1
00:00:06,560 --> 00:00:10,640
आपने हमारे जितने भी वीडियोस देखे होंगे ब्रह्मा कुमारीज

2
00:00:10,640 --> 00:00:14,720
के साथ जिसमें वो सामने बैठे हुए हैं और हम उनसे बात कर रहे हैं तो

3
00:00:14,720 --> 00:00:18,880
उनमें आपने देखा होगा कि वो खुद ये एडमिट करते हैं कि भाई हम इस्लाम से कोई अलग

4
00:00:18,880 --> 00:00:22,960
नहीं है। वो खुद इस्लाम को भी प्रज़ करके चलते हैं।

5
00:00:22,960 --> 00:00:27,200
आइडियोलॉजीस को प्रेस करके चलते हैं। और कहीं ना कहीं अगर हम उस बात पर क्वेश्चन

6
00:00:27,200 --> 00:00:31,280
करते हैं तो वह यह कहने लग जाते हैं कि सनातन में भी इस तरह की

7
00:00:31,280 --> 00:00:35,440
चीजें मतलब वो लेके चल रहे हैं कि वह इस्लाम से अलग नहीं

8
00:00:35,440 --> 00:00:39,520
है। यानी कि वो कई शब्दों में अनेक प्रकार

9
00:00:39,520 --> 00:00:43,600
से खुद को इस्लामिक भी घोषित करते हैं। पर जब

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00:00:43,600 --> 00:00:48,160
यही बात सीधे तौर पर नीलिमा जी ने कर दी तो गुड़गांव

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00:00:48,160 --> 00:00:52,160
में इनके विरुद्ध एक मुकदमा दर्ज कराया गया। जिस

12
00:00:52,160 --> 00:00:56,160
मुकदमे को आज भी नीलमा जी फाइट कर रही हैं और उसका कारण

13
00:00:56,160 --> 00:01:00,880
यही है कि इन्होंने अपने सनातन का पक्ष लिया और उसका इनको

14
00:01:00,880 --> 00:01:05,360
यह एक तरीके से भुगतान करना पड़ रहा है वहां की

15
00:01:05,360 --> 00:01:09,520
मुकदमे में प्रस्तुत हो के। पहले सबको प्रणाम।

16
00:01:09,520 --> 00:01:13,600
जय श्री राम। सभी जो लोग मुझे सुन रहे हैं अपना समय इस

17
00:01:13,600 --> 00:01:17,920
वीडियो पर दे रहे हैं। सबसे पहले आप यह समझ के इस वीडियो को देखिएगा

18
00:01:17,920 --> 00:01:21,600
कि ये सिर्फ आप शिवश जी के चैनल की

19
00:01:21,600 --> 00:01:25,600
वीडियो या किसी नीलिमा को सुनने के लिए किसी प्रचार प्रसार के लिए

20
00:01:25,600 --> 00:01:29,600
नहीं सुन रहे हैं। यह कार्य सिर्फ हम इसलिए भी

21
00:01:29,600 --> 00:01:34,080
कर रहे हैं कि कहीं ना कहीं सनातन सभ्यता बची रहे

22
00:01:34,080 --> 00:01:38,160
और जो लोग इसमें भरोसा रखे हुए हैं अभी तक उन

23
00:01:38,160 --> 00:01:42,560
लोगों का भरोसा विश्वास उन लोगों की पूरी स्टडी

24
00:01:42,560 --> 00:01:47,120
उनके मनचित पर बनी रहे। कहीं ना कहीं हमारी

25
00:01:47,120 --> 00:01:51,520
शिक्षा, हमारी सभ्यता और हमारे पारिवारिक

26
00:01:51,520 --> 00:01:55,680
दृष्टिकोण के संस्कारों पे एक

27
00:01:55,680 --> 00:01:59,840
मूसलाघात मानसिक बीमारी पैदा करके

28
00:01:59,840 --> 00:02:03,920
हमला किया जा रहा है। कुछ एक कल्ट्स के द्वारा

29
00:02:03,920 --> 00:02:08,160
इसे कल्ट्स बोलेंगे आप। कल्स माना कुछ अपने ही चलाए

30
00:02:08,160 --> 00:02:12,800
हुए ढंग के प्रचार प्रसार जिन्हें पंथ मठ

31
00:02:12,800 --> 00:02:16,880
या कुछ भी बोल सकते हैं आप जो भी आपका मतलब उसमें लगता

32
00:02:16,880 --> 00:02:21,040
है कि हम इस इस प्रचार से जुड़े हुए हैं।

33
00:02:21,040 --> 00:02:25,280
मैं यह नहीं बोलती कि किसी की मान्यता खराब है। जितनी

34
00:02:25,280 --> 00:02:29,360
भी मान्यताएं हैं वो सब अपनेप दृष्टिकोण अपनीपनी परिस्थिति अनुसार आप

35
00:02:29,360 --> 00:02:34,160
सही मान सकते हैं। जैसे मैं मेरे लिए सनातन को सही मानती हूं।

36
00:02:34,160 --> 00:02:36,640
सनातन को सही मानने की वजह से मेरा

37
00:02:36,640 --> 00:02:41,040
और उनका झगड़ा है। जो लोग मेरा पहले भी

38
00:02:41,040 --> 00:02:45,040
जो वीडियो आया है फर्स्ट पार्ट एंड सेकंड पार्ट शिवा जी

39
00:02:45,040 --> 00:02:49,280
ने लिया है। अ उस पे कुछ कमेंट्स आए हैं

40
00:02:49,280 --> 00:02:53,520
जिनको मैं रीड करती हूं देखती हूं। तो वहां पर

41
00:02:53,520 --> 00:02:57,520
कैजुअली लोग बोल रहे हैं जो बीके हैं मैं पहले सबसे

42
00:02:57,520 --> 00:03:02,000
पहले उनको जवाब दूंगी। जो बीके हैं जो समर्पित हैं

43
00:03:02,000 --> 00:03:06,240
जो शायद मेरे समय के भी हैं। 2013 में मैंने

44
00:03:06,240 --> 00:03:10,640
यह पूरी तरह छोड़ा और मैं 2011

45
00:03:10,640 --> 00:03:14,720
में मानसिक तौर पर उनसे अलग हुई और उस समय के

46
00:03:14,720 --> 00:03:19,120
लोग और आज के लोग शायद जनरेशन गैप होगा। ब्रह्मा कुमारीज

47
00:03:19,120 --> 00:03:23,360
के ज्ञान में रोज एक बदलाव होता है। वो रोज कुछ नया बदलते

48
00:03:23,360 --> 00:03:27,520
हैं। तो इसलिए वो गैप भी होगा कि उन्होंने हमारे समय वालों

49
00:03:27,520 --> 00:03:31,520
ने क्या सुना। समझिएगा मेरी बात को। मैं बहुत गहरी बात बोल रही हूं।

50
00:03:31,520 --> 00:03:35,600
हमारे समय वालों को उन्होंने क्या सुनाया। बीच के समय

51
00:03:35,600 --> 00:03:39,680
वालों को उन्होंने क्या सुनाया? और आज के समय वालों को वो क्या सुना रहे

52
00:03:39,680 --> 00:03:43,680
हैं? उसमें भी अंतर होगा। क्यों? क्योंकि इन लोगों की रोज की

53
00:03:43,680 --> 00:03:48,080
विनाश की लीला बदलती है। रोज उनके ज्ञान सुनाने

54
00:03:48,080 --> 00:03:51,680
के ढंग बदलते हैं। रोज उनके बात करने का

55
00:03:51,680 --> 00:03:55,920
तरीका बदलता है। उनका ज्ञान परमानेंट नहीं है।

56
00:03:55,920 --> 00:03:59,920
इसके लिए उन्होंने एडिटर्स रखे हुए हैं। जिनको मुरलियों

57
00:03:59,920 --> 00:04:04,000
में कटिंग करनी होती है। समझिएगा मेरी बात। जो लोग ज्ञानी बनते

