1
00:00:02,160 --> 00:00:04,000
जय श्री राम जय

2
00:00:04,000 --> 00:00:09,200
श्री राम हां

3
00:00:09,200 --> 00:00:13,360
प्रश्न भैया वही था कि पीएन मिश्रा जी का कुछ तो

4
00:00:13,360 --> 00:00:17,520
अनावश्यक लगा हमें जो उन्होंने कहा है वर्ण व्यवस्था

5
00:00:17,520 --> 00:00:21,600
को लेकर के शंकराचार्य जी को और करपात्री जी को

6
00:00:21,600 --> 00:00:25,040
लेकर के आदि ये सब जो है

7
00:00:25,040 --> 00:00:30,160
अभी कुछ दिनों पहले एक ब्राह्मण विरोधी फिल्म बनाई थी अनुराग कश्यप ने

8
00:00:30,160 --> 00:00:34,480
अच्छा उसने बहुत पूरे वर्णाश्रम जो धर्म

9
00:00:34,480 --> 00:00:39,280
होता है उसकी धज्जियां उड़ाई थी। उसमें कोई किसी कोई

10
00:00:39,280 --> 00:00:43,680
विचारक थे। उनकी पुस्तक का आधार लेकर के फिल्म बनाई

11
00:00:43,680 --> 00:00:47,840
थी। काफी चर्चा हुई थी। उसका विरोध भी किया था। ब्राह्मण विरोधी

12
00:00:47,840 --> 00:00:52,000
फिल्म या वर्णाश्रम विरोधी फिल्म इस तरह से तो

13
00:00:52,000 --> 00:00:56,800
हम उसका भी तो विरोध नहीं कर पाए हैं।

14
00:00:56,800 --> 00:01:00,880
हाइपरस्ट हाइपरक्वेस्ट के चैनल पर धर्म सम्राट नाम से

15
00:01:00,880 --> 00:01:05,120
अपने आप को ख्यापित करता है जो कहता है वो ऋषि वाच

16
00:01:05,120 --> 00:01:10,960
गया। वहां पर उसने खूब उल्टी की जहर उगला

17
00:01:10,960 --> 00:01:15,360
हम लोग उसे भी समय नहीं दे पाए। विज्ञान दर्शन

18
00:01:15,360 --> 00:01:19,440
भी हाइपर क्वेस्ट पर जाकर के उल्टियां कर चुका है। करपात्री जी को

19
00:01:19,440 --> 00:01:23,680
अगर सिंगल पॉइंट तरीके से देखा जाए तो कलयुगी

20
00:01:23,680 --> 00:01:27,760
योगी नाम का एक व्यक्ति जो हमारे चैनल पर कई बार आ चुका है। दो एक बार आ चुका है।

21
00:01:27,760 --> 00:01:30,960
उसने जो है बहुत

22
00:01:30,960 --> 00:01:35,360
गिरे हुए स्तर से जो है कृपात्री जी के बारे में बात करते हुए रील बनाई

23
00:01:35,360 --> 00:01:39,520
वक्तव्य दिए। हम वहां भी कुछ नहीं कर पाए। और

24
00:01:39,520 --> 00:01:44,720
इसके साथ ही साथ एक फेमस चेहरा है नित्यानंद मिश्रा

25
00:01:44,720 --> 00:01:48,880
जिसने कृपा जी के ऊपर उंगली उठाई थी वो पृथ्वी गोल

26
00:01:48,880 --> 00:01:53,280
है वाले मामले पर पृथ्वी घूमती है वाले मामले पर और अलोपनिषद

27
00:01:53,280 --> 00:01:57,840
पर भी उठाई थी यद्यपि अलोपनिषद वाले मामले को हमने बहुत

28
00:01:57,840 --> 00:02:02,000
उसको ही केंद्रित करते हुए नहीं मगर एक जवाब दे दिया था जिसमें उसका

29
00:02:02,000 --> 00:02:06,160
संदर्भ भी था मगर यह नहीं बताया था लोगों को कि भाई हम इस इस वीडियो में उसको जवाब

30
00:02:06,160 --> 00:02:10,480
दे रहे हैं तो इतने सारे

31
00:02:10,480 --> 00:02:12,240
लोग हैं और भी ना जाने कितने

32
00:02:12,240 --> 00:02:16,240
लोग हैं जो कि पीएन मिश्र जी से

33
00:02:16,240 --> 00:02:20,240
बहुत ज्यादा आगे ख्याति प्राप्त है और वो बोलते

34
00:02:20,240 --> 00:02:24,320
हैं और जैसे यह

35
00:02:24,320 --> 00:02:28,560
बताया जा रहा है कि इनकी ही जानकारी के अनुसार कि शंकर परंपरा

