1
00:00:04,560 --> 00:00:08,720
मेरे पीछे इस समय आप यहां पर चसपा देख रहे हैं। एक नोटिस यहां पर चिपकाया

2
00:00:08,720 --> 00:00:12,880
गया है। उसमें यह पूछा गया है कि

3
00:00:12,880 --> 00:00:17,360
24 घंटे के अंदर जो ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी हैं

4
00:00:17,360 --> 00:00:21,440
वो अपना जो शंकराचार्यत्व है वो सिद्ध करें। वो पूरा उसमें मामला यही

5
00:00:21,440 --> 00:00:25,760
है। हाई कोर्ट इत्यादि का हवाला देते हुए। तो मैं प्रशासन से इस चसपा

6
00:00:25,760 --> 00:00:29,920
को ये जो नोटिस चसपा करने वालों से पूछना चाहता हूं कि

7
00:00:29,920 --> 00:00:34,000
यह जो सड़क है ना जहां पर इनका शिविर है इसी सड़क पर अगर आप जाएंगे

8
00:00:34,000 --> 00:00:38,400
तो मुझे लगता है कि पांच से 10 नकली शंकराचार्य आपको मिल जाएंगे। उनके

9
00:00:38,400 --> 00:00:42,720
यहां पर ये नोटिस कब चस्पा करने वाला है प्रशासन। मैं ये पूछना चाहता हूं।

10
00:00:42,720 --> 00:00:47,120
नरेंद्र वासुदेवानंद ना जाने कितने आनंद

11
00:00:47,120 --> 00:00:51,360
तीर्थ इत्यादि लगा लगा के हां और सबसे

12
00:00:51,360 --> 00:00:55,520
प्रमुख अधोक्षजानंद को तो शासन तंत्र

13
00:00:55,520 --> 00:00:59,520
के कई चित परिचित चेहरे जाकर के आशीर्वाद लेते हैं अपने

14
00:00:59,520 --> 00:01:03,600
व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डालते हैं कि हम गोवर्धन मठ के

15
00:01:03,600 --> 00:01:07,920
शंकराचार्य के पावन सानिध्य में आज थे पैर छू कर आए थे भैया

16
00:01:07,920 --> 00:01:11,920
हां जबकि वही आते हैं गोवर्धन के जो प्रामाणिक शंकराचार्य उनके यहां भी

17
00:01:11,920 --> 00:01:16,000
पैर पैर छू के जाते हैं और फिर दूसरा जो नकली है उसके भी पैर छूते हैं।

18
00:01:16,000 --> 00:01:19,600
फोटो डालते हैं और कहते हैं कि हम भैया गोवर्धन मठ के

19
00:01:19,600 --> 00:01:23,920
शंकराचार्य से मिलकर आ रहे हैं। तो मैं यह पूछना चाहता हूं कि इस माघ मेले

20
00:01:23,920 --> 00:01:28,480
में कम से कम 10 से 15 लोग अपने आप को शंकराचार्य लिख रहे हैं।

21
00:01:28,480 --> 00:01:32,800
उन सबके यहां पर ये नोटिस कब चसपा किया जाने वाला है प्रशासन

22
00:01:32,800 --> 00:01:36,960
के द्वारा। अरे पूरी

23
00:01:36,960 --> 00:01:41,200
के शंकराचार्य जी ना जाने कितने दिनों से जो यह हिंदुत्ववादी तथा

24
00:01:41,200 --> 00:01:45,200
तथाकथित हिंदुत्व का तथाकथित हिंदुत्ववादी

25
00:01:45,200 --> 00:01:49,680
जो शासन तंत्र है उसको बोल रहे हैं कि तुम इस हुरियत के नेता

26
00:01:49,680 --> 00:01:54,000
आतंकवादी को गोवर्धन मठ का शंकराचार्य बना करके घुमा रहे हो।

27
00:01:54,000 --> 00:01:58,000
देश विदेश की यात्राएं करा रहे हो। तुम्हारे यहां के वरिष्ठ गण उसका

28
00:01:58,000 --> 00:02:02,080
प्रचार कर रहे हैं। उस पर तुम निषेध क्यों नहीं लगा रहे हो? तब तुम्हें

