1
00:00:03,440 --> 00:00:07,520
तो सभी को जय श्री राम। इस समय हम हमारी अग्रजा के साथ

2
00:00:07,520 --> 00:00:11,680
हैं। माननीय रंजना अग्निहोत्री जी और

3
00:00:11,680 --> 00:00:16,080
एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय में प्रकाश डालने के लिए आज

4
00:00:16,080 --> 00:00:20,400
इनके समक्ष हम उपस्थित हुए हैं। आप लोगों के समक्ष उपस्थित हुए हैं।

5
00:00:20,400 --> 00:00:25,760
अ जैसा कि आप लोग जानते ही हैं कि

6
00:00:25,760 --> 00:00:29,920
अ हिंदुओं को लेकर के हिंदू विरोधी जो गतिविधियां हैं वो

7
00:00:29,920 --> 00:00:34,160
समाज में बहुत बढ़ती जा रही हैं। व्यक्ति स्वतंत्र होकर के निर्द

8
00:00:34,160 --> 00:00:38,240
निर्द्वंद तरीके से जो है कुछ भी बोलता जा रहा है

9
00:00:38,240 --> 00:00:42,240
हिंदुओं के बारे में हिंदू धर्म ग्रंथों के बारे में हमारे गुरु गोविंद ग्रंथ के बारे

10
00:00:42,240 --> 00:00:47,040
में अनापशनाप ये सब चीजें जो हो रही है मनुस्मृति जला देना रामचरितमानस

11
00:00:47,040 --> 00:00:51,280
कहीं कोई जला देता है कहीं कोई ऐसी किताबें छाप देता है जिसमें कि उल्टी

12
00:00:51,280 --> 00:00:55,280
सीधी बातें लिखी होती हैं आपके संज्ञान में है ही हमने रामपाल पर इसको

13
00:00:55,280 --> 00:00:59,280
लेकर के याचिका कर रखी है दीदी के ही माध्यम से और

14
00:00:59,280 --> 00:01:03,840
इसके साथ ही साथ अभी एक किताब आई है हमारी की जानकारी में कोई

15
00:01:03,840 --> 00:01:08,560
लेखक है लेखक तो क्या कहें उसको उसने श्री राम जी पर काफी

16
00:01:08,560 --> 00:01:12,640
नाम है अमीष त्रिपाठी करके नाम है उसका अमेश त्रिपाठी अम

17
00:01:12,640 --> 00:01:16,640
त्रिपाठी उसने बहुत ज्यादा राम विरोधी हिंदू विरोधी चीजें लिखते

18
00:01:16,640 --> 00:01:18,560
हुए और उसको नाम दिया है राम सीता

19
00:01:18,560 --> 00:01:22,720
अपनी किताब को नाम दिया है तो ये जो गतिविधियां हैं कि कहीं पर

20
00:01:22,720 --> 00:01:26,720
भरे मंच पर मजाक बना देना हिंदू धर्म का

21
00:01:26,720 --> 00:01:31,200
हिंदू धर्म ग्रंथों का हिंदू धर्माचार्यों का और

22
00:01:31,200 --> 00:01:35,280
या फिर ऐसी किताबें छाप देना, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया सभी के द्वारा ऐसी

23
00:01:35,280 --> 00:01:39,360
वेब सीरीज बनाना जहां पर हिंदुओं का अपमान हो रहा है। लगातार ऐसी फिल्में बनाना,

24
00:01:39,360 --> 00:01:43,760
ऐसी सीरियल्स बनाना ऐसे ऐसी सामग्री किसी ना किसी प्रारूप

25
00:01:43,760 --> 00:01:47,840
में मतलब लगातार ये बढ़ती जा रही है। तो इस चीज को लेकर

26
00:01:47,840 --> 00:01:52,320
के जो हिंदू विरोधी गतिविधियां चल रही हैं। लोग ये कहते हैं कि भाई

27
00:01:52,320 --> 00:01:56,400
कोई कुछ करता क्यों नहीं? कोई कुछ करता क्यों नहीं? तो हम आपको बताना

28
00:01:56,400 --> 00:02:00,720
चाहते हैं कि अभी हिंदू सोया नहीं है। हमारी मान्य

29
00:02:00,720 --> 00:02:04,720
जो अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी ऐसे सनातनी योद्धाओं के रूप में अभी

30
00:02:04,720 --> 00:02:09,040
भी हिंदू जागा हुआ है और वो लड़ रहे हैं। पर आपको आपको

31
00:02:09,040 --> 00:02:13,120
इन बातों का बोध नहीं है कि हमारे लिए कौन लड़ रहा है? कौन नहीं लड़

32
00:02:13,120 --> 00:02:17,360
रहा है। लोग कहते हैं शंकराचार्य ने किया क्या? शंकराचार्य ने किया क्या है? शंकराचार्य जी की शिष्या

33
00:02:17,360 --> 00:02:21,360
है यह जो लड़ रही हैं। आपको नहीं पता है। तो आज इन कुछ

34
00:02:21,360 --> 00:02:25,360
मामलों पर प्रकाश डालने के लिए कि इन्होंने कैसे वह लड़ाई

35
00:02:25,360 --> 00:02:29,520
प्रारंभ की है और अभी उस वो लड़ाई किस स्तर पर पहुंची

36
00:02:29,520 --> 00:02:33,600
है और कहां पर इनकी आवाज पहुंच चुकी है। हिंदुओं की आवाज कहां पर

37
00:02:33,600 --> 00:02:37,600
पहुंच चुकी है। तो इन सब बातों पर प्रकाश डालने के लिए आज हम

38
00:02:37,600 --> 00:02:42,000
बात करने आए हैं। सबसे पहले दीदी को चरण स्पर्श दीदी को प्रणाम

39
00:02:42,000 --> 00:02:46,240
और दीदी के मंगल दीदी के अतुल्य साहस को प्रणाम दीदी

40
00:02:46,240 --> 00:02:50,240
के अतुल्य समर्पण को प्रणाम मेरा तो दीदी थोड़ा सा आप

41
00:02:50,240 --> 00:02:54,480
इसपे थोड़ा सा प्रकाश डालें कि आपने जो उच्च न्यायालय

42
00:02:54,480 --> 00:02:58,480
में क्या जो अभी मैंने समस्या जिसके बारे में लोगों को बताया उसको

43
00:02:58,480 --> 00:03:02,640
लेकर के क्या मतलब आप पहुंची कैसे पहुंची क्या अभी हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस

44
00:03:02,640 --> 00:03:06,720
की तरफ से माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका लगाई गई थी हम लोग

45
00:03:06,720 --> 00:03:11,120
चाहते हैं कि कोई ऐसा कानून बने बने जो कठोर हो जिसमें डेनिग्रेशन

46
00:03:11,120 --> 00:03:15,120
डिसऑनरिंग और इंसर्ट डिसफिगरमेंट ऑफ देवता प्रोविजन

47
00:03:15,120 --> 00:03:19,360
एक्ट बने जिससे कि इसको रोका जा सके। कानून है, आईपीसी

48
00:03:19,360 --> 00:03:23,680
में भी है, बीएएस में भी है। लेकिन सजा इतनी कम है। वो कानून

49
00:03:23,680 --> 00:03:28,400
इफेक्टिव नहीं है। इसलिए लोगों का जो मन है बढ़ता रहता है।

50
00:03:28,400 --> 00:03:32,560
अब इसको लेकर के एक याचिका लगाई गई थी जिसमें हम लोगों ने यह कहा था

51
00:03:32,560 --> 00:03:36,880
कि सनातन धर्म और सनातन धर्मावलंबी हमारे देवी

52
00:03:36,880 --> 00:03:40,960
देवता भगवान राम कृष्ण ब्रह्मा जी और

53
00:03:40,960 --> 00:03:45,280
माता दुर्गा मनुस्मृति रामचरितमानस भगवत गीता

54
00:03:45,280 --> 00:03:48,720
इत्यादि जो हमारे धार्मिक ग्रंथ हैं उनका किस तरीके से अपमान किया जा

55
00:03:48,720 --> 00:03:52,800
रहा है। कोई मनुस्मृति जला के सिगरेट पी रहा है और

56
00:03:52,800 --> 00:03:56,800
वो सोशल मीडिया पे वायरल कर रहा है। कोई भगवान श्री राम के

