1
00:00:01,960 --> 00:00:07,960
[घंटी की आवाज़]

2
00:00:10,480 --> 00:00:14,480
हेलो जी यादव जी क्या हाल है वकील साहब जय

3
00:00:14,480 --> 00:00:18,560
श्री राम वाह भैया आप सब कब से जय श्री राम

4
00:00:18,560 --> 00:00:22,720
करने लगे आपको जय श्री राम करना पड़ेगा अगर लखनऊ में रहना

5
00:00:22,720 --> 00:00:26,800
है तो जय श्री राम करना पड़ेगा वकील साहब को ठीक है

6
00:00:26,800 --> 00:00:31,200
हां अब क्योंकि वो समोसा साहब, वगैरह सब बेचने

7
00:00:31,200 --> 00:00:35,200
वालों ने तो पोस्टर हरा दिया संत रामपाल जी महाराज का। अब आप ही के

8
00:00:35,200 --> 00:00:39,280
घर के आसपास की बारी है जहां पोस्टर लगे हैं। अच्छा ठीक है आ

9
00:00:39,280 --> 00:00:43,440
जाओ। हां वो तो आने वाले आएंगे आएंगे। इसीलिए अह

10
00:00:43,440 --> 00:00:47,600
तो आने वाले आएंगे आएंगे। है ना और

11
00:00:47,600 --> 00:00:52,000
इसीलिए कहा कि लखनऊ में रहना है तो जय श्री राम जय श्री राम कहना है।

12
00:00:52,000 --> 00:00:56,000
ठीक है। धमकी दे रहे हो क्या? धमकी नहीं दे रहे हैं। आज जय श्री

13
00:00:56,000 --> 00:01:00,240
राम कर ही रहे हो। आज संत रामपाल जी महाराज का नाम भूल गए लखनऊ में

14
00:01:00,240 --> 00:01:04,320
नाम दीक्षा देना पुस्तकें बेचना सब भूल गए ना मतलब भर की

15
00:01:04,320 --> 00:01:08,560
बात करो अगर करने मतलब की बात कर रहे हैं ना कि सब भूल गए आप तो

16
00:01:08,560 --> 00:01:12,640
एक सिवान नारायण द्विवेदी ने संत रामपाल जी मां का पुतला फूंक दिया जूता की

17
00:01:12,640 --> 00:01:16,640
माला पहनाते हुए कुछ नहीं कर पाए है ना और बहुत बड़े

18
00:01:16,640 --> 00:01:17,140
पावर

19
00:01:17,040 --> 00:01:21,120
वाले बंदे आपको शर्म आनी चाहिए कि आप शर्म हमें

20
00:01:21,120 --> 00:01:25,200
क्यों शर्म आए शर्म शर्म तो आपको आनी चाहिए आपके बंदी छोड़ जो है वो बंदी

21
00:01:25,200 --> 00:01:29,280
छोड़ दो आपके आपके दरवाजे पर वो जूता चला दिया आपके गुरु पर।

22
00:01:29,280 --> 00:01:33,360
हमारे कानपुर वो थोड़ी चलाया। आपके दरवाजे पर आपको शर्म आनी चाहिए। चुल्लू

23
00:01:33,360 --> 00:01:37,360
भरपाए में डूब के मर जाना चाहिए। वकील हो आप। आप एक नोटिस नहीं भिजवा

24
00:01:37,360 --> 00:01:41,520
पाए। आप एक नोटिस तक उसको नहीं भिजवा पाए। आपकी पुस्तकें जलाई

25
00:01:41,520 --> 00:01:45,520
उसने लखनऊ महोत्सव में। इतना बड़ा महोत्सव होता है। आपके लोगों

26
00:01:45,520 --> 00:01:49,680
को छुपने के लिए मजबूर कर दिया। एफआईआर करा के जेल में डलवा दिया। आज

27
00:01:49,680 --> 00:01:54,480
नाम दान संचालक लखनऊ का सब भागे घूम रहे हैं चोरों की तरह। लखनऊ,

28
00:01:54,480 --> 00:01:58,640
कानपुर, उन्नाव बाराबंकी आसपास के जितने

29
00:01:58,640 --> 00:02:03,120
जिला हैं किसी जिला में कोई पुस्तक नहीं भेज सकता। कोई नाम दीक्षा नहीं दे सकता।

