1
00:00:06,480 --> 00:00:10,640
आप देख सकते हैं मेरे पीछे ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी बैठे हुए हैं

2
00:00:10,640 --> 00:00:14,800
और अनशन पर हैं। अनशन पर क्यों है यह मैं आपको बताता हूं।

3
00:00:14,800 --> 00:00:19,040
हम इस समय माघ में है प्रयागराज में। यहां पर माघ मेला लगा हुआ है

4
00:00:19,040 --> 00:00:23,200
और हम पूरी शंकराचार्य जी के शिविर में हैं। गुरुदेव

5
00:00:23,200 --> 00:00:27,360
के सानिध्य में हम आज मौनी अमावस्या का दिन था और हम सभी

6
00:00:27,360 --> 00:00:31,760
उत्साह पूर्वक स्नान करने गए थे। पावन स्नान किया हमने

7
00:00:31,760 --> 00:00:35,920
और मुझे दिन में मुझे कुछ ऐसी आवाजें सुनाई दी कि कुछ भगदड़ हो रही है। कहीं कुछ हो

8
00:00:35,920 --> 00:00:40,240
रहा है। फिर भी मैंने ध्यान नहीं दिया। मगर अंतत गतत्वा

9
00:00:40,240 --> 00:00:44,320
जब बाद में मुझे पता चला कि यहां हो क्या रहा है

10
00:00:44,320 --> 00:00:48,480
कि जिस शिविर में मैं ठहरा हुआ हूं उससे 100 मीटर की दूरी पर

11
00:00:48,480 --> 00:00:52,640
जो ज्योतिष पीठ का शिविर लगा हुआ है ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी

12
00:00:52,640 --> 00:00:57,360
स्नान करने जा रहे थे और

13
00:00:57,360 --> 00:01:01,520
अपने जो उनके परिकर इत्यादि होते हैं उनके साथ

14
00:01:01,520 --> 00:01:05,920
जा रहे थे पालकी में जा रहे थे यहां पर मैंने पता लगाया कि पालकी

15
00:01:05,920 --> 00:01:10,160
में जाने का विशेष कारण यही था कि उनकी उनका स्वास्थ्य उतना

16
00:01:10,160 --> 00:01:14,160
ठीक नहीं था। तो वो पालकी में जा रहे थे जिसको वर्तमान में रथ का

17
00:01:14,160 --> 00:01:18,240
नाम दिया जा रहा है। रथ अलग होता है और पालकी अलग होती है। पालकी

18
00:01:18,240 --> 00:01:22,240
बहुत छोटे से एरिया में आ जाती है और रथ के लिए बहुत ज्यादा बड़ा

19
00:01:22,240 --> 00:01:26,320
आपको स्पेस चाहिए होता है। घेर के चलता है जो अब बात यह है

20
00:01:26,320 --> 00:01:30,400
कि हुआ क्या? तो हुआ यह कि ज्योतिष

21
00:01:30,400 --> 00:01:33,600
पीठ वाले महाराज जी

22
00:01:33,600 --> 00:01:38,000
जब स्नान करने जा रहे हैं तो जो

23
00:01:38,000 --> 00:01:42,400
संबंधित क्षेत्र का जो एसएओ है वह खुद उनके साथ उस पालकी

24
00:01:42,400 --> 00:01:46,560
के साथ यात्रा को लेकर के जा रहा है। उसको कोई आपत्ति नहीं है इस यात्रा

25
00:01:46,560 --> 00:01:50,800
से। पर आगे रास्ते में उन्हें कुछ प्रशासनिक अधिकारी मिलते

26
00:01:50,800 --> 00:01:54,800
हैं जो मना करते हैं कि आप इस पालकी के साथ नहीं चल सकते।

27
00:01:54,800 --> 00:01:59,280
आपको जो है पैदल जाना होगा। आप जो है प्रोटोकॉल में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

28
00:01:59,280 --> 00:02:03,520
और उसमें तरह-तरह की चीजें बताई जा रही है कि भाई बहुत करोड़ों की भीड़

29
00:02:03,520 --> 00:02:07,680
आज माघ में यह माघ मेला थोड़ी ना है। यह तो कुंभ का मेला है।

30
00:02:07,680 --> 00:02:11,840
करोड़ों की भीड़ है। है ना? तो यह तरह-तरह की चीजें

31
00:02:11,840 --> 00:02:17,200
बताई जा रही है प्रशासन के द्वारा अपनी छवि को या

32
00:02:17,200 --> 00:02:21,840
जो उन्होंने कर दिया है उसको जो है उस पर पलस्तर करने के लिए कि

33
00:02:21,840 --> 00:02:26,160
करोड़ों की भीड़ थी भाई। और इनकी एक पालकी जाने से वह डिस्टर्ब

34
00:02:26,160 --> 00:02:30,240
हो रहा था पूरा मामला और यह

35
00:02:30,240 --> 00:02:34,640
करतेकरते इनको जब रोका गया इनकी इनकी इस यात्रा को रोका गया

