1
00:00:01,680 --> 00:00:05,760
जय श्री राम। सार्वभौम सिद्धांतों

2
00:00:05,760 --> 00:00:10,080
की विजय। कुछ रोज पहले इस के एक प्रचारक

3
00:00:10,080 --> 00:00:14,080
अमोग लीला का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें उसने बहुत ही बेहूदे

4
00:00:14,080 --> 00:00:18,160
ढंग से जिसमें बहुत ही बेहूदे ढंग से वृंदावन के

5
00:00:18,160 --> 00:00:22,160
संतों के लिए और उसके मूल में छिपे हुए विशेष रूप से प्रेमानंद

6
00:00:22,160 --> 00:00:26,320
जी के विषय में बहुत ही आपत्तिजनक तरीके से टिप्पणी की थी और

7
00:00:26,320 --> 00:00:30,560
कृष्ण भक्ति की आड़ में गुरु निष्ठा की आड़ में यह निर्देश

8
00:00:30,560 --> 00:00:34,800
दिया था कि भैया इस के बाहर के संतों को सुनना ही बंद कर दो। ऑलदो

9
00:00:34,800 --> 00:00:39,600
सारे वृंदावन के बाबा जी हमारे लिए पूजनीय है भाई। हम तो उनके चरणों की धूल भी नहीं है।

10
00:00:39,600 --> 00:00:43,840
लेकिन हमें किसी बाबे के पास नहीं जाना चाहिए सुनने के लिए। क्योंकि इस

11
00:00:43,840 --> 00:00:48,080
एक जाति है और सजातीय लोगों को सुनो। अर्थात

12
00:00:48,080 --> 00:00:52,320
इस के ही गुरुओं को सुनो। इसके कुछ ही समय बाद हमें एक वीडियो

13
00:00:52,320 --> 00:00:56,880
और प्राप्त हुआ था जिसमें कि इस के ही किसी मंदिर का जो अध्यक्ष

14
00:00:56,880 --> 00:01:00,880
है उसके द्वारा वृंदावन के संतों के लिए इस के

15
00:01:00,880 --> 00:01:04,880
बाहर के संतों के लिए अनावश्यक रूप से प्रलाप किया जा रहा था और

16
00:01:04,880 --> 00:01:08,880
उसने तो यहां तक कि इस के बाहर के संतों

17
00:01:08,880 --> 00:01:13,040
की तुलना वैश्या तक से कर दी। ऐसे लोग के पास जाते हैं हमारे आचार्यों

18
00:01:13,040 --> 00:01:16,880
का ग्रंथ दूसरे के पास श्रवण करने के लिए क्योंकि उनका ख्याति बड़ा है। अरे

19
00:01:16,880 --> 00:01:20,640
ख्याति तो वैश्या का भी बढ़ता है।

20
00:01:20,640 --> 00:01:24,720
यह सारे वेश्या लोग हैं नाचने वाले कौन है ना उनका भी

21
00:01:24,720 --> 00:01:28,720
ख्याति बढ़ता है नहीं बढ़ता है क्या है ना यश तो उनका

22
00:01:28,720 --> 00:01:32,880
भी लेकिन वो यश नहीं है कु यश है तो इस

23
00:01:32,880 --> 00:01:37,120
प्रकार के वीडियो पर संज्ञान लेते हुए आहान सहित कई धर्म रक्षकों

24
00:01:37,120 --> 00:01:41,600
ने धर्मज्ञ महानुभावों ने प्रतिकार किया

25
00:01:41,600 --> 00:01:46,480
अपने संदेश प्रेषित किए और पुरजोर

26
00:01:46,480 --> 00:01:50,560
इसका विरोध किया गया अच्छा अच्छा इसी बीच इस

27
00:01:50,560 --> 00:01:54,800
के जो छिछ रहे स्तर के समर्थक हैं जिनको शायद समय

28
00:01:54,800 --> 00:01:59,360
पड़ने पर इस भी नकार देगा कि हम इसे जानते हैं कि नहीं जानते हैं। ऐसे कलमूहे