30
00:02:03,120 --> 00:02:07,520
एक शिवश नारायण द्विवेदी जो पूरी के शंकराचार्य

31
00:02:07,520 --> 00:02:11,520
जी का शिष्य इतना भारी हो गया कि पूरा मैनेजमेंट आज कुछ

32
00:02:11,520 --> 00:02:15,760
नहीं कर पाया उसका। पूरे जो आपके 15 करोड़ शिष्य थे वो

33
00:02:15,760 --> 00:02:20,080
कुछ नहीं कर पाए। और अब तो एफआईआर भी नहीं करा पाओगे।

34
00:02:20,080 --> 00:02:24,240
क्योंकि संत रामपाल जी से बाहर आ गए। जब वो जेल में थे तब तो एक महिला

35
00:02:24,240 --> 00:02:30,240
के द्वारा उसके ऊपर एफआईआर भी आपने करवा दी थी वो भी केस खत्म हो गया

36
00:02:30,640 --> 00:02:34,640
और अब एफआईआर भी नहीं करा पाओगे पूरे भारत पूरे विश्व

37
00:02:34,640 --> 00:02:39,200
में शिवश नारायण द्विवेदी हिमांशु जोशी

38
00:02:39,200 --> 00:02:43,200
उत्तराखंड के उनके खिलाफ कहां-कहां एफआईआर करवाई थी

39
00:02:43,200 --> 00:02:47,280
पूरे भारत में एससी एसटी एक्ट की अब नहीं कुछ कर पाओगे मध्य प्रदेश

40
00:02:47,280 --> 00:02:51,280
में देखो उसका घर गिरा दिया गया संत रामपाल जी मां के नाम के शीश का कोई नहीं बोल

41
00:02:51,280 --> 00:02:55,280
रहा कोऑडिटर नामदान संचालक स्टेट कोटर जितने वकील ये

42
00:02:55,280 --> 00:02:59,280
सब पता नहीं कहां घुस गए करो आप कुछ करो मदद है आप करो ना

43
00:02:59,280 --> 00:03:03,520
हम काहे मदद करें आप करो ना अब हमसे काहे मदद मांग रहे हो तुम तो वकील

44
00:03:03,520 --> 00:03:07,600
हो ना अरे तुम तो वकील हो वकील वाला काम करेंगे मदद

45
00:03:07,600 --> 00:03:11,920
आप करो यार तो करो ना वकील वाला तुम्हारे तुम्हारे दरवाजे पर तुम्हारे

46
00:03:11,920 --> 00:03:16,000
गुरु के गले में जूतों की माला पहना करके वो शिवाश नयन

47
00:03:16,000 --> 00:03:20,160
द्विवेदी हैं जूतों की माला पहना करके ना पुतला जला रहा है

48
00:03:20,160 --> 00:03:24,320
और तुम 15 करोड़ से बार उखाड़ रहे हो है ना

49
00:03:24,320 --> 00:03:28,400
और और दूसरे के खिलाफ कैसे एफआईआर कराते थे हमारे खिलाफ

50
00:03:28,400 --> 00:03:34,400
करवा दिया एफआईआर पंजाब में पत्नी के कपड़े फाड़ डाले [हंसी]

51
00:03:40,160 --> 00:03:44,320
हां जय श्री राम राम राम बताइए

52
00:03:44,320 --> 00:03:48,800
हां फोन क्यों कर रहे हो हमारे लोगों को हैं

53
00:03:48,800 --> 00:03:52,880
कौन बोल रहे हैं पहले अपना परिचय दीजिए शिवश नारायण द्विवेदी तुम्हें अच्छी

54
00:03:52,880 --> 00:03:57,040
तरह से मालूम है जो तुम्हारे धंधे फंदे यहां के बंद करवाए जिसने हम

55
00:03:57,040 --> 00:04:01,760
तुम्हारे जेल कट्टू बाबा की किताबें बिकना बंद करवाई ना जिसने वो बोल रहा हूं मैं

