1
00:00:04,080 --> 00:00:08,880
शेखर आर्य बोल रहा हूं जी भिवानी से भिवानी से कौन

2
00:00:08,880 --> 00:00:12,960
शेखर आर्य शेखर आर्य बताइए हां

3
00:00:12,960 --> 00:00:16,960
जी आपको निमंत्रण पत्र देना था 30 31 एक दो

4
00:00:16,960 --> 00:00:21,040
तारीख को दिल्ली रोहिणी सेक्टर 10 में कार्यक्रम है आज अंतरराष्ट्रीय

5
00:00:21,040 --> 00:00:26,240
आर्य महासम्मेलन तो उसमें आप

6
00:00:26,240 --> 00:00:30,560
अपने विचार रखना चाहे या डिबेट करना चाहे जिस भी विद्वान भगवान से

7
00:00:30,560 --> 00:00:34,640
आप कर सकते हैं और शायद आपको प्राप्त हो गया हो

8
00:00:34,640 --> 00:00:38,640
आपका निमंत्रण पत्र या ये भेज देगा आपके

9
00:00:38,640 --> 00:00:42,640
पास निमंत्रण पत्र मुझे प्राप्त हुआ है पर

10
00:00:42,640 --> 00:00:47,200
उनको लेकर के उसको लेकर के कुछ सवाल हैं जो

11
00:00:47,200 --> 00:00:53,200
अपेक्षित क्या सवाल है क्या सवाल है जी

12
00:00:53,360 --> 00:00:57,440
सबसे पहली बात तो यह है कि उसमें आयोजक के नाम में लिखा

13
00:00:57,440 --> 00:01:01,680
हुआ है कृतेश पटेल का नाम। अच्छा

14
00:01:01,680 --> 00:01:06,000
जी। कृतेश पटेल ने हमारे साथ गाली

15
00:01:06,000 --> 00:01:10,160
गलौज इत्यादि के रूप में बहुत सारी ऐसी चीजें की हैं जिसके कारण हमने उसको

16
00:01:10,160 --> 00:01:14,240
ब्लैक लिस्ट कर रखा है व्यक्ति को। उसने हमें बहुत कहा कि भाई चर्चा

17
00:01:14,240 --> 00:01:18,240
में आ जाओ। तो हमने उससे कहा कि आप क्षमा मांग लो। आपने जो

18
00:01:18,240 --> 00:01:19,360
तुम्हारा यह कर देंगे,

19
00:01:19,360 --> 00:01:23,440
परंपरा के चितचड़े उड़ा देंगे। उससे उस व्यक्ति से

20
00:01:23,440 --> 00:01:27,760
डायरेक्टली टेलीग्राम पर किसी समय हमारी बात हो रही थी। चर्चा

21
00:01:27,760 --> 00:01:31,920
में आने के संबंध में जब चर्चा में आने के संबंध में बात

22
00:01:31,920 --> 00:01:36,000
हो रही थी तो उसने अपने मन मुताबिक कुछ नियम बताए कि

23
00:01:36,000 --> 00:01:40,400
ये ऐसे ऐसे नियम रहेगा। हमें वो नियम पसंद नहीं आए कि नहीं

24
00:01:40,400 --> 00:01:44,560
उसने कहा कि एक व्यक्ति को इतना मिनट मिलेगा बात करने का।

25
00:01:44,560 --> 00:01:48,800
तो हमें लगा नहीं भाई बात करने का ये मिनट इतना तय

26
00:01:48,800 --> 00:01:52,800
मत करिए। वो उचित नहीं लगा। हमने कहा कि नहीं अधिक टाइम रखिए एक

27
00:01:52,800 --> 00:01:57,200
व्यक्ति के बोलने का। तो इस बात को लेकर के

28
00:01:57,200 --> 00:02:01,360
असहमति हुई। असहमति होते ही वह ऐसे

29
00:02:01,360 --> 00:02:06,080
बोलने लगा कि चीथड़े उड़ा देंगे। यह है वह है। यह सब चीजें वह करने लगा।

30
00:02:06,080 --> 00:02:10,080
तो फिर हमने फिर हटे वहां से दूर और हटे तो फिर उसने दूसरे दिन और

31
00:02:10,080 --> 00:02:14,080
ज्यादा अभद्र शैली में बहुत सी बातें। फिर उसके बारे में हमें पता लगा कि

32
00:02:14,080 --> 00:02:18,160
उसने जो है गालियां तक दी हुई है आदि शंकराचार्य जी को ट्वीट ट्वीट के माध्यम

33
00:02:18,160 --> 00:02:22,160
से और हम लोगों को बहुत मतलब द्वेष भावना से

34
00:02:22,160 --> 00:02:26,720
और बहुत गाली पूर्वक बातें करता है। तो कुल मिलाकर के मैंने एक वीडियो जारी करके

35
00:02:26,720 --> 00:02:30,800
कह दिया कि भाई देखो अ मर्यादा का

36
00:02:30,800 --> 00:02:34,560
उल्लंघन करने वाले के साथ चर्चा नहीं होती

37
00:02:34,560 --> 00:02:38,720
है। युद्ध होता है। हम्म हम्म आप इतनी सीमा तो आपको हम

38
00:02:38,720 --> 00:02:42,720
कितने भी विरोधी हों मगर यदि हमें वाद संवाद का स्थान

39
00:02:42,720 --> 00:02:46,800
रखना है अपने बीच में तो कुछ तो मर्यादा का पालन करना पड़ेगा

40
00:02:46,800 --> 00:02:50,800
एक दूसरे के प्रति हां है ना कि मैं तू तड़ाक

41
00:02:50,800 --> 00:02:54,960
करूं अभी जैसे वाद संवाद करना है और मैं वहां भी आज भी जाऊं

42
00:02:54,960 --> 00:02:59,120
वहां पर दयानंद जी के लिए जो है तू तड़ाक की शैली में बात करने लगूं तो वो क्या आप

43
00:02:59,120 --> 00:03:03,200
लोगों को स्वीकार होगा एक मर्यादा का पालन तो आपको भी करना

44
00:03:03,200 --> 00:03:07,360
पड़ेगा और हमें भी करना पड़ेगा तो उसने उस मर्यादा को लांगा तो उस व्यक्ति

45
00:03:07,360 --> 00:03:11,440
को हमने ब्लैक लिस्ट कर दिया कि भैया इसके साथ हम चर्चा करेंगे। इसके साथ मंच साझा नहीं

46
00:03:11,440 --> 00:03:15,440
करेंगे। अब वह व्यक्ति इस आयोजन का

47
00:03:15,440 --> 00:03:19,920
इस कार्यक्रम का आयोजक है मुख्य। ठीक है?

