1
00:00:03,280 --> 00:00:07,440
बताइए क्या समस्या हो गई वीडियो से? समस्या तो कुछ नहीं। वैसे

2
00:00:07,440 --> 00:00:11,680
ही बोल रहा था मैं कि जी कई लोगों के फोन

3
00:00:11,680 --> 00:00:15,680
आ रहे थे ना मुझे कि घर से ही फोन आया।

4
00:00:15,680 --> 00:00:19,840
भाई का कई लोग का आ रहे थे। क्यों बोलते हो तुम?

5
00:00:19,840 --> 00:00:23,520
भाई का क्या आया था फोन?

6
00:00:23,520 --> 00:00:27,760
नहीं बोलना चाहिए था। इंटरव्यू नहीं देना चाहिए था। तो

7
00:00:27,760 --> 00:00:31,760
भाई ने ही तो कहा था ना कि आप मेरे साथ चर्चा करें।

8
00:00:31,760 --> 00:00:35,840
हां बट वीडियो बनाने के लिए मना कर दिया ना उसने। कई लोग मुझे प्रेशर डाल रहे

9
00:00:35,840 --> 00:00:40,080
हैं मेरे ऊपर। क्या कह रहे हैं? कि क्यों

10
00:00:40,080 --> 00:00:44,160
बोलते हो आप मत बोला करो आप। सच ही पे बोला है। उसमें

11
00:00:44,160 --> 00:00:48,320
सच से किसी को कैसी आपत्ति भाई? नहीं उससे आपत्ति है। मेरे

12
00:00:48,320 --> 00:00:52,400
बोलने से आपत्ति आप क्यों बोलते हो? हां वही

13
00:00:52,400 --> 00:00:56,480
तो आपने सच बोला है ना उसमें। नहीं उसमें

14
00:00:56,480 --> 00:01:00,480
क्या बोला उससे मतलब नहीं उनको वो बोलते कि आप मत बोला करो आप क्यों

15
00:01:00,480 --> 00:01:04,560
देते हो इंटरव्यू वही तो बात है मैं आपसे कह तो रहा हूं सच्चाई को दबाया जाता है

16
00:01:04,560 --> 00:01:08,560
ना फिर आप उसका साथ देते हो ऐसी संस्था का तो वही मैं कह

17
00:01:08,560 --> 00:01:12,640
रहा हूं कि जब इसीलिए मैं कह रहा हूं कि वीडियो

18
00:01:12,640 --> 00:01:16,720
आप अगर हटा दो तो मुझ पर बड़ी कृपा होगी आपकी कितना प्रेशर

19
00:01:16,720 --> 00:01:18,480
आ रहा है बहुत बड़ा

20
00:01:18,480 --> 00:01:22,480
प्रेशर है अरे प्रेशर तो नहीं निवेदन कर रहे

21
00:01:22,480 --> 00:01:26,640
है मतलब मुझसे प्रेशर तो क्या है कौन क्या बोलता मिलता है बट मैं भी नहीं

22
00:01:26,640 --> 00:01:30,800
चाहता हूं कि यह सब चीजें मैं कभी

23
00:01:30,800 --> 00:01:35,040
भी मेरा स्वभाव नहीं रहा कि विवाद में फंसना तर्क में तर्क करना

24
00:01:35,040 --> 00:01:39,120
वो तो आपके संग में ऐसी चर्चा हो गई तो

25
00:01:39,120 --> 00:01:43,760
मेरा अभी वो है मतलब कि मैं नहीं चाहता कि मैं कुछ

26
00:01:43,760 --> 00:01:47,760
वो करूं ये सब चीजें फ्यूचर में कभी तो मत

27
00:01:47,760 --> 00:01:51,920
बदलना नहीं चाहिए क्योंकि आपने तो मेरा मत मेरा मत कभी नहीं

28
00:01:51,920 --> 00:01:56,080
बदलेगा मैं हमेशा आपके साथ रहेगा संबंध आपसे

29
00:01:56,080 --> 00:02:00,400
मिलनाजुलना वो बात की बात नहीं कह रहा हूं मतलब किसी बात

30
00:02:00,400 --> 00:02:04,400
को निर्गत करने करना और बाद में यह सोचना कि

31
00:02:04,400 --> 00:02:09,280
नहीं निर्गत होनी चाहिए ये इस मत को बदलने की बात मैं कह रहा हूं

32
00:02:09,280 --> 00:02:13,520
नहीं आप ठीक कह रहे हो लेकिन कुछ ऐसे रीजन है कि

33
00:02:13,520 --> 00:02:17,600
जिसके कारण मुझे तो मैं बोलना पड़ता है नहीं वो रीजन है वो

34
00:02:17,600 --> 00:02:21,920
ठीक है मैं ये कह रहा हूं पर पर्सनली व्यक्तिगत रूप से आपका

35
00:02:21,920 --> 00:02:25,920
मत नहीं बदलना चाहिए क्योंकि आपने तो बहुत मेरा मत नहीं बदला है।

36
00:02:25,920 --> 00:02:30,000
सिद्धांतिक दृष्टि सैद्धांतिक दृष्टि नहीं इस बात को निर्गत करना या

37
00:02:30,000 --> 00:02:33,520
ना करना इस विषय में कह रहा हूं मैं। सैद्धांतिक दृष्टि