36
00:02:34,640 --> 00:02:37,360
तो सिर्फ रोका नहीं गया है इस

37
00:02:37,360 --> 00:02:41,920
यात्रा को वहां से खदेड़ा गया जो साथ में

38
00:02:41,920 --> 00:02:45,920
महाराज जी के साथ में जो उनके परिकर चल रहे थे उसमें दंडी सन्यासी इत्यादि भी

39
00:02:45,920 --> 00:02:50,640
थे मैं खुद उनसे मिला हूं उनके यहां चेहरे पर वार किया गया है

40
00:02:50,640 --> 00:02:54,800
वो सनातनी है सनातनियों के चेहरे पर वार किया

41
00:02:54,800 --> 00:02:58,800
गया है। क्यों किया गया है? क्योंकि वह अपनी गंगा माता में स्नान करने

42
00:02:58,800 --> 00:03:03,040
जा रहे थे। संगम में स्नान करने जा रहे थे। क्यों किया गया है? क्योंकि

43
00:03:03,040 --> 00:03:07,600
यहां पर भाई सनातनियों का मेला है। वो सनातनी

44
00:03:07,600 --> 00:03:10,080
है।

45
00:03:10,080 --> 00:03:14,080
इसलिए वार किया गया है। जो बटुक इत्यादि हैं

46
00:03:14,080 --> 00:03:18,320
जो उस उनके साथ में थे बटुक। मैंने

47
00:03:18,320 --> 00:03:22,400
देखा कि उसमें से एक की बेचारी की शिख को पकड़ के घसीटा गया

48
00:03:22,400 --> 00:03:26,560
है। यह हमारा

49
00:03:26,560 --> 00:03:32,560
ये हमारी वैल्यू रह गई है इस देश में।

50
00:03:32,800 --> 00:03:36,960
बटों की शिख को पकड़ कर के घसीटा जा रहा है। लथेड़ करके

51
00:03:36,960 --> 00:03:41,440
घसीटा जा रहा है। क्यों घसीटा जा रहा है? क्योंकि शंकराचार्य जी को प्रोटोकॉल

52
00:03:41,440 --> 00:03:45,680
दिया गया था कि पैदल जाना है और वह पालकी में जा रहे थे और यहां पर करोड़ों

53
00:03:45,680 --> 00:03:49,840
की भीड़ थी और एसएओ जो साथ में प्रशासनिक सेवा में जो स्वयं

54
00:03:49,840 --> 00:03:53,920
हैं उनको पता नहीं है कि करोड़ों की भीड़ है या पालकी में नहीं जाना चाहिए उनको

55
00:03:53,920 --> 00:03:57,920
ये सब नहीं पता है वो साथ में लेके जा रहे हैं अरे भाई अगर तुम्हें इस

56
00:03:57,920 --> 00:04:02,400
यात्रा से इतनी प्रॉब्लम थी तो आपका यहां पर एक प्रतिनिधि मौजूद है एसएओ

57
00:04:02,400 --> 00:04:06,960
के रूप में वो मना करता ना कि आप प्रोटोकॉल के अगेंस्ट मत जाइए

58
00:04:06,960 --> 00:04:11,040
और यहां पर तरह-तरह की बातें और भी आएंगी। सामने अरे वह नकली

59
00:04:11,040 --> 00:04:15,040
है वो वो शंकराचार्य है ही नहीं यह है वो है तो क्यों लगाया

60
00:04:15,040 --> 00:04:19,200
उनका यह बोर्ड क्यों लगाया उनका यह बोर्ड क्यों उनका

61
00:04:19,200 --> 00:04:23,680
लगाया शिविर और यदि ये नकली है इनसे तुम्हें तकलीफ है तो इतने द शंकराचार्य

62
00:04:23,680 --> 00:04:27,840
नकली बना करके तुमने बिठा रखे हैं दुक्षानंद नरेंद्र इन सबका

63
00:04:27,840 --> 00:04:30,560
क्या होगा वासुदेवानंद

64
00:04:30,560 --> 00:04:36,560
इन सबका क्या होगा इन सबके साथ तुमने किया व्यवहार

65
00:04:37,280 --> 00:04:42,160
तो यह एक बहुत बड़ा एक काला दिन है

66
00:04:42,160 --> 00:04:46,240
जो जो सत्ता जो शासन यह कहता है ना कि हम हिंदुत्व की

67
00:04:46,240 --> 00:04:50,400
रक्षा के लिए हैं उस हिंदुत्व की रक्षा का दावा करने वालों

68
00:04:50,400 --> 00:04:55,280
के लिए एक आज बहुत बड़ा काला इतिहास है क्योंकि

69
00:04:55,280 --> 00:04:59,360
सनातन धर्मियों पर वार किया गया है। चेहरे पर वार किया गया है। शिख पर

70
00:04:59,360 --> 00:05:03,520
पकड़ के घसीटा गया है। वरिष्ठ लोगों को धक्कामुक्की की गई है।

