1
00:00:00,160 --> 00:00:01,040
ला के दिखा लिया

2
00:00:01,040 --> 00:00:05,520
ना कि यू पड़ा उसकी राख जब कलेजे की धक्कन बंद हुई धोई भगवान शिव जी की

3
00:00:05,520 --> 00:00:09,680
जिसको अविनाशी कहा करते अमर मर का सर्वेश्वर

4
00:00:09,680 --> 00:00:13,680
भाई ईश्वर बताओ ये थे हमारे टीचर हिंदू धर्म

5
00:00:13,680 --> 00:00:18,160
के नकली गुरु मूर्ख बना रहे हमारे को हजारों

6
00:00:18,160 --> 00:00:22,320
वर्षों से जितने जीव मरने हो वो एक महीने में खत्म हो जाते हैं आपके पाया तो

7
00:00:22,320 --> 00:00:26,480
इसलिए और उस समय में या भेज दिया वहां पे गंगाजल पे तूने गंगा

8
00:00:26,480 --> 00:00:32,480
की कावड़ लाने खाते यानी कई गुणों पाप को है

9
00:00:33,680 --> 00:00:38,320
भाई चश्मे ला छोड़ के आग लगी भाई

10
00:00:38,320 --> 00:00:42,640
हम मान्य करते भगवान श्री राम और श्री कृष्ण जिसके हाथ में तीर सुदर्शन

11
00:00:42,640 --> 00:00:46,720
चक्र और हनुमान जी के पास गधा और माता ले आठों हाथों

12
00:00:46,720 --> 00:00:51,440
में हथियार तो हम इसे ईशान भगवान मानना थे

13
00:00:51,440 --> 00:00:55,520
यार बुद्धि का पत्थर पड़ रहे थे इसी कारण से हम फेंक रहे हैं तो भस्मागिरी मर गया

14
00:00:55,520 --> 00:00:59,600
उसके बाद वो भस्मा असुर कहलाया भस्मागिरी से ये गिरी पूरी

15
00:00:59,600 --> 00:01:03,680
नाथ नागा सन्यासी ये सारे

16
00:01:03,680 --> 00:01:07,840
शिव जी के पुजारी है। तमो शिव के पुजारी है। तो भस्मागिरी

17
00:01:07,840 --> 00:01:12,400
से वो भस्मासुर कहलाया। कुत्ते वाली मौत मरा।

18
00:01:12,400 --> 00:01:16,800
तो इस प्रकार कहा है इन तीनों गुणों के उपासक राक्षस

19
00:01:16,800 --> 00:01:22,640
स्वभाव को धारण किए। मनुष्यों में नीच दूषित कर्म करने वाले मूर्ख।

20
00:01:22,640 --> 00:01:27,120
हां दीदी। हां। थोड़ा सा आपके बारे में हमको जानकारी

21
00:01:27,120 --> 00:01:31,600
हुई कि एक भैया किसी ने बताया कि एक भैया है उनके परिवार को रामपाल

22
00:01:31,600 --> 00:01:35,760
ने पूरी तरीके से नष्ट कर दिया। तो जरा आप हमको बताएंगे कि क्या हुआ?

23
00:01:35,760 --> 00:01:38,720
कैसे हुआ?

24
00:01:38,720 --> 00:01:42,800
ये जो है लगभग आपको बता रहा हूं मैं

25
00:01:42,800 --> 00:01:46,960
कि 12 13 साल की बात हो गई है। 13 साल 13

26
00:01:46,960 --> 00:01:51,440
14 साल हो गया है। हम तब की बात है। हमारे पिताजी

27
00:01:51,440 --> 00:01:55,680
और परिवार में पहले तो सब प्रभु श्री राम के भक्त थे। हनुमान

28
00:01:55,680 --> 00:01:59,920
जी की भक्ति होती थी। हमारे पिताजी स्वयं जो है दो-द घंटे एक

29
00:01:59,920 --> 00:02:04,080
पैर पर खड़े होकर के हनुमान जी की आराधना करते थे। और मेरा पूरा परिवार जो

30
00:02:04,080 --> 00:02:08,320
है हनुमान भक्त था। फिर

31
00:02:08,320 --> 00:02:12,400
गांव में ही किसी व्यक्ति के द्वारा कोई एक व्यक्ति था। वो आता

32
00:02:12,400 --> 00:02:16,400
था पिताजी के पास बैठना शुरू किया। हम तो वो कबीर दास जी

33
00:02:16,400 --> 00:02:20,640
की पुस्तक देके गया तो कबीर के दोहे और उसमें कबीर वाणी

34
00:02:20,640 --> 00:02:25,520
वगैरह लिखी थी। अच्छा तो उसको पढ़ने के बाद धीरे-धीरे फिर

