1
00:00:01,960 --> 00:00:06,160
[घंटी की आवाज़] सतलोक आश्रम बरवाला में

2
00:00:06,160 --> 00:00:10,160
आपका स्वागत है। संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना

3
00:00:10,160 --> 00:00:14,320
करने और प्रार्थना का आदेश पता करने के लिए एक दबाएं

4
00:00:14,320 --> 00:00:18,560
संत रामपाल जी महाराज से चार दबा दिया मैंने

5
00:00:18,560 --> 00:00:23,440
चार पे होता है ना शंका समाधान पर बने रहे आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

6
00:00:23,440 --> 00:00:29,440
है जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे

7
00:00:41,600 --> 00:00:46,320
हेलो हां जी भाई साहब नमस्कार

8
00:00:46,320 --> 00:00:50,640
नमस्कार जी ये रामपाल जी ने कल एक घोषणा

9
00:00:50,640 --> 00:00:54,880
की है कि वो जो है लाइव डिबेट करेंगे

10
00:00:54,880 --> 00:00:59,040
और तीन चार तारीख को यह होगा और जो भी इस डिबेट

11
00:00:59,040 --> 00:01:03,200
में जो है अह विजय होता है तो उसको अमुक अमुक जो है राशि मिलेगी।

12
00:01:03,200 --> 00:01:07,440
तो इस डिबेट में कोई व्यक्ति अगर उनको उनसे उनको काउंटर करना चाहे

13
00:01:07,440 --> 00:01:11,520
उनकी जैसे उनकी कोई गलत बात लग रही है और वो ये बताना चाहे कि गलत बात

14
00:01:11,520 --> 00:01:15,920
है तुम यहां गलत बोल रहे हो ये है वो है मतलब शास्त्रार्थ तो ये इसका

15
00:01:15,920 --> 00:01:17,360
तरीका क्या है? कैसे जुड़ेगा

16
00:01:17,360 --> 00:01:21,520
वो व्यक्ति देखो वो अपनी बात रख सकते

17
00:01:21,520 --> 00:01:25,680
हैं। कैसे रखेंगे? देखो देखो जी

18
00:01:25,680 --> 00:01:29,680
जी देखो जी संत रामपाल जी महाराज जी के विचार जो है ना

19
00:01:29,680 --> 00:01:33,680
वो बहुत कुछ कोटि भाई साहब मैं भाई साहब प्लीज थोड़ा सा मुझे मुद्दे की

20
00:01:33,680 --> 00:01:37,680
बात बता दीजिए जुड़ेंगे कैसे हम लोग रामपाल जी से रामपाल जी से

21
00:01:37,680 --> 00:01:41,840
तर्क वितर्क कैसे करेंगे आप उनकी महिमा आप उनकी

22
00:01:41,840 --> 00:01:46,640
महिमा गा रहे है ना महिमा गाने के लिए महिमा सुनने के लिए फोन नहीं किया

23
00:01:46,640 --> 00:01:50,800
आपने क्या बोला तरीका क्या है तो मैं वही तो आप यह क्यों बता रहे हो कि उनके

24
00:01:50,800 --> 00:01:54,880
विचार बहुत उच्च कोटि के यह तरीका है क्या? कर

25
00:01:54,880 --> 00:01:59,600
रहा हूं ना। आप तरीका बताइए। ये उच्च निच मत बताइए।

26
00:01:59,600 --> 00:02:05,520
ब्रीफ कर रहा हूं मैं। हां बताइए बताइए। बताइए बताइए।

27
00:02:05,520 --> 00:02:09,680
अब जैसे टीवी पर डिबेट होती है। एक इधर से बोल रहा है। एक उधर से बोल रहा है। उसका

28
00:02:09,680 --> 00:02:14,000
निष्कर्ष नहीं आज तक कभी भी। हम अच्छा

29
00:02:14,000 --> 00:02:18,960
टीवी पर डिबेट होती है। तो कैसे मैं पूछ रहा हूं कैसे होगी?