71
00:05:03,520 --> 00:05:07,920
अस्पताल में अभी भी तीन लोग भर्ती है।

72
00:05:07,920 --> 00:05:12,080
और मैंने कुछ वीडियोस देखे तरह-तरह की उसमें बातें चल रही है।

73
00:05:12,080 --> 00:05:17,280
करोड़ों की भीड़ है माघ में मतलब माघ नहीं हो गया कुंभ हो गया।

74
00:05:17,280 --> 00:05:21,280
इतना बेवकूफ बनाओगे भाई। यह

75
00:05:21,280 --> 00:05:25,520
सवाल केवल शासन से नहीं है। यह सवाल हर उस सनातनी

76
00:05:25,520 --> 00:05:29,760
से है जो आंख बंद करके बैठा हुआ है। यह सवाल हर उस मीडिया

77
00:05:29,760 --> 00:05:33,840
कर्मचारी से है जो ये सही बातें हिंदुओं तक पहुंचने नहीं दे

78
00:05:33,840 --> 00:05:38,000
रहा है। जय श्री राम। वर्ष की बात ही महाराज

79
00:05:38,000 --> 00:05:42,320
श्री इस वर्ष भी समय से अपने कुछ परिकरों

80
00:05:42,320 --> 00:05:46,640
के साथ स्नान के लिए प्रातः समय से निकल गए थे और

81
00:05:46,640 --> 00:05:50,640
निकल कर के जब हम लोग संगम नवज पर पहुंचे संगम

82
00:05:50,640 --> 00:05:52,880
नवज पर जाकर के स्नान करेंगे

83
00:05:52,880 --> 00:05:56,960
स्नान के लिए पहुंचने लग गए तो वहां एक अधिकारी आए और

84
00:05:56,960 --> 00:06:01,200
उन्होंने महाराज श्री के यात्रा को रोक

85
00:06:01,200 --> 00:06:05,280
दिया कि आप स्नान करने के लिए नहीं जा सकते हम लोगों ने कहा

86
00:06:05,280 --> 00:06:09,360
भाई क्यों नहीं जा सकते तो उन्होंने कहा आपके साथ बहुत भीड़ है। तो हमने कहा कि हमारे

87
00:06:09,360 --> 00:06:13,600
साथ अधिक भीड़ नहीं है। हमारे पास हमने बल्कि ये कहा कि हमारे साथ 250 लोग हैं।

88
00:06:13,600 --> 00:06:17,920
और श्री ने कहा केवल 100 लोग ही अपने साथ जाएंगे। अधिकारी से कहा

89
00:06:17,920 --> 00:06:22,160
100 लोग थे हमारे साथ अधिकतम। उसमें भी जो हमारे एकदम खास

90
00:06:22,160 --> 00:06:26,400
लोग थे जो हमारे ब्रह्मचारी और सन्यासी लोग वो 2530 की संख्या में अधिकतम। श्री

91
00:06:26,400 --> 00:06:30,800
राम कल मतलब आज मौर्य अमावस्या

92
00:06:30,800 --> 00:06:34,800
है। चतुर्दशी को दिन भर की स्थिति ये थी महाराज श्री के शरीर की कि उनको

93
00:06:34,800 --> 00:06:39,120
काफी ज्वर था। किसी से दिन भर मिले नहीं बहुत बुखार था लेकिन क्योंकि

94
00:06:39,120 --> 00:06:43,200
स्नान के प्रति और परंपरा के प्रति निष्ठा आचार्यों से ही हम लोग सीखते हैं।

95
00:06:43,200 --> 00:06:47,360
तो प्रातः काल जब वो बाहर आए पूजा के लिए तो हम सब लोगों ने जितने भी यहां पर उपस्थित थे गुरु

96
00:06:47,360 --> 00:06:51,440
भाई और जो भी मटके पर लोग सब ने कहा महाराज जी आप स्नान करने के लिए नहीं जाएंगे

97
00:06:51,440 --> 00:06:55,520
ऐसा हमसे प्रार्थना करना है आपसे महाराज ने कहा नहीं स्नान करने तो हम जाएंगे चाहे

98
00:06:55,520 --> 00:06:59,680
जो हो तो हम लोगों ने उनसे अनुरोध किया महाराज जी आप पैदल कम से कम जाइए पालकी पर बैठकर

99
00:06:59,680 --> 00:07:03,840
चलिए उन्होंने कहा ठीक है इतना हम स्वीकार करिये तो पालकी पर बैठकर के महाराज श्री

100
00:07:03,840 --> 00:07:07,920
जा रहे थे वहां चले गए जाने के बाद उन्होंने रोक दिया रोकने के बाद फिर

101
00:07:07,920 --> 00:07:12,000
बदतमीजी करना शुरू कर दिया बदतमीजी भी उस हद तक हो गया कि महाराज श्री

102
00:07:12,000 --> 00:07:16,080
को वो अके अकेला कर दिया उन्होंने। जितने सन्यासी थे सबको पकड़ के खींचना शुरू

103
00:07:16,080 --> 00:07:20,240
कर दिया। ब्रह्मचारियों को पकड़ के खींचना शुरू कर दिया। छोटे बच्चे जो

