1
00:00:02,000 --> 00:00:05,360
तो सभी को जय श्री राम।

2
00:00:05,360 --> 00:00:11,360
आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और

3
00:00:12,080 --> 00:00:16,640
आप लोगों के लिए एक बहुत बड़ी अ

4
00:00:16,640 --> 00:00:21,520
सूचना है प्रसन्नता की बहुत बड़ी खुशखबरी है

5
00:00:21,520 --> 00:00:26,320
कि जो

6
00:00:26,320 --> 00:00:30,880
लगभग दिसंबर में व्यवहारिक एक सक्रिय

7
00:00:30,880 --> 00:00:35,440
प्रतिकार किया गया था प्रारंभ इस गिरोह का

8
00:00:35,440 --> 00:00:39,760
दिसंबर 2024 में यद्यपि प्रतिकार

9
00:00:39,760 --> 00:00:43,840
शास्त्रार्थ की शैली में अथवा जो वाचिक

10
00:00:43,840 --> 00:00:47,040
प्रतिकार होता है

11
00:00:47,040 --> 00:00:51,040
वैचारिक प्रतिकार होता है वो तो काफी समय से चल रहा था। 2023

12
00:00:51,040 --> 00:00:55,120
में भी हमने इस रामपाल के गिरोह के द्वारा लगाया गया जो बुक

13
00:00:55,120 --> 00:00:59,120
स्टॉल था वहां पर जाकर के विरोध प्रकट किया

14
00:00:59,120 --> 00:01:03,200
था और उसके बाद 204 में भी किया

15
00:01:03,200 --> 00:01:08,080
और फिर धीरे-धीरे चीजें होती गई और

16
00:01:08,080 --> 00:01:12,640
लगभग 8 महीने के लगातार अथक

17
00:01:12,640 --> 00:01:16,880
प्रयासों के बाद केवल मेरे ही नहीं बहुत सारे साथी बहुत सारे

18
00:01:16,880 --> 00:01:17,520
हिंदुत्व

19
00:01:17,520 --> 00:01:21,920
दल के लोग लगातार उन सबके प्रयास बहुत सारे

20
00:01:21,920 --> 00:01:25,920
जो नवभोम मार्गीय सैनिक हैं शंकराचार्य के

21
00:01:25,920 --> 00:01:30,880
उनके प्रयासों के बाद और बहुत सारे अन्य समर्थक

22
00:01:30,880 --> 00:01:35,280
जो किसी ना किसी माध्यम से, YouTube के माध्यम से, Instagram

23
00:01:35,280 --> 00:01:39,280
के माध्यम से, WhatsApp के माध्यम से जुड़े इन सभी

24
00:01:39,280 --> 00:01:43,520
लोगों के अथक और निस्वार्थ

25
00:01:43,520 --> 00:01:48,320
सहयोग के बाद इस मामले पर

26
00:01:48,320 --> 00:01:51,680
अगस्त में

27
00:01:51,680 --> 00:01:56,640
जुलाई के जुलाई माह के अंत में लगभग

28
00:01:56,640 --> 00:02:00,640
31 जुलाई को एफआईआर दर्ज

29
00:02:00,640 --> 00:02:05,120
हो चुकी इन लोगों के ऊपर रामपाल के गैंग के ऊपर एफआईआर

30
00:02:05,120 --> 00:02:09,200
दर्ज हो चुकी है। एफआईआर में क्या विवरण दिया गया

31
00:02:09,200 --> 00:02:14,240
है वो भी मैं अभी थोड़ी देर में आपको बताने वाला हूं। और

32
00:02:14,240 --> 00:02:18,320
राजधानी में दर्ज हुई है। राजधानी में दर्ज होने का मतलब

33
00:02:18,320 --> 00:02:22,640
है कोई भी कहीं भी इस आधार पर

34
00:02:22,640 --> 00:02:26,720
एफआईआर करा सकता है। फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी

35
00:02:26,720 --> 00:02:32,720
करा सकता है और इनकी इन गतिविधियों पर जो सनातन

36
00:02:33,200 --> 00:02:38,080
को दीमक की तरीके से अंदर से खत्म कर रही हैं। जो

37
00:02:38,080 --> 00:02:42,240
सनातन के विरुद्ध कार्य कर रही हैं। इन सारी गतिविधियों पर आप रोक लगा सकते

38
00:02:42,240 --> 00:02:46,240
हैं। इस एफआईआर के आधार पर, इस सूचना के आधार

39
00:02:46,240 --> 00:02:50,880
पर आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर के सूचना दे सकते हैं।

40
00:02:50,880 --> 00:02:56,880
कोई आवश्यकता पड़ने पर आप हमसे भी संपर्क कर सकते हैं।

41
00:02:56,960 --> 00:03:01,520
अब बात ये आती है कि यहां तक पहुंचे कैसे? तो अगर मैं संक्षिप्त

42
00:03:01,520 --> 00:03:07,520
में आपको जानकारी दे दूं कि

43
00:03:09,520 --> 00:03:13,680
8 दिसंबर 2024 को जब हमें ये पता

44
00:03:13,680 --> 00:03:18,000
चला था कि इनका एक स्टॉल लगा हुआ है।

45
00:03:18,000 --> 00:03:22,080
जहां पर यही विवादित पुस्तकों को बेचा जा रहा है। जिसमें कि

46
00:03:22,080 --> 00:03:26,320
हमारे अह देवी देवताओं के लिए आराध्य

47
00:03:26,320 --> 00:03:30,560
भगवान के लिए हमारे धर्म ग्रंथों के लिए हमारे आचार्यों

48
00:03:30,560 --> 00:03:34,880
के लिए हमारी पूजा पद्धति के लिए ऐसा

49
00:03:34,880 --> 00:03:39,200
कोई घटक नहीं था सनातन धर्म से जुड़ा हुआ जिसका

50
00:03:39,200 --> 00:03:43,280
अपमान और अभद्र तरीके से बहुत अमर्यादित

51
00:03:43,280 --> 00:03:47,360
तरीके से जिसका अपमान इन भ्रष्ट किताबों

52
00:03:47,360 --> 00:03:51,760
में ना किया गया हो। तो जब हमें पता चला 204

53
00:03:51,760 --> 00:03:56,000
में 8 दिसंबर को हमने वहां जाकर के विरोध प्रकट

54
00:03:56,000 --> 00:04:00,000
किया और विरोध में ऐसा कुछ नहीं है कि गाली गलौज

55
00:04:00,000 --> 00:04:04,000
वगैरह दी। वहां पर प्रश्न किए कि ये कैसे लिखा है? तुम

56
00:04:04,000 --> 00:04:08,160
किस अधिकार से लिख रहे हो? क्या है? क्या नहीं? वही वाचिक प्रतिकार वहां

57
00:04:08,160 --> 00:04:12,160
पर किए और फल स्वरूप जो हमने वहां पर विरोध

58
00:04:12,160 --> 00:04:16,320
किया। बहुत सारे हिंदुत्ववादी संगठन के लोग भी वहां पर थे और

59
00:04:16,320 --> 00:04:20,400
फलस्वूप वहां पर मेला प्रशासन के जो लोग थे

60
00:04:20,400 --> 00:04:24,800
वो एक हस्तशिल्प उद्योग प्रदर्शनी

61
00:04:24,800 --> 00:04:29,120
इस तरह से नाम से वो एक प्रदर्शनी थी मेला था तो उसके जो प्रबंधक

62
00:04:29,120 --> 00:04:34,000
थे वो वहां पहुंचे वो तुरंत

63
00:04:34,000 --> 00:04:38,640
मामले को संज्ञान में लेते हुए वहां पर सक्रियता के साथ कारवाई करते हुए

64
00:04:38,640 --> 00:04:43,040
उन्होंने उनके स्टॉल को हरा हटा दिया स्टॉल

65
00:04:43,040 --> 00:04:47,040
बंद हो गया। अब यह बात जो दंभी

66
00:04:47,040 --> 00:04:51,120
हैं इनके यहां जो दंभ है कि हम बहुत बड़ा सेक्ट पहुंचा चुके हैं, बना

67
00:04:51,120 --> 00:04:55,280
चुके हैं। उनको हृदय से लग गई कि एक अदना सा

68
00:04:55,280 --> 00:05:00,400
कोई व्यक्ति अपने कुछ लोगों के साथ आकर के विरोध करता है और हमारा जो है

69
00:05:00,400 --> 00:05:04,400
बंद कर दिया जाता है। तब क्या हुआ कि इन

70
00:05:04,400 --> 00:05:08,800
लोगों ने झूठे मामले तैयार करना शुरू किया।

71
00:05:08,800 --> 00:05:13,040
अच्छा अब तक हमको यह पता लग चुका था कि इनकी जो किताबें यह छपती है फर्जी

72
00:05:13,040 --> 00:05:17,280
तरीके से और कोई भी ऑथराइज बॉडी भी नहीं है इन किताबों को छपने

73
00:05:17,280 --> 00:05:21,440
की। तो इस तरीके से हमारा जो विरोध की भावना थी वो और पुष्ट होती

74
00:05:21,440 --> 00:05:25,440
चली गई। इधर इनके द्वारा हमारा विरोध करने के

75
00:05:25,440 --> 00:05:29,680
लिए और अपना दम पालने के लिए एक झूठी शिकायत

76
00:05:29,680 --> 00:05:33,840
दी गई नजदीकी थाने में। उसमें लिखा गया कि हमने वहां पर गालियां

77
00:05:33,840 --> 00:05:38,080
दी। अपने जूते से ये किया वो किया। वो

78
00:05:38,080 --> 00:05:40,560
बात और है कि

79
00:05:40,560 --> 00:05:44,800
यह अपनी अंतरात्मा में जानते होंगे कि हमने ऐसा किया था कि नहीं किया था

80
00:05:44,800 --> 00:05:48,800
और यदि अपने किसी को गुरु मानते हैं वैसे तो वो भी एक

81
00:05:48,800 --> 00:05:52,800
भ्रष्ट व्यक्ति है परंतु फिर भी यदि उसमें अपने गुरु को देखते हैं

82
00:05:52,800 --> 00:05:57,280
तो क्या ये उसके चरणों की सौगंध खा के या फिर कोई ऐसी

83
00:05:57,280 --> 00:06:01,440
प्रतिज्ञा कर सकते हैं कि हमने ऐसा कुछ किया था तो इनकी वो झूठी कुल मिलाकर

84
00:06:01,440 --> 00:06:05,440
के सिद्ध होती है। अब जब वह झूठी सिद्ध हो

85
00:06:05,440 --> 00:06:10,960
जाती है तो मामला यह बनता है कि

86
00:06:10,960 --> 00:06:15,520
जो नजदीकी पुलिस थी उसका कार्यशैली उसका व्यवहार बहुत न्यायपूर्ण

87
00:06:15,520 --> 00:06:19,920
रहा। मैं इसको ये नहीं कहूंगा कि हमारे लिए फेवरल रहा मगर बहुत न्यायपूर्ण

88
00:06:19,920 --> 00:06:24,880
रहा। उन्होंने विधिवत जांच की। हमको भी बुलाया गया।

89
00:06:24,880 --> 00:06:29,680
हमने वहां जाकर के देखा चीजों को। तो

90
00:06:29,680 --> 00:06:33,840
सबसे पहली बात जो उन्होंने विधिवत जांच की उसमें उन्होंने

91
00:06:33,840 --> 00:06:38,000
पाया कि यह चीजें सब गलत है। हां मगर वहां पर मुझे एक बात तर्क

92
00:06:38,000 --> 00:06:42,000
पूर्ण लगी। हालांकि इन लोगों से रामपाली लोगों

93
00:06:42,000 --> 00:06:47,120
से तर्क सम्मत बात करना कोई बहुत आवश्यक नहीं होता है।

94
00:06:47,120 --> 00:06:51,120
इनको तो सीधे वही भाषा समझ में आती है जैसी भाषा ये उपयोग में

95
00:06:51,120 --> 00:06:55,200
लेते। मगर फिर भी वहां पे एक बात तर्कसंगत मुझे लगी कि

96
00:06:55,200 --> 00:06:55,700
जब ये

97
00:06:55,680 --> 00:07:00,560
वाली बात आई कि भाई आपको अगर कोई दिक्कत थी तो आप डायरेक्ट क्यों गए वहां पर?

98
00:07:00,560 --> 00:07:04,560
आपको पुलिस स्टेशन में जाना चाहिए था। यद्यपि मैं भी यही

99
00:07:04,560 --> 00:07:08,720
कह रहा था। आप जो वह 8 दिसंबर का वीडियो देखेंगे यदि तो

100
00:07:08,720 --> 00:07:12,880
मैं उसमें यही कह रहा हूं कि नहीं इनको पुलिस के पास ले चलिए पुलिस को बुलाइए

101
00:07:12,880 --> 00:07:17,040
मगर साथ में कई सारे लोग होते हैं तो एक कमांड

102
00:07:17,040 --> 00:07:21,040
दे पाना सभी को एक ही बात हो जाना निर्णयात्मक

103
00:07:21,040 --> 00:07:25,280
बातें निकल आना बहुत मुश्किल हो जाता है और वो भी तब

104
00:07:25,280 --> 00:07:29,360
जब बहुत सारे लोगों के मन में आक्रोश भरा हो

105
00:07:29,360 --> 00:07:33,440
उनके धर्म का खंडन किया गया हो अपमान किया गया हो तो

106
00:07:33,440 --> 00:07:37,520
वहां पर इस तरह से कमांड िंग और सुनियोजित भी नहीं था वो प्रतिकार

107
00:07:37,520 --> 00:07:41,600
मैं कहूंगा बस रैंडम हमें पता चला और हम वहां लोगों के साथ पहुंच

108
00:07:41,600 --> 00:07:45,680
गए थे तो वो नहीं हो सका था तो यह बात मुझे लगी वहां पर जब

109
00:07:45,680 --> 00:07:49,680
यह कहा गया कि हमें प्रोटोकॉल को फॉलो करना चाहिए था और जब वो

110
00:07:49,680 --> 00:07:53,680
काम ना करता तो हो सकता है कि हम भाई प्रदर्शन कर सके कहीं पर जाकर के

111
00:07:53,680 --> 00:07:57,760
वाचिक प्रतिकार कर सके या यह बात भी सत्य है आप लोग जैसा

112
00:07:57,760 --> 00:08:01,760
कि जानते हैं तब से अब तक आठ महीने हो चुके हैं अब

113
00:08:01,760 --> 00:08:05,920
जाकर के एफआईआर हुई है तो यह बात भी सत्य है कि इसको को कितना गंभीरता

114
00:08:05,920 --> 00:08:10,320
से लिया जाता प्रशासन के द्वारा तो उसका बोध

115
00:08:10,320 --> 00:08:11,440
आपको होगा

116
00:08:11,440 --> 00:08:15,520
कि उस समय यदि हम पहले पुलिस के पास जाते और वो प्रतिकार

117
00:08:15,520 --> 00:08:20,240
विरोध ना करते उस वो स्टॉल का तो कितनी संभावना

118
00:08:20,240 --> 00:08:24,080
थी कि

119
00:08:24,080 --> 00:08:29,120
हमारा मामला जो है वो ले लिया जाता और एक्टिव हो जाता। परंतु

120
00:08:29,120 --> 00:08:33,120
जब मुझे वहां जो ये चर्चा चल रही है कि भाई आपने ऐसा क्यों

121
00:08:33,120 --> 00:08:37,280
किया वहां क्यों गए थे हम तो वहीं पर मुझे पहला

122
00:08:37,280 --> 00:08:41,440
जो एक क्रिमिनल ऑफेंस वहां पर मुझे दिखाई दिया ये

123
00:08:41,440 --> 00:08:46,400
जो लोग जो थे इस कारण से मेरे साथ मारपीट करने के लिए

124
00:08:46,400 --> 00:08:50,400
अमादा थे और यदि वहां पर मेरे साथ बहुत

125
00:08:50,400 --> 00:08:54,400
सारे जो हिंदुत्ववादी अपने सनातन प्रेमी धर्मनिष्ठ लोग ना

126
00:08:54,400 --> 00:08:58,480
होते तो हो सकता है कि ये लोग मारपीट भी करना चालू कर

127
00:08:58,480 --> 00:09:02,880
देते और इतना ही नहीं वहां पर स्वयं को इनका पैरोकार

128
00:09:02,880 --> 00:09:07,920
बताने वाला जो व्यक्ति है जो अपना नाम लिखता है दिनेश चंद्र

129
00:09:07,920 --> 00:09:12,000
दास और वैसे अपना नाम लिखता है दिनेश

130
00:09:12,000 --> 00:09:16,080
चंद्र चौधरी और फिर अपना नाम लिखता है

131
00:09:16,080 --> 00:09:20,240
दिनेश चंद्र छोकरा तो इसके कई नाम है चौधरी भी लिखता है दास भी

132
00:09:20,240 --> 00:09:24,320
लिखता है छोकरा भी लिखता है व्यक्ति एक ही कोई नहीं

133
00:09:24,320 --> 00:09:26,640
पहले चौधरी रहा होगा

134
00:09:26,640 --> 00:09:30,720
उसके बाद क्या कहते हैं वो छोकरा बना

135
00:09:30,720 --> 00:09:35,200
होगा और फिर वो दास बना होगा। चौधरी छोकरा दास।

136
00:09:35,200 --> 00:09:39,440
अच्छा इसमें सरनेम का पैटर्न देखेंगे तो अ

137
00:09:39,440 --> 00:09:43,600
मतलब आप समझ पाएंगे कि क्या मंत्रणा क्या मंशा हो सकती है इनके

138
00:09:43,600 --> 00:09:47,600
पीछे। खैर आगे चलते हैं। अब

139
00:09:47,600 --> 00:09:50,480
क्या होता है कि

140
00:09:50,480 --> 00:09:54,560
यह व्यक्ति जो दिनेश चंद्र दास है ये वहां पर मुझे बहुत गुस्से में

141
00:09:54,560 --> 00:09:58,880
आकर के अच्छा वहां जब ये चर्चा चल रही थी ना कि ये हमने

142
00:09:58,880 --> 00:10:02,880
ये एक्शन क्यों किया था? वहां पर जाकर के प्रतिकार क्यों किया था? तो

143
00:10:02,880 --> 00:10:06,880
एक चीज और निकल के आती है कि जब वह व्यक्ति तूतक की भाषा में बात करता

144
00:10:06,880 --> 00:10:10,960
है दिनेश चंद्र दास तो मैं भी उससे उसी तरीके से बात करता हूं तो

145
00:10:10,960 --> 00:10:15,360
उसका जो लड़का था साथ में आया हुआ वो कहता है तुम ऐसे बात नहीं कर सकते

146
00:10:15,360 --> 00:10:19,840
क्यों नहीं कर सकता वो भी तो कर रहा था वो कहता है कि आयु में वो तुमसे बड़े

147
00:10:19,840 --> 00:10:23,920
तो भाई आयु से बात नहीं होती है ना आयु में तो रावण

148
00:10:23,920 --> 00:10:28,320
बड़ा था राम से उसका वध नहीं कर सकते थे क्या

149
00:10:28,320 --> 00:10:33,280
आयु से बात नहीं होती यह सब बातें मैंने वहां कही तो

150
00:10:33,280 --> 00:10:37,440
जब मैं बहुत तार्किक बातें कर रहा था क्योंकि इनके पास कोई जवाब

151
00:10:37,440 --> 00:10:41,680
नहीं होता। जैसे मैंने वहां पर कहा कि तुमने अग्न्या का अर्थ क्या लिखा है?

152
00:10:41,680 --> 00:10:46,000
है ना? अग्न्या का अर्थ तुमने लिखा है कुमारी गाय।

153
00:10:46,000 --> 00:10:50,160
अग्न्या का अर्थ होता है जो वैदिक जो वेदों में एक शब्द आया

154
00:10:50,160 --> 00:10:54,400
अग्न्या जिसका वध नहीं किया जा सकता।

155
00:10:54,400 --> 00:10:58,560
तुमने वहां उसका अर्थ लिखा है कुंवारी गाय। तो इससे

156
00:10:58,560 --> 00:11:02,480
तुम्हारी जो

157
00:11:02,480 --> 00:11:07,120
शैक्षणिक योग्यता है उसका स्तर पता पता चलता है ज्ञात हो जाता है।

158
00:11:07,120 --> 00:11:11,200
अच्छा ये अग्न शब्द क्यों आया था? इसके पीछे भी वहां एक रीजनिंग थी। हमने

159
00:11:11,200 --> 00:11:15,440
एक कैंपेन चलाया था। वो थोड़ा सा कोई मिस

160
00:11:15,440 --> 00:11:19,600
टाइपिंग हो गई थी या कुछ रहा होगा। तो उसमें अलर्ट

161
00:11:19,600 --> 00:11:23,840
की जो स्पेलिंग थी वो गलत हो गई अलर्ट

162
00:11:23,840 --> 00:11:28,800
की नहीं अह

163
00:11:28,800 --> 00:11:32,960
कोई एक स्पेलिंग गलत हो गई थी तो वो वहां पर उसका उपवाहास उड़ा

164
00:11:32,960 --> 00:11:37,440
रहे थे बैठकर के देखो देखो Twitter कैंपेन में जो

165
00:11:37,440 --> 00:11:41,680
ये जो स्पेलिंग है ये तुमने लिखी है तुम्हारी शैक्षणिक योग्यता ये

166
00:11:41,680 --> 00:11:45,680
हां भैया हमें आंग्ल भाषा का बहुत अच्छा ज्ञान नहीं है और ना हमें

167
00:11:45,680 --> 00:11:49,920
कोई आकांक्षा है कि उसका ज्ञान हो जाए यद्यपि हमें बहुत सारी भाषाओं

168
00:11:49,920 --> 00:11:53,920
का ज्ञान नहीं ठीक है मगर तुम्हारे हमारे जैसों के लिए जो

169
00:11:53,920 --> 00:11:58,000
भी हमें पता है जो भी ज्ञात उतना पर्याप्त

170
00:11:58,000 --> 00:12:02,080
इतना सामर्थ है अपने धर्म का पक्ष

171
00:12:02,080 --> 00:12:06,080
हम रख सकते अपने गुरु गोविंद और ग्रंथ का पक्ष हम रख

172
00:12:06,080 --> 00:12:11,040
सकते हैं। उतना ही चाहिए होता है। खैर

173
00:12:11,040 --> 00:12:15,840
तो फिर यह व्यक्ति वहां इतना आग बबूला हो गया

174
00:12:15,840 --> 00:12:20,800
यह जो दिनेश चंद्र चोकरा है कि

175
00:12:20,800 --> 00:12:24,880
ये मुझे वहां एक धमकी देने लगा कि मैं जो है अपने

176
00:12:24,880 --> 00:12:29,040
वहां अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल के आग लगा लूंगा और

177
00:12:29,040 --> 00:12:33,520
तुझे झूठे इस मुकदमे में फंसा दूंगा और वहां पे कई

178
00:12:33,520 --> 00:12:37,840
पुलिस कर्मचारी भी बैठे हुए थे उस समय वहां इसने ये बात कही उसका प्रमाण

179
00:12:37,840 --> 00:12:42,000
साक्ष्य है मेरे पास तो यह यहां से शुरू

180
00:12:42,000 --> 00:12:44,480
होता है इनकी गतिविधियां झूठा मुकदमा

181
00:12:44,480 --> 00:12:48,480
और धमकी और मारपीट के लिए मादा। इसके

182
00:12:48,480 --> 00:12:52,960
बाद फिर कुछ दो ही दिन का अंतराल हुआ होगा दो-तीन

183
00:12:52,960 --> 00:12:57,920
दिन का नहीं महीने भर का अंतराल हो गया था। एक महिला के बारे में

184
00:12:57,920 --> 00:13:02,000
सूचना प्राप्त होती है कि क्या कहते हैं

185
00:13:02,000 --> 00:13:06,080
यह जो किताबों का विवरण कर रही थी और

186
00:13:06,080 --> 00:13:10,240
वो भी हमारा जो कार्य क्षेत्र है उससे बहुत ज्यादा दूरी पर नहीं

187
00:13:10,240 --> 00:13:14,400
आसपास ही वो किताबों का विवरण कर रही थी। अच्छा वहां

