1
00:00:00,480 --> 00:00:04,800
सभी को जय श्री राम। कल भागवतानंद ने एक वीडियो

2
00:00:04,800 --> 00:00:09,360
निर्गत करके यह बताया कि पूज्य राघवाचार्य

3
00:00:09,360 --> 00:00:13,680
जी महाराज को रामभद्राचार्य जी की ओर से एक लीगल नोटिस

4
00:00:13,680 --> 00:00:17,840
भेजा गया है या भिजवाया गया है क्योंकि रामभद्राचार्य

5
00:00:17,840 --> 00:00:22,000
जी की जो मुख्य अधिवक्ता हैं जो उनके सभी विधि विषयक

6
00:00:22,000 --> 00:00:26,400
कार्यों को देखती हैं जो हमारी माननीय रंजना अग्निहोत्री जी हैं

7
00:00:26,400 --> 00:00:30,640
जो रामपाल वाले केस को लड़ रही हैं हमारी ओर से क्योंकि हम सीधे

8
00:00:30,640 --> 00:00:34,720
तौर पर उनसे जुड़े हुए इसलिए जब हमें यह सूचना प्राप्त हुई

9
00:00:34,720 --> 00:00:38,960
तो सबसे पहले हमने इस बात की पुष्टि करने के लिए उन्हें फोन किया।

10
00:00:38,960 --> 00:00:42,960
तो रंजना अग्निहोत्री जी ने रामभद्राचार्य जी के यहां

11
00:00:42,960 --> 00:00:47,600
पर फोन करके इस बात को कंफर्म करके हमें यह बताया कि रामभद्राचार्य

12
00:00:47,600 --> 00:00:51,760
जी के संज्ञान में अथवा उनके समर्थन से किसी भी व्यक्ति

13
00:00:51,760 --> 00:00:56,000
के द्वारा पूज्य राघवाचार्य जी महाराज को किसी प्रकार का लीगल नोटिस नहीं

14
00:00:56,000 --> 00:01:00,320
भेजा गया है। हमने यही सूचना यथावत रूप से रंजना

15
00:01:00,320 --> 00:01:04,720
अग्निहोत्री जी की सहमति से उनकी कॉल रिकॉर्डिंग के साथ अपने

16
00:01:04,720 --> 00:01:08,720
YouTube चैनल पर निर्गत कर दी जिससे कि लोगों में एक

17
00:01:08,720 --> 00:01:12,960
भ्रम उत्पन्न ना हो कि रामभद्राचार्य जी की ओर से

18
00:01:12,960 --> 00:01:15,520
राघवाचार्य जी के विरुद्ध कोई

19
00:01:15,520 --> 00:01:20,160
लीगल कारवाही की जा रही है और ऐसी सिचुएशन में

20
00:01:20,160 --> 00:01:24,400
जो अधिकारी है अथवा अनाधिकारी भी है वो टीका

21
00:01:24,400 --> 00:01:29,520
टिप्पणी ना करने लग जाए जिससे कि दोनों ही

22
00:01:29,520 --> 00:01:33,840
विभूतियों के जो अनुयाई हैं उनके मध्य किसी प्रकार की वैमनसता

23
00:01:33,840 --> 00:01:38,000
उत्पन्न हो। हां यह बात अवश्य है कि रामभद्राचार्य

24
00:01:38,000 --> 00:01:42,080
जी ने पूर्व के कुछ दिनों में ऐसी टिप्पणी की थी जो कि

25
00:01:42,080 --> 00:01:46,080
हमें भी ठीक नहीं लगी हमें भी अनुचित लगी थी और उस टिप्पणी

26
00:01:46,080 --> 00:01:51,520
का प्रतिकार जो हमारे मान्य आचार्य गण हैं उन्होंने अपनेप

27
00:01:51,520 --> 00:01:55,520
शास्त्रोक्त अध्ययन के आधार पर किया भी था और जिससे हम

28
00:01:55,520 --> 00:01:59,760
सहमत भी थे। परंतु उस छींटाकसी का फायदा

29
00:01:59,760 --> 00:02:03,840
उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्वों ने उसी बीच

30
00:02:03,840 --> 00:02:08,480
एक वीडियो बनाया। उस वीडियो में कई वर्ष पूर्व

31
00:02:08,480 --> 00:02:12,640
जिस किताब पर शासन के द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था

32
00:02:12,640 --> 00:02:16,720
जिसमें कि निराधार रूप से कुछ आरोप लगाए

33
00:02:16,720 --> 00:02:21,440
गए थे रामभद्राचार्य जी के विरोध में तो तथ्यहीन

34
00:02:21,440 --> 00:02:26,640
आरोपों के कारण उस किताब को बैन कर दिया था हाईकोर्ट ने और

35
00:02:26,640 --> 00:02:31,040
अभी उसी किताब के आधार पर एवं उसमें कुछ और सामग्री

36
00:02:31,040 --> 00:02:35,600
को जोड़ते हुए कुछ अखबार की कटिंग को जोड़ते हुए एडिट करके मैंने मैनपुलेट

37
00:02:35,600 --> 00:02:39,600
करते हुए एक वीडियो निर्गत किया गया जिसमें कि बहुत

38
00:02:39,600 --> 00:02:44,080
ही अश्लील आरोप पुनः रामभद्राचार्य जी पर लगाए गए

39
00:02:44,080 --> 00:02:48,320
और इस गिरोह का विरोध किया

40
00:02:48,320 --> 00:02:52,480
रामभद्राचार्य जी ने। उन्होंने अपनी जो मुख्य अधिवक्ता

41
00:02:52,480 --> 00:02:56,640
हैं उनके द्वारा उच्च न्यायालय में

42
00:02:56,640 --> 00:03:00,720
क्या कहते हैं? प्रकरण दर्ज करवाया और

43
00:03:00,720 --> 00:03:05,040
उच्च न्यायालय ने इस पर आदेश भी कर दिया है। इसमें कठोर आदेश

44
00:03:05,040 --> 00:03:09,120
निर्गत किया है जो अभी आपको आगे वीडियो में देखने को मिलेगा। तो

45
00:03:09,120 --> 00:03:13,120
कुल मिलाकर के निचोड़ क्या है कि रामभद्राचार्य जी ने

46
00:03:13,120 --> 00:03:17,200
राघवाचार्य जी के विरुद्ध किसी प्रकार की कोई कानूनी कारवाई

47
00:03:17,200 --> 00:03:21,360
नहीं की है। जिसके विरोध में कारवाई हुई उस पर कोर्ट ने आदेश भी कर दिया है।

48
00:03:21,360 --> 00:03:25,360
उसका जो कंटेंट है उस पर बैन भी लगाने का आदेश हुआ है। उसके विरुद्ध जो है

49
00:03:25,360 --> 00:03:29,360
कानूनी कारवाई भी हो रही है। यह सब चीजें हो रही है। यहां तक कि

50
00:03:29,360 --> 00:03:33,360
वही व्यक्ति वीडियो बना करके अपने चैनल से विरोध प्रकट

51
00:03:33,360 --> 00:03:37,600
कर रहा है। अन्यों का समर्थन लेने के लिए भाग रहा है। ऐसी संभावना भी रंजना

52
00:03:37,600 --> 00:03:42,000
अग्निहोत्री जी ने व्यक्त की कि हो सकता है इसी गिरोह

53
00:03:42,000 --> 00:03:46,240
का कोई सदस्य अन्य मान्य जो आचार्य गण हैं उनका

54
00:03:46,240 --> 00:03:50,480
समर्थन प्राप्त करने के लिए उसने यह

55
00:03:50,480 --> 00:03:54,560
षड्यंत्र पूर्वक एक पत्र के रूप में नोटिस के

56
00:03:54,560 --> 00:03:59,680
रूप में पत्र भेजा राघवाचार्य जी महाराज को जिससे कि किसी प्रकार का वक्तव्य

57
00:03:59,680 --> 00:04:03,920
निर्गत हो या फिर कुछ ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जिससे कि उसको समर्थन

58
00:04:03,920 --> 00:04:08,080
प्राप्त हो जाए तो यह संभावना भी हमारी जो मान्य अग्रजा

59
00:04:08,080 --> 00:04:12,400
है रंजना अग्निहोत्री जी उन्होंने निर्गत की। परंतु अब इसमें भागवतानंद

60
00:04:12,400 --> 00:04:16,480
का एक पक्ष यह है कि उसको जब यह मालूम पड़ा कि राघवाचार्य जी महाराज

