⬜ Not used yet · 00:00:02:12 – 00:14:33:00 (14:31)
00:00:02:12 क्या कह रहे हो तुम लाइव में सनातन कोई धर्म नहीं है हेलो क्या कह के आए हो तुम लाइव में सनातन कोई धर्म नहीं है तो दिखाई है ना हम गीता में और चार वेदों में कल आओगे क्या लाइव बताओ नहीं ऐसा है ना कि आप जब हमारे गुरुदेव की महाभारत में सनातन धर्म लिखा है सनातन धर्म और ना जाने कितने शास्त्रों में लिखा है देखो मेन जो पुस्तक है जो ऑथेंटिक है वह है भगवत गीता भगवत गीता क्या है कहां से आई भगवत गीता में ही गीता भगवत गीता क से आई भगवत गीता लोक नंबर चार अरे भगवत गीता आई कहा से अरे भगवत गीता आई कहां से है भगवत गीता काल ब्रम ने बोली है अरे अरे मेरे भाई भगवत गीता महाभारत का अंश है कि नहीं है तो अलग से निकाल के छाप दिया गया है जो भगवत पाद आदि शंकराचार्य जी थे उन्होंने पहला भगवत गीता भाष्य लिख दिया था अलग से नहीं तो महाभारत के युद्ध स्थल में महाभारत में वह जो घटनाक्रम है य अर्जुन और कृष्ण का संवाद हुआ वह एक चैप्टर है भगवत गीता
00:01:17:28 उसका महाभारत का एक चैप्टर है तो अगर तुम भगवत गीता को स्वीकार कर रहे हो तो महाभारत को मना कर दोगे क्या हवा फिर हवा हवाई बातें होंगी क्या कौन थे कौरव कौन थे पांडव कौन था अर्जुन सब कहां से आएगा भैया जी भैया जी मैं आपसे वही कह रहा हूं कि जब भगवत गीता में अपने आप को आप यह साबित कर दीजिए कि भगवत गीता तुने ये कहा है ना सनातन धर्म लिखा हुआ दिखा दो तुम्हारी वो कटिंग अभी निकालते हैं बनाएंगे सनातन धर्म आप बनाइए कोई कर दी बेवकूफी तुमने बता दिया कि कितने बड़े अंप गवार हो कोई दिक्कत नहीं आप बनाइए कोई दिक्कत नहीं अगर आप सम्मानित तरीके से बात करेंगे तो क्या सम्मानित तरीके से तुम बात ही ऐसी कर रहे हो कि भगवत गीता को मानते हैं महाभारत को नहीं मानते हैं यह क्या तरीका है भाई भगवत गीता कहां से आई है कुछ पता है भगवत गीता महाभारत का सुनो महाभारत का एक चैप्टर है भगवत गीता और अलग से निकाल कर के उसको प्रकाशित किया जाता है आचार्य गण उस पर भाष्य कर देते हैं अलग से स्पेशली उस उस चैप्टर को व महत्ता दे दी जाती है मगर अगर तुम यह कह दोगे कि महा नहीं मानते तो भगवत गीता को कहां से मानोगे
00:02:33:03 भगवत गीता में अर्जुन कौन है जो अर्जुन सुन रहा है कौन है दीजिए हा बोलो मैं आपको बता रहा हूं क्योंकि भगवत गीता में परमात्मा तत्व का ज्ञान दिया गया है अरे मेरे भाई तुमने यह कहा है कि सनातन नाम का कोई धर्म नहीं है इसकी बात करो ना सनातन परमात्मा को बोला गया है सनातन धर्म को भी बोला गया है धर्म कौन सी जगह खा लिखा है बताओ भ बता तो रहा हूं महाभारत में लिखा है महाभारत नहीं मानते वो क्योंकि वो वहा ये कहां लिखा है महाभारत नहीं मानते बताओ जीवन वहां जीवन चरित्र है उनका अरे मैं पूछ रहा हूं महाभारत नहीं मानते ये कहां लिखा है भाई साहब वहां महाभारत पूछ रहा हूं महाभारत नहीं मानते ये कहां लिखा है महाभारत में उनका जीवन मैं ये पूछ रहा हूं महाभारत नहीं मानना है यह कहां लिखा है महाभारत नहीं मानना इसलिए मैं बता रहा हूं ह आपको क्योंकि उनका जीवन चरित्र नहीं पढ़ना है हमको हमको नहीं पढ़ना है तो तुम्हारे तथाकथित जेल धाम निवासी ने क्यों महाभारत के प्रमाण दिए अपनी किताबों में महाभारत के प्रमाण नहीं दिए भाई खब दिए प्रमाण खुब दिए प्रमाण गर्मा गीता की पढ़ो दूसरे तीसरे चौथे नंबर से ही चालू हो जाएगा