188
00:13:14,400 --> 00:13:18,560
थाने में एक बात हुई वहां यह हुआ कि

189
00:13:18,560 --> 00:13:22,800
हमने यह लिख कर दिया अपना पक्ष कि भाई जो

190
00:13:22,800 --> 00:13:26,960
मुझसे हुआ जो मैं जिन लोगों के जो मैं डायरेक्ट पुलिस को

191
00:13:26,960 --> 00:13:30,960
बिना खबर दिए वहां पहुंचा इस बात का मुझे खेद है आगे

192
00:13:30,960 --> 00:13:35,120
से इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। इसका मतलब यह नहीं था कि मैंने क्षमा

193
00:13:35,120 --> 00:13:39,120
मांग लिया कि मुझे क्षमा कर दीजिए या मुझे खेद है कि मैंने रामपाल

194
00:13:39,120 --> 00:13:43,120
का विरोध क्यों किया। मुझे इस बात का खेद है कि मैं पुलिस में कंप्लेन

195
00:13:43,120 --> 00:13:47,440
किए बिना डायरेक्ट वहां पर क्यों गया प्रतिकार कर बस इतनी बात

196
00:13:47,440 --> 00:13:51,840
और यह जो शिकायत की गई थी इस पर कोई एफआईआर पंजीकृत

197
00:13:51,840 --> 00:13:55,920
नहीं हुई इनके यहां के वो कम पढ़े लिखे लोग हैं ना जो गरिमा गीता

198
00:13:55,920 --> 00:14:00,000
की में कहा गया है कि रामपाल के फॉलोअर कौन होते हैं अनपढ़ गवार

199
00:14:00,000 --> 00:14:04,160
तो उसके अनुसार जो इनके यहां का एमपी कवर फास्ट है तो यदि मैं किसी

200
00:14:04,160 --> 00:14:08,240
भी कारण से पुलिस स्टेशन जा रहा हूं पुलिस वाले मौखिक रूप से यदि मेरे

201
00:14:08,240 --> 00:14:12,320
से कुछ पूछ रहे हैं और मैं वहां पर अपना हो सकता है कि मैं अपनी ही

202
00:14:12,320 --> 00:14:16,720
कोई सूचना देने जा रहा हूं, शिकायत देने जा रहा हूं। तो उसके अनुसार मेरे खिलाफ एफआईआर

203
00:14:16,720 --> 00:14:20,800
दर्ज हो गई है। किसी भी कारण से कोई लीगल कारवाई से जुड़

204
00:14:20,800 --> 00:14:24,880
जाने का मतलब होता है उसके अनुसार मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज हो गया। मैं

205
00:14:24,880 --> 00:14:29,280
तुझे बताता हूं मुकदमा किस दर्ज होना किसे कहते हैं। मैं अभी थोड़ी देर में बताता हूं।

206
00:14:29,280 --> 00:14:33,440
है ना? तो खैर

207
00:14:33,440 --> 00:14:37,600
मैंने वहां पर यह लिख के दिया और फिर पुलिस ने भी देखा कि

208
00:14:37,600 --> 00:14:41,920
भाई यह जो है खामखा का पतंगड़ बनाया गया और उस मामले को

209
00:14:41,920 --> 00:14:46,320
निरस्त कर दिया। मतलब इनकी जो कंप्लेंट थी मेरे ऊपर एफआईआर

210
00:14:46,320 --> 00:14:50,160
दर्ज करने के लिए वो कंप्लेंट

211
00:14:50,160 --> 00:14:55,360
वो कर दी गई। निरस्त कर दिया गया। उस पर जो है एफआईआर दर्ज नहीं हुई।

212
00:14:55,360 --> 00:14:59,520
अच्छा इन्होंने वहां पर एक चाल और चली थी उस समय। इन्होंने क्या किया

213
00:14:59,520 --> 00:15:03,680
था कि मेरे साथ बहुत सारे हिंदुत्ववादी लोग थे जो वहां गए थे

214
00:15:03,680 --> 00:15:09,120
जिनको यह जानते थे अच्छे से है ना

215
00:15:09,120 --> 00:15:12,240
पर

216
00:15:12,240 --> 00:15:16,480
इन्होंने उस उनमें से किसी का भी नाम अपनी कंप्लेंट

217
00:15:16,480 --> 00:15:20,640
में नहीं दिया था यहां तक कि वीडियो में भी वो लोग दिख रहे

218
00:15:20,640 --> 00:15:24,720
थे पर उनमें से किसी का नाम इन्होंने नहीं दिया था क्यों क्योंकि

219
00:15:24,720 --> 00:15:28,800
संभवत ये सोच रहे थे कि हम हिंदुओं को तोड़ेंगे मतलब मैं अकेला

220
00:15:28,800 --> 00:15:32,960
पड़ जाऊंगा। अन्य लोग पुलिस का नाम सुनकर के भागने लगेंगे और

221
00:15:32,960 --> 00:15:37,520
मेरा साथ छोड़ देंगे। मगर उनको पता नहीं था कि यहां पर जो है

222
00:15:37,520 --> 00:15:41,600
कमर कस के रहने वाले लोग हैं जितने भी गए थे तो

223
00:15:41,600 --> 00:15:45,600
उन्होंने साथ नहीं छोड़ा। वो हर तरह से साथ में खड़े रहे। भले ही उनका नाम

224
00:15:45,600 --> 00:15:51,600
उस कंप्लेन में नहीं था फिर भी खड़े रहे। है ना?

225
00:15:53,360 --> 00:15:58,000
तो हम लोगों के संगठनात्मक

226
00:15:58,000 --> 00:16:02,080
जो अभियान था उसको ब्रेक करने के लिए उसको तोड़ने

227
00:16:02,080 --> 00:16:06,480
के लिए इसने ये किया था कि इन लोगों ने एफआईआर में उन सबकी

228
00:16:06,480 --> 00:16:10,640
नाम नहीं लिखे थे जो मेरे बगल में खड़े हैं। आप वीडियो देखोगे

229
00:16:10,640 --> 00:16:14,960
तो आपको पता चल जाएगा। तो यह सारी इनकी पहली गतिविधि

230
00:16:14,960 --> 00:16:19,280
थी। झूठ और उस पर आधारित थी और जहां इन्होंने धमकी भी दी। आमादाय मारपीट

231
00:16:19,280 --> 00:16:22,720
भी। इसके बाद

232
00:16:22,720 --> 00:16:26,720
फिर वह महिला का महिला की हमें सूचना मिलती है तो हम अबकी बार

233
00:16:26,720 --> 00:16:30,960
हम हमने सोच रखा था कि इस बार करेंगे तो पुलिस को बुलाएंगे। तो हम वहां

234
00:16:30,960 --> 00:16:35,600
गए जहां हमें पता चला ये महिला इस तरह से किताबें बांट रही है।

235
00:16:35,600 --> 00:16:39,840
इस महिला ने वहां पर शुरू में हमसे यह नहीं बताया कि ये किताबें नहीं बांट

236
00:16:39,840 --> 00:16:44,000
रही है। शुरू में कहा हमने जब पूछा कि आप किताबें बांट रही है? तो बोला

237
00:16:44,000 --> 00:16:48,000
हां आपको क्या दिक्कत है? इस तरह से बात करना शुरू की। हमने कहा पुलिस को बुलाते हैं।

238
00:16:48,000 --> 00:16:52,240
बुला लेते हैं पुलिस को। तो आप जब वह वीडियो देखेंगे महिला वाला

239
00:16:52,240 --> 00:16:56,240
तो उसमें आपको दिखेगा कि हमने कहा कि पुलिस को बुलाते

240
00:16:56,240 --> 00:17:00,240
हैं तो महिला तुरंत एक तो बहुत ज्यादा निकट आकर

241
00:17:00,240 --> 00:17:05,360
के बात करने लगी है ना कि

242
00:17:05,360 --> 00:17:08,640
किताबें बांटना जुर्म है ना इस तरह से कह के बिल्कुल पास में

243
00:17:08,640 --> 00:17:12,720
शायद 1 सेंटीमीटर की दूरी रह गई होगी इतना पास आकर के मैंने

244
00:17:12,720 --> 00:17:16,800
उस महिला को बोला कि दूर से बात करो दूर से ये बात आप उस वीडियो में देख सकते

245
00:17:16,800 --> 00:17:20,960
हैं फिर वो कहने लगी बुलाइए पुलिस को मैं भी कह

246
00:17:20,960 --> 00:17:25,120
दूंगी कि छेड़खानी की है। यह भी वीडियो में रिकॉर्ड है।

247
00:17:25,120 --> 00:17:30,560
तो यह जो लोग कहते हैं ना कि हम बहुत बड़े सच्चे संत के भक्त हैं।

248
00:17:30,560 --> 00:17:35,120
पहली बात तो सच्चा संत कितना है। ये बबीता

249
00:17:35,120 --> 00:17:39,200
देशद्रोह, हथियार, हत्या इत्यादि शब्दों से

250
00:17:39,200 --> 00:17:43,280
इस बात की पोल खुल जाती है। वो सच्चा संत कितना है। खैर

251
00:17:43,280 --> 00:17:47,360
इन बातों को अगर अलग भी हटा दे तो जो लोग उसके सच्चे

252
00:17:47,360 --> 00:17:51,920
भगत होने का दावा करते हैं इन लोगों के मुख से

253
00:17:51,920 --> 00:17:56,160
झूठ तो ऐसे निकलता है जैसे गी गीली मिट्टी में हल चलता है ना

254
00:17:56,160 --> 00:18:00,160
गीली मिट्टी में आप हल चलाएंगे तो जैसे हल चलेगा ना स्मूथली ऐसा

255
00:18:00,160 --> 00:18:04,400
झूठ निकलता है इन लोगों से और कहते हैं कि हम लोग बहुत बड़े धार्मिक है हमारा गुटखा

256
00:18:04,400 --> 00:18:08,560
खाना छूट गया शराब पीना छूट गया चाय पीना छूट गया चाय

257
00:18:08,560 --> 00:18:12,640
पीना तो नहीं छूटा हालांकि इनको पता नहीं है उतना शैक्षणिक योग्यता नहीं है इनकी

258
00:18:12,640 --> 00:18:16,880
की कि चाय भी एक नशीला पदार्थ तो इनका चाय पीना नहीं छूटा

259
00:18:16,880 --> 00:18:20,960
तो इनका नशा नहीं छूटा है ना मादक पदार्थ

260
00:18:20,960 --> 00:18:23,680
है वो भी तमोगुणी उसमें आता है तो

261
00:18:23,680 --> 00:18:27,760
मगर यदि ये दावा कर रहे हमारी शराब छूट गई तो भाई आप शराब ले रहे हो

262
00:18:27,760 --> 00:18:32,160
बस क्वांटिटी कम ले रहे हो आप जो है चाय के रूप में

263
00:18:32,160 --> 00:18:36,240
नशे का सेवन ही कर रहे हो खैर कम टू द पॉइंट

264
00:18:36,240 --> 00:18:40,560
तो यह जो महिला है वहां पर हमको धमकी देने लगी कि हम तुमको मुकदमे

265
00:18:40,560 --> 00:18:44,880
में फसा देंगे और फिर बात अंत

266
00:18:44,880 --> 00:18:48,880
होते होते हमने कहा कि फिर यह बोली हम कहां बेच रहे हैं किताब

267
00:18:48,880 --> 00:18:52,880
तो मैंने कहा आप ही तो थोड़ी देर पहले कह रहे थे कि किताब बेच रहे हैं। अगर नहीं बेच रहे

268
00:18:52,880 --> 00:18:56,880
तो कोई बात नहीं तो हमने वहां पुलिस नहीं बुलाई। क्यों नहीं बुलाई? क्योंकि ये फिर ये कहने

269
00:18:56,880 --> 00:19:00,960
लगी कि हम किताब नहीं बेच रहे। अच्छा इसके हाथ

270
00:19:00,960 --> 00:19:05,440
में उस समय किताबें नहीं थी। अब इस महिला ने भी उसी

271
00:19:05,440 --> 00:19:09,600
षड्यंत्रकारियों के साथ अपने गिरोह के साथ मिलकर के दिनेश चंद्र छोकरा

272
00:19:09,600 --> 00:19:13,840
के साथ मिलकर के हमारे खिलाफ तुरंत एक और शिकायत

273
00:19:13,840 --> 00:19:17,840
अगले एक दो दिन में पहुंचा दी नजदीकी थाने में

274
00:19:17,840 --> 00:19:22,240
उसमें क्या था कि हम किताब बेच रहे थे। पहला पहली सत्यता

275
00:19:22,240 --> 00:19:26,400
बाहर आ गई कि हम अपनी किताबों का प्रचार कर रहे थे। अपने गुरु के द्वारा छापी गई।

276
00:19:26,400 --> 00:19:32,320
उसमें है आईजीआरएस में ये किताब वाला जो मामला है

277
00:19:32,320 --> 00:19:36,720
नीतू दासी नाम की महिला ने हम पर ये

278
00:19:36,720 --> 00:19:39,600
कराया था। उस

279
00:19:39,600 --> 00:19:43,760
उस मामले में नीतू दासी ने लिखा है

280
00:19:43,760 --> 00:19:48,320
कि मैं जो है ये देखिए उसने

281
00:19:48,320 --> 00:19:52,400
क्या लिखा है? वीडियो में कह रही है हम किताब नहीं बेच रहे।

282
00:19:52,400 --> 00:19:56,000
फिर क्या लिखा है?

283
00:19:56,000 --> 00:19:57,040
यह है कि राशन

284
00:19:57,040 --> 00:20:01,360
की दुकान के बगल में पान बिस्किट चिप्स वगैरह की गुमटी जिसके

285
00:20:01,360 --> 00:20:05,440
मालिक श्री शिव कुमार मिश्रा जी हैं जो कि

286
00:20:05,440 --> 00:20:09,520
प्रार्थनी के पूर्व से जानने वाले हैं। ऐसे ही बात करने गई।

287
00:20:09,520 --> 00:20:14,080
ये प्रार्थनी वहां पर एक पर वो था गुमटी

288
00:20:14,080 --> 00:20:18,240
उससे बात कर रही थी। गुमटी वाले जो है और उनसे बात करने लगी। चर्चा होने

289
00:20:18,240 --> 00:20:22,240
लगी। अंकल जी ने बताया कि हमने भी गुरु कर रखे हैं और अपने

290
00:20:22,240 --> 00:20:26,320
गुरु जी से संबंधित पुस्तकें दिखाई। इनका कहना है कि उन्होंने अपने गुरु जी

291
00:20:26,320 --> 00:20:31,280
से संबंधित पुस्तकें दिखाई। अब देखो प्रार्थनी

292
00:20:31,280 --> 00:20:36,320
जो कि सतगुरु देव तत्वदर्शी

293
00:20:36,320 --> 00:20:40,000
रामपाल जी महाराज जो कि मूल हिंदू सनातनी कबीर

294
00:20:40,000 --> 00:20:44,560
पंतिक संत है। अब इसमें से रामपाल जी महाराज कैसे हैं? तत्वदर्शी

295
00:20:44,560 --> 00:20:48,960
कैसे हैं? मूल हिंदू कैसे हैं? सनातनी कैसे हैं? कबीर पंतिक

296
00:20:48,960 --> 00:20:53,120
कैसे हैं? इन सारी चीजों पर क्वेश्चन है क्योंकि

297
00:20:53,120 --> 00:20:57,280
इनकी हर बात झूठ है। खैर कि

298
00:20:57,280 --> 00:21:01,520
दीक्षित शिष्या किसकी ये मतलब गिरोह ये प्रमाणिकता

299
00:21:01,520 --> 00:21:05,920
है कि ये पूरे षड्यंत्र से महिला भी मिली हुई है। क्या है?

300
00:21:05,920 --> 00:21:06,800
रामपाल की

301
00:21:06,800 --> 00:21:11,440
दीक्षित शिष्या है। निष्ठावान अनुय है। निष्ठावान

302
00:21:11,440 --> 00:21:15,600
और संत जी के प्रवचनों के संकलन ज्ञान गंगा रचित

303
00:21:15,600 --> 00:21:20,240
ज्ञान गंगा जीने की राह इत्यादि धार्मिक पुस्तकों

304
00:21:20,240 --> 00:21:24,240
धार्मिक ग्रंथों पर श्रद्धा विश्वास एवं अपने धर्म शास्त्र के रूप में

305
00:21:24,240 --> 00:21:28,160
पवित्रतम मानती है और अपने

306
00:21:28,160 --> 00:21:32,480
गुरुदेव जी को भगवान स्वरूप मानती है। ने अपने गुरुदेव

307
00:21:32,480 --> 00:21:36,880
ज्ञान आधार पर कुछ ज्ञान चर्चा की और मौखिक रूप से न्योता

308
00:21:36,880 --> 00:21:38,480
दिया।

309
00:21:38,480 --> 00:21:42,720
ठीक है? तो मतलब ये इन किताबों से जुड़ी हुई है। ये खुद इसमें मानती

310
00:21:42,720 --> 00:21:46,720
है। इस पूरे षड्यंत्र से इस पूरे गिरोह से जुड़ी हुई है। ये खुद ये

311
00:21:46,720 --> 00:21:51,200
मानती है। झूठा वहां पर धमकी देने का आरोप दे रही है एक दिन पहले

312
00:21:51,200 --> 00:21:55,200
और अगले दिन पूरी पूरा प्रयास

313
00:21:55,200 --> 00:21:59,360
कर रही है कि एक झूठा मुकदमा इस व्यक्ति के ऊपर लगा

314
00:21:59,360 --> 00:22:03,520
दिया जाए। कौन व्यक्ति? में शिवश नारायण द्विवेदी और सुनिए

315
00:22:03,520 --> 00:22:07,600
उस वीडियो को आप ध्यान से देखेंगे तो वहां पर हमारे साथ एक सचिन

316
00:22:07,600 --> 00:22:11,760
सिंह करके भी थे कुछ अन्य वीडियो में उनको आपने देखा हो

317
00:22:11,760 --> 00:22:16,720
उस उनको ये भैया कह रही थी क्योंकि वो आसपास सीख

318
00:22:16,720 --> 00:22:21,040
मतलब कहीं रही होगी तो सचिन जी को वो जानती थी तो सचिन

319
00:22:21,040 --> 00:22:25,120
जी को उसने भैया संबोधित किया सचिन भैया सचिन जी दूर

320
00:22:25,120 --> 00:22:30,160
खड़े हैं परंतु इसने क्या किया इसने

321
00:22:30,160 --> 00:22:34,400
मेरे ऊपर, रामू द्विवेदी के ऊपर और

322
00:22:34,400 --> 00:22:39,520
अलग-अलग लोगों का नाम लेते हुए बहुत सारे

323
00:22:39,520 --> 00:22:44,000
आरोप उसमें लगा दिए कि धार्मिक पुस्तकों के बारे में अपमानजनक

324
00:22:44,000 --> 00:22:48,320
कहा, नीच कहा है ना अनपढ़ चौराहे पर गालियां,

325
00:22:48,320 --> 00:22:53,680
बेइज्जती पूरा मतलब लिखा दिया उसमें।

326
00:22:53,680 --> 00:22:54,480
यद्यपि

327
00:22:54,480 --> 00:22:58,800
ये भी आईजीआरएस होती है भाई। अगर एमपी फास्ट वाला सुन रहा हो ना

328
00:22:58,800 --> 00:23:02,800
तो वो समझ ले यह आईजीआरएस होती है कि हम यह

329
00:23:02,800 --> 00:23:06,800
शिकायत दर्ज करना चाहते हैं। पुलिस इस पर शिकायत दर्ज करे। इसके

330
00:23:06,800 --> 00:23:10,960
बाद पुलिस देखती है कि शिकायत दर्ज करनी है या फिर ये फ्रॉड है।

331
00:23:10,960 --> 00:23:16,720
ये झूठ तो नहीं है कहीं। यह कहीं का

332
00:23:16,720 --> 00:23:22,560
बवाल कहीं तो नहीं निकाला जा रहा है। तो खैर यह जो है

333
00:23:22,560 --> 00:23:26,560
हमारे विरुद्ध इन्होंने फिर आईजीआरएस कराई और धमकी

334
00:23:26,560 --> 00:23:30,560
क्यों दी कि हम इनका प्रतिकार ना करें। इनके विरोध में जो है जो

335
00:23:30,560 --> 00:23:34,560
इनके बाबा जी ने गलतसलत बोला हुआ है अपनी किताबों में वह सब ना करें।

336
00:23:34,560 --> 00:23:39,280
तो इन्होंने गिरोह के साथ मिलकर के दिनेश दास के साथ मिलकर के छोकरा

337
00:23:39,280 --> 00:23:43,360
दास छोकरा चौधरी जो भी आप सुन समझ ले उसके साथ मिलकर

338
00:23:43,360 --> 00:23:47,520
के इसने ये दूसरा एक शिकायत पत्र हमारे विरोध में चला गया।

339
00:23:47,520 --> 00:23:51,760
अच्छा इसी बीच हम इनके बवाना वाले जो अड्डा

340
00:23:51,760 --> 00:23:56,080
इनका दिखाया जाता है सी 117 वहां हो आए थे जहां

341
00:23:56,080 --> 00:24:00,320
पर हमको कुछ भी मिला नहीं था और वहां

342
00:24:00,320 --> 00:24:04,560
पर पाउडर बनाने की फैक्ट्री थी तो हम वहां हो आए थे।

343
00:24:04,560 --> 00:24:08,560
ठीक है? तो अब इस

344
00:24:08,560 --> 00:24:09,760
जब यह शिकायत हमारे

345
00:24:09,760 --> 00:24:13,760
विरोध में कराई गई छेड़खानी इत्यादि की या फिर ये जाति सूचक

346
00:24:13,760 --> 00:24:18,240
शब्द कहने की नीच इत्यादि कहने की

347
00:24:18,240 --> 00:24:22,240
तो हमको फिर पुलिस द्वारा एक बुलाया गया कि भाई यह

348
00:24:22,240 --> 00:24:26,400
आपके खिलाफ शिकायत करना चाहती तो हमने अपना पक्ष पूरा रखा। पुलिस ने भी न्यायपूर्ण व्यवहार

349
00:24:26,400 --> 00:24:30,400
किया। जांच की मामले को झूठा पाया। उन्होंने फिर कह दिया यह

350
00:24:30,400 --> 00:24:34,480
मामला झूठा है। इसी बीच हम फिर इनके

351
00:24:34,480 --> 00:24:39,040
इनका जो यहां पर तथाकथित नाम दान केंद्र जहां एलईडी चला करके

352
00:24:39,040 --> 00:24:44,480
एक वीडियो के माध्यम से लोगों को शिष्य बनाया जाता है रामपाल का

353
00:24:44,480 --> 00:24:48,480
और वहीं से पूरा लखनऊ के अंदर जो है संचालित किया जाता है इस

354
00:24:48,480 --> 00:24:52,560
गिरोह का जो लखनऊ केंद्र है। हम वहां गए वहां पर

355
00:24:52,560 --> 00:24:56,720
किसी इस उद्देश्य से नहीं गए कि भाई हमें वहां कुछ

356
00:24:56,720 --> 00:25:00,800
क्या कहते हैं दंगा करना है या कोई घटना करनी है नहीं हम वहां

357
00:25:00,800 --> 00:25:04,880
देखने गए कि वहां की कार्यशैली क्या है आसपास का पर्यावरण क्या है कौन

358
00:25:04,880 --> 00:25:08,880
से लोग रहते हैं कौन से किस प्रकार से चल रहा है वहां पर और जब इनका

359
00:25:08,880 --> 00:25:12,880
ये सतलोक आश्रम सतलोक तो इनको छुपने की क्या दिक्कत है कोई भी चला जाए

360
00:25:12,880 --> 00:25:17,360
सतलोक आश्रम है ना खैर हम कुछ अपने

361
00:25:17,360 --> 00:25:21,520
हिंदूवादी भाइयों के साथ वहां पहुंचे पहुंचे और

362
00:25:21,520 --> 00:25:25,120
वहां से दो हमारे हिंदू भाइयों को किताबें

363
00:25:25,120 --> 00:25:29,120
दी गई। वो वहां गए। मैं नहीं गया। मैं बाहर ही था।

364
00:25:29,120 --> 00:25:33,200
मगर दो हिंदूवादी भाई ऐसे जिनको डायरेक्टली वहां पर

365
00:25:33,200 --> 00:25:37,280
रहने वाला ना जानता हो संभवत। तो वो एक सामान्य व्यक्ति के रूप में वहां गए।