61
00:04:16,480 --> 00:04:20,640
को कोई नोटिस आया है तो उस नोटिस की यथोचित जात पड़ताल

62
00:04:20,640 --> 00:04:24,640
ना करते हुए वो जो सीधे वो उसका जो पुराना कार्य है

63
00:04:24,640 --> 00:04:29,040
कि यदि कोई बात कही जा रही है तो उसकी पुष्टि किए बिना ही

64
00:04:29,040 --> 00:04:33,200
असिद्ध आरोपों को भी वो सिद्ध के रूप में प्रचारित करने लगता है। वही उसने कल

65
00:04:33,200 --> 00:04:38,000
भी किया कि इस तरह से उसने एक वीडियो प्रस्तुत किया है कि रामभद्राचार्य

66
00:04:38,000 --> 00:04:42,080
जी ने राघवाचार्य जी के विरुद्ध कारवाई की है। अब जब हमने

67
00:04:42,080 --> 00:04:46,080
इस बात की पुष्टि कर दी है कि रामभद्राचार्य जी ने राघवाचार्य जी को

68
00:04:46,080 --> 00:04:50,240
कोई भी लीगल नोटिस वगैरह नहीं भिजवाया और अगर किसी

69
00:04:50,240 --> 00:04:54,320
ने भेजा है तो उसमें उनका समर्थन नहीं है।

70
00:04:54,320 --> 00:04:58,480
वो कोई ऐसा व्यक्ति है जो स्वतंत्र रूप से यह कर रहा है। तो भागवतानंद हमारा यह

71
00:04:58,480 --> 00:05:01,280
कहते हुए विरोध करने लगा कि राघवाचार्य

72
00:05:01,280 --> 00:05:05,360
जी के पास नोटिस आया है। उन्होंने मुझे कॉपी भी भेजी है नोटिस की और

73
00:05:05,360 --> 00:05:09,440
यह शिवश नारायण द्विवेदी जो है असत्य भाषण कर रहा है। अरे

74
00:05:09,440 --> 00:05:13,600
भाई हम हम यद्यपि हमें भगवती का वरदान प्राप्त नहीं

75
00:05:13,600 --> 00:05:18,160
है। परंतु हम जो वक्तव्य निर्गत करते हैं बहुत सोच समझ के निर्गत करते हैं।

76
00:05:18,160 --> 00:05:22,480
हमारा यह कहना नहीं है कि राघवाचार्य जी को कोई पत्र प्राप्त ही नहीं हुआ। नोटिस

77
00:05:22,480 --> 00:05:26,560
के रूप में हमारा यह कहना है कि रामभद्राचार्य जी ने वह

78
00:05:26,560 --> 00:05:30,640
नोटिस उनको ना भेजा है ना भिजवाया है। अतः जो सामान्य जन

79
00:05:30,640 --> 00:05:34,960
है वो इस विषय पर किसी प्रकार की छींटाकसी, समीक्षा,

80
00:05:34,960 --> 00:05:39,360
टीका टिप्पणी, वाद-विवाद इत्यादि से स्वयं को दूर रखें। और रही बात भागवतानंद

81
00:05:39,360 --> 00:05:43,440
की तो हमारे और उसके बीच में जो मूल विवाद का कारण है

82
00:05:43,440 --> 00:05:47,680
वो तो यही है कि यदि कोई किसी पर आरोप लगाने वाली कोई सामग्री

83
00:05:47,680 --> 00:05:51,920
प्राप्त हो रही है तो उसकी जांच किए बिना असिद्ध सामग्री को भी

84
00:05:51,920 --> 00:05:56,320
असिद्ध सामग्री के आधार पर वो सिद्ध रूप में आरोप लगाते

85
00:05:56,320 --> 00:06:00,720
हुए चैनल पर वक्तव्य निर्गत करता है क्योंकि उसको मसाला मसालेदार

86
00:06:00,720 --> 00:06:04,720
चीजें देनी होती है अपने चैनल पर चटपटी खबरें सनसनीखेज चैन से सोना है

87
00:06:04,720 --> 00:06:09,040
तो जाग जाइए ऐसी मनोहर कहानियों से स्वयं को बचा बचाएं। ऐसी चटपटी

88
00:06:09,040 --> 00:06:13,920
और मैनपुलेटेड खबरों से स्वयं को बचाएं, दूर रखें। जय श्री राम।

89
00:06:13,920 --> 00:06:16,480
तो सभी को जय श्री राम।

90
00:06:16,480 --> 00:06:20,480
और आज एक बहुत ही विशेष वीडियो हम आपके समक्ष ले

91
00:06:20,480 --> 00:06:24,800
आए हैं। अ हम इस समय साथ हैं अपनी अग्रजा

92
00:06:24,800 --> 00:06:28,880
के माननीय रंजना अग्निहोक्ति जी के। इनको आप हमारे चैनल पर पहले

93
00:06:28,880 --> 00:06:32,880
भी देख चुके हैं। रामपाल वाले विषय में यही हमारा मार्गदर्शन कर

94
00:06:32,880 --> 00:06:36,960
रही हैं। यही उसमें अगवाई कर रही हैं। तो आज का जो विषय

95
00:06:36,960 --> 00:06:41,200
है यह सुनकर आप सभी को बहुत हर्ष होगा और आप

96
00:06:41,200 --> 00:06:45,600
लोग चौंक भी जाएंगे। सरप्राइजिंग भी है ये आप सबके लिए।

97
00:06:45,600 --> 00:06:50,000
यद्यपि अभी कुछ दिनों पूर्व एक मामला सामने आया था। इसमें रामभद्राचार्य

98
00:06:50,000 --> 00:06:54,000
जी ने आचार्यों के लिए कोई बात कही

99
00:06:54,000 --> 00:06:58,240
थी। जिसमें कि आचार्यों ने भी अपनी ओर से जो

100
00:06:58,240 --> 00:07:02,320
बातें थी वह कही गई कि जब कौरव और पांडवों

101
00:07:02,320 --> 00:07:06,320
के अंदर की बात है तो वह 100 और हम पांच हो सकते हैं। मगर कोई

102
00:07:06,320 --> 00:07:10,400
बाहर कहा जाए तो हम 105 इस तरह की शिक्षा ही हमें जगुरु

103
00:07:10,400 --> 00:07:14,560
शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर जी से भी प्राप्त होती है। जिसके इर्दगिर्द आज

104
00:07:14,560 --> 00:07:18,640
का ये वीडियो आपके समक्ष प्रस्तुत हो रहा है। तो बात कुछ ऐसी

105
00:07:18,640 --> 00:07:22,720
है कि अभी कुछ दिनों पूर्व जो बातें उठी मीडिया

106
00:07:22,720 --> 00:07:27,040
में बहुत सारी हलचल हुई उन बातों को लेकर के वे कुछ लोग हैं।

107
00:07:27,040 --> 00:07:31,200
ऐसे लोगों ने रामभद्राचार्य जी के विरुद्ध मामले को बनाने

108
00:07:31,200 --> 00:07:31,760
का प्रयास

109
00:07:31,760 --> 00:07:35,760
किया और उन्होंने एक बहुत ही आपत्तिजनक वीडियो बनाया

110
00:07:35,760 --> 00:07:40,080
जिसमें बहुत ढेर सारे उल्टे सीधे प्रमाण इत्यादि प्रस्तुत करते हुए

111
00:07:40,080 --> 00:07:44,720
उन्होंने अपने चैनल पर निर्गत कर दिया। यह सोचते हुए कि इस समय तो रामभद्राचार्य

112
00:07:44,720 --> 00:07:48,880
जी के विरोध में उनके अपने ही समुदाय के लोग हैं। तो हम क्यों ना इस मौके

113
00:07:48,880 --> 00:07:53,120
का फायदा उठा लें। परंतु ऐसा हुआ नहीं। सनातनी

114
00:07:53,120 --> 00:07:57,600
जानता है कि उसको किसके साथ किस समय कहां खड़े होना है और वह अपने आचार्यों

115
00:07:57,600 --> 00:08:01,920
को जानता है और किस अंश में किसका विरोध किसका पक्ष

116
00:08:01,920 --> 00:08:06,640
लेना है। वह अच्छे तरीके से जानता है और ऐसा ही हुआ। रामभद्राचार्य

