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00:00:00:06 भैया जैसे ही आपने मुरली के लिए बोला ना इसको बंद करवा दो प कु चीज ऐसी है अगर आप बोल दो ना तो लोगों को लगेगा क्या कते ये आत्मा आती है और ये क्या होता है इसके बाद पता ये सारी चीज आप पहले दिन सुनेंगे तो आपको नहीं होगा कभी दीदी ऐ बा य होता है शास्त्र लिखा किसने भगवान जीने नहीं लि

00:00:17:14 जो वेद है उसको तो शु कहते ना ईश्वर की वाणी वाणी तो है लेकिन लिखा किसने उस सम तो प्रिंट मीडिया नहीं था ना किसीने तो लिखा होगा ये ऐसे है जैसे आपकी जैसे जैसे आप मुरली कह रहे यहां से हजारों किलोमीटर मतलब यद मा मुरली आती है तो वहां प जो जिस शरीर में आ रही है उसके अलावा किसी व्यक्ति ने उसको नोट किया है तो उनके लिए वो ये कह सकते हैं कि भगवान की वाणी है कि नहीं

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00:00:39:04 अपने आप यानी कि इस कंट्रोल ईश्वर का नहीं है मैंने अभी कहा ना कि भगवान क्या कहता है मैं निराकार मैं निराकार परमात्मा देवों का भी देव महादेव नहीं भगवान ये भी कहते हैं सजाम में हम और यजुर्वेद में आया है कि भगवान जन्मा अविनाशी मैं एक मिनट के लिए नास्तिक बन जाता हूं आप मुझे बताइए

00:00:55:27 बात अभी मुझे ऐसा लगता है कि मैंने भगवान जी से ये वाला चैप्टर नहीं समझाया बस यही कहते आज हम आपको एक छोटी सी वो कमेंट्री करा रहे हैं आपको आप फील कर लेना अगर आपको ये चीज अच्छी लगे तो कल आप फिर से अपने आप कर लेना नहीं तो मुझे कुछ अच्छा फील हो रहा है इससे ये मतलब कहां है कि दुनिया में ईश्वर है

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00:01:09:00 ये लगता किस हमारे पास अगर आया है तो हम उसको जाने नहीं दे अच्छा उनका भी डायलग होगा कि तुम अपने कस्टमर को कैसे बनाओगी तो वो कहेगी आप चिंता मत करो मैं अपने कस्टमर को यहां से जाने दल ये मैंने कभी सोचा ही नहीं तो सभी को जय श्री राम जैसा कि आप सबको पता है जो धर्म और ईश्वर के बारे में हमारी चर्चाएं काफी पर्सनालिटी से होती रहती है तो इसी क्रम में आज हम आए हैं ब्रह्मा कुमारी मैं यहां पर हमारे साथ में है एक दीदी और आहवान की आवान को इन्होंने समय दिया उसके लिए पहले ही सबसे पहले हम आपके लिए आपको धन्यवाद देते कि आपने समय दिया अपना और आज आवान की चर्चा होने जा रही है ब्रह्मा कुमारी की जो आज दीदी हमारे साथ में उनके साथ तो सबसे पहले मैं कहूंगा कि आप थोड़ा सा अपना परिचय अपने बारे में हमारे दर्शकों को बता द नमस्कार मैं ब्रह्मा कुमारी से बी के स्वर्ण बी के स्टैंड्स फॉर ब्रह्मा कुमारीज और मैं पिछले 25 वर्षों से यहां पर समर्पित रह कर के सेवाएं दे रही हूं बचपन से ही हमारा पूरा परिवार ब्रह्मा कुमारी से जुड़ा हुआ है यहां

00:02:24:03 के टीचिंग हम अपनी लाइफ में इवॉल्व कर चुके हैं और बहुत अच्छा लग रहा है यहां की शिक्षाओं को धारण कर लगता है कि जीवन को हम एक श्रेष्ठ दिशा की ओर ले जा रहे हैं जी बहुत सुंदर परिचय दिया आपने अपना

00:02:40:06 दीदी सबसे पहले मैं जानना चाहूंगा कि जो ये हम सुनते मुरली ब्रह्म कुमारी जब हम जाते तो ये मुरली क्या है आपने ना शुरुआत में ही बहुत लास्ट वाला क्वेश्चन पूछ ले बहुत अच्छा लगा मुझे कि आप मुरली जानते हैं जी हमारे यहां जब भी कोई आता है तो उसका एडमिशन जो होता है वो सेवन डेज मेडिटेशन बेसिक कोर्स होता है मेडिटेशन कोर्स होता है सेन डेज का आफ्टर सेन डेज हम लोग भगवान के महावाक्य सुनते हैं उसे ही मुरली कहते हैं सेवन डेज का जो बेसिक कोर्स है वह भी हम लोग में से किसी ने कोई रिसर्च थीसिस नहीं किया कैसे भगवान आकर के ज्ञान देते हैं भैया लोगों को लगता है कि जब भगवान आएंगे तो कुछ मिरेकल हो जाएगा वो कोई जादू की छड़ी लेकर के आएंगे घुमाएंगे और सब कष्ट दूर हो जाएंगे हम पर भगवान विधि विधाता है वो विधि से स्टेप बाय स्टेप चलने वाले हैं अच्छा वो हमें जीवन को प्रैक्टिकल जीना सिखाते हैं तो वो जब आते हैं तो वो आकर के हमें स्टेप बाय स्टेप आप आप कौन हो आपका सत्य परिचय अभी आपने कहा कि आप अपना परिचय दीजिए मैंने तो इस कॉस्ट्यूम का परिचय दिया जी इसके पहले भी मेरा अस्तित्व है तो डे बाय डे

00:03:55:19 फर्स्ट चैप्टर सेकंड चैप्टर नो योर रियल सेल्फ फिर आपका सोलमेट कौन है तो यह सारा ज्ञान भी ईश्वर ने ही दिया जी भगवान ने अर्जुन को पढ़ाया था हनुमान जी ने श्री राम जी की भक्ति नहीं की थी आरती नहीं उतारी थी लेकिन वह जब कहते थे तो वह कहना मानते थे तो ईश्वर आ कर के पढ़ाते हैं भगवान समझ देते हैं आप देखेगा भैया घर में अगर हमारे कोई दुखी परशा पता है क्या कहते बारबार उस तंग करता है तो हम कहते हमारे घर में कोई एक व्यक्ति समझदार बन जाए ना तो मेरे घर में सुख शांति आ जाए तो सुख शांति खुशी का आधार क्या है समझदारी चीजों की प्राप्ति नहीं तो ज्ञान के सागर परमात्मा जो हमें ज्ञान देते हैं जो हम रोज उनके वाक्यों को पढ़ते हैं उसी को हम मुरली कहते हैं आज अगर न तारीख है आज न तारीख है ना जी तो नाथ जनवरी की मुरली हमारे विश्व के जितने सेंटर्स है सब पर एक ही चैप्टर और हर व्यक्ति उसी चैप्टर से समझता है कि आज भगवान ने मुझे क्या इशारा दिया करने के लिए जो मेरी कल की समस्या थी उसका कैसे सॉर्ट आउट करना है उसकी भी तरीका उसमें बताया जाता है उसी को मुरली कहते हैं यानी ज्ञान के अस्त्र शस्त्र अच्छा यानी कि एक ईश्वर के विषय में ज्ञान ईश्वर के विषय ईश्वर कैसा

00:05:10:21 है क्या है और दूसरा ये कि हमें अब ईश्वर को प्राप्त कैसे करना है ईश्वर फिर हमसे क्या चाहते हैं जी भैया अभी हम जब मंदिर गए हमने भगवान को प्रेयर किया तो मंदिर में भगवान हमसे बात करते हैं हम भगवान की सुन के आते हैं क्या हम तो सिर्फ मंदिर में अपना बोल के आते हैं सुन के तो नहीं आते और हम कहते ये है कि हम भगवान की मर्जी से चल रहे हैं या सब कुछ भगवान की मर्जी से हो रहा है हमें तो भगवान की मर्जी का पता भी नहीं है ना कि भगवान की मर्जी क्या तो मुरली मतलब भगवान की मर्जी तो एक है भगवान के बारे में जानना फिर मुरली मतलब भगवान अब कह रहे कि आपको अब डे टू डे लाइफ में करना क्या है कैसे चलना है यानी कि भगवान की वाणी ही मुरली है तो ये मतलब वाणी किसी शास्त्र में लिख कर के आपके पास है या आकाशवाणी जैसा कुछ है जो होता है क्या है ये भगवान जो अपना ज्ञान सुनाते भैया ये मतलब ऐसा चैप्टर है ना कि हम इसको लास्ट डे बोलते हैं हमारा जो सिलेबस में है ना सबसे लास्ट चैप्टर आपने पूछ लिया मुझे मुझे आपने मुरली सुना कहां से किसके बारे किससे सुना य मुरली मुरली आपके कई सारे य चैनल वगर उस पर बात होती है तो जी एक महावाक्य है भगवान के मुझे अपना रथ नहीं है कौन सा रथ घोड़े गाड़ी वाला रथ

00:06:25:24 नहीं मुझे अपना शरीर रूपी रथ नहीं है मैं अजन्म ह अकाया हूं लेकिन मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए मुझे पर काया प्रवेश करना पड़ता है परकाया मतलब किसी और की काया में और जिसकी काया में प्रवेश करता हूं वह साधारण बुजुर्ग रत होता है तो इसी कारण मुझे कोटों में कोई विरला पहचान पाते हैं तो भगवान ने ये महावाक्य बोले तो जिस शरीर में आकर के भगवान जी ज्ञान सुनाते हैं उस वक्त कुछ नहीं हो रहा होता भैया आज के समय में प्रिंट मीडिया आ गया तो उधर भगवान वाणी चलाते हैं और इधर हम तुरंत प्रंट मीडिया से सब जगह पहुंच जाता है अच्छा जब पहले के समय में दादिया वगैरह थी तब तो कुछ भी नहीं था तो कार्बन कॉपी उधर भगवान के महावाक्य चल रहे होते थे और दादिया बैठ कर के कार्बन लगा कर के लिख रही होती थी तो मतलब किसी के शरीर में भगवान प प्रादुर्भाव होता है और फिर वो जो बोलते हैं वो हमारा धर्म ब्रह्म का निर्णय होता

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00:07:20:08 है अच्छा अच्छा अच्छा एक आजकल हमारे युवाओं में काफी य चीज हो रही है कि लोग नास्तिक हो रहे हैं बारे में ब्रह्मा कुमारी का क्या कहना है मतलब ईश्वर का एक्जिस्टेंस प ही सवाल उठ जाता है भा हम उनकी वाणी को तो तब मानेंगे जब हम ये मानते हो कि ईश्वर है इस दुनिया में है ना आपने बहुत अच्छा कहा भैया जी नास्तिक की डेफिनेशन पहले तो हमें ब्रॉड मि समझनी पड़ेगी हमें लगता है कि जो आजकल के बच्चे हैं या जो कहते हैं कि हम उनके एक्जिस्टेंस को ही नहीं मानते वो नास्तिक है एक्चुअल में जो लोग कहते हैं समझते हैं कि हम आस्तिक हैं क्या उनका भी कनेक्शन भगवान से होता है हम सिर्फ रिचुअल्स करने से तो खुद को आस्तिक नहीं मान रहे हैं भगवान ने बहुत सुंदर डेफिनेशन बताई भगवान जो को जो जान करके उनको याद करें वह आस्तिक और जो भगवान को बिना जाने कुछ भी कर रहा है तो व नास्तिक की डेफिनेशन है अब आजकल के बच्चे नास्तिक क्यों रहे वैसे क्योंकि उनका कनेक्शन कहीं नहीं है वो किसी से पूछते हैं भगवान क्या है या भगवान कौन है तो उनको 10 तरीके के आंसर्स मिलते हैं तो जहां 10 तरीके के आंसर्स होंगे वहा वेरिएशन है और तो भटक जाते हैं कहते समझ में नहीं आता ये है कि ये है ये है कौन सही है कौन सही है

00:08:35:13 तो इसीलिए भगवान मतलब स्वयंभू मतलब जो खुद आ करर के अपना ज्ञान दे खुदा मतलब जो खुद आकर के अपना परिचय दे उसे भगवान कहते तो आजकल के स्टूडेंट इसीलिए नास्तिक हो रहे हैं क्योंकि अभी तक उनको किसी ने सही नहीं बताया जो लोग जो लोग भगवान से जुड़े हुए भी है ना वो उनको भी देख रहे हैं कि वो क्रोध भी करते हैं वो चोरी भी कर रहे हैं वो लोभी भी है तो उनको लगता भगवान को मानने वाले ऐसे ही होते तो फिर हमारे उ में फर्क क्या है फिर उनको लगता है कि हमारा टाइम वेस्ट हो रहा है जो रिचल य कर रहे हैं हम भी करेंगे वही लेकिन हम रहेंगे भी वैसे ही जैसे अभी है तो कहीं ना कहीं और मैंने देखा भया मेरा यूथ से बहुत इंटरेक्शन होता है जी य बहुत अच्छे होते हैं ब कोई खराब तो है ही नहीं स्लिटी के नजर में तो कोई खराब नहीं है डिस्चार्ज है सर यू को मैंने देखा भैया खुद आते हैं मतलब पहले पहले जमाने में क्या अभी भी बहुत सारे कुछ बाय चांस यहां आते हैं जी छिप छिप करके जैसे सिगरेट और स्मोक ते ड्रिंक करते हैं कुछ बच्चे यहां आते मैंने उनको देखा एक बार अगर उनको बात समझ में आ गई तो फिर उनसे ज्यादा आस्तिक कोई बनता नहीं है जी जितने भी हमारे पास यो साए अगर उनको लगा है कि नहीं मुझे लग रहा है कि भगवान जी यही है और हम एक्सपेरिमेंट करके देख लेते हैं

00:09:50:18 हम इपोज नहीं करते लेकिन हम कहते आप देख लो हमने आपको य बताया ट्राई करके देख लो और अगर वो उनको समझ में आ गई बात तो फिर वो बनते भी है नहीं इसमें आप तो बहुत अच्छा कह र मगर इसमें तो फिर यह वाली बात होगी कि यह वो बच्चे हैं जिनके पीछे कुछ ना कुछ संस्कार है जो थोड़ा सा पॉजिटिविटी लेके आ रहे हैं मगर जो जिनके पीछे संस्कार नहीं है वो सिर्फ सीकर है जानना चाहते हैं जैसे हमने कहा कि स्वयंभू अपना परिचय देने वाला ईश्वर है तो मतलब काउंटर क्वेश्चन हो जाते हैं कि क्या कहते भाई मैं भी तो अपना परिचय दे रहा हूं मैं भी अपना परिचय दे रहा खुदा मैं खुद आ करके बता रहा हूं लो तो क्या मैं खुदा हूं तो मतलब अच्छा इसके अलावा एक चीज य आती जैसे जो जान के मानते हैं इसमें बात आती है कि कुछ चीज होती है जोसे हमें डायरेक्ट माननी पड़ती है जैसे कि कोई किसी घर में जन्म लिया किसी ने उसकी बहन अब उससे कहा गया कि भाई य बहन है य इसको पत्नी की दृष्टि से नहीं देखना है और उस व्यक्ति को उसे मानना ही पड़ेगा वो जान नहीं मान सकता अगर ये बहन है तो इसके इसको पत्नी की दृष्टि से देखने से क्या हो जाएगा तो उसको प्रैक्टिकली वो एमप्लीफाई नहीं

00:11:05:19 कर सकता उस नियम को कि पहले मैं देखूंगा कई नियम ऐसे हैं माता है कई हमारी ऐसी मातृ शक्तिया हमारे जीवन में जिनकी ओर हमें मानना होगा कि हमें इनको गलत नजर से नहीं देखना है तो हम वहां पर ये नहीं कर सकते कि हम इसको जान के मानेंगे पहले प्रैक्टिकली देख लेंगे और उसके बाद मानेंगे तो इस मतलब मेरा क वो जाना हुआ है ही भैया वो जाना हुआ है ही मतलब किसी और ने जाना है जो तुमको बता रहा है हां जी उस घर में हमने जन्म लिया हम तो अपना नाम भी नहीं जानते थे हमारा नाम तो हमारे माता-पिता ने कई बार पुकारा तो हमको लगा कि यही हम हैं हम तो पहले हमें अपना नाम भी हमने खुद जाना हमें बार-बार एड्रेस किया गया ना उस नाम से तो मुझे लगा कि नहीं मैं ये हूं फिर समझ में आ गया कि नाम से जुड़े हुए रिश्ते हैं और ये चला आ रहा है तो इसे जानने के लिए ये भी जाना ही गया है लेकिन ये बहुत नॉर्मल हो गया अ जिसको ड्राइविंग बहुत समय से आती है उसके लिए लगता है आती है जो पहली बार कर रहा है उसको लगता है पहला गेर लगाना है दूसरा गेर लगाना है नहीं तो नास्तिक इसमें जो नास्तिक नास्तिक का एक्चुअली नास्तिक का डेफिनेशन ये हो जाता है कि जिसके जीवन में स्पिरिचुअलिटी नहीं है जिसके जीवन में ईश्वर नहीं है तो ईश्वर को प्राप्त करने की कोई आकांक्षा नहीं है जब आकांक्षा नहीं है तो हमें जो धर्म और अधर्म की व्यवस्था दी

00:12:20:21 गई है तेरे लिए कर्तव्य और [संगीत] अकर्वेंट वो जब चाहे तब बहन को नकार सकता है माता को नकार सकता है सामने खड़ी तीन स्त्रियों में वो डिवाइड नहीं कर सकता क्योंकि उसके पास वो ईश्वर ही नहीं है तो ईश्वर को उसको प्राप्त करने की जब कोई इच्छा नहीं है तो ये जो झूठ नहीं बोलना है सच बोलना हैय साइंस नहीं बोल रही है ये स्पिरिचुअलिटी बोल रही है या उसको वो तेरी बहन है या वो तेरी मां है ये साइंस नहीं बोल रही है साइंस ने बता दिया आप इससे जन्मे हो उसके साथ आपको रिलेशन बनाना है इस तरह का कि नहीं बनाना है ये साइंस इससे कोई मैटर कुछ अच्छा अगर कुछ कहेंगे भी कि बनाना है तो उसके काउंटर वो भी है साइंस के नियम बदलते हैं क्योंकि तो कुछ ऐसे वैज्ञानिक भी होंगे कि बना बहन के साथ विवाह करने में कोई दिक्कत नहीं है कुछ ऐसे साइंटिस्ट भी होंगे जो कह देंगे बहन के साथ विवाह करने में दिक्कत है तो उन परे रिलाई नहीं कर सकते तो यह वाली जो चीजें हैं ये हां ये स्पिरिचुअलिटी से आती है अब जो नास्तिक है वो इन चीजों को मानने से भाग रहा है उसको क्योंकि इन चीजों को नहीं मानना है नास्तिकता की आते ही इस वजह से जो लोग नास्तिकता की पीक पे हैं ती बहुत बड़े-बड़े वो लोग अपने जीवन में कहीं ना कहीं कुछ ऐसी मर्यादा एं हैं जिनको वो ठुकराना चाहते हैं इसलिए

