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00:00:02,400 --> 00:00:06,400
पाखंड का पंचनामा। मैं इस समय खड़ा

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00:00:06,400 --> 00:00:10,480
हुआ हूं मरही माता मंदिर आर्य समाज के बाहर।

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00:00:10,480 --> 00:00:14,480
आर्य समाज का ये वो मंदिर है जहां पर अंदर मूर्ति पूजा

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00:00:14,480 --> 00:00:18,880
होती है और आर्य समाज के द्वारा जो जो

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00:00:18,880 --> 00:00:22,960
युगल होते हैं वह आराम से अपना विवाह भी संपन्न कराते हैं। एक तरफ

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00:00:22,960 --> 00:00:27,120
आर्य समाज कहता है कि ईश्वर अवतार नहीं ले सकता। एक तरफ आर्य समाज

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00:00:27,120 --> 00:00:31,280
कहता है कि मूर्ति पूजा अधर्म है और दूसरी ओर यहां पर यह देखते

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00:00:31,280 --> 00:00:35,280
हुए कि यहां के लोगों की श्रद्धा मूर्ति पूजा में ही

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00:00:35,280 --> 00:00:39,360
है। तो देखिए यहां पर आर्य समाज वाले मूर्ति पूजा वाला मंदिर

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00:00:39,360 --> 00:00:43,680
भी खोल करके बैठे हैं। अंदर चुनरी इत्यादि भी बिकती है। अंदर

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00:00:43,680 --> 00:00:47,760
माता की मूर्ति अंदर हनुमान जी की मूर्ति है। अंदर अन्य

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00:00:47,760 --> 00:00:51,760
देवी देवताओं की मूर्ति हैं। उन्हीं देव देवी देवताओं की मूर्ति

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00:00:51,760 --> 00:00:56,080
जिसका खंडन करते-करते दिन और रात ये थकते नहीं है।

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00:00:56,080 --> 00:01:00,080
और हां, अंदर राधाकृष्ण की भी मूर्ति है। जिसको दिन-रात ये

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00:01:00,080 --> 00:01:04,320
लोग जिनका अस्तित्व स्वीकारने से मना करते हैं। तरह-तरह के अश्लील आरोप

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00:01:04,320 --> 00:01:08,480
लगाते हैं। राधा मां के अस्तित्व को नकारते हैं। वही आर्य

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00:01:08,480 --> 00:01:12,480
समाज वाले यहां पर एक मंदिर खोल करके बैठे हैं। जहां पर दिनों रात

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00:01:12,480 --> 00:01:17,120
मूर्ति पूजा कराई जा रही है। यह हिंदू सनातनियों

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00:01:17,120 --> 00:01:17,620
और

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00:01:17,440 --> 00:01:21,600
भगवान पर आस्था रखने वाले आस्तिकों के हृदय पर आघात है कि

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00:01:21,600 --> 00:01:26,000
नहीं? प्रहार है कि नहीं? यह पाखंड है कि नहीं?

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00:01:26,000 --> 00:01:30,800
आर्य समाज एक तरफ मूर्ति पूजा का घोर विरोधी।

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00:01:30,800 --> 00:01:34,960
अबाद ईश्वर को प्रतिपादित करने वाले जितने भी हमारे प्रामाणिक

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00:01:34,960 --> 00:01:39,040
आचार्य हैं, उनका विरोधी। वही आर्य समाज यहां

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00:01:39,040 --> 00:01:43,120
पर बड़ी प्रसन्नता के साथ जगमगाती हुई लाइट लगाते

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00:01:43,120 --> 00:01:47,120
हुए आर्य समाज मरही माता मंदिर और यहां पर वो सारी

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00:01:47,120 --> 00:01:51,440
सुविधाएं आपको जो मूर्ति पूजा से रिलेटेड होती हैं। दीप जलाइए,

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00:01:51,440 --> 00:01:55,600
चुनरी खरीदिए, तिलक लगाइए, भस्म लगाइए, रुद्राक्ष की माला

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00:01:55,600 --> 00:01:59,600
पहनिए और भी ना जाने क्या-क्या वो सभी सारी चीजें जिनका

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00:01:59,600 --> 00:02:03,680
घोर विरोध आर्य समाज अपनी पुस्तकों में, अपने प्रचार में करता है। यह

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00:02:03,680 --> 00:02:07,920
पाखंड नहीं है, तो और क्या है? यह दोगलापन नहीं है, तो और क्या है?

