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00:00:00:18 लेकिन एक दिन फिर मैं इसकन में आया नास्तिक क्यों है यह पहले हमको जानना चाहिए कौन सी प्रोसेस है फिर जिससे कि विश्वास हो जाए कि भगवान है हा तो फिर यह प्रोसेस है हुआ सनातन धर्मयोद्दा [संगीत] नहीं बना

00:00:42:03 सकते ब तो सभी को जय श्री राम हम आवा से एक बार फिर से आपके सामने प्रस्तुत है और इस समय जानते ही आप लोग हम लोग कुंभ में है और अभी इसी क्रम में हम लोग गुजरे यहां पर एक कैंप लगा हुआ है इकन का और वह यहां पर प्रचार कर रहे हैं अपने सिद्धांतों का अपनी फिलॉसफी का तो हमारे साथ एक प्रभु जी है इसकन के जो हमसे संपर्क में आए हैं अभी अभी तो यह हमें इसकन के बारे में कुछ बताएंगे भगवान श्री कृष्ण और जो है भगवत गीता जो भी हमारे सनातन सिद्धांत उनके बारे में का काफी कुछ हम लोग बात करने जाते हैं मतलब बात करने वाले हैं तो प्रभु जी आप सबसे पहले थोड़ा सा हमारे दर्शकों को अपने बारे में अपना परिचय बता दें तो मेरा नाम रामचरण दास है मैं बहुत एंबिशियस था

00:01:48:19 मैंने ग्रेजुएशन किया नेसवाद कॉलेज पुणे से अकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग एंड इकोनॉमिक्स में फिर सिंसस से ए एमबीए किया और फिर मैं लंदन गया फेलोशिप लेने के लिए चार्टर्ड एसोसिएशन ऑफ सर्टिफाइड अकाउंटेंट से वह भी किया और फिर मैंने लंदन में काफी कुछ हाई पोस्ट फाइनेंस में लीडरशिप पोजीशन में रखे थे तो उस वजह से मुझे काफी कुछ दुनिया में घूमने का चांस मिला कनाडा अमेरिका यूरोप के सब देश थाईलैंड मलेशिया फार ईस्ट ऐसा मैं घूमा 36 के साल में मेरे पास अपना घर था लंडन में गाड़ियां थी अच्छी बीवी थी दो अच्छे बच्चे थे लेकिन मैं खोया हुआ था अपने प्रोफेशन में भी सक्सेसफुल था लेकिन अंदर से मैं खोकला हो चुका था इसलिए मैं ढूंढ रहा था कि इसके लिए सलूशन क्या है तो शायद मैं सच्चाई की खोज में होंगा क्योंकि भगवान ने मुझे

00:03:03:22 इमीडिएट स्पिरिचुअलिटी के साथ जोड़ा तो फिर आसाराम बापू मोरारी बापू ओज जी सरस्वती जी जो परमाता आश्रम के उनके साथ थोड़े थोड़े वक्त जुड़ा लेकिन उसमें मजा नहीं आया मुझे लगा कि यह सब कुछ दे नहीं रहे मेरे प्रश्नों के उत्तर भी नहीं दे सके वो तो फिर ऐसे बहुत कुछ योगानंद परमहंसा ऐसे लोगों से जुड़ के चर्च ऑफ साइंटोलॉजी इवन वेस्टर्न जो थे महर्षि महेश योगी उनके जुड़ के मैं निराश हो गया क्योंकि वह तो मेरे प्रश्नों के उत्तर भी नहीं दे सके लेकिन एक दिन फिर मैं इसकन में आया और भगवत गीता का क्लास चल रहा था दोपर में आया तभी और तभी जो मैंने सुना भगवत गीता के बारे में तो मुझे ऐसा लगा यह ज्ञान कुछ अलग ही है तो फिर मैं जुड़ता गया क्योंकि मेरा ज्ञान बढ़ता गया उधर और मेरी सच्चाई की खोज थी मेरी भगवान की भी खोज नहीं थी मुझे सच्चाई को खोजना था और परम सत्य तो भगवान है और इसलिए वहां

00:04:18:28 मुझे जो मेरे स सारे प्रश्नों के उत्तर मिले

00:04:23:10 और मैं अभी 28 साल से इसकन से जुड़ा हूं और मेरे बच्चे भी दीक्षित भक्त है मेरी बीवी दीक्षित भक्त

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00:04:32:00 है मेरी बेटी का मेरा दामाद भी दीक्षित भक्त है मेरी बह भी दीक्षित भक्त है और मेरी बेटी और मेरी पत्नी लंदन में रहते हैं मेरा बेटा अमेरिका में रहता है वह उसका बिजनेस कर रहा है और हम सब भक्ति में हमारा बेसिस भक्ति है और फिर जीवन शैली निभाते हैं क्योंकि धर्म अर्थ काम मोक्ष आजकल के जमाने में सब पहले अर्थ की तरफ जाते हैं इसलिए सब मायूस है लेकिन धर्म को अगर आप पहले रखोगे जो हमारे शास्त्रों ने बताया है धर्म से अर्थ कमाओ अर्थ से धर्म अर्थ काम करो और फिर मोक्ष प्राप्ति होगी तो वैसे प्रोसेस में हम देखते हैं कि हमारी जिंदगी काफी शांति है जिंदगी में सुख है समृद्धि भी है हमारा तब से सब अच्छा ही हुआ है और इतना हुआ है कि मैं अभी 5 साल से वृंदावन में रह रहा हूं क्योंकि मुझे मुझ में यह यह हुई प्रेरणा हुई कि मैं अपनी देशवासियों की सेवा करूं और उनको भी जुड़ा जिनसे उनकी भी जिंदगी शांति सुखमय और समृद्धि

