1
00:00:00,080 --> 00:00:02,320
जो रामपाल का हम्म ये

2
00:00:02,320 --> 00:00:06,480
सेट इनका फोटो लगा करके अभद्र टीका

3
00:00:06,480 --> 00:00:12,480
टिप्पणियां लिखते हुए हास्य प्रद पाखंडी और कुछ

4
00:00:13,120 --> 00:00:17,200
मुझे प्रमाण से बताइए कि कबीर कबीर कैसे बना बस प्रमाण से तो

5
00:00:17,200 --> 00:00:23,200
ऐसा ना भाव से क्षमा चाहते नहीं वो नहीं

6
00:00:23,440 --> 00:00:27,680
जानकारी कौन सी संस्था कौन सा वो रजिस्टर्ड है जैसे व्यक्ति अपराध

7
00:00:27,680 --> 00:00:32,000
के उसमें दो मुकदमों में आजीवन वो उसके सीधे

8
00:00:32,000 --> 00:00:38,000
प्रवचन आते हैं लाइव

9
00:00:38,640 --> 00:00:44,240
आप झंडा कहूंगी कि आप झंडा एक झंडा

10
00:00:44,240 --> 00:00:49,440
झंडा मतलब है आप देश में आंतरिक कलह फैलाना चाहते हैं।

11
00:00:49,440 --> 00:00:54,300
आप ये किताबें बेचते हो?

12
00:00:54,300 --> 00:00:58,320
[संगीत]

13
00:00:58,320 --> 00:01:02,480
मर जाएंगे मगर ये नहीं बिकने देंगे समझे ये

14
00:01:02,480 --> 00:01:06,720
इनके कपट पूर्ण कृत है कपट पूर्ण कृत हैं और कपट

15
00:01:06,720 --> 00:01:11,040
पूर्ण कृत्यों से को आगे रख के ये धर्मांतरण का काम

16
00:01:11,040 --> 00:01:15,040
ये सब है कालनेमी और कालनेमी का इलाज जो है हनुमान जी ने अच्छे

17
00:01:15,040 --> 00:01:21,040
से किया था तो कर रही है इस अभियान में रामपाल के गिरोह का नाश

18
00:01:21,280 --> 00:01:25,520
तो सभी को जय श्री राम आज आज हम

19
00:01:25,520 --> 00:01:29,760
साथ में हैं हमारी अग्रजा है यहां पर रंजना

20
00:01:29,760 --> 00:01:33,840
अग्निहोत्री जी जिन्होंने इस

21
00:01:33,840 --> 00:01:38,320
युद्ध की कमान को अपने हाथों में लिया है जो रामपाल

22
00:01:38,320 --> 00:01:42,560
के गिरोहों द्वारा सनातन का लगातार अपमान किया जा रहा है

23
00:01:42,560 --> 00:01:46,560
और हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया जा रहा है तो

24
00:01:46,560 --> 00:01:50,720
अब हम काफी दिनों से इस युद्ध में चल

25
00:01:50,720 --> 00:01:55,280
रहे थे सक्रिय थे अब हमारी अग्रजा उन्होंने

26
00:01:55,280 --> 00:01:59,440
हमें अपना नेतृत्व प्रदान किया है। तो आज हम उनके समक्ष आए

27
00:01:59,440 --> 00:02:03,840
हैं। आप लोगों को कुछ जरूरी कुछ महत्वपूर्ण

28
00:02:03,840 --> 00:02:08,320
बातें बताने के लिए केस के बारे में और जो

29
00:02:08,320 --> 00:02:12,640
माननीय हमारी रंजना अग्निहोत्री जी हैं उनके बारे में

30
00:02:12,640 --> 00:02:17,280
और जो हमारी हिंदू फ्रंट फॉर

31
00:02:17,280 --> 00:02:21,360
जस्टिस संस्था है जिसके द्वारा यह जो केस है फाइल

32
00:02:21,360 --> 00:02:25,440
हुआ है रामपाल गिरोह के विरुद्ध उसके बारे में एक

33
00:02:25,440 --> 00:02:29,840
समग्र एक वीडियो यह आपको मिलने वाला है। तो अ

34
00:02:29,840 --> 00:02:34,080
सबसे पहले हम अग्रजा जी आपको

35
00:02:34,080 --> 00:02:36,400
बहुत-बहुत आपका आभार। आपका सम्मान

36
00:02:36,400 --> 00:02:41,040
पूर्वक सम्मान करते हैं कि आपने हमें जो है मार्गदर्शन प्रदान किया अपना

37
00:02:41,040 --> 00:02:45,040
और हमारा यह जो बिखरा हुआ एक अभियान था ना उसको

38
00:02:45,040 --> 00:02:49,360
आपके कारण एक नेतृत्व मिला और एक सूत्र

39
00:02:49,360 --> 00:02:53,760
में बंध पाया ये क्योंकि अ गुरुओं

40
00:02:53,760 --> 00:02:58,240
के सानिध्य में रहकर के हमें शास्त्र के विषयक्त

41
00:02:58,240 --> 00:03:02,240
जानकारियां प्राप्त हुई जिससे हम जो कर सकते थे हमने अपने अनुसार

42
00:03:02,240 --> 00:03:06,560
किया सही पर जो संवैधानिक जानकारी है। कानूनी

43
00:03:06,560 --> 00:03:10,720
जो भाषा होती है वो क्या होती है? उससे हम बिल्कुल अनभिज्ञ थे। तो ऐसे

44
00:03:10,720 --> 00:03:14,880
में आपने अपना हमें सानिध्य दिया तो उसके लिए हम बहुत-बहुत वो भी हमारे

45
00:03:14,880 --> 00:03:19,120
गुरुदेव की कृपा ही है कि हर जगह पर मार्गदर्शन करते

46
00:03:19,120 --> 00:03:23,200
हैं और उन्होंने ही सल दिया है कि धर्म के

47
00:03:23,200 --> 00:03:27,360
मार्ग पर धर्म सम्मत कार्य करने की हमको बुद्धि मिली है

48
00:03:27,360 --> 00:03:31,680
और उसी में आपका साथ मिला। तो जहां तक हमसे संभव होगा

49
00:03:31,680 --> 00:03:35,680
हर प्रकार से आपके इस आंदोलन में सनातन धर्म के साथ

50
00:03:35,680 --> 00:03:39,280
मैं हूं।

51
00:03:39,280 --> 00:03:44,960
हमारी अग्रचा का पहले हम आपको एक परिचय बता दें कि माननीय

52
00:03:44,960 --> 00:03:49,280
जो पूज्यपाद ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद

53
00:03:49,280 --> 00:03:54,400
सरस्वती जी हैं उनकी शिष्या हैं और

54
00:03:54,400 --> 00:03:58,480
राम मंदिर के राम जन्मभूमि वाले केस में और अनेकों

55
00:03:58,480 --> 00:04:02,640
ऐसे हिंदुत्ववादी जो केस हैं जिसमें कि हम हिंदुओं की रक्षा हुई

56
00:04:02,640 --> 00:04:06,640
है। ऐसे केसेस में अग्रणी और सक्रिय भूमिका

57
00:04:06,640 --> 00:04:10,720
इनकी है जो अभी हम आगे अह ज्ञात करेंगे। थोड़ा सा

58
00:04:10,720 --> 00:04:14,880
माननीय दर्शकों को आपकी जो जीवन यात्रा है ना थोड़ा सा

59
00:04:14,880 --> 00:04:18,960
कुछ उसके बारे में बता दें। कैसे क्या मेरी जीवन यात्रा तो हमारे

60
00:04:18,960 --> 00:04:23,280
गुरुदेव गुरुदेव ब्रह्मलीन ज्योतिष पीठाधीश्वर द्वारका

61
00:04:23,280 --> 00:04:27,440
शारदा पीठाधीश्वर जगभगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

62
00:04:27,440 --> 00:04:31,680
जी के ही सानिध्य से उन्हीं के आशीर्वाद से प्रारंभ हुई और उन्हीं

63
00:04:31,680 --> 00:04:35,680
के शुभ आशीष से मुझे राम जन्मभूमि के वाद

64
00:04:35,680 --> 00:04:39,680
में इलाहाबाद हाई कोर्ट से ले उच्चतम न्यायालय तक

65
00:04:39,680 --> 00:04:44,080
अपने पक्ष को प्रस्तुत करने का अवसर मिला और गुरु कृपा से

66
00:04:44,080 --> 00:04:48,160
श्री राघवेंद्र सरकार की कृपा कृ से हम लोग यह दिन देख रहे हैं कि उसी

67
00:04:48,160 --> 00:04:52,240
स्थान पर दिव्य और भव्य भगवान श्री राम का मंदिर

68
00:04:52,240 --> 00:04:54,560
बन पाया है और हम सब अपने भौतिक नेत्रों

69
00:04:54,560 --> 00:04:58,560
से दर्शन कर पा रहे हैं। जी जी और गुरुदेव के सानिध्य से

70
00:04:58,560 --> 00:05:02,720
गुरुदेव के आशीर्वाद से जो जो मार्गदर्शन मिला उसको मैंने अक्षरश अपने