366
00:25:37,280 --> 00:25:41,840
उनको भी वो किताबें वहां से उस आश्रम से पकड़ाई गई। ये लो ये पढ़ो।

367
00:25:41,840 --> 00:25:45,840
इतना ही नहीं। इन्होंने क्या किया? तुरंत उनका मोबाइल लेकर के और ये चैनल

368
00:25:45,840 --> 00:25:50,240
सब्सक्राइब कर लो और इनके प्रवचन सुना करो। हमारे बाबा जी के जेलधाम

369
00:25:50,240 --> 00:25:54,320
से आते हैं। यह सब वहां क्लेम किए गए। और हां एक बात बताना भूल गया।

370
00:25:54,320 --> 00:25:58,400
यह जेल धाम से लाइव चर्चा और जेल धाम से डायरेक्ट

371
00:25:58,400 --> 00:26:02,480
बात इनके बाबा जी के साथ यह सारे दावे

372
00:26:02,480 --> 00:26:06,880
वो जो चर्चा हो रही थी ना पुलिस स्टेशन में बैठकर के

373
00:26:06,880 --> 00:26:11,200
चौकी में बैठकर के जो चर्चा हो रही थी दिनेश चंद्र छोकरा इत्यादि

374
00:26:11,200 --> 00:26:15,200
के साथ वहां पर दिनेश चंद्र छोकरा ने भी ये दावे किए थे जो कि भ्रामक

375
00:26:15,200 --> 00:26:19,200
है। ये नोट करते जाइएगा क्या ऑफेंसेस बन रहे

376
00:26:19,200 --> 00:26:24,800
हैं। गुमराह करना धोखाधड़ी करना यह भ्रम फैलाना

377
00:26:24,800 --> 00:26:29,360
धार्मिक भावनाओं को आहत करना, सम प्रवर्तन करने का प्रयास करना।

378
00:26:29,360 --> 00:26:33,440
दूसरी चीज हो गई। फिर झूठा मुकदमा लिखाने की धमकी देते

379
00:26:33,440 --> 00:26:37,680
हुए मुझे अपने उद्देश्य से हटाने का हटाने के लिए बाध्य

380
00:26:37,680 --> 00:26:41,840
करना, दबाव डालना, आमादा मारपीट होना ये सब चीजें चल रही हैं।

381
00:26:41,840 --> 00:26:46,400
है ना? साथ ही साथ वहां ये भ्रम भी फैला दी।

382
00:26:46,400 --> 00:26:51,120
इसके बाद फिर जब

383
00:26:51,120 --> 00:26:55,200
यह इसमें यह जो नीतू दासी के द्वारा लिखाई गई जो हमारे खिलाफ

384
00:26:55,200 --> 00:26:59,760
कंप्लेंट थी कंप्लेंट नॉट एफआईआर है ना एमपी फास्ट

385
00:26:59,760 --> 00:27:04,000
तुझे पता चलेगा अभी जब मैं जो एफआईआर ये शासन के आदेश

386
00:27:04,000 --> 00:27:08,080
के साथ जो दर्ज हुई है ना तेरे पहलों के नीचे की जरूर अगर

387
00:27:08,080 --> 00:27:12,160
यह सुन रहा है कि नहीं सुन रहा है इसको जरूर पता चलेगा एफआईआर

388
00:27:12,160 --> 00:27:16,800
किसे कहते हैं एफआईआर में नाम होना किसे कहते हैं वह अभी पता चलेगा खैर

389
00:27:16,800 --> 00:27:22,480
तो

390
00:27:22,480 --> 00:27:26,480
ठीक है तो क्या है कि नीतू दासी वाली

391
00:27:26,480 --> 00:27:30,640
एफआईआर भी झूठी निकली। अब जो हम इनके वहां गए थे अगले

392
00:27:30,640 --> 00:27:34,640
दिन इनके वही उसी पैरोकार दिनेश चंद्र छोकरा का मेरे पास फोन आ

393
00:27:34,640 --> 00:27:38,800
जाता है। और वो वही सब क्या आप वो मतलब फोन पे ही कहता

394
00:27:38,800 --> 00:27:43,520
है आप गुंडे ले गए थे। अब कैसे भाई हमारे साथ हिंदुत्ववादी

395
00:27:43,520 --> 00:27:47,680
संगठन के लोग हैं। बजरंग दल के लोग हैं। उनके कहां पर

396
00:27:47,680 --> 00:27:52,400
उनके उन्होंने कोई गुंडई की है जो भी है। उन्होंने ये बात बोली हमसे

397
00:27:52,400 --> 00:27:58,240
कि अ

398
00:27:58,240 --> 00:28:02,400
उन्होंने ये बात बोली उस व्यक्ति ने मुझसे फोन पे कि आप जो है गुंडों को

399
00:28:02,400 --> 00:28:06,480
लेकर के गए थे। के गुंडा कहना भी एक ऑफेंस ही है। फिर

400
00:28:06,480 --> 00:28:11,040
मैंने ये कहा क्यों गए थे? तो मैंने कहा क्यों

401
00:28:11,040 --> 00:28:15,040
तुम्हारा वो सतलोक आश्रम है या कोई चोरी चकारी का

402
00:28:15,040 --> 00:28:19,120
अड्डा है वैश्यालय है इस तरह के मैंने भाव वहां प्रकट किए जब

403
00:28:19,120 --> 00:28:23,120
वहां तुम सतलोक आश्रम कह रहे हो तो तुम्हें किसी के जाने और

404
00:28:23,120 --> 00:28:27,200
ना जाने पर आपत्ति तब होनी चाहिए जब वहां जाकर के कोई व्यक्ति

405
00:28:27,200 --> 00:28:31,200
घटना घटित कर दे है ना तब आपत्ति होनी

406
00:28:31,200 --> 00:28:35,200
चाहिए केवल जाने पे ही तुमने आपत्ति कर दी अच्छा

407
00:28:35,200 --> 00:28:39,200
अब इसने क्या किया इसने ये रिकॉर्डिंग ली मैंने क्योंकि क्योंकि ये कहा था क्या

408
00:28:39,200 --> 00:28:43,280
कोई चोरी शिकारी इस तरह के भाव थे मुझे स्मरण नहीं है एक्सक्टली शब्द क्या

409
00:28:43,280 --> 00:28:47,280
थे कि वहां कोई देह व्यापार होता है क्या जो तुम मुझे जाने से रोक

410
00:28:47,280 --> 00:28:51,920
रहे हो इस तरह का मैंने वहां कहा कि तो यह जो प्रश्नवाचक

411
00:28:51,920 --> 00:28:56,000
मैंने पूछा था इस पर भी इस व्यक्ति ने क्या किया इसको आधार मिल गया

412
00:28:56,000 --> 00:29:00,080
शायद इसने सोचा कि आधार है यद्यपि है नहीं मगर इस व्यक्ति ने

413
00:29:00,080 --> 00:29:04,240
इस आधार पर भी फिर एक कंप्लेंट डाल दी अभी

414
00:29:04,240 --> 00:29:08,240
तक हमारे विरोध में की गई दो कंप्लेंट पुलिस द्वारा निरस्त की जा चुकी की

415
00:29:08,240 --> 00:29:12,480
है। अब तीसरी कंप्लेंट डाल दी गई। क्या डाली गई कि इन्होंने

416
00:29:12,480 --> 00:29:13,360
मेरी इन्होंने

417
00:29:13,360 --> 00:29:18,560
मेरी भावनाओं को आत किया है। है ना?

418
00:29:18,560 --> 00:29:24,080
वो है

419
00:29:24,080 --> 00:29:28,640
हां ये ये तीसरी एक आईजीआरएस मुख्यमंत्री

420
00:29:28,640 --> 00:29:32,800
पोर्टल के द्वारा डाल दी गई। इसमें क्या कहा गया

421
00:29:32,800 --> 00:29:35,600
कि भाई

422
00:29:35,600 --> 00:29:39,600
आवेदक के लखनऊ स्थित धार्मिक स्थल देखिए लखनऊ

423
00:29:39,600 --> 00:29:43,600
स्थित धार्मिक यह खुद प्रमाण दे रहे हैं। यह जो है

424
00:29:43,600 --> 00:29:47,680
स्थल है जिसके खिलाफ अब एफआईआर हुई है ना ये खुद अपने को जोड़ रहे हैं। जैसे

425
00:29:47,680 --> 00:29:51,760
नीतू दासी ने नीतू दासी ने अपनी खुद की आईजीआरएस में खुद को जोड़

426
00:29:51,760 --> 00:29:56,640
लिया इस गिरोह से लिखित में और अब ये क्या है?

427
00:29:56,640 --> 00:30:00,640
लखनऊ स्थित धार्मिक स्थल नामदान केंद्र को दो बार

428
00:30:00,640 --> 00:30:05,120
वैश्यालय कहकर धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर पुनरावृत

429
00:30:05,120 --> 00:30:09,840
करते हुए आहत किया है। ठेस पहुंचाई है। कहा है कि जो चाहो

430
00:30:09,840 --> 00:30:14,080
सो कर लो के संबंध में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराए

431
00:30:14,080 --> 00:30:18,320
जाने के एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए दिया

432
00:30:18,320 --> 00:30:22,320
गया है। ठीक है? एफआईआर दर्ज नहीं हुई

433
00:30:22,320 --> 00:30:26,320
है। खैर यह इन्होंने आईजीआरएस फिर की। फिर इस पर

434
00:30:26,320 --> 00:30:28,400
संबंधित पुलिस स्टेशन से मेरे पास कॉल

435
00:30:28,400 --> 00:30:32,480
आया। उन्होंने पूरी बात समझी मेरी। उन्होंने भी मेरे से

436
00:30:32,480 --> 00:30:37,280
प्रमाण साक्ष्य मैंने उनको भी भेजे और इन

437
00:30:37,280 --> 00:30:42,240
लोगों ने मतलब पुलिस ने वहां पाया कि ये झूठा आरोप है और वैशालय

438
00:30:42,240 --> 00:30:46,320
मैंने कहा नहीं है। मैंने पूछा है कि भाई आप मुझे वहां जाने

439
00:30:46,320 --> 00:30:50,480
पर आपत्ति क्यों कर रहे हैं? क्या वो कोई उठाई गई चीज है? तो आप बोल दो

440
00:30:50,480 --> 00:30:54,640
नहीं नहीं ऐसा तो नहीं है तो फिर क्यों कह रहे हो हालांकि उसने वैश बस

441
00:30:54,640 --> 00:30:59,920
वो एक शब्द आ गया तो उसके आधार पर यह ट्राई की खैर

442
00:30:59,920 --> 00:31:04,000
तो इसकी ये तीसरी जो एफआईआर कराने की

443
00:31:04,000 --> 00:31:08,160
जो मुकदमा दर्ज झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश थी वो भी

444
00:31:08,160 --> 00:31:12,320
अच्छा इस बीच ये मुझे लगातार फोन करके हैरेस कर रहा है

445
00:31:12,320 --> 00:31:16,320
लगातार मेरे पास फोन आता है मुझे यहां मिल लो मुझे वहां मिल लो मैंने इसको ये भी कहा कि तुम

446
00:31:16,320 --> 00:31:20,560
शास्त्र वो ज्ञान चर्चा कर लो तो ये मैंने जब लास्ट में आप

447
00:31:20,560 --> 00:31:24,640
लोगों ने आप लोग जानते होंगे कि मैंने लास्ट में फिर इससे कहा कि इस मंदिर में

448
00:31:24,640 --> 00:31:28,800
आ जाओ। तो व्यक्ति बोलने लगा कि मुझे बैठने को क्या जगह मिलेगी? क्योंकि इसको आता जाता

449
00:31:28,800 --> 00:31:32,960
तो कुछ है नहीं। ये कैसे सिद्ध करेगा? अपने बाबा जी के द्वारा फैलाई

450
00:31:32,960 --> 00:31:37,200
गई जो वो भ्रष्टता है उसको कैसे

451
00:31:37,200 --> 00:31:41,360
सिद्ध करेगा? कोई है ही नहीं। हम तो ये भी नहीं।

452
00:31:41,360 --> 00:31:43,520
खैर ये भी निरस्त हो गई।

453
00:31:43,520 --> 00:31:47,040
अच्छा इस बीच हम लोग

454
00:31:47,040 --> 00:31:51,200
मैं जो क्या मैं इस बीच जो है अपनी चीजें कर रहा था कि भाई इनका जो आश्रम

455
00:31:51,200 --> 00:31:55,280
में फर्जी है रामपाल कौन है इनके आश्रम कैसे

456
00:31:55,280 --> 00:31:59,280
चल रहे हैं वो सारी विधिवत जो तैयारी होती है मैं वो अपना लेखन कार्य भी

457
00:31:59,280 --> 00:32:03,600
कर रहा था आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत भी हो रहा था इनके कई लोगों को निरुत्तर

458
00:32:03,600 --> 00:32:07,600
भी किया है आपने देखा ही होगा ये सब चीजें चल रही थी साथ की

459
00:32:07,600 --> 00:32:09,840
साथ

460
00:32:09,840 --> 00:32:15,040
अब इसके बाद क्या होता है कि जब

461
00:32:15,040 --> 00:32:17,280
यह

462
00:32:17,280 --> 00:32:21,360
तीन बार आईजीआरएस के माध्यम से विफल हो जाते हैं यह लोग तो फिर ये

463
00:32:21,360 --> 00:32:25,440
लोग क्या करते हैं? हमारे विरोध में 156

464
00:32:25,440 --> 00:32:29,600
तीन एक कोई होती है जिसमें आप सीधे कोर्ट जा सकते हैं कि हमारी एफआईआर

465
00:32:29,600 --> 00:32:33,600
दर्ज नहीं हो रही। पुलिस नहीं कर रही। हम कोर्ट में आते हैं। तो 156 तीन

466
00:32:33,600 --> 00:32:37,840
के तहत वो कोर्ट में गए। कोर्ट से फिर जांच भेजी गई। अब

467
00:32:37,840 --> 00:32:41,840
अब जांच आई एसीपी स्तर पर। पहले थाने के स्तर

468
00:32:41,840 --> 00:32:46,320
पर चल रही थी। अब एसीपी स्तर पर आई। अच्छा इस इस जांच में

469
00:32:46,320 --> 00:32:50,480
पिछली बार की जो दो इनके द्वारा की गई कंप्लेंट पर पुलिस ने यह लिखा

470
00:32:50,480 --> 00:32:56,080
था कि क्या कहते हैं ये

471
00:32:56,080 --> 00:32:58,720
ये झूठी शिकायत की जा रही है। धार्मिक

472
00:32:58,720 --> 00:33:02,720
मामला है उसमें द्वेष निकालने के लिए दबाव बनाने के लिए ये पुलिस ने

473
00:33:02,720 --> 00:33:06,800
मेंशन किया है। यह धमकी झूठे प्रयास

474
00:33:06,800 --> 00:33:11,440
और ये सब पुलिस ने मेंशन किया है कि ये जो है दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

475
00:33:11,440 --> 00:33:15,440
तो इन्होंने वहां कहा इन्होंने वहां जब यह गए तो

476
00:33:15,440 --> 00:33:19,520
इन्होंने पुलिस वालों पर भी केस कर दिया केस नहीं मतलब यह

477
00:33:19,520 --> 00:33:23,600
कहा कि इन लोग ये सब भी इसमें मिलीभगत में तो उसमें कुछ जो

478
00:33:23,600 --> 00:33:27,600
इंस्पेक्टर थे विवेचना करने वाले उनका भी सह हृदय धन्यवाद

479
00:33:27,600 --> 00:33:31,760
है जिन लोगों ने इसमें न्यायपूर्ण विवेचना की मगर

480
00:33:31,760 --> 00:33:36,640
इस गिरोह ने सोचिए ये गिरोह के इरादे कितने

481
00:33:36,640 --> 00:33:40,800
पुष्ट हो चुके हैं। किस हद तक जा सकता है जो अंदर से

482
00:33:40,800 --> 00:33:44,880
जानता है कि वह चोरी कर रहा है और किसी

483
00:33:44,880 --> 00:33:49,040
ने जब उसे चोर कह दिया चोरी करने वाले को तो तूने मुझे चोर

484
00:33:49,040 --> 00:33:53,120
कैसे कहा इस बात के लिए लड़ने के लिए वो पुलिस तक पहुंच

485
00:33:53,120 --> 00:33:57,520
रहा है कि इसने मुझे चोर कहा है सोचिए

486
00:33:57,520 --> 00:34:01,520
है ना खैर तो इसने पुलिस वालों को लेते

487
00:34:01,520 --> 00:34:05,520
हुए साथ में इस गुरु गिरोह ने मुख्य रूप से

488
00:34:05,520 --> 00:34:09,680
जो यहां के संचालक है रामचंद्र रामनारायण दास और

489
00:34:09,680 --> 00:34:13,760
राजू दास जो यहां के सेंटर को चलाते हैं संचालक

490
00:34:13,760 --> 00:34:17,760
इन लोगों ने मिलकर के दिनेश चंद्र चोकरा

491
00:34:17,760 --> 00:34:21,680
और

492
00:34:21,680 --> 00:34:25,680
नीतू दासी इन लोगों ने सबने मिलकर फिर वो वाद के रूप में 156 तीन में

493
00:34:25,680 --> 00:34:29,760
दाखिल किया। वहां से भी जांच आई कि भाई आप इनकी जांच करके जो

494
00:34:29,760 --> 00:34:33,760
है दीजिए। तो यहां पे जब एसीपी स्तर पर जांच हुई

495
00:34:33,760 --> 00:34:37,840
क्योंकि दो थानों का मामला हो गया था। एक थाना वह था

496
00:34:37,840 --> 00:34:42,560
आलमबाग एक थाना था आशियाना आलमबाग में वो

497
00:34:42,560 --> 00:34:46,560
शिकायत गई थी जिसमें कि इसने आरोप लगाया था

498
00:34:46,560 --> 00:34:50,640
कि इसने हमारे धार्मिक स्थल को वैशालय कहा है और यहां पर वो

499
00:34:50,640 --> 00:34:54,960
शिकायत गई थी जिसमें नीतू दास नीतू दासी ने आरोप लगाया था कि इसने

500
00:34:54,960 --> 00:34:59,040
हमको जो है नीतू दासी

501
00:34:59,040 --> 00:35:03,280
वाले वहां शिकायत गई थी कि इस इन्होंने हमारे साथ जो है अभद्र

502
00:35:03,280 --> 00:35:07,920
व्यवहार किया है और उल्टी सीधी टिप्पणियां की है ये सब।

503
00:35:07,920 --> 00:35:12,400
मगर है क्या? यह दोनों ही जो पुलिस स्टेशन है दोनों ही एक ही एसीपी

504
00:35:12,400 --> 00:35:16,560
के अंडर में आते हैं। एसीपी कैंट

505
00:35:16,560 --> 00:35:20,880
उनके अंडर में ये आए ये मामले दोनों।

506
00:35:20,880 --> 00:35:24,880
फिर से पुलिस ने निष्पक्ष जांच की और पूरा मामला कोर्ट के

507
00:35:24,880 --> 00:35:28,880
समक्ष रख दिया कि भाई यह जो गिरोह है इसके द्वारा

508
00:35:28,880 --> 00:35:33,200
इस तरह की किताबें छापी जाती हैं और इस इस तरह की किताबों

509
00:35:33,200 --> 00:35:37,760
का वितरण प्रचार इस तरह की सामग्री ये सब किया जाता है

510
00:35:37,760 --> 00:35:41,920
और ये लोग जो है दबाव बनाने के लिए इस तरह का मुकदमा लिखवा

511
00:35:41,920 --> 00:35:45,280
रहे हैं। अह

512
00:35:45,280 --> 00:35:49,440
जो सामने विपक्षी है उस पर भी और पुलिस वालों पर भी।

513
00:35:49,440 --> 00:35:55,120
तो ये अपने योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। ठीक है?

514
00:35:55,120 --> 00:35:59,120
तो अब इसके बाद क्या होता है कि ये हो गया। अब तक हमारी जो

515
00:35:59,120 --> 00:36:04,080
वो थी एक तरीके से कहेंगे रिसर्च

516
00:36:04,080 --> 00:36:08,160
या कहेंगे कि शिकायत पुष्ट हो चुकी थी। अच्छे से तैयार हो चुकी थी। अब हम इस

517
00:36:08,160 --> 00:36:12,480
शिकायत को लेकर के जाते हैं। कहां? जहां

518
00:36:12,480 --> 00:36:16,640
जिस क्षेत्र में इनका जो यह सेंटर चल रहा है,

519
00:36:16,640 --> 00:36:20,640
इनका सेंटर चल रहा है। सरोजनी नगर क्षेत्र में तो

520
00:36:20,640 --> 00:36:24,640
सरोजनी नगर का जो भाग है सरोजनी

521
00:36:24,640 --> 00:36:29,040
नगर का जो थाना है हम वहां पर जाकर के अपनी

522
00:36:29,040 --> 00:36:33,040
शिकायत लेकर के हम आईजीआरएस के थ्रू वहां शिकायत करते हैं। अब क्या

523
00:36:33,040 --> 00:36:37,040
होता है कि इन लोगों को बुलाया जाता है। हमको भी

524
00:36:37,040 --> 00:36:41,040
बुलाया जाता है। हम वहां जाकर के अपनी बात कह करके आते हैं और यह

525
00:36:41,040 --> 00:36:44,160
लोग अपनी बात कह करके आते हैं। जिस

526
00:36:44,160 --> 00:36:48,240
चौकी में जांच चल रही है। अच्छा है क्या कि प्रारंभिक स्तर

527
00:36:48,240 --> 00:36:52,640
पर पुलिस को ये बताना कि ये मामला

528
00:36:52,640 --> 00:36:56,880
कितना भयंकर है कितना बड़ा है कितना गंभीर है वो

529
00:36:56,880 --> 00:37:00,960
भी बहुत आसान नहीं है पुलिस भाई हम लोग इससे जूझ रहे हैं काफी

530
00:37:00,960 --> 00:37:05,040
दिनों से किसी के मामले में अभी-अभी आया है सामने किसी के संज्ञान में अभी-अभी

531
00:37:05,040 --> 00:37:09,200
आया है तो वो कैसे समझे कि ये बहुत बड़ी कोई चीज हो गई

532
00:37:09,200 --> 00:37:14,560
है ना तो

533
00:37:14,560 --> 00:37:18,560
पुलिस ने अच्छा अब इन्होंने क्या किया? पुलिस को गुमराह कर दिया।

534
00:37:18,560 --> 00:37:22,880
वहां पर पुलिस को गुमराह दो बातों पर किया। एक इन्होंने

535
00:37:22,880 --> 00:37:26,880
वो वाद दिखा दिए कि इनके इनसे तो कोर्ट में वाद चल रहा

536
00:37:26,880 --> 00:37:30,880
है। जबकि वाद नहीं चल रहा है। कोर्ट ने जांच के आदेश दिए। एसीपी

537
00:37:30,880 --> 00:37:34,960
एसीपी ने अपनी वहां पर रिपोर्ट लगाई और जिसमें कहा कि यह मिथ्या

538
00:37:34,960 --> 00:37:39,120
फैला रहे हैं। इस तरह की शिकायत करके मिथ्या फैला रहे हैं। ये सब

539
00:37:39,120 --> 00:37:43,120
चल ये सब वहां पे हो रहा है। एसीपी की रिपोर्ट लग रही है।

540
00:37:43,120 --> 00:37:47,200
उसके बावजूद भी इन्होंने वहां जाके पुलिस को गुमराह किया। पुलिस को गुमराह करते ही

541
00:37:47,200 --> 00:37:51,360
है। जैसे कि हाई कोर्ट से 12 बार क्लीन चिट मिली है। इस हद

542
00:37:51,360 --> 00:37:55,360
तक आदित्यनाथ योगी हमारी किताबों को प्रेज करते हैं, प्रचारित करते

543
00:37:55,360 --> 00:37:59,280
हैं, प्रशंसा करते हैं। ये क्या है? सीधे सीधे आंखों

544
00:37:59,280 --> 00:38:03,600
में मिर्ची झोंकना 250 ग्राम हमारी बातें

545
00:38:03,600 --> 00:38:08,000
शास्त्र प्रमाणित है समस्त शास्त्रों का निचोड़ है उपनिषद

546
00:38:08,000 --> 00:38:12,320
क्या होता है हम जानते नहीं है अच्छा सभी धर्मों

547
00:38:12,320 --> 00:38:16,480
का मतलब है तो सभी धर्मों का मतलब है तो क्या इन्होंने बौद्ध दर्शन

548
00:38:16,480 --> 00:38:21,040
भाई ये ये सबको धर्म कहते हैं। बौद्ध दर्शन, जैन दर्शन

549
00:38:21,040 --> 00:38:25,280
और भी बहुत सारे निकल आएंगे। तो क्या इन्होंने उन सबके

550
00:38:25,280 --> 00:38:29,760
ज्ञान को लिया है? अपने शास्त्रों में जो सभी

551
00:38:29,760 --> 00:38:33,920
करते हैं। अगर इनके हिसाब से सभी धर्म खैर ये सब बहुत दूर

552
00:38:33,920 --> 00:38:37,920
की बातें हो जाएगी। हम लोग पॉइंट पे नहीं तो वो हो जाएगी।

553
00:38:37,920 --> 00:38:41,920
अब क्या होता है कि पुलिस को यह लोग जाकर के गुमराह

554
00:38:41,920 --> 00:38:46,160
कर देते हैं और यह कहते हैं कि भैया हमारा जो अच्छा

555
00:38:46,160 --> 00:38:50,320
हम हम जाकर के अपनी वो जो हमने रिसर्च टाइप की बनाई थी वो पुलिस को दे आते

556
00:38:50,320 --> 00:38:54,400
हैं। पुलिस बहुत ज्यादा पूछताछ करती नहीं है कि आपको और क्या शिकायत कहना है नहीं तो हम

557
00:38:54,400 --> 00:38:58,560
बैठ के बताते भी है। हमें लगता है कि पुलिस ने पढ़ लिया होगा या अच्छे से समझ गई

558
00:38:58,560 --> 00:39:03,360
होगी जो भी है। एक कहेंगे कि एक

559
00:39:03,360 --> 00:39:06,800
उसको क्या कहते हैं?

