1
00:00:02,080 --> 00:00:07,040
तो जय श्री राम सभी को। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

2
00:00:07,040 --> 00:00:11,600
और आज का जो विषय है आज की जो लाइव है बहुत ही महत्वपूर्ण

3
00:00:11,600 --> 00:00:15,600
है। एक अभी तक तो

4
00:00:15,600 --> 00:00:19,840
हमारी जानकारी में जो आज हमारे यहां पर आने वाले हैं वो

5
00:00:19,840 --> 00:00:23,840
प्रह्लाद जैसी भूमिका निभा रहे हैं कि

6
00:00:23,840 --> 00:00:29,120
राक्षसों के गढ़ में एक प्रह्लाद ने जन्म ले लिया है और जिसको

7
00:00:29,120 --> 00:00:33,200
धर्म की चिंता है। यद्यपि

8
00:00:33,200 --> 00:00:39,200
ईश्वर की व्याख्या को लेकर के और

9
00:00:39,520 --> 00:00:42,560
रामपाल

10
00:00:42,560 --> 00:00:46,960
को लेकर के हमारे और इनके मत एक जैसे बिल्कुल नहीं होंगे। परंतु

11
00:00:46,960 --> 00:00:50,960
उस विषय में भी इनकी जो मान्यता है रामपाल के विषय में

12
00:00:50,960 --> 00:00:55,280
वो एक अलग है। और कुछ पहलुओं

13
00:00:55,280 --> 00:00:59,280
को लेकर के हम और ये एक नहीं है। परंतु जो सनातन धर्म के

14
00:00:59,280 --> 00:01:03,520
लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां हो रही हैं। उस विषय में यह पूर्णत

15
00:01:03,520 --> 00:01:08,000
हमारे हमारे पक्ष में हैं और पूरे सतलोक गैंग का विरोध कर रहे हैं

16
00:01:08,000 --> 00:01:12,320
और हर तरह से हमारे साथ खड़े रहते हैं। जब भी कोई आवश्यकता इनके

17
00:01:12,320 --> 00:01:16,320
जैसे किसी व्यक्ति की होती है हमारे को तो यह अपनी

18
00:01:16,320 --> 00:01:20,480
पूरी भूमिका प्रस्तुत करते हैं। तो इसके लिए हम इनका आभार भी प्रकट

19
00:01:20,480 --> 00:01:24,640
करते हैं। और यद्यपि अभी

20
00:01:24,640 --> 00:01:28,800
भी रामपाल के लिए ही ये गुरु भाव रखते हैं। ऐसा नहीं है। मगर रामपाल

21
00:01:28,800 --> 00:01:32,800
के लिए गुरु भाव रखते हुए इनकी जो मान्यताएं हैं रामपाल

22
00:01:32,800 --> 00:01:36,960
के विषय में वो वो नहीं है जो

23
00:01:36,960 --> 00:01:41,200
रामपाल को दिखाया जा रहा है प्रस्तुत किया जा रहा है। इनका मानना है कि रामपाल

24
00:01:41,200 --> 00:01:45,280
पर कोई दबाव है। जिस दबाव के कारण उनसे वह वक्तव्य निर्गत

25
00:01:45,280 --> 00:01:49,440
कराए जाते हैं या इसी तरह की और चीजें या फिर उनका एआई के द्वारा

26
00:01:49,440 --> 00:01:53,440
प्रयोग करके और कोई रामपाल की वॉइस में मिलावट

27
00:01:53,440 --> 00:01:54,640
करके कुछ चीजें हैं

28
00:01:54,640 --> 00:01:58,800
जो सनातन धर्म के विरुद्ध फैलाई जाती है। मगर यह पूरा विषय

29
00:01:58,800 --> 00:02:02,880
एक अलग विषय हो गया। मुख्य बात यह है कि जो मामला

30
00:02:02,880 --> 00:02:07,120
है जितने भी आपराधिक कृत रामपाल तंत्र रामपाल नामक

31
00:02:07,120 --> 00:02:11,120
तंत्र की ओर से जो किए जा रहे हैं उन सभी आपराधिक कृत्यों का यह

32
00:02:11,120 --> 00:02:15,200
पूर्णतः विरोध करते हैं। डंके की चोट पर विरोध करते हैं और मेरे

33
00:02:15,200 --> 00:02:19,600
और आपसे ज्यादा प्रखर होकर के उनका विरोध करते हैं। इस कारण से रामपाल

34
00:02:19,600 --> 00:02:23,680
गैंग के द्वारा ही इनके ऊपर कई बार फर्जी मुकदमे लगाने का प्रयास भी हो

35
00:02:23,680 --> 00:02:27,760
चुका है। ये फर्जी मुकदमों में फंस के उनसे लड़ के

36
00:02:27,760 --> 00:02:31,840
जीत चुके हैं और इनका अभी भी संघर्ष जारी है। है

37
00:02:31,840 --> 00:02:36,160
ना? तो ये अपने आप में एक प्रह्लाद

38
00:02:36,160 --> 00:02:41,760
की भूमिका निभा रहे हैं। भले ही वो विषय

39
00:02:41,760 --> 00:02:45,760
हमारे सनातन देवी देवताओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियों

40
00:02:45,760 --> 00:02:50,000
का हो। भले ही सनातन धर्म का अपमान का हो। यानी कि हमारे वेदाद शास्त्रों

41
00:02:50,000 --> 00:02:54,080
के अपमान का हो। भले ही हमारे त्योहारों के अपमान का हो। हर उस विषय

42
00:02:54,080 --> 00:02:58,400
में जिस पर हमें आपत्ति है। हर उस विषय में यह हमारे पक्ष की ओर खड़े हैं।

43
00:02:58,400 --> 00:03:02,400
तो आज यह बहुत सारे ऐसी चीजें आपके समक्ष प्रस्तुत करने वाले

44
00:03:02,400 --> 00:03:07,200
हैं जो देखकर जो सुनकर आप चौंकने वाले हैं। और

45
00:03:07,200 --> 00:03:11,760
यह जो सीरीज है इनके साथ यह रामपाल

46
00:03:11,760 --> 00:03:17,760
नामक राक्षस जो तंत्र है रामपाल का जो तंत्र है उसमें

47
00:03:18,240 --> 00:03:22,240
जन्म लेने वाले प्रह्लाद का यह जो यह जो श्रंखला है ये

48
00:03:22,240 --> 00:03:26,960
हमने अभी तक जो सुनिश्चित की है तीन भाग में है। एक भाग में

49
00:03:26,960 --> 00:03:31,120
रामपाल की जो किताबें हैं उसको लेकर के पोल खोली

50
00:03:31,120 --> 00:03:36,400
जाएगी रामपाल गैंग की। दूसरा मामला है कि

51
00:03:36,400 --> 00:03:40,640
जो कोर्ट केस से संबंधित जो मिथ्याएं हैं कोर्ट केसेस वगैरह

52
00:03:40,640 --> 00:03:44,640
उसको लेकर के और तीसरा है कि और इसके

53
00:03:44,640 --> 00:03:48,800
अलावा जो षड्यंत्र रामपाल गैंग में चल रहा है जो अंदर की बातें हैं जो

54
00:03:48,800 --> 00:03:52,960
सामान्यत आपको और मुझको मालूम होना संभव नहीं है वो सारी बातें

55
00:03:52,960 --> 00:03:57,040
आपके समक्ष लेकर के आएंगे तो हम सबसे पहले इनको ऊपर ले लेते हैं

56
00:03:57,040 --> 00:04:01,120
और आपसे निवेदन है अच्छा इनका रामचंद्र

57
00:04:01,120 --> 00:04:03,840
जी का एक

58
00:04:03,840 --> 00:04:07,840
पुराना लाइव और है हमारे हमारे साथ तब भी इन्होंने बहुत ही हैरतंगेज

59
00:04:07,840 --> 00:04:12,000
बहुत ही चौंका देने वाले खुलासे किए थे। लगभग एक डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था दो वर्ष

60
00:04:12,000 --> 00:04:16,000
पूर्व जिसमें जिसका टाइटल है आज खुलेगा राज। तो कुछ

61
00:04:16,000 --> 00:04:20,080
ऐसे ही है आज इनके साथ चर्चा है। यह भाग एक है जिसमें कि

62
00:04:20,080 --> 00:04:24,160
हम इनके साथ जो रामपाल का जो रामपाल के द्वारा रामपाल

63
00:04:24,160 --> 00:04:29,280
तंत्र के द्वारा जो किताबें फैलाई जा रही है उसको लेकर के हमारी चर्चा होने वाली है।

64
00:04:29,280 --> 00:04:34,400
हमने अभी एक रील डाली है Instagram पर वो रील आप लोग देखें।

65
00:04:34,400 --> 00:04:38,400
हम लोग जहां पर रामपाल का समर्थन करने वाला व्यक्ति है

66
00:04:38,400 --> 00:04:42,560
वहां उसके आसपास के जो हिंदू हैं उनको जाकर के वो जो रामपाल

67
00:04:42,560 --> 00:04:46,800
का समर्थक है उसका नाम बता रहे हैं इस व्यक्ति का बॉयकॉट करो अगर इसकी

68
00:04:46,800 --> 00:04:50,880
दुकान है उससे लेना देना बंद करो अगर वह आपके घर के पास रहता है आपका कोई

69
00:04:50,880 --> 00:04:55,200
संबंध है उससे संबंध तोड़ो सीधी सी बात है आपकी दुर्गा

70
00:04:55,200 --> 00:04:59,520
मां को आपके प्रभु श्री रामचंद्र को आपके भगवान

71
00:04:59,520 --> 00:05:03,840
श्री कृष्ण को आपकी धार्मिक आस्थाओं को चोट

72
00:05:03,840 --> 00:05:08,160
पहुंचाने वाला, उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वाला

73
00:05:08,160 --> 00:05:12,800
और उन टिप्पणी करने वालों को करने वाले को समर्थन देने वाला व्यक्ति

74
00:05:12,800 --> 00:05:16,800
यदि आपके आसपास है और आप कुछ नहीं कर रहे हो और वो चैन से सो

75
00:05:16,800 --> 00:05:21,200
रहा है तो इसका अर्थ है आपके जीवन पर धिक्कार है।

76
00:05:21,200 --> 00:05:25,440
ठीक है? अगर आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है

77
00:05:25,440 --> 00:05:29,600
जो रामपाल का समर्थन कर रहा है जो रामपाल जैसे किसी

78
00:05:29,600 --> 00:05:34,800
व्यक्ति जो कि दुर्गा माता को गाली देने वाली टिप्पणियां

79
00:05:34,800 --> 00:05:38,880
फैला रहा है समाज में उनके बारे में अश्लील भ्रामक

80
00:05:38,880 --> 00:05:42,960
दुष्प्रचार कर रहा है और वो आपके आसपास कहीं रहता

81
00:05:42,960 --> 00:05:47,200
है और वो चैन से रह रहा है और आप आराम से सो रहे हो

82
00:05:47,200 --> 00:05:50,240
इसका मतलब आपके जीवन पर धिक्कार है

83
00:05:50,240 --> 00:05:55,040
बिना कुछ किए आप सो रहे इसलिए आत्मचिंतन करो कि आप कौन हो

84
00:05:55,040 --> 00:06:00,400
और आपके बगल में रहने वाला कौन है और

85
00:06:00,400 --> 00:06:05,200
इस पर जो है आपका यही विचार आप कुछ करिए

86
00:06:05,200 --> 00:06:09,440
कुछ नहीं कर सकते तो अपने हिंदुओं को बताइए एक दिन में कम से कम चार हिंदुओं

87
00:06:09,440 --> 00:06:13,760
को तो बताइए अपने आसपास के अरे भैया पर्चा नहीं बांट सकते छपवा के पोस्टर

88
00:06:13,760 --> 00:06:17,760
नहीं लगा सकते पुतला नहीं फूंक सकते मौखिक तो बता सकते हो कि

89
00:06:17,760 --> 00:06:22,080
रामपाल बॉयकॉट अभियान चल रहा है बॉयकॉट रामपाल अभियान चल रहा रामपाल

90
00:06:22,080 --> 00:06:26,480
के लोगों को लोगों से बात करना बंद करो।

91
00:06:26,480 --> 00:06:30,880
रामपाल को मानने वाले लोगों से बात करना बंद करो। रामपाल के रामपाल

92
00:06:30,880 --> 00:06:34,880
को मानने वालों वाले लोगों को नौकरी देना बंद करो। अपने यहां रखना बंद

93
00:06:34,880 --> 00:06:38,960
करो। नौकरी पर रामपाल को मानने वाले लोगों की दुकान से सामान

94
00:06:38,960 --> 00:06:43,120
खरीदना बंद करो। अगर कोई वो सर्विस उपलब्ध करा रहा है तो उससे सर्विस लेना बंद

95
00:06:43,120 --> 00:06:47,120
करो। जीवन भले ही थोड़ा कठिन हो जाए, थोड़ा महंगा हो जाए मगर बंद

96
00:06:47,120 --> 00:06:51,120
करो। बॉयकॉट करो उनका। है ना? अगर आप इस बारे

97
00:06:51,120 --> 00:06:55,120
में कुछ नहीं कर रहे हैं। यह मौखिक रूप से भी बता नहीं पा रहे

98
00:06:55,120 --> 00:06:59,200
तो धिक्कार है आपके जीवन का। यदि आप अपने आप को हिंदू मानते हो,

99
00:06:59,200 --> 00:07:03,360
यदि आप अपनी दुर्गा माता को मां मानते हो, यदि या आप

100
00:07:03,360 --> 00:07:05,280
राम को भगवान मानते हो, कृष्ण को

101
00:07:05,280 --> 00:07:09,600
भगवान मानते हो, यदि आप अपने आप को सनातन वैदिक आर्य हिंदू

102
00:07:09,600 --> 00:07:13,680
मानते हो। है ना? और आप मस्त आराम से सो

103
00:07:13,680 --> 00:07:18,000
रहे हैं बिना कुछ किए तो धिक्कार है आपके जीवन में। आप स्वयं

104
00:07:18,000 --> 00:07:22,160
का आत्मवलोकन आप करें। ठीक है? और इसका उदाहरण

105
00:07:22,160 --> 00:07:26,160
मैंने आपके समक्ष बहुत बार प्रस्तुत कर दिया है। हर तरह से प्रस्तुत किया है।

106
00:07:26,160 --> 00:07:30,240
मैं कोर्ट में हूं। मैं मैं स्वयं शारीरिक

107
00:07:30,240 --> 00:07:34,240
बल के साथ खड़ा हूं। शास्त्र के बल के साथ खड़ा हूं। संघ के बल के साथ

108
00:07:34,240 --> 00:07:38,320
खड़ा हूं। हम जैसे भी हो सकता है हर तरह से मैंने अपनी लड़ाई लड़ी

109
00:07:38,320 --> 00:07:42,480
है और इसीलिए यह सब लड़ने के बाद मुझे चैन की नींद आती है। अगर इनमें

110
00:07:42,480 --> 00:07:46,480
से इसमें से कुछ भी किए बिना आपको चैन की नींद आ रही है तो धिक्कार है फिर

111
00:07:46,480 --> 00:07:50,960
आपके जीवन को। इसीलिए कहा है कि अब भी जिसका खून ना खौला

112
00:07:50,960 --> 00:07:54,960
खून नहीं वो पानी है। जो धर्म के काम ना आए वो

113
00:07:54,960 --> 00:07:58,960
बेकार जवानी है। द्वंद कहां तक पाला जाए?

114
00:07:58,960 --> 00:08:03,200
युद्ध कहां तक टाला जाए। तू भी है राणा का वंशज। फेंक जहां तक

115
00:08:03,200 --> 00:08:07,280
भाला जाए। जहां तक भाला जाए वहां तक तो फेंको। भले ही वह हरियाणा

116
00:08:07,280 --> 00:08:11,280
तक ना पहुंचे। अपने बगल वाले तक तो पहुंचेगा। प्रचार करो।

117
00:08:11,280 --> 00:08:16,160
उसके बारे में बताओ। जैसे ये लोग अपनी किताबें ले ले घूमते हैं। ऐसे ही तुम

118
00:08:16,160 --> 00:08:20,240
अपने बगल वाले रामपाली की जानकारी दो। दूसरे हिंदू को इसका

119
00:08:20,240 --> 00:08:20,800
बॉयकॉट

120
00:08:20,800 --> 00:08:24,880
करो। ठीक है? तो कोई और अच्छा मोबाइल

121
00:08:24,880 --> 00:08:30,080
अगर आसपास है तो उससे जुड़िए आप।

122
00:08:30,080 --> 00:08:33,840
एक बार ट्राई कर लीजिए।

123
00:08:33,840 --> 00:08:39,840
ठीक है?

124
00:08:41,280 --> 00:08:46,400
ठीक है। तब तक मैं एक काम करता हूं।

125
00:08:46,400 --> 00:08:51,200
फोन लगा लेता हूं इनके सतलोक आश्रम में।

126
00:08:51,200 --> 00:08:57,200
क्या कहते हो भाइयों?

127
00:08:58,560 --> 00:09:03,280
भाई वहां खबर कर दो। शिवश का फोन आने वाला है। हाई अलर्ट पर आ जाओ तुम लोग।

128
00:09:03,280 --> 00:09:07,440
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत

129
00:09:07,440 --> 00:09:11,760
रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता

130
00:09:11,760 --> 00:09:16,000
करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा

131
00:09:16,000 --> 00:09:20,000
की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल जी

132
00:09:20,000 --> 00:09:24,080
महाराज द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के लिए कृपया

133
00:09:24,080 --> 00:09:30,000
तीन दबाएं। संत रामपाल जी महाराज

134
00:09:30,000 --> 00:09:34,320
कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

135
00:09:34,320 --> 00:09:40,320
है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे।

136
00:09:40,990 --> 00:09:46,990
[संगीत]

137
00:09:53,200 --> 00:09:57,440
हां जी जय श्री राम

138
00:09:57,440 --> 00:09:59,600
हेलो

139
00:09:59,600 --> 00:10:04,400
जी जी जी ये कह रहा था ये रामपाल जी जो अभी

140
00:10:04,400 --> 00:10:08,800
एक लाइव करने वाले हैं जिसको वो शास्त्रार्थ कह रहे हैं

141
00:10:08,800 --> 00:10:12,800
तो उसमें रामपाल जी कौन-कौन से शास्त्रों को प्रमाण

142
00:10:12,800 --> 00:10:16,800
मानते हैं संत रामपाल जी महाराज जी जो

143
00:10:16,800 --> 00:10:20,960
वीडियो पब्लिश किए हैं जी हां तो उस

144
00:10:20,960 --> 00:10:25,440
वीडियो में शास्त्र का नाम भी बता दिए हैं कि किन शास्त्रों से प्रमाणित

145
00:10:25,440 --> 00:10:30,080
करके दिखाएं ले जा रहे हैं। अच्छा अच्छा अच्छा तो उसमें

146
00:10:30,080 --> 00:10:35,040
उसमें उन्होंने उसमें उन्होंने एक शास्त्र का नाम लिया है।

147
00:10:35,040 --> 00:10:39,440
कबीर वाणी कबीर वाणी हां कबीर

148
00:10:39,440 --> 00:10:43,760
वाणी उसको उसको कहा है सूक्ष्म वेद हां कबीर

149
00:10:43,760 --> 00:10:47,760
सागर कबीर हां सूक्ष्म वेद एक कबीर सागर है और एक

150
00:10:47,760 --> 00:10:52,400
सूक्ष्म वेद है सूक्ष्म वेद कौन सा है पांचवा

151
00:10:52,400 --> 00:10:56,160
वेद हाँ तो उसका नाम क्या है कबीर वाणी नाम है किस क्या है

152
00:10:56,160 --> 00:11:00,880
अमर ग्रंथ साहेब अमर ग्रंथ साहेब वो है सूक्ष्म वेद

153
00:11:00,880 --> 00:11:05,280
उसी उसी को पंचम वेद भी कहते हैं हाँ जी हां

154
00:11:05,280 --> 00:11:09,440
तो वो मतलब हिंदुओं के लिए वो प्रमाण कैसे

155
00:11:09,440 --> 00:11:13,520
है? यह पूछ रहा था। हिंदुओं के लिए उसी में

156
00:11:13,520 --> 00:11:17,520
प्रमाण है। मतलब उन्होंने ये कहा ना कि वो परमात्मा वो परमात्मा

157
00:11:17,520 --> 00:11:23,040
की वाणी है। उन्होंने ये कहा ऐसा है क्या?

158
00:11:23,040 --> 00:11:27,120
देखिए जैसे कि सब बोलते हैं ना कि भगवान

159
00:11:27,120 --> 00:11:31,200
कौन है? किस नहीं नहीं मैं मैं ये कह रहा हूं। मैं ये कह रहा हूं।

160
00:11:31,200 --> 00:11:35,200
अभी मैं यह पूछ रहा हूं कि वो वो जो शास्त्र है जिसको आप पंचम वेद

161
00:11:35,200 --> 00:11:39,200
कह रहे हो या सूक्ष्म वेद कह रहे हो उसको वो

162
00:11:39,200 --> 00:11:43,360
जो शास्त्र है वो हमारे लिए प्रमाण मतलब वो किसकी वाणी है जिसके कारण

163
00:11:43,360 --> 00:11:49,360
हम उसे प्रमाण माने किसकी वाणी है वो

164
00:11:49,680 --> 00:11:54,080
वो पंचम वेद है जी ठीक है तो पंचम वेद है वो वो किसकी

165
00:11:54,080 --> 00:11:58,080
गरीब दास जी महाराज जी ने लिखा था गरीब दास जी कौन है किसको

166
00:11:58,080 --> 00:12:03,440
मानते थे भगवान वो

167
00:12:03,440 --> 00:12:07,600
भाग गया खत्म टू स्टॉप द

168
00:12:07,600 --> 00:12:10,800
ट्रेन पुल द चैन

169
00:12:10,800 --> 00:12:14,880
तो बोलो हनुमान की जय

170
00:12:14,880 --> 00:12:18,080
अच्छा

171
00:12:18,080 --> 00:12:23,680
हम राम के भक्त जरा दूजे किस्म के क्यों

172
00:12:23,680 --> 00:12:27,760
हां भाई यादव जी मुझे लगता है ना आपकी पिक्चर

173
00:12:27,760 --> 00:12:33,760
अभी भी चिपक ही रही है यादव जी मैं क्या बताऊं

174
00:12:36,720 --> 00:12:42,720
आप आ गए लाइव?

175
00:12:43,600 --> 00:12:48,400
चलिए एक फोन और लगाते हैं तब तक जब तक यादव जी दोबारा आ रहे हैं।

176
00:12:48,400 --> 00:12:53,600
दूसरे नंबर पे लगाते हैं क्योंकि पहला नंबर पे शायद वही व्यक्ति आएगा वो फिर काट देगा।

177
00:12:53,600 --> 00:12:55,920
देखा

178
00:12:55,920 --> 00:13:00,080
रामपाली निकट ना आवे शिवश द्विवेदी जब

179
00:13:00,080 --> 00:13:04,700
नाम सुनावे

180
00:13:04,700 --> 00:13:07,970
[हंसी]

181
00:13:07,970 --> 00:13:13,440
[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] भाई क्या है नंबर दूसरा

182
00:13:13,440 --> 00:13:17,440
वो वो लोग आप लोग कमेंट कर पाएंगे क्या वह जो नंबर था एक और से

183
00:13:17,440 --> 00:13:23,440
वाली सीरीज थी वह

184
00:13:24,960 --> 00:13:29,360
यह प्रश्न क्यों पूछ रहा हूं मैं? यह व्यक्ति हमसे आ रहा है

185
00:13:29,360 --> 00:13:33,680
इस विषय में शास्त्रार्थ करने कि भाई जो

186
00:13:33,680 --> 00:13:37,680
जिसको आप भगवान समझ रहे हो वो भगवान नहीं है। भगवान जो है कौन है?

187
00:13:37,680 --> 00:13:41,840
कबीर। ठीक है? यानी कि हम यह मानते हैं कबीर भगवान नहीं है। और

188
00:13:41,840 --> 00:13:45,840
वो यह मानता है कि कबीर भगवान है। इसी बात को सिद्ध करने के लिए वो आ रहा है।

189
00:13:45,840 --> 00:13:50,800
ठीक? अब उसने क्या किया है? चलो वो शास्त्र के नाम तो बता नहीं पाएगा उससे।

190
00:13:50,800 --> 00:13:54,880
पूछ ले कि छह शास्त्र कौन-कौन से हैं? वेदा वेद वेदांग कौन-कौन से हैं? वो

191
00:13:54,880 --> 00:13:58,960
नहीं बता पाएगा। मगर हम उसकी बात

192
00:13:58,960 --> 00:14:03,120
को ही लेकर के चले तो उसने कहा कि भाई हमारे उसने पहले ही चिपका दिया। पुराणों का

193
00:14:03,120 --> 00:14:07,200
नाम लिया, रामचरितमानस का नाम लिया, वाल्मीकि रामायण का नाम

194
00:14:07,200 --> 00:14:11,440
लिया, महाभारत का नाम लिया। महाभारत है तो गीता भी हो गई। वेद और पुराण

195
00:14:11,440 --> 00:14:16,080
वेद और पुराण हो गए। उपनिषद का नाम लेना भूल गया। जहां तक है उसको

196
00:14:16,080 --> 00:14:21,280
उपनिषद की महत्ता नहीं पता होगी इतनी। खैर या फिर वो इतना

197
00:14:21,280 --> 00:14:25,280
पंडित वाला होगा, इतना जानकार होगा कि वो जानता होगा कि उपनिषद भी

198
00:14:25,280 --> 00:14:29,280
वेद ही है। तो वेद कह करके उसने काम चला लिया। मगर हम इस पॉइंट पर आए

199
00:14:29,280 --> 00:14:33,600
कि उसने लास्ट में एक अपना चिपका दिया कि भाई ये भी प्रमाण है। क्या प्रमाण है?

200
00:14:33,600 --> 00:14:37,680
के वो जो उनका पंचम छमछम वेद है। जबकि पंचम वेद कहा गया

201
00:14:37,680 --> 00:14:40,080
है। हमारे शास्त्रों में प्रमाण कई बार दे

202
00:14:40,080 --> 00:14:44,080
चुका हूं। पंचम वेद, इतिहास, पुराण, महाभारत इत्यादि को कहा गया है। अब उसने कहा

203
00:14:44,080 --> 00:14:48,320
कि गरीब दास की वाणी को प्रमाण के नाम पर उसने पंचम वेद और छमछम वेद के नाम पर चिपका

204
00:14:48,320 --> 00:14:52,640
दिया। ठीक है? अब जो शास्त्रार्थ

205
00:14:52,640 --> 00:14:56,880
किस बात का है? इस बात का कि कबीर भगवान है।

206
00:14:56,880 --> 00:15:01,040
यह बोल रहा है रामपाल। या मतभेद किस बात का? शास्त्रार्थ तो होगा

207
00:15:01,040 --> 00:15:05,680
ही कहां से? रामपाल का कहना है कि

208
00:15:05,680 --> 00:15:09,760
जो कबीर है वह भगवान है। हमारा कहना है कबीर भगवान नहीं है। वह तो भगवान के भक्त है। अब

209
00:15:09,760 --> 00:15:13,760
उसने अपना एक छमछम वेद छम्मा छम्मा वाला चिपका दिया। अब छमम

210
00:15:13,760 --> 00:15:17,760
छमम वेद क्या है? छममछम वेद को उसने कहा कि वो परमेश्वर

211
00:15:17,760 --> 00:15:22,240
की सीधे सीधे वाणी है या परमेश्वर से ही आया हुआ ज्ञान है। सीधेसीधे।

212
00:15:22,240 --> 00:15:26,960
ठीक है? इसका मतलब परमेश्वर यानी सीधे-सीधे कबीर

213
00:15:26,960 --> 00:15:30,960
उसके अनुसार। तो हमारे बीच में तकरार किस बात को लेकर है

214
00:15:30,960 --> 00:15:35,040
कि कबीर को भगवान मानना है कि नहीं मानना है। ठीक है? और यह

215
00:15:35,040 --> 00:15:39,280
तकरार होने से पहले वह कबीर को भगवान मानते हुए उनके

216
00:15:39,280 --> 00:15:43,280
द्वारा कोई अपने मनगढ़ंत जो ग्रंथ कबीर के नाम पर लिखे गए उस ग्रंथ को चिपका

217
00:15:43,280 --> 00:15:47,280
रहा है कि यह भी प्रमाण है। अरे उसको अगर हम प्रमाण मान

218
00:15:47,280 --> 00:15:51,920
लेंगे निश्चित होने से पहले तो इसका मतलब हमने

219
00:15:51,920 --> 00:15:55,280
यह जो डिबेट है या वैचारिक मतभेद है इस पर

220
00:15:55,280 --> 00:15:59,280
तर्क वितर्क करने से पहले ही ये मान लिया कि कबीर भगवान है। अगर हमने उसको

221
00:15:59,280 --> 00:16:03,280
प्रमाण मान लिया तो भाई उसको प्रमाण क्यों माने यही

222
00:16:03,280 --> 00:16:07,600
बात तो यही तो हमारा हमारे बीच का मतभेद है। उसको प्रमाण

223
00:16:07,600 --> 00:16:11,760
क्यों माने माने का अर्थ है कि हम कबीर को भगवान क्यों माने?

