⬜ Not used yet · 00:00:02:09 – 00:31:36:00 (31:34)
00:00:02:09 तो सभी को जय श्री राम एक सज्जन है उनका चैनल है कौन का पक्ष रखते अपने चैनल से उन्होंने एक वीडियो बनाया है जो हमने कुछ क्वेश्चंस किए हैं हालांकि उन्होंने हमारे कई सारे प्रश्नों के जवाब ना देते हुए जो सिर्फ चैतन्य महाप्रभु जी से रिलेटेड जो क्वेश्चन थे कि वह श्रीधर स्वामी को मानते थे तो फिर उस कौन उनको ट क्यों नहीं कर रहा है श्रीधर स्वामी जी को तो इस बारे में उन्होंने एक मत अपना पक्ष प्रस्तुत किया है स्कन की तरफ से वैसे ऑथराइज पर्सन है कि नहीं वो बात एक अलग है उन्होंने जितना भी जितनी भी बातें बताई हैं वो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह समाधान नहीं है बल्कि वो अपने लोगों को ये बताना चाह रहे हैं कि अगली बार जब तुम्हारे सामने क्वेश्चन आए तो यह कहते हुए आप इसका उत्तर देने से बचिए तो अब उन्होंने जो वीडियो बनाया है उसके रेप्ट केशन में मैं भी अपना पक्ष रखने आया हूं तो मैंने इसको दो पार्ट में बनाया क्योंकि उसमें वह बहुत ज्यादा अग्रेसिव थे और उन्होंने कई बार
00:01:17:10 धमकी दी कि भाई सुधर जाओ नहीं तो मैं यह कर दूंगा मेरे हाथ से बच नहीं पाओगे धमकी वाला व्यवहार और जो अमर्यादित अभद्र टिप्पणियों वाली चीजें हैं वो मैंने अलग पार्ट में रखा है मतलब इसी वीडियो में मगर व अलग और जो उन्होंने तर्क दिए हैं प्रमाण तो नहीं दिए उन्होने तर्क जो दिए हैं कुछ अपने ही आचार्यों के प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं तो यह जो भाग है जिसमें उन्होंने तर्क और प्रमाण प्रस्तुत किए हैं यह मैं पहले लूंगा और उसके बाद लास्ट में जो उन्होंने जितना धमकी और वर्चस्व इसके अलावा क्या कहते हैं स्वयं स्वयंभू बनना और तरह तरह की बातें करना से खेलोगे तो यह है वह है वह सारी बातें अंत में करूंगा पहले थोड़ा सा जो जो उन्होंने अपने पक्ष को मजबूत रखने का प्रयास किया है वह देख लेते हैं तो सबसे पहले तो उन्होंने एक प्रकरण लिया है जिसमें हम इसकन मंदिर के अध्यक्ष के पास गए थे और बहुत ही सम्मान के साथ हमने उनसे वहां पर प्रश्न पूछे थे कुछ कि हम स्कन का पक्ष जान सके जो एक संशय उत्पन्न हो रहे हैं उसमें स्कन क्या कहता है यह जान सके और जिसके लिए हम आज भी प्रयासरत है मगर जब हमने शुरुआत की थी
00:02:32:16 तो प्रश्न की तो हम वहां पर एक बहुत ही आदर भाव के साथ वहां पर गए थे मंदिर में और कोई भी बात ऑन एयर डालने से पहले हम हमने सबसे पहले उनके पक्ष को जानने का प्रयास किया था इनका कहना है कि वहां पर उन्होंने हमारे प्रति हलने स दिखाई और हंबल वे में उन्होंने यह कह दिया कि हम मूर्ख हैं और हमें शास्त्रों का ज्ञान नहीं है कि शास्त्रों की गहराई में जाना हमारा उद्देश्य नहीं है अच्छा दूसरी बात यह है कि दुनिया में जब भी कोई कभी उत्तर ना दे पाने की स्थिति में जब वह यह कहेगा कि मैं मूर्ख हूं या फिर मुझे शास्त्रों का ज्ञान नहीं है तो फिर यह कैसे पता चलेगा कि उसने हंबल वे में यह कहा है या फिर उसे वास्तविक तम है इन प्रश्नों का उत्तर नहीं मालूम है ये कैसे डिसाइड होगा इसके क्या पैरामीटर्स है तो कृपया करो शास्त्रीय प्रमाण हमें उपलब्ध कराए अच्छा अब अब इन्होंने मान लिया कि उन्होंने हंबल वे में हमारे जवाब दे दिए और यहां पर उन्होंने चैतन्य महाप्रभु जी के एक वाक्य का भी उदाहरण दिया कि उसको फॉलो करते हुए उन्होंने हंबल विमय किया तो अब प्रश्न ये आता है कि आप क्यों जवाब दे रहे हैं क्या आप चैतन्य महाप्रभु को फॉलो नहीं करते हैं अच्छा अगर वोह सही है तो इसका अर्थ है कि आप गलत है क्योंकि आप
