1
00:00:00,080 --> 00:00:04,080
प्रार्थना है वह ईश्वर ने सुन ली। हमारी याचिका आज

2
00:00:04,080 --> 00:00:08,240
अह माननीय उच्च न्यायालय में स्वीकार कर ली गई है। तो ऐसा ना आपसे

3
00:00:08,240 --> 00:00:13,200
क्षमा चाहते हैं। वो नहीं

4
00:00:13,200 --> 00:00:17,680
धार्मिक पक्ष को यथावत रख रही है। पुरजोर विरोध कर रही है। इस विधर्म

5
00:00:17,680 --> 00:00:18,180
का जो

6
00:00:18,160 --> 00:00:22,240
व्यक्ति अपराध के उसमें दो मुकदमों में आजीवन कारावास हुई।

7
00:00:22,240 --> 00:00:26,240
वो उसके सीधे प्रवचन आते हैं लाइव। कोर्ट ने एक बार नहीं तीनती बार क्लीन

8
00:00:26,240 --> 00:00:29,280
चिट दे रखी है सुप्रीम कोर्ट ने एक बार नहीं तीनती बार क्लीन चिट

9
00:00:29,280 --> 00:00:33,280
दे रखी है कालनेमी और कालने का इलाज जो है हनुमान

10
00:00:33,280 --> 00:00:37,520
जी ने अच्छे से किया था फिर आगे की कारवाई फिर आदेश

11
00:00:37,520 --> 00:00:41,600
वगैरह क्या थोड़ा सा बता दीजिए संत रामपाल जी महाराज जी के इस ज्ञान

12
00:00:41,600 --> 00:00:47,600
गंगा पुस्तक पर जबलपुर से हाई कोर्ट से मिला हुआ है

13
00:00:47,920 --> 00:00:50,400
आप देख सकते हैं प्रमाण

14
00:00:50,400 --> 00:00:54,400
पेश किया था और जो सोशल मीडिया की बात अगर बताएं तो कहीं ना कहीं हमने उनको भी

15
00:00:54,400 --> 00:00:58,400
पार्टी बनाया है। बिहार के मुजफ्फरपुर केंद्रीय जेल में भी किया गया। जेल

16
00:00:58,400 --> 00:01:02,640
के कैदियों, प्रशासनिक अधिकारियों व जेल अधीक्षक साहिब को कुल 5000 पुस्तकों

17
00:01:02,640 --> 00:01:06,880
का निशुल्क वितरण किया गया। जेल के 4600 पुरुष कैदी, 260 महिला कैदी

18
00:01:06,880 --> 00:01:10,880
और 140 पुलिस स्टाफ को पुस्तक भेंट की गई। सरकार अपना इसमें

19
00:01:10,880 --> 00:01:14,880
जवाब दे और इसमें जवाब यह दे सकती है और पूरे विश्व में फैलेगा।

20
00:01:14,880 --> 00:01:19,520
कोई रोक नहीं सकता। तो आज मैं तेरा आह्वान कर रहा हूं।

21
00:01:19,520 --> 00:01:22,720
आज मैं तेरा आह्वान कर रहा हूं।

22
00:01:22,720 --> 00:01:26,800
तो सभी को जय श्री राम और आप सबके

23
00:01:26,800 --> 00:01:30,960
लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। हमारी जो प्रार्थना

24
00:01:30,960 --> 00:01:35,040
है वो ईश्वर ने सुन ली। हमारी याचिका आज अह

25
00:01:35,040 --> 00:01:39,040
माननीय उच्च न्यायालय में स्वीकार कर ली गई है। और जो

26
00:01:39,040 --> 00:01:43,200
कुछ कानूनी टर्म्स हैं, क्या-क्या वहां पर हुआ और क्या आदेश

27
00:01:43,200 --> 00:01:47,280
हुआ है, वह सबके बारे में हमारे साथ जो रंजना दीदी को असिस्ट

28
00:01:47,280 --> 00:01:51,360
कर रहे हैं, अधिवक्ता हैं अभिषेक द्विवेदी जी वो आपको

29
00:01:51,360 --> 00:01:55,840
बताएंगे। पर इस सबसे पहले मैं एक आभार

30
00:01:55,840 --> 00:02:00,400
प्रकट कर देना चाहता हूं उन सभी माननीय अ विभूतियों

31
00:02:00,400 --> 00:02:04,640
का जिन्होंने हमको यहां तक पहुंचाया और

32
00:02:04,640 --> 00:02:07,680
इसमें सबसे पहले

33
00:02:07,680 --> 00:02:11,680
जो हमारी रंजना दीदी है जिन्होंने आज

34
00:02:11,680 --> 00:02:16,160
हमारी बात को वहां पर रखा उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के समक्ष

35
00:02:16,160 --> 00:02:20,160
उनको बहुत-ब बहुत ढेर सारा आभार उनका और ढेर सारा

36
00:02:20,160 --> 00:02:24,160
उनको साधुवाद और वो हमारी अग्रजा भी हैं। तो उनसे

37
00:02:24,160 --> 00:02:28,160
हम आशीर्वाद की कामना भी करते हैं। आज गुरु पूर्णिमा का

