1
00:00:01,680 --> 00:00:05,920
सभी को जय श्री राम।

2
00:00:05,920 --> 00:00:08,080
तो

3
00:00:08,080 --> 00:00:12,560
एक बहुत अच्छी शुभ सूचना है

4
00:00:12,560 --> 00:00:16,560
सभी के लिए और जो लोग भी धर्म की स्थापना के लिए

5
00:00:16,560 --> 00:00:20,880
इस प्रकरण में हमारे साथ हैं गुप्त या प्रकट रूप से

6
00:00:20,880 --> 00:00:24,400
उन सभी को

7
00:00:24,400 --> 00:00:28,640
ढेर सारी बधाइयां ढेर सारा साधुवाद उसमें किसी भी प्रकार से निमित्त

8
00:00:28,640 --> 00:00:32,880
बनने हेतु शुभ सूचना

9
00:00:32,880 --> 00:00:37,440
यही है कि शासन ने

10
00:00:37,440 --> 00:00:40,000
प्रथम

11
00:00:40,000 --> 00:00:44,640
प्रतिक्रिया दे दी है वहां हाई कोर्ट में केस को लेकर के

12
00:00:44,640 --> 00:00:48,800
और वो हमारे बहुत पक्ष में है। हमारे हमारा जो

13
00:00:48,800 --> 00:00:52,880
पक्ष है उसको पुष्ट करती है। वो क्या कहा

14
00:00:52,880 --> 00:00:58,880
है? तो शासन ने उत्तर दिया है वहां पर हाई कोर्ट में।

15
00:00:59,360 --> 00:01:03,840
ऑपरेटर अगर सुन रहे हैं तो

16
00:01:03,840 --> 00:01:07,920
यहां पर कुछ डॉक्यूमेंट्स मैंने आपको प्रोवाइड कराए

17
00:01:07,920 --> 00:01:12,000
थे वो आप यहां पर प्रदर्शित कर दीजिए। शासन ने

18
00:01:12,000 --> 00:01:16,880
हाई कोर्ट को कहा है कि हमने केस दर्ज कर लिया है

19
00:01:16,880 --> 00:01:19,680
और

20
00:01:19,680 --> 00:01:24,240
प्रारंभिक स्तर पर जो उन्होंने कारवाई की है जैसे कि

21
00:01:24,240 --> 00:01:29,200
जो लखनऊ का रामपाल लखनऊ का जो रामदान सेंटर है रामपालगंज

22
00:01:29,200 --> 00:01:33,280
वहां पर उन्हें किताबें नहीं मिली है। मतलब लखनऊ पुलिस किताबें ढूंढ

23
00:01:33,280 --> 00:01:37,280
रही है कहां पर रखी हैं। परंतु उन्हें उन्हें यहां पर किताबें नहीं

24
00:01:37,280 --> 00:01:41,440
मिली हैं। इसके साथ ही साथ लखनऊ पुलिस जैसे कि

25
00:01:41,440 --> 00:01:45,600
हमारी जो जानकारी थी कि यह लोग फर्जी पता देते

26
00:01:45,600 --> 00:01:51,040
हैं किताबों में तो लखनऊ पुलिस ने वहां पर भी पहुंच के

27
00:01:51,040 --> 00:01:56,320
अपनी जो

28
00:01:56,320 --> 00:02:00,480
निरीक्षण परीक्षण है वो किया है और उसमें भी वहां पर भी

29
00:02:00,480 --> 00:02:04,720
जो हमने बताया था पुलिस को जो सूचनाएं हमने प्रदान की थी वही सब

30
00:02:04,720 --> 00:02:09,200
उन्होंने वहां पाई और वही उन्होंने अपनी जो प्रथम रिपोर्ट

31
00:02:09,200 --> 00:02:13,360
उन्होंने हाई कोर्ट को प्रदान की है कि भाई ऐसा-सा है तो उसमें उन्होंने

32
00:02:13,360 --> 00:02:17,600
लिखा है कि हां यह बात सच है कि इनका कोई कारखाना वहां पर नहीं है

33
00:02:17,600 --> 00:02:21,600
और क्योंकि ये सतर्क हो चुके थे पहले से तो

34
00:02:21,600 --> 00:02:25,600
पुलिस जब मौके पर पहुंची है यहां के नाम दान सेंटर में तो वहां पर इनको

35
00:02:25,600 --> 00:02:29,760
किताबें इत्यादि नहीं मिली है। मतलब नामदान सेंटर लखनऊ का कम से कम इस समय

36
00:02:29,760 --> 00:02:35,040
मान लीजिए कि बंद हो गया और

37
00:02:35,040 --> 00:02:39,120
अब इसमें फदर आगे क्या हो सकता है? क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं?

38
00:02:39,120 --> 00:02:43,440
वो पुलिस ने यह भी कहा है कि हम और जांच कर रहे हैं। कहां पर छपती है ढूंढ रहे हैं

39
00:02:43,440 --> 00:02:47,520
और पकड़ रहे हैं। तो सबसे पहली बात तो यह है कि

40
00:02:47,520 --> 00:02:51,840
जो लोग ये दावा कर रहे हैं केवल नाटकीय रूपांतरण

41
00:02:51,840 --> 00:02:55,920
में कि इस पर बैठकर के ऑनलाइन और

42
00:02:55,920 --> 00:03:00,720
ये इंटरनेट इत्यादि सोशल मीडिया पर बैठकर के जो बोल रहे हैं।

43
00:03:00,720 --> 00:03:04,800
उनमें से कोई ऐसा नहीं है जो अपना एड्रेस दे कि भाई

44
00:03:04,800 --> 00:03:08,880
यहां पर यह किताबें रखी हुई है। आकर के ले जाओ। कोई

45
00:03:08,880 --> 00:03:11,440
ऐसा नहीं है। चलो अपना नहीं तो जहां पर

46
00:03:11,440 --> 00:03:15,440
वो किताबें रखी हुई है वहां का एड्रेस दे दो। जैसे गीता प्रेस गोरखपुर का एड्रेस मैं आपको

47
00:03:15,440 --> 00:03:19,600
दे रहा हूं। आप जाकर के वहां से किताबें ले सकते हैं। वहां का कारखाने

48
00:03:19,600 --> 00:03:23,600
का एड्रेस भी मैं दे रहा हूं। आप जाकर के वहां से ले सकते हैं। तो ऐसे

49
00:03:23,600 --> 00:03:28,000
करके ये लोग स्पष्ट रूप से यदि इनका जो ज्ञान है सच्चा

50
00:03:28,000 --> 00:03:32,000
सच्चा ज्ञान है और वो प्रामाणिक ज्ञान है। 12 बार हाई कोर्ट

51
00:03:32,000 --> 00:03:36,000
से क्लीन चिट प्राप्त ज्ञान है जो ये मूर्ख बनाते हैं अपने नुमाइंदों

52
00:03:36,000 --> 00:03:40,000
को। तो यह लोग अब पुलिस को यह नहीं बता रहे। पुलिस ढूंढ रही है। अभी कल

53
00:03:40,000 --> 00:03:44,560
भी मेरे पास एक फोन आया था किसी अज्ञात व्यक्ति का। वो बोला कि भाई

54
00:03:44,560 --> 00:03:48,640
रामपाल वाले प्रकरण में रामपाल ये है वो है। रामपाल तो बाहर आ रहा है।

55
00:03:48,640 --> 00:03:52,880
मैंने कहा रामपाल बाहर आ रहा है। हां इस पर भी बात कर लेते हैं। रामपाल

56
00:03:52,880 --> 00:03:57,200
के बाहर आने से हमारे इस केस में क्या प्रभाव होगा? पहली

57
00:03:57,200 --> 00:04:01,200
बात तो यह है कि रामपाल अभी बाहर आ रहा है कि नहीं आ रहा है

58
00:04:01,200 --> 00:04:05,360
यह सुनिश्चित नहीं है। क्यों सुनिश्चित नहीं है? कि दो मामलों में उसकी सजा पर रोक

59
00:04:05,360 --> 00:04:09,440
अवश्य लगाई है। पर देशद्रोह का जो एक अलग से प्रकरण

60
00:04:09,440 --> 00:04:13,680
जो उस पर दर्ज है और जिसमें वो सुनवाई के लिए तारीखों पर आता था।

61
00:04:13,680 --> 00:04:17,680
उस देशद्रोह के प्रकरण में अभी उसको जमानत मिली है कि नहीं मिली यह

62
00:04:17,680 --> 00:04:21,920
अभी स्पष्ट नहीं है। परंतु यदि वो बाहर भी आ जाता है तो

63
00:04:21,920 --> 00:04:25,920
जो पुलिस इस केस की इन्वेस्टिगेशन कर रही है उसमें

64
00:04:25,920 --> 00:04:26,880
उसे

65
00:04:26,880 --> 00:04:31,120
और भी ज्यादा

66
00:04:31,120 --> 00:04:35,440
सरलता होगी। क्यों सरलता होगी? वैसे वह

67
00:04:35,440 --> 00:04:39,680
रामपाल को जेल से अगर रामपाल से पूछताछ करनी है पुलिस

68
00:04:39,680 --> 00:04:43,680
को तो उसे जेल से लाना होगा। अदर वाइज

69
00:04:43,680 --> 00:04:47,680
जब रामपाल बाहर होगा तो पुलिस यहां से केवल सूचित करेगी

70
00:04:47,680 --> 00:04:51,760
रामपाल को। ऐसे पुलिस को प्रॉपर एक होता है

71
00:04:51,760 --> 00:04:56,800
अह रिमांड ले लेने का एक प्रोटेक्शन होता है।

72
00:04:56,800 --> 00:05:01,200
अह पुलिस जिसमें कानूनी तौर पर यहां की कोर्ट से लिखवा

73
00:05:01,200 --> 00:05:05,440
के ले जाती है। पलानी जेल में हमारा हमें जो वांछित जो व्यक्ति

74
00:05:05,440 --> 00:05:09,680
है वह वहां पर बंद है। हमें उसे लाना है। फिर यहां की पुलिस वहां

75
00:05:09,680 --> 00:05:13,840
जाकर के वह दिखाती है और फिर पुलिस प्रोटेक्शन में वह व्यक्ति यहां आता

76
00:05:13,840 --> 00:05:18,480
है। तो यदि यह व्यक्ति अंदर होता रामपाल

77
00:05:18,480 --> 00:05:22,640
अंदर होगा और पुलिस उसको लेने जाएगी

78
00:05:22,640 --> 00:05:26,880
पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने जाएगी क्योंकि वो हर तरह से इसमें इनवॉल्व

79
00:05:26,880 --> 00:05:30,960
है तो एट दी एंड उस तक जाना ही है तो यदि पुलिस

80
00:05:30,960 --> 00:05:35,440
उसको लेने जाएगी तो उसको बाकायदा यहां से पुलिस प्रोटेक्शन वो

81
00:05:35,440 --> 00:05:39,440
बनवाना पड़ता है वारंट एक वारंट बनता है तो वो वारंट ले

82
00:05:39,440 --> 00:05:42,480
पुलिस जाएगी फिर वहां से उसको लेके आएगी

83
00:05:42,480 --> 00:05:46,560
फिर यहां पर रखेगी पूछताछ करेगी फिर कितने दिन की रिमांड

84
00:05:46,560 --> 00:05:50,640
यहां पर यहां पर पहले लाएगी फिर कोर्ट में पेश करेगी क्योंकि कोर्ट के आर्डर से वो लेने गई

85
00:05:50,640 --> 00:05:54,640
थी फिर यहां पर आएगी फिर कोर्ट में पेश करेगी कि हम इसको ले आए हैं अब हमें

86
00:05:54,640 --> 00:05:58,640
इतने दिन की रिमांड चाहिए तो वो फिर रिमांड देगी यहां की अदालत

87
00:05:58,640 --> 00:06:03,200
फिर जितने दिन वो यहां पर रिमांड में रहेंगे यहीं पर पुलिस के लॉकअप इत्यादि में रहेगा

88
00:06:03,200 --> 00:06:07,760
और उससे वो पूछताछ करेगी पुलिस कि क्या है कहां तुम्हारा छपता है क्या नहीं है

89
00:06:07,760 --> 00:06:12,560
और इसके बाद फिर वो वापस जाएगा और

90
00:06:12,560 --> 00:06:16,880
यदि वो बाहर आ जाता है तो यह जो पुलिस को जो कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत

91
00:06:16,880 --> 00:06:20,880
इस तरह से इस प्रोटोकॉल के साथ लेने जाना होगा रामपाल

92
00:06:20,880 --> 00:06:25,200
को तो वह थोड़ा सा समय की बचत हो जाएगी। पुलिस की मेहनत भी कम हो जाएगी

93
00:06:25,200 --> 00:06:29,760
और सरलता से सीधे

94
00:06:29,760 --> 00:06:33,920
पुलिस जो है वहां पर संपर्क कर लेगी कि हिसार जेल दो से छूटने

95
00:06:33,920 --> 00:06:38,400
वाले कैदी का या रामपाल का पुलिस के लिए बहुत आसान होगा एड्रेस वेड्रेस निकालना

96
00:06:38,400 --> 00:06:42,400
और संपर्क करेगी रामपाल तुम्हारे से संबंधित इस प्रकरण में

97
00:06:42,400 --> 00:06:46,480
हमें तुमसे पूछताछ करनी है तो तुम यहां पर आओ तो

98
00:06:46,480 --> 00:06:50,480
रामपाल स्वयं आ जाएंगे अब रामपाल वैसा व्यक्ति तो रहा नहीं कि वो भाग जाए ये हो जाए वो हो

99
00:06:50,480 --> 00:06:54,720
जाए अब भाग भी जाएगा तो भी हमारा हमारी तो

100
00:06:54,720 --> 00:06:58,160
वो जो अभियान है

101
00:06:58,160 --> 00:07:02,320
मैं रामपाल को वो जो सजा वाला मामला है वो तो एक पक्ष है

102
00:07:02,320 --> 00:07:06,560
कि कौन-कौन दोषी है इसमें वो तो एक पक्ष मात्र है मगर जो मुख्य

103
00:07:06,560 --> 00:07:10,640
पक्ष है वो क्या है कि हमारे भगवान का जो अपमान हो रहा है जो सनातन

104
00:07:10,640 --> 00:07:14,800
धर्म का अपमान हो रहा है ग्रंथों का अपमान हो रहा है आचार्यों का अपमान हो रहा है वो रुकेगा यदि वो

105
00:07:14,800 --> 00:07:18,800
भाग भी जाएगा वो भी हमारे पक्ष में है और यदि वो आ जाता

106
00:07:18,800 --> 00:07:22,880
है तो इनके यहां पर जो गुट बने हुए

107
00:07:22,880 --> 00:07:26,240
हैं कि

108
00:07:26,240 --> 00:07:30,800
कुछ लोगों का कहना है कि जो एक गिरोह चल रहा है वह रामपाल की भी बिना

109
00:07:30,800 --> 00:07:35,120
अनुमति के चल रहा है ये गिरोह। इसमें रामपाल की कोई सहमति नहीं है।

110
00:07:35,120 --> 00:07:39,680
तो अगर ऐसा है वास्तविकता में तो वो भी चीज सामने आ जाएगी। यद्यपि

111
00:07:39,680 --> 00:07:44,080
रामपाल के वक्तव्य तो है सनातन धर्म के खंडन में भगवान

112
00:07:44,080 --> 00:07:48,080
के अपमान में फिर भी जो ये इतने जोर शोर से

113
00:07:48,080 --> 00:07:52,080
जो प्रोग्राम चल रहा है इनका तो इस पर एक रुकावट लगेगी

114
00:07:52,080 --> 00:07:56,240
उसके ये बता देने पर कि भैया मेरा कोई हाथ नहीं है मैंने जो कहा था वो

115
00:07:56,240 --> 00:08:00,800
कह दिया उसके बाद अब मेरा कोई ऐसा कोई मंतव्य

116
00:08:00,800 --> 00:08:05,200
नहीं है ना ही मैं ये ग्रो चला रहा हूं और ये जो बात है

117
00:08:05,200 --> 00:08:09,280
इसके बहुत ज्यादा शंकाएं

118
00:08:09,280 --> 00:08:13,360
सामना दिखता है। पहली बात तो जितने भी इसके ऑफिशियल चैनल है मैंने

119
00:08:13,360 --> 00:08:17,520
देखा कि रामपाल के बाहर होने की बाहर आने की बात

120
00:08:17,520 --> 00:08:21,600
संभावना जी न्यूज़ पर आ रही है। लल्लन टॉक पर

121
00:08:21,600 --> 00:08:25,920
आ रही है और भी हरियाणा पंजाब के चैनल है उन पर आ रही है और भी कई नेशनल चैनल्स

122
00:08:25,920 --> 00:08:29,920
पर आ रही हो। मगर इनके जो वास्तविक प्रामाणिक जो

123
00:08:29,920 --> 00:08:34,000
इनके ऑफिशियल चैनल जो इनको जो यह कहते हैं उस पर यह नहीं दिखा

124
00:08:34,000 --> 00:08:38,160
रहे कि भैया इनके जो तथाकथित भगवान है बाहर आने वाले हैं। क्यों?