00:03:47:16 खुद स्वयं कह रहे हैं कि मैं हंबल वे नहीं अपना आंगा तो क्या आप चैतन्य महाप्रभु को नहीं अपनाएंगे इसका अर्थ ये हुआ कि आप जिन सिद्धांतों को जिस शिक्षा को पूरी दुनिया को सौंपना चाहते हो पूरी दुनिया को बताना चाहते हो उस शिक्षा को स्वयं स्वीकार करने से आप इंकार कर रहे हैं मना कर रहे हैं अगर आप यह कहो कि हम पूरी दुनिया को नहीं मनवाना चाहते हैं तो भी आप शास्त्र विरुद्ध क्योंकि ऋग्वेद कह रहे हैं कि एक होकर रहिए वैचारिक एकता के साथ रहिए निरुक्त में कहा जा रहा है कि एक हो कर के रहिए अच्छा मैं इस तरह की टिप्पणियां नहीं करूंगा कि आपने यह शास्त्र पढ़े हैं कि नहीं कभी भगवत गीता और भागवत को वेदों से भी मैच कर लो कि जो अर्थ आपको मिल रहे हैं भागवत के वो वेद से मैच खा रहे हैं कि नहीं उपनिषदों के से मैच खा रहे कि नहीं मैं इस प्रकार की टिप्पणियां नहीं करूंगा आपने ऐसा भाव प्रकट किया कि आपका जब दिमाग घूमता है तो चैतन्य महाप्रभु की जो शिक्षा है जिसको इकन के अध्यक्ष ने अपनाया और हलवे में हमको आंसर ना देते हुए ये कह दिया कि हम अज्ञानी है मूर्ख है या हमें शास्त्रों का ज्ञान नहीं है आपके अनुसार उन्होंने ये नहीं कहा था मगर मैं आपके अनुसार इस बात को रख रहा हूं तो आप इस शिक्षा को ठुकरा करके क्या अधर्मी हो जाते हैं और जब आप स्वयं अधर्मी हो रहे हैं तो आप कैसे अपेक्षा कर सकते हैं कि दुनिया धर्मी हो जाए दुनिया धर्म का निर्वाह करें इसके बाद आपने एक तर्क प्रस्तुत
00:05:02:26 किया कि भाई हमारे जो भक्त होते हैं स्कन के इनको कभी कोई सिद्धांत से हिला नहीं सकता है क्या यह कोई सनातन सिद्धांत है स्कन का जो फॉलोअर होगा उसको कोई हिला नहीं सकेगा क्या ऐसा नहीं हुआ है कि स्कन को स्कन से किसीने क्विट किया हो फिर आपने कहा कि भाई हमारे जो आचार्य है वह जो तत्कालीन शंकराचार्य थे अपने समय के श्रीधर स्वामी जिनके भागवत भाष्य पर ये सारी बातें हो रही है जिसको चैतन्य महाप्रभु मानते थे तो आपका कहना है कि आपके आचार्यों ने उन्हें वैष्णव माना है यह आपका मानना है हमें नहीं मानना तो ना माने तो मैं फिर यही वो बात कहूंगा इसका मतलब आप शास्त्र विरुद्ध हो गए यहां पर आप नहीं चाहते कि आपके जो सिद्धांत है आप नहीं चाहते कि आपके पास जो वास्तविक आपके अनुसार सार्वभौमिक सिद्धांत है उसको पूरी दुनिया अपनाए इसका अर्थ है कि आप नहीं चाहते कि पूरी दुनिया एक सूत्र में बंधे आप नहीं चाहते कि दुनिया में शांति हो आप य सब नहीं चाहते शास्त्रों का विरोध चाहते हैं आप फिर आपने आगे कहा कि मायावादी जो सिद्धांत है वो कृष्ण का विरोधी है तो पहली बात तो मैं ये कहूंगा कि मायावादी ग्रंथ में माया लिखे होने से प्रमाणित हो जाता है कि जिस ग्रंथ में वो लिखा हुआ है उस ग्रंथों से प्रतिपादित होने वाली
00:06:18:01 शिक्षा मायावादी तो माया तो आपके ग्रंथों में भी लिखा हुआ है तो यह कैसे आप तय कर रहे हैं कि मायावादी है शंकराचार्य का सिद्धांत ही मायावादी मायावादी कह कि किसी शंकर परंपरा के किसी आचार्य ने कहीं किसी जगह पर लिख दिया है कि हमारा सिद्धांत मायावादी में माना है किस संदर्भ में उसने लिया है अब जैसे थोड़ी देर के लिए अगर मैं आपसे यह कह दूं कि चलो मान लेते हैं कि यह हमारा मायावादी से मायावादी को और मैं बात करने लगू तो इससे प्रमाणित थोड़ी ना होगा कि हमारा सिद्धांत मायावादी सिद्धांत को मायावा तब माना जाएगा जब कहीं पर शास्त्रों में लिखा हो कि भैया वहां फलाना फलाना इस तरह के फीचर्स होंगे तब उसको मायावादी सिद्धांत