30
00:02:18,960 --> 00:02:23,040
कैसे होगी भाई साहब? जो टीवी पर

31
00:02:23,040 --> 00:02:27,040
डिबेटें होती है एक बीजेपी का है। भाई साहब मैं समझ गया मुझे आप यह

32
00:02:27,040 --> 00:02:31,040
बता दीजिए होगा कैसे देखो मेरी मैं मैं अपना

33
00:02:31,040 --> 00:02:32,640
सवाल स्पष्ट मैं अपना

34
00:02:32,640 --> 00:02:36,800
मैं सवाल स्पष्ट कर दूंगा मैं अपना मैं ये नहीं पूछ रहा हूं मैं ये नहीं

35
00:02:36,800 --> 00:02:41,280
पूछ रहा हूं कि कैसे कैसे नहीं होगा मैं ये पूछ रहा हूं कि कैसे कैसे

36
00:02:41,280 --> 00:02:45,360
होगा आप इसपे बोलिए कैसे कैसे होगा कैसे कैसे नहीं होगा वो तो मैं

37
00:02:45,360 --> 00:02:50,000
जान गया समझ गया ठीक है आप इसपे बताइए

38
00:02:50,000 --> 00:02:54,160
मैं मैं उसी उसी चीज को आपको आपको

39
00:02:54,160 --> 00:02:59,040
बता रहा हूं एक एक सिंपल बेस है। अगर आप आप समझदार होंगे

40
00:02:59,040 --> 00:03:03,280
पढ़े लिखे तो आप समझ जाएंगे और अगर आपसे करनी है केवल

41
00:03:03,280 --> 00:03:07,600
बहस बताइए भाई साहब बताइए बताइए हां बताइए

42
00:03:07,600 --> 00:03:11,920
हां तो सुन जो टीवी पर बहस होती है एक उस पार्टी

43
00:03:11,920 --> 00:03:16,080
का एक उस पार्टी का एक एक उधर से क्या-क्या कर रहा है एक उधर

44
00:03:16,080 --> 00:03:20,240
से क्या-क्या कर रहा है एक उधर से क्या-क्या भाई साहब मैं समझ गया वो सही नहीं होती उससे

45
00:03:20,240 --> 00:03:25,040
निष्कर्ष नहीं निकलता है अब आप यह बता दीजिए होगी कैसे

46
00:03:25,040 --> 00:03:29,360
गए इस बात को आप सुन लो मेरी बात। हां। अब

47
00:03:29,360 --> 00:03:34,480
कोर्ट में कैसे होती है? बताइए। जो है अपना पक्ष रखता है।

48
00:03:34,480 --> 00:03:38,720
हां हां एक एक वकील जज के सामने अपना पक्ष

49
00:03:38,720 --> 00:03:42,880
रखता है। कि मेरे क्लाइंट का ये ये है। इसने ये किया है। इसके

50
00:03:42,880 --> 00:03:46,880
ये बेवखूबी है। इसने ये एक वकील अपने पक्ष रखता

51
00:03:46,880 --> 00:03:47,760
है। दूसरा वकील

52
00:03:47,760 --> 00:03:52,160
अपना पक्ष रखता है। हम फैसला जज करता है। हम

53
00:03:52,160 --> 00:03:56,240
समझ रहे है ना आप? ठीक है। तो संत रामपाल जी महाराज ने यही बोला है

54
00:03:56,240 --> 00:04:00,480
कि मैं अपनी बात रखूंगा। दूसरा अपनी बात रखे फैसला

55
00:04:00,480 --> 00:04:04,800
जनता करेगी बस। तो यानी कि यानी कि ये जो शास्त्रार्थ है आमने

56
00:04:04,800 --> 00:04:09,440
सामने का नहीं है। आमने सामने का नहीं है ये। हां।