38
00:02:33,520 --> 00:02:37,520
से मत बदलने की बात नहीं कह रहा हूं। नहीं मैं अभी नहीं

39
00:02:37,520 --> 00:02:41,520
चाह रहा हूं कि ये वीडियो रहे उसमें अभी नहीं चाह रहा हूं। फिलहाल आप

40
00:02:41,520 --> 00:02:45,600
में डाल लो। मैं वही तो कह रहा हूं आपसे कि यह आपका जो

41
00:02:45,600 --> 00:02:49,600
मतलब मत बदल रहा है ना पहले आपने उसको। उसका कारण है ना कि मेरे

42
00:02:49,600 --> 00:02:53,920
घर वाले ही मुझे बोल रहे हैं। वह भी कारण है एक।

43
00:02:53,920 --> 00:02:58,240
मैं आप मेरी बात समझ नहीं पा रहे आप तो मैं कह रहा हूं कि आपका

44
00:02:58,240 --> 00:03:02,320
व्यक्तिगत रूप से नहीं बदलना चाहिए। मतलब वो फिर प्रेशर है उसके कारण आप

45
00:03:02,320 --> 00:03:06,320
बोल रहे हैं। वो बात एक अलग है। मगर अंदर से आपके अंदर ये

46
00:03:06,320 --> 00:03:10,640
नहीं होना चाहिए कि मैं मतलब वीडियो को हटाया जाए। नहीं मैं

47
00:03:10,640 --> 00:03:14,800
इसलिए चाह रहा हूं कि घर वालों का ही प्रेशर है मेरे ऊपर। मतलब बाहरी दबाव

48
00:03:14,800 --> 00:03:18,800
के कारण। हां। बाहरी दबाव के कारण ही ऐसा हो रहा है।

49
00:03:18,800 --> 00:03:23,120
हां जी। विशेष का घर वालों का तो आपके घर वाले भी इस

50
00:03:23,120 --> 00:03:27,200
से हैं क्या? हां मेरे फादर इस से जुड़े हैं ना पूरे उन्हीं की वजह से मैं जुड़ा हुआ

51
00:03:27,200 --> 00:03:31,360
था। पर पिताजी मुझ पर गुस्सा हो गए। क्यों? बहुत गुस्सा

52
00:03:31,360 --> 00:03:35,360
हो गए थे पिताजी मुझ पर। तो मैं अपने पिताजी को

53
00:03:35,360 --> 00:03:39,520
क्रोधित नहीं करना चाहता हूं। उनको नाराज नहीं करना चाहता हूं।

54
00:03:39,520 --> 00:03:43,600
ये मुख्य कारण है। सत्य के लिए तो प्रह्लाद जी ने भी अपने पिता का विरोध किया

55
00:03:43,600 --> 00:03:48,000
था। वो ठीक है यार। मेरा पिताजी से बहुत प्रेम है ना। अरे प्रह्लाद

56
00:03:48,000 --> 00:03:48,640
मैं बहुत दुखी हूं

57
00:03:48,640 --> 00:03:52,800
इस चीज से पता है आपको पिताजी मुझसे क्रोधित हुए उठ के दूसरे दिन

58
00:03:52,800 --> 00:03:57,040
हम वो तो बहुत गाली दे रहे थे बहुत ज्यादा मुझे बहुत दुख हुआ है

59
00:03:57,040 --> 00:04:01,200
मतलब आपने जब सच सच बोला तो वो गाली क्यों दे रहे हैं मतलब सच

60
00:04:01,200 --> 00:04:06,160
मैं उनको नहीं समझा ना पिताजी को क्यों समझाऊं मैं

61
00:04:06,160 --> 00:04:10,320
आपको बोल सकता हूं आप हमारे मित्र हो बंधुत्व है आपको

62
00:04:10,320 --> 00:04:14,480
बोल सकता हूं मैं आपसे निवेदन कर सकता हूं मगर मुझे भ्राता पिताजी मुझसे बड़े

63
00:04:14,480 --> 00:04:18,720
हैं मैं उनको नहीं समझा सकता हूं भ्राता श्री संबंधों के लिए सिद्धांत का

64
00:04:18,720 --> 00:04:22,720
त्याग करना कभी हमारा धर्म नहीं सिखाता है। अर्जुन

65
00:04:22,720 --> 00:04:27,120
ना अर्जुन को भगवान श्री कृष्ण ने सिखाया कि तुम भीष्म पिता मां को

66
00:04:27,120 --> 00:04:31,280
जिन पिताजी की वजह से मुझे कृष्ण भक्ति मिली है ना मैं उनके खिलाफ कभी

67
00:04:31,280 --> 00:04:35,440
नहीं जा सकता हूं। आप समझो सबको ही उनके जीवन

68
00:04:35,440 --> 00:04:39,520
में उनके बड़े जनों से ही मिला है सब कुछ। लेकिन मैं पिताजी से बहुत

69
00:04:39,520 --> 00:04:43,600
प्रेम करता हूं। मैं उनको नाराज कर बात हो

70
00:04:43,600 --> 00:04:48,640
रही है। देखिए धर्म धर्म क्या कहता है? धर्म कहता है कि संबंधों का त्याग

