1
00:00:05,840 --> 00:00:10,640
तो सभी को जय श्री राम। जैसा कि आप सब जानते हैं

2
00:00:10,640 --> 00:00:14,960
रामपाल के विवादित टिप्पणियां जो हमारे सनातन

3
00:00:14,960 --> 00:00:19,040
धर्म के देवी देवताओं के प्रति होती है या हमारे धर्म ग्रंथों के प्रति होती है

4
00:00:19,040 --> 00:00:23,200
उससे रिलेटेड एक अभियान लगभग 2023 से

5
00:00:23,200 --> 00:00:27,200
सक्रिय रूप से चल रहा था और जिसमें ये अभियान चलते चलते

6
00:00:27,200 --> 00:00:31,920
चलते चलते और अब इसमें काफी वरिष्ठतम महानुभाव

7
00:00:31,920 --> 00:00:37,360
अधिवक्ता गण भी इसमें जुड़ चुके हैं इस अभियान से और यह अभियान अब

8
00:00:37,360 --> 00:00:41,360
उच्च न्यायालय इलाहाबाद की जो लखनऊ बेंच है वहां

9
00:00:41,360 --> 00:00:45,520
पहुंच चुका है और आपको पूर्व में सूचना दी जा चुकी

10
00:00:45,520 --> 00:00:50,080
है कि दोनों महत्वपूर्ण हस्तियां हैं व्यक्तित्व

11
00:00:50,080 --> 00:00:54,720
हैं जो आने वाले हैं धर्मनिष्ठ और सनातन के योद्धा

12
00:00:54,720 --> 00:00:59,760
जो आज लाइव आने वाले हैं और आप सभी परिचित हैं

13
00:00:59,760 --> 00:01:03,920
हमारी रंजना दीदी जो अग्रजा भी हैं वो एक बार

14
00:01:03,920 --> 00:01:08,000
पहले एक पॉडकास्ट में आपको दिखाई दे चुकी हैं वो को इसी चैनल पर

15
00:01:08,000 --> 00:01:12,160
और साथ में हरिशंकर जैन जी भी आने वाले हैं। तो

16
00:01:12,160 --> 00:01:18,160
चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए मैं उनको पहले ले लेता हूं स्टेज पर।

17
00:01:27,280 --> 00:01:33,280
जय श्री राम। हरिशंकर जी जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम।

18
00:01:33,360 --> 00:01:37,440
रंजना दीदी हमारी अग्रजा है और उनका

19
00:01:37,440 --> 00:01:42,080
कैमरा ऑफ है। कोई टेक्निकल इशू लग रहा है।

20
00:01:42,080 --> 00:01:46,240
तो जी दीदी जय श्री राम दीदी।

21
00:01:46,240 --> 00:01:50,720
जय श्री राम। जय श्री राम। तो

22
00:01:50,720 --> 00:01:54,720
इनमें से दोनों ही व्यक्तित्व आपके समक्ष है यहां पर और दोनों

23
00:01:54,720 --> 00:01:59,760
की अपनीप ख्याति है और साथ में दोनों ही

24
00:01:59,760 --> 00:02:04,160
सनातन धर्म के लिए लगातार सक्रिय हैं। बहुत सारे विषय हैं जिनमें

25
00:02:04,160 --> 00:02:08,240
प्रखर होकर के हमारे हरिशंकर जैन जी लड़ रहे

26
00:02:08,240 --> 00:02:12,400
हैं सनातन के लिए हमारे मंदिरों के लिए विग्रह के लिए

27
00:02:12,400 --> 00:02:16,480
वहीं पे जो हमारी अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी

28
00:02:16,480 --> 00:02:20,480
उन्होंने भी यथावत धर्म के लिए कमर कस कस

29
00:02:20,480 --> 00:02:24,720
रखी है। बहुत सारे विषय हैं। बहुत सारी केसेस हैं जो इन्होंने

30
00:02:24,720 --> 00:02:28,960
कोर्ट में यह भी प्रखरता से सनातन धर्म का पक्ष रख

31
00:02:28,960 --> 00:02:32,960
रही हैं और कई ज्यादातर केसेस

32
00:02:32,960 --> 00:02:37,600
ऐसे हैं जिसमें ये दोनों ही जो आपके समक्ष इस समय महानुभाव

33
00:02:37,600 --> 00:02:41,760
यहां पर हैं तो ये दोनों ही साथ में मिलकर के केस लड़ रहे हैं।

34
00:02:41,760 --> 00:02:43,840
तो

35
00:02:43,840 --> 00:02:48,400
मैं शुरुआत हरिशंकर जी से करूंगा। थोड़ा

36
00:02:48,400 --> 00:02:52,880
सा शंकर जी यह जो केस है रामपाल का जो इस समय चल रहा है

37
00:02:52,880 --> 00:02:56,960
इसको लेकर के आपका जो अपना एक पर्सपेक्टिव है दर्शकों को जो

38
00:02:56,960 --> 00:03:01,840
हमारे श्रोता गण है आम जनमानस है उनको थोड़ा सा बताएं।

39
00:03:01,840 --> 00:03:05,920
देखिए सबसे पहली बात यह है जी सबसे पहले

40
00:03:05,920 --> 00:03:09,920
मैं आपको बधाई दूंगा कि यह द्विवेदी

41
00:03:09,920 --> 00:03:14,800
जी की वजह से यह आंदोलन आज दिख रहा है।

42
00:03:14,800 --> 00:03:18,880
वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको अपने धर्म कर्म

43
00:03:18,880 --> 00:03:23,360
से कोई मतलब नहीं है। कोई पैसा पैदा करने से

44
00:03:23,360 --> 00:03:27,760
और अपने पद पैसे से मतलब है।

45
00:03:27,760 --> 00:03:32,000
द्विवेदी जी प्रखर हैं और जब सबसे

46
00:03:32,000 --> 00:03:36,080
पहले मिले थे मुझसे तो मैंने इन सारी

47
00:03:36,080 --> 00:03:40,240
किताबों का अध्ययन किया था और अध्ययन करने में बड़ी पीड़ा हुई

48
00:03:40,240 --> 00:03:44,320
थी और पीड़ा इसलिए भी हुई कि आज हिंदू

49
00:03:44,320 --> 00:03:48,800
समाज में अकेले द्विवेदी जी क्यों आगे आए

50
00:03:48,800 --> 00:03:53,040
और लोग आगे क्यों नहीं आए? इतना बड़ा स्कैंडल

51
00:03:53,040 --> 00:03:57,120
चल रहा है। पूरे देश में इस तरह की भद्दी

52
00:03:57,120 --> 00:03:59,040
किताबें बेची जा रही हैं।

53
00:03:59,040 --> 00:04:03,440
प्रसारित की जा रही हैं। और जनमानस में

54
00:04:03,440 --> 00:04:07,920
हिंदू धर्म के खिलाफ हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ

55
00:04:07,920 --> 00:04:11,920
एक माहौल तैयार किया जा रहा है और लोग चुप बैठे हुए

56
00:04:11,920 --> 00:04:15,920
हैं। तो मैंने सोचा मैं

57
00:04:15,920 --> 00:04:20,080
तो दिल्ली में हूं कि इसमें किसी योद्धा की

58
00:04:20,080 --> 00:04:24,960
जरूरत है। तो योद्धा कौन हो?

59
00:04:24,960 --> 00:04:29,120
तो योद्धा खोजने के लिए

60
00:04:29,120 --> 00:04:33,200
सबसे पहले वीरांगना देखा जाता है।

61
00:04:33,200 --> 00:04:37,200
तो मैंने देखा कि रंजना जी सबसे उपयुक्त व्यक्ति

62
00:04:37,200 --> 00:04:41,440
हैं जो कि इस मामले को घंटा बजा

63
00:04:41,440 --> 00:04:45,600
सकती है क्योंकि व्यक्ति ऐसा चाहिए था

64
00:04:45,600 --> 00:04:49,840
जो डरे नहीं लालच में ना आवे

65
00:04:49,840 --> 00:04:53,840
किसी प्रभाव में ना आवे तो

66
00:04:53,840 --> 00:04:57,920
रंजना जी के हाथों यह बागडोर है और वह

67
00:04:57,920 --> 00:05:02,080
अच्छे तरीके से इसको ले चल रही है। आगे ले चल रही हैं।

68
00:05:02,080 --> 00:05:06,240
प्रारंभिक सफलता कोर्ट से मिली है और मुझे उम्मीद है कि

69
00:05:06,240 --> 00:05:10,800
आगे भी सफलता मिलेगी। अब रंजना जी इस बारे में

70
00:05:10,800 --> 00:05:15,360
ज्यादा पूरा विस्तार से बताएंगी। जी

71
00:05:15,360 --> 00:05:19,680
जी रंजना दीदी आप थोड़ा सा आगे इसको

72
00:05:19,680 --> 00:05:24,000
थोड़ा सा प्रकाश डाल चीजों पर। देखिए सबसे पहले तो शिवश

73
00:05:24,000 --> 00:05:28,240
जी आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद और यह आशीर्वाद

74
00:05:28,240 --> 00:05:32,720
मिला है हमारे हरिशंकर जैन सर के कारण आपको क्योंकि हरिशंकर

75
00:05:32,720 --> 00:05:36,800
जैन साहब ऊपर से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हम लोगों

76
00:05:36,800 --> 00:05:41,360
पर अपनी दृष्टि रखे हुए हैं। जैसे गुरु कुम्हार

77
00:05:41,360 --> 00:05:45,600
कुम्हार जैसे घड़े को पीट-पीट के सही करता है वैसे ही

78
00:05:45,600 --> 00:05:49,840
इनकी दृष्टि हमेशा मेरे ऊपर रही और इन्होंने हमें इस योग्य

79
00:05:49,840 --> 00:05:54,480
बनाया कि आज जैन सर गर्व से कह सकते हैं कि मैंने

80
00:05:54,480 --> 00:05:58,800
जो ये लड़ाई दी है सही योद्धा के हाथों में दी है। तो इनको

81
00:05:58,800 --> 00:06:03,120
बहुत-बहुत हृदय से मेरा नमन है और इन ऐसे

82
00:06:03,120 --> 00:06:07,200
ही मार्ग हमारा प्रशस्त करते रहे तो हम लोग सनातन धर्म

83
00:06:07,200 --> 00:06:11,440
के लिए कुछ कर पाएंगे। अब आते हैं हम लोग मुद्दे पर।

84
00:06:11,440 --> 00:06:16,720
देखो सनातन धर्म में जो नकालों के द्वारा

85
00:06:16,720 --> 00:06:20,800
नकली किताबें भेजी जा रही हैं और सबसे बड़ी बात

86
00:06:20,800 --> 00:06:25,360
है जो पायरेसी भारत में क्या होता है नकलीपन पर पायरेसी

87
00:06:25,360 --> 00:06:29,600
एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत यह पुस्तकें

88
00:06:29,600 --> 00:06:30,560
छापी गई

89
00:06:30,560 --> 00:06:34,720
कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके। सनातन धर्म

90
00:06:34,720 --> 00:06:38,800
में प्रदूषण किया जा सके और धोखे में रख के क्योंकि

91
00:06:38,800 --> 00:06:42,960
नाम लिया गीता का नाम लिया गंगा का नाम लिया कृष्ण का

92
00:06:42,960 --> 00:06:46,960
नाम चुराया कृष्ण का नाम चुराया श्री राम का नाम

93
00:06:46,960 --> 00:06:51,280
चुराया मां दुर्गा का नाम चुराया शंकराचार्यों का और नाम

94
00:06:51,280 --> 00:06:55,680
चुराया हमारे सनातन धर्म के वेदों पुराणों का और अंदर

95
00:06:55,680 --> 00:06:59,680
गंदगी भर दी अंदर अश्लील साहित्य भरा इन लोगों

96
00:06:59,680 --> 00:07:03,760
को और इसका जो मास्टरमाइंड है जेल में बैठकर करके

97
00:07:03,760 --> 00:07:08,000
ग्रामीण अंचल की सीधी साधी भोलीभाली जनता को

98
00:07:08,000 --> 00:07:12,000
अपने चंगुल में फंसा के यह व्यापार कर रहा है।

99
00:07:12,000 --> 00:07:16,640
यह धर्म को हमारे सनातन धर्म को प्रदूषित कर संक्रमित

100
00:07:16,640 --> 00:07:20,640
करने का कार्य कर रहा है। यह इतनी बड़ी महामारी है जो

101
00:07:20,640 --> 00:07:24,960
कि पूर्व में प्लेग और हैजा चलता था। उससे भी बड़ी महामारी

102
00:07:24,960 --> 00:07:29,040
है। इसको लेकर के अपने गुरु जी माननीय

103
00:07:29,040 --> 00:07:33,120
हरिशंकर जैन के दिशा निर्देश में जो याचिका दायर हुई

104
00:07:33,120 --> 00:07:37,200
है उसको माननीय न्यायालय ने बड़ी गंभीरता

105
00:07:37,200 --> 00:07:41,280
से लिया क्योंकि पुस्तक के सारे प्रश्न जिन प्रश्नों में भगवान

106
00:07:41,280 --> 00:07:45,680
श्री राम को मां दुर्गा को भगवान विष्णु को भगवान

107
00:07:45,680 --> 00:07:49,680
श्री कृष्ण को मां सीता को हमारे महादेव

108
00:07:49,680 --> 00:07:53,760
जी को अश्लील शब्दों से का प्रयोग किया

109
00:07:53,760 --> 00:07:58,240
गया था। उन सब प्रश्नों को माननीय न्यायालय ने देखा

110
00:07:58,240 --> 00:08:02,880
और जब बहस चल रही थी तो मैंने स्वयं इस बात को

111
00:08:02,880 --> 00:08:07,040
महसूस किया कि माननीय न्यायालय न्यायमूर्तियों को न्यायालय

112
00:08:07,040 --> 00:08:11,360
में उस समय इन प्रश्नों को देखकर कितनी पीड़ा हुई। सारी बातें

113
00:08:11,360 --> 00:08:15,760
सुनी। राज्य सरकार को भी सुना और सेंट्रल

114
00:08:15,760 --> 00:08:19,920
गवर्नमेंट के भी जो अधिवक्ता आए थे उनको भी सुना। उनको पूरी तरीके

115
00:08:19,920 --> 00:08:24,960
से विधिवत सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यह नोटिस

116
00:08:24,960 --> 00:08:29,120
जारी किया और यह बताया कि बताएं राज्य सरकार ने इन पुस्तकों

117
00:08:29,120 --> 00:08:33,200
को सील करने का और सील करने की कार्यवाही अब तक क्या की

118
00:08:33,200 --> 00:08:35,600
है?