71
00:05:02,720 --> 00:05:06,880
जीवन में उतारा और उनके बताए हुए धर्म के मार्ग पे

72
00:05:06,880 --> 00:05:11,120
और महाराज मनुस्मृति मनु महाराज ने मनुस्मृति में जो मार्ग दिखाया

73
00:05:11,120 --> 00:05:15,120
उस पर मैंने अपने जीवन को चलने की चलने का प्रयत्न किया है।

74
00:05:15,120 --> 00:05:19,840
अब मैं कितना चल पा रही हूं वो तो ऊपर वाले

75
00:05:19,840 --> 00:05:24,000
प्रभु को ही जी ज्ञात होगा कि गुरुजन जो गुरु गुरुजन

76
00:05:24,000 --> 00:05:28,400
अथवा जो ईश्वर है वही उसका वही उसका आकलन कर पाएंगे जी जी

77
00:05:28,400 --> 00:05:32,880
बहुत ही सुंदर बहुत ही सुंदर माननीय एक हमारी जो

78
00:05:32,880 --> 00:05:36,880
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस हम जो संगठन है हमारा हालांकि

79
00:05:36,880 --> 00:05:41,040
यद्यपि मैं भी उसका एक सदस्य हूं पर थोड़ा सा आप आप पदाधिकारी हो

80
00:05:41,040 --> 00:05:45,200
उसमें आप जी जी जी तो परंतु आपके मुखार बिंदु

81
00:05:45,200 --> 00:05:49,520
से थोड़ा सा दर्शकों को उसका भी एक परिचय मिल जाए कि देखिए हिंदू फ्रंट

82
00:05:49,520 --> 00:05:53,520
फॉर जस्टिस का जो गठन हुआ था वर्ष

83
00:05:53,520 --> 00:05:57,920
2012 में हुआ था और 2012 से लगातार अनवरत

84
00:05:57,920 --> 00:06:01,920
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस काम करता चला आया। इसके संरक्षक माननीय

85
00:06:01,920 --> 00:06:05,920
हरिशंकर जैन जी हैं। मैंने और हरिशंकर जैन जी ने मिलकर हिंदू

86
00:06:05,920 --> 00:06:09,840
फ्रंट फॉर जस्टिस का गठन किया। उसका रजिस्ट्रेशन हुआ।

87
00:06:09,840 --> 00:06:14,480
यह बतौर न्यास रजिस्टर्ड है और अह

88
00:06:14,480 --> 00:06:18,800
विभिन्न न्यायालयों में कम से कम 150 से ऊपर

89
00:06:18,800 --> 00:06:23,040
मुकदमे किए हैं जो हिंदुओं के

90
00:06:23,040 --> 00:06:27,040
हिंदुओं के अधिकारों को का जहां हनन हो रहा था

91
00:06:27,040 --> 00:06:31,440
धर्म की रक्षा के लिए या मंदिरों को जहां तोड़ा जा रहा था हिंदुओं के साथ अन्याय

92
00:06:31,440 --> 00:06:36,080
हो रहे थे उन मुकदमों को हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस ने किया है।

93
00:06:36,080 --> 00:06:40,720
अच्छा अच्छा अच्छा जैसे मुझे मुझे ज्ञात है कि

94
00:06:40,720 --> 00:06:44,800
राम मंदिर में तो आपकी अग्रणी भूमिका रही थी इसके अलावा

95
00:06:44,800 --> 00:06:49,440
थोड़ा सा कृष्ण जन्मभूमि काशी विश्वनाथ और मुझे भोजशाला

96
00:06:49,440 --> 00:06:53,520
वाला विषय भी पता है जिसमें आपकी अग्रणी भूमिका रही थी हमारे संगठन की

97
00:06:53,520 --> 00:06:57,680
भी तो इसमें थोड़ा सा कुछ कृष्ण जन्मभूमि में जो

98
00:06:57,680 --> 00:07:01,680
पहला मुकदमा दायर हुआ है उसमें बतौर भगवान कृष्ण के वाद मित्र मैं

99
00:07:01,680 --> 00:07:05,840
हूं माता श्रृंगार गौरी का जो काशी का केस है उसमें भी माता माता

100
00:07:05,840 --> 00:07:09,920
श्रृंगार गौरी के बतौर वाद मित्र हूं और जो भोजशाला वाला

101
00:07:09,920 --> 00:07:13,920
केस है भोजशाला में जो जिला धार पड़ता

102
00:07:13,920 --> 00:07:18,000
है इंदौर में वहां पर महाराजा भोज के बनाई हुई एक भोजशाला

103
00:07:18,000 --> 00:07:22,000
थी जिसमें कि हजारों की संख्या में ब्राह्मणों को ज्योतिष व्याकरण सारी

104
00:07:22,000 --> 00:07:25,040
चीजें पढ़ाई जाती थी और उन उसका ध्वंस हुआ

105
00:07:25,040 --> 00:07:29,040
उसको तोड़ा गया वो भी वाद जो है हिंदू फ्रंट फायर जस्टिस के द्वारा दायर किया

106
00:07:29,040 --> 00:07:35,040
गया है वो लंबित है अच्छा

107
00:07:35,200 --> 00:07:39,200
तो एक कोई लखनऊ का भी केस आप देख रहे थे वो टीले वाली वो

108
00:07:39,200 --> 00:07:43,280
टीले वाली मस्जिद का 2012 में कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के खंडपीठ

109
00:07:43,280 --> 00:07:47,360
लखनऊ में दायर किया गया था तो उस समय सीनियर जज हुआ करते थे

110
00:07:47,360 --> 00:07:51,680
जस्टिस उमाना सिंह उनके यहां दायर किया गया था तो हमको

111
00:07:51,680 --> 00:07:55,680
और हरिशंकर जैन साहब को एज ए कमिश्नर बना करके कोर्ट ने वहां भेजा

112
00:07:55,680 --> 00:07:59,840
था और पूरी बड़ी कड़ी सुरक्षा में हम गए हमने वहां जांच पड़ताल

113
00:07:59,840 --> 00:08:03,920
की हमने पाया वहां पाताल कूप है उसको शेषनागस्ट पाताल कूप कहा

114
00:08:03,920 --> 00:08:08,000
गया वो मुकद अभी जो है नीचे के न्यायालय में लंबित है।

115
00:08:08,000 --> 00:08:12,640
जी जी जी तो यह हमारा सौभाग्य है

116
00:08:12,640 --> 00:08:16,640
कि इधर हम भी जगुरु शंकराचार्य जी के पूरी

117
00:08:16,640 --> 00:08:21,120
पीठाधीश्वर जी के शिष्य थे और इस

118
00:08:21,120 --> 00:08:25,120
अभियान में जो रामपाल का गिरोह है उसका प्रतिकार कर रहे थे जो भी

119
00:08:25,120 --> 00:08:29,200
जितने भी अंशों में कर पा रहे थे और जब विधि का

120
00:08:29,200 --> 00:08:33,200
विधान देखिए कि आ

121
00:08:33,200 --> 00:08:37,440
मतलब जो अंतिम समय में जो एक नहीं जो आपके जीवन में एक

122
00:08:37,440 --> 00:08:40,160
भगवत स्वरूप के रूप में प्रकट होता है। प्रकाश शक्ति के

123
00:08:40,160 --> 00:08:44,560
रूप में प्रकट होता है। तो हमें जो अग्रजा हमें प्राप्त हुई हमारी इस विषय में

124
00:08:44,560 --> 00:08:48,720
क्योंकि हम हमें हर तरफ से घेरा जा रहा था। जैसा कि आपको पता

125
00:08:48,720 --> 00:08:52,720
होगा अगर आप हमें फॉलो कर रहे थे तो ये सब लड़ाई में हमें हर तरफ से घेरा जा

126
00:08:52,720 --> 00:08:56,800
रहा था। झूठे मुकदमे पर्सनल थ्रेट्स भी दिए जा रहे थे। जान से

127
00:08:56,800 --> 00:09:01,040
मार देने की धमकियां वगैरह। बहुत सारी चीजें अभी भी चल रही हैं। हमारे जो हमसे

128
00:09:01,040 --> 00:09:05,040
जुड़े हुए लोग हैं उनके ऊपर झूठे मुकदमे हमारे घर पर हमला

129
00:09:05,040 --> 00:09:09,840
करने का प्रयास है। सारी चीजें चल रही थी। तो ऐसी स्थिति में और फिर भी हम

130
00:09:09,840 --> 00:09:13,920
लड़ने का प्रयास कर ही रहे थे यथावत। तो ऐसी स्थिति में अपने

131
00:09:13,920 --> 00:09:18,000
ज्ञान का प्रकाश लेकर के प्रकट हुई। तो वो भी कोई अन्य नहीं थी। वो भी हमारी

132
00:09:18,000 --> 00:09:22,000
गुरु बहन ही निकली। क्योंकि वो भी जगद्गुरु शंकराचार्य

