1
00:00:02,000 --> 00:00:06,720
जय श्री राम जी भैया श्री राम प्रणाम जी जय

2
00:00:06,720 --> 00:00:10,960
जी जैसे वो प्रकरण मैं पूरा समझ नहीं पाया था समझ गया अब जैसे

3
00:00:10,960 --> 00:00:14,960
कि मैं मुझे ये लगा कि आप उनको बोलते हैं उल्टा पलटा फिर मैं

4
00:00:14,960 --> 00:00:19,200
मैंने बाद में देखा आपका चैनल पे आज YouTube पे तो मैं आपको

5
00:00:19,200 --> 00:00:23,360
समझ गया कि मतलब आप क्या चाहते हैं तो मैं आपकी भावना को समझ गया अज्ञानता

6
00:00:23,360 --> 00:00:27,520
में परिचय क्या है जी हम वैसे ब्राह्मण है थोड़ा बहुत कर्मकांड

7
00:00:27,520 --> 00:00:31,600
इत्यादि कराते हैं आपके डीपी में वो लगा हुआ ना ज्योतिष

8
00:00:31,600 --> 00:00:35,680
वाले महाराज जी का जैसे हां वो अभी मुक्ति जैसे शंकराचार्य

9
00:00:35,680 --> 00:00:40,080
जी का चारों को मतलब मैं सम्मान करता हूं। नहीं तो

10
00:00:40,080 --> 00:00:44,800
आप जब सम्मान करते हैं जी भैया तो आपने

11
00:00:44,800 --> 00:00:49,200
उस व्यक्ति को अपना वो बड़ा आदर्श बना रखा है

12
00:00:49,200 --> 00:00:53,920
वो शंकर अभी चारों को कुछ ना कुछ बोलता है

13
00:00:53,920 --> 00:00:57,920
मुक्तेश्वर नंद जी महाराज ना हां आप तो उसके

14
00:00:57,920 --> 00:01:02,320
लिए लड़ रहे हैं ना WhatsApp में मैं पूरा बात समझ नहीं पाया था देखिए मैं

15
00:01:02,320 --> 00:01:06,560
आप समझे हो या ना समझे हो वो बात एक अलग है मगर आपने उसको स्वीकार

16
00:01:06,560 --> 00:01:10,720
तो कर रखा है ना उसकी कि उसके अपमान की फिक्र तो है ना

17
00:01:10,720 --> 00:01:14,880
आपको तो व्यक्त कर रहे हैं ना मुझे यह लगा कि वो मतलब

18
00:01:14,880 --> 00:01:18,480
सनातन धर्म के लिए कर रहे हैं आप

19
00:01:18,480 --> 00:01:22,640
आपको कैसे पता है वो सनातन धर्म के लिए कर रहे हैं वही वीडियो वीडियो देखते हैं

20
00:01:22,640 --> 00:01:26,800
तुम वही लगता है उसमें से कुछ वीडियो के उदाहरण दीजिए ना सनातन

21
00:01:26,800 --> 00:01:30,880
धर्म के लिए क्या-क्या कर रहे हो मैं एक बार मैंने उनसे कमेंट किया

22
00:01:30,880 --> 00:01:35,280
था कि मतलब आप कुछ लोगों का नाम लेकर मैं उन्हें बोला भी था उनसे कि उनके

23
00:01:35,280 --> 00:01:39,680
विषय में मत बोलिए क्योंकि श्रद्धा हमारा है। उठ जाता है श्रद्धा भी राजेंद्र

24
00:01:39,680 --> 00:01:43,760
दास जी के ऊपर जब वो बोले तो मैंने उनसे कमेंट किया था शंकराचार्य

25
00:01:43,760 --> 00:01:47,840
सनातन धर्म के लिए क्या किया उन्होंने वही कथा जब करते हैं तो

26
00:01:47,840 --> 00:01:51,920
मैं थोड़ा सुन लेता था तो बढ़िया लग जाता था यही सनातन धर्म के लिए की