00:05:47:10 से भर जाए बहुत ही अच्छा तांत उन्होने अपने जीवन को लि कर बताया प्रभु जी इस समय आप स्कोन में जो संस्था है उसमें कोई पद पर है मतलब कोई कार्यरत है था मैं इसकन लंडन में मैं टेंपल काउंसिल लीडर्स का मेंबर था मैं यूरोपियन काउंसिल का भी मेंबर रह चुका हूं अच्छा तो मैं लीडरशिप पोजीशन में था इसकन में अभी लेकिन अभी मैं छोड़ दिया मैं अभी इकन में सिर्फ प्रीचर हूं वृंदावन के स्कूल कॉलेजों में और क्या अपने गांव में जाके हम लोग संकीर्तन का प्रचार करते और फिर मैं भगवत गीता पर बात करता हूं श्रीमद् भागवत पर बात करता हूं और लोगों को आकर्षित करता हूं कि व यह प्रोसेस ले ले जिनसे उनके उधार उनके जीवन का कल्याण हो और सफल हो उनका जीवन बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया तो अभी आप राइट नाउ इन दिनों आप प्रीचिंग कर रहे हैं जोन के सिद्धांत है उनके लिए लोगों को कर अच्छा तो इसमें अभी जब आपने इतना लंबा वृतांत दिया है तो उसमें एक

00:07:02:22 साउंड किया कि धर्म धर्म अर्थ का मोक्ष तो अकॉर्डिंग टू स्कन ये ईश्वर है सारी चीजें तो ईश्वर पे ही डिपेंड है ना कि हम भक्ति किसकी करनी है ईश्वर की तो अकॉर्डिंग टू इकन ये ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है अच्छा तो भगवत गीता इकन में भगवत गीता को प्राथमिकता दी जाती है जी जी मैं मैं एक बात आपको कह दूं कि आप जो इसका क्वेश्चन आंसर दीजिएगा तो मतलब एक न्यूट्रल व्यक्ति को सेंटर में रख के दीजिए मतलब जरूरी नहीं कि वो पहले से हिंदू हो पहले से भगवत गीता को मानता हो पहले से वेद को मानता हो केवल हमें ईश्वर का अस्तित्व कैसे सिद्ध करता है इस कन बस उस बारे में अच्छा जी तो इसकन भगवत गीता को प्राथमिकता देता है और हम देखते हैं कि सनातन धर्म में भी जिन्होंने धर्म को धंधा बना लिया है वो भगवत गीता को प्राथमिकता नहीं देते लेकिन इसकन में वह प्राथमिकता दी है क्यों अभी नवे अध्याय का दूसरा श्लोक उसमें भगवान बोलते हैं राज विद्या राज गयम पवित्रम इदम उत्तम

00:08:18:03 प्रत्यक्ष वागम धर्मम सु सुखम करतु इसका मतलब यह है राज विद्या कि जो भगवत गीता और भागवत विद्या दी है वो किंग ऑफ नॉलेज है मैं पढ़ा मैं पोस्ट ग्रेजुएशन भी हुआ हूं पोस्ट ग्रेजुएट हुआ हं मैं थोड़ा मैं थोड़ा सा इंट करूंगा एक्चुअली हम लोग अलग जा रहे हैं हम लोगों का क्वेश्चन अभी ये है कि कोई व्यक्ति खड़ा है न्यूट्रल जिसको हमें ये प्रूव करना है कि इस दुनिया में कोई ईश्वर है हा तो वही उसी प आ रहा हूं लेकिन मुझे ये प्रीफिक्स दे रहे हैं हा फाउंडेशन बना के वो टॉपिक प जाना है तो जब भगवान बोलते हैं कि राज विद किंग ऑफ नॉलेज जो दूसरा ज्ञान है वह सब पेट भरने के लिए आप पीएचडी हो डॉक्टर हो लॉयर हो इंजीनियर हो सिर्फ पेट भरने के लिए सुंदर पिछा है सीओए गल के लेकिन वो उससे पेट भर सकता है जिंदगी कैसी जीनी है यह भगवत गीता से मालूम पड़ता है इसलिए आज मेंटल डिजीज ये वो सब डिप्रेशन की बढत है क्योंकि उन आध्यात्मिक नॉलेज नहीं है तो यह राज विद्या है किंग ऑफ नॉलेज

00:09:33:22 यह अपनाएंगे तो डिप्रेशन कभी नहीं होगा यह सब तो बाद में कृष्ण बोलते हैं राज विद्या राजयम लेकिन यह सबसे बड़ा सीक्रेट है क्यों क्योंकि जब किसी को भी आम आदमी को ऐसा लगता है कि मुझे यार भगवान के बारे में जानना है तब भगवान आपको जुड़ा जाएंगे सच्चे लोग संतों के साथ तो इसलिए गुय है जो सच्चे संत आपको देंगे और फिर राजयम पवित्रम यह सबसे पवित्र ज्ञान है इदम उत्तम ये उत्तम ज्ञान है लेकिन प्रत्यक्ष वागम धर्मम गीता में जो भगवान के वचन है उस परे आपको जीना पड़ेगा जब आप जियोगे तब भगवान का आपको साक्षात आपकी जिंदगी में एहसास होगा फिर आपको मालूम पड़ेगा कि भगवान सब जीवों में इंटरेस्ट लेते हैं लेकिन जब आप कृष्ण बोलते हैं ये यथा माम प्रपद्यंते तम स्तव बजा हम एक कदम भगवान की तरफ उठाएंगे वह 10 कदम हमारी तरफ बढ़े