57
00:03:56,800 --> 00:04:00,880
ऊपर अभद्र टिप्पणी कर रहा है और अभी नवरात्रों में देखा हमने मां दुर्गा

58
00:04:00,880 --> 00:04:05,760
का जो एक स्टेचू बना हुआ था जो नवरात्रि के

59
00:04:05,760 --> 00:04:09,840
दौरान दुर्गा पूजा होती है उसमें एक व्यक्ति बहुत अभद्र अश्लील

60
00:04:09,840 --> 00:04:14,000
हरकत कर रहा था वो सारी चीजों को लेकर के हम लोगों ने अभी एक याचिका

61
00:04:14,000 --> 00:04:18,000
दिसंबर में लगाई थी| ये हमारी पहली याचिका नहीं हम शुरू से ही कहते चले जाएं और

62
00:04:18,000 --> 00:04:22,000
इस याचिका में हमने तमाम वो बातें कही जो हम शुरू से कहते चले जा रहे

63
00:04:22,000 --> 00:04:26,160
इसको हमने चार खंडों में बांटा पहला हिंदू हिंदू धर्म और सनातन धर्म

64
00:04:26,160 --> 00:04:30,320
के ऊपर जो प्रहार करने का काम है वो सिनेमा और वेब सीरीज करते हैं।

65
00:04:30,320 --> 00:04:34,720
नंबर दूसरा जो है आर्ट स्क्रिप्चर्स

66
00:04:34,720 --> 00:04:38,960
आर्ट पेंटिंग बनाना और नंबर तीसरा है जो भद्दे भद्दे चुटकुले

67
00:04:38,960 --> 00:04:43,280
बनाते हैं। नंबर चौथा जो पब्लिक फोरम पर स्पीचेस दी जाती हैं। तो

68
00:04:43,280 --> 00:04:48,160
जो सिनेमा है, सिनेमा ने क्या किया? मतलब मूवीज, वेब सीरीज।

69
00:04:48,160 --> 00:04:52,320
दूसरा बुक्स तीसरा आर्ट और पेंटिंग और चौथा जो है

70
00:04:52,320 --> 00:04:56,400
जो सोशल मीडिया के द्वारा या सार्वजनिक इन

71
00:04:56,400 --> 00:05:00,560
सबको लेके जो हमारी पिटीशन गई हम पहले रिप्रेजेंटेशन भी हमने मिनिस्ट्री

72
00:05:00,560 --> 00:05:03,920
ऑफ होम अफेयर्स मिनिस्ट्री ऑफ़ पार्लियामेंट्री अफेयर्स को दिया था। कोर्ट

73
00:05:03,920 --> 00:05:08,160
ने मेरी बात को पूरी तरीके से सुना और इसमें 4 दिसंबर 2025

74
00:05:08,160 --> 00:05:12,800
को आदेश पारित किया कि आप अपनी पुनः बात अह

75
00:05:12,800 --> 00:05:16,800
अथॉरिटीज कंसर्न पार्लियामेंट्री अफेयर्स के सामने कहें। हमने माननीय

76
00:05:16,800 --> 00:05:20,800
न्यायालय में यह भी कहा था कि ठीक है कानून बनाने का अधिकार न्यायालय को नहीं

77
00:05:20,800 --> 00:05:24,960
है। लेकिन जो कानून है वो फोर्सफुल नहीं है। जब तक पार्लियामेंट

78
00:05:24,960 --> 00:05:29,040
कोई कानून नहीं बना देती तब तक आप कोई कमेटी बना दीजिए। हम

79
00:05:29,040 --> 00:05:33,360
कोर्ट ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एक आदेश किया। उसके

80
00:05:33,360 --> 00:05:37,440
बाद हम पार्लियामेंट्री अफेयर्स गए। तो उन्होंने हमें एक पत्र

81
00:05:37,440 --> 00:05:41,760
दिया। वो ये पत्र है। हम आपको अब दिखाते हैं। ये 51

82
00:05:41,760 --> 00:05:46,320
2025 को ये पत्र दिया। उन्होंने कहा कि हम आपके जो पत्र हैं, आपके ग्रीवेंसेस

83
00:05:46,320 --> 00:05:50,720
हैं, उन पर हमने संज्ञान लिया है और जो नेसेसरी एक्शन होंगे, एप्रोप्रियट

84
00:05:50,720 --> 00:05:54,720
रिप्लाई होगी, वो हम आपको व्यक्तिगत रूप से देंगे। तो हम तो

85
00:05:54,720 --> 00:05:58,720
प्रतीक्षा कर रहे हैं। अभी हमारे पास इसकी कोई इसका कोई उत्तर नहीं

86
00:05:58,720 --> 00:06:02,880
आया है और हमने इसका एक रिप्रेजेंटेशन दोबारा भेज

87
00:06:02,880 --> 00:06:06,880
दिया है। कहने का तात्पर्य यह है कि एक पिक्चर

88
00:06:06,880 --> 00:06:10,880
आई थी पीके। जी। एक पिक्चर आई थी मोहल्ला 80, एक पिक्चर

89
00:06:10,880 --> 00:06:15,120
आई थी हैदर। एक पिक्चर आई थी राम तेरी गंगा मैली एक आई

90
00:06:15,120 --> 00:06:19,280
थी कलयुग की रामायण एक आई थी कलयुग की सीता एक आई थी शोले

91
00:06:19,280 --> 00:06:23,920
जी इस ये तो हमने कुछ नाम बताएं ये बहुत सारी सिनेमा

92
00:06:23,920 --> 00:06:28,000
और बहुत सारी मूवीज आई इन सबको हमने अपनी पिटीशन में मेंशन किया जी

93
00:06:28,000 --> 00:06:32,240
एक आई थी ओ माय गॉड डायलॉग आता है ए गणपत दारू उल्लाह

94
00:06:32,240 --> 00:06:36,560
हम्म एक आता है लापता कहां हो गया अगर लापता है और उसमें

95
00:06:36,560 --> 00:06:40,720
जो एक पिक्चर आई थी जो पीके उसमें एक वो जिहादी

96
00:06:40,720 --> 00:06:44,720
टाइप का जो हीरो है वो पान के पीक को लगा देता है और कहता

97
00:06:44,720 --> 00:06:48,720
है कि हिंदुओं जनता इतनी बेवकूफ है कि पान के पीक को हनुमान जी समझ बैठी है।

98
00:06:48,720 --> 00:06:53,200
इसको भी हम लोगों ने चैलेंज किया था। करते चले एक जो स्क्रिप्चर्स

99
00:06:53,200 --> 00:06:57,280
हैं जो पेंटिंग्स हैं एक फिजा हुसैन क्या नाम

100
00:06:57,280 --> 00:07:01,440
मकबूल फिजा हुसैन एक था। ये कोई वो भी था वो हां हां मर गया है।

101
00:07:01,440 --> 00:07:05,840
उसकी पेंटिंग एमएफ हुसैन एमएफ हुसैन वही मकबूल फिजा हुसैन उसने

102
00:07:05,840 --> 00:07:10,000
जो पेंटिंग्स बनाई इतनी गंदी पेंटिंग्स बनाई सिर्फ हमारे देवी देवताओं

103
00:07:10,000 --> 00:07:14,160
को लेकर के अभी एक पिक्चर आई किसी ने बनाई

104
00:07:14,160 --> 00:07:18,640
काली उसमें माता काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया है। यह सारी

105
00:07:18,640 --> 00:07:23,120
चीजें क्या और सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर चाहे

106
00:07:23,120 --> 00:07:27,200
उसमें क्या नाम है? बघेल हो बघेल के पिताजी

107
00:07:27,200 --> 00:07:31,280
मुख्यमंत्री बघेल के पिताजी हो चाहे स्टैलिन हो एम के स्टिन

108
00:07:31,280 --> 00:07:34,320
हो कोई कह रहा है कि सनातन धर्म मलेरिया है

109
00:07:34,320 --> 00:07:38,560
तो कोई कह रहा है कि सनातन धर्म अछूत की बीमारी है कि रोग

110
00:07:38,560 --> 00:07:42,640
है फला है ढका है कहीं कोई कानून ऐसा है ही नहीं

111
00:07:42,640 --> 00:07:46,720
कि इनको सबको प्रिवेंट कर सके तो हम यह चाहते हैं कि ऐसा कानून

112
00:07:46,720 --> 00:07:50,960
बने जो मनुस्मृति पर आधारित हो जो महाभारत

113
00:07:50,960 --> 00:07:54,960
में जैसे कहा है कि जो दंड है राजा के सोने पर भी दंड दंड

