1
00:00:06,240 --> 00:00:10,320
तो आपने बहुत लोगों से डिबेट किया।

2
00:00:10,320 --> 00:00:14,720
पॉइंट ये है आपने उन सभी के

3
00:00:14,720 --> 00:00:19,040
प्रति दुर्भाष नहीं किया। अगर लेटेस्ट डिबेट

4
00:00:19,040 --> 00:00:23,360
आप देखते आप आपके हैं योगदा वाले को कोई

5
00:00:23,360 --> 00:00:28,160
प्रतिक्रिया नहीं किया। ये वीडियो में है। ऐसे

6
00:00:28,160 --> 00:00:32,480
निग्रहाचार्य जी ने क्या कह दिया? आप ग्रहचार्य जी के प्रति

7
00:00:32,480 --> 00:00:36,640
इतना बातें बातें बोलते हैं।

8
00:00:36,640 --> 00:00:40,880
हम आपने एक आपत्ति जताई है कि भाई हमने भागवतानंद के साथ तू

9
00:00:40,880 --> 00:00:44,880
तड़ाक क्यों की? जिस पर कि मैंने कहा कि तू तड़ाक उसी

10
00:00:44,880 --> 00:00:48,960
ने प्रारंभ की थी। हमने तो ऐसा प्रकट करते

11
00:00:48,960 --> 00:00:53,040
हुए कि कुछ चीजों के बारे में उसे पूरी जानकारी नहीं है और उसने वीडियो बना दिए

12
00:00:53,040 --> 00:00:57,040
हैं तो हम वह जानकारियां ठीक कर दे रहे हैं और अब आगे इस मामले

13
00:00:57,040 --> 00:01:03,040
में इस बात को खींचा ना जाए ऐसा कहते हुए हमने वीडियो बनाया

14
00:01:09,840 --> 00:01:13,920
में तुमको क्या लगता है कि निर्विकल्पानंद वहां इतने साल से क्या सेटिंग कर रहा है

15
00:01:13,920 --> 00:01:18,240
दिव्य चैतन्य को बनाने के लिए शंकराचार्य दिव्य चैतन्य जी अगर शंकराचार्य

16
00:01:18,240 --> 00:01:22,320
बन भी जाते हैं या बनने का चिंतन करते भी हैं ना तो इतने टुकड़े

17
00:01:22,320 --> 00:01:26,400
करके फेंकवा दिए जाएंगे निर्विकल्पानंद के गैंग के द्वारा कि पता नहीं चलेगा दिव्य चैतन्य जी

18
00:01:26,400 --> 00:01:30,400
कहां गए सोच लो कि 100 ऋषिकेश ब्रह्मचारी मरे होंगे तब एक निर्विकल्पानंद पैदा हुआ

19
00:01:30,400 --> 00:01:34,400
होगा कि स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती का जिन महिलाओं

20
00:01:34,400 --> 00:01:38,480
के साथ यह अवैध संबंध बताया जाता है उनमें से बहुत सी महिलाओं

21
00:01:38,480 --> 00:01:42,480
के पुत्रवधुओं ने ही अपनी मर्यादा की सीमा में रहते हुए

22
00:01:42,480 --> 00:01:46,640
हमको परोक्षत यह संदेश भी भिजवाया था और सुनने

23
00:01:46,640 --> 00:01:50,800
में तो यह आया है कि वे बच्चों तक को नहीं छोड़ते। ऐसा कोई सन्यासी होता है क्या जिसे काम

24
00:01:50,800 --> 00:01:54,800
ने अपना ग्रास बना लिया हो। ऋषिकेश ब्रह्मचारी के विषय में भी हम पूर्व में यह कह चुके हैं

25
00:01:54,800 --> 00:01:59,040
कि यह समलैंगिक है और भ्रष्ट भी है। मात्र विचारों से समलैंगिक होना काम लोप

26
00:01:59,040 --> 00:02:03,600
होना भी पाप है। किंतु स्वनाम कलंक ब्रह्मचारी जी कृत्यों के रूप में भी अपनी समलैंगिकता

27
00:02:03,600 --> 00:02:07,680
का प्रदर्शन कर चुके हैं। पूरी शंकराचार्य जी को अपने क्लच में लेकर उनके भोजन

28
00:02:07,680 --> 00:02:11,760
में मिलावट करके उनको गुलाम बन के समान रखते हुए ये सारे संस्थाएं नचाने

29
00:02:11,760 --> 00:02:16,800
का प्रयास कर रही हैं। और यही अब इसमें पहली बात तो यही आती है कि मठ के परिकर अगर

30
00:02:16,800 --> 00:02:20,960
कोई दुराचरण कर रहे हैं तो क्या इसका कोई प्रमाण

31
00:02:20,960 --> 00:02:24,960
है? मेरे पास इसका कोई वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटो

32
00:02:24,960 --> 00:02:29,040
तो नहीं है दुष्कर्म करते हुए हम बिना प्रमाण के गंभीर निर्णय

33
00:02:29,040 --> 00:02:33,040
नहीं ले सकते लेकिन पूरी के ही दीक्षित करीब करीब अभी तक

34
00:02:33,040 --> 00:02:37,040
40 से 50 शिष्यों ने मुझे व्यक्तिगत मिलकर या फोन पर इस बात के बारे

35
00:02:37,040 --> 00:02:41,120
में कहा है और 50 परिकरों ने ऐसा कहा 100 परिकरों

36
00:02:41,120 --> 00:02:45,280
ने ऐसा कहा उन परिकरों के नाम भी नहीं है और वो 100

37
00:02:45,280 --> 00:02:49,360
लोग कितने [संगीत] क्रेडिबल कितनी उनकी क्रेडिबिलिटी है कितनी नहीं है ये भी सोचने वाली

38
00:02:49,360 --> 00:02:53,600
बात है जो बातें हम जान रहे हैं हम बता दी आपको आपको मानना है। आपकी इच्छा नहीं मानना है। आपकी इच्छा

39
00:02:53,600 --> 00:02:58,160
आपने स्वयं कई बार आपके ऊपर या आपके संबंधियों

40
00:02:58,160 --> 00:03:02,240
के ऊपर लगने वाले आरोपों के संबंध में आरोप लगाने

41
00:03:02,240 --> 00:03:06,320
वाले प्रश्न करने वाले की क्रेडिबिलिटी मांगी है। ना आयोजक

42
00:03:06,320 --> 00:03:11,280
थे, ना आचार्य थे, ना यजमान थे,

43
00:03:11,280 --> 00:03:15,360
ना वहां पर हम लोगों की तरह प्रवक्ता के रूप में

44
00:03:15,360 --> 00:03:19,760
आमंत्रित थे, ना जन समुदाय की तरह श्रोता के रूप में आमंत्रित

45
00:03:19,760 --> 00:03:23,920
थे। कुछ थे ही नहीं लेकिन वकारत

46
00:03:23,920 --> 00:03:28,160
सबसे अधिक यही लोग कर रहे हैं। वहां पर श्रवण किया ना आयोजन किया

47
00:03:28,160 --> 00:03:32,160
ना कथन किया। विषय वस्तु मामले से अवगत है

48
00:03:32,160 --> 00:03:36,320
नहीं। 500 किलोमीटर दूर बैठकर केवल विवाद

49
00:03:36,320 --> 00:03:40,000
को हवा दे रहे हैं और अशांति फैला रहे हैं। हां

50
00:03:40,000 --> 00:03:44,160
तो बताओ ना उस डॉक्टर का नाम बताओ। मैं भी जानना चाहता हूं। आधिकारिक व्यक्ति हो ना

51
00:03:44,160 --> 00:03:48,560
प्रतिनिधि हो ना शंकराचार्य के द्वारा तुम कोई राजदूत

52
00:03:48,560 --> 00:03:52,880
या अधिवक्ता के रूप में प्रस्तुत किए गए हो ना पूरी मठ के किसी योग्य पद पर तुम

53
00:03:52,880 --> 00:03:56,960
अधिकारी के रूप में बैठे हो क्या तुम तो पूरी मठ

54
00:03:56,960 --> 00:04:01,040
पर आरोप लगाते समय कौन व्यक्ति है कहने वाला

55
00:04:01,040 --> 00:04:05,040
कौन है आरोप लगाने वाला किसने कब कहां किसको कैसे देखा

56
00:04:05,040 --> 00:04:09,200
इन डिटेल्स के बिना इस तरह से की जाने वाली बातों का

57
00:04:09,200 --> 00:04:13,200
इस तरह के आरोपों का क्या महत्व है केवल बयानबाजी तो

58
00:04:13,200 --> 00:04:17,280
ऐसी स्थिति में तो केवल बयानबाजी हो सकती है ना महाराज ऐसी स्थिति में ना कोई ठोस

59
00:04:17,280 --> 00:04:23,280
परिणाम देखने को मिलेगा ना कोई ठोस शोधन देखने को मिलेगा

60
00:04:28,960 --> 00:04:33,200
कि आचार्य रामशंकर शुक्ल जी ने हमको 3 साल पहले ही यह बात बताई थी

61
00:04:33,200 --> 00:04:37,440
कि पूरी के शंकराचार्य को भोजन में कुछ मिलावट करके ये लोग बहुत समय से दे रहे हैं।

62
00:04:37,440 --> 00:04:41,520
उनकी मानसिकता और उनके व्यक्तित्व को अपने नियंत्रण में रखने के लिए कब बताया था? जब हम

63
00:04:41,520 --> 00:04:45,600
छत्तीसगढ़ के कोलारिया ग्राम में कथा सुधा कार्यक्रम में थे तो 12 फरवरी

64
00:04:45,600 --> 00:04:49,680
2022 को आचार्य रामशंकर शुक्ल जी ने मुझे व्यक्तिगत रूप से बताया था। फोन में भी बात हुई

65
00:04:49,680 --> 00:04:53,840
थी कि ये लोग शंकराचार्य जी के भोजन में आपत्तिजनक मिश्रण कर रहे हैं।

66
00:04:53,840 --> 00:04:57,840
परिकर लोग क्या इस प्रकार [संगीत] की कोई बात आपने उससे कही है? हमारा

67
00:04:57,840 --> 00:05:02,480
उससे कोई लेनदेन नहीं है। मतलब आपने यह नहीं कहा है कि परिकरों

68
00:05:02,480 --> 00:05:07,120
के द्वारा भोजन मिलाके उनको कुछ दिया जा रहा है। कुछ नहीं है। ये [संगीत] अनावश्यक

69
00:05:07,120 --> 00:05:11,600
अनर्गल प्रलाप ज्यादा करते हैं। ये इनका प्रलाप है। ये

70
00:05:11,600 --> 00:05:15,840
अनावश्यक लोगों की कही बातों को बाग जाल बना

71
00:05:15,840 --> 00:05:20,000
करके जाल बिछा करके ऊटपटांग की बात कहना

72
00:05:20,000 --> 00:05:24,080
ये शोभनीय नहीं है। ये अशोभनीय बातें हैं। फिर

73
00:05:24,080 --> 00:05:28,160
हमारा नाम आप बार-बार क्यों जोड़ते हो? हम तो आपसे कोई बात

74
00:05:28,160 --> 00:05:33,120
[संगीत] नहीं कर रहे। आपने पुस्तक भी भेजी तो हमने धन्यवाद भी नहीं दिया।

75
00:05:33,120 --> 00:05:37,280
क्यों? क्योंकि आपने प्रथम वीडियो में ऐसी बातें सब कह

76
00:05:37,280 --> 00:05:43,280
दी जहां कि हमने उस बात को कोई ऐसा [संगीत] कुछ

77
00:05:48,960 --> 00:05:52,960
जिस स्त्री की बात चल रही थी जिसका नाम विजयाश्री बताया गया था। मैं इस स्त्री को

78
00:05:52,960 --> 00:05:56,960
व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। तो इस लड़की का Facebook

79
00:05:56,960 --> 00:06:01,120
हैंडल भी हमने बता दिया और इसका एक पडकास्ट का लिंक भी दे दिया। वहां आप स्पष्ट सुन सकते हैं कि

80
00:06:01,120 --> 00:06:05,120
यह विदेश इत्यादि भी आती जाती रही है। वहां से भी इसका उठना बैठना है। उसको सपोर्ट कौन

81
00:06:05,120 --> 00:06:10,000
कर रहा है? भाई मेसोनिक फ्री मैसरी के द्वारा फंडेड इंटरनेशनल योगा फेडरेशन।

82
00:06:10,000 --> 00:06:14,000
समझ में आ रहा है तुमको कनेक्शन? इससे पहले भी मृच्छराज से जुड़ी हुई संस्थाओं ने

83
00:06:14,000 --> 00:06:18,240
गोवर्धन मठ में घुसपैठ का व्यापक प्रभाव प्रयास किया था। मैसोरिक टेंपल शिकागो

