1
00:00:00,000 --> 00:00:04,000
[संगीत] सबसे पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह

2
00:00:04,000 --> 00:00:08,000
वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको मेरे धर्म कर्म

3
00:00:08,000 --> 00:00:12,480
से कोई मतलब नहीं है। एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ये

4
00:00:12,480 --> 00:00:16,480
पुस्तकें छापी गई कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके।

5
00:00:16,480 --> 00:00:20,560
वहां तक पहुंचना पड़ेगा और शास्त्रों के बाद क्या

6
00:00:20,560 --> 00:00:24,960
करना पड़ेगा पता पड़ेगा। तो फिर उसने भी फ्रस्ट्रेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए

7
00:00:24,960 --> 00:00:29,360
हम जो है मुकदमा उनका भी लिख लेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे। अब बहुत हो गया।

8
00:00:29,360 --> 00:00:30,400
मैंने कहा

9
00:00:30,400 --> 00:00:35,360
जी के नाम से पूरे देश

10
00:00:35,360 --> 00:00:40,320
का नाम हो गया आज 18

11
00:00:40,320 --> 00:00:46,320
जगाना होगा आपको बताना होगा [संगीत]

12
00:00:47,760 --> 00:00:52,000
नाम लिखते हैं ज्ञान गंगा साधारण जनता जन सामान्य समझता है ज्ञान

13
00:00:52,000 --> 00:00:53,600
गंगा लिखा है माने की कोई

14
00:00:53,600 --> 00:00:57,680
अच्छी बातें लिखी होंगी ज्ञान गंगा योगी जी को दी है हमने ज्ञान गंगा

15
00:00:57,680 --> 00:01:03,680
अमित शाह जी को दी है हो सकता है आपकी भी फोटो बनी हो।

16
00:01:03,830 --> 00:01:09,830
[संगीत]

17
00:01:24,480 --> 00:01:30,480
जय श्री राम हरिशंकर जी जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

18
00:01:30,640 --> 00:01:34,720
रंजना दीदी हमारी अग्रजा है और उनका

19
00:01:34,720 --> 00:01:39,360
कैमरा ऑफ है कोई टेक्निकल इशू लग रहा है

20
00:01:39,360 --> 00:01:43,520
तो जी दीदी जय श्री राम दीदी

21
00:01:43,520 --> 00:01:48,000
जय श्री राम जय श्री राम तो

22
00:01:48,000 --> 00:01:52,000
इनमें से दोनों ही व्यक्तित्व आपके समक्ष हैं यहां पर और दोनों

23
00:01:52,000 --> 00:01:57,040
की अपनीपनी छाती है और साथ में दोनों ही

24
00:01:57,040 --> 00:02:01,440
सनातन धर्म के लिए लगातार सक्रिय हैं। बहुत सारे विषय हैं जिनमें

25
00:02:01,440 --> 00:02:05,520
प्रखर होकर के हमारे हरिशंकर जैन जी लड़ रहे

26
00:02:05,520 --> 00:02:09,680
हैं सनातन के लिए हमारे मंदिरों के लिए विग्रह के लिए

27
00:02:09,680 --> 00:02:13,760
वहीं पे जो हमारी अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी

28
00:02:13,760 --> 00:02:17,760
उन्होंने भी यथावत धर्म के लिए कमर कस कस

29
00:02:17,760 --> 00:02:22,000
रखी है। बहुत सारे विषय हैं। बहुत सारे केसेस हैं जो इन्होंने

30
00:02:22,000 --> 00:02:26,160
कोर्ट में यह भी प्रखरता से सनातन धर्म का पक्ष रख

31
00:02:26,160 --> 00:02:30,240
रही हैं और कई ज्यादातर केसेस

32
00:02:30,240 --> 00:02:34,880
ऐसे हैं जिसमें ये दोनों ही जो आपके समक्ष इस समय महानुभाव

33
00:02:34,880 --> 00:02:39,040
यहां पर हैं तो ये दोनों ही साथ में मिलकर के केस लड़ रहे हैं।

34
00:02:39,040 --> 00:02:41,120
तो

35
00:02:41,120 --> 00:02:45,600
मैं शुरुआत हरिशंकर जी से करूंगा। थोड़ा

36
00:02:45,600 --> 00:02:49,600
सा शंकर जी यह जो केस है रामपाल का जो इस समय चल रहा

37
00:02:49,600 --> 00:02:53,840
है इसको लेकर के आपका जो अपना एक पर्सपेक्टिव है दर्शकों

38
00:02:53,840 --> 00:02:59,120
को जो हमारे श्रोताग है आम जनमानस है उनको थोड़ा सा बताएं।

39
00:02:59,120 --> 00:03:03,040
देखिए सबसे पहली बात यह है जी सबसे

40
00:03:03,040 --> 00:03:07,200
पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह द्विवेदी

41
00:03:07,200 --> 00:03:12,080
जी की वजह से यह आंदोलन आज दिख रहा है।

42
00:03:12,080 --> 00:03:16,160
वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको अपने धर्म कर्म

43
00:03:16,160 --> 00:03:20,640
से कोई मतलब नहीं है। कोई पैसा पैदा करने से

44
00:03:20,640 --> 00:03:25,040
और अपने पद पैसे से मतलब है।

45
00:03:25,040 --> 00:03:29,280
द्विवेदी जी प्रखर हैं और जब सबसे

46
00:03:29,280 --> 00:03:33,360
पहले मिले थे मुझसे तो मैंने इन सारी

47
00:03:33,360 --> 00:03:37,520
किताबों का अध्ययन किया था और अध्ययन करने में बड़ी पीड़ा हुई

48
00:03:37,520 --> 00:03:41,600
थी और पीड़ा इसलिए भी हुई कि आज हिंदू

49
00:03:41,600 --> 00:03:46,080
समाज में अकेले द्विवेदी जी क्यों आगे आए

50
00:03:46,080 --> 00:03:50,240
और लोग आगे क्यों नहीं आए? इतना बड़ा स्कैंडल

51
00:03:50,240 --> 00:03:54,400
चल रहा है। पूरे देश में इस तरह की भद्दी

52
00:03:54,400 --> 00:03:58,720
किताबें बेची जा रही हैं। प्रसारित की जा रही हैं।

53
00:03:58,720 --> 00:04:02,800
और जनमानस में हिंदू धर्म के खिलाफ

54
00:04:02,800 --> 00:04:06,800
हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक माहौल तैयार किया जा रहा

55
00:04:06,800 --> 00:04:11,280
है और लोग चुप बैठे हुए हैं।

56
00:04:11,280 --> 00:04:16,160
तो मैंने सोचा मैं तो दिल्ली में हूं कि

57
00:04:16,160 --> 00:04:20,160
इसमें किसी योद्धा की जरूरत है। तो योद्धा

58
00:04:20,160 --> 00:04:24,320
कौन हो? तो योद्धा

59
00:04:24,320 --> 00:04:30,320
खोजने के लिए सबसे पहले वीरांगना देखा जाता है।

60
00:04:30,400 --> 00:04:34,480
तो मैंने देखा कि रंजना जी सबसे उपयुक्त व्यक्ति

61
00:04:34,480 --> 00:04:38,720
हैं जो कि इस मामले को घंटा बजा

62
00:04:38,720 --> 00:04:42,880
सकती है क्योंकि व्यक्ति ऐसा चाहिए था

63
00:04:42,880 --> 00:04:47,120
जो डरे नहीं लालच में ना आवे

64
00:04:47,120 --> 00:04:51,120
किसी प्रभाव में ना आवे तो

65
00:04:51,120 --> 00:04:55,200
रंजना जी के हाथों यह बागडोर है और वह

66
00:04:55,200 --> 00:04:59,360
अच्छे तरीके से इसको ले चल रही है। आगे ले चल रही हैं।

67
00:04:59,360 --> 00:05:03,520
प्रारंभिक सफलता कोर्ट से मिली है और मुझे उम्मीद है कि

68
00:05:03,520 --> 00:05:08,080
आगे भी सफलता मिलेगी। अब रंजना जी इस बारे में

69
00:05:08,080 --> 00:05:12,960
ज्यादा पूरा विस्तार से बताएंगी। जी जी

70
00:05:12,960 --> 00:05:16,960
रंजना दीदी आप थोड़ा सा आगे इसको

71
00:05:16,960 --> 00:05:21,280
थोड़ा सा प्रकाश डालें चीजों पर। देखिए सबसे पहले तो शिवश

72
00:05:21,280 --> 00:05:25,520
जी आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद और यह आशीर्वाद

73
00:05:25,520 --> 00:05:26,400
मिला है हमारे

74
00:05:26,400 --> 00:05:30,400
हरिशंकर जैन सर के कारण आपको क्योंकि हरिशंकर जैन

75
00:05:30,400 --> 00:05:34,640
साहब ऊपर से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हम लोगों पर