29
00:02:02,080 --> 00:02:07,440
यह ध्यान नहीं आया कि कौन शंकराचार्य असली है, कौन शंकराचार्य नकली है।

30
00:02:07,440 --> 00:02:11,520
तो इस नोटिस को चसपा करने से शासन

31
00:02:11,520 --> 00:02:16,080
तंत्र का एक चेहरा सामने आता है कि उसको शंकराचार्य

32
00:02:16,080 --> 00:02:20,640
कौन नकली है, कौन असली है इस विषय से कोई सरोकार

33
00:02:20,640 --> 00:02:24,640
नहीं है। यह जो उसने बर्बरता की है ना उसके प्रशासन ने

34
00:02:24,640 --> 00:02:29,040
यहां पर व्यवस्था के नाम पर और जिस कारण उस पर उंगली

35
00:02:29,040 --> 00:02:33,040
उठाई जा रही है। उसकी गतिविधि पर उंगली उठाई जा

36
00:02:33,040 --> 00:02:35,120
रही है। प्रश्न किए जा रहे हैं।

37
00:02:35,120 --> 00:02:39,120
उससे बचने के लिए उन प्रश्नों से बचने के लिए यह फटे

38
00:02:39,120 --> 00:02:43,280
हुए त्रिपाल की छत्रछाया में स्वयं को खड़ा कर रहा है शासन तंत्र कि

39
00:02:43,280 --> 00:02:47,280
भैया अपना शंकराचार्यत्व सिद्ध करो। और अगर ऐसा

40
00:02:47,280 --> 00:02:52,080
है कि उसे सरोकार है तो 24 घंटे इनको दिए हैं।

41
00:02:52,080 --> 00:02:56,320
48 घंटे 48 घंटे उन 15 नकली शंकराचार्यों

42
00:02:56,320 --> 00:03:00,560
को दे दो जो अपने आप को बिना किसी आधार के शंकराचार्य घोषित करके

43
00:03:00,560 --> 00:03:05,040
घूम रहे हैं यहां से वहां। अरे शंकराचार्य तो शंकराचार्य

44
00:03:05,040 --> 00:03:09,120
नकली पीठे तक बनाई गई है। शंकराचार्य की केवल चार पीठे

45
00:03:09,120 --> 00:03:13,200
हैं ना। तरह-तरह की पीठें बनाई गई है। वहां पर लिखा

46
00:03:13,200 --> 00:03:17,200
गया फलानी पीठ के शंकराचार्य, फलानी पीठ के शंकराचार्य, पूरी के

47
00:03:17,200 --> 00:03:21,360
प्रामाणिक शंकराचार्य, गोवर्धन मठ के प्रामाणिक शंकराचार्य उनसे कुछ

48
00:03:21,360 --> 00:03:25,360
ही दूरी पर गोवर्धन पीठ का नकली शंकराचार्य वहां पर

49
00:03:25,360 --> 00:03:29,440
बनकर बैठा हुआ है। स्वस्थित शंकराचार्य पार्टी के

50
00:03:29,440 --> 00:03:35,440
द्वारा बनाया गया शंकराचार्य। कांग्रेस के द्वारा खड़ा किया गया शंकराचार्य।

51
00:03:35,600 --> 00:03:39,760
तो उस पर आप लगाम कब लगाने वाले हैं? उसके यहां कब नोटिस चसपा कराने

52
00:03:39,760 --> 00:03:43,760
वाले हैं? उसको क्यों जमीन दी जाती है हर बार माघ मेले में कुंभ में?

53
00:03:43,760 --> 00:03:47,920
क्यों? क्यों? क्यों? यह सारे सवाल

54
00:03:47,920 --> 00:03:50,240
शासन तंत्र को देने होंगे। इन सारे सवालों

55
00:03:50,240 --> 00:03:54,480
के उत्तर शासन तंत्र को देने होंगे। हम लोग इस समय उसी

56
00:03:54,480 --> 00:03:58,480
बटुक ब्रह्मचारी के साथ में खड़े हुए हैं। जिसकी

57
00:03:58,480 --> 00:04:02,480
शिख पकड़ कर उसको नग्न अवस्था में घसीटा गया है

58
00:04:02,480 --> 00:04:06,640
पुलिस स्टेशन में। तो हम इनसे इनकी आपबीती अभी

59
00:04:06,640 --> 00:04:10,640
पूछेंगे कि इनके साथ क्या घटना घटित हुई थी और किस

60
00:04:10,640 --> 00:04:13,920
ट्रॉमा से गुजरे?