56
00:04:01,760 --> 00:04:06,560
जेलकट्टू बाबा ये कौन हां तुम्हारे बाबा जिनकी भक्ति करते हो

57
00:04:06,560 --> 00:04:10,800
तुम्हारे बाबा हम तो आपकी भक्ति करते हैं तथा

58
00:04:10,800 --> 00:04:14,800
हम तो पूरी शंकराचार्य जी की भक्ति करते हैं तुम्हारे बाबा

59
00:04:14,800 --> 00:04:18,880
की हमने कहा हम पूरी शंकराचार्य जी की भक्ति करते हैं अगर आप उनके

60
00:04:18,880 --> 00:04:22,880
शिष्य हो तो बात करिए नहीं मेरे से बात ना करो। कब से कब से भक्ति कर रहे हैं? अगर

61
00:04:22,880 --> 00:04:27,440
अरे मैं जब से कर रहा हूं जब से आप नहीं है उनके जहां पे मनुवादी रहेंगे ना वहां शंकराचार्य

62
00:04:27,440 --> 00:04:31,600
अरे हां हां हम मनुवादी ही तो हैं। मालूम है तुम्हारी रिकॉर्डिंग सुनी आप पहले

63
00:04:31,600 --> 00:04:35,600
बात कराइए उनसे मेरी वहां पे पूरी शंकराचार्य से पंडितों

64
00:04:35,600 --> 00:04:39,600
से मैं जो हूं सिर्फ जो है पूरी शंकराचार्य के शिष्यों से बात करता हूं

65
00:04:39,600 --> 00:04:44,240
और किसी से कोई बात नहीं करता हूं। ऐसे नहीं बात करता हूं। बोलो जय।

66
00:04:44,240 --> 00:04:48,560
बोलो जय। बोलो जय। और रामपाल तो झूठा

67
00:04:48,560 --> 00:04:53,120
व्यक्ति है ना जो इनको पाखंडी बोलता है शंकराचार्य को शंकराचार्य

68
00:04:53,120 --> 00:04:57,440
जी का शिष्य हूं रामपाल

69
00:04:57,440 --> 00:05:01,520
फर्जी शिष्य से बात नहीं करता हूं सर रामपाल फर्जी है

70
00:05:01,520 --> 00:05:06,160
कि नहीं मैंने कहा पूरी शंकराचार्य

71
00:05:06,160 --> 00:05:10,240
जी का मैं शिष्य हूं और मैं ऑन ओथ कहता हूं कि मैं

72
00:05:10,240 --> 00:05:14,240
उनका शिष्य हूं और आप जो है मैं उन्हीं

73
00:05:14,240 --> 00:05:18,400
से बात करूंगा जो उनके शिष्य आदमी से बात नहीं करना

74
00:05:18,400 --> 00:05:22,480
चाहता आप कृपया मुझे ना करें डिस्टर्ब ना करें शंकराचार्य

75
00:05:22,480 --> 00:05:25,760
महाराज की मैंने कहा कि

76
00:05:25,760 --> 00:05:30,080
शंकराचार्य महाराज की जय मैं शंकराचार्य महाराज जी की या जिसकी

77
00:05:30,080 --> 00:05:34,240
होगी जय करूंगा पर जरूर करूंगा उसके आह्वान पे नहीं

78
00:05:34,240 --> 00:05:38,320
करूंगा कि जो उनका अपने आप को फर्जी शिष्य है वो

79
00:05:38,320 --> 00:05:42,720
अभी तुम्हारी खबर देता हूं मैं जगह-जगह पर समझे जो तुम्हारा शंकराचार्य

80
00:05:42,720 --> 00:05:47,150
जी के शिष्य हो गए हो ना तुम अब रामपाल को छोड़ कर यही होता है

81
00:05:47,150 --> 00:05:51,440
[हंसी] जहां मनुवादी रहते हैं वहां होता है ऐसे ही पगलाता है

82
00:05:51,440 --> 00:05:55,520
अरे ऐसे ही पगलाता है फर्जी फर्जी जोशी से कौन कौन

83
00:05:55,520 --> 00:05:58,400
सा

84
00:05:58,400 --> 00:06:04,160
मंत्र कौन सा लिया है हा [हंसी]