76
00:05:34,640 --> 00:05:39,120
अपनी दृष्टि रखे हुए हैं। जैसे गुरु कुम्हार कुम्हार

77
00:05:39,120 --> 00:05:43,280
जैसे घड़े को पीट-पीट के सही करता है वैसे ही इनकी

78
00:05:43,280 --> 00:05:47,600
दृष्टि हमेशा मेरे ऊपर रही और इन्होंने हमें इस योग्य बनाया

79
00:05:47,600 --> 00:05:51,760
कि आज जैन सर गर्व से कह सकते हैं कि मैंने

80
00:05:51,760 --> 00:05:56,080
जो ये लड़ाई दी है सही योद्धा के हाथों में दी है। तो इनको

81
00:05:56,080 --> 00:06:00,400
बहुत-बहुत हृदय से मेरा नमन है और इन ऐसे

82
00:06:00,400 --> 00:06:04,480
ही मार्ग हमारा प्रशस्त करते रहे तो हम लोग सनातन धर्म

83
00:06:04,480 --> 00:06:08,720
के लिए कुछ कर पाएंगे। अब आते हैं हम लोग मुद्दे पर।

84
00:06:08,720 --> 00:06:14,000
देखो सनातन धर्म में जो नकालों के द्वारा

85
00:06:14,000 --> 00:06:18,080
नकली किताबें भेजी जा रही हैं और सबसे बड़ी बात

86
00:06:18,080 --> 00:06:19,600
है जो पायरेसी भारत

87
00:06:19,600 --> 00:06:23,760
में क्या होता है? नकलीपन परसी एक सुनियोजित

88
00:06:23,760 --> 00:06:27,840
षड्यंत्र के तहत यह पुस्तकें छापी गई

89
00:06:27,840 --> 00:06:32,000
कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके। सनातन धर्म

90
00:06:32,000 --> 00:06:36,080
में प्रदूषण किया जा सके और धोखे में रख के क्योंकि

91
00:06:36,080 --> 00:06:40,240
नाम लिया गीता का नाम लिया गंगा का नाम लिया कृष्ण का

92
00:06:40,240 --> 00:06:44,240
नाम चुराया कृष्ण का नाम चुराया श्री राम का नाम

93
00:06:44,240 --> 00:06:48,480
चुराया मां दुर्गा का नाम चुराया शंकराचार्यों का और नाम

94
00:06:48,480 --> 00:06:52,960
चुराया हमारे सनातन धर्म के वेदों पुराणों का और अंदर

95
00:06:52,960 --> 00:06:57,200
गंदगी भर दी अंदर अश्लील साहित्य भरा इन लोगों को

96
00:06:57,200 --> 00:07:01,760
और इसका जो मास्टर माइंड है जेल में बैठकर करके ग्रामीण

97
00:07:01,760 --> 00:07:06,320
अंचल की सीधी साधी भोलीभाली जनता को अपने चंगुल

98
00:07:06,320 --> 00:07:10,320
में फंसा के यह व्यापार कर रहा है। यह धर्म को

99
00:07:10,320 --> 00:07:14,400
हमारे सनातन धर्म को प्रदूषित कर संक्रमित करने का

100
00:07:14,400 --> 00:07:18,640
कार्य कर रहा है। यह इतनी बड़ी महामारी है जो कि पूर्व

101
00:07:18,640 --> 00:07:22,720
में प्लेग और हैजा चलता था। उससे भी बड़ी महामारी है।

102
00:07:22,720 --> 00:07:26,960
इसको लेकर के अपने गुरु जी माननीय हरिशंकर

103
00:07:26,960 --> 00:07:31,280
जैन के दिशा निर्देश में जो याचिका दायर हुई है

104
00:07:31,280 --> 00:07:34,640
उसको माननीय न्यायालय ने बड़ी गंभीरता से

105
00:07:34,640 --> 00:07:38,800
लिया क्योंकि पुस्तक के सारे प्रश्न जिन प्रश्नों में भगवान श्री

106
00:07:38,800 --> 00:07:42,960
राम को मां दुर्गा को भगवान विष्णु को भगवान

107
00:07:42,960 --> 00:07:46,960
श्री कृष्ण को मां सीता को हमारे महादेव

108
00:07:46,960 --> 00:07:51,040
जी को अश्लील शब्दों से को का प्रयोग किया

109
00:07:51,040 --> 00:07:55,520
गया था उन सब प्रश्नों को माननीय न्यायालय ने देखा

110
00:07:55,520 --> 00:08:00,080
और जब बहस चल रही थी तो मैंने स्वयं इस बात को

111
00:08:00,080 --> 00:08:04,240
महसूस किया कि माननीय न्यायालय न्यायमूर्तियों को न्यायालय

112
00:08:04,240 --> 00:08:08,240
में उस समय इन प्रश्नों को देखकर कितनी पीड़ा हुई। सारी

113
00:08:08,240 --> 00:08:12,480
बातें सुनी। राज्य सरकार को भी सुना और

114
00:08:12,480 --> 00:08:16,560
सेंट्रल गवर्नमेंट के भी जो अधिवक्ता आए थे उनको भी सुना। उनको

115
00:08:16,560 --> 00:08:22,240
पूरी तरीके से विधिवत सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यह नोटिस

116
00:08:22,240 --> 00:08:26,400
जारी किया और यह बताया कि बताएं राज्य सरकार ने इन पुस्तकों

117
00:08:26,400 --> 00:08:30,480
को सील करने का और सील करने की कार्यवाही अब तक क्या की

118
00:08:30,480 --> 00:08:32,880
है?

119
00:08:32,880 --> 00:08:36,880
वैसे आप दोनों महानुभावों का बड़प्पन है जो मुझे इसका श्रेय दे

120
00:08:36,880 --> 00:08:41,040
रहे हैं। ये कहीं ना कहीं इस युद्ध के सूत्रधार आप ही दोनों हैं और

121
00:08:41,040 --> 00:08:45,360
आप लोगों ने इस तरह से अगर आगे आकर के सक्रियता ना दिखाई होती

122
00:08:45,360 --> 00:08:49,440
तो संभवत मेरा इतना सामर्थ्य नहीं था। वो गुरुदेव गुरु गोविंद ग्रंथ

123
00:08:49,440 --> 00:08:53,600
की कृपा है कि आप लोगों का मार्गदर्शन मुझे प्राप्त हो गया। यह एक

124
00:08:53,600 --> 00:08:57,760
भगवत कृपा रही मेरे ऊपर। इसमें हरिशंकर

125
00:08:57,760 --> 00:09:02,080
जी एक चीज दिखाई देती है कि ये लोग हर उस चीज पर वार

126
00:09:02,080 --> 00:09:06,320
कर रहे हैं अपने स्कैम के द्वारा जो चीज कहीं ना कहीं सनातन

127
00:09:06,320 --> 00:09:10,320
धर्म की नीव में है। जैसे ये केवल हिंदू

128
00:09:10,320 --> 00:09:14,400
देवी देवताओं के लिए अश्लील टिप्पणी करना तो बात अलग हो गई। मगर ये

129
00:09:14,400 --> 00:09:18,800
साथ ही साथ होली पे बहन दिवाली का मजाक

130
00:09:18,800 --> 00:09:22,960
रक्षाबंधन का मजाक भैया भाई दूध का मजाक इस समय कावड़ यात्रा

131
00:09:22,960 --> 00:09:27,120
चल रही है उसका मजाक हर चीज का मजाक और ऐसे

132
00:09:27,120 --> 00:09:31,200
ऐसे ब्रेन वाश लोग हैं अभी मैंने कुछ दिन पहले इनका एक चैनल है फॉलोअ का उस

133
00:09:31,200 --> 00:09:35,440
पर करीब लाख दो लाख फॉलोवरर्स हैं तो उस पर मैंने देखा कि बहुत अश्लील

134
00:09:35,440 --> 00:09:39,680
तरीके से कावड़ से जुड़ी हुई जो जानकारियां उनको प्रस्तुत

135
00:09:39,680 --> 00:09:44,000
कर रहे हैं तो ये आपको नहीं लगता ये सोचा समझा

136
00:09:44,000 --> 00:09:48,080
एक वेल प्लंड एक विदेशी षड्यंत्र है। यहां तक कि बिंदी

137
00:09:48,080 --> 00:09:52,160
लगाने को मना गहने मतलब जो हमारा श्रृंगार होता है हमारी मातृशक्तियों

138
00:09:52,160 --> 00:09:56,640
का हर उस चीज पर इन्होंने वार किया है जो हिंदू जो मूल हिंदू

139
00:09:56,640 --> 00:10:00,720
सभ्यता से जुड़ी हुई चीजें हैं। तो क्या एक विदेशी षड्यंत्र भी हो

140
00:10:00,720 --> 00:10:05,040
सकता है इस पर थोड़ा सा देखिए

141
00:10:05,040 --> 00:10:10,160
ये काम तो राज्य सरकार का है। जी और सबसे पहले

142
00:10:10,160 --> 00:10:14,240
जो आपने शक जाहिर किया बिल्कुल सही किया कि इसके पीछे बहुत

