1
00:00:02,160 --> 00:00:06,320
हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव यह

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00:00:06,320 --> 00:00:10,400
वह रणभूमि है जहां से रामपाल के काल का प्रारंभ

3
00:00:10,400 --> 00:00:14,400
हुआ था। सन 2023 में रामपाल को एक तरीके

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00:00:14,400 --> 00:00:18,880
से वैचारिक रूप से परास्त किया था। इसी हस्तशिल्प महोत्सव

5
00:00:18,880 --> 00:00:23,200
में वो वीडियो आपने देखा होगा। कृष्ण ने अध्याय चार का श्लोक 34 में क्या बोला है? तत्वदर्शी

6
00:00:23,200 --> 00:00:27,360
संत कौन है? सबसे पहले सन्यासी होना चाहिए। अच्छा भगवत गीता चार दो तीन 16 जो तत्वदर्शी

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00:00:27,360 --> 00:00:31,600
तत्वदर्शी तत्वदर्शी जो संत है वो वो परंपरा से होना चाहिए और मत्स्य पुराण

8
00:00:31,600 --> 00:00:35,600
145वा अध्याय मत्स पुराण 145वा अध्याय 52वा श्लोक तत्वदर्शी

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00:00:35,600 --> 00:00:39,840
संत वो जो समस्त स्मृति शास्त्रों में सामंजस की शिक्षा दे उसके बाद उसके बाद उसके

10
00:00:39,840 --> 00:00:43,840
बाद तो आप यहां अथर्ववेद की शिक्षा को नहीं मान रहे ना आपसे क्षमा चाहते

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00:00:43,840 --> 00:00:48,000
तत्वदर्शी संत की पहचान में प्रमाण सहित आपको दे रहा हूं आप मान रहे हो अथर्ववेद 16 खोलो ब्रह्मचारी ही आचार्य

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00:00:48,000 --> 00:00:52,080
बनेगा तो बोला है अरे तो ये लिखा किताबों में लिखा है

13
00:00:52,080 --> 00:00:56,160
किसने छापी है मैं भी तो वेद का क्रमांक आप चेक तो करो मैं भी तो वेद का क्रमांक बता रहा हूं। वेद

14
00:00:56,160 --> 00:01:00,160
खोलो आप। देखिए एक से चार में जब ये लिखा हुआ है कि ये संसार उल्टा रखा हुआ है कि

15
00:01:00,160 --> 00:01:04,320
वृक्ष है क्योंकि जड़े तो ऊपर की ओर है और तना और ढाल और टहनिया ये तीन शाखाएं हैं अति रूप

16
00:01:04,320 --> 00:01:08,480
संसार है। तो इस उल्टा लटे हुए वृक्ष की जो विधिवत जानकारी बता वो पूर्ण संत उदासी

17
00:01:08,480 --> 00:01:12,640
संत है। ठीक है ना? तो उनकी शरण में जाने के लिए बोला है। तो अब ये जानकारी क्या हमने गलत लिख दी? क्या पिता

18
00:01:12,640 --> 00:01:16,720
बोला प्रभु ने गलत दे दिया? फिर आपसे पूछा हूं। मैं ये कह रहा हूं मैं बोल सकता हूं कि नहीं? और

19
00:01:16,720 --> 00:01:17,220
तब हम

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00:01:17,200 --> 00:01:21,360
रामपाल के विरुद्ध जो धरातलीय कारवाही कुछ

21
00:01:21,360 --> 00:01:25,600
कर सकते थे वो नहीं कर पाए कई कारणों से मगर उस समय भी हमने

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00:01:25,600 --> 00:01:29,760
उसका कड़ा विरोध किया था। आप देख रहे होंगे मेरे पीछे एक स्टेज

23
00:01:29,760 --> 00:01:34,000
वगैरह लगा हुआ है। यहां पर उस समय 2023 में रंगारंग कार्यक्रम