57
00:04:09,440 --> 00:04:13,440
अगर अगर संत रामपाल जी महाराज जी की बात

58
00:04:13,440 --> 00:04:18,160
को जो उन्होंने बात कही है मतलब जो चैलेंज दिया है कि मैंने

59
00:04:18,160 --> 00:04:22,160
मैं जो बात करूंगा आपने छ चार वेद

60
00:04:22,160 --> 00:04:27,360
छ शास्त्र 18 पुराण श्रीमद् भगवत

61
00:04:27,360 --> 00:04:31,360
भगवत गीता रामायण महाभारत इसके अलावा मैं कोई बात

62
00:04:31,360 --> 00:04:35,600
नहीं करूंगा और सूक्ष्म वेद तो इसके अलावा मैं कोई बात नहीं करूंगा इन

63
00:04:35,600 --> 00:04:39,600
चीजों से अलग अगर मुझे कोई हरा देगा यह बोलेगा कि इस

64
00:04:39,600 --> 00:04:43,680
जगह इस पॉइंट पर इन्होंने गलत बोला तो मैं अपनी हार स्वीकार करूंगा।

65
00:04:43,680 --> 00:04:47,760
उनसे हाथ जोड़कर माफ़ी मांगूंगा और उनको लाख इनाम भी दूंगा। समझ

66
00:04:47,760 --> 00:04:51,920
गया? अगर सिद्ध नहीं कर पाए, सिद्ध नहीं कर पाए तो

67
00:04:51,920 --> 00:04:56,080
उनकी हार मानी जाएगी। निर्णय करेगी। अब समझ गया। इसका मतलब आमने

68
00:04:56,080 --> 00:05:00,240
सामने से नहीं होगी ये डिबेट। अरे अरे आमने सामने

69
00:05:00,240 --> 00:05:03,200
तक तो आज तक निकला ही नहीं ना रिजल्ट भाई। नहीं

70
00:05:03,200 --> 00:05:07,360
मतलब आमने सामने का मतलब जैसे रामपाल बोल रहे तो रामपाल से डायरेक्ट बात नहीं होगी

71
00:05:07,360 --> 00:05:11,360
ना हमारी। डायरेक्ट बात करनी है तो आप आश्रम आ

72
00:05:11,360 --> 00:05:15,360
जाओ। फिर मैं यह पूछ रहा हूं। यह जो डिबेट जो शास्त्रार्थ की घोषणा की

73
00:05:15,360 --> 00:05:20,160
गई है इसमें आमने सामने डायरेक्ट एक दूसरे से बात नहीं होगी दोनों में।

74
00:05:20,160 --> 00:05:24,240
एक दूसरे से क्यों करनी है बात? बस मैं मैं वही अब आपने जो चीजें

75
00:05:24,240 --> 00:05:28,240
बोली है वो उन सबका मैं कुछ उत्तर देना चाहता हूं। मेरी जिज्ञासा है आप

76
00:05:28,240 --> 00:05:33,520
शांत कर दीजिए। एक

77
00:05:33,520 --> 00:05:37,600
भाई साहब मैं समझ गया। आपने जितनी बातें बोली है आपने जितनी बातें

78
00:05:37,600 --> 00:05:41,840
बोली है मैंने सुनी है। मैंने आपने जितनी आपने जितनी आपने

79
00:05:41,840 --> 00:05:45,920
जितनी बातें बोली है मैंने सुनी है। मैं उस संबंध में अपनी कुछ जिज्ञासाएं रखना

80
00:05:45,920 --> 00:05:50,160
चाहता हूं। ठीक है? तो पहली बात यह है जैसे

81
00:05:50,160 --> 00:05:54,240
आपने बोला है कि भाई टीवी पर जो आमने सामने बैठकर के जो डिबेट होती

82
00:05:54,240 --> 00:05:58,320
रहती है उसमें कुछ निष्कर्ष नहीं निकलता है। तो डिबेट हां