143
00:10:14,240 --> 00:10:18,960
बड़ी विदेशी फंडिंग है जी और कानून का उल्लंघन है।

144
00:10:18,960 --> 00:10:22,960
एफसीआरए कानून का उल्लंघन है। बाहर से पैसा भी आ

145
00:10:22,960 --> 00:10:26,960
रहा है। मेरे को ऐसा लगता है। मैं आपको

146
00:10:26,960 --> 00:10:31,120
बता दूं कि देश में तमाम तरह के प्रकोप

147
00:10:31,120 --> 00:10:35,520
चल रहे हैं। जी अभी मेरे पास काफी कागजात

148
00:10:35,520 --> 00:10:39,680
आ गए हैं। रखे हैं। एक मिशनरी चल रही है

149
00:10:39,680 --> 00:10:43,920
जी क्रिश्चियंस की उनका काम है कि हिंदुओं का ब्रेन

150
00:10:43,920 --> 00:10:48,160
वाश करना छत्तीसगढ़ हो नॉर्थ ईस्ट हो मेघालय

151
00:10:48,160 --> 00:10:52,240
मिजोरम नागालैंड सब जगह ये काम चल रहा है

152
00:10:52,240 --> 00:10:56,320
और इसमें दुबई से भी पैसा आ रहा है बाहर

153
00:10:56,320 --> 00:11:01,440
से भी आ रहा है कई तरह की फंडिंग है परंतु

154
00:11:01,440 --> 00:11:04,320
जो विचारणीय प्रश्न है

155
00:11:04,320 --> 00:11:08,320
तो मेरा थोड़ा दिमाग अलग लग जाता है और लोगों से जी जी

156
00:11:08,320 --> 00:11:12,640
जी ठीक है वो कर रहे हैं गलत कर रहे हैं

157
00:11:12,640 --> 00:11:16,720
ये देश चल कैसे रहा है क्या देश में

158
00:11:16,720 --> 00:11:20,720
आज आप बाइबल कुरान के खिलाफ बोलने

159
00:11:20,720 --> 00:11:23,680
की क्षमता रखते हैं

160
00:11:23,680 --> 00:11:28,080
वो टेरर कि ऐसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा

161
00:11:28,080 --> 00:11:32,240
आज हम लोग ऐसा क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं वो तो मोटी मोटी बातें समझ

162
00:11:32,240 --> 00:11:36,640
में आती है कि हिंदू धर्म का ज्ञान आम

163
00:11:36,640 --> 00:11:41,440
जनता तक दलित समाज तक पहुंचना चाहिए और उसको बतलाना पड़ेगा

164
00:11:41,440 --> 00:11:46,400
कि आपका भला केवल हिंदू

165
00:11:46,400 --> 00:11:50,800
देवी देवताओं से पूजा पाठ से ही हो सकता है और ये तब होगा

166
00:11:50,800 --> 00:11:55,120
जब ज्ञान आप केवल सवर तक ना रखें। आप ज्ञान की

167
00:11:55,120 --> 00:11:59,360
अपनी जो ध्वनि है उसको नीचे तक पहुंचाइए। मेरा

168
00:11:59,360 --> 00:12:03,360
निवेदन है कि आपको हमको सवर्ण समाज से

169
00:12:03,360 --> 00:12:07,520
हटकर जो अवर्ण समाज है जो गैर सवर्ण समाज

170
00:12:07,520 --> 00:12:11,920
है वहां तक पहुंचना पड़ेगा और अपनी आवाज शास्त्रों

171
00:12:11,920 --> 00:12:16,080
की आवाज शास्त्रों की व्याख्या करनी पड़ेगी और बताना पड़ेगा।

172
00:12:16,080 --> 00:12:19,520
जी जी जी जब ऐसा हो रहा था कि वो लोग धड़ाधड़

173
00:12:19,520 --> 00:12:23,840
मेरे ऊपर जो है आईजीआरएस के थ्रू और कंप्लेंट लिखाने का एफआईआर

174
00:12:23,840 --> 00:12:28,000
लिखाने का प्रयास कर रहे थे तो बार-बार मुझे बयान देने के

175
00:12:28,000 --> 00:12:32,240
लिए अपना अपने मतलब अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहीं पुलिस थाने

176
00:12:32,240 --> 00:12:36,560
जाना पड़ रहा है कहीं एसीपी कार्यालय जाना पड़ रहा है ऐसा हो रहा था हालांकि पुलिस

177
00:12:36,560 --> 00:12:40,560
ने बहुत निष्पक्ष कारवाही की उसमें एक वो भी एक भगवत कृपा रही

178
00:12:40,560 --> 00:12:44,720
पर एट दी एंड एक समय ऐसा भी आया जब पुलिस ने भी फ्रस्टेट होकर

179
00:12:44,720 --> 00:12:48,800
के कहा कि ऐसा है हम आपका मुकदमा लिख ले रहे

180
00:12:48,800 --> 00:12:54,000
हैं। मगर हम अब जब उनका मुकदमा आएगा तब हम उनका भी लिखेंगे

181
00:12:54,000 --> 00:12:58,080
क्योंकि हम परेशान हो चुके हैं। तो पुलिस ने यह भी कहा कि भाई

182
00:12:58,080 --> 00:13:02,480
मतलब पुलिस एक एक हद तक जाकर के वो सच वो निष्पक्ष

183
00:13:02,480 --> 00:13:06,720
कारवाई करते पुलिस को जब वहां पर वो महसूस

184
00:13:06,720 --> 00:13:10,720
नहीं हुआ कि यहां पर बहुत ज्यादा हमारी मेहनत जा रही है। बहुत ज्यादा हमारा श्रम जा रहा

185
00:13:10,720 --> 00:13:11,220
है।

186
00:13:10,960 --> 00:13:14,960
तो फिर उसने भी फ्रस्टेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए हम जो है मुकदमा उनका

187
00:13:14,960 --> 00:13:16,800
भी लिखेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे।

188
00:13:16,800 --> 00:13:21,120
अब बहुत हो गया। तो वहां पे कहीं ना कहीं उस दिन मुझे लगा था कि आज

189
00:13:21,120 --> 00:13:25,200
जो जिस तरह से निडर होकर के मैं थाने में जा रहा था और बार-बार

190
00:13:25,200 --> 00:13:29,280
अपनी सच्चाई। भाई हम वहां पर अपने लिए तो जा नहीं रहे हैं। हमारे देवी

191
00:13:29,280 --> 00:13:33,440
देवताओं को आपने गाली दी है इसलिए हम आ रहे हैं बार-बार। आप वो किताबों पर कारवाई

192
00:13:33,440 --> 00:13:37,440
करवा दीजिए। हम क्यों? हमें किसी से कोई पर्सनल कोई द्वंद, कोई दुश्मनी, कोई

193
00:13:37,440 --> 00:13:41,600
शत्रुता तो है नहीं। मगर उस दिन मुझे लगा था कि भाई और जब

194
00:13:41,600 --> 00:13:46,000
जो पुलिस अब तक साथ दे रही थी मतलब साथ हमारा नहीं न्याय का

195
00:13:46,000 --> 00:13:50,080
न्याय का वो साथ दे रही थी निष्पक्ष होकर के कार्य कर रही थी मगर जब उधर

196
00:13:50,080 --> 00:13:54,160
से ऐसी आवाज आई तो वहां पर वो जो आपने बात कही ना कि विवेकी को

197
00:13:54,160 --> 00:13:58,320
भी बोलना से मना कर दिया वहां पर कहीं ना कहीं पुलिस थाने

198
00:13:58,320 --> 00:14:02,400
में जाकर के अपनी आवाज को यथावत रखने की जो भावना थी उसको कहीं

199
00:14:02,400 --> 00:14:07,440
ना कहीं उन्होंने चोट तो पहुंचाई हालांकि वो बात अलग है कि

200
00:14:07,440 --> 00:14:11,600
ऐसा होता है कि जब हम अपनी गीता पढ़ लेते हैं भगवत श्रीमद् भगवत

201
00:14:11,600 --> 00:14:15,680
गीता वो श्लोक पढ़ लेते हैं नैन चिनती शस्त्राण नैन दति पावका

202
00:14:15,680 --> 00:14:19,680
ना चैन क्ले शति मारता तो उसके बाद किसी प्रकार

203
00:14:19,680 --> 00:14:24,160
का फिर वो भय इत्यादि रह नहीं जाता है व्यक्ति को वो बात एक अलग है मगर

204
00:14:24,160 --> 00:14:28,320
यदि कोई सामान्य व्यक्ति हो जो अपने धर्म की रक्षा के लिए वहां जा रहा हो तो

205
00:14:28,320 --> 00:14:31,920
उसको इस सिचुएशन में चुप होना ही उपयुक्त लगेगा कि भैया अब मैं बैठ