133
00:09:22,000 --> 00:09:26,560
जी की ही शिष्या थी। और संयोग से

134
00:09:26,560 --> 00:09:30,640
यह बात परम सत्य है कि इस संसार

135
00:09:30,640 --> 00:09:34,800
में जब भी कभी कहीं पर भी

136
00:09:34,800 --> 00:09:38,800
धर्म को नष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। धर्म को क्षति

137
00:09:38,800 --> 00:09:43,040
पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। तो जो प्रयास करने वाला व्यक्ति

138
00:09:43,040 --> 00:09:47,200
है उसके समक्ष सबसे बड़ी बाधा जो होगी वो

139
00:09:47,200 --> 00:09:51,680
एक नाम होगा। उस वो नाम है शंकराचार्य। तो

140
00:09:51,680 --> 00:09:55,200
आप यह देख लीजिए कोई भी व्यक्ति जब सनातन की मूल मान्यताओं

141
00:09:55,200 --> 00:09:59,520
पर प्रहार करता है तो उसकी जो बुक्स होंगी उसके जो लिटरेचर होंगे

142
00:09:59,520 --> 00:10:04,160
उसकी जो भी चीजें होंगी वो चाहे जाकिर नायक से लेकर रामपाल तक कोई भी हो

143
00:10:04,160 --> 00:10:08,160
उसकी चीजों में आपको शंकराचार्य का नाम लेकर के

144
00:10:08,160 --> 00:10:12,240
और शंकराचार्य का नाम लेकर के कहीं ना कहीं शंकराचार्य के लिए विरोधाभासी

145
00:10:12,240 --> 00:10:16,320
चीजें मिलेंगी। बिल्कुल सही। तो आज हम मतलब मैं

146
00:10:16,320 --> 00:10:20,320
एक छोटे भाई के रूप में मतलब भाई बहन एक तरीके से

147
00:10:20,320 --> 00:10:24,320
अग्रजा और अनुज दोनों साथ में आए एक

148
00:10:24,320 --> 00:10:28,320
एक शारदा पीठाधीश्वर हमारे गुरुदेव तो दो पीठाधीश्वर

149
00:10:28,320 --> 00:10:32,320
थे एक जगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी

150
00:10:32,320 --> 00:10:36,320
श्री स्वरूपानंद जी की शिष्या महाराज जी के शिष्या और

151
00:10:36,320 --> 00:10:40,880
एक जो है जगदगुरु शंकराचार्य पूरी पीठाधीश्वर

152
00:10:40,880 --> 00:10:44,960
जी के शिष्य तो इस तरीके से देखिए ये विधि का विधान ही था कि हमें इनसे

153
00:10:44,960 --> 00:10:48,960
मिलना था। हमें प्राप्त हुआ। अ

154
00:10:48,960 --> 00:10:53,040
माननीय ये जो केस है ये इसकी गंभीरता पे थोड़ा सा

155
00:10:53,040 --> 00:10:57,200
प्रकाश डाल दें। किस प्रकार से ये गंभीर है? कैसे क्षति पहुंचा रहा है? देखिए

156
00:10:57,200 --> 00:11:01,840
सनातन के धर्म के विरुद्ध जी एक सुनियोजित

157
00:11:01,840 --> 00:11:06,000
षड्यंत्र बहुत दिनों से चल रहा है और उस सुनियोजित षड्यंत्र का

158
00:11:06,000 --> 00:11:10,400
टारगेट सिर्फ सनातन धर्म के साथ-साथ शंकराचार्य परंपरा

159
00:11:10,400 --> 00:11:14,560
के जो शिष्य हैं और जो चारों पीठे हैं हमारी उन चारों पीठों को

160
00:11:14,560 --> 00:11:18,640
टारगेट किया जा रहा है। चाहे वो राजनैतिक पार्टियां हो। राजनीतिक पार्टियों

161
00:11:18,640 --> 00:11:22,800
को भी हमारे शंकराचार्य फूटियां भा नहीं रहे और

162
00:11:22,800 --> 00:11:26,800
चाहे यह जो सुनियोजित षड्यंत्र के तहत धर्मांतरण चल

163
00:11:26,800 --> 00:11:30,800
रहा है चाहे अभी जो इटावा में कांड हुआ है सबसे पहली

164
00:11:30,800 --> 00:11:34,960
बात यह है कि ब्राह्मणों को टारगेट करो ब्राह्मणों को समाप्त कर दो

165
00:11:34,960 --> 00:11:38,960
अगर ब्राह्मणों को समाप्त कर दोगे तो धर्म संस्कृति समाप्त

166
00:11:38,960 --> 00:11:42,960
हो जाएगी और यह भारत नहीं रह जाएगा ये आर्यावर्त

167
00:11:42,960 --> 00:11:47,120
जो हम कहते हैं आर्यावर्त नहीं रह जाएगा और विधर्मियों के मंसूबे

168
00:11:47,120 --> 00:11:51,200
कामयाब हो जाएंगे। परंतु इस बात यह विषय बहुत गंभीर है।

169
00:11:51,200 --> 00:11:55,280
इस पर सोचना होगा। इस पर चिंतन करना होगा। और जो लोग यह हरकतें

170
00:11:55,280 --> 00:11:59,440
कर रहे हैं वो आखिर अपने हैं। ब्राह्मण तो सबको अपना मानता है। तभी तो हम कहते

171
00:11:59,440 --> 00:12:03,600
हैं कि विश्व का कल्याण हो। जी जी। प्राणियों में सद्भाव ना हो।

172
00:12:03,600 --> 00:12:07,760
पूरे विश्व में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जो ये कहता हो या कोई धर्म

173
00:12:07,760 --> 00:12:12,320
मत पंथ मजहब ऐसा नहीं जो कहता हो विश्व का कल्याण हो। जेएनयू

174
00:12:12,320 --> 00:12:16,320
में पोस्टर लिखे गए कि ब्राह्मणों भारत छोड़ो। अभी इटावा में लिखा गया

175
00:12:16,320 --> 00:12:20,560
कि ब्राह्मणों इस गांव में आना मना। इसका मतलब

176
00:12:20,560 --> 00:12:24,720
सबसे ज्यादा खतरा विधर्मियों को ब्राह्मणों से ही है। क्योंकि

177
00:12:24,720 --> 00:12:25,520
ब्राह्मणों ने

178
00:12:25,520 --> 00:12:29,600
अपनी शीश कटाने के बावजूद भी धर्म की रक्षा

179
00:12:29,600 --> 00:12:33,760
करने के लिए धर्म की रक्षा करने के लिए धर्म संस्कृति के संरक्षण

180
00:12:33,760 --> 00:12:37,840
के लिए प्राणों के बलिदान दिए। तो लोगों का यह मानना है विधर्मियों

181
00:12:37,840 --> 00:12:41,840
का मानना है कि अगर यह ब्राह्मण हट जाए तो इनको तो हम कन्वर्ट कर ही

182
00:12:41,840 --> 00:12:46,640
लेंगे। हम चाहे इस्लामिक कंट्री बना लें, चाहे हम

183
00:12:46,640 --> 00:12:50,720
ईसाइयत में कन्वर्ट कर लें। जी तो इसीलिए ये सब चाहे रामपाल का

184
00:12:50,720 --> 00:12:55,440
षड्यंत्र हो, चाहे इटावा वाला षड्यंत्र हो, चाहे और षड्यंत्र हो इसी के

185
00:12:55,440 --> 00:12:59,440
कारण चल रहे हैं। और वो तो मैं तुम्हें बहुत आशीर्वाद

186
00:12:59,440 --> 00:13:03,440
देना चाहती हूं कि तुमने जो है शंकराचार्य जी

187
00:13:03,440 --> 00:13:07,600
के शिष्य होने का पूरा धर्म और पूरा कर्तव्य का निर्वाहन

188
00:13:07,600 --> 00:13:11,920
किया। तुमने इसमें बहुत बड़ा शोध किया। तुमने सारी पुस्तकों

189
00:13:11,920 --> 00:13:16,240
को मेरे सामने रखा। उन पुस्तकों को मैंने देखा और हमारे देवी

190
00:13:16,240 --> 00:13:20,400
देवताओं को, हमारे सनातन धर्म को, हमारे ब्राह्मणों को जिस

191
00:13:20,400 --> 00:13:24,400
तरीके से अभद्र टीका टिप्पणी की गई है। पूरे के पूरे धर्म

192
00:13:24,400 --> 00:13:28,400
को की परिभाषा ही चेंज कर दी। जिससे कि आज से 100

193
00:13:28,400 --> 00:13:32,480
साल बाद, 200 साल बाद आने वाली जो पीढ़ी है

194
00:13:32,480 --> 00:13:36,640
वो देखे तो कहे कि सनातन धर्म के देवी देवता इसी प्रकार के थे।

195
00:13:36,640 --> 00:13:40,880
इसलिए इस पर रोक लगाना बहुत आवश्यक है। जो शोध

196
00:13:40,880 --> 00:13:44,960
हमारे अनुज के द्वारा किया गया उस शोध को मैंने देखा और पाया कि

197
00:13:44,960 --> 00:13:49,040
यह तथ्य परक है और इसी को लेके माननीय न्यायालय में हिंदू