119
00:08:35,600 --> 00:08:39,600
वैसे आप दोनों महानुभावों का बड़प्पन है जो मुझे इसका श्रेय दे

120
00:08:39,600 --> 00:08:43,760
रहे हैं। यह कहीं ना कहीं इस युद्ध के सूत्रधार आप ही दोनों हैं और

121
00:08:43,760 --> 00:08:48,080
आप लोगों ने इस तरह से अगर आगे आकर के सक्रियता ना दिखाई होती

122
00:08:48,080 --> 00:08:52,160
तो संभवत मेरा इतना सामर्थ्य नहीं था। वो गुरुदेव गुरु गोविंद ग्रंथ

123
00:08:52,160 --> 00:08:56,320
की कृपा है कि आप लोगों का मार्गदर्शन मुझे प्राप्त हो गया। ये एक

124
00:08:56,320 --> 00:09:00,480
भगवत कृपा रही मेरे ऊपर। इसमें हरिशंकर

125
00:09:00,480 --> 00:09:01,040
जी एक

126
00:09:01,040 --> 00:09:05,200
चीज दिखाई देती है कि यह लोग हर उस चीज पर वार कर रहे

127
00:09:05,200 --> 00:09:09,280
हैं अपने स्कैम के द्वारा जो चीज कहीं ना कहीं सनातन धर्म

128
00:09:09,280 --> 00:09:13,360
की नीव में है। जैसे ये केवल हिंदू देवी

129
00:09:13,360 --> 00:09:17,360
देवताओं के लिए अश्लील टिप्पणी करना तो बात अलग हो गई। मगर ये साथ

130
00:09:17,360 --> 00:09:21,520
ही साथ होली पे बहन दिवाली का मजाक

131
00:09:21,520 --> 00:09:25,680
रक्षाबंधन का मजाक भैया भाई दूध का मजाक इस समय कावड़ यात्रा

132
00:09:25,680 --> 00:09:29,840
चल रही है उसका मजाक हर चीज का मजाक और ऐसे

133
00:09:29,840 --> 00:09:33,920
ऐसे ब्रेन वाश लोग हैं अभी मैंने कुछ दिन पहले इनका एक चैनल है फॉलोअ का उस

134
00:09:33,920 --> 00:09:38,160
पर करीब लाख दो लाख फॉलोवरर्स हैं तो उस पर मैंने देखा कि बहुत अश्लील

135
00:09:38,160 --> 00:09:42,400
तरीके से कावड़ से जुड़ी हुई जो जानकारियां उनको प्रस्तुत

136
00:09:42,400 --> 00:09:46,720
कर रहे हैं तो ये आपको नहीं लगता ये सोचा समझा

137
00:09:46,720 --> 00:09:50,800
एक वेल प्लंड एक विदेशी षड्यंत्र है। यहां तक कि बिंदी

138
00:09:50,800 --> 00:09:54,960
लगाने को मना गहने मतलब जो हमारा श्रृंगार होता है हमारी मातृशक्तियों

139
00:09:54,960 --> 00:09:59,360
का हर उस चीज पर इन्होंने वार किया है जो हिंदू जो मूल हिंदू

140
00:09:59,360 --> 00:10:03,440
सभ्यता से जुड़ी हुई चीजें हैं। तो क्या एक विदेशी षड्यंत्र भी हो

141
00:10:03,440 --> 00:10:07,760
सकता है इस पर थोड़ा सा देखिए

142
00:10:07,760 --> 00:10:12,880
ये काम तो राज्य सरकार का है। जी और सबसे पहले

143
00:10:12,880 --> 00:10:16,320
जो आपने शक जाहिर किया सही किया कि इसके

144
00:10:16,320 --> 00:10:20,800
पीछे बहुत बड़ी विदेशी फंडिंग है जी और कानून का उल्लंघन

145
00:10:20,800 --> 00:10:24,800
है। एफसीआरए कानून का उल्लंघन है। बाहर

146
00:10:24,800 --> 00:10:29,120
से पैसा भी आ रहा है। मेरे को ऐसा लगता है।

147
00:10:29,120 --> 00:10:33,200
और मैं आपको बता दूं कि देश में तमाम तरह

148
00:10:33,200 --> 00:10:37,440
के प्रकोप चल रहे हैं। जी अभी मेरे पास

149
00:10:37,440 --> 00:10:41,600
काफी कागजात आ गए हैं। रखे हैं। एक मिशनरी चल

150
00:10:41,600 --> 00:10:45,760
रही है क्रिश्चियंस की उनका काम है कि

151
00:10:45,760 --> 00:10:50,240
हिंदुओं का ब्रेन वास करना छत्तीसगढ़ हो नॉर्थ ईस्ट हो

152
00:10:50,240 --> 00:10:54,960
मेघालय मिजोरम नागालैंड सब जगह ये काम चल रहा है

153
00:10:54,960 --> 00:10:59,040
और इसमें दुबई से भी पैसा आ रहा है बाहर

154
00:10:59,040 --> 00:11:04,240
से भी आ रहा है कई तरह की फंडिंग है परंतु

155
00:11:04,240 --> 00:11:08,480
जो विचारणीय प्रश्न है तो मेरा

156
00:11:08,480 --> 00:11:12,560
थोड़ा दिमाग अलग अलग जाता है और लोगों से। जी जी जी ठीक

157
00:11:12,560 --> 00:11:16,640
है। वो कर रहे हैं गलत कर रहे हैं। ये देश चल कैसे

158
00:11:16,640 --> 00:11:21,920
रहा है? क्या देश में आज आप बाइबल कुरान

159
00:11:21,920 --> 00:11:26,400
के खिलाफ बोलने की क्षमता रखते हैं?

160
00:11:26,400 --> 00:11:30,800
वो टेरर कि ऐसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा।

161
00:11:30,800 --> 00:11:31,440
आज हम

162
00:11:31,440 --> 00:11:32,800
लोग ऐसा क्यों नहीं पैदा कर पा रहे

163
00:11:32,800 --> 00:11:37,040
हैं? आज हम लोग जितने धर्मिस्ट

164
00:11:37,040 --> 00:11:41,280
हैं ज्ञानी लोग हैं,

165
00:11:41,280 --> 00:11:45,360
धर्माचार्य हैं। वो खाली मोटी मोटी फीस लेके

166
00:11:45,360 --> 00:11:49,840
भाषण देकर चले जाते हैं कथा करके। आज हिंदू

167
00:11:49,840 --> 00:11:54,320
जन जागृति क्यों नहीं हो रही है? और जितना हो रहा है जिसकी वजह है

168
00:11:54,320 --> 00:11:58,960
कि आज हिंदू जन जागृति नहीं हो रही है। आज देश में

169
00:11:58,960 --> 00:12:03,120
हम कहने के लिए बहुसंख्यक हैं। पर अल्पसंख्यक से बदतर जी

170
00:12:03,120 --> 00:12:07,120
रहे हैं। आज बुरी तरह हिंदू बट गया

171
00:12:07,120 --> 00:12:11,600
है। जातियों में खाली अपनी जाति समझ में आती है।

172
00:12:11,600 --> 00:12:15,680
जिसको देख रहे हो जातियों में बटा हुआ है। और जाति

173
00:12:15,680 --> 00:12:20,080
की बात के अलावा बाहें देख नहीं सकता।

174
00:12:20,080 --> 00:12:25,600
अखिलेश जी ने एक पीडीए बनाया है।

175
00:12:25,600 --> 00:12:29,680
आज तक आप हो, मैं हूं, रंजना जी हो या कोई

176
00:12:29,680 --> 00:12:33,760
भी हो। मैंने नहीं सुना कि पीडीए के खिलाफ कोई बोला

177
00:12:33,760 --> 00:12:37,920
हो। पिछड़ा, अल्पसंख्यक

178
00:12:37,920 --> 00:12:42,400
और दलित पीडीए बना दिया और

179
00:12:42,400 --> 00:12:46,960
पीडीएफ बनाकर हिंदू समाज को बांटा जा रहा है

180
00:12:46,960 --> 00:12:47,840
और कहा जा

181
00:12:47,840 --> 00:12:52,800
रहा है कि एक वर्ग ऐसा है जो आपको दबाता है

182
00:12:52,800 --> 00:12:56,800
और एक चीज बता दूं आपको जब समाज को बांटा

183
00:12:56,800 --> 00:13:00,880
जाएगा और एक वर्ग को भड़काया जाएगा कि आप

184
00:13:00,880 --> 00:13:05,280
दबे हैं, कुचले हैं, इतिहास में बड़ी जाती है आपके के खिलाफ हुई हैं।

185
00:13:05,280 --> 00:13:09,760
आपके साथ बहुत काम हुए हैं और आपको आज प्रदलित किया गया है।

186
00:13:09,760 --> 00:13:14,080
अछूत व्यवस्था है। तो ये जो किताबें चल रही हैं

187
00:13:14,080 --> 00:13:18,080
इनको बल मिलता है। तो हमको इसको

188
00:13:18,080 --> 00:13:22,160
भी देखना है कि आज जिस तरह की राजनीति चल रही

189
00:13:22,160 --> 00:13:27,360
है। जैसे आप बिहार देख लीजिए एमवाई समीकरण

190
00:13:27,360 --> 00:13:32,720
यादव मुस्लिम समीकरण कोई नहीं बोलता।

191
00:13:32,720 --> 00:13:37,280
महाराष्ट्र में हिंदी के नाम पर तो खाली

192
00:13:37,280 --> 00:13:42,240
एक रामपाल इशू नहीं है। आज इशू देश में

193
00:13:42,240 --> 00:13:47,440
वो भी लोग हैं जो इन सब चीजों को देखते हुए बर्दाश्त कर रहे हैं।

194
00:13:47,440 --> 00:13:51,440
और मेरी बात थोड़ी हो सकता है कि अच्छी

195
00:13:51,440 --> 00:13:55,760
ना लगे। परंतु मैं दिन बातों में कहता

196
00:13:55,760 --> 00:14:01,280
जरूर हूं। सवर्ण समाज सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। आज

197
00:14:01,280 --> 00:14:06,880
सवर्ण समाज अपने पद से अपने पद से हट रहा है।

198
00:14:06,880 --> 00:14:10,960
आपकी ड्यूटी है कि आप उस समाज को जो आपसे कट रहा है

199
00:14:10,960 --> 00:14:15,040
उसको साथ लाइए। यह

200
00:14:15,040 --> 00:14:19,600
ज्ञानी है। आप पंडित हैं। आप पंडित क्यों हैं?

201
00:14:19,600 --> 00:14:23,680
इससे आपका ज्ञान है। उस ज्ञान का

202
00:14:23,680 --> 00:14:27,760
सारांश उस ज्ञान की व्याख्या आज उस परिवार तक पहुंचनी

203
00:14:27,760 --> 00:14:31,840
चाहिए जिसको बतलाया जा रहा है कि भगवान ऐसे हैं, भगवान

204
00:14:31,840 --> 00:14:36,320
ने ऐसा किया जो किताबों में लिखा है। और इसलिए नहीं

205
00:14:36,320 --> 00:14:40,320
चल रही किताबें। क्यों चल रही है किताबें? जैसी फंडिंग

206
00:14:40,320 --> 00:14:44,320
है वह सब तो अपनी जगह है। इसमें कोई डाउट नहीं है। इसलिए

207
00:14:44,320 --> 00:14:47,840
चल रही है कि हमने समाज के उस वर्ग तक नहीं पहुंच

208
00:14:47,840 --> 00:14:51,920
पाए हैं ये बतलाने के लिए कि नहीं भाई हम

209
00:14:51,920 --> 00:14:56,480
आप एक हैं। ये 1000 साल की गुलामी में

210
00:14:56,480 --> 00:15:00,560
मुसलमानों अंग्रेजों ने आपको प्रदलित किया है। निवेदन करता

211
00:15:00,560 --> 00:15:04,640
हूं द्विवेदी जी की मैं किताबें देख रहा हूं। काफी अच्छा

212
00:15:04,640 --> 00:15:08,880
कलेक्शन है और

213
00:15:08,880 --> 00:15:12,880
रंजना जी तो कह ज्ञानी यही है। मैं धार्मिक

214
00:15:12,880 --> 00:15:16,880
ज्ञान में बहुत पीछे हूं। परंतु मोटी मोटी बात जो समझ

215
00:15:16,880 --> 00:15:17,380
में

216
00:15:16,960 --> 00:15:21,280
आती है कि हिंदू धर्म का ज्ञान आम

217
00:15:21,280 --> 00:15:26,080
जनता तक दलित समाज तक पहुंचना चाहिए और उसको बतलाना पड़ेगा

218
00:15:26,080 --> 00:15:31,040
कि आपका भला केवल हिंदू

219
00:15:31,040 --> 00:15:35,440
देवी देवताओं से पूजा पाठ से ही हो सकता है और यह तब होगा

220
00:15:35,440 --> 00:15:39,760
जब ज्ञान आप केवल समर्थ तक ना रखें आप ज्ञान की

221
00:15:39,760 --> 00:15:43,920
अपनी जो ध्वनि है उसको नीचे तक पहुंचाइए मेरा

222
00:15:43,920 --> 00:15:48,000
निवेदन है कि आपको हमको सवर्ण समाज से

223
00:15:48,000 --> 00:15:52,160
हटकर जो अवर्ण समाज है जो गैर सवर्ण समाज

224
00:15:52,160 --> 00:15:56,560
है वहां तक पहुंचना पड़ेगा और अपनी आवाज शास्त्रों

225
00:15:56,560 --> 00:16:00,640
की आवाज शास्त्रों की व्याख्या करनी पड़ेगी और बताना पड़ेगा।

226
00:16:00,640 --> 00:16:01,760
जी जी जी

227
00:16:01,760 --> 00:16:05,920
कुछ बिल्कुल ठीक कहा आपने एक सबसे पहली बात तो एक

228
00:16:05,920 --> 00:16:09,920
ये कही आपने ना शंकर जी कि विवेकी

229
00:16:09,920 --> 00:16:14,000
का दायित्व ज्यादा होता है जो पूरी पीठ के जगतुगुरु शंकराचार्य हैं

230
00:16:14,000 --> 00:16:18,160
सब सदैव हमें समझाते हैं कि विवेकी का दायित्व ज्यादा होता है। जब

231
00:16:18,160 --> 00:16:22,240
भीष्म जब महाभारत हो रही थी तो सबसे पहले भगवान श्री

232
00:16:22,240 --> 00:16:26,240
कृष्ण ने औरों को नहीं देखा था। भीष्म जी को और द्रोणाचार्य को देखा था क्योंकि

233
00:16:26,240 --> 00:16:30,320
उन्हें धर्म का बोध था कि द्रोपदी का जब तीर हरण हो रहा था तुम क्या कर रहे

234
00:16:30,320 --> 00:16:34,400
थे तुमको तो मालूम था कि ये गलत है तो विवेकी का

235
00:16:34,400 --> 00:16:38,480
दायित्व आपने बिल्कुल कहा ज्यादा होता है और कहीं ना कहीं धर्म में जब भी पतन आता है

