1
00:00:01,840 --> 00:00:05,920
सभी को जय श्री राम। और जैसा कि आप सभी जानते

2
00:00:05,920 --> 00:00:11,840
हैं अभी हमारा आपने थंबनेल देख ही लिया होगा।

3
00:00:11,840 --> 00:00:17,840
इस के फॉलोअ हैं हमारे साथ और उनके साथ एक चर्चा होने वाली है।

4
00:00:18,400 --> 00:00:22,800
अब आएगा जय श्री राम।

5
00:00:22,800 --> 00:00:27,520
पॉल जी आपका आवाज आवाज नहीं आ रहा है।

6
00:00:27,520 --> 00:00:33,520
आपको नहीं आ रहा? अब आ रहा है।

7
00:00:33,680 --> 00:00:37,680
अब भी नहीं आ रहा। आवाज नहीं आ रहा। आवाज मेरा आवाज जा रहा है आपका पास? जी जी आ

8
00:00:37,680 --> 00:00:41,680
रहा है। आ रहा है। आप ऐसा करें। कुछ आवाज नहीं आ रहा है इधर। आप

9
00:00:41,680 --> 00:00:47,680
ऐसा करें एक बार जाके दोबारा आइए।

10
00:00:59,040 --> 00:01:03,120
यह जो फॉलोअ है यह इस में ही वर्क भी करते

11
00:01:03,120 --> 00:01:09,120
हैं वहां जमशेदपुर में और वहीं से ये आए हैं।

12
00:02:31,120 --> 00:02:35,840
कोई तकनीकी समस्या आ रही है और

13
00:02:35,840 --> 00:02:40,960
अभी आ रहा है आपका आवाज अब देखिए

14
00:02:40,960 --> 00:02:45,520
हां अभी क्लियर सुनाई दे रहा है मुझे

15
00:02:45,520 --> 00:02:49,680
दे रहा है हां ठीक तो सबसे पहले आप थोड़ा सा परिचय

16
00:02:49,680 --> 00:02:53,840
दे दीजिए अपना हमारे दर्शकों को आप कहां से हैं और इस कौन

17
00:02:53,840 --> 00:02:57,760
से किस प्रकार जुड़े हैं

18
00:02:57,760 --> 00:03:01,920
मेरा नाम प्रसंजित पाल है जामशेदपुर टाटा

19
00:03:01,920 --> 00:03:06,080
स्टील जो प्लांट के हैं काम करते हैं। मैं किसी

20
00:03:06,080 --> 00:03:10,080
संस्था के थ्रू नहीं हूं अभी भी पूरा क्लियरली

21
00:03:10,080 --> 00:03:16,000
लेकिन एक है ना सामान्य कॉमन मैन की तरह जो

22
00:03:16,000 --> 00:03:20,000
जैसे कॉमन मैन जैसे हम ड्यूटी करते हैं टाटा स्टील में

23
00:03:20,000 --> 00:03:24,000
उधर सामने में मंदिर तो बहुत सारा है लेकिन वो एक तो इस मंदिर

24
00:03:24,000 --> 00:03:28,000
भी है जमशेदपुर में जहां आना जाना रहता है। बाकी

25
00:03:28,000 --> 00:03:32,080
मंदिर भी जाते हैं। श्री संप्रदाय का एक लक्ष्मी नारायण का

26
00:03:32,080 --> 00:03:36,720
मंदिर है। वहां भी जाते हैं।

27
00:03:36,720 --> 00:03:40,720
तो आपको हमारी किस बात से आपत्ति है? हां ये

28
00:03:40,720 --> 00:03:46,720
बात ये है कि

29
00:03:51,440 --> 00:03:55,600
कोई पास में बैठा आपको गाइड कर रहा है क्या? नहीं हम

30
00:03:55,600 --> 00:04:00,080
दिखा देते हैं। मेरे हम घर में हैं। मेरा

31
00:04:00,080 --> 00:04:04,080
इस तरह से बात करना मेरे लिए नया है। बहुत ही मेरे सामने कोई नहीं

32
00:04:04,080 --> 00:04:08,160
है और मैं उतना भी गहरी से किसी संस्था से जुड़ा नहीं

33
00:04:08,160 --> 00:04:12,160
हूं। आपको हमसे क्या आपत्ति है जब आप किसी से

34
00:04:12,160 --> 00:04:16,640
जुड़े नहीं है तो हम बोल रहे हैं उसी चीज को

35
00:04:16,640 --> 00:04:21,040
मुझे जहां तक लगता है कि ये जो आप बात बोलते हैं ना एक तो बांटने

36
00:04:21,040 --> 00:04:25,040
वाला चीज तो कहीं ना कहीं हमको लग रहा

37
00:04:25,040 --> 00:04:28,960
है कि जो अखंड भारत

38
00:04:28,960 --> 00:04:33,200
थोड़ा समझने का कोशिश करेंगे। लंबा हो सकते हैं। हम

39
00:04:33,200 --> 00:04:36,880
ठीक से बता पा रहे हैं कि नहीं कि

40
00:04:36,880 --> 00:04:41,120
जैसे लोगों को बांटने वाली बात लगती है आपको हमारी। नहीं नहीं पूरा

41
00:04:41,120 --> 00:04:46,400
बात सुनिए। हां मतलब जैसे

42
00:04:46,400 --> 00:04:50,800
मुझे लगता है कि 90% जो हिंदू

43
00:04:50,800 --> 00:04:51,760
है जनसंख्या

44
00:04:51,760 --> 00:04:55,760
है उनमें से ज्यादातर किसी को धर्म

45
00:04:55,760 --> 00:04:59,840
से तो सभी जुड़ा है जो कल्चर है हम लोगों का

46
00:04:59,840 --> 00:05:04,000
घर से ही लेकिन एक मतलब

47
00:05:04,000 --> 00:05:08,720
जे शास्त्र और वैदिक धर्म में जो लिखा है अगर

48
00:05:08,720 --> 00:05:12,960
कि यह नहीं करना चाहिए ज्यादातर आदमी आदमी को

49
00:05:12,960 --> 00:05:17,120
कुछ नहीं होता है कि मतलब अपने सुख से प्रभावित

50
00:05:17,120 --> 00:05:22,000
है कि हमको यह करना है तो करना है। लेकिन जो 10%

51
00:05:22,000 --> 00:05:26,320
20% आदमी है जो चाह रहा है किसी वैष्णव

52
00:05:26,320 --> 00:05:30,400
संप्रदाय हो संप्रदाय हो किसी भी संप्रदाय से जोड़ के

53
00:05:30,400 --> 00:05:34,560
अपना उन्नति और अपना आत्मा का उन्नति के लिए

54
00:05:34,560 --> 00:05:38,800
हम लोग मतलब आप देख रहे हैं कि

55
00:05:38,800 --> 00:05:43,680
आज के समाज में मांस छोड़ना भी बहुत बड़ी बात है।

56
00:05:43,680 --> 00:05:47,680
मतलब कुछ मदिरा छोड़ना भी बहुत बड़ी बात है। लेकिन पूरा पॉइंट

57
00:05:47,680 --> 00:05:51,680
मुझे ये बताइए कि आपकी किस चीज से मुझे आपत्ति है?

