग पंजीकृत करवाएंगे। यह है सामर

998
01:10:12,720 --> 01:10:16,880
डियर वाली बुद्धि। ठीक है।

999
01:10:16,880 --> 01:10:21,440
इसको कहते हैं जेब में नहीं है ट्ल्ला टिल्ला और मांग रहे हैं लाल किला।

1000
01:10:21,440 --> 01:10:25,600
खैर लखनऊ पर बीएएस 2023 की संगत धाराओं में इस तहरीर

1001
01:10:25,600 --> 01:10:29,760
के आधार पर जो भी धाराएं बनती हैं के क्रम में थाना आसियाना

1002
01:10:29,760 --> 01:10:34,000
पर अभियोग पंजीकृत करने के आदेश पारित करने की कृपा करें। प्राथमिक परिवार सहित

1003
01:10:34,000 --> 01:10:38,080
व साक्षियों सहित अत्यंत पीड़ित व भयभीत है। यह सब प्रतिपक्षी गण मेरे

1004
01:10:38,080 --> 01:10:42,240
मेरे परिवार साक्षियों के साथ कोई भी अप्रिय घटना को यथा

1005
01:10:42,240 --> 01:10:46,400
मरवा देना, झूठे मुकदमे में फंसवा देना इत्यादि कार्य कर सकते हैं। जिससे बचने

1006
01:10:46,400 --> 01:10:50,640
के लिए हमें सुरक्षा भी उपलब्ध कराने हेतु पुलिस आयुक्त लखनऊ को एक निर्देश

1007
01:10:50,640 --> 01:10:55,840
पत्र जारी करने की कृपा करें। फिर यह सब हो गया।

1008
01:10:55,840 --> 01:10:59,920
यह इन्होंने दिया जब कोर्ट में

1009
01:10:59,920 --> 01:11:03,200
तो कोर्ट में जो प्रारंभिक न्यायालय

1010
01:11:03,200 --> 01:11:07,200
था उसने इनका एफआईआर कराना यह

1011
01:11:07,200 --> 01:11:11,200
सब सब मना कर दिया जिसके जिसके अगेंस्ट जिस ऑर्डर के

1012
01:11:11,200 --> 01:11:15,440
अगेंस्ट यह लोग कहां गए अपर जिला एवं सत्र

1013
01:11:15,440 --> 01:11:19,840
न्यायाधीश कोर्ट संख्या 14 फिर वहां पर इस चीज को सुना गया कि एफआईआर

1014
01:11:19,840 --> 01:11:24,320
दर्ज होगी कि नहीं होगी और तब जो आर्डर

1015
01:11:24,320 --> 01:11:28,720
दिया है अदालत ने वह मैं आपको सुना रहा हूं न्यायालय

1016
01:11:28,720 --> 01:11:34,720
ने तो कुछ वैसी टर्म्स हैं जिसमें कि

1017
01:11:34,720 --> 01:11:39,040
इनका कोर्ट पर आरोप लगा जब ये अपर कोर्ट में गए तो निचली

1018
01:11:39,040 --> 01:11:43,280
अदालत पर इन्होंने एक अ

1019
01:11:43,280 --> 01:11:47,280
आरोप लगाया कि भाई ये ठीक से ठीक निर्णय नहीं दिया है एफआईआर

1020
01:11:47,280 --> 01:11:53,280
ना कराने वाला तो इन्होंने कोर्ट पर भी आरोप लगाया ये सब पर आरोप लगा देंगे

1021
01:11:53,840 --> 01:11:58,640
तो [गला साफ़ करने की आवाज़] खैर खैर कुछ कानूनी टर्म्स है। मैं सीधे उस पर आता हूं कि फिर वहां पर आगे

1022
01:11:58,640 --> 01:12:04,640
निर्णय पत्र में और क्या लिया गया है।

1023
01:12:06,080 --> 01:12:12,080
अच्छा इन्होंने जब अपर कोर्ट में जब यह लगाया है

1024
01:12:12,400 --> 01:12:16,400
सेशन में जब ये लगाया है जिला कोर्ट में जिला न्यायालय में तो वहां पर इन्होंने कहा

1025
01:12:16,400 --> 01:12:20,560
है कि न्यायालय द्वारा कुछ बयानों का संज्ञान नहीं

1026
01:12:20,560 --> 01:12:24,560
लिया गया। झूठी कथित थाने की रिपोर्ट्स को आधार बनाकर आदेश पारित किया गया

1027
01:12:24,560 --> 01:12:29,360
है जो कि कतई संधार्य नहीं है।

1028
01:12:29,360 --> 01:12:33,520
विचारण न्यायालय ने प्रश्नगत आदेश पारित करने में विधिक त्रुटि

1029
01:12:33,520 --> 01:12:37,920
की है। प्रश्नगत आदेश पारित करने में विचारण न्यायालय

1030
01:12:37,920 --> 01:12:42,240
द्वारा तथ्य एवं विधि की त्रुटि की है। अतः

1031
01:12:42,240 --> 01:12:46,240
संधार्य नहीं रखा जा सकता है। अतः माननीय न्यायालय से न्याय

1032
01:12:46,240 --> 01:12:50,240
हित में प्रार्थना है कि निगरानी स्वीकार कर प्रश्नगत आदेश

1033
01:12:50,240 --> 01:12:54,720
को खंडित करने तथा संय अपराध होने के कारण विपक्षी गण

1034
01:12:54,720 --> 01:12:58,720
दो तथा 11 के विरुद्ध प्रथम सूचना दर्ज करवा

1035
01:12:58,720 --> 01:13:02,880
विवेचना कराए जाने का निर्देश अपर न्यायालय को जारी करने की कृपा

1036
01:13:02,880 --> 01:13:08,640
करें। यह इन्होंने लगा दिया।

1037
01:13:08,640 --> 01:13:12,800
अब सुनिए आगे कोर्ट क्या कह रही है। विपक्षी गण द्वारा

1038
01:13:12,800 --> 01:13:16,880
आपत्ति प्रस्तुत कर कथन किया गया है कि वर्तमान दांडिक निगरानी झूठे

1039
01:13:16,880 --> 01:13:21,680
मनगढ़ंत गुमराह करने वाले और दुर्भावनापूर्ण

1040
01:13:21,680 --> 01:13:25,760
तथ्यों के आधार पर दायर की गई है। यह निर्णय में लिखा है। सबसे पहले कोर्ट ने

1041
01:13:25,760 --> 01:13:30,480
यह चीज शामिल की है कि

1042
01:13:30,480 --> 01:13:34,640
वर्तमान दांडिक निगरानी मतलब निगरानी

1043
01:13:34,640 --> 01:13:38,240
मतलब वह जो

1044
01:13:38,240 --> 01:13:42,080
जो हम लोग निचली अदालत से

1045
01:13:42,080 --> 01:13:46,160
निर्णय लेकर आए हैं उस पर आप जो है जा निगरानी मतलब उसको देखें अवलोकन

1046
01:13:46,160 --> 01:13:50,800
करें तो वर्तमान दांडिक निगरानी झूठे मनगढ़ंत

1047
01:13:50,800 --> 01:13:54,880
गुमराह करने वाले और दुर्भावना पूर्ण तथ्यों के आधार पर दायर की गई

1048
01:13:54,880 --> 01:13:59,120
है। जिसका एकमात्र मकसद प्रतिवादियों को परेशान

1049
01:13:59,120 --> 01:14:03,360
करना है। उन पर दबाव डालना है। यह कोर्ट के निर्णय

1050
01:14:03,360 --> 01:14:07,360
में है। क्या कह रहे हैं? कोर्ट इस बात

1051
01:14:07,360 --> 01:14:11,360
को लेकर चल रही है जिसका एकमात्र मकसद प्रतिवादियों को

