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00:00:02:07 जी हेलो जी जी नमस्ते श जी हां जी जय श्री राम और कैसे हैं आप बस कृपा है राम की आपसे पहले बात हो चुकी है क्या हमारी ना ना आचार्य जी से हुई थी जी आचार्य जी जो अभी सिंग लगाते अपने नाम के आगे हां वह किसी और के फोन से आपसे कर रहे थे बात हा सि हां वही है अच्छा अच्छा अच्छा हा बताइए क्या परेशानी है आपकी परेशानी कुछ नहीं है मैं बस आपसे यह पूछना चाह रहा था जी के आप लोग जो हैं वह शूद्रों के नाम से लोगों को कब तक भ्रमित करते रहेंगे मैं आपसे यह पूछना चाह रहा था शूद्रों के नाम से भ्रमित करते रहेंगे इसके पीछे तो यह बात जाननी पड़ेगी कि शूद्रों के नाम से या ब्राह्मण के नाम से वास्तविकता क्या है तब तो यह तय होगा कि कौन भ्रमित कर रहा है कौन नहीं कर रहा है आपका प्रश्न तो यह था कि शूद्रों के नाम ये शायद जातिवाद शब्द

00:01:17:13 था आपका या शूद्र शब्द का उपयोग था शूद्र शब्द का उपयोग कर फिर आपने ये कहा था कि कब तक आप तोड़ोगे जी बिल्कुल उनको हम अलग करते रहेंगे मेरा प्रश्न ये है कि हम शूद्रों को अलग किसने किया है आप लीजिए आप ब्राह्मण आप बात करते हैं ना उसको अलग करने की कहां अलग करने की बात कहां से है अगर कोई सुनिए मैं समझ गया आपकी बात मैं समझ गया आपकी बात जी जी बोलिए बोलिए आपके घर में यदि कोई पुरुष आया और आपने यह कहा कि यह जो पुरुष है मेरी बड़ी बहन का पति है छोटी बहन के संपर्क में नहीं आएगा जी तो यह हमने उसको तिरस्कार कर दिया क्या उसका अलग कर दिया उसको नीच हो गया वो यह तो ना एक महोदय मेरी बात सुनिए नहीं नहीं एक मैंने आपसे एक सवाल पूछा है ये अपमान कैसे हो गया आप अपने मुंह से नहीं कह रहे हैं ठीक है आप अपने मुंह से नहीं बोल रहे हैं लेकिन जो पुराण आदि ग्रंथ है वो तो बोल रहे जैसे मनुस्मृति है देखिए प एक एक करके बात करिए अभी शुरुआत ये हो रही थी कि आप कब तक उन्हें अलग करते रहेंगे जबक आप तो जब अलग करने की बात आती है तो जिस जो व्यक्ति की जो जन्म लेने के बाद की मूल प्रवृत्ति है ना

00:02:33:01 वो है भोग की प्रवृत्ति जी और धर्म है जो उसके भोग पर लगाम लगाता है जी ठीक है तो जब भी लगाम लगेगी तो ऐसे कई लोग होंगे जिनको पसंद नहीं आएगी देखिए श्रीमान जी तो वो भागेगा एक मिनट अरे सुन तो लीजिए मेरी बात मैं क्या कह रहा हूं बोलिए बोलिए कि जब भी लगाम लगेगी तो व्यक्ति को ज्यादातर लोग ऐसे होंगे कि व समझ में नहीं आएगी तो अगर वो जा रहे हैं तो इसका दोष ये थोड़ी ना माना जाएगा कि वो लगाम ना लगाओ भोग पर भाई लोग क्रिश्चन बन रहे हैं क्योंकि हमें ज्यादा विवाह करने हैं लोग मुस्लिम बन रहे हैं क्योंकि हमें अपनी बहन से विवाह करना है तो इसलिए बहन का विवाह अपने य मान्य कर लो क्योंकि लोग क्रिश्चन और मुस्लिम ना बने जी गे सेक्स मैरिज कराने लगो उसको भी धर्म का नाम दे दो क्योंकि लोग क्रिश्चन ना बने यह तो कोई तरीका नहीं हुआ धर्म की रक्षा करने का आप एक बार मेरी बात सुनिए मैं क्या कहना चाह रहा हूं मेरा कहने का मतलब ये है हम जो आज हमसे ये जो दलित लोग हैं जो हमसे ये कट रहे हैं ये हमसे अलग हो रहे हैं तो इसका कुछ ना कुछ तो इसका रीजन होगा ना कोई कारण होगा कि हमसे अलग हो रहे हैं मैं बताता हूं कारण क्या है ये बताइए कि यह जो ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र जो