61
00:04:13,920 --> 00:04:18,240
सबसे पहले भैया आपको जय श्री राम जय जगन्नाथ जय द्वारकाधीश।

62
00:04:18,240 --> 00:04:22,400
जी आपके साथ क्या हुआ था। उस

63
00:04:22,400 --> 00:04:26,560
दिन मतलब सारा विवाद पता है कि कैसे वहां तक पहुंचे थे। जी। पुलिस

64
00:04:26,560 --> 00:04:30,640
स्टेशन में पहुंचने के बाद आपके साथ क्या हुआ था वो थोड़ा सा

65
00:04:30,640 --> 00:04:34,720
बता दीजिए। हमको परम आराध्य भगवान के राजदंड पकड़े थे।

66
00:04:34,720 --> 00:04:38,800
ब्रह्मचारी होने के नाते गुरु जी ने जो आज्ञा दिया था अच्छा आप उनका

67
00:04:38,800 --> 00:04:42,960
दंड पकड़े हुए राजदंड वो पकड़े थे और गुरु जी को भगवान

68
00:04:42,960 --> 00:04:47,120
को जो पालकी थी वो हम पालकी के साथ थे सब

69
00:04:47,120 --> 00:04:51,280
लोग भाग रहे थे प्रशासन डांट रहा था गुरु जी को ठेल रहे थे पालकी

70
00:04:51,280 --> 00:04:55,280
को लेकर उछाल के फेंकने वाले थे बारंबार वो पालकी से उतरो बोल

71
00:04:55,280 --> 00:04:59,280
रहे थे और गुरु जी ने बोला कि वहां दूर तक 50 मीटर की दूरी तक

72
00:04:59,280 --> 00:05:03,600
छोड़ दो उतने में वो कह रहा है धू रोको रोको उतरो

73
00:05:03,600 --> 00:05:05,280
उतरो करके ऐसे ही गाली

74
00:05:05,280 --> 00:05:09,360
दिया। अब ये नहीं बोल सकते हम लोग आराध्य भगवान के शिष्य होने

75
00:05:09,360 --> 00:05:13,440
के नाते वो जो कर रहे हैं। गालियां भी वो गालियां भी दिया। ऐसा गालियां दिया जो

76
00:05:13,440 --> 00:05:17,440
सुन नहीं सकते। ऐसे प्रशासन के लोग ने गाली दिया। उसके बाद

77
00:05:17,440 --> 00:05:21,520
हम लोगों को जैसे हमने गुरु जी को पालती पकड़ने लगे वो लोग। मैंने

78
00:05:21,520 --> 00:05:25,600
राजदंड का एक मर्यादा होता है। हम सामने रहते तो राजदंड से ऐसे

79
00:05:25,600 --> 00:05:29,680
सामने किया राजदंड। तो उसी में हमको राजदंड खींचा और

80
00:05:29,680 --> 00:05:33,920
हमारा 10 12 लोग राजदंड को खींचे। उसके बाद हमको शिखा

81
00:05:33,920 --> 00:05:38,000
पकड़ के नोच के पहले हमारा वस्त्र ऊपर का वस्त्र

82
00:05:38,000 --> 00:05:42,240
छीन लिए और नीचे का वस्त्र घिसारते घिसारते शिखा में पकड़

83
00:05:42,240 --> 00:05:46,320
के और हमारे वही राजदंड से 121 बार हमको पीछे

84
00:05:46,320 --> 00:05:50,320
से मारा गया और जूतों से लातों से कितना मारा

85
00:05:50,320 --> 00:05:54,320
वो तो छोटा सा क्लिप आप लोग देखे अंदर ले जाके दो 2ाई घंटे