84
00:06:18,240 --> 00:06:22,800
में 1893 में स्थापित इंटरनेशनल योगा फ्रेटरनिटी उर्फ़ इंटरनेशनल

85
00:06:22,800 --> 00:06:26,880
योगा फेडरेशन के द्वारा सपोर्ट की गई और फंडेड की गई संस्था युवाएसएफ

86
00:06:26,880 --> 00:06:31,440
की उत्तराखंड स्टेट प्रेसिडेंट मंच साझा किसके साथ कर रही है पूरी शंकराचार्य

87
00:06:31,440 --> 00:06:35,440
जी के साथ बहुत से लोग ऐसे विदेश के जुड़े हुए हैं यहां

88
00:06:35,440 --> 00:06:40,000
पर जिन्होंने जो इंटरनेशनल

89
00:06:40,000 --> 00:06:44,080
योगा फेडरेशन की स्थापना या उसके विस्तार में मदद की फेमस के जो डायरेक्ट सदस्य

90
00:06:44,080 --> 00:06:48,160
थे उन लोगों ने [संगीत] यही इंटरनेशनल योगा फेडरेशन अप्रूव करता है यूआईएसएफ को और

91
00:06:48,160 --> 00:06:52,240
इसी यूआईएसएफ की जो है स्टेट चीफ है उत्तराखंड में रिदिम कपूर

92
00:06:52,240 --> 00:06:56,320
या रिदिम कपूर का उपनाम है यहां पर विजयश्री आपको क्या लगता

93
00:06:56,320 --> 00:07:00,480
है आप अभी ये बैठे हो यहां पे आप किसी मल्टीीनेशनल [संगीत] कंपनी

94
00:07:00,480 --> 00:07:04,080
में जॉब कर रहे हो क्या आप गारंटी के साथ

95
00:07:04,080 --> 00:07:08,400
कह सकते [संगीत] हो कि उस मल्टीीनेशनल कंपनी का कोई भी संपर्क

96
00:07:08,400 --> 00:07:13,200
पूरी मिशन से नहीं होगा

97
00:07:13,200 --> 00:07:17,280
हो सकता है आपने इस बारे में जानकारी तो की नहीं है।

98
00:07:17,280 --> 00:07:21,760
तो अगर आप जिस कंपनी में जॉब कर रहे हो अपनी आजीविकोपार्जन

99
00:07:21,760 --> 00:07:25,760
के लिए मल्टीीनेशनल कंपनी में अगर उसका कनेक्शन उस

100
00:07:25,760 --> 00:07:30,000
कंपनी का कनेक्शन अगर प्रीशंस नाम की संस्था से हो गया

101
00:07:30,000 --> 00:07:34,720
इसका मतलब आप जो है प्रीशंस के एजेंट हैं। हम

102
00:07:34,720 --> 00:07:38,720
लोग YouTube पर कार्य कर रहे हैं। और जिनका भी चैनल मोनेटाइज

103
00:07:38,720 --> 00:07:43,200
हो चुका है वो YouTube के पार्टनर पार्टनर हैं।

104
00:07:43,200 --> 00:07:47,680
ठीक है? जो भी Google एडसेंस से पैसे ले रहे हैं YouTube के वो

105
00:07:47,680 --> 00:07:52,560
प्रोग्राम के द्वारा वो सब Google के भी पार्टनर है। ठीक है?

106
00:07:52,560 --> 00:07:56,640
तो हम क्योंकि ऑफिशियली हम तो ऑफिशियली कनेक्टेड है तो जो भी कोई YouTube

107
00:07:56,640 --> 00:08:00,640
वो कर रहा है वो YouTube का पार्टनर है। और क्योंकि

108
00:08:00,640 --> 00:08:04,720
वो YouTube का पार्टनर है तो क्या आप गारंटी के साथ कह सकते हो कि YouTube

109
00:08:04,720 --> 00:08:09,200
का फ्री मेंशन से कोई संबंध नहीं होगा?

110
00:08:09,200 --> 00:08:13,200
कह सकते हो? तो इसका मतलब YouTube का

111
00:08:13,200 --> 00:08:17,440
जो जो व्यक्ति पार्टनर है वो सब प्रीमेशंस

112
00:08:17,440 --> 00:08:19,280
के एजेंट हैं। क्या हम यह

113
00:08:19,280 --> 00:08:23,280
माने कि अगर मेरे पास आज एक सामान्य

114
00:08:23,280 --> 00:08:27,840
व्यक्ति के पास अगर कोई जॉब ऑफर आता है अगर कोई

115
00:08:27,840 --> 00:08:32,000
ऐसा ऐसी चीज आती है आप हमारे साथ कार्य कर लो तो हम एक सतही

116
00:08:32,000 --> 00:08:36,160
स्तर पर उसकी जांच करते हैं। पर हम यह नहीं जान पाते कि भैया

117
00:08:36,160 --> 00:08:40,160
उसका अंतरंग कितना ज्यादा अंतरंग उसके संबंध कहां है। ठीक

118
00:08:40,160 --> 00:08:44,480
है। मेरे जानने वाले कोई थे

119
00:08:44,480 --> 00:08:48,640
SPL कंपनी है दवाइयों की। उसके बहुत बड़े जनरल मैनेजर

120
00:08:48,640 --> 00:08:52,960
बन गए। बहुत बड़े पोस्ट पर बन गए। बहुत दिनों के बाद उन्हें पता चला कि उस SPL

121
00:08:52,960 --> 00:08:58,480
कंपनी का जो ओनर है वो तो मुस्लिम है।

122
00:08:58,480 --> 00:09:02,640
हां हिमालय हिमालय कंपनी की आप लोग दवाइयां खरीदते हो, खाते हो,

123
00:09:02,640 --> 00:09:06,960
पीते हो या कई लोग ऐसे होंगे जिनका मेडिकल स्टोर होगा और उनके मेडिकल स्टोर

124
00:09:06,960 --> 00:09:11,040
पर वो हिमालय कंपनी की दवाइयां रखी होंगी और हिमालय

125
00:09:11,040 --> 00:09:15,280
कंपनी मुस्लिम के द्वारा संचालित है। ऐसा बताया जाता है कि वो अपने

126
00:09:15,280 --> 00:09:19,360
यहां पर हिंदुओं को नौकरी तक नहीं देता कि हम किसी ना किसी प्रकार

127
00:09:19,360 --> 00:09:23,600
से सब आपस में कनेक्टेड हैं। सब

128
00:09:23,600 --> 00:09:28,240
किसी ना किसी प्रकार से सबका संबंध एक दूसरे से इस तरह के विरोधाभास

129
00:09:28,240 --> 00:09:32,400
से निकल आएगा। ठीक है? जिस व्यक्ति का

130
00:09:32,400 --> 00:09:36,640
आप फ्री मिशन से होना सिद्ध कर रहे हो नकारात्मक रूप में।

131
00:09:36,640 --> 00:09:40,720
ठीक है? उस व्यक्ति का सनातन परंपरा

132
00:09:40,720 --> 00:09:44,960
प्राप्त आचार से जुड़ा होना भी तो सिद्ध है। तो यदि वह

133
00:09:44,960 --> 00:09:49,040
सनातन विरुद्ध कार्य करते हुए नहीं दिख रहा है तो यह क्यों ना माना जाए कि वो

134
00:09:49,040 --> 00:09:53,520
शंकर परंपरा के द्वारा फ्री में मिशन में भेजा गया एजेंट है। तो

135
00:09:53,520 --> 00:09:57,520
ऐसे में किस तरह का प्रमाण हमें आवश्यक होगा यह सिद्ध करने

136
00:09:57,520 --> 00:10:01,600
के लिए कि ये भाई फ्री मिशंस के उसी एजेंडे के लिए कार्यरत

137
00:10:01,600 --> 00:10:05,760
है जो एजेंडा उसका मूलभूत एजेंडा है फ्री मेंशन का।

138
00:10:05,760 --> 00:10:09,840
तो हमें प्रमाण ऐसा चाहिए होगा जिसमें कि ऐसा सिद्ध हो

139
00:10:09,840 --> 00:10:13,760
सके कि इनको प्री नेशंस के उसी कार्य

140
00:10:13,760 --> 00:10:17,920
के लिए उसी कार्य के लिए नियुक्त किया गया था जो

141
00:10:17,920 --> 00:10:22,000
कार्य सनातन धर्म के विरोध में है। जो कार्य अधर्म

142
00:10:22,000 --> 00:10:26,560
के पक्ष में है। वरना इस तरह से अगर पीछे चलते चले जाएंगे

143
00:10:26,560 --> 00:10:30,560
तो शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसका संपर्क

144
00:10:30,560 --> 00:10:34,640
किसी ना किसी विवादास्पद संस्था व्यक्ति इत्यादि से

145
00:10:34,640 --> 00:10:40,640
ना

146
00:10:44,320 --> 00:10:48,400
रिधिमा कपूर के बहुत से ऐसे फोटो आपको सार्वजनिक मिल जाएंगे जहां ये कुत्ते को प्रेम

147
00:10:48,400 --> 00:10:52,400
कर रही है। कुत्ते के साथ लिफ्ट टू लिफ्ट किस कर रही है। कुत्ते के ओठ

148
00:10:52,400 --> 00:10:56,720
के साथ अपने ओठ को लगाकर बाकायदा किस कर रही है। और रिद्धिमा कपूर का एक फोटो है। जींस

149
00:10:56,720 --> 00:11:00,720
टॉप पहनी हुई स्त्री और कुत्ते को लिफ्ट टू लिफ्ट किस दे रही है।

150
00:11:00,720 --> 00:11:05,120
मुंह से मुंह लगाकर चुम्मा ले रही है। ऐसी स्त्री पूरी शंकराचार्य

151
00:11:05,120 --> 00:11:09,440
जी के साथ में साझा कर रही है। बताओ भूतकाल के पूर्व के वीडियोस है

152
00:11:09,440 --> 00:11:13,520
तो ये लांछन लगाना कि ऐसा कर रही है ये गलत है। और जब भूतकाल की

153
00:11:13,520 --> 00:11:17,600
बात आ गई तो हमने बता दिया कि व्यक्ति जब दिशाहीन है तो दिशाहीन ही तो

154
00:11:17,600 --> 00:11:22,880
दिशा पे आएगा। शंकर से दूर है वही तो शंकर के पास आएगा।

155
00:11:22,880 --> 00:11:27,440
सार्वभौम सिद्धांतों को नहीं जानने वाला ही तो सार्वभौम सिद्धांतों को जानेगा।

156
00:11:27,440 --> 00:11:28,960
हां कोई व्यक्ति अगर भूतकाल

157
00:11:28,960 --> 00:11:32,960
में गलती से विदेश गमन कर लिया हो जिसको विदेश के गन का दोष ज्ञात ना हो और अब वो विदेश गमन

158
00:11:32,960 --> 00:11:37,120
की वकालत नहीं करता है कि हां बहुत अच्छा बहुत अच्छा गर्व में अनुभव नहीं करता ग्लानी अनुभव करता है वो

159
00:11:37,120 --> 00:11:41,200
संशय में हम उसका बहिष्कार नहीं करते हम ये नहीं कहते कि तुम जो है सो यहां से दूर भाग जाओ

160
00:11:41,200 --> 00:11:45,200
मेरी नजरों से हां अगर वो वकालत अभी भी कर रहा है तब तो भैया दूर जाओ लेकिन अगर वो

161
00:11:45,200 --> 00:11:49,280
वकालत नहीं कर रहा है गुरु जी हो गया गलती अब क्या करें [संगीत] इतिहास था बदल नहीं सकते लेकिन गलत

162
00:11:49,280 --> 00:11:53,280
है मुझे ग्लानी है पश्चाताप है लेकिन अब क्या करें तब उसको विविध प्रकार के

163
00:11:53,280 --> 00:11:57,440
व्रत का भगवान नाम संकीर्तन का उपदेश सदाचरण का मैं करता हूं जो तुम्हारे अधिकार बचा भैया

164
00:11:57,440 --> 00:12:03,440
वो करो।

165
00:12:07,040 --> 00:12:11,360
मैं इसी वीडियो में एक वीडियो अटैच करूंगा आप लोगों के लिए जिसमें आप देखिएगा कैसे

166
00:12:11,360 --> 00:12:17,360
पूरी के शंकराचार्य जी के मंच पर वो स्त्री बैठी हुई है और सम्मान के साथ

167
00:12:18,000 --> 00:12:23,920
बस बस क्या ये स्त्री आपको विजयश्री दिख रही है?