198
00:13:49,040 --> 00:13:53,760
फ्रेंड फॉर जस्टिस की तरफ से याचिका दायर की गई और

199
00:13:53,760 --> 00:13:58,080
ये जिला संयोजक हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस के हैं। इसके अलावा 18

200
00:13:58,080 --> 00:14:02,640
लोग और हैं जिसमें जगद्गुरु शंकराचार्य जी के शिष्य हैं। जगतगुरु रामभद्राचार्य

201
00:14:02,640 --> 00:14:06,880
जी के शिष्य हैं। कथावाचक हैं, एडवोकेट्स हैं।

202
00:14:06,880 --> 00:14:11,040
यानी कि प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने जब देखा और यह जाना कि

203
00:14:11,040 --> 00:14:15,200
यह धर्म की हानि हो रही है तो हमें आगे आना पड़ेगा। इस कारण ये याचिका

204
00:14:15,200 --> 00:14:19,200
दायर हुई है और इसकी स सुनवाई जो है मंगलवार को है

205
00:14:19,200 --> 00:14:23,440
और मुझे आशा ही नहीं विश्वास है कि हमारे गुरुदेव की कृपा

206
00:14:23,440 --> 00:14:27,840
से निश्चित ही कहानी परिणाम तक पहुंचेगी।

207
00:14:27,840 --> 00:14:31,840
बहुत बहुत आपका आशीर्वाद रहा।

208
00:14:31,840 --> 00:14:37,840
ईश्वर और गुरु का आशीर्वाद रहा तो अवश्य ही लक्ष्य को प्राप्त अवश्य करेंगे।

209
00:14:39,120 --> 00:14:43,120
इसमें आपने वो वाली बात ला ही दी कि मैं आपको बुलाने वाला था कि ये क्या

210
00:14:43,120 --> 00:14:47,280
करते हैं कि जब सनातन को आघात पहुंचाना

211
00:14:47,280 --> 00:14:51,280
है तो देखना है कि उसके स्त्रोत क्या है? स्त्रोत क्या है? ब्राह्मण स्त्रोत है तो उस पर

212
00:14:51,280 --> 00:14:55,680
वार करो। ब्राह्मण है, मनुस्मृति है, वेद है, रामायण है,

213
00:14:55,680 --> 00:15:00,080
जो हमारे धार्मिक ग्रंथ है उन पर प्रहार करो। आधी अधूरी चौपाई पढ़ के

214
00:15:00,080 --> 00:15:04,080
देश में उसके दरिया बहाओ और सबसे बड़ी बात क्या

215
00:15:04,080 --> 00:15:08,160
है ना कि हम जिसको कहते हैं स्त्री जो शक्ति

216
00:15:08,160 --> 00:15:12,240
है स्त्रियों के दिमाग में ऐसी बातें भर दी गई हैं इसको

217
00:15:12,240 --> 00:15:17,200
भी विधर्मी भरने में सफल हो गए हैं कि मानस

218
00:15:17,200 --> 00:15:21,440
आपके विरुद्ध बोलती है। मनुस्मृति आपके विरुद्ध बोलती है।

219
00:15:21,440 --> 00:15:26,160
आज दिल्ली न्याय न्यायालय के एक न्यायाधीश महोदय ने लिखा है कि मनुस्मृति

220
00:15:26,160 --> 00:15:30,160
से ज्यादा स्त्रियों का सम्मान किसी धर्म ग्रंथ में है ही नहीं। क्या

221
00:15:30,160 --> 00:15:34,480
बात है। जब तक आप पढ़ेंगे नहीं किसी शास्त्र को समझेंगे नहीं

222
00:15:34,480 --> 00:15:38,640
आप जला रहे हैं। पैरों तले रौंद रहे हैं। ये सब चीजें चल

223
00:15:38,640 --> 00:15:42,880
रही हैं। हमें तो कहीं ना कहीं उठ के खड़े होना ही होगा और धर्म की रक्षा

224
00:15:42,880 --> 00:15:47,440
के लिए जन्म हुआ है और धर्म की रक्षा अंतिम स्वास तक हम लोग करेंगे।

225
00:15:47,440 --> 00:15:51,680
जी जी जी बिल्कुल करेंगे। बिल्कुल करेंगे। हमारा जीवन उसी को समर्पित कर

226
00:15:51,680 --> 00:15:54,560
बिल्कुल सही

227
00:15:54,560 --> 00:15:55,440
वर्णाश्रम

228
00:15:55,440 --> 00:15:59,840
ब्राह्मण इत्यादि पर आघात करने के साथ-साथ ये देखते हैं कि हमारे जो आचार्य

229
00:15:59,840 --> 00:16:04,000
पीठे हैं शंकराचार्य पीठ तो है ही साथ ही साथ जैसे

230
00:16:04,000 --> 00:16:08,000
आपने नाम लिया पूज्य रामद्राचार्य जी का और भी अन्य

231
00:16:08,000 --> 00:16:12,160
जो हमारे आचार्य गण राघवाचार्य जी महाराज ये जो सेक्ट है राम जो

232
00:16:12,160 --> 00:16:16,400
रामपाल का है हम ये सेट इनका फोटो लगा

233
00:16:16,400 --> 00:16:21,120
के अभद्र टीका टिप्पणियां लिखते हुए हास्यप्रद पाखंडी

234
00:16:21,120 --> 00:16:25,200
और कुछ-कुछ फोटो तो ऐसे भी बनाते हैं इसमें जितने भी संत होंगे उन

235
00:16:25,200 --> 00:16:29,840
सबके फोटो और उनके बारे में एक कोई ना कोई अभद्र मजाकिया कुछ हास्यप्रद

236
00:16:29,840 --> 00:16:33,920
बात लिखते हुए फिर उनका मजाक उड़ाना कार्टून बनाना तो ये सब

237
00:16:33,920 --> 00:16:37,920
चीजें भी ये कर रहा है जिससे कि हमारा मतलब हमारा जो सामान्य वर्ग है

238
00:16:37,920 --> 00:16:42,000
जो जानता ही नहीं है कि आचार्य कौन होना चाहिए कौन नहीं होना चाहिए ग्रंथ कौन से हैं कौन

239
00:16:42,000 --> 00:16:46,080
से नहीं तो वह पहले ही जो शिक्षा के मूल स्त्रोत

240
00:16:46,080 --> 00:16:51,440
हैं उनके प्रति अनास्थावान हो जाए तो इसको तो देखो

241
00:16:51,440 --> 00:16:55,440
हम रामपाल पे ही क्यों जाए? हम 70 वर्षों में हिंदू

242
00:16:55,440 --> 00:16:59,680
समाज जो था ना फिल्मी गानों और फिल्मों के चक्कर में पड़ा रहा।

243
00:16:59,680 --> 00:17:03,680
बॉलीवुड ने जितना नुकसान किया है हिंदू समाज का

244
00:17:03,680 --> 00:17:07,760
जितने देवी देवताओं का अपमान किया है जितने ब्राह्मण समाज

245
00:17:07,760 --> 00:17:10,480
का या क्षत्रिय समाज का या वैश्य का

246
00:17:10,480 --> 00:17:14,640
पुरानी जितनी भी पिक्चर होंगी एक मदर इंडिया पिक्चर आई थी नरगिस की उसमें

247
00:17:14,640 --> 00:17:19,680
देखो जब नरगिस का बलात्कार कोई कर रहा था तो उसमें

248
00:17:19,680 --> 00:17:23,840
एक व्यक्ति माथे पर टीका लगाया था दुकान चलती थी उसकी यानी कि वह

249
00:17:23,840 --> 00:17:27,920
वेशभूषा से वैश्य लगता था और जय अंबे

250
00:17:27,920 --> 00:17:32,160
दुर्गा जय अंबे दुर्गा करके दुर्गा माता की आरती करके अटेमप्ट टू रेप

251
00:17:32,160 --> 00:17:36,560
करने की कोशिश की। यह दिखाया गया। बचाने कौन आया? खान चाचा। शोले

252
00:17:36,560 --> 00:17:40,800
पिक्चर में खान चाचा का रोल बहुत अच्छा है। हर पिक्चर

253
00:17:40,800 --> 00:17:45,120
में हर सिनेमा में कोई व्यक्ति अगर संजीदा

254
00:17:45,120 --> 00:17:49,200
एक सम्मानित किरदार दिया जाता है। एक सम्मानित किरदार तो विधर्मी दिया जाता

255
00:17:49,200 --> 00:17:53,680
है और जो ब्राह्मण है उसको दिखाया जाएगा कि बहुत लालची है। जो क्षत्रिय

256
00:17:53,680 --> 00:17:58,800
है वो जिम्मेदार दिखाया जाएगा और सबकी जमीनें हड़प लेता है। सब

257
00:17:58,800 --> 00:18:02,880
यानी कि स्त्रियों से बलात्कार करता है। बनिया सारा कालाबाजारी

258
00:18:02,880 --> 00:18:06,960
करता है और जो है शूद्र है वो बहुत प्रताड़ित है। एक