86
00:05:54,320 --> 00:05:58,640
तक पीटते रहे और जब से एक से एक एक के बाद एक एक

87
00:05:58,640 --> 00:06:03,040
के बाद एक सब मिल के मारे सबसे ज़्यादा मार रहा था वो विनीत

88
00:06:03,040 --> 00:06:07,120
सिंह करके कोई सीईओ था वही मार रहा था सबको और

89
00:06:07,120 --> 00:06:11,360
हमारे छोटे-छोटे बटुक छोटे-छोटे ब्राह्मण जो ब्रह्मचारी

90
00:06:11,360 --> 00:06:15,520
और सन्यासी हमारे 14 साल के जो दंडी सन्यासी हैं उनको भी

91
00:06:15,520 --> 00:06:19,520
मारा गया उनको भी कह रहे थे कि क्यों इसलिए ये भस धारण किए हो

92
00:06:19,520 --> 00:06:20,320
और दंडी

93
00:06:20,320 --> 00:06:24,720
क्या लिए हो ये सब और बाकी आगे आगे आपके साथ और भी

94
00:06:24,720 --> 00:06:28,800
कम उम्र के बटुक ब्रह जी हमसे भी बहुत छोटे-छोटे सन्यासी ही थे

95
00:06:28,800 --> 00:06:32,880
उनको भी मारा गया बहुत बड़ा तो वो जो जो आपकी शिख पकड़ के

96
00:06:32,880 --> 00:06:36,960
जो घसीटा गया वो दृश्य तो मुझे पुलिस स्टेशन के अंदर का

97
00:06:36,960 --> 00:06:41,200
लग रहा है। जी बाहर से आपको हाथ पकड़ के लाए थे। नहीं नहीं नोच के गिरा

98
00:06:41,200 --> 00:06:45,280
के ले आए तभी तो बस से वो तो गेट के सामने का वीडियो

99
00:06:45,280 --> 00:06:49,360
है। अच्छा अंदर आने के बाद कब हुआ है? बाहर से भी आपको ऐसे ही गसेट

100
00:06:49,360 --> 00:06:53,360
के ले आए थे। वो तो गेट के जस्ट गेट के सामने की वीडियो आप लोगों

101
00:06:53,360 --> 00:06:57,920
को थोड़ा सा मिल गया। नहीं तो अंदर भी उससे भी ज्यादा

102
00:06:57,920 --> 00:07:02,000
एक लोग मारने के बाद अपना मर रह मेटने के बाद दूसरा

103
00:07:02,000 --> 00:07:06,160
लोग मारे। आप देख रहे हैं कितनी बर्बरता है। जिस दंड

104
00:07:06,160 --> 00:07:10,480
के द्वारा एक व्यवस्था बनाई जाती है।

105
00:07:10,480 --> 00:07:14,960
जिस दंड के द्वारा जो धर्माचार्य होते हैं

106
00:07:14,960 --> 00:07:19,440
उनका प्रतीकात्मक एक दंड के द्वारा वहां की उनके आसपास की जो व्यवस्था

107
00:07:19,440 --> 00:07:23,600
करने के लिए जो दंड होता है उस दंड से इनका कार्य

108
00:07:23,600 --> 00:07:27,920
होता है कि यदि कोई सीमा का अतिक्रमण कर रहा हो

109
00:07:27,920 --> 00:07:32,800
तो उसको जो है दूर करें। हालांकि उसका उपयोग इस रूप में नहीं होता कि मारा जाए।

110
00:07:32,800 --> 00:07:35,360
केवल एक इशारा करने के लिए वो दंड होता है।

111
00:07:35,360 --> 00:07:39,680
पर इनकी शिख पकड़ के इनको बाहर से

112
00:07:39,680 --> 00:07:43,680
जमीन पर घसीटते हुए या ये से लातों से

113
00:07:43,680 --> 00:07:47,760
मारते हुए अपने गोली के जो पीछे के बाहर होता है ना लंबा

114
00:07:47,760 --> 00:07:51,920
बंदूक का बट वो उसी से मार रहे थे बंदूक के बट से इनको मारते हुए वहां