104
00:07:20,240 --> 00:07:24,320
यहां पढ़ रहे थे शिविर में है स्नान करने के लिए सब साथ में जाते हैं। ये बच्चे बूढ़े सब

105
00:07:24,320 --> 00:07:28,320
जाते हैं। वो भी गए थे। मारना शुरू कर दिया। अकेले कमरे में ले जाकर के

106
00:07:28,320 --> 00:07:32,480
सबको गिरफ्तार कर लिया। महाराज जी को अकेला कर दिया। अकेला करने के बाद

107
00:07:32,480 --> 00:07:36,480
सिविल ड्रेस पहन के पुलिस वालों ने जबरदस्ती अपमानित करते हुए

108
00:07:36,480 --> 00:07:40,480
खींचते हुए महाराज जी के पालकी को ला के यहां पर उन्होंने रख

109
00:07:40,480 --> 00:07:46,160
दिया। क्षेत्र उनका गिर गया था और अपमानित करते हुए

110
00:07:46,160 --> 00:07:50,240
हमारे हम अभी तक यही नहीं समझ पाए कि हम लोगों का दोष क्या था आखिर क्या गलती थी गंगा स्नान

111
00:07:50,240 --> 00:07:54,320
करना हमारी गलती थी गलती क्या थी ये अभी तक हम लोग समझ नहीं पाए वो

112
00:07:54,320 --> 00:07:58,640
उनकी दो बातें जो हम लोगों ने इंटरनेट के माध्यम से देखी कि इनके साथ 200

113
00:07:58,640 --> 00:08:02,720
से अधिक लोग थे ऐसा उन्होंने बताया उनके अधिकारी ने तो सवाल ये

114
00:08:02,720 --> 00:08:06,720
है कि 200 से अधिक लोग थे यदि आपके पास पुलिस बल था आप बाकी को रोक लेते रोकने

115
00:08:06,720 --> 00:08:10,800
का एक तरीका भी होता है सब भी तरीका होता है बाकी 100 लोगों को स्नान करवा देते 15

116
00:08:10,800 --> 00:08:14,800
लोगों जबकि हम लोगों ने तो यहां तक कहा था कि आप हमारे

117
00:08:14,800 --> 00:08:18,960
पालकी को 10 मीटर और आगे तक चले जाने दीजिए। हम स्नान करने के लिए चले जाएंगे। 10 मीटर

118
00:08:18,960 --> 00:08:23,040
आगे तक आपने नहीं जाने दिया और अपमान के लिए तो आपने कौन-कौन

119
00:08:23,040 --> 00:08:27,200
से शब्द का प्रयोग किया इसके विषय में हम कहना भी उचित नहीं समझते हैं।

120
00:08:27,200 --> 00:08:31,200
मर्यादा जितनी भी होती है सभी मर्यादा का उल्लंघन किया। ऐसा ट्रीटमेंट किया गया अंदर

121
00:08:31,200 --> 00:08:35,280
हम लोगों के साथ। जैसे हम कहीं के आतंकवादी हो। जैसे हमने

122
00:08:35,280 --> 00:08:39,360
बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो। जैसे ये भगवा कपड़ा पहनना हमारा अपराध

123
00:08:39,360 --> 00:08:43,440
हो। हम शंकराचार्य जी के शिष्य लोग हैं। वो हमारा अपराध हो। यह सब सोच के

124
00:08:43,440 --> 00:08:47,440
बाद में केवल इतना ही समझ में आता है कि ये सोची समझी

125
00:08:47,440 --> 00:08:51,520
साजिश के तहत महाराज श्री का अपमान किया गया बल्कि अपमान से और आगे

126
00:08:51,520 --> 00:08:55,600
बढ़कर के बहुत कुछ करने की इनकी नीति थी। लेकिन अपमान तो सार्वजनिक रूप से किया

127
00:08:55,600 --> 00:08:59,760
ही गया। साथ में साथ के परिकों को मारा गया। जबकि कोई दोष नहीं था। अच्छा

128
00:08:59,760 --> 00:09:03,920
आप जब यहां से निकल रहे थे तो यहां से कोई पुलिस वाले

129
00:09:03,920 --> 00:09:07,920
जानते नहीं थे कि आप कैसे जा रहे हैं। ऐसा है कि हम लोगों ने पिछले कई दिनों से

130
00:09:07,920 --> 00:09:11,920
प्रशासन से कह रखा है कि मौनी अमावस्या का स्नान है। आप लिखित

131
00:09:11,920 --> 00:09:15,920
में अनुमति हम लोगों को दे दीजिए क्योंकि स्नान का एक अपना प्रोटोकॉल है वो कंप्लीट

132
00:09:15,920 --> 00:09:20,000
हो जाएगा। तो अब देते हैं तब देते हैं। कल रात में 1:00 बजे तक

133
00:09:20,000 --> 00:09:24,000
अभी देते हैं तभी देते हैं। अभी देते हैं तभी देते हैं। फिर 1:00 बजे रात के