00:07:16:08 मायावादी कैसे किस आधार पर कह रहे हैं नैरेटिव कहां से निकाला आपने ये यह मायावादी बात ये है कि अगर आपके सिद्धांत को मान भी लेते हैं कि चैतन्य महाप्रभु ने उसको माया इसी मायावादी है तो फिर मैं आपको वेद का प्रमाण दे सकता हूं वेदों ने माना है कि मायावादी कोई शंकराचार्य का सिद्धांत नहीं है मायावादी शंकराचार्य का सिद्धांत नहीं है वेदों के श्लोक ले लीजिए आप अब अगर आप यह कहेंगे कि नहीं भाई हम वेदों को नहीं मानते श्री चैतन्य महाप्रभु को मानते हैं तो यह आपकी इच्छा है मगर फिर आप सनातन ही नहीं कहलाएंगे किसी भी देश काल परिस्थिति में उत्पन्न होने वाला जो ज्ञान है वह सनातन ज्ञान नहीं है और सनातन ज्ञान प्रतिपादित होगा वेदों से भगवान के वो रूप जो हमें वेदों का प्रतिपादन करवाएंगे वेदों का पालन करवाएंगे वो हमारे लिए मान्य और जो ऐसे रूप है जो वेदों के विरुद्ध बात कह देंगे तो हमारे लिए मान्य नहीं है उसी को सनातनी कहते हैं भाई भगवान के अवतार तो बुद्ध भी थे वेदों का खंडन किया हम कहां बुद्ध को मानते हैं बुद्ध को मानेंगे तो हम सनातन ही नहीं रह जाएंगे तो आप खुद डिसाइड करिए क्या आप यह कह रहे हैं कि चैतन्य महाप्रभु वेदों के विरोधी थे या उन्होंने कभी किसी किसी एक
00:08:31:22 संदर्भ में किसी को मायावादी मायावादी ले रहे हैं क्या कहा आपने अहम ब्रह्मास्मि शंकराचार्य जी का महावाक्य है आप कितने दिनों से है इस फील्ड में आपने कहा मैं मेरा जीवन का उद्देश्य मायावादी शंकरा भगवान आदि शंकराचार्य जी का सिद्धांत नहीं है हम ब्रह्मास्मि जो महावाक्य है वो उपनिषदों का है और आप जाकर अपने आचार्यों से थोड़ी शिक्षा दीक्षा और लीजिए और थोड़ा जानिए फिर बात करिए खंडन खंडन खंडन क्या खंडन खंडन लगा रखा है अरे भाई हमने कभी कहा कि हम आपका खंडन कर रहे हैं खंडन का अर्थ जानते हैं क्या होता है एक कमरे में कोने में बैठ कर के बल्ब के नीचे और जो है आपने अपना चेहरा भी नहीं छिपा लिया और आप आक के उसको खंडन कह रहे हो हमने प्रश्न पूछे हैं इसलिए कि जो संशय उत्पन्न हो रहे हैं उसका समाधान हो सके एकमत हो सके हम जो बटे हुए हैं आप समाधान प्रस्तुत करिए आप कहते हो अर्ध कुकुट न्याय कि एक जगह की लिखी हुई बात मानी जाएगी दूसरी जगह की नहीं मानी जाएगी तो यह जो होता है अर्ध कुकुट न्याय होता है और ऐसा करने वाला मूर्ख होता है आप मुझे अर्ध कैसे कह सकते हैं मैंने निर्णय
00:09:47:00 दिया है क्या कि नहीं साहब इनका सिद्धांत गलत है मैंने य कहा मैंने कहा कि यह जो दो विपरीत अर्थक अर्थ निकलने वाली शिक्षा है य इसका समाधान प्राप्त होना चाहिए क्योंकि ये बांट रही है संशय उत्पन्न कर रही है आप नहीं चाहते कि संशय दूर हो इकोन के फॉलोअर्स के इकोन के अनुयायियों के मन से भरे पड़े हैं संशय आपके स्वयं तक था अभी तक कि अ ब्रह्मास्मि भगवान आदि शंकराचार्य जी का महावाक्य है भगवान आदि शंकराचार्य जी ने अपनी तरफ से एक भी वाक्य नहीं बोला है जो भी बोला है वेद उपनिषदों के आधार पर बोला है यह आपको मालूम होना चाहिए आपका ये जो अर्ध कुकुट न्याय है ये आपने अच्छा कहा अच्छा याद दिला दिया मैं ये जो शिव और विष्णु वाली बात है इसको लाना नहीं चाहता मगर आपने अर्ध कुकुट न्याय कहा है शास्त्रों के वो वचन जहां जहां पर शिव की परब्रह्म है उसको आप हटा देते हो और केवल जहां पर विष्णु की परब्रह्म है उसको भी आप कृष्ण के नाम से स्वीकार करते हो तो अर्ध कुकुट न्याय कौन कर रहा है शिवजी जब उनकी पूजा करेंगे तो आप उसका बड़ा ढंडोरा पीट कि भाई उनको जगह नहीं मिल रही थी रास लीला में और फिर उन्होंने नारी रूप धारण किया तब वो रास लीला में गए यह क्यों नहीं बताते आप अपने भक्तों को कि भगवान श्री कृष्ण ने 1000 साल त तपस्या की दीक्षा लेकर उपमन्यु