48
00:03:19,920 --> 00:03:23,920
पहली बात। दूसरी बात यह है कि इस कार्यक्रम का

49
00:03:23,920 --> 00:03:27,920
एक आयोजक जो है मोहित गॉड भी है। यद्यपि मोहित

50
00:03:27,920 --> 00:03:32,880
गॉड ने प्रत्यक्ष रूप से हम पर कोई वो नहीं किया था आघात।

51
00:03:32,880 --> 00:03:36,960
परंतु उसको शायद यह लगा कि मैं उसे जानता हूं जबकि मैं उसे जानता

52
00:03:36,960 --> 00:03:40,960
नहीं था और मैं उसे जानता हूं के चक्कर में ही उसको यह लगा कि मैं

53
00:03:40,960 --> 00:03:45,200
उससे बात नहीं करना चाहता। कुल खैर कुल मिलाकर के

54
00:03:45,200 --> 00:03:49,600
वो एक ऐसी चर्चा से जुड़ा था जाकर के उसने मंच साझा किया था

55
00:03:49,600 --> 00:03:53,600
जहां पर मेरे ऊपर व्यक्तिगत प्रहार ही नहीं किए गए। सिद्धांतिक प्रहार

56
00:03:53,600 --> 00:03:57,840
नहीं थे। व्यक्तिगत कि भैया यह ऐसे रहता था। पहले यह जींस पहनता

57
00:03:57,840 --> 00:04:02,880
था। यह टपोरी था यह छपरी था। यह था यह वह था।

58
00:04:02,880 --> 00:04:07,280
ठीक है और उसमें समर्थन पूर्वक सहमति

59
00:04:07,280 --> 00:04:11,600
पूर्वक ये मोहित गड और यह जो कृतेश पटेल ये दोनों लोग शामिल

60
00:04:11,600 --> 00:04:15,760
थे उस चर्चा में यहां तक कि मेरे ख्याल से इसमें आर्यवीरा

61
00:04:15,760 --> 00:04:20,480
भी एक वो है वक्ता वो आर्यवीरा के ही चैनल पर हुआ था हम्म

62
00:04:20,480 --> 00:04:24,560
और मुझे तो मुझे मेरे छोटे भाई छोटे भाई के साथ

63
00:04:24,560 --> 00:04:28,640
अगर कोई लड़की खड़ी है तो वो और मेरी पत्नी हर बात का

64
00:04:28,640 --> 00:04:32,640
वहां पर मजाक उड़ाया गया सार्वजनिक रूप से और वो वो लोग डायरेक्टली

65
00:04:32,640 --> 00:04:36,720
यहां पर जुड़े हुए हैं। चलिए मोहित गड ने मैंने पूरी चर्चा आज तक सुनी

66
00:04:36,720 --> 00:04:40,880
नहीं है। वह समर्थन पूर्वक गया था और जो है उसने

67
00:04:40,880 --> 00:04:45,040
मोहित गॉड ने डायरेक्टली मुझे कुछ नहीं कहा। तो मैं यह सोच सकता हूं

68
00:04:45,040 --> 00:04:49,280
कि मोहित गॉड से आगे चलकर के भविष्य में कहीं ना कहीं साथ में बैठकर

69
00:04:49,280 --> 00:04:53,360
के चर्चा हो सकती है। क्योंकि मोहित गॉड की तरफ से यह

70
00:04:53,360 --> 00:04:57,520
भी आया था कि वह जब चर्चा होगी तब माफ़ी मांग लेगा। तो मोहित गड

71
00:04:57,520 --> 00:05:01,680
को तो इस इसका वो दिया जा सकता है। क्या

72
00:05:01,680 --> 00:05:04,640
कहते हैं इसको छूट दी

73
00:05:04,640 --> 00:05:08,880
सार सकती है कि भाई उसने डायरेक्ट कुछ किया नहीं है। वो बंदा यह भी कह रहा है कि हम जब चर्चा

74
00:05:08,880 --> 00:05:13,040
होगी तो हम क्षमा भी मांग लेंगे और वो उस वहां से

75
00:05:13,040 --> 00:05:17,040
दूर हो गया। अब मगर मोहित गॉड एक

76
00:05:17,040 --> 00:05:21,920
बात यह कहता है कि मैं आर्य समाज नहीं हूं।

77
00:05:21,920 --> 00:05:25,920
कृतेश पटेल के लिए भी जब हमने जो हमें पूर्व में जो लेटर

78
00:05:25,920 --> 00:05:30,240
इत्यादि आए थे पत्राचार हुआ था आर्य समाज के साथ तो आर्य समाज

79
00:05:30,240 --> 00:05:34,320
ने कृतेश पटेल की ओर से ही लेटर वगैरह आए थे तो पहले मुझसे एक व्यक्ति

80
00:05:34,320 --> 00:05:38,320
ने ऑन कॉल ये कह दिया था कि कृतेश पटेल

81
00:05:38,320 --> 00:05:42,640
हमारी संस्था के कोई पदाधिकारी हैं जो वो रिसीव हुआ चैनल चलाते