134
00:09:24,000 --> 00:09:28,000
बाद जो हमारे यहां के व्यवस्थापक है पंकज पांडे उनको प्रशासन ने ये कहा

135
00:09:28,000 --> 00:09:32,000
कि आपके साथ हम अधिकारी लगा देते हैं। वो आपको लेकर के जाएंगे स्नान कराने के

136
00:09:32,000 --> 00:09:36,080
लिए। सुबह निर्धारित समय पे एक अधिकारी उनका आ गए। वो हमारे साथ

137
00:09:36,080 --> 00:09:38,240
यहां से। उसने आपत्ति नहीं जताई

138
00:09:38,240 --> 00:09:42,240
कि पालकी में क्यों जा रहे हो। उन्होंने कुछ नहीं कहा। यहां से तो उसको ये प्रोटोकॉल नहीं

139
00:09:42,240 --> 00:09:46,400
पता थे। हमारे प्रशासन ने क्या प्रोटोकॉल दिया है। हमने

140
00:09:46,400 --> 00:09:50,560
महाराष्ट्र में पालकी में बैठाया और लेकर के चले। हमारे साथ एक गाड़ी भी यहां से चली। उन्होंने

141
00:09:50,560 --> 00:09:54,560
वहां पे उसको रोक दिया। हम लोगों ने उस गाड़ी को छोड़ दिया कि ठीक है नहीं ले चलते हैं। यहां से हम लोग आगे

142
00:09:54,560 --> 00:09:58,720
चले। यहां से आगे चलने के बाद उनका एक आरोप ये भी है हमारे ऊपर कि आपने हमारी

143
00:09:58,720 --> 00:10:03,040
पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। हमारा यह कहना है कि मान लो हमारे किसी व्यक्ति

144
00:10:03,040 --> 00:10:07,120
ने कोई भी अनुशासन हीनता करने वाला हमारा व्यक्ति नहीं हो सकता। एकदम साफसाफ

145
00:10:07,120 --> 00:10:11,200
है। फिर भी यदि किसी ने किया सीसीटीवी में आपने यदि देख लिया। आप उनको चिन्हित

146
00:10:11,200 --> 00:10:15,200
करके अलग कर दीजिए। हमने यदि किसी के गलत करने पे भी कहा हो कि नहीं उसको हमारे

147
00:10:15,200 --> 00:10:19,280
साथ ले चलो यदि ऐसा कहा हो तो बताइए यदि किसी ने गलत किया हमारे

148
00:10:19,280 --> 00:10:23,840
समूह में बहुत सारे लोग आप जानते हैं कि जब लंबी समूह चलती है तो बहुत सारे अपरिचित

149
00:10:23,840 --> 00:10:27,920
लोग भी आ जाते हैं तो कोई अपरिचित या किसी परिचित ने भी यदि बैरिकेडिंग

150
00:10:27,920 --> 00:10:32,080
तोड़ी आपके अनुसार सीसीटीवी आपके पास है तो आप उसको पकड़ लेते और जिसने

151
00:10:32,080 --> 00:10:36,160
कुछ नहीं किया था उनको सबको परेशान करने का मारने का क्या अधिकार था आपको भी मारा है

152
00:10:36,160 --> 00:10:40,320
अब हम क्या बताएंगे आपको फिलहाल जो साथ वाले हैं इनके आप चेहरे पे देख सकते

153
00:10:40,320 --> 00:10:44,880
हैं चेहरे पे देखिए इनके निशान आपको दिखेगा

154
00:10:44,880 --> 00:10:49,840
इनके चेहरे पर मतलब लाठी से किससे मारा है आपको चेहरे पर

155
00:10:49,840 --> 00:10:53,360
जय जय हाथों से मारा है और

156
00:10:53,360 --> 00:10:57,520
मैंने देखा था कुछ वीडियोस में जो बच्चे होते हैं जो ब्रह्मचारी होते

157
00:10:57,520 --> 00:11:01,680
हैं उनकी शिखा पकड़ के घसीट रहे शिख पकड़ के खींचा धोती पकड़ के खींचा

158
00:11:01,680 --> 00:11:05,760
छोटे बच्चों को लिटा कर के 10-10 डंडे मारे 14 साल का एक लड़का है उसको

159
00:11:05,760 --> 00:11:09,920
मारा 80 साल के एक बुजुर्ग सजन उनके पैर में चूड़ गए एक माता है अभी

160
00:11:09,920 --> 00:11:14,000
एडमिट स्वरूप रानी है। उनके पीठ पीठ में गिर पड़ी तो उनके

161
00:11:14,000 --> 00:11:18,320
पीठ में चोट लग गया। एक और माता उनको लग गया। महिलाओं को भी मारा। महिलाएं तीन

162
00:11:18,320 --> 00:11:22,480
दो महिलाएं जो इस समय अस्पताल में अभी भी नहीं है। अच्छा एक

163
00:11:22,480 --> 00:11:26,560
चीज और है जैसे आपने अभी कहा ना कि पुलिस वाले जो है सिविल