236
00:16:38,480 --> 00:16:42,800
तो वो किसी ना किसी ब्राह्मण जो सवर्ण समाज का जो ब्राह्मण वर्ग

237
00:16:42,800 --> 00:16:46,880
होता है उसका कहीं ना कहीं अपने कर्तव्य से चूक जाने पर ही एक

238
00:16:46,880 --> 00:16:50,960
ये माना जा सकता है कि पतन आता है और इसमें मैं रंजना दीदी

239
00:16:50,960 --> 00:16:54,960
के पास भी आ रहा हूं एक इसमें दीदी ये जो चीज है जैसे एक

240
00:16:54,960 --> 00:16:59,040
सोची समझी एक प्लानिंग चलती है कि जैसे हम लोग यह प्रयास

241
00:16:59,040 --> 00:17:03,280
कर रहे हैं कि हम हर वर्ग के व्यक्ति तक जो सनातन

242
00:17:03,280 --> 00:17:07,920
धर्म की सुंदरता है जो उसका सौंदर्य है जो आकर्षण है उसको पहुंचाएं

243
00:17:07,920 --> 00:17:11,920
उसको सुनाएं कोशिश हमारी जारी है अब आगे तो कर्मण्यवादी कारस्ते

244
00:17:11,920 --> 00:17:16,000
मा फलेशु कदाचन मगर एक दीदी ये आपको

245
00:17:16,000 --> 00:17:16,800
भी एक ये

246
00:17:16,800 --> 00:17:20,800
प्लानिंग टाइप की एक पैरेलल एक स्कीम जैसी

247
00:17:20,800 --> 00:17:24,800
नहीं दिखती है कि जो लोग धर्म के वास्तविक वक्ता

248
00:17:24,800 --> 00:17:28,800
हैं। उनको उतना स्पेस समाज के समक्ष नहीं

249
00:17:28,800 --> 00:17:32,880
मिल पाता है। जो वास्तव में धर्म को जीत दिला सकते हैं। हर

250
00:17:32,880 --> 00:17:36,880
क्षेत्र में सनातन धर्म को जीत दिलाने वाले बहुत हैं। बहुत

251
00:17:36,880 --> 00:17:40,880
है और उनको जो जो उनको मंच

252
00:17:40,880 --> 00:17:44,880
मिलना चाहिए बोलने के लिए जो उनकी जो पॉपुलरिटी होनी

253
00:17:44,880 --> 00:17:49,120
चाहिए जो जिस तरह से उनका प्रचार होना चाहिए वो नहीं उनका ना हो के

254
00:17:49,120 --> 00:17:53,120
सदैव सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों का पक्ष रखने के लिए उन्हीं

255
00:17:53,120 --> 00:17:57,280
लोगों को लाया जाता है जो खुद कहीं बाहर की बाहर के द्वारा

256
00:17:57,280 --> 00:18:01,280
विदेशी संस्थाओं के द्वारा फंडेड है या विदेशों से मिलता जुलता

257
00:18:01,280 --> 00:18:05,440
सनातन धर्म का स्ट्रक्चर खड़ा कर रहे हैं। मैं नाम नहीं लूंगा।

258
00:18:05,440 --> 00:18:09,600
मगर मैंने कई ऐसे टीवी शोज़ देखे पिछले कुछ दिनों में जहां

259
00:18:09,600 --> 00:18:14,160
पर मतलब नेशनल स्तर के टीवी शोज़ जिसमें बैठ के

260
00:18:14,160 --> 00:18:18,240
और मूर्ति पूजा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मूर्ति पूजा पर, भगवान के अवतार

261
00:18:18,240 --> 00:18:22,240
पर, सगुण साकार स्वरूप पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पक्ष है तो

262
00:18:22,240 --> 00:18:26,400
सवाल उठा रहा है जो नहीं मानता कि भैया भगवान का मूर्ति पूजा होनी चाहिए।

263
00:18:26,400 --> 00:18:30,880
और वहां पर मूर्ति पूजा का पक्ष लेने के लिए ऐसे लोग बैठे हुए हैं

264
00:18:30,880 --> 00:18:31,840
जो मतलब

265
00:18:31,840 --> 00:18:35,840
वहां पर हंसी उड़वा रहे हैं मूर्ति पूजा की और मुझे वहां पर ऐसा लग रहा है

266
00:18:35,840 --> 00:18:39,840
कि हमारा जो जैसे जो वास्तविक प्रामाणिक आचार्य

267
00:18:39,840 --> 00:18:44,080
परंपराओं से जुड़े हुए जो बच्चे भी हैं वहां पर जाकर के मूर्ति

268
00:18:44,080 --> 00:18:48,160
पूजा का समर्थन कर सकते हैं। तो यह एक पैरेलल एक स्कीम

269
00:18:48,160 --> 00:18:52,720
जैसी दीदी आपको क्या दिखाई देती है रंजना जी कि मतलब जो वास्तविकता

270
00:18:52,720 --> 00:18:57,040
से धर्म को यथावत पहुंचा सकते हैं उनको रोका जाता है उनको छुपाया

271
00:18:57,040 --> 00:19:01,280
जा रहा है उनको उतना प्रकाशित नहीं किया जाता और जो असमर्थ है या

272
00:19:01,280 --> 00:19:05,600
फिर वो भी अपनी एक प्लानिंग के थ्रू ही काम कर रहे हैं रामपाल सर के

273
00:19:05,600 --> 00:19:10,160
उनको मंच मिलता है उनको पॉपुलरिटी मिलती है इसमें आपका

274
00:19:10,160 --> 00:19:14,240
शिवश बिल्कुल सही कह रहे हो आप पहले तो अभी जैन सर की बातों का

275
00:19:14,240 --> 00:19:18,720
थोड़ा समर्थन करके अपनी उसमें अपना उत्तर भी मैं दे दूं। अभी जैन साहब ने कहा

276
00:19:18,720 --> 00:19:22,880
सवर्ण समाज की सबसे अधिक जिम्मेदारी है। ठीक है। विवेकी

277
00:19:22,880 --> 00:19:26,880
की सबसे अधिक जिम्मेदारी है। लेकिन विवेकी को कार्य करने

278
00:19:26,880 --> 00:19:30,880
का स्थान राजनीति देगी। राजनीतिज्ञों ने

279
00:19:30,880 --> 00:19:36,320
जो विवेकी वर्ग है जो सवर्ण वर्ग है उसको तो बिल्कुल

280
00:19:36,320 --> 00:19:40,320
ऐसे पायदान पर खड़ा कर दिया है कि वो अपनी बात किसी व्यक्ति से कह ही

281
00:19:40,320 --> 00:19:44,320
नहीं सकता। दूसरी बात है ब्राह्मण ने कभी दलित शब्द का प्रयोग ही नहीं

282
00:19:44,320 --> 00:19:46,960
किया। ना हमारे शास्त्रों में है ना ये वेदों

283
00:19:46,960 --> 00:19:51,200
में है। इस बात की भी हमें जांच करनी होगी दलित शब्द आया कहां

284
00:19:51,200 --> 00:19:55,840
से? हम अगर चतुर्थ वर्ग की बात करते हैं तो पूरे सम्मान

285
00:19:55,840 --> 00:20:00,160
सहित मनुस्मृति में हमारे चतुर्थ वर्ण

286
00:20:00,160 --> 00:20:04,400
को प्रथम वर्ग के प्रथम वर्ण के समकक्ष

287
00:20:04,400 --> 00:20:08,480
रख के उनको अधिक सुविधाएं प्रदान की गई थी। तो विवेकी व्यक्ति

288
00:20:08,480 --> 00:20:12,800
बोलने का साहस कब कर सकता है? जब राजनीतिज्ञों की मंशा

289
00:20:12,800 --> 00:20:17,200
होती है। राजनीतिज्ञों की मंशा नहीं है। हमारे देश की सेकुलर

290
00:20:17,200 --> 00:20:21,440
राजनीति ने हमारे विवेकी पुरुषों को बोलने

291
00:20:21,440 --> 00:20:25,440
ना बोलने को मजबूर कर दिया। अगर हम बोले भी तो हमारा ना कोई

292
00:20:25,440 --> 00:20:29,600
मीडिया कवर करेगा ना कोई चैनल। अब दूसरी बात रह गई। तुमने

293
00:20:29,600 --> 00:20:34,240
कहा कि चैनल के ऊपर ऐसे ऐसे लोग आते हैं जो मूर्ति

294
00:20:34,240 --> 00:20:38,640
पूजा का खंडन करते हैं। वेदों पर कटाक्ष

295
00:20:38,640 --> 00:20:42,640
करते हैं। गौ गंगा गायत्री पर विश्वास नहीं है। तो

296
00:20:42,640 --> 00:20:46,640
इसका एक अभी मैं नाम ले लूं राजनीतिक पार्टी

297
00:20:46,640 --> 00:20:50,640
का या बड़े लोगों का नाम ले लूं तो हाहाकार मच जाएगा। कुछ बड़े लोग

298
00:20:50,640 --> 00:20:54,880
हैं जो कहते हैं कि गाय जो है उत्तर प्रदेश में तो गौ माता है लेकिन

299
00:20:54,880 --> 00:20:58,960
अगर मिडिल ईस्ट में जाओ तो उसको खाया जा सकता है। कुछ बड़े लोग कहते

300
00:20:58,960 --> 00:21:02,000
हैं कि मूर्ति पूजा अगर हमारे

301
00:21:02,000 --> 00:21:06,000
युवा मूर्ति पूजा करेंगे तो वो

302
00:21:06,000 --> 00:21:10,240
बर्बाद हो जाएंगे। कुछ बड़े लोग कहते हैं कि लाओ मैं ही

303
00:21:10,240 --> 00:21:14,400
बेटियों का यज्ञोपवित कर दूं। भाई आपको आप कौन से ब्राह्मण हैं?

304
00:21:14,400 --> 00:21:18,560
आप कितनी गायत्री जपे हैं? आपको क्या मालूम है कैसे यज्ञ तो ये

305
00:21:18,560 --> 00:21:22,960
बिगाड़ा जा रहा है धर्म के साथ बहुत खिलवाड़ हो रहा है संक्रमण

306
00:21:22,960 --> 00:21:26,960
हो रहा है इसको रोकने की आवश्यकता है इसको सिर्फ और सिर्फ

307
00:21:26,960 --> 00:21:30,960
जैन साहब जैसे और हमारे तुम्हारे जैसे व्यक्ति अपनी आवाज

308
00:21:30,960 --> 00:21:35,120
तो उठाएं जिससे कि वह ब्रह्मांड में रहे और

309
00:21:35,120 --> 00:21:39,280
इतिहास हमें कोसने ना पाए या हम इस पृथ्वी को जब छोड़े तब

310
00:21:39,280 --> 00:21:43,600
हमें रहे कि हां हम अपने धर्म के लिए बोल के गए थे। लेकिन जब तक राजनीतिक

311
00:21:43,600 --> 00:21:47,920
मंशा नहीं होगी तब तक विवेकी पुरुष कुछ बोल नहीं पाएगा। धर्म की

312
00:21:47,920 --> 00:21:51,920
और यह राजनीति के चलते ही जो नए-नए अशास्त्रीय मार्ग चले

313
00:21:51,920 --> 00:21:56,000
हुए हैं। कोई बताता है कि पति पत्नी का संबंध ना

314
00:21:56,000 --> 00:22:00,560
रखो। नाम नहीं लेंगे उस कल्ट का। कोई कहता है कि

315
00:22:00,560 --> 00:22:04,800
होली, दिवाली रक्षाबंधन ना मनाओ। कोई कहता है सिंदूर ना लगाओ,

316
00:22:04,800 --> 00:22:09,440
शोला श्रृंगार ना करो। कोई कहता है माता-पिता के पैर ना छुओ।

317
00:22:09,440 --> 00:22:13,680
यह सारी चीजें चल रही है। राजनीतिज्ञ मंशा है अगर राजनीति स्ट्रिक्ट

318
00:22:13,680 --> 00:22:17,120
हो जाए और सेकुलरिज्म पर हमारे जैन साहब ने बहुत काम

319
00:22:17,120 --> 00:22:21,440
किया। यहां पर उच्च न्यायालय में भी इनकी याचिका थी। सुप्रीम

320
00:22:21,440 --> 00:22:25,440
कोर्ट में भी लड़ रहे हैं। लेकिन अकेले हरिशंकर जैन साहब या

321
00:22:25,440 --> 00:22:29,840
अकेले एक रंजना अग्निहोत्री या शिवश क्या कर लेंगे जब तक राजनीतिज्ञों

322
00:22:29,840 --> 00:22:34,080
की मंशा नहीं होगी। बड़े मुझे पीड़ा के साथ ये कहना

323
00:22:34,080 --> 00:22:38,560
पड़ रहा है कि विवेकी पुरुष को बोलना मना है। बोलना

324
00:22:38,560 --> 00:22:42,880
मना है। जब आपका मुख बंद हो जाता है पैर जब आपकी मति समाप्त

325
00:22:42,880 --> 00:22:46,960
हो जाती है तो शक्ति शक्ति और सारी चीजें बेकार

326
00:22:46,960 --> 00:22:51,520
हो जाएंगी। ब्रेन खराब हो जाएगा। तो ब्रेन को काम करने दिया जाए

327
00:22:51,520 --> 00:22:55,680
और जो चैनल है वह भी सुनियोजित षड्यंत्र के तहत

328
00:22:55,680 --> 00:23:00,880
ऐसे लोगों को बुलाते हैं जो यह सारी बातें कहते हैं।

329
00:23:00,880 --> 00:23:04,960
जी जी जी ये भी आपने बिल्कुल सही एक

330
00:23:04,960 --> 00:23:08,960
तरफ आपने जो कहा है ना बोलने नहीं दिया जाता इससे मैं रिलेटेड अपना ही एक

331
00:23:08,960 --> 00:23:13,200
इस अभियान में ये जो चल रहा है रामपाल वाला ही इससे ही जुड़ा हुआ एक

332
00:23:13,200 --> 00:23:14,560
बताऊं कि

333
00:23:14,560 --> 00:23:18,560
जब ऐसा हो रहा था कि वो लोग धड़ाधड़ मेरे ऊपर जो है आईजीआरएस के

334
00:23:18,560 --> 00:23:22,560
थ्रू और कंप्लेंट लिखाने का एफआईआर लिखाने का प्रयास कर रहे

335
00:23:22,560 --> 00:23:26,720
थे तो बार-बार मुझे बयान देने के लिए अपना अपने मतलब

336
00:23:26,720 --> 00:23:30,720
अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहीं पुलिस थाने जाना पड़ रहा है। कहीं