36
00:02:28,560 --> 00:02:32,640
के विरोध में बोलते हैं क्योंकि हमने ज्यादा उनके चीजों को सुना नहीं है।

37
00:02:32,640 --> 00:02:36,640
मगर उससे भी ज्यादा घृणात्मक तरीके से निम्न दृष्टि से

38
00:02:36,640 --> 00:02:40,720
ख्यापित करते हुए बहुत लोग बोले हैं। तो हमने उनके लिए भी

39
00:02:40,720 --> 00:02:45,600
तो कुछ नहीं किया है। तो ऐसे में यही प्रश्न क्योंकि पीएन मिश्र जी

40
00:02:45,600 --> 00:02:49,680
के विरोध में आपने क्यों नहीं बोला? अभी प्रमुख मुद्दा तो वही

41
00:02:49,680 --> 00:02:53,920
बना हुआ है ना? यह प्रमुख मुद्दा तय कौन कर रहा है? यह

42
00:02:53,920 --> 00:02:57,600
प्रमुख है।

43
00:02:57,600 --> 00:03:01,840
आप आप देखिए प्रमुख मुद्दा तय कौन करेगा? यह प्रमुख

44
00:03:01,840 --> 00:03:04,240
है।

45
00:03:04,240 --> 00:03:08,240
अभी इसी पर अधिक विवाद छिड़ा हुआ था ना इसलिए इसे प्रमुख

46
00:03:08,240 --> 00:03:12,720
किस पर अधिक विवाद छिड़ा था पीएन मिश्र जी निग्रहाचार्य

47
00:03:12,720 --> 00:03:16,880
जी और संदीप देव जी के बीच तो इससे भयंकर विवाद छिड़ा अनुराग कश्यप

48
00:03:16,880 --> 00:03:21,360
की मूवी पे नरसिम्हा में जो नरसिम्हा में जो देखिए आप तो

49
00:03:21,360 --> 00:03:25,440
व्यष्टि की बात कर रहे हैं। मैं समष्टि की बात कर रहा हूं। पूरे वर्णाश्रम धर्म की

50
00:03:25,440 --> 00:03:29,440
ही धज्जियां उड़ा दी गई। यहां तो पीएन मिश्र पर्टिकुलर किसी

51
00:03:29,440 --> 00:03:34,000
एक गुरु परंपरा के विरोध में बोल रहे हैं ना।

52
00:03:34,000 --> 00:03:38,400
वहां तो पूरे धर्म पर ही उंगली उठा दी गई है और नरसिम्हा भूमि में पूरे

53
00:03:38,400 --> 00:03:42,880
शिव जी का अपमान किया गया है कि वो वो राक्षसों

54
00:03:42,880 --> 00:03:46,960
के देवता है। हम उसको भी नहीं समय दे पाए। मेरा कहने का अर्थ

55
00:03:46,960 --> 00:03:51,040
यह है कि जब हम किसी का विरोध करते हैं

56
00:03:51,040 --> 00:03:55,280
तो हमें यह देखना होता है। किसी का प्रतिकार करते हैं तो हमें यह देखना

57
00:03:55,280 --> 00:03:59,920
होता है कि प्रतिकार करने से कितना लाभ मिलेगा और प्रतिकार

58
00:03:59,920 --> 00:04:04,080
ना करने से उसी समय किसी दूसरे का प्रतिकार करने से कितनी हानि

59
00:04:04,080 --> 00:04:08,080
बच पाएगी। हानि होगी या लाभ होगा। दूसरे से लाभ होगा या

60
00:04:08,080 --> 00:04:12,160
हानि होगी। सिर्फ यह नहीं कि क्योंकि किसी ने हमारा नाम

61
00:04:12,160 --> 00:04:12,800
लेकर के बोल

62
00:04:12,800 --> 00:04:16,880
दिया तो हम उसका तुरंत वीडियो बना दें। यह कार्य तो हमारा नहीं