00:10:49:00 यह इसका एहसास होता है और फिर श्रद्धा बढ़ती है और एक बार श्रद्धा बढ़ी तो फिर जिंदगी में हमारे पूर्व खराब कर्मों से कैसा भी सिचुएशन आए कैसी भी परिस्थिति आए हम दृढ़ता से उसको फेस करते हैं कोई भी चैलेंज को अच्छा भगवान के साथ रहे नहीं वो तो ठीक है मगर इसमें एक प्रॉब्लम यह है ना कि जैसे कोई अभी जानता नहीं कि इस दुनिया में कोई भगवान वाली एंटिटी है हा तो हम उससे कहते कि तुम भक्ति करो भगवान की अब वो विश्वास नहीं करता है है ना उसे विश्वास नहीं है तो विश्वास के बिना भक्ति का अस्तित्व है अ विश्वास के बिना नहीं है नहीं है तो जब विश्वास ही नहीं है कि भगवान है ही तो उसके बिना भक्ति का अस्तित्व नहीं है जी तो उसको हम कैसे सेटिस्फाइड कर सकते हैं वो कौन सा हम अ तर्क दे सकते हैं या प्रमाण दे सकते हैं जिसकी वजह से उसको थोड़ा सा बिलीव होने लगे अ कम से कम चलिए ठीक है उसने मानना शुरू नहीं किया मगर कम से कम अगर वह काउंटर कर रहा है ईश्वर के अस्तित्व को तो वह निरुत्तर हो जाए स्पीचलेस हो जाए उसके पास फिर और कुछ कहने को बचे ना तो ऐसा

00:12:04:00 कुछ है अपने पास इस कौन के पास एक नास्तिक को चुप कराने के लिए मतलब नास्तिकता का खंडन एक तरीके से जो नास्तिक है वह नास्तिक क्यों है यह पहले हमको जानना चाहिए क्योंकि उसके पुराने जन्मों के कर्म सब खराब रह चुके हैं इसलिए वह पापी आत्मा है इसलिए वह नास्तिक बना है अभी कृष्णा बोते एक्चुअली मेरे पास क्वेश्चन काफी सारे हैं तो हमारा जो इंटरव्यू बहुत लंबा हो जाएगा अगर है नास्तिक जब तक मानता नहीं है वो जो गुरु के पद पर चलने का देखो गुरु सबसे बड़ा होता है द विधि प्रण पाते परि प्रश्ने सेवया उपदेते जन जाने त्व दर्शना कृष्णा बोलते कृष्णा ने भी गुरु लिया था साप मुनि गुरु आपको गाइड करेंगे लेकिन आजकल धर्म के नाम पर धंधा हो रहा है इसलिए गुरु सच्चे मिलते नहीं है लेकिन जब सच्चा गुरु मिलता है और उसके मार्ग प चलोगे तो भगवान का एहसास होगा और उन परे श्रद्धा होगी और विश्वास भी बड़े सच्चा गुरु मिलेगा तो वो भगवान के अस्तित्व

00:13:19:07 को प्रूव कर देगा ना वो प्रूव नहीं कर देगा आपको वो प्रोसेस जो देगा वह फॉलो करना पड़ेगा और उस प्रोसेस के थ्रू आपको विश्वास और श्रद्धा आएगी वो जब तक आप फॉलो नहीं करोगे वो कौन सी प्रोसेस है फिर जिससे कि विश्वास हो जाए कि भगवान है हां तो फिर ये प्रोसेस है कि हमको जैसे हम नहाते हैं नहाने से शरीर शुद्ध होता है तो वैसे ही आजकल कोई भी मन को और बुद्धि को धोता नहीं है हम और इससे मैल जम जम के जम जम के लोग नास्तिक हो गए हैं लेकिन यानी कि नाम जब जो भवान जब जो है और फिर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना मंगल आरती अटेंड करना नहीं जैसे वही बात आ गई दुबारा से कि विश्वास से पहले नाम जप का आपने बताया अस्तित्व नहीं है तो विश्वास तो पहले होना चाहिए ना कि विश्वास हो जाए कि हा कोई है जिसका मैं नाम जप कर रहा ह तो तो तो उसमें नास्तिक में भी तीव्रता होनी चाहिए कि मुझे जानना है कि भगवान है क्या नहीं और यह लोग बता रहे हैं कि भगवान है तो यह जो फलो कर रहे हैं व मैं फॉलो करके देखूंगा मुझे मैं

00:14:34:09 कोई भी काम तब करूंगा ना प्रभु जी जब मैं मुझे लगने लगे कि हा कोई एंटिटी है भगवान वाली जिसको मुझे प्राप्त करना है नहीं लेकिन तुम्हारी लाकात नहीं है ना तुम तुमको योगी से मिलना है तुमको योगी से मिलने नहीं देंगे क तुम्हारी लायक नहीं है अगर तुम इस दुनिया के योगी से नहीं मिल सकते तो परम ब्रह्मांड के परम इसको कैसे मिल सकते हो वो कोई बात नहीं है लाय पहले बना पड़ती है भगवान प्राप्त होंगे नहीं वो लाकात भगवान की प्राप्ति भी नहीं उनका एहसास होने के लिए पहले प्रोसेस गुरु सच्चे गुरु के पास जाकर उनके निगरानी में वह प्रोसेस फॉलो करना पड़ता है तो मतलब पहले मतलब ईश्वर पर हमें भरोसा है या नहीं है पहले हम प्रोसेस य पहले ओपन माइंडेड होना चाहिए मैं ओपन हूं क्लोज नहीं नास्तिक क्या होता है वो क्लोज होता है मैं कुछ भी कुछ भी दिया वो आर्गू करने लगता है यानी उसम ओपनस नहीं है टू फाइंड आउट ददर गड एस्ट न ओपने फ हम लोग ओपनस का मतलब यही है ना कि मैं जानना चाहता