24
00:01:34,000 --> 00:01:38,080
चल रहा था। तब मैं अकेला था। मेरे पास संगठन की शक्ति नहीं

25
00:01:38,080 --> 00:01:42,560
थी। संघ का उतना बल नहीं था। मगर मैं अपने हाथ में पोर्टेबल स्पीकर

26
00:01:42,560 --> 00:01:46,800
लेकर के मंच के बीच में चलते हुए कार्यक्रम में और अपने

27
00:01:46,800 --> 00:01:51,120
पोर्टेबल स्पीकर पर जाकर के मंच के बीच में चिल्लाया था कि तुम हिंदू

28
00:01:51,120 --> 00:01:55,200
नपुंसक हो जो यहां बैठकर के तुम यह रंगारंग कार्यक्रम

29
00:01:55,200 --> 00:01:59,280
देख रहे हो और वहां पर यहां से 50 मीटर की दूरी पे एक स्टॉल

30
00:01:59,280 --> 00:02:03,440
लगा हुआ है जहां पर तुम्हारी मां दुर्गा मां पार्वती मां सीता

31
00:02:03,440 --> 00:02:07,600
का अपमान हो रहा है। ऐसे लखनऊ मौसम में ये

32
00:02:07,600 --> 00:02:11,920
घी ज्ञान बेचने वालों को क्यों दी गई है

33
00:02:11,920 --> 00:02:16,240
जिसमें लिखा

34
00:02:16,240 --> 00:02:20,960
जिसमें लिखा है दुर्गा कोई है

35
00:02:20,960 --> 00:02:24,960
दुर्गा का पति दुर्गा माता का पति कोई और है ऐसी किताबें

36
00:02:24,960 --> 00:02:29,200
बेची जा रही है लखनऊ में किताबें बेची जा रही है

37
00:02:29,200 --> 00:02:35,200
इनका अपमान है लोगों को क्यों अनुमति दी जाती है यहां पर

38
00:02:35,200 --> 00:02:41,200
क्यों बेच रहे हैं ऐसी किताबें यहां पर जिससे हमारे बच्चों भाई

39
00:02:42,440 --> 00:02:47,200
[संगीत]

40
00:02:47,200 --> 00:02:53,200
आराम से [संगीत]

41
00:02:54,320 --> 00:02:58,480
तो यहां से 2023 से प्रारंभ हुआ था

42
00:02:58,480 --> 00:03:02,800
यह युद्ध और 2024 में

43
00:03:02,800 --> 00:03:06,960
एक साल के अंदर जब मुझे यहां पर धरातल पर लखनऊ

44
00:03:06,960 --> 00:03:10,960
में कार्य करते-करते गुरुदेव का जो अभियान है हिंदू राष्ट्र अभियान

45
00:03:10,960 --> 00:03:15,040
गुरुदेव के दिशा निर्देशों पर चलते हुए कार्य करते-करते जैसे-जैसे संघ का

46
00:03:15,040 --> 00:03:19,200
बल प्राप्त हुआ तो जब दिसंबर 2024 पुनः

47
00:03:19,200 --> 00:03:23,200
हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव आयोजित किया गया तो मैं वहां पर

48
00:03:23,200 --> 00:03:27,280
पहुंचा हमारे कई हिंदुत्ववादी संगठन के लोग हमारे मित्र

49
00:03:27,280 --> 00:03:31,680
हमारे बंधु वहां पर पहुंचे और इस बार हमने वैचारिक

50
00:03:31,680 --> 00:03:35,760
रूप से तो रामपाल कब का परास्त हो ही चुका था। परंतु इस

51
00:03:35,760 --> 00:03:40,320
बार उसके उस बुक स्टॉल के परखच्चे उड़ा दिए गए।

52
00:03:40,320 --> 00:03:44,400
मेला प्रशासन द्वारा ही उसके बुक स्टॉल को हटा दिया गया

53
00:03:44,400 --> 00:03:48,560
और उसके बाद से तरह-तरह की जो कारवाईयां उनके द्वारा हम पर चालू