224
00:16:11,760 --> 00:16:16,320
तो कबीर को भगवान मानने मानने की जो तर्क वितर्क हो रही है, प्रश्नोत्तरी

225
00:16:16,320 --> 00:16:20,320
हो रही है, उस डिबेट को उसका आधार क्या है? कि भैया पहले आप

226
00:16:20,320 --> 00:16:24,400
इसको प्रमाण मान लीजिए तब इसके आधार पर होगा। यानी

227
00:16:24,400 --> 00:16:28,560
कि कबीर को भगवान मानना है कि नहीं मानना इस विषय में चर्चा

228
00:16:28,560 --> 00:16:32,720
होने से पहले कबीर को भगवान मानकर हम लोग उसके द्वारा

229
00:16:32,720 --> 00:16:36,800
इनके अनुसार कबीर के नाम पर छापे गए जो ग्रंथ है उसको अपना प्रमाण

230
00:16:36,800 --> 00:16:41,120
मान ले यानी कि प्रतियोगिता से पहले ही हम हार मान ले

231
00:16:41,120 --> 00:16:45,440
बंद होने से पहले ही हम हार मान ले और ये है रामपाल का

232
00:16:45,440 --> 00:16:51,040
दावा शास्त्रार्थ का हा इसको कहते हैं दावा

233
00:16:51,040 --> 00:16:55,040
चलिए दूसरा मिलाते हैं अब आ गए यादव जी आ गए अब

234
00:16:55,040 --> 00:16:59,680
अच्छी तैयारी के साथ आए हैं लग रहा

235
00:16:59,680 --> 00:17:03,840
हां जी जय श्री राम यादव जी जय श्री राम जय श्री राम हां

236
00:17:03,840 --> 00:17:08,800
अब अब आपकी जो है चिपक नहीं रही बहुत बढ़िया मैं तो आज उम्मीद छोड़ चुका था

237
00:17:08,800 --> 00:17:14,800
अरे क्या कम जो है उपाय नहीं

238
00:17:14,960 --> 00:17:19,120
अब ठीक है अब ठीक है बहुत बढ़िया चलिए अब शुरू करते हैं बहुत देर हो चुकी आप

239
00:17:19,120 --> 00:17:23,280
अपनी बात जो भी रखनी जो भी आप रख चुके जो एक बार अगर दोबारा से शुरुआत

240
00:17:23,280 --> 00:17:27,680
करना चाहे तो कर लीजिए जी जी तो

241
00:17:27,680 --> 00:17:32,720
हम अब बोले दोबारा से शुरुआत करें। हां हां दोबारा जी

242
00:17:32,720 --> 00:17:37,920
सबसे पहले तो मैं आपके गुरु जी को सादर प्रणाम करता हूं।

243
00:17:37,920 --> 00:17:42,000
आपके माता पिता जी को सादर प्रणाम करता हूं और

244
00:17:42,000 --> 00:17:46,080
आपके जितने आपके सहयोगी उनको भी मैं सादर प्रणाम

245
00:17:46,080 --> 00:17:50,480
करता हूं। और जितने हमारे ये जो दर्शक लोग हैं उनको

246
00:17:50,480 --> 00:17:55,120
भी मैं सादर प्रणाम करता हूं। और

247
00:17:55,120 --> 00:18:00,800
कान आप जैसा कि आपने मेरा परिचय बता दिया कानपुर से रामचंद्र दास

248
00:18:00,800 --> 00:18:05,120
और आज परमेश्वर की दया से जो संत रामपाल

249
00:18:05,120 --> 00:18:08,640
जी महाराज के नाम की पुस्तकें

250
00:18:08,640 --> 00:18:12,880
जो फर्जी पुस्तकें छापी जा रही है। ज्ञान जीने की राह अंध श्रद्धा भक्ति

251
00:18:12,880 --> 00:18:15,680
कथाए जान आदि आज पुस्तकें

252
00:18:15,680 --> 00:18:19,840
हजारों प्रकार की पुस्तकें उतार दी मैदान में उनके

253
00:18:19,840 --> 00:18:24,080
बारे में आज आपको दिखाया जाएगा कि कितने किस प्रकार से इन्होंने पुस्तकों में मिलावट

254
00:18:24,080 --> 00:18:28,240
की है और किस-किस प्रकार से जैसे आठ आठ प्रकार

255
00:18:28,240 --> 00:18:32,320
की ज्ञान पुस्तक इन्होंने छापी तो आज परमेश्वर की दया

256
00:18:32,320 --> 00:18:37,280
से उसका पूरा खुलासा किया जाएगा और इसीलिए जो है

257
00:18:37,280 --> 00:18:41,360
आज ये परमात्मा ने ऐसा सौभाग्य किया कि आपके

258
00:18:41,360 --> 00:18:47,360
सबके सामने लाइव डिबेट के लिए आने का मौका दिया। तो

259
00:18:47,760 --> 00:18:52,400
मैं बताना चाहता हूं कि जैसे कि

260
00:18:52,400 --> 00:18:57,120
ये शुरुआत में ये पुस्तक थी भक्ति सौदागर का संदेश

261
00:18:57,120 --> 00:19:02,240
एक मिनट यादव जी एक मिनट एक मिनट

262
00:19:02,240 --> 00:19:06,400
थोड़ा सा थोड़ा सा एक संक्षिप्त विवरण दोबारा से मैं बता दूं आप सभी को

263
00:19:06,400 --> 00:19:10,480
जी जी जी कि आज ये जो श्रंखला है

264
00:19:10,480 --> 00:19:14,640
ये जो सतलोक पूरा रामपाल का जो गैंग है रामपाल के नाम से चल रहा

265
00:19:14,640 --> 00:19:18,480
है। उसको लेकर के जो

266
00:19:18,480 --> 00:19:22,480
बहुत सारे खुलासे होने हैं वो तीन भागों में हमने बांटा है

267
00:19:22,480 --> 00:19:26,640
यादव जी और हमने पहला खुलासा किताबों को लेकर के होगा। इस

268
00:19:26,640 --> 00:19:30,880
इस बारे में तीनों भागों के बारे में आप पहले बता दीजिए जिससे कि आगे वालों आगे

269
00:19:30,880 --> 00:19:35,200
वाले जो श्रंखला के पार्ट है उसके बारे में अभी से विवरण उनको प्राप्त हो जाए।

270
00:19:35,200 --> 00:19:39,200
वो जो तीन भाग हमने बनाए थे ना एक तो हो गया किताबों का एक हो गया जो

271
00:19:39,200 --> 00:19:43,200
कोर्ट केस से संबंधित और एक और था कोई तीन भाग थे। तो तीनों के

272
00:19:43,200 --> 00:19:47,280
बारे में अभी बता दीजिए आप। जी तो जैसा कि

273
00:19:47,280 --> 00:19:52,080
आज हम लोग पुस्तकों के बारे में बताएंगे कि

274
00:19:52,080 --> 00:19:56,640
इस प्रकार जैसे आठ प्रकार की ज्ञान का पुस्तक का प्रमाण हमारे पास है।

275
00:19:56,640 --> 00:20:00,720
किस तरह कहां क्या मिलावट की है और कैसे इन्होंने इतना मकड़ जाल

276
00:20:00,720 --> 00:20:05,600
बनाया है कि इनके चक्रव्यूह को हर आदमी समझ ही नहीं सकता।

277
00:20:05,600 --> 00:20:10,240
तो उसका आज पूरा मतलब परमात्मा दया करेंगे तो पूरा खुलासा इसका होगा।

278
00:20:10,240 --> 00:20:15,040
इसके बाद जो किस तरह से संत रामपाल जी महाराज कोथा

279
00:20:15,040 --> 00:20:17,600
कांड या बरवाला कांड कराया गया।

280
00:20:17,600 --> 00:20:21,760
किस तरह से मतलब जो है जो एफआईआर हुई उनका पूरा

281
00:20:21,760 --> 00:20:26,000
जजमेंट का पूरा विस्तार से पूरा बताया जाएगा।

282
00:20:26,000 --> 00:20:30,000
और तीसरी बात कि जो कोर्ट की अवमानना का

283
00:20:30,000 --> 00:20:34,560
जो केस लगा था संत रामपाल जी महाराज पर तो उसमें कोर्ट की अवमानना

284
00:20:34,560 --> 00:20:38,640
का केस क्यों लगा और संत रामपाल जी महाराज

285
00:20:38,640 --> 00:20:43,680
ने 268 2014 को माफी मांगी और इसके बाद

286
00:20:43,680 --> 00:20:48,080
2025 में जी जो

287
00:20:48,080 --> 00:20:52,080
माफी मांग करके जेल से बाहर आए हैं अमान

288
00:20:52,080 --> 00:20:56,240
की माफी मांगी वहां कोर्ट में तो कोर्ट की अवमान का जितना विवरण है

289
00:20:56,240 --> 00:21:00,400
वो सब आपको तीसरे पार्ट में दिखाया जाएगा। है ना?

290
00:21:00,400 --> 00:21:05,040
जिसमें कि ये सम्मिलित होगा कि संत रामपाल जी महाराज ने कोर्ट में

291
00:21:05,040 --> 00:21:09,280
हाई कोर्ट में नाक रगड़ के माफी मांगी। यानी कि यू कहे

292
00:21:09,280 --> 00:21:13,360
कि साहब मुझे जमानत पर छोड़ दीजिए और मैं

293
00:21:13,360 --> 00:21:17,600
आपकी सारी बात मानूंगा और कभी गलती नहीं करूंगा। दूसरी बात संत

294
00:21:17,600 --> 00:21:22,080
रामपाल जी महाराज के नाम से जो आश्रम वगरा चलता हुआ दिखाई देगा

295
00:21:22,080 --> 00:21:26,080
तो इसकी 26 26 नवंबर

296
00:21:26,080 --> 00:21:31,120
28 नवंबर 2014 से 5 मई 2015 तक

297
00:21:31,120 --> 00:21:33,200
भारत सरकार हरियाणा

298
00:21:33,200 --> 00:21:37,280
गृह मंत्रालय और इसने पूरी इनकी जांच

299
00:21:37,280 --> 00:21:41,360
कराई थी कि संत रामपाल जी महाराज की संपत्ति संत रामपाल जी महाराज

300
00:21:41,360 --> 00:21:45,520
का ट्रस्ट और संत रामपाल जी महाराज जो अनुयाई है इनकी पूरी

301
00:21:45,520 --> 00:21:49,600
प्रॉपर्टी की जांच की जाए क्योंकि लगभग 27 करोड़ सरकार खर्च हुआ था

302
00:21:49,600 --> 00:21:53,760
जब संत रामपाल जी महाराज को अरेस्ट किया गया था बरवाला कांड में तो जब वो जांच

303
00:21:53,760 --> 00:21:58,000
की तो संत रामपाल जी महाराज के नाम का कोई आश्रम नहीं पाया गया। संत

304
00:21:58,000 --> 00:22:02,000
रामपाल जी महाराज के नाम का कोई एक अनुयाय नहीं पाया गया। संत रामपाल जी महाराज के

305
00:22:02,000 --> 00:22:06,080
नाम से कोई ट्रस्ट नहीं है। संत रामपाल जी महाराज के नाम से कोई खाता नहीं है। संत

306
00:22:06,080 --> 00:22:10,160
रामपाल जी महाराज का यानी कि संत रामपाल जी कुछ भी नहीं पाया पाया

307
00:22:10,160 --> 00:22:14,320
गया और ना उनका अनुयाय कोई मिला। और जो नाम दीक्षा दी जा रही

308
00:22:14,320 --> 00:22:18,320
इसके बारे में फर्जी है। उसका भी पूरा प्रमाण दिया गया। इस तरह

309
00:22:18,320 --> 00:22:23,200
से हम तीसरे पाठ में इसका पूरा विस्तार पूर्वक आप तक पहुंचाएंगे

310
00:22:23,200 --> 00:22:27,280
और इस तरह से हमने यह बात आपसे रखी थी तो

311
00:22:27,280 --> 00:22:31,360
कुल मिलाकर के कुल मिलाकर के जो रामपाल नामक जो गैंग

312
00:22:31,360 --> 00:22:36,320
है वो कितने आपराधिक तरीके से काम कर रहा है और

313
00:22:36,320 --> 00:22:40,320
कितने चौंकाने वाले खुलासे हैं ये सारे सीरीज में होंगे। तीन पार्ट में है।

314
00:22:40,320 --> 00:22:44,960
पहला आज बुक को लेकर के कितना इनके यहां पर घपला है

315
00:22:44,960 --> 00:22:48,400
किताबों को लेकर के वह आज जानेंगे और अगले में

316
00:22:48,400 --> 00:22:52,480
जानेंगे कि जो कोर्ट केसेस हुए हैं उनके ऊपर जो इस गैंग के ऊपर

317
00:22:52,480 --> 00:22:56,640
जो कोर्ट केसेस हुए रामपाल के ऊपर जो कोर्ट केसेस हुए हैं और उससे

318
00:22:56,640 --> 00:23:00,880
अगले में हम जानेंगे कि

319
00:23:00,880 --> 00:23:05,200
जो कोर्ट केस से अदर जो लीगल मामले हैं अन्य

320
00:23:05,200 --> 00:23:09,360
उन लीगल मामलों में क्या-क्या चीजें घट रही है जो कि ये साबित

321
00:23:09,360 --> 00:23:14,000
करती है कि ये गैंग जो है बहुत सारे झूठे दावे और बहुत सारी

322
00:23:14,000 --> 00:23:18,000
आपराधिक गतिविधियों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ठीक है तो

323
00:23:18,000 --> 00:23:22,000
ठीक है अब आप अपनी पहली पुस्तक सबसे पहले बताएं जिसको आप लेकर के चालू कर रहे थे

324
00:23:22,000 --> 00:23:26,640
अपनी बात जी एक एक छोटी सी बात मैं और कहना चाहता हूं

325
00:23:26,640 --> 00:23:30,880
जी जी जी जी कि वैसे श्री

326
00:23:30,880 --> 00:23:34,880
शिवांग नारायण द्विवेदी जी जो कि पूरी के शंकराचार्य जी

327
00:23:34,880 --> 00:23:38,880
के शिष्य हैं ये अपनी मतलब

328
00:23:38,880 --> 00:23:43,200
पहचान के लिए मोहताज नहीं है। आज मुझे लगता है कि पूरे भारत

329
00:23:43,200 --> 00:23:48,240
में पूरे विश्व में आपकी एक पहचान बन चुकी है। और

330
00:23:48,240 --> 00:23:52,640
श्री शिवा नारायण द्विवेदी जी एक ऐसे व्यक्ति है

331
00:23:52,640 --> 00:23:56,640
जिन्होंने संत रामपाल जी महाराज के बारे में जमीनी स्तर की बात

332
00:23:56,640 --> 00:23:59,120
की है।

333
00:23:59,120 --> 00:24:03,440
जबकि हमने हरियाणा के हजारों लोगों को मीडिया वालों को पत्रकारों

334
00:24:03,440 --> 00:24:07,520
को सबको एक एक सबूत दिया है। एक एक

335
00:24:07,520 --> 00:24:11,520
एविडेंस दिया है। लेकिन कोई भी हरियाणा में या पूरे भारत में पूरे

336
00:24:11,520 --> 00:24:15,840
विश्व में कोई जमीनी स्तर की बात नहीं करता।

337
00:24:15,840 --> 00:24:19,920
सारे लोग केवल जो है ऊपरी बात करते हैं। और जमीनी स्तर की

338
00:24:19,920 --> 00:24:24,080
अगर बात करें तो ये पूरा खुलासा हो जाता है और इनका कहीं

339
00:24:24,080 --> 00:24:28,560
कोई पूरे भारत में पूरे वर्ल्ड में कहीं भी कोई साम्राज्य नहीं बचता।

340
00:24:28,560 --> 00:24:32,880
तो मैं तो इसीलिए बार-बार आपके सदगुरुदेव जी महाराज को

341
00:24:32,880 --> 00:24:37,120
प्रणाम करता हूं। धन्य है आपके सदगुरुदेव जी जो आपको

342
00:24:37,120 --> 00:24:41,280
आप जैसे शिष्य को मतलब इस तरह से बनाया

343
00:24:41,280 --> 00:24:45,520
कि आज हम जैसे लोगों से सारी बातें को समझ करके मेरी बात

344
00:24:45,520 --> 00:24:49,520
समझी और उसका हमें अपने साथ यहां आकर के बोलने

345
00:24:49,520 --> 00:24:53,680
का मौका दिया और इसके लिए मैं आपको बहुत-बहुत साधुवाद

346
00:24:53,680 --> 00:24:57,920
देता हूं। सादर प्रणाम करता हूं आभार आपका। अब मैं अपनी

347
00:24:57,920 --> 00:25:02,720
बात आगे शुरू करना चाहता हूं। जी जी

348
00:25:02,720 --> 00:25:07,280
ठीक है।

349
00:25:07,280 --> 00:25:11,280
जैसा कि आपके जो ऑपरेटर साहब जी

350
00:25:11,280 --> 00:25:15,360
है उनको सारी चीजें मैं एक एक पीडीएफ बना

351
00:25:15,360 --> 00:25:19,520
करके दे चुका हूं। दे रखा हूं। बस ये मैं बताना चाहूंगा

352
00:25:19,520 --> 00:25:23,520
कि जैसे कि ये भक्ति सौदागर का संदेश पुस्तक है जैसा कि इसको

353
00:25:23,520 --> 00:25:28,320
बताया जाता है कि 2006 में ये पुस्तक चल रही थी।

354
00:25:28,320 --> 00:25:32,880
हम और इस पुस्तक में जो

355
00:25:32,880 --> 00:25:37,360
है बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट का भी नाम लिखा था

356
00:25:37,360 --> 00:25:41,840
और इसमें जो पुस्तक ज छपी थी पर्स आपसे

357
00:25:41,840 --> 00:25:46,080
लिमिटेड उसका भी पता लिखा था मुद्रक का भी इसी तरह एक और पुस्तक

358
00:25:46,080 --> 00:25:50,160
ये करथा कांड का रहस्य इसमें भी मुद्रक

359
00:25:50,160 --> 00:25:54,240
का पता लिखा हुआ है जब पुस्तक दिखानी हो यहां पर कुछ दिखाना हो तो आप

360
00:25:54,240 --> 00:25:58,320
बोलिएगा तो दिखा देंगे है ना जी जी बिल्कुल हां

361
00:25:58,320 --> 00:26:02,880
हां तो ये जो पुस्तकें थी इसमें जो है प्रिंटिंग

362
00:26:02,880 --> 00:26:06,960
प्रेस का सबका नाम पता लिखा था लेकिन करोथा करोथा

363
00:26:06,960 --> 00:26:10,960
कांड के बाद जैसा कि 2010 से बताया गया कि ज्ञान

364
00:26:10,960 --> 00:26:15,120
पुस्तक इन्होंने निकाल दी उस ज्ञान गंगा पुस्तक में

365
00:26:15,120 --> 00:26:19,440
बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट हो या कबीर परमेश्वर भक्ति ट्रस्ट हो

366
00:26:19,440 --> 00:26:22,560
या राष्ट्रीय समाज सेवा समिति हो या वर्तमान समय

367
00:26:22,560 --> 00:26:26,800
में जो इन्होंने मुनिर धर्मा ट्रस्ट चला रखा है कि किसी

368
00:26:26,800 --> 00:26:31,600
भी पुस्तक में कोई भी संस्था का नाम नहीं

369
00:26:31,600 --> 00:26:35,680
और किसी भी पुस्तक में मुद्रक का नाम नहीं और ज्ञान का

370
00:26:35,680 --> 00:26:39,840
पुस्तक में तो फर्जी भी मुद्रक का पता नहीं

371
00:26:39,840 --> 00:26:43,920
लिखा जीने की राह अन्य पुस्तकों में तो फर्जी पता लिखा भी

372
00:26:43,920 --> 00:26:48,000
है तो इस तरह से ये नाना प्रकार

373
00:26:48,000 --> 00:26:52,480
की पुस्तिका उतारी है और आपके

374
00:26:52,480 --> 00:26:56,800
जो ऑपरेटर साहब है उनको भी आज मैंने वो एक वीडियो बना

375
00:26:56,800 --> 00:27:01,040
दिया है। पीडीएफ बना दी है। तो मैं

376
00:27:01,040 --> 00:27:05,200
निवेदन करूंगा कि इसको पीडीएफ

377
00:27:05,200 --> 00:27:09,200
को अगर आप दिखाएं जो आज दिया है वो दिखाना है। जो आज दिया

378
00:27:09,200 --> 00:27:13,360
है। हां जो आज हमने दिया है सबसे पहले उसी को दिखाना है। जो

379
00:27:13,360 --> 00:27:18,160
आज दिया है वो दिखा दीजिए। जी यही दिखाना है।

380
00:27:18,160 --> 00:27:22,160
हां जी बताइए। हां पीडीएफ

381
00:27:22,160 --> 00:27:26,160
दिया है वो दिखा दीजिए। हां यही है क्या जो स्क्रीन

382
00:27:26,160 --> 00:27:30,240
पर देख रहे हैं आप दिख रहा है आपको अभी बीच

383
00:27:30,240 --> 00:27:34,400
में ग्लिच हो गया है देखो अच्छा अब

384
00:27:34,400 --> 00:27:39,840
दिख रहा है

385
00:27:39,840 --> 00:27:45,840
ग्लच हो रहा है ब्लैक ब्लैक

386
00:27:53,440 --> 00:27:57,600
अभी अभी देखिए स्क्रीन पे स्क्रीन पे आपकी हां जी हां जी हां ये आ

387
00:27:57,600 --> 00:28:01,920
गया हां ये पीडीएफ है हां हां जी हां जी जी जी

388
00:28:01,920 --> 00:28:06,560
जी बताइए ऊपर अब इस

389
00:28:06,560 --> 00:28:11,040
आपको ये बताना चाहता हूं कि ये जो भक्ति सौदागर का संदेश पुस्तक है

390
00:28:11,040 --> 00:28:15,280
जी इसमें ऑपरेटर साहब आगे दिखाएंगे जाकर के ना

391
00:28:15,280 --> 00:28:19,280
भाग दो के पेज नंबर पांच पर इसने उसी

392
00:28:19,280 --> 00:28:25,280
तरह से पीडी बना रखी है जी

393
00:28:28,640 --> 00:28:33,120
यही है क्या भाग दो का पेज नंबर पांच और आगे जा देखिए

394
00:28:33,120 --> 00:28:37,120
नीचे उसमें लिख के आएगा ये भविष्यवाणी

395
00:28:37,120 --> 00:28:41,760
का जो है ये ये विषय सूची में

396
00:28:41,760 --> 00:28:45,920
ये आपका विषय सूची है है ना इसका पेज नंबर दिखा

397
00:28:45,920 --> 00:28:50,160
दीजिए पेज नंबर दिखा दीजिए इसका एक बार ज्यादा ये पांच नंबर

398
00:28:50,160 --> 00:28:50,660
है ठीक

399
00:28:50,560 --> 00:28:53,600
है

400
00:28:53,600 --> 00:28:59,280
पेज नंबर पांच में

401
00:28:59,280 --> 00:29:04,160
पेज नंबर पांच में देखो सबसे नीचे लिखा होगा8

402
00:29:04,160 --> 00:29:08,160
और ब्रैकेट में होगा प्रश्न 74 हां और

403
00:29:08,160 --> 00:29:12,160
नीचे जाइए और नीचे जाइए हां हां पृष्ठ

404
00:29:12,160 --> 00:29:16,800
74 जी बहुत सारे संत नेता आएंगे और जाएंगे

405
00:29:16,800 --> 00:29:20,800
हां हां हां हां है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] जी ये आप पढ़ के

406
00:29:20,800 --> 00:29:24,800
सुनाए हम पढ़ के सुना आप आप मैं पढ़ देता

407
00:29:24,800 --> 00:29:29,200
हूं। फिर आप थोड़ा एक्सप्लेन कर दीजिएगा। बहुत सारे संत नेता आएंगे

408
00:29:29,200 --> 00:29:34,320
और जाएंगे। सर्व परमात्मा के द्रोही

409
00:29:34,320 --> 00:29:38,480
अभिमानी होंगे। मुझे नास्तमस को यानी

410
00:29:38,480 --> 00:29:42,720
नास्तमस की भविष्यवाणी बताई जा रही है। आंतरिक साक्षात्कार उस

411
00:29:42,720 --> 00:29:45,760
सायरन का हुआ है। बताइए [गला साफ़ करने की आवाज़]

412
00:29:45,760 --> 00:29:51,760
आप बताइए क्या कहना है इसमें?

413
00:29:55,520 --> 00:30:01,040
रामचंद्र यादव जी आप देख रहे हैं।

414
00:30:01,040 --> 00:30:07,040
आपकी आवाज नहीं आ रही है। हेलो

415
00:30:15,680 --> 00:30:19,680
देखिए मैं अपने दर्शकों को एक बात कहूंगा कि यहां

416
00:30:19,680 --> 00:30:23,760
पर जो है रामचंद्र यादव जी के भी समर्थक हैं कमेंट बॉक्स में।

417
00:30:23,760 --> 00:30:27,760
है ना? तो उनकी मान्यता सीधे तौर पर वह सारी मान्यताएं जिस पर हमें

418
00:30:27,760 --> 00:30:31,840
आपत्ति है रामपाल और रामपाल के गैंग से उनकी मान्यता वह नहीं

419
00:30:31,840 --> 00:30:36,320
है। उनका कहना यह है कि राम उनका कहना यह है कि रामपाल

420
00:30:36,320 --> 00:30:40,800
के साथ कोई षड्यंत्र हो रहा है। रामपाल वैसा नहीं है जैसा कि उसको प्रस्तुत

421
00:30:40,800 --> 00:30:44,800
किया जा रहा है। वो एक पक्ष अलग है कि हम उनकी बात को मानते या नहीं मानते।

422
00:30:44,800 --> 00:30:48,960
मगर जो प्रस्तुत किया जा रहा है उसके खिलाफ यादव जी

423
00:30:48,960 --> 00:30:53,120
हमारे साथ हैं और हर तरह से वो सबूत उपलब्ध कराने में या कहीं

424
00:30:53,120 --> 00:30:57,120
पर किसी भी प्रकार से जो भी सहायता होती है अंदर की चीजें उन सब में वो हमारे साथ

425
00:30:57,120 --> 00:31:01,040
है तो आप ऐसा समझ करके चले कि भाई ये हमारी

426
00:31:01,040 --> 00:31:05,120
लड़ाई में हमारे साथ है इस ओर है जैसे जब रावण से युद्ध

427
00:31:05,120 --> 00:31:09,120
था तो रावण के गिरोह का एक विभीषण विभीषण जी

428
00:31:09,120 --> 00:31:13,280
थे जो हमारी ओर थे तो हमें ऐसा व्यवहार नहीं करना है कि इनका किसी

429
00:31:13,280 --> 00:31:18,160
तरीके से तिरस्कार अपमान हो। इस बात का आप ध्यान रखें। जी।

430
00:31:18,160 --> 00:31:18,660
हां

431
00:31:18,480 --> 00:31:22,480
जी। तो इसमें देखिए आपने जो ये पढ़ा ये

432
00:31:22,480 --> 00:31:26,720
देखो दो लाइनें और एक हुआ ये अलग शब्द लिखा हुआ है। फिर

433
00:31:26,720 --> 00:31:31,760
इसके नीचे लिखा हिंदू हिंदुस्तान का हिंदू संत।

434
00:31:31,760 --> 00:31:35,760
इसके इसके नीचे जो है ना ये नीचे

435
00:31:35,760 --> 00:31:40,640
लिखा हिंदुस्तान का हिंदू संत आगामी अंधकारी भक्ति ज्ञान के अभाव से

436
00:31:40,640 --> 00:31:44,720
अंधे प्रयाकारी स्वार्थ बश भाई भाई को मार रहा है। ये

437
00:31:44,720 --> 00:31:48,880
हम इसलिए आपको बताना चाहते हैं कि हां हां हेलो

438
00:31:48,880 --> 00:31:52,880
आवाज आ रही है? स्वार्थ हां स्वार्थवश भाई भाई को मार रहा है।

439
00:31:52,880 --> 00:31:57,360
हां ये हम इसलिए बताना चाहते हैं कि इसको ये ध्यान रखना कि ये जो

440
00:31:57,360 --> 00:32:01,520
इसमें नास्ते की भविष्यवाणी लिखा है तो ये देखो दो लाइनें

441
00:32:01,520 --> 00:32:05,520
ऊपर है। बहुत सारे नंद संत नेता आएंगे जाएंगे और नीचे वाली लाइन ये

442
00:32:05,520 --> 00:32:09,520
अलग है। ठीक है ना? अब इसी को हम आगे दिखाना चाहेंगे।

443
00:32:09,520 --> 00:32:13,840
किस तरह इन्होंने ये इसमें भी फर्जी भविष्यवाणी लिखी होगी और ज्ञान

444
00:32:13,840 --> 00:32:18,240
का पुस्तक 2014 2014 जो पहले वाली थी उसमें यही भविष्यवाणी

445
00:32:18,240 --> 00:32:22,320
लिखी है। इसके बाद जो तीसरी ज्ञान का पुस्तक है 2014

446
00:32:22,320 --> 00:32:26,480
के बाद वाली उसमें इन्होंने मिलावट कर दिया। उसमें जब संत

447
00:32:26,480 --> 00:32:30,640
रामपाल जी महाराज का देशद्रोह का केस लग गया तो उसमें देशद्रोह का मिलावट

448
00:32:30,640 --> 00:32:33,600
कर दिया। इसके बाद वही भविष्यवाणी है

449
00:32:33,600 --> 00:32:37,600
नास की। इसके बाद इन्होंने क्या किया जब हम उस पे हम लोगों ने

450
00:32:37,600 --> 00:32:41,760
फिर प्रचार प्रसार शुरू कर दिया कि इन्होंने ऐसा गलत कर दिया। तो अवतार

451
00:32:41,760 --> 00:32:45,760
नामक पुस्तक है। उसके पेज नंबर 44 में इन्होंने और उसमें

452
00:32:45,760 --> 00:32:49,920
बड़ा तरक्की कर दी। उसमें वो छह लोग मारे जाएंगे

453
00:32:49,920 --> 00:32:53,920
छह लोगों हत्यागी वो भी जोड़ दिया तो ये हम आपको दिखाना चाहते हैं कि जो

454
00:32:53,920 --> 00:32:57,920
संत रामपाल जी मां के शिष्य वो आंखें खोले किस तरह फर्जी पुस्तकों

455
00:32:57,920 --> 00:33:02,400
में इस तरह मिलावट करके हमें आपको भड़काया गया चाहे नास की भविष्यवाणी

456
00:33:02,400 --> 00:33:07,120
हो या अन्य धर्म गुरु हो उनके खिलाफ कैसे भड़काया गया

457
00:33:07,120 --> 00:33:11,600
मतलब कि नास्तेदमस की एक एक मिनट नास्तेदमस की भविष्यवाणी

458
00:33:11,600 --> 00:33:15,840
के नाम पर ये झूठ कैसे परोसा जा रहा है और झूठ

459
00:33:15,840 --> 00:33:20,000
बोल बोल के अपने ही द्वारा पूर्व में कही बात का खंडन भी किया जा रहा है।

460
00:33:20,000 --> 00:33:24,000
उसमें मिलावट भी की जा रही है। जैसी जैसी घटनाएं होती जा रही है वैसी वैसी

461
00:33:24,000 --> 00:33:28,080
मिलावट की जा रही है। ऑपरेटर जी से मेरा एक निवेदन है कि जब

462
00:33:28,080 --> 00:33:32,080
किताब की जो मुख्य बात है वो हम लोग दिखा दे तो तुरंत हमारी स्क्रीन बड़ी कर दी

463
00:33:32,080 --> 00:33:36,320
जाए जिससे कि बाद में ये जो कंटेंट है ये काम में आ सकेगा क्योंकि बहुत आवश्यक कंटेंट

464
00:33:36,320 --> 00:33:40,480
है। तो आपने जो ये बताया है कि ये भविष्यवाणी समय

465
00:33:40,480 --> 00:33:44,480
के साथसाथ बदल रही है बार-बार। तो इसका अर्थ तो

466
00:33:44,480 --> 00:33:48,560
यह है कि जो जो बातें तत्व ज्ञानी के

467
00:33:48,560 --> 00:33:49,060
नाम

468
00:33:48,720 --> 00:33:52,880
से भगवान के नाम से प्रचारित की जा रही है भगवान की वाणी वो बार-बार

469
00:33:52,880 --> 00:33:56,880
बदल रही है। यही तो हुआ जिसको जिसको ये भगवान

470
00:33:56,880 --> 00:34:00,880
कहते हैं भगवान की वाणी कहते हैं वो भगवान की वाणी वाणी समय के

471
00:34:00,880 --> 00:34:04,320
साथ साथ बदलती रहती है। जैसा समय चल रहा है वैसी वाणी हो जाती है।

472
00:34:04,320 --> 00:34:08,800
तो इसका इसका प्रमाण इसका प्रमाण के लिए आपने बताया कि

473
00:34:08,800 --> 00:34:12,800
2014 के बाद की ज्ञान गंगा और एक अवतार नामक पुस्तक है जो

474
00:34:12,800 --> 00:34:16,960
वो तो वो आपने दी ऑपरेटर जी को अब

475
00:34:16,960 --> 00:34:20,960
इसके बाद ऑपरेटर साहब जो है ना इसको बढ़ा दे इसके नीचे आएगी पहली

476
00:34:20,960 --> 00:34:24,960
वाली ज्ञान पुस्तक यानी कि 2014 के पहले वाली

477
00:34:24,960 --> 00:34:29,040
हां 2014 के पहले वाली ज्ञान गंगा की पुस्तक इसी पीडीएफ में नीचे है आप

478
00:34:29,040 --> 00:34:35,040
आगे बढ़ाइए इसको

479
00:34:41,920 --> 00:34:44,400
यही है

480
00:34:44,400 --> 00:34:48,800
यही है 2014 वाली उसमें नास्त की वज्रवाणी

481
00:34:48,800 --> 00:34:52,800
देखिए लिखा होगा ऊपर है ना ऊपर

482
00:34:52,800 --> 00:34:56,960
राइट साइड पेज नंबर 149 पर

483
00:34:56,960 --> 00:35:02,960
उसमें पेज नंबर 149 लिखा होगा

484
00:35:08,080 --> 00:35:12,080
हां ये आ गया 149 जी अब इसमें क्या है

485
00:35:12,080 --> 00:35:16,160
ऊपर इसमें पढ़िए बहुत सारे संत नेता आएंगे

486
00:35:16,160 --> 00:35:19,360
और जाएंगे सर्व परमात्मा के द्रोही तथा

487
00:35:19,360 --> 00:35:24,240
अभिमानी होंगे मुझे नास्त को आंतरिक साक्षात्कार

488
00:35:24,240 --> 00:35:28,880
उस सायरन का हुआ है हिंदुस्तान का हिंदू संत आगामी अंधकारी

489
00:35:28,880 --> 00:35:32,960
भक्ति ज्ञान के अभाव संदेश का मतलब प्रलयंकारी स्वार्थवश

490
00:35:32,960 --> 00:35:37,440
भाई भाई को मार रहा है बेटा बाप से विमुख है हिंदू का शत्रु है

491
00:35:37,440 --> 00:35:41,520
बस बस यही तक रखिए आप यही तक ये मैं बताना चाहता हूं

492
00:35:41,520 --> 00:35:45,680
कि जो भक्ति सौदागर का संदेश पुस्तक में आपने भविष्यवाणी पढ़ी थी और इसमें पढ़ा है

493
00:35:45,680 --> 00:35:49,920
इसमें दोनों अलग-अलग है सेम मतलब जैसा उसमें लिखा वैसा इसमें लिखा

494
00:35:49,920 --> 00:35:54,000
है ठीक है अलग नहीं है मतलब किताब अलग अलग है संदेश एक

495
00:35:54,000 --> 00:35:58,000
ही है हां हां किताब अलग अलग है वही मैं कहना चाह रहा हूं

496
00:35:58,000 --> 00:36:02,320
किताब अलग अलग है संदेश संदेश एक ही एक ही जैसा संदेश लिखा है।

497
00:36:02,320 --> 00:36:06,720
दोनों में जो डिस्टेंस है ना एक ही जैसा लिखा है। डिस्टेंस दोनों बराबर है।

498
00:36:06,720 --> 00:36:10,800
ठीक है? अब इसके बाद जो तीसरी ज्ञान का पुस्तक 2014

499
00:36:10,800 --> 00:36:15,280
के पहले 14 के बाद वाली इसके बाद ऑपरेटर साहब

500
00:36:15,280 --> 00:36:19,440
दिखा।

501
00:36:19,440 --> 00:36:23,680
अब ये 2014 के बाद वाली नई ज्ञान गंगा आ गई। हम

502
00:36:23,680 --> 00:36:28,080
यानी एक तरीके से दो नंबर की ज्ञान गंगा है। दूसरे नंबर की ना?