00:03:48:02 कर्मणा ब्राह्मण है और वो सब कुछ सब कोई सब काम कर सकते हैं यह बातें व्यावहारिक रूप से लागू कितने वर्षों से हैं अपने देश में एक आम इंसान मैं मैं अब आपने एक प्रश्न किया अब मैं आपको एक जवाब दे रहा हूं जी जी आज के टाइम में क्या ये अलग होने वाली बातें लागू है क्या आज के टाइम में क्या अलग अलगाव वाली बातें लागू है क्या कोई सुनिए तो जी जी जी जब कोई व्यक्ति गोल गप्पे खाने जा रहा है तो वो उससे उसका वर्ण पूछ रहा है क्या नहीं जब कोई व्यक्ति होटल में बैठकर खाना खा रहा है तो वो पूछ रहा है किसने बनाया है बिल्कुल नहीं नहीं पूछ रहा है ठीक है यानी कि जो यह जन्मना वर्ण व्यवस्था है वो लागू नहीं है कर्मणा वर्ण व्यवस्था ही लागू है जो जो काम कर्मणा वो नाम भी नहीं दिया जा रहा है चलिए बिल्कुल मैं आपकी बात से सहमत हू आपरी बात सुनि नहीं नहीं आपने प्रश्न पूछा उसका जवाब तो ली फिर भी आप ये कह रहे हैं कि लोग यहां से जा रहे हैं दलित अलग हुआ जा रहा है तो फिर इसका कारण तो वो लोग बताए ना जो जिनकी व्यवस्था इस समय लागू है अभी देखिए आपने अपनी वो बात रख दी ठीक है मैं आपकी बात से सहमत हूं जैसे आपने कहा कि कोई व्यक्ति गोलगप्पे

00:05:03:13 खाने जा रहा है तो उससे कोई नहीं पूछता कि आप किस जाति से हो क्या हो आप क्या नहीं हो रेस्टोरेंट में जाता है होटल में वहां प भी नहीं पूछा जाता लेकिन आपको शायद पता हो कि राष्ट्रपति जी द्रोपदी मुरमू जी जो है जो अभी ये पूरी जगन्नाथ पुरी मंदिर में गई थी इनको अंदर नहीं आने दिया हम ठीक है तो आप जैसे कह रहे हो कि गोलगप्पे की लिए कहा क्या वहा पर हा क्या कहा उनको मना कर दिया वह वापस आ गए उन्होंने कहा था यह स्टेटमेंट है कि मुझे अंदर जाना है न्हों मु जी ने मेरी बात सुनिए उसको सही जानकारी दीजिए सुनिए जैसे मैं हूं ठीक है अब मान लो मैं जाऊ क्या नाम है पूरी जगन्नाथ पुरी मंदिर तो मैं किस कारण से जा रहा हूं मैं मंदिर में दर्शन कर करने के लिए जा रहा हूं दर्शन ये तो है नहीं नहीं करने दिए ना तो वही तो मैं अरे भाई मेरे पास फोटो है उनके दर्शन करने की शिवांश जी आय टेक्नोलॉजी का जमाना है आपको भी पता भाई साब उन्होने खिड़की से दर्शन किए थे भगवान