63
00:04:16,880 --> 00:04:20,960
है। हम तो ऐसे किसी तंत्र व्यक्तित्व

64
00:04:20,960 --> 00:04:24,960
इत्यादि को पकड़ते हैं जिसका जो एक कल्ट के रूप

65
00:04:24,960 --> 00:04:28,960
में ख्यापित हो रहा हो जिससे कि एक बड़ा जन समूह जुड़

66
00:04:28,960 --> 00:04:32,960
चुका हो और उसकी विचारधारा जो है फैल रही हो। पीएन

67
00:04:32,960 --> 00:04:37,600
मिश्र जी का व्यक्तित्व क्या है धार्मिक क्षेत्र में? उस

68
00:04:37,600 --> 00:04:41,680
प्रकार से तो नहीं है कुछ ख्याति उनकी। तो हमें क्या करना? कोई एक व्यक्ति अगर

69
00:04:41,680 --> 00:04:45,680
कुछ बोल भी रहा है डेली इतने वीडियोस बनते हैं शंकराचार्य

70
00:04:45,680 --> 00:04:50,000
की विचारधारा के विरोध में जबकि उनका अपना एक उनका अपना एक कल्ट

71
00:04:50,000 --> 00:04:54,160
भी है तो हम पीएन मिश्र जी पर अपनी एनर्जी और समय क्यों नष्ट करें

72
00:04:54,160 --> 00:04:58,320
सबसे पहली बात दूसरी बात यह है कि दूसरी बात यह है कि जो

73
00:04:58,320 --> 00:05:02,320
व्यक्ति ख्यापित नहीं है उसको हम अपने चैनल से ख्यापित क्यों

74
00:05:02,320 --> 00:05:06,320
करवा दें भाई पीएन मिश्र जी का सामाजिक

75
00:05:06,320 --> 00:05:10,560
पर्सनालिटी के रूप में धार्मिक पर्सनालिटी के रूप में क्या व्यक्तित्व है अगर उनको संदीप

76
00:05:10,560 --> 00:05:14,560
देव जी अपने चैनल पर ना बोलने को बुलाएं। उनका अपना क्या

77
00:05:14,560 --> 00:05:18,640
स्टेटस है जो हम उनका खंडन करें। कितने उनके दीक्षा प्राप्त

78
00:05:18,640 --> 00:05:22,720
शिष्य हैं या कितने उनके फॉलोअर्स हैं जिससे कि वो कुछ बात बोल देंगे तो

79
00:05:22,720 --> 00:05:26,880
उनको दिक्कत हो जाएगी। दिक्कत यह है कि पीएन मिश्र जी ने

80
00:05:26,880 --> 00:05:28,160
दिक्कत यह है कि पीएन

81
00:05:28,160 --> 00:05:32,240
मिश्र जी इस समय भागवत आनंद के विरोध में खड़े हुए हैं। तो

82
00:05:32,240 --> 00:05:36,320
इसलिए सवाल उठ रहा है कि भाई भागवतानंद के विरोध में जो खड़ा हुआ व्यक्ति

83
00:05:36,320 --> 00:05:40,480
है वो जो ऐसी बात बोल रहा है जो आपके भी एक मिनट वो जो

84
00:05:40,480 --> 00:05:44,480
आपकी आवाज कट रही थी। अब आ रही है। हां

85
00:05:44,480 --> 00:05:48,880
हां आ रही है। हां तो बात मुद्दे की ये है विषय ये है

86
00:05:48,880 --> 00:05:52,880
लोग हमसे सवाल क्यों पूछ रहे हैं कि पीएन मिश्र जी का विरोध क्यों नहीं किया है? इसलिए नहीं

87
00:05:52,880 --> 00:05:56,880
पूछ रहे हैं कि शंकर के सिद्धांत का खंडन हो रहा है। धर्म का खंडन हो

88
00:05:56,880 --> 00:06:00,960
रहा है। क्योंकि धर्म का खंडन होने वाली बात होती तो हमको नित्यानंद मिश्र में भी परेशान

89
00:06:00,960 --> 00:06:05,680
करते, हाइपरकस्ट में भी परेशान करते, विज्ञान दर्शन में भी परेशान करते।

90
00:06:05,680 --> 00:06:09,920
तो जो लोग ये सवाल पूछ रहे हैं कि पीएन मिश्र पे क्यों नहीं बोला है वो

91
00:06:09,920 --> 00:06:14,160
इससे उनको मतलब है कि कौन सा ऐसा व्यक्ति है जिसने भागवतानंद