259
00:18:06,960 --> 00:18:10,960
बात बॉलीवुड दूसरी बात प्रेमचंद बड़ी जिम्मेदारी से कहूंगी कि प्रेमचंद

260
00:18:10,960 --> 00:18:15,600
ने भी समाज के चातुर चारों वर्णों में फूट डालने की कोशिश की।

261
00:18:15,600 --> 00:18:19,600
उसके बाद अब तो यह सब जो टूटपुंजे आ ही गए हैं। अब एक बात

262
00:18:19,600 --> 00:18:23,760
और भी है इंपॉर्टेंट। चारों वर्णों में फूट डाल दी।

263
00:18:23,760 --> 00:18:25,600
देखा कि बहुत कुछ सक्सेस नहीं मिल

264
00:18:25,600 --> 00:18:29,680
रही। बहुत सफलता नहीं मिल रही है। तो सोचा भाई सफलता नहीं मिल रही। अब क्या

265
00:18:29,680 --> 00:18:34,000
करूं? अब घरों में जाकर एंट्री मारू। घरों में जाके घर की स्त्रियों

266
00:18:34,000 --> 00:18:38,320
से महिलाओं से बेटियों से ऐसी बात करी बताया कि मानस

267
00:18:38,320 --> 00:18:43,040
में तो लिखा है ढोल गवार शूद्र पसमारी सकल ताड़ना के अधिकारी।

268
00:18:43,040 --> 00:18:47,360
इसका मतलब है स्त्रियों को मारने की बात कही है। अब स्त्रियों ने

269
00:18:47,360 --> 00:18:51,920
अपना दिमाग नहीं लगाया। जिसने बरगलाया सोच लिया कि सही कह रहा है ये तो।

270
00:18:51,920 --> 00:18:56,000
उसका परिणाम ये हुआ कि विवाह करने के बाद स्त्रियां कोई

271
00:18:56,000 --> 00:19:00,080
भी लड़की का विवाह होता है। विवाह होने के बाद जाती है और जाने

272
00:19:00,080 --> 00:19:04,800
के छ ही महीने के बाद ससुराल के पक्ष पर 498

273
00:19:04,800 --> 00:19:09,120
125 दुनिया भर के मुकदमे लगा देती है। ये इनकी चाल

274
00:19:09,120 --> 00:19:13,200
है और इस चाल ये चाल यहीं नहीं खत्म हो जाती। ये चाल और

275
00:19:13,200 --> 00:19:17,280
बड़ा रूप लेती है। क्या बड़ा रूप लेती है? कि रामायण को

276
00:19:17,280 --> 00:19:21,840
लाल कपड़े में बांध के रख दो। मत पढ़ो। जी। हमारे सनातन धर्मावलंबियों

277
00:19:21,840 --> 00:19:25,920
ने सोचा कि रामायण हमारा पवित्र ग्रंथ है। इसको लाल कपड़े में बांध के रख

278
00:19:25,920 --> 00:19:30,080
दो। इसको मत पढ़ो। और महाभारत बिल्कुल मत पढ़ो। घर में भी मत रखो।

279
00:19:30,080 --> 00:19:34,400
महाभारत जय ग्रंथ है कि अगर महाभारत कोई पढ़ लेगा तो वो सोचेगा

280
00:19:34,400 --> 00:19:38,880
कि हमें जीवन कैसे जीना चाहिए और जीवन

281
00:19:38,880 --> 00:19:40,640
में जो हमारे नकारात्मक पहलू है

282
00:19:40,640 --> 00:19:44,800
उनको कैसे हटाना चाहिए। जय ग्रंथ। इस जय ग्रंथ के विषय में कहा गया कि

283
00:19:44,800 --> 00:19:48,960
अगर आप इसको पढ़ेंगे तो आपके घर में कलह हो जाएगी। लड़ाई हो जाएगी। लड़ाई हो जाएगी।

284
00:19:48,960 --> 00:19:53,120
इसी षड्यंत्र का शिकार हमारे भोलीभाली सनातन धर्मावलंबी

285
00:19:53,120 --> 00:19:57,200
जनता हो गई। उसका रीजन क्या है? क्योंकि आपने किसी

286
00:19:57,200 --> 00:20:01,360
गुरु का सानिध्य प्राप्त नहीं किया। आपने किसी परंपरागत

287
00:20:01,360 --> 00:20:05,360
गुरु का सानिध्य अगर प्राप्त किया होता। सड़क चलते आपने जिसको चाहा गुरु

288
00:20:05,360 --> 00:20:09,760
बना लिया। अब ब्राह्मण बना लिए अविद्वान बना लिए।

289
00:20:09,760 --> 00:20:13,840
इनको वेदों वेदों को छोड़ दो। हनुमान चालीसा का भी ज्ञान नहीं है।

290
00:20:13,840 --> 00:20:18,320
लेकिन वेद से ऋग्वेद से ले हनुमान चालीसा तक सब वैदिक बातें यही है।

291
00:20:18,320 --> 00:20:22,560
तो कहा जाता है कि पानी पियो छान के गुरु करो जान

292
00:20:22,560 --> 00:20:26,560
के और ऐसे गुरु का सानिध्य करिए जिसके कम से कम आप अपने

293
00:20:26,560 --> 00:20:30,640
गुरु के दादा गुरु का नाम तो जानते हो। जी जी जी बिल्कुल ब्रह्म का

294
00:20:30,640 --> 00:20:35,040
ज्ञान तो हो। परंपरा प्राप्त आचार्य को आप गुरु बनाइए। जब परंपरा

295
00:20:35,040 --> 00:20:39,040
प्राप्त आचार्य को आप गुरु बनाएंगे तो ये सारी समस्याएं जीवन

296
00:20:39,040 --> 00:20:43,760
में नहीं आएंगी। लेकिन पिछले 70 वर्षों से चल रही है।

297
00:20:43,760 --> 00:20:47,920
हमारे आचार्यों ने प्रयत्न किया। लेकिन क्या होता है ना

298
00:20:47,920 --> 00:20:52,480
राजसत्ता जब हावी होती है। राजसत्ता

299
00:20:52,480 --> 00:20:55,920
आचार्य सत्ता के ऊपर हावी होती है तो आचार्य अपना काम धीरे-धीरे

300
00:20:55,920 --> 00:20:59,920
करते रहते हैं। लेकिन वो व्यवस्थाएं नहीं होती हैं। वो चीजें नहीं

301
00:20:59,920 --> 00:21:05,920
पब्लिक में आ पाती हैं जो राजसत्ता दे सके। जी जी जी

302
00:21:07,120 --> 00:21:11,120
अच्छा माननीय ये मतलब

303
00:21:11,120 --> 00:21:15,600
पर्टिकुलर अगर अगर हम इस गिरोह की बात करें जिसके विरुद्ध हम कोर्ट में गए हैं

304
00:21:15,600 --> 00:21:19,600
तो इसने कई सारे ऑफेंसेस ऑफेंसिव जो चीजें हैं वो

305
00:21:19,600 --> 00:21:23,760
दिखती हैं इसके द्वारा जो की जाती है जैसे अ सबसे पहले एक दिखता

306
00:21:23,760 --> 00:21:28,400
है कि सीधे-सीधे हिंदुओं की भावनाएं आहात करने वाली असली टिप्पणियां अभद्र

307
00:21:28,400 --> 00:21:32,560
बातें मजाक तू तड़ाक सब कुछ हमारे जो आराध्य देवी देवता है उनके बारे

308
00:21:32,560 --> 00:21:36,640
हम इसके साथ ही साथ फिर एक दूसरा दिखता है कि यह जो पूरा

309
00:21:36,640 --> 00:21:40,640
यह सेक्ट खड़ा हुआ है ना तो कोई कहीं

310
00:21:40,640 --> 00:21:44,720
पर रजिस्टर्ड अभी तक हमें कुछ प्राप्त हुई जानकारी कि कौन सी संस्था कौन सा

311
00:21:44,720 --> 00:21:48,800
वो रजिस्टर्ड है जिसके द्वारा मतलब हम कल को किसी पे क्लेम करें तो

312
00:21:48,800 --> 00:21:52,800
वो सामने से आने को भी नहीं तैयार होते कि कौन आएगा पक्षकार के

313
00:21:52,800 --> 00:21:56,880
रूप में और फिर इनकी किताबें जहां छप रही

314
00:21:56,880 --> 00:22:01,280
है वहां कोई और कारखाना है बरवाला ये इनके कपटपुर कृत

315
00:22:01,280 --> 00:22:05,280
हैं कपट पूर्ण कृत है और कपट पूर्ण कृत्यों से को

316
00:22:05,280 --> 00:22:09,360
आगे रख के यह धर्मांतरण का काम और ये नया

317
00:22:09,360 --> 00:22:10,960
मत पंथ मजहब चलाना चाहते

318
00:22:10,960 --> 00:22:15,120
हैं। रामपाल का एक मजहब चलाना चाहते हैं। जबकि रामपाल के बारे में मुझे