58
00:05:51,680 --> 00:05:55,840
आप इस का विरोध क्यों करते हैं या इस से प्रश्न क्यों करते

59
00:05:55,840 --> 00:05:59,840
हैं? ऐसे बोलिए सीधे क्योंकि क्योंकि हिंदुओं हिंदुओं के

60
00:05:59,840 --> 00:06:03,920
पास कुछ नहीं है तो इसको तो अच्छी चीजें दे रहा है। मांस छुड़वा रहा है, बीड़ी छुड़वा रहा है,

61
00:06:03,920 --> 00:06:07,760
सिगरेट छुड़वा रहा है, नशा छुड़वा रहा है। यही आपका प्रश्न है।

62
00:06:07,760 --> 00:06:11,920
यही आपका मेरा

63
00:06:11,920 --> 00:06:16,000
हां, मेरा प्रश्न यही है कि कोई भी व्यक्ति जब

64
00:06:16,000 --> 00:06:20,000
मतलब अंदर से चाह रहा है कि मैं अपना उन्नति करना चाह रहा हूं

65
00:06:20,000 --> 00:06:24,080
और धर्म से जुड़ना चाह रहा हूं तो इस एक

66
00:06:24,080 --> 00:06:29,280
एनवायरमेंट दे रहा है। जब वहां कीर्तन वगैरह हो रहा है और

67
00:06:29,280 --> 00:06:33,520
धीरे-धीरे जुड़ के वो अपना बुरी आदत एक बार में नहीं अपना

68
00:06:33,520 --> 00:06:37,760
थोड़ी-थोड़ी करके अपना बुरी आदत जब छोड़ रहा है। वही तो मैं कह रहा हूं कि

69
00:06:37,760 --> 00:06:42,000
इस एक एनवायरमेंट दे रहा है जब लोगों को अच्छा बनाने का

70
00:06:42,000 --> 00:06:46,080
एक अच्छी चीजें वो दे रहा है तो फिर हम उसका विरोध क्यों कर

71
00:06:46,080 --> 00:06:50,160
रहे हैं? हां आप उसका हमको पूरा पूरी क्लेरिटी समझ में

72
00:06:50,160 --> 00:06:54,160
नहीं आ रहा है। इसीलिए मैं आपसे पूछ रहा था कि किस पॉइंट पे

73
00:06:54,160 --> 00:06:58,320
हम विरोध किया मुझे मुझे टू द पॉइंट बात करने की थोड़ी सी आदत

74
00:06:58,320 --> 00:07:02,320
है। मैं बहुत ज्यादा इधर-उधर की बातें नहीं करता हूं। मैं आपकी वो जो लाइन है

75
00:07:02,320 --> 00:07:06,400
वो समझ गया हूं। ठीक है? अब मैं आपको जवाब दूं? हां

76
00:07:06,400 --> 00:07:10,960
दीजिए।

77
00:07:10,960 --> 00:07:14,800
नल की पत्नी थी दमयंती।

78
00:07:14,800 --> 00:07:18,880
उसको अजगर खा जाने वाला था। एक शिकारी आया वहां

79
00:07:18,880 --> 00:07:24,880
पर। उसने नल की पत्नी के प्राणों की रक्षा की।

80
00:07:25,200 --> 00:07:30,160
दमयंती के प्राणों की रक्षा की। अजगर को मार दिया।

81
00:07:30,160 --> 00:07:34,560
दमयंती मारने के बाद दमयंती के प्राणों की रक्षा

82
00:07:34,560 --> 00:07:40,400
करने के बाद उसकी कुदृष्टि हो गई दमयंती पर।

83
00:07:40,400 --> 00:07:44,640
और अब वो दमयंती के गरिमा को भंग करना चाहता है।

84
00:07:44,640 --> 00:07:48,800
उसके उसका जो शील है, उसकी जो उसका जो पति

85
00:07:48,800 --> 00:07:54,000
धर्म है, उसको छीन लेना चाहता है। नष्ट कर देना चाहता है।

86
00:07:54,000 --> 00:07:58,080
तो ऐसी सिचुएशन में क्योंकि उसने

87
00:07:58,080 --> 00:08:02,080
उसके प्राणों की रक्षा की है। ऐसी सिचुएशन में हमें उस

88
00:08:02,080 --> 00:08:06,320
शिकारी का विरोध नहीं करना चाहिए।

89
00:08:06,320 --> 00:08:10,640
नहीं मतलब प्राणों से भी ज्यादा उत्तम चरित्र

90
00:08:10,640 --> 00:08:16,560
होता है ना। मैं बस इतना पूछ रहा हूं। विरोध करना चाहिए कि नहीं?

91
00:08:16,560 --> 00:08:20,560
करना चाहिए। क्यों नहीं करना चाहिए? करना चाहिए। इसका मतलब यह है

92
00:08:20,560 --> 00:08:24,880
कि यदि किसी ने कोई एक अच्छी चीज कर दी और वहीं पर कोई दूसरी

93
00:08:24,880 --> 00:08:28,960
बुरी चीज कर रहा है तो ऐसा नहीं है कि अच्छी चीज के कारण उसकी बुरी चीज के लिए कहा

94
00:08:28,960 --> 00:08:31,280
ना जाए।

95
00:08:31,280 --> 00:08:35,360
नहीं बुरी चीज अगर एक्चुअली में कर रहा है तो करना।

96
00:08:35,360 --> 00:08:39,360
नहीं इसका मतलब अगर बुरी चीज है तो कहा जाएगा। चाहे वो अच्छा कर रहा हो

97
00:08:39,360 --> 00:08:43,360
चाहे ना कर रहा हो। हां बुरी चीज के लिए उसको तो कहना ही कहा

98
00:08:43,360 --> 00:08:47,440
जाएगा। अच्छा ये तो क्लियर हो गया। अब आगे एक बात है

99
00:08:47,440 --> 00:08:53,440
कि क्या

100
00:08:54,800 --> 00:08:58,960
क्या हुआ? कोई आपत्ति किसी को क्या मेरा मम्मी था

101
00:08:58,960 --> 00:09:03,600
वो रहा था जामा पहनने के लिए बोल रहा था

102
00:09:03,600 --> 00:09:09,600
शर्ट पहनने के लिए मम्मी हां आपकी आयु क्या है

103
00:09:09,920 --> 00:09:12,320
25

104
00:09:12,320 --> 00:09:18,160
25 में आपकी हरकतें तो बिल्कुल अभी 12 13 साल वाली है

105
00:09:18,160 --> 00:09:22,640
मतलब घर थोड़ा बढ़ रहा है थोड़ा मतलब

106
00:09:22,640 --> 00:09:28,640
तो हम लोग एक ही घर में अभी शिफ्ट है उधर

107
00:09:30,480 --> 00:09:35,520
ये बात मैंने आपको बता दी है कि

108
00:09:35,520 --> 00:09:39,760
अगर कोई व्यक्ति बुरा कार्य कर रहा है तो उसको कहा जाएगा

109
00:09:39,760 --> 00:09:44,080
भले ही उसने कोई अच्छा कार्य भी किया हो पहली बात दूसरी

110
00:09:44,080 --> 00:09:48,880
बात दूसरी बात यह है कि

111
00:09:48,880 --> 00:09:53,040
हमने क्या कभी यह कहा है कि यह जो है लोगों का हाथ क्यों छुड़वा

112
00:09:53,040 --> 00:09:58,880
रहा है? हमने क्या कभी ये कहा है कि ये जो है

113
00:09:58,880 --> 00:10:02,880
लोगों को जो है कीर्तन क्यों करवा रहा है? हमने अपने किसी

114
00:10:02,880 --> 00:10:07,520
वीडियो में कहा है क्या? नहीं कहा है। नहीं अच्छा

115
00:10:07,520 --> 00:10:11,520
अगर ऐसी ही बात है तो रामपाल भी मांस छुड़वाता है जो

116
00:10:11,520 --> 00:10:16,080
मां दुर्गा को गाली देता है। रामपाल जो है मांस छुड़वाता