92
00:06:14,160 --> 00:06:18,160
का भी विरोध किया है और जिसने शंकर परंपरा का भी विरोध किया उसके

93
00:06:18,160 --> 00:06:22,240
खिलाफ शिवांशु नारायण द्विवेदी क्यों नहीं बोल रहे? तो हमारे काम करने की एक

94
00:06:22,240 --> 00:06:26,240
स्ट्रेटजी होती है। सबसे पहली बात यह है हम हर हर किसी

95
00:06:26,240 --> 00:06:30,240
के वक्तव्य का उत्तर देने नहीं जुट जाते कि भैया बस किसी राह

96
00:06:30,240 --> 00:06:34,880
चलते व्यक्ति ने भी अगर कुछ बोल दिया तो उसने शंकर परंपरा के खिलाफ बोला है

97
00:06:34,880 --> 00:06:39,120
तो हम उसका उत्तर देने लग जाए। अपनी एनर्जी उसमें लगाने लग जाए। हमें

98
00:06:39,120 --> 00:06:43,360
यह देखना होता है। एक मिनट एक मिनट हमें यह देखना होता है

99
00:06:43,360 --> 00:06:47,440
कि उस व्यक्ति की क्रेडिबिलिटी कितनी है। उस व्यक्ति का को फॉलो

100
00:06:47,440 --> 00:06:51,440
करने वाले लोग कितने हैं। आज तक ज्यादातर हमने कल्ट्स को

101
00:06:51,440 --> 00:06:55,600
पकड़ा है। जो अपने आप को एक संस्था एक तंत्र के रूप में उद्भाषित कर रहे हैं। हम

102
00:06:55,600 --> 00:07:00,000
उन उनको पकड़ते हैं। जिनकी अपनी एक विचारधारा छप चुकी है। किताबें

103
00:07:00,000 --> 00:07:04,080
छप चुकी हैं। उसी के उसी के समर्थन में जो वो गलत बातें फैला रहा

104
00:07:04,080 --> 00:07:08,160
है। ऐसी कोई धार्मिक छवि तो इनकी नहीं है कि कहीं के वक्ता

105
00:07:08,160 --> 00:07:12,240
हो, कहीं प्रवचन करता हो, इनके बहुत सारे शिष्य हो और यह फिर

106
00:07:12,240 --> 00:07:16,400
सनातन धर्म के विरोध में बातें कर रहे हो। दूसरी बात यह भी देखना

107
00:07:16,400 --> 00:07:20,560
पड़ता है कि यह तो यह तो यह बात रही

108
00:07:20,560 --> 00:07:24,560
कि भाई इनकी कोई धार्मिक छवि नहीं। दूसरी बात यह भी है कि जो व्यक्ति

109
00:07:24,560 --> 00:07:28,640
फेमस नहीं है, जिस व्यक्ति को लोग नहीं जानते हैं। उस व्यक्ति

110
00:07:28,640 --> 00:07:34,640
पर वीडियो बना करके हम उसको उत्तर दे के नाम दे के फेमस क्यों करें?

111
00:07:35,200 --> 00:07:39,200
भाई अभी तक तो उसको लिमिटेड लोग जानते हैं ना जो जो इस संदर्भों से जुड़े

112
00:07:39,200 --> 00:07:43,520
हुए हैं। फिर वो भी जानेंगे, स्कॉन वाले भी जानेंगे।

113
00:07:43,520 --> 00:07:47,760
देखो पीएन मिश्र, पीएन मिश्र जो है स्कॉन वाले भी जानेंगे, आर्य

114
00:07:47,760 --> 00:07:51,760
समाझी भी जानेंगे कि पीए, पीएन मिश्र खुद करना, वर्ण व्यवस्था का वो कर

115
00:07:51,760 --> 00:07:54,400
रहे हैं समर्थन।

116
00:07:54,400 --> 00:07:58,400
हं? फिर वो हमसे आकर के तर्क करेंगे। हम क्यों

117
00:07:58,400 --> 00:08:01,440
जनए उन्हें?

118
00:08:01,440 --> 00:08:05,440
हालांकि जनजान जाएंगे तो उसका उत्तर देना भी होगा। उसका उत्तर भी है

119
00:08:05,440 --> 00:08:09,680
हमारे पास। मगर हम अपनी एनर्जी क्यों वेस्ट करें ऐसी चीज में?