83
00:05:58,320 --> 00:06:02,320
अरे भाई साहब अब मैं मैं बोल रहा हूं जैसे मैंने आपको टोका नहीं। जब आपने चार पांच पॉइंट

84
00:06:02,320 --> 00:06:06,480
बोले मैंने बीच-बीच में टोका नहीं। थोड़ा मुझे मेरी जिज्ञासाएं सुन लीजिए सारी।

85
00:06:06,480 --> 00:06:10,480
तो पहली बात तो यह है कि जो कोर्ट में आपने फिर उदाहरण दिया कि

86
00:06:10,480 --> 00:06:14,480
कोर्ट में कैसे होती है कि दोनों वकील अपना-अपना पक्ष रखते हैं। तो कोर्ट की

87
00:06:14,480 --> 00:06:18,640
बात मैं आपको बता दूं। कोर्ट में पहली बात यह नहीं होता कि दोनों वकील

88
00:06:18,640 --> 00:06:22,800
उस समय कहीं दूर बैठे होते हैं। वो वहीं पर उपलब्ध होते हैं।

89
00:06:22,800 --> 00:06:26,800
ऑन द स्पॉट उपलब्ध एक भाई साहब मैं पूरा पूरा कर लूं भाई साहब। प्लीज

90
00:06:26,800 --> 00:06:30,880
पूरा कर लूं मैं। ऑन द स्पॉट बैठे होते हैं। जज वहीं पर बैठा होता

91
00:06:30,880 --> 00:06:34,880
है ऑन द स्पॉट और वहां पर वकील बैठे होते हैं दोनों ऑन द स्पॉट। ठीक है?

92
00:06:34,880 --> 00:06:39,200
दूसरी बात यह है जो जो आपका ये कहना है कि दोनों वकील अपना-अपना

93
00:06:39,200 --> 00:06:43,360
पक्ष रखते हैं। वो आपस में नहीं बात करते। ये बात गलत है। एक

94
00:06:43,360 --> 00:06:47,360
दिन आता है बहस का। अलग-अलग दिन होते हैं। जैसे साक्ष्य आज जो है

95
00:06:47,360 --> 00:06:51,440
साक्ष्य आएंगे। आज विपक्षी साक्ष्य आएंगे। आज पुलिस के साक्ष्य आएंगे। गवाही

96
00:06:51,440 --> 00:06:55,520
होती रहती है। एक दिन आता है गिरह का। एक दिन होता है गवाही।

97
00:06:55,520 --> 00:06:59,600
सुन सुन लीजिए। सुन लीजिए। सुन लीजिए भाई साहब सुन लीजिए

98
00:06:59,600 --> 00:07:03,680
अरे मैं आपकी बात से सहमत हूं बस मैं आपकी बात से सहमत हूं ठीक है

99
00:07:03,680 --> 00:07:07,760
नहीं मैं पूरी बात खोल दूं मतलब कि मैं ये पूरी बात बोल दूं भाई

100
00:07:07,760 --> 00:07:11,760
साहब मैं भी आपकी बात से सहमत था मगर आपने तब भी अपनी पूरी बात

101
00:07:11,760 --> 00:07:15,920
बोली थी ना मैं आपकी बात से सहमत ही था सुनिए

102
00:07:15,920 --> 00:07:20,000
सुनिए सुन मैं पूरी बात मैं एक बार मेरा पूरा हो जाने दीजिए फिर आप

103
00:07:20,000 --> 00:07:24,080
मुझे समाधान दीजिएगा पूरा हो जाने दीजिए तो जो वकील

104
00:07:24,080 --> 00:07:28,240
है वो आपस में भी कभी ना कभी एक एक दिन आता है बहस होती है उस दिन उनमें आपस

105
00:07:28,240 --> 00:07:32,240
में वकीलों में पहली बात। अच्छा दूसरी बात यह है कि दूसरी बात यह