319
00:22:15,120 --> 00:22:19,120
जानकारी जहां तक है ना वेदों का ज्ञान है ना शास्त्रों का ज्ञान है

320
00:22:19,120 --> 00:22:23,120
और ना ही कोई बहुत मजबूत चरित्र का ये व्यक्ति है।

321
00:22:23,120 --> 00:22:27,120
जी जी और इतना ही नहीं कि हमारे शास्त्रों को लिखा हो, हमारे वेदों को लिखा

322
00:22:27,120 --> 00:22:31,760
हो। इनके यहां से तो जो पुस्तकें छपी हैं उन उसने माननीय न्यायालयों

323
00:22:31,760 --> 00:22:35,840
की भी धज्जियां उड़ाई है। उनके ऊपर भी ऐसेसे शब्द लिखे हैं कि

324
00:22:35,840 --> 00:22:40,080
अब आप न्यायालय को नहीं मानोगे। न्यायालय के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करोगे।

325
00:22:40,080 --> 00:22:44,400
तो ये तो अति हो गई ना। न्यायालय के लिए जो इन्होंने जो किताबें

326
00:22:44,400 --> 00:22:48,640
छापी थी उसको लेकर के इन पर इन जो महिलाएं बेच रही थी वो किताबें उसको

327
00:22:48,640 --> 00:22:52,720
लेकर के हिसार कोर्ट में केस चला था। तो सजा हुई है वहां पर। अच्छा हां निश्चित ही

328
00:22:52,720 --> 00:22:57,440
सजा हुई होगी। न्यायालय पे लिखेंगे। अब मानना है तो ये

329
00:22:57,440 --> 00:23:01,840
भावनाएं धार्मिक भावनाओं पर आघात करना और मतांतरण

330
00:23:01,840 --> 00:23:06,000
का प्रयास हम है ना तो यह कितना गंभीर

331
00:23:06,000 --> 00:23:10,720
मतलब देखो धार्मिक भावनाओं पर

332
00:23:10,720 --> 00:23:14,960
आघात करना इसका अर्थ यह है कि आप किसी

333
00:23:14,960 --> 00:23:19,040
एक बड़े समुदाय की धार्मिक भावनाओं पर आघात कर

334
00:23:19,040 --> 00:23:24,560
रहे इसका मतलब है आप देश में आंतरिक कलह फैलाना चाहते हैं। विप्ल

335
00:23:24,560 --> 00:23:26,240
हां दंगा इत्यादि आप कराना

336
00:23:26,240 --> 00:23:30,480
चाहते हैं इसलिए आप ये कर रहे हैं और ये सुनिए जो षड्यंत्र है आप तो जेल

337
00:23:30,480 --> 00:23:34,560
के अंदर बैठे हैं और आपके जो चंगूमंगू हैं वो बैठ के बाहर ये सब कर

338
00:23:34,560 --> 00:23:38,800
रहे हैं जी लेकिन न्यायालय इसमें अगर कड़ी कार्यवाही कठोर

339
00:23:38,800 --> 00:23:43,120
कार्यवाही का आदेश देती है तो ये सब रुकेगा और ऐसा

340
00:23:43,120 --> 00:23:47,120
नहीं है कि ये सब नहीं रुकेगा ये निश्चित ही

341
00:23:47,120 --> 00:23:51,120
एक दिन रुकेगा क्योंकि झूठ के पैर बहुत लंबे नहीं होते अकबर ने भी एक धर्म

342
00:23:51,120 --> 00:23:55,280
नया चलाया दीन इलाही वो दिन चला खत्म हो गया अच्छा

343
00:23:55,280 --> 00:23:59,440
सनातन की बराबरी कोई नहीं कर सकता है प्रहार कुठारा

344
00:23:59,440 --> 00:24:03,680
घात सब चलते रहे षड्यंत्र चलते रहे लेकिन अभी सावधान

345
00:24:03,680 --> 00:24:08,000
होने का समय है सभी सनातन धर्मावलंबियों को सावधान होने का समय है

346
00:24:08,000 --> 00:24:12,000
और विशेषकर उनके घर की जो स्त्रियां हैं उनको यह सोचने

347
00:24:12,000 --> 00:24:16,000
का अभी सही समय है कि आखिर यह

348
00:24:16,000 --> 00:24:20,080
शक्तियां क्यों बताती हैं कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में महिलाओं का अपमान

349
00:24:20,080 --> 00:24:24,480
हुआ है जबकि उच्च न्यायालय की न्यायाधीश महोदय न्यायमूर्ति

350
00:24:24,480 --> 00:24:28,720
महोदय कह रही है कि मनुस्मृति से अधिक सम्मान किसी

351
00:24:28,720 --> 00:24:32,800
ग्रंथ में नहीं हुआ तो आप स्वयं पढ़िए आप वाचन करिए

352
00:24:32,800 --> 00:24:36,880
नहीं समझ में आता है प्रमाणिक आचार्य से प्रमाणिक आचार्य से उसका

353
00:24:36,880 --> 00:24:41,040
अर्थ लीजिए और अनर्थ ले मत चलिए क्योंकि ये बहुत

354
00:24:41,040 --> 00:24:41,600
छोटी

355
00:24:41,600 --> 00:24:45,680
चीजें हैं। आपका परिवार खराब होगा। आपका समाज खराब होगा।

356
00:24:45,680 --> 00:24:49,840
आपका देश खराब होगा। देश भारत देश आर्यावर्त

357
00:24:49,840 --> 00:24:54,000
या भारत देश तब तक है जब तक सनातन धर्म जिंदा

358
00:24:54,000 --> 00:24:58,000
है। और लेकिन एक बात और बड़े गर्व के साथ कहना है कि सनातन

359
00:24:58,000 --> 00:25:02,080
धर्म कभी खत्म नहीं होने वाला है। जी जी लेकिन कुठाराघात प्रहार तो

360
00:25:02,080 --> 00:25:06,240
हो रहे हैं। इस बारे में जो आपने कहा ना कि सनातन कभी समाप्त नहीं होगा।

361
00:25:06,240 --> 00:25:10,320
और जैसे कभी-कभी कुछ लोग कहते हैं अरे कलयुग है तो होना ही है जो यह

362
00:25:10,320 --> 00:25:14,400
सब हो रहा है। तो इस बारे में करपाती जी महाराज की वो कुछ वर्णिंग्स थी वो

363
00:25:14,400 --> 00:25:18,720
याद आ जाती हैं। कृपाती जी से किसी ने कहा था कि अरे कलयुग है ये तो होगा ही।

364
00:25:18,720 --> 00:25:22,800
तो उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में

365
00:25:22,800 --> 00:25:26,800
हम ये मालूम है कि गर्मी पड़नी ही है। फिर भी तुम गर्मी से बचने

366
00:25:26,800 --> 00:25:30,960
का प्रयास करते हो कि नहीं? बिल्कुल सही। तो सामने वाले का मुंह

367
00:25:30,960 --> 00:25:35,120
बंद कर देते। बिल्कुल सही बात है। अच्छा तो मैं इसमें एक इनका जो दूसरा

368
00:25:35,120 --> 00:25:39,200
पक्ष है ये तो धार्मिक भावनाएं आहत करना मतांतरण। एक जो दूसरा पक्ष है

369
00:25:39,200 --> 00:25:43,440
कि ये लोग कुछ बिल्कुल सीधे तौर पर झूठ बोलते हैं। जैसे

370
00:25:43,440 --> 00:25:45,920
कि हमारे गुरु जो इनका बंद है जो

371
00:25:45,920 --> 00:25:49,920
व्यक्ति अपराध के उसमें दो मुकदमों में आजीवन कारावास हुई है।

372
00:25:49,920 --> 00:25:52,560
वो उसके सीधे प्रवचन आते हैं लाइव। नहीं

373
00:25:52,560 --> 00:25:57,040
इस पर इसमें एक जो हमारी प्रेयर है कि इसकी जो है

374
00:25:57,040 --> 00:26:01,600
जांच हो एसआईटी जांच हो स्पेशल इन्वेस्टिगेशन बैठे कि जेल से

375
00:26:01,600 --> 00:26:05,600
जेल में बैठे हुए अपराधी को ये सारी सुविधाएं कौन मुहैया करा रहा है

376
00:26:05,600 --> 00:26:09,600
जेल से प्रयोजन कैसे वायरल हो रहे हैं किसके आदेश पर ये किताबें बिक रही है

377
00:26:09,600 --> 00:26:13,600
किसके आदेश पर ये लगातार छपती जा रही हैं इनका ऐसा नहीं

378
00:26:13,600 --> 00:26:17,600
हो रहा है तो फिर यह बोलने वालों पर लगाम कसी जा रही अब इनका किंग पिन कौन

379
00:26:17,600 --> 00:26:21,680
है यह तो देखा जाए अगर एक किन पिन जेल में बैठा है तो अब इनका किन पिन

380
00:26:21,680 --> 00:26:25,840
कौन है यह तो देखा जाए इस पर एक इन्वेस्टिगेशन और निश्चित

381
00:26:25,840 --> 00:26:30,240
ही इनके कुछ कई नाटकीय प्रयास वाले वीडियोस मेरे सामने