206
00:14:31,920 --> 00:14:35,920
जाता हूं नहीं तो अगर मैंने कुछ किया तो मुझे बुलाया जाएगा जैसा

207
00:14:35,920 --> 00:14:40,240
कि उदाहरण के लिए हरिशंकर जी एक हमारे

208
00:14:40,240 --> 00:14:44,560
पिटिशनर हैं। 17 पिटिशनरों में से एक हैं। उनका नाम है हिमांशु

209
00:14:44,560 --> 00:14:48,640
जोशी जी। राष्ट्रीय सेवा संघ नाम से वो संस्था के

210
00:14:48,640 --> 00:14:53,120
अध्यक्ष हैं और वहां से ऑपरेट कर रहे हैं उत्तराखंड हरिद्वार

211
00:14:53,120 --> 00:14:57,120
से। उन्होंने भी बहुत वहां पर मुहिम चलाई। मतलब किस तरीके से उनके

212
00:14:57,120 --> 00:15:01,360
भी संज्ञान में जब आया तो उन्होंने अच्छे से वहां पर आवाज उठाई। आवाज

213
00:15:01,360 --> 00:15:03,600
उठातेउठाते

214
00:15:03,600 --> 00:15:07,920
वहां के प्रशासन ने क्या किया कि हद्वानी के हद्वानी

215
00:15:07,920 --> 00:15:12,000
का जो इनका सेंटर चल रहा है रामद रामपाल का वो सेंटर उन्होंने

216
00:15:12,000 --> 00:15:16,080
सील तो किया मगर यह कहते हुए सील किया कि

217
00:15:16,080 --> 00:15:20,080
यहां या ये जो बिल्डिंग है अवैध रूप से बनी हुई है मतलब इसके नक्शे वक्शे में कुछ

218
00:15:20,080 --> 00:15:24,160
दिक्कत है इस तरह से सील किया मगर जो प्रॉपर एक कारवाई होनी चाहिए थी

219
00:15:24,160 --> 00:15:28,160
कि यहां पर इललीगल रूप से किताबें हैं ये किताबें इललीगल रूप से छप रही

220
00:15:28,160 --> 00:15:32,240
है वो कोई कारवाई नहीं उल्टा क्या हुआ हिमांशु

221
00:15:32,240 --> 00:15:36,240
जी के ऊपर इस समय वहां से कई बार नोटिस आ चुका है

222
00:15:36,240 --> 00:15:40,320
पुलिस का हिसार से हिसार में एक एफआईआर दर्ज हो गई उनके ऊपर कि आपने

223
00:15:40,320 --> 00:15:45,120
किसी फला फला व्यक्ति को और जो है क्या

224
00:15:45,120 --> 00:15:47,200
कहते हैं ये गाली

225
00:15:47,200 --> 00:15:51,440
दी है जातिचक शब्द कहे तो ये वो सवर्ण है

226
00:15:51,440 --> 00:15:55,440
हिमांशु जोशी उन्होंने बोला और जातिचक शब्द कहने के नाम पे

227
00:15:55,440 --> 00:15:59,680
उन पर जो है एफआईआर हो गई तो जहां एक सामान्य व्यक्ति फिर ऐसी

228
00:15:59,680 --> 00:16:03,920
स्थितियों में घबरा जाता है और पॉलिटिकल भी या

229
00:16:03,920 --> 00:16:08,000
कहेंगे बड़े अफसर अफसर भी तब तक इन मामलों में अपना

230
00:16:08,000 --> 00:16:12,480
मुंह नहीं खोल रहे हैं या एक्टिवनेस खुद से नहीं दिखा रहे हैं

231
00:16:12,480 --> 00:16:16,880
यदि कोई सवर्ण जाकर के या विवेकी सवर्ण छोड़ दीजिए विवेकी कोई व्यक्ति बार-बार

232
00:16:16,880 --> 00:16:20,880
जाकर के कह रहा है कि भाई ऐसा हो रहा है इस पर आप संज्ञान में लीजिए मगर

233
00:16:20,880 --> 00:16:25,200
वो तब तक नहीं कर रहे हैं जब तक ऊपर से कोई दबाव ना उनके ऊपर आ जाए

234
00:16:25,200 --> 00:16:29,200
तो इस पर थोड़ा सा आप मार्गदर्शन करें ऐसी ऐसी

235
00:16:29,200 --> 00:16:33,600
स्थिति में क्या करें फिर विवेक मुझसे

236
00:16:33,600 --> 00:16:38,240
जी जी देखिए रंजना

237
00:16:38,240 --> 00:16:42,400
जी हमारे में सहमति

238
00:16:42,400 --> 00:16:47,760
और असहमति का दौर बराबर चलता रहता है।

239
00:16:47,760 --> 00:16:53,680
उन्होंने जो बात कही है मैं उससे थोड़ा असहमत हूं।

240
00:16:53,680 --> 00:16:57,680
काम करने वाला व्यक्ति कभी नहीं देखता कि कौन उसकी बात सुन

241
00:16:57,680 --> 00:17:02,800
रहा है, कौन नहीं सुन रहा है। बात सुनवाई जाती है।

242
00:17:02,800 --> 00:17:06,880
बात सुनवाई जाने की क्षमता चाहिए। मेरा

243
00:17:06,880 --> 00:17:10,960
विश्वास है कि अगर आपका मार्ग

244
00:17:10,960 --> 00:17:15,200
सही है और सच्चाई के रास्ते पर हैं तो सुनना

245
00:17:15,200 --> 00:17:19,520
पड़ेगा। राजनीति कोई बड़ी चीज नहीं है। राजनीति

246
00:17:19,520 --> 00:17:23,520
कौन करता है? हम ही आप करते हो। हम आप

247
00:17:23,520 --> 00:17:27,680
राजनीति अपनी राजनीति करते हैं। आज सुनवाई

248
00:17:27,680 --> 00:17:32,400
ना होने की वजह है कि आज वो समाज

249
00:17:32,400 --> 00:17:37,280
जो बुद्धिजीवी है। मैं सवाल नहीं कर रहा बुद्धिजीवी कह रहा हूं।

250
00:17:37,280 --> 00:17:41,280
यह जागरूक समाज है। आज वो अपने स्वार्थ में

251
00:17:41,280 --> 00:17:45,600
बटा हुआ है। जिसकी वजह से मैं यह करूंगा

252
00:17:45,600 --> 00:17:49,680
तो मुझको इसका टिकट मिल जाएगा। मैं यह बोलूंगा तो ऐसा नहीं हो पाएगा।

253
00:17:49,680 --> 00:17:54,480
कोई आवाज नहीं दबा सकता। आवाज दबाने की ताकत नहीं है।

254
00:17:54,480 --> 00:17:58,960
आपकी आवाज में दम होना चाहिए और दम तब आएगा

255
00:17:58,960 --> 00:18:02,960
जब कि आपका प्योर रास्ता, एक चिड़िया,

256
00:18:02,960 --> 00:18:07,200
एक क्षेत्र में हिंदुत्व दिख रहा है उस पर रहेगा।

257
00:18:07,200 --> 00:18:11,200
परंतु दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि जो अधिवक्ता

258
00:18:11,200 --> 00:18:15,680
बंधु हैं आज मैं एक दो की बात नहीं कर रहा हूं। आमतौर

259
00:18:15,680 --> 00:18:19,920
पर अधिवक्ता बंधु हैं।

260
00:18:19,920 --> 00:18:24,480
सरकारी वकालत मिल जाए हमारे अपॉइंटमेंट हो जाए

261
00:18:24,480 --> 00:18:28,560
हम फला पोस्ट पा जाए इसके लिए तो संगठन में घुस

262
00:18:28,560 --> 00:18:33,120
जाएंगे तो जब काम करने की बात आएगी

263
00:18:33,120 --> 00:18:37,280
तो कोई काम नहीं करता क्योंकि होगा कि अरे मैं क्या

264
00:18:37,280 --> 00:18:41,760
करूं मेरा कोई फायदा नहीं है आपको रंजना

265
00:18:41,760 --> 00:18:45,760
जी आपको आपको वह पैदा करनी है भावना

266
00:18:45,760 --> 00:18:49,920
इन अधिवक्ताओं में कि भैया नहीं

267
00:18:49,920 --> 00:18:54,080
आपको फायदे के लिए नहीं आपको नुकसान के

268
00:18:54,080 --> 00:18:58,080
लिए आगे आना है और जब हम हमारे ऐसे लोग जो

269
00:18:58,080 --> 00:19:02,480
बुजुर्ग हैं जो एक एज पा चुके हैं या रंजना जी

270
00:19:02,480 --> 00:19:06,640
हैं ऐसे लोग भावना भरे हैं समाज में

271
00:19:06,640 --> 00:19:10,640
उन अधिवक्ताओं को कि नहीं आपको धर्म के लिए

272
00:19:10,640 --> 00:19:14,720
कार्य करना है पैसे नहीं लेने हैं निशुल्क सेवा करनी