54
00:03:48,560 --> 00:03:52,800
हुई। झूठे मुकदमे लगाने का प्रयास करना, छेड़खानी के मुकदमे का प्रयास करना,

55
00:03:52,800 --> 00:03:56,880
लगाने का बहुत सारी चीजें और फिर क्या कहते हैं? हमारा हाई

56
00:03:56,880 --> 00:04:01,120
कोर्ट में जाना वह सब आपको मालूम है। हमारी याचिका आपको मालूम है। और अंतत

57
00:04:01,120 --> 00:04:05,280
गत्वा आज वह दिन है जब 2025 हस्तशिल्प

58
00:04:05,280 --> 00:04:09,760
महोत्सव में जो लखनऊ का सतलोक आश्रम का स्टॉल

59
00:04:09,760 --> 00:04:14,160
यहां पर लगता था वो आज यहां पर नहीं लगा हुआ है।

60
00:04:14,160 --> 00:04:18,400
यह हम हिंदुओं की जीत है कि हिंदू विरोधी भावनाओं को प्रचारित

61
00:04:18,400 --> 00:04:22,400
करने वाले हिंदू विरोधी बातों को प्रचारित करने वाले तंत्र का यहां

62
00:04:22,400 --> 00:04:26,560
से सूपड़ा साफ हो चुका है। बल्कि ना केवल हिंदुस्तान

63
00:04:26,560 --> 00:04:31,520
हस्तशिल्प महोत्सव में पूरे लखनऊ में इस समय कहीं भी ऑफिशियली

64
00:04:31,520 --> 00:04:35,520
जो सामने से किसी प्रकार की कोई एक्टिविटी रामपाल की

65
00:04:35,520 --> 00:04:39,520
इस समय नहीं है और याचिका अभी सुनी जा रही है।

66
00:04:39,520 --> 00:04:43,680
बहुत जल्द उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में रामपाल का ये तंत्र

67
00:04:43,680 --> 00:04:48,320
नष्ट होने वाला है। कुछ लोग ये कहते हैं कि अरे

68
00:04:48,320 --> 00:04:52,480
अह क्या कहते हैं? उसके इतने अनुयाई हैं। तुमने क्या उखाड़ लिया? तो

69
00:04:52,480 --> 00:04:57,040
यह बहुत निम्न लेवल के कुतर्क होते हैं। सामने आकर बात नहीं कर पाते हैं।

70
00:04:57,040 --> 00:05:01,120
ऐसे लोगों से मैं पूछूंगा कि भाई तुम्हारे अनुसार यह जो संसार है वो काल

71
00:05:01,120 --> 00:05:05,440
के द्वारा बनाया गया है। आज भी तुम्हारे रामपाल

72
00:05:05,440 --> 00:05:09,840
के कंपैरेटिवली तुम्हारे हिसाब से ही काल के अनुयाई

73
00:05:09,840 --> 00:05:14,000
ज्यादा हैं। तो क्या ये मान लिया जाए कि काल सही है? तो अगर रामपाल से

74
00:05:14,000 --> 00:05:18,000
लोग जुड़ रहे हैं उसकी संख्या ज्यादा हो रही है तो भाई रामपाल जेल में भी तो

75
00:05:18,000 --> 00:05:22,400
है। अगर रामपाल को मानने वाले कुछ दो चार लोग हैं तो रामपाल

76
00:05:22,400 --> 00:05:25,200
को ना मानने वाले लोग भी तो हैं। तो इस आधार

77
00:05:25,200 --> 00:05:30,000
पर तुम अपने आप को कैसे सही सिद्ध कर सकते हो। खैर प्रसन्नता

78
00:05:30,000 --> 00:05:34,160
की बात ये है, बधाई की बात ये है कि आज हम

79
00:05:34,160 --> 00:05:38,240
यहां पर प्रमाण के साथ उपस्थित है। लखनऊ का सतलोक आश्रम