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00:02:07,920 --> 00:02:12,160
यह हिंदू सनातनियों की पीठ में छुरा नहीं घोंपा जा रहा है।

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00:02:12,160 --> 00:02:16,160
क्यों खोला गया यह मंदिर? सोचिए। यह देखते हुए कि

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00:02:16,160 --> 00:02:20,480
यहां पर आस्था किस में है? जिस तरह से क्रिश्चियन मिशनरीज काम करती हैं।

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00:02:20,480 --> 00:02:24,880
यह भी तो उसी तरह से काम कर रहे हैं कि पहले जिसमें उस आपकी आस्था

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00:02:24,880 --> 00:02:29,040
है, वही ले लो। उसके बहाने आ जाओ। फिर धीरे-धीरे

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00:02:29,040 --> 00:02:32,560
हम तुम्हें मूर्ति पूजा का विरोधी बना देंगे। मूर्ति पूजा के

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00:02:32,560 --> 00:02:36,640
नाम से बुलाकर हम तुम्हें मूर्ति पूजा का विरोधी बना देंगे। गीता का ज्ञान

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00:02:36,640 --> 00:02:40,800
देने के नाम पर हम तुम्हें गीता का विरोधी बना देंगे। रामायण का नाम लेने

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00:02:40,800 --> 00:02:44,800
के नाम पर रामायण का ज्ञान देने के नाम पर हम तुम्हें रामायण का विरोधी बना

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00:02:44,800 --> 00:02:48,880
देंगे। और एट दी सेम टाइम धंधा तो चलता रहेगा।

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00:02:48,880 --> 00:02:53,040
विवाह तो होते ही रहेंगे। फीस तो मिलती ही रहेगी। है ना?

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00:02:53,040 --> 00:02:57,040
चढ़ावा चढ़ता ही रहेगा मूर्ति पूजा के नाम पे। वो बात और है कि हमारे लिए

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00:02:57,040 --> 00:03:01,040
मूर्ति पूजा का अधर्मी है। हमारे लिए मूर्ति पूजा का ज्ञानी है।

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00:03:01,040 --> 00:03:05,520
मूर्ति पूजा हो ही नहीं सकती। भगवान अवतार ले ही नहीं सकता। तो इस सारे षड्यंत्र

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00:03:05,520 --> 00:03:09,520
का हमने आज यहां पर पर्दाफाश किया है। आप स्वयं विवेक

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00:03:09,520 --> 00:03:13,600
से निर्णय करें। यह क्या हो रहा है यहां पर? मैं इस समय छत्तीसगढ़

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00:03:13,600 --> 00:03:17,760
की राजधानी रायपुर में खड़ा हुआ हूं। डॉक्टर अंबेडकर हॉस्पिटल के

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00:03:17,760 --> 00:03:22,000
पास में ही यह मंदिर है। जी रोड जीई रोड है

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00:03:22,000 --> 00:03:26,080
यहां पर और उस पर यह मंदिर स्थित है। आप हिंदू सनातनी

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00:03:26,080 --> 00:03:30,480
जागे और आर्य समाज इस रामपाल जैसी जो

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00:03:30,480 --> 00:03:34,880
अह सनातना संस्थाएं हैं। इनके कुचक्रों को पहचानने

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00:03:34,880 --> 00:03:39,040
की का प्रयास करें। यह किस प्रकार दीमक की तरीके से

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00:03:39,040 --> 00:03:43,120
हमारे जो मूल हैं जो सार्वभौम सिद्धांत हैं उनको नष्ट

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00:03:43,120 --> 00:03:47,840
करने के लिए प्रयासरत हैं। मरही माता मंदिर आर्य समाज इसका एक उत्कृष्ट

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00:03:47,840 --> 00:03:52,000
और बिल्कुल ज्वलंत उदाहरण है कि ये किस हद तक जा सकते हैं आपको

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00:03:52,000 --> 00:03:56,160
आपके सिद्धांतों से दूर करने के लिए और इन्हीं का ही आगे का चरण

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00:03:56,160 --> 00:04:00,320
होता है। जब कोई व्यक्ति नास्तिक बनता है, विकास दिव्य कीर्ति की तरह जब कोई

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00:04:00,320 --> 00:04:04,560
व्यक्ति प्रशांत बनता है, ओशो बनता है, जब कोई व्यक्ति विधर्मी बनता है,

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00:04:04,560 --> 00:04:08,720
इस्लाम को अपनाता है या बाइबल को अपनाता है। ये

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00:04:08,720 --> 00:04:12,940
सब इन्हीं कुचक्रों का परिणाम है। जय श्री राम।

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00:04:12,940 --> 00:04:18,940
[संगीत]

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00:04:27,920 --> 00:04:33,920
अच्छा

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00:04:39,880 --> 00:04:45,880
[संगीत]

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00:04:51,920 --> 00:04:57,920
चलो

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00:05:13,540 --> 00:05:17,540
[संगीत]