82
00:05:42,640 --> 00:05:46,720
हैं। ठीक है। परंतु जब मैंने लिखित रूप

83
00:05:46,720 --> 00:05:50,720
में उनको कहा कि आप कृतेश पटेल आपकी संस्था का पदाधिकारी है जो

84
00:05:50,720 --> 00:05:55,120
ऋषिवाच नामक ऋषिवाच मैंने कहा था ऋषिवाच जो चैनल चलाता है

85
00:05:55,120 --> 00:05:59,280
और उसने इतनी सब अभद्र चीजें कही हैं तो आप पहले क्षमा मांगिए फिर

86
00:05:59,280 --> 00:06:03,280
आपके साथ जो है वो होगा जब आपकी संस्था का व्यक्ति है तो तो आपको क्षमा

87
00:06:03,280 --> 00:06:07,280
मांगनी चाहिए उसकी ओर से तो आपकी संस्था ही यह लिख देती है

88
00:06:07,280 --> 00:06:11,440
कि हम किसी ऋषिवाज नाम के चैनल को जानते

89
00:06:11,440 --> 00:06:15,520
ही नहीं है यानी कि फोन पर आप कह रहे हो कि जानते

90
00:06:15,520 --> 00:06:19,680
हैं मगर लिखित रूप से आप उसको अस्वीकार कर रहे हो। फोन

91
00:06:19,680 --> 00:06:23,760
पर आप कह रहे हो कि हम जो है क्या कहते हैं

92
00:06:23,760 --> 00:06:27,840
हम वह चैनल हमारा ही है। हम ही लोग संचालित करते हैं और लिखित रूप से

93
00:06:27,840 --> 00:06:32,000
आपने मना कर दिया तो इसको धोखाधड़ी कहते हैं। अब धोखाधड़ी जब

94
00:06:32,000 --> 00:06:36,160
एक बार हो चुकी है। फिर आज जब आपने मना कर चुके हो पूर्व में

95
00:06:36,160 --> 00:06:40,160
कि हम उसे जानते नहीं है। वह चैनल हम नहीं चला रहे हैं। आज वह आपके यहां

96
00:06:40,160 --> 00:06:44,320
पर ऑफिशियली जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। तो यह एक ऑफेंसिव चीज नजर आ रही है।

97
00:06:44,320 --> 00:06:48,480
अपराधिक दिख रही है। जो व्यक्ति कह रहा है मैं आर्य समाज नहीं हूं। वही आयोजक

98
00:06:48,480 --> 00:06:52,800
बन करके उसमें लिखा हुआ है कि आर्य समाज जी तो इसमें

99
00:06:52,800 --> 00:06:57,120
आप एक षड्यंत्र का जैसा भी दिखाई दे रहा है कि आप अपनी बातों को बार-बार

100
00:06:57,120 --> 00:07:01,280
बदल रहे हैं। और दूसरी बात सुभाष जी

101
00:07:01,280 --> 00:07:05,360
मैं पूरी कर लूं मैं बात पूरी कर लूं। और

102
00:07:05,360 --> 00:07:09,600
षड्यंत्र भी दिख रहा है कि आप बार-बार जो है अपनी बातों को बदल रहे हैं। दूसरी

103
00:07:09,600 --> 00:07:13,680
बात मेरे द्वारा ब्लैक लिस्टेड व्यक्ति वहां पर मौजूद है जो उसका ऐसा नहीं

104
00:07:13,680 --> 00:07:17,920
है कोई साइड का रोल निभाने वाला व्यक्ति वो आयोजक है। तीसरी बात जो व्यक्ति

105
00:07:17,920 --> 00:07:22,000
स्वयं ही अपने वक्तव्य दे चुका है कि मैं आर्य समाजी नहीं हूं। अब वह साहब कोई

106
00:07:22,000 --> 00:07:26,240
जलसा हो रहा है तो उसमें वह आहार समाधि संयोजक के रूप में वहां पर गिना जा रहा है।

107
00:07:26,240 --> 00:07:30,480
तो इस प्रकार से किस कैसे हम विश्वास धारण

108
00:07:30,480 --> 00:07:34,800
पूर्वक जो है ऐसा सोचे कि हम वहां पर जो है

109
00:07:34,800 --> 00:07:39,040
सहजता के साथ आएंगे और जाएंगे। अब इसके साथ ही साथ कार्यक्रम को

110
00:07:39,040 --> 00:07:43,120
लेकर के भी कुछ सवाल है। जैसे कि उन्होंने कहा कि आपकी आर्य समाज के

111
00:07:43,120 --> 00:07:47,280
विद्वानों के साथ चर्चा होगी। तो उसका जो प्रारूप है वह

112
00:07:47,280 --> 00:07:51,520
मुझे स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि क्या प्रारूप

113
00:07:51,520 --> 00:07:55,680
होगा। मैं वहां जाकर के पूरे दिन बैठूंगा या किस

114
00:07:55,680 --> 00:07:59,680
समय से किस समय के बीच में जिस चीज के लिए मैं जा

115
00:07:59,680 --> 00:08:03,840
रहा हूं वो चीज मुझे प्राप्त होगी। यह सब प्रारूप बिल्कुल भी नहीं प्राप्त

116
00:08:03,840 --> 00:08:07,920
है। दूसरी बात आर्य समाज के विद्वान के साथ होगी तो क्या वो आर्य समाज का

117
00:08:07,920 --> 00:08:12,000
विद्वान यही है, मोहित गॉड है या ऋषि उवाच्य

118
00:08:12,000 --> 00:08:16,160
ही है? या कोई और है? किसके साथ होगी? देखो। नहीं

119
00:08:16,160 --> 00:08:20,240
नहीं। आप बोल बता देना। मैं मैं अपनी बात जब खत्म करूंगा ना, तो आपके

120
00:08:20,240 --> 00:08:24,560
लिए स्पेस छोडूंगा उसमें कि आप इन पर तो मोहित गॉड