117
00:10:16,080 --> 00:10:20,240
है और बहुत सारा दान करता है इस समय वो पाइप

118
00:10:20,240 --> 00:10:24,640
काट रहा है। जगह-गह में पाइप बंटवाए हैं। उसने ऐसा सुनने में आ रहा है

119
00:10:24,640 --> 00:10:28,720
कि हरियाणा में बाढ़ आई वहां पर उसने पाइप बटवाए तो इस कारण

120
00:10:28,720 --> 00:10:32,720
से कि उसने पाइप बटवाए हैं। इस कारण से वह कह रहा है कि ब्रह्मा

121
00:10:32,720 --> 00:10:36,880
विष्णु महेश की पूजा करने वाले नीच है। कृष्ण को भगवान समझने वाले

122
00:10:36,880 --> 00:10:41,040
नीच है। पापी हैं। वो ये सब कह रहा है तो उसको हम विरोध

123
00:10:41,040 --> 00:10:45,120
ना करें क्योंकि उसने पाइप बटवाए क्योंकि उसने मांसाहार छुड़वाया

124
00:10:45,120 --> 00:10:45,840
है। क्योंकि

125
00:10:45,840 --> 00:10:50,080
उसने मांसाहार छोड़ने की बात कही है। दूसरी बात

126
00:10:50,080 --> 00:10:54,240
यदि वो लोगों को अच्छाई बना रहा है तो भागलपुर के स्कॉन मंदिरों

127
00:10:54,240 --> 00:10:58,400
में क्या हो रहा है? भागलपुर के स्कॉन मंदिर वालों का कहना है कि स्कॉन में इतनी भ्रष्टता

128
00:10:58,400 --> 00:11:02,480
हो रही है कि वहां पर जब कोई आवाज उठाता है तो मारा जाता है।

129
00:11:02,480 --> 00:11:06,560
अभी कल ही भागलपुर के जो स्कॉन वाले हैं उनका एक वीडियो आया

130
00:11:06,560 --> 00:11:10,960
है। उनके चैनल का नाम है

131
00:11:10,960 --> 00:11:14,960
तत्व करके कुछ है। उनके चैनल का नाम है

132
00:11:14,960 --> 00:11:19,040
तत्व करके कुछ। तत्व शब्द आता है। उन्होंने बहुत सारी

133
00:11:19,040 --> 00:11:23,680
चीजें ऐसी बताई है कि उनके बड़े-बड़े जो जीबीसी के मेंबर्स हैं उन पर रेप चार्जेस,

134
00:11:23,680 --> 00:11:27,680
बच्चों का शोषण करने का चार्जेस ये सब लगे हुए हैं। तो अगर

135
00:11:27,680 --> 00:11:31,680
एक जगह आप यह मान रहे हो कि इस के द्वारा लोग मास्क छोड़ रहे हैं।

136
00:11:31,680 --> 00:11:35,680
लोग मदिरा छोड़ रहे हैं। लोगों का आचरण अच्छा हो रहा है। ये आप मान रहे हो। आपका

137
00:11:35,680 --> 00:11:39,920
प्रमाण है तो दूसरी जगह पर लोग वहां पर रेपिस्ट भी हो रहे हैं। ऐसी

138
00:11:39,920 --> 00:11:44,160
खबरें भी आ रही है। दूसरी दूसरी जगह पर वहां पर अच्छे

139
00:11:44,160 --> 00:11:48,320
लोगों का शोषण हो रहा है। ये भी खबरें आ रही है। स्त्रियों के साथ बलात्कार

140
00:11:48,320 --> 00:11:52,560
हो रहा है। ये भी खबरें आ रही है। तो इस बात से इस बात

141
00:11:52,560 --> 00:11:57,120
ये बात कट रही है। और इस बात से ये बात कट रही है। है ना?

142
00:11:57,120 --> 00:12:01,040
तो इसलिए इसको हम आधार नहीं बना सकते निर्णय लेने का कि धर्म क्या

143
00:12:01,040 --> 00:12:05,120
है। पहली बात। दूसरी बात हमने कभी इस चीज पर ब्लेम किया

144
00:12:05,120 --> 00:12:09,120
भी नहीं कि वहां वो जो है लोगों को शाकाहारी क्यों बना रहा

145
00:12:09,120 --> 00:12:13,120
है। लोगों को वो जो है भक्ति कीर्तन क्यों करा रहा है? हमने इस

146
00:12:13,120 --> 00:12:17,200
बात को ले वो नहीं किया। हां यदि प्राणों की रक्षा

147
00:12:17,200 --> 00:12:21,200
करने के बाद कोई व्यक्ति स्त्री के प्राणों की रक्षा

148
00:12:21,200 --> 00:12:25,360
करने के बाद उस पर कुदृष्टि डालेगा तो हम कहेंगे वहां ये नहीं है अरे उसने

149
00:12:25,360 --> 00:12:29,440
प्राणों की रक्षा की है। इसलिए उससे मत कहो और नहीं तो फिर रामपाल से भी ना

150
00:12:29,440 --> 00:12:33,600
करें। हमने केस लगाया हुआ है हाई कोर्ट में रामपाल पर केस वापस ले ले क्योंकि उसने

151
00:12:33,600 --> 00:12:38,080
पाइप बटवाया है क्योंकि उसने लोगों का गुटखा छुड़वाया है। अब वो छुड़वाया

152
00:12:38,080 --> 00:12:42,400
है कि नहीं छुड़वाया वो एक अलग बात है। उसमें भी वो वाली बात है कि जैसे

153
00:12:42,400 --> 00:12:46,880
यहां इस में ही दुराचार भी चल रहा है वैसे ही वहां रामपाल के यहां भी दुराचार

154
00:12:46,880 --> 00:12:50,960
चल रहा है। हां उसके चैनल का नाम है द तत्व

155
00:12:50,960 --> 00:12:55,200
टॉक। उसको देखिएगा। कल बहुत सारे सबूतों के साथ उसने बहुत अच्छा

156
00:12:55,200 --> 00:12:59,760
वीडियो बनाया व्यक्ति ने। इस का ही व्यक्ति है। इस का ब्रह्मचारी

157
00:12:59,760 --> 00:13:03,920
है। उसका कहना है कि इस में भ्रष्टता हो रही है। इस में भ्रष्टता

158
00:13:03,920 --> 00:13:07,920
इसलिए हो रही है। इस में भ्रष्टता इसलिए हो रही है क्योंकि

159
00:13:07,920 --> 00:13:12,480
जो टॉप में जो बैठे हुए लोग हैं वो भ्रष्ट है जीबीसी में।

160
00:13:12,480 --> 00:13:16,160
अब उसका कहना यह है कि भाई प्रभुपाद जी ने कहा था कि मेरे बात

161
00:13:16,160 --> 00:13:20,240
जो है जीबीसी की मानो। तो जीबीसी अगर गलत करेगा

162
00:13:20,240 --> 00:13:24,320
तो उसकी कैसे माने? दिक्कत यह है। अब प्रॉब्लम यह है कि वह भागलपुर

163
00:13:24,320 --> 00:13:28,320
वाला जो व्यक्ति है वह यह बात नहीं समझ पाया कि उसको यह भी मानना चाहिए कि

164
00:13:28,320 --> 00:13:32,480
प्रभुपाद जी ने यहां पर गलती की कह के कि मेरी जीबीसी

165
00:13:32,480 --> 00:13:36,880
की हर बात माननी है। जीबीसी की हर बात नहीं माननी है। जीबीसी