1052
01:14:11,360 --> 01:14:15,520
परेशान करना, उन पर दबाव डालना, उनसे बदला

1053
01:14:15,520 --> 01:14:19,680
लेना है। किससे? शिवश नारायण द्विवेदी से। क्यों? क्योंकि उसने हाई

1054
01:14:19,680 --> 01:14:23,760
कोर्ट में याचिका लगाई है ना कि रामपाल हिंदू धर्म का अपमान कर रहा

1055
01:14:23,760 --> 01:14:27,440
है।

1056
01:14:27,440 --> 01:14:31,600
इललीगल क्रिमिनल एक्टिविटीज बहुत सारी हो रही हैं। इललीगल

1057
01:14:31,600 --> 01:14:36,640
रूप से किताबें छप रही हैं। जिनमें हिंदू देवी देवताओं का अपमान है। अत्यंत

1058
01:14:36,640 --> 01:14:40,720
गंभीर चरित्र चित्रण किया गया है। उन

1059
01:14:40,720 --> 01:14:44,720
सबका जिन पर हमारी बहुत आस्था है। इस बात को लेकर

1060
01:14:44,720 --> 01:14:48,880
शिवश नारायण द्विवेदी हाई कोर्ट में लड़ रहा है ना। तो

1061
01:14:48,880 --> 01:14:53,120
उस पर दबाव डालने के लिए यह किया गया है। उक्त निगरानी विधिक

1062
01:14:53,120 --> 01:14:58,000
प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। घोर दुरुपयोग

1063
01:14:58,000 --> 01:15:02,240
अब आपको आनंद आएगा लगातार। तो उक्त निगरानी विधिक

1064
01:15:02,240 --> 01:15:06,240
प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। इसे किसी वास्तविक शिकायत के

1065
01:15:06,240 --> 01:15:10,320
समाधान के लिए नहीं बल्कि निगरानी और उसके सहयोगियों

1066
01:15:10,320 --> 01:15:14,800
की गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ निजी प्रतिवादियों

1067
01:15:14,800 --> 01:15:18,960
द्वारा पहले उठाए गए वैध आपत्तियों और शिकायतों के जवाब

1068
01:15:18,960 --> 01:15:24,080
में जवाबी कार्यवाही के तौर पर दायर किया गया है।

1069
01:15:24,080 --> 01:15:29,120
विपक्षी मतलब हमने जो कानूनी कारवाईयां हम जो कर रहे हैं

1070
01:15:29,120 --> 01:15:33,360
उस उनके हमने जो वैध आपत्तियां की हैं उनके

1071
01:15:33,360 --> 01:15:37,840
जवाब में जवाबी कारवाही के तौर पर दायर किया गया है। विपक्षी

1072
01:15:37,840 --> 01:15:41,840
गणों के विरुद्ध प्रथम दृष्ट्या कोई भी आरोप नहीं बनता है और

1073
01:15:41,840 --> 01:15:43,200
विद्वान मजिस्ट्रेट

1074
01:15:43,200 --> 01:15:47,840
पारित आदेश विधि के अनुसार है। विद्वान विचारण न्यायालय के न्यायिक

1075
01:15:47,840 --> 01:15:52,320
मस्तिष्क का उपयोग करके और कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पूर्ण अनुपालन

1076
01:15:52,320 --> 01:15:58,080
करने के बाद आक्षेपित आदेश पारित किया गया है।

1077
01:15:58,080 --> 01:16:02,400
तो इसके [गला साफ़ करने की आवाज़] बाद आगे क्या है? मामले के संक्षिप्त तथ्य

1078
01:16:02,400 --> 01:16:06,880
और पृष्ठभूमि यह पढ़िए। अपीलकर्ता का वास्तविक आचरण

1079
01:16:06,880 --> 01:16:11,440
बहुत बड़े मूल सनातनी है ना। अब देखिए क्या लिखा है। निगरानी

1080
01:16:11,440 --> 01:16:15,440
नीतू दासी सीधे या परोक्ष रूप से सतलोक

1081
01:16:15,440 --> 01:16:19,440
आश्रम नामदान सेंटर नाम से चल रहे एक समूह से जुड़ी

1082
01:16:19,440 --> 01:16:23,760
है। यह समूह रामपाल से जुड़ा है जो खुद को भगवान

1083
01:16:23,760 --> 01:16:27,840
बताता है। बताने वाला एक व्यक्ति है और हत्या जैसे गंभीर

1084
01:16:27,840 --> 01:16:31,840
मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्र कैद की सजा

1085
01:16:31,840 --> 01:16:37,120
भी काट रहा है। अभी जमानत पर है।

1086
01:16:37,120 --> 01:16:41,120
अब रामपाल को अन्य मामलों के अलावा निम्नलिखित मामलों में दोषी

1087
01:16:41,120 --> 01:16:45,120
भी ठहराया गया है। मुकदमा भी चलाया गया है। उसमें रामपाल के मुकदमे

1088
01:16:45,120 --> 01:16:49,440
मेंशन है। यहां पर रामपाल के जो मुकदमे हैं एफआईआर

1089
01:16:49,440 --> 01:16:54,000
नंबर 429 ब 429 2014

1090
01:16:54,000 --> 01:16:58,160
सीएआर एचआरएच एस मतलब वो सारा सीरियल नंबर

1091
01:16:58,160 --> 01:16:58,660
भी

1092
01:16:58,320 --> 01:17:02,480
है। यह समूह हिंदू सनातनी आस्था को नीचा दिखाने के मकसद

1093
01:17:02,480 --> 01:17:07,280
से संगठित और व्यवस्थित गतिविधियों में शामिल है।

1094
01:17:07,280 --> 01:17:11,280
यह कोर्ट के आदेश में है जिसमें हिंदू देवी देवताओं जो यह

1095
01:17:11,280 --> 01:17:15,600
कहते हैं ना क्लीन चिट मिल गई क्लीन चिट मिल गई यह पढ़ लेना क्लीन चिट तुम्हारी

1096
01:17:15,600 --> 01:17:19,680
किताबों के लिए यह कोर्ट कोर्ट के आदेश में लिखा है तुम्हारी

1097
01:17:19,680 --> 01:17:23,920
किताबों के बारे में क्या लिखा है जिसमें हिंदू

1098
01:17:23,920 --> 01:17:28,080
देवी देवताओं धर्म ग्रंथों संतों और धार्मिक प्रतीकों

1099
01:17:28,080 --> 01:17:32,320
के खिलाफ अश्लील विकृत और अपमानजनक सामग्री का प्रचार प्रसार करना

1100
01:17:32,320 --> 01:17:36,800
शामिल है। प्रत्यार्थियों प्रत्यार्थियों

1101
01:17:36,800 --> 01:17:40,880
ने आपत्तिजनक किताबों के गैर कानानूनी प्रकाशन, बिक्री

1102
01:17:40,880 --> 01:17:44,880
और वितरण और बिना इजाजत चल रहे नामदार नामदान

1103
01:17:44,880 --> 01:17:49,280
केंद्रों के खिलाफ कानूनी आपत्तियां और शिकायतें दर्ज

1104
01:17:49,280 --> 01:17:53,360
कराई। यह केंद्र समाज के कमजोर वर्गों का ब्रेन

1105
01:17:53,360 --> 01:17:57,360
वाश करते हैं और जबरदस्ती या बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन

1106
01:17:57,360 --> 01:18:01,360
करवा धर्म परिवर्तन जैसा आस्था का परिवर्तन करवाते हैं जो कानून की

1107
01:18:01,360 --> 01:18:05,840
नजर में एक अपराध है। यह निगरानी यह निगरानी निगरानी

