1
00:00:02,160 --> 00:00:06,720
सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

2
00:00:06,720 --> 00:00:10,800
और आज ब्रह्मा कुमारी के कोई

3
00:00:10,800 --> 00:00:16,320
फॉलोअर हैं जिनके साथ हमारी चर्चा होने वाली है। मैं उनको ले लेता हूं स्टेज पर।

4
00:00:16,320 --> 00:00:21,440
अच्छा एक बात और है कि अभी रिसेंटली हमने

5
00:00:21,440 --> 00:00:26,080
जो है आर्य समाज को फॉलो करने वाले व्यक्ति के साथ हुई हमारी फोन पर वार्तालाप

6
00:00:26,080 --> 00:00:30,240
है उसको जो सार्वजनिक किया

7
00:00:30,240 --> 00:00:34,640
था उसमें एक बात निकल कर के आई है

8
00:00:34,640 --> 00:00:38,800
कि जो अलंकार समाज का जो ईश्वर है वो

9
00:00:38,800 --> 00:00:43,200
इच्छा करता है और जो जड़ पदार्थ हैं

10
00:00:43,200 --> 00:00:47,440
वह निर्मित हो जाते हैं अमुक अमुक स्ट्रक्चर में या जो भी जो भी क्रियाएं

11
00:00:47,440 --> 00:00:51,680
होती हैं वह ईश्वर इच्छा करता है और वह होती हैं। इस इच्छा

12
00:00:51,680 --> 00:00:55,680
और जड़ पदार्थों के बीच में कोई कनेक्शन है या नहीं

13
00:00:55,680 --> 00:00:59,760
या किस प्रकार से है तो वो चीजें डाउटफुल

14
00:00:59,760 --> 00:01:03,840
रही। जड़ पदार्थों को ईश्वर की इच्छा किस रूप में प्राप्त होती है? तो इसमें

15
00:01:03,840 --> 00:01:07,920
वो नहीं बता पाए कुछ भी और बात को बार-बार वो

16
00:01:07,920 --> 00:01:12,000
उन्होंने विषयंतर ही किया पूरी चर्चा के दौरान वो चर्चा वैसे तो

17
00:01:12,000 --> 00:01:16,000
पांच घंटों की हमने मेन चैनल पर डाली हुई है और संक्षिप्त करके हम

18
00:01:16,000 --> 00:01:17,200
202 मिनट में मूल

19
00:01:17,200 --> 00:01:22,800
विषय है जो जो एक यह वाला प्रश्न आता है कि भाई

20
00:01:22,800 --> 00:01:27,600
कि यह वाले जो रूप है ईश्वर जो धारण कर रहा है वह तो नित्य नहीं है।

21
00:01:27,600 --> 00:01:31,600
तो फिर उसको ईश्वर कैसे कहा जाए? तो क्योंकि वह ईश्वर ही क्रिया

22
00:01:31,600 --> 00:01:35,760
करने के लिए ही वह रूप धारण कर रहा है। इसलिए उसको ईश्वर ही कहा जाएगा। और भी बहुत सी बातें

23
00:01:35,760 --> 00:01:39,840
हैं। जैसे ईश्वर का प्रकट और अप्रकट होना

24
00:01:39,840 --> 00:01:44,320
व्यवहारिक जगत में वो केवल प्रकट और अप्रकट होता है। इससे उसके

25
00:01:44,320 --> 00:01:48,720
जो उसका नित्यता है वो सिद्ध होती है। वो हमारे समक्ष

26
00:01:48,720 --> 00:01:52,720
गोचर और अगोचर मात्र होता है। तो इसलिए वह नित्य

27
00:01:52,720 --> 00:01:56,720
भी है। अब व्यवहार व्यवहारिक जगत में। अब दूसरी बात

28
00:01:56,720 --> 00:02:02,160
यह आ जाती है कि यदि ईश्वर की इच्छा करने

29
00:02:02,160 --> 00:02:06,560
और जड़ पदार्थों को वह इच्छा किसी रूप में प्राप्त होने

30
00:02:06,560 --> 00:02:10,720
में बीच में कोई कनेक्शन नहीं है और सिर्फ इच्छा हुई और वहां हुआ

31
00:02:10,720 --> 00:02:14,960
तो इस इस हिसाब से तो फिर जो जिहादियों का ईश्वर है जो कहीं