273
00:19:14,720 --> 00:19:18,800
है आपको पाना नहीं है खोना है तब देश

274
00:19:18,800 --> 00:19:22,800
का कल्याण होगा। जैसे आपने अभी कहा हिमांशु जी को नोटिस आ

275
00:19:22,800 --> 00:19:27,120
गया। हम लोग बैठे हुए हैं। क्यों

276
00:19:27,120 --> 00:19:27,680
नहीं हो सकता

277
00:19:27,680 --> 00:19:32,400
है? तो मैं शिवश जी आपसे कहना चाहता हूं

278
00:19:32,400 --> 00:19:37,200
कि आप इसी मौका पाकर इसी के साथ

279
00:19:37,200 --> 00:19:41,840
एक टीम तैयार कीजिए। पूरे देश में अधिवक्ताओं की

280
00:19:41,840 --> 00:19:46,640
जो कि समर्पण की भावना से हिंदुत्व की भावना से काम करें

281
00:19:46,640 --> 00:19:50,880
और उनको संकल्प होगा कि हम कभी कोई

282
00:19:50,880 --> 00:19:55,040
टिकट नहीं मांगेंगे। किसी पद के पीछे नहीं जाएंगे। और केवल

283
00:19:55,040 --> 00:19:59,520
हिंदू समाज की सेवा करेंगे। हिंदू समाज के लिए काम करेंगे।

284
00:19:59,520 --> 00:20:03,680
और ये बता दूं आपको आपका सारा आंदोलन जाया है।

285
00:20:03,680 --> 00:20:08,400
हम रोते रहेंगे। कोई हमारी नहीं सुनता। हमको कौन सुनेगा?

286
00:20:08,400 --> 00:20:12,560
हम तो सवर्ण है। हमारी तो सुनवाई नहीं है। हम पिटिकली दबा

287
00:20:12,560 --> 00:20:16,640
दिए गए। कोई नहीं दबा सकता। इसके लिए आपकी

288
00:20:16,640 --> 00:20:20,720
टीम चाहिए और टीम वर्क चाहिए और टीम वर्क में

289
00:20:20,720 --> 00:20:25,120
सबसे पहली बात है पानी की लालसा छोड़ दीजिए।

290
00:20:25,120 --> 00:20:29,280
कोने की जनता रखी है। कोने की और हमको आपको

291
00:20:29,280 --> 00:20:33,600
वो टीम तैयार करना है। जैसे शिवा जी हैं।

292
00:20:33,600 --> 00:20:38,640
मैं जब मेरे पास आए थे तो मैं कई दिन तक किताबें देखा।

293
00:20:38,640 --> 00:20:41,600
बड़ा फिक्र लगा रहा कि इसमें क्या किया जाए?

294
00:20:41,600 --> 00:20:46,480
और मुझे ताज्जुब भी हुआ। एक जागरूक आदमी है।

295
00:20:46,480 --> 00:20:50,640
मुझे उसकी मदद करनी चाहिए। मैं नहीं कर पा रहा हूं। कई

296
00:20:50,640 --> 00:20:55,200
बार फोन आए। मैं विचलित हुआ। फिर बाद में सोचा कि इसकी

297
00:20:55,200 --> 00:20:59,200
यह तरकीब हो सकती है। तो आखिर आप जब उभर सकते

298
00:20:59,200 --> 00:21:03,440
हो किताबें ऐसा तो नहीं कि आप ही ने पढ़ी अकेले समाज बहुतों

299
00:21:03,440 --> 00:21:07,600
ने पढ़ी तो जागरूकता क्यों नहीं है? जागरूकता इसलिए नहीं

300
00:21:07,600 --> 00:21:12,320
है कि पॉलिटिकल नहीं है। जागरूकता इसलिए नहीं है

301
00:21:12,320 --> 00:21:16,640
कि हमारा आपका जो बुद्धिजीवी समाज है और सो रहा है।

302
00:21:16,640 --> 00:21:20,720
स्वार्थ में लिप्त है और उसके पास निष्काम कार्य की

303
00:21:20,720 --> 00:21:25,120
भावना नहीं है। तो मैं इस बात को पहले सब बातों से अला

304
00:21:25,120 --> 00:21:29,280
कहना चाहता हूं। कुछ व्यक्तियों की अधिवक्ताओं

305
00:21:29,280 --> 00:21:33,360
की या कुछ अपने जो लाइक माइंडेड है एक ऐसी टीम

306
00:21:33,360 --> 00:21:37,600
तैयार होनी चाहिए जो कि केवल गिफ्ट

307
00:21:37,600 --> 00:21:41,600
की भावना रखे नो टेक हमें चाहिए कुछ नहीं हमें

308
00:21:41,600 --> 00:21:45,840
तो देना है हमें मिल मटना क्या हो रहा है

309
00:21:45,840 --> 00:21:50,400
एक एक पिटीशन होती है पेंशन होने के साथ

310
00:21:50,400 --> 00:21:54,640
मैं अपना स्वयं का अनुभव बता रहा हूं पेंशन बाद

311
00:21:54,640 --> 00:21:56,800
में होती है किसका

312
00:21:56,800 --> 00:22:01,040
नाम हो जाए इसकी लड़ाई शुरू हो जाती है।

313
00:22:01,040 --> 00:22:05,200
मथुरा केस में जो श्री कृष्ण भूमि का मामला

314
00:22:05,200 --> 00:22:09,440
है सबसे पहली याचिका मैंने

315
00:22:09,440 --> 00:22:13,040
दाखिल की थी अंजना जी के नाम से

316
00:22:13,040 --> 00:22:17,040
पूरे देश से भूचा गया। अरे अरे इनका नाम हो

317
00:22:17,040 --> 00:22:21,120
गया। आज 18 याचिका दाखिल हो गई और

318
00:22:21,120 --> 00:22:25,200
उसकी वजह से कोर्ट में केस नहीं हो पा रहा है। सब अपनेप चिल्ला रहे

319
00:22:25,200 --> 00:22:29,520
हैं और केवल दिखाने में लगे हैं कि मेरा नाम हो जाए। कृष्ण

320
00:22:29,520 --> 00:22:34,080
जन्मभूमि आवे इससे मतलब नहीं है। मतलब ये है कि

321
00:22:34,080 --> 00:22:38,160
मैं मेरा नाम हो। मैं किसी व्यक्ति विशेष

322
00:22:38,160 --> 00:22:42,160
में कोई बात नहीं कह रहा हूं। तो मैं आपसे निवेदन करना

323
00:22:42,160 --> 00:22:46,720
चाहता हूं। रजनी जी हतोत्साह में मत रहिए।

324
00:22:46,720 --> 00:22:51,120
उत्साह बढ़िए। जी सर। यह हतोत्साह होने का समय नहीं है।

325
00:22:51,120 --> 00:22:55,760
अभी आप हमसे बहुत कम से कम 20 साल छोटी है।

326
00:22:55,760 --> 00:22:59,760
70 साल की उम्र में मेरे में पूरा उत्साह है। आप तो 50

327
00:22:59,760 --> 00:23:03,920
52 की हैं। आप में भी ऐसा उत्साह नहीं।

328
00:23:03,920 --> 00:23:08,000
आप ये कहिए मैं सुनाऊंगी। और पूरा समाज

329
00:23:08,000 --> 00:23:11,920
सुनेगा। तो मैं सुनेगा कैसे नहीं। आप में क्षमता

330
00:23:11,920 --> 00:23:16,800
जाइए। आप वो आग उगिए। अपने आग भरिए

331
00:23:16,800 --> 00:23:22,080
अगर आप और कम से कम जो

332
00:23:22,080 --> 00:23:26,160
रण बाकुरा यानी जो महिला शक्ति है अगर

333
00:23:26,160 --> 00:23:30,160
वो आगे आ जाए तो कौन रोक सकता है तो आपके मुंह से

334
00:23:30,160 --> 00:23:34,160
यह असहाय भावना हम असहाय हैं। हम कुछ

335
00:23:34,160 --> 00:23:38,160
नहीं कर सकते। हमारी आवाज दबा दी गई है। यह अच्छा नहीं लगता और

336
00:23:38,160 --> 00:23:42,400
कम से कम मेरे साथ तो अच्छा नहीं लगता। तो मैं आपसे निवेदन करता हूं

337
00:23:42,400 --> 00:23:46,480
कि एक भावना जगाइए। लखनऊ में पूरे देश

338
00:23:46,480 --> 00:23:51,600
में सब लोग मिलकर मैं सबको बात कह रहा हूं एक टीम तैयार कीजिए

339
00:23:51,600 --> 00:23:55,840
क्योंकि देखिए एक चीज बताऊं कोई लड़ाई चाहे जैसी भी हो

340
00:23:55,840 --> 00:24:00,000
जब तक कोर्ट सहारा नहीं मिलता तब तक आपकी लड़ाई पूरी नहीं होती

341
00:24:00,000 --> 00:24:04,560
जैसे आपने कहा हद्वानी में सील किया गया नहीं किया गया