1108
01:18:05,840 --> 01:18:10,240
ने प्रतिशोध और बदले की भावना से दायर की है। जिसका एकमात्र उद्देश्य

1109
01:18:10,240 --> 01:18:13,520
प्रत्यार्थियों को चुप कराना और उन्हें कानूनी उपाय करने

1110
01:18:13,520 --> 01:18:14,880
से रोकना है।

1111
01:18:14,880 --> 01:18:19,040
देखिए निगरानी ने स्वयं आईजीआरएस पोर्टल

1112
01:18:19,040 --> 01:18:23,520
पर दर्ज अपनी शिकायत में ऐसी किताबों के प्रमोशन और बिक्री में अपनी

1113
01:18:23,520 --> 01:18:27,520
भागीदारी स्वीकार की है जिससे उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से

1114
01:18:27,520 --> 01:18:31,920
साबित होती है। अब अगला है अपीलकर्ता

1115
01:18:31,920 --> 01:18:36,640
नीतू दासी द्वारा अपराधिक आपराधिक धमकी और झूठी धमकियां।

1116
01:18:36,640 --> 01:18:41,600
निगरानी ने खुलेआम रेस्पोंडेंट्स को डराने के लिए छेड़छाड़,

1117
01:18:41,600 --> 01:18:45,600
जाति के आधार पर गाली गलौज और दूसरे गंभीर अपराधों के

1118
01:18:45,600 --> 01:18:50,000
झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। कई मौकों पर निगरानी

1119
01:18:50,000 --> 01:18:54,160
ने दिनेश चंद्र छोकरा समेत अपने साथियों के साथ मिलकर

1120
01:18:54,160 --> 01:18:58,480
अधिकारियों और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की। जिसमें गुमराह

1121
01:18:58,480 --> 01:19:02,720
करने वाले रिप्रेजेंटेशन फाइल करना और

1122
01:19:02,720 --> 01:19:06,960
गैर कानानूनी दबाव डालना शामिल था। और सुनिए

1123
01:19:06,960 --> 01:19:11,040
आगे और क्या लिखा है कोर्ट के निर्णय में। यह तो बहुत आपके लिए आवश्यक है। कोर्ट

1124
01:19:11,040 --> 01:19:15,040
का निर्णय मैं पीडीएफ बनाकर डाल दूंगा आपके लिए। यह बहुत काम आएगा

1125
01:19:15,040 --> 01:19:19,840
कोर्ट का निर्णय। क्योंकि इसमें ये सब इन्होंने लिया है ना।

1126
01:19:19,840 --> 01:19:24,080
ये इन सब चीजों को यहां पर प्रदर्शित कर दिया निर्णय में कि

1127
01:19:24,080 --> 01:19:28,080
इनकी वास्तविक स्थिति क्या है जिसके लिए ढिंढोरा पीटते

1128
01:19:28,080 --> 01:19:30,800
हैं। क्लीन चिट क्लीन चिट

1129
01:19:30,800 --> 01:19:35,440
क्या लिखा है? संगठित समूह और षड्यंत्र निगरानी

1130
01:19:35,440 --> 01:19:39,680
नीतू दासी उर्फ श्रीमती नीतू शर्मा रवि कुमार और दूसरे साथियों

1131
01:19:39,680 --> 01:19:44,160
के साथ मिलकर एक ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप के तौर पर काम करती हैं

1132
01:19:44,160 --> 01:19:45,840
और उनके गैर कानूनी काम

1133
01:19:45,840 --> 01:19:49,840
आपस में जुड़े हुए हैं। जब सरोजनी नगर में एक गैर कानानूनी नामदान सेंटर के बारे

1134
01:19:49,840 --> 01:19:54,640
में कुछ लोगों के विरुद्ध शिकायत की गई तब भी पूरे ग्रुप ने मिलकर

1135
01:19:54,640 --> 01:19:58,400
अ

1136
01:19:58,400 --> 01:20:02,640
दबाव बनाया जिससे एक जैसा इरादा और साजिश साबित

1137
01:20:02,640 --> 01:20:06,640
हुई। धार्मिक मान्यताओं का जानबूझकर अपमान। उस

1138
01:20:06,640 --> 01:20:11,040
ग्रुप द्वारा शेयर किए गए मटेरियल में हिंदू देवी देवताओं

1139
01:20:11,040 --> 01:20:15,120
जैसे मां दुर्गा, भगवान श्री राम, भगवान हनुमान, भगवान शिव के साथ

1140
01:20:15,120 --> 01:20:19,520
साथ वेद और भगवत गीता जैसे पवित्र ग्रंथों के बारे में गंदी, भद्दी

1141
01:20:19,520 --> 01:20:21,520
और ई निंदा वाली बातें लिखी

1142
01:20:21,520 --> 01:20:26,080
हुई हैं। ऐसे कामों के लिए साफ तौर पर आईपीसी की धारा

1143
01:20:26,080 --> 01:20:30,240
153 ए, 295 ए, 298 के साथ-साथ

1144
01:20:30,240 --> 01:20:34,400
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के संबंधित नियमों के तहत भी अपराध बनता

1145
01:20:34,400 --> 01:20:38,480
है। इसमें एक धारा और वह आती थी शायद 308

1146
01:20:38,480 --> 01:20:43,040
जो हमारी एफआईआर में लगी जिसमें 10 साल की सजा है।

1147
01:20:43,040 --> 01:20:47,360
दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न कराने का प्रयास करना। तो

1148
01:20:47,360 --> 01:20:51,360
फर्जी पब्लिशिंग और अवैध वितरण उस ग्रुप द्वारा

1149
01:20:51,360 --> 01:20:54,880
बांटी गई किताबों में पब्लिशर की सही जानकारी सीएसटी

1150
01:20:54,880 --> 01:20:58,960
नंबर जीएसटी नंबर और रजिस्ट्रेशन नहीं बताया गया है। कहा

1151
01:20:58,960 --> 01:21:03,520
जा रहा है कि प्रिंटर कबीर प्रिंटर सी 117 बवाना इंडस्ट्रियल एरिया

1152
01:21:03,520 --> 01:21:07,680
हमारी सारी चीजों को कोर्ट ने एज इट इज लिया है। इसमें निर्णय

1153
01:21:07,680 --> 01:21:11,680
बवाना इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली में मौजूद नहीं पाया गया है और इसकी पुष्टि

1154
01:21:11,680 --> 01:21:16,080
करने वाले वीडियो सबूत सुरक्षित रखे गए हैं।

1155
01:21:16,080 --> 01:21:20,080
उत्तरदाता कानून मानने वाले नागरिक और सोशल एक्टिविस्ट है। अब

1156
01:21:20,080 --> 01:21:24,320
हमारी बात आ रही है। प्रतिवादियों का चित्रण अभी तक तो किसका

1157
01:21:24,320 --> 01:21:29,600
चित्रण था? अभी तक किसका चित्रण हुआ था?