00:06:18:24 के आप देखिए और मैं कह रहा हूं नहीं भी किए ठीक है नहीं भी अब आप मुझे एक बात बताइए कि एक छोटा बच्चा है उसकी मां गर्भवती है ठीक है छोटा नहीं है व्यस्क है मान लीजिए चलिए 10 11 साल का है उसकी मां गर्भवती है वह हॉस्पिटल में भरती है उ घारे कपड़ों में पड़ी हुई है दर्द से चिल्ला रही है उसका प्रसव हो रहा है उस समय उसके बच्चे को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है तो वह अछूत हो गया वह तिरस्कृत हो गया यह एक सिस्टम है यह व्यवस्था मूलक बातें हैं जिनका उपयोग जो जो विरोधी तत्व वो इस तरह से कर लेते हैं और ऐसी चलो इस बात को अगर हम खत्म कर भी देंगे तब भी ऐसी धर्म की बहुत सी बातें हैं जो व्यवस्था मूलक होने के कारण लागू तो होंगी मगर उनका उपयोग दूसरा भी कर सकता उसका दूसरा अर्थ निकाल कर के तो हमारा दायित्व यह है कि उन बातों का सही अर्थ लोगों तक पहुंचाए ना कि जो जो बात हमें दिक्कत दे रही है उसे अलग हटाते जाओ बहन से विवाह नहीं बहन से विवाह करने में दिक्कत आ रही भैया तो ठीक है बहन से विवाह अलाव कर दो लोग जा रहे हैं उसको छोड़ कर के धर्म को छोड़ के मैं मेरा कहने का मतलब क्या है हम जैसे आज जैसे आप कभी मान लो

00:07:33:28 मुस्लिम पर वीडियो बना देते हैं कभी आप क्रिश्चन पे वीडियो बना देते हैं वो बहुत सही है बात आपकी ठीक है ना बनानी भी चाहिए इनके प्रति लेकिन हमें सबसे पहले यह देखना चाहिए ना कि हमारे घर में क्या हो रहा है तो हम देख रहे हैं ना हम अपने घर में देखेंगे तो मैं वही आपसे कहना चाह रहा हूं कि जो ये दलित है जो ये हमसे अलग क्यों हो रहे हैं इसका क्या कारण है हमारा में हमारे शास्त्रों में ऐसा लिखा हुआ है इसलिए अलग हो रहे बोलि बोल लिया जी इसका कारण है आप जैसे लोगों ने जो ज्ञान के विकृत स्वरूप को परोस चालू किया नफरत फैलाना चालू किया आर्य समाज और ये ब्रह्म समाज से पहले क्या वो नहीं थे पुराण तब तो नहीं हो रहे थे देखिए सुनिए मेरी बताइए आप कह रहे हो ना जैसे आर्य समाज नफरत फैलाता है तो ये आपकी बात बिल्कुल गलत है अब आप भ ये आपकी बात गलत है कि पुराणों में उनको अलग किया गया है सुनिए दूसरी बात ये आप कह रहे हो कि आप ब्राह्मण में गलतियां नहीं होती है तो मैं ये कहना चाहर किसने कहा ब्राह्मण में गलतिया नहीं होती देखने मैं पूछ रहा हूं ब्राह्मण में गलतियां नहीं होती है किसने कहा गलत बात मत करिए मैं तोड़ने की बात आपको

00:08:49:10 पहले इस बात को वापस लीजिए पहले आप आपने ये कैसे कहा कि ब्राह्मण में गलतियां नहीं होती है यह तो आप लोग करते हो आप लोग यह करते हो कि कोई भी व्यक्ति अगर अच्छे काम कर रहा है तो उसको ब्राह्मण कहोगे क्यों भाई अच्छे काम करने वाला शूद्र नहीं हो सकता आर्य समाज ने आज तक कितने शूद्रों को सर्टिफिकेट दिया है उसके गुरुकुल में कोई पढ़ने गया उसका जने करा दिया ठीक है व वो नहीं देखा किसका जने किस हिसाब से होगा बाद में जब उसने पढ़ाई खत्म की तो किसी को कहा गया तू ब्राह्मण नहीं है तू शूद्र है जी शूद्र होना क्या गलत बात हो गई शिवा जी आपने शूद्र का ऐसा अस्तित्व बना दिया कि लोग शूद्र से भाग रहे हैं आपके हिसाब से अगर दुनिया आर समाजी हो जाएगी तो शूद्र है ही नहीं सेवा का करने वाला है ही नहीं दुनिया में फिर कहां से लाओगे शंकराचार्य से राघवाचार्य से रामानुजाचार्य से उनसे ही तो शूद्र लेके आओगे क्योंकि आर समाजी जो हो गया वो तो ब्राह्मण हो गया जी जी बोलिया बोलिया आप ही बताओ मैंने आपसे पूछा है आपसे एक प्रश्न पूछा है आपने कितने शूद्र बनाए अपने गुरुकुल में आने के बाद आप शूद्र आप शूद्र की क्या परिभाषा आप ले रहे हो पहले आप मेरे को ये ब जो वेदा अध्ययन नहीं करेगा सेवा कार्य करेगा वेदा अध्ययन पठन पाठन नहीं करेगा