337
00:23:30,720 --> 00:23:34,800
एसीपी कार्यालय जाना पड़ रहा है। ऐसा हो रहा था। हालांकि पुलिस ने बहुत निष्पक्ष

338
00:23:34,800 --> 00:23:38,880
कारवाई की। उसमें एक वो भी एक भगवत कृपा रही। पर एट

339
00:23:38,880 --> 00:23:42,960
दी एंड एक समय ऐसा भी आया जब पुलिस ने भी फ्रस्टेट होकर के कहा

340
00:23:42,960 --> 00:23:47,040
कि ऐसा है हम आपका मुकदमा लिख ले रहे हैं। मगर

341
00:23:47,040 --> 00:23:51,280
हम अब जब उनका मुकदमा आएगा तब हम उनका भी लिखेंगे।

342
00:23:51,280 --> 00:23:55,440
क्योंकि हम परेशान हो चुके हैं। तो पुलिस ने यह भी कहा कि भाई

343
00:23:55,440 --> 00:23:59,840
मतलब पुलिस एक एक हद तक जाकर के वह सच वो निष्पक्ष

344
00:23:59,840 --> 00:24:04,080
कारवाई करते करते पुलिस को जब वहां पर वो महसूस

345
00:24:04,080 --> 00:24:08,080
नहीं हुआ कि यहां पर बहुत ज्यादा हमारी मेहनत जा रही है। बहुत ज्यादा हमारा श्रम जा रहा

346
00:24:08,080 --> 00:24:12,080
है। तो फिर उसने भी फ्रस्टेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए हम जो है मुकदमा

347
00:24:12,080 --> 00:24:16,080
उनका भी लिखेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे। अब बहुत हो गया। तो वहां पर

348
00:24:16,080 --> 00:24:20,400
कहीं ना कहीं उस दिन मुझे लगा था कि आज जो जिस तरह से निडर

349
00:24:20,400 --> 00:24:24,480
होकर के मैं थाने में जा रहा था और बार-बार अपनी सच्चाई भाई हम वहां पर

350
00:24:24,480 --> 00:24:28,480
अपने लिए तो जा नहीं रहे हैं। हमारे देवी देवताओं को आपने गाली दी है इसलिए हम

351
00:24:28,480 --> 00:24:29,600
आ रहे हैं बार-बार। आप

352
00:24:29,600 --> 00:24:33,920
वो किताबों पर कारवाई करवा दीजिए। हम क्यों हमें किसी से कोई पर्सनल कोई द्वंद,

353
00:24:33,920 --> 00:24:38,240
कोई दुश्मनी, कोई शत्रुता तो है नहीं। मगर उस दिन मुझे लगा था कि भाई

354
00:24:38,240 --> 00:24:42,480
और जब जो पुलिस अब तक साथ दे रही थी मतलब साथ हमारा नहीं

355
00:24:42,480 --> 00:24:46,480
न्याय का। न्याय का वह साथ दे रही थी। निष्पक्ष होकर के कार्य कर रही थी।

356
00:24:46,480 --> 00:24:50,480
मगर जब उधर से ऐसी आवाज आई तो वहां पर वो जो आपने बात कही

357
00:24:50,480 --> 00:24:54,880
ना कि एक विवेकी को भी बोलना से मना कर दिया। वहां पर कहीं ना कहीं

358
00:24:54,880 --> 00:24:59,120
पुलिस थाने में जाकर के अपनी आवाज को यथावत रखने की जो भावना थी

359
00:24:59,120 --> 00:25:03,120
उसको कहीं ना कहीं उन्होंने चोट तो पहुंचाई। हालांकि वो बात अलग है

360
00:25:03,120 --> 00:25:07,200
कि ऐसा होता है कि जब हम अपनी गीता पढ़ लेते हैं

361
00:25:07,200 --> 00:25:11,520
भगवत भगवत श्रीमद् भगवत गीता वो श्लोक पढ़ लेते हैं नैन चिनती शस्त्राण

362
00:25:11,520 --> 00:25:15,760
नैन दति पावका न चैन क्ल श मरता

363
00:25:15,760 --> 00:25:19,920
तो उसके बाद किसी प्रकार का फिर वो भय इत्यादि रह नहीं जाता है व्यक्ति को वो

364
00:25:19,920 --> 00:25:24,080
बात एक अलग है। मगर यदि कोई सामान्य व्यक्ति हो जो अपने धर्म की रक्षा

365
00:25:24,080 --> 00:25:28,080
के लिए वहां जा रहा हो तो उसको इस सिचुएशन में चुप होना ही उपयुक्त

366
00:25:28,080 --> 00:25:32,240
लगेगा कि भैया अब मैं बैठ जाता हूं। नहीं तो अगर मैंने कुछ किया तो मुझे

367
00:25:32,240 --> 00:25:36,800
बुलाया जाएगा। जैसा कि उदाहरण के लिए हरिशंकर जी

368
00:25:36,800 --> 00:25:40,800
एक हमारे पिटिशनर हैं। 17 पिटिशनरों में से एक हैं।

369
00:25:40,800 --> 00:25:45,280
उनका नाम है हिमांशु जोशी जी। राष्ट्रीय सेवा संघ नाम से वो

370
00:25:45,280 --> 00:25:49,840
संस्था के अध्यक्ष हैं और वहां से ऑपरेट कर रहे हैं उत्तराखंड

371
00:25:49,840 --> 00:25:53,840
हरिद्वार से। उन्होंने भी बहुत वहां पर मुहिम चलाई। मतलब किस

372
00:25:53,840 --> 00:25:58,160
तरीके से उनके भी संज्ञान में जब आया तो उन्होंने अच्छे से वहां पर आवाज उठाई।

373
00:25:58,160 --> 00:26:02,160
आवाज उठाते उठाते वहां के प्रशासन ने

374
00:26:02,160 --> 00:26:06,240
क्या किया कि हद्वानी के हद्वानी का जो इनका सेंटर

375
00:26:06,240 --> 00:26:10,400
चल रहा है राम रामपाल का वो सेंटर उन्होंने सील तो किया

376
00:26:10,400 --> 00:26:14,640
मगर यह कहते हुए सील किया कि यहां या ये जो बिल्डिंग

377
00:26:14,640 --> 00:26:18,720
है अवैध रूप से बनी हुई है मतलब इसके नक्शे वक्शे में कुछ दिक्कत है इस तरह से

378
00:26:18,720 --> 00:26:22,800
सील किया मगर जो प्रॉपर एक कारवाई होनी चाहिए थी कि यहां पर इललीगल रूप

379
00:26:22,800 --> 00:26:26,880
से किताबें हैं ये किताबें इललीगल रूप से छप रही है वो कोई कारवाई नहीं

380
00:26:26,880 --> 00:26:30,880
हुई उल्टा क्या हुआ हिमांशु जी के ऊपर इस

381
00:26:30,880 --> 00:26:34,960
समय वहां से कई बार नोटिस आ चुका है पुलिस का हिसार से

382
00:26:34,960 --> 00:26:39,040
हिसार में एक एफआईआर दर्ज हो गई उनके ऊपर कि आपने किसी फला फला व्यक्ति

383
00:26:39,040 --> 00:26:44,160
को और जो है क्या कहते हैं ये

384
00:26:44,160 --> 00:26:48,480
गाली दी है जातिचक शब्द कहे तो ये वो सवर्ण

385
00:26:48,480 --> 00:26:52,640
है हिमांशु जोशी उन्होंने बोला और जाति सूचक शब्द कहने के नाम

386
00:26:52,640 --> 00:26:56,640
पे उन पर जो है एफआईआर हो गई तो जहां एक सामान्य व्यक्ति फिर

387
00:26:56,640 --> 00:27:00,320
ऐसी स्थिति में घबरा जाता है और पॉलिटिकल

388
00:27:00,320 --> 00:27:04,400
भी या कहेंगे बड़े अफसर अफसर भी तब तक इन

389
00:27:04,400 --> 00:27:08,560
मामलों में अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं या एक्टिवनेस खुद से नहीं दिखा

390
00:27:08,560 --> 00:27:12,720
रहे हैं यदि कोई सवर्ण जाकर के या विवेकी सवर्ण छोड़ दीजिए

391
00:27:12,720 --> 00:27:16,720
विवेकी कोई व्यक्ति बार-बार जाकर के कह रहा है कि भाई ऐसा हो रहा है इस पर

392
00:27:16,720 --> 00:27:20,800
आप संज्ञान में लीजिए मगर वो तब तक नहीं कर रहे हैं जब तक ऊपर से कोई

393
00:27:20,800 --> 00:27:24,960
दबाव ना उनके ऊपर आ जाए तो इस पर थोड़ा सा आप

394
00:27:24,960 --> 00:27:29,840
मार्गदर्शन करें ऐसी स्थिति में क्या करें

395
00:27:29,840 --> 00:27:34,880
मुझसे जी जी देखिए

396
00:27:34,880 --> 00:27:39,120
रंजना जी हमारे में

397
00:27:39,120 --> 00:27:45,120
सहमति और असहमति का दौर बराबर चलता रहता है।

398
00:27:45,120 --> 00:27:51,040
उन्होंने जो बात कही है मैं उससे थोड़ा असहमत हूं।

399
00:27:51,040 --> 00:27:55,040
काम करने वाला व्यक्ति कभी नहीं देखता कि कौन उसकी बात सुन

400
00:27:55,040 --> 00:28:00,160
रहा है, कौन नहीं सुन रहा है। बात सुनवाई जाती है।

401
00:28:00,160 --> 00:28:04,160
बात सुनवाई जाने की क्षमता चाहिए। मेरा

402
00:28:04,160 --> 00:28:08,320
विश्वास है कि अगर आपका मार्ग

403
00:28:08,320 --> 00:28:12,480
सही है और सच्चाई के रास्ते पर हैं तो सुनना

404
00:28:12,480 --> 00:28:15,520
पड़ेगा। राजनीति कोई बड़ी चीज नहीं

405
00:28:15,520 --> 00:28:19,600
है। राजनीति कौन करता है? हम ही आप करते हो।

406
00:28:19,600 --> 00:28:23,680
हम आप राजनीति अपनी राजनीति करते हैं।

407
00:28:23,680 --> 00:28:27,920
आज सुनवाई ना होने की वजह है कि आज वो

408
00:28:27,920 --> 00:28:32,000
समाज जो बुद्धिजीवी है मैं

409
00:28:32,000 --> 00:28:37,200
सवाल नहीं कर रहा बुद्धिजीवी कह रहा हूं। यह जागरूक समाज है।

410
00:28:37,200 --> 00:28:41,280
आज वो अपने स्वार्थ में बटा हुआ है। जिसकी वजह

411
00:28:41,280 --> 00:28:45,280
से मैं यह करूंगा तो मुझको इसका टिकट मिल जाएगा। मैं यह बोलूंगा

412
00:28:45,280 --> 00:28:49,520
तो ऐसा नहीं हो पाएगा। कोई आवाज नहीं दबा सकता। आवाज

413
00:28:49,520 --> 00:28:54,480
दबाने की किसी ताकत नहीं है। आपकी आवाज में दम होना चाहिए।

414
00:28:54,480 --> 00:28:58,800
और दम तब आएगा जब कि आपका प्योर रास्ता,

415
00:28:58,800 --> 00:29:02,960
एक चिड़िया, एक क्षेत्र में हिंदुत्व दिख रहा है

416
00:29:02,960 --> 00:29:07,600
उस पर रहेगा। परंतु दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है

417
00:29:07,600 --> 00:29:11,680
कि जो अधिवक्ता बंधु हैं आज मैं एक दो की बात नहीं कर रहा

418
00:29:11,680 --> 00:29:17,280
हूं। आमतौर पर अधिवक्ता बंधु हैं।

419
00:29:17,280 --> 00:29:21,840
सरकारी वकालत मिल जाए हमारे अपॉइंटमेंट हो जाए

420
00:29:21,840 --> 00:29:25,840
हम फला पोस्ट पे आ जाए इसके लिए तो संगठन में घुस

421
00:29:25,840 --> 00:29:30,480
जाएंगे तो जब काम करने की बात आएगी

422
00:29:30,480 --> 00:29:30,980
तो

423
00:29:30,800 --> 00:29:35,040
कोई काम नहीं करता क्योंकि होगा कि अरे मैं क्या करूं

424
00:29:35,040 --> 00:29:39,120
मेरा कोई फायदा नहीं है आपको रंजना

425
00:29:39,120 --> 00:29:43,120
जी आपको आपको वह पैदा करनी है भावना

426
00:29:43,120 --> 00:29:47,280
इन अधिवक्ताओं में कि भैया नहीं

427
00:29:47,280 --> 00:29:51,360
आपको फायदे के लिए नहीं आपको नुकसान के

428
00:29:51,360 --> 00:29:55,360
लिए आगे आना है और जब हम हमारे ऐसे लोग जो

429
00:29:55,360 --> 00:29:59,760
बुजुर्ग हैं जो एक एज पा चुके हैं या रंजना जी

430
00:29:59,760 --> 00:30:04,000
हैं ऐसे लोग भावना भरे हैं समाज में

431
00:30:04,000 --> 00:30:08,160
उन अधिवक्ताओं को कि नहीं आपको धर्म के लिए कार्य

432
00:30:08,160 --> 00:30:12,880
करना है पैसे नहीं लेने हैं निशुल्क सेवा करनी है

433
00:30:12,880 --> 00:30:17,360
आपको पाना नहीं है खोना है तब देश का कल्याण होगा।

434
00:30:17,360 --> 00:30:21,360
जैसे आपने अभी कहा हिमांशु जी को नोटिस आ गया।

435
00:30:21,360 --> 00:30:26,160
हम लोग बैठे हुए हैं। क्यों नहीं हो सकता है?