32
00:02:14,960 --> 00:02:18,960
पर बैठा हुआ दुनिया को नियंत्रित करता है वो उस ईश्वर से भी काम

33
00:02:18,960 --> 00:02:23,520
चल जाएगा। ईश्वर का सर्वव्यापक होना भी आवश्यक नहीं रह जाएगा

34
00:02:23,520 --> 00:02:28,240
क्योंकि वह मन में सोचेगा और दुनिया में कहीं पर भी कोई भी हरकत हो जाएगी। सर्वव्यापक

35
00:02:28,240 --> 00:02:32,480
ईश्वर है ही इसलिए कि उसका पूरे में कंट्रोल हो

36
00:02:32,480 --> 00:02:36,800
और यदि उसकी इच्छा जड़ पदार्थों में पहुंचने के लिए कोई माध्यम

37
00:02:36,800 --> 00:02:40,800
नहीं है हमारे अनुसार भौतिक दुनिया के

38
00:02:40,800 --> 00:02:44,880
संपर्क में आने के लिए जो अभौतिक ईश्वर है

39
00:02:44,880 --> 00:02:48,960
जो उसका पारमार्थिक स्वरूप है वो एक ऐसा रूप धारण करता है जो

40
00:02:48,960 --> 00:02:53,200
मध्यस्थता का कार्य करता है भौतिक संसार और पारमार्थिक

41
00:02:53,200 --> 00:02:57,280
ईश्वर के बीच पर इस बात पर वह चुप हैं उनके पास पास उत्तर

42
00:02:57,280 --> 00:03:01,360
नहीं है और उत्तर ना होने की

43
00:03:01,360 --> 00:03:05,840
स्थिति में वह बस विषयंतर करते रहे। वो पांच घंटे की चर्चा में आप देख सकते हैं।

44
00:03:05,840 --> 00:03:10,000
तो अगर मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है केवल ईश्वर

45
00:03:10,000 --> 00:03:14,320
मन में सोचेगा और वहां पर हो जाए। बीच में कोई हम कनेक्शन बता ही नहीं रहे तो फिर आवश्यक

46
00:03:14,320 --> 00:03:18,320
नहीं है ईश्वर का सर्वव्यापी होने का। सर्वव्यापी होना भी कोई आवश्यक नहीं है। बस वो

47
00:03:18,320 --> 00:03:22,320
इच्छा करेगा और दुनिया के किसी भी कोने में कुछ भी हो जाए। ठीक है? तो

48
00:03:22,320 --> 00:03:26,320
यह हमारा पक्ष है और जब जब हमने पूछा कि ईश्वर

49
00:03:26,320 --> 00:03:30,320
की इच्छा जड़ पदार्थों को प्राप्त कैसे हो रही है? किस रूप में हो रही है?

50
00:03:30,320 --> 00:03:34,400
भाई इच्छा का अधिष्ठान क्या है? चेतना चेतन।

51
00:03:34,400 --> 00:03:38,400
इच्छा का अधिष्ठान चेतन है। तो अगर इच्छा कोई ऐसा रूप नहीं

52
00:03:38,400 --> 00:03:42,400
बनाएगी जो जड़ पदार्थों के संपर्क में आए तो जड़

53
00:03:42,400 --> 00:03:46,640
पदार्थ में चेतना तो है नहीं जो वह इच्छा को ग्रहण कर पाए।

54
00:03:46,640 --> 00:03:47,520
दूसरी बात

55
00:03:47,520 --> 00:03:51,840
तब भी स्वतंत्र रूप से वहां जड़ पदार्थों के पास एक शक्ति होनी

56
00:03:51,840 --> 00:03:55,920
चाहिए होगी कि भाई अगर सूचना प्राप्त भी हो रही है तो उस शक्ति के माध्यम से

57
00:03:55,920 --> 00:04:00,240
वह आगे बढ़े भौतिक सूचना भौतिक

58
00:04:00,240 --> 00:04:04,320
शक्ति तो बहुत सी चीजें हैं इसमें बाकी हमने एक

59
00:04:04,320 --> 00:04:08,480
अपना संदेश भी जारी कर दिया है कि अभी हमें एक दो दिन के अंदर