58
00:04:04,000 --> 00:04:08,000
हैं। उन लोगों को समझा रही हूं मैं पहले। मैं सनातनियों की बात अभी

59
00:04:08,000 --> 00:04:12,160
नहीं कर रही हूं। अभी मैं उनकी बात कर रही हूं जो यह कहते हैं बिना इंटरव्यू

60
00:04:12,160 --> 00:04:16,480
देखे बिना पूरी बात सुने आपको ज्ञान ही नहीं हुआ आप कैसी टीचर

61
00:04:16,480 --> 00:04:20,640
हुई। देखिए सनातन के रूल के अनुसार तो मैं जो

62
00:04:20,640 --> 00:04:24,640
कुछ आपको कहूंगी वो आपको समझ में आना नहीं है क्योंकि आप ब्रह्मा

63
00:04:24,640 --> 00:04:28,880
कुमारी से अति प्रभावित है। अति प्रभावित होने की वजह

64
00:04:28,880 --> 00:04:33,040
से आप मैं अगर सनातन को ले आपको बात समझाऊं तो मुश्किल

65
00:04:33,040 --> 00:04:37,040
आपको समझ आएगी क्योंकि आपने सनातन की स्टडी नहीं की। तो

66
00:04:37,040 --> 00:04:41,280
जो स्टडी आपने की है मैं उसके अनुसार बताती हूं। जो बीकेएस

67
00:04:41,280 --> 00:04:45,280
ने स्टडी की है। यह पहले बीकेएस वालों के लिए आंसर है कि

68
00:04:45,280 --> 00:04:49,360
हो सकता है 2011 और 10 का ज्ञान कुछ और रहा होगा

69
00:04:49,360 --> 00:04:53,920
ब्रह्मा कुमारीज का और बीच का ज्ञान 20 और 212

70
00:04:53,920 --> 00:04:58,080
का कुछ और रहा होगा और आज 26 का ज्ञान उनका कुछ और

71
00:04:58,080 --> 00:05:02,160
रहा हो तो तीन जनरेशन गैप इसमें आते हैं क्योंकि वह तो

72
00:05:02,160 --> 00:05:06,640
हर छ महीने में या हर दो साल में अपना ज्ञान बदल देते हैं।

73
00:05:06,640 --> 00:05:07,140
कहां

74
00:05:07,120 --> 00:05:11,120
बदलते हैं? मुरली में। मुरली कहां एडिट होती है?

75
00:05:11,120 --> 00:05:15,120
ज्ञान अमृत प्रेस में। प्रेस में कैसे एडिट होती है? वहां कुछ

76
00:05:15,120 --> 00:05:19,600
एडिटर्स बैठे हैं। उनको यह कह देते हैं विनाश की ये डेट हटा दो।

77
00:05:19,600 --> 00:05:24,000
अब यह डाल दो। अब यह चीज हटा दो। अब यह डाल दो। तो नईनई

78
00:05:24,000 --> 00:05:28,400
चीजें इनके यहां बदलती है। जो लोग मुझे यह कहते हैं ये क्या समर्पित

79
00:05:28,400 --> 00:05:32,400
टीचर रही होगी? इसने क्या ही ज्ञान लिया होगा। इसको भगवान

80
00:05:32,400 --> 00:05:37,520
भी समझ में नहीं आए। देखिए मैं भगवान को

81
00:05:37,520 --> 00:05:41,680
सनातन के ज्ञान के अनुसार ढूंढने गई थी क्योंकि जिस उम्र

82
00:05:41,680 --> 00:05:46,000
में मैं गई थी उस उम्र में मेरे मां-बाप ज्ञान समझ

83
00:05:46,000 --> 00:05:50,240
चुके थे और वो छोड़ चुके थे। मैं खेलपाल

84
00:05:50,240 --> 00:05:54,400
में गई और उस समय तक समझ नहीं थी। लेकिन

85
00:05:54,400 --> 00:05:58,640
होशियारी देखिए ब्रह्मा कुमारीज वालों की कि बच्चों का समर कैंप

86
00:05:58,640 --> 00:06:02,720
कराते हैं। मैं आपको आज सारी खुल के बताऊंगी बात और बड़ी इंटरेस्टिंग बात

87
00:06:02,720 --> 00:06:08,320
है। हमारे जवाहरलाल नेहरू साहब की तरह

88
00:06:08,320 --> 00:06:12,400
यहां पर फूल लगाने वाला एक व्यक्ति होता था जिसका नाम था निर्वेयर

89
00:06:12,400 --> 00:06:16,480
भाई बी के निर्वेयर मैंने उनकी बड़ी पालना ली

90
00:06:16,480 --> 00:06:20,640
है उन्होंने मुझे दादा की तरह पाला है। नो डाउट बहुत प्यार किया है दादियों

91
00:06:20,640 --> 00:06:22,240
ने और उन्होंने

92
00:06:22,240 --> 00:06:27,680
लेकिन वो प्यार कुछ ऐसा था जैसे कोई

93
00:06:27,680 --> 00:06:31,680
गलत ग्रुप में कोई बच्चा भटक के चला जाए और

94
00:06:31,680 --> 00:06:35,760
उसे मौका मिल जाए कि इस बच्चे को प्यार से अपनी संस्कृति और अपनी सभ्यता

95
00:06:35,760 --> 00:06:39,920
से अलग कर दो। वो मेरे [गला साफ़ करने की आवाज़] साथ हुआ। कैसे

96
00:06:39,920 --> 00:06:44,000
हुआ? कौन सा ज्ञान? आप जब कहते हो ना नीलिमा को ज्ञान

97
00:06:44,000 --> 00:06:48,240
नहीं है। नीलिमा क्या टीचर बनेगी? तो मैं आज आपको ज्ञान का गुण

98
00:06:48,240 --> 00:06:52,640
रहस्य बताती हूं। पहले ब्रह्मा कुमारीज ज्ञान पर बात करेंगे। फिर हम सनातन

99
00:06:52,640 --> 00:06:56,640
पर बात करेंगे। क्योंकि आपको सिर्फ ब्रह्मा कुमारीज का ज्ञान के थ्रू

100
00:06:56,640 --> 00:07:00,720
समझ में आएगा। आपको ब्रह्मा कुमारीज के अलावा सनातन समझ

101
00:07:00,720 --> 00:07:04,720
में नहीं आएगा। सनातनियों को मैं समझा सकती हूं। वो बाद में हम

102
00:07:04,720 --> 00:07:09,760
बात करेंगे। नट शेल में बात कर सकते हैं। लेकिन ब्रह्मा कुमार कुमारियां

103
00:07:09,760 --> 00:07:13,760
डिटेल में सुनने के बावजूद ही समझेंगे कि नीलिमा को

104
00:07:13,760 --> 00:07:17,840
कितनी समझ है। नीलिमा टीचर कैसे है? पहले मैं वो आंसर दूंगी

105
00:07:17,840 --> 00:07:21,840
शिवा जी। सबसे पहले मेरा ये आंसर बनता है आज। नहीं तो

106
00:07:21,840 --> 00:07:25,840
बिना इंटरव्यू देखे जो वो टाइपिंग करते हैं ना आपको नहीं

107
00:07:25,840 --> 00:07:29,920
पता। आपने कुछ नहीं पाया। आपने दर्शन ही नहीं किया। आप वहां परमात्मा को पा

108
00:07:29,920 --> 00:07:34,240
ही नहीं सकी। आप कैसा ज्ञान दे रही हो? कल आप वाइट कपड़ों

109
00:07:34,240 --> 00:07:37,520
में थी। आज आप ब्लैक, ग्रीन या किसी

110
00:07:37,520 --> 00:07:41,600
और में है। मतलब मैं कलर कपड़े भी नहीं पहन सकती।

111
00:07:41,600 --> 00:07:45,680
कुछ और भी नहीं पहन सकती। जो कुछ मैं करूंगी वो ब्रह्मा