38
00:02:28,160 --> 00:02:32,800
दिन है। और हरिशंकर जैन जी

39
00:02:32,800 --> 00:02:37,120
उनसे हम हमने आपको बताया था बवाना में उनसे भेंट हुई थी। तो हरिशंकर

40
00:02:37,120 --> 00:02:37,920
जैन जी के

41
00:02:37,920 --> 00:02:41,920
माध्यम से हम रजनादिते तक पहुंचे हैं और इस केस में वह

42
00:02:41,920 --> 00:02:46,000
भी अपना एक अवलोकन बनाए रखे हैं। तो इसके लिए इस

43
00:02:46,000 --> 00:02:50,320
पूरी मुहिम में इस तरह से सक्रियता के साथ

44
00:02:50,320 --> 00:02:54,400
अपना अपनी भूमिका प्रस्तुत करने के लिए उनका भी ढेर सारा साधुवाद

45
00:02:54,400 --> 00:02:58,480
उनको भी और पूरी टीम जो रंजना

46
00:02:58,480 --> 00:03:02,480
दीदी के साथ इस केस में बढ़-चढ़कर के भाग ले रही

47
00:03:02,480 --> 00:03:06,560
है और हिंदू हमारे जो पक्ष है

48
00:03:06,560 --> 00:03:11,200
हम हिंदुओं का हमारे धार्मिक पक्ष को यथावत रख रही है। पुरजोर

49
00:03:11,200 --> 00:03:15,280
विरोध कर रही है इस विधर्म का जो रामपाल के नाम से सतलोक

50
00:03:15,280 --> 00:03:19,280
आश्रम गैंग द्वारा संचालित है। थोड़ा सा मैं अभिषेक जी आपको

51
00:03:19,280 --> 00:03:23,440
कहूंगा सबसे पहले तो आपको आभार कि आपने इस मुहिम में भागीदारी

52
00:03:23,440 --> 00:03:27,440
ली और धर्म की रक्षा के लिए खड़े हो गए। उत्कर्ष प्रताप सिंह

53
00:03:27,440 --> 00:03:31,600
भी इसमें असिस्ट कर रहे हैं रंजना दीदी को। तो किसी दिन

54
00:03:31,600 --> 00:03:35,600
उन उनका भी वक्तव्य आपको प्राप्त होगा। अभी वह नहीं है हमारे साथ

55
00:03:35,600 --> 00:03:40,000
तो अभिषेक द्विवेदी हैं। तो अभिषेक द्विवेदी जी भी असिस्ट कर रहे हैं।

56
00:03:40,000 --> 00:03:44,240
तो अभिषेक जी थोड़ा सा बताएं कि आज किस तरह से हमारा

57
00:03:44,240 --> 00:03:48,240
जो था प्रस्तुत हुआ उच्च न्यायालय में और क्या वहां से आदेश

58
00:03:48,240 --> 00:03:52,480
हुआ है और हमारे अगले कदम क्या हो सकते हैं। जी सर्वप्रथम आपको

59
00:03:52,480 --> 00:03:53,600
हम आभार

60
00:03:53,600 --> 00:03:58,160
व्यक्त करना चाहेंगे। दूसरी चीज जैसा कि

61
00:03:58,160 --> 00:04:03,040
हमारा जो केस है वो एक ऐसे गैंग के विरुद्ध है

62
00:04:03,040 --> 00:04:07,360
जो ऐसी किताब छापते हैं ऐसी किताबों का वितरण

63
00:04:07,360 --> 00:04:11,360
समाज में करते हैं और उन किताबों में जो अशब्द

64
00:04:11,360 --> 00:04:15,680
लिखे हुए हमारे सनातनी हिंदू देवी देवताओं के विरुद्ध जी तो हमारा

65
00:04:15,680 --> 00:04:20,000
जो संविधान है जो हमारे देश का कानून है वो ऐसी

66
00:04:20,000 --> 00:04:24,080
चीजों को एक गंभीर अपराधों की श्रेणी में ले आज का जो नियम है बीएएस

67
00:04:24,080 --> 00:04:28,400
2003 23 में उसमें पहले 295 ए की तरफ

68
00:04:28,400 --> 00:04:32,960
या एक ऑफेंस माना जाता था। अब डीएनएस 98 196

69
00:04:32,960 --> 00:04:35,200
197

70
00:04:35,200 --> 00:04:39,360
302 सो यह एक रेलेवेंट सेक्शन है जो ऐसे

71
00:04:39,360 --> 00:04:43,360
अपराधों के लिए अप्लाई होता है। अप्लाई होता है। जी तो इन

72
00:04:43,360 --> 00:04:47,600
सभी चीजों को लेकर प्रशासन को भी हम लोगों ने रिप्रेजेंटेशन वगैरह

73
00:04:47,600 --> 00:04:52,000
दी है और उस रिप्रेजेंटेशन के बाद हम माननीय

74
00:04:52,000 --> 00:04:56,160
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ खंडपीठ में हमने एक याचिका

75
00:04:56,160 --> 00:05:00,240
हमने डाली है और ये बहुत गर्व की बात है। बहुत ऑनर