382
00:26:30,240 --> 00:26:35,040
मेरे पास हैं सुरक्षित हम जिसमें कि ये क्या करते हैं कि वही व्यक्ति आज

383
00:26:35,040 --> 00:26:39,600
इस का बनके आएगा और फिर इनकी इनसे उसकी एक चर्चा दिखाई जाएगी

384
00:26:39,600 --> 00:26:43,840
और फिर वो व्यक्ति इनको इनके मत को मान लेगा ठीक है वही व्यक्ति

385
00:26:43,840 --> 00:26:48,000
दूसरे एपिसोड में मतलब थोड़े बहुत दिनों बाद दूसरे वीडियो में वही व्यक्ति

386
00:26:48,000 --> 00:26:52,320
शंकराचार्य का व्यक्ति बनके मिलेगा फिर वो इनसे कुछ चर्चा चर्चा हो गई है उसको परास्त

387
00:26:52,320 --> 00:26:56,560
करेंगे और मतलब मतांतरण करने के लिए पूर्णतया एक झूठा

388
00:26:56,560 --> 00:27:00,560
वो जो देखो ये सब है कालनेमी और कालनेमी का इलाज जो है

389
00:27:00,560 --> 00:27:04,560
हनुमान जी ने अच्छे से किया था तो अभी हमारे जो न्यायालय हैं उनको

390
00:27:04,560 --> 00:27:08,640
हम हनुमान जी का स्वरूप समझते हैं उस स्वरूप में

391
00:27:08,640 --> 00:27:12,720
हनुमान जी के स्वरूप को समझ के हम न्यायालय में आए हैं और वही इनका इलाज

392
00:27:12,720 --> 00:27:16,720
करेंगे। जैसे कालनी दुष्ट कालनेमी का इलाज किया था भगवान ने

393
00:27:16,720 --> 00:27:21,040
वैसे ही इनका इलाज होगा क्योंकि मतांतरण चाहे ये हो चाहे

394
00:27:21,040 --> 00:27:25,440
ईसाई मिशनरियां हो चाहे इस्लाम के मानने वाले लोग हो

395
00:27:25,440 --> 00:27:29,840
सबको यही एक समस्या है कि सनातन धर्म किसी तरीके से

396
00:27:29,840 --> 00:27:34,000
नष्ट हो और इसको नष्ट तब तक नहीं कर सकते हैं जब तक एक भी

397
00:27:34,000 --> 00:27:38,080
शिखाधारी एक भी त्रिकाल संध्या

398
00:27:38,080 --> 00:27:42,080
करने वाला ब्राह्मण इस धरा धाम पर जीवित है तब तक सनातन नष्ट

399
00:27:42,080 --> 00:27:46,240
नहीं किया जा क्या बात क्योंकि मुगलों के समय में हजारों

400
00:27:46,240 --> 00:27:50,240
यज्ञ पवित काट करके उनको फेंका जाता था तब औरंगजेब पानी पीता

401
00:27:50,240 --> 00:27:54,640
था। हर जगह मंगल पांडे देख लो वो

402
00:27:54,640 --> 00:27:58,640
भी तो ब्राह्मण ही थे। चंद्रशेखर आजाद देख लो, रानी लक्ष्मीबाई

403
00:27:58,640 --> 00:28:01,600
देख लो। तो

404
00:28:01,600 --> 00:28:05,680
ये षड्यंत्र समाप्त नहीं

405
00:28:05,680 --> 00:28:09,840
होगा। लेकिन हम भी नहीं समाप्त होंगे। यह षड्यंत्र

406
00:28:09,840 --> 00:28:14,080
अपना चला। लेकिन निश्चित ही एक ना एक दिन कोई कानूनी दावपेश

407
00:28:14,080 --> 00:28:18,560
में फंस गए ना तो सबको जिसमें जो फंस जाएगा उसको हम बिल्कुल बिल्कुल सामान्यवादी

408
00:28:18,560 --> 00:28:22,560
कारस्ते बिल्कुल बिल्कुल तो ये

409
00:28:22,560 --> 00:28:24,160
तो हो गया

410
00:28:24,160 --> 00:28:28,160
17 लोग जो और पिटीशन पिटिशनर्स हैं उनके बारे में आपने

411
00:28:28,160 --> 00:28:32,320
प्रकाश डाल लिया एक इन्होंने जो हम जब से इनसे शास्त्रोक्त

412
00:28:32,320 --> 00:28:36,400
रूप से कर रहे थे और एक मर्यादा की सीमा में रह के

413
00:28:36,400 --> 00:28:40,400
प्रतिकार करना कि भाई ये किताबें गलत है इनको मत बेचो अ

414
00:28:40,400 --> 00:28:44,480
जो बिकवार जैसे मेले मेले में उन्होंने स्टॉल लगाया मेले प्रशासन ने

415
00:28:44,480 --> 00:28:48,560
आके इनका स्टॉल हटवा दिया फिर उन्होंने हमारे खिलाफ झूठी एफआईआर कराने की कोशिश की

416
00:28:48,560 --> 00:28:52,560
हमने जातिचक शब्द कहे झूठी एफआईआर अभी हमारे ये जो

417
00:28:52,560 --> 00:28:56,800
17 पिटिशनर है इनमें जैसे कि आप जानते हैं कि वो हिमांशु जोशी जी हैं

418
00:28:56,800 --> 00:29:01,040
हद्वानी के उनके विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज करा दी है इन लोगों ने झूठी

419
00:29:01,040 --> 00:29:05,280
वहां पर हिसार में और वहां से वो धमका रहे हैं कि जो है

420
00:29:05,280 --> 00:29:09,280
यहां आना होगा आपको एफआईआर के लिए उसमें कहा गया है कि आपने अपने

421
00:29:09,280 --> 00:29:14,320
फोन पर जो है जातिचक शब्द कहे तो यह एफआईआर कराना

422
00:29:14,320 --> 00:29:18,400
फिर धमकी देना जान से मारनी घर की स्त्रियों के साथ यह कर देंगे नोटिस

423
00:29:18,400 --> 00:29:22,640
बहुत सारी चीजें तो ये मतलब इसको कैसे लेगी न्यायालय

424
00:29:22,640 --> 00:29:26,720
कितनी गंभीरता से लेगी देखो जो एफआईआर हिमांशु वाली

425
00:29:26,720 --> 00:29:30,720
मैंने देखी है उसमें इन्होंने लिखा है जातिचक लेकिन ये तो बताओ किस

426
00:29:30,720 --> 00:29:34,800
जाति के थे कौन सी जाति के गाली दी गई है जातिचक

427
00:29:34,800 --> 00:29:37,280
ऐसे तो

428
00:29:37,280 --> 00:29:39,200
वीडियो रोज वायरल हो रहे हैं अरे

429
00:29:39,200 --> 00:29:43,360
अरे पंडिताइन तू पंडिताइन कितनी गंदी गंदी गालियां दे रही सूचक

430
00:29:43,360 --> 00:29:47,520
गालियां तो पंडित जी को भी दी जा रही है तो इन्होंने ये तो लिखा ही नहीं कि किस जाति

431
00:29:47,520 --> 00:29:51,840
के व्यक्ति को उन्होंने कौन सी गाली दी एफआईआर में ये लिखा नहीं है

432
00:29:51,840 --> 00:29:55,920
लिखा नहीं है तो कोई अपराध बनता नहीं है इसमें जो जांच करी जाएगी

433
00:29:55,920 --> 00:29:59,920
उसमें ये तो देखा जाएगा पूछा जाएगा और उन्होंने अपनी जात के

434
00:29:59,920 --> 00:30:03,920
बारे में भी नहीं लिखा कि मैं इस जाति का हूं मैं चमार जात का हूं मैं धोबी जात का

435
00:30:03,920 --> 00:30:08,160
हूं मैं धानुक जात का हूं और मुझे इन्होंने मेरी जात का नाम लेकर गाली

436
00:30:08,160 --> 00:30:12,400
दी है जात तो कहीं लिखी नहीं है। आप जब मर्जी हो जात

437
00:30:12,400 --> 00:30:16,640
छुपा लो। जब मर्जी हो जात बना लो। आरक्षण लेना है जात

438
00:30:16,640 --> 00:30:20,720
बना लो। जी। बगल में बैठना है पंडित जी के लिए तो जात

439
00:30:20,720 --> 00:30:24,720
छुपा लो। व्यास गद्दी पर बैठना है तो कालनेमी बन जाओ। ये

440
00:30:24,720 --> 00:30:29,280
सब आखिर कब तक चलेगा? तो ये दोहरे चरित्र हैं। दोहरे मानदंड है।

441
00:30:29,280 --> 00:30:35,280
निश्चित ही न्यायालय इस पर कठोर कार्यवाही करेगी। और

442
00:30:35,360 --> 00:30:39,920
इन सब का अंत होगा। हर एक चीज का अंत होता है। ये सब सनातन नहीं है कि

