1
00:00:02,620 --> 00:00:05,920
[घंटी की आवाज़]

2
00:00:05,920 --> 00:00:11,040
कौन नहीं बोल रहा है? मैं यह बात कर रहा हूं। कितने टाइम लाइव आएगा? बोल।

3
00:00:11,040 --> 00:00:15,200
अरे बोल कौन रहा है? अरे बोल तो मैं जब बता दूंगा कौन

4
00:00:15,200 --> 00:00:19,280
बोल रहा हूं? मैं मैं भी बोल रहा हूं। बजरंग दल से बात कर रहा हूं और मैं

5
00:00:19,280 --> 00:00:23,440
दिख रहा है। दिख रहा है। दिख रहा है। तेरी बजरंग दल की

6
00:00:23,440 --> 00:00:27,840
भाषा दिख रही है। और लाइव आने के लिए तुझे मैं धमकी नहीं दे रहा हूं।

7
00:00:27,840 --> 00:00:32,080
लाइव आने के लिए लाइव आने के लिए

8
00:00:32,080 --> 00:00:36,320
लाइव आने लायक लाइव आने लायक भाषा होगी तो लाइव आएंगे

9
00:00:36,320 --> 00:00:40,400
ना चल भक्तों के साथ लाइव आएंगे कुत्तों के साथ लाइव आएंगे

10
00:00:40,400 --> 00:00:44,400
क्या तेरी बात क्यों नहीं करता फ़ काट के अबे अबे भाई मैं

11
00:00:44,400 --> 00:00:48,560
तेरी तरह गालियां नहीं देना जानता हूं ना तू गाली देगा तो मैं फ़ काटूंगा

12
00:00:48,560 --> 00:00:52,640
ना बकवास कर रहा है यार तू गाली कहां तुझे तू बात ही जिस लहजे

13
00:00:52,640 --> 00:00:57,120
में कर रहा है तू कभी भी गाली दे सकता है इसलिए मैं तेरी गाली सुनूंगा

14
00:00:57,120 --> 00:01:01,520
तेरे तेरे काम पागलों जैसे हैं तो तुझे और कैसे बात करूंगा तुझे पागल

15
00:01:01,520 --> 00:01:05,680
तेरे तो ये ये तूने तय कर लिया मैंने ये तय कर लिया कि मैं फ़ काटूंगा

16
00:01:05,680 --> 00:01:10,000
मैंने तो तय कर लिया तेरा पागल तो मैंने तय कर लिया फ़ काटना

17
00:01:10,000 --> 00:01:14,080
ले ले फिर काटा ले चल भाग यहां से अरे भाग दोबारा

18
00:01:14,080 --> 00:01:18,000
जलाऊंगा 10 बार और जलाऊंगा गिन ले पूरे देश में जलेगा

19
00:01:18,000 --> 00:01:24,000
रख दे नंबर को ब्लॉक करना मेरे लिए बहुत आसान है तेरे को

20
00:01:24,000 --> 00:01:28,080
तुझे तुझे तेरी तेरी मां का दूध तू देख रहा हूं कितनी औकात है।

21
00:01:28,080 --> 00:01:32,160
गाली देने के अलावा कुछ नहीं आता है। अरे ये

22
00:01:32,160 --> 00:01:36,560
तुझे तुझे ये तुझे सिखाया रामपाल ने सिखाया है।

23
00:01:36,560 --> 00:01:40,560
ये खीर का असर खीर का असर बोल रहा है क्या? खीर का

24
00:01:40,560 --> 00:01:43,120
असर है।

25
00:01:43,120 --> 00:01:47,360
अरे खीर का असर बोल रहा है। ये खीर का असर बोल रहा होगा। खीर

26
00:01:47,360 --> 00:01:51,520
का असर बोल रहा है। लखनऊ में आके यही जनता मारेगी। खीर खीर

27
00:01:51,520 --> 00:01:55,680
का सर बोल रहा है खीर का सर बोल रहा है लेक मांग मांग के