117
00:08:06,640 --> 00:08:11,280
जी महाराज की ओर से हमारी मान्य अगरजा ने

118
00:08:11,280 --> 00:08:15,440
लखनऊ हाई कोर्ट में पिटीशन फाइल की और वो जो

119
00:08:15,440 --> 00:08:19,680
जो व्यक्ति है जिसने कि अनर्गल प्रलाप किए थे

120
00:08:19,680 --> 00:08:23,840
आधी अधूरी बातें बताकर झूठी इंफॉर्मेशन देकर ऐसी खबरों को

121
00:08:23,840 --> 00:08:28,000
लेकर जो बैन करा दी गई थी ऐसी खबरों के आधार पर उसने जो है

122
00:08:28,000 --> 00:08:32,880
जिस पर अभी प्रकाश डालेंग हमारी अग्रजा जी उसने अ

123
00:08:32,880 --> 00:08:37,040
अपने चैनल पर ढेर सारा प्रलाप किया था। तो ऐसे

124
00:08:37,040 --> 00:08:41,680
में हमारी अग्रजा ने वह पिटीशन फाइल की उसके विरुद्ध और उसमें

125
00:08:41,680 --> 00:08:46,320
आप सबको सुनकर यह बहुत हर्ष होगा कि

126
00:08:46,320 --> 00:08:46,820
उसमें

127
00:08:46,800 --> 00:08:50,960
हाई कोर्ट ने हमारी बात सुनी माननीय अग्रजा जी की और

128
00:08:50,960 --> 00:08:55,200
उन्होंने हाई कोर्ट ने ऑर्डर दिया है कि उस वीडियो को हटाया

129
00:08:55,200 --> 00:08:59,440
जाए और उस पर उचित कारवाई की जाए और उन्होंने हाई कोर्ट ने यही नहीं

130
00:08:59,440 --> 00:09:03,520
शासन से भी कहा है कि इस तरीके से अनर्गल प्रलाप करने वाले चैनलों पर

131
00:09:03,520 --> 00:09:08,480
आप नियंत्रण लगाने वाले कानून बनाएं और साथ ही साथ

132
00:09:08,480 --> 00:09:12,480
जो इस तरह के सोशल मीडिया प्लेटफार्म है उनको भी कड़ाई करें। उन पर भी

133
00:09:12,480 --> 00:09:16,640
कड़ाई करें कि वह इस तरीके से नियंत्रण रखना प्रारंभ करें अन्यथा

134
00:09:16,640 --> 00:09:20,640
उनके विरुद्ध भी उचित कारवाई होगी। तो अब थोड़ा सा

135
00:09:20,640 --> 00:09:24,720
इस विषय पर मैं हमारी अग्रजा से कहूंगा कि वो प्रकाश

136
00:09:24,720 --> 00:09:26,880
डालें।

137
00:09:26,880 --> 00:09:29,920
देखो

138
00:09:29,920 --> 00:09:34,160
बात सिर्फ स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की नहीं है। जी

139
00:09:34,160 --> 00:09:38,160
पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया पर जो गंदगी फैलाई जा रही

140
00:09:38,160 --> 00:09:42,160
है, जो अश्लीलता फैलाई जा रही है, हमारे सर्वमान्य आचार्यों के

141
00:09:42,160 --> 00:09:46,320
प्रति जो नफरत का बीज बोया जा रहा है, जिससे कि सनातन

142
00:09:46,320 --> 00:09:50,480
धर्मावलंबी अपने मार्ग से या सनातन धर्म पर

143
00:09:50,480 --> 00:09:54,480
चलने से जी डर जाएं, हट

144
00:09:54,480 --> 00:09:58,480
जाएं। सोचे कि इनके सर्वमान्य आचार्यों को कुछ भी कहते रहो। ये तो

145
00:09:58,480 --> 00:10:02,560
सहते रहेंगे। जी बात आज की नहीं है बात चार पांच साल चार पांच

146
00:10:02,560 --> 00:10:06,960
वर्ष पूर्व की है हमारे पूज्य गुरुदेव द्व पीठाधीश्वर

147
00:10:06,960 --> 00:10:11,680
जगद्गुरु शंकराचार्य जी के ऊपर भी ऐसी ही टिप्पणियां की गई थी

148
00:10:11,680 --> 00:10:15,680
चलता रहा चलता रहा लेकिन जब पानी नाक तक आ जाता है तो कहीं

149
00:10:15,680 --> 00:10:19,760
ना कहीं आपको एक निर्णय लेना पड़ता है। निर्णय वो कितना भी

150
00:10:19,760 --> 00:10:23,760
कठोर हो लेना ही चाहिए और जो

151
00:10:23,760 --> 00:10:27,920
यह मुकदमा दायर किया गया माननीय उच्च न्यायालय की खंडपीठ

152
00:10:27,920 --> 00:10:31,920
के समक्ष वो किसी व्यक्ति को लेकर नहीं यह मुद्दे को

153
00:10:31,920 --> 00:10:36,160
लेकर दायर किया गया है कि बहुत आसान हो गया है

154
00:10:36,160 --> 00:10:40,480
सनातन धर्म को सनातन धर्म के सर्वमान आचार्यों को टारगेट

155
00:10:40,480 --> 00:10:44,720
करना और भाषा तो देखिए स्तर क्या है कि जिन

156
00:10:44,720 --> 00:10:45,360
शब्दों

157
00:10:45,360 --> 00:10:49,520
का प्रयोग करने से मुंह में दुर्गंध आ जाए

158
00:10:49,520 --> 00:10:53,840
उन शब्दों का प्रयोग किया जाता है। चाहे वह पुरी के शंकराचार्य

159
00:10:53,840 --> 00:10:57,840
जी हो, चाहे वह अन्य कोई धर्मावलंबी हो, चाहे कोई

160
00:10:57,840 --> 00:11:01,920
अन्य संप्रदाय का आचार्य हो, चाहे रामभद्राचार्य

161
00:11:01,920 --> 00:11:06,160
जी हो या कोई साधारण व्यक्ति जो भी धर्म की बात करता है

162
00:11:06,160 --> 00:11:10,160
या सनातन के प्रचार प्रसार की बात करता है, उसको तो इन

163
00:11:10,160 --> 00:11:14,480
विधर्मियों का निशाना बनना ही बनना है। जी वो तो निशाना

164
00:11:14,480 --> 00:11:18,800
लगाते ही है। अभी शिवश को भी मैंने देखा है कि कई विधर्मियों ने

165
00:11:18,800 --> 00:11:23,040
शिवांश को भी तरह-तरह के आक्षेप लगाने प्रारंभ किए और गालियां

166
00:11:23,040 --> 00:11:27,040
तो ऐसी की पूछो मत। जी तो मौन रहने वाले का

167
00:11:27,040 --> 00:11:31,200
भी इतिहास लिखा जाता है। आप आखिर कब तक मौन रहोगे?

168
00:11:31,200 --> 00:11:35,280
आपने देखा एक के ऊपर उठा, दो के ऊपर उठा तो उनका तो मनोबल

169
00:11:35,280 --> 00:11:39,360
बढ़ता गया। कि सनातन धर्मावलंबी तो ऐसे ही है। वो तो सोते रहेंगे।

170
00:11:39,360 --> 00:11:43,360
इनके आचार्यों को कहते रहो। इनके ग्रंथों को गौ गंगा गीता गायत्री

171
00:11:43,360 --> 00:11:47,520
को कहते रहो गंगा स्नान को कहते रहो एक रामपाल है वहां

172
00:11:47,520 --> 00:11:51,520
से भी आता है लिख करके कि भगवान कृष्ण के लिए

173
00:11:51,520 --> 00:11:55,760
माता दुर्गा के लिए अनर्गल आरोप आते रहते हैं लिखते तो

174
00:11:55,760 --> 00:12:00,160
ये बढ़ता चला जा रहा है बढ़ता चला कहीं ना कहीं तो आपको बिल्ली

175
00:12:00,160 --> 00:12:00,660
के

176
00:12:00,480 --> 00:12:04,480
गले में घंटी बांधनी ही होगी बिल्कुल है ना कहीं ना कहीं तो

177
00:12:04,480 --> 00:12:08,480
आपको आगे बढ़ना ही होगा जब पानी सर से अधिक हो गया ठीक

178
00:12:08,480 --> 00:12:12,880
है महाराज प्रेमानंद जी महाराज या

179
00:12:12,880 --> 00:12:17,120
स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज या शंकराचार्यों