125
00:08:38,160 --> 00:08:42,160
क्यों नहीं दिखा रहे? भैया उनको अमुक अमुक केसेस में

126
00:08:42,160 --> 00:08:46,640
यह हो गया है वह हो गया है। तो इससे भी वह बात और पुष्ट होती है जो रामचंद्र

127
00:08:46,640 --> 00:08:50,640
यादव इत्यादि जो रामपाल के भक्त गण हैं

128
00:08:50,640 --> 00:08:54,800
उन्होंने आकर के यहां पर संभावना व्यक्त की थी और हमें बताया था कि ये जितने

129
00:08:54,800 --> 00:08:58,880
भी जितना भी गिरोह है रामपाल की भी बिना अनुमति के चल रहा है।

130
00:08:58,880 --> 00:09:03,360
तो वह भी और यह जानकारी पुष्ट हो जाती है कि ना तो मैंने

131
00:09:03,360 --> 00:09:07,520
ऐसे न्यूज़ पर है इस संबंध में कोई जानकारी अभी तक देखी कि भाई वह

132
00:09:07,520 --> 00:09:12,160
बाहर आ रहे हैं। ना ही मैंने संत रामपाल

133
00:09:12,160 --> 00:09:16,240
महाराज करके एक YouTube चैनल चलता है जिस पर 25 लाख फॉलोवर्स है ना ही उस

134
00:09:16,240 --> 00:09:20,240
पर इस बारे में कोई अपडेट मैंने देखी मैंने थोड़ा सा स्क्रॉल किया था इनका चैनल

135
00:09:20,240 --> 00:09:24,240
ये क्या कह रहे हैं जी न्यूज़ वाले बोल रहे हैं लल्लन टॉक वाले बोल रहे हैं रामपाल

136
00:09:24,240 --> 00:09:28,480
बाहर आने वाला है मगर ये चैनल क्यों नहीं बोल रहे ये तो

137
00:09:28,480 --> 00:09:33,280
अब रामपाल के नाम से तो जो

138
00:09:33,280 --> 00:09:37,280
कथित रूप से प्रोग्राम करना है शामली में ये करना है वो करना है

139
00:09:37,280 --> 00:09:41,440
ये सब ये लोग तो उसकी की तैयारियां कर रहे हैं। भाई रामपाल बाहर आने वाला है।

140
00:09:41,440 --> 00:09:45,520
इस संबंध में कोई जानकारी आने वाला है नहीं आने वाला है। जो भी है कुछ तो

141
00:09:45,520 --> 00:09:49,680
बोलो। बोल ही नहीं रहे। क्यों नहीं बोल रहे कि शायद रामपाल के बाहर

142
00:09:49,680 --> 00:09:53,840
आ जाने से ही इनको खतरा है। राम जैसे होता है ना कि बड़ी मछली

143
00:09:53,840 --> 00:09:57,840
छोटी मछली को खा जाती है तो शायद वो वाली बात हो। तो

144
00:09:57,840 --> 00:10:01,840
इससे यह भावना और पुष्ट हो जाती है कि रामपाल

145
00:10:01,840 --> 00:10:06,560
को बाहर ना आने आने देने वाली ताकतें इस केस से

146
00:10:06,560 --> 00:10:11,200
ये ये ताकतें भी हैं। कौन सी जो रामपाल के नाम से अपना

147
00:10:11,200 --> 00:10:15,280
धंधा चला रही। बाकी रामपाल ने भी सनातन धर्म

148
00:10:15,280 --> 00:10:19,360
के नाम से भोलेभाले लोगों को भटका कर अपना धंधा एक समय पर खड़ा किया

149
00:10:19,360 --> 00:10:23,760
था। तो जैसी करनी वैसी भरनी तो है ही। खैर

150
00:10:23,760 --> 00:10:27,760
तो कुल मिलाकर के अभी अपडेट यह है ऑपरेटर

151
00:10:27,760 --> 00:10:31,760
जी जरा वो आपके पास डॉक्यूमेंट्स होंगे तो कुछ डॉक्यूमेंट्स

152
00:10:31,760 --> 00:10:37,760
दिखा दीजिए जो सरकार ने हमारे पक्ष में एक

153
00:10:38,560 --> 00:10:42,960
सूचना प्रदान की है हाई कोर्ट को सूचना यही है कि वो

154
00:10:42,960 --> 00:10:47,360
जो इनका फर्जी सेंटर है वहां जा चुके हैं। उन्होंने जो सतलोक

155
00:10:47,360 --> 00:10:51,520
आश्रम जो एड्रेस देते हैं बरवाला का अपनी किताबों में जो जो एड्रेस

156
00:10:51,520 --> 00:10:55,920
ये किताबों में देते हैं वह सब बंद पड़े हुए हैं। वहां पर कुछ नहीं है। इनका

157
00:10:55,920 --> 00:11:00,000
कारखाना ढूंढा जा रहा है पुलिस के द्वारा और जांच अधिकारी

158
00:11:00,000 --> 00:11:04,720
स्वयं जो एसीपी है उनकी रिपोर्ट है ये जो इस केस को देख रहे हैं स्वयं

159
00:11:04,720 --> 00:11:09,200
उनके द्वारा ये रिपोर्ट लगाई गई है हाई कोर्ट तो

160
00:11:09,200 --> 00:11:13,520
इसके साथ ही साथ लखनऊ वाला जो नामदान सेंटर है वहां पर कुछ नहीं है तो

161
00:11:13,520 --> 00:11:17,680
इनका फिर ये सब है कहां अगर ग्राउंड पे है तो इललीगल

162
00:11:17,680 --> 00:11:22,640
है छुपा हुआ है और ऑनलाइन है तो वो दिखावा पाखंड

163
00:11:22,640 --> 00:11:26,800
ये लोगों को प्रभावित करते हुए यह ये सब बहुत सारी चीजें कह

164
00:11:26,800 --> 00:11:31,040
रहे हैं कि हमारा यहां ये है यहां ये है। परंतु

165
00:11:31,040 --> 00:11:35,280
ये नहीं बता रहे कि भैया हमारा नाम ये हमारा जो कारखाना

166
00:11:35,280 --> 00:11:39,520
है वो कहां पे है? कहां छप रही है किताबें? कौन छाप रहा है इन किताबों?

167
00:11:39,520 --> 00:11:43,680
तो अगर किसी माई के लाल में ये दम हो

168
00:11:43,680 --> 00:11:47,840
किसी ने अपनी माता जी का निष्ठा पूर्वक दूध पिया हो

169
00:11:47,840 --> 00:11:51,920
तो वो बताएं भाई कि कहां पर इसकी किताबें छप रही? तो कल

170
00:11:51,920 --> 00:11:53,680
एक व्यक्ति का फोन आया कि हमारे बाबा

171
00:11:53,680 --> 00:11:58,080
जी तो बाहर आ रहे हैं। मैंने कहा बाबा जी बाहर आ रहे हैं तो बाबा जी बाहर आ रहे तो अच्छी बात है। पुलिस

172
00:11:58,080 --> 00:12:02,080
यहां की पुलिस को अपना अपनी जो इन्वेस्टिगेशन है वो करने में बड़ी सरलता

173
00:12:02,080 --> 00:12:07,760
हो जाएगी। तो वो व्यक्ति बोलता है कि

174
00:12:07,760 --> 00:12:11,760
अरे भाई तुम किताबों को बंद करवा रहे थे। मैंने कहा भाई तुम बता रहे हो। बाबा जी

175
00:12:11,760 --> 00:12:15,760
बाहर आ रहे हैं। इसका मतलब है कि तुम प्रामाणिक व्यक्ति हो। बड़े जुड़े हुए हो तो तुम ही

176
00:12:15,760 --> 00:12:19,920
बता दो। यहां की पुलिस ढूंढ रही है। किताबें कहां छप रही है। तो तुम उस एड्रेस वेड्रेस

177
00:12:19,920 --> 00:12:24,240
इत्यादि को बता दो। तो यह सारी कहानी है जो मुझे अपडेट

178
00:12:24,240 --> 00:12:28,320
करनी थी आपको कि पुलिस ने हमारे पक्ष में रिपोर्ट लगा दी। आपको दिखाई

179
00:12:28,320 --> 00:12:32,720
दे रही होगी और इसमें माना है कि

180
00:12:32,720 --> 00:12:36,720
रामपाल की किताबें मिल नहीं रही है। तो भैया जो डंका

181
00:12:36,720 --> 00:12:41,040
पीट रहे हैं कि उनका ज्ञान प्रामाणिक है वह पुलिस से संपर्क करें। मुझसे संपर्क

182
00:12:41,040 --> 00:12:45,120
करें। मैं एसीपी का नंबर दे दूंगा। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर का नंबर दे दूंगा। उनको

183
00:12:45,120 --> 00:12:49,360
फोन करके बताएं कि हमारी किताबें यहां छपती है। यहां मिलती है। मैं

184
00:12:49,360 --> 00:12:53,440
यहां पर ले खड़ा हुआ हूं और आप यहां पर आ सकते हैं। ऐसे करके बता दे जो

185
00:12:53,440 --> 00:12:56,720
भी है। और

186
00:12:56,720 --> 00:13:01,360
इसके साथ ही साथ एक बात और है कि

187
00:13:01,360 --> 00:13:05,360
कम से कम अभी तक इतना तो हो ही गया कि

188
00:13:05,360 --> 00:13:09,360
लखनऊ में तो इनके पैर उखड़ गए हैं। हम्।

189
00:13:09,360 --> 00:13:13,680
समय के साथ-साथ आगे और भी यह जो भी कम से कम लखनऊ

190
00:13:13,680 --> 00:13:18,000
में अब रामपाल के नाम से जो है वो गिरोह

191
00:13:18,000 --> 00:13:22,480
सक्रिय नहीं है इस समय। अच्छा दूसरी एक बात मैंने ये भी देखी जो रामपाल

192
00:13:22,480 --> 00:13:28,480
की जो ये हुई है क्या कहते हैं?

193
00:13:29,280 --> 00:13:33,840
सजा माफ की गई है या सजा माफ नहीं अस्थाई रूप से रोक दी गई है

194
00:13:33,840 --> 00:13:38,000
तो उसमें भी कोर्ट ने ये कहा है कि रामपाल के जो

195
00:13:38,000 --> 00:13:42,240
ये कार्यक्रम इत्यादि है ये सब नहीं होंगे तो ये भी अपने आप

196
00:13:42,240 --> 00:13:46,400
में ही एक हमारी ही जीत है अगर उधर से देखा जाए वो रिहा हो रहा है तो उसका

197
00:13:46,400 --> 00:13:50,640
रिहा होना हमारे पक्ष में कोर्ट का यह कहना कि रामपाल रामपाल

198
00:13:50,640 --> 00:13:54,640
के कार्यक्रमों पर प्रबंधन ये जोरदार तमाचा है

199
00:13:54,640 --> 00:13:58,720
है ना और इसके साथ ही साथ रामपाल के नाम से चलने वाले गिरोह

200
00:13:58,720 --> 00:14:03,040
का रामपाल की रिहाई के बारे में कोई बात ना करना। यह हम सनातनियों

201
00:14:03,040 --> 00:14:07,920
के पक्ष में फिर पुलिस को

202
00:14:07,920 --> 00:14:11,520
अ

203
00:14:11,520 --> 00:14:15,600
पुलिस को कोई भी रामपाल की अभी तक लखनऊ में ऑन

204
00:14:15,600 --> 00:14:19,840
ग्राउंड कोई चीजें ना मिलना। बाकी पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन कर रही है। पकड़े

205
00:14:19,840 --> 00:14:23,920
पकड़ा जाएगा। मगर पुलिस को ऑन ग्राउंड चीजें यहां पर मिली नहीं है। यह भी

206
00:14:23,920 --> 00:14:27,920
हमारे पक्ष में है। भाग गए। कहते ना भाग गए बहुत बड़े बनते

207
00:14:27,920 --> 00:14:32,080
थे 30 मार तत्वदर्शी संत की किताबें हैं यह है वो है क्यों

208
00:14:32,080 --> 00:14:36,560
भाग गए खड़े हो जाओ ना आओ कृष्णा नगर थाने में दर्ज है मुकदमा

209
00:14:36,560 --> 00:14:40,720
सरोजनी नगर थाने में आ जाओ किताबें लेके लो ये है मेरे

210
00:14:40,720 --> 00:14:44,800
भगवान की किताबें क्यों नहीं आ रहे इसको

211
00:14:44,800 --> 00:14:48,880
कहते हैं सत्य की दम जिसमें दम फक्त है बाजीराव

212
00:14:48,880 --> 00:14:52,960
सिंघम

213
00:14:52,960 --> 00:14:58,640
अरे भाई धर्म के पथ पर चल रहे हो तो क्यों भाग रहे हो आओ करो सामना

214
00:14:58,640 --> 00:15:02,800
झुंड में वार करने वाला शेर नहीं ठग होता है और दुश्मन

215
00:15:02,800 --> 00:15:06,960
अगर कायदे का हो तो उसे मारने का मजा ही अलग होता है

216
00:15:06,960 --> 00:15:11,120
आओ सामना करो जैसे सीना चौड़ा करके

217
00:15:11,120 --> 00:15:15,120
हम खड़े हैं कब आ रहे हो बताओ तो ये सारी चीजें हमारे

218
00:15:15,120 --> 00:15:19,120
पक्ष में थी आपको सूचनाएं देनी थी और रामपाल जो छूट भी

219
00:15:19,120 --> 00:15:23,360
रहा है वो कैसे छूट रहा है

220
00:15:23,360 --> 00:15:28,080
सबसे पहली बात तो एक चीज और स्पष्ट स्पष्ट हुई कि रामपाल के नाम से जो अपील

221
00:15:28,080 --> 00:15:32,160
वहां पर लगी थी कि भाई मेरी सजा माफ कर दो ये कर दो वो कर दो 17 लोग तो

222
00:15:32,160 --> 00:15:36,320
पहली बात तो इसमें क्या आ जाती है कि रामपाल की ओर से बाहर से कोई व्यक्ति

223
00:15:36,320 --> 00:15:40,320
नहीं लगा हुआ था उसको छुड़ाने के लिए रामपाल स्वयं ही अपनी लड़ाई लड़ रहा

224
00:15:40,320 --> 00:15:44,480
था जेल से और जो लोग ये कहते हैं वो लीला कर रहा था उनके मुंह पर तमाचा

225
00:15:44,480 --> 00:15:48,560
जो रामपाल छूटने के लिए हाथ जोड़ रहा है मैं बूढ़ा हो गया हूं

226
00:15:48,560 --> 00:15:52,800
10 साल बिता लिए हैं बूढ़ा होने की वजह से

227
00:15:52,800 --> 00:15:57,120
10 साल सजा हो जाने की वजह से और उसी

228
00:15:57,120 --> 00:16:01,600
केस में अन्य पता नहीं कितने लोगों के रिहा

229
00:16:01,600 --> 00:16:05,600
बेल पर हो जाने की वजह से रामपाल को एक

230
00:16:05,600 --> 00:16:10,160
छूट दी गई है। रहम किया गया रामपाल के ऊपर। रामपाल भगवान तत्वदर्शी

231
00:16:10,160 --> 00:16:14,240
उसके ऊपर रहम कौन कर रहा है? कोर्ट रहम कर रही है कोर्ट।

232
00:16:14,240 --> 00:16:18,400
और ये कहते हुए कि देखो ऐसा है बाहर जाकर के

233
00:16:18,400 --> 00:16:22,000
नाटक मत करना जो पुराना तुमने चलाया था। कार्यक्रम इत्यादि

234
00:16:22,000 --> 00:16:26,160
जो किए यह सब यह सब तो वह पक्ष

235
00:16:26,160 --> 00:16:30,160
है जो वहां की कोर्ट ने किया है और यहां पर जो चल रहा है डंडा वो

236
00:16:30,160 --> 00:16:34,400
चल रहा है। मैं तो यह सोच रहा था कि भाई आसमान से गिरा खजूर

237
00:16:34,400 --> 00:16:38,480
पे अटका क्योंकि अब जो आगे की इन्वेस्टिगेशन होगी वो क्या होगी पुलिस की?

238
00:16:38,480 --> 00:16:42,800
पुलिस को अब लखनऊ में ग्राउंड लेवल पर चीजें नहीं मिली। तो अब क्या-क्या हो सकता है?

239
00:16:42,800 --> 00:16:47,360
अब सबसे पहली बात तो यह है कि

240
00:16:47,360 --> 00:16:51,360
जो इनके आश्रम है जो इनके सेंटर्स हैं जहां

241
00:16:51,360 --> 00:16:55,440
पर ज्यादा से ज्यादा मात्रा में किताबें

242
00:16:55,440 --> 00:16:59,920
रखी हुई है वो सेंटर्स

243
00:16:59,920 --> 00:17:04,000
अ जहां पर ज्यादा से ज्यादा मात्रा में किताबें रखी

244
00:17:04,000 --> 00:17:08,000
हुई है उन सेंटर्स पर जाकर के एक सर्च वारंट

245
00:17:08,000 --> 00:17:12,240
इशू करा करके पुलिस छापा मार सकती है। किताबों को जब्त कर सकती है। और

246
00:17:12,240 --> 00:17:16,320
यदि कोई मुख्य व्यक्ति पकड़ में आ गया तो उससे फिर वह लीड निकाल सकती

247
00:17:16,320 --> 00:17:20,560
कि कहां से छप रही क्योंकि इनमें तो इतनी

248
00:17:20,560 --> 00:17:24,560
सामर्थ है नहीं जो ये आकर के बताएं हमारे भगवान की किताबें हम यहां छापते

249
00:17:24,560 --> 00:17:28,880
हैं हम दूसरा क्या हो सकता है दूसरा

250
00:17:28,880 --> 00:17:33,200
स्टेप क्या हो सकता है कि डायरेक्ट पहले तो रामपाल से ही पकड़ के पूछे बोल भाई तेरा

251
00:17:33,200 --> 00:17:37,040
क्या रोल है इसमें तो जब रामपाल से पूछेंगे

252
00:17:37,040 --> 00:17:41,200
तो मुझे इस बात पे हंसी आई कि रामपाल रिहा हो रहा है तो आसमान से गिरा खजूर पेटका

253
00:17:41,200 --> 00:17:45,280
वाली होती है वो नहीं एक गागर भरो तो दूसरी फूट गई कर्म ही

254
00:17:45,280 --> 00:17:49,520
ऐसे कर रखे व्यक्ति ने तो क्या किया जाए अब क्या है कि उधर से उसकी छूटने

255
00:17:49,520 --> 00:17:54,320
की तैयारी चल रही तो इधर पुलिस के इन्वेस्टिगेशन में उसको लाने

256
00:17:54,320 --> 00:17:58,960
की तैयारियां चल रही है ये हो ये हो सकता है दूसरी बात

257
00:17:58,960 --> 00:18:03,120
गुप्त रूप से गुप्त रूप चोरी छुपे हमको कुछ अड्डे पता है अभी

258
00:18:03,120 --> 00:18:07,120
भी लखनऊ के जहां पर हमें ऐसा ऐसी संभावना

259
00:18:07,120 --> 00:18:11,200
है जहां से इनकी किताबें बरामद हो सकती है और उन किताबों के रखने वाले

260
00:18:11,200 --> 00:18:15,200
को यह जो है पूछ सकती है पुलिस कि

261
00:18:15,200 --> 00:18:19,680
तुमको किसने दिया फिर उससे पूछेगी तुमको किसने दिया उससे पूछेगी ऐसे करके

262
00:18:19,680 --> 00:18:22,240
ये चीज

263
00:18:22,240 --> 00:18:26,480
पकड़ में आ सकती है तो ये हो गया तीसरा स्टेप क्या है कि वो साइबर

264
00:18:26,480 --> 00:18:30,480
वाला मामला चल ही रहा है पुलिस ने इनके जो ऑफिशियल YouTube चैनल है वो

265
00:18:30,480 --> 00:18:34,640
सारे दे दिए साइबर में वो चीजें चल ही रही है और

266
00:18:34,640 --> 00:18:38,640
इनके करीब 150 200 चैनल्स हैं जिनकी लिस्ट हमारे पास

267
00:18:38,640 --> 00:18:42,720
है जो छोटे-मोटे चुटकैया इधर-उधर अपने मनगढ़ंत तरीके से चल रहे हैं। अच्छा यहां

268
00:18:42,720 --> 00:18:46,960
एक बात और याद आएगी रामपाल जो बाहर आ रहा है उस संबंध में जो इनके

269
00:18:46,960 --> 00:18:51,280
फ्रीलांस लोग हैं ना अपने मन से चैनल खोल देते हैं अमित दास इत्यादि टाइप के वो

270
00:18:51,280 --> 00:18:52,080
लोग बातें कर रहे हैं

271
00:18:52,080 --> 00:18:56,160
कि रामपाल बाहर आने वाला है ऐसे चैनल्स कि भगवान बाहर आ क्योंकि उनकी

272
00:18:56,160 --> 00:19:00,160
निष्ठा है रामपाल के प्रति मगर रामपाल के नाम से धंधा मात्र जो चला

273
00:19:00,160 --> 00:19:04,560
रहे हैं वो लोग इस बारे में कोई बात नहीं कर रहे हैं। तो आपको रामपाल

274
00:19:04,560 --> 00:19:08,640
के चैनल्स पर दो गुट है। एक जो रामपाल पर निष्ठा रखने

275
00:19:08,640 --> 00:19:12,880
वाले जो अंधभक्त है वो और एक जो रामपाल के नाम से

276
00:19:12,880 --> 00:19:16,960
गिरोह चलाने वाले जो चालाक लोग हैं गिरोहबाज है वो तो

277
00:19:16,960 --> 00:19:21,040
जो गिरोह वाले लोग हैं वो रामपाल की रिहाई के बारे में कोई बात नहीं कर रहे जो ये

278
00:19:21,040 --> 00:19:25,440
अंधभक्त है वो बातें कर रहे हैं ये आपको दिख जाएगा तो चैनल्स

279
00:19:25,440 --> 00:19:30,560
पर पुलिस का अगला कदम होगा कि चैनल्स के ओनर्स को पकड़ना