00:15:50:24 हूं य रेडी टू अंडर ओपन या य रेडी टू अंडरगो द प्रोसेस च है जिन्होंने यह प्रोसेस फॉलो करके जाना है कि भगवान का अस्तित्व है वो उसको प्रोसेस अंडरगो करना पड़ेगा नहीं प्रोसेस में करूंगा प्रोसेस में यही तो है ना कि आप बिलीव जब कर रहे हो तो भगवान का नाम लो यही प्रोसेस है नहीं सिर्फ भगवान का नाम लो नहीं अरे सिर्फ नहीं मतलब मैं एक आपको एक एग्जांपल दे रहा हूं कई सारी प्रोसेस में संकीर्तन वो मेन है तो जब मुझे बिलीव नहीं आपने कहा कि संकीर्तन व्यर्थ है बिलीव ही नहीं है कि कृष्णा है ईश्वर है तो फर्स्ट बिलीव तो कराए कि हां मैं तुम्हें बिलीव करा नहीं नहीं आप पापी आत्मा को आप कभी भी बिलीव नहीं कर सकते बिलीव नहीं उसके जो काउंटर्स है उनको तो हम काउंटर कर सकते हैं नहीं क्योंकि वो आर्गू करेगा वो फालतू के क्वेश्चन करेगा अब ये कहां पे तय होगा कौन सा क्वेश्चन फालतू है कौन सा नहीं है देखो मैं उधर बैठा हूं जी वो उसके लिमिटेड नॉलेज से बात कर रहा है वो आप जो बोल रहे हो वो एक्सेप्ट करने तैयार ही नहीं है वो और आप शास्त्र से बात कर रहे हो वो फिर बोलता है शास्त्र ही बराबर नहीं मैंने

00:17:05:27 इसीलिए आपको कहा ना कि एक ऐसे व्यक्ति को सोच के बताइए जो अभी ना हिंदू है ना मुस्लिम है ना वैदिक है वो केवल जानने आए आपके पास तो उसके लिए शास्त्र की वैल्यू तब है जब हम उसको बिलीव कराए कि हां भाई ये शास्त्र वैल्युएबल है नहीं हम देखो आप प्रोफेसर आप कॉलेज में प्रोफेसर रखते हो जी वो प्रोफेसर पीएचडी तक सीखे हुए हैं जी इसलिए छात्र को विश्वास होता है कि यह मुझे वह ज्ञान दे सकता है वह सब्जेक्ट में क्योंकि वह वह सब्जेक्ट का पीएचडी है क्योंकि उसने माना ना कि इस दुनिया में पीएचडी एजिस्ट कर र वैसे ही अगर एथ मान जाए कि यह बिलीव कर रहे हैं क्योंकि इन्होंने कुछ प्रोसेस फॉलो किया है और इसलिए तो मैं वो प्रोसेस फॉलो करने के लिए ओपन हूं चलिए चलिए अब हम लोग इस पर आते हैं कि मतलब यह धर्म क्या है फिर आपने कहा धर्म अर्थ मोक्ष धर्म धर्मम तो साक्षात भगवत प्रतम धर्म क्या है कोड्स जो भगवान ने दिए हैं वचन जैसे भगवान ने अर्जुन को दिए हैं वो सारी मानवता के लिए दिया है इसलिए भगवान जो बोलते हैं उसके व उन वचनों पर हमको जीना है

00:18:21:12 जब हम जिएंगे तो भगवान हमारी जिंदगी में इंटरेस्ट लेंगे और वो भी रेसिप केट करेंगे मतलब धर्म की उपयोगिता क्या है एक व्यक्ति के जीवन में धर्म रक्षति इति रक्षति धर्म अगर तुम धर्म फॉलो करके उसकी रक्षा करते हो धर्म की रक्षा तो तुम्हारी रक्षा होगी वरना जैसे भारत में हुआ सनातन धर्मयोद्दा पर्गस जीते गोवालिया तो ऐसे होता है कहने का मतलब ये है कि व्यक्ति को जैसे आपने कहा कि तुझे ये फॉलो करना तो उसे मान लेना चाहिए बस य मान नहीं लेना चाहिए तुमको ओपन होना चाहिए ओपन के लिए कुरान वाले भी आएंगे कहेंगे हम हम कह रहे हैं वो मा हां हां तो तो तुम आओ कुरान वाले और हम आपको देंगे क्योंकि कुरान कुरान को जो फॉलो करते हैं वो भी आके कहेंगे कि हम जो कह रहे हैं वो मान लो तुमको हम जवाब देंगे हम कि सनातन धर्म जो है उसकी शुरुआत हम करोड़ों करोड़ों करोड़ों साल

00:19:36:21 पहले जब सब पृथ्वी में कोई नहीं था तभी शुरू हुई हां लेकिन आज दुनिया यह मानती है कि जो सनातन धर्म है इसकी शुरुआत बहुत पहले हो चुकी है इसका मतलब ये और दुनिया यह भी मान चुकी है कि उसके बाद में जूड इजम की स्थापना हुई जब इब्राहम और मोजेस लेकर आए जूडे वह 3700 साल पहले स्थापना हुई उसकी उसके बाद में बुद्ध आए बुद्ध का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था प्र जी य क उन्होने 2700 साल वो आए और उन्होंने बुद्ध धर्म की स्थापना की उसके बाद में क्राइस्ट आए क्राइस्ट 2025 साल पहले आए उन का जन्म जू के घर में हुआ था उन्होंने क्रिश्चियनिटी एस्टेब्लिश किया जो सनातन धर्म के थे वही जुड़े वही जूज हुए वही बुद्ध हुए वही क्रिश्चियन हुए बाद में मोहम्मद 1300 साल पहले आए पैगंबर वो उन्होंने इस्लाम की स्थापना की सनातनी इस्लामिक हुए