00:10:04:12 सेवा कार्य करेगा वो कितने बनाए आपने आर समाज में कितने स शूद्र बनाए गए ऑफिशियल जैसे ब्राह्मण बनाए जाते हैं कितने बनाए गए बताइए सुनिए हमें बुरे व्यक्ति नहीं गिनवाला चाहिए कि हमने अच्छे कितने बनाए यानी आपका मतलब है कि शूद्र का अर्थ है जो बुरा है लो लीजिए मैं बुरा नहीं कहना चाह रहा हूं तो आप वो मैं आपको एक बात कह रहा हूं ठीक है ना जैसे मान लो कोई व्यक्ति समझ नहीं पा रहा हूं एक एक करके चलते हैं एक एक करके चलते हैं मैं बस आपसे पूछ रहा हूं कि आर्य समाज ने शूद्र बनाए हैं कुछ लोग के नहीं बनाए शूद्र देखिए शूद्र बनाए नहीं जाते हैं ठीक है ना वो अपने कर्मों के हिसाब से होते हैं अरे भाई आर समाज में आने के बाद कोई घोषित हुआ कि तुम आर्य समाजी तो हो पर तुम शूद्र हो कोई घोषित हुआ मेरी बात सुनिए वो घोषित होने वाली चीज नहीं है शूद्र वो है जैसे आपने अभी बताया ना चलो ठीक है घोषित नहीं हुआ आर समाज के अकॉर्डिंग आर समाज की मान्यता को मानने वाला कोई शूद्र है इस दुनिया में है कौन है बताइए नंबर लाइए उसका शूद्र वो है हा जैसे जो मैं पूछ रहा हूं एक एक व्यक्ति का नंबर दे दीजिए मुझे मैं उससे बात करूंगा क्या तुम्हें आ समाज वालों ने कहा है कि तुम तुम जन

00:11:19:13 धारण नहीं कर सकते तुम्हें जनय धारण नहीं करना है तुम्हें वेद पाठ नहीं करना है तुम जो है शूद्रो अच्छा तो देखिए अब उसी समाजी होने का तो मतलब ही यही है कि तुम सब गायत्री मत्र पढ़ोगे तो कहां से आपने सूद कर दिया किसी को झूठ भी बोल रहे हो आप आप मेरी बात ही नहीं सुनना चाह रहे हो तो मैं क्या बोलू आप अप आपने कहा देखिए बात एकएक करके होती है आप विषयात मत करिए आपने कहा अपनी अपनी बोले जा रहे हो तो मैं इसलिए शांत हूं ठीक नहीं आपने कहा है आप मुझे नंबर दीजिए पहले तो किसका कौन है जो शूद्र है उसका आर्य समाजी शूद्र पहले आप मेरी बात तो पहले पूरी सुनिए ना मैं क्या कह रहा हूं मान लो कोई व्यक्ति कोई यार समाज की मान्यता को मानने वाला इस दुनिया में सूत्र है कि नहीं है जो आर्य समाज को मानता हो मैं क्या कह नहीं दो सीधा जवाब क्योंकि आपने क्या किया है शूद्र को नीचता से घृणा मूलक नीचता से शूद्र को दोष से अपराध से इन सब चीजों से शूद्र शब्द को जोड़ दिया जिसके कारण आज वो बहक रहे हैं लोग यह जो समाज में आपने ये जो जवाया शूद्र का मतलब ही है बुरा उसके कारण आज लोग शूद्र नहीं होना चाहते हैं शूद्र लीजिए शूद्र का मतलब मैंने कब बता दिया पूरा ये तो आप खुद ही बोले