28
00:01:55,680 --> 00:02:00,880
बारकोड लगा भाग यहां से चल भाग बेवकूफ आदमी भाग

29
00:02:00,880 --> 00:02:04,880
क्यों कर रहा है फ़ क्यों कर रहा है तू बता ना

30
00:02:04,880 --> 00:02:09,200
क्यों कर रहा है फ़ बार लगा पहले पहले रिकॉर्डिंग लगा ये बता आज तक तूने

31
00:02:09,200 --> 00:02:13,280
ये बता पाया है कौन ब्रह्मा का पिता है कौन मैंने दसियों बार बता दिया है

32
00:02:13,280 --> 00:02:17,440
तू आके सामने माता का दूध पिया है तो बात कर अरे बार

33
00:02:17,440 --> 00:02:21,680
बता दिया तुम लोग कायर हो तुम लोग काहे हो जेल कट्टू

34
00:02:21,680 --> 00:02:26,080
की जेल कट्टू की खी पी के तुम लोगों का हो गया भेजा आउट

35
00:02:26,080 --> 00:02:30,320
भेजा तो है नहीं तुम्हारा मारा है चुप रह यही सीखा

36
00:02:30,320 --> 00:02:33,200
है भगवा ये सब ये सब बोलना सीखा है

37
00:02:33,200 --> 00:02:38,480
ये तेरी ज्ञान गंगा यही है क्या

38
00:02:38,480 --> 00:02:42,560
अरे क्यों तुझे क्या तुझे परेशानी हो रही है ये बता तू कितना बड़ा

39
00:02:42,560 --> 00:02:46,800
ज्ञान परेशानी तो तुझे हो रही है ना भौकला गया है पुतला जलता हुआ देख के

40
00:02:46,800 --> 00:02:51,200
भौकला गया तू है सुन मेरी बात ओए अभी पूरे भारत में चलेंगे पागल

41
00:02:51,200 --> 00:02:55,120
अरे पागल की बात है

42
00:02:55,120 --> 00:02:59,440
दम है तो ज्ञान गंगा का ज्ञान धुल गया तुरंत सुन

43
00:02:59,440 --> 00:03:03,600
ज्ञान गंगा का ज्ञान वो है कि तेरे शंकराचार्य आत्मा नित्य है कि

44
00:03:03,600 --> 00:03:07,600
नहीं ये बता क्या समझा तू पहले आत्मा नित्य

45
00:03:07,600 --> 00:03:11,680
है कि नहीं हो गए विष्णु तू हो गया ना

46
00:03:11,680 --> 00:03:15,680
अरे आत्मा चल बता धर्म क्या है चल चल बता धर्म किसे कहते

47
00:03:15,680 --> 00:03:19,680
हैं बता मैं बताऊंगा तुझे जब मैं बताऊंगा मेरे प्रश्न का जवाब अरे

48
00:03:19,680 --> 00:03:23,840
तो यहां से शुरू करना यहां से करना शुरू हमारी स्टार्टिंग हम

49
00:03:23,840 --> 00:03:27,840
लोग काहे की बात कर रहे हैं काहे की बात कर रहे हैं हम लोग सुन हमारी स्टार्टिंग

50
00:03:27,840 --> 00:03:32,080
तू बौखला गया है तेरे अभी तो अभी तो अभी तो पूरे

51
00:03:32,080 --> 00:03:36,080
पूरे देश में जगह-जगह तेरे शहर में जिस शहर में तू रहता है उस

52
00:03:36,080 --> 00:03:40,080
शहर में भी पुतला जलेगा देख तू क्यों पाखंडी [हंसी] कौन

53
00:03:40,080 --> 00:03:44,560
है सब पता चल रहा है पाखंडी का अर्थ क्या है चल बता पाखंडी

54
00:03:44,560 --> 00:03:48,240
का अर्थ क्या है चल बता रहा है चल अरे तूने अभी पाखंडी