560
00:39:06,800 --> 00:39:11,120
संवाद की कमी होने के कारण हमारा जो मैसेज था वो

561
00:39:11,120 --> 00:39:14,480
यथार रूप में वहां तक नहीं पहुंच सका जो उसकी

562
00:39:14,480 --> 00:39:18,480
विवेचना कर रहे हैं। अब ये लोग वहां कर देते हैं और एक बात और कहते

563
00:39:18,480 --> 00:39:22,560
हैं कि इस व्यक्ति ने तो क्षमा मांगी है कुछ दिन पहले। अब सोचिए

564
00:39:22,560 --> 00:39:26,960
मैंने वहां क्षमा क्यों मांगी थी? मैंने इसीलिए वहां आपको नोट कराया था। इन्होंने

565
00:39:26,960 --> 00:39:31,520
वहां पर ये लोग वहां पर

566
00:39:31,520 --> 00:39:36,080
वहां पर पुलिस को गुमराह करते हैं कि शिवश नारायण द्विवेदी ने

567
00:39:36,080 --> 00:39:40,080
क्या कहते हैं? क्षमा मांगी थी रामपाल का विरोध करने

568
00:39:40,080 --> 00:39:44,560
पर। जबकि रामपाल का विरोध मैं लगातार कर रहा हूं 2023 से सक्रिय

569
00:39:44,560 --> 00:39:48,720
होकर पहले भी किया है। मगर सामने आपको दिखाई दे फ्रंट

570
00:39:48,720 --> 00:39:53,200
से रामपाल का विरोध 2023 से कर रहा हूं। पर ये लोग क्या और

571
00:39:53,200 --> 00:39:57,200
उस लेख को लिखने के बाद भी मैं करता रहा। पर फिर भी यह

572
00:39:57,200 --> 00:40:01,280
वहां पुलिस को गुमराह करते हैं कि इसने तो क्षमा मांगी है। एक गुमराह और करते

573
00:40:01,280 --> 00:40:05,360
हैं कि इसके खिलाफ हम लोग एक्शन ले रहे हैं। पुलिस की

574
00:40:05,360 --> 00:40:09,360
कारवाई कर रहे हैं। इसलिए ये हम पर दबाव बनाने के लिए यहां

575
00:40:09,360 --> 00:40:13,520
पर हमारे खिलाफ मुकदमा करवाना चाहता है। अब देखिए ये लोग अगर यह

576
00:40:13,520 --> 00:40:17,520
कहें आगे के चीजों में ये जो

577
00:40:17,520 --> 00:40:21,600
ये कानूनी कारवाही नाम की ये सीरीज चल रही है। इसमें

578
00:40:21,600 --> 00:40:25,760
आगे के एपिसोड्स में मैं बताऊंगा कि किस तरह से ये

579
00:40:25,760 --> 00:40:29,760
लोग अपने आप को बचाने के लिए यह भी बोले कि हमारा इनसे कोई संबंध नहीं है।

580
00:40:29,760 --> 00:40:34,240
ठीक है? और जबकि यहां पर ये स्वयं अपना संबंध स्थापित कर रहे हैं। कैसे?

581
00:40:34,240 --> 00:40:39,280
कि मैंने इस गैंग के विरोध में इस

582
00:40:39,280 --> 00:40:43,440
सेंटर के विरोध में एप्लीकेशन दी। शिकायत

583
00:40:43,440 --> 00:40:47,680
मुकदमा पंजीकृत करने के लिए। उसमें कहीं भी इस वकील का नाम नहीं है।

584
00:40:47,680 --> 00:40:51,840
दिनेश चंद्र चोकरा का नाम नहीं है। स्वयं को वकील कहता है। यद्यपि वकील

585
00:40:51,840 --> 00:40:56,640
है कि नहीं इस बात पर भी भगवान ही जाने। खैर

586
00:40:56,640 --> 00:41:01,200
ये कहता है और पैरोकारी करता है केवल

587
00:41:01,200 --> 00:41:05,200
ये रामपाल एंड कंपनी की। खैर तो ये

588
00:41:05,200 --> 00:41:09,280
कैसे गैंग से जुड़ रहे हैं ये देखिए। तो मैंने जब वहां पर कंप्लेंट

589
00:41:09,280 --> 00:41:13,440
दी थी तो उस कंप्लेंट में केवल

590
00:41:13,440 --> 00:41:17,600
दो नाम थे। रामनारायण दास और राजू दास इनके खिलाफ

591
00:41:17,600 --> 00:41:21,680
इनके विरुद्ध में मैंने कंप्लेंट दी थी। संभवत शायद रवि

592
00:41:21,680 --> 00:41:25,680
कुमार जो स्टॉल के संचालक था जो स्टॉल था ना यहां

593
00:41:25,680 --> 00:41:29,920
हस्तशिल्प उद्योग में प्रदर्शनी में उसका संचालक रवि कुमार था जिसने

594
00:41:29,920 --> 00:41:33,920
मेरे विरोध में जिसके नाम से मेरे विरोध में पहली वो गई

595
00:41:33,920 --> 00:41:37,920
थी कि इन्होंने वहां स्टॉल पर आकर के उड़दन किया है। वो पहली जो वो

596
00:41:37,920 --> 00:41:42,240
गई थी। खैर इन्होंने वहां पर क्या कहा कि भैया

597
00:41:42,240 --> 00:41:44,800
पुलिस को गुमराह किया कि इनके खिलाफ हमारे

598
00:41:44,800 --> 00:41:48,880
वो चल रहे हैं, मुकदमे चल रहे हैं या जो भी चल रहे हैं और इसलिए हम पर

599
00:41:48,880 --> 00:41:53,200
दबाव बनाने के लिए लिखवाना चाह रहे हैं। अब सोचिए मैं लिखवा

600
00:41:53,200 --> 00:41:57,520
रहा हूं गैंग के विरोध में। मैं लिखवा रहा हूं सेंटर के विरोध में।

601
00:41:57,520 --> 00:42:01,760
मैंने कहीं भी उसमें दिनेश चंद्र चोपड़ा का नीतू दासी का नाम नहीं लिया। मगर

602
00:42:01,760 --> 00:42:05,840
ये पुलिस को गुमराह करते हुए स्वयं ये कह रहे हैं कि हम इनसे

603
00:42:05,840 --> 00:42:10,640
जुड़े हुए हैं। हम लोग एक हैं। हम गैंग का हिस्सा है।

604
00:42:10,640 --> 00:42:14,720
ठीक है? वहां ये बता रहे हैं कि हमारे साथ

605
00:42:14,720 --> 00:42:18,960
इनका विवाद चल रहा है ऑलरेडी। इसलिए हम पर दबाव बनाने के लिए ऐसा ऐसा

606
00:42:18,960 --> 00:42:23,280
ये कर रहे हैं। तो ये बात यहां से इन्हीं के स्टेटमेंट

607
00:42:23,280 --> 00:42:27,280
से ये सब अपनी चीजें कर रहे हैं। ये अपनी अपनी तैयारी खुद

608
00:42:27,280 --> 00:42:31,680
ही कर रहे हैं। बहुत ज्यादा कुछ बहुत ज्यादा

609
00:42:31,680 --> 00:42:35,760
बड़े जासूस की तरीके से इस मामले में देखने की जरूरत नहीं। अगर ठीक से

610
00:42:35,760 --> 00:42:39,760
कोई व्यक्ति लगातार क्रम से पढ़ता ही चला जाए तो यह लोग

611
00:42:39,760 --> 00:42:44,080
खुद ही अपना खंडन कर रहे हैं। नीतू दासी ने खुद ही उन किताबों का प्रचार

612
00:42:44,080 --> 00:42:48,160
प्रचार प्रचार प्रसार करना उनके प्रति जो है दृढ़ता

613
00:42:48,160 --> 00:42:52,240
निष्ठावान अनुयाई होना ये सब बता दिया। उसके बाद नीतू

614
00:42:52,240 --> 00:42:56,240
दासी और छोकरा के साथ चल रहे मामले का वहां पर यह

615
00:42:56,240 --> 00:42:59,840
कहना कि यह हम पर दबाव बनाना चाहते हैं।

616
00:42:59,840 --> 00:43:04,080
हम पर यानी हम भी इस सेंटर इस गिरोह इस गैंग के सदस्य

617
00:43:04,080 --> 00:43:08,320
हैं और हमारे साथ वहां पर इनके साथ विवाद चल रहा है। इसलिए

618
00:43:08,320 --> 00:43:12,480
ये हम पर यहां मुकदमा पंजीकृत कराना चाहते हैं। इसको कहते हैं एक टर्म होती है। मुझे

619
00:43:12,480 --> 00:43:17,200
उसी समय पता चली थी। पेशबंदी कहते हैं इसे पेशबंदी।

620
00:43:17,200 --> 00:43:21,440
तो पुलिस को इन्होंने गुमराह कर दिया। पुलिस थोड़ा सा संवाद स्थापित

621
00:43:21,440 --> 00:43:25,920
नहीं हो पाया अच्छे से। तो प्रथम दृष्ट्या में पुलिस ने

622
00:43:25,920 --> 00:43:30,000
इस विषय को जो है उतना गंभीरता से नहीं

623
00:43:30,000 --> 00:43:34,080
लिया। जब हमें पता चला कि गंभीरता से नहीं लिया गया है

624
00:43:34,080 --> 00:43:38,160
तो हम जो संबंधित एसीपी है एसीपी विकास पांडे

625
00:43:38,160 --> 00:43:42,560
एसीपी सरोजनी नगर संभाग तो उनके

626
00:43:42,560 --> 00:43:46,560
पास हम गए। उनको पूरी बात बताई। उन्होंने हमें

627
00:43:46,560 --> 00:43:50,640
कहा कि आपके पास एक फोन आएगा आईजीआरएस

628
00:43:50,640 --> 00:43:55,280
के संबंध में। फोन क्या आता है कि भाई आपकी जो आईजीआरएस है

629
00:43:55,280 --> 00:44:00,240
उसमें समाधान कर दिया गया है। क्या आप उससे संतुष्ट हैं? तो

630
00:44:00,240 --> 00:44:04,320
मतलब आप जो है आपका उन्होंने एसीपी जो

631
00:44:04,320 --> 00:44:08,480
है उन्होंने मुझे बताया कि आपका मामला अभी चल रहा है। आप यह मत सोचिए

632
00:44:08,480 --> 00:44:12,800
कि आपकी कंप्लेंट को जो है निरस्त कर दिया गया है या झूठा कह दिया गया है।

633
00:44:12,800 --> 00:44:15,120
आप ऐसा ना मतलब उन्होंने हमें आश्वासन

634
00:44:15,120 --> 00:44:19,440
दिया कि हम अभी कारवाई करेंगे और उन्होंने दोबारा से एक एप्लीकेशन हमसे

635
00:44:19,440 --> 00:44:23,440
स्वयं भी ले दी। तो यह सब हो

636
00:44:23,440 --> 00:44:27,440
गया। इस तरीके से वहां पर जांच

637
00:44:27,440 --> 00:44:32,240
चलती रही। प्रथम दृष्ट में पुलिस को यह मामला हमारा

638
00:44:32,240 --> 00:44:36,320
वैसा नहीं लगा जैसा हम हमने बताया था या जो भी है

639
00:44:36,320 --> 00:44:40,800
उनको हमारी चीजें समझ में नहीं आई। पुलिस को गुमराह किया गया। हां, गुमराह

640
00:44:40,800 --> 00:44:44,800
करते समय ऐसे कई स्टेटमेंट दिए गए जो आगे होने वाली

641
00:44:44,800 --> 00:44:49,600
जो विवेचना होगी उसमें काम आएंगी। इतना इन्होंने करके रख दिया। इतनी

642
00:44:49,600 --> 00:44:54,080
हमारी सहायता इन लोगों ने वहां की। ठीक है?

643
00:44:54,080 --> 00:44:58,240
अब क्या होता है कि उधर वह पुलिस जो एसीपी

644
00:44:58,240 --> 00:45:02,240
एसीपी जो है सरोजनी नगर के महोदय

645
00:45:02,240 --> 00:45:06,320
ने जांच को अपने हाथ में ले लिया। वो कारवाई कर रहे हैं लगातार और जो है

646
00:45:06,320 --> 00:45:10,320
जांच चल रही है अपने स्तर पर जो भी जांच वो करवा रहे हो वो

647
00:45:10,320 --> 00:45:14,320
जांच चल रही है। इसी बीच अ जब ये हम

648
00:45:14,320 --> 00:45:18,480
बवाना गए थे तो उस समय हमारे पहले से जानकारी थी तो

649
00:45:18,480 --> 00:45:22,960
इनसे बातें चल रही थी लगातार जो हमारे वरिष्ठ अधिवक्ता

650
00:45:22,960 --> 00:45:27,040
हैं हरिशंकर जैन जी उनसे बात हुई और उन्होंने जो

651
00:45:27,040 --> 00:45:30,560
है हमें रंजना अग्निहोत्री

652
00:45:30,560 --> 00:45:34,560
जी के पास भेजा। रंजना अग्निहोत्री जी

653
00:45:34,560 --> 00:45:39,040
द्वारकापीठ शंकराचार्य जो है ब्रह्मलीन पूज्यपाद

654
00:45:39,040 --> 00:45:43,680
ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की शिष्या

655
00:45:43,680 --> 00:45:47,760
थी तो हमें और भी ज्यादा हर्ष हुआ कि भाई शंकराचार्य का एक सैनिक या

656
00:45:47,760 --> 00:45:51,760
कार्य कर रहा है तो उसकी उसको मार्गदर्शन देने के लिए जो मिला

657
00:45:51,760 --> 00:45:55,840
वो भी शंकराचार्य का ही शिष्य निकला। भले ही वो द्वारका के हो

658
00:45:55,840 --> 00:46:00,240
या पूरी के हो उनमें कोई भेद तो है नहीं इस प्रकार से। खैर

659
00:46:00,240 --> 00:46:05,360
हमें बड़ा अच्छा लगा। तो फिर जो है

660
00:46:05,360 --> 00:46:09,600
उन्होंने पूरे मामले को सुना और उन्होंने कहा कि ठीक है अब मिलकर

661
00:46:09,600 --> 00:46:13,680
इस अधर्म का इस सनातन विरोधी

662
00:46:13,680 --> 00:46:18,080
तंत्र का हम लोग वो करते हैं प्रतिकार

663
00:46:18,080 --> 00:46:22,560
करते हैं। आप आइए इसको नष्ट करेंगे हम। इसको सहेंगे

664
00:46:22,560 --> 00:46:26,720
नहीं। हमारे हिंदू देवी देवताओं का अपमान हम सहेंगे नहीं। तो ये सारी

665
00:46:26,720 --> 00:46:30,720
चीजें फिर चालू हुई। फिर हम लोग हाई कोर्ट गए। हाई कोर्ट के बात की। अच्छा

666
00:46:30,720 --> 00:46:34,800
इस बीच और कुछ चीजें हैं। जैसे कि इस तरह

667
00:46:34,800 --> 00:46:38,800
से लाइव चल रही है तो लाइव चर्चा में एक व्यक्ति जुड़ता

668
00:46:38,800 --> 00:46:42,960
है। कबीर साहिब नाम से उसने अपना नाम डाल रखा

669
00:46:42,960 --> 00:46:46,960
था। उसने मुझे चाकुओं से गोद-गूद कर मार देने की धमकी दी।

670
00:46:46,960 --> 00:46:51,040
घर की स्त्रियों के साथ दुष्कर्म कर देने की धमकी दी। मुझे

671
00:46:51,040 --> 00:46:55,680
मेरा एड्रेस बताते हुए धमकी दी। यह सब भी हुआ।

672
00:46:55,680 --> 00:46:59,440
अच्छा। इसके बाद

673
00:46:59,440 --> 00:47:03,520
इसने एक चीज और की थी कि मेरे पास

674
00:47:03,520 --> 00:47:07,680
एक WhatsApp मैसेज आया था कि हमने तेरी सीता के साथ ऐसा किया है। सीता

675
00:47:07,680 --> 00:47:11,680
माता के साथ रावण ने ये किया। मतलब अश्लील मैसेज और धमकी भरा

676
00:47:11,680 --> 00:47:15,680
और एक दो नंबर से मुझे और धमकी आई थी कुछ

677
00:47:15,680 --> 00:47:19,760
कर देने की। वो सारे नंबर मैं मतलब वो नंबर एक दो नंबर जो है

678
00:47:19,760 --> 00:47:20,640
मिस कर गया।

679
00:47:20,640 --> 00:47:24,640
मगर खैर मुख्य-मुख्य जो है वो चीजें हैं थी

680
00:47:24,640 --> 00:47:28,720
मेरे पास। इसी बीच फिर हाई कोर्ट में बात चली गई। उधर एसीपी

681
00:47:28,720 --> 00:47:32,880
भी अपनी जांच कर रहे हैं। फिर ऐसे में होते होते होते हाई कोर्ट

682
00:47:32,880 --> 00:47:37,040
में पहली सुनवाई हुई जिसमें कि शासन को यह पूछा गया

683
00:47:37,040 --> 00:47:41,040
कि यह सब हो रहा है तो इसमें आपका क्या स्टैंड है? क्योंकि आप

684
00:47:41,040 --> 00:47:45,040
चाहे तो इसको बंद करा सकते हैं क्योंकि आपके अधिकार में है ये बंद कराना। कोई

685
00:47:45,040 --> 00:47:50,880
वहां पर सेक्शन था वो बताया गया। तो

686
00:47:50,880 --> 00:47:55,040
10 तारीख को सुनवाई हुई थी पहली और उसके बाद 15

687
00:47:55,040 --> 00:47:59,200
की डेट पड़ी थी। 15 को होनी थी मगर हो नहीं पाई। उसके

688
00:47:59,200 --> 00:48:04,160
बाद फिर होते सुनवाई कब हुई है? एक तारीख को।

689
00:48:04,160 --> 00:48:08,320
इस बीच शासन ने शासन ने भी

690
00:48:08,320 --> 00:48:12,800
यद्यपि अपनी स्वीकृति दे दी और

691
00:48:12,800 --> 00:48:16,880
जो एसीपी की जांच चल रही थी उनकी जांच भी हो गई

692
00:48:16,880 --> 00:48:20,880
तो सारी चीजें फिर हमारे न्यायपूर्ण

693
00:48:20,880 --> 00:48:24,960
इस कारवाही की जो चीजें थी वो हमारे पक्ष में आई परिणाम

694
00:48:24,960 --> 00:48:29,040
स्वरूप शासन के आदेश के द्वारा हम लोगों की

695
00:48:29,040 --> 00:48:33,200
वो जो लगातार दिसंबर से चल रही जो मेहनत थी इधर

696
00:48:33,200 --> 00:48:35,760
आई हाई कोर्ट में जाना। बीच में और भी दो

697
00:48:35,760 --> 00:48:40,080
चीजें हुई जो आपको पता है वेद प्रकाश पर एफआईआर हुई है जो वहां पर व्यक्ति

698
00:48:40,080 --> 00:48:44,160
एक किताबें बेचता हुआ पकड़ा गया था और

699
00:48:44,160 --> 00:48:48,160
इसके साथ ही साथ एक एफआईआर और हो गई कि मुझे किसी ने जब

700
00:48:48,160 --> 00:48:52,400
अभी ये रिसेंटली जो

701
00:48:52,400 --> 00:48:57,040
ये वाला जो एक लाइव टेलीकास्ट हुआ था जिसमें कि हरिशंकर

702
00:48:57,040 --> 00:49:01,600
जैन जी और रंजना अग्निहोत्री जी जुड़े थे। तो उस

703
00:49:01,600 --> 00:49:06,640
लाइव के बाद तुरंत उस लाइव के खत्म होते ही मुझे फोन आया था।

704
00:49:06,640 --> 00:49:10,720
वो व्यक्ति बहुत अभद्र भाषा में आपने आप शायद जानते हो।

705
00:49:10,720 --> 00:49:14,960
तो वो व्यक्ति ये सब कर रहा था। उसके विरोध में भी हमने एफआईआर

706
00:49:14,960 --> 00:49:19,040
दर्ज कराई है। दो एफआईआर ये वाली दर्ज हो चुकी है। और यह जो दिसंबर से

707
00:49:19,040 --> 00:49:23,520
इस तरीके से बहुत ही सक्रियता के साथ जो प्रतिकार हुआ इसके कारण

708
00:49:23,520 --> 00:49:27,680
पूरे भारतवर्ष में जगह-जगह से आवाजें उठने लगी।

709
00:49:27,680 --> 00:49:31,680
जगह-जगह लोग थाने जाने लगे। हालांकि पूरी तरीके से

710
00:49:31,680 --> 00:49:35,840
क्या प्रोटोकॉल होना चाहिए? किस तरह की भाषा में एप्लीकेशन होनी चाहिए?

711
00:49:35,840 --> 00:49:39,920
क्या लिखना चाहिए? क्या शिकायत दे? तो इसमें बहुत निपुणता ना होने के कारण सब

712
00:49:39,920 --> 00:49:44,160
जगह परिणाम नहीं प्राप्त हुए। मगर जो एक आंदोलन का दृश्य

713
00:49:44,160 --> 00:49:48,320
पूरे भारतवर्ष से वो हमें दिखाई देने लगा है। उधर हिमांशु जोशी जी ने भी बहुत अच्छा

714
00:49:48,320 --> 00:49:51,040
प्रयास किया। उनकी संस्था है राष्ट्रीय सेवा

715
00:49:51,040 --> 00:49:55,520
संघ के नाम से। वहां पर उन्होंने खूब धरना दिया, प्रदर्शन किया।

716
00:49:55,520 --> 00:49:59,600
वहां के प्रशासन ने यद्यपि उन कारणों से नहीं मगर वहां का

717
00:49:59,600 --> 00:50:03,680
जो है उस पर प्रतिबंध लगाया इनके वहां पर बाधा बने हिमांशु

718
00:50:03,680 --> 00:50:07,840
जी जिस कारण से हिमांशु जी पर भी जगह-जगह से केस करने के

719
00:50:07,840 --> 00:50:12,720
प्रयास किए गए और राजस्थान से,

720
00:50:12,720 --> 00:50:16,720
हरियाणा से, उत्तराखंड से, बिहार से तो आज ही

721
00:50:16,720 --> 00:50:20,720
न्यूज़ आई है। बंगाल से, उत्तर प्रदेश में कई

722
00:50:20,720 --> 00:50:24,880
जगहों से बहुत सारी जगह इनका अब ऐसा प्रतिकार हुआ। पहले क्या होता था?