00:12:34:19 बताइए ना कि आर्य समाज के द्वारा आर्य समाज की मान्यता को मानने वाला घोषित ना किया गया हो चलो ठीक है घोषित ना किया गया मगर वोह शूद्र हो आर्य समाज की मान्यता को मानने वाला कौन सा शूद्र है आज बताइए कर्मणा कर्मणा वो शूद्र है जो पठन पाठन कार्य नहीं करता हो जिसके आचरण सही ना हो वो गायत्री मंत्र तो नहीं पढ़ता उसके पास वो सूत्र वो सूत्र है मैं पूछ रहा हूं वो गायत्री मंत्र तो नहीं पढ़ता है अधिकारी तो नहीं गायत्री मंत्र का उसके पास जनेऊ तो नहीं है नहीं है जनऊ हां तो बताइए नंबर लाइए कौन शूद्र है पूछूंगा उससे क्या तुम शूद्र हो क्या हर समाज के अकॉर्डिंग नबर नंबर मैं

00:13:30:03 हमने आपके यहां के मथा तक से पूछ लिया आर्य समाज ने कितने शूद्र बनाए हैं अगर अघोषित होते हैं मतलब उसकी घोषणा नहीं की जाती बहुत अच्छी बात है मत करिए मगर छोड़ा तो जाता है कि तुम ब्राह्मण नहीं हो ब्राह्मण की चीजों से वंचित तो किया जाता है अलग तो किया जाता है वैश्य की चीजों से अलग तो किया जाएगा अच्छा आप यह बताइए आप व्यक्ति की अच्छाइयां गिनवाला गिनवाला गिनवाला कार्य मैं वो आपसे पूछ जो वेद का पठन पाठन करेगा वही अच्छा है और जो सेवा कार्य करेगा वो बुरा है ये क्यों ये जो मानसिकता है क्यों है ये अच्छा सुनिए तो आप यह मान रहे हैं ना कि आर्य समाज जी ऐसा करते हैं तो आप अब मेरे को बात बताइए जैसे आपके पौराणिक भी कई गुरुकुल है हम ठीक है कई आपके पौराणिक गुरुकुल है तो आप ऐसा कार्य करवा सकते हैं कि मैं झारखंड से 10 आदिवासी बच्चे लेके आऊ मेरी जान पहचान में कई ऐसे बच्चे हैं तो मैं 10 ऐसे बच्चे लेके आऊ आदिवा बच्चे तो उनका आप एडमिशन उस गुरुकुल में करवा सकते हैं अगर वहां पर उनकी सीमा के अंतर्गत पथ पान होगा तो करवा देंगे जी नहीं होगा अरे भाई क्यों नहीं हो सकता मेरी क्लासे चलती है आप उनको जुड़वा दीजिए आदिवासी बच्चों को शिवांश जी नहीं

00:14:45:24 अरे नहीं होगा क्या मैं आपको कह रहा हूं अभी फॉर्म भरिए आप क्लासेस चल रही है उसम पौराणिक अध्यन भी और बच्चों को पढवा दीजिए जोड़ दीजिए आप उस क्लास से उसको आपने वृति डाली है लोग के अंदर कि नहीं तुम्हारा उद्धार वेद के मंत्र को डायरेक्ट पढ़ने से ही हो सकता है ऐसा तो नहीं है आप लोग भी यह बात कहते जिसने सत्या प्रकाश पढ़ ली वो तर जाएगा कहते हो कि नहीं कहते हो तो जब वेद के दूसरे स्वरूप से व्यक्ति तर सकता है तो वेद के दूसरे स्वरूप से व्यक्ति इधर क्यों नहीं तर सकता है उसको वैदिक वैदिक वेद का डायरेक्ट दर्शन करना ही क्यों आवश्यक है देखिए जो लोगों को तोड़ने का कार्य करता है आप लोग कर रहे हैं ये मुझे बताइए मुझे लिस्ट प्रोवाइड कराइए आपके य कितने लोगों को ब्राह्मण घोषित नहीं किया गया समाज से जुड़ने के बाद सुनिए आप कह रहे हो आर्य समाज करते तोड़ने का कार्य ठीक है उनका स्टेटमेंट आपने एक सुना उन्होंने क्या कहा कि ये ये ब्राह्मण नीच जाति के हैं और ये ये ब्राह्मण उच्च जाति के हैं तो यह आपने सुना होगा तो ये तो कि नीच शब्द का अर्थ गणा मूलक भी होता है और व्यवस्था मूलक भी होता है अच्छा शब्द का उपयोग अच्छा अच्छा अच्छा कई