180
00:12:17,120 --> 00:12:21,520
के बीच आपसी वार्तालाप क्या होती है उसमें हमारा

181
00:12:21,520 --> 00:12:25,600
कोई हस्तक्षेप करने का मेरा अधिकार नहीं है अगर उन दोनों

182
00:12:25,600 --> 00:12:29,920
उन लोगों की बातों में मैं हस्तक्षेप करूं कोई अनाधिकार चेष्टा

183
00:12:29,920 --> 00:12:34,240
होगी वो हमें नहीं करनी हमें चेष्टा क्या करनी है हमारे सनातन

184
00:12:34,240 --> 00:12:38,800
धर्म पर कोई कटाक्ष ना कर पाए और सनातन धर्म हम जानेंगे

185
00:12:38,800 --> 00:12:43,040
कैसे हम अपने सर्वमान आचार्यों से ही तो सीखेंगे। जी

186
00:12:43,040 --> 00:12:47,040
भगवान श्री राम कौन है? माता जगदंबा कौन है? ये कौन

187
00:12:47,040 --> 00:12:51,280
बताएगा? इनके विषय में कौन बताएगा? या तो हमारे शंकराचार्य बताएंगे

188
00:12:51,280 --> 00:12:55,440
या रामानंदाचार्य बताएंगे या हमारे जो गुरुजन है जो आचार्य वही

189
00:12:55,440 --> 00:13:00,640
बताएंगे। लेकिन जब हमारे आचार्यों के ही ऊपर

190
00:13:00,640 --> 00:13:04,880
मतलब गंदे गंदे शब्दों का प्रयोग गालियां ये सब लिखी जाएंगी।

191
00:13:04,880 --> 00:13:08,880
जी तो कोई हमारे सनातन धर्म

192
00:13:08,880 --> 00:13:13,040
को मानेगा ही क्यों? जी लोग संकोच करेंगे

193
00:13:13,040 --> 00:13:15,520
कि इसमें से तो मुझे

194
00:13:15,520 --> 00:13:20,480
लगता है जो इस्लाम के फॉलोअर्स हैं वो अच्छे हैं। उनका कहना है

195
00:13:20,480 --> 00:13:24,560
गुस्ताखे रसूल की यही सजा सर तन से जुदा सर

196
00:13:24,560 --> 00:13:28,640
तन से जुदा। हम सर तन से जुदा की बात नहीं कहते। हमें मालूम है

197
00:13:28,640 --> 00:13:33,200
हमारी कलम में बहुत बहुत ताकत है। हम उस कुर्सी पे बैठे

198
00:13:33,200 --> 00:13:37,200
बैठते हैं। जो न्याय करती नहीं है वह न्याय दिलाती है।

199
00:13:37,200 --> 00:13:41,680
तो न्याय दिलाने वाली कुर्सी पर हम बैठकर के हम देखते हैं।

200
00:13:41,680 --> 00:13:46,000
हम सोचते हैं हम विचार करते हैं। हम मंथन करते हैं। कहां

201
00:13:46,000 --> 00:13:50,000
किस समय सनातन धर्म में मुझे बोलने की

202
00:13:50,000 --> 00:13:54,560
आवश्यकता है। तो सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से इस अश्लीलता

203
00:13:54,560 --> 00:13:58,640
को मैंने देखा। जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। जी तो

204
00:13:58,640 --> 00:14:02,640
हमारे हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस के कई जो

205
00:14:02,640 --> 00:14:06,960
थे मेंबर्स कई सदस्य आए खड़े हुए उसमें श्रीवास्तव

206
00:14:06,960 --> 00:14:11,040
जी हैं शेष नारायण मिश्रा जी हैं विशेष नारायण मिश्रा

207
00:14:11,040 --> 00:14:15,520
जी हैं आनंद साहू हैं और धीरेंद्र मिश्रा जी हैं ये सब लोग आए

208
00:14:15,520 --> 00:14:19,520
और इनके माध्यम से याचिका कोर्ट में प्रेषित हुई इस समय हमारे

209
00:14:19,520 --> 00:14:24,240
पास इस केस में जो वादी हैं वो भी यहां पर उपलब्ध हैं। पंडित

210
00:14:24,240 --> 00:14:28,320
धीरेंद्र जी इन्होंने बहुत ही साहस दिखाया जो इन्होंने

211
00:14:28,320 --> 00:14:30,640
इस याचिका में यह वादी बने हैं। तो

212
00:14:30,640 --> 00:14:34,720
ये थोड़ा सा आप थोड़ा सा इस मामले पर प्रकाश डाल दीजिए कि कैसे क्या आपका

213
00:14:34,720 --> 00:14:38,880
दृष्टिकोण था इस बात इस मामले को लेकर के जो एक आचार्यों

214
00:14:38,880 --> 00:14:43,200
के स्तर की बात का फायदा उठाने का प्रयास किया। एक

215
00:14:43,200 --> 00:14:47,680
सज्जन थे अस्थाना जी उनका आस्था बड़ी प्रखर थी दीदी

216
00:14:47,680 --> 00:14:51,840
तो प्रखर आस्था जी प्रखर विचार इन सब

217
00:14:51,840 --> 00:14:56,000
नाम से उन्होंने अपने ग्रंथ निकाले थे जी उसमें उन्होंने भारत के संतों को गाली

218
00:14:56,000 --> 00:15:00,000
तक दे दिया था जी तो उस पर हम लोगों ने केस किया विजय प्राप्त करके उनकी

219
00:15:00,000 --> 00:15:04,080
किताबें बंद करवाई अच्छा अब उनका विचार पुनः प्रखर हो रहा है तो

220
00:15:04,080 --> 00:15:08,240
भाषा बदल करके टॉपिक वही रखे हुए हैं। पुनः इस तरह से कर रहे हैं। जितने प्रखर आप हैं

221
00:15:08,240 --> 00:15:12,240
आपके 1 लाख गुना प्रखर हम हैं। हो सकता है कि आप बिज़नेस पॉइंट ऑफ़ व्यू से यह

222
00:15:12,240 --> 00:15:16,240
कर रहे हो, तो आपको उत्तर इतना अच्छा दिया जाएगा कि आपकी सारी प्रखरता नष्ट

223
00:15:16,240 --> 00:15:20,720
हो करके आपको समझ आ जाएगा। वर्तमान समय में

224
00:15:20,720 --> 00:15:25,440
सनातन धर्म पे आक्रमण करने के लिए

225
00:15:25,440 --> 00:15:29,680
हमारे पूज्य संतों को टारगेट किया जा रहा है। जी। पूज्य संत

226
00:15:29,680 --> 00:15:34,240
अपने ज्ञान और विवेक का प्रयोग करते हुए कुछ बोलते हैं तो उसमें

227
00:15:34,240 --> 00:15:38,320
आज कहीं ना कहीं सनातन के संतों का प्रयोग करके जी

228
00:15:38,320 --> 00:15:42,560
दुष्ट जन जो सनातन को नहीं मानते विश्वास करते वह भी इसका

229
00:15:42,560 --> 00:15:46,000
प्रयोग करके हमारे ऊपर आक्रमण कर रहे हैं जो अब सहा नहीं जाएगा।

230
00:15:46,000 --> 00:15:50,320
सोशल मीडिया प्लेटफार्म ग्लोबल होता है जिसका दुरुपयोग करके वो

231
00:15:50,320 --> 00:15:54,560
भारत के समस्त संतों को और इनके आधार पे इनके कंधे पर धनुष

232
00:15:54,560 --> 00:15:58,560
बाण रख करके सनातन धर्मावलंबियों को गाली दे रहे हैं। उन्हें नीच कह रहे

233
00:15:58,560 --> 00:16:02,640
हैं और क्या-क्या शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं तो इसका प्रयोग मैं यहां नहीं कर सकता। तो ये अब चलेगा

234
00:16:02,640 --> 00:16:06,720
नहीं। जी। यदि आप सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग करके आप हमें

235
00:16:06,720 --> 00:16:10,800
गाली दोगे तो हम सब पढ़े लिखे लोग हैं। वी आर पर्सन हमें

236
00:16:10,800 --> 00:16:14,960
सब पता है। हम भी उसमें एक्सपर्ट हैं। तो अपना उत्तर उसी उत्तर से दिया जाएगा।

237
00:16:14,960 --> 00:16:19,280
जो जिस भाषा समझेगा उसको उसी भाषा का उत्तर दिया जाएगा। अब यह असय

238
00:16:19,280 --> 00:16:23,520
हो रहा है। यह पीड़ा अब सहा नहीं जा रहा है और संभव हुआ