436
00:30:26,160 --> 00:30:30,320
तो मैं शिवश जी आपसे कहना चाहता हूं कि आप

437
00:30:30,320 --> 00:30:34,480
इसी मौका पाकर इसी के साथ

438
00:30:34,480 --> 00:30:39,200
एक टीम तैयार कीजिए। पूरे देश में अधिवक्ताओं की

439
00:30:39,200 --> 00:30:44,000
जो कि समर्पण की भावना से हिंदुत्व की भावना से काम करें

440
00:30:44,000 --> 00:30:46,080
और उनको संकल्प होगा

441
00:30:46,080 --> 00:30:50,160
कि हम कभी कोई टिकट नहीं मांगेंगे। किसी

442
00:30:50,160 --> 00:30:54,480
पद के पीछे नहीं जाएंगे और केवल हिंदू समाज की सेवा करेंगे।

443
00:30:54,480 --> 00:30:58,800
हिंदू समाज के लिए काम करेंगे। और ये बता दूं आपको

444
00:30:58,800 --> 00:31:02,960
आपका सारा आंदोलन जाया है। हम रोते रहेंगे। कोई हमारी

445
00:31:02,960 --> 00:31:07,280
नहीं सुनता। हमको कौन सुनेगा? हम तो सवर्ण है।

446
00:31:07,280 --> 00:31:11,360
हमारी तो सुनवाई नहीं है। हम पिटिकली दबा दिए गए। कोई नहीं दबा

447
00:31:11,360 --> 00:31:15,360
सकता। इसके लिए आपकी टीम चाहिए और टीम

448
00:31:15,360 --> 00:31:20,080
वर्क चाहिए और टीम वर्क में सबसे पहली बात है

449
00:31:20,080 --> 00:31:24,160
पानी की लालसा छोड़ दीजिए। कोने की जनता रखी है। कोने

450
00:31:24,160 --> 00:31:29,120
की और हमको आपको वो टीम तैयार करना है।

451
00:31:29,120 --> 00:31:33,200
जैसे शिव जी हैं। मैं जब मेरे पास आए थे

452
00:31:33,200 --> 00:31:37,280
तो मैं कई दिन तक किताबें देखा। बड़ा फिक्र लगा रहा कि इसमें क्या

453
00:31:37,280 --> 00:31:41,520
किया जाए? और मुझे ताज्जुब भी हुआ। एक

454
00:31:41,520 --> 00:31:45,760
जागरूक आदमी है। मुझे उसकी मदद करनी

455
00:31:45,760 --> 00:31:49,840
चाहिए। मैं नहीं कर पा रहा हूं। कई बार फोन आए। मैं विचलित

456
00:31:49,840 --> 00:31:54,640
हुआ। फिर बाद में सोचा कि इसकी यह तरकीब हो सकती है।

457
00:31:54,640 --> 00:31:58,640
तो आखिर आप जब उभर सकते हो किताबें ऐसा तो नहीं कि आप ही ने पढ़ी

458
00:31:58,640 --> 00:32:01,920
अकेले समाज बहुत लोगों ने पढ़ी

459
00:32:01,920 --> 00:32:05,920
तो जागरूकता क्यों नहीं है? जागरूकता इसलिए नहीं है कि

460
00:32:05,920 --> 00:32:09,920
पॉलिटिकल नहीं है। जागरूकता इसलिए नहीं है कि

461
00:32:09,920 --> 00:32:14,000
हमारा आपका जो बुद्धिजीवी समाज है और सो रहा है।

462
00:32:14,000 --> 00:32:18,080
स्वार्थ में लिखता है और उसके पास निष्काम कार्य की

463
00:32:18,080 --> 00:32:22,480
भावना नहीं है। तो मैं इस बात को पहले सब बातों से अला

464
00:32:22,480 --> 00:32:26,640
कहना चाहता हूं। कुछ व्यक्तियों की अधिवक्ताओं

465
00:32:26,640 --> 00:32:30,720
की या कुछ अपने जो लाइक माइंडेड है एक ऐसी टीम

466
00:32:30,720 --> 00:32:34,960
तैयार होनी चाहिए जो कि केवल गिफ्ट

467
00:32:34,960 --> 00:32:38,960
की भावना रखे नो टेक हमें चाहिए कुछ नहीं हमें

468
00:32:38,960 --> 00:32:43,200
तो देना है हमें मिल मटना क्या हो रहा है

469
00:32:43,200 --> 00:32:47,760
एक एक पिटीशन होती है पिटीशन होने के साथ

470
00:32:47,760 --> 00:32:52,000
मैं अपना स्वयं का अनुभव बता रहा हूं पिटीशन बाद

471
00:32:52,000 --> 00:32:56,160
में होती है किसका नाम हो जाए इसकी लड़ाई शुरू हो जाती

472
00:32:56,160 --> 00:32:58,400
है।

473
00:32:58,400 --> 00:33:02,560
मथुरा केस में जो श्री कृष्ण भूमि का मामला

474
00:33:02,560 --> 00:33:06,800
है सबसे पहली याचिका मैंने

475
00:33:06,800 --> 00:33:10,400
दाखिल की अंजना जी के नाम से

476
00:33:10,400 --> 00:33:14,400
पूरे देश से भूचा गया। अरे अरे इनका नाम हो

477
00:33:14,400 --> 00:33:17,120
गया। आज 18 याचिका दाखिल

478
00:33:17,120 --> 00:33:21,280
हो गई और उसकी वजह से कोर्ट में केस नहीं हो पा रहा है।

479
00:33:21,280 --> 00:33:25,440
सब अपनेप चिल्ला रहे हैं और कल दिखाने में लगे हैं कि मेरा नाम हो

480
00:33:25,440 --> 00:33:29,760
जाए। कृष्ण जन्मभूमि आवे इससे मतलब नहीं है।

481
00:33:29,760 --> 00:33:33,840
मतलब ये है कि मैं मेरा नाम हो।

482
00:33:33,840 --> 00:33:37,840
मैं किसी व्यक्ति विशेष में कोई बात नहीं कह रहा हूं। तो

483
00:33:37,840 --> 00:33:42,000
मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं। रजनी जी

484
00:33:42,000 --> 00:33:46,240
हतोत्साह में मत रहिए। उत्साह बढ़िए। जी सर।

485
00:33:46,240 --> 00:33:50,880
यह हतोत्साह होने का समय नहीं है। अभी आप हमसे बहुत

486
00:33:50,880 --> 00:33:55,120
कम से कम 20 साल छोटी है। 70 साल की उम्र में मेरे

487
00:33:55,120 --> 00:33:59,280
में पूरा उत्साह है। आप तो 50 52 की हैं। आप

488
00:33:59,280 --> 00:34:04,480
में भी ऐसा नहीं आप ये कहिए। मैं सुनाऊंगी।

489
00:34:04,480 --> 00:34:08,480
और पूरा समाज सुनेगा। तो मैं सुनेगा कैसे नहीं।

490
00:34:08,480 --> 00:34:12,800
आप में क्षमता जाइए। आप वो आग करिए। अपने

491
00:34:12,800 --> 00:34:16,800
आग भरिए अगर आप और कम से कम

492
00:34:16,800 --> 00:34:19,440
जो

493
00:34:19,440 --> 00:34:23,440
रण बाकुरा यानी जो महिला शक्ति है अगर

494
00:34:23,440 --> 00:34:27,440
वो आगे आ जाए तो कौन रोक सकता है तो आपके मुंह से

495
00:34:27,440 --> 00:34:31,440
यह असहाय भावना हम असहाय हैं। हम कुछ

496
00:34:31,440 --> 00:34:32,320
नहीं कर सकते।

497
00:34:32,320 --> 00:34:36,400
हमारी आवाज दबा दी गई है। यह अच्छा नहीं लगता और कम से कम मेरे साथ

498
00:34:36,400 --> 00:34:40,560
तो अच्छा नहीं लगता। तो मैं आपसे निवेदन करता हूं कि एक भावना

499
00:34:40,560 --> 00:34:44,720
जगाइए। लखनऊ में पूरे देश में सब

500
00:34:44,720 --> 00:34:48,880
लोग मिलकर मैं सबको बात कह रहा हूं एक टीम तैयार कीजिए

501
00:34:48,880 --> 00:34:53,120
क्योंकि देखिए एक चीज बताऊं कोई लड़ाई चाहे जैसी भी हो

502
00:34:53,120 --> 00:34:57,360
जब तक कोर्ट सहारा नहीं मिलता तब तो आपकी लड़ाई पूरी नहीं होती

503
00:34:57,360 --> 00:35:01,920
जैसे आपने कहा हद्वानी में सील किया गया या नहीं किया गया

504
00:35:01,920 --> 00:35:06,000
यहां लखनऊ में आपने कहा दायर हो गया कोई बात नहीं है वहां

505
00:35:06,000 --> 00:35:10,000
से हरियाणा से नोटिस आ गया या कई जगह काम हो रहे कई एक्स व

506
00:35:10,000 --> 00:35:14,080
जेड रोज हो रहे तो नीचे लेवल से लेकर ऊपर लेवल

507
00:35:14,080 --> 00:35:18,400
तक एक संगठन तैयार होना चाहिए और

508
00:35:18,400 --> 00:35:22,800
संगठन करने की जरूरत नहीं है। हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस 2013

509
00:35:22,800 --> 00:35:27,200
में मैंने बनाया था और तो मैंने सब हट गया कमांड पूरीनाथ

510
00:35:27,200 --> 00:35:31,600
जी को दे दी है। मैंने स्थापित किया था। पूरी कमांड इनको दे दी है।

511
00:35:31,600 --> 00:35:35,600
ये सर्वे सर्वा है। सब कुछ इनके हाथ में है।

512
00:35:35,600 --> 00:35:40,640
नहीं बिना कुछ नहीं है। उसमें आप

513
00:35:40,640 --> 00:35:45,040
प्रत्यक्ष दोनों रूप से नजर डाले हैं। असहाय मत बनिए।

514
00:35:45,040 --> 00:35:48,400
मैं असहाय कभी नहीं रहा हूं। और

515
00:35:48,400 --> 00:35:52,560
जिस समय आपको बतला दूं थोड़ा सा निशांतर कर रहा हूं। जिस

516
00:35:52,560 --> 00:35:56,800
समय मुलायम सिंह जी की सरकार थी। जय श्री राम बोलना

517
00:35:56,800 --> 00:36:01,520
बहुत बड़ा अपराध था। लोग बंद किए जा रहे थे। 90 9192

518
00:36:01,520 --> 00:36:06,240
में उस समय 25 याचिका मैंने मुलायम के खिलाफ दाखिल की थी।

519
00:36:06,240 --> 00:36:10,880
तो और सुनिए सीखिए मुसलमानों से

520
00:36:10,880 --> 00:36:14,880
आज कहने के लिए मुसलमानों की सरकार नहीं है हिंदुओं की सरकार है।

521
00:36:14,880 --> 00:36:19,120
और मैं पूछना चाहता हूं कि मुसलमान और ईसाई

522
00:36:19,120 --> 00:36:23,120
दोनों के काम पूरे देश में धर्मांतरण चल रहे हैं कि नहीं

523
00:36:23,120 --> 00:36:27,120
चल रहे हैं? हिंदुओं की भावनाओं से खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे

524
00:36:27,120 --> 00:36:31,120
हैं? मंदिर के खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? और हिंदुओं को

525
00:36:31,120 --> 00:36:35,200
किस से प्रभावित किया जा रहा है? चाहे आपके

526
00:36:35,200 --> 00:36:39,520
पूर्वोत्तर राज्य हो अभी जांगुर बाबा का आपको मिला हुआ है।

527
00:36:39,520 --> 00:36:43,920
आज आप देख लीजिए मुझे क्षमा कीजिए। मैं विषांतर कर रहा हूं।

528
00:36:43,920 --> 00:36:48,080
आज धर्मांतर मास क्यों हो रहा है? आप तो एक चीज किताब

529
00:36:48,080 --> 00:36:52,560
मत छोड़ दीजिए। धर्मांतरण क्यों हो रहा है? धर्मांतर इसलिए हो रहा है

530
00:36:52,560 --> 00:36:56,640
कि अपने बच्चियों को धर्म की शिक्षा नहीं दे रहे हैं।

531
00:36:56,640 --> 00:37:01,120
सारे बच्चे कानमेंट में पढ़ रहे हैं। गुरुकुल खोलने की व्यवस्था नहीं हो रही है।

532
00:37:01,120 --> 00:37:03,680
हम तो आहान करते हैं आप लोगों का।

533
00:37:03,680 --> 00:37:08,160
कि हम लोग दो आदमी काफी हैं। हम लेकर तीन आदमी काफी हैं। आइए

534
00:37:08,160 --> 00:37:12,160
और काम कीजिए। काम तो बहुत रहे हैं। और

535
00:37:12,160 --> 00:37:16,880
अगर पांच पांच पंच सिख धर्म चलाकर

536
00:37:16,880 --> 00:37:21,120
पूरे देश को बदल सकते हैं तो हम आपको नहीं बदल सकते हैं।

537
00:37:21,120 --> 00:37:25,360
तो असहाय मत होइए। रोइए नहीं। काम कीजिए और

538
00:37:25,360 --> 00:37:29,600
काम करने के लिए हमारे पास कमी नहीं है आपके पास।

539
00:37:29,600 --> 00:37:34,240
पर हां एक संगठन की भावना चाहिए। और शिवश जी

540
00:37:34,240 --> 00:37:38,240
जुड़ गए हैं। समझ लीजिए कि हमारे साथ एक

541
00:37:38,240 --> 00:37:42,800
हीरा जुड़ गया है। मैं इनको हीरे के रूप में देखता हूं।

542
00:37:42,800 --> 00:37:47,200
हमको जरूरत थी ऐसे आदमियों की। आज इनका क्या स्वार्थ है?