55
00:03:48,240 --> 00:03:52,320
बोला चल बता पाखंडी का अर्थ क्या है? पहले हो गया

56
00:03:52,320 --> 00:03:56,400
पहले हो गया जो बोलते हैं उसी का अर्थ नहीं पता लुच्चों जो

57
00:03:56,400 --> 00:04:00,400
बोलते हैं उसी का अर्थ चल बता गुरु का गुरु का अर्थ बता शास्त्र में क्या लिखा

58
00:04:00,400 --> 00:04:04,400
है गुरु का अर्थ जो अरे बता

59
00:04:04,400 --> 00:04:08,480
ना गुरु का अर्थ कहां पे लिखा है और क्या लिखा है बताई हो

60
00:04:08,480 --> 00:04:13,760
गई हो गई बे

61
00:04:13,760 --> 00:04:17,920
अभी और तू पूरे देश में चलेगी तेरे कहां रहता है तू

62
00:04:17,920 --> 00:04:22,000
कहां रहता है? कहां रहता है? सुन पहले कहां

63
00:04:22,000 --> 00:04:26,160
रहता है? क्यों पहले तू? राजा है तू। सुन पहले सुन पहले

64
00:04:26,160 --> 00:04:30,560
राजा है तू सुन पहले सुन पहले। अभी देख एटा में रहता है ना।

65
00:04:30,560 --> 00:04:34,720
देख में भी जलेगा पुतला। जगह जगह थू थू होगी तेरे।

66
00:04:34,720 --> 00:04:38,800
जेलकट्टू का वो है ना शिष्य कह रहा है ना जेलकट्टू वो खीर का असर बोल

67
00:04:38,800 --> 00:04:42,800
रहा है जो तेरा। जगह-जगह जगह-जगह मैं नहीं

68
00:04:42,800 --> 00:04:48,800
आऊंगा। वहीं की जनता जलाएगी। मैं नहीं आऊंगा हर जगह। अरे वही की जनतागी

69
00:04:49,280 --> 00:04:53,280
का अर्थ होता है जो अभी अभी देखा ना जूतों से थूक से सबसे पूजा हो

70
00:04:53,280 --> 00:04:56,320
रही

71
00:04:56,320 --> 00:05:00,400
पूरे देश में देख क्या होगा अरे तू करवा तो तेरी औकात हो तो

72
00:05:00,400 --> 00:05:04,960
रहा है अरे करवा क्या हो रहा है कितने वीडियो भेज दूं बता जूता

73
00:05:04,960 --> 00:05:10,640
जूता मुंह उसके मुंह पे जाएगा तेरे जेल कट्टू के मुंह पे हो तो

74
00:05:10,640 --> 00:05:14,720
नहीं रहा है तू बोल रहा है गुरु है गुरु है शिष्य है

75
00:05:14,720 --> 00:05:18,880
गुरु की बात का आत्मा का पता नहीं है धर्म

76
00:05:18,880 --> 00:05:23,440
का पता नहीं है शास्त्र का पता नहीं है

77
00:05:23,440 --> 00:05:27,440
चल फ़ रख अभी इंतजार करते रहे अभी तेरे ही शहर में जब जलेगा उसका इंतजार

78
00:05:27,440 --> 00:05:31,440
करी का असर कम हो जाए तो बताना ये बोल रहा

79
00:05:31,440 --> 00:05:35,440
हूं काहे के लिए दुष्प्रचार कर रहे हो शास्त्रों में लिखा उसी के अनुसार

80
00:05:35,440 --> 00:05:39,600
तो बता रहे हैं सब चीज झूठ बोल रहा है शास्त्रों में नहीं लिखा है जिसको

81
00:05:39,600 --> 00:05:43,680
भी लगता है शास्त्रों में लिखा है और जिसने अभी मां का दूध पिया

82
00:05:43,680 --> 00:05:47,680
है वो सामने आके रख बोले बोले मुझे ऐसे नहीं तो ठीक है