00:11:02:04 ऋषि से अब आप कहोगे लीला है तो भगवान कब लीला कर रहे हैं कब नहीं कर रहे हैं इसका निर्णय कैसे होगा क्योंकि गीता की तो चीजों को आप एस इट इज ले रहे हो तो अर्ध कुकुट न्याय तो आप कर रहे हो हमने तो अर्ध कुकुट न्याय किया ही नहीं हमने यह कहा ही नहीं कि आपका सिद्धांत गलत है हमने प्रश्न किया यह जो दो विपरीतार्थक चीज इनका सोल्यूशन दीजिए आपके अनुसार सोल्यूशन य है कि अर्ध कुकुट न्याय कर रहे हैं ये सॉल्यूशन है इंटरव्यू के प्रारंभ में जब हम हमने उनसे ऐसी बातें भाई हम तो अर्ध कुकुट न्याय वाले हैं तो हमने तो इंटरव्यू के प्रारंभ से ही वो बातें कर दी थी आपके अनुसार तो शुरू में उन्होंने हमारे उत्तर क्यों दिए और अंत में जाकर के उन्होंने ये क्यों कहा कि मैं मूर्ख हूं और मैं जो मेरा उद्देश्य नहीं हमारा उद्देश्य नहीं है शास्त्रों की गहराई में जाना जब भी आप या आपका कोई व्यक्ति आंसर नहीं दे पाएगा तो आप यही करोगे तो आप यही करो ना फिर आप आंसर क्यों दे रहे हो अच्छा इसकन की तरफ से प्राप्त होने वाली शिक्षा में हम अधिकृत किसे माने अमोग लीला जी को जो वो ये कहेंगे कि हर बात में लॉजिक नहीं होता है अ इकन के प्रेसिडेंट को जो ये कहते हैं शास्त्रों की गहराई में जाना हमारा उद्देश्य नहीं है या आपको जो ये कह रहे हो कि उन्होंने ये सब हबल वे में कह दिया है जहां भी उनकी दिक्कत
00:12:17:04 आएगी जहां पहले वो प्रश्नों का उत्तर देंगे बहुत अच्छे से देंगे और जहां उन्हें प्रॉब्लम होगी तो वो आप कह दोगे पीछे से आके तो हमल वे में कर रहे हैं और अंततः आपने अपने वीडियो में भी क्या निर्णय दिया है क्या आपने खोल के दिखाया है कि यह देखो श्रीधर स्वामी यहां पर यह कह रहे हैं और हमारी भागवत भी वही कह रही है दिखाया आपने आप तो अपनी वो भड़ास निकालने के लिए आए जो आपको क्रोध आया होगा ये सब देख कर के प्रश्न सुन कर के व आपने भड़ास निकाली उसमें आकर के आपने कोई प्रमाण नहीं दिया कि ये देखो श्रीधर स्वामी जो सिद्धांत बता रहे हैं वही सिद्धांत हमारे भागवत में वही सिद्धांत चेतन महाप्रभु ने
00:12:58:28 दिखाया नहीं आपने सिर्फ यह बात की है कि भाई तुमने अर्ध कुकुट न्याय किया हमने न्याय किया होता तो हम यह कहते इस कौन गलत है हमारा एक जगह वीडियो दिखा दीजिए जहा हमने कहा हो कि इस कौन गलत है और यह हमने अपने गुरु से सीखा है यह भी सुनिए कि जब हम दर्शन विज्ञान और व्यवहार को साध के अपनी बात कहते हैं ना तो सामने वाला हमें तोड़ नहीं सकता है उसी दर्शन विज्ञान व्यवहार को साध रहे हैं आपकी तरह नहीं कि महान आचार्यों का मैं खंडन करता हूं अभी बताता हूं आपको आगे आपने क्या कहा मेरा यही काम है अद्वैतवाद का मायावादी मेरा यह काम नहीं है द्वैतवाद का खंडन ऐसा होता तो हम राम की पूजा ना करते कृष्ण की पूजा ना करते हमारा कार्य है धर्म विरोधियों का खंडन हमारा कार्य है मानवता विरोधियों का खंडन हमारा कार्य है धर्म रक्षा थड़े उड़ाएंगे आप बताऊंगा अभी आपको अंत तक चलिए लेता हूं तो मैं अद्वैतवाद के खंडन के लिए मायावा के खंडन के लिए करिए बहुत अच्छी बात है मैं सांस लेता हूं धर्म के लिए मानवता के लिए मातृ शक्ति की सुरक्षा के लिए आप लीजिए अदवा के खंडन के लिए
00:14:14:02 सांस जब हमारे घर की आप हमारे और जब हमारे और आपके घर की मातृ शक्तियों पर बात आएगी ना तब यही कहिए मैं सिर्फ अद्वैतवाद का खंडन करूंगा मुझे मतलब नहीं है कोई ईश्वर का खंडन कर रहा हो कोई धर्म का खंडन कर रहा हो सनातन का खंडन कर रहा हो यही तो बात है आप संप्रदाय निष्ठ है संस्था निष्ठ है व्यक्ति निष्ठ है और मुझे गर्व है भगवत कृपा से य कहने में कि मैं धर्म निष्ठ हूं आपने कहा वो शुद्ध द्वैतवाद थे अरे भाई द्वैतवाद तो नहीं थे ना आपने तो उन्हें द्वैतवाद आप तो जो शिक्षा शुद्ध द्वैतवाद से आ रही है उस वो शिक्षा अगर वो ले रहे हैं चैतन्य महाप्रभु जी उस