168
00:12:23,920 --> 00:12:28,080
कोई है जो आ के कोई है जो आ के ये कहेगा कि

169
00:12:28,080 --> 00:12:32,080
ये जो स्त्री है ये विजय श्री है। ये देखिए

170
00:12:32,080 --> 00:12:36,160
ये कौन से एंगल से आपको यही दिख रही है? वही मात्र शक्ति लग रही है

171
00:12:36,160 --> 00:12:42,160
जो ये बैठी हैं।

172
00:12:46,880 --> 00:12:50,880
जबकि पूरी के शंकराचार्य जी स्वयं कहते हैं कि यम नियम निरपेक्ष योग करने वाले व्यापारी

173
00:12:50,880 --> 00:12:54,960
सब जगह घुस गए हैं। एक शिक्षिका के रूप में जो

174
00:12:54,960 --> 00:12:59,920
शारीरिक आसन होते हैं आध्यात्मिक लेवल पर नहीं

175
00:12:59,920 --> 00:13:03,920
शारीरिक लेवल पर सिखाने की अनुमति विजय जी ने

176
00:13:03,920 --> 00:13:08,080
स्वयं जगतगुरु शंकराचार्य भगवान से प्राप्त की है क्योंकि

177
00:13:08,080 --> 00:13:12,240
उन्होंने अपने पूरे जीवन क्योंकि एकमात्र उनका आज भी

178
00:13:12,240 --> 00:13:16,480
पार्जन का माध्यम यही था यही है तो

179
00:13:16,480 --> 00:13:20,720
उनके पास और अन्य कोई विकल्प नहीं है ठीक है और

180
00:13:20,720 --> 00:13:25,120
उन्होंने अपने पूरे जीवन इसी विद्या को सीखने में

181
00:13:25,120 --> 00:13:29,520
संघर्ष किया है। वो आध्यात्मिक लेवल पर योगाचार्य नहीं है।

182
00:13:29,520 --> 00:13:33,680
वो [संगीत] केवल भौतिक लेवल पर योग सिखाने वाली एक

183
00:13:33,680 --> 00:13:38,640
तरीके से व्यायाम [संगीत] प्रशिक्षिका मात्र है। ठीक है?

184
00:13:38,640 --> 00:13:43,040
और उस और उसके लिए भी उसके लिए भी उन्होंने गुरुदेव से

185
00:13:43,040 --> 00:13:47,120
अनुमति दी है क्योंकि ये संक्रमण काल है। हम बिल्कुल जीरो से अपने आप को

186
00:13:47,120 --> 00:13:51,200
सही करके वापस नहीं आ सकते। अब इनके पास वो समय इनका पूरा परिवार इन

187
00:13:51,200 --> 00:13:55,200
पर निर्भर करता है। इनके पास अब वो समय नहीं है कि पहले जाकर के

188
00:13:55,200 --> 00:13:59,440
पढ़ाई करें दूसरी और फिर उस पढ़ाई के में जो है कुशलता प्राप्त

189
00:13:59,440 --> 00:14:01,920
करें और फिर से दोबारा ये रीस्ट करें

190
00:14:01,920 --> 00:14:06,160
कि भैया अब जो है हम ये वो नहीं है। ठीक है? पहली बात तो ये। दूसरी

191
00:14:06,160 --> 00:14:10,240
बात अगर यह है भी अशास्त्रीय तो भाई यह नहीं

192
00:14:10,240 --> 00:14:14,240
कह रही है कि यह जो है कोई शास्त्रीय योगाचार्य है या ये

193
00:14:14,240 --> 00:14:18,240
कहीं से किसी परंपरा प्राप्त उससे सर्टिफाइड

194
00:14:18,240 --> 00:14:22,240
है कि योग सिखा रही है भाई ये जैसे कई ब्राह्मण ऐसे

195
00:14:22,240 --> 00:14:26,240
हैं जिनको दवाई नहीं बेचनी चाहिए परचून की दुकान नहीं करनी चाहिए मगर

196
00:14:26,240 --> 00:14:30,240
वो कर रहे हैं विषम परिस्थितियों में विपरीत परिस्थितियों में

197
00:14:30,240 --> 00:14:34,320
तो शास्त्र के वह नियम जो मौलिक है उनका परित्याग तो नहीं

198
00:14:34,320 --> 00:14:38,560
कर सकते हैं जैसे कि सदाचार संयम व्यभचार ना करो और

199
00:14:38,560 --> 00:14:42,640
प्राणी पीड़न ना करो मदिरापान ना करो ऐसे नियम जो

200
00:14:42,640 --> 00:14:46,720
मूलभूत हैं फंडामेंटल कहते हैं ना मूलभूत नियम का परित्याग

201
00:14:46,720 --> 00:14:50,800
तो नहीं हो सकता है जिसमें वरना मोचित जो मौलिक कर्तव्य है उसमें कोई समझौता नहीं

202
00:14:50,800 --> 00:14:54,800
हो सकता है उसमें तो प्रयत्नपूर्वक अधिकाधिक आपको पालन करना है।

203
00:14:54,800 --> 00:14:59,120
कुछ ऐसे नियम जो मौलिक तो नहीं है, लेकिन लोकोपकारी हैं।

204
00:14:59,120 --> 00:15:03,920
यदि आपके मन में यह ग्लानी हो रही है कि उस नियम का हम पालन नहीं कर पा रहे हैं।

205
00:15:03,920 --> 00:15:08,240
तो इसका अर्थ है कि आप शोधन की इच्छा रखते हैं। और शक्य

206
00:15:08,240 --> 00:15:12,240
नियम ही व्यक्ति के लिए ग्राह्य होता है। यहां तक कि जिन

207
00:15:12,240 --> 00:15:16,400
व्रतों में कहा कि निर्जला करें। वहां भी अपवाद दिया कि शक स्थिति में करें।

208
00:15:16,400 --> 00:15:17,040
मर ना जावे

209
00:15:17,040 --> 00:15:23,040
शास्त्र का नाम लेकर।

210
00:15:27,600 --> 00:15:32,400
विजय श्री नाम के लड़के ने कुंभ शिविर की बिक्री पूरी शंकराचार्य जी हां ₹55000

211
00:15:32,400 --> 00:15:36,480
प्रति व्यक्ति की पहली बात तो गुरुदेव का नाम लिया नहीं मगर इन्होंने किया

212
00:15:36,480 --> 00:15:40,560
क्या था कुंभ में जो इनकी डेढ़ लाख की

213
00:15:40,560 --> 00:15:44,960
फॉलोइंग वाला पेज है उससे प्रभावित होकर किसी

214
00:15:44,960 --> 00:15:49,200
व्यापारी ने इनसे संपर्क किया कि हम लोग वहां पर शिविर

215
00:15:49,200 --> 00:15:53,520
अपने लगा रहे हैं जिनको हम जिनका हम किराया लेंगे अच्छा अच्छा

216
00:15:53,520 --> 00:15:57,920
और वो उन शिविरों का आप अपने सोशल मीडिया हैंडल

217
00:15:57,920 --> 00:16:02,480
से अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रचार प्रसार

218
00:16:02,480 --> 00:16:06,480
करिए। ठीक है? और उस प्रचार

219
00:16:06,480 --> 00:16:10,720
प्रसार को करने का इन्हें एक प्रॉपर उस कंपनी

220
00:16:10,720 --> 00:16:14,720
की ओर से उस व्यापारिक संगठन की ओर से एक मूल्य मिलने वाला

221
00:16:14,720 --> 00:16:18,800
था। ठीक है? तो इन्होंने भाई इनका

222
00:16:18,800 --> 00:16:22,960
आज भी पार्जन का माध्यम भी है ना वो तो इन्होंने उस कंपनी [संगीत] कंपनी

223
00:16:22,960 --> 00:16:27,120
से इन्होंने वो किया कि इन्होंने उसका अपने सोशल मीडिया

224
00:16:27,120 --> 00:16:31,280
प्लेटफार्म से प्रचारित किया मगर ऐसा नहीं है कि कहीं लिखा हो कि शंकराचार्य के शिविर

225
00:16:31,280 --> 00:16:32,800
में आपको जगह मिलेगी।

226
00:16:32,800 --> 00:16:37,200
ठीक है। जी मगर इन्होंने किस तरीके से अपने उस

227
00:16:37,200 --> 00:16:41,200
आर्थिक उद्देश्य में भी अपनी गुरु निष्ठा दिखाई वो मैं

228
00:16:41,200 --> 00:16:45,200
आपको बता रहा हूं। जो चार लोग विदेश जात्यादी से आए थे जो उनमें

229
00:16:45,200 --> 00:16:49,600
से एक व्यक्ति आज की डेट में गुरुदेव का शिष्य है तो

230
00:16:49,600 --> 00:16:55,600
ये गलत किया इन्होंने

231
00:17:00,720 --> 00:17:04,720
और रिदमम कपूर को और रिदमम कपूर जो है वह पूरी शंकराचार्य जी के साथ

232
00:17:04,720 --> 00:17:08,800
मंच साझा कर रही है। उनका ब्रांड बनाकर उनके नाम का उपयोग करके खूब पैसा बना रही है। यह सब

233
00:17:08,800 --> 00:17:12,880
चल रहा है। के शंकराचार्य के शिष्यों के मध्य पैसा लेकर योगा क्लास देने के नाम

234
00:17:12,880 --> 00:17:17,280
पर ये पूरा का पूरा एक अपना इकोनमिक कल्ट तैयार कर रही है। गुरुदेव

235
00:17:17,280 --> 00:17:21,280
के नाम का व्यापार इन्होंने क्या किया? इन्होंने अपनी कौन सी

236
00:17:21,280 --> 00:17:25,520
प्रचार सामग्री में यह कहा कि आपको शंकराचार्य की शिक्षा जो है वो कराने

237
00:17:25,520 --> 00:17:29,840
वाली है योग। इन्होंने अपने कौन सी प्रचार सामग्री में

238
00:17:29,840 --> 00:17:33,920
शंकराचार्य का फोटो लगा दिया? क्या यह अपने आप को शंकराचार्य

239
00:17:33,920 --> 00:17:38,880
की शिष्या के रूप में बताते हुए

240
00:17:38,880 --> 00:17:43,440
अपनी चीजों को जो भी यह कर रही है धनोपार्जन का प्रयास करती है क्या?

241
00:17:43,440 --> 00:17:47,760
पहली बात तो इसका कोई प्रमाण दिखाए कि क्या इन्होंने

242
00:17:47,760 --> 00:17:48,260
ऐसा

243
00:17:48,080 --> 00:17:52,160
किया जिससे झड़कता है गुरुदेव के नाम का उपयोग कर रही है। है ना?

244
00:17:52,160 --> 00:17:56,240
दूसरी बात यह है कि क्या गुरुदेव के संपर्क में

245
00:17:56,240 --> 00:18:00,480
आने से पहले इनका जो आजीविकोपार्जन था वो

246
00:18:00,480 --> 00:18:04,560
बंद था? वो चल नहीं रहा था। योगा क्लासेस नहीं हो

247
00:18:04,560 --> 00:18:08,720
रही थी। मैं तो यह कहूंगा कि इन्होंने अगर उस दृष्टिकोण से देखा

248
00:18:08,720 --> 00:18:12,880
जाए भौतिक वादिता के दृष्टिकोण से तो इन्होंने तो अपने बसे

249
00:18:12,880 --> 00:18:16,400
बसाए घर में आग लगाई है।

250
00:18:16,400 --> 00:18:21,200
मनुवाद के सिद्धांतों को अपने प्लेटफार्म पर लाके।

251
00:18:21,200 --> 00:18:25,440
कौन से लोग हैं जो शंकराचार्य का नाम सुनकर के मन जो मनुवाद का विरोध वो

252
00:18:25,440 --> 00:18:29,600
आज जो मनुवाद से जुड़े नहीं मनुवाद को जानते नहीं है। सनातन को जानते नहीं है। कौन

253
00:18:29,600 --> 00:18:35,360
से लोग हैं जो शंकराचार्य का नाम सुनकर के प्रभावित होंगे?