280
00:19:30,560 --> 00:19:34,720
आश्रमों पर कम से कम यूपी के जो आश्रम है उनके लिए सर्च वारंट

281
00:19:34,720 --> 00:19:38,800
इशू करा करके चापा मारते हुए जो उनके जो वह

282
00:19:38,800 --> 00:19:43,120
है प्रमुख इत्यादि उसको पकड़ना और फिर वहां से निकालना। तीसरा रामपाल

283
00:19:43,120 --> 00:19:47,200
को ही पकड़ना कि भैया अगर छूट गए हो तो यहां आ जाओ अपने आप नहीं तो तुम्हें लेने आ

284
00:19:47,200 --> 00:19:51,280
जाते हैं। और हां चौथा क्या था कि

285
00:19:51,280 --> 00:19:55,680
जो इसमें जो एक्यूज्ड लोग हैं

286
00:19:55,680 --> 00:20:00,080
जो एफआईआर में उनको पकड़ना क्योंकि उनके साक्षात साक्ष्य है।

287
00:20:00,080 --> 00:20:04,160
सामने से सबूत है कि वो किताबें बेच रहे हैं, खड़े हुए हैं। ये सब सबूत

288
00:20:04,160 --> 00:20:07,440
है उनके। तो यह

289
00:20:07,440 --> 00:20:11,440
उसका स्टेप हो सकता है। तो और इसके अलावा

290
00:20:11,440 --> 00:20:14,880
कुछ और भी था।

291
00:20:14,880 --> 00:20:20,880
एक मिनट बताता हूं क्या

292
00:20:34,160 --> 00:20:38,240
हम और क्या था

293
00:20:38,240 --> 00:20:42,400
हां इसमें एक ही दिक्कत आई है कि भाई जो पूर्व सूचना

294
00:20:42,400 --> 00:20:46,480
हो गई ना कि रिपोर्ट रिपोर्ट हमारी बाद में दर्ज हुई मगर पहले से वो लोग सतर्क हो चुके थे कि इसमें

295
00:20:46,480 --> 00:20:50,800
हमारा कुछ हो सकता है तो रामपाल का जो यहां का लखनऊ वाला केंद्र है उससे

296
00:20:50,800 --> 00:20:54,880
उन्होंने वो सामग्री हटा दी थी जिसके आधार पर उन्हें पकड़ धकड़ उनकी हो सकती है

297
00:20:54,880 --> 00:20:59,040
तो वो सामग्री हटा दी गई है वहां से तो एक सतर्क तो सतर्क हो गए थे इसलिए

298
00:20:59,040 --> 00:21:03,280
भी भाग गए अच्छा एक एक चीज और हो सकती है इनका जो कस्टमर केयर चलता

299
00:21:03,280 --> 00:21:07,840
है ना जो कहता है कि अपना एड्रेस लिखवा दो हम तुम्हें भेज रहे हैं कस्टमर केयर वाला

300
00:21:07,840 --> 00:21:12,320
तो वो कस्टमर केयर केयर के ऊपर भी धरपकड़ हो कर सकती है पुलिस

301
00:21:12,320 --> 00:21:16,400
जो जो ये बोलते हैं कि भाई हम बोल रहे हैं और जो हम भेज रहे हैं आपको किताबें

302
00:21:16,400 --> 00:21:20,480
तो कुल मिलाकर के इतनी सारी अभी भी पुलिस के पास में

303
00:21:20,480 --> 00:21:22,720
वो है क्योंकि ये भागेंगे

304
00:21:22,720 --> 00:21:26,960
कहां तक बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी तो

305
00:21:26,960 --> 00:21:31,040
ये सारी चीजें थी ये अपडेट थी रामपाल के विषय में पहली विजय हमारी

306
00:21:31,040 --> 00:21:36,160
सुनिश्चित हो गई है कि पुलिस ने यह मान लिया है कि रामपाल

307
00:21:36,160 --> 00:21:40,160
की जो चीजें हैं वो ग्राउंड लेवल पर कहीं पर पकड़ में नहीं आ रही है। इनकी जो भी हवाहवाई

308
00:21:40,160 --> 00:21:44,320
चीजें हैं वो ड्रामे के रूप में परोसी जा रही है यहां पर

309
00:21:44,320 --> 00:21:48,320
और कहीं भी कोई ये बात नहीं कर रहा है कि हमारी किताबें यहां छप रही है ये

310
00:21:48,320 --> 00:21:52,560
देखो वीडियो या मेरे पास किताबें रखी है मैं बता मैं मैं दूंगा किताब

311
00:21:52,560 --> 00:21:56,640
मेरे पास आ जाओ या यहां ये हमारा सेंटर है यहां पे

312
00:21:56,640 --> 00:22:01,360
आ जाओ किताबें ले लो ये सब कोई नहीं कर रहा है तो ये सब करेंगे और

313
00:22:01,360 --> 00:22:05,600
जल्द ही पुलिस वहां पहुंचेगी अच्छा लिंक दे दीजिए किसी को कोई विचार

314
00:22:05,600 --> 00:22:11,600
व्यक्त करने हो तो आ सकता है

315
00:22:20,080 --> 00:22:24,320
लिंक दे दिया गया है। कोई अगर वैचारिक

316
00:22:24,320 --> 00:22:28,320
मतभेद के निमित्त आना चाहता है वो आ सकता है।

317
00:22:28,320 --> 00:22:30,560
और

318
00:22:30,560 --> 00:22:36,560
इस संबंध में कोई बातचीत प्रकट विचार प्रकट करना है तो वह आ सकता है।

319
00:22:44,560 --> 00:22:49,200
यह ध्यान रखिए कि अगला जो स्टेप हो सकता है पुलिस का वो क्या हो सकता है?

320
00:22:49,200 --> 00:22:53,760
YouTube द्वारा जो प्रचार प्रसार होगा तो उस पर पुलिस अपनी पकड़ कर सकती है।

321
00:22:53,760 --> 00:22:57,840
कस्टमर केयर के द्वारा पकड़ कर सकती है। उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में जो

322
00:22:57,840 --> 00:23:01,920
अड्डे चल रहे हैं उनके द्वारा पकड़ कर सकती है। रामपाल को

323
00:23:01,920 --> 00:23:06,000
डायरेक्ट पकड़ कर सकती है। रामपाल से संपर्क स्थापित

324
00:23:06,000 --> 00:23:09,440
करके और

325
00:23:09,440 --> 00:23:13,600
यहां वाले मामले में जो अभियुक्त है उन उनसे वो अगर पकड़

326
00:23:13,600 --> 00:23:17,600
में आ जाएंगे तो ज्यादातर तो फरार है तो उनसे भी पकड़ धकड़ कर सकती

327
00:23:17,600 --> 00:23:21,840
है। और जो एक व्यक्ति और यहां पर पकड़ा गया था किताबें बेचता हुआ सब्जी वाला

328
00:23:21,840 --> 00:23:26,400
वो भी इस रडार में है। और धीरे धीरे धीरेधी इन्वेस्टिगेशन

329
00:23:26,400 --> 00:23:30,720
आगे बढ़ रही है और उधर जो है एक नोटिस भी जारी हो सकता है 98

330
00:23:30,720 --> 00:23:35,200
सी वाला जो मामला था जिसमें जिसके आधार पर सरकार ये जारी कर सकती है

331
00:23:35,200 --> 00:23:39,600
कि पूर्णतया इनका चैनल इनकी किताबें इनके आश्रम बैन हो जाए। रामपाल

332
00:23:39,600 --> 00:23:43,680
के नाम से कुछ नहीं हुआ। फिलहाल तो ऐसा ही कुछ हाई कोर्ट ने भी कह

333
00:23:43,680 --> 00:23:48,240
दिया कि रामपाल के नाम से कोई धर्म सभा इत्यादि नहीं लगी।

334
00:23:48,240 --> 00:23:54,240
तो यह सारी चीजें हैं। अ

335
00:23:56,160 --> 00:24:01,040
कोई अगर आना चाहता है। हां, एक बात और मैं बता दूं। बौखलाहट में

336
00:24:01,040 --> 00:24:05,840
जो एक्यूज लोग हैं एफआईआर में उन लोगों ने

337
00:24:05,840 --> 00:24:10,160
शायद सिविल कोर्ट में व्यवहार न्यायालय में और

338
00:24:10,160 --> 00:24:14,160
हमारे विरोध में जो है वो शिकायत वाला

339
00:24:14,160 --> 00:24:18,160
जो कंप्लेन केस होता है वो करने का प्रयास किया

340
00:24:18,160 --> 00:24:22,320
है। वही छेड़छाड़ वाला और एक दूसरा

341
00:24:22,320 --> 00:24:26,640
है जिसमें कि एक अधिवक्ता है जो कहता है कि

342
00:24:26,640 --> 00:24:31,280
हमने उसकी रिकॉर्डिंग को वायरल किया है सोशल मीडिया पर डाल के तो

343
00:24:31,280 --> 00:24:35,360
उसमें भी हम अपना पक्ष अभी एक दो दिन में प्रस्तुत कर देंगे। मगर अब

344
00:24:35,360 --> 00:24:40,320
तक यह हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज कराने के कम से कम

345
00:24:40,320 --> 00:24:43,680
कम से कम अब तक

346
00:24:43,680 --> 00:24:47,680
सात आठ अटेम्प्ट हो गए हैं। जिसमें से दो सक्रिय हैं। नहीं तीन

347
00:24:47,680 --> 00:24:50,400
सक्रिय वो भग्गू भी है। वो भी लगा हुआ

348
00:24:50,400 --> 00:24:54,560
है। तो देखिए कैसे अधर्मी शक्तियां कैसे पीछे पड़ी

349
00:24:54,560 --> 00:24:58,560
होती है। जब आप कोई धर्म की रक्षा करने के लिए निकलते हैं। कोई आया है यहां

350
00:24:58,560 --> 00:25:03,680
पर। भाई जो भी आया है वह

351
00:25:03,680 --> 00:25:08,720
चेहरा दिखाए धीरज करके कोई आया है।

352
00:25:08,720 --> 00:25:12,800
धीरज सिंह चेहरा दिखाएं तो ही आए। चेहरा नहीं है तो आप मुंह छुपा

353
00:25:12,800 --> 00:25:17,040
करके जा सकते हैं। कई ऐसा ऐसे लोग होते हैं काला मुंह करके

354
00:25:17,040 --> 00:25:22,320
वो भागवतानंद वाले मामले में आप लोगों को अगर पता हो

355
00:25:22,320 --> 00:25:26,560
आज हमने एक स्पष्टीकरण डाल के पोल खोली भागवतानंद की जो उसने

356
00:25:26,560 --> 00:25:30,640
झूठ फैलाया था विद्या भास्कर जी के बारे में। उसने क्या किया है कि उस

357
00:25:30,640 --> 00:25:36,160
वीडियो के दो मिनट के एक अंश पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

358
00:25:36,160 --> 00:25:41,280
अब यहां का टाइम नोट कर लेना भाई 25 38 करके

359
00:25:41,280 --> 00:25:45,360
तो उसने अपनी प्रतिक्रिया दी है उस वीडियो के

360
00:25:45,360 --> 00:25:49,440
संबंध में। उस वीडियो में यह बताया गया है कि विद्या भास्कर जी के नाम पर उसने क्या झूठ

361
00:25:49,440 --> 00:25:53,520
बोला। उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब उसका कहना है कि उसको किसी

362
00:25:53,520 --> 00:25:57,520
ने क्लिप भेजी थी। तो सबसे पहले तो भेजने वालों को कहूंगा भाई पूरा वीडियो क्यों नहीं

363
00:25:57,520 --> 00:26:01,600
भेज देते हो? जिससे कि वह समझे कि मुख्य विषय है क्या? तो मुख्य विषय

364
00:26:01,600 --> 00:26:05,440
में तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसमें हमने उदाहरण जरूर दिया था कि आचार्यों के

365
00:26:05,440 --> 00:26:09,440
बीच में कई प्रामाणिक आचार्यों के बीच में उसको किस प्रकार से देखा

366
00:26:09,440 --> 00:26:13,440
जाता है वो एक विनोद विनोद का विषय मात्र है। तो बेचारा उसमें अपनी खींच

367
00:26:13,440 --> 00:26:18,080
निकाल रहा था और हमें जो है फिर वो शान से जोड़कर

368
00:26:18,080 --> 00:26:22,400
वही मतलब जो उसका पुराना तरीका है बात करने का वही सब

369
00:26:22,400 --> 00:26:26,400
कर रहा था। उसमें यह भी कह रहा था कि जिन आचार्यों का हमें समर्थन प्राप्त है

370
00:26:26,400 --> 00:26:30,720
उन आचार्यों का हमने विरोध भी तो किया है। भाई

371
00:26:30,720 --> 00:26:35,120
यह बहुत अच्छा तरीका है तुम्हारा लतखोर कह दो किसी को और फिर कहो

372
00:26:35,120 --> 00:26:39,600
कि हमने व्यक्ति का विरोध नहीं किया है। हमने तो उसके कृत का विरोध किया है। लथखोर

373
00:26:39,600 --> 00:26:44,880
जब तुमने कहा तो ये व्यक्ति को कहा कि उसके कृत को कहा।

374
00:26:44,880 --> 00:26:48,880
कृत को कहोगे तो लथखोरी कहोगे ना कि लतखोर कहोगे।

375
00:26:48,880 --> 00:26:52,880
दूसरी बात कि यदि तुमने

376
00:26:52,880 --> 00:26:57,040
यह कहा कि तुमने जो है विरोध भी तो किया है।

377
00:26:57,040 --> 00:27:01,120
ऐसा मतलब दोनों तरीके की बातें बताते हो। अगर हमने विरोध किया तो पक्ष भी

378
00:27:01,120 --> 00:27:05,520
तो लिया है। पक्ष लिया तो विरोध भी तो किया है। तो भाई जिन लोगों को

379
00:27:05,520 --> 00:27:09,680
तुम जिन लोगों पर टिप्पणियां करते हो आक्षेप करते हो। कई ऐसे

380
00:27:09,680 --> 00:27:13,840
लोग उन्होंने भी तो अच्छे कुछ कार्य किए होते हैं।

381
00:27:13,840 --> 00:27:18,080
फिर उनका तुम क्यों नहीं प्रशंसा कर देते हो? फिर उनके उनसे मिलने पर किसी पर कटाक्ष

382
00:27:18,080 --> 00:27:20,480
क्यों कर देते हो? कुल मिलाकर के किसी भी चीज

383
00:27:20,480 --> 00:27:24,560
को उतना ही मानना है। जितना तुमने मान रखा है और अपनी बातों का

384
00:27:24,560 --> 00:27:28,800
जवाब नहीं देना है। वाह किस्कलन क्यों हो गया? जब भगवती का वरदान प्राप्त

385
00:27:28,800 --> 00:27:32,800
है तो जब निगमानंद थियोसफिकल सोसाइटी से जुड़ा होने के बाद

386
00:27:32,800 --> 00:27:36,800
साधना मार्ग में आने के बाद अगर सुधर जाए तो उसकी टांग नहीं खींची जा

387
00:27:36,800 --> 00:27:40,880
सकती तो तुम क्यों खींच तुम क्यों खींचोगे किसी के पुराने जीवन को लेकर के

388
00:27:40,880 --> 00:27:45,040
टांग? अच्छा निगमानंद

389
00:27:45,040 --> 00:27:49,280
तुम्हारा गुरु कैसे? जब निगमानंद के जो सारे सिद्धांत है वह तो

390
00:27:49,280 --> 00:27:53,520
इस से मिलते जुलते हैं। इस से भी दो कदम

391
00:27:53,520 --> 00:27:57,600
आगे है क्योंकि वह तो अपनी पूजा करवा रहा है। कम से कम इस अल्लाह

392
00:27:57,600 --> 00:28:02,480
के जैसे कृष्ण को पूज रहा है। मगर पूछ तो कृष्ण को रहा है। वहां तो

393
00:28:02,480 --> 00:28:06,560
अल्लाह का जैसा ईश्वर बना करके और ईश्वर को भजो या कृष्ण

394
00:28:06,560 --> 00:28:10,560
को भजो एक ही बात यही सब वही सब ड्रामा चल रहा है। भाई पूरा स्पॉन वाला

395
00:28:10,560 --> 00:28:14,640
गौतम ऋषि की देह से ये सब प्रकट हुआ। इन सब में स्पष्टीकरण नहीं आया।

396
00:28:14,640 --> 00:28:18,800
केवल स्पष्टीकरण किस पर आया कि भैया स्ान को स्ान वाली जो एक

397
00:28:18,800 --> 00:28:22,800
उदाहरण दिया गया था उसमें और उसी में जब ये बात कहता है व्यक्ति कि हम

398
00:28:22,800 --> 00:28:27,200
हमने जब पक्ष भी तो लिया है विरोध भी तो अपने लिए कहता है कि हमारे दोनों पहलुओं

399
00:28:27,200 --> 00:28:31,600
को देखो मगर जिस उदाहरण के आधार पर इसने जो है अपनी पोकलाहट

400
00:28:31,600 --> 00:28:35,600
में जो वीडियो प्रस्तुत किया है उसी उदाहरण में ही उस प्रकरण की

401
00:28:35,600 --> 00:28:39,600
तुलना जिस प्रकरण की तुलना एक स्न से की गई है कि कोई मालिक

402
00:28:39,600 --> 00:28:43,840
अपने स्वान को कह देता है कि टॉमी छू उसी प्रकरण की तुलना विष्णु

403
00:28:43,840 --> 00:28:48,000
भगवान और विष्णु भगवान के द्वारा रचित होने वाली सृष्टि से भी की गई है।

404
00:28:48,000 --> 00:28:52,480
तब क्यों नहीं इसको दिखाई? दिखाई दिया। ये तो सम्मान की बात हो गई भाई। तो

405
00:28:52,480 --> 00:28:56,480
तथ्य को ना समझ पाना बौखलाहट में 28 साल

406
00:28:56,480 --> 00:29:00,480
का एक युवा जो बाईपोलर का शिकार रहा हो। बाइपोलर से

407
00:29:00,480 --> 00:29:04,640
ग्रसित रहा हो। मानसिक रूप से विक्षिप्त रह चुका हो। अभी भी

408
00:29:04,640 --> 00:29:08,880
उसके अंदर लक्षण उस तरह के दिखाई देते हो जो मातृ शक्तियों को बिना आधार

409
00:29:08,880 --> 00:29:13,680
के वैश्य इत्यादि बोल देता हो। तो ऐसा ऐसी जो मानसिक

410
00:29:13,680 --> 00:29:18,000
स्थिति है उसकी हमें उससे अपेक्षा कर सकते हैं और

411
00:29:18,000 --> 00:29:23,040
प्रारंभ तुमने किया है अंत हम ही करेंगे करते जाओ

412
00:29:23,040 --> 00:29:25,120
हम तो घर से निकले ही थे बांधकर

413
00:29:25,120 --> 00:29:29,120
सर पे कफन जहां हथेली पर लिए लोबड़ चले हैं ये कदम

414
00:29:29,120 --> 00:29:33,600
जिंदगी तो अपनी महिमा मौत की महफिल में है सरफरोशी की तमन्ना

415
00:29:33,600 --> 00:29:34,100
अब

416
00:29:33,840 --> 00:29:38,000
हमारे दिल में तुम कोई नए थोड़ी ना हो कंप्लेनेंट केस करने वाले

417
00:29:38,000 --> 00:29:42,080
देख लो ना तुमसे बड़ी ताकतें लगी हुई भाई सामने तुम

418
00:29:42,080 --> 00:29:46,320
भी आ जाओ उनका सपोर्ट कर दो करा दो दर्ज मुकदमा तुमसे