शिक्षा को अगर आप मान रहे तो आप तो शुद्ध दैत वादी हुए उन्होंने मधवा चार को कौन सा एक्सेप्ट किया था उनकी सन्यास की दीक्षा हुई वहां से शंकर संप्रदाय से वो भागवत का भाष्य पढ़ते हैं शंकर संप्रदाय का और वो आप कह रहे हो उन्होंने मधवा चार्य जी का सिद्धांत अपनाया था आपने कहा कि मधवा चार्य जी ने केवल उस उस पार्ट का भाष्य लिखा था जहां जहां पर मायावा था उसका खंडन लिखा था पर भागवत तो पूरी आई होगी ना आपकी गुरु शिष्य परंपरा से कि नहीं आई तो उस भा वो भागवत पर्याप्त नहीं थी क्या क्यों जाना पड़ रहा है बाहर आपको
00:15:30:13 जब चलिए ठीक है उन्होंने भाष्य उस पर लिखा मगर बाकी के जिस पर भाष्य लिखने की आवश्यकता नहीं है वोह तो आपके पास आया होगा और जब वो ये तय कर रहे हैं कि आवश्यकता नहीं है तो शुद्ध द्वैत वाले के पास क्यों जाना पड़ रहा है श्री चैतन्य महाप्रभु को और अगर जाना पड़ रहा है तो आप इधर मधुवा चार्य को और य शुद्ध दत वालों की खिचड़ी कैसे बना रहे हैं दूसरी बात अब आप कहते हैं कि शुद्ध द्वैत ज्ञान कैसे आता है परंपरा से श्रीधर स्वामी के शुद्ध द्वैत वाले गुरु कौन है द्वैत वाले गुरु कौन है और वह आपकी परंपरा में क्यों नहीं है जब चैतन्य महाप्रभु उनके प्रति गुरु भाव रख रहे हैं तो वह आपके आपकी परंपरा में क्यों नहीं है उनकी जो लिखे हुए भाष्य है वो आपके स्कोन में क्यों नहीं है आपने कहा हम अपने को आगे करेंगे मतलब वह आपके अपने नहीं है चैतन्य महाप्रभु जी उन्हें अपना मान रहे चैन महाप्रभु जी के द्वारा अपनत्व प्राप्त व्यक्ति आपके अपने नहीं है आप अलग है चैतन्य महाप्रभु से फिर भी आप महाप्रभु को फॉलो करते हैं हर संप्रदाय वाले ऐसा करते हैं किसी के कर देने से प्रमाण नहीं बनता है प्रभु श्री राम के पिता राजा दशरथ ने भी तीन विवाह किए थे पर वह धर्म नहीं है दशरथ विग्रह वान धर्मा
00:16:45:15 नहीं कहा जाता है रामो विग्रह वान धर्मा कहा जाता है संख्या बल से चलेंगे क्या दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या तो ईसाइयों की है तो हम कह सब ऐसे ही करते इसलिए हमने कहा यह सिद्धांत है आपका और उसके बाद मुस्लिम की है तो आप कहिए सब ऐसा करते हैं इसलिए हम यह करेंगे कुरान पढ़ेंगे नमाज पढ़ेंगे पांच वक्त की यह सिद्धांत है आपका यह सिद्धांत इस कौन के हैं कि सब ऐसा करते हैं इसलिए हम ऐसा करेंगे सार्वभौमिक सिद्धांत लाइए सार्वभौमिक सिद्धांत और जिस दिन लाएंगे उस दिन आप शंकराचार्य के मत को मानने वाले हो जाएंगे आपने क्या कहा कि हम माधवास की कमेंट्री क्यों नहीं पढ़ाते हम ग या संप्रदाय की कमेंट्री क्यों नहीं पढ़ाते हम आपके हाथों में अधिकार क्यों नहीं दे देते हमारे यहां के प्रमाणिक आचार जिस परे हम रिलाई करते हैं सर्वाइव करते हैं उसने थोड़ी ना आपकी संप्रदाय के लोगों की चीजों को ले लिया है प्रमाण प्रमाण के रूप में आप जिस पर रिलाई कर रहे हो आप जिस पर सरवाइव कर रहे हो उन्होंने माना है इस संप्रदाय की चीजों को क्या किसी भी शंकराचार्य ने आपके यहां के सिद्धांतों को अपनाया आप अपना रहे
00:17:56:28 हो बता मायावा के खंडन के लिए आए थे आपका सिद्धांत उस समय दुनिया में एजिस्ट नहीं करता था क्या और एजिस्ट करता था तो वो पर्याप्त नहीं था बध के खंडन के लिए क्यों लाना पड़ रहा है झूठा सिद्धांत भाई आपके अनुसार झूठा वेदों के अनुसार नहीं आपके अनुसार और आप जो कहते हो ना मायावादी जो है शंकराचार्य का सिद्धांत है झूठा सिद्धांत है अगर आप ये कहते हो आप वेद विरुद्ध हो जाते हो व्यक्तिगत तर्क अमान्य मषि वेदव्यास स्मति दो 11 पढ़ो अर्ध कुकुट न्याय जो आपने शुरू में कहा है ना मत्स पुराण में दिया हुआ है 152 वा अध्याय 45 वा श्लोक श्रोत स्मार्थ धर्म का सामंजस के साथ जो शिक्षा होती है वही साधु सम्मत धर्म होता है जिन प्रश्नों के उत्तर आपके अनुसार आपको लगता है कि हम दे सकते हैं उनके उत्तर दे दीजिए और बाकी प्रश्नों में ये कह दीजिए कि बच्चों वाले प्रश्नों के हम उत्तर नहीं देते क्या कहा आपने हमारा काम है खंडन करना हमारा काम है धर्म रक्षा करना अच्छा क्या कहा आपने बचकाने प्रश्न चलिए मान लेते हैं बचकाने अब मुझे बता दीजिए वो सार्वभौमिक सिद्धांत क्या है किसी के प्रश्न को बचकाना मानने का कि ये ये होगा पैरामीटर होगा तो इसको बचकाना
00:19:12:10 माना जाएगा अथातो धर्म जिज्ञासा अथातो ब्रह्म जिज्ञासा ब्रह्म सूत्र का कई बार नाम लिया है आपने तो भाई हमारी आपसे कोई लड़ाई नहीं है हमारी लड़ाई तब है जब कोई ईश्वर को वादित करे आप द्वैत के अनुसार प्रतिपादित होने वाले भगवान श्री कृष्ण को सर्वशक्तिमान सिद्ध करिए और कम से कम अल्लाह और जीसस क्राइस्ट से उनका मैच मत कराइए आप क्या क्या तर्क देते हैं कि वहां पर वो सुप्रीम है इसलिए हमने मान लिया खैर आपने इस बारे में बात नहीं की पर आपको बता देता हूं यह तर्क दिया जाता है इसकन के फॉलोअर्स के द्वारा कि वहां पर अल्लाह सुप्रीम हमने इसलिए अल्लाह और कृष्ण को एक बताया है अरे भाई तो इस तरीके से शिव पुराण का ईश्वर भी सुप्रीम है शिव पुराण को मानने वालों के लिए क्यों नहीं कहते शिव और कृष्ण एक है नहीं होगा जवाब ढूंढिए जब ना मिले तो आइएगा शंकर मठ यह नहीं कहा जाएगा कि हर बात का लॉजिक नहीं होता बचकाने प्रश्नों का जवाब हम नहीं देते और क्या था आपका वो मैं मूर्ख हूं हमारा कार्य नहीं है शास्त्रों की गहराई में जाना और सुनिए अगर आपका ये कहना है ना कि उन्होंने इस इस कारण से इस इस
00:20:27:10 कारण से ये कहा तो अधिकृत व्यक्ति ने कहा है तो अधिकृत रूप से कहिए ठप्पा लगाइए कि हमारे व्यक्ति ने इसलिए कहा कि मैं मूर्ख हूं क्योंकि वो प्रश्न गलत थे हमारे व्यक्ति ने गलत कहा इस इस कारण से गलत कहा शास्त्रों की गहराइयों में मत जाना यह करवाने के बाद अपना मुंह लेकर के आइएगा क्षमा करिएगा मुह तो लेकर के आप आए नहीं है और अगर वह सार्वजनिक तौर पर ये घोषित नहीं कर रहे हैं कि उस दिन इस इस कारण से यह यह प्रश्न गलत थे जिस कारण से मैंने यह घोषित किया कि मैं मूर्ख हूं और शास्त्रों की गहराई में जाना हमारा उद्देश्य नहीं है अगर वह नहीं कर रहे हैं इस प्रकार से घोषित तो आप सबसे पहला वीडियो उनके विरोध में बनाइए और जब यह सिद्ध हो जाए जब आप उस संघर्ष में विजय हो जाएं तब आइएगा यहां पर शास्त्र लेकर के कैसे किस प्रकार से मुंह लेकर के आप आते हो जब आपके अधिकृत व्यक्ति यह कह देते हैं कि शास्त्रों की गहराई में जाना हमारा उद्देश्य ही नहीं है कोई पैरामीटर है कि वह प्रश्न बचकाने थे वह प्रश्न मूर्ख मूर्खता पूर्ण थे कोई पैरामीटर है आपके पास
00:21:43:03 कोई सिद्धांत है इस बारे में अब आते हैं आपके जो वर्चस्व वाले जो डायलॉग थे ना जिसमें आप स्वयंभू बन रहे थे निर्णायक बन रहे थे और क्या था धमकियां दे रहे थे अब उस पार्ट पर आते हैं आपने कितनी बार ये कहा है कि अगर बंद कर दो नहीं तो मैं यह कर दूंगा तुम समझ नहीं पाओगे यह है वो है क्या आपके किसी आचार्य ने सिखाया है क्या इस तरह का प्रमाण है आपके पास जो आप य बोल रहे हो कहीं पर सनातन धर्म का कोई सिद्धांत है जो यह कह रहा है कि अपने आप को स्वयंभू घोषित करो विजय सिद्ध करो क्योंकि भगवत गीता में तो भगवान श्री कृष्ण कह रहे हैं कर्मन वादी कारते मा फलेशु कदाचना धमकी दे रहे हो बड़ बत्तिया मार रहे हो अरे भाई यह सब चीजें तब करो ना जब सामने हो क्या क्या कर पाते हो कितनी बड़ी आग हो कितने बड़े सटके हो जो सिद्धांतों को नहीं मानते उन सिद्धांतों को जो चेतन महाप्रभु जी देते हैं उसको आपके अधिकृत लोग मानते हैं मगर आप नहीं मानते हो हम बलवे यह सब चीजें तो तब कहिए ना जब सामने हो मैं यह सब नहीं कह सकता हूं कि मैं आपको उठा के पटक सकता हूं नहीं कहूंगा मैं क्योंकि मैं ऐसी बात नहीं कहना चाहता जिसे मैं सिद्ध ना कर पाऊं