00:13:35:24 वो ईश्वर के एक्जिस्टेंस को ठुकरा रहे हैं क्योंकि मुझे ये करना है इसलिए मुझे ये ईश्वर को नहीं मानता इसका एक एग्जांपल बहुत छोटा सा लेता हूं कि हमारी मां कह रही है बेटा रसोई घर में चप्पल पहन के मत जाओ अब बेटे को जाना है कि नहीं मैं जाऊंगा ही तो मां क्यों नहीं जाना है तो मां ने अगर जवाब दे दिया बेटा भगवान ने कहा है तो वहां पर जो नास्तिक इसलिए कि मुझे चप्पल पहन के जाना है तो वह कह देगा मैं भगवान को नहीं मैं भगवान को मानता ही नहीं हूं पहले मुझे एक्जिस्टेंस तो दिखाओ भगवान की तो इस मामले में कुछ व्यवस्था ब्रह्म कुमारीज ने की हुई है कि भगवान है यह कैसे प्रूव होता है एक छोटी सी डेफिनेशन आपको बता देती क्योंकि हम जब कोर्स कराते हैं चैप्टर वन चैप्टर टू जी जी जी तो हम सामने वाले को बताते हैं जो हमने सुना समझा आपको सिर्फ बता रहे हैं आप एक्सपेरिमेंट कर लेना तो भगवान की पहली चीज कि हम भगवान से जुड़ेंगे तो हम उधर से पावर लेंगे एक्सपेरिमेंट करेंगे तो हमको उसके अस्तित्व का विश्वास होगा तो हम ईश्वर की परिभाषा क्या बताते हैं भगवान ने कहा जब तक मुझे जानोगे नहीं तो कैसे जोड़ो ग तो ईश्वर ने कहा मेरी पहली परिभाषा मैं वो जिसे सब धर्मों में माना जाओ मेरा ऐसा रूप जिसे हिंदू भी माने मुसलमान

00:14:51:07 भी माने सिख भी माने आज क्या हो गया है भ विवाद का मुद्दा बन गया हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में भाई भाई किस नाते से एक पिता की संतान आप सामने छोटा सा पिक्चर देख रहे हैं मैंने इसीलिए रखवाया यहां पर जी इसमें जो पॉइंट ऑफ लाइट है हम हिंदू लोग इसी का बड़ा रूप शिवलिंग बना कर के पूजा करते हैं शिवलिंग का मतलब ना स्त्रीलिंग ना पुल्लिंग एक चिन्ह है वो पॉइंट ऑफ लाइट मुसलमान लोग कहते हैं अल्लाह नूर है क्रिश्चियंस कहते हैं गॉड इज लाइट सिख भी ज्योति की तरफ इशारा करते हैं यानी एक परमात्मा जिसको हम बचपन से क्या कहते हैं भैया ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार हाउ आई वंडर व्ट यू आर अप अबब द वर्ड सो हाई हम आरती में क्या गाते हैं पार ब्रह्म परमेश्वर यानी सब लोग किसकी तरफ इशारा कर रहे हैं एक निराकार की तरफ पॉइंट ऑफ लाइट वो सबके पिता हो सकते हैं हमारे जितने भी हमारे देवी देवता हैं श्री राम जी हनुमान जी कृष्ण जी गणेश जी ये 33 कोटि देवी देवता देव आत्माएं देव आत्माएं का मतलब मनुष्य शरीर प्राप्त होने के बाद भी मोरालिटी सबसे उत्तम किसी भी चीज में उन्होंने कंप्रोमाइज नहीं किया मर्यादाओं में नियम मर्यादाओं के पखे वो देव आत्मा

00:16:06:20 लेकिन देव आत्मा का भी सबसे ऊपर कौन परमात्मा व निराकार शिव तो भगवान की जब ये डेफिनेशन बताई फिर दूसरी चीज और बता दी इस संसार में तीन चीजें अविनाशी हैं आत्मा अविनाशी परमात्मा अविनाशी और प्रकृति अविनाशी तो तीनों अविनाशी होने की वजह से लोगों ने सोचा आत्मा ही परमात्मा है पर हम और आप कई बार क्या कह देते हैं देव आत्मा और दुष्ट आत्मा भी होती इनको क्या हो गया है ये तो धर्म आत्मा थी ऐसा कैसे कर सकते हैं य इतने दुष्ट आत्मा कैसे बन सकते हैं तो आत्माओ की स्टेजेस भी क्या हो रही है चढ़ रही है गिर रही है देवात्मा द परमात्मा में आपका कहने का अर्थ है व दुष्टता नहीं आ सकती बिल्कुल प्रकृति भी भैया प्रकृति भी ऐसी है प्रकृति के लिए क्या कहते हैं यह हमेशा थी हमेशा रहेगी लेकिन यह प्रकृति भी परिवर्तनशील है हमारा शरीर पंच तत्वों से बना हुआ हमारे घर में कोई आ जाता है तो कई बार हम ग्रुप फोटो निकाल आते हैं अपना उस ग्रुप फोटो में सामने आप ही को बोलेंगे कि भैया इस ग्रुप फोटो में बताइए यह मेरे फिथ स्टैंडर्ड का फोटो है इसमें मैं कौन हूं मैं बैठी हूं सामने लेकिन मैं आपसे य प्रश्न क्यों कर कि आप ढूंढ करके बताइए क्योंकि मैं यह बताना चाहती हूं देखो प्रकृति कितनी परिवर्तनशील है कि मात्र इतने वर्षों में मेरा इतना रूप बदल गया

00:17:21:25 शायद पहचान भी नहीं पाएंगे तो आत्मा भी परिवर्तनशील प्रकृति भी परिवर्तनशील परमात्मा उनके आगे पीछे कोई अफिक्स या प्रीफिक्स ऐड नहीं होता देव परमात्मा दुष्ट परमात्मा नहीं ही इज ऑलवेज सुप्रीम हम तभी उनके लिए कहा सत्यम शिवम सुंदरम जी सदा शिव नहीं हम थोड़ा सा इस टॉपिक पर भी आएंगे जो हमारा जो एक्चुअली मैं एथी को जवाब देना चाह रहा था मैं अथी नहीं हूं मगर उनके बीच में मैं जाता हूं तो मैं आपका ब्रह्मा कुमारीज का जानना चाह रहा था क्या स्टेटस है एथी को कैसे हम लोग टॉलरेट करें कैसे उनको टैकल करें एथ ठीक है मैं आपको एक साइंस एग्जांपल देती हूं जिससे कि हम एथी को एक आंसर दे पाए तो ब्रह्मा कुमारीज का एथी के लिए क्या आंसर है वो थर्म एक लॉ है लॉ ऑफ थर्मोडायनेमिक्स आपने पढ़ा होगा उसके दो लॉज है फर्स्ट लॉ है एनर्जी नीदर बी क्रिएटेडॉक्युमेंट्सफ्रैगमेंट

00:18:29:10 और उस डिस्चार्ज को अगर समय पर चार्ज नहीं किया तो कोलप हो जाएगी लेकिन उसको चार्ज कौन करेगा आउटर सोर्स ऑफ सिस्टम उससे अलग उससे अलग उस सिस्टम का हिस्सा उसको चार्ज नहीं करेगा तो जो भी हमारे भाई बहन जो भी कहते हैं कि वो नास्तिक है नहीं मानते मतलब ये प्रश्न भी हमको बड़ा अजीब लगता है कि आप अपने माता पिता को मानते हो कि नहीं मानते हो आप मतलब हमें किसी ने बनाया कि नहीं बनाया बकुल तो इसमें उनका पहला तो उसका जवाब तो खैर मैं देता हूं मैं बस आपसे पूछ रहा हूं इसमें एक पहला काउंटर कि अगर हर चीज को बनाने वाला दुनिया में कोई ना कोई है तो फिर भगवान को किसने बनाया नहीं बनाने वाला नहीं इसलिए कहा एनर्जी नीद भी कटेड नहीं नहीं मतलब वो जो अरेंजमेंट करने वाला कोई ना कोई है जो अरेंज कर रहा है चीजों को है ना तो फिर भगवान को किसने अरेंज कि हर चीज के लिए सोर्स भगवान अल्टीमेट सोर्स है वो अल्टीमेट है मतलब हमारा कहने का मतलब ये है कि हम ये नहीं कह रहे कि सभी चीजों को बनाने वाला भगवान है सभी चीजों को अरेंज करने वाला भगवान है बल्कि ये कह रहे हैं कि जहां से सारी चीजें स्टार्ट हो रही है वो भगवान है ऑर्डर स्टेट में जो रहेगा भैया वो ऑर्ड वो हमेशा आउट ऑफ उसके है वो डर्ड स्टेट में स्थिर में तो वो कभी डिस्चार्ज नहीं होते इसीलिए वो भगवान है परमात्मा इसीलिए क्योंकि वो हमेशा

00:19:44:25 यहां से परे रहते हैं और यहां से जैसे ही हम नीचे आते हैं ना तो जैसे ही हम ये धारण करते हैं इस पर एंट्रोपय डिसचार्जिंग शुरू जब तक हम अपने ऑर्डर स्टेट में रहते हैं हम भी डिस्चार्ज नहीं होते लेकिन हम सब एक्टर्स नीचे आते रोल प्ले करने परम का मतलब वो हमेशा ऊपर ही रहने वाला इसीलिए वो ऑर्ड स्टेट में है कभी डिस्चार्ज नहीं होते उनको हम गॉड कह सकते हैं मतलब जुड़ना तो हमको पड़ेगा मतलब हमें कहने का मतलब वही है मैंने आपको कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि भगवान से ये सब चीजें स्टार्ट होती है हम ये कह रहे हैं कि ये सब चीज स्टार्ट जहां से हो रही है वो भगवान हैन कहीं ना कहीं से तो स्टार्टिंग है ना वही भगवान है जी ये तो ठीक है मगर इसमें फिर एक ये चीज आती है कि जैसे इस संसार में कोई बहुत अमीर व्यक्ति है है वो बहुत पावरफुल है सेना है सब कुछ है बहुत पावरफुल है देन व्हाट कैन आई डू मतलब मुझे उससे क्या मतलब है कहने वाला य कहता है कि अगर इस दुनिया में कौन एलन मस्क है जो बहुत रिच माना जाता है अब वो है ठीक है व एजिस्ट करता है इस दुनिया को बनाने वाला कोई है तो मुझे उससे क्या मतलब मतलब मेरा भी तो कोई उसे वो होना चाहिए ना कि मैं उसको मानू उसके लिए लिए प्रेरित होऊ उसके

00:20:59:28 लिए करूं कुछ तो मेरा उससे कनेक्शन वो अ जैसे कहते हैं ना ये कनेक्शन पता है कौन सा है ये कनेक्शन है मोबाइल और चार्जर का सिपल हमारा मोबाइल चार्ज होता है और डिस्चार्ज भी होता है हमें फिर चार्ज करने के लिए कहां जाना पड़ेगा मुझे मोबाइल के चार्जर से क्या फर्क पड़ता है वो कहीं भी हो मुझे क्या करना है नहीं हमें उस चार्जर और सोर्स से कनेक्ट होना ही पड़ेगा अदर वाइज हमारा कम्युनिकेशन खत्म हो जाएगा यानी कि हम मुझे चार्ज करने वाला हम ये कह रहे हैं कि जैसे हम लोग जो दिन भर में हमारी जो एनर्जी जाती है जी तो फिर हमें जो है ईश्वर की अगर प्रार्थना नहीं करेंगे तो हम एनर्जेटिक नहीं रहेंगे बिल्कुल नहीं देखिए भैया मोबाइल बैटरी का डिस्चार्ज होने का निशानी क्या है उसके अंदर के आयस बिखरते हैं मगर कई नास्तिक है जो ये बोलते हैं कि भाई मैं तो जीवन जी रहा हूं अच्छे से बता र मैं उसी का डिस्चार्ज हम हो रहे हैं उसके पहले हमें निशानी सुननी होगी क्योंकि फैक्ट है कि हमें लगता है कि हमें क्या दिक्कत हो रही है डिस्चार्ज की निशानी क्या है अंदर के आयस बिखर जाते हैं हम जैसे ही आप उसको चार्जिंग प लगाते फिर वो ऑर्गेनाइज होने लगते हैं ठीक इसी तरीके से हम डिस्चार्ज है उसकी निशानी क्या हमें ऐसा लगता है कि हम कई बार सोचते कुछ हैं बोलते कुछ हैं और करना कुछ पड़ता है

00:22:15:00 सोच ये तो इंटरनल विषय हो गया हम साबित नहीं कर पाएंगे यही नहीं तो ये आपका अपना एक्सपीरियंस बता दीजिए कभी तो आपको ऐसा लगता होगा ना कि आज हम सोच कुछ रहे हैं बोलना कुछ पड़ रहा है मतलब मुझे एस्ट जो आप जो हमारे जो एक्चुअली एथी का मतलब है जो ह्यूमैनिटी के विरुद्ध हो जाए अगर स्पिरिचुअल नहीं है तो वो एनिमलिज्म है जहां स्पिरिचुअलिटी नहीं है तो मर्यादा नहीं है मर्यादा नहीं है तो एनिमलिज्म है जहां पर बहन नहीं है मां नहीं कोई तो वो जब इस पर आते ना हमें ह्यूम निटी का विरोध करना है इंसानियत का मानवता का इन रिश्तों का इन नातों का इनका विरोध करना है तो वो ये जो उनके इंटरनल की चीजें हैं वो वहां पर हम उसमें नहीं रख पाएंगे भैया पता है ऐसी आत्माओं के लिए हम लोग क्या कहते हैं हम ऐसी आत्माओं के लिए हॉटस्पॉट लगाते हैं मतलब फिर उनको हम वर्बल कुछ नहीं समझा सकते क्योंकि जिसने ये मान लिया है कि हम ये प्रूफ करके रखेंगे कि हम भगवान का अस्तित्व नहीं है मुझे नहीं मानना मैं सब कुछ अकेले ही कर रहा हूं तो फिर हम उनको हॉटस्पॉट लगाते हैं हॉटस्पॉट का मतलब क्या उनके लिए प्योर वाइब्रेशंस हम जी रहे हैं हमें भगवान मिला है हम उनकी श्रीमत पर चल रहे हैं हमें उसके रिजल्ट्स मिल रहे हैं हम ऐसे लोगों के साथ अगर बैठ कर के फिर एक होता है ना कि आप समझने के लिए अगर बात कर रहे हैं तो आपको समझा सकते हैं जी जी जी को अगर मेंटली प्रोग्रामिंग बना कर

00:23:30:02 के आए कि नहीं मुझे तो समझना ही नहीं कि भगवान नहीं ऐसा है ना हमारा एक्चुअली मेरा इंटरेक्शन काफी होता रहता है सब तरह के लोगों से तो उसमें हम यह करते हैं जैसे वो जो है जो जो ये दे रहा है लॉजिक या जो भी दे रहा है काउंटर्स दे रहा है तो हम उसको सुधार पाएंगे कि नहीं सुधार पाएंगे डजन मैटर उसको देख कर के जैसे हमने उसको ऐसे काउंटर दिए जिसमें वो कुछ बोल नहीं पाया या फालतू की बातें बोलने लगा जो पब्लिक देख रही है यार अब ये क्या कर रहा है तो फिर उसमें वो लोग बच जाते हैं उसकी वाइब्रेशंस में आने से जो उसकी वाइव्स है उसमें आने से तो इसका मतलब यही होता है कि भाई एक नास्तिक से अगर हम बात कर रहे तो आवश्यक नहीं कि वो हमारी बात मान जाएगा मगर यदि वो हमने उसको ऐसे काउंटर दिए जो क्या कहते हैं उसके उसके पास जवाब नहीं है फिर भी वो एंड में यही बोल रहा है मैं नहीं मानता मैं नहीं मानता तो जो लोग देख रहे हैं जो उसमें इंटरेक्ट नहीं कर रहे हैं वो उनमें से काफी परसेंटेज हो जाती संभावना ये चीज है हमारे यहां एक बहुत अच्छा सा एक डिबेट ही उस टाइप की हुई थी भगवान है भगवान नहीं है अच्छा तो फाइनली जीता वही जिसने कहा था भगवान नहीं है तो सब लोगों ने कहा देखो उसने सिद्ध कर दिया कि गॉड का एक्जिस्टेंस नहीं है जब उसको प्राइज मिला ना उसने कहा थैंक गॉड मैं जीत गया इसीलिए मतलब कहीं ना कहीं

00:24:45:10 अंतरात्मा जो सोल मेट है ना भया हम लोगों को ना बॉडी की लेयर्स बहुत ज्यादा लग बॉडी कॉन्शियस की बहुत सारी लेयर्स है सिर्फ मैं शरीर हूं नहीं नाम मान शान मैं अच्छा हूं मैं बुरा हूं इस कास्ट का इस क्रीट का इस देश का इतनी सारी लेयर्स की वजह से वो अत आत्मा छिप गई है सिर्फ छिपी है लेकिन सबके अंदर है भैया उसके अंदर से भी क्यों निकला थैंक गॉड क्योंकि एक्चुअल में उसका कनेक्शन उसी से है और फाइनली जब डिस्चार्ज होते हैं ना भैया स्पेशली कोरोना में बहुत सारे ऐसे नास्तिक लोगों ने भगवान को मानना शुरू किया जब कमरे में अकेले थे और कोई सहारा नहीं था ना तो लोगों ने पुकारना शुरू किया तो हमें लगता है कि जब एग्जाम आए तब ऐसा हम पेपर का सलूशन ढूंढे तो उससे अच्छी बात है कि हम पहले ही कुछ कर ले क्योंकि कलयुग में परिस्थितियां हमारे कंट्रोल में नहीं है मतलब बियोंड एक्सपेक्टेशन कुछ भी आ रहा है उसे फेस करने का सिर्फ एक तरीका ना मैन पावर काम आएगी ना मनी पावर काम आएगी फिर एक वही पावर काम आ अच्छा इसमें भी वो वाली एक जो लॉजिक है ना जो हम लोग देते हैं कि भाई जान के मानो तो ये नास्तिक को हम जब ये कह रहे हैं ना कि भाई तुम प्रेयर करो अगर तुम्हारे में आएगा एक तरीके से तो हम उसको पहले मानने को ही कह रहे हैं प्रेयर फर्स्ट प्रेयर उसके बाद तुम्हारे में वो आएगा कुछ अगर कह रहे हैं ना कि हम दोनों तरीके

00:26:00:19 से अब जब कोई थियस है ही तो उसे हमें हमें ये देखना है कि उनका नब्स कहां है वो पहले प्रेयर करके एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं या पहले जान करके प्रेयर कर सकते हैं तो भाई साब भगवान तो ऐसा है ना कि वो तो खाना खिलाने पर व लगा पड़ा है मां चाहती मेरा बच्चा खाना खा ले कैसे खाना खाएगा वो तरीका वो ढूंढ लेती है अच्छा हम हम लोगों का मैं बता देता हूं चल ही रहा है वैसे तो आवश्यक नहीं है हमारे दर्शक काफी बार देख चुके यह तो है कि वो क्रिएटर है हर चीज का अरेंजमेंट उसी ने किया है तो वो कार्य कारण वाला जो सिद्धांत है ना कि अगर कार्य हो रहा है तो उसका कारण कुछ ना कुछ है इसके अलावा एक चीज है कि एक नास्तिक के अंदर भी कभी ना मर जैसे आपने कहा ना कि वो वो भी बोले कोरोना में के थैंक गॉड जो भी है तो एक नास्तिक के अंदर भी तीन प्रकार की जो डिजायर्स है वो है एजिस्ट करती हैं सत चित आनंद की डिजायर तो हमारे अंदर अगर भूख है तो उससे सिद्ध हो रहा है इस दुनिया में भोजन है अगर प्यास है तो सिद्ध हो गया पानी है इसी तरह से वहां पर हम नास्तिक को फिर काउंटर करते तुम्हारे अंदर जो सत चित आनंद की जो चाह है तुम भी चाहते हो तुम सदा सुखी रहो तुम भी चाहते हो तुम कभी मृत्यु को प्राप्त ना हो इससे भाग रहे हो मृत्यु का ख्याल तक आ जाता है तो आप