503
00:36:28,080 --> 00:36:32,240
हां। हां ठीक इसमें कौन

504
00:36:32,240 --> 00:36:36,400
सा है पेज नंबर वही पेज नंबर 149

505
00:36:36,400 --> 00:36:40,480
149 ये आ गया जी अब देखते हैं भविष्यवाणी क्या है

506
00:36:40,480 --> 00:36:43,840
बहुत सारे संत नेता आएंगे बहुत सारे संत नेता

507
00:36:43,840 --> 00:36:48,080
आएंगे और जाएंगे सर्व परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी होंगे

508
00:36:48,080 --> 00:36:52,160
मुझे नास्तेमस को आंतरिक साक्षात्कार उस सायरन का हुआ है

509
00:36:52,160 --> 00:36:56,320
नास्त्रेस ने कहा है कि ये नई लाइन है नास्तेदमस ने कहा

510
00:36:56,320 --> 00:37:00,560
है कि नास्तेदमस ने कहा है कि

511
00:37:00,560 --> 00:37:01,840
नास्त दमस ने कहा है

512
00:37:01,840 --> 00:37:06,080
कि उस महान हिंदू धार्मिक नेता को ना पहचान कर

513
00:37:06,080 --> 00:37:10,240
उस पर राष्ट्रद्रोह का भी आरोप लगाया जाएगा। मुझे

514
00:37:10,240 --> 00:37:14,720
नास्त्रे दमस को दुख है कि वह बहुत महान

515
00:37:14,720 --> 00:37:20,480
धार्मिक नेता सायरन उपेक्षा का पात्र

516
00:37:20,480 --> 00:37:26,240
पात्र बनाया जाएगा। परंतु हिंदुस्तान

517
00:37:26,240 --> 00:37:30,240
बस बस बस जी हिंदुस्तान वाला वही मैटर है।

518
00:37:30,240 --> 00:37:34,320
अब देखिए इन्होंने समय के अनुसार कैसे बदलाव किया जब जब हम इनका विरोध

519
00:37:34,320 --> 00:37:38,320
शुरू किया। बहुत विरोध किया था हम लोगों ने। [हंसी] अब हटा

520
00:37:38,320 --> 00:37:42,160
दीजिए बड़ा कर दीजिए।

521
00:37:42,160 --> 00:37:46,320
बहुत तगड़ा विरोध किया था। अच्छा यही एक मिनट, एक मिनट। यही

522
00:37:46,320 --> 00:37:50,400
बात उसमें भी लिखी है जो अवतार वाली पुस्तक है उसमें भी यही बदलाव है। उसमें

523
00:37:50,400 --> 00:37:54,640
और बढ़ा के लिखा है। तभी तो मैं सीरियल बाय सीरियल आपको दिखा रहा हूं। भले ही चाहे हमें

524
00:37:54,640 --> 00:37:58,640
ये दो बार ये प्रोग्राम चलाना पड़े। है ना? बिल्कुल बिल्कुल आप चलाइए

525
00:37:58,640 --> 00:38:02,640
चलाइए बताइए जी हां चाहे आज और दोबारा फिर हमें करना पड़े लेकिन

526
00:38:02,640 --> 00:38:06,880
एक एक चीज पूरी दुनिया को दिखाना है कम से कम संत रामपाल जी महाराज

527
00:38:06,880 --> 00:38:11,520
के नाम के अंधे से देखे तो ये है ना जी जी

528
00:38:11,520 --> 00:38:16,160
तो अब इसी में अवतार पुस्तक आगे दिया है उसकी आगे

529
00:38:16,160 --> 00:38:20,320
ऑपरेटर साहब इसको बढ़ाए नीचे पुस्तक आ जाएगी एक एक सवाल मैं

530
00:38:20,320 --> 00:38:24,560
यहां पर छोड़ना चाहूंगा जो लोग कहते हैं परमात्मा की वाणी है ज्ञान

531
00:38:24,560 --> 00:38:28,800
गंगा गीता तेरा ज्ञान अमृत है ना आप ये देखिए कि क्या

532
00:38:28,800 --> 00:38:32,960
इसी तरीके से भगवान की वाणी बदलती है। मैं अपने वीडियोस में तीन

533
00:38:32,960 --> 00:38:36,960
चीजों की बात करता हूं। तीन चीजों की एक सर्वशक्तिमान

534
00:38:36,960 --> 00:38:41,280
ईश्वर दूसरा परम स्वतंत्र मोक्ष और तीसरा शाश्वत धर्म।

535
00:38:41,280 --> 00:38:45,360
शाश्वत धर्म क्यों कहता हूं मैं? कि जो अनादि काल से

536
00:38:45,360 --> 00:38:49,440
चला आ रहा ज्ञान है वो एज इट इज रहे। बदलाव ना हो। मगर यहां

537
00:38:49,440 --> 00:38:53,520
क्या हो रहा है कि सन 2014 से पहले की पुस्तक जो परमात्मा की वाणी

538
00:38:53,520 --> 00:38:57,280
के नाम से प्रचलित है वो 2014 के बाद बदल जा रही है। फिर

539
00:38:57,280 --> 00:39:01,520
भी आप कह रहे हैं कि परमात्मा की वाणी है। ये सनातन धर्म है। ये सनातन

540
00:39:01,520 --> 00:39:06,320
धर्म है जो हर दिन बदल जाता है। बदलाव का मतलब समझते हो

541
00:39:06,320 --> 00:39:11,200
कि यदि परमात्मा ने कहा कि भाई जैसे कुरान

542
00:39:11,200 --> 00:39:15,200
कुरान में क्या है? कुरान क्या कहती है पता है? कुरान यह कहती

543
00:39:15,200 --> 00:39:19,360
है कि भैया ज्यादा सवाल मत करो। पांच 101 102

544
00:39:19,360 --> 00:39:23,360
में लिखा है ज्यादा सवाल मत करो वरना तुम्हारे लिए वो आयत भी खोल दी जाएंगी

545
00:39:23,360 --> 00:39:27,360
जिनके कारण पहले के लोग बागी हो गए थे। मतलब कुछ आयत बदल

546
00:39:27,360 --> 00:39:31,440
दी गई। और यही दो 106 में कहते कहता भी है

547
00:39:31,440 --> 00:39:35,520
कुरान का ईश्वर कि भाई जो

548
00:39:35,520 --> 00:39:39,520
अगर कोई आयत बदल दी जाती है तो उससे बेहतर आयत लाई जाती है। यानी कि

549
00:39:39,520 --> 00:39:43,520
बदलाव होता है। बदलाव होने का अर्थ क्या है? आज पूरी दुनिया में वो लोग जिहाद

550
00:39:43,520 --> 00:39:48,160
के लिए कर रहे हैं। मूर्ति पूजा का विरोध कर रहे हैं। कल को ये बदल सकता है

551
00:39:48,160 --> 00:39:52,480
कि मूर्ति पूजा आज से करो। इसका अर्थ क्या हुआ? अगर धर्म में बदलाव

552
00:39:52,480 --> 00:39:56,560
होगा तो हम लोग जिन चीजों के लिए जिन वैल्यूस के लिए आज लड़ मर रहे हैं

553
00:39:56,560 --> 00:40:00,560
वो कल को बदल सकती है। यानी कि पहले के लोगों का संघर्ष बेकार था। आज

554
00:40:00,560 --> 00:40:04,800
तक बेकार किया। इसलिए धर्म कभी बदलता नहीं है। धर्म

555
00:40:04,800 --> 00:40:09,120
की पहली चीज ये है। इसीलिए हमारा जो है शाश्वत है सनातन धर्म

556
00:40:09,120 --> 00:40:13,280
जो कभी बदलाव नहीं होता। और यह देखिए आंखों देखा हाल

557
00:40:13,280 --> 00:40:17,280
परमात्मा की वाणी के नाम से प्रचलित किताब में बदलाव हो

558
00:40:17,280 --> 00:40:22,320
रहा था सन 2014 से पहले और बाद में अंतर आ रहा है। जी

559
00:40:22,320 --> 00:40:28,320
लाइए पीडीएफ का अगला भाग

560
00:40:40,160 --> 00:40:46,160
यह आ गई अवतार नामक पुस्तक।

561
00:40:47,120 --> 00:40:51,440
अवतार नामक पुस्तक के पेज नंबर 44 पर

562
00:40:51,440 --> 00:40:55,600
देखो हमने उसी में इसी पेज हमने ऐसे सेट किए हैं कि आपको कोई

563
00:40:55,600 --> 00:40:59,760
दिक्कत नहीं होगी। बिल्कुल बिल्कुल चलिए आगे

564
00:40:59,760 --> 00:41:05,760
चलिए।

565
00:41:16,640 --> 00:41:20,160
आ गया

566
00:41:20,160 --> 00:41:21,280
हम यही

567
00:41:21,280 --> 00:41:26,410
है क्या पेज नंबर 44 हां

568
00:41:26,410 --> 00:41:30,480
[हंसी] एक अरे इसमें इसमें तो और बढ़ गई परमात्मा की वाणी और

569
00:41:30,480 --> 00:41:34,640
बदल गई इसमें तो हां नीचे आइए आठ पृष्ठ 74

570
00:41:34,640 --> 00:41:38,960
पढ़िए आप हां बहुत सारे अब देखो नास्त्रे दमस की भविष्यवाणी

571
00:41:38,960 --> 00:41:43,040
फिर बदल गई परमात्मा ने लिखी है किताबें समझ लो बहुत सारे

572
00:41:43,040 --> 00:41:47,360
संत नेता आएंगे और जाएंगे सर्व परमात्मा के द्रोही

573
00:41:47,360 --> 00:41:51,520
तथा अभिमानी होंगे मुझे नास्त्रे दमस को आंतरिक साक्षात्कार

574
00:41:51,520 --> 00:41:55,520
उस सायरन का हुआ है। अब देखो यहां से बदलाव नास्त्रेमस ने कहा है

575
00:41:55,520 --> 00:41:59,680
कि उस महान हिंदू धार्मिक नेता को ना पहचान कर उस पर राष्ट्रद्रोह

576
00:41:59,680 --> 00:42:04,080
का आरोप भी लगाया जाएगा। उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे। परंतु

577
00:42:04,080 --> 00:42:08,800
एक शत्रु के अनुवाद अहंकार को समाप्त कर देगा। मुझे नास्तमस

578
00:42:08,800 --> 00:42:13,040
को दुख है कि वह महान धार्मिक नेता उपेक्षा का पात्र बनाया

579
00:42:13,040 --> 00:42:17,520
जाएगा। यहां छह लोगों के मरने की कहानी और जोड़ दी गई। पहले देवद्रोह

580
00:42:17,520 --> 00:42:22,320
था और अब यहां छह लोगों के मरने का और आ गया। ये देखिए

581
00:42:22,320 --> 00:42:26,560
इसको कहते हैं प्रमाण। इन पर बात कर तू जो

582
00:42:26,560 --> 00:42:30,800
भी बात करने आना चाहता है। जी भैया। जी इसीलिए हम कहते

583
00:42:30,800 --> 00:42:35,840
हैं कि पूरे भारत में पूरे विश्व में जितने मूर्ख

584
00:42:35,840 --> 00:42:36,880
बेईमान

585
00:42:36,880 --> 00:42:41,040
ठग चोर अंधे गूंगे बहरे लिंगड़े लूले सब

586
00:42:41,040 --> 00:42:43,360
यही आ गए 99% एक%

587
00:42:43,360 --> 00:42:49,360
को नहीं बड़ा कर दीजिए जी बड़ा कर दीजिए जी

588
00:42:53,200 --> 00:42:57,360
बोलिए बोलिए बोलिए जी 99% गूंगे अंधे

589
00:42:57,360 --> 00:43:01,520
बहरे सब यहीं आ गए जबकि देखो हम संत

590
00:43:01,520 --> 00:43:05,760
रामपाल जी महाराज के शिष्य है। संत रामपाल जी महाराज ने ये बात कही थी

591
00:43:05,760 --> 00:43:09,920
कि जब तक सबूत ना देख लेना तब तक मेरी भी बात को स्वीकार

592
00:43:09,920 --> 00:43:14,720
मत करना। जब तक सबूत ना देख लेना।

593
00:43:14,720 --> 00:43:18,880
तो जो मुझे ज्ञान दिया मुझे उसके अनुसार चलना चाहिए। अगर गुरु फिर भी गलत

594
00:43:18,880 --> 00:43:23,200
कर रहा है तो वो अपनी गलत की सजा भोगेगा। जैसा कि द्रोणाचार्य

595
00:43:23,200 --> 00:43:27,520
जी के पास एकलव जी बाल विद्या सीखने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने

596
00:43:27,520 --> 00:43:31,600
मना कर दिया था। नई बाण विद्या सिखाई थी। लेकिन जैसा कि मुझे बताया गया कि

597
00:43:31,600 --> 00:43:36,880
मिट्टी की मूर्ति बनाकर उन्होंने बाण विद्या सीखी और वो

598
00:43:36,880 --> 00:43:40,960
वो सर्वश्रेष्ठ धनधर हुए। तो भले ही संत रामपाल जी

599
00:43:40,960 --> 00:43:45,440
महाराज गलत कर रहे हो लेकिन जो मुझे वो जो शिक्षा दी मैं इसलिए

600
00:43:45,440 --> 00:43:49,520
इन चीजों को आंख खोल के पढ़ता लिखता हूं और ये हम

601
00:43:49,520 --> 00:43:53,760
पूरी दुनिया को बताना चाहते हैं कि आप सब लोग पहले देखिए समझिए पढ़िए।

602
00:43:53,760 --> 00:43:58,880
जय बंदी छोड़ के जय बंदी छोड़ के मत बोलिए इससे काम नहीं चलेगा

603
00:43:58,880 --> 00:44:02,960
और इसी के पेज नंबर पांच पे आपको फिर वापस आ जाते हैं। पेज नंबर पांच

604
00:44:02,960 --> 00:44:05,280
को दिखाइए।

605
00:44:05,280 --> 00:44:07,200
जी

606
00:44:07,200 --> 00:44:11,680
देखिए कैसे परमात्मा की वाणी ढोल ढपोल हो रही है पल पल में।

607
00:44:11,680 --> 00:44:13,920
है ना? पेज नंबर पांच पे आइए

608
00:44:13,920 --> 00:44:19,920
इस

609
00:44:26,000 --> 00:44:30,000
एक मुझे बहुत हास्यात्मक कमेंट दिख रहा है। मैं उसको लेना चाहता

610
00:44:30,000 --> 00:44:34,320
हूं। ये देखिए एक एक व्यक्ति है देखिए ऐसे मूर्ख होते हैं। ये रामपाल

611
00:44:34,320 --> 00:44:38,400
के गैंग में रामपाली गैंग में ऐसे मूर्ख होते हैं। देखिए तेरे

612
00:44:38,400 --> 00:44:42,560
जैसे हिजड़े गुरु एक मिनट देखिए देखिए क्या कह रहा है। देखिए

613
00:44:42,560 --> 00:44:46,560
कैसे अपने ही अपने ही मूर्खता का प्रदर्शन कर रहा है। इसको देखिए ये कह रहा

614
00:44:46,560 --> 00:44:50,800
है तेरे जैसे हिजड़े तेरे जैसे हिजड़े गुरु द्रोही कैसे हो गए?

615
00:44:50,800 --> 00:44:55,040
पहले तो इसने यह कहा कि भाई हिजड़े यानी

616
00:44:55,040 --> 00:44:59,120
कि इसके अनुसार हिजड़े एक सम्मान सूचक शब्द है। पहली बात तो

617
00:44:59,120 --> 00:45:03,440
ठीक है। तेरे जैसे हिजड़े अगर ये कहता तेरे जैसे उसके

618
00:45:03,440 --> 00:45:07,440
वफादार लोग गुरु द्रोही कैसे हो गए? तब तो ये समझ में आता। अब

619
00:45:07,440 --> 00:45:11,440
ये कह रहा है कि तेरे जैसे हिजड़े गुरुद्रोही कैसे हो गए? यह बात तो आपस में ही कंट्राडिक्ट

620
00:45:11,440 --> 00:45:16,720
कर दी। भाई पहले समझ तो ले। हुकु चुल्लू कहना क्या चाहता है तू?

621
00:45:16,720 --> 00:45:20,000
जी भाई बताइए।

622
00:45:20,000 --> 00:45:24,080
इसमें देखिए पेज नंबर पांच पर आप आइए बीच में देखिए उपरोक्त लिखा

623
00:45:24,080 --> 00:45:28,240
हुआ है उसके नीचे नास्त जी ने कहा पढ़ के सुनाऊं

624
00:45:28,240 --> 00:45:32,400
कि आप सुनाएंगे मैं सुनाता हूं मैं सुनाता हूं मुझे आनंद आ रहा है नास्ते

625
00:45:32,400 --> 00:45:36,720
नमस्त जी ने कहा है कि मैं बड़े दुख के साथ कह रहा हूं कि प्रारंभ

626
00:45:36,720 --> 00:45:40,960
में सायरन को ठीक से ना समझकर उस पर राजद्रोह का केस लगा

627
00:45:40,960 --> 00:45:44,000
देंगे [हंसी]

628
00:45:44,000 --> 00:45:48,000
उससे नफरत करेंगे फिर जानने के पश्चात

629
00:45:48,000 --> 00:45:52,480
उससे बेहद प्रेम करेंगे। उसके सद्गुणों का बोलबाला होगा।

630
00:45:52,480 --> 00:45:56,720
सर विदित है कि जुलाई 2006 से वर्तमान

631
00:45:56,720 --> 00:46:01,120
सन 2016 तक संत रामपाल दास की उपेक्षा

632
00:46:01,120 --> 00:46:05,600
रामपाल दास जी उपेक्षा के पात्र बने हैं। झूठी अफवाहों

633
00:46:05,600 --> 00:46:09,760
के शिकार हुए हैं। जनता नफरत करती है। परंतु जो

634
00:46:09,760 --> 00:46:13,920
बुद्धिजीवी उनके अद्वितीय आध्यात्म ज्ञान को ठीक सुन

635
00:46:13,920 --> 00:46:18,320
समझ लेता है। सायरन रामपाल दास जी पर कुर्बान

636
00:46:18,320 --> 00:46:22,400
हो जाता है। हरियाणवी भाषा में कहे तो कट

637
00:46:22,400 --> 00:46:26,560
कर मर जाता है। यानी उनके लिए शीश देने में भी हिचक नहीं

638
00:46:26,560 --> 00:46:30,800
करता। अच्छा यह बात शायद इसलिए कही जा रही है कि अब जो है लड़ने मरने

639
00:46:30,800 --> 00:46:34,880
को तैयार हो जाए व्यक्ति इसलिए जोड़ दी गई। नास्ते

640
00:46:34,880 --> 00:46:35,380
धमस

641
00:46:35,200 --> 00:46:39,440
की भविष्यवाणी में बार-बार बदलाव हो रहा है। वो भी परमात्मा की वाणी में। वाह

642
00:46:39,440 --> 00:46:43,520
क्या बात है। ठोको ताली। उसके परिणाम स्वरूप संत रामपाल जी

643
00:46:43,520 --> 00:46:47,840
के अनुयाई दिनोंदिन बढ़ रहे हैं।

644
00:46:47,840 --> 00:46:51,840
दिनांक 181 2014 को रामपाल दास जी

645
00:46:51,840 --> 00:46:55,920
पर बरवाला थाना जिला हिसार प्रांत हरियाणा में राष्ट्रदोह का

646
00:46:55,920 --> 00:47:00,080
झूठा मुकदमा 428 ब 2014 बनाया गया

647
00:47:00,080 --> 00:47:04,080
है। नास्त्रदमस ने लिखा है कि पांच नदियों के प्रख्यात

648
00:47:04,080 --> 00:47:08,160
प्रांत में एक महान धार्मिक नेता का उदय

649
00:47:08,160 --> 00:47:12,160
होगा। अब यहां फिर आ गया महान धार्मिक नेता वाली बात। वह एक शत्रु के

650
00:47:12,160 --> 00:47:16,160
उन्माद से अहंकार को समाप्त करे। अरे भैया कितनी बड़ी हो गई

651
00:47:16,160 --> 00:47:20,770
भविष्यवाणी। अब उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे।

652
00:47:20,770 --> 00:47:25,280
[हंसी] अरे दादा ये ऊपर लिखे देशद्रोह के मुकदमे

653
00:47:25,280 --> 00:47:29,360
की घटना का वर्णन है जिसमें पुलिस ने संत रामपाल दास जी के

654
00:47:29,360 --> 00:47:33,520
छह अनुयायियों एक 11 वर्ष का लड़का तथा अच्छा 11

655
00:47:33,520 --> 00:47:37,840
वर्ष से मुझे याद आया एक और 11 वर्ष के लड़के के साथ कुकर्म हो गया है

656
00:47:37,840 --> 00:47:42,080
आश्रम में ये 11 वर्ष का लड़का नहीं ये डेढ़ वर्ष का लड़का है

657
00:47:42,080 --> 00:47:46,800
अच्छा यहां 11 लिख दिया हां हां हां

658
00:47:46,800 --> 00:47:50,240
ये भी परमात्मा की वाणी में एक और झूठ 11 वर्ष का लड़का

659
00:47:50,240 --> 00:47:54,640
लिख दिया डेढ़ वर्ष के लड़के को तथा पांच महिलाओं

660
00:47:54,640 --> 00:47:58,640
को लाठियों से पीटपीट कर मार डाला। कुछ पुलिस के

661
00:47:58,640 --> 00:48:03,120
द्वारा के हिसाब छोड़े पुलिस

662
00:48:03,120 --> 00:48:07,280
बेहिसब छोड़े गए। आंसू गैस के गोलों से दम घुटकर मारे

663
00:48:07,280 --> 00:48:12,400
गए और हत्या के दो मुकदमे एफआईआर नंबर 429

664
00:48:12,400 --> 00:48:16,720
तथा 430 दिनांक 19 नवंबर 2014 को बेकसूर

665
00:48:16,720 --> 00:48:20,720
संत रामपाल दास तथा उनके अनुयायियों

666
00:48:20,720 --> 00:48:24,960
पर बना दिए। इतना ही पढ़ना है और पढ़ो। बस

667
00:48:24,960 --> 00:48:28,960
बस ज्यादा फायदा नहीं है तो बहुत कुछ है। अब इसमें एक बात

668
00:48:28,960 --> 00:48:33,040
कहना चाह रहा हूं। परमेश्वर की एक बहुत बड़ी दया है जो इन्होंने

669
00:48:33,040 --> 00:48:37,040
कम से कम ये बात लिखी कि पुलिस वालों ने

670
00:48:37,040 --> 00:48:41,200
लाठियों से पीट कर मार डाला पांच लोगों को। ये बहुत बड़ी दया है एक

671
00:48:41,200 --> 00:48:45,520
बच्चे को। हम क्योंकि एफआईआर नंबर 429

672
00:48:45,520 --> 00:48:49,920
30 में 11 लाठियां बरामद की करवाई। संत रामपाल

673
00:48:49,920 --> 00:48:54,160
जी महाज के बड़े लड़के वीरेंद्र रामक ढाका राज कपूर

674
00:48:54,160 --> 00:48:58,480
राजेंद्र और बलजीत की बेटी बबीता यानी 28 लोगों ने

675
00:48:58,480 --> 00:49:02,720
11 लाठियां बरामद करवाई। जिन लाठियों से पांच महिला एक

676
00:49:02,720 --> 00:49:05,280
बच्चे को मारा गया। जिसके जो

677
00:49:05,280 --> 00:49:09,600
पोस्टमार्टम रिपोर्ट है मेडिकल है उसमें सर में हड्डियां

678
00:49:09,600 --> 00:49:13,840
टूटी पाई गई। सीने की हड्डियां टूटी पाई गई और ये पैरों

679
00:49:13,840 --> 00:49:18,320
की हड्डियां टूटी पाई गई और ये पसलियां सीने की ये टूटी पाई गई

680
00:49:18,320 --> 00:49:22,400
इनसे हत्या हुई और उसकी तो ये ये जो

681
00:49:22,400 --> 00:49:26,640
पुलिस वालों पे लग दिया ये बड़ा अच्छा किया जो इनका पोल खोलने

682
00:49:26,640 --> 00:49:30,800
के लिए इसमें आ गई इसीलिए ये आज तक एक भी जजमेंट

683
00:49:30,800 --> 00:49:35,200
की फाइल पूरी भारत में पूरी दुनिया किसी को नहीं दिया

684
00:49:35,200 --> 00:49:39,280
जिसमें बताते इतने केसों में बरी हो गए इतने केस अरे जिस केस में बरी हो गए

685
00:49:39,280 --> 00:49:43,440
एफआईआर नंबर 426 427 443 आप

686
00:49:43,440 --> 00:49:47,520
इनहीं की फाइल पूरी दुनिया को दे दो तम जाने नहीं दे सकते

687
00:49:47,520 --> 00:49:51,760
तो ये सारा विवरण एफआईआर नंबर 429 43 में है

688
00:49:51,760 --> 00:49:55,920
ये सारा सब कुछ आपको जजमेंट ऐसे ही एक एक चीज क्लिटी आपको

689
00:49:55,920 --> 00:50:00,640
बता दूंगा टाइम जरूर लगता है आगे वाले आगे वाले आगे वाले उसमें

690
00:50:00,640 --> 00:50:04,800
मगर मैं एक चीज यहां पर पूछना मैं एक चीज यहां क्लियर करना चाहूंगा मतलब

691
00:50:04,800 --> 00:50:08,800
डेढ़ साल के बच्चे को उन्होंने लाठियों से मारा आश्रम वालों

692
00:50:08,800 --> 00:50:12,800
ने लाठियों से डेढ़ साल के बच्चे को

693
00:50:12,800 --> 00:50:16,800
अरे ये कहते हैं ना दया बिना दरवेश कसाई

694
00:50:16,800 --> 00:50:20,960
ये राक्षस है कसाई कसाई जिनको बोलते हैं राक्षस

695
00:50:20,960 --> 00:50:25,520
इनके अंदर कोई दया धर्म नहीं है आप ये सोचिए जब पांच महिला

696
00:50:25,520 --> 00:50:29,840
एक बच्चे जिस कमरे के अंदर होंगे और जब ये बच्चे

697
00:50:29,840 --> 00:50:33,840
को मार रहे होंगे तो उन महिलाओं के दिल से दर्द पूछिए

698
00:50:33,840 --> 00:50:37,840
क्या हो रहा होगा महिलाएं कहती होगी भैया इस बच्चे को छोड़ दे भले ही मेरी जान ले

699
00:50:37,840 --> 00:50:41,840
लो ये इतने इतने राक्षस है आप सोच

700
00:50:41,840 --> 00:50:46,160
नहीं सकते इनके बारे में इनके बारे में आप सोच नहीं सकते जितना

701
00:50:46,160 --> 00:50:50,800
सोचो उतना ही कम है ये बलात्कारी हत्यारे गुंडे

702
00:50:50,800 --> 00:50:55,360
सारे कुकर्मा आश्रम होते हैं सारा सब कुछ फर्जी खुले

703
00:50:55,360 --> 00:50:59,600
जिन लोगों को नहीं मालूम है उनको मैं बता दूं ये जो महिला और बच्चे

704
00:50:59,600 --> 00:51:04,960
केस तरह से मारे गए थे

705
00:51:04,960 --> 00:51:08,960
जब रामपाल को पकड़ने के लिए पुलिस वहां पर

706
00:51:08,960 --> 00:51:13,120
एकत्रित होना शुरू हुई थी। तो जो वहां के गैंग वाले लोग हैं

707
00:51:13,120 --> 00:51:17,680
उन लोगों ने यह खबर फैला ली थी कि भाई जो है आपको अपने

708
00:51:17,680 --> 00:51:21,840
जो गुरु हैं उनकी रक्षा करनी है और उसके लिए पूरे जगह-जगह

709
00:51:21,840 --> 00:51:26,160
से खुद पैसे का इंतजाम करके बसें भरवा के या कोई लालच भय

710
00:51:26,160 --> 00:51:30,160
कुछ दिखा करके वहां पर मतलब बहुत सारे लोगों के

711
00:51:30,160 --> 00:51:34,320
एकत्रित मेरे ख्याल से लगभग लाख सवा लाख लोग थे वहां पर कितने

712
00:51:34,320 --> 00:51:36,400
लोग थे जी [हंसी]

713
00:51:36,400 --> 00:51:40,400
लाख सवा लोग लाख लोग थे तो कुछ लोग उनमें से काफी सारे

714
00:51:40,400 --> 00:51:44,400
सारे लोग ऐसे हो गए थे और कई दिनों तक वहां रहना था क्योंकि पुलिस तो खड़ी है

715
00:51:44,400 --> 00:51:48,640
भाई गिरफ्तार करने के लिए तो ऐसे में कुछ

716
00:51:48,640 --> 00:51:52,720
लोग ऐसे हो रहे थे नहीं नहीं हम घर जा रहे हैं क्योंकि जो ये लोग ढिंढोरा पीटते