239
00:16:23,520 --> 00:16:27,520
अगर समक्ष मिल गए तो प्रतिकार भी होगा। जी जी और अगर नहीं

240
00:16:27,520 --> 00:16:31,520
माने तो दंड व्यवस्था के साथ आपको दंडित करने का प्रयास किया जाएगा। ये भारत के एक एक

241
00:16:31,520 --> 00:16:35,600
सनातन से विनती है कि आप प्रतिकार कीजिए। अपने वाणी का प्रयोग कीजिए। अपने ज्ञान

242
00:16:35,600 --> 00:16:39,760
का प्रयोग कीजिए। कुछ नहीं कर सकते। तो ऐसे भैया लोग जो

243
00:16:39,760 --> 00:16:44,160
साथ दे रहे हैं उनका सपोर्ट तो कर सकते हैं। तो कुल मिलाकर के एक मुख्य मैसेज

244
00:16:44,160 --> 00:16:48,160
आपको अभी यह भी प्राप्त हो रहा है कि यदि हमारे पिता

245
00:16:48,160 --> 00:16:52,400
और उनके छोटे भाई आपस में हमको लड़ते हुए दिख भी रहे हैं तो

246
00:16:52,400 --> 00:16:56,560
हमारा कोई अधिकार नहीं है। हमारी कोई गति नहीं है कि उनके बीच में जाकर के समीक्षा करें।

247
00:16:56,560 --> 00:17:00,720
पिता और चाचा हां। आपस में जब युद्ध करें तो संतान का धर्म

248
00:17:00,720 --> 00:17:01,220
है

249
00:17:01,200 --> 00:17:05,280
बीच में ना कूदे। वो अनुभवी लोग हैं। पता नहीं क्या लीला कर रहे हैं। जी

250
00:17:05,280 --> 00:17:09,680
जी। और इसमें एक बात मैं यह भी रखना चाहूंगा। यदि कोई ऐसा व्यक्ति है जिसकी खुजली

251
00:17:09,680 --> 00:17:13,920
नहीं मिट रही है बिना बोले है ना तो मर्यादा का पालन करें कम से कम वो मर्यादा

252
00:17:13,920 --> 00:17:18,080
में रह के अपनी वाणी निर्गत मर्यादा का पालन करे अन्यथा

253
00:17:18,080 --> 00:17:22,160
दंड व्यवस्था के साथ उसकी सारी खुशी शांत कर दी जाएगी और मैंने कई ऐसे

254
00:17:22,160 --> 00:17:26,160
वक्तव्य भी निर्गत हुए हैं जिसमें अमुक अमुक संतों ने अमुक अमुक आचार्यों

255
00:17:26,160 --> 00:17:30,240
ने मर्यादा में रह के अपनी बात रखी भी है हां रखी है और उससे हमारी उससे किसी को कोई

256
00:17:30,240 --> 00:17:34,240
आपत्ति भी नहीं हुई आपत्ति नहीं होगी अच्छा मगर अब बात आती है मुख्य

257
00:17:34,240 --> 00:17:38,480
जो ये बाहरी लोग जो ऐसी सिचुएशंस का फायदा

258
00:17:38,480 --> 00:17:42,560
उठा करके कि इस समय तो यह आपस में ही एक दूसरे पर छीटाकसी कर रहे हैं। तो चलो हम भी

259
00:17:42,560 --> 00:17:46,800
नकली किताबों के आधार पर बैंड किताबों के आधार पे उससे कुछ अखबार की कटिंग

260
00:17:46,800 --> 00:17:51,600
को जोड़ करके एक नया तथ्य प्रस्तुत करके इस कम से कम एक संत को तो मार गिराए

261
00:17:51,600 --> 00:17:56,160
एक एक बहुत अच्छा संदेश आपको देखने को मिल रहा होगा। अभी रामभद्राचार्य जी के

262
00:17:56,160 --> 00:18:00,240
शिष्य और शंकराचार्य जी के शिष्य साथ में ही हैं। और हमारे बीच में

263
00:18:00,240 --> 00:18:04,400
एक जो मूलधारा है वो भी आपको जाननी चाहिए। वेदों में

264
00:18:04,400 --> 00:18:08,480
प्रमाण्य बुद्धि श्रुति स्मृति शास्त्रों में प्रमाण्य बुद्धि वर्णाश्रम में

265
00:18:08,480 --> 00:18:12,720
प्रमाण्य बुद्धि परंपरा में प्रमाण्य बुद्धि और मूर्ति पूजा में प्रमाण्य

266
00:18:12,720 --> 00:18:16,240
बुद्धि यदि ये सारी चीजें हमारे बीच में है तो हम

267
00:18:16,240 --> 00:18:20,400
सभी लोग हिंदू कहलाते हुए एक दूसरे के भाई हैं कोर्ट पे डेढ़ घंटे तक बहस

268
00:18:20,400 --> 00:18:24,480
हुई मैंने डेढ़ घंटे तक बहस हुई घंटे तक मैंने साक्ष प्रमाण

269
00:18:24,480 --> 00:18:28,560
प्रस्तुत किए एक-एक चीज बताई कोर्ट ने उसको समझा और कोर्ट

270
00:18:28,560 --> 00:18:32,640
ने यह पाया कि वास्तव में जो बातें कही जा रही हैं वो किसी

271
00:18:32,640 --> 00:18:36,880
भी सभ्य समाज में सभ्य समाज की बात कर रहे हैं। भारत

272
00:18:36,880 --> 00:18:40,880
समझा जाता है भारत सभ्य समाज से ही

273
00:18:40,880 --> 00:18:44,960
हम भारत में सभ्य समाज के लोग रहते हैं। किसी सभ्य समाज से ये अपेक्षा नहीं की

274
00:18:44,960 --> 00:18:49,440
जा सकती है कि किसी भी व्यक्ति की शारीरिक

275
00:18:49,440 --> 00:18:53,760
अक्षमता हो तो उसमें अपशब्दों का प्रयोग

276
00:18:53,760 --> 00:18:57,840
किया जाए। जी सभ्य हम सभ्य समाज में रहते हैं। जी तो

277
00:18:57,840 --> 00:19:02,160
इस कारण कोर्ट ने इस बात को समझा। कोर्ट ने आदेश दिया और अभी

278
00:19:02,160 --> 00:19:06,320
सुनवाई बाकी है वो 8 अक्टूबर को लगा हुआ है। अच्छा तो

279
00:19:06,320 --> 00:19:10,400
अभी प्रायोरिटी में जो उसने कुछ पुरानी अखबार की कटिंग

280
00:19:10,400 --> 00:19:14,400
वगैरह दिखा के झूठी बातें कही थी। हुआ यूं था जी। एक

281
00:19:14,400 --> 00:19:18,720
पत्रिका चलती थी प्रखर विचार और प्रखर आस्था। जी

282
00:19:18,720 --> 00:19:23,040
और इसने इस प्रखर विचार और प्रखर आस्था पत्रिका के जो दो

283
00:19:23,040 --> 00:19:27,040
संपादक और सह संपादक थे या है

284
00:19:27,040 --> 00:19:31,120
एक विमलेश शुक्ला और एक शिवाशिया अस्थाना इन लोगों का

285
00:19:31,120 --> 00:19:31,620
यह

286
00:19:31,440 --> 00:19:35,520
काम ही था कि बड़े संतों से जा करके ब्लैकमेलिंग करना और

287
00:19:35,520 --> 00:19:39,520
अगर ब्लैकमेलिंग में वो पैसा नहीं देते हैं तो उनके किताब छाप

288
00:19:39,520 --> 00:19:43,520
देना ये इन्हो उनके विरोध में छाप देते थे विरोध में छाप देते

289
00:19:43,520 --> 00:19:48,000
थे अच्छा और वो कुंभ के मेले में बंटवाते थे महर्षि के खिलाफ भी इन्होने छापा

290
00:19:48,000 --> 00:19:52,160
यही जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ भी इन्होंने छापा सब

291
00:19:52,160 --> 00:19:56,160
अनर्गल बातें सब गंदी बातें मतलब निराधार थी पूरी तथ्य

292
00:19:56,160 --> 00:20:00,240
पर कोई भी नहीं दी निराधार थी तभी तो कोर्ट ने इनकी की किताब को बैन किया तथ्य परक

293
00:20:00,240 --> 00:20:04,800
कोर्ट अच्छा कोर्ट ने बैन कर दिया था। अब आप किसी को अंधरा कहेंगे, किसी को अंधराचार्य