419
00:29:46,320 --> 00:29:50,640
बड़ी-बड़ी ताकत लगी हुई है अपने धंधे को बचाने के लिए तुम भी बचाओ

420
00:29:50,640 --> 00:29:54,640
कर दो उनको सपोर्ट सपोर्ट तो कर ही चुके हो एक बार उनकी पोस्ट उनकी बातों

421
00:29:54,640 --> 00:29:58,800
को अपनी पोस्ट में शेयर करके पब्लिक करके तो ये सारी बातें

422
00:29:58,800 --> 00:30:02,960
हैं। ठीक है? रामपाल के केस में अपडेट

423
00:30:02,960 --> 00:30:07,120
यही है कि पुलिस ने हमारे पक्ष को पुष्ट करते हुए कोर्ट को बताया है

424
00:30:07,120 --> 00:30:11,200
कि भाई यह जो गैर कानानूनी अवैध दिखाई देने वाली सामग्री है हमको

425
00:30:11,200 --> 00:30:15,440
मिल नहीं रही है पकड़ में नहीं आ रही है और हम जो है अब आगे

426
00:30:15,440 --> 00:30:19,440
स्टेप बढ़ाएंगे जब लखनऊ में नहीं मिलेगी तो कहां-कहां जा सकती है आप समझ

427
00:30:19,440 --> 00:30:23,840
ही गए हैं YouTube पर YouTube के ओनर्स से संपर्क करेगी

428
00:30:23,840 --> 00:30:28,080
या हो सकता है कस्टमर केयर वालों को पकड़े अन्य जो आश्रम

429
00:30:28,080 --> 00:30:33,520
चल रहे हैं वहां पहुंचे रामपाल को पकड़े यह सारी चीजें

430
00:30:33,520 --> 00:30:37,520
आपको देखने को मिल सकती हैं। आगामी हम बहुत जल्द ही वो जो

431
00:30:37,520 --> 00:30:41,600
हमारे विरोध में जो मुकदमे लगाए गए हैं उस पर भी यहां पर जवाब देंगे

432
00:30:41,600 --> 00:30:45,680
जो जवाब हम कोर्ट में देने वाले होंगे। भले ही वो निग्गू के

433
00:30:45,680 --> 00:30:50,000
द्वारा लगाया गया हो या भले ही वो

434
00:30:50,000 --> 00:30:54,400
एडवोकेट छोकरा के द्वारा लगाया गया हो जो इसमें अभियुक्त है हमारी एफआईआर

435
00:30:54,400 --> 00:30:58,480
में और हां निग्गू भी अभियुक्त है। सब अभियुक्त है एफआईआर में।

436
00:30:58,480 --> 00:31:02,480
इसीलिए बेचारों की दाल कहीं निकल रही है। तो कंप्लेनेंट केस होता है कि

437
00:31:02,480 --> 00:31:06,480
कोई भी कर सकता है कंप्लेन केस वहां पर जाकर के उस कंप्लेनेंट केस होता

438
00:31:06,480 --> 00:31:10,560
है एक कि अगर हमारी एफआईआर थाने में नहीं लिखी

439
00:31:10,560 --> 00:31:14,720
जा रही तो हम जाकर के बाहर मतलब वहां सीधे

440
00:31:14,720 --> 00:31:18,880
अदालत को न्यायालय को ये दिखा सकते हैं कि भैया हमारी

441
00:31:18,880 --> 00:31:22,880
सुनवाई नहीं हो रही। आप डायरेक्ट यहीं पर सुनवाई कर लीजिए। डायरेक्ट सुनवाई करिए। तो

442
00:31:22,880 --> 00:31:26,960
केस पंजीकरण होने से पहले ही वहां पर सुनवाई होती है कि पंजीकरण करना है कि नहीं

443
00:31:26,960 --> 00:31:31,520
यह भी यह भी वहां पर न्यायाधीश देखते हैं। खैर निगू के विषय में तो न्यायाधीश

444
00:31:31,520 --> 00:31:35,840
कौन-कौन होते हैं? व्यभचारी पता नहीं कौन-कौन मानसिक

445
00:31:35,840 --> 00:31:40,080
रूप से विक्षिप्त होते हैं।

446
00:31:40,080 --> 00:31:44,320
जुारी शराबी कबाबी व्यभचारी पता नहीं कौन-कौन होते हैं। फिर

447
00:31:44,320 --> 00:31:48,480
वहां पर न्याय नहीं होता है। वहां पर तो कुछ और ही होता है। क्राइम

448
00:31:48,480 --> 00:31:52,720
कैसे करना है यह बताया जाता है। न्यायालय तो वो वैश्या

449
00:31:52,720 --> 00:31:56,800
के समान है जो जितना पैसा दोगे उतना नाचेगी। ये सब उसके कथन है।

450
00:31:56,800 --> 00:32:00,800
अब वही उसी उसी वैश्या के पास ही पहुंचा है। खैर वो तो

451
00:32:00,800 --> 00:32:04,880
बात पलटू रहा ही है बहुत पहले से और ठीक

452
00:32:04,880 --> 00:32:05,520
है।

453
00:32:05,520 --> 00:32:09,680
अब हम

454
00:32:09,680 --> 00:32:13,760
[संगीत] धीरज सिंह जी को ले लेते हैं। हां जी बताइए धीरज सिंह

455
00:32:13,760 --> 00:32:17,760
जी। जय श्री राम। गुरुदेव मैं सिर्फ इतना

456
00:32:17,760 --> 00:32:21,840
कहने के लिए आया हूं आपसे। अभी मैंने सुना था उनकी

457
00:32:21,840 --> 00:32:25,920
पुस्तकें नहीं मिल पा रही तो इनका तीन दिन का मेला लगा है इनके आश्रमों पे वो

458
00:32:25,920 --> 00:32:29,920
वो वो वो सारी चीजें चल रही है वो हमें मालूम भी है

459
00:32:29,920 --> 00:32:34,160
संज्ञान में और हमने बताया भी है पुलिस ये सब

460
00:32:34,160 --> 00:32:38,160
चीजें जो है ना इन्वेस्टिगेशन वाली है इस पर हम यहां बहुत ज्यादा

461
00:32:38,160 --> 00:32:44,160
विधिवत बात नहीं कर सकते समझ रहे हैं आप मेरी बात जी

462
00:32:44,640 --> 00:32:49,680
क्योंकि अगर पहले से फिर वहां भी मालूम पड़ा वहां भी

463
00:32:49,680 --> 00:32:54,560
मालूम पड़ा वहां भी व्यक्ति सतर्क हो जाए तो वो

464
00:32:54,560 --> 00:32:58,560
खुले में है उनका

465
00:32:58,560 --> 00:33:03,360
खुले में स्टॉल लगा है उनका पुस्तकों लाखों की संख्या में रखे एकत्रित करके

466
00:33:03,360 --> 00:33:07,440
बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल वो सब संज्ञान में कार्य हो रहा

467
00:33:07,440 --> 00:33:11,600
है मैंने इशारा कर दिया है सारी चीजें सारी संभावनाएं व्यक्त

468
00:33:11,600 --> 00:33:16,240
कर दी है ठीक है जी

469
00:33:16,240 --> 00:33:19,840
ठीक

470
00:33:19,840 --> 00:33:24,400
ठीक है गुरुदेव प्रणाम जय हो

471
00:33:24,400 --> 00:33:30,400
हां भाई और कौन आया विजय चतुर्वेदी जी आप अपना चेहरा दिखाएं

472
00:33:30,720 --> 00:33:35,200
तो सारी चीजें चल रही है और

473
00:33:35,200 --> 00:33:39,280
जल्द ही इसमें अगली सुनवाई की डेट भी आएगी हाई कोर्ट में वह भी

474
00:33:39,280 --> 00:33:45,040
आपको देखने को मिल सकता है तो भाई किसी को अगर आना है

475
00:33:45,040 --> 00:33:51,040
किसी को अगर आना है तो आ सकता है और

476
00:33:51,760 --> 00:33:55,920
भागवतानंद को मैं यही कहूंगा कि भाई तेरे निगमानंद की पोल खुल

477
00:33:55,920 --> 00:34:00,320
चुकी है उस पर कुछ बोल जो तेरे निगमानंद के जो ऑथेंटिक

478
00:34:00,320 --> 00:34:04,480
जहां से निगमंद की किताबें छप रही है ना निगमंद के द्वारा स्थापित

479
00:34:04,480 --> 00:34:08,480
जो संस्था है जो संस्थान है जो आश्रम है वहां बैठे

480
00:34:08,480 --> 00:34:12,800
हुए जो ऑथेंटिक लोग हैं वो इस

481
00:34:12,800 --> 00:34:17,120
से भी दो कदम आगे चल रहे हैं तो कब

482
00:34:17,120 --> 00:34:21,600
करेगा उसका निग्रह निगमंद का निग्रह कब करेगा वह बता

483
00:34:21,600 --> 00:34:25,680
वाकलन का बता अपनी परंपरा बता भाई 800 ग्रंथ 800

484
00:34:25,680 --> 00:34:29,760
ग्रंथों की लिस्ट पहले तो जारी कर दे ये 800 ग्रंथों से मैं अपना वो

485
00:34:29,760 --> 00:34:33,840
दूंगा पता है आपको एक बात बताऊं एक काफी समय पहले

486
00:34:33,840 --> 00:34:34,960
की बात है हाथरस में मैं

487
00:34:34,960 --> 00:34:39,040
गया था आर्य समाज जी से बात करने तो वहां आर्य समाझ को एक चौवा पढ़ाया

488
00:34:39,040 --> 00:34:43,520
गया था कि दयानंद ने

489
00:34:43,520 --> 00:34:47,920
जो स्वामी दयानंद है इन्हों उन्होंने 3600 ग्रंथों

490
00:34:47,920 --> 00:34:52,080
का निचोड़ लेकर के सत्यार्थ प्रकाश लिखी थी। अपना जो दावे किए थे, जो क्लेम किए

491
00:34:52,080 --> 00:34:56,480
थे, जो जो भी सिद्धांत दिए थे, वो 3600 ग्रंथों का निचोड़ करके

492
00:34:56,480 --> 00:35:00,640
था मामला। अब वो 3600 ग्रंथों की लिस्ट कहीं ना कहीं तो होगी। अब अब

493
00:35:00,640 --> 00:35:04,800
क्या हुआ? व्यक्ति ने ये तो देखना भूल गया कि 3600 ग्रंथ है कि नहीं?

494
00:35:04,800 --> 00:35:08,960
3600 ग्रंथों से ही वो निचोड़ है कि नहीं। व्यक्ति ये देखना तो भूल गया। वो

495
00:35:08,960 --> 00:35:13,120
इस पर प्रभावित हो। 3600 ग्रंथों का निचोड़। वाह वाह वाह। ये तो बहुत अच्छा हुआ। तो

496
00:35:13,120 --> 00:35:17,280
ऐसा ही कुछ ये अपना क्या

497
00:35:17,280 --> 00:35:21,600
कहते हैं भागवतानंद लोगों को बरगला रहा है 800

498
00:35:21,600 --> 00:35:25,600
ग्रंथों से मैं निग्रह प्रवेशिका लिख रहा हूं तो भाई पहले

499
00:35:25,600 --> 00:35:29,600
800 ग्रंथों की तुझे लिस्ट जारी कर देनी चाहिए कम से कम तेरी निग्रह प्रवेशिका

500
00:35:29,600 --> 00:35:34,080
आज की तारीख में अस्तित्व में नहीं है वो 800 ग्रंथ तो अस्तित्व में है ना 800 850

501
00:35:34,080 --> 00:35:38,160
तो उसकी लिस्ट जारी कर दे और जो विषय

502
00:35:38,160 --> 00:35:42,480
चल रहे हैं कम से कम उनप तो बोल ठीक है तू बौखला गया तेरे तेरा

503
00:35:42,480 --> 00:35:46,800
तुझे अपनी तुलना स्वान के साथ दिख गई। तू बौखला गया। तूने बौखलाहट में चीजें

504
00:35:46,800 --> 00:35:50,240
डाल दी। ठीक है? मगर जो मूल विषय उन पर भी तो बात कर

505
00:35:50,240 --> 00:35:54,720
भाई। निगमंद, निगमानंद का मठ हां तेरा वाक स्कलन,

506
00:35:54,720 --> 00:35:58,880
तेरी गाली और तेरा तंत्र, तेरी मुसलमानी पूजा

507
00:35:58,880 --> 00:36:03,040
इन सब पर तो बात कर भाई। निग्रह प्रवेश का करण अर्जन

508
00:36:03,040 --> 00:36:07,200
आएंगे आएंगे। ये सब चीजें मूल विषयों को साइड में करके एक छोटी

509
00:36:07,200 --> 00:36:11,280
सी बात को लेकर के आगे। वाह वाह वाह वाह वाह वाह। अच्छा ठीक है और देख

510
00:36:11,280 --> 00:36:15,200
लेते हैं कौन आया है।

511
00:36:15,200 --> 00:36:21,200
हम हिंदुओं को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। विजय चतुर्वेदी जी आप सामने आएंगे।

512
00:36:22,400 --> 00:36:26,400
मैं सेंट्रल गवर्नमेंट का एंप्लई हूं। तो आप वहीं जाइए जहां पर आपकी

513
00:36:26,400 --> 00:36:30,480
उपयोगिता हो। यहां मत आइए। यहां सत्य के पक्षधर हैं।

514
00:36:30,480 --> 00:36:35,520
और सनातन धर्म क्या है? मुझे लगता है कि आपसे ज्यादा मुझे पता है।

515
00:36:35,520 --> 00:36:40,460
सनातन धर्म क्या है? पहले आप अपने आप को पुष्ट कर लीजिए।

516
00:36:40,460 --> 00:36:44,480
[संगीत]

517
00:36:44,480 --> 00:36:50,480
जय श्री राम वहां पर आदित्य है आपने

518
00:36:52,560 --> 00:36:55,040
[संगीत]

519
00:36:55,040 --> 00:37:01,040
तो ये सारी चीजें

520
00:37:02,640 --> 00:37:07,040
अभी श्याम कुशवाहा करके आए थे वो अगर आ सके तो

521
00:37:07,040 --> 00:37:11,040
विजय चतुर्वेदी जी आप अगर अपना चेहरा दिखाएंगे तो आप यहां

522
00:37:11,040 --> 00:37:15,040
आ सकते हैं। और सुनिए यह सब बच्चों वाले

523
00:37:15,040 --> 00:37:19,040
जो बहाने हैं ना ये अब बंद करिए

524
00:37:19,040 --> 00:37:23,040
भाई देना। विजय चतुर्वेदी सरी के लोगों से बात कर रहा हूं। बोल रहे हैं

525
00:37:23,040 --> 00:37:27,120
कि भैया वो मैं जो है सेंट्रल उसका एंप्लई इसलिए चेहरा

526
00:37:27,120 --> 00:37:31,120
नहीं दिखा सकता। कहां का सिद्धांत है? ये कहां का कानून है

527
00:37:31,120 --> 00:37:36,800
कि आप एक सार्वजनिक चर्चा में आप अपने आप को प्रस्तुत नहीं कर सकते।

528
00:37:36,800 --> 00:37:42,320
और यदि ऐसा है तो किसी ऐसे को भेजिए जो आपके पक्ष को रखे यहां पर।

529
00:37:42,320 --> 00:37:46,400
हां जी श्याम स्टूडियो जी बताइए जय श्री राम। राधे राधे महाराज

530
00:37:46,400 --> 00:37:50,640
जी राधे राधे। अरे कह रहा था

531
00:37:50,640 --> 00:37:55,200
ये आश्रम पे ये चल रहे हैं और अपनी कोर्ट में लगा है तो पुलिस

532
00:37:55,200 --> 00:37:59,600
प्रशासन कुछ कर नहीं पा रही क्या? देखिए

533
00:37:59,600 --> 00:38:04,640
ग्राउंड पे जो कारवाई होती है वो धीरेधीरे होती है। धीरेधी धीरेधी

534
00:38:04,640 --> 00:38:08,880
अच्छा रामपाल को जब सजा मिली थी तो कब का केस चालू हुआ था? सजा

535
00:38:08,880 --> 00:38:12,880
मिलने की बात अगर करें कब का केस चालू हुआ और कब उसे

536
00:38:12,880 --> 00:38:16,880
सजा सुनाई गई? रामपाल ने भी अपील की होगी तो कब

537
00:38:16,880 --> 00:38:21,040
की होगी? अब क्या होता है कि पुलिस अपनी जब इन्वेस्टिगेशन करती है तो

538
00:38:21,040 --> 00:38:25,520
केवल यही नहीं होता है कि पकड़ना है। उसको लिखना भी होता है।

539
00:38:25,520 --> 00:38:29,680
थ्योरी भी तैयार करनी होती है। किसने ये कहा, कब कहा, कहां खड़ा

540
00:38:29,680 --> 00:38:34,480
था? कितना टाइम हो रहा था? एक एक बात को नोट करना पड़ता है।

541
00:38:34,480 --> 00:38:38,880
इन सब चीजों प्रक्रियाओं में लिखित रूप से जब चलते हैं तो समय लगता है इन्वेस्टिगेशन

542
00:38:38,880 --> 00:38:43,120
में। अब जैसे पुलिस हरियाणा होके आई पवाना जहां पे किताबें

543
00:38:43,120 --> 00:38:47,200
फर्जी किताबों का सेंटर है वहां होके आई कि यहां क्या हुआ? किससे

544
00:38:47,200 --> 00:38:51,600
मिले, किससे बात हुई? यहां होता क्या है? पूरी इन्वेस्टिगेशन तो पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन

545
00:38:51,600 --> 00:38:57,520
करते हुए चल रही है। हां। पुलिस

546
00:38:57,520 --> 00:39:01,840
यदि पुलिस आगे और कुछ उपलब्धियां हासिल नहीं करती तो फिर कोर्ट

547
00:39:01,840 --> 00:39:05,840
का भी उसमें एक दबाव है ना कि कोर्ट पूछेगी भाई कि कोर्ट पूछ सकती

548
00:39:05,840 --> 00:39:09,920
है पुलिस से कि भाई इसमें अभी तक फिर आगे क्या हुआ क्या नहीं हुआ पुलिस अपना कार्य

549
00:39:09,920 --> 00:39:13,920
कर रही है संभव मगर ऐसा नहीं है कि पुलिस यदि

550
00:39:13,920 --> 00:39:18,720
नहीं करती है उपयुक्त कारवाई तो फिर कोर्ट

551
00:39:18,720 --> 00:39:23,680
पुलिस से कोई पूछने वाला नहीं है क्योंकि मामला हाई कोर्ट में है। ठीक है?