1158
01:21:29,600 --> 01:21:35,600
अपीलकर्ता नीतू दासी

1159
01:21:36,880 --> 01:21:41,200
इनका चरित्र चित्रण हुआ था अभी तक। अब प्रतिवादियों का चरित्र

1160
01:21:41,200 --> 01:21:45,200
क्या लिखा है? उत्तरदाता कानून मानने वाले नागरिक और

1161
01:21:45,200 --> 01:21:49,440
सोशल एक्टिविस्ट हैं। जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।

1162
01:21:49,440 --> 01:21:53,520
यह अपील सिर्फ गैर कानूनी और एंटी सोशल कामों के

1163
01:21:53,520 --> 01:21:57,600
खिलाफ समाज के विरोध को डराने और दबाने के लिए दायर

1164
01:21:57,600 --> 01:22:01,600
की गई है। विधिक स्थिति क्या है? यह कानून

1165
01:22:01,600 --> 01:22:05,680
का एकत नियम है। अब विधिक स्थिति बताई जा रही है कि

1166
01:22:05,680 --> 01:22:09,680
गलत इरादे बदले या गलत इरादे से शुरू की गई क्रिमिनल कारवाही शुरू में

1167
01:22:09,680 --> 01:22:13,680
ही खारिज की जा सकती है। फिर आगे

1168
01:22:13,680 --> 01:22:17,760
कानूनी टर्म्स बताई गई हैं और इसी

1169
01:22:17,760 --> 01:22:21,840
क्रम में अंत तक आते-आते

1170
01:22:21,840 --> 01:22:25,840
कुछ जो पूर्व में हाई कोर्ट या सुप्रीम

1171
01:22:25,840 --> 01:22:30,000
कोर्ट में जो केसेस चले हैं उन लगभग मिलते जुलते निर्णय उसमें

1172
01:22:30,000 --> 01:22:36,000
क्या निर्णय दिए हैं वह सब

1173
01:22:37,200 --> 01:22:41,760
फिर बताते हुए न्यायालय ने कहा कि भाई विद्वान

1174
01:22:41,760 --> 01:22:45,840
विचारण न्यायालय द्वारा उन्होंने अपनी टर्म में बहुत से उदाहरण दिए

1175
01:22:45,840 --> 01:22:50,000
कि जब ऐसी स्थिति आई थी तो क्या आदेश दिया गया था। फिर बहुत से उदाहरण देते

1176
01:22:50,000 --> 01:22:54,000
हुए अंत में फिर आदेश लिखा है। आदेश क्या लिखा है

1177
01:22:54,000 --> 01:22:58,160
कि नीतू दासी उर्फ आदेश शुरू से पढ़ देता हूं मैं।

1178
01:22:58,160 --> 01:23:02,480
प्रस्तुत दांडिक पुनरेक्षण यानी अपील संख्या

1179
01:23:02,480 --> 01:23:07,200
670 संख्या 670/25 अंतर्गत

1180
01:23:07,200 --> 01:23:09,680
धारा 438/40

1181
01:23:09,680 --> 01:23:13,760
बीएसएस नीतू दासी उर्फ नीतू शर्मा बनाम

1182
01:23:13,760 --> 01:23:18,000
राज्य व अन्य निरस्त किया जाता है। निरस्त

1183
01:23:18,000 --> 01:23:22,000
किया जाता है। भगा दिया गया है कोर्ट से तुम

1184
01:23:22,000 --> 01:23:27,440
लोगों को। झूठ बोलने वालों तथाकथित

1185
01:23:27,440 --> 01:23:32,560
भगवान के चेलों भागो

1186
01:23:32,560 --> 01:23:36,800
और जो तुम लोग रील बना के फिरते हो रील के बादशाह वीडियो

1187
01:23:36,800 --> 01:23:41,280
के बादशाह एक्टिंग के बादशाह जिस दिन हम लोग नाटक करने पर आ गए ना

1188
01:23:41,280 --> 01:23:45,680
रिपोर्टर खड़ा है आज जो रिपोर्टर है कल वो वो हो जाएगा भटका

1189
01:23:45,680 --> 01:23:49,760
हुआ हिंदू फिर कल जो भटका हुआ हिंदू था आज रिपोर्टर को हो जाएगा ये सब

1190
01:23:49,760 --> 01:23:53,760
नौटंकी जो तुम लोग किया करते हो हम में से जिस दिन कोई चटनी चटा

1191
01:23:53,760 --> 01:23:57,920
देगा तुम लोगों को चूर्ण बना करके जो फेक वीडियोस फेक नैरेटिव्स

1192
01:23:57,920 --> 01:24:03,360
तुम लोग फैलाया करते हो

1193
01:24:03,360 --> 01:24:08,160
ये पढ़ लो आदेश तुम तो भगवान वाले हो ना

1194
01:24:08,160 --> 01:24:12,160
पढ़ो आदेश क्या लिखा है तुम्हारी तो हर जगह जीत होनी चाहिए

1195
01:24:12,160 --> 01:24:14,320
भाई

1196
01:24:14,320 --> 01:24:18,320
लग रहा है कि तुम्हारा जो काल है वह तुम्हारे बाबा पर भारी पड़

1197
01:24:18,320 --> 01:24:22,960
रहा है हां मैं काल हूं यह देख ले

1198
01:24:22,960 --> 01:24:28,960
तुम जैसे लोगों के लिए काल ही हूं मैं।

1199
01:24:29,600 --> 01:24:32,960
तो क्या आया है आदेश?

1200
01:24:32,960 --> 01:24:38,800
प्रस्तुत दांडिक पुनरीक्षण संख्या 670 ब25

1201
01:24:38,800 --> 01:24:43,040
अंतर्गत धारा 438 ब 440 बी एनएसएस

1202
01:24:43,040 --> 01:24:47,120
नीतू दासी उर्फ नीतू शर्मा बनाम राज्य व अन्य निरस्त

1203
01:24:47,120 --> 01:24:51,200
किया जाता है बनाम रील इस पर निरस्त कर दिया है

1204
01:24:51,200 --> 01:24:55,200
जो क्लीन चिट क्लीन चिट हमारी किताबों को क्लीन

1205
01:24:55,200 --> 01:24:59,200
चिट दी गई है फिर आगे क्या लिखा है मालूम है जो इन्होंने कहा था

1206
01:24:59,200 --> 01:25:03,360
ना एफआईआर कराओ एफआईआर न्यायालय मुख्य न्यायिक

1207
01:25:03,360 --> 01:25:07,680
मजिस्ट्रेट लखनऊ द्वारा अंतर्गत धारा 1734

1208
01:25:07,680 --> 01:25:12,160
बीएएसएस प्रकीर्णवाद संख्या 858

1209
01:25:12,160 --> 01:25:16,480
ब25 नीतू दासी उर्फ श्रीमती नीतू शर्मा बनाम

1210
01:25:16,480 --> 01:25:21,120
राबू द्विवेदी व अन्य में पारित आदेश दिनांकित

1211
01:25:21,120 --> 01:25:25,120
6825 पुष्ट किया जाता है।

1212
01:25:25,120 --> 01:25:29,440
सही है वह आदेश एफआईआर कराओगे झूठी

1213
01:25:29,440 --> 01:25:34,160
झूठे आरोप लगा के

1214
01:25:34,160 --> 01:25:38,240
निगरानी पत्रावली नियमानुसार दाखिल दफ्तर

1215
01:25:38,240 --> 01:25:42,240
हो विचारण न्यायालय की पत्रावली इस आदेश की प्रति के साथ

1216
01:25:42,240 --> 01:25:47,440
अविलंब वापस प्रेषित की जावे नीरज कुमार बरनवाल

1217
01:25:47,440 --> 01:25:51,600
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 14 लखनऊ दिनांक

1218
01:25:51,600 --> 01:25:54,480
17726

1219
01:25:54,480 --> 01:25:58,560
उक्त निर्णय आज मेरे द्वारा खुले न्यायालय में हस्ताक्षरित

1220
01:25:58,560 --> 01:26:02,720
एवं दिनांकित कर सुनाया नीरज कुमार बरनवाल

1221
01:26:02,720 --> 01:26:07,440
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 14