27
00:01:51,920 --> 00:01:56,000
जाने वाला कार्य है जैसे पूरा ज्ञान किसी

28
00:01:56,000 --> 00:02:00,240
को मां की गाली दे रहे हो जी भैया हमने अपराध कर दिया

29
00:02:00,240 --> 00:02:04,400
मैं मान रहा हूं मतलब उसके उसका देखिए जब हम किसी

30
00:02:04,400 --> 00:02:08,400
को फॉलो करते हैं जी किसी को प्रेम प्रेम करते हैं या किसी का

31
00:02:08,400 --> 00:02:12,480
सम्मान करते हैं। जी वो अंधा हो जाता है आदमी। मैंने उसका

32
00:02:12,480 --> 00:02:16,480
एक स्तर होता है। अगर हम यूं ही जरा सा सुन लिया है तो थोड़ी ना

33
00:02:16,480 --> 00:02:20,480
उसकी तरफ से लड़ मर जाएंगे। नहीं मैं पूरा समझ ना समझने

34
00:02:20,480 --> 00:02:24,640
के कारण ऐसा मैंने आपको ही देखा। आप जब उसको ही नहीं जानते

35
00:02:24,640 --> 00:02:28,640
हो कि वो कथा करता है कि धर्म रक्षा कैसे करता है।

36
00:02:28,640 --> 00:02:32,640
तो कैसे उसकी ओर से किसी को गाली बक रहे हो। नहीं वही तो

37
00:02:32,640 --> 00:02:33,520
गलती कर दिया। मैंने

38
00:02:33,520 --> 00:02:37,600
पूरा नहीं समझा मैंने। गाली के लिए नहीं कह रहा हूं। मैं कह रहा हूं आप उसको जानते

39
00:02:37,600 --> 00:02:41,760
थे कि नहीं जानते थे? नहीं ऐसे वीडियो आता है YouTube पे मैं देख लेता हूं। वीडियो आता

40
00:02:41,760 --> 00:02:45,920
है तो वीडियो में आपने क्या देखा कि वो सनातन धर्म के लिए कर रहा है। पहले

41
00:02:45,920 --> 00:02:50,000
वही रामचरितमानस पे वो मतलब कथा कुछ दिन तक उनका चला था तो मैं देखा तो

42
00:02:50,000 --> 00:02:54,080
मुझे उस इसी के कारण ये हो गया कि अब वो जो है उसके

43
00:02:54,080 --> 00:02:58,160
अगर उसका कोई विरोध कर रहा होगा तो उसको गाली दे दो। नहीं नहीं मैं

44
00:02:58,160 --> 00:03:02,320
समझ नहीं पाया बात को। मैंने क्यों रामचरितमानस की आप बात कर रहे हो। रामचरित राम ने

45
00:03:02,320 --> 00:03:06,400
तो सिखाया न्याय करना। जी भैया हम मान रहे हैं हम जैसे

46
00:03:06,400 --> 00:03:11,440
पूरा बात ना समझने के कारण केवल रामचरण मानस सुनने से काम हो जाएगा

47
00:03:11,440 --> 00:03:15,680
नहीं समझना भी चाहिए एक नंबर का धूर्त और दोगला व्यक्ति अपनी हर बात

48
00:03:15,680 --> 00:03:19,840
में पिछली बात को काट देता है उस व्यक्ति के लिए आप पूरा बात

49
00:03:19,840 --> 00:03:23,920
यदि मैं समझा होता तो ऐसा नहीं करता अब ऐसे मैंने आपको भी देखा

50
00:03:23,920 --> 00:03:27,920
मैं आज है इसके पहले मैं आपके बारे में बहुत बढ़िया से परिचय मुझे यहां लगा कि

51
00:03:27,920 --> 00:03:32,000
आप कोई बढ़िया कार्य कर रहा है आप उनके खिलाफ हो रहे हैं मुझे यहां लगा था लेकिन मैंने

52
00:03:32,000 --> 00:03:36,080
देखा कि आप भी मतलब आवाज उठाते हैं तो मैं आज आपको समझ पाया हूं जो आपको

53
00:03:36,080 --> 00:03:40,080
मैंने बोला मुझके मुझे आत्मग्लानी भी इस बात को लेकर है कि आप