717
00:51:52,720 --> 00:51:56,720
हैं ना 15 करोड़ 15 करोड़ वास्तविकता अगर देखा जाए तो

718
00:51:56,720 --> 00:52:00,960
जो पूर्ण निष्ठावान लोग हैं ना वो कुल मिलाकर

719
00:52:00,960 --> 00:52:05,040
के मुझे लगता है 500 भी निकल निकल आए तो बड़ी बात है जो निष्ठावान बिना

720
00:52:05,040 --> 00:52:09,280
किसी स्वार्थ के लगे हो बिना किसी स्वार्थ के तो वहां

721
00:52:09,280 --> 00:52:13,360
पर क्या होने लगा कि भाई हमें घर वापस जाना है, घर वापस जाना है। तो

722
00:52:13,360 --> 00:52:17,440
उनमें से कुछ पांच महिलाएं और उनकी उनमें से किसी की गोद में एक बच्चा

723
00:52:17,440 --> 00:52:21,520
रहा होगा डेढ़ साल का। उन पांच महिलाओं और एक बच्चे को

724
00:52:21,520 --> 00:52:25,680
यातनाएं दी गई कि बाहर नहीं जाने देंगे तुम्हें। तुम्हें यहां तैनात

725
00:52:25,680 --> 00:52:30,000
रहना होगा। तो उस यातना देने के दौरान उनकी हत्या हो गई। ये

726
00:52:30,000 --> 00:52:34,240
वो हत्या का प्रकरण है जिसमें 28 लोगों के नाम है जिसमें 27

727
00:52:34,240 --> 00:52:38,320
अलग है और एक रामपाल का। जी। अब क्रम को आगे

728
00:52:38,320 --> 00:52:42,320
बढ़ाएं। जी। ये जैसा कि आपने

729
00:52:42,320 --> 00:52:46,320
बताया है ना इसकी रियलिटी आपको बता रहा हूं।

730
00:52:46,320 --> 00:52:50,560
रियलिटी यह थी कि जब देखा कि संत रामपाल जी महाराज किसी

731
00:52:50,560 --> 00:52:51,680
भी हालत में नहीं

732
00:52:51,680 --> 00:52:55,680
फंसे और प्रशासन ने किसी भी तरह कारवाई

733
00:52:55,680 --> 00:52:59,840
नहीं की क्योंकि प्रशासन के जो व्यक्ति थे वो अंदर थे आश्रम के अंदर

734
00:52:59,840 --> 00:53:03,840
उनका खुफिया विवाद पूरा अंदर था तो इन्होंने क्या किया

735
00:53:03,840 --> 00:53:07,840
अब संत रामपाल जी महाराज तो फसेंगे नहीं तो अब इन लोगों ने पांच

736
00:53:07,840 --> 00:53:12,000
मिला एक बच्चे को कमरे के अंदर बंद करके लाठियों से पीट

737
00:53:12,000 --> 00:53:16,400
के मारा है और कोर्ट में बाकायदे इन्होंने बयान दिए

738
00:53:16,400 --> 00:53:20,560
कि मैंने संत रामपाल जी महाराज कहने पर लाठियों से मारा

739
00:53:20,560 --> 00:53:24,560
है। लाठियों से पीट पीट के मारा है। और ये सारा सब

740
00:53:24,560 --> 00:53:28,640
कुछ आपको एफआईआर नंबर 429 400 में बताएंगे क्योंकि अगर हम इतना

741
00:53:28,640 --> 00:53:32,960
पूरा विस्तार से बताएंगे तो ये वीडियो बहुत लंबा हो जाएगा। बिल्कुल बिल्कुल

742
00:53:32,960 --> 00:53:37,760
मैं एक चीज यहां पर क्लियर कर दूं कि जो

743
00:53:37,760 --> 00:53:41,920
रामचंद्र यादव जी हैं इनके अनुसार रामपाल के नाम

744
00:53:41,920 --> 00:53:46,000
से होने वाले जितने भी आपराधिक मामले हैं वो रामपाल के ऊपर कोई ना कोई

745
00:53:46,000 --> 00:53:50,000
दबाव है विवशता है जिसमें रामपाल का प्रत्यक्ष प्रमाण है वो इन्वॉल्व

746
00:53:50,000 --> 00:53:54,400
है और जिनमें इनवॉल्व नहीं है वो तो षड्यंत्र पूर्वक रामपाल

747
00:53:54,400 --> 00:53:58,640
से चिपकाए गए इनके अनुसार यद्यपि हम इस बारे में पुख्ता मतलब कोई ऐसी

748
00:53:58,640 --> 00:54:02,720
सहमति नहीं रखते हैं हमारा यह है कि भाई जो सनातन धर्म का अपमान आ

749
00:54:02,720 --> 00:54:06,880
रहा है और हम यह देख रहे हैं कि रामपाल बोल रहे हैं इनवॉल्व हो रहे हैं। दबाव है कि

750
00:54:06,880 --> 00:54:11,040
नहीं है यह एक अलग जानने का विषय हो जाएगा। तो ये

751
00:54:11,040 --> 00:54:15,440
इनकी मान्यता एक यह है कि रामपाल जी पर कोई दबाव है इनके जिनके

752
00:54:15,440 --> 00:54:19,440
जिसके प्रति ये गुरु भाव रखते हैं और हम लेकर के चलते हैं कि

753
00:54:19,440 --> 00:54:23,520
भाई जो उसने बोला है जो हमें दिखाई दे रहा है उसके अनुसार हम लोग निर्णय कर

754
00:54:23,520 --> 00:54:27,520
रहे हैं। तो हमारा निर्णय तो यही है कि रामपाल बोल रहे हैं कि भैया लड़की का रंग जो है ऐसा

755
00:54:27,520 --> 00:54:31,600
था वैसा था। टिप्पणियां कर रहे हैं। करता हुआ व्यक्ति सामने से दिख रहा है। तो

756
00:54:31,600 --> 00:54:36,000
हम उसके अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। तो यहां पर इनका कहना है कि रामपाल

757
00:54:36,000 --> 00:54:40,320
पर जो ये जो मुकदमे लगे जो हत्या

758
00:54:40,320 --> 00:54:44,560
के मुकदमे लगे वो ऐसे लगे कि फसाने के उद्देश्य से

759
00:54:44,560 --> 00:54:50,480
रामपाल के नाम से वहां पर हत्याएं हुई। है ना यादव जी जहां तक है

760
00:54:50,480 --> 00:54:54,640
शिवा नारायण द्विवेदी जी मैं आपकी इसी बात का कायल

761
00:54:54,640 --> 00:54:58,960
हूं जी जो हमारे आपके संबंध इतने

762
00:54:58,960 --> 00:55:03,120
अच्छे हैं इसी बात का मैं कायल हूं और हम इस बात

763
00:55:03,120 --> 00:55:07,200
पे अिग है जो मेरे पास सबूत है मैं उनकी बात करता

764
00:55:07,200 --> 00:55:11,440
हूं आप करते हैं जो संत रामपाल जी महाराज बोल रहे हैं दो

765
00:55:11,440 --> 00:55:15,440
तरह की बातें हैं और आपका कहना बहुत लाजमी है उस बात पे हम

766
00:55:15,440 --> 00:55:19,520
कोई टीका टिपणी नहीं करते कि आप ऐसा क्यों बोल रहे हो? आज तक

767
00:55:19,520 --> 00:55:22,160
आपसे हमारी कभी कोई बात नहीं हुई। हम केवल

768
00:55:22,160 --> 00:55:26,240
एविडेंस की बात कर रहा हूं। संत रामपाल जी महाराज गलत बोल रहे या सही बोल रहे

769
00:55:26,240 --> 00:55:30,320
हैं। हम इसीलिए कह रहे हैं कि जो हरियाणा के जितने निवासी हैं

770
00:55:30,320 --> 00:55:34,480
जो भी मेरी आवाज सुन रहे हो तो सबको ये एक नैतिक

771
00:55:34,480 --> 00:55:38,800
कर्तव्य उनका बनता है कि उनको सतलोक आश्रम धनाना से बाहर निकाला

772
00:55:38,800 --> 00:55:43,040
जाए। बाहर निकाला जाए। क्या साला क्या

773
00:55:43,040 --> 00:55:47,360
सॉरी मुझसे शब्द निकल गया उसके लिए माफी मांगता हूं। क्या

774
00:55:47,360 --> 00:55:51,600
क्या हरियाणा में एक ये जिनका कोई पूरी दुनिया में अस्तित्व

775
00:55:51,600 --> 00:55:55,760
नहीं है। ये क्या हरियाणा के लोग मिलकर के संत रामपाल जी महाराज

776
00:55:55,760 --> 00:55:59,760
को इनके यहां से बाहर ला के ना इस चीज को दूध का दूध पानी

777
00:55:59,760 --> 00:56:04,400
पा का पानी किया जा सकता है। लेकिन इस

778
00:56:04,400 --> 00:56:08,640
हम करवाएंगे चिंता मत करिए गवाही के लिए रामपाल को यहां पर लाया आना

779
00:56:08,640 --> 00:56:13,120
ही होगा। हाई कोर्ट में मुकदमा है और अभी बात चल रही है

780
00:56:13,120 --> 00:56:17,120
यहां की पुलिस में पुलिस वालों ने वो मांगा है कि हमें रामपाल के

781
00:56:17,120 --> 00:56:21,440
बयान लेने हैं। यहां के पुलिस वालों ने इन्वेस्टिगेशन में अपने उच्चाधिकारियों

782
00:56:21,440 --> 00:56:25,520
से परमिशन मांगी है कि रामपाल के बयान लेने हैं। रामपाल रामपाल

783
00:56:25,520 --> 00:56:29,760
के बयान लेने के लिए हमें जाना है। मगर यह एक सोचने वाली तार्किक बात है कि

784
00:56:29,760 --> 00:56:33,760
भाई रामपाल की ओर से जितने भी दावे हो रहे हैं उसमें ये लोग यह क्यों नहीं

785
00:56:33,760 --> 00:56:37,280
सोचते रामपाल आगरा आकर के दावे क्यों नहीं करते? रामपाल की ओर

786
00:56:37,280 --> 00:56:41,600
से लखनऊ आकर के दावे दावे क्यों नहीं किए जाते?

787
00:56:41,600 --> 00:56:45,680
उत्तराखंड में जाकर के दावे क्यों नहीं किए जाते? जहां पर इनका एक वो सुरक्षा का

788
00:56:45,680 --> 00:56:49,760
एक घेरा बना हुआ वहीं से साझेदार दावे निर्गत के होते हैं। सोचने वाली बात

789
00:56:49,760 --> 00:56:53,920
है। अगर थोड़ा भी बुद्धिजीवी हो तो सोचे और बाकी रही बात जो इनकी जो

790
00:56:53,920 --> 00:56:58,560
प्रार्थना है यादव जी की वो जरूर पूरी होगी। यह मैं आपको

791
00:56:58,560 --> 00:57:02,560
बता रहा हूं। रामपाल को लखनऊ वाले मामलों में बयान देने होंगे। एक

792
00:57:02,560 --> 00:57:06,560
दिन दर्ज होगा बयान और हो सकता है कुछ भी उसमें निकल के

793
00:57:06,560 --> 00:57:10,640
आए चीजें। जी अब आप वो क्रम आगे बढ़ाइए पुस्तकों का क्योंकि बातें तो बहुत

794
00:57:10,640 --> 00:57:13,120
सारी है।

795
00:57:13,120 --> 00:57:17,120
अब इसमें एक बात रह गई थी इनहीं पुस्तकों में तो मैं

796
00:57:17,120 --> 00:57:21,440
ऑपरेटर महोदय जी से निवेदन करूंगा आप शुरू से पीडीएफ का

797
00:57:21,440 --> 00:57:25,440
ये जो भक्ति सौदागर संदेश है उसका पहला

798
00:57:25,440 --> 00:57:29,680
पेज छोड़ के ना दूसरा पेज दिखाइए। उसमें देखो

799
00:57:29,680 --> 00:57:33,920
ट्रस्ट का नाम लिखा हुआ है और प्रेस का नाम लिखा हुआ है। ये मैं दिखाना चाहता हूं।

800
00:57:33,920 --> 00:57:38,320
जी जी दूसरा पेज ये पहला है

801
00:57:38,320 --> 00:57:42,320
पहले के बाद दूसरा में देख लो भक्ति श्रद्धा का संदेश पुस्तक का वो

802
00:57:42,320 --> 00:57:46,320
दिखाइए आप ये ये प्रकाशक का नाम लिखा

803
00:57:46,320 --> 00:57:51,360
है सबसे ऊपर हां आप ही पढ़ दीजिए

804
00:57:51,360 --> 00:57:52,320
ये ऊपर

805
00:57:52,320 --> 00:57:58,320
जाइए पहले ऊपर पहले ऊपर जाइए

806
00:57:58,640 --> 00:58:02,800
ये प्रकाशक लिखा हुआ है बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति

807
00:58:02,800 --> 00:58:06,960
ट्रस्ट और इसमें कुछ तीन नौ पांच पांच संख्या लिखी है ब्रैकेट

808
00:58:06,960 --> 00:58:10,960
में गांव करौथा जिला रोहतक हरियाणा अब नीचे

809
00:58:10,960 --> 00:58:15,040
आ जाइए हां सतलोक नीचे लिखा

810
00:58:15,040 --> 00:58:19,440
हुआ है सतलोक आश्रम सतलोक आश्रम दौलतपुर रोड बरवाला

811
00:58:19,440 --> 00:58:23,440
जिला एसआर हरियाणा रोहतक जज्जर रोड

812
00:58:23,440 --> 00:58:27,440
करौता जिला रोहतक हरियाणा

813
00:58:27,440 --> 00:58:31,680
और फिर आगे वो सब मोबाइल नंबर वगैरह नीचे

814
00:58:31,680 --> 00:58:35,840
नीचे देखो मिले मिलेनियम ऑफसेट वर्ष 796 बीज

815
00:58:35,840 --> 00:58:40,080
अहवादा ओल्ड फरीदाबाद है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] ये मतलब

816
00:58:40,080 --> 00:58:44,640
पता इसमें लिखा हुआ है मुद्रक का ठीक है हालांकि ये पुस्तक में

817
00:58:44,640 --> 00:58:48,800
ये पुस्तक मैं दूसरों के द्वारा मंगवाई थी काफी

818
00:58:48,800 --> 00:58:52,960
मतलब जजर पुस्तक है लेकिन मैं एक चीज बताना चाहता हूं कि

819
00:58:52,960 --> 00:58:57,440
इसमें ट्रस्ट का नाम लिखा था इसमें प्रिंटिंग

820
00:58:57,440 --> 00:59:01,440
ट्रस्ट का नाम लिखा था ठीक है अब इसी के बाद ज्ञान का

821
00:59:01,440 --> 00:59:07,440
पुस्तक में आ जाइए दूसरी बात ज्ञान का पुस्तक दूसरे नंबर पर

822
00:59:14,800 --> 00:59:20,800
ज्ञान

823
00:59:25,120 --> 00:59:29,200
पुस्तक में आ गए हां आ गए आ गए आ गए ना

824
00:59:29,200 --> 00:59:33,360
कौन सा पढ़ना है हां कौन सा पढ़ना है इसमें पहला पहला पेज के

825
00:59:33,360 --> 00:59:37,600
देखो वहां क्या लिखा है प्रचार प्रसार समिति

826
00:59:37,600 --> 00:59:41,920
हां हां हां उसमें लिखा है ज्ञान गंगा प्रकाशक प्रचार प्रसार

827
00:59:41,920 --> 00:59:46,000
समिति सतलोक आश्रम बिहार टोना रोड बरवाला जिला

828
00:59:46,000 --> 00:59:50,160
हिसार हरियाणा तो ये तो बदल गई पहले तो भक्ति मुक्ति

829
00:59:50,160 --> 00:59:54,640
दृष्ट था और और देखिए ना

830
00:59:54,640 --> 00:59:58,720
एक मिनट ऊपर ऊपर ऊपर जाइए भक्ति सौदागर को

831
00:59:58,720 --> 01:00:03,040
संदेश पुस्तक का विकल्प [हंसी] उसके

832
01:00:03,040 --> 01:00:08,880
और ऊपर जाइए और ऊपर जाइए सबसे ऊपर

833
01:00:08,880 --> 01:00:13,680
ये ये सबसे ऊपर जगतगुरु तत्व द हां

834
01:00:13,680 --> 01:00:17,840
राम रामपाल जी महाराज के सत्संगों का संग्रह अनमोल पुस्तक ज्ञान

835
01:00:17,840 --> 01:00:21,840
गंगा ध्यान रखना संग्रह संग्रह

836
01:00:21,840 --> 01:00:26,000
अब आगे पढ़िए भक्ति सौदागर यानी कि ये स्वयं लिख नहीं

837
01:00:26,000 --> 01:00:30,320
रहे हैं। उनकी वाणी को कोई नोट कर रहा है। ऐसे रामपाल

838
01:00:30,320 --> 01:00:34,640
आपके सामने है। मैं संत रामपाल जी महाराज के नाम से 99

839
01:00:34,640 --> 01:00:40,480
अंध भक्तों को प्रमाण दिखाना चाहता हूं। है ना? हम

840
01:00:40,480 --> 01:00:46,400
देखिए भक्ति सौदागर का संदेश विकल्प ज्ञान का लिखा है।

841
01:00:46,400 --> 01:00:50,640
और देखिए 2014 के पहले वाले सत्संगों

842
01:00:50,640 --> 01:00:54,640
में संत रामपाल जी महाराज ने भी कहा कि दास ने सत्संग किया

843
01:00:54,640 --> 01:00:58,880
और भक्तों ने बना दी ज्ञान गंगा और जब

844
01:00:58,880 --> 01:01:03,840
2026 में यानी कि 104 2026 को संत रामपाल जी महाराज

845
01:01:03,840 --> 01:01:08,000
हिसार जेल से बाहर आते हैं हाई कोर्ट की दया पर

846
01:01:08,000 --> 01:01:12,240
तब क्या कहते हैं कि मैंने ज्ञान पुस्तक जीने

847
01:01:12,240 --> 01:01:18,240
की राह पुस्तक बनाई है यह मेरी आत्मा हम

848
01:01:18,560 --> 01:01:22,800
ये मेरी आत्मा है और जो पढ़ेगा पता नहीं कितनी पीढ़ियां

849
01:01:22,800 --> 01:01:24,960
पार हो जाएगा

850
01:01:24,960 --> 01:01:28,960
तो ये संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों को निर्णय लेना चाहिए और

851
01:01:28,960 --> 01:01:33,760
सबसे बड़ी बात है पूरी के शंकराचार्य जी के शिष्य

852
01:01:33,760 --> 01:01:37,920
एवं लखनऊ के रहने वाले श्री शिवश नारायण द्विवेदी जी और

853
01:01:37,920 --> 01:01:42,880
उनकी टीम को धन्यवाद देना चाहिए जो आज

854
01:01:42,880 --> 01:01:47,440
पूरी दुनिया के सामने इन्होंने यह सबूत दिखाने का

855
01:01:47,440 --> 01:01:51,520
जो है हम लोगों को मौका दिया है जो संत रामपाल जी के स्वयं से

856
01:01:51,520 --> 01:01:57,520
जा सकते हैं और ये चीज आपने देख लिया ना सर

857
01:01:58,320 --> 01:02:02,400
हेलो जी देख लिया बोलिए आवाज आ

858
01:02:02,400 --> 01:02:07,360
रही है मेरी अब दूसरी ज्ञान का पुस्तक निकालिए उसके नीचे वाली

859
01:02:07,360 --> 01:02:11,120
जी

860
01:02:11,120 --> 01:02:17,120
अगली ज्ञान गंगा हां बदलाव

861
01:02:21,840 --> 01:02:25,840
इसमें कोई संस्था का नाम नहीं है। कोई ट्रस्ट का नाम नहीं है। कबीर परमेश्वर

862
01:02:25,840 --> 01:02:29,840
भक्ति ट्रस्ट बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट एक 2012 तक

863
01:02:29,840 --> 01:02:35,200
इन्होंने बंदी छोड़ एक 12 के पहले तक बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति

864
01:02:35,200 --> 01:02:41,040
एक मिनट इसमें लिखा है ज्ञान गंगा प्रचार वही प्रचार प्रसार समिति

865
01:02:41,040 --> 01:02:45,600
नहीं वही से पढ़ो ऊपर से जगतगुरु वाला जगतगुरु

866
01:02:45,600 --> 01:02:50,080
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों का संग्रह अनमोल

867
01:02:50,080 --> 01:02:54,320
पुस्तक ज्ञान गंगा ये वही है कि इससे और आगे वाली अरे

868
01:02:54,320 --> 01:02:58,400
नीचे आ जाओ उसी वही वाली है देखो इसने भक्ति सौदागर का संदेश

869
01:02:58,400 --> 01:03:02,400
विकल्प हटा दिया हां वो लाइन हटा दी भक्ति के भक्ति

870
01:03:02,400 --> 01:03:06,560
सौदागर [हंसी] को संदेश वो लाइन हटा दी ये परमात्मा की वाणी बार-बार

871
01:03:06,560 --> 01:03:10,640
बदल रही है भाई ये रामपाल की गैंग से मैं पूछना चाहता हूं

872
01:03:10,640 --> 01:03:16,640
ऊपर लिखा अनमोल संग्रह नीचे बदल दिया

873
01:03:17,600 --> 01:03:21,760
और आगे क्या लिखा है हां जी और आगे क्या लिखा है जानते है ना कि गंगे अंधेरे

874
01:03:21,760 --> 01:03:25,840
सब आ गए और उसके नीचे जो खाली जगह थी उसमें और यहां देखो क्या उसमें लिख

875
01:03:25,840 --> 01:03:29,920
दिया वो सत्संग प्रवचन ये होगा वो होगा है ना चलिए वो तो

876
01:03:29,920 --> 01:03:34,080
वो तो ठीक है वो एक अलग बात है जी बात वो अलग नहीं है बात ये

877
01:03:34,080 --> 01:03:38,160
है कि जो जगह खाली थी उसको भरने के लिए उन्होंने ये काम किया ये मेरा कहने

878
01:03:38,160 --> 01:03:42,240
मतलब है हां हां हां हां यहां ये समझिए ना कि उस क्या

879
01:03:42,240 --> 01:03:46,640
किया यहां किया क्या किया जी जी बिल्कुल अब

880
01:03:46,640 --> 01:03:51,920
उसी के नीचे आ जाइए अवतार वाली पुस्तक में हां

881
01:03:51,920 --> 01:03:56,000
अवतार आपका कहने का मतलब है आपका कहने का मतलब

882
01:03:56,000 --> 01:04:00,160
है भक्ति के सौदागर से ले पहली ज्ञान गंगा से ले दूसरी ज्ञान गंगा

883
01:04:00,160 --> 01:04:04,160
और फिर अवतार नामक पुस्तक इसमें नास्ते नमस की भविष्यवाणी

884
01:04:04,160 --> 01:04:08,640
भी अपडेट हो रही है भैया परमात्मा की वाणी भी अपडेट होती है रामपाली

885
01:04:08,640 --> 01:04:14,640
गैंग में ठीक है ये ध्यान रखो पहले तो अपडेट होती है दूसरी बात ये है

886
01:04:14,640 --> 01:04:18,880
दूसरी बात ये है कि साथ ही साथ उसके प्रकाशक वगैरह भी बदलते रहते

887
01:04:18,880 --> 01:04:22,960
हैं। पहले प्रकाशक कोई और था पहले वाणी किसी और की थी अब किसी और की है।

888
01:04:22,960 --> 01:04:27,120
लगता है कि सबसे बड़ा काल तो ये रामपाली गैंग स्वयं है

889
01:04:27,120 --> 01:04:31,200
जो काल मिलावट करता है। अब

890
01:04:31,200 --> 01:04:32,640
यही तो मेरा कहने का मतलब

891
01:04:32,640 --> 01:04:36,960
है ना इसीलिए शायद आपकी मेरी जब पहली बार बातचीत

892
01:04:36,960 --> 01:04:42,240
हुई थी 2023 में लखनऊ महोत्सव में है ना

893
01:04:42,240 --> 01:04:47,040
याद होगा आपको शिव जी हम हेलो

894
01:04:47,040 --> 01:04:51,200
जी जी सुन रहा हूं आपको आवाज आ रही है हां पहली बार हमने

895
01:04:51,200 --> 01:04:55,280
आपको फोन लगाया था जब आपको पुस्तकों के बारे में वहां हमने देखा था

896
01:04:55,280 --> 01:04:59,600
और आपको काफी बातें बताई थी उस समय नया नया परिचय था तो आपको भी खैर

897
01:04:59,600 --> 01:05:03,680
इतनी जल्दी विश्वास बात भी करना नहीं था और लेकिन वो नंबर आपका मैंने

898
01:05:03,680 --> 01:05:07,680
फीड रखा। दूसरी साल जब आपने फिर लखनऊ

899
01:05:07,680 --> 01:05:11,840
महोत्सव में पुस्तकों को जलाया बुला दो जरा

900
01:05:11,840 --> 01:05:16,080
चार्ज है

901
01:05:16,080 --> 01:05:20,240
बुलाया बैटरी नहीं है तो वही तो कह रहे थे ना एक मिनट रुकना

902
01:05:20,240 --> 01:05:26,240
जरा जो बुलाया तो फिर जो है ना

903
01:05:29,280 --> 01:05:33,520
भैया यहां पर रामपाल गैंग वालों को देखना चाहिए आपकी कैसे बैंड बज

904
01:05:33,520 --> 01:05:37,680
रही कैसे आपकी जो तथाकथित परमात्मा की वाणी

905
01:05:37,680 --> 01:05:41,680
है उसके पर कच्चे उड़ रहे हैं। अब इसके बाद क्या वो

906
01:05:41,680 --> 01:05:45,760
शास्त्रार्थ करेगा ना तो तुम्हारे लोग यह बता

907
01:05:45,760 --> 01:05:50,000
पाते हैं कि भाई कबीर प्रिंटर क्यों लिखा हुआ है यहां पर गलत फर्जी और

908
01:05:50,000 --> 01:05:55,040
कुछ लोग यह कहते हैं कि पहले यह था अब बदल गया है। तो भैया ये देख लो

909
01:05:55,040 --> 01:05:58,720
2014 के आसपास का कबीर प्रिंटर लिखा हुआ है। है

910
01:05:58,720 --> 01:06:03,840
ना? यह देख लो आप। क्या बोल रहे थे?

911
01:06:03,840 --> 01:06:07,840
जी बोलिए तो ये देखो हम क्या बोल रहे थे जरा

912
01:06:07,840 --> 01:06:13,840
बताना हम भूल गए क्योंकि उस लग गए तो थोड़ा चार्जिंग में है ना

913
01:06:14,320 --> 01:06:18,960
हेलो जी जी आप बोल रहे थे

914
01:06:18,960 --> 01:06:24,960
आप ये आप बोल रहे थे कि वो

915
01:06:25,040 --> 01:06:29,680
फर्जी पुस्तक के बारे में बोल रहे थे जो इसमें बदलाव हुआ है

916
01:06:29,680 --> 01:06:34,960
अवतार वाली पुस्तक दिखानी है शायद अब हां तो ये चीजें

917
01:06:34,960 --> 01:06:40,960
अभी नीचे इसके अवतार वाली पुस्तक पे आ जाइए आप। जी जी जी

918
01:06:41,280 --> 01:06:44,400
चार्ज ना

919
01:06:44,400 --> 01:06:48,880
हो रहा है ना चार्ज चलो ठीक ये

920
01:06:48,880 --> 01:06:53,200
आ गई अवतार नामक पुस्तक जी अब अवतार

921
01:06:53,200 --> 01:06:57,520
नामक पुस्तक में देखिए आप पेज खोलिए दूसरा वाला अवतार के बाद

922
01:06:57,520 --> 01:07:01,600
ये आ गया लेखक व प्रकाशक लेखक व प्रकाशक प्रचार

923
01:07:01,600 --> 01:07:06,560
प्रसार समिति तथा सर्व संगत सतलोक आश्रम यहां फिर बदल गया

924
01:07:06,560 --> 01:07:10,920
हां हो क्या रहा है पंडित मिलके लिखती है पुस्तक अकेले नहीं

925
01:07:10,920 --> 01:07:16,920
[हंसी] अब उसके नीचे पढ़िए आप

926
01:07:16,960 --> 01:07:21,040
मुद्रक लिए तो है फर्जी है मुद्रक कबीर प्रिंटर आ गया पहले में

927
01:07:21,040 --> 01:07:25,440
मुद्रक क्या था इससे पहले वाले में इससे पहले वाले में क्या था मुद्रक

928
01:07:25,440 --> 01:07:28,640
उसमें मुद्रक नहीं था

929
01:07:28,640 --> 01:07:32,800
भक्ति सौदागर का संदेश पुस्तक में मुद्रक लिखा था जो

930
01:07:32,800 --> 01:07:36,880
2006 के पहले वाली है ना ठीक है ज्ञान

931
01:07:36,880 --> 01:07:42,800
गंगा क्या लिखा था उसमें मुद्रक है ही नहीं

932
01:07:42,800 --> 01:07:48,800
उसमें तो मुद्रक है ही नहीं नीचे आइए नीचे नीचे आइए

933
01:07:53,200 --> 01:07:57,760
हां इसमें मुद्रक नहीं है सही कह रहे है

934
01:07:57,760 --> 01:08:01,760
और अब मुद्रक आ गया भैया अभी अभी मुद्रक का जन्म हो गया है अब यहां से

935
01:08:01,760 --> 01:08:06,320
मुद्रक कबीर प्रिंटर आ गया भैया छ सी 117 अच्छा ये बताइए

936
01:08:06,320 --> 01:08:11,200
ये लगभग कब की छपी हुई पुस्तक होगी ये सी 117 लिखा है

937
01:08:11,200 --> 01:08:14,800
20167 के बाद

938
01:08:14,800 --> 01:08:19,680
ये भी दिखा रहा हूं पहले आप इसकी बात फाइनल कर लो कबीर प्रिंटर्स वाली

939
01:08:19,680 --> 01:08:23,360
ये बात फाइनल करो जी जी ये

940
01:08:23,360 --> 01:08:27,520
देखिए मुद्रा कबीर प्रिंटर 17 सेक्टर थ्री बवाना इंडस्ट्रियल

941
01:08:27,520 --> 01:08:31,520
एरिया नई दिल्ली और यही श्री शिवाश नारायण द्विवेदी जी मैंने

942
01:08:31,520 --> 01:08:35,600
आपको बताया था और कि इन्होंने फर्जी पता लिख रखा है लेकिन

943
01:08:35,600 --> 01:08:39,600
मेरे पास सुविधा ऐसी नहीं कि हम जो है इसको जो है ना वहां जा

944
01:08:39,600 --> 01:08:43,840
सके और एक में जयपुर का पता लग रखा था और परमेश्वर

945
01:08:43,840 --> 01:08:48,800
की दया से आप आप द हजार रुपया खर्च करके गए

946
01:08:48,800 --> 01:08:53,040
हम जैसे नीचों को इस नरक से बचाने

947
01:08:53,040 --> 01:08:57,280
के लिए आपने वो त्याग किया और ये संत रामपाल

948
01:08:57,280 --> 01:09:01,520
जी महाराज के नाम के शिष्य आपको दुश्मन समझते हैं और आपने

949
01:09:01,520 --> 01:09:05,520
वो काम किया है जो आप हमको अपने साथ लेकर के

950
01:09:05,520 --> 01:09:09,680
आपने ने सारी चीजें जड़ से निकाल कर दिखाई है और ये कबीर

951
01:09:09,680 --> 01:09:13,840
प्रिंट एक्स्रा सेक्टर थ्री बंडिया ये ये पता किस पुस्तक

952
01:09:13,840 --> 01:09:17,840
में डालते हैं जिन पुस्तकों में इन्होंने निराधार गाली गलौज

953
01:09:17,840 --> 01:09:22,000
पूरा झूठ फरेब चार्ज बीसी किया है उसमें

954
01:09:22,000 --> 01:09:26,000
ये ये पता वहां का डालते हैं और कोई भी पकड़ा जाए तो वही

955
01:09:26,000 --> 01:09:30,000
फसेगा वही मरेगा वही कटेगा तभी हमने आपको जब दूसरी

956
01:09:30,000 --> 01:09:34,480
बार आपने पुस्तक जलवाई थी उस लखनऊ महोत्सव में

957
01:09:34,480 --> 01:09:38,560
तब हमने आपको कहा था कि आज के बाद शिवा द्विवेदी जी आप

958
01:09:38,560 --> 01:09:43,120
पुस्तकों को मत जलाना क्योंकि ये लोग चाहते यही कि पुस्तकें जलाओ

959
01:09:43,120 --> 01:09:47,280
जिसमें इन मूर्खों को भड़काओ और आपने उस बात

960
01:09:47,280 --> 01:09:51,280
को समझा और आज ये सबके सामने आपने प्रमाण आप ही वीडियो

961
01:09:51,280 --> 01:09:55,440
बना डाला वहां से ना एक साल पहले आपने वीडियो बना डाला

962
01:09:55,440 --> 01:09:59,520
ये हमारे सबके कल्याण के लिए लेकिन वही हालत है कि जैसे

963
01:09:59,520 --> 01:10:03,520
गांव कहा जाता है ना कि कुत्ते को गुड़ दो तो उसको लगता है मुझे पत्थर मार रहे

964
01:10:03,520 --> 01:10:06,460
है ईटा मार रहे है

965
01:10:06,460 --> 01:10:12,080
[हंसी] ये चीज

966
01:10:12,080 --> 01:10:16,320
और इसके बाद आगे जी एक कर

967
01:10:16,320 --> 01:10:20,400
कांड पुस्तक खैर उसकी तो बात अलग इसमें तो इसमें भी वही

968
01:10:20,400 --> 01:10:24,560
पना लिख रखा है अब ये ये चीज जो है समाप्त हुई

969
01:10:24,560 --> 01:10:28,560
अब जो है ऑपरेटर महोदय जिसको जो शुरुआत से पीडीएफ चल

970
01:10:28,560 --> 01:10:33,200
रही है यानी पहला नंबर

971
01:10:33,200 --> 01:10:37,520
अब हमें मैं बताने की आवश्यकता नहीं हमने सब बना करके दे दिया है।

972
01:10:37,520 --> 01:10:41,600
बस बीच में बोलने की आवश्यकता है। बस जो आपने पहले तैयारी की थी

973
01:10:41,600 --> 01:10:45,680
18 पॉइंट वाली ना। हां बस वही से शुरुआत करते जाओ। हालांकि

974
01:10:45,680 --> 01:10:49,840
हो सकता है ये रिपीट हो रहा हो। है ना? जी जी जी एक नंबर का प्रमाण

975
01:10:49,840 --> 01:10:54,160
दिखा दीजिए।

976
01:10:54,160 --> 01:10:58,480
उसमें भी भक्ति सौदागरण का संदेश पुस्तक का होगा। अगर

977
01:10:58,480 --> 01:11:03,200
ऐसा हो तो दो नंबर ले आइएगा फिर सीधे।

978
01:11:03,200 --> 01:11:07,600
हां वही है वही है। हां पहले नंबर वाली छोड़ दीजिए आप। है ना?