543
00:37:47,200 --> 00:37:51,200
किताब के लिए मेरे पास आए। दिल्ली आए। ठीक है।

544
00:37:51,200 --> 00:37:55,280
थोड़ा मुझे मैं क्षमा चाहता हूं। थोड़ा मुझे माइंड मेकअप करने में समझने

545
00:37:55,280 --> 00:37:59,440
में थोड़ी देर लगी। चार छ महीने लग गए।

546
00:37:59,440 --> 00:38:03,520
मैं क्योंकि मैं प्रयास कर रहा था किसी और लेवल पर वो नाम

547
00:38:03,520 --> 00:38:07,600
नहीं लूंगा। मैं और लेवल प्रयास कर रहा था कि मामला हो जाए। मुझे

548
00:38:07,600 --> 00:38:11,760
आश्वासन भी दिया गया था पर बात पूरी नहीं हो पाई।

549
00:38:11,760 --> 00:38:16,320
मुझे उम्मीद थी कुछ उससे शायद काम हो जाए। तब मैंने

550
00:38:16,320 --> 00:38:18,720
डिसीजन लिया कि अब ये किया जाए। ये काम मुझे छ

551
00:38:18,720 --> 00:38:23,440
महीना करीब मैं लेट हो गया। मैं इसे क्षमा चाह रहा हूं। अरे

552
00:38:23,440 --> 00:38:27,600
हमारी परंतु परंतु मैं आपका रंजना

553
00:38:27,600 --> 00:38:32,160
जी का सबका यह आहान करता हूं कि आप लोग

554
00:38:32,160 --> 00:38:34,960
असहाय मत होइए

555
00:38:34,960 --> 00:38:40,720
हीन भावना से ग्रस्त मत होइए निष्प्राण मत होइए

556
00:38:40,720 --> 00:38:44,960
और ये अपने में इतनी क्षमता रखिए कि

557
00:38:44,960 --> 00:38:48,960
मैं एक आवाज उठाऊंगी या उठाऊंगा तो सरकार

558
00:38:48,960 --> 00:38:53,040
को सुनना पड़ेगा जरा बतला दीजिए याद

559
00:38:53,040 --> 00:38:57,120
कीजिए जयप्रकाश नारायण जी का वो समय

560
00:38:57,120 --> 00:38:59,600
1973

561
00:38:59,600 --> 00:39:03,600
उन्होंने क्या कहा था समग्र क्रांति चाहिए आवाज

562
00:39:03,600 --> 00:39:07,680
उठा दी थी पूरा देश हिल गया था जयप्रकाश नारायण

563
00:39:07,680 --> 00:39:11,760
जी की तरफ से पूरी इंदिरा गांधी की सरकार हिल गई थी उनके नाम से

564
00:39:11,760 --> 00:39:15,840
अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था पूरी कांग्रेस गवर्नमेंट हिल गई

565
00:39:15,840 --> 00:39:19,840
थी और मनमोहन सिंह सरकार को उनको संसद में सैल्यूट करना

566
00:39:19,840 --> 00:39:24,080
पड़ा और आज उनका फल मिला। ठीक है? कम या ज्यादा

567
00:39:24,080 --> 00:39:28,320
बना एक्ट बन गया। तो ऐसा

568
00:39:28,320 --> 00:39:32,400
नहीं है। आवाज उठाने वाली क्षमता चाहिए और वो

569
00:39:32,400 --> 00:39:33,760
आग हमको

570
00:39:33,760 --> 00:39:37,840
आपको पैदा करनी पड़ेगी। सबसे पहले और मैं

571
00:39:37,840 --> 00:39:41,840
रिपीट कर रहा हूं। मुझे माफ़ कीजिएगा। किसी भी आग को पैदा करने के

572
00:39:41,840 --> 00:39:46,160
लिए सबसे पहला जरूरी होता है हमको दिया बनना

573
00:39:46,160 --> 00:39:50,240
पड़ता है। लौह जलना पड़ता है। खुद को जलाना पड़ता

574
00:39:50,240 --> 00:39:54,240
है। जब लौह बन के जलेंगे तो तो तेल की तो

575
00:39:54,240 --> 00:39:58,240
डालते ही रहेंगे। पर लौ तो बनिए और लौ बनने के

576
00:39:58,240 --> 00:40:02,400
बाद आप फायदे की उम्मीद मत कीजिए। सब चीज को किनारे

577
00:40:02,400 --> 00:40:06,480
रख दीजिए। केवल ये रखिए कि हमको हिंदुत्व चाहिए और हिंदुत्व

578
00:40:06,480 --> 00:40:10,560
का काम चाहिए। निष्काम और बिना किसी स्वार्थ

579
00:40:10,560 --> 00:40:14,960
के इस काम में आगे बढ़िए। हम आप तीन आदमी है और जोड़िए

580
00:40:14,960 --> 00:40:19,120
और जोड़िए देखिए आवाज कैसे बनते हैं। आपको याद होगा नैना जी

581
00:40:19,120 --> 00:40:23,200
जब हिंदू फ्रंट जस्टिस 2013 में बनाया था।

582
00:40:23,200 --> 00:40:27,360
कौन सुनने वाला था उस समय हाई कोर्ट में और हमारे फ्रंट ने

583
00:40:27,360 --> 00:40:31,920
कितने केस किए, कितने काम किए और कितने काम हुए हैं।

584
00:40:31,920 --> 00:40:36,560
हम लोग भी तो कह रहे थे। लोग मजाक बनाते थे कि क्या पागलपन है।

585
00:40:36,560 --> 00:40:41,200
इसलिए मैंने विश्व हिंदू अध्यक्षता संघ मनाया था। 1990 में

586
00:40:41,200 --> 00:40:45,360
जिस समय भगवान उनकी मुलायम सिंह साहब की सरकार

587
00:40:45,360 --> 00:40:49,520
थी उस समय उसको जन्माया और काम हुआ।

588
00:40:49,520 --> 00:40:53,520
तो मैं ज्यादा रिपीट ना करके केवल इतना कहना

589
00:40:53,520 --> 00:40:57,760
चाहता हूं कि निराशा की भावना मत रहिए। काम

590
00:40:57,760 --> 00:41:01,840
कीजिए। पूरे जोश के साथ कीजिए और संकल्प ले

591
00:41:01,840 --> 00:41:05,920
लीजिए। हमको इस हिंदू समाज को बदल देना है। कोई

592
00:41:05,920 --> 00:41:09,920
जरूरत नहीं किसी राजनीतिक पार्टी की जरूरत नहीं है। राजनीतिक

593
00:41:09,920 --> 00:41:14,480
पार्टी हमारे पास आएगी। हमारे पास आएगी। हमको वो क्षमता चाहिए।

594
00:41:14,480 --> 00:41:18,640
वो क्षमता लाइए। शास्त्र का ज्ञान आपके पास है। रंजना

595
00:41:18,640 --> 00:41:22,720
जी के पास है। मैं तो अज्ञानी आदमी हूं। पर जो कुछ थोड़ा बहुत

596
00:41:22,720 --> 00:41:27,600
हो सकता है करता रहता हूं। दूसरी बात

597
00:41:27,600 --> 00:41:31,680
आज जन भावना को जगाना होगा।

598
00:41:31,680 --> 00:41:36,720
आपको बतलाना होगा कि जो लोग हिंदू समाज के खिलाफ बोल रहे हैं

599
00:41:36,720 --> 00:41:40,800
वह देश के गद्दार हैं, थ्रेटर हैं और इस

600
00:41:40,800 --> 00:41:44,800
देश में अब हिंदू समाज की अवमाननान

601
00:41:44,800 --> 00:41:48,960
नहीं चलेगी। देवी देवताओं का अपमान नहीं चलेगी।

602
00:41:48,960 --> 00:41:53,200
ये वार्निंग देनी पड़ेगी आपको। कोई डरने की जरूरत नहीं है। कई

603
00:41:53,200 --> 00:41:57,280
चीजें हो सकती है। समाज का बहिष्कार हो सकता है। कोई जरूरी नहीं कि

604
00:41:57,280 --> 00:42:02,320
हम हिंसा करें। बिना हिंसा के काम हो सकते हैं।

605
00:42:02,320 --> 00:42:04,800
अगर हम लोग बहुत से काम करना चाहे

606
00:42:04,800 --> 00:42:08,960
तो बहुत से काम बहुत से काम हो सकते हैं। दुकान सामान लेना है

607
00:42:08,960 --> 00:42:13,520
हम नहीं लेंगे ऐसे लोगों से। झुकना पड़ेगा लोगों को

608
00:42:13,520 --> 00:42:17,360
तो हमको आपको बैठकर

609
00:42:17,360 --> 00:42:21,600
कमरे में चुपचाप शांति से बैठकर फार्मूला निकालना

610
00:42:21,600 --> 00:42:25,600
पड़ेगा और वो दिशा पूरे समाज को देनी पड़ेगी।

611
00:42:25,600 --> 00:42:29,600
समाज तो बदलेगा। समाज बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हमेशा

612
00:42:29,600 --> 00:42:33,680
बदला बदलेगा और एक ही दो आदमी बदलते हैं। कोई झुंड नहीं

613
00:42:33,680 --> 00:42:38,000
बदलता है कभी झुंड कभी नहीं बदलता है। जब

614
00:42:38,000 --> 00:42:42,080
आरएसएस बना था हेड गोवार साहब अकेले थे।

615
00:42:42,080 --> 00:42:46,400
कुछ लोग थे मुट्ठी भर के आसंख्या है।

616
00:42:46,400 --> 00:42:50,640
तो ऐसे ही बनता है। ऐसे ही बनता है। हमेशा ऐसे ही बना है। तो इसलिए मैं

617
00:42:50,640 --> 00:42:54,720
निवेदन करता हूं कि जो मातृ शक्ति है अगर

618
00:42:54,720 --> 00:42:58,800
वह निराश हो जाएगी तब बहुत बड़ा नुकसान होगा। तो रंजना

619
00:42:58,800 --> 00:43:02,960
जी निराश मत होइए। असहाय मत समझिए

620
00:43:02,960 --> 00:43:07,200
और काम करने की पूरे जोश और खरोश के साथ काम कीजिए।

621
00:43:07,200 --> 00:43:11,200
अभी तो आप की उम्र कुछ भी नहीं है। अभी बहुत जिंदगी आपकी बाकी है। काम

622
00:43:11,200 --> 00:43:15,760
करिए। सर धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद।

623
00:43:15,760 --> 00:43:19,760
लेकिन एक बात मैं बता दूं। ना मैं ना मैं असहाय हूं

624
00:43:19,760 --> 00:43:20,260
ना

625
00:43:19,920 --> 00:43:24,000
मैं निराश हूं। लेकिन सत्य को सामने लाना भी एक

626
00:43:24,000 --> 00:43:28,080
आवश्यकता है। इस समय की जो आवश्यकता है वो हमें समय

627
00:43:28,080 --> 00:43:32,080
अनुसार सत्य को कहना आवश्यक इसलिए है कि लोगों को यह

628
00:43:32,080 --> 00:43:36,320
पता चले हम निराश नहीं हम हताश नहीं। अगर हताश और निराश

629
00:43:36,320 --> 00:43:40,400
होते तो हिंदू फ्रंट ने हमने और आप दो आदमियों ने मिलकर

630
00:43:40,400 --> 00:43:44,400
आतंकवादियों से टक्कर नहीं ली होती। पूरा समाज कहता था कि ये

631
00:43:44,400 --> 00:43:48,560
दोनों बेवकूफ है। आतंकवादियों से लड़ रहे हैं। और हमने और आपने

632
00:43:48,560 --> 00:43:52,800
आतंकवादियों से टक्कर ली और मुकदमा जीत करके आए हम। आपको

633
00:43:52,800 --> 00:43:56,800
पता होगा उस जमाने में अखबार में बड़ा-बड़ा निकला था कि हरिशंकर

634
00:43:56,800 --> 00:44:00,960
जैन और अंजना अग्निहोत्री ने अखिलेश सरकार को दिया करारा तमाशा।

635
00:44:00,960 --> 00:44:04,960
तो हम डरने वाले नहीं है। लेकिन समय की मांग यह है कि कौन

636
00:44:04,960 --> 00:44:09,360
चोर है उसको चोर बताएं। समय की मांग है कौन साकार है? कौन साकार

637
00:44:09,360 --> 00:44:14,080
बताएं। इसलिए सरकार की शासन की राजनैतिक

638
00:44:14,080 --> 00:44:18,240
इच्छाशक्ति नहीं है। उनकी इच्छाशक्ति है हमारा दमन करने की। उसको

639
00:44:18,240 --> 00:44:22,320
भी हमें कहना होगा जिससे कि हमारे बंधु हमारे सनातन

640
00:44:22,320 --> 00:44:26,400
धर्मी इसको समझे। आपकी बात एकदम सही है। लेकिन मेरी बात

641
00:44:26,400 --> 00:44:30,480
आपकी बात के उत्तर में ये बात है और सर आपकी जो बातें हैं

642
00:44:30,480 --> 00:44:34,480
उन सारी बातों को हम लोग जानते हैं। एक बड़ा संगठन

643
00:44:34,480 --> 00:44:35,040
मजबूत

644
00:44:35,040 --> 00:44:39,200
संगठन था और आज भी है और नेतृत्व आपका

645
00:44:39,200 --> 00:44:43,440
है रहेगा। उसमें कार्य किया जाएगा और बहुत सारे कल्ट

646
00:44:43,440 --> 00:44:47,520
है जो अपने आप को हिंदू नहीं कहते हैं। ये रामपाल ये भी अपने आप को हिंदू

647
00:44:47,520 --> 00:44:51,600
नहीं कहते। ये कहते हैं हम रामपाल के फॉलोअर्स हैं। पूछो कि हिंदू हो की

648
00:44:51,600 --> 00:44:55,600
नहीं हो? नहीं नहीं हम तो रामपाल के फॉलोवर हैं। ब्रह्मा कुमारी कहती है हम

649
00:44:55,600 --> 00:44:59,600
तो ब्रह्मा कुमारी हैं। स्वामी नारायण कहते हैं हम तो स्वामी नारायण है।

650
00:44:59,600 --> 00:45:03,600
एक हम ही लोग हैं जो हम लोग सनातन धर्म का झंडा उठा करके कहते हैं। हम

651
00:45:03,600 --> 00:45:07,680
गर्व से कहते हैं हम सनातन धर्मावलंबी है और सनातन धर्म का प्रचार

652
00:45:07,680 --> 00:45:11,760
प्रसार जिस हद तक जाकर करना होगा। धर्म रक्षा के

653
00:45:11,760 --> 00:45:16,080
लिए हम 7 24 हमेशा खड़े हैं और सदैव तत्पर

654
00:45:16,080 --> 00:45:20,480
हैं। और एक बात और बता दें कि मुगलों ने

655
00:45:20,480 --> 00:45:24,720
मुगलों ने क्या किया? हमारे मंदिरों को तोड़ा। मंदिरों की संपत्ति

656
00:45:24,720 --> 00:45:28,720
लूट कर चले गए। लेकिन उनका यह षड्यंत्र हमारे

657
00:45:28,720 --> 00:45:32,880
धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने का षड्यंत्र कामयाब नहीं हुआ। लेकिन

658
00:45:32,880 --> 00:45:38,000
ये जो नए-नए कल्प बने हैं, अशास्त्रीय कल्प बने हैं। अशास्त्रीय

659
00:45:38,000 --> 00:45:42,080
संगठन बन गए हैं। इन्होंने हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट

660
00:45:42,080 --> 00:45:46,160
करने की प्रदूषण करने की जो चेष्टा की और कुछ हद तक कामयाब

661
00:45:46,160 --> 00:45:50,240
हो रहे हैं। नाम लिखते हैं ज्ञान गंगा। जन साधारण जनता जन

662
00:45:50,240 --> 00:45:54,240
सामान्य समझता है। ज्ञान गंगा लिखा है माने कि कोई अच्छी

663
00:45:54,240 --> 00:45:58,240
बातें लिखी होंगी और जब उसको पन्ना पलटते हैं तो देखते हैं कि

664
00:45:58,240 --> 00:46:02,320
उसमें अभद्र भाषा का प्रयोग है लिखते है गीता तेरा ज्ञान अमृत तो

665
00:46:02,320 --> 00:46:06,400
लोग सोचते हैं कि गीता जी की बात लिखी है अंदर कुछ और यानी

666
00:46:06,400 --> 00:46:10,560
कवर कुछ और अंदर की गंदगी कुछ और बाहर कुछ और अंदर से

667
00:46:10,560 --> 00:46:14,720
कुछ और तो हमको यह भी देखना है कि यह कौन लोग हैं जो बाहर से कुछ

668
00:46:14,720 --> 00:46:18,720
और अंदर से कुछ और इनके मास्टर माइंड क्या कर रहे हैं इस पर