112
00:07:45,680 --> 00:07:50,000
कुमारीज के खिलाफ है। और जो मैं ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ करूंगी वो उनके गले

113
00:07:50,000 --> 00:07:54,080
में नहीं उतरता। तो इसलिए मैं वो वाली बातें उनसे नहीं

114
00:07:54,080 --> 00:07:59,040
करूंगी। सबसे पहले आपको ब्रह्मा कुमारीज की बात करती हूं।

115
00:07:59,040 --> 00:08:03,040
तो जो मैंने ज्ञान लिया बचपन में

116
00:08:03,040 --> 00:08:08,000
सबसे पहली बुक पढ़ाई गई हमें अच्छे बच्चे

117
00:08:08,000 --> 00:08:12,320
कौन सी बुक अच्छे बच्चे तो वो जो अच्छे

118
00:08:12,320 --> 00:08:16,560
बच्चे बुक पढ़ाई गई सबसे पहले किताब थमा दी गई

119
00:08:16,560 --> 00:08:20,800
अच्छे बच्चे तो मैं आपसे पूछना चाहती हूं

120
00:08:20,800 --> 00:08:24,960
तीनों जनरेशन से 2000 वाली जनरेशन

121
00:08:24,960 --> 00:08:29,440
से भी 90ज की जनरेशन से भी और अभी

122
00:08:29,440 --> 00:08:33,440
2016 की जनरेशन से भी क्या आपने ब्रह्मा कुमारी की ये बुक

123
00:08:33,440 --> 00:08:38,080
पढ़ी है? अच्छे बच्चे जी ये बुक है

124
00:08:38,080 --> 00:08:42,080
इस बुक को अगर किसी ब्रह्मा कुमार कुमारी ने पढ़ा हो तो मुझे

125
00:08:42,080 --> 00:08:46,320
बताइएगा वो है पक्का ब्रह्मा कुमार कुमारी जो मैं हूं

126
00:08:46,320 --> 00:08:50,640
थी नहीं मैं हूं। इस अच्छे बच्चे के नीचे पूरा

127
00:08:50,640 --> 00:08:52,720
मेंशन है कि ब्रह्मा

128
00:08:52,720 --> 00:08:57,760
कुमारी की पांडव भवन की फर्स्ट बुक यही है जो मुझे थमाई गई थी।

129
00:08:57,760 --> 00:09:02,480
अब मैं इस बुक के बारे में आपको कुछ विस्तार से बताती हूं। तीन पॉइंट्स।

130
00:09:02,480 --> 00:09:07,680
यह अच्छे बच्चे इसलिए दिया गया है शिवश जी कि सबसे पहले वो बच्चा

131
00:09:07,680 --> 00:09:11,760
अपने धर्म को बदल ले। कैसे बदल रहा है जो मैं कोर्ट में पेश

132
00:09:11,760 --> 00:09:15,760
करने वाली हूं। अ इसमें अगर आप सॉरी

133
00:09:15,760 --> 00:09:20,640
मैंने ना निकाल के रखा है। एक सेकंड रुकिए।

134
00:09:20,640 --> 00:09:24,720
हां जी। यह मेरे हाथ में है। देखिए मेरे को यह

135
00:09:24,720 --> 00:09:28,720
मिली हुई है वहां से और बहुत संजो के रखी है मैंने। बहुत ही

136
00:09:28,720 --> 00:09:33,920
संजो के रखी है मैंने। इसमें ये लेसन आता है।

137
00:09:33,920 --> 00:09:38,080
मुझे क्या बनना पसंद है? क्या आप देख पा रहे हैं?

138
00:09:38,080 --> 00:09:42,160
जी दिख रहा है। मुझे क्या बनना पसंद है।

139
00:09:42,160 --> 00:09:46,400
तो इसमें सब है। यहां है श्री कृष्ण

140
00:09:46,400 --> 00:09:50,480
बनेंगे आप। राम सीता बनेंगे आप। फिर क्या

141
00:09:50,480 --> 00:09:55,040
डॉक्टर बनेंगे आप? वकील बनेंगे या फिर टीचर बनेंगे आप।

142
00:09:55,040 --> 00:09:59,600
यह सब होता है। और इसके नेक्स्ट पेज पर अगर आप यहां जाएंगे

143
00:09:59,600 --> 00:10:03,680
और यहां पे ये सब कुछ होते हुए

144
00:10:03,680 --> 00:10:08,560
लास्ट में एक चैप्टर पढ़ाया जाता है आपको।

145
00:10:08,560 --> 00:10:12,640
आप आपस में क्या है? आपको कैसे रहना है?

146
00:10:12,640 --> 00:10:16,640
कौन है आप? मैं आपको दिखाती हूं। सबसे पहले हमारा

147
00:10:16,640 --> 00:10:21,120
धर्म परिवर्तन होता है। ऐसा नहीं है कि मैंने ऐसे ही बोल दिया है।

148
00:10:21,120 --> 00:10:25,360
मैं आपको बताती हूं। आप यह सोचते हैं ना कि नीलिमा को

149
00:10:25,360 --> 00:10:30,160
शायद ऐसे ही उठ के नीलिमा आ गई। ये देखिए आप

150
00:10:30,160 --> 00:10:35,040
ये यहां से देखेंगे आप हिंदू मुस्लिम

151
00:10:35,040 --> 00:10:39,280
सिख ईसाई पढ़िए ना शिवा जी। आपस

152
00:10:39,280 --> 00:10:43,680
में है भाई भाई। हम सब भाइयों के परमपिता परमात्मा शिव।

153
00:10:43,680 --> 00:10:47,840
हम सबको आपस में पवित्रता से शांति से

154
00:10:47,840 --> 00:10:52,160
स्नेह से रहना है। हम है आत्मा आप वो आत्मा आपस में है भाई भाई

155
00:10:52,160 --> 00:10:56,240
जी ये चैप्टर सबसे पहले

156
00:10:56,240 --> 00:11:01,360
मुझे डाउट किया था सबसे पहले एट्थ स्टैंडर्ड में थी मैं

157
00:11:01,360 --> 00:11:05,360
एथ स्टैंडर्ड में थी मुझे ये चैप्टर इधर क्लिक हुआ कि

158
00:11:05,360 --> 00:11:09,440
हमारे यहां तो ये नहीं सिखाते हमारे नाना जी जो

159
00:11:09,440 --> 00:11:13,600
थे वो प्रगाढ़ पंडित थे दीक्षित हैं हम लोग

160
00:11:13,600 --> 00:11:17,840
ननिहाल से ननिहाल से हम दीक्षित हैं। इधर से हम

161
00:11:17,840 --> 00:11:21,840
शुक्ल है, गौतम वंशी हैं कुछ लोग तो हम तीन

162
00:11:21,840 --> 00:11:23,600
चार गोत्र के

163
00:11:23,600 --> 00:11:28,000
लोग यह जानते हैं कि अगर डीएनए भी बदल जाए

164
00:11:28,000 --> 00:11:32,080
अगर डीएनए भी बदल जाए तो भी वो ब्राह्मण नहीं है।

165
00:11:32,080 --> 00:11:36,320
हमने वो पढ़ा था। मेरा सनातन ज्ञान पक्का था।

166
00:11:36,320 --> 00:11:40,640
क्यों? क्योंकि बचपन में नाना जी जो बच्चे थे

167
00:11:40,640 --> 00:11:44,880
जो पुरुष थे घर के कुमार थे उनको शंख बजाना

168
00:11:44,880 --> 00:11:49,120
सिखाते थे। हमारे वो पैर छूते थे और हमको

169
00:11:49,120 --> 00:11:53,200
वो मंत्र पढ़ना सिखाते थे। हमें सब पता था गायत्री

170
00:11:53,200 --> 00:11:57,360
मंत्र अंदर बोलना है। ऊंची आवाज में क्या बोलना है सब