342
00:24:04,560 --> 00:24:08,640
यहां लखनऊ में आपने कहा दायर हो गया कोई बात नहीं है वहां

343
00:24:08,640 --> 00:24:12,640
से हरियाणा से नोटिस आ गया या कई जगह काम हो रहे कई एक्स व

344
00:24:12,640 --> 00:24:16,720
जेड रोज हो रहे तो नीचे लेवल से ले ऊपर लेवल

345
00:24:16,720 --> 00:24:21,040
तक एक संगठन तैयार होना चाहिए और

346
00:24:21,040 --> 00:24:25,440
संगठन करने की जरूरत नहीं है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस 2013

347
00:24:25,440 --> 00:24:27,040
में मैंने बनाया था

348
00:24:27,040 --> 00:24:31,040
और तो मैंने सब हट गया मैं कमान पूरीनाथ जी को दे दी है।

349
00:24:31,040 --> 00:24:35,200
मैंने स्थापित किया था। पूरी कमांड इनको दे दी है। आज सर्वे सर्वा

350
00:24:35,200 --> 00:24:39,200
है। सब कुछ इनके हाथ में है। नहीं

351
00:24:39,200 --> 00:24:43,280
बिना कुछ नहीं है। उसमें आप

352
00:24:43,280 --> 00:24:47,680
प्रत्यक्ष दोनों रूप से नजर डाले हैं। असहाय मत बनिए।

353
00:24:47,680 --> 00:24:51,680
मैं असहाय कभी नहीं रहा हूं। और जिस समय

354
00:24:51,680 --> 00:24:55,840
आपको बतला दूं थोड़ा सा निशांतर कर रहा हूं। जिस समय मुलायम

355
00:24:55,840 --> 00:25:00,240
सिंह जी की सरकार थी। जय श्री राम बोलना बहुत बड़ा

356
00:25:00,240 --> 00:25:04,800
अपराध था। लोग बंद किए जा रहे थे। 90 91 92 में

357
00:25:04,800 --> 00:25:08,880
उस समय 25 याचिका मैंने मुलायम के खिलाफ दाखिल की थी।

358
00:25:08,880 --> 00:25:13,520
तो और सुनिए सीखिए मुसलमानों से

359
00:25:13,520 --> 00:25:17,520
आज कहने के लिए मुसलमानों की सरकार नहीं है हिंदुओं की सरकार है।

360
00:25:17,520 --> 00:25:21,760
और मैं पूछना चाहता हूं कि मुसलमान और ईसाई

361
00:25:21,760 --> 00:25:25,760
दोनों के काम पूरे देश में धर्मांतरण चल रहे हैं कि नहीं

362
00:25:25,760 --> 00:25:29,760
चल रहे हैं? हिंदुओं की भावनाओं से खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे

363
00:25:29,760 --> 00:25:33,840
हैं? मंदिर के खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? और हिंदुओं को

364
00:25:33,840 --> 00:25:37,920
किस से प्रभावित किया जा रहा है? चाहे आपके

365
00:25:37,920 --> 00:25:42,240
पूर्वोत्तर राज्य हो अभी जांगुर बाबा का आपको मिला हुआ है।

366
00:25:42,240 --> 00:25:46,640
आज आप देख लीजिए मुझे क्षमा कीजिए। मैं विषांतर कर रहा हूं।

367
00:25:46,640 --> 00:25:50,880
आज धर्मांतर आज क्यों हो रहा है? आप तो एक चीज किताब

368
00:25:50,880 --> 00:25:55,280
को छोड़ दीजिए। धर्मांतर क्यों हो रहा है? धर्मांतर इसलिए हो रहा है

369
00:25:55,280 --> 00:25:59,360
कि अपने बच्चियों को धर्म की शिक्षा नहीं दे रहे हैं।

370
00:25:59,360 --> 00:26:03,840
सारे बच्चे का पढ़ रहे हैं। गुरुकुल खोलने की व्यवस्था नहीं हो रही है।

371
00:26:03,840 --> 00:26:08,080
हम तो आहान करते हैं आप लोगों का। कि हम लोग दो आदमी काफी हैं।

372
00:26:08,080 --> 00:26:12,240
हम लेकर तीन आदमी काफी हैं। आइए और काम कीजिए।

373
00:26:12,240 --> 00:26:16,320
काम तो बहुत रहे हैं। और अगर पांच

374
00:26:16,320 --> 00:26:20,400
पांच पंच सिख धर्म चलाकर पूरे देश को

375
00:26:20,400 --> 00:26:24,560
बदल सकते हैं तो हम आपको नहीं बदल सकते हैं। तो असहाय

376
00:26:24,560 --> 00:26:28,640
मत होइए। रोइए नहीं। काम कीजिए और काम

377
00:26:28,640 --> 00:26:32,720
करने के लिए हमारे पास कमी नहीं है आपके पास। पर हां

378
00:26:32,720 --> 00:26:35,360
एक संगठन की भावना चाहिए।

379
00:26:35,360 --> 00:26:39,840
और शिवश जी जुड़ गए हैं। समझ लीजिए

380
00:26:39,840 --> 00:26:43,840
कि हमारे साथ एक हीरा जुड़ गया है। मैं इनको हीरे के रूप में

381
00:26:43,840 --> 00:26:48,000
देखता हूं। हमको जरूरत थी ऐसे आदमियों की। आज

382
00:26:48,000 --> 00:26:53,200
इनका क्या स्वार्थ है? किताब के लिए मेरे पास आए। दिल्ली आए।

383
00:26:53,200 --> 00:26:57,280
ठीक है। थोड़ा मुझे मैं क्षमा चाहता हूं। थोड़ा मुझे माइंड मेकअप करने

384
00:26:57,280 --> 00:27:01,360
में समझने में थोड़ी देर लगी। चार छ महीने लग गए।

385
00:27:01,360 --> 00:27:05,680
अरे मैं क्योंकि मैं प्रयास कर रहा था किसी और लेवल पर

386
00:27:05,680 --> 00:27:09,920
वो नाम नहीं लूंगा मैं और लेवल प्रयास कर रहा था कि मामला हो जाए।

387
00:27:09,920 --> 00:27:14,400
मुझे आश्वासन भी दिया गया था पर बात पूरी नहीं हो पाई।

388
00:27:14,400 --> 00:27:18,960
मुझे उम्मीद थी कुछ उससे शायद काम हो जाए। तब मैंने

389
00:27:18,960 --> 00:27:23,120
डिसीजन लिया कि अब ये किया जाए। ये काम मुझे 6 महीना करीब मैं लेट हो गया।

390
00:27:23,120 --> 00:27:24,800
मैं इसे क्षमा चाह रहा हूं।

391
00:27:24,800 --> 00:27:28,880
अरे हमारी परंतु परंतु

392
00:27:28,880 --> 00:27:33,040
मैं आपका रंजना जी का सबका यह आहान करता हूं

393
00:27:33,040 --> 00:27:37,600
कि आप लोग असहाय मत होइए

394
00:27:37,600 --> 00:27:43,360
हीन भावना से ग्रस्त मत होइए निष्प्राण मत होइए

395
00:27:43,360 --> 00:27:47,600
और ये अपने में इतनी क्षमता रखिए कि

396
00:27:47,600 --> 00:27:51,600
मैं एक आवाज उठाऊंगी या उठाऊंगा तो सरकार

397
00:27:51,600 --> 00:27:55,760
को सुनना पड़ेगा जरा बतला दीजिए याद

398
00:27:55,760 --> 00:27:59,760
कीजिए जयप्रकाश नारायण जी का वो समय

399
00:27:59,760 --> 00:28:02,240
1973

400
00:28:02,240 --> 00:28:06,240
उन्होंने क्या कहा था समग्र क्रांति चाहिए आवाज

401
00:28:06,240 --> 00:28:10,320
उठा दी थी पूरा देश हिल गया था जयप्रकाश नारायण

402
00:28:10,320 --> 00:28:14,480
जी की तरफ से पूरी इंदिरा गांधी की सरकार हिल गई थी उनके नाम से

403
00:28:14,480 --> 00:28:18,480
अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था पूरी कांग्रेस गवर्नमेंट हिल गई

404
00:28:18,480 --> 00:28:22,480
थी और मनमोहन सिंह सरकार को उनको संसद में सैल्यूट करना

405
00:28:22,480 --> 00:28:26,480
पड़ा और आज उनका फल मिला ठीक है कम या

406
00:28:26,480 --> 00:28:30,720
ज्यादा बना एक्ट बन गया तो

407
00:28:30,720 --> 00:28:34,800
ऐसा नहीं है आवाज उठाने वाली क्षमता चाहिए और

408
00:28:34,800 --> 00:28:38,880
वो आग हमको आपको पैदा करनी पड़ेगी सबसे

409
00:28:38,880 --> 00:28:40,080
पहले और

410
00:28:40,080 --> 00:28:44,080
मैं रिपीट कर रहा हूं मुझे माफ कीजिएगा किसी भी आग को पैदा