85
00:06:04,160 --> 00:06:08,240
बेवकूफों को बेवकूफ बनाओ जिस दिन मनवादी से सामना

86
00:06:08,240 --> 00:06:12,240
हो जाता है तभी बंद करो दीवान की फिल्म के अजय देवगन

87
00:06:12,240 --> 00:06:18,240
बन जाओ और डर के शाहरुख खान हां हां

88
00:06:25,280 --> 00:06:29,520
हेलो हां वकील जय श्री राम

89
00:06:29,520 --> 00:06:33,680
भगत जी ऐसा है हां दो मिनट हमारी बात सुन लेना

90
00:06:33,680 --> 00:06:37,840
हां पहली बात तो ये है कि

91
00:06:37,840 --> 00:06:41,840
मैं अब इन सब चक्करों में हूं नहीं आपको शायद पता है कि नहीं पता है

92
00:06:41,840 --> 00:06:45,920
अच्छा कब से कब से हट गए अरे सुन तो अब मेरी पहले बात सुन लो फिर हां

93
00:06:45,920 --> 00:06:49,920
हां हां और दूसरी बात ये है हां कि अगर

94
00:06:49,920 --> 00:06:54,240
आप चाहते हो हां तो आप

95
00:06:54,240 --> 00:06:58,640
अपने माध्यम से शिवा नारायण द्विवेदी को बिठा दो कहीं पे साथ में

96
00:06:58,640 --> 00:07:03,120
हां और जो उसको अगर कोई ग्रिवंस है या कोई बात है

97
00:07:03,120 --> 00:07:07,200
हां तो अपना बैठ के खत्म कर ले

98
00:07:07,200 --> 00:07:13,200
अपना आगे बढ़ाए मामला

99
00:07:19,680 --> 00:07:24,560
अरे अभी आपकी सिवा नारायण द्विवेदी का ऑडियो मैं सुन रहा था।

100
00:07:24,560 --> 00:07:28,640
अच्छा अच्छा हां तो आप उन्नाव जिला के क्वालिटर

101
00:07:28,640 --> 00:07:32,640
हो ज्ञान जीरी ग्राह पुस्तकें सब आप सेवा

102
00:07:32,640 --> 00:07:36,880
करते थे हैं और आप आज उसके सामने नहीं बोल पाए

103
00:07:36,880 --> 00:07:41,040
उसके सामने नहीं बोल पाए उसके सामने नहीं बताया कि मेरे घर में पुस्तकें

104
00:07:41,040 --> 00:07:45,280
हैं आपके घर वो आ जाएगा आप बोलो ना कि संत रामपाल जी नहीं

105
00:07:45,280 --> 00:07:49,280
तो घर में नहीं है ना अरे तो क्यों नहीं आप तो रखते हो ना आप तो सेवा करते

106
00:07:49,280 --> 00:07:53,280
हो ना ज्ञान गंगा जीने की राह पुस्तक अंधश्रद्धा भक्ति खतरा जान

107
00:07:53,280 --> 00:07:57,440
आपने तो पूरे उन्नाव का ठेका ले रखा ना? करते थे अब नहीं

108
00:07:57,440 --> 00:08:01,440
करते। हां यही बात है ना इसीलिए पूरे भारत में पूरे

109
00:08:01,440 --> 00:08:05,920
विश्व में आप सब लोगों को खुलासा हो गया। ये है उन्नाव दास क्वाडिटर

110
00:08:05,920 --> 00:08:10,160
हैं। ये उन्नू दास क्वाडिटर हैं। अब ये पुस्तक नहीं रखते संतराम पाजीवा

111
00:08:10,160 --> 00:08:14,400
की। अब ये संत राम पामा के शिष्य नहीं रहे। अब संतराम

112
00:08:14,400 --> 00:08:18,720
पामा के शिष्य नहीं हो। तुम्हारी औकात नहीं है। जो तुम बता सको शिवांद

113
00:08:18,720 --> 00:08:22,800
की हमारे यहां पुस्तक रखी है। क्यों नहीं बता पाते हो? हैं? शर्म नहीं

114
00:08:22,800 --> 00:08:26,800
आती तुमको दूसरे लोगों को भड़काने के लिए सिवा नारायण द्विवेदी अकेले चैलेंज दे