76
00:05:00,240 --> 00:05:04,560
की बात हम सभी के लिए है। इसके लिए मैं विशेषतर हमारी जो संरक्षिका हैं

77
00:05:04,560 --> 00:05:08,640
हमारी दीदी मातृ स्वरूपा जो श्री निरंजना अग्नित्री

78
00:05:08,640 --> 00:05:12,640
दीदी उनका हम सभी को आभार व्यक्त करना चाहिए कि जिनके तत्वाधान

79
00:05:12,640 --> 00:05:16,800
में ये याचिका माननीय उच्च न्यायालय में गई और

80
00:05:16,800 --> 00:05:21,040
गर्व और प्रसन्नता वाली बात यह है कि खंडपीठ है।

81
00:05:21,040 --> 00:05:25,360
माननीय तो न्याय मूर्तियों की बेंच है। इसको

82
00:05:25,360 --> 00:05:29,520
स्वीकार किया गया। जी जी। प्रथम दृष्ट्या में जैसे ही यह बेंच

83
00:05:29,520 --> 00:05:33,760
के सामने जैसे हमारा पिटीशन गया जी तो जो माननीय

84
00:05:33,760 --> 00:05:37,920
न्यायाधीश मैं मैं इसमें थोड़ा सा बताना चाहूंगा क्योंकि मैं एक वहां पे ना मैं

85
00:05:37,920 --> 00:05:42,000
लॉयर हूं ना न्यायाधीश हूं। मैं एक सामान्य नागरिक बनके वहां बैठा

86
00:05:42,000 --> 00:05:46,080
था। मैं देख रहा था कि हमसे पहले करीब 13 मामलों

87
00:05:46,080 --> 00:05:50,640
की सुनवाई थी। हमारा आज 14वा क्रमांक था सीक्वेंस

88
00:05:50,640 --> 00:05:55,040
में। तो मैं यह देख रहा था कि जितने भी मामले आ रहे थे वहां पर न्यायाधीशों

89
00:05:55,040 --> 00:05:59,360
के समक्ष तो बहुत ज्यादा टाइम ऐसा नहीं लग रहा था और बहुत जल्दी

90
00:05:59,360 --> 00:06:03,760
कुछ एक मामले ही होंगे जो जिनको समय दिया गया न्यायालय की तरफ से।

91
00:06:03,760 --> 00:06:08,240
वो उनकी अपनी एक वो कि कौन किस

92
00:06:08,240 --> 00:06:12,480
प्रकरण में कितनी क्रेडिबिलिटी है। उसका आधार कितना मजबूत है। उसके आधार पे

93
00:06:12,480 --> 00:06:17,280
तो किसी भी मैंने नहीं देखा था कि बहुत अच्छे से किसी में मतलब

94
00:06:17,280 --> 00:06:21,600
अ किसी को समय मिल पाया हो। तो मगर

95
00:06:21,600 --> 00:06:23,680
जब हमने अपना क्रमांक देखा

96
00:06:23,680 --> 00:06:27,920
जब हमारा हमारी बारी-बारी हमारा अफसर आया तो विशेष

97
00:06:27,920 --> 00:06:32,320
रूप से न्यायाधीशों ने उस पूरी बात को सुना समझा और कहीं-कहीं

98
00:06:32,320 --> 00:06:36,800
पर खेद भी प्रकट किया और जो करने वालों की कार्यस्थानी

99
00:06:36,800 --> 00:06:41,600
है उस पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया भी उन्होंने प्रस्तुत की। तो यह हमारे लिए एक

100
00:06:41,600 --> 00:06:45,760
सौभाग्य की बात है कि हमें प्रॉपर तरीके से रजना दीदी ने

101
00:06:45,760 --> 00:06:50,080
हमारे पक्ष को इतना मजबूती के साथ वहां पर प्रस्तुत किया। इतनी विद्वता

102
00:06:50,080 --> 00:06:54,400
के साथ वहां पर पक्ष को रखा साथ में जो सहयोगी

103
00:06:54,400 --> 00:06:58,560
के रूप में अभिषेक जी भी वहां पर थे और उत्कर्ष जी भी वहां पर थे तो पूरा हमारा

104
00:06:58,560 --> 00:07:02,640
जो पक्ष था इतनी मजबूती से रखा गया कि न्यायाधीशों ने ना सिर्फ समय

105
00:07:02,640 --> 00:07:06,800
दिया हमारी बात को सुनने के लिए बल्कि जो उसके मुख्य मुख्य्य

106
00:07:06,800 --> 00:07:10,960
बिंदु थे उस पर अच्छे से अवलोकन किया जहां पर जिस प्रकार

107
00:07:10,960 --> 00:07:15,120
की प्रतिक्रिया की अपेक्षा की जा कर सकते हैं हम लोग उस प्रकार

108
00:07:15,120 --> 00:07:19,440
की प्रतिक्रिया भी हमें देखने को मिली वहां पर कोर्ट के के द्वारा न्यायाधीशों