114
00:07:54,960 --> 00:07:58,960
जागता है। महाभारत में कहा है और महाभारत के उस श्लोक को हमने कोट भी किया

115
00:07:58,960 --> 00:08:02,960
है। राजा के सोने पर दंड जागता है। अर्थात गवर्नमेंट अगर कुछ ना भी

116
00:08:02,960 --> 00:08:06,960
करती हो लेकिन अगर दंड का प्रावधान कठोर है।

117
00:08:06,960 --> 00:08:10,960
दंड का प्रावधान कठोर है तो अपराध रुकेंगे। जी अपराध होने

118
00:08:10,960 --> 00:08:15,360
से रुकेंगे। जी ये जो कानून बने हैं बीएनएस के तहत अपराध

119
00:08:15,360 --> 00:08:19,600
हो जाता है। तब ये आते हैं। सपोज किसी ने हमारी मनुस्मृति

120
00:08:19,600 --> 00:08:23,920
जला दी। किसी ने भगवत गीता जला दी। किसी ने हमारी देवी देवताओं का अपमान हो गया।

121
00:08:23,920 --> 00:08:27,920
उसको एक साल की सजा के तहत हमने एफआईआर लिखा दी। लेकिन

122
00:08:27,920 --> 00:08:32,800
हमें क्या मिला? हमारा तो जो हमारी आस्था थी उस पर प्रहार हुआ।

123
00:08:32,800 --> 00:08:36,880
हमारी सनातन धर्म की आस्था पर प्रहार हुआ। हमारा

124
00:08:36,880 --> 00:08:40,960
अपमान हुआ। हम कहीं भी जाते हैं तो लोग हमको हीरे दृष्टि से देखते हैं। अरे

125
00:08:40,960 --> 00:08:45,200
हिंदू सनातनी कैसे हैं? इनके तो देवी देवताओं का अपमान होता है। कोई बोलने

126
00:08:45,200 --> 00:08:49,200
वाले नहीं है। इनके अंदर कोई ताकत नहीं है। कोई दम नहीं। हम करें

127
00:08:49,200 --> 00:08:49,700
तो

128
00:08:49,440 --> 00:08:53,440
करें क्या? और इसी तरीके से कानून ये कोई इस निंदा का कानून

129
00:08:53,440 --> 00:08:57,440
नहीं बना। डेनिग्रेशन पर कोई कानून नहीं बना। लेकिन इस मामले में जो

130
00:08:57,440 --> 00:09:02,400
हमारे समाज में एक दूसरा वर्ग रहता है जिसको कि मुस्लिम

131
00:09:02,400 --> 00:09:06,400
कहते हैं इस्लाम के फॉलोअर्स उनकी इस बात में प्रशंसा

132
00:09:06,400 --> 00:09:10,800
हम करते हैं कि उनके देवता पर उनके कुरान शरीफ पर उनके

133
00:09:10,800 --> 00:09:15,440
मोहम्मद साहब पर पैगंबर मोहम्मद पर अगर कोई भी उल्टी सीधी

134
00:09:15,440 --> 00:09:19,440
टिप्पणी करने की हिमाकत करता है तो उनके यहां से पूरा का पूरा कुबा

135
00:09:19,440 --> 00:09:23,440
निकल पड़ता है और कहते हैं सरन से जुदा जी हम हिंदू समाज

136
00:09:23,440 --> 00:09:27,680
को बरगला नहीं रहे हैं कि कोई कहे तो सरतन से जुदा हम तो

137
00:09:27,680 --> 00:09:31,680
सड़क पे तलवें लेकर नहीं आए हैं। हम कानून के सामने गए। हमने

138
00:09:31,680 --> 00:09:36,000
अदालत से अपनी बात कही। हमने अपनी चीज़ को कोर्ट ऑफ रिकॉर्ड बनाया।

139
00:09:36,000 --> 00:09:40,080
चुटकुले बनेंगे ना नौमन तेल होगा ना राधा नाचेंगी। चुटकुला आज तक

140
00:09:40,080 --> 00:09:44,160
यह नहीं बना कि ना नौमन तेल होगा ना रजिया नाचेंगी। रजिया को कहने की किसी की हिम्मत

141
00:09:44,160 --> 00:09:48,560
नहीं है। चुटकुला बना कि हम करें तो कैरेक्टर

142
00:09:48,560 --> 00:09:53,120
ढीला कृष्ण करें तो लीला। भाई वाह क्या बात हुई। हनुमान जी के ऊपर चुटकुले बने।

143
00:09:53,120 --> 00:09:57,200
इसी तरीके से सरदारों के ऊपर बहुत चुटकुले बनते थे। मालूम है?

144
00:09:57,200 --> 00:10:01,360
सरदारों ने अपनी बात न्यायालय के समक्ष कही। हम तो न्यायालय

145
00:10:01,360 --> 00:10:05,280
ने उस पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन कहा गवर्नमेंट इस बात को देखिए।

146
00:10:05,280 --> 00:10:09,360
गवर्नमेंट ने जब उसको देखना शुरू किया तो अब चुटकुले जो हैं हमें लगता

147
00:10:09,360 --> 00:10:13,440
है नगण्य हो गए हैं। तो हम लोगों की जो ये पहल है हिंदू फ्रंट

148
00:10:13,440 --> 00:10:17,600
फॉर जस्टिस की जो तुम्हारी ये पहल है ये कहीं ना कहीं

149
00:10:17,600 --> 00:10:21,600
कारगर होगी। कहीं ना कहीं रंग लाएगी। जो हम चाहते हैं कि कोई

150
00:10:21,600 --> 00:10:25,920
डेनिग्रेशन पर कोई स्ट्रांग कानून बने, कोई एक्ट आए

151
00:10:25,920 --> 00:10:30,240
वो अवश्य ही आएगा। अच्छा दीदी इसमें हमने देखा है कि अन्य

152
00:10:30,240 --> 00:10:34,480
जो देश हैं वहां के जो राजसत्ता का जो धर्म होता है

153
00:10:34,480 --> 00:10:38,640
है ना? उसको लेकर के ईष्ट निंदा का बहुत कठोर रहता है। इसमें

154
00:10:38,640 --> 00:10:42,640
आप क्या कहेंगे? अन्य कंट्रीज में मतलब कोई ऐसी चीजें नहीं हो रही। नहीं

155
00:10:42,640 --> 00:10:47,200
हमने हमने अपनी पिटीशन में हमने कोट किया है कि जो बाहरी देश हैं

156
00:10:47,200 --> 00:10:51,440
वहां पर ईष्ट निंदा के विरोध में कानून बने हैं। वहां

157
00:10:51,440 --> 00:10:55,440
किसी की हिम्मत इसलिए नहीं पड़ती है क्योंकि जो कानून बने हुए हैं उसमें दंड

158
00:10:55,440 --> 00:10:59,680
का जो प्रावधान है वो बहुत कठोर है। अच्छा यहां दंड का प्रावधान

159
00:10:59,680 --> 00:11:03,680
कठोर नहीं। वही तो हम लोगों ने कहा यहां जो कानून बना है वो इतना इफेक्टिव नहीं

160
00:11:03,680 --> 00:11:08,480
है। कानून की इफेक्टिवनेस को बढ़ाने के लिए हम सरकार से

161
00:11:08,480 --> 00:11:12,480
अपने आवेदन करते रहे। इसीलिए कि कानून की जो इफेक्टिवनेस

162
00:11:12,480 --> 00:11:16,640
है, सजा की जो ग्रेविटी है, वह बढ़ाई जाए। इसीलिए हम कोर्ट में गए और कोर्ट

163
00:11:16,640 --> 00:11:20,400
में यह कहा गया कि आप फिर जाइए। हम वहां गए तो उन्होंने कहा हम आपको

164
00:11:20,400 --> 00:11:24,640
अभी बता रहे हैं व्यक्तिगत रूप से बताएंगे तो हम अभी प्रतीक्षा कर रहे हैं। आगे

165
00:11:24,640 --> 00:11:28,640
हम क्या करेंगे वो तो समय बताएगा। जी। अच्छा इसमें कई बार

166
00:11:28,640 --> 00:11:32,720
ऐसा यहां हमारे देश में ऐसा ज्यादा होता है कि जैसे इसको अभिव्यक्ति की आजादी के