254
00:18:35,360 --> 00:18:39,520
बल्कि बुरा मानेंगे। हाउ डेयर यू? भगवान कभी

255
00:18:39,520 --> 00:18:43,600
भेद कर सकता है क्या पुरुष और स्त्री में? तुमने कहा कैसे? गायत्री मंत्र नहीं जप

256
00:18:43,600 --> 00:18:47,680
सकती। मैं तो जप लूंगी। और बुरा माना बुरा माना इनके

257
00:18:47,680 --> 00:18:51,760
जाकर के कमेंट्स देखिए कितना विरोध हुआ इनको। तब इनको पता चला कि विरोध होता क्या है? क्योंकि

258
00:18:51,760 --> 00:18:56,720
उससे पहले तक मनुवादी नहीं थी। तो प्यार ही प्यार मिलता था जनता का।

259
00:18:56,720 --> 00:19:01,680
हां। बहुत अच्छे। सुपर। वाओ। ये सब होता था।

260
00:19:01,680 --> 00:19:07,360
स्त्री स्त्रियों का जन्म हो रहा है तो लोग पहुंच जाते हैं वहां पर वाह कांग्रेट्स कांग्रेचुलेशन

261
00:19:07,360 --> 00:19:11,360
ये सब होता है ना तो यही सब होता था

262
00:19:11,360 --> 00:19:15,440
अब जब इन्होंने मनुवाद [संगीत] की चीजें बताई थोड़ी सी तो

263
00:19:15,440 --> 00:19:20,080
इनका विरोध हुआ तो इन्होंने तो अपने बसे बसाए घर में आग लगाई

264
00:19:20,080 --> 00:19:24,160
कहां से गुरुदेव का नाम लेकर के इनका प्रचार हो गया बढ़ गया इनका मामला और

265
00:19:24,160 --> 00:19:28,160
कौन से इन्होंने पोस्टर में जो है लिख दिया कि शंकराचार्य जी जो है वो

266
00:19:28,160 --> 00:19:34,160
है शंकराचार्य जी के हम शिष्य और हम तुम्हें योग सिखाने वाले हैं।

267
00:19:42,240 --> 00:19:46,640
पहली बात उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति फ्रीशंस से जुड़ा हो सकता है। कोई भी व्यक्ति अपना [संगीत]

268
00:19:46,640 --> 00:19:50,880
कहीं से लिंक निकाल लेगा किसी का। तो बात ऐसी नहीं है कि कोई व्यक्ति कहीं जुड़ा हुआ है

269
00:19:50,880 --> 00:19:54,880
तो उसके लिए काम करेगा। ऐसा उनका पक्ष था। अब भाई जो व्यक्ति जुड़ा हुआ

270
00:19:54,880 --> 00:19:59,200
है वह काम नहीं कर रहा है तो क्या ऐसे लोग काम करेंगे जो जुड़े हुए नहीं हैं? दूसरी

271
00:19:59,200 --> 00:20:03,200
बात यह है कि जो व्यक्ति जुड़ा हुआ है वह जेनिटर है,

272
00:20:03,200 --> 00:20:07,360
रिसेप्शनिस्ट है, वर्कर है, झाड़ू पोछा लगाने वाला सिक्योरिटी गार्ड है। ऐसा

273
00:20:07,360 --> 00:20:11,440
तो नहीं है। बल्कि फ्रीशंस [संगीत] के जो उच्चाधिकारी रह चुके

274
00:20:11,440 --> 00:20:15,440
हैं, जो मास्टर मेसंस रह चुके हैं। ऐसे लोगों ने जिस संस्था को बनाया जो खुलेआम

275
00:20:15,440 --> 00:20:19,600
मेसोनिक ब्रांड लोगों और विचारधारा को प्रमोट करती है। जैसे कि आईवाईएफ

276
00:20:19,600 --> 00:20:23,680
जैसी संस्थाएं और उन आईवाईएफ जैसी संस्थाओं से प्रमोट किए जाने वाले

277
00:20:23,680 --> 00:20:27,760
ये रिदमम कपूर जैसे लोग तो यहां पर आप केवल काम

278
00:20:27,760 --> 00:20:32,400
कर रहे हैं। ऐसी बात नहीं है। वहां पर आपको रिसेप्शनिस्ट नहीं लगे हैं। कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं लगे हैं। जबकि

279
00:20:32,400 --> 00:20:36,400
जो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर फ्री मेंशनंस के

280
00:20:36,400 --> 00:20:40,400
विषय में खुलेआम प्रचारात्मक शैली को अपनाते हुए मैसोनिक

281
00:20:40,400 --> 00:20:44,480
आइडियाज को एडवोकेट करते हैं। ऐसी संस्थाओं की हम बात कर रहे हैं ना कि

282
00:20:44,480 --> 00:20:48,640
किसी सामान्य वर्कर की बात कर रहे हैं। किसी जेनिर रिसेप्शनिस्ट या सिक्योरिटी गार्ड

283
00:20:48,640 --> 00:20:52,640
की हम बात नहीं कर रहे हैं। तो प्रॉब्लम यह आएगी कि

284
00:20:52,640 --> 00:20:56,800
अगर कोई किसी संस्था से जुड़ा कोई भी किसी संस्था से जुड़ा हुआ है

285
00:20:56,800 --> 00:20:57,440
तो उसमें

286
00:20:57,440 --> 00:21:01,920
वह किस पद पर कार्यरत होना चाहिए यह कहां पर सिद्धांत मिलेगा

287
00:21:01,920 --> 00:21:05,920
कि भगवतानंद जी के द्वारा डिक्लेअर कर देने पर मान लिया जाए कि इस

288
00:21:05,920 --> 00:21:10,000
पद पर यदि उस संस्था के द्वारा नियुक्त होगा व्यक्ति तो यह मान लिया जाए

289
00:21:10,000 --> 00:21:14,160
कि वो उसी के लिए कार्यरत कर रहा है और उससे थोड़ा सा नीचे वाले पद पर जैसे आपने

290
00:21:14,160 --> 00:21:18,160
उदाहरण दिया कि वो कोई इसका रिसेप्शनिस्ट थोड़ी ना है। वो कोई उसका यह थोड़ी

291
00:21:18,160 --> 00:21:22,240
ना है। तो थोड़ा सा उससे नीचे वाले पद पर अगर कार्यरत होगा तो वह

292
00:21:22,240 --> 00:21:26,320
उसके लिए कार्य नहीं कर रहा है। यह सिद्धांत कहां से प्रतिपादित होता है? इसको हम

293
00:21:26,320 --> 00:21:30,320
कैसे मान ले? तेरे लिए कर्तव्य और अकर्तव्य के विषय में शास्त्र प्रमाण

294
00:21:30,320 --> 00:21:34,720
है। आपको लगता है कि अगर उस संस्था से कनेक्टिंग किसी संस्था

295
00:21:34,720 --> 00:21:38,960
के द्वारा किसी पद पर जो आपके अनुसार है वो पद वो

296
00:21:38,960 --> 00:21:43,280
क्या था स्पोर्ट्स प्रेसिडेंट या योग योग प्रेसिडेंट मुझे याद नहीं उस पद का नाम।

297
00:21:43,280 --> 00:21:47,600
तो आपके अनुसार उस पद पर अगर कोई बैठा है तो वो प्रीमेशन

298
00:21:47,600 --> 00:21:51,600
के लिए कार्य कर रहा है। मगर उसी संस्था के रिसेप्शन पर कोई अगर बैठा है

299
00:21:51,600 --> 00:21:55,840
तो वो उस संस्था का एजेंट नहीं है। तो ये सनातन सिद्धांत नहीं है।

300
00:21:55,840 --> 00:22:01,840
अगर है तो आप मुझे दे दीजिए। मैं मान लूंगा।

301
00:22:07,920 --> 00:22:12,000
ऐसा नहीं कि एक मात्र प्रमाण है और भी बहुत कुछ प्रमाण है और मैं आशा करता हूं ये आपके पास पहले पहुंच

302
00:22:12,000 --> 00:22:16,160
चुका होगा। लेकिन बाकी लोगों की सुविधा के लिए हम इला दे रहे हैं। तो जितना प्रमाण चिल्लाओगे तुम्हारी

303
00:22:16,160 --> 00:22:20,240
ही फजीहत होगी। तुम्हारी ही बदनामी होगी। फिर भी तुमने मांगा है तो एक सैंपल दे दे

304
00:22:20,240 --> 00:22:24,240
रहा हूं। आपने जो प्रमाण दिखाए हैं इससे हम किसी के ऊपर शक कर सकते

305
00:22:24,240 --> 00:22:28,320
हैं। बिल्कुल बात सही है। शक जा सकता है। डाउट हो सकता है

306
00:22:28,320 --> 00:22:32,560
मगर सिद्ध कुछ नहीं हो सकता। ठीक है? तुमको

307
00:22:32,560 --> 00:22:37,040
ज्यादा मन है तुम स्वयं जाकर मठ में रहो। देखो उनका कनेक्शन समझो।

308
00:22:37,040 --> 00:22:41,120
और जब हम फिर चीजों को जोड़ेंगे कि हम वहां जा रहे हैं। हम

309
00:22:41,120 --> 00:22:45,120
स्वयं वहां रह रहे हैं। और भी लोग वहां रह रहे हैं। वहां पर स्त्री भी रह रही

310
00:22:45,120 --> 00:22:49,120
है। हम लोग कुंभ में रह रहे हैं। हम लोग वहां पर रह रहे हैं। हमको ऐसी चीजें जब नहीं

311
00:22:49,120 --> 00:22:53,360
दिख रही और जब हमारे पूज्य गुरुदेव जो है जो हमारे लिए प्रमाण

312
00:22:53,360 --> 00:22:57,600
है वो उनके द्वारा संरक्षित हैं। जो अब बात जब

313
00:22:57,600 --> 00:23:02,000
ये आती है कि हम लड़ने मरने निकले हैं। जान देने निकले हैं।

314
00:23:02,000 --> 00:23:06,160
कुछ भी हो जाए हम ये बात पहुंचा कर ही रहेंगे। तो हम ऐसी चीज के लिए लड़ते

315
00:23:06,160 --> 00:23:10,320
मरते हैं जो अकाट्य हो। अगर कोई व्यक्ति गलत है तो उसके

316
00:23:10,320 --> 00:23:15,040
लिए आप ठोस सबूत लाइए। ठोस अकाट्य सबूत मगर वो नहीं है।

317
00:23:15,040 --> 00:23:19,920
काम चलाओ चीजें जिससे आप हाहाकार तो मचवा दोगे।

318
00:23:19,920 --> 00:23:23,200
मगर जब हम कहीं वास्तविकता में उन सबूतों के आधार

319
00:23:23,200 --> 00:23:29,200
पर लड़ने खड़े होंगे तो हमें पराजय का मुख देखना पड़ेगा।

320
00:23:36,240 --> 00:23:40,400
हमने शिवशु नारायण द्विवेदी जी के समक्ष प्रस्ताव रखा है सोशल मीडिया

321
00:23:40,400 --> 00:23:44,400
के माध्यम से। हमने उन्हें हमारे साथ लाइव आकर उन्हीं के

322
00:23:44,400 --> 00:23:48,640
चैनल पर अह अपने इस प्रासंगिक

323
00:23:48,640 --> 00:23:52,720
पीठगत विवादों पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया है। जो इस

324
00:23:52,720 --> 00:23:56,720
विषय पर चर्चा जो है व्यक्तिगत रूप से अपेक्षित है। नीतिपूर्ण

325
00:23:56,720 --> 00:24:00,720
है और इस तरह से ठीक नहीं है कि हम लोग किसी मंच पर

326
00:24:00,720 --> 00:24:04,800
आकर के तो वो हमें ठीक नहीं लगा। इसने मुझे जो

327
00:24:04,800 --> 00:24:08,960
लाइव आने का ऑफर दिया था वो क्या था मालूम है कि कौन

328
00:24:08,960 --> 00:24:14,000
समलैंगिक है कौन नहीं है यह चर्चा लाइव डिस्कशन में करो

329
00:24:14,000 --> 00:24:18,160
कौन वैश्या है कौन वैश्या नहीं है ये चर्चा लाइव डिस्कशन में करो

330
00:24:18,160 --> 00:24:22,560
ये ठीक है आज ये जो हो रहा है अब मुक्तेश्वर जी महाराज जी से

331
00:24:22,560 --> 00:24:26,720
लोग सवाल पूछ रहे हैं माइक ले ले के अच्छा लगता है सुनने में भले ही वो निर्दोष

332
00:24:26,720 --> 00:24:30,800
है मगर ये सब तर्क वितर्क जो पर्दे पर होते हैं तो अच्छे लगते हैं

333
00:24:30,800 --> 00:24:34,880
क्या मैंने वही भाव दर्शाया साथ ही साथ ये भाव दर्शाया कि भाई

334
00:24:34,880 --> 00:24:38,480
तुम गुरुदेव का मेरे वो कर चुके तो मैं

335
00:24:38,480 --> 00:24:42,560
समानांतर रूप से स्वहार तरीके से आपके साथ निभा नहीं पाऊंगा तो

336
00:24:42,560 --> 00:24:46,800
आप दूर रहो वो तीसरा वाला जो पक्ष है जीवा ना काट सको

337
00:24:46,800 --> 00:24:51,040
तो भगा दो भगा ना सको तो दूर रहो तो मैंने दूर रहना तो

338
00:24:51,040 --> 00:24:55,120
तीन दिन लगातार वो है ना बिन ना मानस जल्दी जड़ गए