00:03:48:19 प्रमाण और बोलो कि वहां वो कौरवों को समझाने गए थे भगवान श्री कृष्ण पर कौरव ने उनकी बात नहीं मानी उन पर हमला बोल दिया तो उन्होंने अपने चतुर्भुजी रूप दिखाया था यह का का किस्सा है बताओ महाभारत में दिखा देना ठी तो फिर महाभारत तो तुम्ह पढ़नी नहीं है तुम्ह माननी नहीं तो ये क्यों मान रहे हो फिर अभी दिखा देना जो भी बना अरे दिखा देना और फिर तुम मा क्या बोल रहे हो कि आत्मा हमारी सनातन है उसको ना तो वह काट सकता है ना कोई छेद सकता है यही बोल रहे हो ना यानी तुम आत्मा को जान गए बकल जान गए ना भाई जब गीता अरे मैं कह रहा हूं आत्मा को जान गए तुम कि नहीं जान
00:04:35:24 गए आत्मा को तुम जान गए ना कोई काट नहीं सकता कोई कुछ मैं यह कह रहा था तुमने जब वहां पर एक सच्चाई को एक्सेप्ट किया कि आत्मा सनातन है है ना एक्सेप्ट किया ना आत्मा को तो कोई काट नहीं सकता है कुछ नहीं कर सकता आत्मा को तोय काल किसको खाता है फिर किसको खाता है आत्मा के साथ जीवात्मा भी जाती है भाई आत्मा अलग है जीवात्मा अलग है बिल्कुल अलग है ता खा अच्छा बताओ जैसे यहां से निकलती है जब यह हमारे अंदर जो मनुष्य रूपी देह धारण किए हुएय क्या है आत्मा है कि जीवात्मा है क्या है जीवात्मा जब यहां से निकलती है तो आत्मा के साथ एक जीवात्मा भी होती है मतलब अपने शरीर में दो दो तत्व है आत्मा और जीवात्मा अलग-अलग हा बिल्कुल बक दो तत्व है तत्व एक ही है हा आत्मा का तत्व एक ही है दो तव नहीं एक तत्व आत्मा उसके साथ में जीवात्मा
00:05:51:02 उसके साथ में जीवात्मा जाती है अरे जीवात्मा अलग तत्व है क्या है जीवात्मा अब अगर डिबेट करने चाहेंगे ये तो हमारे चैनल प आके डिबेट कर लेना तु अरे भाग रहे हो अब तुम मैं सरल पूछ रहा हूं तुम्हारे तुम्हारे अंदर ज्ञान आ चुका है इसलिए बोल रहा हूं तुम्हारी आंखें खुल चुकी है देखो ध्यान से तुम खुद जान रहे हो कि आत्मा सुनो आत्मा को कोई कुछ नहीं कर सकता तुम खुद जान चुके हो अब तुम किस भेड़ चाल में चले हो क्यों अपने आप से झूठ बोल रहे हो आत्मा को कोई काल नहीं खा सकता है ये सब गपो गप्पे हैं तुम्हारे जेल धाम निवासी की तुम जान ग अपनी आत्मा में टटोलो शीशे में जाकर देखो अपना चेहरा तुम्हारे मुह पर सत्य आ चुका है तुम सत्य की खोज रा में निकल अपने आप से झूठ बोल रहे हो अपनी जनता से झूठ बोलने के चक्कर में अपने जेल धाम निवासी को पोषित करने के चक्कर में अपनी आत्मा से तुम झूठ बोल रहे हो तुम जान चुके हो आत्मा को कोई कुछ नहीं कर सकता है मगर तुम काल के द्वारा आत्मा का खाना स्वीकार तब भी करोगे क्यों क्योंकि हमने गलती से किसी ऐसे गुरु को चुन लिया जो गुरु है ही नहीं अब मुझे उसी का उसी का उसी को पोषित करना है जीवन भर तुम्हारी आत्मा कह रही है आत्मा को कोई कुछ