167
00:11:32,720 --> 00:11:36,800
नाम पे जो है इस तरह की चीजें की जाती हैं। तो क्या यह कानून

168
00:11:36,800 --> 00:11:40,880
भी हमारे इसके आड़े आता है जैसे इस तरह से बहुत ज्यादा कठोरता

169
00:11:40,880 --> 00:11:45,040
के साथ देखिए अभिव्यक्ति की अभिव्यक्ति

170
00:11:45,040 --> 00:11:49,440
की आजादी जी का ये अर्थ नहीं है कि आप हमारी

171
00:11:49,440 --> 00:11:53,440
आस्था को हमारे विश्वास को या

172
00:11:53,440 --> 00:11:57,680
हमको अपमानित करने की नियत से कोई ऐसी बात कहें और हर बात में कह दे अभिव्यक्ति

173
00:11:57,680 --> 00:12:02,080
की आ जाती है। हालांकि भारत में ऐसा हो रहा है। मकबूल फिजा हुसैन

174
00:12:02,080 --> 00:12:06,160
ने एक पेंटिंग बनाई मां दुर्गा की और कह दिया कि अभिव्यक्ति

175
00:12:06,160 --> 00:12:10,160
की आजादी है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के यहां कुछ भी होता रहे

176
00:12:10,160 --> 00:12:14,320
कह दिया जाता है अभिव्यक्ति की आजादी। लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी को तय

177
00:12:14,320 --> 00:12:18,400
करने का पैमाना हालांकि संविधान में है लेकिन उसको तय करेगा

178
00:12:18,400 --> 00:12:22,640
कौन? उसको इंप्लीमेंट करेगा कौन? उसको इंप्लीमेंट करने के लिए हमको फ़ोर्सफुल कानून

179
00:12:22,640 --> 00:12:27,040
की आवश्यकता है कि डेनिग्रेशन डिसऑनरिंग

180
00:12:27,040 --> 00:12:31,040
इंसल्ट कैसे रुके हमारे देवी देवताओं की हमारे

181
00:12:31,040 --> 00:12:35,040
धार्मिक ग्रंथों की कहीं स्वामी प्रसाद मौर्य आज आ रहा है वो फाड़े दे

182
00:12:35,040 --> 00:12:36,080
रहा है रामचरितमानस

183
00:12:36,080 --> 00:12:40,160
की प्रतियां बिना पढ़े बिना लिखे हम अह हम हम

184
00:12:40,160 --> 00:12:44,160
क्या सनातनी इसीलिए जन्मे हैं कि जो कोई आए वही

185
00:12:44,160 --> 00:12:48,160
प्रहार करके चला जाए जो कोई आए प्रहार करके चला जाए हम अपने धार्मिक ग्रंथों को

186
00:12:48,160 --> 00:12:52,400
हमने हम अपने देवी देवताओं को उनके मतलब

187
00:12:52,400 --> 00:12:56,560
हम देवी देवताओं को तो कोई अपमानित कर नहीं सकता लेकिन हमारे देवी

188
00:12:56,560 --> 00:13:01,040
देवताओं के ऊपर कटाक्ष करने का मतलब है हमें अपमानित करना हमारे धार्मिक ग्रंथों को जलाना

189
00:13:01,040 --> 00:13:03,280
फाड़ना

190
00:13:03,280 --> 00:13:07,360
चप्पल के नीचे लगाना देख रहे हैं चप्पलों पे गणपति की

191
00:13:07,360 --> 00:13:11,360
फोटो बन रही है तो इस कठोर कानून की आवश्यकता है गवर्नमेंट में हमने कहा

192
00:13:11,360 --> 00:13:15,760
है अब गवर्नमेंट क्या करती है उसका भी हम प्रतीक्षा करने के बाद

193
00:13:15,760 --> 00:13:19,840
बताते हैं क्या करेंगे तो इसमें आपको यह भी लगता है दीदी कि जैसे जैसे ये

194
00:13:19,840 --> 00:13:23,840
जो चीजें हो रही जैसे अमिश अमिश नाम के व्यक्ति ने राम सीता करके

195
00:13:23,840 --> 00:13:27,840
बुक लिख दी। रामपाल ने अपनी ज्ञान गंगा निकाल दी या फिर

196
00:13:27,840 --> 00:13:31,920
बहुत से ऐसे तंत्र हैं जो कहते हैं कि हम पांच 5000 साल का

197
00:13:31,920 --> 00:13:36,240
युग है और उस नाम पे अपने आप को भगवान घोषित करते हुए फिर तरह-तरह

198
00:13:36,240 --> 00:13:40,320
की बातें करते हैं। वही तो हम कह रहे हैं कि इसमें बुक्स एंड लिटरेचर का भी बड़ा

199
00:13:40,320 --> 00:13:44,320
हाथ है। बुक्स एंड लिटरेचर रामपाल वाली बात हो गई। यह जो अमिश नाम

200
00:13:44,320 --> 00:13:48,720
का व्यक्ति है इसकी जो किताब है इकराम एक

201
00:13:48,720 --> 00:13:51,200
वॉरियर ऑफ मिथिला सीता और एक

202
00:13:51,200 --> 00:13:55,280
रावण इसमें इसे ग्लोरिफाई क्या करना चाहता है और इस और बड़ी आश्चर्य

203
00:13:55,280 --> 00:13:59,280
की बात है कि भारत के प्रधानमंत्री जी ने इन पुस्तकों को

204
00:13:59,280 --> 00:14:03,280
देखे बिना इनका अध्ययन किए बिना इसका विमोचन कर दिया। जो वारियर

205
00:14:03,280 --> 00:14:07,280
और सीता है उसमें सीता जी का ऐसा प्रतिबिंब बनाया है जैसे कि

206
00:14:07,280 --> 00:14:11,520
कोई मतलब अब हम क्या कहें सीता जी को सीता जी नहीं बल्कि एक उड़ती हुई चुड़ैल

207
00:14:11,520 --> 00:14:15,520
का रूप दे दिया है। और भगवान श्री राम के लिए किन-किन

208
00:14:15,520 --> 00:14:19,760
शब्दों का प्रयोग किया और सब जगह लिख अमीष लिखता है कि यह

209
00:14:19,760 --> 00:14:23,760
इमेजिनरी नहीं है। यह सत्य है। यह सत्य है। लेकिन ये इसकी

210
00:14:23,760 --> 00:14:27,760
कोरी कल्पना है और यह भी मुझे लगता है कि बहुत गंदी मानसिकता का व्यक्ति

211
00:14:27,760 --> 00:14:31,760
है। क्योंकि इसने जैसे भरत जी को लिखा, जैसे इसने

212
00:14:31,760 --> 00:14:35,920
मां अह कैकई को लिखा, सीता जी के लिए लिखा और भगवान

213
00:14:35,920 --> 00:14:39,920
श्री राम के लिए जिन-जिन शब्दों का प्रयोग किया है, हम उनको रिपीट यहां नहीं करना चाह रहे हैं

214
00:14:39,920 --> 00:14:44,000
क्योंकि इसकी किताबें जिसने नहीं पढ़ी है, वह ना ही जाने तो अच्छा है। निश्चित ही हम उस पर भी

215
00:14:44,000 --> 00:14:48,160
कुछ करेंगे। तो, यह सब क्यों नहीं रुक रहा है? हमारे देश में लिखता है अमीष त्रिपाठी

216
00:14:48,160 --> 00:14:52,160
और त्रिपाठी की ऐसी हरकत कर रहा है। यह लज्जाजनक बात है। शेम ऑन

217
00:14:52,160 --> 00:14:56,480
दिस मैन अमीष त्रिपाठी। नहीं इस पर हम लोग एक अलग

218
00:14:56,480 --> 00:15:00,560
से एक इनेटिव वीडियो बना देंगे अमित त्रिपाठी की चीज को लेकर के इसने क्या

219
00:15:00,560 --> 00:15:04,560
किया है किताबें क्योंकि क्योंकि ये

220
00:15:04,560 --> 00:15:06,240
जो ये व्यक्ति

221
00:15:06,240 --> 00:15:10,240
है जो इसकी बुक को जो है ये देखो इसमें प्रधानमंत्री इसको जरा

222
00:15:10,240 --> 00:15:14,560
इसको जरा ज़ूम करो ये सीता जी का फोटो ज़ूम करो जरा