669
00:46:18,720 --> 00:46:20,160
हमें सोचना है इस पर विचार

670
00:46:20,160 --> 00:46:24,720
करिए सर जी जी जी जी रंजना दीदी इस

671
00:46:24,720 --> 00:46:28,720
इस पर मैं जो आप दोनों का वक्तव्य सुन रहा हूं मैं और मैं तो सीख ही रहा

672
00:46:28,720 --> 00:46:32,720
हूं आप दोनों ही से अनुभव और ज्ञान दोनों ही मामलों

673
00:46:32,720 --> 00:46:37,920
में मैं पीछे हूं। जैसे हरिशंकर जी ने एक बात कही

674
00:46:37,920 --> 00:46:42,000
कि एक जो है ये आह्वान इसी अभियान से हम

675
00:46:42,000 --> 00:46:46,000
लोग निकाल सकते हैं कि हम ऐसा गुट बनाएं जो आवाज उठाने के

676
00:46:46,000 --> 00:46:50,000
लिए तत्पर रहे सदैव। तो ये बहुत अच्छी बात कही है और मैं आपको बताऊं

677
00:46:50,000 --> 00:46:54,160
श्रीमान जी कि यह भावना के साथ हम

678
00:46:54,160 --> 00:46:58,160
लोग कार्य आपका ये जो मतलब आपने जो ये पंक्ति कही है

679
00:46:58,160 --> 00:47:02,240
और इस भावना के साथ लगभग दो जब से हम इस केस में

680
00:47:02,240 --> 00:47:06,320
कार्य कर रहे हैं रंजना दीदी के पास पहुंचे तब से मान लीजिए कि इसका जो है

681
00:47:06,320 --> 00:47:10,320
जो नीव इसकी पड़ चुकी है और एक टीम की तैयारी चल

682
00:47:10,320 --> 00:47:14,480
रही है कि एक अधिवक्ताओं की टीम हो जो सनातन के मूल

683
00:47:14,480 --> 00:47:18,640
जो मान बिंदु है उन पर जब भी प्रहार हो तो वो वो खड़ी हो और निष्काम

684
00:47:18,640 --> 00:47:22,640
भाव से हो और अगर आपका मार्गदर्शन मिलता रहा तो

685
00:47:22,640 --> 00:47:27,040
दीदी का मार्गदर्शन मिलता रहा तो जरूर वो चीज एकदम सक्रियता

686
00:47:27,040 --> 00:47:31,120
से दिखाई देगी। हालांकि अभी भी है मगर और ज्यादा प्रखर रूप से

687
00:47:31,120 --> 00:47:35,120
जब उसमें कुछ और युवा भी जुड़े होंगे और शास्त्रों के

688
00:47:35,120 --> 00:47:35,620
साथ

689
00:47:35,360 --> 00:47:39,600
जुड़े होंगे तो हम लोग पकड़ने में इन चोरों को पकड़ने में बहुत आसानी

690
00:47:39,600 --> 00:47:44,000
होगी कि ये कहां पर मिलावट कर रहे हैं। शास्त्रों का ज्ञान भी आवश्यक होगा

691
00:47:44,000 --> 00:47:48,320
और अधिवक्ताओं की टीम भी होगी। एक जो मिलाजुला एक मिलजुल के एक संगठन

692
00:47:48,320 --> 00:47:52,560
वो जो आप जिस ओर इशारा कर रहे हैं उस पर भी हम लोगों ने कार्य शुरू

693
00:47:52,560 --> 00:47:56,640
कर दिया है और जैसा कि आपने कहा कि हताश

694
00:47:56,640 --> 00:48:00,960
नहीं होना है तो वो तो भगवत गीता ने कभी हमें सिखाया ही नहीं है। श्रीमद्

695
00:48:00,960 --> 00:48:05,840
भगवत गीता सदैव कहती रही कर्मवादी कारस्ते मा कदाचना

696
00:48:05,840 --> 00:48:10,000
और जो दीदी की बात है वो भी यही है कि जहां तक मैं

697
00:48:10,000 --> 00:48:14,000
समझ पा रहा हूं दीदी ने ये नहीं मतलब इस ओर नहीं था दीदी का वक्तव्य इस ओर नहीं

698
00:48:14,000 --> 00:48:18,160
है कि हम लोग डिप्लीट हो के बैठ जाए या इस ओर नहीं मगर

699
00:48:18,160 --> 00:48:22,720
जिन लोगों से अपेक्षा मतलब वांछनीय

700
00:48:22,720 --> 00:48:26,720
है जिनका कार्य या जिनको अधिकार प्राप्त है यदि वो भी सक्रिय

701
00:48:26,720 --> 00:48:30,720
हो जाए है ना यदि वो भी सक्रिय हो जाए तो इसमें और बल

702
00:48:30,720 --> 00:48:34,800
मिलेगा अब जैसे कि ये जो किताबें ही

703
00:48:34,800 --> 00:48:39,600
है अब ये समझिए कि ये लोग इस

704
00:48:39,600 --> 00:48:44,400
इन चीजों का प्रयोग भी करते हैं कि एडिक्ट करके

705
00:48:44,400 --> 00:48:48,400
योगी योगी जी के साथ एक फोटो बना दी कि हमने ज्ञान गंगा योगी जी को

706
00:48:48,400 --> 00:48:50,480
दी है। एडिट करके अमित शाह जी

707
00:48:50,480 --> 00:48:52,000
के साथ एक फोटो बना दी।

708
00:48:52,000 --> 00:48:56,160
हमने ज्ञान गंगा अमित शाह जी को दी है। हो सकता है आपकी भी फोटो बनी हो।

709
00:48:56,160 --> 00:49:00,560
हो सकता है इन लोगों ने आपकी भी फोटो बनाई हो तो कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।

710
00:49:00,560 --> 00:49:04,640
जैसे फोटोग्राफ दी तो

711
00:49:04,640 --> 00:49:09,920
सबकी फोटो के साथ इस तरह से षड्यंत्र पूर्वक कार्य कर रहे हैं और

712
00:49:09,920 --> 00:49:14,000
इनका एक बहुत अच्छा पैटर्न चलता है। ये लोग क्या

713
00:49:14,000 --> 00:49:18,320
करते हैं? Twitter पर ट्रेंड करते हैं। बहुत संगठनात्मक ऑर्गेनाइज तरीके से चैनलाइज

714
00:49:18,320 --> 00:49:22,560
तरीके से काम कर रहे हैं। Twitter पर काम करेंगे। Twitter पर हर हफ्ते इनका

715
00:49:22,560 --> 00:49:26,880
ट्रेंड चलेगा। और यह क्या कहते हैं? ऐसे धारावाहिक जैसे एपिसोड

716
00:49:26,880 --> 00:49:31,120
बनाएंगे कि मैं वहां जा रहा था। मनकामेश्वर जा रहा था। रास्ते

717
00:49:31,120 --> 00:49:35,280
में गाड़ी पलट गई। मेरे साथ यह हो गया, वो हो गया और फिर मैं रामपाल के पास

718
00:49:35,280 --> 00:49:39,920
पहुंचा। मैं बच गया। यहां तक कि लखनऊ में एक

719
00:49:39,920 --> 00:49:44,160
व्यक्ति पकड़ा गया जिसको हम ही लोगों ने बजरंग दल वालों के साथ मिलकर

720
00:49:44,160 --> 00:49:48,400
के और उस पर एक रिपोर्ट करवाई गई व्यक्ति पर। वो वही किताबें बेच रहा था।

721
00:49:48,400 --> 00:49:52,480
तो पुलिस ने वहां पर रिपोर्ट दर्ज की गोमती नगर थाने में लखनऊ में।

722
00:49:52,480 --> 00:49:56,560
तो वहां पर भी उस व्यक्ति ने गिरफ्तारी के समय जिस समय मामला

723
00:49:56,560 --> 00:50:00,640
चल रहा था उसने ऑन कैमरा यह बोल दिया गलती से कि भाई वहां तो

724
00:50:00,640 --> 00:50:05,360
मुझे लाख मिले हैं। क्या आप लोग मुझे लाख दे देंगे?

725
00:50:05,360 --> 00:50:09,600
इस तरीके का उसका वक्तव्य था। इसका मतलब क्या है कि हिंदू धर्म को तोड़ने

726
00:50:09,600 --> 00:50:11,360
के लिए किस हद तक ये

727
00:50:11,360 --> 00:50:15,600
लोग अर्थ की भी व्यवस्था लगातार कर रहे हैं। तो मैं अब थोड़ा सा

728
00:50:15,600 --> 00:50:19,600
इस पे पूछना चाहूंगा रजना दीदी से कि जैसे

729
00:50:19,600 --> 00:50:23,920
अभी हमने राज्य सरकार से जी

730
00:50:23,920 --> 00:50:28,400
कितने चलेगा अभी? बस 20 मिनट

731
00:50:28,400 --> 00:50:33,840
अभी बस 20 मिनट इसका उत्तर जो है

732
00:50:33,840 --> 00:50:37,920
पूछा जी हरिशंकर जी से ही मैं ये पूछूंगा जरा सा

733
00:50:37,920 --> 00:50:42,160
कि जैसे हमने अभी राज्य सरकार राज्य सरकार से जवाब मांगा

734
00:50:42,160 --> 00:50:46,400
गया हाई कोर्ट के द्वारा तो ये राज्य स्तरीय मामला

735
00:50:46,400 --> 00:50:50,400
ही रहेगा या अपने आप ऑटोमेटिकली कन्वर्ट हो जाएगा राष्ट्रीय स्तर

736
00:50:50,400 --> 00:50:54,480
में या फिर हमें उसके लिए प्रयास करना पड़ेगा यह थोड़ा सा बताएं।

737
00:50:54,480 --> 00:50:58,640
क्योंकि यह पूरे भारत में फैल रहा है। अभी पहले जवाब

738
00:50:58,640 --> 00:51:03,200
आने दीजिए। थोड़ा इंतजार कीजिए। उसके हिसाब से इसको

739
00:51:03,200 --> 00:51:07,360
अगर जरूरत पड़ेगी सुप्रीम कोर्ट आने की तो सुप्रीम कोर्ट भी आएंगे।

740
00:51:07,360 --> 00:51:11,840
और इस किताब को बैन करा कर छोड़ेंगे। चलेगी नहीं।

741
00:51:11,840 --> 00:51:16,000
थोड़ा इंतजार कीजिए। थोड़ा इंतजार कीजिए। और बाकी तो आपने जैसा

742
00:51:16,000 --> 00:51:20,160
अभी मार्गदर्शन दिया है तो हमारे पास कई सारी चीजें हैं कि हमें

743
00:51:20,160 --> 00:51:24,160
किस किस पर आगामी कार्य करने हैं। तो अगर आपका मार्गदर्शन रहा तो उन सब पर

744
00:51:24,160 --> 00:51:26,480
एक-ए करके सबकी बारी आएगी जो

745
00:51:26,480 --> 00:51:30,480
आपने संकेत कर दिया है तो उस सब पे रंजना दीदी से इस बारे में बात भी

746
00:51:30,480 --> 00:51:36,240
हुई है। तो रंजना दीदी थोड़ा सा आप बताएं थोड़ा सा

747
00:51:36,240 --> 00:51:40,480
इस बारे में। यह तो सर ने ठीक ही कहा है कि राज्य सरकार

748
00:51:40,480 --> 00:51:44,800
का उत्तर आ जाने दो और पहले हमें अगर मालूम भी हो तो

749
00:51:44,800 --> 00:51:48,800
अगर कोई बात आने वाली हो तो भविष्य की बात हम लोग

750
00:51:48,800 --> 00:51:52,800
क्योंकि पेश से खुले मंचों पर ओपन नहीं

751
00:51:52,800 --> 00:51:56,880
कर सकते हैं जब तक शपथ पत्र ना आ जाए और हमें आशा

752
00:51:56,880 --> 00:52:00,880
ही नहीं पूर्ण विश्वास है जिस मार्गदर्शन में इस

753
00:52:00,880 --> 00:52:04,880
पिटीशन की तैयारी हुई है उसमें कील कांटे से

754
00:52:04,880 --> 00:52:08,960
और साक्ष्यों प्रमाणों से हम लोग दुरुस्त हैं और विजय श्री

755
00:52:08,960 --> 00:52:12,960
हम लोगों को मिलेगी। यह जो धर्म पर प्रहार हो रहा है, धर्म पर

756
00:52:12,960 --> 00:52:17,280
मिलावट हो रही है नक नकली लोगों के द्वारा उस

757
00:52:17,280 --> 00:52:21,280
पर कोर्ट निश्चित ही संज्ञान लेगी और शासन को भी संज्ञान

758
00:52:21,280 --> 00:52:25,360
लेना पड़ेगा। जी दीदी

759
00:52:25,360 --> 00:52:29,440
मेरे पास अक्सर हैरेसमेंट वाले कॉल्स आते रहते हैं। अभी जब से

760
00:52:29,440 --> 00:52:33,600
हाई कोर्ट चला गया तब से तो और ज्यादा आ रहे हैं और फिर पूछेंगे घुमा

761
00:52:33,600 --> 00:52:37,600
फिरा के कि तुमने इस पे केस क्यों किया? उस पर केस क्यों किया और

762
00:52:37,600 --> 00:52:41,600
मतलब मुझे डराने का प्रयास करेंगे फिर डराते हुए फिर

763
00:52:41,600 --> 00:52:45,600
मतलब मुझे वो धमकियां तो आपको दिखाई थी मैंने चाकुओं से वोट डालेंगे ये

764
00:52:45,600 --> 00:52:49,760
करेंगे वो करेंगे तो मुझे बार-बार हैरेसमेंट के कॉल्स जो आते हैं तो

765
00:52:49,760 --> 00:52:53,840
फिर तंग हो के मुझे उनसे कहना पड़ता है वो पूछते हैं कि क्या होगा अब कोर्ट में केस

766
00:52:53,840 --> 00:52:58,000
चला गया तो क्या होगा तो मुझे तंग हो के उनसे जरूर ये कहना पड़ता है भाई बैन होंगी

767
00:52:58,000 --> 00:53:02,160
तुम्हारी किताबें तुम्हारे आश्रम बैन हो जाएंगे तो तुम अपना अपनी व्यवस्था कर लो

768
00:53:02,160 --> 00:53:06,240
तुम मेरी चिंता मत करो ठीक है तो मुझे मुझे

769
00:53:06,240 --> 00:53:10,640
अवश्य कहना पड़ जाता है। तो उसके लिए थोड़ा सा

770
00:53:10,640 --> 00:53:14,800
ये ठीक ही उत्तर है। और अगर हैरेसमेंट की कोई अति हो जाती है

771
00:53:14,800 --> 00:53:18,960
तो हमारे पास और भी रास्ते हैं। उनको हम पब्लिक फोरम पर नहीं कहेंगे। हम लोग बैठेंगे