106
00:07:32,240 --> 00:07:34,000
है कि जब हमें अपने-अपने चैनलों

107
00:07:34,000 --> 00:07:38,080
पर बैठकर के ही रामपाल की बातों का

108
00:07:38,080 --> 00:07:42,080
जवाब देना है तो वो तो सब लोग कर ही रहे हैं।

109
00:07:42,080 --> 00:07:46,160
अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं। जितने भी लोग आज के टाइम में धर्माचार्य ऑनलाइन से

110
00:07:46,160 --> 00:07:50,400
जुड़े हुए हैं वो ऑलरेडी अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं। तो इसमें नई बात क्या

111
00:07:50,400 --> 00:07:54,480
फिर इसमें एक एक भाई साहब पूरी हो जाने दीजिए। पूरी

112
00:07:54,480 --> 00:07:58,720
तो इसमें नई बात इसमें इसमें

113
00:07:58,720 --> 00:08:02,800
अरे भैया मैंने आपको जब आप चार पांच पॉइंट एक साथ बोल रहे थे तो मैंने आपको

114
00:08:02,800 --> 00:08:06,880
कहा था क्या आप मेरी बात सुन लो आपने पूरे चार पांच पॉइंट बोले थे अब मुझे चार

115
00:08:06,880 --> 00:08:11,120
पांच पॉइंट बोल लेने दो तो हां हां

116
00:08:11,120 --> 00:08:15,280
हां तो उसमें क्या है कि जो अपना पक्ष अप

117
00:08:15,280 --> 00:08:19,280
जो दूर रह के अपने चैनल पे अपना पक्ष रखने की बात है वह तो पहले

118
00:08:19,280 --> 00:08:23,360
से ही हो रहा है तो उसमें नई बात क्या हो गई तीसरी बात यह है कि भैया

119
00:08:23,360 --> 00:08:27,440
वकीलों की जब बात होती है तो उसमें एक व्यक्ति होता है जज और जज ने

120
00:08:27,440 --> 00:08:31,600
क्या माना, क्या तय किया, क्या निर्णय किया यह हमें पता चलता

121
00:08:31,600 --> 00:08:35,840
है। वह साइन करके कागज देता है। अब ये जनता ने क्या निर्णय लिया,

122
00:08:35,840 --> 00:08:39,920
क्या किया? इसका हमें पता कैसे चलेगा? हां

123
00:08:39,920 --> 00:08:44,000
सुन लो। अब सारी बातें बताइए। जी आपने आपने बोला

124
00:08:44,000 --> 00:08:48,000
कि हम देखो एक बीच में मैं आपको टोक

125
00:08:48,000 --> 00:08:49,680
रहा था कि

126
00:08:49,680 --> 00:08:52,560
अ जैसे

127
00:08:52,560 --> 00:08:56,720
आमने सामने की बात है हम और आपने बोला कि हर

128
00:08:56,720 --> 00:09:00,800
जो है धर्म गुरु जो अपनीप बात रख रहे हैं हम ठीक है हम

129
00:09:00,800 --> 00:09:04,880
आपने बोलना चाहिए हम तो इसमें मैंने इसमें

130
00:09:04,880 --> 00:09:09,040
जो हमारे संत रामपाल जी महाराज जी के विचार है कि वो बात

131
00:09:09,040 --> 00:09:13,280
रख रहे हैं अपनी अपनीप बात सब रख रहे लेकिन क्या वो वेदों के अनुसार गीता

132
00:09:13,280 --> 00:09:17,520
के अनुसार पुराणों के अनुसार बात कर रहे हैं? तो भाई साहब

133
00:09:17,520 --> 00:09:21,520
यह बात तो तब निकलेगी ना जब आमने सामने और कोई तीसरा निर्णायक जज वहां