166
00:13:36,880 --> 00:13:40,960
की वो बात माननी है जो शास्त्र सम्मत हो। गुरु गोविंद

167
00:13:40,960 --> 00:13:45,120
और ग्रंथ केवल गुरु नहीं। जब गुरु की चीजें ग्रंथ

168
00:13:45,120 --> 00:13:49,360
से मैच खाएंगी तब हम उसको ले सकते हैं। गुरु की चीजें ग्रंथ

169
00:13:49,360 --> 00:13:53,520
से मैच खाएंगी और इन दोनों के मैच

170
00:13:53,520 --> 00:13:58,000
से मिलने वाला गोविंद होना चाहिए। गोविंद वो और कोई नहीं होना चाहिए।

171
00:13:58,000 --> 00:14:02,000
जीसस नहीं होना चाहिए। अल्लाह नहीं होना चाहिए। गोविंद होना चाहिए। गोविंद कौन

172
00:14:02,000 --> 00:14:06,560
है? सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म। गोविंद

173
00:14:06,560 --> 00:14:10,720
कौन है? सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म। तो वो कृष्ण होना चाहिए।

174
00:14:10,720 --> 00:14:14,960
वो शिव होना चाहिए। वो विष्णु होना चाहिए मगर वो अल्लाह

175
00:14:14,960 --> 00:14:18,960
नहीं होना चाहिए। तो गुरु गुरु गोविंद दौर ग्रंथ का

176
00:14:18,960 --> 00:14:24,880
ये सामंजस्य होता है धर्म होता है। अब उसने कल क्वेश्चन उठाए हैं

177
00:14:24,880 --> 00:14:28,960
दत्त तत्व टॉक वाले ने ब्रह्मचारी ने जिसको मारा गया था कुछ दिन पहले

178
00:14:28,960 --> 00:14:31,440
पटना में। भगा भगा के मारा

179
00:14:31,440 --> 00:14:35,440
गया था। वीडियो खूब वायरल हुए थे। एक वीडियो और वायरल हुआ था। पटना का

180
00:14:35,440 --> 00:14:39,520
जो अध्यक्ष है इस मंदिर का वो नग्न किसी स्त्री के साथ

181
00:14:39,520 --> 00:14:43,600
यौन शोषण करने का प्रयास कर रहा था। था उस समय का उसका नग्न चित्र जो है वायरल

182
00:14:43,600 --> 00:14:48,800
हुआ था तो ये इस छुड़वा रहा है अच्छी चीजें या

183
00:14:48,800 --> 00:14:53,120
मतलब अच्छी चीजें छुड़वा रहा है इस कौन या अच्छी चीजें दे रहा है कौन

184
00:14:53,120 --> 00:14:57,440
इनमें से क्या मानेंगे तो इस आधार पर हम निर्णय नहीं कर सकते क्योंकि हम व्यक्ति

185
00:14:57,440 --> 00:15:01,680
को सही मार्ग बताते हैं वो व्यक्ति का फिर बाद का उसका अपना

186
00:15:01,680 --> 00:15:06,640
ही होता है कि उनमें से कौन सा मार्ग वो चुनता है है ना

187
00:15:06,640 --> 00:15:10,720
जैसे धर्म का बोध तो उसको भी था रावण को धर्म का बोध

188
00:15:10,720 --> 00:15:15,520
तो रावण को भी उसने धर्म का मार्ग नहीं चुना।

189
00:15:15,520 --> 00:15:19,600
ठीक है? तो बोध आप करा रहे हो वो अच्छी चीज है कि आपने

190
00:15:19,600 --> 00:15:23,600
कहा कीर्तन कर लो। मगर वहां कीर्तन व्यक्ति कर रहा है। किस मन से कर रहा है? क्यों आ

191
00:15:23,600 --> 00:15:28,000
रहा है? क्यों जा रहा है? ये सब बहुत डिटेलिंग का मामला हो जाएगा अलग। दूसरी

192
00:15:28,000 --> 00:15:32,160
बात ये है एट द एंड हमने ये कहा कि कृष्ण और अल्लाह

193
00:15:32,160 --> 00:15:36,160
को एक क्यों कर रहे हो? हमने ये कहा कि महादेव का अपमान

194
00:15:36,160 --> 00:15:41,280
क्यों कर रहे हो? हमने ये कहा एक मिनट

195
00:15:41,280 --> 00:15:45,440
एक मिनट एक मिनट आप पूरा कर लूं पूरा कर लूं आपको मैंने सुना ना

196
00:15:45,440 --> 00:15:46,720
हमने ये कहा कि महादेव

197
00:15:46,720 --> 00:15:51,040
का अपमान क्यों कर रहे हो माना कि तुम महादेव को वैष्णव मानते हो

198
00:15:51,040 --> 00:15:55,120
तो वहां पर वैष्णवता का भी अपमान कर रहे हो जब कह रहे हो कि हरिदास ठाकुर जो

199
00:15:55,120 --> 00:15:59,200
है इंद्रियों पर कंट्रोल कर ले गए मगर महादेव नहीं कर पाए क्यों कर

200
00:15:59,200 --> 00:16:03,440
रहे हो और अगर तुम कृष्ण और

201
00:16:03,440 --> 00:16:07,440
शिव में भेद कर रहे हो शिव नाम तुम्हारे लिए भगवान का नाम नहीं

202
00:16:07,440 --> 00:16:11,760
है तो तुम कृष्ण और अल्लाह में भेद क्यों नहीं कर रहे हो? कृष्ण और क्राइस्ट

203
00:16:11,760 --> 00:16:16,160
में भेद क्यों नहीं कर रहे हो? वहां ताल ठोक के क्यों नहीं कहते हो? नहीं

204
00:16:16,160 --> 00:16:20,160
अल्लाह कृष्ण नहीं है। वहां क्यों नहीं ताल

205
00:16:20,160 --> 00:16:24,480
ठोक रहे हो? वही यही पर ताल ठोक रहा जहां शिव जी हैं।

206
00:16:24,480 --> 00:16:28,480
भाई जैसे अल्लाह नाम किसी के लिए भगवान का नाम है

207
00:16:28,480 --> 00:16:32,640
इसलिए तुम ये कह देते हो कि कृष्ण अल्लाह एक है। ऐसे ही

208
00:16:32,640 --> 00:16:37,200
शिव नाम भी तो किसी के लिए भगवान का नाम है। तब तुम्हें शर्म नहीं आती

209
00:16:37,200 --> 00:16:41,280
लज्जा नहीं आती कि तुम अपने हिंदू भाइयों के भावनाओं को आत

210
00:16:41,280 --> 00:16:45,440
कर लोगे क्योंकि वो सहिष्णु है। इस नाम पे कि हम हिंदुत्व फैला

211
00:16:45,440 --> 00:16:50,240
रहे हैं। मगर अल्लाह वालों से डोगे क्योंकि वो सहिष्णु नहीं है।

212
00:16:50,240 --> 00:16:56,240
गुस्ताख रसूल की एक ही सजा सरत से जुदा

213
00:16:57,040 --> 00:17:01,120
और फिर तुम बाहर बाहर के लोगों को ला के हमारी धार्मिक सत्ता

214
00:17:01,120 --> 00:17:05,280
किसको दे रहे हो विदेशियों को हमारे ऊपर कौन राज्य करेगा

215
00:17:05,280 --> 00:17:09,920
धर्म की सत्ता इस कौन के पास जा चली गई अगर तो कौन

216
00:17:09,920 --> 00:17:13,920
निर्णय करेगा हमारे धर्म का यही डीबीसी के मेंबर जो आज ये घोटाला करा रहे हैं