83
00:05:47,680 --> 00:05:51,920
मेरी बात तो सुनो जो बोलते हो कबीर देव वेदों

84
00:05:51,920 --> 00:05:56,080
ने लिखा है कबीर तुम कौन हो पहले तुम मेरा नाम मुकेश दास है तुम

85
00:05:56,080 --> 00:06:00,480
शांत रामपाल इसके हां मैं संत रामपाल का भक्त हूं अच्छा रामपाल

86
00:06:00,480 --> 00:06:05,040
तुम्हारे गुरु है हां मेरा गुरु है गुरु का अर्थ क्या होता है

87
00:06:05,040 --> 00:06:09,120
गुरु गुरु का अर्थ होता है हां जो

88
00:06:09,120 --> 00:06:11,520
भगवान तक पहुंचा देते कहां

89
00:06:11,520 --> 00:06:14,160
लिखा है

90
00:06:14,160 --> 00:06:20,160
शास्त्र सर से मत बात करो ना भाई

91
00:06:23,440 --> 00:06:28,160
हम कहीं बोल रहे राम हेलो हां

92
00:06:28,160 --> 00:06:32,240
हेलो हम हां ये बोलो काहे

93
00:06:32,240 --> 00:06:36,400
के दूसरे अरे मैं पूछ रहा हूं गुरु का अर्थ क्या है

94
00:06:36,400 --> 00:06:41,760
गुरु का अर्थ होता है जो ज्ञान देता है अपन को कहां लिखा है

95
00:06:41,760 --> 00:06:46,000
कहां लिखा है अब लिखा लिखा तो हर चीज लिखी

96
00:06:46,000 --> 00:06:50,000
हुई थोड़ा ना होता है। अबे तुम कहते हो ना शास्त्र से बता रहे हैं

97
00:06:50,000 --> 00:06:54,000
तो शास्त्र की बात करो ना। मुझे तो मालूम है गुरु का अर्थ कहां लिखा है और क्या

98
00:06:54,000 --> 00:06:58,160
लिखा है? सुनो हर चीज ज्ञान देता है। सुनो ज्ञान देता

99
00:06:58,160 --> 00:07:02,400
है। सुनो ज्ञान देता है। अभी तुमने मुझसे एक प्रश्न किया कि काहे

100
00:07:02,400 --> 00:07:06,400
के लिए ऐसा कर रहे हो? ठीक है। अब मैं इसका उत्तर

101
00:07:06,400 --> 00:07:10,560
दे दूं कि मैं इसलिए कर रहा हूं। तो यह भी ज्ञान है कि मैं क्यों कर रहा हूं? मैंने तुम्हें बता

102
00:07:10,560 --> 00:07:14,720
दिया। तो मैं भी गुरु हो गया तुम्हारा।

103
00:07:14,720 --> 00:07:19,920
नहीं ऐसा नहीं है जो इसका मतलब तुम्हारी परिभाषा पूर्ण नहीं है।

104
00:07:19,920 --> 00:07:24,320
नहीं ऐसा नहीं है। देखो शास्त्रों में लिखा है वो भक्ति

105
00:07:24,320 --> 00:07:26,800
मैंने क्या कहा गुरु का शास्त्र

106
00:07:26,800 --> 00:07:31,280
सम्मत अर्थ क्या है जो तुम्हारे गुरु ने तुमको सिखाया हो।

107
00:07:31,280 --> 00:07:35,440
गुरु का शास्त्र यही है कि वो गुरु उसको कहते जो ज्ञान दे तो वो कहां लिखा

108
00:07:35,440 --> 00:07:39,520
है जो तुम बोल रहे हो वो? जो तुम अर्थ बोल रहे हो

109
00:07:39,520 --> 00:07:43,520
वो कहां लिखा है? भाई आपका हर चीज का हर

110
00:07:43,520 --> 00:07:47,520
चीज लिखी होगी। हम जो बोलेंगे वो हर चीज लिखी होगी।