772
00:53:18,960 --> 00:53:24,080
तो हम लोग क्या करेंगे उसको हम बाद में डिस्कस करेंगे और बाकी

773
00:53:24,080 --> 00:53:28,320
न्यायालय में हमारा मामला है और हम कानूनी तरीके

774
00:53:28,320 --> 00:53:32,720
से मजबूत है इन पुस्तकों में जो गंदगी दी गई है

775
00:53:32,720 --> 00:53:36,960
हमारे धर्म शास्त्रों को बिगाड़ने के लिए उसको निश्चित ही

776
00:53:36,960 --> 00:53:41,200
कहानी परिणाम तक पहुंचेगी वो गंदगी क्योंकि किताबें

777
00:53:41,200 --> 00:53:45,280
बांटी जा रही है ज्ञान गंगा के नाम पर किताबें बेची जा रही है गीता

778
00:53:45,280 --> 00:53:49,680
तेरा ज्ञान अमृत और किताबें बेची जा रही है क्या श्रद्धाएं

779
00:53:49,680 --> 00:53:54,160
भक्ति और ट्रेन में बेची जा रही है व्यापार

780
00:53:54,160 --> 00:53:57,200
किया जा रहा है और व्यापार के साथ दुष्प्रचार

781
00:53:57,200 --> 00:54:01,440
किया जा रहा जो भी खरीदता है ना ट्रेन में वो पढ़ता नहीं है वो देखता है अरे गीता

782
00:54:01,440 --> 00:54:05,440
तेरा माथे लगाया रख दिया अंदर अगर देखे ना तो कोई खरीदे नहीं

783
00:54:05,440 --> 00:54:09,680
और बेचने वाले का भी गला घोट दिया जाए उस समय ये ये

784
00:54:09,680 --> 00:54:13,680
सिर्फ कवर कुछ और अंदर कुछ और अंदर से कुछ और

785
00:54:13,680 --> 00:54:17,680
बाहर से कुछ और ये बहुरूप हैं इन बहुरूपियों को मजा

786
00:54:17,680 --> 00:54:22,080
चखाना होगा। इसके लिए अपने संगठन को हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस को

787
00:54:22,080 --> 00:54:26,560
बहुत मजबूत करना होगा। जिससे इन बहुरूपियों के जो ये करतूते

788
00:54:26,560 --> 00:54:31,040
हैं ना काले कारनामे ये कामयाब ना हो सके।

789
00:54:31,040 --> 00:54:35,120
जी अच्छा बस मैं एक लास्ट बस प्रश्न लूंगा और मेरे

790
00:54:35,120 --> 00:54:39,200
ख्याल से लगभग काफी समय हो भी चुका है। अ हरिशंकर

791
00:54:39,200 --> 00:54:43,520
जी बस ये थोड़ा सा और बताइए इस इसमें क्या हो रहा है? यह जानते

792
00:54:43,520 --> 00:54:47,680
हुए भी कि यह व्यक्ति देशद्रोही के मुकदमे में बेचाराधीन है जो

793
00:54:47,680 --> 00:54:51,920
व्यक्ति के नाम से चीजें चल रही हैं और ये जानते

794
00:54:51,920 --> 00:54:56,000
हुए भी के दो मामलों में इसको जो है आजीवन कारावास है। फिर भी

795
00:54:56,000 --> 00:55:00,080
कुछ देश के ऐसे सफेद पोस्ट चैनल है नेशनल जैसे

796
00:55:00,080 --> 00:55:04,480
मैं साधना टीवी उस पे इसका शो आता है बाकायदा 7:30

797
00:55:04,480 --> 00:55:09,040
बजे तो क्या इन तक भी हमारी आवाज ये पहुंचेगी ये

798
00:55:09,040 --> 00:55:12,320
मतलब इन तक भी पहुंचे आवाज कि भाई ये इस

799
00:55:12,320 --> 00:55:16,720
तरह का ये हिंदुओं पर टिप्पणी वाली चीजें ये आप कैसे प्रसारित कर रहे हो?

800
00:55:16,720 --> 00:55:20,880
वैसे हमने अपने स्तर पर वहां बोला उन लोगों को पत्राचार के माध्यम

801
00:55:20,880 --> 00:55:24,960
से ईमेल के माध्यम से कि आप ये गलत व्यक्ति का दिखा रहे हैं और गलत चीजें दिखा

802
00:55:24,960 --> 00:55:29,200
रहे हैं। आप इसको बंद करें अन्यथा विधिक कारवाही की चपेट में आप भी आएंगे।

803
00:55:29,200 --> 00:55:33,440
हम आपका भी नाम लेंगे। मगर वहां से ऐसा कोई रिस्पांस आया नहीं। तो क्या ऐसे

804
00:55:33,440 --> 00:55:37,440
बड़े जो चैनल्स हैं साधना साधना डी नेशनल स्तर के चैनल्स हैं जो

805
00:55:37,440 --> 00:55:41,840
लगे हुए हैं। तो क्या इन तक भी हमारी बात पहुंच पाएगी? पहले

806
00:55:41,840 --> 00:55:46,160
वह टीवी किस पर आता है बताइए मैं देख लूं तब बताऊंगा

807
00:55:46,160 --> 00:55:50,640
आपको क्या कर सकते हैं। जी जी चैनल कब आता है

808
00:55:50,640 --> 00:55:54,800
समय बताइए मैं उसको देख तब बताऊंगा आपको

809
00:55:54,800 --> 00:55:58,800
क्या हो सकता है ठीक है ठीक है शंकर जी बहुत-बहुत आभार आप दोनों ही

810
00:55:58,800 --> 00:56:03,040
का ज्ञान ज्ञानी आप दोनों ज्ञानवान व्यक्ति हमारे यहां पर आए

811
00:56:03,040 --> 00:56:07,040
और आपने काफी सारा मार्गदर्शन भी किया यद्यपि

812
00:56:07,040 --> 00:56:11,040
समय का अभाव है नहीं तो जो जन सामान्य है कुछ एक दो प्रश्न

813
00:56:11,040 --> 00:56:15,200
वो भी करना चाहता था कुछ एक दो प्रश्न प्रमुख प्रमुख हम ले सकते

814
00:56:15,200 --> 00:56:19,360
थे पर कोई बात नहीं बहुत अच्छा अच्छा लगा ले सकते हैं सर

815
00:56:19,360 --> 00:56:23,440
जवाब देंगे जी नहीं ऐसा लग रहा है कि उनको थोड़ा सा

816
00:56:23,440 --> 00:56:27,360
समय कम है एक दो प्रश्न लेने जवाब दे देंगे अगर कोई प्रश्न आ रहा है तो

817
00:56:27,360 --> 00:56:31,360
उसका उत्तर देंगे सर जी जी शंकर जी अगर आपकी

818
00:56:31,360 --> 00:56:35,360
अनुमति भी हो तो मैं एक दो प्रश्न ले लूं सामान्य जनता सामान्य

819
00:56:35,360 --> 00:56:39,360
ले लीजिए अच्छा तो ऑपरेटर

820
00:56:39,360 --> 00:56:43,520
महोदय कोई एक प्रश्न आप यहां रिफ्लेक्ट कर दीजिए जो प्रश्न आ रहा हो

821
00:56:43,520 --> 00:56:47,760
और अभी तक प्रश्न नहीं पूछ रहे हैं आप लोग तो आप प्रश्न पूछ सकते

822
00:56:47,760 --> 00:56:52,000
शंकर जी और मान्य हमारी अग्रजा है। दोनों ही यहां पर उपस्थित

823
00:56:52,000 --> 00:56:56,240
है महानुभाव तो वो आपके प्रश्न का उत्तर देंगे। यदि

824
00:56:56,240 --> 00:57:00,400
कोई प्रश्न है तो आप पूछ सकते हैं। एक अंश तीर्थ

825
00:57:00,400 --> 00:57:05,520
वालों का बहुत आ रहा है प्रश्न

826
00:57:05,520 --> 00:57:09,920
एक जगह है वहां पर प्रयागराज में जो शास्त्रों

827
00:57:09,920 --> 00:57:14,320
से और आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट से हर तरह से प्रूफ है

828
00:57:14,320 --> 00:57:18,400
कि वो वहां पर हंस भगवान का जन्म हुआ था। मगर एक

829
00:57:18,400 --> 00:57:22,400
बता रहे हैं कि भू माफिया के द्वारा उसको अपने कवर में ले

830
00:57:22,400 --> 00:57:26,800
लिया गया। मतलब वहां उनका आश्रम है तो धीरे-धीरे बाउंड्री बना करके उसको अपने

831
00:57:26,800 --> 00:57:31,120
नियंत्रण में ले लिया गया। वहां पर दर्शन सुलभ नहीं है। कहां पर?

832
00:57:31,120 --> 00:57:35,440
प्रयागराज में झूसी में जहां गंगा के उस तरफ

833
00:57:35,440 --> 00:57:39,440
वहां पर कोई आश्रम में उसको कवर में ले लिया गया है। कोई क्रिया योग नाम

834
00:57:39,440 --> 00:57:44,000
से आश्रम चल रहा है। वहां पर सनातन ही प्रसारित हो रहा है। यह भी अभी

835
00:57:44,000 --> 00:57:48,880
मतलब कुछ इसी तरीके का रामपाल जैसा ही कुछ प्रतीत होता है।

836
00:57:48,880 --> 00:57:53,200
वहां पर भी चल रहा है। और जो हमारा जो जी

837
00:57:53,200 --> 00:57:57,280
पूरी बात मालूम पड़े तभी कोई टिप्पणी करूं। ऐसे ही

838
00:57:57,280 --> 00:58:01,280
सुनी सुनाई बात पर थोड़ी बात पर हमारे पास उसका

839
00:58:01,280 --> 00:58:05,280
पूरा पर्याप्त पेपर वगैरह है। वो हंस तीर्थ वाले यहां पर कमेंट

840
00:58:05,280 --> 00:58:09,280
कर भी रहे हैं तो इसलिए उनसे ही मुझे याद आया। हां वो पूरा देख लो तभी

841
00:58:09,280 --> 00:58:15,280
बताऊंगा। अच्छा इसमें एक यह प्रश्न आ रहा है

842
00:58:16,080 --> 00:58:17,920
जी ये देखिए

843
00:58:17,920 --> 00:58:22,000
ये प्रश्न किया जा रहा है कि क्या ये धर्म और अधर्म

844
00:58:22,000 --> 00:58:26,240
के मामले में मतलब क्या रामपाल से शास्त्रार्थ भी होगा

845
00:58:26,240 --> 00:58:30,320
क्या ऐसा कुछ नहीं कोई कोई साथसाथ नहीं होगा जी ऐसे

846
00:58:30,320 --> 00:58:34,720
लोगों से जो अयोग्य हो और भड़काऊ कारवाई करते हो असामाजिक

847
00:58:34,720 --> 00:58:38,880
हो उनसे कोई साथसा नहीं हो सकता हमें साथसा नहीं करना

848
00:58:38,880 --> 00:58:43,040
है और मैं समझता हूं हिंदू समाज को

849
00:58:43,040 --> 00:58:47,760
ऐसे लोगों से शास्त्रार्थ करना भी नहीं चाहिए। भाई हमारी इच्छा

850
00:58:47,760 --> 00:58:51,840
हम पूजा करते हैं। हमारी इच्छा हम मूर्ति पूजा करते हैं। हमारी इच्छा

851
00:58:51,840 --> 00:58:55,920
हम ये मानते हैं। हु आर यू? आपसे क्या मतलब है?

852
00:58:55,920 --> 00:59:00,160
हमें ज्ञान क्यों दे रहे हैं? हमें आपसे ज्ञान नहीं चाहिए। बिल्कुल नहीं।

853
00:59:00,160 --> 00:59:04,960
एकदम नहीं। जी। जी कोई जरूरत नहीं है। शास्त्र

854
00:59:04,960 --> 00:59:09,120
ज्ञानी से होता है। जो ज्ञान की बात करे कायदे

855
00:59:09,120 --> 00:59:13,120
की बात करे जो समाज से विरत होके बात करे और

856
00:59:13,120 --> 00:59:17,200
इस तरह की नीच हरकत की बात करे उसमें कोई ज्ञान की बात नहीं

857
00:59:17,200 --> 00:59:23,200
हो सकती। कोई सवाल नहीं आता।

858
00:59:24,080 --> 00:59:29,280
जो इसमें लिप्त है एक प्रश्न यह आ रहा है कि

859
00:59:29,280 --> 00:59:33,360
जो इसमें लिप्त है इनको कितनी मतलब किस प्रकार की सजाएं मिल सकती

860
00:59:33,360 --> 00:59:38,080
हैं अकॉर्डिंग टू हमारा जो संविधान है उसके अकॉर्डिंग अभी

861
00:59:38,080 --> 00:59:42,080
केस चल रहा है वेट कीजिए सब बातों जवाब आज ही नहीं दिया जा सकता

862
00:59:42,080 --> 00:59:46,800
अच्छा ठीक है अ

863
00:59:46,800 --> 00:59:50,800
चलिए ठीक है दो एक प्रश्न हमने ले भी लिए बहुत-बहुत आभार आप दोनों

864
00:59:50,800 --> 00:59:54,800
का मान्य है हरिशंकर जैन जी और मान्य हमारी अग्रजा

865
00:59:54,800 --> 00:59:59,200
रजना अग्निहोत्री जी आप दोनों ही का बहुत-बहुत साधुवाद कि आपने

866
00:59:59,200 --> 01:00:03,280
सनातन धर्म की ध्वजा को पकड़ा और फिर इस लड़ाई

867
01:00:03,280 --> 01:00:07,280
में जो हमें जो एक मार्गदर्शन चाहिए था संवैधानिक और जो

868
01:00:07,280 --> 01:00:11,360
नीतिगत होकर के लड़ाई लड़नी थी वो मार्गदर्शन हमें आप दोनों ही से प्राप्त हुआ।

869
01:00:11,360 --> 01:00:15,680
इसके लिए बहुत-बहुत आभार है। आपने आज समय भी दिया और प्रभु

870
01:00:15,680 --> 01:00:19,760
श्री राम की कृपा आप दोनों ही पर सदैव बनी रहे। जैसी हम प्रार्थना करते हैं। हम तो छोटे

871
01:00:19,760 --> 01:00:23,760
हैं। आपसे पर कृपा के लिए प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं।

872
01:00:23,760 --> 01:00:27,920
तो इसी के साथ दर्शकों के लिए भी जय श्री राम बोलेंगे

873
01:00:27,920 --> 01:00:29,440
और सभी को

874
01:00:29,440 --> 01:00:33,440
जय श्री राम। जय श्री राम। राम जय श्री राम। जय श्री राम।