223
00:15:14,560 --> 00:15:19,040
मैं वहां लगा फोटो इसकी जी सीता जी का फोटो

224
00:15:19,040 --> 00:15:23,120
वारियर ऑफ़ मिथिला सीता जी ये ऐसे ये तो कोई उड़ती हुई चुड़ैल मालूम पड़ रही है जी

225
00:15:23,120 --> 00:15:27,120
जी जी और इस किताब के अंदर ये लिखता है कि नॉन फिक्शन नॉन फिक्शन

226
00:15:27,120 --> 00:15:31,200
हां यानी कि सत्य है तो ये सत्य अगर इसका इसमें

227
00:15:31,200 --> 00:15:35,200
इसने कहीं भी आधार नहीं दिया जो इसने उल्टी सीधी बकवास की है उसका इसने कहीं

228
00:15:35,200 --> 00:15:39,200
कोई आधार नहीं दिया है लिखता है तो देगा ना आधार होगा तब देगा ना मेरे

229
00:15:39,200 --> 00:15:44,000
पास तो 25 रामायणों का सार रखा हुआ है 25 रामायण रखी हुई है

230
00:15:44,000 --> 00:15:48,080
लेकिन बात ये है इसको डर क्यों नहीं लगा इसको डर क्यों नहीं लगा क्योंकि

231
00:15:48,080 --> 00:15:52,560
ये प्रधानमंत्री जी से इसने इसका औपचारिक इनोग्रेशन

232
00:15:52,560 --> 00:15:56,560
कराया यह बहुत लज्जा की बात है। लज्जापूर्ण बात है।

233
00:15:56,560 --> 00:16:01,360
और दूसरी बात क्या है ना आज और प्रधानमंत्री ने इसको प्रमुख

234
00:16:01,360 --> 00:16:05,680
द्वारा प्रधानमंत्री जी ने इसको ये पुस्तकों को देखा ही नहीं तो हमारा

235
00:16:05,680 --> 00:16:09,680
इस चैनल के माध्यम से प्रधानमंत्री जी से एक निवेदन है कि किनहीं पुस्तकों

236
00:16:09,680 --> 00:16:14,000
का विमोचन करें तो उनको ठीक से अपनी नजर से देख लें कि इन पुस्तकों

237
00:16:14,000 --> 00:16:18,320
के अंदर क्या लिखा हुआ है। क्योंकि इस पुस्तक को आज नहीं आज से 100 साल के बाद

238
00:16:18,320 --> 00:16:21,840
जो ये जो जेंजी जनरेशन है वो पढ़ेगी तो सोचेगी कि

239
00:16:21,840 --> 00:16:26,000
प्रधानमंत्री द्वारा विमोचित है तो सही प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसित

240
00:16:26,000 --> 00:16:30,320
है तो सही है तो भगवान राम हमारे वैसे भी प्रधानमंत्री जी को आजकल

241
00:16:30,320 --> 00:16:34,560
हमारी जो जनता है वो धार्मिक उसके निर्णायक रूप में देख ही रही है नहीं

242
00:16:34,560 --> 00:16:38,720
लेकिन प्रधानमंत्री जी को हमारी जनता धार्मिक निर्णायक के रूप में देख रही

243
00:16:38,720 --> 00:16:42,720
है लेकिन इस पर भी हमारा यह कहना है कि प्रधानमंत्री जी भारत के प्रधानमंत्री हैं

244
00:16:42,720 --> 00:16:47,120
श्रद्धेय हैं यशस्वी हैं परंतु तो धार्मिक निर्णायक के रूप में प्रधानमंत्री

245
00:16:47,120 --> 00:16:51,120
जी नहीं है। धार्मिक निर्णायक के रूप में हमारे चारों पीठों के शंकराचार्य,

246
00:16:51,120 --> 00:16:55,280
रामानंदाचार्य, रामानुजाचार्य हमारे जितने धर्माचार्य हैं वो

247
00:16:55,280 --> 00:16:59,440
धार्मिक निर्णायक हैं। जो भी प्रमाणिक परंपराएं प्रमाणिक परंपराओं के प्रधानमंत्री

248
00:16:59,440 --> 00:17:03,680
जी श्रद्धेय हैं, यशस्वी हैं। प्रधानमंत्री जी प्रधानमंत्री जी हैं।

249
00:17:03,680 --> 00:17:07,760
तो जो जनता है उसको भी अंतर समझना

250
00:17:07,760 --> 00:17:12,400
चाहिए कि राजनीतिज्ञों में और धार्मिक ah ah धर्माचार्यों

251
00:17:12,400 --> 00:17:16,560
में क्योंकि राजनीति जो है यह लोग की है। धर्माचार्य तो हमारे

252
00:17:16,560 --> 00:17:20,560
जो मूल है जीवन का अर्थ धर्म काम

253
00:17:20,560 --> 00:17:24,560
मोक्ष तो मोक्ष की ओर ले जाने का कार्य तो हमारे धर्माचार्यों का है।

254
00:17:24,560 --> 00:17:28,560
प्रधानमंत्री जी का थोड़ी है। फिर भी मतलब इसको एक व्यक्तिगत

255
00:17:28,560 --> 00:17:32,640
भूल भी की दृष्टि से देखा जा सकता था। परंतु उनका पद ऐसा है ना

256
00:17:32,640 --> 00:17:36,800
कि वहां से होने वाली छोटी सी गलती बहुत ज्यादा लोगों को प्रभावित कर जाती है।

257
00:17:36,800 --> 00:17:37,300
तो

258
00:17:37,040 --> 00:17:41,200
इसलिए इस इस बात पे प्रकाश डालना बहुत जरूरी है कि उन्हें जो है किसी बुक

259
00:17:41,200 --> 00:17:45,360
को इस तरह से प्रमोट करने से पहले उसको अच्छे से जांच लेना चाहिए

260
00:17:45,360 --> 00:17:49,440
और उनके पास जो है ये बुक जो है इस तरह से आ रही है। भाई प्रधानमंत्री जी भगवान

261
00:17:49,440 --> 00:17:53,440
श्री राम के मंदिर में गए। प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव में रहे और

262
00:17:53,440 --> 00:17:57,760
ध्वज प्रतिष्ठा में भी रहे। तो ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री

263
00:17:57,760 --> 00:18:01,920
जी हमारे पूरी तरीके से राममय हैं। लेकिन इस

264
00:18:01,920 --> 00:18:06,000
पुस्तक के अंदर प्रधानमंत्री जी के जो अगल-बगल

265
00:18:06,000 --> 00:18:10,160
लोग बैठे होते हैं। प्रधानमंत्री जी के पास इतना टाइम नहीं है कि जो ये छोटे-छोटे

266
00:18:10,160 --> 00:18:14,160
लोगों की पुस्तकों को पढ़ें। प्रधानमंत्री जी के जो अगल-बगल रहते हैं

267
00:18:14,160 --> 00:18:18,320
उनकी उनका यह दायित्व था कि इस पुस्तक को पढ़ के बताते कि इसमें किस

268
00:18:18,320 --> 00:18:22,320
प्रकार के चित्र हैं। इसमें क्या लिखा गया हुआ है। ये कोरी

269
00:18:22,320 --> 00:18:26,320
कल्पनाएं अमेश ने अपनी कल्पनाओं को कह दिया नॉन फिक्शन और नॉनफिक्शन

270
00:18:26,320 --> 00:18:30,400
के बाद इन्होंने जिन-जिन शब्दों का प्रयोग किया है वो जो जैसे लगता

271
00:18:30,400 --> 00:18:34,480
है कि यह पता नहीं कहां की इसने अपनी पटकथा की रचना करी

272
00:18:34,480 --> 00:18:38,560
हुई है। यह इस समय दीदी के द्वारा जो उठाया गया हम हिंदुओं की ओर से

273
00:18:38,560 --> 00:18:42,560
एक कदम है जिसमें कि यह लड़ रही हैं। हमारे जो

274
00:18:42,560 --> 00:18:46,720
मौलिक अधिकार हैं जो हमारे अस्तित्व और आदर्श

275
00:18:46,720 --> 00:18:51,280
की लड़ाई है वो ये लड़ रही हैं। तो कुछ लोग हैं जो अक्सर कहते हैं कि

276
00:18:51,280 --> 00:18:52,080
शंकराचार्यों

277
00:18:52,080 --> 00:18:56,320
ने किया क्या या फिर इन पर भी व्यक्तिगत ऐसे आरोप लग रहे हैं कि भाई आप अपनी