217
00:17:13,920 --> 00:17:18,160
जिनके बारे में टटोक बना है कौन करेगा

218
00:17:18,160 --> 00:17:22,160
हमारे ऊपर राज कौन करेगा जो सबसे ऊपर की गद्दी

219
00:17:22,160 --> 00:17:26,480
होती है वो गद्दी होती है सन्यासी की।

220
00:17:26,480 --> 00:17:30,560
आपके इस कोन के अंदर के सन्यासी भी किसी जीबीसी के मेंबर जो गस्थ

221
00:17:30,560 --> 00:17:34,800
है उसके अधीन है। ये अगर प्रभुपाद जी ने ये नियम

222
00:17:34,800 --> 00:17:40,080
बनाया तो गलत बनाया। इसको स्वीकार करना चाहिए। बदले इस नियम को। नहीं।

223
00:17:40,080 --> 00:17:44,960
ऊपर सबसे सन्यासी ही होगा। निर्णय सन्यासी ही करेगा।

224
00:17:44,960 --> 00:17:49,440
और फिर वर्णाश्रम धर्म ना मधवाचार परंपरा ना

225
00:17:49,440 --> 00:17:53,840
श्री संप्रदाय है ना नंबार संप्रदाय कोई ऐसा प्रामाणिक संप्रदाय

226
00:17:53,840 --> 00:17:57,920
नहीं है गिया वैष्णव संप्रदाय भी नहीं है जो वर्णाश्रम को ना

227
00:17:57,920 --> 00:18:02,000
मानता हो इन लोगों को क्योंकि अंग्रेजों को आचार्य बनाना था

228
00:18:02,000 --> 00:18:06,480
अंग्रेजों को गुरु बनाना है इसलिए वर्णाश्रम धर्म की धज्जियां उड़ा दी

229
00:18:06,480 --> 00:18:10,640
अब बाहर के लोगों को ला के हमारे सर पर बिठा रहे हैं हमारे ही यहां

230
00:18:10,640 --> 00:18:12,480
वेद हमारे यहां की गीता

231
00:18:12,480 --> 00:18:16,560
मगर उसको हम सुने किससे किसी अंग्रेज से और वो

232
00:18:16,560 --> 00:18:20,880
एक दिन क्या करेगा उसमें मिलावट करेगा फिर कृष्ण क्राइस्ट करेगा, कृष्ण

233
00:18:20,880 --> 00:18:26,080
अल्लाह करेगा। यह सब विरोध की बातें हैं।

234
00:18:26,080 --> 00:18:32,080
समझ में आई चीजें?

235
00:18:33,200 --> 00:18:37,280
ये सब तो सोचने वाली चीज है और कुछ पॉइंट। लेकिन इनमें

236
00:18:37,280 --> 00:18:41,440
से बीच में से बहुत सारा चीज मैं भी मानता हूं। बीच में एक जो पॉइंट

237
00:18:41,440 --> 00:18:45,840
है कि शिव का अपमान में क्या मतलब

238
00:18:45,840 --> 00:18:49,840
भगवान श्री कृष्ण को सबसे ऊपर और शिव को

239
00:18:49,840 --> 00:18:53,840
उनके भक्त मानना शिव का अपमान हो जाता है। शिव

240
00:18:53,840 --> 00:18:57,920
को भक्त ही नहीं माना है। शिव का अपमान किया है।

241
00:18:57,920 --> 00:19:01,920
वहां लिखा है दो 62 में कि शिव जी अपनी इंद्रियों पर कंट्रोल नहीं कर

242
00:19:01,920 --> 00:19:05,200
पाए।

243
00:19:05,200 --> 00:19:10,160
और जो पिता है उसको पिता ना मानना उस पिता का अपमान है।

244
00:19:10,160 --> 00:19:14,720
अगर तुम्हारे पिता है और तुम उसको पिता नहीं कहोगे और बताओगे

245
00:19:14,720 --> 00:19:18,960
तो अपने भाइयों से कहोगे कि तुम्हारे पिता नहीं है। पिता तो यह है अलग

246
00:19:18,960 --> 00:19:23,120
करोगे। पिता के दो स्वरूपों को अलग करोगे। पिता एक जो घर में बैठा हुआ है उसका

247
00:19:23,120 --> 00:19:27,120
एक स्वरूप है। ऑफिस गया वो दूसरा स्वरूप है। ऑफिस वाले स्वरूप को तुम

248
00:19:27,120 --> 00:19:31,120
मानोगे और दूसरे स्वरूप को नहीं मानोगे। वह

249
00:19:31,120 --> 00:19:35,120
भी तब जब कोई गैर गैर व्यक्ति बाहर से आ रहा है

250
00:19:35,120 --> 00:19:39,200
उसको तुम कहोगे यह और अपना पिता एक ही है। चलो

251
00:19:39,200 --> 00:19:43,280
ठीक है। तुम्हें घर वाला रूप या ऑफिस वाला रूप पसंद नहीं है। ठीक है। मत

252
00:19:43,280 --> 00:19:47,360
मानो उसको पिता। मगर तुम एक बाहर से आए हुए व्यक्ति जो एक

253
00:19:47,360 --> 00:19:51,440
दूसरा बिल्कुल अलग व्यक्ति है। उसको तुम कह रहे हो ये और हमारे

254
00:19:51,440 --> 00:19:55,600
पिता एक ही है। मगर पिता का ही दूसरा रूप है जो ऑफिस वाला उसको

255
00:19:55,600 --> 00:20:00,720
हम कह रहे हैं कि वो जो है भक्त है। वो पिता नहीं है। यह अपमान है।

256
00:20:00,720 --> 00:20:05,920
समझ गए ये अपमान है और ऐसा और सुनो

257
00:20:05,920 --> 00:20:10,160
भक्त मानना अपमान नहीं है मगर उसकी भक्ति करने वालों

258
00:20:10,160 --> 00:20:14,400
को अपराधी पापी नीच मूर्ख

259
00:20:14,400 --> 00:20:18,560
कहना अपरा पाप है तीन 15 25

260
00:20:18,560 --> 00:20:20,560
में क्या लिखा है भागवत

261
00:20:20,560 --> 00:20:26,000
में इसकी पता है

262
00:20:26,000 --> 00:20:30,000
पता है शिव दुर्गा काली के नाम को कृष्ण

263
00:20:30,000 --> 00:20:34,240
के नाम के समान समझने वाले मूर्ख अपराधी हैं।

264
00:20:34,240 --> 00:20:38,320
मतलब हम सब अपराधी हैं। मूर्ख है। अब हम इस

265
00:20:38,320 --> 00:20:42,320
पर अगर क्लेम करें तो आप कहोगे कि भैया शिव कृष्ण को भगवान

266
00:20:42,320 --> 00:20:46,480
समझना और शिव को उनका भक्त समझना क्या पाप है क्या? भाई

267
00:20:46,480 --> 00:20:52,480
समझो कोई दिक्कत नहीं है। यह मत कहो कि हम पापी है।

268
00:20:52,720 --> 00:20:57,280
मैं पूछ रहा हूं आपसे शिवजी को भगवान समझना पाप है क्या?