552
00:39:23,680 --> 00:39:29,680
ठीक राधे राधे राधे राधे राधे राधे

553
00:39:29,680 --> 00:39:34,320
ठीक है और कोई अगर आना चाहता है तो

554
00:39:34,320 --> 00:39:38,400
आ सकता है संतोष राजपूत

555
00:39:38,400 --> 00:39:42,400
चेहरा दिखाएं तो ही आए अन्यथा ना आए व्यर्थ में अपना और

556
00:39:42,400 --> 00:39:46,880
हमारा टाइम वेस्ट ना करें

557
00:39:46,880 --> 00:39:50,960
भागवतानंद की ओर से भी अगर कोई आकर के उसका पक्ष रखना चाहता है तो वह भी रख सकता

558
00:39:50,960 --> 00:39:55,040
है बट ऑन वन कंडीशन अपनी

559
00:39:55,040 --> 00:39:58,000
पहचान के साथ आए।

560
00:39:58,000 --> 00:40:02,080
यह सब बातें आप सामने से करिए भाई आकर के। बहुत बातें हो चुकी है। वर्ण

561
00:40:02,080 --> 00:40:06,320
व्यवस्था ये जो भाई साहब आए हैं विजय चतुर्वेदी

562
00:40:06,320 --> 00:40:10,480
जी वो कह रहे हैं वर्ण व्यवस्था ये है वो है जन्म से मानते हो ये है। इस पर

563
00:40:10,480 --> 00:40:14,560
आप सामने आकर के चर्चा करिए। वर्ण व्यवस्था पर ठीक है। तो मुझे

564
00:40:14,560 --> 00:40:18,560
लगता है कि जो आवश्यक सूचना मैंने आप लोगों को दे दी है। आप इसे सर्वत्र

565
00:40:18,560 --> 00:40:22,800
प्रचारित प्रसारित कर दें। और हां एक बात और है। अच्छी

566
00:40:22,800 --> 00:40:26,800
बात याद आ गई। बहुत इंपॉर्टेंट बात है। हम लोग एक आहान कर

567
00:40:26,800 --> 00:40:30,960
रहे हैं सभी से जो भी हमारी मदद कर सकते हैं। यह करीब 200 चैनल्स

568
00:40:30,960 --> 00:40:35,200
हैं। जो मुख्य मुख्य्य चैनल्स हैं उनका डाटा हमने स्टोर

569
00:40:35,200 --> 00:40:39,760
कर लिया है। जहां जहां पर उन्होंने आपत्तिजनक

570
00:40:39,760 --> 00:40:43,200
चीजें फैलाई हैं।

571
00:40:43,200 --> 00:40:48,800
तो हमने उनका जो डाटा है स्टोर कर लिया है। मगर अभी क्या है

572
00:40:48,800 --> 00:40:53,040
कि 150 चैनल और हैं। 150 से 250 तो आप हमसे संपर्क

573
00:40:53,040 --> 00:40:57,360
करें। 1010 चैनल करके अलग-अलग लोगों को बांट दिया जाएगा।

574
00:40:57,360 --> 00:41:01,520
तो आप उन 10-10 चैनल्स के आपत्तिजनक कंटेंट को निकाल के रख

575
00:41:01,520 --> 00:41:05,520
लीजिए जिससे कि समय आने पर जब हमें उनका दोष सिद्ध

576
00:41:05,520 --> 00:41:09,600
करना होगा कोर्ट के समक्ष या अगर उन पर बैन

577
00:41:09,600 --> 00:41:13,840
लगवाना है तो संबंधित बॉडी जिस पर संबंधित मीडिया

578
00:41:13,840 --> 00:41:18,080
सोशल मीडिया जिस पर वो अपना वो कुकृत कर रहे हैं जब हमें उन पर बैन लगवाना

579
00:41:18,080 --> 00:41:22,640
होगा तो हम वो दिखा पाए कि इस व्यक्ति ने देखो यहां पर यह निर्गत किया है तो जितने

580
00:41:22,640 --> 00:41:26,880
लोगों को आपको आपकी नजर में है कि यह व्यक्ति भी

581
00:41:26,880 --> 00:41:30,880
जो है सनातन के विरोध में कार्य कर रहा है रामपाल के नाम से

582
00:41:30,880 --> 00:41:34,880
तो आप उसके कंटेंट को निकालिए जैसे कि ब्रह्मा विष्णु महेश

583
00:41:34,880 --> 00:41:39,600
को अज्ञानी कहना और प्रामाणिक आचार्यों को अज्ञानी कहना

584
00:41:39,600 --> 00:41:43,840
हां या फिर दुर्गा के दुर्गा माता के साथ वह जो ओछी बात

585
00:41:43,840 --> 00:41:48,080
इन्होंने लिखी है ऐसा कंटेंट प्रत्येक चैनल से हमें निकालना है। मुख्य

586
00:41:48,080 --> 00:41:54,080
चैनलों से निकाल लिया है। उसकी चिंता ना करें। करीब हमने करीब

587
00:41:55,120 --> 00:41:59,440
19 लगभग 14 से 20 चैनल्स को हमने प्रमुखता से पुलिस

588
00:41:59,440 --> 00:42:03,440
को सौंप दिया है डाटा समेत। मगर अभी भी करीब

589
00:42:03,440 --> 00:42:07,520
200 चैनल 150 से 200 चैनल बाकी है तो आप हमसे संपर्क

590
00:42:07,520 --> 00:42:12,080
करें तो 1010 चैनल का हम बांट देंगे सबको वो 10-10 चैनल का कंटेंट

591
00:42:12,080 --> 00:42:16,080
अपने जो Google ड्राइव इत्यादि में है कि इसने यहां ये देखिए इस वीडियो में ये

592
00:42:16,080 --> 00:42:20,080
उसका लिंक है ये उसके चैनल का वो है वीडियो का लिंक वीडियो में

593
00:42:20,080 --> 00:42:24,240
क्या वो दी गई है उस क्लिप को काट के अपने ड्राइव में पीडीएफ वो

594
00:42:24,240 --> 00:42:28,400
हम बता देंगे कैसे करना है अगर आप लोग चाहेंगे तो ये काम कैसे करना

595
00:42:28,400 --> 00:42:32,560
है इस पर एक अलग से एक ट्यूटोरियल वीडियो हम बना देंगे जिस तरह

596
00:42:32,560 --> 00:42:36,560
से हमने वह तैयार किया है कि हम समय आने पर पुलिस अगर हमसे

597
00:42:36,560 --> 00:42:41,200
पूछे कि और कौन-कौन से चैनल है और उन पर कहां-कहां क्या-क्या आपत्तिजनक

598
00:42:41,200 --> 00:42:45,200
है तो हम उनको दे सके। तो आपको जितने लोगों का देना है

599
00:42:45,200 --> 00:42:49,200
यही सही समय है। संपर्क करिए। अच्छा यह अपने मन से अगर

600
00:42:49,200 --> 00:42:53,360
आप करने लगेंगे तो क्या दिक्कत आएगी कि आपने

601
00:42:53,360 --> 00:42:57,600
किया होगा 10 चैनल उन्हीं 10 चैनल का दूसरे ने भी किया होगा। उससे फायदा

602
00:42:57,600 --> 00:43:01,600
नहीं है। एक ही एक एक ही चैनल का चार-चार लोग कर रहे हैं। 10 का कोई करे

603
00:43:01,600 --> 00:43:05,760
10 का कोई करे। इस तरह से 200 अपने चैनल कवर हो जाए। जितने चैनल्स हमें

604
00:43:05,760 --> 00:43:09,920
दिखाई देंगे उन सबका डाटा हम स्टोर करेंगे जिससे कि समय आने पर

605
00:43:09,920 --> 00:43:10,480
उस

606
00:43:10,480 --> 00:43:14,480
के विरोध उसके विरुद्ध सख्त से सख्त हम कारवाई कर सकें।

607
00:43:14,480 --> 00:43:18,800
जी सौरभ जी जय श्री राम।

608
00:43:18,800 --> 00:43:22,880
अरे चले गए सौरभ जी। क्या हुआ सौरभ

609
00:43:22,880 --> 00:43:28,880
जी? जय श्री राम।

610
00:43:32,960 --> 00:43:37,040
कोई रामपाली नहीं है क्या? कोई किसी ने किसी रामपाली ने अपनी माई

611
00:43:37,040 --> 00:43:41,680
का दूध नहीं पिया जो ये बता सके कि कहां पर छप रही है ये अवैध किताबें।

612
00:43:41,680 --> 00:43:46,160
हां

613
00:43:46,160 --> 00:43:52,160
आइए भैया आइए।

614
00:43:52,560 --> 00:43:56,560
अरे भाई किसी की माता ने तो निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया होगा जो आकर के

615
00:43:56,560 --> 00:44:00,640
बता सके कि हमारे तथाकथित संत भगवान के द्वारा जो हम

616
00:44:00,640 --> 00:44:04,720
किताबें पढ़ते हैं ज्ञान की गंगा पढ़ते हैं उनकी नहाई

617
00:44:04,720 --> 00:44:10,400
हुई खीर की ज्ञान की गंगा खीर गंगा नहीं क्या है

618
00:44:10,400 --> 00:44:14,400
हां खीर की नदी तो कम से कम

619
00:44:14,400 --> 00:44:18,400
कोई तो माई का लाल ऐसा होगा जो आकर के बताए यह छप रही है यह

620
00:44:18,400 --> 00:44:22,640
देख लो कारखाना हम बताओ भैया

621
00:44:22,640 --> 00:44:26,880
यहां के इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर जो इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर है उनसे आपकी बात करवा देंगे।

622
00:44:26,880 --> 00:44:31,040
बताइए उन्हें कहां है? इसको कहते हैं ना सामने आकर के डंके की चोट

623
00:44:31,040 --> 00:44:35,040
पर बात करना ये थोड़ी ना है कि आप मूल बातों पर बात मत करो। आके कैमरे के

624
00:44:35,040 --> 00:44:39,120
सामने नाटक कर दो। ये लोग तो ये तक करते हैं कि कोई दूसरी जगह कथा हो

625
00:44:39,120 --> 00:44:43,280
रही है। वहां पर चहलपहल हो रही है। वहां जाकर खड़े होकर के माइक लेकर के वीडियो बनाते हैं

626
00:44:43,280 --> 00:44:47,360
और दिखा देते हैं कि देखो हमारा कितना बड़ा कार्यक्रम चल रहा है। ये तक करते

627
00:44:47,360 --> 00:44:51,520
हैं ये लोग ड्रामा। इनके ड्रामे की कोई सीमा है क्या? कोई

628
00:44:51,520 --> 00:44:57,520
सीमा नहीं। फुल झूठ।

629
00:44:58,640 --> 00:45:02,880
डी आर पहाड़ी जी आ गए हमारे परम मित्र।

630
00:45:02,880 --> 00:45:08,800
जय श्री राम।

631
00:45:08,800 --> 00:45:14,320
जय श्री राम। बताइए। कैसी लगी आपको शुभ सूचना?

632
00:45:14,320 --> 00:45:18,400
बहुत बढ़िया लगी। बहुत सुख बहुत अच्छा समाचार

633
00:45:18,400 --> 00:45:21,440
रहा

634
00:45:21,440 --> 00:45:26,640
इसमें एक चीज है ना ये जैसे अभी एक

635
00:45:26,640 --> 00:45:30,640
मैं एक चीज आपको बताऊं कि इसमें क्या हो सकता था भाई

636
00:45:30,640 --> 00:45:34,800
पुलिस ये भी तो कह ये लोग बहुत दावा करते थे ना कि हमारी किताबें क्लीन चिट है एमपी

637
00:45:34,800 --> 00:45:38,800
खबर फास्ट वाला क्या चिल्लाता था कि आप पे अगर कोई मुकदमा करने जाए तो आप उसको

638
00:45:38,800 --> 00:45:42,800
दिखा दो हमारी किताबें क्लीन चिट है ये देखो यहां ये छपा है वहां वो छपा है करता

639
00:45:42,800 --> 00:45:46,800
था ना तो भाई जब पुलिस इन्वेस्टिगेशन करने जा रही है जो

640
00:45:46,800 --> 00:45:51,120
जहां पर इन्होंने अड्डा बना रखा है वहां वो लोग ये क्यों कह रहे हमारे पास कोई किताबें

641
00:45:51,120 --> 00:45:55,120
नहीं है वहां पे पुलिस जाके चेक पूरे पूरे

642
00:45:55,120 --> 00:45:59,280
घर पे छापा मार रही है पुलिस चेक कर रही है वहां ये क्यों नहीं कह रहे कि हमारी किताबें

643
00:45:59,280 --> 00:46:03,360
शास्त्र प्रमाणित है हमारी किताबें हाई कोर्ट से क्लीन चिट है वहां ये क्यों नहीं कह रहे ये लोग

644
00:46:03,360 --> 00:46:07,440
वहां ये क्यों कह रहे हमारे पास कोई किताबें नहीं है भैया वो भी वो मुख्य जो

645
00:46:07,440 --> 00:46:12,480
मुख्य जिनका नाम है ना वो है ही नहीं उसमें वहां पर कोई और ही व्यक्ति मिल रहा है फरार

646
00:46:12,480 --> 00:46:13,920
तो ये हमारे पक्ष

647
00:46:13,920 --> 00:46:17,920
में है ये सब चीजें भाग रहे हैं लोग अब और जहांजहां पर पुलिस जाएगी

648
00:46:17,920 --> 00:46:21,920
शामली जाएगी शामली से भागेंगे जहांजहां पुलिस जाती जाएगी भागते

649
00:46:21,920 --> 00:46:26,000
जाएंगे जैसेजैसे घेरा बड़ा होता जाएगा वैसे

650
00:46:26,000 --> 00:46:30,480
वैसे धीरे-धीरे ये लोग गायब होते जाएंगे और

651
00:46:30,480 --> 00:46:34,800
इधर जो सोशल मीडिया वॉर चल रही है वो तो अलग से चल ही रही है उसको

652
00:46:34,800 --> 00:46:38,800
यहां पर हर तरह से प्रकट कर देना उचित नहीं है इसलिए हमने कुछ चीजें बताई भी नहीं है जी

653
00:46:38,800 --> 00:46:43,200
अब आप बोले जी जी जी देखो जैसे

654
00:46:43,200 --> 00:46:47,280
अभी एक केस में इसको एक जमानत दी गई और कुछ शर्तें

655
00:46:47,280 --> 00:46:51,280
रखी गई। जैसे जैसे बोला गया कि धार्मिक कार्यक्रम

656
00:46:51,280 --> 00:46:55,280
में शामिल नहीं हुआ जा सकता या किसी को मतलब कि कोई भाषण नहीं दे

657
00:46:55,280 --> 00:46:59,520
सकता। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन बैन है। प्रतिबंध है।

658
00:46:59,520 --> 00:47:03,520
जो प्रतिबंध हम लगवा रहे हैं वो वहां हरियाणा हाई कोर्ट ने तो पहले

659
00:47:03,520 --> 00:47:07,680
ही लगा के भेजा है। बल्कि मैं तो ये कह रहा हूं इस कारण से जो

660
00:47:07,680 --> 00:47:11,680
बाहर आने के जो फैसला हुआ है इसके चलते तो ये

661
00:47:11,680 --> 00:47:15,680
जो थोड़े बहुत कार्यक्रम हो रहे थे। अब उस अदालत के कारण भाई

662
00:47:15,680 --> 00:47:19,760
जब रामपाल के कार्यक्रम नहीं हो सकते। तो रामपाल की जहां

663
00:47:19,760 --> 00:47:23,760
पर फोटो लगी हुई है वो भी तो कार्यक्रम धीरे से उस फैसले की चपेट में

664
00:47:23,760 --> 00:47:27,840
आ जाएंगे। हां ये मैं मैंने फैसला पढ़ा

665
00:47:27,840 --> 00:47:28,960
उसमें अंदर यह चीज

666
00:47:28,960 --> 00:47:33,280
लिखा है कि किसी भी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के माध्यम

667
00:47:33,280 --> 00:47:37,600
से या किसी भी मैसेज के माध्यम से कोई भी धर्म कार्यक्रम

668
00:47:37,600 --> 00:47:42,000
या ऐसी कोई भी चीज नहीं कर सकता। ये कहा जी

669
00:47:42,000 --> 00:47:46,080
बिल्कुल अब अब ये जो मैंने बताया ना दो

670
00:47:46,080 --> 00:47:50,480
गुट है एक गिरोह जो प्लानिंग के साथ रामपाल

671
00:47:50,480 --> 00:47:54,560
के नाम से बिजनेस कर रहा है वो तो इस बारे में कुछ बात ही नहीं कर रहा है दूसरा

672
00:47:54,560 --> 00:47:59,200
गिरोह जो ये जो अंधा जो अनुयाई है ब्लाइंड फेथ वाला

673
00:47:59,200 --> 00:48:03,600
जी है ना तो वो गिरोह ये कह रहा था हमारे भगवान बाहर आ रहे हैं तत्वदर्शी

674
00:48:03,600 --> 00:48:07,840
बाहर आ रहे हैं और विरोधियों के मुंह पे वो हो गया है मुंह में दही जम गया है ये है वो है

675
00:48:07,840 --> 00:48:11,840
अब उन अब कम से कम उनको यह सोचना चाहिए भैया आने से पहले ही

676
00:48:11,840 --> 00:48:15,920
बैन है। जी जी आने से पहले ही तुम्हारे गुरु जी पर बैन

677
00:48:15,920 --> 00:48:20,400
है। जी जी जी हमें कोई रामपाल से पर्सनल

678
00:48:20,400 --> 00:48:24,960
शत्रुता थोड़ी ना है। उसके उसी भाग से शत्रुता

679
00:48:24,960 --> 00:48:29,600
है जिस भाग पर पहले ही सरकार ने बैन लगाया है। बिल्कुल

680
00:48:29,600 --> 00:48:33,920
ये सौरभ जी आए हैं। इनसे बात कर लीजिए। सौरभ जी

681
00:48:33,920 --> 00:48:37,920
सौरभ जी जय श्री राम। जी जय श्री राम। असल में मैं

682
00:48:37,920 --> 00:48:41,920
थोड़ा ऑफ टॉपिक बोलूंगा मतलब मुझे बात कुछ और करनी है रामपाल

683
00:48:41,920 --> 00:48:44,000
जी के ऊपर नहीं है कुछ भी यहां रामपाल के

684
00:48:44,000 --> 00:48:48,080
ऊपर कुछ नहीं है किस विषय में मैं बात करना चाहता हूं

685
00:48:48,080 --> 00:48:52,080
असल में एक कोई जगतगुरु और एक कृपालु

686
00:48:52,080 --> 00:48:56,080
जी महाराज ऐसे करके किसी ने अपने नाम के पीछे जगतगुरु लगाया था

687
00:48:56,080 --> 00:49:00,160
वो कह रहे हैं कि उन्होंने कोई काशी विद्या परिषद ऐसा कुछ ने उन्हें

688
00:49:00,160 --> 00:49:04,400
दिया है जो कि प्रामाणिक नहीं है मैंने जितना सर्च

689
00:49:04,400 --> 00:49:08,560
किया और इस विषय उनके द्वारा दी जाने

690
00:49:08,560 --> 00:49:12,720
वाली जो शिक्षाएं है वो कोई आपत्तिजनक हो तो वो बताएं आप

691
00:49:12,720 --> 00:49:16,800
हां हां हां जी जी उन्होंने जगत गुरु तो आजकल कई ऐसे

692
00:49:16,800 --> 00:49:20,800
आचार्य भी लगाते हैं जिनका हम सम्मान करते हैं फिर जी

693
00:49:20,800 --> 00:49:25,200
जी उससे क्या मतलब है आपत्तिजनक कोई अगर वो हो कई बार लोकाचार्य

694
00:49:25,200 --> 00:49:29,280
की दृष्टि में जगतुगुरु शब्द आ जाता है जगतगुरु का एक अर्थ राघवाचार्य जी महाराज

695
00:49:29,280 --> 00:49:33,600
ने बताया था कि जिसमें जगतगुरु दृष्टि

696
00:49:33,600 --> 00:49:37,760
के निर्माण करने वाले को भी कहा जाता जगत का स्वामी के

697
00:49:37,760 --> 00:49:41,840
रूप में तो वो कई सारे उस पर विचार बन सकते हैं जगत

698
00:49:41,840 --> 00:49:46,080
गुरु की बात पे अभी फिलहाल तो अभी फिलहाल

699
00:49:46,080 --> 00:49:50,160
तो ये है कि भाई आपत्तिजनक वो शिक्षा कौन सी है इस पर ज्यादा

700
00:49:50,160 --> 00:49:54,560
बात करें तो अच्छा रहेगा अन्यथा वो समाज में और विप्लव उत्पन्न करेगा कौन जगतगुरु