1222
01:26:07,440 --> 01:26:12,640
लखनऊ 177 2026 समझ लिया

1223
01:26:12,640 --> 01:26:15,920
इसीलिए मैं कहता हूं

1224
01:26:15,920 --> 01:26:19,120
कि वो

1225
01:26:19,120 --> 01:26:24,320
जो बड़ा सा वो होता है ना क्या कहते हैं उसे

1226
01:26:24,320 --> 01:26:28,560
बड़ा सा जान क्या होता है बड़ा सा जानवर होता है ना बड़ा हु

1227
01:26:28,560 --> 01:26:32,880
करके हां हाथी

1228
01:26:32,880 --> 01:26:37,120
वो बड़ा सा जानवर होता है ना समझ रहे हो कौन

1229
01:26:37,120 --> 01:26:40,240
सा जानवर होता है वो

1230
01:26:40,240 --> 01:26:44,240
हाथी वो हम है और वो जो होता

1231
01:26:44,240 --> 01:26:48,720
है ना

1232
01:26:48,720 --> 01:26:52,880
वो तुम हो समझ में आ रहा है क्योंकि तुम

1233
01:26:52,880 --> 01:26:57,840
खड़े हो झूठ के साथ तुम खड़े हो षड्यंत्र के साथ

1234
01:26:57,840 --> 01:27:03,440
तुम खड़े हो नकली कालनेमी को गुरु बनाकर

1235
01:27:03,440 --> 01:27:07,440
तुम खड़े हो शास्त्रों का

1236
01:27:07,440 --> 01:27:11,600
गलत अर्थ करते हुए उसके समर्थन में

1237
01:27:11,600 --> 01:27:15,760
तुम खड़े हो हमारे सर्वशक्तिमान

1238
01:27:15,760 --> 01:27:19,680
ईश्वर के अपमान के समर्थन में

1239
01:27:19,680 --> 01:27:24,560
और हम हम खड़े हैं गुरु गोविंद और ग्रंथ के साथ

1240
01:27:24,560 --> 01:27:29,200
गुरु गोविंद और ग्रंथ के साथ सत्य के साथ ईश्वर के के साथ

1241
01:27:29,200 --> 01:27:33,360
सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म

1242
01:27:33,360 --> 01:27:34,320
है कोई माय का

1243
01:27:34,320 --> 01:27:40,160
लाल जो टकरा सकता है हमसे

1244
01:27:40,160 --> 01:27:45,040
नहीं टकरा सकता क्योंकि हमारे पास सत्य के अलावा कुछ है ही नहीं

1245
01:27:45,040 --> 01:27:49,440
हम तुम्हारी तरह नहीं है जिसने अपने जमीर को मार दिया

1246
01:27:49,440 --> 01:27:53,440
है जिसने सोच लिया है कि मैं तो झूठा हूं

1247
01:27:53,440 --> 01:27:57,760
तो मैं झूठ बोलूंगा हमारे को झूठ बोलने की आवश्यकता

1248
01:27:57,760 --> 01:28:01,760
नहीं है हमारा सत्य ही इतना धारदार है,

1249
01:28:01,760 --> 01:28:05,760
इतना पैना है, इतना बलशाली है, वही पर्याप्त

1250
01:28:05,760 --> 01:28:10,080
है तुम जैसों के लिए। बात बस इतनी है कि

1251
01:28:10,080 --> 01:28:14,080
खरगोश होता है ना वही वाली बात है कि वो थोड़ा आराम करने के लिए बैठ जाता है।

1252
01:28:14,080 --> 01:28:18,080
तो कछुआ सोचने लगता है कि बस मैं ही मैं हूं। बात बस इतनी

1253
01:28:18,080 --> 01:28:22,800
सी है। ठीक है ना?

1254
01:28:22,800 --> 01:28:27,600
तो ध्यान नहीं दिया गया तुम पर तो तुम लोग पनप गए।

1255
01:28:27,600 --> 01:28:31,600
अरे भाई कबीर का पूजन करने से किसी ने रोका है क्या? तुम किसी का

1256
01:28:31,600 --> 01:28:35,760
भी पूजन कर लो। रस्ते में जो स्मैक बेच रहा हो,

1257
01:28:35,760 --> 01:28:39,840
चीनी चोरी कर रहा हो, तोता चोर हो, उसकी पूजा करो। कबीर दास

1258
01:28:39,840 --> 01:28:43,840
जी को तो हम संत मानते ही हैं। तुम फिर भी तुम कबीर

1259
01:28:43,840 --> 01:28:47,920
दास जी को भगवान मान लो। तुम रामपाल को भगवान मान लो। तोता

1260
01:28:47,920 --> 01:28:49,440
चोर को भगवान मान लो। तुम

1261
01:28:49,440 --> 01:28:53,440
किसी को भी भगवान मान लो। कोई दिक्कत नहीं है। कोई दिक्कत नहीं है।

1262
01:28:53,440 --> 01:28:57,520
दिक्कत तब है जब तुम हमारे हराध्यों का अपमान करते हो।

1263
01:28:57,520 --> 01:29:01,680
दिक्कत तब है जब तुम अपनी एक अपोल कल्पित कहानियां हमारे वेद से

1264
01:29:01,680 --> 01:29:05,680
पुराण से जोड़ते हो। शास्त्रों से जोड़ते हो। दिक्कत तब है जब

1265
01:29:05,680 --> 01:29:10,000
तुम हमारे परंपरा प्राप्त आचार्यों का अपमान करते हो। मुंह चलाते

1266
01:29:10,000 --> 01:29:14,000
हो। अब हो गई खारिज। अब

1267
01:29:14,000 --> 01:29:17,200
बैठे रहना।

1268
01:29:17,200 --> 01:29:21,280
ठीक है। मुझे लगता है आज के लिए इतना पर्याप्त है। काफी कुछ मिल गया है।

1269
01:29:21,280 --> 01:29:25,360
इस आर्डर की कॉपी हम डाल देंगे। जो क्लीन चिट क्लीन चिट चिल्लाया करते हैं इनके मुंह

1270
01:29:25,360 --> 01:29:31,360
पर मारना है इस ऑर्डर। क्लीन चिट

1271
01:29:36,300 --> 01:29:39,120
[गला साफ़ करने की आवाज़]

1272
01:29:39,120 --> 01:29:43,360
श्री राम सेना वाले लिख रहे हैं। पहले के ऋषि मुनि को मालूम

1273
01:29:43,360 --> 01:29:48,480
था कि रामपाल जैसे आएंगे। इसलिए आहान जैसे लोगों को जिम्मेदारी

1274
01:29:48,480 --> 01:29:52,960
लेंगे

1275
01:29:52,960 --> 01:29:58,960
हम

1276
01:30:02,960 --> 01:30:06,960
बहुत-बहुत बधाई हो शिवश द्विवेदी जी जय

1277
01:30:06,960 --> 01:30:10,240
श्री राम जय श्री राम

1278
01:30:10,240 --> 01:30:16,240
आभा राजपूत जी

1279
01:30:18,560 --> 01:30:23,600
और फिर मैं कहता हूं जिसकी भी मां ने

1280
01:30:23,600 --> 01:30:27,600
निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया हो वो रामपाल के

1281
01:30:27,600 --> 01:30:31,680
दावों को सामने आकर सिद्ध करें। यदि रामपाल की

1282
01:30:31,680 --> 01:30:35,680
मां है। वैसे रामपाल तो अब मना करते होंगे। रामपाल

1283
01:30:35,680 --> 01:30:39,760
तो मना करता होगा ना। रामपाल और उसके लोग मना करते होंगे कि नहीं नहीं

1284
01:30:39,760 --> 01:30:43,760
इसकी कोई मां नहीं इसका कोई पिता नहीं है क्योंकि वह तो अपने आप को कबीर सिद्ध करने में लगा