339
00:24:55,120 --> 00:24:59,360
तीन दिन भीत भोले राम सप्ता भय बिन होए ना प्रीत तीन दिन लगातार

340
00:24:59,360 --> 00:25:03,920
मैंने इससे विनम्रता पूर्वक कहा था कि भाई भाई

341
00:25:03,920 --> 00:25:08,160
आप अपना दूर रहो। आप अपना कार्य करते रहो।

342
00:25:08,160 --> 00:25:12,320
खामा खाकी चीजों को मत छेड़ो। मैंने तीन दिन

343
00:25:12,320 --> 00:25:16,320
लगातार इससे विनम्र भाव में बात की थी कि अमर्यादित आचरण मत करो। ये सब मत

344
00:25:16,320 --> 00:25:20,480
करो। तूक मत करो। दूर रहो। बहुत सारी चीजें हुई थी। इसने

345
00:25:20,480 --> 00:25:24,480
मुझको क्या कहा लास्ट में? लाइव बुलाता भैया तो

346
00:25:24,480 --> 00:25:28,640
तेरा करियर खा जाते हो। तुम लाइव नहीं बुलाया। ये तुम ग्रह दशा तुम्हारी

347
00:25:28,640 --> 00:25:32,800
अच्छी थी। जो विजयाश्री [संगीत] लड़की है उसके प्रति यह व्यक्ति इतना

348
00:25:32,800 --> 00:25:36,880
समर्पित हो गया है। विजय तुम्हारे समाज तो कोई योगाचार्य नहीं। तुम्हारी

349
00:25:36,880 --> 00:25:40,880
वाणी में तो मुझे स्वामी करपात्री जी की झलक दिखाई पड़ती। चाहे विजय जो

350
00:25:40,880 --> 00:25:45,120
है वो अंडरवियर में और ऊपर के ब्रेट में फोटो खिंचाई घूम रही हो क्योंकि

351
00:25:45,120 --> 00:25:49,200
विजय श्री के पास ऊपर [संगीत] और नीचे दोनों दृष्टिकोण से हर वो

352
00:25:49,200 --> 00:25:53,440
चीज है जो मेरे पास नहीं है। हम जी जैसे महान

353
00:25:53,440 --> 00:25:55,600
अह

354
00:25:55,600 --> 00:26:00,000
धर्म सम्राट हां हां हां उनके सिद्धांतों

355
00:26:00,000 --> 00:26:04,240
का आपने खंडन करने का प्रयास किया प्रयास नहीं प्रयास नहीं खंडन

356
00:26:04,240 --> 00:26:08,480
किया प्रयास क्या होता है खंडन किया अब तू तड़ाक

357
00:26:08,480 --> 00:26:12,560
और गाली देते हो और अमर ज्यादा शब्दों का प्रयोग करता ये बहुत मैं सुन चुका मैं ऐसा ऐसे ही बोलता हूं और

358
00:26:12,560 --> 00:26:18,560
तेरे जैसों के साथ ऐसा ही बोलूंगा [संगीत]

359
00:26:23,600 --> 00:26:27,840
जैसे ही इसको पता चला कि शिवश नारायण द्विवेदी अब जो है बैक

360
00:26:27,840 --> 00:26:32,160
फुट पे नहीं है। डिफेंसिव नहीं है। अब वो आक्रामक भी है। फ्रंट फुट पे भी है। तब

361
00:26:32,160 --> 00:26:36,240
से इसने कन्ने काट लिए। भगवतानंद यदि

362
00:26:36,240 --> 00:26:40,320
तुमने निष्ठा पूर्वक माता जी का दूध उत्पादान किया है। यदि आपकी माता जी

363
00:26:40,320 --> 00:26:44,320
ने आपको निष्ठा [संगीत] पूर्वक दूध पिलाया है तो आके प्रत्यक्ष वार्ता

364
00:26:44,320 --> 00:26:48,320
करो और सिद्ध करो कि विजय श्री फ्री मेंशन

365
00:26:48,320 --> 00:26:52,560
से है। विजय श्री के बारे में जो तुमने आक्षेप

366
00:26:52,560 --> 00:26:56,640
लगाए हैं वो सत्य हैं। और फिर सिद्ध करो पीठ जो पूरी पीठ के

367
00:26:56,640 --> 00:27:00,720
परिकर हैं उन पर जो [संगीत] आक्षेप तुमने लगाए हैं वो वो सब सत्य हैं।

368
00:27:00,720 --> 00:27:04,880
और फिर सिद्ध करो तुम्हारा वो निग्राचार्य वाला पद

369
00:27:04,880 --> 00:27:09,040
परंपरा आओ शिवश कह रहा था लाय भाव

370
00:27:09,040 --> 00:27:10,720
लाए भाव जब क्या करो लाइव आकर तो अपने

371
00:27:10,720 --> 00:27:14,720
संप्रदाय की प्रामाणिकता सिद्ध करो तुम हो कौन भाई तुम्हारे सामने हम संप्रदाय की

372
00:27:14,720 --> 00:27:19,120
प्रामाणिकता सिद्ध करें हो क्या तुम कहो कि शंकराचार्य

373
00:27:19,120 --> 00:27:24,000
दीक्षित शिष्य हैं तो 1 लाख दीक्षित शिष्य हैं तो क्या हम सबसे पर्सनली बात करते चलें तो

374
00:27:24,000 --> 00:27:26,560
भगवतानंद

375
00:27:26,560 --> 00:27:30,560
हमने तुमसे पहले ही कहा था कि इस विवाद को मत मत

376
00:27:30,560 --> 00:27:36,160
बढ़ाओ आगे। अब प्रत्यक्ष रूप से हमने यही दर्शाया था। मत बढ़ाओ, मत बढ़ाओ।

377
00:27:36,160 --> 00:27:40,240
हो गई ना? कहा था हमने खेल अच्छा है तुम्हारा।

378
00:27:40,240 --> 00:27:44,320
बहुत अच्छा है। सालों से खेल रहे हो। इस बार

379
00:27:44,320 --> 00:27:49,360
भी खेल अच्छा था। आदमी गलत चुन लिया।

380
00:27:49,360 --> 00:27:53,360
तो माता जी ने अगर निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया ना तो ये

381
00:27:53,360 --> 00:27:57,600
बहाने बनाने बंद करो और प्रत्यक्ष वार्ता करने का साहस प्रकट

382
00:27:57,600 --> 00:28:03,600
करो। प्रत्यक्ष वार्ता होगी। तो दृश्य बदल जाएगा।

383
00:28:10,720 --> 00:28:15,120
ऐसा नहीं कि एक मात्र प्रमाण है और भी बहुत कुछ प्रमाण है। बाकी जितने लोगों को ऋषिकेश ब्रह्मचारी

384
00:28:15,120 --> 00:28:19,200
ने धमकी दी है जितने लोगों के सामने इस प्रकार के समलैंगिक गतिविधियां

385
00:28:19,200 --> 00:28:23,440
की है वो सारे लोग भी हमारे संपर्क में हैं और सारे लोगों के पास प्रमाण सुरक्षित हैं।

386
00:28:23,440 --> 00:28:27,520
अरे भाई आपने खुद क्लेम किया है ना कि ये केवल सैंपल के रूप में आपने प्रस्तुत किया

387
00:28:27,520 --> 00:28:31,680
है। बाकी प्रमाण जो है ठोस और साक्ष्य

388
00:28:31,680 --> 00:28:35,680
साक्षी वो सब आपके पास सुरक्षित हैं। तो क्यों नहीं

389
00:28:35,680 --> 00:28:39,920
प्रस्तुत कर दिया आपने उन प्रमाणों को उन साक्ष्यों को

390
00:28:39,920 --> 00:28:42,400
अब

391
00:28:42,400 --> 00:28:46,640
कीचड़ वाली होली की बात करते हैं तो जिस तरह से उसको

392
00:28:46,640 --> 00:28:51,040
लेकर के चवा उड़ाया गया है कि रगड़ रगड़ के होली खेली गई

393
00:28:51,040 --> 00:28:55,040
स्त्रियों के बीच भाई शास्त्रों में माताओं को

394
00:28:55,040 --> 00:28:59,200
बहनों को देवी कहा गया है माता

395
00:28:59,200 --> 00:29:03,280
देवी होती है बहन देवी होती है जहां पर

396
00:29:03,280 --> 00:29:07,280
वो होली खेली जा रही है। वहां उनकी माताएं हैं, बहने

397
00:29:07,280 --> 00:29:11,440
हैं और वह उनके साथ होली खेल रही हैं। जबकि वह शांत

398
00:29:11,440 --> 00:29:15,600
होकर के शांतित के साथ बैठे हुए हैं। यही नहीं

399
00:29:15,600 --> 00:29:19,840
स्वयं जगतगुरु शंकराचार्य गुरुदेव भी वहां पर विराजमान हैं।

400
00:29:19,840 --> 00:29:24,080
देख रहे हैं। और तो और उस दृश्य को कई पूरी

401
00:29:24,080 --> 00:29:25,840
पीठ के समर्थक YouTube

402
00:29:25,840 --> 00:29:30,160
चैनल्स के द्वारा प्रचारित भी किया गया। और उस बात को उस दृश्य

403
00:29:30,160 --> 00:29:34,880
को कितना उपासात्मक रूप से आपने आरोप लगाए 50

404
00:29:34,880 --> 00:29:39,120
और उनमें से केवल दो के समर्थन में तीन साल पुरानी ऐसी

405
00:29:39,120 --> 00:29:43,120
सामग्री प्रस्तुत की जिससे कुछ भी सिद्ध नहीं होता है।

406
00:29:43,120 --> 00:29:47,200
केवल उसके नाम पर ढिंढोरा पीटा गया है और ऐसी सामग्री का समर्थन

407
00:29:47,200 --> 00:29:51,360
लेते हुए आप अपने बाकी के 48 जो आरोप

408
00:29:51,360 --> 00:29:57,360
है उनकी पुष्टि करना चाह रहे हो।

409
00:30:01,760 --> 00:30:05,840
रिधिमा कपूर के बहुत से ऐसे फोटो आपको सार्वजनिक मिल जाएंगे जहां ये कुत्ते [संगीत] को प्रेम

410
00:30:05,840 --> 00:30:10,160
कर रही है। कुत्ते के साथ स्पर्श कर रही है। और इतना ही नहीं कुत्ते के साथ लिफ्ट

411
00:30:10,160 --> 00:30:14,400
टू लिप [संगीत] किस कर रही है। कुत्ते के ओठ के साथ अपने ओठ को लगाकर बाकायदा किस

412
00:30:14,400 --> 00:30:18,400
कर रही है। कुत्ते को लिफ्ट [संगीत] टू लिप किस दे रही है। मुंह से मुंह लगाकर चुम्मा

413
00:30:18,400 --> 00:30:22,560
ले रही है। वो चुम्मा का फोटो है। ये कह रहा हूं मैं कोर्ट

414
00:30:22,560 --> 00:30:28,320
में तुम्हें बुलाऊंगा। मैं कोर्ट में बुलाऊंगा तुम्हें। तुम चुंबक सिद्ध करोगे ना उसे

415
00:30:28,320 --> 00:30:32,400
कितना अंधभक्ति करोगे भाई एक महिला अपने

416
00:30:32,400 --> 00:30:36,880
कुत्ते के साथ जब वो अज्ञानी है पुराने जीवन में

417
00:30:36,880 --> 00:30:40,960
अच्छा मैं और वो उसको दुलार कर रही है तो उसको तुम चुम्मा कह रहे हो

418
00:30:40,960 --> 00:30:46,960
इसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं इसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं

419
00:30:54,720 --> 00:30:59,200
पूरी के शंकराचार्य जी के कोई परिककर है जिन पर उनकी मात्र

420
00:30:59,200 --> 00:31:03,200
तुल्य मातृ शक्तियां है ना महिलाएं वो बैठे

421
00:31:03,200 --> 00:31:07,440
हुए हैं एक जगह और वो जो है पानी डाल रही है होली के रंग वाला

422
00:31:07,440 --> 00:31:11,600
हम इस व्यक्ति ने क्या कहा निर्लज्जता के साथ कि

423
00:31:11,600 --> 00:31:15,840
अंग मर्दन कर कर के होली खेली जा रही है हम

424
00:31:15,840 --> 00:31:19,840
और विद्या भास्कर जी महाराज को एक मात्र मात्र शक्ति

425
00:31:19,840 --> 00:31:25,840
स्पर्श पूर्वक माला पहना रही है तब ये व्यक्ति चुप रहता है।

426
00:32:53,120 --> 00:32:57,680
तब नहीं कहता कि अंग मर्दन कर करके जो है माला पहनाई जा रही है।

427
00:32:57,680 --> 00:33:01,920
फिर भी यदि इसको ऐसा लग रहा है कि शास्त्र का वहां पर वो हो रहा है उल्लंघन