979
01:11:07,600 --> 01:11:13,280
पहले नंबर छोड़ दो। दूसरा ले लो। हां बात सही है।

980
01:11:13,280 --> 01:11:17,280
अब ये सात प्रकार की ज्ञान मेरे पास

981
01:11:17,280 --> 01:11:20,320
है।

982
01:11:20,320 --> 01:11:24,320
सात प्रकार की सात प्रकार सात प्रकार

983
01:11:24,320 --> 01:11:28,640
की ज्ञान सात प्रकार की तो मेरे पास है। आठवी प्रकार की गूगल

984
01:11:28,640 --> 01:11:33,760
वाली है। अच्छा [हंसी]

985
01:11:33,760 --> 01:11:38,000
मतलब हार्ड कॉपी आपके पास सात है। जी हां गूगल

986
01:11:38,000 --> 01:11:43,040
सहित आठ आठ प्रकार की गंग पुस्तक है। जी जी

987
01:11:43,040 --> 01:11:43,540
ये

988
01:11:43,360 --> 01:11:47,440
आ गई पहली अब वो दिखाते जाए हमारे ऑपरेटर

989
01:11:47,440 --> 01:11:51,440
साहब दिखाते जाए और पेज नंबर सब बताते जाए। है ना? [गला साफ़ करने की आवाज़]

990
01:11:51,440 --> 01:11:55,440
हां आगे आगे बताइए। आगे बढ़िए भाई। नहीं कौन से पेज पे रुकना

991
01:11:55,440 --> 01:11:59,600
है ये बताएंगे ना आप? नहीं नहीं उसमें सबका सीरियल भाई

992
01:11:59,600 --> 01:12:03,680
अपने लगा दिया डाला है एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट

993
01:12:03,680 --> 01:12:09,680
ये इन्होंने कोई कटिंग करके दिखाई है बात इसको बड़ा करिए क्या दिखा है

994
01:12:10,160 --> 01:12:14,400
नहीं नहीं ऊपर हां इस जो ऊपर निकल गई ना छोटा सा पैराग्राफ ये

995
01:12:14,400 --> 01:12:18,480
ना ज्यादा ऊपर चले गए आप दो नंबर पे

996
01:12:18,480 --> 01:12:22,720
दो नंबर दो नंबर पेज पेज नंबर दो

997
01:12:22,720 --> 01:12:28,720
नहीं दो नंबर है पेज नंबर नहीं दो नंबर है पीडीएफ खोलो

998
01:12:29,520 --> 01:12:33,840
पीडीएफ खोल ली है इसमें सबसे पहले एक मिनट ज्यादा ज्यादा

999
01:12:33,840 --> 01:12:39,840
नीचे जा रहे हैं आप रुक जाइए वापस जाइए वापस जाइए पीछे

1000
01:12:40,640 --> 01:12:44,720
ये पहला पेज है दो नंबर प्रमाण का दूसरे नंबर के प्रमाण का पहला पेज है ना

1001
01:12:44,720 --> 01:12:49,120
ये हां जी अब इसमें आप थोड़ा सा नीचे जाइए

1002
01:12:49,120 --> 01:12:54,960
थोड़ा और नीचे नीचे नीचे नीचे आप ऊपर जा रहे

1003
01:12:54,960 --> 01:13:00,960
बस इसको इसको बड़ा करिए। क्या लिखा है छोटा छोटा सा?

1004
01:13:02,880 --> 01:13:07,040
हां। थोड़ा थोड़ा सा नीचे वाला जो पैराग्राफ दिख रहा है उसको ऊपर

1005
01:13:07,040 --> 01:13:11,280
लीजिए। थोड़ा बीच में लीजिए। हां। कुछ विरोधी व्यक्ति जो महर्षि

1006
01:13:11,280 --> 01:13:15,680
दयानंद का जो महर्षि दयानंद की फोकट

1007
01:13:15,680 --> 01:13:19,840
महिमा सुनाकर तथा उनके द्वारा रचित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश को बेचकर निर्वाह

1008
01:13:19,840 --> 01:13:24,320
कर रहे हैं। वह कहते हैं एक पुस्तक ज्ञान गंगा में शास्त्रार्थ

1009
01:13:24,320 --> 01:13:28,400
विषय अब और ऊपर चलिए। हां नामक अध्याय में लिखा

1010
01:13:28,400 --> 01:13:33,680
है कि महर्षि दयानंद संत ये क्या पूरा पढ़ना है पेज 314

1011
01:13:33,680 --> 01:13:38,640
नहीं देखो हमने इनके पास जो पीडीएफ भेजी सुनो

1012
01:13:38,640 --> 01:13:43,040
दो नंबर की पीडीएफ है जिसमें लिखा है गूगल वाली ज्ञान

1013
01:13:43,040 --> 01:13:45,120
314 पेज और 165

1014
01:13:45,120 --> 01:13:49,360
पेज हां वही है वही वही है 314 पेज

1015
01:13:49,360 --> 01:13:55,360
हां वही है हां हां तो इसमें देखो जो है ना

1016
01:13:56,160 --> 01:14:00,320
ऊपर पर हमने सात प्रकार की ज्ञान का पुस्तक लिख रखा है। है ना?

1017
01:14:00,320 --> 01:14:04,480
हां। हां। सात प्रकार की ज्ञान का पुस्तक

1018
01:14:04,480 --> 01:14:09,120
है। पहली ज्ञान का पुस्तक ये 304 पेज की है। है ना?

1019
01:14:09,120 --> 01:14:13,200
अच्छा हां पढ़ना नहीं है। बस इसको आप पढ़ाते जाइए। पहली

1020
01:14:13,200 --> 01:14:17,360
ज्ञान का पुस्तक ये 304 पेज की है। ठीक है। ये गूगल वाली है।

1021
01:14:17,360 --> 01:14:21,520
ये गूगल वाली है। एक मिनट। ये गूगल वाली है। पहली पहली कौन

1022
01:14:21,520 --> 01:14:25,680
सी है? मतलब सबसे पहले हमारे सामने सबसे

1023
01:14:25,680 --> 01:14:29,840
पहले हमारे सामने गूगल वाली ज्ञान गंगा आ रही है।

1024
01:14:29,840 --> 01:14:35,600
हां पीडीएफ के अनुसार हां

1025
01:14:35,600 --> 01:14:39,920
पीडीएफ के अनुसार है ना ये देखो 300 कितने

1026
01:14:39,920 --> 01:14:44,160
पेज की है इसमें ये

1027
01:14:44,160 --> 01:14:48,240
कितने पेज की है 326 पेज के आसपास

1028
01:14:48,240 --> 01:14:52,960
होगी ये हां एक मिनट ये गूगल पे जो

1029
01:14:52,960 --> 01:14:58,640
गूगल वाली जो ज्ञान गंगा है ये

1030
01:14:58,640 --> 01:15:02,640
नीचे चलिए भाई साहब इसका एंड वाला पेज दिखा दीजिए। उसमें लिखा होगा कितने पेज की है। वो

1031
01:15:02,640 --> 01:15:06,640
आखरी पेज का चित्र दिया होगा इन्होंने

1032
01:15:06,640 --> 01:15:12,400
ऑपरेटर जी और नीचे

1033
01:15:12,400 --> 01:15:17,200
ये तो अगली आ गई नई आ गई।

1034
01:15:17,200 --> 01:15:21,280
देखो गूगल वाली ज्ञान का पुस्तक 314 पेज की

1035
01:15:21,280 --> 01:15:25,440
है। अच्छा इसीलिए आपने 314 नंबर का पेज दिखाया है उसमें

1036
01:15:25,440 --> 01:15:29,440
है ना? बस ये आपको देखना है। तो बस

1037
01:15:29,440 --> 01:15:33,920
ये आप बोल देते पहले ही मैं क्लियर करता ये देख पीछे पीछे चलिए ऊपर दिखाइए

1038
01:15:33,920 --> 01:15:39,920
वो वाला जो 314 नंबर का पेज था

1039
01:15:40,240 --> 01:15:44,240
जो गूगल पे जो ज्ञान गंगा है गूगल वाली ज्ञान गंगा

1040
01:15:44,240 --> 01:15:48,400
ये 314 नंबर का पेज है मतलब 314 पष्ठों की है ये अब आगे

1041
01:15:48,400 --> 01:15:52,480
चलिए अगली इसमें एक बात और इसमें एक बात और मैं आपको बताना

1042
01:15:52,480 --> 01:15:56,480
चाहूंगा है ना हां की जैसे नास

1043
01:15:56,480 --> 01:16:00,560
की जो भविष्यवाणी थी ना हां हां इसमें 165

1044
01:16:00,560 --> 01:16:04,560
पेज पर है। अच्छा अन्य पुस्तकों में

1045
01:16:04,560 --> 01:16:08,720
149 किसी मतलब जैसे जैसे पेज कम करते गए

1046
01:16:08,720 --> 01:16:13,440
बढ़ाते गए यहां तक कि 268 पेज तक की ज्ञान का पुस्तक है।

1047
01:16:13,440 --> 01:16:17,920
उसमें अलग-अलग परिवर्तन पेज बदलते रहे लेकिन वही

1048
01:16:17,920 --> 01:16:22,000
जो नाते भविष्यवाणी का जो उसमें चैप्टर में दिया

1049
01:16:22,000 --> 01:16:26,320
है वो एक ही रहा है। तो इसमें लोग क्या था कि 149

1050
01:16:26,320 --> 01:16:30,480
पेज 149 पेज तो अपने रटा दिया और जब लोग 149 पेज

1051
01:16:30,480 --> 01:16:34,800
वाली पेज में ज्ञान खोलेंगे वो पेज है 268 वाली

1052
01:16:34,800 --> 01:16:38,800
अब उसको मिलेगा ही नहीं मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ

1053
01:16:38,800 --> 01:16:42,960
है हाई कोर्ट में मैंने हाई कोर्ट में मैंने प्रश्न प्रश्न

1054
01:16:42,960 --> 01:16:46,960
दिखा दिए थे अब उसके बाद जब बुक में देखा गया तो जज जज

1055
01:16:46,960 --> 01:16:51,040
बोले कि इसमें तो है ही नहीं तो मैंने कहा भैया इसमें हर संस्करण में

1056
01:16:51,040 --> 01:16:55,360
दूसरा दूसरा है क्या कि नहीं

1057
01:16:55,360 --> 01:16:59,440
श्री राम द्विवेदी जी इन्होंने इसी इसीलिए ऐसी

1058
01:16:59,440 --> 01:17:03,760
पुस्तक छापी है कि अगर आप किसी को पुस्तक बेचते हुए

1059
01:17:03,760 --> 01:17:07,840
आपने पुस्तक अपने हाथ में ले ली और आप थाने स्वयं पहुंच गए

1060
01:17:07,840 --> 01:17:13,360
लेकर के तो फिर आप उसको साबित करो। फिर कह मेरी पुस्तक है ही नहीं।

1061
01:17:13,360 --> 01:17:17,440
जैसे कि पहली बार जब हमारी डिबेट हुई थी आपके साथ में तो ये कौन था जो कह

1062
01:17:17,440 --> 01:17:21,520
रहा था ये ये जीने की रा पुस्तक ये हमारी है ही नहीं जो जयपुर का पता लिखा हुआ

1063
01:17:21,520 --> 01:17:25,600
है। [हंसी] याद है ना?

1064
01:17:25,600 --> 01:17:29,680
बिल्कुल बिल्कुल मेरे पास दो पुस्तकें हैं जयपुर के पते की

1065
01:17:29,680 --> 01:17:33,840
दो पुस्तकें हैं यहां की तुम्हारे

1066
01:17:33,840 --> 01:17:38,160
भवाना इंटरेस्ट एरिया नई दिल्ली की और इसमें एक बहुत बड़ी बात आपको

1067
01:17:38,160 --> 01:17:42,640
बताना चाहूंगा कि ये हमारे गुरुदेव के आशीर्वाद है

1068
01:17:42,640 --> 01:17:46,880
जो ये सब कलेक्शन करके हम रखे हुए हैं। नहीं तो हमें तो छ महीने

1069
01:17:46,880 --> 01:17:51,200
हुआ था बरवाला कांड हो गया तब मुझे तो ए बी सी डी कुछ पता ही नहीं था। बताइए

1070
01:17:51,200 --> 01:17:55,440
आज हम ये कैसे रखते हैं और पूरे भारत में पूरे विश्व में जितने

1071
01:17:55,440 --> 01:17:59,760
संत रामपाल जी महाराज के नाम के शिष्य हैं जो अपने आप कहते 15 करोड़ है

1072
01:17:59,760 --> 01:18:03,840
एक भी पास कोई भी सबूत नहीं है ये केवल आंख के अंधे

1073
01:18:03,840 --> 01:18:08,320
गांठ के पूरे है

1074
01:18:08,320 --> 01:18:11,440
जी अब इसमें आगे चले इसमें हां

1075
01:18:11,440 --> 01:18:15,440
अब अब आप दूसरी पीडीएफ ज्ञान 3001 पेज की मतलब

1076
01:18:15,440 --> 01:18:17,920
खुली

1077
01:18:17,920 --> 01:18:22,160
इसी पीडीएफ में नीचे चलना है कि तीसरे नंबर का प्रमाण खोलना है। इसी

1078
01:18:22,160 --> 01:18:26,800
पीडीएफ के नीचे वो नहीं वो तो अलग है। अलग-अलग इसीलिए चीजें अलग-अलग

1079
01:18:26,800 --> 01:18:30,960
की है। आगे चलिए आगे चलिए। हां उसमें लिखा

1080
01:18:30,960 --> 01:18:35,200
ज्ञान गंगा 301 ब्रैकेट में वन पेज की वाणी को

1081
01:18:35,200 --> 01:18:39,520
हां आगे चलिए भैया। आप आगे तो नहीं निकला। Google गूगल

1082
01:18:39,520 --> 01:18:43,840
वाली जो खत्म हो रही है 314 पे उसके हां यहां से चलिए।

1083
01:18:43,840 --> 01:18:48,000
पहले गूगल वाली है। आगे चलिए। उसमें लिखा ज्ञान

1084
01:18:48,000 --> 01:18:52,560
गंगा आठ प्रकार की ज्ञान गंगा आठ प्रकार की रामचंद्र

1085
01:18:52,560 --> 01:18:55,280
दास 23926

1086
01:18:55,280 --> 01:19:01,280
है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए और आगे चलिए

1087
01:19:06,560 --> 01:19:11,920
जो ये पेज बोल रहे हैं जिसमें इन्होंने पेन से लिखा है

1088
01:19:11,920 --> 01:19:16,080
इन्होंने पेन से लिख और आगे चलिए ये तो 314 फिर वही पेज आ गया

1089
01:19:16,080 --> 01:19:20,160
ना अब हमें गूगल वाली ज्ञान गंगा नहीं दिखानी है उसी

1090
01:19:20,160 --> 01:19:24,400
पीडीएफ में जो अगली ज्ञान गंगा है वो दिखानी है ऑपरेटर जी

1091
01:19:24,400 --> 01:19:30,400
ये आ गई एक और ज्ञान गंगा हां

1092
01:19:30,880 --> 01:19:36,400
ये तो बार-बार वो गूगल वाली आ रही है तो

1093
01:19:36,400 --> 01:19:40,960
और आगे चलिए यह आई आई आई इसमें

1094
01:19:40,960 --> 01:19:46,960
यह एक नंबर की आई है एक मिनट अरे रुकिए ऊपर जाइए

1095
01:19:47,200 --> 01:19:51,280
इसमें लिखा हुआ है कवर पेज है ज्ञान गंगा का

1096
01:19:51,280 --> 01:19:56,080
वही पीडीएफ है ना ये हां इसको खोलो जरा

1097
01:19:56,080 --> 01:20:00,080
मगर ये तो फिर धरती का अवतार आ गया 304 नंबर ज्ञान गंगा

1098
01:20:00,080 --> 01:20:04,560
के बाद

1099
01:20:04,560 --> 01:20:08,560
ये पीडीएफ नंबर दो है ना प्रमाण नंबर दो

1100
01:20:08,560 --> 01:20:12,800
वन प्लस वन उसने लिखा है ना देखो ऊपर जाइए पेज

1101
01:20:12,800 --> 01:20:16,880
दिखाइए कवर पेज दिखाइए वन प्लस वन लिखा है क्या एक

1102
01:20:16,880 --> 01:20:20,880
ही जैसा कमेंट करने वाले को बैन कर दे बार-बार कर रहा हूं जो अरे

1103
01:20:20,880 --> 01:20:25,040
अभी कवर पेज आया था ना ऑपरेटर जी अभी अभी आया था कवर पेज

1104
01:20:25,040 --> 01:20:30,080
ज्ञान गंगा का

1105
01:20:30,080 --> 01:20:34,240
चलो हम बता देते हैं उसमें कोई बड़ी बात नहीं लेकिन हम बता देते ये एक एक

1106
01:20:34,240 --> 01:20:38,480
मिनट ये ये आया है ये इसमें वन नंबर लिखा है

1107
01:20:38,480 --> 01:20:42,880
हां देखो उसमें क्या है हमारा काम नहीं कर रहा है

1108
01:20:42,880 --> 01:20:48,880
है ना मिलावट लिख लिखा है इसमें वन नंबर

1109
01:20:51,200 --> 01:20:56,560
अब इसमें इसके बाद धरती पर अवतार का चित्र आ गया।

1110
01:20:56,560 --> 01:21:01,040
अब अब ये आई ज्ञान गंगा एक और एक मिनट एक मिनट एक मिनट।

1111
01:21:01,040 --> 01:21:05,280
अरे रुकिए हां ये पढ़ने दीजिए। ये

1112
01:21:05,280 --> 01:21:09,280
परिवर्तित ज्ञान गंगा एक और आ गई। इसमें लिखा हुआ है दो नंबर। ये

1113
01:21:09,280 --> 01:21:13,840
दो नंबर की ज्ञान गंगा है। मिलावटी लिखा है इसमें।

1114
01:21:13,840 --> 01:21:19,040
18 गया 2014 हां

1115
01:21:19,040 --> 01:21:23,040
अगर पुस्तक ना पढ़े तो अच्छा ये आपका मोबाइल नंबर भी

1116
01:21:23,040 --> 01:21:27,840
लिखा है पुराना वाला और आगे चलिए

1117
01:21:27,840 --> 01:21:32,000
अच्छा इसमें बार-बार हर ज्ञान गंगा के अंदर एक ये अवतार वाला

1118
01:21:32,000 --> 01:21:36,080
चित्र दिया है लग रहा है एक और यह शायद तीसरे नंबर की

1119
01:21:36,080 --> 01:21:40,160
ज्ञान गंगा है आप कुछ कह नहीं रहे हैं यादव

1120
01:21:40,160 --> 01:21:44,240
जी आगे बढ़ते जा रहे हम लोग यादव

1121
01:21:44,240 --> 01:21:47,760
जी चले गए

1122
01:21:47,760 --> 01:21:51,840
फिर आ गई यादव जी थोड़ा सा टेक्निकली उनका उतना समझ में

1123
01:21:51,840 --> 01:21:56,000
नहीं आ रहा है फिर से एक नंबर वाली ज्ञान गंगा

1124
01:21:56,000 --> 01:22:02,000
आ गई

1125
01:22:03,690 --> 01:22:08,000
[गला साफ़ करने की आवाज़] एक और ज्ञान गंगा आ गई ये गुलाबी

1126
01:22:08,000 --> 01:22:12,160
कलर कलर बदल गया ठीक है कोई बात नहीं कलर बदल

1127
01:22:12,160 --> 01:22:17,200
सकता है।

1128
01:22:17,200 --> 01:22:21,200
268 पेज की मिलावटी ज्ञान गंगा एक और आ गई।

1129
01:22:21,200 --> 01:22:27,200
ये चौथी ज्ञान गंगा है।

1130
01:22:27,760 --> 01:22:31,440
268

1131
01:22:31,440 --> 01:22:36,080
268 पेज की है।

1132
01:22:36,080 --> 01:22:40,160
हम चलिए और आगे चलिए। यह आखरी पेज

1133
01:22:40,160 --> 01:22:44,160
इसलिए दिखाया जा रहा है बार-बार कि यह

1134
01:22:44,160 --> 01:22:48,400
बदलाव आप देखें।

1135
01:22:48,400 --> 01:22:54,400
ये 268 पेज की है। ठीक है? और आगे चलिए।

1136
01:23:26,220 --> 01:23:30,400
[हंसी] तो यह आप समझ रहे हैं ज्ञान गंगा कितने प्रकार

1137
01:23:30,400 --> 01:23:34,480
की आ चुकी है अभी तक हमको जानने को मिला आठ प्रकार की और सब में

1138
01:23:34,480 --> 01:23:38,640
एक प्रमुख वो है कि बार-बार जो है पेज कम होते हैं ज्यादा होते हैं नास्तमस

1139
01:23:38,640 --> 01:23:43,040
की भविष्यवाणी अपडेट हो रही है। सबसे पहले भक्ति

1140
01:23:43,040 --> 01:23:47,040
के सौदागर को संदेश में अलग थी भविष्यवाणी। फिर

1141
01:23:47,040 --> 01:23:51,200
उसके बाद ज्ञान गंगा में भविष्यवाणी बदली। फिर अवतार नामक

1142
01:23:51,200 --> 01:23:55,360
पुस्तक में और बदल गई। अभी तक का जो सार है नास्तेदमस की भविष्यवाणी

1143
01:23:55,360 --> 01:24:00,240
कैसे बदली। इसके बाद हमने दूसरी चीज देखी कि पहले

1144
01:24:00,240 --> 01:24:06,240
छापने वाली जो समिति दिखाई थी वह थी भक्ति मुक्ति दृष्ट

1145
01:24:07,680 --> 01:24:12,000
वो था और उसके बाद अब जो प्रचार प्रसार समिति हो गई फिर मुद्रक

1146
01:24:12,000 --> 01:24:16,240
का नाम आ गया 2014 के बाद वाली में जिसमें इन्होंने बताया रामचंद्र यादव

1147
01:24:16,240 --> 01:24:20,400
जी ने सबसे ज्यादा आरोप है कि इसमें सबसे ज्यादा वो

1148
01:24:20,400 --> 01:24:24,640
आपत्तिजनक चीजें मिलाई गई है आगे छापी गई तो

1149
01:24:24,640 --> 01:24:28,720
यह आ गया इसके बाद अब हम यह देख

1150
01:24:28,720 --> 01:24:32,720
रहे हैं तीसरा पहलू एक तो छापने

1151
01:24:32,720 --> 01:24:37,120
वालों का नाम अता पता सब बदलता जा रहा है

1152
01:24:37,120 --> 01:24:41,200
पहले था ही नहीं या बीच में था नहीं पहले था फिर बीच में नहीं था फिर आ

1153
01:24:41,200 --> 01:24:45,600
गया नया इस तरह से हो रहा है बदल बदलाव हो रहा है बार-बार इन जानकारियों में

1154
01:24:45,600 --> 01:24:49,600
नास्तदमस की भविष्यवाणी में बार-बार बदल बदलाव हो रहा है

1155
01:24:49,600 --> 01:24:53,600
और अब तीसरी चीज हम देख रहे हैं कि बार-बार ज्ञान गंगा आठ बार

1156
01:24:53,600 --> 01:24:57,760
बदली जा रही है गूगल पे अलग है और सात ज्ञान गंगा अलग है। सात

1157
01:24:57,760 --> 01:25:03,120
या आठ ज्ञान गंगा अलग है। अच्छा शायद

1158
01:25:03,120 --> 01:25:07,360
यादव जी को कोई तकनीकी असुविधा हो रही है। अगर कोई बात नहीं

1159
01:25:07,360 --> 01:25:11,360
अगर असुविधा हो रही है तो हम फिर से एक बार लाइव आ जाएंगे। 1 घंटा 42

1160
01:25:11,360 --> 01:25:17,360
मिनट की लाइव हो चुकी है। पर्याप्त चीजें हमने जानी है। और

1161
01:25:18,880 --> 01:25:23,040
[गला साफ़ करने की आवाज़] इसके अलावा और भी बहुत से। अब बताओ

1162
01:25:23,040 --> 01:25:27,760
ऐसे व्यक्ति के लिए ऐसे प्रत्यक्ष रूप से जो अप्रामाणिक

1163
01:25:27,760 --> 01:25:32,000
सिद्ध हो रहा है उससे जाकर के शास्त्रार्थ क्या करेंगे बताइए वो पहले इनहीं प्रश्नों

1164
01:25:32,000 --> 01:25:36,880
का जवाब दे दे कि भाई नास्त धमस की भविष्यवाणी कब कब क्यों बदली

1165
01:25:36,880 --> 01:25:41,360
तुम्हारी ये संस्थाएं कहां गई प्रचार प्रसार समिति और कबीर

1166
01:25:41,360 --> 01:25:44,880
भक्ति मुक्ति ट्रस्ट

1167
01:25:44,880 --> 01:25:48,880
और और क्या था वो उसके बाद तुम्हारा

1168
01:25:48,880 --> 01:25:52,880
एड्रेस क्यों गलत है यही सब बता दे

1169
01:25:52,880 --> 01:25:56,960
पहले वो यह चीजें तो एक सामान्य व्यक्ति

1170
01:25:56,960 --> 01:26:01,040
जो ग्रंथ नहीं भी पढ़े है जिसको धर्म और ईश्वर की इतनी जानकारी नहीं

1171
01:26:01,040 --> 01:26:05,120
है या जानकारी है तो उसकी वाणी में प्रवाह नहीं है कि वो उस तरीके से

1172
01:26:05,120 --> 01:26:09,920
अपनी बात को मजबूती के साथ रख सके। ये चीजें उसके लिए भी

1173
01:26:09,920 --> 01:26:15,520
अनुगम में है। इन चीजों को लेकर वो भी रामपाल के समक्ष खड़ा हो सकता है।

1174
01:26:15,520 --> 01:26:21,440
कोई बच्चा भी पूछ सकता है इन चीजों को।

1175
01:26:21,440 --> 01:26:25,920
ठीक है। मुझे लगता है आज की लाइव को यहीं पर विराम देते हैं। और

1176
01:26:25,920 --> 01:26:30,160
आज भी हमने फोन किया था इनके उसमें और

1177
01:26:30,160 --> 01:26:34,160
किस तरह से दुम दबाकर भागा वो जहां हमने

1178
01:26:34,160 --> 01:26:38,320
फोन किया था ना इनका जो तथाकथित सो कॉल्ड सतलोक आश्रम

1179
01:26:38,320 --> 01:26:41,760
का कॉल सेंटर है।

1180
01:26:41,760 --> 01:26:47,760
मैं पूछ लेता हूं एक बार।

1181
01:26:57,840 --> 01:27:03,840
शिवाय

1182
01:27:32,720 --> 01:27:37,040
तो ठीक है आज हम यहां पर विराम देते हैं। इनके साथ चर्चा फिर आगे

1183
01:27:37,040 --> 01:27:41,200
हम करेंगे। मुझे लगता है अभी आ नहीं

1184
01:27:41,200 --> 01:27:45,280
पाएंगे क्योंकि कुछ तकनीकी चीजेंगी। यहां तक आपने जान

1185
01:27:45,280 --> 01:27:49,280
लिया कि इनके सो कॉल्ड तथाकथित जो ये कहते हैं परमात्मा

1186
01:27:49,280 --> 01:27:55,280
की वाणी वो कैसे बदली बदली जा रही है।

1187
01:28:09,840 --> 01:28:14,160
हां यादव जी अरे यार नेटवर्क प्रॉब्लम वाले ₹8

1188
01:28:14,160 --> 01:28:18,240
का रिचार्ज कोई बात कोई बात नहीं ऐसा करते अभी के लिए बहुत पर्याप्त अच्छी जानकारी हो

1189
01:28:18,240 --> 01:28:22,240
गई है। एक घंटे 45 मिनट की चर्चा भी हो चुकी है। मतलब जिसमें से मुझे लगता है

1190
01:28:22,240 --> 01:28:26,320
मैंने और आपने लगभग 45 मिनट या एक घंटे की चर्चा कर ली होगी।