71
00:04:48,640 --> 00:04:53,120
भले ही कर दो मगर सिद्धांत का त्याग मत करो। तो आपने अगर सब

72
00:04:53,120 --> 00:04:57,280
वो बिल्कुल ठीक है। लेकिन फिर भी हम फिर भी आपसे

73
00:04:57,280 --> 00:05:01,680
मैं निवेदन कर सकता हूं। मैं पिताजी को दुखी नहीं कर सकता हूं।

74
00:05:01,680 --> 00:05:03,760
अगर आप चाहो तो

75
00:05:03,760 --> 00:05:08,000
प्रेम से आप हटा सकते हो। मेरा संबंध हमेशा आपके साथ हम हमेशा

76
00:05:08,000 --> 00:05:12,000
मिलते रहेंगे। हमेशा बात करेंगे। इन फ्यूचर पिताजी को

77
00:05:12,000 --> 00:05:17,280
ही बुलाऊंगा आपके संग में। आप कृपा करके

78
00:05:17,280 --> 00:05:21,280
बनाया था सब आपके वहां जाने आने में पूरा दिन एक लग मैं

79
00:05:21,280 --> 00:05:25,360
इसका खर्चा भी दे दूंगा आपको जितना लगा होगा उसकी चिंता आप कैसी बातें

80
00:05:25,360 --> 00:05:30,560
कर रहे हैं? ये सब बातें खर्चे से होती है क्या? तो

81
00:05:30,560 --> 00:05:34,640
मैं यही चाहता हूं। बाकी तो आप स्वतंत्र हैं। आपको जो इच्छा करे

82
00:05:34,640 --> 00:05:38,960
कर सकते हैं आप। आप देख लो आप। मैंने अपनी स्थिति

83
00:05:38,960 --> 00:05:43,040
बता दी आपको। अब आपको उचित क्या उचित है? क्या अनुचित है? आप

84
00:05:43,040 --> 00:05:47,600
देख लो आप। पिताजी को भी कहना नहीं चाहिए। यानी कि इस कौन गलत तरीके से उनको

85
00:05:47,600 --> 00:05:51,600
ट्यूट मतलब शिक्षित कर रहा है अपने लोगों को। हां वो गांव से

86
00:05:51,600 --> 00:05:56,400
हैं। इस तरीके से इस तरीके से सच बोलने वालों को दबाया जा रहा है।

87
00:05:56,400 --> 00:06:00,480
हां वही चीजें हैं। इसलिए मैं पिताजी के खिलाफ कभी नहीं जा सकता हूं। कभी

88
00:06:00,480 --> 00:06:04,480
नहीं जाऊंगा उनके खिलाफ मैं। तो ये तो गलत बात है ना। अगर कोई गलत कर रहा है तो

89
00:06:04,480 --> 00:06:08,480
उसके खिलाफ मैं कभी नहीं जाऊंगा। तो वो तो हमारे धर्म नहीं सिखा। मैं उनको आपसे मिलाऊंगा इन

90
00:06:08,480 --> 00:06:12,640
फ्यूचर में। आप ही उनको समझाना। मैं उनके साथ में

91
00:06:12,640 --> 00:06:16,640
वाद विवाद नहीं कर सकता हूं। वाद विवाद नहीं करना है।

92
00:06:16,640 --> 00:06:19,040
प्रह्लाद ने कोई वाद विवाद थोड़ी ना किया था। तो नारायण

93
00:06:19,040 --> 00:06:23,280
नारायण करते रहे थे। वो तो ठीक है। मेरे पिताजी

94
00:06:23,280 --> 00:06:27,280
को समझाने का काम आपका है। और दूसरा एक नंबर मेरे पास आया गौडिया

95
00:06:27,280 --> 00:06:31,920
मठ से। वो आपसे वो करना चाहते हैं। मतलब इंटरव्यू

96
00:06:31,920 --> 00:06:36,000
बहुत बड़े विद्वान हैं। मेरे मित्र हैं। कहां से हैं? गडिया

97
00:06:36,000 --> 00:06:40,240
मठ से हैं वृंदावन से दे दीजिए नंबर भेज दीजिए मैं

98
00:06:40,240 --> 00:06:45,760
आपको नंबर आपका नंबर उनको दे दूंगा मैं वो आपको संपर्क कर लेंगे अच्छा

99
00:06:45,760 --> 00:06:49,840
बहुत अच्छे डिवोटी है यूथ है वो भी मेरे खास

100
00:06:49,840 --> 00:06:54,400
मित्र हैं वो ठीक है बाकी

101
00:06:54,400 --> 00:06:59,440
आप देख लो मेरे निवेदन को स्वीकार कर सको बड़ी कृपा होगी आप मुझ पर

102
00:06:59,440 --> 00:07:03,600
आपका मेरा संबंध हमेशा रहेगा मुझे आपसे की नहीं है बात

103
00:07:03,600 --> 00:07:07,840
है सिद्धांत जी आप अपने सिद्धांतों से

104
00:07:07,840 --> 00:07:12,240
मुकर सकते हैं। पिताजी के कारण ही बोल रहा हूं। आप

105
00:07:12,240 --> 00:07:16,240
बात पिताजी की देखिए। पिताजी की बात वहां भी थी जहां महाभारत