164
00:11:26,560 --> 00:11:30,560
ड्रेस में आए थे। तो ये हम कंफर्म कैसे कह सकते हैं? आप वीडियो में कर सकते हैं। वीडियो उपलब्ध

165
00:11:30,560 --> 00:11:34,640
है हम तो उस समय हम खुद ही पुलिस के पुलिस के पास थे। पुलिस ने हमको

166
00:11:34,640 --> 00:11:38,640
पकड़ लिया था। अच्छा जो लोग पुलिस ड्रेस में थे वही बाद में सिविल ड्रेस में दिखे। तो महाराज

167
00:11:38,640 --> 00:11:42,640
जी को लेके जाने की बारी आई कि महाराज जी को यहां से खाली कराते हैं। सब हमारे

168
00:11:42,640 --> 00:11:46,640
सारे परिकरों को हटा दिया उन्होंने। सब जितर-बितर कर दिया। हम लोगों को अंदर डाल दिया। अंदर

169
00:11:46,640 --> 00:11:50,800
डालने के बाद सिविल ड्रेस पहन लिया कि भाई जनता लेके जा रही है ये संदेश देने के लिए सिविल ड्रेस पहन करके

170
00:11:50,800 --> 00:11:54,800
खींच करके वो लेकर के गए। और वो सब लोग देख रहे हैं जिसमें उनके छत्र जो

171
00:11:54,800 --> 00:11:58,800
है पीछे की तरफ गिर पड़ा है और फिर वो खींच करके लेके जा रहे हैं। सिविल ड्रेस

172
00:11:58,800 --> 00:12:02,800
में कोई और वो जो वो ऐसे भी हम बता सकते हैं आपको कि जब महाराज श्री चले

173
00:12:02,800 --> 00:12:06,960
गए। हम लोगों को तो हमको तो कस्टडी में रख लिया था। हमने अपने परिकरों को जब उन्होंने जाने

174
00:12:06,960 --> 00:12:08,480
दिया सबको भेज दिए। हमने

175
00:12:08,480 --> 00:12:12,480
कहा हम भाई हम तो अपने मन से यहां आए नहीं। सिर्फ अपने मन से जाएंगे नहीं। पुलिस वाले हमको घसीट के

176
00:12:12,480 --> 00:12:16,560
बाहर कर दे तो हम चले जाएंगे। हम बैठे रहे एक डेढ़ घंटे तक तो फिर उन्होंने कहा महाराज

177
00:12:16,560 --> 00:12:20,560
आप यहां से जाइए। हमें कहां पे बिठाया था? पुलिस थाने में जो कौन सा थाना?

178
00:12:20,560 --> 00:12:24,640
संगमनच का जो थाना था जिसको वो वार

179
00:12:24,640 --> 00:12:28,640
रूम टाइप का कुछ कहते हैं। तो उन्होंने कहा कि आप जाइए वहां से। हमने कहा हम क्यों जाएंगे? हम

180
00:12:28,640 --> 00:12:32,640
तो अपने पास से आए नहीं इसलिए हम जाने वाले हैं। हम य बैठे हैं। कहा कि नहीं महाराज आपको जाना पड़ेगा। हमने

181
00:12:32,640 --> 00:12:36,800
कहा भाई घसीट के ले जाओ हमको। तो उन्होंने सिविल ड्रेस जो हम आपको बता रहे हैं सिविल ड्रेस

182
00:12:36,800 --> 00:12:41,040
के साथ लोगों को बुलाया और हमको जबरदस्ती उठा के अपने लोगों को इंस्ट्रक्शन

183
00:12:41,040 --> 00:12:45,120
दिया कि किसी का कैमरा चालू ना हो पीछे के गेट से उठा के गाड़ी के डिब्के में हमको

184
00:12:45,120 --> 00:12:49,200
भरा और भर करके ला के यहां पर छोड़ा हमारे साथ ही है सर हमारा

185
00:12:49,200 --> 00:12:54,080
जी के साथ वीडियो में हमने बाद में देखा

186
00:12:54,080 --> 00:12:58,160
तो ये आपको पूरा षड्यंत्र और पूरा इंटेंशनली ये जो

187
00:12:58,160 --> 00:13:02,240
क्रिएट किया गया है वो आपको समझ में आ रहा होगा कि

188
00:13:02,240 --> 00:13:06,400
किस तरीके से यहां हिंदुओं के जो अस्तित्व

189
00:13:06,400 --> 00:13:10,720
और आदर्श को कुचलने का प्रयास किया गया है। इनको इस तरीके से हमारे सन्यासियों

190
00:13:10,720 --> 00:13:14,880
पर वार किया गया है। हमारे महाराज जी पर वार महाराज जी का अपमान

191
00:13:14,880 --> 00:13:18,960
किया गया है। हमारे जो बटुक है जो कल के आने वाली जो

192
00:13:18,960 --> 00:13:23,280
पीढ़ी तैयार हम लोग करना चाह रहे हैं उनको कैसा [हंसी] सदमा लगा होगा?