121
00:08:24,560 --> 00:08:28,880
है तो फिर बात उसमें आती क्या मोहित गॉड ने ऑफिशियली यह एडमिट

122
00:08:28,880 --> 00:08:32,960
कर लिया है कि मैं आर्य समाजी हूं। है ना? जब आर्य समाजी विद्वान

123
00:08:32,960 --> 00:08:37,040
के रूप में वहां वो मिलने वाले हैं वह लोग तो उसने तो पहले कहा मैं आर्य समाजी नहीं

124
00:08:37,040 --> 00:08:41,120
हूं। तो यह चीज क्लियर हो या ऋषिवाज के साथ होगी

125
00:08:41,120 --> 00:08:45,120
तो उसने क्या मान लिया है? तो क्या तब संस्था ने झूठ बोला था? यह सारी

126
00:08:45,120 --> 00:08:49,840
बातें इस इन सब बात इन सब विषयों में तो स्पष्टीकरण चाहिए।

127
00:08:49,840 --> 00:08:53,840
दूसरी बात यह है कि चलो इन सब का एक संतुष्टिजनक स्पष्टीकरण

128
00:08:53,840 --> 00:08:58,000
यदि प्राप्त हो जाता है। उसके बाद में यह बात आती है

129
00:08:58,000 --> 00:09:02,000
कि यदि ऋषिवाच तो ब्लैक लिस्टेड है। वो जब तक माफी नहीं मांग लेगा उसके साथ तो मैं

130
00:09:02,000 --> 00:09:06,080
मन साझा नहीं कर सकता। मगर यदि मोहित गॉड के

131
00:09:06,080 --> 00:09:10,400
रूप में ये जो स्पष्टीकरण है ये प्राप्त हो जाते तो मोहित गड से

132
00:09:10,400 --> 00:09:14,640
मुझे चर्चा करने में कोई आपत्ति नहीं है या ऐसा कोई व्यक्ति जिसको

133
00:09:14,640 --> 00:09:20,000
मैंने ब्लैक लिस्ट नहीं किया है उसके साथ चर्चा करने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है परंतु

134
00:09:20,000 --> 00:09:24,000
यदि मैं आर्य समाज का विरोधी हूं आर्य समाज का समर्थक नहीं हूं आर्य

135
00:09:24,000 --> 00:09:28,080
समाज की विचारधारा का मैं समर्थक नहीं हूं बल्कि विरोधी हूं तो

136
00:09:28,080 --> 00:09:32,080
मैं उस अह कार्यक्रम में कार्यक्रम को

137
00:09:32,080 --> 00:09:36,400
प्रोत्साहन क्यों क्यों दूं जो कार्यक्रम आर्य समाज की प्रसिद्धि के लिए आयोजित

138
00:09:36,400 --> 00:09:40,480
हो रहा है। भाई आप न्यूट्रल रूप से एक चर्चा रखते कि भैया उस

139
00:09:40,480 --> 00:09:44,560
चर्चा उस कार्य उस कार्यक्रम का उद्देश्य ही है दो विपरीत

140
00:09:44,560 --> 00:09:48,720
विचारधाराओं के बीच में संवाद हो। वो तो ठीक है। मगर

141
00:09:48,720 --> 00:09:52,800
आपका तो वो जलसा है। 150 वर्षगांठ है। हमारे हिसाब से तो वो होना ही नहीं

142
00:09:52,800 --> 00:09:56,880
चाहिए था। उसका मूल आधार ही गलत है। तो हम वहां जा करके

143
00:09:56,880 --> 00:10:00,960
उसकी 150 वर्षगांठ में अपना योगदान दें। वहां समर्थन

144
00:10:00,960 --> 00:10:04,960
करें। फिर वह प्रारूप भी नहीं है कि हम वहां कितने अंश में जाएंगे, कितने

145
00:10:04,960 --> 00:10:09,360
में नहीं जाएंगे। यद्यपि तो जाना ही नहीं चाहिए। मगर आपकी ओर से तो वह स्पष्टीकरण

146
00:10:09,360 --> 00:10:13,760
है ही नहीं। मगर यदि मैं जाऊंगा अभी तो किसी न्यूट्रल कार्यक्रम में जाऊंगा

147
00:10:13,760 --> 00:10:17,920
ना कि उसके महिमा आर्य समाज की महिमा मंडल

148
00:10:17,920 --> 00:10:22,400
में जो कार्यक्रम आयोजित हो रहा होगा उसमें जाऊंगा। भाई एक सिंपल

149
00:10:22,400 --> 00:10:26,480
सिंपल एक डिबेट या जो भी है चर्चा है या आप उसको शास्त्रार्थ

150
00:10:26,480 --> 00:10:30,640
कहते हो। तो आप उस रूप में उस कार्यक्रम को जब रखेंगे

151
00:10:30,640 --> 00:10:34,640
तो मैं वहां पहुंचूंगा ना। जब जब मैं आर्य समाज को मानता नहीं

152
00:10:34,640 --> 00:10:38,720
हूं कि वह उचित है उसका होना तो उसके महिमा मंडन में निमित्त

153
00:10:38,720 --> 00:10:43,200
बनने के लिए मैं वहां क्यों पहुंचूंगा? तो यह जब सारा स्पष्टीकरण

154
00:10:43,200 --> 00:10:47,200
हो जाएगा तब ऋषिवाद जैसे ब्लैक लिस्टेड लोगों को छोड़ के मेरा

155
00:10:47,200 --> 00:10:51,280
यह कहना होगा कि आप न्यूट्रल कार्यक्रम आयोजित करें। जिसका

156
00:10:51,280 --> 00:10:54,160
उद्देश्य जिसका

157
00:10:54,160 --> 00:10:58,160
जिसका जिसका उद्देश्य केवल चर्चा होगा उसमें मैं आपके

158
00:10:58,160 --> 00:11:02,240
विद्वानों के साथ चर्चा कर सकूंगा। मैं महिमा मंडन सुनने और करने तो