109
00:07:19,440 --> 00:07:23,840
न्यायपालिका के द्वारा तो ये मैं बता रहा था तो

110
00:07:23,840 --> 00:07:27,840
फिर आगे की कारवाई फिर आदेश वगैरह क्या थोड़ा सा

111
00:07:27,840 --> 00:07:32,000
बता दिया माननीय न्यायालय ने हमारी जो याचिका है

112
00:07:32,000 --> 00:07:36,240
प्रथम दृष्ट्या में इसको उन्होंने गंभीरता से लिया और इसको स्वीकारा भी

113
00:07:36,240 --> 00:07:38,800
इस पे एक बेहतरीन अच्छा लोकस स्टैंड आई

114
00:07:38,800 --> 00:07:42,800
है और ऐसे ऑफेंस जो है समाज के लिए

115
00:07:42,800 --> 00:07:46,880
बहुत घातक हो सकते हैं तो इस याचिका को माननीय न्यायालय

116
00:07:46,880 --> 00:07:50,960
ने स्वीकार किया विपक्षियों को जो जो हमने पार्टी बनाई

117
00:07:50,960 --> 00:07:55,120
उनमें से इशॉक नोटिस का आदेश हुआ है। हमारी जो प्रेयर है इसमें कि

118
00:07:55,120 --> 00:07:59,360
पहले तो ऐसी पुस्तकें जिसमें ऐसे शब्द लिखे हैं

119
00:07:59,360 --> 00:08:03,360
अभद्र अपमानजनक तो पहले ऐसी पुस्तकों पे रोक लगाने

120
00:08:03,360 --> 00:08:07,680
के लिए सरकार को माननीय न्यायालय आदेश करें कि उनकी

121
00:08:07,680 --> 00:08:12,080
जो संस्थाएं हैं या जहां ये किताबें छपती हैं पहले तो उसको

122
00:08:12,080 --> 00:08:16,400
सीज करें। जी। दूसरी चीज पूर्णतया ऐसे लोगों पर लगाम

123
00:08:16,400 --> 00:08:20,800
लगाए कि ऐसी पुस्तकें समाज में वितरण ना हो।

124
00:08:20,800 --> 00:08:24,880
यदि कोई ऐसा वितरण सामग्री कोई दे रहा है कहीं पे या

125
00:08:24,880 --> 00:08:29,040
कोई ऐसा कार्य कर रहा है तो सरकार उसके लिए जरूरी कदम

126
00:08:29,040 --> 00:08:33,120
उठाए। उन पर मुकदमा पंजीकृत करें। हमारी जो प्रेयर इसमें थी

127
00:08:33,120 --> 00:08:37,600
एसआईटी के लिए थी कि एक ऐसी टीम का गठन हो और वो टीम इसमें इन्वेस्टिगेशन

128
00:08:37,600 --> 00:08:41,600
करें। जो हमारे वरिष्ठ अधिवक्ता हैं

129
00:08:41,600 --> 00:08:45,600
परम आदरणीय रंजना दीदी ने उन्होंने इस प्रेयर पे बहुत

130
00:08:45,600 --> 00:08:49,680
बल दिया है। अच्छा इसमें एक बात मैं ये कह रहा था कि

131
00:08:49,680 --> 00:08:54,320
जैसे मान लीजिए कि जो बुक्स वगैरह हैं उनप तो बैन लग ही जाएगा।

132
00:08:54,320 --> 00:08:58,560
मगर जैसे इनका जो ब्रॉडकास्ट है सोशल मीडिया पर होना या इसका प्रचार

133
00:08:58,560 --> 00:09:02,640
होना रामपाल का। क्योंकि रामपाल ने वक्तव्य तो दिए हैं। जो वक्तव्य

134
00:09:02,640 --> 00:09:06,720
लिखे हैं तो क्या पूरी तरीके से कोर्ट इस पर ध्यान देगी कि पूरी तरीके से बैन किया

135
00:09:06,720 --> 00:09:10,800
जाए। देखिए सारे ऑपरेशंस बैन हमने क्या कहा देखिए प्राइमा फेसी

136
00:09:10,800 --> 00:09:14,800
ने कोर्ट ने इन सब चीजों पर ही ध्यान दिया था परम आदरणीय हमारी

137
00:09:14,800 --> 00:09:18,800
दीदी जी ने इन सभी मुद्दों पर बल बल अपना वक्तव्य माननीय न्यायालय के समक्ष

138
00:09:18,800 --> 00:09:22,800
पेश किया था और जो सोशल मीडिया की बात अगर बताएं तो कहीं ना कहीं हमने उनको भी

139
00:09:22,800 --> 00:09:23,520
पार्टी बनाया

140
00:09:23,520 --> 00:09:27,840
है और एसआईटी टीम की जो हमने प्रेयर की है वो इसीलिए

141
00:09:27,840 --> 00:09:32,400
की है जी कि ऐसा कौन सा सरगना है ऐसा कौन सा व्यक्ति है

142
00:09:32,400 --> 00:09:36,640
जो ये सारी चीजों को बोल रहा है ऑपरेट कर रहा है

143
00:09:36,640 --> 00:09:41,120
करवा देखिए वो बोला हुआ तो उसका रामपाल का ही है और कहीं ना कहीं हमने