111
00:07:47,520 --> 00:07:51,600
लिखा हुआ ही बोलते हैं हम। तुम नहीं बोलते हो। मन की बातें बोलते

112
00:07:51,600 --> 00:07:55,840
हो। यही अपने बाबा से कहो जा के मनगढ़ंत बातें मत बोलो।

113
00:07:55,840 --> 00:08:00,000
गुरु का धर्म का भगवान का शास्त्र सम्मत अर्थ बताओ।

114
00:08:00,000 --> 00:08:04,080
हमें नहीं गुरु जी हमको बताया जो हमको नॉलेज

115
00:08:04,080 --> 00:08:08,080
है वो तो बता रहे ना आपको गुरु का अर्थ वही होता है। हर वही जानता है गुरु का अर्थ।

116
00:08:08,080 --> 00:08:12,160
गुरु का अर्थ होता है अंधकार से निकालने

117
00:08:12,160 --> 00:08:16,240
वाला अद्वैतका उपनिषद स्कंद पुराणोक्त गुरु गीता

118
00:08:16,240 --> 00:08:20,240
में लिखा है पढ़ो हां जो संशय को दूर

119
00:08:20,240 --> 00:08:24,240
कर दे तुम्हारे संशय दूर हो गए भगवान के संबंध में हां

120
00:08:24,240 --> 00:08:28,880
हां सब हो गए सब हो गए बिल्कुल क्लियर हो भगवान के संबंध में

121
00:08:28,880 --> 00:08:33,200
हां सब हो गए सब हो गए अच्छा तो ये बताओ ये कबीर ने जब सृष्टि

122
00:08:33,200 --> 00:08:38,080
बनाई थी हां कबीर कहां पे खड़े होकर बनाई थी

123
00:08:38,080 --> 00:08:41,840
परमात्मा पहले अना अनाम लोक में थी। अनामय

124
00:08:41,840 --> 00:08:46,480
लोक किसने बनाया? कबीर परमात्मा ने।

125
00:08:46,480 --> 00:08:52,480
कबीर तो वहां स्वयं था ना? हां। तो

126
00:08:52,520 --> 00:08:56,720
[हंसी] हो गए। उन्हीं ने बनाया है ना सब चीज।

127
00:08:56,720 --> 00:09:01,440
मतलब कि परमात्मा मान लो एक जगह खड़ा है।

128
00:09:01,440 --> 00:09:05,520
हां तो दो हाथ दो पैर वाला। किसने बनाया और फिर बनाया

129
00:09:05,520 --> 00:09:09,840
है। अरे जहां पे वो खड़ा है वो जगह किसने बनाई?

130
00:09:09,840 --> 00:09:14,400
वो बता दो वही बनाए हैं। तो

131
00:09:14,400 --> 00:09:18,720
यानी कि उस जगह के बनने से पहले परमात्मा था। हां

132
00:09:18,720 --> 00:09:23,600
पहले था ना बनने से पहले था। अनामय लोक के बनने से पहले

133
00:09:23,600 --> 00:09:27,680
वो परमात्मा तुम्हारा था। जिसके दो

134
00:09:27,680 --> 00:09:31,840
हाथ थे, दो पैर थे। हां हां। वो था।

135
00:09:31,840 --> 00:09:35,840
तो वो वो इन दो हाथ दो पैर को लेकर के जहां पर

136
00:09:35,840 --> 00:09:39,840
खड़ा था अनामय लोक बनने से पहले उस लोक

137
00:09:39,840 --> 00:09:43,920
का नाम क्या था? अनामय लोक अनामय लोक तो अभी बना

138
00:09:43,920 --> 00:09:47,920
नहीं है ना अभी तो बनाएगा ना वो अनामय लोक

139
00:09:47,920 --> 00:09:52,160
से पहले था ना वो कबीर कबीर परमात्मा पहले

140
00:09:52,160 --> 00:09:56,240
अनामय लोक में थे नहीं नहीं अनामय लोक को तो बनाया है