278
00:18:56,320 --> 00:19:00,400
व्यष्टि की लड़ाई लड़ते हैं। तो ये आप देख सकते हैं यहां पर किस तरीके

279
00:19:00,400 --> 00:19:04,400
से पूरे हिंदू धर्म की ओर से एक हमारी अगर यहां पर इस मामले में खड़ी

280
00:19:04,400 --> 00:19:08,480
हुई है। ये हमारे लिए गर्व की बात है कि ये शंकराचार्य परंपरा से दीक्षित है और

281
00:19:08,480 --> 00:19:12,480
ये उन ऐसे लोगों के मुंह पर करारा जवाब है। वैसे तो शंकराचार्यों ने

282
00:19:12,480 --> 00:19:16,560
स्वयं से बहुत सी ऐसी चीजें की हैं जो कि कभी हम लोग उसकी

283
00:19:16,560 --> 00:19:21,040
तुलना कर ही नहीं सकते। परंतु फिर भी अगर बहुत ग्राउंड

284
00:19:21,040 --> 00:19:25,120
लेवल पर आप देखेंगे तो शंकराचार्य के बहुत सारे ऐसे शिष्य खड़े किए

285
00:19:25,120 --> 00:19:29,120
हुए हैं जो समर्पित होकर के अपना पूरा जीवन धर्म को दे रहे हैं। तो

286
00:19:29,120 --> 00:19:33,120
ये सारी चीजें हमें अह ऐसे जो योद्धा हैं जो धर्म की

287
00:19:33,120 --> 00:19:37,280
लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारे हिंदुओं की तरफ से खड़े हो रहे हैं। ये अनसंग वॉरियर्स

288
00:19:37,280 --> 00:19:41,360
हैं जिनके बारे में हमें पता ही नहीं है कि भाई हमारे लिए ऐसी लड़ाईयां भी

289
00:19:41,360 --> 00:19:45,440
लड़ी जा रही हैं। हमें अचानक से Facebook पे दिखता है। कोई जो है मनुस्मृति जला

290
00:19:45,440 --> 00:19:49,440
रहा है या किसी ने जो है श्री राम जी के लिए एक भद्दा सा वीडियो बनाया और हमारा

291
00:19:49,440 --> 00:19:53,680
खून खोल उठता है कि हम क्या करें इसको कैसे रोके तो

292
00:19:53,680 --> 00:19:57,680
आपकी ये लड़ाई हम हिंदुओं की लड़ाई ऐसे जो अनसुने योद्धा हैं

293
00:19:57,680 --> 00:20:01,760
जिनके बारे में हमें पता नहीं है वो लोग लड़ रहे हैं तो हमें कम से कम हम कुछ नहीं कर

294
00:20:01,760 --> 00:20:05,920
सकते हम अपना समर्थन उनको नहीं भेज सकते उनके साथ खड़े नहीं हो सकते परंतु जो

295
00:20:05,920 --> 00:20:07,280
ईश्वर के भजन का बल होता

296
00:20:07,280 --> 00:20:11,280
है उसमें तो हम प्रार्थना कर ही सकते हैं कि ऐसे योद्धाओं को ईश्वर शक्ति

297
00:20:11,280 --> 00:20:15,440
दे उनके साथ खड़े हो यद्यपि उनको को आशीर्वाद प्राप्त है गुरु गोविंद

298
00:20:15,440 --> 00:20:19,760
ग्रंथ का। एक चीज बता दें तुमने अनसुने नहीं कहना चाहिए था। हम अनसुने

299
00:20:19,760 --> 00:20:23,840
नहीं हम बहुत सुने हुए हैं क्योंकि 20 वर्ष तो हो गए अपने गुरुदेव

300
00:20:23,840 --> 00:20:27,840
की कृपा से राम जन्मभूमि का केस करते-करते। फिर श्री कृष्ण

301
00:20:27,840 --> 00:20:31,920
जन्मभूमि में आ गए। फिर काशी विश्वनाथ में आ गए। फिर धार

302
00:20:31,920 --> 00:20:36,000
में आ गए और फिर जितने रिलीजियस मैटर्स थे जितने

303
00:20:36,000 --> 00:20:40,000
धार्मिक मुकदमात थे उनमें ईश्वर की कृपा से

304
00:20:40,000 --> 00:20:44,080
कहीं ना कहीं हमें अपना कार्य आप सही दीदी मगर फिर भी

305
00:20:44,080 --> 00:20:48,080
जिस तरह का प्रकाश आपके ऊपर होना चाहिए ना वो कहीं

306
00:20:48,080 --> 00:20:52,240
ना कहीं मीडिया द्वारा और जो वो बात इत्यादियों के द्वारा नहीं

307
00:20:52,240 --> 00:20:56,480
दिया बहुत अभी आपको मैं एक बात बताऊं लल्लन

308
00:20:56,480 --> 00:21:00,560
टॉप पर एक वो हुई डिबेट नास्तिक के बीच

309
00:21:00,560 --> 00:21:04,560
और एक व्यक्ति आया इस्लाम की ओर से। इस्लाम का

310
00:21:04,560 --> 00:21:09,280
अपने ईश्वर को लेकर के बहुत सारे सवाल हैं कि इस्लाम का जो ईश्वर है वो सर्व्यापक

311
00:21:09,280 --> 00:21:13,600
ईश्वर नहीं है। ओमनीपोटेंट नहीं है। ओमनी प्रेजेंट नहीं है। मगर वहां पर नास्तिक

312
00:21:13,600 --> 00:21:17,760
के विरोध में उसको खड़ा किया गया। वो एक दूसरा जाकिर नायक लल्लन टॉप की

313
00:21:17,760 --> 00:21:22,000
ओर से दुनिया को दे दिया गया। ठीक है? मगर वहां पर किसी परंपरा

314
00:21:22,000 --> 00:21:22,500
प्राप्त

315
00:21:22,400 --> 00:21:26,480
सनातनी को क्यों नहीं बुलाया गया? क्यों नहीं लल्लन टॉप किसी सनातनी को बुलाया?

316
00:21:26,480 --> 00:21:30,720
बहुत बड़ा षड्यंत्र है। किसी परंपरागत व्यक्ति को अगर बुलाएंगे

317
00:21:30,720 --> 00:21:35,200
तो वह षड्यंत्र कैसे उनका काम मैं आपको बताऊं एबीपी एबीपी न्यूज़ पे एक प्रोग्राम

318
00:21:35,200 --> 00:21:39,200
चल चला मेरा अभी चल रहा है कि नहीं चल रहा वो धर्मा लाइव करके एक प्रोग्राम चल

319
00:21:39,200 --> 00:21:43,440
रहा है। उसमें क्या होगा? मूर्ति पूजा का विरोध करने वाले आएंगे वहां

320
00:21:43,440 --> 00:21:47,440
पर मैं नाम नहीं लूंगा। मूर्ति पूजा का विरोध करने आएंगे। करवा करने

321
00:21:47,440 --> 00:21:51,520
वाले आएंगे और मूर्ति पूजा की रक्षा करने कौन आएगा? जो खुद विदेशों

322
00:21:51,520 --> 00:21:55,600
से फंडेड चीजें चल रही हैं षड्यंत्र पूर्वक उनकी ओर से एक

323
00:21:55,600 --> 00:21:59,680
व्यक्ति आएगा जो मूर्ति पूजा का पक्ष भी नहीं रख पा रहा है। वही कह रहे हैं

324
00:21:59,680 --> 00:22:03,680
हमारी तो वहां पर हार दिख रही है और जो जो व्यक्ति सशक्त है उनको

325
00:22:03,680 --> 00:22:07,760
लाया नहीं जा रहा पर्दे में वही हम कह रहे हैं कि इतना बड़ा षड्यंत्र जो चल रहा है सनातन धर्म

326
00:22:07,760 --> 00:22:12,080
के ऊपर अब इस षड्यंत्र के पर्दे हम ही लोगों को तोड़ने हैं हम ये सोचें

327
00:22:12,080 --> 00:22:16,160
कि कोई और इनको तोड़ेगा तो उस उसको हम भूल जाए इनके लिए हम ही को खड़े

328
00:22:16,160 --> 00:22:20,160
होना चाहे आप अकेले खड़े हो चाहे आपके साथ कारवा हो अकेले भी

329
00:22:20,160 --> 00:22:24,240
चलेंगे तो भी और कम से कम ये जो बातें अदालत में जाती