723
00:50:24,880 --> 00:50:29,280
वाचिक प्रतिकार होता था। तुम ये क्या कर रहे हो? क्या बेच रहे हो? अब क्या हो रहा है? व्यक्ति

724
00:50:29,280 --> 00:50:33,280
थाने तक जा रहा है। यह अच्छी चीज हो गई इस बीच। और

725
00:50:33,280 --> 00:50:37,360
एट द एंड इन सबके फल स्वरूप आज

726
00:50:37,360 --> 00:50:41,520
जो है इतने दिनों के बाद हां

727
00:50:41,520 --> 00:50:45,520
इस बीच जो है मुझे दो मानहानि के नोटिस भी प्राप्त

728
00:50:45,520 --> 00:50:49,520
हुए। मैं आज जो है एक समीक्षा करूंगा अंत

729
00:50:49,520 --> 00:50:53,760
में। जो इन्होंने पुलिस को गुमराह किया था उसके अनुसार पुलिस

730
00:50:53,760 --> 00:50:57,920
ने जो कहा था वह गुमराह करने वाली जो बात है उसकी समीक्षा

731
00:50:57,920 --> 00:51:02,000
मैं अभी आगे कर दूंगा परंतु फिलहाल इस पर बात करते हैं कि इस

732
00:51:02,000 --> 00:51:06,160
एफआईआर जो दर्ज हुई है वो क्या है तो इतनी सारी

733
00:51:06,160 --> 00:51:10,160
चीजें होते लगातार उसमें कनेक्टेड रहने और भी

734
00:51:10,160 --> 00:51:14,320
बहुत सारे विषयों में हम उलझे मगर इसको पकड़े रहे कि इसको नहीं छोड़ेंगे

735
00:51:14,320 --> 00:51:18,400
इसने हमारी अच्छा आपको एक बात बताऊं आपको पता नहीं होगा आप लोगों को

736
00:51:18,400 --> 00:51:22,400
संभवत कि जब 2023 में मैंने इनकी बुक स्टॉल का विरोध

737
00:51:22,400 --> 00:51:26,480
किया था उस समय यह हुआ था कि इन्होंने मेरा मोबाइल बंद करा दिया था

738
00:51:26,480 --> 00:51:30,480
और दूसरे दिन मैं कई सारे युवाओं को लेकर के अगले दिन वहां पहुंचा

739
00:51:30,480 --> 00:51:34,480
था। तब जो है वहां वो रिकॉर्डिंग हो पाई थी जो हमने वाचिक प्रतिकार किया था

740
00:51:34,480 --> 00:51:38,640
जिससे कि मोबाइल बंद ना हो। झगड़ा करने नहीं पहुंचे थे। मोबाइल ना बंद करवा दे

741
00:51:38,640 --> 00:51:42,640
कोई जबरदस्ती। तो वहां पर वो जो आपको कन्वर्सेशन है वो हमारे

742
00:51:42,640 --> 00:51:46,880
चैनल पर पड़ा हुआ है। आप देख सकते हैं। तो जब इन्होंने हमारा कैमरा बंद

743
00:51:46,880 --> 00:51:51,280
करा दिया था तो मुझे इतना रोना आया था

744
00:51:51,280 --> 00:51:55,600
कि मेरे पास उस समय एक पोर्टेबल स्पीकर हुआ करता था। मैंने वो पोर्टेबल

745
00:51:55,600 --> 00:51:59,680
स्पीकर अपने एक अनुज है खुशाल मिश्र उनसे

746
00:51:59,680 --> 00:52:03,920
मंगवाया और वो वहां पर आए और यद्यपि

747
00:52:03,920 --> 00:52:08,160
मैं अपने परिवार के साथ उस समय मेले पहुंचा था। आपको पता नहीं होगा। उस समय पुष्प

748
00:52:08,160 --> 00:52:12,880
प्रदर्शनी में मैं अपने परिवार के साथ वहां पर था। मगर मैंने वहां पर

749
00:52:12,880 --> 00:52:16,960
अपने परिवार को कहा कि अब तुम लोग घर जाओ और

750
00:52:16,960 --> 00:52:21,200
वो पोर्टेबल स्पीकर वो आपको दृश्य अगर मुझे मिल जाएगा कहीं पर

751
00:52:21,200 --> 00:52:25,200
मेरे रिकॉर्ड्स में पड़ा होगा तो मैं डाल दूंगा। तो

752
00:52:25,200 --> 00:52:29,280
उस समय फिर मैं वहां पर स्पीकर लेकर के अपने हाथ में

753
00:52:29,280 --> 00:52:33,520
और माइक इधर है और एक हाथ में स्पीकर है। सामने

754
00:52:33,520 --> 00:52:37,760
मंच पर रंगारंग कार्यक्रम चल हो चुका है। अभी अभी एक नृत्य का प्रोग्राम

755
00:52:37,760 --> 00:52:42,000
बंद हुआ है और उसके बीच में गैप होता है एक प्रोग्राम से दूसरा प्रोग्राम

756
00:52:42,000 --> 00:52:46,000
स्टार्ट होने में। इधर मेरी तरफ जो दर्शक है वो बैठे

757
00:52:46,000 --> 00:52:50,160
हुए मंच की ओर देख रहे हैं। और फिर जो वो गैप मिला

758
00:52:50,160 --> 00:52:54,160
नृत्य का प्रोग्राम खत्म हुआ और अगला कार्यक्रम शुरू होने वाला था।

759
00:52:54,160 --> 00:52:58,160
उस गैप के बीच में मैं माइक पर बोलने लगता हूं

760
00:52:58,160 --> 00:53:02,160
कि शर्म आनी चाहिए तुम्हें हिंदुओं तुम यहां बैठकर के रंगारंग

761
00:53:02,160 --> 00:53:06,320
कार्यक्रम का आनंद ले रहे हो और तुम्हारी मां के लिए वहां पर इतनी सब बातें

762
00:53:06,320 --> 00:53:10,640
लिखी हुई है तुम्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है

763
00:53:10,640 --> 00:53:14,720
चल के प्रतिकार नहीं कर रहे हो इस तरह से वहां मैंने किया था अकेले खड़े

764
00:53:14,720 --> 00:53:18,800
होकर के मैं कोई अपनी प्रशंसा नहीं कर रहा हूं मगर हो

765
00:53:18,800 --> 00:53:23,120
सकता है कि कोई हिंदू प्रेरित अवश्य हो जाए

766
00:53:23,120 --> 00:53:27,520
क्योंकि क्योंकि एक आम बोएंगे तो लाखों आम पाएंगे।

767
00:53:27,520 --> 00:53:31,600
है ना? किसी ना किसी एक को तो आगे आना ही पड़ता

768
00:53:31,600 --> 00:53:35,600
है ना। तभी आंदोलन की शुरुआत होती है। तो वो

769
00:53:35,600 --> 00:53:37,200
मैं ही सही।

770
00:53:37,200 --> 00:53:41,280
हर व्यक्ति यही सोचता है आंदोलन करने के लिए। मैं क्यों? मैं

771
00:53:41,280 --> 00:53:45,440
क्यों? इसी इसी चक्कर में कि मैं क्यों? उसी

772
00:53:45,440 --> 00:53:50,240
चक्कर में कुछ हो नहीं पाता है। मगर कभी-कभी कोई कोई सरफिरा आ ही जाता है

773
00:53:50,240 --> 00:53:54,240
कि मैं ही मैं ही करूंगा। चाहे जो हो जाए नैन

774
00:53:54,240 --> 00:53:58,320
चिनती शस्त्राण नैन दहति पावका ना चैनम

775
00:53:58,320 --> 00:54:02,320
क्ले ना शोषति मारता गुरुदेव ने

776
00:54:02,320 --> 00:54:06,960
जो ये ड्रिल मशीन से डाल दिया है ना

777
00:54:06,960 --> 00:54:11,040
इसके कारण जीवन में जगह जगह पर हर

778
00:54:11,040 --> 00:54:15,680
कदम पर हर स्टेप में

779
00:54:15,680 --> 00:54:20,000
साहस प्राप्त होता है। जैसे गुरुदेव ने जगुरु

780
00:54:20,000 --> 00:54:24,000
शंकराचार्य जी महाराज ने उनका एक प्रवचन मैं देख रहा

781
00:54:24,000 --> 00:54:28,880
था। उसमें उन्होंने कहा कोई व्यक्ति आया कि मुझे कैंसर है। मैं क्या करूं?

782
00:54:28,880 --> 00:54:33,680
तो उन्होंने कहा कि हम तुम्हारा कैंसर ठीक नहीं करेंगे।

783
00:54:33,680 --> 00:54:39,520
कैंसर से होने वाला जो दुख है वो हम ठीक करेंगे।

784
00:54:39,520 --> 00:54:43,520
अगर कैंसर नहीं होगा तो कल को कोई और दुख होगा। मकान गिर गया, चोरी

785
00:54:43,520 --> 00:54:47,760
हो गई, लूट हो गई, डकैती हो गई, ये हो गया, वो हो गया।

786
00:54:47,760 --> 00:54:51,760
मगर यदि दुख से जितना ही आ गया व्यक्ति को तो कुछ

787
00:54:51,760 --> 00:54:52,260
भी होता

788
00:54:52,240 --> 00:54:58,240
रहे वो सदैव सुखी रहेगा। तो यह लाइन थी इसलिए

789
00:54:59,360 --> 00:55:03,520
ऐसे जो गुरु के शिष्य होते हैं

790
00:55:03,520 --> 00:55:07,600
ऐसे महान गुरुओं के शिष्य जो ये नहीं कहते हम कैंसर सही करेंगे।

791
00:55:07,600 --> 00:55:11,600
हम तुम्हारी दुख की बीमारी सही करेंगे। तो जब उन्होंने हमारी दुख की बीमारी ही

792
00:55:11,600 --> 00:55:13,680
सही कर दी तो फिर ठीक है।

793
00:55:13,680 --> 00:55:17,680
है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर और हम तैयार

794
00:55:17,680 --> 00:55:22,480
हैं सीना लिए अपना इधर खून से खेलेंगे होली

795
00:55:22,480 --> 00:55:26,560
कर धर्म मुश्किल में है सरफरोशी की तमन्ना अब

796
00:55:26,560 --> 00:55:30,800
हमारे दिल में है हाथ जिनमें हो जुनू कटते नहीं तलवार

797
00:55:30,800 --> 00:55:35,040
से सर जो उड़ जाते हैं वह झुकते नहीं ललकार से

798
00:55:35,040 --> 00:55:39,440
जिंदगी तो अपनी महिमा मौत की महफिल में है

799
00:55:39,440 --> 00:55:40,480
सरफरोशी की

800
00:55:40,480 --> 00:55:45,600
तमन्ना अब हमारे दिल में तो

801
00:55:45,600 --> 00:55:49,840
ऐसे ही बन जाते हैं। फिर गुरुदेव का वो वचन आपको याद होगा जगुरु शंकराचार्य

802
00:55:49,840 --> 00:55:53,920
जी का कि हमको फौलादी आदमी चाहिए। समझ गए? राष्ट्र

803
00:55:53,920 --> 00:55:58,000
की रक्षा के लिए हमें फौलादी आदमी चाहिए। दिल में गौ

804
00:55:58,000 --> 00:56:02,080
हत्या आदि को लेकर पीड़ा हो, सर में दर्द हो तो आके पूरी के शंकराचार्य

805
00:56:02,080 --> 00:56:06,160
जी से आकर संपर्क करना। यह

806
00:56:06,160 --> 00:56:10,240
सब उनके वो ऐसे वचन है जो गुद गए हैं

807
00:56:10,240 --> 00:56:14,320
हृदय में। जब तक नौका डूबती नहीं तब तक

808
00:56:14,320 --> 00:56:18,640
तुम्हारा काम है खेते रहना। खेते रहना। असफलता

809
00:56:18,640 --> 00:56:23,280
है क्या? असफलता है क्या?

810
00:56:23,280 --> 00:56:27,360
मेरे शब्दकोश में मेरी जानकारी में असफलता नाम का कोई शब्द

811
00:56:27,360 --> 00:56:31,440
ही नहीं है। ये सब गुरु मुख से सुने हुए वाणी है।

812
00:56:31,440 --> 00:56:35,600
गुरु मुख की वाणी। यह सब काम आती रही और हम लगातार इसमें

813
00:56:35,600 --> 00:56:39,600
रहे। तो इस सब सारी सारे प्रयासों

814
00:56:39,600 --> 00:56:43,600
के बाद एट दी एंड पूरे गैंग के विरोध में

815
00:56:43,600 --> 00:56:46,400
और

816
00:56:46,400 --> 00:56:50,560
इन लोगों सहित ये लोग जो व्यक्तिगत रूप से मुझ पर हमले कर रहे

817
00:56:50,560 --> 00:56:56,080
थे। इन लोगों सहित पूरे गैंग के विरोध में

818
00:56:56,080 --> 00:57:00,240
यह एफआईआर दर्ज हो गई।

819
00:57:00,240 --> 00:57:04,240
एफआईआर आप प्रदर्शित कर सकते हैं।

820
00:57:04,240 --> 00:57:10,240
भारतीय आप दिखा दीजिए एफआईआर प्रथम पृष्ठ

821
00:57:10,320 --> 00:57:14,320
ये यद्यपि पूरे गैंग के खिलाफ पूरा ये जो तंत्र चल रहा है इसके

822
00:57:14,320 --> 00:57:18,400
खिलाफ हुई है और इस एफआईआर के बारे में एक बात और

823
00:57:18,400 --> 00:57:22,640
बता दूं कि अभी जो लास्ट रीसेंट जो कल की तारीख कल

824
00:57:22,640 --> 00:57:28,000
की जो डेट थी हियरिंग हुई है कोर्ट में उसमें

825
00:57:28,000 --> 00:57:32,320
प्रशासन को अपना पक्ष रखना था कि हमने

826
00:57:32,320 --> 00:57:36,400
मतलब वो जो पूछा गया था पहली डेट में कि आप क्या कर रहे हैं इस संदर्भ

827
00:57:36,400 --> 00:57:40,560
में? तो शासन को पक्ष रखना था। ठीक है? कि

828
00:57:40,560 --> 00:57:44,720
हमने हम क्या कर रहे हैं क्योंकि वो बंद करा सकते हैं ये सब। तो

829
00:57:44,720 --> 00:57:48,880
शासन ने ये शासन ने यह नहीं कहा कि हम

830
00:57:48,880 --> 00:57:52,960
जांच कर रहे हैं। शासन ने कहा हमें और समय चाहिए। अभी हम

831
00:57:52,960 --> 00:57:57,200
कारवाही नहीं कर पाए हैं। यह बहुत ही बड़ा मामला है। यह

832
00:57:57,200 --> 00:58:01,440
शासन के शब्द थे। गंभीर मामला है। वो हमारी जो फर्स्ट

833
00:58:01,440 --> 00:58:05,440
जो शिकायत गई थी उसको गंभीर नहीं समझ पाए थे ना। पर फिर शासन ने

834
00:58:05,440 --> 00:58:09,520
हमारी बात को समझा। वहां कहा यह गंभीर मामला है। इसका अर्थ है कि शासन के

835
00:58:09,520 --> 00:58:13,680
मुख से सच्चाई बोल रही थी। वास्तविकता बोल रही थी।

836
00:58:13,680 --> 00:58:17,680
गंभीर मामला है। शासन ने कहा हम अभी तक कोई कारवाई

837
00:58:17,680 --> 00:58:22,320
नहीं कर पाए हैं और इस पर कारवाई कर रहे हैं। यह

838
00:58:22,320 --> 00:58:28,320
एफआईआर है जो दर्ज हुई है। स्क्रीन पर आप दिखा दीजिए इनको।

839
00:58:32,640 --> 00:58:37,840
और बड़ा नहीं हो पाएगा कुल

840
00:58:37,840 --> 00:58:43,680
और बड़ा ना हो पाए तो मैं ही दिखाऊं फिर

841
00:58:43,680 --> 00:58:47,680
अच्छा ये कई बातें हैं जो वहां पे रामपालियों के अनुसार बोली

842
00:58:47,680 --> 00:58:51,760
जा सकती थी। क्या-क्या बातें हैं? हाई कोर्ट से क्लीन चिट मिली है

843
00:58:51,760 --> 00:58:55,760
12 बार। क्यों नहीं बोला भाई? शासन को यह लोग इतने दिनों में

844
00:58:55,760 --> 00:58:59,760
बता नहीं पाए। कि आप वहां पर यह बोल दीजिए। यह

845
00:58:59,760 --> 00:59:05,440
तो बहुत अच्छी किताबें हैं। क्यों नहीं बताने गया कोई?

846
00:59:05,440 --> 00:59:10,880
भाई हाई कोर्ट में इनके विरुद्ध

847
00:59:10,880 --> 00:59:15,600
जो मुकदमा है वो पंजीकृत है। याचिका पंजीकृत

848
00:59:15,600 --> 00:59:20,400
इनको सब कुछ मालूम पड़ गया। हमने सब पर रिवील किया है।

849
00:59:20,400 --> 00:59:24,720
हमने सब कुछ यहां प्रस्तुत किया। सीएनआर नंबर वगैरह भी

850
00:59:24,720 --> 00:59:29,040
जो नंबर होगा शायद जिससे वह निकलेगा रिट सी करके जो है सब कुछ इनको

851
00:59:29,040 --> 00:59:33,120
मालूम है पर क्या हुआ यह इतने दिनों में

852
00:59:33,120 --> 00:59:37,120
इनको इतना टाइम भी मिला पहली हियरिंग 10 तारीख जब हमने बताया कि पूछा गया

853
00:59:37,120 --> 00:59:41,440
शासन से दूसरी हियरिंग डेट नहीं वो सुनवाई हो नहीं पाई और

854
00:59:41,440 --> 00:59:45,520
तीसरी हियरिंग जो मतलब दूसरी हियरिंग जो होनी थी कल जो हुई है 1

855
00:59:45,520 --> 00:59:49,600
अगस्त को तो इस बीच में क्या यह लोग दिखा नहीं यह

856
00:59:49,600 --> 00:59:53,600
शासन को यह नहीं बता पाए

857
00:59:53,600 --> 00:59:58,160
शासन को यह नहीं बता पाए कि यह

858
00:59:58,160 --> 01:00:02,160
किताबें हाई कोर्ट के द्वारा क्लीन चिट प्राप्त है। क्यों नहीं

859
01:00:02,160 --> 01:00:07,360
बता पाए? शासन अपना पक्ष क्यों नहीं रख पाया?

860
01:00:07,360 --> 01:00:11,760
तो ये सोचने वाली बात है। ये सब नहीं बोला गया। वहां वहां सीधे

861
01:00:11,760 --> 01:00:15,920
बोला गया अभी हमको और समय चाहिए एक हफ्ते का। तो एक हफ्ते का समय

862
01:00:15,920 --> 01:00:20,080
ना दे के कोर्ट ने 25 अगस्त तक का समय दिया इन

863
01:00:20,080 --> 01:00:24,640
लोगों को शासन को और इसी क्रम में हमारी संभवत

864
01:00:24,640 --> 01:00:28,640
31 जुलाई के दिन हमारी एफआईआर जो है दर्ज कर ली

865
01:00:28,640 --> 01:00:32,640
गई विभिन्न धाराओं में और वो हम

866
01:00:32,640 --> 01:00:36,960
आपको विवरण देने वाले हैं। अ

867
01:00:36,960 --> 01:00:41,600
ये एफआईआर देखिए इसमें जो धाराएं लगी है 294

868
01:00:41,600 --> 01:00:45,680
299 302 38

869
01:00:45,680 --> 01:00:50,800
351 इनमें

870
01:00:50,800 --> 01:00:54,800
अच्छा एक चीज और है। इन्होंने कहा था

871
01:00:54,800 --> 01:00:59,040
जब हमने इनका वहां प्रतिकार किया था तो इन्होने एक चौपाल लगाई थी अपने चैनल

872
01:00:59,040 --> 01:01:03,280
पर जिसमें मेरा राक्षस वाला दृश्य लगाया था बनाया था और चौपाल

873
01:01:03,280 --> 01:01:07,280
लगा करके इन्होने कहा था कि ये धाराएं बनती है शिवश नारायण द्विवेदी के

874
01:01:07,280 --> 01:01:11,360
विरुद्ध ऐसा हो जाएगा वैसा हो जाएगा मगर किया कुछ नहीं वो जो धाराएं वहां बताई

875
01:01:11,360 --> 01:01:15,520
थी यद्यपि इन्होने क्या किया कि यहां के जो लोकल झूठे केसेस

876
01:01:15,520 --> 01:01:19,600
बनाकर जो इन्होंने वहां बातें की थी वो सब कुछ नहीं लगाया उस बारे में

877
01:01:19,600 --> 01:01:23,680
तो बात ही नहीं हुई तो धाराएं ये लोग जो चौपाल लगा आगे के बता रहे थे।

878
01:01:23,680 --> 01:01:27,840
उनसे उन ज्ञानियों से कहा जाए कि वो यह धाराएं देख ले। इन विभिन्न

879
01:01:27,840 --> 01:01:32,000
धाराओं में कुछ लोगों के नामजद सहित पूरे

880
01:01:32,000 --> 01:01:36,000
के पूरे गिरोह पर एफआईआर दर्ज हो गई है। पूरे के पूरे

881
01:01:36,000 --> 01:01:40,000
केंद्र पर एफआईआर दर्ज हो गई है। अब इसमें मैं आपको

882
01:01:40,000 --> 01:01:45,920
लाना चाहूंगा सीधे

883
01:01:45,920 --> 01:01:49,920
वह वाला प्रश्न निकाल लीजिए। इसमें नाम जत किस किस का है? नाम

884
01:01:49,920 --> 01:01:54,000
किस-किस का नाम है वह देख लीजिए। नाम वाला चौथा

885
01:01:54,000 --> 01:02:00,000
पेज है वह वो लाइए जरा।

886
01:02:02,560 --> 01:02:06,640
ये आपके लिए बहुत जानने वाली चीजें हैं। नाम किस-किस के

887
01:02:06,640 --> 01:02:11,120
नाम है। अभी नाम है। बाकी फिर पूरी जांच है। गिरोह

888
01:02:11,120 --> 01:02:15,360
क्या कर रहा है? क्या नहीं कर रहा है। चैनल कौन-कौन सा है? बैन होना है। ये सब चीजें हैं।

889
01:02:15,360 --> 01:02:20,160
मगर नाम किस-किस का है वो देख लीजिए। पहला नाम है राजू दास

890
01:02:20,160 --> 01:02:24,160
जो वहां का संचालक है लखनऊ केंद्र का।

891
01:02:24,160 --> 01:02:28,400
दूसरा नाम है रामनारायण दास है ना यह भी लखनऊ

892
01:02:28,400 --> 01:02:33,600
का संचालक है। तीसरा नाम है दिनेश चंद्र छोकरा

893
01:02:33,600 --> 01:02:37,760
दिख रहा होगा। यह भी बहुत अग्रणी रूप से रहा मुझे डराने

894
01:02:37,760 --> 01:02:42,000
धमकाने में। इसने मुझे क्या-क्या धमकियां दी इस व्यक्ति

895
01:02:42,000 --> 01:02:46,480
ने इस गिरोह के साथ मिलकर पहले तो

896
01:02:46,480 --> 01:02:50,480
बहुत तरीके से कॉल किया मैं मना कर रहा हूं मत कर तो फिर भी कर रहा है

897
01:02:50,480 --> 01:02:54,480
तो मुझे ब्लॉक करना पड़ रहा है आत्महत्या से आत्महत्या कर

898
01:02:54,480 --> 01:02:58,800
लेगा पेट्रोल छिड़क करके आत्महत्या मिट्टी पता नहीं पेट्रोल छिड़क के आत्महत्या

899
01:02:58,800 --> 01:03:01,360
कर लेगा मुझे झूठे मुकदमे में फसाएगा

900
01:03:01,360 --> 01:03:05,520
नीतू दासी से मैं उसके किताब बेचने का प्रतिकार करूंगा तो मुझे

901
01:03:05,520 --> 01:03:09,680
झूठे मुकदमे में फसाएगा फिर क्या कहते हैं

902
01:03:09,680 --> 01:03:13,680
यह

903
01:03:13,680 --> 01:03:17,840
मैं अगर यह मुझको फोन करके पूछेगा कि तुम वहां क्यों गए थे हमारे नाम

904
01:03:17,840 --> 01:03:22,080
दान सेंटर तो मैं उससे पूछूंगा वो नाम दान सेंटर है या फला फला कोई

905
01:03:22,080 --> 01:03:26,080
विवादित अड्डा है तो ये मेरे ऊपर झूठा मुकदमा लगवाएगा

906
01:03:26,080 --> 01:03:30,240
और यदि पुलिस ने निष्पक्ष वहां पर जांच करके लगा दी

907
01:03:30,240 --> 01:03:34,720
तो फिर ये पुलिस के पुलिस को भी समेटते हुए फिर झूठा मुकदमा लगवाने का प्रयास

908
01:03:34,720 --> 01:03:38,800
करने के लिए कोर्ट तक जाएगा। यह सारी चीजें यह व्यक्ति कर रहा है। इसके साथ

909
01:03:38,800 --> 01:03:42,800
ही साथ अप्रत्यक्ष रूप से मुझे

910
01:03:42,800 --> 01:03:46,960
जो है डराना रखा ना तेरे पूरे सारे गैंग की वो खबर निकाल रहा हूं।

911
01:03:46,960 --> 01:03:51,040
मेरे संबंधियों को फोन किया। मुझसे पूछा कि इनकी पत्नी का नंबर

912
01:03:51,040 --> 01:03:55,760
दे दो। है ना? उनको नहीं मालूम ये कौन है? दिनेश चंद्र चोपड़ा। तो पूरा षड्यंत्र

913
01:03:55,760 --> 01:04:00,320
लोगों से कह रहा है कि यह ऐसा कर रहा है वैसा कर रहा है। यहां तक कि

914
01:04:00,320 --> 01:04:04,400
मठ में भी मेरे लिए उल्टी सीधी सूचनाएं बना के भेज रहा है।

915
01:04:04,400 --> 01:04:09,440
जो गोवर्धन मठ है। वहां पर भी भेज रहा है। और

916
01:04:09,440 --> 01:04:13,840
और क्या कर रहा है?