115
00:08:26,800 --> 00:08:30,800
रहा है कि आप बताओ तुम्हारे घर में पुस्तक है तो ले आओ ना संत रामपाल जी महाराज

116
00:08:30,800 --> 00:08:34,800
बोलो ना कि हमारे पुस्तकें रखी आ जाओ क्यों नहीं बोलते हो संत

117
00:08:34,800 --> 00:08:39,520
रामपाल जी मां की पुस्तकें अपने घर में रखते हो नाम दीक्षा फर्जी देते हो टीवी

118
00:08:39,520 --> 00:08:43,600
उस कवि परमेश्वर भक्ति ट्रस्ट पर तो आपको बोलना चाहिए ना कि आप

119
00:08:43,600 --> 00:08:48,080
आइए हमारे घर में पुस्तकें रखी है रामचंद्र गुरु जी थोड़ी

120
00:08:48,080 --> 00:08:52,640
यदि मेरी बात सुनो तो मैं कहूं कुछ हां कहूं

121
00:08:52,640 --> 00:08:58,240
हां कहो ना सर एक्चुअली में हुआ ये कि

122
00:08:58,240 --> 00:09:02,400
रामनारायण से मेरी बकवास हो गई यहां के जो जिला सेवादार हैं

123
00:09:02,400 --> 00:09:06,480
हां उन्होंने और रामनारायण ने हां हमको

124
00:09:06,480 --> 00:09:10,560
ये करने को बोला उसके बाद जब कल मामला

125
00:09:10,560 --> 00:09:14,800
आया तो ये जो है अपनी बचाने के उसमें भागे हमने

126
00:09:14,800 --> 00:09:18,960
यही कहा कि भाई पुस्तक [नाक से की जाने वाली आवाज़] में क्या है ऐसा जो तुम

127
00:09:18,960 --> 00:09:23,040
भाग रहे हो उसका जवाब क्यों नहीं दे रहे हो हां ऐसे तो हमें तो हमें

128
00:09:23,040 --> 00:09:27,040
तो आगे कर दिया। हां अब जवाब क्यों नहीं दे रहे हो?

129
00:09:27,040 --> 00:09:31,200
हां वो बोले उस विषय पे बात ना करो तो हमने रामनारायण

130
00:09:31,200 --> 00:09:35,840
को शाम को टाइट कर दिया और हमने सीधा लिख के भेज दिया कि मैं ये नहीं करूंगा।

131
00:09:35,840 --> 00:09:39,840
सीधी सी बात। हां। भाई हमें तुम आगे कर रहे हो।

132
00:09:39,840 --> 00:09:43,840
तुम क्यों नहीं आ रहे हो इसमें? हां। बात ये है। तो

133
00:09:43,840 --> 00:09:47,840
वो तो तुम्हें आगे करेंगे क्योंकि तुम बेवकूफ हो। इसलिए तुम्हें आगे करेंगे।

134
00:09:47,840 --> 00:09:50,000
तुम बहुत बड़े समझदार बनते हो ना।

135
00:09:50,000 --> 00:09:54,160
हमने कभी आपको इसलिए कोई बात नहीं बोली। आज मैं बोल रहा हूं। तुम जितने समझदार

136
00:09:54,160 --> 00:09:58,240
बनते हो इसीलिए तुम्हारा इस्तेमाल होता है। अगर तुम अपनी अकल से चलो ना तो

137
00:09:58,240 --> 00:10:02,400
तुम्हें कोई मूर्ख नहीं बना सकता। लेकिन तुम्हें जो मर्जी आएगा वही तुम्हारे

138
00:10:02,400 --> 00:10:06,560
टीप देके चला जाएगा और तुम खुजलाते रहोगे। लेकिन हमने तो

139
00:10:06,560 --> 00:10:10,640
हमने तो बोल दिया रामनारायण को मैसेज करके चाहे मेरी एंट्री करा

140
00:10:10,640 --> 00:10:14,800
दो और चाहे मुझे गुरुद्रोही घोषित करा दो। मुझे

141
00:10:14,800 --> 00:10:18,800
इससे फर्क पड़ने वाला नहीं है।