00:27:15:24 उसको विचार को हटा देना चाहते हो मृत्यु को तुम भी चाहते हो कि तुम कभी दुखी ना हो तो यह जो तुम्हारे अंदर एजिस्ट कर रही है चाह इसी से सिद्ध हो रहा है कि इस दुनिया में कोई सच्चिदानंद स्वरूप श्वर ईश्वर है तो ये हमारी तरफ से मतलब भैया यूथस का अगर आप जैसे बात करो नास्तिक का तो ये सब भी पता है वो फिर बहुत दिखाते हैं मुझे तो कोई मरने से डर नहीं लगता दुख के बिना सुख का पता कैसे प सब तरीके की फिज नहीं हम लोग उनको प्रैक्टिकल दिखा देते हैं जैसे हमने चाटा घुमाया पलक जब कई अब बताओ डर लगा ना डर लग गया वो मुंह से अगर बोल देंगे तो हम प्रैक्टिकल दिखा देंगे अभी देखो चाटा घमा रहा हूं खैर

00:27:53:16 चलिए अब एक उस परे आते हैं कि ये जो हमने मुरली की जो व्याख्या सुनी [संगीत] ये जैसे हम कहते हैं कि सनातन सिद्धांत धर्म की बात नहीं कर रहा क्योंकि आप आपने जो डेफिनेशन बताई उसमें शायद आप इस्लाम को भी धर्म कहते हैं और उसको भी धर्म कहते सब दहिक धर्म सब धर्म है तो अभी मैं इसलिए मैं उसको धर्म नहीं कह रहा हूं तो यह जैसे हमने कहा कि सनातन सिद्धांत हमारे सिद्धांत सनातन है कि नहीं हम सनातनी है कि नहीं ये आप मुझे बताइए सनातन का मतलब एवर लास्टिंग जो कभी खत्म नहीं होने वाला जो कभी शुरू भी नहीं हुआ है जी ठीक है तो जो कभी शुरू नहीं हुआ जो कभी खत्म नहीं होने वाला वो सनातन चीज क्या है सुख शांति पवित्रता खुशी ये सारी चीजें हमें एवर लास्टिंग चाहिए ही चाहिए जो नास्तिक जैसे अभी आपने कितना सुंदर कहा आप उनको भी ऐसे काउंटर कर ले तो चाहिए ना जी तो ये चीजें कभी खत्म होने वाली नहीं जी हमारे देवी देवता देव आत्माएं कभी चैतन्य में थे आज उनकी जड़ मूर्तियों की पूजा हो रही है यानी उनका यादगार हमेशा रहेगा क्यों वैल्यूज के आधार पर मूल्यों के आधार पर चरित्र के आधार पर उनका जीवन था

00:29:09:01 तो सनातन मतलब जो आत्मा से जुड़ा हुआ है वह हमेशा के लिए हो जाएगा शरीर से जुड़ा हुआ मेरा पोस्ट मेरा पोजीशन तो लोगों को याद करना पड़ता और कुछ समय के बाद हमको बुला भी दिया जाएगा लेकिन वैल्यूज के आधार पर देव आत्माओं से लेकर के चाहे विवेकानंद जी को तक को देख लीजिए जिन्होंने अपने जीवन को वैल्यूज पर स्टैंड किया वो एवर लास्टिंग हो जाते हैं नहीं नहीं ये तो आप सही कह रही एक्चुअली मेरा प्रश्न था थोड़ा सा अलग था जैसे हर हम यह जानते हैं कि आत्मा को कभी मारा नहीं जा सकता नैनम चंदन सण नन पाव चन क्लेप शोष मारता आत्मा को कभी नहीं मारा जा सकता और ना ही आत्मा कभी जन्म लेती है और क्या कहते हैं प्रकृति वो भी सनातन है और परमेश्वर भी सनातन है तो यह तो हो ग हम हम सनातन है मगर आज के टाइम में जैसे हमारे जो सिद्धांत है जिनको हम फॉलो कर रहे हैं यह करना है यह नहीं करना है यह सिद्धांत ब्रह्मा कुमारी के सनातन है यानी कि सनातन सिद्धांत को मानता है या ऐसे सिद्धांतों को मा मानता है जो बदलते हैं जिनका कहीं पर चालू हो रहा है कहीं पर खत्म हो रहा है सनातन सिद्धांत है ब्रह्मा कुमारी के सनातन सिद्धांत नहीं है देखि ये हर जगह दो चीज

00:30:24:07 होती है एक होता है जो हमेशा वही चलते हैं और एक होता है टाइम के हम फ्लेक्सिबल होना पड़ता है टाइम के अकॉर्डिंग अब फॉर एमल अगर आप सनातन सिद्धांत का कह रहे सुबह उठने की इसको सिद्धांत मानते है सुब ब्रमर में उठना चाहिए सिद्धांत अमृतवेला इस हम लोग अमृतवेला कहते हैं तो अमृतवेला उठना खानपान की शुद्धता हमारे खानपान की शुद्धता होनी चाहिए स्पेशली हम लोग जो यहां पर रहने वाले जो हम लोग अन मेरिड है सेलिबेसी की पालना ब्रह्मचर्य व्रत की पालना य हम लोगों को जो यहां रहते उनके लिए है क्लास में हमारे आने वालों को बताया सब कुछ जाता हैना कर सकते तो ये कुछ चीज बाकी गुण शक्तिया है टाइम के अकॉर्डिंग जैसे आप भी कहते हो कि कई बार हमारा झूठ अगर किसी को बचाने के लिए हो रहा है तो स आपातकालीन धर्म ये दोनों चीज उसकी व्यवस्था भी कर दी गई है तो जैसे आपने भया ये कहा ना कि आज के यूथ क्यों नहीं मानते हैं भगवान को क्यों नास्तिक है तो मुझे एक थट और आया कि कहीं ना कहीं हम लोगों ने स्पिरिचुअलिटी को बहुत टिपिकल बना दिया मतलब बहुत ज्यादा हम लोगों ने क्या कर दिया कि एक तो है कि बच्चों को वैल्यूज बताना कि ये नहीं करना नहीं ये नहीं करना तुमने पूजा नहीं किया तो ऐसा हो गया आज तुमने ये नहीं किया तो उनको

00:31:39:07 ऐसा लगता है कि एक तो लाइफ ऐसी इतनी डिफिकल्ट इतनी टफ है उसम से एक चीज ये भी इतनी टफ टफ बता दी जाती है तो कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लगता है कि हम लोगों ने भगवान को बहुत मुश्किल पाना बता दिया है भगवान तो बहुत ी चीज होती है उनको पाना ही मुश्किल है और अगर उनको पा लिया तो वो यही करना करने के लिए कह देंगे जो शायद तुम कर भी नहीं पाओगे तो मुझे ऐसा लगता है कि आज का यरो किसी लिए भाग रहा है कि वो अपने रोज के काम तो कर नहीं पा रहा है उसको लग रहा है भगवान से जुड़ ग तो मुझे चार काम और एक्स्ट्रा बता दिए जाएंगे हमें यहां क्यों हमने इसको जवाइन किया भैया अभी आपने देखा एक छोटा भैया वो भी यहां पर कर रहा था हम हम लोग बचपन से क्यों आ गए यहां पर बहुत इजी तरीका बताया गया स्पिरिचुअलिटी को बहुत इजी हमें सुबह कभी उठने के लिए भी फोर्स नहीं किया गया हमें कहा गया आपको दिन में जब मौका मिले आप एक मिनट के लिए भगवान जी से बात करो सिर्फ हमको एक आप जब जगे हो तब आप एक मिनट के लिए भगवान जी से बात कर लो आप चार्ज हो जाओगे फिर जो अच्छा होगा वो अपने आप में आप करने लगोगे और ये हमने फील किया भैया हमने क्या फील किया हम करते थे एक मैगनेट का मेडिटेशन आज की डेट में पिछले 25 सालों से एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ जब हम सुबह 3:30 बजे नहीं उठते और विलिंग ली उठते हैं जैसे पहले पिक्चर देखने का क्रेज होता था ना अब ब्रह्म मुहूर्त का क्रेज होता है तो इजी

00:32:54:10 हो गया वो एक्चुअली भगवान ने कहा ना कि तू मेरी शरण में आ जा मैं देखूंगा तेरी प्राप्ति और प्राप्ति की चिंता मैं करूंगा तो एक्चुअली मैं ये कहना चाह रहा था कि आपकी जो य जो जो मुरली है जो धर्म ब्रह्म की व्याख्या करती जो डेली आती है यह आ रही है इसका प्रादुर्भाव हो रहा है और ईश्वर आ करके दे रहे हैं तो फिर यह जो आपका जो यह चीज है यह सनातन तो है नहीं भैया मैं य तो कह रही हूं ना कि आपने प्रश्न ऐसा पूछ लिया ये ऐसे चल रहा है सर्किल में तो हमने एक तो समझा ही नहीं है एक रेपुटेशन भी है हम इसीलिए हम लोग चैप्टर वन चैप्टर टू डे बाय डे कराते हैं आपने मतलब क्योंकि आप

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00:33:57:22 टेंशन

00:33:58:02 हो जाता है कि देखो ये मेरा कहीं फैला ना दे मैंने इसको बता तो दिया अपनी इतनी प्राइवेट बातें एक चार लोगों को सुना ना दे जी मुरली का मतलब भगवान से बातें भगवान हमें गाइड कर रहे हैं कि आपकी इस प्रॉब्लम का सलूशन ऐसे हो जाएगा तो मन हल्का हो गया हम तो इसीलिए जो आपने पूछ लि ना प्रादुर्भाव एक्चुअल में सनातन है ये आपको लग रहा है अभी आ रहा है नहीं ये पहले भी आ चुका है अभी फिर आ रहा है हिस्ट्री रिपीट्स इट सेल्फ कहते हैं ना भैया तो इसी तरीके का कुछ है कि भगवान ने कहा एक चीज है रिपीट हो रही है एक आइडेंट कली रिपीटेशन उस रिपीटेशन के अकॉर्डिंग अभी आपको लग रहा है कि अभी आ रहा है ये बार-बार आया है और आता रहेगा तो यह जो पहले आया है मतलब ये जो इसका कोई प्रमाण कि जैसे प्रूफ कि जैसे पहले भी आ चुका भया आज आपने पहले ही शो में ऐसा प्रश्न पूछा है तो मैं आपसे यही कहूंगी क्योंकि हम इसको इस प्रश्न का उत्तर जब हमारे क्लास वाले भी जब हमारे कोर्स करने वाले आते हैं ना और वो पूछते हैं तो हम उनसे कहते हैं आज नहीं सात दिन के बाद आपको अपने आप इसका आंसर मिलेगा लेकिन चूंकि आप हमसे पूछ रहे हैं तो मैं सिर्फ आपसे एक प्रश्न का प्रश्न पूछ र हूं कि क्या आपने कभी ऐसा फील किया है कई बार आपको ऐसा लगा है कि कोई सीन हमारी लाइफ में ऐसा हो रहा है बहुत जरूरी नहीं कि बहुत विशिष्ट हो सिंपल

00:35:13:06 चीजें कुछ ऐसी चीज ऐसा लगता है जैसे पहली बार भी ऐसे हो चुका है ऐसा पहले भी मेरे साथ हुआ है पर्टिकुलर कोई कपड़े की ड्रेस कोई एक डायलॉग मैं मान लेता हूं वहां हुआ होगा बिल्कुल तो इसीलिए मैं आपको ये बता रही हूं प्रमाण आपने कहा ना तो इसका पहला प्रमाण अभी के आपके क्वेश्चन के हिसाब से सिर्फ इतना ही है कि अगर मुझे कभी यह लगा है कि नहीं ये वाली चीज तो मैंने पहले भी कभी देखी है कब देखी है वो एमपी3 घूम गई ये सॉलिड इसलिए सॉलिड नहीं है भैया क्योंकि मैंने कहा ना आपने लास्ट क्वेश्चन पहले दिन ही पूछ डाला इसको फर्स्ट शो में हमने ये पूछ लिया आपने हम अगर इसको हम चैप्टर वाइज डे बाय डे शुरू करेंगे ना तो आपको प्रश्न पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी इसका आंसर आपको खुद ब खुद मिलेगा जी हम लोग जब बात करते हैं समय की मतलब मतलब हम शास्त्रों पर बहुत ज्यादा रिलाई नहीं करते वेद है जो वेद आयते हैं जो वेदों से चला हमारा फिर क्यों नहीं करते हैं शास्त्रों ने ही तो हमको बांध करके रखा तो शास्त्र में तो दिया गया है ये सब पहले रिपीट हो चुका है दोबारा आ रहा है मगर उसमें ये नहीं दिया है जो मुरली आती इस तरह से जो आज आ रही है जो इस तरह देखो भैया देखो शास्त्र लिखा किसने भगवान ने नहीं लिखा है लिखा इंसान ने तो इंसान ने और हर व्यक्ति ने अलग अलग लिख डाला है कुछ आपने लिखा कुछ वेद है उसको

00:36:28:08 तो श्रुति कहते है ना ईश्वर की वाणी वाणी तो है लेकिन लिखा फिर किसने उस समय तो प्रिंट मीडिया नहीं था ना किसी ने तो लिखा होगा ये ऐसे है जैसे आपकी जैसे जैसे आप मुरली कह रहे हैं यहां से हजारों किलोमीटर दूर जहां मतलब यहां पर शायद माउंट आबू में मुरली आती है तो वहां पर जो जिस शरीर में आ रही है उसके अलावा किसी व्यक्ति ने उसको नोट किया है जी तो उनके लिए वो ये कह सकते हैं कि ये भगवान की वाणी है कि नहीं जी जी वो भी ये कह सकते हैं भन की वाणी तो आपने प्रश्न क्या किया कि उसम लिखा हुआ है वेद में कि ऐसा पहले भी हो चुका है जब शास्त्र पर हम लोग जाते हैं तो उसमें क्या कहते हैं उसमें य सब चीजें है कि जो हमारी सृष्टि है व एक बार नहीं कई बार बनी है इसीलिए कभी सृष्टि का निर्माण देवी तत्व के द्वारा हुआ कभी विष्णु तत्व के द्वारा हुआ कभी शिव तत्व के द्वारा हुआ वो भगवान की अपनी मर्जी की किस रूप में किस रूप में अपने आप को ख्या पित कर रहे हैं तो ये तो ये बात हो गई फिर आपने ये कहा ना कि मगर वो वो ईश्वर ने नहीं लिखे हैं वो लिखे तो इंसानों ने ही है तो यह मुरली भी तो इंसानों ने ही लिखी है वो मैंने कहा ना कार्बन कॉपी से एज इट इज तो वहां पर क्या हुआ भैया वहां पर नहीं नहीं वहां पर समय का डिफरेंस नहीं हुआ तुरंत तुरंत चल रहा है इधर आप डिक्टेट

00:37:43:21 करें इधर मैं लिख रही हूं कितना भी कर ले किसी ना किसी को किसी ना किसी पर विश्वास तो करना ही पड़ेगा बिलकुल करना पड़ेगा ये नहीं कह रहे हैं जैसे आपने कहा ना व्हाट इज द डिफरेंस कि आप कह रहे हो उसमें भी लिखा हुआ है वो भी इंसान ने लिखा और आपके भी जिन्होंने लिखा वो भी इंसान ने लिखा तो फिर वो भी ऐसा कह सकते हैं उसमें ये नहीं इधर सुनाया जा रहा है और इधर लिखा जा रहा समय का डिफरेंस ऐसे है कि आज से 10 साल पहले जो मुरली आई होगी वो हो गया समय का डिफरेंस उनके लिए भा उस समय में तो कई लोग ऐसे होंगे जो आज जुड़ रहे हैं मगर वो 10 साल पहले की मुरली भी उनको माननी होगी लेकिन लिखा तो किसी और जिसने जिसने ये हमको पता है कि ये तभी लिखा गया जब सामने बैठा था सामने सामने विश्वास करना पड़ेगा पड़ेगा करना विश्वास पड़ेगा हां विश्वास करना पड़ेगा जैसे हम लोग वहां पर क्वेश्चन उठा रहे हैं बात बहुत समय पहले की नहीं है नहीं नहीं हमारे सामने भी ऐसे लोग हैं जिन्होंने लिखते हुए देखाने बोलते हुए देख मगर मैं कह रहा हूं कि अगर इस दुनिया में अगर 10 लाख लोग भी ब्रह्मा कुमारी से जुड़े हैं उन 10 लाख ने नहीं देखा तो जो बाकी रह जाएंगे जिन्होंने नहीं देखा है वो यह क्वेश्चन कर सकते लिखा दो तो वो जो है वहां पर ट्रस्ट ही आएगा आस्था ही आएगी तो तो जैसे हम यह काउंटर कर रहे हैं कि वो लिखा तो इंसानों ने देखिए भैया अगर मैं आपसे कहू कि वेदों को आपने किसी को

00:38:58:21 लिखते हुए बोलते हुए नहीं देखा होगा हम इतना कह सकते हैं कि हमने भगवान को बोलते हुए इन्हीं आंखों से देखा है किसी शरीर में आ होता मैंने देखा मैंने देखा किसीने देखा होगा उन्होने मुझे बताया तो मैंने विश्वास कर लिया नहीं जैसे आपने मुझे कहा ना मैंने देखा आप पर मुझे विश्वास होना चाहिए तो विश्वास करने की मार्जिन थोड़ी तो बढ़ जाती है ना भैया एक है कि आपने भी नहीं देखा मैंने भी नहीं देखा हमें किसी ने बताया था लेकिन अभी मैं सामने बोल रही मैंने वेद शास्त्र हमारे वेद शास्त्र है वो आते हैं गुरु शिष्य परंपरा से तो गुरु ने अपने शिष्य को दिए शिष्य ने फिर अपने शिष्य को दिए तो जो ले रहा है पिछले वाले से उसको इस पर विश्वास है और ये ले रहा है इससे तो इसको इस पर विश्वास है ऐसे ही आपमें भी कर र बक ऐसे मुरली भी होती है भाई जो बहुत सारे ऐसे होंगे जो सिर्फ उनके पास पहुंच रहा है वो देख नहीं रहे हैं मगर उनको ट्रस्ट अभी जो आ रहे हैं वो ऐसे ही आ रहे हैं अभी जो आ रहे हैं तोव तो कुछ नहीं देख रहे हैं लेकिन ट्रस्ट पे ही आ र है और एक्सपेरिमेंट पर आ रहे पहले हम पर ट्रेस्ट किया फिर जो सुनाया उसको एक्सपेरिमेंट किया उनको अच्छा लगा तो समझ में आ गया दिस इज राइट तो अब ये बात आती है कि हम ये काउंटर नहीं करना चाहिए कि वो किसी भगवान ने नहीं बोले वो तो नोट डाउन किए है अच्छा मैं ये कह रहा था एक क्वेश्चन यहां पे और बट

00:40:14:00 अप होता है और ये बड़ा इंटरेस्टिंग क्वेश्चन है कि ईश्वर ने ही सब कुछ बनाया है इस दुनिया में अच्छाई है तो उसका कारण ईश्वर है और इस दुनिया में अगर बुराई है तो उसका कारण भी ईश्वर है अगर कुछ अच्छा हो रहा है तो उसका कारण भी ईश्वर है अंततोगत्वा बिल्कुल फाइनली जो बेस है तो ईश्वर ने ही सब कुछ बनाया है अगर बकरी को ईश्वर ने बनाया है तो शेर को भी ईश्वर ने ही बनाया है प्रकृति की रचना प्रकृति की रचना अच्छा मैं मैं इसको बाद में ले लूंगा ये यहां से हो जाएगा जैसे कि हमने जाना ना कि व्यक्ति जब अपने जो ये साइंस है विज्ञान है इससे जब वह पार नहीं पा पाता है अपने जीवन में सुख और इसकी तभी उसके जीवन में यहां पर आ रहा है कि भाई ईश्वर है है ना तो यहां से हुआ यह कि एक सर्वशक्तिमान सत्ता है जहां सब कुछ फेल हो जाता है मगर वह सब कुछ भी कर सकती है उसी के होने के कारण उसको एक संतोष रहता है कि मैं भाई ईश्वर को भज लूंगा तो मेरा जो है कल्याण चाहे बिल्कुल विपदा बिल्कुल खड़ी हो आपने प्रलय खड़ी हो सामने मगर उसको ईश्वर जो है वो इस प्रलय को भी रोक सकता