120
00:08:09,680 --> 00:08:14,000
जब हमारे पास रामपाल है, स्पॉन है, आर्य समाज है, ब्रह्मा कुमारी

121
00:08:14,000 --> 00:08:18,400
है तो हम क्यों ऐसी निरर्थक अपनी एनर्जी वेस्ट करें? क्योंकि

122
00:08:18,400 --> 00:08:22,400
भागवतानंद का उसने विरोध किया है। इसलिए लोग ये कहेंगे कि तुमने इसका विरोध क्यों

123
00:08:22,400 --> 00:08:26,800
नहीं किया? अच्छा दूसरी बात यह है कि अब जैसे

124
00:08:26,800 --> 00:08:30,800
ये अमुक आचार्य जी की ही बात है। रामभद्राचार्य जी ने इतनी

125
00:08:30,800 --> 00:08:34,960
सारी बातें कही। तो बात आ रही शिवश नारायण द्विवेदी क्यों नहीं

126
00:08:34,960 --> 00:08:39,040
बोल रहा है? तो क्या हर व्यक्ति के

127
00:08:39,040 --> 00:08:43,600
विरोध में हमारा ही बोलना जरूरी है? यह कैसे

128
00:08:43,600 --> 00:08:47,600
तय हो रहा है? और क्या भागवतानंद ने हर सनातन विरोधी आज तक जो

129
00:08:47,600 --> 00:08:50,240
भी वक्तव्य आया उसने सबके बारे में बोल लिया है।

130
00:08:50,240 --> 00:08:54,240
इसका मतलब कहीं ना कहीं सामर्थ्य की सीमा होगी ना बोलने की।

131
00:08:54,240 --> 00:08:58,480
और फिर जब रामभद्राचार्य जी के विरोध में इतने सारे लोग ऑलरेडी

132
00:08:58,480 --> 00:09:02,480
बोल रहे हैं। वक्तव्य आ रहे हैं वो भी प्रामाणिक आचार्यों के आ रहे

133
00:09:02,480 --> 00:09:06,720
हैं। आ रहे हैं कि नहीं? ज्योतिष पीठ वाले महाराज का आया और सभी

134
00:09:06,720 --> 00:09:10,880
एक तरफ से जब बोल रहे हैं और हमने बिना नाम लिए हुए

135
00:09:10,880 --> 00:09:14,880
भी कई ऐसी बातें दिखा दी अपने पेज से जिसमें कि उनका

136
00:09:14,880 --> 00:09:19,040
वो जो उन्होंने जो भी वक्तव्य दिया है उसका प्रतिकार

137
00:09:19,040 --> 00:09:23,360
हो गया। मगर यह जो इसको जो

138
00:09:23,360 --> 00:09:27,360
विषय बनाया जा रहा है कि तुमने उनका नाम लेके क्यों नहीं बोला? तुमने पीएम मिश्र जी का क्यों

139
00:09:27,360 --> 00:09:31,840
नहीं बोला? भाई हमको हम लोग धरातल पे लड़ने वाले लोग हैं।

140
00:09:31,840 --> 00:09:36,080
आप लोग लड़ नहीं रहे हो धरातल पे। आप केवल क्वेश्चन कर रहे हो। जिसको धरातल

141
00:09:36,080 --> 00:09:40,240
पर लड़ाई लड़नी होती है, उसको यह तय करना होता है कि कितना बोलना

142
00:09:40,240 --> 00:09:44,320
है, किससे बोलना है, कब बोलना है, अभी बोलना है, बाद में बोलना है।

143
00:09:44,320 --> 00:09:48,480
बहुत सारी चीजें बोलनी होती है। अब हमारा मान लीजिए रामपाल से केस चल रहा है। हाई

144
00:09:48,480 --> 00:09:52,560
कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हमको कुछ लेख लिखना है। उसी समय हाइपर

145
00:09:52,560 --> 00:09:56,880
क्वेस्ट चैनल पर धर्म सम्राट नाम से जो अपने आप को कह रहा है, पहले ऋषिवाज कहता था वो गया

146
00:09:56,880 --> 00:10:00,960
और उसने जो है बहुत एक डेढ़ घंटे उन लोगों ने जो है जहर उगल लिया। अब हम जो

147
00:10:00,960 --> 00:10:05,120
है वो हाई कोर्ट के लिए जो लिखना है वो छोड़ के उसका खंडन बनाने लग जाए। नहीं तो