106
00:07:16,240 --> 00:07:20,240
था। पिताजी की बात वहां भी थी जहां हिरण्यकश्यप था। और आप

107
00:07:20,240 --> 00:07:24,480
नहीं जानते कि किस प्रकार से अपने घर वालों का विरोध झेलते हुए भी मैं धर्मपथ

108
00:07:24,480 --> 00:07:28,640
पर आगे बढ़ा। लेकिन मैं नहीं कर पाऊंगा ना। ये मेरा हृदय

109
00:07:28,640 --> 00:07:33,040
दुर्बलता है। इसमें आप हृदय दुर्बलता कहो या कुछ भी कहो आप। लेकिन

110
00:07:33,040 --> 00:07:34,160
के लिए मैं कभी भी हो नहीं

111
00:07:34,160 --> 00:07:38,240
सकता हूं। हां तो आपने अपनी बात रख दी है। मैं इस पर विचार करता हूं क्योंकि उसमें

112
00:07:38,240 --> 00:07:42,880
मैं अकेला कहीं हूं। आान में बहुत से लोग सक्रिय है।

113
00:07:42,880 --> 00:07:47,040
ठीक है। जय श्री राम। जय श्री

114
00:07:47,040 --> 00:07:51,280
राम। जय श्री राम हरे कृष्णा। जय

115
00:07:51,280 --> 00:07:54,400
श्री राम। हरे कृष्णा।

116
00:07:54,400 --> 00:07:58,640
मैं यह कह रहा था कि क्या क्या बहुत ज्यादा

117
00:07:58,640 --> 00:08:03,520
विवाद हो गया है क्या वीडियो को लेकर? क्या बात हो गई आपके

118
00:08:03,520 --> 00:08:07,600
आपके मैसेज आ रहे हैं लगातार दुखी हूं पिताजी

119
00:08:07,600 --> 00:08:12,320
इस से कनेक्ट है ना उन्होंने मुझे तोड़ा था इस पे वो नहीं

120
00:08:12,320 --> 00:08:16,560
बहुत मतलब वो है अग्रेसिव है कल से नहीं तो इस

121
00:08:16,560 --> 00:08:22,560
भाई इस को जब कोई फर्क नहीं पड़ रहा है तो पिताजी को इतना क्यों पढ़ना चाहिए

122
00:08:22,800 --> 00:08:27,440
लेकिन वो पता नहीं क्यों पढ़ रहा है उनको

123
00:08:27,440 --> 00:08:32,320
मैं नहीं समझा सकता हूं ना उनको

124
00:08:32,320 --> 00:08:37,120
अच्छा यह और बात है कि इसमें कौन-कौन सा अंश है जो आपत्तिजनक

125
00:08:37,120 --> 00:08:41,120
है? ऐसे बता सकते हैं उसमें कट भी लग जाते हैं क्योंकि मैं देखूं बात करके एक

126
00:08:41,120 --> 00:08:45,200
बार। पूरा ही हटा दो यार। अब मैं इस विवाद में नहीं पड़ना

127
00:08:45,200 --> 00:08:49,440
चाहता। पिताजी ने बोल दिया मुझे फाइनल कॉल दे दिया उन्होंने। कई बार फोन

128
00:08:49,440 --> 00:08:53,680
आ गए उनके मैसेज कई बार फोन करते हैं आप। तो आप पिताजी

129
00:08:53,680 --> 00:08:58,080
से इतना वो क्यों कर रहे हैं? गीता में जब सिद्धांत बताया कि संबंधों का निर्वाह

130
00:08:58,080 --> 00:09:02,160
करने के लिए सिद्धांत का त्याग मत करो। बट मेरा

131
00:09:02,160 --> 00:09:06,240
मुझे उन्होंने बहुत बड़ी चीज दिया ना। कृष्ण भक्ति दिया उन्होंने

132
00:09:06,240 --> 00:09:10,400
इसलिए मैं वो गुरु के समान है वो। चाहे जो दिया हो मगर सब

133
00:09:10,400 --> 00:09:14,800
मगर गुरु के समान भीष्म पितामह और वो नहीं थे गुरु दौराचार्य।

134
00:09:14,800 --> 00:09:18,880
गीता में यही तो संदेश दिया भगवान। सारी चीजें हैं आप बिल्कुल आप ठीक

135
00:09:18,880 --> 00:09:23,040
बोल रहे हो। लेकिन मुझे मेरे पिताजी

136
00:09:23,040 --> 00:09:28,000
आरी में रहे हैं वो सुनते नहीं किसी की। अगर नहीं सुनते हैं तो फिर

137
00:09:28,000 --> 00:09:32,000
मैं क्या बताऊं वो वैसे तो आप सोचो मैं घर नहीं जा पाऊंगा

138
00:09:32,000 --> 00:09:36,240
मिलने उनसे। ये मेरी स्थिति है अभी। तो

139
00:09:36,240 --> 00:09:37,920
आप भाई सत्य

140
00:09:37,920 --> 00:09:42,160
की राह पर त्याग तो करना पड़ता। आपको एक बात बताऊं। हम पूरी दुनिया से

141
00:09:42,160 --> 00:09:46,320
ताल ठोकते हैं गीता की गीता को मानने की और खुद के जीवन

142
00:09:46,320 --> 00:09:50,400
में अगर अप्लाई नहीं किया तो फिर क्या फायदा इस ताल ठोकने का?