1285
01:30:43,760 --> 01:30:48,080
हुआ है। जो भी है जिसकी भी मां ने उसे निष्ठा

1286
01:30:48,080 --> 01:30:52,240
पूर्वक दूध पिलाया। सामना करना भाई सामने आकर बात कर। सामने जाते हो तो तुम

1287
01:30:52,240 --> 01:30:56,240
लोग भाग जाते हो। कहते हो कि हमने पोस्टर ही नहीं लगाया। घर पर पोस्टर

1288
01:30:56,240 --> 01:31:02,240
लगा हुआ है। वह कहते हैं कि हमने पोस्टर नहीं लगाया। पता नहीं कौन लगा गया है।

1289
01:31:02,880 --> 01:31:07,840
घर पर पोस्टर लगा हुआ है। पता नहीं कौन लगा गया है।

1290
01:31:07,840 --> 01:31:12,400
तो एक इस पूरे घटनाक्रम

1291
01:31:12,400 --> 01:31:16,400
में आज आप लोगों को एक बहुत महत्वपूर्ण सूचना प्रदान की है और बहुत

1292
01:31:16,400 --> 01:31:20,560
जल्द जो हाई कोर्ट वाली हाई कोर्ट में जो हमारी मुख्य जो

1293
01:31:20,560 --> 01:31:25,680
प्रकरण है जो याचिका है

1294
01:31:25,680 --> 01:31:29,760
किसी को अगर ज्वाइन करना हो वैचारिक मतभेद के निमित्त बात करनी है

1295
01:31:29,760 --> 01:31:33,760
तो वो अ वीडियो

1296
01:31:33,760 --> 01:31:38,480
के अंत में दिए गए नंबर पर WhatsApp करें

1297
01:31:38,480 --> 01:31:42,000
और

1298
01:31:42,000 --> 01:31:45,440
हां दंड भी मिलेगा।

1299
01:31:45,440 --> 01:31:49,600
फिलहाल तो दंड यही है ना कि तुम जिसको भगवान कह रहे हो उसकी किताबों को लेकर

1300
01:31:49,600 --> 01:31:55,280
के अपने सर पर चप्पल रख के भाग रहे हो। दौड़ लगा रहे हो। यह भी तो दंड है।

1301
01:31:55,280 --> 01:31:59,600
है ना? वैचारिक

1302
01:31:59,600 --> 01:32:03,760
मतभेद के निमित्त किसी को चर्चा करनी है। उसकी

1303
01:32:03,760 --> 01:32:07,760
मां ने उसको दूध पिलाया तो वो करे आकर के और हमारे आराध्यों का जो अपमान

1304
01:32:07,760 --> 01:32:11,840
किया है या फिर जो दावे हैं ईश्वर

1305
01:32:11,840 --> 01:32:17,840
के संबंध में तत्वदर्शी के संबंध में

1306
01:32:19,400 --> 01:32:24,480
[गला साफ़ करने की आवाज़]

1307
01:32:24,480 --> 01:32:30,480
रामपाल के लिए रामपाल के गैंग में क्या है ना वो

1308
01:32:32,800 --> 01:32:37,840
साम अमर डियर की बुद्धि वाले लोग ज्यादा हैं।

1309
01:32:37,840 --> 01:32:42,480
चलिए ठीक है। और नेक्स्ट

1310
01:32:42,480 --> 01:32:46,720
जो लाइव मैं लाऊंगा यदि समय मिल पाए तो आपको बताऊंगा

1311
01:32:46,720 --> 01:32:50,800
कि रामपाल की तारीखें इस प्रकार इस समय कैसे निपटाई जा

1312
01:32:50,800 --> 01:32:54,880
रही हैं। उस पर भी बात करेंगे हम लोग। रामपाल

1313
01:32:54,880 --> 01:33:00,160
क्या कह रहा है कोर्ट को कि हम तारीख में क्यों नहीं आ सकते हैं।

1314
01:33:00,160 --> 01:33:04,240
इसमें भी आनंद आएगा। उसको भी उस किसी दिन आपको प्रस्तुत

1315
01:33:04,240 --> 01:33:08,240
करेंगे। ठीक है? और फिर से मैं लास्ट

1316
01:33:08,240 --> 01:33:12,240
में कह रहा हूं कि किसी भी विरोधी किसी

1317
01:33:12,240 --> 01:33:16,240
भी मायके लाल में दम हो उसको उसकी माता ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया

1318
01:33:16,240 --> 01:33:21,120
हो तो वह आए और

1319
01:33:21,120 --> 01:33:25,280
बताए कि रामपाल या उसके जैसे और

1320
01:33:25,280 --> 01:33:29,440
जो अप्रामाणिक कालने घूम रहे हैं उनके दावों में कितनी दम

1321
01:33:29,440 --> 01:33:33,680
है और हमारे पास सनातन सिद्धांत

1322
01:33:33,680 --> 01:33:34,480
हैं। इसलिए

1323
01:33:34,480 --> 01:33:39,360
व्यक्तिगत व्यक्तिगत परामर्श मैं दे रहा हूं आप लोगों को कि

1324
01:33:39,360 --> 01:33:43,920
मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में

1325
01:33:43,920 --> 01:33:48,880
ठीक है

1326
01:33:48,880 --> 01:33:53,040
ऑपरेटर जी अगर आप कुछ दिखाना चाह रहे हैं तो मुझे बता दीजिए

1327
01:33:53,040 --> 01:33:57,040
वरना मैं तो अब इसको क्लोज करने के टाइम मतलब और आगे

1328
01:33:57,040 --> 01:34:01,600
बढ़ रहा हूं। श्री हरिव

1329
01:34:01,600 --> 01:34:06,000
मैं इतने दिन से कहां था? बहुत ढूंढा।

1330
01:34:06,000 --> 01:34:10,240
बहुत ढूंढा।

1331
01:34:10,240 --> 01:34:14,400
बहुत हिम्मत जुटा कर बोल रहा हूं। अपने इतने दिन से आंसू नहीं रोक

1332
01:34:14,400 --> 01:34:19,520
पा रहा। लोगों को लग रहा है मेरे खुशी के आंसू है। लेकिन सच में

1333
01:34:19,520 --> 01:34:24,640
जो भी है। आज बड़ा हिम्मत बांध के बोल रहा हूं कि बोबड़ा

1334
01:34:24,640 --> 01:34:29,200
पता नहीं कहां खो गया। कहां गायब हो गया।

1335
01:34:29,200 --> 01:34:33,200
बोबड़े के बिना मैं रह नहीं सकता। दुख इस बात का नहीं

1336
01:34:33,200 --> 01:34:38,880
है कि वो कहां खो गया है। भाई त्रिकालदर्शी टाइप का व्यक्ति

1337
01:34:38,880 --> 01:34:42,960
और शास्त्रों का इतना बड़ा ज्ञाता जो साक्षात

1338
01:34:42,960 --> 01:34:47,040
भगवान शंकराचार्य जी को ज्ञान देने वाला व्यक्ति कहां

1339
01:34:47,040 --> 01:34:51,120
खो गया। दुख इस बात का नहीं है कि वो खो गया।

1340
01:34:51,120 --> 01:34:55,120
दुख इस बात का है कि अगर वह किसी से एड्रेस पूछ रहा

1341
01:34:55,120 --> 01:34:59,360
होगा भाई तो उसकी एड्रेस कोई समझ उसका

1342
01:34:59,360 --> 01:35:03,760
भाषा उसकी वाणी कोई समझ पा रहा होगा ठीक कि नहीं

1343
01:35:03,760 --> 01:35:08,000
क्योंकि उसकी बातों को समझना

1344
01:35:08,000 --> 01:35:13,200
उसे डिकोड करना उसकी बातों की ऐसी की तैसी करना

1345
01:35:13,200 --> 01:35:17,600
तो मेरा स्वरूपभूत लक्षण ही है

1346
01:35:17,600 --> 01:35:21,840
और मैं ही कर सकता था जहां तक मैं जानता हूं खैर जो