701
00:49:54,560 --> 00:49:58,560
है कौन नहीं है हां है ना तो मैंने उनका

702
00:49:58,560 --> 00:49:59,280
जो देखा

703
00:49:59,280 --> 00:50:03,440
एक वो शंकराचार्य का खंडन कर रहे थे और उन्होंने ये तक

704
00:50:03,440 --> 00:50:07,520
कह डाला उस वो वीडियो में आपका आपको लिंक व्यवहारिक खंडन था

705
00:50:07,520 --> 00:50:11,680
या दार्शनिक खंडन था वो

706
00:50:11,680 --> 00:50:15,760
मतलब दो थे ठीक है मैं पहले बता देता हूं क्या था मैं

707
00:50:15,760 --> 00:50:19,920
खुद कंफ्यूज हो जाऊंगा क्या था एक्सक्टली ये है

708
00:50:19,920 --> 00:50:23,920
ये था खंडन कि उन्होंने व्यास देव का खंडन किया

709
00:50:23,920 --> 00:50:28,000
उन्होंने ऐसा बताया उन्होंने बोला कि उन्होंने ऐसा बताया कि व्यास देव को उन्होंने

710
00:50:28,000 --> 00:50:32,080
भ्रांत बता दिया जो कि इसमें

711
00:50:32,080 --> 00:50:36,080
था नहीं ऐसा नहीं है यदि ऐसी कोई जानकारी मिली है तो

712
00:50:36,080 --> 00:50:40,080
वो जो है असत्य नहीं है।

713
00:50:40,080 --> 00:50:44,160
कहीं ना कहीं कोई समझने में किसी से कोई गलत भ्रांति फैली है जिसके कारण ऐसा

714
00:50:44,160 --> 00:50:48,320
वक्तव्य आया है और अगर ऐसा कुछ है तो अनुचित है। और एक बात

715
00:50:48,320 --> 00:50:52,400
ये है वो अपने आप को वो कोई मतलब पारंपरिक

716
00:50:52,400 --> 00:50:56,640
नहीं है। वो जो गुरु है वो कोई पारंपरिक नहीं है। तो

717
00:50:56,640 --> 00:51:00,800
उनको जगत गुरु मैंने आप देखिए किसी भी व्यक्ति विशेष

718
00:51:00,800 --> 00:51:04,960
ऐसे सिचुएशन में किसी व्यक्ति विशेष की समीक्षा की बजाय अपने

719
00:51:04,960 --> 00:51:08,960
सार्वभौम सिद्धांतों को आप याद रखिए क्या है

720
00:51:08,960 --> 00:51:12,960
पहला है कि अंतिम निर्णायक कौन होगा सनातन धर्म

721
00:51:12,960 --> 00:51:14,880
का जो

722
00:51:14,880 --> 00:51:19,200
सन्यासी हो ठीक है मनुस्मृति 112

723
00:51:19,200 --> 00:51:24,080
12वा अध्याय 112 से 114 11 5 16

724
00:51:24,080 --> 00:51:28,240
अह क्या कहते हैं अथर्ववेद और भी भगवत

725
00:51:28,240 --> 00:51:32,320
गीता में तत्वदर्शी जो तत्व से जानने

726
00:51:32,320 --> 00:51:36,320
वाला है भगवान को उसको जो है कहीं ना कहीं उससे वैराग्य

727
00:51:36,320 --> 00:51:40,320
को जोड़ा गया है जिसका मान मोह नष्ट हो चुका हो ये भी व्याख्या

728
00:51:40,320 --> 00:51:44,480
की गई है कि मुझे मेरे मुझे कौन प्राप्त करते हैं तो समत्व

729
00:51:44,480 --> 00:51:48,640
हो जाते हैं तो तत्वदशी होते हैं तो उनके लक्षण बताए हैं भगवत गीता

730
00:51:48,640 --> 00:51:52,720
में तो इन सब बातों का एक ही निचोड़ आता है कि सन्यासी

731
00:51:52,720 --> 00:51:56,880
तो उस लक्षण से क्या होगा सन्यासी दूसरा क्या होता

732
00:51:56,880 --> 00:52:01,440
है? परंपरा एवं परंपरा प्राप्तिमम।

733
00:52:01,440 --> 00:52:05,440
ठीक है? मुंडकोपनिषद एक से चार निरुक्त में बात की है यासका

734
00:52:05,440 --> 00:52:09,520
जो आचार्य यास है उन्होंने बात की है और भगवत गीता

735
00:52:09,520 --> 00:52:13,600
में बात हुई है परंपरा की और हमारे पुराणों में भरभर के बात हुई है परंपरा की।

736
00:52:13,600 --> 00:52:17,680
तो परंपरा से होने चाहिए। तीसरा क्या है

737
00:52:17,680 --> 00:52:22,000
कि समस्त श्रुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा देते

738
00:52:22,000 --> 00:52:26,000
हो। ऐसा ना हो कि एक बात को पकड़ रहे दूसरी बात को अरे कोई

739
00:52:26,000 --> 00:52:30,240
नहीं वो मतलब नहीं तो यह समस्त श्रुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस

740
00:52:30,240 --> 00:52:34,320
की शिक्षा हो और अंततवा अपने शिष्य का

741
00:52:34,320 --> 00:52:38,560
संशय रूपी अंधकार दूर कर दे गुरु सिद्ध हो

742
00:52:38,560 --> 00:52:42,960
वो तो ये सारे लक्षण अब आपको पता चल गए। अब आपको एक एक

743
00:52:42,960 --> 00:52:47,120
का नाम लेकर के किसी से समीक्षा करवाने की आवश्यकता नहीं है। यह चारों

744
00:52:47,120 --> 00:52:51,520
पांचों लक्षण जहां पर लागू हो जाए वह प्रामाणिक है। जहां लागू ना हो

745
00:52:51,520 --> 00:52:55,600
वो प्रामाणिक नहीं है। एक एक का नाम लेकर समीक्षा करवाएंगे। कई बार समीक्षा

746
00:52:55,600 --> 00:52:59,680
करने में भी आपत्ति हो जाएगी सामने वाले को। और दूसरी यह बात भी है कि

747
00:52:59,680 --> 00:53:03,680
कितनों की समीक्षा करवाएंगे? अभी आप घर से बाहर निकलेंगे। कोई पांच साल का

748
00:53:03,680 --> 00:53:08,480
बच्चा वो 10 साल का वो जो है क्या नाम है उसका? क्या नाम है?

749
00:53:08,480 --> 00:53:14,400
वो भी कथावाचक हो गया है आजकल। बाल बाल कथावाचक

750
00:53:14,400 --> 00:53:19,360
रामभद्राचार्य जी ने फटकारा था उसको अपने मंच से

751
00:53:19,360 --> 00:53:23,840
नाम ध्यान नहीं आ रहा मुझे जीता है

752
00:53:23,840 --> 00:53:28,000
मैं उस बात पूरी कर लूं तो आप

753
00:53:28,000 --> 00:53:32,160
घर से जैसे ही बाहर निकलेंगे कोई बच्चा कह देगा मैं जगतगुरु हूं तो

754
00:53:32,160 --> 00:53:36,400
आपको मुझसे पूछने आने की आवश्यकता नहीं है कि वो जगतगुरु है कि नहीं आपको

755
00:53:36,400 --> 00:53:40,560
परचून वाला कह देगा मैं जगतुगुरु हूं फिर तो फिर आप मेरे पास आएंगे कि वो जगत जगत

756
00:53:40,560 --> 00:53:44,800
गुरु है कि नहीं तो इसके लिए आप सार्वभौम सिद्धांतों को अपने साथ

757
00:53:44,800 --> 00:53:45,300
रख के

758
00:53:45,280 --> 00:53:50,080
चलिए कि कौन होगा प्रमाणिक आचार्य परंपरा सन्यासी

759
00:53:50,080 --> 00:53:54,880
सामंजस्य की शिक्षा और संशय रूपी अंधकार को दूर कर देने वाला

760
00:53:54,880 --> 00:53:59,360
सिंपल आप आपके गुरु आपको मिल जाएंगे ठीक है ऐसे

761
00:53:59,360 --> 00:54:03,360
व्यक्तिगत व्यक्तिगत व्यक्तिगत रूप से एक एक की समीक्षा कहां तक करते

762
00:54:03,360 --> 00:54:08,880
जाएंगे इसमें मैं उदाहरण एक एक उदाहरण कई बार दे चुका हूं लोगों को

763
00:54:08,880 --> 00:54:12,960
कि जैसे हमको किसी फैटी व्यक्ति

764
00:54:12,960 --> 00:54:16,960
को जो मोटापे से ग्रसित हो उसको हमें पतला करना है। अब

765
00:54:16,960 --> 00:54:21,040
हमने उसको एक जो न्यूट्रिशन को ध्यान में रखते हुए कि उसको दिन भर

766
00:54:21,040 --> 00:54:25,200
में कितना प्रोटीन, कितना फैट और कितना कार्बोहाइड्रेट बॉडी में जाना चाहिए। इन

767
00:54:25,200 --> 00:54:29,280
बातों को ध्यान में रखते हुए उसको एक अच्छा सा डाइट प्लान दे दिया। तो

768
00:54:29,280 --> 00:54:33,280
अब उसके लिए अच्छा क्या है? जो इस डाइट प्लान के

769
00:54:33,280 --> 00:54:37,280
अंदर है। इस डाइट प्लान के बाहर यदि तुम्हें काजू भी मिलता है,

770
00:54:37,280 --> 00:54:41,280
बादाम भी मिलता है तो वह भी आपके उद्देश्य में क्योंकि बाधक

771
00:54:41,280 --> 00:54:45,360
है इसलिए वो भी गलत है। वो भी आपके लिए ग्राह नहीं

772
00:54:45,360 --> 00:54:49,440
है। जैसे कि कोई पत्नी वता पुरुष है।

773
00:54:49,440 --> 00:54:54,720
अब उसको कोई बहुत अच्छी स्त्री भी दिखती है। वो भी उसके लिए हानिकारक है ना।

774
00:54:54,720 --> 00:54:58,800
कोई बहुत अच्छी स्त्री भी मिलती है वह भी उसके लिए ठीक नहीं है। जबकि वो

775
00:54:58,800 --> 00:55:00,320
स्त्री तो अच्छी है मगर

776
00:55:00,320 --> 00:55:04,400
वो उसकी जो मर्यादा है उसकी उसमें नहीं आती। इसी प्रकार से

777
00:55:04,400 --> 00:55:08,480
हमने जब आपको सार्वभौम सिद्धांत दे दिए आचार्य को आचार्य कौन हो

778
00:55:08,480 --> 00:55:12,560
सकता उसके संबंध में तो आप उनको लेकर के चलिए। आप बार-बार फोन करके

779
00:55:12,560 --> 00:55:16,560
ना पूछिए कि मैं काजू खा लूं क्या? मैं बादाम खा लूं क्या? मैं केला खा लूं

780
00:55:16,560 --> 00:55:20,720
क्या? मैं खजूर खा लूं क्या? यह नहीं करना है। क्या करना है कि जो आपको

781
00:55:20,720 --> 00:55:25,040
डाइट चार्ट दिया गया है केवल वो खाना है। उसके बाहर की सारी चीजें त्याग देनी

782
00:55:25,040 --> 00:55:29,120
है। सिंपल जी बताइए। जी ऐसा हुआ

783
00:55:29,120 --> 00:55:33,280
कि मैं मैं अपने एक दोस्त से ये उसके साथ तर्क कर रहा। मतलब ऐसे

784
00:55:33,280 --> 00:55:37,360
ही इसी बारे में कि ये मैं मेरा मानना ये था कि वो नहीं

785
00:55:37,360 --> 00:55:41,920
थे। तो उसने परंपरा पर ही सवाल उठा दिया कि अगर सुखदेव

786
00:55:41,920 --> 00:55:46,080
के दो शिष्य हैं शंकराचार्य और मधवाचार्य

787
00:55:46,080 --> 00:55:50,080
तो दोनों के सिद्धांत अलग कैसे हो गए? तो इस पर मैं

788
00:55:50,080 --> 00:55:54,320
कोई जवाब नहीं दे पाया ठीक से। इसीलिए मैं आया हूं। सिद्धांत

789
00:55:54,320 --> 00:55:58,960
गलत नहीं हुए। सिद्धांत किसी का गलत नहीं हुआ। मधवाचार्य

790
00:55:58,960 --> 00:56:03,040
जी के सिद्धांत पर व्यवहार में हम लोग चलते हैं। त्यागा कहां

791
00:56:03,040 --> 00:56:07,120
है? गलत किसने कहा मधवाचार्य जी के सिद्धांत को?

792
00:56:07,120 --> 00:56:11,120
नहीं नहीं नहीं मैंने उनको जब से

793
00:56:11,120 --> 00:56:15,360
पूजा करते हैं ना भगवान की शिवाजी ऐसा हुआ कि मैंने

794
00:56:15,360 --> 00:56:19,680
बोला कि उत्तराधिकारी जो मतलब गुरु है वो चुनेंगे

795
00:56:19,680 --> 00:56:23,680
तो उसने बोला ये फिर दो उत्तराधिकारी यहां पर कैसे आ गए और

796
00:56:23,680 --> 00:56:28,080
उसके बाद मतलब ऐसे युक्ति लाए कि ये शंकराचार्य

797
00:56:28,080 --> 00:56:32,080
का पद क्यों है उससे पहले जो गोविंदाचार्य जी

798
00:56:32,080 --> 00:56:36,080
थे शायद उनका पद क्यों नहीं है ऐसा प्रश्न स्टार्ट कर लिया

799
00:56:36,080 --> 00:56:40,080
तो मैं उसका उसका उत्तर नहीं दे पाया। इसलिए मैं एक ही गुरु के

800
00:56:40,080 --> 00:56:44,080
एक ही गुरु के किसी कोई छात्र होता है

801
00:56:44,080 --> 00:56:48,080
जिसके कुछ नंबर आते हैं और एक ही गुरु का कोई छात्र होता है जिसके कुछ

802
00:56:48,080 --> 00:56:52,080
नंबर आते हैं। तो फिर यह कैसे संभव है? एक

803
00:56:52,080 --> 00:56:56,240
ही गुरु के जितने भी छात्र हो उनके सबके एक ही जैसे नंबर आएंगे।

804
00:56:56,240 --> 00:57:00,400
उसके हिसाब से आपके व्यक्ति के हिसाब से। अरे वो

805
00:57:00,400 --> 00:57:04,720
गुरु तो छोड़ो कि सब लोग उनके गुरु शिष्य हैं। सुखदेव के

806
00:57:04,720 --> 00:57:09,760
वो छोड़ दो। तो सब लोग ईश्वर के शिष्य तो हैं।

807
00:57:09,760 --> 00:57:13,840
ईश्वर के शिष्य तो हैं। फिर कैसे अलग-अलग? समझने में अलग-अलग। किसी

808
00:57:13,840 --> 00:57:18,000
ने ईश्वर की इतनी बात को समझा और कहा।

809
00:57:18,000 --> 00:57:22,320
किसी ने ईश्वर की इतनी बात को समझा और कहा। ठीक है? तो

810
00:57:22,320 --> 00:57:26,640
इसको कहते हैं सत्य सष्णता की क्रमिक अभिव्यक्ति। सबकी अपनीप

811
00:57:26,640 --> 00:57:30,880
उपयोगिता है। द्वैत अद्वत विशिष्टा सबकी अपनीप उपयोगिता

812
00:57:30,880 --> 00:57:34,960
है। किसी का भी वो त्याज रूप से वो नहीं है। खंडन

813
00:57:34,960 --> 00:57:39,040
नहीं है। हां यदि कोई यह कहता है सीधे इस

814
00:57:39,040 --> 00:57:43,040
पर आ जाओ। यदि कोई यह कहता है कि भाई शंकराचार्य का वो

815
00:57:43,040 --> 00:57:47,200
गलत है तो फिर जब वो यह कह देगा ना शंकराचार्य का सिद्धांत गलत

816
00:57:47,200 --> 00:57:51,280
है। तो इसमें बस एक दिक्कत सबसे पहली आ जाएगी कि

817
00:57:51,280 --> 00:57:56,720
ईश्वर सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं हो पाएगा।

818
00:57:56,720 --> 00:58:00,960
तो टू स्टॉप द ट्रेन पुल द च आप शंकराचार्य का विरोध

819
00:58:00,960 --> 00:58:05,120
करिए खूब करिए कोई दिक्कत नहीं है हमको सर्वशक्तिमान ईश्वर दे दीजिए हम आपके

820
00:58:05,120 --> 00:58:09,440
साथ है सर्वशक्तिमान ईश्वर दे दीजिए हम इस्लाम

821
00:58:09,440 --> 00:58:13,440
को अपना लेंगे क्रिश्चियनिटी को अपना लेंगे मगर दिक्कत ये है

822
00:58:13,440 --> 00:58:17,680
कि शंकर के विरोध में खड़े होकर के आप ईश्वर को सर्वशक्तिमान

823
00:58:17,680 --> 00:58:21,760
सिद्ध नहीं कर पाएंगे तो इसलिए

824
00:58:21,760 --> 00:58:25,760
सामने आकर के शंकर के सिद्धांत का खंडन करना और

825
00:58:25,760 --> 00:58:29,840
उसके बाद सनातनी बने रहना, धार्मिक बने रहना, ईश्वर पर विश्वास करने वाले

826
00:58:29,840 --> 00:58:33,920
बने रहना और मनुष्य बने रहना ये सब संभव नहीं है। यह तो रही

827
00:58:33,920 --> 00:58:38,160
विरोध वाली बात। बाकी अगर शंकर के सिद्धांत की सीमा में रहते

828
00:58:38,160 --> 00:58:42,240
हुए रसगत भेद या व्याख्या भेद भाष्य भेद

829
00:58:42,240 --> 00:58:46,560
भेद करते हुए हम अपनी व्याख्याएं

830
00:58:46,560 --> 00:58:50,800
देते हैं। उनको स्वीकार करते हैं तो उसमें कोई आपत्ति नहीं। मगर जब आप विरोध

831
00:58:50,800 --> 00:58:54,960
करने लगेंगे नहीं मैं विरोध करने के लिए खड़ा हुआ हूं तो फिर वहां पारित हो जाएगा

832
00:58:54,960 --> 00:59:00,960
ईश्वर ईश्वर की ईश्वरता भंग हो जाएगी जी

833
00:59:00,960 --> 00:59:05,120
पहाड़ी जी तो चले गए आपसे चर्चा में पहाड़ी जी

834
00:59:05,120 --> 00:59:09,200
यही है पहाड़ी जी हां पहाड़ी जी मुझे नहीं

835
00:59:09,200 --> 00:59:13,840
मुझे नहीं दिख रहा छोटी सी बाती

836
00:59:13,840 --> 00:59:17,840
जी छोटी सी बात बता रहे मैंने रामपाल का जो केस लड़

837
00:59:17,840 --> 00:59:22,000
रहा है वकील जो है एडवोकेट जो है

838
00:59:22,000 --> 00:59:26,000
हां वो इतने सालों से केस लड़ रहा है वो अभी तक

839
00:59:26,000 --> 00:59:30,320
उसका अनुयाई नहीं बन पाया ना उसको भगवान भगवान मानता है

840
00:59:30,320 --> 00:59:34,400
वो बौद्ध धर्म को मानता है और बौद्ध की मूर्ति अपने ऑफिस में रखिए ये

841
00:59:34,400 --> 00:59:38,560
बड़ी बड़ी अब बताइए कहां से भगवान है वो उसका इंटरव्यू

842
00:59:38,560 --> 00:59:42,880
है मेरे पास परसों का अरे ये सब ये सब ज्यादातर लोग भाई

843
00:59:42,880 --> 00:59:46,960
व्यापार को अपनी अर्थ को इन सब चीजों को प्राथमिकता देने वाले

844
00:59:46,960 --> 00:59:51,040
हैं जब इनको धर्म की व्याख्या ही सही से नहीं

845
00:59:51,040 --> 00:59:55,200
मालूम है। आज तक आपने कितने लोगों को देखा है रामपालियों को

846
00:59:55,200 --> 00:59:59,280
जो आकर के धर्म शब्द धर्म की व्याख्या नहीं बता पाए कि धर्म है

847
00:59:59,280 --> 01:00:03,200
क्या? क्या उसकी उपयोगिता है?