35
00:02:25,520 --> 00:02:29,840
जैसेजैसे वो पढ़ते चले गए पिताजी वैसे ही धीरे-धीरे जो है फिर इनकी हनुमान

36
00:02:29,840 --> 00:02:33,920
जी से आस्था कम होने लगी। अच्छा फिर वो रोज आकर के कुछ ना कुछ नई

37
00:02:33,920 --> 00:02:38,080
बातें बताए। फिर धीरे-धीरे उसने कहा कि जो है आप इन पुस्तकों

38
00:02:38,080 --> 00:02:42,240
को पढ़ते रहिए। फिर हम आपको वहां आश्रम पर ले चलेंगे। संत रामपाल

39
00:02:42,240 --> 00:02:47,280
जी का आश्रम है रोहतक में। हम तो

40
00:02:47,280 --> 00:02:51,520
धीरे-धीरे यह सब हुआ। फिर वहां गए। वहां से जाने के बाद फिर पूरा

41
00:02:51,520 --> 00:02:55,680
मतलब सबके जो विचार थे वो बदल गए।

42
00:02:55,680 --> 00:02:59,680
अच्छा हां सब लोगों ने भगवान की भक्ति करना छोड़ दिया

43
00:02:59,680 --> 00:03:03,920
सब पूरी तरीके से संत रामपाल के अब इनके मिशन में मुझे पहले

44
00:03:03,920 --> 00:03:08,000
तो कुछ पता नहीं क्या होता था क्या नहीं होता था बाद में

45
00:03:08,000 --> 00:03:12,000
धीरे-धीरे पता चला मुझे जैसे मैं जब घर गया तो जब पैर

46
00:03:12,000 --> 00:03:16,720
छूना शुरू किया माता-पिता के तो बताया कि नहीं नहीं हमारे पैर मत छुओ

47
00:03:16,720 --> 00:03:20,960
पैर छूने से पाप लगता है मुझे पहली बार ऐसा एहसास हुआ कि किसी

48
00:03:20,960 --> 00:03:25,280
पंथ में यह बताया जाता है कि माता-पिता के पैर छूने से जो है

49
00:03:25,280 --> 00:03:29,360
पाप लगता है बच्चे को। खैर वो हो

50
00:03:29,360 --> 00:03:33,360
गया। पैर छूना बंद कर दिया। हमने कहा चलो ठीक है कोई बात नहीं।

51
00:03:33,360 --> 00:03:37,600
बस आशीर्वाद दीजिए दूर से। कोई बात नहीं। फिर अब त्यौहार

52
00:03:37,600 --> 00:03:41,680
हुए। रक्षाबंधन का त्यौहार हुआ। बहनों के पास जाए तो बहनों

53
00:03:41,680 --> 00:03:45,680
ने फिर मना कर दिया कि हमारे में जो है हमारे इस पंथ

54
00:03:45,680 --> 00:03:50,320
में राखी नहीं बांधी जाती है। अच्छा। तब रक्षाबंधन

55
00:03:50,320 --> 00:03:53,120
का त्यौहार नहीं मनाया जाता। मतलब भाई बहन का रिश्ता

56
00:03:53,120 --> 00:03:57,120
भी नहीं होता है। नहीं नहीं बिल्कुल नहीं तो जब राखी बांधने

57
00:03:57,120 --> 00:04:01,440
के लिए बहनों ने मना किया तो फिर अब

58
00:04:01,440 --> 00:04:05,840
एक दो त्यौहार और बचे होली दीपावली अब होली दीपावली गए

59
00:04:05,840 --> 00:04:10,000
तो वही होली में गए तो हमारे यहां रंग नहीं खेला जाता

60
00:04:10,000 --> 00:04:14,000
होली की कोई रौनक नहीं फिर दीपावली में अगर गए तो हमारे यहां दीपावली

61
00:04:14,000 --> 00:04:18,240
में दीपावली नहीं मनाई जाती कोई पूजा पाठ नहीं होता

62
00:04:18,240 --> 00:04:22,240
खैर ये तो एक अलग का विषय हो गया इसी में दूसरी चीज

63
00:04:22,240 --> 00:04:26,240
यह आती है कि अब भाई बहन कई भाई बहन हम

64
00:04:26,240 --> 00:04:30,320
लोग हैं। हम पांच छह भाई हैं और दो तीन

65
00:04:30,320 --> 00:04:34,640
बहन हैं। तो उसमें क्या था कि शादी का जब मामला आया

66
00:04:34,640 --> 00:04:38,720
हम मेरी शादी तो पूरी तरीके से जो है मंदिर से

67
00:04:38,720 --> 00:04:42,960
हुई है। अच्छा शांति कुंज हरिद्वार के ब्राह्मणों द्वारा

68
00:04:42,960 --> 00:04:47,360
मेरा विवाह हुआ है। मैं पत्नी और बच्चे हमारे सब

69
00:04:47,360 --> 00:04:51,600
सुखी सुखी हैं। सुखमय जीवन हैं। हम अच्छा और बहनों

70
00:04:51,600 --> 00:04:55,680
की जो शादी हुई इनके मिशन के द्वारा हम मतलब हमको

71
00:04:55,680 --> 00:05:00,000
तो कुछ जानकारी नहीं हुई क्योंकि अब हम भक्त नहीं थे। इन्होंने

72
00:05:00,000 --> 00:05:04,160
कहा कि तुम अगर दीक्षा नहीं लोगे तो तुम घर के बड़े बेटे हो चाहे कुछ भी हो तुम्हारी

73
00:05:04,160 --> 00:05:08,320
बात नहीं मानी जाएगी। हम तो फिर हमने दीक्षा नहीं ली

74
00:05:08,320 --> 00:05:12,720
क्योंकि हमें कुछ समझ में नहीं आया कुछ इनका हिसाब किताब। हम्म। फिर

75
00:05:12,720 --> 00:05:16,720
बहनों की शादी कर दी। तो हमने सोचा चलो भाई जिस मिशन

76
00:05:16,720 --> 00:05:20,800
में है उसमें कुछ ना कुछ तो मतलब अपने उसके

77
00:05:20,800 --> 00:05:24,880
नियम होंगे। कुछ ना कुछ अच्छाइयां होंगी हम लेकिन पता चला

78
00:05:24,880 --> 00:05:29,440
बहन की जिससे शादी हुई उसने जो है एक साल बाद छोड़ दिया

79
00:05:29,440 --> 00:05:33,440
अच्छा बहन बहन के बच्चा हुआ और बच्चा पता चला वो आज वहां

80
00:05:33,440 --> 00:05:37,680
जो है उसको भी छोड़ दिया उसने कहीं दूसरी जगह शादी कर लिया बिना

81
00:05:37,680 --> 00:05:41,760
बताए अच्छा दूसरी बहन की शादी हुई उसके साथ

82
00:05:41,760 --> 00:05:45,760
भी यही तमाशा और भी बहनों की शादी हुई और भाइयों की जिनकी

83
00:05:45,760 --> 00:05:49,760
शादी हुई उसमें उनकी जो पत्नियां आई हम वो भी सब संत

84
00:05:49,760 --> 00:05:53,840
रामपाल के मिशन की है। उन्होंने पूरे पूरे घर को बर्बाद कर दिया।

85
00:05:53,840 --> 00:05:57,920
हम्म। किसी ने कोर्ट केस कर दिया। किसी ने दहेज प्रथा का दहेज

86
00:05:57,920 --> 00:06:02,000
प्रथा का केस लगा दिया। तो इनके यहां के तो इनके यहां के तो

87
00:06:02,000 --> 00:06:06,080
जितने हैं Facebook पे लिखते हैं कि हमारे यहां बिना दहेज के शादी होती है।

88
00:06:06,080 --> 00:06:10,080
बिना दहेज की शादी के बाद भी मुकदमा लिखा देते हैं। हां। यही

89
00:06:10,080 --> 00:06:14,160
तो मेरी समझ में नहीं आया कि पता नहीं कैसे संत है। कैसे क्या

90
00:06:14,160 --> 00:06:18,400
नियम कानून है इनके की अगर ये दहेज रहित शादी होती है। ये

91
00:06:18,400 --> 00:06:22,400
लोग लिखवाते हैं कि हमारी जो है शादी जो है दहेज रहित होती है। इनकी पुस्तकों को

92
00:06:22,400 --> 00:06:23,440
पुस्तकों में भी लिखा

93
00:06:23,440 --> 00:06:27,760
होगा। हां और इनके जो पत्नियां

94
00:06:27,760 --> 00:06:31,760
हैं आई भाइयों की उन्होंने बहुत गंदगी लिखी है भगवान

95
00:06:31,760 --> 00:06:35,760
के लिए हमारे देवी देवताओं के लिए हां राम

96
00:06:35,760 --> 00:06:40,160
को प्रभु श्री राम को कृष्ण जी को ये लोग काल मानते हैं

97
00:06:40,160 --> 00:06:44,160
काल मानते हैं कि ये सब जो है नरक के जो है पंथ है हां

98
00:06:44,160 --> 00:06:48,320
लिखते हैं एक जगह लिखता है रामपाल कि शिवलिंग

99
00:06:48,320 --> 00:06:52,480
की पूजा करने वाले पाप पाखंडी होते हैं पापी होते नरक में जाते