134
00:09:21,520 --> 00:09:25,840
बैठा हो। मैं वही तो कह रहा हूं कि उनकी मैं कह रहा हूं कि दोनों पक्षों

135
00:09:25,840 --> 00:09:30,000
में से किसकी दोनों पक्षों में से किसकी बात वेद शास्त्रों के अनुसार

136
00:09:30,000 --> 00:09:34,160
नहीं है? इस बात का निर्णय कैसे होगा? आपने कहा जनता करेगी। जनता का जनता

137
00:09:34,160 --> 00:09:38,720
का निर्णय क्या है? वो कैसे पता चलेगा? हां। हां

138
00:09:38,720 --> 00:09:42,800
सुन लो तीन और चार डिबेट है अरे भाई

139
00:09:42,800 --> 00:09:46,800
साहब भाई साहब ये डिबेट कैसे है जो चीज जो चीज आप कह रहे हो

140
00:09:46,800 --> 00:09:50,960
वो तो अभी भी हो रही है सुनो जो चीज आप कह रहे हो वो तो अभी भी हो रही है जैसे

141
00:09:50,960 --> 00:09:55,280
मैं आपसे कह रहा हूं जो रामपाल जी है वो ये कहते हैं कि

142
00:09:55,280 --> 00:09:59,440
जो गीता वक्ता है गीता कहने वाला वो जो है

143
00:09:59,440 --> 00:10:03,680
वो परमेश्वर नहीं है। वो सच्चिदानंद स्वरूप नहीं है

144
00:10:03,680 --> 00:10:04,720
बल्कि उससे कोई

145
00:10:04,720 --> 00:10:09,040
और है। ठीक है? वो ये कहते हैं अब गीता में सातव अध्याय

146
00:10:09,040 --> 00:10:13,280
में गीता बोलने वाला स्वयं को कह रहा है कि मैं ही इस सृष्टि का सनातन

147
00:10:13,280 --> 00:10:17,280
बीज हूं। सनातन मतलब जिसका ना कभी जन्म होता है ना कभी वो

148
00:10:17,280 --> 00:10:21,520
मरता है। सनातन नित्य तो क्यों बोला सुनो

149
00:10:21,520 --> 00:10:25,600
मेरी बात मैं बताता हूं आपको बोला तेरे बहुत तेरे और मेरे

150
00:10:25,600 --> 00:10:29,680
बहुत सारे जन्म हो चुके हैं। तू नहीं जानता हूं।

151
00:10:29,680 --> 00:10:33,760
क्यों बोला उसने? तो इसका मतलब इसका मतलब यहां पर वो गलत बोल रहा है ना

152
00:10:33,760 --> 00:10:37,840
अपने आप को सनातन जो बोल रहा है। क्या अपने

153
00:10:37,840 --> 00:10:43,360
आप को वो सनातन बोल रहा है तो गलत बोल रहा है ना नहीं

154
00:10:43,360 --> 00:10:47,520
आपने पढ़ी है भाई अरे गीता पढ़ी तभी तो पूछ रहा हूं आपसे सातव अध्याय

155
00:10:47,520 --> 00:10:51,520
में जो गीता बोलने वाला है वो खुद को सनातन कह रहा है मैं सनातन हूं

156
00:10:51,520 --> 00:10:55,600
मैं सनातन बीज हूं इस सृष्टि का सनातन वो होता है जो कभी ना

157
00:10:55,600 --> 00:10:59,680
पैदा होता है ना कभी मरता है तो आपने जो जन्म मरण की बात

158
00:10:59,680 --> 00:11:03,840
कही है ना वो वो लीला में आने जाने की बात है मगर अभी मान लेते है कि जन्म

159
00:11:03,840 --> 00:11:08,080
मरण ही है वो मरण मान लेते हैं तो इसका मतलब सातव अध्याय

160
00:11:08,080 --> 00:11:12,240
में उसने गलत कहा है ना कि मैं सनातन बीज हूं इस दुनिया का। नहीं

161
00:11:12,240 --> 00:11:16,240
कितना श्लोक बताया आपने? बता रहा हूं। एक मिनट रुकिए

162
00:11:16,240 --> 00:11:19,920
बता रहा हूं। एक एक मिनट रुकिए। गीता कहां है भाई?