917
01:04:13,840 --> 01:04:18,320
यह हां महानिानी के नोटिस भेज रहा है। इसने महानि

918
01:04:18,320 --> 01:04:21,040
का नोटिस

919
01:04:21,040 --> 01:04:25,040
उनके लिए भी भेजा जो मैंने वहां पर शिकायत दी थी जो केंद्र के नाम

920
01:04:25,040 --> 01:04:29,200
पर शिकायत दी थी राजू दास और रामनारायण दास तो उस शिकायत देने

921
01:04:29,200 --> 01:04:33,280
पर भी इसने महारानी का नोटिस भेजा मुझे ढाई ढाई लाख का ये भी दबाव बनाना

922
01:04:33,280 --> 01:04:37,600
और 15 लाख का एक अलग नोटिस भेजा है कि तुमने जो है

923
01:04:37,600 --> 01:04:41,760
अमुक अमुक कार्य किया है तो मैंने जो है नोटिस भेज दिया तुम्हें इस इस व्यक्ति ने भेजा

924
01:04:41,760 --> 01:04:46,880
है खैर

925
01:04:46,880 --> 01:04:51,440
15 लाख का और भी इसने कई चीजें की

926
01:04:51,440 --> 01:04:55,520
तो पूरी तरीके से षड्यंत्र में साथ में रहा यह

927
01:04:55,520 --> 01:04:59,760
और हां इसने एक चीज और की है फोन पे भी और वहां

928
01:04:59,760 --> 01:05:04,400
पर जो पुलिस चौकी में जो कन्वर्सेशन हुई उसमें कई बार कहा है कि हमारे

929
01:05:04,400 --> 01:05:08,960
जो बाबा जी हैं उनका प्रसारण होता है लाइव कहां से

930
01:05:08,960 --> 01:05:13,200
जेल से ये भी एक ऑफेंसिव स्टेटमेंट है गुमराह करना पब्लिक

931
01:05:13,200 --> 01:05:17,440
को भ्रम फैलाना पब्लिक तो

932
01:05:17,440 --> 01:05:21,600
मुझको फोन पर भी कहा चलो चलो और फिर गैंग की बात करना फिर मेरे माता

933
01:05:21,600 --> 01:05:26,000
पिता कहां रहते हैं यह बताना यह सारी चीजें में ये चीजों में प्रत्यक्ष

934
01:05:26,000 --> 01:05:30,080
रूप से जुड़ा हुआ है इसके साथ ही साथ जो एक गाली वाला जो मुझे

935
01:05:30,080 --> 01:05:34,400
यहां लाइव स्ट्रीम के समय जो धमकी दी गई थी कि मैं चाकूओं से गोद घूद कर हत्या कर दूंगा

936
01:05:34,400 --> 01:05:38,480
आते बाहर निकाल दूंगा तेरी पत्नी और बेटी

937
01:05:38,480 --> 01:05:42,720
के साथ भी हम लोग रेप कर देंगे काल के दूत यह सब उसमें लिखा था

938
01:05:42,720 --> 01:05:46,960
उसमें उसने एक बात कही आदित्य है ना तेरे भाई का गायत्री पार्क

939
01:05:46,960 --> 01:05:50,960
के पास रहता है ना तू यही बातें यह भी कहता है तो

940
01:05:50,960 --> 01:05:54,960
कैसे गैंग मिलजुल के कार्य कर रहा है एक दूसरे की सहायता

941
01:05:54,960 --> 01:05:59,120
पूरा चल रहा है पूरा आपको समझ में आ रहा होगा इसके

942
01:05:59,120 --> 01:06:02,240
बाद नीतू दासी का नाम है

943
01:06:02,240 --> 01:06:06,320
नीतू दासी वैसे तो सभी मामलों में पूरे

944
01:06:06,320 --> 01:06:10,400
गैंग की एक इस पूरे जो तंत्र है उसके साथ में है

945
01:06:10,400 --> 01:06:14,640
सारी चीजें आपको हो ही रही हम लोग पीछे काफी सारी बातें कराए प्रत्यक्ष

946
01:06:14,640 --> 01:06:18,960
रूप नीतू दासी ने दो बार दो बार जो है

947
01:06:18,960 --> 01:06:23,440
हम पर झूठा मुकदमा लगाने का प्रयास कर हमारे इस अभियान को रोकने का प्रयास किया

948
01:06:23,440 --> 01:06:27,440
दबाव बनाने का प्रयास किया हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत

949
01:06:27,440 --> 01:06:31,760
तो किया ही है साथ ही साथ सरेआम पब्लिक के बीच में इन्होंने

950
01:06:31,760 --> 01:06:36,240
हमको जो है क्या कहते हैं झूठा मुकदमा लिखवाने

951
01:06:36,240 --> 01:06:40,400
की धमकी दी इसके बाद रवि कुमार पूरे गैंग

952
01:06:40,400 --> 01:06:45,840
के ये जो पूरा तंत्र है उसके साथ में है और

953
01:06:45,840 --> 01:06:50,000
क्या कहते हैं? रवि कुमार वो हैं जो स्टॉल

954
01:06:50,000 --> 01:06:54,080
भी लगाते हैं। मतलब इन किताबों से डायरेक्ट जुड़े हुए हैं और

955
01:06:54,080 --> 01:06:59,840
मेरे विरुद्ध झूठी शिकायत भी करते हैं और

956
01:06:59,840 --> 01:07:02,640
क्या कहते हैं?

957
01:07:02,640 --> 01:07:07,600
ये भी पूरी तरीके से एक सक्रिय सदस्य लखनऊ स्तर पे और

958
01:07:07,600 --> 01:07:11,600
पूरे भारतवर्ष भारतीय स्तर पर कार्यरत

959
01:07:11,600 --> 01:07:15,680
है गैंग के साथ। तो यह रवि कुमार का मामला हो गया। अब आता

960
01:07:15,680 --> 01:07:17,520
है अपना एक

961
01:07:17,520 --> 01:07:21,520
व्यक्ति जो कहता है कि अगर मुझे नोटिस आ गया तो

962
01:07:21,520 --> 01:07:26,640
एफआईआर हो गई। ये देख ले भाई हेमंत दास। हेमंत

963
01:07:26,640 --> 01:07:30,720
दास का नाम भी इसमें है। हेमंत दास को भी इसमें

964
01:07:30,720 --> 01:07:34,800
मैंने इसमें लिया है संज्ञान में। हेमंत दास ने क्या-क्या

965
01:07:34,800 --> 01:07:39,360
किया है? देखिए गैंग तो पूरा जो कर रहा है वो कर ही रहा है। मगर

966
01:07:39,360 --> 01:07:44,080
इसने क्या किया है? मेरे बारे में अनेकानेक अपशब्द

967
01:07:44,080 --> 01:07:48,160
हिंदुओं के बारे में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहात करने वाले

968
01:07:48,160 --> 01:07:52,160
अनेकानेक अपशब्द इस व्यक्ति ने है ना इसकी

969
01:07:52,160 --> 01:07:56,160
लाइव स्ट्रीम पर डले हैं मेरा राक्षस वाला चेहरा डला है इसकी

970
01:07:56,160 --> 01:08:00,240
लाइव स्ट्रीम में किसी ने मुझे में बोला था और

971
01:08:00,240 --> 01:08:04,320
बहुत सी और भी चीजें इतने क्लेम किया कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी ये सब

972
01:08:04,320 --> 01:08:09,600
भी तो दबाने का प्रयास है ना मुझे दबाव बनाने के लिए

973
01:08:09,600 --> 01:08:13,760
और उल्टा सीधा बोलना, झूठी चीजें बोलना ये सब ये बोल रहा है। और इसने

974
01:08:13,760 --> 01:08:18,240
अपने चैनल से क्लेम भी किया कि मैं

975
01:08:18,240 --> 01:08:23,520
ये

976
01:08:23,520 --> 01:08:27,760
क्लेम भी किया इसने कि भाई सतलोक आश्रम से डायरेक्ट

977
01:08:27,760 --> 01:08:32,320
बाहर जेलधाम से तो ये क्लेम भी किया। तो बहुत ये सारी

978
01:08:32,320 --> 01:08:37,680
चीजें होने के साथसाथ इसने प्रत्यक्ष रूप से भूमिका भी निभाई है

979
01:08:37,680 --> 01:08:40,160
और

980
01:08:40,160 --> 01:08:44,560
अगला नाम है रोहित का। बहुत बड़े संवाददाता है भाई। दिखाइए उनका नाम।

981
01:08:44,560 --> 01:08:49,120
रोहित संभता रोहित ही नाम है या कुछ और नाम है पता चल जाएगा। मगर ऐसे

982
01:08:49,120 --> 01:08:53,120
न्यूज़ चैनल वाले भाई साहब है ये। ऐसे न्यूज़ चैनल पर कोट पट पहन

983
01:08:53,120 --> 01:08:57,680
के लोगों को बेवकूफ बनाते हैं ना। हमने बुलाया पर वो आया नहीं। मैं बहुत बड़ा संवाददाता

984
01:08:57,680 --> 01:09:02,160
हूं। मैं ये हूं, मैं वो हूं। ये रोहित उसके खिलाफ भी हो गया।

985
01:09:02,160 --> 01:09:06,160
और आपको बता दूं कि यह जो धाराएं लगी है उनमें से

986
01:09:06,160 --> 01:09:10,880
दो धाराएं बहुत स्ट्रांग है। उनमें बड़ी-बड़ी सजाएं हैं।

987
01:09:10,880 --> 01:09:15,040
10 10 साल सात सात साल तक की सजाएं हैं। ठीक है?

988
01:09:15,040 --> 01:09:19,200
और वो जो बैन होंगी चीजें वो तो अलग बातें हैं। वो तो शाह

989
01:09:19,200 --> 01:09:23,520
ने कहा ही है कि हमको थोड़ी सी और वो चाहिए। ये रोहित

990
01:09:23,520 --> 01:09:27,760
ऐसे न्यूज़ चैनल वाला है जिसने हमारा वो चेहरा

991
01:09:27,760 --> 01:09:31,840
बना के बिगाड़ा और अपने चैनल पर दिखाया और ऑफिशियली

992
01:09:31,840 --> 01:09:36,400
इस तंत्र से जुड़ा हुआ है डायरेक्ट

993
01:09:36,400 --> 01:09:39,440
और

994
01:09:39,440 --> 01:09:43,760
एफआईआर में क्या दर्ज है थोड़ा सा समराइज कर दूं

995
01:09:43,760 --> 01:09:46,400
कि

996
01:09:46,400 --> 01:09:50,400
अ आप निकालिए छठवां पेज

997
01:09:50,400 --> 01:09:56,400
छठवां सिक्स्थ

998
01:09:57,040 --> 01:10:01,040
अब पेज पेज रहने दीजिए अब स्क्रीन बड़ी कर दीजिए मैं बता दूंगा इसे

999
01:10:01,040 --> 01:10:05,120
मेन जो बातें थी वो तो रिवील कर ही दी है। तो किस-किस का नाम

1000
01:10:05,120 --> 01:10:09,440
है? नामजद किस किस का है? पूरे गैंग के खिलाफ है। नाम

1001
01:10:09,440 --> 01:10:13,520
किस-किस का है? नाम राजू दास का डायरेक्ट है। राम नारायण

1002
01:10:13,520 --> 01:10:17,760
दास का डायरेक्ट है। दिनेश चंद्र छोकरा दास या चौधरी जो भी हो उसका डायरेक्ट

1003
01:10:17,760 --> 01:10:21,840
है। नीतू दासी का डायरेक्ट है। रवि कुमार का डायरेक्ट है। हेमंत दास का

1004
01:10:21,840 --> 01:10:26,000
डायरेक्ट है। रोहित का डायरेक्ट है। इसके अलावा तमाम सारे वो

1005
01:10:26,000 --> 01:10:30,080
चैनल्स जो जिन्होंने अभद्र टिप्पणियां की है। ये सब बोला है वो सूची

1006
01:10:30,080 --> 01:10:34,080
भी हम लोग दे रहे हैं। वो सब भी इसमें शामिल है। और कुछ होगा

1007
01:10:34,080 --> 01:10:38,080
अगर और कुछ होगा तो विवेचना में जुड़ जाएगा इसकी।

1008
01:10:38,080 --> 01:10:42,080
और विवेचना किस स्तर की होगी? कोई सामान्य स्तर की तो होगी नहीं। अब शासन

1009
01:10:42,080 --> 01:10:46,400
इन्वॉल्व है डायरेक्टली। एसीपी डायरेक्टली इनवॉल्व है। हाई कोर्ट डायरेक्टली इन्वॉल्व

1010
01:10:46,400 --> 01:10:50,000
है। तो किस तरीके का होगा?

1011
01:10:50,000 --> 01:10:54,000
जो आगे जो विवेचना होगी वो किस स्तर की होगी

1012
01:10:54,000 --> 01:10:54,560
वो आप समझ

1013
01:10:54,560 --> 01:10:59,680
सकते हैं। खैर ये

1014
01:10:59,680 --> 01:11:04,160
नाम के साथ-साथ फिर रिपोर्ट किस क्या लिखी है

1015
01:11:04,160 --> 01:11:08,800
कि सीधे-सीधे एक केंद्र है सक्रिय

1016
01:11:08,800 --> 01:11:12,800
सतलोक आश्रम जो रामपाल के नाम से चल रहा है। रामपाल कौन

1017
01:11:12,800 --> 01:11:16,800
है? जो वहां पर है इनके अनुसार जेल

1018
01:11:16,800 --> 01:11:20,960
धाम में और हमारे अनुसार जेल में है अपराधी है सजा

1019
01:11:20,960 --> 01:11:26,960
काट रहा है आजीवन कारावास की तो

1020
01:11:27,840 --> 01:11:32,000
अब क्या है कि इसको चलाने वाले राजूदास रामनारायण दास इनके

1021
01:11:32,000 --> 01:11:35,840
द्वारा जो है क्या होता है

1022
01:11:35,840 --> 01:11:39,920
मतलब राजू दास रामनारायण दास नीतू दास इन सब का नाम है फिर

1023
01:11:39,920 --> 01:11:44,880
इनके द्वारा होता क्या है वह मैं बता देता हूं कि

1024
01:11:44,880 --> 01:11:49,040
संग इस गिरोह के द्वारा इन लोगों जिनका नाम लिया गया है और इस

1025
01:11:49,040 --> 01:11:53,360
गिरोह जिस गिरोह का एक केंद्रीय लखनऊ है लखनऊ में

1026
01:11:53,360 --> 01:11:57,520
है ना इस गिरोह के द्वारा संगठित होकर विभिन्न समूहों के बीच

1027
01:11:57,520 --> 01:12:01,680
शत्रुता फैलाने एवं अपमानित करने की नियत से हिंदू धर्म

1028
01:12:01,680 --> 01:12:06,000
की पुस्तकों के कवर पेज का एवं हिंदू देवी देवताओं के चित्रों का बेजा

1029
01:12:06,000 --> 01:12:11,120
इस्तेमाल करते हुए अंदर देवी देवताओं के विरुद्ध जानबूझकर अपमानजनक

1030
01:12:11,120 --> 01:12:15,360
टिप्पणी करते हुए अश्लील चित्र छापे गए। अश्लील टिप्पणियां की गई है।

1031
01:12:15,360 --> 01:12:19,680
इन लोगों द्वारा प्रचारित प्रसारित एवं वितरित की जाने वाली गंदी पुस्तकों

1032
01:12:19,680 --> 01:12:23,680
में लिखे हुए शब्दों संकेतों और दृश्य रूपणों के माध्यम से

1033
01:12:23,680 --> 01:12:27,840
विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता उत्पन्न करने का स्त

1034
01:12:27,840 --> 01:12:32,000
प्रवर्तन किया जाता है। इनके द्वारा हिंदू देवी देवताओं हिंदू

1035
01:12:32,000 --> 01:12:36,320
धर्म ग्रंथों एवं धर्माचार्यों पर तरह-तरह के गंदे लांछन लगाकर

1036
01:12:36,320 --> 01:12:40,400
सोशल मीडिया एवं टीवी चैनल सहित विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रचार

1037
01:12:40,400 --> 01:12:43,120
प्रसार विक्रय किया जा रहा है। उक्त

1038
01:12:43,120 --> 01:12:47,360
गंदी पुस्तकों को छोटे बच्चों को भी पढ़ने हेतु विवश कर उनको मानसिक

1039
01:12:47,360 --> 01:12:51,440
रूप से आघात दिया जा रहा है। इन लोगों के वीडियोस है ना ये

1040
01:12:51,440 --> 01:12:55,760
लोग स्कूल में जाकर के बच्चों को देते हैं ना बच्चों को देते हैं ना स्कूल

1041
01:12:55,760 --> 01:12:59,840
में गए हुए बच्चे किस पर निर्भर है? स्कूल पर और यदि ये वहां

1042
01:12:59,840 --> 01:13:03,920
पर ब्ल कर रहे हैं या फिर डायरेक्ट खुद संयोजक है स्कूल के तो

1043
01:13:03,920 --> 01:13:08,080
वहां पर जो बच्चों के साथ बहुत बड़ा ऑफेंस है। ठीक है? तो बच्चों

1044
01:13:08,080 --> 01:13:12,560
को इस तरीके से ब्रेन वाश किया जा रहा है।

1045
01:13:12,560 --> 01:13:15,680
तो इसके बाद क्या है?

1046
01:13:15,680 --> 01:13:19,840
यह जो केंद्र है इनका केंद्र फला फला

1047
01:13:19,840 --> 01:13:23,840
जगह स्थित है। 18 जनवरी से लेकर के जो मैंने आपको

1048
01:13:23,840 --> 01:13:27,840
अभी सब बताया वो शॉर्ट में यहां पर बता दिया है। और दो

1049
01:13:27,840 --> 01:13:31,840
तीन नंबर है जिनके द्वारा जो जो अभी जो गाली गलौज की जो एफआईआर दर्ज

1050
01:13:31,840 --> 01:13:35,920
हुई है अभी कुछ दिन पहले ही उसमें वो नंबर नहीं था। उसमें

1051
01:13:35,920 --> 01:13:39,920
बिल्कुल लेटेस्ट नंबर था। मगर ये जो पुराने नंबर से और ईमेल आईडी से जो

1052
01:13:39,920 --> 01:13:43,920
मुझे मुझे धमकियां दी गई है जान से मारने की या जो और तरह का

1053
01:13:43,920 --> 01:13:48,240
दबाव डाला गया है वो सारी चीजें इसमें

1054
01:13:48,240 --> 01:13:52,480
मैंने डाल अब इसमें पुलिस एक्शन लेगी

1055
01:13:52,480 --> 01:13:56,480
और जितने भी पोर्टल्स हैं जहां

1056
01:13:56,480 --> 01:13:58,240
से ये सारी सामग्री प्रचारित हो

1057
01:13:58,240 --> 01:14:02,400
रही है उस पर कारवाई होगी पुलिस संज्ञान में ले लिया है शासन

1058
01:14:02,400 --> 01:14:06,400
ने और जल्द ही हमको बहुत ही अच्छे परिणाम प्राप्त

1059
01:14:06,400 --> 01:14:10,800
होंगे अब फिलहाल मेरा वैचारिक

1060
01:14:10,800 --> 01:14:14,880
मतभेद के निमित्त चर्चा करने का कोई मन नहीं है। फिर से एक

1061
01:14:14,880 --> 01:14:19,360
बार रिपीट कर देता हूं। सतलोक आश्रम गैंग के विरुद्ध एफआईआर

1062
01:14:19,360 --> 01:14:23,600
दर्ज हो चुकी है। पूरे के पूरे गैंग के विरुद्ध और

1063
01:14:23,600 --> 01:14:28,000
कुछ लोगों के नाम स्पेशली इसमें दर्ज कराए हैं।

1064
01:14:28,000 --> 01:14:32,080
पहला नाम है राजू दास, दूसरा नाम है रामनारायण दास, तीसरा नाम है

1065
01:14:32,080 --> 01:14:36,160
दिनेश चंद्र छोकरा, चौथा नाम है नीतू दासी, पांचवा

1066
01:14:36,160 --> 01:14:40,320
नाम है रवि कुमार, छठवां नाम है हेमंत दास, एमपी खबर

1067
01:14:40,320 --> 01:14:44,400
फास्ट वाला, सातवां नाम है रोहित। अगर उसका और कुछ नाम हो तो

1068
01:14:44,400 --> 01:14:48,480
मगर एस ए न्यूज़ चैनल वाला वो लड़का वो जो आकर

1069
01:14:48,480 --> 01:14:52,560
के बोलता है। ठीक है? बाकी इसमें हम बहुत

1070
01:14:52,560 --> 01:14:56,720
सारे चैनल्स के रिकॉर्ड्स वगैरह सब मेंटेन किए हुए हैं। बहुत सारे

1071
01:14:56,720 --> 01:15:00,720
चैनल्स के लिंक्स वगैरह हमने सेव करे हैं। वो सारी अभी जो ये

1072
01:15:00,720 --> 01:15:04,720
जो जांच हो रही है जो शासन तंत्र ने जो समय मांगा है उसमें सब

1073
01:15:04,720 --> 01:15:08,960
कुछ हम प्रोवाइड कराने वाले हैं। लगा के वो जो टीएसएल वाला जो लड़का

1074
01:15:08,960 --> 01:15:13,040
है वो भी घसीट उसका भी चैनल दिया जाएगा और

1075
01:15:13,040 --> 01:15:13,540
ये

1076
01:15:13,280 --> 01:15:17,440
जितने भी वो हनुमान जी के उसमें फेमस हुआ था एक वो जिसके बाल

1077
01:15:17,440 --> 01:15:21,520
नहीं है सबके नाम दुर्गा ठाकुर ब्लॉग्स है ना और

1078
01:15:21,520 --> 01:15:25,600
ये कई लोग हैं जिनके चैनल पर कोई व्यूज नहीं

1079
01:15:25,600 --> 01:15:29,760
मगर उन्होंने एक कोई मेरा वीडियो डाला है तो उस 10,000 व्यूज है तो ऐसे जिन्होंने