100
00:06:52,480 --> 00:06:56,560
हैं और भगवान कृष्ण कृष्ण को लिखता है कि ये गीता का ज्ञान एक प्रेत

101
00:06:56,560 --> 00:07:00,640
ने दिया था। हम कुछ भी कह सकते हैं

102
00:07:00,640 --> 00:07:05,200
क्योंकि चीजें सब उथलपुथल है। हम ठीक नहीं है। सब

103
00:07:05,200 --> 00:07:09,200
मेरा परिवार तो कुल मिलाकर के इन लोगों के चक्कर में पड़ के

104
00:07:09,200 --> 00:07:13,840
पूरी पूरी तरीके से बर्बाद हो गया। इनके चक्कर में एक दो भाई मेरे जेल भी गए।

105
00:07:13,840 --> 00:07:18,320
इनहीं के पंथ के चलते कि हमारे गुरु जी हैं। जब

106
00:07:18,320 --> 00:07:22,560
वहां कुछ इनका आश्रम पे कुछ अरेस्टिंग हुई

107
00:07:22,560 --> 00:07:26,560
उस समय का दृश्य मुझे कुछ याद है। उसमें हमारे एक दो भाई भी

108
00:07:26,560 --> 00:07:30,880
जेल चले गए थे। हम वहां वहां जो है वहां का प्रशासन

109
00:07:30,880 --> 00:07:35,120
जो है उसने कहा कि जो है गुरु जी की फोटो फेंक दो। हम

110
00:07:35,120 --> 00:07:38,960
उनका उनकी पुस्तकें फेंक दो। हम तुमको छोड़ देंगे। यहां से जाओ।

111
00:07:38,960 --> 00:07:43,120
हम तो भाई ने कहा कि नहीं हम मर जाएंगे। लेकिन हम गुरु जी हमारे

112
00:07:43,120 --> 00:07:47,440
भगवान हैं। तो इस वजह से जो है इसके चलते

113
00:07:47,440 --> 00:07:51,680
दो बहुत मारे गए वो सब और जेल में भी रहे कोई बचाने वाला नहीं।

114
00:07:51,680 --> 00:07:55,920
दो-तीन साल बाद बड़ी मशक्कत करके मेहनत करके भाइयों को जेल से

115
00:07:55,920 --> 00:07:59,920
उड़वाया गया। यह स्थिति रही कोई देखने वाला नहीं

116
00:07:59,920 --> 00:08:04,160
है। भैया आपकी आपके स्वर में बड़ी पीड़ा है। उस पीड़ा

117
00:08:04,160 --> 00:08:08,160
को हम समझ सकते हैं और अगर मेरी तरफ से कोई आपको दुख

118
00:08:08,160 --> 00:08:12,320
हुआ हो तो उसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं। हमें आप आपसे ये वार्ता

119
00:08:12,320 --> 00:08:16,400
हुई तो हो सकता है कहीं ये काम आवे। ठीक है

120
00:08:16,400 --> 00:08:20,880
दीदी। मैं तो बस यही कहूंगा यह तो बहुत एक नंबर का धूप है पाखंडी

121
00:08:20,880 --> 00:08:24,960
है और ऐसे क्योंकि ऐसे ऐसे

122
00:08:24,960 --> 00:08:29,200
ऐसे ढोंगियों को समाज में रहने का कोई वो

123
00:08:29,200 --> 00:08:33,360
नहीं है औचित नहीं बनता है और दूसरी बात समाज में रह करके खुद

124
00:08:33,360 --> 00:08:37,360
गलत हो करके और लोगों को भी गलत करना सबके परिवारों की

125
00:08:37,360 --> 00:08:41,680
जिंदगी बर्बाद करना माता-पिता भाई बहन के रिश्तों को तारतार

126
00:08:41,680 --> 00:08:45,680
करना कोई किसी का रिश्ता नहीं निभाएगा ये सब चीजें कितनी खराब है

127
00:08:45,680 --> 00:08:49,680
समाज में बताओ बताओ भाई बहन के हाथ भाई के हाथ पे बहन राखी नहीं

128
00:08:49,680 --> 00:08:53,840
बांधेगी तो भाई बहन का रिश्ता खत्म हम माता-पिता के पैर

129
00:08:53,840 --> 00:08:54,340
बच्चा

130
00:08:54,160 --> 00:08:59,280
पैर नहीं छुएगा तो फिर क्या आशीर्वाद बच्चे को मिलेगा हमिता

131
00:08:59,280 --> 00:09:03,440
रामपाल पाखंडी का आशीर्वाद मिलेगा ना गलत है जी

132
00:09:03,440 --> 00:09:07,440
ठीक है फिर ठीक है ठीक