171
00:11:57,360 --> 00:12:01,360
मुझे मालूम था। एट्थ स्टैंडर्ड तक जब मैं घर की शिक्षा पा

172
00:12:01,360 --> 00:12:05,840
रही थी तो मैं ये भी शिक्षा पा रही थी। तो मैं दोनों में कंपैरिजन

173
00:12:05,840 --> 00:12:10,400
कर रही थी। तो जब मैं कंपैरिजन कर रही थी तो ये बोल रहे हैं

174
00:12:10,400 --> 00:12:14,880
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में है भाई भाई। लेकिन

175
00:12:14,880 --> 00:12:18,880
क्योंकि आपस के भाईचारे को तो कभी किसी ने निभाया नहीं। मैं इस पर बहुत

176
00:12:18,880 --> 00:12:22,880
बड़ा लेक्चर नहीं देना चाहती। राजनीतिक लेक्चर होगा। मैं नहीं दूंगी। इसमें

177
00:12:22,880 --> 00:12:26,960
मैं एक बात कह दूं। एक बात इस लाइन पे हां। हिंदू मुस्लिम सिख

178
00:12:26,960 --> 00:12:31,120
ईसाई जब वो खुद कह रहे हैं कि अंतर नहीं है तो फिर इस

179
00:12:31,120 --> 00:12:35,120
बात से उन्हें आपत्ति कैसे हो गई? इस बात से आपत्ति हमें है। मगर जब

180
00:12:35,120 --> 00:12:38,720
वो खुद ये एडमिट कर रहे हैं कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक ही

181
00:12:38,720 --> 00:12:42,800
हैं तो फिर इस्लाम और उनके हिसाब से सनातन भी एक ही है। तो अगर आप उनको

182
00:12:42,800 --> 00:12:46,800
इस्लामिक कह रही हैं, अब्राहमिक कह रही हैं तो फिर ये केस कहां से

183
00:12:46,800 --> 00:12:51,200
बनता है इसमें फिर जब वो छाप के दे रहे हैं चीज? जी जी। हां जी।

184
00:12:51,200 --> 00:12:55,440
तो भी मतलब तो भी नहीं कह सकते। आप मेरे ऊपर केस नहीं डाल सकते। लेकिन कोई

185
00:12:55,440 --> 00:12:59,680
बात नहीं। उनको यह लगता है कि शायद अब नीलिमा खतरा बन

186
00:12:59,680 --> 00:13:03,760
चुकी है। उनकी संस्कृति पर जैसे वह हमारी संस्कृति पर

187
00:13:03,760 --> 00:13:07,760
खतरा थे। इस तरह शायद नीलिमा का बोलना उनकी संस्कृति पर खतरा

188
00:13:07,760 --> 00:13:11,840
आ गया है। अगर वो सबको बताएगी या वो वीडियो बनाएगी

189
00:13:11,840 --> 00:13:15,840
या वो इंटरव्यूज देगी तो लोग अवेयर होंगे। यह खतरा है

190
00:13:15,840 --> 00:13:20,160
उनको और कोई खतरा मुझसे नहीं है। मैं अकेली जान हूं। उनके पास इस हिसाब

191
00:13:20,160 --> 00:13:24,400
से तो हमको भी इस हिसाब से तो हमको भी उन पर केस करना चाहिए कि तुमने

192
00:13:24,400 --> 00:13:28,720
सनातन और सनातन को इस्लाम कैसे कहा। जैसे उनको दिक्कत है

193
00:13:28,720 --> 00:13:33,120
कि उन्होंने आपने उन्हें इस्लाम कैसे कहा जबकि वो तो कह रहे हैं कि हम इस्लामिक

194
00:13:33,120 --> 00:13:37,360
हैं। मगर उन्होंने सनातन को इस्लाम कैसे कहा? ये केस हमें कर देना चाहिए

195
00:13:37,360 --> 00:13:41,360
उनके ऊपर। जी। और फिर वो इस पे चैप्टर

196
00:13:41,360 --> 00:13:45,360
दर चैप्टर हमें पढ़ाते हैं सर। इसमें फिर आगे हमें पढ़ाते

197
00:13:45,360 --> 00:13:49,360
हैं खानपान की शुद्धि। तो जब खानपान की शुद्धि की बात आती है

198
00:13:49,360 --> 00:13:53,520
तो वो लोग हमें वह चीजें पढ़ाते हैं जो भी मेरे सनातन के हिसाब से गले

199
00:13:53,520 --> 00:13:54,020
नहीं

200
00:13:53,760 --> 00:13:57,920
उतरी। अच्छा मेरा पार्ट अगर आप लेंगे तो देखिए मुझे ज्ञान था

201
00:13:57,920 --> 00:14:01,920
इसलिए मैं कंपैरिजन कर पाई। हो सकता है आपको ज्ञान ना

202
00:14:01,920 --> 00:14:06,160
हो। आप उसको सुनकर के यस कर रहे हो। लेकिन मैंने सनातन में एक बात सुनी

203
00:14:06,160 --> 00:14:10,800
है और शिवश जी खुद ज्ञानी है। मैं समझती हूं उन्होंने

204
00:14:10,800 --> 00:14:15,360
जहां शिक्षा ली है उनके नाम में ही निश्चलवाद

205
00:14:15,360 --> 00:14:19,520
है जिसमें बिल्कुल ही निश्चल तरीके से सुनाया

206
00:14:19,520 --> 00:14:23,840
जाता है भगवान का परिचय। आप क्या मुझे भगवान का परिचय देंगे?

207
00:14:23,840 --> 00:14:28,720
सनातन भगवान का परिचय दे रहा है। ऐसे ऐसे

208
00:14:28,720 --> 00:14:32,720
हमारे यहां पर महान पुरुष हुए हैं जिन्होंने बहुत अपने जीवन

209
00:14:32,720 --> 00:14:37,040
से परिचय दिया है। सनातन क्या है? तो कंपैरेटिवली

210
00:14:37,040 --> 00:14:41,120
जब खाने पीने की बात हुई तो देखिए प्याज लहसुन

211
00:14:41,120 --> 00:14:45,120
मत खाओ। यह पवित्रता में आता है। मैं मान सकती हूं। कोई बात नहीं। यह

212
00:14:45,120 --> 00:14:49,440
हमारे यहां भी चलता है। सनातन में कोई वैष्णव है, कोई कोई है। बहुत

213
00:14:49,440 --> 00:14:53,600
ही अवधताएं हैं जिसमें हम लोग चलते हैं। ठीक है?

214
00:14:53,600 --> 00:14:57,840
जहां हम बटे हुए नहीं है खाने पीने पे। लेकिन जब

215
00:14:57,840 --> 00:15:01,840
आप यह कहते हैं इसी बुक में किसी के हाथ का बना हुआ

216
00:15:01,840 --> 00:15:05,840
मत खाओ। परिवार का बना हुआ मत खाओ। मां-बाप का बना

217
00:15:05,840 --> 00:15:08,880
हुआ मत खाओ। अच्छा। आप

218
00:15:08,880 --> 00:15:12,960
भाई भाभी का बना हुआ मत खाओ। आपकी भाभी अपवित्र है

219
00:15:12,960 --> 00:15:17,120
क्योंकि वो भाई के यहां शादी होकर आई है। उस भाभी को भी अपने बेड

220
00:15:17,120 --> 00:15:21,840
पर मत बैठने दो। अपनी मां को भी अपने बेड पर मत बैठने दो।

221
00:15:21,840 --> 00:15:25,920
आपकी मां जी आपकी मां भी आपके

222
00:15:25,920 --> 00:15:30,480
लिए अपवित्र है। ये सब मैं आपको ये बुक पूरा भेजूंगी।

223
00:15:30,480 --> 00:15:34,720
ये पूरा मैंने मोड़ा हुआ है। ये खानपान की शुद्धि के लिए।

224
00:15:34,720 --> 00:15:38,880
इसमें पूरे चित्रों के साथ आपको दिखाया जाता है। देखिए

225
00:15:38,880 --> 00:15:43,040
आप बैठना कैसे है? सोना कैसे है? मैट्रेस कैसा

226
00:15:43,040 --> 00:15:47,040
होना चाहिए? सुनना क्या है आपको? पूरा चित्रों के अनुसार

227
00:15:47,040 --> 00:15:52,080
दिखाया है। खाली टेबल पे ऐसा बैठ के खाइए आप। ठीक है?