148
00:10:05,120 --> 00:10:05,620
तुम

149
00:10:05,280 --> 00:10:09,280
क्यों नहीं बोल रहे? हालांकि यह पूछा नहीं गया है। पूछना चाहिए

150
00:10:09,280 --> 00:10:13,520
था ना। हमारा मन था अनुराग कश्यप का विरोध करने का नहीं कर पाए।

151
00:10:13,520 --> 00:10:18,160
हमारा मन था नरसिम्हा का विरोध करने का नहीं कर पाए।

152
00:10:18,160 --> 00:10:22,400
क्योंकि दो गलत रास्तों में से कम गलत और दो सही रास्तों

153
00:10:22,400 --> 00:10:26,480
में से ज्यादा सही चुनना पड़ता है। पीएन मिश्र जी का विरोध करने से पीएन

154
00:10:26,480 --> 00:10:30,640
मिश्र जी की और प्रसिद्धि होगी। उन्होंने क्या कहा है? ने क्या नहीं कहा है?

155
00:10:30,640 --> 00:10:34,640
यदि वह गलत है तो उनकी और प्रसिद्धि होगी। जवाला वाले जवाला

156
00:10:34,640 --> 00:10:38,880
में कर्मणा वर्ण व्यवस्था इत्यादि सभी मामलों में हम अपना बहुत

157
00:10:38,880 --> 00:10:43,120
सीधा साफ सुथरा पक्ष प्रस्तुत कर ही चुके हैं। उसमें नाम लेके ही खंडन

158
00:10:43,120 --> 00:10:47,040
करने की आवश्यकता क्यों है?

159
00:10:47,040 --> 00:10:51,680
ख्यापित करने के लिए प्रसिद्ध करने के लिए और दूसरी बात

160
00:10:51,680 --> 00:10:55,680
कि जब हम अपनी ओर से और ज्यादा मान लीजिए वो पहले

161
00:10:55,680 --> 00:10:59,680
से ही सार्वजनिक है वो बातें। मगर हम उसको और ज्यादा सार्वजनिक क्यों करें

162
00:10:59,680 --> 00:11:03,760
यह सारी बातें मैंने अपने वीडियो में कही है ना भाई कोई चीज कितनी भी खराब

163
00:11:03,760 --> 00:11:08,000
हो गई हो उसको और खराब करेंगे क्या करपात्री जी ने एक बात कही

164
00:11:08,000 --> 00:11:12,000
थी कि गर्मी पड़ रही है बहुत भयंकर तो हम क्या गर्मी और पड़ने देंगे हम तो

165
00:11:12,000 --> 00:11:16,080
उपाय करेंगे गर्मी ना लगे हमें कि नियत होकर बैठ

166
00:11:16,080 --> 00:11:20,720
जाएंगे नहीं साहब गर्मी पड़ रही है अब हम ना पंखा चलाएंगे ना कूलर चलाएंगे

167
00:11:20,720 --> 00:11:24,720
लेकिन एक बात तो यह भी है ना कि संदीप देव जी का जो चैनल

168
00:11:24,720 --> 00:11:28,880
है वह तो स्थापित है ना और उसमें भी तो व्यूज जा ही रहे हैं। तो मैंने

169
00:11:28,880 --> 00:11:33,680
मैंने क्या कहा? हम उसको और क्यों इनक्रीस करें?

170
00:11:33,680 --> 00:11:37,840
हम उसको और क्यों इनक्रीस करें? तो बहुत हो

171
00:11:37,840 --> 00:11:42,000
ही चुका है। उससे क्या मतलब है? चाहे जितना हो चुका हो। हम ये देखेंगे

172
00:11:42,000 --> 00:11:46,720
ना कि उनका पर्टिकुलर उनका व्यक्तित्व क्या है? पीएन मिश्र जी का?