163
00:11:19,920 --> 00:11:24,320
सातव अध्याय का सनातन बीज वाला बहुत बढ़िया श्लोक है वो।

164
00:11:24,320 --> 00:11:28,640
एक-एक करके याद रहनी चाहिए बातें। आपको याद है भाई साहब?

165
00:11:28,640 --> 00:11:32,720
आपको याद है? आपको याद है? पहला पहला श्लोक बोलो गीता का क्या है?

166
00:11:32,720 --> 00:11:35,120
बोलो।

167
00:11:35,120 --> 00:11:39,120
अरे नहीं नहीं बोल दो आपको याद रहनी चाहिए ना बोल दो बोल दो बोल दो

168
00:11:39,120 --> 00:11:43,440
पहला श्लोक क्या है पहला पहला श्लोक क्या है चलो एक एक

169
00:11:43,440 --> 00:11:47,680
श्लोक बोलो पूरा गीता का कोई भी बता दो अरे भैया

170
00:11:47,680 --> 00:11:51,680
याद रहनी चाहिए एक श्लोक तो बोल दो गीता का पूरा कौन

171
00:11:51,680 --> 00:11:55,840
से अध्याय का कौन श्लोक मैं कह रहा हूं आप आपने एक टिप्पणी की है मुझ पर याद

172
00:11:55,840 --> 00:11:59,840
रहनी चाहिए आप एक श्लोक बोलो गीता का नहीं आपने

173
00:11:59,840 --> 00:12:04,000
गीता सात बोला और श्लोक अरे भैया तो आपको

174
00:12:04,000 --> 00:12:08,000
तो याद होती है ना याद होगी ना गीता बिल्कुल बरबली एक श्लोक

175
00:12:08,000 --> 00:12:12,560
बोल दो चलो ठीक है सातव अध्याय का दवा श्लोक है वो सनातन बीज

176
00:12:12,560 --> 00:12:16,800
बोलो सात 10वा

177
00:12:16,800 --> 00:12:20,800
श्लोक है ना हां क्या करना उसका उसमें वो कह रहा

178
00:12:20,800 --> 00:12:24,880
है गीता बोलने वाला कि मैं इस संपूर्ण सृष्टि

179
00:12:24,880 --> 00:12:28,960
का संपूर्ण भूतों का सनातन बीज हूं। सनातन जो ना कभी जन्म

180
00:12:28,960 --> 00:12:32,960
लेता है ना कभी मरण होता है। पूरा पूरा

181
00:12:32,960 --> 00:12:34,960
श्लोक बताओ ना। पूरा श्लोक बता दिया।

182
00:12:34,960 --> 00:12:39,280
हे अर्जुन तू संपूर्ण भूतों का सनातन भी मुझको ही जान। मैं ही बुद्धिमानों की बुद्धि और तेजस्वीयों

183
00:12:39,280 --> 00:12:42,000
का तेज हूं।

184
00:12:42,000 --> 00:12:47,440
अच्छा हम

185
00:12:47,440 --> 00:12:51,600
नहीं हां इसने इसने बताया है मैं

186
00:12:51,600 --> 00:12:56,480
ही बुद्धिमान और तेजस्वी तेज हूं। भाई साहब सनातन

187
00:12:56,480 --> 00:13:00,880
सनातन जो कभी जन्म मरण नहीं होता वह सनातन कह रहा है खुद को सनातन