228
00:15:52,080 --> 00:15:55,280
सब कुछ है सर।

229
00:15:55,280 --> 00:15:59,600
प्रॉब्लमेटिक है। आप उसे आपको सोना कैसे है? इस तरह चित्र

230
00:15:59,600 --> 00:16:04,720
दिखाए जाते हैं। आपका बेड कैसे होना चाहिए?

231
00:16:04,720 --> 00:16:08,800
ठीक है। मैं यह नहीं कहती आप बच्चों को

232
00:16:08,800 --> 00:16:13,200
रहने की, शांति की या अच्छे गुणों की शिक्षा मत दो।

233
00:16:13,200 --> 00:16:17,200
अगर इस अच्छे बच्चे लिखा है तो अच्छे गुण की वजह से ही तो खरीदा होगा

234
00:16:17,200 --> 00:16:21,360
ना। उस समय इसमें उन्होंने इसमें उन्होंने कोई रीजनिंग भी दी है पीछे

235
00:16:21,360 --> 00:16:23,920
से जैसे कि अगर मां अपवित्र है तो

236
00:16:23,920 --> 00:16:28,240
क्यों है? हां वो अपवित्र इसलिए है क्योंकि उसने आपको पैदा

237
00:16:28,240 --> 00:16:32,640
किया। इसलिए अपवित्र है। इसलिए वह अपवित्र

238
00:16:32,640 --> 00:16:36,720
है। ओ हो अब सुनिए आप फिर और और

239
00:16:36,720 --> 00:16:40,720
जो भाई और जो भाभी आई है वो क्यों अपवित्र है वो क्योंकि भाई के

240
00:16:40,720 --> 00:16:44,800
साथ है वो शादी होके आई है इसलिए पवित्र नहीं रही गृहस्थ जीवन

241
00:16:44,800 --> 00:16:48,880
की वजह से अपवित्र है जी और आप सोचिए

242
00:16:48,880 --> 00:16:54,080
कि बच्चे को बोल रहे हैं छोटे बच्चे को बोल रहे हैं जहां उसे

243
00:16:54,080 --> 00:16:58,240
पता ही नहीं है कि लक्ष्मी नारायण क्या होता है लेकिन सनातन

244
00:16:58,240 --> 00:17:03,120
का निकला बच्चा तो जानता है ना कि पहले विष्णु है फिर राधा कृष्ण

245
00:17:03,120 --> 00:17:07,920
यही है ना शिवा जी जी क्या पहले राधा कृष्ण है फिर विष्णु है

246
00:17:07,920 --> 00:17:11,920
क्या है आप मुझे बताइए हमारे सनातन

247
00:17:11,920 --> 00:17:16,000
में दोनों मान्यताएं चलती है मतलब जब कृष्ण के भक्त हो जाते हैं तो

248
00:17:16,000 --> 00:17:20,080
उनके प्रति अनन्यता का भाव रखने के लिए अनन्यता का

249
00:17:20,080 --> 00:17:24,400
भाव रखने के लिए ये भी माना जाता है कृष्ण से सब कुछ प्रारंभ हो रहा है और विष्णु

250
00:17:24,400 --> 00:17:28,560
और कृष्ण में एक्चुअली भेद नहीं माना गया है तो किसको

251
00:17:28,560 --> 00:17:32,560
मानेंगे कृष्ण को किसका अवतार मानेंगे आप ये नहीं

252
00:17:32,560 --> 00:17:36,880
कह सकते कि विष्णु कृष्ण के बाद है। ये कहना मतलब ये स्पष्ट

253
00:17:36,880 --> 00:17:38,960
है। आप ये नहीं कह सकते विष्णु कृष्ण के

254
00:17:38,960 --> 00:17:43,120
बाद है। खैर हां मतलब ये मेथोलॉजी मुझे समझ में नहीं

255
00:17:43,120 --> 00:17:47,200
आई उनकी और उन्होंने इतने छोटे बच्चे को

256
00:17:47,200 --> 00:17:51,360
जो छह या सात साल का है उसको ये चित्र

257
00:17:51,360 --> 00:17:55,600
थमाया है। इसी में अच्छे बच्चे में आप सोचिए ये अच्छे बच्चे बनने

258
00:17:55,600 --> 00:17:59,760
के लिए बुक है। तो इसमें बोला है कि यह जो विष्णु

259
00:17:59,760 --> 00:18:04,080
है ना इसके बचपन का नाम राधा कृष्ण है और आपको राधा

260
00:18:04,080 --> 00:18:08,720
कृष्ण जैसा बनना है। यह तो फर्स्ट चैप्टर में ही पढ़ चुके हैं आप यहां पर

261
00:18:08,720 --> 00:18:12,880
ये कि राधा पहले उनके हिसाब से पहले द्वापर

262
00:18:12,880 --> 00:18:17,120
हुआ। फिर उनके हिसाब से त्रेता हुआ। फिर उनके हिसाब से

263
00:18:17,120 --> 00:18:21,360
कलयुग आता है। तो पहले कृष्ण हुए फिर राम हुए। उनके हिसाब

264
00:18:21,360 --> 00:18:26,320
से ऐसे है। हम हमारे यहां ऐसा नहीं है।

265
00:18:26,320 --> 00:18:30,720
ठीक है? क्योंकि मैं जानती थी पहले कृष्ण ही आए पहले राम आए।

266
00:18:30,720 --> 00:18:35,440
ठीक है? इतना तो मुझे उस समय मालूम था। उस समय की बुद्धि से बता रही हूं मैं आपको।

267
00:18:35,440 --> 00:18:39,600
तो खैर ये सारी चीजें इसमें ही हो जाती हैं। तो जो लोग मुझे

268
00:18:39,600 --> 00:18:43,600
यह कह रहे हैं मैं बहुत रोश में हूं उन लोगों के लिए जो बीके आकर

269
00:18:43,600 --> 00:18:47,760
के यहां यह कह रहे हैं कि आप ना तो अच्छे टीचर है ना

270
00:18:47,760 --> 00:18:52,240
आपको ज्ञान हुआ है ना आपने भगवान का परिचय लिया है। देखिए सनातन

271
00:18:52,240 --> 00:18:54,240
के अनुसार भी और जनरल नॉलेज के हिसाब

272
00:18:54,240 --> 00:18:58,320
से भी वो भी ज्ञान होता है जिन बातों को

273
00:18:58,320 --> 00:19:02,400
आपको इग्नोर करना है। यह भी ज्ञान की पराकाष्ठा है

274
00:19:02,400 --> 00:19:06,560
कि कुछ बातों को आपको इग्नोर करना है। यह भी नॉलेज है। कुछ

275
00:19:06,560 --> 00:19:10,640
नॉलेज को लेना है और कुछ नॉलेज को जिसको नहीं लेना है। मैंने शिवान जी की एक

276
00:19:10,640 --> 00:19:15,520
वीडियो देखी। मुझे बहुत अच्छा लगा। कुछ उषा

277
00:19:15,520 --> 00:19:19,520
बहन करके उसमें बता रही है इस्लाम के लिए। और

278
00:19:19,520 --> 00:19:23,680
शिवाश जी बीच में टोक के कहते हैं बस इतना ही बताओ इससे ज्यादा मैं सुन नहीं