54
00:03:40,080 --> 00:03:44,320
भी संघर्ष कर रहे हैं। मैंने आपको उल्टा पलटा बोल दिया। इस बात को लेकर मुझे आत्मग्लानी है।

55
00:03:44,320 --> 00:03:49,120
बात संघर्ष की नहीं है। अगर मैं संघर्ष ना भी कर रहा होता

56
00:03:49,120 --> 00:03:53,120
तब भी यदि ये जो भागवतानंद है जो उसके कुकृत है

57
00:03:53,120 --> 00:03:57,280
इसके लिए मैं बोलता तब भी मुझे आप गाली नहीं दे सकते। गाली

58
00:03:57,280 --> 00:04:01,600
देना अपने आप में एक दोष है। फिर आप उसको जानते नहीं है।

59
00:04:01,600 --> 00:04:05,600
भागवतानंद घोष ने क्या किया धर्म रक्षा में? वैसे मैं

60
00:04:05,600 --> 00:04:09,840
वही सब कथा देख लिया। मैं यही लगा ये धर्म रक्षा है क्या?

61
00:04:09,840 --> 00:04:13,840
कौन नहीं कर रहा है धर्म रक्षा? वो जितने लोगों को बोल रहा है वो सब धर्म

62
00:04:13,840 --> 00:04:17,920
रक्षा नहीं एक मिनट। वो जितने लोगों को बोल रहा है वो सब धर्म रक्षा

63
00:04:17,920 --> 00:04:22,000
नहीं कर रहे। क्यों नहीं कर रहे हैं? तो फिर उसके लिए आपने इसको बोला।

64
00:04:22,000 --> 00:04:26,000
इसको इसको मां की मां मां से जोड़ते हुए गाली दी। यद्यपि नहीं देनी चाहिए

65
00:04:26,000 --> 00:04:30,160
थी मगर आपने दी राजेंद्र दास जी भी तो कथा करते हैं। जी

66
00:04:30,160 --> 00:04:34,320
मैंने इस बात को लेकर मैंने कमेंट एक बार किया था कि आप ऐसे लोगों अरे मैंने कहा

67
00:04:34,320 --> 00:04:38,320
गाली दी क्या तुमने उसको नहीं दी झूठ क्यों बोलूं भैया मैंने

68
00:04:38,320 --> 00:04:42,560
गलती इसका अर्थ क्या हुआ कि आप आपके अनुसार

69
00:04:42,560 --> 00:04:46,560
वो धर्म रक्षा करते हैं। मगर धर्म रक्षा के कारण

70
00:04:46,560 --> 00:04:50,720
आप उसके कारण तो किसी और को गाली दे रहे हो। मगर जिसको उसने परेशान

71
00:04:50,720 --> 00:04:55,120
कर रखा है उसके कारण उसे गाली नहीं दे रहे हो। ये कहां का न्याय है?

72
00:04:55,120 --> 00:04:59,120
हम पूरा बात समझ नहीं पाए कि मतलब मैंने एक बार कहा था कि आप राजेंद्र दास जी के

73
00:04:59,120 --> 00:05:03,600
बारे में राघवाचार्य मैं समझ गया आपकी बात कि आपने कहा होगा

74
00:05:03,600 --> 00:05:04,320
मगर आपका

75
00:05:04,320 --> 00:05:08,400
ये जो कृत है ये त्रया चरित्र में

76
00:05:08,400 --> 00:05:11,040
आता है पक्षपात

77
00:05:11,040 --> 00:05:15,040
वो आपके ऊपर देखिए मैं राघवाचार्य जी को भी साष्टांग

78
00:05:15,040 --> 00:05:19,200
प्रणाम करता हूं। राजेंद्र दास जी को मैंने मिलाजुला के मैं उस व्यक्ति ने इनमें

79
00:05:19,200 --> 00:05:23,200
से किसी को छोड़ा है क्या? नहीं छोड़े मैं इस बात को कमेंट में उनके उनके

80
00:05:23,200 --> 00:05:27,280
कहा हूं एक बार कि आप यदि इस व्यक्ति की गलतियां कोई उसको याद दिला देगा