144
00:09:41,120 --> 00:09:45,120
देखिए आईटी एक्ट के तहत भी इसमें कुछ रेलेवेंट सेक्शंस को

145
00:09:45,120 --> 00:09:49,200
हमने डिकोड किया है और जैसे Facebook हुए

146
00:09:49,200 --> 00:09:53,200
Twitter हुए YouTube हुए तो कहीं ना कहीं हमने इनके लिए भी वहां पे

147
00:09:53,200 --> 00:09:57,440
एक या अपना एक मांग रखी है प्रार्थना रखी है कि इनको

148
00:09:57,440 --> 00:10:01,520
भी निर्देशित किया जाए कि ये ऐसी सामग्रियों के अपने चैनल

149
00:10:01,520 --> 00:10:05,520
पर या अपने सोशल मीडिया पर क्योंकि ये

150
00:10:05,520 --> 00:10:09,600
समाज के लिए बहुत आगे चलकर घातक हो सकता है। अच्छा इसमें एक चीज मैं

151
00:10:09,600 --> 00:10:13,440
बताना चाहूंगा दर्शकों को कि

152
00:10:13,440 --> 00:10:17,600
यह लोग एक बात चिल्लाते हैं कि भाई हमारे पास जो है हमारी बुक्स की क्लीन चिट है। क्लीन

153
00:10:17,600 --> 00:10:22,000
चिट है। तो आप एक बात बताइए यदि कोई कानूनी प्रक्रिया

154
00:10:22,000 --> 00:10:26,800
के तहत इस गैंग को कोई क्लीन चिट प्राप्त होती

155
00:10:26,800 --> 00:10:30,960
तो क्या आज हमारी जो याचिका है उसको इतनी गंभीरता

156
00:10:30,960 --> 00:10:35,200
से लिया जाता? क्या उसको इस तरह से स्वीकारा जाता? यह एक इन

157
00:10:35,200 --> 00:10:38,720
पागलों से यह जो पागल है ना जो पागल करके घुमाए जा रहे हैं ब्रेन

158
00:10:38,720 --> 00:10:42,960
वाश करके कि हमारे पास क्लीन चिट है क्लीन चिट है। अरे भाई किसी व्यक्ति

159
00:10:42,960 --> 00:10:47,200
ने आज से 10 20 साल पहले कोई एफआईआर अगर करा भी दी

160
00:10:47,200 --> 00:10:51,200
और अपनी एफआईआर में बयान देने तक के लिए खड़ा नहीं हुआ। चार-चार

161
00:10:51,200 --> 00:10:55,280
बार छह-छह साल तक कोर्ट उसको तलब कर रही है। पूछ रही है कि आ जाओ

162
00:10:55,280 --> 00:10:59,520
बयान दे दो। तो उसके ना आने की स्थिति में कोई कारण देते हुए कोर्ट

163
00:10:59,520 --> 00:11:03,680
के द्वारा अगर एफआईआर क्वेश कर दी गई तो एक क्लीन चिट है। क्या उसमें कहीं

164
00:11:03,680 --> 00:11:07,920
यह आधार बनाया क्वेश करने का कि भैया इनकी जो किताबें बिल्कुल

165
00:11:07,920 --> 00:11:12,000
यथावत सही है इसलिए इनको क्लीन चिट दी जाती है। तो यह सब गुमराह

166
00:11:12,000 --> 00:11:17,120
करने की प्रक्रिया है। यदि ऐसी कोई क्लीन चिट कहीं पर भी

167
00:11:17,120 --> 00:11:21,440
क्या कहते हैं? निर्गत की गई होती तो आज माननीय उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश के द्वारा

168
00:11:21,440 --> 00:11:25,840
हमारी याचिका स्वीकार ना की गई होती। यह एक विचारणीय प्रश्न है

169
00:11:25,840 --> 00:11:29,920
और क्लीन चिट के नाम से एक बात और याद आई। इनका

170
00:11:29,920 --> 00:11:34,160
एक पैरोकार है जो इस

171
00:11:34,160 --> 00:11:38,160
प्रकरण से बचने के लिए सतलोक आश्रम गैंग को

172
00:11:38,160 --> 00:11:42,480
बचाने के लिए इस केस को कोर्ट से बाहर लड़ रहा है। कैसे लड़ रहा है?

173
00:11:42,480 --> 00:11:47,120
जैसे मैंने बताया कि इस इसमें जो पिटिशनर्स हैं वो

174
00:11:47,120 --> 00:11:51,280
मेरे अलावा और 17 पिटिशनर्स हैं। तो वो उन सबकी

175
00:11:51,280 --> 00:11:53,760
डिटेल्स निकलवाने का प्रयास कर रहा है कि इन

176
00:11:53,760 --> 00:11:57,760
17 लोगों का कांटेक्ट नंबर मिल जाए मुझे तो किसी तरीके से मैं बरगला

177
00:11:57,760 --> 00:12:02,240
लूं, डरा दूं, धमका दूं। उसको नहीं पता है कि वो सब के सब चट्टान है।

178
00:12:02,240 --> 00:12:06,400
उसको नहीं पता है। मगर वह यह प्रयास कर रहा है कि मुझे इन सब के संपर्क