330
00:22:24,240 --> 00:22:28,240
है ना अदालत से हमें जो भी कुछ मिलता है ये कोर्ट ऑफ ऑफ़

331
00:22:28,240 --> 00:22:32,240
रिकॉर्ड बनता है। आज नहीं तो कल यह देखा जाएगा कि कोई

332
00:22:32,240 --> 00:22:36,320
पिटीशन फाइल हुई थी और जिसमें डेग्रेशन के अगेंस्ट कहा गया था।

333
00:22:36,320 --> 00:22:37,440
कोई पिटीशन फाइल

334
00:22:37,440 --> 00:22:41,600
हुई थी जिसमें अमीश की किताब को चैलेंज किया गया था। तो ये सारी चीजें कोर्ट

335
00:22:41,600 --> 00:22:45,680
का रिकॉर्ड बन आपको यह कहने को ना मिले कि भाई तुम सीधे लड़ने क्यों आ गए ये करने क्यों आ गए

336
00:22:45,680 --> 00:22:49,840
भैया आपने कल कल को अमीष की किताब को कोई यह कहने के पहले अगर कोई कहता है अमीष

337
00:22:49,840 --> 00:22:54,000
की किताब बहुत अच्छी है तो कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो कहे नहीं नहीं अमीष

338
00:22:54,000 --> 00:22:59,360
की किताब को तो कोर्ट के अंदर रखा गया था और अमीष की किताब के जो

339
00:22:59,360 --> 00:23:03,520
चैलेंज किया चैलेंजेस थे जो षड्यंत्र थे वो कोर्ट के सामने प्लेस करे

340
00:23:03,520 --> 00:23:07,520
गए थे है ना वो क्वेश्चन ऑफ डिस्प्यूट है कि एकदम से अनडिस्प्यूटेड

341
00:23:07,520 --> 00:23:11,760
इस किताब को मान लिया जाए ऐसा भी नहीं है आज जो ये कुछ

342
00:23:11,760 --> 00:23:15,920
चीजें हैं इसी का एक जो दृश्य हमें दिखाई दिया कि अनिल मिश्रा

343
00:23:15,920 --> 00:23:20,720
जी उसमें एक युद्ध के इस अंश में आए और जो है

344
00:23:20,720 --> 00:23:24,880
अभी वैसे सुनने में आया कि उनको जो है राहत मिल गई है कोर्ट की ओर से हम तो क्या

345
00:23:24,880 --> 00:23:28,960
आपको लगता है कि मतलब इससे जो हम लोग जो लड़ाई लड़ रहे हैं उसी का एक भाग है जिसमें

346
00:23:28,960 --> 00:23:33,040
कि कहीं ना कहीं वो भी इस तरह से एक सामान्य आदमी फंस जाता है। वो षड्यंत्र के शिकार

347
00:23:33,040 --> 00:23:37,440
हुए। एट्रोसिटीज एक्ट बना कि जो एससी एसटी हैं उनके

348
00:23:37,440 --> 00:23:41,680
विरुद्ध अगर कोई वास्तव में प्रताड़ित कर रहा है तो उनको सुरक्षा प्रदान

349
00:23:41,680 --> 00:23:45,840
की जाए। लेकिन अब इस एट्रोसिटी एक्ट का इतना दुरुपयोग होने

350
00:23:45,840 --> 00:23:49,920
लगा अनिल मिश्रा की जो एफआईआर है हो गई एससी एसटी में।

351
00:23:49,920 --> 00:23:52,800
लेकिन अनिल मिश्रा ने कहां पर किस एससी

352
00:23:52,800 --> 00:23:56,880
एसटी को अह जातिचक शब्द कह करके पब्लिक

353
00:23:56,880 --> 00:24:01,280
में गाली दी। एक्ट साफ कहता है कि अगर कोई व्यक्ति

354
00:24:01,280 --> 00:24:05,520
किसी भी दलित को जातिचक शब्द कह करके जनता में सरेआम

355
00:24:05,520 --> 00:24:09,760
गाली देता है कमरे में नहीं अगर कमरे में किसी ने कह दिया

356
00:24:09,760 --> 00:24:13,840
तो वो नहीं माना जाएगा अगर जनता में कहता है तो अट्रोसिटीज एक्ट

357
00:24:13,840 --> 00:24:18,400
लगेगा हम अनिल मिश्रा ने तो खाली कहा कि बाबा सपाल मुर्दाबाद

358
00:24:18,400 --> 00:24:22,560
इसमें दलित शब्द कहां आ गया इसमें ना चमार कहा गया ना पासी कहा

359
00:24:22,560 --> 00:24:28,240
गया नाभंगी कहा गया कोई शब्द का प्रयोग नहीं बाबा सपाल कहना

360
00:24:28,240 --> 00:24:32,400
ये अट्रोसिटीज एक्ट के अंतर्गत आता है। इसीलिए तो बेल हुई। अब अनिल मिश्रा

361
00:24:32,400 --> 00:24:36,480
षड्यंत्र के तहत फसाए गए। और अब देखो कितना दुर्भाग्य है

362
00:24:36,480 --> 00:24:40,640
हम लोगों का कि अगर कोई ब्राह्मण समाज का व्यक्ति अपनी सच्चाई सामने

363
00:24:40,640 --> 00:24:44,720
रखता है तो अट्रोसिटीज एक्ट लगा दिया। मतलब यह जो चीज़ उसकी आवाज

364
00:24:44,720 --> 00:24:48,960
ही दबा दी जा रही है। मतलब ये जो चीजें हो रही है कि अपमान करना और फिर कोई प्रतिकार

365
00:24:48,960 --> 00:24:53,040
करे तो इस तरह से दबाया। और यही लोग जो जो एट्रोसिटीज एक्ट

366
00:24:53,040 --> 00:24:57,120
लगाते हैं यही लोग मनुस्मृति जला रहे हैं। उसमें चाहे स्वामी प्रसाद मौर्या हो चाहे

367
00:24:57,120 --> 00:25:01,280
एक वो महिला है दलित महिला जो सिगरेट जला करके मनुस्मृति जला रही

368
00:25:01,280 --> 00:25:05,360
थी। एक कोई और चुड़ैल टाइप की है जो कथा के समय दुर्गा जी को क्या-क्या

369
00:25:05,360 --> 00:25:08,160
उसने कहा था। है ना? वह सब यही इसी बिरादरी

370
00:25:08,160 --> 00:25:12,320
के लोग हैं। जी जी जी तो कहीं ना कहीं

371
00:25:12,320 --> 00:25:16,320
जब सही से कानून नहीं बनाया जाएगा तो इस तरह से फिर वो

372
00:25:16,320 --> 00:25:20,320
फोर्सफुल कानून नहीं बनाया जाएगा। फोर्सफुल कानून जैसे अट्रोसिटीज एक्ट बना है

373
00:25:20,320 --> 00:25:24,640
दलित दलितों के प्रोटेक्शन के लिए बना है वैसे ही कानून हमारे देवी देवताओं के

374
00:25:24,640 --> 00:25:28,640
हमारे धार्मिक ग्रंथों के प्रोटेक्शन के लिए बनता है तो किसी की हिम्मत नहीं पड़ती। यह

375
00:25:28,640 --> 00:25:32,800
जितने भी दलित समाज के लोग आते हैं वही लोग ये हरकत कर रहे हैं। क्या किसी

376
00:25:32,800 --> 00:25:36,800
ब्राह्मण को देखा है? क्या कि मनुस्मृति जलाते हुए तो

377
00:25:36,800 --> 00:25:41,040
मुझे इस मामले में एक पूरी शंकराचार्य जी का एक वक्तव्य याद आता है गुरुदेव का

378
00:25:41,040 --> 00:25:45,360
कि वो कहते हैं कि हिंदुओं की सहिष्णुता

379
00:25:45,360 --> 00:25:49,520
को हिंदुओं की उदारता को उनकी कायरता समझ समझना

380
00:25:49,520 --> 00:25:53,600
भूल है। है ना? तो अगर अगर आप ऐसा

381
00:25:53,600 --> 00:25:57,600
करेंगे कि उनकी उदारता को उनकी कायरता समझेंगे तो कहीं ना कहीं कोई ना कोई

382
00:25:57,600 --> 00:26:01,760
एक विप्लवकारी तत्व ऐसा सामने आ ही जाएगा। तो इससे पहले कि