159
00:11:02,240 --> 00:11:06,320
नहीं आऊंगा ना वहां पर। आर्य समाज का अब बताइए। अब मेरी बात

160
00:11:06,320 --> 00:11:10,320
सुनो देखो जी आप ये कह रहे हैं कि एक बात

161
00:11:10,320 --> 00:11:14,320
मैं बता दूं। मैं यह जो चर्चा है ना तो अपने जवाब के रूप में सार्वजनिक कर

162
00:11:14,320 --> 00:11:18,480
दूंगा जो आपसे कर रहा हूं। तो मुझे अलग से मेहनत नहीं करनी पड़ेगी लिखने की या वो

163
00:11:18,480 --> 00:11:20,080
करने की। ठीक है ना? अच्छा

164
00:11:20,080 --> 00:11:24,160
जी हां तो मैं ये कह रहा हूं कि जब आप ये कह रहे हैं कि

165
00:11:24,160 --> 00:11:28,160
महिमा मंडन के लिए मैं क्यों जाऊं यहां पे कार्यक्रम में क्यों आऊं तो

166
00:11:28,160 --> 00:11:32,240
आप बिना बुलाए या बिना किसी को बताए आर्य समाज में चले जाते हैं

167
00:11:32,240 --> 00:11:36,240
वहां पर डिबेट करने लग जाते हैं। तो मैं किसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने

168
00:11:36,240 --> 00:11:40,400
थोड़ी ना जा रहा हूं। सुनो तो एक बात तो ये दूसरी बात

169
00:11:40,400 --> 00:11:44,720
जब आप आर्य समाज के पुरोहित से जो आप चर्चा करते

170
00:11:44,720 --> 00:11:48,880
हैं, किसी विशिष्ट विद्वान से या आधिकारिक विद्वान से आप उसी

171
00:11:48,880 --> 00:11:53,040
विषय में चर्चा कर सकते हैं इसी कार्यक्रम में तो कोई परेशानी

172
00:11:53,040 --> 00:11:57,120
तो नहीं होनी चाहिए आपको? मैंने अपनी परेशानी बता दी ना? मैं

173
00:11:57,120 --> 00:12:01,120
जब किसी आर्य समाज के मंदिर में जाता हूं एक मिनट। मैं जब आर्य

174
00:12:01,120 --> 00:12:05,280
समाज के किसी मंदिर में जाता हूं, किसी पुरोहित के साथ चर्चा करता हूं तो मेरा उसके

175
00:12:05,280 --> 00:12:09,680
साथ चर्चा करना कार्यक्रम का अंग नहीं होता है। अगर वहां कार्यक्रम

176
00:12:09,680 --> 00:12:13,920
है भी तब भी वो कार्यक्रम का अंग नहीं होता है। वह अलग से ही होता है।

177
00:12:13,920 --> 00:12:18,000
मगर यहां पर मेरी चर्चा मेरा वहां पर मेरी उपस्थिति कार्यक्रम का एक अंग

178
00:12:18,000 --> 00:12:22,080
होगी। यानी कि मैं वहां पर एन केन प्रकारेन वहां खड़ा ही

179
00:12:22,080 --> 00:12:26,400
हुआ। उस उसमें निमित्त बना जो जिसका मैं विरोधी हूं जिस विचारधारा

180
00:12:26,400 --> 00:12:30,400
का तो मैं ऐसे निमित्त तो नहीं बनूंगा। महिमा मंडन में आर्य

181
00:12:30,400 --> 00:12:34,560
समाज के भाई जब मैं उसके अस्तित्व को ही नकार रहा हूं। पूरे

182
00:12:34,560 --> 00:12:35,120
उसकी जड़

183
00:12:35,120 --> 00:12:39,120
से उसको जो है उसकी जड़े ही बिल्कुल विपरीत अर्थक है। मैं उसका

184
00:12:39,120 --> 00:12:43,120
महिमा मंडन सुनने क्यों जाऊं या कहने क्यों जाऊं या जहां पर कहा जा रहा

185
00:12:43,120 --> 00:12:47,680
है उसका भागीदार क्यों बनूं? ये बात है ना।

186
00:12:47,680 --> 00:12:51,760
आप समझ के देखिए। देखो आपको कृतेश पटेल से

187
00:12:51,760 --> 00:12:55,760
आपको कोई परेशानी हो सकती है। वह भी भविष्य में जाके क्या पता

188
00:12:55,760 --> 00:12:59,840
क्षमा मांग ले और बातें सब ठीक हो जाए। नहीं तो वो भविष्य में वो भविष्य

189
00:12:59,840 --> 00:13:04,080
में मांगेगा तो उस तब तक में उसके आपकी मां को किसी ने गाली दी है

190
00:13:04,080 --> 00:13:08,080
और फिर उसी पक्ष से आपको लेटर आ जाए कि आप आ करके यहां पर अमुक अमुक

191
00:13:08,080 --> 00:13:12,320
चीजों पर चर्चा करो। वहां पर वो आयोजक के रूप में सम्मानित हो रहा हो। उसी

192
00:13:12,320 --> 00:13:16,560
मंच पर वो सम्मानित हो रहा हो और आपकी मां को उसने गाली दी हो तो आप जाओगे

193
00:13:16,560 --> 00:13:20,640
उसके साथ क्या मंच साझा करने के लिए? देखो ना

194
00:13:20,640 --> 00:13:24,640
तो वहां पर कृतेश पटेल होगा। आप अग्निवर्त जी से या मु

195
00:13:24,640 --> 00:13:29,040
सत्यजीत जी से या जो भी आप विद्वान से आप कृतेश

196
00:13:29,040 --> 00:13:33,360
पटेल अगर कृतेश पटेल के द्वारा किए गए कृत्यों के लिए क्षमा

197
00:13:33,360 --> 00:13:37,360
पूर्वक स्पष्टीकरण अगर देता है तब मैं विचार कर कर सकता