173
00:11:46,720 --> 00:11:50,880
उनका व्यक्तित्व क्या है? उनकी सामाजिक छवि क्या है? उनके फॉलोअर्स धर्म के धर्म

174
00:11:50,880 --> 00:11:55,200
के क्षेत्र में क्या वो एक क्या वो उनको ऐसे देखा जाता है कि वो एक निर्णायक व्यक्ति

175
00:11:55,200 --> 00:11:59,360
हैं? क्या उन्हें किसी आचार्य के रूप में देखा जाता है? धार्मिक गुरु के रूप में देखा

176
00:11:59,360 --> 00:12:02,080
जाता है? एक व्यक्ति है

177
00:12:02,080 --> 00:12:06,240
वह अधिवक्ता है वरिष्ठ उस रूप में उनको देखा जाता है। कोई नहीं

178
00:12:06,240 --> 00:12:10,320
उनसे दीक्षा लेने जा रहा है। हर कोई उनकी बात को सुनने के बाद यदि वो

179
00:12:10,320 --> 00:12:14,480
वर्णाश्रमी होगा तो अपने गुरुओं से बोलेगा कि ये बात सही कह रहे हैं और अगर

180
00:12:14,480 --> 00:12:19,120
वो वो होगा आर्य समाज जी इसको नहीं तो वो उनसे लेगा निर्देश।

181
00:12:19,120 --> 00:12:23,200
दूसरी बात यह है कि हम इस लड़ाई को अपने मंच से भी दिखा के और

182
00:12:23,200 --> 00:12:27,680
ज्यादा लोगों को क्यों बताएं कि भैया देखो शंकर परंपरा का ही अनुयाई ये कह रहा है कि कर्म

183
00:12:27,680 --> 00:12:31,760
वर्ण व्यवस्था है। क्यों बताएं अगर

184
00:12:31,760 --> 00:12:35,760
उनको अपने से पता चल जाए तो बात ठीक है। हम क्यों बताएं?

185
00:12:35,760 --> 00:12:39,760
ठीक है। वो आके हमसे प्रश्न करेंगे। हम उनको उत्तर देंगे। मगर हमने अपना काम बढ़ाया ना

186
00:12:39,760 --> 00:12:43,760
खुद ही। हम क्यों बढ़ाएं उसे और दूसरी बात ये है कि पीर मिश्र

187
00:12:43,760 --> 00:12:47,760
है कौन? हैं। मान लीजिए कि वो

188
00:12:47,760 --> 00:12:51,760
राम मंदिर अयोध्या केस में साथ दे रहे हैं। रामपाल वाले केस में साथ दे रहे हैं और

189
00:12:51,760 --> 00:12:56,000
अन्य केसों में साथ दे रहे हैं। हम खामखा उनका नाम लेकर के विरोध करके

190
00:12:56,000 --> 00:13:00,080
और इन सब बड़े अभियानों को रोक दें क्योंकि भागतानंद का जिसने विरोध किया

191
00:13:00,080 --> 00:13:04,240
उसका नाम लेकर के विरोध करना आवश्यक है। अनुराग कश्यप का विरोध आवश्यक नहीं है।

192
00:13:04,240 --> 00:13:08,240
शिवजी का अपमान करने वाला लोगों करने वाले लोगों का विरोध आवश्यक नहीं है।

193
00:13:08,240 --> 00:13:12,320
या यह क्या कहते हैं? ये हाइपर क्वेस्ट

194
00:13:12,320 --> 00:13:16,480
इत्यादि बड़े-बड़े चैनल्स हैं। ये भी तो ख्यापित है। अभी

195
00:13:16,480 --> 00:13:17,360
तक कुल मिलाकर

196
00:13:17,360 --> 00:13:21,680
के संदीप देव जी के चैनल पर जितने व्यूज आए होंगे टोटल सारे वीडियोस

197
00:13:21,680 --> 00:13:25,840
को मिला के उससे ज्यादा व्यूज हैं जिसमें वो हाइपर क्वेस्ट के चैनल

198
00:13:25,840 --> 00:13:30,000
पर वो गया है। धर्म सम्राट वाला। आपकी आपकी आवाज

199
00:13:30,000 --> 00:13:32,720
जा रही है बार-बार।

200
00:13:32,720 --> 00:13:37,280
मैं कह रहा हूं कि कुल मिलाकर अभी जितने वीडियोस बनाए गए हैं

201
00:13:37,280 --> 00:13:41,280
संदीप देव जी के चैनल पर पीएन मिश्र वाले विषय में जब से ये

202
00:13:41,280 --> 00:13:45,440
विरोध हुआ है। ठीक है? जब से

203
00:13:45,440 --> 00:13:49,600
वो हुआ है तब से इतने वीडियोस बनाए गए

204
00:13:49,600 --> 00:13:53,680
हैं। जितने उसमें टोटल व्यूज आए हैं उससे ज्यादा व्यूज