115
00:07:51,920 --> 00:07:56,160
अंदर तक ले गए अंदर ले जाने तक इनके जो वस्त्र थे वो

116
00:07:56,160 --> 00:08:00,320
मतलब अस्त-व्यस्त हो चुके थे अर्धनग्न अवस्था में आ चुके थे और

117
00:08:00,320 --> 00:08:04,400
फिर इनको वहां से ले जा के फिर इनकी शिखा घसीटी गई है वो

118
00:08:04,400 --> 00:08:08,640
शिखा मार रहे थे। वह शिखा घसीटने का जो वीडियो है वह आपको प्राप्त

119
00:08:08,640 --> 00:08:12,800
हो पाया है। बाहर से अंदर तक इनके साथ क्या बर्बरता हुई है और

120
00:08:12,800 --> 00:08:17,280
अंदर वो शिखा पकड़ के जो घसीटा गया उसके बाद इनके साथ क्या बर्बरता

121
00:08:17,280 --> 00:08:21,520
हुई है वो आपको अभी वह देखने को तो मिली नहीं है। और वही राज वही

122
00:08:21,520 --> 00:08:26,080
दंड जो राजदंड इनके हाथ में पकड़ाया जाता है बटुक ब्रह्मचारी होने के नाते।

123
00:08:26,080 --> 00:08:30,240
उसी राजदंड को लेकर के इनके शरीर पर ना जाने कितने वार किए

124
00:08:30,240 --> 00:08:35,760
गए हैं। और केवल इन पे ही नहीं इनके कई और अन्य साथी थे जो वहां

125
00:08:35,760 --> 00:08:40,080
15 लोग हम लोग घायल थे सबसे ज्यादा घायल उसमें

126
00:08:40,080 --> 00:08:44,080
तीन तो एकदम से घायल थे एक 84 साल के 80 साल के वृद्ध

127
00:08:44,080 --> 00:08:48,080
है आप लोगों ने वीडियो भी देखा होगा कुरुचित के उसमें तो

128
00:08:48,080 --> 00:08:50,400
उनके 17 एक्सराई हुए प्रत्येक

129
00:08:50,400 --> 00:08:54,560
नसों में चोट हुई अच्छा ये जो घायल हो गए हैं इनके

130
00:08:54,560 --> 00:08:58,640
परिवारजनों का या फिर जो घायल है और बोल सकते

131
00:08:58,640 --> 00:09:02,800
हैं उनका उनकी आपबीती या फिर और भी जो लोग इस

132
00:09:02,800 --> 00:09:06,880
घटनाक्रम से जुड़े हुए हैं वो बहुत ज्यादा आपको मीडिया में लाइमलाइटेड ये

133
00:09:06,880 --> 00:09:10,880
चीजें उनके वक्तव्य उनकी आपबीती ये सब नहीं मिलेगी। क्यों नहीं मिलेगी?

134
00:09:10,880 --> 00:09:15,200
हां जो यहां पर आसपास हैं क्योंकि यहां पर तो स्वयं महाराज जी स्वयं

135
00:09:15,200 --> 00:09:19,280
हैं तो यहां पर जो थोड़ा बहुत इनकी इन जैसे अन्य

136
00:09:19,280 --> 00:09:23,440
लोगों की जो उस मामले में पिस गए इनकी आपबीति आपको

137
00:09:23,440 --> 00:09:27,440
मिल जाएगी। पर जो यहां पर नहीं मौजूद हैं उनके

138
00:09:27,440 --> 00:09:31,520
बारे में तो आपको कभी पता भी नहीं चलेगा कि उनके साथ क्या हुआ था और उन्होंने

139
00:09:31,520 --> 00:09:36,400
किस प्रकार की बर्बरता झेली थी। तो

140
00:09:36,400 --> 00:09:40,800
सवाल यह नहीं है कि ज्योतिष पीठ के विवादित

141
00:09:40,800 --> 00:09:44,800
अथवा निर्विवादित शंकराचार्य का अपमान हुआ

142
00:09:44,800 --> 00:09:48,880
वो एक अलग बात है। वो एक अलग विषय है कि वो असली है कि नकली हैं। है