279
00:19:23,680 --> 00:19:27,920
सकता। मैं राइट बोल रही हूं ना आपको। जी जी जी

280
00:19:27,920 --> 00:19:31,920
वो कुछ काबा के बारे में बता रही है। आप कह रहे हैं कि थोड़ा बस इतना

281
00:19:31,920 --> 00:19:36,160
ही बताइए मैं उससे ज्यादा नहीं सुन सकता। तो मेरा भी यही था

282
00:19:36,160 --> 00:19:40,960
कि मैं उतना ही सुन सकती थी जितना मुझे ये पछ रहा था।

283
00:19:40,960 --> 00:19:44,960
जी जहां पर मुझे लग रहा था मेरे धर्म का अपमान हो रहा है।

284
00:19:44,960 --> 00:19:49,120
मेरी संस्कृति का अपमान हो रहा है। जहां मुझे तोड़ा जा

285
00:19:49,120 --> 00:19:53,200
रहा है। जहां मुझे धर्म से विरुद्ध किया जा रहा है। जहां

286
00:19:53,200 --> 00:19:57,280
मेरी संस्कृति खत्म की जा रही है। मेरे मां-बाप को मेरा दुश्मन माना

287
00:19:57,280 --> 00:20:01,360
जा बताया जा रहा है। मेरे भाई बहनों को मेरा दोषी बताया

288
00:20:01,360 --> 00:20:05,360
जा रहा है कि वो तो सबसे बड़े दोषी है। अगर वो आपको समझाते हैं इसका मतलब वो

289
00:20:05,360 --> 00:20:09,600
चाहते हैं कि वो आप भी गिरो। वह भी गृहस्ती में गिरेंगे। आप भी आपको भी गिराना

290
00:20:09,600 --> 00:20:13,680
चाहते हैं। वो गृहस्ती माना गिरी हुई हस्ती और

291
00:20:13,680 --> 00:20:17,920
गृहस्थ आश्रम मतलब आश्रम घर में रह के

292
00:20:17,920 --> 00:20:22,000
पवित्र रहना तो वो गृहस्थ आश्रम हुआ। इसमें पवित्रता

293
00:20:22,000 --> 00:20:26,160
का पूरा एक चैप्टर पढ़ाते हैं आप और छोटे बच्चे को पढ़ाते हैं।

294
00:20:26,160 --> 00:20:30,240
ये देखिए जो पवित्रता के विषय में जानता तक नहीं है उसे काम विकार के विषय में

295
00:20:30,240 --> 00:20:34,720
पढ़ाते हैं आप। ये देखिए। अच्छा जी जी जी।

296
00:20:34,720 --> 00:20:38,800
ठीक है। अब जो ये कह रहे हैं कि नीलिमा को ज्ञान नहीं

297
00:20:38,800 --> 00:20:43,520
है। नीलिमा को यहां से ज्ञान है आपका। इतनी छोटी थी नीलिमा।

298
00:20:43,520 --> 00:20:47,520
ओके। ये बुक कभी भी चलती है। ये कभी

299
00:20:47,520 --> 00:20:51,840
भी चलती है। ये इनके यहां इनके यहां समर वेकेशंस पे बच्चों को बांटे

300
00:20:51,840 --> 00:20:56,240
जाते हैं और बच्चों को इकट्ठा इसलिए किया जाता है कि भारत का भविष्य खराब

301
00:20:56,240 --> 00:21:00,560
करना है। इनको भारत के गुरुकुल के बच्चों

302
00:21:00,560 --> 00:21:04,640
को तोड़ा जा सके। सनातन

303
00:21:04,640 --> 00:21:09,760
संस्कृति को खत्म किया जा सके इसके लिए ऐसी बुक्स बांटी जा रही है शिवा जी

304
00:21:09,760 --> 00:21:13,760
जी और मेरे जैसे को शत्रु बताया जा रहा है कि मैं

305
00:21:13,760 --> 00:21:18,000
किसी धर्म के बारे में बोल रही हूं जिनका कोई धर्म भी नहीं है। अगर

306
00:21:18,000 --> 00:21:22,080
मैं आपको चैलेंज करती हूं अगर ब्रह्मा कुमारीज में से सनातन की

307
00:21:22,080 --> 00:21:24,720
सारी चीजें हटा दी जाए तो चैलेंज की

308
00:21:24,720 --> 00:21:29,840
बात है। मैं चैलेंज देती हूं। ब्रह्मा कुमारी के पास जीरो ज्ञान है।

309
00:21:29,840 --> 00:21:34,000
अगर सनातन की पूरी वो सनातन की जो सनातन की जो चीजें

310
00:21:34,000 --> 00:21:39,040
वो बोलता भी है तो वो भी वो है ना मैनपुलेटेड

311
00:21:39,040 --> 00:21:43,120
विकृति के साथ नहीं उसको सिर्फ फ्रेम किया गया है। उनको उठाया गया

312
00:21:43,120 --> 00:21:47,200
है और बदला गया है। चित्रण चित्र ले लिया है

313
00:21:47,200 --> 00:21:51,520
प्रतीक के लिए कि इससे सनातनी सनातनी यहां आ जाए। जैसे वो जवान

314
00:21:51,520 --> 00:21:55,520
होता है बच्चा। यहां से वो धीरे-धीरे 12 13 14 साल में जाता है

315
00:21:55,520 --> 00:21:59,680
तो ये बुक थमा दी जाती है। एक मिनट एक एक क्वेश्चन

316
00:21:59,680 --> 00:22:04,080
रे हो रहा है वो मैं जरा क्लियर कर दूं। बताइए [खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] आपने

317
00:22:04,080 --> 00:22:08,080
जो सबसे पहला टॉपिक लिया था ना बदलाव है ना

318
00:22:08,080 --> 00:22:12,080
आपने कहा था कि बदलाव हो रहा है कि पहले कुछ बताया गया था। अब

319
00:22:12,080 --> 00:22:16,160
कुछ बताया जाता है और आने वाली जनरेशन को हो सकता है। इस बारे में

320
00:22:16,160 --> 00:22:20,160
अगर आप कुछ कुछ अगर सामग्री है अगर कुछ बता सके तो बताएं क्योंकि

321
00:22:20,160 --> 00:22:24,320
मुझे कुछ कहना है सामग्री सामग्री आपको देखो नेट से निकाल

322
00:22:24,320 --> 00:22:28,400
अगर सामग्री नहीं है अगर सामग्री नहीं है तो आप बोल के बता दीजिए फिर बाद में हम ऐड कर लेंगे

323
00:22:28,400 --> 00:22:32,560
मैं बोल के बताती हूं जैसे इनके यहां पर समय-समय पर

324
00:22:32,560 --> 00:22:37,040
विनाश की बातें की जाती है। जी सबसे पहले

325
00:22:37,040 --> 00:22:40,080
90ज में कहा गया उसके बाद 200

326
00:22:40,080 --> 00:22:44,080
में कहा गया फिर 2015 में कहा गया विनाश हो जाएगा

327
00:22:44,080 --> 00:22:48,320
अच्छा विनाश हो जाएगा क्यों क्योंकि अपना सब कुछ आप दे दीजिए जिससे

328
00:22:48,320 --> 00:22:52,400
कि हमारा यहां से मन उठ जाए दुनिया से और

329
00:22:52,400 --> 00:22:56,640
हम सब कुछ समर्पित कर दे इनको फिर 2015

330
00:22:56,640 --> 00:23:00,880
में हो जाएगा 2025 में हो जाएगा अब नया करिकुलम

331
00:23:00,880 --> 00:23:04,960
आया है इनके यहां 2036 में विनाश होगा अपनी

332
00:23:04,960 --> 00:23:09,120
तैयारियां कर लीजिए। [हंसी] इसके अलावा और कोई चीज जो आपने

333
00:23:09,120 --> 00:23:13,120
बदलते हुए देखी हो विनाश के अलावा वही मुरली के शब्द बदलते