00:20:52:08 और फिर गुरु गोविंद सिंह आए 650 साल पहले उन्होंने सिख की स्थापना की उन्होंने सनातन हिंदू धर्म घर में जन्म लिया था मतलब सनातन धर्म को इसलिए माने क्योंकि व मदर ऑफ रिलीजन है और वो सबसे पुराना है और उसमें जो ज्ञान है ना वो कोई दूसरे स्क्रिप्चर में नहीं है सनातन धर्म देखोगे योग आयुर्वेद मर्म चिकित्सा सबका ज्ञान है हेल्थ ले लो उसका ज्ञान है सबका ज्ञान है उसमें तुम कोई भी ये क्वेश्चन पूछो उसम ज्ञान वही तो मैं कह रहा हूं दूसरे क्रिश्चियनिटी के बाइबल में नहीं है वही मैं कह रहा हूं क्या नास्तिकता का खंडन है अपने पास नास्तिकता का खंडन खंडन नहीं है हमको उनके प्रति खंडन नहीं है नहीं हमको उनके प्रति दया आती है नहीं खंडन नहीं है खंडन ज क्योंकि हर जीव हमारे यहां कीटाणु भी देखा हम उस परे चलते नहीं है बहुत ये रख क्यों उसमें भी भगवान है हम उसको भी में भी भगवान देखते हैं भी यह है कि सनातन सबसे पुराना है इसलिए सनातन को माना जाए तो इस हिसाब से जैसे कई ऐसी थ्योरी आती है वर्ल्ड में

00:22:07:21 जो पहले कुछ और थी अभी कुछ और है तो क्या हम इस बेस पर किसी भी थ्योरी को मान ले क्योंकि वो पुरानी हम उसी को मानेंगे नई थ्योरी को नहीं माने नहीं पुरानी थरी को हम मानेंगे ऐसा नहीं तो सनातन को मानने का वो अतिम कारण पूछ र देखो अभी सनातन में भी काफी सारे ग्रुप है अभी मैंने इसको जवाइन किया क्यों क्योंकि उन्होंने शास्त्रों से मुझे प्रूव किया क्या क्या लिखा है और आप समझ नहीं रहे आप शास्त्रों को बीच में लाते हैं शास्त्र तब आएंगे जब कोई व्यक्ति सनातनी हो जाए तब उसके लिए शास्त्र इंपोर्टेंट है ना अभी वो एक न्यूट्रल व्यक्ति है इस्लाम है या क्रिश्चन में जन्मा है तो वो ऐसे ही थोड़ी ना कि हम जो है सनातन शास्त्रों को मानेंगे वैदिक शास्त्र को मानेंगे मत मानो लेकिन आप आप ओपन हो क्या नहीं यह मूल है इस नहीं ये जानता मैं दर्शको को बताना चाहता हूं कि वो क्या कारण है जिससे कि व्यक्ति को सनातन कोई माना देखो जो नास्तिक होता है ना उसके पाप इतने होते हैं कि उसको भगवान भी आए जैसे भगवान आए थे दुर्योधन समझ नहीं पाया भगवान सामने साब हमारे पास होना लेकिन भगवान

00:23:22:22 भी जैसे आपने कहा था भगवान भी लोग नास्तिक को आस्तिक नहीं जैसे आपने शुरू में एक बात कहा था कि मुझे कहीं प मैं मुरारी बाबू के यहां गया यहां गया मुझे मेरे क्वेश्चन के आंसर नहीं मिल रहे ठीक है तो आपने कहा इस कन से आगे क्वेश्चन के आंसर मिले मगर एक बहुत बेसिक से क्वेश्चन है कि नास्तिकता का खंडन क्या है तो आप कह रहे उसका खंडन नहीं है उसका उत्तर नहीं है नहीं देखो नास्तिकता का खंडन करना ये है कि नास्तिकता एक पाप पापी आत्मा है जिसमें जिसमें श्र मतलब कोई आके हमसे पूछ रहा भगवान है कि नहीं सिद्ध करो तो हम उससे कहते तुम पापी आत्मा इसलिए तुम्हें समझ में नहीं आ नहीं हम उसको बोलेंगे तुम ओपन हो क्या जो प्रोसेस मैं बता रहा हूं वो फॉलो करोगे क्या तो उसके लिए विश्वास होना आपने बताया पहले जरूरी है नहीं उसके लिए ओपनस चाहिए देखो लोग पढ़ते क्यों है क्योंकि उनको मालूम है कि हमको कुछ जॉब मिलेगा अभी काफी लोगों को जॉब्स भी नहीं मिलते उनको विश्वास होता है विश्वास होता है कभी-कभी वो विश्वास झूठा भी होता है विश्वास होता है जॉब नाम की चीज जो है वो एजिस्ट करती है एजिस्ट करती है लेकिन कभी अगर हमने अच्छा किया तो हमें मिल जाएगी लेकिन काफी पढ़े लोगों को जॉब मिलती भी नहीं