29
00:01:59,360 --> 00:02:03,360
टाइप के जो काफी दिनों से प्रेमानंद जी के लिए बहुत सारे वीडियोस

30
00:02:03,360 --> 00:02:07,520
बना रहे थे। प्रेमानंद जी को मायावादी वैष्णव कहते हुए इवन हमने

31
00:02:07,520 --> 00:02:11,600
जो अभी इन वीडियोस को संज्ञान में लेते हुए जो प्रतिकार किया

32
00:02:11,600 --> 00:02:15,760
था ठोस तरीके से हमने अपनी बात को रखा था। उसका

33
00:02:15,760 --> 00:02:19,760
भी उसने मजाक बनाते हुए बताया कि देखो देखो यह दिखाने का प्रयास

34
00:02:19,760 --> 00:02:23,920
किया गया कि देखो देखो ये प्रेमानंद जी का समर्थन कर रहे हैं और देखो देखो प्रेमानंद

35
00:02:23,920 --> 00:02:29,040
जी तो मोहिनी वाले प्रकरण में कह रहे हैं कि शिवजी जो है मोहिनी से मोहित हो गए थे

36
00:02:29,040 --> 00:02:32,160
हम और उसमें प्रेमानंद जी का वो वीडियो नहीं देखा

37
00:02:32,160 --> 00:02:36,320
जब वो किसी बच्चे को समझा रहे हैं कि शिव और विष्णु में कोई भेद नहीं

38
00:02:36,320 --> 00:02:40,560
जैसे दो आंखें मगर दृश्य एक है। इसी तरीके से रूप दो है मगर

39
00:02:40,560 --> 00:02:44,720
तत्व एक है। वो वीडियो नहीं देखा था उस व्यक्ति ने। खैर उस व्यक्ति

40
00:02:44,720 --> 00:02:48,800
ने अपने चैनल पर प्रेमानंद जी के विषय में बहुत

41
00:02:48,800 --> 00:02:53,120
सारा प्रलाप कर रखा है कि यह मायावादी वैष्णव है। यहां गलत है, वहां गलत

42
00:02:53,120 --> 00:02:57,120
है और देखो बहुत सारा वहां पर नकारात्मक व्याख्या कर रखी

43
00:02:57,120 --> 00:03:01,440
है। और यह इस बात का प्रमाण है

44
00:03:01,440 --> 00:03:05,680
कि इसन के द्वारा किस

45
00:03:05,680 --> 00:03:10,000
प्रकार से जहर भरा जाता है इस के बाहर के संतों

46
00:03:10,000 --> 00:03:14,240
के लिए। पुंडरीक जी ने तो अपने एक वीडियो में कहा ही था कि भैया पुंड पुंडरीिक

47
00:03:14,240 --> 00:03:18,320
जी इस कौन स्वयं को मद गौडीय संप्रदाय से कहता है तो कम से कम

48
00:03:18,320 --> 00:03:22,400
मदद को भी वो नहीं मानता है हालांकि वो सिद्ध है मगर कम से कम

49
00:03:22,400 --> 00:03:26,480
गौडीय को तो मानना चाहिए ना तो गौडीय वैष्णव संप्रदाय के

50
00:03:26,480 --> 00:03:30,560
जो प्रामाणिक आचार्य गण हैं उनको भी इस्कॉन मंदिर में

51
00:03:30,560 --> 00:03:34,640
प्रवचन इत्यादि नहीं देने दिया जाता यहां तक कि थोड़ी सी दूरी बना करके रखी जाती

52
00:03:34,640 --> 00:03:38,720
है कि इस से जुड़े लोग कहीं गड़िया वैष्णव संप्रदाय के जो

53
00:03:38,720 --> 00:03:42,800
प्रामाणिक आचार्य गण है उनके सानिध्य में ना पहुंच जाए उनको

54
00:03:42,800 --> 00:03:48,080
जानने के कारण कहीं इस से पथक ना हो जाए। तो

55
00:03:48,080 --> 00:03:52,080
पुंडरीिक जी ने भी इस बात को कई बार मंचों पर रखा है कि इस वाले इस