00:16:00:26 तरीके से हो सकता है अच्छा शब्द का उपयोग तो नीच शब्द का उपयोग कौन ने किस भाव में कर दिया तो अगर गलत तरीके से किया तो व्यक्ति गलत है उसकी वजह से पूरे पुराण को पूरे शास्त्र को सबको तिलांजलि दे दोगे क्या अरे तो किसी सुनिए अगर किसी आर्य समाजी ने कोई गंदी बात कर दी गलत बात में अभी दिखा दूंगा आपको की है मेरी मेरी पत्नी तक की फोटो को लेकर के वीडियो बनाया तो पूरा आ समाज गलत हो गया नहीं बिल्कुल नहीं तो फिर यह कोई बात है क्या किसी व्यक्ति की किसी व्यक्ति ने किस तरीके से किस बात को रख दिया वो व्यक्ति जाने भाई आप तो हमें वो सनातन जो शास्त्र है जिनको हम फॉलो कर रहे उससे सिद्ध करके बताओ हम गलत कर रहे हैं जैसे शिवांश जी स्त्री शूद्र ना धी अतम ठीक है ये कोई राम भद्राचार्य जी ने नहीं बोला है हम ठीक है ना हम क्या अर्थ लेते हो इसका आप हां क्या अर्थ लेते हो उसके आप इसका अर्थ ये लेते हैं कि जो स्त्री है और जो निम्न मतलब जाति का व्यक्ति है जो निम्न कार्य करता है उनको पढ़ने का अधिकार नहीं है वेद पढ़ने का अधिकार नहीं अरे तो भाई मैंने आपसे पूछा ना कि मेरे नीचे एक व्यक्ति रहता है उसका आपके घर के आप जिस घर में रहते हैं आपके नीचे एक व्यक्ति रहता है उसका

00:17:15:27 आपकी पत्नी के साथ संपर्क करने का अधिकार नहीं है तो वह नीच है वो तिरस्कृत है आपने व्यवस्था मूलक शब्दों को गणा मूलक में प्रचारित किया है जैसे जाकिर नायक ने मास का अर्थ गदा भी होता है फल का गदा भी होता है मगर उसने मास का अर्थ जानवर का मास प्रचारित कर दिया प्रतिमा का अर्थ केवल मूर्ति नहीं होता है आपके ही भाष्य में लिखा है प्रतिमा का अर्थ प्रतिमान भी होता है मगर आपने प्रतिमा का अर्थ मूर्ति में प्रचारित कर दिया तो क्या करें हम एक शब्द के कई अर्थ होते हैं अगर कोई व्यक्ति थर्ड क्लास के डब्बे में यात्रा कर रहा है तो नीच नहीं है व्यवस्था मूलक है थर्ड क्लास का डब्बा उसका नाम व्यवस्था जिससे जिसको किसको कहां बैठना है कैसे वहां पर मेंटेन रहे चीजें वो पता

00:18:08:08 चले मेरा कहने का मतलब यह है जैसे आप आर क्या नाम आर्य समाज पर वीडियो बनाते हैं जी ठीक है वो आपके विचार अलग है आर्य समाज के अलग है मुस्लिमों के अलग है क्रिश्चन के अलग है सबके अलग अलग विचार है ठीक है हमारे विचार सनातनी है हां सबके अलग है आपके अलग है सनातनी आर्य समाज के सनातनी नहीं है यार समाजी आचार्य तो खुद आ करके कहते हैं जो ऋषि लिख के गए हम बदलाव कर देते हैं उसमें मैं खुद मैं वो क्या कह रहा हूं मैं कह रहा हूं आपके विचार अलग है आर्य समाज के विचार अलग है अलग नहीं है हमारे विचार सनातन धर्म के विचार है और जहां पर हमसे गलती हो जाएगी वहां पर हम खुद कहेंगे गलती हुई है हमसे हां आपके हैं आपके कोई भी हो वो आपकी वो है प्रॉब्लम हमारी नहीं है ठीक है ना मैं ये कहना चाह रहा हूं जैसे आप सब पे वीडियो बनाते हैं तो कभी आप ब्राह्मणों प भी वीडियो बनाइए ब्राह्मणों ने कितना अत्याचार करा ये बताइए अरे भाई ये अत्याचार कहां पर लिखा है कहां पर शूद्रों पर अत्याचार हुआ क्षत्रियो ब्राह्मणों के द्वारा बताइए हिस्ट्री में कहां हुआ