81
00:05:27,280 --> 00:05:31,440
तो उसको आप जो है वो मां मां की गाली दे रहे हो हम वही अपराध

82
00:05:31,440 --> 00:05:35,600
करते हैं जैसे टाय भी एक बार गलती कर दिया था तो वो वही माफ हुआ

83
00:05:35,600 --> 00:05:40,320
उनका तो वैसे समझ लीजिए मैं आपको नहीं समझ पाया था अब समझ गया हूं

84
00:05:40,320 --> 00:05:44,320
मुझे लगा कि आप मतलब सनातन धर्म के खिलाफ है लेकिन अब मैं वीडियो जब देखा तो

85
00:05:44,320 --> 00:05:48,400
मुझे पूरा बात समझ में आ गया है आपको भागवतानंद के बारे

86
00:05:48,400 --> 00:05:52,640
में इससे ज्यादा और कुछ नहीं पता हम उनके कहीं मतलब बहुत करीब

87
00:05:52,640 --> 00:05:56,880
से नहीं रहे हैं। ऐसे नहीं वीडियो के माध्यम से तो मैं यही

88
00:05:56,880 --> 00:06:00,960
देखता हूं कि वो खंडन सबका करते हैं। उनके बोलते हैं हमको भी बुरा लगता है। जब वो

89
00:06:00,960 --> 00:06:05,040
राघवाचार्य जी को भी एक बार बोल दिए थे। राजेंद्र दास जी को बोल दिए हैं तो मुझको भी बुरा

90
00:06:05,040 --> 00:06:09,040
लगता है। मैंने प्रश्न नहीं बात बुरा लगने की नहीं है। क्या

91
00:06:09,040 --> 00:06:13,120
आपकी उसमें प्रमाण्य बुद्धि हो गई है क्या? वो जो कह रहा है वो

92
00:06:13,120 --> 00:06:17,360
सच है। जैसे कुछ देर के लिए मुझे लगा था।

93
00:06:17,360 --> 00:06:19,440
लेकिन मैंने कुछ ऐसा भी मतलब जाना कि मुझे

94
00:06:19,440 --> 00:06:23,680
ऐसा लग रहा है कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है उनके बारे में गहराई से। मैं वही गहराई

95
00:06:23,680 --> 00:06:27,680
से ये लाइन क्यों बोल रहे हो वो धर्म रक्षा करते?

96
00:06:27,680 --> 00:06:31,760
वही जब देख लिए तो मैं मुझे कुछ देर के लिए लगा यहां चीज। लेकिन मैं बहुत गहराई से नहीं

97
00:06:31,760 --> 00:06:35,840
कह सकता हूं कि मतलब वो कर ही रहे हैं या नहीं कर रहे तो आगे आएगा बाद में पता चल जाएगा।

98
00:06:35,840 --> 00:06:39,920
लेकिन मैं गहराई से नहीं। क्या उसको अंधभक्ति ना कहा जाए जब आपको पता

99
00:06:39,920 --> 00:06:44,000
नहीं है गहराई से क्या है क्या नहीं है सामने वाले को पता नहीं

100
00:06:44,000 --> 00:06:48,880
है आप आप जो है एक व्यक्ति के लिए दूसरे व्यक्ति को उसमें आ करके और जो है

101
00:06:48,880 --> 00:06:53,040
उसको अश्लील गाली दे रहे हो क्या ये अंधभक्ति नहीं है यही यही हम

102
00:06:53,040 --> 00:06:57,920
मतलब अज्ञानता मूर्खता के कारण मैं वो तो समझिए कि

103
00:06:57,920 --> 00:07:01,920
क्योंकि आप उस ग्रुप में थे किसी ने मुझे उस ग्रुप में जोड़ दिया मैंने

104
00:07:01,920 --> 00:07:06,160
आपको बताया मैं मैं समझ नहीं पाया

105
00:07:06,160 --> 00:07:10,160
आप को नहीं समझ पाए। मुझे यही लगा कि आप हमारा परिस्थिति समझिए कि आप उनको