1080
01:15:29,760 --> 01:15:34,000
भी कहीं भद्रता गधा इस तरह की भाषा

1081
01:15:34,000 --> 01:15:38,240
उपयोग में ली है तो वह सारे चैनल्स और यह

1082
01:15:38,240 --> 01:15:42,400
किताबों का प्रचार प्रसार रामपाल के वीडियोस दिखाकर उनका

1083
01:15:42,400 --> 01:15:46,400
प्रचार प्रसार जो भी कर रहा है जहां कहीं भी वो प्रवचन प्रसारित

1084
01:15:46,400 --> 01:15:50,480
हो रहे हैं वो सारी चीजों पर संज्ञान लिया जाएगा। वो सारा हम लिस्ट

1085
01:15:50,480 --> 01:15:54,480
बना रहे हैं और हो सकता है कि यह वीडियो देखने के बाद कुछ लोग अपना

1086
01:15:54,480 --> 01:15:58,560
चैनल बंद कर दें तो यह उनके लिए यह उनके लिए उनकी

1087
01:15:58,560 --> 01:16:02,560
एक हो सकता है कि थोड़ा बहुत समथिंग इज बेटर देन नथिंग

1088
01:16:02,560 --> 01:16:06,720
ये हो जाएगा क्योंकि अगर हमने उसको देख लिया होगा तो हमने तो पूरी लिस्ट

1089
01:16:06,720 --> 01:16:10,720
बना ही ली है कि कौन छोटे-छोटे स्तर पर लगा हुआ है। हम्। और

1090
01:16:10,720 --> 01:16:15,280
एक बात और बता दूं कि एफआईआर दर्ज होते-होते

1091
01:16:15,280 --> 01:16:19,440
भी इनका जो कार्यक्रम चलता था शुभम पैलेस में वो जो व्यक्ति

1092
01:16:19,440 --> 01:16:23,440
पकड़ा गया था ना वेद प्रकाश किताबें बेचते हुए उसने कहा था कार्यक्रम होता

1093
01:16:23,440 --> 01:16:27,520
है हर रविवार को शुभम पैलेस में वहां वो शुभम पैलेस में कार्यक्रम

1094
01:16:27,520 --> 01:16:28,400
होना पहले ही बंद

1095
01:16:28,400 --> 01:16:32,480
हो चुका था। तो ये सारी चीजें हैं। हां साधना चैनल

1096
01:16:32,480 --> 01:16:36,480
ईश्वर टीवी इन सब का भी नाम दिया गया है और वह सब शासन के

1097
01:16:36,480 --> 01:16:40,480
स्तर पर कारवाईया की जाएगी। है ना? सब

1098
01:16:40,480 --> 01:16:45,120
कुछ उसमें आएगा।

1099
01:16:45,120 --> 01:16:49,360
तो अगर कोई उपस्थित हो वैचारिक मतभेद के निमित्त

1100
01:16:49,360 --> 01:16:53,440
नहीं परंतु कुछ विचार विमर्श यदि करना चाहते हैं तो

1101
01:16:53,440 --> 01:16:58,240
आ सकते हैं। लिंक दे दिया गया है।

1102
01:16:58,240 --> 01:17:02,320
मुझे आशा है आप लोगों को आज का ये समाचार सुनकर हर्ष हुआ

1103
01:17:02,320 --> 01:17:06,640
होगा और एमपी खबर फास्ट वाले से पूछो। उसको

1104
01:17:06,640 --> 01:17:10,960
पूछो नहीं उसको बताओ एफआईआर इसे कहते हैं। धाराएं

1105
01:17:10,960 --> 01:17:15,040
इसे कहते हैं। हम वो जो कहता फिरता है हमने एफआईआर करा दी

1106
01:17:15,040 --> 01:17:19,760
एफआईआर करा दी। तो उसको कहो जाकर के इसीलिए

1107
01:17:19,760 --> 01:17:24,080
मैंने बहुत पहले ही कहा था कि भाई तुम लोग काफी सालों से

1108
01:17:24,080 --> 01:17:28,400
बहुत अच्छी पारी को संभाल रहे हो। बहुत अच्छे से खेल रहे हो।

1109
01:17:28,400 --> 01:17:32,320
पर अब

1110
01:17:32,320 --> 01:17:37,280
व्यक्ति गलत चुन लिया है। खेल अच्छा था।

1111
01:17:37,280 --> 01:17:41,520
व्यक्ति गलत चुन लिया है। ठीक है। तो अभी देखो

1112
01:17:41,520 --> 01:17:43,600
ये राहुल रोहित को कहो वहां

1113
01:17:43,600 --> 01:17:47,920
इनसे कहो अपने आश्रम में ऐसे न्यूज़ चैनल पर वीडियो और बनाओ।

1114
01:17:47,920 --> 01:17:51,920
कम से कम एक फोटो तो लगा दो वो वो हो सकता है अभी

1115
01:17:51,920 --> 01:17:55,920
ये लोग जल्दी से जल्दी वो मेरा वो फोटो भी हटा ले। आप लोग स्क्रीनशॉट वगैरह

1116
01:17:55,920 --> 01:18:00,080
लेके देखना। आनंद लीजिए इन सारी चीजों का। है ना?

1117
01:18:00,080 --> 01:18:04,080
हो गया है। कोई आना चाहता है तो ठीक है। और

1118
01:18:04,080 --> 01:18:08,080
हां वैचारिक मतभेद के निमित्त भी आप चर्चा कर सकते हैं। यहां नंबर दिया

1119
01:18:08,080 --> 01:18:13,280
जा रहा है 7408301869

1120
01:18:13,280 --> 01:18:19,200
और आप वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा के लिए फॉर्म भर दीजिए। उस पर WhatsApp करिए।

1121
01:18:19,200 --> 01:18:25,040
[संगीत]

1122
01:18:25,040 --> 01:18:29,360
जय श्री राम जय श्री कृष्णा हर हर महादेव जय श्री राम

1123
01:18:29,360 --> 01:18:33,920
पंडित जी कैसे हैं बस आपकी

1124
01:18:33,920 --> 01:18:38,000
लगाई हुई आग को में थोड़ा-थोड़ा हम धूप बत्ती

1125
01:18:38,000 --> 01:18:42,000
दिखा रहे हैं नहीं नहीं मैंने कहा ना शुरू में

1126
01:18:42,000 --> 01:18:46,080
ही आपका आभार प्रकट किया आपका भी पंडित जी मैं थोड़ा

1127
01:18:46,080 --> 01:18:50,160
लेट आया पंडित जी का भी बहुत बड़ा सहयोग रहा मैंने

1128
01:18:50,160 --> 01:18:54,240
कहा था कि कई लोग गुप्त कई लोग प्रकट रूप से इसमें बहुत

1129
01:18:54,240 --> 01:18:58,400
सहयोगी रहे और मैं आप लोगों को यह बताना चाहूंगा आप लोगों को आश्चर्य

1130
01:18:58,400 --> 01:19:03,040
होगा कि जब हम भवाना में गए थे वहां तहकीकात कर रहे हैं

1131
01:19:03,040 --> 01:19:07,120
शोध करने वहां पे कि भवाना में है कि नहीं है तो वहां पे जो

1132
01:19:07,120 --> 01:19:11,200
साथ में मेरे समर्थन में और मेरा सहयोग करने वाले पंडित जी ही थे

1133
01:19:11,200 --> 01:19:16,000
दिल्ली में भवाना में और कोई उस समय नहीं था

1134
01:19:16,000 --> 01:19:20,080
तो यही वहां पर मुझे ले गए थे और वहां तक पहुंचाया थे हम

1135
01:19:20,080 --> 01:19:24,160
दोनों गए थे लेकिन डरे नहीं बिल्कुल भी एक ही जाएगी अब गुरु

1136
01:19:24,160 --> 01:19:28,480
ग्रंथ और गोविंद का बल था ना बिल्कुल बिल्कुल डर बिल्कुल नहीं था जबकि

1137
01:19:28,480 --> 01:19:32,480
हम लोग एक आतंकवादी के यहां जा रहे थे आतंकवादी का

1138
01:19:32,480 --> 01:19:36,640
आतंकवादी से आतंकवादी ना हो मगर आतंकवादी से आतंकवादी

1139
01:19:36,640 --> 01:19:40,080
का उसके ऊपर प्रकरण चल रहा है केस चल रहा है हत्यारे के यहां तो जा ही रहे थे

1140
01:19:40,080 --> 01:19:44,320
वो तो सिद्ध है ना न्यायालय न्यायालय के द्वारा उसको जो है घोषित

1141
01:19:44,320 --> 01:19:48,640
किया गया है यद्यपि वहां हम एक हत्यारे के यहां जिस पर देशद्रोह

1142
01:19:48,640 --> 01:19:53,360
का मुकदमा चल रहा है जिस ऐसी ऐसी बंदूके प्राप्त

1143
01:19:53,360 --> 01:19:57,440
हुई थी उसको पकड़ते समय उसके लोगों के द्वारा जो शायद अभी तक हम

1144
01:19:57,440 --> 01:20:01,520
में से कईयों ने देखी भी ना हो है ना ऐसी ऐसी तो ऐसे

1145
01:20:01,520 --> 01:20:06,400
व्यक्ति के यहां पर हम लोग जा रहे थे केवल दो लोग बिना किसी तैयारी केवल

1146
01:20:06,400 --> 01:20:10,560
ये देखने के लिए यहां वो कार्य हो रहा है कि नहीं हो रहा है वहां कुछ भी हो सकता था

1147
01:20:10,560 --> 01:20:14,560
मगर एक गुरु ग्रंथ गोविंद से प्राप्त साहस था जो हम वहां

1148
01:20:14,560 --> 01:20:18,880
पर पहुंचे और आप लोगों को एक आश्चर्य और होगा कि

1149
01:20:18,880 --> 01:20:24,080
उस समय इन किताबों को लेकर के हमारी भेंट भी हुई थी

1150
01:20:24,080 --> 01:20:28,080
हरिशंकर जैन जी से और उस समय भी पंडित जी साथ में

1151
01:20:28,080 --> 01:20:32,160
थे तो पूरी यात्रा में इनका साथ है और ये तो

1152
01:20:32,160 --> 01:20:36,160
चलिए सशरीर साथ में थे मगर

1153
01:20:36,160 --> 01:20:40,640
वैसे भी अनेकानेक प्रकार से पंडित जी का पूर्णतया सहयोग है।

1154
01:20:40,640 --> 01:20:44,720
तो मैं अपनी ओर से और समस्त सनातनियों की ओर से

1155
01:20:44,720 --> 01:20:48,800
आपका आभार व्यक्त करता हूं। समस्त धर्मनिष्ठों की ओर से आपको साधुवाद

1156
01:20:48,800 --> 01:20:52,960
देते। आप मुझे क्या आभार आप मेरा आभार मान सकते हैं। मैं मैं और आप में

1157
01:20:52,960 --> 01:20:55,120
कोई अंतर नहीं है। ये हम एक

1158
01:20:55,120 --> 01:20:59,120
ही एक ही है। एक ही है। सभी सनातनियों का आभार

1159
01:20:59,120 --> 01:21:03,120
सभी धर्मनिष्ठ धर्म प्रेमियों का आभार इस पूरे अभियान को यहां तक लाने

1160
01:21:03,120 --> 01:21:07,200
के लिए और बाकी तो कर्म वादी कारस्ते

1161
01:21:07,200 --> 01:21:10,000
माफले सुगदाच।

1162
01:21:10,000 --> 01:21:14,240
यदि किसी के पास कोई भी प्रमाण सबूत हो तो कृपया इस नंबर पर WhatsApp

1163
01:21:14,240 --> 01:21:18,640
कर सकता है। यह देखिए नंबर आपको दिया जा रहा है। अगर आप कोई

1164
01:21:18,640 --> 01:21:23,200
वो भेजना चाहते हैं या कोई नया वीडियो ये लोग डाल रहे हैं

1165
01:21:23,200 --> 01:21:27,920
हम। ये इसका स्क्रीनशॉट लो। साले अनाड़ी

1166
01:21:27,920 --> 01:21:32,080
ज्ञानी से ना ज्ञान चर्चा किया जाता। ये

1167
01:21:32,080 --> 01:21:36,640
स्क्रीनशॉट ले लीजिए इसका सुजीत कुमार का।

1168
01:21:36,640 --> 01:21:40,880
है ना? आपको कुछ भी ऐसा संज्ञान में आता है। कुछ भी ऐसा

1169
01:21:40,880 --> 01:21:44,880
संज्ञान में आता है। यह सुजीत कुमार का ही है। इसका स्क्रीनशॉट

1170
01:21:44,880 --> 01:21:49,760
लो। इसका स्क्रीनशॉट ले लो सुजीत कुमार का।

1171
01:21:49,760 --> 01:21:54,080
कुछ भी आपको ऐसा संज्ञान में आता है जो आप हमसे साझा करना चाहते हैं तो अवश्य करें

1172
01:21:54,080 --> 01:21:58,240
इस नंबर पर और इन लोगों कहे कि अपनी

1173
01:21:58,240 --> 01:22:02,320
चीजें जारी रखें। हेमंत दास से कहे वो अपनी चीजें जारी

1174
01:22:02,320 --> 01:22:06,320
रखें। है ना? ऐसे न्यूज़ चैनल वाले से कहे वो अपनी

1175
01:22:06,320 --> 01:22:10,400
चीजें जारी रखे और मेरा फोटो बिगाड़े राक्षस का वो करें

1176
01:22:10,400 --> 01:22:14,480
क्योंकि वह सही कर रहा था ना वो गलत तो कर नहीं रहा था इनको बंद नहीं करना चाहिए

1177
01:22:14,480 --> 01:22:18,560
सही बंद नहीं करते ना देखिए हमने जो किया था जब से किया

1178
01:22:18,560 --> 01:22:23,440
था वही आज भी कर रहे हैं इसको कहते हैं सनातन

1179
01:22:23,440 --> 01:22:27,680
हम बंद नहीं करते राजेश जी जय श्री राम चरण

1180
01:22:27,680 --> 01:22:32,080
स्पर्श गुरु जी चरण स्पर्श हर महादेव पंडित जी

1181
01:22:32,080 --> 01:22:36,240
महादेव पंडित जी हर हर महादेव

1182
01:22:36,240 --> 01:22:40,240
जी बताइए आप बस देख

1183
01:22:40,240 --> 01:22:44,240
रहे हैं आपका आपने चारों तरफ से घेराबंदी कर

1184
01:22:44,240 --> 01:22:47,680
दी है

1185
01:22:47,680 --> 01:22:52,080
अकेले ही लगे हुए हैं ना सबको घर पे रखा हुआ है इन्होंने

1186
01:22:52,080 --> 01:22:56,800
ना ना सब साथ में हैं और ये हम

1187
01:22:56,800 --> 01:23:01,120
पर ये क्या है इंजन है अपुन लोग डब्बे हैं पीछे चलते हैं

1188
01:23:01,120 --> 01:23:05,280
मेन इंजन जो होता है वो आगे ये इंजन तो

1189
01:23:05,280 --> 01:23:09,520
इंजन तो गुरुदेव है जिन्होंने कहा था कि एक मनुवादी

1190
01:23:09,520 --> 01:23:13,600
भी परिवर्तन के लिए पर्याप्त होता है। है ना? इंजन तो

1191
01:23:13,600 --> 01:23:17,840
ईश्वर है श्री रामचंद्र जी जो कहते हैं कि

1192
01:23:17,840 --> 01:23:21,840
रामो विग्रह धर्म रामो दनाभ भाषते इंजन

1193
01:23:21,840 --> 01:23:26,080
तो भगवान श्री कृष्ण है जो कहते हैं कर्मवादी कारस्ते मा फले

1194
01:23:26,080 --> 01:23:30,560
कदाचना इंजन हमारे

1195
01:23:30,560 --> 01:23:34,720
सभी जो प्रामाणिक आचार्य गण है वो सब इंजन है इसके और हां एक बात आपको

1196
01:23:34,720 --> 01:23:38,880
बताऊं बहुत अच्छा हुआ याद आया इंजन से जिस दिन मैं ये कार्यवाही करने

1197
01:23:38,880 --> 01:23:43,440
जा रहा हूं उस दिन मुझे जो हमारे हमारे पूज्य राघवाचार्य

1198
01:23:43,440 --> 01:23:47,600
जी महाराज उनका भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ था और वो भी बकायदा

1199
01:23:47,600 --> 01:23:51,760
ऑन कॉल डायरेक्ट उनसे हां

1200
01:23:51,760 --> 01:23:56,160
सौभाग्य है हां उनका भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ था

1201
01:23:56,160 --> 01:24:00,320
है ना तो इसमें देखिए कितने सारे संतों की ऊर्जा जुड़ी हुई है भगवान

1202
01:24:00,320 --> 01:24:02,880
के भगवान तो है ही तो

1203
01:24:02,880 --> 01:24:07,040
वो सब है और एक कोई है जो अभी

1204
01:24:07,040 --> 01:24:11,280
कह रहे थे ये कोई भाई है सनातन इतिहास

1205
01:24:11,280 --> 01:24:15,360
करके अब ये कह रहे हैं भाई भाई हमको भी धमकी दे

1206
01:24:15,360 --> 01:24:20,080
रहे थे। अच्छा इनको भी धमकी दी गई है।

1207
01:24:20,080 --> 01:24:24,160
ठीक है। धमकी धमकी देने के अलावा रह क्या गया

1208
01:24:24,160 --> 01:24:28,960
इनके पास धमकी है देते रहो और है क्या

1209
01:24:28,960 --> 01:24:33,920
अब धमकी बची है और कुछ बचा नहीं है हम

1210
01:24:33,920 --> 01:24:38,400
अभी वो भी नहीं बचेगा जो जो अभी बचा है वो भी नहीं बचेगा तो

1211
01:24:38,400 --> 01:24:41,200
कमेंट

1212
01:24:41,200 --> 01:24:45,280
कमेंट इनके कमेंट तो देखो अभी

1213
01:24:45,280 --> 01:24:49,360
भी कमेंट करने से पीछे नहीं हट रहे हैं वो क्योंकि उनको इतना

1214
01:24:49,360 --> 01:24:53,360
ज्यादा ब्रेन वाश किया गया है कि वह अपना नाश निकट

1215
01:24:53,360 --> 01:24:57,360
आ जाने पर भी नहीं देख पा रहे हैं कि नाश निकट है इसलिए कर रहे

1216
01:24:57,360 --> 01:25:02,320
हैं और जो प्रबुद्ध जन है वो सही हो चुके हैं

1217
01:25:02,320 --> 01:25:06,400
अभी प्रबुद्ध जन वो सब चीजें रिपीट नहीं कर रहे हैं इनके आगे जो इंटेलेक्चुअल थोड़े

1218
01:25:06,400 --> 01:25:10,400
बहुत भी इंटेलेक्चुअल हालांकि इनकी जो बाबा जी है

1219
01:25:10,400 --> 01:25:15,920
उनकी वाणी के अनुसार ये सब लोग अनपढ़ है मूर्ख है

1220
01:25:15,920 --> 01:25:20,080
गरिमा गीता की में इनके बाबा जी ने लिखा है कि रामपाल को

1221
01:25:20,080 --> 01:25:24,080
फॉलो फॉलो करने वाले अनपढ़ गवार अशिक्षित मूर्ख टाइप के लोग होते

1222
01:25:24,080 --> 01:25:28,240
हैं। तो इनके आगे फिर भी जो थोड़े

1223
01:25:28,240 --> 01:25:32,400
बहुत इंटेलेक्चुअल पर्सन है वो धीरे-धीरे अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। अपना अपना

1224
01:25:32,400 --> 01:25:38,400
अपना बोरिया बिस्तर समेट के किनारे हो रहे हैं। मगर ये पागल हुए पड़े हैं।

1225
01:25:38,880 --> 01:25:43,680
ये भी कमेंट कमेंट पढ़ रहा था इनके। हां।

1226
01:25:43,680 --> 01:25:47,920
कमेंट तो बहुत कमेंट में एक्सपर्ट है ये लोग। आप जरा वो

1227
01:25:47,920 --> 01:25:52,000
मुझे भेज के दे दीजिएगा। वो जो आपने एक दिन कहा था ना पहाड़ी जी की लाइव में

1228
01:25:52,000 --> 01:25:57,120
कि आपने जो वीडियो देखा था उसमें मेरे लिए शब्द का उपयोग में लिया गया था।

1229
01:25:57,120 --> 01:26:01,200
बिल्कुल बिल्कुल उसको थोड़ा खोजना पड़ेगा। वो खोज के दीजिए।

1230
01:26:01,200 --> 01:26:05,200
मैंने उनसे भी कहा था पानी जी से। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल मैं जरूर

1231
01:26:05,200 --> 01:26:09,200
करूंगा। कल कर देता हूं इसको मैं पूरा। ठीक है। बिल्कुल। कल कल संडे है।

1232
01:26:09,200 --> 01:26:13,360
मेरी छुट्टी भी है। कल कुछ काम भी नहीं है। तो कल मैं इसी

1233
01:26:13,360 --> 01:26:17,600
काम में लग जाता हूं। बिल्कुल बिल्कुल। अब उसके लिए मेरे को कई एक वीडियो देखने

1234
01:26:17,600 --> 01:26:21,760
पड़ेंगे उनके तब जाके मिलेगा वो। हां वो पहाड़ी जी की

1235
01:26:21,760 --> 01:26:26,000
लाइव में आपने चर्चा की थी। नहीं बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल दे दूंगा। बिल्कुल दूंगा

1236
01:26:26,000 --> 01:26:30,000
100% दूंगा। जी कल ही कर देता हूं मैं।

1237
01:26:30,000 --> 01:26:34,080
और किसी को कोई भी सामग्री मिलती है जो आपको लगता है कि ये कानून

1238
01:26:34,080 --> 01:26:38,160
की उसमें आती है ये हमारी सहायता कर सकती है। वो सारी सामग्री आप इस

1239
01:26:38,160 --> 01:26:42,240
नंबर पर उपलब्ध कराते रहिए और

1240
01:26:42,240 --> 01:26:46,320
जो है वो सारी सब पर कारवाई होगी

1241
01:26:46,320 --> 01:26:51,680
है ना ये कोई है जो कह रहे हैं [संगीत]

1242
01:26:51,680 --> 01:26:57,280
शिवश जी

1243
01:26:57,280 --> 01:27:02,480
शिवश जी मेरा आरएसएस का ल राम पानी

1244
01:27:02,480 --> 01:27:06,800
अब ये सब बातें ये लोग करें हम तो क्या करें ना करें तो

1245
01:27:06,800 --> 01:27:10,880
बताइए इतना आहत किया इन लोगों ने

1246
01:27:10,880 --> 01:27:15,120
तुम कुछ भी बोल रहे हो कुछ भी कर रहे हो कुछ भी कह रहे हो तो सामने

1247
01:27:15,120 --> 01:27:19,280
वाला कोई ना कोई कोई तो करेगा ना प्रतिकार। सही बात है। अब आपने

1248
01:27:19,280 --> 01:27:23,440
प्रमाण और सबूत के लिए जो नंबर दिया है तो अब आपके ऊपर ये भी उंगली

1249
01:27:23,440 --> 01:27:27,600
उठने वाली है कि देखो इनके पास विद दशों से पैसा इतना आ रहा है। फंडिंग

1250
01:27:27,600 --> 01:27:30,480
आ रही है कि

1251
01:27:30,480 --> 01:27:35,200
ये वहां के नंबर भी प्रयोग करने लग गए हैं। फलाना फलाना। देखिए ये बात जरूर आएगी।

1252
01:27:35,200 --> 01:27:39,840
तो इनकी मर्जी है।

1253
01:27:39,840 --> 01:27:44,160
बस ठीक है। ये तो हो गया है। एफआईआर तो दिखाई दी थी।

1254
01:27:44,160 --> 01:27:49,680
राम 25 25 अगस्त है ना

1255
01:27:49,680 --> 01:27:53,680
अगली सुनवाई हां सुनवाई 25 अगस्त है इस

1256
01:27:53,680 --> 01:27:58,080
बीच सरकार को कुछ सरकार को उस दिन ये बताना है हमने क्या-क्या

1257
01:27:58,080 --> 01:28:02,160
किया बराबर हाई कोर्ट को अभी कल क्या

1258
01:28:02,160 --> 01:28:06,160
हुआ था जो जज थे उन्होंने कहा जैसे हमारा नंबर जब आया सुनवाई का

1259
01:28:06,160 --> 01:28:10,160
हमारी फाइल आई सबसे पहले तो हाई कोर्ट में एक एलईडी लगी हुई होती है स्क्रीन

1260
01:28:10,160 --> 01:28:14,400
टीवी स्क्रीन जो केस चल रहा होता है जिस पर सुनवाई चल रही होती है। उसका केस

1261
01:28:14,400 --> 01:28:18,480
नंबर वो टीवी स्क्रीन में ऊपर आता है और नीचे पट्टी

1262
01:28:18,480 --> 01:28:22,480
चलने लगती है। ये किस में भिड़ंत है ये। तो उसमें मुझे

1263
01:28:22,480 --> 01:28:27,680
अपना नाम देख के अच्छा लगा था। क्या लिखा था?