143
00:09:50,400 --> 00:09:55,440
वो ठीक कह रहे हैं आप लेकिन मैं इस चीज को

144
00:09:55,440 --> 00:09:59,600
अभी कुछ नहीं बोल सकता ऐसा मुझे पता नहीं मेरी स्थिति क्या है उस समय पिताजी

145
00:09:59,600 --> 00:10:03,760
के साथ। वो इंडियन आर्मी में रह चुके हैं। बहुत स्ट्रिक्ट हैं वो।

146
00:10:03,760 --> 00:10:07,840
बहुत मैं बचपन से उनसे बहुत डरते आया हूं। ये समझो

147
00:10:07,840 --> 00:10:11,840
आप। तो आप जब आप धर्म की ओर हो तो आपको

148
00:10:11,840 --> 00:10:16,000
डरने की क्या आवश्यकता है? आप भगवान कृष्ण की भक्ति कर रहे हो।

149
00:10:16,000 --> 00:10:20,160
वो ठीक है बट उनकी कृपा से मैं अगर वो नहीं होते मैं कहां होता

150
00:10:20,160 --> 00:10:24,320
मुझे पता है ना मैं उनका ऋणी हूं। शास्त्रों में ऐसे तो प्रह्लाद

151
00:10:24,320 --> 00:10:28,800
भी ऋणी थे। बच्चे को प्रह्लाद के पिता तो राक्षस है ना।

152
00:10:28,800 --> 00:10:32,800
मेरे पिता राक्षस नहीं है। जोधर नहीं है वो राक्षस ही हो गया

153
00:10:32,800 --> 00:10:36,800
ना। जो सत्य का पक्षधर नहीं है वो राक्षस तुल्य हो गया। अब उनको

154
00:10:36,800 --> 00:10:40,960
पता नहीं है ना वास्तविकता पिताजी को पता नहीं है वास्तविकता ऐसे हिरण्यकश्यप

155
00:10:40,960 --> 00:10:45,120
को भी नहीं पता थी उसको भी लग रहा था कि मैं सही हूं आपके लॉजिक बिल्कुल ठीक

156
00:10:45,120 --> 00:10:49,200
हो सकते हैं मैं अपनी हार मानता हूं आपके सामने लेकिन मैं पिताजी से नहीं लड़

157
00:10:49,200 --> 00:10:53,040
सकता हूं अगर आप इतनी कृपा कर दो मुझ पर

158
00:10:53,040 --> 00:10:57,360
बहुत बड़ी कृपा होगी आपकी आपके मैसेज लगातार प्राप्त हो रहे हैं कि मैं दुखी

159
00:10:57,360 --> 00:11:01,440
हूं और मुझ पर दया करिए पता नहीं क्योंकि मेरा माइंड जो है ना इसी में जा रहा है बार-बार मैं

160
00:11:01,440 --> 00:11:05,440
कुछ कर नहीं पा रहा हूं इसीलिए वैसे मैंने मुझे ऐसा लगने लगा कि मैंने ऐसा

161
00:11:05,440 --> 00:11:09,680
कौन कौन सा अपराध कर दिया? आप ही ने बुलाया था। आप ही के कहने पर मैं आया था।

162
00:11:09,680 --> 00:11:14,400
नहीं मुझे ये पता था कि बाद में ऐसा करेंगे वो रिएक्शन। मुझे नहीं पता था ऐसा।

163
00:11:14,400 --> 00:11:19,120
मुझे भी पता नहीं था ना। देखिए रामायण में एक वचन है रामना

164
00:11:19,120 --> 00:11:23,120
भाषित मुझे सारे शास्त्रों का पता है। प्रभु जो बता रहे हो ना। राम

165
00:11:23,120 --> 00:11:27,440
जी ने क्या कहा है? राम जो भी करता है सोच समझ के करता है।

166
00:11:27,440 --> 00:11:31,440
राम दो प्रकार की बातें नहीं करता। नहीं जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है ना

167
00:11:31,440 --> 00:11:35,440
कि मतलब तो ऐसे थोड़ी ना होता है कि हमने कुछ बड़ी बात किसी से कह दी

168
00:11:35,440 --> 00:11:41,200
कोई निर्णायक फैसला ले लिया उसमें हमारे मेरे पिताजी कभी नहीं चाहते कि मैं

169
00:11:41,200 --> 00:11:45,520
वैष्णव के अलावा किसी से डिस्कस करूं वो मुझसे कभी अपेक्षा नहीं करते हैं

170
00:11:45,520 --> 00:11:49,840
अगर मैं आपको सच सच बताऊं उन्होंने मायावाद पर इतना बुक लिखा हुआ है ना इतनी कविताएं

171
00:11:49,840 --> 00:11:53,920
लिखी हुई है ना आप सोच नहीं सकते हो आप यानी कि जो मैं कह रहा था वो सही बात है

172
00:11:53,920 --> 00:11:58,080
जो इस के द्वारा जो नफरत फैलाई जाती है नहीं इस

173
00:11:58,080 --> 00:12:02,320
के द्वारा नहीं वो खुद भी पहले उनके साथ उनके भी तो कोई गुरु रहे होंगे ना जिन्होंने