179
00:12:06,400 --> 00:12:10,480
सूत्र मिल जाए। घर बार का पता लग जाए तो डराऊ, धमकाऊं या लालच दे

180
00:12:10,480 --> 00:12:14,640
दूं। और इसका एक उदाहरण है। हमारे 17 पिटिशनर्स में से एक

181
00:12:14,640 --> 00:12:18,960
पिटिशनर जो हैं वह रामानंद नाम से हैं।

182
00:12:18,960 --> 00:12:23,040
इसने क्या किया? रामानंद नाम से Facebook पर सर्च किया। इसको लगा होगा कि

183
00:12:23,040 --> 00:12:27,120
यही रामानंद है तो कोई और रामानंद नाम से कोई और Facebook

184
00:12:27,120 --> 00:12:31,200
पर सज्जन इनको मिल गए। उसका उनका कांटेक्ट नंबर इसको मिल गया।

185
00:12:31,200 --> 00:12:35,200
इसने उनको कॉल कर दिया कि तुम्हारे नाम से मुकदमा लगाया गया। क्यों लगा रहे हो?

186
00:12:35,200 --> 00:12:39,280
यह जब उन्होंने यह कहा भाई मैंने तो कोई मुकदमा नहीं लगाया। तो यह

187
00:12:39,280 --> 00:12:43,520
भाई साहब उसको कहते तो आप जो है कल एफिडेविट दीजिए कोर्ट में आकर के मुकदमा मैंने नहीं लगाया

188
00:12:43,520 --> 00:12:47,600
है। अब सोचिए व्यक्ति जिस जो यह कहता है कि हमारे बाबा जी ने

189
00:12:47,600 --> 00:12:51,760
बहुत सही ज्ञान दिया है। वेद प्रमाणित ज्ञान दिया है। क्लीन चिट वाला ज्ञान

190
00:12:51,760 --> 00:12:55,840
दिया है। वो व्यक्ति कोर्ट में आने की तैयारी नहीं कर रहा है। वो व्यक्ति

191
00:12:55,840 --> 00:13:00,080
कोर्ट से बाहर पिटिशनर्स को कह रहा है कि आप जो है अपना केस वापस ले लो। उस केस

192
00:13:00,080 --> 00:13:04,240
को कमजोर कर दो अपना अपना नाम हटवा करके। तो यह क्या है? इससे पता

193
00:13:04,240 --> 00:13:08,240
लगता है कि इनका पक्ष कितना मजबूत है। अब भी आंखें खोल लो जो अंधे

194
00:13:08,240 --> 00:13:09,040
हो गए हैं।

195
00:13:09,040 --> 00:13:13,200
उन लोगों को मैं कह रहा हूं जो ब्रेन वाश हो गए हैं। अब भी समय आंखें खोल लो।

196
00:13:13,200 --> 00:13:17,280
वरना ये तबाही का मंजर देखते जाओ। कैसे आपके सामने सब कुछ

197
00:13:17,280 --> 00:13:21,520
होता है नष्ट। ठीक है? और इसमें

198
00:13:21,520 --> 00:13:25,600
जो मुख्य आर्डर के संबंध में थोड़ा सा बता दीजिए।

199
00:13:25,600 --> 00:13:29,680
बताइए। ऑर्डर इसमें माननीय न्यायालय ने इशू ऑफ नोटिस किया है। नोटिस

200
00:13:29,680 --> 00:13:33,760
इशू किया है स्टेट गवर्नमेंट। इशू ऑफ नोटिस किया है। उनसे काउंटर मंगाया गया। अच्छा अब

201
00:13:33,760 --> 00:13:37,760
उनके काउंटर के बाद जो है हमें पुनः सुना जाएगा। इसमें

202
00:13:37,760 --> 00:13:41,760
इसमें जो अन्य इंडिविजुअल प्राइवेट अच्छा क्या लगता है सरकार की जो स्टेट गवर्नमेंट है

203
00:13:41,760 --> 00:13:45,760
उसका क्या रिप्लाई आ सकता है? देखिए मतलब वो ये कहेगी आकर के कि हम

204
00:13:45,760 --> 00:13:49,840
डिफेंड करने आए हैं? सरकार अपना इसमें जवाब देगी और

205
00:13:49,840 --> 00:13:54,240
इसमें जवाब यह दे सकती है कि जो रिप्रेजेंटेशन हमने दिया गया दिया था पहले कि

206
00:13:54,240 --> 00:13:58,320
ऐसे लोगों के विरुद्ध कारवाई हुई। तो सरकार इसमें वह जवाब देगी

207
00:13:58,320 --> 00:14:02,480
कि उस प्रशासन ने क्या इसमें कारवाइयां की? जी। दूसरी

208
00:14:02,480 --> 00:14:06,800
चीज सरकार यह भी जवाब देगी कि अभी तक उसने

209
00:14:06,800 --> 00:14:11,040
ऐसे चीजों पर गौर क्यों नहीं किया या किन नियमों के तहत

210
00:14:11,040 --> 00:14:15,200
अभी तक ऐसे लोग बचे रहे तो ज्यादातर ऐसे जो केसेस