106
00:07:10,160 --> 00:07:14,640
बोल रहे हैं या वो बढ़िया कार्य कर रहे हैं। मैं समझ में मैं दूसरी चीज पूछ रहा हूं।

107
00:07:14,640 --> 00:07:19,360
समझ लो कि मैंने आकर के तुम्हें अपना परिचय नहीं दिया होता।

108
00:07:19,360 --> 00:07:23,520
ठीक? जी तो आप अंधा अनुकरण ही तो कर रहे थे।

109
00:07:23,520 --> 00:07:27,600
उसका क्योंकि आप कह रहे हो कि मैं गहराई से नहीं जानता हूं।

110
00:07:27,600 --> 00:07:31,840
कुछ नहीं जानता। तो मैं गहराई से नहीं जानता हूं। मैं सही कह रहा हूं। मैं कैसे नहीं मैं मना

111
00:07:31,840 --> 00:07:34,720
नहीं कर रहा। मैं मना नहीं कर रहा। तो अंधानुकरण

112
00:07:34,720 --> 00:07:40,160
ही तो हुआ। जी मानता हूं जब आप उसे जानते नहीं है अंधानुकरण

113
00:07:40,160 --> 00:07:44,480
ऐसे जाने कितने लोग होंगे आप जाने कितने दिन तक वो अंधानुकरण

114
00:07:44,480 --> 00:07:48,480
में ही रहते जी हां जी

115
00:07:48,480 --> 00:07:52,560
तो अंधानुकरण करने से बचें गाली देने से बचें पक्षपात

116
00:07:52,560 --> 00:07:56,960
करने से बचें और जो परंपरा प्राप्त आचार्य हैं

117
00:07:56,960 --> 00:08:00,960
उनकी अवमानना उनका अपमान

118
00:08:00,960 --> 00:08:05,600
करने वाला हमारा आदर्श कभी नहीं हो सकता कभी वह धर्म रक्षक नहीं हो पाएगा

119
00:08:05,600 --> 00:08:09,680
जो वैसे मैं भी शंकराचार्य के खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो मैं बहुत जगह पे लड़ा हूं।

120
00:08:09,680 --> 00:08:14,160
ऐसा बात नहीं है। परंपरा प्राप्त आचार्य हैं हमारे

121
00:08:14,160 --> 00:08:18,480
भले ही वो शंकराचार्य हो, रामानुजाचार्य हो, मधवाचार्य हो जो परंपराएं

122
00:08:18,480 --> 00:08:22,720
हैं हमारी उनके विरोध में उनमें प्रमाण्य

123
00:08:22,720 --> 00:08:26,720
बुद्धि रखने वाले जन सामान्य को

124
00:08:26,720 --> 00:08:31,040
जी उनकी आस्था पर जो ठेस पहुंचा रहा है वो सनातन

125
00:08:31,040 --> 00:08:35,200
धर्म की रक्षा कभी नहीं कर सकता। क्योंकि जब भी

126
00:08:35,200 --> 00:08:39,760
आखिरी बात आएगी सनातन धर्म का सही अर्थ बताने की

127
00:08:39,760 --> 00:08:44,000
तब चाहिए होगा प्रमाण। जी

128
00:08:44,000 --> 00:08:48,160
और तब यह आदमी जो है यह व्यक्ति जो जहर उगल

129
00:08:48,160 --> 00:08:49,760
रहा है इनके लिए

130
00:08:49,760 --> 00:08:54,320
अपनी परंपराओं के लिए तब ये आदमी इस इस व्यक्ति के पास

131
00:08:54,320 --> 00:08:58,560
सनातन धर्म का सही अर्थ बताते हुए सही अर्थ

132
00:08:58,560 --> 00:09:02,640
रखते हुए उसको सही बताने का सही सिद्ध करने का

133
00:09:02,640 --> 00:09:07,360
प्रमाण नहीं होगा क्योंकि यह परंपरा के विरोध में है