848
01:00:03,200 --> 01:00:07,520
बता पाए क्या? अगर नहीं तो अगर कोई

849
01:00:07,520 --> 01:00:11,840
रामपाल का अनुयाय अगर कोई आना चाहता है अपना पक्ष रखना चाहता है तो

850
01:00:11,840 --> 01:00:17,840
आ सकता है। अभी बेहिचक आ सकता है। इसमें बिल्कुल आ सकता है।

851
01:00:17,920 --> 01:00:22,080
और वकील ने एक बात यह कही कि जब पत्रकार ने यह पूछा कि क्या

852
01:00:22,080 --> 01:00:26,240
वो बाहर आ जाएंगे क्या रिहाई हो गई उनकी तो उन्होंने ये कहा

853
01:00:26,240 --> 01:00:30,560
उनके उन्होंने कि रिहाई नहीं हुआ है रिहाई

854
01:00:30,560 --> 01:00:34,640
नहीं हुई है अभी और केस भी पेंडिंग है तो अभी जस्ट

855
01:00:34,640 --> 01:00:39,120
अभी एक केस में 427 4 28 की ऐसे कुछ बोला

856
01:00:39,120 --> 01:00:43,440
अभी रिहाई नहीं हुई है अभी हम उसके लिए वो लगाएंगे बोला है अभी रिहाई

857
01:00:43,440 --> 01:00:46,400
नहीं हुई है उनकी

858
01:00:46,400 --> 01:00:50,480
तो इस प्रकार से था और अभी कोई रामपाल का अनुय अगर आके अपना पक्ष रखना

859
01:00:50,480 --> 01:00:54,640
चाहता है इस केस के मामले में या उसका कोई पक्ष है धर्म

860
01:00:54,640 --> 01:01:00,640
के मामले में तो आके बात कर सकता है

861
01:01:00,800 --> 01:01:04,800
जी जी और तब तक हम लोग गोस्वामी जी को भी सुन

862
01:01:04,800 --> 01:01:10,800
ले गोस्वामी जी जय श्री राम

863
01:01:16,160 --> 01:01:20,720
शास्त्रवाद जी बोले

864
01:01:20,720 --> 01:01:26,720
जय श्री राम भैया जय श्री राम जय श्री राम

865
01:01:29,040 --> 01:01:33,200
भैया आज तो बहुत अच्छा आप यहां पे आज बहुत दिन बाद आप लाइव आए हैं आज आपको

866
01:01:33,200 --> 01:01:37,600
ये YouTube पे फिर से देखते हुए बहुत अच्छा लग रहा है और

867
01:01:37,600 --> 01:01:43,040
क्या करें कुछ यही बात है भैया कि आज कुछ जो

868
01:01:43,040 --> 01:01:47,040
जैसे लोग हैं वो अपने अपने

869
01:01:47,040 --> 01:01:51,360
अंदर ही अंदर के मामलों में ही व्यस्त रखवाने में रुचि रखते हैं।

870
01:01:51,360 --> 01:01:55,040
हां

871
01:01:55,040 --> 01:01:59,760
जी जी बोल वही है। अब जैसे

872
01:01:59,760 --> 01:02:03,840
सोशल मीडिया के माध्यम से भी कोई भाषण नहीं दे सकता या कोई

873
01:02:03,840 --> 01:02:07,840
सत्संग नहीं कर सकता। तो इसके अंडर में इसके जो पुराने सत्संग

874
01:02:07,840 --> 01:02:11,920
है उस पर भी तो गाज गिरेगी। बिल्कुल गिरेगी और अभी

875
01:02:11,920 --> 01:02:16,000
हम जब काउंटर वो एक अपना उत्तर प्रस्तुत करेंगे तो उसमें ये

876
01:02:16,000 --> 01:02:20,240
वाला सहारा लिया जाएगा क्या हरियाणा हाई कोर्ट ने ये संदेश दिया है। इसके

877
01:02:20,240 --> 01:02:25,040
ऊपर प्रतिबंध होना चाहिए। हां। और

878
01:02:25,040 --> 01:02:29,120
ये इनके अनुयाई बोल रहे हैं कि सत्य की जीत हुई। सत्य की जीत नहीं हुई

879
01:02:29,120 --> 01:02:33,120
है यहां पर। पहले पहले तो आप यह क्लियर कर लीजिए कि इनके

880
01:02:33,120 --> 01:02:37,120
कौन से वाले अनुयाय बोलते हैं। वो गिरोह नहीं बोलता प्लानिंग वाला क्योंकि

881
01:02:37,120 --> 01:02:41,360
वो चाहता ही नहीं है रामपाल बाहर आए। ये जो अंधे भक्त हैं जिसको गिरोह

882
01:02:41,360 --> 01:02:45,760
ने बंधा कर रखा है वो लोग बोल रहे हैं। जी

883
01:02:45,760 --> 01:02:49,840
जी जी जी इनका वकील खुद वह बोल रहा है।

884
01:02:49,840 --> 01:02:54,000
चलो चलो गोदी मीडिया कुछ भी बोल सकती है। पर जो रामपाल का वकील

885
01:02:54,000 --> 01:02:58,000
है जब वो बोल रहा है तो

886
01:02:58,000 --> 01:03:02,000
सुननी चाहिए उनकी बात और जो कोर्ट ने कहा

887
01:03:02,000 --> 01:03:06,160
है कि 10 साल आठ महीने 27 दिन की सजा

888
01:03:06,160 --> 01:03:10,080
ऑलरेडी वो काट चुका है और जो एक ये जो उमर कैद का

889
01:03:10,080 --> 01:03:14,160
होता है कि डेथ पॉइंट होता है जो जो है उसको अभी रोका गया

890
01:03:14,160 --> 01:03:18,320
है उसको रोका गया है ना कि वो

891
01:03:18,320 --> 01:03:22,480
सजा माफ हुई है या वो निरस्त हुई है निरस्त

892
01:03:22,480 --> 01:03:26,640
नहीं निरस्त का अर्थ हुआ कि उसको अमान्य ये ओ से ही लागू रहेगी

893
01:03:26,640 --> 01:03:30,720
कि जब तक कि हाई कोर्ट से कोई फैसला नहीं आ सकता आ जाता

894
01:03:30,720 --> 01:03:34,800
उसके विपरीत जो पुराना जो फैसला था यही

895
01:03:34,800 --> 01:03:39,760
है उसका और हम तो चाहते ही थे कि ये बाहर आए

896
01:03:39,760 --> 01:03:44,000
और बाहर भाई बाहर आने से जो यहां की पुलिस जो इन्वेस्टिगेशन

897
01:03:44,000 --> 01:03:48,240
कर रही है उसमें बड़ी मदद मिलेगी हां आसान हो जाएगा

898
01:03:48,240 --> 01:03:52,400
थोड़ा और हो सकता है कि आपको भी मौका मिले उसको निरुत्तर

899
01:03:52,400 --> 01:03:56,400
करने का सबसे अच्छी बात तो ये है कि यदि रामपाल ही ये गिरोह चला

900
01:03:56,400 --> 01:04:00,480
आ रहा है तो यहां की पुलिस उसको लेके आएगी और फिर हम कहेंगे अब आ

901
01:04:00,480 --> 01:04:05,840
भाई तू शास्त्रार्थ कर रामपाल को कर भाई शास्त्रार्थ

902
01:04:05,840 --> 01:04:10,000
जी जी जी ये सब ये तो

903
01:04:10,000 --> 01:04:14,320
है पर अब सरकार ने ही अदालत ने ही जब पाबंदी

904
01:04:14,320 --> 01:04:18,320
लगा दी इसके सारे प्रोग्रामों में फिर

905
01:04:18,320 --> 01:04:22,720
हम तो चाहते ही ये थे हमको कौन सा उससे दुश्मनी है रामपाल से

906
01:04:22,720 --> 01:04:26,160
हमारी दुश्मनी रामपाल से नहीं है उसने जो

907
01:04:26,160 --> 01:04:32,160
एक भ्रांति फैलाई थी। उसके खिलाफ थे हम तो।

908
01:04:32,720 --> 01:04:36,960
लोगों को लग रहा है ये रामपाल की विजय जगह-गह से वो बेचारा मार खाता

909
01:04:36,960 --> 01:04:41,040
फिर रहा है। पहली बात तो अपने बूढ़े व्यक्ति को संभाल लो जाकर के। उसको

910
01:04:41,040 --> 01:04:45,360
क्या बीमारियां है? क्या उसके शरीर में कष्ट है वो देख लो। कौन से दुख दर्द तकलीफें?

911
01:04:45,360 --> 01:04:49,520
रीड की हड्डी कैसी है? जो एक रेक्टर स्पाइन मसल होती

912
01:04:49,520 --> 01:04:53,840
है ना रीड की हड्डी के बगल बगल में चलती है अगर उसको ट्रेनिंग ना मिले डेली

913
01:04:53,840 --> 01:04:57,840
कसरत व्यायाम इत्यादि ना हो तो उसी के कारण व्यक्ति आगे चल के वो

914
01:04:57,840 --> 01:05:02,000
जो है झुक जाता है है ना और

915
01:05:02,000 --> 01:05:06,640
ऐसे स्पाइन ऊपर का व्यक्ति ऐसे ऐसे हो जाता है ना झुक के बात करने लगता है तो वो

916
01:05:06,640 --> 01:05:10,880
सबसे पहले तो वो देख लो जाकर के उसकी वो रेक्टर स्पाइन मसल इत्यादि

917
01:05:10,880 --> 01:05:15,040
क्या है वीक है कमजोर है थोड़ा देख लो पाचन क्रिया कैसी है बुढ़ापा आ गया

918
01:05:15,040 --> 01:05:19,040
बेचारे का यह सब देख लो भगवान भगवान कह कह कह के

919
01:05:19,040 --> 01:05:24,240
कह के तुम ही ने सबसे ज्यादा उसको परेशान किया है।

920
01:05:24,240 --> 01:05:28,320
मेरी लाइव में एक आया था रामपाल का। अच्छा कोई आया है एक मिनट पहाड़ी

921
01:05:28,320 --> 01:05:32,400
जी शायद रोहिताश जी हैं। ये रोहिताश कुमार बताइए जय श्री

922
01:05:32,400 --> 01:05:36,880
राम। जय श्री राम। जी

923
01:05:36,880 --> 01:05:41,280
रामपाल जी के अनुय इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि ना वो इस टाइम पे बिजी हो रखे हैं सावतरण

924
01:05:41,280 --> 01:05:45,600
दिवस पे। इसलिए अनुय नहीं आ पा रहे उनके एक भी।

925
01:05:45,600 --> 01:05:49,840
नहीं ऐसा नहीं है अवतरण दिवस तभी होंगे तो अवतरण दिवस कोई जंगल

926
01:05:49,840 --> 01:05:53,840
में तो होता नहीं होगा इंटरनेट तो होगा इसलिए वो इसलिए

927
01:05:53,840 --> 01:05:58,160
वो आपके साथ लाइव में नहीं जुड़ पा रहे हैं नहीं नहीं

928
01:05:58,160 --> 01:06:03,680
अवतरण दिवस अवतरण यहां पे अभी मैं आपको कमेंट दिखाऊं बहुत सारे

929
01:06:03,680 --> 01:06:07,920
बहुत सारे कमेंट है जो मेरे विरोध में है रामपाल के पक्ष में

930
01:06:07,920 --> 01:06:13,120
पर वो सामने नहीं आ रहे क्योंकि उनमें सामर्थ्य नहीं है हम हम

931
01:06:13,120 --> 01:06:17,120
और सबसे बड़ी बात ये है कि मतलब ऐसे कैसे हो सकता है? जब 2014 में

932
01:06:17,120 --> 01:06:21,200
जब एक आश्रम था जब ये घटना हुई उसके बाद जेल में से 101

933
01:06:21,200 --> 01:06:25,280
आश्रम खड़े कर देना यह कैसे हो सकता है? कैसे संभव है ये? ये संभव

934
01:06:25,280 --> 01:06:29,760
ऐसे है कि जब आप सतलोक आश्रम में थे अकॉर्डिंग टू रामपाल

935
01:06:29,760 --> 01:06:34,400
सारे जीव कहां थे?

936
01:06:34,400 --> 01:06:38,480
सारे जीव थे। ये तो मुझे सुनो ये तो नहीं पता लेकिन इतना मुझे पता है कि जब उस

937
01:06:38,480 --> 01:06:42,480
टाइम पे एक रामपाल एक मिनट एक मिनट मैं आपकी बात का जवाब दे रहा हूं। अकॉर्डि

938
01:06:42,480 --> 01:06:46,640
आपको नहीं पता मुझे पता है अकॉर्डिंग टू रामपाल सारे जीव कबीर के पास

939
01:06:46,640 --> 01:06:50,720
थे सतलोक में ऐसा कैसे हो सकता है कि सतलोक में रहते

940
01:06:50,720 --> 01:06:54,720
हुए इतनी बड़ी दुनिया ये इतना बड़ा राक्षस के द्वारा इतनी बड़ी दुनिया सब खड़ी

941
01:06:54,720 --> 01:06:58,800
हो गई कबीर के रहते हुए यदि कबीर

942
01:06:58,800 --> 01:07:02,800
सही था तो नहीं बननी चाहिए थी दुनिया जिस प्रकार से आप कह रहे हो कि यदि हम

943
01:07:02,800 --> 01:07:06,800
सही है और रामपाल गलत है तो उसके आश्रम नहीं

944
01:07:06,800 --> 01:07:10,880
खुलने चाहिए तो यदि काल गलत था और कबीर सही था तो ये

945
01:07:10,880 --> 01:07:15,040
दुनिया ही नहीं बननी चाहिए थे। प्राणी यहां पर फसने नहीं चाहिए थे। कैसे

946
01:07:15,040 --> 01:07:18,880
फस गए?

947
01:07:18,880 --> 01:07:22,880
और सबसे बड़ी बात तो ये समझ में आया? नहीं समझ में

948
01:07:22,880 --> 01:07:26,880
आ गया कि नहीं? हां आया। इसका मतलब

949
01:07:26,880 --> 01:07:30,960
ये है कि जिस प्रकार से तुम ये मानते हो कि

950
01:07:30,960 --> 01:07:35,040
जीवो में एक प्रवृत्ति हुई, जीवो से गलती हुई कि वो काल के जाल में फंस

951
01:07:35,040 --> 01:07:39,280
गए। कबीर के होते हुए भी उसी प्रकार से आज

952
01:07:39,280 --> 01:07:43,280
के भी लोग हैं जो फंस रहे हैं रामपाल के जाल

953
01:07:43,280 --> 01:07:47,280
में समझ में आया समझ में आया आया पर चलो ठीक है वो

954
01:07:47,280 --> 01:07:51,360
लोग वो लोग फंस रहे हैं पर देश का अपने देश का कानून है मीडिया है देखो उस टाइम पे क्या

955
01:07:51,360 --> 01:07:55,600
किया था फिर बाहर आ रहे हैं फिर ऐसे कैसे ये क्या कानून है क्या मीडिया

956
01:07:55,600 --> 01:07:59,920
है उस टाइम पे ऐसे क्या मीडिया है ये तो आप क्या कानून

957
01:07:59,920 --> 01:08:03,920
है क्या मीडिया है ये तो आप न्यायालय से जाके पूछिए ना तो हम मीडिया वाले

958
01:08:03,920 --> 01:08:07,200
हैं ना न्यायालय वाले

959
01:08:07,200 --> 01:08:11,760
हम तो सनातन धर्मी है। आपको हमारे धर्म से हमारे धर्म हमारे सिद्धांतों

960
01:08:11,760 --> 01:08:15,760
से कोई दिक्कत हो तो बताइए। ये चीजें तो आप न्यायालय से पूछिए ना। क्या

961
01:08:15,760 --> 01:08:20,240
न्यायालय है? क्या मीडिया है? और आप अपने गिरोह से पूछिए

962
01:08:20,240 --> 01:08:24,960
कि तुम अपने चैनल पे क्यों नहीं चला रहे हो? रामपाल की न्यूज़ जो बाहर आने वाला है।

963
01:08:24,960 --> 01:08:29,120
बाहर आने वाला है कि नहीं? सुन तो रहे हैं न्यूज़ में

964
01:08:29,120 --> 01:08:33,520
पता है। मैं तो किसी का अनुय नहीं हूं। अभी मैं तो किसी का अनुय नहीं हूं। नहीं यदि

965
01:08:33,520 --> 01:08:34,020
यदि तुम

966
01:08:34,000 --> 01:08:38,400
रामपाल के लिए जी लगा रहे हो तो तुम रामपाल के अनुयाई हो गए ना

967
01:08:38,400 --> 01:08:42,880
सम्मान दे रहे हो ना उसको नहीं सम्मान नहीं है हमको

968
01:08:42,880 --> 01:08:47,040
निंदा तो किसी की नहीं करनी चाहिए किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए किसी का भैया निंदा

969
01:08:47,040 --> 01:08:51,040
नहीं सत्य बोलना चाहिए कि नहीं एक मिनट निंदा नहीं सत्य बोलना

970
01:08:51,040 --> 01:08:57,040
चाहिए कि नहीं कुत्ते को कुत्ता बोलोगे कि नहीं

971
01:08:58,000 --> 01:09:02,160
मैं किसी का अनुयाई नहीं हूं ठीक है मैं अभी किसी के अनुयाय नहीं है एक मिनट अभी

972
01:09:02,160 --> 01:09:06,240
आपकी जांच हो जाती है पांच मिनट में आप किसी के अनुयाई नहीं है तो

973
01:09:06,240 --> 01:09:10,320
आपका धर्म क्या है मैं हिंदू धर्म से करता

974
01:09:10,320 --> 01:09:14,960
हूं हिंदू धर्म से हिंदू धर्म क्या है

975
01:09:14,960 --> 01:09:20,960
क्या परिभाषा है धर्म की बताइए

976
01:09:21,040 --> 01:09:25,440
इतना तो ज्ञान मुझे है नहीं जी क्या परिभाषा है इतना तो इतना

977
01:09:25,440 --> 01:09:29,520
इतना इतना ज्ञान नहीं है इसका मतलब आपको यह नहीं पता है कि

978
01:09:29,520 --> 01:09:34,480
ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान है कि हिंदू धर्म के अनुसार

979
01:09:34,480 --> 01:09:38,720
हां क्यों नहीं है हमारे पापा भगवान मानते

980
01:09:38,720 --> 01:09:42,960
हो ब्रह्मा विष्णु महेश से कोई बड़ा भगवान तो नहीं है हमारे

981
01:09:42,960 --> 01:09:47,040
पापा खुद भक्ति करते हैं कृष्ण भगवान की क्यों नहीं मानते हम मैं आपसे पूछ रहा हूं

982
01:09:47,040 --> 01:09:52,240
ब्रह्मा विष्णु महेश से बड़ा कोई तो भगवान नहीं है