334
00:23:13,120 --> 00:23:17,280
देखे रोज की मुरली का रोज का डाटा बदलता था

335
00:23:17,280 --> 00:23:21,360
और वो कहते थे देखो भगवान की करामात है कि दादा लेखराज

336
00:23:21,360 --> 00:23:25,360
भी आज नहीं है तो भी मुरली आज की ही सिचुएशन पर चलती

337
00:23:25,360 --> 00:23:29,360
है लेकिन क्योंकि मैंने ज्ञान अमृत प्रेस में भी काम किया है

338
00:23:29,360 --> 00:23:33,520
शायद भूल गए हैं कुछ ज्ञान अमृत वाले लोग मैं

339
00:23:33,520 --> 00:23:37,840
छोटी थी बच्ची थी आप पहचान नहीं पा रहे। मुझे उर्मिला बहन

340
00:23:37,840 --> 00:23:41,840
ने हाथ लगा के बुला के पूछा था नीलिमा क्या

341
00:23:41,840 --> 00:23:45,920
तुम मेरे पास ज्ञान अमृत में भी रही हो? हां नीलिमा बहुत

342
00:23:45,920 --> 00:23:50,080
छोटी थी। आप बड़ी नीलिमा को पहचान नहीं पाई। तो उर्मिला बहन

343
00:23:50,080 --> 00:23:54,880
के पास ज्ञान अमृत प्रेस में सबसे पहले मैंने काम किया था।

344
00:23:54,880 --> 00:23:55,380
अच्छा।

345
00:23:55,360 --> 00:23:59,360
और वहां काम करते क्योंकि मेरी बुद्धि कौटिल्य बुद्धि थी। मैं

346
00:23:59,360 --> 00:24:03,520
बहुत क्वेश्चन करती थी। मैं बहुत सोचती थी और भगवान के प्रति बड़ी

347
00:24:03,520 --> 00:24:07,680
आस्था थी। तो मैंने वहां के एडिटर्स को सब कुछ चेंज करते देखा

348
00:24:07,680 --> 00:24:11,760
था। लेकिन मेरे पास उस समय कोई पावर नहीं थी कि मैं

349
00:24:11,760 --> 00:24:16,080
किसी को जाकर ये बोल सकूं ये क्यों हो रहा है? लेकिन मैं क्वेश्चन

350
00:24:16,080 --> 00:24:20,400
तो करती थी। तो नीलिमा जी यहां पर जो है ना एक बहुत

351
00:24:20,400 --> 00:24:24,720
मजबूत आपका एक पक्ष है जो हम कोर्ट में रखेंगे

352
00:24:24,720 --> 00:24:28,880
कि जैसे कि हम ये जो बात कह रहे हैं कि इनकी एक कोई स्टेटमेंट

353
00:24:28,880 --> 00:24:32,880
है जो बदल रही है। कोई भी एक स्टेटमेंट। तो सबसे पहली बात है मैं

354
00:24:32,880 --> 00:24:37,040
अपने सभी वीडियोस में एक बात कहता हूं कि जो

355
00:24:37,040 --> 00:24:41,200
भी व्यक्ति आकर के जो भी हमसे वैचारिक मतभेद रखता है वो हमें

356
00:24:41,200 --> 00:24:45,280
केवल तीन चीजें दे दे उन तीन चीजों में वो तीन चीजें

357
00:24:45,280 --> 00:24:49,280
आप जैसे ही आप दोगे तो हम आपके हो जाएंगे हम आपका प्रचार करेंगे

358
00:24:49,280 --> 00:24:53,840
मैं ये कहता हूं वो तीन चीजों में है उन तीन चीजों में है

359
00:24:53,840 --> 00:24:58,240
सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म

360
00:24:58,240 --> 00:25:02,320
ये तीन चीजें जो भी विचारधारा स्वीकार कर रही है

361
00:25:02,320 --> 00:25:06,320
और उसका प्रचार कर रही है। ईश्वर सर्वशक्तिमान हो और

362
00:25:06,320 --> 00:25:10,320
मोक्ष परम स्वतंत्र हो और जो धर्म

363
00:25:10,320 --> 00:25:10,820
है

364
00:25:10,560 --> 00:25:14,720
जो चीजें बताई जा रही है वह शाश्वत हो नित्य हो स्थाई हो

365
00:25:14,720 --> 00:25:18,720
उनमें बदलाव नहीं होना चाहिए क्योंकि सनातन का स्वरूप भूत

366
00:25:18,720 --> 00:25:23,200
लक्षण ही है कि अपरिवर्तनशील अपरिवर्तनीय

367
00:25:23,200 --> 00:25:27,520
वो परिवर्तित नहीं हो सकता वो तो अगर ये चीज जो परिवर्तित

368
00:25:27,520 --> 00:25:31,520
हो रही है हालांकि जो मुरली हालांकि वो

369
00:25:31,520 --> 00:25:35,680
अपने आप में ही मुरली का डेली आना वो अपने आप में एक परिवर्तन

370
00:25:35,680 --> 00:25:39,840
है कि वो रोज कुछ ना कुछ आपको बताया जा रहा है। कोई नई

371
00:25:39,840 --> 00:25:43,840
चीज अगर आपको डेली मिल रही है तो वो नित्य नहीं है क्योंकि आज जो आपको मिला है

372
00:25:43,840 --> 00:25:47,840
वो पहले नहीं था। है ना? राइट राइट। तो एक तो ये बात हो

373
00:25:47,840 --> 00:25:52,000
गई। दूसरी बात आपने और इसके बाद व्यवहारिक स्वरूप में आपने ये मान

374
00:25:52,000 --> 00:25:56,000
लिया जब इन्होंने पहले कहा कि 90 में होगा, फिर 2000 में

375
00:25:56,000 --> 00:26:00,160
होगा, फिर 2015 में होगा और अब जो है 2036 में होगा।

376
00:26:00,160 --> 00:26:04,160
तो इसका अर्थ क्या है? अब यह इस्लाम से कैसे मैच करता है वह

377
00:26:04,160 --> 00:26:08,480
मैं आपको बताता हूं। तो यह इन्होंने

378
00:26:08,480 --> 00:26:12,800
मान मतलब इनके स्टेटमेंट सीधे-सीधे बदल रहे हैं। अब मैं आपको बताता हूं कुरान

379
00:26:12,800 --> 00:26:17,600
में दो 106 में लिखा हुआ है कि हम

380
00:26:17,600 --> 00:26:21,760
अगर कोई आयत बदल देते हैं तो उससे

381
00:26:21,760 --> 00:26:25,600
बेहतर आयत आपको देते हैं। अगर कोई आयत हम बदल

382
00:26:25,600 --> 00:26:30,080
देते हैं तो उससे बेहतर आयत आपको देते हैं। यानी कि उनके यहां भी स्टेटमेंट्स

383
00:26:30,080 --> 00:26:34,640
बदलते हैं। ठीक है? तो इस्लाम के जो

384
00:26:34,640 --> 00:26:38,720
इस्लाम के जो फल्ट्स है ना वो मैं आपको अभी बस दो तीन मिनट लूंगा।

385
00:26:38,720 --> 00:26:42,880
उसमें पूरा कर देता हूं। तो 106 में वो 2106 में वो

386
00:26:42,880 --> 00:26:47,120
ये क्लेम करती है कि हम अपनी स्टेटमेंट अगर बदलते हैं तो हम उससे

387
00:26:47,120 --> 00:26:51,520
अच्छे स्टेटमेंट आपको देते हैं। इसका मतलब कि इस्लाम

388
00:26:51,520 --> 00:26:55,600
जो धर्म बता रहा है जो ज्ञान दे रहा है इस्लाम वो बदलता है

389
00:26:55,600 --> 00:26:59,760
और यहां पर भी बीके का ज्ञान बदल रहा है। दूसरी बात

390
00:26:59,760 --> 00:27:04,080
इसका इसका हमको दो जगह पर उसमें प्रमाण मिलता है। कुरान में ही