174
00:12:02,320 --> 00:12:06,320
उनके भरा होगा। नहीं वो तो उन गांव में

175
00:12:06,320 --> 00:12:08,080
एक हमारे पंडित जी थे वो संस्कृत के

176
00:12:08,080 --> 00:12:12,080
स्कॉलर हैं। आप भी जानते हो उनको Facebook उनका बहुत

177
00:12:12,080 --> 00:12:16,160
बड़ा पेज है। क्या नाम है उनका? संतोष पंत करके

178
00:12:16,160 --> 00:12:18,320
नाम

179
00:12:18,320 --> 00:12:22,320
मैं नहीं जानता। हां वो उनके

180
00:12:22,320 --> 00:12:26,560
साथ उनका बहुत तर्क वितर्क होता था बचपन में ही। उनके साथ चर्चा करवा दीजिए।

181
00:12:26,560 --> 00:12:30,880
मेरी बहुत बहुत बुक लिखी है आप बता रहे हैं। मैं आप मेरी

182
00:12:30,880 --> 00:12:34,880
वीडियो हटाओ मैं आपकी चर्चा उनसे कर दूंगा। आप फिर हैंडल करना उनको मैं नहीं कर

183
00:12:34,880 --> 00:12:37,760
सकता हूं।

184
00:12:37,760 --> 00:12:41,760
नहीं मेरा आपसे व्यक्तिगत रूप में आपके सिद्धांत से आपके

185
00:12:41,760 --> 00:12:45,920
व्यक्तिगत रूप में आपने मुझसे मेरा कोई वो नहीं है। मैं मैं ये कह रहा हूं। आपने

186
00:12:45,920 --> 00:12:49,920
मुझसे हर तरह से विनती कर ली है। अब मैं एक विनती कह रहा हूं। मैं इस पे

187
00:12:49,920 --> 00:12:53,920
इसको लेकर के अभी अपने लोगों के साथ बातचीत करने वाला हूं कल।

188
00:12:53,920 --> 00:12:58,000
नहीं मैं यह कह रहा हूं सुनो यह आपका और मेरा वो है ना बात ये नहीं

189
00:12:58,000 --> 00:13:02,240
है आहान सिर्फ मेरा नहीं है ना आान एक संगठन है देखो

190
00:13:02,240 --> 00:13:07,040
जो व्यक्ति इंटरव्यू दे रहा है उसका भी तो कुछ हक होता है ना

191
00:13:07,040 --> 00:13:11,920
हक होता है कि नहीं होता है अभी बताओ इंटरव्यू दिया नहीं होता है

192
00:13:11,920 --> 00:13:16,160
नहीं इंटरव्यू के बाद में उसका हक तो होता है कि निवेदन होता है हक होता है होता

193
00:13:16,160 --> 00:13:20,240
निवेदन निवेदन तो आपने किया ही है और मैं आपसे निवेदन कर रहा

194
00:13:20,240 --> 00:13:23,200
हूं कि मैं पूरी कोशिश करूंगा आपका पक्ष जो है मैं समझ रहा

195
00:13:23,200 --> 00:13:27,840
हूं कि आपकी व्यक्तिगत स्थिति क्या है। हालांकि हालांकि मैं

196
00:13:27,840 --> 00:13:32,400
सैद्धांतिक रूप से उसमें बिल्कुल भी समर्थन नहीं करता मगर फिर भी मैं एक वो

197
00:13:32,400 --> 00:13:36,480
कर रहा हूं। मगर विनती मेरी बस यही है कि अब आप मुझे ऐसे मैसेज मत भेजिए

198
00:13:36,480 --> 00:13:41,200
कि दया कर दीजिए। मैं बहुत दुखी हूं। ऐसे मैसेज अब मत भेजिए।

199
00:13:41,200 --> 00:13:45,360
एक्चुअल में क्या है ना मुझे बार-बार वही चीज याद आ रही है बार-बार। नहीं तो याद आ रही

200
00:13:45,360 --> 00:13:49,440
देखिए तो सत्य की राह पे है तो अपने आपको कांटों पे चलना

201
00:13:49,440 --> 00:13:53,520
सीखना होगा। चूल्हे से रोटी निकालने के लिए

202
00:13:53,520 --> 00:13:57,760
चूल्हे से रोटी निकालने के लिए चिमटे को अपना जीवन में कहीं भी पहुंच

203
00:13:57,760 --> 00:14:02,080
जाऊं लेकिन मैं पिताजी को क्रॉस नहीं कर सकता हूं भाई पिताजी अगर

204
00:14:02,080 --> 00:14:06,400
के पक्षधर नहीं है वो सत्य नहीं सुन पा रहे हैं तो आपको उन्हें भी क्रोधित

205
00:14:06,400 --> 00:14:10,480
करना पड़ेगा यही हमें सिद्धांत सिखाता मुझे ऐसी वस्तु दी है ना

206
00:14:10,480 --> 00:14:14,720
उन्होंने देखो सबके पिताजी प्रकार के ऋण सबके पिताजी

207
00:14:14,720 --> 00:14:18,720
ने सबको ऐसी ही वस्तुएं दी होती है किसी के पिताजी ने कोई कम