428
00:33:01,920 --> 00:33:05,920
वहां पूरी के शंकराचार्य बैठे हैं और भी परिकर बैठे हैं। वहां पर

429
00:33:05,920 --> 00:33:10,080
ये बोल रहा है निर्लज्जता के साथ इसको होश नहीं अब क्यों नहीं कर रहा निग्रह अब क्यों

430
00:33:10,080 --> 00:33:14,480
तूती बंद हो गई इसकी इसीलिए हो गई निग्रह इसका हो गया है इसीलिए

431
00:33:14,480 --> 00:33:20,480
चुप है

432
00:33:25,200 --> 00:33:29,280
अभी कुछ दिनों पूर्व भागतानंद ने एक वीडियो निर्गत किया था

433
00:33:29,280 --> 00:33:33,520
जिसमें उसने यह बात कही थी कि जो लोग पीएन

434
00:33:33,520 --> 00:33:37,920
मिश्र जी के विषय में ऐसे लोग हैं जो सांकर

435
00:33:37,920 --> 00:33:42,000
पीठ से संबंध हैं और जिनकी जाति के लिए

436
00:33:42,000 --> 00:33:46,000
इसने संघर्ष किया जिनकी जाति को सिद्ध करने के लिए जिनके ब्राह्मणत्व को

437
00:33:46,000 --> 00:33:50,160
सिद्ध करने के लिए इसने संघर्ष किया वही लोग

438
00:33:50,160 --> 00:33:54,160
आज पीएन मिश्र जी वाले विषय में यदि चुप हैं तो

439
00:33:54,160 --> 00:33:58,720
जो ऐसा कर रहे हैं यानी मौन धारण किए हुए हैं

440
00:33:58,720 --> 00:34:02,960
वो लोग माता का भ्रूण खाने वाले पापी हैं। ऐसा

441
00:34:02,960 --> 00:34:07,120
उसने कहा था। कुछ दिनों पूर्व कुछ शब्दों का हेरफेर हो सकता है। पर

442
00:34:07,120 --> 00:34:08,160
लगभग यही बात

443
00:34:08,160 --> 00:34:12,640
थी। अब इसमें एक बात और है कि जो माता का भ्रूण खाने

444
00:34:12,640 --> 00:34:16,640
वाले की उपमा जो है ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी को ठीक नहीं

445
00:34:16,640 --> 00:34:20,800
लगी और इस बात को लेकर वो भागतानंद से

446
00:34:20,800 --> 00:34:25,680
रुष्ट हैं। अब भागतानंद का इसमें यह कहना है

447
00:34:25,680 --> 00:34:29,840
कि भाई क्या मैंने नाम लेकर के कही थी वो बात माता के भ्रूण की बात।

448
00:34:29,840 --> 00:34:33,840
हमने क्या कहा था? जिनकी जाति के सम्मान के लिए हम खड़े रहे। अगर वह

449
00:34:33,840 --> 00:34:37,840
हमारी जाति के सम्मान के लिए शास्त्र के अनुसार नहीं बोलते हैं तो अपनी माता का भ्रूण खाने

450
00:34:37,840 --> 00:34:41,920
के पाप के भागीदार होंगे। यह हमने कहा। [संगीत] हमने यहां कहीं अभिमुक्त स्वरानंद जी का

451
00:34:41,920 --> 00:34:46,640
नाम नहीं लिया किंतु वह मान लिए कि हमें ही बोला गया है।

452
00:34:46,640 --> 00:34:50,800
यद्यपि यह बात सर्ववेदित है कि उसने

453
00:34:50,800 --> 00:34:55,120
सांकर पीठ से जुड़े हुए सांकर पीठ के सांकर

454
00:34:55,120 --> 00:34:59,360
परंपरा के किस महानुभाव किस व्यक्तित्व के

455
00:34:59,360 --> 00:35:03,840
लिए वह वक्तव्य दिया था। यह सभी प्रबुद्ध जन

456
00:35:03,840 --> 00:35:08,080
वो जो है वह भली-भांति जानते हैं। पर

457
00:35:08,080 --> 00:35:12,240
यदि नाम ना लेने के कारण कुछ भी सिद्ध नहीं होता है तो यह

458
00:35:12,240 --> 00:35:16,240
अपने मंतव्यों की सिद्धि नाम लिए बिना कैसे कर लेता है।

459
00:35:16,240 --> 00:35:20,400
जैसे कि किसी ने इसको बताया कि जब मैं विद्या भास्कर

460
00:35:20,400 --> 00:35:23,440
जी महाराज के यहां गया था तो वहां पर पूरी

461
00:35:23,440 --> 00:35:27,680
पीठ के किसी कुछ परिकरों को मोटू और पतलू कहा गया।

462
00:35:27,680 --> 00:35:31,680
मगर नाम नहीं लिया गया। पर इसने अपना वीडियो बनाते हुए

463
00:35:31,680 --> 00:35:35,920
यह स्पष्ट कर दिया कि मोटू और पतलू कहा गया है अमुक अमुक जो पूरी पीठ

464
00:35:35,920 --> 00:35:39,920
के जो मुख्य परिकर हैं उनके लिए ये कैसे सिद्ध हुआ

465
00:35:39,920 --> 00:35:44,000
भाई शिवश गया था विद्या भास्कर जी के पास

466
00:35:44,000 --> 00:35:48,240
चाहिए वहां भी आश्रम के भी कौशले सदन के भी लोगों ने कहा कि भाई वहां तो दो परिकर

467
00:35:48,240 --> 00:35:52,240
हैं एक पतला है एक मोटा है और सारा खेल उन्हीं लोगों का है एक मोटे परिकर का और एक

468
00:35:52,240 --> 00:35:56,480
पतले परिकर का तो सब जानते हैं कि ऋषिकेश ब्रह्मचारी

469
00:35:56,480 --> 00:36:01,600
और निर्विकल्पानंद सरस्वती के कब्जे में किस प्रकार से पूरी के शंकराचार्य जी हैं। अच्छा

470
00:36:01,600 --> 00:36:05,840
मैंने अपने वीडियो में यह कहा था कि कुछ आचार्य गण हैं

471
00:36:05,840 --> 00:36:10,080
जिनके समक्ष भागतानंद स्तर का एक

472
00:36:10,080 --> 00:36:14,320
स्ान के जैसा है जो कोई पालतू स्ान होता है और अपनी

473
00:36:14,320 --> 00:36:18,400
आनंद विनोद प्रमोद के लिए आचार्य

474
00:36:18,400 --> 00:36:22,400
गण जो है कोई विवादित मामला आता है तो उसके सामने वह मामला डाल

475
00:36:22,400 --> 00:36:26,640
के और कहते हैं इसको भागतानंद को भेज दो और फिर हंसते हैं।

476
00:36:26,640 --> 00:36:30,960
यह मैंने कहा था। जिस प्रकार से विष्णु भगवान अपनी सैया

477
00:36:30,960 --> 00:36:35,120
पर लेट करके और अपने प्रपंच रूपी संसार की

478
00:36:35,120 --> 00:36:38,560
लीला को देखकर के आनंद लेते हैं। उसी प्रकार से

479
00:36:38,560 --> 00:36:42,560
जिसका स्तर स्ान जैसा है। कुछ कई ऐसे प्रामाणिक

480
00:36:42,560 --> 00:36:46,960
आचार्य हैं जिनके समक्ष इसका स्तर स्ान जैसा है। तो वह अपने स्वान के सामने

481
00:36:46,960 --> 00:36:51,200
कोई एक ऐसा विवादास्पद मामला फेंक दे फेंक दे फेंक कर और

482
00:36:51,200 --> 00:36:55,520
फिर जैसे लोग अपने स्वान के समक्ष कहते हैं टॉमी छू उसका आनंद

483
00:36:55,520 --> 00:36:59,520
लेने के लिए उसी प्रकार से आचार्य गण विवादित

484
00:36:59,520 --> 00:37:04,000
मामले को भागतानंद के समक्ष डालकर उस

485
00:37:04,000 --> 00:37:08,160
दृश्य का आनंद लेते हैं कि अब देखो भागतानंद ऐसी चीजें करेगा जिससे आनंद आएगा।

486
00:37:08,160 --> 00:37:12,320
ठीक है? तो मैंने यह बात कही थी। मगर मैंने तो इसमें किसी आचार्य

487
00:37:12,320 --> 00:37:16,560
का नाम नहीं लिया था कि भाई वो विद्या भास्कर जी महाराज के समक्ष ही तुम स्वाहान [संगीत] हो या

488
00:37:16,560 --> 00:37:20,640
फिर राघवाचार्य जी महाराज के समक्ष ही तुम स्वाहान हो।

489
00:37:20,640 --> 00:37:24,720
तो फिर तुमने कैसे डिसाइड किया कि यह बात मैंने विद्या भास्कर जी

490
00:37:24,720 --> 00:37:29,600
महाराज या राघवाचार्य जी महाराज को लेकर के ही की है।

491
00:37:29,600 --> 00:37:33,600
अच्छा इसको भी छोड़ देते हैं। पूरी पीठ के शंकराचार्य जी ने

492
00:37:33,600 --> 00:37:37,680
पूरी पीठ में आने वाली योगाचार्य स्त्री का खंडन

493
00:37:37,680 --> 00:37:41,760
किया और उन्होंने एक कटाक्ष

494
00:37:41,760 --> 00:37:45,920
किया। योगाचार्य स्त्री कोई आती है यहां पर भी। तो बिना नाम

495
00:37:45,920 --> 00:37:49,920
लिए उन्होंने नाम नहीं लिया था। बिना नाम लिए इस व्यक्ति ने ये कैसे मान

496
00:37:49,920 --> 00:37:53,600
लिया कि पूरी पीठ में कौन सी स्त्री योग के रूप

497
00:37:53,600 --> 00:37:57,680
में योग कराने वाली कौन सी स्त्री आती है ये हम सब जानते हैं और उसका जो है

498
00:37:57,680 --> 00:38:01,760
उसको जोड़ दिया विजय श्री सेरी बात यह है हम इसमें पूरी शंकराचार्य जी का

499
00:38:01,760 --> 00:38:05,920
भी एक वक्तव्य अटैच करने वाले हैं संलग्न करने वाले हैं सम्मिलित करने वाले हैं जिसमें वो स्पष्ट

500
00:38:05,920 --> 00:38:10,000
रूप से शास्त्र विरुद्ध योग [संगीत] अभ्यास सिखाने वाले लोगों की भसना

501
00:38:10,000 --> 00:38:14,000
करते हुए कह रहे हैं कि पूरी मठ में भी ऐसे लोगों का आना जाना है ये भी मैं वहां

502
00:38:14,000 --> 00:38:18,080
पर अटैच करूंगा [संगीत] और वो भी महिला इत्यादि का वहां पर उन्होंने वर्णन किया हालांकि वहां उन्होंने

503
00:38:18,080 --> 00:38:22,080
नाम नहीं लिया है लेकिन पूरी मठ में कौन सी महिला योगाभ्यास सिखाती है और

504
00:38:22,080 --> 00:38:26,160
सिखवाते हुए आते जाते रहती है इसके विषय में जानना कोई कठिन बात है। क्या

505
00:38:26,160 --> 00:38:30,160
गुरुदेव ने पूरी के शंकराचार्य जी ने वहां पर विजय श्री का नाम लिया था?

506
00:38:30,160 --> 00:38:34,320
यह कैसे सिद्ध होता है कि पूरी पीठ में केवल एक वही है जो योग सिखाने वाली महिला

507
00:38:34,320 --> 00:38:38,320
है। कैसे सिद्ध होता है? हमारी जानकारी में तो बहुत सी जाती

508
00:38:38,320 --> 00:38:42,640
है। यद्यपि मुझे बिल्कुल नहीं पसंद आया वह चित्र

509
00:38:42,640 --> 00:38:46,640
जिसमें विद्या भास्कर जी के समानांतर एक

510
00:38:46,640 --> 00:38:50,800
व्यंग चित्र बनाया गया था। मगर वहां नाम तो नहीं लिया गया था। फिर तूने कैसे

511
00:38:50,800 --> 00:38:56,000
विद्या भास्कर जी महाराज से जोड़ के उस चित्र को प्रस्तुत कर दिया।

512
00:38:56,000 --> 00:39:00,080
मतलब तुम जहां चाहो जब चाहो किसी से भी किसी भी वक्तव्य को जोड़

513
00:39:00,080 --> 00:39:04,480
सकते हो। किसी चित्र को जोड़ सकते हो। पर ज्योतिष पीठ के महाराज अगर यह जानते

514
00:39:04,480 --> 00:39:08,560
हुए भी सर्वविदित होते हुए भी कि ये मुझ पर कटाक्ष कर रहा है मौन रहें।

515
00:39:08,560 --> 00:39:09,680
क्यों?