269
00:20:57,280 --> 00:21:01,280
आप बताओ। जितना मैं जानता हूं कि जो शिव

270
00:21:01,280 --> 00:21:05,360
को भगवान मानते हैं शव संप्रदाय है वो विष्णु को उनका

271
00:21:05,360 --> 00:21:09,840
भक्त मानते हैं जो वैष्णव वैष्णव संप्रदाय है वो कृष्ण

272
00:21:09,840 --> 00:21:14,000
को अपना भगवान और मतलब विष्णु को अपना भगवान और शिव को उनके भक्त

273
00:21:14,000 --> 00:21:18,000
मानते शिव को भगवान और विष्णु को भगवान नहीं मानता वो

274
00:21:18,000 --> 00:21:22,080
संप्रदाय शिव को अल्लाह के साथ एक नहीं करता है और करेगा

275
00:21:22,080 --> 00:21:26,240
तो हम उसको भी कहेंगे और दूसरी बात संप्रदाय की बात अगर आती

276
00:21:26,240 --> 00:21:30,320
है तो यह बताओ कोई व्यक्ति विष्णु का भक्त बनने के बाद वैष्णव

277
00:21:30,320 --> 00:21:34,480
होता है या वैष्णव होने के कारण विष्णु का भक्त बनता है? यह

278
00:21:34,480 --> 00:21:36,320
बताओ।

279
00:21:36,320 --> 00:21:40,560
मतलब जिसको जिसको जो जिसका भक्ति

280
00:21:40,560 --> 00:21:44,640
करना है या आकर्षण करता है वो उसके भक्त

281
00:21:44,640 --> 00:21:48,960
होते हैं तो बाकी देवी देवताओं को उनका भक्त समझते हैं।

282
00:21:48,960 --> 00:21:53,360
भाई जैसे मेरे सामने पांच रूप खड़े हैं। ये पांचो बराबर

283
00:21:53,360 --> 00:21:57,440
है। इसके बाद मैंने मैंने समझ लिया की पाचो भगवान

284
00:21:57,440 --> 00:22:01,520
है। उसके बाद मैंने कहा कि मैं अब जो है विष्णु या शिव मैंने कहा मैं शिव की

285
00:22:01,520 --> 00:22:05,520
भक्ति करूंगा। तो उसके बाद क्या मैं कहने लगूंगा बाकी के चार रूप भगवान

286
00:22:05,520 --> 00:22:09,760
नहीं है? मैं कहूंगा ये सब ये सब शिव

287
00:22:09,760 --> 00:22:13,840
के ही रूप है। और मैंने क्या कहा? मैंने इस बात से आपत्ति नहीं है कि

288
00:22:13,840 --> 00:22:17,920
जो सह होगा वो शिव की पूजा करे। कोई दिक्कत नहीं है। जो वैष्णव होगा वैष्णव की

289
00:22:17,920 --> 00:22:22,000
पूजा करे। मगर शिव का अपमान ना करे। शिव

290
00:22:22,000 --> 00:22:26,080
के भक्तों का अपमान ना करे। और कृष्ण को

291
00:22:26,080 --> 00:22:31,200
जब तुमने इतना भेद कर दिया तो कृष्ण को अल्लाह के साथ मत जोड़ो।

292
00:22:31,200 --> 00:22:37,200
कृष्ण को जीसस के साथ मत जोड़ो। बाइबल के साथ मत जोड़ो।

293
00:22:38,080 --> 00:22:43,680
समझ में आया? समझ में आया?

294
00:22:43,680 --> 00:22:48,960
अल्लाह के साथ जोड़ना तो मुझे भी सही उतना नहीं लगता। लेकिन ये पर्सनल

295
00:22:48,960 --> 00:22:53,120
सुनो मेरी बात। ये जो है सुनो सुनो सुनो।

296
00:22:53,120 --> 00:22:57,200
ये जो है ये सोशल स्टडी का पेपर नहीं है। जिसमें

297
00:22:57,200 --> 00:23:01,520
दो चार लाइनें अपने मन से लिख दी। दो चार लाइनें अपने मन से हटा दी। मैथमेटिक्स

298
00:23:01,520 --> 00:23:06,800
है। 2 2 4 ये है धर्म।

299
00:23:06,800 --> 00:23:10,800
उसमें थोड़ा उतना नहीं चलता है। धर्म का मतलब धर्म। मां का

300
00:23:10,800 --> 00:23:14,880
मतलब मां। बहन का मतलब बहन। उसमें थोड़ा उतना नहीं चलता

301
00:23:14,880 --> 00:23:19,120
है। थोड़ी सी कुदरष्टि डाल दो। ये धर्म है।

302
00:23:19,120 --> 00:23:22,000
मजाक है क्या?

303
00:23:22,000 --> 00:23:26,080
थोड़ा उतना। एक सूत के बराबर भी अंतर नहीं आना चाहिए।

304
00:23:26,080 --> 00:23:31,120
इसे धर्म कहते हैं। मर्यादा

305
00:23:31,120 --> 00:23:35,200
थोड़ा उतना ये कोई कंपनी की बातें चल

306
00:23:35,200 --> 00:23:41,200
रही है क्या? कोई बिजनेस कर रहे हैं क्या हम लोग? थोड़ा घाटा झेल लो।

307
00:23:41,200 --> 00:23:45,920
ये धर्म है। इसको समझो।

308
00:23:45,920 --> 00:23:49,440
सनातन शाश्वत

309
00:23:49,440 --> 00:23:53,520
मजाक बना रखा है। थोड़ा उतना मुझे गलत लगता है। अरे भाई वो थोड़े उतने की

310
00:23:53,520 --> 00:23:58,000
तो बात कर रहे हैं। क्या फांसी लगा दी? तोप चला दी।

311
00:23:58,000 --> 00:24:02,640
क्या बात कर रहे?

312
00:24:02,640 --> 00:24:06,800
मैथमेटिक्स होता है। मैथमेटिक्स 2 प्लस टू ही

313
00:24:06,800 --> 00:24:11,760
फोर होगा। टू 2 प्लस क्या कहते हैं? 1.54

314
00:24:11,760 --> 00:24:15,760
नहीं होगा। ये मैथमेटिक्स है। थ्री प्लस वन भी तो

315
00:24:15,760 --> 00:24:20,000
फोर होता है। धर्म के साथ समझौता नहीं होता

316
00:24:20,000 --> 00:24:24,480
है। एक सूत के बराबर भी और इसीलिए प्रामाणिक आचार्य

317
00:24:24,480 --> 00:24:28,480
होते हैं। प्रामाणिक गुरु होते हैं। नहीं तो थोड़ा बहुत धर्म तो रामपाल भी

318
00:24:28,480 --> 00:24:32,560
बता रहा है। थोड़ा बहुत धर्म तो रामकृष्ण मिशन वाले भी बता रहे हैं। सब

319
00:24:32,560 --> 00:24:38,560
बता रहे हैं। थोड़ा बहुत धर्म तो ईसाई भी बता रहे हैं। सब लोग धर्मी हो गए।

320
00:24:40,960 --> 00:24:45,040
चलो ठीक है समझ गया आपका लेवल अभी थोड़ा बुद्धि का कम है और कोई चीज

321
00:24:45,040 --> 00:24:49,120
है आपकी जो बोलना है मतलब बुद्धि का कम तो होगा ही देखिए

322
00:24:49,120 --> 00:24:53,200
आप लोग बचपन से ही या हो सकता है पूरा कह रहा हूं हो गया आपका आपका

323
00:24:53,200 --> 00:24:57,360
और कोई बात है मैं कह रहा हूं जो और कुछ है कोई

324
00:24:57,360 --> 00:25:03,360
और बात है लोगों ने देख लिया वो समझ लेंगे किसका किसने क्या कहा

325
00:25:04,720 --> 00:25:08,480
ठीक है जय श्री राम

326
00:25:08,480 --> 00:25:12,560
कुछ मेरी बातें कुछ समझ में आई आपको कि नहीं? यह जो होता है

327
00:25:12,560 --> 00:25:16,640
धर्म ये जो होता है ये धर्म जो होता है इसमें

328
00:25:16,640 --> 00:25:20,880
हम लोग समझौता नहीं करते हैं। नहीं तो वो धर्म थोड़ी ना है जिसमें

329
00:25:20,880 --> 00:25:23,680
समझौता करें।

330
00:25:23,680 --> 00:25:27,680
थोड़ा बहुत थोड़ा बहुत उतना उतना ये धर्म है भाई। आप आपकी इतनी

331
00:25:27,680 --> 00:25:33,200
सी बात से कि कृष्ण अल्लाह एक है। इतनी सी बात का प्रभाव क्या हो सकता है? सुनो।

332
00:25:33,200 --> 00:25:37,440
इस अगर इस को व्यक्ति मानता है इस में कीर्तन

333
00:25:37,440 --> 00:25:41,760
करता है। उसने कहा कृष्ण अल्लाह एक है। उसकी नजर क्या होगी?