56
00:03:52,080 --> 00:03:56,400
चीज में जो है गलत कर रहे हैं। वो अन्य संतों को अपने यहां नहीं आने देते हैं।

57
00:03:56,400 --> 00:04:00,480
आने देते हैं तो बोलने नहीं देते हैं। क्यों? और

58
00:04:00,480 --> 00:04:04,640
यह बात प्रखर रूप से तब सामने आ गई जब इस तरीके से इन

59
00:04:04,640 --> 00:04:08,880
लोगों को अमोग लीला सहित जो अन्य इस के प्रचारक हैं या किसी मंदिर

60
00:04:08,880 --> 00:04:14,400
के प्रतिनिधि इत्यादि हैं इन लोगों को प्रखर होकर के आपत्तिजनक

61
00:04:14,400 --> 00:04:18,560
वक्तव्य देने पर विवश होना पड़ा। वैसे बड़े सरल बनेंगे प्रभु जी प्रभु जी

62
00:04:18,560 --> 00:04:22,640
मगर एक समय आने के बाद अपने वास्तविक चेहरे को समाज

63
00:04:22,640 --> 00:04:26,800
के समक्ष रखना पड़ गया। खैर कुल मिलाकर आह्वान सहित

64
00:04:26,800 --> 00:04:30,880
कई धर्मज्ञ महानुभावों ने इस के द्वारा यह

65
00:04:30,880 --> 00:04:34,960
जो प्रचारक तथाकथित घोषित किए गए बहुत बड़े धर्म रक्षक बने फिरते हैं

66
00:04:34,960 --> 00:04:38,960
इनका पुरजोर विरोध किया गया प्रतिकार किया गया और परिणाम

67
00:04:38,960 --> 00:04:43,120
हमारे सामने हैं। सबसे पहले अमोग लीला का वो जो

68
00:04:43,120 --> 00:04:47,280
वीडियो था YouTube से हट चुका है और जो

69
00:04:47,280 --> 00:04:51,360
तथाकथित वो इस्ॉन का जो संत है जिसने कि वैश्या से तुलना

70
00:04:51,360 --> 00:04:55,520
की थी इस्कॉन के बाहर के संतों की तुलना वैश्या से की थी उसका भी

71
00:04:55,520 --> 00:04:59,840
वीडियो हटा दिया गया है YouTube से इसके बाद और भी परिणाम

72
00:04:59,840 --> 00:05:03,120
स्वरूप क्या दिखता है जब अमोग लीला दास दिखाई देते हैं सीधे

73
00:05:03,120 --> 00:05:07,120
वृंदावन में प्रेमानंद जी के चरणों में और तो

74
00:05:07,120 --> 00:05:11,440
और यही नहीं वहां पर क्षमा मांगते हुए उसप सोने पर सुहागा क्या हुआ

75
00:05:11,440 --> 00:05:15,520
कि प्रेमानंद जी ने वहां पर तुरंत अमोल लीला

76
00:05:15,520 --> 00:05:20,480
दास को आशीर्वाद देते हुए वहां पर अद्वैत की व्याख्या की

77
00:05:20,480 --> 00:05:24,640
कि भक्ति में आने के बाद भेद नहीं रह जाता है। वही कि दिख

78
00:05:24,640 --> 00:05:28,640
दो रहे दो आंखों से मगर दृश्य एक है। व्याख्या की और वहां

79
00:05:28,640 --> 00:05:32,800
पर प्रेमानंद जी के द्वारा अद्वैत की व्याख्या किए जाने पर शांत रहकर

80
00:05:32,800 --> 00:05:36,800
अमोग लीला द्वारा इन इस प्रकार के जो छिचरे स्तर के जो

81
00:05:36,800 --> 00:05:41,600
प्रचारक है ना इस के उनके चेहरे पर कालिक पोत दी गई कालिक

82
00:05:41,600 --> 00:05:45,760
हमने अपने वीडियोस में कहा था कि जिनको तुम बाबे कह रहे हो अमोग