1191
01:28:26,320 --> 01:28:30,960
है ना? हां हां तो बहुत अहम जानकारी हो गई है। हां बहुत

1192
01:28:30,960 --> 01:28:35,040
कायदे की हुई है। इसी का अगला भाग मतलब पहले भाग का ही पार्ट वन हो गया

1193
01:28:35,040 --> 01:28:39,200
है। अगला भाग फिर कर लेंगे। पहले जो श्रंखला का पहला भाग है अभी पूरा नहीं

1194
01:28:39,200 --> 01:28:44,400
हुआ है। हम लोग फिर कर लेंगे। है ना? और अब थोड़ा और ये तकनीकी

1195
01:28:44,400 --> 01:28:48,080
जो सुविधाएं है ना तकनीकी चीजों का ध्यान रख के जुड़ेंगे

1196
01:28:48,080 --> 01:28:52,640
जिससे और जो है थोड़ा सा प्रवाह में रहे मामला।

1197
01:28:52,640 --> 01:28:56,640
ठीक है? अरे देखो पहले वाईफाई लगा था ना कोई प्रॉब्लम हुई थी दो

1198
01:28:56,640 --> 01:29:00,800
बार आपसे जुड़ी हुई जी जी जी और अभी आज मैंने ₹8

1199
01:29:00,800 --> 01:29:04,800
का कोई बात नहीं कोई बात नहीं अभी अभी जनता ने

1200
01:29:04,800 --> 01:29:08,880
बहुत देखा समझा और काफी कुछ उन्होंने जाना है दर्शकों ने और

1201
01:29:08,880 --> 01:29:13,040
आपकी आवाज इस समय भी जनता सुन ही रही है मैं लाइव हूं और स्पीकर ऑन करके आपसे

1202
01:29:13,040 --> 01:29:17,360
बात कर रहा हूं तो हम दोबारा से

1203
01:29:17,360 --> 01:29:21,680
इसी जो पहला भाग है जो तीन भागों में हमने बांटा है इस मामले को तो पहले

1204
01:29:21,680 --> 01:29:25,760
भाग को लेकर के हम पुनः जुड़ेंगे। ठीक है? हां बिल्कुल बिल्कुल इसको हम

1205
01:29:25,760 --> 01:29:29,920
पूरी तरह क्लियर करेंगे तो काफी हमारा ये शायद दो तीन भाग हो जाए। बिल्कुल

1206
01:29:29,920 --> 01:29:34,000
बिल्कुल बिल्कुल पहले ही भाग के कई भाग हो जाए कोई बात नहीं है ना? हां कोई बात

1207
01:29:34,000 --> 01:29:38,160
नहीं। 1.1 1.2 1.3 1.4 ऐसे करके हो जाए कोई

1208
01:29:38,160 --> 01:29:42,160
बात नहीं। हम लोग इसमें विधिवत चलेंगे। चलिए अगली बार पूरी तैयारी करके

1209
01:29:42,160 --> 01:29:46,160
अलग से इसको रिचार्ज करा के वाईफाई का। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल जय श्री राम।

1210
01:29:46,160 --> 01:29:50,240
जय श्री राम जय श्री राम

1211
01:29:50,240 --> 01:29:54,800
ठीक है तो आप लोग कहे तो एक कॉल करके फिर जो है

1212
01:29:54,800 --> 01:29:59,520
आज का ये बंद किया जाए क्या कहते हैं आप लोग वोट दे दीजिए भाई जरा लिंक दे दीजिए

1213
01:29:59,520 --> 01:30:03,520
वैचारिक मतभेद के निमित्त यदि किसी को आना हो तो हमारे नंबर पर संपर्क कर

1214
01:30:03,520 --> 01:30:06,240
सकता है 7408301869

1215
01:30:06,240 --> 01:30:12,240
जो भी रामपाल के ज्ञान को सिद्ध करना चाहता हो कि वह प्रामाणिक ज्ञान है

1216
01:30:12,720 --> 01:30:16,320
और यदि

1217
01:30:16,320 --> 01:30:20,480
कोई विचार प्रकट करना चाहता हो तो भाई

1218
01:30:20,480 --> 01:30:24,800
यहां पर लिंक दे दीजिए। वह अपने विचारों को प्रकट कर सकता है। वैचारिक

1219
01:30:24,800 --> 01:30:29,280
मतभेद के निमित्त यदि जुड़ना चाहता है तो वह हमारे नंबर पर पहले WhatsApp करें तब

1220
01:30:29,280 --> 01:30:33,600
दिन तारीख समय सुनिश्चित होगा और उसके बाद जुड़ा जाएगा।

1221
01:30:33,600 --> 01:30:37,680
फिलहाल मैं एक कॉल कर लेता हूं। यहां पर लिंक दे दिया गया

1222
01:30:37,680 --> 01:30:43,680
है। कोई अगर जुड़ना चाहता है तो जुड़ सकता है।

1223
01:30:44,720 --> 01:30:49,120
चलिए एक कॉल करते हैं। अब आप लोगों को थोड़ा एंटरटेन

1224
01:30:49,120 --> 01:30:55,120
करते जाएं। [नाक से की जाने वाली आवाज़]

1225
01:31:03,360 --> 01:31:07,440
कोई भी ऐसा व्यक्ति जो बिना फेस के आएगा उसको ऊपर नहीं

1226
01:31:07,440 --> 01:31:11,520
लिया जाएगा और कोई भी ऐसा व्यक्ति जो वैचारिक मतभेद के निमित्त

1227
01:31:11,520 --> 01:31:15,680
आएगा उससे अभी बात नहीं की जाएगी क्योंकि वैचारिक मतभेद में लंबी चर्चा

1228
01:31:15,680 --> 01:31:19,920
हो सकती है और वो अभी ऑलरेडी बहुत सारा टाइम हो चुका है

1229
01:31:19,920 --> 01:31:24,080
तो आप संपर्क करें और फिर अलग से विधिवत तैयारी करके तब जो

1230
01:31:24,080 --> 01:31:28,320
है जुड़ेंगे। फिलहाल हम कॉल सेंटर पर कॉल लगाते

1231
01:31:28,320 --> 01:31:32,800
हैं। सतलोक आश्रम

1232
01:31:32,800 --> 01:31:35,440
अ

1233
01:31:35,440 --> 01:31:41,440
82805

1234
01:31:54,480 --> 01:31:58,480
सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है।

1235
01:31:58,480 --> 01:32:02,800
संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश

1236
01:32:02,800 --> 01:32:06,800
पता करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल जी महाराज से

1237
01:32:06,800 --> 01:32:12,800
नाम दीक्षा की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल

1238
01:32:14,240 --> 01:32:18,560
कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण

1239
01:32:18,560 --> 01:32:20,960
है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि

1240
01:32:20,960 --> 01:32:26,960
आपसे बात करेंगे।

1241
01:32:28,570 --> 01:32:34,570
[संगीत]

1242
01:32:36,000 --> 01:32:40,000
हेलो हां जी जय श्री राम हां

1243
01:32:40,000 --> 01:32:44,000
जी जी भाई साहब मैं ये ज्ञान गंगा में देख रहा था ज्ञान गंगा

1244
01:32:44,000 --> 01:32:48,080
में लिखा हुआ है कि जो श्रीमद्

1245
01:32:48,080 --> 01:32:52,320
भगवत गीता है उसमें 5% ज्ञान

1246
01:32:52,320 --> 01:32:56,480
ज्ञान जो है वो काल ने अपने मन से दे दिया है जी

1247
01:32:56,480 --> 01:33:00,240
मैं आपको ना ज्ञान चर्चा

1248
01:33:00,240 --> 01:33:05,280
नहीं तो आप शंका समाधान के लिए तो चार नंबर मैंने आपको मिलाया है ना

1249
01:33:05,280 --> 01:33:09,360
ये भक्तों के लिए शंका करिए तो वो ऐसे तो बोली नहीं ना कि भक्तों की

1250
01:33:09,360 --> 01:33:13,600
अच्छा भक्तों की ऐसे तो बोली नहीं हां जी सर मेरी

1251
01:33:13,600 --> 01:33:17,680
सेवा लगी है ना यहां पे तो मुझे जानकारी है शिवश किससे बात कराना है

1252
01:33:17,680 --> 01:33:21,680
और नहीं कराना यानी कि शिवश एक विशेष व्यक्ति

1253
01:33:21,680 --> 01:33:25,760
है जिसकी जो चर्चा है वो किसी विशेष व्यक्ति से हो पाएगी आपके

1254
01:33:25,760 --> 01:33:30,720
इस कॉल सेंटर पे जो आपने जो लिख रखा है ये किस शंका का समाधान होगा

1255
01:33:30,720 --> 01:33:35,040
ऐसा नहीं है वही करता है तो

1256
01:33:35,040 --> 01:33:36,080
भाई आपके में ये

1257
01:33:36,080 --> 01:33:40,400
लिख के ये बोला ना उसने कि उनकी पुस्तकों

1258
01:33:40,400 --> 01:33:44,480
से जुड़े हुए शंका समाधान यहां किए जाएंगे और मैं कोई बहुत

1259
01:33:44,480 --> 01:33:48,480
बड़ा शास्त्रार्थ मैं कोई बड़ा शास्त्रार्थ से जुड़ा हुआ सवाल

1260
01:33:48,480 --> 01:33:52,880
नहीं कर रहा हूं एक

1261
01:33:52,880 --> 01:33:57,040
ऐसा बोला ही नहीं जाता है कॉलर ट्यून में बोला गया ना रिकॉर्डेड है आपकी उसमें

1262
01:33:57,040 --> 01:34:01,520
बोला जा रहा है रामपाल रामपाल जी की किताबों से संबंधित

1263
01:34:01,520 --> 01:34:07,520
शंका समाधान के लिए चार रवाय

1264
01:34:07,520 --> 01:34:12,000
शंका समाधान के लिए ज्ञान चर्चा के लिए अलग नंबर है

1265
01:34:12,000 --> 01:34:16,240
मैं ज्ञान चर्चा नहीं कर रहा हूं मैं तो एक आपकी किताब के बारे में जानकारी चाह रहा हूं

1266
01:34:16,240 --> 01:34:20,480
ज्ञान चर्चा अलग हो गई वो तो शास्त्रार्थ का विषय वो अलग हो गया मैं तो एक नॉर्मल

1267
01:34:20,480 --> 01:34:24,480
जानकारी चाह रहा हूं आपसे जो भी बात करना है यानी कि

1268
01:34:24,480 --> 01:34:28,480
ज्ञान चर्चा के अलावा जो भी बात करनी है जैसे मैं आपका नाम पूछूं तो वह

1269
01:34:28,480 --> 01:34:32,480
भी बात किसी और से पूछूं आपके पिता का नाम पूछूं वो भी किसी और

1270
01:34:32,480 --> 01:34:36,560
से पूछूं आपको नहीं पता जो भी बात का मतलब

1271
01:34:36,560 --> 01:34:41,200
क्या है पिता पुत्र और रिशेदारी का तो बात ही नहीं तो

1272
01:34:41,200 --> 01:34:45,600
भाई तो मैं कह तो रहा हूं मैं तो आपसे शास्त्रार्थ की बात कर ही नहीं रहा हूं ना

1273
01:34:45,600 --> 01:34:49,600
तो मैं तो एक सामान्य जानकारी पूछ रहा हूं आपसे हमारे पास हमारे

1274
01:34:49,600 --> 01:34:51,200
पास हमारी जो जानकारी

1275
01:34:51,200 --> 01:34:55,760
है हमारी जो सेवा है हम आपको बताएंगे ठीक है आपको

1276
01:34:55,760 --> 01:34:59,840
तो आपकी सेवा है ना शंका समाधान करना है नहीं तो हम आपका

1277
01:34:59,840 --> 01:35:04,800
ये बताओ आप जो है तत्व ज्ञानी के शिष्य तो है ना?

1278
01:35:04,800 --> 01:35:08,880
तत्व ज्ञानी के शिष्य है कि नहीं? तो वही तत्व ज्ञानी हमारा सेवा

1279
01:35:08,880 --> 01:35:12,880
भी लगा रखा है। तो सेवा लगा रखा है तो भैया तो सेवा लगा रखा

1280
01:35:12,880 --> 01:35:16,880
है तो चौथा नंबर दबाने पर आपने आपने फोन क्यों उठाया? कौन सी सेवा लगी

1281
01:35:16,880 --> 01:35:20,960
आपकी फिर? कौन उठाने की? लगी है भक्तों

1282
01:35:20,960 --> 01:35:24,960
के लिए। आप लोगों के लिए भक्तों के

1283
01:35:24,960 --> 01:35:29,040
सवाल अलग होते हैं क्या? नंबर बनाया गया है वो वो नंबर उसमें बोलो

1284
01:35:29,040 --> 01:35:33,120
ना वो नंबर अपने कॉल सेंटर में बोलो ना कि पांचवा नंबर है यह है जो रामपाल

1285
01:35:33,120 --> 01:35:37,440
को नहीं मानते वो यदि सवाल करना चाहते तो ये पांच दफा है वो क्यों नहीं बोल रहे

1286
01:35:37,440 --> 01:35:41,760
अगर आपको अगर अगर आपको हर चीज के सवालों का जवाब

1287
01:35:41,760 --> 01:35:46,320
चाहिए तो आप सतलोक आश्रम मैंने हर मैंने हर तरीके की बात की नहीं

1288
01:35:46,320 --> 01:35:50,400
मैंने नहीं आप क्या स्वागत करोगे आप आप तो यहां झूठे मुकदमे लगवा रहे हो मेरे ऊपर मैं

1289
01:35:50,400 --> 01:35:54,560
सतलोक आश्रम हूं सुनो सुनो सुनो आपके ऊपर देखो आप

1290
01:35:54,560 --> 01:35:58,640
हमारे आप हमारे हमारे भाई हो मित्र हो

1291
01:35:58,640 --> 01:36:02,720
ना आपसे हमारी कोई गहरी मैं ये पूछ रहा हूं मैं यह

1292
01:36:02,720 --> 01:36:06,240
पूछ रहा हूं आपके यहां के सुनो सतलोक आश्रम बरवाला की

1293
01:36:06,240 --> 01:36:10,240
तो बात दूर है यहां पे जो आपका नाम दान सेंटर है उन लोगों

1294
01:36:10,240 --> 01:36:14,320
ने मेरे ऊपर झूठा छेड़खानी का मुकदमा लगा दिया जबकि मैं वहां नाम

1295
01:36:14,320 --> 01:36:18,560
दान सेंटर में नहीं था। मैंने उनसे चौराहे पर पूछा था ये किताबें कहां छपती

1296
01:36:18,560 --> 01:36:22,720
है? तो बहुत सारा वीडियो आपका भी तो बहुत सारा वीडियो वायरल हो रहा है। तो

1297
01:36:22,720 --> 01:36:26,800
वायरल हो रहा है तो भैया मैं मैं जो मेरा वीडियो

1298
01:36:26,800 --> 01:36:30,800
मेरा जो अरे भाई तो इसका मतलब यह है ना कि अगर मेरा

1299
01:36:30,800 --> 01:36:34,880
जो वीडियो वायरल है उसके बदले में तुम सतलोक आश्रम में मेरे ऊपर झूठा

1300
01:36:34,880 --> 01:36:39,040
मुकदमा लगाओगे बदला लोगे अरे भाई मैं क्यों

1301
01:36:39,040 --> 01:36:43,040
आ रहे हो आप तुम ही तो तुम ही तो में क्यों आ रहे हो आप क्योंकि तुम मुझे बोलने

1302
01:36:43,040 --> 01:36:47,120
ही नहीं दे रहे हो ओवरलैपिंग कर रहे हो आपने आपने

1303
01:36:47,120 --> 01:36:51,280
आपने आपने आपने आपने

1304
01:36:51,280 --> 01:36:57,280
सुनो सुनो

1305
01:37:02,080 --> 01:37:06,160
तो उन्होंने मेरे बारे में झूठी शिकायत करने का प्रयास किया। मुकदमा दर्ज करने

1306
01:37:06,160 --> 01:37:10,160
का प्रयास किया। एक एक पूरी पूरी बात होने दो। इसीलिए आवेश में

1307
01:37:10,160 --> 01:37:14,400
आया था। इसीलिए आवेश में आया था। पूरी बात होने दो। तो उन्होंने मेरे ऊपर मुकदमा

1308
01:37:14,400 --> 01:37:18,560
लगाने का प्रयास किया। जबकि यहां तो मैं आपके उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर

1309
01:37:18,560 --> 01:37:22,800
था। चौराहे पर रास्ते में मैंने पूछा था कि ये किताबें कहां छपती है। मगर

1310
01:37:22,800 --> 01:37:26,880
उन्होंने यह प्रयास किया। अब जब मैंने आपको यह बात बताई तो आपने कहा कि आपने

1311
01:37:26,880 --> 01:37:30,880
भी तो बहुत कुछ किया। इसका मतलब कि मैंने बहुत कुछ किया है। इसके

1312
01:37:30,880 --> 01:37:34,880
लिए आपके द्वारा यह माना गया कि झूठा केस लगाना उचित है

1313
01:37:34,880 --> 01:37:39,120
क्योंकि आपने बहुत कुछ किया है। इसका मतलब मैं यदि आपके वहां आश्रम आऊंगा

1314
01:37:39,120 --> 01:37:43,280
तो आप झूठा केस लगाओगे और फिर मुझे ये कहोगे क्योंकि आपने बहुत कुछ किया है

1315
01:37:43,280 --> 01:37:47,840
क्योंकि आपके बहुत सारे वीडियो वायरल है इसलिए हम आपके ऊपर झूठा केस लगाएंगे।

1316
01:37:47,840 --> 01:37:51,840
तो फिर मैं क्यों आऊं आइबर वाला? बदनाम अलग है तुम्हारा जो

1317
01:37:51,840 --> 01:37:56,000
वो है आश्रम। तुम्हारा आश्रम बदनाम है कि नहीं? पांच महिला

1318
01:37:56,000 --> 01:38:00,400
छ पांच महिला पांच महिला एक बच्चे की हत्या देशद्रोह

1319
01:38:00,400 --> 01:38:04,640
का मुकदमा यह सब बदनाम नहीं है। मैं क्यों आऊं अपराधियों के यहां पर?

1320
01:38:04,640 --> 01:38:08,640
मैं तो सीधे फोन करके प्रश्न पूछ रहा हूं। मेरा प्रश्न सीधा सा है।

1321
01:38:08,640 --> 01:38:12,880
तुम्हारी किताब में लिखा हुआ है गीता में 5% ज्ञान काल ने दिया है।

1322
01:38:12,880 --> 01:38:17,120
वो 5% का मतलब है 700 श्लोकों में से 35 श्लोक। वो

1323
01:38:17,120 --> 01:38:21,520
35 श्लोक कौन-कौन से हैं? तो आपको बताया

1324
01:38:21,520 --> 01:38:25,680
गया ना ज्ञान चर्चा। अरे मैं ज्ञान चर्चा नहीं कर रहा हूं। ज्ञान चर्चा तो ये होती

1325
01:38:25,680 --> 01:38:29,840
है कि भैया धर्म किसे कहते हैं? ईश्वर किसे कहते हैं? ईश्वर ईश्वर

1326
01:38:29,840 --> 01:38:33,920
का स्वरूप कैसा है? ये सब ज्ञान चर्चा अभी मैं आपसे एक जानकारी ले रहा हूं आपकी किताब के बारे

1327
01:38:33,920 --> 01:38:38,000
में। पांच जो 5% ज्ञान काल ने जो पांच

1328
01:38:38,000 --> 01:38:42,000
जो 5% ज्ञान काल ने दिया है वो 5%

1329
01:38:42,000 --> 01:38:46,560
ज्ञान जो काल ने दिया है वो कौन-कौन से श्लोक है?

1330
01:38:46,560 --> 01:38:50,720
35 श्लोकों के वो बता दीजिए मुझे। ये श्लोक जो है काल वाले हैं। हां

1331
01:38:50,720 --> 01:38:54,800
जी। आपको नहीं पता क्या? मुझे ये बताओ आपको

1332
01:38:54,800 --> 01:38:59,040
पता है कि नहीं पता है? देखो देखो यहां पे हमारी सेवा

1333
01:38:59,040 --> 01:39:03,040
मैंने पूछा आपको पता है कि नहीं? मैंने पूछा आपको पता है कि

1334
01:39:03,040 --> 01:39:07,040
नहीं? हां तो वो बता दो क्या है? हां वही

1335
01:39:07,040 --> 01:39:11,200
उतना ही बताएंगे जितना हमारे पास इंडिकेशन दिया गया है। कितना

1336
01:39:11,200 --> 01:39:15,440
कितना? हां। कितना? बताया तो आपको इस बारे

1337
01:39:15,440 --> 01:39:19,600
में जानकारी ज्ञान चर्चा। अरे भैया उतना उतना वो बताओ। वो वो वो

1338
01:39:19,600 --> 01:39:23,680
डेडलाइन क्या है? उतना ही बताएंगे। वो डेडलाइन क्या है? कितना भी कोशिश कर लो,

1339
01:39:23,680 --> 01:39:27,680
कितना भी जोर लगा लो यहां से नहीं यहां से यहां से

1340
01:39:27,680 --> 01:39:31,760
इसलिए नहीं ना क्योंकि है ही नहीं कुछ तो बताओगे क्या मुंह धुआ है

1341
01:39:31,760 --> 01:39:32,260
सूखे हुए

1342
01:39:32,240 --> 01:39:36,240
मुंह से क्या बताओगे के लिए नंबर दिया गया है

1343
01:39:36,240 --> 01:39:40,240
अरे यार तुम तो तुम यहां पे लगाओ ना उस नंबर को पांचवा नंबर दबा के हम

1344
01:39:40,240 --> 01:39:44,400
जाएंगे तुम्हारे पास अरे भाई आपको

1345
01:39:44,400 --> 01:39:48,640
जब नंबर यहां से प्रोवाइड किया जा रहा है तो उस बात अरे भैया तुम कॉल

1346
01:39:48,640 --> 01:39:54,640
सेंटर से क्यों कॉल सेंटर जो तुम्हारा बना हुआ है उस पे बिठाओ सुनाओ उस आदमी को

1347
01:39:54,800 --> 01:39:58,880
तुमको नहीं पता है क्या सीधी बात है वो 35 तुमको यह

1348
01:39:58,880 --> 01:40:02,880
बताओ तुमको ये ये बताओ कि वो 35 श्लोक तुम्हें पता है

1349
01:40:02,880 --> 01:40:07,120
कि नहीं पता है पहले तो ये बता दो चलो अब ऐसे कर लेते हैं

1350
01:40:07,120 --> 01:40:11,280
बार-ब थोड़ी ना रिपीट करेंगे पता है ना पता है ठीक है पता है ठीक है

1351
01:40:11,280 --> 01:40:15,600
पता है ठीक है तो भैया तो जो है सत्य को छिपाना

1352
01:40:15,600 --> 01:40:19,760
नहीं चाहिए शास्त्र में लिखा है

1353
01:40:19,760 --> 01:40:23,840
इतना घबरा क्यों रहा है तो इंतजार घबरा कहां रहा हूं? अरे भैया तुम सत्य

1354
01:40:23,840 --> 01:40:27,840
को छुपा रहे हो ना? इसका मतलब अधर्मी हो तुम। को छुपा दे ना इतना

1355
01:40:27,840 --> 01:40:31,920
तुम कह तो रहे हो कि मैं नहीं बताऊंगा। कॉन्फिडेंट होते ना तो अगर आप

1356
01:40:31,920 --> 01:40:36,080
इतना ही कॉन्फिडेंट होते ना आपका ज्ञान सर्वश्रेष्ठ होता ना इतना

1357
01:40:36,080 --> 01:40:40,080
घबराते नहीं आप टाइम खंडन कर देते आप। अरे खंडन

1358
01:40:40,080 --> 01:40:44,080
किया तुम्हारे एक एक चोचले का खंडन किया है। अब तुम अब देखो अब तुमने

1359
01:40:44,080 --> 01:40:47,520
कहा ना खंडन नहीं किया। इसका मतलब तुम ज्ञान इसका मतलब

1360
01:40:47,520 --> 01:40:51,520
तुम मालूम है कि मैंने इसका मतलब तुम नहीं तुम एक दावा कर रहे

1361
01:40:51,520 --> 01:40:55,520
हो कि खंडन कर देते इसका मतलब एक मिनट तुमने अभी-अभी एक दावा किया

1362
01:40:55,520 --> 01:40:59,680
तुमने अभी-अभी एक दावा किया है तुमने अभी-अभी एक दावा किया

1363
01:40:59,680 --> 01:41:03,760
है कि भैया खंडन कर देते इसका मतलब तुम ये मानते हो मैंने खंडन नहीं किया

1364
01:41:03,760 --> 01:41:07,920
इसका मतलब तुम ये भी मानते हो कि रामपाल ने कुछ ऐसी बात कही है

1365
01:41:07,920 --> 01:41:12,000
जिसका मैं उत्तर नहीं दे पाया हूं हमारा मानना नहीं आपका

1366
01:41:12,000 --> 01:41:16,080
मत है भैया किसका तुम ही तो कह रहे हो ना अभी अभी तक खंडन कर देते

1367
01:41:16,080 --> 01:41:20,320
अगर होता तो तुम ही तो कह रहे हो ना आपके जुबानों पेज आती है

1368
01:41:20,320 --> 01:41:24,480
मैंने क्या कहा है मैंने क्या कहा है अभी तुमने क्या कहा खंडन कर देते इसका मतलब

1369
01:41:24,480 --> 01:41:28,480
तुम्हारी जानकारी में खंडन नहीं किया है नहीं अभी नहीं अभी अभी करने का

1370
01:41:28,480 --> 01:41:32,480
तो टाइम दिया मैंने क्या पूछा मैंने क्या अभी तुमने अभी तुमने कहा ना

1371
01:41:32,480 --> 01:41:36,640
खंडन कर देते अरे भैया ये ये

1372
01:41:36,640 --> 01:41:40,720
तीन चार तारीख के बाद करनी है तीन चार तारीख के बाद कर देते तो ये क्यों कह

1373
01:41:40,720 --> 01:41:44,720
रहे हो कर देते कर देते तो भाई तीन चार तारीख

1374
01:41:44,720 --> 01:41:48,880
अच्छा अच्छा तीन चार तीन चार तारीख के बाद अच्छा तो ये कहो

1375
01:41:48,880 --> 01:41:53,280
तीन चार तारीख तक रुकते हो फिर खंडन करते ये कहो

1376
01:41:53,280 --> 01:41:57,440
हां क्यों भाई तीन चार तारीख तक रुकते

1377
01:41:57,440 --> 01:42:01,600
हो फिर खंडन करते ये कहना चाह रहे हो अरे संत रामपाल जी महाराज जो

1378
01:42:01,600 --> 01:42:02,560
टाइम दे रखा है उसके

1379
01:42:02,560 --> 01:42:06,640
बाद ही ना करोगे तो मतलब रुकने के बाद और फिर उसके बाद तीन चार के

1380
01:42:06,640 --> 01:42:11,760
बाद जो वो फिर खंडन करने की बात आप कह रहे हो है ना यही कह रहे हो ना

1381
01:42:11,760 --> 01:42:15,760
अरे यही कह रहे हो महाराज ने कह रखा है ठीक ठीक है

1382
01:42:15,760 --> 01:42:19,840
ठीक ठीक है ठीक है अब ये बता दो तीन चार तारीख को स्पेशल क्या होने वाला

1383
01:42:19,840 --> 01:42:25,840
है क्या रामपाल अपना ज्ञान बदलने वाले हैं अरे हां

1384
01:42:26,160 --> 01:42:30,240
आप आपको इस एक बात का प्रश्न का जवाब अभी तक नहीं मिला

1385
01:42:30,240 --> 01:42:34,240
आपको क्या बताया जा रहा है अरे मैंने पूछा क्या है आपसे रामपाल अपना

1386
01:42:34,240 --> 01:42:38,240
ज्ञान बदलने वाले हैं तीन चार तारीख को अरे शिवश

1387
01:42:38,240 --> 01:42:42,320
हां हां हां ध्यान से सुन लीजिए ठीक

1388
01:42:42,320 --> 01:42:46,400
है हम आप ना हमारे अरे कोई दो ना मैंने क्या पूछा है?

1389
01:42:46,400 --> 01:42:51,600
मैंने क्या पूछा है? तीन चार तारीख को ज्ञान बदलने वाले हैं क्या रामपाल?

1390
01:42:51,600 --> 01:42:54,080
क्यों?

1391
01:42:54,080 --> 01:42:58,080
तीन चार तारीख को जब समय निर्धारित मैंने

1392
01:42:58,080 --> 01:43:02,080
क्या पूछा है भाई साहब? मैंने क्या मैंने आपसे क्या पूछा है?