334
00:25:41,760 --> 00:25:46,160
अल्लाह और कुरान के लिए अरे एक ही तो है। फिर कुरान

335
00:25:46,160 --> 00:25:50,800
में क्या कहा जा रहा है? 33 चार में कि

336
00:25:50,800 --> 00:25:55,040
आपने अगर किसी को बहन मां बोल भी दिया है। फिर भी मुंह

337
00:25:55,040 --> 00:25:56,000
के बोले हुए कोई

338
00:25:56,000 --> 00:26:02,000
रिश्ते नहीं होते हैं। आप उनके साथ उसका उलट कार्य कर सकते हो।

339
00:26:02,080 --> 00:26:06,080
यह कुरान सिखा रही है। जी एक मिनट एक

340
00:26:06,080 --> 00:26:10,400
मिनट भाई साहब पूरी बात होने दो। एक मिनट अब वहां का जो व्यक्ति

341
00:26:10,400 --> 00:26:14,560
पला बड़ा है उसके मन में क्या है कि मैं अपनी कोई बात बोल

342
00:26:14,560 --> 00:26:18,720
सकता हूं किसी को बहन कोई दिक्कत नहीं। मैं उसको उसके साथ दूसरा व्यवहार

343
00:26:18,720 --> 00:26:22,960
भी कर सकता हूं। ये वहां के व्यक्ति को सिखाया गया। यहां के व्यक्ति

344
00:26:22,960 --> 00:26:26,960
को क्या सिखाया गया? रघुकुल रीत सदा चली आई। प्राण

345
00:26:26,960 --> 00:26:31,040
जाई पर वचन ना जाई। ये है धर्म। अब हमने कह दिया

346
00:26:31,040 --> 00:26:35,440
कृष्ण अल्लाह एक है। हमारे यहां की जो बिटिया है जो कीर्तन

347
00:26:35,440 --> 00:26:39,440
करने वहां जा रही है उसके मन में क्या आएगा कुरान वाले

348
00:26:39,440 --> 00:26:43,440
के लिए यह भी वही होगा जब कुल्ली सदा चली आई प्राण जाए पर वचन ना

349
00:26:43,440 --> 00:26:47,520
जाए मगर वो वो नहीं है वो बहन

350
00:26:47,520 --> 00:26:51,600
कहेगा मगर उल्टा काम भी कर सकता है क्योंकि उसका धर्म जिसको वो

351
00:26:51,600 --> 00:26:56,000
धर्म मानता है वो उसको वही सिखा रहा है

352
00:26:56,000 --> 00:27:00,320
इसलिए ये जो धर्म है ना जिसमें आपने कह दिया उतना उतना

353
00:27:00,320 --> 00:27:04,320
इसके साथ खिलवाड़ नहीं चलता है यह समझौते वाली चीजें नहीं है।

354
00:27:04,320 --> 00:27:08,400
धर्म है। आपके यहां मां है, बहने हैं। उसमें

355
00:27:08,400 --> 00:27:11,120
कोई यह कह दे अरे थोड़ा बहुत कुदस्ती से देख सकते

356
00:27:11,120 --> 00:27:15,200
हो। चलता है क्या? इतना चलेगा क्या? नहीं

357
00:27:15,200 --> 00:27:19,440
फिर बहन का मतलब बहन ना उसमें एक एक

358
00:27:19,440 --> 00:27:24,160
सूत भी आ सकता है क्या? दूसरा भाव

359
00:27:24,160 --> 00:27:28,240
ऐसा ही होता है। ऐसा ही होता है धर्म। उसमें मिलावट

360
00:27:28,240 --> 00:27:32,320
नहीं की जाती है। आपके प्रभुपाद जी ने ही भाग भागवत

361
00:27:32,320 --> 00:27:36,320
के उसमें जो भूमिका होती है प्रीफेस होता

362
00:27:36,320 --> 00:27:40,480
है शायद उसमें लिखा है कि ज्यों की त्यों डाकिए की तरह

363
00:27:40,480 --> 00:27:45,040
हमारा काम है पीछे से ली हुई चीज को आगे देना ज्यों की त्यों

364
00:27:45,040 --> 00:27:50,160
बदलाव नहीं

365
00:27:50,160 --> 00:27:54,560
जी बोलो बोल रहे थे कि हम ये क्वेश्चन

366
00:27:54,560 --> 00:27:59,120
जब किए थे कि अल्लाह को अल्लाह तो पूरा पूरी आल है इसका

367
00:27:59,120 --> 00:28:03,360
ये कुरान अलग ही है। लेकिन ये क्वेश्चन जब मैं वहां उठाया

368
00:28:03,360 --> 00:28:07,360
था बोलते कि हम लोग अल्लाह

369
00:28:07,360 --> 00:28:11,920
जब बोलता है कि दूसरे जगह में कि सर्वशक्तिमान

370
00:28:11,920 --> 00:28:16,000
कोई एक है उसको हम लोग वीडियो को दोबारा देख लीजिएगा। इस बात का

371
00:28:16,000 --> 00:28:20,080
जवाब दिया है मैंने। इस वीडियो को दोबारा देख लीजिएगा।

372
00:28:20,080 --> 00:28:24,400
इसका जवाब मैंने दिया है। ठीक है? विष्णु सहस्त्र नाम में

373
00:28:24,400 --> 00:28:28,400
शिव सहस्त्र नाम में राम सहस्त्र नाम में सब में

374
00:28:28,400 --> 00:28:32,640
सबके नाम है। श्री राम को भी शिव कहा जाएगा शंकर

375
00:28:32,640 --> 00:28:36,720
कहा जाएगा और शिव शंकर को भी राम विष्णु ये सब कहा जाएगा।

376
00:28:36,720 --> 00:28:40,800
यानी हमारे शास्त्रों से शिव नाम जो है भगवान का नाम हमें

377
00:28:40,800 --> 00:28:44,960
प्राप्त है। अगर हम वैष्णव भी है तब भी हम भगवान को शिव कह सकते हैं। सहस्त्र

378
00:28:44,960 --> 00:28:49,920
नामों में ऐसे नाम आ जाएंगे। महाकाल महादेव ये सब आ जाएंगे।

379
00:28:49,920 --> 00:28:54,000
ठीक? मगर फिर भी हम महादेव को नहीं कहेंगे कि भगवान का नाम

380
00:28:54,000 --> 00:28:59,040
है। मगर अल्लाह नाम हमारे शास्त्रों में नहीं आया है। अल्लाह

381
00:28:59,040 --> 00:29:03,040
अल्लाह नाम हमारे शास्त्रों में नहीं आया। मगर क्योंकि कोई उसे सर्वशक्तिमान का