141
00:09:56,240 --> 00:09:57,120
ना तो

142
00:09:57,120 --> 00:10:01,440
जब अनामय लोक अनामय लोक जब बना है उससे पहले कबीर

143
00:10:01,440 --> 00:10:07,440
जहां खड़े होकर के अनामय लोक बना रहे हैं वह जगह कौन सी है

144
00:10:07,680 --> 00:10:13,600
वह जगह हम

145
00:10:13,600 --> 00:10:17,600
वो जगह शून्य स्थान है वो तो फिर क्या

146
00:10:17,600 --> 00:10:21,760
शून्य स्थान शून्य स्थान हां मतलब कुछ

147
00:10:21,760 --> 00:10:26,560
नहीं है तो ये कहां लिखा है शून्य स्थान

148
00:10:26,560 --> 00:10:31,040
अरे ये कबीर कबीर सुनो कबीर

149
00:10:31,040 --> 00:10:35,760
के दो हाथ दो पैर है ना हां दो हाथ दो पैर है हां

150
00:10:35,760 --> 00:10:39,840
तो जहां पर दो हाथ दो पैर हैं वहां कम से कम शून्य स्थान स्थान

151
00:10:39,840 --> 00:10:43,920
तो नहीं हो सकता क्योंकि चार चीजें तो पहले ही है वहां पर

152
00:10:43,920 --> 00:10:47,920
नहीं पुण्य स्थान कैसे होगा अरे वो वोकम प्लेस मतलब

153
00:10:47,920 --> 00:10:52,240
समझते हो कुछ नहीं था तो पहले कबीर परमात्मा ने अनाक

154
00:10:52,240 --> 00:10:56,320
बनाया फिर वहां पर आए फिर उन्होंने तीन लोग अरे कुछ नहीं था तो वो

155
00:10:56,320 --> 00:11:00,400
जगह वो कबीर वहां खड़ा कैसे है जब कुछ नहीं है तो जब कुछ है तभी तो खड़ा

156
00:11:00,400 --> 00:11:04,400
है से खड़े हैं अरे शक्ति से खड़े हैं तो कहां पे खड़े हैं मैं वही तो

157
00:11:04,400 --> 00:11:09,120
पूछ रहा हूं शून्य स्थान पर खड़े हैं शून्य स्थान

158
00:11:09,120 --> 00:11:12,240
शून्य स्थान पहली बात तो उसका प्रमाण क्या है दूसरी बात वो

159
00:11:12,240 --> 00:11:16,400
शून्य कैसे हो गया जब कबीर के दो हाथ है दो पैर है तो वो शून्य

160
00:11:16,400 --> 00:11:20,960
कैसे हो गया मेरी बात स्थान की बात

161
00:11:20,960 --> 00:11:25,040
मैं इस बात कर रहा हूं कबीर परमात्मा की बात नहीं कर रहा हूं कभी परमात्मा के

162
00:11:25,040 --> 00:11:29,280
दो हाथ दो पैर तो कबीर परमात्मा के जब एक से अधिक

163
00:11:29,280 --> 00:11:33,680
चीज हो रही है एक्सिस्ट कर रही है कबीर परमात्मा के अवयव तो

164
00:11:33,680 --> 00:11:37,760
वो जहां पर खड़े होंगे वहां पर भी तो आपको वो चाहिए कि कोई ना कोई

165
00:11:37,760 --> 00:11:43,760
परिमाप जहां पर वो होंगे दो अवयव दो से चार अवयव

166
00:11:43,920 --> 00:11:48,080
हम अच्छा चलो एक बात और बताओ ये तो तुम्हारा

167
00:11:48,080 --> 00:11:52,400
देख लिया कितना संशय दूर हुआ है ये बताओ ये

168
00:11:52,400 --> 00:11:56,800
भगवान का अर्थ क्या होता है भगवान का अर्थ

169
00:11:56,800 --> 00:12:01,520
हम [गला साफ़ करने की आवाज़] भगवान भगवान

170
00:12:01,520 --> 00:12:05,920
का अर्थ होता है जो आत्मा को परमात्मा से मिला दे