00:24:38:01 वो एक अलग बात है उसको विश्वास होता है वो करता है तो हम उसको विश्वास कैसे दिलाए क्योंकि उसको उसम ओपनस रहता है मुझे जॉब चाहिए जी और जॉब तभी लगेगा जब मैं सीखू जी इसलिए वह सीखने जा रहा है ये नास्तिक जो है वो अगर ओपन नहीं होगा तो वो उसको तुम सिखा सकते भगवान भी आए थे और वो चलिए थोड़ा सा हम लोग टॉपिक चेंज करते हैं जैसे मैंने अभी आपके पास जब मैं आया तो मैंने आपको बताया कि आपने मुझे कहा कि एक माला रोज करू तो हम थोड़ी सी कृष्ण भक्ति की बात करते कृष्ण भगवान की महिमा की बात करते काफी अलग बातें हुई तो मैंने आपको बताया कि थोड़ा सा हमारे दर्शकों को वो चीज के बारे में बताइए कि जैसे मैंने आपको कहा कि मैं गायत्री मंत्र का जाप करता हूं राम नाम का जाप करता हूं तो भी आपने कहा कि हरे कृष्ण का जाप भी करिए मैंने कहा मैं बाउंड हो के हरे कृष्ण का जाप नहीं करता हरे बाउंड हो के मैं गायत्री श्री मंत्र करता हूं बांड के में राम नाम का जप करता हूं आपने कहा कि नहीं वो पूर्ण अवतार है कृष्ण भगवान तो इसलिए उनका ज्यादा बेटर रहेगा तो वो थोड़ा सा हमारे दर्शको को आप बताइए तो गायत्री मंत्र का जाप तभी किया जाता है जब एक गुरु ने आपको शुद्ध गुरु ने आपको वो गायत्री का मंत्र दिया दि दिया और वो मंत्र वाचिक नहीं वो मानसिक होता

00:25:53:18 है गायत्री मंत्र का जाप मानसिक होता तो हम मानसिक र ये जो लाउड स्पीकर से सब करते उनको शास्त्र मालूम ही नहीं तो मानसिकता वो मैं भी करता हूं क्य क्योंकि मैं ब्राह्मण दीक्षित हूं इसकन में भी अच्छा मैं पुजारी भी हूं ये तो मैं भी करता हूं गायत्री मंत्र का दीक्षा लेकिन कली संतरण उपनिषद और सब उपनिषद नहीं नहीं वो मैं समझ गया मैंने बताया ना राम नाम का जब बाउंड होके करता हूं राम नाम चिल्ला चिल्ला के बोल बोल के गायत्री मंत्र जितना एक कर लिया कर लिया उसके बाद राम नाम का जप करता हूं तो आपने बताया वो पूर्ण अवतार है कृष्ण भगवान वो थोड़ा सा बताइए भवान भाई हरे कृष्ण महामंत्र बेटर देन राम नाम का जप वाई कृष्ण भक्ति इ बेटर देन राम नाम राम जी की भक्ति अच्छा तो राम जी जो आए थे वो मर्यादा पुरुषोत्तम के अवतार में आए थे ठीक है ना कृष्ण ही आए थे राम जी बनकर तो वो उनके लिए स्पेसिफिक रोल था हा तो राम जी आप देखोगे तो वो एक आम आदमी की तरह सब माया के सब बंधन रख के वह काम कर रहे थे तो आदमी को

00:27:09:07 जैसे राम जी रहे हैं वैसे रहना चाहिए राम जी सच्चा बोले हैं सच्चा बोलना चाहिए जो करते थे वो करना चाहिए वो जो कर्तव्य करे वो करना चाहिए लेकिन कलयुग में क्यों द्वापर युग में कृष्ण क्यों आते हैं वो भगवान स्वयं आते हैं क्योंकि तभी राक्षसों का इतना भरमार हुआ मतलब राम जी का जो रूप है वह पूर्ण रूप नहीं है पूर्ण रूप नहीं है वह मर्यादा पुरुष 12 कला के तो राम जी जो है वो पूर्ण अवतार नहीं है और कृष्ण भगवान जो है वो पूर्ण है इसलिए कृष्ण बताते हैं क्योंकि कृष्ण जब तीन चार दिन के थे तभी पूतना राक्षसी आई थी उनको मारने के लिए और उस बाल अवस्था में भी उन्होंने पूतना का वध किया हम तो यह बता रहे हैं कि वो कि वो चाहे छोटे हो बड़े हो कुछ भी हो वो कुछ भी कर सकते इसलिए कृष्ण ने कुछ भी किया और बताने के लिए कि मैं स्वयं भगवान हूं क्योंकि भागवत में लिखा है ते च अंस कला पुसा कृष्णा स्तु भगवान स्वयं कृष्णा स्वयं भगवान है वही राम जी का अवतार लेकर आते हैं वही नरसिंह अवतार लेके वही कुरमा अवतार

00:28:24:07 लेके आते हैं वही वरा अवतार लेके आते हैं इसगर एक बात आती रामायण में लिखा हुआ है कि राम अस्तु स्वयं प्रभु हा राम भी स्वयं भगवान है और राम पूर्ण है ये भी वाल्मीकि रामायण में लिखा है वाल्मीकि रामायण में य भी लिखा है राम ही कृष्ण बनके आते हैं कृष्ण नहीं राम कृष्ण बन लेकिन लेकिन आप एक शास्त्र को लेके सब डिसीजन नहीं बना स भागत पुराण को नहीं नहीं लेकिन आप पूरे शास्त्र लो पूरे शास्त्र तो बता रहा हूं रामायण को नहीं लेंगे

00:29:00:26 वेद वेद अव वेद वेदांत कृत वेद हम कृष्ण भगवत गीता में सारे वेदों में किसको जानना है कृ जी को जानते होंगे आप वो हमारे संप्रदाय के आ बचार जी ने अपनी ब उपनिषद के भाषा में लिखा है कि विष्णु के सभी अवतार पूर्ण है राम भी पूर्ण है तो फिर आप कैसे कह रहे पूर्ण नहीं हा तो देखो पूर्णता में भी जैसे गुड बेटर बेस्ट होता है कहां लिखा हैय नहीं किसी में भी आप देखो लिखा है गुड बेटर बेस्ट होता है कहां लिखा है नहीं क्योंकि देखो इसमें श्रीमद् भागवत ग्रंथों में लिए जो श्रीमद भागवत अमल पुराण ऐसे वाल्मीक रामायण भी तो है नहीं श्रीमद भागवत जो है वो अमल पुराण है रामायण सिर्फ राम के बारे में है श्रीमद भागत