60
00:04:08,480 --> 00:04:12,480
ही बनारस की यात्रा है हमारी और निर्भय ने

61
00:04:12,480 --> 00:04:16,720
कहा था कि वह इस समय बनारस में ही है। और यह

62
00:04:16,720 --> 00:04:20,880
भी कहा था कि

63
00:04:20,880 --> 00:04:24,960
शायद वह वहां पर कोचिंग पढ़ाता है बच्चे को। तो अगर कोचिंग पढ़ाता है तो ऐसा

64
00:04:24,960 --> 00:04:28,960
तो है नहीं कि दो दिन के लिए जाएगा बनारस। तो कोचिंग

65
00:04:28,960 --> 00:04:33,040
पढ़ाते हैं तो डेली पढ़ाते होंगे। महीने भर तो पढ़ाएंगे ही। तो इसका मतलब

66
00:04:33,040 --> 00:04:37,120
है कि वह बनारस में ही स्थित हैं। तो हम एकद दिन के लिए बनारस जा

67
00:04:37,120 --> 00:04:41,360
रहे हैं एक दो दिन में तो वह यदि हमसे संपर्क करेंगे तो हम आमने

68
00:04:41,360 --> 00:04:47,360
सामने बैठकर के चर्चा कर लेंगे। ठीक है?

69
00:04:47,680 --> 00:04:51,680
और अब हम लेते हैं हमारे जो आज के आज का जो मूल विषय है ब्रह्मा

70
00:04:51,680 --> 00:04:57,280
कुमारी वाला मामला। हां जी भाई साहब जय श्री राम।

71
00:04:57,280 --> 00:05:01,440
जय श्री राम। भाई जय श्री राम। ओम भाई साहब

72
00:05:01,440 --> 00:05:05,680
आप अपने फोन को ना कहीं ऐसी जगह रखें कि आपकी

73
00:05:05,680 --> 00:05:09,680
स्क्रीन बार-बार बदले नहीं। ये जो हिल रही है ना मेरी

74
00:05:09,680 --> 00:05:15,680
स्क्रीन हिल रही है क्या? आपकी स्क्रीन हिल रही है।

75
00:05:17,600 --> 00:05:21,280
मेरी भी तो

76
00:05:21,280 --> 00:05:25,520
अच्छा मेरी हैंग सी हो जा रही है हमें लग रहा है हां

77
00:05:25,520 --> 00:05:29,760
आपकी भी हैंग हो रही है

78
00:05:29,760 --> 00:05:34,080
अच्छा मेरा मेरी स्क्रीन साफ दिखाई दे रही है कुछ आगे थोड़ा सा इधर उधर

79
00:05:34,080 --> 00:05:39,520
वो करूं क्या

80
00:05:39,520 --> 00:05:45,040
आप आपके में नेटवर्क पूरे आ रहे हैं 5G नेटवर्क इंटरनेट वगैरह

81
00:05:45,040 --> 00:05:49,120
मैं ये कहता हूं थोड़ा आगे पीछे करता

82
00:05:49,120 --> 00:05:53,360
हूं गाड़ी को भी हां

83
00:05:53,360 --> 00:05:57,360
हां है तो पूरे भाई जी लेकिन एरिया दिए में कभी

84
00:05:57,360 --> 00:06:01,040
कम ज्यादा हो जाता है ना

85
00:06:01,040 --> 00:06:05,040
घर पे आप घर पे बैठ के करिए ना कार

86
00:06:05,040 --> 00:06:09,520
में बैठ के कर ही क्यों रहे हैं

87
00:06:09,520 --> 00:06:13,760
नहीं वैसे तो बाहर है तो इसीलिए तो संडे कह रहा था अगर संडे

88
00:06:13,760 --> 00:06:18,320
को हम आप करते ना तो घर पे वाईफाई भाई साहब आज जब मैंने

89
00:06:18,320 --> 00:06:22,800
आज जब मैंने आपको कहा तब आप जब आप आज जब मैंने आपको कहा

90
00:06:22,800 --> 00:06:26,800
कि भाई आज दोपहर 1:00 बजे 2:00 बजे कर ले तो आपने ये नहीं कहा कि संडे को करते

91
00:06:26,800 --> 00:06:31,440
हैं। आप कहते हैं मुझसे संडे को करते हैं। वाईफाई रहेगा।

92
00:06:31,440 --> 00:06:37,440
भाई आज मैं आपको चैट WhatsApp चैट यहां पे दिखा दूंगा स्क्रीन पे।