00:41:29:00 है है ना इसीलिए आपने जैसे कहा कि उसको थैंक गॉड निकला निकल जीतने के बाद जैसे हम जो नास्तिक को संतुष्ट कर पाते तो इससे करते हैं कि तेरे अंदर भी सदा सुखी रहने की चाह विद्यमान है तो इस अगर तेरे अंदर सत्य चित आनंद की चाह है तो इसका मतलब कोई दुनिया में सत चित आनंद है अगर तेरे मन में भी ये आ रहा है कि बारिश थोड़ी कम हो जाए नास्तिक के मन में भी आता है मुझे जाना है जल्दी तो बारिश थोड़ी कम हो जाए यानी वो मौसम को भी कंट्रोल करने वाला बनना चाहता है उसके मन में भी आता है धूप थोड़ी कम हो जाए यानी वो धूप को भी कंट्रोल करने वाला बनना कभी-कभी आता है मैं भविष्य देख लू नास्तिक भी सोचता है कल इंडिया पाकिस्तान में कौन जीतेगा ऐसा नास्तिक भी सोच लेता है यानी कि व भविष्य देखने वाले ही बनना चाहता है तो हम जब ये ईश्वर को ईश्वर के एक्जिस्टेंस को प्रू ही इससे कर पा रहे हैं कि वह व्यक्ति हर तरह के प्राकृतिक नियमों से परे हो जाने का सोच रहा है तो उसकी इस चाह का जो सब्जेक्ट है वो वही ईश्वर है जो सर्वशक्तिमान है सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर तो जब हम कहते कि ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर है सर्वशक्तिमान तो सर्वशक्तिमान है तो फिर बात आती कि ईश्वर किसी भी प्रकार के नियम के नीचे नहीं है वह सभी नियमों को बनाने वाला सर्व नियामक है कुल मिलाकर के बात यही ईश्वर वह है जो कुछ भी

00:42:44:06 कर सकता है उसकी कोई लिमिट नहीं है अगर कोई लिमिट है तो वह ईश्वर नहीं है तो क्या जो ब्रह्मा कुमारी इस के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है क्या वह सर्वशक्तिमान है क्या वह किसी भी नियम के नीचे ना आने वाला है या फिर वो नियम के नीचे है वो सर्वशक्तिमान है लेकिन वो दुख नहीं देते हैं बुरा कुछ नहीं करते हैं वो दुख हरता सुख करता है व दुख भी देते हैं नहीं वो बुरा करते हैं नहीं आज हमारे पास आए भाई तो उन बहुत मानते हैं भगवान को उन्होने ऐसे वो कुछ वो तंबाकू हबाकू खा रहे थे मैंने कहा ऐसे क्यों कर रहे हैं आप सेहत नुकसान करता है अरे दीदी हम में भी भगवान है आप में भी भगवान है हम जो कर रहे व भी भगवान करा रहा है सब कुछ भगवान करा रहा है मैंने कहा नहीं भगवान ये तो बिल्कुल नहीं करा सकता है भगवान कुछ गलत नहीं करा सकता जो हमारी हमारी सेहत के लिए जो डॉक्टर्स मना कर रहे हैं तो भगवान के लिए कैसे हो जाएगा तो ईश्वर हमारे हिसाब से दुख हरता सुख करता हमेशा सुख ही देते कभी गलत नहीं कर एक्चुअली ईश्वर का एक वो वो है क्या कहते हैं रूप जैसे कि पानी सब जगह है नमी के रूप में सब जगह है मगर हमारी प्यास पानी का वही रूप बुझा सकता है जो हमारे ग्लास में हो

00:43:59:20 है ना तो ऐसे ही ईश्वर तो सर्वत्र समान रूप से व्याप्त है वो हर जगह अच्छाई में भी है सब कुछ जगह है मगर ईश्वर का वो रूप जो हमारे लिए मोक्ष दायक हो जो हमारे लिए सुख करता हो दुख हरता हो उस वो रूप हमें हम उसकी पूजा करते हैं बाकी ईश्वर तो सब सब जगह है हर जगह देख य तो हम बताना चाहते हैं ईश्वर सब जगह है इसमें बहुत ईश्वर के लिए छ हुई है जय बोलते भगवान सब जगह तो ये जो शब्द निकलते हैं सब जगह ये उन्हीं के लिए निकलता है जिनसे हमको बहुत प्यार होता है हमारे घर में अगर एक नन्हा बच्चा खेलता रहता है और वो दो दिन के लिए कहीं चला जाता है तो उसकी एब्सस में भी उसकी प्रेजेंस फ होती उसकी आवाज आती है उसकी लकारिया आती है क्या कहते हैं वो है नहीं तब भी लग रहा है कि है तो ईश्वर सर्वव्यापक नहीं है क्यों ऐसा हमने कहा नहीं जैसे हमें फील होता है मगर वो बच्चा होता नहीं हमारे आसपास तो क्या ईश्वर भी ऐसा ही है आप बताइए जैसे अभी हमने कहा ईश्वर सब जगह है कई बार हम कहते हैं ईश्वर हमारे दिल में है आपके दिल में है अभी हमारे और फैक्ट है ये ये भी ये भी एक फेज में ये भी राइट है कि जब हम किसी को बहुत प्यार करते हैं तो हम क्या कहते हैं आप तो मेरे दिल में रहते हो ठीक है ये दो चीजें हमने बोली दिल में रहते हैं सर्वव्यापी

00:45:14:25 है बिकॉज कि मैं उसे बहुत प्यार करती हूं लेकिन जब जब हमें हमारे हमें कोई परेशान करता है हमारे पास कोई दुख तकलीफ आती है आप बार-बार उस व्यक्ति उस समस्या के लिए पूछ रहे बताइए क्या हुआ बताओ क्या हुआ और वो समस्या भी हमारे कंट्रोल में नहीं है तो हम क्या कहते भा देखो हाथ जोड़ के तुमसे कह रहे हैं अब मेरे से उस समस्या के बारे में बात नहीं करो अब ऊपर वाले के ह वाले छोड़ दो तो अब भगवान जी कहां चले गए कहां गए ये तो हमारी समझ के ऊपर है ना समझ के नहीं भैया सब कोही कहता है नहीं मैं मैं ये जानना चाह रहा हूं ईश्वर हर जगह है कि नहीं अकॉर्डिंग टू सूरज सूरज कहां है सूरज आकाश में स्थित है बस ऐसे ही सूरज एक ही जगह है ना लेकिन उसकी किरणें सब जगह है यानी कि ईश्वर सब जगह नहीं है उसकी शक्ति सब जगह है उसकी शक्ति सब जगह है अच्छा ब्रह परमेश्वर हमने तो गाया कहा रहने वाले से भी पार रने तो अभी दो चीज आ गई एक तो ईश्वर सब जगह अगर नहीं है उसकी शक्ति सब जगह है सब जगह तो फिर अब दिक्कत य हो जाती है जैसे कि यहां पर हम लोग बैठे हैं यहां पर ईश्वर की शक्ति नहीं है व ईश्वर की शक्ति है ईश्वर नहीं है तो जब दो तत्व हो गए एक शक्ति हो गई एक हो गया एक हो ग ईश्वर तो कहीं जब दो तत्व है तो कहीं ना कहीं इसमें और इसमें ईश्वर में और उसकी शक्ति में कुछ अंतर है तभी

00:46:29:27 तो व अलग है ईश्वर की शक्ति में और ईश्वर में भेद है तभी तो वो दोनों अलग अलग है अगर भेद ही नहीं है तो अभेद तो ईश्वरीय शक्ति के रूप में तो अभी देखिए हम क्या कहते हैं भगवान मेरे दिल में रहते हैं क्यों मैंने उनको पहचान लिया प्यार से लेकिन वो है ऊपर नहीं वो तो हमारा वो हमारी समझ है जो जैसा बोल दे वो वैसा बोल दे मगर जब हम बिल्कुल अच्छे से जानना जानने जाएंगे जैसे हमने ये कहा कि यह जो जगह है टेबल ये ईश्वर हिला सकते हैं ठीक है अब हमारे आप कह रहे हैं कि ईश्वर तो यहां नहीं है तो फिर उनकी शक्ति है तो यहां पर ईश्वर की शक्ति है ईश्वर नहीं यानी कि दो चीजें हो गई एक ईश्वर हो गए एक उनकी शक्ति हो गई अब जब यह चीज है तो शक्ति कहीं ना कहीं ईश्वर से कम पावरफुल होनी चाहिए प्रधानमंत्री जी दिल्ली में बैठे रहते हैं राष्ट्रपति जी दिल्ली में बैठे रहते हैं उनका एक फोन यहां काफी है या नहीं है फोन हमारे लिए तो उनकी पावर ही तो काम कर रही है हमें उनसे चाहिए क्या नहीं मैं वो नहीं पूछ रहा हूं मैं य पूछ रहा हूं सेम ऐसे भया सेम ऐसे उनका स्थान वो है लेकिन उनकी पावर हमारे लिए जितनी हमको चाहिए व उतनी हमको पूरी मिल जाती है नहीं मैं पूछ कुछ और रहा हूं मैं एक्चुअली अगर

00:47:44:28 हम दो चीजें मान रहे हैं पहली बात तो प्रकृति अलग है आज तक मैंने ऐसा माना नहीं था आपने दो क्वेश्चन कर दि वरना मेरे लिए वही भगवान है उसकी शक्ति मेरे पास है उनकी शक्ति वही मैं कह रहा हूं तो अगर हम ये कह रहे है ना कि उनकी शक्ति है वो नहीं है वो तो अपनी जगह बैठे हैं तो फिर हम भी भैया हम भी तो कहां से आए थे हमने भी अपने के लिए क्या कहा जब हम बहुत दुखी होते तो हम भी क्या कहते हैं हे भगवान त मुझे ऊपर उठा ले मतलब क हम अज्ञानी है ना हम मुक्त नहीं है सचिदानंद स्वरूप नहीं हैनी नहीं ये सब के मुंह से निकल रहा है कि हे ईश्वर त मुझे ऊपर क्यों नहीं उठा लेता हम कभी ये नहीं कहते हे भगवान त मुझे अध्या क्यों नहीं बुला लेता त मुझे वृंदावन क्यों नहीं बलाले ऐसे विरक्त संत है कहते हैं क्या कहते हैं कि मैं हे भगवान तुम अपने में लीन कर लो लीन कर लो लेकिन जाना कहां है सबको जाना तो सबको ऊपर ही है वो देखिए वो व्यवहार एक एक्सपेक्ट होता है एक व्यवहारिक अंतर जैसे हम सब में ईश्वर है फिर भी कोई मां है कोई बहन है कोई पिता है सब में एक ही तत्व है सब में आत्मा है आत्मा परमात्मा ऊपर है जैसे हमारे रिश्ते नाते कुछ नहीं है फिर भी हम रिश्ते नातों का वो कर रहे हैं व्यवहार जैसे हमने कहा कि ये ये चमड़ी का है ना तो ये व्यवहारिक अंतर तो है व्यवहारिक अंतर हम कर रहे हैं कि हमने व्यवहार के लिए कह दिया ईश्वर वहां है जैसे कि मान ली कि ईश्वर का जैसे ईश्वर की शक्ति यहां

00:49:00:03 भी इसमें भी है ईश्वर की शक्ति इसमें भी है मगर इसके साथ हमारा व्यवहार अलग होगा और इसके साथ व्यवहार अलग होगा क्योंकि इसमें फोटो बना है उनका तो यह व्यवहारिक अंतर है कि वो ऊपर उठा ले या यह कर ले वो कर ले व्यवहारिक जैसे शक्ति का मतलब जब हम उनको याद कर रहे याद के द्वारा हमारे पास है नहीं नहीं ल उनको याद नहीं कर रही है याद कर रहे हैं आप याद कर रहे हम फील उनको हम उनकी शक्ति को यूज करें मैं एक्चुअली जो प्रश्न है वो ये है कि जैसे हमने कहा ना ईश्वर सर्वव्यापी नहीं है अकॉर्डिंग टू ब्रह्मा कुमारी ईश्वर सब सर्वव्यापी नहीं है ईश्वर सर्वज्ञ है सर्वज्ञ तो सर्व ज्ञाता हो ग सर्व का सर्व चीज का ज्ञाता है और सर्वशक्तिमान है सर्वव्यापी नहीं उसकी शक्ति है पर वो सर्वव्यापी खुद स्वयं नहीं है तो अब जब हम ये कहते हैं ना कि उसकी शक्ति है तो फिर दो चीजें हो गई तो एक तरीके से शक्ति कहीं ना कहीं ईश्वर के सामने कम है ईश्वर के कंपेरटिवली जब दूसरा तत्व है तो ईश्वर का कंट्रोल होगा मतलब ये मैंने कभी सोचा ही नहीं भैया मुझे कभी लगा ही नहीं कि दो चीजें डिफरेंट हो सकती है ये मुझे लगा ईश्वर मतलब ईश्वर और मतलब उसकी शक्ति भी ईश्व है जब हम कहते हैं वो ऊपर है ना तो हमें आसान होता है उनसे कनेक्ट होना वर वो सब जगह रहेंगे तो हम उसे हम फिर कहां मन वो व्यवहारिक भेद है

00:50:15:07 हम मन कहां लगाए फिर हम कहते हैं ना मेरा मन तो भगवान में लग नहीं तो अगर वो सब जगह भगवान है तो फिर कहीं भी लगा लो मन मैं बता रहा हूं इसको जैसे कि अकॉर्डिंग टू साइंस मॉडर्न साइंस पृथ्वी गोल है ठीक है मगर हम लोग उसके साथ व्यवहार कैसा करते हैं अगर हम उसको गोल मानेंगे चल पाएंगे किसी को रास्ता दिखाना है सर वो ये कौन सा कॉलेज है पास में आ हा मुझे वहां जाना है तो हम उसको यं कहेंगे ये चले जाओ सीधे तो हमने व्यवहार क्या किया सीधा है जबकि वास्तविकता क्या है गोल अगर हम गोल मानेंगे तो हम व्यवहार नहीं कर पाएंगे व्यवहार नहीं कर पाएंगे तो हम कभी इस चपटे पन से मुक्त नहीं हो पाएंगे तो हमको इस व्यवहारिक भेद से मुक्ति पानी है इसीलिए हम ऐसा व्यवहार कर करना है जिससे मुक्ति पा सके जैसे किसी को पृथ्वी को गोल देखना है वास्तविकता में हम यहां से नहीं देख सकते मगर स्पेसशिप बना सकते हैं स्पेसशिप से जब बाहर जाएंगे तो वहां से अकॉर्डिंग टू साइंस हम देख सकते हैं मगर उस स्पेस शिप को बनाने के लिए भी उतनी देर जितनी देर स्पेसशिप बना रहे हैं उतनी देर तो उसके उस चपटे पन को मानना ही पड़ेगा कि फ्लैट है अब फ्लैट के अनुसार हम लोग व्यवहार करेंगे तो ये तो ये हो गया तो मगर मैं जो चलिए वो क्वेश्चन आपने कभी उस बारे सोचा नहीं मतलब आपको लगता है शक्ति के रूप में ईश्वर ही है मगर

00:51:30:24 भया सुनिए कई बार क्या होता है देखिए जैसे आपने यूथस की बात की थी शुरू किया था कि यूथ नास्तिक क्यों है तो कई बार हम भगवान को भी इतना टिपिकल और इतना कॉम्प्लिकेटेड बना देते हैं ना मतलब जब वो हमारे पास आते हैं उनसे सिंपल बात करते हैं कि देखो आपने एक्सटर्नल साइंस यूज किया तो एक्सटर्नल डिस्टेंस खत्म हो गए विदेश वालों से बात कर रहे हैं इंटरनल साइंस दैट इज स्पिरिचुअलिटी दैट इज रिलेटेड टू गॉड अभी हमने वो नहीं यूज किया तो हमारे अंदर के डिस्टेंस

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00:51:57:26 हमारे एक ही कॉलेज में दो लोग पढ़ रहे हैं उनसे बात नहीं करते एक ही कमरे में एक ही घर में दो लोग रह रहे हैं उनसे बात नहीं कर तो जब हम इतना इजी करते हैं ना तो बच्चा कनेक्ट होगा अगर हम इजी नहीं करेंगे अगर हम भगवान को इतना टिपिकल और इतना बना देंगे तो बचारे वो भी कहेंगे ऐसे हमारे फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ्स कम है क्या तो मैं ये वाला भी चैप्टर सम देख मतलब गड लाइक ममी इजी तो बनाना इजी बनाना अच्छी बात है मगर वो कहा ना संशय आत्मा विनती भगवत गीता चार चले है भैया हम किसी के संशय क्यों दूर करें हम पहले विश्वास जताए मतलब आज तक मेरा रिकॉर्ड तो फिर इसका मतलब वही हो गया मान के जानो आपकी जो आपका ही वो है जान के मान भैया कोई आया देखिए हम हमारी मम्मी पापा को अगर हम प्रूफ करें तो दैट इज वेरी रंग लेकिन हमने हम के साथ भी कर सकते हैं कि कई बार बच्चे हंसी हंसी में कहते हैं मुझे लगता है कि मैं आपका बेटा नहीं ह आप मुझे झूठ बता रहे हो तो वो एक अलग चैप्टर है लेकिन एक्चुअल में अगर हम माने तो मेरे माता-पिता उनसे मेरी प्रोटेक्शन है और मम्मी पापा जैसे संसार में कोई ी नहीं है हम भगवान को रोज क्या कहते तुम ही हो माता पिता तुम ही हो तुम भी भी नहीं कहते तुम ही माता-पिता हो वो मेरे माता-पिता है सिंपल रिलेशनशिप जैसे माता-पिता पर हक जताते हैं वैसे भगवान पर हक जताते हैं वो तो भगवान से मिलना सबसे आसान है भैया इस संसार में अगर सबसे आसान कोई चीज है तो भगवान से मिलना क्योंकि कैसे मिलना है भैया हमारे

00:53:13:06 हम किसी ऐसी जगह पर है जहां बहुत रिस्क है हमारे पेरेंट्स मिलना चाहते हैं वो हमसे कहेंगे तुम मत आना हम आएंगे आपके लिए खतरा है भगवान भी ऐसा है भगवान ने कहा जब जब धर्म की अति गलानी होती है जब आप कमजोर पड़ते हो तो मैं आ भगवान ने कहा था सृष्टि की चौथी अवस्था जब होगी तो बिना मेरा हाथ पकड़े आप एक कदम भी खुशी से खुशी नहीं चल पाओगे सृष्टि की चौथी अवस्था सतयुग शिशु अवस्था था त्रेतायुग बाल्यावस्था द्वापरयुग किशोरावस्था और कलयुग प्रवस्था इंसान बेचारा क्या करने लगा क्योंकि सुना लोगों ने जैसे अभी आपने कहा ना हमें मानने का मन ही नहीं है किचन में चप्पल पहन के हमको जाना ही है तो हम कहते हम भगवान को नहीं मानते ऐसे ही लोगों को लगा कि भगवान के लिए एक एक्स्ट्रा टाइम देना पड़ेगा तो उसने मन में का डिसाइड कर बोलिया शरीर की चौथी अवस्था में आएंगे एक्चुअली भगवान