983
01:09:52,240 --> 01:09:56,240
हमने तो यही सुने तीन मुझे तो पता नहीं जी मेरे पापा तो किसकी भक्ति करते ऊपर

984
01:09:56,240 --> 01:10:00,720
तो सुना नहीं ब्रह्मा विष्णु महेश को ही सुना चलो नहीं सुना नहीं पता

985
01:10:00,720 --> 01:10:04,960
तो इसका मतलब आप रामपाल के विचारों को नहीं मानते हो।

986
01:10:04,960 --> 01:10:10,960
रामपाल तो इनको अज्ञानी कहता है। तुम्हारे पिताजी इनकी भक्ति करते हैं।

987
01:10:10,960 --> 01:10:14,960
इसका मतलब तुम्हारे पिताजी अज्ञानी हुए, मूर्ख हुए और मनुष्यों में

988
01:10:14,960 --> 01:10:20,960
नीच हुए। रामपाल ने कहा इनकी भक्ति करने वाला नीच है।

989
01:10:21,600 --> 01:10:25,760
ऐसा पता नहीं। ऐसा तो पता नहीं कहां के निकाले। चलो चलो

990
01:10:25,760 --> 01:10:31,620
मैं दिखाता हूं। रुक जाओ रुक जाओ। मैं दिखाता हूं। एक मिनट।

991
01:10:31,620 --> 01:10:35,280
[संगीत]

992
01:10:35,280 --> 01:10:41,280
अंदर

993
01:10:56,800 --> 01:11:01,200
चलिए शिव भाई आप लोग चर्चा कीजिए मेरा कार्य जय

994
01:11:01,200 --> 01:11:05,360
श्री राम हर हर महादेव जय जय जय जय श्री राम

995
01:11:05,360 --> 01:11:09,760
इनको मनुष्यों में नीच वाला जरा दिखा दो अगर कहीं पर किसी के पास

996
01:11:09,760 --> 01:11:13,760
लिखा हो लगभग हर पेज पर लिखा है हर

997
01:11:13,760 --> 01:11:18,960
थोड़ी देर बाद बोलते हैं भैया मनुष्य में नीच है।

998
01:11:18,960 --> 01:11:22,960
पृष्ठ संख्या 76 किस में कौन से उसमें लिखा है बुक

999
01:11:22,960 --> 01:11:27,520
में? बता रहा है भाई। अभी सामने दिखा रहा हूं आपको।

1000
01:11:27,520 --> 01:11:32,240
हम ये देखो ये गीता ज्ञान अमृत

1001
01:11:32,240 --> 01:11:34,800
ठीक है।

1002
01:11:34,800 --> 01:11:38,800
उल्टा भगवत गीता में भगवत गीता में श्लोक। भगवत गीता श्लोक में है किसी

1003
01:11:38,800 --> 01:11:43,040
भगवत गीता में श्लोक है कोई? श्लोक नहीं है। ये रामपाल

1004
01:11:43,040 --> 01:11:47,120
जी ने लिखा है। रामपाल जी आपके जी है ना जो जी

1005
01:11:47,120 --> 01:11:52,240
रामपाल जी ये ये लिखा हुआ है मैं पढ़ के आपको सुना दे रहा हूं

1006
01:11:52,240 --> 01:11:56,240
कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश की उपासना

1007
01:11:56,240 --> 01:12:00,800
करने वाले हैं वह मूर्ख है राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए मनुष्यों

1008
01:12:00,800 --> 01:12:06,000
में नीच है तो यदि रामपाल सम्माननीय है

1009
01:12:06,000 --> 01:12:10,640
उसका कथन सम्माननीय है तो आपके पिताजी नीच है तो आप

1010
01:12:10,640 --> 01:12:14,640
अपने पिताजी को नीच मानते हो रामपाल को सम्मान देते हो क्या मानोगे

1011
01:12:14,640 --> 01:12:18,720
दोनों में से अब ये तो बुक में देखना पड़ेगा ना कहां लिखा

1012
01:12:18,720 --> 01:12:23,200
है? नहीं तो बुक में देखना पड़ेगा मुझे बुक में श्लोक

1013
01:12:23,200 --> 01:12:27,360
तो जाओ पहले देख लो पहले फिर आना जाओ नहीं

1014
01:12:27,360 --> 01:12:31,520
भगवत गीता में है श्लोक भगवत गीता में अरे भगवत गीता में नहीं उसने अपने

1015
01:12:31,520 --> 01:12:34,240
मन से जो अर्थ किया है भगवत गीता का गीता

1016
01:12:34,240 --> 01:12:38,720
तेरा ज्ञान अमृत उसमें वो लिख रहा है कि जो

1017
01:12:38,720 --> 01:12:42,960
ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं मूर्ख है मनुष्यों में नीच है

1018
01:12:42,960 --> 01:12:46,960
तो आप अपने अगर तुम रामपाल को ची जी कह रहे हो तो तुम अपने पिता

1019
01:12:46,960 --> 01:12:52,160
को नीच कह रहे हो पहले जाके देख आओ

1020
01:12:52,160 --> 01:12:56,160
तो श्लोक बताओगे तो तो गीता है मेरे पास भगवत गीता में श्लोक नहीं है कोई अरे

1021
01:12:56,160 --> 01:13:00,160
तुम्हारा दिमाग खराब है क्या मेरे पास तो नहीं आ

1022
01:13:00,160 --> 01:13:04,160
रहा दिमाग ये रामपाल ने जो किताब छापी है भगवत गीता

1023
01:13:04,160 --> 01:13:08,400
के नाम पे उसका अर्थ करते हुए उसने लिखा है कि जो

1024
01:13:08,400 --> 01:13:12,560
लोग ब्रह्मा विष्णु महेश ये गीता में कहीं नहीं लिखा है गीता

1025
01:13:12,560 --> 01:13:16,800
का गलत अर्थ करके रामपाल ने लिखा है कि जो लोग ब्रह्मा

1026
01:13:16,800 --> 01:13:21,200
विष्णु महेश की पूजा करते हैं मनुष्यों में नीच समझ में आया?

1027
01:13:21,200 --> 01:13:25,200
मैं तुमको ये कह रहा हूं क्या कि हमारी गीता में लिखा है कि मनुष्यों में नीच ब्रह्मा विष्णु महेश

1028
01:13:25,200 --> 01:13:29,200
की पूजा करते हैं। रामपाल ने अपना मनगढ़ंत अर्थ करके लिखा है

1029
01:13:29,200 --> 01:13:33,200
कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं जो उन्हें भगवान समझते हैं वो मनुष्यों

1030
01:13:33,200 --> 01:13:37,520
में नीच है। तो आप तय कर लो कि रामपाल जी हैं या आपके पिता

1031
01:13:37,520 --> 01:13:41,520
नीच है। तो ये तो बुक में देखना पड़ेगा। तो पढ़ के आ जाओ।

1032
01:13:41,520 --> 01:13:45,920
हम ठीक है। पढूंगा पढूंगा। ठीक है। ठीक है। पढ़ लीजिए।

1033
01:13:45,920 --> 01:13:50,080
ठीक है। बुक में ही पढ़ना पड़ेगा। देखना पड़ेगा ना पेज पे। हां पढ़

1034
01:13:50,080 --> 01:13:55,440
हम

1035
01:13:55,440 --> 01:14:00,800
हां भाई हर्षित जी जय श्री राम बताइए

1036
01:14:00,800 --> 01:14:04,880
जी जय श्री राम भैया अच्छा इसकी तो

1037
01:14:04,880 --> 01:14:08,960
इतनी मर्मज्ञता हो गई है अभी तक ही अभी मतलब तीसरा चैप्टर ही

1038
01:14:08,960 --> 01:14:12,960
चल रहा है चौथा चैप्टर वहीं पे रुका हुआ है मामला वो जो सीरीज

1039
01:14:12,960 --> 01:14:16,560
नहीं चलाई थी

1040
01:14:16,560 --> 01:14:20,560
बोल वचन रामपाल के बोल वचन गीता के नाम पर इसमें तो

1041
01:14:20,560 --> 01:14:24,560
इतनी मर्मज्ञता हो गई है कि कौन सी चीज कहां लिखी तुरंत

1042
01:14:24,560 --> 01:14:28,960
मिल जाती है। हां

1043
01:14:28,960 --> 01:14:32,080
बिल्कुल

1044
01:14:32,080 --> 01:14:38,080
आपका शायद नेटवर्क ठीक-ठाक नहीं है।

1045
01:14:38,160 --> 01:14:42,240
जी थोड़ा यहां पे नेटवर्क मौसम खराब है

1046
01:14:42,240 --> 01:14:46,320
तो उसी के कारण थोड़ा नेट खराब चल रहा होगा। स्लो

1047
01:14:46,320 --> 01:14:50,400
चल रहा है। मेरी आवाज नहीं आ रही क्या बहुत क्लियरली? हेलो

1048
01:14:50,400 --> 01:14:54,640
नहीं ठीक है। ठीक है। कोई महत्वपूर्ण बात है तो बोले क्योंकि

1049
01:14:54,640 --> 01:14:58,640
मेरे ख्याल से सवा घंटे का हो गया है सेशन और मुख्य बात तो हमने बता ही

1050
01:14:58,640 --> 01:15:01,280
दी है।

1051
01:15:01,280 --> 01:15:05,520
जी भैया भैया आजकल देख रहे हैं हर कोई जो है ना अलग-अलग जो मत संप्रदाय

1052
01:15:05,520 --> 01:15:09,920
वाले लोग सब संप्रदाय वाले नहीं जो संप्रदाय विहीन है। ठीक है

1053
01:15:09,920 --> 01:15:14,160
वो लोग क्या करते हैं जो संप्रदाय के परंपरागत आचार्य हैं

1054
01:15:14,160 --> 01:15:18,240
उन मतलब उनका क्या मानना है उसको

1055
01:15:18,240 --> 01:15:22,400
अपने ढंग से बताते हैं। मतलब शंकराचार्य जी का जो मानना है कि

1056
01:15:22,400 --> 01:15:28,400
वो अरे मैं समझ गया आप समाजियों की बात कर रहे हैं।

1057
01:15:29,600 --> 01:15:33,920
जी तो वो लोग क्या है सांप और बिच्छू शेरों

1058
01:15:33,920 --> 01:15:38,240
को काटा नहीं करते। सुनिए सांप और बिच्छू शेरों

1059
01:15:38,240 --> 01:15:42,640
को काटा नहीं करते। दूरी ही दूर से रेंग कर निकल जाते। जब यह सामना

1060
01:15:42,640 --> 01:15:46,720
करते हैं तो इनका मुंह भीगी भुली जैसा हो जाता है और दूर दूर

1061
01:15:46,720 --> 01:15:50,880
दूर बैठ के और यह सभी जो प्रामाणिक रूप से आर्य समाजी

1062
01:15:50,880 --> 01:15:54,960
वो नहीं जो चोर टाइप से जिनको आर्य समाज समय आने

1063
01:15:54,960 --> 01:15:59,200
पर स्वीकार ही नहीं करता कि आर्य समाजी हमसे जुड़ा हुआ है ये है वो है ऐसे आर्य

1064
01:15:59,200 --> 01:16:04,000
समाजी ये करते हैं तथाकथित आर्य समाजी होते हैं सो कॉल्ड

1065
01:16:04,000 --> 01:16:08,000
जो प्रामाणिक रूप से आर्य समाजी होता है वो अपने पक्ष को पुष्ट करने के लिए शंकराचार्य का

1066
01:16:08,000 --> 01:16:13,600
सहारा नहीं लेता यद्यपि आज कुछ ऐसे ऐसे भी हो गए जो सहारा सहारा लेने लगे।

1067
01:16:13,600 --> 01:16:19,040
मगर वो भी फिर दोगलों की श्रेणी में आते हैं जो ऐसे होते हैं।

1068
01:16:19,040 --> 01:16:23,280
तो शंकराचार्य का सहारा लेकर के शंकराचार्य ने कभी मूर्ति

1069
01:16:23,280 --> 01:16:27,600
पूजा नहीं मानी। ये है वो है। अरे भैया शंकराचार्य जब तुम्हारे

1070
01:16:27,600 --> 01:16:31,760
लिए प्रमाण नहीं है तो फिर तुम क्यों रख रहे हो उसका प्रमाण? अच्छा दूसरी बात

1071
01:16:31,760 --> 01:16:35,840
तुमने शंकराचार्य को पढ़ा कहां से? चलो तुम प्रामाणिक रूप से दयानंद

1072
01:16:35,840 --> 01:16:39,840
से जुड़े हुए तो दयानंद की बातें करो। तुम प्रामाणिक रूप से

1073
01:16:39,840 --> 01:16:44,000
प्रपाद जी से जुड़े हुए तो प्रपाद जी की बातें बताओ। अब तुम बताओगे

1074
01:16:44,000 --> 01:16:44,720
शंकराचार्य

1075
01:16:44,720 --> 01:16:50,560
के शिष्यों को कि शंकराचार्य ने भज गोविंदम क्यों लिखा?

1076
01:16:50,560 --> 01:16:55,040
अब तुम एक तरफ कहते हो कि शंकराचार्य मायावादी थे। तो मायावादी

1077
01:16:55,040 --> 01:17:00,240
थे तो भज गोविंदम मायावाद है क्या? कृष्ण की भक्ति मायावाद है क्या?

1078
01:17:00,240 --> 01:17:04,320
या तो तुम उनको मायावादी तय कर लो या फिर तुम भज गोविंदम को यह मत कहो कि

1079
01:17:04,320 --> 01:17:08,560
भैया भज गोविंदम जो है भगवान शंकराचार्य ने भी सही बात बताई है। भगवान

1080
01:17:08,560 --> 01:17:12,800
शंकराचार्य ने तो तुम्हारे हिसाब से गलत बातें बताई है। तो जब उनकी

1081
01:17:12,800 --> 01:17:16,800
बातें गलत है तो फिर तुम ये क्यों कह रहे हो कि ये बात अपने पक्ष वाली बात

1082
01:17:16,800 --> 01:17:20,480
क्यों बता रहे हो?

1083
01:17:20,480 --> 01:17:26,160
चलिए विराज के लिए इतना पर्याप्त है। कुल मिलाकर के

1084
01:17:26,160 --> 01:17:30,240
पहली विजय हमें प्राप्त हो गई है। पुलिस ढूंढ रही

1085
01:17:30,240 --> 01:17:34,400
है। उनका जो अड्डा जो एफआईआर में लिखा हुआ है वहां

1086
01:17:34,400 --> 01:17:38,560
पर किताबें नहीं मिली है। जो अड्डा किताबों में लिखा हुआ है वहां पर किताबों

1087
01:17:38,560 --> 01:17:42,640
का कारखाना नहीं मिला है। और इसके आगे की

1088
01:17:42,640 --> 01:17:46,720
कारवाई क्या-क्या हो सकती है वो मैंने आपको बता ही दी है। YouTube

1089
01:17:46,720 --> 01:17:50,880
चैनल्स के ओनर से संपर्क किया जा सकता है। कस्टमर केयर वाले जो लोग हैं

1090
01:17:50,880 --> 01:17:54,880
उनसे संपर्क किया जा सकता है। जो अभियुक्त गण

1091
01:17:54,880 --> 01:17:59,280
है उनसे पूछताछ हो सकती है। रामपाल से डायरेक्ट पूछताछ हो सकती है।

1092
01:17:59,280 --> 01:18:03,840
उस सब्जी वाले से हो सकती है जो पकड़ा गया था

1093
01:18:03,840 --> 01:18:07,840
और उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में जो इन्होंने अपने अड्डे खोल

1094
01:18:07,840 --> 01:18:11,920
रखे हैं उन सब से होने हो सकती है। इसके साथ ही साथ रामपाल

1095
01:18:11,920 --> 01:18:15,920
जो बाहर आने की चीजें चल रही है तो उसमें यह दिखाई देता है कि

1096
01:18:15,920 --> 01:18:19,920
रामपाल के दो गुट है जो एक रामपाल के बाहर आने से खुश है जो अंधभक्त

1097
01:18:19,920 --> 01:18:24,240
है और दूसरा जो रामपाल के नाम से कमाई कर रहा है जो गिरोह चल रहा है नेटवर्क

1098
01:18:24,240 --> 01:18:29,040
चल रहा है वो रामपाल के बाहर आने के विषय में मौन है उसमें कोई बात नहीं

1099
01:18:29,040 --> 01:18:33,680
इसके साथ ही साथ हमें क्या प्रभाव पड़ेगा रामपाल यदि बाहर आ जाता है तो रामपाल

1100
01:18:33,680 --> 01:18:35,760
तक पुलिस को पहुंचना

1101
01:18:35,760 --> 01:18:39,760
लखनऊ पुलिस को पहुंचना सुलभ हो जाएगा अगर रामपाल बाहर आ जाता है नहीं तो

1102
01:18:39,760 --> 01:18:44,000
थोड़ा प्रोसेस प्रोसेस लंबी हो जाएगी। बस इतनी बात और रामपाल का स्टेटमेंट

1103
01:18:44,000 --> 01:18:48,560
कॉन्फ्रेंस के द्वारा भी डायरेक्ट न्यायालय इत्यादि में भी लिया जा सकता है।

1104
01:18:48,560 --> 01:18:52,640
तो ये सब ये सारी चीजें हैं जो जिसके लिए विशेष रूप से

1105
01:18:52,640 --> 01:18:56,880
आज हमने वीडियो बनाया और किसी भी प्रकार के वैचारिक

1106
01:18:56,880 --> 01:19:00,960
मतभेद के निमित्त हम भागने वाले नहीं है।

1107
01:19:00,960 --> 01:19:05,840
आप हमारे WhatsApp पर संपर्क कर सकते हैं।

1108
01:19:05,840 --> 01:19:10,000
7308301869

1109
01:19:10,000 --> 01:19:12,960
ठीक है

1110
01:19:12,960 --> 01:19:17,200
और ट्रू रियलिटी फैक्ट वाले जो महाशय हैं

1111
01:19:17,200 --> 01:19:21,200
आए हैं जो वो अगली बार अपना थोपड़ा लेकर

1112
01:19:21,200 --> 01:19:26,160
के आए अगर काला ना हुआ हो किसी समस्या

1113
01:19:26,160 --> 01:19:30,160
से गधे कह रहे हैं वो चैट में तो उनसे मैं कहूंगा कि

1114
01:19:30,160 --> 01:19:34,160
आपके साथ कोई ऐसी घटना ना हुई हो जिसके कारण आप किसी

1115
01:19:34,160 --> 01:19:38,240
को मुंह दिखाने लायक ना रह गए हो तो अपना थोपड़ा अपना चेहरा लेकर के आइएगा

1116
01:19:38,240 --> 01:19:42,800
तो आपसे से आमने सामने से चर्चा होगी। ठीक है? शास्त्रवाद

1117
01:19:42,800 --> 01:19:46,800
जी और सभी समर्थकों को सभी उन लोगों

1118
01:19:46,800 --> 01:19:50,800
को जिन्होंने इसमें अपनी भूमिका निभाई है। सभी को साधुवाद कहते हुए और

1119
01:19:50,800 --> 01:19:55,040
सभी प्रशंसकों को सभी समर्थकों को बधाई देते हुए हमारी पहली विजय

1120
01:19:55,040 --> 01:19:59,200
सुनिश्चित होने पर सभी को जय श्री

1121
01:19:59,200 --> 01:20:03,280
राम। हर हर महादेव श्रीमन नारायण जय

1122
01:20:03,280 --> 01:20:07,280
श्री राम हर हर महादेव। जय श्रीमन नारायण जय श्रीमन

1123
01:20:07,280 --> 01:20:13,280
नारायण

1124
01:20:13,670 --> 01:20:17,670
[संगीत]