134
00:09:07,360 --> 00:09:12,000
और परंपरा को इसने पहले ही नष्ट कर दिया होगा

135
00:09:12,000 --> 00:09:16,080
जब जाकिर नायक पूछेगा मेरा अर्थ क्यों नहीं माना जाएगा वेद का

136
00:09:16,080 --> 00:09:21,280
तेरा क्यों माना जाएगा क्या कहोगे वहां पे

137
00:09:21,280 --> 00:09:25,840
जब आर्य समाजी कहेंगे कि मेरा अर्थ क्यों नहीं माना जाएगा दयानंद दयानंद

138
00:09:25,840 --> 00:09:29,920
जी कहेंगे मेरा अर्थ क्यों नहीं माना जाएगा तेरा क्यों माना जाएगा तो क्या

139
00:09:29,920 --> 00:09:34,400
कहोगे वहां परंपरा

140
00:09:34,400 --> 00:09:38,400
को अगर आप नष्ट कर देंगे तो आप सनातन धर्म को नष्ट

141
00:09:38,400 --> 00:09:42,400
कर देंगे जब परंपरा के प्रति आपने अनास्थावान

142
00:09:42,400 --> 00:09:46,480
बना दिया समाज को यदि तो कुछ नहीं रह

143
00:09:46,480 --> 00:09:50,640
जाएगा सनातन धर्म में और यह व्यक्ति सभी

144
00:09:50,640 --> 00:09:54,640
सम्मानित सभी प्रतिष्ठित परंपराओं पर जहर उगल रहा है कोई रहने दिए

145
00:09:54,640 --> 00:09:58,720
क्या इसने राघवाचार्य जी महाराज किसी व्यक्ति के साथ

146
00:09:58,720 --> 00:10:02,720
एक थाली में नमकीन खा लिए ये हो गया वो हो गया हां एक बार इस बात

147
00:10:02,720 --> 00:10:06,720
को बोले थे तो मैंने उनके कमेंट में बोला था कि मतलब हमारा विश्वास उनके प्रति

148
00:10:06,720 --> 00:10:11,120
है यदि आप ऐसा बोलेंगे तो विश्वास उठ जाएगा तो मत मैंने बोला था कि राघवाचार्य

149
00:10:11,120 --> 00:10:15,120
मैंने राजेंद्र दास जी के ऊपर भी राघवाचार्य मैंने जिनके जिनके समझ

150
00:10:15,120 --> 00:10:19,120
में आया कि मतलब बढ़िया है उनके खिलाफ ही बोले थे तो मैंने कमेंट किया था कि मैं हमारा निजी

151
00:10:19,120 --> 00:10:23,120
आस्था है उनके प्रति यदि आप ऐसा बोलेंगे तो आस्था खत्म हो जाएगा तो

152
00:10:23,120 --> 00:10:27,120
उन सब पे बोलने का अधिकार नहीं है आपको तब मतलब कुछ जवाब नहीं दिए

153
00:10:27,120 --> 00:10:31,760
थे यह सब कोई बात नहीं है आप कहिए आप राघवाचार्य

154
00:10:31,760 --> 00:10:35,760
जी से पूछवाइए वह सन्यासी है बोले आकर के मंच पर

155
00:10:35,760 --> 00:10:40,240
मैंने नमकीन खाई और यह सही बोल रहा है

156
00:10:40,240 --> 00:10:44,240
नहीं नहीं हम हम राघवाचार्य जी के हम मतलब मान के चलिए कि

157
00:10:44,240 --> 00:10:48,320
उनके जो गुरु जी एक हैं ब्रह्मचारी जी थे इतने समय नहीं रह गए हम उनकी सानिध्यता

158
00:10:48,320 --> 00:10:49,440
में कुछ दिन रहे हम जब

159
00:10:49,440 --> 00:10:53,440
उनको बोले थे तो मैंने उनके ऊपर कमेंट किया था लेकिन मैं पूरा बात ना समझने के

160
00:10:53,440 --> 00:10:57,440
कारण ऐसा हो गया अब वो व्यक्ति धर्म का रक्षक नहीं

161
00:10:57,440 --> 00:11:01,440
हो सकता जो परंपराओं पर परंपराओं को क्षति पहुंचा रहा