211
00:14:15,200 --> 00:14:19,200
होते हैं उसमें जो सरकार की तरफ से वक्तव्य आता है वो यही कहती है कि इसके

212
00:14:19,200 --> 00:14:23,520
विषय में हमें ज्यादा जानकारी नहीं मिली और कोई विशेष पैरवी

213
00:14:23,520 --> 00:14:24,320
करने वाला व्यक्ति

214
00:14:24,320 --> 00:14:28,320
हमको नहीं मिला। इसीलिए हम इसको रोक नहीं पाए।

215
00:14:28,320 --> 00:14:32,320
लेकिन इस मुकदमे में जैसा हम समझ रहे हैं

216
00:14:32,320 --> 00:14:36,400
कि काफी बल दिया गया, काफी पैरवी की गई। आपको ये भी हम बताना चाहेंगे

217
00:14:36,400 --> 00:14:40,480
कि बिगिनिंग स्टेज पे इसमें रिप्रेजेंटेशन इत्यादि वगैरह दिए गए हैं।

218
00:14:40,480 --> 00:14:44,560
आईजीआरएस जैसी कारवाई की गई है। बहुत फेवरल कारवाई हुई और

219
00:14:44,560 --> 00:14:48,880
उस कारवाई के बाद ही हम माननीय न्यायालय में आए। तो अब सरकार

220
00:14:48,880 --> 00:14:52,880
जो जवाब देगी उसको जवाब को हम अध्ययन करके अपना एक रिजवाइंडर

221
00:14:52,880 --> 00:14:57,440
वहां पे लगाएंगे। और जब प्राइमर फेसरी ने कोर्ट ने

222
00:14:57,440 --> 00:15:01,440
इसको बहुत सही बताया हो। लोकस को भी बहुत जेन्युइन लोकस इसको पाया

223
00:15:01,440 --> 00:15:05,840
है। जो हमारी दूसरी सुनवाई होगी वो बहुत एक

224
00:15:05,840 --> 00:15:10,080
बहुत महत्वपूर्ण सुनवाई होगी और उस सुनवाई में एक बहुत

225
00:15:10,080 --> 00:15:14,320
रीज़नेबल माननीय न्यायालय दे हमें शक्ति है। सरकार को इंस्ट्रक्शन आर्डर

226
00:15:14,320 --> 00:15:18,480
दे सकती है। परिणाम हमें प्राप्त हो जाएंगे। तथ्य प्राइडमस के रूप में आर्डर

227
00:15:18,480 --> 00:15:22,960
भी हमको प्राप्त हो सकते हैं कि ऐसे लोगों पर बैन किया जाए

228
00:15:22,960 --> 00:15:27,200
जो ऐसी किताबों को वितरण कर रहे हैं। ये माननीय न्यायालय

229
00:15:27,200 --> 00:15:31,200
प्रशासन को देगी, स्टेट गवर्नमेंट को देगी। पीजीपी उत्तर प्रदेश

230
00:15:31,200 --> 00:15:35,360
को भी दे सकती है कि ऐसी संस्थाओं का वो पता लगाए और जहां-जहां

231
00:15:35,360 --> 00:15:39,440
ऐसी कारवाई चल रही है उसको उनको ट्रेस करें और बैन करें। ऐसी किताबों

232
00:15:39,440 --> 00:15:43,440
को सीज करें और जो भी इसमें दोषी हैं उनके विरुद्ध कारवाई करें।

233
00:15:43,440 --> 00:15:47,520
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया अभिषेक जी एक बात मेरे को याद आ गई अभिषेक जी से बात

234
00:15:47,520 --> 00:15:51,680
करतेकरते एक व्यक्ति जो इनका पैरोकार बना

235
00:15:51,680 --> 00:15:55,920
फिरता है उसने इन दिनों इस बीच मेरे विरुद्ध

236
00:15:55,920 --> 00:16:00,240
बहुत सारे व्यक्तिगत अटेमपट्ट किए बहुत सारे व्यक्तिगत प्रहार किए

237
00:16:00,240 --> 00:16:04,240
मुझे मेरे विरुद्ध झूठी एफआईआर लिखाने के प्रयास किए गए

238
00:16:04,240 --> 00:16:08,240
मेरे चेहरे को व्यंग बना के प्रचारित किया गया मेरे जो पूज्य

239
00:16:08,240 --> 00:16:12,400
गुरुदेव है चारों शंकराचार्य उनकी हंसी उड़ाई गई शंकर

240
00:16:12,400 --> 00:16:16,480
परंपरा की हंसी उड़ाई गई। तरह-तरह से मुझे जो है दबाने का प्रयास किया

241
00:16:16,480 --> 00:16:20,480
गया। सर्वप्रथम लालच दिया गया। जब लालच से मैं नहीं माना

242
00:16:20,480 --> 00:16:24,800
तो इस तरह से तोड़ा गया एफआईआर जान से मारने की धमकी। घर की स्त्रियों

243
00:16:24,800 --> 00:16:28,880
के साथ अनापशनाप बहुत कुछ। और ये जो

244
00:16:28,880 --> 00:16:33,040
पैरोकार है यह मुझे फोन कर करके हैरेस करना, धमकियां देना विभिन्न