382
00:29:03,040 --> 00:29:05,680
नाम समझता है। इसलिए हम मानते

383
00:29:05,680 --> 00:29:10,640
हैं इसलिए हम मानते हम जो है अल्लाह और उसको एक कह देते हैं।

384
00:29:10,640 --> 00:29:15,040
लेकिन कभी भी इस हो या किसी देखिए अपने आगे किसी विद्वान

385
00:29:15,040 --> 00:29:19,120
को लाइए। मैंने आप आप इस वीडियो को दोबारा से देखिएगा शुरू से

386
00:29:19,120 --> 00:29:23,120
और उसमें आपको आपके सवालों के जवाब मिल जाएंगे। ठीक है? चलिए जय श्री

387
00:29:23,120 --> 00:29:29,120
राम। जय श्री राम।

388
00:29:30,320 --> 00:29:34,320
कोई और अगर कुछ विचार प्रकट करना चाहता हो तो आ

389
00:29:34,320 --> 00:29:40,320
सकता है।

390
00:30:21,440 --> 00:30:25,280
जय श्री राम सर जी

391
00:30:25,280 --> 00:30:29,920
जय श्री राम भैया हमी

392
00:30:29,920 --> 00:30:35,920
आते हैं हर बार हां

393
00:30:36,480 --> 00:30:40,960
एक बार ऐसे ही रहता है

394
00:30:40,960 --> 00:30:45,680
हां जी क्या कह रहे है ये आवाज

395
00:30:45,680 --> 00:30:48,400
क्यों हो रहा है

396
00:30:48,400 --> 00:30:54,400
आपकी ओर से ही में दिक्कत होगी।

397
00:30:56,320 --> 00:31:02,080
नहीं आवाज आ रही है अभी। हेलो

398
00:31:02,080 --> 00:31:06,160
हेलो हम

399
00:31:06,160 --> 00:31:10,240
हां ये लोग तो उसी पे अटकते है ना कि अगर वो अच्छा काम कर

400
00:31:10,240 --> 00:31:14,800
रहा है तो हम उसप कोई आक्षेप ना लगाए। बस मतलब आक्षेप नहीं है।

401
00:31:14,800 --> 00:31:19,040
बस कोई पाइप पाइप बांट रहा है तो जो चाहे वो करे घर की स्त्रियों का

402
00:31:19,040 --> 00:31:24,400
गरमा भी भंग कर दे तो ठीक है। पाइप तो बांट रहा है।

403
00:31:24,400 --> 00:31:28,400
कर्म से ये लोग अपने जो दुराचार है उसको छुपाने का प्रयास करते हैं।

404
00:31:28,400 --> 00:31:34,240
बस यही है ना। ये कौन है भाई पाखंडी?

405
00:31:34,240 --> 00:31:38,320
अपना कैमरा ऑफ वो कर लो। इसको बैन कर दो। इसका कोई मकसद नहीं है। मुझे

406
00:31:38,320 --> 00:31:43,760
लग रहा है परेशान करने आया है।

407
00:31:43,760 --> 00:31:49,600
उसको बैन कर देना बैन

408
00:31:49,600 --> 00:31:55,280
ये लोग ये लोग इसी पे आते हैं बार-बार और वहां पे

409
00:31:55,280 --> 00:32:00,000
जो चर्चा हो रही थी कल वो भी बहुत अच्छी चल रही थी उनसे

410
00:32:00,000 --> 00:32:04,080
है ना किससे कल हां मैं उन्हें लेता हूं अभी थोड़ी

411
00:32:04,080 --> 00:32:08,080
बहुत देर में सर्वशक्तिमान पर लाइव कर लेंगे क्योंकि मुझे

412
00:32:08,080 --> 00:32:12,320
ज्ञात नहीं था कि ऐसे हैं इन्होंने जो है फॉर्म भर दिया था और

413
00:32:12,320 --> 00:32:16,720
यह था कि आज आ जाए। चलो ठीक है। अच्छा मैसेज मिल गया आज वालों को

414
00:32:16,720 --> 00:32:20,000
2 प्लस 2 4 वाला।

415
00:32:20,000 --> 00:32:24,240
ठीक है। बढ़िया बहुत बढ़िया। जी भैया।

416
00:32:24,240 --> 00:32:28,560
चलिए जय। यही कहने आए। हां। लाइव में कैसे जुड़ते

417
00:32:28,560 --> 00:32:32,640
हैं? प्लीज बताइए। लाइव में आपको

418
00:32:32,640 --> 00:32:37,040
लिंक देते हैं। उसको टच करते हैं और आप उसको टच करने के बाद आपके यहां अगर

419
00:32:37,040 --> 00:32:41,040
जो आपका ब्राउज़र होता है जो Chrome वगैरह उसकी सेटिंग्स ऑन होती

420
00:32:41,040 --> 00:32:45,120
है ज्यादातर होती है पहले से। नहीं तो माइक उसकी सेटिंग्स में

421
00:32:45,120 --> 00:32:49,280
जाकर ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाकर माइक और कैमरे को अलऊ करना

422
00:32:49,280 --> 00:32:53,280
पड़ता है। नहीं तो जैसे ही आप हमारा लिंक टच करते हैं तो

423
00:32:53,280 --> 00:32:58,640
वो पेज ओपन हो जाता है जहां पर आपको आप पूछा जाएगा कि

424
00:32:58,640 --> 00:33:02,800
नाम अपना क्या डालना चाहते हैं वो नाम डालिए और अंदर

425
00:33:02,800 --> 00:33:06,960
आ जाइए। आप जब आ जाएंगे वहां पर तो हम आपको जब हमारी

426
00:33:06,960 --> 00:33:11,120
इच्छा होगी तो हम आपको यहां स्टेज पर ले सकते हैं। दूसरी बात यह

427
00:33:11,120 --> 00:33:15,280
है कि यह लिंक दिया

428
00:33:15,280 --> 00:33:19,280
है अभी कमेंट सेक्शन में तो आप वहां पर टच करके आ सकते हैं। दूसरी

429
00:33:19,280 --> 00:33:23,360
बात यह है कि अगर हमसे आपको चर्चा करनी है तो हमारा नंबर

430
00:33:23,360 --> 00:33:27,440
हमारे अब लगभग सभी वीडियोस में अंत में तो आवश्यक

431
00:33:27,440 --> 00:33:32,080
रूप से और प्रारंभ में भी दिया जाता है। अ

432
00:33:32,080 --> 00:33:36,240
और उस नंबर पर आप WhatsApp करेंगे तो आपको एक फॉर्म प्राप्त होगा चर्चा करने

433
00:33:36,240 --> 00:33:40,480
वाला। उस फॉर्म को भर देंगे। हम आपसे संपर्क करेंगे और आप तक

434
00:33:40,480 --> 00:33:45,280
आप हमारे साथ चर्चा में उपस्थित हो सकते हैं। ठीक है?

435
00:33:45,280 --> 00:33:47,520
चलिए

436
00:33:47,520 --> 00:33:51,600
कोई नहीं है। मत पड़ो। क्या

437
00:33:51,600 --> 00:33:56,320
है? मत पड़ो। कोई है? नहीं।

438
00:33:56,320 --> 00:34:00,320
चक्कर क्यों पड़े हो? चक्कर में कोई नहीं

439
00:34:00,320 --> 00:34:03,920
है टक्कर में।

440
00:34:03,920 --> 00:34:08,320
चलिए जय श्री राम। जय

441
00:34:08,320 --> 00:34:14,320
श्री राम।

442
00:34:21,310 --> 00:34:25,310
[संगीत]