00:22:58:22 यह मैं तब कहूंगा जब मैं सिद्ध कर पाऊंगा कि मैं चाहूं तो आपको उठाकर पटक सकता हूं जमीन में उठा के नहीं कहूंगा मैं अद्वैतवाद नरक जाएंगे सनातन सिद्धांत है शास्त्रों में लिखा है वेदों में लिखा है व्यक्तिगत तर्क अमान्य डालो अपने मन के अंदर य बात डालो खंडन करेंगे शंकराचार्य का क्या कहा जो भी हो घंटा फर्क नहीं पड़ता है अरे भाई मैं अपने गुरु का नाम बता तो रहा हूं आपको तो इतनी शर्म आ रही है कि आप अपने गुरु का नाम ही नहीं बता रहे हो अपनी गुरु परंपरा का नाम बता रहे हो अपने परमार्थिक गुरु का नाम बता रहे हो आपके व्यवहारिक गुरु का नाम बता रहे हो क्या आप आपको दिक्कत हो रही है क्या अपने गुरु का नाम लेने में आप जितनी बार भी आपने कहा ऐसे लोगों के बारे में कहा जो व्यावहारिक रूप से आपके गुरु नहीं है वो स्वर्ग जा चुके हैं नरक जा चुके हैं ब्रह्मलीन हो चुके हैं जो भी कहा जाए उनके लिए मगर वो व्यवहारिक तौर पर आपके गुरु नहीं है आपने क्या कहा आपने क्या कहा जो भी हो अरे
00:24:13:26 भाई मुझे गर्व है कि मैं पुरी के श्रीमद जगतगुरु शंकराचार्य जी का शिष्य हूं मेरे व्यवहारिक गुरु है वो आपने बताया व्यवहारिक गुरु आपके कौन है जितनी बार आप नाम लेते हो क्यों व्यवहारिक गुरु का नाम आपका छोटा है क्या लेने में दिक्कत है क्या आपके पास कोई ऐसा व्यवहारिक गुरु नहीं है क्या जो जिसको पूरे भारत में माना जाए माना जाता हो सम्मान प्राप्त होता हो मैं आपके आचरण के प्रति यह गेस कर रहा हूं कि क्या-क्या वजह हो सकती है आपका अपने व्यवहारिक गुरु के नाम के बारे में ना बताने की आग से खेल रहे हो किसी में सामर्थ्य नहीं है अरे भाई सामर्थ्य इससे पता लगती है कि आपने आज तक किया क्या है यू वीडियोस बनाए हैं केवल नहीं गए आप शंकराचार्य के मठ में अपने आक्षेप का खंडन लेने भय है आपको नहीं था आपके अंदर इतना सामर्थ्य स्वीकार करो वास्तविकता एक बंद कमरे में बैठ कर के कैमरा ऑन करके केवल आपने वीडियो बनाए हैं क्या किया आपने धर्म के लिए धरातल पर केवल उड़ते तीर छोड़े हैं जिसको वो लोग जो किसी एक विशेष विचारधारा के प्रति अंधभक्त
00:25:29:07 हो चुके हैं उनके पास कोई और चारा नहीं है आपकी बातों की बाबाई करने का वो लोग आकर के उड़ते तीरों की वाई कर देते हैं आप खुश हो जाते हो अरे ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करो ना भाई शाश्वत धर्म दो हम शाश्वत हम ले लेंगे लाइए बदलने वाले सिद्धांत क्यों दे रहे हैं वेद में कहा जा रहा है मायावादी क्यों दे रहे हैं और फिर दे रहे तो सनातन मत को दो उसको दूसरा नाम मानो हम सनातन को नहीं मानते हम सनातन ही नहीं है खुल के बोलो जहां तक आपका मन होगा जहां तक आपको सुगमता होगी वहां तक आप उत्तर दोगे अंत में क दोगे अचिंत भदा भेद प्रश्न मत करो चिंतनीय प्रश्न चिंतनीय विषय है ही नहीं इसी कारण से तो दुनिया में लड़ाई है इसी नाम पर ईश्वर को बाधित करने के नाम पर ही तो लड़ाई होती है दुनिया में मुस्लिम सिख ईसाई क्यों मार काट दुनिया में हम पूर्ण ईश्वर को नहीं मानेंगे क्योंकि पूर्ण ईश्वर आएगा तो पूर्ण सिद्धांत आएंगे पूर्ण मानवता आएगी जिसको पूर्ण