83
00:05:45,760 --> 00:05:49,840
लीलादास ने अपने वीडियो में बाबे कहा था इस के बाहर के संतों को हमें किसी

84
00:05:49,840 --> 00:05:54,240
बाबे को नहीं सुनना है मगर अगले ही दिन उसी बाबे

85
00:05:54,240 --> 00:05:58,240
उनहीं में उन्हीं में से एक बाबे के यहां यहां पर दंडवत होते हुए दिखाई दिए।

86
00:05:58,240 --> 00:06:02,640
हमने कहा था दंडवत तुम क्यों होते हो? चापलूसी

87
00:06:02,640 --> 00:06:06,640
कि जहां मामला फस जाए वहां दंडवत हो जाओ। अपने पक्ष

88
00:06:06,640 --> 00:06:12,640
को सिद्ध करने का सामर्थ्य नहीं है। इसलिए दंडवत हो जाओ।

89
00:06:12,640 --> 00:06:16,640
तो वही हुआ। दंडवत होते हुए दिखाई दिए। हमने कहा था यह

90
00:06:16,640 --> 00:06:18,240
जो बाबे लोग हैं तुम्हारी खाट

91
00:06:18,240 --> 00:06:22,640
खड़ी करने के लिए पर्याप्त है। तो देख लो खाट

92
00:06:22,640 --> 00:06:26,800
पर बिस्तर पर बेड पर बैठने वाला चेयर पर बैठने वाला व्यक्ति

93
00:06:26,800 --> 00:06:31,120
जमीन पर बैठा हुआ दिखाई दिया। खाट खड़ी हो गई ना?

94
00:06:31,120 --> 00:06:35,120
ऑलदो सारे वृंदावन के बाबा जी हमारे लिए पूजनीय है भाई। हम तो उनके चरणों की धूल

95
00:06:35,120 --> 00:06:39,120
भी नहीं है। लेकिन हमें किसी बाबे के पास नहीं जाना चाहिए

96
00:06:39,120 --> 00:06:43,120
सुनने के लिए। ये जो बाबे हैं ना ये तुम जैसों की खाट

97
00:06:43,120 --> 00:06:47,520
खड़ी करने के लिए पर्याप्त है। तुम दंडवत क्यों होते हो मालूम है चापलूसी

98
00:06:47,520 --> 00:06:51,760
करने के लिए रामभद्राचार्य जी ने माता के दूध की चुनौती दी थी ना तुमको

99
00:06:51,760 --> 00:06:56,480
तुरंत दंडवत हो गए मेरे महाराज जी की जय

100
00:06:56,480 --> 00:07:01,120
वंशा मेरे महाराज जी की जय

101
00:07:01,120 --> 00:07:05,600
वंशा हमारी दोनों आंखें हैं

102
00:07:05,600 --> 00:07:09,600
लेकिन दृष्टि एक है वो दो है ही

103
00:07:09,600 --> 00:07:15,040
नहीं तो कोई भेद नहीं प्यार में

104
00:07:15,040 --> 00:07:19,120
जब हम उतरते हैं तो भेद खत्म हो जाता है। प्रेम

105
00:07:19,120 --> 00:07:23,200
गली साकरी तामे दो ना समाए। प्रेम में दो

106
00:07:23,200 --> 00:07:27,520
नहीं होते। इतनी साकरी गली है दो नहीं। ब्रह्म नहीं माया

107
00:07:27,520 --> 00:07:31,840
नहीं जीव नहीं काल अपनी ही शुद्धि ना रही।

108
00:07:31,840 --> 00:07:33,360
एक रहो नंदलाल।

109
00:07:33,360 --> 00:07:37,360
जाने जाने मेरे से कोई अगर अपराध हुआ है आपके चरणों में मैं आपसे क्षमा मांगने के लिए आया था। एक बार

110
00:07:37,360 --> 00:07:41,440
अभिषेक से क्षमा प्रार्थि महाराज। तो इसको कहते हैं सार्वभौम

111
00:07:41,440 --> 00:07:45,600
सिद्धांतों की विजय। अच्छा प्रेम जी वाला जो वह वाला प्रकरण