294
00:20:04,800 --> 00:20:09,200
कहेंगे, भाई, किसी की शारीरिक अक्षमता, जबकि जो विकलांग

295
00:20:09,200 --> 00:20:13,280
कल्याण बोर्ड है, या विकलांगों के लिए जो एक्ट बना है, उसमें आप किसी

296
00:20:13,280 --> 00:20:17,360
को गाली गलौज नहीं दे सकते। अगर हम पूर्व में बिना चले वर्तमान के कानून के हिसाब

297
00:20:17,360 --> 00:20:21,440
से चलें, तो प्रत्येक व्यक्ति को, जीने का, जी।

298
00:20:21,440 --> 00:20:25,440
आदर्श से जीने का अधिकार है। बिलकुल, बिलकुल। शारीरिक अक्षमता को लेके आप अनदर

299
00:20:25,440 --> 00:20:29,680
प्रलाप नहीं कर सकते। तो इनकी किताबें थी। इस पर एक एफआईआर हुई।

300
00:20:29,680 --> 00:20:33,920
एफआईआर के बाद चार्जशीट लगी। इन्होंने

301
00:20:33,920 --> 00:20:37,920
बेल कराई। बेल कराने के बाद अब उसका स्टेटस क्या है? वो तो मुझे

302
00:20:37,920 --> 00:20:42,080
नहीं मालूम। इस किताब को लेकर के प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में लोग गए। प्रेस

303
00:20:42,080 --> 00:20:46,240
काउंसिल ऑफ इंडिया में इनकी किताब पर बैन लग गया। बैन

304
00:20:46,240 --> 00:20:46,740
लग गया।

305
00:20:46,720 --> 00:20:50,880
बैन लग गया। बैन लगा हुआ है और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह आदेश किया

306
00:20:50,880 --> 00:20:55,280
कि उत्तर प्रदेश सरकार इसमें अग्रिम कार्यवाही

307
00:20:55,280 --> 00:20:59,600
करें। जी ठीक है। बैन लग गया। अब बैन जब इनको

308
00:20:59,600 --> 00:21:03,840
लग गया तो इन्होंने एक मुकदमा माननीय उच्च न्यायालय में किया शिवाशिया अस्थाना

309
00:21:03,840 --> 00:21:07,840
वगैरह ने उच्च न्यायालय में किया कि यह मेरी किताब बैन

310
00:21:07,840 --> 00:21:12,160
कर दी है और रामभद्राचार्य जी को गिरफ्तार किया जाए। यह किया जाए, वह किया जाए।

311
00:21:12,160 --> 00:21:16,400
इनकी याचिका बिल्कुल तथन थी। कोर्ट ने उस समय इनके ऊपर

312
00:21:16,400 --> 00:21:20,720
₹00 जुर्माना लगाया। अच्छा हम वो

313
00:21:20,720 --> 00:21:24,720
शायद जजमेंट में लिखा हुआ है कि जो अभी आया है जजमेंट उसमें लिखा

314
00:21:24,720 --> 00:21:29,280
₹00 एक जुर्माना लगा उसके बाद भी इनकी आत्मा नहीं फिर ये लोग ब्लैकमेलर्स

315
00:21:29,280 --> 00:21:33,760
हैं। जी और ये जो छोटे छोटे-छोटे यूर्स या टोटपुंजा

316
00:21:33,760 --> 00:21:37,840
टाइप के जो पत्रकार हैं इनका एक काम है कि किसी बड़े आदमी को पकड़ लो।

317
00:21:37,840 --> 00:21:41,920
हम ब्लैकमेलिंग करो। बता दो तुम्हारी सीडी मेरे पास है। तुम्हारी ये

318
00:21:41,920 --> 00:21:46,000
हैंडराइटिंग मेरे पास है। तुम्हारा WhatsApp मेरे पास है। सारे झूठे और

319
00:21:46,000 --> 00:21:50,080
इसने क्या किया? सुपरइंफोज करके फोटो लगा दी। इसने ये

320
00:21:50,080 --> 00:21:54,320
यूबर ने यूबर ने लगाई। मैं मैं थोड़ा सा क्लियर कर दूं। एक पत्रिका

321
00:21:54,320 --> 00:21:58,800
निर निराधार तथ्यों के साथ छापी गई थी पूर्व में

322
00:21:58,800 --> 00:22:02,000
जो कि कोर्ट के द्वारा बैन कर प्रेस काउंसिल

323
00:22:02,000 --> 00:22:06,080
ऑफ इंडिया के द्वारा बैन कर दी गई थी। और जिसको जिसको

324
00:22:06,080 --> 00:22:10,320
अनबैंड कराने के लिए जो वो संबंधित

325
00:22:10,320 --> 00:22:14,720
व्यक्ति था उस पत्रिका को बनाने वाला छापने वाला वो हाई कोर्ट में भी गया था। अनबैन

326
00:22:14,720 --> 00:22:18,880
कराने के लिए नहीं गया था। वो गया तो उसका मंशा यही थी लेकिन उसने साफ-साफ

327
00:22:18,880 --> 00:22:22,880
नहीं लिखा क्योंकि वो अनबैन हो ही नहीं सकती थी। उसकी मंशा यही थी। अच्छा वो

328
00:22:22,880 --> 00:22:26,960
उन पर कोई आरोप लगा रहा होगा। रामभद्र राम भद्राचार्य जी पर एक जैसे नहीं

329
00:22:26,960 --> 00:22:30,960
वो उसको कहते हैं पेशबंदी टाइप से। पेशबंदी तो उस टाइप से उसने करने की कोशिश किया

330
00:22:30,960 --> 00:22:35,200
कि रामभद्राचार्य जी पर दबाव बनाया जाए। परंतु हाई कोर्ट ने वो सिरे

331
00:22:35,200 --> 00:22:39,280
से उसको भी खारिज कर दिया था। उसकी उस ₹00 और ₹00

332
00:22:39,280 --> 00:22:43,360
जुर्माना अलग से लगाया था। गलत गलत तथ्यों को प्रस्तुत करने पर। ऐसी

333
00:22:43,360 --> 00:22:47,440
जो बैन जिस पत्रिका पर प्रतिबंध लगा हुआ था

334
00:22:47,440 --> 00:22:51,440
उस पत्रिका में दिए गए उन निराधार तथ्यों के आधार पर इस

335
00:22:51,440 --> 00:22:55,440
इतना ही नहीं। उस पत्रिका में जो दिए गए हैं तथ्य उन पर उस पत्रिका

336
00:22:55,440 --> 00:22:59,760
के साथ किसी दूसरे अखबार की किसी दूसरी घटना को

337
00:22:59,760 --> 00:23:03,760
हां। को दूसरी घटना तरीके से

338
00:23:03,760 --> 00:23:08,080
तरीके से वो नीचे छोटाोटा जब उसको ज़ूम करके देखा तो उसमें लिखा था चित्रकूट

339
00:23:08,080 --> 00:23:12,160
में भगदड़ और भगदड़ में आदमी एक दूसरे के ऊपर गिरे पड़े

340
00:23:12,160 --> 00:23:16,240
हुए थे। इसका ये कहना था कि ये गड़बड़ ये चित्र गड़बड़ है

341
00:23:16,240 --> 00:23:17,200
कि मतलब मैं

342
00:23:17,200 --> 00:23:21,280
क्या ही बोलूं भगदड़ को किसी और तरीके से दिखाने का इसका

343
00:23:21,280 --> 00:23:26,080
मंशा था। ओ हो हो समझ गए ना? जी जी जी मैं समझ रहा हूं। और उसमें लिखा है

344
00:23:26,080 --> 00:23:30,080
नीचे दो ओरिजिनल है उसमें लिखा है चित्रकूट में भगदड़ और नीचे लिख रहा

345
00:23:30,080 --> 00:23:34,160
है कि कुछ और हम उस चैनल पे बताने की बात नहीं बोल ही नहीं

346
00:23:34,160 --> 00:23:38,320
सकते हम बोल ही नहीं सकते हैं तो ये जब कोर्ट ने उसको ज़ूम करके

347
00:23:38,320 --> 00:23:42,640
देखा तो कोर्ट ने कहा वास्तव में ये तो सुपरइंपोज किया हुआ है जी भगदड़