00:07:06:06 नहीं कर सकता है मगर नहीं अपनी आत्मा की आवाज को मत सुनना चलो इसका प्रमाण दे दे आप काल भगवान एक लाख जीवों को रोज खाता है अरे भाई तुम यह मुझे बताओ वो जीते जी तो खाता नहीं है जीते जी खाता है मरने के बाद खाता है भ गीता में प्रमाण देंगे अरे प्रमाण प्रमाण यह बताओ तुम यह मानते हो कि नहीं कि आत्मा सनातन है कोई कोई कुछ नहीं कर सकता उसको बिल्कुल कोई कुछ नहीं तो तुम्हारे शरीर के अंदर तुम्हारे शरीर के अंदर आत्मा है कि जीवात्मा है आत्मा के साथ जीवात्मा साथ जाती है उ क होता है अरे कितना झूठ बोलोगे अपने आप से कितना झूठ बोलोगे कितना भागोगे अपनी अत आत्मा से तुम्हारी अत आत्मा तुम्हें कह रही है कि आत्मा को कोई कुछ नहीं कर सकता है मगर नहीं जो झूठी तथाकथित पोल पट्टियां पढ़ाई गई है उनको हमें प्रचार करना है और जो तुम प्रमाण दे रहे हो क्या दे रहे हो भगवत गीता से प्रमाण बताओ बताओ देख मेरी बात सुनो हम तुम्हारी हम तुम्हारे हो जाएंगे अगर आपने मेरे एक सवाल का जवाब दिया
00:08:14:07 बोलो मैं यह बताइए भगवान ने जब हमें हम सृष्टि रचना होने से पहले हम कहां थे हम भगवान में ही थे भगवत स्वरूप ही थे उस भगवान ने हमें डायरेक्ट लो उतारा या कहीं स्वर्ग वाले अच्छे स्थान पर उतारा भगवान अपने माया शक्ति का आलंबन लेकर के सृष्टि की रचना करते हैं तरह तरह की सृष्टि की उसमें से आप कहां पहले उतरे वह बात अलग है मगर आप भगवत स्वरूपी ही थे जैसे तुम एक वीडियो गेम खेलते हो वीडियो गेम खेलते हो तुम एक तो उस वीडि कभी कोई किसी को खेलते हुए देखा है फिल्म देखते हुए देखा है तो उसमें क्या होता है कि उस फिल्म को देखने वाले के रूप में हम दृष्टा होते हैं और उस फिल्म के हीरो के साथ भी हमारी भावनाएं जुड़ जाती है बहुत ज्यादा उस वीडियो गेम में जो अंदर जो पात्र है ना उसके साथ भी हमारी भावनाएं जुड़ जाती है बहुत ज्यादा तो क्या हुआ एक जीवन तुम जी रहे हो जो फिल्म को सिर्फ देख रहा है और एक जीवन तुम जी रहे हो जिसमें तुम अंदर जो पात्र है उसके रूप में अपने आप को
00:09:31:00 लगे मेरा प्रश्न य हैवाने डायरेक्ट धरती लो पर अरे तुम सुनो तुम्ह सुनो तुम्हें प्रश्न का उत्तर नहीं चाहिए सुनो तुम्ह प्रश्न का उत्तर नहीं चाहिए मैं तुमसे मैं तुम प्रश्न का उत्तर क्या नहीं दे पा रहा हूं मैं दे तो रहा हूं भाई एक ही एक ही एक ही ब्रह्म अपने आप को अनेकानेक रूपों में कल्पित करते हैं अपनी बात कर रहा अपनी बात कर रहा हूं की बात नहीं कर रहा ह हाे भगवान ने डायरेक्ट धरती लोक पर उतारा था स करना रचना करते समय या कहीं सतलोक में अच्छी जगह उतारा था भगवान ने जीव जगत और जगदीश्वर तीन रूपों में अपने आप को प्रकट किया मैं अनी बात कर फिर तुम जगदीश की बात कर रहे हो मैं अपनी बात कर रहा हूं मुझे धरती लोक पर भगवान ने र की मेरी रचना की या कहीं सतलोक में की कोई सतलोक तलोक में नहीं की थी धरती लोक पर की थी ना सीधे धरती लोक पर नहीं की थी यार ऐसे नहीं होता है पहले वो सुनो पहले वो ब्रह्मा जी ब्रह्मा जी को उत्पन्न करते हैं फिर ब्रह्मा जी के रूप में अनेक अनेक
00:10:46:04 जो प्राणी होते हैं वह जन्म लेते हैं अब वह प्राणी तुम पहले जानवर बने के पहले मनुष्य बने इससे क्या मतलब है तुम आज मनुष्य हो और तुम्हारा जो देह है वो ईश्वर को प्राप्त करना मैं व यह पूछ रहा हूं धरती धरती पर रचना हुई चाहे किसी भी रूप में हुई धरती पर हुई ना हा हुई धरती पर य बताइए ये बताइए कि भगवान ने धरती लोक बनाया और नरक लोक बनाया और तरह तरह की यातना परेशान करने की सारी विधि अपनी माया रच हम पाप करने के लिए