93
00:06:37,600 --> 00:06:42,080
नहीं नहीं वो आप दिखा तो क्या देंगे? वो तो मैंने फिर

94
00:06:42,080 --> 00:06:46,240
बोला तो वही था ना तो आपने कहा आज 1:00 बजे कर लेते हैं। मैंने

95
00:06:46,240 --> 00:06:50,400
तो संडे के लिए कहा था। आज आपने कहा तो फिर मैंने कहा चलो ठीक है हां अब

96
00:06:50,400 --> 00:06:54,560
अब सही आ रहा है ना अब आपकी आवाज भी सही आ रही है नहीं आपकी

97
00:06:54,560 --> 00:07:00,560
जो पिक्चर है वो रुक रुक के रुक रुक के दिखाई दे रही है

98
00:07:01,440 --> 00:07:05,680
एक भाई साहब है जो ये प्रश्न पूछ रहे हैं एक मिनट एक

99
00:07:05,680 --> 00:07:09,680
भाई साहब है जो ये प्रश्न पूछ रहे हैं क्या ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है

100
00:07:09,680 --> 00:07:13,680
जिसको वह स्वयं ना उठा सके इन प्रश्नों का जवाब हमने अपनी वीडियो में दे

101
00:07:13,680 --> 00:07:17,760
दिया है कई बार और आप अपने लोगों को कहे कि सामने सामने से आकर यह

102
00:07:17,760 --> 00:07:22,320
प्रश्न करें। जिसके गुर्दे में दम हो, वह सामने आकर पूछा करें।

103
00:07:22,320 --> 00:07:26,480
कायरों की तरह नपुंसकों की तरह व्यवहार ठीक नहीं है। एक ही प्रश्न का जवाब

104
00:07:26,480 --> 00:07:30,880
बार-बार एक एक व्यक्ति के पूछने पर दिया जाएगा क्या? सनातन सिद्धांत नाम की प्लेलिस्ट

105
00:07:30,880 --> 00:07:34,960
बनाई गई है। उसमें जाकर देख लीजिए। और ये जो ये जो प्रश्न करते हैं ना आप यह

106
00:07:34,960 --> 00:07:38,960
नास्तिकों द्वारा उठाए गए बहुत पुराने प्रश्न है। कुछ नया लाइए। ठीक है?

107
00:07:38,960 --> 00:07:43,360
सबके जवाब दे दिए। तोड़ के रख दिया ईश्वर विरोधी सभी को। चाहे वो सनातना

108
00:07:43,360 --> 00:07:47,360
वासी हो, चाहे वो विधर्मी हो, चाहे वो नास्तिक हो। जाकर देखो प्ले लिस्ट में

109
00:07:47,360 --> 00:07:53,360
एक एक व्यक्ति के पूछने पर एक एक व्यक्ति का जवाब देते फिरेंगे क्या

110
00:08:01,680 --> 00:08:06,000
हां भाई साहब आपकी जो पिक्चर है वो सस्टेंड नहीं

111
00:08:06,000 --> 00:08:10,560
है सस्टेंड नहीं है जो पुराने जमाने का कार्टून

112
00:08:10,560 --> 00:08:14,560
पुराने जमाने का जो कार्टून आता था रुक रुक के चलता था वो वाला

113
00:08:14,560 --> 00:08:19,200
मामला है हां तो

114
00:08:19,200 --> 00:08:23,200
वो नेटवर्क की वजह से हो सकता है ऐसा हो रहा हो।

115
00:08:23,200 --> 00:08:27,200
अरे भाई तो हम क्या करें भाई साहब ये बताइए ना नेटवर्क की वजह से हो सकता

116
00:08:27,200 --> 00:08:32,560
है तो करना क्या है वो बताइए व्हाट टू डू

117
00:08:32,560 --> 00:08:36,560
इस तरीके से चर्चा तो नहीं होगी संडे को रख लीजिए अगर तो ठीक है

118
00:08:36,560 --> 00:08:40,880
जाइए संडे को 10 बजे रख लीजिए ठीक है देखता हूं

119
00:08:40,880 --> 00:08:45,360
नहीं नहीं तो जो थोड़ी बहुत रुकिए एक सेकंड

120
00:08:45,360 --> 00:08:49,440
मैं उसको नेट को और बदलता हूं

121
00:08:49,440 --> 00:08:55,440
दूसरे वाले पे। बदल के बदल के दोबारा आइए।

122
00:09:06,000 --> 00:09:10,160
हमारे फॉर्म में एक चीज और बढ़ा दी जाए भैया कि आप अपना