00:19:12:27 है अरे जैसे मुगलों ने अत्याचार किया हमारे ऊपर ऐसे ऐसे रिकॉर्ड होना चाहिए ना कि ब्राह्मण व क्षत्रिय राजा ने ऐसा किया था शूद्रों के साथ वो सब है क्षत्रीय राजा नहीं ब्राह्मणों ने क्यों ब्राह्मण अपने आप कर लेगा क्या य राजा भी तो चाहिए उसको करने के लिए चलिए मैं आपको है ना आप कह रहे हो ना कि प्रमाण दीजिए उसका आप मुझे सबसे पहले हर समाज के सूत्रों का नाम लिस्ट बताइए हर सुनिए हर चीज को है ना प्रमाण और प्रत्यक्ष की जरूरत नहीं होती है तो काय की जरूरत होती है आपके शब्दों की नहीं सुनिए हर चीज को प्रमाण प्रत्यक्ष की जरूरत नहीं होती है नहीं हर चीज को प्रमाण प्रत्यक्ष की जरूरत नहीं होती है तो जो आप कह रहे वो मानते चले जाए लो मैं तो क रहा हू आपको आप मानो क्यों आप ही तो आप ही तो कह रहे हो हर चीज हर चीज के प्रत्यक्ष प्रमाण की जरूरत नहीं होती है हा तो मैंने यह बोला लेकिन मैं यह नहीं कह रहा आप मानो वो आप मानो ना मानो वो आप अरे फिर भाई आप आप ये जो बात बोल रहे हो अपनी बात को बिना बिना किसी आधार के तो क्यों बोल रहे हो उसको यहां एक महत्त्वपूर्ण गंभीर बात चल रही है आप व्यर्थ की बात क्यों बोल रहे हो अगर उसका कोई आधार नहीं है और आधार की जरूरत नहीं होती है फिर कह रहे हो उसका कोई आधार है जो बोल रहे हो

00:20:28:19 जसा अभी आपने कहा ना ब्राह्मणों ने और क्षत्रियों ने इन्होंने कब अत्याचार करा यह तुम प्रमाण दिखाओ हा और क्या अरे भाई हमारे पास मुगलों का प्रमाण है हमारे पास सबका प्रमाण है कि उन्होने अत्याचार किए तो इनका भी तो प्रमाण दिखाओ जिसका डंका बजा रहे हो ब्राह्मणों ने अत्याचार किया और जो क्षत्रियों ने अत्याचार किया बिल्कुल बिलकुल यह सही बात है आपकी प्रमाण दिखाइए हम आपको प्रमाण दिखाते हैं सुनिए जहां पर लोग अपने अपने वर्ण की सीमा में कार्य करते थे व राम राज होता था हवा उतनी चलती थी जितनी चलनी चाहिए धूप उतनी निकलनी थी जितनी निकलनी चाहिए और सब लोग खुश रहते थे वो था राम राज्य अगर अपने से दूसरे अपने कर्म को छोड़कर दूसरे कर्म को करना भी धर्म है तो फिर स्व स्व कर्मणा क्यों कहा जा रहा है भाई कि अपना अपना कार्य करते थे वो लोग नहीं आप जैसे राम राज्य कह रहे हो जैसे आज भी चारों तरफ हम देखते हैं हम राम का बहुत आदर करते हैं ठीक है आज भी चारों तरफ हम देखते यह होती है कि जितनी बार बात गोटी फस जाती है उतनी बार कोई दूसरी चीज लाकर के अपनी बात को बोला जाता है जो ली मैंने आपसे एक बात पूछी कि आप आप एक काम करिए मेन्यू का बार टच करिए अपने मोबाइल में मेन्यू बार और उस व्यक्ति