00:30:01:02 परम अक्षर पुरुष लिखा है हा लेकिन फिर भी नहीं वो मर्यादा पुरुषोत्तम उस पुरुष लिखा है वो पूर्ण है वैसे शिवजी भी पूर्ण हैरा पूर्ण है लेकिन वो एक डिपार्टमेंट संभालते पूर्ण मगर कई ग्रंथों में आध्यात्म रामायण में क्या कहते हैं आपकी वो है एक अध्यात्म की जैसी एक और है उसका नाम है शिव जी ने बोला आनंद रामायण आनंद रामायण में लिखा है राम और कृष्ण में बाल बराबर भी भेद नहीं है नहीं और और सबसे बड़ी बात है कि जो मधुवा चार्य जी है आपके परमाचार्य वो अपने ब्रदर उपनिषद के भाष्य में लिख रहे हैं कि देख सभी अवतार पूर्ण है और बहुत सारे ऐसे अवतार पूर्ण है उस रोल के लिए अवतार हमेशा रोल के लिए आते हैं पूर्ण का मतलब क्या है कृष्ण खुद आते हैं अवतार रो रामायण में लिखा है

00:31:01:26 राम कृष्ण नरस राम नरसिंह वरा

00:31:06:14 ये सब एक कारण के लिए आते हैं बस वो कारण के लिए अ इसलिए राम जी की

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00:31:12:14 भ शे नहीं क इसलिए राम जी की भक्ति हम लोग राम की भक्ति नहीं नहीं बोलते हमारे हरे कृष्ण महामंत्र के जाप में राम भी है नहीं उसका राम का अर्थ आप कुछ और बताते हैं ना रमण करने वाला राधा का रमण करने वाला वो राम नहीं बताते नहीं नहीं नहीं उसमें वो राम रमण करने वाले राम बलराम राम जी और परशुराम जी भी उसमें इंक्लूडेड है मतलब कृष्ण का मतलब कृष्ण है मगर राम का मतलब बलराम है या ण करने वा कृष्ण भी रमण है ना कृष्ण भी राम है कृष्ण का एक राम की भक्ति उतनी श्रेष्ठ नहीं जितनी कृष्ण की भक्ति श्रेष्ठ है हां वो है वो है अच्छा तो फिर ये जो राम को मोक्ष दायक कहा है वाल्मीकि रामायण में तुलसीदास जी ने कहा है कई जगह प कहा है गलत कहा है नहीं बराबर है मोक्ष दायक राम आपको अयोध्या धाम में ले जा सकते हैं आध्यात्मिक जगत में कृष्ण आपको सबसे ऊपर के धाम कृष्ण गोलोक वृंदावन धाम भागवत में लिखा नहीं सबसे ऊपर का धाम भागवत अयोध्या का धाम चे है अयोध्या का धाम वैकुंठ में है उसम लिखा है सबसे ऊपर सबसे ऊपर का धाम कृष्ण गोलोक ये राम जी के लिए भी लिखा है साकेत धाम के लिए कृष्

00:32:28:00 भगवत गीता में बोलते हैं मत परम न किंच दस्ती धनंजय वो तो तब है ना जब राम को मत परम न किंच नहीं नहीं आप सुनते ही नहीं हो आप सुनो ना जवाब मेरे से अ कोई परम कारण नहीं हैय कह रहे को मेरे से अन्य कोई परम कारण नहीं है नहीं मेरे इक्वल कोई नहीं है और मेरे से ऊपर भी कोई तो वो तो वो तो तब है ना जब हम राम और कृष्ण को अलग अलग माने नहीं नहीं अलग नहीं लेकिन राम और कृष्ण में कंपैरिजन तब हो रहा है जब हम उसको अलग मान रहे हैं लेकिन आप ये मैं जो बोला हूं नहीं ये ला कंपलीटली भूल गए हैं कि मैं क्या बोला अवतार सिर्फ एक रोल प्ले के लिए आता है राम जीमी रामाय एक रोल प्ले करने आए थे कहां लिखा है राम अरे आप देख नहीं सकते हो दिखाओ ना कहां लिखा है उन्होंने जैसे आपने अभी भगवत गीता कोट की आप मुझे बताइए कि राम जी एक काल को बस पूर्ण करने आए थे वो पूर्ण पूर्ण नहीं है राम जी का कार्य क्या पूर्ण किया उसने आपने बताओ आप बताओ भाई उन्होंने क्या कहते हैं धर्म का नाश किया और

00:33:43:03 धर्म की जय की धर्म का नाश किसका नाश अधर्म का नाश किसका नाश किया अधर्म का नाश अधर्म का मर्यादा की स्थापना की कौन रिप्रेजेंट कर रहा था धर्म को रावण हा हा तो रावण का वध किया तो ऐसे ही कृष्ण भगवान ने भी ला नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं रावण का वध किया आपके पास कोई शास्त्र प्रमाण है राम जी अपूर्ण नहीं नहीं मैं प्रश्न पूछता हूं अभ बताइए रावण का और किसका वध किया कुंभकरण का हां और और भी बहुत से वध किए थे उसमें उसका व खर धूषण का वद किया था बहुत सारे वद किए उन्होने हां तो ज्यादा से ज्यादा मिलके 200 हज चलिए आ जाइए इस भी लेकिन कृष्ण आते हैं क्यों आते हैं परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दु ता में धर्म