80
00:05:38,240 --> 00:05:42,720
बंद हो चुका है। जो लड़ाई हमने 2023 से शुरू की थी और

81
00:05:42,720 --> 00:05:46,720
इस समय लखनऊ में रामपाल की कोई

82
00:05:46,720 --> 00:05:50,800
भी गतिविधि सक्रिय नहीं है। और इस बात के लिए

83
00:05:50,800 --> 00:05:55,200
केवल मैं ही नहीं हमारी पूरी आह्वान की टीम जिसने पूरी सह हृदय

84
00:05:55,200 --> 00:05:59,200
से साथ दिया। बजरंग दल के वह लोग जो हमेशा साथ में

85
00:05:59,200 --> 00:06:03,680
खड़े रहे और सभी शुभचिंतक, सभी समर्थक जिन्होंने एन-किन

86
00:06:03,680 --> 00:06:07,840
प्रकार अनेक प्रकार से हमारी सहायता करी वो सभी बधाई के पात्र

87
00:06:07,840 --> 00:06:12,000
हैं। और एक बात ध्यान रखना जो आप लोग यह बात कहते हैं ना कि भाई

88
00:06:12,000 --> 00:06:16,000
क्या कहते हैं कि वो उसका यह चल रहा है। उसका वो चल रहा है। वो चल रहा है। वो चल रहा है। कोर्ट में

89
00:06:16,000 --> 00:06:20,480
केस भी चल रहा है। वो होगा। मगर मैं कोई माई का लाल

90
00:06:20,480 --> 00:06:24,720
मैं जहां पर खड़ा हूं मैं जहां पर सोता हूं मैं जहां पर जागता हूं वहां

91
00:06:24,720 --> 00:06:28,880
पर कोई माई का लाल मेरी मां दुर्गा को अपशब्द नहीं कह

92
00:06:28,880 --> 00:06:33,040
सकता मेरे धर्म को मेरे आचार्यों को अपशब्द नहीं कह सकता कोई माई

93
00:06:33,040 --> 00:06:37,120
का लाल ठीक है तो रामपाल यदि तुम कहीं पर

94
00:06:37,120 --> 00:06:40,320
कुछ कर पा रहे हो तो ठीक है जहां पर शिवश नारायण

95
00:06:40,320 --> 00:06:44,400
द्विवेदी है वहां तुम कुछ नहीं कर पा रहे हो ये है जीत

96
00:06:44,400 --> 00:06:48,560
और बाकी कर्मण्यवादी कारस्तेमा फलेश चला जय श्री

97
00:06:48,560 --> 00:06:50,720
रामच

98
00:06:50,720 --> 00:06:56,720
को ब्रह्मचारी

99
00:06:56,960 --> 00:07:02,000
ने कहा है मैंने तो वहां आपो

100
00:07:02,000 --> 00:07:06,400
आपस में ये कह रहे है ना गलत क्यों है [संगीत]

101
00:07:06,400 --> 00:07:11,650
आप इसमें कह रहे हैं आप

102
00:07:11,650 --> 00:07:16,320
[संगीत] मेरा परिचय है शिवा नारायण शंकराचार्य

103
00:07:16,320 --> 00:07:18,850
शंकराचार्य

104
00:07:18,850 --> 00:07:24,850
[संगीत]

105
00:08:42,640 --> 00:08:48,640
जय श्री राम [संगीत]

106
00:08:49,900 --> 00:08:55,900
[संगीत]

107
00:09:12,320 --> 00:09:16,400
ओ माय का लाल मैं जहां मरता हूं मैं जहां मैं

108
00:09:16,400 --> 00:09:20,720
जहां पर जाता हूं वहां माई का लाल मेरी मां

109
00:09:20,720 --> 00:09:24,720
को अब शब्द नहीं कह सकता मेरे धन को मेरे आचार्य को

110
00:09:24,720 --> 00:09:28,720
आप नहीं कह सकते [संगीत]