00:21:43:22 का नंबर लाइए जिसको आ जो आर समाज के अनुसार शूद्र है ब्राह्मण नहीं है हां देखिए नहीं वो नंबर नहीं है उनके पास फोन नहीं मैं आपकी बात करवा देता हूं कैसे है क्या है जैसे हमारे यहीं पर मैं गुरुकुल में रहता हूं ठीक है ठीक है गुरुकुल है इधर य आर्य समाज का गुरुकुल है अब यहां पर हम शूद्र किसको मानते हैं अब मैं वह आपको बता रहा हूं ठीक है आप मानते नहीं हो जैसे आपने ब्राह्मण को ब्राह्मण घोषित किया है वैश्य को वैश्य घोषित किया है क्षत्रिय को क्षत्रिय घोषित किया है शद को शूद घोषित क्यों नहीं किया है कर्म के अनुसार कर्म के अनुसार जन्म के अनुसार घोषित करा है ना आपने अ ब्राह्मण है ना आपके यहां पर हर समाज में अ ब्राह्मण जो ब्राह्मण नहीं ना ऐसे लोग समा को मानने वाले दयानंद जी को मानने वाले जानने वाले अब ब्राह्मण है ना कि नहीं है सुनिए मेरी बात तो सुनिए फिर आप अपने बोल दीजिए हम यहां प गुरुकुल में मैं रहता हूं गुरुकुल हम किसको शूद्र कहते मुझे मालूम है किसको कहते होगे किसी नॉर्मल जो पुराणों को भी मानता होगा आपके य पैसे लेकर नौकरी करता होगा उसको आप शूद्र कहोगे दयानंद जी को मानने वाला जानने वाला आप शूद्र दिखाइए और ब्राह्मण दिखाइए

00:23:01:01 मुझे मैं क्या गया नहीं हूं आपके मंदिरों में काम करने वही लोग जा रहे हैं आपके यहां जो जो सामान्य हिंदू है अच्छा शिवान जी सारी बात छोड़ी आप बस मेरे को एक उ आप हमको जो है सूद बताइए आपके यहां आ समाजी शूद्र बताइए मुझे कौन है मैं तभी आपको बताऊंगा पहले आप मेरे को ये बताओ पहले बात हो गई जो बात पहले से क्रम से चली आ रही वो क्यों नहीं क्रम से फिर आपने सारी बातें इधर उधर कर दी ना बात क्या मैं पूछ रहा था और आपने क्या अरे भाई जब आप ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र कर्म के हिसाब से मानते हो उसमें नीचता नहीं देखते हो बुराई नहीं देखते हो शूद्र में तो आपके यहां आर्य समाज को मानने वाले शूद्र की लिस्ट तो दो मुझे ब्राह्मणों की लिस्ट दूं मैं आपको आर समाजी ब्राह्मण जो बनाए गए हैं रासी लिस्ट मेरे पास भी बहुत है आप खुद कैसी लिस्ट आप आप अरे भाई सवाल ये है क्या आ समाज के अनुसार शूद्र का अस्तित्व है दुनिया में कि नहीं है और अगर है तो कितने आर समाजी शूद्र है मैं आपका बता रहा हूं आपका आप ब्राह्मण होकर ब्राह्मण को ही काटते हो आप भाई साहब मुझे यह बताइए कि आर समाज में शूद्र कितने हैं वो लिस्ट दे दीजिए

00:24:16:14 मुझे कितने सूत्र है मैं बता तो रहा हूं आपको मैं आप सुनही नहीं रे मैं किसको शूद्र बता रहा कहां बता रहे हैं आप आप कहां बता रहे हैं आप तो कह रहे हैं हमारे सेवा करने आता होगा उसको ना मतलब होगा दयानंद जी से समाज से उसको क दो ये सूत्र है हां बिल्कुल जैसे य हमारे यहां प दयानंद को मानने वाले दयानंद आर समाज को मानने वाला कोई व्यक्ति बा आप उधर की बातें मत करिए मैं जो आपको बोल रहा हूं जिसको मैं शूद्र बता रहा हूं मैं आप पूछ रहा हूं आर्य समाज और दयानंद को मानने वाला कोई सूद है आपके यहां देखिए हमारे यहां दो लोग है जो यूपी से आ रखे हैं जो जन्म से ब समाज को यहा प आके वो मैं पूछ रहा हूं भाई साब को मानने जानने वाला कोई स है दुनिया में बक यही है यही आप लोगों का है कि अपनी बा तो ऐसे ही करते हो आप जानते हो मैं क्या पूछ रहा हूं फिर भी बात दूसरी करनी है ना [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 25:29 · 14 Mar 2025

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