ऑटोमेटिक व्यवस्था है टिक पाप करने की व्यवस्था है या हम धरती पर एक कदम रख रहे हैं हजारों पाप हो रहे हैं नहा रहे हैं तब भी जीव की ताड़ी मर रहे हमारे और हम किसी को मन में भी किसी के लिए बुरा सोच रहे हैं त भी हमारे अंदर पाप हो रहा है क्योंकि भगवत गीता य बोलती है मन में भी किसी का बुरा सोचोगे तब भी पाप होगा किसी से णा करोगे तब भी पाप होगा या पाप करने के लिए 100 ऑप्शन दि भगवान ने लेकिन पूर्ण करने के लिए हमें इतनी कठिनाई और परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है और हमें दुखी
00:12:01:16 करने के लिए भगवान ने धरती लो पर उतारा था क्या इसको आपको समझना होगा कि भगवान ने सृष्टि की रचना की क्यों है क्यों की है बताओ अब मैं बताता हूं आपको सृष्टि रचना की है गीता अध 11 के शलोक नंबर अरे यार तुम प्रमाण की बातें मत करो तुम अपनी बात बोलो तुन तुम प्रमाण की बात मत करा करो तुम अपनी बात बोला करो अब तुम तुमने अभी एक बात बोली है वो एक लाख जीवों को खा एक लाख शब्द आया है क्या वहां पर जीवों को खाता हुआ दिख रहा जीवों को खाता हुआ दिख रहा है पहले तुमने अपनी बात में क्या घुड़ा एक लाख अब दूसरी बात सुनो उसमें कुछ जीवों के नाम आए हैं क्या क्या नाम थे जरा बताओ जो उन उसके दांत में दिख रहे थे आप आप मुझे इतना बताइए अरे यार तुमने विषय बदल दिया जो विय विषय चल रहा था उसको चेंज कर दिया तुमने जब सुनो भगवान जो सृष्टि की रचना करते हैं उनके लिए सृष्टि एक खेल है तुम वीडियो गेम क्यों खेलते हो तो भगवान हमारे साथ खेल रहा है हमारे साथ नहीं खेल रहा है वो खुद खेल रहा है क्यों वो मतलब खुद खेल रहा है मतलब हमारे साथ खेल रहा है भगवान अरे तो तुम भी तो उन्हीं का ही रूप हो तुम्हारे रूप में वो खुद खेल रहा है ना फिर भगवत
00:13:16:25 गीता को समझने के लिए आड़े पेड़े उसम ऐसा है अब नहीं समझो मेरे से नहीं समझो मेरे भाई मैं ये नहीं कह रहा तुम मुझसे समझ लो मैं तुमसे ये कह रहा हूं कि अगर तुम्हें मैं नहीं समझा पा रहा हूं तो तुम्हारी गलत चीजें सही तोड़ी ना हो जाएंगी तुम अगर शिवांश नारायण द्विवेदी तुमको नहीं समझा पा रहा है तो जेल दम निवासी ने जो झूठ बोले हैं वो सच नहीं हो जाएंगे ना अगर आत्मा को कोई काट नहीं सकता है तो वो जो काल नाम का तुम्हारा तथा करित राक्षस है वह आत्मा को कैसे खा रहा है और तुम कह रहे हो बड़ा हुआ काल है वो जो खाता हुआ दिखाई दे रहा है उसके दांतों में द्रोणाचार्य और वो है भीष्म वो द्रोणाचार्य और राष्ट्र है और वोह बाद में जब महाभारत का युद्ध होता तो अर्जुन किससे लड़ा फिर काल तो खा चुका था ना द्रोणाचार्य को य ये गीता सुन कौन रहा है बाद में काल तो खा चुका है ना तो धृतराष्ट्र कहां से सुन रहे हैं उस गीता को मत सोचना ये सब बातें अपने जेल धाम निवासी की बातों को प्रचारित करते रहो झूठ बोलो वहां बैठ कर के चैनल पर बढ़िया है सनातन नाम का कोई धर्म धर्म नहीं है इतने प्रमाण दूंगा ना तुमको चांद गंजी हो जाएगी दोबारा p [संगीत]
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सनातन कोई धर्म नहीं है रामपाला के चेलो का ज्ञान #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj
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