00:53:59:19 ने कहा सृष्टि की चौथी अवस्था बताऊंगा एक्चुअली क्या है कि बहुत सारे स्पिरिचुअल कुछ फेक टीचर्स भी हो गए हैं उसकी वजह से क्या है कि ओरिजनल जो स्पिरिचुअलिटी वो पहुंच नहीं पाती अब जैसे जैसे आपने कहा ना इजी अब जैसे तुलसीदास जी कह गए कलयुग केवल नाम आधारा है ना और आज के टाइम में जैसे नाम जप अगर व्यक्ति करने लगे नाम जब वो जो आपने एक मिनट वाली बात बताई अपनी स्टाइल में तो ऐसा हमारे शास्त्रों ने भी व्यवस्था की है वो कोई जरूरी नहीं है की वो टिपिकल चीज ही हो लेकिन बताते हम लोग जब डिस्कस करते हैं तो ऐसे डिस्कस करते हैं ना बच्चों को लगता है कि हमारे अंदर जा ही नहीं डिस्कस इसलिए कि यदि हम ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता को नहीं सिद्ध करेंगे तो ईश्वर का अस्तित्व नहीं होगा और नास्तिकता जीत जाएगी एनिमलिज्म जीत जाएगा ह्यूम निटी हार जाएगी इसलिए ईश्वर के अस्तित्व को दण के साथ हमें आना चाहिए भले ही भले ही उसका सबसे अच्छा प्रूफ हमारा अपना प्रैक्टिकल लाइफ प्रिकल जीवन हम कह सकते भया तुम मानो ना मानो हमें तो पता है मेरा काम तो ईश्वर ही कर रहा है सुनिए तो तो भले ही हम अपने स्टूडेंट्स को देख ले कि भा हमें इस क्लास को य पढ़ाना है य ऐसी है वो एक अलग एक्सपेक्ट मगर जब हम बात करेंगे कि भा हमें स्पिरिचुअलिटी को एक खंबे की तरह गाड़ देना है युनिटी को बचाना

00:55:14:22 ही है जैसे हमारे जो देश के वो होते हैं जवान वह वहां पर अड़ जाते हैं कि हम नहीं आने देंगे आपको अंदर यहां पर ये सब है ब्रह्मा कुमारी है मुझे रक्षा करनी है वहां से स्पिरिचुअलिटी च रही है बचाते हैं वो लोग अपनी जान पर खेल करके इसलिए बचाते हैं क्यों उन्हें उस चीज को अड़े रहना है तो ऐसे ही जो हम हमारा ये कार्य होता है जिस कि हम लोग ईश्वर के अस्तित्व को बताए अब जब ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता पर बात नहीं होगी उसकी सर्वज्ञ पर सर्व व्यापकता पर बात नहीं होगी तो वह जो हर स्थिति में ईश्वर पर डिपेंड होने वाला जो वो आपने बताया था पर्सपेक्टिव वो कहीं ना कहीं फिर हिलने लगेगा कि भा ये कैसा है भया ईश्वर का एक गुण के पास और मेरे पास दोनों पास है प्यार का गुण नास्तिक से नास्तिक व्यक्ति को भी क्या चाहिए प्यार चाहिए रिस्पेक्ट चाहिए तो हम क्या करते जो ऐसे नास्तिक भी होते कते ठीक है भगवान को मत मानो चलो यह काम कर लो चलो आप एक बार ट्राई करके देख लो हम कहां से जोड़ रहे भगवान का ही का प्रेम के सागर है प्यार के सागर है वो अगर उसको व चीज नहीं समझ में आ रही है तो हम उनके गुण के ार उनके अंदर प्रवेश करेंगे उनके भगवान जी के गुण के द्वारा हम ज्ञान की फिर इस तरह से तो फिर कोई वैल्यू ही नहीं रही ज्ञान की देखि किसी को पहले ज्ञान बाद में तो पहले

00:56:29:28 जो ज्ञान दे रहे हैं पहले ज्ञान वो होना चाहिए ना ज्ञान से ही तो है सब कुछ

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00:56:33:13 हमय लगता हैया बस हमारे पास अगर आया है तो हम उसको जाने नहीं देंगे जाने मुझे पता है क्या लता जितने भी य आते है ना अरे ये तो यह तो आप जैसे मेरे सामने यह जो एट आपने जो बात कही है कि हमारे पास कोई आया है तो हम उसे जाने देंगे यह बात तो मेरे मेरे कान में मतलब अजीब सा हो गया था एक मतलब जो क्या कहते हैं जो ऐसी लेडीज होती है जो अपना यूज करती है बॉडी को है ना वो सेम यही डायलॉग बिल्कुल कि मेरे पास कोई आया मैं उसको मनालू पता है कैसे बोलते हैं हम क्या बोलते हैं बच्चों को बोलते हैं अपने पेरेंट्स को लेकर के आना एक बार दिखाना आप कहां आ रहे हो हम उनको य बोलते हैं और पेरेंट्स को पता है क्या बताते हैं हम उनको यही बताते हैं कि आप इनके साथ इसलिए आओ ताकि आपको पता रहे कि कर क्या रहे हैं जो बच्चा पहले दिन आता है हम उसको सिर्फ इसलिए पकड़ते हैं इसलिए नहीं जाने देते क्योंकि अगर हमने यहां नहीं उसको सही राह दिखाई तो बाहर तो जैसे अभी आपने ना ऐसे भी लोग यूज करते हैं अच्छा उनका भी य डायलॉग होगा कि तुम अपने कस्टमर को कैसे बनाओगी तो वो कहेगी आप चिंता मत करो मैं अपने कस्टमर को यहां से जाने नहीं दूंगी नहीं बिल्कुल हम ऐसा बिल्कुल हम तो सामने वालो को कहते हैं अपने पेरेंट्स को लेकर के आइए इवन कई बार तो पेरेंट्स नास्तिक होते हैं और उसका मतलब पता है क्या होता है बेचारे पेरेंट्स की भी गलती नहीं होती जैसे अभी आपने जो वर्ड्स यूज किए ना पेरेंट्स डरते हैं बेचारे मेरे

00:57:48:14 बच्चों को कहीं मिसयूज ना कर लिया जाए कहीं इनको गलत रास्ते पर ना लाग तो इसीलिए हम हमेशा कहते हैं आप रोज आओ आप चार दिन सब लोग साथ में बैठ कर के कोर्स करो तो इसलिए भाई साब हर चीज के तो दो चीज दो रूप तो है ही मतलब बुराई भी उसी तरह से आकर्षित करेगी लेकिन मुझे अपने ऊपर विश्वास है और प्लस हमें यह पता है कि दुनिया विश्वास नहीं करेगी तो सबके अब हम अगले उसम आ जाते हैं अब

00:58:11:18 ये जो बात आई थी कि क्या ब्रह्मा कुमारी के द्वारा जो माना जाने जो पूजित होता है जो ईश्वर परिभाषित ईश्वर वो सर्वशक्तिमान यानी कि किसी भी नियम के नीचे ना आने वाला है या नहीं और क्योंकि ब्रह्मा कुमारी कहता है कि वो अवतार नहीं लेता बल्कि वो किसी शरीर में आता है वोह स्वयं अवतार नहीं लेता जैसे उसमें कहा गया कि मैं अपना सजन करता हूं सजाम में हम तो इसको वो शायद ये मानता है कि वो आता है किसी और के शरीर में आता है आपने शायद ये माना है उनके लिए कहते हैं रूप में बिंदु गुणों में सिंधु हम अब वो सागर छलके का कैसे व देखिए आपने भी टीका यहां लगाया है आप भी एक आत्मा आप भी रूप में बिंदु हो लेकिन आप आपकी पेन ड्राइव को ये वो मिल गया सिस्टम बॉडी तो ये रथ मिला तो आप अपना सारा कुछ फ्लो कर रहे हो जो आपके अंदर है वो आप छलका रहे हो वो रूप में बिंदु लेकिन गुणों में सुंदू वो अपना शरीर अगर लेंगे तो फिर वो सिस्टम में वो भी सिस्टम का हिसा बन जाएंगे फिर हमको कौन चार्ज करेगा तो इसीलिए पर काया प्रवेश दूसरे की काया में उनका अवतरण ही होता है जन्म का मतलब गर्भ से जन्म लेना अवतरण का मतलब यही होता है दूसरे की गाड़ी बिल्कुल स्टार्ट है आकर उस गाड़ी

00:59:26:19 से अपना काम करा इसको कहते हैं अवतरण तो ये अवतरण ही है ईश्वर अवतरित होते हैं मतलब वो स्वयं किसी दूसरी बॉडी में ही आते हैं वो स्वयं अवतार नहीं लेते क भैया वो रूप में बिंदु है वो पेन ड्राइव है उस पेन ड्राइव के अंदर क्या कंटेंट है हमको कैसे पता ठीक है मगर हमारा यहां पर यह बाधित हो गया कि वह सर्व जो यह वाली बात है ना सर्व शक्तिमान एक नास्तिक की चाह भी यही थी कि वो जो है प्रकृति के सभी नियमों से परे होना चाहता है बचना चाहता है प्रकृति के नियमों से तो यहां तो उसकी चाह का विने वाले को बताते हैं पूरा कर ल बस तो यहां पर उसकी चाह का विषय ही वह है जो प्रकृति के सभी प्रकार के नियमों से परे हो व कंट्रोल कर सकता हो तभी तो हम उस पर डिपेंड कर रहे हैं तभी एक नास्तिक को भी हम मनवा सकते हैं भाई ऐसी सत्ता है अगर जहां पर भी ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता है कहीं कॉम्प्रोमाइज होगी चलिए वो तो एक अलग एक्सपेक्ट है कि वो ईश्वर उसे माना जा सकता है कि नहीं जिसकी सर्वशक्ति मत्ता कंप्रोमाइज हो रही हैर पहला सवाल तो य आता है कि हम जब कह रहे सर्वशक्तिमान तो या तो वह सब कुछ कर सकता है या फिर हमें उसे सर्वशक्तिमान ना कह करर शक्तिमान कहना चाहिए सब कुछ अच्छा कर सकता है सब कुछ अच्छा कर स सब कुछ नहीं कर सकता कुछ कार्य है जो वो नहीं कर सकता बुरा नहीं ना बुरा कर सकता

01:00:41:20 है ना बुरा करने देता है अगर हम उनकी शरण में जाते हैं उनको याद करते हैं तो कम से कम हमारी मति को श्रेष्ठ रखता है फिर हमने खुद को चार्ज नहीं किया होगा तो हम कर डालेंगे नहीं कहने का मतलब यह है कि अगर वो कुछ कार्य है जो वो नहीं कर सकता है तो कर सकता नहीं है करता नहीं है वो मर्यादा नहीं है करता नहीं है करता नहीं है तो यानी कि करना चाहे तो कर सकता है अमर्यादित कर्म कोई नहीं करता है करवाने यानी कि वो करना चाहे तो कर सकता है मैं ये भी नहीं बोलूंगी करना चाहे वो चाहेंगे भी नहीं नहीं चाहेंगे की बात अलग है उसके पास क्षमता है कि नहीं करने क्ता है वो कर सकता है वो अवतार स्वयं का ले सकता है लेता नहीं है अच्छा अब आपने एक बात कही कि वो लेता नहीं है जैसे आपने कहा कि वो बुरे कार्य नहीं करता है तो इस दुनिया में जो बुराई एजिस्ट कर रही है वो कैसे हो उसको जन्म कौन दे रहा है किसकी मर्जी से हो रही है किसी की मर्जी से नहीं कड़े मकड़े कैसे पैदा हो जाते हैं ईश्वर की मर्जी से जसे दही एक दही को भी अगर आप रख दो तीन चार दिन हो जाता है ईश्वर के पास छोटे काम है वो पैदा करेंगे ईश्वर ने बना इतनी ची शक्ति ईश्वर ने सब कुछ नहीं बनाया ईश्वर ने बनाया आपको क्या लगता है कीड़े मकड़ भगवान ये सारे काम भगवान कर नहीं अगर ईश्वर ने बनाया

01:01:56:24 हो तो तुम कीड़े खा भी तो लेते क्यों खा ले क नहीं खाते ना तो हम तो बहुत सी चीजें ईश्वर ने बनाई तो नहीं खाते लकड़ी नहीं खाते लोहा नहीं खाते नहीं नहीं वो तो कर रहे हैं ना कि उन चीजों से हमको गिन भी आ रही है हम अपने बिस्तर प भी नहीं रख रहे उनको यहां तुमने रख रखा है ना उनको हां तो बहुत सी चीजें है जो हमने ईश्वर ने बनाई हम नहीं खाते तो जो लोग चार दिन नहीं नहाते हैं कई दिन नहीं नहाते उनके अंदर कीड़े पड़ जाते हैं वो कीड़े वो भगवान ने थोड़ी बनाए तो यानी कि इस दुनिया में जैसे हमने कहा था का जन्म गंदगी से हो यानी कि इस हमने यह कहा था कि ईश्वर ही सब कुछ कार्यों को करने वाला है मगर अभी हम कह रहे कुछ कार्य ऐसे हैं जो ईश्वर ने नहीं अपने आप हो रहे हैं

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01:02:33:07 कुछ कार्य मतलब भैया गंदगी अपने आप होती है सफाई हम करते हैं क्या कहते हैं चेंज इज द लॉ ऑफ नेचर और जो चेंज होगा वो कैसे होगा जो चेंज होगा मकान नए से पुराना होगा पुराने से मकान अपने आप नया नहीं हो जाएगा तो सफाई से गंदगी होगी भगवान ने हमें साफ सुथरा करके दिया और चले गए वो रहे नहीं फिर यहां पर चले गए फिर हमने उस घर को चलाया नहीं नहीं ये प्रकृति अपने आप कर रही है ना फिर तो प्रकृति के नियम कुछ नियम कौन से हैं मतलब कि कीड़े पड़ गए तो यानी प्रकृति यहां पर इतने अंश में कीड़ों को जन्म देने वाले उसमें मुक्त है अभी आप देखो हमने कहा ना तीन चीजों में अविनाशी है ये तो शक्ति तो इसमें भी है ना आत्मा अविनाशी तो आत्मा भी श इस अंश में ईश्वर का कंट्रोल नहीं है कि वो कोई कीड़े पैदा कर रही है नहीं करेगी कीड़े पैदा भगवान जी नहीं प्रकृति कर रही इस पर कंट्रोल नहीं है उसका ईश्वर का ईश्वर क्यों कंट्रोल करेगा भैया मैंने सब खाना स रख दिया मैंने चार दिन नहीं नहाया तो मुझे कीड़े पड़ गए तो मैं कैसे कह भ कई कीड़े ऐसे प पैदा हो रहे हैं कि नहीं कुछ किया तब भी हो रहे हैं पैदा तो प्रकृति की रचना है वो तो प्रकृति का उस पर कंट्रोल नहीं है ना फिर वहां पर उतने अंश में भैया प्रकृति को सतो प्रधान बनाने आते हैं जो प्रकृति पुरानी हो रही है वो अपने आप हो रही है जो प्रकृति में गंदी चीजें आ रही है वो अपने आप आ रही है यानी कि इस

01:03:48:09 पर कंट्रोल ईश्वर का नहीं है भगवान का काम है पुराने को नया गंदे को अच्छा करना यानी को गंदा वो नहीं कर सक यानी कि इस संसार में जो भी कुछ चीजें हम देख रहे हैं ये भौतिक रूप से वो सबको अरेंज कर गलत काम जितने भी गलत काम हो रहे इंसान से गलत काम देखो आपको मैं एक एग्जांपल दूं जैसे कोई महिला है उसने केवल एक कंबल उड़ रखा है ठीक है और वह मार्केट में है हवा चल गई बहुत तेज और उसका व ब्लैंकेट उड़ गया उसके पास केवल ब्लैंकेट था अंदर कुछ नहीं था तो यह गलत काम तो हुआ ना किसकी मर्जी से हु हुआ प्रकृति से या ईश्वर से आपको क्या लगता है कि ईश्वर करेगा ये काम बिल्कुल ईश्वर ही तो सर्व कारण सबका कारण है उसने कुछ ऐसा किया जिसके कारण उसके साथ ऐसा हुआ अगर हम लोग ये करते रहेंगे ना तो फिर हम केरलेससवीडियो

01:04:56:06 जरूर कर सकता है कि किसी नि वस्त्र को वस्त्र डाल दे ये भगवान का काम हो सकता है पर भगवान ये कभी नहीं कर सकते मगर ये ईश्वर तो बाधित हो रहा है ना बारबार बा देखिए वो सर्वव्यापक नहीं है वो सबको बनाने वाला नहीं है वो सब कुछ कर सकने वाला नहीं है तो ये ईश्वर कैसा फिर तो आप जो हमने शुरू किया था जो आपका जो पॉइंट था नास्तिकों के सामने ईश्वर को सिद्ध करने का उस पॉइंट को भी आपने हटा दिया तो हम कैसे मानवता को सिद्ध करेंगे भगवान का काम क्या है दुख हरता सुख करता जितनी भी संसार की दुखदाई चीजें हैं जो भी आपने एग्जांपल दिया यहां से लेकर के हर दुखदाई देने वाली चीज को वो सुख में करेगा कन्वर्ट लेकिन तब भी कैसे करेगा भगवान कहते करना तुम्हें ही पड़ेगा हे अर्जुन शस्त्र तुम चलाने पड़ेंगे मैंने कुछ नहीं करूंगा मैं सिर्फ आपको बताऊंगा कर लिया तो जीत गए नहीं करोगे तो हार जाओगे शस्त्र राम के रूप में उठाया भी धनु धारियों में मैं राम हूं भ भगवान ने क्या कहा जी मैं चकि मैं रूप में बिंदु हूं मैं तुम्हारी तरह शरीर धारी नहीं हूं तो मैं सिर्फ आपको ज्ञान दे सकता हूं यह करो ये नहीं करो कर लेंगे डिजर्स पॉजिटिव आएंगे जो नहीं करने मगर उन्होंने उठाया ना जैसे आप कह रहे हथियार मैं नहीं उठाऊंगा मगर देवात्मा देवामा उन्होंने कहा धनु धारियों में राम हूं मैंने अभी कहा ना कि भगवान क्या

01:06:11:08 कहता है मैं निराकार मैं निराकार परमात्मा देवों का भी देव महादेव नहीं भगवान यह भी कहते हैं कि मैं सजाम में हम और यजुर्वेद में आया है कि भगवान ने कौन भद जन्मा अविनाशी हं आपने मुरली की बात की भगवान यही बताते हैं कि देवी देवता कौन से शस्त्र उठाते हैं देवी देवताओं ने ज्ञान के शस्त्र उठाए आप सोच आप सिर्फ एक बत सोच करके देखि मैं सबको से पूछती हूं आज के समय में जब दो भाई आपस में लड़ रहे हैं ना प्रॉपर्टी के लिए तो उनको बिल्कुल मन नहीं करता मेरा कहने का मतलब ये था कि मैं छोटा सा प्लीज हम लोग कहा किस कदर हमा ट्रैक कितना चेंज हो जाता है जी दो भाई आपस में प्रॉपर्टी के लिए लड़ रहे हैं इतनी नदार उनको कचहरी भी जाना कोर्ट भी जाना जी कोर्ट दोनों में से कोई जाना नहीं चाहता घर वाले मना कर रहे लेकिन बैक ऑफ द माइंड क्या चल रहा है अरे उस जमाने में जब भगवान कुछ नहीं कर पाए उन्होंने दो भाइयों को लड़ाया उन्होंने कहा दूसरा कोई ऑप्शन बचा ही नहीं है जो लड़ेगा लड़े हो फिर जो जीतेगा वो राज्य पाठ ले लेना भगवान ने गीता में पढ़ कर के देखे भगवान ने एक बार भी नहीं कहा कि दुर्योधन तेरा शत्रु है कि दुशासन तेरा शत्रु है भगवान ने कहा हे अर्जुन काम क्रोध लोभ मोह अहंकार तेरे शत्रु है तो इनको जीत ले तो विश्व को जीत ले जाएगा अब हम लोगों जब