411
00:28:44,080 --> 00:28:48,160
करने के लिए सबसे पहला जरूरी होता है हमको

412
00:28:48,160 --> 00:28:52,240
दिया बनना पड़ता है लौ जलना पड़ता है खुद को

413
00:28:52,240 --> 00:28:56,480
जलाना पड़ता है जो लौ बन के चलेंगे तो तो तेल

414
00:28:56,480 --> 00:29:00,800
की तो डालते ही रहेंगे पर लौ तो बनिए और लौ बनने

415
00:29:00,800 --> 00:29:04,800
के बाद आप फायदे की उम्मीद मत कीजिए सब चीज को

416
00:29:04,800 --> 00:29:08,800
किनारे रख दीजिए केवल ये रखिए कि हमको हिंदुत्व चाहिए और

417
00:29:08,800 --> 00:29:12,800
हिंदुत्व का काम चाहिए निष्काम और बिना किसी

418
00:29:12,800 --> 00:29:17,600
स्वार्थ के इस काम में आगे बढ़िए हम आप तीन आदमी हैं और जोड़िए

419
00:29:17,600 --> 00:29:21,680
और जोड़िए देखिए आवाज कैसे बनते हैं आपको याद होगा रजना जी

420
00:29:21,680 --> 00:29:25,840
चाहे हिंदू फ्रंट जस्टिस 2013 में बनाया था।

421
00:29:25,840 --> 00:29:30,000
कौन सुनने वाला था उस समय हाई कोर्ट में? और हमारे फ्रेंड ने

422
00:29:30,000 --> 00:29:34,640
कितने केस किए, कितने काम किए और कितने काम हुए हैं।

423
00:29:34,640 --> 00:29:39,280
हम लोग भी तो कहते थे लोग मजाक बनाते थे कि क्या पागलपन है।

424
00:29:39,280 --> 00:29:44,000
इसलिए मैंने विश्व हिंदू संघ मनाया था। 1990 में

425
00:29:44,000 --> 00:29:48,080
जिस समय उनकी मुलायम सिंह साहब की सरकार

426
00:29:48,080 --> 00:29:52,240
थी उस समय उसको जन्मया और काम हुआ।

427
00:29:52,240 --> 00:29:55,360
तो मैं ज्यादा रिपीट ना करके

428
00:29:55,360 --> 00:30:00,160
केवल इतना कहना चाहता हूं कि निराशा की भावना मत रहिए।

429
00:30:00,160 --> 00:30:04,400
काम कीजिए पूरे जोश के साथ कीजिए और संकल्प

430
00:30:04,400 --> 00:30:08,560
ले लीजिए कि हमको इस हिंदू समाज को बदल देना है। कोई

431
00:30:08,560 --> 00:30:12,560
जरूरत नहीं किसी राजनीतिक पार्टी की जरूरत नहीं है। राजनीतिक

432
00:30:12,560 --> 00:30:17,120
पार्टी हमारे पास आएगी। हमारे पास आएगी। हमको वो क्षमता चाहिए।

433
00:30:17,120 --> 00:30:21,360
वो क्षमता चाहिए। शास्त्र का ज्ञान आपके पास है। रंजना

434
00:30:21,360 --> 00:30:25,360
जी के पास है। मैं तो अज्ञानी आदमी हूं। पर जो कुछ थोड़ा बहुत

435
00:30:25,360 --> 00:30:30,240
हो सकता है करता रहता हूं। दूसरी बात

436
00:30:30,240 --> 00:30:34,320
आज जन भावना को जगाना होगा।

437
00:30:34,320 --> 00:30:39,440
आपको बतलाना होगा कि जो लोग हिंदू समाज के खिलाफ बोल रहे हैं

438
00:30:39,440 --> 00:30:43,440
वह देश के गद्दार हैं, थ्रेटर हैं और इस

439
00:30:43,440 --> 00:30:47,440
देश में अब हिंदू समाज की अवमानना

440
00:30:47,440 --> 00:30:49,360
नहीं चलेगी। देवी

441
00:30:49,360 --> 00:30:53,680
देवताओं का अपमान नहीं चलेगी। ये वार्निंग देनी पड़ेगी आपको।

442
00:30:53,680 --> 00:30:57,920
कोई डरने की जरूरत नहीं है। कई चीजें हो सकती है। समाज का बहिष्कार

443
00:30:57,920 --> 00:31:02,320
हो सकता है। कोई जरूरी नहीं कि हम हिंसा करें।

444
00:31:02,320 --> 00:31:06,320
बिना हिंसा के काम हो सकते हैं। अगर हम लोग बहुत से काम

445
00:31:06,320 --> 00:31:10,400
करना चाहे तो बहुत से काम बहुत से काम हो सकते हैं। दुकान

446
00:31:10,400 --> 00:31:14,400
सामान लेना है हम नहीं लेंगे ऐसे लोगों से। झुकना

447
00:31:14,400 --> 00:31:16,240
पड़े लोगों को

448
00:31:16,240 --> 00:31:20,000
तो हमको आपको बैठकर

449
00:31:20,000 --> 00:31:24,240
कमरे में चुपचाप शांति से बैठकर फार्मूला निकालना

450
00:31:24,240 --> 00:31:28,320
पड़ेगा और वो दिशा पूरे समाज को देनी पड़ेगी।

451
00:31:28,320 --> 00:31:32,400
समाज तो बदलेगा। समाज बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हमेशा

452
00:31:32,400 --> 00:31:36,400
बदला बदलेगा और एक ही दो आदमी बदलते हैं। कोई झुंड नहीं

453
00:31:36,400 --> 00:31:38,000
बदलता है कभी।

454
00:31:38,000 --> 00:31:42,720
झुंड कभी नहीं बदलता है। जब आरएसएस बना था

455
00:31:42,720 --> 00:31:47,520
हेड गोवार साहब अकेले थे। कुछ लोग थे मुट्ठी भरते हैं। आसन

456
00:31:47,520 --> 00:31:52,000
है। तो ऐसे ही बनता है। ऐसे ही बनता है। हमेशा ऐसे ही बना है।

457
00:31:52,000 --> 00:31:56,400
तो इसलिए मैं निवेदन करता हूं कि जो मातृक्ति

458
00:31:56,400 --> 00:32:00,800
है अगर वह निराश हो जाएगी तब बहुत बड़ा नुकसान होगा।

459
00:32:00,800 --> 00:32:05,600
तो रंजना जी निराश मत होइए। असहाय मत समझिए

460
00:32:05,600 --> 00:32:09,840
और काम करने की पूरे जोश और खरोश के साथ काम कीजिए।

461
00:32:09,840 --> 00:32:13,840
अभी तो आप की उम्र कुछ भी नहीं है। अभी बहुत जिंदगी आपकी बाकी है। काम

462
00:32:13,840 --> 00:32:18,400
करिए। सर धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद।

463
00:32:18,400 --> 00:32:22,400
लेकिन एक बात मैं बता दूं। ना मैं ना मैं असहाय हूं

464
00:32:22,400 --> 00:32:26,400
ना मैं निराश हूं। लेकिन सत्य को सामने लाना भी

465
00:32:26,400 --> 00:32:30,720
एक आवश्यकता है। इस समय की जो आवश्यकता है, वह हमें समय

466
00:32:30,720 --> 00:32:34,720
अनुसार सत्य को कहना आवश्यक इसलिए है कि लोगों को यह

467
00:32:34,720 --> 00:32:39,040
पता चले। हम निराश नहीं, हम हताश नहीं। अगर हताश और निराश

468
00:32:39,040 --> 00:32:43,040
होते तो हिंदू फ्रंट ने हमने और आप दो आदमियों ने मिलकर

469
00:32:43,040 --> 00:32:47,040
आतंकवादियों से टक्कर नहीं ली होती। पूरा समाज कहता था कि ये

470
00:32:47,040 --> 00:32:51,200
दोनों बेवकूफ है। आतंकवादियों से लड़ रहे हैं। और हमने और आपने

471
00:32:51,200 --> 00:32:53,440
आतंकवादियों से टक्कर ली और मुकदमा

472
00:32:53,440 --> 00:32:57,840
जीत करके आए हम। आपको पता होगा उस जमाने में अखबार में बड़ा-बड़ा

473
00:32:57,840 --> 00:33:01,920
निकला था कि हरिशंकर जैन और अंजना अग्निहोत्री ने अखिलेश सरकार को

474
00:33:01,920 --> 00:33:05,920
दिया करारा तमाशा। तो हम डरने वाले नहीं है। लेकिन

475
00:33:05,920 --> 00:33:10,080
समय की मांग यह है कि कौन चोर है उसको चोर बताएं। समय की मांग

476
00:33:10,080 --> 00:33:14,800
है कौन साकार है कौन साकार बताएं। इसलिए सरकार की

477
00:33:14,800 --> 00:33:19,040
शासन की राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं है। उनकी इच्छा शक्ति