443
00:30:39,920 --> 00:30:44,800
अनवरत चलते जाए। ये छोटी-छोटी चीजें हैं। ये अंत होगा ही होगा इनका।

444
00:30:44,800 --> 00:30:48,960
जहां तक मेरी जानकारी है कि इन्होंने तो उसको गाली नहीं दी होगी

445
00:30:48,960 --> 00:30:52,960
जहां तक मतलब मेरा पूर्ण विश्वास है मगर इनको लेकर के वो

446
00:30:52,960 --> 00:30:54,480
जो व्यक्ति जिसने एफआईआर कराई

447
00:30:54,480 --> 00:30:58,640
है और जो व्यक्ति संभवत मुझे लगता है वेदपाल नाम के एसएओ हैं हिसार

448
00:30:58,640 --> 00:31:02,880
के जिन्होंने एफआईआर दर्ज की है वो भी लग रहा है कि वो से

449
00:31:02,880 --> 00:31:06,880
के फॉलोअर में से एक है इसलिए आसानी से बिना किसी प्राथमिक जांच

450
00:31:06,880 --> 00:31:10,880
के और जो है एफआईआर दर्ज कर ये इस सेक्ट के फॉलोअ जो है लेकिन इसमें तो एक बहुत

451
00:31:10,880 --> 00:31:15,040
गंभीर विषय है इसमें शासन को भी गंभीर रता से लेना होगा कि इसकी

452
00:31:15,040 --> 00:31:19,040
फंडिंग कहां से हो रही है? कहीं इस्लामिक देशों से तो फंडिंग नहीं हो रही है कि

453
00:31:19,040 --> 00:31:23,280
जो देश के विरुद्ध एक मकड़ जाल रच रहे हो। देश को तोड़ने

454
00:31:23,280 --> 00:31:27,440
की साजिश चल रही है। देखिए ना जिधर इस तरह के सेक्स ज्यादा है सक्रिय

455
00:31:27,440 --> 00:31:31,920
उधर ही ये क्रिश्चियनिटी में कन्वर्शन इस्लाम में कन्वर्शन ज्यादा होता है। हालेलुया।

456
00:31:31,920 --> 00:31:36,000
और इन लोगों का इन लोगों का कोई जो है दीन ईमान भी नहीं है। आज रामपाल

457
00:31:36,000 --> 00:31:40,320
के फॉलोअ हो गए। कल क्रिश्चियन के फॉलोअ हो जाएंगे। परसों इस्लाम के फॉलोअ हो जाएंगे।

458
00:31:40,320 --> 00:31:44,400
इसका मतलब है ये सब पैसे के लालची लोग हैं। जो इनके फॉलोअर्स हैं वो

459
00:31:44,400 --> 00:31:48,480
सब पैसे के लालची लोग हैं। और अभी चार डंडे पड़े तो कहो इस्लाम कबूल

460
00:31:48,480 --> 00:31:52,560
कर ले, कहो क्रिश्चियनिटी में चले जाए। इसमें इनकी फंडिंग कहां से हो

461
00:31:52,560 --> 00:31:56,560
रही है? इनकी जो किताबें छप रही हैं ये इस इसकी

462
00:31:56,560 --> 00:32:00,560
व्यवस्थाएं कौन कर रहा है? इसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि ये देश विरोधी षड्यंत्र

463
00:32:00,560 --> 00:32:06,400
चल रहा है। इसमें तो सरकार को एक बड़ा कदम उठाना चाहिए। जी

464
00:32:06,400 --> 00:32:09,600
मेरे मेरे साथ तो किया ही है जिन पर एफआईआर

465
00:32:09,600 --> 00:32:13,680
हुई है उनका चेहरा बिगाड़ के गधा पंडित पंडा बहुत सारे

466
00:32:13,680 --> 00:32:17,680
ऐसे थंबनेल मेरे लिए भी इनके लिए भी हिमांशु जोशी जी के

467
00:32:17,680 --> 00:32:21,680
लिए कि पंडित पंडा और बहुत अभद्रभद्र शब्द मैं कुछ तो

468
00:32:21,680 --> 00:32:26,080
बोल नहीं पा रहा हूं यहां पर मगर बहुत सारे अश्लील शब्द भाई बड़ी विडंबना

469
00:32:26,080 --> 00:32:30,320
है देश की कि अगर ब्राह्मण को कोई गाली दे रहा है पंडित कह रहा है गधा

470
00:32:30,320 --> 00:32:34,560
कह रहा है अरे पंडिताइनिया चल तो अगर हमने हमने इनको चमार

471
00:32:34,560 --> 00:32:38,720
कह दिया। हमने इनको धोबी कह दिया। हमने इनको धानु कह दिया। तो

472
00:32:38,720 --> 00:32:42,880
हमारे ऊपर तो एक्ट लग जाएगा। लेकिन अगर ये हमको ए पंडितिया ए

473
00:32:42,880 --> 00:32:46,960
पंडित और ये और मतलब हम तो वो शब्द इस चैनल पे कह नहीं सकते।

474
00:32:46,960 --> 00:32:51,040
इनके ऊपर कुछ नहीं होगा। जी जी जी। इसमें भी इसमें भी

475
00:32:51,040 --> 00:32:55,200
अब सरकार को सोचना चाहिए कि भाई सबको अगर राइट टू इक्वलिटी है आर्टिकल 14

476
00:32:55,200 --> 00:32:59,360
में तो सबको बराबर समझे। कि समाज के दो टुकड़े कर रखे हैं। मनु

477
00:32:59,360 --> 00:33:03,440
महाराज ने नहीं किए। मनु महाराज ने तो चार वर्ण बताए और चार वर्ण

478
00:33:03,440 --> 00:33:07,440
बताए कि चार वर्णों के कार्य ये है। हां ये ये कार्य

479
00:33:07,440 --> 00:33:11,520
हैं। और सबसे ज्यादा कठिन सजा ब्राह्मण को ही मनुस्मृति में

480
00:33:11,520 --> 00:33:15,840
है। सबसे कठिन जीवन ब्राह्मण का ही है। मनुस्मृति में

481
00:33:15,840 --> 00:33:19,920
जी जी तो संविधान ने जो समाज को तोड़ा है।

482
00:33:19,920 --> 00:33:24,080
जी उसको हमें तुम्हें बताने की जरूरत नहीं है।

483
00:33:24,080 --> 00:33:24,880
उसका ही

484
00:33:24,880 --> 00:33:28,960
परिणाम ये इटावा वाली घटना दिख रही है। उसका परिणाम ही रामपाल की

485
00:33:28,960 --> 00:33:33,440
घटना दिख रही है। जी बहुत-बहुत आभार आपका माननीय

486
00:33:33,440 --> 00:33:37,600
मैं नेतृत्व आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद आपके चरणों में प्रणाम निवेदित

487
00:33:37,600 --> 00:33:41,760
करते हैं। बहुत-बहुत आशीर्वाद आप हमारे अनुज हैं। जी तो

488
00:33:41,760 --> 00:33:45,760
यह थी एक छोटी सी चर्चा माननीय हमारी जो अग्रजा

489
00:33:45,760 --> 00:33:50,240
है रंजना अग्निहोत्री जी के साथ और जो अब संवैधानिक

490
00:33:50,240 --> 00:33:54,320
युद्ध में यह जो विधिक युद्ध है लीगल रूप से हमारा

491
00:33:54,320 --> 00:33:59,680
नेतृत्व कर रही है इस अभियान में रामपाल के गिरोह का नाश

492
00:33:59,680 --> 00:34:04,080
जिसने हमारे हिंदू देवी देवताओं के लिए अत्यंत अभद्र

493
00:34:04,080 --> 00:34:08,240
अश्लील टिप्पणियां की हैं। जिन किताबों में वही सब लिखा हुआ है। जिन सेंटर से

494
00:34:08,240 --> 00:34:12,320
यह सब प्रचलित होता है। जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह

495
00:34:12,320 --> 00:34:16,560
सब प्रचारित किया जाता है, इन सब का नाश

496
00:34:16,560 --> 00:34:20,640
होकर ही रहेगा। तो इस भावना के साथ इस लक्ष्य की

497
00:34:20,640 --> 00:34:24,800
प्राप्ति के लिए प्रार्थना मन में रखती हुई मैं

498
00:34:24,800 --> 00:34:29,120
कृपात्री जी का उद्घोष था ही धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों

499
00:34:29,120 --> 00:34:33,200
में सद्भावनाओं में विश्व का कल्याण हो। तो इसके इस उद्घोष के

500
00:34:33,200 --> 00:34:37,280
साथ ही आपको चर्चा कैसी लगी बताइएगा। और आगे जो यह

501
00:34:37,280 --> 00:34:40,080
जो न्यायालय का प्रकरण है इससे संबंधित जो और और

502
00:34:40,080 --> 00:34:44,240
चीजें हैं उस पर प्रकाश डालने वाले वीडियोस आपके समक्ष हम प्रस्तुत करते रहेंगे।

503
00:34:44,240 --> 00:34:50,240
जय श्री गुरु।

504
00:34:52,530 --> 00:34:56,530
[संगीत]