01:07:26:13 फिर उन्होंने ये भी कहा कि अब तू अपने मन में सम और विषम परिस्थितियों में एक समान रहते हुए कर्तव्य कर्म का पालन कर बक जो शास्त्र विहित कर्म है कर्तव्य कौन सा भैया तेरे लिए कर्तव्य और अकर्वेंट जैसे रावण ने माता सीता का हरण किया ठीक है अब जो कुंभकरण है वह रावण का छोटा भाई है उसका एक धर्म है अपने बड़े भाई के लिए लड़ना और दूसरा धर्म है कि समाज में कहीं अन्याय हो रहा है समष्टि वाला धर्म उसके लिए करना अब इस सिचुएशन में क्या होगा अगर हम यह कह देंगे कि क्या भगवान नहीं भगवान यह कहेगा क्या कि तू भाइयों को क्योंकि रावण तो सीता का हरण कर रहा है अगर कुंभ रावण से लड़ता है तो ये अच्छा है या बुरा है बताइए आप ये देखिए इस कांटेक्ट में आप बताइए जहां पर दो भाई एक ही घर के हैं अगर वो लड़ रहे हैं भगवान ने ऐसा नहीं कहा भैया नहीं देखिए प्रमाण प हम प्रमाण प कहा है कि नहीं कहा वो तो एक अलग एक्सपेक्ट हो गया मगर

01:08:41:26 जो भग ये जो सिचुएशन है देखिए भैया हमको यहां ये बताया भगवान जी ने देवी देवता एं कोई भी हिंसक नहीं थे कोई भी हिंसक नहीं थे किसी ने भी हिंसक हथियार नहीं हटाया भगवान जी ने जो हमको बताया कोई देवी दे ऐसी दुष्ट आत्माएं हो जाती है दुष्ट दुष्ट आत्मा भैया पता है मैं यही तो कह रही हूं भैया आप ना शुरुआत सेरी रिकॉर्डिंग करिएगा डे वन से भगवान ने पता है क्या बताया भगवान ने कहा जिस राम राज्य की लोग कल्पना कर रहे हैं वो राम राज्य पता है कैसा होगा वहां पर दुष्ट आत्माएं होती ही नहीं है राम राज्य की डेफिनेशन है जहां राम राजा राम प्रजा राम सा होगा धर्म का पतन होता है राजा भी राम जैसा हो जहां प्रजा भी राम जैसी हो जहा साहूकार भी राम जैसा हो उसे राम राज्य कहते हैं तो राम राज्य नहीं है ना इसलिए लेकिन जब रामराज्य तो मैं वो कह रहा हूं कि क्या कहते हैं जब जैसे कोई दुराचारी है और मान लीजिए मेरी बहन है आप ही हैं और आप पर वो गलत तरीके से अटैक करना चाहता है और मुझे उस उसको रोकना है तो यहां पर की जाने वाली जो हिंसा है वो अधर्म नहीं है और ये भी बात उसी में कही है भ दोनों चीज है देखिए एक है जैसे वो जो कुंभकर्ण है वो अपने भाई से लड़ता अगर तो वो अधर्म नहीं होता अधर्म तब हुआ जब वो अपने भाई की तरफ से लड़ ग और वहीं पर देखि विभीषण

01:09:56:28 लड़ गया तो वह अधर्म नहीं हुआ व अच्छा हो गया विभीषण तो भगवान व जो लड़ाई हो रही है ना व धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है और वास्तविकता में इन सब में अंदर अंदर जाएंगे तो लड़ाई किस बात की है कि ईश्वर है ईश्वर नहीं यह दो पार्टिया आपस में लड़ रही है जो पार्टी यह वाली है कि ईश्वर नहीं है वह पार्टी गलत करती है जो पार्टी यह वाली है ईश्वर है वह पार्टी सही करती है जब यह पार्टी ईश्वर नहीं नहीं है वालों को परेशान करती है क्योंकि ईश्वर हम कह रहे हैं नहीं है और आप कह रहे हो है तो हम आपको परेशान करेंगे जब यह वाली पार्टी इस पार्टी को परेशान करती है तो युद्ध होता है जब ये वाली पार्टी इस वाली पार्टी को परेशान करती है तो भगवान शक्ति देते हैं ता देते हैं जैसे जैसे कि ईश्वर है इसलिए तू अपने भाई की जमीन पर कब्जा मत कर ईश्वर है इसलिए तू अपने छोटे भाई की पत्नी का हरण मत कर ईश्वर है इसलिए तू प पर स्त्री का हरण मत कर ठीक है अब उसने कहा नहीं मैं तो करूंगा तो यहां पर क्या हुआ प्रत्यक्ष रूप से उसने मान लिया कि ईश्वर नहीं है ये सारे के सारे दृष्टांत कलयुग के हैं अभी कलयुग के दृष्टांत है और कलयुग में भगवान य तो सिखा रहे हैं एक रावण एक दुर्योधन एक दुशासन नहीं है भैया सिर्फ एक कैरेक्टर है सारे के सारे दुर्योधन

01:11:12:14 जो भी जिनकी भी दृष्टि वृत्ति खराब है उनसे हमें कैसे जीतना है हमें खुद इतना पवित्र रहना है हमारी पवित्रता की शक्ति ऐसी हो कि सामने वाले की वृत्ति का हम परिवर्तन करें ऐसे जीतना तो यानी कि हमें ब्रह्मा कुमारी इसका ऑफिस खोलना चाहिए शरद अगर पाकिस्तानी अटैक करे तो आपको पता है भैया मतलब आपने अब छेड़ा है तो मैं आपको बता दूं हमारे आर्मी में उनका मैं नाम अभी नहीं लूंगी क्योंकि उनकी परमिशन अभी मैंने ली नहीं है इसी ब्रह्मा कुमारीज में समर्पित हो कर के काम कर रहे हैं आर्मी में थे वहां पर बर्डिंग करने की बात चली तो पता है वो क्या कह रहे हैं हम उनको प्यार से शिव बाबा कहते हैं कहते हैं शिव बाबा आपने तो कहा है शांति शक्ति है तो शांति शक्ति ही आज क्या कहते हैं ये तोप लगाना ये शक्ति है इन्होंने जाकर के अपने कमांडर से बात किया सर मुझे अभी पहले मैं ये नहीं काम में करूंगा पहले मुझे पंजाब के उसके पाकिस्तान के टाइगर से बात करनी है और आपको पता है पाकिस्तान के टाइगर से टाइगर मतलब वहां के जो कैप्टन होते हैं उनसे वो बिना किसी शस्त्र के बिना किसी व्यक्ति के साथ बात करने गए और उन्होंने अपना अनुभव सुनाया कि हम लोगों ने आधा घंटा बात की और फैमिली टर्म्स क्रिएट करके आए वहां पर नहीं ठीक है मगर इसको हम सिद्धांत नहीं बना सकते भैया आपको पता है इन चीजों को हमें हमारे पास पेशेंस नहीं एक्सेप्शन हो गया हम

01:12:27:15 ऐसा कर नहीं सकते कि हमते खड़े हो जाए एक्सेप्शन रोज होने चाहिए पता है क्यों हम आपको पता है हमने अगर सामने वाले के लिए 10 दिन बुरा सोचा और आज मुझे याद आने लगे वो शांति शक्ति है नहीं ऐसे नहीं हमको फीड किया गया हर व्यक्ति पहले एक आत्मा है आज वो जो भी बना है गलत बना है जो भी जिसको काम के वशीभूत हो चुका है जिसको एक पराई स्त्री का एक बात बता जो दरवाजे में शीशा आप देख रहे हो ना जी शीशा पहले नहीं था आपको बताती हूं शीशा क्यों लगा हमारे एक डॉक्टर ने मुझे कहा कि दीदी एक पेशेंट ऐसा आया है उसको हम नहीं फेस कर पाएंगे उसको आप ही ठीक कर पाओगी मैं बहुत छोटी थी तब मैं 22 2 साल की झूट पहनती थी वो लड़का आया तो हम लोग जैसे आज बंद किया दरवाजा क्योंकि बाहर क्लासेस होती है मैं यहां बैठी वो वहां बैठा तो मैंने कहा भैया आपको क्या दिक्कत है उसने पता है क्या बोला उसने कहा दीदी मैं इतना कामी पुरुष हूं इतना हैवान हूं मैं अपनी बहन को नहीं छोड़ता हूं मेरी ना मेरी मम्मी मेरी बहन को नानी के पास रखती है हम आपको पता है जैसे उसने बोला ना मैं छोड़ छाड़ के मैंने कहा भैया तुम बैठो मैं भी आ रही हूं मैं दीदी के पास ऊपर गई मैंने कहा दीदी वो लड़का ऐसे बोल रहा है तो दीदी ने पता है मुझे क्या कहा दीजी ने कहा सोनी पतित पावनी गंगा है हम लोग पति तों से डरना नहीं है उनको जाकर के समझ दो और

01:13:42:21 दीजी ने कहा हम लोग हैं तुम जाकर के आज उसको कोर्स मत कराओ आज उसे कुछ पवित्रता का अनुभव कराओ आपको पता है भैया उस लड़के को उठा के मेडिटेशन रूम में ले गई मैंने कहा हम आपको कुछ कमेंट्री करा रहे हैं मैंने पवित्रता की कमेंट्री पाच सात मिनट कराई पता है वो लड़का क्या बोलता है दीदी 22 साल की उम्र में आज पहली बार मुझे जन्नत का एहसास होगा है इसका मतलब पता है भैया मेरे पास नहीं ये आप बहुत अच्छा कह रही है मगर मैं बस एक प्रश्न पूछ रहा हूं क्या ऐसा किया जाए कि सारी जो पुलिस व्यवस्था है आर्मी व्यवस्था है उसको हटा कर के हम लोग आए जो मेडिटेशन ही है इसको ही कर दे व कौन हटा रहा है कौन जैसे भी आपने कहा ना पहले तो मानना यानी कि किसी किसी अंश में हिंसा जायज है हमें य मानना पड़ेगा नहीं है लेकिन जब आप इस ऑप्शन को नहीं चूज करो तो आपको तो वही करोगे ना फिर ज मैंने कहा कि जैसे आपने कहा आपने जो कामी पुरुष था उसको ठीक कर दिया तो मैं ये कह रहा हूं क्या वो ठीक हुआ कि नहीं मुझे नहीं पता उस समय कंट्रोल हो गया तो क्या क्या मैं इसका ये मतलब मानू कि हमारे जो हिंदुस्तान पाकिस्तान के बॉर्डर्स है या जो भी सुरक्षा के उपाय जहा हिंसा है प्लीज एक मिनट उस दिन मैंने क्या अनुभव किया कि इनके पास दूसरा ऑप्शन नहीं होता ये तभी एक तरफ भागते हैं जब उसको लगा कि एक ऑप्शन है य वाला इस प्योरिटी को इतनी इजली हम अपनी लाइफ में ला सकते

01:14:58:03 उसमें ट्राई करने कीश उस दिन भी आप जो उसके साथ टाइम बिता पाई उसमें एक चीज थी क्या थी कि आपकी जो बड़ी दीदी थी उन्होंने आपको कहा हम हैं तब से फिर हम ऐसे ही आज जो हम चैन की सांस ले पाते हैं हमारी वो इमैच्योरिटी की ए हमारी वो इमैच्योरिटी की सुनिए तो हम जो आज चैन की सांस ले पाते हैं वो इसलिए ले पाते हैं कि एक खाकी वर्दी वाला सड़क प खड़ा हुआ है डंडा लेके हिंसा वाला उनकी इंपोर्टेंस हम नकार नहीं सकते जी पट थोड़ी निका सकते हैं जैसे आपने कहा ना कुछ चीजें राइट हो रही कौन सी जो चीज ऑप्शन नहीं है उनके लिए तो वही करना पड़ेगा वो वहां है तभी तो हम यहां निश्चिंत हो करके ज्ञान योग करा पा रहे वरना हम भी वही काम करते डरे डरे रहते सम सम रहते तो उनकी अपनी इंपॉर्टेंस है उनकी अपनी इंपोर्टेंस है सामने वाला किस रूप में आ रहा है वो किस कब तक उसको फेस कर पाते वो भाई ने एक आतंकवादी को पकड़ा भैया उस आतंकवादी को पकड़ने के बाद जो हम जिसकी बात मैंने बात किया जिन्होंने पाकिस्तान के टाइगर से बात की आपको पता है उन्होंने सारा कुछ उसका पता कर लिया सब कुछ नजर भी रख ऐसा नहीं कि भगवान को मानते शांति से काम चलेगा नजर नजर भी पूरी रखी थी लेकिन उन्होंने कहा इनको हम बाकियों की तरह काट एक बार हमको ट्राई करने दीजिए कहते हैं दीदी उसको मैंने पूछा तुमको क्या काम आता है तो कहा मुझे इलेक्ट्रिशियन का काम आता है आप सोचिए बाहर वाले व्यक्ति से परे घर के पंखे से करवा रहे थे और नजर

01:16:13:08 पूरी रखी हुई थी ठीक रहा चला भी क्या तो चलिए अब ये सारी बातें तो हो गई हम ईश्वरीय शक्ति से एक्सपेरिमेंट करके छोड़ सकते जब हम सुरक्षित है तब कर सकते मगर जब एट टाइम जब जो आता ताई वो सर पर खड़ा मारने के तो वहा तो भगवत गीता में भी कहा गया है भगवत गीता में कहा गया है कि जो उदारता आपके अस्तित्व पर हावी हो जाए वो उदारता नहीं कायता तो अभी मैं सॉफ्ट चीज यूज कर सकते ट्राई कर सकते कोशिश कर सकते विकल्प वो भी विकल्प है तब अब सामने वाला बिल्कुल वो ताने है तो हम व पर अपने साथ

01:16:49:10 जाना अच्छा मैं उस पर आता हूं कि जैसे हमने यह कहा कि इस संसार में क्योंकि चीजें हो रही हैं कोई कार्य हो रहा है इससे सिद्ध होता है कि ईश्वर है क्योंकि ईश्वर नहीं है तो बाहरी फोर्स के बिना कोई भी चीज जो मूवमेंट नहीं हो सकता वह जो अरेंजमेंट है प्रकृति का तो अभी जो ब्रह्मा कुमारी का अपने ईश्वर बताया कि उसमें कुछ चीजें ऐसी भी आपने मान ली जो दुनिया में हो रही है मगर उसका कारण ईश्वर नहीं है तो फिर अब ईश्वर का अस्तित्व ब्रह्मा कुमारी कैसे से भगवान ने खुद ही आप तोय खुद भी जानते हैं कहा जब धरती पर वो होने लगेगा जो नहीं होना चाहिए तब मैं आता हूं ठीक करने इसका मतलब वो नहीं करवा रहा है ना व्यावहारिक रूप से मतलब आपकी भाषा थोड़ी झे बत नहीं आता मैं बताता हूं एक ट्रुथ होता है बिहेवियरल एक होता है क्या कहते हैं पार मार्थी पार मार्थी मतलब ट्रथ जो ईश्वर देख रहा है ईश्वर क्या देख रहा है कुछ नहीं है सब खेल है ईश्वर के लिए क्या है ईश्वर जो देवर के लिए खेल है ईश्वर के लिए वो कोई दुखी नहीं है वो कोई सुखी नहीं है सब है और यही दृष्टि की बात श्री कृष्ण ने भी कहा कि ना कोई मरता है ना कोई मारता है तू क्यों दुखी हो रहा है और हर स्थिति में तू सम बुद्धि रख समत्व

01:18:04:24 पुरुष बन जाए ये कृष्ण भगवान ने भी कहा तो ईश्वर की दृष्टि हो गई वो पार मार्थी दृष्टि है जैसे मान लीजिए कुछ आज तक ऐसी आत्माएं होंगी कुछ ना कुछ जो मुक्त हुई हो है ना तो वह जो मुक्त हुई जो यहां पर वो फील कर रही थी कि अच्छा हो रहा है बुरा हो रहा है ठंडी हो रही गर्मी हो रही है या मेरी मां की तबीयत खराब है है ना मगर अी अगर वो वहां से देख रहा है वो व्यक्ति मुक्त होने के बाद तो अब उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा तो जब उसको फर्क नहीं पड़ रहा तो ईश्वर को कहां से पड़ेगा ईश्वर परम वो मरने के बाद तो छोड़ दीजिए मुक्त होने के बाद हमको यही प्रैक्टिस तो कराई जा रही है कि इस बॉडी में रहते हुए रोल प्ले करते हुए जितना हम रोल से डिटैच हो कर के सोल कॉशस में प्ले कर तो हम साक्षी भाव बस वही तो श्वर है वही सने ईश्वर है वो डिटैच है हर प्रकार की उससे व रोल प्ले कर रहे हम अटच है टच होने की प्रैक्टिस कर रहे हैं और ईश्वर कौन है जो डिटैच है तो उसके लिए कुछ भी वो उसका पर्सपेक्टिव है तो एक बिहेवियर लेकिन उसके लिए भी सही क्या है गलत क्या उसको पता है ना वो बताने तो यही आया ना उसने क्या कहा जब धरती पर गलत होता है तब मैं आता हूं तो वो डिटैच दोनों से है लेकिन वो हम आत्माओ को गलत करते हुए या गलत दुख में देखना नहीं चाहते नहीं वो ठीक है वो वो ईश्वर का एक रूप हो सकता है अगर हमने ईश्वर को यह कर दिया

01:19:19:26 कि दुनिया में जो जो भी कीड़े जैसे आपने कहा कीड़े जन्म ले रहे हैं या दुनिया प्रलय आई सुनामी आई तो ये अब कोई बच्चा ये प्राकृतिक आपदाएं हैं यानी कि ईश्वर की मर्जी से नहीं हुआ ना ये तो अब हमने जो ईश्वर को नास्तिक के लिए कहा था कि दुनिया में हर कार्य का कोई ना कोई कारण है है ना तो क्योंकि इस दुनिया में सृष्टि में ये सब है सृष्टि चल रही है फूल पैदा हो रहा है यह हो रहा है वो हो रहा है तो इसलिए इससे सिद्ध होता है कि इस दुनिया में उनको अरेंज करने वाला कोई ईश्वर भी है ब्रह्माकुमारी का तो यही था ना शुरू में जो आपने बताया तो अभी जब हम यह मान लेंगे कि दुनिया में जो कीड़े पै रहे वो बिना ईश्वर की मर्जी के हो रहे देखिए हर चीज भगवान हमारे लिए भगवान हमको सिर्फ गाइड कर रहे हैं कर हम लोग खुद ही रहे और वो हमें अच्छे के लिए मैंने बिल्कुल नहीं कहा कि सब कुछ भगवान कर रहा है तो यानी ईश्वर निर्माता भी नहीं है भगवान क्या कर भगवान श्रेष्ठ दुनिया का निर्माता है भगवान श्रेष्ठ दुनिया का निर्माता है श्रेष्ठ आत्माओ को गाइड करने वाला ये कभी नहीं कहते भगवान तने ठीक ठीक अब बात ये आती है अब भगवान है यह कैसे प्रूव होता है बताइए मैंने कहा ना भैया ये क्वेश्चन अगर हम कहे कि मेरे माता-पिता है य कैसे प्रूफ होता है तो हम नहीं कर सकते ना प्रू नहीं क्योंकि उसको उसने अपने माता-पिता को देखा ना ऐसे ही हमारा जो मैंने कहाया