348
00:23:42,640 --> 00:23:46,880
को कुछ और बना दे रहा है जी मतलब पहली बात तो जो

349
00:23:46,880 --> 00:23:50,880
किताब बैन है उसका उसकी सामग्री लेना फिर किसी अन्य

350
00:23:50,880 --> 00:23:55,600
सामग्री को उसके साथ इस प्रकार से मिलाना कि एक नया तथ्य

351
00:23:55,600 --> 00:23:59,760
जो प्रचार एक निर्मित हो जाए। यही निर्मित किया। जी जी यही निर्मित

352
00:23:59,760 --> 00:24:04,000
किया। तो ये बात ठीक नहीं है। अपने हम लोगों का मतलब अपने

353
00:24:04,000 --> 00:24:08,080
भारतवासियों का कितना दुर्भाग्य है कितना दुर्भाग्य

354
00:24:08,080 --> 00:24:12,080
है कि जब से सोशल मीडिया आया तब से लोगों ने अपनी मेहनत

355
00:24:12,080 --> 00:24:16,080
करना छोड़ दिया, पढ़ना छोड़ दिया। सिर्फ यह सोचा कि सोशल

356
00:24:16,080 --> 00:24:20,320
मीडिया के माध्यम से अर्निंग अच्छी हो जाएगी, बिजनेस

357
00:24:20,320 --> 00:24:24,320
अच्छा हो जाएगा। क्योंकि फॉलोअ बढ़ेंगे। तो जो फॉलोअ बढ़ाने का तरीका

358
00:24:24,320 --> 00:24:28,320
था गंदे कंटेंट्स, अश्लील कंटेंट्स। हम लड़कियां भी आ

359
00:24:28,320 --> 00:24:32,240
गई फटे कपड़ों में अश्लील वस्त्रों में रील बनाने लग

360
00:24:32,240 --> 00:24:36,320
गई। और यही पुरुषों ने किया, यही महिलाओं ने किया। यही छोटे-छोटे

361
00:24:36,320 --> 00:24:40,400
बच्चों को सिखा रहे हैं। आजकल देखिए छोटे-छोटे बच्चे लाइक कमेंट बढ़ाने

362
00:24:40,400 --> 00:24:44,880
के लिए, रील बनाने के लिए क्या-क्या शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। तो ये अपना कितना दुर्भाग्य

363
00:24:44,880 --> 00:24:48,960
है तो मुझे बहुत दुख होता है। देश का युवा किस ओर जा रहा

364
00:24:48,960 --> 00:24:53,120
है। जी। आदि शंकराचार्य भगवान श्री राम की धरती

365
00:24:53,120 --> 00:24:57,120
है। जहां विद्वानों का सम्मान होता था। आचार्य चाणक्य की धरती

366
00:24:57,120 --> 00:25:01,360
है और आचार्य चाणक्य की धरती में क्या हो रहा है? सोशल मीडिया के माध्यम से

367
00:25:01,360 --> 00:25:05,520
सिर्फ व्यू व्यूअर्स बढ़ाने के लिए पैसे की पैसे बढ़ाने

368
00:25:05,520 --> 00:25:09,840
के लिए यह सब किया जाता है। जी अच्छा दीदी एक चीज मैंने देख मतलब

369
00:25:09,840 --> 00:25:13,920
मैं ये कहूंगा कि अगर हमारे आचार्य गण हैं जो वो अगर कोई

370
00:25:13,920 --> 00:25:18,400
टिप्पणी करते भी हैं तो पहली बात तो उनकी टिप्पणी बहुत मरदित होती है।

371
00:25:18,400 --> 00:25:22,720
शब्दों में उनके बहुत मर्यादा होती है। और अगर किसी

372
00:25:22,720 --> 00:25:26,800
पर व्यक्तिगत हुई भी है तो वो पूरा अधिकार होता है जो जिन

373
00:25:26,800 --> 00:25:31,280
पर जिन आचार्यों के संबंध में किसी अमुक आचार्य ने बोला तो उनको पूरा स्वतंत्रता

374
00:25:31,280 --> 00:25:35,280
होती है कि वो भैया अपना शास्त्रोक्त ढंग से मर्यादा में रह के अपना जवाब प्रस्तुत

375
00:25:35,280 --> 00:25:39,760
कर सकते हैं और करते भी हैं किया भी है परंतु इसमें इस तरीके से किसी

376
00:25:39,760 --> 00:25:43,760
मनचले व्यक्ति का भांजी मारना एक तरीके से कहेंगे कि मैं

377
00:25:43,760 --> 00:25:47,360
जो है इस मौके का फायदा उठा लूं अवसरवादिता भाई

378
00:25:47,360 --> 00:25:51,920
देखिए रामभद्राचार्य जी की भगवान भगवान श्री राम के प्रति निष्ठा

379
00:25:51,920 --> 00:25:57,120
सनातन धर्म के प्रति निष्ठा इससे इससे कोई भी किसी प्रकार से

380
00:25:57,120 --> 00:26:01,120
इसको नहीं नकार नहीं सकता इन बातों को तो ऐसी स्थिति

381
00:26:01,120 --> 00:26:05,600
में वर्णाश्रम प्रेमी परंपरा प्रेमी रामायण प्रेमी रामचरितमानस कुछ अंशों

382
00:26:05,600 --> 00:26:09,680
में लेकर के मतभेद हो भी सकता है मगर उनके इस प्रकार की निष्ठा को

383
00:26:09,680 --> 00:26:13,760
इस प्रकार की अनन्य अह अनन्य समर्पण को भी हम अनदेखा नहीं कर

384
00:26:13,760 --> 00:26:17,760
सकते और उस वो भी उस स्थिति में हम उन्हें अकेला छोड़ दें जब कोई ऐसा

385
00:26:17,760 --> 00:26:21,840
मनचला व्यक्ति बाहरी व्यक्ति और इस तरीके से प्रहार कर रहा है

386
00:26:21,840 --> 00:26:25,840
वह कि आज जो है रामभद्राचार्य जी पर किया है कल को ज्योतिष पीठ वाले

387
00:26:25,840 --> 00:26:29,840
महाराज जी पर करेगा फिर आगे पूरी के शंकराचार्य जी पर करेगा फिर आगे

388
00:26:29,840 --> 00:26:33,920
विद्या भास्कर जी महाराज पर करेगा तो ऐसी स्थिति में हम हिंदुत्वों को अकेला

389
00:26:33,920 --> 00:26:38,240
नहीं छोड़ सकते अभी अभी कुछ लोग हैं कुछ लोग ऐसे हैं जो पाखंड

390
00:26:38,240 --> 00:26:42,400
का चोला पहने हुए हैं शंकराचार्य चाहे सर्मान शंकराचार्य

391
00:26:42,400 --> 00:26:46,400
हो चाहे वो राघवाचार्य हो चाहे रामभद्राचार्य जी हो चाहे

392
00:26:46,400 --> 00:26:50,480
भारत की स्त्रियां हो जिनके खिलाफ उनको गंदे अश्लील शब्दों

393
00:26:50,480 --> 00:26:54,640
को प्रयोग करने में जरा भी संकोच नहीं हो। जी जी अभी है कुछ लोग ऐसे

394
00:26:54,640 --> 00:26:58,640
जी तो मतलब इस पर एक कड़ाई करने

395
00:26:58,640 --> 00:27:02,400
का आपकी कच कर दिया है आपने कि ऐसे लोग जो

396
00:27:02,400 --> 00:27:06,640
हमारे गुरु गोविंदो ग्रंथ पर प्रहार कर रहे हैं। उस पर जो है दीदी

397
00:27:06,640 --> 00:27:10,640
अब आक्रामक रुख में आ चुकी हैं आगे और अब कोई बचने वाला नहीं

398
00:27:10,640 --> 00:27:14,800
है। संदेश एक प्राप्त होता है हमें। दूसरी एक बात मैं

399
00:27:14,800 --> 00:27:18,880
आज एक घोषणा और करूंगा। आप सबको आप लोग

400
00:27:18,880 --> 00:27:23,200
हमारा नंबर सार्वजनिक है आपके पास यदि आपको इस तरह का कोई राष्ट्रीय

401
00:27:23,200 --> 00:27:27,360
स्तर का कोई समष्टि के स्तर का कोई विवाद दिखाई देता है जहां

402
00:27:27,360 --> 00:27:31,520
पर हमारे गुरु गोविंद अथवा ग्रंथ पर कोई आपत्तिजनक

403
00:27:31,520 --> 00:27:35,600
व्यवहार उनके साथ किया गया हो सार्वजनिक रूप से या फिर किसी भी प्रकार से आपको