112
00:07:45,600 --> 00:07:50,080
है जब अमोग लीला ने राधा जी के बारे में टिप्पणी की थी जब

113
00:07:50,080 --> 00:07:54,080
प्रेमानंद जी ने कुछ कहा था और उसके कुछ

114
00:07:54,080 --> 00:07:58,080
ही दिनों के बाद अमोग लीला दास पर लगभग एक महीने

115
00:07:58,080 --> 00:08:02,240
का प्रतिबंध लगा दिया गया था इस के ही द्वारा उस बाद

116
00:08:02,240 --> 00:08:06,320
के बाद अब यह बात सामने आई थी कि अमोग लीला ने फिर इस प्रकार से बिना नाम

117
00:08:06,320 --> 00:08:10,400
लिए टिप्पणी की है कि इस के बाहर के संत जो है बाबे इनको सुनना नहीं है

118
00:08:10,400 --> 00:08:14,560
अगर वीडियो सामने आया तो प्रणाम करो स्क्रॉल सुनने का

119
00:08:14,560 --> 00:08:18,880
नहीं हम तो इस प्रकार की टिप्पणी अब सामने आई थी तो

120
00:08:18,880 --> 00:08:23,040
अब तब की बात के लिए आज जो है व्यक्ति अचानक से आकर के इतने

121
00:08:23,040 --> 00:08:27,040
दिनों के बाद वो क्षमा मांग रहा है तो संभवत प्रेम जी के संज्ञान में

122
00:08:27,040 --> 00:08:31,280
अभी तक नहीं पहुंचा होगा कि एक दो दिन पहले इस व्यक्ति ने क्या बोला है इस

123
00:08:31,280 --> 00:08:35,520
के बाहर के संतों के लिए तो वो उस उनके जो भाव थे वो उस तरह के

124
00:08:35,520 --> 00:08:39,520
थे आश्चर्यचकित वाले कि अरे भाई आप क्यों माफ क्षमा मांग रहे

125
00:08:39,520 --> 00:08:43,520
हैं आप तो हमारे हृदय से लगे हुए। इस तरह के भाव वो प्रकट कर रहे

126
00:08:43,520 --> 00:08:47,680
थे वहां पर। परंतु अमोग लीलादास को पता था कि उसने क्या किया

127
00:08:47,680 --> 00:08:48,560
है।

128
00:08:48,560 --> 00:08:52,560
वीडियो डिलीट करके आया है। जो वीडियो भद्दा बनाया था वो डिलीट करके आया है और

129
00:08:52,560 --> 00:08:57,040
उसके बाद अब वो क्षमा मांग रहा है। खैर सार्वभौम सिद्धांतों की विजय स्पष्ट

130
00:08:57,040 --> 00:09:01,200
रूप से दिखाई दी। जब अमोग लीला दास सहित इसॉन

131
00:09:01,200 --> 00:09:05,440
के अन्य प्रचारकों द्वारा जो अभद्र टिप्पणी की गई थी अपमान

132
00:09:05,440 --> 00:09:10,320
पूर्वक टिप्पणी की गई थी इस से बाहर के आचार्यों और संतों के लिए

133
00:09:10,320 --> 00:09:14,320
उस टिप्पणी वाले वीडियो को हटा दिया गया और तो और दंडवत होकर के

134
00:09:14,320 --> 00:09:18,560
उस संत की शरण में पहुंचे जिस संत का नाम उन उन

135
00:09:18,560 --> 00:09:22,800
टिप्पणियों के मूल में था और यही नहीं उस संत से अपने

136
00:09:22,800 --> 00:09:26,800
उस अपराध के लिए क्षमा याचना भी की जिस अपराध

137
00:09:26,800 --> 00:09:30,800
के बारे में संभवत उनको बोध भी नहीं था प्रेमानंद

138
00:09:30,800 --> 00:09:35,600
जी को उस अपराध के लिए क्षमा याचना भी की करते हैं। खैर

139
00:09:35,600 --> 00:09:40,000
यदि यह जो क्षमा है यह जो शरणागति है यह पश्चाताप