208
00:14:18,720 --> 00:14:22,800
नहीं दिया होता है मगर यदि वो सत्य

209
00:14:22,800 --> 00:14:26,880
और धर्म के विरुद्ध कहीं पर खड़े होते तो वहां पर हमें हमें

210
00:14:26,880 --> 00:14:31,280
हमारा जवाब लेकिन मैं प्रहलाद नहीं बन सकता हूं ना प्रहलाद की पोजीशन बहुत

211
00:14:31,280 --> 00:14:35,440
ये गीता दुनिया को सिखाने का नहीं ढोंग नहीं देखो मैं साधक हूं प्रहलाद सिद्ध

212
00:14:35,440 --> 00:14:38,480
महापुरुष है वो मैं ये नहीं कह रहा हम गीता

213
00:14:38,480 --> 00:14:42,560
का संदेश देने जाते हैं आप कि नहीं जाते लोगों को गीता

214
00:14:42,560 --> 00:14:46,560
का संदेश देने मैं जाता हूं जितना मेरा अधिकार है

215
00:14:46,560 --> 00:14:50,640
उतना मैं बता सकता हूं जब खुद आप ले नहीं रहे हैं उस उससे सिद्धांत को तो

216
00:14:50,640 --> 00:14:54,880
तुम दुनिया को क्यों दे रहे हो? 100 में से 10% तो ले सकता हूं मैं 10%

217
00:14:54,880 --> 00:14:58,960
बता सकता हूं मैं। जितना ले रहा हूं जितनी मेरी गुण है उतना मैं बता सकता हूं। भैया

218
00:14:58,960 --> 00:15:03,280
आप जब गीता लेकर जाते हो तो पूरी गीता लेके जाते हो ना आप चाहते हो ना संसार पूरी गीता

219
00:15:03,280 --> 00:15:08,160
को अप्लाई करें अपने ऊपर। बात वो ठीक है आपकी। पर आप नहीं करोगे।

220
00:15:08,160 --> 00:15:12,160
पॉइंट आपका ठीक है। हम केवल दोहरा सकते हैं। लेकिन फॉलो जब

221
00:15:12,160 --> 00:15:16,320
जीवन में किया जाता है ना। हमारे यानी आप केवल दोहराने जाते हो।

222
00:15:16,320 --> 00:15:20,400
फॉलो नहीं करते हो आप अपने जीवन में। करते हैं कोशिश साधक मतलब क्या होता है तो कोशिश

223
00:15:20,400 --> 00:15:24,400
कर रहा है साधक का मतलब कोशिश करना हम सिद्ध तो हुए नहीं अभी नहीं सिद्ध

224
00:15:24,400 --> 00:15:28,560
की बात नहीं है ये तो जा ये तो साधारण सा आपने सत्य बोला आपके

225
00:15:28,560 --> 00:15:32,560
पिताजी इसमें कौन सी कठिनाई है आपके पिताजी उसका विरोध कर रहे तो आप कह दो मैंने

226
00:15:32,560 --> 00:15:36,640
सत्य बोला है भाई मैं नहीं कर सकता ना उनसे मैं उनसे कर ही नहीं

227
00:15:36,640 --> 00:15:40,640
सकता आप मेरे घर की आप सोचो मेरा गीता अप्लाई

228
00:15:40,640 --> 00:15:44,720
नहीं है ना फिर उसको भी क्रॉस करने को तैयार हूं इस मामले

229
00:15:44,720 --> 00:15:48,720
में अच्छा आप मुझे मुझे कुछ भी बोल दो आप

230
00:15:48,720 --> 00:15:52,800
मुझे साधु बोलो कुछ भी बोलो मैं अपने ऊपर लेने को तैयार हूं लेकिन पिताजी

231
00:15:52,800 --> 00:15:53,600
के लिए मैं वो नहीं कर

232
00:15:53,600 --> 00:15:57,680
सकता हूं कहां हमने फिर भगवान कृष्ण की

233
00:15:57,680 --> 00:16:01,920
बात सुनी फिर मुझे आप कुछ भी बोल दो आप लेकिन

234
00:16:01,920 --> 00:16:05,920
चलो ठीक है बस मैं ये विनती कर रहा हूं आपसे अब यह वाला मैसेज मुझे मत भेजना

235
00:16:05,920 --> 00:16:09,920
आप दया करो या दुखी हूं इस तरह के हृदय विधारक मैसेज

236
00:16:09,920 --> 00:16:13,920
आप मत भेजिए मैं देख रहा हूं विचार कर रहा हूं मेरे लोगों के साथ मुझे बातचीत

237
00:16:13,920 --> 00:16:18,160
करने का समय दीजिए अभी तक मैं लगातार व्यस्त हम

238
00:16:18,160 --> 00:16:23,440
ठीक है चलिए जय श्री राम ठीक

239
00:16:23,440 --> 00:16:27,440
राम हरे कृष्णा जय श्री राम जी क्या सोचा

240
00:16:27,440 --> 00:16:31,440
आपने हटाया नहीं अभी तक

241
00:16:31,440 --> 00:16:35,520
वो गलत हो जाएगा अन्याय हो जाएगा अन्याय नहीं होगा उसको हटा नहीं सकते

242
00:16:35,520 --> 00:16:39,840
आप हटा दीजिए मैं हटा नहीं सकता उसको

243
00:16:39,840 --> 00:16:44,080
आप क्यों नहीं हटा सकते हैं क्योंकि वो सच है और सच