1347
01:35:21,840 --> 01:35:25,440
भी है अगर वो कहीं मिल जाए तो मुझे तो

1348
01:35:25,440 --> 01:35:29,520
क्या आप लोग जानते हैं अभी भी मुझे जितने भी होते

1349
01:35:29,520 --> 01:35:34,160
हैं उनको सब अभी भी मुझे उसकी आवाज आ रही है वैसे ही जितने अपराधी

1350
01:35:34,160 --> 01:35:39,830
होते हैं उनको अपराधी दिखाई देते जय श्री राम

1351
01:35:39,830 --> 01:35:45,040
[हंसी] बोबड़ा बोबड़ा एडिटिंग सोल इज मिसिंग

1352
01:35:45,040 --> 01:35:49,520
इस पर वीडियो बनाया है अंकित जी ने इनका जो चैनल है आप लोग सब्सक्राइब

1353
01:35:49,520 --> 01:35:53,680
अवश्य कर लें। राधा माधव नाम से है चैनल। चैनल का

1354
01:35:53,680 --> 01:35:57,840
डिस्क्रिप्शन दिखा देते हैं एक बार। तो बोबड़ा एडिटिंग

1355
01:35:57,840 --> 01:36:03,840
शोल इन दिनों गायब हो गया है। तो यह उसके विरहम है।

1356
01:36:04,000 --> 01:36:08,080
अनिकेत जी बोल रहे हैं कि भाई इनका जो स्वरूपभूत लक्षण

1357
01:36:08,080 --> 01:36:12,880
है वो है बोबड़े की चीजों को डिकोड डिकोड करना और फिर

1358
01:36:12,880 --> 01:36:17,040
उनका समाधान प्रस्तुत करना। अब बोबड़ा हो गया गायब। तो

1359
01:36:17,040 --> 01:36:21,040
यह उसे ढूंढ रहे हैं और यह उसकी व्यथा भी बता रहे हैं कि

1360
01:36:21,040 --> 01:36:25,200
वह बेचारा किसी को कुछ कहना चाह रहा होगा कि मेरा पता यह है मुझे यहां भेज दो वहां

1361
01:36:25,200 --> 01:36:29,280
भेज दो मैं यहां जाऊंगा मेरा यह है तो कोई उसकी बात को समझ नहीं

1362
01:36:29,280 --> 01:36:34,240
पा रहा होगा चल हट हवा हवा आने दे ऐसे करके

1363
01:36:34,240 --> 01:36:38,400
तो बेचारा वो घर कैसे आएगा दूसरी बात मैं यह भी कह रहा हूं आपके दुख

1364
01:36:38,400 --> 01:36:40,880
को मैं समझ पा रहा हूं अनिकेत जी

1365
01:36:40,880 --> 01:36:45,520
पर बात यह है ना कि अ

1366
01:36:45,520 --> 01:36:49,920
बात ये यह है कि अगर उसकी कोई फोटो वोटोो आप दे दे

1367
01:36:49,920 --> 01:36:54,000
तो मैं कम से कम उसको ढूंढने का प्रयास भी कर सकूं। आपकी मदद कर सकूं। मगर उसने

1368
01:36:54,000 --> 01:36:58,320
कभी अपनी कोई फोटो दिखाई नहीं अपनी नपुंसकता के व्यवहार के चलते

1369
01:36:58,320 --> 01:37:02,400
तो फिर वो मदद भी करना वो सहायता भी आपकी करना बड़ा कठिन हो गया

1370
01:37:02,400 --> 01:37:05,120
है मेरे लिए।

1371
01:37:05,120 --> 01:37:09,120
जी शास्त्रवाद जी जय श्री राम।

1372
01:37:09,120 --> 01:37:13,200
जय श्री राम भैया। आज तो बहुत बढ़िया आया।

1373
01:37:13,200 --> 01:37:17,280
यह जो लाइव हुआ है इसमें पूरे चीज क्लियर हो

1374
01:37:17,280 --> 01:37:21,440
गई है। ये लोग जो कहते रहते हैं क्लीन शीट मिल गई। अरे को

1375
01:37:21,440 --> 01:37:25,440
भगा दिया गया है। देख लो। अच्छे तो

1376
01:37:25,440 --> 01:37:29,600
समझो। क्लीन शीट क्लीन शीट करते रहते हो। किस तरह? कहांहां

1377
01:37:29,600 --> 01:37:33,600
भागोगे? अभी तो एक जगह भागे हो। अभी और भागना बाकी है

1378
01:37:33,600 --> 01:37:38,480
क्या? अभी और भागोगे

1379
01:37:38,480 --> 01:37:40,640
और

1380
01:37:40,640 --> 01:37:44,800
सही है भैया। किसी में इतना साहस नहीं जो यहां आ के टकरा सके

1381
01:37:44,800 --> 01:37:48,800
और जो टकराता है वो चूरचूर हो जाता है। चूरचूर

1382
01:37:48,800 --> 01:37:52,880
क्योंकि माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया ना उन लोगों को जो हमारे आराध्यों

1383
01:37:52,880 --> 01:37:56,480
का और हमारी मान्यताओं का अपमान करते हैं। सार्वभौम

1384
01:37:56,480 --> 01:38:00,880
सिद्धांतों से टकराने के लिए माता जी का निष्ठा पूर्वक दूध चाहिए ना।

1385
01:38:00,880 --> 01:38:05,520
वो तो पिलाया नहीं ना उन लोगों की माताओं ने। बिल्कुल

1386
01:38:05,520 --> 01:38:09,600
बिल्कुल इसीलिए हम लोग कई बार परामर्श देते रहते हैं कि भाई कोई मत

1387
01:38:09,600 --> 01:38:12,800
पड़ो

1388
01:38:12,800 --> 01:38:16,880
समझते ही नहीं है। मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं। मुझे

1389
01:38:16,880 --> 01:38:21,040
लगता है कुछ लोग अब समझ गए हैं। मुझे लगता है कुछ लोग समझ गए हैं। इसलिए

1390
01:38:21,040 --> 01:38:25,040
अब वो कमेंट तक सीमित रहते हैं। वो ये समझ गए हैं मत पड़ो चक्कर

1391
01:38:25,040 --> 01:38:29,040
में कोई नहीं टक्कर में। या फिर उन्होंने स्वीकार कर

1392
01:38:29,040 --> 01:38:33,440
लिया है कि उनकी मां ने उनको निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया।

1393
01:38:33,440 --> 01:38:37,760
इसीलिए बेचारे नहीं आ पाते हैं सामने।

1394
01:38:37,760 --> 01:38:42,080
हां, सही बात है। या तो उनका चेहरा ठीक नहीं होगा। बेचारे

1395
01:38:42,080 --> 01:38:47,280
कैसे दिखाएंगे अपना चेहरा यहां आ के? चेहरा दिखाने लायक नहीं बचे वो।

1396
01:38:47,280 --> 01:38:53,280
आपने उनकी ये दशा कर ली है कि अब वो चेहरा दिखाने लायक भी नहीं रहे।

1397
01:38:54,720 --> 01:38:59,360
हां गोस्वामी जी। जय श्री राम।

1398
01:38:59,360 --> 01:39:03,440
जी जय श्री राम। शिवा जी। हर हर महादेव। हर हर महादेव। हर

1399
01:39:03,440 --> 01:39:08,080
हर महादेव। जी आज कोर्ट का फैसला आ गया।

1400
01:39:08,080 --> 01:39:12,320
बहुत खुशी हुई सुनके।

1401
01:39:12,320 --> 01:39:18,320
जी

1402
01:39:19,910 --> 01:39:22,320
[गला साफ़ करने की आवाज़]