140
00:09:40,000 --> 00:09:44,320
पूर्वक है तो इसका स्वागत है। बहुत अच्छी बात है। हमें आशा

141
00:09:44,320 --> 00:09:48,400
है कि आगे आने वाले समय में इसी प्रकार से जैसे आज आप

142
00:09:48,400 --> 00:09:52,560
अपनी इस बात को लेकर के आपने शोधन किया है। ऐसे ही

143
00:09:52,560 --> 00:09:58,160
आने वाले समय में आप वर्णाश्रम इत्यादि को लेकर के और जो

144
00:09:58,160 --> 00:10:02,480
सनातन धर्म के अन्य जो भगवत स्वरूप हैं उनका अपमान पूर्वक

145
00:10:02,480 --> 00:10:03,600
जो कृष्ण

146
00:10:03,600 --> 00:10:07,600
भक्ति का प्रचार करने का ढोंग करते हो।

147
00:10:07,600 --> 00:10:11,680
इन विषयों में भी हमें आशा है कि जैसे आज आप जो है आपने

148
00:10:11,680 --> 00:10:15,920
अपनी क्रियाकलापों में गतिविधियों में शोधन किया है।

149
00:10:15,920 --> 00:10:20,000
अगर पश्चाताप पूर्वक आए हैं तो या फिर यह जो विरोध हो रहा था

150
00:10:20,000 --> 00:10:24,000
उससे बचने मात्र के लिए आए तो बात अलग है। मगर यदि हृदय में पश्चाताप है तो आपका

151
00:10:24,000 --> 00:10:28,080
स्वागत है। और हमें आशा है कि अन्य जो विषय हैं जो

152
00:10:28,080 --> 00:10:32,400
विवादास्पद हैं जिनमें अभी भी वैचारिक मतभेद है। जिनमें अभी भी शोधन

153
00:10:32,400 --> 00:10:36,560
की आवश्यकता है। उनमें आगे आने वाले भविष्य में भी शोधन देखने

154
00:10:36,560 --> 00:10:40,560
को मिलेगा। हम इस आशा के साथ आपका इस विषय में अभिनंदन करते

155
00:10:40,560 --> 00:10:44,560
हैं, स्वागत करते हैं। तो सभी धर्मज्ञ

156
00:10:44,560 --> 00:10:48,640
महानुभाव जिन्होंने अपने अपने सामर्थ्य की सीमा में इस के इस कृत्य का

157
00:10:48,640 --> 00:10:53,040
विरोध किया था। उन सबका अभिनंदन उन सबका स्वागत उन सबको

158
00:10:53,040 --> 00:10:57,520
हृदय से आभार। ध्यान रहे हमें संगठित केवल हमारे

159
00:10:57,520 --> 00:11:02,000
गुरु गोविंद और ग्रंथ के सामंजस्य से मिलने वाली जो

160
00:11:02,000 --> 00:11:06,080
शिक्षा है जो सार्वभौम सिद्धांत है वही हमें संगठित कर

161
00:11:06,080 --> 00:11:10,800
सकते हैं और जिस दिन हम संगठित होंगे उस दिन ये विदेशी शक्तियां

162
00:11:10,800 --> 00:11:14,800
ऐसे ही या तो स्वयं में शोधन करती हुई नजर आएंगी और या फिर

163
00:11:14,800 --> 00:11:19,520
पलायन कर जाएंगी जय श्री राम

164
00:11:19,520 --> 00:11:23,600
लेट्स गो समद ये

165
00:11:23,600 --> 00:11:27,760
तो बिना पिटाई ही लौट गए। ओए लौटते कैसे नहीं?

166
00:11:27,760 --> 00:11:32,560
इरादा भी देख लिया और मुगदरों का साइज भी। इसी बात का तो इंतजार है दोस्त।

167
00:11:32,560 --> 00:11:38,560
जिस दिन सारा देश मिलकर खड़ा हो गया ना, यह लोग ऐसे ही लौट जाएंगे।

168
00:11:40,060 --> 00:11:44,060
[संगीत]