171
00:12:05,920 --> 00:12:10,000
यह कहां लिखा है अरे यह लिखा थोड़ी ना है। मैं अपने से

172
00:12:10,000 --> 00:12:14,080
बता रहा हूं। अपने मनमुखी अर्थ क्यों बता रहे हो? तुम्हारे गुरु तो शास्त्र भक्ति

173
00:12:14,080 --> 00:12:18,080
बताते हैं ना। बता रहा हूं ना। यानी कि तुम्हारे को ये नॉलेज नहीं है कि

174
00:12:18,080 --> 00:12:22,080
भगवान का अर्थ क्या होता है? भगवान का अर्थ

175
00:12:22,080 --> 00:12:26,160
मैंने क्या पूछा? अभी तुमने कहा मेरे को जितनी नॉलेज है मैं बता रहा हूं। तो तुमको अभी नॉलेज

176
00:12:26,160 --> 00:12:27,280
नहीं है। शास्त्र सम्मत

177
00:12:27,280 --> 00:12:31,760
रूप से भगवान का अर्थ क्या होता है? भगवान का अर्थ वो होता है जो

178
00:12:31,760 --> 00:12:35,760
जिसने सारी सृष्टि रच रखी है। मैंने अभी क्या पूछा? हर

179
00:12:35,760 --> 00:12:40,640
अर्थ वो होता है जो सब कुछ दृष्टि को कहते हैं भगवान कहां लिखा है

180
00:12:40,640 --> 00:12:44,720
अब लिखा हर चीज लिखी थोड़ी ना बता अब इतने पढ़ा लिखा अरे यार तुम ही तो

181
00:12:44,720 --> 00:12:48,960
दावा करते हो कि हम लोग शास्त्र सम्मत शास्त्र सम्मत अरे तो

182
00:12:48,960 --> 00:12:53,040
भगवान का अर्थ होता है पूर्ण जिसमें किसी भी प्रकार का अभाव

183
00:12:53,040 --> 00:12:57,360
ना हो सर्वाधार सर्वशक्तिमान सर्व नियंता

184
00:12:57,360 --> 00:13:01,360
यह होता है भगवान का अर्थ तो कबीर

185
00:13:01,360 --> 00:13:06,160
है हां कबीर है कबीर भगवान है।

186
00:13:06,160 --> 00:13:10,400
हां कबीर भगवान है ना? हां कबीर भगवान है।

187
00:13:10,400 --> 00:13:14,880
तो कबीर सर्वशक्तिमान है। हां है ना रामपाल

188
00:13:14,880 --> 00:13:19,280
भगवान है जो रामपाल भगवान मैंने मैंने कहा सर्वशक्तिमान

189
00:13:19,280 --> 00:13:23,520
है। हां सर्वशक्तिमान है। अच्छा तो

190
00:13:23,520 --> 00:13:27,760
सर्वशक्तिमान है। तो इसका मतलब कि संसार

191
00:13:27,760 --> 00:13:32,080
में ऐसा कोई कार्य नहीं है जो वो नहीं कर सकता। हां

192
00:13:32,080 --> 00:13:36,240
वो कर सकते हैं। सब काम कर सकते हैं। सब काम कर सकते हैं।

193
00:13:36,240 --> 00:13:40,880
तो वो माता के गर्भ से जन्म ले सकता है।

194
00:13:40,880 --> 00:13:42,480
नहीं नहीं माता के गर्भ से जन्म

195
00:13:42,480 --> 00:13:46,880
नहीं ले सकते वो। तो फिर सर्वशक्तिमान तो हुआ नहीं।

196
00:13:46,880 --> 00:13:50,960
नहीं नहीं वो उनका नियम नहीं है ना। वो सहसरी चले जाते।