383
00:26:01,760 --> 00:26:06,080
कोई विप्लवकारी तत्व या वातावरण उत्पन्न हो उससे पहले हमें ऐसा कानून

384
00:26:06,080 --> 00:26:10,160
लाना चाहिए जिससे कि इस तरह की क्योंकि कब तक जो है षट सन विनय

385
00:26:10,160 --> 00:26:14,160
कुटिल सन प्रीति करते रहेंगे ये तो शट हैं लोग

386
00:26:14,160 --> 00:26:18,240
इनसे कब तक हम कहते रहेंगे कि तुम हमारी देवी देवताओं का अपमान मत करो। इसमें

387
00:26:18,240 --> 00:26:22,480
सरकार को फोर्सफुल और जल्दी से जल्दी फोर्सफुल

388
00:26:22,480 --> 00:26:23,200
एक्शन लेना चाहिए।

389
00:26:23,200 --> 00:26:27,200
फोर्सफुल कानून बनाना चाहिए। जिस तरीके से इन्होंने पत्र लिखा है सरकार

390
00:26:27,200 --> 00:26:31,520
ने उसी तरीके से पत्र को इंप्लीमेंट करके चाहे तो कमेटी बना दें

391
00:26:31,520 --> 00:26:35,760
और चाहे तो पार्लियामेंट में कानून लाने की कोशिश करें जिससे

392
00:26:35,760 --> 00:26:41,120
भय तो हो और हमारी जो ये पिटीशन है इस पिटीशन के

393
00:26:41,120 --> 00:26:45,120
पिटिशनर जो हैं वादी श्री जी राय साहब भी बैठे हुए

394
00:26:45,120 --> 00:26:49,360
हैं। इनसे भी पूछा जाए ये भी आहत होते हैं। ऐसा थोड़ी है कि आहत नहीं होती। अभी बांग्लादेश में

395
00:26:49,360 --> 00:26:53,440
जो भी घटनाएं हो रही हैं कल हमारी इनकी चर्चा हुई। इन्होंने अपनी अथा

396
00:26:53,440 --> 00:26:57,440
पीड़ा व्यक्त की। इन्होंने कहा कि कैसे इस तरीके से किया जाता है। एक

397
00:26:57,440 --> 00:27:02,560
व्यक्ति एक इंसान दूसरे इंसान को कैसे जला देता है? हमने कहा एक इंसान नहीं

398
00:27:02,560 --> 00:27:06,800
एक मुसलमान एक हिंदू को जला रहा है। इनकी बड़ी पीड़ा थी

399
00:27:06,800 --> 00:27:10,960
और इन्होंने इस पिटीशन में मेरा बड़ा सहयोग किया है।

400
00:27:10,960 --> 00:27:14,960
इनका भी हम हृदय से धन्यवाद करते हैं। प्रस्तुत याचिका थी। उसमें

401
00:27:14,960 --> 00:27:19,040
मैं वादी हूं। जी और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर

402
00:27:19,040 --> 00:27:23,120
से यह याचिका की गई थी कि

403
00:27:23,120 --> 00:27:27,200
सनातन धर्म से संबंधित कोई भी सामग्री

404
00:27:27,200 --> 00:27:31,360
जो अ विवादीय है उसके

405
00:27:31,360 --> 00:27:35,760
लिए कठोर कानून लाए जाए। इसकी सिफारिश हमने

406
00:27:35,760 --> 00:27:38,720
इसमें की थी और कोर्ट ने बहुत हद तक हमें कंसीडर

407
00:27:38,720 --> 00:27:43,520
भी किया है और उन्होंने हमें यह कहा कि इसका आप अलग-अलग

408
00:27:43,520 --> 00:27:47,600
मंत्रालय को अपने रिप्रेजेंटेशन भेजें। उनको हमने

409
00:27:47,600 --> 00:27:51,840
रिप्रेजेंटेशन भेजा और उसकी तरफ से बड़े सकारात्मक

410
00:27:51,840 --> 00:27:56,560
तथ्य आए हैं और वह इस पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हमें

411
00:27:56,560 --> 00:28:01,200
आशा ही नहीं वरन पूरी उम्मीद है और

412
00:28:01,200 --> 00:28:05,680
कि यह वर्तमान सरकार हिंदुओं

413
00:28:05,680 --> 00:28:10,400
और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव

414
00:28:10,400 --> 00:28:15,440
तत्पर है और तत्पर होने के साथ-साथ प्रभावशाली जिसको

415
00:28:15,440 --> 00:28:19,680
कि जो जो दंड ऐसा हो कि जो इनकी अपमान

416
00:28:19,680 --> 00:28:24,000
करने में लोग एक बार सोें जी ऐसा जरूर कदम उठाएगी

417
00:28:24,000 --> 00:28:28,560
हमें ऐसा पूर्ण विश्वास है। तो ये पूरी जानकारी थी। हमने

418
00:28:28,560 --> 00:28:32,640
हमारी अग्रिजा जी से बात की जिन्होंने हम हिंदुओं की ओर से ये बड़ा कदम उठाया

419
00:28:32,640 --> 00:28:36,640
है और हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी ओर से लड़ रही हैं और हमें

420
00:28:36,640 --> 00:28:41,040
इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और कुछ नहीं कर सकते तो अपनी प्रार्थनाओं

421
00:28:41,040 --> 00:28:45,360
में ईश्वर से इनके लिए हमें अवश्य प्रार्थना करनी चाहिए हम सब हिंदुओं

422
00:28:45,360 --> 00:28:49,680
को और हमने बात की जो अन्य जो इसमें पिटिशनर्स

423
00:28:49,680 --> 00:28:53,680
हैं उनसे भी बात की जो हमारे मान्य अधिवक्ता गण हैं तो ये

424
00:28:53,680 --> 00:28:54,180
सारी

425
00:28:53,920 --> 00:28:58,000
जानकारी थी इसमें आप अंत में बस मैं यही कहूंगा ूंगा

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कि अपने अस्तित्व और आदर्श की रक्षा के लिए हम सभी हिंदुओं

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को एकत्र होना चाहिए और एकत्र हो के ऐसा नहीं है कि बर्छी भाला लेकर

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के जो है आप अपने घर से निकल कर के और भाला नहीं लेना है मैं इनके ऑफिस

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आ जाओ सबसे पहला शुरुआत आप करिए अपनी प्रार्थना जो है ना

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समष्टि के हित से करिए अपने लिए तो करिए अपना कल्याण मांगिए ईश्वर से

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अपनी प्रार्थना जब आप समष्टि के हित से करेंगे ना तो उन प्रार्थनाओं का जो

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असर होगा वो यहां तक इनके पास आएगा इनको बल प्राप्त होगा और और फिर

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आगे जो व्यवहारिक जो चीजें हो सकती है वो तो होंगी ही आगे

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की चीजें। तो ये सारा था। हमने तो कभी हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के

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लोगों को हिंदू साम्राज्य परिषद के लोगों को ये नहीं कहा कि बरछी भाला लेके सड़क पे आ जाओ।

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हमने ये कहा कानून की किताबें निकालो और कानून से वो मोती चुनो

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जो कलम की ताकत है ना वो वर्ष भाला में ताकत नहीं है। वो मोती चुनो

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जिसे आज नहीं 2 साल बाद दो दो नहीं तो 3 साल के बाद वो

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हमारे काम आए। बिल्कुल बिल्कुल और काम आया भी और काम आया। हमारी अग्रजा जो

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है राम मंदिर के जो लड़ाई थी उससे जुड़ी हुई है और आप आज देख रहे हैं कि

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राम मंदिर का जो निर्णय हमारे पक्ष में आया हमें वहां पर चीजें मिली तो ये सारा था

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आपको जानकारियां हमारी मां नगजा

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जी को बहुत सारा साधुवाद हम हिंदुओं की ओर से लड़ाई लड़ने के लिए और

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तुमको भी बहुत-बहुत आभार और बहुत-बहुत आशीर्वाद आपका

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ही आपकी ही प्रेरणा है आपसे ही मिलने वाला जो अभी

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तो अभी तो दूसरी तैयारी और भी चल रही है ना वो अभी इस पे डिस्क्लोज नहीं करेंगे वो तैयारी भी

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आ जाए। बिल्कुल बिल्कुल तो बहुत सारा साधुवाद दे दीजिए आपको। प्रणाम

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जय श्री राम। जय श्री राम।