198
00:13:37,360 --> 00:13:41,520
हूं कि महिमा मंडन हो रहा है जिस कार्यक्रम

199
00:13:41,520 --> 00:13:45,600
में उस कार्यक्रम में भी मैं जा सकता हूं कि नहीं वह भी तब जब रूपरेखा बिल्कुल

200
00:13:45,600 --> 00:13:49,680
फिक्स हो जहां पर मुझे बैठकर के महिमागान ना सुनना पड़े मैं जाऊं मुझे

201
00:13:49,680 --> 00:13:50,180
तुरंत समय

202
00:13:50,160 --> 00:13:54,160
मिले उसके बाद में वहां से हट जाऊं तब मैं इस चीज पर विचार कर सकता

203
00:13:54,160 --> 00:13:58,240
हूं। अभी तो विचार करने योग्य भी स्थितियां नहीं है। क्योंकि जिनका आप नाम

204
00:13:58,240 --> 00:14:02,240
लिख रहे हो आर्य समाज ही नहीं है। वह कहते घूमते मैं आर्य समाज नहीं हूं। फिर आप कह रहे हो मैं आर्य

205
00:14:02,240 --> 00:14:06,240
समाजी हूं। तो ये तो धोखाधड़ी है ना समाज के साथ। आप

206
00:14:06,240 --> 00:14:10,560
देखो मैं मोहित गौर का वीडियो आपको भेज दूंगा। वो कह रहा है मैं आर्य समाज ही नहीं हूं। अरे वो अंकुर

207
00:14:10,560 --> 00:14:14,800
आर्य कह चुका है मैं आर्य समाज नहीं हूं। मतलब ये कौन सी बात है कि आप

208
00:14:14,800 --> 00:14:18,960
समय आने पर कह देते हो मैं आर्य समाजी नहीं हूं। जिससे कि आर्य समाज के उन

209
00:14:18,960 --> 00:14:23,280
सिद्धांतों की सीमा में रहकर आपको जवाब ना देना पड़ जाए, जो सिद्धांत

210
00:14:23,280 --> 00:14:27,440
कहीं ना कहीं प्रश्न चिन्हवाचक हैं। इसीलिए आदमी

211
00:14:27,440 --> 00:14:31,520
कह देता है मैं आर्य समाजी नहीं हूं। हम कहते हैं कि दयानंद जी तो यह कह गए

212
00:14:31,520 --> 00:14:35,680
हैं। अरे मैं आर्य समाजी हूं क्या? मुझसे क्यों पूछ रहे हो? लो और फिर वक्त आने पर आर्य

213
00:14:35,680 --> 00:14:39,920
समाजी बन गए। मतलब जीते तो कौन जीते? आर्य समाज। हारे तो कौन

214
00:14:39,920 --> 00:14:44,160
हारे? वो व्यक्ति। यह बात है। अंत

215
00:14:44,160 --> 00:14:48,320
में तो यही निष्कर्ष निकाला जा सकता है शिवा जी कि आप

216
00:14:48,320 --> 00:14:52,720
विरोध भी करेंगे और आप मतलब वो

217
00:14:52,720 --> 00:14:56,720
स्थिति स्पष्ट नहीं करना चाहते। मैंने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

218
00:14:56,720 --> 00:15:01,040
मैंने अभी मैंने अभी परिव्राजक जी को फोन लगाया था। सुनिए

219
00:15:01,040 --> 00:15:05,200
गुजरात के परिव्राजक जी हैं जो स्वामी जी। विवेकानंद जी

220
00:15:05,200 --> 00:15:09,200
हां हां हां उनको फोन लगाया था कुछ दिनों पूर्व। उनसे मैंने कहा था

221
00:15:09,200 --> 00:15:13,440
कि ऑनलाइन चर्चा कर लीजिए। आप बहुत बढ़िया तरीके से पक्ष रखते हैं। आर्य समाज का

222
00:15:13,440 --> 00:15:17,520
दार्शनिक पक्ष बहुत अच्छा अच्छे से रखते हैं। तो आप जो है मेरे

223
00:15:17,520 --> 00:15:21,680
प्रश्नों का उत्तर देते हुए चर्चा कर लेते हैं। तो उनकी ओर से जवाब आया

224
00:15:21,680 --> 00:15:25,680
कि आप जब गुजरात आइएगा तो मिल लीजिएगा तो मैं फिर उसमें हूं उद्देश्य

225
00:15:25,680 --> 00:15:29,680
में कि मैं किसी समय गुजरात जाऊंगा तो उनसे मिल लूंगा। उनके साथ वह चर्चा कर

226
00:15:29,680 --> 00:15:33,760
लूंगा। या फिर मैंने जो है योगेश भारद्वाज जी को भी फोन लगाया है।

227
00:15:33,760 --> 00:15:37,920
मैंने वहां पर भी संपर्क किया। मुजफ्फरनगर है कि पुर मुझे नीम ज्ञात है।

228
00:15:37,920 --> 00:15:42,000
अगर मेरा मतलब ऐसा होता कि भैया मुझे किसी से सामना करना ही नहीं है आपके

229
00:15:42,000 --> 00:15:46,000
यहां के किसी विद्वान से तो मैं इनको क्यों फोन लगाता? मैं आप पता करके देखिए

230
00:15:46,000 --> 00:15:50,160
मेरी ओर से दोनों जगह फोन गया है। और मैंने सच्चिदानंद स्वामी को भी फोन

231
00:15:50,160 --> 00:15:54,240
लगा चुका हूं। सच्चिदानंद जी को भी फोन लगाया था और मैंने पूछा

232
00:15:54,240 --> 00:15:58,240
था तो उन्होंने कहा हमें आपसे चर्चा करनी ही नहीं है। उन्होंने यह कह