143
00:09:48,880 --> 00:09:52,880
ना? असली है कि नकली है यह एक अलग विषय है। विषय यह है

144
00:09:52,880 --> 00:09:56,880
कि जो हमारे सनातन धर्म के महान बिंदु हैं जो हमारे प्रतीक चिन्ह

145
00:09:56,880 --> 00:10:01,200
है दंड सन्यासी दंडी सन्यासी ब्रह्मचारी

146
00:10:01,200 --> 00:10:05,280
बटुक शिख सूत्र धोती

147
00:10:05,280 --> 00:10:06,640
उपवस्त्र

148
00:10:06,640 --> 00:10:11,120
भी छा गया इन सबका कितनी बर्बरता से अपमान किया गया

149
00:10:11,120 --> 00:10:15,120
जिस शिख को धारण करके एक हिंदू गौरवान्वित अनुभव करता है

150
00:10:15,120 --> 00:10:19,360
जिस यज्ञपवीत को धारण करके एक हिंदू गौरवान्वित अनुभव करता

151
00:10:19,360 --> 00:10:23,520
है जिस धोती उपवस्त्र को धारण करके करके वह समझता है कि अब मैं सम्मान के

152
00:10:23,520 --> 00:10:27,600
योग्य हूं। उसका कितना अपमान किया गया है। कई लोग ऐसे

153
00:10:27,600 --> 00:10:31,600
कुतर्क कर रहे हैं कि यदि कोई कालनेमी होगा, रावण होगा तो

154
00:10:31,600 --> 00:10:36,240
वो यदि इनको धारण कर लेगा तो उनके साथ क्या किया जाएगा?

155
00:10:36,240 --> 00:10:40,720
उसके साथ जो किया जाएगा जो किया जाएगा। मगर इन प्रतीक चिन्हों का अपमान

156
00:10:40,720 --> 00:10:44,720
वहां पर भी नहीं किया गया। रावण ने जब साधु वेश धरा था तो क्या

157
00:10:44,720 --> 00:10:48,960
उसका साधु वेश में अपमान किया गया था? सम्मान किया गया था।

158
00:10:48,960 --> 00:10:53,040
तो अगर कोई व्यवस्था बिगड़ रही है वो दुर्जन तोष न्याय से

159
00:10:53,040 --> 00:10:57,040
यदि मान भी लिया जाए कि कोई व्यवस्था बिगड़ रही है तो सवाल यह

160
00:10:57,040 --> 00:11:01,280
है कि आप सामंजस्य बिठा पाओगे कि नहीं कि हमारे सनातन धर्म

161
00:11:01,280 --> 00:11:05,440
के प्रतीक चिन्हों पर हमला ना हो सक हो सके हम हिंदुओं की आस्था

162
00:11:05,440 --> 00:11:09,760
पर आघात ना हो सके चलो मान लीजिए वहां पर दंड

163
00:11:09,760 --> 00:11:13,760
था अगर हनुमान जी की मूर्ति होती भगवान श्री राम

164
00:11:13,760 --> 00:11:18,080
का कोई विग्रह होता तो तुम लोग उसको भी पैरों से कुचल देते गाय की

165
00:11:18,080 --> 00:11:21,760
क्योंकि क्योंकि तुम्हारे अनुसार ये लोग गलत हैं। ये बटुक जो हैं, ये ब्रह्मचारी

166
00:11:21,760 --> 00:11:25,840
जो हैं, ये वेद पाटी ब्राह्मण जो हैं, शिखूत्र धारी ब्राह्मण जो हैं,

167
00:11:25,840 --> 00:11:29,840
ये सब गलत हैं। ये सब काल नेमी है। ये सब रावण हैं। सब

168
00:11:29,840 --> 00:11:33,840
रावण हैं। केवल इन पर जो हमला कर रहा है, इनको मां बहन की जो

169
00:11:33,840 --> 00:11:38,080
गालियां दे रहा है, इनकी शिका पकड़ कर जो घसीट रहा है, लातों से जो इनको मार रहा है,

170
00:11:38,080 --> 00:11:42,080
वो साहूकार है। वो न्यायाधीश है।