516
00:39:09,680 --> 00:39:13,840
क्योंकि वो तुम्हारे निग्रह में है। निग्रह तुम निग्रह

517
00:39:13,840 --> 00:39:18,080
करोगे सबका। अगर सिद्धांत यह है कि नाम नहीं लिया गया

518
00:39:18,080 --> 00:39:22,080
है। इसलिए किसी भी कोई

519
00:39:22,080 --> 00:39:26,320
भी व्यक्ति अपने मतानुसार उससे जोड़ नहीं सकता। तो तुम नाम

520
00:39:26,320 --> 00:39:32,320
लिए बिना कैसे किसी से किसी वक्तव्य को जोड़ देते हो?

521
00:39:39,360 --> 00:39:44,400
आचार्य श्री रामचंद्र शुक्ल जी यदि एकांत में

522
00:39:44,400 --> 00:39:48,880
इसको यह कहेंगे इसके अनुसार कि पूरी मठ में अमुक अमुक गतिविधियां

523
00:39:48,880 --> 00:39:52,960
हो रही हैं तो वह बिल्कुल खरा सत्य होगा। मगर वही

524
00:39:52,960 --> 00:39:57,040
आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी यदि सार्वजनिक रूप

525
00:39:57,040 --> 00:40:01,040
से यह कह देंगे कि हमने ऐसा कुछ नहीं कहा हमारी जानकारी में ऐसा पूरी

526
00:40:01,040 --> 00:40:05,120
मठ में कुछ नहीं हो रहा है तो वो झूठे हैं। भागवतानंद का

527
00:40:05,120 --> 00:40:09,120
सिद्धांत क्या है? जो व्यक्ति उसके अनुसार बात

528
00:40:09,120 --> 00:40:13,200
करेगा जब बात करेगा वह व्यक्ति सही है। जो व्यक्ति

529
00:40:13,200 --> 00:40:17,280
उसके अनुसार बात नहीं करेगा जब भी बात नहीं करेगा वह

530
00:40:17,280 --> 00:40:21,760
व्यक्ति झूठा हो सकता है। वह व्यक्ति असत्यवादी हो सकता है।

531
00:40:21,760 --> 00:40:24,720
भले ही वह रामानुजाचार्य पीठ पर बैठने

532
00:40:24,720 --> 00:40:28,720
वाले राघवाचार्य जी महाराज क्यों ना हो।

533
00:40:28,720 --> 00:40:32,880
इस व्यक्ति ने उनके लिए क्या कहा कि राघवाचार्य जी ने पूरी मठ के बारे

534
00:40:32,880 --> 00:40:36,880
में हमको ऐसा ऐसा कहा है कि उन्हें शंकराचार्य जी से मिलने नहीं

535
00:40:36,880 --> 00:40:40,880
दिया गया। जबकि उसी समय वो यह भी बता रहा है कि

536
00:40:40,880 --> 00:40:45,280
अब अगर वह पलट जाए तो भैया हमें नहीं पता। इसका मतलब

537
00:40:45,280 --> 00:40:49,280
इसे उन पर भरोसा नहीं है। राघवाचार्य जी पर भी भरोसा

538
00:40:49,280 --> 00:40:53,520
नहीं है। हां मगर जिस व्यक्ति

539
00:40:53,520 --> 00:40:57,680
पर इसको भरोसा नहीं है उस व्यक्ति की कही हुई बात को आधार

540
00:40:57,680 --> 00:41:01,920
बनाते हुए यह लोगों को बदनाम करेगा। यह लोगों पर गंभीर

541
00:41:01,920 --> 00:41:06,400
आक्षेप लगाएगा। लेकिन पूरी के शंकराचार्य जी से मिलने का असफल प्रयास तो राघवाचार्य

542
00:41:06,400 --> 00:41:10,720
जी भी कर चुके हैं। बात विद्या स्वामी जी ने भी हमको कही। राघवाचार्य स्वामी जी ने भी कही। जबकि

543
00:41:10,720 --> 00:41:14,800
ऑन रिकॉर्ड तो राघवाचार्य जी ने पूवी शंकराचार्य जी का विरोध नहीं किया है ना भैया ऑन

544
00:41:14,800 --> 00:41:19,040
रिकॉर्ड तो विद्या भास्कर जी ने विरोध नहीं किया है ना लेकिन उनको भी नहीं मिलने दिया गया और ऐसा उन्होंने

545
00:41:19,040 --> 00:41:23,120
ही मुझे कहा है। अब अपनी बात से बाद में पलट जाए तो अलग बात है। अब अपनी बात से बाद में पलट

546
00:41:23,120 --> 00:41:27,200
जाए तो अलग बात है। अब अपनी बात से बाद में पलट जाए तो अलग बात है। तो आचार्य

547
00:41:27,200 --> 00:41:31,200
के पद पर बैठा हुआ कोई वरिष्ठ आचार्य भी उसके भी

548
00:41:31,200 --> 00:41:36,000
सत्यवादी अथवा असत्यवादी होने का पैरामीटर क्या है?

549
00:41:36,000 --> 00:41:39,760
कि वह भागवतानंद के पक्ष में बोल रहा है या फिर विरोध

550
00:41:39,760 --> 00:41:43,760
में। कि कोई व्यक्ति सिद्धांत के पक्ष में काम करे या विपक्ष में काम करे। अगर पर्सनली

551
00:41:43,760 --> 00:41:47,840
हमको टारगेट कर रहा है तो कितना भी सही हो उसका हम विरोध करेंगे और अगर नहीं कर रहा

552
00:41:47,840 --> 00:41:52,240
है तो कितना भी कुकर्मी हो हम उसका विरोध नहीं करेंगे। ये सेलेक्टिव पॉलिटिक्स

553
00:41:52,240 --> 00:41:58,240
होती है।

554
00:42:01,440 --> 00:42:05,600
पूरी के शंकराचार्य जी जो वर्णाश्रम व्यवस्था के इतने प्रौढ

555
00:42:05,600 --> 00:42:09,600
समर्थक हैं और इतने मुखर होकर निर्भयता पूर्वक शासन के

556
00:42:09,600 --> 00:42:13,760
साथ सीधे टकराते हुए ललकारते हैं उनको। वह

557
00:42:13,760 --> 00:42:17,920
भी बागेश्वर धाम जैसे व्यक्ति के मंच पर आते जाते रहते हैं।

558
00:42:17,920 --> 00:42:22,000
यहां तक कि उनके हाथ का पानी नहीं पिएंगे। ऐसा कहने के बाद भी उनके साथ उठने

559
00:42:22,000 --> 00:42:26,240
बैठने लग जाते हैं। तो इसके पीछे कौन है? बू अब्दुल्लाह

560
00:42:26,240 --> 00:42:30,320
जो अरब दुबई का व्यक्ति है। बू अब्दुल्लाह जाकिर नायक का परम

561
00:42:30,320 --> 00:42:34,400
मित्र है। जाकिर नायक कौन है? इसके विषय में परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। और उसका

562
00:42:34,400 --> 00:42:38,400
उद्देश्य क्या है सनातन धर्म और हिंदुओं के विनाश से

563
00:42:38,400 --> 00:42:42,560
संबंधित? इससे भी आप अनभिज्ञ नहीं होंगे। तभी आप यह वीडियो देख रहे हैं। तो जाकिर

564
00:42:42,560 --> 00:42:46,640
नायक का पाकिस्तानी आतंकवादियों से क्या संबंध है? या पाकिस्तानी

565
00:42:46,640 --> 00:42:50,720
अधिकृत कश्मीर पाकिस्तान पीओके में जो प्रधानमंत्री बनकर बैठता

566
00:42:50,720 --> 00:42:54,720
है उस व्यक्ति के साथ जाकिर नायक का क्या कनेक्शन [संगीत] है और इन दोनों व्यक्तियों का

567
00:42:54,720 --> 00:42:55,440
आईएसआई

568
00:42:55,440 --> 00:42:59,440
का क्या कनेक्शन है? पूरी के शंकराचार्य जी को एक और अलकायदा से धमकी

569
00:42:59,440 --> 00:43:03,600
मिलती है। इस बात को तुम लोग ग्लोरिफाई करते हुए प्रचार करते हो। जो कि जाकिर

570
00:43:03,600 --> 00:43:07,840
नायक और आए अलकायदा के आतंकवादियों से निकट संबंध सार्वजनिक रूप से रखता

571
00:43:07,840 --> 00:43:11,920
है। ऐसे बू अब्दुल्ला के साथ साठगांठ करके दुबई में जाता है।

572
00:43:11,920 --> 00:43:15,920
और उसी बागेश्वर धाम के साथ मंच साझा करते हैं। उसके यहां जाकर

573
00:43:15,920 --> 00:43:20,720
कौन? पूरी के शंकराचार्य। तो एक और अलकायदा से तुमको धमकी

574
00:43:20,720 --> 00:43:24,960
मिली है। गोवर्धन मठ को उठा उड़ाने की। ऐसी बात पूरी के शिष्य

575
00:43:24,960 --> 00:43:29,120
करते हैं और दूसरी ओर वही आए आतंकवादियों के साथ निकटवर्दी

576
00:43:29,120 --> 00:43:33,120
संबंध रखने वाले बू अब्दुल्ला के कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले धीरेंद्र के साथ मंच साझा

577
00:43:33,120 --> 00:43:37,280
करते हैं। तो ये क्या तुम लोग हिंदुओं को मूर्ख बना रहे हो? तुम देखो वो धीरेंद्र शास्त्री

578
00:43:37,280 --> 00:43:41,360
के साथ मिल रहा है। तुम देखो धीरेंद्र शास्त्री बू अब्दुल्ला के साथ मिल रहा है। तुम देखो बू अब्दुल्ला जाकिर नायक के साथ

579
00:43:41,360 --> 00:43:45,360
मिल रहा है। तुम देखो जाकिर नायक आईएसआई के साथ मिल रहा है। भैया तुम खुद रिसर्च

580
00:43:45,360 --> 00:43:49,600
करो ना। ये ना देखें कि तुम राघवाचार्य जी महाराज

581
00:43:49,600 --> 00:43:53,920
से मिल रहे हो। यह ना देखें कि राघवाचार्य जी महाराज बागेश्वर

582
00:43:53,920 --> 00:43:58,160
वालों से मिल रहे हैं। यह ना देखें कि बागेश्वर वाले

583
00:43:58,160 --> 00:44:02,720
भू अब्दुल्ला से मिल रहे हैं। यह ना देखें कि जो भू अब्दुल्लाह

584
00:44:02,720 --> 00:44:07,040
है वो जाकिर नायक से मिल रहे हैं। यह ना देखें कि जाकिर नायक

585
00:44:07,040 --> 00:44:10,640
जो है वो आईएसआईएस से मिल रहा है। मतलब जिस विधा

586
00:44:10,640 --> 00:44:15,120
के आलंबन से पूरी शंकराचार्य जी या उनके परिकर दोषी

587
00:44:15,120 --> 00:44:19,120
सिद्ध होते हैं। उसी विधा के आलंबन से तुम महापुरुष सिद्ध होते हो

588
00:44:19,120 --> 00:44:23,360
क्या? बहुत से मामलों में हमने स्वामी विद्या भास्कर जी के साथ मंच साझा किया है।

589
00:44:23,360 --> 00:44:27,680
बहुत से मामलों में हमने स्वामी राघवाचार्य जी के साथ मंच साझा किया है। बहुत से मामलों में हमने स्वामी

590
00:44:27,680 --> 00:44:31,920
मुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ मंच साझा किया है। तुमने ही अपनी Facebook पर ये जानकारी प्रदान

591
00:44:31,920 --> 00:44:35,920
की थी ना कि जो पूज्य मुक्तेश्वर आनंद जी हैं वो

592
00:44:35,920 --> 00:44:40,080
बौद्धों के यहां पर एक वो कोई एकत्व वाली

593
00:44:40,080 --> 00:44:44,400
कोई सभा थी जहां पर बैठकर के आए थे। बौद्धों के साथ ये जानकारी तुमने

594
00:44:44,400 --> 00:44:48,480
ही अपनी एफबी की पोस्ट में साझा की थी ना। तो फिर तुम

595
00:44:48,480 --> 00:44:52,480
उनके साथ मंच साझा कैसे कर रहे हो भाई? बुरा मत मानिएगा

596
00:44:52,480 --> 00:44:56,480
किसी को यहां पर ये बात ऐसा भी मत सोचना कि पूज्यपाद जगत गुरु

597
00:44:56,480 --> 00:45:00,480
विद्या भास्कर जी विराजमान है तो उनको बोल रहे नहीं वो हमारे