233
00:15:58,240 --> 00:16:00,480
दिया।

234
00:16:00,480 --> 00:16:04,560
तो ऐसा नहीं है कि चर्चा नहीं करनी है। मगर अगर मैं आज अपने

235
00:16:04,560 --> 00:16:08,560
सिद्धांतों के साथ समझौता कर लूंगा तो मैं दोगला

236
00:16:08,560 --> 00:16:12,640
कहलाऊंगा। अब सामने वाले को दोगला कहलाने पर आपत्ति नहीं है। तो

237
00:16:12,640 --> 00:16:16,640
उससे मुझे कोई सरोकार नहीं है। परंतु मैं अपने सिद्धांत की तो रक्षा

238
00:16:16,640 --> 00:16:20,400
करूंगा। जब मैंने कह दिया कि कृतेश पटेल जब तक माफी नहीं

239
00:16:20,400 --> 00:16:24,480
मांगेगा, उसके साथ में मंच साझा नहीं करूंगा, तो मैं आज कैसे

240
00:16:24,480 --> 00:16:28,560
मंच साझा करने चला जाऊं। तो लोग यह नहीं कहेंगे कहने

241
00:16:28,560 --> 00:16:32,560
वाले कि भैया यह एक एक बात का नहीं है। रामो दुरना भाषते को नहीं मानता।

242
00:16:32,560 --> 00:16:36,640
यह यह राम जी का अनुसरण नहीं करता। राम जी का अनुकरण नहीं

243
00:16:36,640 --> 00:16:40,720
करता। मुझे तो इस बात की चिंता है ना सत्य प्रतिज्ञ

244
00:16:40,720 --> 00:16:44,800
होने की। और आज लोग यह कहेंगे

245
00:16:44,800 --> 00:16:49,040
कि बड़ा कार्यक्रम था तो चला गया। इसने अपनी बात को पलट दिया। अपनी

246
00:16:49,040 --> 00:16:53,040
बात से पलट गया। ये बड़े बड़ा कार्यक्रम है तो इसलिए तो ऐसा नहीं

247
00:16:53,040 --> 00:16:57,040
है मेरी मर्यादा है। मैंने जब उसको ब्लैक लिस्ट किया है तो जिस मंच

248
00:16:57,040 --> 00:17:01,280
पे वो होगा उसको सम्मान दिया जा रहा होगा। मैं वहां नहीं जाऊंगा।

249
00:17:01,280 --> 00:17:05,520
आर्य समाज को चाहिए कि उसके द्वारा दी गई जो अश्लील गालियां है उसके

250
00:17:05,520 --> 00:17:10,240
लिए उसके तरफ से क्षमा पूर्वक वक्तव्य निर्गत करें।

251
00:17:10,240 --> 00:17:14,320
जिससे वह सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। कम से कम उस कमेटी से तो करें

252
00:17:14,320 --> 00:17:18,320
और क्या कहते हैं? उसको कुछ दिनों का कम से कम

253
00:17:18,320 --> 00:17:22,480
अपने यहां से विराम दें। इसको प्रतिबंध किया प्रतिबंधित किया जाता है आर्य समाज की

254
00:17:22,480 --> 00:17:26,800
ओर से उसके कितने अश्लील अश्लील वक्तव्य है आदि शंकराचार्य

255
00:17:26,800 --> 00:17:31,520
जी को लेकर के ट्वीट है गंदे गंदे बहुत

256
00:17:31,520 --> 00:17:35,520
भीषण उसने तब वो किया है और तो और मेरे सामने प्रत्यक्ष रूप से

257
00:17:35,520 --> 00:17:39,680
बात करते समय उसने चीथड़े उड़ा देंगे यह निकल जाएगा वो निकल जाएगा

258
00:17:39,680 --> 00:17:44,080
ये सब बातें की देखो शिवश जी अब

259
00:17:44,080 --> 00:17:48,160
विवेकानंद परिवराजक योगेश भारद्वाज सच्चिदानंद

260
00:17:48,160 --> 00:17:52,240
जी और अग्निवर्त जी और सारे विद्वान एक ही स्टेज पर हैं

261
00:17:52,240 --> 00:17:56,480
और मैं प्रयास करूंगा कि वहां पर कृतेश पटेल न हो ना वह संयोजक

262
00:17:56,480 --> 00:18:00,560
करेगा उस वो एक मतलब अलग-अलग पार्टीशन है होल बना रखे

263
00:18:00,560 --> 00:18:04,880
हैं। उस एक होल में वो कृतेश पटेल है जो वो संयोजक है।

264
00:18:04,880 --> 00:18:09,040
बाकी अन्य जो हॉल है उसमें और संयोजक हो सकते हैं और

265
00:18:09,040 --> 00:18:13,360
मैं खुद अपने से आप जो है मैंने जो चीजें आपको कही

266
00:18:13,360 --> 00:18:17,600
है मुझे लगता है कि आपने धैर्य पूर्वक और संतोष पूर्वक

267
00:18:17,600 --> 00:18:21,680
समझा है मेरी चीजों को आप ये जो आप मुझे बता रहे हैं यही चीजें

268
00:18:21,680 --> 00:18:25,680
आप जैसे आपने पहले लेटर भेजा है। आप ऐसे ही लेटर भिजवाइए। मोहित

269
00:18:25,680 --> 00:18:30,000
गौर की स्थिति सही स्थिति जो है वो करिए। कार्यक्रम

270
00:18:30,000 --> 00:18:34,160
की जो आप जैसे अभी वस्तु स्थिति बता रहे हैं कार्यक्रम ऐसे हो सकता है कि हॉल

271
00:18:34,160 --> 00:18:38,160
अलग-अलग होंगे तो वो चीजें स्पष्ट करिए। मोहित गौड की स्थिति स्पष्ट

272
00:18:38,160 --> 00:18:42,560
करिए। मेरी चर्चा किससे होगी स्पष्ट करिए और जो

273
00:18:42,560 --> 00:18:46,800
क्या कहते हैं कृतेश पटेल से अलगाव होना मेरे लिए जो अपेक्षित