1264
01:28:27,680 --> 01:28:33,680
शिवश नारायण द्विवेदी हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस वर्सेस।

1265
01:28:33,840 --> 01:28:38,000
इस तरह से मैं स्क्रीन पे चल रहा था। जैसे ही आया तो मैं तब तक इधर

1266
01:28:38,000 --> 01:28:42,320
उधर क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा सुनाई समझ में तो ध्यान भी नहीं

1267
01:28:42,320 --> 01:28:46,320
बहुत सारे प्रकरण चल रहे होते हैं। समझ में भी नहीं आते क्या है क्या नहीं है। फिर अपना

1268
01:28:46,320 --> 01:28:50,640
आया। फिर वहां पर जैसे ही उन्होंने जो जज थे उन्होंने देखा

1269
01:28:50,640 --> 01:28:54,720
ऐसे किया हां पहले उनसे पूछा जो दीदी

1270
01:28:54,720 --> 01:28:58,720
है हां मैडम बताइए मगर उनको मतलब याद नहीं था क्या प्रकरण है

1271
01:28:58,720 --> 01:29:02,800
क्या नहीं है क्योंकि काफी दिन बाद आता है ना मगर जब उन्होंने उनसे

1272
01:29:02,800 --> 01:29:06,800
पूछा हां मैडम क्या क्या हुआ बताइए तो फिर पूछने के बाद उन्होंने

1273
01:29:06,800 --> 01:29:11,040
खुद नजर डाल ली कि पिछली तारीख पर क्या हुआ था पिछली डेट पर क्या हुआ

1274
01:29:11,040 --> 01:29:15,360
जैसे ही डाली उन्होंने नजर तो बोलते हैं जो

1275
01:29:15,360 --> 01:29:19,360
सरकारी वकील थे। सरकारी वकील के बारे में भी कुछ बताऊंगा मैं।

1276
01:29:19,360 --> 01:29:23,360
हम जो सरकारी वकील थे उनसे पूछते हैं। हां भाई हां अब मतलब

1277
01:29:23,360 --> 01:29:27,360
मैडम से जो पूछ रहे थे ना कि क्या हुआ? क्या क्या कहना है आपको? तो मैडम से नहीं

1278
01:29:27,360 --> 01:29:31,440
पूछ रहे। आप डायरेक्ट उनसे उनको उनको मालूम है अब किससे पूछना है? हां भाई क्या

1279
01:29:31,440 --> 01:29:35,520
हुआ? क्या कहना है? क्या किया है? क्या स्टैंड है आपका? ऐसे मेरे

1280
01:29:35,520 --> 01:29:39,760
सामने की बात है। अब इसमें एक खास बात क्या है? अपने मामले में

1281
01:29:39,760 --> 01:29:44,720
स्पेशल रूप से डबल एजी वहां पर आए थे। एडिशनल

1282
01:29:44,720 --> 01:29:48,800
एडवोकेट जनरल ऐसे करके मतलब जो पूरे उत्तर

1283
01:29:48,800 --> 01:29:49,300
प्रदेश

1284
01:29:49,120 --> 01:29:53,200
में जो गवर्नमेंट लॉयर होते हैं प्रशासन के

1285
01:29:53,200 --> 01:29:57,440
लॉयर जो प्रशासन का पक्ष प्रस्तुत करते हैं तो उनमें

1286
01:29:57,440 --> 01:30:01,680
भी जो हेड होंगे और काफी सुपीरियर अथॉरिटी में होंगे वो

1287
01:30:01,680 --> 01:30:05,840
हमारे इस केस में वहां पर उपस्थित हुए और उन्होंने उपस्थित हो

1288
01:30:05,840 --> 01:30:09,920
के ये नहीं कहा हम जांच कर रहे हैं। मतलब जांच मतलब अभी हम

1289
01:30:09,920 --> 01:30:14,400
जांच कर रहे हैं किताबें अच्छी है या बुरी है ये सब कुछ नहीं है। अभी हम कारवाई

1290
01:30:14,400 --> 01:30:18,400
नहीं कर पाए हैं। बड़ा मामला है। थोड़ा समय और चाहिए। इतनी

1291
01:30:18,400 --> 01:30:22,400
तीन बातें गई और जो दीदी है वो भी

1292
01:30:22,400 --> 01:30:26,480
सहमत हो गई। आप ठीक है। कारवाई कर रहे हैं तो कारवाई तो चाहिए हमें और क्या है? सही

1293
01:30:26,480 --> 01:30:30,720
बात है। सहमत हो गई। डेट मिल गई उनको। उन्होंने एक हफ्ता मांगा था

1294
01:30:30,720 --> 01:30:34,880
तो जो न्यायाधीश थे उन्होंने जो है 25

1295
01:30:34,880 --> 01:30:39,440
तक की डेट दे दी है। अब इस बार 2020 देखिए क्या होता है।

1296
01:30:39,440 --> 01:30:43,600
थोड़ा-थोड़ा मुझे वैसा वास्तव वाला वास्तव मूवी थी ना वो संजय दत्त वाली

1297
01:30:43,600 --> 01:30:49,600
लास्ट में वो होते हैं एनकाउंटर

1298
01:30:50,800 --> 01:30:56,160
कुछ वो स्मरण हो रहा है। पता नहीं क्यों।

1299
01:30:56,160 --> 01:31:00,240
ठीक है। तो इन्होंने बहुत अपमान किया है हमारा हमारी भगवान का। मां

1300
01:31:00,240 --> 01:31:04,400
के बारे में बहुत अपशब्द लिखे हैं इन लोगों ने। और और सबसे

1301
01:31:04,400 --> 01:31:08,480
बड़ी बात यह है कि देखिए इनका प्रारंभ तो चोरी

1302
01:31:08,480 --> 01:31:12,560
से ही हुआ है। ये सब चीजें इन्होंने चोरी से करना चालू की। उसके

1303
01:31:12,560 --> 01:31:17,680
बाद चोरी पकड़ी ना जाने का इनको घमंड हो गया।

1304
01:31:17,680 --> 01:31:21,760
कि चोरी हमारी अब पकड़ी नहीं जा सकती। अब हम आगे निकल आए। अब कोई नहीं पकड़ सकता। इनको

1305
01:31:21,760 --> 01:31:26,160
घमंड हो गया चोरी ना पकड़े जाने का। मगर यदा

1306
01:31:26,160 --> 01:31:31,120
यदा ही धर्मस गिर भवती

1307
01:31:31,120 --> 01:31:36,320
भारत अभानम अधर्मस

1308
01:31:36,320 --> 01:31:40,880
तदात्म सजाम्य

1309
01:31:40,880 --> 01:31:44,960
सही अति का भी अंत होता है ना घमंड ही तो

1310
01:31:44,960 --> 01:31:48,960
सर्वनाश की जड़ है बस बस बस घमंड घमंड ही

1311
01:31:48,960 --> 01:31:53,120
तो सर्वनाश की जड़ है और क्या है जहां घमंड जिसको हुआ समझो

1312
01:31:53,120 --> 01:31:57,280
अब इसका एंड आ ये इसका इसका इसका

1313
01:31:57,280 --> 01:32:01,440
इसका इसका स्क्रीनशॉट ले लो।

1314
01:32:01,440 --> 01:32:05,600
ये धम ये सारी चीजें उसमें आ रही है। वो जो जो प्रेशर डालते

1315
01:32:05,600 --> 01:32:09,840
हैं ना हम वो प्रेशर डालने वाले उसमें ऑफेंस

1316
01:32:09,840 --> 01:32:13,920
में आ रही है सारी चीजें। अभी टाइम है सुलझा जाए। धमकी है।

1317
01:32:13,920 --> 01:32:18,080
ये उसी गैंग का व्यक्ति है। रावल दास बोलते हैं। अच्छा अच्छा इसकी ईमेल

1318
01:32:18,080 --> 01:32:22,640
आईडी वगैरह निकलवा लो। ईमेल आईडी वगैरह निकलवा लो। इसको

1319
01:32:22,640 --> 01:32:26,960
डिटेल ले लो। इसकी जो भी इस तरह की धमकी वगैरह दे उसको

1320
01:32:26,960 --> 01:32:31,920
ले लो।

1321
01:32:31,920 --> 01:32:36,160
बढ़िया है। हमारा ही केस मजबूत कर रहे हैं। और क्या करें? सही

1322
01:32:36,160 --> 01:32:40,160
बात है। बाकी आपको YouTube पोस्ट पर एफआईआर की कॉपी

1323
01:32:40,160 --> 01:32:44,240
अवेलेबल हो जाएगी।

1324
01:32:44,240 --> 01:32:50,240
इंस्टा पे भी डाल देंगे। हम इंस्टा पे भी डाल देंगे।

1325
01:32:52,880 --> 01:32:56,880
यह रावल दास वाला जो है ना यह उस गिरोह का ही व्यक्ति

1326
01:32:56,880 --> 01:33:00,080
है डायरेक्टली

1327
01:33:00,080 --> 01:33:04,080
तो ये कह रहा है जुड़ा हुआ है डायरेक्ट इस पर ध्यान

1328
01:33:04,080 --> 01:33:08,240
देना ये कोई मुख्य व्यक्ति भी हो सकता है ये चुप के जो दूसरे

1329
01:33:08,240 --> 01:33:14,240
नाम से बात कर रहा हो ठीक है इस पर ध्यान रखना भाई

1330
01:33:14,480 --> 01:33:19,200
रावलदास [संगीत]

1331
01:33:19,200 --> 01:33:23,440
ठीक ठीक है फिर अच्छा लगा आप लोगों से बात करके आपको ये सारी जानकारी

1332
01:33:23,440 --> 01:33:27,520
दे के मुझे आशा है कि आप लोगों को अच्छा लगा होगा और

1333
01:33:27,520 --> 01:33:31,680
पंडित जी आपको तो विशेष रूप से लगा होगा राजेश जी आपको भी

1334
01:33:31,680 --> 01:33:35,920
बहुत बहुत अच्छा बहुत अच्छा लगा वो क्या डायलॉग था अच्छा

1335
01:33:35,920 --> 01:33:39,920
हमारे वो डायलॉग सब फेमस हो गए हैं मत पड़ो चक्कर में कोई

1336
01:33:39,920 --> 01:33:44,000
नहीं है टक्कर में चक्कर में अच्छा खेला था अब

1337
01:33:44,000 --> 01:33:48,080
अब आपको देख के ये लोग भी यही डायलॉग मारने लगे मैंने एक आध

1338
01:33:48,080 --> 01:33:53,040
वीडियो में देखा ये लोग भी इन्होंने भी यही डायलॉग मारा है।

1339
01:33:53,040 --> 01:33:59,040
सुन के आपने नकल की है नकल। हां हां

1340
01:33:59,360 --> 01:34:03,440
ये तो है शिवश भैया जी मुझे भी धमकी दिए हैं

1341
01:34:03,440 --> 01:34:07,440
कमेंट के माध्यम से बोल रहे थे कि छत्तीसगढ़ में आपको 2 फीट

1342
01:34:07,440 --> 01:34:11,920
भी जगह नहीं मिलेगी। अभी वेट एंड वॉच इनको

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01:34:11,920 --> 01:34:15,920
कहिए वेट एंड वॉच। भाई यहां तक आया ना अभी सबसे पहले तो आप लोगों में

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01:34:15,920 --> 01:34:20,080
से आप लोग जो भी उससे संपर्क में हो हेमंत

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01:34:20,080 --> 01:34:24,080
दास के उससे पूछो उसने कहा था मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है

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01:34:24,080 --> 01:34:28,160
उससे पूछो अभी उसकी क्या प्रतिक्रिया है आप में से कई का संपर्क

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01:34:28,160 --> 01:34:32,160
है ना हेमंत दास वो अपना फिर वो कुछ

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01:34:32,160 --> 01:34:36,160
बोले कि मैं झूठा हूं मैं मक्कार हूं वो ऐसे बोलता है ना ये सब बातें बोले

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01:34:36,160 --> 01:34:40,480
रिपीट करे रिपीटेड पाखंडी है ना ये सब वो चेहरा लगाए

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01:34:40,480 --> 01:34:44,800
मेरा चेहरा बिगाड़े उसको कहो क्योंकि वो वो अच्छा कार्य कर रहा है ना

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01:34:44,800 --> 01:34:50,800
सच पे है ना वो करता रहे

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01:34:51,200 --> 01:34:56,480
देखते हैं कैसी वीडियो आती है उसकी अगली

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01:34:56,480 --> 01:35:00,720
तो इसी के साथ फिर हम लोग इसको विराम

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01:35:00,720 --> 01:35:06,720
देते हैं काफी यह कौन आया वैदिक पर्सन

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01:35:06,720 --> 01:35:12,720
कैमरा ऑन नहीं कर पाएंगे [संगीत]

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01:35:14,000 --> 01:35:18,320
अच्छा अच्छा तो ठीक है आने

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01:35:18,320 --> 01:35:21,600
का सभी के लिए आभार

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01:35:21,600 --> 01:35:26,000
ठीक है ठीक है जय हो जय हो जय हो आभार

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01:35:26,000 --> 01:35:30,560
आपका और ठीक है हर हर महादेव

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01:35:30,560 --> 01:35:34,640
महादेव हर हर महादेव ठीक है सभी को जय

1361
01:35:34,640 --> 01:35:38,800
श्री राम और इस सूचना को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं

1362
01:35:38,800 --> 01:35:42,960
और जो नए रामपाली हैं जो इस

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01:35:42,960 --> 01:35:47,920
तरह के चैनल बना करके अपना काम करना चाहते हैं। वह बचे

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01:35:47,920 --> 01:35:52,080
और जो कर रहे थे यदि उनको लगता है कि वो सही कर रहे थे और जो नए

1365
01:35:52,080 --> 01:35:56,560
चालू कर रहे हैं उनको लगता है कि वो सही कर रहे हैं वो और करें और करें

1366
01:35:56,560 --> 01:36:00,720
ठीक है। इसी के साथ वैदिक पर्सन

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01:36:00,720 --> 01:36:04,720
जी आना चाहते हैं इनको लिया जाए क्या? कैमरा ऑन

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01:36:04,720 --> 01:36:06,400
नहीं कर पाएंगे। बोल रहे हैं।

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01:36:06,400 --> 01:36:10,800
ठीक है। ले लीजिए।

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01:36:10,800 --> 01:36:15,040
के चर्चा होगी तो हर महादेव हर हर महादेव

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01:36:15,040 --> 01:36:19,360
जय श्री राम जय श्री राम भैया मैं किसी हूं तो सनातनी

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01:36:19,360 --> 01:36:23,520
पर मेरा कोई संप्रदाय नहीं है किसी भी संप्रदाय से नहीं हूं मेरे कुछ प्रश्न है तो

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01:36:23,520 --> 01:36:27,600
अगर आपके पास दो मिनट है तो मैं क्या प्रश्न के लिए नहीं है ना अभी

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01:36:27,600 --> 01:36:31,760
प्रश्न के लिए नहीं है जो विषय चल रहा था उस पर ही कोई विचार

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01:36:31,760 --> 01:36:35,840
विमर्श कोई भाव व्यक्त करना है उसके लिए जी

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01:36:35,840 --> 01:36:39,920
मैं तो आप प्रश्न के जी हमने कहा है आपको

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01:36:39,920 --> 01:36:44,080
जी कि यदि आप जिज्ञासु हैं और आपके

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01:36:44,080 --> 01:36:48,160
मन में सकारात्मक भाव है कुछ जानने का तो आप हमारे

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01:36:48,160 --> 01:36:52,160
दिए गए नंबर पर जब WhatsApp करेंगे तो आपको आह्वान कोर्स

1380
01:36:52,160 --> 01:36:56,320
का फॉर्म मिलेगा लिंक उसका उसको आप भर दीजिए।

1381
01:36:56,320 --> 01:37:00,320
आप हमारी क्लासेस में आएंगे। वहां पर आप अपने प्रश्न पूछ सकते हैं। बिना चेहरा

1382
01:37:00,320 --> 01:37:04,320
दिखाए। वहां पे बाउंडेशन नहीं होती है। ठीक है? नहीं वो

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01:37:04,320 --> 01:37:08,400
चेहरा दिखाने में कुछ प्रॉब्लम है भैया इसलिए। नहीं नहीं मैं मैं वो नहीं

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01:37:08,400 --> 01:37:12,560
कह रहा हूं। आप वहां आकर के बिना अपनी आइडेंटिटी को बिना

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01:37:12,560 --> 01:37:16,720
प्रकट किए वहां पर प्रश्न रख सकते हैं। आपके उत्तर मिलेंगे। परंतु

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01:37:16,720 --> 01:37:20,800
यदि आपके अंदर कोई द्वेष भावना है। यदि आप जिज्ञासु नहीं है।

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01:37:20,800 --> 01:37:21,600
आपने अपना मत

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01:37:21,600 --> 01:37:25,680
पहले से कुछ बना रखा है और उस बने हुए मत के संरक्षण के लिए

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01:37:25,680 --> 01:37:29,760
आप जो है वाद विवाद इत्यादि हेतु चर्चा करने के लिए आना चाहते

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01:37:29,760 --> 01:37:34,320
हैं तो वहां कोर्स में आपको नहीं लिया जाएगा। ये समझ

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01:37:34,320 --> 01:37:38,480
नहीं कोई मेरा कोई कोई संप्रदाय कोई मत नहीं है। मुझे माफ़

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01:37:38,480 --> 01:37:42,560
कीजिए अगर मैं आपको अपनी मैं आपको जो चीजें हैं वो बता रहा हूं।

1393
01:37:42,560 --> 01:37:46,880
आपका नहीं है तो अच्छी बात है। आप वहां जिज्ञासु की तरीके से आइए सकारात्मक बुद्धि ले बुद्धि

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01:37:46,880 --> 01:37:51,040
लेकर के परंतु यदि हमें ये फील होता है कि ये व्यक्ति जो

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01:37:51,040 --> 01:37:55,280
है विकृत करने आया वातावरण को तो हम फिर उससे बिना

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01:37:55,280 --> 01:37:59,280
पहचान लिए और वहां क्लास में बात ना करके हम फिर उससे

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01:37:59,280 --> 01:38:03,440
यहां बात करते हैं YouTube लाइव। ठीक है? ठीक है भैया फिर

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01:38:03,440 --> 01:38:07,440
मेरा तो ऐसा तो मेरा कोई प्रश्न नहीं था क्योंकि वो आप जवाब अभी

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01:38:07,440 --> 01:38:11,600
फिलहाल आपने कहा कि टॉपिक से रिलेटेड है तो मैं अभी क्षमा चाहूंगा मुझे माफ

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01:38:11,600 --> 01:38:17,600
करें अगर मैंने गलत ज्वाइन किया तो हर हर महादेव नमस्कार नमस्कार नमस्कार

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01:38:18,960 --> 01:38:23,040
आप आप जो है अगर आपको कुछ जानना है तो आप वहां

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01:38:23,040 --> 01:38:27,440
क्लासेस में आइए वहां पर प्रश्न कर सकते हैं या फिर हम कभी इसमें प्रश्नोत्तरी

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01:38:27,440 --> 01:38:31,440
रखेंगे तो आप कर सकते हैं ठीक है हां एक बार रख लेते हैं

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01:38:31,440 --> 01:38:35,520
मतलब है ना सही बात है कि सर में क्या होता है ना प्रश्न करने के

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01:38:35,520 --> 01:38:39,840
लिए प्रश्न करने के नाम पे लोग डिबेट करने आते हैं।

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01:38:39,840 --> 01:38:44,000
ठीक है? अब डिबेट करनी है तो डिबेट में क्या है हमारा प्रोटोकॉल कि भाई आप

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01:38:44,000 --> 01:38:48,240
सामने से आइए अपने आइडेंटिटी के साथ में आइए।

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01:38:48,240 --> 01:38:52,240
यही है ना? अब व्यक्ति प्रश्न करने के नाम पर अपने आप को बचाते हुए

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01:38:52,240 --> 01:38:56,560
वह अपना डिबेट वाली चीज करने लगता है तो वह फिर हमारा निर्णय

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01:38:56,560 --> 01:39:00,640
होगा कि डिबेट है या प्रश्नोत्तरी है वो समझ में आ जाता

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01:39:00,640 --> 01:39:04,800
है उस समय जैसे क्लासेस में भी तो प्रश्नोध तो होता ही है इतना हम

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01:39:04,800 --> 01:39:08,880
क्लासेस में होता है वहां आ जाइए आप वहां पे वहां पे क्या

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01:39:08,880 --> 01:39:13,360
बोलते हैं आपके सारे बहुत लोग क्वेश्चन पूछते हैं वहां पर ठीक है

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01:39:13,360 --> 01:39:17,520
वहां कोई बाउंडेशन ही नहीं है कि कैमरा ठीक है सभी को जय श्री राम

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01:39:17,520 --> 01:39:21,680
और कल हमारा अगला वीडियो आने वाला है जिसमें वह चैट

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01:39:21,680 --> 01:39:25,920
जीपीटी जेमिनी एआई के साथ हमारी अगली वार्ता है कि मानव धर्म उसने

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कहा था ना कि मैं मानव धर्म को मानूंगा तो हमने उसप मानव धर्म में

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उसको जो है पसीने छुवाए हैं तो वो आपके लिए रोचक होगी आप लोग सभी

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01:39:34,000 --> 01:39:38,160
देखें कल उसको जो उस चर्चा को 11:00 बजे के आसपास रिलीज

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01:39:38,160 --> 01:39:42,320
कर दी जाएगी उसको अवश्य देखें बहुत ही ज्ञान मतलब जानने

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01:39:42,320 --> 01:39:46,400
लायक चीजें हैं किस तरह से बात और देखिए चैट जीपीडी या

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01:39:46,400 --> 01:39:50,800
एआई जैेमिनी जो है उसको उसको यहां वहां का सारा संकलन होता है। उसके बाद

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01:39:50,800 --> 01:39:54,960
वो मानव धर्म पर हमारी कैसी चीजें हुई चीता कसी तो बहुत रोचक भी

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रहेगा। प्रबुद्ध जनों के लिए बहुत अच्छा वीडियो होता है वो। कल देखिएगा।

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01:39:58,960 --> 01:40:03,040
अगला पार्ट है वो। पहला पार्ट जिसने ना देखा हो जिसमें उसने बौद्ध का पक्ष

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01:40:03,040 --> 01:40:07,200
रखा था वो पहला पार्ट देख ले। नहीं तो फिर वो आगे का पार्ट समझ में कम

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01:40:07,200 --> 01:40:11,280
आएगा। उसमें उसमें यह था ना कि पहले उसने बौद्ध को बोला। फिर बाद में तर्क

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से हार गया तो उसने बोला कि नहीं नहीं अब मैं मानव धर्म मानूंगा। नहीं।

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01:40:15,760 --> 01:40:19,920
उसने पहले मानव धर्म को बोला था। जब वो हार गया

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01:40:19,920 --> 01:40:24,160
तब वो बौद्ध बौद्ध पे लाया उसे। अब बौद्ध क्यों? अच्छा

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01:40:24,160 --> 01:40:28,320
हां अच्छा तो आपने बौद्ध वाला पहले शेयर कर दिया ना।

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हां वो प्रक्वल के रूप में आएगा जो वो है। अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा ठीक

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01:40:32,320 --> 01:40:36,560
है। ठीक है। बढ़िया बढ़िया। प्रक्वल नहीं है। प्रक्वल है

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01:40:36,560 --> 01:40:40,560
ना? ठीक है। जय श्री राम। हर हर महादेव।

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01:40:40,560 --> 01:40:44,560
जय श्री राम। हर महादेव। [संगीत]