00:26:44:08 मानवता से दिक्कत है वह अपूर्ण ईश्वर बनाएगा अपूर्ण ईश्वर का पालन करेगा अपूर्ण ईश्वर की शिक्षाओं को मानेगा और अपूर्ण ईश्वर की शिक्षाए क्या होंगी अपूर्ण मानवता कृष्ण और अल्लाह एक है कृष्ण और यहोवा एक है मगर कृष्ण और शिव एक नहीं है इसको तो इसको आप जस्टिफाई करेंगे आक्षेप करोगे तो आक्षेप मिलेगा आक्षेप किया कहां है भाई अलग से आपको न्यूज मिलती है क्या कोई अंडरग्राउंड और फिर मैं भी सनातन सिद्धांत पूछने लगूंगा
00:27:18:20 आपने क्या कहा था कि बहुत से पहले भी आकर जा चुके हैं यह है वो है यह घमंड है आपको रावण ने भी बहुतों को आया था राम जी को हल्के में ले लिया था राम जी ने कहीं पर सिखाया क्या ये श्री कृष्ण ने कहीं पर सिखाया क्या ये कि अगर आपने कईयों को ध्वस्त कर दिया किसी की तरफ से आने वाले लोगों को तो आप विजय घोषित कर लो स्वयं को सिखाया है क्या तो कहां से सीखे सब अधर्म हों से सनातन विरोधियों से और फिर भी आप सनातनी हो फिर भी आप कृष्ण को पूछते हो अमृत पान हम राम नाम का अमृत पान रोज करते हैं वह पर्याप्त है हमारे लिए वल्लभाचार्य के मत वाले वल्लभाचार्य के ग्रंथों में आपके बारे में क्या लिखा है वो भी जरा देखिए चेतन चरता मृत को झूठ मानते हैं काल्पनिक ग्रंथ मानते हैं क्योंकि उसमें उनके जो वल्लभाचार्य हैं आदरणीय उनके बारे में आपने क्याक लिखा है चेतन चरता मृत में करिए अमृत पान जाकर के आप स्वयं यह कह रहे हो कि आप अद्वैतवाद के खंडन के लिए जीते हैं तो
00:28:33:21 आप तो खुद हीय बता रहे हो कि आपके पास अद्वैतवाद के खंडन के अलावा कोई कार्य नहीं है और उसमें भी आप कर क्या रहे हो चलचित्र बना रहे हो चलचित्र केवल चलचित्र धरातल पर क्या कर रहे हैं आप हां मैं जीता हूं धर्म की रक्षा के लिए हम जीते हैं और मर भी सकते हैं धर्म की रक्षा के लिए और केवल वीडियोस नहीं बनाते पता करिए चैनल को सर्च करिए पता करिए क्या क्या करते हैं धमकी पर धमकी आक्षेप मत करो आक्षेप मत करो मतलब प्रश्न ना करें जो हमारा धर्म हमको सिखा रहा है कि प्रश्न करो व ना करें डर जाए क्योंकि अगर हमने प्रश्न किए तो आप हमारी ऐसी की तैसी कर देंगे वीडियो बनाकर हमको रोकना चाहते हो आप अरे आपको रोकना ही है तो ऐसे रोकिए ना कि हा लगे कि आपको रोकना है आइए सामने फिर बोलिए जो डायलॉग आप यहां बोल रहे हैं पर्दे के पीछे से आइए कहीं पर सामने नहीं आएंगे पता है नहीं आएंगे और हां जिन लोगों को आपने मात दे दी है हरा दिया है अश्लील बातों
00:29:48:22 के आधार पर उनको यह कर दिया वो कर दिया आप अपने आप को तीमार खान समझने लगे तुर्रम खान समझने लगे मुझसे रहम की उम्मीद मत करना हम नहीं करते आपसे धर्म की अपेक्षा हम आपसे तो नहीं करते आपने आज य जो वीडियो बनाया है इसमें आपने यह सिद्ध कर दिया है कि आपसे धर्म की अपेक्षा नहीं की जा सकती है आप जिन सिद्धांतों को स्वयं नहीं अपना रहे हैं उन सिद्धांतों की रक्षा कर रहे हैं आप और खुल के कह रहे हैं मुझे गर्व है रावण बनने में क्योंकि राम ने तो य सिखाया नहीं है कि स्वयं को विजेता घोषित करो धमकी दो राम ने नहीं सिखाया और रामो विग्रहवां धर्म आपका क्या नाम है नाम भी नहीं बताया खर तो फला फला विग्रहवां धर्मा नहीं है रामो विग्रहवां धर्म जो भगवत गीता है ना रामायण है जो शिक्षाएं है हमारे रक्त में बहती है आपने क्या बताया श्लोक आपने उस श्लोक का कुछ अलग ही अ लिया है चलिए मैं दिखाता हूं मेरे रक्त में कौन सा श्लोक है मैं दिखाता
00:31:04:02 हूं कौन सा श्लोक है जो ड्रिल मशीन से मेरे घु सेड़ा गया है मैं दिखाता हूं आपको यह है वह श्लोक यह है वह श्लोक जो मेरे रक्त में बहता है यह है व श्लोक कर्मन वादी कारते मा फलेशु कदाचना यह है व श्लोक कर्मन वादी का रस्ते मा फले सु कदाचना ये है वो श्लोक जो मेरे रक्त में बहता है जान लिया अब करिए जो करना है
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