123
00:09:10,160 --> 00:09:14,640
नेटवर्क वगैरह देख लें क्योंकि कई बार इस तरीके से सारे

124
00:09:14,640 --> 00:09:20,640
प्रयास किए जाते हैं। उसके बाद यह परिणाम प्राप्त होता है।

125
00:09:27,520 --> 00:09:32,800
फिर ये जुकू जी मूर्ख हो क्या

126
00:09:32,800 --> 00:09:36,800
मूर्ख हो क्या आप ये जुक जी क्या नाम है

127
00:09:36,800 --> 00:09:42,800
पता नहीं मूर्ख हो क्या सामने आकर बात करो

128
00:09:46,400 --> 00:09:50,560
सामने आकर बात करिए ठीक है माता माता जी ने निष्ठा पूर्वक

129
00:09:50,560 --> 00:09:55,040
दूध पिलाया है तो सामने आकर बात करिए। ये इस तरीके से कायरता और नपुंसक

130
00:09:55,040 --> 00:09:59,040
का नपुंसकता का व्यवहार मत चित्रित करिए। बार-बार

131
00:09:59,040 --> 00:10:03,040
एक ही तरीके के अलग-अलग रूपों में प्रश्न पूछ पूछ करके जो है स्वयं को

132
00:10:03,040 --> 00:10:07,040
आत्मसंतुष्ट कर लिया। हां, हमने प्रश्न पूछा हम जवाब नहीं दे पाए। यह सब

133
00:10:07,040 --> 00:10:11,360
सवाल धरे के धरे रह जाएंगे। सामने आओगे जब ठीक है? फिर

134
00:10:11,360 --> 00:10:15,280
बगले झांकने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

135
00:10:15,280 --> 00:10:19,440
अपने अस्तित्व पर शर्म आने लगेगी तुरंत।

136
00:10:19,440 --> 00:10:22,800
ये क्या कर दिया?

137
00:10:22,800 --> 00:10:26,160
हां भाई

138
00:10:26,160 --> 00:10:30,320
सही आ रहा है मगर उसको एक जगह रख दीजिए कैमरे को। आप

139
00:10:30,320 --> 00:10:35,360
ऐसा है संडे को आइएगा। जाइए जय श्री राम। रखने का

140
00:10:35,360 --> 00:10:39,440
नहीं नहीं नहीं थोड़ी बहुत तो चर्चा कर लेते हैं। फिर क्या पता संडे को आए फिर ज्यादा

141
00:10:39,440 --> 00:10:43,760
देर हम ना टिक पाए आपके सामने। संडे को आइए आपका पिक्चर

142
00:10:43,760 --> 00:10:48,000
गड़बड़ आ रही है आपकी नहीं कर सकते।

143
00:10:48,000 --> 00:10:54,000
चलिए ठीक है ऑपरेटर जी

144
00:10:57,600 --> 00:11:03,600
ठीक है आज की इस चर्चा को कैंसिल करते हैं।

145
00:11:10,320 --> 00:11:16,320
रहने दीजिए। छोड़िए दूसरी चीज है।

146
00:11:19,600 --> 00:11:24,000
यह कह रहे हैं शिवश भाई आप पहले ब्रह्मा कुमारीज का सेवन डे कोर्स करिए।

147
00:11:24,000 --> 00:11:28,160
आप मेरे एक घंटे का कोर्स करिए। यह मुझे बोलने से पहले एक

148
00:11:28,160 --> 00:11:32,240
घंटे का मेरा कोर्स करिए। बताइए कब आ रहे हैं? एक घंटे के लिए लाइव

149
00:11:32,240 --> 00:11:36,480
आ जाइए। मुझे कहीं जाना भी बुलाना भी नहीं आपको। लाइव आ जाइए।

150
00:11:36,480 --> 00:11:42,480
एक घंटे का कोर्स करिए।

151
00:11:47,680 --> 00:11:53,680
ठीक है। जय श्री राम सभी को।

152
00:12:39,810 --> 00:12:43,810
[संगीत]