205
00:13:53,680 --> 00:13:58,000
मिलेंगे आपको हाइपर क्वेस्ट में जाकर के। अगर आपका यह कहना है कि वो पहले से ख्यापित

206
00:13:58,000 --> 00:14:02,000
है तो मैं पहले हाइपर क्वास्ट वाले का विरोध करूं तब काम छोड़छाड़

207
00:14:02,000 --> 00:14:06,000
के। पर हम वहां पर इसलिए ही चुप है कि पहली बात तो

208
00:14:06,000 --> 00:14:10,160
हाइपर क्वेस्ट की कोई धार्मिक छवि नहीं है जो हर बात का उसका उत्तर दे। वो अपने

209
00:14:10,160 --> 00:14:14,160
आप में ही मिक्स। दूसरी बात यह है कि जिस जो वो वहां पर जो बोल के

210
00:14:14,160 --> 00:14:18,320
आया उसके उसका अपना उसके अपने व्यक्तिगत तौर पर हम खूब खंडन उसका कर चुके

211
00:14:18,320 --> 00:14:22,720
हैं। आगे हमें जैसे ही समय मिलेगा हम फिर करेंगे। हमने

212
00:14:22,720 --> 00:14:26,720
इसलिए नहीं किया भाई। उसको तवज्जो नहीं दी। तो यह निर्णय होता

213
00:14:26,720 --> 00:14:30,720
है कि जो व्यक्ति धरातल पर खड़ा होता है तो उसको

214
00:14:30,720 --> 00:14:32,480
एक स्ट्रेटजी के तहत कार्य

215
00:14:32,480 --> 00:14:36,640
करना होता है कि किसका विरोध नाम लेकर के करना है, किसका नहीं करना है, किसका बाद

216
00:14:36,640 --> 00:14:40,800
में करना है, किसका अभी करना है। आप जब कोई काम करने निकलोगे

217
00:14:40,800 --> 00:14:45,040
घर से बाहर पुलिस थाना कोर्ट कचहरी जाओगे तब आपको यह पता लगेगा

218
00:14:45,040 --> 00:14:49,200
कि भाई पुलिस वाले से क्या बोलना है, वकील से क्या बोलना है, किसको साथ

219
00:14:49,200 --> 00:14:53,200
में ले चलना है, किसकी कुछ बातों को सहन करना है। इस बात को उन्होंने भी

220
00:14:53,200 --> 00:14:57,360
बोला है। ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी ने उनके कल

221
00:14:57,360 --> 00:15:01,680
के वक्तव्य में है यह बात कल परसों के वक्तव्य में

222
00:15:01,680 --> 00:15:06,000
हेलो हां उनके उनके

223
00:15:06,000 --> 00:15:10,000
कल परसों के वक्तव्य में है ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी की वो कह रहे

224
00:15:10,000 --> 00:15:14,000
हैं कि कि लोग आरोप लगाते रहते हैं हम लोग हम लोगों को कई

225
00:15:14,000 --> 00:15:18,560
बार सहना पड़ जाता है जिससे कि विधर्मियों को या

226
00:15:18,560 --> 00:15:23,280
विरोधियों को वो ना मिल जाए तो कई कारण होते हैं हां

227
00:15:23,280 --> 00:15:27,760
तो कई कई कारण हो सकते हैं किसी का विरोध ना करने के भी और अगर

228
00:15:27,760 --> 00:15:31,760
बात यही है कि इसका विरोध क्यों नहीं किया तो मैं आपको पीएन मिश्र

229
00:15:31,760 --> 00:15:35,760
जी से ज्यादा खतरनाक चीजें आपको मैं बता रहा हूं सारी आपका

230
00:15:35,760 --> 00:15:39,760
प्रश्न होना चाहिए आपने इनका विरोध क्यों नहीं किया जो है ना बहुत ज्यादा आपकी आवाज

231
00:15:39,760 --> 00:15:43,760
बहुत ज्यादा कट गई है आप यदि प्रेम में होंगे तो

232
00:15:43,760 --> 00:15:47,520
हां तो यह सवाल गलत है कि आपने

233
00:15:47,520 --> 00:15:51,760
पीएन मिश्र जी का विरोध क्यों नहीं किया नाम लेकर विरोध करना आवश्यक नहीं है ना

234
00:15:51,760 --> 00:15:53,040
कोई वो आवश्यक नहीं है

235
00:15:53,040 --> 00:15:57,040
कि वो [संगीत]