162
00:11:01,440 --> 00:11:05,760
है वो कभी धर्म का रक्षक नहीं हो सकता हां उसे परंपराओं की चिंता

163
00:11:05,760 --> 00:11:10,320
है यदि तो उसे इस तरीके से सार्वजनिक अवमानना

164
00:11:10,320 --> 00:11:14,480
ना करते हुए अंदरूनी रूप से शोधन के चेष्टा करनी

165
00:11:14,480 --> 00:11:18,960
चाहिए थी। मगर वो सार्वजनिक रूप से जो ये जो

166
00:11:18,960 --> 00:11:23,760
क्षति पहुंचा रहा है जी इसके कारण

167
00:11:23,760 --> 00:11:27,920
जो वो बचाने का ढोंग कर रहा है वो बच नहीं सकता।

168
00:11:27,920 --> 00:11:32,000
अगर वो जिस तरीके से अगर उसका प्रतिकार नहीं किया जाएगा। अगर

169
00:11:32,000 --> 00:11:36,640
उसकी बातों को ही प्रमाण मान लिया जाए और वो सार्वजनिक

170
00:11:36,640 --> 00:11:40,640
रूप से कर रहा है। इसका अर्थ है कि उसको

171
00:11:40,640 --> 00:11:44,800
शोधन से कोई मतलब नहीं है। कोई उससे मतलब नहीं

172
00:11:44,800 --> 00:11:49,760
है कि हम परंपराओं की रक्षा कर रहे हैं। धर्म की रक्षा कर रहे हैं। उसको केवल अपने

173
00:11:49,760 --> 00:11:54,160
YouTube से या फिर जनता को ये दिखाने से कि देखो हम कितने बड़े आलोचक

174
00:11:54,160 --> 00:11:58,240
हैं। देखो हम कितनी विष्ठा निकाल सकते हैं मुख से। देखो कितना

175
00:11:58,240 --> 00:12:02,240
गरम मसाला देंगे। तुम्हें प्रस्तुत करेंगे। उसको केवल इससे मतलब है

176
00:12:02,240 --> 00:12:05,760
इसलिए वो सार्वजनिक ये

177
00:12:05,760 --> 00:12:09,920
सारा षड्यंत्र चलाता है और आप जैसे लोग उसका

178
00:12:09,920 --> 00:12:14,240
अंधानुकरण करते हुए लड़ मर जाने के लिए तैयार रहते हो

179
00:12:14,240 --> 00:12:18,400
ये पूरा बात ना समझने के कारण ऐसा हो गया पूरा समझते तो ऐसा नहीं

180
00:12:18,400 --> 00:12:23,760
कहते लेकिन अब क्या करें मैं भी गलती किया हूं अज्ञानता अज्ञानता में ही

181
00:12:23,760 --> 00:12:28,000
चलिए ठीक है आपकी रिकॉर्डिंग हम

182
00:12:28,000 --> 00:12:32,320
डाल देंगे आपका नाम लिए बिना YouTube पर तो

183
00:12:32,320 --> 00:12:36,400
हटा देंगे क्या कल भेजे थे ये

184
00:12:36,400 --> 00:12:38,800
केस वाला

185
00:12:38,800 --> 00:12:44,800
हां वो सब उसका क्या मतलब है जब आप भी स्मार्थ हो तो

186
00:12:45,360 --> 00:12:49,600
स्मार्थ हो परंपरावादी हो वर्णाश्रमी

187
00:12:49,600 --> 00:12:53,200
हो तो हम आपको क्षति पहुंचाएंगे

188
00:12:53,200 --> 00:12:57,200
पर आप याद रखो थोड़ा कि आप क्या कर रहे हो

189
00:12:57,200 --> 00:13:01,280
ज्ञान हो क्या मैं समझ नहीं पाया पूर्ण ज्ञान

190
00:13:01,280 --> 00:13:05,280
के होने के कारण। ठीक जय श्री राम। प्रणाम

191
00:13:05,280 --> 00:13:08,930
प्रणाम। जय।

192
00:13:08,930 --> 00:13:12,930
[संगीत]