404
00:27:35,600 --> 00:27:39,920
लगता है कि इसका विरोध हमें करना चाहिए तो इस संबंध में आप हमसे संपर्क

405
00:27:39,920 --> 00:27:44,080
करें। हम उस पर पूरा प्रयास करेंगे यथासामर्थ्य कि हम उस पर कारवाई

406
00:27:44,080 --> 00:27:48,160
करें। आप लोग इस संबंध में हमसे निर्भीक होकर के संपर्क

407
00:27:48,160 --> 00:27:52,320
कर सकते हैं। पर WhatsApp करिएगा फोन ना करें। WhatsApp करें जैसी

408
00:27:52,320 --> 00:27:56,320
आवश्यकता अनुसार हम आपसे स्वयं संपर्क करेंगे। दीदी इसमें थोड़ा सा

409
00:27:56,320 --> 00:28:00,400
आप कोर्ट ने आदेश क्या दिया है वो थोड़ा सा क्लियर कर

410
00:28:00,400 --> 00:28:04,800
दीजिए क्योंकि मुझे आदेश क्लियर नहीं है। देखो कोर्ट ने जो प्राइवेट

411
00:28:04,800 --> 00:28:09,200
रेस्पोंडेंट्स थे जी जैसे कि Google है, Instagram है,

412
00:28:09,200 --> 00:28:13,600
YouTube है जी और ये

413
00:28:13,600 --> 00:28:17,760
जो प्राइवेट यूबर है बेधड़क खबर वाले इनको सबको नोटिस इशू

414
00:28:17,760 --> 00:28:22,080
किया है। कहा है दो तरीके से इनको नोटिस दीजिए। एक कोर्ट से जाएगा।

415
00:28:22,080 --> 00:28:26,320
एक आप ईमेल या दस्ती संबंध जैसे भी करना हो दो तरीके से इनको नोटिस

416
00:28:26,320 --> 00:28:30,400
दीजिए। जी और जो विकलांग कल्याण कमिश्नर

417
00:28:30,400 --> 00:28:34,560
विकलांग कल्याण बोर्ड है उनसे ये कहा है कि रेस्पोंडेंट

418
00:28:34,560 --> 00:28:38,800
नंबर 10 जो बेधड़क खबर है इनके खिलाफ आप कार्यवाही करके हमें बताइए।

419
00:28:38,800 --> 00:28:42,880
मुकदमा दर्ज करिए एक तरीके से। कहा ये कह सकते हैं उचित

420
00:28:42,880 --> 00:28:46,880
उचित कार्यवाही करके हमें बताइए। उचित कार्यवाही अगर अदालत कहती है उचित कार्यवाही तो

421
00:28:46,880 --> 00:28:50,960
उसका मतलब होता है उचित कार्यवाही। जी हां उसका मतलब यह नहीं होता

422
00:28:50,960 --> 00:28:55,120
है कि उसको हल्के में लिया जाए अदालत कहती है उचित कार्यवाही तो उचित

423
00:28:55,120 --> 00:28:59,200
कार्यवाही उसका और भारत सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि हम

424
00:28:59,200 --> 00:29:03,200
सोशल मीडिया में जो ये अनर्गल प्रार चल रहे हैं इनको रोकने की और कोर्ट ने

425
00:29:03,200 --> 00:29:07,280
एक बहुत अपना भी अपनी भी एक दुख

426
00:29:07,280 --> 00:29:11,440
व्यक्त किया उसको कहते हैं कोर्ट ने भी एक अपनी पीड़ा व्यक्त की कोर्ट

427
00:29:11,440 --> 00:29:15,600
ने कहा कि हम देखते हैं नित्य प्रति सोशल मीडिया को अगर खोल

428
00:29:15,600 --> 00:29:19,680
दिया जाए चाहे Facebook हो चाहे Instagram हो चाहे

429
00:29:19,680 --> 00:29:23,680
YouTube हो चाहे एक्स हो देख देखा जाए तो ना

430
00:29:23,680 --> 00:29:27,760
जाने कितनी अश्लीलता चल रही है। जी पहले जमाने में अगर वो

431
00:29:27,760 --> 00:29:31,840
पिक्चर एक आई थी सत्यम शिवम सुंदरम कोई अश्लीलता नहीं थी लेकिन मेरे पिताजी

432
00:29:31,840 --> 00:29:32,880
ने मेरे माताजी ने उसको

433
00:29:32,880 --> 00:29:37,040
देखने नहीं दिया कहा कि बच्चों को देखने लायक नहीं है। लेकिन आजकल तो

434
00:29:37,040 --> 00:29:41,440
बच्चों के ही माध्यम से क्या-क्या अश्लीलता चल रही है। ये परिवारों को

435
00:29:41,440 --> 00:29:45,680
समझना होगा और जो नहीं समझेंगे उनको हम समझाएंगे।

436
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जी उनको हम ऐसा नहीं है कि उनको मार के तलवार के जोर पर समझाएंगे।

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हम उनको अपने कलम के माध्यम से समझाएंगे क्योंकि कलम की जो चोट होती है वो

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तलवार की चोट से बड़ी और वो परमानेंट होती है। तरफ अगर हम

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न्यायपालिका से जुड़े हुए कुछ लोगों की वजह से न्यायपालिका के विरुद्ध

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एक ऐसी बात सोचते हैं कि भाई हमें जो है हमारे साथ गलत हो रहा है। अमुक

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अमुक क्षेत्र में ऐसा हो रहा है। मगर वहीं पर हमारी अग्रजा जैसे

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अग्रजा जैसी विभूतियों के कारण उसी न्यायपालिका से हमको न्याय

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भी प्राप्त हो रहा है। तो एक पूरी के शंकराचार्य

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जी एक सिद्धांत बताते हैं कि जो धरती पर गिरा

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हुआ व्यक्ति होता है वह धरती से ही सहारा लेकर उठ खड़ा होता है। जो

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जिस हवाई जहाज को आकाश में उड़ना है वह हवाई जहाज धरती

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का ही सहारा लेकर पहले अपने आप को इस योग्य बनाता है कि वो आकाश में उड़ सके।

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तो यदि हमें कुछ बदलना है तो जिस सिस्टम को हमें बदलना है उसी

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सिस्टम का सहारा लेके हम उसको बदल भी सकते हैं। तो हमारी माननीय अग्रजा

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00:30:44,080 --> 00:30:47,920
जी ने एक और उसमें हमें विजय प्राप्त कराई है।

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00:30:47,920 --> 00:30:52,000
इसके लिए आपका अभिनंदन और

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00:30:52,000 --> 00:30:56,080
सभी का जो भी इस अपील से क्या कहेंगे याचिका से जुड़े

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हुए जितने भी वादी हैं आपकी ओर से जिन्होंने आगे आए जो इस बात

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के लिए उन सभी का अभिनंदन और यह एक

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चेतावनी है। उन यूर्स उन सोशल मीडिया पर काम करने वालों के

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लिए भी जो अब सोशल मीडिया की स्वतंत्रता का

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फायदा उठा के कुछ भी मनमाना वक्तव्य निर्गत कर रहे हैं और

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भूल गए कि भारत धरती है संस्कृति और समृद्धि की धरती है। जी

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00:31:20,960 --> 00:31:24,960
ये ये जो है ये वो धरती नहीं है जहां से मनचाही

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बातें कही जाए जहां से मनचाहे सिस्टम चले। ये धरती ऐसी है

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00:31:29,200 --> 00:31:33,520
जो हम वेदों शास्त्रों के हिसाब से अपने गुरुओं की आज्ञा के हिसाब

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से अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए धर्म की मर्यादाओं

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का पालन करते हुए हम आगे बढ़ते हैं। जी तो

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इसी चेतावनी के साथ और इस बात के साथ कि

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अगर आपको सनातन धर्म पर होने वाला प्रहार कहीं भी किसी भी रूप में दिखाई

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देता है तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। हम यथासामर्थ प्रयास

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00:31:54,800 --> 00:31:58,880
करेंगे कि उस अह उसे कानूनी कारवाही का या

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फिर किसी भी प्रकार से उसका प्रतिकार करने का जो भी यथोचित रास्ता हो सकता है

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00:32:03,200 --> 00:32:07,840
उसका एक स्वरूप तैयार किया जाए। [संगीत]

470
00:32:07,840 --> 00:32:11,840
हम्म [संगीत]