193
00:13:23,280 --> 00:13:27,280
एक जो सन्यासी हैं हमारे साथ में एक पुलिस का अधिकारी अंदर उनको कहता है

194
00:13:27,280 --> 00:13:31,760
ये क्या तुम कपड़ा पहन के रखे हो? इसको सबको छोड़ो। इंजीनियरिंग पढ़ो तुम।

195
00:13:31,760 --> 00:13:35,760
मतलब डॉक्टर बनो इंजीनियर बनो मतलब हमारे जो भगवा

196
00:13:35,760 --> 00:13:39,840
हमारा जो भगा वस्त्र है उसके प्रति जो हमारी सम्मान की भावना है जिसके कारण

197
00:13:39,840 --> 00:13:43,920
प्रेरित हो कि लाखों लोग सब छोड़ के आते हैं उनके प्रति इस तरह की

198
00:13:43,920 --> 00:13:47,920
अपमानजनक शब्द और नीचा दिखाने की कोशिश और जब हम लोगों

199
00:13:47,920 --> 00:13:52,160
की जब जैसे हमारी पूछताछ हुई क्योंकि उन्होंने अंदर मोबाइल तो बंद कर रखा था

200
00:13:52,160 --> 00:13:56,320
तो हमारे साथ उन्होंने ट्रीटमेंट ऐसा किया जैसे कि हम एक आतंकवादी हैं हमारे

201
00:13:56,320 --> 00:14:00,560
सामने हमको बैठा दिया हम नीचे बैठ गए धूल में कोई दिक्कत

202
00:14:00,560 --> 00:14:04,640
नहीं बैठना कहीं बैठना वो कोई आपत्ति नहीं है। सामने कुर्सी लगा के

203
00:14:04,640 --> 00:14:08,720
दो अधिकारी पैर पर पैर चढ़ा करके उन्होंने एक-एक पता पूछा। ठीक है वो भी

204
00:14:08,720 --> 00:14:09,220
उनका काम

205
00:14:09,200 --> 00:14:13,200
है। पूछने के बाद जिस तरह से मतलब अपमानित करने का

206
00:14:13,200 --> 00:14:17,200
कोई भी एंगल उन्होंने नहीं छोड़ा। हर दृष्टिकोण से जैसे अपमानित

207
00:14:17,200 --> 00:14:21,200
कर सकते थे वैसे पूरी तरह से अपमानित किया। और सबसे बड़ी बात उन बच्चों की है ना

208
00:14:21,200 --> 00:14:25,200
जो बच्चे कल को अपने को स्वयं को तैयार कर रहे हैं कि

209
00:14:25,200 --> 00:14:30,080
मैं वेद पाठ करूंगा। मैं जो है सनातन धर्म को जानूंगा। उसको पढ़ाऊंगा।

210
00:14:30,080 --> 00:14:34,080
और वेद पाठ पाठन और पढ़ा पढ़ना और पढ़ाना दोनों कार्य

211
00:14:34,080 --> 00:14:38,080
उसने थामे हैं। उनके हृदय में क्या चोट पहुंची होगी इस रास्ते पर चल

212
00:14:38,080 --> 00:14:42,320
के यह प्राप्त होना है। तो कौन कल को आपके धर्म को रक्षित करेगा

213
00:14:42,320 --> 00:14:46,560
जब आने वाली नई पीढ़ी को हम यह सदमा देंगे। आज ही बचपन

214
00:14:46,560 --> 00:14:51,360
में उनके साथ इस तरीके से उन पर अत्याचार किया गया है। तो ये बहुत ही निंदनीय

215
00:14:51,360 --> 00:14:55,360
और बहुत ही मतलब एक काला दिन है। माघ मेले

216
00:14:55,360 --> 00:14:59,440
का एक काला दिन है। प्रशासन के लिए एक काला दिन है। वो जो ये दावा करते हैं कि

217
00:14:59,440 --> 00:15:03,760
हम हिंदुत्व की रक्षा जो लोग ऐसा दावा करते हैं कि हम हिंदुत्व की रक्षक

218
00:15:03,760 --> 00:15:07,760
हैं। तो ऐसे सभी लोगों के लिए आज का दिन एक काला दिन

219
00:15:07,760 --> 00:15:11,920
है। जो हमारे जो वेद के रक्षक

220
00:15:11,920 --> 00:15:15,920
हैं सनातन आर्य वैदिक हिंदू धर्म के जो रक्षक हैं जो

221
00:15:15,920 --> 00:15:20,000
वास्तविकता में अपने रक्त से सींचा है जिन लोगों ने और जो आने

222
00:15:20,000 --> 00:15:24,160
वाले भविष्य में सींचने के लिए तैयार हो रहे हैं उनको इस तरीके से

223
00:15:24,160 --> 00:15:25,680
अपने

224
00:15:25,680 --> 00:15:29,760
बल बल के द्वारा जो आज उनको बल प्राप्त है उसके द्वारा कुचला जा

225
00:15:29,760 --> 00:15:33,760
रहा है। ठीक है महाराज जी आपने बहुत समझ लिया उनको