01:20:35:04 हमारा जो चैप्टर है हम चैप्टर में दिखाते हैं आपको हम सिर्फ बातें नहीं करते हैं हम आपको सिर्फ हमने अपना बताया जो मैंने सीखा आप उसको एक्सपेरिमेंट करके देख लो और अच्छा एक बात बताइए दुनिया में मुझे 1000 स्पिरिचुअल लीडर्स मिलेंगे जो हर बार ये कहेंगे कि मेरी चीज करके देख लो तो पहले वो एक साल या छ महीने हर मैं इसके लिए यही कहती हूं भैया ये बहुत इंस्टेंट रिजल्ट देने वाला एक साल नहीं सिर्फ दो या तीन दिन आप स्टेप बाय स्टेप फर्स्ट उसम सकता है ना फर्स्ट सेकंड थर्ड स्टेप में आते हैं बहुत इजली हमको समझ में आती है रिजल्ट का मतलब आप क्या कह रहे हैं जैसे कि आपको फील हो जाएगा क्या फील होगा भैया जैसे हमारे पास हम लोग ऑनलाइन बच्चों की क्लास कराते हैं उन बच्चों में क्या है पाच सा साल के बच्चों से लेकर के 25 30 साल के बच्चे साथ में बैठते हैं बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं मम्मी हम भगवान को नहीं मानते उनको मम्मी ने उनको जबरदस्ती लगा दिया तो हम लोगों ने क्या कहा पहले उनको थोड़ा सा समझाया आज आप ये वाला काम भगवान जी से करके करना दीदी मुझे तो कल तो मिरेकल हो गया शिव बाबा ने मुझे ये सच में ऐसा करा आपने तो शुरू में कहा था कि नहीं ईश्वर कोई मिरेकल वाली बात तो है नहीं ईश्वर की ईश्वर मिरेकल करवाता है कहने का मतलब यह है कि वो कौन सी चीज है जिस मतलब आपने कहा ना कि उनको फील हो जाएगा तो चमत्कार से हम ईश्वर को फील करा रहे हैं सि कर चमत्कार क्या चमत्कार हमारी वैल्यू जो दबे हुए थे वो बाहर आ गए जो हम सोच रहे थे हमसे होगा ही नहीं तो वो

01:21:50:04 वो ये क्यों माने कि अगर मेरे वैल्यूज बाहर आएंगे तो उससे सिद्ध हो गया कि ईश्वर है अभी तक कोई नहीं निकाल पाया ना उसको बहुत लोगों ने टीचर्स ने कोशिश किया पेरेंट्स ने कोशिश किया यानी कि जो कोई नहीं कर सकता वो करने वाला ईश्वर है तो वही तो मैं कह रहा हूं कि जो को अवतार कोई नहीं ले सकता तो अवतार लेने वाला ईश्वर है बस तो हमने मना हमने तो आप मना ही नहीं क कि तो सृष्टि में कीड़े को कोई नहीं बना सकता कीड़े को बनाने वाला ईश्वर कीड़ों को कीड़े की बात अभी मुझे ऐसा लगता है कि मैंने भगवान जी से ये वाला चैप्टर नहीं समझा है तो मैं इनको नहीं छोड़ अा अच्छा अच्छा आपने मतलब वो किया नहीं ठीक है और एक चीज ये आती है एक्चुअली है क्या आपने समझा ही नहीं है तो बात ही करना बेकार है कि जैसे जब हम यह कहते हैं कि ईश्वर की वाणी मुरली के रूप में डेली आती है तो जो हमारे वेद शास्त्र है वह यह नहीं कहते कि उनको ईश्वर ने रचा है हमारे वेदी जो शास्त्र है वह यह कहते हैं कि हम अपौरुषेय

01:22:52:28 करते हैं एक चाहकर और एक बिना चाहकर तो जब हम चाह के कुछ करते हैं तो उसमें हमारी बुद्धि इवॉल्व हो जाती है तो हम निर्णय ले सकते हैं हम क्या करें ऐसे करें कि ऐसे करें जैसे मुझे आपको कुछ बोलना है मेरा नाम तो मैं चाहूं तो सच्चा नाम बताऊ मैं चाहूं तो झूठा नाम बताऊ तो इसी तरीके से जो ईश्वर है व वोह यदि चाह करके आपको कुछ कर रहा है जैसे आपने कहा वो चाहता है अच्छा करना चाहता है और वह आपको आकर के वाणी दे रहा है मुरली के रूप में तो क्योंकि ईश्वर देखिए ईश्वर सिद्ध ही नहीं होगा अगर हम उसको सब कुछ करने वाला सब कुछ बनाने वाला नहीं मानेंगे तो व वो जो मनुष्य की चाह है ना उसका विषय नहीं बनेगा और जब विषय नहीं बनेगा तो उसको नकारना बहुत आसान होगा नास्तिकता परचम अपना लहराए गी यह जो आपकी जो य चीज है ना यह तब तक है जब तक नास्तिकता का खंडन होता रहे उनको रोका जाता रहे और लोग मानने वाले दुनिया में बनते रहे भगवान उसके बाद आप भगवान की चीजें उनको दे दो मतलब उस घेरे के अंदर नास्तिकता को हरा दिया उस घेरे के अंदर रहते हुए आप मतलब सरवाइव कर सकते हो अगर आप इसी को अने घेरा बना दिया तो ये सर्वाइव ही नहीं हो पाएगा क्योंकि टी वहां मुझे ऐसा आ रहा है जैसे छोटा बच्चा होता

01:24:08:13 है उस पेट भरा होता मैं एक चीज पूरी कर लू तो जो यह है कि ईश्वर ने सब कुछ बनाया तभी हम उसको ईश्वर को ईश्वर मान सकते हैं ईश्वर ही सब कारण है हर चीज का तो क्या है कि कोई व्यक्ति अगर झूठ भी बोल रहा है उसका भी उसको भी वो भी ईश्वरी सत्ता से बाहर नहीं है जैसे मैं य पर झूठ बोल रहा हूं तो यहां पर ईश्वर की शक्ति है ना वो चाहे तो मुझे रोक सकता है मेरी जुबान लड़खड़ा जाए कुछ हो जाए अभी कभी बत्ती बंद हो जाए कुछ कर सकता है ईश्वर मगर वो नहीं कर रहा है इसका मतलब उसकी सत्ता में है है कहीं पर कुछ भी हो रहा है तो उसकी सत्ता के अंदर ही है उसकी शक्ति तो हर जगह आपने भी माना तो उसकी शक्ति की सीमा के अंदर सब कुछ है इसलिए ईश्वर यदि चाहकर आपको कुछ बताएगा उस पर हमारा विश्वास नहीं हो सकता क्योंकि ईश्वर ने चाहा जब मैं आपको चाहा के जब ईश्वर चाहा के कुछ बताएंगे तो क्योंकि ईश्वर दूसरी चीजें भी कर रहा है ऐसी ऐसी चीजें भी हो रही है तो इसलिए जो सनातन के द्वारा जो माने जाने वाले शास्त्र हैं वो जो शास्त्र है वो अपौरुषेय ने रचा नहीं तो इसलिए उस पर बिलीव है ईश्वर भी स्वयं बुद्ध के रूप में आए बुद्ध के रूप में ईश्वर आते हैं तो सनातन धर्मी जो होते

01:25:23:13 हैं मना कर देते हैं हम बुद्ध को नहीं क्योंकि वो वेदों को मना करते हैं और वेद कौन से शास्त्र है जिनको ईश्वर ने भी रचा नहीं है जैसे सांस लेना होता है ना हमारा जैसे मैं बोल रहा हूं तो यह मेरी चाह है कि मैं बोलू तो इस पर मेरा कंट्रोल है मगर सांस शुद्ध है एक बच्चा भी जन्म ले रहा है उसकी कोई चाह नहीं है वह जो है सांस ले रहा है तो इसलिए यह परम प्रमाण जो है श्रुति को कहा गया अपय वेद तो अब हम जब वो सारी बातें तो खैर उसमें आपने उसमें आपने गए नहीं है तो मुझे लगा कि शायद आपको मालूम 25 साल से आप है तो आपने चीजें की हो

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01:25:58:20 आपने ज्यादा यह किया है कि भा आपके पास कोई आया तो आपने उसको नहीं हमने किया जो हमारी मुरली चलती है मुरली में जो हमें गाइडेंस मिल रहा है हम उसको कर रहे हैं उसको अनुभव कर रहे हैं फील कर रहे हैं कि जो भगवान हमसे चाहते हैं भगवान हमको क्या चाहते जैसे जैसे मैंने कहा कि देखो तुम ये मुरली की कही हुई बात मानोगे तो तुम्हें यहां पर ठंडा ठंडा फील होगा ठीक है अगर ठंडा फील हुआ तो इसका मतलब भगवान है क्योंकि तुम्हें ठंडा फील हुआ ठीक है मगर यहां प्रश्न उठता है ना कि ठंडा फील होने से भगवान सिद्ध होता है यह मैं क्यों मानू बिल्कुल नहीं हम ये भी नहीं हमने नहीं कहा कि आप ठंडा फील करो हमने सुना देखो एक होता है ना नास्तिक का एक मेन कारण जो मुझे और भी लग रहा है भैया एक बच्चे का जब तक पेट भरा रहता है ना वो अपनी मम्मी पापा के पास ही नहीं आता है जब तक बच्चे का पेट भरा रहेगा तब तक वो मां के पास नहीं आता सब लोग सब दोस्त के पास जाएगा वो तो आप सही कह रही है कि तो गत्वा उसके मन से निकलता है राम कृ उसके बाद फिर क्या होता है जैसे उसका पेट खाली होता है फिर उसको मां के अलावा कोई नहीं चाहिए तो हम ये भी कह सकते हैं कि कोई नास्तिक है यानी हमारे पास ज्ञान नहीं हमें इस चीज का इंतजार करना होगा कि वो नास्तिक का पेट कब खाली हो इंतजार नहीं करना पड़ेगा तो समय अभी तो कहा ना एंड्राइड जनरेशन

01:27:13:27 है बहुत जल्दी पेट खाली हो रहा तो हमारे पास वो जवाब होने चाहिए ना बकुल हम इंतजार करें नास्तिक आएगा इंतजार हमें हम ये नहीं इंतजार करेंगे कि वो आए वो खुद आएंगे अब इंतजार करने का समय एंड्राइड का जमाना आ गया भैया अब वो जमाना कहां आ रहे हैं मैं आपको दो चार नास्तिकों के नाम बताता हूं आप देखो नहीं आएंगे वो आपके पास मतलब मुझे ऐसा लगता है कि अब हमारे पास लोग खुद आ रहे हैं और उनको समझ में आ गया कि हमने क्या गलती किया वो बोलते भी द अब ऐसा करि भगवान को नहीं मानते हैं ऐसे बोल भी देंगे हम कहते कोई बात नहीं भगवान को नहीं मानो हम कुछ कह रहे हैं आप ट्राई करके देख लो अच्छा और इसीलिए भाई साहब हम लोगों ने फीस इसलिए नहीं रखी कि आपके ऊपर प्रेशर नहीं कि आपको आना ही है सामने वाले को फील हो जा भगवान का अस्तित्व है भगवान का अस्तित्व देखो भैया फीस लेने का मतलब पता है कुल मिला के ब्रह्मा कुमारी वही आए जो पहले से आस्तिक हो वही आ ब ऐसा बहुत सारे है जो नास्तिक को आस्तिक हमने हमने अपनी आंखों से बनते हुए देखा है एकदम नास्तिक वो आए थे कि हम परेशान है दीदी हमको बस इतना बताइए तो हमने कहा ठीक है आप मानो मत लेकिन अभी जो मैं आपको बता रही हूं वो करके दिखा देते हैं आप मत मानो वो देखिए ऐसा है कि इसमें कहा जा सकता है कि कोई मतलब अर्थपूर्ण व्यक्ति आप के पल्ले नहीं पड़ा मतलब जो जैसे होता है ना इतने अच्छे अच्छे दर्शन

01:28:29:00 लिख के गए नास्तिकता पर भी लोगों ने काम किया है लिखा है तो ऐसे डीप लेवल पर थिंकर्स फिर आपके पल्ले नहीं पड़े इसका मतलब यह कहा जाएगा क्योंकि अगर प पड़ गए होते तो फिर आप ये ना कहते कि हमने कई नास्तिकों को बनाया उनका वही मैं कह रहा हूं ना एक घेरा है जैसे ब्रह्मा कुमारी है उसके बाहर भी एक घेरा हैसे अर्जुन की बात की ना अर्जुन य तो कर रहा था जब भगवान ने सुनाना शुरू किया तो अर्जुन ने भी यही कहा आप क्या सुना रहे हो यहां तो ये लिखा है उन्होंने तो ये कहा इन्होने तो ऐसे कहा है तब भगवान ने कहा हे अर्जुन अब जो मैं सुना रहा हूं वो सुन ले तो ईश्वर ने आक के जो हमको बताया आपको पता है ईश्वर ने जो बताया दीदी उस परे हमें वो जो ईश्वर ही बता रहा है उसपे हमें बिलीव होना चाहिए जबकि हम कई काम ऐसे बता रहे हैं कुछ चीजों को हम एक्सपेरिमेंट करके तो देख सकते हैं ना और ज्यादा लंबा नहीं दो दिन पांच दिन एक सप्ताह नहीं कर सकते हैं हम लाइफ में इतना ज्यादा हम वो झेल रहे हैं इतनी परेशानियों को हम सा यानी कि ज्ञान यानी कि हमारे पास ज्ञान नहीं है हम उसको कुछ एक्टिविटीज ही कर सकते हैं एक्टिविटीज के थ्रू ज्ञान देरहे सामने वाले को डायरेक्ट ज्ञान नहीं चाहिए सामने वाले को डायरेक्ट ईश्वर नहीं चाहिए कोई बात नहीं मत करो हम आपको एक्टिविटीज के थ्रू ज्ञान देंगे हम आपको एक्टिविटीज के थ्रू भगवान से मिलाएंगे आप चमत्कार दिखाएंगे उसको चमत्कार नहीं अंदर की फीलिंग बाहर का कोई चमत्कार नहीं अत आत्मा को

01:29:44:03 जगाए अत आत्मा को जगाने वाला भगवान बैठा हुआ है हम तो सिर्फ मैनुअल है भैया मैनुअल हम है कराते हम उसी से ही है मगर इस पर द मैं कहूं कि इस परे जो है हम एक अच्छे उसका निर्माण करने में मुश्किल होगा क्योंकि हम ये जो है ना जैसे आपको एक्टिविटीज भी करानी है वो सब बदलेगा और हम जो जीवन जी रहे हैं वह सिद्धांतों पर जीते हैं जैसे कि वो मेरी मां है कल भी थी आज भी है आगे भी रहेगी जब तक मैं जीवित हूं वो मेरी मां ही है मा के साथ रिश्ता मेरा कैसा हो उसको ठीक कर लेते हैं कौन मेरी मां है तो मैंने वही कहा कि जैसे मैं जितना समझा अभी तक कि ब्रह्मा कुमारी जो कर रहा है जो भी डिवाइन चीजें बता रहा है तो वो एक उसका है पर्सपेक्टिव मगर उसके बाहर एक घेरा है पहले उस घेरे से व्यक्ति ज्ञानार्जन कर ले उसके बाद ब्रह्मा कुमारी जाए तो उसके लिए ठीक है ज्ञानार्जन का मतलब ऐसा हम लोग कितनी सारी चीजों को चलते फिरते सीख लेते हैं ना भैया बहुत सारी चीजों को हमने किताबों में बैठ कर के नहीं पढ़ा हमें किसी टीचर ने नहीं पढ़ा हमने अपने जीवन में ग्रास आपने गीता कहां से पढ़ी बकुल ऐसे ही किया आपने गीता क प पता है भैया हमने उतनी ही गीता पढ़ी है जितनी हमको भगवान ने मुरली के थ्रू ही हमने गीता ऐसे नहीं गीता घर

01:30:59:07 में थी हमारे लेकिन मैंने कहा ना प्रोफेसर जब अच्छी पढ़ाई पढ़ा देता है आपको कैसे पता है प्रोफेसर यह हमारा खुद का एक्सपीरियंस है बस आपका मन कहता है मन कहता है हमारा एक्सपीरियंस है हमने अपने हमने यानी कि व्यक्ति को जो एक्सपीरियंस हो उसको वो सच मान ले वही तो सबसे बड़ा सच है मतलब व्यक्ति के मन में आ जाए कि मैं इन् हीरो नहीं इन्ह विलन मानूंगा तो मैं मान सकता हूं आप इन्ह विलन नहीं मान सकता भैया कोई जब हमारे अंदर वो आएगा ही नहीं विलन वाला तो हम कैसे मानेंगे इनको विलन ये आपके अंदर नहीं आ रहा है ना आपके अंदर भी नहीं आएगा उनके लिए नहीं आएगा मैं आपसे पूछ रहा हूं कि लोग एक जैसे मास खाने की बात है मेरे अंदर नहीं आएगा मुर्गी काट के खाऊं किसी के अंदर आ रहा है मुर्गी काट के खाऊ अब मेरा धर्म है कि मुर्गी ना खाओ उसका धर्म है कि मुर्गी खाओ हम ये उस परे नहीं लगाम लगा सकते तेरे अंदर की आवाज नहीं है ये तो तेरा मन कह रहा है इंद्रियों के वशीभूत हो कर के भैया अगर इसी बात को ले ले सिंपल सिंपल बात है ऐसे लोग भी जो ऐसा करते हैं खाते हैं पीते हैं सिर्फ ट्राई करने से उनके साथ कम्युनिकेट करने से भगवान जी के साथ बैठने से यह सारी चीज खत्म हो गई ये कोई सिद्धांत अच्छे थोड़ी है मुझे मुर्गी खाने वही यह जो आप कह रहे हो वह सही क्यों है वह जो कह रहा है वो गलत क्यों नहीं गलत क्यों है आप कह रहे हो व सही क्यों है व कह रहा है वो गलत क्यों है वो ये चीज अड़ती जैसे आपने कहा ना कि

01:32:14:08 एक अच्छे प्रोफेसर से हम सुनेंगे तो उस प्रोफेसर को आपने प्रोफेसर क्यों माना मेरा मन मैं आपको बताया बहुत अच्छी बात मुझे याद आ गई आपसे एक बहुत अच्छी फैमिली है बहुत लोग हैं वो लोग जी बेटा और मम्मी आते हैं जी तो मम्मी चाहती है क्योंकि बेटा थोड़ा कुछ परेशान रहता है तो मम्मी चाहती है बेटा थोड़ा यहां आने लगे हम तो बेटा बहुत रिस्पेक्ट करता है मानता नहीं अभी तक अभी धीरे-धीरे उसको ल उसकी मम्मी ने कुछ किया कुछ हम लोगों ने किया बेटा पहले यही कहता था दीदी मम्मी को ये समझाइए कि मम्मी के हिसाब से मम्मी राइट है मेरे हिसाब से मैं राइट हूं हमने कहा बेटा अगर दोनों घर में राइट है तो घर में प्रॉब्लम क्यों इसलिए भैया इसका मतलब राइट कोई एक ही होता है को समझना प इसलिए क्योंकि उन्होंने यह वाला वचन नहीं सुना कि तेरे लिए कर्तव्य और अ कर्तव्य के विषय में शास्त्र प्रमाण है हमारे पर्सपेक्टिव बदल सकते हैं आपका पर्सपेक्टिव अलग हो सकता है मेरा अलग हो सकता है जैसे कि आपको पता है इसीलिए बीच से जुड़े हुए हैं यूनिवर्सल ट्रुथ हमको य पता है अब जब अब जब आप इससे जुड़े हो तो इसका वो होना आवश्यक है जिससे कि हम सब इसके अनुग हो जाए अब आप ही कह रहे हो कि ये जो है यह नहीं कर सकता वो नहीं कर सकता य सब जगह नहीं है व शक्ति और इसमें अंतर है तो क्या हो रहा है कि यह वो नहीं है जिस के नीचे हम अनुग हो जाए यही मैं कह रहा हूं अनुग होने के लिए इसका अनुग होने वाला आवश्यक