478
00:33:19,040 --> 00:33:23,280
है हमारा दमन करने की। उसको भी हमें कहना होगा जिससे कि

479
00:33:23,280 --> 00:33:27,520
हमारे बंधु हमारे सनातन धर्मी इसको समझे। आपकी बात एकदम

480
00:33:27,520 --> 00:33:31,520
सही है। लेकिन मेरी बात आपकी बात के उत्तर में ये बात है और

481
00:33:31,520 --> 00:33:35,520
सर आपकी जो बातें हैं उन सारी बातों को हम लोग जानते हैं।

482
00:33:35,520 --> 00:33:39,520
एक बड़ा संगठन मजबूत संगठन था और

483
00:33:39,520 --> 00:33:43,520
आज भी है और नेतृत्व आपका है रहेगा। उसमें कार्य

484
00:33:43,520 --> 00:33:47,680
किया जाएगा और बहुत सारे कल्ट है जो अपने आप को हिंदू

485
00:33:47,680 --> 00:33:52,080
नहीं कहते हैं। ये रामपाल ये भी अपने आप को हिंदू नहीं कहते। ये कहते हैं हम रामपाल

486
00:33:52,080 --> 00:33:56,080
के फॉलोअर्स हैं। पूछो कि हिंदू हो की नहीं हो? नहीं नहीं हम तो रामपाल के

487
00:33:56,080 --> 00:34:00,400
फॉलोवर हैं। ब्रह्मा कुमारी कहती है हम तो ब्रह्मा कुमारी है। स्वामी नारायण

488
00:34:00,400 --> 00:34:04,480
कहते हैं हम तो स्वामी नारायण है। एक हम ही लोग हैं जो हम लोग सनातन धर्म

489
00:34:04,480 --> 00:34:08,480
का झंडा उठाकर के कहते हैं। हम गर्व से कहते हैं हम सनातन धर्मावलंबी

490
00:34:08,480 --> 00:34:13,280
है और सनातन धर्म का प्रचार प्रसार जिस हद तक जाकर करना होगा।

491
00:34:13,280 --> 00:34:17,360
धर्म रक्षा के लिए हम 7 24 हमेशा खड़े हैं

492
00:34:17,360 --> 00:34:22,000
और सदैव तत्पर हैं। और एक बात और बता दें कि

493
00:34:22,000 --> 00:34:26,080
मुगलों ने मुगलों ने क्या किया? हमारे मंदिरों को तोड़ा।

494
00:34:26,080 --> 00:34:30,320
मंदिरों की संपत्ति लूट कर चले गए। लेकिन उनका यह

495
00:34:30,320 --> 00:34:34,400
षड्यंत्र हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने का षड्यंत्र कामयाब नहीं

496
00:34:34,400 --> 00:34:38,720
हुआ। लेकिन ये जो नए-नए कल्प बने हैं, अशास्त्रीय कल्प

497
00:34:38,720 --> 00:34:42,720
बने हैं, अशास्त्रीय संगठन बन गए हैं। इन्होंने हमारे

498
00:34:42,720 --> 00:34:46,960
धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने की, प्रदूषण करने की जो चेष्टा

499
00:34:46,960 --> 00:34:49,440
की और कुछ हद तक कामयाब हो रहे हैं। नाम

500
00:34:49,440 --> 00:34:53,440
लिखते हैं ज्ञान गंगा। जन साधारण जनता जन सामान्य

501
00:34:53,440 --> 00:34:57,600
समझता है। ज्ञान गंगा लिखा है माने कि कोई अच्छी बातें लिखी

502
00:34:57,600 --> 00:34:58,320
होंगी और

503
00:34:58,320 --> 00:35:02,800
जब उसको पन्ना पलटते हैं तो देखते हैं कि उसमें अभद्र भाषा का प्रयोग

504
00:35:02,800 --> 00:35:07,200
लिखते है गीता तेरा ज्ञान अमृत तो लोग सोचते हैं कि गीता जी की बात लिखिए

505
00:35:07,200 --> 00:35:11,280
अंदर कुछ और यानी कवर कुछ और अंदर की गंदगी

506
00:35:11,280 --> 00:35:15,440
कुछ और बाहर कुछ और अंदर से कुछ और तो हमको ये भी देखना

507
00:35:15,440 --> 00:35:19,680
है कि ये कौन लोग है जो बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और इनके मास्टर

508
00:35:19,680 --> 00:35:23,680
माइंड क्या कर रहे हैं इस पर हमें सोचना है इस पर ये प्रश्न किया

509
00:35:23,680 --> 00:35:27,760
जा है कि क्या यह धर्म और अधर्म के मामले में

510
00:35:27,760 --> 00:35:31,760
मतलब क्या रामपाल से शास्त्रार्थ भी होगा क्या ऐसा

511
00:35:31,760 --> 00:35:36,000
कुछ नहीं कोई कोई शास्त्र नहीं होगा जी ऐसे लोग जो अयोग्य

512
00:35:36,000 --> 00:35:40,160
हो और भड़काऊ कारवाई करते हो असामाजिक हो

513
00:35:40,160 --> 00:35:44,640
उनसे कोई साथ नहीं हो सकता हमें साथ नहीं करना है

514
00:35:44,640 --> 00:35:48,720
और मैं समझता हूं हिंदू समाज को ऐसे लोगों से

515
00:35:48,720 --> 00:35:52,960
साक्षार्थ करना भी नहीं चाहिए भाई हमारी इच्छा हम

516
00:35:52,960 --> 00:35:57,040
पूजा करते हमारी इच्छा हम मूर्ति पूजा करते हैं। हमारी इच्छा हम ये

517
00:35:57,040 --> 00:36:01,120
मानते हैं। हु आर यू? आपसे क्या मतलब है? हमें

518
00:36:01,120 --> 00:36:05,440
ज्ञान क्यों दे रहे हैं? हमें आपसे ज्ञान नहीं चाहिए। बिल्कुल नहीं। एकदम

519
00:36:05,440 --> 00:36:09,840
नहीं। कोई सह जरूरत नहीं है। शास्त्र

520
00:36:09,840 --> 00:36:13,440
ज्ञानी से होता है। जो ज्ञान की बात

521
00:36:13,440 --> 00:36:17,760
करे, कायदे की बात करे, जो समाज से विरत होकर बात करे

522
00:36:17,760 --> 00:36:21,760
और इस तरह की नीच हरकत की बात करे उसे कोई ज्ञान की

523
00:36:21,760 --> 00:36:27,760
बात नहीं हो सकती। इधर से कोई सवाल नहीं आता।

524
00:36:28,960 --> 00:36:34,080
जो इसमें लिप्त है एक प्रश्न यह आ रहा है कि

525
00:36:34,080 --> 00:36:38,240
जो इसमें लिप्त है इनको कितनी मतलब किस प्रकार की सजाएं मिल सकती

526
00:36:38,240 --> 00:36:42,960
हैं अकॉर्डिंग टू हमारा जो संविधान है उसके अकॉर्डिंग अभी

527
00:36:42,960 --> 00:36:48,640
केस चल रहा है। वेट कीजिए। सब बातों जवाब आज ही नहीं दिया जा सकता। अच्छा

528
00:36:48,640 --> 00:36:51,680
ठीक है

529
00:36:51,680 --> 00:36:56,880
चलिए ठीक है दो एक प्रश्न हमने ले भी लिए बहुत-बहुत आभार आप दोनों ही का

530
00:36:56,880 --> 00:37:00,960
मान्य हरिशंकर जैन जी और मां ने हमारी अग्रजा रजना अग्निहोत्री जी

531
00:37:00,960 --> 00:37:04,960
आप दोनों ही का बहुत-बहुत साधुवाद कि आपने सनातन धर्म की

532
00:37:04,960 --> 00:37:09,040
ध्वजा को पकड़ा और फिर इस लड़ाई में जो हमें जो एक

533
00:37:09,040 --> 00:37:13,040
मार्गदर्शन चाहिए था संवैधानिक और जो नीतिगत होकर के

534
00:37:13,040 --> 00:37:17,200
लड़ाई लड़नी थी वह मार्गदर्शन हमें आप दोनों ही से प्राप्त इसके लिए बहुत-बहुत

535
00:37:17,200 --> 00:37:21,440
आभार है। आपने आज समय भी दिया और प्रभु श्री राम की कृपा

536
00:37:21,440 --> 00:37:25,440
आप दोनों ही पर सदैव बनी रहे। ऐसी हम प्रार्थना करते हैं। हम तो छोटे हैं। आपसे

537
00:37:25,440 --> 00:37:29,440
पर कृपा के लिए प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं। तो इसी के

538
00:37:29,440 --> 00:37:33,920
साथ दर्शकों के लिए भी जय श्री राम बोलेंगे और

539
00:37:33,920 --> 00:37:39,920
सभी को जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम।

540
00:37:40,390 --> 00:37:44,390
[संगीत]