1403
01:39:22,320 --> 01:39:26,320
तो वो जो है दो चीजें हैं। या तो उन्होंने यह स्वीकार कर

1404
01:39:26,320 --> 01:39:30,400
लिया है। वो जान गए हैं माता जी से। उन्होंने बात-वात कर ली है। पता चल गया है

1405
01:39:30,400 --> 01:39:34,880
कि निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया गया है। इसलिए सामने नहीं आते।

1406
01:39:34,880 --> 01:39:39,280
मुंह छिपाकर इधर-उधर बातें करते रहते हैं। कमेंट तक सीमित रहते हैं

1407
01:39:39,280 --> 01:39:45,200
और या फिर उन्होंने यह मान लिया है कि

1408
01:39:45,200 --> 01:39:49,200
मत पड़ो चक्कर में कोई ऐ टक्कर में ये खा जाएगा। इसके चक्कर में

1409
01:39:49,200 --> 01:39:53,200
मत पड़ो। इसीलिए बेचारे जो नपुंसकता भरा व्यवहार

1410
01:39:53,200 --> 01:39:57,440
होता है वह कमेंट के माध्यम से उल्टा सीधा गालियां गाली गलौज या फिर झूठे

1411
01:39:57,440 --> 01:40:02,960
आरोप इत्यादि लगाने के रूप में करते रहते हैं। ठीक करते रहना चाहिए।

1412
01:40:02,960 --> 01:40:07,440
जय श्री राम। जय श्री राम। बहुत-बहुत

1413
01:40:07,440 --> 01:40:10,320
बधाई आपको। जी।

1414
01:40:10,320 --> 01:40:16,320
धन्यवाद। जी। बहुत-बहुत बधाई। धन्यवाद।

1415
01:40:17,280 --> 01:40:21,280
ये लोग तो भैया पहले ही सोचते हैं कि हम लोग नहीं टकरा सकेंगे। इसीलिए वो

1416
01:40:21,280 --> 01:40:25,440
लोग कोर्ट का भी रिश्ता अपनाने का शादी करने का सोचते हैं।

1417
01:40:25,440 --> 01:40:31,040
लेकिन उसमें भी नहीं टिक सके। कोर्ट से भी भगा दिया गया।

1418
01:40:31,040 --> 01:40:34,240
भगा दिया गया।

1419
01:40:34,240 --> 01:40:38,400
अरे इनको ये जो अभी हमने पूरा मामला वो लिया

1420
01:40:38,400 --> 01:40:42,400
है इनको हर जगह से भगाया गया। पहले आईजीआरएस

1421
01:40:42,400 --> 01:40:46,480
के बिहाफ पर थाने से फिर 156 टी

1422
01:40:46,480 --> 01:40:50,880
जो किया इन्होंने उसमें कोर्ट से एफआईआर कराने की प्रार्थना होती है।

1423
01:40:50,880 --> 01:40:56,880
वहां से भगाया गया। फिर उसके बाद जो है फिर उन्होंने या

1424
01:40:57,200 --> 01:41:01,200
एक बार और कोर्ट में प्रयास किया गया एफआईआर हो जाए। फिर वहां से

1425
01:41:01,200 --> 01:41:07,200
भगाया गया तब ये जो है सत्र न्यायालय में आए। इतनी बात

1426
01:41:10,240 --> 01:41:12,400
है

1427
01:41:12,400 --> 01:41:16,400
सांभर डियर सही नाम

1428
01:41:16,400 --> 01:41:20,400
सांभर डियर नहीं आप देखना आप कभी जाओगे

1429
01:41:20,400 --> 01:41:24,880
ना तो अब मुझे नहीं मालूम सांभर डियर का और कोई वैज्ञानिक नाम भी होता हो शायद

1430
01:41:24,880 --> 01:41:29,040
मगर बांधवगढ़ के जंगलों में उसे सांभर डियर ही बोला जाता है और मुझे

1431
01:41:29,040 --> 01:41:33,120
मेरा जो गाइड था उसने बताया था कि सांभर डियर जो है वहां पर बाघ होते हैं

1432
01:41:33,120 --> 01:41:37,120
तो उनका का सबसे आसान शिकार होता है क्योंकि वो खुद मूरखता

1433
01:41:37,120 --> 01:41:43,120
करता है। भागते भागते पीछे देखता है।

1434
01:41:44,160 --> 01:41:50,160
वही हाल है।

1435
01:41:54,320 --> 01:41:58,720
आज का सभी पूरे आन टीम को इसका विजय का बहुत-बत

1436
01:41:58,720 --> 01:42:02,880
शुभकामनाएं। बहुत बहुत और हां और यह पूरा जो

1437
01:42:02,880 --> 01:42:07,200
केस हमारी ओर से लड़ा है यह हमारे जो युवा

1438
01:42:07,200 --> 01:42:11,440
अधिवक्ता हैं माननीय अभिषेक द्विवेदी

1439
01:42:11,440 --> 01:42:15,680
जी उन्होंने पूरा ये देखा है और

1440
01:42:15,680 --> 01:42:19,840
वो सशक्त हमारे योद्धा है हमारी टीम के उनको

1441
01:42:19,840 --> 01:42:23,920
भी बहुत साधुवाद मैं यहां से देता हूं बहुत सारा उन्होंने अथक

1442
01:42:23,920 --> 01:42:27,920
प्रयास किया और इसमें हमारा जो पक्ष है पूरी निष्ठा के

1443
01:42:27,920 --> 01:42:32,000
साथ वो रखा वहां पर पूरी मेहनत की तो इसलिए हम उनको भी यहां से

1444
01:42:32,000 --> 01:42:36,320
सम्मान करते हैं और आपके उज्जवल

1445
01:42:36,320 --> 01:42:42,320
भविष्य की कामना भी करते हैं। अभिषेक द्विवेदी जी।

1446
01:42:47,040 --> 01:42:51,120
हो सकता है आने वाले किसी लाइव में वह हमारे साथ ज्वाइन भी करें।

1447
01:42:51,120 --> 01:42:55,120
तो मुझे नहीं लगता कि कोई आने का दम रखता है। मुझे नहीं लगता किसी की

1448
01:42:55,120 --> 01:42:59,200
मां ने उसको निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया जो रामपाल की चीजों को सही

1449
01:42:59,200 --> 01:43:03,840
सिद्ध कर सके सामना कर सके

1450
01:43:03,840 --> 01:43:09,840
शिवश नारायण द्विवेदी

1451
01:43:09,920 --> 01:43:15,680
आज आर्य समाज की चर्चा में क्या हुआ ये तो आपने देखा होगा ना

1452
01:43:15,680 --> 01:43:19,760
आर्य समाज के साथ चर्चा हुई वो सुबह आज नहीं हुई है वो पटना

1453
01:43:19,760 --> 01:43:25,760
में हो चुकी है 23 तारीख को आज उसे पब्लिक की प्रसारित किया गया है

1454
01:43:26,800 --> 01:43:31,840
ठीक है फिर उत्तर

1455
01:43:31,840 --> 01:43:36,240
अब ये तो जो लोग देख रहे हैं वो निर्णय कर सकते हैं।

1456
01:43:36,240 --> 01:43:42,240
हमारा कार्य है सनातन सिद्धांतों को रख देना बस

1457
01:43:43,120 --> 01:43:48,000
कर्मवादी कारस्त

1458
01:43:48,000 --> 01:43:52,080
ठीक है फिर सभी को जय श्री राम जय श्री राम

1459
01:43:52,080 --> 01:43:56,080
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