598
00:45:00,480 --> 00:45:04,480
आत्मीय है सिर्फ हमारा प्रेम है। हम तो सिर्फ इसलिए ये बात

599
00:45:04,480 --> 00:45:08,480
बोल रहे हैं कि सब एक ही जुट हो। अब विवाद का समय नहीं है। संवाद

600
00:45:08,480 --> 00:45:12,800
का समय है। इस तरह सजा के भेजा है हमारे माननीय

601
00:45:12,800 --> 00:45:16,880
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उनको होली के शुभ अवसर पर बारंबार

602
00:45:16,880 --> 00:45:21,040
हार्दिक शुभकामनाएं। [संगीत] या फिर यहां पर यह माना जाए

603
00:45:21,040 --> 00:45:25,360
कि एक ही व्यक्तित्व का, एक ही संस्था अथवा व्यक्ति

604
00:45:25,360 --> 00:45:26,000
का,

605
00:45:26,000 --> 00:45:31,280
एक ही अभियान का किसी अंश में समर्थन और किसी अंश में

606
00:45:31,280 --> 00:45:35,280
विरोध भी किया जा सकता है। समय आने पर इन लोगों

607
00:45:35,280 --> 00:45:39,280
के विरुद्ध भी जब शास्त्रीय बात पर हमको आपत्ति लगी तो हमने मुखर

608
00:45:39,280 --> 00:45:43,360
होकर विरोध किया है और उस वीडियो की लिंक सबसे पहले इनको ही भेजी है कि आप देखिए कि आपने यहां पर यह कहा

609
00:45:43,360 --> 00:45:49,360
है इसका हम इस प्रकार से खंडन कर रहे हैं।

610
00:45:53,520 --> 00:45:58,160
देहू और भगवती ने मुझे यही वरदान दिया। इस बात की भी मैं शपथ कर सकता हूं

611
00:45:58,160 --> 00:46:02,400
कि यदि तुम्हारी बुद्धि कभी अधर्म में लग रही होगी

612
00:46:02,400 --> 00:46:06,560
तो क्रिया पर तुम्हारा नियंत्रण होगा। बुद्धि खराब होने से तुम्हारा कर्म खराब

613
00:46:06,560 --> 00:46:10,640
नहीं होने दूंगी। [संगीत] और यदि कभी तुम क्रिया ही गलत करने जा

614
00:46:10,640 --> 00:46:14,800
रहे हो तो बुद्धि भ्रष्ट नहीं होगी। तुम्हारा विवेक तुम्हें रोक लेगा। यदि कभी

615
00:46:14,800 --> 00:46:18,880
कलयुग के प्रभाव से बुद्धि गड़बड़ा रही हो तो क्रिया नियंत्रित रह जाएगी। कभी क्रिया ही

616
00:46:18,880 --> 00:46:23,040
गड़बड़ होने जा रही हो तो बुद्धि वहां तुम्हें बचा लेगी। तो ये बहुत बड़ा एक रक्षा कवच

617
00:46:23,040 --> 00:46:27,280
माणसा ने हमें प्रदान किया है। ऋग संप्रदाय के अंतर्गत आखरी बात आपने

618
00:46:27,280 --> 00:46:31,520
कृपा कही है भगवती की। भगवती ने आपको वरदान दिया कि आपकी कर्मेंद्रियों

619
00:46:31,520 --> 00:46:35,520
से गलती नहीं होगी। हमारी भगवती ने यह कहा है कि अगर तुम्हारी बुद्धि भटकेगी

620
00:46:35,520 --> 00:46:40,000
तो क्रिया पर नियंत्रण होगा। क्रिया भटकेगी तो विवेक तुम्हारा वहां पर संभाल लेगा। यह

621
00:46:40,000 --> 00:46:41,200
रोक लेगा। ठीक है?

622
00:46:41,200 --> 00:46:45,280
तो वाकलन क्यों नहीं रुका? वाकस्खलन अधर्म नहीं है ना भाई साहब। क्योंकि हम उसका

623
00:46:45,280 --> 00:46:49,360
वाकलन का मतलब क्या है? क्या है बताइए? आपकी जीवा से कुछ झूठ निकला ना। क्या

624
00:46:49,360 --> 00:46:53,440
असत्य निकला बताइए? कि वो जो आपने लेडी की पिक्चर दिखाई थी वो लेडी विजय श्री

625
00:46:53,440 --> 00:46:57,680
ने। तत्काल हम उसका शोधन किया कि नहीं? अरे तो उस समय तो अधर्म हुआ ना जीवा से। अधर्म

626
00:46:57,680 --> 00:47:01,680
को हम प्रोत्साहित करने के लिए झंडा गाड़ कर नहीं बैठ गए कि यह सत्य है। अरे बात ये हो रही है

627
00:47:01,680 --> 00:47:05,760
होगा ही नहीं। नहीं तुम्हारा करो हराम नहीं होने दूंगी। बात ये हो

628
00:47:05,760 --> 00:47:09,760
रही है होगा ही नहीं। नहीं तुम्हारा करो हराम नहीं होने दूंगी। बात

629
00:47:09,760 --> 00:47:13,920
ये हो रही है होगा ही नहीं। क्यों? अधर्म का हम समर्थन नहीं करते

630
00:47:13,920 --> 00:47:18,000
हैं। वो विवेक यही काम करता है ना। यानी कि क्रिया तो

631
00:47:18,000 --> 00:47:22,160
होगी मगर बाद में उसका शोधन करेंगे आप। बाद में क्या? क्रिया बहुत न्यूनतम गलत

632
00:47:22,160 --> 00:47:26,240
होगी। विजय की क्लिप ऐड करूंगा। वाकलन से हो गया

633
00:47:26,240 --> 00:47:30,320
होगा। वागस्खलन से मैंने वो बोलने के समय अलग-अलग विषयों में गड़बड़ हो

634
00:47:30,320 --> 00:47:34,400
गई थी। इस मानवीय त्रुटि को हम सुधार लेते हैं। लेकिन उसी

635
00:47:34,400 --> 00:47:38,480
त्रुटि के कारण बोलने में हो गया था वागस्थल। अब जिस स्त्री

636
00:47:38,480 --> 00:47:42,480
की बात चल रही थी जिसका नाम विजयाश्री बताया गया था। मैं इस स्त्री को व्यक्तिगत रूप से

637
00:47:42,480 --> 00:47:46,560
नहीं जानता हूं। मैं इसी वीडियो में एक वीडियो अटैच करूंगा आप लोगों के लिए जिसमें आप

638
00:47:46,560 --> 00:47:50,560
देखिएगा कैसे पूरी के शंकराचार्य जी के मंच पर वो स्त्री बैठी हुई है और

639
00:47:50,560 --> 00:47:54,800
सम्मान के साथ वाकस्थलन से हो गया होगा। वाकस्थलन से बहुत न्यूनतम गलत हो गया।

640
00:47:54,800 --> 00:47:56,480
तो इस लड़की का

641
00:47:56,480 --> 00:48:00,480
अह Facebook हैंडल भी हमने बता दिया और इसका एक पॉडकास्ट का लिंक भी दे दिया। वहां

642
00:48:00,480 --> 00:48:04,560
आप स्पष्ट सुन सकते हैं कि ये विदेश इत्यादि भी आती जाती रही है। वहां से भी इसका उठना बैठना

643
00:48:04,560 --> 00:48:09,040
है। और पूरी के शंकराचार्य जी के मंच पर एक संदिग्ध सूत्रों

644
00:48:09,040 --> 00:48:13,280
वाली स्त्री का अचानक से आना और अचानक से उसका मठ में इतने महत्वपूर्ण स्थान

645
00:48:13,280 --> 00:48:17,280
पर बैठ जाना। वाकस्थलन से हो गया होगा। वाकलन से या बहुत न्यूनतम

646
00:48:17,280 --> 00:48:21,440
गलत होगी। और पूरी के शंकराचार्य के मंच पर रिदमम कपूर

647
00:48:21,440 --> 00:48:25,440
को बैठने दिया जा रहा है। वाकस्थलन से हो गया होगा। यह बहुत न्यूनतम गलत

648
00:48:25,440 --> 00:48:29,760
हो गया। उसका है यूआईएसएफ यूनिवर्सल योगा स्पोर्ट्स फेडरेशन जिसकी उत्तराखंड प्रेसिडेंट

649
00:48:29,760 --> 00:48:34,000
है रिद्धिमा कपूर जो भू शंकराचार्य जी के साथ मठ पे मंच साझा कर अलग-अलग शिविरों में मंच

650
00:48:34,000 --> 00:48:38,080
साझा कर रही है। वाकस्थलन से हो गया होगा वाकस्थलन से। बहुत न्यूनतम गलत

651
00:48:38,080 --> 00:48:42,720
हो गया और यूआईएसएफ की उत्तराखंड स्टेट प्रेसिडेंट मंच साझा किसके साथ कर रही है?

652
00:48:42,720 --> 00:48:46,800
पूरी शंकराचार्य जी के साथ और वाकस्थलन से हो गया होगा वाकस्थन से।

653
00:48:46,800 --> 00:48:50,800
बहुत न्यूनतम गलत हो गया। रिदमम कपूर को और रिदमम कपूर जो है वो पूरी

654
00:48:50,800 --> 00:48:54,880
शंकराचार्य जी के साथ मंच साझा कर रही है वाकस्थलन से हो गया होगा वाकस्थलन से

655
00:48:54,880 --> 00:48:58,880
या बहुत न्यूनतम गलत होगी और कदाचित हो न्यूनतम का पैरामीटर क्या है इतनी गलत

656
00:48:58,880 --> 00:49:02,960
होगी आपको क्यों फिर मतलब हमने सुंशु नारायण द्विवेदी

657
00:49:02,960 --> 00:49:07,040
जी के समक्ष प्रस्ताव रखा है। हमने उन्हें हमारे साथ

658
00:49:07,040 --> 00:49:11,280
लाइव आकर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया है। तुम हो कौन भाई तुम्हारे

659
00:49:11,280 --> 00:49:11,780
सामने

660
00:49:11,520 --> 00:49:17,520
हम संप्रदाय की प्रामाणिकता सिद्ध करें?

661
00:49:23,200 --> 00:49:27,360
वो अपने आप को निग्रहचार्य लिखते हैं। क्या ये बात प्रामाणिक है? उनके

662
00:49:27,360 --> 00:49:31,360
संप्रदाय के विषय में हमारा उतना गहन अध्ययन नहीं है। लेकिन

663
00:49:31,360 --> 00:49:35,360
ये ये उनका विषय है। यह हम सिद्ध करने के लिए नहीं आए हैं। उनको सपने

664
00:49:35,360 --> 00:49:39,680
में दीक्षा मिली जो निग्रह संप्रदाय की उस दीक्षा को उन्होंने प्रमाणित

665
00:49:39,680 --> 00:49:43,760
किसी से सत्यापित कराया कि भैया ये जो मेरे

666
00:49:43,760 --> 00:49:48,640
को एक मंत्र मिला है यह वैदिक मंत्र है कि नहीं? सत्यापित

667
00:49:48,640 --> 00:49:52,960
मुझे नहीं मालूम। मुझे मालूम है। इसने एक बात कही थी

668
00:49:52,960 --> 00:49:57,520
रेलवे स्टेशन पर बैठकर। क्या कहा था इसने? हम

669
00:49:57,520 --> 00:50:03,120
प्रयास नहीं किया है। खंडन किया है। ऐसे बोला था तो सुन

670
00:50:03,120 --> 00:50:07,280
भागवतानंद तेरा खंडन करने का [संगीत] प्रयास नहीं किया

671
00:50:07,280 --> 00:50:11,680
है। खंडन किया है। ध्यान रखना खंडन

672
00:50:11,680 --> 00:50:15,680
प्रश्न है। आजकल एक परंपरा सुनने में आ रही है। निग्रह परंपरा

673
00:50:15,680 --> 00:50:19,760
छोड़। अच्छा आपने एक नाम अभी लिया

674
00:50:19,760 --> 00:50:23,920
है निग्रहचार्य। कौन है ये?

675
00:50:23,920 --> 00:50:26,720
मैं उनको अभी भी भागवतानंद

676
00:50:26,720 --> 00:50:30,720
जी के रूप में जानता हूं। शास्त्र कहां से आए आपके पास? शास्त्र हमारे पास

677
00:50:30,720 --> 00:50:34,800
गुरु परंपरा से प्राप्त हुए। आचार्य परंपरा से प्राप्त हुए। किसी एक गुरु परंपरा को मानना पड़ेगा ना।

678
00:50:34,800 --> 00:50:40,800
इससे प्राप्त हुए किससे प्राप्त हुए? आता

679
00:50:44,480 --> 00:50:48,480
प्यारे आया आया गुरुवर