00:34:32:03 संपना कृष्ण ने करके बताया यह रिकॉर्ड है मतलब आपका कहने का मतलब है कृष्ण भगवान ने ज्यादा राक्षसों को मारा राम जी ने कम रा को मारा मेरा जवाब पूरा नहीं हु पृथ्वी में गए और पृथ्वी के लोगों को मारा उन्होंने जरास प्रभु को 18 बार क्यों छोड़ा कि तुम जाके सबको इकट्ठा करके आओ और लेके आओ पृथम में जितने राजा है अध आसर पूरा नहीं हु सबको लेके आओ और कृष्णा मारते थे ठीक अब मेरे दो सवाल है एक है कि हमने आग जलाई एक जगह आग की चपेट में बहुत सारे लोग आए एक जगह आग की चपेट में केवल एक लकड़ी आई दो लकड़ी आई एक जगह बहुत ज्यादा चपेट आई तो क्या चीजों के जलने की संख्या कम या ज्यादा होने के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि यहां की जो अग्नि थी वो कम दाह थी और यहां की जो अग्नि थी वो ज्यादा दाक थी हां क्योंकि यहां के यहां की अग्नि जो थी उसकी लायक मैं दाह की बात कर रहा हूं उस गर्मा कम थी उसके दहक का सिर्फ दो लकड़ियों को जलाने का था

00:35:47:09 नहीं उसकी चपेट में कम लोग आए क्योंकि उसकी कम उसकी दहता में कोई अंतर नहीं है एक मिनट भाई साहब आग जितनी यहां पर गरम है उतनी गरम यहां भी है वो किस्मत की बात है उस अभी लॉस एंजलिस में हिल्स में आग लगी कैसे आग लगी मैं कह रहा हूं एक तिनके की एक माचिस की ली भी जल रही है ना उसकी गर्मी उसने सब जंगलों को जला दिया लॉस एंजलिस उसकी चपेट में अगर ज्यादा वो आग आग की वो ज्यादा पावरफुल थी उसम और ये जो जल रही है इस राम

00:36:22:26 जी में पावर कम है या कृष्ण जी में पावर ज्यादा है ज्यादा है क्योंकि वो पूर्ण पुरुषोत्तम है

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00:36:29:21 ौ शत्र में श्रीमद भागवत मुझे बता राम जी के बारे में खा मुझे बता क राम गुरु के पास जाओ एक बता मर्यादा या बताहा अक्ष पु या पूर्ण बड़ है पू

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00:37:00:14 राम जी पूर्ण भी है है लि है लि मानते को नहीं मानोगे आप सब झूठ बोल रहे

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00:37:09:14 होमी नो सब सब राम के भक्त मानते हैं राम मर्यादा पुरुषोत्तम है आप झूठ बोल रहे हो आपको मालूम नहीं आप ऐसे लोगों को पूछ रहे हो जिनको मालूम नहीं है इसलिए आप साले ये आप ये बना रहे हैं आप ये बना रहे आप ये बना रहे खाली ये करने के लिए आपने लायक नहीं है जानने की भाई साय तो दे दो माइ ही आपको बताना चाह ये सब फालतू है वो आया था आया था ए इसका वीडियो रिकॉर्ड कर गाली दे रहा है गाली दे रहा है ए गाली दे रहा है हम सब एक ही है ये आपने देख लिया ये व्यक्ति जो है कितना निर्लज के साथ गाली देते हुए यहां से गया है ये लोग इस बात के प्रमाण है यहां पर इनसे आप पूछ सकते हैं उसने गाली दी जाते टाइम साले तो ऑन कैमरा कह ही दिया था भाई साहब बताइए उसने जाते टाइम क्या गाली दी जब हम राम भाई का

00:38:24:18 वो कहा कहते चला गया आपने सुना था भाई साहब हमने

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00:38:28:02 भी सुना था उसने कहा था ये देखलो ये कौन प्रीच करने आया विदेशों से अरे वो गंदा बात बोला था

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00:38:34:10 जो भगवान को जो है गाली दे रहा था व भगवान को भगवान राम और कृष् भ लोग का हमने सोचा कि आप लोग चुअल बातें कर रहे हैं जब वो करने लगा नहीं तो अब तक हम उनको खींच देते हम सोचे आप लोग साथ में है वीडियो बना रहे इस वजह से हमने कुछ बोला नहीं राम की जिस हिसाब से निंदा कर रहा उसको हम खींचे देते अब तक हम ये लोग य फूट डालने आए हैं राम और कृष्ण में भेद कर रहे अब तो जाग जाओ हिंदुओ यह मले विदेशी खत्म करने आए हिंदुस्तान को कृष्ण के नाम पर राम की भक्ति बेकार है राम कम पावरफुल है और अगर उनसे सवाल करो तो गाली देके जा रहे हो यह सिखाया जाता इस से 28 साल में य इनको इनके सवालो का जवाब मिला है हरे कृष्णा कर करके जो 5 लाख गीता बेच रहे ना कुंभ में वो यही करने आए टे हैं अरे राम कृष्ण पहले कृष्ण शिव में भेद तो पहले भी करते थे यह जान लो इनकी अंदर की सच्चाई क्या है यह राम और कृष्ण में भी भेद सिखाते हैं अब करना हरे कृष्ण हरे कृष्ण बहुत अच्छा काम कर रहा है सनातन का प्रचार कर रहा है कर लो दे दो शासन मल के हाथ में अपना फिर से गुलाम बन जाओ [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 39:54 · 09 Feb 2025

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