197
00:13:50,960 --> 00:13:54,960
अरे भाई मैं क्या पूछ रहा हूं? सर्वशक्तिमान का मतलब यह है

198
00:13:54,960 --> 00:13:59,120
ना कि जो भी कार्य करना चाहे होना चाहे हो सकता

199
00:13:59,120 --> 00:14:03,120
है करने को तो वो सब कुछ कर सकते हैं लेकिन

200
00:14:03,120 --> 00:14:07,120
करेंगे नहीं उनका नियम माता के गर्भ माता के गर्भ से जन्म ले

201
00:14:07,120 --> 00:14:12,160
सकता है माता के गर्भ से जन्म

202
00:14:12,160 --> 00:14:16,160
नहीं ले सकता वो नहीं ले सकता तो फिर सर्वशक्तिमान कहां रहा भगवान भी नहीं रहा

203
00:14:16,160 --> 00:14:20,240
फिर तो अरे भगवान ऐसा थोड़ी ना है कि माता के

204
00:14:20,240 --> 00:14:24,320
गर्भ से जन्म लिए वेदों सब अबे भगवान की परिभाषा अभी

205
00:14:24,320 --> 00:14:28,880
हुई ना तय सर्वशक्तिमान सर्धार हां तो सर्वशक्तिमान

206
00:14:28,880 --> 00:14:33,280
तो होना पड़ेगा ना उसको हां सर्वशक्तिमान है ना

207
00:14:33,280 --> 00:14:37,840
तो सर्वशक्तिमान है तो माता के गर्भ से जन्म लेने की शक्ति है कि नहीं

208
00:14:37,840 --> 00:14:41,920
नहीं नहीं नहीं वो ये शक्ति नहीं है तो फिर भगवान सिद्ध नहीं

209
00:14:41,920 --> 00:14:47,360
हुआ अच्छा ये अच्छा ये बताओ ये बताओ आत्मा

210
00:14:47,360 --> 00:14:51,440
का जन्म हुआ है या हमेशा से थी क्या है

211
00:14:51,440 --> 00:14:55,440
मामला आत्मा आत्मा को आत्मा को जन्म दिए है कबीर परमात्मा

212
00:14:55,440 --> 00:14:57,600
ने आत्मा को जन्म दिया यानी एक

213
00:14:57,600 --> 00:15:01,600
समय पर ऐसा था जब आत्मा नहीं थी हां हां

214
00:15:01,600 --> 00:15:05,760
है ना हां तो रामपाल ने तो लिखा

215
00:15:05,760 --> 00:15:10,080
है अपनी गीता में कि सत का कभी अभाव नहीं हो सकता और

216
00:15:10,080 --> 00:15:14,080
असत का कभी भाव नहीं हो सकता मतलब जिस वस्तु का

217
00:15:14,080 --> 00:15:18,160
कभी भी अभाव था वो कभी भी सत नहीं हो सकती असत

218
00:15:18,160 --> 00:15:22,480
रहेगी वो वस्तु असत है जिसका कभी अभाव होता है यानी यानी कि अगर

219
00:15:22,480 --> 00:15:26,720
आत्मा का अभाव मान लिया तो वो कभी भी सत

220
00:15:26,720 --> 00:15:31,120
नहीं हो सकती। सत मतलब कि अनंत काल तक उसका अस्तित्व

221
00:15:31,120 --> 00:15:35,840
रहे। हम्म तो यहां तो मुक्ति कट गई आत्मा की।

222
00:15:35,840 --> 00:15:40,000
हम अनंत काल की मुक्ति कट गई ना। हम

223
00:15:40,000 --> 00:15:44,160
क्या समझ में नहीं आ रहा है क्या? जाओ पढ़ो गुरु से जाके। और

224
00:15:44,160 --> 00:15:50,160
लाइव आ के बात करो।

225
00:15:57,620 --> 00:16:01,620
[संगीत]