1393
01:43:02,080 --> 01:43:06,480
तीन चार तारीख को बदलने वाले हैं क्या? आप हमारी बात पूरी हो।

1394
01:43:06,480 --> 01:43:11,280
अरे तो तुम जब इधर-उधर की बातें करोगे तो मैं बार-बार तुम्हें याद दिलाऊंगा ना।

1395
01:43:11,280 --> 01:43:15,360
अरे आप कितना बार भी याद दिलाए तो आपको जो टाइम

1396
01:43:15,360 --> 01:43:17,760
फिक्स किया गया है उसी टाइम पर ही उस

1397
01:43:17,760 --> 01:43:21,920
चीज का जवाब मिलेगा। किस किस बात का टाइम फिक्स है बताओ जरा किस बात का टाइम फिक्स

1398
01:43:21,920 --> 01:43:26,160
है शास्त्रार्थ के लिए जब खोला का जो

1399
01:43:26,160 --> 01:43:30,320
शास्त्रार्थ शास्त्रार्थ शास्त्रार्थ के लिए

1400
01:43:30,320 --> 01:43:35,440
शास्त्रार्थ होना है तीन चार को हेलो हेलो हेलो

1401
01:43:35,440 --> 01:43:40,160
तीन चार को शास्त्रार्थ होना है धीरे बोलो आज से सुनाई दे रहा था

1402
01:43:40,160 --> 01:43:45,600
बताओ ना तीन तीन चार को शास्त्रार्थ होना है

1403
01:43:45,600 --> 01:43:49,600
शास्त्रार्थ होना है क्या तीन चार को हां जी

1404
01:43:49,600 --> 01:43:53,840
तो संत रामपाल जी महाराज अच्छे से सुन रखी है तो शास्त्रार्थ

1405
01:43:53,840 --> 01:43:57,840
का प्रारूप प्रारूप क्या है कैसे उसमें जुड़ना है शास्त्रार्थ में

1406
01:43:57,840 --> 01:44:02,160
महाराज हां वही बता रहे संत रामपाल जी महाराज के सबको

1407
01:44:02,160 --> 01:44:06,240
पता चल रहा है सभी के पास वो वीडियो जा रखी है लेकिन अरे भाई तुमको पता है

1408
01:44:06,240 --> 01:44:10,400
कि नहीं उस जो आपके जो तथाकथित संत है। उनके

1409
01:44:10,400 --> 01:44:14,800
द्वारा जो कहा गया उस पर कुछ जिज्ञासाएं हैं।

1410
01:44:14,800 --> 01:44:18,880
अरे मैं मैं यह कह रहा हूं कि उसको जो उन्होंने बोला है उसको

1411
01:44:18,880 --> 01:44:22,880
लेकर के कुछ जिज्ञासाएं हैं। क्या आप उनका समाधान करोगे उन

1412
01:44:22,880 --> 01:44:27,200
जिज्ञासाओं का? जो उन्होंने बोला

1413
01:44:27,200 --> 01:44:31,840
जो की नहीं ज्ञान ज्ञान ज्ञान चर्चा की बात नहीं ये जो

1414
01:44:31,840 --> 01:44:32,880
शास्त्रार्थ की बात

1415
01:44:32,880 --> 01:44:37,120
बोली है उसको लेकर कुछ शंकाएं हैं। प्रश्न क्या

1416
01:44:37,120 --> 01:44:42,960
है? पूछ तो रहा हूं कि शास्त्रार्थ का प्रारूप क्या होगा? वो बता दीजिए।

1417
01:44:42,960 --> 01:44:47,120
शास्त्रार्थ का प्रारूप वो भी उस वीडियो में पढ़िए जिस वीडियो में अरे

1418
01:44:47,120 --> 01:44:51,200
भैया मैं आपसे क्लेरिटी चाहता हूं ना वो तो मैंने उसका सुन लिया

1419
01:44:51,200 --> 01:44:55,280
उसमें क्लेरिटी नहीं है। क्लेरिटी नहीं है। उन्होंने तो यह कहा है कि

1420
01:44:55,280 --> 01:44:59,520
तुम अपने आप तुम उन्होंने यह कहा है उस वीडियो में। उन्होंने

1421
01:44:59,520 --> 01:45:03,520
उस वीडियो में यह कहा है कि आप जो है अपने वीडियो बना

1422
01:45:03,520 --> 01:45:07,520
करके अपने चैनल पर डालो और मैं यहां से तीन चार को जो बोल दूंगा उसका खंडन कर दो

1423
01:45:07,520 --> 01:45:11,520
आप और जनता फैसला करेगी और जो गलत साबित कर देगा उसको मैं 50

1424
01:45:11,520 --> 01:45:15,600
लाख दूंगा ये तीन चार बातें उन्होंने बोली है तो क्या इसको

1425
01:45:15,600 --> 01:45:20,080
आप शास्त्रार्थ कहते हो

1426
01:45:20,080 --> 01:45:24,640
किसको शास्त्रार्थ कि भैया तुम अपने अपने आप वीडियो बना लो और जो है ये शास्त्रार्थ

1427
01:45:24,640 --> 01:45:28,720
हो गया नहीं ऐसे थोड़ी ना हो तो तो कैसे

1428
01:45:28,720 --> 01:45:32,880
होगा? वही तो मैं कह रहा हूं। मुझे तो यह समझ में आया जो उन्होंने बोला है। अब आप बता दो क्या जो

1429
01:45:32,880 --> 01:45:37,120
समझना है। तो वही ना आप आप अपने

1430
01:45:37,120 --> 01:45:41,200
वीडियो अपना पक्ष रखें उसप यानी ये यानी अपने चैनल पे

1431
01:45:41,200 --> 01:45:45,280
मैं अपना पक्ष रखूं। रामपाल द्वारा जो तीन चार तारीख को कहा जाएगा उसके विरोध

1432
01:45:45,280 --> 01:45:50,560
में। तो ये शास्त्रार्थ कहलाएगा। के अनुसार

1433
01:45:50,560 --> 01:45:54,560
वो तो जनता डिसाइड करेगी ना। शास्त्र के अनुसार है कि नहीं है। वो तो जनता को डिसाइड करना

1434
01:45:54,560 --> 01:45:58,640
है ना। हेलो हेलो भाई वो वो डिसाइड तो जनता करेगी

1435
01:45:58,640 --> 01:46:00,800
ना

1436
01:46:00,800 --> 01:46:04,800
वो तो जनता डिसाइड करेगी ना भैया देखो गलत बोला सही बोला ये तो

1437
01:46:04,800 --> 01:46:08,800
जनता डिसाइड करेगी ना हेलो बात ये बात

1438
01:46:08,800 --> 01:46:12,960
ये हो रही है बात ये हो रही है क्या इसी को शास्त्रार्थ कह रहे हो कि रामपाल

1439
01:46:12,960 --> 01:46:17,440
द्वारा कही हुई बात ये हो रही है पूछ ये रहा हूं मैं

1440
01:46:17,440 --> 01:46:21,520
कि रामपाल द्वारा साधना पर कही जाने वाली बातें साधना

1441
01:46:21,520 --> 01:46:25,520
टीवी पर कही जाने वाली बातों का अपने चैनल पर जिस

1442
01:46:25,520 --> 01:46:30,720
प्रकार से भी विरोध होना है वह करके वह कर देना।

1443
01:46:30,720 --> 01:46:35,040
आप ध्यान उस ध्यान से सुन लीजिए। वहां पे लिखा

1444
01:46:35,040 --> 01:46:35,540
अरे

1445
01:46:35,280 --> 01:46:39,440
यार भैया शास्त्र के आधार पे हुआ है कि नहीं यह फैसला तो जनता

1446
01:46:39,440 --> 01:46:43,440
करेगी ना। हर दुनिया का हर व्यक्ति अपनी बात को यही कहता है कि मैं

1447
01:46:43,440 --> 01:46:47,440
जो बोल रहा हूं शास्त्र से बोल रहा हूं। तो वो तो निर्णय जनता करेगी

1448
01:46:47,440 --> 01:46:51,520
ना। मैं अभी पूछ मैं मैं पूछ ये रहा हूं। मैं पूछ रहा

1449
01:46:51,520 --> 01:46:55,520
हूं कि चलो ठीक है। मैं अपनी मैं अपनी लाइन मैं अपनी लाइन सही कर

1450
01:46:55,520 --> 01:47:00,240
लेता हूं। मैं अपनी लाइन सही कर लेता हूं। मैं यह पूछ रहा हूं कि

1451
01:47:00,240 --> 01:47:04,400
रामपाल ने जो कहा तीन चार तारीख को उसका खंडन

1452
01:47:04,400 --> 01:47:08,640
शास्त्र के आधार पर [हंसी] मैं अपने वीडियो में करूं अपने चैनल पे। क्या इसको

1453
01:47:08,640 --> 01:47:13,520
आप शास्त्रार्थ कह रहे हो?

1454
01:47:13,520 --> 01:47:17,520
मैंने क्या पूछा है भाई साहब? क्या यही शास्त्रार्थ इसी को शास्त्रार्थ कह रहे

1455
01:47:17,520 --> 01:47:21,600
हो? हां यही शास्त्रार्थ है। यानी रामपाल ने

1456
01:47:21,600 --> 01:47:25,680
जो कहा रामपाल ने जो कहा उसका अपने चैनल पर

1457
01:47:25,680 --> 01:47:29,760
अपने वीडियो में खंडन करना यह शास्त्रार्थ है।

1458
01:47:29,760 --> 01:47:33,760
तो उसका डिसीजन मैंने मैंने डिसीजन लेने की बात नहीं कह रहा हूं। मैं

1459
01:47:33,760 --> 01:47:38,320
कह रहा हूं क्या यही शास्त्रार्थ है?

1460
01:47:38,320 --> 01:47:42,480
क्या यही शास्त्रार्थ है? अरे मैं आपसे एक

1461
01:47:42,480 --> 01:47:47,600
कन्फर्मेशन चाह रहा हूं। भाई इसी को इसी चीज को शास्त्रार्थ कह रहे हो।

1462
01:47:47,600 --> 01:47:51,760
तो जनता तो देखो मैं आपसे पूछ क्या रहा हूं भाई मैं

1463
01:47:51,760 --> 01:47:55,760
पूछ क्या रहा हूं मैं पूछ रहा हूं क्या रामपाल ने जो भी अपने चैनल पर

1464
01:47:55,760 --> 01:48:00,000
कह दिया उसका मैं अपने चैनल पर शास्त्रों के आधार पर विरोध

1465
01:48:00,000 --> 01:48:05,040
करूं खंडन करूं गलत साबित करूं यही इसी को शास्त्रार्थ कह रहे हो आप

1466
01:48:05,040 --> 01:48:09,360
हां तो इसको इसको क्या कहते हैं फिर आप बताओ भाई मेरे मेरे

1467
01:48:09,360 --> 01:48:13,440
ठीक मैं आपसे कंफर्म चाह रहा हूं फिर मैं जवाब दूंगा कन्फर्म कर दो यही शास्त्रार्थ है

1468
01:48:13,440 --> 01:48:17,440
आपका अभी यही तो संत रामपाल जी महाराज

1469
01:48:17,440 --> 01:48:21,520
ने तो यही बोला है ना। ठीक है। अब अब अब अब अब ठीक है। अब यह कंफर्म हो

1470
01:48:21,520 --> 01:48:25,840
गया कि रामपाल अपने चैनल पर जो बोलेंगे उसका

1471
01:48:25,840 --> 01:48:28,800
मैं अपने चैनल पर शास्त्रों के आधार पर यदि विरोध

1472
01:48:28,800 --> 01:48:33,600
करता हूं तो ये शास्त्रार्थ है हमारे बीच में मेरे और रामपाल के बीच में। ठीक है?

1473
01:48:33,600 --> 01:48:37,680
ठीक है ना? तो ये बताओ तीन चार तारीख से पहले रामपाल ने आज तक

1474
01:48:37,680 --> 01:48:41,760
कुछ बोला है कि नहीं बोला है अपने चैनल पे? किस चीज के बारे में? किस चीज के बारे

1475
01:48:41,760 --> 01:48:45,840
में? अरे सृष्टि रचना के बारे में, शास्त्र के ज्ञान के बारे में, ईश्वर

1476
01:48:45,840 --> 01:48:50,560
के बारे में, ब्रह्म के बारे में जिस का

1477
01:48:50,560 --> 01:48:54,720
आज से पहले बोला है कि नहीं बोला है? ठीक है। इस बात

1478
01:48:54,720 --> 01:48:58,720
की उसके बाद तीन चार तारीख के बाद बात करना। अच्छा मतलब अभी

1479
01:48:58,720 --> 01:49:03,120
आपको यह नहीं मालूम है। आज से पहले रामपाल ने कुछ बोला है कि नहीं बोला है। देखो

1480
01:49:03,120 --> 01:49:07,280
इस इस बारे में आपको तीन चार तारीख मतलब अभी अभी वर्तमान में आपको नहीं

1481
01:49:07,280 --> 01:49:12,160
मालूम है ना। वर्तमान में मालूम है कि नहीं रामपाल ने कुछ बोला है कि नहीं बोला है।

1482
01:49:12,160 --> 01:49:16,320
वर्तमान में मालूम है कि नहीं जो डेट फिक्स है उसके बाद इस बारे

1483
01:49:16,320 --> 01:49:20,320
में जवाब अरे डेट फिक्स तो भैया शास्त्रार्थ की है ना शास्त्रार्थ आपने बताया

1484
01:49:20,320 --> 01:49:24,320
कि वो अपने चैनल पे कुछ बोलेंगे वो अपने वो अपने चैनल पे

1485
01:49:24,320 --> 01:49:28,400
कुछ बोलेंगे डेट इस बात की फिक्स है ना कि वो अपने चैनल पे कुछ बोलेंगे और

1486
01:49:28,400 --> 01:49:32,480
उसके बाद आप अपने चैनल पे उनको उनकी चीजों का फिक्स नहीं

1487
01:49:32,480 --> 01:49:36,640
है ना कि कुछ भी बोल देंगे मैंने कहा बोला कुछ भी बोल देंगे भाई वो अपना

1488
01:49:36,640 --> 01:49:41,040
पक्ष रखेंगे वो अपना पक्ष रखेंगे

1489
01:49:41,040 --> 01:49:43,840
ठीक है। अब यह बताओ आज से पहले शास्त्रों के आधार पर

1490
01:49:43,840 --> 01:49:48,240
रामपाल ने कोई पक्ष रखा है दुनिया के अंदर कि नहीं रखा है?

1491
01:49:48,240 --> 01:49:51,360
मालूम नहीं है क्या आपको?

1492
01:49:51,360 --> 01:49:55,520
कि रामपाल ने आज से पहले शास्त्रों के आधार पर अपना पक्ष रखा है कि नहीं रखा

1493
01:49:55,520 --> 01:49:58,640
है?

1494
01:49:58,640 --> 01:50:02,640
हेलो रखा हुआ है बताओ उनके

1495
01:50:02,640 --> 01:50:06,960
बारे में रखा है जो भी रखा हुआ है रखा है उसके बारे में

1496
01:50:06,960 --> 01:50:10,960
तीन चार तारीख के बाद बात होगी तो मतलब आज आपको नहीं पता है

1497
01:50:10,960 --> 01:50:15,120
क्या जो तीन चार है लेकिन उस बारे में

1498
01:50:15,120 --> 01:50:19,520
तीन चार तारीख के बाद होगी तब तक कॉल सेंटर बंद है क्या

1499
01:50:19,520 --> 01:50:23,600
कॉल सेंटर 24ों घंटे चालू रहते हैं तो भैया शंका समाधान करो ना

1500
01:50:23,600 --> 01:50:27,680
कि भैया रामपाल तो रामपाल अपना पक्ष पहले भी रख चुके हैं और

1501
01:50:27,680 --> 01:50:31,760
मैं शास्त्रों के आधार पर उसका खंडन कर रहा हूं। तो क्या इस समय वर्तमान

1502
01:50:31,760 --> 01:50:35,760
में मैं एक बात बोल रहा हूं। वर्तमान में मैं बोल रहा हूं सातव अध्याय के

1503
01:50:35,760 --> 01:50:39,760
10वें श्लोक में भगवत गीता में भगवत गीता को कहने वाला अपने को सनातन

1504
01:50:39,760 --> 01:50:43,760
कह रहा है। के नंबर अलग है याद है कि नहीं? मैं ज्ञान चर्चा नहीं कर

1505
01:50:43,760 --> 01:50:47,840
रहा हूं आपसे। मैं कह रहा हूं मैं शास्त्रों के आधार पर ना मैं ज्ञान चर्चा नहीं कर रहा

1506
01:50:47,840 --> 01:50:52,000
हूं। ध्यान दीजिए। आप ध्यान दीजिए। मैं ज्ञान चर्चा नहीं कर रहा हूं। मैं बता रहा हूं। शास्त्रों

1507
01:50:52,000 --> 01:50:56,160
के आधार पर मैं रामपाल की बात का विरोध कर रहा हूं। तो क्या इस समय शास्त्रार्थ

1508
01:50:56,160 --> 01:50:58,960
चल रहा है रामपाल के साथ मेरा आप

1509
01:50:58,960 --> 01:51:01,440
यह मानेंगे

1510
01:51:01,440 --> 01:51:05,680
मैं यह पूछ रहा हूं वर्तमान इस समय में आता है

1511
01:51:05,680 --> 01:51:10,000
श्लोक मैं श्लोक आपको इसलिए बता रहा हूं कि मैं आपको यह बता सकूं श्लोक

1512
01:51:10,000 --> 01:51:14,000
मैं आपको इसलिए बता रहा हूं कि मैं आपको यह बता सकूं कि मैं शास्त्र

1513
01:51:14,000 --> 01:51:18,080
के आधार पर रामपाल का विरोध इस समय कर रहा हूं राइट नाउ तो क्या

1514
01:51:18,080 --> 01:51:23,280
इस समय शास्त्रार चल रहा है राइट नाउ

1515
01:51:23,280 --> 01:51:25,520
देखिए

1516
01:51:25,520 --> 01:51:29,600
किसी भी चीज का जो डेट फिक्स है ये कौन ये भाई डेट

1517
01:51:29,600 --> 01:51:33,680
फिक्स रामपाल मैंने मैंने मुझे मेरी आप मेरा प्रश्न

1518
01:51:33,680 --> 01:51:37,760
आप समझ रहे हो मेरा प्रश्न आप समझ रहे हो मैं क्या कह रहा हूं प्रश्न

1519
01:51:37,760 --> 01:51:41,760
समझ रहे हैं आपका कोई प्रश्न नहीं कहा है आपके आपके तो जवाब है आपका प्रश्न

1520
01:51:41,760 --> 01:51:45,760
नहीं है आपके जवाब है आपके जवाब है अभी ये मत पूछो

1521
01:51:45,760 --> 01:51:49,840
अभी वो मत पूछो तीन चार के बाद पूछना अरे भैया जब तुमने कहा कि

1522
01:51:49,840 --> 01:51:54,000
रामपाल ने रामपाल जो अपना पक्ष रखेंगे उसका आप अपने चैनल चैनल

1523
01:51:54,000 --> 01:51:58,400
पर शास्त्रों के आधार पर यदि विरोध करोगे तो उसको शास्त्रार्थ नाम दिया जाएगा।

1524
01:51:58,400 --> 01:52:02,480
तो रामपाल आज से पहले भी अपना पक्ष अपने वीडियो में रख चुके हैं। तो मैं

1525
01:52:02,480 --> 01:52:07,040
उसका अपने चैनल पर शास्त्रों के आधार पर विरोध कर रहा हूं। तो क्या आप इसको शास्त्रार्थ

1526
01:52:07,040 --> 01:52:11,120
मानोगे? वो डिबेट वो विरोध आपको

1527
01:52:11,120 --> 01:52:14,240
तीन चार तारीख के बाद करनी है। यानी कि रामपाल

1528
01:52:14,240 --> 01:52:18,720
अपने हिसाब से तय करेंगे। रामपाल अपने हिसाब से यह तय करेंगे

1529
01:52:18,720 --> 01:52:22,800
कि भैया जब मैं कुछ पक्ष रखूंगा और उसका कोई विरोध

1530
01:52:22,800 --> 01:52:26,800
करेगा अपने चैनल पे उसको शास्त्रार्थ नहीं कहा जाएगा मगर तीन चार तारीख को जब

1531
01:52:26,800 --> 01:52:30,880
मैं पक्ष रखूंगा और उसका यदि कोई विरोध करेगा तो उसको शास्त्रार्थ कहा

1532
01:52:30,880 --> 01:52:34,960
जाएगा ये रामपाल तय करेंगे और तुम तय करोगे

1533
01:52:34,960 --> 01:52:38,960
हम कैसे तय करेंगे तो रामपाल कैसे तय कर रहे हैं रामपाल जो

1534
01:52:38,960 --> 01:52:43,040
चीज जो चीज जो चीज जो चीज रामपाल तय कर रहे हैं

1535
01:52:43,040 --> 01:52:47,680
रामपाल मत फेको दास को दास शास्त्र शास्त्र करेंगे

1536
01:52:47,680 --> 01:52:51,680
शास्त्र अरे भैया यहां पे बात ये हो रही है कि जिस चीज को तुम शास्त्रार्थ कह रहे हो

1537
01:52:51,680 --> 01:52:56,400
उसी चीज को तुम शास्त्रार्थ नहीं भी कह रहे हो ये बात ये तुम्हारी दोहरी बातें चल रही है

1538
01:52:56,400 --> 01:53:00,400
क्या चीज नहीं कह रहे हैं हम तुम ये कह रहे हो कि रामपाल का अपने चैनल

1539
01:53:00,400 --> 01:53:04,960
पर पक्ष रखना और फिर उसका विरोध करना शास्त्रों के आधार पर यह शास्त्रार्थ

1540
01:53:04,960 --> 01:53:09,120
है। फिर मैं तुम्हें बता रहा हूं कि रामपाल का उसका रामपाल के द्वारा पक्ष रखा जाना

1541
01:53:09,120 --> 01:53:13,280
और उसका मेरे द्वारा शास्त्रों के आधार पर विरोध करना यह शास्त्रार्थ है।

1542
01:53:13,280 --> 01:53:17,520
तो तुम एक बार उसी चीज को शास्त्रार्थ कह रहे हो तीन चार तारीख के बाद एक बार उसी

1543
01:53:17,520 --> 01:53:21,520
चीज को शास्त्रार्थ नहीं कह रहे हो तीन चार तारीख के पहले ऐसा क्यों

1544
01:53:21,520 --> 01:53:25,680
चीज तो वही है कंटेंट तो वही है पदार्थ वही है केवल समय

1545
01:53:25,680 --> 01:53:30,560
का अंतर आ रहा है चैलेंज का डेट अरे

1546
01:53:30,560 --> 01:53:34,720
चैलेंज चैलेंज इससे पहले दिया है कि नहीं रामपाल ने मैं संत ही त्याग दूंगा एक

1547
01:53:34,720 --> 01:53:38,960
मिनट एक मिनट मैं संत ही त्याग दूंगा चैलेंज दिया है कि नहीं रामपाल

1548
01:53:38,960 --> 01:53:43,200
ने अगर सिद्ध कर मैंने क्या कहा संत त्याग

1549
01:53:43,200 --> 01:53:47,440
दूंगा। यह तीन चार तारीख से पहले कह चुके हैं रामपाल एक महीने पहले।

1550
01:53:47,440 --> 01:53:51,680
हां हां तो चैलेंज तो वहां से चला आ रहा है। अरे

1551
01:53:51,680 --> 01:53:55,760
उस दिन वो टाइम आपको दिया था कौन सा कौन सा

1552
01:53:55,760 --> 01:54:00,240
आपको ऑफली चैलेंज? अरे भाई तो चैलेंज तो दिया था ना।

1553
01:54:00,240 --> 01:54:04,640
कोई मेरी बात को गलत गलत कर दे। एग्जाम का डेट आपको तीन

1554
01:54:04,640 --> 01:54:08,720
तीन चार तारीख को दिया गया है। आप उसका एग्जाम देना है तो यानी

1555
01:54:08,720 --> 01:54:13,280
कि जो चीज तीन चार तारीख के पहले हो रही है तो वो शास्त्रार्थ

1556
01:54:13,280 --> 01:54:17,280
नहीं है। और वही चीज अगर तीन चार तारीख के बाद हो रही है वो शास्त्रार्थ

1557
01:54:17,280 --> 01:54:21,440
है। एक मिनट जो चीज जो चीज जो

1558
01:54:21,440 --> 01:54:25,520
हैं? आपको पहले मिल जाएंगे। अरे भाई तो वो पहले भी

1559
01:54:25,520 --> 01:54:29,520
वो वो जो वो जो एग्जाम है वो जो एग्जाम है वो पहले भी एग्जाम वो

1560
01:54:29,520 --> 01:54:34,240
हो चुका है ना। हो ही रहा है। लगातार हो रहा है। अगर अगर टीवी

1561
01:54:34,240 --> 01:54:38,240
अगर हर साल होते हैं अगर अगर टीवी पर

1562
01:54:38,240 --> 01:54:42,480
अगर अगर टीवी पर अगर टीवी पर रामपाल का पक्ष रखना

1563
01:54:42,480 --> 01:54:45,680
और दूसरे चैनल पर सिंगल अपने एरिया में

1564
01:54:45,680 --> 01:54:49,680
अपने जगह बैठकर के उसका शास्त्रों के आधार पर विरोध करना अगर

1565
01:54:49,680 --> 01:54:54,080
यह शास्त्रार्थ है तो शास्त्रार्थ क्या इस समय भी चल रहा है क्योंकि मैं रामपाल

1566
01:54:54,080 --> 01:54:58,880
की पूर्व में कही हुई बातों का विरोध कर रहा हूं। बता रहा हूं। हां बात बता रहा हूं।

1567
01:54:58,880 --> 01:55:02,960
हां हां बताओ। एग्जाम हर हर दिन होता है। लेकिन

1568
01:55:02,960 --> 01:55:07,120
कुछ कुछ एग्जाम जो भी रहेंगे जो एग्जाम डेट दिया जाता है।

1569
01:55:07,120 --> 01:55:11,120
यानी कि यानी कि वर्तमान में भी यानी कि वर्तमान में भी शास्त्रार्थ

1570
01:55:11,120 --> 01:55:16,400
चल रहा है। मगर वो स्पेशल एक मिनट एक मिनट यानी

1571
01:55:16,400 --> 01:55:20,480
यानी यानी कि वर्तमान में भी शास्त्रार्थ चल रहा है। एक मिनट

1572
01:55:20,480 --> 01:55:24,640
एक मिनट आपने कहा स्पेशल यानी कि वर्तमान में शास्त्रार्थ

1573
01:55:24,640 --> 01:55:28,800
चल रहा है। पर तीन चार के बाद स्पेशल होगा। हेलो हेलो

1574
01:55:28,800 --> 01:55:32,800
हेलो हेलो मैं ये पूछ मैं ये पूछ रहा

1575
01:55:32,800 --> 01:55:36,880
हूं। मैं ये पूछ रहा हूं यानी कि वर्तमान में भी शास्त्रार्थ चल रहा

1576
01:55:36,880 --> 01:55:41,840
है। पर तीन चार के बाद स्पेशल शास्त्रार्थ होगा।

1577
01:55:41,840 --> 01:55:46,160
फाइनल एग्जाम स्पेशल शास्त्रार्थ होगा ना?

1578
01:55:46,160 --> 01:55:50,480
फाइनल एग्जाम यानी यानी वर्तमान में भी शास्त्रार्थ चल रहा है।

1579
01:55:50,480 --> 01:55:54,560
मैंने क्या पूछा भाई साहब? होता है। आपने कहा एग्जाम कई होते

1580
01:55:54,560 --> 01:55:58,720
हैं। एक होता है फाइनल उससे पहले आपने स्पेशल वाली बात भी कही। यानी कि

1581
01:55:58,720 --> 01:56:00,720
वर्तमान में शास्त्रार्थ तो चल रहा

1582
01:56:00,720 --> 01:56:04,800
है। स्पेशल कहने का मतलब फाइनल मैंने क्या कहा? मैं पूछ रहा हूं वर्तमान

1583
01:56:04,800 --> 01:56:10,640
में शास्त्रार्थ चल रहा है ना? फाइनल वाला नहीं चल रहा पर चल रहा है।

1584
01:56:10,640 --> 01:56:14,800
तो वो तो टेस्ट बच्चे तो हमेशा देते रहते हैं। मैंने कहा अरे वही

1585
01:56:14,800 --> 01:56:18,880
थोड़ी ना देते हैं। जब जब टेस्ट लिया जाता है तब देते हैं। वर्तमान में

1586
01:56:18,880 --> 01:56:22,880
वो रैंडम टेस्ट एक रैंडम टेस्ट भी होता है। इस तरह के कभी भी टेस्ट ले लेता

1587
01:56:22,880 --> 01:56:26,960
है। अभी तो रैंडम टेस्ट चल रहा है आपके अनुसार। जिस तरह आप मैं

1588
01:56:26,960 --> 01:56:31,200
आपसे पूछ रहा हूं ये शास्त्रार चल रहा है कि नहीं? फाइनल एग्जाम का वेट करें।

1589
01:56:31,200 --> 01:56:35,920
ठीक है जी। फाइनल अरे भाई शास्त्रार चल रहा है कि नहीं? अगर फाइनल

1590
01:56:35,920 --> 01:56:40,000
ने आपसे क्या पूछा है? मुझे बता दो शास्त्रार्थ जो होने वाला

1591
01:56:40,000 --> 01:56:44,640
है तीन चार तारीख को उस दिन रामपाल नई बात कौन सी बताने वाला है?

1592
01:56:44,640 --> 01:56:49,200
ये बता दो। अरे वही बात कुछ बदल के बताएगा क्या?

1593
01:56:49,200 --> 01:56:53,360
अच्छा मुझे मुझे मुझे तुम इतना अरे सुनो सुनो सुनो तुम मुझे ये बता

1594
01:56:53,360 --> 01:56:57,360
दो तुम मुझे ये बता दो तुम मुझे ये बता दो जनता निर्णय कैसे

1595
01:56:57,360 --> 01:57:00,560
लेगी?

1596
01:57:00,560 --> 01:57:04,880
जनता निर्णय अपने शास्त्र को मिला के लेगी। शास्त्र को मिला के ले लेगी लेगी।

1597
01:57:04,880 --> 01:57:09,040
इसका मतलब कि जनता को सबसे पहले सभी शास्त्रों का परिपक्व ज्ञान होना चाहिए।

1598
01:57:09,040 --> 01:57:13,120
वो निर्णय ले सके कि कौन सही है। देखो इसका इसका एग्जांपल आपको

1599
01:57:13,120 --> 01:57:17,120
बता रहे हैं। हां एक नकली नोट है। एक असली नोट है। दोनों

1600
01:57:17,120 --> 01:57:21,120
नोट जब टीवी पे उसके कॉज प्रॉन्स सब कुछ

1601
01:57:21,120 --> 01:57:25,360
दिखाए जाएंगे तो जनता ऑटोमेटिक डिसाइड कर पाएगी या नहीं? बहुत बढ़िया।

1602
01:57:25,360 --> 01:57:29,360
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। चलो चलो चलो। ये बात भी तुम्हारी मैं दोष नहीं निकालता। मैं ये

1603
01:57:29,360 --> 01:57:33,600
कह रहा हूं। ये जनता का निर्णय हमें पता कैसे चलेगा? जनता

1604
01:57:33,600 --> 01:57:37,600
का निर्णय पता कैसे चलेगा? बताएं कैसे चलेगा? बताओ ध्यान

1605
01:57:37,600 --> 01:57:42,240
से सुनना। हां। जनता को जो सही लगेगा ना वो उसके पास भाग के आ जाएगी।

1606
01:57:42,240 --> 01:57:46,320
यानी कि अच्छा ये जनता का निर्णय तुम्हें पता चलेगा कि अगर रामपाल के

1607
01:57:46,320 --> 01:57:50,560
पास पूरे देश की जनता इकट्ठा हो गई तो इसका मतलब माना जाएगा रामपाल

1608
01:57:50,560 --> 01:57:54,560
का पक्ष एक मिनट। ऐसे नहीं होता। तो कैसे होगा? कैसे होगा?

1609
01:57:54,560 --> 01:57:58,880
वो बताओ। उसका डिसीजन ना हां डिसीजन विरोध में वीडियो बताएंगे

1610
01:57:58,880 --> 01:58:03,280
ना। मैंने क्या कहा? मैंने मैंने क्या कहा? अगर जनता

1611
01:58:03,280 --> 01:58:08,560
जो वर्तमान में आपके हिसाब से रामपाल के कितने फॉलोवरर्स हैं?

1612
01:58:08,560 --> 01:58:13,200
कितने फॉलोअर्स हैं वर्तमान में रामपाल के?

1613
01:58:13,200 --> 01:58:17,200
हेलो कितने आप आपको कितना भाई मुझे तो आपके लोग जो बताते

1614
01:58:17,200 --> 01:58:21,440
हैं जो वो कहते हैं 15 करोड़ है। हां

1615
01:58:21,440 --> 01:58:26,880
15 करोड़ है। हिसाब से देख लो। अरे तो तुमको कुछ पता है कि नहीं?