274
00:18:46,800 --> 00:18:50,560
है वो अलगाव भी स्पष्ट करिए उस लेटर

275
00:18:50,560 --> 00:18:54,720
में। और फिर उस लेटर को आप भेजिए। उसमें तो जो मेरे को जो लेटर मिला

276
00:18:54,720 --> 00:18:59,200
है उस लेटर में ही आयोजक में मुख्य आयोजक लिखा है वह

277
00:18:59,200 --> 00:19:03,200
कृतेश पटेल और स आयोजक लिखा है वो मोहित

278
00:19:03,200 --> 00:19:07,200
गड और उसमें जो वो हैं क्या

279
00:19:07,200 --> 00:19:11,280
कहते हैं अतिथि उसमें से एक नाम है आर्यवीरा तो तो

280
00:19:11,280 --> 00:19:15,520
ये जो आर्यवीरा और कृतेश पटेल है इनको तो आप अलग करिए इन

281
00:19:15,520 --> 00:19:19,520
इनके साथ अलगाव को स्पष्ट करिए और जो मोहित गॉड है उसकी

282
00:19:19,520 --> 00:19:23,520
स्प स्थिति स्पष्ट करिए फिर कार्यक्रम की स्थिति स्थिति को स्पष्ट करिए कि

283
00:19:23,520 --> 00:19:27,520
उसमें क्या कहते हैं? किस तरह से वो होगी वस्तु स्थिति वगैरह

284
00:19:27,520 --> 00:19:31,760
और उसमें वह जो महिमागान है, वर्षगांठ है इत्यादि उसके

285
00:19:31,760 --> 00:19:36,000
लिए मैं नहीं आ रहा हूं। मैं चर्चा के लिए आ रहा हूं। तो उस इन सब चीजों को लेकर के

286
00:19:36,000 --> 00:19:40,000
एक स्पष्टीकरण देते हुए पूर्व में जो लेटर भेज दिया है,

287
00:19:40,000 --> 00:19:44,240
जिसमें आयोजक लिखा हुआ है कृदेश पटेल उस संबंध में भी अपनी बात रखिए।

288
00:19:44,240 --> 00:19:48,240
कि भैया हमने यह भेजा था आपको तो आप दूसरा भेज रहे हैं और वो ऐसे ऐसे कुछ

289
00:19:48,240 --> 00:19:52,240
भी हो अपना अपना उसमें स्पष्टीकरण के साथ रखिए। मैं ऐसे कैसे

290
00:19:52,240 --> 00:19:56,320
करूं भाई किसी ने मुझे गाली दी है मैं जाऊं वहां पर उसने निमंत्रण भेज

291
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दिया मैं पहुंच जाऊं हम आ गए भैया आपने क्योंकि हमारे आने जाने की और रहने

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खाने की व्यवस्था कर दी और प्रधानमंत्री उसमें वो हैं स्पेशल

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गेस्ट

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हां जी तो

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आप आपने ये जो कंडीशंस बताई हैं कि अगर ऐसा ऐसा

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होगा तो मैं विचार करूंगा तो मैं प्रयास करूंगा इसको फुलफिल

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करने की और आपसे अनुरोध है कि आप अवश्य आए।

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देखो अरे मैं खुद मैं खुद भी आना चाहता हूं क्योंकि मुझे जो है परिव्राजक

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जी और योगेश भारद्वाज जी ऐसे लोग लगते हैं जिनसे कि बैठकर के प्रबुद्ध

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जनों की तरह बात की जा सकती है। वो ठीक

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है वैचारिक मतभेद हैं और विरोधी हैं एक दूसरे के। मगर

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ठीक है। उनसे वो बातें हो सकती हैं और मुझे लगता है कि वो बातों को घुमाने

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की बजाय जवाब देंगे टू द पॉइंट। जी हम

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होंगे हो सकता है कुछ ऐसे पक्ष हो जो मुझे ना ज्ञात हो भाई जी

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पूरा जाएगा तो आप ये स्पष्टीकरण

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पूर्वक लेटर भिजवाइए तो मैं उस पे वो करूं

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अगर ये कंडीशंस फुल फुलफिल हो गई तो आप आ जाओगे ना

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सारी कंडीशंस फुलफिल हो जाने के बाद मेरी जो ये वाली बात थी कि कम से कम

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आपको ऐसा आयोजन करना चाहिए था अगर मुझे अब बुलाना चाहते हैं हम

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मुझ जैसे किसी को भी बुलाना चाहते हैं तो आपको उसको एक न्यूट्रल

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कार्यक्रम के रूप में रखना चाहिए था। तो जब आप

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अपनी ओर से इतना कदम बढ़ाएंगे कि आप अपना उसका उस यह

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मुझे संतुष्ट करेंगे जो प्रतेश पटेल जो कि आपके यहां का आयोजक

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है उस उसको लेकर के आपका क्षमा पूर्वक कोई वक्तव्य होगा या उससे

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अलगाव किया जाएगा आपका उसको हटाया जाएगा आप अपने से अलग तो

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00:21:39,200 --> 00:21:43,200
फिर मैं फिर इस इस चीज को मैं फिर थोड़ी प्राथमिकता दूंगा कि चलो ठीक

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है महिमागान तो मैं नहीं सुनूंगा ये तो पक्की बात है मगर उस कार्यक्रम

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के दौरान किसी एक अंश में किसी एक कक्ष में किसी एक हॉल में

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मैं जो है वहां पहुंच करके और वो जो हमारी चर्चा है केवल उसको

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मैं कर लूं जाकर के। फिर मैं एक कदम मैं भी बढ़ाऊंगा भाई जब आप

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इतना करेंगे तो। जी ठीक है। हां

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जी।

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ठीक है।

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जय श्री राम। ठीक है। नमस्ते। नमस्कार।

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[संगीत]