226
00:15:33,760 --> 00:15:38,240
आपने ऐसा लगा कि आप आए और इस विषय में आपने जानकारी लेना चाहा जानकारी

227
00:15:38,240 --> 00:15:42,720
लेकर के ले रहे हैं। नहीं नहीं बिल्कुल हम लोग सब साथ में हैं आपके

228
00:15:42,720 --> 00:15:47,040
नहीं निश्चित रूप से हम सब मिलकर के ही हैं। इसलिए हम सबको

229
00:15:47,040 --> 00:15:51,120
बात केवल एक व्यक्ति की नहीं है। बात केवल किसी एक विशेष संस्था की

230
00:15:51,120 --> 00:15:55,120
नहीं है। ये तो हमारे अस्तित्व का प्रसंग है। पूरे हिंदुओं को इस विषय में चिंतन

231
00:15:55,120 --> 00:15:59,120
करना चाहिए। पूरे सनातन का पूरे पूरे सनातनी को इस विषय में चिंतन करने

232
00:15:59,120 --> 00:16:03,440
की आवश्यकता है कि भाई आखिर

233
00:16:03,440 --> 00:16:07,440
अब पहले गाय का अपमान हुआ। आचारियों का अपमान हो रहा है। अब अगला

234
00:16:07,440 --> 00:16:11,600
नंबर आपका आने वाला है। तो आपका नंबर है आज अगर अंडू नहीं जागेगा

235
00:16:11,600 --> 00:16:15,920
तो कल उसका घरघर से उठा के उसको भी रदा जाएगा। आपके ऊपर भी

236
00:16:15,920 --> 00:16:19,920
भाई अभी जो आपके जो नेतृत्व करता है उनको रौदा जा रहा है। अब अगली बारी

237
00:16:19,920 --> 00:16:23,920
आपकी है। जब आपकी इच्छा हट जाएगी। आप अनाथ हो जाओगे। आप

238
00:16:23,920 --> 00:16:28,000
देखिए कि जिस समय स्नान करने हम लोग गए थे। जिस समय हम लोग स्नान करने गए

239
00:16:28,000 --> 00:16:32,080
थे। उस समय भी घाट पे कम से कम 500 से अधिक लोग स्नान कर रहे थे। 100 लोगों को

240
00:16:32,080 --> 00:16:36,320
स्नान करने में क्या दिक्कत हो रही नहीं वो मैंने वीडियो देखा उसमें करोड़ों करोड़ों

241
00:16:36,320 --> 00:16:40,560
की भीड़ है 500 वहां जिस जगह थे मान लीजिए उसी जगह का यदि हम देखें

242
00:16:40,560 --> 00:16:41,060
वैसे

243
00:16:40,880 --> 00:16:44,880
तो इनके ग्राफ के अनुसार लगभग 4 करोड़ लोगों ने संभवत चार पांच करोड़ लोगों ने स्नान

244
00:16:44,880 --> 00:16:48,880
किया आज ऐसा इंटरनेट और सरकार का

245
00:16:48,880 --> 00:16:52,880
जो आंकड़ा है वो बताएगा उस समय भी वहां पे 500 से अधिक लोग स्नान कर

246
00:16:52,880 --> 00:16:57,520
रहे हैं 100 लोगों को स्नान करने में क्या दिक्कत है उसमें कोई तथ्यात्मक

247
00:16:57,520 --> 00:17:01,520
बात निश्चित रूप से कुछ ना कुछ इंटेंशनली किया गया है

248
00:17:01,520 --> 00:17:05,600
नीतिगत ढंग से किया गया संयोग की बात है कि आज ही पूरी शंकराचार्य जी

249
00:17:05,600 --> 00:17:09,600
ने कोई पूरी शंकराचार्य जी से कोई प्रश्न किया गया था

250
00:17:09,600 --> 00:17:13,840
तो गुरुदेव ने बोला था कि प्रशासन को

251
00:17:13,840 --> 00:17:17,920
शासन को इससे मतलब नहीं है कि शंकराचार्य स्नान

252
00:17:17,920 --> 00:17:22,400
करने कब जाए कब ना जाए उनको मतलब है कौन से महामंडलेश्वर उनके पक्षधर

253
00:17:22,400 --> 00:17:26,960
हैं जो स्नान करने जा रहे हैं कि नहीं जा रहे कौन से स्वभूषित

254
00:17:26,960 --> 00:17:31,040
जगतगुरु इत्यादि है जो स्नान करने जा रहे हैं कि नहीं जा रहे हैं शंकराचार्यों की

255
00:17:31,040 --> 00:17:35,520
फिक्र शासन को नहीं है वो जाए ना जाए घर बैठे

256
00:17:35,520 --> 00:17:39,600
महाराज ने एकदम सही बात की यही वस्तु स्थिति तो सब जानते ही हैं वही

257
00:17:39,600 --> 00:17:45,600
तो बताते हैं हम लोगों को इसलिए उन्होंने एकदम सही बात

258
00:17:51,590 --> 00:17:55,590
[संगीत]