1616
01:58:26,880 --> 01:58:30,960
पता है तो सब कुछ अपने विवेक से लगा के आप मान लो। तो भाई मैं क्या मानु मुझे

1617
01:58:30,960 --> 01:58:35,040
बताओ ना जिससे हम ये समझ कुछ भी मान लो हमें यह समझना है कुछ भी मान

1618
01:58:35,040 --> 01:58:38,240
लूं तुम्हें मूर्ख मान लूं

1619
01:58:38,240 --> 01:58:42,560
तुम्हें तुम्हे तुम्हें ये मान लूं तुम्हें अपने पिता का नाम नहीं पता है मान लूं

1620
01:58:42,560 --> 01:58:46,560
तुम्हें अपने पिता का नाम नहीं पता मान लूं क्या रामपाल मूर्ख है मान

1621
01:58:46,560 --> 01:58:50,720
लूं रामपाल पूर्ण मूर्ख है मान लूं यहां पे हमने

1622
01:58:50,720 --> 01:58:55,040
नंबर की बात करी मेरे भाई तो भाई वो बताओ ना कुछ भी क्या मान लूं तुम

1623
01:58:55,040 --> 01:58:59,040
वहां ठेका ले बैठे हो ना रामपाल का सतलोक आश्रम बुद्धि

1624
01:58:59,040 --> 01:59:03,120
बुद्धि विवेक आपके अंदर थोड़ा सा है। मेरे अंदर है। मैं पूछ रहा हूं ना तभी मेरे अंदर

1625
01:59:03,120 --> 01:59:07,280
बुद्धि विवेक है। तभी तो मैं कॉल सेंटर पे फोन लगा के पूछ रहा हूं।

1626
01:59:07,280 --> 01:59:11,360
वही बता रहा आपको नंबर को एक्स मारने के लिए कहा था ना तो अब अब

1627
01:59:11,360 --> 01:59:15,440
बता दो अब बता दो नंबर क्या है? 15 करोड़ है, 10 करोड़ है, पांच करोड़

1628
01:59:15,440 --> 01:59:19,520
है, क्या है नंबर? नहीं बताना। चलो चलो इसको भी

1629
01:59:19,520 --> 01:59:23,520
छोड़ो। तो अब मैं ये कह रहा हूं कि इसका मतलब ये है कि

1630
01:59:23,520 --> 01:59:27,680
अगर रामपाल जीता उस शास्त्रार्थ में जो आप कह रहे हैं वो शास्त्रार्थ

1631
01:59:27,680 --> 01:59:28,240
है। मुझे

1632
01:59:28,240 --> 01:59:32,720
उसका तो अभी स्पष्ट आपने किया नहीं प्रारूप मगर अगर उस शास्त्रार्थ में रामपाल

1633
01:59:32,720 --> 01:59:36,720
जीता तो कम भारत देश के अनुसार मान ले कि ये शास्त्रार्थ

1634
01:59:36,720 --> 01:59:40,880
भारत में देखा जाएगा तो भारत देश की ज्यादा जनता रामपाल की तरफ होगी

1635
01:59:40,880 --> 01:59:45,760
और कम जनता रामपाल के विरुद्ध होगी। ये है ना निर्णय का आधार।

1636
01:59:45,760 --> 01:59:49,840
यही है निर्णय का आधार। अभी बताया सुनो भैया निर्णय का आधार तीन चार तारीख के

1637
01:59:49,840 --> 01:59:53,840
बाद ही पता चला अच्छा तो अभी तो तुम कह रहे थे कि जनता चिपक चिपक के आ जाएगी जहां सही होगा

1638
01:59:53,840 --> 01:59:58,000
निर्णय का आधार बताया था अब मैं कह रहा हूं जनता देख के अपने आप करेगी ना तो

1639
01:59:58,000 --> 02:00:02,080
अरे तो फिर मैं मैं वही आधार तो क्लियर चाह रहा हूं कि इसका मतलब कि

1640
02:00:02,080 --> 02:00:06,240
रामपाल के विरोध में भारत की कम 1 मिनट 1 मिनट जनता

1641
02:00:06,240 --> 02:00:10,320
को मूर्ख बता रहे हो मैंने क्या मैंने क्या मैंने क्या पूछा है मैंने क्या पूछा

1642
02:00:10,320 --> 02:00:15,920
है अभी आपने कहा कि जो जीतेगा उसकी ओर जनता आ जाएगी [हंसी]

1643
02:00:15,920 --> 02:00:20,080
हां हां किसी का देखो किसी बात को आप जिस तरह जिस

1644
02:00:20,080 --> 02:00:24,080
वे में लेंगे उसी वे में आप डाल सकते हो तो आप बता दो भैया मैं दोबारा से

1645
02:00:24,080 --> 02:00:28,240
क्लियर पूछ रहा हूं कि जनता का निर्णय हमें पता कैसे चलेगा कि उसने क्या निर्णय किया है

1646
02:00:28,240 --> 02:00:32,480
अब बता दो वही हमने बताया ना वो शास्त्र आपने

1647
02:00:32,480 --> 02:00:36,560
जो खंडित की मैंने पूछा जनता ने क्या निर्णय लिया है

1648
02:00:36,560 --> 02:00:41,120
मैंने पूछा जनता ने क्या निर्णय लिया है

1649
02:00:41,120 --> 02:00:45,520
शास्त्र शास्त्र कहां से आ रहा है शास्त्र हो गए उसके बाद जनता

1650
02:00:45,520 --> 02:00:51,520
ने क्या निर्णय लिया वो बताओ। उसका आधार बताओ।

1651
02:00:51,920 --> 02:00:57,600
हेलो हेलो हेलो हेलो

1652
02:00:57,600 --> 02:01:01,840
हो गया। रुक जाओ रुक। हो नहीं हां बताओ बताओ

1653
02:01:01,840 --> 02:01:04,690
तैयारी कर लो।

1654
02:01:04,690 --> 02:01:10,240
[खांसने की आवाज़]

1655
02:01:10,240 --> 02:01:14,320
डिसीजन चार तारीख के बाद इंतजार करें आप।

1656
02:01:14,320 --> 02:01:19,280
हां लिख के आ रहा हो क्या? लिख के आ रहा है क्या? हम् हां।

1657
02:01:19,280 --> 02:01:23,600
अरे जनता ने निर्णय क्या लिया है? इसका आधार क्या होगा? उसका

1658
02:01:23,600 --> 02:01:28,080
डिसीजन तीन चार तारीख के बाद जो होगा मैंने आपसे क्या

1659
02:01:28,080 --> 02:01:32,160
अरे मैं पूछ रहा हूं जनता का निर्णय हमको या रामपाल को पता कैसे

1660
02:01:32,160 --> 02:01:36,400
चलेगा कि जनता का निर्णय ये है।

1661
02:01:36,400 --> 02:01:41,680
वो वही बोल शास्त्र ही करेंगे ना। शास्त्र करेंगे। [हंसी]

1662
02:01:41,680 --> 02:01:45,760
भाई शास्त्रों के आधार पर किसने बात मैंने क्या पूछा

1663
02:01:45,760 --> 02:01:49,760
है? सवाल समझ लो। सवाल समझ लो सवाल समझ लो।

1664
02:01:49,760 --> 02:01:53,840
एक असली है। हां ठीक है। ठीक है। आप ना एक प्रश्न

1665
02:01:53,840 --> 02:01:58,320
को पूछ सकते हो। अगर आपकी मानसिकता गलत है तो गलत उतार।

1666
02:01:58,320 --> 02:02:02,560
मैंने आपसे क्या पूछा है? मैंने मैंने आपसे यह पूछा है कि

1667
02:02:02,560 --> 02:02:06,800
शास्त्रों के आधार पे किसने सही बात की है, किसने नहीं की है? यह फैसला

1668
02:02:06,800 --> 02:02:10,880
जनता ने क्या लिया है? यह रामपाल को या उसके विरोधियों

1669
02:02:10,880 --> 02:02:16,880
को पता कैसे चलेगा? इसका आधार क्या है?

1670
02:02:17,920 --> 02:02:22,160
ठीक है जी आप ना कल फोन करो इसका जवाब आप कल दे मतलब अभी तुमको नहीं पता तत्व

1671
02:02:22,160 --> 02:02:26,400
ज्ञानी ने बताया नहीं है क्या? कल बताते ना

1672
02:02:26,400 --> 02:02:30,560
तत्वज्ञानी ने बताया नहीं क्या? तत्वज्ञानी ने बताया नहीं

1673
02:02:30,560 --> 02:02:34,720
है। देखो हां आपके

1674
02:02:34,720 --> 02:02:38,880
सारे सवालों का जवाब आपको मिल रहा है। आप समझना

1675
02:02:38,880 --> 02:02:42,960
नहीं चाहते। अरे कहां मिल रहा है? मैं पूछ रहा हूं जनता का फैसला क्या है? ये

1676
02:02:42,960 --> 02:02:46,960
कौन ये कैसे तय होगा? तो पहले तो आपके व्यक्ति ने कहा।

1677
02:02:46,960 --> 02:02:51,440
पहले आपके व्यक्ति ने कहा जनता उधर आ जाएगी। तो मैंने कहा इसका मतलब रामपाल

1678
02:02:51,440 --> 02:02:55,600
को मानने वाले लोग ज्यादा होंगे और रामपाल को ना मानने वाले लोग कम होंगे तीन

1679
02:02:55,600 --> 02:03:00,080
चार तारीख के बाद। यही है आधार

1680
02:03:00,080 --> 02:03:04,160
सुनो बात सुनने के लिए तो तैयार हो हां तो हो गया

1681
02:03:04,160 --> 02:03:09,040
बताइए हां हां बताइए बताइए बताइए बताइए

1682
02:03:09,040 --> 02:03:13,040
आप चाह रहे हो ना कि एग्जाम से पहले आपको रिजल्ट नहीं नहीं नहीं

1683
02:03:13,040 --> 02:03:17,040
रिजल्ट रिजल्ट का आधार क्या होगा रिजल्ट किस आधार पे चेक होंगी

1684
02:03:17,040 --> 02:03:21,200
कॉपियां मैं ये पूछ रहा हूं मैं ये पूछ रहा हूं चेक करने वाला कौन होगा

1685
02:03:21,200 --> 02:03:25,440
डिसाइड करने वाला कौन होगा कैसे तय तय होगा देखो सिंपल

1686
02:03:25,440 --> 02:03:29,520
साधारण में आपको बता दिया जा रहा है कि संत रामपाल जी महाराज

1687
02:03:29,520 --> 02:03:32,960
जी ने अपने वीडियोस के माध्यम से सारा बता दिया। अरे

1688
02:03:32,960 --> 02:03:37,280
भाई मैं पूछ रहा हूं। उन्होंने कहा है कि जनता निर्णय करेगी जो जीतेगा

1689
02:03:37,280 --> 02:03:42,560
जनता जनता निर्णय करेगी ना निर्णय जनता करेगी ना

1690
02:03:42,560 --> 02:03:46,720
सुनिए हां सुनने के लिए तो आप तैयार हो नहीं तो

1691
02:03:46,720 --> 02:03:50,720
तुम बताई दूसरी बातें रहे हो बार-बार चार पांच लाइन सामाजिक विज्ञान के अवसर

1692
02:03:50,720 --> 02:03:54,800
की तरह जनता का निर्णय रामपाल को या

1693
02:03:54,800 --> 02:03:59,520
उसके विरोधियों को पता कैसे चलेगा ये बताओ आपको

1694
02:03:59,520 --> 02:04:03,600
जेन्युइन बातें बताए जा रहे हैं आप मानने के लिए तैयार नहीं

1695
02:04:03,600 --> 02:04:08,560
क्या इस विषय में क्या जेन्युइन बात बता रहे हैं आप? तीन तारीख तीन तारा

1696
02:04:08,560 --> 02:04:12,720
तीन और 4 अक्टूबर के बाद आपको जो भी खंडन करने होंगे

1697
02:04:12,720 --> 02:04:16,800
मैंने पूछा है जो खंडन किए जाएंगे आप मेरा सवाल समझ लीजिए

1698
02:04:16,800 --> 02:04:20,880
भाई साहब मैंने पूछा है जो भी खंडन जा रहा है नहीं

1699
02:04:20,880 --> 02:04:25,200
सवाल समझ रहे आप पता नहीं क्यों पीछे से पूरी राम पूरी वो रामपाल

1700
02:04:25,200 --> 02:04:29,280
की वो कहानी के भैया क्या-क्या हुआ उसके साथ वो जेल क्यों गया वो ये सब क्या बोल रहे हो

1701
02:04:29,280 --> 02:04:33,520
मैं पूछ रहा हूं कि रामपाल का चैलेंज हो गया रामपाल ने तीन चार तारीख

1702
02:04:33,520 --> 02:04:38,720
को ऐसा कोई बात हुआ क्या ना तो आप

1703
02:04:38,720 --> 02:04:42,720
ना तो आपके साथ अभी ऐसा कोई बात हुआ है किसके साथ ऐसा

1704
02:04:42,720 --> 02:04:46,880
कोई सवाल जवाब हुआ है जो आप बोल रहे हो कौन सा सवाल मैंने क्या

1705
02:04:46,880 --> 02:04:48,080
सिंपल साधारण

1706
02:04:48,080 --> 02:04:52,240
बातों में बता दिया सवाल जवाब मैं पूछ तो रहा हूं जनता निर्णय मैं पूछ

1707
02:04:52,240 --> 02:04:57,440
तो रहा हूं जनता निर्णय बताया जाएगा ठीक है क्या नहीं बताया जाएगा

1708
02:04:57,440 --> 02:05:01,600
आपको एक चीज चीज बार-बार रिपीट कर अरे भैया तुमने चीज बताई कहां है

1709
02:05:01,600 --> 02:05:05,760
जनता का निर्णय किस आधार पर होगा क्या कैसे पता चलेगा कि जनता

1710
02:05:05,760 --> 02:05:10,080
ने ये निर्णय लिया है? या तो आप ज्ञान चर्चा का नंबर ले लो।

1711
02:05:10,080 --> 02:05:14,400
हां। और या तो आप कॉल रख लो।

1712
02:05:14,400 --> 02:05:18,400
अरे तो तुम कह दो ना भैया हमें नहीं मालूम है। आपको जो भी

1713
02:05:18,400 --> 02:05:22,400
जवाब मिलेंगे हो गया। और चार अक्टूबर के बाद यही है इन

1714
02:05:22,400 --> 02:05:24,240
लोगों के पास। कोई भी ज्यादा

1715
02:05:24,240 --> 02:05:28,240
इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में। बस तीन चार तीन

1716
02:05:28,240 --> 02:05:34,240
चार तीन चार बने रहो।

1717
02:05:37,040 --> 02:05:41,120
ठीक है भाई आप लोगों को काफी मिल गया अब कल देखेंगे टाइम मिला तो

1718
02:05:41,120 --> 02:05:45,200
कॉल कर लेंगे और जो ये नंबर दे रहे हैं अब उस पर भी बात हो

1719
02:05:45,200 --> 02:05:49,600
जाएगी ज्ञान चर्चा वाली अगर मैं रहा तो क्योंकि मेरा

1720
02:05:49,600 --> 02:05:55,600
कुछ विषयों में दिल्ली जाने का मामला बन रहा है और

1721
02:05:57,040 --> 02:06:01,200
दिल्ली जाकर के कुछ विशेष अभियान के लिए कदम उठाने

1722
02:06:01,200 --> 02:06:04,720
हैं। और

1723
02:06:04,720 --> 02:06:08,080
आप लोगों से कहेंगे

1724
02:06:08,080 --> 02:06:12,160
जिस रूप में सहायता कर सकते हैं अवश्य करें। अजी भाटी

1725
02:06:12,160 --> 02:06:18,160
जी जय श्री राम।

1726
02:06:20,400 --> 02:06:26,400
[गला साफ़ करने की आवाज़]

1727
02:06:27,840 --> 02:06:33,840
ये

1728
02:06:44,880 --> 02:06:49,280
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री कॉल सेंटर

1729
02:06:49,280 --> 02:06:55,280
कॉल सेंटर बंद करवा के ही मानेंगे आप लग रहा है

1730
02:06:55,770 --> 02:06:59,840
[हंसी] ऐसा है ना [गला साफ़ करने की आवाज़] मैंने कभी-कभी अपने वीडियोस में एक

1731
02:06:59,840 --> 02:07:04,320
बात कही है कि कुतर्कियों

1732
02:07:04,320 --> 02:07:08,640
के कुतर्क का उत्तर देने के लिए मेरा जन्म हुआ है। कुतर्कियों

1733
02:07:08,640 --> 02:07:12,800
के कुतर्क का बिल्कुल बिल्कुल तुम जो कहोगे उसी को पकड़ लेंगे।

1734
02:07:12,800 --> 02:07:17,760
कुछ तो कहोगे कुछ तो झूठ चपेट कुछ तो बोलोगे उसी को पकड़ लेंगे।

1735
02:07:17,760 --> 02:07:21,200
कितना करोगे? कितना भागोगे?

1736
02:07:21,200 --> 02:07:25,280
जी। फसे बहुत बुरे हैं वास्तव में। नाम

1737
02:07:25,280 --> 02:07:29,440
दे दिया डिबेट का शास्त्र का लेकिन इनके पास जवाब कुछ नहीं

1738
02:07:29,440 --> 02:07:33,440
है। यह एक व्यक्ति है ना यह बार-बार एक ही कमेंट

1739
02:07:33,440 --> 02:07:37,440
कर रहा है। इसको आप बैन करो। यह घुटवादी घुटवादी

1740
02:07:37,440 --> 02:07:43,440
करके को ब्लॉक ब्लॉक कर दीजिए।

1741
02:07:49,440 --> 02:07:53,120
तो

1742
02:07:53,120 --> 02:07:59,120
जी भाटी जी

1743
02:08:01,520 --> 02:08:07,520
बोलिए भाटी जी बोलिए

1744
02:08:09,760 --> 02:08:15,760
पांडे जी बोलिए तेजस पांडे जी जय श्री राम

1745
02:08:21,440 --> 02:08:27,440
मुझे आवाज नहीं आ रही क्या

1746
02:08:30,720 --> 02:08:36,720
एक और भाटी जी आ गए दो हो गए

1747
02:08:36,880 --> 02:08:42,880
जी भाटी जी बोले

1748
02:09:00,160 --> 02:09:04,240
ये साधना चैनल वाले तो सीधा नोट

1749
02:09:04,240 --> 02:09:08,960
देते हैं इनको या अपन थोड़ी उनसे डायरेक्ट कर सकते हैं भाई हम भी जुड़ेंगे ये

1750
02:09:08,960 --> 02:09:12,080
अप्रोच थोड़ी कर सकते

1751
02:09:12,080 --> 02:09:16,480
नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं वो तो साधना टीवी के लिए कानूनी

1752
02:09:16,480 --> 02:09:20,640
कारवाई की जाएगी जो भी है वो एक अलग विषय है। फिलहाल

1753
02:09:20,640 --> 02:09:24,720
तो उनके कैसे बैंड बजी हुई है। उस

1754
02:09:24,720 --> 02:09:28,960
पर बात करूंगा मैं आपसे कल थोड़ा वो मेरे हम

1755
02:09:28,960 --> 02:09:33,200
ठीक है। जी पांडे जी बोले तेजस पांडे जी है आप

1756
02:09:33,200 --> 02:09:39,200
यहां पे

1757
02:09:49,920 --> 02:09:54,080
यह चैट करते दौरान कुछ ऐसे भी तत्व आ जाते हैं

1758
02:09:54,080 --> 02:09:58,080
मतलब जिनका कोई लेना देना ही नहीं है। अल्लाहू अकबर चलता रह

1759
02:09:58,080 --> 02:10:02,000
चुका है।

1760
02:10:02,000 --> 02:10:06,080
वो सही जगह आए हैं। उनको अब मोक्ष पाना है ना। मुक्ति पानी है।

1761
02:10:06,080 --> 02:10:10,320
जहां गलत जगह फंसे हुए हैं कहीं तो उनको मुक्ति पानी है। तो इसलिए मुक्ति

1762
02:10:10,320 --> 02:10:16,320
दाता के आसपास वो आ रहे हैं। मंडरा रहे हैं। ठीक है?

1763
02:10:16,320 --> 02:10:20,320
ये हिंदू धर्म में पाखंड है। इस्लाम कबूल करो और

1764
02:10:20,320 --> 02:10:26,240
कई जो है

1765
02:10:26,240 --> 02:10:32,240
हां जी मोहन जी बोले।

1766
02:10:39,520 --> 02:10:43,760
ठीक है। दुबे जी बोले। जी भैया

1767
02:10:43,760 --> 02:10:47,920
आपका कार्य बहुत अच्छा लगता है भैया लेकिन मैं इन लोग को देखता

1768
02:10:47,920 --> 02:10:51,920
हूं रामपालियों को वेदों में कहीं भी कबीर

1769
02:10:51,920 --> 02:10:55,920
देव जी का नाम भी नहीं है लेकिन वो बहुत पुराना हो गया

1770
02:10:55,920 --> 02:11:00,000
उसको वो बोर हो गए उसको सुन सुन वो सब बोर हो गए सही बात है

1771
02:11:00,000 --> 02:11:04,640
बहुत आगे आ गए आप पुरानी आप आज से हमारे दो साल पुराने वीडियो देखी

1772
02:11:04,640 --> 02:11:08,960
भाटी जी नहीं सर मैं आपका आपका बहुत पुराना वीडियो देख रहा हूं आपका जो कार्य

1773
02:11:08,960 --> 02:11:13,040
बहुत अच्छा लग रहा है मैं आपसे जुड़ना ही चाह आ रहा था भैया क्योंकि मेरे को भी है

1774
02:11:13,040 --> 02:11:17,120
इधर छत्तीसगढ़ से हूं मैं यहां अपने ही बगल में ही इस

1775
02:11:17,120 --> 02:11:21,200
मतलब कुछ समय तक ऐसा उनका छाया हुआ था कि पुस्तक को बेचना

1776
02:11:21,200 --> 02:11:25,280
ये करना पूरा लगा हुआ था लेकिन अभी बहुत दिनों से तो खैर नहीं लग रहा है तो

1777
02:11:25,280 --> 02:11:29,600
वहां मैं जाता था देखता था तो मेरे खुद पढ़ते हुए ऐसा लगता था कि ये क्या क्या

1778
02:11:29,600 --> 02:11:33,600
लिखा हुआ है तो बहुत मतलब हमारे सनातन धर्म को उन लोगों

1779
02:11:33,600 --> 02:11:37,680
ने बहुत विध्वंस किया है तो उनको उनके लिए तो मैं आपके

1780
02:11:37,680 --> 02:11:41,520
पीछे खड़ा हूं आपके साथ बहुत

1781
02:11:41,520 --> 02:11:45,520
बढ़िया। तो मुझे लगता

1782
02:11:45,520 --> 02:11:49,840
है आज का काफी हो गया है।

1783
02:11:49,840 --> 02:11:54,240
विचार भी ले लिए कुछ लोगों के। अब किसी को मत लीजिएगा ऊपर। अनिकेत

1784
02:11:54,240 --> 02:11:58,240
जी बोले द्वारका जी मेरी आवाज आ रही है

1785
02:11:58,240 --> 02:12:03,600
सर आपको? हां जी। जय श्री राम। जय श्री राम।

1786
02:12:03,600 --> 02:12:07,920
भाई मैं काफी टाइम से मतलब देख रहा हूं।

1787
02:12:07,920 --> 02:12:12,080
ऊपर नीचे होती जा रही है, चलती जा रही है और बहुत सारे ऐसे सवाल

1788
02:12:12,080 --> 02:12:16,320
आते हैं कि बच में इन लोगों ने ऐसा मतलब क्या समझ लिया

1789
02:12:16,320 --> 02:12:20,560
कि ये किसी बात को समझना ही नहीं चाहते बिल्कुल भी

1790
02:12:20,560 --> 02:12:25,120
कुछ कुछ खीर वगैरह कुछ पदार्थ है इनके यहां जो स्पेशल होता है।

1791
02:12:25,120 --> 02:12:29,360
उसके कारण इनके दिमाग पर वो काबू कर लेता है। फिर इनको

1792
02:12:29,360 --> 02:12:33,760
और कुछ अच्छा नहीं लगता है। समझ में नहीं आता। वो कहते हैं ना एक

1793
02:12:33,760 --> 02:12:37,840
ऐसे थर्ड क्लास लोगों के लिए थर्ड क्लास बातें ही अच्छी रहती है। वह एक

1794
02:12:37,840 --> 02:12:42,000
मैंने जब हम लोग किशोर थे तो एक कहावत सुनी थी दिल

1795
02:12:42,000 --> 02:12:46,160
लगा गधी से तो परी क्या चीज है तो वो वाली

1796
02:12:46,160 --> 02:12:48,720
बात है

1797
02:12:48,720 --> 02:12:53,120
और मतलब जिस हिसाब से अभी चर्चाएं चल रही है और जो

1798
02:12:53,120 --> 02:12:56,800
आने वाले जो तीन चार तारीख का इतना हुआ बनाया जा रहा है

1799
02:12:56,800 --> 02:13:01,120
चलो ठीक है लेकिन ये थोड़ी है कि मैं सही तो मैं सही तुम सही

1800
02:13:01,120 --> 02:13:06,880
तो तुम बता देना [हंसी]

1801
02:13:06,880 --> 02:13:11,120
और देखो वो वो बेवकूफ व्यक्ति यह नहीं बता पा रहा है कि जनता निर्णय

1802
02:13:11,120 --> 02:13:15,200
करेगी कैसे पता चलेगा क्या वोट डलने हैं कौन सा माध्यम

1803
02:13:15,200 --> 02:13:19,680
है जो जनता निर्णय करेगी अपने आप कुछ भी बकवास

1804
02:13:19,680 --> 02:13:24,850
या ऐसा तो नहीं है रात को आसमान की तरफ देखना पड़ेगा तारे गिनने पड़ेंगे

1805
02:13:24,850 --> 02:13:28,960
[हंसी] अच्छा मैंने उसने एक बार को कहा भी कि जिसकी जिसकी

1806
02:13:28,960 --> 02:13:33,120
जीत होगी वो उसकी तरफ जनता खींची चली आएगी इसका मतलब यह है कि

1807
02:13:33,120 --> 02:13:37,200
तीन चार तारीख के रामपाल के फॉलोअर्स रामपाल

1808
02:13:37,200 --> 02:13:42,480
को ना मानने वालों की संख्या से ज्यादा हो जाएंगे। यही मानना पड़ेगा।

1809
02:13:42,480 --> 02:13:46,960
भाई पहले तो यह तय होता है कोई सरकार चुनी जाती है अगर लोकतंत्रतांत्रिक

1810
02:13:46,960 --> 02:13:51,040
तरीके से देख तो कोई सरकार जब चुनी जाती है तो पहले तो यह देखा जाता है

1811
02:13:51,040 --> 02:13:55,120
वोट कितने पड़े। कितने वो कितनी परसेंट वोटिंग हुई है।

1812
02:13:55,120 --> 02:13:59,200
उस वोट में से उनको कितने गए तब तो समझ में आए हां भैया इतने

1813
02:13:59,200 --> 02:14:01,840
हैं।

1814
02:14:01,840 --> 02:14:04,400
लेकिन

1815
02:14:04,400 --> 02:14:08,560
ये ऐसा लग रहा है कहीं ना कहीं चौहान शिवाजी जैसे है ना ये

1816
02:14:08,560 --> 02:14:12,000
है ना उन लोगों के लिए खासकर है जिनका

1817
02:14:12,000 --> 02:14:16,720
है ना जैसे आप मान लो कि हमारे देश में अभी भी जो थोड़ा सा

1818
02:14:16,720 --> 02:14:20,800
पढ़े लिखे कोई मान लो या फिर ऐसा मान लो जो गरीब तबका है

1819
02:14:20,800 --> 02:14:24,880
एक तरफ का जिनकी संख्या अभी भी बहुत ज्यादा है। अच्छा एक

1820
02:14:24,880 --> 02:14:28,880
काम और करेंगे सुनिए वो ठीक है वो चीज तो बता रहे हैं एक

1821
02:14:28,880 --> 02:14:33,040
काम और करेंगे तीन चार के बाद ना फिर इनके कॉल सेंटर फोन फिर से मिलाएंगे

1822
02:14:33,040 --> 02:14:37,040
और फिर कहेंगे देखो मैं खंडन कर रहा हूं यहीं पे शास्त्र खोल के अब

1823
02:14:37,040 --> 02:14:41,280
तुम जनता बन जाओ तुम निर्णय कर दो मैं गलत

1824
02:14:41,280 --> 02:14:45,440
कर कह रहा हूं कि सही कह रहा हूं ठीक है जनता जानती

1825
02:14:45,440 --> 02:14:49,680
है देखो भाई सही क्या है गलत क्या है तो वो गुरु चुनेंगे

1826
02:14:49,680 --> 02:14:53,680
क्यों वो छोड़ो वो छोड़ो वो तो अलग बात हो गई हम हम हम तो

1827
02:14:53,680 --> 02:14:57,760
फिर भी है ना हम तो बहुत कम संख्या में है समझ लो कि चलो हम

1828
02:14:57,760 --> 02:15:01,760
देख रहे हैं लेकिन जो मानने वालों की संख्या है वो तो ज्यादा

1829
02:15:01,760 --> 02:15:05,760
है ना अब देखो जो पढ़े लिखे लोग हैं मैं एक कमेंट पढ़ रहा था उसमें

1830
02:15:05,760 --> 02:15:09,920
थोड़ा सा जवाब भी दिया मानने वालों की संख्या बहुत कम है ज्यादातर

1831
02:15:09,920 --> 02:15:14,160
वो ज्यादातर जो है वो लोभ लालच वो भय से

1832
02:15:14,160 --> 02:15:18,560
आए हुए जो पिछड़े हुए लोग हैं वो बिल्कुल

1833
02:15:18,560 --> 02:15:22,800
बिल्कुल अब जिनको ये एक करना एक करने वाली बात थी

1834
02:15:22,800 --> 02:15:26,880
उसमें में कमेंट में था कि वो महाराज जी चाहते हैं कि हम सबको एक कर दे।

1835
02:15:26,880 --> 02:15:27,380
अरे

1836
02:15:27,200 --> 02:15:31,200
वो किन लोगों को एक करने की बात कर रहे हैं वो उन लोगों को या तो

1837
02:15:31,200 --> 02:15:35,200
एक गरीबी या एक जाति प्रथा या कोई भी ऐसा एक होता है

1838
02:15:35,200 --> 02:15:39,440
ना कि दिमाग के अंदर बात बिठा दी कि नहीं हिंदू विरोधी किसी

1839
02:15:39,440 --> 02:15:43,520
हिंदू विरोधी सामग्री के आधार पे एक करने की बात कर रहे हैं

1840
02:15:43,520 --> 02:15:47,680
किसी हिंदू विरोधी सामग्री के आधार तो उसमें है ना वो ऐसी

1841
02:15:47,680 --> 02:15:51,680
एक लाइन खींच दी गई है कि तुम इस लाइन से अलग हो जाओगे तो तुम फिर

1842
02:15:51,680 --> 02:15:55,840
वही फंस जाओगे तो इसलिए तुम्हें माननी नहीं है बात जो जो

1843
02:15:55,840 --> 02:16:01,840
कुछ भी कह कह दे कोई कुछ भी कहे तो तुम उसको गलत ही ठहराओगे बस

1844
02:16:02,720 --> 02:16:06,960
जी कमल जी जय श्री राम जल्दी से अपनी बात रखें काफी लंबी

1845
02:16:06,960 --> 02:16:10,960
चर्चा हो गई दो घंटे 33 मिनट जी आपकी आवाज

1846
02:16:10,960 --> 02:16:14,800
नहीं आ रही

1847
02:16:14,800 --> 02:16:20,800
आवाज नहीं आ रही आपकी

1848
02:16:22,560 --> 02:16:27,840
म्यूट है आप म्यूट है जी बोलिए बोलिए बोलिए

1849
02:16:27,840 --> 02:16:32,320
आवाज नहीं आ रही आपकी।

1850
02:16:32,320 --> 02:16:36,110
आवाज नहीं आ रही आपकी।

1851
02:16:36,110 --> 02:16:42,110
[खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़]

1852
02:16:47,360 --> 02:16:51,920
नहीं आ रही। चलिए कोई नहीं फिर किसी और दिन जुड़िए। है ना?

1853
02:16:51,920 --> 02:16:56,080
जय श्री राम। ठीक है सभी का जय श्री राम। और आशा करते

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02:16:56,080 --> 02:17:00,240
हैं आपने आनंद लिया हो। आशा करते हैं आपने आनंद लिया

1855
02:17:00,240 --> 02:17:04,240
हो और अगली बार अब जब हम कॉल सेंटर में फोन मिलाएंगे और यदि बंदा

1856
02:17:04,240 --> 02:17:08,480
ये कहेगा कि यहां फोन मिलाओ ज्ञान चर्चा के लिए तो फिर उसके पास फोन मिलाएंगे

1857
02:17:08,480 --> 02:17:13,360
अगली बार। ठीक है?

1858
02:17:13,360 --> 02:17:17,360
चलिए जय श्री राम जय श्री राम