188
00:13:00,880 --> 00:13:06,080
शाश्वत एटरनल

189
00:13:06,080 --> 00:13:10,960
अच्छा हम

190
00:13:10,960 --> 00:13:15,120
और बताओ और क्या बताऊं एक बात गलत हो गई अगर वो

191
00:13:15,120 --> 00:13:19,120
ये कह रहे हैं कि भैया वो जो है परमेश्वर नहीं है गीता बोलने वाला तो

192
00:13:19,120 --> 00:13:23,200
यहां पर वो स्वयं को सनातन बोल रहा है अब या तो यह कह दो उसने गलत

193
00:13:23,200 --> 00:13:29,200
बोला है ये कह दो कहो

194
00:13:29,520 --> 00:13:35,520
अच्छा अरे कहो ना ये गलत बोल रहा है वो

195
00:13:35,600 --> 00:13:41,600
बताइए बताइए

196
00:13:45,520 --> 00:13:49,680
अरे अरे लाइन पे है कि नहीं आप? हेलो लाइन

197
00:13:49,680 --> 00:13:55,680
पर हां बताइए बताइए बताइए

198
00:13:56,240 --> 00:14:00,480
अच्छा मैं आपको बता दूं यह आपकी और मेरी जो बातचीत हो रही है ना रिकॉर्ड हो रही है मैं

199
00:14:00,480 --> 00:14:05,280
पब्लिक को बताऊंगा ये इसमें ठीक है

200
00:14:05,280 --> 00:14:07,680
हेलो

201
00:14:07,680 --> 00:14:11,680
ये जो आपकी और मेरी चर्चा हो रही है ये पब्लिक में जाएगी ये मतलब रिकॉर्ड

202
00:14:11,680 --> 00:14:16,000
हो रही है तो वो पब्लिक देखेगी भी आपको बता दूं

203
00:14:16,000 --> 00:14:20,080
ठीक है जी देखिए इसमें गीता ज्ञान दाता ने

204
00:14:20,080 --> 00:14:24,160
ये बोला है हम हम बोलने वाला भगवान खुद को सनातन

205
00:14:24,160 --> 00:14:28,160
बीज नहीं बल्कि 21 ब्रह्मांडों का बीज बता रहा है। यहां भाई साहब यहां भाई साहब

206
00:14:28,160 --> 00:14:34,160
21 नहीं आया है। 21 ब्रह्मांड का प्रमाण बताइए।

207
00:14:34,800 --> 00:14:38,960
आप बोल कहां से रहे हो? अरे भाई साहब इससे क्या मतलब है? रामपाल

208
00:14:38,960 --> 00:14:42,960
जी का ज्ञान मैं गलत सिद्ध कर रहा हूं ना अभी ऑनलाइन। बोल रहे

209
00:14:42,960 --> 00:14:47,040
हैं। आप कहां से बोल रहे हो? बताओ तो अपनी अच्छा अगर मैं मैं अगर ऐसी किसी जगह

210
00:14:47,040 --> 00:14:51,360
से बोल रहाऊंगा तो उससे आपकी आपत्ति तो यह बात गलत ये सब बातें चर्चा जो है सब

211
00:14:51,360 --> 00:14:55,520
डिस्ट्रॉय हो जाएगी आप थोड़ी बोल रहे हो मैं शिवश नारायण

212
00:14:55,520 --> 00:15:00,080
द्विवेदी बोल रहा हूं शंकराचार्य जी का अल्पज्ञ शिष्य श्री राम का साधारण भक्त

213
00:15:00,080 --> 00:15:05,280
बस बकवास ही है ना बकवास हो गया [हंसी]

214
00:15:05,280 --> 00:15:11,280
इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में कौन रख

215
00:15:11,680 --> 00:15:16,000
हो गया इसको कहते कहते हैं लाइव धुलाई सीधा

216
00:15:16,000 --> 00:15:22,000
प्रसारण और अब ये लाइव धुलाई आए दिन होगी आए दिन

217
00:15:39,280 --> 00:15:43,280
[संगीत]