244
00:16:44,080 --> 00:16:48,400
लोगों को तक पहुंचाना मेरा दायित्व

245
00:16:48,400 --> 00:16:52,640
उसमें क्या सच है ऐसा इस कौन की सच्चाइयां

246
00:16:52,640 --> 00:16:56,640
है जो आपने कही है और क्या मैं लीगल एक्शन लूंगा इस

247
00:16:56,640 --> 00:17:02,640
पर क्या लीगल एक्शन लेंगे आप आप चिंता मत करो

248
00:17:03,120 --> 00:17:07,360
ठीक है धमकी पर आ गए आप तो धमकी वाली बात नहीं है विनम्र निवेदन

249
00:17:07,360 --> 00:17:11,360
आप स्वीकार नहीं कर रहे हो ना मेरा तो विनम्र निवेदन निवेदन का अर्थ

250
00:17:11,360 --> 00:17:15,360
होता है कि वो सामने वाले की इच्छा पर है वो स्वीकार किया जाएगा इच्छा वाली बात क्या

251
00:17:15,360 --> 00:17:19,360
है मेरा मेरा राइट बनता है ये मेरी भावना के तो फिर वो निवेदन नहीं है फिर वो

252
00:17:19,360 --> 00:17:23,440
आदेश है ये कहो आदेश नहीं है वो तीन चार दिन से मैं आपको बोल रहा

253
00:17:23,440 --> 00:17:27,680
हूं मैं आप मेरी भावना में मान हानि का केस करूंगा ठीक है

254
00:17:27,680 --> 00:17:31,840
ऐसा है आप पहले व्यक्ति नहीं है आज तक जब

255
00:17:31,840 --> 00:17:35,920
भी इस के लोगों का इस तरीके से ये प्रस्तुत किया है

256
00:17:35,920 --> 00:17:39,920
ना समाज के समक्ष हर बार हमको ये धमकी आई है ये पहली बार

257
00:17:39,920 --> 00:17:43,920
नहीं है पहला वीडियो बनाया था तब भी आई थी

258
00:17:43,920 --> 00:17:46,720
हमारे साथ शिवघनाथ तो किस बात की चिंता हमें

259
00:17:46,720 --> 00:17:50,800
हम गीता दोहराते नहीं है उसको अप्लाई करते हैं अपने जीवन में आप

260
00:17:50,800 --> 00:17:54,880
दोहराते हैं हम नहीं दोहराते शॉर्ट वीडियो के लिए मना किया

261
00:17:54,880 --> 00:17:59,200
था फिर भी आपने क्यों डाला उसको शॉर्ट वीडियो शॉर्ट वीडियो के लिए कोई कानून

262
00:17:59,200 --> 00:18:03,200
है नहीं बनाया जा सकता मैंने मना तो किया था ना आपको आप

263
00:18:03,200 --> 00:18:07,760
कौन होते हैं मना करने वाले आप कोई मेरे अधिकारी हैं क्या

264
00:18:07,760 --> 00:18:12,160
मेरी वीडियो और मुझे आप मना कर रहे हो अरे तो आपने क्यों दिया इंटरव्यू

265
00:18:12,160 --> 00:18:16,240
भैया मत देते मत बुलाते इंटरव्यू देने का मतलब यह नहीं कि मैं

266
00:18:16,240 --> 00:18:20,400
मतलब एक शॉर्ट वीडियो मैंने मना किया। शॉर्ट वीडियो का कहां प्रावधान है कि किसी

267
00:18:20,400 --> 00:18:24,480
का अगर वीडियो बनता है तो उसका शॉट नहीं बना सकते। भाई मेरी बात आप सब

268
00:18:24,480 --> 00:18:28,640
मान रहे हो फिर भी जो मैं कह रहा हूं उसको नहीं मान रहे हो आप। कहां मान रहा हूं मैं आपकी

269
00:18:28,640 --> 00:18:32,800
बात मैं कोई बात नहीं मान रहा आपकी मैं धर्म की बात मानता हूं।

270
00:18:32,800 --> 00:18:36,960
आपकी बात क्यों मानूं? आप तो आप तो प्रचार करते हो गीता का और

271
00:18:36,960 --> 00:18:41,120
मैं केंद्र मंत्री से करवाता हूं आपका काम चिंता मत करो। हां हां केंद्र मंत्री नहीं

272
00:18:41,120 --> 00:18:45,440
राष्ट्रपति से करवाइए आप। राष्ट्रपति से करवाइए।

273
00:18:45,440 --> 00:18:49,520
मैं यही चाहता हूं इस तरह से मामले सामने आए। ठीक है? और

274
00:18:49,520 --> 00:18:53,520
मैं अब आपका इतना बड़ा आपका दुष्प्रचार करूंगा ना आप सोच नहीं सकते

275
00:18:53,520 --> 00:18:58,400
हो आप। अच्छा हां। चलिए ठीक है।

276
00:18:58,400 --> 00:19:02,400
होगी सो राम की और बाकी सब हनुमान की। ठीक। ठीक।

277
00:19:02,400 --> 00:19:08,400
ठीक। चलो ठीक।

278
00:19:21,980 --> 00:19:25,980
[संगीत]