391
00:27:04,080 --> 00:27:08,240
कुरान में दो जगह पर इस्लाम के बदलने का प्रमाण मिलता है। वो

392
00:27:08,240 --> 00:27:12,320
क्या है? पहला प्रमाण है 2187 उसमें

393
00:27:12,320 --> 00:27:16,800
लिखा हुआ है कि आज से पहले

394
00:27:16,800 --> 00:27:20,800
स्त्री संग करना मना था रोजों की रात में आज से पहले रोजों की रात

395
00:27:20,800 --> 00:27:24,960
में स्त्री संग करना मना था मगर आज से अलऊ कर रहे हैं

396
00:27:24,960 --> 00:27:28,960
इसका मतलब कि पहले का धर्म कुछ और था और आज से ही

397
00:27:28,960 --> 00:27:33,280
हमने इस धर्म का परिवर्तन कर दिया तो यहां पे उसका जो नित्य था ना

398
00:27:33,280 --> 00:27:37,440
मतलब पहले मोक्ष मिलना था हां पहले मोक्ष मिलना था

399
00:27:37,440 --> 00:27:40,720
स्त्री संग बिना किए किए ना किए रोजों की रात में

400
00:27:40,720 --> 00:27:44,800
और अब मोक्ष मिलेगा आप कर सकते हो मतलब अब जो है मिल

401
00:27:44,800 --> 00:27:48,880
जाएगा पहले निषेध था और एक जगह और एक जगह

402
00:27:48,880 --> 00:27:52,960
कुरान में इस बात का सबूत मिलता है पांच 101 या

403
00:27:52,960 --> 00:27:57,040
102 है जिसमें यह कह रही है कुरान कि ज्यादा

404
00:27:57,040 --> 00:28:01,600
प्रश्न मत करो वरना तुम्हारे लिए वो आयतें

405
00:28:01,600 --> 00:28:05,840
खोल दी जाएंगी जिन आयतों की वजह से

406
00:28:05,840 --> 00:28:10,000
जिन आयतों की वजह से आपके लिए वह आयतें

407
00:28:10,000 --> 00:28:14,000
खोल दी जाएंगी जिन आयतों की वजह से कुछ लोग पहले बागी हो गए थे।

408
00:28:14,000 --> 00:28:18,080
मतलब कि कुरान जो है उसको कहने वाले ने

409
00:28:18,080 --> 00:28:22,080
पहले भी कुछ लोगों को ज्ञान दिया था तो उनमें से कुछ लोग प्रश्न

410
00:28:22,080 --> 00:28:26,320
करते थे तो वो प्रश्न के कारण ऐसी आयतें उनको

411
00:28:26,320 --> 00:28:30,720
दी गई थी कि वो लोग बागी हो गए।

412
00:28:30,720 --> 00:28:34,960
है ना? और बागी हो गए थे और उनके लिए बहुत कठिन हो गई थी जीवन

413
00:28:34,960 --> 00:28:39,200
इसलिए वो बागी हो गए। मतलब मान लीजिए कि पहले के लोग एक एग्जांपल

414
00:28:39,200 --> 00:28:44,080
ले रहा हूं कि पहले के लोग यह कह रहे थे कि

415
00:28:44,080 --> 00:28:48,240
हमें तो अपनी अह बहन से ही विवाह करना है। मान

416
00:28:48,240 --> 00:28:52,720
लीजिए पहले के लोग यह कह रहे हैं। तो अह

417
00:28:52,720 --> 00:28:56,000
इन्होंने आयत ये दे रखी है इस्लाम ने

418
00:28:56,000 --> 00:29:00,080
मान के चलिए। सपोज दैट मैं बोल रहा हूं कि नहीं नहीं बहन से विवाह

419
00:29:00,080 --> 00:29:04,080
मत करो। तो वो लोग बागी क्यों हो रहे हैं? जो

420
00:29:04,080 --> 00:29:08,400
मनुष्य है बागी क्यों हो रहे हैं? क्योंकि उनको बहन से ही विवाह करना है।

421
00:29:08,400 --> 00:29:12,480
ठीक है? तो अब क्या किया? इस्लाम यह कह रहा है कि वो लोग

422
00:29:12,480 --> 00:29:16,720
क्योंकि बागी हो रहे थे इसलिए अब हमने कुछ उसमें थोड़ा सा नरमियत

423
00:29:16,720 --> 00:29:20,880
बरती है। बदलाव कर दिया। इसका मतलब क्या है कि पहले अगर

424
00:29:20,880 --> 00:29:24,880
बहन से विवाह ना करना धर्म था तो अब हमने बहन से विवाह करने को

425
00:29:24,880 --> 00:29:28,960
धर्म बना दिया। मतलब मोक्ष को प्राप्त करने के लिए जो

426
00:29:28,960 --> 00:29:33,200
मार्ग है वह बदलता है। वो कभी भी सनातन नहीं हो सकता। वो भले ही

427
00:29:33,200 --> 00:29:37,440
तर्क की दृष्टि से उचित सिद्ध हो या ना हो वह एक अलग चर्चा हो जाएगी। मगर

428
00:29:37,440 --> 00:29:41,440
मोक्ष को प्राप्त करने का जो मार्ग है वह सनातन होता है। हमारा जो

429
00:29:41,440 --> 00:29:45,600
मार्ग है वो सनातन है। बदलता नहीं है। जो था है और रहेगा अनादि काल

430
00:29:45,600 --> 00:29:49,680
से। और यहां क्या हो रहा है कि पहली बात तो किसी देश काल परिस्थिति

431
00:29:49,680 --> 00:29:53,680
में वह आ रहा है। उसको लिखा जा रहा है। फिर उसके बाद वो खुद कह रहा

432
00:29:53,680 --> 00:29:57,680
है कि पहले कुछ और था। अब हम तुम्हें कुछ और दे रहे हैं। वो खुद इसको एडमिट कर

433
00:29:57,680 --> 00:30:01,840
रहा है और कहीं-कहीं पर उसने उसने ये किया भी है। तो

434
00:30:01,840 --> 00:30:05,840
तो यहां पर ब्रह्मा कुमारी भी अपने स्टेटमेंट चेंज कर रहा है। तो फिर ऐसे

435
00:30:05,840 --> 00:30:10,800
में उसको इस्लाम क्यों ना कहा जाए ये सोचने वाली बात है। जी

436
00:30:10,800 --> 00:30:11,300
तो

437
00:30:11,280 --> 00:30:15,440
ये जो आपने अभी अभी बोला कि प्रश्न नहीं करना है। तो

438
00:30:15,440 --> 00:30:19,760
इसके लिए भी अच्छे बच्चे में यह पूरी जो इसकी

439
00:30:19,760 --> 00:30:24,000
वो है अच्छा इंडेक्स इस

440
00:30:24,000 --> 00:30:28,160
पूरी इंडेक्स के अंदर इसमें बताया गया है कि आपको

441
00:30:28,160 --> 00:30:33,040
प्रश्न नहीं करना है। आपको जी हां जी का पाठ पक्का करना है।

442
00:30:33,040 --> 00:30:37,680
ओ हो जी हां जी मतलब वो कहते हैं हां माना आस्तिक

443
00:30:37,680 --> 00:30:41,680
और ना माना नास्तिक। अगर आपने हां किया

444
00:30:41,680 --> 00:30:45,840
तो आप आस्तिक हैं भगवान के और अगर आपने ना किया तो आप

445
00:30:45,840 --> 00:30:50,240
नास्तिक है। मैंने आपको एक फॉर्म भेजा है।

446
00:30:50,240 --> 00:30:54,640
बहुत जरूरी बात है शिवा जी और बड़े प्रूफ के साथ ये

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ब्रॉडकास्ट करने वाली हूं मैं आपके साथ। मैंने एक फॉर्म

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भेजा है आपको जो समर्पित बहनों को भराया जाता है।