01:33:29:14 है इसका वो उस पर आपने रीड नहीं किया आपने अध्यन नहीं किया आपने कह दिया तो मैं एक बात कह रहा था बिल्कुल स्लिप हो गई दिमाग से हां कि उनके बीच में जो अलग अलग होता है ना मामला कि वो ऐसा कर रहे व ऐसा कर रहे हैं क्योंकि उनके पास शास्त्र नहीं है गुरु गोविंद ग्रंथ नहीं है जब सबका निर्णायक एक हो जाएगा तो उनके बीच में मत होने की दिक्कत नहीं रहेगी जैसे मेरी कई बार अपने घर वालों से बात होती है तो कई बात होती है जो शास्त्रों के कारण सुलझ जाती है क्योंकि हमारा फिर वो जो मतभेद हो रहा होता है उसमें हम शास्त्र से देख लेते हैं भैया इसमें क्या सही है जैसे कि मैं बताऊ आपको एक बात कि एक बार एक पुत्र थे और पिता थे पिता ने मुझसे कहा कि वो आप उनको कुछ समझाइए वो जो है विवाह करने से मना कर रहे हैं तो मैंने कहा सर मैं क्यों समझाऊ आप उनके पिता हैं आपका अधिकार है आदेश करिए अपने पुत्र को कि वह आपकी आज्ञा का पालन करें उन्होंने कहा कि अगर मैं आज्ञा दे दूंगा और उसने मजबूरी में कर भी लिया तो ऐसा ना हो कि वो निभा ना पाए और वो एक लड़की का जीवन जो है खराब हो जाए

01:34:44:21 नई लड़की जो अभी विवाहित नहीं है तो मैंने कहा सर इस बारे में भगवान ने कहा है कर्मन वादी का रस्ते मा फलेशु कदाचना तेरा कर्म करने में है क्या आप उस विवाह पर णता से कह सकते हैं जो आप उनकी मर्जी से कराएंगे वोह अच्छा चलेगा यानी कि अगर आप शास्त्र विहित कर्म करने जा रहे हैं तो उसमें फिर आपको परिणाम की चिंता नहीं होनी चाहिए तो उ उनकी बात समझ में आई फिर उन्होंने अपने बेटे को कहा मैं नमी शारण्य चला जाऊंगा अगर तूने विवाह नहीं किया तो फ बेटे का फोन मेरे पास आया उन्होंने कहा कि वो शिवांश जी मेरे पिताजी हट कर रहे हैं और मुझे अभी विवाह करना नहीं है तो मैंने कहा देखिए शास्त्र में लिखा है पिता की आज्ञा का पालन होना चाहिए शास्त्र में अगर वो धर्म धर्म के अंदर है तो फिर उन्होंने कहा वही बात कही कि अगर मैं मजबूरी में कर लूंगा तो ऐसा ना हो जो लड़की आए उसका मैं वो ना कर पाऊं तो फिर मैंने उनको वही कहा कि ये भी शास्त्र में लिखा है कर्मण्य वादी का रस्त पिता और पुत्र दोनों एक ही बात से माने कर्मन वादी का रस्ते माफ तो जिसके घर में ये हम लोग लड़ ही क्यों रहे हैं क्योंकि हमारा जो धर्म और अधर्म की व्यवस्था करने वाला जो है पॉइंट वो एक नहीं है और एक क्यों नहीं है क्योंकि किसी का ईश्वर थोड़ा सा अलग है

01:35:59:25 भैया देखि अगर आपने शास्त्र बताया ना तो शास्त्र मतलब भी क्या शास्त्र का मतलब भगवान याद आ रहा है ना हम शास्त्रों को किससे जोड़ते हैं भगवान का ही तो वाणी मानते हैं ना तो कहीं ना कहीं भगवान ने ही तो बीज है ना वो बीज की बात आपने उनको बता दी उनको समझ में आ गई मैंने भी उनको यही कहा कि दो राइट नहीं है एक ही राइट पर आना पड़ेगा और उस राइट को समझना पड़ेगा हम उसे शास्त्र के रूप में कह सकते हम उसको शि बाबा में कह रहे क्या शास्त्र ग्रंथ मतलब ही क्या इनका मतलब ही भगवान को मानने वाले मगर ये वो शास्त्र जिन्ह भगवान ने भी नहीं बनाया भगवान की वाणी नहीं है अरुष है देखिए इनका मतलब क्या है जिन्होंने भी लिखा है उन्होंने उन्होंने क्या सोचा होगा कुछ अच्छे सो करा होगा ना एक डिवाइन थिंकिंग होगी उनकी भगवान को मानने वाले होंगे तभी तो लिखा होगा ना उन्होने जो भगवान का मानने वाला होगा कुछ तो अंश जाएगा ही ना उसमें और वही हमारे संसार की समस्या को निदान कर सकता अब बस सिर्फ तना है आपने अच्छा इंटरप्रेट किया कई बार क्या होता है आजकल के बच्चे वो शराब पिएंगे क्यों शराब पीते हो हमारे शंकर जी भांग पीते थे उनके समय में भांग थी वो भांग पीते थे शराब पी रहे तो भैया उनको सिर्फ गाइड करने वाला चाहिए जैसे आपने गाइड किया ना तो वो शास्त्र के बात पर भी अपना अपने मतलब की बात निकाल लेते अब हम कर निल सकते इसमें क्या है इसमें एक वो है फंडामेंटल

01:37:14:27 गुरु गोविंद और ग्रंथ केवल ग्रंथ नहीं केवल गुरु नहीं केवल गोविंद नहीं जैसे गुरु है गुरु को डिसाइड कौन करेगा गुरु सही है कि नहीं गोविंद और ग्रंथ जैसे उसमें आया कि गुरु का मतलब गु का मतलब अंधकार रू का मतलब निकालने वाला तो गुरु वो है जो आपका अंधकार से आपको निकाल दे फिर वो परंपरा प्राप्त है कि नहीं शति शौत निष्ठ ब्राह्मण है कि नहीं श्रुति परंपरा से है कि नहीं तो ये हो गए गुरु के एक्सपेक्ट अब शास्त्रों ने बताया कि गुरु कौन हो सकता है अब कभी-कभी शास्त्र को तय करते हैं गुरु और गोविंद भाई ये शास्त्र हमारी परंपरा से हमें मिला है कि नहीं हमारे गुरुओं ने ये चीज पढ़ाई है कि नहीं ऐसा तो नहीं किसी ने मिलावट कर दी है तो शास्त्र का निर्णय किसने कर दिया गुरु और गोविंद अच्छा उस शास्त्र के द्वारा जो प्रतिपादित हो रहा है ईश्वर वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं वोह सर्व व्यापक है कि नहीं क्योंकि अगर वो नहीं होगा तो वो ईश्वर किसी कार्य नहीं आएगा वह नास्तिकता को तोड़ ही नहीं पाएगा तो जब नास्तिकता नहीं नास्तिकता नहीं टूटेगी तो वहीं पर धर्म और धर्म में अधर्म की वृद्धि होगी अधर्म की वृद्धि होगी बस वही मार काट है वहीं पर दिक्कत है

01:38:16:03 चलिए खैर बहुत अच्छी बातचीत हुई हमारी दीदी के साथ और काफी चीजें मगर मैं एक बात और कहूंगा कि आप थोड़ा सा इस बारे में जरूर चिंतन करें कि नास्तिकता को हम कैसे हराए इस ईश्वर को लेकर के जो कि सर्वव्यापक नहीं है जो कीड़ों को नहीं बनाता या फिर जो आपने लिए बई जरूर करते हैं मैं आपको भी बता दूं हम लोग रोज एक काम करते हैं जो नास्तिक है संसार में जो नहीं भ नहीं नहीं वो नहीं कह रहा मैं उस मैं बस ये कह रहा आपने जो वो कहा ना कि मैंने अभी इस बारे में जाना नहीं है कि उसी ने सब कुछ बनाया है कि नहीं बनाया नहीं हमने कीड़े के लिए हमने ये तो कहा उसने ई दुनिया बनाई जो उसने बनाया हमको पता है कीड़ों के बारे मगर ये कीड़े हैं या जो भी कुछ ऐसी चीजें हो रही है ये भी मुझे पता है जो कुछ ऐसी चीज हो रही है जो नॉर्मली हम लोग नहीं कहेंगे ये पॉजिटिव चीज है जैसे सुनामी आ गई अब एक लड़का इसको हम लोग कते इसको कहते प्राकृतिक आपदा ईश्व आपदा नहीं तो वो ईश्वर की सत्ता से बाहर नहीं है ना हम ही ने कहा कि ईश्वर वो है जो सब कुछ कर भगवान देखिए भगवान धरती पर कब आते हैं जब इंसान प्रकृति जीव सब अपनी सतो प्रधानता से खत्म हो जाते हैं प्रधान मंत भगवान मैं आपको बताऊ एक चीज हमारी जो बात शुरू हुई ईश्वर को हमने जो सिद्ध किया था वह सबसे पहली बात थी कि अगर इस दुनिया में कुछ भी हो रहा है तो इसका मतलब उसको करने वाला कुछ है कोई बाहरी फोर्स है ठीक है तो जब आंधी

01:39:31:10 आ रही है जब सुनामी आ रही है तो इसका मतलब कोई बाहरी फोर्स हमें माननी पड़ेगी तभी तो हो रहा है वरना हम य यह कह ही नहीं सकते कि दुनिया में कोई सर्वशक्तिमान सत्ता है प्रकृति अपने आप कर रही है उस परे कंट्रोल ही नहीं है ईश्वर का जो ईश्वर ने बनाया वहां की प्रकृति भी सत् प्रधान ईश्वरी दुनिया जो कौन सी थी सतयुग सृष्टि जहां मनुष्य प्रकृति दोनों में सामंजस्य मैं वही कह रहा हं दूसरे के लिए हेल्पर मैं वही कह रहा हूं कि इस संसार में सब कुछ ईश्वर ने नहीं बनाया है कुछ चीजें ऐसी है जो प्रकृति अपने आप बना रही है अभी का जो चल रहा है वो डाउन फॉल चल रहा है और डाउन फॉल ईश्वर नहीं कर सकता तो डाउ डाउनफॉल ईश्वर की मर्जी के बिना हो रहा है ईश्वर की सत्ता के बाहर है बकुल ब सत्ता के बाहर नहीं है लेकिन मर्जी नहीं है ईश्वर की मर्जी नहीं मजी मेरा कहने का मतलब जैसे जैसे मैं वो मोबाइल वहां पर गिर रहा है मेरे अंदर इतनी शक्ति नहीं है कि मैं उस मोबाइल को गिरने से रोक दूं आंखों से देख के क्या ईश्वर ऐसा ही है नहीं भगवान क्या कर भगवान ये वाला एग्जांपल अलग है मकान पुराना हो रहा है बच्चा बूढ़ा हो रहा है ये किसी के कंट्रोल में भगवान पिता आकर के बच्चे को बीच में जवान नहीं कर देंगे व्यक्ति का एक नियम है चक्र है नहीं नहीं मैं वो कह रहा हूं जो प्रकृति सुनामी आई बाढ़ आ गई ये सब वर्तमान समय प्रकृति

01:40:46:19 भी अपने तम प्रधान रूप में जा तो मैं आपसे वही पूछ रहा हूं इस परे ईश्वर का कंट्रोल है कि नहीं बुल ईश्वर क्या कंट्रोल करने आए हैं समो प्रधान प्रकृति को सतो प्रधान भगवान सुनामी नहीं कर रहे भगवान आध नहीं ले नहीं नहीं मेरा पूछना ये है कि अगर जैसे सुनामी फॉर एग्जांपल वहां से मोबाइल गिर रहा है मेरे में इतनी ताकत नहीं है कि मैं उसको देख तो रहा हूं कि मोबाइल गिर रहा है और ना ही मैंने चाहा था कि वो गिरे मगर मेरे में इतनी ताकत नहीं फिर भी मैं उसे रोक पाऊ क्या ईश्वर में इतनी ताकत है कि वो सुनामी को रोक पाए बिल्कुल तो यानी ऐसी दुनिया बना देंगे वो जहां पर सुनामी आएगी नहीं नहीं सुनामी को रोक पाए वर्तमान समय प्रकृति का तमो प्रधान रूप है उसको ठीक कर भगवान आए नहीं मैं पूछ रहा हूं वो सुनामी को रोक सकते हैं कि नहीं नहीं भगवान भगवान ने पता है क्या कहा हमें कहा ड्रामा का ये राज हैश का सीन चल रहा है फिर कुल मिला के बात वही आ गई ना हम ईश्वर को सिद्ध कैसे करेंगे ईश्वर है य कैसे सिद्ध होगा ईश्वर को सिद्ध अपने लिए करना है मुझे अपनी आप आप जो यहां पे ये चला रहे हो आपके मन में तो ईश्वर सिद्ध है मगर आप यहां इसलिए बैठे हो कि कोई आएगा तो हमको आपको ईश्वर के बारे में बताना है तो आप कैसे सिद्ध करोगे ईश्वर को हमने ये तो कहा ना भैया हम फर्स्ट ईश्वर को नहीं सिद्ध करने लगते सामने वाले को देखते हैं हम किस नब्स में है वो मतलब कुछ नियम नहीं है जो जैसा हो गया वैसा ही हम उसको नहीं सामने वाले

01:42:01:24 को देखो भैया हर व्यक्ति को एक क्लास में स्टूडेंट्स भी होते हैं 10 तो 10 एक जैसे नहीं होते टीचर पढ़ाता तो एक ही चैप्टर है लेकिन अगर हम उनकी पक्की नफ्स को पकड़ लेते तो उनको समझ में आता है इनको हम कहां से भगवान का वो कर सकते हैं इनको आप बताइए ना कि आप मैं एक तरीके मैं एक मिनट के लिए नास्तिक बन जाता हूं आप मुझे बताइए ईश्वर को सिद्ध करिए हम बस यही कहते हैं कि देखो भैया आज हम आपको एक छोटी सी वो कमेंट्री करा रहे हैं मैं आपको आप कर फील कर लेना अगर आपको ये चीज अच्छी लगे तो कला फिर से अपने आप कर लेना नहीं तो मुझे कुछ अच्छा फील हो रहा है इससे यह मतलब कहां है कि दुनिया में ईश्वर है भैया हम जी बाद में भी कर सकते हैं ना हम अच्छा फील करने लगे अच्छा करने लगे हमको समझ में आ जाएगा ईश्वर है मुझे अच्छा फील हो रहा है इस समय मैं बहुत अच्छा फील कर रहा हूं अभी मैं मुझे बताइए ईश्वर कहां है कैसे है आप तो ईश्वर को मानने वाले हो नहीं मैं अभी अभी मैं इस समय राइट नाउ मैं नास्तिक हूं मैं पूछ रहा हूं नहीं तो कोई बात नहीं हम हम इसको क्या कहते हैं कि नहीं अभी आप चार्ज हो अभी आपके अंदर वो पावर है भगवान की शक्ति आप लेकर के चल रहे हो कुछ मतलब सिद्धांत नहीं है इसमें मतलब हम जब तक अच्छे काम कर रहे हैं मतलब हम भगवान की शक् अच्छे काम वो अच्छे काम अच्छे तब कहलाएंगे जब वो उसके अकॉर्डिंग हो जो ईश्वर है और अभी हम ये सिद्ध कर रहे हैं कि वो ईश्वर ईश्वर है कि नहीं उसी पर दिक्कत है अच्छ भाई दुनिया में अच्छा ही क्या है जो ईश्वर के करीब ले जाए वो अच्छा ही है

01:43:16:28 जो ईश्वर से दूर ले जाए वो बुरा ही है तो हम नास्तिक को भी हम नास्तिक को भी यही कहते हैं अगर नास्तिक आ भी गए तो हम कहते हैं चलो ठीक है आप एक्सपेरिमेंट करते रहना भैया बिना एक्सपेरिमेंट के कोई चीज नहीं एक्सपेरिमेंट में कौन सी ऐसी चीज है जिससे हम यह कह देंगे कि नहीं भाई ये ईश्वर है ये मान लो हम कहते है ना उसम मैथमेटिक्स में भी करते हैं कि कुछ चीज हाइपोथेसिस है भैया आप मान लो दिस इज इक्वल टू दिस आप यहां तक पहुंचने के लिए ये दो एक्सपेरिमेंट कर जैसे मुझे कोई एग्जांपल बताइए जैसे मैं आपके पास आ गया हूं अभी मुझे आप बताइए ईश्वर को आप मेरे सामने क्या कौन सा एक्सपेरिमेंट दे मैंने कहा मैंने कहा कि चलो देखो आप इतना आज के दिन मान लो कि ईश्वर पर रहते हैं हम आपको लेकर के चल रहे हैं आप एक बार वहां फील करके देखना आज मैं आपको लेकर फील वही मैं कह रहा हूं ना मुझे वहां पर कुछ आपने जो बताया वो मुझे फील हो गया जैसे मैंने कहा ना कि यहां प मुझे ठंडा ठंडा फील होगा मान लीजिए तो मुझे वहा ठंडा ठंडा फील हो गया मगर बात ये है कि ठंडा फील होना अपने आप सामने वाला बोलता है भैया अपने आप बोलता है एक ही दिन में कहा एक्सपेरिमेंट कुल मिला के जो फिक्स सिद्धांत नहीं है वो सामने वाले के ऊपर है वो क्या कर रहा है हम तो अपना काम वही कर रहे हैं ना हम थ बता रहे कि चले जाओ कि व हम तो एक ही भगवान बता रहे हैं ईश्वर एक है सामने वाली के समझने की कैपेसिटी कैसी है वो कैसे समझना चाहता है वो ज्ञान सुनना चाहता है वो फील करना चाहता

01:44:32:03 है प एक्सपेरिमेंट करना चाहता है तो उनको हम बताते दिस इज इक्वल टू दिस आप ये वाली चीज मिलेगी आप ये वाला आज करके देख लो मैं उनको कमेंट्री करा के उनको मेडिटेशन कराया आप एक दिन और करके देख लेना फील हो तो अच्छी बात खैर ठीक है बहुत लंबी चर्चा हो गई है अभी मेरे ख्याल से एक घंटा हो गया होगा एक घंटे से ज्यादा हो गया एक घंटा 45 तो काफी लंबी चर्चा हो गई बहुत अच्छा लगा बात करके और आप लोगों ने भी देखा बहुत सारी चीजें हुई बस यही है कि मैं यही कहूंगा कि ब्रह्मा कुमारीज का अगर ईश्वर ये है जो सर्वव्यापक नहीं है या जो सब कुछ शक्तिमान है स सर्वशक्तिमान है सर्वशक्तिमान भी नहीं है क्योंकि वो सुनामी को रोक नहीं सकता आपने वो हमेशा के लिए रोकता है एक ऐसी दुनिया बनाने भगवान वो सुनामी को नहीं रोक सकता अगर वो एक इतनी सी चीज में भी करने में अगर उसको दिक्कत है वो सर्वशक्तिमान नहीं है ये हमें मानना पड़ेगा तो मैं मुझे लग रहा है कि आपने इस और चीजें नहीं की है तो आप करिए और आप लोगों को ये चर्चा कैसी लगी और दीदी के साथ अ आप लोग हमारी दोबारा चर्चा देखना चाहते हैं उस परे कमेंट करिए और सभी को जय

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01:45:41:08 श्री राम [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 1:45:50 · 12 Jan 2025

क्या है ब्रह्माकुमारी का सच #brahmakumaris #SisterBKShivani @Brahma Kumaris, Gomti Nagar, Lucknow

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