245
00:16:33,040 --> 00:16:37,280
प्रकार की। तो एक दिन की बात है जब यह मुझे मेरे माता-पिता से जोड़ते

246
00:16:37,280 --> 00:16:41,520
हुए एक धमकी देने का प्रयास कर रहा था कि मुझे पता है तुम्हारे माता-पिता कहां रहते हैं।

247
00:16:41,520 --> 00:16:45,520
मतलब यह बताने का प्रयास कर रहा था कि मैं उन्हें जो है क्षति पहुंचा सकता

248
00:16:45,520 --> 00:16:49,920
हूं। तो मैं जो है उसके कारण थोड़ा सा अपनी जो

249
00:16:49,920 --> 00:16:54,000
एक वो होती है ना माता-पिता का नाम सुनकर के एक आवेश में आना। तो उसमें

250
00:16:54,000 --> 00:16:54,500
मैं उससे

251
00:16:54,480 --> 00:16:59,040
बात कर रहा था कि क्या कहते हैं कि क्या दिखाना चाह रहे हो तुम ये माता-पिता

252
00:16:59,040 --> 00:17:03,520
कहां रहते हैं? तुम्हें कैसे पता है? अरे तो मैं ये सब उससे पूछ रहा था। उसी समय

253
00:17:03,520 --> 00:17:07,600
मैंने किसी बात पर उससे कहा था कि चलो चलो चलो चलो इसलिए कहा

254
00:17:07,600 --> 00:17:11,840
था कि भाई सब बातें एक तरफ करो तुम बताओ वेद में कहां लिखा है जो

255
00:17:11,840 --> 00:17:16,240
चीजें तुम क्लेम कर रहे हो है ना तो मैंने चलो चलो जब कहा तो बड़े ही उपहास

256
00:17:16,240 --> 00:17:20,240
पूर्वक उसने मुझसे कहा था कि चलो चलो कहां चलें कहां चलें

257
00:17:20,240 --> 00:17:25,280
चलो चलो कहां चले गया क्या साफसाफ बोलो

258
00:17:25,280 --> 00:17:29,360
आहान दो आह्वान मतलब मजाक बनाया था मेरे मुख से निकले हुए और शब्दों

259
00:17:29,360 --> 00:17:33,360
का और फिर कहा था आह्वान करो आहान है ना

260
00:17:33,360 --> 00:17:37,440
तो आज मैं तेरा आहान कर रहा हूं। आज मैं तेरा आहान कर

261
00:17:37,440 --> 00:17:41,600
रहा हूं। मेरी जो पूज्य दीदी है ना रंजना अग्निहोत्री

262
00:17:41,600 --> 00:17:45,680
जी उनके सानिध्य से तेरा आहान कर रहा हूं। मेरे जो साथ में खड़े

263
00:17:45,680 --> 00:17:50,000
हुए हैं ना अधिवक्ता गण अभिषेक द्विवेदी उत्कर्ष प्रताप

264
00:17:50,000 --> 00:17:54,080
सिंह इन सबके साथ खड़ा होकर के मैं तेरा आहान कर रहा हूं। अब आ हा हाई

265
00:17:54,080 --> 00:17:57,360
कोर्ट में कर दिया मैंने आहान।

266
00:17:57,360 --> 00:18:01,760
तो बहुत-बहुत आभार आपका यहां पर समय देने के लिए

267
00:18:01,760 --> 00:18:06,720
और एक बार सबको साधुवाद। हरिशंकर जैन जी को साधुवाद।

268
00:18:06,720 --> 00:18:10,080
हमारी माननीय पूज्य रंजना दीदी को

269
00:18:10,080 --> 00:18:14,240
ढेर सारा साधुवाद और अभिषेक द्विवेदी जी को साधुवाद।

270
00:18:14,240 --> 00:18:18,320
उत्कर्ष प्रताप सिंह जी को साधुवाद। और इस पूरे अभियान

271
00:18:18,320 --> 00:18:22,640
में जो जो भी कहीं-कहीं पर भी निमित्त हैं हमारे जो बजरंग दल के भी सहयोगी इसमें

272
00:18:22,640 --> 00:18:27,200
साथ में हैं उनको भी ढेर सारा साधुवाद और

273
00:18:27,200 --> 00:18:31,280
मुझे ऐसा विश्वास है कि यह हमारा जो

274
00:18:31,280 --> 00:18:35,360
अभियान है निश्चित रूप से एक अपने परिणाम को प्राप्त करेगा। जैसा

275
00:18:35,360 --> 00:18:39,840
कि हमारी माननीय अग्रजा रंजना अग्निहोत्री

276
00:18:39,840 --> 00:18:43,840
जी ने कहा था। जल्द ही हमको शुभ समाचार प्राप्त होंगे

277
00:18:43,840 --> 00:18:48,320
और इसमें यथावत जितने भी विधर्मी हो उनके विरुद्ध कारवाई होगी।

278
00:18:48,320 --> 00:18:52,930
सभी को जय श्री राम।

279
00:18:52,930 --> 00:18:56,930
[संगीत]
